मै उन सभी लोगों को धन्यवाद देती हूँ जिन्होंने अपने अनुभवों को बाँटा है । मै विशेष आभार प्रकट करती हूँ उन बेलजियम लिनक्स उपयोगकर्ताओं का, जिनमें मेरे पति भी शामिल है, जिन्होंने मुझे प्रतिदिन सुना तथा सदैव मुक्तरूप से अपने सुझाव दिये।
साथ ही एक विशेष विचार श्री ताबाथा प्रसाद के लिए जिन्होंने यथार्थ में एक परिपूर्ण संशोधन, शब्द-विन्यास निग्रह और शैलीकरण किया है । एवं श्री यूजीन क्रोसर की भी जिन्होंने उन त्रुटियों को भी इंगित किया, जिन्हें हम दोनो ने नजरअंदाज कर दिया था ।
मै सभी पाठकों की भी आभारी हूँ, जिन्होंने स्वंय कष्ठ उठाकर पत्रव्यवहार किया और मेरी मदद करते हुए अंतिम त्रुटियों भ्रमिक परिभाषाओं एवं टंकण की त्रुटियों से अवगत कराया ।
अंत में, मै बहुत आभारी हूँ उन स्वयंसेवकों की, जो इस पुस्तक का अनुवाद फ़्रेच, स्वीडिश, जर्मन आदि भाषाओं में कर रहे है । यह एक बृहत कार्य है और इसे कम नहीं समझना चाहिए । मै आपके साहस की प्रशंसा करती हूँ