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- मानव में देवत्व ऐसे उभरेगा - आप क्या करें? बुराइयों को बरदाश्त करें? नहीं, यह तो मैं
- विधेयात्मक चिन्तन- प्रगति का द्वार - प्रगति का द्वार - आप क्या करें? आप बुराइयों को बरदाश्त करें? नहीं, यह तो
- स्वर्ग का जीवन कैसे जियें? - आप मरेंगे नहीं? आप ऐसे मत करना। आप, आप क्या करें? फिर बुराइयों को बर्दाश्त करें। नहीं, नहीं ये तो नहीं
- स्वर्ग का जीवन कैसे जियें? - तो आप मरेंगे नहीं? आप ऐसे मत करना। आप, आप क्या करें? फिर बुराइयों को बर्दाश्त करें। नहीं, नहीं ये तो
- स्वर्ग का जीवन कैसे जियें? - पिसेंगे तो आप मरेंगे नहीं? आप ऐसे मत करना। आप, आप क्या करें? फिर बुराइयों को बर्दाश्त करें। नहीं, नहीं ये
- आध्यात्मिक कायाकल्प का विधि-विधान—2 - विधान—2 - आप विचार तक नहीं कर पाएँगे कि क्या करें? हमको क्या करना है? पुरानी चीजों से कैसे आपको छुटकारा पाना है
- युगसन्धि की वेला व हमारे दायित्व - आपका यह सवाल पूरा हो गया कि हम क्या करें? क्या न करें? आप अच्छे बने। समाज-सेवा करने से पहले यह
- करिष्ये वचनम् तव - आप तो हमको मुसीबत में डालते हैं। हम क्या करें? आपको
- हर घर बने देव मन्दिर और ज्ञान मन्दिर - आप और हम रिश्तेदार हो जाएँ। हाँ फिर क्या करें? आप अपने तीन साल का तप हमको दे दीजिए। तो फिर
- यदि हो जाए ईश्वर के साथ साझेदारी - आप और हम रिश्तेदार हो जाएँ। हाँ, फिर क्या करें? आप अपने तीन साल का तप हमको दे दीजिए। तो फिर
- युग-साधना में भागीदारी की दावत - साधना में भागीदारी की दावत - आप तो हमेशा यही पूछते हैं कि शरीर से क्या करें? अच्छी तरह सोइए, उठिए, काम कीजिए और ईमानदारी से मेहनत
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - आप जवान औरत को कहिए माँ। माँ कहिए इससे क्या करें? अभ्यास। ये प्राथमिक अभ्यास है। इस प्राथमिक अभ्यास को विकसित
- ओजस्वी, तेजस्वी एवं मनस्वी व्यक्तित्वों का निर्माण - आप छोटी-सी चीज से शुरू कीजिए और फिर क्या काम करें? आप फिर एक और कदम यह बढ़ाइये कि प्रातः और
- भाव-सम्वेदना का विकास करना ही साधुता है - सम्वेदना का विकास करना ही साधुता है - आपके समान महान और बड़ा बनना चाहते हैं। हम क्या करें? तो उन्होंने एक ही जवाब दिया-बच्चों जीवन भर मैं तिनका
- आध्यात्मिकता का आधार—पारिवारिकता - आप अकेले नहीं खा सकते। हमने कमाया है? तो क्या करें? हम कमाते हैं, इसलिए हम अकेले ही खाएँगे—"केवलाघो भवति केवलादी"
- आत्मावलोकन का सरल उपाय—एकान्तवास - आपके लिए पूरा कर सकना सम्भव नहीं होगा। फिर क्या करें? जैसा आपने सुना होगा कि इलाहाबाद में कल्प-साधना के शिविर
- जीवन का महत्त्व एवं जिम्मेदारी समझें - आपके पास सामान हैं, (इस) पे विचार मत कीजिए। क्या करें? एक ऐसी बड़ी चीज़ आपको मिली हुई है, जिस नियामत
- अध्यात्म की वास्तविक सम्पदाएँ - आप रात्रि में देवी का जागरण करते हैं, तो हम क्या करें? आप आध्यात्मिकता की बात मत कहिए। आप तो देवी
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - आपको यही सिखा रहा था। आप ऐसे करना। क्या काम करें? आप उपासना के कर्मकाण्डों को उसके साथ जोड़ दें। किसके
- मनुज देवता बने - आप अपने ऊपर डिपेंड कीजिए अपने ऊपर निर्भर रहिए। क्या करें? बाहर के आदमियों से मत उम्मीदें कीजिए, मत विश्वास कीजिए
- करिष्ये वचनम् तव - आप करिष्ये—करने की बात शुरू करेंगे तब। कीजिए न कुछ; क्या करें? आप एक काम कीजिए सिर्फ और कुछ मत कीजिए
- आध्यात्मिक कायाकल्प का विधि-विधान—2 - विधान—2 - आपका सारे का सारा मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा गया है। तब क्या करें? तब आपको भविष्य में ऐसी विचारधारा के साथ, ऐसे
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - आपको प्रेरणा दे सकता है। जैसे आप छोटी-सी उपासना करें। क्या उपासना करें? छोटी-सी करें। गायत्री माता की छवि मूर्ति के
- आत्मावलोकन का सरल उपाय—एकान्तवास - आप दूसरों के बहकावे में आएँ? जरूरी क्या है कि आप दूसरों को प्रसन्न करने की कोशिश करें? अपने ईमान को
- मनुज देवता बने - आपको एक और काम करना चाहिए आपको आत्मनिर्भर होना चाहिए। आप अपने ऊपर डिपेंड कीजिए अपने ऊपर निर्भर रहिए। क्या करें?
- मानव में देवत्व ऐसे उभरेगा - आपको एक और काम करना चाहिए, आपको आत्मनिर्भर होना चाहिए। आप अपने ऊपर डिपेंड कीजिए—अपने ऊपर निर्भर रहिए। क्या करें? बाहर
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - तो आप यही करना और क्या काम करें? जंगल में आप चले जाइए। जंगल में आप जाइए और जो भी जानवर
- आपत्तिकाल का अध्यात्म - जब आपत्तिकाल है तब पढ़ाई बन्द करनी चाहिए। क्या करें? आप एन.सी.सी. सीखिए और तुरन्त मिलिट्री में चले जाइए, क्योंकि यह
- आपत्तिकाल का अध्यात्म - जब आपत्तिकाल है तब पढ़ाई बन्द करनी चाहिए। क्या करें? आप एन सी सी. सीखिए और तुरन्त मिलिट्री में चले जाइए,
- जीवन का महत्त्व एवं जिम्मेदारी समझें - जो आपके पास सामान हैं, (इस) पे विचार मत कीजिए। क्या करें? एक ऐसी बड़ी चीज़ आपको मिली हुई है, जिस
- संकल्प जगायें-ऊँचे उठें - ऊँचे उठें - तो आपको भीतर से हिम्मत इकट्ठी करनी चाहिए। क्या हिम्मत करें? ये हिम्मत करें कि ऊँचे उठने वाले जिस तरीके से
- संकल्प बल का महत्त्व - तो आपको एक नई भीतर से हिम्मत इकट्ठी करनी चाहिए। क्या हिम्मत करें? ये हिम्मत करें कि ऊँचे उठने वाले जिस
- गायत्री ही कामधेनु है - अब आप हमारी मनोकामना पूरी कीजिए। क्या- क्या मनोकामना पूरी करें? बेटा पैदा कीजिए, बेटी पैदा कीजिए, मुकदमा जिताइए। नौकरी में
- युग-साधना में भागीदारी की दावत - साधना में भागीदारी की दावत - है। आप तो हमेशा यही पूछते हैं कि शरीर से क्या करें? अच्छी तरह सोइए, उठिए, काम कीजिए और ईमानदारी से
- आध्यात्मिक कायाकल्प का विधि-विधान—2 - विधान—2 - लिए आपको एकान्त चाहिए। एकान्त अगर आपको नहीं मिलेगा तो आप विचार तक नहीं कर पाएँगे कि क्या करें? हमको क्या
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - हैं। आप जवान औरत को कहिए माँ। माँ कहिए इससे क्या करें? अभ्यास। ये प्राथमिक अभ्यास है। इस प्राथमिक अभ्यास को
- आत्मावलोकन का सरल उपाय—एकान्तवास - हैं, आपके लिए पूरा कर सकना सम्भव नहीं होगा। फिर क्या करें? जैसा आपने सुना होगा कि इलाहाबाद में कल्प-साधना के
- आध्यात्मिकता का आधार—पारिवारिकता - हैं। आप वकील हैं, तो भेड़िये भी हो सकते हैं। आप वकील हैं, तो हम क्या करें? आप बड़े अकलमन्द बनते