| ०१ |
सूर्यवंशवर्णनं वैवस्वतमनॊः पुत्रस्य स्त्रीभावापत्तिश्च |
पाठम् |
| ०२ |
पृषध्रकविकरूषधृष्टनृगनरिष्य न्तदिष्टानां वंशविस्तारः |
पाठम् |
| ०३ |
शर्यातिवंशः, सुकन्याख्यानं रेवतकन्याख्यानं च |
पाठम् |
| ०४ |
नभगवंशवर्णनं नाभागचरितम्, अम्बरीषोपाख्यानं दुर्वासः पलायनं च |
पाठम् |
| ०५ |
अम्बरीषानुग्रहेण दुर्वाससो दुःखनिवृत्तिः, अम्बरीषप्रशंसा, तस्य भगवद्रूपतापत्तिश्च |
पाठम् |
| ०६ |
इक्ष्वाकुवंशवर्णनं तत्र मान्धातुश्चरितं सौभर्युपाख्यानं च |
पाठम् |
| ०७ |
त्रिशङ्कुकथा हरिश्चन्द्रचरितं च |
पाठम् |
| ०८ |
सगरचरित्रम् |
पाठम् |
| ०९ |
गङ्गावतरणकथा भगीरथवृत्तं सौदासचरितं च |
पाठम् |
| १० |
श्रीरामचरितम् |
पाठम् |
| ११ |
सिरामादिवंसवर्नं श्रीरामस्य साकेतवासिभिः सह स्वपदारोहणं च |
पाठम् |
| १२ |
इक्ष्वाकूणां कुशादिसुमित्रान्तानां वर्णनम् |
पाठम् |
| १३ |
निमिवंशवर्णनं - निमेर्देहत्यागो विदेहवंशश्च |
पाठम् |
| १४ |
चन्द्रवंशवर्णनं बुधस्य जन्म, तस्मान्मनुपुत्र्या मिलायां जातस्य पुरूरवस उपाख्यानं च |
पाठम् |
| १५ |
ऋचीकजमदग्निपरशुरामचरितं सहस्रार्जुनवधश्च |
पाठम् |
| १६ |
जमदग्निवधः परशुरामद्वारा क्षत्रियाणां संहारः, विश्वामित्रवंशवर्णनं च |
पाठम् |
| १७ |
क्षत्रवृद्धरजिरम्भानेनसां वंशवर्णनम् |
पाठम् |
| १८ |
ययातिचरितम |
पाठम् |
| १९ |
ययातेर्गृहत्यागः |
पाठम् |
| २० |
पूरुवंशवर्णनं तत्र दुष्यन्तभरतयोश्चरितम् |
पाठम् |
| २१ |
भरतवंशः - रन्तिदेवचरितम् |
पाठम् |
| २२ |
दिवोदासादिवंशकथनम्, ऋक्षवंशे पाण्डवाद्युत्पत्तिश्च |
पाठम् |
| २३ |
अनुद्रुह्युतुर्वसुयदूनां वंशवर्णनम् |
पाठम् |
| २४ |
युदुवंशवर्णनं तत्र श्रीकृष्णावतारसूचनम् |
पाठम् |