Search Results
भक्ति सम्बन्धी भ्रान्तियाँ एवं उसका सच्चा विज्ञान
-
शंकर जी कहाँ होते हैं?
बेटे ! हमें नहीं मालूम कहाँ
प्रवचन, गीत, फोल्डर और पुस्तकें — Discourses, Songs, Folders and Books
- रुप में कब से खत्म हो गए। हम एक व्यक्ति
हैं?
नहीं हैं। हम कोई व्यक्ति नहीं हैं। हम एक सिद्धान्त
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - कल-कारखानों का पर्वताकार उत्पादन, सर्जरी-अङ्ग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएँ भूतकाल में
कहाँ
थीं? कहा जा सकता है कि विज्ञान ने पौराणिक विश्वकर्मा
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - है, उससे उसकी महत्ता ही नहीं, सत्ता का भी समापन
होते
दीखता है। संचित बारूद के ढेर में यदि कोई पागल
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - चिन्तन को धुआँधार विकृतियों से भरते क्यों चले जा रहे
हैं?
निकट भविष्य के सम्बन्ध में मूर्द्धन्य विचारक यह भविष्यवाणी कर
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - विडम्बनाओं के लिए दोष किसे दिया जाए? और उसका समाधान
कहाँ
ढूँढ़ा जाए? इस सन्दर्भ में मोटे तौर से एक ही