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अच्छा चलिए अब फिर उसकी बात सोचिए, मन से मुक्ति किसे कहते हैं?...मन से मुक्ति किसे कहते हैं? मन से मुक्ति कुछ और होती है, मन से मुक्ति, मन से मुक्ति कुछ और है, मन से ...
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आत्मा की सेवा?...मन की सेवा? आदमी के उज्ज्वल भविष्य की सेवा? ये तो सेवा केवल ज्ञान से ही बन सकती है। लेकिन ज्ञान भी अप...
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आदमी को जरूरत है, जरूरत क्या है?...कुछ भी नहीं है। बेकार का अहंकार को बढ़ाने के लिए अपनी औलाद को और घर वालों को तबाह और बर्बाद करने के ल...
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आप अपना दृष्टिकोण क्यों नहीं बदल लेते?...इस दुनिया में क्या चीज़ नहीं है? इस दुनिया में सन्तों की कमी है? सज्जनों की कमी है? शराफत की कमी है? भ...
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आप क्या काम करेंगे?...आप स्वाध्याय और सत्संग इन दो कामों को आवश्यक मानिए। सत्संग किस तरीके से करेें? सत्संग तो मिलना मुश्कि...
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आप देखते हैं न भूमि, (पानी) बादलों के पानी से भूमि में हरियाली पैदा हो जाती है, पर चट्टानों पर क्यों पैदा नहीं होता?...छात्रवृत्ति के बारे में आप जानते हैं न। जो फर्स्ट डिविजन पास होते हैं सरकार की ओर से छात्रवृत्ति उनको...
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आप भगवान के अनुयायी होते हैं कि नहीं?...आप भगवान का अनुशासन मानते हैं कि नहीं? आप भगवान की इच्छानुसार चलते हैं कि नहीं? आप भगवान के बताए हुए ...
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आपकी शादी हुई थी न, शादी हुई थी तो आपको अच्छी-खासी धर्म पत्नी मिली थी न, ये किनने दी थी?...उस लड़की के माता-पिता ने बड़ी मेहनत से बड़ी सुयोग्य लड़की बना करके, पाल-पोष करके, शिक्षित बना करके आप...
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आपको एक और काम करना चाहिए - कौन (सी)?...खिलाड़ी की जिन्दगी जीनी चाहिए। खिलाड़ी की जिन्दगी आप जिएँ। खिलाड़ी (न) हारते भी रहते हैं, जीतते भी रहते ...
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आपको ये सुविधा मिली है और कहाँ मिली है?...दूसरा प्राणी बताइए न मनुष्य के अलावा।...
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इष्ट भगवान का स्थापित करते हैं न - इष्ट माने लक्ष्य - हमारा लक्ष्य क्या है?...लक्ष्य का मतलब है इष्ट। इष्ट अगर आपने कोई तय कर लिया - (अर्थात) आपका 'शिव' इष्ट है, इसका अर्थ ये हो ग...
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इस सारे विश्व का मालिक कौन है?...भगवान है। ये उसी का तो सामान है जिससे उन्होंने दुनिया को बना दिया। यहाँ जो कुछ भी देखते हैं वैभव, ये ...
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इसके लिए क्या करना चाहिए?...आमतौर से आदमी भूल जाता है। काम-काम की बातें सब भूल जाते हैं। बेकार की बातें, बेवकूफी की बातें सब याद ...
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इसके लिए क्या तैयारी करनी होंगी?...एक तैयारी ये करनी पड़ेगी कि आपको (अपने) नए ढंग से जिन्दगी के ऊपर विचार करना शुरू करना होगा। क्या शुरू ...
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और एक और भी लोगों को शिकायत है दैनिक उपासना करने के सम्बन्ध में कि हमको स्नान करना सम्भव नहीं होता, और हमें ठण्डक लगती है, जाड़े के दिनों में हम कैसे उठें?...पानी मिलता नहीं है वगैरह वगैरह। इसके लिए ये संध्यावन्दन जो आपको बता रहें हैं इसको आप यहाँ से जा करके ...
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और क्या करना चाहिए?...और ये करना चाहिए कि आपको पीड़ित और पददलित मानवता के लिए, हिमायत करने के लिए कमर कस करके आगे आना चाहिए...
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और क्या करें?...और दूसरों को सम्मान देना सीखिए। हर एक की इज़्ज़त कीजिए, छोटे बच्चों की इज़्ज़त कीजिए, धर्मपत्नी की इज़्ज़त ...
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और भी कितने ऋषि हैं, आपको कहाँ-कहाँ तक बतायें?...अच्छा, अगस्त ऋषि को आप जानते हैं। अगस्त ऋषि ने तीन चुल्लू में समुद्र का पानी पी लिया था। अगस्त ऋषि मे...
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कहाँ चलना पड़ेगा?...गुरु वशिष्ठ ने कहा - तो हमारे नजदीक चलिए, जहाँ हम रहते हैं। गुरु वशिष्ठ की गुफा वहीं थी, हिमालय पे; उ...
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किसको आप क्या देंगे — मित्रों को क्या देंगे?...दोस्तों को क्या देंगे? धन, धन नहीं। फिर सोचिए धन नहीं। आपको अपनी भावनाएँ, और अपनी विचारणाएँ, और उनको ...
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कुटुम्बियों की अनावश्यक आवश्यकताओं को - अनावश्यक माँगों को मानने से इन्कार कर दीजिए, तो क्या करें?...अगर वो माँगते हैं तो भी, नहीं माँगते हैं तो भी, जरूरत जिस चीज की है उनको आप दीजिए। किसकी जरूरत है? ती...
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कैसे कायाकल्प होगा?...मैं बताने वाला हूँ आपको। पर आपको ये जान ही लेना चाहिए कि कायाकल्प भीतर से होता है, बाहर के शरीर के का...
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कौन-कौन से बन्धन हैं तीन?...हाँ सुनिए - एक का नाम है लोभ, एक का नाम है मोह, और एक का नाम है अहंकार। ये तीन हमारे शत्रु हैं। काम ऐ...
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क्या अच्छा उपयोग बन सकता है?...दो ही अच्छे उपयोग हैं - एक तो आप स्वयं में, अपने आप को ऐसा बनाएँ, जिसको (कि) आदर्श कहा जा सकता हो।...
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क्या करना चाहिए?...क्या विचार करना चाहिए? आपको इन दोनों समयों में, आत्मबोध और तत्त्वबोध की साधना करनी चाहिए। प्रात:काल ज...
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क्या करना पड़ेगा?...आपको अपना दृष्टिकोण, चिन्तन और चरित्र, भावना और लक्ष्य सबको भगवान के साथ में जोड़ देना पड़ेगा। इसके बाद ...
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क्या बनाएँ इनका?...इनका एक ही बात बनाइए - इनके अन्दर भलमनसाहत पैदा कीजिए, चरित्र-निष्ठा पैदा कीजिए, आदर्श पैदा कीजिए, सत्...
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गाँधी जी क्या परिस्थिति से ऐसे ही थे क्या?...उनके पिताजी एक छोटी स्टेट में दीवान थे। और वो भी अपने लड़के को वकील बनाना चाहते थे। गाँधी जी स्वभावतः ...
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जैसे, जैसे आप सवेरे बैठते हैं न, पूजा करते हैं तो क्या करते हैं?...बताइए। आप क्या करते हैं, आप पंच-कर्म करते हैं चलिए - पवित्रीकरण एक, आचमन दो, प्राणायाम तीन, न्यास चार...
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तब क्या करना चाहिए आपको?...आपको एक काम करना पड़ेगा। इस दुनिया में (स) सबसे बड़ी दिक्कत ये पड़ती है कि आदमी अपनी बहुत सारी इच्छाएँ ल...
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तब क्या करना पड़ेगा?...एक ही करना पड़ेगा, आप उसको सौंप दीजिये, अपने आप को उसके हाथ की कठपुतली बना लीजिये, तब देखिये भगवान क्य...
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तब, क्या करें?...आप सबकी ओर से समेट करके जो बात आपके हाथ में है और जो मुट्ठी में है, उस पर केन्द्रित हो जाइये। परिस्थि...
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तब, ये पूजा, उपासना (का इतना) कृत्य जो आप रोज करते हैं, ये किसलिए कराया जाता है?...ये वास्तव में अपने मन की धुलाई है। अपने मन की रंगाई है। पहले आप अपने आप को धो के रखेंगे तो (रंगा) रंग...
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तीसरा, इसके सिवाय क्या कराया जा रहा (है) आपको?...आपको कुछ सेवा-साधना के लिए, स्वास्थ्य-सम्वर्धन करने के लिए काम दिया जा रहा है। जन-साधारण की सेवा भी त...
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तो करना क्या पड़ेगा?...सौंपना पड़ेगा और क्या करना पड़ेगा। उनको बहकाना-फुसलाना और मर्जी पर चलाना पड़ेगा। नहीं, ऐसा नहीं हो सकता।...
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तो क्या करें?...मैंने बताया न आपको — चार बात करनी पड़ेंगी आपको। तप, जिसका कि कल जिक्र किया गया था, चार प्रकार का होता ...
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देने के लिए कुछ कम है क्या?...अपना पसीना दे दीजिए, आप मेहनत दे दीजिए। - (आप) आप लोगों के लिए (स) सहानुभूति दे दीजिए। देने के लिए कु...
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नमन हम करते हैं, वंदन करते हैं, सूर्य नारायण को हम जल चढ़ाते हैं, इसका क्या मतलब है?...हम अपने आप को समर्पित करते हैं; अपने छोटे से बर्तन में (र) भरा हुआ जल, हम सूर्य भगवान के सामने चढ़ा दे...
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फिर आप क्या करें बाहर हो करके?...फिर आप ऐसे लोगों के साथ रिश्ता मिलाइए, ऐसे लोगों के साथ रिश्ता मिलाइए जिनके कि समुदाय में जाकर के आपक...
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बस यही तो उद्देश्य है और कोई उद्देश्य नहीं?...और कोई उद्देश्य नहीं। इसलिए आपको जो पूजा में वस्तु समर्पित करते हैं उसके पीछे आत्मशिक्षण की जिसका मूल...
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बेटे के लिए विरासत छोड़ कर जाइए ताकि आदमी ये कह सके कि किसका बच्चा था?...जिससे आपका सम्मान बढ़े। न केवल अपने बच्चों के लिए, बल्कि सारे समाज के लिए विरासत छोड़ कर जाइए, ये छोड...
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भक्ति कैसी होती है?...मजनू कि बात कह रहा था। एक बार लैला ने उसका परीक्षण लेना चाहा और ये देखा कि देखें हम मजनू कैसा है। पहल...
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भगवान क्या है?...भगवान क्या है बताइए आप। एक भगवान तो वह है, जो सारे विश्व में छाया हुआ है, सारे नियमन करता है व्यवस्था...
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भूत का चिन्तन मत कीजिए, पिछला जो घटनाएँ हो गईं तो ठीक है, आपने अच्छे काम कर लिये तो बार-बार प्रशंसा करने की जरूरत क्या है?...और आपने आपके साथ में किसी ने कोई बुराई कर ली या किसी ने दुख भुगत लिये बार-बार (करने की) कहने की जरूरत...
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यहाँ से जब जाएँ, तो क्या होते हुए जाएँ?...आपका अन्तराल बदला हुआ हर एक को दिखाई पड़े। जो भी जाए हर एक को बदला दिखाई पड़े। आपकी धर्म पत्नी कहें ये...
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यही तरीका एक और ने भी किया, किनने किया?...दूसरे का नाम था अंगुलिमाल, अंगुलिमाल ने अपनी जिन्दगी में बहुत हत्याएँ की थीं, कितनों के कतल किये थे औ...
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ये कैसे हो सकता है?...ये फिजूल खर्ची की बात है। पैसा फिजूल खर्ची में खर्च हुआ तो और कहाँ जायेगा, बताइये ना। इसलिये आप पैसे ...
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ये क्या हो गया?...ये (आ) आत्मा का विस्तार। आत्मा का विस्तार यही है जिसको हम आध्यात्मिक उन्नति के नाम से पुकारते हैं, आत...
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ये तीर्थ यात्रा क्या होती है?...तीर्थ यात्रा कहते हैं - धर्म प्रचार की पद यात्रा - धर्म प्रचार की पद यात्रा। तीर्थ यात्रा - इसका अर्थ...
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रस और भस्में बनती हैं, उसमें क्या करना पड़ता है?...अभ्रक भस्म, लोहा भस्म, सोना भस्म, चाँदी भस्म, मकरध्वज वैगरह। ये सब क्या चीज हैं? ये रासायनिक पदार्थों...
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व्यक्तित्व का विकास, व्यक्तित्व का विकास कैसे हो?...आइए जरा विचार करें। इसके लिए कोई न कोई काम करने के लिए जगह होनी चाहिए न - प्रयोगशाला कहीं होनी चाहिए ...
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समझे न आप, क्या समझे?...वातावरण का बहुत भारी असर होता है, इसीलिए आपको हमने यहाँ वातावरण में बुलाया है। हिमालय के नजदीक बुलाय...
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सैरगाहों में क्या करेंगे?...सैरगाहों में कितने आदमी आते हैं आप ने देखे नहीं, विदेशों में भी जाते हैं, घूमक्कड़ लोग जाते हैं, कोई ...
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हमारे गुरु ने क्या दिया?...हमको बताइए जरा। कोई रुपयों का बण्डल दिया है क्या, हमको पोटले भर कर दिया है क्या, हमको औलादें दी हैं क...
- (पर) एक ये महीना भर है, (भले आपको) इसमें भी एक जगह नहीं रह सकते?...आपको ऐसे रहना चाहिए जैसे कि माता के गर्भ में बच्चा रहता है। आप कल्पना कीजिए आपकी कोठरी, अथवा सारा गाय...
- अरे गिरधर गोपाल की बात, गिरधर गोपाल कौन?...पत्थर का टुकड़ा - नहीं, पत्थर का टुकड़ा नहीं सशक्त और जीवन्त। कैसे? मीरा ने अपनी श्रद्धा को समर्पित किय...
- कौन पसन्द करेगा?...और ऐसी जिन्दगी कौन पसन्द करेगा? जो बीमारियों से घिरी हुई हो। बीमारियों से घिरा हुआ होना, और कमजोरी से...
- वो आपको खाली हाथ जाने देंगे क्या?...नहीं, ये तीनों शक्तियाँ ऐसी हैं जो बराबर आपकी सहायता करने के लिए अमादा हैं और सच्चे मन से चाहती हैं क...
- (आपको) अपने समाज के प्रति क्या कर्तव्य है?... आत्मा, परमात्मा के प्रति क्या कर्तव्य है? आप केवल कर्तव्यों पे विचार करें, और अधिकारों की उपेक्षा कर...
- (क्यों) अपनी इन्द्रियों को मारता क्यों?... फिर तो अपना मनमौजी जीवन जिया करते, विलासिता का जीवन जिया करते और साथ-साथ में जप-तप करके, एकाध पूजा-प...
- (ये) इसे क्या कहेंगे?... इसे आपत्ति-धर्म कहेंगे। (आपत्ति-धर्म) आज का समय ऐसा ही आपत्तिकाल है, जिसमें आपत्ति-धर्म निबाहने के ल...
- - बाहर से भी पिसेंगे और भीतर से भी पिसेंगे तो आप मरेंगे नहीं?... आप ऐसे मत करना। आप, आप क्या करें? फिर बुराइयों को बर्दाश्त करें। नहीं, नहीं ये तो नहीं कहता, बुराइयो...
- अकल आपको उचित और अनुचित का फर्क करना जाने और एक और, इससे आगे वाली बात, आगे आती है - ग्रहण आप क्या करें?... छोड़ें क्या? फैसला करना - काम नम्बर एक - और व्यवहार में उतारना - काम नम्बर दो। व्यवहार में उतारने के ...
- अकल तो है नहीं, योग्यता तो है नहीं, विद्या है नहीं, पुरुषार्थ है नहीं, परिश्रम है नहीं, चांस है नहीं, पूँजी है नहीं, तो कैसे विद्या देंगे?... आप तो गरीब के गरीब ही रहने वाले थे और गरीब ही रहने वाले हैं, क्यों? क्योंकि आदमी को सम्पन्न बनने के ...
- अकेले कैसे क्या कर पाएँगे?... देवताओं ने कहा कि भगवान हमको भी आज्ञा, चलने दीजिए, हम भी आपके साथ-साथ चलेंगे, आपके काम में हाथ बटाँए...
- अगर आप उतने लम्बे न हों, कितने?... जितना कि बेल। बेल फैल तो सकती है जमीन पर, पर ऊँचा नहीं उठ सकती। ऊँचा उठने के लिए जरूरी है कि बेल किस...
- अगर आप उसका निर्माण नहीं कर सकते, सारे के सारे आपके घर वाले कमीने, उजड्ड, मूर्ख, दुष्ट बनके रह गये तो आपकी शान्ति कैसे स्थिर रहेगी?... और आप भजन कैसे कर लेंगे, फिर आप अच्छी जिन्दगी कैसे जी लेंगे? फिर आप मीठे वचन का अभ्यास कैसे कर लेंगे?...
- अगर आप उसके हाथ पर अपना कुछ रख नहीं सकते तो फिर क्या पायेंगे?... आप चावलों से नहीं खरीद सकते, आप धूप बत्ती से नहीं खरीद सकते और आप, आप आरती करके पा नहीं सकते और जीभ ...
- अगर आप तपश्चर्या नहीं कर सकते, अर्थात अपने आप पे संयम नहीं लगा सकते, अपने आप को पुरुषार्थी नहीं बना सकते, अपनेआप को संघर्षशील नहीं बना सकते, तो फिर आपके लिए सफलताएँ कहाँ से आएँगी?... धन, बल, विद्या, कला वगैरह सम्पदा हैं। क्या किसी ने बिना परिश्रम के कमा ली हैं? बिना पुरुषार्थ के कमा...
- अगर आप भक्ति को समझ सकते हों, तब फिर ये क्या हो जाएगा?... फिर ये भक्तियोग हो जाएगा। फिर ये क्या हो जायेगा अपने जीवन की वास्तविकता को समझ सकें, तो ये ज्ञानयोग ...
- अगर आप लम्बी वाली जिन्दगी जिएँ, तो आपको ये विचार करना पड़ेगा - आपका कल शानदार किस तरीके से हो?... कल (की) शानदार होने के लिए आज आपको क्या करना होगा? एक ही बात करनी पड़ेगी - आप अपने प्रत्येक क्रियाकला...
- अगर आपके जैसी मनः स्थिति का होता तब वो नाला क्या कहता?... गंगा जी से कहता आप नाला बन जाइए और हमारी मर्जी पूरी कीजिये। हमारे साथ-साथ रहिये। न, ऐसा नहीं हो सकता...
- अगर प्यार का मतलब देना आप नहीं समझते हैं, प्यार का मतलब आप ये समझते हैं कि भगवान की भक्ति करें, और उनको कठपुतली के तरीके से चलाएँ, और उचित और अनुचित जो कुछ भी फायदे उठा लें — इसको भक्ति कहते हैं?... तब आप अपनी भक्ति की परिभाषा बदल दें, और इस भक्ति से आप बाज़ आएँ, और ये भक्ति को आप भक्ति कहना बन्द कर ...
- अगर ये धागा न बाँधे कठपुतली तब, ये कहे हम तो समर्पित नहीं होते, हम तो इनके अनुशासन नहीं मानेंगे तब कठपुतली का तमाशा दिखाया जाना कैसे सम्भव है?... नहीं, कठपुतली का तमाशा दिखाना सम्भव नहीं है। भगवान का उद्यान, भगवान के उद्यान में, अगर हम रहें, तब फ...
- अगर ये पतंग न करे तब, तब फिर जैसा छोटा और घिनौना मनुष्य है वैसे तो रह जाएगा आगे बढ़ेगा कहाँ?... आगे उसकी उन्नति की सम्भावना कहाँ है? उसकी उन्नति के लिए कोई गुंजाइश नहीं है, कोई सम्भावना नहीं है।
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- अगर वो जुड़ें नहीं तब - पंखा कैसे चले?... बल्ब कैसे जलें? दूसरे काम कैसे बनें? इसीलिए इसको जुड़ जाना आवश्यक है। जुड़े बिना बड़ी शक्ति प्राप्त नही...
- अगर शंकर भगवान ने—आदि शंकराचार्य ने अपने दृष्टिकोण में हेर-फेर न किया होता तब?... तब फिर वही होते जो उनकी माँ चाहती थी। एक मामूली पण्डित-पुरोहित होते, जनम-पत्रिका बनाते फिरते, पूजा-प...
- अगर समर्पित न करता तब?... अगर आपके जैसी मनः स्थिति का होता तब वो नाला क्या कहता? गंगा जी से कहता आप नाला बन जाइए और हमारी मर्ज...
- अगर सारे कुटुम्बियों को जो छोटे बच्चों को छोड़ कर जो समर्थ व्यक्ति हैं, किसी न किसी तरीके से किसी काम में लगाये रखने की बात पर विचार कर लें, तो आपको कुटुम्ब पालने में क्या दिक्कत पड़ सकती है?... कुटुम्ब परिवार आपका भारी क्यों पड़ना चाहिए? आपको पेट भरने में दिक्कत क्यों होनी चाहिए? आप औसत नागरिक...
- अगले वर्ष तीन सौ टन हो जाएगा क्यों?... क्योंकि वो खदान जो है चारों से खींचती रहती है और जमा करती रहती है। ठीक यही बात है। देवताओं की कृपा क...
- अगस्त ऋषि में शक्ति कहाँ से आ गई थी?... ये अगस्त ऋषि की शक्ति तपश्चर्या की शक्ति है। तपश्चर्या अगर आदमी कोई न करे, तब शक्तिमान हो जायेगा? नह...
- अतिथि घर में कैसे आते हैं?... पैसे की देखभाल कैसे रखी जाती है? घर और सामान की सुव्यवस्था को किस तरीके से रखा जाना चाहिए? - वगैरह, ...
- अन्न से पाते हैं, फिर जल से पाते हैं दो, और कहाँ से पाते हैं?... जो कुछ भी शरीर के भीतर है ये सब मिट्टी का है। मिट्टी की सेवा करना अच्छा तो है, जरूरी भी है, लेकिन वो...
- अपना घर का काम कौन छोड़ता है?... आपके अन्दर वो शराफत मालुम पड़ती है, और वो जिन्दगी मालुम पड़ती है, जिससे कि आध्यात्मिकता का परिचय मालुम...
- अपनी इच्छा से नहीं - अपना मन है बैकुण्ठ को जाएँगे, अपनी मुक्ति कराएँगे, अपना फायदा कराएँगे, अपने चमत्कार देखेंगे, अपनी सिद्धि देखेंगे, अपना ये करेंगे - (अ) अपनापन ही जब हटा दिया तो अपनी मर्जी क्या रही?... भगवान की मर्जी जो कुछ थी वही उन्होंने पूरी कर डाली। बस रामचन्द्र जी के कुटुम्बियों में शुमार हो गये।...
- अपनी से क्या मतलब?... अपनी से मतलब ये है कि जो हमारे भीतर जन्म-जन्मान्तरों के कुसंस्कार जमे पड़े हैं, उनको परिशोधन करना पड़ेग...
- अपने आप कौन दे देगा?... आप अपने पैसे किसी को दे देंगे क्या? नहीं। बैंक वाला स्वयं किसी को रुपया दे देगा क्या? नहीं। क्योंकि ...
- अपने आपको को क्यों नहीं समझा?... अगर आप जीवन को और अपने आपको समझ सकते हों, तो इसका नाम ‘ज्ञान योग’ होगा। और, और अगर आपने अपने फर्ज और...
- अपने आपसे क्या मतलब?... सुपर चेतना, जो हमारे भीतर है, जिसके बारे में सुबह में बताया गया है। तत्वमसि विद्यानं ब्रह्म बाहर शब्...
- अपने यहाँ (गायत्री) गायत्री परिवार में ऐसे हजारों-लाखों लोग हैं जो सेवा करने के बड़े इच्छुक हैं पर क्या कर सकते हैं?... घर की गृहस्थी की जिम्मेदारियाँ ऐसी हैं इनको कुछ दिये बिना और अपना शरीर का निर्वाह दिये बिना, कपड़ा द...
- अमुक को मार डालेंगे, हत्या कर डालेंगे, ये क्यों सोचते हैं?... ये मत सोचिये। आप दृष्टिकोण को बदलिये न। जो कुछ भी आपके पास मिला हुआ है वो कम नहीं है, बहुत मिला हुआ ...
- अमुक बात कैसे होती है, मेहमान किसे कहते हैं?... अतिथि घर में कैसे आते हैं? पैसे की देखभाल कैसे रखी जाती है? घर और सामान की सुव्यवस्था को किस तरीके स...
- अमृत किसे कहते हैं?... आत्म ज्ञान को कहते हैं, आदर्शवाद को कहते हैं, उत्कृष्टता को कहते हैं, ईश्वर विश्वास को कहते हैं। अगर...
- अरे बाबा एक कोने में रखिए, आपकी इच्छा क्या है?... हम कहते हैं अपनी इच्छा को (ए) एक कोने में रखिए। भगवान की इच्छा क्या है? समय की माँग क्या है? प्रज्ञा...
- अरे भई इस समय तो फायदा उठा लेते हो, पर भविष्य तुम्हारा क्या बनेगा?... दूसरा आदमी कौन सहयोग करेगा? दूसरा आदमी कौन अपने पास बैठने देगा?...
- अर्जुन को क्यों दिया?... क्यों कि उन्होंने एक बार इम्तहान लिया था। इतनी कीमती चीज को अपने विश्वस्त आदमी को प्रमाणिक आदमी को ह...
- अर्थ सन्तुलन कैसे रखा जाए?... जो आप कमाते हैं, उसी हिसाब से बजट कैसे बनाया जाए? ये पूरे का पूरा गणित और अर्थशास्त्र आपको घर के, कु...
- आखिर यह हुआ कैसे?... भगवान ने कर दिया क्या? नहीं, भगवान ने नहीं, भाग्य ने कर दिया क्या? नहीं, भाग्य ने भी नहीं किया। पर क...
- आखिर हुआ क्या?... कुछ भी नहीं हुआ, कायाकल्प हो गया। यही कायाकल्प जिसको करने के लिए आप लोग यहाँ आये हैं। भीतरवाला बदल द...
- आगे उसकी उन्नति की सम्भावना कहाँ है?... उसकी उन्नति के लिए कोई गुंजाइश नहीं है, कोई सम्भावना नहीं है।
ठीक इसी प्रकार से कठपुतली के बारे मे...
- आचमन तीन बार करते हैं, उसके पीछे क्या संकल्प होता है?... उसके पीछे ये संकल्प होता है कि हमारी (मन, वाणी) मन, वचन और कर्म, इन तीनों में (शु) शुद्धता आए। शुद्ध...
- आज आप दुकान बन्द कर दीजिए, क्यों?... दुकान का क्यों नुकसान कर दें, वो सामान्य समय की बात है।
असामान्य समय में आदमियों को असामान्य कार्य...
- आज आपको इस कूड़े-कचरे में से क्या चीज पल्ले पड़ने वाली है कुछ भी तो नहीं है सिवाय आफत पैदा करने के और दिमाग खराब करने के और पुरानी गपबाजियाँ खड़ी करने के, अपना समय और दूसरों का समय खराब कराने के, क्या है कथा?... इसलिए कथा इन्होंने बनाई तो सही, कथा की परम्परा को जिन्दा रखा तो सही, ऐसी शानदार ढंग से कथा बनाई की म...
- आज तो पैंतीस वर्ष की महँगाई कहाँ गई?... आजकल दस पैसे का क्या होता है जरा बताइए। चाय अस्सी पैसे की आती है और दस पैसे का क्या आयेगा? एक बटे आठ...
- आज दस पैसे किसे कहते हैं?... आज बताइए। दस पैसे पैंतीस वर्ष पुरानी बात है। आज तो पैंतीस वर्ष की महँगाई कहाँ गई? आजकल दस पैसे का क्...
- आत्म-विकास का क्या मतलब?... आत्म-विकास का मतलब ये है कि अपने आप का, अपने अहम के दायरे को बढ़ा लेना। लोगों का दायरा बहुत छोटा है, ...
- आत्मवत् सर्वभूतेषु क्या है?... एक ही है - (आप) आप दूसरों की मुसीबत में हिस्सेदार हो जाइए - एक; और अपनी सुविधाओं को बाँट दीजिए - हो ...
- आत्मा का कोई मूल्य नहीं है?... आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है? अगर है, तो फिर आपको ऐसा करना पड़ेगा। उसके साथ-साथ में (दिन) दिनचर्...
- आत्मा का कोई वकत नहीं है?... आत्मा की कोई इज्जत नहीं है? आत्मा का कोई मूल्य नहीं है? आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है? अगर है, त...
- आत्मा की कोई इज्जत नहीं है?... आत्मा का कोई मूल्य नहीं है? आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है? अगर है, तो फिर आपको ऐसा करना पड़ेगा। उ...
- आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है?... अगर है, तो फिर आपको ऐसा करना पड़ेगा। उसके साथ-साथ में (दिन) दिनचर्या में आदर्शवादी सिद्धान्तों को मिल...
- आत्मा, परमात्मा के प्रति क्या कर्तव्य है?... आप केवल कर्तव्यों पे विचार करें, और अधिकारों की उपेक्षा करने लगें, तो मैं ये कहूँगा कि (आपका कायाकल्...
- आदमी एहसानों से दबा हुआ है, कपड़ा आप जो पहनते हैं, दवाएँ जो इस्तेमाल करते हैं, किताबें जो आप पढ़ते हैं या जो उद्योग-धंधा करते हैं, अपने आप में कैसे कर सकते हैं?... ये समाज का ऋण है जिसकी वजह से आप इतने उन्नतिशील हुये हैं। इस ऋण को चुकाना आपका काम है अर्थात समाज से...
- आदमी का पेट कितना छोटा है?... भैंसे का पेट कितना बड़ा है, घोड़े का पेट कितना बड़ा है, गधे का पेट कितना बड़ा है पर आदमी का पेट बहुत...
- आदमी के उज्ज्वल भविष्य की सेवा?... ये तो सेवा केवल ज्ञान से ही बन सकती है। लेकिन ज्ञान भी अपूर्ण है। आदमी सेवा न करे, (लोगों का) श्रम अ...
- आदमी विद्यावान कम है क्या दुनिया में, कलाकार कम हैं क्या दुनिया में, चतुर आदमी दुनिया में कम है क्या, क्रिया-कुशल लोगों की कमी है क्या?... पर वो स्वयं के लिए और दूसरों के लिये क्या मुफीद साबित हुए, आप बताइए न। जेलखाने में पड़े हुए लोगों को...
- आधा काम समाप्त, किसका?... एकान्त का, एकान्त सेवन में चिन्तन पूरा हो गया।
अब दूसरा वाला कदम उठाइये, दूसरा वाला कदम जो आपको हर द...
- आप (तीर्थ यात्रा को) न केवल तीर्थ यात्रा पर निकलें, बल्कि नए आदमियों के लिए ये रास्ता भी बनाएँ - तीर्थ यात्रा के लिए कोई आदमी जाने वाला हो (त) (ये तो) उसको ये तो मौका मिल (जाए) - तीर्थ कहाँ हैं?... किस जगह जाएँ? किसके पास जाएँ? क्या करें वहाँ जा कर के? क्या करें?
सैरगाहों में क्या करेंगे?...
- आप अखण्ड कीर्तन करते हैं तो मुबारक, आप पूजा करते हैं तो मुबारक, लेकिन आप अपनी पात्रता को विकसित करते हैं कि नहीं करते?... पहले इसका जवाब दीजिये। भगवान सिर्फ एक ही बात को देखते रहते हैं। पूजा तो आप हमारे अपने मन को धोने का ...
- आप अपना खून देंगे क्या?... जिससे लैला कि जिन्दगी बचायी जा सके। मजनू फ़ौरन तैयार हो गया। उसने कटोरा जो बाँदी लेकर आई थी, लबालब अप...
- आप अपनी मुस्कान बीवी को क्यों नहीं दे सकते?... आप बच्चों से वंश चलाने की आशा करते हैं। आप बच्चों को वंश चलाने योग्य क्यों नहीं बना देते? आप] आप कीज...
- आप अपने आप को क्यों मालदार अनुभव नहीं कर सकते?... क्यों आप सम्पन्न अनुभव नहीं कर सकते?
आप गरीबी को छोड़ दीजिए, और अमीरी यहाँ से ले के जाइए। बदल जाइए,...
- आप अपने पैसे किसी को दे देंगे क्या?... नहीं। बैंक वाला स्वयं किसी को रुपया दे देगा क्या? नहीं। क्योंकि बैंक वाला उधार देने के पहले हजार बार...
- आप अपने बच्चों को कीमती कपड़े पहनायें और अमुक चीज छोड़ कर मरें, और पड़ौसियों के बच्चे के लिए आप किताबें खरीद कर नहीं दे सकते?... ईश्वरचंद्र विद्यासागर की तरीके से आप ऐसा नहीं कर सकते कि अपने अपने घर का पचास रुपये से भी गुजारा कर ...
- आप अपने मित्रों के प्रति कर्तव्यों को निभायें इसमें कोई रोकता है क्या?... मित्र आपके प्रति बदला चुकायेंगे कि नहीं ये बात सोचेंगे तब गड़बड़ हो जायेगी।...
- आप अपने शरीर का इस्तेमाल किस तरीके से करें?... साधनों का इस्तेमाल कैसे करें? परिस्थितियों का उपयोग किस तरीके से करें? अपने पास जो सामान और साधन मिल...
- आप अलग किस तरीके से करेंगे?... आपकी विवेकशीलता के माध्यम से सम्भव है कि आप दोनों को अलग कर दें। नहीं तो अलग नहीं हो सकेंगे दूध और प...
- आप उनके पास किस तरीके से रहेंगे?... वो अपना काम छोड़कर आपके पास कैसे आएँगे? इसलिए एक ही तरीका है सत्संग का, यों सत्संग बहुत ही शानदार ची...
- आप उसकी दुख की कल्पना कर सकते हैं?... मन को कितना मसोसना पड़ता होगा।
हमारी योग्यता, हमारी प्रतिभा और भगवान का दिया हुआ संसार और हमारी क्...
- आप उसके लिए उदार सहयोग क्या करेंगे?... आप उसके लिए जनसेवा के लिए क्या कदम उठाएँगे? इसके लिए आप अपने गुण, कर्म और स्वभाव में शालीनता का समाव...
- आप उसके लिए जनसेवा के लिए क्या कदम उठाएँगे?... इसके लिए आप अपने गुण, कर्म और स्वभाव में शालीनता का समावेश करने के लिए ऐसी (ग) गतिविधियाँ क्या अपनाए...
- आप ऐसा नहीं कर पायेंगे क्या?... लोभ-मोह को छोड़ दीजिए, आप अहंकार की, बड़प्पन की, बड़प्पन की, अमीरी की, अमीरी की, बड़प्पन की और दूसरो...
- आप ऐसा नहीं कर सकेंगे क्या?... परोपकार से और आगे बढ़िये, नकल कीजिए, किसकी?...
- आप कुछ त्याग नहीं करेंगे तो पा कैसे लेंगे?... और जो त्याग करना है उसमें जप करना काफी नहीं है। जरूरी तो है, पर काफी नहीं है। आपका चावल चढ़ा देना, धू...
- आप क्या करेंगे?... और कैसे करेंगे? क्यों करेंगे? क्रिया के साथ-साथ में चिन्तन को आप जोड़ दीजिए। चिन्तन और क्रिया को, दोन...
- आप क्या खिला करके रहेंगे?... और उल्टा पेट में दर्द होगा। आप पौष्टिक भोजन दीजिए, मलाई-मिठाई दीजिए। लेकिन अगर पेट नहीं है, पेट पचता...
- आप क्या सीखते हैं?... आपको यहाँ वाणी का मुखर होना सिखाया जाता है। आपको यहाँ प्रज्ञा पुराण की कथा कहना सिखाया जाता है, और स...
- आप क्यों करते रहते हैं?... उज्ज्वल कल्पनाएँ आपको करना नहीं आता? आप विधायक विचार नहीं कर सकते, आपको निषेधात्मक विचारोंं को हटाना...
- आप क्यों नहीं कर सकेंगे?... किफायत से रहिए, कम खर्च में रहिए। ये मत कहिए कि जो आदमी खर्चीली जिन्दगी जीते हैं वो कोई शक्तिशाली हो...
- आप क्यों प्रसन्न नहीं हो सकते?... आप अपने आप को क्यों मालदार अनुभव नहीं कर सकते? क्यों आप सम्पन्न अनुभव नहीं कर सकते?
आप गरीबी को छो...
- आप क्यों बढ़ाते चले जाते हैं, किसने कहा था आपसे रोज बच्चे पैदा करने के लिए, आप बिना बच्चे के जिन्दा नहीं रह सकते?... कम बच्चों से गुजारा नहीं हो सकता? कम बच्चे जो हैं उसको आप पर्याप्त नहीं मान सकते। ऐसे मानिये। अब बच्...
- आप खुशी क्यों नहीं दे सकते, अपनी मुट्ठी में क्यों खुशी नहीं रख सकते?... दूसरों के हाथ में क्यों बेच देते हैं। बेटा आपका सुपात्र बनेगा, आपका आज्ञाकारी होगा, तब आप खुश होंगे।...
- आप चावल नहीं खाली कर सकते तो हम क्यों आपके लिए खाली करेंगे?... क्यों हम आपकी सहायता देंगे। उन्होंने चावल कि पोटली को उनके हाथ से छीन लिया और छीनने के बाद अपने पास ...
- आप जगने की दलील घोल दीजिए, दो घण्टे हम जगेंगे, नौ बजे सोते हैं आज नौ बजे नहीं सोयेंगे ग्यारह बजे सोयेंगे, बाहर टहलते रहेंगे, चुप-चाप बैठे रहेंगे, रामायण पढ़ते रहेंगे, पर हम नींद से लड़ेंगे, क्यों?... ये दण्ड, अपने आपको दण्ड देने की पद्धति भी आवश्यक है। इसके बिना सुधार होना भी सम्भव नहीं है, दण्ड की प...
- आप जाग्रत आत्मा हैं - जाग्रत (आ) आत्माओं को, युग प्रहरियों को, युग को देखना पड़ेगा, युग की ज़रूरतें क्या हैं?... युग की ज़रूरतें क्या हैं? आपकी इच्छा क्या है? अरे बाबा एक कोने में रखिए, आपकी इच्छा क्या है? हम कहते ...
- आप जिस दिशा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, सहायता करने वालों की दुनिया में कमी है कुछ?... हर दिशा में कमी कर सकते हैं। हर दिशा में सहायता कर सकते हैं। विवेकानन्द की भी सहायता हुई। और किसकी ब...
- आप तीन गज कपड़ा पहनते हैं न - इसकी कितनी कीमत होती है?... महीने भर में, महीने भर में कितना खर्च करते हैं? आपके व्यक्तिगत खर्च और आवश्यकताएँ बहुत कम हैं, आप फि...
- आप तो गरीब के गरीब ही रहने वाले थे और गरीब ही रहने वाले हैं, क्यों?... क्योंकि आदमी को सम्पन्न बनने के लिए तो अनेक साधन चाहिए, साधन तो कुछ भी नहीं, फिर सम्पन्न कैसे बनेंगे...
- आप देख नहीं रहे हैं?... यहाँ जहाँ आप जिस कोठरी में रहते हैं, अथवा जिस वातावरण में रहते हैं, उसमें चारों ओर सन्त छाया हुआ है,...
- आप देखिये न जरा, दूसरे जानवरों को देखिये, कीड़े मकोड़ों को देखिये न, पशु पक्षियों को देखिये न, कैसी घिनौनी और कैसी गई बीती, और कैसी छोटी जिन्दगी व्यतीत करते हैं फिर आप, आप क्यों ऐसी जिन्दगी जीयेंगे?... भगवान ने तो आपको राजकुमार बनाया है न, आपको बुद्धि दी है न, आपको वाणी दी है न, आपको हाथ-पाँव दिए हैं ...
- आप पानी के बहाव में तिनके के तरीके से बहते चले जाएँ, भला ये भी कोई समझदारी है?... आप हवा में उड़ते हुए पत्तों की तरीके से उड़ते हुए चले जाएँ भला ये भी कोई समझदारी हुई? आपको वजनदार हो...
- आप बच्चों को वंश चलाने योग्य क्यों नहीं बना देते?... आप] आप कीजिए। आप याचक मत बनिए। देने के लिए बहुत है आपके पास। ऋषियों के पास बहुत था। पैसा नहीं था। पै...
- आप बता सकते हैं?... सिर्फ एक ही वजह है। वो जामाता इस लायक है, इसके अन्दर इतनी पात्रता है कि इस लड़की का गुजारा कर सके। इस...
- आप बार-बार कहते हैं न, नर और नारी को समानता का दर्जा मिलना चाहिए, इसका प्रयोग आप अपने घर में नहीं कर सकते?... आप चाहें तो कर सकते हैं। आपकी घर की महिलाएँ भी ये अनुभव करें वो भी उसी तरीके की सम्मानित सदस्य हैं, ...
- आप भगवान का अनुशासन मानते हैं कि नहीं?... आप भगवान की इच्छानुसार चलते हैं कि नहीं? आप भगवान के बताए हुए इशारे और संकेत पर अपने कदम बढ़ाते हैं क...
- आप भगवान की इच्छानुसार चलते हैं कि नहीं?... आप भगवान के बताए हुए इशारे और संकेत पर अपने कदम बढ़ाते हैं कि नहीं? एक ही प्रश्न है बस, और कोई प्रश्न...
- आप भगवान के बताए हुए इशारे और संकेत पर अपने कदम बढ़ाते हैं कि नहीं?... एक ही प्रश्न है बस, और कोई प्रश्न नहीं है। आपका, आपका वो ख्याल ठीक नहीं है कि हम अपनी, भगवान को हम अ...
- आप यहाँ आये हुए हैं शान्तिकुञ्ज में, कल्प साधना की उपासना कर रहे हैं तब फिर क्या करना चाहिए आपको?... तीन बन्धनों से मुक्ति प्राप्त कर लेनी चाहिए। कोशिश कीजिए कि तीन बन्धन तोड़ दें। और आप चाहें तो इन ती...
- आप यहाँ पर सिनेमा हो रहा है क्या?... आप सिनेमा देखने के लिए, तमाशा देखने के लिए अगर आपने उपासना की है, चमत्कार देखने के लिए तो आपको धिक्क...
- आप ये सोच के चलिए आपके पास है क्या?... आपके पास श्रम है, आपके पास जीवन है, आपके पास मनुष्य की काया है, आपके पास गृहस्थ है, आपके पास परिस्थि...
- आप लोगों को ऊँचा उठाने के लिए करेंगे क्या?... ये भी तो एक काम है आपके जिम्मे।
ये भी साधना का एक अंग है। इसलिए एक काम यह है कि आप दूसरों की सहायत...
- आप सच्चाई की वजह से, ईमानदारी की वजह से, और दयानतदारी की वजह से अगर मुसीबत उठा लें तो क्या हर्ज़ की बात है?... यहाँ तक कि आप मुसीबत उठाने तक के लिए तैयार रहें। आमतौर से इसमें मुसीबत उठाने की जैसी कोई बात है नहीं...
- आप समर्पित होइए, शरणागति में आइए, विलय कीजिये, विसर्जन कीजिये फिर देखिये आप क्या पाते हैं?... बीज की तरीके से जुड़ जाइए और पेड़ के तरीके से उगने की तैयारी कीजिये। आप कुछ त्याग नहीं करेंगे तो पा कै...
- आप सहायता करेंगे?... हम जरूर सहायता करेंगे, आप यकीन रखिए। सहायता के लिए तो हम बुलाते ही हैं आपको। सहायता का तो यकीन दिलात...
- आप साँचा नहीं बनेंगे तो कोई क्यों ढलेगा?... इन विशेषताओं को अपने जीवन में आप शामिल कर देंगे, तो मजा आ जाएगा। आप यहाँ से जाइए और यहाँ के विचारों ...
- आप सामान्य जीवन में देखते हैं न, स्नान किये बिना कहाँ काम चलता है?... स्नान न करें तब, स्नान शरीर को नहीं करायें तो मैला-कुचैला जम जाएगा और मैल जम जाने से पसीने के छेद बन...
- आप स्वाबलम्बी नहीं बनायेंगे?... परिश्रमशील नहीं बनायेंगे? अगर आप अपने घर गृहस्थी वालों को स्वाबलम्बी नहीं बनाया है तो ये आपका मोह है...
- आप हमारा कन्धा मिलाइए, आप हमारे हाथ में हाथ मिलाइए, आप हमारे कदम से कदम मिलाइए - थोड़ा सा प्रयत्न किया है - आप इसमें सहयोग कर सकते हैं?... आप जरूर कर सकते हैं। आप मान्धाता तो नहीं हैं लेकिन इसके बनाने में कुछ तो कर सकते हैं, आप इसके निर्मा...
- आप हवा में उड़ते हुए पत्तों की तरीके से उड़ते हुए चले जाएँ भला ये भी कोई समझदारी हुई?... आपको वजनदार होना चाहिए। आपका गौरव होना चाहिए। आपका वजन होना चाहिए। गौरव का मतलब वजन होता है, भारीपन ...
- आप, आप क्या करें?... फिर बुराइयों को बर्दाश्त करें। नहीं, नहीं ये तो नहीं कहता, बुराइयों को बर्दाश्त करें।
आप बुराइयों ...
- आपका अपने मन:सम्पदा के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपके अपने बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य है? आपको जो धन मिला हुआ है, साधन मिले हुए हैं, उसके प्रति क्य...
- आपका क्या ख्याल है कोई अपनी जवान लड़की को जो पढ़ी-लिखी भी है, सुन्दर है, सुयोग्य है किसी माँगने वाले को सुपुर्द कर देगा क्या?... न, नहीं करेगा। क्यों? बिचारा प्यासा फिर रहा है। कोई अच्छा जमाई मिल जाए तो पैसे भी देंगे, खुशामद भी ...
- आपका ज्ञान का दायरा कैसे बढ़ेगा?... आपकी बुद्धि का विकास कैसे होगा? इसीलिए यहाँ आत्म निर्माण के लिए भी ढेरों काम करना है। स्वास्थ्य आपका...
- आपका धर्मपत्नी के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपका शरीर के प्रति क्या कर्तव्य है? आपका अपने मन:सम्पदा के प्रति क्या कर्तव्य है? आपके अपने बच्चों क...
- आपका शरीर के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपका अपने मन:सम्पदा के प्रति क्या कर्तव्य है? आपके अपने बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य है? आपको जो धन ...
- आपकी इच्छा क्या है?... अरे बाबा एक कोने में रखिए, आपकी इच्छा क्या है? हम कहते हैं अपनी इच्छा को (ए) एक कोने में रखिए।...
- आपकी बुद्धि का विकास कैसे होगा?... इसीलिए यहाँ आत्म निर्माण के लिए भी ढेरों काम करना है। स्वास्थ्य आपका कमजोर है, इसी से तो काम नहीं चल...
- आपकी मर्जी पर क्यों चलने लगे भगवान?... भगवान के अपने कुछ नीति और नियम हैं। कुछ मर्यादा और कायदे हैं। आप, आपकी खुशामद की वजह से आपकी मनोकामन...
- आपकी साधना और शिक्षा, समन्वित (की) जो कार्य पद्धति है इस कल्प साधना शिविर की, आप इसके बारे में थोड़ा विचार कीजिए कि क्यों कराया जा रहा है?... क्या कर रहें हैं इसके बारे में तो आप जानते ही हैं, मुझसे भी ज्यादा जानते हैं। आप क्या सीखते हैं? आपक...
- आपके अपने बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपको जो धन मिला हुआ है, साधन मिले हुए हैं, उसके प्रति क्या कर्तव्य है? (आपको) अपने समाज के प्रति क्य...
- आपके घर कोई कुरीति नहीं है?... आपके यहाँ ढेरों की ढेरों कुरीतियाँ हैं। नर और नारी एक समान वाली बात है? आप बार-बार कहते हैं न, नर और...
- आपके जैसी वाणी, आपके जैसा मस्तिष्क, आपके जैसे जीवन की सुनिश्चितता, आपका जैसा गृहस्थ — क्या सारे विश्व भर के किसी और प्राणी को मिला हुआ है?... आप क्यों प्रसन्न नहीं हो सकते? आप अपने आप को क्यों मालदार अनुभव नहीं कर सकते? क्यों आप सम्पन्न अनुभव...
- आपके प्रसन्न होने के लिए, हँसने के लिए, हँसाने के लिए ये क्या कम है?... आपको इन्सानी जिन्दगी मिली हुई है।...
- आपके सारे भाई जिस तरह का गुजारा करते हैं, आप क्यों नहीं कर सकते?... आपको आपको सारे बच्चों को अपना क्यों नहीं मान सकते? कितने बच्चे हैं जो विद्या के अभाव में बैठे रहते ह...
- आपको अनुशासित कैसे होना चाहिए?... आपको संयमी कैसे रहना चाहिए? आपको तपस्वी की तरह जीवनयापन कैसे करना चाहिए? ये जीवनयापन करने की पद्धति,...
- आपको अफसर बनना है?... पढ़-लिखकर सर्विस कमीशन के सामने जाइये और अपनी पात्रता साबित कीजिये; अच्छा डिवीजन लाइये और अच्छे नम्बर...
- आपको आपको सारे बच्चों को अपना क्यों नहीं मान सकते?... कितने बच्चे हैं जो विद्या के अभाव में बैठे रहते हैं।...
- आपको इंसानी जिन्दगी (को) आप कीमत समझते हैं क्या?... नहीं समझते। समझिए जरा, समझिए। जो सृष्टि के किसी प्राणी को नहीं मिला, वो आपको मिला है।...
- आपको गाँधीजी की बाबत मालूम है?... ३२ वर्ष की उम्र में उन्होंने ब्रह्मचर्य लिया था और अपनी धर्म-पत्नी को माता कहने लगे थे। ये ब्रह्मचर्...
- आपको जो धन मिला हुआ है, साधन मिले हुए हैं, उसके प्रति क्या कर्तव्य है?... (आपको) अपने समाज के प्रति क्या कर्तव्य है? आत्मा, परमात्मा के प्रति क्या कर्तव्य है? आप केवल कर्तव्य...
- आपको जो बेशकीमती जिन्दगी मिली वो आपने कहाँ खर्च कर डाली?... किन-किन कामों में खर्च कर डाली? आपको अभी से इसका जबाव तैयार कीजिए। आपके ये, ये जबाव माकूल नहीं है, क...
- आपको तपस्वी की तरह जीवनयापन कैसे करना चाहिए?... ये जीवनयापन करने की पद्धति, दिनचर्या का प्रावधान ऐसा है, इसको आप ग्रहण कर लेते हैं तो भी (आपको) अपने...
- आपको नरसी मेहता के तरीके से हुण्डी भी आप पर बरस सकती है उसके यहाँ कुछ कमी है क्या?... नहीं कोई कमी नहीं है। इसलिए यहाँ जो आपको बुलाया गया है, उसका एक कारण ये भी है कि आपसे ये कहा जाएगा क...
- आपको पेट भरने में दिक्कत क्यों होनी चाहिए?... आप औसत नागरिक, भारतीय की तरीके से अगर जिन्दगी जिएँ, और किफायतशारी से रहें, तो आप यकीन रखिए, आप थोड़े ...
- आपको मालूम है न, देवताओं के अनुग्रह में कोई कमी है क्या?... गंगा को, जब गंगा हिमालय से, हिमालय से निकलके चली। अब हम यहाँ नहीं रहेंगे हमको लोगों कि प्यास बुझानी ...
- आपको वर्तमान क्या करना चाहिए?... आज का दिन आप किस तरीके से बेहतरीन बना सकते हैं - अगर ये विचार आपके जी में आ जाएँ, फिर मैं आपसे ये कह...
- आपको संयमी कैसे रहना चाहिए?... आपको तपस्वी की तरह जीवनयापन कैसे करना चाहिए? ये जीवनयापन करने की पद्धति, दिनचर्या का प्रावधान ऐसा है...
- आपने कर्तव्य पूरा कर दिया— और क्या कर सकते थे आप?... जो कर सकते थे आपने पूरा कर लिया। आपको सफलता मिलेगी, आप पूरी तरीके से सफल अनुभव कीजिए, अगर आप अपने फर...
- आपने जो समाज से ॠण लिया है, उसको चुकाएँगे कैसे?... आप लोगों को ऊँचा उठाने के लिए करेंगे क्या? ये भी तो एक काम है आपके जिम्मे।
ये भी साधना का एक अंग ह...
- आपने बाहर को समझा है, चीजों को समझा है, खेती-बाड़ी को समझा है, पैसे को समझा है, दुकान को समझा है, मुहल्ले वाले को समझा है, सन्तान को समझा है, तो आपने जीवन को क्यों नहीं समझा?... अपने आपको को क्यों नहीं समझा? अगर आप जीवन को और अपने आपको समझ सकते हों, तो इसका नाम ‘ज्ञान योग’ होगा...
- आरण्यकों में वानप्रस्थों को भरती करने के बाद में शिक्षण देने की बात भी चलती है; पर सामान्य जीवन में कैसे चले?... बताइए आप। सामान्य जीवन में कौन पीछे लगेगा? एक-एक गलती, एक-एक विचारधारा, एक-एक भूल के बारे में कौन सु...
- इतनी सस्ती होती है?... साधना इतनी सस्ती होती है? इतनी कीमती चीजें आप इतने डैम चीप (damn cheap) कीमत में (ख) खरीदने की कोशिश...
- इतनी हैसियत होती तो बेचारा टाँग टूटा हुआ क्यों होता?... फिर तो घुड़सवार न होता। घुड़सवार नहीं है, टाँग टूटा हुआ आदमी, वो चल नहीं सकता, इसलिए आपको ही जाना पड...
- इतने सृष्टि के जीव-जन्तु हैं, इसमें से कौन पूजा, प्रार्थना करता है?... तो क्या भगवान ध्यान नहीं रखता? तो क्या भगवान नाराज हो जाता है? क्या जो आदमी जप करेगा उसी से प्रसन्न ...
- इन आरण्यकों में क्या होता था?... आरण्यकों में तपस्वी जीवन जीना पड़ता था - निग्रहित जीवन, (अनु) अनुशासित जीवन। अनुशासित जीवन अगर आप जीए...
- इस तरीके से हर एक आदमी को समझाता रहा तो उसकी बात लोगों ने मान ली, क्यों मान ली?... वो संकल्पवान था। संकल्पवान नहीं होता तब, ऐसी ही व्याख्यान करता फिरता, साहब हरे पेड़ लगाइये, हरियाली ...
- इस दुनिया में क्या चीज़ नहीं है?... इस दुनिया में सन्तों की कमी है? सज्जनों की कमी है? शराफत की कमी है? भलमनसाहत की कमी है? नेक कामों की...
- इस दुनिया में सन्तों की कमी है?... सज्जनों की कमी है? शराफत की कमी है? भलमनसाहत की कमी है? नेक कामों की कमी है? नहीं, कहीं कमी नहीं है।...
- इसका अर्थ ये हो गया आपने वो करना शुरू कर दिया, क्या करना शुरू कर दिया?... ये भगवान को नैवेद्य चढ़ा दिया, अक्षत चढ़ा दिये, चावल चढ़ा दिये, धूप-दीप चढ़ा दी, बस इन सब का चढ़ाने ...
- इसका एक ही तरीका है आप साइकिल यात्रा, पद यात्रा ही मैं कहता हूँ उसे, साइकिल को तो मैं एक वो मानता हूँ वजन ढोने का, वजन ढोने का आया आपको बिस्तर ले कर चलना पड़ेगा, कपड़े ले कर चलने पड़ेंगे, साइकिल पर लाद कर लेकर चलिए, ज्यादा अच्छी बात है और क्या करें?... और आप ये कीजिए जगह-जगह शिक्षण देने के लिए, अलख जगाने के लिए, एक योजना बना के ले जाइए। दीवारों पर आदर...
- इसका नाम कर्मयोग है और भक्ति-भावना?... भक्ति-भावना मुहब्बत को कहते हैं, प्यार को कहते हैं प्यार भगवान को किया जाता है। उपासना भगवान की, की ...
- इसका नाम क्या है?... इसका नाम कलम लगाना कहिये, सुसंस्कारिता कहिये अथवा साधना कहिये। माली की साधना, पौधे के साथ और आपकी जी...
- इसकी जो उन्नति हुई है अकल से नहीं हुई है, अकल तो कितनी है, अकल तो बहुतों में ज्यादा है, आदमी की अपेक्षा बहुत से अतीन्द्रिय क्षमता वाले जानवर हैं जिनकी अकल मनुष्य से बहुत ज्यादा है, आदमी का पुरुषार्थ का शरीर, क्या पुरुषार्थ है?... हाथी से बड़ा पुरुषार्थ? विवेक से बड़ा पुरुषार्थ? घोड़े से बड़ा पुरुषार्थ? ज्ञानी से बड़ा पुरुषार्थ? ...
- इसके बाद ये करने को तैयार हो जाइए, फिर आप देखिये क्या-क्या होता है?... फिर आप देखिये कैसा मजा आता है? भगवान की मर्जी तो पूरी कीजिये, फिर देखिये आपको कुछ मिलता है क्या? अभी...
- इसके लिए आप अपने गुण, कर्म और स्वभाव में शालीनता का समावेश करने के लिए ऐसी (ग) गतिविधियाँ क्या अपनाएँगे जो आपके संस्कारों के रूप में परिणित (बन) सकें?... जप से संस्कार नहीं बनते। रामायण पाठ से संस्कार थोड़े ही बन जाएँगे कोई। पूजा के साथ-साथ में आपको कुछ ...
- इसके लिए आपको क्या करना चाहिए?... चौबीसों घण्टे आपको ध्यान रखना चाहिए। क्या ध्यान रखना चाहिए? कि हमारा जीवन किस तरीके से ठीक बन सकता ह...
- इसके लिए कार्यक्षेत्र कहाँ हो व्यक्तित्व के विकास करने का?......
- इसको देखने में तो कोई खास बात नहीं है - आपको अमुक काम करने से नमक का क्या ताल्लुक है?... और आप शक्कर नहीं खाएँगे तो (क्या) क्या बात बन जाएगी? और आपने घी खाना बन्द कर दिया है तो (कौन) कौन (जब...
- इसको हमने ढूँढ़-ढूँढ़ करके, मोतियों को ढूँढ़-ढूँढ़ करके, कितनी डुबकी लगा करके कहाँ-कहाँ से इकट्ठा किया है और आपको किसलिए इकट्ठा किया है, और आपको (कि) किसलिए कल्प साधना में बुलाया है?... (ता) ताकि आप भगवान के ऊपर इतना एहसान करने में समर्थ हो सकें कि आपका एहसान भगवान कभी नहीं भूलें। भगवा...
- इसमें गलतियाँ कहाँ हैं?......
- इसमें जो भी चीजें हैं, आप कहाँ से पाते हैं?... अन्न से पाते हैं, फिर जल से पाते हैं दो, और कहाँ से पाते हैं? जो कुछ भी शरीर के भीतर है ये सब मिट्टी...
- इसलिए आप भी राजा परीक्षित की तरीके से विचार कर सकते हैं कि हमारी बची हुई जिन्दगी, ये मौत के दिनों के बीच में बाकी रह गई है इसको हम अच्छे से अच्छा कैसे उपयोग कर सकते हैं?... सायंकाल को आप विचार किया कीजिए, अच्छे से अच्छा उपयोग का विचार किया कीजिए।...
- इसलिए क्या करना चाहिए?... अपना व्यक्तिगत जीवन सुख और शान्तिमय बनाने के लिए अपने कुटुम्ब और परिवार के बारे में ठीक वो ही नीति न...
- इसलिए खुशी से, ये मंजूर कर लिया कि (हमारी भेड़ को) हमारी ऊन को जो लोग काटें खुशी से काटें, इससे कपड़े बनाना चाहे खुशी से बना लें, भेड़ क्या नुकसान में रही?... आपकी दृष्टि से तो नुकसान में रहनी चाहिए, क्योंकि उसने अपना नुकसान उठा लिया, बिना कीमत के अपनी ऊन दे ...
- इससे क्या होगा?... खान-पान का तो जो लाभ होगा सो होगा ही, खान-पान के लाभों (की) उतना मैं महत्त्व नहीं देता, जितना कि इस बा...
- इससे बड़ा और क्या चमत्कार हो सकता है?... आप (इ) इतना ही चमत्कार काफी मानिए। आप अपने भीतर से अन्त:प्रेरणा को विकसित होने दीजिए और (ये) ये अनुभ...
- इससे वातावरण नहीं बनेगा?... वातावरण बनता है, और हमारे गुरुदेव परोक्ष रूप से यहाँ छाए रहते हैं। गायत्री माता का प्रकाश और आलोक, आ...
- इसी तरीके से अपने स्वास्थ्य के लिए जो खान-पान और आहार-विहार जैसा रखना चाहिए था, वैसे रखा क्या?... चिन्तन में, चिन्तन की शैली में जिस तरह की शालीनता का समावेश होना चाहिए था, वो रखा गया क्या? न, न हमन...
- इसीलिए आपको ये प्रायश्चित करने के साथ-साथ में तितीक्षा करने के साथ-साथ में अब एक नया काम शुरू कर देना चाहिए - क्या शुरू कर देना चाहिए?... पापों का प्रायश्चित - समयदान। समयदान के लिए क्या करना चाहिए? समयदान के लिए (क्या) क्या करना चाहिए? अ...
- इसीलिए क्या करना चाहिए?... अनीति के विरुद्ध आप अगर तन के नहीं खड़े होंगे, तो अनीति दिन-दिन बढ़ती चली जाएगी, और आपको ही नहीं, बल्क...
- इसीलिए जन्म मिला था क्या?... जिस काम के लिए जन्म मिला था वही किया क्या? पेट के लिए जितनी जरूरत थी उससे (ज) ज्यादा कमाते रहे क्या?...
- ईंटें क्या (है)?... मामूली मिट्टी है, जो पानी बरसते ही बह जाती है। लेकिन जब उसको तपा देते हैं आग में, तो ईंट कैसी मज़बूत ...
- उज्ज्वल कल्पनाएँ आपको करना नहीं आता?... आप विधायक विचार नहीं कर सकते, आपको निषेधात्मक विचारोंं को हटाना नहीं आता। आप विधेयात्मक विचार सोच ली...
- उन तरीकों को आप अख्तयार कर लीजिए, मालदारों को खूब बहकते हैं, मालदार कोई कम बहकते हैं क्या?... गरीबों की जेब कटती है, वो इनकी जेब कटती है और मालदारों को उल्लू बनाया जाता है, मालदार और भी ज्यादा उ...
- उनके बिछुए जमीन पर पड़े मिले, रामचन्द्रजी ने पूछा — इन जेवरों में से सीताजी का कौन है?... उन्होंने बिछुओं को तो पहचान लिया कि ये सीताजी का बिछुआ है, लेकिन गले के हार को नहीं पहचान सके, कानों...
- उनको क्या विशेष सम्पदा मिली?... आप उनके जीवन को पढ़िए। बोधिवृक्ष के नीचे, एक पेड़ के नीचे, जिसके नीचे उन्होंने तप किया था, उनको एक खा...
- उनसे क्यों नहीं कहा?... नहीं, नारद जी कह नहीं सकते थे। जो आदमी अपना निश्चय स्वयं करता है, उसी की दूसरे सहायता कर सकते हैं। आ...
- उन्होंने कहा - मुनासिब क्या है?... जो मुनासिफ था, वही लोगों से कहा। यज्ञों में, यज्ञों में हिंसा होती है न, हम हिंसा नहीं करेंगे। यज्ञ ...
- उन्होंने ये कहा अगर भगवान ने ऐसे वेद बनाये हैं जिसमें कि नैतिक सिद्धान्तों का परिपालन नहीं हुआ है, तो फिर ऐसे भगवान को मानने की आवश्यकता क्या है?... फिर उन्होंने भगवान के मानने से इन्कार कर दिया। कहने का अर्थ ये है कि उन्होंने विवेक को, बुद्धम शरणम्...
- उपवास का एक, ब्रह्मचर्य का दो, मौन का तीन, जमीन पे सोने का चार, अपनी सेवाएँ अपने आप करने का पाँच - ये क्या बात है?... ये मनोबल (के) बढ़ाने की प्रक्रियाएँ हैं। आदमी का संकल्प मजबूत होना चाहिए। अध्यात्म का प्राण ही वह संक...
- उपासना में क्या तमाशा होते हैं?... नहीं साहब यहाँ ये चक्र चमकेंगे और कुण्डलिनी चमकेगी, और रात को सपने दीखेंगे, और गणेशजी दीखेंगे, और आज...
- उस पानी से कौन लाभ उठा पाता है?... आप ये बताइए। हर कोई फायदा उठा लेता है? न। हर कोई फायदा नहीं उठा सकता। हर जगह हरियाली बादलों से हो जा...
- उसके लिए भी तैयार रहिए, मुकाबला के लिए तैयार रहिये, उस स्थिति में आप क्या करेंगे?... ये भी कल्पना कीजिए। यानि कल्पना में कहने का अर्थ ये है, भविष्य के बारे में न केवल सुनहरा सपना देखिये...
- उसने महिला संगठन की दृष्टि से न जाने क्या से क्या कर डाला, कैसे हो गया?... उसने बदल दिया, उनका कायाकल्प हो गया।
कैसे कायाकल्प होगा? मैं बताने वाला हूँ आपको। पर आपको ये जान ही...
- उसमें क्या किया, उनको लिबास कहाँ से आया?... पोशाक कहाँ से आये? शृंगार कहाँ से आये? उन्होंने सिन्दूर से उनको लपेट दिया, और सिन्दूर से उन पत्थरों ...
- उसे सद्गुणों से, सत्प्रवृत्तियों से सम्पन्न कैसे किया जाए?... एक प्रश्न यही है, सबसे बड़ा, जिसको अगर कोई आदमी समाधान कर लेता है, तो समझ लीजिए उसने अपने भविष्य को उ...
- एक और ब्रह्म है?... जिसको आपको अपने ढंग से बनाना है। वो कौन सा परब्रह्म है वो आपको अँग्रेजी में इसको सुपर चेतन कहते हैं।...
- एक दिन मान लीजिए फोड़ भी दे, तो रोजाना कैसे करेंगे?... आप उनके पास किस तरीके से रहेंगे? वो अपना काम छोड़कर आपके पास कैसे आएँगे? इसलिए एक ही तरीका है सत्संग...
- एक से एक बढ़िया आहार है और भोजन है; लेकिन आहार और भोजन के होते हुए भी अगर कोई आदमी, कोई आदमी का पेट खराब हो जाए तब?... आप क्या खिला करके रहेंगे? और उल्टा पेट में दर्द होगा। आप पौष्टिक भोजन दीजिए, मलाई-मिठाई दीजिए। लेकिन...
- एक से एक बढ़िया परामर्श देने वाले, एक-से सहायता देने वाले क्या सहायता कर सकते हैं?... कोई सहायता नहीं कर सकते। कब किसकी? जिसकी के दिमाग खराब हो गया है। दिमाग खराब हो गया है क्या करेंगे? ...
- एक-एक गलती, एक-एक विचारधारा, एक-एक भूल के बारे में कौन सुधार करे?... इसलिए ये काम आप को स्वयं ही करना पड़ेगा। आप ही अपने गुरु हैं, आप ही अपने शिक्षक हैं और आप ही अपने साध...
- एकान्त सेवन करते थे, क्यों?... क्योंकि उनका बाहर का चारों ओर का जो जंजाल जिसमें उनको बुरी तरीके से चक्रव्यूह में फँसे हुए अभिमन्यु ...
- ऐसा कभी हुआ है क्या?... ऐसा नहीं होता, आपको गलना पड़ेगा। अगर आप नहीं गलेंगे तब, तब फिर आप भगवान से क्या उम्मीद करेंगे। आपने स...
- ऐसी भी साधना होती है?... इतनी सस्ती होती है? साधना इतनी सस्ती होती है? इतनी कीमती चीजें आप इतने डैम चीप (damn cheap) कीमत में...
- ऐसे हो सकता था?... न, हो नहीं सकता था। ये कैसे हो गया? ये कायाकल्प हो गया शिवाजी का। वो शिवाजी जो माता के पेट में से पै...
- और आदमी का दिमाग खराब हो जाए तब?... एक से एक बढ़िया परामर्श देने वाले, एक-से सहायता देने वाले क्या सहायता कर सकते हैं? कोई सहायता नहीं कर...
- और आप भजन कैसे कर लेंगे, फिर आप अच्छी जिन्दगी कैसे जी लेंगे?... फिर आप मीठे वचन का अभ्यास कैसे कर लेंगे? जब हर आदमी हैरान होगा तब आपको गुस्सा क्यों नहीं आयेगा? इसलि...
- और आप शक्कर नहीं खाएँगे तो (क्या) क्या बात बन जाएगी?... और आपने घी खाना बन्द कर दिया है तो (कौन) कौन (जब तक) ऐसी बड़ी बात हो गई है, जिसकी वजह से आपको काम में ...
- और आपने आपके साथ में किसी ने कोई बुराई कर ली या किसी ने दुख भुगत लिये बार-बार (करने की) कहने की जरूरत क्या है?... भूत सो भूत, गया सो गया। आप भूत पर मत विचार कीजिए, भूत से आप अनुभव तो इकट्ठा कर सकते हैं लेकिन चिन्ता...
- और आपने घी खाना बन्द कर दिया है तो (कौन) कौन (जब तक) ऐसी बड़ी बात हो गई है, जिसकी वजह से आपको काम में सफलता मिलेगी?... इन चीज़ों में तो नहीं है दम, लेकिन दम उस बात में है, कि आपने इतना कठोर निश्चय कर लिया है, और आपने एक ...
- और उस रास्ता तलाश करने में एक रास्ता ये भी है आपने जो गल्तियाँ की हैं उनका प्रायश्चित कैसे होगा?... भरपाई कैसे होगी? आप उसके लिए उदार सहयोग क्या करेंगे? आप उसके लिए जनसेवा के लिए क्या कदम उठाएँगे? इसक...
- और ऐसी जिन्दगी कौन पसन्द करेगा?... जो बीमारियों से घिरी हुई हो। बीमारियों से घिरा हुआ होना, और कमजोरी से घिरा हुआ होना, ये प्रकृति के व...
- और कर्म पक्ष?... कर्म पक्ष उसे कहते हैं जिसमें सेवा का समावेश होता है, परोपकार का समावेश होता है, पुण्य कर्मों का समा...
- और कैसे करेंगे?... क्यों करेंगे? क्रिया के साथ-साथ में चिन्तन को आप जोड़ दीजिए। चिन्तन और क्रिया को, दोनों को जोड़ देते ह...
- और क्या किया बताइए, धर्म राज ने क्या किया, अर्जुन ने कौन सा बड़ा काम कर लिया, भीम ने क्या-क्या किया, नकुल-सहदेव किस काम में लगे रहे?... सब सबने मिलजुल करके सिर्फ एक ही काम किया - भगवान का गोवर्धन उठाए हैं और भगवान के काम आएँ। ये कैसे उत...
- और जंगली पेड़ और माली के बगीचे के लगाये हुए पेड़ उनको आपने देखा नहीं है क्या?... कैसे बढ़िया-बढ़िया गुलाब के फूल आते हैं! रंग-बिरंगे (गुलाब) फूल आते हैं। कितने बड़े-बड़े फूल आते हैं ये ...
- और पड़ोसियों, और महोल्ले वालों को और उन लोगों को जिनके एहसान आपके ऊपर लदे हुए हैं, उनके लिए जिन अध्यापक ने आपको पढ़ाया था और वो आजकल बिचारा भिखारी की तरह गुजारा कर रहा है, आप उसके प्रति भी कुछ हक नहीं है क्या आपका?... चार बेटों को बराबर बाँट दिया, चार बेटों को बराबर बाँट दिया, चार बेटों को बराबर बाँट दिया।
ऐसा मत क...
- और पैसा दे करके आप क्या भला करेंगे आदमी का?... आप दूसरों को प्यार दीजिए। लोगों की आत्माएँ किस कदर प्यार के बिना तड़पती रहती हैं। आप दूसरों को सम्मा...
- और, और अगर आपने अपने फर्ज और कर्तव्यों को समझ रखा हो तब?... फर्ज का ज्ञान नहीं, कर्तव्य का ज्ञान नहीं, कोल्हू के बैल के तरीके से सारे दिन मरते रहते हैं, दूसरों ...
- और, जिन लोगों को जिस चीज की जरूरत नहीं थी, उनको प्रसन्नता के लिए उपहार रूप में लादते रहे क्या?... क्यों? वजह क्या? ये सब गलतियाँ, ये गलतियाँ हैं।...
- और, देवता का एक और लक्षण है - क्या लक्षण है?... देवता अकेले नहीं खाते हैं, अकेले नहीं खाते हैं, अकेले नहीं खाते हैं, मिल-बाँट के खाते हैं। अगर आपके ...
- कन्याकुमारी से लेकर और वहाँ तक रामेश्वरम तक, ये कैसे हुआ?... ये बराबर समय का विभाजन करते रहे। अन्य भाषाओं को सीखते-पढ़ते रहे।
अब्राहिम लिंकन जब सड़क पर निकलते ...
- कपड़े की कीमत क्या हो सकती है?... कपड़ा तो ज़रा सी कीमत का था। लेकिन भगवान के भण्डार में चला गया तो लाखों गुना हो गया।
भगवान ने देखा ज...
- कपड़े कौन पहनता है?... शादी-विवाह किसके होते हैं? कुटुम्ब बना करके कौन रहता है? दवा-दारू का इन्तजाम किसके लिए है? बोलना किस...
- कबूतर बीमार पड़ते हैं?... लोमड़ी, खरगोश जो जंगल में उछलते हैं, कहीं बीमार पड़ते देखे हैं आपने? कोई नहीं पड़ता है।
एक ही बेवकूफ ...
- कम बच्चों से गुजारा नहीं हो सकता?... कम बच्चे जो हैं उसको आप पर्याप्त नहीं मान सकते। ऐसे मानिये। अब बच्चे मत बढ़ाइए। जो बच्चे हैं उनकी क्...
- कमजोर जिन्दगी जियेगा?... कौन पसन्द करेगा? और ऐसी जिन्दगी कौन पसन्द करेगा? जो बीमारियों से घिरी हुई हो। बीमारियों से घिरा हुआ ...
- कमाने के लिए जाएगा तब घर के सामान का क्या होगा?... चोरी कोई कर ले जाएगा तब, रखवाली के लिए तो कोई चाहिए न। अगर बच्चे न पैदा करने हो तो बात अलग, बच्चा अग...
- करना क्या चाहिए?... करना ये चाहिए - कल के परिणामों पे हम ज्यादा विचार करें, और आज (के) अपनी गतिविधियों का निर्धारण इस तर...
- कल (की) शानदार होने के लिए आज आपको क्या करना होगा?... एक ही बात करनी पड़ेगी - आप अपने प्रत्येक क्रियाकलाप में इस बात का समावेश करें, कि हमारा कल, भविष्य कि...
- कल हम उसको पूरा कर देंगें, बस फिर क्या हो जाएगा?... बहुत अच्छा हो जाएगा, बहुत अच्छा हो जाएगा। आप जीवन की रीति-नीति को प्रातःकाल जिस तरीके से आपने आज की ...
- कह भी रहा था ‘असीयम भोक्तुं भैक्ष्यमपीह लोके’ मैं तो भीख माँग करके भी खा सकता हूँ, दुकान करके भी खा सकता हूँ, नौकरी करके भी खा सकता हूँ, पेट भर सकता हूँ - फिर मैं क्यों लड़ूँगा?... नहीं, उन्होंने कहा - ये आपत्तिकाल है, आपत्तिकाल के धर्म विशेष होते हैं।...
- कहाँ है आँवा?... जिस कोठरी में आप रहते हैं उसको आप आँवा मानिए, अथवा शान्तिकुञ्ज को आप आँवा मानिए। इस अँवे में आपको कै...
- कहाँ हैं तीर्थ आपको कहीं दिखाई पड़ते हैं क्या?... मुझे तो कहीं भी दिखाई नहीं पड़ते। सैरगाह, सैरगाह दिखाई पड़ते हैं, पुरानी, ऐतिहासिक घटनाएँ जरूर जहाँ-...
- काम, मेहनत, मजदूरी क्यों नहीं करता?... पात्रता तो भिखारी को भी चाहिए, भिखारी को भी चाहिए, फिर सामान्य लोग हों तो पात्रता के बिना दुनिया में...
- कामधेनु क्या है?... कामधेनु आध्यात्मिकता है। आध्यात्मिक चिन्तन ले के जाइए, आध्यात्मिक दृष्टिकोण ले के जाइए। अगर आप आध्या...
- कि आपकी महत्त्वकांक्षा नहीं बढ़नी चाहिए?... आपकी महत्त्वकांक्षा जरूर बढ़नी चाहिए। पर आप अहंकार के नाम पर लोगों के सामने अपना चकाचौंध कहने के नाम...
- कि हमारा जीवन किस तरीके से ठीक बन सकता है?... आपको अपने कर्तव्यों पे ध्यान देना चाहिए। आपको अपने ज्ञान को परिष्कृत करना चाहिए और अपनी भक्ति-भावना ...
- कितनी सारी नदियाँ, कितनी सारी नदियाँ, कितनी सारी नदियाँ लीजिये साहब हमारा पानी लीजिये, हमारा पानी लीजिये क्यों, क्यों लीजिये?... क्योंकि वो समझते हैं कि हमारे पानी को जमा करने कि शक्ति इसमें है। और हम अपने पानी को जमा करती हैं तो...
- किताबें कौन पढ़ सकता है?... अगर आपको इतनी सुविधाएँ मिली हुई हैं आप कभी एकान्त में बैठ कर के विचार करें तो मालुम पड़ेगा कि भगवान क...
- किन मदों में खर्च को बढ़ाया जाए?... अर्थ सन्तुलन कैसे रखा जाए? जो आप कमाते हैं, उसी हिसाब से बजट कैसे बनाया जाए? ये पूरे का पूरा गणित और...
- किन मदों में होने वाले खर्च को रोका जाए?... किन मदों में खर्च को बढ़ाया जाए? अर्थ सन्तुलन कैसे रखा जाए? जो आप कमाते हैं, उसी हिसाब से बजट कैसे बन...
- किन, किन मदों में किया जाए?... किन मदों में होने वाले खर्च को रोका जाए? किन मदों में खर्च को बढ़ाया जाए? अर्थ सन्तुलन कैसे रखा जाए? ...
- किन-किन कामों में खर्च कर डाली?... आपको अभी से इसका जबाव तैयार कीजिए। आपके ये, ये जबाव माकूल नहीं है, कि हमारे पास पेट के कमाने के लिए ...
- किस जगह जाएँ?... किसके पास जाएँ? क्या करें वहाँ जा कर के? क्या करें?
सैरगाहों में क्या करेंगे?...
- किस वजह से?... हाथ-पाँव बड़े हो गए हैं, नहीं। हाथ-पाँव बड़े नहीं हुए हैं, हाथ-पाँव उसके वही हैं। हाथ-पाँव में कोई अ...
- किसकी जरूरत है?... तीन चीजों की जरूरत है आपके कुटुम्बियों को। एक आपके कुटुम्बियों को जरूरत है, एक कुटुम्बियों को जरूरत ...
- किसकी बात, कि बड़े शानदार मन्दिर बनाना जरूरी है क्या?... या बना सकते हैं क्या? समर्थ गुरु रामदास ने महावीर मन्दिर बनाए, कैसे बनाए? मिट्टी के (झोंपड़ो) मिट्टी...
- किसके पास जाएँ?... क्या करें वहाँ जा कर के? क्या करें?
सैरगाहों में क्या करेंगे?...
- किसके लिए जाएँगे?... भीख मागेंगे घर-घर जा के, नहीं साहब भीख तो नहीं, घर-घर जाएँगे, ऐसे ही बीड़ी का प्रचार करेंगे। आप जा क...
- किसके साथ बने?... भगवान के साथ, भगवान कौन? भगवान आप ये मान के चल सकते हैं कि एक बहुत बड़ा (एक) बिजलीघर है, जिसके साथ-सा...
- किससे सम्पर्क मिलाएँ?... भगवान से। भगवान से आप इस बीच आप सम्पर्क मिलाने की कोशिश कीजिये। और लोगों से अपने आपको पीछे हटा लीजिय...
- कुटुम्ब की जितनी जिम्मेदारियाँ पूरी करनी चाहिए थीं, उसको पूरा करने के स्थान पर अनावश्यक संख्या में लोग बढ़ाते रहे क्या?... और, जिन लोगों को जिस चीज की जरूरत नहीं थी, उनको प्रसन्नता के लिए उपहार रूप में लादते रहे क्या? क्यों...
- कुटुम्ब के शामिल होने का मतलब ये है कोई, कैसा कुटुम्बियों का भी लालच आप पूरा करते रहेंगे?... लालच मत पूरा कीजिए।
कुटुम्बियों की अनावश्यक आवश्यकताओं को - अनावश्यक माँगों को मानने से इन्कार कर ...
- कुटुम्ब परिवार आपका भारी क्यों पड़ना चाहिए?... आपको पेट भरने में दिक्कत क्यों होनी चाहिए? आप औसत नागरिक, भारतीय की तरीके से अगर जिन्दगी जिएँ, और कि...
- कुटुम्ब बना करके कौन रहता है?... दवा-दारू का इन्तजाम किसके लिए है? बोलना किसको आता है? किताबें कौन पढ़ सकता है? अगर आपको इतनी सुविधाए...
- कृष्ण भगवान ने देखा कि जब जा रहे हैं इनका सहयोग कौन करेगा?... अकेले कैसे क्या कर पाएँगे? देवताओं ने कहा कि भगवान हमको भी आज्ञा, चलने दीजिए, हम भी आपके साथ-साथ चले...
- केवल शरीर के लिए और कुटुम्बियों के लिए सारा समय खर्च कर देंगे?... आप अंशदान निकालिए, साधन जो आपके पास हैं वो सारे के सारे साधन औलाद के लिए खर्च मत कर डालिए। जो साधन आ...
- कैसी गन्दी हवा चल पड़ी है लोगों में, गन्दी हवा चल पड़ी है, गन्दी हवा में आप भी बहेंगे क्या?... आप मत बहिए। न चमत्कार देखिए। चमत्कार आदमी के अन्दर है।...
- कैसी ये कैसे हो गया?... अरे गिरधर गोपाल की बात, गिरधर गोपाल कौन? पत्थर का टुकड़ा - नहीं, पत्थर का टुकड़ा नहीं सशक्त और जीवन्त।...
- कैसे करें प्रायश्चित?... आपको मालूम है हम कुछ घटनाएँ सुनाते हैं आपको।...
- कैसे सम्भव हुआ?... तपश्चर्या के द्वारा। आपने परशुराम जी के बाबत सुना है। उनके पास एक ऐसा कुल्हाड़ा था, जिस कुल्हाड़े को...
- कैसे सेवा नहीं होगी?... आप नर रत्नों का उत्पादन घर की खदान में कर सकते हैं, अगर आप अपने घर का संस्कारी वातावरण बना लें। सब ल...
- कैसे हो गया?... नाले ने अपने आपको समर्पित कर दिया। किसको? नदी को। अगर समर्पित न करता तब? अगर आपके जैसी मनः स्थिति का...
- कैसे हो पायेगा?... ये प्रकृति का नियम कोई नहीं बदल सकता। भगवान ने प्रकृति के नियमों को ऐसा बना दिया है कि वो अपने स्थान...
- कोई (त) तपस्वी बनता क्यों?... कोई (न) निग्रहित अपने आप को करता क्यों? (क्यों) अपनी इन्द्रियों को मारता क्यों? फिर तो अपना मनमौजी ज...
- कोई (न) निग्रहित अपने आप को करता क्यों?... (क्यों) अपनी इन्द्रियों को मारता क्यों? फिर तो अपना मनमौजी जीवन जिया करते, विलासिता का जीवन जिया करत...
- कोई दीन-दुखियारे भी रहते हैं क्या?... समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य फर्ज हैं क्या? नहीं साहब हमने जो कमाया था, चार बच्चों को बराबर बाँट दिय...
- कोई पूजा-उपासना की, क्या पूजा उपासना की?... अर्जुन की क्या बात थी आप बताइए। कोई अनुष्ठान, जप, तप, ध्यान, धारणा, प्रत्याहार, समाधि, कुण्डलिनी, कु...
- कोई भी आदमी, कोई भी आदमी जिसने कठिनाइयों का सामना नहीं किया है, सिद्धान्तों के लिए और आदर्शों के लिए कष्ट नहीं सहा है, वो आदमी मज़बूत कैसे हो पाएगा?... फिर वो बिलकुल कच्चा रहेगा। समय आते ही, जब मुसीबत आ जाएगी, तभी भाग खड़ा होगा और अपने संकल्पों और सिद्ध...
- कोई मर्यादा है?... आप चाहें जितना खर्च कर डालिए। लेकिन आपकी वास्तविक आवश्यकताएँ बहुत कम हैं।
और कुटुम्ब, कुटुम्ब का ज...
- कोई रुपयों का बण्डल दिया है क्या, हमको पोटले भर कर दिया है क्या, हमको औलादें दी हैं क्या?... नहीं] कभी किसी ने नहीं दिया। केवल सन्त का वरदान, सन्त और ॠषि, देवता जो किसी आदमी को दे सकते हैं, और ...
- कोई संयमी बनता क्यों?... कोई (त) तपस्वी बनता क्यों? कोई (न) निग्रहित अपने आप को करता क्यों? (क्यों) अपनी इन्द्रियों को मारता ...
- कोई संस्कृति भी है क्या?... कोई दीन-दुखियारे भी रहते हैं क्या? समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य फर्ज हैं क्या? नहीं साहब हमने जो कमा...
- कोई सीमा है?... कोई मर्यादा है? आप चाहें जितना खर्च कर डालिए। लेकिन आपकी वास्तविक आवश्यकताएँ बहुत कम हैं।
और कुटुम...
- कौन सा मिला हुआ है?... कपड़े कौन पहनता है? शादी-विवाह किसके होते हैं? कुटुम्ब बना करके कौन रहता है? दवा-दारू का इन्तजाम किस...
- कौन सा वाला?... ये इन्द्रिय संयम की बात मैं कह रहा था। अभी और मुझे आप से कहना है। आप समय का संयम — समय आपकी सम्पत्ति...
- क्या इम्तिहान में पास हो गए थे?... उन्होंने (अपनी जमीन में से) दो प्रतिज्ञाएँ की थीं, कि जलाराम (मेहनत) मेहनत मजूरी करेंगें, और खेती मे...
- क्या कर दिया?... आपके लिए एक वातावरण बना कर के हमने रखा है। शान्तिकुञ्ज में क्यों बुलाया? वातावरण के लिए बुलाया है। ज...
- क्या करना चाहिए?... आपको स्वर्गीय जीवन जीने के लिए मनोकामना एक केन्द्र पर आगे कर लीजिए, पीछे हटा लीजिए - क्या परिणाम मिल...
- क्या करना पड़ेगा?... एक ही करना पड़ेगा, आप उसको सौंप दीजिये, अपने आप को उसके हाथ की कठपुतली बना लीजिये, तब देखिये भगवान क्...
- क्या करना होगा?... (आपको) उसके साथ में जुड़ जाना होगा। जुड़ जाने को ही उपासना कहते हैं। उपासना का मतलब है—जुड़ जाना। पास ब...
- क्या करें वहाँ जा कर के?... क्या करें?
सैरगाहों में क्या करेंगे?...
- क्या करेगा भगवान?... फूल भगवान को रिश्वत के रूप में देंगे, आप रिश्वत क्या देंगे? फूल जरूरत पड़ेगी भगवान कहीं से भी, कहीं ...
- क्या कह रहे होंगे?... क्या कह रहे होंगे - न त्वहं कामये राज्यं, न स्वर्गं नापुनर्भवम। कामये दुःख तप्तानाम, प्राणिनाम आर्तन...
- क्या कारण क्या है?... पहले की अपेक्षा खाने की वस्तुएँ भी ज्यादा हैं, सामान भी ज्यादा है फिर इस तरह की मुसीबत क्यों आती हैं...
- क्या किसी ने बिना परिश्रम के कमा ली हैं?... बिना पुरुषार्थ के कमाई जा सकीं? ना! कमाई नहीं जा सकेंगी। (नी) जब पुरुषार्थ करना पड़ता है उन्नति के लि...
- क्या कीमत है?... दो कौड़ी की। लकड़ी को आप पैर के नीचे पलट दीजिये, तोड़-मोड़ कर फेंक दीजिये, छू लीजिये, इधर से उधर करते रह...
- क्या खिलाए गए?... ऐसे पदार्थ खिलाए गए जिससे कि उनके शरीर में नए जीवाणु बनें, नया जीवन आए, टॉनिक टाइप की कुछ चीज़े थीं ऐ...
- क्या ध्यान रखना चाहिए?... कि हमारा जीवन किस तरीके से ठीक बन सकता है? आपको अपने कर्तव्यों पे ध्यान देना चाहिए। आपको अपने ज्ञान ...
- क्या न भुलाएँ?... ये मत भुलाइए कि आपको अपने सूराखों को बन्द करना है, (अपनेआ) अपने छिद्रों को रोकथाम करनी है, अपनी मलीन...
- क्या बात है?... वो इतने मोटे कैसे हो जाते हैं, मजबूत कैसे हो जाते हैं और बंगाल वाले कैसे कमजोर रह जाते हैं? वातावरण ...
- क्या वजह थी?... सिर्फ एक ही वजह थी कि उन्हें 'राम काज कीन्हें बिना मोहे कहाँ विश्राम'।...
- क्या विचार करना चाहिए?... आपको इन दोनों समयों में, आत्मबोध और तत्त्वबोध की साधना करनी चाहिए। प्रात:काल जब उठा करें, तो आप अपने...
- क्या विचार करें?... आप ये विचार कीजिए, क्या विचार करें, कि हमको महान बनना है।...
- क्या शुरू करें?... आप ये मान के चलिए - जिन्दगी एक बहुत लम्बी कड़ी है, एक लम्बी वाली शृंखला है। बहुत लम्बी शृंखला, बहुत ...
- क्या सिखाया जाता है इसके अलावा?... वाणी के उपयोग करने के अलावा वाणी के कई उपयोग सिखाये जाते हैं। संगीत का शिक्षण इसलिए सिखाया जाता है क...
- क्या हम करेंगे?... और अपने आपको, अपने आप में जब कच्चाइयाँ आयेंगीं, जब आपको कच्चाइयाँ ये मजबूर करेंगी, कि जो करते रहे वह...
- क्या हिम्मत करें?... ये हिम्मत करें कि ऊँचे उठने वाले जिस तरीके से संकल्पबल का सहारा लेते रहे हैं, और हिम्मत से काम लेते ...
- क्या है ये?... लक्ष्मण जी के ब्रह्मचारी होने का सबूत है जिसकी वजह से वे इतना बड़ा काम करने में समर्थ हो सके।
ये स...
- क्या-कैसे हुआ था?... मथुरा जिले में एक कोशी नाम की जगह है। उसके पास जंगल में एक महात्मा रहते थे, तपसी बाबा उनका नाम था। त...
- क्यों आप सम्पन्न अनुभव नहीं कर सकते?... आप गरीबी को छोड़ दीजिए, और अमीरी यहाँ से ले के जाइए। बदल जाइए, आप गरीबी की बात छोड़ दीजिए। उस लिस्ट क...
- क्यों आपकी सहायता करेगा?... ‘‘आस बिरानी जो करे, जीयत ही मर जाये”, ये इतिहास की कथा है। अब ठीक है वक्त मिल जायेगा तो सहायता मिल भ...
- क्यों करते हैं आप ऐसा?... आप सिगरेट पीना चाहते हैं, कोको-कोला पीना चाहते हैं, इसीलिए पीना चाहते हैं न कि आप कमा करके लाते हैं ...
- क्यों पूरी की?... औरों की क्यों नहीं की। और इच्छा करते हैं, मनोकामना करते हैं उनकी इच्छा क्यों नहीं पूरी करते। क्योंकि...
- क्यों पड़ता है?... सिर्फ एक वजह है इसकी बीमार पड़ने की, कि अपनी जीभ को इतना छुट्टल बना देता है, कि वो अभक्ष्य खाती रहती ...
- क्यों मिथ्या होते हैं?... अगर आप ये पात्रता जिसके लिए हमको बहुत जोर देना है। जिसके लिए आपको अनुष्ठान करा रहे हैं। चिन्तन बदलने...
- क्यों मिली थी?... इसीलिए मिली थी कि उसने अपनी पात्रता साबित की थी। सिंहनी का दूध दुहने के लिए, परीक्षा कि थी उनके (पित...
- क्यों, अयोध्या में क्या कमी थी?... अयोध्या में वातावरण नहीं था।
हिमालय का वातावरण है, संस्कारी वातावरण, जिसमें कि हजारों वर्षों से लो...
- क्यों, आप अपनी मर्जी पर क्यों चलाएँगे?... आपकी मर्जी पर क्यों चलने लगे भगवान? भगवान के अपने कुछ नीति और नियम हैं। कुछ मर्यादा और कायदे हैं।...
- क्यों, क्या वजह हुई?... क्राइम, क्राइम आदमी के व्यक्तित्व को खतम कर देता है। आमदनी क्या मिली, क्या नहीं मिली मैं नहीं कहता आ...
- क्यों, क्योंकि लोभ तो कहाँ बनने देगा न?... लोभ तो आपको उचित-अनुचित काम करने के लिए लगाये रहेगा, मेहनत करने के लिए लगाये रहेगा, कर्ज लेने के लिए...
- क्यों, पीला क्यों हो जाता है?... इसलिए हो जाता है कि चारों ओर सूखी हुई घास पीला हुआ रेत दिखाई पड़ता है, उसको देखते-देखते वो पीले रंग...
- क्यों, विचार करने से क्या फायदा?... ये फायदा है, गलतियाँ समझ में आयेंगी तो सुधार की गुंजाइश पड़ेगी। गलतियाँ समझ में नहीं आयेंगी तो आप सु...
- क्योंकि आदमी को सम्पन्न बनने के लिए तो अनेक साधन चाहिए, साधन तो कुछ भी नहीं, फिर सम्पन्न कैसे बनेंगे?... पर लालच आप अगर छोड़ दिया होता तो आप इतने ही गुजारे में, कम समय में कर सकते थे और लालच जितना आपका समय...
- क्योंकि आपकी सारी शक्ति - सारा प्यार इन थोड़े से आदमियों में ही केन्द्रित हो गया है, अपनी औरत को ही सब कुछ समझ बैठे हैं, अपने बच्चों को ही सब कुछ समझ बैठे हैं, कोई समाज भी रहता है क्या?... कोई संस्कृति भी है क्या? कोई दीन-दुखियारे भी रहते हैं क्या? समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य फर्ज हैं क्...
- क्योंकि बैंक वाला उधार देने के पहले हजार बार ये तलाश करता है जिस आदमी को दिया जाने वाला है, वो ठीक पैसे का इस्तेमाल करेगा कि नहीं करेगा?... उसको पैसा वापस मिलेगा कि नहीं मिलेगा। अगर ये न हो तो कोई देने को तैयार नहीं हो सकता। आपने देखा है न,...
- खराब आदमी है इसको हम अच्छा बनायेंगे, सज्जन बनायेंगे ये क्यों नहीं सोचते?... खराब आदमी है। अमुक को मार डालेंगे, हत्या कर डालेंगे, ये क्यों सोचते हैं? ये मत सोचिये। आप दृष्टिकोण ...
- खर्च कैसे किया जाए?... खर्च कैसे किया जाए? किन, किन मदों में किया जाए? किन मदों में होने वाले खर्च को रोका जाए? किन मदों मे...
- खान-पान का जो आपको नियम-बन्धन बताये गये हैं क्या आप घर पर नहीं कर सकते थे, क्यों नहीं कर सकते थे?... क्या वजह है जो नहीं कर सकते थे। जप-अनुष्ठान जो आप से कराया जा रहा है क्या आप घर नहीं कर सकते थे? जरू...
- खाने-पीने को न मिले शारीरिक दुख, हारी बीमारी हो जाये शारीरिक दुख, बस और क्या दुख है बताइये, कोई दुख नहीं, खाने पीने की कमी है क्या?... नहीं, कुछ कमी नहीं, आप सऊर से रहें भले आदमी के तरीके से तो बीमारी भी नहीं आये। बीमारी आयें भी तो ऐसी...
- खाली विचार करें कैसे बने?... आप उनकी विचारों की एक बड़ी सामर्थ बना लीजिए, एक सेना बना लीजिए।...
- खेतों में इतनी सामर्थ होती, तो फिर आप (क्यों) क्यों किसी का इन्तजार करते?... बादलों को ही आना पड़ेगा। घर-घर आपको ही जाना पड़ेगा - आपके पास नहीं आएँगे। दुर्घटना से घिरे हुए आदमी कि...
- गड्ढा न होगा तब?... सूरज की कृपा तो हरेक के ऊपर है; पर जिसकी आँखें खराब हो गई हों, उसको क्या कर लेगा सूरज! दुनिया में एक...
- गलतियाँ कहाँ होती हैं इसी को समझ करके तो सुधारेंगे, और जो कुछ आपने गुनाह किये हैं उनका परिष्कार के लिए आपको क्या करना है, और खाई को कैसे पाटना है?... ये तभी तो करेंगे जब पिछली बातें याद आयें, पिछली बातें याद आयें। पिछली बातें याद करने का नाम है चिन्त...
- गलतियाँ समझ में नहीं आयेंगी तो आप सुधारेंगे क्यों?... बीमारी का निदान हो जाये आपको, चैकिंग करा करके पता चला लें कि आपके भीतर टी.बी. की शिकायत है तभी तो आप...
- गला दीजिये न, गलाने मन नहीं है?... गलाइए। आप गलाने कि हिम्मत नहीं करेंगे, बीज को अपनी पोटली में रख के बैठे रहेंगे जिन्दगी में और ये अपे...
- गिरने की क्या बात है?... जमीन में एक विशेषता है, कशिश है वो खींच लेती है। नीचे की तरफ गिराने वाली कशिश इस संसार में इतनी भरी ...
- गूँगी, बहरी, अन्धी हो तब?... तो कौन शादी करेगा? इसीलिए पात्रता बहुत जरूरी है। कल हमने कहा था न उस दिन आपसे कहा था कि पानी का गड्ढ...
- ग्रैविटी पृथ्वी में है न - ग्रैविटी क्या करती है?... ऊपर की चीज़ों को नीचे घसीटती है। घसीट लेती है। सेब का पेड़, सेब का फल न्यूटन ने देखा, जमीन पे ऊपर से ग...
- घर और सामान की सुव्यवस्था को किस तरीके से रखा जाना चाहिए?... - वगैरह, वगैरह, सांसारिक ज्ञान उन महिलाओं को कुटुम्ब के बीच में ही रह कर के मिलता है।...
- घर-घर अलख जगाते थे, अलख क्या?... अलख ऐसे कहते थे, घर-घर दरवाजे पर खड़े होते थे और गीत गाते थे, एक आदमी हो तो एक, नहीं तो दो हों तो दो...
- घर-घर जाना चाहिए, किसके लिए?... जन सम्पर्क के लिए, जन सम्पर्क किसके लिए? धर्म धारणा जागृत करने के लिए, विचार क्रान्ति के लिए, जन मान...
- घी कभी आपने छटाँक भर खा लिया, कभी पाव भर खा लिया, कभी आधा किलो खा लिया, कभी एक बूँद पी लिया, ऐसे कोई बात बनती है क्या?... दवा है, दवा की एक सीमा है, दवा की मर्यादा की खुराक होती है। च्यवनप्राश मिलेगा तो एक छटाँक खायेंगे, क...
- घोड़े से बड़ा पुरुषार्थ?... ज्ञानी से बड़ा पुरुषार्थ? एक से एक बड़े पुरुषार्थी पड़े हुए हैं प्राणी, लेकिन आदमी की जो उन्नति हुई ...
- चन्द्रगुप्त अकेला था?... नहीं, अकेला नहीं था। चाणक्य ने कुछ पक्षपात किया था। नहीं, चाणक्य बिचारा क्या पक्षपात कर सकता था। उन्...
- चल ये रहा है कि आप लोकमंगल के लिए, और जन-साधारण (को) की सेवा कैसे करेंगे?... आपने जो समाज से ॠण लिया है, उसको चुकाएँगे कैसे? आप लोगों को ऊँचा उठाने के लिए करेंगे क्या? ये भी तो ...
- चाय अस्सी पैसे की आती है और दस पैसे का क्या आयेगा?... एक बटे आठ कप चाय आएगी अर्थात एक घूँट चाय आएगी। एक घूँट चाय से आप भगवान का, समाज का, देश का सब ऋण पूर...
- चार बच्चे किसने पैदा किए थे?... यज्ञ ने। नहीं, यज्ञ ने नहीं किए थे। मनः शक्ति ने। मनः शक्ति से अरे भाई मनः शक्ति से भी नहीं। शृंगी ऋ...
- चार बच्चों को बराबर बाँट दिया?... और पड़ोसियों, और महोल्ले वालों को और उन लोगों को जिनके एहसान आपके ऊपर लदे हुए हैं, उनके लिए जिन अध्य...
- चाहें जब जरा सा काम किया फिर विश्राम, जरा सा काम फिर विश्राम कोई ऐसे काम होते हैं क्या?... काम करने की शैली - कर्मयोग - कर्मयोग को अगर आप अपने ज्ञानयोग में मिला दें, संध्या-वन्दन में मिला दें...
- चिन्तन में, चिन्तन की शैली में जिस तरह की शालीनता का समावेश होना चाहिए था, वो रखा गया क्या?... न, न हमने शरीर के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन किया, न अपने मस्तिष्क के प्रति कर्तव्यों का पालन ...
- चिड़ियाएँ कहाँ खुशामद करती हैं?... जानवर कहाँ उनकी प्रार्थना, पूजा करते हैं? इतने सृष्टि के जीव-जन्तु हैं, इसमें से कौन पूजा, प्रार्थना...
- च्यवनप्राश मिलेगा तो एक छटाँक खायेंगे, कल तीन छटाँक खायेंगे, कल एक रत्ती खाएँगे, कल सवेरे खायेंगे, आज दोपहर को खायेंगे, तीन दिन बिल्कुल नहीं खायेंगे, कोई ऐसे लाभ होते हैं?... नियमितता का बहुत लाभ है। उपासना का, नियमितता का बहुत लाभ है।
आप यहाँ से जाने के बाद में अपनी उपासन...
- छह हजार दाने, छह हजार दाने हो गए, न किसके हो गए?... एक बीज के।
आप भगवान के खेत में अपने आपको बोइए। गला दीजिये न, गलाने मन नहीं है? गलाइए। आप गलाने कि ...
- जन सम्पर्क के लिए, जन सम्पर्क किसके लिए?... धर्म धारणा जागृत करने के लिए, विचार क्रान्ति के लिए, जन मानस का परिष्कार करने के लिए, लोक मानस में आ...
- जप-अनुष्ठान जो आप से कराया जा रहा है क्या आप घर नहीं कर सकते थे?... जरूर कर सकते थे। जो पुस्तकें पढ़ने का जो नियम-मर्यादा पालन करने के लिए यहाँ कहा गया है आप घर पर भी क...
- जब आपका मरने का दिन आयेगा तब फिर क्या होगा?... तब आपको यहाँ से जाने के बाद में सीधे भगवान के दरबार में जाना पड़ेगा, और सिर्फ एक बात का जवाब देना पड़े...
- जब हर आदमी हैरान होगा तब आपको गुस्सा क्यों नहीं आयेगा?... इसलिए क्या करना चाहिए? अपना व्यक्तिगत जीवन सुख और शान्तिमय बनाने के लिए अपने कुटुम्ब और परिवार के बा...
- जवान को हम बच्चा कैसे बना पाएगें?... बच्चे को हम माँ के पेट में किस तरीके से धकेल पाएगें? बच्चे को पेटवाले को पीछे पिता के वीर्य कण के रू...
- जहाँ स्वर्ग था - स्वर्ग कहाँ था?... स्वर्ग हिमालय के उस इलाके में है जिसको नन्दनवन कहते हैं - गोमुख से आगे। स्वर्ग जमीन पे था। सुमेरु पर...
- जानवर कहाँ उनकी प्रार्थना, पूजा करते हैं?... इतने सृष्टि के जीव-जन्तु हैं, इसमें से कौन पूजा, प्रार्थना करता है? तो क्या भगवान ध्यान नहीं रखता? त...
- जितनी भी सामाजिक कुरीतियाँ हैं, उसमें क्या बात है जरा बताइए?... आज का फायदा, कल का नुकसान। आप भी यही करेंगे, न। लोगों के रास्ते से हटिए। लोगों के रास्ते से हट करके ...
- जिन्दगी एक अच्छे काम के लिए लग जाय तो कोई हर्ज है क्या?... बस वो चल पड़ी, चल पड़ी फिर हिमालय ने देखा, हिमालय ने देखा ऐसी शानदार छोकरी, ऐसा शानदार उसका मन। ऐसी शा...
- जिस आदमी के भीतर करुणा न हो वो कोई धर्मात्मा है?... , वो कोई भक्त हो सकता है? नहीं, भक्त नहीं हो सकता। जिसके हृदय में करुणा नहीं है, दया नहीं है, सेवा क...
- जिस काम के लिए जन्म मिला था वही किया क्या?... पेट के लिए जितनी जरूरत थी उससे (ज) ज्यादा कमाते रहे क्या? कुटुम्ब की जितनी जिम्मेदारियाँ पूरी करनी च...
- जिस दिन आप प्यार पैदा करेंगे, उस दिन आपके मन में से एक ही उमंग और ऐसी हिलोर उत्पन्न करेगी कि हमको कैसे दूसरों की सहायता करनी चाहिए, कैसे हम दूसरों की मदद करें?... जब दूसरों की सहायता (करने) करने के लिए आमादा होंगे, तो आपको अपने में से (क) कटौती करनी पड़ेगी, साधु औ...
- जिसकी (आँखों का) आँखों का तिल साबुत होगा, वही तो देखेगा?... जिसकी आँखों का तिल साबुत नहीं है, वो कैसे देख पायेगा! जरा आप ही तो बताइये। जिसकी कानों की झिल्ली खरा...
- जिससे हजारों का भला होता हो, एक आदमी को आप दुख को दूर कर दें वो भी है तो अच्छी बात, खराब बात तो वो भी नहीं है, उससे हजार गुनी, लाख गुनी बात ये है कि लोगों के विचारों को, लोगों की भावना को (दिशा) आप ठीक कर दें, जिन -जिन लोगों ने ऐसा किया है असल में वो पुण्य आत्मा कहलाई गई, कौन?... नारद जी का मैंने जिकर किया था न, नारदजी ने उन लोगों को दिशायें दी और दिशायें देने के बाद में न जाने ...
- जीतते भी रहते हैं, टीम बना कर खेलते हैं, हार गया, ऐ हार गया तो क्या?... और पत्ता खेलते रहते हैं न, ताश खेलते रहते हैं, शाह कट गया, आ, बेगम कट गई, ओहो गुलाम भी कट गया, सब कट...
- जीवन मुक्त और भगवान की प्राप्ति एक ही अर्थों में ली गई है, तो फिर जीवन मुक्त क्या है?... जीवन मुक्त उसे कहते हैं जो कि बन्धनों से टूट गया है, छूट गया है। जो पिंजरे में से निकल गया, जो जेल ख...
- जीवात्मा कहीं मरता है क्या?... शरीर तो कपड़ों के तरीके से है रोज बदलते रहते हैं। भय से आदमी की निवृत्ति, मृत्यु के भय से निवृत्ति, ...
- जो आप कमाते हैं, उस कमाई को बढ़ाना तो घर से बाहर होता है, लेकिन उसको खर्च कैसे किया जाए?... खर्च कैसे किया जाए? किन, किन मदों में किया जाए? किन मदों में होने वाले खर्च को रोका जाए? किन मदों मे...
- जो आप कमाते हैं, उसी हिसाब से बजट कैसे बनाया जाए?... ये पूरे का पूरा गणित और अर्थशास्त्र आपको घर के, कुटुम्ब में, दायरे में रह कर के सीखने को मिल सकता है...
- जो पुस्तकें पढ़ने का जो नियम-मर्यादा पालन करने के लिए यहाँ कहा गया है आप घर पर भी कर सकते थे, लेकिन फिर यहाँ क्यों आना पड़ा?... यहाँ का वातावरण है। वातावरण बनाने के लिए हमने बहुत मेहनत की है, और वातावरण (का) आप कीमत समझिए - वाता...
- जो बाकी आपके तीन चौथाई आदमी जिस ढंग से गुजारा करते हैं, आप क्यों नहीं कर सकते?... ईश्वरचन्द्र विद्यासागर यही करते थे। उनको पाँच सौ रूपये की आमदनी थी। पचास रूपये में अपना गुजारा करते ...
- जो हम नहीं कर सकते उसके लिए आप क्यों दबाव डालते हैं?... भगवान मालदार नहीं बनाते, मालदारों को गरीब बना देते हैं। आपने देखे हैं न। हरिश्चन्द्र से ले करके जितन...
- ज्ञानी से बड़ा पुरुषार्थ?... एक से एक बड़े पुरुषार्थी पड़े हुए हैं प्राणी, लेकिन आदमी की जो उन्नति हुई है, वास्तव में सहकारी समाज...
- टॉनिक सेवन से क्या मतलब है?... टॉनिक सेवन से मतलब ये है कि जिन विचारों का अब तक आपको अभाव रहा है, उन विचारों को फिर से सेवन करना शु...
- ठीक है हम हैं दूसरे और लोग हैं ये तो कोई मशीन घुमा देते होंगे, ताकत कहाँ से आई इतनी?... हवाई जहाज तो करोड़ों रुपये का आता है। ये करोड़ों रुपये का हवाई जहाज पैदा करने की शक्ति किसी और में ह...
- तपश्चर्या अगर आदमी कोई न करे, तब शक्तिमान हो जायेगा?... नहीं। तपश्चर्या जो नहीं कर सकता सामर्थ्यवान नहीं हो सकता, शक्तिशाली नहीं हो सकता। इसीलिए आपको यहाँ इ...
- तब आप क्या किया?... मन नहीं माना और जहाँ आप नहीं सोचना चाहते थे, जो नहीं करना चाहते थे किया तो आप एक समय का खाना बन्द कर...
- तब आपको यहाँ से जाने के बाद में सीधे भगवान के दरबार में जाना पड़ेगा, और सिर्फ एक बात का जवाब देना पड़ेगा - आपने इस जिन्दगी का कैसे इस्तेमाल किया?... अगर आपने ठीक तरीके से इस्तेमाल नहीं किया है तो भगवान आपसे बेहद नाराज होंगे, भली से आपने अनुष्ठान किए...
- तब क्या करना चाहिए?... तब क्या करना चाहिए? हमारे यहाँ शास्त्रकारों ने आदमी के लिए सबसे बड़ा पुरुषार्थ ये बताया (गया) है, (और...
- तब क्या काम करें?... आप ये विचार कीजिए कि आपके पास जो मिला हुआ है, वो कितना ज्यादा है। भगवान ने कितना ज्यादा आपको दिया है...
- तब फिर क्या हुआ उनका?... वहाँ लोग पूजा तो करते थे, पर पूजा 'भी' करते थे, पूजा 'ही' नहीं करते थे। आज (आज) की खराबी ये है, आज ह...
- तब बात पूरी हो जाएगी?... ना, बात (प) पूरी नहीं हो सकती; आपको इसके साथ में अपनी श्रद्धा सँजो कर के रखनी पड़ेगी। श्रद्धा को सँज...
- तुम क्या कहते हो नारद?... लेकिन नारद ने अपना आग्रह जारी रखा, नहीं मेरी मनोकामना पूरी कीजिए, मुझे मालदार बनाइये, मुझे विषय-वासन...
- तो आदमी की मन:स्थिति को कैसे बदला जाए?... आदमी की मन:स्थिति को बदलने के लिए वही किया जा रहा है, जो आपको सिखाते हैं। आपको वाणी का उपयोग सिखाते ...
- तो आप अब क्या गौदान देंगे?... लेकिन अब आप ऐसा कीजिए, हमसे गौदान ले जाइए, एक कामधेनु ले जाइए, कामधेनु ले जाइए। कामधेनु क्या है? काम...
- तो आप क्या कह रहे हैं?... मैं ये कह रहा हूँ क्या? कि आपकी महत्त्वकांक्षा नहीं बढ़नी चाहिए?
आपकी महत्त्वकांक्षा जरूर बढ़नी चा...
- तो कैसे उतार पायें?... अपना दायरा बढ़ा दीजिए, दायरा बढ़ा दीजिए, जो चीजें आपको अपनी मालूम पड़ती हैं उनमें प्रसन्नता होती है ...
- तो कौन शादी करेगा?... इसीलिए पात्रता बहुत जरूरी है। कल हमने कहा था न उस दिन आपसे कहा था कि पानी का गड्ढा होना जरूरी है, बा...
- तो क्या करना चाहिए?... उसके लिए अपना मनोबल मजबूत करने के लिए आपको कोई संकल्प लेना चाहिए, संकल्प-शक्ति का विकास करना चाहिए। ...
- तो क्या करना चाहिए?... आपको स्वर्गीय जीवन जीने के लिए मनोकामना एक केन्द्र पर आगे कर लीजिए, पीछे हटा लीजिए - क्या परिणाम मिल...
- तो क्या करें फिर?... दुष्टों के प्रति द्वेष, न बेटे द्वेष करेगा तो आप ही जल जाएँगे। ईर्ष्या, ईर्ष्या से भी आप जल जाएँगे। ...
- तो क्या करें?... अब आपको भविष्य में ऐसी विचारधारा के साथ, ऐसे लोगों के साथ, ऐसे लक्ष्य के साथ, ऐसी महान सत्ता के साथ ...
- तो क्या जरूरी है?... बेटे के लिए विरासत छोड़ कर जाइए ताकि आदमी ये कह सके कि किसका बच्चा था? जिससे आपका सम्मान बढ़े। न केव...
- तो क्या भगवान ध्यान नहीं रखता?... तो क्या भगवान नाराज हो जाता है? क्या जो आदमी जप करेगा उसी से प्रसन्न होगा, जो जप नहीं करेगा उससे प्र...
- तो क्या भगवान नाराज हो जाता है?... क्या जो आदमी जप करेगा उसी से प्रसन्न होगा, जो जप नहीं करेगा उससे प्रसन्न नहीं होगा। नहीं, जप करने का...
- तो क्या है?... बराबर ये दबाव रहता है ये काम करना था जो हम नहीं कर पा रहे हैं, चप्पल इसीलिए तो नहीं पहनते। चप्पल बार...
- तो ये कैसे होगा?... इसमें दो आदमियों के सहयोग की जरूरत पड़ती है। अकेले आप नहीं कर पाएँगे, हम समझते हैं। लेकिन अगर कोई बा...
- त्याग कौन करता है?... भूखा कौन रहता है? अपना घर का काम कौन छोड़ता है? आपके अन्दर वो शराफत मालुम पड़ती है, और वो जिन्दगी मालु...
- थर्ड डिवीज़न को मिलती है क्या?... फेल होने वाले को मिलती है क्या? हमको हमारे साथ में उदार कीजिये दया कीजिये, उदार कीजिये दया कीजिये, उ...
- थोड़ी सी पूजा से अगर ये सब चीजें मिल गई होतीं, तो फिर किसी आदमी को अपने जीवन को परिष्कृत करने की ज़रूरत क्या पड़ती?... कोई संयमी बनता क्यों? कोई (त) तपस्वी बनता क्यों? कोई (न) निग्रहित अपने आप को करता क्यों? (क्यों) अपन...
- दर्शन करने की बुद्धि कहाँ है?... केवल देखने जाते हैं। बद्रीनाथ का खिलौना, जगन्नाथ का खिलौना, फलाने जगह का खिलौना। मन्दिरों में रखे हु...
- दवा-दारू का इन्तजाम किसके लिए है?... बोलना किसको आता है? किताबें कौन पढ़ सकता है? अगर आपको इतनी सुविधाएँ मिली हुई हैं आप कभी एकान्त में ब...
- दिमाग खराब हो गया है क्या करेंगे?... अपना दिमाग तो सही हो, अपनी झिल्ली तो सही हो, अपना अपनी आँखों का तिल तो सही हो। ये सही होगा, तो फिर स...
- दुनिया में इंसानों की चाल-चलन क्या रहे हैं?... दुनिया में किस तरीके से उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, ये हम इतिहास से सीखें।...
- दुनिया में एक से एक सुहावने दृश्य (दिखाई) दिखाई पड़ते हैं; एक-से सुहावने दृश्यों को देख कौन सकेगा?... जिसकी (आँखों का) आँखों का तिल साबुत होगा, वही तो देखेगा? जिसकी आँखों का तिल साबुत नहीं है, वो कैसे द...
- दुर्व्यसनों की कीमत पर क्या-क्या खरीदा जाता है?... ईर्ष्या खरीदी जाती है, बीमारियाँ खरीदी जाती हैं, बेअकली खरीदी जाती है, अपयश खरीदा जाता है, सब चीजें ...
- दूरदर्शी हैं बच्चे?... नहीं, दूरदर्शी नहीं हैं।
जो आदमी दूरदर्शी नहीं है, वो न्यायोचित - न्यायोचित बात को विचार नहीं कर स...
- दूसरा आदमी कौन अपने पास बैठने देगा?......
- दूसरा आदमी कौन सहयोग करेगा?... दूसरा आदमी कौन अपने पास बैठने देगा?...
- दूसरा कहाँ तक बनाएगा?... बचपन में तो होता भी है। गुरुकुलों में ऋषि लोग छोटे बच्चों को महापुरुष बनाने की शिक्षा दिए देते भी है...
- दूसरे काम कैसे बनें?... इसीलिए इसको जुड़ जाना आवश्यक है। जुड़े बिना बड़ी शक्ति प्राप्त नहीं हो सकती, बड़े काम सम्भव नहीं हो सकते...
- देखने की दृष्टि कहाँ है?... दर्शन के लिए दृष्टि चाहिए। दिव्य-दृष्टि दी थी श्रीकृष्ण भगवान ने अर्जुन को। अर्जुन कहता था हमको भगवा...
- देखिए, आपका भविष्य कैसे शानदार बनता है?... कायाकल्प से हमारा उद्देश्य यही था। और आपको कायाकल्प से उद्देश्य यही समझना चाहिए। उसकी तैयारी कीजिए ज...
- देते रहते हैं - क्या मतलब?... देते रहने का मतलब ये है कि अगर उनके पास कोई चीज है, तो लोगों को बाँटते रहते हैं, और लोगों की मुसीबतो...
- देवता अपने आप देंगे?... नहीं। अपने आप कौन दे देगा? आप अपने पैसे किसी को दे देंगे क्या? नहीं। बैंक वाला स्वयं किसी को रुपया द...
- देवता किसे कहते हैं?... जो दिया करता है। देने वाले का नाम सेवाभावी। देने वाले का नाम सेवाभावी। सेवाभावी आप बन जाइये, देने वा...
- देवता की तरीके से क्यों नहीं जीएँ?... देवता की तरीके से जीएँ आप।
आपका पुराना ढर्रा बेहूदगियों से भरा हुआ है। आप ऐसा करें यहाँ से जाने के...
- देवता को पुकारते हैं, हे भगवान जी हमारी सहायता कीजिए, गणेश जी हमको बुद्धि दीजिए, लक्ष्मीजी हमको पैसा दीजिए, उनका स्वभाव है, क्या स्वभाव है?... देते रहते हैं। देते रहते हैं - क्या मतलब? देते रहने का मतलब ये है कि अगर उनके पास कोई चीज है, तो लोग...
- देवर किसे कहते हैं?... बच्चे किसे कहते हैं? अमुक बात कैसे होती है, मेहमान किसे कहते हैं? अतिथि घर में कैसे आते हैं? पैसे की...
- दोनों एक साथ जोड़ कैसे होगा?... इसीलिए भगवान सिर पर हाथ रख करके जा बैठे। अरे! तुम क्या कहते हो नारद? लेकिन नारद ने अपना आग्रह जारी र...
- दोस्तों को क्या देंगे?... धन, धन नहीं। फिर सोचिए धन नहीं। आपको अपनी भावनाएँ, और अपनी विचारणाएँ, और उनको ऊँचा उठाने और, और ऊँचा...
- द्रौपती के साथ पक्षपात, आपके साथ पक्षपात क्यों नहीं?... नहीं मतलब एक ही बात है कि द्रौपदी ने साबित कर दिया था उसको मिलने का हक़ है।
आप ये साबित कीजिये कि आ...
- धन खर्च हो गया और धन के अलावा भी तो कुछ किया था न, हाँ और क्या किया था उनका ईमान खराब किया था, चरित्र खराब किया था न, दुखों और दर्दों की आग में ढकेल दिया था न, कितने आदमियों का कतल करने के बाद में कितनी आत्माओं ने चीत्कार किया होगा वो, पैसा ही तो चुका दिया, और वो उसका क्या हुआ?... आम्रपाली ने अपने भावी जीवन को भूत काल की खाई को पाटने के लिए समर्पित कर दिया, वो सन्त हो गई। सन्त हो...
- ध्रुव के भाई-बहन और भी तो होंगे, उनके पास क्यों नहीं गए?... उनसे क्यों नहीं कहा? नहीं, नारद जी कह नहीं सकते थे। जो आदमी अपना निश्चय स्वयं करता है, उसी की दूसरे ...
- न ऐसा नहीं है, तब क्या है?... , नैवेद्य का अर्थ है मिठास - हम अपने आप (को मिठास) (मीठा) मीठा जीवन जिएँ। (हम) हमारे (व्यवहार) में म...
- नए जन्म में क्या करना चाहिए?... आपकी सारी बुद्धिमानी इस बात पर टिकी हुई है, (कि आप) अपने जीवन की सम्पदा का किस तरीके से उपयोग किया। ...
- नजदीक आ जाएँ?... बस वही तो मैं कह रहा हूँ। नजदीक आने का एक तरीका है। वो तरीका है अपने आप को सौंप देना और होम देना। उस...
- नर और नारी एक समान वाली बात है?... आप बार-बार कहते हैं न, नर और नारी को समानता का दर्जा मिलना चाहिए, इसका प्रयोग आप अपने घर में नहीं कर...
- नल छोटा हो तो क्या?... नल नाचीज हो तो क्या? अगर आपने सच्चे मन से भगवान के साथ में अपने आप को जोड़ के रखा है तो भगवान कि सम्प...
- नल नाचीज हो तो क्या?... अगर आपने सच्चे मन से भगवान के साथ में अपने आप को जोड़ के रखा है तो भगवान कि सम्पदाएँ और जो उसकी विभूत...
- नहीं साहब हाथ को तो हम धोयेंगे, पैर को नहीं धोयेंगे, ये क्या बात?... पैर को क्यों नहीं धोएँगे, पैर को भी धोना पड़ेगा, हाथ धोते हैं तो पैर को भी साफ रखना पड़ेगा। इसी तरीक...
- नहीं साहब, पैसा हमारे पास कम है, तो पैसा कौन माँग रहा है आपसे?... और पैसा दे करके आप क्या भला करेंगे आदमी का? आप दूसरों को प्यार दीजिए। लोगों की आत्माएँ किस कदर प्यार...
- नहीं हुए तो बात बिगड़ जाएगी, क्या बात बिगड़ जाएगी?... दुनिया में बिना पढ़े भी तो हैं। आप मैट्रिक पास रह गये तो क्या आफत आ गई। नहीं साहब हमारा ये हो जाएगा,...
- नहीं, भगवान ने नहीं, भाग्य ने कर दिया क्या?... नहीं, भाग्य ने भी नहीं किया। पर किसी और आदमी ने किया। किसी ने भी नहीं किया। सबने सहायता तो जरूर की। ...
- नानक क्या हो सकते थे?... नानक बिलकुल मामूली आदमी होते, एक बनिये की दुकान कर रहे होते। नमक-चावल बेच रहे होते और ढेरों बच्चे पै...
- नारद जी को आप नहीं जानते?... नारद जी को देखा न, सेवामय जीवन था न, जहाँ-तहाँ, जहाँ-तहाँ चले गए। चरक का जीवन पढ़ा है न - चरक ने (सार...
- नारद जी, नारद जी बाकी बच्चों के पास क्यों नहीं गए?... ध्रुव के भाई-बहन और भी तो होंगे, उनके पास क्यों नहीं गए? उनसे क्यों नहीं कहा? नहीं, नारद जी कह नहीं ...
- निर्माण में क्या?... निर्माण उसे कहते हैं कि जो चीज़ें आपके पास नहीं हैं, या जो स्वभाव और गुण और कर्म में जो बात शामिल नही...
- नेक कामों की कमी है?... नहीं, कहीं कमी नहीं है। लेकिन आपका दृष्टिकोण क्यों गन्दा है? दृष्टिकोण की वजह से आपका मन वहीं जा पहु...
- पंच कर्म किसे कहते हैं?... पंच कर्म कहते हैं शरीर का संशोधन। उनको पाँच कर्मों में बाँटा गया है:
(i) एक आता है टट्टियाँ जाना, द...
- पति के साथ व्यवहार किस तरीके से किया जाए?... सास क्या होती है? देवर किसे कहते हैं? बच्चे किसे कहते हैं? अमुक बात कैसे होती है, मेहमान किसे कहते ह...
- पर यही तो विचार करते हैं] कल हम रहेंगे तो कहाँ रहेंगे?... बुढ़ापे में जाएँगे तो कहाँ रहेंगे? हमारा कुटुम्ब कहाँ रहेगा? इसीलिए विचार करते हैं। कल की सम्भावनाओं...
- पर शंकराचार्य फिर क्या हो गये?... शंकर भगवान का अवतार माने जाते हैं न? अगर शंकर भगवान ने—आदि शंकराचार्य ने अपने दृष्टिकोण में हेर-फेर ...
- पराक्रम अगर आप करेंगे, तो जिस तरीके से?... आगे बढ़ने के लिए दो कदम बढ़ाने पड़ते हैं। एक कदम के बाद दूसरा, दूसरे के बाद एक। ऐसे कदम बढ़ा कर के मंजिल...
- परामर्शों की कीमत (नहीं) नहीं समझते?... सलाह मशवरे की कीमत नहीं समझते? आप बहुत कुछ दे सकते हैं। आप वही दीजिए यहाँ से जाने के बाद में। यहाँ स...
- परिश्रमशील नहीं बनायेंगे?... अगर आप अपने घर गृहस्थी वालों को स्वाबलम्बी नहीं बनाया है तो ये आपका मोह है।...
- परिस्थितियाँ आपके अनुकूल बन जाएँ कोई गारण्टी है?... फिर, आपकी मनोकामनाएँ पूरी हो जाएँ कोई जरूरी है? मनोकामना पूरी नहीं हो पाती, इसलिए आदमी आमतौर से दुखी...
- परिस्थितियों का उपयोग किस तरीके से करें?... अपने पास जो सामान और साधन मिला हुआ है या मिल सकता है, आप (इसमें) ठीक तरीके से इस्तेमाल किस तरीके से ...
- परोपकार से और आगे बढ़िये, नकल कीजिए, किसकी?... जिससे हजारों का भला होता हो, एक आदमी को आप दुख को दूर कर दें वो भी है तो अच्छी बात, खराब बात तो वो भ...
- पहले की अपेक्षा खाने की वस्तुएँ भी ज्यादा हैं, सामान भी ज्यादा है फिर इस तरह की मुसीबत क्यों आती हैं?... आदमी भटक गया है। जीवनयापन करने की चर्चा के सम्बन्ध में, खान-पान सब अस्त-व्यस्त, सब अस्त-व्यस्त। जिसक...
- पहाड़ उखाड़ के भी लाते रहे और जप जप आपका सिर्फ जप, जप, जप एक ही बात सीख ली, दूसरी बात ही नहीं सीखी अब कुछ, बस वो सबसे सुगम वाला, बैठे-बैठे लकड़ी हिलाने वाला, सिर हिलाने वाला, जीभ की नोंक हिलाने वाला, आपने इतना सस्ता उपासना समझ लिया, इतनी सस्ती उपासना होती है कहीं, जिसमें त्याग न करना पड़ता हो, कष्ट न उठाना पड़ता हो, पुरुषार्थ न करना पड़ता हो - साधना कहीं ऐसी भी होती है?... ऐसी भी साधना होती है? इतनी सस्ती होती है? साधना इतनी सस्ती होती है? इतनी कीमती चीजें आप इतने डैम चीप...
- पात्र अगर न होंगे तब?... पात्र अगर न होंगे तब आपको किस तरीके से होगा। शादी कोई लड़की करना चाहे किसी अच्छे लड़के से और वह बुड्ढी...
- पात्रता का इससे क्या मतलब है?... वही मेरा आज बताने का मेरा मन है। पात्रता का अर्थ होता है—जीवन को परिष्कृत करना। जीवन को परिष्कृत करन...
- पानी के भीतर आप छाया देखना चाहें, बिन्दु देखना चाहें, तब पानी को साफ होना चाहिए, साफ न बनेगा तो, कैसे बनेगा?... इसीलिए भगवान के नजदीक जाने के लिए सबसे पहला काम जो करना पड़ता है, वो अपनी सफाई करनी पड़ती है। अपनी सफा...
- पेट के लिए जितनी जरूरत थी उससे (ज) ज्यादा कमाते रहे क्या?... कुटुम्ब की जितनी जिम्मेदारियाँ पूरी करनी चाहिए थीं, उसको पूरा करने के स्थान पर अनावश्यक संख्या में ल...
- पेड़ कितना ऊँचा है?... बहुत ऊँचा है। और भगवान कितना ऊँचा है। बहुत ऊँचा है आप जरा गुँथ के देखिये न, उसके अनुशासन को पालिए न,...
- पैसे की देखभाल कैसे रखी जाती है?... घर और सामान की सुव्यवस्था को किस तरीके से रखा जाना चाहिए? - वगैरह, वगैरह, सांसारिक ज्ञान उन महिलाओं ...
- पैसे को शक्ति समझते हैं — श्रम को (श) शक्ति समझते हैं, पर विचारों को क्यों नहीं समझते?... विचार असल में सबसे बड़ी शक्ति है। विचारों का अपव्यय मत होने दीजिये। विचारों को आवारा कुत्ते की तरीके...
- पोशाक कहाँ से आये?... शृंगार कहाँ से आये? उन्होंने सिन्दूर से उनको लपेट दिया, और सिन्दूर से उन पत्थरों को लपेट देने के बाद...
- प्यार क्या करते हैं?... प्यार करते हैं, तो मूल्य दीजिये न। मजनू ने कहा मैं क्या दूँ? उन्होंने कहा डाक्टरों ने ये कहा है लैला...
- प्रज्ञावतार की माँग क्या है?... आप कान खोल के उसी को सुनिए, और सुनने के बाद में पूरी हिम्मत के साथ में, पूरी वफादारी और जिम्मेदारी क...
- प्रत्यक्ष सेवा नहीं करेंगे?... केवल मात्र ज्ञान ही सुनाते रहेंगे, उपदेश ही करते रहेंगे। केवल उपदेश! उपदेश केवल नहीं है। ज्ञान के सा...
- फर्ज़ और कर्तव्य का पालन करने का अगर आपका मन होगा और मर्जी होगी, तब फिर क्या हो जाएगा?... फिर मजा हो जाएगा। फिर क्या हो जाएगा? फिर बहुत कुछ हो जाएगा, बहुत कुछ हो जाएगा, अपने फर्ज, फर्ज में क...
- फिजूलखर्चियों के लिए तो कोई रास्ता है?... कोई सीमा है? कोई मर्यादा है? आप चाहें जितना खर्च कर डालिए। लेकिन आपकी वास्तविक आवश्यकताएँ बहुत कम है...
- फिर आप उनके मालिक कैसे हुए?... सम्पत्ति जो आप पेट में खा सकते हैं और तन में ढक सकते हैं सिर्फ उतनी ही आपके इस्तेमाल करने के लिए है,...
- फिर आप देखिये कैसा मजा आता है?... भगवान की मर्जी तो पूरी कीजिये, फिर देखिये आपको कुछ मिलता है क्या? अभी मैंने सुदामा का नाम लिया न आपस...
- फिर आप मीठे वचन का अभ्यास कैसे कर लेंगे?... जब हर आदमी हैरान होगा तब आपको गुस्सा क्यों नहीं आयेगा? इसलिए क्या करना चाहिए? अपना व्यक्तिगत जीवन सु...
- फिर आप ये कहेंगे - इन नायाब मौके को अच्छे से अच्छा उपयोग क्यों न कर लिया जाये?... फिर, आप क्या करेंगे? फिर आप अपना टाइम टेबल और अपनी रीति-नीति ऐसी बनाएँगे जैसे राजा परीक्षित ने बनाई ...
- फिर काहे में लगावें?... आप इस अहंकार को महानता की दिशा में बढ़िए। हम महान बनेंगे। दूसरों की तुलना में हमारे गुण, हमारे कर्म औ...
- फिर क्या करें?... (फिर) आप दो तरह के विचार करना शुरू कीजिए। ये विचार करने की श्रेणी है, ये ध्यान की श्रेणी नहीं है य...
- फिर क्या हो जाएगा?... फिर मजा हो जाएगा। फिर क्या हो जाएगा? फिर बहुत कुछ हो जाएगा, बहुत कुछ हो जाएगा, अपने फर्ज, फर्ज में क...
- फिर देखिये कि आपकी ऊँचाई बेल के बराबर—पेड़ के बराबर होती है कि नहीं?... पेड़ कितना ऊँचा है? बहुत ऊँचा है। और भगवान कितना ऊँचा है। बहुत ऊँचा है आप जरा गुँथ के देखिये न, उसके ...
- फिर मैंने क्यों ऐसी गलती कर डाली?... सम्पदा को जो मुझे जरूरत नहीं थी, उसको इकट्ठा करता है, ये क्यों करता रहा? मौत को भूल गया।
मौत जब उस...
- फिर ये परिस्थितियाँ आपके लिए नहीं होंगी क्या?... आपके लिए भी हो सकती हैं। इसलिए आप अच्छी से अच्छी उम्मीदें कीजिए, अपने भविष्य के लिए सुनहरे सपने देखि...
- फिर, आप क्या करेंगे?... फिर आप अपना टाइम टेबल और अपनी रीति-नीति ऐसी बनाएँगे जैसे राजा परीक्षित ने बनाई थी। राजा परीक्षित को ...
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- फिर, कायाकल्प में करना क्या पड़ता है?... चलिए, इसके लिए एक उदाहरण मैं आपको सुनाऊँगा। ये उदाहरण महामना मालवीय जी का है। महामना मालवीय जी ने एक...
- फिलॉसफी इनको कहाँ आती है?... देखने की दृष्टि कहाँ है? दर्शन के लिए दृष्टि चाहिए। दिव्य-दृष्टि दी थी श्रीकृष्ण भगवान ने अर्जुन को।...
- फूल की तरीके से खिलें और भगवान के लिए क्या-क्या करना पड़ता है आप जानते हैं, धूप देते हैं, नैवेद्य देते हैं, दीपक जलाते हैं, दीपक से क्या अर्थ होता है?... दीपक को आप ये मत सोचिये कि भगवान को कम दिखाई पड़ता है इसलिए आप रोशनी कर देंगे तो उनके रास्ता चलने मे...
- फूल न हो तब, तब कौन चढ़ायेगा भगवान के चरणों पर, पत्ते भी कोई चढ़ाता है, किसी और चीज को, जड़ को कोई चढ़ाता है नहीं फूल को ही चढ़ाते हैं, इसका अर्थ है भगवान के सिर पर अगर (आपको) विराजमान हैं, भगवान के हृदय (पर) अगर आपको लगना है, भगवान के चरणों (पे) स्थान प्राप्त करना है - उसका फिर (ए) एक ही तरीका रह गया - कौन (से आपको)?... कि आप फूल की तरीके से खिलें। फूल की तरीके से खिलें और भगवान के लिए क्या-क्या करना पड़ता है आप जानते ...
- फूल भगवान को रिश्वत के रूप में देंगे, आप रिश्वत क्या देंगे?... फूल जरूरत पड़ेगी भगवान कहीं से भी, कहीं बगीचे में घुस जाएगा वहीं से फूल सूँघता रहेगा। सारी दुनिया तो...
- फेल होने वाले को मिलती है क्या?... हमको हमारे साथ में उदार कीजिये दया कीजिये, उदार कीजिये दया कीजिये, उदार कीजिये दया कीजिये ये मत कहिए...
- बच्चे किसे कहते हैं?... अमुक बात कैसे होती है, मेहमान किसे कहते हैं? अतिथि घर में कैसे आते हैं? पैसे की देखभाल कैसे रखी जाती...
- बच्चे को हम माँ के पेट में किस तरीके से धकेल पाएगें?... बच्चे को पेटवाले को पीछे पिता के वीर्य कण के रूप में कैसे धकेल पाएगें। ये सम्भव नहीं है। आपकी उमर तो...
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- बदले हुए आदमी की कौन सहायता नहीं करेगा?... आप जिस दिशा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, सहायता करने वालों की दुनिया में कमी है कुछ? हर दिशा में कमी ...
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- बन्धनों में कौन जकड़ सकता है?... बन्धनों में जकड़ने के लिए उसका अपना ही अज्ञान, और अपनी ही बेवकूफी, और अपने ही कुसंस्कार हैं, जिसने आप...
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- बस फिर क्या हुआ?... बस वो जंगली जानवरों के तरीके से रहता था। बोलता भी वैसे ही था, चलता भी वैसे ही था। कच्चा माँस खाता था...
- बस, ये विचार जब जड़ जमाता हुआ चला गया, तो धीरे-धीरे, धीरे-धीरे ऐसा हो गया, कि फिर वो सब प्राणियों पे दया करने लगा और अन्ततः ज्ञानधर्म का एक बड़ा तीर्थंकर हुआ है, कैसे?... दिशा तो मिल गई, छोड़ेंगे करेंगे इसके लिए मन कच्चा न होने पावे, भूल भुलैये में न पड़ने पावें। इसलिए क...
- बहुत मेहनत करते हैं; पर कर्तव्यपालन?... कर्तव्यपालन अलग चीज है। हमारे फर्ज—हमारी ड्यूटियाँ कहाँ हैं? ड्यूटियाँ और जहाँ कहीं भी हमारे फर्ज हम...
- बादल कहाँ बरसते हैं?... वहाँ बरसते हैं जहाँ कि घनी हरियाली होती है। और बादल वहाँ बरसने से इनकार कर देते हैं जहाँ पेड़ नहीं हो...
- बादलों के पास खेत कैसे आ पाएँगे - बताइए?... खेतों में इतनी सामर्थ होती, तो फिर आप (क्यों) क्यों किसी का इन्तजार करते?
बादलों को ही आना पड़ेगा। ...
- बादलों के बराबर उदार देवता कौन सा हो सकता है?... बिना कीमत पानी बरसाता है। चाहे जितना पानी बरसाता है समुद्र से लाता है और जमीन, प्यासी जमीन को पानी प...
- बाप के कहने पर चला होता और पुरानी परम्परा पर चला होता तो सिवाय दैत्य के क्या हो सकता था?... बाप-दादे जो काम करते रहे थे, वही घिनौने काम प्रह्लाद ने भी किये होते, पर प्रह्लाद ने अपने आप को बदल ...
- बाहर के लोगों की क्यों आप खुशामद करते हैं?... बाहर के आदमी के लिए क्यों आप ये देखते हैं, इनका सहयोग हमको मिला कि नहीं मिला। दूसरों का सहयोग न मिला...
- बाहर से सतही काम कर दिया, (मेहनत) शरीर से काम करा दिया, बेगार भुगत दी — बात कैसे बनी?... आप यहाँ से जाने के बाद में अपनी कार्य पद्धति में ये बात शामिल करना। आलस्य और प्रमाद को हटा देना। आप ...
- बिना पुरुषार्थ के कमाई जा सकीं?... ना! कमाई नहीं जा सकेंगी। (नी) जब पुरुषार्थ करना पड़ता है उन्नति के लिए, उस उन्नति के लिए किए हुए पुरु...
- बुड्ढी हो तब?... बुड्ढी हो तब? गूँगी, बहरी, अन्धी हो तब? तो कौन शादी करेगा? इसीलिए पात्रता बहुत जरूरी है। कल हमने कहा...
- बुड्ढे का जवान होना सम्भव नहीं है—क्यों?... क्योंकि ये प्रकृति के नियम के विरुद्ध है। प्रकृति के नियम के साथ ढीठ कोई नहीं कर सकता। सूरज पूरब से ...
- बुढ़ापे में जाएँगे तो कहाँ रहेंगे?... हमारा कुटुम्ब कहाँ रहेगा? इसीलिए विचार करते हैं। कल की सम्भावनाओं के लिए (आज का) आज की व्यवस्था बनान...
- बुद्ध भगवान क्या थे?... एक मामूली जमींदार के लड़के थे। छोटी उमर में विवाह-शादी कर दी गई थी, लेकिन जब उन्होंने ये निश्चय किया ...
- बैंक वाला स्वयं किसी को रुपया दे देगा क्या?... नहीं। क्योंकि बैंक वाला उधार देने के पहले हजार बार ये तलाश करता है जिस आदमी को दिया जाने वाला है, वो...
- बोलना किसको आता है?... किताबें कौन पढ़ सकता है? अगर आपको इतनी सुविधाएँ मिली हुई हैं आप कभी एकान्त में बैठ कर के विचार करें ...
- भई क्या मतलब है?... बेकार की बातें, बेकार की बातें। पुराण पढ़ते हैं, सत्संग करते हैं, ये न पुराण है न ये सत्संग है, न ये...
- भगवान अपेक्षा करेंगे कि ये फूल हमारे गले में है, और सिर पर होता, तो कैसा अच्छा होता?... कृपा करके कीजिए, साधना कीजिए। और साधना के चमत्कार देखिए। साधना से सिद्धि मिलती है—इस सिद्धान्त को आप...
- भगवान उनके लिये कुछ सोना-चाँदी लेकर गए?... हीरा-मोती लेकर गए? कुछ भी नहीं ले गए भगवान।
कहीं भी जाते हैं, तो (उस) मनुष्य की पात्रता को परखने क...
- भगवान एहसान भूले नहीं - किसका?... हनुमान का - हनुमान को (उ) उसने अपना छठवाँ कुटुम्ब का सदस्य बना लिया। आपने राम पंचायतन के चित्र देखे ...
- भगवान किसे कहते हैं?... भगवान सद्गुणों का, सत्प्रतीकों का, आदर्शों के समुच्चय का नाम है। एक भगवान तो वो है जो सारे विश्व को ...
- भगवान की (कौन) खुशामद नहीं करते तो क्या देखभाल नहीं करता?... चिड़ियाएँ कहाँ खुशामद करती हैं? जानवर कहाँ उनकी प्रार्थना, पूजा करते हैं? इतने सृष्टि के जीव-जन्तु है...
- भगवान की इच्छा क्या है?... समय की माँग क्या है? प्रज्ञावतार की माँग क्या है? आप कान खोल के उसी को सुनिए, और सुनने के बाद में पू...
- भगवान की मर्जी तो पूरी कीजिये, फिर देखिये आपको कुछ मिलता है क्या?... अभी मैंने सुदामा का नाम लिया न आपसे। सुदामा ने अपनी पोटली दे दी थी। पोटली देने के बाद में भगवान ने ज...
- भगवान के खजाने को आप जा करके कभी देखें और ये तलाश लें कि सबसे बेहतरीन चीज प्राणियों को देने के लिए इसके पास क्या हो सकती थी?... तो आपको एक ही बात का पता चलेगा कि भगवान के पास सबसे कीमती दौलत, सबसे कीमती नियामत, सबसे कीमती सम्पदा...
- भगवान के बेटे को कौन जकड़ेगा?... बन्धनों में कौन जकड़ सकता है? बन्धनों में जकड़ने के लिए उसका अपना ही अज्ञान, और अपनी ही बेवकूफी, और अप...
- भगवान के साथ, भगवान कौन?... भगवान आप ये मान के चल सकते हैं कि एक बहुत बड़ा (एक) बिजलीघर है, जिसके साथ-साथ में बल्ब लगे रहते हैं, ...
- भगवान को हम क्या करें?... देते तो बहुत हैं लेकिन वो उस परीक्षा के बिना कहाँ देते हैं।
आपको याद है न। सुदामा जी एक बार माँगने...
- भगवान कोई चापलूसी पसन्द हैं?... भगवान कोई रिश्वत खोर हैं कि आपकी चापलूसी सुनते रहें और आपका अनुग्रह कर दें। नहीं, भगवान के यहाँ (की)...
- भगवान ने कर दिया क्या?... नहीं, भगवान ने नहीं, भाग्य ने कर दिया क्या? नहीं, भाग्य ने भी नहीं किया। पर किसी और आदमी ने किया। कि...
- भगवान बुद्ध में क्या विशेषता हुईघ?... भगवान से क्या वरदान मिला? उनको क्या विशेष सम्पदा मिली? आप उनके जीवन को पढ़िए। बोधिवृक्ष के नीचे, एक प...
- भगवान से क्या वरदान मिला?... उनको क्या विशेष सम्पदा मिली? आप उनके जीवन को पढ़िए। बोधिवृक्ष के नीचे, एक पेड़ के नीचे, जिसके नीचे उन...
- भरपाई कैसे होगी?... आप उसके लिए उदार सहयोग क्या करेंगे? आप उसके लिए जनसेवा के लिए क्या कदम उठाएँगे? इसके लिए आप अपने गुण...
- भलमनसाहत की कमी है?... नेक कामों की कमी है? नहीं, कहीं कमी नहीं है। लेकिन आपका दृष्टिकोण क्यों गन्दा है? दृष्टिकोण की वजह स...
- भविष्य की क्यों अनावश्यक कल्पना करेंगे?... योजना बना लीजिए। योजना बनाना कोई नहीं है, लेकिन महत्त्वाकांक्षा बात अलग है, योजना बात अलग है। हमको एम....
- भूखा कौन रहता है?... अपना घर का काम कौन छोड़ता है? आपके अन्दर वो शराफत मालुम पड़ती है, और वो जिन्दगी मालुम पड़ती है, जिससे क...
- भूल तो नहीं गए?... इसीलिए जन्म मिला था क्या? जिस काम के लिए जन्म मिला था वही किया क्या? पेट के लिए जितनी जरूरत थी उससे ...
- मकान आप किसलिए बनाते हैं?... आज तो आप धर्मशाला में भी रह सकते थे, होटल में भी रह सकते थे। पर यही तो विचार करते हैं] कल हम रहेंगे ...
- मजनू ने कहा मैं क्या दूँ?... उन्होंने कहा डाक्टरों ने ये कहा है लैला के नसों में खून का एक प्याला चढ़ाया जाएगा। आप अपना खून देंगे ...
- मन ऐसा भला आदमी है, अच्छे कामों में लग जायेगा?... नहीं, लगेगा ही नहीं मन। मन की कुसंस्कार उसके ऊपर जमा हुए हैं। आप ये उम्मीद करते हैं कि आपका मन अच्छ...
- मन की सेवा?... आदमी के उज्ज्वल भविष्य की सेवा? ये तो सेवा केवल ज्ञान से ही बन सकती है। लेकिन ज्ञान भी अपूर्ण है। आद...
- मन भला आदमी है कोई, कहने से मानता है क्या?... न किसी का मन कहने से माना नहीं है। मन नहीं लगता, मन को लगाइये, फिर मन नहीं लगता। मन ऐसा भला आदमी है,...
- मन से मुक्ति किसे कहते हैं?... मन से मुक्ति किसे कहते हैं? मन से मुक्ति कुछ और होती है, मन से मुक्ति, मन से मुक्ति कुछ और है, मन से...
- मन से मुक्ति कुछ और होती है, मन से मुक्ति, मन से मुक्ति कुछ और है, मन से मुक्ति क्या है?... बन्धनों से मुक्ति, बन्धनों से मुक्ति क्या? बन्धनों से मुक्ति ये कि (हम) जिस तरीके से हमारी विचारणाएँ...
- मनुष्य के जीवन से बढ़ के और क्या हो सकता है?... आप दूसरे प्राणियों पर नजर डालिये न। सब बिचारे किस तरीके से, कोई नंगा फिर रहा है, किसी को खाने का ठिक...
- मन्दिरों में रखे हुए जगह-जगह के खिलौने देखने जाते हैं - दर्शन इनको कहाँ आता है?... फिलॉसफी इनको कहाँ आती है? देखने की दृष्टि कहाँ है? दर्शन के लिए दृष्टि चाहिए। दिव्य-दृष्टि दी थी श्र...
- मर गया होगा तब, साँस क्या करेगी?... बहुत अच्छी प्रातःकाल की हवा है; हवा से फेफड़ों को बल मिलना चाहिए; मिलेगा तब न जिन्दा हो। जिन्दा नहीं ...
- मरते तो वो आदमी हैं जो शरीर में जिन्दा रहते हैं, जो अपने आप को आत्मा समझते हैं उनको मरने का सवाल कहाँ?... मरेंगे क्यों? मरने की बात क्या हो सकती है, मरने की कोई बात नहीं हो सकती और मरना कभी सम्भव नहीं है।...
- मरना केवल उन्हीं के लिए सम्भव है जो ये विचार करते हैं, कौन सा वाला विचार करते हैं कि हमारा दूर हैं, हम शरीर हैं, और जिस दिन भगवान के नजदीक जा कर के आदमी ये अनुभव कर ले कि हमारा जीवात्मा भगवान का ही एक अंश है - फिर, फिर क्यों मरेगा आदमी?... जीवात्मा कहीं मरता है क्या? शरीर तो कपड़ों के तरीके से है रोज बदलते रहते हैं। भय से आदमी की निवृत्ति...
- महावीर मन्दिर, पैसों का प्रबन्ध कहाँ हो सकता था?... विचार शील बातों में कोई आदमी कहाँ पैसा खर्च कर सकता है? ठगिए आप लोग, जेबें काट लीजिए, बेवकूफों की कम...
- महीने भर में, महीने भर में कितना खर्च करते हैं?... आपके व्यक्तिगत खर्च और आवश्यकताएँ बहुत कम हैं, आप फिजूलखर्चियों से बढ़ा डालें, तो इसके लिए कोई क्या ...
- मालदार बनने का और सम्पन्न बनने का दो ही तो महत्त्वाकांच्छाएँ हैं, दो ही तो मनोकामनाएँ हैं और क्या मनोकामना है?... एक लोभ की मनोकामना है, एक मोह की मनोकामना है। दो के अलावा और कोई तीसरी मनोकामना दुनिया में है ही नही...
- मालूम नहीं भूत की क्या स्थिति है पर मैं आपसे कहता हूँ, आप भूत की तरीके से क्यों जिन्दगी जीएँ?... देवता की तरीके से क्यों नहीं जीएँ? देवता की तरीके से जीएँ आप।
आपका पुराना ढर्रा बेहूदगियों से भरा ...
- मुनासिब क्या है?... लोग गलती करें तो आप क्या कर सकते हैं? (लोग) तो गलतियों का ही जमाना है। आप पानी के बहाव में तिनके के ...
- मुनासिब तरीके क्या हैं?... मुनासिब क्या है? लोग गलती करें तो आप क्या कर सकते हैं? (लोग) तो गलतियों का ही जमाना है। आप पानी के ब...
- मुर्गी जिन्दा ना हो तो अण्डा कहाँ से आए?... लेकिन जन्म देने से पहले मुर्गी के अण्डे के भीतर रहने वाले बच्चे को मेहनत करनी पड़ती है और अपनी ताकत ...
- मेढक में भी जिन्दगी है, मछली में भी जिन्दगी है, कछुए में भी जिन्दगी है, चिड़िया में भी जिन्दगी है फिर इनको क्यों हम घटिया दर्जे का मानते हैं?... उनको एक ही कमी है। इनको ज्ञान की कमी। मनुष्य ज्ञान का देवता माना गया है। ज्ञान की वजह से, मननशील होन...
- मेरठ के पास, यूपी में एक मेरठ नाम की जगह है वहाँ मेरठ के पास उस लड़के ने कहा क्योंजी माता-पिता से आप से कहा आँखें तो खराब है टाँगें तो खराब नहीं हैं, हम आपकी लकड़ी पकड़ लेंगे आप चलिए पीछे-पीछे, हमारे कन्धे पे सवार क्यों होते हैं?... श्रवण कुमार के पिता अचम्भे में रह गये, अचम्भे में रह गये। उनका मतलब ये था कि हमारा लड़का सारे संसार ...
- मैं आपको कुछ थोड़े से उदाहरण बताऊँगा, जुड़ना कैसे है?... आपने आग में लकड़ी को जलते हुए देखा। लकड़ी की क्या कीमत है? दो कौड़ी की। लकड़ी को आप पैर के नीचे पलट दीजि...
- मैं ये कह रहा हूँ क्या?... कि आपकी महत्त्वकांक्षा नहीं बढ़नी चाहिए?
आपकी महत्त्वकांक्षा जरूर बढ़नी चाहिए। पर आप अहंकार के नाम...
- मोह के लिए आपकी अकल और भावना विसर्जित हो गई, लोभ के लिए अपके शरीर का श्रम विसर्जित हो गया, फिर रह क्या गया?... तोड़िये न इन बन्धनों को।
आप यहाँ रह कर के, इस कल्प साधना में अपने आप को बदल दीजिए, और लोभ और मोह स...
- यदि इन से लोहा नहीं लेंगे तो कैसे बात बनेगी?... इसलिए आप यहाँ से जब जा ही रहे हैं, आप संघर्षशील भी होकर जाइए, शूरवीर भी हो कर के जाइए।
उदार बनिए, ...
- यहाँ (कि) कितने चौबीस लक्ष के पुरश्चरण हो चुके हैं - आप जानते हैं?... हर साल नवरात्रियों में चौबीस करोड़ का यहाँ पुरश्चरण हो जाता है। हर दिन यहाँ नौ कुण्ड के हवन में हजारो...
- यहाँ का वातावरण कहाँ है?... अयोध्या के वातावरण में आप रहते हैं, लेकिन यहाँ वातावरण की कोई गुंजाइश नहीं है। आपके सम्बन्धी रहते है...
- यही है कि दुनिया कैसे घिनौने रास्ते पर चलती रहती है, गए बीते रास्ते पर चलती रहती है, आप एक अच्छा रास्ता अख्तियार करते हैं, अपने पैरों पे खड़े हो जाते हैं, अपनी राह आप बना लेते हैं — ये क्या चमत्कार नहीं है?... इससे बड़ा और क्या चमत्कार हो सकता है? आप (इ) इतना ही चमत्कार काफी मानिए। आप अपने भीतर से अन्त:प्रेरणा...
- या बना सकते हैं क्या?... समर्थ गुरु रामदास ने महावीर मन्दिर बनाए, कैसे बनाए? मिट्टी के (झोंपड़ो) मिट्टी के दीवारों के बने हुए...
- युग की ज़रूरतें क्या हैं?... युग की ज़रूरतें क्या हैं? आपकी इच्छा क्या है? अरे बाबा एक कोने में रखिए, आपकी इच्छा क्या है? हम कहते ...
- ये कल्पना क्यों नहीं करते?... सुनहरे ख्वाब देखना नहीं आता? सुनहरे सपने सजाना नहीं आता? आप सुनहरे सपना संजोया कीजिए। निराशा के विचा...
- ये कैसे उत्पन्न हो गया?... क्योंकि वे देवता थे पहले जन्मों के, देवताओं की भावनाएँ इसी तरीके की होती हैं।...
- ये कैसे गड़बड़ हुई?... ये केवल एक ही कारण है कि आदमी को सही चिन्तन न मिल सका - सही चिन्तन के अभाव में सारे जीवन की ये मोटर ...
- ये कैसे बात बनी?... ये तपस्वी की बात कह रहा हूँ।
आपने शृंगी ऋषि का नाम सुना है। शृंगी ऋषि उन महात्मा का नाम है, जिनके ...
- ये कैसे सम्भव है?... ये इसी तरह सम्भव है। कैसे? जैसे, जैसे कि संसार के प्रत्येक महापुरुष ने अपने-अपने समय का ठीक तरीके से...
- ये कैसे हो गया?... ये कायाकल्प हो गया शिवाजी का। वो शिवाजी जो माता के पेट में से पैदा हुआ था, घर-गृहस्थी में गुजारा करत...
- ये कैसे हो गया?... अदूरदर्शिता के कारण से। दूरदर्शिता अगर उस बच्चे में रही होती, तो उसने ऐसे कदम न उठाए।...
- ये कैसे हो सकता है?... ये भी तपश्चर्या से होगा। अगर आप तपश्चर्या नहीं कर सकते, अर्थात अपने आप पे संयम नहीं लगा सकते, अपने आ...
- ये कैसे हो सकता है?... उनको मरे तो बहुत दिन हो गए, उनको मरे हुए बहुत दिन हो गए पर साहित्य को मरे हुए बहुत दिन नहीं हुए। आप ...
- ये कैसे हो सकता है?... आप अपने आप। अपने आपसे क्या मतलब? सुपर चेतना, जो हमारे भीतर है, जिसके बारे में सुबह में बताया गया है।...
- ये कैसे हो सका?... साध लिया, साधना के द्वारा। साधना जिस तरीके से जंगली जानवरों की जा सकती है उसी तरीके से, उसी तरीके से...
- ये कौन हैं?... ये सब वो आदमी हैं जो आज की, आज की सुविधाओं पर ध्यान देते हैं और ये भूल जाते हैं कि हमारा भविष्य क्या...
- ये क्या थी?... उदारता, जो उनके कपड़े के साथ में जुड़ी हुई थी। कपड़े की कीमत क्या हो सकती है? कपड़ा तो ज़रा सी कीमत का...
- ये क्या है?... ये भी गलतियाँ हैं। व्यक्तिगत जीवन में आपको गुण, कर्म, स्वभाव सम्बन्धी गलतियाँ क्या हुई? और क्राइम और अ...
- ये क्या है?... इसको देखने में तो कोई खास बात नहीं है - आपको अमुक काम करने से नमक का क्या ताल्लुक है? और आप शक्कर नह...
- ये क्या है?... ये शिखा-वन्दन है।
ये सारे के सारे कृत्य जो पंच-कर्म कहलाते हैं, ये सिर्फ इस उद्देश्य के लिए हैं कि...
- ये क्या है?... ये तपाने का परिणाम।
रस और भस्में बनती हैं, उसमें क्या करना पड़ता है? अभ्रक भस्म, लोहा भस्म, सोना भ...
- ये क्या है?... श्रम, श्रम की शक्ति को, समय की शक्ति को आप समझते हों, बिल्कुल समझते हों तो आप न जाने क्या से क्या कर...
- ये ख्याल ठीक नहीं है कि भजन करने से भगवान प्रसन्न हो जाते हैं, भगवान के लिए, प्राप्त करने के लिए अपना मन और अपना जीवन सुधार करने के लिए साबुन की तरीके से अपने आपको धोना तो चाहिए राम के नाम से, लेकिन राम का नाम लेने भर से भगवान क्यों प्रसन्न होने लगे?... भगवान कोई चापलूसी पसन्द हैं? भगवान कोई रिश्वत खोर हैं कि आपकी चापलूसी सुनते रहें और आपका अनुग्रह कर...
- ये जो नये तरीके अख्तियार करना है किसके लिए?... प्रगति के लिए ये सब आत्म निर्माण में आते हैं। कमी को पूरा करना। कमी को सुधारना ही तक सीमित नहीं है, ...
- ये तो अब भगदड़ है, ये पर्यटन है खाली, पर्यटन है, पर्यटन के लिए देश-विदेशों में लोग घूमने जाते हैं, घुमक्कड़ लोग इसको देखते हैं, ये देखने जाते हैं - दर्शन करना कहाँ आता है?... दर्शन करने की बुद्धि कहाँ है? केवल देखने जाते हैं। बद्रीनाथ का खिलौना, जगन्नाथ का खिलौना, फलाने जगह ...
- ये तो मैं निवेदन कर रहा हूँ आपसे, क्या करना चाहिए?... आपको तीन बन्धनों से अपने आपको छुटकारा पा लेना चाहिए। आप यहाँ आये हुए हैं शान्तिकुञ्ज में, कल्प साधना...
- ये पूरे का पूरा टाइम-टेबल इस बात पर निर्भर रहता है कि आपकी गतिविधियाँ क्या होनी चाहिए?... आपको अनुशासित कैसे होना चाहिए? आपको संयमी कैसे रहना चाहिए? आपको तपस्वी की तरह जीवनयापन कैसे करना चाह...
- ये महान कैसे हो गए?... बाप की मरजी पर चले होते तो पुराने ढर्रे पर उनकी गाड़ी लुढ़कती रही होतीl नानक क्या हो सकते थे? नानक ब...
- ये मेरा ही बच्चा है, (आप) भगवान का बच्चा है ये क्यों नहीं मानते, ये हमारी ही बीवी है आप यों क्यों कहते हैं?... यों क्यों नहीं कहते भगवान की बेटी है। यों कह देंगे तो क्या हर्ज है। आप इस तरीके से आप रात्रि को जब आ...
- ये सब क्या चीज हैं?... ये रासायनिक पदार्थों को जला करके, गरम करके, तपाने के बाद में इनकी शक्ति को उछाला जाता है, उभारा जाता...
- राजकुमार ही रहना होगा तो भगवान के राजकुमार क्यों नहीं रहेंगे?... बस, भगवान का राजकुमार बनने का फैसला करने के बाद में जैसे उसने किया। सहायता करने वाले कम हैं क्या? ना...
- राजकुमारी देखकर के मजाक करने लगी, हँसने लगी; ये बन्दर जैसा कौन आ बैठा है?... बस, उसने माला तो नहीं पहनाई और दूसरे राजकुमार को माला पहना दी। नारद जी फिर दुःखी हुए, और फिर विष्णु ...
- राजकुमारी ने देखा कौन बैठे हुए हैं?... नारद जी का और भी बुरा रूप बना दिया बन्दर जैसा। राजकुमारी देखकर के मजाक करने लगी, हँसने लगी; ये बन्दर...
- रात को आँवें में घुस जाया करेंगे, आप ही बताइए बर्तन पकेंगे क्या?... कुछ भी नहीं होगा, सब बिगड़ जायेगा। इसलिए आप न बाहर की चिन्ता कीजिये, न शरीर को बाहर घूमने दीजिये, न बा...
- रास्ता भटक तो नहीं गए?... भूल तो नहीं गए? इसीलिए जन्म मिला था क्या? जिस काम के लिए जन्म मिला था वही किया क्या? पेट के लिए जितन...
- रिश्ता मिलाने में क्या करना पड़ता है?... बस यही मुझे कहना था आपसे। रिश्ता मिलाने में आप जो ख्याल करते हैं रिश्वत देनी पड़ती है और चापलूसी करनी...
- लकड़ी की क्या कीमत है?... दो कौड़ी की। लकड़ी को आप पैर के नीचे पलट दीजिये, तोड़-मोड़ कर फेंक दीजिये, छू लीजिये, इधर से उधर करते रह...
- लाखों वर्ष हो गए गंगा को बहते हुए पर क्या कुछ कमी पड़ी क्या?... नहीं, कभी कमी नहीं पड़ी।
आप, आप ये तरीके हैं। आप देवताओं का अनुग्रह प्राप्त करने के लिए कल्प साधना ...
- लाल बहादुर शास्त्री का नाम सुना है?... लाल बहादुर शास्त्री बिलकुल छोटे से आदमी थे। लेकिन पण्डित नेहरू के साथ में उन्होंने घने सम्बन्ध बना लि...
- लेकिन अगर पेट नहीं है, पेट पचता नहीं है तो मलाई-मिठाई क्या करेगी?... और जहर पैदा कर देगी। मेरा मतलब पात्रता से है।
आप ध्यान दीजिए, गौर कीजिए। पात्रता विकास किये बिना न ...
- लेकिन आज का जायका उठा करके क्या फायदा किया?... कल का भविष्य खराब कर लिया न। कल बिचारे का क्या होने वाला है।...
- लेकिन आप माँगें तो आपको मिलेगा क्या?... न, आपको नहीं देंगे। क्यों? द्रौपती के साथ पक्षपात, आपके साथ पक्षपात क्यों नहीं? नहीं मतलब एक ही बात ...
- लेकिन आपका दृष्टिकोण क्यों गन्दा है?... दृष्टिकोण की वजह से आपका मन वहीं जा पहुँचता है, जहाँ दुनिया में गन्दगी है। ये तो नहीं कहते कि दुनिया...
- लेकिन आपको ध्यान है क्या?... उस पानी से कौन लाभ उठा पाता है? आप ये बताइए। हर कोई फायदा उठा लेता है? न। हर कोई फायदा नहीं उठा सकता...
- लेकिन करना क्या चाहिए?... कुछ नहीं करना चाहिए, एक बात करनी चाहिए। भगवान कि मर्जी पर आप चलने के लिए आमादा हो जाँय। जो कुछ आप से...
- लेकिन क्या कठपुतली अपने आप नाचती है?... नहीं कठपुतली अपने आप नहीं नाचती। बाजीगर के हाथ में उसके धागे जुड़े हुए होते हैं और बाजीगर अपनी उँगलि...
- लेकिन गंगा ने कहा कि दिवालिया हो जाने में कोई हर्ज है क्या?... जिन्दगी एक अच्छे काम के लिए लग जाय तो कोई हर्ज है क्या? बस वो चल पड़ी, चल पड़ी फिर हिमालय ने देखा, हिम...
- लेकिन जब आप धीरे-धीरे मौत के नजदीक जा रहे हैं और भगवान के दरबार में आपको पेश होने का मौका मिलने वाला है, तब आप जरा विचार तो कीजिए, आप क्या जबाव देंगे?... आप ये मत विचार कीजिए कि भगवान जी आपसे ये पूछने वाले हैं कि आपने कितने माला का जप किया था, किन-किन ती...
- लेकिन भगवान की तरफ आपने देखा क्या?... भगवान बराबर भेड़ को नई ऊन देते चले जाते हैं। हर साल, हर साल उसको तीन इंच ऊन मिल जाती है और अगर मान ल...
- लेकिन समझदारी की परख एक है कि उसने खर्च कैसे किया?... खर्च करना बहुत समझदारी का काम है। आप फिजूलखर्ची करेंगे, अपने चरित्र को गवाँ बैठेंगे। फिजूलखर्ची करें...
- लोक-सम्मान आप नहीं पा सकेंगे, क्यों?... क्योंकि आपकी सारी शक्ति - सारा प्यार इन थोड़े से आदमियों में ही केन्द्रित हो गया है, अपनी औरत को ही ...
- लोग गलती करें तो आप क्या कर सकते हैं?... (लोग) तो गलतियों का ही जमाना है। आप पानी के बहाव में तिनके के तरीके से बहते चले जाएँ, भला ये भी कोई ...
- लोग तो ऐसे बेअकल हैं कि लोगों को तो आज का फायदा दिखाई पड़ता है, (कल का फायदा) कल का नुकसान कहाँ दिखाई पड़ता है?... जितनी भी सामाजिक कुरीतियाँ हैं, उसमें क्या बात है जरा बताइए? आज का फायदा, कल का नुकसान। आप भी यही कर...
- लोगों के रास्ते पे चलने के बनस्पत, आपको अलग खड़े हो कर के देखना चाहिए कि मुनासिब रास्ता क्या है?... मुनासिब तरीके क्या हैं? मुनासिब क्या है? लोग गलती करें तो आप क्या कर सकते हैं? (लोग) तो गलतियों का ह...
- लोगों ने अपनी गलतियाँ की, अपना रास्ता भुला दिया, अपने कर्तव्य और फर्जों की ओर से मुँह मोड़ लिया, इसका परिणाम क्या हुआ?... इसका परिणाम यह हुआ कि एक के बाद एक के बाद मुसीबतें आईं और लोग तबाह होते चले गए, बर्बाद होते चले गए। ...
- लोगों ने पूछा भई तो कौन सा यज्ञ था जो इससे महाभारत के पाण्डवों से भी बड़ा यज्ञ था?... उन्होंने कहा था एक ब्राह्मण ने एक सप्ताह के बाद में चार रोटियों का अनाज पाया, चार रोटियाँ बनाई, एक ख...
- लोभ एक, लोभ को किस तरीके से तोड़ा जाये, लोभ क्या है?... लोभ ये है कि आदमी के गुजारे के लिए मुट्ठी भर चीजों की जरूरत है, मुट्ठी भर चीजें चाहिए। मुट्ठी भर से ...
- लोमड़ी, खरगोश जो जंगल में उछलते हैं, कहीं बीमार पड़ते देखे हैं आपने?... कोई नहीं पड़ता है।
एक ही बेवकूफ जानवर है जिसका नाम है — मनुष्य। यही बीमार पड़ता है। क्यों पड़ता है? स...
- वनमानुष होते हैं, जंगलों में रहते हैं, देखे हैं न आपने?... जंगलों में न इनको कपड़ा पहनना आता है, न इनकी कोई सभ्यता है, न इनकी कोई बातचीत है। ऐसे ही किसी तरीके स...
- वसुधैव कुटुम्बकम् की मान्यता क्या है?... आत्मवत् सर्वभूतेषु। आत्मवत् सर्वभूतेषु क्या है? एक ही है - (आप) आप दूसरों की मुसीबत में हिस्सेदार हो...
- वाणी पर संयम — वाणी पर अगर आपका संयम नहीं है, चाहे जिससे चाहे जैसे शब्द बोलते हैं, कड़ुवे बोलते हैं, क्या बोलते हैं, क्या नहीं बोलते हैं — इसका परिणाम क्या होगा?... इसका परिणाम बहुत खराब होगा।
इसका परिणाम कभी अच्छा नहीं हो सकता। वशीकरण एक मंत्र है — तज दे वचन कठो...
- वातावरण आपके अनुकूल बने कोई गारण्टी है?... परिस्थितियाँ आपके अनुकूल बन जाएँ कोई गारण्टी है? फिर, आपकी मनोकामनाएँ पूरी हो जाएँ कोई जरूरी है? मनो...
- विचार शील बातों में कोई आदमी कहाँ पैसा खर्च कर सकता है?... ठगिए आप लोग, जेबें काट लीजिए, बेवकूफों की कमी है क्या, कहीं कमी नहीं है। मालदार, मालदार उससे भी ज्या...
- विद्या की कमी को आप पूरा नहीं करेंगे ये तो उन्नति कैसे हो जाएगी?... आपका ज्ञान का दायरा कैसे बढ़ेगा? आपकी बुद्धि का विकास कैसे होगा? इसीलिए यहाँ आत्म निर्माण के लिए भी ...
- विद्या को आप नहीं पढ़ेंगे?... स्वास्थ्य को सुधारेंगे नहीं, जन सम्पर्क बढ़ायेंगे नहीं, सेवा के लिए कदम बढ़ायेंगे नहीं, जो काम करने ...
- विद्या से मतलब ये है कि आप अपने विचारों का इस्तेमाल किस तरीके से करें?... आप अपने शरीर का इस्तेमाल किस तरीके से करें? साधनों का इस्तेमाल कैसे करें? परिस्थितियों का उपयोग किस ...
- विधेयात्मक चिन्तन, विधेयात्मक चिन्तन, ये क्या है?... ये वो चिन्तन है जिससे की आदमी देवता बन जाते हैं। क्या बनायेंगे, क्या बिगाड़ेंगे विचार ही मत कीजिए। अ...
- विपद् वारणाय क्या?... दुखियारों की सेवा करना। जो भूखे हैं, गरीब हैं, कंगाल हैं, कोढ़ी हैं, दुखी हैं, उनकी आप सहायता कर देत...
- विवेक से बड़ा पुरुषार्थ?... घोड़े से बड़ा पुरुषार्थ? ज्ञानी से बड़ा पुरुषार्थ? एक से एक बड़े पुरुषार्थी पड़े हुए हैं प्राणी, लेक...
- विश्वामित्र कहाँ रहते थे?... कुटिया कहाँ थी, यहीं थी जहाँ शान्तिकुञ्ज है। ये विश्वामित्र का स्थान है। वातावरण का कितना असर पड़ता ...
- वो अपना काम छोड़कर आपके पास कैसे आएँगे?... इसलिए एक ही तरीका है सत्संग का, यों सत्संग बहुत ही शानदार चीज है, उसका तरीका है — स्वाध्याय। आप (कि)...
- वो इतने मोटे कैसे हो जाते हैं, मजबूत कैसे हो जाते हैं और बंगाल वाले कैसे कमजोर रह जाते हैं?... वातावरण का सवाल है। संसार का वातावरण भी एक असर रखता है। बीमारों को वहाँ सेनीटोरियम में ले जाते हैं न...
- वो उसके आदमी हैं, क्या करना चाहिए?... ये तो मैं निवेदन कर रहा हूँ आपसे, क्या करना चाहिए?
आपको तीन बन्धनों से अपने आपको छुटकारा पा लेना च...
- वो कहाँ गईं?... उसी स्थान पे थीं जहाँ शान्तिकुञ्ज बना हुआ है। एक धारा यहाँ बहा करती थी, बन्धा लगा करके यहाँ से उस धार...
- वो कहाँ था अयोध्या में बताइए, अयोध्या में तो राजपाठ होता था, लड़ाई-झगड़े होते थे, मुकदमे होते थे, दूसरी बातें होती थीं पर वहाँ तप का वातावरण कहाँ था?... हजारों वर्षों से तप जिन ऋषियों ने किया है उससे हिमालय का वातावरण बन गया इसीलिए रामचन्द्रजी को गुरु व...
- वो क्या है?... वो है इन्सानी जिन्दगी। आदमी का जन्म इतना बड़ा सौभाग्य है कि आप इसकी कल्पना नहीं कर सकते। चूँकि आपको म...
- वो बहुत दूध देने वाली गाय का अगर दूध आप लोग दुहें, लेकिन जिस बर्तन में आप दुहें उसमें सूराख हों, छेद हों तब, तब फिर क्या होगा बताओ?... तब शिष्यों ने कहा — महाराजजी वो दूध तब फिर छलनी में रुकेगा थोड़े ही। दुहनी में अगर सुराख हैं, नीचे (...
- व्यक्तिगत जीवन में आपको गुण, कर्म, स्वभाव सम्बन्धी गलतियाँ क्या हुई?... और क्राइम और अपराध, जुर्म करने के सम्बन्ध में क्या भूलें हुई, इन दोनों के बारे में एक बार विचार किया क...
- व्यक्तित्व को कैसे विकसित किया जाए?... उसे सद्गुणों से, सत्प्रवृत्तियों से सम्पन्न कैसे किया जाए? एक प्रश्न यही है, सबसे बड़ा, जिसको अगर कोई...
- शंकर भगवान का अवतार माने जाते हैं न?... अगर शंकर भगवान ने—आदि शंकराचार्य ने अपने दृष्टिकोण में हेर-फेर न किया होता तब? तब फिर वही होते जो उन...
- शराफत की कमी है?... भलमनसाहत की कमी है? नेक कामों की कमी है? नहीं, कहीं कमी नहीं है। लेकिन आपका दृष्टिकोण क्यों गन्दा है...
- शरीर की दृष्टि से जो आदमी निकम्मे बैठे रहते हैं, निठल्ले बैठे रहते हैं, पसीना बहाते नहीं हैं, और समय को बरबाद करते रहते हैं, इन आलसियों को मैं क्या कहूँ?... और उन (प्र प्र) प्रमादियों को क्या कहूँ, जो बैल की तरीके से मेहनत तो करते रहते हैं, पर उसमें मनोयोग ...
- शादी कोई लड़की करना चाहे किसी अच्छे लड़के से और वह बुड्ढी हो तब?... बुड्ढी हो तब? गूँगी, बहरी, अन्धी हो तब? तो कौन शादी करेगा? इसीलिए पात्रता बहुत जरूरी है। कल हमने कहा...
- शादी-विवाह किसके होते हैं?... कुटुम्ब बना करके कौन रहता है? दवा-दारू का इन्तजाम किसके लिए है? बोलना किसको आता है? किताबें कौन पढ़ ...
- शान्तिकुञ्ज के पीछे एक नाला बहता है वो जमीन में से उछल के निकलता है और कहाँ है?... आप जरा सा गड्ढा खोदिए गंगा जल तैयार है। गंगाजी का लेवल उसका देखिए ये गंगा का तट है, गंगा जी का तट नह...
- शान्तिकुञ्ज में क्यों बुलाया?... वातावरण के लिए बुलाया है। जो आपको क्रिया-कृत्य कराये जा रहे हैं वो तो आप अपने घर पर भी कर सकते थे। घ...
- शिक्षा - शिक्षा के साथ-साथ में क्या करें?... आप अपने हर कुटुम्बी को स्वावलम्बी बनाइए, किसी को परावलम्बी मत बनने दीजिए। आप अपनी स्त्री को स्वाबलम्...
- शिक्षा का क्या मतलब?... शिक्षा का मतलब है - उनको लोकाचार आए, उनको ये मालुम पड़े कि संसार की बनावट क्या है, भूगोल क्या है, इति...
- शिक्षा का मतलब है - उनको लोकाचार आए, उनको ये मालुम पड़े कि संसार की बनावट क्या है, भूगोल क्या है, इतिहास क्या है?... दुनिया में इंसानों की चाल-चलन क्या रहे हैं? दुनिया में किस तरीके से उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, ये हम इ...
- शृंगार कहाँ से आये?... उन्होंने सिन्दूर से उनको लपेट दिया, और सिन्दूर से उन पत्थरों को लपेट देने के बाद में हनुमानजी की मूर...
- संकल्प अगर (प्राण में से) आप निकाल दें तो फिर क्या काम बनेगा?... राणा प्रताप ने आपको ध्यान है राणा प्रताप ने ये निश्चय किया था कि वो थाली में भोजन नहीं करेंगे। जब तक...
- संकल्प-शक्ति किसे कहते हैं?... संकल्प-शक्ति उसे कहते हैं जिसमें कि ये फैसला कर लिया जाता है कि हमें ये तो करना ही है। ये तो हर हालत...
- संकल्पवान नहीं होता तब, ऐसी ही व्याख्यान करता फिरता, साहब हरे पेड़ लगाइये, हरियाली उगाइये, हरे पेड़ लगाइये हरियाली उगाइये तब, तब फिर कोई लगाता क्या?... सरकार कितना प्रचार करती है कोई सुनता है क्या? सुनने के लिए ये बहुत जरूरी है कि जो आदमी उस बात को कहन...
- संस्कार के बिना आदमी स्वभाव का तो कैसा हो सकता है?... फूहड़ है, अनगढ़ है, बेसिलसिले का है। बेहूदा है। इसीलिए आपको, अपने आपको संस्कारवान स्वयं बनाना चाहिए। क...
- सज्जनों की कमी है?... शराफत की कमी है? भलमनसाहत की कमी है? नेक कामों की कमी है? नहीं, कहीं कमी नहीं है। लेकिन आपका दृष्टिक...
- सत्संग किस तरीके से करेें?... सत्संग तो मिलना मुश्किल है, पर लोगों को अपने घरवालों को, लोगों को नसीहत देने का, शिक्षा देने का, कथा...
- सत्संग की महत्ता कम करने का मन है क्या?... न। चिन्तन-मनन की महत्ता कम है क्या, न। लेकिन एक बात आप ध्यान रखिए। केवल मात्र ज्ञान के साथ, ज्ञान अप...
- सन्त किसे कहते हैं?... परोपकारियों को कहते हैं, लोकहित में लगे हुए आदमियों को (व्यक्ति) कहते हैं। जन-जन को, समाज के लिए विस...
- सब कुछ शरीर को ही खिलाने और पिलाने के लिए आप करेंगे- ऐसा क्यों करेंगे?... आत्मा का कोई वकत नहीं है? आत्मा की कोई इज्जत नहीं है? आत्मा का कोई मूल्य नहीं है? आत्मा से आपका कोई ...
- समय की माँग क्या है?... प्रज्ञावतार की माँग क्या है? आप कान खोल के उसी को सुनिए, और सुनने के बाद में पूरी हिम्मत के साथ में,...
- समयदान के लिए (क्या) क्या करना चाहिए?... अच्छा - इस विषय में एक पुरानी, बहुत शानदार परम्परा है - तीर्थ यात्रा करनी चाहिए। पापों के लिए तीर्थ ...
- समयदान के लिए क्या करना चाहिए?... समयदान के लिए (क्या) क्या करना चाहिए? अच्छा - इस विषय में एक पुरानी, बहुत शानदार परम्परा है - तीर्थ ...
- समर्थ गुरु रामदास ने महावीर मन्दिर बनाए, कैसे बनाए?... मिट्टी के (झोंपड़ो) मिट्टी के दीवारों के बने हुए, फूस के झोपड़ों के बने हुए। हनुमानजी की मूर्तियाँ, ...
- समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य फर्ज हैं क्या?... नहीं साहब हमने जो कमाया था, चार बच्चों को बराबर बाँट दिया।...
- समाज के लिए क्यों महँगाई बर्दाश्त नहीं करेंगे?... आप कीजिए। उदार बनिए, अंशदान के बारे में उदार बनिए। एक घण्टा समय कभी हमने कहा था जब आप शुरू में थे, ब...
- सम्पदा को जो मुझे जरूरत नहीं थी, उसको इकट्ठा करता है, ये क्यों करता रहा?... मौत को भूल गया।
मौत जब उसको याद आई तो उसने बार-बार ये कहा - अरे मौत को मत भूलना, मौत को मत भूलना, ...
- सम्पन्न कहाँ से हो जाएँगे?... अकल तो है नहीं, योग्यता तो है नहीं, विद्या है नहीं, पुरुषार्थ है नहीं, परिश्रम है नहीं, चांस है नहीं...
- सरकार कितना प्रचार करती है कोई सुनता है क्या?... सुनने के लिए ये बहुत जरूरी है कि जो आदमी उस बात को कहने के लिये आया है, संकल्पवान हो।...
- सलाह मशवरे की कीमत नहीं समझते?... आप बहुत कुछ दे सकते हैं। आप वही दीजिए यहाँ से जाने के बाद में। यहाँ से जाने के बाद में आप अपनी खीज क...
- सलाहें क्या कम होती हैं, प्रोत्साहन की कीमत नहीं समझते आप?... परामर्शों की कीमत (नहीं) नहीं समझते? सलाह मशवरे की कीमत नहीं समझते? आप बहुत कुछ दे सकते हैं। आप वही ...
- सहायता करने वाले कम हैं क्या?... नारद जी आ गएl नारद जी, नारद जी बाकी बच्चों के पास क्यों नहीं गए? ध्रुव के भाई-बहन और भी तो होंगे, उन...
- सहायता का रास्ता बन्द है क्या?... बुरे लोगों के लिए भी सहायता का रास्ता खुला हुआ है और अच्छे लोगों के लिए भी खुला हुआ है। गाँधी जी के ...
- सहायता कौन सी कर पाएँ?... जैसे ज्ञान की साधना एक चीज़ है - आप किसी आदमी का ज्ञान बढ़ा दें, तो उसकी असली सेवा हो गई। ज्ञान के बाद...
- सातवें दिन से आठवाँ दिन कहाँ है?... इसलिए आप भी राजा परीक्षित की तरीके से विचार कर सकते हैं कि हमारी बची हुई जिन्दगी, ये मौत के दिनों के...
- साधना अगर न की जाए तब?... आदमी प्राकृतिक रूप से बड़ा वाहियात है, वनमानुष है। डारविन ने कहा था न कि बन्दर है; बन्दर नहीं है तो ब...
- साधना इतनी सस्ती होती है?... इतनी कीमती चीजें आप इतने डैम चीप (damn cheap) कीमत में (ख) खरीदने की कोशिश करेंगे? मत कीजिए। वास्तवि...
- साधनों का इस्तेमाल कैसे करें?... परिस्थितियों का उपयोग किस तरीके से करें? अपने पास जो सामान और साधन मिला हुआ है या मिल सकता है, आप (इ...
- सामान्य जीवन में कौन पीछे लगेगा?... एक-एक गलती, एक-एक विचारधारा, एक-एक भूल के बारे में कौन सुधार करे? इसलिए ये काम आप को स्वयं ही करना प...
- सारे दिन इधर बैठे गए, ये कर लिया, वो कर लिया, ऐसे ढीले-पोले मन से, बेगार भुगतने के तरीके से कोई काम करने के बाद में उसका कोई पूरा परिणाम निकलता है क्या?... नहीं, आप यहाँ से आलस्य-प्रमाद को छोड़ जाना। आप यहाँ से मेहनतकश और परिश्रमशील और कर्मयोगी बनकर जाना। ...
- सास क्या होती है?... देवर किसे कहते हैं? बच्चे किसे कहते हैं? अमुक बात कैसे होती है, मेहमान किसे कहते हैं? अतिथि घर में क...
- सुदामा जी एक बार माँगने गए थे और सुदामा जी से माँगने से पहले श्रीकृष्ण भगवान ने ये देखा, ये कुछ हमको भी दे पायेंगे कि नहीं?... उनकी पोटली में चावल रखा हुआ था। चावल रखा हुआ था गए थे माँगने कि इच्छा से। लेकिन उन्होंने कहा चावल हम...
- सुधार कैसे करें?... सुधार में क्या बात करनी होती है? सुधार में रोकथाम करनी पड़ती है। मसलन आप शराब पीते हैं तो बन्द कीजिए,...
- सुधार में क्या बात करनी होती है?... सुधार में रोकथाम करनी पड़ती है। मसलन आप शराब पीते हैं तो बन्द कीजिए, साहब अब हम नहीं पीयेंगे। आप बीड़...
- सुधार लेंगे इससे क्या बना, पूरा नहीं करेंगे?... विद्या को आप नहीं पढ़ेंगे? स्वास्थ्य को सुधारेंगे नहीं, जन सम्पर्क बढ़ायेंगे नहीं, सेवा के लिए कदम ब...
- सुनहरे ख्वाब देखना नहीं आता?... सुनहरे सपने सजाना नहीं आता? आप सुनहरे सपना संजोया कीजिए। निराशा के विचार, खीज के विचार, चिन्ता के वि...
- सुनहरे सपने सजाना नहीं आता?... आप सुनहरे सपना संजोया कीजिए। निराशा के विचार, खीज के विचार, चिन्ता के विचारों से अपने आपको छुड़ा लीज...
- सेवा किस तरीके से करें?... सेवा से मतलब है - प्रत्यक्ष सहायता। ज्ञान दान भी एक सेवा है। लेकिन यहाँ ज्ञान दान और ब्रह्म विद्या क...
- स्वयं जाला बनाती है, स्वयं फँस जाती है, स्वयं फँसने के बाद में जब उसका मन आता है कि जाला हमारे लिए नुकसान दायक है और जाले में हमको नहीं रहना चाहिए, तब क्या करती है?... तब ये करती है कि सारे के सारे जाले को अपने मुँह में समेट लेती है और निगल जाती है, सारे जाले को समेट ...
- स्वाध्याय की महत्ता को मैं क्या कम बताऊँगा क्या?... न। सत्संग की महत्ता कम करने का मन है क्या? न। चिन्तन-मनन की महत्ता कम है क्या, न। लेकिन एक बात आप ध्...
- स्वामी जी ने पूछा - अरे भई ये क्या कहता है तू, गलत-सलत बात क्यों कहता है?... नहीं, आपने मेरी (पीठ) सीने पर पैर रख दिया था रात को सीढ़ियों पे और फिर राम नाम कह दिया था बस मेरे लि...
- स्वास्थ्य अच्छा उनका है तो खाना पकाने में क्यों सारा दिन लगाये रखें?... थोड़े समय तक आप सब मिल कर खाना पका सकते हैं। बाकी समय में आप इस तरीके से (उनको) शिक्षा और संस्कारिता...
- हँस किसे कहते हैं?... हँस के ऊपर गायत्री माता सवारी करती हैं। ये बात शायद आपकी समझ में न आये क्योंकि इंसान के बराबर शरीर ज...
- हनुमानजी को आप नहीं जानते?... हनुमानजी का ब्रह्मचर्य था। ब्रह्मचर्य था जिससे की सामान्य बन्दर से हनुमान बन सके। शंकराचार्य — शंकरा...
- हम आपको मालदार बनाएँगे, सेठ बनाएँगे, आप बेकार की बातें क्यों कहते हैं?... जो हम नहीं कर सकते उसके लिए आप क्यों दबाव डालते हैं? भगवान मालदार नहीं बनाते, मालदारों को गरीब बना द...
- हम किसके लिए क्या दे पाएँ?... प्यार देना सिखाता है, प्यार देना सिखाता है। सेवा उसी का नाम है, उसका नाम प्यार है। भगवान का नाम प्या...
- हमसे न हो इसकी स्कीम बनाइये, गलतियाँ न होने देने का तरीका क्या है?... क्या हम करेंगे? और अपने आपको, अपने आप में जब कच्चाइयाँ आयेंगीं, जब आपको कच्चाइयाँ ये मजबूर करेंगी, क...
- हमारा कुटुम्ब कहाँ रहेगा?... इसीलिए विचार करते हैं। कल की सम्भावनाओं के लिए (आज का) आज की व्यवस्था बनाना हर एक आदमी का काम, हर सम...
- हमारे फर्ज—हमारी ड्यूटियाँ कहाँ हैं?... ड्यूटियाँ और जहाँ कहीं भी हमारे फर्ज हमको बुलाते हैं, वहाँ हमको अपनी मेहनत करनी चाहिए और वहाँ अपना म...
- हमें प्रवचन करने के हैं क्या, हमें कोई जड़ी-बूटी सिखाई जा रही हैै अब जड़ी-बूटी फैलाएँगे के क्या, अब हमको संगीत सिखाया जा रहा है हम क्या करेंगे?......
- हर आदमी को आप (स्वावलम्बी क्यों नहीं सि) स्वावलम्बन क्यों नहीं सिखा सकते?... अगर आप इस तरीके से स्वावलम्बन सिखाएँ तब, तब आपके ऊपर वो बातें खतम हो जाती हैं।
आपको तो परिवार का प...
- हर कोई फायदा उठा लेता है?... न। हर कोई फायदा नहीं उठा सकता। हर जगह हरियाली बादलों से हो जाती है लेकिन जो चट्टानें हैं, उन चट्टानो...
- हर दिन नया जन्म - हर दिन नया जन्म को प्रात:काल से ले के सायंकाल तक आप कैसे उपयोग करेंगे?... इसके लिए एक टाइम-टेबल सबेरे उठ के बना लेना चाहिए। आप क्या करेंगे? और कैसे करेंगे? क्यों करेंगे? क्रि...
- हर मामले में ये सोचिए इसके परिणाम क्या होंगे?... अगर आप परिणामों पे विचार करेंगे, तो बहुत सी बुराइयों से बच जाएँगे। और आप परिणामों पे विचार करेंगे तो...
- हाथी से बड़ा पुरुषार्थ?... विवेक से बड़ा पुरुषार्थ? घोड़े से बड़ा पुरुषार्थ? ज्ञानी से बड़ा पुरुषार्थ? एक से एक बड़े पुरुषार्थी...
- हीरा-मोती लेकर गए?... कुछ भी नहीं ले गए भगवान।
कहीं भी जाते हैं, तो (उस) मनुष्य की पात्रता को परखने के लिए, (उसकी) महानत...
- ) कीमत में (ख) खरीदने की कोशिश करेंगे?...? मत कीजिए। वास्तविकता के नजदीक आइए - भगवान को प्राप्त करना चाहते हैं तो भगवान का कहना भी मानिए - शरण...
- , वो कोई भक्त हो सकता है?...? नहीं, भक्त नहीं हो सकता। जिसके हृदय में करुणा नहीं है, दया नहीं है, सेवा की वृत्ति नहीं है, जो उदार...
- आज की युग साधना क्या है?...? साधनाएँ समयानुकूल और पात्रता के अनुकूल हुआ करती हैं। एक सी साधना कभी नहीं होती। बहुत पुराने जमाने...
- आज की युग साधना क्या है?...?...
- आराधना क्यों और कैसे?...?
साधना उसकी बात थी जिसकी कह चुके थे। आज आपको एक नई बात बतानी है। एक और भी चीज है—इसी त्रिवेणी के...
- आराधना — क्यों और कैसे?...? ऑनलाइन ऑडियो सुनें
(07): बन्धनों से मुक्ति &...
- कल्प साधना क्या है?...?
कल्प का हिन्दी अर्थ होता है—परिवर्तन। परिवर्तन—आपको हमारा बदल देने का मन है। आप अगर दु:खी जीवन ...
- कल्प साधना क्या है?...?...
- तपश्चर्या कैसे करें?...?
एक और भी कहा उन्होंने। उन्होंने कहा अगर तुम्हारे पास गाय हो, और गाय बहुत दूध देने वाली हो। वो ब...
- तपश्चर्या कैसे करें?...?...
- तीर्थ कैसे होने चाहिए?...?...
- तीर्थ कैसे होने चाहिए?...? ऑनलाइन ऑडियो सुनें
(15): शान्तिकुञ्ज — एक श्रेष्ठ गायत्री तीर्थ&nbs...
- प्रातःकाल की संध्या — सायंकाल की संध्या, क्या करें?...?
क्या करना चाहिए? क्या विचार करना चाहिए? आपको इन दोनों समयों में, आत्मबोध और तत्त्वबोध की साधना कर...
- बन्धनों से मुक्ति, बन्धनों से मुक्ति क्या?...? बन्धनों से मुक्ति ये कि (हम) जिस तरीके से हमारी विचारणाएँ, भावनाएँ, और हमारी क्रियाशीलताएँ जिन बन्ध...
- स्वर्ग का जीवन कैसे जियें?...? कल आपको जीवन मुक्ति के बारे में बताया था। आप जीवन मुक्त होकर जिओ, बन्धनों से मुक्त हो जाओ। बच्चा ...
- स्वर्ग का जीवन कैसे जियें?...?...