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- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं बेटे हिम्मत को, प्राण कहते हैं जीवट को और प्राण कहते हैं साहस को।
- गायत्री ही कामधेनु है - आता है ‘प्राण’। प्राण किसे कहते हैं? प्राण हिम्मत को कहते हैं। आप में हिम्मत है? बेटे, हमारे अन्दर बहुत हिम्मत
- गायत्री उपासना का स्वरूप - प्राण को भी समझ। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं जिसमें हमें अपनी चेतना का परिमार्जन करना पड़ता है
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - ये होता है गायत्री का। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं बेटे हिम्मत को, प्राण कहते हैं जीवट को और
- गायत्री उपासना का स्वरूप - नहीं है। प्राण को भी समझ। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं जिसमें हमें अपनी चेतना का परिमार्जन करना
- साधना में प्राण आ जाए तो कमाल हो जाए - उपासना को प्राणवान बनाइए। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं, जो अपना कलेवर साथ-साथ लिए घूमता-फिरता है। प्राण जो
- गायत्री ही कामधेनु है - आयु के बाद आता है ‘प्राण’। प्राण किसे कहते हैं? प्राण हिम्मत को कहते हैं। आप में
- गायत्री साधना की उपलब्धियाँ - को गायत्री मंत्र कहते हैं। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं, बेटे! हिम्मत को, प्राण कहते हैं, जीवट को और
- गायत्री उपासना का स्वरूप - कुछ नहीं है। प्राण को भी समझ। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं जिसमें हमें अपनी चेतना का परिमार्जन
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - शब्दार्थ ये होता है गायत्री का। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं बेटे हिम्मत को, प्राण कहते हैं जीवट को
- गायत्री साधना की उपलब्धियाँ - वाले को गायत्री मंत्र कहते हैं। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं, बेटे! हिम्मत को, प्राण कहते हैं, जीवट को
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - आशय क्या है? प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?
- गायत्री उपासना का स्वरूप - सब कुछ नहीं है। प्राण को भी समझ। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं जिसमें हमें अपनी चेतना का
- साधना में प्राण आ जाए तो कमाल हो जाए - आप अपनी उपासना को प्राणवान बनाइए। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं, जो अपना कलेवर साथ-साथ लिए घूमता-फिरता है।
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - का आशय क्या है? प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?
- गायत्री उपासना का स्वरूप - ही सब कुछ नहीं है। प्राण को भी समझ। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं जिसमें हमें अपनी चेतना
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - हैं। शब्दार्थ ये होता है गायत्री का। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं बेटे हिम्मत को, प्राण कहते हैं जीवट
- साधना में प्राण आ जाए तो कमाल हो जाए - कि आप अपनी उपासना को प्राणवान बनाइए। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं, जो अपना कलेवर साथ-साथ लिए घूमता-फिरता
- गायत्री साधना की उपलब्धियाँ - करने वाले को गायत्री मंत्र कहते हैं। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं, बेटे! हिम्मत को, प्राण कहते हैं, जीवट
- साधना में प्राण आ जाए तो कमाल हो जाए - हैं कि आप अपनी उपासना को प्राणवान बनाइए। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं, जो अपना कलेवर साथ-साथ लिए
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - प्राण का आशय क्या है? प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?
- गायत्री उपासना का स्वरूप - कलेवर ही सब कुछ नहीं है। प्राण को भी समझ। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते हैं जिसमें हमें अपनी
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - कहते हैं। शब्दार्थ ये होता है गायत्री का। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं बेटे हिम्मत को, प्राण कहते हैं
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- विधा को समझें, विधि में न उलझें - उन्हें प्राण का आशय क्या है? प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?
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- गायत्री साधना की उपलब्धियाँ - प्राण का त्राण करने वाले को गायत्री मंत्र कहते हैं। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं, बेटे! हिम्मत को, प्राण
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - है? उन्हें प्राण का आशय क्या है? प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - गायत्री मंत्र कहते हैं। शब्दार्थ ये होता है गायत्री का। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं बेटे हिम्मत को, प्राण
- गायत्री उपासना का स्वरूप - रहे थे, लेकिन बेटे कलेवर ही सब कुछ नहीं है। प्राण को भी समझ। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उसे कहते
- गायत्री साधना की उपलब्धियाँ - देने वाली, प्राण का त्राण करने वाले को गायत्री मंत्र कहते हैं। प्राण किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं, बेटे! हिम्मत
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - प्राण भी मालूम है? उन्हें प्राण का आशय क्या है? प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं बेटे हिम्मत को, प्राण कहते हैं जीवट को और प्राण कहते हैं साहस को। दुनिया
- गायत्री साधना की उपलब्धियाँ - किसे कहते हैं? प्राण कहते हैं, बेटे! हिम्मत को, प्राण कहते हैं, जीवट को और प्राण कहते हैं, साहस को। दुनिया
- गायत्री साधना की उपलब्धियाँ - किसे कहते हैं? ''गय'' कहते हैं प्राण को संस्कृत में। प्राण को मजबूत बनाने वाली, प्राण को ताकत देने वाली, प्राण