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I saw her standing there
मैंने उसे देखा वहा ....
छुई-मुई सी, शांत सी, रुकी हुई |
जैसे थकी हुई नदी की धारा हो ||
नाजुक सी, गंभीर सी, सिमटी हुई |
जैसे पत्तियों पर हिलती हुई ओ़स की बुँदे हो ||
मैंने उसे देखा वहा ....
झिलमिल सी, मुस्कुराती हुई, चंचल सी |
जैसे टहनियों पर खेलती सुबह की किरणें हो ||
सर्द सी, अलसाई हुई, खामोश सी |
जैसे लताए बयार के इंतजार में हो ||
मैंने उसे देखा वहा ....
फिर वो मिली थी कल
सब कुछ वही का वही, बस -
लाली चेहरे पे छाई हुई ,
गंभीरता आँचल से झलकती हुई ,
चंचलता सादगी में बदली हुई
वो खामोश थी -
नज़रे झुकाए हुई, शर्मीली सी
जैसे टहनियों पर ओ़स पी के कोई कली बेहोश हो |
मैंने उसे देखा वहा ....
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