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जब लाली को देखने गए तो हम भी लाल ही हो गए, क्यों न हो जाएँगे, क्योंकि हम उपासना रूपी उस लालिमा को जो देखने चले हैं?... हम भगवान की गोदी में बैठ जाएँगे, भगवान से लिपट जाएँगे, तो हम क्यों न वैसे हो जाएँगे। मनुष्य अपनी संक...
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कौन स्मरण करता है, भक्त का?...वान करता है। भक्त करता है कब? जब वह भगवान का स्वरूप हो जाता है।
लाली मेरे लाल की, जित देखूँ तित ल...
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गुरुजी ने कई बार उदाहरण दिया है कि भगवान ने कहा—माँग, क्या माँगता है?...ने लिए माँग, बच्चों के लिए माँग, अपनी पत्नी के लिए माँग, पर उनने हमेशा ठुकराया। ठुकराना तो हमें नहीं ...
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जिस दिन से उन्होंने पग बढ़ाए आध्यात्मिकता के क्षेत्र में वह कितनी बड़ी क्रान्ति थी?... तो दुनियाँ नहीं समझ सकेगी। गाँधी जी जब तक सामने रहे तब तक लोगों ने उनकी कीमत नहीं समझी, लेकिन जब चले...
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बाल्यकाल से उन्होंने अपने जीवन को किस तरह से मोड़ दिया?... खाने और खेलने की उम्र होती है। बाल्यकाल से ही उनके मन में भगवान के प्रति अगाध आस्था, अगाध निष्ठा, अप...
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भगवान स्वयं तिलक लगाने के लिए आए थे, किनके पास?...लसीदास के पास। हनुमान जब भगवान राम से जुड़ गए तो शक्तिशाली होते हुए चले गए, जिनको कि हम वानर के रूप म...
- अच्छा तुमने अपने समाज और विश्व के लिए क्या किया?... संसार का क्या भला किया? भक्त का कल्याण उसके आत्मिक विकास के रूप में होगा। विकास के दो रूप हैं—(१) श्...
- अच्छा दो-चार दिन खा लें फिर देख तेरे पेट की क्या हालत होती है?... तो क्या वहाँ खीर खाने जाएँगे? उसके लिए यहाँ स्वर्ग होता है, हमें यह स्वर्ग चाहिए जहाँ व्यक्ति हमारा ...
- अच्छे कार्य के लिए आगे बढ़ें तो क्या कोई रोकेगा अथवा रोक सकता है?... बिल्कुल नहीं रोक सकता, यह तो कहने की बात है। उस चौपाई में उन्होंने कहा—
जाके प्रिय न राम वैदेही।...
- अनीति के विरुद्ध आप नहीं उठेंगे तो कौन उठेगा?... हम आपको उठाने के लिए कहते हैं तो किस-किस तरह हमें उठाना पड़ेगा, अनेकों हमारे समाज में विकृतियाँ हैं,...
- अपना सारा जीवन कष्टमय बिताती रहती है और बच्चों को भान भी नहीं होने देती कि कष्ट भी कोई चीज है क्या?... माँ बड़ी जबरदस्त होती है। गायत्री माँ का तो कहना ही क्या है? साधारण माँ की बात कह रही थी और चेतना को...
- अपनी क्षुद्र बुद्धि से केवल क्षणिक लाभ ही उन्हें दिखाई देता है, पारलौकिक सम्पदाएँ हैं किसी को नहीं मालूम?... विश्व मानव के रूप में जो भगवान है, इसकी सेवा हमको दिखाई नहीं पड़ती। नहीं, हमें दिखाई नहीं पड़ती। तो ...
- अपने-अपने चिन्तन को, चरित्र को, व्यवहार को, अपने वातावरण को जब ऐसा बनाया नहीं गया है तो उसे पास कौन बैठने देगा?... ना ही कोई सुनेगा। गाँधी जी की आवाज को, लाल बहादुर शास्त्री की आवाज को सुना इसलिए गया कि वे सही अर्थो...
- अब कैसे जाएँगे, करना क्या पड़ेगा?... ये तो सब बताते रहेंगे, क्या करना पड़ेगा, यह मेरा विषय नहीं है।
मेरा विषय है तो केवल आस्था, वह है...
- अब क्या करेंगे, अब कैसे होगा?... होगा क्या जो सबका होगा वह तुम्हारा होगा। जो होता है होगा अब क्या किया जाए, पर जो लक्ष्य है, उद्देश्य...
- अभी एक लड़का आया अमेरिका का, वह लिपट कर रोने लगा, पहले तो मैं कुछ कहने लगी, बेटा रहने दे गुरुजी तो साथ रहते हैं, ऐसा कैसे समझता है?... वास्तव में हैं भी, वास्तव में हम समझते हैं कि हम गुरुजी से जुड़े हैं, पर आपको कुछ त्याग करना पड़ेगा।...
- अभी जो आपकी एक महीने से जो आप लोग हैं या अभी आए हैं, इतनी कठिनाइयाँ आई हैं, आपके सामने क्या-क्या आन्दोलन चल रहे हैं, किन-किन कठिनाइयों का सामना करके आप आए हैं?... जो गाड़ी २४ घण्टे में आती है वह ६०-६१ घण्टे में आए हैं, यह क्या बेटे जरा बताना? यह बीज है उस व्यथा क...
- अभी भी लोग दाँतों तले उँगली दबा कर यह कहते हैं कि इतना विशाल आयोजन, इतनी इतनी भव्यता, पत्रिका का इतना विशाल पाठक क्षेत्र इतनी अनुशासित टीम आपके लिए खर्च कहाँ से आता है?... अरे आपको मालूम पड़ गया तो आप भी चले जाएँगे, आप को क्यों बता दें, हमारी बैंक कहाँ की है? बैंक में लाख...
- अरे आपको मालूम पड़ गया तो आप भी चले जाएँगे, आप को क्यों बता दें, हमारी बैंक कहाँ की है?... बैंक में लाखों ये जो आप बैठे हैं। आपकी जेब से निकाला और उसे काम में ले लिया, कौन रखवाली करेगा इसकी र...
- अरे किन-किन का कहें किसको सामना नहीं करना पड़ा प्रतिकूलताओं का?... मरना तो एक दिन है ही। देखा जाएगा, यदि किसी के भाग्य में ऐसा ही है तो ऐसा भी देखा जाएगा। शहीद की तरह ...
- अरे जिस नारी के मन में ये हो उसे क्या कष्ट हो सकता है?... भौतिक जगत का कष्ट कभी उसको प्रभावित नहीं करता। प्रभावित कौन सी चीज करती है? जब हम उसके साथ द्वेष भाव...
- अरे माता जी कल तो ऐसा-ऐसा बोल रही थी, आज क्या बोल रही हैं?... हम यह सुनने थोड़े ही आए थे। हमें कोई चटपटी कहानियाँ सुनाओ। अच्छा वह भी हम सुना देंगे उसके लिए आप धैर...
- अरे मैं कितना मूर्ख था?... जो घर-आए भगवान को दे न सका क्योंकि यदि सारी झोली उड़ेल दी होती तो सारे के सारे दाने सोने के हो जाते।...
- अरे ये क्या हुआ, हम तो वरदान लेने आए थे कहाँ धन-दौलत होगा, कारोबार में फायदा होगा, हम तो आज के दिन आशीर्वाद लेने आए थे, यह क्या दे रही हैं?... हम तो आपको वही दे रही हैं कि इसी के सहारे आपकी नाव चलती है, वो जो आप माँगने आए हैं क्षणिक हैं। ला वह...
- अरे, हमारा अतिथि, हमारा बच्चा हमारे सामने भूखा खड़ा है, तो हम कैसे खा सकते हैं?... ऐसे बिरले ही होंगे, जो बच्चों को छोड़कर खा लेंगे। आप हमारे परिजन हैं, हमारे बच्चे हैं, हमारे अतिथि ह...
- अर्जुन का रथ भगवान कृष्ण ने हाँका था, बागडोर कृष्ण ने सम्भाली थी अर्जुन की, अर्जुन हिम्मत हार रहा था और भगवान कृष्ण ने कहा—कायर मत बन, अर्जुन नपुंसक मत बन, तू उठ खड़ा हो लड़ाई के लिए, कौरव की लड़ाई, कौरव यानि दुर्गुणों की जो हमारे अन्दर लड़ाई हो रही है कौरव और पाण्डव की उसमें कौन जीतेगा?... जीतेगा पाण्डव, लेकिन पाण्डव में हिम्मत तो होनी चाहिए, भक्त को हिम्मत करनी चाहिए, कौरव कौन है हमारे अ...
- अश्वमेध क्या है?... अश्व जैसी पाशविक प्रवृत्तियाँ—जो लगाम लगाने पर भी नहीं रुकतीं, उन्हें यज्ञ कुण्ड में होम देना ही अश्...
- असली ब्राह्मण कौन होता है, क्या हो सकता है, उसके गुण क्या हैं?... उसका आदर्श क्या है? उसकी भावनाएँ क्या हैं? ब्राह्मण एक ही हो सकता है, वह हो सकता है, जिसके अन्दर करु...
- अस्तित्व तब है, जब मनुष्य अपने जीवन के प्रति जागरूक होता है, सतर्क होता है और उसे भान होता है कि हम किस लिए आए थे?... भगवान ने हमको भेजा है आखिर किस उद्देश्य के लिए, किस कार्य के लिए भेजा है? यह भूल जाते हैं। उन्होंने ...
- आखिर कैसे हो जाती है और क्यों हो जाती है?... मैं आपको सुना रही हूँ कि इसलिए हो जाती है कि अपनी जीभ को ऐसे कस कर रक्खा है जैसे जम्बू से कस लेते है...
- आखिर कौन था, क्या था?... आपको नहीं मालूम पड़ेगा। वह भगवान की एक शक्ति थी जो संसार को हिला देने में समर्थ थी और उसने वही किया ...
- आखिर यह कहाँ से आई?... कहाँ से माता जी, यह गुरु मंत्र हमें बता दो हम भी दौलत खोदकर ले जाएँ, नहीं बेटे वह नहीं ला पाओगे, अपन...
- आगे आने वाले समय में क्या करते हैं?... हनुमानजी ने सीता माता को लाने का शक्ति भर प्रयास किया था। जब भगवान राम से जुड़ गए तो इतना पराक्रम आ ...
- आगे की जिन्दगी को देखना है, विश्व को देखना है, वर्तमान को क्या देखना है?... आगे जो भविष्य है, इसका क्या होगा? जो आज ये समय चल रहा है इसके प्रति कितने चिन्तित हैं, नहीं मालूम। ज...
- आगे जो भविष्य है, इसका क्या होगा?... जो आज ये समय चल रहा है इसके प्रति कितने चिन्तित हैं, नहीं मालूम। जितने वो चिन्तित हैं, उतने ही आशावा...
- आगे नहीं चल सकते?... आपमें क्या कमी है? मेरी निगाह से पूछिए आप प्रत्येक में इतनी शक्ति भरी पड़ी है कि मैं आपसे क्या कहूँ?...
- आज एक लड़का आया, बोला कि क्या कमाल हो रहा है?... मैंने कहा देखता जा। क्या हो रहा है ये सारी की सारी वही गुरुसत्ता की शक्ति छाई हुई है जो किसी के मुँह...
- आज कितने ही व्यक्ति ईसाई धर्म में दीक्षित हो गए, कितने क्या बन गए?... मनुष्य बनेंगे नहीं तो क्या करेंगे? मनुष्य प्यार का भूखा है। जहाँ उसको प्यार मिलता है वहीं उसकी गोदी ...
- आज के जमाने के जो बेटे हैं वह सबको मालूम है कि कैसे होते हैं?... जोड़े हुए धन को सब खा जाएँगे, चाहे बेटा हो, चाहे साला हो, चाहे जमाई हो, क्यों नहीं लेगा? तेरे साथ कु...
- आज जो परिस्थितियाँ विपन्न हो गई हैं कि शरीर त्याग का क्या मतलब है?... शायद उनने कोई ऐसा कदम उठाया हो ताकि उन्हें अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़े। नहीं बेटो! उनका यह तीन स...
- आज दशहरा भी है और कौन सा दशहरा है?... "गंगा दशहरा" है। भागीरथ ने तपस्या की थी। समस्त मानव जाति के उद्धार के लिए। गंगा अनवरत बहती हुई चली आ...
- आज मंगल है, बड़ी अच्छी बात है, मंगल है तो मेरा उपवास है, आज हनुमान जी का व्रत है, यह बताइए इस दिन आप क्या-क्या संकल्प लेते हैं?... आगे आने वाले समय में क्या करते हैं? हनुमानजी ने सीता माता को लाने का शक्ति भर प्रयास किया था। जब भगव...
- आजीवन निर्वाह करना?... यदि आजीवन निर्वाह करेंगे तो हम आपके साथ हैं। आपके जीवन के रूप में चलाने की जिम्मेदारी हमारी है और गा...
- आनन्द नाम था, उसने यह कहा कि गुरुदेव आप यह बताइए आप तो इस साधना में लग गए, तो हमें प्रेरित कौन करेगा, आप यह तो बताइए कि हम को क्या करना है?... तो उन्होंने कहा कि एक ही कार्य है कि सारे विश्व में फैल जाओ। हर देश के चप्पे-चप्पे में आप जाकर के फै...
- आप आगे की पंक्ति में नहीं आ सकते?... आगे नहीं चल सकते? आपमें क्या कमी है? मेरी निगाह से पूछिए आप प्रत्येक में इतनी शक्ति भरी पड़ी है कि म...
- आप उन बातों को सुनेंगे?... मैं आपका समय बर्बाद नहीं करूँगी, अरे माता जी तो गुरुजी की तारीफ करने ही बैठी हैं और इन्हें कोई काम ह...
- आप खुलकर के कहते क्यों नहीं?... आपके पास धन कहाँ से आता है? उनने कहा कि मेरे पास भगवान से आता है। आप भगवान से ले सकते हैं? मैं भगवान...
- आप पढ़ते हैं, समझते हैं आपको मालूम है कि कैसा समय गुजर रहा है?... तो इस समय में, हम क्या कर सकते हैं, वह सारा का सारा उनके दिमाग में एक नक्शे की तरह से है।
जो दिन...
- आप भगवान के बारे क्या जानते हैं और आप हमें क्या बता सकते हैं?... आप तो पागलों की भाँति कर रहे हैं। आपने गोबर के कमण्डलु में खीर डलवा दी। ये तो कुछ भी नहीं रहा। भगवान...
- आप भगवान से ले सकते हैं?... मैं भगवान से नहीं ले सकता। आपके व्यापार में फायदा होगा तभी आप दे सकते हैं और घाटा होगा तो आप एक पैसा...
- आप यह बताइए, इनको प्यार क्यों करते हैं और आप हमको प्यार क्यों नहीं करते?... उनने कहा—इस रहस्य को मैं फिर कभी बतलाऊँगा, इस समय नहीं। उनने दावत दी और आमंत्रण दिया तो पहले दानवों ...
- आप लोगों को उपस्थित किया गया है, बुलाया गया है, आमंत्रण दिया गया है, आखिर क्यों?... इस सन्दर्भ में मैं कहना चाहूँगी कि जो गुरुजी के पावन सन्देश एवं जो पावन प्रेरणाएँ जो उन्होंने चलते स...
- आप व्यक्ति निर्माण नहीं कर सकते?... जहाँ सोना ढाला जाता है, लोहे की भट्टियाँ होती हैं। भट्टियों में ही लोहा गलाया जाता है, सब जगह नहीं ग...
- आप हमारे यहाँ आए "शान्तिकुञ्ज" में, तो आप खाली हाथ कैसे जा सकते हैं?... पात्रता के अनुरूप आपको अवश्य मिलेगा। अपने आप की सफाई आप इसी दृष्टि से करेंगे। जो आप यहाँ कामना लेकर ...
- आप हमारे सम्पर्क में हैं, आप जुड़े हुए हैं, गुरुजी से और आप अज्ञानी ही बने रहेंगे?... अज्ञानी नहीं। आप ज्ञानवान की पंक्ति में आइए, आप आगे-आगे चलिए और पीछे हम हैं। आपकी पीठ थपथपाएँगे, आपक...
- आपकी जेब से निकाला और उसे काम में ले लिया, कौन रखवाली करेगा इसकी रखवाली?... हमें रखवाली नहीं करनी है। हमें तो उतना ही चाहिए जितना हमारी आवश्यकता है, तब हाल बैंक से ले लेते हैं।...
- आपकी दाढ़ी-मूँछ भूरी क्यों न हो गए हों?... चाहे आपके झुर्रियाँ क्यों न पड़ गई हों? लेकिन मेरे लिए तो आप वही हैं जैसे कि छोटा अबोध बच्चा हो और उ...
- आपके पास धन कहाँ से आता है?... उनने कहा कि मेरे पास भगवान से आता है। आप भगवान से ले सकते हैं? मैं भगवान से नहीं ले सकता। आपके व्याप...
- आपके यह बच्चे क्या हैं?... इनकी तो हथेलियाँ चूमने लायक हैं। मुझे गर्व होता है। गर्व होता है कि मैं यह समझ रही थी कि मैं अपने ही...
- आपको क्यों नहीं दिखाई देता?... आप अपनी मन की आँखों को खोलकर देखिए, तो आपको मालूम पड़ेगा कि गुरुजी आपके साथ हैं। आप उस 'दृष्टि और चि...
- आपने कभी किया क्या?... किया नहीं है, तो आप गंगा जैसे निर्मल कैसे हो सकते हैं? कैसे पवित्र हो सकते हैं? यह पवित्रता का दिन ह...
- आपने रामायण में पढ़ा है, उसकी अधिक व्याख्या मैं क्यों करूँ?... उन्होंने लंका दहन किया, सुरसा के मुँह में से निकले, समुद्र भी लाँघा, इतने शक्तिशाली हो गए। लेकिन हम ...
- आपमें क्या कमी है?... मेरी निगाह से पूछिए आप प्रत्येक में इतनी शक्ति भरी पड़ी है कि मैं आपसे क्या कहूँ?...
- इतने गहन चिन्तन में चली गई कि मैंने सब कुछ खाया एक साल में और खिलाया भी, और इन्होंने किस तरीके से एक साल निकाला यहाँ?... तो बेटी! जब से उनने होश सँभाला होगा, उनका जिह्वा पर इतना कन्ट्रोल है, कि बहुत कन्ट्रोल है, तभी उनकी ...
- इतने बड़े-बड़े संकल्प उन्होंने जिन्दगी में किए हैं, वह सारे के सारे पूरे हुए हैं, अपने लिए किए होते तब एक-आध कोठी होती, बँगला होता, राजनीति में बने होते तो न जाने क्या बन गए होते?... मंत्री-वंत्री इतने ही बने होते।...
- इनकी सम्पत्ति हमें मिल जाए तो फिर हम दिखा दें कि लोक क्या होता है?... परलोक क्या होता है? क्या होता है बनाना और क्या होता है बिगाड़ना? तू बिगाड़ रहा है, अपने बच्चों को बि...
- इस आग पर पानी कौन डालेगा?... यदि पड़ौस में आग लगेगी तो प्रभावित आप भी होंगे। ऐसा कभी नहीं हो सकता आग लग रही हो और प्रभावित न हों,...
- इस विश्वामित्र ने करोड़ों जो हमारे भारतवासी हैं उनके लिए और सारे विश्व में जो मानव मात्र फैला हुआ है उसके कल्याण के लिए उन्हें मुक्ति दिलाने के लिए, उन्होंने बीड़ा उठाया और कहा कि हम स्वर्ग स्थापित करके रहेंगे और हम बताएँगे कि स्वर्ग क्या होता है और नरक क्या होता है?... खुदगर्ज क्या होता है और परोपकारी क्या होता है? ब्राह्मणत्व क्या होता है? असली ब्राह्मण कौन होता है, ...
- इस हिन्दुस्तान में इतनी दौलत कहाँ है?... माता जी, आप तो कहती हैं कि हमारे दोनों का कहीं एकाउन्ट नहीं है, मगर राज को हम जानते हैं आप नहीं जानत...
- इसका क्या बिगड़ा है?... यह नहीं कहेगा कि राहू का ग्रह है, अब तेरा बेटा मरा। ब्राह्मण नहीं कहेगा, यह तो चाण्डाल कहेगा। वह तो ...
- इसका सार अब आप समझ गए होंगे कि उन्होंने जो उपासना की, इतनी तपस्या में अपना शरीर गलाया उस का प्रतिफल क्या मिला?... उसका प्रतिफल यह मिला कि जैसा दृष्टिकोण था, जैसा चिन्तन था उसका वैसा ही फल मिलता है। पति-पत्नी फिर खा...
- इसमें तपता क्यों नहीं है, तू निखरता क्यों नहीं है?... तू कुन्दन क्यों नहीं बनता है? तू लोहे का लोहा क्यों है? लोहा नहीं बनना चाहिए, आपको सोना बनना चाहिए, ...
- इसमें लखपति, करोड़पति, राजा, महाराजा और बड़े-बड़े अधिकारी ही ये काम नहीं कर सकते और एक छोटे से घर में पैदा हुआ व्यक्ति किस तरीके से छलाँग लगा सकता है और बलवान हो सकता है, उसे आत्मबल कैसे मिल सकता है, यह बात आप मुझे बतलाइए?... थोड़ी देर सोचने लगे कि क्या जवाब दिया जाए? इसको कैसे समझ में आए कि किस तरीके से शक्ति मिलती है, उस श...
- इसी तरह से मीरा ने एक बार तुलसीदास जी को पत्र लिखा था, उसमें यह कहा कि आप मेरा मार्गदर्शन करिए मैं किस तरीके से अपने गृहस्थ जीवन से लोहा ले सकूँ?... क्योंकि मुझे भगवान को स्मरण नहीं करने दिया जाता है, तो उन्होंने एक चौपाई लिखकर मीरा के पास भेज दी। क...
- ईसामसीह से एक बार एक व्यक्ति ने पूछा—बताइए, भगवान कहाँ है?... उन्होंने एक बच्चे को गोद में उठा लिया और कहा—यही भगवान हैं। बच्चे जैसी मनःस्थिति, ऐसी ही हमारी कल्पन...
- उनका कार्य अपने आप पूरा कराएँगे, हो रहा है, होता कैसा है?... शानदार जो भी आन्दोलन पूरे होते रहे हैं उसमें भगवान की शक्ति होती है उनके साथ। गायत्री माता, उनका गुर...
- उनका जब भोजन करने का नंबर आया तो सोचा अब क्या करना चाहिए?... एक ने दूसरे के मुँह में दिया, दूसरे ने तीसरे के मुँह में दिया, इसी प्रकार तीसरे ने चौथे, चौथे ने पाँ...
- उनको आबाद, इनको बर्बाद?... शिष्यों की शंका का समाधान उन्होंने किया और यह कहा कि देखो जो गन्दगी है वह ढँककर रखी जाती है ताकि सार...
- उनको त्याग का पाठ पढ़ाया है कि आप त्याग करिए, मानव मात्र की सेवा के लिए, उपासना के लिए समय निकालिए और साधना के लिए अपने व्यक्तित्व का परिष्कार कीजिए, जहाँ थे वहीं बने हुए हैं, आगे क्यों नहीं बढ़े?... विद्या को आपने ऐसे कैसे समझ लिया? आपका मस्तिष्क आपके हृदय की ऊँचाई बढ़नी चाहिए और सेवा के लिए हमारे ...
- उनने कहा क्या आज खाना नहीं बना?... कहा—नहीं। और दिन तो आप खा लेते थे, पर आज आपने नहीं खाया, क्योंकि आप नशे में थे। तुमने भोजन नहीं किया...
- उन्हीं में हमारा सारा का सारा जीवन निकलता चला जाता है और एक रोज मर कर हम मौत की भट्टी में चले जाते हैं, कोई अर्थ है?... कोई अर्थ नहीं। कोई अस्तित्व नहीं। अस्तित्व तब है, जब मनुष्य अपने जीवन के प्रति जागरूक होता है, सतर्क...
- उन्होंने आध्यात्मिक जिन्दगी में प्रवेश किया तब, इसमें आगे बढ़े, अपनी संकीर्णता को छोड़ा, तब क्या कमी है इतनी बड़ी दौलत है कि यदि आपको गिनाने बैठें बेटे, तो पसीना आ जाएगा, इतनी दौलत है कि बस आप से क्या कहें?... इस हिन्दुस्तान में इतनी दौलत कहाँ है? माता जी, आप तो कहती हैं कि हमारे दोनों का कहीं एकाउन्ट नहीं है...
- उन्होंने उसे गाँठ बाँधकर रक्खा कि मुझको जो भेजा है आखिर किस उद्देश्य के लिए किसी विशेष लक्ष्य के लिए, किसी विशेष कार्य के लिए भेजा है?... तो वे हर तरीके से गुरुजी की आज्ञा का पालन करते रहे। उन्होंने उनकी वाणी का महत्त्व समझ लिया। जो प्रेर...
- उन्होंने कहा—जो हमारे अन्दर दुर्गुण हैं, इससे तुम्हारे अन्दर कोई नफरत हुई क्या?... तो कहा—"ऐसा कैसे हो सकता है? आप तो मेरे भगवान हैं। आप जानें आप का काम जाने। मेरा जो कर्तव्य है वह मै...
- उन्होंने मोल ले लिया, किसने?... मीरा ने। मीरा ने और द्रौपदी ने जब आर्तनाद के साथ भगवान को पुकारा तो भगवान दौड़ते हुए चले आए, चले आए ...
- उस परम सत्ता को हम कैसे भुला सकते हैं?... उस सन्त को मैं क्या, आप में से कोई भी भुला नहीं सकता। आपको यह काम हाथ में लेना चाहिए जो भगवान बुद्ध ...
- उस व्यक्ति ने यह सब देखकर कहा कि आप यह क्या कर रहे हैं?... आप भगवान के बारे क्या जानते हैं और आप हमें क्या बता सकते हैं? आप तो पागलों की भाँति कर रहे हैं। आपने...
- उसका अर्थ क्या हुआ, परिणाम क्या हुआ?... तपस्या का परिणाम हुआ—वह अनेक गुना श्रद्धा के रूप में उनको मिलता हुआ चला गया और इतनी अपार सम्पदा उनको...
- उसका आदर्श क्या है?... उसकी भावनाएँ क्या हैं? ब्राह्मण एक ही हो सकता है, वह हो सकता है, जिसके अन्दर करुणा, दया, सम्वेदना, ज...
- उसकी भावनाएँ क्या हैं?... ब्राह्मण एक ही हो सकता है, वह हो सकता है, जिसके अन्दर करुणा, दया, सम्वेदना, ज्ञान, ज्ञान को बाँटने क...
- उसके लिए क्या करें?... इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में भोगो इन्हें, दृढ़ता के साथ। कायर मत बनो, रोओ नहीं। रोने से बुजदिली...
- उसने कहा इधर आना बेटे, तुम गर्दन में यह क्या पहने हो?... पता नहीं क्या है? मेरे माँ-बाप पहना गए थे, उसमें से एक दाना निकाला और एक दाना बेच करके आ गए। वह तो ल...
- उसने कहा कि मेरे साथ नरक में चलोगे क्या, सजा भुगतोगे क्या?... तो उत्तर मिला, हम क्यों भुगतेंगे? आप जाइए, हमें तो चाहिए। आपका कर्तव्य बनता है। वाल्मीकि चले गए और न...
- उससे क्या बनेगा?... मुक्ति मिलेगी? हमें तो विश्वास नहीं कि मुक्ति मिलेगी। यदि मुक्ति मिलती है तो हमें इसी जीवन में मिलती...
- उसी करवट उठते थे, कोई चक्कर नहीं, मैं कहती थी कि मुझे नींद कम आती है, तो मखौल में कह देते थे कि शान्तिकुञ्ज का पहरा तो तुम देती हो मुझे क्या चिन्ता है?... मैं तो निश्चिन्तता की नींद सोता हूँ हमेशा। हाँ तो मैं यह कह रही थी कि आगे जो उन्होंने स्वप्न के बारे...
- उसी नारकीय योनि में चले जाते हैं ये क्या बात हुई?... इसीलिए हुई कि सन्त जो होता है वह सारे विश्व का होता है, सारे विश्व का पिता होता है वह। सारे विश्व का...
- उसे क्या देखना है?... आगे की जिन्दगी को देखना है, विश्व को देखना है, वर्तमान को क्या देखना है? आगे जो भविष्य है, इसका क्या...
- एक जगह संगठित बैठे रहेंगे तो अच्छाई घर-घर कैसे फैलेगी?... अच्छाइयाँ फैलाने के लिए फैलना ही पड़ेगा, वह गुरुनानक ने अपने शिष्यों से कहा। हमारे मिशन के इतिहास मे...
- एक प्रतिशत की तो मैं कहती नहीं हूँ कि कहीं किसी का दुर्भाग्य ही हो तो उसके लिए क्या किया जाएगा?... भगवान तो हैं नहीं। एक सच्चा ब्राह्मण जो करता है, जो करना चाहिए वह उनने जीवन पर्यंत तक उसको पूरा किया...
- एक लड़की आई थी बोली माता जी मेरा इतना नुकसान हो गया, तो मैंने कहा कि क्या किया था तूने?... मेरा यह था कि भगवान के चरणों में रखूँगी और अपनी लड़की की शादी में लगाऊँगी इसको। जो तेरी नियत थी, सो ...
- एक सच्चा ब्राह्मण जो करता है, जो करना चाहिए वह उनने जीवन पर्यंत तक उसको पूरा किया और समझाया अपने द्वारा कि ब्राह्मणोचित जीवन कैसा होना चाहिए?... चिन्तन से ही चरित्र बनता है उसी से व्यवहार बनता है।
दैवी आकांक्षा का ही परिणाम था कि जो उनने सवि...
- एक साधारण सा बन्दर होते हुए भी और भाइयों से ज्यादा, बेटों से ज्यादा उसने दर्जा ले लिया, हनुमान ने कैसे ले लिया?... अपनी अहंता को मिटाकर उपासना से। सच्चे अर्थों में जो उपासना की जाती है इसी तरीके से की जाती है। आशा ह...
- ऐसा कभी नहीं हो सकता आग लग रही हो और प्रभावित न हों, तो साहब इसका उपाय क्या है?... एक-एक बाल्टी लेकर पहुँच जाएँ। पानी? नहीं बेटे! इस पानी की आवश्यकता नहीं है एक और पानी है।...
- ऐसा क्यों होता है?... सारी जिन्दगी हाथ मलते-मलते रह जाते हैं। कमाते-कमाते रह जाते हैं। उसी नारकीय योनि में चले जाते हैं ये...
- ऐसी क्यों फिरती है?... ऐसा क्यों होता है? सारी जिन्दगी हाथ मलते-मलते रह जाते हैं। कमाते-कमाते रह जाते हैं। उसी नारकीय योनि ...
- ऐसे स्वर्ग का क्या करेंगे?... वही उन्होंने बीड़ा उठाया और अपने अन्दर यह दृढ़ संकल्प किया कि व्यक्ति के अन्दर देवत्व का उदय होना चा...
- कभी यह भी सोचा क्या कि सारा का सारा समाज यह भी अपना अंग है?... यह भी तो हमारा ही है। इसके प्रति कुछ जिम्मेदारियाँ हैं, देख! गुरुजी ने जिम्मेदारियाँ समझीं कि जो दौल...
- कम से कम कितने में गुजारा होगा?... ७० रुपए अपने लिए रख करके बाकी के सारे विद्यार्थियों के अनुदान में लगा दिए। एक भिखारी आया—उन्होंने कह...
- करुणा का कहीं अन्त होता है?... किन्तु उसके साथ स्वच्छता की, पात्रता की आवश्यकता है। क्षुद्रता की, पाप की गठरी हमारे सिर पर रखी है। ...
- कल-परसों एक अधिकारी आए उन्होंने कहा माताजी क्या खर्च होगा?... भई मुझे तो कुछ मालूम नहीं खर्चा कितना हुआ और कितना होगा? क्या, आपको नहीं मालूम? बेटा मुझे एक ही मालू...
- कहने दीजिए, इसमें आपको क्या एतराज होना चाहिए?... अवतारी ही हैं। अरे मैं तो यह कहूँगी कि हर व्यक्ति ही अवतारी है, हर व्यक्ति के अन्दर चेतना है, शक्ति ...
- किन्तु आपका मन डाल-डाल और पात-पात घूमता रहता है कि किया क्या जाए न मालूम कौन साथ दे जाए इनमें?... शायद शंकर जी दे जाएँ, हनुमान जी दे जाएँ, चण्डी देवी दे जाए कि सन्तोषी माता दे जाए, गुरुजी दे जाएँ कि...
- किया नहीं है, तो आप गंगा जैसे निर्मल कैसे हो सकते हैं?... कैसे पवित्र हो सकते हैं? यह पवित्रता का दिन है।
गायत्री शोधन करती है, ज्ञान को बढ़ाती है, ऊर्जा...
- किया है आपने?... नहीं एम. बी. बी. एस. नहीं किया, फिर आप डाक्टरनी कैसे हो गई? हम डाक्टर की पत्नी हैं, इसलिए हम डाक्टरन...
- किस तरह से खरीदा जा सकता है?... उन्होंने मोल ले लिया, किसने? मीरा ने। मीरा ने और द्रौपदी ने जब आर्तनाद के साथ भगवान को पुकारा तो भगव...
- किस नरक की अग्नि में वे झुलस रहे थे और आज इनको एक स्वर्ग तक ला पहुँचाया है, यह कैसे सम्भव हुआ?... ऋषि विश्वामित्र ने जो तपस्या की थी तो केवल एक के लिए नई सृष्टि स्थापित की थी।...
- किसी मित्र के पास जाते हैं, किसी अधिकारी के पास जाते हैं तो क्या करते हैं?... नम्र होते हैं, उसके प्रति सहज ही श्रद्धा करते हैं, तो भगवान क्या उससे भी घटिया है क्या? भगवान की दोस...
- कैसे करोड़पति होते हैं?... अरबपति होते हैं हमने नहीं देखे किन्तु सारे संसार का खजाना हमारे पास है। खजाने के रूप में हमारे यह बा...
- कैसे पवित्र हो सकते हैं?... यह पवित्रता का दिन है।
गायत्री शोधन करती है, ज्ञान को बढ़ाती है, ऊर्जा देती है, धन-दौलत देती है...
- कैसे प्राप्त नहीं होता है?... सब कुछ प्राप्त होता है। मैं तो कहती हूँ कि धन-दौलत पीछे-पीछे फिरती है। ऐसी क्यों फिरती है? ऐसा क्यों...
- कोई जरूरी नहीं है, लेकिन प्रेरणा के रूप में यदि आप ग्रहण करना चाहें तो आप कर भी सकते हैं कि गुरुजी अज्ञातवास गए और मेरे लिए मनाही थी कि तुम ना आना, मुझे मालूम नहीं था कि कहाँ हैं?... वहाँ तक की बात अलग है। जब मालूम पड़ा अमुक स्थान पर हैं, पर मेरे लिए जाना वर्जित कर दिया गया था और यह...
- कोई फावड़ा चला रहा था और कोई कुदाली चला रहा था, कोई क्या कर रहा था कोई क्या कर रहा था?... मैंने भरपूर उनको हृदय से आशीर्वाद दिया कि भगवान अगर कोई शक्ति हो हमारे अन्दर, कोई तप की शक्ति का तो ...
- कौन परवाह करता है, उस समय?... जो मान और इज्जत अपने राष्ट्र की बचानी है तो हम उसके लिए कुरबानी देंगे। हमारे में जो त्याग के भाव हों...
- कौन सा है?... वह है प्यार, वह है स्नेह, वह है सिद्धान्त, वह है सद्ज्ञान, क्योंकि अज्ञानतावश जितनी भी विकृतियाँ पैद...
- क्या आपके अन्दर इतनी शीतलता है?... क्या ज्ञान की गंगा जो अनवरत बहती चली जा रही है।...
- क्या आपने गुरुजी का आशीर्वाद पाया?... हाँ बेटा! पाया, लाखों व्यक्तियों ने पाया और आज यदि उन सभी के बारे में लिखा जाए तो अठारह पुराण बन जाए...
- क्या इसीलिए आप गायत्री माता को पकड़ने के लिए आए हैं?... ये जो माँ हैं, वे दुखियों को देखकर बड़ी जल्दी पिघल जाती हैं, पर वे चाबुक भी रखती हैं, कहती हैं—ऐसे न...
- क्या कारण है कि गुरुजी के ऊपर गायत्री माता मेहरबान हैं?... बेटे! गुरुजी ने गायत्री माता के ऊपर अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया है। १५ वर्ष की आयु से लेकर के आज ७५...
- क्या कोई और लाभ उठाएगा या आप उठाएँगे?... हमें कुछ नहीं मालूम। लेकिन आप कण्ठा बाँध कर जरूर जा रहे हैं। जब दोनों माता-पिता नहीं रहे, वह छोटा सा...
- क्या खरीदा जा सकता है?... हाँ भगवान को खरीदा जा सकता है, यदि भक्त में वह भावनाएँ व निष्ठा बीज हो, तो मैं कहूँगी भगवान को खरीदा...
- क्या गायत्री माता की उपासना तू उन्हें स्वप्न में देखने के लिए कर रहा है?... बेटा, तू ऐसा कर गायत्री माता का चित्र ले जा और देख लिया करना। परन्तु स्वप्न में गायत्री माता के दीखन...
- क्या चाहते हैं वह?... सारे के सारे कार्यकर्ता बताते रहते हैं कि किस चीज की आवश्यकता है, आवश्यकता एक ही चीज की है वो कि अन्...
- क्या तपस्या इसी को कहते हैं?... तपस्या वह दीपक है, वह अग्नि है जिस प्रकार अग्नि के पास बैठने से गर्मी आती है। चन्दन जहाँ पैदा होता ह...
- क्या तुम इस पाप में मेरा साथ दोगे?... बेटे ने कहा—नहीं पिताजी। यह सुनकर वाल्मीकि की आँखों से अज्ञानता का पर्दा उठ गया। उन्होंने नारदजी के ...
- क्या तुम उसे सुनने को तैयार हो?... तो उन्होंने कहा कि क्या आपको मेरे ऊपर विश्वास नहीं है? इस उपासिका के लिए, इस पुजारिन के लिए जो भी मे...
- क्या बादल कभी पक्षपात करते हैं?... नहीं करते हैं। वह तो सर्वत्र बरसते हैं। जहाँ कहीं भी पात्र मिलता है, वह वहीं पर जल भर देते हैं, जहाँ...
- क्या भगवान की हैसियत एक मंत्री जैसी भी नहीं है?... जब आप जप करें तो यह मानकर चलिए कि हम अपनी माता की गोदी में बैठे हैं। माता हमें अपनी छाती से लगा रही ...
- क्या मजाल कि गन्दगी हो जाए?... क्या मजाल कि फैल जाए? उसमें उनका स्वार्थ था। इनका निस्वार्थ था, देवताओं ने सोचा जब अपने मुँह की ओर ह...
- क्या मजाल कि फैल जाए?... उसमें उनका स्वार्थ था। इनका निस्वार्थ था, देवताओं ने सोचा जब अपने मुँह की ओर हाथ नहीं जाता तो क्यों ...
- क्या यह सोने का समय है?... सारे देश में, सारे देश में चीत्कार फैली हुई है, जो भयावह है वह आग, इसे मैं आग के सिवाय और कुछ नहीं क...
- क्या वह दिखाओगे?... बोले—चलिए में अभी उनसे ही मिलने जा रहा हूँ। चलिए भगवान से मिलने का समय हो गया है, भगवान कहाँ हैं? तु...
- क्या सोता ही रहेगा?... क्या यह सोने का समय है? सारे देश में, सारे देश में चीत्कार फैली हुई है, जो भयावह है वह आग, इसे मैं आ...
- क्या हम भगवान को भी धोखा देंगे?... अच्छा कार्य करने वाला व्यक्ति भगवान का स्वरूप बन जाता है। फिर उसे अच्छा कार्य करना ही पड़ता है।
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- क्या होता है बनाना और क्या होता है बिगाड़ना?... तू बिगाड़ रहा है, अपने बच्चों को बिगाड़ रहा है, हम सारे संसार को बना रहे हैं, विस्तार करके दिखा रहे ...
- क्या, आपको नहीं मालूम?... बेटा मुझे एक ही मालूम है कि जिसके साथ हम जुड़े हुए हैं हमको पूरा विश्वास और पूरी श्रद्धा है, टस से म...
- क्यों आप इतना बड़ा शब्द बोलती हैं?... अरे बेटो! तुम साथ में नहीं रहे। जिन्दगी का कितना बड़ा अरसा मैंने उनके साथ बिताया है। आप उन गहराइयों ...
- क्यों कर रोकेगा?... कल मैंने उदाहरण दिया क्या है साहब! आज मंगल है, बड़ी अच्छी बात है, मंगल है तो मेरा उपवास है, आज हनुमा...
- क्यों कहा करते हैं यह मैंने उनसे कहा?... मुझे बहुत बुरा लगता है। मुझे बहुत असहनीय लगता है। मैं वेदना को सह नहीं सकूँगी, मेरे सामने मत कहिए। उ...
- क्यों नहीं आएँगी?... तो उसकी जो उन्होंने सेवा की हरिजन बस्ती में जाकर के, उन्होंने जो शंख फूँका, शायद इसमें जो हमारे साथ ...
- खरीदा जा सकता है, भगवान को?... किस तरह से खरीदा जा सकता है? उन्होंने मोल ले लिया, किसने? मीरा ने। मीरा ने और द्रौपदी ने जब आर्तनाद ...
- खुदगर्ज क्या होता है और परोपकारी क्या होता है?... ब्राह्मणत्व क्या होता है? असली ब्राह्मण कौन होता है, क्या हो सकता है, उसके गुण क्या हैं? उसका आदर्श ...
- खुशबू किस के अन्दर होगी?... भक्त के अन्दर होगी, उस उपासक के अन्दर होगी, उस सन्त के अन्दर होगी जो अपनी सुगन्धि सारे संसार को बाँट...
- गधे ने पूछा—तुम अपने भगवान से मिलने रामेश्वरम् जा रहे थे, तो मुझे जल क्यों पिलाया?... एकनाथ ने कहा—हाँ, मैं भगवान से मिलने ही जा रहा था, पर तुम प्यासे थे सो गंगाजल तुम्हें पिला दिया। गधे...
- गाँधी जी जब तक सामने रहे तब तक लोगों ने उनकी कीमत नहीं समझी, लेकिन जब चले गए तो उन्हें मालूम हुआ कि गाँधी जी क्या थे?... गुरुजी के पीछे भी यही मालूम पड़ेगा कि एक महामानव आया। आखिर कौन था, क्या था? आपको नहीं मालूम पड़ेगा। ...
- गायत्री माँ का तो कहना ही क्या है?... साधारण माँ की बात कह रही थी और चेतना को धारण करने वाली उस शक्ति का तो कहना ही क्या? जिस किसी ने मन स...
- गुरु जी ने कहा—अब क्या किया जाए?... मछली ने कहा—गुरुजी! मैं सीमाबद्ध होकर नहीं रह सकती। गायत्री तपोभूमि बनाइए। चारों वेद लिखिए। गायत्री ...
- गुरु ने कहा राम-राम, ये क्या हो गया?... कबीर ने कहा—बस मुझे सच्ची शक्ति मिल गई। आप और हम जैसे लोग होते, तो कहते कैसा जाहिल है जो हमारी छाती ...
- गुरुजी उस हस्ती का क्या कहना कि जिसने यथार्थ करके दिखा दिया कि ब्राह्मणोचित जीवन कैसा होना चाहिए?... जो ज्ञान है वह भगवान के लिए समर्पित है। शरीर है वह भी भगवान के लिए है। भगवान माने सारा विश्व। एक भगव...
- गुरुजी के पाँव, गुरुजी का शरीर देखा आपने?... क्या आपने गुरुजी का आशीर्वाद पाया? हाँ बेटा! पाया, लाखों व्यक्तियों ने पाया और आज यदि उन सभी के बारे...
- गुरुजी के लिए क्या चाहिए?... रुपया-पैसा, धोती, कपड़ा, खाना-पीना, नहीं बेटे! तो हमारी दो भुजाएँ हैं उनसे हम कमा लेंगे। न हमने मिशन...
- गुरुजी को अवतारी बना रही हैं?... बेटा! कहने दीजिए, इसमें आपको क्या एतराज होना चाहिए? अवतारी ही हैं। अरे मैं तो यह कहूँगी कि हर व्यक्त...
- गुरुजी कौन हैं?... बेटे! गुरुजी उस हस्ती का क्या कहना कि जिसने यथार्थ करके दिखा दिया कि ब्राह्मणोचित जीवन कैसा होना चाह...
- गुरुजी ने जिम्मेदारियाँ समझीं कि जो दौलत के रूप में मिला?... आध्यात्मिक दौलत के रूप में मिला, पैसे के रूप में नहीं, पैसे की कभी अपेक्षा नहीं की, पर आता ही गया, क...
- गुरुजी से माँगें ही माँगे या गुरुजी को कुछ चाहिए भी, क्यों साहब?... गुरुजी के लिए क्या चाहिए? रुपया-पैसा, धोती, कपड़ा, खाना-पीना, नहीं बेटे! तो हमारी दो भुजाएँ हैं उनसे...
- गुरुदेव बोले—"तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मोर", और मुझे क्या आपत्ति है?... सब कुछ आपका ही है, गुरुदेव ने यह कहा और बच्चो! लाखों, करोड़ों गुना अनुदान बरसता रहा, बरसता रहा, अभी ...
- घर क्यों लगता है?... इसलिए लगता है कि व्यक्तिगत जीवन नहीं है, यह परोपकार वाला जीवन है। वह स्वार्थ है, यह परमार्थ है। जब प...
- चल तेरा मान होता है तो रख लेती हूँ, वितरित कर देती हूँ लेकिन हमको बहुत आवश्यकता है किसकी?... एक-एक लड़के की आवश्यकता है। जिस समय लड़ाई छिड़ती है उस समय क्या होता है? फौज की आवश्यकता होती है। एक...
- चलिए भगवान से मिलने का समय हो गया है, भगवान कहाँ हैं?... तुम्हें दिखाई नहीं देता, तुम अभागे हो, अभागे हो, हम भाग्यशाली हैं। हमें हर समय दिखाई देता है, मेरे प...
- चाहे आपके झुर्रियाँ क्यों न पड़ गई हों?... लेकिन मेरे लिए तो आप वही हैं जैसे कि छोटा अबोध बच्चा हो और उसके प्रति जो ममता दया, जो एक माँ के अन्द...
- चाहे आपके भूरे बाल क्यों न हो गए हों?... आपकी दाढ़ी-मूँछ भूरी क्यों न हो गए हों? चाहे आपके झुर्रियाँ क्यों न पड़ गई हों? लेकिन मेरे लिए तो आप...
- चाहे मुझे कड़क भाषा क्यों न बोलनी पड़े?... तो वह मैं बोलूँगी। नहीं सुनेंगे तो जबरदस्ती मुझे सुनानी पड़ेगी। सोते होंगे तो जगाना पड़ेगा, कहना पड़...
- चाहे वह कोई भी क्यों न हो?... वाल्मीकि ऋषि थे कि नहीं थे? वाल्मीकि ऋषि थे, जिनके यहाँ सीता को रक्खा गया था। तो उदाहरणों के माध्यम ...
- चाहे वह विरोधी ही क्यों न हों?... वे भी नतमस्तक हुए क्योंकि उनकी व्यवहार कुशलता के सामने जो उन्होंने साधना की थी जो उनका वातावरण था। क...
- चूँकि मैं एक महिला हूँ, कहाँ जाऊँ?... तो आप इतना कर सकते हैं कि आप पीसने के लिए अनाज़ दें, बदले में आटा या पैसा दें ताकि मैं अपनी उदर पूर्...
- जब कि कबूतर और कबूतरी दोनों में मानवता बाकी है, तो हम मनुष्यों में क्यों नहीं हो सकती?... उसने उसी समय अपने धनुष-बाण फेंक दिए। यदि तुम भगवान के भक्त हो तो भगवान ने जो क्रिया-कलाप तुमको सौंपे...
- जब चारों ओर गन्दगी रखी है, तो उस समर्थ सत्ता को आप बिठाएँगे कहाँ?... वो हमारी शक्ति, वो हमारी माँ कहाँ बैठेगी? मैं तो उस बेटे के यहाँ बैठूँगी, जो कहे हाँ माँ, आपके लिए ह...
- जब परमार्थ समाया होता है तब थकान क्यों होगी?... बिल्कुल थकान नहीं आना चाहिए। आगे आने वाले समय में मैं आपसे आशा रखती हूँ कि हमारे बालक, जो यहाँ उपस्थ...
- जब मेरी अन्तरात्मा बुड्ढी नहीं हुई है, तो शरीर कैसे बुड्ढा हो सकता है?... बेटे! शरीर बुड्ढा नहीं हो सकता, वह हाथी फिर लड़ाई के मैदान में चला गया, देखते ही रह गए लोग कि जिस बु...
- जब रावण ने भगा दिया तो क्या उसके लिए सम्भव था?... सम्भव नहीं था, पर भगवान की समीपता थी। भगवान का स्मरण कर रहा था तो भगवान ने कहा कि यही राजा बनेगा और ...
- जब हम एक मंत्री के आने पर दुनिया भर की सफाई करते हैं, अच्छा खाने-पीने का प्रबन्ध करते हैं, तो भगवान के लिए क्यों नहीं कर सकते?... क्या भगवान की हैसियत एक मंत्री जैसी भी नहीं है?
जब आप जप करें तो यह मानकर चलिए कि हम अपनी माता क...
- जब हमारे यहाँ कोई मेहमान आता है, तब पता नहीं हम उसके लिए क्या-क्या करते हैं?... हम उसका बहुत स्वागत-सत्कार करते हैं। जब हम एक मंत्री के आने पर दुनिया भर की सफाई करते हैं, अच्छा खान...
- जिस तरीके से माँ गंगा बहती चली जाती है क्या हमारा जीवन ऐसा है?... हम अनेक रूपों में बहते हुए इस तरीके से जनमानस को उठाएँ कि उसके लिए हमारी हजार भुजाएँ हो जाएँ। हजार भ...
- जिस तरीके से रामकृष्ण परमहंस से एक पादरी ने कहा, कहीं भगवान हैं?... क्या वह दिखाओगे? बोले—चलिए में अभी उनसे ही मिलने जा रहा हूँ। चलिए भगवान से मिलने का समय हो गया है, भ...
- जिस समय लड़ाई छिड़ती है उस समय क्या होता है?... फौज की आवश्यकता होती है। एक जमाना था जब सिक्खों के घर से एक सिक्ख होता था, कभी कोई जमाना था। लड़ाई क...
- जीतेगा पाण्डव, लेकिन पाण्डव में हिम्मत तो होनी चाहिए, भक्त को हिम्मत करनी चाहिए, कौरव कौन है हमारे अन्दर?... कौरव यानी आलस, प्रमाद बैठा हुआ है, जो आगे नहीं बढ़ने देता। हमारी श्रद्धा आज जाने कहाँ विलीन हो गई है...
- जो आप यहाँ कामना लेकर आए हैं, दुःख-दर्द, कठिनाई लेकर आए हैं, उसका क्या हुआ?... मुझे यह कहना पड़ रहा है कि आपकी तो आँखों की सफाई हो गई। हमने हमेशा कमाया है, परन्तु रात को खाली हाथ ...
- जो कदम आगे उठाया है उसे पीछे न हटा, लोकमंगल के लिए हमें यदि कुरबानी देनी हो तो देंगे ही, उससे कौन डरता है?... देखा जाएगा। ठीक है, घर वाले खुशामद करें कि तू मेरा भगवान है देवता है देवता। यह कहाँ होता है। पर भगवा...
- जो खुद बना ही नहीं है, वह दूसरों को क्या बनाएगा?... वाल्मीकि के बारे में नहीं सुना है? सीता को छोड़ा गया उन्हीं के आश्रम में। आखिर पहला जीवन उनका कैसा थ...
- जो गाड़ी २४ घण्टे में आती है वह ६०-६१ घण्टे में आए हैं, यह क्या बेटे जरा बताना?... यह बीज है उस व्यथा का, श्रद्धा का, करुणा का और सम्वेदना का जो आपको यहाँ तक ले आई है। अब जो आपकी सम्व...
- जो गुरुजी का कार्य है, इसमें क्यों नहीं लग जाता है?... इसमें तपता क्यों नहीं है, तू निखरता क्यों नहीं है? तू कुन्दन क्यों नहीं बनता है? तू लोहे का लोहा क्य...
- जो झाड़-झंखाड़ अपने अन्दर है, बसी है, कूड़ा करकट है तो भगवान बैठेगा कहाँ?... बनाइए, बैठने के लिए साफ सुथरी जगह चाहिए, उससे सम्बन्ध स्थापित करने के लिए नम्र होना चाहिए।...
- जो बोआ ही नहीं है, उसे काट कैसे सकते हैं?... अपने-अपने चिन्तन को, चरित्र को, व्यवहार को, अपने वातावरण को जब ऐसा बनाया नहीं गया है तो उसे पास कौन ...
- जो विकृतियाँ फैली हुई हैं उन विकृतियों के प्रति आपके अन्दर की जो सम्वेदनाएँ हैं, वह सम्वेदना मर गई हैं, तो भक्त कैसे हो गए?... भक्त के अन्दर तो सम्वेदना होती है, ऐसी जैसी कि शिवाजी की। शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास जी ने सोचा कि ...
- जोड़े हुए धन को सब खा जाएँगे, चाहे बेटा हो, चाहे साला हो, चाहे जमाई हो, क्यों नहीं लेगा?... तेरे साथ कुछ जाने वाला नहीं है।
सिकन्दर जब मरने लगा तो उसने कहा दुनियाँ वालों, मेरे हाथ बाहर निक...
- झोली में भीख डालें बेटे की तो जब बेटा हो जाएगा बड़ा तो?... बुढ़ापे में ऐसा लगाएगा जूते कि आनन्द आ जाएगा और सारी जो कमाई है, वह बुढ़ापे की सारी ले जाएगा। आज के ...
- तब हमारा कार्य पूरा क्यों नहीं होगा?... उनका कार्य अपने आप पूरा कराएँगे, हो रहा है, होता कैसा है? शानदार जो भी आन्दोलन पूरे होते रहे हैं उसम...
- तुमको खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा तुझे क्या पता हमारी दौलत का?... हमारे पास वह दौलत है जो सामने बैठी है जो सामने बैठी है, यह है। इतनी दौलत, पैसे के रूप में मिली और हम...
- तुम्हारे साथ जब हम दो हैं तो फिर यह अजूबा काम नहीं कर सकता क्या?... आप आगे की पंक्ति में नहीं आ सकते? आगे नहीं चल सकते? आपमें क्या कमी है? मेरी निगाह से पूछिए आप प्रत्य...
- तुम्हें पैसा-पैसा की लगती है, हाय पैसे के बिना क्या हमारा काम नहीं चलेगा?... तुम नहीं दोगे, तो भगवान देगा ऊपर से। भगवान ने सारे काम पूरे किए हैं, वही पूरा करता रहेगा। आपके पैसे ...
- तुम्हें भीख माँगने की आवश्यकता क्यों पड़ गई?... मेहनत मजदूरी क्यों नहीं करते? भीख तो भगवान से भी मत माँगो, भगवान से माँगो वह शक्ति, ताकि हम सारे संस...
- तुलसीदास जी जो कामी थे, उन्हें यह भी होश नहीं कि कहाँ चले जा रहे हैं?... नाव में बैठकर जा रहे हैं, कि लाश पर बैठकर जा रहे हैं, कि रस्सी को खींचते हुए जा रहे हैं, कि साँप को ...
- तू कुन्दन क्यों नहीं बनता है?... तू लोहे का लोहा क्यों है? लोहा नहीं बनना चाहिए, आपको सोना बनना चाहिए, आपको हीरा बनना चाहिए, आपको क्व...
- तू लगाती अपनी लड़की की शादी में, वह और किसी की शादी में लग गया, क्या फरक पड़ता है?... कभी यह भी सोचा क्या कि सारा का सारा समाज यह भी अपना अंग है? यह भी तो हमारा ही है।...
- तू लोहे का लोहा क्यों है?... लोहा नहीं बनना चाहिए, आपको सोना बनना चाहिए, आपको हीरा बनना चाहिए, आपको क्वान्टिटी नहीं क्वालिटी बनना...
- तूने धनुर्विद्या किससे सीखी?... एकलव्य ने कहा—गुरुजी! आपसे ही सीखी। आप ही मेरे गुरु हैं। गुरु द्रोणाचार्य ने कहा—मैं तो नहीं आया तुझ...
- तो आप क्या कहना चाहती हैं?... गुरुजी को अवतारी बना रही हैं? बेटा! कहने दीजिए, इसमें आपको क्या एतराज होना चाहिए? अवतारी ही हैं। अरे...
- तो उत्तर मिला, हम क्यों भुगतेंगे?... आप जाइए, हमें तो चाहिए। आपका कर्तव्य बनता है। वाल्मीकि चले गए और नारद के चरणों में गिर पड़े। बोले—ना...
- तो उनसे पूछा गया, बताइए?... बुद्ध ने कहा अभी सुनाता हूँ। उन्होंने कहानी सुनाई एक राजा था। उसके यहाँ था एक हाथी, हाथी था, लड़ाई क...
- तो उन्होंने कहा कि क्या आपको मेरे ऊपर विश्वास नहीं है?... इस उपासिका के लिए, इस पुजारिन के लिए जो भी मेरा आराध्य मुझे देगा, भर-भर झोली उसे लूँगी और उस याद को ...
- तो कहा—"ऐसा कैसे हो सकता है?... आप तो मेरे भगवान हैं। आप जानें आप का काम जाने। मेरा जो कर्तव्य है वह मैंने याद रक्खा है।" तो बेटो! स...
- तो कौन सी दिखाई पड़ती है?... वो दिखाई पड़ती है जिनसे हम जुड़े हुए हैं जिनको हम दो-पाँच अपने कुटुम्बी कहते हैं। उन्हीं में हमारा स...
- तो क्या आप हाड़-माँस की आँखों से दर्शन करने आए थे?... तो माताजी किससे करें? मैं आपके सामने बैठी हूँ। आज मेरा यहाँ दूसरा दिन है। परन्तु मुझे अनुभव हो रहा ह...
- तो क्या वहाँ खीर खाने जाएँगे?... उसके लिए यहाँ स्वर्ग होता है, हमें यह स्वर्ग चाहिए जहाँ व्यक्ति हमारा स्वर्ग में निवास करता हो वह है...
- तो गुरुदेव क्या आज्ञा है?... दूध चाहिए सिंहनी का, तू दूध लाएगा सिंहनी का। उन्होंने कहा—संकल्प मेरा है और शक्ति गुरुदेव आपकी है, म...
- तो तुम क्या दोगे जरा बताना?... हम कुछ नहीं देंगे। तुम काम आओगे समाज के, राष्ट्र के। काम आओगे राष्ट्र के जिस पर विपत्तियाँ छाई हुई ह...
- तो बताइए कैसे चलेगा?... यदि हमारे पास होता तो हम इतना श्रम कराते, हम नहीं कराते, हम भी आपको पालते खूब अच्छी तरह से पुचकार-पु...
- तो माताजी किससे करें?... मैं आपके सामने बैठी हूँ। आज मेरा यहाँ दूसरा दिन है। परन्तु मुझे अनुभव हो रहा है—मेरा देवता मेरे पास ...
- थोड़ी देर सोचने लगे कि क्या जवाब दिया जाए?... इसको कैसे समझ में आए कि किस तरीके से शक्ति मिलती है, उस शक्ति का उपयोग करते भी हैं कि नहीं करते। यदि...
- दाढ़ी-मूँछ वाले हैं, माँ-बाप की भी कुछ कल्पनाएँ होती हैं बच्चों से, कि वह पुरुषार्थ करेगा, कमाएगा, खिलाएगा, हमारे पाँव दाबेगा, कपड़े धोएगा, पर हमारा तो नहीं है यह उद्देश्य आपका निजी कार्य?... बेटे! ऐसा कभी न सोचना। न सोचेंगे, है ही नहीं काम तो करेंगे क्या? कोई कपड़ा लाता है तो सोचते हैं क्यो...
- दिमाग में आ जाता है, तो वह निकल जाता है, इससे आपको कोई ताल्लुक है?... नहीं है। इससे एक ही ताल्लुक है कि आप उनसे नसीहत लें। उनसे प्रेरणा लें कि सारे विश्व के लिए उनने कितन...
- दूसरे दिन सेठ आया, हजार रुपए उसके, किसके?... ब्राह्मण के, हजार रुपए तो दे ही गया और ऊपर से एक हजार और दे दिया सेठ ने। क्यों दिया? क्योंकि ब्राह्म...
- देखिए पहले ब्राह्मणी ने कहा—मुझे युवती बना दो और वह बन गई, तो ब्राह्मण जो बूढ़ा था वह कुड़कुड़ाया और उसने कहा—अच्छा बुढ़ापे में उस पर जवानी सवार हुई है, अच्छा देखा जाएगा, शंकर जी बोले कि भाई आपको क्या हो गया?... आप भी माँग लीजिए वरदान। उनने कहा कि लाइए इसे सुअरिया बना दो, अब गों-गों करती हुई फिर रही थी, बच्चा र...
- देना क्या है?... गुरुजी से माँगें ही माँगे या गुरुजी को कुछ चाहिए भी, क्यों साहब? गुरुजी के लिए क्या चाहिए? रुपया-पैस...
- देने वाला तो हमें इतना देता है पर हम क्या करें?... गाने की एक कड़ी याद आ रही है—
बहुत दिया देने वाले ने मुझे, आँचल ही में न समाए तो क्या।
देने ...
- देवता कैसे होते हैं?... एक और उदाहरण देकर शायद और स्पष्ट कर दूँ।
एक बार ब्रह्मा जी के पास देवता और दानव दोनों ही गए। दो...
- न जाने यह प्रसंग कैसे आ गया?... दिमाग में आ जाता है, तो वह निकल जाता है, इससे आपको कोई ताल्लुक है? नहीं है। इससे एक ही ताल्लुक है कि...
- न सोचेंगे, है ही नहीं काम तो करेंगे क्या?... कोई कपड़ा लाता है तो सोचते हैं क्यों इसका तिरस्कार करें। भावनावश लाता है, मना करें तो कहेंगे हमारी भ...
- नम्र होते हैं, उसके प्रति सहज ही श्रद्धा करते हैं, तो भगवान क्या उससे भी घटिया है क्या?... भगवान की दोस्ती बड़ी लाभदायक है और ऐसी लाभदायक होती है कि उसका प्रतिफल आपके रूप में दिखाई पड़ता है। ...
- नहीं किया, फिर आप डाक्टरनी कैसे हो गई?... हम डाक्टर की पत्नी हैं, इसलिए हम डाक्टरनी हो गई, सेठ जी की हैं इसलिए सेठानी हो गई, पण्डितजी की हैं इ...
- नहीं तो ऐसे सेठ क्या कहने के?... इनकी सम्पत्ति हमें मिल जाए तो फिर हम दिखा दें कि लोक क्या होता है? परलोक क्या होता है? क्या होता है ...
- नहीं हम कैसे चलें?... माताजी! मुझे तो जुकाम हो जाता है, हाँ यह तो आप सही कह रहे हैं। जुकाम तो देखो इतने हिस्से में होता है...
- नारद और वाल्मीकि का भी यही हुआ था, वाल्मीकि से नारद ने कहा कि पहले एक बार अपने घर पूछ कर तो आ कि आपके इस पाप कर्म में आपके घर वाले भागीदार हैं क्या?... तो उसने औरत से पूछा, बेटे से पूछा, माँ से पूछा, सब का उत्तर एक ही था कि हम को पोषण के लिए चाहिए और ह...
- पढ़े-लिखे नहीं तो हम उनका क्या करेंगे?... हमें वह व्यक्ति चाहिए जो खुद जानदार हैं और दूसरों में भी जान डालें। दूसरों में जान डालें ऐसे व्यक्ति...
- पतंग की डोरी को, एक बार सौंप कर तो देखिए—उस भगवान के हाथ अपनी बागडोर को, फिर देखिए पतंग कहाँ तक जाती है?... पतंग का कोई जोर नहीं है, पतंग की कोई शक्ति नहीं है, शक्ति है उस उड़ाने वाले की, उस पतंग की नहीं। शक्...
- पता नहीं क्या है?... मेरे माँ-बाप पहना गए थे, उसमें से एक दाना निकाला और एक दाना बेच करके आ गए। वह तो लाखों का बिका, अरे ...
- पत्नी कौन है?... हमारी बेटी है। हमारी बेटी के ऊपर आप गुलामों जैसा शासन करेंगे? हम गुलामों जैसा शासन नहीं करने देंगे, ...
- पत्नी ने कहा—हमें नहीं मालूम आपने क्या किया है?... आप पाप कमाते हैं या पुण्य कमाते हैं। आप हमारी उदरपूर्ति के लिए हैं। हम आपके साथी नहीं हैं, पाप-पुण्य...
- पर आपको तो कोई रोग नहीं फिर ऐसा क्यों कहते हैं?... मत कहिए। मुझे जाने दीजिए न। यह तीन साल पहले की बात बता रही हूँ, अपनी उनकी इच्छानुसार ही, जो कुछ हुआ ...
- पर एक नारी के, अपनी पत्नी के इतना कहने से कि इस नश्वर शरीर से इतना लगाव?... इतना लगाव भगवान से हो जाए तो आप चमक जाएँगे, आपकी प्रतिभा चमक जाएगी और आप आने वाले समय में इसी तरह से...
- पर कठपुतली अपने को समर्पण तो करे, किसी के हाथ में सौंपे, फिर देखिए कमाल, क्या नाच नचाता है?... कौन? वह जिसके हाथ में डोरी सौंपी गई है, वह नचाता है, कभी राजा बना देता है, कभी रानी बना देता है, कभी...
- परन्तु स्वप्न में गायत्री माता के दीखने से तेरा क्या भला हो जाएगा?... जब तक तू अपने विचारों को नहीं सँभालेगा, तब तक भगवान की भक्ति नहीं हो सकती।
गुरुजी जब नहाने के लि...
- परलोक क्या होता है?... क्या होता है बनाना और क्या होता है बिगाड़ना? तू बिगाड़ रहा है, अपने बच्चों को बिगाड़ रहा है, हम सारे...
- पहले आप यह बताइए सारी जिन्दगी हो जाती है माला घुमाते-घुमाते लेकिन जैसे थे वैसे ही जैसे-तैसे ही बने रहे, तो उस उपासना से क्या लाभ?... रावण कैसा बलशाली था? क्या कहने का, चारों वेदों का ज्ञाता तेजस्वी, बलशाली, सारे के सारे गुण थे लेकिन ...
- पहले कहाँ थे?... वहाँ बारात विश्राम करती थीं। जन समुदाय शान्ति पाता था। चारों तरफ और लोगों ने वहाँ वृक्ष भी लगवा दिए।...
- पानी ही नहीं है भूमि ही बंजर है, भूमि उसकी उपजाऊ नहीं है, निराई-गुड़ाई उसने की नहीं है, खाद लगाया नहीं है, अरे तो बीज कोई कहाँ तक डालेगा?... बीज डालेगा भी तो सड़ जाएगा, क्योंकि उनके कुसंस्कार हैं, संस्कार नहीं हैं। संस्कार हैं तो ही वह शक्ति...
- पाने की दृष्टि से आप इस पर ध्यान देना कि भक्ति का स्वरूप आखिर कैसा हो?... गायत्री माता से माँगे ही माँगे या कुछ दें भी। देना क्या है? गुरुजी से माँगें ही माँगे या गुरुजी को क...
- पार्वती बोली ऐसा करिए इतने बैठे हैं भक्त लोग और तपस्या कर रहे हैं, आप इनको वरदान क्यों नहीं देते?... तो उनने कहा कि पार्वती ऐसे जंजाल में मत पड़ो, बिल्कुल भक्ति नहीं है इनके अन्दर। ये सब क्या कर रहे है...
- प्रभावित कौन सी चीज करती है?... जब हम उसके साथ द्वेष भाव, कटुता से बोलते हैं अथवा उसके बताए मार्ग पर नहीं चलते। जब रामकृष्ण परमहंस ज...
- फिर ऐसा कैसे हो सकता है?... भावनाओं का आदान-प्रदान—
बेटे! जो सामने होता है, उसका अधिकार अधिक होता है। आप कितने वर्षों से हमसे...
- फिर कौन उठाएगा?... कच्छप भगवान मुझे अपनी पीठ पर उठाएँगे। वह मछली सारे विश्व में फैल गई। वह असीम शक्ति सारे विश्व में सम...
- फिर क्या हुआ?... जो ब्रह्म बीज थे। गलते हुए चले गए। भूमि यदि सही नहीं है तो उसमें कुछ भी बोया जाएगा, तो नष्ट हो जाएगा...
- फिर देखिए फसल कैसी होती है?... वो ऐसी बढ़िया फसल होती है कि बस भगवान की खेती को रोज-रोज काटो। जो बोआ ही नहीं है, उसे काट कैसे सकते ...
- फिर हम आपस में ऐसा कैसे कह सकते हैं?... भाईचारे से रहें तो क्या हर्ज है? भाईचारे से देवताओं की तरह रहना चाहिए, दैत्यों के तरीके से नहीं। देव...
- बड़े से बड़ा व्यक्ति क्यों नहीं कर पाता?... इसमें लखपति, करोड़पति, राजा, महाराजा और बड़े-बड़े अधिकारी ही ये काम नहीं कर सकते और एक छोटे से घर मे...
- ब्राह्मणत्व क्या होता है?... असली ब्राह्मण कौन होता है, क्या हो सकता है, उसके गुण क्या हैं? उसका आदर्श क्या है? उसकी भावनाएँ क्या...
- भई मुझे तो कुछ मालूम नहीं खर्चा कितना हुआ और कितना होगा?... क्या, आपको नहीं मालूम? बेटा मुझे एक ही मालूम है कि जिसके साथ हम जुड़े हुए हैं हमको पूरा विश्वास और प...
- भक्त करता है कब?... जब वह भगवान का स्वरूप हो जाता है।
लाली मेरे लाल की, जित देखूँ तित लाल।...
- भक्त के दिमाग में जो गोबर भरा पड़ा है, तो भगवान हमारे अन्तःकरण में आएगा कहाँ से?... वह तो गोबर में ही समा जाएगा। भगवान तुम्हारे अन्तःकरण में इतनी दूर से आए और तुम्हारे ऊपर कोई असर नहीं...
- भक्ति का मूल्य यह है कि भक्त का मन कैसा होना चाहिए?... समर्पित होना चाहिए। जिस तरीके से नाला नदी में मिल जाता है, गंगा में मिल जाता है, तो पवित्र हो जाता ह...
- भगवान की कृपा जिसके साथ भगवान जुड़ा हुआ हो वे उसके अन्दर कसमसाए रह सकते हैं क्या?... नहीं रह सकते। यदि उपासना करनी है, भगवान से जुड़ना है, भगवान की जो सम्पत्तियाँ हैं उनके अधिकारी बनना ...
- भगवान को भक्त बहुत प्यारा होता है, प्राणों से भी ज्यादा, बशर्ते जब उसका समर्पित जीवन होता है, समर्पित जीवन नहीं होता तो वह भक्त कैसे हो सकता है?... भक्त वह होता है, जैसे एक था सेठ, एक था ब्राह्मण। ब्राह्मण के कुछ रुपए उस सेठ पर बकाया थे। ब्राह्मण न...
- भगवान ने शरीर रूप में जन्म दिया है तो उसने न जाने क्या-क्या तमन्नाएँ की होंगी?... भगवान के हाथ नहीं हैं, भगवान के पाँव नहीं हैं, भगवान के आँखें नहीं हैं।...
- भगवान ने हमको भेजा है आखिर किस उद्देश्य के लिए, किस कार्य के लिए भेजा है?... यह भूल जाते हैं। उन्होंने उसे गाँठ बाँधकर रक्खा कि मुझको जो भेजा है आखिर किस उद्देश्य के लिए किसी वि...
- भगवान बुद्ध से एक शिष्य यह पूछने लगे कि ये बताइए कि महामानव कैसे बन जाते हैं और छोटे से छोटा व्यक्ति महान कार्य कैसे कर लेता है?... बड़े से बड़ा व्यक्ति क्यों नहीं कर पाता? इसमें लखपति, करोड़पति, राजा, महाराजा और बड़े-बड़े अधिकारी ह...
- भरसक प्रयास किया गया कि प्रत्येक परिजन का जिस तरीके से शंकर जी ने विष पिया था, जनहित के लिए इसी तरह हम भी अपने परिवारीजनों के लिए, जिसको हम अपना विशाल परिवार कहते हैं इनके कष्टों को हलाहल की तरह से क्यों न पी जाएँ?... जरूर अनुभव भी किया और पिया भी। शायद आप में से हजारों की तादाद में परिजन बैठे होंगे कि जो किन-किन कठि...
- भाईचारे से रहें तो क्या हर्ज है?... भाईचारे से देवताओं की तरह रहना चाहिए, दैत्यों के तरीके से नहीं। देवता कैसे होते हैं? एक और उदाहरण दे...
- मंत्र दीक्षा ली होगी पर क्रिया के रूप में वे उतार पाए क्या?... मैं समझती हूँ, अधिकांश नहीं उतार पाए। लेकिन उन्होंने जिस दिन से अपनी दीक्षा का दिन माना और अपना नया ...
- मन के अन्दर की क्षुद्रता ने कहा—नहीं गधे का क्या है?... यह तो नीच प्राणी है। भगवान को गंगाजल चढ़ाइए। अन्दर के देवता ने कहा—नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। हमारे साम...
- मनुष्य बनेंगे नहीं तो क्या करेंगे?... मनुष्य प्यार का भूखा है। जहाँ उसको प्यार मिलता है वहीं उसकी गोदी में चला जाता है। आप प्यार पैदा करिए...
- माँ से पूछा—माँ, क्या तू मेरा साथ देगी?... माँ ने कहा—बेटा! नहीं, मैं तेरी माँ हूँ , तेरा फर्ज और कर्तव्य है कि कहीं से भी ला, हमें नहीं मालूम।...
- माता के भक्त कैसे हो गए?... उनके बिलकुल भक्त नहीं। शंकरजी के नहीं, भाँग धतूरा चढ़ा आओ जो झोले में हो, निकाल लाओ। शंकर जी भी घाट-...
- मुझे इससे क्या करना है मुझे मेरा भगवान मेरा ईमान, भगवान से जुड़कर मेरा ईमान रह जाता है, यह हमारा भगवान और हमें क्या आवश्यकता है?... जब सन् १९७१ में गायत्री तपोभूमि से हम चले तो हम एक नया पैसा लेकर नहीं चले। भगवान हमारा साक्षी है केव...
- मुझे और दस साल मिल जाते तो हम दोनों न जाने क्या से क्या कर देते?... किन्तु यह सब होगा हमारी सूक्ष्म सत्ता द्वारा ही। यह मात्र तीन साल पहले की बात बता रही हूँ आपको। मैंन...
- मुझे मालूम है कितना आपने श्रम किया है?... आपके हाथों में छाले पड़े हैं, मुझे मालूम है। बेटे! मेरे मन में छाले पड़े हैं, तुम्हारे हाथों में पड़...
- मुझे शेष क्या चाहिए?... इतना मेरा कहना था कि मेरे आँसू निकल पड़े। उसमें से एक पत्ती अपने मुँह में डाली, वह इतनी कड़वी थी जिस...
- मेरा हृदय इतना दृढ़ है और इतना कोमल है कि अपने बच्चों के दुःख को देखकर के मन विह्वल हो जाता है कि यह कष्ट हमारे ऊपर क्यों नहीं आया?... हमने क्यों नहीं सहा? भरसक प्रयास किया गया कि प्रत्येक परिजन का जिस तरीके से शंकर जी ने विष पिया था, ...
- मेरी निगाह से पूछिए आप प्रत्येक में इतनी शक्ति भरी पड़ी है कि मैं आपसे क्या कहूँ?... मैं आपसे कुछ कह नहीं सकती, इतनी अपार शक्ति आपको मिल रही है, यदि आपने इसका उपयोग नहीं किया तो उस सेठ ...
- मेहनत मजदूरी क्यों नहीं करते?... भीख तो भगवान से भी मत माँगो, भगवान से माँगो वह शक्ति, ताकि हम सारे संसार में अच्छी परम्पराएँ डालते ह...
- मैं अपने कुटुम्बियों के सामने भी न कहूँ तो आखिर किसके सामने कहूँ?... अनीति के विरुद्ध आप नहीं उठेंगे तो कौन उठेगा? हम आपको उठाने के लिए कहते हैं तो किस-किस तरह हमें उठान...
- मैं उदाहरण दे रही हूँ कि भक्ति का स्वरूप कैसा हो?... तो उन्होंने एक बात यह कही—हमारा आगा पीछा है, तुम छोटी हो, हम बड़े हैं, लेकिन तुम मिशन की माँ हो और म...
- मैं क्या करूँगी बता?... चल तेरा मान होता है तो रख लेती हूँ, वितरित कर देती हूँ लेकिन हमको बहुत आवश्यकता है किसकी? एक-एक लड़क...
- मैं ज्यादा तो नहीं बताऊँगी क्योंकि अपने जीवन की पर्तें खोलनी जरूरी हैं क्या?... कोई जरूरी नहीं है, लेकिन प्रेरणा के रूप में यदि आप ग्रहण करना चाहें तो आप कर भी सकते हैं कि गुरुजी अ...
- मैं दस साल से उपासना कर रहा हूँ, परन्तु गायत्री माता ऐसी निष्ठुर क्यों हो गईं कि एक दिन भी स्वप्न में भी नहीं आयीं?... बेटे! गुरुजी की तो उपासना में सारी उम्र लग गई और तू दस साल की बात करता है। क्या गायत्री माता की उपास...
- मैं नरक का कीड़ा क्या नरक में रह जाऊँगा?... तो नारद ने कहा—अब नहीं रहेगा, अब अपने मन की मलीनता को निकाल दिया तूने, अब धुल गया। तू धुल गया, आत्मा...
- मैं पिसनहारी का उदाहरण देने के बाद दूसरी बात बताऊँगी कि उसने ऐसा क्यों किया?... गाँव वालों ने दिया उसने पीसा आटा, जो पैसे बचे उसमें से मथुरा में परिक्रमा करते समय एक कुँआ पड़ता है,...
- मैं पूछती हूँ क्यों नहीं होता?... पहले आप यह बताइए सारी जिन्दगी हो जाती है माला घुमाते-घुमाते लेकिन जैसे थे वैसे ही जैसे-तैसे ही बने र...
- यज्ञ क्या है?... यह एक यथार्थ है, सिद्धान्त है, जीवन है, चरित्र है, व्यवहार है। व्यक्ति का चिन्तन, चरित्र और व्यवहार ...
- यदि भगवान नहीं आया होता जीवन में तो तुलसीदास कैसे सक्षम होते, आप भक्तों का उद्धार करने में?... सन्त कबीर बिलकुल पढ़े-लिखे नहीं थे, परन्तु जब गुरु की कृपा उनके ऊपर आई तो वह निहाल हो गए। वे हिन्दू ...
- यदि मेरा संकीर्ण मन न होता, पर अब क्या करूँ?... मैंने एक दाना जो दिया था वही एक दाना आ गया सोने के रूप में।
ये भगवान की खेती है। इस खेती में जैस...
- यह उदाहरण है कि उदारता परमार्थ परायणता द्वारा कोई भी बरसा सकता है?... कौन जो सहृदय होता है, ब्राह्मण होता है, उसी पर लागू होता है।
जो ब्राह्मण का जीवन जीता होगा वही ऐ...
- यह कहा था कि सब मेरे भाई-भतीजे, कुटुम्बी हैं, इनको मैं कैसे मारूँगा?... मुझसे नहीं मारे जाएँगे। कृष्ण ने कहा—अर्जुन तुमसे नहीं मारे जाएँगे। मार तो मैं एक क्षण में दूँगा, ले...
- यह कौन है?... ये गुरु और वह चेला। तो पानी पीजे छान के, गुरु कीजे जान के। जो उदाहरण पेश किए हैं वह जो मुझे जिन्दगी ...
- यह क्या कर रही हैं?... बिगाड़ेंगी क्या? बच्चे के लिए तो आखिर माँ ही ऐसी दयालु हैं जो कि जो दोष-दुर्गुण होते हैं, उन्हें भी ...
- यह जीवात्मा है, तो कभी इस पर झुँझलाहट भी आती है कि क्या है यह शरीर का बन्धन?... जब सूक्ष्म में मिल जाते हैं तो कुछ नहीं होता। न कोई शरीर की आवश्यकता है न किसी चोले की। केवल एक ही ह...
- यहाँ क्यों नहीं हो रहा है?... घर क्यों लगता है? इसलिए लगता है कि व्यक्तिगत जीवन नहीं है, यह परोपकार वाला जीवन है। वह स्वार्थ है, य...
- ये कैसी शिक्षा है?... यदि भगवान नहीं आया होता जीवन में तो तुलसीदास कैसे सक्षम होते, आप भक्तों का उद्धार करने में?
सन्त...
- ये जानते हैं कि आप ही तो ट्रस्टी हैं लाओ साइन करा ले जाएँ, करा ले जा बेटे, क्या सब मिल जाएगा?... तुमको खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा तुझे क्या पता हमारी दौलत का? हमारे पास वह दौलत है जो सामने बैठी है जो...
- ये सब क्या कर रहे हैं?... खा-पी नहीं रहे हैं, एक पैर से खड़े हैं गंगा जी के किनारे। लम्बे-चौड़े तिलक लगाए हैं फिर क्यों ऐसा कर...
- रावण कैसा बलशाली था?... क्या कहने का, चारों वेदों का ज्ञाता तेजस्वी, बलशाली, सारे के सारे गुण थे लेकिन एक ही दुर्गुण सबसे ज्...
- लक्ष्मण ने राम से कहा—आप यह क्या कर रहे हैं?... उस अछूत कन्या के हाथ से बेर खा रहे हैं। राम ने कहा—मैं तो भक्त की भावनाएँ खा रहा हूँ। उसकी भक्ति के ...
- लम्बे-चौड़े तिलक लगाए हैं फिर क्यों ऐसा कर रहे हैं?... उनने कहा—यदि थोड़ी भी भक्ति इनमें रही होती तो इनका जीवन पवित्र गंगा की तरह निर्मल रहा होता। इनमें भक...
- लेकिन अर्जुन की तरह?... तो बेटे आपको उठना ही पड़ेगा, अर्जुन ने मनाकर दिया था। यह कहा था कि सब मेरे भाई-भतीजे, कुटुम्बी हैं, ...
- लोगों ने कहा कि यह क्या हुआ?... ये हुआ कि उसकी जो शक्ति सोई हुई थी, उसे जगा दिया, इसको जगा दिया उसे भान हो गया कि मुझ में क्या कमी ह...
- लौट के आएगी कैसे नहीं?... गुंबज की आवाज, आवाज दीजिए, लौटकर जाएगी, पीछे आएगी आपके पास ही आएगी, आ जा। जैसा आप बोएँगे वैसा ही काट...
- वह कैसे हो गई?... वह हो गई उसके समर्पण से, पति के लिए वह समर्पित हो गई तो फिर क्या हो गया? स्वामिनी हो गई पत्नी। डॉक्ट...
- वह नौ गुण कौन-कौन से थे?... सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिगृह, शुचिता, शान्ति, आस्तिकता एवं तितिक्षा जैसे नौ गुण बताए गए...
- वह हो गई उसके समर्पण से, पति के लिए वह समर्पित हो गई तो फिर क्या हो गया?... स्वामिनी हो गई पत्नी। डॉक्टर की पत्नी डॉक्टरनी हो जाती है। क्या एम. बी. बी. एस. किया है आपने? नहीं ए...
- वहाँ जाकर पहुँचे तो पहले तो वे समझ रहे थे कि इतनी भीड़ क्यों है कि जो मालाएँ लिए खड़े हैं, कोई मिनिस्टर होगा, जैसे ही वे रेल के डिब्बे से निकले, उसने कहा कि इनके लिए इतनी जनता, इनमें इतनी विशेषता क्या है?... आपस में कानाफूसी कर रहे थे उनमें से सज्जन हमारे थे, परिजन थे, उन्होंने कहा कि इनमें वो विशेषता है यद...
- वाल्मीकि ऋषि थे कि नहीं थे?... वाल्मीकि ऋषि थे, जिनके यहाँ सीता को रक्खा गया था। तो उदाहरणों के माध्यम से यह बात भलीभाँति समझी जा स...
- वाल्मीकि के बारे में नहीं सुना है?... सीता को छोड़ा गया उन्हीं के आश्रम में। आखिर पहला जीवन उनका कैसा था। और जब वे राम से जुड़ गए तो वही ज...
- वाल्मीकि ने अपनी पत्नी से कहा—सारी जिन्दगी मैंने आपके लिए लगा दी, क्या मेरे पापकर्म में आप साथी होंगी?... पत्नी ने कहा—हमें नहीं मालूम आपने क्या किया है? आप पाप कमाते हैं या पुण्य कमाते हैं। आप हमारी उदरपूर...
- विद्या को आपने ऐसे कैसे समझ लिया?... आपका मस्तिष्क आपके हृदय की ऊँचाई बढ़नी चाहिए और सेवा के लिए हमारे अन्दर करुणा और सम्वेदना पैदा होनी ...
- वैसे तो घर में ऑफिस से आते हैं तो जरा सा करके ऐसा मुरझा जाते हैं कि जाने क्या हो गया हो?... यहाँ क्यों नहीं हो रहा है? घर क्यों लगता है? इसलिए लगता है कि व्यक्तिगत जीवन नहीं है, यह परोपकार वाल...
- वो हमारी शक्ति, वो हमारी माँ कहाँ बैठेगी?... मैं तो उस बेटे के यहाँ बैठूँगी, जो कहे हाँ माँ, आपके लिए हमारा दरवाजा खुला है। जो समर्पित हो और कहे ...
- शिक्षा तो है पर विद्या नहीं है फिर क्या फायदा?... विद्या और शिक्षा, रोजी और रोटी से ताल्लुक रखती है। विद्या का हमारे समूचे मानव जीवन से ताल्लुक है। जो...
- श्रद्धा हो उस व्यक्ति को भेजो, मरे-मराए आ जाएँगे तो हमें नहीं चाहिए, गंगाजी में डालने पड़ेंगे, कोई कहेगा आप अशुभ कैसे कह रही हैं?... वह नहीं, मैं ठीक बोल रही हूँ। पढ़े-लिखे नहीं तो हम उनका क्या करेंगे? हमें वह व्यक्ति चाहिए जो खुद जा...
- संसार का क्या भला किया?... भक्त का कल्याण उसके आत्मिक विकास के रूप में होगा। विकास के दो रूप हैं—(१) श्रद्धा का विकास (२) निष्ठ...
- सब कुछ था लेकिन उन्होंने कसम खाई थी कि नहीं बाप की कमाई से हमें नहीं लेना, तो क्या करना है?... बाप की कमाई बाप तो श्राद्ध तर्पण में जाएगी। हमने कमाई नहीं तो हमें इसमें कोई अधिकार नहीं। उन्होंने न...
- सब छोड़कर के आए और उन्होंने पीछे मुड़कर यह नहीं देखा कि गायत्री तपोभूमि कैसी है?... इसका विस्तार हुआ या क्या हुआ जब कि २००० शक्ति पीठें बनीं। उनके उद्घाटन के लिए सन् १९८०-८१ में बाहर ग...
- समझो, समझो कि भक्त की परिभाषा क्या होनी चाहिए?... करुणा, दया, सेवा, अपने को ऊँचा उठाना और दूसरों को ऊँचा उठाना। यह भक्त की परिभाषा है। आपने कभी किया क...
- समय निकालिए और जो भी आप कर सकते हों, ज्यादा से ज्यादा आप करिए?... क्या करें यह सब लड़के आपको कहते रहते हैं, क्या करना चाहिए। आपको प्रज्ञा मण्डलों की स्थापना करनी चाहि...
- समुद्र मन्थन में अनेक रत्न निकलते हुए चले गए, पर विष का, विश्व के कल्याण के लिए उन्होंने उस विष को स्वयं धारण किया, कहाँ वह हिम्मत, साहस है, क्या?... नहीं साहब हम तो धतूरा खिला आएँगे शंकर जी को। शंकर जी प्रसन्न होंगे। भई तू तो बहुत चालाक है पर शंकर ज...
- साधारण के लिए नहीं, उसको क्यों कहेगा?... क्योंकि उसका भगवान, उसका ईमान, उसके साथ है और सारे विश्व में चेतना को वह देखता है। गुरुजी ने कण-कण म...
- साधारण माँ की बात कह रही थी और चेतना को धारण करने वाली उस शक्ति का तो कहना ही क्या?... जिस किसी ने मन से श्रद्धा से पुकारा होगा तो सम्भव है उसके दुःख कष्ट जो उसको पीड़ा पहुँचा रहे थे उनमे...
- सारे देश में, सारे देश में चीत्कार फैली हुई है, जो भयावह है वह आग, इसे मैं आग के सिवाय और कुछ नहीं कहती, इसका निवारण कौन करेगा?... इसका निवारण वह ब्राह्मण करेगा जिसके अन्दर करुणा है, सम्वेदना है, वही कर सकता है। अन्यथा कोई नहीं कर ...
- साहस न जागे, जरा भी साहस न जगे कि हमको समाज व देश में कुछ करना भी है क्या?... आपको उठना चाहिए। यह समय की पुकार है, समय की यह आवश्यकता है, जो कि आपको आगे बढ़ना चाहिए, गुरुजी की भी...
- सूर्य सतत चलता रहता है, एक दिन के लिए भी बन्द हो जाए तो फिर क्या होगा?... मैं समझती हूँ कि सूर्य यदि अपनी दीप्तिमान आभा खो दे, बुझ जाए तो सारे प्राणि मात्र मर जाएँ। जड़ और चे...
- स्वप्न में क्या देखा?... गुरुदेव! आपको स्वप्न तो कभी दिखाई नहीं पड़ते हैं। वे जिस करवट सोते थे। उसी करवट उठते थे, कोई चक्कर न...
- स्वयं बोले क्या लाऊँ, मैं तुम्हारे लिए?... मैंने कहा कि जो मैं चाहती थी वह मिल गया। मुझे शेष क्या चाहिए? इतना मेरा कहना था कि मेरे आँसू निकल पड...
- हम अपनी प्रामाणिकता को खो दें क्या?... वे बराबर उस भीड़ में खोजते रहे और खोज करके ही निकाला। वह राष्ट्रपिता थे न। गुरुजी कौन हैं? बेटे! गुर...
- हम आपके साथ नाचेंगे?... हमारे मन में तो कितनी गन्दगी भरी पड़ी है, मनसा देवी पर जाएँगे। ५ पैसा चढ़ाएँगे पाँच मनोकामनाएँ वहाँ ...
- हम क्यों आपसे श्रम कराते?... नहीं हमें आपको फौलाद का बनाना है। आप लोगों को इस तरीके का बनाना है कि जैसे वशिष्ठ जी ने राम-लक्ष्मण ...
- हम पृथ्वी पर आए हैं, वही हमारी गोद है, वही हमारा पिता है, हम उसकी गोद में बैठेंगे, इनकी गोद में बैठने से क्या फायदा?... भगवान की गोदी में बैठेंगे, तो आज तक ध्रुव तारा चमकता है, तारे के रूप में ध्रुव का नाम अब तक विद्यमान...
- हम भगवान को सदा स्मरण करें तो क्या कोई रोकेगा?... अच्छे कार्य के लिए आगे बढ़ें तो क्या कोई रोकेगा अथवा रोक सकता है? बिल्कुल नहीं रोक सकता, यह तो कहने ...
- हम व्यक्ति नहीं हैं, आप यह मत समझना जब बच्चे आते हैं कई बार रोते चले आते हैं, मुझे बहुत बुरा लगता है, दया भी आती है और यह भी आता है कि वे जुड़े थे शरीर से यह स्वाभाविक भी है कि इतनी तड़पन तेरे अन्दर है, तो इसे सही दिशा में क्यों नहीं लगा रहा है?... जो गुरुजी का कार्य है, इसमें क्यों नहीं लग जाता है? इसमें तपता क्यों नहीं है, तू निखरता क्यों नहीं ह...
- हम सारे के सारे दाने आपकी झोली में उड़ेलकर ही जाएँगे, निश्चित जाएँगे लेकिन हमारी भी तो कामना है कुछ?... आप समर्थ हो गए हैं। दाढ़ी-मूँछ वाले हैं, माँ-बाप की भी कुछ कल्पनाएँ होती हैं बच्चों से, कि वह पुरुषा...
- हमने क्यों नहीं सहा?... भरसक प्रयास किया गया कि प्रत्येक परिजन का जिस तरीके से शंकर जी ने विष पिया था, जनहित के लिए इसी तरह ...
- हमारा जीवन क्या है?... यह सोचें। हम जन सेवा के लिए व्रत लें। जिस तरीके से माँ गंगा बहती चली जाती है क्या हमारा जीवन ऐसा है?...
- हमारा मन कहीं और रहता है, तन कहीं और रहता है यह भी कोई भक्ति है?... भक्ति तो वह है जिसमें आराध्य से भक्त कहता है कि जो भी देना है दीजिए, हमारे पापों का निष्कासन कीजिए, ...
- हमारी आवश्यकताएँ क्या हैं?... माँ ने जबाव दिया—बेटे! आवश्यकताएँ कम से कम में पूरी हो सकती हैं और लक्जरी किसी से भी पूरी नहीं हो सक...
- हमारी बेटी के ऊपर आप गुलामों जैसा शासन करेंगे?... हम गुलामों जैसा शासन नहीं करने देंगे, किसी को भी नहीं करने देंगे, वे गुलाम नहीं है, वे हमारी बेटी है...
- हमारी श्रद्धा आज जाने कहाँ विलीन हो गई है?... फिर से उसी श्रद्धा को उबारना है, जैसे प्रह्लाद और ध्रुव ने अपने माँ-बाप को छोड़ दिया था और उस भगवान ...
- हमारे अंग का एक भी हिस्सा खराब हो जाता है तो कितना कष्ट होता है, इतना अनुदान और वरदान से हमारी झोली को भर दिया है, आँचल में ही न समाए तो क्या करूँ?... हमारे तो समाता ही नहीं, न जाने कहाँ-कहाँ फेंकते फिरते हैं, कहाँ से मारे कहाँ फिरते रहते हैं, हम सोचत...
- हमारे तो समाता ही नहीं, न जाने कहाँ-कहाँ फेंकते फिरते हैं, कहाँ से मारे कहाँ फिरते रहते हैं, हम सोचते ही नहीं, अपने जीवन के बारे में कि हमारा जीवन हम काहे के लिए पैदा हुए थे और किस तरीके से इसका श्रेष्ठतम उपयोग हो सकता है?... यदि गहराई से विचारें तो एक-एक क्षण इतना मूल्यवान है कि करोड़ों की सम्पत्ति एक क्षण के ऊपर फेंकी जा स...
- हमारे पास धन-दौलत की कमी है, बिलकुल नहीं और किसी चीज की कमी है माताजी बिलकुल नहीं है, कोई चीज की आवश्यकता है?... बूढ़े हो गए हैं, कुछ खाने को चाहिए। नहीं बेटे! हमें नहीं चाहिए, रहने को चाहिए, बिलकुल नहीं चाहिए। पह...
- हमेशा कहा करते थे, अरे मौत का क्या डर है?... कोई डर नहीं है, मैं तो अपने आप बुला रहा हूँ, क्योंकि मुझे तो इस ब्रह्माण्ड में समा जाना है। अभी तो म...
- हुण्डियों के रूप में क्या कहना जैसे जलाराम बापा की कहें, क्या गुरुजी की, अपनी कहें, किस किस की कहें?... आज एक लड़का आया, बोला कि क्या कमाल हो रहा है? मैंने कहा देखता जा। क्या हो रहा है ये सारी की सारी वही...
- उपासना कैसे करें?...?
गायत्री मंत्र हमारे साथ बोलें,
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो य...
- उपासना कैसे करें?...?...