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अनुवाद कैसे करें?

1.5. लिनक्स के नस्लें

1.5.1. लिनक्स और ग्नू

हालाँकि लिनक्स की कई नस्लें हैं, फिर भी इन अलग अलग वितरणों में आपको कई समानताएँ मिलेंगी, क्योंकि हरेक लिनक्स मशीन में वही टुकड़े हैं जो ज़रूरतों के हिसाब से अलग अलग तरह से जोड़े गए हैं। प्रणाली का संस्थापन तो एक लम्बे रिश्ते की शुरआत मात्र है। जैसे ही आपकी प्रणाली का जमाव हो जाएगा, तभी लिनक्स आपकी कल्पना और रचनात्मकता को उकसाएगा, और जैसे जैसे आपको अहसास होगा कि यह प्रणाली आपको कितना सशक्त बना सकती है, आप इसका दायरा बढ़ाने का और अधिक प्रयास करेंगे।

अलग अलग वितरणों में लिनक्स दिखने में अलग लग सकता है, पर चैत्रिक व अन्य दृश्यपट जिन मूलभूत आधारों पर निर्मित हैं, वे सब में एक समान हैं। लिनक्स प्रणाली ग्नू(GNU यानी ग्नू इज़ नॉट यूनिक्स - ग्नू यूनिक्स नहीं है) उपकरणों पर आधारित है, जो कि प्रणाली के प्रयोग व बदलाव के लिए मानक विधियाँ प्रदान करते है। सभी ग्नू उपकरणों का स्रोत मुक्त है, अतः वे किसी भी प्रणाली पर स्थापित किए जा सकते हैं। अधिकतर वितरणों में सबसे आम उपकरणों के पहले ही कम्पाइल किए हुए पॅकेज मिलेंगे, जैसे कि रेडहॅट पर आरपीऍम पॅकेज व डेबियन पर डीपीकेजी पॅकेज, अतः किसी पॅकेज को अपनी प्रणाली पर स्थापित करने के लिए प्रोग्रामिङ्ग का ज्ञान आवश्यक नहीं है। लेकिन यदि आप प्रोग्रामर हैं, और आपको खुद चीज़ें करना पसन्द है, तो आपको लिनक्स और पसन्द आएगा, क्योंकि अधिकतर वितरणों में विकास सम्बन्धी सभी उपकरण रहते हैं, जिनकी मदद से आप मात्र स्रोत कूट की मदद से नए तन्त्रांश को स्थापित कर सकते हैं। इस प्रकार के जमाव की मदद से आप ऐसे तन्त्रांश भी स्थापित कर सकते हैं जो कि पहले से आपकी प्रणाली पर पॅकेज के प्रारूप में मौजूद न हों।

आम ग्नू तन्त्रांशों की एक सूची:

लिनक्स के लिए कई व्यवसायिक अनुप्रयोग(ऍप्लिकेशन) उपलब्ध हैं, और उनके बारे में और जानकारी के लिए हम उनके साथ उपलब्ध प्रलेखन को देखते हैं। इस कुञ्जी में हम केवल मुक्त रूप से उपलब्ध तन्त्रांश के ही सन्दर्भ देंगे, ये तन्त्रांश अधिकतर, किसी ग्नू लाइसेंस के अन्तर्गत उपलब्ध होते हैं।

नामौजूद अथवा नए पॅकेजों को स्थापित करने के लिए आपको किसी प्रकार का तन्त्रांश प्रबन्धन उपकरण चाहिए होगा। सबसे आम वितरणों में आरपीऍम, डीपीकेजी (apt-get) व क्षिमियन रेड कार्पेट हैं, जो कि रेडहॅट प्रणालियों में भी उपलब्ध हैं। डीपीकेजी डेबियन पॅकेज प्रबन्धन प्रणाली है, जो कि रेडहॅट पर भी चलेगी, पर रेडहॅट मूलतः एक आरपीऍम प्रणाली है (आरपीऍम यानी रेडहॅट पॅकेज मैनेजर)। बाद में हम और अधिक विस्तार में देखेंगे कि आरपीऍम कैसे काम करता है, और यह भी कि किन ख़ास सुविधाओं के उपयोग से आप अपने दोस्तों पर रौब डाल सकते हैं। क्षिमियन रेड कार्पेट आर पी ऍम का एक चैत्रिक दृश्यपट वाला उद्धरण है। अन्य तन्त्रांश निर्माताओं की अपने अलग संस्थापन विधियाँ होती हैं, जो कि ऍम ऍस विण्डोज़ व अन्य प्रणालियों के इंस्टॉल शील्ड जैसी हो सकती हैं।

1.5.2. ग्नू/लिनक्स

लिनक्स का कर्नल (आपकी प्रणाली की हड्डियाँ, विभाग 3.2.3.1 को देखें) ग्नू परियोजना का हिस्सा नहीं है पर इसका लाइसेंस ग्नू तन्त्रांश जैसा ही है। कई उपयोगी तन्त्रांश व विकास के उपकरण (आपकी प्रणाली का हाड़ माँस ), जो कि विशिष्टतः लिनक्स के नहीं हैं, ग्नू परियोजना से लिए गए हैं। किसी भी काम लायक परियोजना में कर्नल व कुछ सङ्ख्या में उपयोगी तन्त्रांश होने आवश्यक हैं, अतः कुछ लोगों का कहना है कि ऐसी प्रणाली को ग्नू/लिनक्स प्रणाली कहना चाहिए।

हम इसी प्रकार के लिनक्स की चर्चा यहाँ करेंगे, ताकि अलग अलग वितरणों के बीच की भिन्नता चर्चा में बाधक न बने। यदि हम किसी ग्नू/लिनक्स प्रणाली के बारे में बात नहीं कर रहे होंगे तो उस विशिष्ट वितरण, उद्धरण या कार्यक्रम का नाम इङ्गित किया जाएगा।

1.5.3. मुझे कौन सा वितरण स्थापित करना चाहिए?

संस्थापन के पहले, सबसे ज़रूरी कारक है आपका यन्त्रांश यानी हार्ड्वेयर। हरेक लिनक्स वितरण में मूल पॅकेज रहते हैं, और लगभग सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसका निर्माण किया जा सकता है(क्योंकि सभी में कर्नल एक है ही), अतः आपको बस ये देखना होगा कि इच्छित वितरण आपके यन्त्रांश पर चलेगा या नहीं। उदाहरणार्थ, लिनक्सपीपीसी मॅकिण्टॉश व अन्य पॉवरपीसी पर चलता है, लेकिन सादे x86 आधारित पीसी पर नहीं चलेगा। लिनक्सपीपीसी नई मॅक मशीनों पर नहीं चलता है, लेकिन आप इसका प्रयोग कुछ प्राचीन मशीनों पर कर पाएँगे, जो कि पुरानी बस तकनीक का प्रयोग कर सकते हैं। इसी तरह का पेचीदा मसला है सन तन्त्रांश, जो कि पुराना स्पार्क सीपीयू हो सकता है, या फिर नया अल्ट्रास्पार्क, दोनो में लिनक्स के अलग अलग उद्धरण चाहिए होंगे।

कुछ लिनक्स वितरण ख़ास प्रॉसेसरों के लिए पैने किए गए होते हैं, जैसे कि ऍथ्लॉन सीपीयू, हालाँकि वे मानक 486, 586 व 686 इण्टेल प्रॉसेसरों पर भी ठीक ठाक ही चलेंगे। कभी कभी ख़ास सीपीयू के लिए बनाए गए वितरण उतने विश्वसनीय नहीं होते हैं, क्योंकि उनका परीक्षण कम लोगों द्वारा किया गया होता है।

अधिकतर लिनक्स वितरणों में आम पीसी के लिए कुछ कार्यक्रम होते हैं, और साथ ही x86 इण्टेल आधारित सीपीयू के लिए पैने किए गए कर्नलों इनमें मिलेंगे। इन वितरणों अच्छी तरह समय समय पर परीक्षित होते हैं, और ये विश्वसनीय सेवक तथा सरल संस्थापन व बदलाव के प्रति केन्द्रित होते हैं। उदाहरण हैं रेडहॅट, सूसे व मैण्ड्रेक, जो कि सबसे लोकप्रिय लिनक्स प्रणालियाँ हैं, और ये आमतौर पर नौसिखियों के लिए सरल माने जाते हैं, और साथ ही पेशेवरों को भी विशिष्ट उपयोग करने में सहजता प्रदान करते हैं। लिनक्स लैपटॉप व मध्यम आकार के सेवकों पर भी ठीक ठाक चलता है। नए तन्त्रांश के लिए ड्राइवरों को अच्छी तरह परीक्षण के बाद ही शामिल किया जाता है, इससे रेडहॅट प्रणाली की स्थिरता बढ़ती है।

हो सकता है कि एक प्रणाली में मानक डेस्कटॉप ग्नोम हो, और किसी दूसरी में मूलतः केडीई हो। आमतौर पर ग्नोम व केडीई दोनो ही सभी लिनक्स वितरणों में उपलब्ध होते हैं। और अधिक विकसित प्रयोक्ताओं के लिए अन्य गवाक्ष व डेस्कटॉप प्रबन्धक भी उपलब्ध हैं।

मानक संस्थापन प्रक्रिया में आप अलग अलग मूल संस्थापनों में से चुन सकते हैं, जैसे कि वर्क्स्टेशन, जिसमें रोज काम आने वाले व विकास सम्बन्धी पॅकेज संस्थापित होते हैं, या फिर सेवक संस्थापन, जिसमें अलग अलग जालबन्धन सेवाएँ चुनी जा सकती हैं। जो प्रयोक्ता विशेषज्ञ हों वे प्रारम्भिक संस्थापन प्रक्रिया के समय स्वेच्छानुसार पॅकेजों को चुन के संस्थापित कर सकते हैं।

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