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- परिष्कृत अध्यात्म हमारे जीवन में उतरे - भगवान कैसा है? बेटे! भगवान को हमने देखा नहीं है और
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - कैसा होता है? भगवान क्या है? पहले यह मालूम कीजिए। भगवान है-आदर्श, भगवान है-सिद्धान्त। आदमी के जीवन में जब भगवान आता
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - है। प्यार कैसा होता है? प्यार ऐसा होता है, जो भगवान से शुरू किया जाता है और इंसान तक फला दिया
- प्रज्ञायोग की साधना - हो। फूल? फूल कैसा कोमल होता है। कैसा सुन्दर होता है? आपका जीवन ऐसा सुन्दर होना चाहिए और भगवान के चरणों
- आ रहा है युगावतार, प्रज्ञावतार - आदमी का व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए। इसमें क्या किया गया है? इसमें भगवान् के चार नाम लिए गये हैं और एक
- सही अध्यात्म जीवन में आ जाए तो गजब ढा दे - देते हैं। ब्रह्मानन्द कैसा होता है? भगवान् के भजन में कैसा आनन्द आता है। इसका उदाहरण वेदों में मिलता है। लोगों
- धर्मग्रंथ हमें क्या शिक्षण देते हैं, यह जानें - भगवान् का प्यार कैसा होता है?
- सूक्ष्मीकरण की वेला में जनवरी १९८६ में प्रसारित पूज्यवर का वीडियो सन्देश - भगवान सच्चा है। और कैसा है? कैसा देखा है आपने? भगवान को हमने प्रतिच्छाया के रूप में और प्रतिध्वनि के रूप
- भगवान शिव और उनका तत्त्वदर्शन - भगवान शंकर के स्वरूप का कैसा-कैसा सुन्दर चित्रण मिलता है? शिवजी
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - जाता है। भगवान से प्यार कैसा होता है? भगवान क्या है? पहले यह मालूम कीजिए। भगवान है-आदर्श, भगवान है-सिद्धान्त। आदमी के
- सुर दुर्लभ है यह मनुष्य का जीवन - है, चिल्लाता है और दूध माँगता है। यह कैसा भगवान है?
- सुर दुर्लभ है यह मनुष्य का जीवन - मित्रो! नारद जी ने कहा—महाराज जी! यह कैसा भक्त है? जरा मैं भी तो उस भक्त को देखूँ, जो भगवान
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - फला दिया जाता है। भगवान से प्यार कैसा होता है? भगवान क्या है? पहले यह मालूम कीजिए। भगवान है-आदर्श, भगवान है-सिद्धान्त।
- उपासना — सच्चा समर्पण - क्या-क्या होता है? फिर आप देखिये कैसा मजा आता है? भगवान की मर्जी तो पूरी कीजिये, फिर देखिये आपको कुछ मिलता
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - तक फला दिया जाता है। भगवान से प्यार कैसा होता है? भगवान क्या है? पहले यह मालूम कीजिए। भगवान है-आदर्श, भगवान
- सुर दुर्लभ है यह मनुष्य का जीवन - मचाता है, चिल्लाता है और दूध माँगता है। यह कैसा भगवान है?
- आ रहा है युगावतार, प्रज्ञावतार - पर टिकी हुई है कि आपका कर्म क्या है? कैसा है? भजन पर नहीं, कर्म पर भगवान् की प्रसन्नता टिकी हुई
- सादा जीवन—उच्च विचार - कार्य अपने आप पूरा कराएँगे, हो रहा है, होता कैसा है? शानदार जो भी आन्दोलन पूरे होते रहे हैं उसमें भगवान
- उपासना — सच्चा समर्पण - देखिये क्या-क्या होता है? फिर आप देखिये कैसा मजा आता है? भगवान की मर्जी तो पूरी कीजिये, फिर देखिये आपको कुछ
- आ रहा है युगावतार, प्रज्ञावतार - बात पर टिकी हुई है कि आपका कर्म क्या है? कैसा है? भजन पर नहीं, कर्म पर भगवान् की प्रसन्नता टिकी
- सूक्ष्मीकरण की वेला में जनवरी १९८६ में प्रसारित पूज्यवर का वीडियो सन्देश - है कि सच्चा है? भगवान सच्चा है। और कैसा है? कैसा देखा है आपने? भगवान को हमने प्रतिच्छाया के रूप में
- सही अध्यात्म जीवन में आ जाए तो गजब ढा दे - समर्पण की बुद्धि समर्पित कर देते हैं। ब्रह्मानन्द कैसा होता है? भगवान् के भजन में कैसा आनन्द आता है। इसका उदाहरण
- कैसे करें कायाकल्प? - ये सालोक्य मुक्ति है, सारूप्य मुक्ति है। इसका रूप कैसा है? इसका रूप भगवान् जैसा है। भगवान् का रूप बहुत सुंदर
- सुर दुर्लभ है यह मनुष्य का जीवन - हाय-हाय मचाता है, चिल्लाता है और दूध माँगता है। यह कैसा भगवान है?
- आ रहा है युगावतार, प्रज्ञावतार - एक बात पर टिकी हुई है कि आपका कर्म क्या है? कैसा है? भजन पर नहीं, कर्म पर भगवान् की प्रसन्नता
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - और इंसान तक फला दिया जाता है। भगवान से प्यार कैसा होता है? भगवान क्या है? पहले यह मालूम कीजिए। भगवान
- आ रहा है युगावतार, प्रज्ञावतार - करती है। और मार्गदर्शन करती है कि आदमी का व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए। इसमें क्या किया गया है? इसमें भगवान् के
- सूक्ष्मीकरण की वेला में जनवरी १९८६ में प्रसारित पूज्यवर का वीडियो सन्देश - झूठा है कि सच्चा है? भगवान सच्चा है। और कैसा है? कैसा देखा है आपने? भगवान को हमने प्रतिच्छाया के रूप
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - है? ‘‘रसो वै सः।’’ भगवान प्यार है। प्यार कैसा होता है? प्यार ऐसा होता है, जो भगवान से शुरू किया जाता
- सही अध्यात्म जीवन में आ जाए तो गजब ढा दे - सकता। कल्पना के बिना ध्यान नहीं हो सकता। भगवान् कैसा है? मुझे नहीं मालूम, लेकिन भगवान् का ध्यान जरूरी है। लेकिन
- कैसे करें कायाकल्प? - हैं। ये सालोक्य मुक्ति है, सारूप्य मुक्ति है। इसका रूप कैसा है? इसका रूप भगवान् जैसा है। भगवान् का रूप बहुत
- सही अध्यात्म जीवन में आ जाए तो गजब ढा दे - भगवान् के यहाँ आत्मा और परमात्मा जब मिलता है, तो कैसा आनन्द आता है? बता सकते हैं आप? ऋषियों ने कहा—क्या
- सही अध्यात्म जीवन में आ जाए तो गजब ढा दे - कर सकता। कल्पना के बिना ध्यान नहीं हो सकता। भगवान् कैसा है? मुझे नहीं मालूम, लेकिन भगवान् का ध्यान जरूरी है।
- ध्यान क्यों करें? कैसे करें? - बनाओ। भगवान जी! हमारे बच्चे को गायत्री मंत्र आता है। कैसा गायत्री मंत्र आता है? "ऊँ भूं भूं भुवः"। अच्छा तो
- उपासना — सच्चा समर्पण - जाइए, फिर आप देखिये क्या-क्या होता है? फिर आप देखिये कैसा मजा आता है? भगवान की मर्जी तो पूरी कीजिये, फिर
- भज सेवायाम् ही है भक्ति - हैं। आनन्द कहाँ है? भगवान में है। भगवान कैसा होता है? आत्मीयता आप जिसके ऊपर आरोपित कर लेते हैं, वही आपके
- सही अध्यात्म जीवन में आ जाए तो गजब ढा दे - साथ-साथ अपने समर्पण की बुद्धि समर्पित कर देते हैं। ब्रह्मानन्द कैसा होता है? भगवान् के भजन में कैसा आनन्द आता है।
- जीवन साधना का मर्म है भक्ति, समझें उसका व्यापक रूप - किया जाता है और इंसान तक फला दिया जाता है। भगवान से प्यार कैसा होता है? भगवान क्या है? पहले यह