दो वर्षों पहले तक, लिनक्स प्रयोगकर्ताओं के लिए सीधा सा एक विकल्प हुआ करता था: सब लोग वही पुराने LPD से गुज़ारा चलाते थे, जो कि बीएसडी कूट से हू-ब-हू उठाया गया है.
आज कईं अन्य विकल्प मौजूद हैं. रॅडहॅट के साथ LPRng, सम्मिलित है, जो कि बीएसडी के (LPD) डॅमन पर आधारित है. LPD छपाई में प्रयोग की जाने वाली संचार प्रणाली का भी नाम है. यह संचार प्रणाली न केवल LPD डॅमन, बल्कि जालबन्धित छपाई-सेवक तथा छपाई उपकरण भी समझ सकते हैं. LPD वह प्रणाली है जिस पर सम्पूर्ण जालबन्धित छपाई प्रणाली आधारित है.
LPRng पुराने LPD का उन्नत अवतार है. अगर आप LPD का प्रयोग करते हैं तो LPRng के प्रयोग के बारे में ज़रा गौर करें. इसका उपयोग उपेक्षकृत बहुत सहज और अच्छी तरह लिखित व वर्णित है.
LPRng का संचालान जटिल संस्थापनों (जैसे कि कईं प्रिण्टर, सीरियल प्रिण्टर, LPD न समझने वाले प्रिण्टर) में उपेक्षकृत सहज और सुनियोजित है. सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहतर है क्योंकि इसमें SUID प्रोग्राम नहीं हैं, और पीजीपी अथवा कर्बरोस द्वारा प्रमाणीकरण की सुविधा भी है.
रेॅडहॅट में छपाई संचालन के लिए printtool नामक् तंत्र है, जिससे आप स्थानीय अथवा ग़ैर-स्थानीय प्रिण्टर संस्थापित कर सकते हैं. इसके द्वारा आप उपकरण-फ़ाइल नियत कर सकते हैं और उसके साथ घोस्टस्क्रिप्ट द्वारा पहचाने जाने वाली किसी प्रिण्टर क्षेणी नियत कर सकते हैं. इसके बाद यह तंत्र आपके प्रिण्टर के लिए एक नई छपाई पंक्ति/etc/printcap में प्रस्थापित कर देता है. इस फ़ाइल को आप स्वयम् न बदलें तो बेहतर है:
# DO NOT EDIT! MANUAL CHANGES WILL BE LOST! # This file is autogenerated by printconf-backend during lpd init. # # Hand edited changes can be put in /etc/printcap.local, # and will be included. lp:\ :ml=0:\ :mx=0:\ :sd=/var/spool/lpd/lp:\ :af=/var/spool/lpd/lp/lp.acct:\ :sh:\ :lp=|/usr/share/printconf/util/jetdirectprint:\ :lpd_bounce=true:\ :if=/usr/share/printconf/util/mf_wrapper: |
printtool निर्देश के लिए आपका LPD निर्देशों का जानना आवश्यक नहीं. नवीन संस्थापनों मेंprinttool के बदले printconf मौजूद होता है. इसका प्रयोग अक्षर माध्य से तथा चैत्रिक माध्यम में किया जा सकता है. दोनों समान प्रतीत होते हैं, भिन्नता केवल मसले के लिखने की विधी में है. अधिक जानकारी, विशेषकर विन्डोज़ के लिए प्रिण्ट सेवाओं के संस्थापन, के लिए देखें /usr/share/doc/printconf-<उद्धहरण>/.
अधिकांश लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशन अपना छपई तंत्र उपलब्ध कराते हैं.
"कप्स" यानि सामान्य यूनिक्स छपाई तंत्र एक नई प्रियोजना है, जो कि अन्तरजाल छपाई संचार प्रणाली (आईपीपी) का कार्यान्वयन है. यह संचार प्रणाली HTTP से मिलती-जुलाती मानक संचार प्रणाली है जिसे पुरातन और खटारा LPD का विकल्प माना जा सकता है. "कप्स" ग्नू विमुक्त अनुमति पत्र के अंतर्गत उपलब्ध कराया जाता है.
अधिक जानकारी मिल सकती है "कप्स" पुट पर.
लिनक्स कर्नल द्वारा आप ऐसे किसी भी प्रिण्टर का उपयोग कर सकते हैं जो सीरियल, पैरलल, युएसबी पोर्ट, अथवा जालबन्ध द्वारा जुड़ा हो. पर इतना पर्याप्त नहीं है, छापने के लिए प्रिण्टर को उसके द्वारा पहचाने जा सकने वाले रूप में मसला प्रारूपित करना होगा.
लिनक्स तकरीबन कोई भी एचपी अथवा आईबीएम द्वारा निर्मित प्रिण्टर को पहचानता है. सामान्यतः विन्डोज़ पर उपयोग में आने वाले समस्त प्रिण्टर लिनक्स पर भी काम कर सकते हैं.
वे प्रिण्टर जो केवल विन्डोज़ उपकरण-तंत्र के साथ मिलते हैं, उन्हें लिनक्स पर प्रयोग करने में दिक्कत आ सकती है. अगर संशय हो तो खरीदने से पहले हार्डवेयर तालमेल हाउटू (HOWTO) जाँच लें.
वह प्रिण्टर जो पोस्टस्क्रिप्ट रूप में मसले को पहचानता है, सर्वश्रेष्ठ विकल्प है. छपाई से सम्बद्ध अधिकांश यूनिक्स व लिनक्स तंत्र पोस्टस्क्रिप्ट रूप में मसला प्रारूपित कर सकते हैं. पोस्टस्क्रिप्ट छपाई उद्योग का मानक नियंत्रण भाषा-तंत्र है. पोस्टस्क्रिप्ट प्रिण्टर कुछ महंगे हो सकते हैं पर यह एक उपकरण-स्वतंत्र, मुक्त भाषा-तंत्र है.