इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर है कि आप पूछ किस से रहे हैं। अनुभवी यूनिक्स प्रयोक्ता कहेंगे कि कठिन नहीं है, क्योंकि सशक्त प्रयोक्ताओं व प्रोग्रामरों के लिए लिनक्स आदर्श प्रणाली है, आखिर यह ऐसे लोगों द्वारा ही तो बनाया गया है, और अभी भी उन्हीं के द्वारा बनाया जा रहा है।
कोई अच्छा प्रोग्रामर जिस भी चीज़ की इच्छा रख सकता है, वह सभी यहाँ है - कम्पाइलर, लाइब्रेरियाँ, विकास व डिबगिङ्ग के उपकरण। ये पॅकेज हरेके मानक लिनक्स वितरण के साथ आते हैं। सी कम्पाइलर निःशुल्क मिलता है, सभी प्रलेखन व दस्तावेज़ भी हैं, और तुरत फुरत शुरुआत करने के लिए उदाहरण भी मौजूद रहते हैं। यह लिनक्स जैसा ही लगता है, और यूनिक्स से लिनक्स की ओर जाना बहुत ही सरल है।
लिनक्स के शुरुआती दौर में, प्रणाली का इस्तेमाल शुरू करने के लिए विशेषज्ञ होना तो लगभग लाज़िमी ही था। जिन लोगों ने लिनक्स पर महारत हासिल कर ली थी वे अपने आपको बाकी "lusers" - ढक्कनों से बेहतर मानते थे। नौसिखियों को "RTFM" (बेटा पहले मॅनुअल पढ़) कह के हड़काना आम बात थी। मॅनुअल तो हर प्रणाली में थे, लेकिन उन्हें ढूँढना कठिन काम था, और यदि वे मिल भी गए, तो वे इतने क्लिष्ट होते थे कि नए प्रयोक्ता सीखने के प्रति बिल्कुल हतोत्साहित हो जाते थे।
लिनक्स प्रयोक्ताओं के समुदाय को जल्द ही समझ आ गया कि यदि लिनक्स को प्रचालन प्रणालियों में हस्ती बनना है तो इसे सीखना आसान तो बनाना ही पड़ेगा।
रेड हैट, सूसे व मैण्ड्रेक जैसी कम्पनियाँ उभर के आई हैं, जो कि आम जनता द्वारा इस्तेमाल के काबिल लिनक्स वितरण बनाती हैं। इन्होंने समुदाय द्वारा निर्मित कई चैत्रिक प्रयोक्ता अन्तरापृष्ठ (जीयूआई) बनाए, ताकि कार्यक्रमों व सेवाओं का योजन आसानी से हो सके। आज की तारीख में लिनक्स सीखने के लिए प्रयोक्ता को सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, लेकिन यदि आप इसपर काम करना चाहते हैं, तो आपको सब कुछ सीखना ज़रूरी नहीं है।
आजकल आप चैत्रिक रीति से सत्रारम्भ कर के बिना एक भी अक्षर टङ्कित किए सभी वाञ्छित कार्यक्रमों को शुरू कर सकते हैं, पर साथ ही, यदि ज़रूरत पड़ी तो आप प्रणाली के गर्भ में भी खोजबीन कर सकते हैं। लिनक्स का ढाँचा ऐसा है कि प्रयोक्ता इसमें अपनी सुविधानुसार पैठ सकता है: नए व अनुभवी दोनो तरह के प्रयोक्ता इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। नए प्रयोक्ताओं को कठिन काम करने को मजबूर नहीं होना पड़ता है, और साथ ही, अनुभवी प्रयोक्ताओं को मजबूरन किसी का हाथ पकड़ के चलने की ज़रूरत नहीं है।
सेवाओं व डेस्क्टॉप, दोनो ही क्षेत्रों में बढ़िया चीज़ें की जा रही हैं। डेस्क्टॉप प्रयोक्ता को ही सतही माना जाता है। डेस्क्टॉप ऍप्लिकेशन के निर्माता बहुत ही सुन्दर डेस्क्टॉप बनाने में प्रयासरत हैं, साथ ही वे आपकी लिनक्स मशीन को बिल्कुल ऍमऍस विण्डोज़ या मॅकिण्टॉश वर्क्स्टेशन जैसा दिखने के प्रति अग्रसर हैं। ताज़े विकासों में शामिल हैं त्रि-आयामी ऍक्सेलरेशन व यूऍसबी उपकरणों के लिए ढाँचे, प्रणाली व पॅकेजों में एक चटके में बदलाव, व अन्य। लिनक्स में यह सब है, और वह सभी उपलब्ध सेवाओं को इस प्रकार प्रदर्शित करने की कोशिश करता है कि आम जनता भी उन्हें सरलता से समझ सके।
नीचे दी गई छवि यह दिखाती है कि चॅनल सूची (रेडहॅट 7.2, स्टार ऑफ़िस, ऑपेरा, क्षिमियन ग्नोम, लोकी गेम्स व कोडवीवर्स) के किसी भी मद को मूषक के सिर्फ़ एक चटके से बदला जा सकता है। रेड कार्पेट जैसे उपकरणों की मदद से तन्त्रांश पॅकेजों को जोड़ना, हटाना, या ताज़ा करना भी बहुत सरल है: