लिनक्स के कई लाभ इसके जनक की वजह से हैं, क्योंकि इसकी जड़ें यूनिक्स में हैं - लेकिन पहला लाभ इस वजह से नहीं है:
लिनक्स मुक्त है:
जैसे कि मुफ़्त का बियर। यदि आप कुछ भी खर्च नहीं करना चाहते हैं, तो आपको एक सीडी का दाम भी नहीं देना पड़ेगा। लिनक्स अन्तर्जाल से बिल्कुल निःशुल्क और पूर्ण रूप से उतारा जा सकता है। कोई पञ्जीकरण शुल्क नहीं, कोई प्रति प्रयोक्ता शुल्क नहीं, निःशुल्क परिवर्तन, और यदि आप अपनी प्रणाली का बर्ताव बदलना चाहें तो स्रोत भी निःशुल्क है।
इससे भी अधिक ज़रूरी यह है कि लिनक्स स्वतन्त्र है, अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता की तरह:
आम तौर पर इसके लिए ग्नू सार्वजनिक लाइसेंस का प्रयोग होता है (जीपीऍल)। इस लाइसेंस के अनुसार, जो भी चाहे लिनक्स को बदल सकता है, और बदल के वितरित भी कर सकता है, केवल इस शर्त पर कि पुनर्वितरण के बाद भी कूट उपलब्ध रहे। उदाहरणार्थ, आप लिनक्स बीज - यानि कर्नल - की एक छवि ले के अपना भू स्थानान्तरण या समयभ्रमण यन्त्र उसमें शामिल कर सकते हैं, और नया कूट बेच सकते हैं, बशर्ते कि आपके ग्राहकों को भी उसी कूट की प्रति प्रदान की जा रही हो।
लिनक्स को किसी भी यन्त्रांश पर स्थानान्तरित किया जा सकता है:
यदि कोई विक्रेता कोई नए प्रकार का सङ्गणक बेचना चाहता है, लेकिन उसे बता न हो कि उस यन्त्र पर कौन सी प्रचालन प्रणाली चलेगी (जैसे कि आपकी कार या वॉशिङ्ग मशीन का सीपीयू), तो वह लिनक्स कर्नल ले के अपने यन्त्रांश पर स्थापित कर सकता है, क्योंकि इसकी विधि व सम्बन्धित दस्तावेज़ मुक्त रूप से उपलब्ध हैं।
लिनक्स लगातार चलते रहने के लिए बनाया गया था:
यूनिक्स की ही तरह, लिनक्स प्रणाली को बार बार बन्द कर के शुरू करने की ज़रूरत के बगैर प्रयोग किया जा सकता है। इसीलिए कई कार्य रात में किए जाते हैं, या फिर स्वतः ही शान्त समयों में करने के मकसद से संस्थापित किए जाते हैं, ताकि व्यस्त समयों में अधिक उपलब्धता हो, और यन्त्रांश का लगातार समान प्रयोग हो। इस प्रकार लिनक्स ऐसे वातावरणों में भी काम आ सकता है जहाँ दिन रात प्रणाली को नियन्त्रित करने के लिए लोगों के पास समय न हो।
लिनक्स सुरक्षित व बहुमुखी है:
लिनक्स में प्रयुक्त सुरक्षा प्रणाली यूनिक्स की सुरक्षा प्रणाली पर आधारित है, जो कि सशक्त और प्रख्यात है। लेकिन लिनक्स केवल अन्तर्जाल पर मौजूद आक्रमणकारियों से बचने के लिए ही नहीं, अन्य स्थितियों में भी सुरक्षा के उच्च स्तरों के लिए जाना जाता है। आपकी विकास की मशीन या नियन्त्रण आगार भी, फ़ायर वॉल के बराबर ही सुरक्षित होगी।
लिनक्स कई आकारों के लिए उपयुक्त है:
दो ऍमबी के पामटॉप से ले के सैकड़ों बिन्दुओं वाला पेटाबाइट रक्षण क्लस्टर तक: वाञ्छित अनुप्रयोग जोड़िए या हटाइए, और लिनक्स सब में काम करेगा। आपको सुपरकम्प्यूटर की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि लिनक्स द्वारा प्रदत्त छोटे छोटे टुकड़ों को जोड़ के आप बड़ी चीज़ें बना सकते हैं। यदि आप छोटी चीज़े बनाना चाहते हैं, जैसे कि किसी ऍम्बॅडॅड प्रॉसेसर के लिए प्रचालन प्रणाली बनाना, या फिर अपने पुराने 486 पर कुछ करना, तो लिनक्स वह सब भी कर देगा।
लिनक्स ओऍस व लिनक्स अनुप्रयोगों में खराबी ठीक करने में बहुत कम समय लगता है:
लिनक्स का विकास व परीक्षण हज़ारों लोगों ने किया है, अतः त्रुटियों की खोज व उनकी मरम्मत, दोनो ही काफ़ी जल्दी हो जाती हैं। अक्सर तो ऐसा होता है कि त्रुटि को खोजने और उसे ठीक करने के बीच बस दो घण्टों का ही अन्तराल रहता है।
बहुत अधिक वितरण हैं:
"जितने लोग, उतनी बातें"। पहली नज़र में तो लिनक्स वितरणों की सङ्ख्या ख़ौफ़नाक या हास्यास्पद लग सकती है, आपके नज़रिए पर है। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि हर किसी को अपनी इच्छा के अनुसार जो चाहिए मिल जाएगा। उपयुक्त वितरण खोजने के लिए आपको विशेषज्ञ होने की ज़रूरत नहीं है।
पूछे जाने पर आमतौर पर हरेक लिनक्स प्रयोक्ता यही कहेगा कि उसके द्वारा प्रयुक्त वितरण ही सबसे अच्छा है। तो फिर, आपको कौन सा चुनना चाहिए? इसके बारे में ज़्यादा चिन्ता न करें: सभी वितरणों में लगभग वही मूल अनुप्रयोग रहते हैं। मूल के अलावा कुछ विशिष्ट अनुप्रयोग डाले जाते हैं, उदाहरण के लिए, इनकी वजह से टर्बोलिनक्स लघु व मध्यम आकार के उद्योगों के लिए अधिक उपयुक्त है, रेडहॅट व सुसे निजी प्रयोक्ताओं के लिए बेहतर हैं। लेकिन ये फ़र्क बहुत थोड़े से ही होंगे। इसके लिए अच्छा होगा कि आप एक दो वितरणों को परीक्षित करें, लेकिन दुर्भाग्य से सबके पास इतना समय नहीं है। लेकिन, इस बारे में आपको कई जगह सलाह मिल जाएगी। इनमें से एक हैलिनक्सजर्नल, जो कि अन्य चीज़ों के अलावा यन्त्रांश व सहायता के बारे में चर्चा करता है। संस्थापन विधिपत्र भी वितरण चुनने के बारे में चर्चा करता है।
लिनक्स का प्रयोग आसान नहीं है और नौसिखियों के लिए बहुत उलझाने वाला है:
इसकी लोकप्रियता को मद्देनज़र रखते हुए, लिनक्स को सरल बनाने के लिए काफ़ी प्रयास किया गया है, ख़ासतौर पर नए प्रयोक्ताओं के लिए। हर दिन और जानकारी वितरित की जा रही है, जैसे कि ये कुञ्जी भी, ताकि सभी स्तरों के प्रयोक्ताओं के लिए प्रलेखन उपलब्ध हो।
क्या मुक्त स्रोत उत्पाद विश्वसनीय है?
भला फ़ोकट में मिली चीज़ विश्वसनीय कैसे हो सकती है? लिनक्स के प्रयोक्ताओं के पास विकल्प है, कि वे लिनक्स का प्रयोग करें या नहीं, और इस प्रकार उन्हें अमुक्त तन्त्रांश के प्रयोक्ताओं के मुकाबले काफ़ी बड़ी बढ़त है। बहुत परीक्षण करने के बाद अधिकतर लिनक्स प्रयोक्ता इस निष्कर्ष पर आते हैं कि लिनक्स पारम्परिक समाधानों के बराबर तक ही नहीं, बल्कि कई मामलों में उनसे बेहतर व अधिक फ़ुर्तीला भी है। यदि लिनक्स विश्वसनीय नहीं होता तो कब का खत्म हो चुका होता, बजाय लाखों लोगों में लोकप्रिय होने के। अब प्रयोक्ता अपनी प्रणालियों को बदल सकते हैं, और समुदाय में जानकारी का आदान प्रदान कर सकते हैं, ताकि प्रणाली रोज और बेहतर होती जाए। यह ऐसी परियोजना है जो कभी खत्म नहीं होगी, लेकिन चलायमान वातावरण में, लिनक्स एक ऐसी परियोजना है जो हमेशा उत्तम होने का प्रयास करता रहता है।