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- कैसे प्राणवान बने साधना? - गायत्री माता क्या है? जरा देखकर के आइए। गायत्री माता के
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - है? गायत्री माता क्या है? एक किताब है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता भगवान का एक टेपरिकार्डर है। ये आपके
- ओजस्वी, तेजस्वी एवं मनस्वी व्यक्तित्वों का निर्माण - मित्रो! गायत्री माता क्या है? यह ईमानदारी और नेकनीयती, सज्जनता और शराफत
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - क्या है? गायत्री माता क्या है? एक किताब है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता भगवान का एक टेपरिकार्डर है। ये
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - ढंग क्या है? गायत्री माता क्या है? एक किताब है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता भगवान का एक टेपरिकार्डर है।
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - क्या है? एक किताब है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता भगवान का एक टेपरिकार्डर है। ये आपके लिए शिक्षण है—मौन
- ध्यान क्यों करें? कैसे करें? - अनुग्रह हमारे ऊपर बरसता है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता वह है कि जिसमें हम जवान स्त्री को माता के
- ध्यान क्यों करें? कैसे करें? - उसका अनुग्रह हमारे ऊपर बरसता है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता वह है कि जिसमें हम जवान स्त्री को माता
- ध्यान क्यों करें? कैसे करें? - है, उसका अनुग्रह हमारे ऊपर बरसता है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता वह है कि जिसमें हम जवान स्त्री को
- ब्रह्मवर्चस कैसे जगाती है गायत्री? - गायत्री माता क्या हो सकती है? गायत्री बेटे, आपकी जीवात्मा हो
- ब्रह्मवर्चस कैसे जगाती है गायत्री? - गायत्री माता क्या हो सकती है? अब मैं उसकी शक्ल की
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - गायत्री माता में क्या है? आदर्श है। नहीं साहब! गायत्री माता के पाँच मुख हैं, तीन मुख हैं। एक हाथ में
- ब्रह्मवर्चस कैसे जगाती है गायत्री? - गायत्री माता सिद्ध हो गई? क्या वह आशीर्वाद दे सकता है? नहीं, क्योंकि उसे मात्र अक्षर याद हैं। अक्षर याद कर
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - गायत्री माता किसी को बेटा-बेटी नहीं देती है। क्या देती है? आदमी को संयम देती है, एक संयम से क्या फायदा
- गायत्री की चमत्कारिक शक्ति - गायत्री माता से माँगेंगे ही या कुछ देंगे भी। देना क्या है? गुरुजी से माँगें ही माँगेंगे या गुरुजी को कुछ
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - गायत्री माता आयेंगी। अगर आप हँस नहीं बनेंगे तो गायत्री माता नहीं आयेंगी। यह क्या है? यह सिद्धान्त है कि हमको
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - गायत्री मंत्र के बारे में आपका क्या ख्याल है? गायत्री माता की जो शक्ल बना दी गयी है, उस शक्ल के
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - कि गायत्री माता क्या कहना चाहती हैं? गायत्री माता का क्या शिक्षण है? गायत्री माता क्या चाहती हैं? गायत्री का हँस
- तपश्चर्या के लाभ - कि गायत्री माता हमसे क्या चाहती हैं? हमसे क्या अपेक्षा है? हमसे जो अपेक्षा है, इस लायक हम बने कि नहीं
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - तब गायत्री माता आयेंगी। अगर आप हँस नहीं बनेंगे तो गायत्री माता नहीं आयेंगी। यह क्या है? यह सिद्धान्त है कि
- करिष्ये वचनम् तव - था। गायत्री माता को प्रसन्न करने के लिए नहीं। गायत्री माता को क्या प्रसन्न करना है? माँ को भी कोई प्रसन्न
- गायत्री की चमत्कारिक शक्ति - बेटे! गायत्री माता से माँगेंगे ही या कुछ देंगे भी। देना क्या है?
- तपश्चर्या के लाभ - लेकिन गायत्री माता के अंग नहीं बन पाए कि गायत्री माता हमसे क्या चाहती हैं? हमसे क्या अपेक्षा है? हमसे जो
- भारतीय संस्कृति का मूल—गायत्री महामंत्र - मंत्र, गायत्री माता जिसे हम भूल गए। अन्धकार के समय क्या होता है? चोर, उचक्के, उल्लू, साँप, बिच्छू, चमगादड़ चलते हैं।
- भारतीय संस्कृति का मूल—गायत्री महामंत्र - मंत्र, गायत्री माता जिसे हम भूल गये। अन्धकार के समय क्या होता है? चोर, उचक्के, उल्लू, साँप, बिच्छू, चमगादड़ चलते हैं।
- संस्कृति की सीता को लौटाकर लाने का ठीक यही समय - थे। तब गायत्री देवमाता थी। अब क्या होने जा रहा है? अब बेटे! प्रज्ञावतार होने जा रहा है। प्रज्ञावतार क्या है?
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - भी बैठ। गायत्री माता मुझसे भारी हैं क्या या हल्की है? मुझसे तो भारी हैं। तेरा वजन कितना है? सौ मन
- करिष्ये वचनम् तव - कहा था। गायत्री माता को प्रसन्न करने के लिए नहीं। गायत्री माता को क्या प्रसन्न करना है? माँ को भी कोई
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - मित्रो! गायत्री मंत्र के बारे में आपका क्या ख्याल है? गायत्री माता
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - देती है। गायत्री माता किसी को बेटा-बेटी नहीं देती है। क्या देती है? आदमी को संयम देती है, एक संयम से
- तपश्चर्या के लाभ - बन पाए कि गायत्री माता हमसे क्या चाहती हैं? हमसे क्या अपेक्षा है? हमसे जो अपेक्षा है, इस लायक हम बने
- आ रहा है युगावतार, प्रज्ञावतार - पहले वाली गायत्री महाशक्ति थी, जिसका नाम था देवमाता। अब क्या होने वाला है? अब एक और चरण का विकास होने
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - सीख लें कि गायत्री माता क्या कहना चाहती हैं? गायत्री माता का क्या शिक्षण है? गायत्री माता क्या चाहती हैं? गायत्री
- समझें देववाद का मर्म एवं लें उनसे शिक्षण - चाहती हैं? गायत्री माता का क्या शिक्षण है? गायत्री माता क्या चाहती हैं? गायत्री का हँस कैसा होना चाहिए? ये चारों
- भारतीय संस्कृति का मूल—गायत्री महामंत्र - हूँ, वह है गायत्री माता की विशेषता। वह क्या विशेषता है? बच्चे को कीमती चीजें माँ नहीं देना चाहती है, क्योंकि
- तपश्चर्या के लाभ - हैं, लेकिन गायत्री माता के अंग नहीं बन पाए कि गायत्री माता हमसे क्या चाहती हैं? हमसे क्या अपेक्षा है? हमसे
- गायत्री महामंत्र की सामर्थ्य - नहीं है कि गायत्री किसी को बेटा-बेटी देती है। गायत्री माता किसी को बेटा-बेटी नहीं देती है। क्या देती है? आदमी
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - औरत को हमने गायत्री माता बनाया हुआ है। ये क्या है? ये हमारे दृष्टिकोण का परिवर्तन है, ये हमारी मानसिक धरातल