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- भगवान् के अनुदान किन शर्तों पर मिलते हैं - अन्तरंग जीवन क्या है? अन्तरंग जीवन को तो आपने कभी देखा भी
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 151-160 - पत्रक 151-160 - जीवन क्या है, क्यों है उसका लक्ष्य एवं उपयोग क्या है? इन प्रश्नों का समाधान मात्र आस्तिकता के साथ जुड़ी हुई
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-1 - 1 - जीवन को क्या माना जाना चाहिए? विवेक शीलता का तकाजा क्या है? (४) किस जीवन को सार्थक माना जा सकेगा? (५)
- यदि हो जाए ईश्वर के साथ साझेदारी - जीवन्त से क्या मतलब है? यह अध्यात्म की लाश, जिसको आप लिए फिर
- आपत्तिकाल का अध्यात्म - जीवनक्रम का। अध्यात्म क्या है? जीवन का शीर्षासन है। तू क्या इसे बाजीगरी समझता है कि यह कर लूँगा, वह कर
- मनुष्य एक भटका हुआ देवता - जीवन में मजा आ जाए तो फिर क्या हो सकता है? फिर, हम मनुष्य से आगे बढ़कर देव बन सकते हैं।
- आत्मदेव की साधना-आराधना - आराधना - जीवन में मजा आ जाए, तो फिर क्या हो सकता है? फिर, हम मनुष्य से आगे बढ़कर देव बन सकते हैं।
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-1 - 1 - जीवन निर्वाह करते रहे हमें क्या लाभ होता रहा। (३) जीवन का प्रारम्भिक चौथाई भाग क्या कहलाता है? इसका क्या महत्त्व
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - जीवन को परिष्कृत करने का ढंग क्या है? गायत्री माता क्या है? एक किताब है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता
- परमार्थ में ही छिपा है सच्चा स्वार्थ - जीवन्त नहीं है। फिर इससे आपको क्या फल मिलने वाला है? आप भजन करना चाहते हैं तो उसका स्वरूप समझिए। भजन
- भक्ति सम्बन्धी भ्रान्तियाँ एवं उसका सच्चा विज्ञान - जीवन कहाँ चलना है? हमें क्या बनना है? कहाँ जाना है? अपने लक्ष्य के सम्बन्ध में जिस समय आप एक ही
- व्यक्तित्व का परिष्कार - जीवन अलग है। बहिरंग जीवन से क्या मतलब है? हमारे जीवन का एक स्वरूप वह है, जो दिखाई पड़ता है। वह
- गायत्री उपासना का स्वरूप - जीवन में साधना इसी को कहते हैं। नाई क्या करता है? नाई हमारी हजामत बना देता है और हमें ऐसा बना
- परिष्कृत मनःस्थिति ही स्वर्ग है - जीवन जिऊँ ताकि मैं जान सकूँ कि गरीबी क्या होती है? कठिनाइयाँ क्या होती हैं? उनके कष्ट क्या होते हैं? यह
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - जीवन में हृदयंगम करना है। उसका स्वरूप क्या हो सकता है? बताइये? बेटे हम बताते हैं कि स्वरूप क्या हो सकता
- साधना में प्राण आ जाए तो कमाल हो जाए - जीवन को अध्यात्म कहते हैं। अध्यात्म का क्या अर्थ होता है? साइंस ऑफ सोल (Science of Soul) होता है। जिसका अर्थ
- यज्ञाग्नि हमारी पुरोहित - जीवन में वही धारण नहीं कर सका तो हमारे लिए क्या फायदेमन्द हो सकता है? इतना फायदेमन्द होता तो स्वयं क्यों
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 41-50 - पत्रक 41-50 - जीवन के साथ जुड़ी हुई विभूतियों का सही उपयोग क्या है? इन प्रश्नों को उपेक्षा के गर्त में डाल देने से
- आ रहा है युगावतार, प्रज्ञावतार - जीवन में रह रहे हैं, उसमें टेंशन के सिवा और क्या चीज हाथ आ सकती है? असन्तोष के अलावा, विक्षोभ के
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-1 - 1 - जीवन की प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण होने का उपाय क्या है? (९) सज्जनता की सामान्य परिभाषा क्या है? (१०) आदर्श जीवन
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त - जीवन की स्थिरता और विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक साधन क्या है? उनमें से कितने ही ऐसे होते हैं, जिनकी ओर
- लोक-शिक्षकों के जीवन का लक्ष्य एवं उद्देश्य - शिक्षकों के जीवन का लक्ष्य एवं उद्देश्य - जीवन में सीखना होगा। हमको दूसरों को रामायण की कहानी क्या सिखानी है? वह तो सबको मालूम है कि एक रामचन्द्र
- मन: स्थिति बदले तो परिस्थिति बदले — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 12) - 12) - जीवन धारणा करने का प्रमुख आधार है। खीझी हुई प्रकृति क्या बदला ले सकती है? अणु उपकरणों के बदले क्या प्रकृति
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - जीवन बलवान हो जाता है और मानसिक क्षेत्रों में गायत्री क्या देती है? गायत्री देती है—जीवट, हिम्मत अच्छे कामों के लिए,
- परिष्कृत अध्यात्म हमारे जीवन में उतरे - जीवन एक है। आध्यात्मिक जीवन सामर्थ्य का पुंज है। तो क्या धन का भी पुंज है? हाँ, धन का भी पुंज
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-2 - 2 - जीवन के अनुरूप ढालने में प्रयत्नशील है? किस तरह? (८) क्या गायत्री यज्ञ आन्दोलन अधिक दृष्टि से भी कम खर्चीला है?
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-1 - 1 - जीवन—एक आध्यात्मिक योग-साधना प्रश्नर —— (१) आध्यात्मिक प्रगति का आधार क्या है? (२) सिद्ध कीजिये कि दाम्पत्य जीवन आध्यात्मिकता की प्रयोग-शाला
- अध्यात्म की तीन शिक्षाएँ - जीवन कहाँ होता है? भागवत् कहने वाला व्यक्ति जीवित कहाँ है? वह मरा हुआ है। मरे हुए आदमी की कथा क्या
- समस्त सिद्धियों का आधार तप - आप जीवन में यह निश्चय कीजिए कि आपको क्या बनना है? ऊँचाई के रास्ते पर चलने के लिए आपको क्या बनना
- आध्यात्मिकता के मूल सिद्धान्त - के जीवन का उपयोग करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? विचार करने पर एक ही बात समझ में आई कि
- व्यक्तित्व का परिष्कार - के जीवन के परिष्कार में भी काम आ सकता है। क्या चीज हो सकती है? बेटे! वह है—तपाया जाना। तपाने से
- मो को कहाँ ढूँढ़े बन्दे मैं तो तेरे पास रे - का जीवन कितना महान है और मनुष्य के जीवन से क्या किया जा सकता है? भगवान् जो कार्य स्वयं करता है,
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 151-160 - पत्रक 151-160 - है। जीवन क्या है, क्यों है उसका लक्ष्य एवं उपयोग क्या है? इन प्रश्नों का समाधान मात्र आस्तिकता के साथ जुड़ी
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-1 - 1 - (३) जीवन का प्रारम्भिक चौथाई भाग क्या कहलाता है? इसका क्या महत्त्व है। (४) गृहस्थाश्रम के बारे में लिखिये? (५) वानप्रस्थाश्रम
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-1 - 1 - इसी जीवन में सम्भव है प्रश्न —— (१) स्वर्ग क्या है? उसका वास्तविक अर्थ बताओ। (२) मुक्ति क्या है? वह कितने
- युग निर्माण की शिक्षण प्रक्रिया-1 - 1 - (८) जीवन की प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण होने का उपाय क्या है? (९) सज्जनता की सामान्य परिभाषा क्या है? (१०) आदर्श
- गायत्री उपासना का स्वरूप - इसे जीवन में हम संस्कृति कहते हैं। सभ्यता कहते हैं। जीवन में साधना इसी को कहते हैं। नाई क्या करता है?
- जीवन की सभी समस्याओं का अचूक समाधान - आपके जीवन का लक्ष्य क्या है? तो पढ़ें— 1. मैं क्या हूँ? 2. जीवन लक्ष्य और उसकी प्राप्ति 3. आत्मा वाऽरे