Search Results
-
अगर हम यह जानना चाहें के सूर्य का मानव जीवन से क्या सम्बन्ध है?...तो विज्ञान की भौतिक उपलब्धियों को ही देखकर सन्तुष्ट नहीं रह जाना होगा वरन् उनके आधार पर भारतीय अध्यात...
-
अन्तरिक्ष किरणों, उत्तरी ज्योति, पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र ( मैगनेटिक फील्ड) पृथ्वी के ऊपरी वायु-मण्डल और अयन मण्डल (आयनोस्फियर ) पर सूर्य के प्रभाव का अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिकों ने यह बताया कि सूर्य अपने आप उत्तेजित होता रहता है, उसका रहस्य क्या है?...इसका उत्तर तो वे नहीं दे पाये पर उनका विश्वास है कि ११ वर्षों में एक वर्ष ऐसा आता है, जबकि उसकी उत्ते...
-
चीनी क्षेत्र में भारत से पहुँचे बौद्ध ग्रंथों का अनुवाद कब, किस प्रकार, किसके द्वारा हुआ?...इसका विवरण जानने के लिए अकनुमा कृत—'दि कम्पेरेटिव कैटलाग ऑफ चाइनीज आगमाज एण्ड पाली निकायाज', अनेस्की ...
-
नचिकेता के उदारचेता पिता वाजिस्रवा जब समस्त धन-धान्य लोकमंगल के लिए दान दे चुके तो उसने पूछा—आप लोभ त्याग की परीक्षा में सफल हो चुके, फिर मोह त्याग में क्यों असफल होते हैं, मुझे खिलौना बनाकर क्यों अपने पास रखना चाहते हैं, लोक-मंगल के लिए मुझे भी दान क्यों नहीं दे देते?...वाजिस्रवा ने पुत्र को अपने से बढ़कर आदर्शवादी देखा तो हर्षोल्लास से उनकी आँखें डबडबा आईं। उन्होंने तत...
-
परिजन प्रायः पूछते हैं—दम्पति को कहाँ कैसे बैठायें?...विभिन्न धर्मग्रन्थों में जो उल्लेख है, वह यहाँ दे रहे हैं—
व्रतबन्धे विवाहे च चतुर्थ्यां सहभोजने।
...
-
पाकिस्तान क्या है?...कितना है? कैसा है? इसकी विवेचना, बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं है। हमें उसके पीछे सन्निहित अपनी उन दुर्...
-
पुस्तकें क्या हैं?...विद्वानों के विचार-शरीर ही तो हैं। सत्संग का प्रयोजन विचारों का श्रवण, मनन तथा ग्रहण ही है। विद्वानों...
-
प्राचीन भारत का भौगोलिक सीमांकन करना कठिन है?...क्योंकि उन दिनों शासन क्षेत्र का बहुत महत्त्व न था। यातायात के साधन कम होने से राजा और प्रजा दोनों को...
-
सभी धर्मों के लोग सह-अस्तित्व और सहयोग के साथ कितनी अच्छी तरह रह सकते हैं?...इस आदर्श की यह देश एक सफल प्रयोगशाला है। फ्रांसीसियों के यहाँ २३ बड़े शुगर मिल हैं। चीन वाले व्यापार ...
-
सविता और सावित्री कौन हैं?...इस प्रश्न के उत्तर में कहा गया है कि अग्नि सविता है, पृथ्वी सावित्री है। वरुण सविता है और जल सावित्री...
-
स्वामी विवेकानन्द से एक बार अमेरिका में पूछा गया कि भारत छोड़कर आप वेदांत की शिक्षा देने इतनी दूर क्यों आए?...इसके उत्तर में उन्होंने यही कहा कि भारत अभी लंघन से उठ रहा है। उसे पुरुषार्थ करने और रोटी-रोजी कमाने ...
-
आप भोजन प्रयोग में ला रहे हैं, उसमें जीवन रक्षक तत्व मौजूद हैं, या नहीं?...आपका भोजन केवल जिह्वा की तृप्ति मात्र के लिए तो नहीं होता? अत्यन्त खेद के साथ कहना पड़ता है कि इसमें से...
-
इस पर गुरुजी ने कहा, ‘‘तू क्यों चिन्ता करता है?...मैं पाँचवाँ डॉक्टर आ गया हूँ न। तुझे अब कभी बुखार नहीं आयेगा।’’ मैंने कहा, ‘‘गुुरुजी, मेरा पेट भी भार...
-
इसी दौरान जयपुर से वीरेन्द्र अग्रवाल जी आये, उनके सामने भी चर्चा हुई, तो उन्होंने कहा, ‘‘गुरुजी, संगमरमर की छतरी बना दें?...’’ गुरुजी बोले, ‘‘ठीक है, संगमरमर की बना दो।’’ इस प्रकार गुरुजी ने अपने रहते ही सजल-श्रद्धा और प्रखर-...
-
एक दिन पूज्यवर के पास बैठे हुए मुझे एक प्रश्न सूझा, मैंने कहा-‘‘गुरुजी एक प्रश्न पूछूँ?...’’ उन्होंने कहा-‘‘हाँ बेटा! जो भी पूछना है पूछो। बिल्कुल पूछो।’’
मैंने कहा ‘‘हमने सुना है गुरुजी, क...
-
एक दिन मैंने गुरुदेव से प्रश्न किया, ‘‘गुरुदेव युग निर्माण कैसे होगा?...अभी तो इसके कुछ भी लक्षण दिखाई नहीं देते?’’ गुरुजी ने कहा-‘‘तुम लोग क्या समझते हो? क्या मैं केवल शान्...
-
एक दिन मैंने गुरुदेव से प्रश्न किया-‘‘गुरुदेव, मैं तो पढ़ा लिखा नहीं हूँ, फिर मुझे यहाँ क्यों बुलाया?...यहाँ तो पढ़े-लिखों का काम अधिक है।’’
गुरुदेव बोले, ‘‘बेटे, पढ़े-लिखे को अपने ज्ञान को भुला कर हमारे ज्...
-
कहाँ जाना है?...क्या करना है? अभी यह बात स्पष्ट नहीं थी। बात, सिर कटाने की थी, सो घर से परमीशन की आवश्यकता नहीं लेने ...
-
खुराक कैसे बेकार जाती है?...१-उस पानी को फेंक देने से जिसमें चावल या तरकारियाँ पकाई गई हैं।२-बहुत अधिक पकाने या खुले बर्तनों में ...
-
गायत्री माता को मारेगा क्या?...मिशन की लोकप्रियता व प्रतिष्ठा देखकर एक स्थान पर एक मन्दिर के पुजारी ने गायत्री माता की मूर्ति भी मँगव...
-
गुरुजी अपने काम में तल्लीन थे सो पूरे शब्द ठीक से नहीं सुने और पूछा, ‘‘क्या कहा?...’’ कार्यकर्ता ने पुनः अपनी बात दुहराई, ‘‘गुरुजी, अभिनेष तो डाक खाने गया है।’’ उसका बोलने का ढंग कुछ अ...
-
गुरुजी ने कुछ पटाखे बच्चे के हिसाब से छाँटे और कहा-‘‘इसे बाँध दो और कितना पैसा हुआ, बताओ?...’’
मैं हैरान होकर, गुरुजी की ओर देखने लगा। सोचा, दुकान तो गुरुजी की ही है। फिर भी इतने थोड़े से पटाखो...
-
गुरुदेव ने चुटकी ली-क्यों, सिकुड़ा हुआ बैठा है?...मैं अछूत हूँ क्या? मुझसे कुछ भी जवाब देते नहीं बना। फिर मैं सहज होकर ठीक से बैठ गया। ऐसे थे गुरुदेव! ...
-
गुरुदेव बोले, ‘‘बाबा, आप ऐसी जि़द क्यों करते हो?...आपने तो हठ योग की साधना यहीं पर शुरू कर दी।’’ महात्मा जी बोले, ‘‘मैं तो हूँ ही हठ योगी।’’ हार कर गुरु...
-
जब वह लौटकर आया तो पूज्य गुरुदेव ने मंद-मंद मुस्कराते हुए पूछा, ‘‘पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य नहीं मिले क्या?...’’
‘‘क्यों हमारा मजाक बनाते हैं प्रभु..? कहते हुए वह सज्जन उनके चरणों में गिर पड़े।’’
चरण मत छोड़नाऐस...
-
डॉक्टरों ने कहा, ‘‘हाँ एक शुभ्रवस्त्रा तेजस्वी महिला आई तो थी, कहाँ गई पता नहीं?...शायद बाहर होंगी। लेकिन, आप भीतर कैसे आ गईं? बाहर जाइये, पाण्डेजी की तबियत अचानक खराब हो गई थी, अब ठीक...
-
तू मुझे देख रहा है?...
श्री शिवप्रसाद मिश्रा जी, शान्तिकुञ्ज
1970 की घटना है। टाटा नगर में 1008 कुण्डीय यज्ञ सम्पन्न होना...
-
तेरा प्रमोशन हुआ?...सन् 1974 में मेरे पति श्री गौरीशंकर शर्मा जी जब प्राणप्रत्यावर्तन शिविर पूरा होने पर गुरुजी से मिलने ...
-
दूसरे दिन प्रातः पूज्यवर ने पूछा, ‘‘वीरेश्वर, झालर के लिये कहा क्या?...’’ ‘‘हाँ, गुरुजी।’’
‘‘कितने का?’’
‘‘जी, पचास रुपये का’’
सुनकर गुरुजी बोले, ‘‘जा, जा! मनाकर दे। मुझ...
-
निर्देश भला अमान्य कैसे होता?...लौटते में वहाँ गाड़ी रोकी गई। गुरुदेव ने उसे देखा। खूब हँसे और कहा, ‘‘ज्वाला, इसका भी उद्घाटन करूँ?’’
...
-
पता नहीं, गुरुजी एवं माताजी की परस्पर क्या चर्चा हुई थी?...पर उसमें माताजी का कथन सत्य हुआ था। अतः गुरुजी ने कहा, ‘‘अच्छा! हम हार गये? तो चलो, मूँछ मुँड़ा लेते ह...
-
पूज्य गुरुदेव नाराज होकर बोले, ‘‘हमें नहीं जानते?...हमने मूँगफली बेचने वालों को लखपति बना दिया है। हम हिमालय से आए हैं। अभी हमने अपनी तपस्या का चार आने ख...
-
पूज्यवर ने उद्घाटन के बाद कहा-‘‘अगाधू, भोजन का क्या इंतजाम है?...’’ ‘‘गुरुजी, इंजीनियर साहब के घर भोजन की व्यवस्था की गई है।’’ अगाधू जी ने उत्तर दिया।
‘‘अच्छा! तेरे ...
-
प्रश्नः-आत्मा की आवाज कैसे सुनी जाय?...
गुरुदेवः-अपना परिष्कार कर, श्रद्धा-विश्वास से, जीवन का आदर्श लक्ष्य तथा आत्मीयता का विस्तार करके सु...
-
प्रश्नः-और यदि शरीर रहते संकल्प टूट जाय, तब क्या करें?...
गुरुदेवः-फिर वही संकल्प करना चाहिए।
प्रश्नः-साधारण व्यक्ति जिसमें साधारण संस्कार हैं। हम अपनी आध्य...
-
प्रश्नः-दुख कैसे दूर किए जायें?...
गुरुदेवः-अज्ञान, अभाव और आसक्ति को हटाकर दुख दूर किए जा सकते हैं।2. यह तो गूँगे का गुड़ हैवे परिजन ज...
-
फिर मेरी ओर इशारा करते हुए कहने लगे, ‘‘परसों ये लखनऊ जाने वाला है इसका कोई बिस्तर ही उठा कर चलता बनेगा, तो यह क्या कहेगा?...’’ उस समय तो हम सबको हँसी आ गई और वातावरण हल्का हो गया। पर मज़े की बात यह हुई कि वास्तव में उस यात्रा...
-
बहनों ने गुरुजी से कहा, ‘‘गुरुजी, हम यह सब कैसे करेंगे?...’’ गुरुजी बोले ‘‘बेटा, सब हो जायेगा।’’
हम सब गुरुजी के कहे अनुसार सुबह से ही तैयार हो जाते। भाई लोग ...
-
भटनागर जी ने आश्चर्य मिश्रित स्वर में कहा, ‘‘क्या कह रहे हैं आप?...मैं झूठ बोल रहा हूँ क्या? मैं, गुरुजी के साथ था। मैं तो यह सोच रहा था कि आप कैसे हैं, जो गुरुजी को अक...
-
भला विधाता से मन की बात कैसे छिपी रह सकती थी?...मेरे आँसू देखकर उन्होंने कहा-‘‘बेटे! तूने मुझसे पूछे बिना ही उसे ठीक होने के लिये कह दिया।’’
और पुनः...
-
माताजी ने कहा, ‘‘आप क्या कह रहे हैं?...’’ तो गुरुजी बोले, ‘‘शरीर तो हम छोड़ेंगे ही। अमर तो हैं नहीं।’’ फिर अन्य लोगों के उदाहरण देने लगे कि फ...
-
मुझसे काम नहीं चलेगा?...
श्री राम सिंह राठौर, शान्तिकुञ्ज
मैंने शान्तिकुञ्ज में गुरुवर से भेंट के समय सामयिक सभी चर्चा की ...
-
मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ कि वे क्या कह रहे हैं?...गुरुदेव तो लाइब्रेरी से ट्रेन टाइम के निकल जाने के भी आधे घण्टे बाद मेरे साथ घर लौटे व चादर ओढ़कर सो ग...
-
मुझे लगा मैंने पत्र तो डाला नहीं पर पूज्यवर को कैसे मालूम?...मुझे लगा निश्चित ही वे दो लड़के पूज्यवर के अंश होंगे। जिन्होंने मुझे हाथ पकड़ कर गार्ड के डिब्बे पर चढ़ा...
-
मेरे लिए क्या लाई है?...
मैं शान्तिकुञ्ज में ही पहली बार गुरुजी-माताजी से मिली। भिलाई की ही एक कार्यकर्ता, विजया बहन मुझे अप...
-
मैं उनके शब्दों को सुन कर कुछ क्षणों तक सोचती रह गई, गुरुजी यह क्या कह रहे हैं?...‘‘कार्तिकेयकों हमारा आशीर्वाद कहना। गंगा को हमारा आशीर्वाद कहना।...
-
मैं कोई राजेश खन्ना हूँ?...प्रारम्भ में ई.एम.डी. विभाग बहुत छोटा सा था। थोड़ा-बहुत गीतों की रिकार्डिंग आदि का काम होता था। साधन भी...
-
मैं खुद आश्चर्य में था कि मैं जो किराना सामान लाया था, उसी में सब व्यवस्था कैसे पूरी हो गई?...बारात की विदाई के बाद भी पूड़ी-सब्जी, लड्डू आदि बहुत बचा था। मानो माताजी स्वयं इसे पूर्ण करने आई थीं। ...
-
मैं बहुत घबराई कि इतनी सुबह माताजी ने क्यों बुलाया है?...मुझसे कोई गलती हो गई है क्या? मैं डरते-डरते माताजी के पास पहुँची। माताजी हँसकर बोली, डरती क्यों है? म...
-
मैंने उपाध्याय जी से पूछा कि कौन आ रहा है?...उन्होंने जवाब दिया, ‘‘मुझे पता नहीं।’’
दूसरे दिन स्वयं गुरुदेव साधना कक्ष में आए और कहा कि कल जो मैं...
-
मैंने कहा गुरुजी, ‘‘हम लोग माताजी के लिये कुछ नहीं कर सकते क्या?...वह हमारी भी तो माताजी हैं।’’ गुरुजी बोले, ‘‘जरूर करो, पर अपनी कमाई में से करना। मैं जनता की कमाई में ...
-
मैंने कहा ‘‘हमने सुना है गुरुजी, कुम्भ के मेले में हिमालय से ऋषि-मुनी व अन्य बड़ी-बड़ी हस्तियाँ भी कुम्भ में स्नान करने आती हैं?...क्या यह सच है?’’
‘‘हाँ बेटा! जरूर आयेंगी। ये सभी हस्तियाँ स्नान के लिये आयेंगी पर किसी को नजर नहीं आ...
-
मैंने गुरु जी से पूछा, ‘‘गुरुजी, मेरा भविष्य कैसा निकलेगा?...’’ गुरुजी बोले, ‘‘तेरा भविष्य मैंने बना कर रख दिया है। तू चिन्ता मत कर।’’एक दिन बात करते-करते मैंने गु...
-
मैंने माताजी को प्रणाम किया तो उन्होंने पूछा-कोई तकलीफ है क्या?...मैंने कहा-माताजी और तो कोई तकलीफ नहीं है, बस एक पीड़ा है, मेरी माँ जब मैं डेढ़ साल का था, तभी गुजर गई थ...
-
मैंने माताजी से पूछा, ‘‘आज चटनी बनी है क्या?...’’ माताजी बोलीं, ‘‘न लल्लू! मेंहदी धरी है। आज करवाचौथ है, ले थोड़ी मेंहदी मुक्ति के लिये भी ले जा, वो ...
-
यह कैसे प्राप्त हो सकते हैं?...लोहा-मक्का, अखरोट, मूँगफली, बाजरा, सूखे मेवे, गेहूँ, जौ, सोयाबीन, पालक। कैल्शियम-दूध, सब्जियाँ, रोटी।...
-
वह बुजुर्ग कौन थे?...
(श्री नारसिंह भाई परमार, बड़ौदा गुजरात। नारसिंह भाई सन् 1988 में पूज्य गुरुदेव से जुड़े।)
श्री नारसि...
-
सात्विक आहार क्या है?...जो ताजा, रसयुक्त, हलका, स्नेह युक्त, पौष्टिक, मधुर और प्रिय हो उसे सात्विक आहार कहते हैं। जैसे गेहूँ,...
-
सुनकर, गुरुजी नाराज हो कर बोले, ‘‘आप लोगों ने मुझे समझ क्या रक्खा है?...मिशन का पैसा, बेटे को मकान बनाने के लिये दे दूँ? क्या मुझे चोर समझ रक्खा है? बेईमान-उचक्का समझ रक्खा ...
-
सो पंद्रह सौ रुपये में तू अमेरिका जायेगा?...’’ यतीन्द्र बोला, ‘‘गुरुजी, इसीलिए तो आपके पास आया हूँ।’’ गुरुजी बोले, ‘‘अच्छा बेटा, मैं सब ठीक कर दू...
-
हमें तो कुछ समझ नहीं आया, क्या हुआ था?...पर लम्बे अर्से बाद पता चला कि मुझे खाने में कुछ दिया गया था और मेरे ऊपर मारण प्रयोग किया गया था। बतान...
-
‘‘कौन खाली हाथ माँग रहा है?...मैं तो खाली हाथ लूँगी भी नहीं।’’ और माताजी ने सबको मन पसन्द न्यौछावर देकर बालक को गोद में ले लिया।
स...
-
‘‘चौहान जी, लड़की की शादी की तैयारी हो गई?...’’
वे कहते, ‘‘सब गुरुजी ठीक करेंगे।’’ शादी में मात्र दो माह का समय था। जब भी पूछते, उनका एक ही जवाब...
-
‘‘बेटा, यह माला तू कितने में लाया?...’’ मैंने बतलाया, ‘‘दो आने में गुरुजी।’’ इसपर गुरुजी बोले, ‘‘बेटा, तेरे दो आने खर्च हो गए और यह माला म...
-
(अ) प्रशिक्षक बालकों को खीरा दिखाकर पूछता है-‘‘यह क्या है?... ’’
बालक- ‘‘खीरा!’’
प्रशिक्षक- ‘‘इसका उपयोग क्या है?’’
बालक- ‘‘यह खाने के काम आता है।’’
प्रशिक्षक- ‘‘...
-
(३) विद्यार्थी जीवन की समस्यायें व उनका निवारण; आप क्या करेंगे?... २२०
(४) दुर्व्यसनों से हानि ही हानि २२३
बाल संस्कार शाला के आचार्य हेतु निर्देश
१. स्वयं निर्धारित ...
-
- इन प्रेरक प्रसंगों/दृष्टान्तों से क्या सीखा?... छात्रों से चर्चा करें।
स. सुविचार/सद्वाक्य
प्रति सप्ताह एक सद्वाक्य सुनायें और बड़े-बड़े शब्दों में ल...
-
- खेल के समय बालक कहाँ जाते हैं?... क्या करतें हैं? किसकी संगति में रहते हैं? आदि गतिविधियों पर दृष्टि रखें।
२०. सायंकालीन प्रार्थना एव...
-
- ध्वनियों के सही उच्चारण पर ध्यान दें, यह देखें कि कौन छात्र गलत उच्चारण कर रहा है?... उसे बीच में ही रोक कर सही उच्चारण का अभ्यास कराएँ।
- उच्चारण में आरोह और अवरोह पर ध्यान दें।
- प्रति...
-
- बिस्तर से उठकर रात्रि से तांबे के लोटे में रखा जल जितना पी सकें-पियें?... माता पिता क्या करें? आचार्य क्या करें?
उषापान का लाभ एवं तरीका बतायें। जैसे-
-पेट साफ हो जाता है, कब...
-
-किसे क्या पढ़ना है?... यह सुनिश्चित कर दें।
-पढ़े हुए विषयों पर छात्रों में योग्यता के विकास की दृष्टि से चर्चा करें।
-पढ़े ग...
-
-पढ़े गए विषय पर भाव संक्षेपण एवं सार संक्षेप लिखवायें?...
-पढ़े हुए में से तथ्य परक सामग्री बिन्दुवार खोजने को कहें।
-कुछ प्रमुख तथ्यों की तुलना एवं विवेचना क...
-
अब कहाँ जाया जाए?... इस प्रश्न ने श्रुतिधर को झकझोरा! वन, पर्वत, आकाश सभी तो अमंगल से परिपूर्ण हैं उनका हृदय उद्वेलित हो ...
-
अब्राहम लिंकन जब प्रात:काल टहलने जाते तो लोग अपनी घड़ियाँ मिला लेते थे कि समय क्या है?... उनका समय, नियम और क्रम पूर्णतया व्यवस्थित था, उसमें कभी यत्किंचित भी अन्तर नहीं आता था। इसलिए लोग उनक...
-
आचार्य क्या करे?...
-माता-पिता को प्रणाम/ चरण स्पर्श का महत्त्व बतायें।
- मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, गुरु देवो भव का भाव...
-
आचार्य क्या करें?...
- बच्चों को अपने वस्त्र, जूते, शयन कक्ष एवं परिसर की स्वच्छता एवं व्यवस्था का महत्त्व बताएँ।
- श्रम क...
-
आप आश्चर्य करेंगे कि क्या बिना पैसा के भी कोई धनवान हो सकता है?... लेकिन सत्य समझिये इस संसार में ऐसे अनेक मनुष्य हैं, जिनकी जेब में एक पैसा नहीं है या जिनकी जेब ही नह...
-
आप पूँछेंगे कि आवश्यकताओं, आराम की वस्तुओं और विलासिता की चीजों में क्या अन्तर है?... मनुष्य के लिए सबसे मूल्यवान उसका शरीर है। शरीर में उसका सम्पूर्ण कुटुम्ब भी सम्मिलित है। वह अपना और ...
-
इस संसार को बनाने वाले ब्रह्माजी ने एक बार मनुष्य को अपने पास बुलाकर पूछा- ‘तुम क्या चाहते हो?... ’
मनुष्य ने कहा- ‘मैं उन्नति करना चाहता हूँ, सुख-शान्ति चाहता हूँ और चाहता हूँ कि सब लोग मेरी प्रशंस...
-
उसने तीसरा प्रश्न किया, ‘‘क्या आप लोगों में से कोई मेरे कन्धे पर बैठ सकता है, जब मैं इस प्रपात को पार करूँ?... ’’
इस प्रश्न पर भीड़ में सन्नाटा छा गया। कोई भी उसके कन्धे पर पार करते समय बैठने को तैयार नहीं हुआ। ...
-
उसने दूसरा प्रश्न किया,‘‘क्या मैं फिर इस पार से उस पार तक इसी प्रकार पार कर सकता हूँ?... ’’ भीड़ ने उत्तर दिया ‘‘हाँ।’’
उसने तीसरा प्रश्न किया, ‘‘क्या आप लोगों में से कोई मेरे कन्धे पर बैठ ...
-
एक मोमबत्ती जलाकर बालकों से पूछा जाता है कि एक मोमबत्ती जलने के लिए कौन-कौन सी बातें आवश्यक होती हैं?... बालक उत्तर देते हैं कि बत्ती (धागा) प्राणवायु, मोम, चिनगारी, माचिस आदि।
प्रशिक्षक जलती हुई मोमबत्ती ...
-
एडवर्ड वटलर लिटन ने अपने एक मित्र को कहा था—लोग आश्चर्य करते हैं कि मैं राजनीति तथा पार्लियामेंट के कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हुए भी इतना साहित्यिक कार्य कैसे कर लेता हूँ?... 60 ग्रन्थों की रचना मैंने कर ली? पर इसमें आश्चर्य की बात नहीं। यह नियन्त्रित दिनचर्या का चमत्कार है।...
-
कभी आपने सोचा है कि आपका वेतन क्यों २० तारीख को समाप्त हो जाता है?... आप असन्तुष्ट झुँझलाये से क्यों रहते है?
अच्छा अपने घर के समीप वाली जो पान-सिगरेट की दुकान है, उसका ...
-
कस्सविता का सावित्री?...
अग्निरेव सविता पृथ्वी सावित्री।
कस्सविता का सावित्री?
वरुण एव सविताऽऽपस्सावित्री।
कस्सविता का सावित...
-
किन्तु कितने व्यक्ति हैं जो समय का मूल्य समझते और उसका सदुपयोग करते हैं?... अधिकांश लोग आलस्य और प्रमाद में पड़े हुए जीवन के बहुमूल्य क्षणों को यों ही बर्बाद करते रहते हैं। एक-...
-
कौन डॉ बैरोज?...
सन्यासी ने अपने चोगे की जेब में हाथ डाला पर हाथ खाली ही निकला।
क्यों, क्या हुआ?
मैं डॉ. बैरोज के ना...
-
क्या हमारे अमूल्य श्वाँस-प्रश्वाँस की कुछ क्रियाओं की तुलना या मूल्यांकन त्रैलोक्य की सम्पूर्ण सम्पत्ति से की जा सकती है?... कारूँ का सारा खजाना जीवन रूपी धन की चरण रज से भी अल्प क्यों माना जाय? सच्चा धन हमारा स्वास्थ्य है, व...
-
क्यों, क्या हुआ?...
मैं डॉ. बैरोज के नाम बोस्टन से प्रोफेसर जे. एच. राइट का एक पत्र लाया था। उसी पर पता लिखा था, पर वह ...
-
चाट-पकौड़ी, चाय वाला, काफी हाउस, रेस्तरां, चुसकी, शरबत, सोडा, आइसक्रीम, लाइट रिफ्रेशमेंट वालों से पूछिए कि वे आपकी कमाई का कितना हिस्सा ले लेते हैं?... यदि अकेले गये तो -५० पैसे या -७५ पैसे का अन्यथा एक रुपया-सवा रुपया का बिल मित्रों के साथ जाने पर बन ...
-
चिड़ियाँ दाना चुगने उड़ जाती हैं, पर साथ ही उन्हें यह भी याद रहता है कि घोंसले के बच्चों को किस समय भोजन देना है?... वे चोंच में मुलायम बीज या कीड़े लेकर ठीक उसी समय आहार की प्रतीक्षा करते हैं। समय से कुछ मिनट पहले तक...
-
जानते हो ये कुमार सिद्धार्थ कौन थे?... यही बाद में राजपाट छोड़कर गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए, जिन्होंने अहिंसा का पाठ सारे संसार को पढ़...
-
जिस व्यक्ति को समय का मूल्य नहीं मालुम, वह अपने जीवन में क्या कर सकता है?... उस व्यक्ति ने हँसते हुए कहा। स्वामीजी उसके व्यंग्य को समझ गये थे, फिर भी वह थोड़ी देर और प्रतीक्षा कर...
-
जिस व्यक्ति ने सेवा के अवसरों को खो दिया हो, वह भला क्या उत्तर देता?...
२१. एकान्त नहीं मिला
आचार्य उपकौशल को अपनी पुत्री के लिये योग्य वर की खोज थी। उनके गुरुकुल में कई व...
-
जो दूसरों की समझ में ही न आये, वैसी तस्वीर बनाने का क्या तात्पर्य, उससे समाज को क्या लाभ?...
शायद तुमने एक शायर की यह पंक्तियाँ नहीं सुनीं।
‘‘कौन सी?’’ राउल्ड ने पूछ लिया।
‘‘वही तस्वीर कलामय ह...
-
तो इतना जानते हए भी तुम मेरी हत्या करने क्यों आये?... क्या तुम्हें अपने प्राणों का मोह नहीं था, मालो। शिवाजी ने उससे पूछा।
बालक ने अपनी सारी कथा कह सुनाई।...
-
दिन भर के चौबीस घंटों में किस समय से किस समय तक क्या-क्या काम होंगे?... इस प्रकार की समय सारिणी बनाकर उस पर चलने से समय का सदुपयोग तो होता ही है, काम भी अधिक होता है तथा जी...
-
धनी ने उसे देखकर पूछा-‘तुम क्यों आयी हो?... ’
लड़की ने कहा-‘मेरी रोटी में यह मुहर निकली है। आटे में गिर गयी होगी। देने आयी हूँ। आप अपनी मुहर ले ल...
-
पर करें कैसे?... किसी ने कहा था कि धतूरे के बीज खा लेने से मृत्यु हो जाती है। बीज इकट्ठे किये गये, पर खाने की हिम्मत ...
-
प्रशिक्षक बालकों को नकली दाँत दिखाते हुए पूछता है- यह क्या है?...
बालक-ये नकली दाँत हैं।
प्रशिक्षक-क्या आप मुझे अपने दाँत देंगे? उनके बदले में मैं तुम्हें पाँच हजार ...
-
प्रशिक्षक बालकों को पानी से आधा भरा हुआ काँच का प्याला दिखाकर पूछता है-‘‘यह क्या है?... ’’ इस प्रश्न के अलग-अलग उत्तर बालक देते हैं। कोई कहता है-यह आधा भरा हुआ गिलास है तो कोई कहता है यह आ...
-
प्रशिक्षक बालकों से महाराणा प्रताप का चित्र दिखाते हुए पूछता है ‘‘यह कौन है?... ’’
सभी बालक एक साथ उत्तर देते हैं, यह महाराणा प्रताप का चित्र है।
प्रशिक्षक- यह एक बहुत बड़े राजा थे।...
-
प्रशिक्षक- आपको पैसे कौन देता है?... आपके कपड़ों के लिए, पुस्तकों के लिए, विद्यालय शुल्क के लिए कौन पैसे देता है?
(ऐसे प्रश्न वह अलग-अलग ब...
-
प्रशिक्षक- लक्ष्मी जी का चित्र दिखाकर पूछता है-‘‘यह कौन है?... ’’
बालक-‘‘लक्ष्मी जी हैं।’’
प्रशिक्षक-‘‘यह क्या देती हैं?’’
बालक-‘‘धन-देती हैं।...
-
प्रशिक्षक- ‘‘आपने पैसे देकर खीरा खरीदा, घर लाकर उसे धोया और काटकर उसका कड़वापन निकाला, नमक लगाया और खाने पर आप को पता चला कि यह कड़वा है तो आप क्या करते हैं?... ’’
बालक- ‘‘हम उसे फेंक देते हैं।’’
प्रशिक्षक- ‘‘यदि पैसे खर्च करके लाया हुआ खीरा भी कड़वा निकला तो आप...
-
प्रशिक्षक- ‘‘इसका उपयोग क्या है?... ’’
बालक- ‘‘यह खाने के काम आता है।’’
प्रशिक्षक- ‘‘यह कहाँ पर मिलता है?’’
बालक- ‘‘बाजार में।’’
प्रशिक्...
-
प्रशिक्षक- ‘‘क्या आप आज की बनी सब्जी कल खा सकते हो?... ’’
बालक-‘‘नहीं।’’
प्रशिक्षक-‘‘क्यों?’’
बालक-‘‘इसमें बद्बू आएगी।’’
प्रशिक्षक-‘‘यदि चार दिनों तक वह स...
-
प्रशिक्षक- ‘‘क्या आप चाहते हैं कि आपको कोई इसी प्रकार कूड़ापात्र में फेंक दे?... आप से दुर्व्यवहार करे?’’
बालक- ‘‘नहीं।’’
प्रशिक्षक- ‘‘तो आप को क्या करना चाहिए?’’
बालक- ‘‘सभी से मीठ...
-
प्रशिक्षक- ‘‘क्या आपने कभी लक्ष्मी जी को धन देते हुए और सरस्वती को विद्या देते हुए देखा है?... ’’
बालक- नहीं
प्रशिक्षक- आपको पैसे कौन देता है? आपके कपड़ों के लिए, पुस्तकों के लिए, विद्यालय शुल्क क...
-
प्रशिक्षक- ‘‘तो आप को क्या करना चाहिए?... ’’
बालक- ‘‘सभी से मीठा बोलना चाहिए।’’
(ब) इस प्रात्यक्षिक में १०-११ बालकों के दो गुट बनाकर आधे बालको...
-
प्रशिक्षक- ‘‘यदि पैसे खर्च करके लाया हुआ खीरा भी कड़वा निकला तो आप उसे फेंक देते हैं, तो आपका मित्र जो आपकी कड़वी बातें मुफ्त में सुनता है, आपकी कड़वी बातें-गाली-गलौज-अपमान आदि सुनकर उसे क्या करना चाहिए?...
बालक- ‘‘कूड़ापात्र में फेंक देना चाहिए।’’
प्रशिक्षक- ‘‘क्या आप चाहते हैं कि आपको कोई इसी प्रकार कूड़ा...
-
प्रशिक्षक- ‘‘यह कहाँ पर मिलता है?... ’’
बालक- ‘‘बाजार में।’’
प्रशिक्षक- ‘‘वैसे ही मिलता है या पैसे देकर?’’
बालक- ‘‘पैसे देकर।’’
प्रशिक्षक...
-
प्रशिक्षक- ‘‘यह क्या देती है?... ’’
बालक- ‘‘ज्ञान तथा विद्या देती है।’’
प्रशिक्षक- लक्ष्मी जी का चित्र दिखाकर पूछता है-‘‘यह कौन है?’’...
-
प्रशिक्षक- ‘‘वैसे ही मिलता है या पैसे देकर?... ’’
बालक- ‘‘पैसे देकर।’’
प्रशिक्षक- ‘‘आपने पैसे देकर खीरा खरीदा, घर लाकर उसे धोया और काटकर उसका कड़वाप...
-
प्रशिक्षक- ‘‘सच्चा है या बनावटी?... ’’
बालक- ‘‘बनावटी।’’
प्रशिक्षक- ‘‘अच्छा! एक टोकरी में मैं कुछ प्राकृतिक (सच्चे) फूल डाल दूँ और एक बन...
-
प्रशिक्षक-आपको विद्या कौन देता है?... आपको भाषा का ज्ञान किसने दिया? आपको संसार की समस्त वस्तुओं का परिचय किसने करवाया?
बालक- हमारी माँ ने...
-
प्रशिक्षक-क्या आप मुझे अपने दाँत देंगे?... उनके बदले में मैं तुम्हें पाँच हजार रूपये और साथ-साथ में सुन्दर नकली दाँत भी दूँगा। जो बालक इस बात क...
-
प्रशिक्षक-‘‘आपने अपना पेट भीतर से नहीं देखा होगा?... मैं आपको दिखा रहा हूँ। (एक पानी से भरी तेल की शीशी दिखाते हुये।) देखो हमने आपके कपड़े उतार दिए-चमड़ी उ...
-
प्रशिक्षक-‘‘तो फिर देश के लिये आप क्या काम करेंगे?... इस प्रश्न का उत्तर बालक यथामति देते हैं। उनके उत्तरों का तालियाँ बजाकर स्वागत-अभिनंदन करें।’’
४. साव...
-
प्रशिक्षक-‘‘बताओ महाराणा प्रताप और चेतक को आप क्यों जानते हैं?... ’’
बालक-‘‘उन्होंने देश हित के लिए कार्य किया-- इसलिए!’’
प्रशिक्षक-‘‘हम अपने पूर्वजों को भूल गए इसका ...
-
प्रशिक्षक-‘‘यदि चार दिनों तक वह सब्जी पड़ी रहे तो क्या होगा?... ’’
बालक-‘‘उस में कीड़े पड़ जाएँगे।’’
प्रशिक्षक-‘‘हमारे दाँत में छेद है। हमने सब्जी खाई और चार दिन दाँत...
-
प्रशिक्षक-‘‘यह क्या देती हैं?... ’’
बालक-‘‘धन-देती हैं।’’
प्रशिक्षक- ‘‘क्या आपने कभी लक्ष्मी जी को धन देते हुए और सरस्वती को विद्या द...
-
फिर प्रशिक्षक बालकों को आलू दिखाते हुए पूछता है ‘‘यह क्या है और क्या काम आता है?... ’’
बालक- ‘‘यह आलू है.....इसकी सब्जी खाने के काम आती है।’’
प्रशिक्षक- ‘‘क्या आप आज की बनी सब्जी कल खा...
-
बच्चों में सुसंस्कारिता जागृत करने के लिए क्या किया जाय?... प्रारम्भ कैसे हो? यह प्रश्न उठने पर अधिकांश लोग शिक्षा नीति और शिक्षणतंत्र को कोसकर अपनी बात समाप्त क...
-
बालक को अपनी भूल मालूम हुई, पर अब वह क्या करे?... देर जो हो चुकी थी।
माँ रातभर नहीं सो सकी और बालक भी सारी रात सपने में चिड़िया का भयंकर आर्त्तनाद सुनत...
-
बालक क्या करें?...
- प्रातः सूर्योदय के पूर्व संकल्प पूर्वक जागें।
- यह न सोचें कि हमें कोई जगायेगा तब ही उठेगें। स्वय...
-
बैठकर सोच रहा था क्या करे?... संघर्ष, निरन्तर संघर्ष, परिस्थितियाँ कैसी भी क्यों न हों, उसने हार मानना सीखा न था। विपरीतताएँ-उसका ...
-
भीम तनिक नाराज होकर कहने लगे-‘‘शत्रु की सेवा करना क्या अधर्म नहीं है?... ’’
‘‘बन्धु! शत्रु मनुष्य नहीं, पाप और अधर्म हुआ करता है।...
-
माण्डव्य ऋषि विचार करने लगे कि ऐसा क्यों हुआ?... यह उन्हें किस पाप की सजा मिल रही है? उन्होंने अपने जीवन का अवलोकन किया, कहीं कुछ नहीं मिला। फिर विगत...
-
माता -पिता क्या करें?...
- बच्चे एकाकी नहीं रह सकते। वे विद्यालय में, खेल के मैदान में, घूमने-फिरने में जो प्रायः साथ होते ह...
-
माता पिता क्या करें?...
-अलार्म घड़ी एवं तांबे के लोटे में जल की व्यवस्था बना दें।
-कमरे में उगते सूर्य का, गायत्री मंत्र का...
-
माता-पिता क्या करें?...
- बालक से दैनिक व्यवहारों और उनकी दिनचर्या पर चर्चा करें।
- आवश्यकता अनुसार उन्हें सुधार के लिए पर...
-
यदि आपने बेईमानी करके लाखों रुपये की सम्पत्ति जमा कर ली तो क्या बड़ा काम कर लिया?... दीन-दुखियों का रक्त चूसकर यदि अपना पेट बढ़ा लिया तो यह क्या बड़ी सफलता हुई? आपके अमीर बनने से यदि दू...
-
यह मार्डन तस्वीर क्या बला होती है?... राउल्ड ने उत्सुकतावश पूछा, क्योंकि इस नये शब्द को उसने पहली बार सुना था।
वही जो दूसरों की समझ में न ...
-
यहाँ किससे मिलना है?...
डॉ बैरोज से,
कौन डॉ बैरोज?
सन्यासी ने अपने चोगे की जेब में हाथ डाला पर हाथ खाली ही निकला।
क्यों, क्...
-
यहाँ पर छपे चित्र को ध्यान से देखकर आप यह बताइये कि चित्र में जो स्त्री है उसकी आयु कितनी हैं?...
इस प्रश्न के अनेक उत्तर मिल सकते हैं। कोई उसकी आयु ६ वर्ष की बताएगा तो कोई १६ वर्ष की, कोई इसे ५० व...
-
रास्ते में सन्नाटा तोड़ते हुए राजा ने पूछा-‘‘हीरा तो एक छोटा-सा टुकड़ा है, उसके लिए इतनी सारी रेत समेटने की क्या जरूरत थी?... ’’ राजकुमार ने कहा- ‘‘जब हीरा अलग से नहीं मिलता, तो यही उपाय रह जाता है कि उस जगह की सारी रेत समेटी ...
-
लड़का कहने लगा-‘बिल्ली को तो आप अपनी ही खाट पर सोने देते हैं, परन्तु मुझे क्यों नहीं सोने देते?... ’
किसान ने कहा-‘तुम्हें खुजली हुई है। तुम्हारे साथ सोने से मुझे भी खुजली हो जायेगी। पहले तुम अपनी खु...
-
वासुकी मुस्काराये, एक क्षण चुप रहे फिर मौन भंग करते हुए बोले- ‘‘वत्स तुम चिता मे बैठोगे, तुम्हारा शरीर जलेगा, शरीर में भरे मल भी जलेंगे, उससे भी अमंगल ही तो उपजेगा, उस अमंगल में क्या तुम्हें शान्ति मिल पायेगी?... ’
तात्।...
-
शक्ति संचार साधना का प्रारम्भ?... १४ जुलाई सन् १९६१ गायत्री तपोभूमि मथुरा में मुझे अकेले दीक्षा दी। उसके बाद गोष्ठी हुई। १५, १६ व्यक्त...
-
शिवाजी ने कहा- यदि तुम भाग जाओ और वापस न आओ तो?...
बालक ने गम्भीरतापूर्वक उत्तर दिया-मैं क्षत्रिय पुत्र हूँ, वचन से नहीं लौटूँगा। महाराज ने मालोजी को ...
-
सरस्वती का चित्र दिखाकर प्रशिक्षक बालकों से पूछता है, ‘‘यह कौन है?... ’’
बालक-‘‘यह देवी सरस्वती है!’’
प्रशिक्षक- ‘‘यह क्या देती है?’’
बालक- ‘‘ज्ञान तथा विद्या देती है।’’
...
-
सर्वांगीण विचार करने की प्रवृत्ति बालकों में पनपे, इस दृष्टि से उन्हें यह आकृति दिखाकर प्रशिक्षक पूछता है कि इसमें कितने वर्ग बने हुए हैं?...
सबसे पहले उत्तर आता है कि इसमें १६ वर्ग हैं। यह उत्तर ठीक नहीं है, ध्यान से आकृति देखो’’ ऐसा कहने प...
-
हमारा बहुमूल्य 'वर्तमान' क्रमशः भूत बनता चला जा रहा है और हम यह देख-समझ नहीं पाते कि प्रमाद द्वारा कितनी मूल्यवान संपदा का अपहरण किया जा सकता है?... भूत के बारे में कहा जाता है कि वह बहुत डरावना होता है। कहते हैं कि मरने के बाद अशान्त व्यक्ति भूत बनत...
-
‘‘यदि दुरुपयोग किया है तो इसका उपयोग कैसे हो सकता था?... ’’
बालक फिर से प्रयास शुरु करते हैं- कोई आलपिन अपनी कमीज को लगा देता है- कोई गुब्बारे के ऊपरी भाग मे...
-
‘‘लेकिन वेष बदलकर जाना?... ’’ अर्जुन के स्वर के पीछे चिन्ता की झलक थी। प्रश्न उनकी सुरक्षा का है। भीम कुछ उद्विग्न थे। ‘‘इससे स...
-
इसके लिए क्या करना होगा?...स सम्बन्ध में प्रत्यक्ष कर्तृत्व उतना नहीं है जितना कि दृष्टिकोण में परिवर्तन करने का प्रबल अभ्यास अप...
-
कई व्यक्ति सोचते हैं— हम संस्था से निर्वाह लेकर काम क्यों करें?...‘अपना खाने’’ के नाम पर निर्वाह लेने वालों से श्रेष्ठ क्यों न बनें? कुछ लोग इस कारण काम ही नहीं करते। ...
-
कथन का सारांश इतना ही है आप नित्य अपनी अन्तरात्मा से पूछें कि जो हम कर सकते थे, उसमें कहीं राई-रत्ती त्रुटि तो नहीं रही?...लस्य प्रमाद को कहीं चुपके से आपके क्रिया-कलापों में घुस पड़ने का अवसर तो नहीं मिल गया? अनुशासन में व्...
-
काम क्या करना पड़ेगा?...ह निर्देश और परामर्श आप लोगों को समय-समय पर मिलता रहेगा। वह तो समय की बात है। काम बदलते भी रहेंगे और ...
-
कार्य कैसे पूरा होगा?...तने साधन कहाँ से आएँगे? इसकी चिन्ता आप न करें। जिसने करने के लिए कहा है, वही उसके साधन भी जुटायेगा। आ...
-
'वाह तुम तो ढीला पाजामा पहन कर पूरे जोकर लग रहे हो, किसका माँग कर पहने हो?...चारा सदैव सबके उतरे कपड़े ही पहनने को पाता है, बेचारे को कोई पूछता ही नहीं।
ऐ मुन्नी, देख तेरी चु...
-
अगर माँ बच्चे को गाली देकर 'ए छोरी इधर आ, अबे नालायक किधर मर गया?...या बहरा हो गया है?' इस तरह अपशब्द कहकर बुलाती हैं और पिताजी भी हमेशा घुड़क कर बोलते हैं, तो बच्चे भी ...
-
पुत्र जन्मा तो बहार आ गई, हँसी-खुशी, राग-रंग, बधाइयाँ, भोज, दावतें और न जाने क्या-क्या?...त्री जन्मी तो पतझड़, दुःख, निराशा और भाग्यहीनता के उच्छवास। हमारी भारतीय संस्कृति में नारी की दयनीय द...
-
बस, बच्चे को उत्तेजित करने के लिए इतना ही क्या कम है?... दिन भर उसका दिमाग सातवें आसमान पर चढ़ा रहता है। आत्म प्रशंसा सुनकर वह फूल उठा है। इससे वह कुछ अस्वाभ...
- ''मैं क्या हूँ?... '' इस प्रश्न का उत्तर शब्दों द्वारा नहीं वरन् साधना द्वारा हृदयंगम कराने का प्रयत्न इस पुस्तक में कि...
- (१) अच्छाई हो अथवा बुराई हो वे किस कारण अधिक बढ़ती हैं?... (२) हम वस्त्र क्यों पहनते हैं? हम सारा कमाया हुआ पैसा बैंकों में क्यों रखते हैं? हम सारा कमाया हुआ प...
- (१) अनेक रूपों में नर और नारी के बीच का सम्बन्ध हमारे भारतवर्ष में किस तरह का माना जाता रहा है?... (२) वासना की चर्चा क्या सामाजिक जीवन में करना उपयुक्त होगा? (३) वासना की चर्चा सामाजिक जीवन में करने...
- (१) अपने देश के प्रति नागरिक का कर्तव्य क्या है?... (२) दूसरों की सुविधा का ध्यान रखने से क्या लाभ होता है? (३) घर मुहल्ले एवं नगर में सफाई रखने के लिये...
- (१) अपराध की वृद्धि का दुष्परिणाम लिखो?... (२) व्यक्तिगत सदाचार और सामाजिक कर्तव्य क्यों आवश्यक हैं? (३) सिद्ध करो अपराध व्यक्ति के लिये स्वयं ...
- (१) अभिभावकों के प्रमुख कर्तव्य क्या हैं?... (२) बच्चों का विकास किन बातों पर निर्भर रहता है? (३) शिशु निर्माण के सम्बन्ध में रहस्य की बात क्या ह...
- (१) आकाश में अधर में लटके हुए ग्रह नक्षत्र किस कारण गिर नहीं पाते?... (२) मनुष्य जीवन की स्थिरता एवं प्रगति का आधार क्या है? तथा उसको भुला देने से क्या हानियाँ हो सकती है...
- (१) आज राष्ट्र की प्रमुख समस्या एवं चिन्ता की बात क्या है?... (२) खाद्य समस्याओं को हल करने में प्रत्येक परिवार क्या योगदान दे सकता है? (३) शाकों का उपयोग अन्न से...
- (१) आज शस्त्र पूजा क्यों होती है?... एक ग्रामीण युवक ने पुरोहित से प्रश्न किया इसलिये कि मनुष्य को शक्तिवान होना चाहिए और आवश्यकता पड़े तो...
- (१) आजीविका प्राप्त करने से भी अधिक महत्त्वपूर्ण क्या है?... (२) पैसा खर्च करने में किन-किन गुणों का होना अनिवार्य है? (३) उन गुणों के न होने से क्या हानियाँ होत...
- (१) आध्यात्मिक प्रगति का आधार क्या है?... (२) सिद्ध कीजिये कि दाम्पत्य जीवन आध्यात्मिकता की प्रयोग-शाला है।...
- (१) आपके अनीति के पोषण करते रहने से क्या हानियाँ होती हैं?... (२) आज के समाज में हम क्यों देख रहे हैं कि अत्याचार अनीति आदि करने वाले काफी साहस से यह कार्य करते ज...
- (१) आमिष आहार की हानियों पर प्रकाश डालिये?... (२) जार्ज बर्नाड शा के शब्दों में माँस खाना अपराध क्यों है? (३) मानव प्राणी की सबसे बड़ी विशेषता क्या...
- (१) आर्थिक कठिनाई हम क्यों उठा रहे हैं?... (२) आर्थिक कठिनाई की समस्या को हल करने के लिये क्या करना होगा।...
- (१) इसे आप कैसे कह सकते हैं कि एक सामान्य मनुष्य भी अवतारी पुरुष बन सकता है?... (२) मनुष्य शरीर पाकर जो काम हमें करने चाहिए वे हम किस कारण नहीं कर पा रहे हैं? (३) माया किसे कहते है...
- (१) उत्पादन के प्रमुख पक्ष कितने हैं और कौन-कौन हैं?... (२) उत्पादन में उचित अंश श्रम जीवी को देना क्यों आवश्यक है? (३) कर्तव्य की उपेक्षा क्यों नहीं की जान...
- (१) एक गृहस्थ एक साधु के पास गया और बोला-महात्मन् मैं दिन रात कमाई करता हूँ धन की कमी नहीं, परिवार भरा पूरा है तो भी शान्ति नहीं है?... साधु ने पूछा-तात यह तो बताओ घर में सब लोगों में परस्पर एकता, अनुशासन और प्रेम भाव तो है? गृहस्थ बोला...
- (१) एक बच्चे को देश का बड़ा भारी नेता बनने की इच्छा थी पर कैसे बना जाये?... यह बात समझ में नहीं आती थी। एक दिन फ्रेंकलिन की जीवनी पढ़ते समय उसने ज्ञानार्जन की महत्ता पढ़ी बच्चा उ...
- (१) एक युवक एक साधु के पास जाकर बोला-भगवन् कोई ऐसी आशीष दीजिये जिससे मालामाल हो जाऊँ?... साधु ने कहा बेटा जा कोई उद्योग से ही पैसा बढ़ता है लेकिन युवक को तो अपनी धुन लगी हुई थी वह अपनी ही जि...
- (१) एक स्त्री ने सन्त सुकरात के पास जाकर पूछा-महाराज अपने पुत्र को पढ़ाना कब से प्रारम्भ करूँ?... सुकरात ने पूछा-कितने वर्ष का हुआ है वह बालक! स्त्री बोली-पाँच वर्ष का। तब तो आपने ६ वर्ष की देर कर द...
- (१) कला एक संगीत का मुख्य प्रयोजन क्या है?... (२) आजकल पैसा का दुरुपयोग अधिक हो रहा है सदुपयोग क्यों नहीं? कारण सहित समझाइए? प्राचीनकाल में कला का...
- (१) किसी ने विनोबा जी से पूछा-आप महाराष्ट्रीय ब्राह्मण हैं, कोकाणस्थ या देशस्य?... उन्होंने कहा-मैं देश में रहता हूँ इसलिये देशस्थ हूँ काया में रहता हूँ इसलिये कायस्थ हूँ, और सबसे अधि...
- (१) क्या यह उचित है कि जिस तरह अविकसित जीव परस्पर दुर्व्यवहार करते हैं हमें भी करना चाहिए?... (२) धर्म अध्यात्म और दर्शन का प्रयोजन क्या है? (३) घोड़े, गधे तथा अन्य सवारी में काम आने वाले तथा वजन...
- (१) खान अब्दुल गफ्फार से एक पत्रकार ने प्रश्न किया-आप इतना कम भाषण क्यों देते हैं?... सीमान्त गाँधी ने उत्तर दिया-अब भाषणों को नहीं रचनात्मक कार्यक्रमों का युग है किसी से कुछ कहने की अपे...
- (१) गन्दा आदमी किस कारण घृणित माना जाता है?... (२) बीमारी किस जगह में अधिक होती है? (३) हमें भारतवर्ष में स्नान किस प्रकार करते रहना चाहिए? (४) अपन...
- (१) गायत्री और यज्ञ इन दोनों का भारतीय संस्कृति के साथ क्या नाता है?... (२) शास्त्रकारों ने गायत्री जी के कितने मुख बताये हैं? तथा इनके लाभ प्राप्त करने की क्षमता किसमें है...
- (१) गीता के रहस्यवाद से क्या समझते हो?... मानव के आन्तरिक शत्रु कौन-कौन से हैं (२) अनीति को रोकने के लिए कठोर कदम उठाना क्यों आवश्यक है। (३) सम...
- (१) गौ हत्या के विरुद्ध आन्दोलन कर रहे कुछ स्वयं सेवकों से एक अधिकारी ने पूछा-बताइये लोगों में से कितनों ने गाय पाल रखी हैं?... एक भी स्वयंसेवक मुँह न उठा पा रहा था। अधिकारी ने कहा-कितने खेद की बात है कि आप लोग गाय की बात कहते ह...
- (१) जीवन की सबसे महत्त्वपूर्ण समस्या क्या है?... (२) जीवन लक्ष्य की प्राप्ति में प्रमुख बाधा क्या है।...
- (१) तुलसी के पत्ते का उपयोग पूजा में क्यों किया जाता है?... (२) तुलसी के सेवन से क्या लाभ है? (३) हर घर में तुलसी का पौधा क्यों होना चाहिए? (४) तुलसी को औषधि के...
- (१) दहेज तथा शादियों का असह्य अपव्यय समाज को अधःपतन की ओर किस तरह ले जा रहा है?... (२) पहले शादियों पर अपव्यय होने के क्या कारण थे? (३) अब अपव्यय करने पर समाज हमसे किस प्रकार का बर्ता...
- (१) देवता की परिभाषा कीजिये?... (२) देवपूजन के समय उनके स्वागत सम्मान के लिए किन वस्तुओं का उपयोग किया जाना चाहिए? (३) बलिदान की प्र...
- (१) नर और नारी किस तरह एक दूसरे के सहयोगी हैं?... (२) अपने समाज में नारी जाति की स्थिति कैसी है? तथा इससे क्या हानियाँ हैं? (३) पर्दा प्रथा कहाँ से प्...
- (१) निकट भविष्य में यदि हमें अपने समाज को समुन्नत देखना है तो हमें क्या करना चाहिए?... किस तरह करना चाहिए? (२) मनुष्य की प्रगति किन गुणों पर अवलम्बित है? दुर्गुणी व्यक्ति तथा सद्गुणी व्य...
- (१) परिवारों को विघटन से क्या हानियाँ हैं?... (२) भारतवर्ष में संयुक्त कुटुम्ब प्रणाली क्यों आवश्यक है? (३) बड़े परिवारों में सुव्यवस्था कैसी रखी ज...
- (१) पशु और मानव दोनों की प्रगति में इतना अधिक अन्तर क्यों है?... सामाजिक आधार पर समझाइए? (२) सहकारितायुक्त की प्रवृत्ति में आध्यात्मिक आदर्श किस प्रकार जुड़े हुये हैं...
- (१) पिछले समय में जेवरों के बनवाने के कारणों पर प्रकाश डालिये?... (२) अब पैसे को जेवरों के रूप में बदलना हानिकारक क्यों है? (३) वर्तमान समय में भी यदि जेवरों का प्रचल...
- (१) पिता को भगवान् कृष्ण की पूजा करते देखकर बालक ने पूछा-पिताजी कृष्ण को क्यों पूजना चाहिए?... पिता ने बेटे से कहा-बेटा आज कृष्ण-जन्माष्टमी अर्थात् कृष्ण का जन्म दिन है। उनका जन्म दिवस मनाने का अ...
- (१) पुरानी भारतीय परम्परा के अनुसार मानव-जीवन कितने भागों में विभक्त है तथा उनमें उन्हें क्या-क्या कार्य करना होता हे?... (२) जब तक हम पुरानी भारतीय परम्परा के अनुसार जीवन निर्वाह करते रहे हमें क्या लाभ होता रहा। (३) जीवन ...
- (१) प्रजातंत्र का क्या अर्थ है?... इस प्रणाली में शासन तंत्र कैसे चलता है। (२) हमारे शासन में अपेक्षित कार्य कुशलता न होने का क्या कारण...
- (१) प्रजातंत्र में देश भक्तों के कर्तव्य क्या हैं?... (२) युग निर्माण योजना द्वारा प्रसारित १० रचनात्मक नवनिर्माण के कार्यों का उल्लेख करते हुए युग की आवश...
- (१) प्रमुख नव पर्वों के नाम बताइये?... (२) प्रत्येक पर्व की विशेषता एवं महत्त्व पर प्रकाश डालिये? (३) प्रमुख १० संस्कारों के नाम बताइये? (४...
- (१) प्राचीनकाल में सन्तान की संख्या वृद्धि पर जोर क्यों दिया जाता था?... (२) आजकल परिवार नियोजन कर सन्तान की संख्या कम करने की क्यों आवश्यकता है? (३) आज के बालक समाज के लिए ...
- (१) बदले हुए जमाने में विवाह पर अधिक खर्च करना अनुचित है-सिद्ध करें?... (२) दहेज की प्रथा नले अभिभावकों को बेईमान बना दिया है क्यों? (३) विवाह की कुरीतियों पर प्रकाश डालें ...
- (१) बुद्धिमानों एवं शिक्षकों के व्यसनों में प्रमुख कौन-सा व्यसन है?... इसे मिटाना क्यों आवश्यक है? (२) तंबाकू में कौन २ से विष होते हैं? (३) तंबाकू के सेवन से कौन-कौन से र...
- (१) भगवान के मन्दिरों की स्थापना करने का मुख्य प्रयोजन क्या है?... (२) आस्तिकता से क्या तात्पर्य होता है? (३) आस्तिक मनुष्य समाज को किस तरह लाभ पहुँचाता है? (४) मन्दिर...
- (१) भय हमारी प्रगति में किस प्रकार बाधक है?... (२) क्या भय की निरर्थक कल्पना करके मनुष्य अपना अहित कर रहा है? (३) अवरोध हमें किस प्रकार सज्जन बनाते...
- (१) भाग्यवाद और पुरुषार्थ में जिस प्रकार अन्तर है उसी तरह किन्हीं और दो भिन्न उदाहरणों को बतायें?... (२) पुरुषार्थ के असफल होने पर क्या हानि है तथा तब भाग्यवाद से क्या लाभ है? (३) भाग्यवाद किस प्रकार व...
- (१) भारत में गौ पालन का क्या महत्त्व है?... (२) गाय का दूध सर्वश्रेष्ठ क्यों माना जाता है। (३) सिद्ध कीजिये कि गौ रस सर्वांगपूर्ण परिपुष्ट आहार ...
- (१) भारतवर्ष में धर्मजीवियों की संख्या कितनी है?... (२) धर्म जीवियों के कर्तव्य क्या हैं? (३) प्राचीनकाल के साधु-ब्राह्मणों की आज के साधु-ब्राह्मणों से ...
- (१) मनुष्य अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ क्यों है?... उसे अधिक सुविधाएँ क्यों दी गई हैं। (२) मानव जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य क्या है। (३) आत्म बोध किसे कहते ...
- (१) मनुष्य का विकास किस बात पर निर्भर है?... (२) विचार धन से भी बड़ी शक्ति है-सिद्ध करो।...
- (१) मनुष्य का सर्वप्रथम गुण कौन सा है?... २. सज्जनता की परख क्या है? ३. मिथ्या बोलने से क्या हानि है असत्य कितने प्रकार का होता है। ४. प्रतिष्...
- (१) मनुष्य की अपनी सन्तान के प्रति क्या जिम्मेदारियाँ हैं?... (२) अभिभावक अपनी सन्तान का पालन-पोषण किस प्रकार करें कि वह विलासी, चटोरी, एवं अहंकारी न बने? (३) अपन...
- (१) मनुष्य की अल्पायु एवं अस्वस्थता का मूल कारण क्या है?... (२) सम्पदायें एवं विभूतियाँ कैसे उपलब्ध होती हैं? (३) श्रम की प्रतिष्ठा प्रतिपादित करने के लिए क्या ...
- (१) मनुष्य की महानता और निकृष्टता किस तरह उसकी मनः स्थिति पर निर्भर है?... (२) विचार किस तरह मनुष्य के लिये उपयोगी हैं? (३) इस समय जो प्रगति की विविध विध चेष्टाएँ की जा रही है...
- (१) मनुष्य जीवन की सर्वाधिक मूल्यवान वस्तु क्या है?... (२) हर क्षेत्र में सफलता के उच्च शिखर पर पहुँचने का रहस्य क्या है? (३) जीवन में एकीकरण एवं केन्द्रीय...
- (१) मानव जाति का उज्ज्वल भविष्य नारी का स्तर ऊँचा उठाये जाने पर निर्भर है?... सिद्ध कीजिये? (२) आजकल लड़कियों को शिक्षा दिलवाना क्यों आवश्यक है? (३) आज का युवक अपनी पत्नी को किस ...
- (१) मानव धर्म का मूल आधार क्या है?... (२) मनुष्य को व्यक्तिगत स्वार्थ की अनेक सामाजिक सुव्यवस्थाओं पर ध्यान क्यों देना चाहिए (३) आधुनिक यु...
- (१) मानवत्व की सबसे उत्कृष्ट विभूति क्या है?... (२) दाम्पत्य सुख का सच्चा आधार क्या है? (३) धन्य एवं सफल रहस्य किसे कहा जा सकता है? (४) विवाह योग सा...
- (१) मास्टर साहब ने प्रश्न किया बताओ सहारा में जल क्यों नहीं मिलता और अफ्रीका में अमोजन नदी जितना पानी क्यों है?... छात्र ने उत्तर दिया सहारा रेगिस्तान है अफ्रीका में घने जंगल हैं। अध्यापक ने समझाते हुये कहा-अफ्रीका ...
- (१) मित्रों की संख्या बढ़ाने का सर्वोत्तम उपाय कौन सा है?... (२) मनुष्य का वास्तविक बड़प्पन किसमें है? (३) कटु व्यवहार की कैसी प्रतिक्रिया होती है? (४) मनुष्यता ...
- (१) मृतक भोज के कारण एवं प्रयोजन पर प्रकाश डालिये?... (२) भारतीय आदर्श क्या रहा है? (३) हराम खोरी से क्या हानि है? (४) आत्मा की सद्गति कैसे होती है? (५) म...
- (१) युग की अशान्ति, आशंका एवं असन्तोष का मूल कारण क्या है?... (२) वर्तमान नाटकीय वातावरण को स्वर्गीय सुषमा में कैसे बदला जा सकता है? (३) मानवीय सुख-शान्ति बढ़ाने क...
- (१) रचनात्मक कार्यक्रमों का क्या प्रयोजन है?... (२) युग निर्माण योजना के रचनात्मक कार्य क्या हैं? (३) रचनात्मक कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा का प्रसा...
- (१) राष्ट्र में प्रतिवर्ष विवाहों पर कितना खर्च होता है?... (२) कैसे कह सकते हैं कि हमारी विवेक बुद्धि का दिवाला निकल गया है? (३) श्वास लेने वाले और किसे कहा जा...
- (१) राष्ट्रोद्धार का प्रभावकारी माध्यम क्या हो सकता है राजनीति या धर्म?... कारण सहित बताइये? (२) गाँधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम में धर्म को आधार कैसे बनाया? (३) देश की वर्तमान ...
- (१) वन्य जीव स्वस्थ न निरोग क्यों रहते हैं?... (२) निरोग रहने के उपाय लिखो-३ उपयुक्त भोजन की परीक्षा कैसे की जाय? (४) हमारा सर्वोत्तम भोजन क्या है?...
- (१) वर्तमान स्त्री जाति को पददलित स्थिति में पहुँचाने का पापी-कार्य किसने किया है?... (२) पद दलित स्थिति में पड़े रहने के कारण स्त्री जाति की क्या स्थिति हो गई है? (३) इस विपन्न परिस्थिति...
- (१) वह क्या वस्तु है जो धन दौलत की जगह दूसरे को दे सकते है?... जिससे सन्तोष व पुण्य दोनों प्राप्त हों? (२ )) प्रसन्न रहने के दो आधार है? (३) क्या साधन सम्पन्न और अ...
- (१) विवाह क्या है?... आजकल विवाह सम्बन्ध किन आधारों पर तय किये जाते हैं? (२) विवाह सम्बन्ध का सच्चा आधार क्या होना चाहिए? ...
- (१) विवाहोत्सव के परम्परा प्राचीन काम में कैसी थी?... (२) आजकल विवाहोत्सव कमर तोड़ भार क्यों कहा जाता है? (३) हमारे देशवासियों की औसत आय क्या है? (४) विवाह...
- (१) वृक्षारोपण क्यों आवश्यक है?... (२) वृक्षों के संरक्षण से मानव समाज को क्या लाभ होते हैं। (३) वृक्षों की तुलना सन्तों से क्यों की जात...
- (१) शरीर में बुखार आने पर क्या-क्या लक्षण उत्पन्न होते हैं?... तथा उससे क्या हानियाँ होती हैं? (२) मस्तिष्क को बुखार आ गया ऐसा हम कब कह सकते हैं।...
- (१) शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य कितने व कौन-कौन से हैं?... (२) प्राचीनकाल में भारत की शिक्षा प्रणाली कैसी थी? (३) सिद्ध कीजिये कि प्रगति का मूल मन्त्र शिक्षा प...
- (१) शिखा तथा यज्ञोपवीत हमारी संस्कृति का प्रतीक है?... सिद्ध कीजिये पुराने समय के लोगों के आधार पर? (२) प्राचीनकाल में शिक्षा का क्या महत्त्व था? (३) आज कै...
- (१) श्रद्धा और विश्वास किस प्रगति के लिए आवश्यक हैं?... (२) अन्ध विश्वास की परिभाषा कीजिये? (३) भारतीय जनता का एक बहुत बड़ा भाग अन्ध विश्वास में उलझा हुआ है ...
- (१) संयम का अर्थ समझाते हुए उसके महत्त्व पर प्रकाश डालिये?... (२) संयम कितने प्रकार का होता है? (३) किसी संयम के प्रकार एवं लाभ बताओ। (४) अपच का मूल कारण क्या है?...
- (१) सज्जनता की परीक्षा कैसे की जाती है?... (२) कर्मफल के परिणाम में विलम्ब क्यों होता है? (३) मानवीय अन्तःकरण की विकसित चेतना का अनुभव कैसे किय...
- (१) समर्थ होते हुए भी किसी के आगे हाथ पसारने पर हमें क्या-क्या हानियाँ हैं?... (२) भारत में भिक्षा व्यवसाइयों की संख्या बतलाते हुए इनके भिक्षा माँगने की शैली को बतलाइये? (३) प्राच...
- (१) साहित्य द्वारा होने वाले लोगों पर प्रकाश डालिये?... (२) अशिक्षितों को अर्ध मनुष्य क्यों कहते हैं? (३) क्यूबा ने अपनी अशिक्षा की समस्या कैसे हल की! (४) स...
- (१) सिद्ध करो नर-नारी भगवान् की दो भुजाएँ हैं?... (२) क्या नारी भी कर्तव्य तथा अधिकार में पुरुषों के समान नहीं? (३) पति-पत्नी के प्रति वफादार कैसे रह ...
- (१) स्वर्ग क्या है?... उसका वास्तविक अर्थ बताओ। (२) मुक्ति क्या है? वह कितने प्रकार की होती है? (३) क्या स्वर्ग एवं नरक की ...
- (१) स्वास्थ्य की सुरक्षा के सम्बन्ध में हमें सावधानी बरतना चाहिए?... (२) बीमारी और कमजोरी से अपनी रक्षा कौन कर पाता हैं? (३) आराम तलबी एक अभिशाप है सिद्ध कीजिये? (४) सार...
- (१) हमारा देश कृषि प्रधान होते हुए की विदेशों से अन्न क्यों मँगाता है?... (२) खाद्य पदार्थों के उत्पादन की वृद्धि के लिए क्या किया जाना चाहिए? (३) शाक-भाजियों के उत्पादन से क...
- (१) हमारा सीखा जाना और सिखाया जाना किस तरह निरर्थक है?... (२) हमको अपना महत्त्व समझना था पर हमने किस चीजों का महत्त्व समझा? (३) हम किन चीजों के प्राप्त होने स...
- (१) ‘यज्ञ’ शब्द का व्यापक प्रयोजन ‘गायत्री यज्ञ’ से किस प्रकार जुड़ा है?... (२) क्या गायत्री और यज्ञ इन दोनों के समन्वय से हो परिपूर्ण मानवता का उद्भव हो सकता है? (३) गायत्री य...
- (१) ‘शारीरिक सामर्थ्य’ बनाये रखना हमें क्यों आवश्यक है?... (२) अस्वस्थ रहने के कारण हमें क्या हानियाँ हैं? (३) शारीरिक स्वास्थ्य रक्षा के लिये कौन-कौन से कार्य...
- (१) ‘शिक्षा’ का प्रयोजन क्या है?... (२) यज्ञोपवीत धारण करने का क्या तात्पर्य है? (३) यज्ञोपवीत धारण द्विजत्व की प्रतिज्ञा किस प्रकार है ...
- (१) ‘‘अध्यापक दायित्व केवल शिक्षा देना ही नहीं है’’ इस कथन की पुष्टि करते हुए दर्शाइए कि अध्यापक के प्रमुख कर्तव्य क्या हैं?... (२) छात्रों के गुण, कर्म, स्वभाव पर विद्यालय का प्रभाव सर्वाधिक क्यों होता है? (३) प्राचीनकाल में शि...
- (१०) अध्यापन कला के आवश्यक तत्त्व बताइए?... कथाएँ —— (१) महर्षि अश्वलायन को इस बात का बड़ा गौरव था कि उनका पढ़ाया हुआ हर छात्र राष्ट्र का प्रतिभ...
- (१०) अमीरों के रहन-सहन की नकल करना किस प्रकार हानिकारक है?... कथाएँ —— (१) सरदार वल्लभभाई पटेल विलायत पढ़ने जाना चाहते थे पर तभी उनके भाई की भी इच्छा हो आई कि हम...
- (१०) असफलता का मूल कारण क्या है?... कथाएँ —— (१) गधे तब जंगल में खूब मौज से रहते थे एक लोमड़ी ने उन्हें बहका दिया-कहा ने सेना बनाली है औ...
- (१०) असफलता का मूल कारण क्या है?... ज्ञानयोग, कर्मयोग, भक्तियोग की महान साधना आत्मा और परमात्मा को जोड़ देने वाली प्रक्रिया का नाम योग ह...
- (१०) आत्मा परमात्मा में किस प्रकार मिलता है?... कथाएँ —— (१) इंग्लैण्ड की कामन्स सभी में वाद-विवाद चल रहा था। एक सदस्य ने दूसरे से कहा-महोदय वह दि...
- (१०) आत्मा-परमात्मा में किस प्रकार मिलती है?... आध्यात्मिक जीवन के पाँच कदम अध्यात्मवादी उज्ज्वल और उत्कृष्ट जीवन की गतिविधियाँ-सामान्य नर पशुओं की...
- (१०) आदर्श जीवन के कौन-कौन से गुण अपनाना अनिवार्य है?... कथाएँ —— (१) महाराज अम्बरीष पर क्रुद्ध दुर्वासा उन्हें शाप देने की तैयारी करने लगे। क्रोध किसी को ...
- (१०) कर्म भाग्य कब बनता है?... कथाएँ —— (१) एक युवक को नौकरी के लिए इण्टरव्यू देने २५ तारीख को बुलाया गया। युवक २१ तारीख को चलने को...
- (१०) किस दुश्मन ने हमारी मनोभूमि का ढाँचा ही बदल दिया है?... कथाएँ —— (१) अकबर के सामने एक मुकदमा आया। एक पक्ष कहता था, जो ईश्वर की शरण में आता है ईश्वर उसी की...
- (१०) क्या अनीति का प्रतिरोध करने से जो हानि होती है उसके डर से हमें अनीति का प्रतिरोध नहीं करना चाहिए?... कथाएँ —— (१) चार्ल्स डार्विन बीमार थे तो घर वालों ने एक पादरी को बुलाया और उनसे धर्म संस्कार करा द...
- (१०) क्या माँसाहार द्वारा अपने शरीर को सुदृढ़ बना सकते हैं?... विवाहों के आदर्श ऊँचे रखे जायें विवाह दो आत्माओं का एक पवित्र गठबन्धन एवं वर-वधू का एक-दूसरे के लिए...
- (१०) क्या माँसाहार द्वारा हम अपने शरीर को सुदृढ़ बना सकते हैं?... कथाएँ —— (१) कन्धे पर लहू लुहान कुत्ते को बैठाये एक व्यक्ति शहर की ओर जा रहे थे। कई मोटर ट्रक वालों...
- (१०) गृहस्थ जीवन का मूल आधार क्या है?... कथाएँ —— (१) गान्धारी ब्याह कर-आई तब पता चला कि पति धृतराष्ट्र अन्धे हैं। एक बार वरण कर लिया तो फि...
- (१०) गेरुआ वस्त्र पहने स्वामी विवेकानन्द की ओर इशारा करके एक अमेरिकन स्त्री ने एक अमेरिकन से कहा-जरा इन महोदय की पोशाक तो देखो?... विवेकानन्द ने अँगरेजी में कहा-देवी आपके देश में सभ्यता के उत्पादक दर्जी और सज्जनता की कसौटी कपड़े मान...
- (१०) गौ-दुग्ध और गौ-घृत के सेवन का व्रत क्यों लेना चाहिए?... अधिकार गौण और कर्तव्य प्रधान माना जाये सुविधाओं का लाभ उठाने और आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वस्तुओं...
- (१०) चूहों व कीड़ों से अन्न की बरबादी बचाने के लिए क्या किया जाये?... (११) अन्न संकट को उत्पादन वृद्धि से ही नहीं संरक्षण एवं उपयोग के विवेकपूर्ण तरीकों से भी टाला जा सकन...
- (१०) झोला पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालिये?... कथाएँ —— (१) राष्ट्रीय विद्यालय को चलाने के लिये योग्य संचालन की नियुक्ति के बारे में टेढ़ी बात यह ...
- (१०) धर्म के सच्चे स्वरूप पर प्रकाश डालिए?... प्रश्न —— मअद नेक और ईश्वर भक्त राजकुमार थे। ताजपोशी के समय पुरोहित ने प्रश्न किया-प्रजा का न्याय ...
- (१०) नारी को पुरुषों की अपेक्षा अधिक सुविधाएँ क्यों मिलनी चाहिए?... (११) विचारशील व्यक्ति का नारी समाज के प्रति क्या कर्तव्य है। ऊँच-नीच की मान्यता अन्यायमूलक है घोड़ा, ...
- (१०) नियमित दिनचर्या किस प्रकार श्रेष्ठ, शक्तिशाली बनाती है?... कथाएँ —— (१) प्रसिद्ध अमरीकी-उद्योगपति हेनरी फोर्ड जिनके कारखाने में ५ सेकेण्ड में एक फोर्ड कार बन...
- (१०) परिवार के भावनात्मक विकास तथा अनुभव में वृद्धि के लिए क्या करें?... कथाएँ —— (१) एक गृहस्थ एक साधु के पास गया और बोला-महात्मन् मैं दिन रात कमाई करता हूँ धन की कमी नही...
- (१०) पशुबलि का समर्थन कौन करता है?... प्रश्न —— (१) भगवान् बुद्ध जेतवन में ठहरे थे। कुछ लोग एक पशु को बाँधकर उसकी बलि देने जा रहे थे। बु...
- (१०) पशुबलि का समर्थन कौन करता है?... प्राणियों के प्रति निर्मम और निष्ठुर न बनें भगवान का एकमात्र पुत्र मनुष्य ही नहीं, दूसरे जीव-जन्तु ...
- (१०) पार्टियाँ अपना गौरव क्यों खो चुकी हैं?... कथाएँ —— (१) एक बार वन्य पशुओं ने प्रजातंत्र की स्थापना की। चुनावों भी घोषणा हुई। बाकायदा सिंह दल,...
- (१०) पार्टियाँ अपना गौरव क्यों खो चुकी हैं?... प्रबुद्ध नारी—महिला जागरण की कमान सँभालें किसी को गिराने का पाप तो कोई दूसरा भी कर सकता है पर उठाने...
- (१०) फुरसत न मिलने का बहाना बे बुनियाद कैसे है?... सिद्ध करें। कथाएँ —— (१) त्रिचनापल्ली के एक विद्यालय में प्रवेश के लिये छात्रों की परीक्षा ली गई। ए...
- (१०) भगवान की इच्छापूर्ति का साहस कैसे किया जाता है?... (१) एक मनुष्य को पढ़ लिख कर अपनी शिक्षा का घमंड हो गया। वह घर वालों पर रौब जमाया करता मैं बड़ा ज्ञान...
- (१०) भगवान् बुद्ध उपदेश देकर उठे तो एक परिव्राजक ने पूछा-भगवन् आपके उपदेशों पर थोड़े लोग चलते है फिर भी आप कभी निराश क्यों नहीं होते?... तथागत ने उत्तर दिया-सफलता और यश की कामना करने वाला कभी महान कार्य नहीं कर सकता। महान कार्य सदैव निष्...
- (१०) मिलावट से क्या हानि है?... कथाएँ —— (१) बात बंगाल के कुमिल्ला जिले की है। एक अतिथि के स्वागत में मेजबानों ने तरह-तरह के मिष्ठ...
- (१०) युग-निर्माण योजना के उद्देश्यों की पूर्ति में बड़ी सहायता किस प्रकार मिल सकती है?... ज्ञान-यज्ञ का प्रकाश घर-घर पहुँचाया जाये कहना न होगा कि मनुष्य की महानता और निकृष्टता उसकी मनः स्थि...
- (१०) रात्रि पाठशालाओं की आवश्यकता क्यों है?... कथाएँ —— (१) गाँधी जी से एक व्यक्ति ने पूछा-आप बुनियादी शिक्षा पर इतना जोर क्यों देते हैं। गाँधी ज...
- (१०) रात्रि पाठशालाओं की आवश्यकता क्यों हैं?... कला लोकरंजन ही नहीं, भावनाओं का परिष्कार भी करे भावनाओं के विकास और परिष्कार में कला का अति महत्त्व...
- (१०) विवाहोत्सव की योजना के सही आधार क्या है?......
- (१०) विवाहोत्सव की योजना के सही आधार क्या हैं?... कथाएँ —— (१) दिल्ली की अदालत में एक गबन की केस आया। बयान के समय लोग आश्चर्य चकित रह गये जब अभियुक्...
- (१०) वृक्ष हमारी खाद्य समस्या को हल करने में कैसे सहायक होते हैं?... तुलसी हमारे हर घर में शोभायमान रहेप्राचीनकाल में यह प्रथा में तुलसी की उपयोगिता से नित्य प्रति लाभ ...
- (१०) संघर्ष की बहुमुखी प्रचण्ड-प्रक्रिया से क्या समझते हो?... आज के व्यक्ति के सामने उलझनें और जिज्ञासाएँ उपस्थित हैं। उन समस्त ज्वलन्त प्रश्नों के उचित समाधान प...
- (१०) सबसे कल्याण का राज मन्त्र क्या है?... कथाएँ —— (१) पड़ोस की एक स्त्री नैपोलियन से बहुत छेड़-छाड़ करती, पर नेपोलियन उसकी ओर ध्यान न देकर अप...
- (१०) समाज के सदस्य किस प्रकार समाज के लिए हानि पहुँचाते हैं?... कथाएँ —— (१) तब रतलाम के शासक श्री सज्जन सिंह थे। किसी अपराध में श्री श्रीनिवास शास्त्री को सिपाहि...
- (१०) समृद्ध एवं समुन्नत बनने का रहस्य क्या है?... कथाएँ —— (१) स्वामी सत्यदेव परिव्राजक अमरीका के सिपेटेल नगर में घूम रहे थे। एक लड़का अख़बार बेच रहा...
- (१०) सरकार, जनता तथा पूँजीपति इसमें कहाँ तक सहयोग दे सकते हैं?... अन्न संकट की चुनौती का सामना कैसे करें? जनसंख्या की वृद्धि और तम्बाकू जैसी हानिकारक फसलों से बहुत ज...
- (१०) सादगी सज्जनता का प्रतिनिधित्व करती है सिद्ध कीजिये?... कथाएँ —— (१) श्री लाल बहादुर शास्त्री उन दिनों उत्तर प्रदेश में गृह मंत्री थे। एक दिन वे ऑफिस में ...
- (१०) स्वाध्याय को नित्य कर्म क्यों मानना चाहिए?... कथाएँ —— (१) एक बच्चे को देश का बड़ा भारी नेता बनने की इच्छा थी पर कैसे बना जाये? यह बात समझ में नह...
- (१०) स्वाध्याय को नित्यकर्म क्यों मानना चाहिए?... अपना महान महत्त्व समझें और अपने को सुधारें हमें दुनियादारी का बहुत ज्ञान है पर अपने सम्बन्ध में एक ...
- (१०) स्वास्थ्य रक्षा के लिये हमें मानसिक रूप से क्या प्रयत्न करना चाहिए?... कथाएँ —— (१) बापू ने अपनी सारी सम्पत्ति सार्वजनिक उपयोग के लिये दान कर दी। इन्हीं दिनों गोर्की की ...
- (१०) हमारा जीवन किस प्रकार का हो?... कथाएँ —— (१) प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सक डॉ० जैफर्सन से एक आदमी ने पूछा-तमाम रोगों की एक औषधि क्या...
- (१०) हरित क्रान्ति से क्या समझते हो?... (११) कम खर्च में थोड़ी भूमि में कौन सा उद्योग पनप सकता है? कथाएँ —— (१) स्वामी विवेकानन्द आहार में शा...
- (१०) हरित-क्रान्ति से क्या समझते हो?... (११) कम खर्च में थोड़ी भूमि में कौन-कौन उपाय पनप सकता है? वृक्षारोपण और संवर्धन—एक अति आवश्यक कार्य म...
- (१०) हिन्दू समाज के संगठित न होने का प्रमुख कारण क्या है?... बाल-विवाह—एक अति घातक कुप्रथा अपने देश में बाल-विवाहों का प्रचलन बहुत है। पिछड़े वर्गों में, छोटे दे...
- (१०) हिन्दू समाज के संगठित न होने के प्रमुख कारण क्या है?... कथाएँ —— (१) विश्व भारती महिला कॉलेज श्री नगर के प्राध्यापक श्री माखनलाल खरे और गुजरात की नेत्रहीन...
- (१०) ‘भवबन्धन’ की मान्यता कहाँ तक सही है?... (११) जन्म-मरण क्या है? (१२) सबसे बड़ी दुर्बलता कौन-सी है? कथाएँ —— (१) साधु कह रहे थे यह संसार मिथ्य...
- (१०) ‘‘सभी धर्मों ने नशेबाजी की निन्दा की है’’ सिद्ध कीजिये?... तंबाकू का सेवन अप्राकृतिक है? कथाएँ —— (१) एक महात्मा ने जागीरदार को शराब न पीने का उपदेश दिया। जाग...
- (११) कम खर्च में थोड़ी भूमि में कौन सा उद्योग पनप सकता है?... कथाएँ —— (१) स्वामी विवेकानन्द आहार में शाक-भाजी अधिक लेने की बात कहते।...
- (११) कम खर्च में थोड़ी भूमि में कौन-कौन उपाय पनप सकता है?... वृक्षारोपण और संवर्धन—एक अति आवश्यक कार्य मनुष्य के जीवन धारण और उत्कर्ष में जिन अन्य जीवधारियों का...
- (११) जन्म-मरण क्या है?... (१२) सबसे बड़ी दुर्बलता कौन-सी है? कथाएँ —— (१) साधु कह रहे थे यह संसार मिथ्या है, स्त्री, पुत्री छो...
- (१२) सबसे बड़ी दुर्बलता कौन-सी है?... कथाएँ —— (१) साधु कह रहे थे यह संसार मिथ्या है, स्त्री, पुत्री छोड़ कर आत्म कल्याण की बात सोचनी चाह...
- (२ )) प्रसन्न रहने के दो आधार है?... (३) क्या साधन सम्पन्न और अमीर ही केवल प्रसन्न रहते हैं? यदि नहीं तो समझायें? (४) व्यक्ति अपने को यदि...
- (२) अनीति को रोकने के लिए कठोर कदम उठाना क्यों आवश्यक है?... (३) समाज की वर्तमान स्थिति में किसी भी व्यक्ति पर सहज ही विश्वास करना खतरे से खाली नहीं है, इस वाक्य...
- (२) अन्ध विश्वास की परिभाषा कीजिये?... (३) भारतीय जनता का एक बहुत बड़ा भाग अन्ध विश्वास में उलझा हुआ है क्या कारण है? (४) हम जिन्हें भूत-प्र...
- (२) अन्ध-विश्वास की परिभाषा दीजिए?... (३) भारतीय जनता का एक बहुत बड़ा भाग अन्ध-विश्वास में जकड़ा हुआ है क्या कारण है? (४) हम जिन्हें भूत-प्र...
- (२) अपने समाज में नारी जाति की स्थिति कैसी है?... तथा इससे क्या हानियाँ हैं? (३) पर्दा प्रथा कहाँ से प्रारम्भ हुई? तथा उसके प्रचलित होने के कारण क्या ...
- (२) अब पैसे को जेवरों के रूप में बदलना हानिकारक क्यों है?... (३) वर्तमान समय में भी यदि जेवरों का प्रचलन रहा तो हमारे देश को किस तरह हानि उठानी पड़ेगी? (४) स्वास्...
- (२) अभिभावक अपनी सन्तान का पालन-पोषण किस प्रकार करें कि वह विलासी, चटोरी, एवं अहंकारी न बने?... (३) अपने देश में विदेशों की अपेक्षा दो जिम्मेदारियाँ और क्या बढ़ जाती हैं? (४) सन्तान के पालन-पोषण के ...
- (२) अशिक्षितों को अर्ध मनुष्य क्यों कहते हैं?... (३) क्यूबा ने अपनी अशिक्षा की समस्या कैसे हल की! (४) सिद्ध कीजिये कि ‘‘भारत में साक्षरता की प्रगति ब...
- (२) अस्वस्थ रहने के कारण हमें क्या हानियाँ हैं?... (३) शारीरिक स्वास्थ्य रक्षा के लिये कौन-कौन से कार्य हमें करना चाहिए? (४) आहार के क्या नियम हमें पाल...
- (२) आज के समाज में हम क्यों देख रहे हैं कि अत्याचार अनीति आदि करने वाले काफी साहस से यह कार्य करते जा रहे हैं?... (३) जो मनुष्य अनीति का प्रतिरोध नहीं कर सकता क्या वह मनुष्य कहलाने के काबिल है? (४) हमें मनुष्यता के...
- (२) आजकल कला का दुरुपयोग अधिक हो रहा है, सदुपयोग क्यों नहीं कारण सहित समझाएँ?... (३) प्राचीनकाल में कला का उपयोग किस लिए किया जाता था? (४) किन कला प्रयासों को सार्थक कहा जा सकता है?...
- (२) आजकल परिवार नियोजन कर सन्तान की संख्या कम करने की क्यों आवश्यकता है?... (३) आज के बालक समाज के लिए समस्या क्यों बनते जा रहे हैं? (४) अपने देश में स्त्रियों के निरन्तर गिरने...
- (२) आजकल पैसा का दुरुपयोग अधिक हो रहा है सदुपयोग क्यों नहीं?... कारण सहित समझाइए? प्राचीनकाल में कला का उपयोग किसलिए किया जाता था? (४) किन कला प्रयासों को सार्थक कह...
- (२) आजकल लड़कियों को शिक्षा दिलवाना क्यों आवश्यक है?... (३) आज का युवक अपनी पत्नी को किस प्रकार धोखा दे सकता है।...
- (२) आजकल लड़कियों को शिक्षा दिलाना क्यों आवश्यक हैं?... (३) आज का युवक अपनी पत्नी को किस प्रकार धोखा दे सकता है तथा इसका कारण क्या है? (४) महँगाई के इस जमान...
- (२) आजकल विवाहोत्सव कमर तोड़ भार क्यों कहा जाता है?... (३) हमारे देशवासियों की औसत आय क्या है? (४) विवाहोन्माद से दोनों पक्षों को कैसे हानि होती हैं? (५) व...
- (२) आजकल विवाहोत्सव को कमरतोड़ भार क्यों कहा जाता है?... (३) हमारे देशवासियों की औसत आय क्या है? (४) विवाहोन्माद से दोनों पक्षों को कैसे हानि होती है? (५) वि...
- (२) आर्थिक कठिनाई की समस्या को हल करने के लिए क्या करना होगा?... (३) जापान के आधार पर समझायें कि उन्नति किस प्रकार की जा सकती है? (४) जापान की तरह नीति अपनाने पर हमे...
- (२) आस्तिकता से क्या तात्पर्य होता है?... (३) आस्तिक मनुष्य समाज को किस तरह लाभ पहुँचाता है? (४) मन्दिरों के निर्माण में इतनी अधिक धन सम्पत्ति...
- (२) आस्तिकता से क्या तात्पर्य होता है?... (३) आस्तिक मनुष्य समाज को किस तरह लाभ पहुँचाता है? (४) मन्दिरों के निर्माण में इतनी अधिक धन-सम्पत्ति...
- (२) उत्पादन में उचित अंश श्रम जीवी को देना क्यों आवश्यक है?... (३) कर्तव्य की उपेक्षा क्यों नहीं की जानी चाहिए? (४) मनुष्यता एवं देश भक्ति का सहज प्रमाण क्या है? (...
- (२) एक बार पत्रकारों की घिरी भीड़ में गाँधीजी से एक विदेशी पत्रकार ने पूछा-आपको विश्वास है कि मृत्यु के बाद आप स्वर्ग जायेंगे?... गाँधीजी मुस्कराए और बोले-मालूम नहीं स्वर्ग जाऊँगा या नरक, पर जहाँ भी जाऊँगा आप लोग वहाँ अवश्य होंगे।...
- (२) एक सन्त के पास जाकर एक जिज्ञासु ने कहा-महात्मन् बुरे विचार मेरा पीछा ही नहीं छोड़ते?... कोई उपाय बताइए? साधु बोला-अपनी स्त्री से जाकर पूछो। वह मनुष्य घर लौटा तो देखा स्त्री गोबर से घर की ल...
- (२) कर्मफल के परिणाम में विलम्ब क्यों होता है?... (३) मानवीय अन्तःकरण की विकसित चेतना का अनुभव कैसे किया जाता है? (४) मनुष्य का आत्मिक स्तर विकसित होन...
- (२) कलकत्ता के एक अँगरेज जस्टिस की कन्या श्री सुरेन्द्रनाथ बनर्जी के घर पहुँची और उन्हें ईसाई धर्म की छोटी-छोटी पुस्तकें भेंट करती हुई बोली इनमें बड़ा ज्ञान भरा है आप इन्हें अवश्य पढ़े?... श्री बनर्जी ने पूछा-मैंने सुना है आप यह पुस्तकें लेकर साधारण घरों में भी जाकर लोगों को पढ़ाती हैं इसम...
- (२) कैसे कह सकते हैं कि हमारी विवेक बुद्धि का दिवाला निकल गया है?... (३) श्वास लेने वाले और किसे कहा जा सकता है? (४) आदर्श विवाह किसे कहते हैं? (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक...
- (२) कैसे कह सकते हैं कि हमारी विवेक बुद्धि का दिवाला निकल गया है?... (३) श्वास लेने वाले किसे कहा जा सकता है? (४) आदर्श विवाह किसे कहते हैं? (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक से...
- (२) क्या गायत्री और यज्ञ इन दोनों के समन्वय से ही परिपूर्ण मानवता का उद्भव हो सकता है?... (३) गायत्री यज्ञ आन्दोलन किस तरह से पुराने और वर्तमान समय के यज्ञों में समानता ला रहा है? (४) यज्ञ क...
- (२) क्या गायत्री और यज्ञ इन दोनों के समन्वय से हो परिपूर्ण मानवता का उद्भव हो सकता है?... (३) गायत्री यज्ञ आन्दोलन किस तरह से पुराने और वर्तमान समय के यज्ञों में समानता ला रहा है? (४) यज्ञ क...
- (२) क्या नारी कर्तव्य और अधिकार में पुरुषों के समान नहीं?... (३) पति-पत्नी के प्रति वफादार कैसे रह सकता है? (४) हिमालय के जानसर बावर की प्रथा का वर्णन करो, उपयोग...
- (२) क्या नारी भी कर्तव्य तथा अधिकार में पुरुषों के समान नहीं?... (३) पति-पत्नी के प्रति वफादार कैसे रह सकता है? (४) हिमालय के जानसर बाबर की प्रथा का वर्णन करो उपयोगि...
- (२) क्या भय की निरर्थक कल्पना करके मनुष्य अपना अहित कर रहा है?... (३) अवरोध हमें किस प्रकार सज्जन बनाते हैं (४) प्रतिकूलता को अनुकूलता, निर्धनता को सम्पन्नता में बदलन...
- (२) खाद्य पदार्थों के उत्पादन की वृद्धि के लिए क्या किया जाना चाहिए?... (३) शाक-भाजियों के उत्पादन से क्या लाभ होगा? (४) अन्न के अपव्यय को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए...
- (२) खाद्य पदार्थों के उत्पादन की वृद्धि के लिए क्या किया जाना चाहिए?... (३) शाक-भाजियों के उत्पादन से क्या लाभ होगा? (४) अन्न के अपव्यय को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए...
- (२) खाद्य समस्या को हल करने में प्रत्येक परिवार क्या योगदान दे सकता है?... (३) शाकों का उपयोग अन्न से अधिक गुणकारी क्यों हैं? (४) सरलता से उगने वाले कंद, मूल, फलों के नाम बताओ...
- (२) खाद्य समस्याओं को हल करने में प्रत्येक परिवार क्या योगदान दे सकता है?... (३) शाकों का उपयोग अन्न से अधिक गुणकारी क्यों है? (४) सरलता से उगने वाले कंद, मूल, फलों के नाम बताइय...
- (२) गाँधी जी ने स्वतंत्रता संग्राम में धर्म को आधार कैसे बनाया?... (३) देश की वर्तमान प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डालिए (४) क्या राष्ट्र में विचार-क्रान्ति की आवश्यकता है...
- (२) गाँधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम में धर्म को आधार कैसे बनाया?... (३) देश की वर्तमान प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डालिये? (४) क्या राष्ट्र में विचार क्रान्ति की आवश्यकता ...
- (२) गाय का दूध सर्वश्रेष्ठ क्यों माना जाता है?... (३) सिद्ध कीजिए कि गौ-रस सर्वांगपूर्ण परिपुष्ट आहार है? (४) गौ-रस सर्वांगपूर्ण परिपुष्ट आहार है? (५)...
- (२) छात्रों के गुण, कर्म, स्वभाव पर विद्यालय का प्रभाव सर्वाधिक क्यों होता है?... (३) प्राचीनकाल में शिक्षा पद्धति किन लोगों के हाथ में थी उससे क्या लाभ हुआ? (४) शिक्षक को राष्ट्र नि...
- (२) छात्रों के गुण, कर्म, स्वभाव पर विद्यालय का प्रभाव सर्वाधिक क्यों होता है?... (३) प्राचीनकाल में शिक्षा पद्धति किन लोगों के हाथ में थी? उससे क्या लाभ हुआ? (४) शिक्षक को राष्ट्र न...
- (२) जार्ज बर्नाड शा के शब्दों में माँस खाना अपराध क्यों है?... (३) मानव प्राणी की सबसे बड़ी विशेषता क्या है? (४) सिद्ध कीजिये माँसाहार मानव की प्रकृति के विरुद्ध है...
- (२) तंबाकू में कौन २ से विष होते हैं?... (३) तंबाकू के सेवन से कौन-कौन से रोग होते हैं? (४) तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानि क्या करता है? (५) तं...
- (२) तुलसी के सेवन से क्या लाभ है?... (३) हर घर में तुलसी का पौधा क्यों होना चाहिए? (४) तुलसी को औषधि के रूप में कैसे प्रयोग किया जा सकता ...
- (२) तुलसीदल के सेवन से क्या लाभ होता है?... (३) हर घर में तुलसी का पौधा क्यों होना चाहिए? (४) तुलसी को औषधि के रूप में कैसे प्रयोग किया जा सकता ...
- (२) दहेज की प्रथा नले अभिभावकों को बेईमान बना दिया है क्यों?... (३) विवाह की कुरीतियों पर प्रकाश डालें तथा उनसे होने वाली हानियाँ दर्शाइए? (४) समय की पुकार क्या है?...
- (२) दहेज की प्रथा ने अभिभावक को बेईमान बना दिया है क्यों?... (३) विवाह की कुरीतियों पर प्रकाश डालें तथा उनसे होने वाली हानियाँ दर्शाइए? (४) समय की पुकार क्या है?...
- (२) दाम्पत्य सुख का सच्चा आधार क्या है?... (३) धन्य एवं सफल रहस्य किसे कहा जा सकता है? (४) विवाह योग साधना कैसे है? (५) सन्तान का सद्गुणी होना ...
- (२) दूसरों की सुविधा का ध्यान रखने से क्या लाभ होता है?... (३) घर मुहल्ले एवं नगर में सफाई रखने के लिये क्या किया जाय? (४) नागरिकता किसे कहते हैं? सार्वजनिक स्...
- (२) देव-पूजन के समय उनके स्वागत सम्मान के लिए वस्तुओं का उपयोग किया जाना चाहिए?... (३) बलिदान की प्रचलित प्रथा किस प्रकार अनुपयुक्त है? (४) यदि यह मान लिया जाये कि देवता पशुबलि से प्र...
- (२) देवपूजन के समय उनके स्वागत सम्मान के लिए किन वस्तुओं का उपयोग किया जाना चाहिए?... (३) बलिदान की प्रचलित प्रथा किस प्रकार अनुपयुक्त है? (४) यदि यह मान लिया जाय कि देवता पशुबलि से प्रस...
- (२) धर्म अध्यात्म और दर्शन का क्या प्रयोजन है?... (३) घोड़े, गधे तथा अन्य सवारी में काम आने वाले तथा वजन ढोने वाले पशुओं से हमें किस प्रकार का व्यवहार ...
- (२) धर्म अध्यात्म और दर्शन का प्रयोजन क्या है?... (३) घोड़े, गधे तथा अन्य सवारी में काम आने वाले तथा वजन ढोने वाले पशुओं से हमें किस प्रकार का व्यवहार ...
- (२) धर्म जीवियों के कर्तव्य क्या हैं?... (३) प्राचीनकाल के साधु-ब्राह्मणों की आज के साधु-ब्राह्मणों से तुलना करो? (४) लोक-अनुदान का अधिकार कि...
- (२) धर्मजीवियों के कर्तव्य क्या हैं?... (३) प्राचीनकाल के साधु-ब्राह्मणों की आज के साधु-ब्राह्मणों से तुलना करो? (४) लोक-अनुदान का अधिकार कि...
- (२) निरोग रहने के उपाय लिखो-३ उपयुक्त भोजन की परीक्षा कैसे की जाय?... (४) हमारा सर्वोत्तम भोजन क्या है? (५) आहार में सबसे हानिकारक वस्तु क्या होती है? (६) तले व भुने पदार...
- (२) नौशेखाँ ने एक वृद्ध से पूछा-आपकी आयु क्या होगी?... ‘‘पाँच वर्ष’’ वृद्ध ने उत्तर दिया। नौशेखाँ ने समझा बूढ़े को मजाक सुझ रही है सो उसने थोड़ा नाराज होकर ...
- (२) पद दलित स्थिति में पड़े रहने के कारण स्त्री जाति की क्या स्थिति हो गई है?... (३) इस विपन्न परिस्थिति में स्त्री को निकालने के लिए क्या प्रयत्न होना चाहिए? (४) इस स्थिति से नारी ...
- (२) पद-दलित स्थिति में पापी कार्य किसने किया है?... (३) इस विपन्न परिस्थितियों से स्त्री जाति को निकालने के लिए क्या प्रयत्न होने चाहिए? (४) इस स्थिति स...
- (२) परामर्श के लिए सबसे अधिक महत्त्व का व्यक्ति कौन है?... (३) निश्चित कार्य को आरम्भ करने का सबसे महत्त्वपूर्ण समय कौन-सा है? इसका उत्तर जानने के लिए राजा ने ...
- (२) पहले शादियों पर अपव्यय होने के क्या कारण थे?... (३) अब अपव्यय करने पर समाज हमसे किस प्रकार का बर्ताव करता है? (४) विवाहोन्माद में होने वाले इस सारे ...
- (२) पहले शादियों पर अपव्यय होने के क्या कारण थे?... (३) अब अपव्यय करने पर समाज हमसे किस प्रकार बरताव करता है? (४) विवाहोन्माद में होने वाले इस सारे अपव्...
- (२) पुरुषार्थ के असफल होने पर क्या हानि है तथा तब भाग्यवाद से क्या लाभ है?... (३) भाग्यवाद किस प्रकार व्यक्ति को अकर्मण्य बना देता है? (४) भाग्यवाद का प्रचारक कौन था तथा उसका कार...
- (२) पैसा खर्च करने में किन-किन गुणों का होना अनिवार्य है?... (३) उन गुणों के न होने से क्या हानियाँ होती हैं? (४) किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता किस बात पर परखी जा ...
- (२) प्रत्येक पर्व की विशेषता एवं महत्त्व पर प्रकाश डालिये?... (३) प्रमुख १० संस्कारों के नाम बताइये? (४) प्रत्येक संस्कार की उपादेयता पर प्रकाश डालिए? (५) पर्व और...
- (२) प्रशंसा द्वारा किस प्रकार लोगों को अच्छे या गलत मार्ग पर चलाया जा सकता है?... (३) बुरे लोगों की प्रशंसा से क्या होता है? (४) समाज सुधार के लिये क्या किया जाये (५) बुरे लोगों की प...
- (२) प्राचीनकाल में भारत की शिक्षा प्रणाली कैसी थी?... (३) सिद्ध कीजिये कि प्रगति का मूल मन्त्र शिक्षा पद्धति है? (४) वर्तमान शिक्षा प्रणाली के दोष बताइये?...
- (२) प्राचीनकाल में भारत की शिक्षा प्रणाली कैसी थी?... (३) सिद्ध कीजिए कि प्रगति का मूल मन्त्र शिक्षा पद्धति है? (४) वर्तमान शिक्षा प्रणाली के दोष बताइये? ...
- (२) प्राचीनकाल में शिक्षा का क्या महत्त्व था?... (३) आज कैसा व्यवहार हो रहा है शिक्षा तथा यज्ञोपवीत कैसा था हमारे यहाँ? (४) शिखा संरक्षण का वैज्ञानिक...
- (२) प्राचीनकाल में शिखा का क्या महत्त्व था?... (३) आज कैसा व्यवहार हो रहा है, शिखा और यज्ञोपवीत कैसा था हमारे यहाँ? (४) शिखा संरक्षण का वैज्ञानिक म...
- (२) प्राचीनकाल में समाज को कितने वर्ग में बाँटा गया था व क्यों?... (३) ऊँच-नीच का आधार गुण होना चाहिए या वंश (४) क्या पूर्वजों के कारनामों के कारण उनके वंशजों को ऊँच य...
- (२) फलित ज्योतिष की हानियों पर प्रकाश डालिए?... (३) विवाह के पूर्व कुण्डली मिलाने से लाभ है या हानि? (४) ग्रह दशा से डरकर जनता को गुमराह करना कहाँ त...
- (२) बच्चों का विकास किन बातों पर निर्भर रहता है?... (३) शिशु निर्माण के सम्बन्ध में रहस्य की बात क्या है? (४) व्यक्ति की सुख शान्ति के लिए किन तत्त्वों ...
- (२) बीमारी और कमजोरी से अपनी रक्षा कौन कर पाता हैं?... (३) आराम तलबी एक अभिशाप है सिद्ध कीजिये? (४) सार्वजनिक स्वास्थ्य रोज-रोज गिरते जाने के कारण क्या हैं...
- (२) बीमारी किस जगह में अधिक होती है?... (३) हमें भारतवर्ष में स्नान किस प्रकार करते रहना चाहिए? (४) अपने दाँतों को अधिक टिकाने तथा मुँह में ...
- (२) भारत में भिक्षा व्यवसाइयों की संख्या बतलाते हुए इनके भिक्षा माँगने की शैली को बतलाइये?... (३) प्राचीन काल के साधुओं की स्थिति को स्पष्ट करें? (४) सारे साधु यदि जीविका उपार्जन के लिये भिक्षा ...
- (२) भारत में भिक्षा व्यवसाइयों की संख्या बतलाते हुए, इनके भिक्षा माँगने की शैली बतलाइए?... (३) प्राचीनकाल के साधुओं की स्थिति को स्पष्ट कीजिए? (४) सारे साधु यदि जीविका उपार्जन के लिए भिक्षा-व...
- (२) भारतवर्ष में संयुक्त कुटुम्ब प्रणाली क्यों आवश्यक है?... (३) बड़े परिवारों में सुव्यवस्था कैसी रखी जाये? (४) छोटों के बड़ों के प्रति तथा बड़ों के छोटों के प्र...
- (२) भारतीय आदर्श क्या रहा है?... (३) हराम खोरी से क्या हानि है? (४) आत्मा की सद्गति कैसे होती है? (५) मृत्यु टैक्स क्यों लगाया जाता ह...
- (२) भारतीय आदर्श क्या रहा है?... (३) हरामखोरी से क्या हानि है? (४) आत्मा की सद्गति कैसे होती है? (५) मृत्यु टैक्स क्यों लगाया जाता है...
- (२) मनुष्य का वास्तविक बड़प्पन किसमें है?... (३) कटु व्यवहार की कैसी प्रतिक्रिया होती है? (४) मनुष्यता का सच्चा स्वरूप किसमें है? (५) संभाषण में ...
- (२) मनुष्य किस तरह सामाजिक प्राणी है?... (३) सामाजिक जीवन जीने के लिये मनुष्य को क्या करना चाहिए? (४) समाज के कई ऋण हमारे पर हैं इसे चुकाने ...
- (२) मनुष्य की प्रगति किन गुणों पर अवलम्बित है तथा दुर्गुणी व्यक्ति किस प्रकार भिन्न कहे जा सकते हैं?... (३) उठती आयु में हमें सद्गुणों के साथ-साथ और किन-किन गुणों को हस्तगत करना चाहिए? (४) सद्गुण और अन्य ...
- (२) मनुष्य की प्रगति किन गुणों पर अवलम्बित है?... दुर्गुणी व्यक्ति तथा सद्गुणी व्यक्ति किस प्रकार भिन्न कहे जा सकते हैं? (३) उठती आयु में हमें सद्गुणो...
- (२) मनुष्य जीवन की स्थिरता एवं प्रगति का आधार क्या है?... तथा उसको भुला देने से क्या हानियाँ हो सकती हैं। (३) अपने ही शरीर के प्रति हमारी कर्तव्य परायणता को ह...
- (२) मनुष्य में विचारों एवं आकांक्षाओं का सृजन कैसे होता है?... (३) मानवीय विकास की आधारभूत आवश्यकता क्या है? (४) प्राचीनकाल में छात्रों को ऋषिकुल में क्यों भेजा जा...
- (२) मनुष्य में विचारों एवं आकांक्षाओं का सृजन कैसे होता है?... (३) मानवीय विकास की आधारभूत आवश्यकता क्या है? (४) प्राचीनकाल में छात्रों को ऋषिकुल में क्यों भेजा जा...
- (२) मनुष्य शरीर पाकर जो काम हमें करने चाहिए वे हम किस कारण नहीं कर पा रहे हैं?... (३) माया किसे कहते हैं? तथा ‘माया’ के चंगुल में फँसा व्यक्ति किस प्रकार व्यतीत करता है? (५) जीवन मिल...
- (२) मनुष्य शरीर पाकर जो काम हमें करने चाहिए वे हम किस प्रकार नहीं कर पा रहे हैं?... (३) माया किसे कहते हैं तथा माया के चंगुल में फँसा व्यक्ति किस प्रकार विनष्ट हो जाता है? (४) मानव अपन...
- (२) महात्मा आनन्द स्वामी से एक जिज्ञासु ने प्रश्न किया महात्मन् आप कहते हैं सूर्य चेतन है इसका क्या प्रमाण?... गायत्री उपासना से आत्म विकास किस प्रकार होता है। प्रमाण? आनन्द स्वामी बोले सूर्य के न रहने अर्थात् रा...
- (२) मुक्ति क्या है?... वह कितने प्रकार की होती है? (३) क्या स्वर्ग एवं नरक की मान्यतायें सही है? (४) सूक्ष्म व स्थूल शरीर म...
- (२) यज्ञोपवीत धारण करने का क्या तात्पर्य है?... (३) यज्ञोपवीत धारण द्विजत्व की प्रतिज्ञा किस प्रकार है (४) यज्ञोपवीत संस्कार न करवाने का कारण क्या ह...
- (२) यज्ञोपवीत धारण करने का क्या तात्पर्य है?... (३) यज्ञोपवीत धारण द्विजत्व की प्रतिज्ञा किस प्रकार है? (४) यज्ञोपवीत संस्कार न कराने का कारण क्या ह...
- (२) यज्ञोपवीत, चोटी और तुलसी में से आप सबसे अधिक किसे महत्त्व देते हैं एक व्यक्ति ने मदन मोहन मालवीय से प्रश्न किया-मालवीय जी बोले-यह तो ऐसे ही हुआ जैसे कोई कहे तीन चाँदी के रुपयों में कौन रुपया अच्छा है?... तीनों ही अच्छे हैं पर यह समझता हूँ कि यदि तुलसी को महत्त्व दिया जाये तो शेष दी की महत्ता को लोग अपने...
- (२) युग निर्माण योजना के रचनात्मक कार्य क्या हैं?... (३) रचनात्मक कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा का प्रसार एवं फैलाव किस तरह किया जाना चाहिए? (४) कुटीर उद्...
- (२) युग-निर्माण योजना के रचनात्मक कार्य क्या है?... (३) रचनात्मक कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा का प्रसार एवं फैलाव किस तरह किया जाना चाहिए? (४) कुटीर उद्...
- (२) वर्तमान नाटकीय वातावरण को स्वर्गीय सुषमा में कैसे बदला जा सकता है?... (३) मानवीय सुख-शान्ति बढ़ाने के लिये आजकल क्या किया जाता है? वास्तव में क्या किया जाना चाहिए? (४) सद...
- (२) वर्तमान नारकीय वातावरण को स्वर्गीय सुषमा में कैसे बदला जा सकता है?... (३) मानवीय सुख-शान्ति बढ़ाने के लिए आजकल क्या किया जाता है, वास्तव में क्या किया जाना चाहिए? (४) सद्ब...
- (२) वासना की चर्चा क्या सामाजिक जीवन में करना उपयुक्त होगा?... (३) वासना की चर्चा सामाजिक जीवन में करने से हमें क्या हानियाँ हो सकती हैं? (४) मस्तिष्क में कामुकताप...
- (२) वासना की चर्चा क्या सामाजिक जीवन में करना उपयुक्त होगा?... (३) वासना की चर्चा की चर्चा सामाजिक जीवन में करने से हमें क्या हानियाँ है? (४) मस्तिष्क में कामुकता ...
- (२) विचार किस तरह मनुष्य के लिए उपयोगी हैं?... (३) इस समय जो प्रगति की विविध-विध चेष्टाएँ की जा रही हैं, वे सफल क्यों हो रही हैं? (४) अब समाज की उन...
- (२) विचार किस तरह मनुष्य के लिये उपयोगी हैं?... (३) इस समय जो प्रगति की विविध विध चेष्टाएँ की जा रही हैं वे असफल क्यों हो रही हैं।...
- (२) विजय लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय बताइये?... (३) सफलता की कुँजी क्या है? (४) उज्ज्वल भविष्य कैसे बन सकता है? (५) मानव का सबसे बड़ा शत्रु कौन है? उ...
- (२) विदेशियों ने हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को किस प्रकार गिराया?... (३) भारत में नारियों की वर्तमान अवस्था पर प्रकाश डालिये? (४) पर्दा प्रथा से क्या हानियाँ हैं। (५) भा...
- (२) विदेशियों ने हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को किस प्रकार गिराया?... (३) भारत में नारियों की वर्तमान अवस्था पर प्रकाश डालिए? (४) पर्दा-प्रथा से क्या हानियाँ हैं? (५) भार...
- (२) विवाह सम्बन्ध का सच्चा आधार क्या होना चाहिए?... (३) गृहस्थ के सुख शान्ति की आधार शिला क्या है? (४) विवाहोत्सव कैसा होना चाहिए? विवाहोत्सव में होने व...
- (२) विवाह सम्बन्ध का सच्चा आधार क्या होना चाहिए?... (३) गृहस्थ के सुख-शान्ति की आधारशिला क्या है? (४) विवाहोत्सव कैसा होना चाहिए? (५) विवाहोत्सव में होन...
- (२) वृक्षों के संरक्षण से मानव समाज को लाभ होते हैं?... (३) वृक्षों की तुलना सन्तों से क्यों की जाती हैं? (४) वृक्ष बिना कारण ही मानव समाज का हित करते हैं- स...
- (२) व्यक्तिगत सदाचार और सामाजिक कर्तव्य क्यों आवश्यक हैं?... (३) सिद्ध करो अपराध व्यक्ति के लिये स्वयं घातक होते हैं? (४) अपने देश की उन्नति नहीं हो रही है क्यों...
- (२) व्यक्तिगत सदाचार और सामाजिक कर्तव्य क्यों आवश्यक हैं?... (३) सिद्ध करो अपराध व्यक्ति के लिए स्वयं घातक होते हैं? (४) अपने देश की उन्नति नहीं हो रही है क्यों?...
- (२) शरीर से दुबले शिष्य को हनुमान को पूजते और तिलक करते देखकर गुरु ने पूछा-बेटा हनुमान जी को क्यों पूज रहे हो?... शिष्य बोला-भगवन् आज इनका जन्म दिन है आशीर्वाद देंगे तो स्वस्थ हो जायेंगे। गुरु बोले-बेटा स्वस्थ होने...
- (२) शारदा एक्ट तथा दूसरे बाल-विवाह विरोधी कानून क्यों प्रभावहीन हैं?... (३) बाल-विवाह में मानसिक एवं शारीरिक हानियाँ क्या हैं? (४) बाल-विवाह से उत्पन्न सन्तान किस तरह की होत...
- (२) शारीरिक योग कितने हैं उनसे क्या लाभ मिलता है?... (३) मानसिक योग कितने प्रकार के होते हैं? (४) योग का प्रयोजन और सदुपयोग क्या हैं? (५) ज्ञान योग किस प...
- (२) शारीरिक योग कितने हैं, उनसे क्या लाभ मिलता है?... (३) मानसिक योग कितने प्रकार के होते हैं? (४) योग का प्रयोजन और सदुपयोग क्या है? (५) ज्ञानयोग किस प्र...
- (२) शास्त्रकारों ने गायत्री जी के कितने मुख बताये हैं तथा इनके लाभ प्राप्त करने की क्षमता किसमें है?... (३) गायत्री महामन्त्र की उपासना करके मनुष्य क्या लाभ प्राप्त कर सकता है? (४) गायत्री की प्रतिमा माता...
- (२) शास्त्रकारों ने गायत्री जी के कितने मुख बताये हैं?... तथा इनके लाभ प्राप्त करने की क्षमता किसमें है? (३) गायत्री महामन्त्र की उपासना करके मनुष्य क्या लाभ ...
- (२) संयम कितने प्रकार का होता है?... (३) किसी संयम के प्रकार एवं लाभ बताओ। (४) अपच का मूल कारण क्या है? ब्रह्मचर्य के महत्त्व पर प्रकाश ड...
- (२) सन्तानोत्पादन के साथ-साथ पिता के दायित्व क्या हैं?... (३) बच्चे समस्या कब बनते हैं? (४) बच्चों को सुसंस्कारी बनाना क्यों आवश्यक है। (५) अभिभावक को शान्ति ...
- (२) सफलता प्राप्त करने के उपाय?... (३) व्यक्ति ढालने के उपयुक्त समय कौन-सा है व क्यों? (४) उठती उम्र में किसी भी आकर्षण की ओर खिंच जाना...
- (२) सम्पदायें एवं विभूतियाँ कैसे उपलब्ध होती हैं?... (३) श्रम की प्रतिष्ठा प्रतिपादित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए? (४) हिन्दू जाति के घटते जाने का म...
- (२) सहकारिता की प्रवृत्ति में आध्यात्मिक आदर्श किस प्रकार जुड़े हुए हैं?... (३) स्वार्थी व्यक्ति की परिभाषा कीजिए? (४) किस प्रकार इकाई-इकाई मिलकर एक विशाल समूह का निर्माण करते ...
- (२) सहकारितायुक्त की प्रवृत्ति में आध्यात्मिक आदर्श किस प्रकार जुड़े हुये हैं?... (३) स्वार्थी व्यक्ति की परिभाषा कीजिये? (४) किस प्रकार इकाई-इकाई मिलकर एक विशाल समूह का निर्माण करते...
- (२) हम वस्त्र क्यों पहनते हैं?... हम सारा कमाया हुआ पैसा बैंकों में क्यों रखते हैं? हम सारा कमाया हुआ पैसा बैंकों में क्यों रखते हैं? ...
- (२) हमको अपना महत्त्व समझना था पर हमने किस चीजों का महत्त्व समझा?... (३) हम किन चीजों के प्राप्त होने से सुविधा अनुभव करते हैं? (४) हम हमारे में ही उपस्थित किन चीजों का ...
- (२) हमारे शासन तंत्र में अपेक्षित कार्य-कुशलता न होने का क्या कारण है?... (३) प्रतिनिधि कैसे चुना जाना चाहिए? (४) आजकल नागरिक मतदान करते समय किन बातों से प्रभावित होकर मतदान ...
- (२) हमारे शासन में अपेक्षित कार्य कुशलता न होने का क्या कारण है?... (३) प्रतिनिधि कैसा चुना जाना चाहिए? (४) आजकल नागरिक मतदान करते समय किन बातों से प्रभावित होकर मतदान...
- (२) हर क्षेत्र में सफलता के उच्च शिखर पर पहुँचने का रहस्य क्या है?... (३) जीवन में एकीकरण एवं केन्द्रीय करण की आवश्यकता क्यों है? (४) थोड़े समय में अभीष्ट प्रगति करने का म...
- (३) अन्याय और पुण्य दोनों ही किस प्रकार मानवीय प्रगति में सहायक हैं?... (४) यह ठीक है कि हमें किसी को ठगना नहीं चाहिए पर क्या यह यह ठीक है कि हम किसी से ठगे जाएँ।...
- (३) अपनी त्रुटियों को सहज ही कौन सुधार लेता है?... (४) योग का अर्थ क्या है? योग कितने प्रकार के होते हैं? (५) क्लेश एवं कलह मिटाने का क्या उपाय है? (६)...
- (३) अपने देश में विदेशों की अपेक्षा दो जिम्मेदारियाँ और क्या बढ़ जाती हैं?... (४) सन्तान के पालन-पोषण के अलावा मनुष्य के और क्या कर्तव्य हैं? (५) मनुष्य को सन्तान के स्वावलम्बी हो...
- (३) अपने ही शरीर के प्रति हमारी कर्तव्य परायणता को हमें किस प्रकार निबाहना चाहिए?... (४) परिवार के प्रत्येक सदस्य की क्या-क्या जिम्मेदारियाँ परिवार के प्रमुख पर होती है। (५) परिवार के आ...
- (३) अब अपव्यय करने पर समाज हमसे किस प्रकार का बर्ताव करता है?... (४) विवाहोन्माद में होने वाले इस सारे अपव्यय का दोष बेटे वाले के सर पर क्यों थोपा जा रहा है? (५) हर ...
- (३) अब अपव्यय करने पर समाज हमसे किस प्रकार बरताव करता है?... (४) विवाहोन्माद में होने वाले इस सारे अपव्यय का दोष बेटे वाले के सिर पर क्यों थोपा जा रहा है? (५) हर...
- (३) आज का युवक अपनी पत्नी को किस प्रकार धोखा दे सकता है तथा इसका कारण क्या है?... (४) महँगाई के इस जमाने में नारी का क्या कर्तव्य हो जाता है? (५) उच्च शिक्षित कन्या को शादी के बाद कि...
- (३) आज के बालक समाज के लिए समस्या क्यों बनते जा रहे हैं?... (४) अपने देश में स्त्रियों के निरन्तर गिरने वाले स्वास्थ्य का मूल कारण क्या है? (५) विवाह की आयु में...
- (३) आज कैसा व्यवहार हो रहा है शिक्षा तथा यज्ञोपवीत कैसा था हमारे यहाँ?... (४) शिखा संरक्षण का वैज्ञानिक महत्त्व किस प्रकार है सिद्ध कीजिए? (५) हमारे भारतीय तत्त्ववेत्ताओं ने ...
- (३) आज कैसा व्यवहार हो रहा है, शिखा और यज्ञोपवीत कैसा था हमारे यहाँ?... (४) शिखा संरक्षण का वैज्ञानिक महत्त्व किस प्रकार है सिद्ध कीजिए? (५) हमारे भारतीय तत्त्ववेत्ताओं ने ...
- (३) आराम तलबी एक अभिशाप है सिद्ध कीजिये?... (४) सार्वजनिक स्वास्थ्य रोज-रोज गिरते जाने के कारण क्या हैं? (५) स्वास्थ्य रक्षा का नितान्त आवश्यकता...
- (३) आवेशित होने के कारण क्या हैं?... (४) आवेशित होने से हम में क्या परिवर्तन हो जाते हैं? तथा इससे क्या हानियाँ होती हैं? (५) क्या आवेशित...
- (३) आस्तिक मनुष्य समाज को किस तरह लाभ पहुँचाता है?... (४) मन्दिरों के निर्माण में इतनी अधिक धन सम्पत्ति लगाने का कारण क्या हो सकता है? (५) मन्दिरों में कथ...
- (३) आस्तिक मनुष्य समाज को किस तरह लाभ पहुँचाता है?... (४) मन्दिरों के निर्माण में इतनी अधिक धन-सम्पत्ति लगाने का कारण क्या हो सकता है? (५) मन्दिरों में कथ...
- (३) इस विपन्न परिस्थिति में स्त्री को निकालने के लिए क्या प्रयत्न होना चाहिए?... (४) इस स्थिति से नारी जाति को निकालने के लिए स्वयं नारी को क्या प्रयत्न करना चाहिए? (५) इस समय स्त्...
- (३) इस विपन्न परिस्थितियों से स्त्री जाति को निकालने के लिए क्या प्रयत्न होने चाहिए?... (४) इस स्थिति से नारी जाति को निकालने के लिए स्वयं नारी को क्या प्रयत्न करने चाहिए? (५) इस समय स्त्र...
- (३) इस समय जो प्रगति की विविध-विध चेष्टाएँ की जा रही हैं, वे सफल क्यों हो रही हैं?... (४) अब समाज की उन्नति के लिए किस तरह के प्रयत्न किये जायें? (५) राजनैतिक क्रान्ति के बाद सबसे पहली आ...
- (३) उठती आयु में हमें सद्गुणों के साथ-साथ और किन-किन गुणों को हस्तगत करना चाहिए?... (४) सद्गुण और अन्य गुणों में कौन-सा गुण श्रेष्ठ है? व क्यों? (५) दुर्गुणी व्यक्ति अपने स्वतः के लिए ...
- (३) उठती आयु में हमें सद्गुणों के साथ-साथ और किन-किन गुणों को हस्तगत करना चाहिए?... (४) सद्गुणों और अन्य गुणों में कौन-सा गुण श्रेष्ठ है? व क्यों? (५) दुर्गुणी व्यक्ति अपने स्वतः के लि...
- (३) उन गुणों के न होने से क्या हानियाँ होती हैं?... (४) किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता किस बात पर परखी जा सकती है? (५) व्यक्ति धनवान किस प्रकार बन सकता है?...
- (३) ऊँच-नीच का आधार गुण होना चाहिए या वंश (४) क्या पूर्वजों के कारनामों के कारण उनके वंशजों को ऊँच या नीच माना जाना चाहिए?... कारण सहित बताओ। (५) आज भारतीय समाज की विचित्र दशा क्यों है क्या प्राचीनकाल में जाति भेद था? (६) वर्ग...
- (३) ऊँच-नीच का आधार गुण होना चाहिए या वंश?... क्यों? (४) क्या पूर्वजों के कारनामों के कारण उनके वंशजों को ऊँच या नीच माना जाना चाहिए? कारण सहित बत...
- (३) एक बार गाँधी जी से एक सज्जन ने पूछा-आप हिन्दू हैं क्या इसीलिए चोटी रखते हैं?... गाँधी जी ने उत्तर दिया नहीं-चोटी हिन्दू धर्म की रक्षा करती है इसलिए चोटी रखता हूँ। (४) शिवाजी से भें...
- (३) एक राजा एक साधु के पास जाकर बोला-महाराज किसी काम के लिये उपयुक्त समय कौन सा है?... यह कैसे जाना जाये। साधु क्यारी गोड़ते रहे बोले कुछ नहीं। राजा दूसरे दिन भी और वही प्रश्न किया। साधु फ...
- (३) कटु व्यवहार की कैसी प्रतिक्रिया होती है?... (४) मनुष्यता का सच्चा स्वरूप किसमें है? (५) संभाषण में शिष्टाचार के नियम बताइये।...
- (३) कर्तव्य की उपेक्षा क्यों नहीं की जानी चाहिए?... (४) मनुष्यता एवं देश भक्ति का सहज प्रमाण क्या है? (५) मतभेद सुलझाने का सही तरीका क्या है? (६) उदात्त...
- (३) कर्तृत्व की प्रेरणा कहाँ से आती है?... (४) मनुष्य शरीर का जादू किसे कहते हैं, क्यों? (५) ‘‘विचार’’ शक्ति का आध्यात्मिकता से क्या सम्बन्ध है...
- (३) क्या साधन सम्पन्न और अमीर ही केवल प्रसन्न रहते हैं?... यदि नहीं तो समझायें? (४) व्यक्ति अपने को यदि अप्रसन्न समझता है तो क्यों? (५) प्रसन्नता किस प्रकार प्...
- (३) क्या स्वर्ग एवं नरक की मान्यतायें सही है?... (४) सूक्ष्म व स्थूल शरीर में क्या भेद है। (५) क्या मुक्ति आत्मा नाश का ही दूसरा नाम नहीं है? (६) चिर...
- (३) गायत्री महामन्त्र की उपासना करके मनुष्य क्या लाभ प्राप्त कर सकता है?... (४) गायत्री की प्रतिमा माता के रूप में बनाकर क्या प्रतिपादित किया जाता है? (५) हमें अपने परिवार को क...
- (३) गायत्री महामन्त्र की उपासना करके मनुष्य क्या लाभ प्राप्त कर सकता है?... (४) गायत्री की प्रतिमा माता के रूप में बनाकर क्या प्रतिपादित किया जाता है? (५) हमें अपने परिवार को क...
- (३) गायत्री यज्ञ आन्दोलन किस तरह से पुराने और वर्तमान समय के यज्ञों में समानता ला रहा है?... (४) यज्ञ की महिमा को बतलाइए? (५) यज्ञ शब्द का क्या अर्थ होता है? (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव म...
- (३) गायत्री यज्ञ आन्दोलन किस तरह से पुराने और वर्तमान समय के यज्ञों में समानता ला रहा है?... (४) यज्ञ की महिमा को बतलाइए? (५) यज्ञ शब्द का क्या अर्थ होता है? (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव म...
- (३) गृहस्थ के सुख शान्ति की आधार शिला क्या है?... (४) विवाहोत्सव कैसा होना चाहिए? विवाहोत्सव में होने वाले अपव्यय पर प्रकाश डालिये।...
- (३) गृहस्थ के सुख-शान्ति की आधारशिला क्या है?... (४) विवाहोत्सव कैसा होना चाहिए? (५) विवाहोत्सव में होने वाले अपव्यय पर प्रकाश डालिए? (५) विवाहों की ...
- (३) घर मुहल्ले एवं नगर में सफाई रखने के लिये क्या किया जाय?... (४) नागरिकता किसे कहते हैं? सार्वजनिक स्थानों पर लोग किस प्रकार गन्दगी फैलाते हैं? (५) मनुष्यता की आ...
- (३) घोड़े, गधे तथा अन्य सवारी में काम आने वाले तथा वजन ढोने वाले पशुओं से हमें किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए?... (४) निर्दयता निवारक धारा के अनुसार पुलिस को क्या अधिकार दिये गये हैं? (५) घायल, अशक्त जानवरों के साथ...
- (३) घोड़े, गधे तथा अन्य सवारी में काम आने वाले तथा वजन ढोने वाले पशुओं से हमें किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए?... (४) निर्दयता निवारक धारा के अनुसार पुलिस को क्या अधिकार दिये गये हैं? (५) घायल, अशक्त जानवरों के साथ...
- (३) जापान के आधार पर समझायें कि उन्नति किस प्रकार की जा सकती है?... (४) जापान की तरह नीति अपनाने पर हमें क्या लाभ हो सकते हैं? (५) हमारे देश में बेकारी की समस्या फैलने ...
- (३) जीवन का प्रारम्भिक चौथाई भाग क्या कहलाता है?... इसका क्या महत्त्व है।...
- (३) जीवन को क्या माना जाना चाहिए?... विवेक शीलता का तकाजा क्या है? (४) किस जीवन को सार्थक माना जा सकेगा? (५) आध्यात्मिक प्रगति के कौन-कौन...
- (३) जीवन में एकीकरण एवं केन्द्रीय करण की आवश्यकता क्यों है?... (४) थोड़े समय में अभीष्ट प्रगति करने का मूल मन्त्र क्या है? (५) एण्डरसन ने संसार की सभी भाषा कैसे सीख...
- (३) जो मनुष्य अनीति का प्रतिरोध नहीं कर सकता क्या वह मनुष्य कहलाने के काबिल है?... (४) हमें मनुष्यता के उत्तरदायित्व का मूल्य किस प्रकार चुकाना चाहिए? (५) लोक श्रद्धा के अधिकारी कौन-क...
- (३) तंबाकू के सेवन से कौन-कौन से रोग होते हैं?... (४) तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानि क्या करता है? (५) तंबाकू खाने वाला अल्प जीवी क्यों होता है? (६) तंब...
- (३) देश की वर्तमान प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डालिए (४) क्या राष्ट्र में विचार-क्रान्ति की आवश्यकता है यदि है तो क्यों?... (५) भारत में साधु-संन्यासियों की संख्या का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है? (६) भारत में धार्मिक कार्यो...
- (३) देश की वर्तमान प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डालिये?... (४) क्या राष्ट्र में विचार क्रान्ति की आवश्यकता है यदि है तो क्यों? (५) भारत में साधु संन्यासियों की ...
- (३) धन्य एवं सफल रहस्य किसे कहा जा सकता है?... (४) विवाह योग साधना कैसे है? (५) सन्तान का सद्गुणी होना किन तत्त्वों पर निर्भर है? (६) छोटे घरों में...
- (३) निश्चित कार्य को आरम्भ करने का सबसे महत्त्वपूर्ण समय कौन-सा है?... इसका उत्तर जानने के लिए राजा ने सभासदों की बैठक बुलायी, पर किसी का उत्तर सन्तोष जनक नहीं रहा। राज्य ...
- (३) पति-पत्नी के प्रति वफादार कैसे रह सकता है?... (४) हिमालय के जानसर बाबर की प्रथा का वर्णन करो उपयोगिता बताओ? (५) नारी को हीन मानने के क्या दुष्परिण...
- (३) पति-पत्नी के प्रति वफादार कैसे रह सकता है?... (४) हिमालय के जानसर बावर की प्रथा का वर्णन करो, उपयोगिता बताओ? (५) नारी को हीन मानने से क्या दुष्परि...
- (३) पर्दा प्रथा कहाँ से प्रारम्भ हुई?... तथा उसके प्रचलित होने के कारण क्या हैं? (४) अपने यहाँ पर्दा प्रथा प्रचलन के कारणों पर प्रकाश डालिये?...
- (३) प्रतिनिधि कैसा चुना जाना चाहिए?... (४) आजकल नागरिक मतदान करते समय किन बातों से प्रभावित होकर मतदान करते हैं? क्यों? (५) वर्तमान परिस्थि...
- (३) प्रतिनिधि कैसे चुना जाना चाहिए?... (४) आजकल नागरिक मतदान करते समय किन बातों से प्रभावित होकर मतदान करते हैं? (५) वर्तमान परिस्थितियों स...
- (३) प्रमुख १० संस्कारों के नाम बताइये?... (४) प्रत्येक संस्कार की उपादेयता पर प्रकाश डालिए? (५) पर्व और त्यौहार मनाने के पीछे हमारा प्रयोजन क्...
- (३) प्राचीन काल के साधुओं की स्थिति को स्पष्ट करें?... (४) सारे साधु यदि जीविका उपार्जन के लिये भिक्षा वृत्ति के साथ-साथ ही रचनात्मक कार्यक्रमों में जुट जा...
- (३) प्राचीनकाल के साधु-ब्राह्मणों की आज के साधु-ब्राह्मणों से तुलना करो?... (४) लोक-अनुदान का अधिकार किसे है और क्यों? (५) साधु-ब्राह्मणों में फैली बुराइयाँ बताओ? (६) लोक-मंगल ...
- (३) प्राचीनकाल के साधु-ब्राह्मणों की आज के साधु-ब्राह्मणों से तुलना करो?... (४) लोक-अनुदान का अधिकार किसे है और क्यों? (५) साधु-ब्राह्मणों में फैली बुराइयाँ बताओ? (६) जिनकी लोक...
- (३) प्राचीनकाल के साधुओं की स्थिति को स्पष्ट कीजिए?... (४) सारे साधु यदि जीविका उपार्जन के लिए भिक्षा-वृत्ति के लिए साथ-साथ ही रचनात्मक कार्यक्रमों में जुट...
- (३) प्राचीनकाल में कला का उपयोग किस लिए किया जाता था?... (४) किन कला प्रयासों को सार्थक कहा जा सकता है? (५) मनोरंजन की सुरुचिपूर्ण योजनाएँ किस प्रकार चलाई जा...
- (३) प्राचीनकाल में शिक्षा पद्धति किन लोगों के हाथ में थी उससे क्या लाभ हुआ?... (४) शिक्षक को राष्ट्र निर्माता क्यों कहा जाता है? (५) अध्यापकों के प्रमुख कर्तव्य बताइये? (६) अध्याप...
- (३) प्राचीनकाल में शिक्षा पद्धति किन लोगों के हाथ में थी?... उससे क्या लाभ हुआ? (४) शिक्षक को राष्ट्र निर्माता क्यों कहा जाता है? (५) अध्यापकों के प्रमुख कर्तव्य...
- (३) बगल में खड़े दो गुलामों की ओर इशारा करते हुए तैमूर लग ने कवि अहमदी से प्रश्न किया-बता सकते हैं इन गुलामों की कीमत क्या होगी?... पाँच टके अहमदी मुस्करा कर बोले-तैमूर गुस्सा होकर बोला-मैंने इन्हें चार हजार अशर्फियों में खरीदा है।...
- (३) बच्चे समस्या कब बनते हैं?... (४) बच्चों को सुसंस्कारी बनाना क्यों आवश्यक है। (५) अभिभावक को शान्ति व प्रसन्नता कैसे मिल सकती है। ...
- (३) बलिदान की प्रचलित प्रथा किस प्रकार अनुपयुक्त है?... (४) यदि यह मान लिया जाय कि देवता पशुबलि से प्रसन्न होते होंगे तो उस ईश्वर का स्वरूप किस तरह का होगा ...
- (३) बलिदान की प्रचलित प्रथा किस प्रकार अनुपयुक्त है?... (४) यदि यह मान लिया जाये कि देवता पशुबलि से प्रसन्न होते होंगे, तो उस ईश्वर का स्वरूप किस तरह का होग...
- (३) बाल-विवाह में मानसिक एवं शारीरिक हानियाँ क्या हैं?... (४) बाल-विवाह से उत्पन्न सन्तान किस तरह की होती है? (५) बाल-विवाह लड़की के लिए किस प्रकार घातक सिद्ध ह...
- (३) बुरे लोगों की प्रशंसा से क्या होता है?... (४) समाज सुधार के लिये क्या किया जाये (५) बुरे लोगों की प्रशंसा से आज क्या बुराइयाँ फैली हैं (६) अच्...
- (३) बड़े परिवारों में सुव्यवस्था कैसी रखी जाये?... (४) छोटों के बड़ों के प्रति तथा बड़ों के छोटों के प्रति कर्तव्य लिखो? (५) उपार्जन करने वाले लोग कौन ...
- (३) भाग्यवाद किस प्रकार व्यक्ति को अकर्मण्य बना देता है?... (४) भाग्यवाद का प्रचारक कौन था तथा उसका कारण क्या था? (५) विदेशी शासक भारतीय जनता पर किस प्रकार शासन...
- (३) भारत में नारियों की वर्तमान अवस्था पर प्रकाश डालिए?... (४) पर्दा-प्रथा से क्या हानियाँ हैं? (५) भारतीय समाज ने नारी को अबला और अपंग क्यों बना रखा है? (६) न...
- (३) भारत में नारियों की वर्तमान अवस्था पर प्रकाश डालिये?... (४) पर्दा प्रथा से क्या हानियाँ हैं। (५) भारतीय समाज ने नारी को अबला व अपंग क्यों बना रखा है। (६) ना...
- (३) भारतीय जनता का एक बहुत बड़ा भाग अन्ध विश्वास में उलझा हुआ है क्या कारण है?... (४) हम जिन्हें भूत-प्रेत आदि कहते हैं व उनसे डरते हैं वह वास्तव में क्या हैं तथा वस्तुस्थिति क्या है...
- (३) भारतीय जनता का एक बहुत बड़ा भाग अन्ध-विश्वास में जकड़ा हुआ है क्या कारण है?... (४) हम जिन्हें भूत-प्रेत आदि कहते हैं व उनसे डरते हैं, वह वास्तव में क्या हैं तथा वस्तुस्थिति क्या ह...
- (३) मानव प्राणी की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?... (४) सिद्ध कीजिये माँसाहार मानव की प्रकृति के विरुद्ध है? (५) माँसाहार के विरुद्ध विदेशी डॉक्टरों के ...
- (३) मानवीय अन्तःकरण की विकसित चेतना का अनुभव कैसे किया जाता है?... (४) मनुष्य का आत्मिक स्तर विकसित होने की कौन सी दो कसौटियाँ है? (५) दुष्कर्म करने से हानि अपार है ला...
- (३) मानवीय विकास की आधारभूत आवश्यकता क्या है?... (४) प्राचीनकाल में छात्रों को ऋषिकुल में क्यों भेजा जाता था? (५) व्यक्तित्व की उत्कृष्टता किन-किन तत...
- (३) मानवीय विकास की आधारभूत आवश्यकता क्या है?... (४) प्राचीनकाल में छात्रों को ऋषिकुल में क्यों भेजा जाता था? (५) व्यक्तित्व की उत्कृष्टता किन-किन तत...
- (३) मानवीय सुख-शान्ति बढ़ाने के लिए आजकल क्या किया जाता है, वास्तव में क्या किया जाना चाहिए?... (४) सद्बुद्धि के संस्थापन हेतु क्या किया जाना चाहिए? (५) ‘ज्ञान-यज्ञ’ अभियान से क्या समझते हो? इसके ...
- (३) मानवीय सुख-शान्ति बढ़ाने के लिये आजकल क्या किया जाता है?... वास्तव में क्या किया जाना चाहिए? (४) सद्बुद्धि के संस्थापन हेतु क्या किया जाना चाहिए? (५) ‘ज्ञानयज...
- (३) मानसिक योग कितने प्रकार के होते हैं?... (४) योग का प्रयोजन और सदुपयोग क्या हैं? (५) ज्ञान योग किस प्रकार बन्धन खोलता है? (६) कर्मयोग की व्या...
- (३) मानसिक योग कितने प्रकार के होते हैं?... (४) योग का प्रयोजन और सदुपयोग क्या है? (५) ज्ञानयोग किस प्रकार बन्धन खोलता है? (६) कर्मयोग की व्याख्...
- (३) माया किसे कहते हैं तथा माया के चंगुल में फँसा व्यक्ति किस प्रकार विनष्ट हो जाता है?... (४) मानव अपनी शरीरचर्या किस प्रकार व्यतीत करता है? (५) जीवन मिला है तो उसका लाभ किस प्रकार लेना चाहि...
- (३) माया किसे कहते हैं?... तथा ‘माया’ के चंगुल में फँसा व्यक्ति किस प्रकार व्यतीत करता है? (५) जीवन मिला है तो उसका लाभ किस प्र...
- (३) यज्ञोपवीत धारण द्विजत्व की प्रतिज्ञा किस प्रकार है (४) यज्ञोपवीत संस्कार न करवाने का कारण क्या है?... (५) यज्ञोपवीत संस्कार को उसके स्थान पर पुनः प्रतिष्ठापित करने के लिये हमें क्या करना चाहिए? (६) यज्...
- (३) यज्ञोपवीत धारण द्विजत्व की प्रतिज्ञा किस प्रकार है?... (४) यज्ञोपवीत संस्कार न कराने का कारण क्या है? (५) यज्ञोपवीत संस्कार को उसके स्थान पर पुनः प्रतिष्ठा...
- (३) रचनात्मक कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा का प्रसार एवं फैलाव किस तरह किया जाना चाहिए?... (४) कुटीर उद्योगों को किस प्रकार चलाना चाहिए? (५) अन्न की उपज बढ़ाने तथा खाद्य वस्तुओं में देश को आत्...
- (३) रचनात्मक कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा का प्रसार एवं फैलाव किस तरह किया जाना चाहिए?... (४) कुटीर उद्योगों को किस प्रकार चलाना चाहिए? (५) अन्न की उपज बढ़ाने तथा खाद्य वस्तुओं में देश को आत्...
- (३) वर्तमान समय में भी यदि जेवरों का प्रचलन रहा तो हमारे देश को किस तरह हानि उठानी पड़ेगी?... (४) स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जेवरों का पहनना हानिकारक है सिद्ध कीजिये? (५) जेवरों के बनवाने के कारण...
- (३) वासना की चर्चा की चर्चा सामाजिक जीवन में करने से हमें क्या हानियाँ है?... (४) मस्तिष्क में कामुकता का विचार भरने से हमें क्या हानियाँ है? (५) आज नारी जाति का किस प्रकार अपमान...
- (३) वासना की चर्चा सामाजिक जीवन में करने से हमें क्या हानियाँ हो सकती हैं?... (४) मस्तिष्क में कामुकतापूर्ण विचार भरने से क्या हानियाँ होती हैं। (५) आज नारी जाति का किस प्रकार अप...
- (३) विवाह की कुरीतियों पर प्रकाश डालें तथा उनसे होने वाली हानियाँ दर्शाइए?... (४) समय की पुकार क्या है? (५) शौर्य एवं साहस के साथ विवाहोन्माद के विरुद्ध आन्दोलन चलाना क्यों आवश्य...
- (३) विवाह की कुरीतियों पर प्रकाश डालें तथा उनसे होने वाली हानियाँ दर्शाइए?... (४) समय की पुकार क्या है? (५) शौर्य एवं साहस के साथ विवाहोन्माद के विरुद्ध आन्दोलन चलना क्यों आवश्यक...
- (३) विवाह के पूर्व कुण्डली मिलाने से लाभ है या हानि?... (४) ग्रह दशा में डरा कर जनता को गुमराह करना वहाँ तक उचित है।...
- (३) विवाह के पूर्व कुण्डली मिलाने से लाभ है या हानि?... (४) ग्रह दशा से डरकर जनता को गुमराह करना कहाँ तक उचित है? (५) दो हजार वर्ष की गुलामी का भयंकर दुष्पर...
- (३) वृक्षों की तुलना सन्तों से क्यों की जाती है?... (४) वृक्ष बिना कारण ही मानव समाज का हित करते हैं-सिद्ध करो। (५) वन्य प्रदेश में वर्षा अधिक क्यों होत...
- (३) वृक्षों की तुलना सन्तों से क्यों की जाती हैं?... (४) वृक्ष बिना कारण ही मानव समाज का हित करते हैं- सिद्ध करो। (५) वन्य प्रदेश में वर्षा अधिक क्यों हो...
- (३) व्यक्ति ढालने के उपयुक्त समय कौन-सा है व क्यों?... (४) उठती उम्र में किसी भी आकर्षण की ओर खिंच जाना सरल क्यों होता है? (५) मित्रता का स्वर्णिम सूत्र क्...
- (३) शाक-भाजियों के उत्पादन से क्या लाभ होगा?... (४) अन्न के अपव्यय को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए? (५) बड़ी दावतों से क्या हानि है? (६) जूठन छो...
- (३) शाक-भाजियों के उत्पादन से क्या लाभ होगा?... (४) अन्न के अपव्यय को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए? (५) बड़ी दावतों से क्या हानि है? (६) जूठन खा...
- (३) शाकों का उपयोग अन्न से अधिक गुणकारी क्यों है?... (४) सरलता से उगने वाले कंद, मूल, फलों के नाम बताइये? (५) किसानों को शाक सब्जी क्यों उगाना चाहिए? (६)...
- (३) शाकों का उपयोग अन्न से अधिक गुणकारी क्यों हैं?... (४) सरलता से उगने वाले कंद, मूल, फलों के नाम बताओ? (५) किसानों को शाक-सब्जी क्यों उगाना चाहिए? (६) ख...
- (३) शारीरिक स्वास्थ्य रक्षा के लिये कौन-कौन से कार्य हमें करना चाहिए?... (४) आहार के क्या नियम हमें पालन करना चाहिए? (५) आहार हमें किस दृष्टि से ग्रहण करना चाहिए? (६) किस तर...
- (३) शिशु निर्माण के सम्बन्ध में रहस्य की बात क्या है?... (४) व्यक्ति की सुख शान्ति के लिए किन तत्त्वों की आवश्यकता है? (५) बच्चों को संस्कारवान् बनाने के लिय...
- (३) शिष्य ने पूछा-गुरुवर तुलसी वृक्ष और तुलसी वन लगाने को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्यदायक माना जाता है ऐसा क्यों?... गुरु ने अलंकारिक वर्णन का रहस्य समझाते हुए बताया-तात यज्ञ धूम्र से रोग कीटाणु नष्ट होते हैं, वायु शु...
- (३) श्रम की प्रतिष्ठा प्रतिपादित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए?... (४) हिन्दू जाति के घटते जाने का मूल कारण क्या है? (५) व्यायामशालाओं की आवश्यकता क्यों है? (६) दिन भर...
- (३) श्वास लेने वाले और किसे कहा जा सकता है?... (४) आदर्श विवाह किसे कहते हैं? (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक सेना से क्या समझते हो? (६) विवाहोन्माद के प...
- (३) श्वास लेने वाले किसे कहा जा सकता है?... (४) आदर्श विवाह किसे कहते हैं? (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक सेना से क्या समझते हो? (६) विवाहोन्माद के प...
- (३) संयुक्त परिवार प्रणाली सहकारी व्यवस्था है?... सिद्ध कीजिए? (४) कृषि पशुपालन एवं उद्योग धन्धों में संयुक्त परिवार को अधिक लाभ क्यों होता है। (५) वृ...
- (३) सफलता की कुँजी क्या है?... (४) उज्ज्वल भविष्य कैसे बन सकता है? (५) मानव का सबसे बड़ा शत्रु कौन है? उनसे कैसे बचा जाय? (६) महान ब...
- (३) समाज की वर्तमान स्थिति में किसी भी व्यक्ति पर सहज जी विश्वास करना खतरे से खाली नहीं है?... इस वाक्य का मर्म समझाइए। (४) वर्तमान समाज की प्रगति में कौन-सी कुरीतियाँ आड़े आ रही हैे? उनके उन्मूलन...
- (३) समाज की वर्तमान स्थिति में किसी भी व्यक्ति पर सहज ही विश्वास करना खतरे से खाली नहीं है, इस वाक्य का मर्म समझाइए?... (४) वर्तमान समाज की प्रगति में कौन-सी कुरीतियाँ आड़े आ रही हैं? उनके उन्मूलन हेतु सुझाव दें।...
- (३) सामाजिक जीवन जीने के लिये मनुष्य को क्या करना चाहिए?... (४) समाज के कई ऋण हमारे पर हैं इसे चुकाने के लिये हमें क्या करना चाहिए? (५) क्या हम अपना सारा समय, ...
- (३) सिद्ध करो अपराध व्यक्ति के लिए स्वयं घातक होते हैं?... (४) अपने देश की उन्नति नहीं हो रही है क्यों? (५) मनुष्य को सदाचार से किस तरह प्रशिक्षित किया जाय? (६...
- (३) सिद्ध करो अपराध व्यक्ति के लिये स्वयं घातक होते हैं?... (४) अपने देश की उन्नति नहीं हो रही है क्यों? (५) मनुष्य को सदाचार से किस तरह प्रशिक्षित किया जाय? (६...
- (३) सिद्ध कीजिए कि गौ-रस सर्वांगपूर्ण परिपुष्ट आहार है?... (४) गौ-रस सर्वांगपूर्ण परिपुष्ट आहार है? (५) राजा दिलीप ने गौ की सेवा क्यों की थी? (६) बैल की उपयोगि...
- (३) सिद्ध कीजिए कि प्रगति का मूल मन्त्र शिक्षा पद्धति है?... (४) वर्तमान शिक्षा प्रणाली के दोष बताइये? (५) शिक्षा में परिवर्तन जन-सहयोग से कैसे सम्भव है? (६) युग-...
- (३) सिद्ध कीजिये कि प्रगति का मूल मन्त्र शिक्षा पद्धति है?... (४) वर्तमान शिक्षा प्रणाली के दोष बताइये? (५) शिक्षा में परिवर्तन जन सहयोग से कैसे सम्भव है? (६) युग ...
- (३) स्वार्थी व्यक्ति की परिभाषा कीजिए?... (४) किस प्रकार इकाई-इकाई मिलकर एक विशाल समूह का निर्माण करते हैं? उदाहरणों के द्वारा समझाइए।...
- (३) स्वार्थी व्यक्ति की परिभाषा कीजिये?... (४) किस प्रकार इकाई-इकाई मिलकर एक विशाल समूह का निर्माण करते हैं? उदाहरणों के द्वारा समझाइए? (५) प्र...
- (३) स्वास्थ्य और मनोबल बढ़ाने के लिए किस तरह की कार्य प्रणाली अपनानी चाहिए?... (७) लोक शिक्षण के लिए क्या-क्या कार्य किया जा सकता है? (८) सेवा दलों के संगठन का महत्त्व रचनात्मक का...
- (३) हम किन चीजों के प्राप्त होने से सुविधा अनुभव करते हैं?... (४) हम हमारे में ही उपस्थित किन चीजों का महत्त्व भूल गये हैं। (५) सिद्ध कीजिये अपना आप सबसे महत्त्वप...
- (३) हमारे देशवासियों की औसत आय क्या है?... (४) विवाहोन्माद से दोनों पक्षों को कैसे हानि होती हैं? (५) विवाह भार का सामना करने के लिए समाज के वि...
- (३) हमारे देशवासियों की औसत आय क्या है?... (४) विवाहोन्माद से दोनों पक्षों को कैसे हानि होती है? (५) विवाह के भार का सामना करने के लिए समाज के ...
- (३) हमें भारतवर्ष में स्नान किस प्रकार करते रहना चाहिए?... (४) अपने दाँतों को अधिक टिकाने तथा मुँह में बदबू न आने देने के लिए हमें क्या करना चाहिए? (५) अपने कप...
- (३) हर घर में तुलसी का पौधा क्यों होना चाहिए?... (४) तुलसी को औषधि के रूप में कैसे प्रयोग किया जा सकता है? (५) तुलसी की उपयोगिता पर एक लघु निबन्ध लिख...
- (३) हर घर में तुलसी का पौधा क्यों होना चाहिए?... (४) तुलसी को औषधि के रूप में कैसे प्रयोग किया जा सकता है? (५) तुलसी की उपयोगी पर एक लघु निबन्ध लिखें...
- (३) हराम खोरी से क्या हानि है?... (४) आत्मा की सद्गति कैसे होती है? (५) मृत्यु टैक्स क्यों लगाया जाता है? (६) हिन्दू समाज की सर्वाधिक ...
- (३) हरामखोरी से क्या हानि है?... (४) आत्मा की सद्गति कैसे होती है? (५) मृत्यु टैक्स क्यों लगाया जाता है? (६) हिन्दू समाज की सर्वाधिक ...
- (३) ‘जापान’ के आधार पर समझायें कि उन्नति किस तरह की जा सकती है?... (४) तथा ‘जापान’ की तरह ही नीति अपनाने पर हमें क्या लाभ हो सकते हैं? (५) हमारे देश में ‘बेकारी हराम ह...
- (४) अन्न के अपव्यय को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए?... (५) बड़ी दावतों से क्या हानि है? (६) जूठन छोड़ना अन्नदेव का अपमान करना है? सिद्ध कीजिए? (७) जूठन खाने ...
- (४) अन्न के अपव्यय को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए?... (५) बड़ी दावतों से क्या हानि है? (६) जूठन खाने से स्वाभिमान व स्वास्थ्य दोनों गिरते हैं? सिद्ध कीजिए।...
- (४) अपच का मूल कारण क्या है?... ब्रह्मचर्य के महत्त्व पर प्रकाश डालिये।...
- (४) अपने दाँतों को अधिक टिकाने तथा मुँह में बदबू न आने देने के लिए हमें क्या करना चाहिए?... (५) अपने कपड़े जो कि हम रोज व्यवहार में लाते हैं किस प्रकार स्वच्छ किये जाना चाहिए? (६) अपने घरों को ...
- (४) अपने देश की उन्नति नहीं हो रही है क्यों?... (५) मनुष्य को सदाचार से किस तरह प्रशिक्षित किया जाय? (६) सदाचार और समाज सुधार के रचनात्मक कार्यक्रम ...
- (४) अपने देश की उन्नति नहीं हो रही है क्यों?... (५) मनुष्य को सदाचार से किस तरह प्रशिक्षित किया जाय? (६) सदाचार और समाज सुधार के रचनात्मक कार्यक्रम ...
- (४) अपने देश में स्त्रियों के निरन्तर गिरने वाले स्वास्थ्य का मूल कारण क्या है?... (५) विवाह की आयु में वृद्धि क्यों आवश्यक है? (६) वानप्रस्थ आश्रम का पुनः प्रारम्भ किस लिये जरूरी है?...
- (४) अपने यहाँ पर्दा प्रथा प्रचलन के कारणों पर प्रकाश डालिये?... (५) नासमझ वर्ग के लोगों के दिमाग में क्या बात घर कर गई है? (६) अमीरी न होते हुए भी अमीरी वे किस तरह ...
- (४) अब समाज की उन्नति के लिए किस तरह के प्रयत्न किये जायें?... (५) राजनैतिक क्रान्ति के बाद सबसे पहली आवश्यकता क्या है? (६) युग-निर्माण योजना द्वारा संचालित ‘ज्ञान...
- (४) अब समाज की उन्नति के लिये किस तरह के प्रयत्न किये जायें?... (५) राजनैतिक क्रान्ति के बाद सबसे पहली आवश्यकता क्या है? (६) युग निर्माण योजना द्वारा संचालित ‘‘ज्ञा...
- (४) अब्राहम लिंकन ने एक बार उनके जन्म दिन पर एक पत्रकार ने पूछा आप साधारण मनुष्य से राष्ट्रपति बने इस सफलता का रहस्य क्या है?... लिंकन बोले मैं अपने जीवन की पग-पग पर परीक्षा की हर असफलता से कुछ सीखा, सँभला और नये नाश्ते बनाता चला...
- (४) आजकल नागरिक मतदान करते समय किन बातों से प्रभावित होकर मतदान करते हैं?... क्यों? (५) वर्तमान परिस्थितियों से मतदान का अधिकार सीमित करना क्यों आवश्यक है। (६) शासकीय कर्मचारी अ...
- (४) आजकल नागरिक मतदान करते समय किन बातों से प्रभावित होकर मतदान करते हैं?... (५) वर्तमान परिस्थितियों से मतदान करते हैं? क्यों? (५) वर्तमान परिस्थितियों से मतदान का अधिकार सीमित...
- (४) आत्मा की सद्गति कैसे होती है?... (५) मृत्यु टैक्स क्यों लगाया जाता है? (६) हिन्दू समाज की सर्वाधिक भ्रमपूर्ण मान्यता क्या है? (७) बदल...
- (४) आदर्श विवाह किसे कहते हैं?... (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक सेना से क्या समझते हो? (६) विवाहोन्माद के प्रतिरोध के लिये नयी पीढ़ी को क्य...
- (४) आदर्श विवाह किसे कहते हैं?... (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक सेना से क्या समझते हो? (६) विवाहोन्माद के प्रतिरोध के लिए नई पीढ़ी को क्या ...
- (४) आवेशित होने से हम में क्या परिवर्तन हो जाते हैं?... तथा इससे क्या हानियाँ होती हैं? (५) क्या आवेशित व्यक्ति अपने स्वतः को भी पहुँचाता है? यरि हाँ तो किस...
- (४) आहार के क्या नियम हमें पालन करना चाहिए?... (५) आहार हमें किस दृष्टि से ग्रहण करना चाहिए? (६) किस तरह की वस्तुएँ खानी चाहिए, किस तरह की नहीं।...
- (४) इस स्थिति से नारी जाति को निकालने के लिए स्वयं नारी को क्या प्रयत्न करना चाहिए?... (५) इस समय स्त्री जाति कि तरह जीवन यापन कर रही है? (६) स्त्री जाति को उस अपमान भरे जीवन से निकाल कर ...
- (४) इस स्थिति से नारी जाति को निकालने के लिए स्वयं नारी को क्या प्रयत्न करने चाहिए?... (५) इस समय स्त्री जाति किस तरह जीवनयापन कर रही है? स्त्री-जाति को अपमान भरे जीवन से निकाल कर ऊँचा उठ...
- (४) उज्ज्वल भविष्य कैसे बन सकता है?... (५) मानव का सबसे बड़ा शत्रु कौन है? उनसे कैसे बचा जाय? (६) महान बनने का सर्वश्रेष्ठ साधना क्या है? (७...
- (४) उठती उम्र में किसी भी आकर्षण की ओर खिंच जाना सरल क्यों होता है?... (५) मित्रता का स्वर्णिम सूत्र क्या है? (६) विद्यार्थियों को ब्रह्मचर्य व्रत का पालन क्यों आवश्यक है?...
- (४) एक उपदेशक भाषण दे रहे थे लोगों को मिलावट नहीं करनी चाहिए, रिश्वत नहीं लेनी चाहिए?... एक व्यक्ति खड़े होकर बोले-महाराज विवाहों में जो लम्बी रकमें माँगी जाती हैं वह कहाँ से पूरी करें? उपदे...
- (४) एक मनुष्य बोला-भगवान ने शेर को कितना साहसी और शक्तिशाली बनाया, बल सारा हाथी को दे दिया, दूध गाय को, फल पौधों को, मनुष्य को उसने क्या दिया?... गुरु बोले-बेटा वह बुद्धि, वह ज्ञान, जिसके उपयोग से वह शेर और हाथी से भी बलवान है उठ अपनी बुद्धि का उ...
- (४) एक विदेशी चित्रकार से एक व्यक्ति ने पूछा-आजकल कामोत्तेजक चित्र ही अधिक पसन्द किये जाते हैं वही छपते और बिकते भी अधिक हैं फिर आपके इन आदर्शवादी चित्रों को कौन खरीदेगा?... सारी दुनियाँ खरीदेगी और लगायेगी चित्रकार ने उत्तर दिया आज न सही पर कामोत्तेजक चित्रों की बुराइयाँ जब...
- (४) एक व्यक्ति एक दिन एक साधु के पास जाकर बोला भगवन् मुझे भगवान की अनुभूति क्यों नहीं होती?... साधु ने कुछ उत्तर नहीं दिया बोला-बेटा यह पाँच सात पत्थर लेकर मेरे साथ ऊपर पहाड़ों पर आओ, वहीं तुम्हा...
- (४) किन कला प्रयासों को सार्थक कहा जा सकता है?... (५) मनोरंजन की सुरुचिपूर्ण योजनाएँ किस प्रकार चलाई जा सकती हैं? (६) वर्तमान फिल्मों में क्या त्रुटिय...
- (४) किन कला प्रयासों को सार्थक कहा जा सकता है?... (५) मनोरंजन की सुरुचिपूर्ण योजनाएँ किस प्रकार चलाई जा सकती हैं? (६) वर्तमान फिल्मों में क्या त्रुटिय...
- (४) किस जीवन को सार्थक माना जा सकेगा?... (५) आध्यात्मिक प्रगति के कौन-कौन से पक्ष हैं? (६) दिनचर्या बनाने व डायरी लिखने की आवश्यकता क्यों हैं...
- (४) किस प्रकार इकाई-इकाई मिलकर एक विशाल समूह का निर्माण करते हैं?... उदाहरणों के द्वारा समझाइए? (५) प्रजातंत्र युग में सहकारिता का महत्त्व किस तरह है। प्रतिपादित कीजिये?...
- (४) किस प्रकार इकाई-इकाई मिलकर एक विशाल समूह का निर्माण करते हैं?... उदाहरणों के द्वारा समझाइए।...
- (४) किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता किस बात पर परखी जा सकती है?... (५) व्यक्ति धनवान किस प्रकार बन सकता है? (६) सामान्य आजीविका से भी अपना खर्च किस प्रकार चलाया जा सकत...
- (४) कुटीर उद्योगों को किस प्रकार चलाना चाहिए?... (५) अन्न की उपज बढ़ाने तथा खाद्य वस्तुओं में देश को आत्म निर्भर करने के लिये क्या प्रयत्न होने चाहिए?...
- (४) कुटीर उद्योगों को किस प्रकार चलाना चाहिए?... (५) अन्न की उपज बढ़ाने तथा खाद्य वस्तुओं में देश को आत्म-निर्भर करने के लिए क्या प्रयत्न होने चाहिए? ...
- (४) क्या पूर्वजों के कारनामों के कारण उनके वंशजों को ऊँच या नीच माना जाना चाहिए?... कारण सहित बताओ।...
- (४) क्या राष्ट्र में विचार क्रान्ति की आवश्यकता है यदि है तो क्यों?... (५) भारत में साधु संन्यासियों की संख्या का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है? (६) भारत में धार्मिक कार्यो...
- (४) गायत्री की प्रतिमा माता के रूप में बनाकर क्या प्रतिपादित किया जाता है?... (५) हमें अपने परिवार को किस प्रकार की आदत डालनी चाहिए? (६) निराकार गायत्री की उपासना करने वाले को व...
- (४) गायत्री की प्रतिमा माता के रूप में बनाकर क्या प्रतिपादित किया जाता है?... (५) हमें अपने परिवार को किस प्रकार की आदत डालनी चाहिए? (६) निराकार गायत्री की उपासना करने वाले को वह...
- (४) गृहस्थाश्रम के बारे में लिखिये?... (५) वानप्रस्थाश्रम में मनुष्य घर के लिये क्या काम करता रहता था? (६) वानप्रस्थाश्रम में मनुष्य समाज क...
- (४) गौ-रस सर्वांगपूर्ण परिपुष्ट आहार है?... (५) राजा दिलीप ने गौ की सेवा क्यों की थी? (६) बैल की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए। (७) गावर्धन पूजा का म...
- (४) ग्रह दशा से डरकर जनता को गुमराह करना कहाँ तक उचित है?... (५) दो हजार वर्ष की गुलामी का भयंकर दुष्परिणाम क्या हुआ? (६) सिद्ध कीजिए ‘‘भाग्यवाद निरर्थक है।...
- (४) छोटों के बड़ों के प्रति तथा बड़ों के छोटों के प्रति कर्तव्य लिखो?... (५) उपार्जन करने वाले लोग कौन से दायित्व अनिवार्य रूप से निबाहें?? (६) बच्चों में पारिवारिक व्यवस्था...
- (४) जापान की तरह नीति अपनाने पर हमें क्या लाभ हो सकते हैं?... (५) हमारे देश में बेकारी की समस्या फैलने के क्या कारण हैं? (६) ‘‘आराम हराम है, ’’ यह उक्ति हमें किस ...
- (४) तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानि क्या करता है?... (५) तंबाकू खाने वाला अल्प जीवी क्यों होता है? (६) तंबाकू पीने वाले के आर्थिक व्यय पर प्रकाश डालिये? ...
- (४) तथा ‘जापान’ की तरह ही नीति अपनाने पर हमें क्या लाभ हो सकते हैं?... (५) हमारे देश में ‘बेकारी हराम है’ यह युक्ति हमें किस प्रकार आर्थिक दुर्दशा में से उसे उबरने के लिए ...
- (४) तुलसी को औषधि के रूप में कैसे प्रयोग किया जा सकता है?... (५) तुलसी की उपयोगिता पर एक लघु निबन्ध लिखें। (६) तुलसी के लाभ के ५ श्लोक सुनाओ और उनका अर्थ बताओ। (...
- (४) तुलसी को औषधि के रूप में कैसे प्रयोग किया जा सकता है?... (५) तुलसी की उपयोगी पर एक लघु निबन्ध लिखें? (६) तुलसी के लाभों के पाँच श्लोक सुनाओ और उनका अर्थ बताओ...
- (४) थोड़े समय में अभीष्ट प्रगति करने का मूल मन्त्र क्या है?... (५) एण्डरसन ने संसार की सभी भाषा कैसे सीखी? (६) क्या कारण है कि कुछ लोग जीवन में महान बन जाते हैं जब...
- (४) नागरिकता किसे कहते हैं?... सार्वजनिक स्थानों पर लोग किस प्रकार गन्दगी फैलाते हैं? (५) मनुष्यता की आरम्भिक शिक्षा क्या है? (६) ई...
- (४) निर्दयता निवारक धारा के अनुसार पुलिस को क्या अधिकार दिये गये हैं?... (५) घायल, अशक्त जानवरों के साथ किस प्रकार व्यवहार किया जाता है? (६) क्या हमें पक्षियों को निर्दयता प...
- (४) निर्दयता निवारक धारा के अनुसार पुलिस को क्या अधिकार दिये गये हैं?... (५) घायल, अशक्त जानवरों के साथ किस प्रकार व्यवहार किया जाता है? (६) क्या हमें पक्षियों को निर्दयतापू...
- (४) पर्दा-प्रथा से क्या हानियाँ हैं?... (५) भारतीय समाज ने नारी को अबला और अपंग क्यों बना रखा है? (६) नारी जाति का नृशंस अपमान क्या है? (७) ...
- (४) पाण्डवों ने मरणोन्मुख भीष्म पितामह से प्रश्न किया-वह देव कौन सा है जिसमें समस्त देवता समाहित हों?... भीष्म बोले-आद्यशक्ति गायत्री! गायत्री की उपासना न कर किसी और देव को पूजता है वह ऐसा ही है जो अपने घर...
- (४) प्रत्येक संस्कार की उपादेयता पर प्रकाश डालिए?... (५) पर्व और त्यौहार मनाने के पीछे हमारा प्रयोजन क्या होता है? (६) पर्वोत्सव एक वरदान हैं सिद्ध कीजिय...
- (४) प्राचीनकाल में छात्रों को ऋषिकुल में क्यों भेजा जाता था?... (५) व्यक्तित्व की उत्कृष्टता किन-किन तत्त्वों पर निर्भर हैं? (६) स्वाध्याय क्यों आवश्यक है? (७) प्रे...
- (४) प्राचीनकाल में छात्रों को ऋषिकुल में क्यों भेजा जाता था?... (५) व्यक्तित्व की उत्कृष्टता किन-किन तत्त्वों पर निर्भर है? (६) स्वाध्याय क्यों आवश्यक है? (७) प्रेर...
- (४) बाल-विवाह से उत्पन्न सन्तान किस तरह की होती है?... (५) बाल-विवाह लड़की के लिए किस प्रकार घातक सिद्ध हो सकता है? (६) बाल-विवाह का मनोवैज्ञानिक प्रभाव लड़क...
- (४) भाग्यवाद का प्रचारक कौन था तथा उसका कारण क्या था?... (५) विदेशी शासक भारतीय जनता पर किस प्रकार शासन किया करते थे? (६) भाग्यवाद से हमें विदेशी शासकों के र...
- (४) मनुष्य का आत्मिक स्तर विकसित होने की कौन सी दो कसौटियाँ है?... (५) दुष्कर्म करने से हानि अपार है लाभ कुछ भी नहीं सिद्ध करें। (६) कानून में ऐसी कौन सी कमी है कि सही...
- (४) मनुष्य शरीर का जादू किसे कहते हैं, क्यों?... (५) ‘‘विचार’’ शक्ति का आध्यात्मिकता से क्या सम्बन्ध है? (६) विचारों की परख किस तरह की जाये और उन्हें...
- (४) मनुष्यता एवं देश भक्ति का सहज प्रमाण क्या है?... (५) मतभेद सुलझाने का सही तरीका क्या है? (६) उदात्त भावना का क्या तात्पर्य है? (७) अधिकार से अधिक कर्...
- (४) मनुष्यता का सच्चा स्वरूप किसमें है?... (५) संभाषण में शिष्टाचार के नियम बताइये।...
- (४) मन्दिरों के निर्माण में इतनी अधिक धन सम्पत्ति लगाने का कारण क्या हो सकता है?... (५) मन्दिरों में कथा प्रवचन किस हद तक सत्प्रवृत्तियों को जगाने में सहायक हैं? (६) मन्दिरों के पुजारी...
- (४) मन्दिरों के निर्माण में इतनी अधिक धन-सम्पत्ति लगाने का कारण क्या हो सकता है?... (५) मन्दिरों में कथा-प्रवचन किस हद तक सत्प्रवृत्तियों को जगाने में सहायक हैं? (६) मन्दिरों के पुजारी...
- (४) मस्तिष्क में कामुकता का विचार भरने से हमें क्या हानियाँ है?... (५) आज नारी जाति का किस प्रकार अपमान किया जा रहा है? (६) उपन्यास और चित्र-तस्वीरें आज किस तरह पेश की...
- (४) महँगाई के इस जमाने में नारी का क्या कर्तव्य हो जाता है?... (५) उच्च शिक्षा कन्या के विवाह न होने के दो कारण बताइये? (६) उच्च शिक्षित कन्या को फिर किस तरह का जी...
- (४) महँगाई के इस जमाने में नारी का क्या कर्तव्य हो जाता है?... (५) उच्च शिक्षित कन्या को शादी के बाद किस तरह का जीवन व्यतीत करना पड़ता है? (६) नारी के नेतृत्व से सम...
- (४) मानव अपनी शरीरचर्या किस प्रकार व्यतीत करता है?... (५) जीवन मिला है तो उसका लाभ किस प्रकार लेना चाहिए? (६) जन्मदिन से बढ़कर और कोई त्यौहार व्यक्तिगत जीव...
- (४) यज्ञ की महिमा को बतलाइए?... (५) यज्ञ शब्द का क्या अर्थ होता है? (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव महान् कैसे बन सकता है? (७) गाय...
- (४) यज्ञ की महिमा को बतलाइए?... (५) यज्ञ शब्द का क्या अर्थ होता है? (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव महान् कैसे बन सकता है? (७) गाय...
- (४) यज्ञोपवीत संस्कार न कराने का कारण क्या है?... (५) यज्ञोपवीत संस्कार को उसके स्थान पर पुनः प्रतिष्ठापित करने के लिए हमें क्या करना चाहिए? (६) यज्ञो...
- (४) यदि यह मान लिया जाय कि देवता पशुबलि से प्रसन्न होते होंगे तो उस ईश्वर का स्वरूप किस तरह का होगा (५) बलिदान की परिभाषा कीजिये?... (६) पशुबलि के प्रचलन के क्या कारण हो सकते हैं? (७) क्या पशुबलि भारतीय देवताओं को प्रिय है? (८) पशुबल...
- (४) यदि यह मान लिया जाये कि देवता पशुबलि से प्रसन्न होते होंगे, तो उस ईश्वर का स्वरूप किस तरह का होगा?... (५) बलिदान की परिभाषा कीजिए? (६) पशुबलि के प्रचलन के क्या कारण हो सकते हैं? (७) क्या पशुबलि भारतीय द...
- (४) योग का अर्थ क्या है?... योग कितने प्रकार के होते हैं? (५) क्लेश एवं कलह मिटाने का क्या उपाय है? (६) सन्तानें किन लोगों की कुप...
- (४) योग का प्रयोजन और सदुपयोग क्या है?... (५) ज्ञानयोग किस प्रकार बन्धन खोलता है? (६) कर्मयोग की व्याख्या करो? (७) सादगी श्रेष्ठता का निर्माण ...
- (४) योग का प्रयोजन और सदुपयोग क्या हैं?... (५) ज्ञान योग किस प्रकार बन्धन खोलता है? (६) कर्मयोग की व्याख्या करो। (७) सादगी श्रेष्ठता का कैसे नि...
- (४) लोक-अनुदान का अधिकार किसे है और क्यों?... (५) साधु-ब्राह्मणों में फैली बुराइयाँ बताओ? (६) लोक-मंगल में अभिरुचि नहीं वे साधु ब्राह्मण क्या करें...
- (४) लोक-अनुदान का अधिकार किसे है और क्यों?... (५) साधु-ब्राह्मणों में फैली बुराइयाँ बताओ? (६) जिनकी लोकमंगल में अभिरुचि नहीं वे साधु-ब्राह्मण क्या...
- (४) वर्तमान शिक्षा प्रणाली के दोष बताइये?... (५) शिक्षा में परिवर्तन जन सहयोग से कैसे सम्भव है? (६) युग निर्माण शिक्षा पद्धति पर प्रकाश डालिये। (८...
- (४) वर्तमान शिक्षा प्रणाली के दोष बताइये?... (५) शिक्षा में परिवर्तन जन-सहयोग से कैसे सम्भव है? (६) युग-निर्माण योजना की शिक्षा-पद्धति पर प्रकाश ड...
- (४) वर्तमान समाज की प्रगति में कौन-सी कुरीतियाँ आड़े आ रही हैं?... उनके उन्मूलन हेतु सुझाव दें।...
- (४) वर्तमान समाज की प्रगति में कौन-सी कुरीतियाँ आड़े आ रही हैे?... उनके उन्मूलन हेतु सुझाव देवें (५) इस युग में बहादुर किस माना जायेगा (६) हमारे समाज के प्रमुख कलंक कौ...
- (४) विवाह योग साधना कैसे है?... (५) सन्तान का सद्गुणी होना किन तत्त्वों पर निर्भर है? (६) छोटे घरों में स्वर्ग का वातावरण कैसे बनाया...
- (४) विवाहोत्सव कैसा होना चाहिए?... विवाहोत्सव में होने वाले अपव्यय पर प्रकाश डालिये।...
- (४) विवाहोत्सव कैसा होना चाहिए?... (५) विवाहोत्सव में होने वाले अपव्यय पर प्रकाश डालिए? (५) विवाहों की रूपरेखा किस तरह बनानी चाहिए? (६)...
- (४) विवाहोन्माद में होने वाले इस सारे अपव्यय का दोष बेटे वाले के सर पर क्यों थोपा जा रहा है?... (५) हर बेटे वाला दहेज लेने के बाद भी घाटे में किस प्रकार रहता है? (६) यह आप किस तरह कह सकते हैं कि ब...
- (४) विवाहोन्माद में होने वाले इस सारे अपव्यय का दोष बेटे वाले के सिर पर क्यों थोपा जा रहा है?... (५) हर बेटे वाला दहेज रहने के बाद भी घाटे में किस प्रकार रहता है? (६) यह आप किस तरह कह सकते हैं कि ब...
- (४) विवाहोन्माद से दोनों पक्षों को कैसे हानि होती है?... (५) विवाह के भार का सामना करने के लिए समाज के विभिन्न अंग किस प्रकार की बेईमानी करते हैं? (६) यदि वि...
- (४) विवाहोन्माद से दोनों पक्षों को कैसे हानि होती हैं?... (५) विवाह भार का सामना करने के लिए समाज के विभिन्न अंग किस-किस प्रकार की बेईमानी करते हैं? (६) यदि व...
- (४) व्यक्ति अपने को यदि अप्रसन्न समझता है तो क्यों?... (५) प्रसन्नता किस प्रकार प्राप्त किया जा सकती है? (६) किस प्रकार की मनःस्थिति वाला व्यक्ति प्रसन्न र...
- (४) व्यक्ति की सुख शान्ति के लिए किन तत्त्वों की आवश्यकता है?... (५) बच्चों को संस्कारवान् बनाने के लिये माता-पिता को क्या करना चाहिए। (६) गर्भवती के आस-पास कैसा वा...
- (४) शिक्षक को राष्ट्र निर्माता क्यों कहा जाता है?... (५) अध्यापकों के प्रमुख कर्तव्य बताइये? (६) अध्यापक में क्या २ गुण होना चाहिए? (७) अध्यापक का रहन-स...
- (४) शिक्षक को राष्ट्र निर्माता क्यों कहा जाता है?... (५) अध्यापकों के प्रमुख कर्तव्य बताइये? (६) अध्यापक में क्या-क्या गुण होना चाहिए? (७) अध्यापक का रहन...
- (४) शिखा संरक्षण का वैज्ञानिक महत्त्व किस प्रकार है सिद्ध कीजिए?... (५) हमारे भारतीय तत्त्ववेत्ताओं ने इसकी उपयोगिता क्या बताई थी? (६) शिखा बन्धन का उद्देश्य क्या है? (७...
- (४) शिखा संरक्षण का वैज्ञानिक महत्त्व किस प्रकार है सिद्ध कीजिए?... (५) हमारे भारतीय तत्त्ववेत्ताओं ने इसकी उपयोगिता क्या बताई थी? (६) शिखा बन्धन का उद्देश्य क्या है? (...
- (४) सन्तान के पालन-पोषण के अलावा मनुष्य के और क्या कर्तव्य हैं?... (५) मनुष्य को सन्तान के स्वावलम्बी होने के बाद अन्य क्या कर्तव्य करते रहना चाहिए? (६) स्वावलम्बी सन्...
- (४) सद्गुण और अन्य गुणों में कौन-सा गुण श्रेष्ठ है?... व क्यों? (५) दुर्गुणी व्यक्ति अपने स्वतः के लिए किस प्रकार हानिकारक है? (६) सच्चे अध्यापक और सच्चे अ...
- (४) सद्गुणों और अन्य गुणों में कौन-सा गुण श्रेष्ठ है?... व क्यों? (५) दुर्गुणी व्यक्ति अपने स्वतः के लिये किस प्रकार हानिकारक है? (६) सच्चे अध्यापक और सच्चे ...
- (४) सद्बुद्धि के संस्थापन हेतु क्या किया जाना चाहिए?... (५) ‘ज्ञान-यज्ञ’ अभियान से क्या समझते हो? इसके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कार्य-पद्धति पर प्रकाश डा...
- (४) सद्बुद्धि के संस्थापन हेतु क्या किया जाना चाहिए?... (५) ‘ज्ञानयज्ञ’ अभियान से क्या समझते हो।...
- (४) समय की पुकार क्या है?... (५) शौर्य एवं साहस के साथ विवाहोन्माद के विरुद्ध आन्दोलन चलाना क्यों आवश्यक है। (६) ‘‘अनीति के विरुद...
- (४) समय की पुकार क्या है?... (५) शौर्य एवं साहस के साथ विवाहोन्माद के विरुद्ध आन्दोलन चलना क्यों आवश्यक है? (६) ‘अनीति के विरुद्ध...
- (४) समाज के कई ऋण हमारे पर हैं इसे चुकाने के लिये हमें क्या करना चाहिए?... (५) क्या हम अपना सारा समय, सारी सम्पत्ति देकर समाज का भला कर सकते हैं? (६) सामाजिक जीवन के उत्कर्ष क...
- (४) समाज सुधार के लिये क्या किया जाये (५) बुरे लोगों की प्रशंसा से आज क्या बुराइयाँ फैली हैं (६) अच्छाई को किस तरह प्रोत्साहित किया जाये (७) सम्पत्ति को प्रतिष्ठा मिलने से क्या हुआ?... (८) दुष्टता के प्रतिरोध में क्या किया जाए? कथाएँ —— (१) तुर्की क्र प्रसिद्ध फकीर जकीर नदी के किनारे...
- (४) सरलता से उगने वाले कंद, मूल, फलों के नाम बताइये?... (५) किसानों को शाक सब्जी क्यों उगाना चाहिए? (६) खाली जगहों का उपयोग शाक उगाने में कैसे किया जा सकता ...
- (४) सरलता से उगने वाले कंद, मूल, फलों के नाम बताओ?... (५) किसानों को शाक-सब्जी क्यों उगाना चाहिए? (६) खाली जगहों का उपयोग शाक उगाने में कैसे किया जा सकता ...
- (४) सारे साधु यदि जीविका उपार्जन के लिए भिक्षा-वृत्ति के लिए साथ-साथ ही रचनात्मक कार्यक्रमों में जुट जायें, तो वे देश का भला किस प्रकार कर सकते हैंं, (५) भिखारियों से देश और समाज को कैसे हानि है, सिद्ध कीजिए?... (६) विचारशील व्यक्तियों को भिक्षावृत्ति को समाप्त करने के लिए किस प्रकार का कार्य करना पड़ेगा? (७) हम...
- (४) सारे साधु यदि जीविका उपार्जन के लिये भिक्षा वृत्ति के साथ-साथ ही रचनात्मक कार्यक्रमों में जुट जायें तो वे देश का भला किस प्रकार कर सकते हैं?... (५) भिखारियों से देश और समाज को कैसे हानि है सिद्ध कीजिये? (६) विचारशील व्यक्तियों को भिक्षा वृत्ति ...
- (४) सार्वजनिक स्वास्थ्य रोज-रोज गिरते जाने के कारण क्या हैं?... (५) स्वास्थ्य रक्षा का नितान्त आवश्यकता क्यों है? (६) जिस दिन से शारीरिक श्रम का महत्त्व हमारी समझ म...
- (४) सिद्ध कीजिये माँसाहार मानव की प्रकृति के विरुद्ध है?... (५) माँसाहार के विरुद्ध विदेशी डॉक्टरों के कथन देते हुए सिद्ध कीजिए कि असाध्य रोगों का कारण माँसाहार...
- (४) स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जेवरों का पहनना हानिकारक है सिद्ध कीजिये?... (५) जेवरों के बनवाने के कारण हमारे परिवारों को क्या हानियाँ होती हैं।...
- (४) स्व० प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री पार्लियामेण्ट से लौटकर आते तो घर की वाटिका में शाक-भाजी लगाते उसे पानी डालते गोड़ाई करते?... नौकर ने कहा-श्रीमान् जी हम करेंगे यह काम आप क्यों करते हैं, इस पर शास्त्री ने कहा-उपदेश केवल वाणी से...
- (४) हम जिन्हें भूत-प्रेत आदि कहते हैं व उनसे डरते हैं वह वास्तव में क्या हैं तथा वस्तुस्थिति क्या है?... (५) यदि कोई बीमारी आदि हो जाती है तो ओझाओं द्वारा उसे किस तरह का स्वरूप दिया जाता है? (६) यदि यह मान...
- (४) हम जिन्हें भूत-प्रेत आदि कहते हैं व उनसे डरते हैं, वह वास्तव में क्या हैं तथा वस्तुस्थिति क्या है?... (५) यदि कोई बीमारी आदि हो जाती है, तो ओझाओं द्वारा उसे किस प्रकार का रूप दिया जाता है? (६) यदि यह मा...
- (४) हमारा सर्वोत्तम भोजन क्या है?... (५) आहार में सबसे हानिकारक वस्तु क्या होती है? (६) तले व भुने पदार्थ स्वास्थ्य के लिये अहित कर क्यों...
- (४) हमारे देश के उस प्रकार उन्नति न कर सकने के क्या कारण है जिस प्रकार एक स्वतंत्र राष्ट्र के नाते हमारी उन्नति हो सकती थी?... (५) राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक उन्नति के लिये नवयुवकों को क्या करना चाहिए? (६) राजनैतिक पार्टियों ...
- (४) हमें मनुष्यता के उत्तरदायित्व का मूल्य किस प्रकार चुकाना चाहिए?... (५) लोक श्रद्धा के अधिकारी कौन-कौन हैं? (६) सन्त, सुधारक, शहीद, हम किस प्रकार के व्यक्तियों को कह सक...
- (४) हिन्दू जाति के घटते जाने का मूल कारण क्या है?... (५) व्यायामशालाओं की आवश्यकता क्यों है? (६) दिन भर लोहा पीटने वाले लुहार की अपेक्षा दो घण्टे कसरत कर...
- (४) हिमालय के जानसर बाबर की प्रथा का वर्णन करो उपयोगिता बताओ?... (५) नारी को हीन मानने के क्या दुष्परिणाम हुए? (६) विधवा को समान न्याय किस प्रकार मिल सकता है? (७) वि...
- (४) हिमालय के जानसर बावर की प्रथा का वर्णन करो, उपयोगिता बताओ?... (५) नारी को हीन मानने से क्या दुष्परिणाम हुए? (६) विधवा को समान न्याय किस प्रकार मिल सकता है? (७) वि...
- (४) ‘‘माँ यह कौवा काला क्यों है’’ एक बच्चे ने छत पर बैठे कौवे की ओर इशारा करके अपनी माँ से पूछा-माँ बोली-बेटा जो भक्ष्य-अभक्ष्य का ध्यान दिये बिना चाहे जो खा जाये, चाहे जिसकी छीन कर खा जाये, कोई न हो तो चोरी कर ले इन सब कारनामों को तुम क्या कहोगे?... ‘‘काली करतूत’’ बच्चे ने कहा। बस तो बेटा इसकी काली करतूतों के कारण ही भगवान ने इसे काला बनाया।...
- (५) अध्यापकों के प्रमुख कर्तव्य बताइये?... (६) अध्यापक में क्या २ गुण होना चाहिए? (७) अध्यापक का रहन-सहन ‘‘सादा जीवन-उच्च विचार’’ पर आधारित क्...
- (५) अध्यापकों के प्रमुख कर्तव्य बताइये?... (६) अध्यापक में क्या-क्या गुण होना चाहिए? (७) अध्यापक का रहन-सहन ‘सादा जीवन उच्च विचार ’पर आधारित क्...
- (५) अन्न की उपज बढ़ाने तथा खाद्य वस्तुओं में देश को आत्म निर्भर करने के लिये क्या प्रयत्न होने चाहिए?... (३) स्वास्थ्य और मनोबल बढ़ाने के लिए किस तरह की कार्य प्रणाली अपनानी चाहिए? (७) लोक शिक्षण के लिए क्य...
- (५) अन्न की उपज बढ़ाने तथा खाद्य वस्तुओं में देश को आत्म-निर्भर करने के लिए क्या प्रयत्न होने चाहिए?... (६) स्वास्थ्य और मनोबल बढ़ाने के लिए किस तरह की कार्य प्रणाली अपनानी चाहिए? (७) लोक शिक्षण के लिए क्य...
- (५) अपने कपड़े जो कि हम रोज व्यवहार में लाते हैं किस प्रकार स्वच्छ किये जाना चाहिए?... (६) अपने घरों को अपने कमरों को किस प्रकार जमाना चाहिए? (७) मलमूत्र से सफाई रखने के लिए क्या उपाय कि...
- (५) आज नारी जाति का किस प्रकार अपमान किया जा रहा है?... (६) उपन्यास और चित्र-तस्वीरें आज किस तरह पेश की जा रही हैं? (७) पवित्र नारी को निर्लज्ज वेश्या के रू...
- (५) आज भारतीय समाज की विचित्र दशा क्यों है क्या प्राचीनकाल में जाति भेद था?... (६) वर्गभेद की संकीर्ण नीति से देश का क्या अहित हुआ है? (८) हिन्दू समाज संकीर्ण, अनुदार एवं अन्यायी ...
- (५) आज भारतीय समाज की विचित्र दशा क्यों है?... क्या प्राचीनकाल में जाति भेद था? (६) वर्णभेद की संकीर्ण नीति से देश का क्या अहित हुआ है? (७) हिन्दू ...
- (५) आध्यात्मिक प्रगति के कौन-कौन से पक्ष हैं?... (६) दिनचर्या बनाने व डायरी लिखने की आवश्यकता क्यों हैं? (७) ऋद्धि-सिद्धियों एवं सफलतायें पाने का रहस...
- (५) आहार में सबसे हानिकारक वस्तु क्या होती है?... (६) तले व भुने पदार्थ स्वास्थ्य के लिये अहित कर क्यों होते हैं? (७) स्वास्थ्य के लिये कैसा वातावरण ज...
- (५) आहार हमें किस दृष्टि से ग्रहण करना चाहिए?... (६) किस तरह की वस्तुएँ खानी चाहिए, किस तरह की नहीं।...
- (५) इस युग में बहादुर किसे माना जायेगा?... (६) हमारे समाज के प्रमुख कलंक कौन से हैं? उनसे बचने के उपाय बताओ? (७) आगामी युग में कैसे परिवारों की...
- (५) इस समय स्त्री जाति कि तरह जीवन यापन कर रही है?... (६) स्त्री जाति को उस अपमान भरे जीवन से निकाल कर ऊँचा उठाने के लिये पुरुषों को क्या करना चाहिए? (७)...
- (५) इस समय स्त्री जाति किस तरह जीवनयापन कर रही है?... स्त्री-जाति को अपमान भरे जीवन से निकाल कर ऊँचा उठाने में सहायक ऐसे कौन-से आन्दोलन हैं, जिनमें स्त्री...
- (५) उच्च शिक्षा कन्या के विवाह न होने के दो कारण बताइये?... (६) उच्च शिक्षित कन्या को फिर किस तरह का जीवन शादी के बाद व्यतीत करना पड़ता है? (७) नारी के नेतृत्व स...
- (५) उच्च शिक्षित कन्या को शादी के बाद किस तरह का जीवन व्यतीत करना पड़ता है?... (६) नारी के नेतृत्व से समाज का क्या कल्याण होगा? (७) शिक्षित नारी के विवाह की कठिनाइयों को दूर करने ...
- (५) उपार्जन करने वाले लोग कौन से दायित्व अनिवार्य रूप से निबाहें?... ? (६) बच्चों में पारिवारिक व्यवस्था के कौन से संस्कार डाले जायें? (७) घरेलू व्यवस्था में क्या सावधान...
- (५) एण्डरसन ने संसार की सभी भाषा कैसे सीखी?... (६) क्या कारण है कि कुछ लोग जीवन में महान बन जाते हैं जब कि उन्हीं परिस्थितियों में अन्य व्यक्ति साम...
- (५) किसानों को शाक सब्जी क्यों उगाना चाहिए?... (६) खाली जगहों का उपयोग शाक उगाने में कैसे किया जा सकता है? (७) हर जगह कौन-कौन से शाक उगायें जा सकते...
- (५) किसानों को शाक-सब्जी क्यों उगाना चाहिए?... (६) खाली जगहों का उपयोग शाक उगाने में कैसे किया जा सकता हैं? (७) हर जगह कौन-कौन से शाक उगाये जा सकते...
- (५) क्या आवेशित व्यक्ति अपने स्वतः को भी पहुँचाता है?... यरि हाँ तो किस तरह? (६) हमें अपना स्वभाव सन्तुलित बनाये रखने के लिये क्या-क्या उपाय करने चाहिए? (७)...
- (५) क्या मुक्ति आत्मा नाश का ही दूसरा नाम नहीं है?... (६) चिरस्थाई आनन्द किसे कहते हैं? वह कैसे मिलता है।...
- (५) क्या यह ठीक है कि हमें सब कोई पर विश्वास करना ही चाहिए?... नहीं तो क्यों? (६) इस समय देवत्व से असुरता का, सज्जनता से दुर्जनता का पलड़ा क्यों भारी है? (७) मित्रो...
- (५) क्या हम अपना सारा समय, सारी सम्पत्ति देकर समाज का भला कर सकते हैं?... (६) सामाजिक जीवन के उत्कर्ष के लिये हमें क्या करना होगा? (७) आज के सामाजिक जीवन की सबसे बड़ी सेवा क्य...
- (५) क्लेश एवं कलह मिटाने का क्या उपाय है?... (६) सन्तानें किन लोगों की कुपात्र नहीं होतीं? (७) विवाह की सफलता का आधार क्या है? (८) पाणिग्रहण की मह...
- (५) घायल, अशक्त जानवरों के साथ किस प्रकार व्यवहार किया जाता है?... (६) क्या हमें पक्षियों को निर्दयता पूर्वक पिंजड़ों से बन्द करना चाहिए? क्यों? (७) क्या रेशम के कपड़े प...
- (५) घायल, अशक्त जानवरों के साथ किस प्रकार व्यवहार किया जाता है?... (६) क्या हमें पक्षियों को निर्दयतापूर्वक पिंजड़ों में बन्द करना चाहिए? (७) क्या रेशम के कपड़े पहनना ठी...
- (५) जीवन मिला है तो उसका लाभ किस प्रकार लेना चाहिए?... (६) जन्म दिन से बढ़कर और कोई त्यौहार व्यक्तिगत जीवन में क्यों नहीं है? (७) जन्म दिन किस प्रकार मनाया ...
- (५) जीवन मिला है तो उसका लाभ किस प्रकार लेना चाहिए?... (६) जन्मदिन से बढ़कर और कोई त्यौहार व्यक्तिगत जीवन में क्यों नहीं है? (७) जन्मदिन किस प्रकार मनाया जा...
- (५) ज्ञान योग किस प्रकार बन्धन खोलता है?... (६) कर्मयोग की व्याख्या करो। (७) सादगी श्रेष्ठता का कैसे निर्माण करती है? (८) भक्ति योग का क्या अर्थ...
- (५) ज्ञानयोग किस प्रकार बन्धन खोलता है?... (६) कर्मयोग की व्याख्या करो? (७) सादगी श्रेष्ठता का निर्माण कैसे करती है? (८) भक्तियोग का क्या अर्थ ...
- (५) तंबाकू खाने वाला अल्प जीवी क्यों होता है?... (६) तंबाकू पीने वाले के आर्थिक व्यय पर प्रकाश डालिये? (७) तंबाकू के व्यसन से राष्ट्रीय क्षति कितनी ह...
- (५) तुलसी की उपयोगी पर एक लघु निबन्ध लिखें?... (६) तुलसी के लाभों के पाँच श्लोक सुनाओ और उनका अर्थ बताओ? (७) तुलसी चरणामृत क्यों आवश्यक है? (८) तुल...
- (५) दुर्गुणी व्यक्ति अपने स्वतः के लिए किस प्रकार हानिकारक है?... (६) सच्चे अध्यापक और सच्चे अभिभावक कौन कहे जा सकते हैं? (७) क्या आप बता सकते है कि आज के होनहार बालक...
- (५) दुर्गुणी व्यक्ति अपने स्वतः के लिये किस प्रकार हानिकारक है?... (६) सच्चे अध्यापक और सच्चे अभिभावक कौन कहे जा सकते हैं? किस आधार पर? (७) क्या आप बता सकते हैं कि आज ...
- (५) दो हजार वर्ष की गुलामी का भयंकर दुष्परिणाम क्या हुआ?... (६) सिद्ध कीजिये ‘‘भाग्यवाद निरर्थक है?’’ (७) उन्नति या प्रगति का आधार स्वतन्त्र चेतना है या भाग्य? ...
- (५) दो हजार वर्ष की गुलामी का भयंकर दुष्परिणाम क्या हुआ?... (६) सिद्ध कीजिए ‘‘भाग्यवाद निरर्थक है।...
- (५) नारी को हीन मानने के क्या दुष्परिणाम हुए?... (६) विधवा को समान न्याय किस प्रकार मिल सकता है? (७) विधवा विवाह के लिये क्या आवश्यक है? (८) विधवाओं ...
- (५) नारी को हीन मानने से क्या दुष्परिणाम हुए?... (६) विधवा को समान न्याय किस प्रकार मिल सकता है? (७) विधवा विवाह के लिए क्या आवश्यक है? (८) विधवाओं क...
- (५) नासमझ वर्ग के लोगों के दिमाग में क्या बात घर कर गई है?... (६) अमीरी न होते हुए भी अमीरी वे किस तरह व्यक्त करते हैं? (७) विवाहों के अवसर पर अमीरी दिखने की उत्क...
- (५) पर्व और त्यौहार मनाने के पीछे हमारा प्रयोजन क्या होता है?... (६) पर्वोत्सव एक वरदान हैं सिद्ध कीजिये? (७) पर्व और त्यौहार समाज शिक्षण की आवश्यकता किस प्रकार पूरी...
- (५) प्रजातंत्र युग में सहकारिता का महत्त्व कहाँ तक है?... (६) कृषि, व्यवसाय, उत्पादन, उद्योग आदि में भी सहकारिता का महत्त्व कहाँ तक है? (७) युग निर्माण योजना ...
- (५) प्रसन्नता किस प्रकार प्राप्त किया जा सकती है?... (६) किस प्रकार की मनःस्थिति वाला व्यक्ति प्रसन्न रह सकता है? (७) किस प्रकार की मनःस्थिति वाला व्यक्त...
- (५) बलिदान की परिभाषा कीजिए?... (६) पशुबलि के प्रचलन के क्या कारण हो सकते हैं? (७) क्या पशुबलि भारतीय देवताओं को प्रिय है? (८) पशुबल...
- (५) बाल-विवाह लड़की के लिए किस प्रकार घातक सिद्ध हो सकता है?... (६) बाल-विवाह का मनोवैज्ञानिक प्रभाव लड़कियों पर किस प्रकार बुरा पड़ता है? (७) बड़ी आयु में लड़कियाँ दाम...
- (५) बड़ी दावतों से क्या हानि है?... (६) जूठन छोड़ना अन्नदेव का अपमान करना है? सिद्ध कीजिए? (७) जूठन खाने से स्वाभिमान व स्वास्थ्य दोनों ग...
- (५) बड़ी दावतों से क्या हानि है?... (६) जूठन खाने से स्वाभिमान व स्वास्थ्य दोनों गिरते हैं? सिद्ध कीजिए। (७) भोजन परोसने में क्या सावधान...
- (५) भारत में साधु संन्यासियों की संख्या का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है?... (६) भारत में धार्मिक कार्यों पर होने वाले व्यय पर प्रकाश डालते हुए उसके सदुपयोग की योजना प्रस्तुत कर...
- (५) भारत में साधु-संन्यासियों की संख्या का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है?... (६) भारत में धार्मिक कार्यों पर होने वाले व्यय पर प्रकाश डालते हुए उसके सदुपयोग की योजना प्रस्तुत कर...
- (५) भारतीय समाज ने नारी को अबला और अपंग क्यों बना रखा है?... (६) नारी जाति का नृशंस अपमान क्या है? (७) आज हमारे समाज की हालात कैसी है? (८) सिद्ध कीजिए की अविकसित...
- (५) भिखारियों से देश और समाज को कैसे हानि है सिद्ध कीजिये?... (६) विचारशील व्यक्तियों को भिक्षा वृत्ति को समाप्त करने के लिए किस प्रकार का कार्य करना पड़ेगा? (७) ह...
- (५) मतभेद सुलझाने का सही तरीका क्या है?... (६) उदात्त भावना का क्या तात्पर्य है? (७) अधिकार से अधिक कर्तव्य का महत्त्व क्यों है? (८) जापान स्थि...
- (५) मनुष्य को सदाचार से किस तरह प्रशिक्षित किया जाय?... (६) सदाचार और समाज सुधार के रचनात्मक कार्यक्रम बताओ। (७) सिद्ध करो अनीति करने की तरह अनीति सहना भी प...
- (५) मनुष्य को सदाचार से किस तरह प्रशिक्षित किया जाय?... (६) सदाचार और समाज सुधार के रचनात्मक कार्यक्रम बताओ? (७) सिद्ध करो कि अनीति करने की तरह अनीति सहना भ...
- (५) मनुष्य को सन्तान के स्वावलम्बी होने के बाद अन्य क्या कर्तव्य करते रहना चाहिए?... (६) स्वावलम्बी सन्तान को अपनी बची खुची सम्पत्ति किस प्रकार अपराध है? (७) प्राचीनकाल में सन्तान किस प...
- (५) मनुष्यता की आरम्भिक शिक्षा क्या है?... (६) ईश्वर भक्त से भी पहले नागरिक मर्यादाओं एवं जिम्मेदारियों को क्यों निभाना चाहिए? (७) मनुष्य का प...
- (५) मनोरंजन की सुरुचिपूर्ण योजनाएँ किस प्रकार चलाई जा सकती हैं?... (६) वर्तमान फिल्मों में क्या त्रुटियाँ हैं फिल्म उद्योग का उपयोग सत्प्रवृत्तियों की प्रसन्नता हेतु क...
- (५) मनोरंजन की सुरुचिपूर्ण योजनाएँ किस प्रकार चलाई जा सकती हैं?... (६) वर्तमान फिल्मों में क्या त्रुटियाँ हैं, फिल्म उद्योग का उपयोग सद्प्रवृत्तियों की प्रसन्नता हेतु ...
- (५) मन्दिरों में कथा प्रवचन किस हद तक सत्प्रवृत्तियों को जगाने में सहायक हैं?... (६) मन्दिरों के पुजारी किस तरह के व्यक्ति होते हैं? (७) आज के मन्दिरों के रूप कार्यों पर प्रकाश डालि...
- (५) मन्दिरों में कथा-प्रवचन किस हद तक सत्प्रवृत्तियों को जगाने में सहायक हैं?... (६) मन्दिरों के पुजारी किस तरह के व्यक्ति होते हैं? (७) आज के मन्दिरों के रूप, कार्यों पर प्रकाश डाल...
- (५) मानव का सबसे बड़ा शत्रु कौन है?... उनसे कैसे बचा जाय? (६) महान बनने का सर्वश्रेष्ठ साधना क्या है? (७) प्रगति का रहस्य क्या है? (८) निरन...
- (५) मित्रता का स्वर्णिम सूत्र क्या है?... (६) विद्यार्थियों को ब्रह्मचर्य व्रत का पालन क्यों आवश्यक है? (७) आतंकवादी असुर प्रवृत्ति किसे कहते ...
- (५) मृत्यु टैक्स क्यों लगाया जाता है?... (६) हिन्दू समाज की सर्वाधिक भ्रमपूर्ण मान्यता क्या है? (७) बदली हुई परिस्थितियों में मृतक भोज अनावश्...
- (५) मृत्यु टैक्स क्यों लगाया जाता है?... (६) हिन्दू समाज की सर्वाधिक भ्रमपूर्ण मान्यता क्या है? (७) बदली हुई परिस्थितियों में मृतक भोज अनावश्...
- (५) यज्ञ शब्द का क्या अर्थ होता है?... (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव महान् कैसे बन सकता है? (७) गायत्री यज्ञ आन्दोलन सामाजिक जीवन को यज...
- (५) यज्ञ शब्द का क्या अर्थ होता है?... (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव महान् कैसे बन सकता है? (७) गायत्री यज्ञ आन्दोलन सामाजिक जीवन को यज...
- (५) यज्ञोपवीत संस्कार को उसके स्थान पर पुनः प्रतिष्ठापित करने के लिए हमें क्या करना चाहिए?... (६) यज्ञोपवीत के ९ धागे किन-किन सद्गुणों के प्रतीक हैं? (७) यज्ञोपवीत गायत्री माता का स्वरूप क्यों म...
- (५) यज्ञोपवीत संस्कार को उसके स्थान पर पुनः प्रतिष्ठापित करने के लिये हमें क्या करना चाहिए?... (६) यज्ञोपवीत के ९ धागे किन-किन सद्गुणों के प्रतीक है? (७) यज्ञोपवीत गायत्री माता का स्वरूप क्यों मा...
- (५) यदि कोई बीमारी आदि हो जाती है तो ओझाओं द्वारा उसे किस तरह का स्वरूप दिया जाता है?... (६) यदि यह मान लिया जाये कि भूत-प्रेत हैं तो शिक्षित समाज पर उसका प्रभाव न होना क्या सिद्ध करता है? ...
- (५) यदि कोई बीमारी आदि हो जाती है, तो ओझाओं द्वारा उसे किस प्रकार का रूप दिया जाता है?... (६) यदि यह मान लिया जाए कि भूत-प्रेत हैं तो शिक्षित समाज पर उनका प्रभाव न होना क्या सिद्ध करता है? (...
- (५) राजनैतिक क्रान्ति के बाद सबसे पहली आवश्यकता क्या है?... (६) युग निर्माण योजना द्वारा संचालित ‘‘ज्ञानयज्ञ’’ की कार्य पद्धति को समझाइए? (७) इस ज्ञान यज्ञ की प...
- (५) राजनैतिक क्रान्ति के बाद सबसे पहली आवश्यकता क्या है?... (६) युग-निर्माण योजना द्वारा संचालित ‘ज्ञान-यज्ञ’ की कार्य पद्धति को समझाइए? (७) इस ज्ञान यज्ञ की प्...
- (५) राजा दिलीप ने गौ की सेवा क्यों की थी?... (६) बैल की उपयोगिता पर प्रकाश डालिये (७) गोवर्धन पूजा का महत्त्व स्पष्ट कीजिये। (८) गौवंश नष्ट होने ...
- (५) राजा दिलीप ने गौ की सेवा क्यों की थी?... (६) बैल की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए। (७) गावर्धन पूजा का महत्त्व स्पष्ट कीजिए। (८) गौ-वंश नष्ट होने ...
- (५) राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक उन्नति के लिये नवयुवकों को क्या करना चाहिए?... (६) राजनैतिक पार्टियों के कार्यकर्ता किस प्रकार अपना समय व्यय कर देते हैं? (७) ऐसे कौन से १० सूत्री ...
- (५) लोक श्रद्धा के अधिकारी कौन-कौन हैं?... (६) सन्त, सुधारक, शहीद, हम किस प्रकार के व्यक्तियों को कह सकते हैं? (७) अनीति का प्रतिकार करो।...
- (५) वन्य प्रदेश में वर्षा अधिक क्यों होती है?... (६) वनों से नेत्रों की तेजी बढ़ती है- सिद्ध करो।...
- (५) वर्तमान परिस्थितियों से मतदान करते हैं?... क्यों? (५) वर्तमान परिस्थितियों से मतदान का अधिकार सीमित करना क्यों आवश्यक है? (६) शासकीय कर्मचारी अ...
- (५) वर्तमान परिस्थितियों से मतदान का अधिकार सीमित करना क्यों आवश्यक है?... (६) शासकीय कर्मचारी अशिष्टता व भ्रष्टाचार, आचरण एवं अवरोध वृत्ति के शिकार क्यों बनते जा रहे है? (७) ...
- (५) वानप्रस्थाश्रम में मनुष्य घर के लिये क्या काम करता रहता था?... (६) वानप्रस्थाश्रम में मनुष्य समाज के लिए किस प्रकार लाभ दायक होता था? (७) अन्तिम आश्रम क्या है तथा ...
- (५) विदेशी शासक भारतीय जनता पर किस प्रकार शासन किया करते थे?... (६) भाग्यवाद से हमें विदेशी शासकों के राज्य के समय क्या हानियाँ उठानी पड़ी? (७) यह आप कैसे कह सकते है...
- (५) विवाह की आयु में वृद्धि क्यों आवश्यक है?... (६) वानप्रस्थ आश्रम का पुनः प्रारम्भ किस लिये जरूरी है? (७) जनसंख्या कम करने के व्यावहारिक उपाय क्या...
- (५) विवाह के भार का सामना करने के लिए समाज के विभिन्न अंग किस प्रकार की बेईमानी करते हैं?... (६) यदि विवाह में कम खर्च किया जाय तो समाज को क्या लाभ होगा? (७) बढ़ी हुई आमदनी को लाभ क्यों नहीं मिल...
- (५) विवाह भार का सामना करने के लिए समाज के विभिन्न अंग किस-किस प्रकार की बेईमानी करते हैं?... (६) यदि विवाह में कम खर्च किया जाय तो समाज को क्या लाभ होगा? (७) बढ़ी हुई आमदनी का लाभ क्यों नहीं मिल...
- (५) विवाहों की रूपरेखा किस तरह बनानी चाहिए?... (६) आभूषण क्यों आवश्यक हैं? (७) विवाह में लड़के व लड़की वालों की मनोभूमि कैसी होती है? (८) कृतज्ञ किसे...
- (५) विवाहों की रूपेरखा किस तरह की बनानी चाहिए?... (६) आभूषण क्यों आवश्यक हैं? (७) विवाह में लड़के व लड़की वालों की मनोभूमि कैसे होती है? (८) कृतज्ञ किसे...
- (५) विवाहोत्सव में होने वाले अपव्यय पर प्रकाश डालिए?... (५) विवाहों की रूपरेखा किस तरह बनानी चाहिए? (६) आभूषण क्यों आवश्यक हैं? (७) विवाह में लड़के व लड़की वा...
- (५) व्यक्ति धनवान किस प्रकार बन सकता है?... (६) सामान्य आजीविका से भी अपना खर्च किस प्रकार चलाया जा सकता है? (७) अपना बजट हमें किस प्रकार का बना...
- (५) व्यक्तित्व की उत्कृष्टता किन-किन तत्त्वों पर निर्भर है?... (६) स्वाध्याय क्यों आवश्यक है? (७) प्रेरक साहित्य के अध्ययन से क्या लाभ हैं? (८) स्वाध्याय के लिए कै...
- (५) व्यक्तित्व की उत्कृष्टता किन-किन तत्त्वों पर निर्भर हैं?... (६) स्वाध्याय क्यों आवश्यक है? (७) प्रेरक साहित्य के अध्ययन से क्या लाभ है? (८) स्वाध्याय के लिए कैस...
- (५) व्यायामशालाओं की आवश्यकता क्यों है?... (६) दिन भर लोहा पीटने वाले लुहार की अपेक्षा दो घण्टे कसरत करने वाला पहलवान अधिक ताकतवर क्यों होता है...
- (५) शिक्षा में परिवर्तन जन सहयोग से कैसे सम्भव है?... (६) युग निर्माण शिक्षा पद्धति पर प्रकाश डालिये। (८) छात्रों द्वारा सीखे जाने वाले गृह उद्योगों पर प्...
- (५) शिक्षा में परिवर्तन जन-सहयोग से कैसे सम्भव है?... (६) युग-निर्माण योजना की शिक्षा-पद्धति पर प्रकाश डालिए? (७) युग निर्माण विद्यालय की कार्य-प्रणाली पर...
- (५) शौर्य एवं साहस के साथ विवाहोन्माद के विरुद्ध आन्दोलन चलना क्यों आवश्यक है?... (६) ‘अनीति के विरुद्ध भगवान की अवज्ञा की जा सकती है।’ इससे क्या समझते हो? (७) विवाह के सम्बन्ध में य...
- (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक सेना से क्या समझते हो?... (६) विवाहोन्माद के प्रतिरोध के लिये नयी पीढ़ी को क्या करना चाहिए? (७) सामूहिक विवाह करने से क्या लाभ ...
- (५) सत्याग्रही स्वयं सेवक सेना से क्या समझते हो?... (६) विवाहोन्माद के प्रतिरोध के लिए नई पीढ़ी को क्या करना चाहिए? (७) सामूहिक विवाह करने से क्या लाभ है...
- (५) सन्तान का सद्गुणी होना किन तत्त्वों पर निर्भर है?... (६) छोटे घरों में स्वर्ग का वातावरण कैसे बनाया जा सकता है! (७) पत्नीव्रत की आवश्यकता पतिव्रत से अधिक...
- (५) साधु-ब्राह्मणों में फैली बुराइयाँ बताओ?... (६) लोक-मंगल में अभिरुचि नहीं वे साधु ब्राह्मण क्या करें? (७) साधु-ब्राह्मण समाजोत्थान और देश की प्र...
- (५) साधु-ब्राह्मणों में फैली बुराइयाँ बताओ?... (६) जिनकी लोकमंगल में अभिरुचि नहीं वे साधु-ब्राह्मण क्या करें? (७) साधु-ब्राह्मण समाजोत्थान और देश क...
- (५) स्वास्थ्य रक्षा का नितान्त आवश्यकता क्यों है?... (६) जिस दिन से शारीरिक श्रम का महत्त्व हमारी समझ में आ जावेगी हमें क्या लाभ होगा? (७) मेहनत न करने क...
- (५) हमारे देश में बेकारी की समस्या फैलने के क्या कारण हैं?... (६) ‘‘आराम हराम है, ’’ यह उक्ति हमें किस प्रकार आर्थिक दुर्दशा से उबरने के लिए पतवार का काम कर सकती ...
- (५) हमारे देश में ‘बेकारी हराम है’ यह युक्ति हमें किस प्रकार आर्थिक दुर्दशा में से उसे उबरने के लिए पतवार का काम कर सकती है?... (७) शिक्षित नारी भी किस विधि से आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद दे सकती है? (८) शिक्षित युवकों की बेका...
- (५) हमारे भारतीय तत्त्ववेत्ताओं ने इसकी उपयोगिता क्या बताई थी?... (६) शिखा बन्धन का उद्देश्य क्या है? (७) शिखा रखवाने के लिये किस तरह का उपाय करना चाहिए! प्रश्न —— (१...
- (५) हमारे भारतीय तत्त्ववेत्ताओं ने इसकी उपयोगिता क्या बताई थी?... (६) शिखा बन्धन का उद्देश्य क्या है? (७) शिखा रखवाने के लिए किस तरह का उपाय करना चाहिए? यज्ञोपवीत धार...
- (५) हमें अपने परिवार को किस प्रकार की आदत डालनी चाहिए?... (६) निराकार गायत्री की उपासना करने वाले को वह किस प्रकार से करनी पड़ती है? (७) यज्ञ का विज्ञान से किस...
- (५) हमें अपने परिवार को किस प्रकार की आदत डालनी चाहिए?... (६) निराकार गायत्री की उपासना करने वाले को वह किस प्रकार से करनी पड़ती है? (७) यज्ञ से मनुष्य को क्या...
- (५) हर बेटे वाला दहेज रहने के बाद भी घाटे में किस प्रकार रहता है?... (६) यह आप किस तरह कह सकते हैं कि बेटे वाला दया का पात्र है? (७) इस आदर्शवादी विवाह पद्धति में बेटे व...
- (५) हर बेटे वाला दहेज लेने के बाद भी घाटे में किस प्रकार रहता है?... (६) यह आप किस तरह कह सकते हैं कि बेटे वाला दया का पात्र है? (७) इस आदर्शवादी विवाह पद्धति में बेटे व...
- (५) हिम्मत वाले की सभी कोई सहायता करते हैं किस तरह?... (६) मनुष्य क्या प्रयत्न न करे तो ओछा का ओछा बना रहेगा? (७) अनुचित कही जाने वाली क्या दुष्प्रथाएँ हमा...
- (५) ‘ज्ञान-यज्ञ’ अभियान से क्या समझते हो?... इसके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कार्य-पद्धति पर प्रकाश डालें। (६) ज्ञान-यज्ञ का प्रयोजन समझायें? (७...
- (५) ‘‘विचार’’ शक्ति का आध्यात्मिकता से क्या सम्बन्ध है?... (६) विचारों की परख किस तरह की जाये और उन्हें कैसे सुधारा जाए? (७) आत्मलोचन क्यों आवश्यक है? (८) बुरे...
- (६) अध्यापक में क्या २ गुण होना चाहिए?... (७) अध्यापक का रहन-सहन ‘‘सादा जीवन-उच्च विचार’’ पर आधारित क्यों होना चाहिए? (८) उपदेश नहीं चरित्र क...
- (६) अध्यापक में क्या-क्या गुण होना चाहिए?... (७) अध्यापक का रहन-सहन ‘सादा जीवन उच्च विचार ’पर आधारित क्यों होना चाहिए? (८) उपदेश नहीं चरित्र का क...
- (६) अपने घरों को अपने कमरों को किस प्रकार जमाना चाहिए?... (७) मलमूत्र से सफाई रखने के लिए क्या उपाय किये जाना चाहिए? (८) स्वच्छ रहने का प्रतिफल हमें क्या मिले...
- (६) अपरिचित व्यक्ति से मिलने पर कैसा व्यवहार करना चाहिए?... (७) बच्चों को शिष्टाचारी बनाने का उपाय क्या है? (८) जीवन की प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण होने का उपाय ...
- (६) अमीरी न होते हुए भी अमीरी वे किस तरह व्यक्त करते हैं?... (७) विवाहों के अवसर पर अमीरी दिखने की उत्कंठा चरम सीमा पर पहुँच जाती है? कैसे? (८) अमीरी प्रदर्शित क...
- (६) आभूषण क्यों आवश्यक हैं?... (७) विवाह में लड़के व लड़की वालों की मनोभूमि कैसे होती है? (८) कृतज्ञ किसे होना चाहिए व क्यों? (९) आज ...
- (६) आभूषण क्यों आवश्यक हैं?... (७) विवाह में लड़के व लड़की वालों की मनोभूमि कैसी होती है? (८) कृतज्ञ किसे होना चाहिए व क्यों? (९) आज ...
- (६) इस समय देवत्व से असुरता का, सज्जनता से दुर्जनता का पलड़ा क्यों भारी है?... (७) मित्रों के रूप में शत्रुता करना इस युग का नया फैशन है।...
- (६) ईश्वर दर्शन किसे कहते हैं?... वह किन्हें होता है (७) अधिकांश लोग किस प्रकार के कर्मकाण्डों से आत्म-सन्तोष किये बैठें? क्या उनसे कुछ...
- (६) ईश्वर भक्त से भी पहले नागरिक मर्यादाओं एवं जिम्मेदारियों को क्यों निभाना चाहिए?... (७) मनुष्य का प्रामाणिक एवं नैतिक कर्तव्य क्या है? (८) समय की बरबादी धन की बरबादी से भी अधिक अहित कर...
- (६) उच्च शिक्षित कन्या को फिर किस तरह का जीवन शादी के बाद व्यतीत करना पड़ता है?... (७) नारी के नेतृत्व से समाज का क्या कल्याण होगा? (८) शिक्षित नारी के विवाह की कठिनाइयों को दूर करने ...
- (६) उदात्त भावना का क्या तात्पर्य है?... (७) अधिकार से अधिक कर्तव्य का महत्त्व क्यों है? (८) जापान स्थित अमेरिकन फैक्टरियों के श्रमिकों ने का...
- (६) उपन्यास और चित्र तस्वीरें आज किस तरह पेश की जा रही हैं (७) पवित्र नारी को निर्लज्ज वेश्या के रूप में पेश करने में कौन-कौन से उद्योग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं?... (८) इस समय नारियों को क्या करना चाहिए पर वे क्या कर रही हैं? (९) अश्लीलता की बाढ़ से समाज को बनाये र...
- (६) उपन्यास और चित्र-तस्वीरें आज किस तरह पेश की जा रही हैं?... (७) पवित्र नारी को निर्लज्ज वेश्या के रूप में पेश करने में कौन-कौन से उद्योग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं?...
- (६) एक अँगरेज ने गाँधीजी से पूछा आपके यहाँ इतने अधिक व्रत त्यौहार मनाये जाते हैं फिर भी लोग सुखी क्यों नहीं?... गाँधीजी ने पूछा-लोग त्यौहार नहीं मानते लकीर पीटते हैं। हमारे पर्व या त्यौहार तो कोई एक भी अच्छी तरह ...
- (६) एक जापानी से एक हिन्दुस्तानी ने पूछा-हमारा देश खनिजों की दृष्टि से ज्यादा समृद्ध है पर उन्नति आप लोग कर रहे हैं यह क्यों?... जापानी ने उत्तर दिया हम मेहनत करना जानते हैं। उद्योग करना जानते हैं आपके देश से एक रुपये का (कच्चा ल...
- (६) एक मनुष्य ने अरस्तू से पूछा सबसे मूर्ख मनुष्य कौन है-अरस्तू ने कहा-जो पिछले अनुभवों के आधार पर अपना जीवन नहीं सुधारता?...
(१३) स्वाध्याय दैनिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता प्रश्न —— (१) सिद्ध कीजिये कि मनुष्य सम्वेदनशील प...
- (६) एक साधु कह रहे थे शिखा देव शक्तियों से सम्पर्क का माध्यम एरियल है इस पर एक नास्तिक सज्जन हँसे और बोले चोटी सन्देश और प्रेरणाएँ कैसे ग्रहण कर सकती हैं साधु ने कहा-निर्जीव लोहे का एरियल पकड़ सकता है तो चोटी क्यों नहीं पकड़ सकतीं?... उन्होंने कहा-एरियल का सम्बन्ध तो यन्त्र से, रेडियो से होता है। साधु बोले-यह शरीर किसी रेडियो से कम ह...
- (६) कर्मयोग की व्याख्या करो?... (७) सादगी श्रेष्ठता का निर्माण कैसे करती है? (८) भक्तियोग का क्या अर्थ है? (९) वसुधैव कुटुम्बकम् की ...
- (६) कानून में ऐसी कौन सी कमी है कि सही अपराधी पकड़ में ही नहीं आते?... (७) उन्नतिशील बनने का रहस्य क्या है? (८) अनैतिक व्यक्ति को लोग प्यार क्यों नहीं करते? (९) सामाजिक ति...
- (६) किस प्रकार की मनःस्थिति वाला व्यक्ति प्रसन्न रह सकता है?... (७) किस प्रकार की मनःस्थिति वाला व्यक्ति अप्रसन्न रहते है? (८) हमेशा हँसते-हँसाते रहने वाले व्यक्ति ...
- (६) कृषि, व्यवसाय, उत्पादन, उद्योग आदि में भी सहकारिता का महत्त्व कहाँ तक है?... (७) युग निर्माण योजना इस समय सहकारिता का युग स्थापित करने के लिए क्या प्रयत्न कर रही है? (८) सामाजिक...
- (६) क्या ऐसे कोई कारण हैं कि जिनके आधार पर हमें यह जेवरों को भोंडा फैशन छोड़ना चाहिए?... (७) जेवरों से खुद हमें क्या हानियाँ होती है? (८) जेवर प्रथा बन्द होने से विवाहों की अवस्था में क्या ...
- (६) क्या कारण है कि कुछ लोग जीवन में महान बन जाते हैं जब कि उन्हीं परिस्थितियों में अन्य व्यक्ति सामान्य बने रहते हैं?... (७) नियमित एवं निरन्तर काम करने से क्या लाभ है? (८) आदर्श दिनचर्या बनाइये? (९) लगन एवं मनोयोग से ही ...
- (६) क्या हमें पक्षियों को निर्दयता पूर्वक पिंजड़ों से बन्द करना चाहिए?... क्यों? (७) क्या रेशम के कपड़े पहनना ठीक है नहीं तो क्यों? (८) कस्तूरी, चँवर, मोती, बालों वाले बच्चों ...
- (६) क्या हमें पक्षियों को निर्दयतापूर्वक पिंजड़ों में बन्द करना चाहिए?... (७) क्या रेशम के कपड़े पहनना ठीक है नहीं तो क्यों? (८) कस्तूरी, चँवर, मोती, बालों वाले बच्चों के कोट,...
- (६) खाली जगहों का उपयोग शाक उगाने में कैसे किया जा सकता है?... (७) हर जगह कौन-कौन से शाक उगायें जा सकते हैं? (८) फूलों-उत्पादन से क्या लाभ है? (९) पौध एवं नर्सरी ल...
- (६) खाली जगहों का उपयोग शाक उगाने में कैसे किया जा सकता हैं?... (७) हर जगह कौन-कौन से शाक उगाये जा सकते हैं? (८) फूलोत्पादन से क्या लाभ हैं? (१०) हरित-क्रान्ति से क...
- (६) गाँधी जी सलाह पर एक नशा विरोधी प्रदर्शनी लगाई गई एक सज्जन ने पूछा-बापू इससे कितने लोग नशेबाजी छोड़ेंगे?... इस पर बापू बोले यदि सिनेमा के पोस्टर लोगों को मुफ्त शिक्षा दे सकते हैं तो यह चित्र लोगों को प्रेरणाए...
- (६) चिन्तित व्यक्ति और साहसी व्यक्ति में क्या अन्तर है स्पष्ट कीजिये?... (७) क्या आप ऐसे कोई उदाहरण बता सकते हैं किसी व्यक्ति के सामने कई बार अवरोध आये पर वह आखिर में बराबर ...
- (६) चिरस्थाई आनन्द किसे कहते हैं?... वह कैसे मिलता है।...
- (६) जन्म दिन से बढ़कर और कोई त्यौहार व्यक्तिगत जीवन में क्यों नहीं है?... (७) जन्म दिन किस प्रकार मनाया जाना चाहिए? (८) जन्म दिन का वास्तविक लाभ किस प्रकार प्राप्त किया जा सक...
- (६) जन्मदिन से बढ़कर और कोई त्यौहार व्यक्तिगत जीवन में क्यों नहीं है?... (७) जन्मदिन किस प्रकार मनाया जाना चाहिए? (८) जन्मदिन का वास्तविक लाभ किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता...
- (६) जवाहरलाल जी ने एक दिन श्री लालबहादुर शास्त्री से कहा-देश में शिक्षा बढ़ रही है क्या यह प्रसन्नता की बात नहीं-नहीं श्री शास्त्रीजी बोले-जब तक यहाँ के बुजुर्ग अशिक्षित हैं कुछ लड़कों के पढ़ जाने से भी तरक्की नहीं होगी क्योंकि शिक्षा की अपेक्षा जीवन में संस्कारों का महत्त्व अधिक है जो संस्कार अशिक्षित व्यक्तियों द्वारा दिये गये होंगे वह देश की कहाँ तक उन्नति कर सकते हैं?... आप सोच सकते हैं। जवाहरलाल जी ने कहा-तुम्हारा कहना सच है। प्रौढ़ शिक्षा, शिक्षा से भी बढ़कर है।...
- (६) जिनकी लोकमंगल में अभिरुचि नहीं वे साधु-ब्राह्मण क्या करें?... (७) साधु-ब्राह्मण समाजोत्थान और देश की प्रगति में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं? मन्दिर आस्तिकता और स...
- (६) जिस दिन से शारीरिक श्रम का महत्त्व हमारी समझ में आ जावेगी हमें क्या लाभ होगा?... (७) मेहनत न करने का दण्ड मनुष्य किस प्रकार से चुकाता है? (८) स्वास्थ्य रक्षा के लिये मनुष्य और स्त्र...
- (६) जूठन खाने से स्वाभिमान व स्वास्थ्य दोनों गिरते हैं?... सिद्ध कीजिए। (७) भोजन परोसने में क्या सावधानी रखनी चाहिए? (८) सप्ताह में एक उपवास क्यों आवश्यक है? उ...
- (६) जूठन छोड़ना अन्नदेव का अपमान करना है?... सिद्ध कीजिए? (७) जूठन खाने से स्वाभिमान व स्वास्थ्य दोनों गिरते हैं? सिद्ध करो।...
- (६) जो कुछ संसार में है उसकी अनुभूति हम अपने ही माप दण्ड से करते हैं?... उदाहरण से समझाइए? (७) बीमारियाँ कैसे आती हैं? तथा उनसे निपटने का क्या रास्ता है? (८) विद्वानों की पं...
- (६) ज्ञान-यज्ञ का प्रयोजन समझायें?... (७) युग-निर्माण योजना द्वारा किस प्रकार के विचार प्रसारित किए जाते हैं? (८) ज्ञान-यज्ञ के होता, उद्ग...
- (६) ज्ञानयज्ञ का प्रयोजन समझाइए?... (७) युग निर्माण योजना द्वारा किस प्रकार के विचार प्रसारित किये जाते हैं? (८) ज्ञान यज्ञ के होता उद्ग...
- (६) डॉ० पार्कर से एक पत्रकार ने पूछा-भारत की किस वस्तु ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया?... पार्कर बोले-तुलसी ने। मैंने देखा कि पंजाब में हर घर में लोग तुलसी लगाते हैं पूछने पर ओर प्रयोग करने ...
- (६) तंबाकू पीने वाले के आर्थिक व्यय पर प्रकाश डालिये?... (७) तंबाकू के व्यसन से राष्ट्रीय क्षति कितनी होती है? (८) विनाश के उत्पादन से क्या समझते हो? इस व्यय...
- (६) तले व भुने पदार्थ स्वास्थ्य के लिये अहित कर क्यों होते हैं?... (७) स्वास्थ्य के लिये कैसा वातावरण जरूरी है? (८) परिश्रम के क्या लाभ हैं, शारीरिक श्रम कितना किया जा...
- (६) तुलसी के लाभों के पाँच श्लोक सुनाओ और उनका अर्थ बताओ?... (७) तुलसी चरणामृत क्यों आवश्यक है? (८) तुलसी के समन्वय में किन-किन प्राचीन ग्रन्थों में वर्णन मिलता ...
- (६) दिन भर लोहा पीटने वाले लुहार की अपेक्षा दो घण्टे कसरत करने वाला पहलवान अधिक ताकतवर क्यों होता है?... (७) खेलकूद के लाभ बताओ? (८) व्यायाम आन्दोलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए? कथाएँ —— (१) एक व्यक्ति कई...
- (६) दिनचर्या बनाने व डायरी लिखने की आवश्यकता क्यों हैं?... (७) ऋद्धि-सिद्धियों एवं सफलतायें पाने का रहस्य क्या है? (८) प्रगति का सोपान क्या है। (९) स्वयं को सु...
- (६) दृष्टि संयम से क्या लाभ है?... (७) श्रवण संयम का तात्पर्य क्या है? (८) नासिका संयम का ध्यान कैसे रखा जाय? (९) समृद्धि का सदुपयोग क्...
- (६) धन का उपार्जन किन गुणों के होने पर मनुष्य कर सकता है?... (७) सार्थक सम्पन्नता का लाभ किस व्यक्ति को प्राप्त होता है? (८) गैर जिम्मेदार व्यक्ति किस प्रकार हान...
- (६) नारी के नेतृत्व से समाज का क्या कल्याण होगा?... (७) शिक्षित नारी के विवाह की कठिनाइयों को दूर करने के लिए किन-किन धारणाओं को बदलना चाहिए? (८) शिक्षि...
- (६) नारी जाति का नृशंस अपमान क्या है?... (७) आज हमारे समाज की हालात कैसी है? (८) सिद्ध कीजिए की अविकसित नारी एक समस्या है। (९) नारी के प्रति ...
- (६) निराकार गायत्री की उपासना करने वाले को वह किस प्रकार से करनी पड़ती है?... (७) यज्ञ से मनुष्य को क्या प्रेरणाएँ ग्रहण करनी चाहिए। कथाएँ —— (१) महर्षि विश्वामित्र गायत्री की श...
- (६) निराकार गायत्री की उपासना करने वाले को वह किस प्रकार से करनी पड़ती है?... (७) यज्ञ का विज्ञान से किस तरह का सम्बन्ध है? (८) यज्ञ से मनुष्य को क्या प्रेरणाएँ ग्रहण करनी चाहिए?...
- (६) पर्वोत्सव एक वरदान हैं सिद्ध कीजिये?... (७) पर्व और त्यौहार समाज शिक्षण की आवश्यकता किस प्रकार पूरी कर सकते हैं? (८) किस प्रकार कोई चतुर वक्...
- (६) पशुबलि के प्रचलन के क्या कारण हो सकते हैं?... (७) क्या पशुबलि भारतीय देवताओं को प्रिय है? (८) पशुबलि समाप्त करने के लिये क्या प्रयत्न किये जाने चा...
- (६) पशुबलि के प्रचलन के क्या कारण हो सकते हैं?... (७) क्या पशुबलि भारतीय देवताओं को प्रिय है? (८) पशुबलि समाप्त करने के लिए क्या प्रयत्न किये जाने चाह...
- (६) बच्चों में पारिवारिक व्यवस्था के कौन से संस्कार डाले जायें?... (७) घरेलू व्यवस्था में क्या सावधानियाँ आवश्यक हैं? (८) सन्तान सीमित हो क्यों आवश्यक है? (९) कुरीतियों...
- (६) बाल-विवाह का मनोवैज्ञानिक प्रभाव लड़कियों पर किस प्रकार बुरा पड़ता है?... (७) बड़ी आयु में लड़कियाँ दाम्पत्य जीवन के अनुरूप क्यों हो जाती हैं? (८) क्या छोटी आयु में विवाह कर दे...
- (६) भाग्यवाद से हमें विदेशी शासकों के राज्य के समय क्या हानियाँ उठानी पड़ी?... (७) यह आप कैसे कह सकते हैं कि भाग्यवाद ने हमें नपुंसक बना दिया है? (८) विदेशी शासकों के जाने के बाद ...
- (६) भारत में धार्मिक कार्यों पर होने वाले व्यय पर प्रकाश डालते हुए उसके सदुपयोग की योजना प्रस्तुत करें?... (७) मन्दिर मठों की सम्पत्ति का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है? (८) धर्म के नाम पर पाखण्ड एवं शोषण से ज...
- (६) भारत में धार्मिक कार्यों पर होने वाले व्यय पर प्रकाश डालते हुए उसके सदुपयोग की योजना प्रस्तुत करें?... (७) मन्दिर-मठों की सम्पत्ति का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है? (८) धर्म के नाम पर पाखण्ड एवं शोषण से ज...
- (६) मनुष्य क्या प्रयत्न न करे तो ओछा का ओछा बना रहेगा?... (७) अनुचित कही जाने वाली क्या दुष्प्रथाएँ हमारे पीछे लगी हैं? (८) अवांछनीय स्थितियाँ किस तरह बदली जा...
- (६) मन्दिरों के पुजारी किस तरह के व्यक्ति होते हैं?... (७) आज के मन्दिरों के रूप कार्यों पर प्रकाश डालिए? (८) हमारे मन्दिरों में लगी सम्पत्ति तथा व्यक्तियो...
- (६) मन्दिरों के पुजारी किस तरह के व्यक्ति होते हैं?... (७) आज के मन्दिरों के रूप, कार्यों पर प्रकाश डालिये? (८) हमारे मन्दिरों में लगी सम्पत्ति तथा व्यक्ति...
- (६) महान बनने का सर्वश्रेष्ठ साधना क्या है?... (७) प्रगति का रहस्य क्या है? (८) निरन्तर प्रगति एवं उन्नति का ‘गुरु मन्त्र क्या है?’ (९) सिद्ध कीजिय...
- (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव महान् कैसे बन सकता है?... (७) गायत्री यज्ञ आन्दोलन सामाजिक जीवन को यज्ञीय जीवन के अनुरूप ढालने में प्रयत्नशील है? किस तरह? (८)...
- (६) यज्ञीय जीवन को अपनाने पर मानव महान् कैसे बन सकता है?... (७) गायत्री यज्ञ आन्दोलन सामाजिक जीवन को यज्ञीय जीवन के अनुरूप ढालने में प्रयत्नशील है किस प्रकार? (...
- (६) यज्ञोपवीत के ९ धागे किन-किन सद्गुणों के प्रतीक है?... (७) यज्ञोपवीत गायत्री माता का स्वरूप क्यों माना जाता है। तथा इसका तात्पर्य क्या है? (८) नर से नारायण...
- (६) यज्ञोपवीत के ९ धागे किन-किन सद्गुणों के प्रतीक हैं?... (७) यज्ञोपवीत गायत्री माता का स्वरूप क्यों माना जाता है तथा इसका तात्पर्य क्या है? (८) नर से नारायण,...
- (६) यदि यह मान लिया जाए कि भूत-प्रेत हैं तो शिक्षित समाज पर उनका प्रभाव न होना क्या सिद्ध करता है?... (७) ईश्वर कौन हैं? क्या ईश्वर अनेक हैं? (८) गाँवों के पिछड़े लोग किस प्रकार के देवी-देवताओं को मानते ...
- (६) यदि यह मान लिया जाये कि भूत-प्रेत हैं तो शिक्षित समाज पर उसका प्रभाव न होना क्या सिद्ध करता है?... (७) ईश्वर कौन है, क्या ईश्वर अनेक हैं। (८) गाँवों के पिछड़े लोग किस प्रकार के देवी देवताओं को मानते ...
- (६) यदि विवाह में कम खर्च किया जाय तो समाज को क्या लाभ होगा?... (७) बढ़ी हुई आमदनी का लाभ क्यों नहीं मिल पाता है? (८) विवेकशीलता का तकाजा क्या है? (९) विवाह प्रथा मे...
- (६) यदि विवाह में कम खर्च किया जाय तो समाज को क्या लाभ होगा?... (७) बढ़ी हुई आमदनी को लाभ क्यों नहीं मिल पाता है? (८) विवेकशीलता का तकाजा क्या है? (९) विवाह प्रथा मे...
- (६) यह आप किस तरह कह सकते हैं कि बेटे वाला दया का पात्र है?... (७) इस आदर्शवादी विवाह पद्धति में बेटे वाले को किस तरह रोल अदा करना होगा? (८) बेटी वाले को किस प्रका...
- (६) यह आप किस तरह कह सकते हैं कि बेटे वाला दया का पात्र है?... (७) इस आदर्शवादी विवाह पद्धति में बेटे वाले को किस तरह का रोल अदा करना होगा? (८) बेटी वाले को किस प्...
- (६) युग निर्माण योजना द्वारा संचालित ‘‘ज्ञानयज्ञ’’ की कार्य पद्धति को समझाइए?... (७) इस ज्ञान यज्ञ की प्रक्रिया को व्यापक बनाने के लिये क्या और किस तरह का सहयोग आवश्यक है? (८) झोला ...
- (६) युग-निर्माण योजना की शिक्षा-पद्धति पर प्रकाश डालिए?... (७) युग निर्माण विद्यालय की कार्य-प्रणाली पर प्रकाश डालिए? (८) छात्रों द्वारा सीखे जाने वाले गृह उद्...
- (६) युग-निर्माण योजना द्वारा संचालित ‘ज्ञान-यज्ञ’ की कार्य पद्धति को समझाइए?... (७) इस ज्ञान यज्ञ की प्रक्रिया को व्यापक बनाने के लिए क्या और किस तरह का सहयोग आवश्यक है? (८) झोला-प...
- (६) राजनैतिक पार्टियों के कार्यकर्ता किस प्रकार अपना समय व्यय कर देते हैं?... (७) ऐसे कौन से १० सूत्री कार्यक्रम हैं जिनके अन्तर्गत हम नवयुवक भी देश की प्रगति में सहायक बन सकते ह...
- (६) लोक-मंगल में अभिरुचि नहीं वे साधु ब्राह्मण क्या करें?... (७) साधु-ब्राह्मण समाजोत्थान और देश की प्रगति में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं। कथाएँ —— (१) राजकुम...
- (६) वर्गभेद की संकीर्ण नीति से देश का क्या अहित हुआ है?... (८) हिन्दू समाज संकीर्ण, अनुदार एवं अन्यायी क्यों कहा जाता है? (९) ऊँच-नीच के मामलों में हमारा कर्तव...
- (६) वर्णभेद की संकीर्ण नीति से देश का क्या अहित हुआ है?... (७) हिन्दू समाज की संख्या निरन्तर कम होने का क्या कारण है? (८) हिन्दू समाज संकीर्ण, अनुदार एवं अन्याय...
- (६) वर्तमान फिल्मों में क्या त्रुटियाँ हैं फिल्म उद्योग का उपयोग सत्प्रवृत्तियों की प्रसन्नता हेतु कैसे किया जा सकता है?... (७) न्यायालयों का मुख्य प्रयोजन क्या होना चाहिए? (८) कला का उपयोग युग निर्माण हेतु कैसे किया जा सकता...
- (६) वर्तमान फिल्मों में क्या त्रुटियाँ हैं, फिल्म उद्योग का उपयोग सद्प्रवृत्तियों की प्रसन्नता हेतु कैसे किया जा सकता है?... (७) न्यायालयों का मुख्य प्रयोजन क्या होना चाहिए? (८) कला का उपयोग युग-निर्माण हेतु कैसे किया जा सकता...
- (६) वसुधैव कुटुम्बकम् से क्या समझते हो?... (७) संयुक्त कुटुम्ब के कतिपय दोष बताइये? (८) संयुक्त परिवार की आचार संहिता का आधार क्या हो? (९) संयु...
- (६) वानप्रस्थ आश्रम का पुनः प्रारम्भ किस लिये जरूरी है?... (७) जनसंख्या कम करने के व्यावहारिक उपाय क्या हैं? (८) सिद्ध कीजिये कि आधुनिक युग में सन्तान वृद्धि क...
- (६) वानप्रस्थाश्रम में मनुष्य समाज के लिए किस प्रकार लाभ दायक होता था?... (७) अन्तिम आश्रम क्या है तथा इसके कार्य क्या हैं? (८) वानप्रस्थ आश्रम परम्परा के लोप हो जाने से हमार...
- (६) विचारशील व्यक्तियों को भिक्षा वृत्ति को समाप्त करने के लिए किस प्रकार का कार्य करना पड़ेगा?... (७) हमारी सरकार तथा धर्म संस्थाएँ भिक्षा उन्मूलन में किस प्रकार सहयोग दे सकती हैं। (८) यदि भिक्षा व्...
- (६) विचारशील व्यक्तियों को भिक्षावृत्ति को समाप्त करने के लिए किस प्रकार का कार्य करना पड़ेगा?... (७) हमारी सरकार तथा धर्म संस्थाएँ भिक्षा उन्मूलन में किस प्रकार सहयोग दे सकती हैं? (८) यदि भिक्षा व्...
- (६) विचारों की परख किस तरह की जाये और उन्हें कैसे सुधारा जाए?... (७) आत्मलोचन क्यों आवश्यक है? (८) बुरे विचारों से किस तरह बचा जा सकता है? विचारों के उत्पादन का स्रो...
- (६) विद्यार्थियों को ब्रह्मचर्य व्रत का पालन क्यों आवश्यक है?... (७) आतंकवादी असुर प्रवृत्ति किसे कहते हैं? (८) युवावस्था को अलंकृत करने वाले सद्गुण कौन-कौन से हैं? ...
- (६) विधवा को समान न्याय किस प्रकार मिल सकता है?... (७) विधवा विवाह के लिये क्या आवश्यक है? (८) विधवाओं के साथ क्या उदारता बरती जानी चाहिए? कथाएँ —— (१...
- (६) विधवा को समान न्याय किस प्रकार मिल सकता है?... (७) विधवा विवाह के लिए क्या आवश्यक है? (८) विधवाओं के साथ क्या उदारता बरती जानी चाहिए? मनस्वी-शूरवीर...
- (६) विवाहोन्माद के प्रतिरोध के लिए नई पीढ़ी को क्या करना चाहिए?... (७) सामूहिक विवाह करने से क्या लाभ है? (८) उपजातियाँ कैसे बनीं? दहेज से बचने के लिए क्या किया जाय? (...
- (६) विवाहोन्माद के प्रतिरोध के लिये नयी पीढ़ी को क्या करना चाहिए?... (७) सामूहिक विवाह करने से क्या लाभ है? (८) उपजातियाँ कैसे बनीं? दहेज से बचने के लिये क्या किया जाय? ...
- (६) शासकीय कर्मचारी अशिष्टता व भ्रष्टाचार, आचरण एवं अवरोध वृत्ति के शिकार क्यों बनते जा रहे है?... (७) योजनाएँ समयावधि में कार्यान्वित क्यों नहीं होतीं? (८) अपने देश में वोटरों को बहकाया जाना सरल क्य...
- (६) शासकीय कर्मचारी अशिष्टता व भ्रष्टाचार, आचरण एवं अवरोध वृत्ति के शिकार क्यों बनते जा रहे हैं?... (७) योजनाएँ समयावधि को बहकाया जाना सरल क्यों है। (९) लोकमानस का स्तर ऊँचा उठाने के लिए क्या किया जान...
- (६) शिखा बन्धन का उद्देश्य क्या है?... (७) शिखा रखवाने के लिये किस तरह का उपाय करना चाहिए! प्रश्न —— (१) गुरुगोविंद सिंह के पुत्रों को पकड...
- (६) शिखा बन्धन का उद्देश्य क्या है?... (७) शिखा रखवाने के लिए किस तरह का उपाय करना चाहिए? यज्ञोपवीत धारण—नीति और कर्तव्य अपनाने का व्रतबन्ध...
- (६) सन्तानें किन लोगों की कुपात्र नहीं होतीं?... (७) विवाह की सफलता का आधार क्या है? (८) पाणिग्रहण की महत्ता क्या है? (९) दाम्पत्य जीवन में स्वर्ग उत...
- (६) सच्चे अध्यापक और सच्चे अभिभावक कौन कहे जा सकते हैं?... किस आधार पर? (७) क्या आप बता सकते हैं कि आज के होनहार बालकों में कौन से दुर्गुण अधिक पाये जाते हैं? ...
- (६) सच्चे अध्यापक और सच्चे अभिभावक कौन कहे जा सकते हैं?... (७) क्या आप बता सकते है कि आज के होनहार बालकों में कौन-से दुर्गुण अधिक पाये जाते हैं? (८) मर्यादा उल...
- (६) सदाचार और समाज सुधार के रचनात्मक कार्यक्रम बताओ?... (७) सिद्ध करो कि अनीति करने की तरह अनीति सहना भी पाप है? (८) अपराध क्यों बढ़ रहे हैं? (९) उन्हें कैसे...
- (६) सन्त इमर्सन से उनके एक मित्र ने पूछा-आपको अभी स्वर्ग जाने को कहा जाये तो आप क्या तैयारी करेंगे?... सबसे पहले अपनी सारी पुस्तकें बाँध लेंगे इमर्सन बोले-ताकि स्वर्ग में हमारा समय बेकार न जाये। (७) लोकम...
- (६) सन्त, सुधारक, शहीद, हम किस प्रकार के व्यक्तियों को कह सकते हैं?... (७) अनीति का प्रतिकार करो। यह भावना मनुष्यों में जाग्रत करने के लिये हमें क्या प्रयत्न करना चाहिए? (...
- (६) साधु ने ब्रह्मचारी शिष्य से पूछा-बेटा जब तुम्हारा मित्र गंगाजी में डूबने वालों को बचा रहा था तब तुम क्या कर रहे थे?... मैं नियम पालन कर रहा था-गुरुदेव वह समय मेरे जप का था जपकर रहा था। शिष्य की बात सुनकर साधु बड़े दुःखी ...
- (६) सामाजिक जीवन के उत्कर्ष के लिये हमें क्या करना होगा?... (७) आज के सामाजिक जीवन की सबसे बड़ी सेवा क्या है? (८) विचार क्रान्ति के आदर्श वारी विचारधारा का प्रति...
- (६) सामान्य आजीविका से भी अपना खर्च किस प्रकार चलाया जा सकता है?... (७) अपना बजट हमें किस प्रकार का बनाना चाहिए? (८) हम किन-किन अनावश्यक खर्चों को कम करके बचत कर सकते ...
- (६) सिद्ध कीजिये ‘‘भाग्यवाद निरर्थक है?... ’’ (७) उन्नति या प्रगति का आधार स्वतन्त्र चेतना है या भाग्य? (८) स्वतन्त्र चिन्तन एवं पुरुषार्थ पूर्ण...
- (६) स्त्री जाति को उस अपमान भरे जीवन से निकाल कर ऊँचा उठाने के लिये पुरुषों को क्या करना चाहिए?... (७) नारी जाति को ऊँचा उठाने में सहायक ऐसे कौन से कार्य हैं? (८) घर-घर में चलाये जा सकने योग्य ऐसे कौ...
- (६) स्वाध्याय क्यों आवश्यक है?... (७) प्रेरक साहित्य के अध्ययन से क्या लाभ है? (८) स्वाध्याय के लिए कैसा साहित्य होना चाहिए? (९) युग न...
- (६) स्वाध्याय क्यों आवश्यक है?... (७) प्रेरक साहित्य के अध्ययन से क्या लाभ हैं? (८) स्वाध्याय के लिए कैसा साहित्य होना चाहिए? (९) युग ...
- (६) स्वावलम्बी सन्तान को अपनी बची खुची सम्पत्ति किस प्रकार अपराध है?... (७) प्राचीनकाल में सन्तान किस प्रकार अपना कर्तव्य पूरा करती थी? (८) आज का मानव किस प्रकार का व्यवहार...
- (६) स्वास्थ्य और मनोबल बढ़ाने के लिए किस तरह की कार्य प्रणाली अपनानी चाहिए?... (७) लोक शिक्षण के लिए क्या-क्या कार्य किया जाना चाहिए? (८) सेवा दलों के संगठन का महत्त्व रचनात्मक का...
- (६) हमारे समाज के प्रमुख कलंक कौन से हैं?... उनसे बचने के उपाय बताओ? (७) आगामी युग में कैसे परिवारों की स्थापना करनी होगी? (८) अवांछनीय तत्त्वों ...
- (६) हमें अपना स्वभाव सन्तुलित बनाये रखने के लिये क्या-क्या उपाय करने चाहिए?... (७) दूरदर्शी और विवेकवान व्यक्ति की पहचान क्या है? (८) सामने वाले व्यक्ति से हमें क्रोध न करके किस प...
- (६) हिन्दू समाज की सर्वाधिक भ्रमपूर्ण मान्यता क्या है?... (७) बदली हुई परिस्थितियों में मृतक भोज अनावश्यक क्यों हो गया है? (८) मृतक भोज खाना स्वाभिमानी व्यक्त...
- (६) हिन्दू समाज की सर्वाधिक भ्रमपूर्ण मान्यता क्या है?... (७) बदली हुई परिस्थितियों में मृतक भोज अनावश्यक क्यों हो गया है? (८) मृतक भोज खाना स्वाभिमानी व्यक्त...
- (६) ‘‘अनीति के विरुद्ध भगवान की भी अवज्ञा की जा सकती है’’ इससे क्या समझते हो?... (७) विवाह के सम्बन्ध में युवकों के क्या कर्तव्य हैं? (८) भारतीय समाज में विवाह की प्रथा में क्या-क्य...
- (६) ‘‘आराम हराम है, ’’ यह उक्ति हमें किस प्रकार आर्थिक दुर्दशा से उबरने के लिए पतवार का काम कर सकती है?... (७) शिक्षित नारी भी किस विधि से आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद दे सकती हैं? (८) शिक्षित युवकों की बेक...
- (६) ‘‘ज्ञानऋण’’ से क्या समझते हो?... प्रत्येक शिक्षित का इस युग में क्या कर्तव्य है? (७) साक्षरता प्रसार आन्दोलन कैसे चलाया जाय? (८) जनसा...
- (७) अधिकार से अधिक कर्तव्य का महत्त्व क्यों है?... (८) जापान स्थित अमेरिकन फैक्टरियों के श्रमिकों ने काम के दो घण्टा कम करने का सुझाव क्यों नहीं माना (९...
- (७) अध्यापक का रहन-सहन ‘सादा जीवन उच्च विचार ’पर आधारित क्यों होना चाहिए?... (८) उपदेश नहीं चरित्र का क्या प्रभाव पड़ता है-सिद्ध करें? (९) ‘आत्म-चिन्तन’ ‘आत्म-सुधार’ एवं ‘आत्म-नि...
- (७) अध्यापक का रहन-सहन ‘‘सादा जीवन-उच्च विचार’’ पर आधारित क्यों होना चाहिए?... (८) उपदेश नहीं चरित्र का क्या प्रभाव पड़ता है सिद्ध करें? (९) ‘‘आत्म चिन्तन’’ आत्म-सुधार एवं ‘‘आत्म नि...
- (७) अनुचित कही जाने वाली क्या दुष्प्रथाएँ हमारे पीछे लगी हैं?... (८) अवांछनीय स्थितियाँ किस तरह बदली जा सकती हैं? (९) हिम्मत क्या है? इसे अपनाने से क्या लाभ होते हैं...
- (७) अन्तिम आश्रम क्या है तथा इसके कार्य क्या हैं?... (८) वानप्रस्थ आश्रम परम्परा के लोप हो जाने से हमारे भारतीय समाज को क्या हानियाँ उठानी पड़ी हैं? (९) आ...
- (७) अपना बजट हमें किस प्रकार का बनाना चाहिए?... (८) हम किन-किन अनावश्यक खर्चों को कम करके बचत कर सकते हैं? (९) जेब में रुपया रख के घूमना और उधार लेन...
- (७) अपने साथ वहाँ के राजा को भी पाकर एक सन्त के हजारों शिष्य बड़े प्रसन्न हुए उन्होंने राजा से कहा अब तो आप हमारे गुरु भाई हो गये गुरु भाई होकर भी हम से माल गुजारी लेंगे क्या?... राजा ने द्विविधा में आकर सबका टैक्स माफ कर दिया पर उसके शासन के प्रबन्ध के लिये आर्थिक व्यवस्था में...
- (७) आगामी युग में कैसे परिवारों की स्थापना करनी होगी?... (८) अवांछनीय तत्त्वों का उग्र प्रतिरोध कैसे किया जायेगा? (९) ठगी एवं हरामखोरी को बन्द करने के लिए कौ...
- (७) आज के मन्दिरों के रूप कार्यों पर प्रकाश डालिए?... (८) हमारे मन्दिरों में लगी सम्पत्ति तथा व्यक्तियों के क्या पूजा और आरती के सिवाय भी कोई कर्तव्य हैं?...
- (७) आज के मन्दिरों के रूप, कार्यों पर प्रकाश डालिये?... (८) हमारे मन्दिरों में लगी सम्पत्ति तथा व्यक्तियों के क्या पूजा और आरती के सिवाय भी कोई कर्तव्य हैं?...
- (७) आज के सामाजिक जीवन की सबसे बड़ी सेवा क्या है?... (८) विचार क्रान्ति के आदर्श वारी विचारधारा का प्रतिपादन करने के लिए किस प्रकार से कार्य-किया जाना चा...
- (७) आज हमारे समाज की हालात कैसी है?... (८) सिद्ध कीजिए की अविकसित नारी एक समस्या है। (९) नारी के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है? (१०) नारी को ...
- (७) आतंकवादी असुर प्रवृत्ति किसे कहते हैं?... (८) युवावस्था को अलंकृत करने वाले सद्गुण कौन-कौन से हैं? (९) युवकों को अपना स्वर्णिम एवं शानदार भविष...
- (७) आत्मलोचन क्यों आवश्यक है?... (८) बुरे विचारों से किस तरह बचा जा सकता है? विचारों के उत्पादन का स्रोत क्या है? (९) विचारों की भूल ...
- (७) आत्मा का अवतरण धरती पर किस कारण हुआ है?... (८) आत्म शान्ति एवं सन्तोष किन्हें मिलता है? (९) नरक क्या है? क्या वह इसी लोक में नहीं है? (१०) ‘भवबं...
- (७) इस आदर्शवादी विवाह पद्धति में बेटे वाले को किस तरह का रोल अदा करना होगा?... (८) बेटी वाले को किस प्रकार का बरताव करना चाहिए? उच्च शिक्षित कन्या की विवाह समस्या और उसके नये हल म...
- (७) इस आदर्शवादी विवाह पद्धति में बेटे वाले को किस तरह रोल अदा करना होगा?... (८) बेटी वाले को किस प्रकार का बर्ताव करना चाहिए? कथाएँ —— (१) अमरेली (गुजरात) के भीलड़ी ग्राम में ए...
- (७) इस ज्ञान यज्ञ की प्रक्रिया को व्यापक बनाने के लिए क्या और किस तरह का सहयोग आवश्यक है?... (८) झोला-पुस्तकालय किस प्रयोजन की पूर्ति के लिए है? ज्ञान-यज्ञ—नवनिर्माण का महानतम अभियान आज व्यक्ति...
- (७) इस ज्ञान यज्ञ की प्रक्रिया को व्यापक बनाने के लिये क्या और किस तरह का सहयोग आवश्यक है?... (८) झोला पुस्तकालय किस प्रयोजन की पूर्ति के लिये हैं? कथाएँ —— (१) लन्दन की एक सभा में स्वामी विवेक...
- (७) ईश्वर कौन हैं?... क्या ईश्वर अनेक हैं? (८) गाँवों के पिछड़े लोग किस प्रकार के देवी-देवताओं को मानते हैं तथा उनसे उन्हें...
- (७) उन्नतिशील बनने का रहस्य क्या है?... (८) अनैतिक व्यक्ति को लोग प्यार क्यों नहीं करते? (९) सामाजिक तिरस्कार एवं असहयोग भी क्षण के लिये भी ...
- (७) ऋद्धि-सिद्धियों एवं सफलतायें पाने का रहस्य क्या है?... (८) प्रगति का सोपान क्या है। (९) स्वयं को सुधारने में किस-किस प्रकार के प्रयोग करने चाहिए? (१०) जीव...
- (७) एक बार कबीर से किसी ने पूछा आप स्कूल तक नहीं गये, कलम तक नहीं छुई फिर इस असाधारण बौद्धिक प्रतिभा का कारण क्या है?... कबीर बोले-आस्तिकता ईश्वर में विश्वास का, मनुष्य में आत्मिक क्षमता के साथ बौद्धिक प्रतिभा का भी विकास...
- (७) एक बार भोजन करने के बाद फिर भोजन कब और कैसे करना चाहिए?... (८) भोजन किस तरह से किया जाना चाहिए? (९) आहार के सिवा और किस पर नियंत्रण रखा जाना चाहिए? किस तरह? ...
- (७) ऐसे कौन से १० सूत्री कार्यक्रम हैं जिनके अन्तर्गत हम नवयुवक भी देश की प्रगति में सहायक बन सकते हैं?... (८) एक-एक कार्यक्रम का अलग-अलग वर्णन करो —— कथाएँ —— (१) पं० जवाहरलाल ने एक दिन शास्त्री जी को जंगल...
- (७) कहते हैं कुसंस्कारी बालक देना राष्ट्रीय अपराध है क्यों?... (८) राष्ट्र समृद्ध और यशस्वी कैसे बनता है। (९) प्रजनन की जिम्मेदारी के निर्वाह के लिये कौन सी तैयारि...
- (७) किस प्रकार की मनःस्थिति वाला व्यक्ति अप्रसन्न रहते है?... (८) हमेशा हँसते-हँसाते रहने वाले व्यक्ति खुद को तथा परिवार को किस प्रकार लाभ पहुँचाते हैं? (९) हँसना...
- (७) क्या आप बता सकते है कि आज के होनहार बालकों में कौन-से दुर्गुण अधिक पाये जाते हैं?... (८) मर्यादा उल्लंघन में क्या हानियाँ है? (९) आज के युवकों में अनुशासनहीनता क्यों है उन्हें कैसे सभ्य...
- (७) क्या आप बता सकते हैं कि आज के होनहार बालकों में कौन से दुर्गुण अधिक पाये जाते हैं?... (८) मर्यादा के उल्लंघन से क्या हानियाँ है? (९) आज के युवकों में अनुशासन हीनता क्यों है उन्हें कैसे स...
- (७) क्या पशुबलि भारतीय देवताओं को प्रिय है?... (८) पशुबलि समाप्त करने के लिये क्या प्रयत्न किये जाने चाहिए? (९) आधुनिक युग में बलि की प्रथा में कैस...
- (७) क्या पशुबलि भारतीय देवताओं को प्रिय है?... (८) पशुबलि समाप्त करने के लिए क्या प्रयत्न किये जाने चाहिए? (९) आधुनिक युग में बलि की प्रथा में कैसे...
- (७) क्या रेशम के कपड़े पहनना ठीक है नहीं तो क्यों?... (८) कस्तूरी, चँवर, मोती, बालों वाले बच्चों के कोट, मोजे, दस्ताना, टोपी आदि किस प्रकार प्राप्त किये ज...
- (७) क्या रेशम के कपड़े पहनना ठीक है नहीं तो क्यों?... (८) कस्तूरी, चँवर, मोती, बालों वाले बच्चों के कोट, मोजे, दस्ताने, टोपे आदि किस प्रकार प्राप्त किये ज...
- (७) खेलकूद के लाभ बताओ?... (८) व्यायाम आन्दोलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए? कथाएँ —— (१) एक व्यक्ति कई-कई दिन तक बाहर रहता, लौ...
- (७) गायत्री यज्ञ आन्दोलन सामाजिक जीवन को यज्ञीय जीवन के अनुरूप ढालने में प्रयत्नशील है किस प्रकार?... (८) क्या गायत्री यज्ञ आन्दोलन आर्थिक दृष्टि से भी अधिक खर्चीला है किस तरह? (९) नर और नारी गायत्री यज...
- (७) गायत्री यज्ञ आन्दोलन सामाजिक जीवन को यज्ञीय जीवन के अनुरूप ढालने में प्रयत्नशील है?... किस तरह? (८) क्या गायत्री यज्ञ आन्दोलन अधिक दृष्टि से भी कम खर्चीला है? किस तरह? (९) नर और नारी समान...
- (७) घरेलू व्यवस्था में क्या सावधानियाँ आवश्यक हैं?... (८) सन्तान सीमित हो क्यों आवश्यक है? (९) कुरीतियों और अन्ध-परम्पराओं की हानियाँ बताओ? (१०) परिवार के ...
- (७) जनसंख्या कम करने के व्यावहारिक उपाय क्या हैं?... (८) सिद्ध कीजिये कि आधुनिक युग में सन्तान वृद्धि की कामना एक मूढ़ मान्यता है। कथाएँ —— (१) एक जंगल ...
- (७) जन्म दिन किस प्रकार मनाया जाना चाहिए?... (८) जन्म दिन का वास्तविक लाभ किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है? (९) युग निर्माण योजना के अनुसार विव...
- (७) जन्मदिन किस प्रकार मनाया जाना चाहिए?... (८) जन्मदिन का वास्तविक लाभ किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है? (९) युग-निर्माण योजना के अनुसार विवा...
- (७) जूठन खाने से स्वाभिमान व स्वास्थ्य दोनों गिरते हैं?... सिद्ध करो। (८) भोजन परोसने में क्या सावधानी रखनी चाहिए? (९) सप्ताह में एक उपवास क्यों आवश्यक है? उपव...
- (७) जेवरों से खुद हमें क्या हानियाँ होती है?... (८) जेवर प्रथा बन्द होने से विवाहों की अवस्था में क्या सुधार हो सकता है? कथाएँ —— (१) रामलाल और श्य...
- (७) तंबाकू के व्यसन से राष्ट्रीय क्षति कितनी होती है?... (८) विनाश के उत्पादन से क्या समझते हो? इस व्यय को अन्य उद्योगों में कैसे लगाया जा सकता है? (९) तंबाक...
- (७) तुलसी चरणामृत क्यों आवश्यक है?... (८) तुलसी के समन्वय में किन-किन प्राचीन ग्रन्थों में वर्णन मिलता है। गौ संरक्षण—हमारी एक महती आवश्यक...
- (७) दूरदर्शी और विवेकवान व्यक्ति की पहचान क्या है?... (८) सामने वाले व्यक्ति से हमें क्रोध न करके किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए? (९) क्रोध करने से हमे...
- (७) नारी के नेतृत्व से समाज का क्या कल्याण होगा?... (८) शिक्षित नारी के विवाह की कठिनाइयों को दूर करने के लिए किन-किन धारणाओं को बदलना चाहिए? (९) शिक्षि...
- (७) नारी जाति को ऊँचा उठाने में सहायक ऐसे कौन से कार्य हैं?... (८) घर-घर में चलाये जा सकने योग्य ऐसे कौन से आन्दोलन हैं जिनमें स्त्री जाति की प्रतिष्ठा फिर स्थापित...
- (७) नियमित एवं निरन्तर काम करने से क्या लाभ है?... (८) आदर्श दिनचर्या बनाइये? (९) लगन एवं मनोयोग से ही बड़े काम होते हैं? सिद्ध करें। (१०) फुरसत न मिलने...
- (७) न्यायालयों का मुख्य प्रयोजन क्या होना चाहिए?... (८) कला का उपयोग युग निर्माण हेतु कैसे किया जा सकता है? कथाएँ —— (१) आचार्य धौम्य एक नृत्योत्सव में...
- (७) न्यायालयों का मुख्य प्रयोजन क्या होना चाहिए?... (८) कला का उपयोग युग-निर्माण हेतु कैसे किया जा सकता है? रचनात्मक कार्यक्रमों से ही देश समर्थ बनेगा अ...
- (७) पत्नीव्रत की आवश्यकता पतिव्रत से अधिक क्यों हैं?... (८) पतिव्रत का महान आदर्श क्या है? (९) गृहस्थी को सुखी बनाने में पति का दायित्व अधिक क्यों है। (१०) ...
- (७) पर्व और त्यौहार समाज शिक्षण की आवश्यकता किस प्रकार पूरी कर सकते हैं?... (८) किस प्रकार कोई चतुर वक्ता कुरीतियों एवं विकृतियों का उन्मूलन करा सकता है? कथाएँ —— (१) आज शस्त्...
- (७) पर्व और त्यौहार समाज शिक्षण की आवश्यकता किस प्रकार पूरी कर सकते हैं?... (८) किस प्रकार कोई चतुर वक्ता कुरीतियों एवं विकृतियों का उन्मूलन करा सकता है? जन्म-दिवस और विवाह-दिव...
- (७) पवित्र नारी को निर्लज्ज वेश्या के रूप में पेश करने में कौन-कौन से उद्योग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं?... (८) इस समय नारियों को क्या करना चाहिए, पर वे क्या कर रही हैं? (९) अश्लीलता की बाढ़ से समाज को बचाये र...
- (७) प्रगति का रहस्य क्या है?... (८) निरन्तर प्रगति एवं उन्नति का ‘गुरु मन्त्र क्या है?’ (९) सिद्ध कीजिये कि आलसी हरामखोर या परिश्रमी...
- (७) प्राचीनकाल में सन्तान किस प्रकार अपना कर्तव्य पूरा करती थी?... (८) आज का मानव किस प्रकार का व्यवहार कर रहा है? कथाएँ —— (१) राजा महेन्द्रप्रताप के कोई सन्तान नहीं ...
- (७) प्रेरक साहित्य के अध्ययन से क्या लाभ है?... (८) स्वाध्याय के लिए कैसा साहित्य होना चाहिए? (९) युग निर्माण योजना के साहित्य पर प्रकाश डालें। (१०)...
- (७) प्रेरक साहित्य के अध्ययन से क्या लाभ हैं?... (८) स्वाध्याय के लिए कैसा साहित्य होना चाहिए? (९) युग निर्माण योजना के साहित्य पर प्रकाश डालें? (१०)...
- (७) फल- फूल एवं हरियाली के लाभ बताइये?... (८) वृक्षों से भूमि संरक्षण कैसे होता है? (९) पीपल, बड़ एवं आँवले की पूजा क्यों की जाती है? (१०) वृक्...
- (७) बच्चों को शिष्टाचारी बनाने का उपाय क्या है?... (८) जीवन की प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण होने का उपाय क्या है? (९) सज्जनता की सामान्य परिभाषा क्या है?...
- (७) बदली हुई परिस्थितियों में मृतक भोज अनावश्यक क्यों हो गया है?... (८) मृतक भोज खाना स्वाभिमानी व्यक्ति के गौरव के सर्वथा विपरीत क्यों है? (९) सत्यानाशी कुप्रथाओं का अ...
- (७) बदली हुई परिस्थितियों में मृतक भोज अनावश्यक क्यों हो गया है?... (८) मृतक भोज खाना स्वाभिमानी व्यक्ति के गौरव के सर्वथा विपरीत क्यों है? (९) सत्यानाशी कुप्रथाओं का अ...
- (७) बीमारियाँ कैसे आती हैं?... तथा उनसे निपटने का क्या रास्ता है? (८) विद्वानों की पंक्ति में किस तरह बैठा जा सकता है? (१०) हमें अप...
- (७) बूढ़ा हो रहा था कह रहा था घर वाले तंग करते हैं, शरीर काम नहीं देता, भगवान भी सहायता नहीं करता?... पास से एक सन्त गुजर रहे थे बोले-यह बातें तब याद नहीं की जब बालक था। युवक हुआ तब रंगरेलियों के आगे न ब...
- (७) बड़ी आयु में लड़कियाँ दाम्पत्य जीवन के अनुरूप क्यों हो जाती हैं?... (८) क्या छोटी आयु में विवाह कर देने से लड़कियाँ शीलवान बनी रह सकती हैं? (९) उस कारण को समझाइए जिसके क...
- (७) बढ़ी हुई आमदनी का लाभ क्यों नहीं मिल पाता है?... (८) विवेकशीलता का तकाजा क्या है? (९) विवाह प्रथा में सुधार का प्रारम्भ कैसे किया जाय। युग की माँग क्...
- (७) बढ़ी हुई आमदनी को लाभ क्यों नहीं मिल पाता है?... (८) विवेकशीलता का तकाजा क्या है? (९) विवाह प्रथा में सुधार का प्रारम्भ कैसे किया जाय? युग की माँग क्...
- (७) भोजन परोसने में क्या सावधानी रखनी चाहिए?... (८) सप्ताह में एक उपवास क्यों आवश्यक है? उपवास के लाभ बताइए। (९) चूहों व कीड़ों से अन्न की बर्बादी बच...
- (७) मनुष्य का प्रामाणिक एवं नैतिक कर्तव्य क्या है?... (८) समय की बरबादी धन की बरबादी से भी अधिक अहित कर है-सिद्ध करें? (९) व्यायाम में सफलता का रहस्य क्या...
- (७) मन्दिर मठों की सम्पत्ति का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है?... (८) धर्म के नाम पर पाखण्ड एवं शोषण से जनता को कैसे मुक्त किया जा सकता है? (९) राजनीति से अधिक महत्त्...
- (७) मन्दिर-मठों की सम्पत्ति का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है?... (८) धर्म के नाम पर पाखण्ड एवं शोषण से जनता को कैसे मुक्त किया जा सकता है? (९) राजनीति से अधिक महत्त्...
- (७) मलमूत्र से सफाई रखने के लिए क्या उपाय किये जाना चाहिए?... (८) स्वच्छ रहने का प्रतिफल हमें क्या मिलेगा? कथाएँ —— (१) धूल धूसरित वेश और अस्त-व्यस्त केश एक व्यक...
- (७) मेहनत न करने का दण्ड मनुष्य किस प्रकार से चुकाता है?... (८) स्वास्थ्य रक्षा के लिये मनुष्य और स्त्रियों को क्या-क्या शारीरिक श्रम करना चाहिए? (९) हमारे मनो...
- (७) यज्ञ का विज्ञान से किस तरह का सम्बन्ध है?... (८) यज्ञ से मनुष्य को क्या प्रेरणाएँ ग्रहण करनी चाहिए? गायत्री यज्ञ-आन्दोलन—एक महान रचनात्मक अभियान ...
- (७) यज्ञोपवीत गायत्री माता का स्वरूप क्यों माना जाता है तथा इसका तात्पर्य क्या है?... (८) नर से नारायण, पुरुष से पुरुषोत्तम, लघु से महान और आत्मा से परमात्मा किस तरह बना जा सकता है? (९) ...
- (७) यह आप कैसे कह सकते हैं कि भाग्यवाद ने हमें नपुंसक बना दिया है?... (८) विदेशी शासकों के जाने के बाद भी २३ वर्ष बीत जाने पर भी हम उन्नति क्यों नहीं कर सके? (९) भाग्यवाद...
- (७) युग निर्माण योजना इस समय सहकारिता का युग स्थापित करने के लिए क्या प्रयत्न कर रही है?... (८) सामाजिक शोषण, अशिक्षा आदि सहकारिता के द्वारा किस प्रकार हल हो सकेंगे? प्रगति के लिए श्रम, सम्मान...
- (७) युग निर्माण योजना इस समय सहकारिता का युग स्थापित करने के लिए प्रयत्न कर रही है?... (८) सामाजिक शोषण, अशिक्षा आदि सहकारिता के द्वारा किस प्रकार हल हो सकेंगे। कथाएँ —— (१) किसान को मृत...
- (७) युग निर्माण योजना द्वारा किस प्रकार के विचार प्रसारित किये जाते हैं?... (८) ज्ञान यज्ञ के होता उद्गाता कैसे लोग हैं? (९) हर घर की सच्ची सम्पत्ति क्या है? (१०) झोला पुस्तकाल...
- (७) युग निर्माण विद्यालय की कार्य-प्रणाली पर प्रकाश डालिए?... (८) छात्रों द्वारा सीखे जाने वाले गृह उद्योगों पर प्रकाश डालिए? (९) जीवन निर्माण की कला से आप क्या स...
- (७) युग-निर्माण योजना द्वारा किस प्रकार के विचार प्रसारित किए जाते हैं?... (८) ज्ञान-यज्ञ के होता, उद्गाता कैसे लोग हैं? (९) हर घर की सच्ची सम्पत्ति क्या है? (१०) झोला पुस्तका...
- (७) योजनाएँ समयावधि में कार्यान्वित क्यों नहीं होतीं?... (८) अपने देश में वोटरों को बहकाया जाना सरल क्यों है? (९) लोकमानस का स्तर ऊँचा उठाने के लिए क्या किया...
- (७) लोक शिक्षण के लिए क्या-क्या कार्य किया जा सकता है?... (८) सेवा दलों के संगठन का महत्त्व रचनात्मक कार्यों के अन्तर्गत क्यों है? (९) क्या पुस्तकालयों की आज ...
- (७) लोक शिक्षण के लिए क्या-क्या कार्य किया जाना चाहिए?... (८) सेवा दलों के संगठन का महत्त्व रचनात्मक कार्यों के अन्तर्गत क्यों है? (९) क्या पुस्तकालयों की आज ...
- (७) विधवा विवाह के लिए क्या आवश्यक है?... (८) विधवाओं के साथ क्या उदारता बरती जानी चाहिए? मनस्वी-शूरवीर विवाहोन्माद के असुर से जूझें धर्म के म...
- (७) विधवा विवाह के लिये क्या आवश्यक है?... (८) विधवाओं के साथ क्या उदारता बरती जानी चाहिए? कथाएँ —— (१) समाज सुधारक महर्षि कर्वे से एक व्यक्ति...
- (७) विवाह की सफलता का आधार क्या है?... (८) पाणिग्रहण की महत्ता क्या है? (९) दाम्पत्य जीवन में स्वर्ग उतारने की व्यवहारिक योजना बनाइये। कथा...
- (७) विवाह के सम्बन्ध में युवकों के क्या कर्तव्य हैं?... (८) भारतीय समाज में विवाह की प्रथा में क्या-क्या संशोधन होना आवश्यक है। प्रश्न —— (१) धुरियावाँ (उ०...
- (७) विवाह के सम्बन्ध में युवकों के क्या कर्तव्य हैं?... (८) भारतीय समाज में विवाह की प्रथा में क्या-क्या संशोधन होना आवश्यक है? बिना खर्च के विवाहों का प्रच...
- (७) विवाह में लड़के व लड़की वालों की मनोभूमि कैसी होती है?... (८) कृतज्ञ किसे होना चाहिए व क्यों? (९) आज के युवकों का क्या कर्तव्य है? (१०) हिन्दू समाज के संगठित ...
- (७) विवाह में लड़के व लड़की वालों की मनोभूमि कैसे होती है?... (८) कृतज्ञ किसे होना चाहिए व क्यों? (९) आज के युवकों के क्या कर्तव्य हैं? (१०) हिन्दू समाज के संगठित...
- (७) विवाहों के अवसर पर अमीरी दिखने की उत्कंठा चरम सीमा पर पहुँच जाती है?... कैसे? (८) अमीरी प्रदर्शित करने वाले स्त्री और पुरुष का समझदार वर्ग पर क्या असर पड़ता है? (९) ठाठ-बाट ...
- (७) शिक्षित नारी के विवाह की कठिनाइयों को दूर करने के लिए किन-किन धारणाओं को बदलना चाहिए?... (८) शिक्षित लड़की खुद ही दहेज किस प्रकार से है? विधुर और विधवाएँ समान न्याय के अधिकारी नर और नारी ईश्...
- (७) शिक्षित नारी भी किस विधि से आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद दे सकती है?... (८) शिक्षित युवकों की बेकारी समस्या किस प्रकार हल की जा सकती है? (९) ‘युग निर्माण विद्यालय’ यह आप कि...
- (७) शिक्षित नारी भी किस विधि से आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद दे सकती हैं?... (८) शिक्षित युवकों की बेकारी की समस्या किस प्रकार हल की जा सकती हैं? (९) ‘युग निर्माण विद्यालय’ यह आ...
- (७) शिखा रखवाने के लिए किस तरह का उपाय करना चाहिए?... यज्ञोपवीत धारण—नीति और कर्तव्य अपनाने का व्रतबन्ध भारतीय समाज के दो प्रधान चिन्ह हैं-(१) शिखा (२) य...
- (७) शिशु जन्म के बाद माता-पिता को अपना आचरण कैसा रखना चाहिए?... (८) बच्चों का सच्चा शिक्षण कहाँ होता है-वह किस पर निर्भर है? (९) विवाह प्रचलन की सार्थकता किसमें हैं...
- (७) श्रवण संयम का तात्पर्य क्या है?... (८) नासिका संयम का ध्यान कैसे रखा जाय? (९) समृद्धि का सदुपयोग क्या है? (१०) सबसे कल्याण का राज मन्त्...
- (७) संयुक्त कुटुम्ब के कतिपय दोष बताइये?... (८) संयुक्त परिवार की आचार संहिता का आधार क्या हो? (९) संयुक्त परिवार की परम्परा को कैसे जीवित रखा ज...
- (७) साक्षरता प्रसार आन्दोलन कैसे चलाया जाय?... (८) जनसाधारण में शिक्षा का महत्त्व प्रतिष्ठापित करने हेतु क्या किया जाना चाहिए? (९) देश में शत प्रत...
- (७) सादगी श्रेष्ठता का कैसे निर्माण करती है?... (८) भक्ति योग का क्या अर्थ है? (९) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना कैसे जागती है? (१०) आत्मा परमात्मा में...
- (७) सादगी श्रेष्ठता का निर्माण कैसे करती है?... (८) भक्तियोग का क्या अर्थ है? (९) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना कैसे जागती है? (१०) आत्मा-परमात्मा में ...
- (७) साधु-ब्राह्मण समाजोत्थान और देश की प्रगति में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं?... मन्दिर आस्तिकता और सत्प्रवृत्तियाँ जगाने में लगें विशालकाय मन्दिरों का निर्माण करने की प्रक्रिया भार...
- (७) सामूहिक विवाह करने से क्या लाभ है?... (८) उपजातियाँ कैसे बनीं? दहेज से बचने के लिये क्या किया जाय? (९) युग निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध...
- (७) सामूहिक विवाह करने से क्या लाभ है?... (८) उपजातियाँ कैसे बनीं? दहेज से बचने के लिए क्या किया जाय? (९) युग-निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध ...
- (७) सार्थक सम्पन्नता का लाभ किस व्यक्ति को प्राप्त होता है?... (८) गैर जिम्मेदार व्यक्ति किस प्रकार हानि कारक है? (९) शासन तन्त्र की गैर जिम्मेदारी ने भारत देश को ...
- (७) सिद्ध करो अनीति करने की तरह अनीति सहना भी पाप है?... (८) अपराध क्यों बढ़ रहे हैं? (९) उन्हें कैसे रोका जाना चाहिए? कथाएँ —— (१) पाण्डव उन दिनों राजा विरा...
- (७) सिद्ध करो कि अनीति करने की तरह अनीति सहना भी पाप है?... (८) अपराध क्यों बढ़ रहे हैं? (९) उन्हें कैसे रोका जाना चाहिए? धर्मतंत्र को प्रगतिशील बनने दिया जाये ज...
- (७) स्वास्थ्य के लिये कैसा वातावरण जरूरी है?... (८) परिश्रम के क्या लाभ हैं, शारीरिक श्रम कितना किया जाए? (९) ब्रह्मचर्य जीवन के लिये क्यों आवश्यक ह...
- (७) हमारी सरकार तथा धर्म संस्थाएँ भिक्षा उन्मूलन में किस प्रकार सहयोग दे सकती हैं?... (८) यदि भिक्षा व्यवसाय खत्म कर दिया जाए तो समाज कैसे इनके बोझ से छूटेगा? मृतक भोज भी अविवेकपूर्ण न ह...
- (७) हर जगह कौन-कौन से शाक उगाये जा सकते हैं?... (८) फूलोत्पादन से क्या लाभ हैं? (१०) हरित-क्रान्ति से क्या समझते हो? (११) कम खर्च में थोड़ी भूमि में ...
- (७) हर जगह कौन-कौन से शाक उगायें जा सकते हैं?... (८) फूलों-उत्पादन से क्या लाभ है? (९) पौध एवं नर्सरी लगाने से क्या लाभ है? (१०) हरित क्रान्ति से क्या...
- (७) हिन्दू समाज की संख्या निरन्तर कम होने का क्या कारण है?... (८) हिन्दू समाज संकीर्ण, अनुदार एवं अन्यायी क्यों कहा जाता है? (९) ऊँच-नीच के मामलों में हमारा कर्तव...
- (८) अनैतिक व्यक्ति को लोग प्यार क्यों नहीं करते?... (९) सामाजिक तिरस्कार एवं असहयोग भी क्षण के लिये भी शान्ति का अनुभव क्यों नहीं करता है। कथाएँ —— (१)...
- (८) अपने देश में वोटरों को बहकाया जाना सरल क्यों है?... (९) लोकमानस का स्तर ऊँचा उठाने के लिए क्या किया जाना चाहिए? (१०) पार्टियाँ अपना गौरव क्यों खो चुकी ह...
- (८) अपराध क्यों बढ़ रहे हैं?... (९) उन्हें कैसे रोका जाना चाहिए? कथाएँ —— (१) पाण्डव उन दिनों राजा विराट् के यहाँ छद्म वेष से रह रह...
- (८) अपराध क्यों बढ़ रहे हैं?... (९) उन्हें कैसे रोका जाना चाहिए? धर्मतंत्र को प्रगतिशील बनने दिया जाये जिस तरह व्यक्तिगत जीवन में ‘व...
- (८) अमीरी प्रदर्शित करने वाले स्त्री और पुरुष का समझदार वर्ग पर क्या असर पड़ता है?... (९) ठाठ-बाट और अपव्यय के बजाय बचत का पैसा हमें कहाँ खर्च करना चाहिए? (१०) सादगी सज्जनता का प्रतिनिध...
- (८) अवांछनीय तत्त्वों का उग्र प्रतिरोध कैसे किया जायेगा?... (९) ठगी एवं हरामखोरी को बन्द करने के लिए कौन से कदम उठाये जायें। (१०) संघर्ष की बहुमुखी प्रचण्ड प्रक...
- (८) अवांछनीय तत्त्वों का उग्र प्रतिरोध कैसे किया जायेगा?... (९) ठगी एवं हरामखोरी को बन्द करने के लिए कौन-से कदम उठाये जायें? (१०) संघर्ष की बहुमुखी प्रचण्ड-प्रक...
- (८) अवांछनीय स्थितियाँ किस तरह बदली जा सकती हैं?... (९) हिम्मत क्या है? इसे अपनाने से क्या लाभ होते हैं? (१०) किस दुश्मन ने हमारी मनोभूमि का ढाँचा ही बद...
- (८) आज का मानव किस प्रकार का व्यवहार कर रहा है?... कथाएँ —— (१) राजा महेन्द्रप्रताप के कोई सन्तान नहीं थी। उनकी धर्मपत्नी ने लड़का गोद लेने की इच्छा की...
- (८) आत्म शान्ति एवं सन्तोष किन्हें मिलता है?... (९) नरक क्या है? क्या वह इसी लोक में नहीं है? (१०) ‘भवबन्धन’ की मान्यता कहाँ तक सही है? (११) जन्म-मरण...
- (८) आदर्श दिनचर्या बनाइये?... (९) लगन एवं मनोयोग से ही बड़े काम होते हैं? सिद्ध करें। (१०) फुरसत न मिलने का बहाना बे बुनियाद कैसे ह...
- (८) इस समय नारियों को क्या करना चाहिए, पर वे क्या कर रही हैं?... (९) अश्लीलता की बाढ़ से समाज को बचाये रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए? भिक्षावृत्ति को व्यवसाय न रहन...
- (८) इस समय नारियों को क्या करना चाहिए पर वे क्या कर रही हैं?... (९) अश्लीलता की बाढ़ से समाज को बनाये रखने के लिये हमें क्या करना चाहिए? कथाएँ —— (१) पाकिस्तान की ...
- (८) उपजातियाँ कैसे बनीं?... दहेज से बचने के लिये क्या किया जाय? (९) युग निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध में किये जाने वाले कार्य...
- (८) उपजातियाँ कैसे बनीं?... दहेज से बचने के लिए क्या किया जाय? (९) युग-निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध में किये जाने वाले कार्यो...
- (८) उपदेश नहीं चरित्र का क्या प्रभाव पड़ता है सिद्ध करें?... (९) ‘‘आत्म चिन्तन’’ आत्म-सुधार एवं ‘‘आत्म निर्माण’’ से क्या समझते हो? (१०) अध्यापन कला के आवश्यक तत्त...
- (८) उपदेश नहीं चरित्र का क्या प्रभाव पड़ता है-सिद्ध करें?... (९) ‘आत्म-चिन्तन’ ‘आत्म-सुधार’ एवं ‘आत्म-निर्माण’ से क्या समझते हो? (१०) अध्यापन कला के आवश्यक तत्त्...
- (८) कला का उपयोग युग निर्माण हेतु कैसे किया जा सकता है?... कथाएँ —— (१) आचार्य धौम्य एक नृत्योत्सव में सम्मिलित हुए। उसमें उनका एक शिष्य भी था। दूसरे दिन पाठ...
- (८) कला का उपयोग युग-निर्माण हेतु कैसे किया जा सकता है?... रचनात्मक कार्यक्रमों से ही देश समर्थ बनेगा अधिक प्रभाव उन घटनाओं का पड़ता है, जो आँख के आगे से गुजरत...
- (८) कस्तूरी, चँवर, मोती, बालों वाले बच्चों के कोट, मोजे, दस्ताना, टोपी आदि किस प्रकार प्राप्त किये जाते हैं?... (९) चमड़े की जगह हमें किन वस्तुओं को उपयोग में लाना चाहिए कि निरीह प्राणियों का संहार न हो? (१०) क्या...
- (८) कस्तूरी, चँवर, मोती, बालों वाले बच्चों के कोट, मोजे, दस्ताने, टोपे आदि किस प्रकार प्राप्त किये जाते हैं?... (९) चमड़े की जगह हमें किन वस्तुओं को उपयोग में लाना चाहिए कि निरीह प्राणियों का संहार न हो? (१०) क्या...
- (८) किस प्रकार कोई चतुर वक्ता कुरीतियों एवं विकृतियों का उन्मूलन करा सकता है?... कथाएँ —— (१) आज शस्त्र पूजा क्यों होती है? एक ग्रामीण युवक ने पुरोहित से प्रश्न किया इसलिये कि मनु...
- (८) किस प्रकार कोई चतुर वक्ता कुरीतियों एवं विकृतियों का उन्मूलन करा सकता है?... जन्म-दिवस और विवाह-दिवस मनाये जायें सभी अवतार सहस्त्र कलाओं वाले परब्रह्म के छोटे-छोटे अंशधर होते ह...
- (८) कृतज्ञ किसे होना चाहिए व क्यों?... (९) आज के युवकों के क्या कर्तव्य हैं? (१०) हिन्दू समाज के संगठित न होने के प्रमुख कारण क्या है?...
- (८) कृतज्ञ किसे होना चाहिए व क्यों?... (९) आज के युवकों का क्या कर्तव्य है? (१०) हिन्दू समाज के संगठित न होने का प्रमुख कारण क्या है? बाल-व...
- (८) क्या गायत्री यज्ञ आन्दोलन अधिक दृष्टि से भी कम खर्चीला है?... किस तरह? (९) नर और नारी समान गायत्री यज्ञ आन्दोलन से किस प्रकार लाभ प्राप्त कर सकते हैं? कथाएँ —— (...
- (८) क्या गायत्री यज्ञ आन्दोलन आर्थिक दृष्टि से भी अधिक खर्चीला है किस तरह?... (९) नर और नारी गायत्री यज्ञ आन्दोलन से किस प्रकार लाभ प्राप्त कर सकते हैं? शिखा—भारतीय संस्कृति की ध...
- (८) क्या छोटी आयु में विवाह कर देने से लड़कियाँ शीलवान बनी रह सकती हैं?... (९) उस कारण को समझाइए जिसके कारण लड़कियाँ का विवाह छोटी उम्र में ही कर दिया जाता था? खर्चीली शादियाँ ...
- (८) गाँवों के पिछड़े लोग किस प्रकार के देवी-देवताओं को मानते हैं तथा उनसे उन्हें क्या हानियाँ हैं?... (९) भूत-पलीत और इनका उद्भिज देवी-देवताओं के जंजाल से छूटने के लिए क्या किया जाना चाहिए? पशुबलि—भारती...
- (८) गैर जिम्मेदार व्यक्ति किस प्रकार हानि कारक है?... (९) शासन तन्त्र की गैर जिम्मेदारी ने भारत देश को किस तरह हानि पहुँचाई है? (१०) समाज के सदस्य किस प्र...
- (८) गौ-वंश नष्ट होने के कारण बतायें?... (९) गौ-पालन के लाभों पर प्रकाश डालिए। (१०) गौ-दुग्ध और गौ-घृत के सेवन का व्रत क्यों लेना चाहिए? अधिक...
- (८) घर-घर में चलाये जा सकने योग्य ऐसे कौन से आन्दोलन हैं जिनमें स्त्री जाति की प्रतिष्ठा फिर स्थापित हो सकती है?... कथाएँ —— (१) शिवदेवी शास्त्री जिस स्कूल में पढ़ती वहाँ की लड़कियों ने एक दिन शिकायत की कि जब वे गलि...
- (८) छात्रों द्वारा सीखे जाने वाले गृह उद्योगों पर प्रकाश डालिए?... (९) जीवन निर्माण की कला से आप क्या समझते है? (१०) रात्रि पाठशालाओं की आवश्यकता क्यों हैं? कला लोकरंज...
- (८) जनसाधारण में शिक्षा का महत्त्व प्रतिष्ठापित करने हेतु क्या किया जाना चाहिए?... (९) देश में शत प्रतिशत साक्षरता कैसे लाई जा सकती है? कथाएँ —— (१) ‘‘तार’’ को किसी की मृत्यु की सूचन...
- (८) जन्म दिन का वास्तविक लाभ किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है?... (९) युग निर्माण योजना के अनुसार विवाह दिन किस प्रकार मनाया जा सकता है? कथाएँ —— (१) पिता को भगवान् ...
- (८) जन्मदिन का वास्तविक लाभ किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है?... (९) युग-निर्माण योजना के अनुसार विवाह दिन किस प्रकार मनाया जा सकता है। गायत्री और यज्ञ—भारतीय धर्म-स...
- (८) जीवन की प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण होने का उपाय क्या है?... (९) सज्जनता की सामान्य परिभाषा क्या है? (१०) आदर्श जीवन के कौन-कौन से गुण अपनाना अनिवार्य है? कथाएँ...
- (८) जेवर प्रथा बन्द होने से विवाहों की अवस्था में क्या सुधार हो सकता है?... कथाएँ —— (१) रामलाल और श्यामलाल का बँटवारा हुआ रामलाल स्त्री के कहने में आ गया और सारी पूँजी जेवरो...
- (८) ज्ञान यज्ञ के होता उद्गाता कैसे लोग हैं?... (९) हर घर की सच्ची सम्पत्ति क्या है? (१०) झोला पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालिये?...
- (८) ज्ञान-यज्ञ के होता, उद्गाता कैसे लोग हैं?... (९) हर घर की सच्ची सम्पत्ति क्या है? (१०) झोला पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालिए। व्यक्ति और समाज...
- (८) झोला पुस्तकालय किस प्रयोजन की पूर्ति के लिये हैं?... कथाएँ —— (१) लन्दन की एक सभा में स्वामी विवेकानन्द भाषण कर रहे थे मानव धर्म की प्रतिष्ठा के लिये स...
- (८) झोला-पुस्तकालय किस प्रयोजन की पूर्ति के लिए है?... ज्ञान-यज्ञ—नवनिर्माण का महानतम अभियान आज व्यक्ति को अनेक व्यथा-वेदनाओं में डूबा हुआ और समाज की अनेक...
- (८) दुष्टता के प्रतिरोध में क्या किया जाए?... कथाएँ —— (१) तुर्की क्र प्रसिद्ध फकीर जकीर नदी के किनारे रहते थे। एक दिन एक सेव बहा चला आ रहा था। ...
- (८) धर्म के नाम पर पाखण्ड एवं शोषण से जनता को कैसे मुक्त किया जा सकता है?... (९) राजनीति से अधिक महत्त्व धर्म नीति का क्यों है? (१०) धर्म के सच्चे स्वरूप पर प्रकाश डालिए? प्रश्...
- (८) धर्म के नाम पर पाखण्ड एवं शोषण से जनता को कैसे मुक्त किया जा सकता है?... (९) राजनीति से अधिक महत्त्व धर्मनीति का क्यों है? (१०) धर्म के सच्चे स्वरूप पर प्रकाश डालिए। साधु-ब्...
- (८) नर से नारायण, पुरुष से पुरुषोत्तम, लघु से महान और आत्मा से परमात्मा किस तरह बन सकता है?... (९) उपनयन संस्कार करवाने की दक्षिणा के स्वरूप हमें क्या देना चाहिए। (१०) युग निर्माण योजना के उद्दे...
- (८) नर से नारायण, पुरुष से पुरुषोत्तम, लघु से महान और आत्मा से परमात्मा किस तरह बना जा सकता है?... (९) उपनयन संस्कार करवाने की दक्षिणा के स्वरूप हमें क्या देना चाहिए? (१०) युग-निर्माण योजना के उद्देश...
- (८) नासिका संयम का ध्यान कैसे रखा जाय?... (९) समृद्धि का सदुपयोग क्या है? (१०) सबसे कल्याण का राज मन्त्र क्या है? कथाएँ —— (१) पड़ोस की एक स्त...
- (८) निरन्तर प्रगति एवं उन्नति का ‘गुरु मन्त्र क्या है?... ’ (९) सिद्ध कीजिये कि आलसी हरामखोर या परिश्रमी प्रतिष्ठावान होता है। (१०) समृद्ध एवं समुन्नत बनने का...
- (८) पतिव्रत का महान आदर्श क्या है?... (९) गृहस्थी को सुखी बनाने में पति का दायित्व अधिक क्यों है। (१०) गृहस्थ जीवन का मूल आधार क्या है? क...
- (८) परिश्रम के क्या लाभ हैं, शारीरिक श्रम कितना किया जाए?... (९) ब्रह्मचर्य जीवन के लिये क्यों आवश्यक है? (१०) हमारा जीवन किस प्रकार का हो? कथाएँ —— (१) प्रसिद्...
- (८) पशुबलि समाप्त करने के लिए क्या प्रयत्न किये जाने चाहिए?... (९) आधुनिक युग में बलि की प्रथा में कैसे संशोधन किया जाये? (१०) पशुबलि का समर्थन कौन करता है? प्राणि...
- (८) पशुबलि समाप्त करने के लिये क्या प्रयत्न किये जाने चाहिए?... (९) आधुनिक युग में बलि की प्रथा में कैसे संशोधन किया जावे। (१०) पशुबलि का समर्थन कौन करता है? प्रश्...
- (८) पाणिग्रहण की महत्ता क्या है?... (९) दाम्पत्य जीवन में स्वर्ग उतारने की व्यवहारिक योजना बनाइये। कथाएँ —— (१) च्यवन समाधि में लीन था ...
- (८) फूलों-उत्पादन से क्या लाभ है?... (९) पौध एवं नर्सरी लगाने से क्या लाभ है? (१०) हरित क्रान्ति से क्या समझते हो? (११) कम खर्च में थोड़ी भ...
- (८) फूलोत्पादन से क्या लाभ हैं?... (१०) हरित-क्रान्ति से क्या समझते हो? (११) कम खर्च में थोड़ी भूमि में कौन-कौन उपाय पनप सकता है? वृक्षा...
- (८) बच्चों का सच्चा शिक्षण कहाँ होता है-वह किस पर निर्भर है?... (९) विवाह प्रचलन की सार्थकता किसमें हैं? (१०) प्रयत्न पूर्वक कैसी चेष्टा की जानी चाहिए।कथाएँ —— (१)...
- (८) बुरे विचारों से किस तरह बचा जा सकता है?... विचारों के उत्पादन का स्रोत क्या है? (९) विचारों की भूल का प्रायश्चित परिमार्जन कैसे किया जाये। कथा...
- (८) बेटी वाले को किस प्रकार का बरताव करना चाहिए?... उच्च शिक्षित कन्या की विवाह समस्या और उसके नये हल मानव जाति का उज्ज्वल भविष्य नारी का स्तर ऊँचा उठा...
- (८) बेटी वाले को किस प्रकार का बर्ताव करना चाहिए?... कथाएँ —— (१) अमरेली (गुजरात) के भीलड़ी ग्राम में एक शादी हो रही थी। चौथी भँवर चल रही थी कि लड़के वाल...
- (८) भक्ति योग का क्या अर्थ है?... (९) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना कैसे जागती है? (१०) आत्मा परमात्मा में किस प्रकार मिलता है? कथाएँ ——...
- (८) भक्तियोग का क्या अर्थ है?... (९) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना कैसे जागती है? (१०) आत्मा-परमात्मा में किस प्रकार मिलती है? आध्यात्मि...
- (८) भारतीय समाज में विवाह की प्रथा में क्या-क्या संशोधन होना आवश्यक है?... बिना खर्च के विवाहों का प्रचण्ड आन्दोलन चल पड़े इस देश में ८ लाख गाँव और ९० करोड़ लोग बसते हैं। यदि ह...
- (८) भोजन किस तरह से किया जाना चाहिए?... (९) आहार के सिवा और किस पर नियंत्रण रखा जाना चाहिए? किस तरह? (१०) नियमित दिनचर्या किस प्रकार श्रेष्...
- (८) भोजन परोसने में क्या सावधानी रखनी चाहिए?... (९) सप्ताह में एक उपवास क्यों आवश्यक है? उपवास के लाभ बताइये? (१०) चूहों व कीड़ों से अन्न की बरबादी ...
- (८) मर्यादा उल्लंघन में क्या हानियाँ है?... (९) आज के युवकों में अनुशासनहीनता क्यों है उन्हें कैसे सभ्य नागरिक बनाया जा सकता है? उदार सहकारिता स...
- (८) मर्यादा के उल्लंघन से क्या हानियाँ है?... (९) आज के युवकों में अनुशासन हीनता क्यों है उन्हें कैसे सभ्य-नागरिक बनाया जा सकते है? कथाएँ —— (१) ...
- (८) महात्मा कबीर के पास एक युवक दम्पत्ति पहुँचे और बोले महात्मन् हम दोनों में परस्पर प्रेम और एकता न होने से खींचतान बनी रहती हैं?... कुछ समझ में नहीं आता गृहस्थ सुख कैसे पायें। कबीर बोले विवाह के समय जो प्रतिज्ञायें लिखकर घर की दीवार...
- (८) मृतक भोज खाना स्वाभिमानी व्यक्ति के गौरव के सर्वथा विपरीत क्यों है?... (९) सत्यानाशी कुप्रथाओं का अन्त कैसे होगा? (१०) मृतक की सम्पत्ति का सर्वोत्तम सदुपयोग किन २ कामों मे...
- (८) मृतक भोज खाना स्वाभिमानी व्यक्ति के गौरव के सर्वथा विपरीत क्यों है?... (९) सत्यानाशी कुप्रथाओं का अन्त कैसे होगा? (१०) मृतक की सम्पत्ति का सर्वोत्तम सदुपयोग किन-किन कामों ...
- (८) यज्ञ से मनुष्य को क्या प्रेरणाएँ ग्रहण करनी चाहिए?... गायत्री यज्ञ-आन्दोलन—एक महान रचनात्मक अभियान यों यज्ञ कई प्रकार के होते हैं, अलग-अलग देवी-देवताओं त...
- (८) यदि भिक्षा व्यवसाय खत्म कर दिया जाए तो समाज कैसे इनके बोझ से छूटेगा?... मृतक भोज भी अविवेकपूर्ण न हों मनुष्य के मरने के बाद उसके परिवारी प्रियजनों को वियोग-जन्य दुःख और सं...
- (८) यदि भिक्षा व्यवसाय खत्म कर दिया जाय तो समाज कैसे इनके बोझ से छूटेगा?... कथाएँ —— (१) हजरत इब्राहिम के पास एक भिखारी आया और भीख माँगने लगा।...
- (८) यह कभी आपको पिता-माता या परिवार वालों की तरफ से अनीति को मानने का आग्रह किया जाय तो क्या आप आग्रह मान लेंगे?... यदि नहीं तो आपको उस समय क्या आवश्यक है। (९) क्या आप कुछ पुराने समय के ऐसे उदाहरण दे सकते हैं कि परिव...
- (८) युवावस्था को अलंकृत करने वाले सद्गुण कौन-कौन से हैं?... (९) युवकों को अपना स्वर्णिम एवं शानदार भविष्य बनाने के लिए क्या करना चाहिए? नवयुवक सज्जनता और शालीनत...
- (८) वानप्रस्थ आश्रम परम्परा के लोप हो जाने से हमारे भारतीय समाज को क्या हानियाँ उठानी पड़ी हैं?... (९) आपके विचार में इन चारों आश्रमों में सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण आश्रम (समाज के लिये) कौन सा है? तथा क...
- (८) विचार क्रान्ति के आदर्श वारी विचारधारा का प्रतिपादन करने के लिए किस प्रकार से कार्य-किया जाना चाहिए?... (९) समय की महत्त्वपूर्ण आवश्यकता शिक्षा के प्रचार के लिये हमें किस तरह अपना कर्तव्य पूरा करना होगा? ...
- (८) विदेशी शासकों के जाने के बाद भी २३ वर्ष बीत जाने पर भी हम उन्नति क्यों नहीं कर सके?... (९) भाग्यवाद उपयोगी भी है। कब? कैसे? (१०) कर्म भाग्य कब बनता है?कथाएँ —— (१) एक युवक को नौकरी के लिए...
- (८) विद्वानों की पंक्ति में किस तरह बैठा जा सकता है?... (१०) हमें अपना महत्त्व ज्ञात करने के लिए क्या करना चाहिए। कथाएँ —— (१) वैद्य जी ने रोगी को दवा दी औ...
- (८) विधवाओं के साथ क्या उदारता बरती जानी चाहिए?... कथाएँ —— (१) समाज सुधारक महर्षि कर्वे से एक व्यक्ति ने कहा-विधवा विवाह नहीं करना चाहिए क्योंकि एक...
- (८) विधवाओं के साथ क्या उदारता बरती जानी चाहिए?... मनस्वी-शूरवीर विवाहोन्माद के असुर से जूझें धर्म के मूल सिद्धान्त तो सनातन हैं वे अपरिवर्तित रहते है...
- (८) विनाश के उत्पादन से क्या समझते हो?... इस व्यय को अन्य उद्योगों में कैसे लगाया जा सकता है? (९) तंबाकू से अपराध वृत्ति कैसे पनपती है? (१०) ‘...
- (८) विवेकशीलता का तकाजा क्या है?... (९) विवाह प्रथा में सुधार का प्रारम्भ कैसे किया जाय। युग की माँग क्या है? (१०) विवाहोत्सव की योजना क...
- (८) विवेकशीलता का तकाजा क्या है?... (९) विवाह प्रथा में सुधार का प्रारम्भ कैसे किया जाय? युग की माँग क्या है? (१०) विवाहोत्सव की योजना क...
- (८) वृक्षों से भूमि संरक्षण कैसे होता है?... (९) पीपल, बड़ एवं आँवले की पूजा क्यों की जाती है? (१०) वृक्ष हमारी खाद्य समस्या को हल करने में कैसे स...
- (८) व्यायाम आन्दोलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए?... कथाएँ —— (१) एक व्यक्ति कई-कई दिन तक बाहर रहता, लौट कर आता तो पड़ोसी पूछता आज कल आप क्या कर रहे हैं...
- (८) शिक्षित नारी के विवाह की कठिनाइयों को दूर करने के लिए किन-किन धारणाओं को बदलना चाहिए?... (९) शिक्षित लड़की खुद ही दहेज किस प्रकार से है? कथाएँ —— (१) ताजकुण्डिया की एम. ए. पास कन्या ने कक्षा...
- (८) शिक्षित युवकों की बेकारी की समस्या किस प्रकार हल की जा सकती हैं?... (९) ‘युग निर्माण विद्यालय’ यह आप किस आधार पर कह सकते हैं कि यह विद्यालय व्यक्ति को रोजगार, आर्थिक उन...
- (८) शिक्षित युवकों की बेकारी समस्या किस प्रकार हल की जा सकती है?... (९) ‘युग निर्माण विद्यालय’ यह आप किस आधार पर कह सकते हैं कि यह विद्यालय व्यक्ति को रोजगार, आर्थिक उन...
- (८) शिक्षित लड़की खुद ही दहेज किस प्रकार से है?... विधुर और विधवाएँ समान न्याय के अधिकारी नर और नारी ईश्वर की दो आँखें, दो भुजाएँ, दो सन्तान हैं। दोनो...
- (८) सन्तान सीमित हो क्यों आवश्यक है?... (९) कुरीतियों और अन्ध-परम्पराओं की हानियाँ बताओ? (१०) परिवार के भावनात्मक विकास तथा अनुभव में वृद्धि...
- (८) संयुक्त परिवार की आचार संहिता का आधार क्या हो?... (९) संयुक्त परिवार की परम्परा को कैसे जीवित रखा जाय। कथाएँ— (१) एक किसान के चारों बेटों में झगड़ा ह...
- (८) सप्ताह में एक उपवास क्यों आवश्यक है?... उपवास के लाभ बताइए। (९) चूहों व कीड़ों से अन्न की बर्बादी बचाने के लिए क्या किया जाये? (१०) अन्न संकट...
- (८) समय की बरबादी धन की बरबादी से भी अधिक अहित कर है-सिद्ध करें?... (९) व्यायाम में सफलता का रहस्य क्या है? (१०) मिलावट से क्या हानि है? कथाएँ —— (१) बात बंगाल के कुमि...
- (८) सामने वाले व्यक्ति से हमें क्रोध न करके किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए?... (९) क्रोध करने से हमें शारीरिक कठिनाइयाँ क्यों होती हैं! कथाएँ —— (१) भगवान् बुद्ध एक ऐसे गाँव में ...
- (८) सामाजिक शोषण, अशिक्षा आदि सहकारिता के द्वारा किस प्रकार हल हो सकेंगे?... प्रगति के लिए श्रम, सम्मान एवं गृह-उद्योगों की आवश्यकता वह समय चला गया जब एक कमाता था और सारा परिवा...
- (८) सेवा दलों के संगठन का महत्त्व रचनात्मक कार्यों के अन्तर्गत क्यों है?... (९) क्या पुस्तकालयों की आज के समय में अत्यन्त आवश्यकता है? कथाएँ —— (१) खान अब्दुल गफ्फार से एक पत्...
- (८) सेवा दलों के संगठन का महत्त्व रचनात्मक कार्यों के अन्तर्गत क्यों है?... (९) क्या पुस्तकालयों की आज के समय में अत्यन्त आवश्यकता है?...
- (८) स्वच्छ रहने का प्रतिफल हमें क्या मिलेगा?... कथाएँ —— (१) धूल धूसरित वेश और अस्त-व्यस्त केश एक व्यक्ति सन्त सुकरात के पास जाकर बोला-महाराज धर्म ...
- (८) स्वतंत्र चिन्तन एवं पुरुषार्थ पूर्ण कर्तव्य ही सुख के सारे द्वार खोलता है?... सिद्ध कीजिए (९) सिद्ध कीजिए कि शकुन, मुहूर्त, कुण्डली, राशिफल, मनुष्य को भयभीत व कमजोर बनाते हैं? (१...
- (८) स्वाध्याय के लिए कैसा साहित्य होना चाहिए?... (९) युग निर्माण योजना के साहित्य पर प्रकाश डालें। (१०) स्वाध्याय को नित्य कर्म क्यों मानना चाहिए? क...
- (८) स्वाध्याय के लिए कैसा साहित्य होना चाहिए?... (९) युग निर्माण योजना के साहित्य पर प्रकाश डालें? (१०) स्वाध्याय को नित्यकर्म क्यों मानना चाहिए? अपन...
- (८) स्वास्थ्य रक्षा के लिये मनुष्य और स्त्रियों को क्या-क्या शारीरिक श्रम करना चाहिए?... (९) हमारे मनोविकारों का हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है? (१०) स्वास्थ्य रक्षा के लिये हमें मा...
- (८) हम किन-किन अनावश्यक खर्चों को कम करके बचत कर सकते हैं?... (९) जेब में रुपया रख के घूमना और उधार लेना किस प्रकार हानि कारक है? (१०) अमीरों के रहन-सहन की नकल कर...
- (८) हमारी किन दुर्बलताओं के कारण अनीति करने वाले हमें ठग जाते हैं?... (९) अनीति से ठगे जाने से बचने के लिये हमें क्या-क्या सावधानियाँ रखना चाहिए? (१०) क्या अनीति का प्रत...
- (८) हमारे मन्दिरों में लगी सम्पत्ति तथा व्यक्तियों के क्या पूजा और आरती के सिवाय भी कोई कर्तव्य हैं?... कथाएँ —— (१) एक बार कबीर ने प्रसंग वश अपने एक अनुयायी से कहा मैं अभी एक मन्दिर से होकर आ रहा हूँ। ...
- (८) हमारे मन्दिरों में लगी सम्पत्ति तथा व्यक्तियों के क्या पूजा और आरती के सिवाय भी कोई कर्तव्य हैं?... त्यौहार और संस्कार प्रेरणाप्रद पद्धति से मनाये जायें पर्व, त्यौहारों का प्रचलन मात्र हर्षोत्सव मनान...
- (८) हमेशा हँसते-हँसाते रहने वाले व्यक्ति खुद को तथा परिवार को किस प्रकार लाभ पहुँचाते हैं?... (९) हँसना किस प्रकार अमीरों की दौलत से भी बढ़कर हैं?कथाएँ —— (१) एक बार गाँधीजी से एक लड़का मिलने आया।...
- (८) हिन्दू समाज संकीर्ण, अनुदार एवं अन्यायी क्यों कहा जाता है?... (९) ऊँच-नीच के मामलों में हमारा कर्तव्य क्या है? कथाएँ —— (१) किसी ने विनोबा जी से पूछा-आप महाराष्ट...
- (८) हिन्दू समाज संकीर्ण, अनुदार एवं अन्यायी क्यों कहा जाता है?... (९) ऊँच-नीच के मामलों में हमारा कर्तव्य क्या है। अश्लीलता की बाढ़ हमें पतित बना रही है स्त्री-पुरुषों...
- (९) अनीति से ठगे जाने से बचने के लिये हमें क्या-क्या सावधानियाँ रखना चाहिए?... (१०) क्या अनीति का प्रतिरोध करने से जो हानि होती है उसके डर से हमें अनीति का प्रतिरोध नहीं करना चाहि...
- (९) अश्लीलता की बाढ़ से समाज को बचाये रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए?... भिक्षावृत्ति को व्यवसाय न रहने दें मनुष्यता का यह सबसे बड़ा अपमान है कि समर्थ होते हुए भी व्यक्ति दू...
- (९) अश्लीलता की बाढ़ से समाज को बनाये रखने के लिये हमें क्या करना चाहिए?... कथाएँ —— (१) पाकिस्तान की बात है। एक लड़की बुर्के में कॉलेज से निकली एक मनचले युवक ने उसका पीछा किय...
- (९) आज के युवकों का क्या कर्तव्य है?... (१०) हिन्दू समाज के संगठित न होने का प्रमुख कारण क्या है? बाल-विवाह—एक अति घातक कुप्रथा अपने देश में...
- (९) आज के युवकों के क्या कर्तव्य हैं?... (१०) हिन्दू समाज के संगठित न होने के प्रमुख कारण क्या है? कथाएँ —— (१) विश्व भारती महिला कॉलेज श्री...
- (९) आज के युवकों में अनुशासन हीनता क्यों है उन्हें कैसे सभ्य-नागरिक बनाया जा सकते है?... कथाएँ —— (१) पिता ने पुत्र को कुछ फल लाने को पैसे दिये। लड़का वहाँ से चल पड़ा तो उसे एक कन्या दिखाई ...
- (९) आज के युवकों में अनुशासनहीनता क्यों है उन्हें कैसे सभ्य नागरिक बनाया जा सकता है?... उदार सहकारिता से हमारी उलझनें सुलझेंगी अकेला व्यक्ति कितना ही प्रतिभावान क्यों न हो, अपने ही बल-बूत...
- (९) आधुनिक युग में बलि की प्रथा में कैसे संशोधन किया जाये?... (१०) पशुबलि का समर्थन कौन करता है? प्राणियों के प्रति निर्मम और निष्ठुर न बनें भगवान का एकमात्र पुत्...
- (९) आपके विचार में इन चारों आश्रमों में सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण आश्रम (समाज के लिये) कौन सा है?... तथा क्यों? कथाएँ —— (१) ५५ वर्ष की आयु में अध्यापक से रिटायर एक व्यक्ति ने विद्या की साधना प्रारम्भ...
- (९) आहार के सिवा और किस पर नियंत्रण रखा जाना चाहिए?... किस तरह? (१०) नियमित दिनचर्या किस प्रकार श्रेष्ठ, शक्तिशाली बनाती है? कथाएँ —— (१) प्रसिद्ध अमरीकी-...
- (९) उन्हें कैसे रोका जाना चाहिए?... कथाएँ —— (१) पाण्डव उन दिनों राजा विराट् के यहाँ छद्म वेष से रह रहे थे। विराट् के साले कीचक की कुद...
- (९) उन्हें कैसे रोका जाना चाहिए?... धर्मतंत्र को प्रगतिशील बनने दिया जाये जिस तरह व्यक्तिगत जीवन में ‘वासना और तृष्णा’ दो बड़े और प्रभाव...
- (९) उपनयन संस्कार करवाने की दक्षिणा के स्वरूप हमें क्या देना चाहिए?... (१०) युग-निर्माण योजना के उद्देश्यों की पूर्ति में बड़ी सहायता किस प्रकार मिल सकती है? ज्ञान-यज्ञ का ...
- (९) उस कारण को समझाइए जिसके कारण लड़कियाँ का विवाह छोटी उम्र में ही कर दिया जाता था?... खर्चीली शादियाँ हमें बेईमान और दरिद्र बनाती हैं संसार भर में विवाहोत्सव एक सरल पारिवारिक उत्सव के र...
- (९) ऊँच-नीच के मामलों में हमारा कर्तव्य क्या है?... कथाएँ —— (१) किसी ने विनोबा जी से पूछा-आप महाराष्ट्रीय ब्राह्मण हैं, कोकाणस्थ या देशस्य? उन्होंने ...
- (९) कुरीतियों और अन्ध-परम्पराओं की हानियाँ बताओ?... (१०) परिवार के भावनात्मक विकास तथा अनुभव में वृद्धि के लिए क्या करें? कथाएँ —— (१) एक गृहस्थ एक साध...
- (९) क्या पुस्तकालयों की आज के समय में अत्यन्त आवश्यकता है?... कथाएँ —— (१) खान अब्दुल गफ्फार से एक पत्रकार ने प्रश्न किया-आप इतना कम भाषण क्यों देते हैं? सीमान्...
- (९) क्या पुस्तकालयों की आज के समय में अत्यन्त आवश्यकता है?... अनीति, असुरता के विरुद्ध प्रबल संघर्ष किया जायेगा कोमल और सौम्य तत्त्वों को इशारे से समझाकर विवेक ए...
- (९) चमड़े की जगह हमें किन वस्तुओं को उपयोग में लाना चाहिए कि निरीह प्राणियों का संहार न हो?... (१०) क्या माँसाहार द्वारा हम अपने शरीर को सुदृढ़ बना सकते हैं? कथाएँ —— (१) कन्धे पर लहू लुहान कुत्त...
- (९) चमड़े की जगह हमें किन वस्तुओं को उपयोग में लाना चाहिए कि निरीह प्राणियों का संहार न हो?... (१०) क्या माँसाहार द्वारा अपने शरीर को सुदृढ़ बना सकते हैं? विवाहों के आदर्श ऊँचे रखे जायें विवाह दो...
- (९) चूहों व कीड़ों से अन्न की बर्बादी बचाने के लिए क्या किया जाये?... (१०) अन्न संकट को उत्पादन वृद्धि से ही नहीं संरक्षण एवं उपयोग के विवेकपूर्ण तरीकों से भी टाला जा सकत...
- (९) जीवन निर्माण की कला से आप क्या समझते है?... (१०) रात्रि पाठशालाओं की आवश्यकता क्यों हैं? कला लोकरंजन ही नहीं, भावनाओं का परिष्कार भी करे भावनाओं...
- (९) जीवन निर्माण की कला से क्या समझते हैं?... (१०) रात्रि पाठशालाओं की आवश्यकता क्यों है? कथाएँ —— (१) गाँधी जी से एक व्यक्ति ने पूछा-आप बुनियादी...
- (९) जेब में रुपया रख के घूमना और उधार लेना किस प्रकार हानि कारक है?... (१०) अमीरों के रहन-सहन की नकल करना किस प्रकार हानिकारक है? कथाएँ —— (१) सरदार वल्लभभाई पटेल विलायत ...
- (९) ठगी एवं हरामखोरी को बन्द करने के लिए कौन-से कदम उठाये जायें?... (१०) संघर्ष की बहुमुखी प्रचण्ड-प्रक्रिया से क्या समझते हो? आज के व्यक्ति के सामने उलझनें और जिज्ञासा...
- (९) ठाठ-बाट और अपव्यय के बजाय बचत का पैसा हमें कहाँ खर्च करना चाहिए?... (१०) सादगी सज्जनता का प्रतिनिधित्व करती है सिद्ध कीजिये? कथाएँ —— (१) श्री लाल बहादुर शास्त्री उन द...
- (९) तंबाकू से अपराध वृत्ति कैसे पनपती है?... (१०) ‘‘सभी धर्मों ने नशेबाजी की निन्दा की है’’ सिद्ध कीजिये? तंबाकू का सेवन अप्राकृतिक है? कथाएँ ——...
- (९) देश में शत प्रतिशत साक्षरता कैसे लाई जा सकती है?... कथाएँ —— (१) ‘‘तार’’ को किसी की मृत्यु की सूचना समझकर एक घर के अशिक्षित लोग रोने लगे इसी बीच पड़ोस...
- (९) नर और नारी गायत्री यज्ञ आन्दोलन से किस प्रकार लाभ प्राप्त कर सकते हैं?... शिखा—भारतीय संस्कृति की धर्म-ध्वजा भारतीय सभ्यता और संस्कृति के दो प्रमुख प्रतीक हैं एक शिखा (चोटी)...
- (९) नर और नारी समान गायत्री यज्ञ आन्दोलन से किस प्रकार लाभ प्राप्त कर सकते हैं?... कथाएँ —— (१) अश्वमेध समाप्त कर बैठे महाराज युधिष्ठिर कुछ चिन्तित से थे। ज्ञानी शुकदेव ने चिन्ता का...
- (९) नरक क्या है?... क्या वह इसी लोक में नहीं है? (१०) ‘भवबन्धन’ की मान्यता कहाँ तक सही है? (११) जन्म-मरण क्या है? (१२) सब...
- (९) नारी के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है?... (१०) नारी को पुरुषों की अपेक्षा अधिक सुविधाएँ क्यों मिलनी चाहिए? (११) विचारशील व्यक्ति का नारी समाज ...
- (९) पीपल, बड़ एवं आँवले की पूजा क्यों की जाती है?... (१०) वृक्ष हमारी खाद्य समस्या को हल करने में कैसे सहायक होते हैं? तुलसी हमारे हर घर में शोभायमान रहे...
- (९) पौध एवं नर्सरी लगाने से क्या लाभ है?... (१०) हरित क्रान्ति से क्या समझते हो? (११) कम खर्च में थोड़ी भूमि में कौन सा उद्योग पनप सकता है? कथाएँ...
- (९) ब्रह्मचर्य जीवन के लिये क्यों आवश्यक है?... (१०) हमारा जीवन किस प्रकार का हो? कथाएँ —— (१) प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सक डॉ० जैफर्सन से एक आदमी न...
- (९) भूत पलीत और इन उद्भिज देवी-देवताओं के जंजाल से छूटने के लिए क्या किया जाना चाहिए?... कथाएँ —— (१) एक आदमी बाहर तीर्थयात्रा पर जाने लगा तो उसने अपना धन एक स्थान पर छिपा दिया और पहचान क...
- (९) भूत-पलीत और इनका उद्भिज देवी-देवताओं के जंजाल से छूटने के लिए क्या किया जाना चाहिए?... पशुबलि—भारतीय धर्म पर एक कलंक देवता उन्हें कहते हैं जो दें। प्यार, सेवा, सहायता, सौजन्य, करुणा, सद्...
- (९) युग निर्माण योजना के अनुसार विवाह दिन किस प्रकार मनाया जा सकता है?... कथाएँ —— (१) पिता को भगवान् कृष्ण की पूजा करते देखकर बालक ने पूछा-पिताजी कृष्ण को क्यों पूजना चाहि...
- (९) युग निर्माण योजना के साहित्य पर प्रकाश डालें?... (१०) स्वाध्याय को नित्यकर्म क्यों मानना चाहिए? अपना महान महत्त्व समझें और अपने को सुधारें हमें दुनिय...
- (९) युग निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध में किये जाने वाले कार्यों पर प्रकरण डालिये?... कथाएँ —— (१) कोटा में नामदेव सम्प्रदाय के लोग प्रतिवर्ष सामूहिक विवाह करते हअैं जिनमें किसी प्रकार...
- (९) युग-निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध में किये जाने वाले कार्यों पर प्रकाश डालिए?... आततायी उद्दण्डता का डटकर मुकाबला किया जाये अपराधों की अभिवृद्धि के आँकड़े जिस तेजी से बढ़ रहे हैं उन...
- (९) युवकों को अपना स्वर्णिम एवं शानदार भविष्य बनाने के लिए क्या करना चाहिए?... नवयुवक सज्जनता और शालीनता सीखें जीवन निर्माण का महत्त्वपूर्ण समय १२ से लेकर २० वर्ष तक आयु तक रहने ...
- (९) राजनीति से अधिक महत्त्व धर्म नीति का क्यों है?... (१०) धर्म के सच्चे स्वरूप पर प्रकाश डालिए? प्रश्न —— मअद नेक और ईश्वर भक्त राजकुमार थे। ताजपोशी के ...
- (९) राजनीति से अधिक महत्त्व धर्मनीति का क्यों है?... (१०) धर्म के सच्चे स्वरूप पर प्रकाश डालिए। साधु-ब्राह्मण समाज अपना कर्तव्य और दायित्व समझें अपने देश...
- (९) लगन एवं मनोयोग से ही बड़े काम होते हैं?... सिद्ध करें। (१०) फुरसत न मिलने का बहाना बे बुनियाद कैसे है? सिद्ध करें। कथाएँ —— (१) त्रिचनापल्ली क...
- (९) लोकमानस का स्तर ऊँचा उठाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?... (१०) पार्टियाँ अपना गौरव क्यों खो चुकी हैं? प्रबुद्ध नारी—महिला जागरण की कमान सँभालें किसी को गिराने...
- (९) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना कैसे जागती है?... (१०) आत्मा परमात्मा में किस प्रकार मिलता है? कथाएँ —— (१) इंग्लैण्ड की कामन्स सभी में वाद-विवाद चल ...
- (९) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना कैसे जागती है?... (१०) आत्मा-परमात्मा में किस प्रकार मिलती है? आध्यात्मिक जीवन के पाँच कदम अध्यात्मवादी उज्ज्वल और उत्...
- (९) विवाह प्रचलन की सार्थकता किसमें हैं?... (१०) प्रयत्न पूर्वक कैसी चेष्टा की जानी चाहिए।कथाएँ —— (१) बेटी-बेटे ने शरारत की, एक फल वाले के फल ...
- (९) विवाह प्रथा में सुधार का प्रारम्भ कैसे किया जाय?... युग की माँग क्या है? (१०) विवाहोत्सव की योजना के सही आधार क्या है?...
- (९) व्यायाम में सफलता का रहस्य क्या है?... (१०) मिलावट से क्या हानि है? कथाएँ —— (१) बात बंगाल के कुमिल्ला जिले की है।...
- (९) शासन तन्त्र की गैर जिम्मेदारी ने भारत देश को किस तरह हानि पहुँचाई है?... (१०) समाज के सदस्य किस प्रकार समाज के लिए हानि पहुँचाते हैं? कथाएँ —— (१) तब रतलाम के शासक श्री सज्...
- (९) शिक्षित लड़की खुद ही दहेज किस प्रकार से है?... कथाएँ —— (१) ताजकुण्डिया की एम. ए. पास कन्या ने कक्षा १० पास अध्यापक से विवाह कर लिया। अपने समकक्ष ...
- (९) सज्जनता की सामान्य परिभाषा क्या है?... (१०) आदर्श जीवन के कौन-कौन से गुण अपनाना अनिवार्य है? कथाएँ —— (१) महाराज अम्बरीष पर क्रुद्ध दुर्वा...
- (९) सत्यानाशी कुप्रथाओं का अन्त कैसे होगा?... (१०) मृतक की सम्पत्ति का सर्वोत्तम सदुपयोग किन २ कामों में करना चाहिए। कथाएँ —— (१) पं० गजाधर शास्त...
- (९) सत्यानाशी कुप्रथाओं का अन्त कैसे होगा?... (१०) मृतक की सम्पत्ति का सर्वोत्तम सदुपयोग किन-किन कामों में करना चाहिए। भूत-पलीत और उद्भिज देवी-देव...
- (९) सप्ताह में एक उपवास क्यों आवश्यक है?... उपवास के लाभ बताइये? (१०) चूहों व कीड़ों से अन्न की बरबादी बचाने के लिए क्या किया जाये? (११) अन्न सं...
- (९) समय की महत्त्वपूर्ण आवश्यकता शिक्षा के प्रचार के लिये हमें किस तरह अपना कर्तव्य पूरा करना होगा?... (१०) समाज के हित में हित में विचार गोष्ठियों का आयोजन किस हद तक अपना महत्त्व रखता है। कथाएँ —— (१) ...
- (९) समृद्धि का सदुपयोग क्या है?... (१०) सबसे कल्याण का राज मन्त्र क्या है? कथाएँ —— (१) पड़ोस की एक स्त्री नैपोलियन से बहुत छेड़-छाड़ कर...
- (९) सिद्ध कीजिये शकुन, मुहूर्त कुण्डली, राशिफल मनुष्य को भयभीत व कमजोर बनाते हैं?... (१०) असफलता का मूल कारण क्या है?कथाएँ —— (१) गधे तब जंगल में खूब मौज से रहते थे एक लोमड़ी ने उन्हें ...
- (९) स्वयं को सुधारने में किस-किस प्रकार के प्रयोग करने चाहिए?... (१०) जीवन की सार्थकता कैसे अनुभव की जा सकती है। कथाएँ —— (१) आलिवार क्रामदेव की वीरता में मुग्ध होक...
- (९) हँसना किस प्रकार अमीरों की दौलत से भी बढ़कर हैं?... कथाएँ —— (१) एक बार गाँधीजी से एक लड़का मिलने आया। गाँधीजी नियमित रूप से प्रतिदिन घूमने जाया करते थे,...
- (९) हमारे मनोविकारों का हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?... (१०) स्वास्थ्य रक्षा के लिये हमें मानसिक रूप से क्या प्रयत्न करना चाहिए? कथाएँ —— (१) बापू ने अपनी ...
- (९) हर घर की सच्ची सम्पत्ति क्या है?... (१०) झोला पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालिये? कथाएँ —— (१) राष्ट्रीय विद्यालय को चलाने के लिये य...
- (९) हर घर की सच्ची सम्पत्ति क्या है?... (१०) झोला पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालिए। व्यक्ति और समाज का समग्र निर्माण कर सकने वाली शिक्षा...
- (९) हिम्मत क्या है?... इसे अपनाने से क्या लाभ होते हैं? (१०) किस दुश्मन ने हमारी मनोभूमि का ढाँचा ही बदल दिया है? कथाएँ ——...
- (९) ‘आत्म-चिन्तन’ ‘आत्म-सुधार’ एवं ‘आत्म-निर्माण’ से क्या समझते हो?... (१०) अध्यापन कला के आवश्यक तत्त्व बताइए। छात्र अपने भविष्य का निर्माण आप करें प्रत्येक छात्र को यह अ...
- (९) ‘युग निर्माण विद्यालय’ यह आप किस आधार पर कह सकते हैं कि यह विद्यालय व्यक्ति को रोजगार, आर्थिक उन्नति प्राप्त करने में सहयोगी है?... (१०) सरकार, जनता तथा पूँजीपति इसमें कहाँ तक सहायता दे सकते हैं! कथाएँ —— (१) एक युवक एक साधु के पास...
- (९) ‘युग निर्माण विद्यालय’ यह आप किस आधार पर कह सकते हैं कि यह विद्यालय व्यक्ति को रोजगार, आर्थिक उन्नति प्राप्त करने में सहयोगी है?... (१०) सरकार, जनता तथा पूँजीपति इसमें कहाँ तक सहयोग दे सकते हैं? अन्न संकट की चुनौती का सामना कैसे करे...
- (९) ‘‘आत्म चिन्तन’’ आत्म-सुधार एवं ‘‘आत्म निर्माण’’ से क्या समझते हो?... (१०) अध्यापन कला के आवश्यक तत्त्व बताइए? कथाएँ —— (१) महर्षि अश्वलायन को इस बात का बड़ा गौरव था कि उ...
- / अभिभावक क्या करें?...
- डायरी लेखन का महत्त्व समझायें।
- कभी-कभी इस सम्बन्ध में पूछ-ताछ भी करें।
- बालक डायरी दिखाने का इच...
- 60 ग्रन्थों की रचना मैंने कर ली?... पर इसमें आश्चर्य की बात नहीं। यह नियन्त्रित दिनचर्या का चमत्कार है। मैंने प्रतिदिन तीन घण्टे का समय ...
- [प्रतिभा सम्पन्न व्यक्ति ‘कसाई के कूकर’ की भूमिका में क्यों रहे?... इस वाक्य में युगऋषि की सूक्ष्म दृष्टि के साथ उनके अन्दर की पीड़ा की भी झलक मिलती है। बहेलिया जंगल के ...
- अँगरेज अध्यापक जो उनके समकक्ष थे उन्हें अधिक वेतन मिलता था यह देखकर उन्होंने कहा-जब तक मेरा वेतन भी उतना नहीं होगा?... तब तक वेतन ही नहीं लूँगा। इसी से उन्हें आर्थिक तंगी हुई। वे प्रतिदिन हुगली नदी पार करके यूनीवर्सिटी ...
- अँगरेज ने अपनी शान दिखाते हुए एक रुपया फेंका और चल पड़े तभी पीछे लड़का भागा और ९० पैसे वापस करता हुआ बोला श्रीमान् जी यह पैसे?... अँगरेज बोला-हमने खुशी से दिये हैं पर बच्चे ने अधिक पैसे लेने से इनकार करते हुए कहा-महोदय अपने हक से ...
- अंगद हँसा और बोला रावण अन्यायी से लड़ना और उसे मारना ही सच्चा धर्म है चाहे वह मेरा पिता हो अथवा आप ही क्यों न हो?... अंगद के यह तेजस्वी शब्द सुनकर रावण को उत्तर देते न बना। (५) समुद्र बाँधा जा रहा था तब तक एक गिलहरी ...
- अन्त में उन्होंने मुझसे पूछा, ‘‘आपने कहाँ से मैडिकल किया है?... आप अपना परिचय दीजिये।’’ मैं थोड़ा घबराई कि अब क्या बोलूँ? मैंने अपना थोड़ा बहुत परिचय दिया और फिर उनसे...
- अन्तर क्या पड़े?... बकरे की परिणति तो एक ही हुई। अपने इस जनसमुदाय का-इस विश्व उद्यान का विनाश तो होना ही ठहरा। लू में सु...
- अन्धे, कोढ़ी, अपंग, असहाय लोगों को क्या कुछ कम कष्ट सहने पड़ते हैं?... प्रियजनों की मृत्यु, असफलता, अपमान, धनहानि, आक्रमण, उत्पीड़न जैसे प्रसंगों पर भी कुछ कम दुःख होता है?...
- अगर आपको कुछ दिनों के लिए आपकी कक्षा में लीडर का रोल करने के लिए कहा जाय तो आप क्या-क्या करेंगे?...
३. एक आदर्श विद्यार्थी एवं आदर्श नागरिक के रूप में आपके क्या कर्तव्य है?
४. घर में अपनी माँ एवं प...
- अगले दिन उन्होंने मुझसे पूछा, ‘‘गद्दी तू ठीक कर गई क्या?... ’’ मैंने कहा, ‘‘जी पिताजी। पुरानी हो रही थी, थोड़ी फट भी रही थी। आपके पास लोग-बाग मिलने आते रहते हैं,...
- अचानक, एक कुली आया और बोला, ‘‘आपको रिजर्वेशन चाहिए?... ’’ मैंने कहा, ‘‘हाँ’’ और बिना कुछ पूछे उसे टिकट और पच्चास रुपये दिये। वह टिकट और पैसा लेकर चला गया। ...
- अतः पौष्टिक अन्न खरीदिए और यह जाँच कर लीजिए कि गेहूँ, ज्वार, चना, बाजरा इत्यादि में कुछ लगा हुआ तो नहीं है?... वे सड़े, घुने और बास वाले तो नहीं हैं? आटा या तो स्वयं घर पर हाथ की चक्की से तैयार कीजिए अथवा कराइए। ...
- अतः मन में उद्वेग की सृष्टि क्यों करते हैं?... इस प्रलोभन से बचिए। प्रत्येक नारी को पवित्र मातृ दृष्टि से देखिये। जब आप किसी पाप के विचार तथा अशुभ ...
- अतएव परमेश्वर के लिए यह उचित था कि मनुष्य को अपना सबसे बड़ा बुद्धिमान और सबसे जिम्मेदार बेटा समझकर उसे कर्म करने की स्वतंत्रता प्रदान करे और यह देखे कि वह मनुष्यता का उत्तरदायित्व सम्भाल सकने में समर्थ है या नहीं?... परीक्षा के बिना वास्तविकता का पता भी कैसे चलता और उसे अपनी इस सर्वश्रेष्ठ रचना मनुष्य में कितने श्रम...
- अतएव हमारा यह सोचना उचित ही है कि जो महान उत्तरदायित्व हमारे कन्धों पर है, उसका भार-वहन करने की जिम्मेदारी किन के कन्धों पर डालें?... जो मशाल हमारे हाथ में थमाई गई है, उसे किन हाथों में सौंप दें? उस दृष्टि से हमें अपने उत्तराधिकारियों...
- अधिक उत्साही बच्चे कोई प्रोत्साहन न मिलने पर भी अपनी ओर से परामर्श दे बैठते हैं, पर उन्हें यह कहकर घुड़क दिया जाता है कि तुम क्या जानते हो?... बच्चों को अल्पबुद्धि समझकर उनकी उपेक्षा कभी न की जानी चाहिए और न ही उन्हें इस तरह की हीनता बोधक बातो...
- अध्यापकों को यह देखना है कि पढ़ाये पाठ को छात्र ठीक तरह हृदयंगम कर सके या नहीं?... इसके लिए हर पाठ के साथ दस प्रश्न जोड़े गये हैं। उन्हें छात्रों से पूछने पर पता चल जाता है कि शिक्षण क...
- अनुचित से लड़ कैसे सकेगा?... इसलिए युग परिवर्तन के महान् अभियान का नेतृत्व कर सकने की आवश्यकता शर्त यह है कि इस क्षेत्र में कोई य...
- अनुशासन में व्यतिरेक तो नहीं हुआ?... अपने कृत्यों को दूसरों से अधिक समझने की अहंता कहीं छद्म रूप में आप पर सवार तो नहीं हो गयी?
यह विरा...
- अन्तिम निर्णय किससे कराता?... आत्मा और परमात्मा दो को ही साक्षी बनाकर और उनके निर्णय को ही अन्तिम मानने का फैसला किया। इस सन्दर्भ ...
- अन्न संकट का हल निकल सकता है किन्तु विपत्तियों के मूल आस्था संकट की व्यापकता और भयानकता को देखते हुए उस वृत्तासुर से जूझने का साहस कौन करे?... इन परिस्थितियों में स्रष्टा का वह आश्वासन ही आशा का केन्द्रबिन्दु हो सकता है, जिसमें उसने विषम वेला ...
- अन्य देशों ने तो भारत की परम्परागत संस्कृति इन थोड़े ही दिनों में गँवा दी, पर यह अकेला देश ऐसा है, जिसमें वर्तमान भारत की परिधि से आगे जाकर यह देखा जा सकता है कि प्राचीनकाल में भारत की रीति-नीति का क्या स्वरूप था?... वहाँ जो देखने को इन दिनों भी मिलता है, उससे यह पता लगता है कि भारत किन मान्यताओं और आदर्शों के कारण ...
- अन्यथा कोई सत्कर्म ही क्यों करता?... ’’मैं मिशन का काम तो करता था पर आशानुकूल सफलता नहीं मिलती थी, सो मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘गुरुदेव, मै...
- अन्यथा न संस्कार उभरता है और न ऐसा प्रयास करते बन पड़ता है, जिसके सहारे नव-सृजन के सन्दर्भ में कुछ कहने लायक पराक्रम करते बन पड़े?... प्रथम कठिनाई यह कूपमण्डूक बनाए रहने वाली स्थिति ही है।...
- अन्यथा मालिक ऐसे धन्धे में पैसा क्यों लगायेगा?... जिसमें उसे लाभ नहीं दिखता। लेखक का अपना निज का कोई प्रेस नहीं। जो कहीं, जहाँ-तहाँ हैं, वे प्रतिस्पर्...
- अन्यथा वह उमंग कैसे उठती, जिसने इस दैवी मिशन को कहाँ से कहाँ पहुँचा दिया?... जो इतना समझते हैं, वे इस आश्वासन को भी सुनिश्चित समझें कि समय बदलेगा, नासमझी का स्थान विवेकशीलता लेग...
- अन्यथा संख्यावृद्धि की विडंबना से झूठा मन बहलाव करने से क्या कुछ बनेगा?... — अखण्ड ज्योति, अक्टूबर १९६६, पृष्ठ ४७४. हमारी साधना की सार्थकता क्या रहेगी?—हमारा परिवार यदि व्यक्...
- अपना घर बेचकर अमीरी का स्वाँग रचा सो भी प्रशंसा तक न दिला सका उलटा बदनामी का कारण बना तो फिर उसकी लकीर पीटने से क्या लाभ?... जो मर गया उसे जला ही देना चाहिए। खर्चीली शादियों की धूम-धाम एक ऐसी मृत प्रायः कुरीति है जिसकी लाश छा...
- अपना स्वभाव स्तर और अभ्यास गिरा कर चाहे किसी की भर्त्सना की गई तो अपने लिए ही महँगी पड़ेगी दूसरे लोग गन्दे हैं, इसलिए हम क्यों गन्दे बनें?... हमें अपना स्तर हर हालत में ऊँचा उठाये रहना चाहिए और जिससे भी-जो कुछ भी कहना हो-उसे कहें तो पर सज्जनत...
- अपनी अन्तःकरण की भावनाएँ, अपना स्नेह किन शब्दों में व्यक्त करें?... ......’’9-2 को एक परिजन को वे लिखती हैं-
‘‘..... आप बच्चों के अन्तरंग जीवन में घुले-मिले रहने से कित...
- अपनी अवांछनीय मान्यताओं से जो नहीं लड़ सकता, वह आक्रमणकारियों से क्या लड़ेगा?... जो अपनी विचारणा को नहीं सुधार सकता, वह परिस्थितियों को क्या सुधारेगा?युग परिवर्तन का शुभारम्भ अपनी मन...
- अपनी छोटी-मोटी भूलों के बारे में हम यही आशा करते हैं कि लोग उन पर बहुत ध्यान न देंगे, ‘क्षमा करो और भूल जाओ’ की नीति अपनाएँगे तो फिर हमें भी उतनी ही उदारता मन में क्यों नहीं रखनी चाहिए और कभी किसी से कोई दुर्व्यवहार अपने साथ बन पड़ा है तो उसे क्यों न भुला देना चाहिए?... अपने साथ हम दूसरों से जिस सज्जनतापूर्ण व्यवहार की आशा करते हैं, उसी प्रकार की नीति हमें दूसरों के सा...
- अपने कृत्यों को दूसरों से अधिक समझने की अहंता कहीं छद्म रूप में आप पर सवार तो नहीं हो गयी?... यह विराट् योजना पूरी होकर रहेगी। देखना इतना भर है कि इस अग्नि परीक्षा की वेला में आपका शरीर, मन और व...
- अपने दुःख के समान ही दूसरों का जो दुःख समझेगा वह माँस कैसे ख सकेगा?... दूसरों पर अन्याय और अत्याचार कैसे कर सकेगा? किसी की बेईमानी करने, किसी को तिरस्कृत, लांछित और जलील क...
- अपने पुत्र, कुटुम्बी या घर वाले को सुशिक्षित, सदाचारी न बनाकर दुष्ट क्यों हो जाने दिया?... इसकी आध्यात्मिक जिम्मेदारी कुटुम्बियों की भी है। कानून द्वारा अपराधी को ही सजा मिलेगी, परन्तु कुटुम्ब...
- अपने मन का, अपने दृष्टिकोण का परिवर्तन भी क्या हमारे लिए कठिन है?... दूसरों को सुधारना कठिन हो सकता है, पर अपने को क्यों नहीं सुधारा जा सकेगा? विचारों की पूँजी का अभाव ह...
- अपने मित्र के साथ झगड़ा हो जाने पर?...
उत्तर - स्थिति शान्त हो जाने के बाद उचित समय पर मित्र से बात करने के लिए कुछ समय माँगेंगे। गलतफहमी क...
- अपने राष्ट्र से किसे प्रेम नहीं होता?... सच तो यह है कि हमारे पूर्वजों ने आने वाली पीढ़िओं के लिए अपनी इच्छाएँ, सपने और आकांक्षाओं का बलिदान क...
- अपने लिए हितकर क्या है?... यह रोगी स्वयं कहाँ जानता है? उसे चिकित्सक के अनुशासन में चलना पड़ता है। बच्चे अपनी दिनचर्या तभी ठीक र...
- अपने ही देश में अपनी ही संस्कृति के प्रमाण तो पग-पग पर थे ही, उन्हें खोजता ही कोई क्यों?... सिंध की तरह पंजाब और कश्मीर के प्रांतों की बात है। 'तक्षशिला विश्व विद्यालय' रावलपिंडी के पास था। उस...
- अपने ही लोग बिदकते हैं, फिर बाहर वाले उसे क्योंकर प्रमाणित मानेंगे?... भारतीय संस्कृति को विश्व संस्कृति के रूप में, भारतीय धर्म को मान्य धर्म के रूप में प्रस्तुत करने वाल...
- अपनेपन का क्षेत्र कितना व्यापक और विस्तृत बनाए?... जब अन्त:करण में इसी प्रकार के उफान उठेंगे तो स्वभावतः मनुष्य को उसी राह पर चलना पड़ेगा, जिससे मनुष्यत...
- अपनों से छिपाया क्या जाय?... अब हम अपने अन्तर की हर घुटन, व्यथा और अनुभूति को अपनों के आगे उगलेंगे, ताकि हमारे अन्तर का भार हल्का...
- अपहरण, बलात्कार, लूट-खसोट, दमन के अन्य तरीकों का तो कहना ही क्या?... उस बर्बरता से भयभीत बंगाली प्रजाजनों में से करीब एक करोड़ भाग कर शरणार्थी के रूप में भारत चले आए। इस...
- अफवाएँ कैसे फैलती हैं?...
आओ देखें अफवाएँ कैसे फैलती हैं। सबको एक घेरे में फासला देते हुए खड़ा कर दो। सीटी बजते ही घेरे में खड़...
- अब आगे साधना के बारे में किससे पूछेंगे?... कौन मार्गदर्शन देगा? २ वर्ष का समय निकल गया। कैसे गया, पता भी नहीं लगा? अचानक सुनने में आया गुरुदेव ...
- अब आप बताइए कि आपके घर में १००वर्ष पहले किसका जन्म हुआ था?... ’’ आपके परदादाजी के पिताजी का नाम आपको बताना है। सभी बालक एक दूसरे का मुँह ताकते हैं।
प्रशिक्षक- ‘‘ज...
- अब इस सौभाग्य का लाभ कौन उठाए?... इस बात पर सब बच्चे आपस में लड़ने लगे। अन्तत: गोली निकालकर भाग्य का फैसला कराया गया। निर्णय भीम के पक्...
- अब इसका क्या उपयोग?... क्या करें?
गुरुजी ने सब बात सुनी और कहा, ‘‘अच्छा! खारा है बेटा! पानी खारा है! लाओ रस्सी, बाल्टी, द...
- अब कैसी है?... ’’ मुझे उस समय बस कमजोरी लग रही थी, बाकी सब ठीक था। मैंने मुस्कुराकर कहा कि ठीक हूँ गुरुजी। गुरुजी न...
- अब क्या करें?... भगवान ने सद्बुद्धि दी, प्लेटफार्म थोड़ा सामने की तरफ आगे निकला हुआ था। उसी बीच दुबक कर बैठ गया। पुनः ...
- अब क्यों हारता?... स्वतन्त्रता संग्राम की कई बार जेलयात्रा, २४ महापुरश्चरणों का व्रत धारण, इसके साथ ही मेहतरानी की सेवा...
- अब घर वाले बहुत परेशान थे कि उनका पता कैसे लगाया जाय?... संयोग से उन दिनों पूज्यवर राजनांदगाँव व दुर्ग (छ.ग.) गये हुए थे। साकुरे जी ने घर वालों से कहा-‘‘आप स...
- अब जब वह प्रत्यक्ष प्रकाश भी बुझने जा रहा है, तो किसी दूसरे का कब किस प्रकार वह विश्वास और साहस प्राप्त कर सकेगा, जो पिछले दिनों करता रहा है?... [सूक्ष्मीकरण साधना के दौरान युगऋषि कायारूप में लोगों से मिल जुल नहीं रहे थे। लेकिन चेतना स्तर पर वे ...
- अब तुम गुरुजी के साथ कंजूसी करोगे, तो वे क्यों न करेंगे?... तुम अपने संकल्प से हट रहे हो, इसीलिए छोटे-छोटे काम अटक रहे हैं।’’ उन्होंने अपनी भूल सुधारी और पुनः 2...
- अब दयानन्द हँसे और बोले-समाज का आधा भाग एक पैर स्त्रियाँ रूढ़ियों की रस्सी से बाँध दी जायें तो भारतीय समाज प्रगति कैसे कर सकेगा?... वह आदमी बहुत प्रभावित हुआ और उस दिन से स्त्रियों की समान उन्नति का समर्थक बन गया।...
- अब प्रश्न यह रहा है कि पाँच वीरभद्रों को काम क्या सौंपना पड़ेगा और किस प्रकार वे क्या करेंगे?... उसका उत्तर भी अधिक जिज्ञासा रहने के कारण अब मिल गया। इससे निश्चिन्तता भी हुई और प्रसन्नता भी। संसार ...
- अब मेरे लिए क्या आदेश है?... ’’ तो गुरुजी ने कहा, ‘‘बेटा! मेरा काम करोगे? तो मेरी गायत्री को घर-घर पहुँचा दो।’’ मैंने गुरुजी से प...
- अब मैं क्या करूँ?... क्या दूँ... देने के लिये? हाँ, देने लायक जो है वो दूँगा, साहस दूँगा, धैर्य दूँगा।’’ वास्तव में मैंने...
- अब मैं क्या करूँ?... मैं गायत्री मंत्र जपने लगा और गुरुजी को याद करने लगा। तभी मन में प्रेरणा हुई कि पीले चावल पूजा कक्ष ...
- अब यह बालक ऊँचे स्वर में पूछता है ‘‘काश्मीर किसका है?... ’’ शेष बालक उसी प्रकार ऊँचे स्वर में एक साथ कहते हैं ‘‘हमारा है’’ इस प्रकार तीन बार प्रश्न उत्तर होन...
- अब ये शरीर रखकर क्या करूँगा?... ’’ और कुछ ही दिनों बाद 19 जून 1990 को बाबा ने शरीर छोड़ दिया। वन्दनीय है यह दिव्य प्रेम और वन्दनीय है...
- अब रोते क्यों हो?... किसी लाभ की आशा से जो अच्छा काम किया जाता है, वह तो व्यापार है, वह पुण्य थोड़े ही है।
दूसरे दिन लक्ष्...
- अब वह और ऊँची चोटी पर चढ़ता है कि मेरे पास कहीं इससे भी अधिक पूँजी तो नहीं है?... जैसे-जैसे ऊँचा चढ़ता है वैसे ही वैसे उसे अपनी वस्तुएँ अधिकाधिक प्रतीत होती जाती हैं और अन्त में सर्व...
- अब वहाँ के लौह आवरण को भेद कर कोई कुछ नहीं कर सकता कि वह महान संस्कृति जो दोनों देशों को हजारों वर्षों तक सहोदर भाईयों की तरह एकता के सूत्र में बाँधे रही, किसी प्रकार जीवित रही होगी या नहीं?...
रूस तक भारतीय संस्कृति का विकास-विस्तार
मध्य एशिया होता हुआ बौद्ध धर्म ईसा की प्रथम शताब्दी...
- अब सुभाष बोस से न रहा गया और एकदम उन अंग्रेज लड़कों के सामने जाकर क्रोध से बोले- मैं भारतीय हूँ, बोलो, क्या कहते हो?... बालक सुभाष का यह रूप देखकर अंग्रेज बालकों के होश उड़ गए और वे अपराधी की तरह कुछ नहीं बोले, तब हमारे न...
- अब स्टेनो, स्टेनो कैसे रखे?... वे (गायत्री माता) जो कहती हैं, वही मैं लिखता हूँ।’’
वह व्यक्ति गुरुजी की सहजता पर दंग होकर चला गया।...
- अब हम इसी लेखमाला के अन्तर्गत यह बताएँगे कि किस प्रकार के पाप-पुण्यों का फल कितने-कितने समय में मिलता है?... कर्मों की तीन श्रेणियाँ तीन दुःखों का निरूपण करने के पूर्व कर्म के तीन प्रकारों को जान ले...
- अब हम उन्हें कैसे मिल सकेंगे?... और इस भाव को लेकर वह बहुत अधिक व्याकुल हो रही थी। उसे गुरुदेव के दर्शनों की प्रबल इच्छा थी। वे प्रवच...
- अभी एक ही बजा है क्या?... अच्छा! अच्छा! ठीक है।’’
हम 10-11 बजे के लगभग कभी गुरुजी के पास जाते तो कभी-कभी वे लेख लिख रहे होते।...
- अभी कितनी और पूँजी इस गोरखधन्धे में लगानी पड़ेगी?... वह आयेगी कहाँ से?आत्म रक्षा को महत्त्व देने वाली समर-नीति समझौतों की चर्चा की इजाजत नहीं देती। पुरान...
- अभी कुछ ही दूर चला था कि बिच्छू ने डंक मार दिया कछुए ने पूछा-यह क्या किया?... बिच्छू बोला-यह तो मेरा स्वभाव है। कछुए ने कहा-अच्छा हुआ मैंने अपने को सुरक्षित किया हुआ है, पर तेरे ...
- अभी तो इसके कुछ भी लक्षण दिखाई नहीं देते?... ’’ गुरुजी ने कहा-‘‘तुम लोग क्या समझते हो? क्या मैं केवल शान्तिकुञ्ज में ही निवास करता हूँ, या कहीं औ...
- अभी मैं कैसे जा सकता हूँ?... ’’
ज्वाला जी ने कहा, ‘‘जाना है तो बहाना मत मारो। कपड़े मेरे पहन लेना, घर में खबर, मैं किसी के द्वारा...
- अभी यह बात हो ही रही थी कि उसका पुत्र पढ़कर लौटा उसने माँ के पैर छूकर कहा-माँ आज भी मैंने अपना पाठ ठीक तरह पढ़ा लाओ कुल्हाड़ी अब लकड़ियाँ ले आऊँ?... कपिल बच्चे के संस्कारों से बड़े प्रभावित हुए उन्होंने कहा-सचमुच संस्कारवान् पुत्र और रत्न में कोई अन्...
- अभी यहीं से जाने के लिये कौन-कौन तैयार है?... ’’
कहाँ जाना है? क्या करना है? अभी यह बात स्पष्ट नहीं थी। बात, सिर कटाने की थी, सो घर से परमीशन की...
- अरबों का उत्पादन करने वाले दैत्याकार कारखानों का संचालन, उद्वेलित जन-समुदाय का नियन्त्रण, दुर्धर्ष सेनाओं का अनुशासन और बड़े-बड़े साम्राज्यों का शासन और असंख्यों जनता का नेतृत्व एक विचार बल पर ही किया जाता है, अन्यथा एक मनुष्य में एक मनुष्य के योग्य ही सीमित शक्ति रही है, वह असंख्यों का अनुशासन किस प्रकार कर सकता है?... बड़े-बड़े आततायी हुकुमरानों और सुदृढ़ साम्राज्यों को विचार बल से ही सलट दिया गया। बड़े-बड़े हिंस्र पशुओं...
- अर्जुन को सारथी का यदि समर्थन न रहा होता, तो महाभारत कैसे जीता जाता?... हनुमान स्वयं बलवान रहे होते तो सुग्रीव सहित ऋष्यमूक पर्वत पर छिपे-छिपे न फिरते। समुद्र छलांगने, लंका...
- अर्जुन ने पूछा ‘‘आपको यों अपने आपको छिपाकर यहाँ आने की क्या जरूरत पड़ी?... ’’
युधिष्ठिर सामने खड़े अपने बन्धुओं को सम्बोधित कर बोले-‘तात्! इनमें से अनेकों कौरव दल के हैं, वे हम...
- असंख्य तारे वह सज्जन बोले-अभी चन्द्रमा निकलेगा तब?... तब तो महाराज चन्द्रमा के सामने सभी नक्षत्र प्रभाव हीन हो जायेंगे। बस यही उत्तर है तुम्हारी बात का, स...
- असामयिक आलस्य प्रमाद को छोड़ ही क्यों न दिया जाए?... — अखण्ड ज्योति, अगस्त १९६९, पृष्ठ ३७. श्रद्धा है, तो सक्रिय हों—हमारी इन दिनों अभिलाषा यह है कि अपन...
- अस्तु, इस देश के महामानवों की दृष्टि इस बात पर जमी रही कि किस भूखंड में किस स्तर का पिछड़ापन अधिक है और वहाँ पहुँचकर किस क्रिया पद्धति को अपनाकर किन समस्याओं को कैसे हल किया जाए?... यही थी उस जमाने की धर्म विस्तार पद्धति। इसमें केवल पूजा-पाठ शास्त्र-वाचन ही धर्म सेवा नहीं माना जाता...
- अहमदी बोले-खरीदा होगा पर संसार में जो साँसारिक बुराइयों का सामना नहीं कर सकता उस आदमी का मूल्य पाँच टका से ज्यादा नहीं हो सकता?... तैमूर अभिमान में आकर बोला-अच्छा बताओ मेरी कीमत क्या होगी? इस पर अहमदी हँसे और बोले-दो टके! तैमूर आग ...
- आकाश न हो तो वायु कहाँ रह सकेगी?... वायु न हो तो आकाश का उपयोग क्या रहेगा? इसी प्रकार आदित्य की निर्भरता द्युलोक पर है।
मन्त्र बड़ा ह...
- आगे का पड़ाव सामाजिक असभ्यता के उन्मूलन का था, अगला मोर्चा वहाँ जमना था पर सैनिकों ने हथियार खोलकर क्यों रख दिए?... युग की आत्मा इन प्रश्नों का उत्तर चाहती है। हमें इसका उत्तर देना होगा। यदि हम सामाजिक असभ्यता के उन्...
- आगे हम मन के रूप की व्याख्या न करेंगे, पर ऐसे उपाय बतावेंगे जिससे स्थूल शरीर और भद्दे 'मैं' के टुकड़े-टुकड़े कर सको और उनमें से तलाश कर सको कि इनमें अहम् कौन-सा है?... और उनमें भिन्न वस्तुएँ कौन-सी हैं? इस विश्लेषण को तुम मन के द्वारा कर सकते हो और उसे इसके लिए मजबूर ...
- आचार्य क्या करें?...
उषापान का लाभ एवं तरीका बतायें। जैसे-
-पेट साफ हो जाता है, कब्ज का नाश होता है,
-शरीर-स्वस्थ्य रहता...
- आचार्य ने उनसे पूछा- ‘क्या तुम्हें एकान्त नहीं मिला?... ’ ब्रह्मदत्त ने उत्तर दिया-‘निर्जनता तो उपलब्ध हुई, पर मेरी आत्मा और परमात्मा तो चोरी को देखते ही थे...
- आचार्य ने उसे देख क्रुद्ध हो उठे और डाँटा-मुझे छुएगा क्या?... चाण्डाल ठिठक गया और बोला-महाराज तो फिर बताइये मैं अपने भगवान् को कहाँ ले जाऊँ? आचार्य की आँखें खुल ग...
- आचार्य ने उसे देखा, तो क्रुद्ध हो उठे और डाँटा-मुझे छुएगा क्या?... चाण्डाल ठिठक गया और बोला-महाराज तो फिर आप बतलाइए कि मैं अपने भगवान् को कहाँ ले जाऊँ? आचार्य की आँखें...
- आज कार्तिक पूर्णिमा है?... ठीक है, ठीक है। चले जाना। कार्तिकेयकों हमारा आशीर्वाद कहना। गंगा को हमारा आशीर्वाद कहना।’’
मैं उनके...
- आज की विभीषिकाएँ उस दिव्य अवतरण की पुकार करती हैं तो आना कानी क्यों होती?... विलम्ब क्यों लगता? युग चेतना के रूप में महाकाल की अवतरण प्रक्रिया का परिचय हम सब इन्हीं दिनों प्रत्य...
- आज के युग में आस्तिकता किस तरह विकृत हो गई है?... ६. भगवान की उपासना व्यक्ति किस कारण करते हैं? ७. आस्तिकता की आस्था को परिपक्व करने के लिए किन-किन बा...
- आज तो सब इकट्ठे चले आ रहे हो, क्या बात है?... ’’ मैंने कहा, ‘‘माताजी, सरोज का विवाह दिन है।’’
सरोज ने कहा, ‘‘माताजी, आज भाभी का भी सवालक्ष का अनु...
- आज मानवी मस्तिष्क विनाश के कगार पर खड़ा है-आज परिवर्तन और सन्तुलन की विकट प्यास है उसे कौन पूरा करे?... निश्चित रूप से इतना बड़ा काम उसी के द्वारा हो सकेगा जिसने इस विराट ब्रह्माण्ड की रचना की है और उसके ग...
- आज राजनीति अधर्म पर है पहले उसे ठीक करेंगे पीछे अपनी अन्य सामाजिक बुराइयाँ भी?... बेंजबुड बन इस कथन से बहुत प्रभावित हुए। (५) श्रावस्ती में भयंकर अकाल पड़ा। निर्धन लोग भूख से मरने लगे...
- आज व्यक्ति की स्थिति क्या है?... उसे देखकर उसके भूतकाल की विचार शैली को बताया जा सकता है और आगे उसका भविष्य क्या होगा? इसकी भविष्यवाण...
- आज से तू शाम को सोया कर तो यह भावना किया कर ‘‘मर रहा हूँ’’ प्रातःकाल उठाकर तो यह मान कर मेरा नया जन्म हो रहा है?... मुझे इसे समझदारी और विवेक से जीना चाहिए। मृत्यु को याद रहने और उद्देश्य पूर्ण जीवन जीने से वह शिष्य ...
- आजकल विवाह सम्बन्ध किन आधारों पर तय किये जाते हैं?... (२) विवाह सम्बन्ध का सच्चा आधार क्या होना चाहिए? (३) गृहस्थ के सुख शान्ति की आधार शिला क्या है? (४) ...
- आजीविका और अमीरी उस जमाने जैसी हो, निर्वाह उस जमाने जितना सस्ता हो तो बचत की दौलत शादियों की धूमधाम तथा दान-दहेज में फूँकने की बात कुछ समझ में आती थी, अब जबकि आर्थिक तंगी से ही मध्यवर्ती और गरीब व्यक्ति का दम घुटा जा रहा है, तब उस पैसे की जिसकी स्वास्थ्य तथा व्यवसाय, शिक्षा-चिकित्सा आदि के लिए बेहद जरूरत है, उन्मादियों की तरह किस प्रकार विवाह-शादियों में होली की तरह फूँकना उचित कहा जा सकता है?... हर कोई जानता है कि अपने हिन्दू समाज में यह सबसे बड़ी फूहड़ और मूर्खतापूर्ण कुरीति है कि विवाह शादी जैस...
- आते ही बोले, ‘‘मुक्ति, क्या हो गया?... बता कहाँ दर्द हो रहा है?’’ मैंने गुरुजी को बताया। गुरुजी ने कहा, ‘‘ले, मेरा हाथ पकड़ और बता कहाँ-कहाँ...
- आत्मा कैसे और कहाँ चली गई?... ’’ तो बाबा बोले-‘‘अरे! वे श्रीराम चले गए न... अब ये शरीर रखकर क्या करूँगा?’’ और कुछ ही दिनों बाद 19 ...
- आत्मा स्वभावतः पवित्र है, वह अपने ऊपर इन पाप-मूलक कुविचारों, प्रभावों को जमा हुआ नहीं रहने देना चाहती, वह इस फिक्र में रहती है कि किस प्रकार इस गन्दगी को साफ करूँ?... पेट में हानिकारक वस्तुएँ जमा हो जाने पर पेट उसे कै या दस्त में निकाल बाहर करता है। इसी प्रकार तीव्र ...
- आत्मानुसन्धान के लिए अन्वेषण कार्य किस प्रकार चलना चाहिए, साधना-उपासना का वैज्ञानिक आधार क्या है?... मनःशक्तियों के विकास में साधना उपचार किस प्रकार सहायक सिद्ध होते हैं?...
- आदर्श व्यक्तित्वों के बिना दिव्य समाज की भव्य रचना का स्वप्न साकार कैसे होगा?... गाल बजाने वाले ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ लोगों द्वारा यह कर्म यदि सम्भव होता, तो वह अब से बहुत पहले ही ...
- आद्यशक्ति गायत्री को युग शक्ति के रूप में विकसित और विस्तृत करने के दायित्व को सौंपकर वह जान लिया गया कि एक बीज ने अपने को गलाकर नये २४ लाख सहयोगी-समर्थक किस प्रकार बना लिए?... उनके द्वारा २४०० प्रज्ञापीठें विनिर्मित कराने से लेकर सतयुगी वातावरण बनाने और प्रयोग परीक्षणों की शृ...
- आनन्द किस में है?... १०. यशस्वी बनने का सच्चा उपाय कौन सा है? ११. समर्थता कैसे प्राप्त होती है? कथाएँ —— (१) भोज ने सारे...
- आनन्द स्वामी बोले-अब बताओ जो स्त्री घर में कैद रहेगी वह अच्छी होगी या जो सामाजिक जीवन में भाग लेने वाली होगी वह?... बुड्ढे को कोई उत्तर देते नहीं बना। (४) आज का सबसे बड़ा पुण्य क्या हो सकता है एक सज्जन ने महर्षि दयानन...
- आप अपने जन्मदिन पर कैसा उपहार पसन्द करेंगे?...
उत्तर- भारतीय संस्कृति उपभोग की नहीं उपयोग की स्वीकृति देती है। वस्तुओं का संग्रह करना उचित नहीं।...
- आप अपने पढ़ने के स्थान अथवा पढ़ाई का कमरा व आसपास का स्थान कैसा रखना चाहेंगे?...
उत्तर- साफ-सुथरा, व्यवस्थित। कोई भी वस्तु या पुस्तक अस्त-व्यस्त न पड़ी होकर अपने स्थान पर हो। पुस्तक...
- आप असन्तुष्ट झुँझलाये से क्यों रहते है?... अच्छा अपने घर के समीप वाली जो पान-सिगरेट की दुकान है, उसका बिल लीजिए। महीने में कितने रुपये आप पान-स...
- आप किसी मित्र की मदद करते रहे हों, लेकिन समय पर वह आपकी मदद न करे?...
उत्तर- इससे हमें किसी के भरोसे न रहने का सबक मिलेगा। हम किसी की मदद उससे वापसी प्राप्ति की आशा में ...
- आप कैसे हो?... ’’ तब गुरुजी ने कहा, ‘‘शैलो, तू क्यों चिन्ता करती है। कोई खास बात नहीं, खिड़की से मेरी ऊँगली कट गई। ले...
- आप क्या चाहते हैं?... आप को समाज याद रखे या भूल जाए।’’
बालक-‘‘समाज याद रखे।’’
प्रशिक्षक-‘‘तो फिर देश के लिये आप क्या काम क...
- आप क्यों रो रहे है?... ’
साधु बोला-बेटा जैसी डिबिया तुम्हारे हाथ में है, वैसी ही एक डिबिया मेरे पास थी। बहुत दिन परिश्रम कर...
- आप गन्दगी बटोरने का काम क्यों पसन्द करें?... उसे दूसरों के लिए छोड़िए। आप तो इत्र छिड़कने के काम को ग्रहण कीजिए। समाज में मरे हुए पशुओं के चमड़े उधे...
- आप तो सिर्फ एक बात सोचें कि अधिकाधिक श्रम व समर्पण करने में एक दूसरे में कौन अग्रणी रहा?... साधन, योग्यता, शिक्षा आदि की दृष्टि से हनुमान उस समुदाय में अकिंचन थे। उनका भूतकाल भगोड़े सुग्रीव की...
- आप बच्चों के अन्तरंग जीवन में घुले-मिले रहने से कितनी प्रसन्नता होती है, इसे शब्दों में कैसे व्यक्त करें?... आप हमारे सगे बेटे की तरह हैं। यह सम्बन्ध अनेकों जन्मों की साधना द्वारा प्रगाढ़ किये हैं। आप अनेक जन्मां...
- आप बताइये कैसे होगा?... ’’ चाँदवानी जी ने कहा, ‘‘आपको यहीं बनाना है, तो आप हमें छः महीने का समय दीजिये, तब हम बना सकते हैं।’...
- आप बाहर गये, लौटे, तो आये क्यों नहीं?... मास्टर जी ने हाथ जोड़े और बोले,‘‘आचार्य जी, आपके पास बहुत कलायें हैं। मेरे पास तो एक ही कला है, वो भी...
- आप भी होंगे तो बहुत अच्छा लगेगा?... ’’ मैंने उनसे कहा, ‘‘मुझे गुरुदेव ने मना किया है। कहा है, उत्तर दिशा में नहीं जाना।’’ वे सभी मन मार ...
- आप मेरे पीछे क्यों पड़ गये?... मुझे दाल-रोटी खाने दीजिए। आपको सिखाऊँगा, तो मैं ही भूल जाऊँगा। मुझको आप कृपा करके माफ कर दीजिए।’’
ऐ...
- आप यह बताइए कि आपका जो कार्य छूटा हुआ है, उसका नए सिरे से बीजारोपण किस तरह हो?... खाद पानी आप-हम लोग लगाते रहेंगे, तो इसका उठाया हुआ कदम खाली नहीं जाएगा।’’ इसके बाद उनने गायत्री पुरश...
- आप यहाँ सर्व धर्म सम्मेलन हेतु पधारे हैं-मैं आपकी क्या सहायता कर सकती हूँ?...
मेरा नाम विवेकानन्द है। मैं भारत से इस सम्मेलन में भाग लेने आया हूँ। मुझे बोस्टन से डॉ.बैरोज के नाम...
- आप लोग तो केवल उस कमाई और विभूति मात्र को ही देखकर उसकी प्रशंसा करने लगते हैं और समर्थन भी, पर सोचना चाहिए कि क्या यह तरीका उचित है?... सफलता की अपेक्षा नीति श्रेष्ठ है। यदि नीति पर चलते हुए परिस्थितिवश असफलता मिली है तो वह भी कम गौरव क...
- आप शंका करेंगे कि उच्च आध्यात्मिक प्रेरणा का उपयोग उस प्रकार नहीं किया जा सकता, इसलिए सम्भव है वे प्रेरणाएँ 'अहम्' वस्तुएँ हों?... आज हमें तुमसे इस विषय पर कोई विवाद नहीं करना है, क्योंकि तुम आध्यात्मिक मन की थोड़ी बहुत जानकारी को ...
- आप सदैव विभिन्न प्रकार के संकल्प कराते रहते हैं, यदि इस बीच किसी का शरीर न रहा व संकल्प अधूरा रहा, तब क्या होगा?... ’’
गुरुदेवः-बेटे! शान्तिकुञ्ज एक ऐसा स्थान है, जहाँ जो भी सत्संकल्प किये जायेंगे, पूर्ण होंगे। बस, ...
- आप से दुर्व्यवहार करे?... ’’
बालक- ‘‘नहीं।’’
प्रशिक्षक- ‘‘तो आप को क्या करना चाहिए?’’
बालक- ‘‘सभी से मीठा बोलना चाहिए।’’
(ब) इ...
- आप सोच रहे होंगे, आखिर हम क्या करें?... घबराइए नहीं, श्रेष्ठ जीवन के लिए दैनिक जीवन में बहुत जटिलता की आवश्यकता नहीं होती। सरल सहज जीवन जीते...
- आप सोचो कि आप क्या करते हो?... किसी रोगी, घायल या दुःखिया को देख कर यथाशक्ति सहायता करते हो या चले जाते हो? आपको पता लगेगा कि आप क्...
- आप स्वयं कब्ज या अन्य किसी गुप्त रोग के शिकार हैं, तब तो कहने की बात ही क्या है?... कभी इन्जेक्शन, तो कभी किसी को ताकत की दवाई चलती ही रहती है। कुछ बीमारियाँ ऐसी भी हैं जिन्हें आपने स्...
- आपका भोजन केवल जिह्वा की तृप्ति मात्र के लिए तो नहीं होता?... अत्यन्त खेद के साथ कहना पड़ता है कि इसमें से अधिकांश भोजन सामग्री के विवेकपूर्ण चुनाव की ओर समुचित ध्य...
- आपकी खुराक क्या हो?...
नीचे की तालिका के अनुसार भोजन सामग्री की व्यवस्था करना बहुत उपयोगी है, ऐसा भोजन-विशेषज्ञों का मत ह...
- आपकी पसन्द का भोजन न बनने पर?...
उत्तर- भोजन को प्रभु द्वारा दिया हुआ प्रसाद मानकर उसे स्वीकार करेंगे। प्रसन्न मन से प्रभु की याद मे...
- आपकी पुस्तक आपका मित्र फटी हालत में लौटता है?...
उत्तर - पुस्तक को वापस लेते हुए गम्भीर व मौन रहेंगे। उचित समय पर उसे शिष्टाचार के दो शब्द प्यार से व...
- आपकी सुन्दरता और सुगठित शरीर का रहस्य क्या है?... उन्होंने बताया-दिन में कई वार शुद्ध जल पीना और परिश्रम से जी न चुराना। (४) एक किसान के चार बेटे थे प...
- आपके आदर्श महापुरुष कौन-कौन हैं एवं उनकी किन विशेषताओं /प्रेरणओं से आप प्रभावित हुए?...
६. व्यवहार कला (्रह्म्ह्ल शद्घ क्चद्गद्धड्ड1द्बशह्वह्म्) नीचे ‘‘पढ़ाई में अच्छे अंक पाने के लिए’’ वि...
- आपके कपड़ों के लिए, पुस्तकों के लिए, विद्यालय शुल्क के लिए कौन पैसे देता है?...
(ऐसे प्रश्न वह अलग-अलग बालकों से पूछता है।)
बालक-हमारे पिताजी।
प्रशिक्षक-आपको विद्या कौन देता है? आ...
- आपके गुरुदेव कौन हैं?... उनका जीवन परिचय दीजिए, वे किस तरह युग निर्माण करना चाहते हैं?’’ मैंने सभी प्रश्नों का उत्तर बड़ी कुशल...
- आपके मित्र के मैरिट में प्रथम स्थान लाने पर?...
उत्तर- उसे दिल से बधाई देंगे। स्वयं पर उसका मित्र होने का गर्व अनुभव करेंगे। उससे प्रेरणा लेकर स्वय...
- आपके लिए क्या वस्तु उपस्थित करूँ?... उन्होंने उत्तर दिया—'मेरी धूप मत रोक और एक तरफ खड़ा हो जा। वह चीज मुझसे मत छीन, जो तू मुझे नहीं दे स...
- आपको इतना सब कुछ कैसे पता?... ’’ गुरुजी बोले, ‘‘बेटा! अध्यात्म में सब कुछ है। जहाँ विज्ञान की सीमा समाप्त हो जाती है। अध्यात्म, वह...
- आपको तो दाल-बाटी बहुत अच्छा लगता होगा?... ’’
तो वे बोले, ‘‘कहाँ! दाल बाटी चूरमा?’’ और पिता जी ने उन्हें दाल-बाटी पर एक कविता सुनाई।
कविता सु...
- आपको पता लगेगा कि आप क्या हो- ‘मनुष्य या पशु?... ’
९. सन्तोष का फल
एक बार एक देश में अकाल पड़ा। लोग भूखों मरने लगे। नगर में एक धनी दयालु पुरुष थे। उन्ह...
- आपको भाषा का ज्ञान किसने दिया?... आपको संसार की समस्त वस्तुओं का परिचय किसने करवाया?
बालक- हमारी माँ ने।
प्रशिक्षक-फिर लक्ष्मी हमें धन...
- आपको संसार की समस्त वस्तुओं का परिचय किसने करवाया?...
बालक- हमारी माँ ने।
प्रशिक्षक-फिर लक्ष्मी हमें धन देती है और सरस्वती हमें ज्ञान देती है, इस कल्पना ...
- आपने तो आधे पत्र लिखे थे, फिर ये पूरे पत्र कैसे लिख गये?... ’’
गुरुजी ने मुस्कुराते हुए कहा-‘‘बेटा! एक अकेले शरीर से इतना बड़ा काम कैसे हो पायेगा? मेरे पाँच शर...
- आपने मुझे शरण दी, भोजन दिया, शान्ति दी और पवित्रता भी दी, अब आपके प्रति कृतज्ञता के लिये क्या कहूँ?... मैं कैसे कहूँ कि यह उपकार पापी इब्राहीम के लिए किया है, जो आपके बड़े पुत्र का हत्यारा है। हमारे कबीलो...
- आये दिन कत्लेआम, मन्दिरों को गिराया जाना, सयानी लड़कियों को जबरदस्ती ले जाना, बलात् धर्म परिवर्तन करना जैसी घटनाएँ किसका खून न खौला देंगी?... कौन प्रतिरोध के लिए तैयार न होगा? पर आश्चर्य इस बात का है कि मुट्ठी भर अत्याचारियों के विरुद्ध समुद्...
- आलस्य और प्रमाद में उसकी बरबादी तो नहीं होती?... (२) जीवन लक्ष्य की प्राप्ति का हमें ध्यान है या नहीं? शरीर सज्जा में ही इस अमूल्य अवसर को नष्ट तो नह...
- आलस्य प्रमाद को कहीं चुपके से आपके क्रिया-कलापों में घुस पड़ने का अवसर तो नहीं मिल गया?... अनुशासन में व्यतिरेक तो नहीं हुआ? अपने कृत्यों को दूसरों से अधिक समझने की अहंता कहीं छद्म रूप में आप...
- आवश्यक काम बीच में रोककर सुभाष चन्द्र बोस अन्त्येष्टि के लिए चलने लगे तो जनरलों ने कहा-मामूली बात है आप क्या करेंगे चलकर?... सुभाष बोले-जिस दिन अधिकारी अपना महत्त्व अधिक समझने लगेंगे उस दिन छोटे न ठीक अनुशासन से चलेंगे न बड़ो...
- आवश्यकता न हो तो किसीका नाम, गाँव, परिचय मत पूछो और कोई कहीं जा रहा हो तो ‘‘कहाँ जाते हो?... भी मत पूछो।’’
१०. किसी का पत्र मत पढ़ो और न किसी की कोई गुप्त बात जानने का प्रयास करो।
११. किसी की नि...
- आवश्यकताएँ तो कोई थोड़े श्रम, समय में पूरी कर सकता है, पर वैभव जन्य भौतिक महत्त्वाकाँक्षाएँ तो ऐसी हैं जिन्हें पूरी कर सकना रावण, हिरण्यकश्यपु, सिकंदर आदि तक के लिए सम्भव नहीं हुआ, फिर सामान्य स्तर के लोगों की तो बात ही क्या है?... वे हविश की जलती चिताओं वाली कशमकश में आजीवन विचरण करते रहते हैं। भूत-पलीत की तरह डरते-डराते समय गुजा...
- आशा की ज्योति जलती ही न हो तो प्रगति पथ पर प्रकाश कैसे उत्पन्न होगा?... यह विचारधारा भारतीय दर्शन के सर्वथा विपरीत है। अपने यहाँ सदा पुरुषार्थ, कर्म, प्रयत्न और संघर्ष को म...
- आश्चर्यजनक होता है कि व्यस्तता, दरिद्रता, चिन्ता आदि के बहाने जो चिरकाल से गढ़ते चले आ रहे थे और विवशता, असमर्थता जैसे शब्दों से अपनी कृपणता को सँजोए रहते थे-उन्हें रातों-रात क्या हो गया?... उन्हें इतनी फुरसत कहाँ से आ गई कि नित्य कर्मों की तरह सृजन प्रयोजनों को प्राथमिकता देने लगे।
समुद्र ...
- आस्तिकता की आस्था को परिपक्व करने के लिए किन-किन बातों का आश्रय लिया जाता है?... ८. उपासना का क्या अर्थ होता है। तथा उस समय हमें मन में क्या अनुभव करना चाहिए। ९. उपासना करते समय हम ...
- आस्तिकता को ही धर्म का प्रथम आधार क्यों माना गया है?... ५. आज के युग में आस्तिकता किस तरह विकृत हो गई है? ६. भगवान की उपासना व्यक्ति किस कारण करते हैं? ७. आ...
- इतना कष्ट भी क्यों करते हो?... ’’उन दिनों कानपुर का वह दिल दहला देने वाला समाचार सुर्खियों में था। जब एक ही परिवार की तीन लड़कियों न...
- इतना बड़ा घाव, सूख कैसे रहा है?... उसने फिर से देखा व पूछा, ‘‘आप लोगों ने किस डॉक्टर को दिखाया है? कौन डॉक्टर मिल गया जिसने यह घाव सुखा...
- इतना मूल्यवान शरीर पाकर भी तुम भगवान् को, भाग्य को दोष देते हो?... (९) बौद्धिक परावलम्बन का जुआ उतार फेकें प्रश्न —— (१) ज्योतिष कितने प्रकार का होता है। उसमें कौन स...
- इतनी जल्दी इतना सुधार कैसे हो गया?... ’’
डॉ. ओ. पी. शर्मा जी बताते हैं कि तीन दिन बाद ही मुझे परम पूज्य गुरु देव का पत्र मिला, ‘‘बेटी गाय...
- इतने दिन से खून की उल्टी हो रही है और हीमोग्लोबिन नार्मल है?... मुझे खून की उल्टियाँ बराबर हो रही थीं, सो अगले दिन हम दिल्ली में एम्स अस्पताल में दिखाने गये।
इस बी...
- इतने पर भी यह प्रश्न सामने है कि इस कार्य में जितने कारखाने, जितने वैज्ञानिक लगे हुए हैं, उनका क्या हो?... फिर शत्रु ने कोई और भी बड़ा आयुध निकाल लिया, तो पिछड़ जाने का जोखिम कौन मोल ले?बन्द करने पर दूसरा पक्ष...
- इतने भर से बात क्या बनती है?... समीक्षाएँ, भर्त्सनाएँ आये दिन होती रहती हैं। उन्हें एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हैं। होन...
- इतने मात्र के लिए किसी उपासना की क्या आवश्यकता थी?... गायत्री सूर्य की आत्मा—सविता शक्ति के साथ उपासक को सम्बन्धित करती है जिसके द्वारा वह परब्रह्म महाप्र...
- इतने सरल, इतने सीधे-साधे भी हो सकते हैं क्या?... ’’ उसने उन्हें प्रणाम किया और उनके चरणों में ही बैठ गया। उठाये नहीं उठ रहा था। पूज्यवर ने ही स्नेहपू...
- इतने साधन कहाँ से आएँगे?... इसकी चिन्ता आप न करें। जिसने करने के लिए कहा है, वही उसके साधन भी जुटायेगा। आप तो सिर्फ एक बात सोचें...
- इन देशों में आने-जाने वालों द्वारा अथवा पत्र-व्यवहार से जो सूचना मिलती हैं, उन्हीं के आधार पर यह पता चलता है कि प्रवासियों की स्थिति क्या है?... उनकी सही जनसंख्या क्या है? इसका भी प्रामाणिक विवरण प्राप्त नहीं है। यहाँ बैठे हुए उपलब्ध जानकारियों ...
- इन दो में से एक (छूनेवाला) बालक पूछेगा ‘‘भैया तू कहाँ है?... ’’ दूसरा बालक अपना स्थान छोड़कर कहीं से कहेगा ‘‘भैया, मैं यहाँ हूँ।’’ अन्य सभी बालक भी उसे बहकाने के ...
- इन परिस्थितियों में प्रत्येक जागरूक का कत्र्तव्य है कि वह पेट प्रजनन के पशु प्रयोजनों में निरत न रहे, वरन् यह सोचे कि क्या युग समस्याओं के समाधान में उसका कुछ योगदान हो सकता है?... ध्वंस को निरस्त और सृजन को समर्थ बनाने के लिए इस विश्व संकट की घड़ी में अपना विशिष्ट कत्र्तव्य एवं उ...
- इन भाई साहब को ऐसा मानने का क्या अधिकार?...
तीसरे राजकुमार का मत था-वेदान्त को व्यवहार में प्रयोग न किया जाए, साधनाएँ न की जाएँ तो वाचिक ज्ञान ...
- इन सब समस्याओं का हल इस बात पर निर्भर है कि लोकमंगल का उद्देश्य आगे रखकर सज्जन प्रकृति के लोग संगठित होते हैं या नहीं?... यदि उसमें सहकारिता और सेवाप्रवृत्ति जाग पड़े और थोड़ा-थोड़ा समय, श्रम, तथा धन लोक-कल्याण के लिए नियोजित...
- इनको सादी वेश-भूषा में देखकर वह बोला कि मैं बड़े-बड़े धनवानों के पास गया, पर किसी ने मेरी सहायता न की, आप क्या कर सकेंगे?... ईश्वरचन्द्र जी के बहुत विनय करने पर वह बोला-भाई! मेरे बाप-दादों की सम्पत्ति केवल एक घर ही है, वह आज ...
- इनमें से किसे ग्रहण किया जाए और किसे त्यागा जाए?... अगले दिनों हमें इनमें से किसी एक वर्ग में सम्मिलित होना होगा, बीच में नहीं रहा जा सकता। महाकाल के वि...
- इनसे मिलता क्या है-केवल गँवाना ही गँवाना है पर वासना का गुलाम यह सब देखता कहाँ है?... पहाड़ भर चाहता है, पर तिल पर भी पा नहीं सकता, केवल जलन, अशान्ति और खीज़ ही पल्ले पड़ती है। इसी प्रकार ...
- इनाम पाकर उन्हें प्रसन्न होना चाहिए था पर वे रोने लगे और इनाम वापस करने लगे तो अध्यापक ने पूछा गोखले रो क्यों रहे हो?... गोखले ने एक लड़के की ओर इशारा करते हुए कहा-यह इनाम इन्हें मिलना चाहिए मैंने तो सवाल इनसे नकल किये। अध...
- इन्द्र उनके पास गये और पूछा-महाराज यहाँ आपको कुछ त्रुटि दिखाई दे रही है क्या?... हाँ देवराज-विद्रूप ने कहा-यहाँ और सब कुछ तो है पर यहाँ कर्म का अभाव है बिना कर्म के मुझे स्वर्ग भी प...
- इन्हें छोड़कर हम कहाँ रहेंगे?... कैसे रहेंगे? कुछ भी तो सूझ नहीं पड़ता। आँखें बरसती हैं और सिरहाने रखे वस्त्र गीले होते रहते हैं।
*...
- इस अभाव की पूर्ति के लिए अपना यह सत्प्रयत्न क्या महत्त्वपूर्ण नहीं है?... आज यह प्रयास इतने विस्तृत देश को देखते हुए छोटा भले ही प्रतीत होता हो, पर कल उसके परिणाम दूरगामी हों...
- इस आन्तरिक विकास के बिना, अपूर्णता से संघर्ष करते हुए पूर्णता का लक्ष्य कैसे पूरा हो?... उलझनों को सुलझाने के बहाने मनुष्य अपने बुद्धि-कौशल को बढ़ाने, संसार की वस्तुस्थिति को समझने, धैर्य और...
- इस ऊँचे टीले पर खड़ा होकर आदमी संसार का सच्चा स्वरूप देख सकता है और यह जान सकता है कि किस स्थिति में, किससे क्या बर्ताव करना चाहिए?... उसे सद्गुणों का पुञ्ज, उचित क्रिया, कुशलता और सदाचार सीखने नहीं पड़ते, वरन् केवल यही चीजें उसके पास ...
- इस तरह उन्हें रात्रि के तीन पहर वहाँ बीत गए?...
ये सभी उनके लौटने की प्रतीक्षा में खड़े थे। समय हो गया। युधिष्ठिर लौटने लगे तो ये सभी प्रकट होकर साम...
- इस तरह दूसरों को कष्ट देने तथा स्वयं लाभ उठाने को क्या कहा जाए?... स्वयं कीर्तन करने का मन है तो अपने घर में पूजा के उपयुक्त मंद स्वर में प्रसन्नतापूर्वक करें, पर लाउड...
- इस तरह दूसरों को कष्ट देने तथा स्वयं लाभ उठाने को क्या कहा जाये?... स्वयं कीर्तन करने का मन है तो अपने घर में पूजा के उपयुक्त मन्द स्वर में प्रसन्नतापूर्वक करें। पर लाउ...
- इस दबाव को भारत कब तक सहता?... अन्ततः उसने विद्रोहियों को सहायता भेजी। जम कर लड़ाई हुई और सन् १९७१ में बंगला देश स्वतंत्र हो गया। अब...
- इस दुहरी नीति का क्या कभी कोई सत्परिणाम निकल सकता है?... हम चाहते हैं कि हमारी बहू-बेटियों की दूसरे लोग इज्जत करें, उन्हें अपनी बहन-बेटी की निगाह से देखें, फ...
- इस निर्माण कार्य में जो कारखाने और वैज्ञानिक विपुल पूँजी अपने पेट में समाये बैठे हैं, उस सबका क्या हो?... आक्रमण से पूर्व अब बचाव का प्रश्न और अहम है। अपनी ओर से हाथ खींचें तो सामने वाला भी वैसा करेगा। इसका...
- इस पर उसने पूछा, क्या किया?... पहले शराबी का उत्तर था वह दूसरा अड्डा जमा रही थी। (३) एक सेठ अफीम खाते थे उन्होंने अपने नौकर को भी य...
- इस पर पत्नी ने कहा-स्वामी कल हम लोग जिस स्त्री से जेवर लाए थे वह आज माँगने आई थी?... रवि मेर्हर बोले-दे क्यों नहीं दिए पराई वस्तु की कामना क्यों की जाए? ठीक है कहकर वह उन्हें शयनागार मे...
- इस पर बाबा ने कहा, ‘‘दो-दो क्या देते हो?... हाथ भर-भर कर दो।’’ हम लोग झोली भर-भर कर प्रसाद लेकर आये और पेट भर कर सन्तरे खाये।
कुछ दिन बाद हम पु...
- इस पर महात्मा जी बोले, ‘‘अब क्या?... अब क्या? अब तो हम जीत ही गये।’’
इस प्रकार दोनों सन्तों में परस्पर प्रणाम के लिये अक्सर होड़ रहती थी।...
- इस पर शास्त्रीजी बोले-पण्डित जी जंगल में जो आजादी है, स्वच्छता है वह बाग में कहाँ?... नेहरू जी बोले-लेकिन देवताओं के सिर पर चढ़ते हैं बगीचे के ही फूल। स्वाभाविक हास परिहास में शास्त्री ने...
- इस पाठ के अन्त में बालकों को एक जलती हुई मोमबत्ती तथा एक जलता टार्च दिखाया जाता है और पूछा जाता है कि आप अपने जीवन में टार्च बनना चाहेंगे या मोमबत्ती?...
बालक इस प्रश्न से उलझ जाते हैं, फिर भी कुछ बालक कहते हैं मैं टार्च बनना चाहूँगा, तो कुछ कहते हैं-मै...
- इस पूजा के लिए कौन से धूप, दीप, चन्दन चाहिए?... आपके सुन्दर कृत्य, प्राणिमात्र की सच्ची सेवा, त्याग, क्षमा और उदारता। जैसे यज्ञ में समिधा डालकर जलात...
- इस प्रकार ढर्रा तो चला, पर वह चिन्ता बराबर बनी रही कि अगले दिनों मथुरा में रहकर जो प्रकाशन का बड़ा काम करना है, प्रेस लगाना है, गायत्री तपोभूमि का भव्य भवन बनाना है, यज्ञ इतने विशाल रूप में करना है, जितना महाभारत के उपरान्त दूसरा नहीं हुआ, इन सबके लिए धन शक्ति और जन शक्ति कैसे जुटे?... उसके लिए गुरुदेव का वही सन्देश आँखों के सामने आ खड़ा होता था कि ‘‘बोओ और काटो’’। उसे अब समाज रूपी खे...
- इस प्रकार तीन बार, तीन वर्ष यहाँ आते रहने और शेष वर्षों में जन सम्पर्क में रहने से परीक्षा भी होती चलेगी कि जो अभ्यास हिमालय में रहकर किया था, वह परिपक्व हुआ या नहीं?... ’’ यह कार्यक्रम देवात्मा गुरुदेव ने ही बनाया था, पर था मेरा इच्छित। इसे मनोकामना की पूर्ति कहना चाहि...
- इस प्रकार पूछो किसी का परिचय पूछना हो तो, आपका परिचय?... कहकर पूछो। किसी को यह मत कहो कि आप भूल करते हैं। कहो कि आपकी बात मैं ठीक नहीं समझ सका।
१७. जहाँ कई व...
- इस बात को ध्यान में जाए, तो फिर हमारी वाणी में सदा शिष्टता और मधुरता ही क्यों न घुली रहेगी?... अपने कष्ट के समय हमें दूसरों की सहायता विशेष रूप से अपेक्षित होती है।...
- इस बात को ध्यान में रखा जाए तो जब दूसरे लोग कष्ट में पड़े हों, उन्हें हमारी सहायता की अपेक्षा हो, तब क्या यही उचित है कि हम निष्ठुरता धारण कर लें?... अपने बच्चों से हम यह आशा करते हैं कि बुढ़ापे में हमारी सेवा करेंगे, हमारे किए उपकारों का प्रतिफल कृतज...
- इस बिल्ली को क्यों नहीं हुई?...
किसान बोला-‘कल सबेरे तुम्हें यह बात बताऊँगा।’ दूसरे दिन सबेरे किसान ने बिल्ली को कुछ अधिक दूध और रो...
- इस मन्त्र का जाप करने वालों को बहुधा ही तेजस्वी, समृद्धिवान तथा ज्ञानवान् क्यों देखा जाता है?... इसीलिए कि इस मन्त्र के माध्यम से सविता देवता की उपासना के साथ, सुख-समृद्धि तथा ज्ञानपरक विचारों की स...
- इस व्यय को अन्य उद्योगों में कैसे लगाया जा सकता है?... (९) तंबाकू से अपराध वृत्ति कैसे पनपती है? (१०) ‘‘सभी धर्मों ने नशेबाजी की निन्दा की है’’ सिद्ध कीजिय...
- इस व्यापार से लाभ हुआ या घाटा, उसका हिसाब कौन लगाए?... * यों मरना अभी देर में है, पर जब परस्पर मिलने-जुलने और हँसने-खेलने, सुनने और समझने की सुविधा न रही, ...
- इस सन्दर्भ में एक बात और उल्लेखनीय है-अवतारों की संख्या 24 ही क्यों गिनी जाती है?... जबकि समय-समय पर कितनी विभूतियाँ अवतरित होती रहीं और अपनी निर्माण प्रक्रिया को पूर्ण करती रहीं। इस सं...
- इस सन्दर्भ में कम से कम एक ग्रंथ तो ऐसा होना चाहिए जो भारतीय धर्म की महान परम्पराओं को शास्त्र प्रमाण ढंग से प्रस्तुत कर सके और एक सामान्य बुद्धि का हिन्दू समझ सके कि उसके सुविस्तृत शास्त्र समुद्र का सार क्या है?... वह सार ऐसा होना अपेक्षित है जो आज की परिस्थितियों में भी सार्वभौम-सार्वजनीन और सर्वकालीन कहा जा सके।...
- इस सन्दर्भ में क्या किया जा सकता है?... अपनी स्थिति इस दिशा में कितनी तेजी से कितनी दूरी तक चल सकने की है। इसी का ताना-बाना उनका मस्तिष्क बु...
- इस सन्दर्भ में नए विचार नए प्रचलन करने में क्या-क्या करना पड़ेगा, किन-किन कठिनाइयों से किस-किस प्रकार निपटना पड़ेगा?... यह एक बड़ी बात है। मध्यम वर्ग ही इस सन्दर्भ की अनेक योजनाएँ हाथ में लेकर उसे कार्यान्वित कर सकेगा।(२) ...
- इस सन्दर्भ में होने वाला प्रचार और विज्ञापन यदि स्वास्थ्य और चरित्र बढ़ाने की दिशा में लगता तो जन-प्रवृत्ति को कुमार्गगामी बनाने की अपेक्षा विकास की दिशा में कितनी प्रगति होगी?... अन्य नशों की भाँति तम्बाकू में भी तामसिक दुर्बुद्धि और अपराधी दुष्प्रवृत्ति भड़काने का दोष है। नशेबाज...
- इस स्थिति को देखते हुए नैष्ठिक साधना की अनिवार्यता के सन्दर्भ में एक प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि मनुष्य वातावरण और प्रकृति के सामने सर्वथा असहाय असमर्थ है तो वह किस आधार पर वातावरण में अनुकूल और परिस्थितियों में परिवर्तन कर सकता है?... इसका एक ही उत्तर है कि प्रकट रूप में मनुष्य वातावरण के सामने सर्वथा असहाय असमर्थ भले हो पर सूक्ष्म प...
- इस स्वर्ग को छोड़कर कहाँ आकाश में मारा-मारा फिरूँ?... (७) अन्धे भिखारी के हाथ में किसी ने पाँच का नोट रख दिया, भिखारी ने समझा किसी ने मजाक में कागज थमा द...
- इस स्वर्ग में से घसीट कर हमें कोई कहाँ लिए जा रहा है?... क्यों लिए जा रहा है? इन्हें छोड़कर हम कहाँ रहेंगे? कैसे रहेंगे? कुछ भी तो सूझ नहीं पड़ता। आँखें बरसत...
- इसका कारण क्या है?... (४) महँगाई के इस जमाने में नारी का क्या कर्तव्य हो जाता है? (५) उच्च शिक्षा कन्या के विवाह न होने के...
- इसका तात्पर्य यही निकलता है कि वे सभी गणतंत्र विशाल भारत की, महाभारत की सीमा में आते थे, जो इस महायुद्ध में सम्मिलित हुए थे, अन्यथा किसी दूसरे की आग में कूदने की क्या आवश्यकता पड़ती?... महाभारत वस्तुतः एक गृह युद्ध ही था, जिसमें बृहत्तर भारत के सभी क्षेत्र, प्रदेशों को सम्मिलित होना पड...
- इसकी क्या जरूरत थी?... बेटा, तेरा तो सब कुछ मेरा ही है।’’ जल्दी-जल्दी में गुरुजी के लिए, मैं कुछ खरीद नहीं पाई थी, सो उनके ...
- इसकी सब लोग शिकायत करते हैं, परन्तु कारण नहीं जानते कि मन इतना चंचल क्यों हो रहा है?... कस्तूरी मृग कोई अद्भुत गन्ध पाता है और उसके पास पहुँचने के लिए दिन-रात चारों ओर दौड़ता रहता है। क्षण...
- इसके बन्धन में बँधने से पहले 'अहम्' था और बाद में भी बना रहेगा, जब अपने को पृथक् करके उनका परीक्षण कर सकते हो, तो क्या कारण है कि एक ही झटके में उठाकर अलग नहीं फेंक सकोगे?... ध्यान देने योग्य बात यह है कि तुम इस बात का अनुभव और विश्वास कर रहे हो कि 'मैं' बुद्घि और इन शक्तियो...
- इसके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कार्य पद्धति पर प्रकाश डालें?... (६) ज्ञानयज्ञ का प्रयोजन समझाइए? (७) युग निर्माण योजना द्वारा किस प्रकार के विचार प्रसारित किये जाते...
- इसके लिए यही उपयुक्त लगा कि जिस प्रकार अनेक वैज्ञानिकों ने पूरी-पूरी जिंदगियाँ लगाकर अन्वेषण कार्य किया और उसके द्वारा समूची मानव जाति की महती सेवा सम्भव हो सकी, ठीक उसी प्रकार यह देखा जाना चाहिए कि पुरातन काल से चली आ रही ‘‘साधना से सिद्धि’’ की प्रक्रिया का सिद्धान्त सही है या गलत?... इसका परीक्षण दूसरों के ऊपर न करके अपने ऊपर किया जाए। यह विचारणा दस वर्ष की उम्र से उठी एवं पन्द्रह व...
- इसमें उनका कसूर भी नहीं है, जो आँखों के सामने प्रत्यक्ष देखा जा रहा है, उसे झुठलाया भी कैसे जाय?... हरिद्वार से शान्तिकुञ्ज जाने वाले ताँगे-रिक्शे वाले तक यह कहते सुने गये हैं कि गुरुजी अब समाधि ले रह...
- इसमें क्या देखा?... इसकी जिज्ञासा बड़ी आतुरता पूर्वक सभी करते हैं। उनका तात्पर्य, किन्हीं यज्ञ, गन्धर्व, राक्षस, बेताल, स...
- इसमें क्या है?... एक मनुष्य के यह पूछने पर शैतान ने बताया इसमें वह वस्तु है जिससे मैं अपनी सारी सम्पत्ति और विशेषताएँ ...
- इसमें घबराना कैसा?... यह अत्यन्त शुभप्रद लक्षण है। तुम अपनी उपासना जारी रखो।’’ गुरुदेव की बात सुनकर सभी परिजन श्रद्धावनत थे...
- इसमें भी इतने परस्पर विरोधी मतांतर हैं कि यह समझना कठिन पड़ता है कि वस्तुतः हिन्दू धर्म है क्या?... उसकी अगणित विरोधी मान्यताओं में से कौन वास्तविक है और कौन अवास्तविक? इस सन्दर्भ में कम से कम एक ग्रंथ...
- इसमें भी पहली एक अति आवश्यक शर्त यह है कि हम सज्जनता की सामान्य परिभाषा समझें और अपनायें, जिसके अन्तर्गत मधुर भाषण और विनम्र शिष्ट एवं मृदु व्यवहार अनिवार्य हो जाता है?... साहस जुटाएँ, औचित्य अपनायें भय हमारी स्थिरता और प्रगति में सबसे बड़ा बाधक है। कितने ही काम ऐसे हैं ...
- इसमें सन्देह कैसा?... समय आने पर सारी विधि व्यवस्था सामने आती जाएगी। अभी योजना बनाने और चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है। अ...
- इसलिए अपने अधिकांश जीवन के कार्यक्रम में हम इसका क्या लाभ उठा सकेंगे?... उपरोक्त शंका स्वाभाविक है, क्योंकि हमारी विचारधारा आज कुछ ऐसी उलझ गई है कि लौकिक और पारलौकिक स्वार्थ...
- इसलिए इस सन्देह के लिए गुंजाइश नहीं रह जाती कि जो देश आज समुद्र पार हैं, वहाँ भारतीय सभ्यता किस प्रकार पहुँच पाई होगी?... वस्तुतः वैसी कठिनाई थी नहीं और सुदूर देशों का यातायात उन दिनों के साधनों से भी भली प्रकार सम्पन्न हो ...
- इसलिए कौन, कब, क्या कर बैठे?... इस सम्बन्ध में कुछ कहा नहीं जा सकता है। इस विस्तार से गुत्थी उलझी ही है।समाधान सोचने से पूर्व इस संक...
- इसलिए यह भी आवश्यक हो गया है कि जब कुछ समय श्रम से उत्पन्न थकावट को दूर करने के लिए निकालें तो यह भली-भाँति विचार कर लें कि यह जो समय उक्त कार्य में लगाने जा रहे हैं, उसका आध्यात्मिक उत्थान और आत्म-विकास के लिए क्या सदुपयोग हो रहा है?... मनोरंजन केवल प्रसुप्त वासना की पूर्ति के लिए न हो वरन् उसमें भी आत्म-कल्याण की भावना सन्निहित बनी रह...
- इसलिए विचित्रताएँ ढूँढ़ने वालों को उसमें निराशा भी लग सकती है, पर जो घटनाओं के पीछे काम करने वाले तथ्यों और रहस्यों में रुचि लेंगे, उन्हें इतने से भी अध्यात्म सनातन के परम्परागत प्रवाह का परिचय मिल जाएगा और वे समझ सकेंगे कि सफलता-असफलता का कारण क्या है?... क्रियाकाण्ड को सब कुछ मान बैठना और व्यक्तित्व के परिष्कार की—पात्रता की प्राप्ति पर ध्यान न देना यही...
- इसलिए हम बारीकी से देखते रहते हैं कि सामने बैठा हुआ लम्बी-चौड़ी बातें बनाने वाला व्यक्ति हमारी विचारधारा के साथ अखण्ड ज्योति या साहित्य के माध्यम से बँधा है या नहीं?... यदि वह इसकी उपेक्षा करता है तो हम समझ लेते हैं कि वह देर तक टिकने वाला नहीं है। जो हमारे विचारों को ...
- इसलिये देखो, मैंने ये किताब लिखी है, पढ़कर देखो कैसी है?... ’’ उस पुस्तक का नाम था, ‘सतयुग की वापसी’ हम सबको पुस्तक बड़े गजब की लगी।...
- इससे उबरा कैसे जाय?... उबारे कौन? वैज्ञानिकों के लिए कुटीर उद्योग से सम्बन्धित अगणित यन्त्र ऐसे बनाने के लिए पड़े हैं जिन्हे...
- इससे किसी को क्या मिलेगा?... स्वर्ग-मुक्ति की उपरोक्त मान्यताएँ पौराणिक काल की अलंकारिक मान्यताएँ हैं। वस्तुतः स्वर्ग आत्मसन्तोष क...
- इससे क्या होगा?... ऊँचा क्यों, नीचा क्यों नहीं?’’ मास्टर साहब सिखाते रहे। सात दिन बाद उन्होंने आना बन्द कर दिया। गुरुजी ...
- इससे तो भगवान और विधाता दोनों ही नाराज होंगे कि हमारे विधान में क्यों हस्तक्षेप किया?... ऐसी दशा में दीन-दुःखियों की सेवा, सहायता करना भी एक अपराध बन जाता है।किसी समाज का दर्शन-दृष्टिकोण भ्...
- इससे दाम्पत्य-जीवन में क्या व्यवधान पड़ सकता है?... परिवर्तन केवल इतना होगा कि पति-पत्नी और पत्नी-पति बन जायेगी। इस उदाहरण में कितना सत्य है नहीं कहा जा...
- इससे बात कैसे बनेगी?... कहीं-न-कहीं, किसी-न-किसी को कुछ व्यावहारिक पहल तो करनी ही पड़ेगी। इसके लिए सबसे सुलभ, प्रभावी और व्या...
- इसी आधार पर यह सोच सकना सम्भव हो सकता है कि कहीं अनावश्यक कार्यों में पैसे की बर्बादी तो नहीं हो रही और कहीं आवश्यक कामों की उपेक्षा तो नहीं की जा रही?... तथ्य सामने होने पर ही उनका सुधार सम्भव है अन्यथा अँधेरे में कुछ पता ही न चलता कि कहाँ अनावश्यक खर्च ...
- इसी प्रकार जिसको ईश्वर के सर्वव्यापक और न्यायकारी होने का विश्वास है, वह कुमार्ग पर पैर कैसे रखेगा?... आस्तिक कुकर्मी नहीं हो सकता। जो कुकर्मी है उसकी आस्तिकता को एक विडंबना या प्रवंचना ही कहना चाहिए।ईश्...
- इसी प्रकार यह भी दृष्टव्य है कि दूसरों के अवलम्बन योग्य आध्यात्मिकता का प्रस्तुतीकरण करते हुए हमारे कदम ऋषि परम्परा अपनाने के लिए बढ़े या नहीं?... जिसे जितनी यथार्थता मिले, वह उतनी ही मात्रा में यह अनुमान लगाए कि अध्यात्म विज्ञान का वास्तविक स्वरू...
- इसे अपनाने से क्या लाभ होते हैं?... (१०) किस दुश्मन ने हमारी मनोभूमि का ढाँचा ही बदल दिया है? कथाएँ —— (१) अकबर के सामने एक मुकदमा आया।...
- इसे बारीकी से देखना पड़ता है कि जीवन की स्थिरता और विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक साधन क्या है?... उनमें से कितने ही ऐसे होते हैं, जिनकी ओर ध्यान तक नहीं जाता। उनकी पूर्ति के लिए अपने बजट में गुंजाइश...
- इसे मिटाना क्यों आवश्यक है?... (२) तंबाकू में कौन २ से विष होते हैं? (३) तंबाकू के सेवन से कौन-कौन से रोग होते हैं? (४) तंबाकू स्वा...
- ईश्वर के सामने हमारी चतुरता क्यों नहीं चल सकती?... ४. आस्तिकता को ही धर्म का प्रथम आधार क्यों माना गया है? ५. आज के युग में आस्तिकता किस तरह विकृत हो ग...
- ईसाई बोला-टाई हमें ईसामसीह के त्याग की याद दिलाती है और मुसलमान युवक बोला-दाढ़ी हमें अल्लाह की कुदरत की?... तो फिर चोटी भी तो हमें अपने भगवान की अपने सनातन आदर्शों की याद दिलाती हैं हम उसे धारण करते हैं तो इस...
- उचित और अनुचित का निर्णय करने वाले यंत्र इसी शरीर में लगे हैं, जो तत्काल यह बता देते हैं कि क्या करना चाहिए, क्या नहीं?... मर्यादाओं का पालन और वर्जनाओं का अनुशासन मानने भर से उद्देश्य की पूर्ति हो जाती है।आहार-विहार का ध्य...
- उचित-अनुचित का वर्ण भेद कौन करे?... जो चल रहा है वह उचित है, इस मानसिक आलस्य ने हमारी मनोभूमि का अधिकांश भाग मूढ़ता एवं अविवेक भरे विचारो...
- उछल कर सुविस्तृत विश्व-वसुधा के साथ जुड़ जाने की योजना तक गले नहीं उतरती, फिर उस स्तर का पराक्रम करते किस प्रकार बन पड़े?... जब समूचा समय और साधन अभ्यस्त विडम्बना में ही खप जाता है, तो वह कैसे करते बन पड़े, जिसके लिए महाकाल क...
- उठो, उठो मुन्ना, देखो कोई चींटी तो दबकर नहीं मर गई?... ' आपके ऐसा कहने से बच्चा अपनी चोट भूलकर चींटी की फिक्र में लग जाएगा।
७-बच्चे से बातचीत करते समय ...
- उत्तराखण्ड में जहाँ-तहाँ देवी-देवताओं के मन्दिर तो बन गए हैं ताकि उन पर धनराशि चढ़ती रहे और पुजारियों का गुजारा होता चले, पर इस बात को न कोई पूछने वाला है न बताने वाला कि ऋषि कौन थे?... कहाँ थे? क्या करते थे? उसका कोई चिह्न भी अब बाकी नहीं रहा। हम लोगों की दृष्टि में ऋषि परम्परा की तो ...
- उत्तेजना में आदमी खा तो अधिक जाता है पर मात्रा से अधिक पचावे कौन?... धीरे-धीरे अपच बढ़ता जाता है और पाचन-तन्त्र इतना कमजोर बन जाता है कि स्वल्प मात्रा में आहार पचाना भी क...
- उदाहरण से समझाइए?... (७) बीमारियाँ कैसे आती हैं? तथा उनसे निपटने का क्या रास्ता है? (८) विद्वानों की पंक्ति में किस तरह ब...
- उदाहरणों के द्वारा समझाइए?... (५) प्रजातंत्र युग में सहकारिता का महत्त्व किस तरह है। प्रतिपादित कीजिये? (६) कृषि, व्यवसाय, उत्पादन...
- उद्देश्य ऊँचे रखने चाहिए, लक्ष्य बड़े से बड़ा रखा जा सकता है पर यह न भूला दिया कि आज हम कहाँ हैं?... आज की परिस्थिति को समझना और उसी आधार पर आगे बढ़ने की बात सोचना ही व्यावहारिक बुद्धिमत्ता है। भविष्य ...
- उन दुकानदारों को जो ऐसा साहित्य बेचते हैं और उन समाज सेवियों को भी जो बुराइयाँ अधिक करने पर आदर्श कुछ नहीं रखते?... उस दिन से वह सज्जन सभाओं में भाषण करने की अपेक्षा झोला पुस्तकालय चलाने लगे।...
- उन पाप कर्मों से निवृत्ति कैसे मिले?... जिससे चित्त हलका हो और उन अन्तर्व्यथाओं से पीछा छूटे जो यमदूतों की तरह व्यक्ति को दुःखी और असफल बनान...
- उनका कार्य बढ़ता ही गया, क्योंकि उन्होंने गुरुजी को पार्टनर जो बना दिया था, वे दुकान में मंदी कैसे होने देते?... यह तो ब्याज भी नहीं है
जयपुर के श्री वीरेन्द्र अग्रवाल जी मिशन के कार्यों के लिये खूब अनुदान देते र...
- उनका जन्म दिवस मनाने का अर्थ है उनके ज्ञान, गुण, शक्ति और ईश्वरीय प्रकाश को हम भी अपने अन्दर धारण करें?... पुत्र ने पिता की बातें अच्छी तरह समझ लीं और अपने जीवन में उन गुणों को धारण करने वाला यही बालक गीता क...
- उनका जीवन परिचय दीजिए, वे किस तरह युग निर्माण करना चाहते हैं?... ’’ मैंने सभी प्रश्नों का उत्तर बड़ी कुशलता से दिया। वे हँसते हुए बोले, ‘‘आपकी परीक्षा समाप्त हुई।’’ फ...
- उनका प्रयोग पीड़ा पहुँचाने के लिए हुआ या प्राण रक्षा के लिए?... इसी आधार पर उनकी भर्त्सना या प्रशंसा की जा सकती है। मनुष्य की विभूतियाँ एवं योग्यताएँ भी ऐसे ही साधन...
- उनका लाभ नागरिकों को मिलता है या नहीं?...
वे एक गाँव से गुजर रहे थे। छद्म वेश में थे, इसलिए कोई पहचान नहीं सका। एक जगह, लड़के खेल, खेल रहे थे।...
- उनका समाधान क्या हो सकता है कौन जाने?... पर अपने इस आन्तरिक उद्वेग की घड़ियों में यह भी अच्छा ही है कि हम जी खोलकर अपनी बात कह लें और परिजनों...
- उनकी अलंकारिक कल्पना क्यों की गई?... २. ‘एक सद् विप्रः बहुधा वदन्ति’ से क्या समझते हो। ४. शंकर जी की गंगा, चन्द्रमा, विष, सर्प, मुण्डमाला...
- उनकी बात सुनकर गायत्री परिवार के परिजनों ने कहा, ‘‘यह कैसे हो सकता है?... वह कोई और होंगे, आपको भ्रम हुआ होगा।’’ तब वे लोग एक-दूसरे की ओर इशारा करते हुए कहने लगे, ‘‘साहब, हमस...
- उनकी बात सुनकर पड़ोसी ने कहा कि यह कैसे हो सकता है?... परमार जी तो 10-12 दिन के लिये हरिद्वार गए हुए थे। इस बीच उनके घर पर भी कोई नहीं था।
पुलिस चोरों को...
- उनकी बेटी के मन में आया कि क्या अब गुरुजी यहाँ नहीं हैं?... अब हम उन्हें कैसे मिल सकेंगे? और इस भाव को लेकर वह बहुत अधिक व्याकुल हो रही थी। उसे गुरुदेव के दर्शन...
- उनकी सही जनसंख्या क्या है?... इसका भी प्रामाणिक विवरण प्राप्त नहीं है। यहाँ बैठे हुए उपलब्ध जानकारियों के आधार पर जो पता चलता है, ...
- उनके उन्मूलन हेतु सुझाव देवें (५) इस युग में बहादुर किस माना जायेगा (६) हमारे समाज के प्रमुख कलंक कौन से हैं?... उनसे बचने के उपाय बताओ? (७) आगामी युग में कैसे परिवारों की स्थापना करनी होगी। (८) अवांछनीय तत्त्वों ...
- उनके न मिलने पर एकाकीपन का डर क्यों लगे?... जंगली पशु-पक्षी अकेले रहते हैं। उनके लिए तो हिंस्र पशु-पक्षी भी आक्रमण करने को बैठे रहते हैं। फिर मन...
- उनके पुस्तकालय और विद्यालय अनेकों प्रतिभाशाली विद्वान उत्पन्न करते चले जाते थे और इन संस्थाओं द्वारा उत्पादित ज्ञान संपदा से समस्त मानव जाति लाभान्वित हो रही थी?... इन शिक्षण संस्थाओं में समस्त हिन्दू दर्शन पढ़ाया जाता था। बौद्ध और हिन्दू धर्म की समन्वित शिक्षा पद्धत...
- उनके मन में तीन प्रश्न उठे- (१) सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य क्या है?... (२) परामर्श के लिए सबसे अधिक महत्त्व का व्यक्ति कौन है? (३) निश्चित कार्य को आरम्भ करने का सबसे महत्...
- उनके लिए अपने खाने-पीने से लेकर घूमने-फिरने तक पर क्यों बन्धन नियंत्रण लगाए?... यदि बच्चों से खिलौने की तरह मन बहलाना अच्छा लगता है तो किराए के बच्चे प्राप्त करना कहीं अधिक सुगम रह...
- उनके हाथ कील दिये जाते हैं और कहा जाता है कि यदि तुम्हारे हाथ बिल्कुल सीधे होते, कोहनी का मोड़ यदि प्रकृति निर्माण नहीं करती तो ये चुरमुरे आप कैसे खाते?...
काफी प्रयास करने पर चुरमुरे पकड़ा हुआ हाथ अपने मुँह तक नहीं जाता है, यह देखकर बालक लज्जित हो जाते है...
- उनमें धन या समय देने से पूर्व हजार बार यह विचार करना चाहिए कि अपने प्रयत्नों की अन्तिम परिणति क्या होगी?... इस दूरदर्शी विवेकशीलता का अपनाया जाना इन दिनों विशेष रूप से आवश्यक है। हमने ऐसे प्रसंगों में स्पष्ट ...
- उनमें बड़े महात्मा ने कहा-बेटा, रुपये हमारे किस काम के?... तुम्हे ये रुपये व्यापार के लिए तुम्हारे पिता ने दिये हैं, तुम्हें उनकी आज्ञा के अनुसार ही काम करना च...
- उनमें से कभी-कभी कोई दृष्टांत, उदाहरण चर्चा का विषय भी बनते रहे हैं, पर जब सभी लोग उस स्तर के थे तो चर्चा भी आखिर कहाँ तक की जाए?......
- उनसे कैसे बचा जाय?... (६) महान बनने का सर्वश्रेष्ठ साधना क्या है? (७) प्रगति का रहस्य क्या है? (८) निरन्तर प्रगति एवं उन्न...
- उनसे बचने के उपाय बताओ?... (७) आगामी युग में कैसे परिवारों की स्थापना करनी होगी। (८) अवांछनीय तत्त्वों का उग्र प्रतिरोध कैसे कि...
- उनसे बचने के उपाय बताओ?... (७) आगामी युग में कैसे परिवारों की स्थापना करनी होगी? (८) अवांछनीय तत्त्वों का उग्र प्रतिरोध कैसे कि...
- उन्हें एक कार्यकर्ता श्री फौजदार सिंह जी से गुरुजी के विषय में जानकारी मिली, तो उन्होंने कहलवाया, ‘‘क्या मैं अपनी पत्नी को ला सकता हूँ?... ’’
फौजदार सिंह जी ने गुरुदेव से पूछा, तो उन्होंने कह दिया, ‘‘ले आना बेटा।’’ दूसरे दिन वे अपनी गाड़ी ...
- उन्हें कैसे पता लगा कि हम भूखे हैं?...
थोड़ी देर बाद गुरुदेव बाहर आए व बोले, ‘‘हम डॉ. ओमप्रकाश की गाड़ी में जायेंगे। ओपन गाड़ी में नहीं जाये...
- उन्हें चिन्तित देखकर परशुराम ने पूछा-भगवन् आप आनन्द के भी आनन्द हैं फिर चिन्ता का हेतु क्या है?... निष्कलंक प्रभु ने उत्तर दिया देव! आनन्द स्वरूप होकर भी मैं संसार के हित के लिए दुःखी रहता हूँ।...
- उन्हें छात्रों से पूछने पर पता चल जाता है कि शिक्षण का किस छात्र ने कितना हृदयंगम किया?... जो पूरी बात न समझ सके हों उन्हें बार-बार पूछने और बताने का क्रम तब तक चलाना चाहिए जब तक कि छात्र वस्...
- उन्हें प्रगति पथ पर अग्रसर होने का उत्साह अब कहाँ से मिल सकेगा?... भ्रान्तियों के जंजाल से हम निकलें और इस बौद्धिक परावलम्बन की बेड़ियाँ तोड़ फेंके यही हमारे लिए उचित एवं...
- उन्हें भी मनुष्य की तरह स्वतन्त्रता प्रिय है तो पक्षियों को पिंजड़े में क्यों परतन्त्र बनायें?... रेशमी कपड़े पहनने वाले यह नहीं जानते कि यह धागा किस निर्दयता से प्राप्त किया जाता है। रेशम का कीड़ा जी...
- उन्हें मेरी व्यवस्था में परिवर्तन का भी अधिकार हो तो इसमें आश्चर्य की क्या बात?... (११) खलीफा उमर नमाज पढ़कर खड़े हुए तो उन्हें एक फरिश्ता दिखाई दिया उसके हाथ में एक छोटी सी पुस्तक थी।...
- उन्हें विज्ञ समाज में कंगाल कहकर उपहासास्पद एवं घृणास्पद माना जाता था, भले ही अमीरी का ठाठ-बाट उनके पास कितना ही बढ़ा-चढ़ा क्यों न हो?... प्राचीन भारत का इतिहास इस देश में जन्मे नर रत्नों का इतिहास है। भारत-भूमि ने अन्न, वृक्ष, खनिज जैसी ...
- उन्हें समझना और समझाना चाहिए कि उनकी यह उतावली बच्चों के लिए कितने घातक परिणाम उत्पन्न करेगी?... समय आ गया है कि हम विवेक के आधार पर हर बात सोचें और बाल-विवाह जैसी मूर्खता का अविलम्ब परित्याग कर दे...
- उन्होंने उत्तर दिया-इसलिये कि कहीं मेरी जीवनी शक्ति नष्ट न हो जाये?... गवर्नर बड़ा प्रभावित हुआ। यह व्यक्ति गाँधी जी थे। (४) यूनान के महापुरुष डायोजनीज़ का नौकर बिना सूचना ...
- उन्होंने कहनी-अनकहनी सब तरह की बातें उससे कहीं और जब नौकर ने धीमी आवाज में इतना कह दिया ‘कि उसने जान-बूझकर थोड़ी तोड़ डाली?... ’ तो उनका पारा और भी चढ़ गया। गृह-स्वामी ने कहा-‘अच्छा, तुम यों बाज नहीं आओगे तो मैं तुम्हें थाने भेज...
- उन्होंने कहा कि ये कैसे हो सकता है?... क्योंकि यही व्यक्ति तो हमारे गाँव में निमंत्रण देने आये थे, उन्होंने यही कपड़े पहन रखे थे। उनकी बात स...
- उन्होंने कहा, ‘‘अब चलकर अपने पिता के पास नहीं आयेगी?... ’’ इतना कहने पर वह धीरे-धीरे पिताजी अर्थात् गुरुजी के पास आ गई। अब गुरुजी ने कहा, ‘‘कुछ खायेगी।’’ उस...
- उन्होंने कहा, ‘‘बिना आरक्षण के आप कैसे जायेंगी?... ’’ हमने कहा, ‘‘कैसे भी हो, हमें जाना है, मन में ऐसी प्रेरणा आ रही है जैसे गुरुदेव बुला रहे हैं।’’ हम...
- उन्होंने कहा, ‘‘बेटा, फकीर बनने से डर लगता है?... ’’ मैं चुप रहा। उन्होंने कहा, ‘‘फकीर बनने से आदमी डरता है। सोचता है, रोटी कहाँ से मिलेगी? पर बेटा भग...
- उन्होंने पूछा तुम्हारा नाम क्या है?... मैंने कहा मेरा नाम बनवारी लाल कुलश्रेष्ठ है। आवाज आई अच्छा आपने कौन-कौन से श्रेष्ठ काम किए। मैंने बत...
- उन्होंने पूछा, ‘‘क्या काम करते हो?... ’’ मैंने कहा, ‘‘नौकरी।’’
‘‘कितने पैसे मिलते हैं।’’ मैंने कहा, ‘‘250 रुपये।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तुम्हा...
- उन्होंने पूछा, ‘‘क्या बात है?... ’’ मैंने कहा कि मेरे दिमाग में अब बीवी-बच्चे नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस छोरी के दिमाग में तो होगी।...
- उन्होंने पूछा-आकाश में क्या है?... असंख्य तारे वह सज्जन बोले-अभी चन्द्रमा निकलेगा तब? तब तो महाराज चन्द्रमा के सामने सभी नक्षत्र प्रभाव...
- उन्होंने पूछा-तात तुमने और भेड़ों को तो बन्द कर दिया इसी बच्चे से इतना प्यार क्यों?... गड़रिया बोला-महाराज यह रोज भटक जाता है, इसे इसलिये इतना प्यार देता हूँ ताकि वह फिर न भटक जाये। ईसामस...
- उन्होंने पूछा-‘‘कहाँ से आये हैं?... ’’ चूँकि वे हकला कर बोले थे अतः उनको भी मजाक सूझी। उन्होंने भी उसी भाषा में हकला कर जवाब दिया, ‘‘आ-ज...
- उन्होंने पूछा-‘‘कैसे आये हो?... ’’ बताया-‘‘घूमने आया हूँ।’’ गुरुजी ने कहा-‘‘केशव टीला जरूर जाना।’’ वे घूमते-घूमते थक गये थे पर गुरुज...
- उन्होंने माताजी की ओर संकेत करते हुए कहा कि ‘‘इस लड़के को पहचान गई?... ये वो ही है।’’ वन्दनीया माताजी के ‘‘अच्छा-अच्छा’’ कहते ही हमारे अन्दर कम्पन सा हो गया। गुरुदेव ने पा...
- उन्होंने मुझसे पूछा, ‘‘किसी से तेरा कोई झगड़ा हुआ है क्या?... ’’ मैंने कहा, ‘‘नहीं माताजी, ऐसी तो कोई बात नहीं हैं।’’ तब माताजी बोली, ‘‘ठीक है बेटी, मैं देख लूँगी...
- उन्होंने मुझे पूछा-‘‘महासमुन्द चलेगी क्या?... ’’ मैंने कहा-‘‘गुरुदेव! मैं घर में कहकर नहीं आई हूँ, इसलिये नहीं जा सकती।’’
पूज्यवर ने कहा, ‘‘ठीक ह...
- उन्होंने स्वयं ही कहा-‘‘कैसे आये बच्चो?... कुछ पूछना है तो पूछो।’’
हम लोगों ने कहा, ‘‘गुरुजी, हम लोग प्लान्ट में काम करते हैं। आपका इतना सारा...
- उन्होंने हमें बुलाया और कहा, ‘‘क्या लड़कपन करते हो?... दोनों की बात सच्ची है। मैं यहाँ भी था, वहाँ भी था। वहाँ रेल में भी भटनागर जी के साथ मैं ही था। यज्ञ ...
- उपवास के लाभ बताइये?... (१०) चूहों व कीड़ों से अन्न की बरबादी बचाने के लिए क्या किया जाये? (११) अन्न संकट को उत्पादन वृद्धि ...
- उपार्जन बढ़ा किन्तु बर्बादी न रुकी तो उसे बढ़ोत्तरी से भी क्या बनेगा?... सामाजिक कुरीतियाँ हमारी नैतिक, आर्थिक और सामाजिक ही नहीं शारीरिक, मानसिक एवं पारिवारिक बरबादियों की ...
- उपासना करते समय हम भगवान से क्या माँगा करें?... १०. सर्वत्र श्री, समृद्धि, प्रगति एवं शान्ति की परिस्थितियाँ उत्पन्न करते रहने के लिए हमें क्या करते...
- उपासना की परिणतियाँ-फलश्रुतियाँ पढ़ी-सुनी गईं थीं, उसमें से कोई कसौटी पर खरी नहीं उतरी, तो विश्वास टिकता भी कैसे?... हमारी जीवन गाथा सब जिज्ञासुओं के लिए एक प्रकाश स्तम्भ का काम कर सकती है। वह एक बुद्धिजीवी और यथार्थव...
- उपासना क्यों बन्द कर दी?... ’’ सन्त मधुर वाणी में बोले-‘‘वत्स! भगवान् की इच्छा है कि उनके संसार में कोई दीन-दुःखी न रहे। उनकी इच...
- उमर ने आश्चर्य चकित होकर पूछा क्या दुनियाँ में ऐसे भी लोग हैं जिनकी खुद भगवान् उपासना करते हैं?... फरिश्ते ने कहा-हाँ जो संसार की सेवा में लगे हैं उनकी इबादत भगवान् खुद करता है यह कहकर फरिश्ता अपनी क...
- उमर ने पूछा इसमें मेरा भी नाम है क्या?... फरिश्ते ने सारी पुस्तक पलट डाली पर उसमें उमर का नाम न निकला। उमर दुःखी खड़े थे तभी दूसरा फरिश्ता आया।...
- उस आगन्तुक ने कहा-लेकिन तुम तो रोगी हो?... इस पर उसने उत्तर दिया हाँ सम्भव है मैं मर जाऊँ पर सैकड़ों लोग मरे उससे तो मेरा अकेले का ही मर जाना अ...
- उस घटना को देखकर मन में आया यह कैसे ठीक हो जायेगा?... जबकि इसे रिह्यूमेटिक हार्ट की बीमारी जान पड़ती है। पूज्यवर ने मेरे मन की बात शायद पढ़ ली और मुझे कहा, ...
- उस प्रदेश को ऋषि निवास का देवात्मा भी मानते रहे हैं, पर इससे पहले यह विदित न था कि किस ऋषि का किस भूमि से लगाव है?... यह आज पहली बार देखा और अन्तिम बार भी। वापस छोड़ते समय मार्गदर्शक ने कह दिया कि इनके साथ अपनी ओर से सम...
- उस व्यक्ति ने प्रश्न किया-महाराज दीपक के नीचे अँधेरा और चन्द्रमा के कालिख क्यों है?... सन्त ने हँसकर कहा-वत्स अँधेरा पक्ष तो दुनियाँ की हर वस्तु में है क्या ही अच्छा होता यदि तुम दीपक और च...
- उस समय आप कहते थे?... तहसीलदार ने कहा-जहाँ बुद्धि बँट रही थी वहाँ? कलेक्टर इस उत्तर से बहुत लज्जित हो गया। (२) एक सन्त के प...
- उस समय उसने लाउडस्पीकर पर ईश्वर का धन्यवाद दिया और भीड़ से पूछा, ‘‘क्या आपने मुझे तार पर चलकर प्रपात पार करते देखा?... ’’ भीड़ ने उत्तर दिया ‘‘हाँ।’’
उसने दूसरा प्रश्न किया,‘‘क्या मैं फिर इस पार से उस पार तक इसी प्रकार ...
- उस समय ऐसा लग रहा था कि पता नहीं आज क्या हो जाएगा सारी ताला नगरी के लोग खतम हो जाएगे क्या?... परन्तु देखिए गुरुजी की कृपा कितना बड़ा संघर्ष होते हुए भी गुरुजी ने हम लोगों में से किसी की भी मौत नही...
- उसका क्या उपाय करूँ?... ’’ तब गुरुजी ने बताया कि घर की पीछे वाली दीवाल में अमुक जगह पर तांत्रिक ने एक कील ठोंकी है। उसे निका...
- उसका पूरक दूसरा प्रश्न भी कर देखिये— तो क्या आप उसके लिये प्रयत्न नहीं करते?... नब्बे प्रतिशत से अधिक उत्तर यही मिलेगा— ‘‘कि प्रयत्न तो अधिक करते हैं किन्तु प्रसन्नता मिल ही नहीं प...
- उसकी अगणित विरोधी मान्यताओं में से कौन वास्तविक है और कौन अवास्तविक?... इस सन्दर्भ में कम से कम एक ग्रंथ तो ऐसा होना चाहिए जो भारतीय धर्म की महान परम्पराओं को शास्त्र प्रमाण ...
- उसकी गतिविधियाँ, योजनाएँ, आकांक्षाएँ, विचारणाएँ एक ही केन्द्र के इर्द-गिर्द घूमती रहती थीं कि वह अपनी आत्मीयता एवं ममता को अधिकाधिक व्यापक कैसे बनाए?... सच्चा ईश्वर भक्त, सच्चा अध्यात्मवादी, सच्चा मनुष्य कैसे कहलाए? और उस जीवनलक्ष्य को प्राप्त करने लिए ...
- उसकी पृष्ठभूमि बतायें?... ३. ईश्वर के सामने हमारी चतुरता क्यों नहीं चल सकती? ४. आस्तिकता को ही धर्म का प्रथम आधार क्यों माना ग...
- उसकी मालकिन कड़क स्वभाव की थी, ‘‘क्या करोगी?... क्या जरूरत आ पड़ी?’’ उसने पूछा।
कार्लविन का मन हुआ कह दे कि ‘‘हेट डार्प’’ के लिए भेजूँगी, पर तभी मन म...
- उसके गुजर जाने के बाद मैंने उन वृद्ध से कहा, ‘‘बाबाजी, यह क्या किया आपने?... मुझे मर जाने दिया होता, क्यों बचाया?’’ उन्होंने मुझे समझाया, ‘‘बेटी! जीवन बहुत कीमती है।’’ फिर मेरी ...
- उसके जाने के बाद मन में विचार आया, यदि वह न लौटा तो क्या होगा?... जो टिकट था वह भी गया।
फिर सोचा, अब जो होगा देखा जायेगा। थोड़ी ही देर में वह कुली आ गया और जिस सीट पर...
- उसके द्वारा पारिवारिक अशान्ति के विषय में तो कहा ही क्या जाए?... एक अयोग्य सन्तान परिवार की अतीतकालिक प्रतिष्ठा ही नहीं गिरा देती, भविष्य भी खराब कर देती है। घर में ...
- उसके प्रणाम करते ही गुरुजी ने उससे पूछा, ‘‘तुम किस काम से आये?... ’’ उसने कहा, ‘‘बस गुरुजी, आपको प्रणाम करने आया था।’’ गुरुजी को उसके जवाब से सन्तुष्टि नहीं हुई। बोले,...
- उसके बिना भूखा क्या खाए?... क्या बाँटे? यह पूँजी कहाँ से आई? कहाँ से जुटाई? इसके लिए मार्गदर्शक ने पहले ही दिन कहा था—जो पास में...
- उसके माता-पिता उसके पास आये और बोले-यह क्या कर रहा है?... लड़का बोला-पिताजी आप लोग बूढ़े हो जायेंगे तब बाहर खाना देना पड़ेगा उसी के लिये लकड़ी के बर्तन बना रहा ...
- उसने अपने पिता से कहा-यह खुजली मुझे ही क्यों हुई है?... इस बिल्ली को क्यों नहीं हुई?
किसान बोला-‘कल सबेरे तुम्हें यह बात बताऊँगा।’ दूसरे दिन सबेरे किसान ने...
- उसने कई वर्षों तक मेरी बहुत प्रशंसा की है, थोड़ी बुराई कर दी तो क्या हर्ज है?... ’’
ऐसे ही ब्रह्मवर्चस के एक कार्यकर्ता की ड्यूटी अखण्ड दीपक के पास सुरक्षा में थी। उसने वहाँ पर गड़ब...
- उसने कहा-आप ऐसा भोजन क्यों कर रहे हैं?... इस गाँव मे तो जो भी कोई सन्त महात्मा आता। है वह मेरे यहाँ ही ठहरता है। नानक ने बड़ी शान्ति से उत्तर द...
- उसने पूछा दीपक क्यों नहीं जलाते घर वालों ने पूछा-दीपक क्या होता है?... बहू अपने साथ माचिस लाई थी उसने तेल बत्ती मिलाकर दीपक जलाया। अन्धकार मिट गया तो सब बड़े प्रसन्न हुए और...
- उसने पूछा, ‘‘घर में और कौन-कौन है?... ’’ हमने कहा, ‘‘हमारे अलावा और कोई नहीं है।’’ वह बोला, ‘‘छत पर कौन है?’’ हमने कहा, ‘‘कोई नहीं है।’’ प...
- उसने फिर से देखा व पूछा, ‘‘आप लोगों ने किस डॉक्टर को दिखाया है?... कौन डॉक्टर मिल गया जिसने यह घाव सुखा दिया?’’ डाक्टर से हम केवल इतना ही कह पाये कि यह हमारे पूज्य गुर...
- उसमें अवांछनीय, अनुचित, अशोभनीय या आनन्दरहित क्या है, जिससे छूट भागने की बात सोची जाये?... मुक्ति वस्तुतः अपने दोष-दुर्गुणों से, स्वार्थ-संकीर्णता से, क्रोध-अहंकार से, लोभ-मोह से, पाप-अविवेक ...
- उसमें कौन-सा श्रेष्ठ है?... (२) फलित ज्योतिष की हानियों पर प्रकाश डालिए? (३) विवाह के पूर्व कुण्डली मिलाने से लाभ है या हानि? (४...
- उससे क्या लाभ हुआ?... (४) शिक्षक को राष्ट्र निर्माता क्यों कहा जाता है? (५) अध्यापकों के प्रमुख कर्तव्य बताइये? (६) अध्याप...
- उसी नगर में स्थान-स्थान पर अनेक बड़े-बड़े चित्र लगाए गए जिसके नीचे मोटे-मोटे अक्षरों में लिखा था ‘‘स्वामी विवेकानन्द एमाँक फ्रॉम इण्डिया ’’ क्या था उनकी सफलता का राज?... उसे उन्होंने ही बताते हुए एक अवसर पर कहा था-‘‘उठो जागो, रुको मत, जब तक अपने लक्ष्य तक न पहुँच जाओ।’’...
- उसी प्रकार मन में अनेक विचार भरे हुए हों तो तत्त्वज्ञान के लिए स्थान कैसे बचेगा?... मेरा कहना भी व्यर्थ जायेगा। इस समय आप अत्यन्त व्यस्त हैं, तो तत्त्वज्ञान व्यर्थ हो जायेगा। अपने अन्य...
- उसे अस्पताल क्यों नहीं पहुँचाया?...
डरते-डरते लड़के ने कहा- ‘मैं अकेला था। भला, उसे अस्पताल कैसे ले जाता?’
इस पर पिता ने समझाया -‘‘तुम न...
- उसे देखकर उसके भूतकाल की विचार शैली को बताया जा सकता है और आगे उसका भविष्य क्या होगा?... इसकी भविष्यवाणी इस आधार पर की जा सकती है कि उसका विचार प्रवाह किस दिशा में प्रवाहित हो रहा है। मोड़ आ...
- उसे धर्म, नीति, सदाचार का ज्ञान कहाँ?... शराब की उत्तेजना में मनुष्य पशु से भी बदतर हो जाता है और अपने मनोवेगों का गुलाम बन जाता है।...
- उसे पता रहता है कि संसार में कहाँ, क्या हो रहा है?... कौन सी पुरानी मान्यताएँ बदल गई हैं और उनके स्थान पर कौन सी नई प्रतिस्थापनाएँ हो रही हैं? उसे यह भी ज...
- उसे भव-बन्धन कैसे कहा जाये?... जहाँ प्रेमी परिजनों के अनुदान निरन्तर बरसते हुए हमें कृतज्ञता में डुबो देते हैं वहाँ बन्धन कैसा, जिस...
- उसे यह भी ज्ञान रहता है कि इन बदलती हुई परिस्थितियों में उसका क्या स्थान और क्या कर्तव्य है?... इस प्रकार अध्ययनशील व्यक्ति, एक जागरूक नागरिक की तरह ही जीवन जीने का सुख पाता है, न कि मूढ़मति आदमी ...
- उसे यह याद नहीं आता कि मैं क्या चीज ढूँढ़ रहा हूँ?... मेरा कुछ खो गया है, इसका अनुभव करता है। खोई हुई वस्तु के अभाव में दुःख पाता है, किन्तु माया-जाल के प...
- उसे लगता है कि सेवा का लाभ सारे समाज को मिलना है, फिर भी समाज उसके लिए सहयोग नहीं देता, तो हम ही क्यों मरें-खपें?... और यह भाव आते ही लोकसेवी की प्रखरता घटने लगती है।
यह चिन्तन उभरने का अर्थ है— ‘लोकसेवी का दृष्टिको...
- उसे लगा कि शायद पूरे पृष्ठ तो मैं ही नहीं पढ़ पाता, फिर दूसरे से क्या पूछूँ?... और उसी क्षण उन्होंने पढ़ने व पढ़ाने की प्रतिज्ञा ली।
ऐसे थे पूज्यवर, अति उत्साह को क्रियात्मक ढंग से ...
- ऊँचा क्यों, नीचा क्यों नहीं?... ’’ मास्टर साहब सिखाते रहे। सात दिन बाद उन्होंने आना बन्द कर दिया। गुरुजी ने कहा, ‘‘पता लगाओ, मास्टर स...
- ऊपर जाने का रास्ता किधर है?... ’’ और घर के एक व्यक्ति को आगे करके वे सीढ़ियों की तरफ गये। वे सीढ़ियाँ चढ़ ही रहे थे कि पता नहीं क्या ह...
- ऋषि मुनियों द्वारा धर्म की रचना क्यों की गई?... २. धर्म का प्रथम आधार क्या है? उसकी पृष्ठभूमि बतायें? ३. ईश्वर के सामने हमारी चतुरता क्यों नहीं चल स...
- ऋषिकालीन आयुर्विज्ञान का पुनर्जीवन कर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को कैसे अक्षुण्ण बनाया जा सकता है?... गायत्री की शब्द शक्ति एवं यज्ञाग्नि की ऊर्जा कैसे व्यक्ति को सामर्थ्यवान एवं पवित्र तथा काया को जीवन...
- ऋषियों के सूक्ष्म शरीरों के दर्शन एवं हमसे मन नहीं भरा?... ’’ अपने मन में अविश्वास जैसी बात, कोई दूसरा खोजने जैसी बात स्वप्न में भी नहीं उठी थी। मात्र बाल कौतू...
- एक अँगरेज ने हँसकर कहा-जो संस्कार दीन और दरिद्र बनायें उनकी उपयोगिता क्या है?... वह सज्जन बहुत लज्जित हुये और सोचने लगे हमें संस्कारों के बाह्य रूप की नहीं उनके आदर्शों की रक्षा करन...
- एक अकेले शरीर से इतना बड़ा काम कैसे हो पायेगा?... मेरे पाँच शरीर हैं न। एक शरीर तो हिमालय में तप करता रहता है, अन्य शरीरों से युग निर्माण के बड़े कार्य...
- एक आदमी ने पूछा-गड्ढा क्यों भर रहे हो?... उसने बताया-मैंने सुना है यहाँ देश के सैनिक गुजरेंगे इसलिये भर रहा हूँ कहीं वे लोग अँधेरे में इस गड्ढ...
- एक आदर्श विद्यार्थी एवं आदर्श नागरिक के रूप में आपके क्या कर्तव्य है?...
४. घर में अपनी माँ एवं पिता जी की आप क्या-क्या मदद कर सकते हैं?
५. आपके आदर्श महापुरुष कौन-कौन हैं ...
- एक ओर तो हम अन्न को देवता कहें और दूसरी ओर उसे इस प्रकार तिरस्कृत स्थिति में फेंक दें, यह कितनी बुरी बात है?... जूठन भंगी के आगे फेंक दी जाती है, वह उसे समेट ले जाता है। अपने सुअर और जानवरों के आगे डाल देता है। ल...
- एक को मार्गदर्शन मिले, प्रकाश मिले, सम्बल मिले और दूसरे को प्रेरणा व प्रोत्साहन तो दूर, मानवीय जीवन की गरिमा ही समझने न दी जाए, यह कहाँ का न्याय और कैसी सभ्यता है?... शहरों की बात दूसरी है जहाँ सामाजिक जीवन अब नई करवट लेता जा रहा है, पर गाँवों में आज भी स्थिति यह है ...
- एक क्षण को लगा, क्या हम सत्य देख रहे हैं?... इतने में पूज्यवर ने मेरी बेटी से कहा, ‘‘बेटी! मैं यहीं रहता हूँ। केवल दुनिया वालों को दिखाई नहीं देत...
- एक गाना गाओ, कविता ही सुना दो, अच्छा जरा नाचना तो, अरे भाई शर्माने की क्या बात है?... जरा सुना ही दो, आपके बार-बार ऐसा कहने से वह सचमुच में शर्माने लगेगा या फिर अपना महत्त्व बनाए रखने के...
- एक चिट्ठी दिखाते हुए उन्होंने पूछा, ‘‘इसे जानते हो?... ’’ उस समय चौके में टीकमगढ़ की एक लड़की रहती थी, सुधा श्रीवास्तव, उसके पिता हरी राम श्रीवास्तव जी का पत...
- एक टोकरी में मैं कुछ प्राकृतिक (सच्चे) फूल डाल दूँ और एक बनावटी, तो क्या तुम आँखे बन्द करके नकली फूल निकाल दोगे?... ’’
बालक-‘‘हाँ।’’
किसी एक बालक को आगे बुलाकर उसकी आँख पर पट्टी बाँधकर नकली फूल निकालने को कहा जाता है...
- एक दिन उनके एक मित्र को इस पर बहुत आश्चर्य हुआ और वह पूछ ही बैठा ‘‘आप बार-बार दर्पण में चेहरा क्यों देखते हैं?... ’’
सुकरात बोले ‘‘मैं सोचता हूँ कि अपनी इस कुरूपता का प्रतिकार मुझे अपने कार्यों की सुन्दरता को बढ़ाकर...
- एक दिन उन्होंने कच से विवाह का प्रस्ताव किया तो कच ने कहा बहन तुम मेरे गुरु की पुत्री हो मेरी बहन के समान हो तुम से विवाह कैसे करूँ?... देवयानी ने कहा-तुम मुझसे शादी नहीं करते तो शाप देती हूँ कि मेरे पिता की दी हुई सारी विद्या भूल जाओ। ...
- एक दिन उन्होंने बताया, ‘‘मेरे पास कल एक महिला आई और बोली आप गुरुजी के पुत्र हैं?... ’’ मैैंने कहा, ‘‘हाँ।’’ फिर वह बोली, ‘‘मैं आपको कुछ बताना चाहती हूँ। आप मेरी बात सुनें। मैं आपका अहस...
- एक दिन उसका नन्हा वाला बच्चा भी साथ लगा चला आया-पुजारी स्मृति कर रहा था हे प्रभु तुम सबसे प्यार करने वाले, सब पर करुणा लुटाने वाले हो, अभी वह इतना ही कह पाया था कि बच्चा बोल उठा-पिता जिस भगवान के पास इतने दिन रहने पर भी आप करुणा और प्यार करना न सीख सकें उस भगवान के होने न होने से क्या लाभ?... पुजारी को अपनी भूल मालूम पड़ गई और वह उस दिन से आत्म निरीक्षण व आत्म सुधार में लग गया।...
- एक दिन उसका लड़का सुन्दर चित्र बनाकर लाया और उसे दिखाते हुए बोला पिताजी यह तस्वीर कैसी है?... नास्तिक बोला बहुत अच्छी। मगर यह शक्ल खींची किसने? लड़का बोला-मेरे स्कूल में स्याही, कागज, रंगीन पेंसि...
- एक दिन उसने माता से पूछा-हम लोग जहाँ रहते हैं, क्या उससे बड़ा इस दुनिया में और कुछ है?... माता ने बालक को संसार के विस्तार के बारे में बहुत कुछ बताया और कहा इस सबका निर्माता एक ईश्वर है। बाल...
- एक दिन एक सम्बन्धी ने कहा-इतने कम रुपयों में तो आप मरने के बाद दाह संस्कार के लिये भी पैसे नहीं बचा सकेंगे?... तिलक ने हँसकर कहा-ब्राह्मण का काम समाज को निष्काम भाव से शिक्षित, और सदाचारी बनाने का है उसके निर्वा...
- एक दिन एक सेर घी खा लें और एक महीने तक जरा भी न खाएँ, एक दिन सौ दण्ड पेलें और बीस दिन तक व्यायाम का नाम भी न लें, तो उस ज्वार-भाटे जैसे उत्साह के उठने व ठंडे होने से क्या परिणाम निकलेगा?... नियत समय पर काम करने से अन्तर्मन को उस समय वही काम करने की आदत भी पड़ जाती है और इच्छा भी होती है। चा...
- एक दिन एक सेर घी खालें और एक महीने तक जरा भी न खायें, एक दिन सौ दण्ड पेलें और बीस दिन तक व्यायाम का नाम भी न लें तो उस ज्वार भाटे जैसे उत्साह के उठने व ठण्डे होने से क्या परिणाम निकलेगा?... नियत समय पर काम करने से अन्तर्मन को उस समय वही काम करने की आदत भी पड़ जाती है और इच्छा भी होती है। चा...
- एक दिन चर्चा के दौरान पण्डित लीलापत शर्मा जी ने उनसे पूछा कि युग साहित्य के प्रसार के लिए इतना उत्साह आपमें कैसे पैदा हुआ?... तो उन्होंने अपना संस्मरण बतलाया-
‘‘बात सन् 60 के दशक की है, तब पूज्य गुरुदेव मथुरा में ही थे। सस्ता...
- एक दिन पूज्य गुरुदेव ने उनसे पूछा ‘‘बेटे, तुम्हारे कितने बच्चे हैं?... ’’ बोले, ‘‘गुरुजी, दो बच्चे हैं। एक लड़का, एक लड़की।’’ पूज्यवर वहीं से अपनी सूक्ष्म दृष्टि से देख रहे ...
- एक दिन बीबी राबिया से एक व्यक्ति ने कहा-इबलीस तो आपकी दिन-रात बुराई करता है आप क्यों नहीं करतीं?... इस पर राबिया ने उत्तर दिया वह भी तो उसी भगवान् का पुत्र है जिसकी मैं हूँ अपने भाई की बुराई मैं कैसे ...
- एक दिन भोजन परोस कर उसकी पुत्र वधू ने पूछा-तात भोजन कैसा है कोई त्रुटि तो नहीं?... मृगारी श्रेष्ठ ने कहा-आयुष्यमती तुमने मुझे सदैव ताजा और स्वादिष्ट भोजन दिया है। इस पर पुत्र वधू ने ह...
- एक दिन मन में विचार आया कि गुरुजी को मैं जानता नहीं फिर भी इतना विश्वास क्यों कर रहा हूँ?... पत्नी से कहा पता नहीं कब माहौल अनुकूल बनेगा? मेरा विचलन देखकर पत्नी बहुत आक्रोशित हुई और बोली, ‘‘खबर...
- एक दिन मनीषी ने राजकुमार से पूछा- तुम क्या बनना चाहते हो यह तो बताओ?... तब तुम्हारी शिक्षा का क्रम ठीक से बनेगा।
राजकुमार ने उत्तर दिया- वीर योद्धा।
मनीषी ने उसे समझाया, यह...
- एक दिन माँ से पूछा, ‘‘माँ जीवन में गुरु बनाना आवश्यक होता है क्या?... ’’ माँ ने कहा, ‘‘हाँ बेटे, शास्त्रों में कहा गया है कि बिना गुरु बनाये कोई भी पुण्य कार्य करने पर वे...
- एक दिन मुझे बुलाया और बोलीं, ‘‘घर की याद आती है?... माँ की याद आती है? मैं हूँ न तेरी माँ। तू मेरे पास आ जाया कर। मैं तुम्हारी माँ, बाप सब हूँ। लो पानी ...
- एक दिन वह भगवान् से जाकर बोला-प्रभु आपसे जो कुछ माँगा धन, सम्पत्ति, स्त्री, पुत्र सब कुछ मिला फिर भी सुखी नहीं हो पाया सो क्यों?... भगवान् हँसे और बोले इसलिए कि तू भी वही चाहता है जो कोई भी सांसारिक सुखों में आसक्त चाहता है। अब तू आ...
- एक दूसरे को नीचा दिखाने में निरत क्यों है?... इसका वास्तविक कारण सामान्य लोगों की समझ से बाहर होता है, उन्हें तो कुछ भी कहकर बहका दिया जाता है। वा...
- एक प्राचीन नीतिकार का कथन है कि "जिसने क्रोध की अग्नि अपने हृदय में src='प्रज्वलित कर रखी है, उसे चिता से क्या प्रयोजन?... अर्थात् वह तो बिना चिता के ही जल जायगा। ऐसी महाव्याधि से दूर रहना ही कल्याणकारी है, जिन्हें क्रोध की...
- एक बार अवस्थी जी खाना खाने गये थे कि एक महिला आई और पूछा-‘‘पन्द्रह-सोलह व्यक्ति हैं, खाना खिलायेंगे क्या?... ’’ मैं ऊपर गया, देखा-दाल चावल तो पर्याप्त था। रोटी 15-20 ही थी। मैंने हाँ कर दी। जब सब आये, तब पता च...
- एक बार एक युवक ने एक अध्यापक से पूछा—'क्या मैं एक दिन प्रसिद्ध चित्रकार बन सकता हूँ?... ' अध्यापक ने कहा—'नहीं।' इस पर उस युवक ने आश्चर्य से पूछा—'क्यों?' अध्यापक ने उत्तर दिया—'इसलिए कि त...
- एक बार एक व्यक्ति ने पूछा-हम आहार शक्ति के लिए खाते हैं शक्ति अन्न और माँस से अधिक मिलती है फिर शाक भाजी क्यों अधिक खायें इस पर विवेकानन्द ने बताया-१ शाक खाद्यान्न की कमी पूरा करते हैं?... (२) जल्दी पच जाते हैं जितनी देर में १ पाव अन्न पचता है साग उतनी देर में १ किलो पचेगा (३) शाक में खनि...
- एक बार फैक्टरी घूमने आये वहाँ मजदूरों को मोटी-मोटी रोटियाँ खाते देखकर बोले-मेरी मृत्यु होगी तब भगवान् से एक ही वरदान मागूँगा कि वह मुझे भी मजदूर बनाये?... साथी ने साश्चर्य पूछा ऐसा क्यों तो उन्होंने बताया-स्वाद के असंयम के कारण मेरा पेट इतना खराब गया है क...
- एक बालक ‘‘क्ष’’ गोले में बालकों के आगे से जाते हुए ‘‘स्थान दोगे?... ’’ कहेगा। बालक ‘‘क्षमस्व’’ कहेंगे। इस प्रकार जब यह बालक ‘‘क्ष’’ पूछता हुआ घूम रहा हो तब गोले में कोई...
- एक भाई ने पूछा-महाराज आपकी उपासना साधना का क्या हुआ?... स्वामीजी ने कहा-भगवान् के पुत्र दुःखी हों और मैं उनका नाम जप रहा होऊँ, क्या तुम इसे ही उपासना समझते ...
- एक भाई ने पूछा-महाराज आपकी उपासना, साधना का क्या हुआ?... स्वामी जी ने कहा-भगवान् के पुत्र दुःखी हों और मैं उनका नाम-जप रहा होऊँ क्या तुम इसे ही उपासना समझते ...
- एक मिनट रुको, क्यों आये हो?... ’’
मैंने कहा, ‘‘माताजी, नीलकण्ठ जा रहा हूँ।’’ ‘‘क्या है वहाँ?’’ माताजी ने पूछ लिया। मैंने जवाब में ...
- एक यह जानना कि सुनसान प्रकृति के सान्निध्य में, प्राणियों एवं सुविधाओं के अभाव में आत्मा को एकाकीपन कहीं अखरता तो नहीं?... दूसरे यह कि इस क्षेत्र में रहने वाले हिंस्र पशुओं के साथ मित्रता बना सकने लायक आत्मीयता विकसित हुई य...
- एक रात हम दोनों ने स्वप्न में देखा कि एक श्वेताम्बर महिला हमारे आँगन का चक्कर काटकर मेरे कमरे में आकर कहने लगी, तू क्यों चिन्ता करती है?... मैं तो तेरे पास आ गई हूँ। तुम्हारी देखभाल मैं करूँगी। उसी दिन शाम को मेरी ननद हमारे घर आ गई और मेरे ...
- एक लड़की आई और बोली-तुम चोर हो?... ’’ बोधिसत्व चौंक कर बोले-पुत्री मैंने तो किसी का कुछ नहीं चुराया? चुराया क्यों नहीं, दुनियाँ की शान्...
- एक व्यक्ति खड़े होकर बोले-महाराज विवाहों में जो लम्बी रकमें माँगी जाती हैं वह कहाँ से पूरी करें?... उपदेशक ने अनुभव किया आज लोगों को विवाहोन्माद से बचाना सबसे बड़ा उपदेश है सो उस दिन से वे उपदेश करने क...
- एक व्यक्ति सिर पर लकड़ियाँ लिये घर जा रहा था उसे ऐसी कोई आतुरता न देखकर विधाता विमान से नीचे उतरे और उससे पूछा क्यों भाई-तुमने स्वर्ग के समाचार नहीं सुने क्या?... सुने हैं महाराज! वृद्ध ने कहा-पर मुझे तो अपने हँसते हुए बच्चों, प्यार देती हुई पत्नी, मिलकर काम करते...
- एक से हाथ-पैर, उपादान और साधनों के होते हुए भी दो मनुष्यों के एक ही कार्य में विषमता क्यों होती है?... इसका एकमात्र कारण उनकी अपनी-अपनी विचार प्रेरणा है। जिसके कार्य सम्बन्धी विचार जितने सुन्दर, सुघड़ और ...
- एक स्थान पर साधुओं की जमात लगी थी उन्होंने नारद जी को फटकारा भगवान् हमारे लिये मिष्ठान्न भोग क्यों नहीं देते?... नारद जी हैरान होकर लौटे और भगवान् से कहा-भगवन् आपने इन लोगों को अभावग्रस्त क्यों बनाया। भगवान् ने हँ...
- एक ही संस्था के सदस्य, एक ही लक्ष्य के दुहाई देने वाले आखिर इस कदर लड़ते क्यों है?... एक दूसरे को नीचा दिखाने में निरत क्यों है? इसका वास्तविक कारण सामान्य लोगों की समझ से बाहर होता है, ...
- एरिट्रायस बहुत दिन में घर लौटे तो पिता ने पूछा-बेटा वहाँ से क्या सीखकर आये हो?... पुत्र ने उत्तर दिया-बाद में ज्ञात हो जायेगा। एक दिन पिता किसी बात पर रुष्ट हो गया उसने युवा पुत्र की...
- एषणाएँ कितनी प्रकार की होती हैं?... ये अवांछनीय एवं खतरनाक क्यों कही जाती हैं। ७. वाहवाही के लोभी किस प्रकार के ढोंग रचते हैं? ८. बुद्धि...
- ऐसा आत्म-नाश ही यदि मुक्ति कहलाता है तो उसे कोई क्यों चाहेगा?... इससे किसी को क्या मिलेगा?स्वर्ग-मुक्ति की उपरोक्त मान्यताएँ पौराणिक काल की अलंकारिक मान्यताएँ हैं। व...
- ऐसा करने वाले नीरोग कैसे रह सकते हैं?... साँस केवल नाक से ही, मुँह से ही नहीं लेते और छोड़ते हैं। यदि चमड़ी पर कोई हवा बाहर न निकलने वाला मजबूत...
- ऐसा क्यों दिख रहा है?... ’’ पुनः उन्हीं दृश्यों की फिर पुनरावृत्ति हुई। फिर तीसरी बार भी हुई। आँखें खोलीं तो देखा सामने गुरुज...
- ऐसा क्यों हुआ?... लोग उसी को याद करते हैं जो औरों के लिए भी कुछ करते हैं। केवल परिवार के लिए करने वालों को कोई याद नही...
- ऐसा क्यों हुआ?... यह उन्हें किस पाप की सजा मिल रही है? उन्होंने अपने जीवन का अवलोकन किया, कहीं कुछ नहीं मिला। फिर विगत...
- ऐसा क्यों हुआ?... इस सुव्यवस्था, प्रगति, समृद्धि एवं सुन्दरता की अभिवृद्धि के लिए मनुष्य को अपने सहायक सहचर के लिए रचा...
- ऐसा सौदा करने से क्या लाभ जिसमें नुकसान भी रहे और बदनामी की हाँड़ी सिर पर फूटे?... लड़की वाले को कमर तोड़ खर्च करना पड़ता है। बारात की आवभगत, ज्यौनार, भेंट-उपहार का खर्च बहुत बढ़ा-चढ़ा होत...
- ऐसा होता तो क्या करते?... इस प्रकार की परिस्थितियाँ निर्मित कर छात्रों की कल्पना शक्ति एवं सृजनात्मकता का विकास करें।
- चित्रो...
- ऐसी कौन सी चीज है, जिसके आदान-प्रदान से दोनों ही धनी बनेंगे?... ’’
बालक अनेक विकल्प देने का प्रयास करते हैं, परन्तु वे इस प्रश्न का सही उत्तर नहीं दे पाते।
प्रशिक्ष...
- ऐसी क्या नई बात आ गई है?... पिताजी के न रहने से काम की सारी जिम्मेदारी आपके ऊपर आ गई है। काम भी बढ़ ही गया है। न हो तो एक-आध आदमी...
- ऐसी चिन्ता न कीजिए कि मैं चमड़ा न उधेडूँगा तो कौन उधेड़ेगा?... विश्वास रखिए, प्रकृति के साम्राज्य में उस तरह के भी अनेक प्राणी मौजूद हैं। अपराधियों को दण्ड देने वा...
- ऐसी दशा में अकर्मण्य और पलायनवाद का दोष ऊपर कहाँ लदा?... तपस्वी सदा ऐसी ही रीति-नीति अपनाते हैं। वे निष्क्रिय दीखते भर हैं, वस्तुतः अत्यधिक व्यस्त रहते हैं। ...
- ऐसी दशा में अपने छोटे दायरे में छोटी प्रगति की बात भी कहाँ बन पड़ेगी?... वर्तमान परिस्थितियों में आत्मोद्धार के पश्चात विश्वोद्धार की नीति नहीं अपनाई जा सकती। अब दोनों प्रया...
- ऐसी दशा में उनकी प्रवृत्ति विधर्मी बनने के लिए उभरती है तो उसमें अनुचित भी क्या है?... कौन अकारण अपने मानवीय अधिकारों का हनन कराता हुआ किसी अविवेकी वर्ग का अंग बने रहना स्वीकार करेगा। पिछ...
- ऐसी दशा में कोई कुछ सुधारात्मक बड़ा काम किस आधार पर आरम्भ करे?... किसी बड़े परिवर्तन के लिए कोई किसलिए साहस इकट्ठा करे?शोषक और दुष्ट-दुराचारी अपने द्वारा उत्पीड़ित शोषि...
- ऐसी दशा में पोषणविहीन और जीवन तत्त्वों से रहित अप्राकृतिक भोजन करने वाला व्यक्ति बीमारी के चंगुल में फँसता चला जाये तो आश्चर्य क्या है?... माँस, मदिरा, तम्बाकू जैसे अभक्ष्य पदार्थ स्वास्थ्य की बर्बादी के अतिरिक्त रत्ती भर भी लाभ नहीं दे सक...
- ऐसी दशा में यदि घबराये हुए व्यक्ति को असफलता का मुँह देखना पड़े तो आश्चर्य ही क्या है?... कोई नई वस्तु, पशु या व्यक्ति घर में आया तो देखते हैं कि यह शुभ है या अशुभ। संयोगवश कोई हानिकर प्रसंग...
- ऐसी दशा में व्यक्ति और समाज को पतन पराभव के किस गर्त में गिरना पड़ेगा?... इसकी सहज कल्पना की जा सकती है, जो तथ्य सामने हैं, वे किसी भी विचारशील का दिल दहलाने के लिए काफी हैं।...
- ऐसी दशा में सर्वनाश के अतिरिक्त और क्या हल हो सकता है?... यह ढूँढ़ना समझदारी का काम है। समय रहते यह प्रकट होगी। नये विकल्प सूझेंगे। पीछे हटने में भलाई लगेगी। व...
- ऐसी दशा में सुदूर देशों में फैले हुए सांस्कृतिक विस्तार को पोषण देने की बात कौन सोचता?... इन उलझनों से भारतीय प्रचारकों द्वारा अन्य देशों में पहुँचाने वाला भावनात्मक रक्त-प्रवाह रुक गया और क...
- ऐसी धारणाओं वाले लोग सदैव साधन सुविधाओं के लिए रोते-रिरियाते रहने के बजाय एक बाद दृष्टि उठाकर उन लोगों की ओर क्यों नहीं देखते कि प्रचुरता से परिपूर्ण होने पर भी क्या वे सुखी हैं, प्रसन्न और सन्तुष्ट हैं?... यदि धन-दौलत तथा साधन सुविधाएँ ही प्रसन्नता की हेतु होतीं तो संसार का हर धनवान अधिक से अधिक सुखी और स...
- ऐसी स्थिति में गायत्री को ही गुरुमंत्र क्यों कहा गया?... यह विचारणीय हो सकता है। भारतीय संस्कृति में गुरु की व्याख्या करते हुए उसके दो महत्त्वपूर्ण कार्य बता...
- ऐसी हालत में दूसरे देशों में प्रकाश फैलाने का उत्तरदायित्व कौन संभालता?... यदि संभाला न जाए तो सुरम्य उद्यान कुछ समय में झाड़-झंखाड़ों से भरा अनगढ़ एवं अस्त-व्यस्त हो जाता है।...
- ऐसी-ऐसी जनश्रुतियाँ भी दिमाग में घूम गईं और समझ में आया कि यदि इन घटनाओं के पीछे मेस्मेरिज्म स्तर की जादूगरी थी, तो ‘‘महान्’’ कैसे हो सकते हैं?... ठण्डे प्रदेश में गुफा में रहना जैसी घटनाएँ भी कौतूहल वर्धक ही हैं। जो काम साधारण आदमी न कर सके, उसे ...
- ऐसे उद्योगी व्यक्ति के पास वासना पूर्ति के लिये समय ही कहाँ?... आलसी व्यक्ति को कामदेव पटक-पटक कर मारता है। किन्तु जो सदा सुकर्मों में प्रवृत्त रहता है, आलस्य को मा...
- ऐसे काम होता है?... ’’
‘‘खादी की दुकान पर जाओ और वहाँ से सस्ती वाली, खादी की आधी बाजू की बनियान (हाफ कुर्ता) ले कर आओ। ...
- ऐसे जीने से लाभ क्या?... इससे तो जीवन का अन्त कर देना ही अच्छा है।
पर करें कैसे? किसी ने कहा था कि धतूरे के बीज खा लेने से मृ...
- ऐसे पातकियों पर यदि भौतिक कोप अधिक हों तो कुछ आश्यर्च नहीं?... सम्भव है उनकी कायरता को दूर करने एवं स्वाभाविक सतेजता जगाकर निष्पाप बना देने के लिए अदृश्य सत्ता द्व...
- ऐसे मार्गदर्शन का साहित्य लिखा गया होता, छपता और पाठकों तक उचित मूल्य में पहुँचता तो कैसा अच्छा होता?... पर दिखता इस क्षेत्र में भी अँधेरा ही है।पुस्तकों के नाम पर पहाड़ के बराबर हर दिन कागज काला होता है। प...
- ऐसे लोग किसी का सच्चा सम्मान नहीं पा सकते और उसके बिना सहयोग भी कैसे मिलता है?... एकाकी मनुष्य जिसे दूसरों का सहयोग न मिल सके। कभी कोई बड़ी प्रगति न कर सकेगा।श्रेष्ठ उदार और सज्जन प्र...
- ऐसे लोगों से हमारा क्या प्रयोजन पूरा होता?... — अखण्ड ज्योति, अक्टूबर १९६६, पृष्ठ ४५,४६४. अभिलाषा इतनी भर है कि अपने परिवार से जो आशाएँ रखी गई है...
- ऐसे सिद्ध सन्त के चरणों में भला कौन नतमस्तक नहीं होगा?...
खान साहब मन ही मन कृतज्ञ होकर जिस पत्नी को गोद में लाद कर लाये थे, उसे अपने पैरों चलाते हुए लेकर च...
- ओमप्रकाश जी, मन ही मन सोच रहे थे कि पूज्यवर हमारी गाड़ी में चलते तो कितना अच्छा होता?... किन्तु संकोचवश कह नहीं पा रहे थे। साथ ही, व्यवस्था में हस्तक्षेप भी नहीं करना चाहते थे। इतना सुनते ह...
- औंधे-सीधे लोगों का, भानुमती का कुनबा इक_ा करके कोई संगठन बना लिया जाए तो ठहरता कहाँ है?... जिन लोगों की दृष्टि में विचारों का कोई मूल्य या महत्त्व नहीं, वे किसी कार्य में देर तक कब ठहरने वाले...
- और उनमें भिन्न वस्तुएँ कौन-सी हैं?... इस विश्लेषण को तुम मन के द्वारा कर सकते हो और उसे इसके लिए मजबूर कर सकते हो कि इन प्रश्नों का सही उत...
- और कुछ नहीं माँग सकती?... ’’ मैं चुप हो गई, वह भी बैठ गया। मैं एक वर्ष पहले विधवा हो गई थी। मैंने उसे अपनी व्यथा सुनाई। इतने म...
- और क्या करता है?... तो पता चलेगा कि वह शरीर के बारे में सोचता है, उसी के सम्बन्ध में सम्भाषण करता है और जो कुछ करता है, ...
- और तब तक कौन सौभाग्यशाली अपनी वर्तमान स्थिति बनाए रहेगा?... इस सम्बन्ध में कुछ कह सकना कठिन है।इन पंक्तियों में सामयिक उद्बोधन इतना ही है कि प्रज्ञा परिजन अपनी ...
- और बुखार भी उतर गया न?... ’’ मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘गुरुजी आप कहाँ पर थे?’’ पर फिर तुरन्त ही मन में सोचा, मैं क्या पूछ रहा हूँ...
- और ब्राह्मण बालक को क्यों न बचा लिया जाए?... उनके प्रबल आग्रह ने कुंती को बात मानने के लिए बाध्य कर दिया। अब इस सौभाग्य का लाभ कौन उठाए? इस बात प...
- और यहाँ किसलिए आये थे?... ’
बालक ने कहा-मेरा नाम मालोजी है और मैं आपकी हत्या करने के लिए यहाँ आया था। महाराज ने पूछा-तुम नहीं ...
- और वह माताजी, जो अभी-अभी कमरे में आई थीं कहाँ गईं?... ’’
डॉक्टरों ने कहा, ‘‘हाँ एक शुभ्रवस्त्रा तेजस्वी महिला आई तो थी, कहाँ गई पता नहीं? शायद बाहर होंगी...
- कई बार वहाँ गया, यज्ञ के बारे में समझाया किन्तु पता नहीं क्यों?... किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। यहाँ तक कि पूज्य गुरुदेव भी उस गाँव में पहुँच गये, फिर भी यज्ञ मे...
- कई लोग ऐसा सोचते तो हैं कि किसी सम्पन्न महामानव के साथ सम्बन्ध जोड़ने में लाभ है, पर यह भूल जाते हैं कि दूसरा पक्ष अपनी सामर्थ्य किसी निरर्थक व्यक्ति के निमित्त क्यों गँवाएँगे?... ’’ ‘‘हम सूक्ष्म दृष्टि से ऐसे सत्पात्र की तलाश करते रहे, जिसे सामयिक लोक-कल्याण का निमित्त कारण बनान...
- कई व्यक्ति प्रायः ऐसा कहा करते हैं कि 'राम जाने लोगों को बच्चों से बातचीत करने में क्या मजा आता है?... मुझ में तो धीरज है नहीं बच्चों से सिर खपाने की। बच्चों से क्या बात की जाए मेरी तो समझ में नहीं आता।'...
- कक्षा में कुछ बच्चों का झगड़ा होने पर?...
उत्तर- उन्हें अलग करेंगे। झगड़ा प्यार से सुलझाने का प्रयास करेंगे। शिक्षक को सूचित करेंगे।
३. किसी क...
- कक्षा में कुछ बच्चों द्वारा सबके साथ अक्सर दुर्व्यवहार करते रहने पर?...
उत्तर- सम्भव हुआ तो उन्हें समझायेंगे। गम्भीर परिणामों की चेतावनी देंगे। शिक्षक को सूचित करेंगे। माता-...
- कठिनाई एक पड़ती है, सदुपयोग कर सकने की पात्रता विकसित हुई या नहीं?... इस सन्दर्भ में भविष्य के लिए झूठे वायदे करने से कुछ काम नहीं चलता। प्रमाण यह देना पड़ता है कि अब तक ज...
- कब से खड़े हो?... बोल देते! तुम्हारा इतना समय बरबाद नहीं होता।’’ गुरुजी, ‘‘आप लिख रहे थे। आपको डिस्टर्ब होता।’’ ‘‘अरे!...
- कभी झलक भी मिलती है, तब उन्हें एकटक देखते हुए यह सोचते हैं कि क्या ये सचमुच ईश्वर रूप हैं?... उनके इस प्रकार सोचते ही मायापति अपनी माया से उन्हें आच्छादित कर देते हैं व फिर अति सामान्य की तरह सब...
- कभी देखा कि जिन्हें तूने ग्राहक बनाया है, वह पढ़ता है कि नहीं?... उसके पास बैठ, उससे चर्चा कर, पता चल जायगा कि पढ़ता भी है कि नहीं।’’
कार्यकर्ता ने जाना कि अभी तक साह...
- कभी भी बुला लेते थे, फिर चाहे सुबह के चार ही क्यों न बजे हों?...
काम के आगे भोजन को भी उन्होंने कभी महत्त्व नहीं दिया। हम कभी भी पहुँच जाते थे। कभी-कभी समय का ध्या...
- कम पैसे लेने में तुम्हें हानि नहीं होगी?... मोची बोली-होगी तो पर अपना कर्तव्य न पालन करने से जो हानि होती उससे यह हानि कम है। (५) आजाद हिन्द सेन...
- करना क्या है?... कैसे करना है? इसका प्रसंग उन्होंने अपनी वाणी में समझा दिया। इसका विवरण बताने का आदेश नहीं है। जो कहा...
- कर्वे ने पूछा-पुरुष में ऐसी क्या बात है जो कई बार विवाह करने पर भी अपवित्र नहीं होता?... उन सज्जन को कोई उत्तर देते न बन पड़ा।...
- कलेक्टर की चिट्ठी कलर्क लिखता है, पर जब तक उस पर कलेक्टर के दस्तखत नहीं होते, उसकी क्या कीमत?... जब हम दस्तखत करेंगे, तभी तो उसकी कीमत होगी।
वह तो बस माँ थींवात्सल्य इतना था कि अपनी माँ भी क्या ध्...
- कलेक्टर को पता चला कि डाक लाने वाले आचार्य कृपलानी हैं तो उसने पूछा-आप सेक्रेटरी होकर डाक लाते हैं?... इस पर कृपलानी ने कहा-मैं सेक्रेटरी नहीं मैं तो बापू का चपरासी हूँ। कलेक्टर यह सुनकर स्तब्ध रह गया। (...
- कसरत करने से क्या लाभ?... उस व्यक्ति ने उत्तर दिया-क्या आपका यह मतलब है जिस परमात्मा ने हमें स्वस्थ पैदा किया उसके पास अस्वस्थ...
- कहते थे, ‘‘कब, मातृ शक्ति का उद्धार होगा?... ’’ उनके साहित्य में भी उनकी यह पीड़ा देखने को मिलती है।गोष्ठियों में अक्सर भाइयों को डाँट पिलाते थे, ...
- कहने को तो हर कुंजड़ी अपने बेरों को मीठा बताती है, पर कथनी पर विश्वास न करने वालों द्वारा उपलब्धियों का जब लेखा-जोखा लिया जाता है, तब प्रतीत होता है कि कौन कितने पानी में है?... सही क्रिया, सही लोगों द्वारा, सही प्रयोजनों के लिए अपनाए जाने पर उसका सत्परिणाम भी होना चाहिए। इस आध...
- कहा, ‘‘गुरुदेव कैसे होगा?... मैंने तो कभी कलम नहीं चलाई।’’ वे बोले, ‘‘हो जाएगा और उस दिन से शक्ति प्रवाह ऐसा बरसा कि खूब कलम चलने...
- कहा, ‘‘तुझे क्या मालूम ब्रश कहाँ रखना है?... पानी कहाँ फेंकना है। तुझे क्या मालूम? तू बैठ।’’ इस प्रकार वे अपना काम स्वयं ही करते थे। किसी की सेवा...
- कहा, ‘‘पूछो, वहाँ क्या हो रहा है?... ’’ जवाब मिला-‘‘गुरुदेव अभी-अभी प्रवचन से आए हैं व भोजन करने बैठे हैं।’’ कार्यकर्ता सुन कर हतप्रभ रह ...
- कहाँ खारा है?... देखो! कहाँ खारा है?’’ और, उन्होंने सबको थोड़ा-थोड़ा पानी पीने के लिये दिया। सबने पानी पिया और सब हैरान...
- कहाँ चले गये?... क्या बात हुई? कोई सन्देश नहीं? उनके देवर चिढ़ाने लगे, ‘‘भाभी! भैय्या तो बाबा जी बन गये। चिमटा पकड़ लिया...
- कहाँ चूक हो रही है?... यह ठीक से मालूम नहीं चल पाता। जो भूलें बार-बार होती हैं, उन्हें सुधारने में व अपने गुणों-अवगुणों को ...
- कहाँ चोट लगी है?... आदि प्रश्नों के उत्तर में वह जो अभिनय करेगा, उससे आपका मनोरंजन तो होगा, परन्तु बच्चे के लिए हितकर नह...
- कहाँ जाते हैं?... ’’ यद्यपि युद्ध प्रारम्भ होने के पूर्व ही उन्होंने इस तथ्य की स्पष्ट घोषणा कर दी थी कि शाम का समय उन...
- कहाँ रहते हैं?... मुझे कैसे मिलेंगे? उसने मुझे बताया कि यह हमारे गुरु, पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य जी हैं। तुम इनसे मिल...
- कहाँ रहें और क्या करें?... यह प्रश्न निरन्तर परेशान करता रहता है। दक्षिण रोडेशिया और दक्षिण अफ्रीका में प्रकारांतर से गोरों का र...
- कहाँ रुका हुआ है?... तुझे तो किसी और काम के लिए भेजा गया है और तू कहाँ रुक गया? इस रूप में तो एक बार में एक की ही नाड़ी पक...
- कहाँ रुचि लेता है?... आदि।
- बालक के मित्रों के साथ शालीनता का व्यवहार करें। कभी तुनक मिजाजी न दिखाएँ। व्यवहार में स्नेह, ...
- कहाँ से आया?... किसी ने बता दिया कि मुक्ति दीदी को देखा था। शायद उन्हीं का काम होगा। अगले दिन उन्होंने मुझसे पूछा, ‘...
- कहाँ से जुटाई?... इसके लिए मार्गदर्शक ने पहले ही दिन कहा था—जो पास में है, उसे बीज की तरह भगवान के खेत में बोना सीखो। ...
- कहीं अपव्यय तो नहीं होता?... थाईलैंड कृषि-प्रधान देश है। वहाँ ८४ प्रतिशत लोग खेती करते हैं, पर वे अत्यन्त कर्मठ, पुरुषार्थी, शान्ति...
- काम, कौन, कब, क्या किस प्रकार करे?... यह बात आगे की है। प्रश्न जिम्मेदारी का है। युद्धकाल में जो जिम्मेदारी सेनापति की होती है, वही खाना प...
- कामनाग्रस्त व्यक्ति अशक्त क्यों रहते हैं?... ६. एषणाएँ कितनी प्रकार की होती हैं? ये अवांछनीय एवं खतरनाक क्यों कही जाती हैं। ७. वाहवाही के लोभी कि...
- कायर किसे कहा जाना चाहिए?... ७. ठगने वाला अधिक घाटे में कैसे रहता है? (८) सिद्ध कीजिये ‘‘दूसरों को धोखा देना अपने आपको धोखा देना ...
- कारण सहित बताइये?... (२) गाँधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम में धर्म को आधार कैसे बनाया? (३) देश की वर्तमान प्रमुख समस्याओं पर...
- कारण सहित समझाइए?... प्राचीनकाल में कला का उपयोग किसलिए किया जाता था? (४) किन कला प्रयासों को सार्थक कहा जा सकता है? (५) ...
- कारूँ का सारा खजाना जीवन रूपी धन की चरण रज से भी अल्प क्यों माना जाय?... सच्चा धन हमारा स्वास्थ्य है, विश्व की सम्पूर्ण उपलब्ध सामग्री का अस्तित्व जीवन धन की योग्य शक्ति पर ...
- कार्यक्रम की समाप्ति पर जाते समय गुरुजी ने कहा, ‘‘दिलीप तुझे मालूम है, मैं तुझे क्या देकर जा रहा हूँ?... ’’ मैं हैरानी से उन्हें देखता रहा। मुझे कुछ समझ नहीं आया। उन्होंने पुनः कहा, ‘‘तेरे दो बच्चों में से...
- कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निवास स्थान पर जाकर हमने गुरुदेव से निवेदन किया कि गुरुदेव, बीमारी कैसे ठीक होगी?... गुरुदेव ने कहा, ‘‘बेटा, करता तो भगवान है। लोग भगवान से लेना नहीं जानते। हम उनसे लेना जानते हैं, हम उ...
- किन्तु महाकाल से कुछ छिपा रह सकता है क्या?... उसकी चोरी पकड़ी गई। माताजी के पास शिकायत पहुँची। माताजी ने उसे समझाया व आईंदा ऐसा न करने के लिये कहा।...
- कितना भार उठा सकते हैं?... स्वयं को अधिकाधिक विनम्र बनाएँ, दूसरों को बड़ा मानें। स्वयंसेवक बनने में गौरव अनुभव करें। इसी में आप...
- कितनी बड़ी छलाँग लगा सका?... यही आपकी अग्नि परीक्षा है। इसी में आपका गौरव और समर्पण की सार्थकता है। अपने साथियों की श्रद्धा व क्ष...
- कितने का लाये हो?... ’’ सोनी जी ने कहा, ‘‘गुरुजी आप तो बस पहन लीजिये।’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘नहीं तू बता, तू कितने का लाया है...
- किन्तु गुरुदेव ने दो-चार दिन बाद मुझसे कहा, ‘‘कहीं मुफ्त के पैसे से कोई रईस बना है क्या?... ’’मैं अवाक् रह गया। बिना कहे ही गुरुदेव ने जान लिया। मैं उनकी सर्वज्ञता पर नत मस्तक था। फिर मैंने वह...
- किन्तु पूज्यवर से कहे कौन?... किसी की हिम्मत नहीं पड़ रही थी।
उनकी परेशानी देखकर, एक कार्यकर्ता से रहा नहीं गया, सो एक दिन उसने हि...
- किन्हीं को हमने भजन में लगा भी दिया है, पर उनमें भजन का प्रभाव बताने वाले उपरोक्त दो लक्षण उत्पन्न न हुए हों, तो हम कैसे मानें कि उन्हें सार्थक भजन करने की प्रक्रिया समझाई जा सकी?... हमारा परिवार संगठन तभी सफल कहा जा सकता था, जब उसमें वे सम्मिलित व्यक्ति उत्कृष्टता और आदर्शवादिता की...
- किस आधार पर मनुष्य देव शक्तियों के अनुकूल बनता है और कैसे?... कथाएँ —— एक बन्दर और सियार में दोस्ती थी एक दिन वे दोनों जा रहे थे तब रास्ते में एक कब्रिस्तान मिला।...
- किस आधार पर?... (७) क्या आप बता सकते हैं कि आज के होनहार बालकों में कौन से दुर्गुण अधिक पाये जाते हैं? (८) मर्यादा क...
- किस तरह करना चाहिए?... (२) मनुष्य की प्रगति किन गुणों पर अवलम्बित है? दुर्गुणी व्यक्ति तथा सद्गुणी व्यक्ति किस प्रकार भिन्न...
- किस बलबूते पर करे?... राजकुमारी की आँखों से आँसू टपकने पर और कहने पर कि ‘‘को वेदान् उद्धरस्यसि?’’ अर्थात्—‘‘वेदों का उद्धा...
- किस-किस को कहाँ तक जवाब दिया जाए?... अन्त में हारकर गाँधीजी के तीन गुरुओं में से एक को अपना गुरु बना ही लिया। मौन रहने से राहत मिली। ‘‘भग...
- किसका आपरेशन करना है?... ऐसे वरदान बाँटती थीं माताजी, जिनसे हम भी धन्य हुए।माताजी की दिव्य दृष्टि
श्री डी. पी. सिंह, श्री बी...
- किसकी श्रद्धा एवं आत्मीयता कितनी गहरी है, इसका पता चलाने का एक मापदण्ड यह भी है कि वे विसंगतियों के बीच भी स्थिर रह पाते हैं या नहीं?... जो अफवाहों की फँूक से उड़ सकते हैं वे वस्तुत: बहुत ही हलके और उथले होते हैं। ऐसे लोगों का साथ किसी ब...
- किसकी संगति में रहते हैं?... आदि गतिविधियों पर दृष्टि रखें।
२०. सायंकालीन प्रार्थना एवं स्वाध्यायबालक क्या करें?
-संध्या वंदन शा...
- किसके साथ शाला जाना पसन्द करता है?... कहाँ रुचि लेता है? आदि।
- बालक के मित्रों के साथ शालीनता का व्यवहार करें। कभी तुनक मिजाजी न दिखाएँ। ...
- किसलिए हैं और अपने अस्तित्व की सार्थकता किस प्रकार सिद्ध कर सकते हैं?... यह आत्म-बोध यदि न हो सका तो मनुष्य शरीर होते हुए भी नर-पशु और नर-पिशाच जैसा घृणित जीवन जीना पड़ेगा। ल...
- किससे नाता तोड़ा जाय?... जो हमें नहीं भुला पा रहे हैं, उन्हें हम कैसे भूल जाएँगे? जो साथ घुले और जुड़े हैं उनसे नाता कैसे तोड...
- किसी की बेईमानी करने, किसी को तिरस्कृत, लांछित और जलील करने की बात कैसे सोचेगा?... अपनी छोटी-मोटी भूलों के बारे में हम यही आशा करते हैं कि लोग उन पर बहुत ध्यान न देंगे, ‘क्षमा करो और ...
- किसी के द्वार बिना कारण अपशब्द कहने पर?...
उत्तर- एक हल्की सी मुस्कान के साथ उसकी उपेक्षा करेंगे। उसका क्रोध शान्त होने पर उसे अकेले में प्यार ...
- किसी को काट देगा तो?... ’’ हम सब खड़े थे। सोच रहे थे, कैसे मारें? गुरुजी बोले ‘‘अच्छा! तुम लोग नहीं मारते। लाओ, मैं मार देता ...
- किसी को ज़्यादा बना-ठना देखते तो कहते, ‘‘तू राजेश खन्ना है क्या?... बेटा! लोकसेवी को सादगी से रहना चाहिए।’’
उस जमाने में जादूगर, कठपुतली वाले अपना खेल दिखाने, बाईस्को...
- किसी गलती पर घर या स्कूल में डाँट पड़ने पर?...
उत्तर- गलती के लिए तुरन्त नम्रतापूर्वक क्षमा माँगेंगे। भविष्य में गलती न करने का उन्हें अपना संकल्प ...
- किसी छोटे बच्चे से यह पूछना कि 'हम तुम्हारा खिलौना ले लें?... ' तुम्हारे छोटे भैया को ले जाएँ?' "तुम हमारे घर चलोगे?' "हमारे बेटे बनोगे?' आदि बातें बेतुकी-सी हैं ...
- किसी बड़े परिवर्तन के लिए कोई किसलिए साहस इकट्ठा करे?... शोषक और दुष्ट-दुराचारी अपने द्वारा उत्पीड़ित शोषित लोगों को इसी आधार पर ठण्डा करते रहे कि तुम्हारे भा...
- किसी रोगी, घायल या दुःखिया को देख कर यथाशक्ति सहायता करते हो या चले जाते हो?... आपको पता लगेगा कि आप क्या हो- ‘मनुष्य या पशु?’
९. सन्तोष का फल
एक बार एक देश में अकाल पड़ा। लोग भूखों ...
- किसी व्यक्ति का बारीकी के साथ निरीक्षण किया जाए और देखा जाए कि वह क्या सोचता है?... क्या कहता है? और क्या करता है? तो पता चलेगा कि वह शरीर के बारे में सोचता है, उसी के सम्बन्ध में सम्भ...
- किसी से, कहाँ से माँगती?... ’’ इस पर गुरुजी बोले, ‘‘अच्छा बेटा, माँगना नहीं किसी से। अब पहन आई है तो कोई बात नहीं, पर बेटा, यहाँ...
- कुकर्म भी करते रहते हैं, पर साथ ही भजन-पूजन के सहारे उनके दण्ड से छूट मिल जाएगी, ऐसा भी सोचते रहते हैं, यह कैसी विडम्बना है?... कपड़े को रंगने से पूर्व धोना पड़ता है। बीज बोने से पूर्व जमीन जोतनी पड़ती है। भगवान का अनुग्रह अर्जित क...
- कुछ काम नहीं कर पायेंगी?... बेटा, मैं अभी भी 100 लोगों का खाना बना सकती हूँ।’’ वह बहन बेचारी हैरान रह गई कि मेरे मन में विचार बा...
- कुछ बचत नहीं होती, वृद्धावस्था में दूसरों के आश्रित रहते हैं, बच्चों के विवाह तक नहीं कर पाते, पुत्रों को उच्च शिक्षा या अपनी महत्त्वाकांक्षाएँ पूर्ण नहीं कर पाते, लेकिन क्यों?... कभी आपने सोचा है कि आपका वेतन क्यों २० तारीख को समाप्त हो जाता है? आप असन्तुष्ट झुँझलाये से क्यों रहत...
- कुछ लोगों ने दौड़कर उसे पकड़ा और मारने-पीटते साधु के पास लाये?... साधु ने देखते ही कहा-अरे इसे क्यों मारते हो भाई। लोगों ने बताया-इसी ने तो आपको मारा है। साधु ने कहा ...
- कुछ सूझा नहीं, क्या करूँ?... फिर मैंने गुरुदेव की साधना स्थली की ओर मुँह किया तो वहाँ गुरुदेव बैठे दिखाई दिये। फिर पलट कर तखत को ...
- कुरीति निवारण में आर्यसमाज को कितनी सफलता मिली?... नशा निवारण और भ्रष्टाचार उन्मूलन के काम करने वाले संगठन कितने सफल हो रहे हैं? यह उन्हीं से उन्हीं के...
- कुर्ते पर छींटे पड़े देख कर बोले, ‘‘तुम लोग इस तरह फूहड़ तरीके से काम करते हो?... कुर्ता खराब कर लिया।’’ फिर बोले, ‘‘अच्छा! तुम लोग बहुत बड़े आदमी हो..! बहुत बड़े बाप के बेटे हो..! टाट...
- कूड़ा, करकट, मैल, विकार, पाप, गन्दगी, दुर्गन्ध, सड़न, अव्यवस्था, घिच-पिच को झाड़-बुहारकर स्वच्छता, सफाई, पवित्रता स्थापित कर ली जाती है तो पहली और पीछे की स्थिति में कितना भारी अन्तर हो जाता है?... मलिनता अन्ध तामसिकता का प्रतीक है। आलस्य और दारिद्र्य, पाप और पतन जहाँ रहते हैं, वहाँ मलिनता या गन्द...
- कूलर के द्वारा गर्मी से तो बचा जा सकता है, पर एयरकन्डीशन व्यवस्था नहीं होगी, तो सर्दियों में क्या करेंगे?... ऐसा इन्तजाम चाहिए, जिससे सर्दियों में भी गरम रखा जा सकता हो। जो भी सुविधाएँ होती हैं, आश्यकताओं का प...
- कूड़ा संभाल कर डालना सिखाएँ?...
- जहाँ-तहाँ थूकने और पेशाब न करने की बात बताएँ।
- बच्चों से श्रमदान के क्रम में स्वच्छता का कार्य क...
- कैसा नारा लगाते हैं?... हमने कहा बेटा बेटी नहीं बिकेंगे। तो बोले क्या आप बिना तिलक के शादी करेंगे। हमने कहा हाँ करेंगे। हवन ...
- कैसे करना है?... इसका प्रसंग उन्होंने अपनी वाणी में समझा दिया। इसका विवरण बताने का आदेश नहीं है। जो कहा गया है, उसे क...
- कैसे कह रहे हैं?... पिताजी तो कोमा में हैं, हो सकता है कुछ दिन रुकना पड़े। मन ही मन सब तर्क-वितर्क चलता रहा। उन्होंने गुर...
- कैसे किया जाए?... इस प्रश्न का उत्तर प्राप्त करने में बहुत देर नहीं लगती। देव मानवों का पुरातन इतिहास इसके लिए प्रमाण-...
- कैसे गया, पता भी नहीं लगा?... अचानक सुनने में आया गुरुदेव हिमालय से लौट आए हैं और विशेष साधनाएँ सिखाने हेतु कुछ विशिष्ट व्यक्तियों...
- कोई उपाय बताइए?... साधु बोला-अपनी स्त्री से जाकर पूछो। वह मनुष्य घर लौटा तो देखा स्त्री गोबर से घर की लिपाई कर रही है। ...
- कोई किसी बात पर अनायास ही विश्वास करे, ऐसा समय भी कहाँ है?... इसीलिए तुम्हें पिछले तीन जन्मों की जानकारी दी गई।’’ तीनों ही जन्मों का विस्तृत विवरण जन्म से लेकर मृ...
- कोई क्रिया अपने मन से की है क्या?... जहाँ तक स्मृति साथ देती है अपना एक ही क्रम—एक ही ढर्रे पर लुढ़कता चला आ रहा है कि हमारी मार्गदर्शक श...
- कोई दुर्व्यसन तो नहीं?... बचत करते हैं न?उपरोक्त दस प्रश्न नित्य अपने आपसे पूछते रहने वाले को जो उत्तर आत्मा दे, उन पर विचार क...
- कोई मन्दिर देवालय अभावग्रस्त नहीं रहता था और उपलब्ध साधनों को मन्दिरों का संचालन-कर्ता पुरोहित पूरी तरह जन-कल्याण में ही प्रयुक्त करता था?... गृहस्थ अपना घर परिवार तो चलाते ही थे पर साधु-ब्राह्मणों द्वारा संचालित धर्म प्रयोजनों में कहीं कुछ भ...
- कोई वंश ऊँचा क्यों हो सकता है?... कोई वंश नीचा क्यों कहलाये? इसका न कोई कारण समझ में आता है और न इस प्रतिपादन का कोई औचित्य ही सिद्ध ह...
- कोई वंश नीचा क्यों कहलाये?... इसका न कोई कारण समझ में आता है और न इस प्रतिपादन का कोई औचित्य ही सिद्ध होता है।किसी वंश में किसी सम...
- कोई सन्देश नहीं?... उनके देवर चिढ़ाने लगे, ‘‘भाभी! भैय्या तो बाबा जी बन गये। चिमटा पकड़ लिया। घर-घर घूमेंगे, बस आप तो रोती...
- कोट कहाँ से माँग लाई?... ’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुजी, मेरा ही कोट है। किसी से, कहाँ से माँगती?’’ इस पर गुरुजी बोले, ‘‘अच्छा बेटा, ...
- कोरी कल्पना या पोथी-पाठ से क्या लाभ हो सकता है?... सच्ची सहानुभूति ही सच्चा ज्ञान है और सच्चे ज्ञान की कसौटी, उसका जीवन व्यवहार में उतारना ही हो सकता ह...
- कौटुम्बिक कार-व्यापार को कौन सँभालेगा?... पिता-पुत्र में अन्तर होते ही लोग बीच में आकर स्थान बनाने का प्रयन करते हैं। दोनों को अलग-अलग पाकर ला...
- कौत्स को बुलाकर उन्होंने पूछा-तात क्या तुमने इस घायल स्त्री को नहीं देखा था?... देखा था गुरुवर, सिर नीवा किए, कौत्स ने कहा-किन्तु स्त्री का सौन्दर्य मुझे विचलित न कर दे इसी भय से इ...
- कौन डॉक्टर मिल गया जिसने यह घाव सुखा दिया?... ’’ डाक्टर से हम केवल इतना ही कह पाये कि यह हमारे पूज्य गुरुदेव की अनुकम्पा है।’’(इसी तरह डॉ. अमल कुम...
- कौन प्रतिरोध के लिए तैयार न होगा?... पर आश्चर्य इस बात का है कि मुट्ठी भर अत्याचारियों के विरुद्ध समुद्र जितनी विस्तृत और परम तेजस्वी भार...
- कौन मार्गदर्शन देगा?... २ वर्ष का समय निकल गया। कैसे गया, पता भी नहीं लगा? अचानक सुनने में आया गुरुदेव हिमालय से लौट आए हैं ...
- कौन सी पुरानी मान्यताएँ बदल गई हैं और उनके स्थान पर कौन सी नई प्रतिस्थापनाएँ हो रही हैं?... उसे यह भी ज्ञान रहता है कि इन बदलती हुई परिस्थितियों में उसका क्या स्थान और क्या कर्तव्य है? इस प्रक...
- कौन, क्यों, और कैसे भूत बनता है और वह कैसा होता है?... यह सब कुछ अभी रहस्य के गर्भ में है। अन्वेषण के उपरांत ही इस सन्दर्भ में कुछ सही निष्कर्ष निकलेंगे। सम...
- कौन-कौन अपने अभिभावकों को प्रणाम करेगा?... हाथ उठाओ। मैं कहता हूँ, इसलिए हाथ मत उठाना। सभी बालक हाथ उठाते हैं। माता-पिता के श्रेष्ठत्व की कहानि...
- क्या अब इससे भी परे कुछ हो सकता है?... कुछ नहीं। विचार करने वाला-परीक्षा करने वाला और परीक्षा की वस्तु, दोनों एक वस्तु नहीं हो सकते। सूर्य ...
- क्या अब भी आपको प्रश्नों के उत्तर नहीं मिले?... ’’ राजा को मौन देखकर उसने अपनी बात आगे बढ़ायी और कहा कि कार्यों द्वारा आपके प्रश्नों का उत्तर पहले ही...
- क्या आज हमारे शिष्यों में भी ऐसे पंच प्यारे हैं?... जो हमारी आज्ञा पर अपना सिर देने को तैयार हैं।’’ शिविरार्थी शिष्य जो लगभग 50-60 की संख्या में थे, उनम...
- क्या आप दिखा देंगे?... ’’
गुरुजी ने बड़े सहज भाव से कहा-‘‘क्यों बेटा! मुझसे काम नहीं चलेगा?’’ मैं उन्हें बस देखता रह गया। म...
- क्या आप सद्बुद्धि और सद्गुणों को धन नहीं मानते?... अष्टावक्र आठ जगह से टेढ़े थे और गरीब थे, पर जब जनक की सभा में जाकर अपने गुणों का परिचय दिया तो राजा ...
- क्या आपके पास कैमरा था?... गुरुजी ने कहा, ‘‘नहीं, जिस गुरु पूर्णिमा में मुझे गुरुजी के दर्शन करने थे, सन् 1960 में, उस समय हम स...
- क्या आपने कभी सोचा है कि आपके शहर में दवाइयों की इतनी दुकानें क्यों बढ़ती चली जा रही हैं?... हम ही अपना पैसा रोगों के शिकार होकर इन्हें देते हैं और पालते हैं।...
- क्या आवश्यक है?... क्या झूठी शेखीखोरी के पीछे कुछ वास्तविकता है? यदि नहीं तो सर्व-साधारण के लिए प्राण-घातक बनी हुई चिन्...
- क्या इसी को बुद्धिमत्ता कहें-जिस पर मनुष्य इतराता और इठलाता फिरता है?... बाहर की बहुत बातें जानकर हम ज्ञानवान कहलाएँ यह ठीक है। पर यह भी कम आवश्यक नहीं कि हम जीवनोद्देश्य जै...
- क्या इसे हम धनवान होने की कला या विज्ञान कह सकते हैं?... परन्तु यह समझ लेना चाहिए कि अर्थशास्त्री निरी लूट से ही धनी होने की बात कहते हैं। उनकी ओर से कहना ठी...
- क्या ईश्वर अनेक हैं?... (८) गाँवों के पिछड़े लोग किस प्रकार के देवी-देवताओं को मानते हैं तथा उनसे उन्हें क्या हानियाँ हैं? (९...
- क्या उनकी तपस्या भी उनके इस पाप को नष्ट न कर पाई थी?... ऋषि विचार ही कर रहे थे कि कुछ लोग जो ऋषि को जानते थे, वे राजा के पास पहुँचे और ऋषि का परिचय देते हुए...
- क्या उन्हें पाप नहीं पड़ता?... ’’
इतने में एक कुत्ता लंगड़ाता हुआ बीच सड़क में कहीं से आ गया। गुरुदेव बोले, ‘‘देख बेटा, यह कुत्ता पू...
- क्या उपरोक्त कथन से स्पष्ट नहीं होता कि जीवन धन अमूल्य है, बहुमूल्य है तथा अखिल ब्रह्माण्ड की किसी भी वस्तु की तुलना में यह महान है?......
- क्या करते थे?... उसका कोई चिह्न भी अब बाकी नहीं रहा। हम लोगों की दृष्टि में ऋषि परम्परा की तो अब एक प्रकार से प्रलय ह...
- क्या करतें हैं?... किसकी संगति में रहते हैं? आदि गतिविधियों पर दृष्टि रखें।
२०. सायंकालीन प्रार्थना एवं स्वाध्यायबालक ...
- क्या करना है?... अभी यह बात स्पष्ट नहीं थी। बात, सिर कटाने की थी, सो घर से परमीशन की आवश्यकता नहीं लेने वाले केवल आठ ...
- क्या करना होगा?... इसके लिए अनेक बार बताया जा चुका है कि इस अवधि को गृहस्थ ब्राह्मणों और विरक्त सन्तों की तरह लोक मानस क...
- क्या करें, क्या न करें?... कुछ सूझ नहीं पड़ता। कमजोर प्रकृति के मनुष्य प्रायः ऐसे अवसरों पर ‘ना’ नहीं कह पाते और इच्छा न रहते हु...
- क्या करें, क्या न करें?... कुछ सूझ नहीं पड़ता। कमजोर प्रकृति के मनुष्य प्रायः ऐसे अवसरों पर ‘ना’ नहीं कह पाते और इच्छा न रहते हु...
- क्या कहता है?... और क्या करता है? तो पता चलेगा कि वह शरीर के बारे में सोचता है, उसी के सम्बन्ध में सम्भाषण करता है और...
- क्या किया जाए?... एक आदमी आगे बढ़ा और जहाँ बाँध टूट रहा था वहाँ लेट गया। थोड़ी देर में ठंड में उसका शरीर अकड़ गया तो उसे ...
- क्या जरूरत आ पड़ी?... ’’ उसने पूछा।
कार्लविन का मन हुआ कह दे कि ‘‘हेट डार्प’’ के लिए भेजूँगी, पर तभी मन में ख्याल आया कि म...
- क्या झूठी शेखीखोरी के पीछे कुछ वास्तविकता है?... यदि नहीं तो सर्व-साधारण के लिए प्राण-घातक बनी हुई चिन्ता से हर गृहस्थ का आधा खून सुखा देने वाली और आ...
- क्या तत्त्वदृष्टा ऋषियों को साहित्य और व्याकरण के नियम नहीं ज्ञात थे?... तब इतने श्रेष्ठ साहित्य का सृजन कैसे सम्भव हुआ? विचार करने पर यही तथ्य स्पष्ट होता है कि हमारे पूर्वज...
- क्या धनवान, क्या बालक और क्या वृद्ध किसी से भी पूछ देखिये क्या आप जीवन में पूर्ण सन्तुष्ट और प्रसन्न हैं?... उत्तर अधिकतर नकारात्मक ही मिलेगा। उसका पूरक दूसरा प्रश्न भी कर देखिये— तो क्या आप उसके लिये प्रयत्न ...
- क्या नाम था उसका?... सभी बालक एक साथ बोलते हें ‘‘चेतक!’’
प्रशिक्षक- ‘‘बिल्कुल सही उत्तर दिया। कितने मेधावी हैं आप! आपको ४...
- क्या प्राचीनकाल में जाति भेद था?... (६) वर्णभेद की संकीर्ण नीति से देश का क्या अहित हुआ है? (७) हिन्दू समाज की संख्या निरन्तर कम होने का ...
- क्या बहरा हो गया है?... ' इस तरह अपशब्द कहकर बुलाती हैं और पिताजी भी हमेशा घुड़क कर बोलते हैं, तो बच्चे भी अपने संगी-साथियों...
- क्या बात हुई?... कोई सन्देश नहीं? उनके देवर चिढ़ाने लगे, ‘‘भाभी! भैय्या तो बाबा जी बन गये। चिमटा पकड़ लिया। घर-घर घूमेंग...
- क्या बात है?... ’’ बहू ने कहा, ‘‘गुरुजी, मेरी सास बहुत लड़ती है।’’
गुरुजी ने कहा, ‘‘बेटी! मैं तुझे एक मंत्र देता हूँ...
- क्या बात है?... ’’ मैंने पूरी राम कथा सुनाई। उन्होंने कहा, ‘‘भाई साहब, पूरी धोती लाल हो गई है। ट्रेन तो गोंदिया सुबह...
- क्या बात हो गई?... टेलीग्राम भी आया व मिश्रा जी भी कह रहे हैं।’’ चर्चा के दौरान मिश्रा जी ने बताया कि शायद गुरुजी आपसे ...
- क्या बैठ नहीं सकता था?... माताजी मैं क्यों नहीं बैठा और अगर नहीं बैठा तो आप ही कृपा कर देती। मेरे अन्दर से किसी ने कहा। अमलकुमा...
- क्या मुझे चोर समझ रक्खा है?... बेईमान-उचक्का समझ रक्खा है?’’
अब तो कहने वाले भाई की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई थी। फिर भी सफाई के तौर...
- क्या मैं केवल शान्तिकुञ्ज में ही निवास करता हूँ, या कहीं और भी रहता हूँ?... मैं लगातार सजातियों को खींच रहा हूँ।’’
उस समय हमें लगा कि गुरुदेव का पाँच शरीरों से काम करने का कथन...
- क्या मैं नहीं बना सकता?...
‘‘तू मेरा सब काम करेगा, सब काम करेगा, जा! मेरा सब काम तू ही कर आ।’’ अब तो बेचारे चुप हो जाते और चु...
- क्या मैं बच्चा हूँ, जो तू लेने चली आई?... अगले दिन 27 तारीख को हम लोग वल्लभगढ़ के लिये रवाना हुए। गुरुजी ने मुझे भी अपने साथ ही बिठा लिया। बोले...
- क्या यह सच है?... ’’
‘‘हाँ बेटा! जरूर आयेंगी। ये सभी हस्तियाँ स्नान के लिये आयेंगी पर किसी को नजर नहीं आयेंगी। ये सूक...
- क्या यही मनुष्य की बुद्धिमत्ता है?... सामाजिक कुरीतियों से हिन्दू समाज इतना जर्जर हो रहा है कि इन विकृतियों के कारण जीवनयापन कर सकना भी मध्...
- क्या वह इसी लोक में नहीं है?... (१०) ‘भवबन्धन’ की मान्यता कहाँ तक सही है? (११) जन्म-मरण क्या है? (१२) सबसे बड़ी दुर्बलता कौन-सी है? क...
- क्या सचमुच मना करना पड़ेगा?... अभी सोच ही रहा था कि इतने में उन्होंने फिर कहा-‘‘जा, जल्दी मना कर दे, नहीं तो वह लगा जायगा।’’
अब तो...
- क्या सोयेंगे, कितना सोयेंगे, क्या सोते रहेंगे?... ’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘नहीं, उनके विश्राम का मतलब होता है सूक्ष्म जगत् में तप। वे सूक्ष्म शरीर से कारण ...
- क्या हम सभी अपने साथी को छुड़ा न सकेंगे?... अपना वह साथी कुछ ही क्षणों में मृत्यु का ग्रास बनने वाला है और हम हैं कि उसे बचाने का प्रयास भी नहीं...
- क्या हमारे पद-चिह्नों पर कुछ दूर चल सकते हैं?... देखा यह भी जाना चाहिए। ताकि हम देख सकें कि हम सच्चे साथियों के रूप में परिवार का सृजन करते रहें अथवा...
- क्यों मेरा सगुन बिगाड़ती हो?... तुम शायद नहीं जानती मैं बड़ा आदमी बनने जा रहा हूँ। मुझे जल्दी पहुँचना है।’’
इस तरह सबको दुत्कार कर वह...
- क्यों लिए जा रहा है?... इन्हें छोड़कर हम कहाँ रहेंगे? कैसे रहेंगे? कुछ भी तो सूझ नहीं पड़ता। आँखें बरसती हैं और सिरहाने रखे ...
- क्रम यही चलता रहा, तो इस जखीरे का, उस कचरे-कूड़े का, उसमें लगे साधनों का क्या होगा?... ये प्रश्न ऐसे हैं, जिनके उत्तर सरल नहीं हैं। जापान का उदाहरण देखकर जो कल्पनाएँ की गई थीं, वे हजारों ...
- खबर आई क्या सैनिक पीछे हटा लिए जायें?... सुभाष बोस को समझ में नहीं आया क्या किया जाये? जब भी कोई ऐसा अवसर आता वे पुस्तकों की शरण जाते। विवेका...
- खलीफा ने पूछा-इस पुस्तक में क्या लिखा है?... फरिश्ते ने जवाब दिया-उनके नाम जो भगवान् की भक्ति किया करते हैं। उमर ने पूछा इसमें मेरा भी नाम है क्य...
- खाना क्यों नहीं खाया?... मैं जब कन्या सत्र में शान्तिकुञ्ज आई थी तो हमारा ग्रुप सबसे बड़ा ग्रुप था। उस सत्र में 250 लड़कियाँ थी...
- खूब हँसे और कहा, ‘‘ज्वाला, इसका भी उद्घाटन करूँ?... ’’
ज्वाला प्रसाद जी ने चुपचाप सिर हिला दिया। दीपक जल उठे। गरीबों की भावना ने भगवान का दिल छू लिया थ...
- गंदे को कौन अपने समीप बिठाना चाहेगा?... दुर्गन्ध से किसे अपनी नाक, मलीनता से किसे अपनी आँखें और हेय प्रवृत्ति को देखकर कौन मनोदशा क्षुब्ध करन...
- गठान कहाँ गई?... किसका आपरेशन करना है? ऐसे वरदान बाँटती थीं माताजी, जिनसे हम भी धन्य हुए।माताजी की दिव्य दृष्टि
श्री...
- गधा नहीं जानता कि मुझ पर किस कारण बोझ लादा जाता है?... लादने वाले के साथ मेरा क्या सम्बन्ध है? मैं किस प्रकार अन्याय का शिकार बनाया जा रहा हूँ? वह अधिक बोझ...
- गन्दे को कौन अपने समीप बिठाना चाहेगा?... दुर्गन्ध से किसे अपनी नाक, मलीनता से किसे अपनी आँखें और हेय प्रवृत्ति को देखकर कौन अपनी मनोदशा क्षुब...
- गरम रोटी खाना है?... गरम रोटी खाना है?’’ फिर बहनों की ओर उन्मुख होकर बोले, ‘‘कहना अभी देती हूँ। फिर पहले खुद खा लेना। अच्...
- गाँधीजी से भेंट के दौरान उन्होंने व्यंग किया आप तो धार्मिक व्यक्ति हैं राजनीति में क्यों फँस गये?... गाँधीजी बोले-धार्मिक व्यक्ति का अर्थ होता है अधर्म से लड़ने वाला फिर वह अधर्म चाहे रहन-सहन का हो या व...
- गाँव वालों से तुम इतना डरते क्यों हो?... मेरे रहते तुम्हारा बाल भी बाँका नहीं हो सकता। चिन्ता मत करना।’’ फिर पत्नी से बोले, ‘‘बेटा तेरे को कुछ...
- गायत्री की शब्द शक्ति एवं यज्ञाग्नि की ऊर्जा कैसे व्यक्ति को सामर्थ्यवान एवं पवित्र तथा काया को जीवनी शक्ति सम्पन्न बनाकर प्रतिकूलताओं से जूझने में समर्थ बना सकती है?... ज्योतिर्विज्ञान के चिर पुरातन प्रयोगों के माध्यम से आज के परिप्रेक्ष्य में मानव समुदाय को कैसे लाभान...
- गायत्री को आयु, प्राण, बल, बुद्धि और प्रज्ञा प्रदान करने वाली कहा जाता है सो क्यों?... पाराशर ने पुत्र की जिज्ञासाएँ शान्त करते हुए कहा वत्स! प्राण-प्रकाश उष्णता और विद्युत रूपी संहति है, ...
- गायें कटती रहें तो हम बधिकों को किस मुख से कह कह सकते हैं कि तुम्हारा कृत्य अनुचित है?... भाग्य और भगवान की इच्छा ही जब एकमात्र कारण है, तब उस कुकृत्य को रोकने की, विरोध करने की बात सोचना ही...
- गार्ड ने हड़बड़ा कर देखा, पूछा ‘‘कहाँ हैं बच्चे?... ’’ और गाड़ी रोक दी।
इस बीच उन लड़कों ने मुझे उठाया और हाथ पकड़कर अपने साथ ले गये तथा सबसे पीछे गार्ड ...
- गाड़ी की हालत देखकर सबको और भी ज्यादा आश्चर्य हुआ कि इसमें सवार लोग बच कैसे गये?... और किसी को भी कोई गम्भीर चोट नहीं लगी थी। जबकि गाड़ी को देखकर लगता था कि इसमें सवार कोई भी आदमी जीवित ...
- गुरु ने पूछा अच्छा आप बतायें गला कस देने वाली टाई और गला खुजलाने वाली दाढ़ी से क्या लाभ?... ईसाई बोला-टाई हमें ईसामसीह के त्याग की याद दिलाती है और मुसलमान युवक बोला-दाढ़ी हमें अल्लाह की कुदरत ...
- गुरु बोले-बेटा वह बुद्धि, वह ज्ञान, जिसके उपयोग से वह शेर और हाथी से भी बलवान है उठ अपनी बुद्धि का उपयोग कर और अपना जीवन सार्थक बना?... (५) माँ पूजन आदि की तैयारी कर रही थी। बच्चे ने पूछा-माँ क्या कर रही है। तेरे जन्म दिन के पूजन की तै...
- गुरुजी अकेले पीते ऐसा कैसे सम्भव था?... अध्यात्म क्षेत्र में कुण्डलिनी जागरण का बहुत महत्त्व है। एक दिन एक व्यक्ति गुरुजी के पास पहुँचा और ब...
- गुरुजी उठे और पूछा, ‘‘मोतीलाल, कराह क्यों रहे हो?... ’’ मैंने बताया, ‘‘गुरुदेव, पसली में भयंकर दर्द हो रहा है।’’
गुरुदेव बोले, ‘‘मेरे पास आ।’’ मैं उठ कर...
- गुरुजी की दृष्टि से वह भला कैसे ओझल रहती?... एक स्टेशन पर जब उसके साथ के परिजन नीचे उतरे तो गुरुजी ने उसे पानी पिलाया और चना मुर्रा खाने को दिया।...
- गुरुजी कैसे जान गये कि घर में खबर नहीं पहुँची?... नरेन्द्र सिंह ने चिट्ठी नहीं दी? उन्हें तकलीफ हुई! आदि बातें मेरे मन को मथने लगीं। इधर घर आने पर पता...
- गुरुजी क्यों आये हैं?...
गुरुजी आते ही मेरे बिस्तर के पास पहुँच कर बगल में बैठ गये और बोले-‘‘हाँ! बता, क्या-क्या दवाई की बे...
- गुरुजी ने उन्हें नमस्कार किया और बोले, ‘‘मास्टर साहब, आपका स्वास्थ्य कैसा है?... आप बाहर गये, लौटे, तो आये क्यों नहीं? मास्टर जी ने हाथ जोड़े और बोले,‘‘आचार्य जी, आपके पास बहुत कलाये...
- गुरुजी ने कहा, ‘‘पता लगाओ, मास्टर साहब बीमार तो नहीं हो गये?... ’’ एक व्यक्ति को घर भेजा। पत्नी ने कहा, ‘‘मास्टर साहब बाहर गये हुए हैं।’’ एक दिन मास्टर जी गुरुजी को...
- गुरुजी ने कहा, ‘‘ले, मेरा हाथ पकड़ और बता कहाँ-कहाँ दर्द हो रहा है?... ’’ उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा, मैंने जहाँ-जहाँ बताया वे वहाँ-वहाँ हाथ फिराते रहे। लगभग बीस-पच्चीस मिनट उ...
- गुरुजी ने तिलक किया है, मना कैसे करते?... अतः कहा ‘‘गुरुजी गोत्र समान है। कहते हैं, ऐसे में दोनों की एक दूसरे से पटती नहीं।’’
बहाना तो बहाना...
- गुरुजी ने पूछा, ‘‘कहाँ से आये?... ’’ वह बोला, ‘‘हाथरस से आया हूँ।’’ उसके पास एक छोटी सी थैली थी। जिसमें कुछ चीज रखी थी। उसने वह थैली उ...
- गुरुजी ने पूछा, ‘‘तुम में से कोई दो कप लाया है क्या?... कोई नहीं लाया। सब गुरुजी के लिए एक कप लाये हैं।’’ फिर कहा, ‘‘स्टॉल से एक कप ले आओ, मैं तुम सबकी केतल...
- गुरुजी ने पूछा, ‘‘बेटा कहाँ ठहरा है?... ’’ वह बोले, ‘‘गुरुजी, यहाँ दिक्कत होती इसलिये परमार्थ आश्रम में ठहरा हूँ।’’ गुरुजी ने तुरन्त डॉक्टर स...
- गुरुजी ने पूछा, ‘‘बेटे, क्या छोड़ा?... ’’ मैंने जवाब दिया, ‘‘सिगरेट व तम्बाकू।’’ इसके तत्काल बाद गुरुदेव ने ‘एवमस्तु’ कहा। मैं चुप रहा, क्य...
- गुरुजी ने मुझसे पूछा-‘‘तुम सिगरेट पीते हो?... ’’ मैंने कहा, ‘‘नहीं, गुरुजी’’ गुरुजी ने कहा-‘‘मुझसे झूठ बोलते हो? आज के बाद सिगरेट मत पीना।’’ मैं क...
- गुरुजी ने लौट कर गद्दी पर नया कवर देखा तो पूरी खोजबीन की, किसने बनाया?... कहाँ से आया? किसी ने बता दिया कि मुक्ति दीदी को देखा था। शायद उन्हीं का काम होगा। अगले दिन उन्होंने ...
- गुरुजी बड़े सहज ढंग से अपनी ओर इशारा करते हुए बोले, ‘‘देखती नहीं, मैं कौन हूँ?... ’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुदेव, सब तो आपको भगवान् कहते हैं।’’ गुरुजी बोले, ‘‘हाँ बेटा, तेरा तो मैं भगवान् ह...
- गुरुजी मुझसे अकेले में मिले व कहा, ‘‘बता बेटा, तेरा क्या-क्या चल रहा है?... ’’
मैंने कहा, ‘‘जप अधिक करता हूँ। अतः समय कम मिल पाता है। अपना काम भी करता हूँ व शाम को प्रचार में...
- गुरुजी से कहने की किसी की हिम्मत नहीं पड़ रही थी?... सभी आपस में काना-फूसी कर रहे थे।
आखिर में श्री सत्यप्रकाश जी, सतीश भाई साहब कीमौसी के लड़के, जिन्हें...
- गुरुजी से प्रार्थना की, ‘गुरुजी आज तो मैं यहाँ था, यही मेरे पीछे घटता, तो पत्नी को कौन बचाता?... ’ अचानक गुरुजी सूक्ष्म रूप में तैरते हुए कमरे में आये और कहा, ‘‘बेटा! मैं यहाँ बैठा तो हूँ। तू क्यों...
- गुरुजी हमारे पास आये और बोले, ‘‘अमल कुमार कौन है?... ’’ मैं घबरा कर खड़ा हो गया। गुरुजी बोले, ‘‘बैठो-बैठो! खाना खाओ। खाकर तपोभूमि में मेरी प्रतीक्षा करना।...
- गुरुजीर बोले दिलीप हम तुम्हारे घर ठहरे हम कुछ देकर जा रहे हैं मालुम है क्या?... दिलीप बोला गुरुजी आप बतलायें। गुरुजी बोले तेरे ये दो बच्चे जो जुड़वा हुये है इनमें एक का ही जीवन था अ...
- गुरुदेव का आदेश है, कैसे नहीं मानूँ?... ? पर दो घण्टे से भी अधिक समय बीत चुका था। अब मेरा मन आशंकित होने लगा। कहीं कुछ अनहोनी न हो जाय। पर भी...
- गुरुदेव ने उसी लहजे में लड़के से पूछा, ‘‘ये लड़की मेरी है, मेरा गोत्र चमार है, तू बता शादी करेगा?... ’’
लड़के ने हाँ कर दी व शादी धूम-धाम से हो गई।
बाद में चैतन्य जी अन्तर्मन से भाव-विभोर होकर कहते ह...
- गुरुदेव ने देखते ही पूछा, ‘‘सब ठीक-ठाक है?... ’’ मैंने कुछ नहीं बताया, पर मेरी पत्नी ने सब हाल बताया और कहा, ‘‘गुरुदेव, ऑप्रेशन कराना है, आपका आशी...
- गुरुदेव ने पास बैठाकर कहा कि ‘‘जीवन का लक्ष्य क्या है, पता है?... ’’ हमने कहा, ‘‘हिमालय जाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभी समय अनुकूल नहीं है, आगे हम अवश्य ले जाएँ...
- गुरुदेव ने मुस्कुराते हुए समाचार पूछा, ‘‘कहो, क्या हाल चाल है?... ’’ सबने एक स्वर से कहा, ‘‘आप हमसे क्यों पूछते हैं गुरुदेव? आप स्वयं तो वहाँ मौजूद थे। आपकी क्षण भर क...
- गोपाल कृष्ण बोले-भाभी जी आपने यह क्या किया?... वे बोली-यदि हम एक दूसरे के प्रति त्याग का भाव न रखें तो संयुक्त कुटुम्ब का क्या अर्थ। घर के सब खर्चो...
- ग्राम भी अमंगल है- इस अमंगल में कैसे जिया जाए?... श्रुतिधर ने उसका भी परित्याग किया और निर्जन वन में एक वृक्ष के नीचे एकाकी कुटी बनाकर रहने लगे।...
- घर पहुँच जाने पर भी क्या कोई घर का रास्ता भूल सकता है?... काम, क्रोध, लोभ, मोहादि विकार और इन्द्रिय वासनाएँ मनुष्य के आनन्द में बाधक बनकर उसे दुःखजाल में डाले...
- घर में अपनी माँ एवं पिता जी की आप क्या-क्या मदद कर सकते हैं?...
५. आपके आदर्श महापुरुष कौन-कौन हैं एवं उनकी किन विशेषताओं /प्रेरणओं से आप प्रभावित हुए?
६. व्यवहार ...
- घर में जैसे पहने जाते हैं उससे ड्यौढ़े-दूने दाम तक के कपड़े वर-वधू को दिये जा सकते हैं, पर नाटकों में नाचने वाले नटों जैसी पोशाकों पर पैसा लुटा देना किसलिए?... सभी जानते हैं कि जेवरों में पूँजी रुकती है। आधा पैसा बनवाई, मिलावट और टाँके बट्टे में चला जाता है। र...
- घरवाले क्या कहेंगे?... आदि नाना विचार मेरे मन में आ रहे थे। गुरुजी समझ गये। गुरुजी ने बच्चे को गोद में ले लिया, और बोले, ‘‘...
- घोड़े से उतर कर उसने सिपाहियों से कहा लो हम भी हाथ लगायें आओ तो सभी एक साथ उगायें?... और इस बार लट्ठा उठ गया। घोड़े पर चढ़ते हुए युवक ने अफसर से कहा-आज्ञा देना ही काफी नहीं खुद करके भी दिख...
- चटोरपन की आदत छोड़ी जा रही है न?... सप्ताह में एक समय उपवास, जल्दी सोना, जल्दी उठना, आवश्यक ब्रह्मचर्य का नियम पालते हैं या नहीं?(९) ईश्...
- चन्दन एवं प्रसाद का क्या महत्त्व है?... ८. सिद्ध कीजिये कि पूजा उपासना का प्रयोजन भावनात्मक परिष्कार है। ९. किस आधार पर मनुष्य देव शक्तियों ...
- चाण्डाल ठिठक गया और बोला-महाराज तो फिर आप बतलाइए कि मैं अपने भगवान् को कहाँ ले जाऊँ?... आचार्य की आँखें खुल गईं। चाण्डाल को अंक में भरते हुए उन्होंने कहा-तात क्षमा करो। आज तुमने मेरी आँखें...
- चाण्डाल ठिठक गया और बोला-महाराज तो फिर बताइये मैं अपने भगवान् को कहाँ ले जाऊँ?... आचार्य की आँखें खुल गईं। चाण्डाल को अंक में अंक में भरते हुए उन्होंने कहा-तात क्षमा करो। आज तुमने मे...
- चाहता होता तो सृष्टि रचता ही क्यों?... उस परम सत्ता की एक ही इच्छा है कि मानवी पराक्रम-आत्मबल स्वयमेव उभरकर आए और इन विध्वंसक शक्तियों से म...
- चीन लगातार आगे बढ़ रहा है, भारत का क्या होगा?... ’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘इसकी जरूरत नहीं, युद्ध 7 दिन में बन्द हो जायेगा।’’ और ऐसा ही हुआ।एक दिन मैं और गु...
- चीनी बहुत घबराये और समझ गये कि उद्योगी को ईमानदार भी होना चाहिए?... (५) महात्मा गाँधी के पास जाकर एक युवक ने कहा-बापू भूख से मर रहा हूँ कोई नौकरी भी नहीं देता अपने पास...
- चीनी सज्जन हँसकर बोले-अरे इसमें दुःख की क्या बात है?... दूध में उतनी पानी मिला दो? जापानी ने कहा-महादेव हम उद्योग करते हैं धोखा नहीं देते? चीनी बहुत घबराये ...
- चेतना का विस्तार संकीर्णता की परिधि में सिमटे रहकर कैसे हो सकता है?... यदि परमसत्ता का ही मन एकाकी नहीं रमा, उसने एकाकीपन से ऊबकर मनुष्य समेत यह सृष्टि रची, तब उस सृष्टि क...
- छुटपुट कर्मकाण्डों से ही आत्मा की प्राप्ति हो जाया करे, तो कष्टसाध्य तपस्वी-जीवन में प्रवेश करने की आवश्यकता ही क्या रह जाए?... हमें पूरे विश्वास के साथ यह मान लेना चाहिए कि कीमती चीजें उचित मूल्य चुकाने पर ही मिलती हैं।...
- छोटे बच्चों की बात दूसरी है, अब बड़ी आयु के व्यक्ति माता-पिता की मृत्यु तक पर तो बाल कटाते नहीं जनेऊ धारण करने के लिए उन्हें कटाने को भला क्यों तैयार हों?... अभिभावक भी इस महँगाई और व्यस्तता के दिनों में उससे कतराने लगे और धीरे-धीरे अपनी संस्कृति के प्रधान च...
- जंगल में रहता हूँ या गाँव में?... मुझे सींग हैं या नहीं? मैं दूध देती हूँ क्या? मैं शाकाहारी हूँ या माँसाहारी? इत्यादि।
सामान्यतः १५ स...
- जकीर ने उसे पकड़ लिया पर खाने को ही थे कि आत्मा से आवाज आई-जो वस्तु तेरी नहीं है, तैने कमाई नहीं उसका उपयोग करना क्या पाप नहीं?... जकीर सेव लेकर उसके मालिक का पता लगाने चल पड़े। सेव बुखारा की राजकुमारी के बाग का था। राजकुमारी को पता...
- जन-जन को इसका पाठ कौन पढ़ाएगा, हर किसी को स्वार्थ में कटौती करके परमार्थ में हाथ डालने के लिए कौन विवश करेगा?... इसका उत्तर आज तो नहीं दिया जा सकता; किन्तु कल-परसों ऐसा समय अवश्य ही आयेगा, जिसमें सत्प्रवृत्ति संवर...
- जन-मानस का उत्तर गिरा हुआ हो तो ऊँचे, अच्छे, समर्थ और सजीव व्यक्तित्व नेतृत्व के लिए कहाँ से आएँगे?... व्यक्ति और समाज की समग्र प्रगति के लिए चिन्तन की स्वस्थ दिशा एवं उत्कृष्टता दृष्टिकोण का होना अनिवार्...
- जब अधिकांश लोग पैसा और वाह-वाही लूटने के अतिरिक्त और कोई तीसरी बात सोचते ही नहीं, तो हमें ही एकाकी दिशा-निर्धारिण की बात सोचकर प्रस्तुत समुदाय के सामने क्यों उपहासास्पद बनना चाहिए?... यह प्रश्न पूछती है, वह तथाकाथित समझदारी, जो आम लोगों पर पूरी तरह हावी है।
आदर्शों की बात कहने-सुनन...
- जब अपनी ही आत्मा दूसरों में जगमगा रही है तो किससे मुँह मोड़ा जाय?... किससे नाता तोड़ा जाय? जो हमें नहीं भुला पा रहे हैं, उन्हें हम कैसे भूल जाएँगे? जो साथ घुले और जुड़े ...
- जब आप उपर्युक्त किसी रोग से आक्रान्त हों तो अपने आहार का सावधानी से परीक्षण कर मालूम कीजिए कि उसमें किसी विशेष विटामिन की न्यूनता है?... जिन शाक, तरकारियों अथवा फलों में वह पाया जाता है, उन्हें खुराक में सम्मिलित कर सन्तुलित आहार लिया कीज...
- जब आप कोष्ठ शुद्धि अथवा आत्म-शुद्धि कि निमित्त उपवास करते हैं, तो भोजन ठूँसने से क्या लाभ?... उपवास करने का मुख्य आशय तो इन्द्रियों की प्रबलता एवं चंचलता नष्ट करना है। अतः भोजन खान-पान के बखेड़े...
- जब इतने सारे प्राणी इस क्षेत्र में निवास करते हैं, तो तुम्हारे लिए सब कुछ सुनसान कैसे?... अपने को छोटा मत बनाओ। जब ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ की बात मानते हो, तब इतने सारे प्राणियों के रहते, तुम ...
- जब कभी आपको ऐसा लगे कि आपको अंक कम दिये गये हैं या शिक्षक ने किसी बात पर आपके साथ पक्षपात किया है?...
उत्तर- हम शिक्षक का आदर्श स्वरूप ही सामने रखेंगे। उनके हर निर्णय में अपना कल्याण समझेंगे। अच्छे अंक...
- जब कोई उपाय दिखायी न दिया, तब सोचा गया कि साथी के हाथ में सोने का जो ठोस कड़ा था, क्यों न उसमें से थोड़ा-सा सोना काटकर बेच दिया जाय और कर्ज चुका दिया जाय?... अन्त में यही किया गया। कड़़ा कटा, सोना बिका और ऋण से मुक्ति हो गयी।
ऋण से मुक्ति तो हुई, पर वह घटना ब...
- जब गुरुजी मथुरा के लिये लौटने लगे तो स्टेशन पर बातचीत के दौरान मैंने गुरुजी से कहा, ‘‘गुरुजी, इस जन्म में तो मैं आपको छोड़ूँगा नहीं, यदि पागल नहीं हो गया तो, पर आगे मैं आपको कैसे पहचानूँगा?... पहचानूँगा भी या नहीं, अखण्ड ज्योति का सदस्य बनूँगा या नहीं, यह मैं नहीं कह सकता।’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘...
- जब ग्रह-दशा, भाग्य-चक्र, हस्त-रेखा ही अनुकूल ने हों तब प्रयत्न करने का झंझट ही क्यों उठाया जाये?... जब समय बदलेगा तब भाग्य-लक्ष्मी का उदय होने से घर बैठे सम्मान बरस पड़ेगा-इस मान्यता के रहते कष्टसाध्य ...
- जब चीन जीतता जा रहा था घनश्यामदास बिड़ला ने गुरुजी से पूँछा गुरुजी अब क्या करें मैं अपना पैसा विदेश बैंक में स्थानान्तरित कर दूँ क्या?... चीन आगे बढ़ रहा है भारत का क्या होगा। गुरुजी ने कहा युद्घ ७ दिन में बन्द हो जायेगा। एक बार जुगलकिशोर ब...
- जब तक हमारा देवता जागृत रहता है और हम विभिन्न कल्याणकारी कार्यों में संलग्न रहते हैं, तब तक आन्तरिक असुरता भी दबी हुई पड़ी रहती है, पर यह प्रसुप्त वासनाएँ भी अवकाश के लिए चुपचाप अन्तर्मन में जगती रहती हैं, समय पाते ही देवत्व पर प्रहार कर बैठती हैं?... ।
जब यह दिखाई दे कि अब अपने पास कोई काम शेष नहीं रहा तो मनुष्य अपने निवास के आस-पास की सफाई, वस्त्...
- जब नींव ही कच्ची रहे तो इमारत कैसे ऊँची उठ सकती है?... वे अपने बचपन का कटु अनुभव आगे जाकर अधिक तीव्रता के साथ दूसरों को करवाते हैं या प्रतिक्रिया रूप स्वयं...
- जब पत्थर की प्रतिमा देवता बन सकती है, तो श्रद्धा के बल पर किसी उपयुक्त व्यक्तित्व को गुरु क्यों नहीं बनाया जा सकता?... आवश्यक नहीं कि इसके लिए विधिवत् संस्कार कराया ही जाए, कान फुकवाए ही जाएँ। अध्यात्म प्रयोजनों के लिए ...
- जब बुद्धि मिल ही गई, तो जीवन की हर इकाई का, हर साँस का श्रेष्ठतम प्रयोग करने में क्यों चूका जाय?... यही चिन्तन सिर पर सदा छाया रहा, फलतः समय कदाचित् ही कभी निरर्थक गया हो। शरीर को नित्यकर्म और आवश्यक क...
- जब वह भगवान् का दर्शन करके जाने लगा, तब धनी पुरुष ने उसे अपने पास बुलाया और कहा-‘क्या आप इस मन्दिर की व्यवस्था सँभालने का काम स्वीकार करेंगे?... ’
वह व्यक्ति बड़े आश्चर्य में पड़ गया। उसने कहा-‘मैं तो बहुत पढ़ा-लिखा नहीं हूँ। मैं इतने बड़े मन्दिर का...
- जब वे मिलेंगे-दीखेंगे ही नहीं, तो दर्शनार्थियों-शिविरार्थियों की भीड़ क्यों आयेगी?... हमारी भी रोजी-रोटी में कटौती होगी और आश्रम की शोभा महत्ता तो घट ही जायेगी। ईर्ष्यालुओं को भी अच्छा न...
- जब सब कुछ परिवर्तन हो गया तो दृष्टिगोचर कैसे हों?... फिर सत्पात्र साधकों का अभाव हो जाने के कारण वे कुपात्रों को दर्शन देने या उन पर की हुई अनुकम्पा में ...
- जब सभी लोग ईमानदारी-बेईमानी की कमाई से गुलछर्रे उड़ाते हैं, तो हम लोग ही अपने ऊपर ऐसा अंकुश क्यों लगाएँ?... इस प्रश्न पर परिजनों और उनके पक्षधर रिश्तेदारों को सहमत करना बहुत कठिन पड़ता है। फिर भी यदि अपनी बात ...
- जब समय बदलेगा तब भाग्य-लक्ष्मी का उदय होने से घर बैठे सम्मान बरस पड़ेगा-इस मान्यता के रहते कष्टसाध्य पराक्रम करने का महत्त्व ही क्या रहा?... ऐसी दशा में कोई कुछ सुधारात्मक बड़ा काम किस आधार पर आरम्भ करे? किसी बड़े परिवर्तन के लिए कोई किसलिए सा...
- जब हम अपनी बात को ठीक समझने के लिए दृढ़ हैं तो दूसरे को वैसी दृढ़ता के लिए क्यों कोसना चाहिए?... गायत्री का ‘प्र’ अक्षर कहता है कि दूसरों की भूलों और कमियों के प्रति हमें कठोर नहीं, उदार होना चाहिए...
- जब हम ऐसा सोचते हैं कि अपने स्वार्थ की पूर्ति में कोई आँच न आने दी जाए और दूसरों से अनुचित लाभ उठा लें, तो वैसी ही आकांक्षा दूसरे भी हम से क्यों न करेंगे?... लेने और देने के दो बाट रखने में ही सारी गड़बड़ी पैदा होती है। यदि यही ठीक है कि हम किसी के सहायक न बने...
- जब हमने बालक के विषय में पूछा तो अश्रुपूरित नेत्रों से कहने लगीं, ‘‘आप भूल गए, जब मैं रोते हुए गुरुजी के पास आई थी?... उन्होंने ही मेरी झोली खुशियों से भर दी है।’’
श्री केसरी कपिल जी एवं श्रीमती देवकुमारी श्रीवास्तव(श्...
- जब हमें यह काम सौंपा गया तो उसे करने में आना-कानी कैसी?... दिव्य सत्ता के संकेतों पर चिरकाल से चलते चले आ रहे हैं और जब तक आत्मबोध जागृत रहेगा तब तक यही स्थिति...
- जब ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ की बात मानते हो, तब इतने सारे प्राणियों के रहते, तुम अकेले कैसे?... मनुष्यों को ही क्यों प्राणी मानते हो? यह जीव-जन्तु क्या तुम्हारे अपने नहीं? फिर सूनापन कैसा? हमारी य...
- जमीन मिल जाने के उपरान्त यह देखना था कि वहाँ-कहाँ, क्या बनाना है?... यह भी एकाकी ही निर्णय करना पड़ा। सलाहकारों का परामर्श काम न आया, क्योंकि उन्हें बहुत कोशिश करने पर भी...
- जल ही चढ़ाना है तो किसी भी पौधे में क्यों न चढ़ाया जाये?... माँ बोली-तुलसी में जल चढ़ाना धर्म कृत्य माना है क्योंकि इन देवी की जड़ से लेकर पत्ते और बीज तक मनुष्य ...
- जहाँ कण-कण में भगवान व्याप्त हों, वहाँ बन्धन कैसा?... जिस भाग पर जन्म लेने के लिए देवता तरसते हों, जहाँ अवतारों ऋषियों और धर्मात्माओं का निरन्तर प्रवाह बह...
- जहाँ प्रेमी परिजनों के अनुदान निरन्तर बरसते हुए हमें कृतज्ञता में डुबो देते हैं वहाँ बन्धन कैसा, जिससे छुटकारा पाने को मुक्ति की कल्पना में विचरण किया जाये?... जन्म-मरण तो एक-सी परिस्थिति की नीरसता से नवीनता के उल्लास में परिणित होने का मनोरंजन मात्र है। उसमें...
- जहाँ मवेशी बाँधे जाते हैं, वहाँ का तो कहना ही क्या?... सफाई एक सार्वजनिक आदत है। हम भारतीयों को अपनी सार्वजनिक गन्दगी पर लाज आनी चाहिए। जहाँ दूसरे राष्ट्रो...
- जाता क्यों नहीं?... ’’ मैंने कहा, ‘‘माताजी मैंने 11 वर्ष तक घर न जाने का संकल्प लिया है।’’ इस पर माताजी बोलीं, ‘‘संकल्प ...
- जापानी ने कहा-महादेव हम उद्योग करते हैं धोखा नहीं देते?... चीनी बहुत घबराये और समझ गये कि उद्योगी को ईमानदार भी होना चाहिए? (५) महात्मा गाँधी के पास जाकर एक यु...
- जायेंगे तो कहाँ ठहरेंगे?... इस पर गुरुजी ने कहा, ‘‘मैं तो कहीं जाता नहीं। लेकिन यदि जाना ही पड़ा तो जबलपुर में, मैं अपने बेटे लोक...
- जारी रखा जाय तो कैसे, कब तक?... अभी कितनी और पूँजी इस गोरखधन्धे में लगानी पड़ेगी? वह आयेगी कहाँ से?आत्म रक्षा को महत्त्व देने वाली सम...
- जिन लोगों की दृष्टि में विचारों का कोई मूल्य या महत्त्व नहीं, वे किसी कार्य में देर तक कब ठहरने वाले हैं?... जो लोग अखण्ड ज्योति नहीं मँगा सके, जो गायत्री साहित्य नहीं पढ़ सके, वे किसी समय बड़े भारी श्रद्धावान...
- जिन साधनों की नव सृजन के लिए आवश्यकता थी, वे कहाँ से मिलें, कहाँ से आएँ?... इस प्रश्न के उत्तर में मार्गदर्शक ने हमें हमेशा एक ही तरीका बताया था कि ‘‘बोओ ओर काटो’’। मक्का और बा...
- जिनके अन्तराल में सन्त जाग पड़ता है, वह एक ही बात सोचता है कि समय, श्रम, मनोयोग की जो प्रखरता-प्रतिभा हस्तगत हुई है, उसका उपयोग कहाँ किया जाए?... कैसे किया जाए? इस प्रश्न का उत्तर प्राप्त करने में बहुत देर नहीं लगती। देव मानवों का पुरातन इतिहास इ...
- जिनके हाथ में मन्दिर की संचालन व्यवस्था है, उन्हें सोचना चाहिए कि क्या इन केन्द्रों में लगे हुए धन का सही उपयोग हो रहा है?... भगवान की पूजा उचित है और आवश्यक भी, पर यह अबुद्धिमत्तापूर्ण है कि प्रचुर धन-राशि और जन-शक्ति का उपयो...
- जिस संकीर्ण स्वार्थपरता ने जन-जन को कृपण और निष्ठुर बना रखा था उसके पैर इतनी जल्दी, इतनी तेजी से उखड़ सकते हैं इसकी कल्पना भी नहीं थी, पर सूत्रधार को क्या कहा जाए?... इसके संकेतों से पटाक्षेप होने और नए दृश्य प्रस्तुत होने में देर नहीं लगती। बड़ी हलचलें मूर्द्धन्यों स...
- जिसकी कल्पना मात्र से दिल बैठ जाता है, उस असह्य को सहन करने में कितना बोझ पड़ेगा?... और कहीं उस बोझ से यह टूटा खचड़ा चरमरा कर बैठ तो नहीं जाएगा, ऐसी आशंका होती है।
* प्रिय जनों के विछ...
- जिसके पास आत्मबल नहीं, वह युग-परिवर्तन की भूमिका में कोई कहने लायक योगदान दे भी कहाँ से सकेगा?... — अखण्ड ज्योति अगस्त १९६६, पृष्ठ-४४४. सज्जन सृजन के निमित्त आगे आएँ—आज समय की आवश्यकता है कि सज्जन ...
- जिसके भाग्य में जैसा होता है, वैसा यदि अमिट ही है, तो फिर पुरुषार्थ करने से भी अधिक क्या मिलता और पुरुषार्थ न करने पर भी भाग्य में लिखी सफलता अनायास ही क्यों न मिल जाती?... हर व्यक्ति अपने-अपने अभीष्ट उद्देश्यों के लिए पुरुषार्थ करने में संलग्न रहता है, इससे प्रकट है कि आत...
- जिसने अपने स्वार्थ साधन और ऐशो-आराम के लिए सम्पदा कमाई, उसकी प्रशंसा क्यों की जाये?... जिसने अनीति के मार्ग में सफलता पाई-जिसने लोकमानस को प्रेरणा न दी ऐसे पदवीधारी, विद्वान, कलाकार, नेता...
- जिसने आत्म स्वरूप का अनुभव कर लिया, सद्गुण उसके दास हो जाते हैं और दुर्गुणों का पता भी नहीं लगता कि वे कहाँ चले गये?... आत्म-दर्शन का यह अनुष्ठान साधकों को ऊँचा उठायेगा। इस अभ्यास के सहारे वे उस स्थान से ऊँचे उठ जायेंगे ...
- जिससे अपना बोझ ही सही प्रकार उठ नहीं पाता, वह दूसरों के लिए किस प्रकार कितना उपयोगी हो सकता है?... मनुष्य जन्म अगणित विशेषताओं और विभूतियों से भरा पूरा है। किसी को भी यह छूट है कि उतना ऊँचा उठे जितना...
- जिससे सन्तोष व पुण्य दोनों प्राप्त हों?... (२ )) प्रसन्न रहने के दो आधार है? (३) क्या साधन सम्पन्न और अमीर ही केवल प्रसन्न रहते हैं? यदि नहीं त...
- जिसे कठोर परिश्रम से प्यार है वह दरिद्र क्यों रहेगा?... जो हर काम को मनोयोगपूर्वक सोच-समझ कर और प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर अच्छे से अच्छे ढंग से करता है उसे ...
- जिसे यह सौभाग्य नहीं मिल सका, वह बेचारा क्यों कर अपने जीवन-लक्ष्य को समझ सकेगा और क्यों कर उसके लिए कुछ प्रयत्न-पुरुषार्थ कर सकेगा?... इस संसार में अनेक परमार्थ और उपकार के कार्य हैं, वे सब आवरण मात्र हैं, उनकी आत्मा में, सद्भावनाएँ सन...
- जीजी ने मुझसे पूछा, ‘‘मैं इतना क्यों रो रही हूँ?... ’’ मैं और भी फूट-फूट कर रोने लगी और बताया कि मैं कितनी अभागी हूँ, जो गुरुजी-माताजी से मिल नहीं पाई। ...
- जीभ में कोई बीमारी हो जाये तो बोलने और चखने में बहुत साधन उपलब्ध होने पर भी उससे क्या कुछ लाभ मिलेगा?... कान बहरे हो जायें तो मधुर भाषण, संगीत आदि की परिस्थितियाँ संसार में भरीपूरी रहने पर भी वे अपने लिए स...
- जैसे माँ ने बाल्यावस्था में कितना दूध पिलाया?... गर्भ के ६-७ पौण्ड भार को लिए फिरने में कितना श्रम लगा। बच्चे की सेवा-सुश्रूषा में कितना समय लगाया—उस...
- जैसे ही उन्होंने गुरुजी को प्रणाम किया, गुरुजी ने पूछा, ‘‘मुक्ति कहाँ है?... ’’ उन्होंने बताया कि उसकी तबियत थोड़ी बिगड़ गई थी, इसलिए घर पर ही छोड़ आया हूँ। सुनते ही गुरुजी बहुत ना...
- जैसे ही गुरुजी को प्रणाम किया, वे बोले, ‘‘मेरे लिए क्या लाई है?... ’’ मेरे हाथ में माताजी का दिया प्रसाद था, मैंने कहा, ‘‘यही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ला खिला।’’ और मुँह ...
- जैसे ही चरण स्पर्श किये माताजी ने कहा, ‘‘बेटा, एक को कहाँ छोड़ आये?... ’’ मैंने सोचा, माताजी को हमारे किसी साथी ने पहले ही कह दिया होगा। मैंने उत्तर दिया, ‘‘माताजी, वह नाग...
- जैसे-तुम्हारा क्या नाम है?... तुम कहाँ रहते हो? उसके उत्तर में वह खिलाड़ी उत्तर देगा/ देगी। मेरा नाम ‘को’ है मैं ‘आ’ पर रहती हूँ। य...
- जो अपनी लकड़ी सड़क पर खटखट कर दयनीय स्वर से कह रही थी, ‘‘कोई है क्या?... जो मुझे सड़क के बायीं ओर वाली उस झोंपड़ी तक पहुँचा दे। भगवान् तुम्हारा भला करेगा। बड़ा अहसान होगा।’’ वह...
- जो अपनी विचारणा को नहीं सुधार सकता, वह परिस्थितियों को क्या सुधारेगा?... युग परिवर्तन का शुभारम्भ अपनी मनोभूमि के परिवर्तन के साथ आरम्भ करना होगा। हम लोग नव निर्माण के सन्देशवा...
- जो आदमी अपने आराम में, स्त्री के स्वास्थ्य में, बच्चों की पढ़ाई में दमड़ी खर्चना नहीं चाहते, उन्हें कौन धनवान कह सकता है?... दूसरों के कष्टों को पत्थर की भाँति देखता रहता है किन्त शुभ कार्य में कुछ दान करने के नाम पर जिसके प्...
- जो आनन्दरूप, आनन्दमय और आनन्द का उद्गम आत्मा है, उससे दुःख, शोक अथवा ताप-सन्ताप का क्या सम्बन्ध?... किन्तु यह सम्भव तभी है, जब तदनुरूप विचारों की साधना में निरत रहा जाय, उनकी सृजनात्मक शक्ति को सही दि...
- जो काम, शान्ति और प्रेम से हो सकता है, उसके लिए भी शारीरिक शक्ति क्यों?...
९. बहिर्मुखता के लिये आवश्यक है, नम्रता
इस प्रात्यक्षिक में १५ से २० बालकों का मण्डल बनाया जाता है।...
- जो कार्य आज हम नहीं कर सकते उनके लिए माथापच्ची क्यों की जाय?... उद्देश्य ऊँचे रखने चाहिए, लक्ष्य बड़े से बड़ा रखा जा सकता है पर यह न भूला दिया कि आज हम कहाँ हैं? आज क...
- जो की गुजरें, उसका अहंकार न करें, वरन् इतना ही सोचें की हमारा चिन्तन, मनोयोग एवं श्रम कितनी अधिक ऊँची भूमिका निभा सका?... कितनी बड़ी छलाँग लगा सका? यही आपकी अग्नि परीक्षा है। इसी में आपका गौरव और समर्पण की सार्थकता है। अपन...
- जो खुद ही कुछ थोड़ा तप, त्याग कर सकने में असमर्थ होंगे, वे आखिर दूसरों से कुछ त्याग-बलिदान करने की बात किस मुँह से कह सकेंगे?... अब गाल बजाने वालों का जमाना चला गया। बढ़-चढ़ कर बोलने और लिखने से जनता का मनोरंजन मात्र ही हो सकता ह...
- जो गाड़ी इन दिनों प्लेटफार्म पर है, वह चली गई तो फिर दूसरी आने के लिए कितनी लम्बी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी?... और तब तक कौन सौभाग्यशाली अपनी वर्तमान स्थिति बनाए रहेगा? इस सम्बन्ध में कुछ कह सकना कठिन है।इन पंक्त...
- जो तू मेरी रिकार्डिंग करेगा?... ’’ अब उनसे दुबारा निवेदन करने का मेरा साहस नहीं था। फिर भी बार-बार मन में विचार आता कि गुरुजी की रिक...
- जो मशाल हमारे हाथ में थमाई गई है, उसे किन हाथों में सौंप दें?... उस दृष्टि से हमें अपने उत्तराधिकारियों की तलाश करनी पड़ रही है। — अखण्ड ज्योति, मई १९६६, पृष्ठ ४५, ४...
- जो वैसा करना नहीं चाहते उन्हें भी ऐसे पाप मजबूर होकर करने पड़ते हैं अन्यथा शादियों का खर्चा जुटे कैसे?... अपने समाज की नैतिक, ईमानदारी इस घातक कुरीति के कारण बुरी तरह नष्ट हो चली है। हिन्दू समाज के लिए जिसम...
- जो सफलता सहज ही मिल सकती हो उसका लाभ कौन छोड़ेगा?... दूसरों के कन्धे पर रखकर बन्दूक चलाने वाले का लाभ ही लाभ है। इसी आकर्षण ने उन आक्रमणकारियों को पैर जमान...
- जो साथ घुले और जुड़े हैं उनसे नाता कैसे तोड़ लें?... कुछ भी सूझ नहीं पड़ता। पढ़ा हुआ ब्रह्मज्ञान रत्ती भर भी सहायता नहीं करता। इन दिनों, बहुत करके रात मे...
- जो सारे दिन आलस्य की केंचुली में बन्द पड़ा रहेगा, वह भला किस प्रकार ब्रह्मचर्य स्थित रख सकता है?... ब्रह्मचारी तो स्वस्थ, कुशाग्र, बुद्धिमान, स्फूर्तिमान् होता है। शारीरिक बल से उसे आत्मबल प्राप्त होत...
- जो हमें नहीं भुला पा रहे हैं, उन्हें हम कैसे भूल जाएँगे?... जो साथ घुले और जुड़े हैं उनसे नाता कैसे तोड़ लें? कुछ भी सूझ नहीं पड़ता। पढ़ा हुआ ब्रह्मज्ञान रत्ती ...
- जो हर काम को मनोयोगपूर्वक सोच-समझ कर और प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर अच्छे से अच्छे ढंग से करता है उसे घाटा पड़ेगा और तंगी क्यों भुगतनी पड़ेगी?... चिन्ता, निराशा, भय, शोक, आशंका, उद्वेग, आवेश आदि मनोविकारों में जकड़े हुए व्यक्ति निरन्तर उदास, दुःखी...
- ज्ञानेश्वर ने पूछा-‘कुत्ता तो विट्ठल बन गये हैं और विसोबाचाटी?... ’‘वे भी विट्ठल ही हैं!’ मुक्ता का स्वर ज्यों का त्यों था।
विसोबा चाटी मुक्ता के साथ ही कुम्हार के घ...
- ज्योतिर्विज्ञान के चिर पुरातन प्रयोगों के माध्यम से आज के परिप्रेक्ष्य में मानव समुदाय को कैसे लाभान्वित किया जा सकता है?... ऐसे अनेकानेक पक्षों को हमने अथर्ववेदीय ऋषि परम्परा के अन्तर्गत अपने शोध प्रयासों के अभिनव रूप में प्र...
- झंझट से बचने के लिए हम खड़े-खड़े अपनी यात्रा पूरी करते हैं और मन ही मन उन जगह घेरे बैठे लोगों की स्वार्थपरता और अनुदारता को कोसते हैं, पर जब हमें जगह मिल जाती हैं और नए यात्रियों के प्रति ठीक वैसे ही निष्ठुर बन जाते हैं, क्या यह दुहरा दृष्टिकोण उचित है?... हमारी कन्या विवाह योग्य हो जाती है तो हम चाहते हैं कि लड़के वाले बिना दहेज के सज्जनोचित व्यवहार करते ...
- झूठ को सबसे बड़ा पातक क्यों माना गया है?... कथाएँ —— (१) एक अंग्रेज युवती ने इटली में घड़ी खरीदी। इंग्लैण्ड आने पर मालूम हुआ उसे ठग लिया गया उसने...
- ठगने वाला अधिक घाटे में कैसे रहता है?... (८) सिद्ध कीजिये ‘‘दूसरों को धोखा देना अपने आपको धोखा देना है।’’ ९. बहादुरी कहाँ से प्रारम्भ होती है...
- डायोजिनीज हँसकर बोले-भाई मेरा नौकर मेरे बिना रहता है और मैं उसके बिना न रह पाऊँ यह शर्म की बात है न?... मुझे दासानुदास बनना स्वीकार नहीं। (५) शैतान का संन्यास लेना सबको आश्चर्यजनक लग रहा था उधर शैतान जी अ...
- डूबने वाले के साथ कौन अपनी कीमती सहायता डुबोना पसन्द करेगा?... ऐसे लोगों को हर दिशा में असहयोग ही मिलता है। यद्यपि इस संसार में उदार सहायता की कोई कमी नहीं है।अपने...
- डेढ़ चावल की खिचड़ी अलग से पकाते तो हैं, पर उसमें क्या किसी का पेट भरता है?... ढिंढोरा भर पिट जाता है। जिन्हें अपना ढिंढोरा पिटवाना ही अभीष्ट हो, वे चित्र-विचित्र योजनाएँ बनाते और...
- डॉक्टर बुद्धि, मैंने भी उनका पता नोट किया कि देखें आखिर होता क्या है?... सन् 1982 से 1991 तक वे बिल्कुल स्वस्थ रहे। कैंसर का कहीं अता-पता भी नहीं था।सूर्य की ओर देखकर समाधान...
- डॉक्टर साहब ने पूछा-‘‘पहले वाले दाँतो को सम्भालकर क्यों नहीं रखा?... मरीज ने कहा-‘‘पहले वाले दाँत मुफ्त के थे, उनका पैसा नहीं लगा था।’’ हमें अपने शरीर के किसी भाग को मुफ...
- डोरिस ने लिली को हृदय से लगाकर कहा-लिली जब तक हमारे हृदय में प्रेम है किसी और उपहार की चिन्ता क्यों करें?... वे गरीबी में भी प्रेम का सुख पाते हुए जिये। (१०) दिल्ली के युवक दम्पत्ति भरतकुमार एम. काम. और सुधा ब...
- ड्यूटी सौंपने वाली कौन है?... इस सन्दर्भ में थियोसोफिकल सोसायटी के विद्वानों का मानना है कि ऋषि तंत्र कुछ भी करने में समर्थ होता है...
- तंबाकू का सेवन अप्राकृतिक है?... कथाएँ —— (१) एक महात्मा ने जागीरदार को शराब न पीने का उपदेश दिया। जागीरदार बोला-शराब पीता हूँ किसी...
- तथा इनके लाभ प्राप्त करने की क्षमता किसमें है?... (३) गायत्री महामन्त्र की उपासना करके मनुष्य क्या लाभ प्राप्त कर सकता है? (४) गायत्री की प्रतिमा माता...
- तथा इसका तात्पर्य क्या है?... (८) नर से नारायण, पुरुष से पुरुषोत्तम, लघु से महान और आत्मा से परमात्मा किस तरह बन सकता है? (९) उपनय...
- तथा इससे क्या हानियाँ हैं?... (३) पर्दा प्रथा कहाँ से प्रारम्भ हुई? तथा उसके प्रचलित होने के कारण क्या हैं? (४) अपने यहाँ पर्दा प्...
- तथा इससे क्या हानियाँ होती हैं?... (५) क्या आवेशित व्यक्ति अपने स्वतः को भी पहुँचाता है? यरि हाँ तो किस तरह? (६) हमें अपना स्वभाव सन्तु...
- तथा उनसे निपटने का क्या रास्ता है?... (८) विद्वानों की पंक्ति में किस तरह बैठा जा सकता है? (१०) हमें अपना महत्त्व ज्ञात करने के लिए क्या क...
- तथा उसके प्रचलित होने के कारण क्या हैं?... (४) अपने यहाँ पर्दा प्रथा प्रचलन के कारणों पर प्रकाश डालिये? (५) नासमझ वर्ग के लोगों के दिमाग में क्...
- तथा उससे क्या हानियाँ होती हैं?... (२) मस्तिष्क को बुखार आ गया ऐसा हम कब कह सकते हैं।...
- तथा हमारी मनः-स्थिति उस समय किस तरह की होनी चाहिए?... (७) एक बार भोजन करने के बाद फिर भोजन कब और कैसे करना चाहिए? (८) भोजन किस तरह से किया जाना चाहिए? (९...
- तथा ‘माया’ के चंगुल में फँसा व्यक्ति किस प्रकार व्यतीत करता है?... (५) जीवन मिला है तो उसका लाभ किस प्रकार लेना चाहिए? (६) जन्म दिन से बढ़कर और कोई त्यौहार व्यक्तिगत जी...
- तनेजा जी से पूछा, ‘‘कैसी है हमारी बेटी, सब ठीक है न?... ’’
डॉ. तनेजा ने कहा कि सब कुछ ठीक है और डॉ. प्रणव जी की ओर मुखातिब होकर बोले, ‘‘आप कैसे कह रहे हैं...
- तब अधिक प्रखर बौद्ध धर्म को हिन्दू धर्म का एक अविच्छिन्न अंग मानने में किसी को आपत्ति भी क्या हो सकती थी?......
- तब इतने श्रेष्ठ साहित्य का सृजन कैसे सम्भव हुआ?... विचार करने पर यही तथ्य स्पष्ट होता है कि हमारे पूर्वज सामूहिक साधना करते थे। तादात्म्य की चरम सीमा म...
- तब क्या उन्हें ग्रह-नक्षत्रों का कोपभाजन ही बनता पड़ता होगा?... पिछले दो हजार वर्षों से हम बौद्धिक गुलामी के बेतरह शिकार हुए हैं। स्वतंत्र चिन्तन और विवेकशीलता को ह...
- तब गुरुजी बोले, ‘‘भावुक क्यों होती हो, क्या यह सच नहीं है?... ’’ माताजी बोलीं, ‘‘पर बच्चों के सामने क्यों...?’’ गुरुजी बोले, ‘‘आज नहीं तो कल, हमको जाना तो है ही।’...
- तब धर्म का स्वरूप अनर्थ के अतिरिक्त और क्या रह जायेगा?... फिर देवत्व की व्याख्या दयालुता के अर्थ में कौन करेगा?हो सकता है कि किसी माँसाहारी को अपने अभक्ष्य भो...
- तब नरमेध यज्ञ की व्यवस्था की गई लेकिन अपने शरीर की बलि कौन दे यह प्रश्न उठ खड़ा हुआ?... तभी एक युवक सामने आया और बोला लाखों लोग की रक्षा के लिये मुझे प्राण गँवाने पड़े तो इसे मैं अपने शरीर ...
- तब वे जो कहते हैं उसे करने में क्या नुकसान है?... यह सोचकर मन ही मन उनका ही कार्य निरन्तर करने का संकल्प ले लिया।
प्रज्ञावतार का अंश बनने की छूट देता...
- तब, क्या हो?... नौकरों की जेबें टटोली जाने लगीं और पैसा-धेला जो भी पल्ले पड़ता, उड़ा लिया जाता। बड़े सिगरेट पीकर फेंक द...
- तहसीलदार ने कहा-जहाँ बुद्धि बँट रही थी वहाँ?... कलेक्टर इस उत्तर से बहुत लज्जित हो गया। (२) एक सन्त के पास जाकर एक जिज्ञासु ने कहा-महात्मन् बुरे विचा...
- ताकि यदि मैं मार्ग भ्रष्ट हो रहा होऊँ तो सँभल जाऊँ?... तथास्तु कह कर विधि ने मनुष्य को धरती पर भेज दिया। पर यहाँ आकर मनुष्य इन्द्रिय भोगों में पड़ कर अपने ल...
- ताकि हम देख सकें कि हम सच्चे साथियों के रूप में परिवार का सृजन करते रहें अथवा शेखचिल्ली जैसी कल्पना के महल गढ़ते रहे?... इस परख में वस्तुस्थिति सामने आ जाएगी और हम अपने परिवार के साथ जोड़े हुए प्रश्नों की यथार्थता, निरर्थ...
- तारों के मन्द प्रकाश में इन सबकी आँखें पूर्ण सतर्कता से देख रही थीं; आखिर अब ये करते क्या हैं?... इनकी ओर से अनजान युधिष्ठिर उन मृतकों में घूम-घूम कर देखने लगे। कोई घायल तो नहीं है, कोई प्यासा तो नह...
- तीन दिन के इस छोटे से प्रदर्शन की उपयोगिता, आवश्यकता भी कुछ है क्या?... इसका विचार न करके लोग उन्माद में आवेशग्रस्त हो जाते हैं। उसे शान-शौकत की प्रतिष्ठा का, प्रश्न नाक का...
- तीन विशाल बौद्ध विहारों के भग्नावशेष भी वहाँ मौजूद हैं, जिनसे पता चलता है कि किसी समय वहाँ बौद्ध धर्म का कैसा वर्चस्व रहा होगा?... 'जीवित' विहार में विधिवत पूजा-उपासना होती है। इसमें कितनी ही स्वर्ण मंडित मूर्तियाँ स्थापित हैं। इनम...
- तीसरी बोली में एक व्यक्ति ने अपने घर का सारा सोना देते हुए कहा-नेताजी क्या हमारी पात्रता की परीक्षा धन से ही होगी?... नेताजी चौंके और बोले-तुम सच कहते हो, सबसे बड़ी शक्ति मनुष्य है, इसलिए उन्होंने धन माँगने की अपेक्षा ज...
- तुझे क्या मालूम?... तू बैठ।’’ इस प्रकार वे अपना काम स्वयं ही करते थे। किसी की सेवा लेने के लिये तैयार नहीं रहते थे।ऐसे ह...
- तुझे चील्हे बनाने हैं या तवे का अचार डालना है?... ’ बहिन को समझाकर ज्ञानेश्वर नंगी पीठ करके बैठ गये। उन योगिराज ने प्राणों का संयम करके शरीर में अग्नि...
- तुझे डॉक्टर के समकक्ष बना दिया जाय तो चलेगा?... ’’ मैं खुश होकर हामी भरकर घर चला गया तथा डॉक्टर के समकक्ष ‘फेमिली प्लानिंग’ ऑफिसर के पद के लिये अप्ल...
- तुझे तो किसी और काम के लिए भेजा गया है और तू कहाँ रुक गया?... इस रूप में तो एक बार में एक की ही नाड़ी पकड़ पाता है। पर तू तो एक बार में एक साथ हजारों का इलाज कर सकत...
- तुम अपना निर्णय स्वयं ही कर लो, क्या सेवा कार्यों में मुझे सहयोग प्रदान कर सकोगे?...
जिस व्यक्ति ने सेवा के अवसरों को खो दिया हो, वह भला क्या उत्तर देता?
२१. एकान्त नहीं मिला
आचार्य उप...
- तुम इनसे मिलकर आ रही हो, यह कैसे हो सकता है?... अभी कुछ दिन पहले ही तो इन्होंने अपना शरीर छोड़ा है। तुम जिससे मिलकर आ रही हो वह कोई और होगा। सुनकर मै...
- तुम इस कक्ष में एकान्त में क्या किया करते हो?... ’’ इनकी पूजा महाराज! उसने उत्तर दिया। कुदाली मुझे सदैव परिश्रम के प्रेरणा देती है और लाठी स्वजनों की...
- तुम कहाँ रहते हो/रहती हो?... ’’ इसके उत्तर में वह अपने नाम व रहने के स्थान का पहला अक्षर बतायेगा। ‘प्रश्न पूछने वाला खिलाड़ी’ उसका...
- तुम कहाँ रहते हो?... उसके उत्तर में वह खिलाड़ी उत्तर देगा/ देगी। मेरा नाम ‘को’ है मैं ‘आ’ पर रहती हूँ। यदि प्रश्न पूछने वा...
- तुम क्या कर रहे हो?... ’’ दुःख भरे स्वर में श्रुतिधर ने अपनी अब तक की सारी कथा सुनाई और कहा- ‘‘जिस सृष्टि में सर्वत्र अमंगल...
- तुम यहाँ क्यों बैठे हो?... बाहर जाकर खेलते क्यों नहीं? बच्चों की प्रतिभा पर यह कुठाराघात ही कहा जाएगा कि उनकी स्वाभाविक रुचि को...
- तुम लोग समझ सकते हो कि आचार्य जी कौन हैं?... ’’
आमी जानी, के बाबा के माँ
एक बार गुरुजी-माताजी रिक्शा में बैठ कर कहीं जा रहे थे। मेरे मन में आया...
- तुम वन मत जाओ?... राम ने उनका मोह तोड़ा और कहा कि सन्तान-सुख बड़ा नहीं है, कर्तव्य बड़ा है।
कृष्ण ने भी गोपियों का ...
- तुम सरकस देखने जाते हो तो टिकट देते हो न?... स्वर्ग देखने के लिये भी तुम्हें उसी प्रकार रुपये देने पड़ेंगे।’’
स्वप्न में लक्ष्मीनारायण सोचने लगा क...
- तुमने अपने जन्मदिन की पार्टी पर हमें तो बुलाया नहीं?... ऐसी बातों में बच्चा स्वाधीन नहीं होता, यह जानते हुए भी उसे शर्मिन्दा करना उचित नहीं।
४-बच्चा अगर...
- तुम्हारी कोई इच्छा है?... ’’ हमने कहा ‘‘नहीं गुरुजी, कोई इच्छा नहीं है।’’
अब हम पूरी तरह गुरुजी को समर्पित हो गये। जिससे हमा...
- तुम्हारे पुण्य तो नष्ट हो गये किन्तु इसके पुण्यों का लाभ आज भी धरती वाले ले रहे हैं क्या यह सबसे बड़ा पुण्य नहीं?... महात्मा सोचने लगे अब की पृथ्वी में जन्मा तो मैं वृक्षारोपण खूब करूँगा। (४) चिलांगा के किसान राल्फऐन्...
- तुम्हें मालूम है?... एक-एक पैसा जनता देती है। वह कितनी कठिनाई से कमाती है, फिर हमें भेजती है।’’
मैंने कहा गुरुजी, ‘‘हम ल...
- तुम्हें सन्तान नहीं है?... ’’ मैंने कहा, ‘‘नहीं गुरुजी।’’ तो पूछा, ‘‘तुम्हें कामना भी नहीं है।’’ मैं बोला, ‘‘नहीं गुरुजी, अब हम...
- तू अकेले वहाँ क्यों बैठ गयी थी?... ’’ तब उन्हें समझ में आया कि गुरुजी ने ही उन्हें विपत्ति से बचाया था। करेण्ट लगने पर जीवन रक्षागुना क...
- तू ऐसा सब क्यों सोचती रहती है?... ’’ मैं गुरुजी की बात सुनकर हक्की-बक्की रह गई। ‘‘गुुरुजी मन की बात भी पढ़ लेते हैं! मेरे हृदय की सब बा...
- तू कहाँ है?... -एक गोला बनाकर, उसमें दो बालकों को उनकी आँखें रूमाल से बाँधकर कर खड़ा करेंगे। इन दो में से एक (छूनेवा...
- तू कोई स्त्री है?... हूँ तो लड़का पर मुझे भी तो अच्छी स्त्री चाहिए। तिलक ने बच्चे को स्नेह से गले लगाते हुए कहा-बेटा स्त्र...
- तू क्यों घबराता है?... ’’ कहते हुए अपने चित्र में समा गये। उस दिन से गुरुवर के प्रति मेरी श्रद्धा और भी प्रगाढ़ हो गई।’’
ता...
- तू क्यों चली आई?... क्या मैं बच्चा हूँ, जो तू लेने चली आई? अगले दिन 27 तारीख को हम लोग वल्लभगढ़ के लिये रवाना हुए। गुरुजी...
- तू जाकर बोल कि यदि तुम दक्षिण भारत की लड़की स्वीकार नहीं करते तो फिर माँ को दक्षिण भारतीय साड़ी क्यों पहनने देते हो?... वहाँ के चावल और लौंग इलाइची भी खाना बन्द कर दो।’’ बहू को स्वीकृति मिल गई।एक दिन चिन्मय ने माताजी (अपन...
- तू तो भीख माँगकर खाती है, दूसरों को क्या खिलाएगी?... सुप्रिया ने कहा-हाँ मैं आज से इन पीड़ितों के लिए घर-घर जाकर भीख माँगकर लाऊँगी, पर किसी को मरने नहीं ...
- तू मेरी लड़की को छोड़कर आया कैसे?... उसे तुरन्त लेकर आ।’’
उन्होंंने नीचे माताजी को प्रणाम किया और सब बात बताई। माताजी ने कहा, ‘‘गुरुजी ने...
- तूने क्या कहा?... वहाँ कौन थे? फिर क्या हुआ?' आपके ऐसे प्रश्न बच्चे को दूसरे की बातों में दखल देने की प्रेरणा देते हैं...
- तेज बहती हुई नदी के बीच धार में तुम्हें खड़ा कर दिया जाए और पूछा जाए कि पानी के कितने और कौन से परमाणु तुम्हारे हैं, तब क्या उत्तर दोगे?... विचार करोगे कि पानी की धारा बराबर बह रही है। पानी के जो परमाणु इस समय मेरे शरीर को छू रहे हैं, पलक म...
- तेरे घर क्या है?... ’’ कहते हुए गुरुजी उनके घर की ओर बढ़ गए। वे चुप रह गए। कैसे कहें? इच्छा तो बहुत थी कि गुरुवर मेरे घर ...
- तेरे जन्म दिन के पूजन की तैयारी?... जन्म दिन के पूजन का क्या मतलब है माँ बच्चे ने पूछा। माँ बोली-बेटा आज से तू एक वर्ष और बूढ़ा हो गया आ...
- तेरे पास पैसे कितने हैं?... ’’ यतीन्द्र बोला, डेढ़-दो हजार रुपये हैं।’’ गुरुजी एक कहानी सुनाने लगे, ‘‘एक जाट मेले में खाट बेचने आ...
- तेरे ससुर की तबीयत कैसी है?... ’’
मैंने कहा, ‘‘माताजी तबीयत तो ठीक है, पर परहेज नहीं करते, सो डर लगता है।’’
तब माताजी ने कहा, ‘‘छ...
- तैमूर अभिमान में आकर बोला-अच्छा बताओ मेरी कीमत क्या होगी?... इस पर अहमदी हँसे और बोले-दो टके! तैमूर आग बबूला हो उठा तो अहमदी ने स्पष्ट किया-जो अपनी ही बुराइयों क...
- तैमूर ने कहा-जो जाति इस तरह विभक्त हो, उसे जीतना क्या कठिन है?... उसी समय हमला बोल दिया और पेशवा की सेना जीत ली गई।* किसी ने बिनोवा जी से पूछा-आप महाराष्ट्रीय ब्राह्म...
- तो क्या हुआ आपका मतलब यह है कि मैं अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए सामाजिक हित का परित्याग कर दूँ?... उन अध्यापक ने कहा।...
- तो बोले बेटा चलता है बच्चे नहीं समझते हैं क्या करें?... तो किस प्रकार वह बड़ी बड़ी गल्तियों को भी एक हँसी में टाल देते थे। उनके मन में यह भाव ही नहीं था कि हम...
- तो मैंने सोचा क्या करूँ?... लेटे-लेटे मैंने दो-चार साल की भविष्य की योजना ही बना डाली। देखो, कागज पर नोट कर दी है। उस योजना को ब...
- तो स्वामी जी बोले-बन्धु यह सारा संसार ही मेरी पाठशाला है बताइये इसमें कहाँ पुस्तक रखूँ?... ? कहाँ पढूँ? (५) क्लंग-क्लंग घाटी पर एक सौ अंग्रेजों का मुकाबला आजाद हिंद सेना के कुल ३ जवान कर रहे ...
- त्रेता की बातें गुरुदेव को कैसे मालूम?...
8 जनवरी सन् 1981 के प्रथम मिलन के बाद मैं लगातार पूज्यवर के सम्पर्क में रहा। अखण्ड ज्योति पढ़ता व प...
- थके हारे आये और गुरुजी से पूछ ही लिया-‘‘ वहाँ तो देखने के लिये कुछ भी नहीं था पर आपने वहाँ क्यों भेजा?... ’’ गुरुजी ने उत्तर दिया-‘‘25 साल बाद वहाँ भव्य मन्दिर बनेगा।’’ आज उसी स्थान पर भव्य ‘श्रीकृष्ण जन्म भ...
- था तो मन का भीतरी असमंजस, पर गुरुदेव ने उसे बिना कहे ही समझ लिया और कन्धे पर हाथ रखकर पूछा—‘‘तुझे क्या जरूरत पड़ गई सिद्ध पुरुषों की?... ऋषियों के सूक्ष्म शरीरों के दर्शन एवं हमसे मन नहीं भरा?’’ अपने मन में अविश्वास जैसी बात, कोई दूसरा ख...
- थानेदार ने कहा-यदि हमारे देश में सभी ऐसे हो जायें तो यह अपराध ही क्यों हों?... (५४) प्रौढ़ शिक्षा युग की अनुपेक्षणीय माँग प्रश्न —— (१) साहित्य द्वारा होने वाले लोगों पर प्रकाश ...
- दस वर्ष में 730 पुस्तकें पढ़ने वाले व्यक्ति के ज्ञान का विचार-स्तर कैसा होगा?... इसके बारे में पाठक स्वयं ही अन्दाज लगा सकते हैं। अतः समय को मामूली न समझें। नियमित रूप से कोई भी काम...
- दहेज से बचने के लिए क्या किया जाय?... (९) युग-निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध में किये जाने वाले कार्यों पर प्रकाश डालिए? आततायी उद्दण्डता...
- दहेज से बचने के लिये क्या किया जाय?... (९) युग निर्माण योजना द्वारा इस सम्बन्ध में किये जाने वाले कार्यों पर प्रकरण डालिये? कथाएँ —— (१) क...
- दाल बाटी चूरमा?... ’’ और पिता जी ने उन्हें दाल-बाटी पर एक कविता सुनाई।
कविता सुनने के बाद माताजी ने कहा, ‘‘बेटा! कल मै...
- दिमाग सरक गया है क्या?... जो तुम अपनी जमी जमायी फैक्टरी बन्द कर रहे हो।’’ लेकिन मेरी अन्तर्स्थिति को कोई कहाँ समझ सकता था?
फ...
- दीन-दुखियों का रक्त चूसकर यदि अपना पेट बढ़ा लिया तो यह क्या बड़ी सफलता हुई?... आपके अमीर बनने से यदि दूसरे अनेक व्यक्ति गरीब बन रहे हों, आपके व्यापार से दूसरों के जीवन पतित हो रहे...
- दुर्गा की उत्पत्ति कैसे हुईं?... ६. पूजा में प्रयुक्त होने वाले ‘पुष्प’ क्या शिक्षा देते हैं। ७. चन्दन एवं प्रसाद का क्या महत्त्व है?...
- दुर्गुणी व्यक्ति तथा सद्गुणी व्यक्ति किस प्रकार भिन्न कहे जा सकते हैं?... (३) उठती आयु में हमें सद्गुणों के साथ-साथ और किन-किन गुणों को हस्तगत करना चाहिए? (४) सद्गुणों और अन...
- दुर्बल शरीरों के लिए यह भार आखिर क्या परिणाम उत्पन्न कर सकता है?... यह स्पष्टतः एक हत्या-काण्डों की शृंखला है। जो जिस वजन को उठाने में असमर्थ है उसके ऊपर लादते ही चले ज...
- दूध में उतनी पानी मिला दो?... जापानी ने कहा-महादेव हम उद्योग करते हैं धोखा नहीं देते? चीनी बहुत घबराये और समझ गये कि उद्योगी को ईम...
- दूसरी ओर रूस, ब्रिटेन, जापान और अमेरिका आदि समृद्ध देशों के नागरिकों के कठोर श्रम में भारी अभिरुचि लेने की प्रवृत्ति को देखते हैं तो सहज ही यह पता चल जाता है कि उनकी समृद्धियों और सफलताओं का कारण क्या है?... हालैण्ड, डेनमार्क, यूगोस्लाविया आदि कितने ही देशों की समृद्धि वहाँ के महिला वर्ग की श्रमशीलता पर ही ...
- दूसरे जिस स्थिति में हैं, उस स्थिति में हम होते तो कैसी इच्छा करते?... यह सोचकर उदार दृष्टि से उनके साथ व्यवहार करना चाहिए और मतभेदों को संघर्ष का कारण न बनाकर जितने अंशों...
- दूसरे पर होने वाले अत्याचार का प्रतिरोध हम न करेंगे तो कोई हमारी सहायता के लिए क्यों आयेगा?... यह सोचकर व्यक्तिगत सुरक्षा की इस चपेट में अपने को भी चोट लगे, आर्थिक तथा दूसरे प्रकार की क्षति उठानी...
- दूसरे पर होने वाले अत्याचार का प्रतिरोध हम न करेंगे तो हमारी सहायता के लिए क्यों आएगा?... यह सोचकर व्यक्तिगत सुरक्षा की इस चपेट में अपने को भी चोट लगे, आर्थिक तथा दूसरे प्रकार की क्षति उठानी...
- दूसरे लोग किसी कुपात्र को सहायता क्यों दें?... जब उसे किसी ओर से समुचित सहयोग नहीं मिलता तो खिन्न और क्रुद्ध हो कर दूसरों पर दोषारोपण करता है और लड...
- दूसरों को सुधारना कठिन हो सकता है, पर अपने को क्यों नहीं सुधारा जा सकेगा?... विचारों की पूँजी का अभाव ही सारी मानसिक कठिनाइयों का कारण है। विवेक का अन्तःकरण में प्रादुर्भाव होते ...
- दूसरों पर अन्याय और अत्याचार कैसे कर सकेगा?... किसी की बेईमानी करने, किसी को तिरस्कृत, लांछित और जलील करने की बात कैसे सोचेगा?...
- दृश्य रूप में हम भले ही सबके समक्ष रहे हों, हमारा अन्तःकरण जानता है कि यह सब कराने वाली सत्ता कौन है?... फिर इसमें हमारा सुझाव कैसा, सलाह कैसी। परिस्थितियों के सन्दर्भ में आपका जो भी निर्देश होगा, वह करेंग...
- देख के नहीं उतरा जाता क्या?... समय देखकर ही उतरा-चढ़ा करो बेटा।’’
मुझे लगा मैंने पत्र तो डाला नहीं पर पूज्यवर को कैसे मालूम? मुझे ...
- देखती हूँ, कैसे नुक्सान करता है?... ’’ और वास्तव में उन्हें कुछ नहीं हुआ।
प्राण प्रत्यावर्तन शिविर में आखिरी दिन सबको पूड़ी-कचौड़ी खिलाती...
- देखते समय चैनल के बारे में छोटों/बड़ों के साथ आपका मतभेद होने पर?...
उत्तर- बड़ों का सम्मान रखते हुए/छोटों से स्नेह करते हुए हम त्याग करेंगे। विचार करेंगे कि टी.वी. भूत ...
- देखते ही गुरुजी ने कहा, ‘‘रिजर्वेशन मिल गया?... और बुखार भी उतर गया न?’’ मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘गुरुजी आप कहाँ पर थे?’’ पर फिर तुरन्त ही मन में सोचा...
- देखना इतना भर है कि इस परिवर्तन काल में युग शिल्पी की भूमिका संपादन करने के लिए श्रेय कौन पाता है?... किसके कदम समय रहते श्रेय पथ पर आगे बढ़ते हैं। — अखण्ड ज्योति, सितम्बर १९८८, पृष्ठ ६११३. पुनर्गठन का ...
- देने के लिये?... हाँ, देने लायक जो है वो दूँगा, साहस दूँगा, धैर्य दूँगा।’’ वास्तव में मैंने देखा, मेरे पास हिम्मत बहु...
- देवता यदि माँस लोलुप हैं, हत्या देखकर प्रसन्न होते हैं करुणा का परित्याग कर नृशंस आचरण करने की प्रेरणा करते हैं-तो उनमें और असुर में क्या अन्तर रहा?... यदि ऐसा ही सच होता तो फिर देव और असुर की परख करना असम्भव ही हो जाता।मध्यकालीन मूढ़ता और बौद्धिक विकृत...
- देवत्व की दिशा में चलने की अपेक्षा हम कहीं असुरत्व को तो आमन्त्रित नहीं कर रहे हैं?... मध्यकालीन अन्धकार युग में इस देश में अनेक प्रकार की मूढ़ताओं का उद्भव हुआ है। उसने धर्म-क्षेत्र को भी...
- देश के लिए हमने क्या किया?... कितने कष्ट सहे, सौंपे गए कार्यों को कितनी खूबी से निभाया इसकी चर्चा यहाँ करना सर्वथा अप्रासंगिक होगा...
- देश, धर्म, समाज और संस्कृति की सेवा के पुनीत कर्तव्य की उपेक्षा तो नहीं करते?... (३) अपने विचारधारा एवं गतिविधियों को हमने अन्धानुकरण के आधार पर बनाया है या विवेक, दूरदर्शिता एवं आदर...
- दैवी प्रकोपों का कुचक्र जब मानवीय प्रगति प्रयत्नों को मटियामेट कर सकता है, तो दैवी अनुग्रह से अनुकूलता क्यों उत्पन्न न होगी?... बाढ़, भूकम्प, दुर्भिक्ष, महामारी, अतिवृष्टि, ईति-भीति आदि विनाशकारी घटनाक्रम दैवी प्रकोप से ही उत्पन्...
- दो फोन पहले से कैसे आ गए?...
ऊपर पहुँचा। देखते ही गुरुजी ने कहा, ‘‘रिजर्वेशन मिल गया? और बुखार भी उतर गया न?’’ मैंने गुरुजी से ...
- दोनों भागे दूर जाकर रुके तब पहले लड़के ने पूछा-कहाँ था खेत का मालिक?... दूसरे लड़के ने कहा भाई भगवान सारे संसार का मालिक है वह तो हर जगह है, उस खेत में हम लोगों को चोरी करते...
- द्रौपदी हो हँसते देख पितामह ने पूछा-तात असमय हँसने का कारण क्या है?... द्रौपदी बोली-पितामह क्षमा करें आज तो आप इतने ज्ञान की बातें कर रहे हैं एक दिन कौरवों की सभा में मेर...
- धन क्यों निन्दनीय है?... ६. कायर किसे कहा जाना चाहिए? ७. ठगने वाला अधिक घाटे में कैसे रहता है? (८) सिद्ध कीजिये ‘‘दूसरों को ...
- धन पाकर हम लोग धन की उपासना में लग जायेंगे फिर ज्ञान जैसी अमूल्य सम्पत्ति का आदर कौन करेगा?... राजा ने उन्हें प्रणाम किया और यह कह कर कि ‘‘तुम जैसे ब्राह्मणों से ही यह देश धन्य है—’’ वापस लौट आया...
- धन, पद, इंद्रिय सुख, प्रशंसा, स्वास्थ्य आदि कौन नहीं चाहता?... वासना और तृष्णा की पूर्ति में कौन व्याकुल नहीं हैं? पेट और प्रजनन के लिए किसका चिन्तन नियोजित नहीं है...
- धर्म का प्रथम आधार क्या है?... उसकी पृष्ठभूमि बतायें? ३. ईश्वर के सामने हमारी चतुरता क्यों नहीं चल सकती? ४. आस्तिकता को ही धर्म का ...
- धोबी तरुणकर कैसा है?... ’’ सुनकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। हम कभी पहले मिले नहीं और नाम लेकर पुकार रहे हैं! साथ ही पत्रिका देने...
- न मिलने की बात कहाँ बन पड़ी?... मात्र कार्यशैली में ही राई रत्ती परिवर्तन हुआ। मिलने-जुलने वालों का वर्ग एवं विषय भर बदला। ऐसी दशा म...
- नन्दिनी का दूध तो अमरत्व के लिये है, इसलिये उससे अपना कोई प्रयोजन भी तो सिद्ध नहीं होता?... ’’ प्रभास ने अपनी धर्म-पत्नी को सब प्रकार से समझाया। पर वे नहीं मानीं। उन्होंने कहा-‘‘ऐसा मैं अपने ल...
- नन्ही सी बालिका एक नन्हा सा कीड़ा लेकर आई बोली-पिताजी इसका क्या नाम है?... उन सज्जन को उस मकोड़े के नाम का ही नहीं पता था। उसे अपने शिक्षा के अहंकार पर बड़ी ग्लानि हुई। (२) एक ...
- नरेन्द्र सिंह ने चिट्ठी नहीं दी?... उन्हें तकलीफ हुई! आदि बातें मेरे मन को मथने लगीं। इधर घर आने पर पता चला कि नरेन्द्र सिंह जी को चौथे ...
- नव निर्माण का सुधारात्मक अभियान गतिशील बनाने में मिलने वाले विरोध और तिरस्कार को सहने के लिए आगे कौन आए?... इसके लिए प्रखर मनोबल और प्रचंड साहस की आवश्यकता होती है। इसे एक दुर्भाग्य ही कहना चाहिए कि मूर्धन्य ...
- नवयुग-प्रज्ञायुग का स्वरूप क्या होगा?......
- नशा निवारण और भ्रष्टाचार उन्मूलन के काम करने वाले संगठन कितने सफल हो रहे हैं?... यह उन्हीं से उन्हीं के मुँह-से कच्चा चिट्ठा पूछकर भली-भाँति जाना जा सकता है। धर्मोपदेशक और कथा कीर्त...
- नहीं तो इसके लिये क्या किया जाय?... (५) क्या यह ठीक है कि हमें सब कोई पर विश्वास करना ही चाहिए? नहीं तो क्यों? (६) इस समय देवत्व से असु...
- नहीं तो क्यों?... (६) इस समय देवत्व से असुरता का, सज्जनता से दुर्जनता का पलड़ा क्यों भारी है? (७) मित्रों के रूप में शत...
- नारद ने रत्नाकर से कहा कि तुम यह पाप क्यों करते हो?... चूँकि वे उच्च एवं निर्विकार विचारधारा वाले थे इसलिए रत्नाकर डाकू पर उनका प्रभाव पड़ा, अन्यथा भय के का...
- नासिका माँस-मदिरा जैसे अभक्ष्यों की दुर्गन्ध को सहन क्यों करे?... नासिका की स्वाभाविक प्रीति स्वच्छता और सात्विकता को पसन्द करने में है। अच्छा हो हमारी नासिका सही पथ ...
- निन्दा, चुगली मे रस न लें, बहुत कुछ आवश्यक तथ्य सुनने के लिए शेष हैं, उन्हीं के लिए प्रवृत्ति क्यों न मोड़ी जाये?... नासिका माँस-मदिरा जैसे अभक्ष्यों की दुर्गन्ध को सहन क्यों करे? नासिका की स्वाभाविक प्रीति स्वच्छता औ...
- निर्जन स्थान में, जहाँ व्यवहार के लिए और कोई है ही नहीं, सिवाय ईश्वर के, वहाँ कोई भी व्यक्ति क्या आदर्श आचरण करेगा और क्या मक्कारी-बदमाशी करेगा?... उपासना का समूह सन्दर्भ में ही कोई अर्थ और प्रयोजन हो सकता है।
जहाँ तक परम्परा की बात है, यह स्पष्ट देख...
- निष्कलंक प्रभु ने पूछा-पिताजी ‘‘यज्ञोपवीत संस्कार’’ क्या होता है?... पिता बोले-वत्स जन्म से सभी शूद्र होते हैं किन्तु जब वही शूद्र कुछ संकल्प व व्रत लेकर उद्देश्यपूर्ण ज...
- नेतृत्व किसने किया और श्रेय किसे मिला?... यह आवश्यकता अनुभव हुई कि प्रतिगामी परिस्थितियों को बदला जाए। भारत के प्राचीन वर्चस्व और कर्तृत्व का ...
- पंक्ति के पहले बच्चे को बुलाकर पूछिये कि उसने किस चित्र का प्रारम्भ किया था?... उसके बताने पर चित्र सभी बच्चों को दिखाइए। प्रायः चित्र कुछ और ही बन जाता है। जैसे मन्दिर का चित्र पह...
- पक्षपात और भ्रष्टाचार को कहाँ प्रश्रय नहीं मिल रहा है?... ऐसी दशा में हर विचारशील की आँखों के आगे अँधेरा छाता है और लगता है कि बुरे दिन तेजी से बढ़ते आ रहे हैं...
- पक्षी और पेड़-एक खिलाड़ी घेरे में खड़े हुए खिलाड़ियों में से किसी एक खिलाड़ी से पूछेगा ‘‘तुम्हारा क्या नाम है?... तुम कहाँ रहते हो/रहती हो?’’ इसके उत्तर में वह अपने नाम व रहने के स्थान का पहला अक्षर बतायेगा। ‘प्रश्...
- पण्डित लोग पूजा-पाठ का क्रिया-कृत्य तो बहुत करते थे पर यह नहीं बताते थे कि इस प्रक्रिया का तात्पर्य एवं प्रयोजन क्या है?... सामूहिक आयोजनों में व्याख्या-विवेचन द्वारा यज्ञोपवीत की उपयोगिता भी सर्व-साधारण को समझाई जा सकती है ...
- पतझड़ ग्रस्त पेड़-पौधों को पुष्प-पल्लवों से लादने में मानवीय प्रयत्नों की पहुँच कहाँ तक हो सकती है?... सूखी जमीन को हरा-भरा बनाने में सिंचाई के प्रयत्न कितने क्षेत्र में सफल हो सकते हैं। इसका अनुमान सहज ...
- पति को प्रसन्न रखने, उसके कार्यों में हाथ बटाने और बोझ हल्का करने के सम्बन्ध में उसे कुछ ज्ञान ही न होगा, कुछ सीखा, जाना ही न होगा तो बेचारी करेगी भी क्या?... बच्चों का प्रजनन तो हर योनि की मादा कर सकती है, पर उनका निर्माण और विकास करना माता का काम है। माता क...
- पतिदेव की अनुपस्थिति में सब व्यवस्था कैसे होगी?... मुझे यह चिन्ता सताये जा रही थी। एक रात हम दोनों ने स्वप्न में देखा कि एक श्वेताम्बर महिला हमारे आँगन ...
- पत्नी भी हैरान हुईं कि फिर वह महिला कौन थीं?... और इतनी देख−भाल इतनी देख−भाल तो कोई अपने सगे रिश्तेदार भी नहीं करते।
फिर जब उन कार्यकर्ता ने देवस्...
- पत्नी से कहा पता नहीं कब माहौल अनुकूल बनेगा?... मेरा विचलन देखकर पत्नी बहुत आक्रोशित हुई और बोली, ‘‘खबरदार, जो फिर ऐसी बात कही। जो होगा देखा जायेगा।...
- पत्नी, रोकने के बावजूद जबर्दस्ती कमरे में आकुल-व्याकुल होती हुई आईं और पूछा, ‘‘क्या हो गया इन्हें?... कैसे हैं? और वह माताजी, जो अभी-अभी कमरे में आई थीं कहाँ गईं?’’
डॉक्टरों ने कहा, ‘‘हाँ एक शुभ्रवस्त्...
- पब्लिक को कैसे समझायें?... मेरे तो जैसे प्राण ही निकले जा रहे थे। अब मैं मन ही मन कभी भगवान से तो कभी गुरुजी से अनुनय-विनय करने...
- पर अब क्या हो?... कौन करे? किस बलबूते पर करे? राजकुमारी की आँखों से आँसू टपकने पर और कहने पर कि ‘‘को वेदान् उद्धरस्यसि...
- पर अहंता को चैन कहाँ?... वह सारी प्रशंसा, सारा बड़प्पन सारे, अधिकार अपने ही हाथ में रखना चाहती है। दूसरे की साझेदारी उसे सहन ...
- पर इस व्यवहार से अब हम खाना खाने कैसे जायें?... ’’
माताजी ने भारती अम्मा और सोमा अम्मा को बुलाया और उक्त व्यवहार के लिये डाँट लगाई। फिर आगे से किसी...
- पर इसका प्रभाव तो इस कसौटी पर आँका जायेगा कि अध्यात्मवाद के सिद्धान्तों और आदर्शों को किस सीमा तक हमारी विचारणा, आस्था और कार्य-पद्धति में कितना स्थान मिला?... शरीर और मन को सुख देने वाली तृष्णाओं से कन को मोड़कर उन्हें आत्मकल्याण के प्रयोजनों में किस सीमा तक ल...
- पर ऐसे पुण्य कर्मों से ही, कौन मनुष्य अपने उद्देश्य तक पहुँच सकता है?... यज्ञ, तप, ज्ञान, सांसारिक धर्म में लोक-जीवन और समाज-व्यवस्था के लिए उन्हें करते रहना धर्म है,। पर इस...
- पर कहे कौन किससे?... ज्ञान-वैराग्य की कथा कहते रहने वाले ही जब श्रोता-भक्तजनों से भी अधिक गए-गुजरे सिद्ध होते हों, तो ‘‘स...
- पर केवल गुरुदेव को निमंत्रण कैसे दें?... सबकी व्यवस्था कर पाना उनके लिये सम्भव नहीं था। पर महाकाल से कुछ छिपा रहता है भला।
पूज्यवर ने उद्घाटन...
- पर गुरुदेव से कहे कौन?... गुरुजी से कहने की किसी की हिम्मत नहीं पड़ रही थी? सभी आपस में काना-फूसी कर रहे थे।
आखिर में श्री सत्...
- पर जहाँ दूसरों की सुविधा की बात कभी ध्यान में ही आती न हो, वहाँ ऐसा विचार करने का कष्ट कौन उठाये?... नारंगी आदि के छिलके लोग यों ही फेंकते रहते हैं और आये दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।कितने ही लोग गाय ...
- पर जाएँ तो जाएँ कैसे?... घर के चारों ओर तो सादे वेश में पुलिस के आदमी मँडराते रहते थे। ऐसी परिस्थिति में उनकी एक छोटी-सी भतीज...
- पर पहले ही महीने ५०) खर्च करके जब उनने ४५०) बचाकर उन्हें शिक्षा प्रसार कार्यों के लिये दे दिया तो एक अँगरेज ने पूछा वेतन आपकी सुख-सुविधा के लिये मिलता है फिर अपने लिये इतना कम खर्च क्यों?... ईश्वरचंद्र विद्यासागर बोले महाशय! यह सारा समाज ही मेरा घर है। मुझे यार है मैंने कितने कष्ट उठाकर विद...
- पर पास में पैसे दोनों में से किसी के नहीं थे अब क्या हो?... पति बाजार गया और घड़ी बेचकर हाथी दाँत का कंघा खरीद लिया। मेरी पत्नी गई तो उसने अपने बाल कटवा दिये और ...
- पर फिर सोचा कि अब तो बैठ ही गए हैं, अब क्या करें?... बैठे रहते हैं। वे दोनों कुछ देर तक आपस में इशारा कर मुस्कुराती रहीं, फिर अचानक भारती अम्मा उठीं और ह...
- पर बने कैसे?... जबकि सबको अधिक कमाने की, हाथों-हाथ सुविधा समेटने की पड़ी है। प्रतिभाएँ विदेशों को-पूँजीवादी राष्ट्रों...
- पर भक्तों की इच्छा का मान रखने वाले भक्त वत्सल, वे भला कैसे मना कर सकते थे?... कार्यक्रम के पश्चात् जैसे ही मैं गुरुदेव से मिलने पहुँची, गुरुदेव हमें देखते ही बोले बेटा! तू क्यों ...
- पर मेरे लिये आज भी यह रहस्य और आश्चर्य ही बना है कि माताजी ने हजारों की भीड़ और हजारों आभूषणों में से भी मेरे आभूषण कैसे पहचाने और कहाँ सँभाल कर रखे थे?... जितने आभूषण दिये थे उतने ही थे, न एक कम न ज़्यादा। सच में हमारे पूज्य गुरुदेव और वन्दनीया माताजी त्रि...
- पर यदि धर्माचार्य और विचार शील लोग भी पक्षपात करें तब?... तब मैं अपने विवेक से ही न्याय करूँगा मअद ने उत्तर दिया। राज पुरोहित ने ताजपोशी करते हुए कहा-राजकुमार...
- पर वह क्या दे?... ’’
‘‘वह तो एक नौकरानी है। बहुत कम कमाती है। जो कमाती है वह सब खर्च भी हो जाता है। उसके पास कुछ बचत भ...
- पर स्वयं सेवक ने आगे बढ़कर कहा-श्रीमान् मेरे कार्य में यदि स्वागत समिति के सदस्य ही रोड़ा अटकाएँगे तो फिर मैं अपना कर्तव्य कैसे निभा सकूँगा?... भेदभाव की नीति मुझसे नहीं बरती जायेगी। उस स्वयं सेवक की कर्तव्य निष्ठा, साहस और निर्भीकता से रानाडे ...
- परन्तु गुरुदेव ने हमारे चारों ओर सुरक्षा चक्र बना दिया था, तो भला मृत्यु कैसे पास फटकती?...
हम दोनों को अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 28 दिन तक वहाँ भर्ती रहे। पत्नी और मेरे, दोनों के ...
- परन्तु समस्या यह थी कि गुरुजी से कहे कौन?... वह तो तैयार नहीं होंगे।
योजना बनाई गई कि गुरुजी को बरामदे में ले जाकर बातचीत में व्यस्त कर लेंगे। इ...
- परमात्मा समदर्शी और न्यायकारी है, उसे अपने सब पुत्र समान रूप से प्रिय हैं, फिर वह किसी का भाग्य अच्छा, किसी का बुरा लिखने का अन्याय या पक्षपात क्यों करेगा?... उसने अपने हर बालक को भले या बुरे कर्म करने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की है, पर साथ ही यह भी बता दिय...
- परिचय के दौरान पूछा-‘‘दो बेटियाँ हैं?... ’’ थोड़ी देर चुप रहे फिर कहा, ‘‘अब की बेटा होगा।’’ इसके तीन वर्ष बाद पुत्र हुआ। वह जब छह माह का था तब...
- परिवार का भावी उत्तराधिकारी टूटकर अलग हो जाए तो पिता के बूढ़ा होने पर उस धुरी को कौन धारण करेगा?... कौटुम्बिक कार-व्यापार को कौन सँभालेगा? पिता-पुत्र में अन्तर होते ही लोग बीच में आकर स्थान बनाने का प...
- परीक्षा का एक प्रश्न-पत्र यह था कि सुनसान का—अकेलेपन का डर लगता है क्या?... कुछ ही दिनों में दिल मजबूत हो गया और उस क्षेत्र में रहने वाले प्राणी अपने लगने लगे। डर न जाने कहाँ च...
- परीक्षा के दिन घर में मेहमान आ जाने पर?...
उत्तर- हम उनका खुशी से स्वागत करेंगे। फिर उन्हें बड़ों के भरोसे छोड़ अपनी परीक्षा की तैयारी करेंगे। स...
- परीक्षा भवन में किसी बच्चे को नकल करते देखने पर?...
उत्तर - उस पर दया आयेगी। भविष्य के लिए हम अपनी पढ़ाई को और भी सुव्यवस्थित एवं नियमित करेंगे ताकि स्व...
- परीक्षा में नंबर कम आने पर?...
उत्तर- आगे से पूरी मेहनत से पढ़ाई करने का संकल्प लेंगे। किसी अन्य को दोष न देंगे। अपने में रही कमियो...
- परोक्ष का प्रत्यक्ष लेखा-जोखा किस प्रकार सम्भव हो?... [वे लिखते हैं कि विशेष समय में उन्हें विशेष ड्यूटी सौंपी गई है। ड्यूटी सौंपने वाली कौन है? इस सन्दर्भ...
- परोक्ष का प्रत्यक्ष लेखा-जोखा किस प्रकार सम्भव हो?... युग सन्धि की वेला में अभी पन्द्रह वर्ष और रह जाते है। इस अवधि में गतिचक्र और भी तेजी से भ्रमण करेगा।...
- परोक्ष व्यंग, उपहास अपने साथ जो गहरी अवज्ञा छिपाये रहते हैं?... उससे लोकसेवक, विदूषक स्तर का बनकर रह जाता है। इस दुर्मति जन्य दुर्गति का यदि पूर्वाभास रहे, तो लोक स...
- परोसने वाले ने पूछा-आप क्यों नहीं खाते?... इस उप उन्होंने उत्तर दिया-मेरा पेट कोई कब्रिस्तान नहीं है। आखिर उन्हें दूध फल और सब्जी दी, तब उन्हों...
- पहले यह भी सोचा है कि तेरे इस पेट को भरेगा कौन?... चितेरा ही बनना है, तो पहले अपने इस पेट को भरने का उपाय कर फिर अपनी कलाकारी दिखाना अन्यथा निकल जा इस ...
- पहले वृक्ष ने पूछा-अब क्या बात हो गई?... इस पर दूसरा वृक्ष बोला-फूट पड़ गई देखते नहीं अपने ही शरीर का अंग इन कुल्हाड़ियों का बेंट बन गया। फूट ...
- पाँचवाँ वर्ग-अनेकों ने अध्यात्म की सजीव प्रतिमा के रूप में हमें समझा है और उस तत्त्वज्ञान को अपनाये जाने का वास्तविक स्वरूप क्या हो सकता है?... उसे समझने-समझाने के लिए एक जीवन्त उदाहरण सामने पाया है।...
- पान वाले से पूछा, ‘‘वह लड़का कहाँ गया?... ’’ वह बोला, ‘‘बाबूजी, मैंने भी नहीं देखा। मैं तो आपके पैर की तरफ देख रहा था।’’ अन्तर्यामी अपना काम कर...
- पारद को फूँककर मैं अलौकिक औषधियाँ बना सकता हूँ और तुम सबकी विद्या खरीद लेने जितना अर्थ उपार्जन कर सकता हूँ, तब फिर बोलो, मेरी विद्या श्रेष्ठ हुई या नहीं?...
श्रेष्ठता सिद्धि के अखाड़े के चारों, प्रतिद्वन्द्वियों में से किसी को भी हार न मानते देख सम्राट ब्रह...
- पास ही खड़े एक विश्वास पात्र ने पूछा-सेठ जी अपने जीवन भर धर्म किया हजारों मन्दिर बनवाये आपको तो प्रसन्न होना चाहिए दुःख क्यों कर रहे हो?... बिरला जी आँसुओं के बीच बोले-मैंने मन्दिर बनवाये पर उनमें जन-जागरण की प्रवृत्तियाँ न चल सकीं मुझे इसी ...
- पास ही बैठकर सोचने लगा कि अचानक ये क्या हो गया?... अब मैं क्या करूँ? मैं गायत्री मंत्र जपने लगा और गुरुजी को याद करने लगा। तभी मन में प्रेरणा हुई कि पी...
- पिता ने पूछा-फल कहाँ है?... लड़के ने सारी बात सच-सच बता दी। पिता बोला-बेटा तूने तो अमरफल ला दिया। यही लड़का सन्त रंगदास के नाम से प...
- पिता मरने लगा तो उसे एक ही चिन्ता थी कि इन आलसी बेटों का पालन कौन करेगा?... आखिर उसे एक उपाय सूझा। उसने चारों लड़कों को बुला कर कहा-उस खेत में मैंने धन गाड़ रखा है। खोदकर निकाल ल...
- पिताजी उसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं, क्या करूँ?... ’’ गुरुजी बोले, ‘‘तेरे पिताजी क्यों स्वीकार नहीं करते? तू जाकर बोल कि यदि तुम दक्षिण भारत की लड़की स्...
- पिताजी कोमा में हैं?... ’’ कुछ रुके, फिर बोले-‘‘क्या नाम है?’’ देवरजी ने बताया, ‘‘श्री सीताराम शर्मा।’’ ‘‘क्या उमर है?’’ 80 ...
- पुनः गुरुदेव ने पूछा, ‘‘देखो भई, ये बताओ कितनों को घर से परमीशन लेनी पड़ेगी?... अभी यहीं से जाने के लिये कौन-कौन तैयार है?’’
कहाँ जाना है? क्या करना है? अभी यह बात स्पष्ट नहीं थी...
- पुस्तकों का मूल्य स्वल्प होता है पर उनके द्वारा जो प्रभाव उपलब्ध किया जा सकता है उसे बहुमूल्य या अमूल्य ही मानना पड़ेगा?... सत्साहित्य ने अगणित व्यक्तियों को ऊँचा उठने और आत्मबल सम्पन्न हो सकने का अवसर दिया है।...
- पुस्तकों के बीच कुछ रखने से क्या पुस्तकों को क्षति नहीं पहुँचती?... ’’ पुस्तकें बोल नहीं सकतीं, इसलिए उन पर अत्याचार करना ठीक नहीं। पुस्तकें हमारी गुरु हैं, इसलिए उनका ...
- पूछा, ‘‘यहाँ निर्माण कैसे हो सकेगा, बताओ?... ’’ चाँदवानी जी ने जमीन देखकर कहा, ‘‘यहाँ तो निर्माण करना बहुत मुश्किल होगा और महँगा भी। आप कोई और जम...
- पूजन करते हुए गान्धारी ने कुन्ती से पूछा-बहन मैंने तो अपने सौ बेटों से एक महा पूर्व ही हाथी लाने को कहा पर आपने अर्जुन से आज ही क्या कहा कुन्ती हँसी और बोली-बहन संख्या में वे पाँच हैं तो क्यों?... मुझे अपने बच्चों की समर्थता पर पूरा भरोसा है। (३) आस्ट्रेलिया में कोई हिंसक जानवर नहीं पाया जाता तो ...
- पूज्यवर ने कहा, ‘‘एक-एक करके बताओ, कहाँ-कहाँ जली है?... वे नंबर गिनते गये, जब पूरा समाचार सुन लिया तो बोले, ‘‘अब तुम जाओ। तुम्हारा काम समाप्त और मेरा काम शु...
- पूज्यवर ने बेटे से पूछा, ‘‘भूत तुझसे क्या माँगते हैं?... ’’ बेटे ने कहा, ‘‘फूल माँगते हैं?’’ गुरुजी ने एक फूल उठाकर दे दिया। उनके जाने के बाद हम लोगों से कहा...
- पूज्यवर भला ऐसा कैसे होने देते?... साधु का भी कहीं अता-पता नहीं था। अतः आठों अपना डेरा उठाकर मथुरा आये। गुरुदेव ने मुस्कुराते हुए समाचा...
- पूरे कुएँ में भाँग पड़ गई, जो सुधार का जिम्मा उठाते हैं, वे अधिकारी भी दूध के धुले कहाँ है?... पक्षपात और भ्रष्टाचार को कहाँ प्रश्रय नहीं मिल रहा है? ऐसी दशा में हर विचारशील की आँखों के आगे अँधेर...
- पेट और प्रजनन की विडम्बनाओं के अतिरिक्त वे क्या आगे की और कुछ बात सोच या कर सकेंगे?... पर समय ही बतायेगा कि इसी जाल जंलाल में जकड़े हुए वर्गों में से कितनी प्रबुद्ध आत्माएँ उछलकर आगे आती ...
- पैंटन टैंक कैसे चलता है?... ’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुजी, मुझे नहीं मालूम।’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘उसमें सारा फायरिंग सिस्टम कम्प्यूटर का ह...
- पैनी नजर से देखें कि काम उदास मन से, उपेक्षापूर्वक, मन्दगति से तो नहीं हो रहा है?... समुचित तत्परता और स्फूर्ति बरती गयी या नहीं? समय, श्रम और परिपूर्ण मनोयोग से ही काम का स्वरूप निखरता...
- पैसा तो हम बराबर चुकाते रहे थे सो सरकार को इतना पैसा कहाँ से चुकाते?... मेरे हिस्से में 26000 रुपये बैठते थे। उस समय में वह बहुत बड़ी रकम थी। हमने मिलकर वकील जुगत राम रावल ज...
- पैसे की कमी के कारण जब वे रामकृष्ण आश्रम की जमीन बेचने को तैयार हो गये तो फिर एक शिष्य ने पूछा-महाराज आप गुरु-स्मारक बेचेंगे क्या?... विवेकानन्द ने उत्तर दिया मठ-मन्दिरों की स्थापना संसार की भलाई के लिये होती है। यदि उसका उपयोग भले काम...
- प्रगति का मूल तथ्य क्या है?... ३. सच्ची प्रगति क्या है? ४. भारत विदेशी शासकों से क्यों परास्त हुआ। ५. कामनाग्रस्त व्यक्ति अशक्त क्य...
- प्रगति किसे कहते हैं?... २. प्रगति का मूल तथ्य क्या है? ३. सच्ची प्रगति क्या है? ४. भारत विदेशी शासकों से क्यों परास्त हुआ। ५...
- प्रतिष्ठा किसकी स्थिर रहती है?... ५. धन क्यों निन्दनीय है? ६. कायर किसे कहा जाना चाहिए? ७. ठगने वाला अधिक घाटे में कैसे रहता है? (८) ...
- प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से यह देखें कि बालक किसके साथ उठता-बैठता है?... किसके साथ शाला जाना पसन्द करता है? कहाँ रुचि लेता है? आदि।
- बालक के मित्रों के साथ शालीनता का व्यवहा...
- प्रत्येक शिक्षित का इस युग में क्या कर्तव्य है?... (७) साक्षरता प्रसार आन्दोलन कैसे चलाया जाय? (८) जनसाधारण में शिक्षा का महत्त्व प्रतिष्ठापित करने हेत...
- प्रमाण माँगता है?... तो देख!’ उन्होंने एक मोटी इतिहास की पुस्तक आगे की। (वह इतिहास अभी लिखा नहीं गया है, पूज्य गुरुदेव ने...
- प्रमुख प्रश्न एक ही है कि इन्हें हँसता-हँसाता, खिलता-खिलाता देखने का आनन्द कैसे मिले?... अब तक भेंट, परामर्श, सत्संग, सान्निध्य से भी इस भाव सम्वेदना की तुष्टि होती थी, पर अब तो नियति ने वह...
- प्रवचन करते-करते ही अचानक उनका चेहरा गुस्से से लाल हो गया व कहने लगे-नहीं मानती, नहीं मानती, देखता हूँ कैसे नहीं मानती?... बन्द करना पड़ेगा। आदि-आदि।
राजस्थान के कोटा जिले के बूँदी तहसील में इन्द्रगढ़ देवी का मन्दिर है। उन दिन...
- प्रसव का प्राणान्तक कष्ट क्यों स्वीकार करे?... उनके लिए अपने खाने-पीने से लेकर घूमने-फिरने तक पर क्यों बन्धन नियंत्रण लगाए? यदि बच्चों से खिलौने की...
- प्राचीनकाल में कला का उपयोग किसलिए किया जाता था?... (४) किन कला प्रयासों को सार्थक कहा जा सकता है? (५) मनोरंजन की सुरुचिपूर्ण योजनाएँ किस प्रकार चलाई जा...
- प्राण न निकले तो?... फिर भी साहस करके दो-चार बीज खा ही डाले, लेकिन उनसे क्या होता था। मौत से वह डर गया और उसने मरने का वि...
- प्रायः इस बात को लेकर झगड़ा होने लगा कि मैं ब्राह्मण के मना करने पर भी गायत्री मंत्र लेखन क्यों कर रहा हूँ?... जब मैं किसी प्रकार नहीं माना तो उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया। मैं पत्नी बच्चे को लेकर घर से निकल ग...
- प्रारम्भ कैसे हो?... यह प्रश्न उठने पर अधिकांश लोग शिक्षा नीति और शिक्षणतंत्र को कोसकर अपनी बात समाप्त कर देते हैं। इससे ...
- प्रियजनों की मृत्यु, असफलता, अपमान, धनहानि, आक्रमण, उत्पीड़न जैसे प्रसंगों पर भी कुछ कम दुःख होता है?... शारीरिक और मानसिक कष्ट इस संसार में भी कम नहीं हैं। कर्मफल के अनुरूप यदि कुछ त्रास मिलते हों तो वे य...
- प्रेम के व्यापार में घाटा किसी को नहीं रहता, फिर हमें ही नुकसान क्यों उठाना पड़ता?... नुकसान एक ही रहा है कि सोचने में न आया, स्नेह का तन्तु जितना मधुर है, वियोग की घड़ियों में वह उतना ह...
- प्रेरणा का सूत्र टूट गया तथा अपना निज का कोई गहरा स्तर था नहीं फिर उनके पैर भौतिक बाधाओं के झकझोरे में कब तक टिके रहते?... इसलिए हम बारीकी से देखते रहते हैं कि सामने बैठा हुआ लम्बी-चौड़ी बातें बनाने वाला व्यक्ति हमारी विचार...
- पढ़-लिखकर लड़कियाँ बुरी हो जाती हैं, उन्हें कोई नौकरी करनी है?... सयानी लड़की को घर से बाहर नहीं जाने देना चाहिए आदि प्रतिपादन लोग बड़ी शान के साथ करते हैं। शिक्षा मनुष...
- पढ़ने वाले की क्या मनोदशा होती होगी?... मन कितना आह्लादित हो जाता होगा? सहज ही कल्पना कर सकते हैं।सन् 1971 में पूज्य गुरुदेव साधना हेतु हिमा...
- पढ़ाई में अच्छे अंक कैसे लाएँ?...
इसके लिए एक कार्यशाला सम्पन्न की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों के कुल बारह ग्रुप बनाये गये थे।...
- फिर अन्तरमन ने कहा, माँ गंगा व कार्तिकेय को आशीर्वाद देने की सामर्थ्य रखने वाले साक्षात् शिव के अतिरिक्त और कौन हो सकते हैं?...
अन्तर्यामी गुरुदेव
(श्री विश्वप्रकाश त्रिपाठी जी ने सन् 1981 में दीक्षा ली और वसन्त पंचमी सन् 1988 ...
- फिर अन्य अवसरों पर भी आपको परिष्कृत और भावुक मन के सहारे उल्लास अनुभव कराता रहे तो इसमें क्या आश्चर्य की बात है?... अध्यात्म के प्रतिफल रूप में मन में इतना परिवर्तन तो दृष्टिगोचर होना ही चाहिए। शरीर को जैसे अभ्यास मे...
- फिर अन्य जातियों को ऊँच-नीच के हिसाब से नापा-खोला जाए तो आश्चर्य ही क्या है?... पाकिस्तान क्या है? कितना है? कैसा है? इसकी विवेचना, बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं है। हमें उसके पीछे स...
- फिर अपना मार्ग एकाकी निश्चय के आधार पर किस प्रकार अपनाते बने?... ‘एकला चालो रे’ गीत गाने भर में तो उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है, पर उसे कर दिखाने में नानी याद आती है...
- फिर आन्दोलन में तो हजारों स्वयं सेवक संलग्न थे, तो एक की कमी-बेशी से उसमें क्या बनता-बिगड़ता था?... हमारे असमंजस को साक्षात्कार के समय ही गुरुदेव ने ताड़ लिया था। जब बारी आई तो उनकी परावाणी से मार्गदर्...
- फिर आदर्शों के परिपालन में, सत्प्रवृत्तियों के परिपोषण में वे किस प्रकार, क्या कर पायेंगे?... निश्चित ही दोनों वर्ग, समाज के लिए समान रूप से निरर्थक और भारभूत हैं, बहुत ऊँचे भी बहुत नीचे भी। काम...
- फिर इतने विशाल काम किस प्रकार बन पड़े?... हिम्मत टूटती सी देखकर मार्गदर्शक ने परोक्षतः लगाम हाथ में सँभाली। हमारे शरीर भर का उपयोग हुआ। बाकी स...
- फिर इनके द्वारा उसकी प्राप्ति कैसे हो सकती है?... आत्मा के पास तक पहुँचने के साधन जो हमारे पास मौजूद हैं, वह चित्त, अन्तःकरण, मन, बुद्घि आदि ही हैं। आ...
- फिर इनसे युग निर्माण के उपयुक्त उत्कृष्ट चरित्र उत्पन्न करने की आशा कैसे की जाए?... आदर्श व्यक्तित्वों के बिना दिव्य समाज की भव्य रचना का स्वप्न साकार कैसे होगा? गाल बजाने वाले ‘पर उपद...
- फिर उतने छोटे परिवार को ही कैसा महत्त्व?...
शान्तिकुञ्ज की महत्तागुरुजी शान्तिकुञ्ज में ठहरने, विशेषतः रात रुकने को बहुत महत्त्व देते थे। माता...
- फिर उसका सम्पूर्ण न होना कैसे हो सकता है?... गैलीलियो ने एक बार यह समझाने की चेष्टा भी की कि वह तो एक प्रकार का आवेश चेतना है, जो सौर-मण्डल के प्...
- फिर उसने पूछा, ‘‘कहाँ जा रही हो?... ’’ मैंने बताया यहीं पास में एक बहुत बड़े सन्त आ रहे हैं। उनसे मिलने जा रही हूँ। वह बोला अच्छा, ‘‘तो क्...
- फिर एकान्त कहाँ हुआ?... न मिलने की बात कहाँ बन पड़ी? मात्र कार्यशैली में ही राई रत्ती परिवर्तन हुआ। मिलने-जुलने वालों का वर्ग...
- फिर और अधिक बनाकर उनका क्या किया जाय?... इतने पर भी यह प्रश्न सामने है कि इस कार्य में जितने कारखाने, जितने वैज्ञानिक लगे हुए हैं, उनका क्या ...
- फिर कुछ गम्भीर होकर बोले-‘आप ठीक कहते हैं, पर क्या आप मेरी विवश्ता के लिये मुझे क्षमा नहीं करेंगे?... ’
‘कैसी विवशता?’ एक अध्यापक ने पूछा।
उपकुलपति थोड़ी देर मौन रहे, मानो वह वहाँ न हों। फिर कुछ सँभलकर ब...
- फिर क्या कारण हुआ कि गतिविधियाँ जाम करने का निश्चय बन पड़ा?... इस नये निश्चय में कई पक्षों की कई प्रकार की हानियाँ दृष्टिगोचर हो सकती हैं।
तरह-तरह के असमंजस—
सर...
- फिर क्या कारण है कि मुझे अनायास ही ऐसे सिद्ध पुरुष का अनुग्रह प्राप्त हुआ?... यह कोई छद्म तो नहीं है? अदृश्य में प्रकटीकरण की बात भूत-प्रेत से सम्बन्धित सुनी जाती है और उनसे भेंट...
- फिर क्या हुआ?... ' आपके ऐसे प्रश्न बच्चे को दूसरे की बातों में दखल देने की प्रेरणा देते हैं। बड़ों की बातचीत से बच्चा...
- फिर जब समृद्धि भी साथ हो तो कहना ही क्या?... समस्त विश्व यह आशा लगाए बैठा है कि आज नहीं तो कल भारत से सूर्योदय होगा और उसकी प्रकाश किरणें सर्वग्र...
- फिर डरकर क्यों भागें?... क्या हम सभी अपने साथी को छुड़ा न सकेंगे? अपना वह साथी कुछ ही क्षणों में मृत्यु का ग्रास बनने वाला है ...
- फिर डरने की क्या बात है?... ’
छोटा बच्चा अकेला जाने को तैयार नहीं हुआ। उसने कहा- ‘मैं तो माँ- बाप की बात मानूँगा। मुझे अकेला जान...
- फिर देवत्व की व्याख्या दयालुता के अर्थ में कौन करेगा?... हो सकता है कि किसी माँसाहारी को अपने अभक्ष्य भोजन को भी देवता का प्रसाद समझकर खाने की सूझी हो और उसन...
- फिर धर्मतन्त्र से लोकशिक्षण का प्रयोग पूरा करने वाली सैकड़ों की संख्या में लिखी गईं पुस्तकें मात्र एक ही व्यक्ति के बलबूते किस प्रकार होती रह सकती थीं?... यह लेखन कार्य जिस दिन से आरम्भ हुआ, उस दिन से लेकर आज तक बन्द ही नहीं हुआ। वह बढ़ते-बढ़ते इतना हो गया ...
- फिर पूछतीं चाय नहीं पी?... यहाँ ठण्ड है, चाय नहीं पियेगा तो मरेगा क्या? चल! चाय पी।
कभी-कभी परिजनों को डाँट कर भी भोजन करा देत...
- फिर पूछा-‘‘तुम्हारा क्या नाम है?... ’’ उसने कहा-‘‘मुन्ना।’’
गुरुजी को झट से चुहल सूझी और जोर से बोले-‘‘वीरेश्वर! इधर आना।’’ और वे पैर क...
- फिर प्रयोग में दस-पाँच आयुध ही आने के उपरान्त जो बचेंगे, उन्हें कहाँ रखा जायेगा?... वे विकिरण फैलाते हैं और अन्त में कहीं-न समापन के लिए जगह माँगते हैं। इन भट्ठियों में से निकली हुई रा...
- फिर बताइये कर्जदार क्यों कर न बनें?... आपका धोबी महीने में १० रुपये आपसे कमा लेता है। आप दो दिन तक एक धुली हुई कमीज नहीं पहनते। पैण्ट की क्...
- फिर बात ही बात में पूछा, ‘‘कितनी बारात जायगी?... ’’ उत्तर मिला-‘‘पूरा गाँव तैयार है। एक हजार तो हो ही जायेंगे।’’ सुनकर मेरी तो सिट्टी-पिट्टी गुम थी। ...
- फिर बोलीं, ‘‘बहू खाना खिलाती है कि नहीं?... ’’
क्योंकि, भोजन में परहेज चल रहा था। लम्बे समय से वे केवल उबला भोजन ही ले रहे थे। सो बोले, ‘‘अब, ख...
- फिर बोले, अब तो आ गये, अब कहाँ जाओगे?... बात साधारण थी पर अलौकिक थी, क्योंकि उसके बाद मैं उन्हीं का हो गया। साधारण में भी कितनी असाधारण बात क...
- फिर भी आप मूर्ति पूजा को महत्त्व देते हैं?... एक आदमी ने मदन मोहन मालवीय से प्रश्न किया-मालवीय जी बोले ‘क’ माने कबूतर और ‘ख’ माने खरगोश भी तो नहीं...
- फिर भी कितने मनुष्य हैं, जो आत्म-स्वरूप को जानते हैं?... तोता रटन्त दूसरी बात है। लोग आत्म-ज्ञान की कुछ चर्चा को सुनकर उसे मस्तिष्क में रिकार्ड की तरह भर लेत...
- फिर भी क्यों बार-बार भूल जाते हैं?... और वह करुणामयी माँ, हमें हमारी भूलों को सुधार कर पुनः-पुनः स्मरण करा देती हैं।
बस दो ही पुस्तकें प...
- फिर मनुष्य जैसे बुद्धिजीवी के लिए उनकी पूर्ति क्या कठिन हो सकती है?... इतना ही उद्देश्य अपना है तो उसे पशु जीवन कहा जाएगा। मानव जीवन की विशेषता तो आदर्शवादिता और उत्कृष्टत...
- फिर मुझे पूछने लगे कि हमारे यहाँ कौन कान में बाली पहनती है?... मैंने कहा, और का तो मुझे ख्याल नहीं पर मुक्ति पहनती है। इस पर गुरुजी बोले, ‘‘हाँ, वह तो रोज ब्रह्मवर...
- फिर यह भाग्यवाद विकृत विचारधारा कहाँ से चल पड़ी?... इसकी खोज करने पर स्पष्ट हो जाता है कि सामन्तवादी शोषकों ने अपनी अत्याचारों से पीड़ित जनता को किसी प्र...
- फिर यह सब कैसे सम्भव हुआ?... यह तभी हो पाया जब उन्होंने मुनि स्तर की भूमिका निभायी, स्वयं को तपाया, विचारों में शक्ति पैदा की एवं...
- फिर यह सोचना व्यर्थ है कि इस समय अपने इर्द-गिर्द के लोग क्या करते और क्या कहते हैं?... उनकी बात सुनने से आदर्श नहीं निभेंगे। आदर्श निभाने हैं, तो अपने मन की ललक, लिप्साओं से जूझना पड़ेगा। ...
- फिर वह चाहे कितनी ही बौद्धिक क्षमता सम्पन्न क्यों न हो?... छोटे भाइयों को, भाइयों के बच्चे को, चाचा ताऊ के बच्चों को, पालने का अधिकांश भार बेचारी कन्याएँ ही उठ...
- फिर वही राजी-नामा चलेगा, इसकी क्या गारण्टी है?... यहाँ ऐसा आत्मबल उत्पन्न होने की आवश्यकता है, जो यह सोचने पर विवश कर दें कि युद्ध में नष्ट होने की अप...
- फिर व्यर्थ करवटें बदलते रहने और अँगड़ाई मात्र लेते रहने, समय गँवाते रहने से क्या लाभ?... जब जग ही गए तो उठ खड़ा होना ही उचित है। जो काम प्रतीक्षा कर रहे हैं उन्हें समय पर निपटा लेने में ही ...
- फिर शत्रु ने कोई और भी बड़ा आयुध निकाल लिया, तो पिछड़ जाने का जोखिम कौन मोल ले?... बन्द करने पर दूसरा पक्ष जारी रखे रहा, तो अन्य प्रकार का ऐसा आयुध ढूँढ़ निकाला जा सकता है, जिसमें अब त...
- फिर सर्विस का क्या होगा?... डॉ. साहब (पति) भी नाराज होंगे। क्या करूँ? सोचते हुए नीचे उतरी। माताजी से बताया। तब माताजी ने कहा-‘‘त...
- फिर सूनापन कैसा?... हमारी यात्रा चलती रही। साथ-साथ चिन्तन भी चलता रहा। एकाकी रहने में मन पर दबाव पड़ता है क्योंकि वह सदा ...
- फिर सोचा अच्छा काम क्या करना चाहिए?... तो अच्छा विचार आया कि अच्छा काम तो वही हो सकता है जो समाज की आज आवश्यकता है। तो देखा कि आज अज्ञान अभ...
- फिर स्वयं वैसा करते भी कैसे?... मुफ्त की कमाई हराम की होती है, भले ही वह पूर्वजों की खड़ी की हुई हो। हराम की कमाई न पचती है, न फलती ह...
- फोटोग्राफर कुछ कहे इससे पूर्व ही थानवी बोले-बच्चों को डराया करेंगे?... फिर क्या था खूब कह-कहे लगे। (९) सेट जमनालाल भारी भरकम शरीर के थे एक दिन बोले बापू-आप मुझे गोद ले लीज...
- बचत करते हैं न?... उपरोक्त दस प्रश्न नित्य अपने आपसे पूछते रहने वाले को जो उत्तर आत्मा दे, उन पर विचार करना चाहिए और जो...
- बच्चे के जन्म के बाद, जब नर्स ‘‘लेबर रूम’’ से मुझे व बच्चे को बाहर लेकर आई, तब उसने आवाज लगाई-‘‘इसकी दादी कौन है?... ’’ माताजी ने झट से कहा, ‘‘मैं हूँ इसकी दादी।’’
नर्स बोली, ‘‘लड़का हुआ है। खाली हाथ नहीं दूँगी।’’
‘‘...
- बच्चे के पटाखे, कैसे रख लेता?... मैंने तुरन्त हिसाब जोड़ कर पैसे बताये, ‘‘दो रुपये, नौ आने।’’ पैसे देकर ही गुरुजी पटाखे लेकर गये।गुरुजी...
- बच्चे ने विनम्र उत्तर दिया-माँ यदि पढ़ाई से दूसरों का कुछ हित न हुआ तो ऐसी पढ़ाई लिखाई से क्या लाभ?... यह उत्तर देने वाला छात्र ही आगे चल कर महात्मा हँसराज के नाम से प्रख्यात हुआ।...
- बच्चे बिचारे का सिर फूट गया, ओहो, बड़ा कष्ट है, तू गिर गया था, कैसे गिरा था?... किसने मारा? कहाँ चोट लगी है? आदि प्रश्नों के उत्तर में वह जो अभिनय करेगा, उससे आपका मनोरंजन तो होगा,...
- बच्चों की ऊँची शिक्षा दिलाने वाले गृहस्थ के लिए अपना पारिवारिक तथा शिक्षा सम्बन्धी खर्च चलाना भी मुश्किल होता है, फिर विवाह के लिए इतनी लम्बी-चौड़ी रकमें कहाँ से आयें?... जब बच्चे बड़े होने लगते हैं तब लगातार दो-दो वर्ष बाद उनके विवाह करने पड़ते हैं। लड़की वाला ही नहीं, लड़क...
- बच्चों के पोषण में हमें इस तत्व का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन वाले पदार्थ प्राप्त हो रहे हैं या नहीं?... बड़ों के शरीर की टूट-फूट के लिए भी प्रोटीन लाभदायक है। प्रोटीन वाले पदार्थ इस प्रकार हैं-बिना छना गेह...
- बता कहाँ दर्द हो रहा है?... ’’ मैंने गुरुजी को बताया। गुरुजी ने कहा, ‘‘ले, मेरा हाथ पकड़ और बता कहाँ-कहाँ दर्द हो रहा है?’’ उन्हो...
- बता, क्या-क्या दवाई की बेटा?... ’’ मुझे उस समय भी तेज बुखार था। बुखार में तप्त, परेशान, मैं बोला, ‘‘गुरुजी! मुझे आपके चार-चार डॉक्टर...
- बताओ कहाँ है?... ’’ पिताजी ने कहा, ‘‘मैं तो अपने पास कुछ रखता नहीं, ये मेरी बेटी है इसी को सब दे देता हूँ। इसी से पूछ...
- बताओ किस काम से आये थे?... ’’ उसने डरते-डरते कहा, ‘‘गुरुजी, बस थोड़ा बाथरूम के दरवाजे का नाप लेना था।’’ गुरुजी तुरन्त समझ गये और ...
- बताओ, कैसे बन सकेगा?... ’’ चाँदवानी जी ने कहा-‘‘हम यहाँ यूकिलिप्टस के पेड़ लगायेंगे। उससे पानी सुखायेंगे, तब निर्माण हो सकेगा...
- बरसात के दिनों में यदि बादल पंचम स्वर में गरज उठे तो उसकी गड़गड़ाहट का पृथ्वी में रखे हुए तबले पर क्या प्रभाव पड़ेगा?... यह देखें तबले का चमड़ा अपने आप फट जायेगा। यह शब्द की शक्तिशाली तरंगों के द्वारा होता है।
इन दो प्...
- बस तीन थपकी दीं और बोलीं, ‘‘बेटी, क्या हो गया?... चिन्ता मत कर..., ठीक हो जाएगी। बिल्कुल ठीक हो जाएगी... बिल्कुल ठीक हो जाएगी... बिल्कुल ठीक हो जाएगी।’...
- बहादुरी कहाँ से प्रारम्भ होती है?... १०. झूठ को सबसे बड़ा पातक क्यों माना गया है?कथाएँ —— (१) एक अंग्रेज युवती ने इटली में घड़ी खरीदी। इंग्...
- बाद में जब रहस्य खुला और राजा ने पूछा— तुम्हारे सामने इतनी सम्पदा का ढेर लगा हुआ था, यदि तुम चाहते, तो उसे ले सकते थे, अब तुम्हें कितना इनाम मिल सकता है?... इनाम की तुलना में वह भेंट कई गुना ज्यादा थी।
बहुरूपिये ने तब यही उत्तर दिया था कि— ‘‘यदि मैं वह भे...
- बादल हर जगह वर्षा करते हैं, सूर्य और चंद्रमा हर जगह अपना प्रकाश फैलाते हैं, पृथ्वी हर किसी का भार और मल-मूत्र उठाती है, फिर हमें भी वैसी ही महानता और उदारता का परिचय क्यों नहीं देना चाहिए?... उदारता प्रकृति के लोग कई बार चालाक लोगों द्वारा ठगे जाते हैं और उससे उन्हें घाटा ही रहता है, पर उनकी...
- बाप रोने लगा तो एक पढ़े-लिखे आदमी ने कहा-अब क्यों रोते हो?... देवताओं से कामना सिद्धि का का विश्वास नहीं छोड़ेंगे तो यही सब होगा। (३) विवेकानन्द जी के पास कलकत्ते ...
- बापू ने कहा-अच्छा यह बताओ चींटी, मकड़ी मधुमक्खी और जंगल के लाखों जीव किस कारखाने में नौकरी करते हैं तथा उनके पास क्या साधन हैं फिर क्या वे लोग भूखे है?... युवक समझ गया अभाव धन का नहीं मन का है उस दिन से वह परिश्रम में जुट गया।...
- बाल विधवाओं की संख्या भी भारत में ही सर्वाधिक है?... (७) डॉ० ई. एस. डगलस का कथन है मैंने एक १२ वर्षीय लड़की को गर्भावस्था में देखा जो प्रसव के समय पागल ह...
- बाल विवाह में मानसिक एवं शारीरिक हानियाँ क्या है?... (४) बाल विवाह से उत्पन्न सन्तान किस तरह की होती है। (५) बाल विवाह लड़की के लिए किस प्रकार का घातक सिद...
- बालक ने तर्क किया उससे क्या होगा माँ?... जल ही चढ़ाना है तो किसी भी पौधे में क्यों न चढ़ाया जाये? माँ बोली-तुलसी में जल चढ़ाना धर्म कृत्य माना ...
- बालक ने दोनों अण्डे घोंसले में रख दिये और आड़ में खड़े होकर देखने लगा कि आगे क्या होता है?...
चिड़िया आयी घोंसले पर बैठ गयी। उसने तिरछी गर्दन करके अण्डों को घूरा। बालक को हर्ष हुआ, लेकिन उसने देख...
- बालक सुभाष का यह रूप देखकर अंग्रेज बालकों के होश उड़ गए और वे अपराधी की तरह कुछ नहीं बोले, तब हमारे नेताजी सुभाष बोस उनकी ओर बढ़े और बोले-भारतीय नीच होते हैं?... ऐसा कहकर उन दोनों को ठोकर से भूमि पर गिरा दिया।
अब तो सारा स्कूल थर्रा उठा। भारतीय लड़कों की प्रसन्नत...
- बाहर जाकर खेलते क्यों नहीं?... बच्चों की प्रतिभा पर यह कुठाराघात ही कहा जाएगा कि उनकी स्वाभाविक रुचि को प्रताड़ित किया जाए तथा उसे ...
- बाहर निकलते ही मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘गुरुजी, क्या सुभाष चन्द्र बोस प्रकट हो जायेंगे और प्रधानमंत्री बनेंगे?... ’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री, लाल बहादुर शास्त्री बनेंगे।’’ जबकि उस समय तक ऐसी न कोई सूचना थी, न...
- बिना जड़ का पेड़ कब टिकेगा और किस प्रकार फूलेगा-फलेगा?... तपश्चर्या के मौलिक सिद्धान्त हैं—संयम और सदुपयोग। इन्द्रिय संयम से, पेट ठीक रहने से स्वास्थ्य नहीं ब...
- बिना बताये घर से क्यों चला आया?... इस प्रकार तुझे नहीं आना चाहिए। तू नहीं जानता, मुझे कितनी तकलीफ हुई।’’ मैं आश्चर्य में पड़ गया। मैंने ...
- बिल्ली पाल लेने से चूहे घर में कहाँ ठहरते हैं?... कुविचारों को मार भगाने का एक तरीका है कि उनके स्थान पर सद्विचारों की स्थापना की जाए। मन में जब सद्वि...
- बीज के बिना पौधा कहाँ से उगेगा?... भले या बुरे कार्य अनायास ही नहीं उपज पड़ते, उनके मूल में सद्विचारों और कुविचारों की जड़ जमी होती है। स...
- बुढ़िया ने एक वर्ष धन कमाने में लगाया अनुचित लोभ के कारण उसने नीति अनीति कुछ भी न देखी एक वर्ष पीछे यमदूत वहाँ पहुँचे तो बुढ़िया बोली-पहले तो विष्णु दूत आये थे अब तुम लोग कैसे आ गये?... इस पर उन्होंने कहा-बुढ़िया पहले तूने अच्छे कर्म किये थे सो विष्णु दूत भेजे गये। भगवान् के यहाँ तो कर...
- बुद्धि व्यभिचारिणी कैसे हो जाती है?... ९. आनन्द किस में है? १०. यशस्वी बनने का सच्चा उपाय कौन सा है? ११. समर्थता कैसे प्राप्त होती है? कथा...
- बुद्धिजीवियों में आस्था उत्पन्न करने वाली अति उच्चकोटि की प्रामाणिक पाठ्य सामग्री प्रस्तुत करने वाली सम्भवतः यह संसार भर की एकमात्र पत्रिका है, जिसे पढ़कर लोग आश्चर्य करते हैं कि विज्ञान और अध्यात्म जैसे परस्पर विरोधी दीखने वाले तत्त्वों को एक दूसरे का समर्थक, पूरक सिद्ध करने का यह अद्भुत प्रयास कौन करता है-कैसे करता है?... * ‘युग-निर्माण ने व्यवहार में अध्यात्म को मिलाकर जीवन जीने की कला को एक सांगोपांग आचार पद्धति के रूप...
- बुरे संकल्पों की पूर्ति के लिए भी जब साधन बन जाते हैं, तो सत्संकल्पों के बारे में तो कहना ही क्या है?... धर्म और संस्कृति को जो विशाल भवन मानव जाति के सिर पर छत्रछाया की तरह मौजूद है, उसका कारण ऋषियों का स...
- बुहारी हो तो लाओ?... पिता बोला-बेटा जिस तरह एक सींक अकेली सफाई नहीं कर सकती एक व्यक्ति अकेला उन्नति नहीं कर सकता सबको मिल...
- बेईमान-उचक्का समझ रक्खा है?... ’’
अब तो कहने वाले भाई की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई थी। फिर भी सफाई के तौर पर धीरे से बोले, ‘‘गुरुजी,...
- बेटा, भोजन से कैसी नाराजगी?... इस तरह तो तुम लोग स्वयं को ही सजा दे रहे हो। जिससे नाराज हो, उसका तो मजा हो गया। उसका काम बच गया। इत...
- बैरोज का अतिथि बनेगा, पर कभी-कभी सोचा हुआ काम कहाँ हो पाता है?...
उसे सामने एक बहुत बड़ा होटल दिखाई दिया। केवल रात काटनी थी। उसने होटल की ओर कदम बढ़ाए। सीढ़ियों की ओर च...
- बैरोज के घर का पता बता सकते हैं?... ’
वह अनसुनी करके अपनी आँखें मटकाता हुआ आगे बढ़ गया। सन्यासी स्टेशन की सीमा पार कर राजमार्ग पर चलने लग...
- बोला क्या आ जायेगा उसने कहा अबकी बार तुम चिट्ठी लिखो या जाना हो तो जाओ मैंने कहा महीने पंद्रह दिन में मेरा प्रोग्राम बनेगा तो फिर जाऊंगा मैं फिर आया माताजी ने कहा बेटा अभी तक नहीं लौटा क्या?... मैंने कहा माताजी अभी तक तो नहीं लौटा अच्छा बेटा मैं देखती हूँ कल मिलना मुझसे। दूसरे दिन मैं जब मिलने...
- बोले इतने गंदे कपड़े पहनकर स्कूल आने में शर्म नहीं आती?... मैं तुम पर आठ आना जुर्माना करता हूँ।’
आठ आना! मेरे पैरों के नीचे से धरती खिसक गयी। मुझे अपमान की उतन...
- बोले, ‘‘क्या है बेटा?... ’’ मैंने कहा, ‘‘पिताजी, प्रेत परेशान कर रहे हैं।’’ गुरुदेव बोले, ‘‘अच्छा बेटा, चल! मैं देखता हूँ।’’ ...
- बोले, ‘‘शैलो, तुझे क्या हो गया?... ’’ मैंने कहा, ‘‘मैं ठीक हूँ। आप कैसे हो?’’ तब गुरुजी ने कहा, ‘‘शैलो, तू क्यों चिन्ता करती है। कोई खास...
- बोले-इतना त्याग न होता तो तुम्हारी कोख से रामकृष्ण कैसे जन्म लेते?... (६) पाण्डव मन मारे बैठे थे। कौरवों ने चक्रव्यूह का निमन्त्रण भेजा था। उसे भेदन करना केवल अर्जुन ही ...
- बोले-क्यों स्नान नहीं करता क्या?... उसका पिता बोला-महाराज हम लोग मल्लाह हैं हम तो पानी में काम काम करते हैं कई बार स्नान होता है साधु बो...
- बौद्धिक पराधीनता के विरुद्ध छेड़े हुए अपने विचार क्रान्ति संग्राम में भाग लेने वाले सेनानियों को कम से कम गाली खाने के लिए तैयार रहना ही होगा, जो गाली खाने से डरेगा, वह अवांछनीयता के विरुद्ध आवाज कैसे उठा सकेगा?... अनुचित से लड़ कैसे सकेगा? इसलिए युग परिवर्तन के महान् अभियान का नेतृत्व कर सकने की आवश्यकता शर्त यह ह...
- बड़े ने गुरुजी से कहा, ‘‘गुरुजी क्या करूँ?... छोटा भाई मान ही नहीं रहा। कहता है, सब लूँगा।’’
पूज्यवर ने एक क्षण सोचा फिर कहा, ‘‘बेटा घर व जर्म्सक...
- बढ़िया कुर्ता पहनेगा, राजेश खन्ना बनकर जाएगा तो क्या तुझे मजदूर मिलेगा?... ’’एक दिन कुछ नेता लोग गुरुजी से मिलने आये। गुरुजी ने मुलाकात के बाद उनको भोजन कराया। चौके की बहनों स...
- भगवान की उपासना व्यक्ति किस कारण करते हैं?... ७. आस्तिकता की आस्था को परिपक्व करने के लिए किन-किन बातों का आश्रय लिया जाता है? ८. उपासना का क्या अ...
- भगवान की स्मृति मस्तिष्क में बनी रही तो इस बात पर भी विचार उठना ही चाहिए कि आत्मा का परमात्मा से क्या सम्बन्ध है, उसने हमें किस काम के लिए संसार में भेजा है जीवन का उद्देश्य क्या है, शान्ति ओर प्रगति के लिए ईश्वरीय आज्ञाओं का पालन और मर्यादापरक अनुशासन हमारे लिए क्यों अनिवार्य है?... ईश्वर को भूले रहने पर इनमें से एक भी प्रश्न मन में नहीं उठता और मनुष्य वासना, तृष्णा के जंजाल में फँ...
- भगवान तो बहुत कार्यव्यस्त हैं, उनके पास बैठे भी रहे तो क्या लाभ?... यदि उनमें घुल जायें तो अस्तित्व ही समाप्त हुआ। ऐसा आत्म-नाश ही यदि मुक्ति कहलाता है तो उसे कोई क्यों...
- भगवान् बुद्ध ने कहा-तात गिरे हुए समाज की शान्ति सुख और व्यवस्था लौटाने के लिए मैंने गृह और यशोधरा जैसी धर्मपत्नी का परित्याग किया क्या अब मुझे अपने व्रत से डिग जाना चाहिए?... बुद्ध द्वारा प्रस्ताव ठुकरा दिये जाने पर वासवदत्ता बहुत रुष्ट हुई और जब कौशाम्बी नरेश उदयन की पटरानी...
- भला किसी व्यक्ति का कुछ ही दिनों के अन्तर से दो बार स्थानान्तरण कैसे हो सकता था?... किन्तु गुरुदेव की महिमा। 9 दिन के अन्दर ही बी. टी. आई. उज्जैन में मेरा ट्रांसफर हो गया। फिर मैं उज्जै...
- भला जब यौवनकाल में कुछ न कर पाए तो अब क्या कर सकेंगे?... यह निराशा ही ले डूबती है। सच्चा व्यापारी तो वह होता है, जो घाटा होने पर भी व्यापार बन्द नहीं करता, धै...
- भला जीव को आग कैसे जला सकती है?... उसकी गर्मी की पहुँच तो सिर्फ शरीर तक ही थी। इसी प्रकार पानी और पृथ्वी के भीतर भी जीव की पहुँच वैसे ह...
- भला तू कभी पास हो सकता है?... ' 'भला तुझ से कोई अच्छे काम की आशा की जा सकती है?" आपके इस प्रकार कहने से बच्चे का विश्वास हिल जाता ...
- भला सबके साथ मित्रता बरतना भी कोई नीति है?...
राजा चुप हो गया। पर जानता था, उससे जो कहा गया है सो सच है। कुछ दिन बाद राजा अपने लड़के को साथ लेकर घ...
- भला, अपना प्यारा खिलौना या भाई माँगने वाला व्यक्ति उसे कैसे अच्छा लग सकता है?... '
बच्चों के सामने सन्देहात्मक विचार प्रकट न करें : बच्चे से बातचीत करते समय...
- भला, उसे अस्पताल कैसे ले जाता?... ’
इस पर पिता ने समझाया -‘‘तुम नहीं ले जा सकते थे तो अपने अध्यापक को बताते या घर आकर मुझे बताते। मैं ...
- भले ही वे अचरज सर्वथा निरर्थक ही क्यों न हों?... बालों में से खाल निकाल लेना कोई ऐसा काम नहीं है कि जिसके बिना किसी का काम रुकता हो या फिर किसी का उस...
- भविष्य में वे कहाँ जाएँ?... कहाँ रहें और क्या करें? यह प्रश्न निरन्तर परेशान करता रहता है। दक्षिण रोडेशिया और दक्षिण अफ्रीका में ...
- भावनाशील का क्या कहना?... सन्त सज्जनों ने न जाने कितनों को अपने सम्पर्क से लोहे जैसे लोगों को पारस की भूमिका निभाते हुए कुछ से...
- भीड़ बढ़ा लेना और जन-सम्पर्क फैला लेना, मिलनसारी या प्रतिभा का चमत्कार हो सकता है, पर उस समूह में कोई जीवट न रही, तो बालू की दीवार की तरह उस भीड़ को बिखरने में भी देर न लगेगी और यदि कहीं ऐसा हो गया, तो हमारी जीवन-साधना की सार्थकता क्या रह जाएगी?... — अखण्ड ज्योति, अगस्त १९७०, पृष्ठ ५५, ५६५. न स्वयं को भूलें, न भटकें—निस्सन्देह अखण्ड ज्योति परिवार ...
- भीड़ में से ही किसी ने पूछ लिया-‘‘आप कहाँ से आए हैं?... ’’
बोस्टन से, पर निवासी भारत का हूँ।
यहाँ किससे मिलना है?
डॉ बैरोज से,
कौन डॉ बैरोज?
सन्यासी ने अपने...
- भूख तो बहुत लग रही थी; पर मन में आता कि इतने अपमान के बाद अब कैसे जायें?...
उन दिनों जब सब भोजन करते थे तो माताजी सामने बैठती थीं। इतने लोगों में भी उन्हें पता चल गया कि हम च...
- भूल कहाँ हुई?... —अपना परिवार तो हमने इतना बड़ा इकट्ठा कर लिया पर उन्हें कुछ मोटी बातें समझा सकने में सफल न हो सके। ह...
- भोजन करते समय मेर्हर ने पूछा-भद्रे बच्चे नहीं दिखाई दे रहे?... इस पर पत्नी ने कहा-स्वामी कल हम लोग जिस स्त्री से जेवर लाए थे वह आज माँगने आई थी? रवि मेर्हर बोले-दे...
- भोजन करना बीच में ही छोड़कर पूछते, ‘‘बताओ क्या काम है?... ’’ मुझे अक्सर काम के ही सिलसिले में जाना पड़ता था। मैं चुप रहता, नहीं बताता तो भी खाना बीच में ही छोड़...
- भोजन की व्यवस्था भी की है क्या?... ’’ हमने कहा, ‘‘जी गुरुजी, हमने सोचा, यदि आपका भोजन करने का मन होगा और अनुमति देंगे, तो हम भोजन भी कर...
- भौतिक विज्ञान की तुलना में जो अध्यात्म विज्ञान को श्रेष्ठ मानते हैं, उनकी एक जिज्ञासा यह भी रहती है कि वास्तविक स्वरूप और विधान क्या है?... कहने को तो हर कुंजड़ी अपने बेरों को मीठा बताती है, पर कथनी पर विश्वास न करने वालों द्वारा उपलब्धियों ...
- मगर यह शक्ल खींची किसने?... लड़का बोला-मेरे स्कूल में स्याही, कागज, रंगीन पेंसिलें सब कुछ रखा है आप तो जानते हैं प्रकृति में हलचल...
- मजा तो सिगरेट पीने में भी नहीं आता था, पर उससे क्या?... यह सिलसिला कुछ दिन तक चला, अचानक एक दिन विचार उठा कि ऐसा काम क्यों करना, जो बड़ों से छिपाना पड़े और जि...
- मन कितना आह्लादित हो जाता होगा?... सहज ही कल्पना कर सकते हैं।सन् 1971 में पूज्य गुरुदेव साधना हेतु हिमालय चले गये थे। उन दिनों में 30-1...
- मन मजबूत हो तो साथियों की तलाश क्यों करनी पड़े?... उनके न मिलने पर एकाकीपन का डर क्यों लगे? जंगली पशु-पक्षी अकेले रहते हैं। उनके लिए तो हिंस्र पशु-पक्ष...
- मन में प्रश्न उठते रहे कि जिस प्रकार मानव दिनों दिन सम्वेदना विहीन होता जा रहा है, मानवता की रक्षा कैसे होगी?... गुरुदेव तो अन्तर्यामी थे। एक मुलाकात में उन्होंने कहा-‘‘युग को मैं बदल दूँगा। प्रज्ञावतार की विराट ल...
- मन में भाव आया कि मरना तो एक दिन सभी को है, कोई बात नहीं, लेकिन यदि हम मर गये तो फिर बच्चे बनकर भगवान का काम कैसे कर पायेंगे?... जैसे ही आग बुझी मुझे ऐसा अनुभव हुआ जैसे तीव्र प्रकाशमय सूर्य मेरे अन्दर समा गया हो।
इधर जो लोग उस स...
- मन हुआ कि उनसे पूछूँ कि हमसे क्या गलती हुई है?... हमारे ऊपर, क्यों इतने कष्ट आ पड़े हैं? पर वह तो आँख ही नहीं उठाते, उनकी कलम ही नहीं रुक रही। काफी देर...
- मनः शक्तियों के विकास में साधना उपचार किस प्रकार सहायक सिद्ध होते हैं?... ऋषिकालीन आयुर्विज्ञान का पुनर्जीवन कर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को कैसे अक्षुण्ण बनाया जा सकता है...
- मनःशक्तियों के विकास में साधना उपचार किस प्रकार सहायक सिद्ध होते हैं?......
- मना करते-करते दोनों पैरों की अच्छी खासी धुनाई हो गई गुरु ने कहा-मूर्खों देखते नहीं पैर दायें-बायें हैं तो क्या?... हैं तो वह मेरे ही शरीर के अंग। पास ही खड़े अन्य सन्त ने अपने शिष्यों से कहा-तात मनुष्य शरीर की भाँति स...
- मनुष्य यह निश्चयपूर्वक नहीं कह सकता कि जिस वक्त, जिस क्षण और जिस पल को यों ही व्यर्थ में खो रहा है, वह ही क्षण—वह ही वक्त—उसके भाग्योदय का वक्त नहीं है?... क्या पता जिस क्षण को हम व्यर्थ समझकर बरबाद कर रहे हैं, वह ही हमारे लिए अपनी झोली में सुन्दर सौभाग्य ...
- मनुष्यों के लिए ही जब निवास व अन्न कठिन हो जायेगा तो बेचारे पशु कहाँ रहेंगे-कैसे जियेंगे?... पचास वर्ष पूर्व और आज की परिस्थिति में इस जनसंख्या की वृद्धि न जमीन, आसमान जितना अन्तर उत्पन्न कर दि...
- मनुष्यों को ही क्यों प्राणी मानते हो?... यह जीव-जन्तु क्या तुम्हारे अपने नहीं? फिर सूनापन कैसा? हमारी यात्रा चलती रही। साथ-साथ चिन्तन भी चलता...
- मरणोत्तर जीवन में क्या स्थिति होती है?... कौन, क्यों, और कैसे भूत बनता है और वह कैसा होता है? यह सब कुछ अभी रहस्य के गर्भ में है। अन्वेषण के उ...
- मरते हुए पति ने कहा-यह क्या किया वीरमती तुमने?... भारतीय स्त्रियाँ ऐसा तो कभी नहीं करतीं। हाँ तुम ठीक कहते हो पर भारतीय पुरुष भी तो कभी देश द्रोही नही...
- मरने के बाद जब जीव हवा जैसी सूक्ष्म वस्तु रह गया हो तो उसे कोल्हू में पेला जाना, कोड़ों से मारा जाना किस प्रकार सम्भव होगा?... वस्तुतः नरक भोगने के लिए हमें किसी लोक विशेष में जाने या दूसरों द्वारा उत्पीड़न सहने की आवश्यकता नहीं...
- मरने के बाद स्थूल शरीर रह जाता है, जिससे भावनात्मक अनुभूतियाँ तो हो सकती हैं, पर इन्द्रियाँ न होने से इन्द्रिय सुख कैसे मिलेंगे?... वहाँ पर जीवन खाने-पीने जैसे सुविधा-साधनों का लाभ कैसे उठा सकेगा? इसी प्रकार यदि सब झंझटों से छुटकारा...
- मशाल किन्हें सौपें?... —इस भीड़-भाड़ में से हम ऐसे लोगों को तलाश करने में कुछ दिन से लगे हुए हैं, जो हमारे सच्चे आत्मीय साथ...
- मस्तिष्क के कपाट खुलते जायेंगे और उन्हें सूझ पड़ेगा कि इन दिनों क्या लिखने योग्य है?... एक मात्र वही लिखा जाना है।क्या बिना सम्पन्न लोगों की सहायता लिये, बिना वर्तमान पुस्तक विक्रेताओं की ...
- मस्तिष्क में आने-जाने वाले विचारों के अब फोटो लिए जाने लगे हैं, जिससे यह पता चल जाता है कि अमुक आदमी किन विचारों को ग्रहण कर रहा है और कैसे विचार छोड़ रहा है?... बादलों की तरह विचार प्रवाह आकाश में मँडराता रहता है और लोगों की आकर्षण शक्ति द्वारा खींचा व फेंका जा...
- महर्षि अगत्स्य ने पूछा-टिटहरी तुम रेत से समुद्र तो नहीं पाट सकतीं?... टिटहरी बोलीं-न पटे न सही पर अन्याय के प्रतिकार ही परम्परा को नष्ट नहीं होने दूँगी। अगत्स्य का मन भर ...
- महर्षि ने कहा-एक बात बताओ गाड़ी में दोनों पहिये एक से हों तो अच्छी चलेगी या पहिये छोटे बड़े हों तो?... वह व्यक्ति बोला-वाह यह तो साधारण आदमी भी जानता है असमान पहिये वाली गाड़ी चलना तो दूर लुढ़क-पुढ़क और जाय...
- महात्मा टालस्टाय उसकी बात सुन रहे थे बोले-बेटा अपना एक हाथ एक हजार में बेचेगा क्या?... वह युवक कुछ न बोला, टालस्टाय बोले-दूसरा हाथ भी काटकर देदे तो बीस हजार, आँखें देदे तो चालीस हजार, पाँ...
- महान् परिश्रम पूर्वक वीर्य का साधन करने वाले ब्रह्मचारी के लिए इस पृथ्वी पर भला किस कार्य में सफलता नहीं मिलती?... ब्रह्मचर्य के प्रताप से मनुष्य मेरे (ईश्वर के) तुल्य हो जाता है। ‘ब्रह्मचर्य परंतपः।’ अर्थात् ब्रह्म...
- महाराज ने पूछा-तुम नहीं जानते हो कि इसके लिए तुम्हें क्या दण्ड मिलेगा?...
‘‘जानता हूँ महाराज! मृत्युदण्ड’’ बालक ने उत्तर दिया।
तो इतना जानते हए भी तुम मेरी हत्या करने क्यों ...
- महिलाएँ तो आजीवन पूरे सिर पर शिखा रखती है और अब तो लड़कों ने जबसे चोटी की उपेक्षा करनी शुरू की है तबसे लड़कियों ने उसे उपेक्षा का प्रायश्चित करना आरम्भ किया है और वे दो चोटी रखने लगी हैं?... महिलाओं की यह सांस्कृतिक चेष्टा सराही जायेगी। एक विशेष सम्प्रदाय के संन्यासी शिखा सहित पूरे सिर का म...
- महीने में कितने रुपये आप पान-सिगरेट में व्यय करते हैं?... प्रतिदिन कम से कम ५-६ सिगरेट और दो-चार पान आप प्रयोग में लेते हैं। बढ़िया सिगरेट या बीड़ी-माचिस आपकी...
- माँ उन्हें देखकर कितनी प्रसन्न होंगी?... और भाई-बहनें? ...कहेंगे कि वाह, क्या बढ़िया चीज लाया है।
उसने जी कड़ा किया और दोनों अण्डे हाथ में उठा ल...
- माँ की याद आती है?... मैं हूँ न तेरी माँ। तू मेरे पास आ जाया कर। मैं तुम्हारी माँ, बाप सब हूँ। लो पानी पियो।’’ उन्होंने मु...
- माँ के अनुदानों के प्रति सन्तान के हृदय में कृतज्ञता भरी मृदुलता क्यों कर रह सकेगी?... मातृदेवोभव आदि उक्तियाँ निरर्थक हो जाएँगी। मातृ ऋण को लोग क्यों स्वीकार करेंगे या महत्त्व देंगे? यदि...
- माँ के द्वारा दूसरों के समाने डाँटने पर?...
उत्तर- गम्भीर व मौन रहते हुए अपने आवश्यक कार्य में लग जायेंगे। माँ से अकेले में अपनी नाराजगी व्यक्त ...
- माँ चाहती थी कि मैं ढंग के कपड़े पहनकर स्कूल जाऊँ, पर लाती कहाँ से?... एक दिन घर में साबुन के लिये पैसा न था। मैं मैले कपड़े पहनकर स्कूल चला गया। अध्यापक आये। उन्होंने क्ला...
- माँ-पिताजी से कोई वस्तु बार-बार माँगने पर भी न मिलने पर?...
उत्तर- वस्तु की उपयोगिता पर फिर विचार करेंगे। घर की आर्थिक स्थिति को समझेंगे। आपनी माँग पर ज्यादा ज...
- माँगो, क्या माँगती हो?... ’’
पत्नी ने कहा, ‘‘गुरुजी मुझे, ज्ञान, भक्ति और वैराग्य दे दो।’’
पूज्यवर ने मुझसे कहा, ‘‘बाबूभाई...
- माँगो, क्या माँगते हो?... ’’ मैंने भी यही माँगा, ‘‘ज्ञान, भक्ति और वैराग्य।’’
पूज्यवर ने हम दोनों के सिर पर हाथ रखा और दस मि...
- मातंग शबरी की सेवा से बहुत प्रसन्न होकर शबरी के लिये आश्रम में ही भोजन की व्यवस्था करा दी किन्तु शबरी ने उसे अस्वीकार करने हुए कहा-मैं अनाथ हूँ, हरिजन हूँ तो क्या?... रोटी अपने परिश्रम की ही खाऊँगी अपना स्वाभिमान नष्ट न करूँगी। महर्षि ने नाराज होकर उसे आश्रम से निकाल...
- माता-पिता कैसे होंगे?... घरवाले क्या कहेंगे? आदि नाना विचार मेरे मन में आ रहे थे। गुरुजी समझ गये। गुरुजी ने बच्चे को गोद में ...
- माताजी ने मुझे देखा और कहा, ‘‘तुझे, क्या हुआ है छोरी?... ’’ ऐसा कहकर, एक थपकी टाँग पर, एक कन्धे पर और एक पीठ पर दी। बस तीन थपकी दीं और बोलीं, ‘‘बेटी, क्या हो ...
- माताजी बातों-बातों में जान लेती थीं व कहतीं-‘‘लल्लू इतने लम्बे रास्ते से क्यों आता है?... छोटे रास्ते से आया कर।’’
एक दिन मैंने गुरुकुल कांगड़ी के पास दो रुपये का लाटरी टिकट खरीदा पर यह बात...
- माताजी हँसकर बोली, डरती क्यों है?... मैंने तुझे नमकीन हलवा सिखाने के लिये बुलाया है। मैंने देखा, रसोई घर में गैस चूल्हे पर बड़ा सा भगोना र...
- मातृ ऋण को लोग क्यों स्वीकार करेंगे या महत्त्व देंगे?... यदि उसे किसी रूप में स्वीकार भी किया जाए तो कोई पुत्र उसका हिसाब गणितीय ढंग से करके मुक्ति पा सकते ह...
- मात्र 15-20 लोगों के लायक भोजन था, जिसमें 50-60 लोगों ने भरपेट भोजन कर लिया?... जो माँगोगे वही मिलेगा
सुश्री शक्ति श्रीवास्तव
दिनाँक, 14 जनवरी 1982 को पूज्य गुरुदेव हमारे यहाँ गा...
- मादा सारस ने नर से पूछा-स्वामी महर्षि पिप्पल और सुकर्मा की साधना में किसकी साधना श्रेष्ठ है?... नर ने उत्तर दिया-सुकर्मा की क्योंकि वह विरक्त होकर भी संसार की सेवा में जुटा हुआ है, भगवान् भक्ति से...
- माननीय गोखले से एक बार एक सम्पन्न व्यक्ति ने पूछा—'आप इतने राजनीतिज्ञ होते हुए भी गरीबी का जीवन क्यों व्यतीत करते हैं?... ' उन्होंने उत्तर दिया—'मेरे लिए यही बहुत है। पैसा जोड़ने के लिए जीवन जैसी महत्त्वपूर्ण वस्तु का अधिक भ...
- मानव के आन्तरिक शत्रु कौन-कौन से हैं?... (२) अनीति को रोकने के लिए कठोर कदम उठाना क्यों आवश्यक है? (३) समाज की वर्तमान स्थिति में किसी भी व्य...
- मानस पूजा के लिए किन पुष्पों की आवश्यकता है?... आपकी शुभ भावनाएँ, शिव संकल्प, भद्र कल्पनाएँ। इस पूजा के लिए कौन से धूप, दीप, चन्दन चाहिए? आपके सुन्द...
- मारने वाले तो निमित्त मात्र थे, उन पर रोष करने से क्या लाभ?... लड़कियों को घरों से उठा कर ले गये तो कहा गया, जिस लड़की का अन्न जहाँ बदा है, जिसके साथ इसका जूरी-संयोग...
- मास्टरजी को पूछते, ‘‘ऐसा क्यों, ऐसा क्यों नहीं?... इससे क्या होगा? ऊँचा क्यों, नीचा क्यों नहीं?’’ मास्टर साहब सिखाते रहे। सात दिन बाद उन्होंने आना बन्द ...
- मिशन का पैसा, बेटे को मकान बनाने के लिये दे दूँ?... क्या मुझे चोर समझ रक्खा है? बेईमान-उचक्का समझ रक्खा है?’’
अब तो कहने वाले भाई की सिट्टी-पिट्टी गुम ...
- मुक्त होने पर यदि किसी लोक में अकेला ही रहना पड़े तो उस सुनसान में क्या सुख मिलेगा?... भगवान तो बहुत कार्यव्यस्त हैं, उनके पास बैठे भी रहे तो क्या लाभ? यदि उनमें घुल जायें तो अस्तित्व ही ...
- मुझसे कोई गलती हो गई है क्या?... मैं डरते-डरते माताजी के पास पहुँची। माताजी हँसकर बोली, डरती क्यों है? मैंने तुझे नमकीन हलवा सिखाने क...
- मुझे आज भी इस बात का आश्चर्य है कि उन्हें मेरा मुम्बई का एड्रेस कैसे मिला?...
इसके बाद 1976 में मैं हरिद्वार आया। मैं होटल में ठहरा था। गुरुदेव से मिलने शान्तिकुञ्ज आया। उस समय...
- मुझे कैसे मिलेंगे?... उसने मुझे बताया कि यह हमारे गुरु, पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य जी हैं। तुम इनसे मिलकर आ रही हो, यह कैस...
- मुझे चोट आई होगी तो मेरे काम का क्या होगा?... मैंने गुरुजी का ध्यान किया और गायत्री मंत्र जपने लगा। मैं भी गिर पड़ा था मोटर साइकिल मेरे ऊपर थी। मुझ...
- मुझे जगाया और बोले, ‘‘कहाँ भटक गये थे?... ’’ बस! उसी दिन से मैं गुरुदेव का हो गया।
वर्ष 1978 में गुरुदेव ने मुझे एक कागज पर अपने हाथ से गायत्...
- मुझे मर जाने दिया होता, क्यों बचाया?... ’’ उन्होंने मुझे समझाया, ‘‘बेटी! जीवन बहुत कीमती है।’’ फिर मेरी सारी समस्या सुनी और मुझे समझा-बुझा क...
- मुझे सींग हैं या नहीं?... मैं दूध देती हूँ क्या? मैं शाकाहारी हूँ या माँसाहारी? इत्यादि।
सामान्यतः १५ से २० प्रश्नों में उत्तर...
- मुस्कराते हुए धीरे-धीरे बिस्तर के पास व्यस्त डाक्टर, नर्सों के बीच आकर खड़ी हो गईं और कहा, ‘‘क्या हो गया?... ’’ सिर पर हाथ फेरा। एक क्षण रुकीं, कहा, ‘‘ठीक हो जाएगा।’’ और धीरे-धीरे पंपिंग किया। धड़कन पुनः प्रारं...
- मूर्ख या चमचे इर्द-गिर्द करके, उनके बीच रंगे सियार द्वारा वनराज बनने का ढकोसला भर खड़ा किया जा सकता है पर, उससे मिलता क्या?... परोक्ष व्यंग, उपहास अपने साथ जो गहरी अवज्ञा छिपाये रहते हैं? उससे लोकसेवक, विदूषक स्तर का बनकर रह जा...
- मूढ़ परम्पराओं ने इन कुरीतियों को धार्मिकता के साथ जोड़ दिया है, इस स्थिति को कब तक सहन किया जाता रहेगा?......
- मेंहदी ले जाकर दूँगा?... ’’ कहकर मैं मेंहदी लिये बिना ही नीचे आ गया।’’
मुक्ति दीदी-‘‘कुछ समय बाद मैं किसी काम से गुरुजी के प...
- मेरा कहा मानो तो मार्डन तस्वीर बनाओ, फिर देखो तुम रातों-रात किस तरह चमकते हो?...
यह मार्डन तस्वीर क्या बला होती है? राउल्ड ने उत्सुकतावश पूछा, क्योंकि इस नये शब्द को उसने पहली बार ...
- मेरा काम करोगे?... तो मेरी गायत्री को घर-घर पहुँचा दो।’’ मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘इसके लिए मुझे क्या करना होगा?’’ गुरुजी...
- मेरा दोस्त सुनकर हैरान रह गया कि गुरुजी को कैसे मालूम हुआ?... गुरुजी के चरणों में श्रद्धावनत होकर उसने माफी माँगी और आगे से ऐसा न करने की कसम खाई। तब गुरुदेव ने उ...
- मेरा पूरा परिवार घबरा गया कि अचानक यह क्या हो गया?... दिन में चार-पाँच बार मुझे खून की उल्टी हो जाती थी। मेरा मुँह कड़वा होता और एकाएक लगभग आधा गिलास खून न...
- मेरी आवाज़ सुन रहा है?... तूने वसन्त पर्व पर यज्ञ करने का संकल्प लिया है, वसन्त पर्व पर नहीं, 13-14 जनवरी को यज्ञ करना। हमने अन्...
- मेरी क्या इच्छा हो सकती है?... ’’ प्रह्लाद ने कहा-मुझे कुछ नहीं चाहिए। भगवन्! मुझे कुछ नहीं चाहिए। जो सेवक कुछ पाने की आशा से अपन...
- मेरी छोटी सी बेटी है, उसका क्या होगा?... रोते-रोते पूरी रात बीत गई, मेरे आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
सुबह चार बजे मुझे गुरुजी के दर्शन...
- मेरी यह गन्दी आदत कैसे छूटे और मुख कैसे शुद्ध हो?...
साधु ने समझाया -‘पश्चात्ताप करने तथा फिर ऐसा न करने की प्रतिज्ञा करने से बुरी आदत दूर हो जायेगी। मध...
- मेरी स्थिति देखकर एक व्यक्ति ने पूछा, ‘‘भाई साहब काँप क्यों रहे हैं?... क्या बात है?’’ मैंने पूरी राम कथा सुनाई। उन्होंने कहा, ‘‘भाई साहब, पूरी धोती लाल हो गई है। ट्रेन तो ...
- मेरे पति नाराज भी हुए, ‘‘बस भी करो, कितना रोओगी?... ’’
जब हम अखण्ड दीप दर्शन करने गए तो जीजी, डॉ. साहब वहीं पर बैठे थे। जीजी ने मुझसे पूछा, ‘‘मैं इतना...
- मेरे बाप-दादों की सम्पत्ति केवल एक घर ही है, वह आज नीलाम होगा, अब हम लोग कहाँ रहेंगे?... आपने उसका पता पूछ लिया।
अगले दिन आप कचहरी में गए और उसके नाम तेईस सौ रुपया जमा करा आए। उधर वह आदमी द...
- मेरे बार-बार आग्रह करने पर एक दिन गुरुजी ने डाँट लगाई, बोले, ‘‘मैं कोई राजेश खन्ना हूँ?... देवानंद हूँ? जो तू मेरी रिकार्डिंग करेगा?’’ अब उनसे दुबारा निवेदन करने का मेरा साहस नहीं था। फिर भी ...
- मेरे मन में आया कि मैं भी देखूँ गुरुजी कहाँ जा रहे हैं?... मैं साइकिल पर उनके पीछे-पीछे हो लिया। थोड़ा डर भी लग रहा था कि कहीं देख लिया तो, पर मैं चलता गया। देख...
- मेरे मन में बार-बार विचार आने लगा कि पूर्णाहुति पर गुरुजी माता जी को क्या दूँ?... मेरे पास पैसे कम थे अतः मैंने पूर्णाहुति के दिन गुरुजी माताजी की आरती उतारी, पूजा की व अपनी चूड़ी, हा...
- मैं अछूत हूँ क्या?... मुझसे कुछ भी जवाब देते नहीं बना। फिर मैं सहज होकर ठीक से बैठ गया। ऐसे थे गुरुदेव! छोटी-छोटी बात का भ...
- मैं अपना पैसा विदेश बैंक में स्थानान्तरित कर दूँ क्या?... चीन लगातार आगे बढ़ रहा है, भारत का क्या होगा?’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘इसकी जरूरत नहीं, युद्ध 7 दिन में बन्द...
- मैं इतने बड़े मन्दिर का प्रबन्ध कैसे कर सकूँगा?... ’
धनी पुरुष ने कहा- ‘मुझे बहुत विद्वान् नहीं चाहिए। मैं तो एक भले आदमी को मन्दिर का प्रबन्धक बनाना चा...
- मैं इन चित्रों की जगह-जगह प्रदर्शनी लगाकर समाज की विभिन्न समस्याओं के प्रति जनचेतना उभारूँगा और लोगों को उनके प्रति जागरूक करूँगा?... भड़ाकने और यौन-उन्माद उत्पन्न करने अथवा प्रेरणाहीन तथाकथित आधुनिक चित्र बनाने को मैं कला की श्रेणी मे...
- मैं कर्ता नहीं हूँ, फिर मेरा बन्ध-मोक्ष कैसे?... जब वह समझ जाता है कि मैं क्या हूँ? तब उसे वास्तविक ज्ञान हो जाता है और सब पदार्थों का रूप ठीक से देख...
- मैं किस प्रकार अन्याय का शिकार बनाया जा रहा हूँ?... वह अधिक बोझ लद जाने पर कष्ट का और हरी घास मिल जाने पर शान्ति का अनुभव करता है, पर हमारी तरह सोच नहीं ...
- मैं क्या करूँ, गुरुवर?... मेरा मार्गदर्शन करने की कृपा करिये।’’
गुरुदेव को हमने इतनी ध्यानमग्न मुद्रा में पहली बार देखा। फिर ...
- मैं क्या बताऊँ?... ’’ हमने कहा-‘‘हमारी दृष्टि बहुत स्थूल है। आपकी दृष्टि सूक्ष्म है। आप उनके बारे में हमें समझाएँ।’’ तो...
- मैं क्या सेवा करूँ?... ’’ तो गुरुजी ने कहा, ‘‘तुम, लंगर की व्यवस्था सँभाल लो।’’ तब वे बोले, ‘‘गुरुजी! तब तो मैं यज्ञ नहीं क...
- मैं क्या हूँ?... तब उसे वास्तविक ज्ञान हो जाता है और सब पदार्थों का रूप ठीक से देखकर उसका उचित उपयोग कर सकता है। चाहे...
- मैं चित्त नहीं हूँ, फिर मुझे शोक-मोह कैसे?... मैं कर्ता नहीं हूँ, फिर मेरा बन्ध-मोक्ष कैसे?जब वह समझ जाता है कि मैं क्या हूँ? तब उसे वास्तविक ज्ञा...
- मैं झूठ कहता हूँ?... ’
बालक ने अपने सिर को लटका दिया। बोला-‘नहीं, नहीं, मैं कदापि ऐसा नहीं करूँगा।’ इतना कहकर वह तेजी से ...
- मैं झूठ बोल रहा हूँ क्या?... मैं, गुरुजी के साथ था। मैं तो यह सोच रहा था कि आप कैसे हैं, जो गुरुजी को अकेले भेजकर खुद घर पर रह गय...
- मैं तपश्चर्या करना चाहता था, पर करता कैसे?... समर्पित को स्वेच्छा आचरण की सुविधा कहाँ? जो मैं चाहता था, वह गुरुदेव के मुख से आदेश रूप में कहे जाने...
- मैं तो यह सोच रहा था कि आप कैसे हैं, जो गुरुजी को अकेले भेजकर खुद घर पर रह गये?... ’’
हम दोनों का वार्तालाप गुरुजी अन्दर लेटे-लेटे सुन रहे थे। उन्होंने हमें बुलाया और कहा, ‘‘क्या लड़क...
- मैं दूध देती हूँ क्या?... मैं शाकाहारी हूँ या माँसाहारी? इत्यादि।
सामान्यतः १५ से २० प्रश्नों में उत्तर मिल जाना चाहिए। उत्तर...
- मैं पेड़ पर रहता हूँ या भूमि पर?... जंगल में रहता हूँ या गाँव में? मुझे सींग हैं या नहीं? मैं दूध देती हूँ क्या? मैं शाकाहारी हूँ या माँ...
- मैं प्राण नहीं हूँ, फिर भूख-प्यास मुझे कैसी?... मैं चित्त नहीं हूँ, फिर मुझे शोक-मोह कैसे? मैं कर्ता नहीं हूँ, फिर मेरा बन्ध-मोक्ष कैसे?जब वह समझ जा...
- मैं शाकाहारी हूँ या माँसाहारी?... इत्यादि।
सामान्यतः १५ से २० प्रश्नों में उत्तर मिल जाना चाहिए। उत्तर न बता पाने पर उसे छोटा सा दण्ड...
- मैं सोचती थी कि पत्ती-पत्ती में भगवान कैसे हो सकते हैं?... इसकी स्पष्ट अनुभूति मुझे उस समय हुई जब हम गुरुदेव को लखनऊ छोड़ कर वापिस लौटे।
परम पूज्य गुरुदेव को व...
- मैं सोचती थी जाने कैसा लगता होगा?... बस में से जब मुझे गहरी खाई दिखाई दी तो मुझे बहुत डर लगने लगा। साँस फूलने लगी, घबराहट होने लगी। इतने ...
- मैं स्वीकृति सूचक संकेत के अतिरिक्त और कहता ही क्या?... वे अन्तर्ध्यान हो गए।भावी रूपरेखा का स्पष्टीकरण नन्दन वन के प्रवास का अगला दिन और भी विस्मयकारी था। ...
- मैं ही इतना पैसा क्यों लगाऊँ?... ’’ फिर उनके छोटे-छोटे काम जो सहज होते जाते थे, कभी पता ही नहीं चलता था, अटकने लगे। वे घबराये। फिर एक...
- मैंने अपना थोड़ा बहुत परिचय दिया और फिर उनसे पूछा, ‘‘आप सब कहाँ से आये हैं?... ’’ उन्होंने बताया ‘‘हम सब लखनऊ के मेडिकल कॉलेज से आये हैं। यह हमारी पूरी डॉक्टरों की टीम है।’’
अब त...
- मैंने अपने ही-हाथों से कमा कर ५० डालर बैंक में जमा किये हैं स्वामी जी को कहते ही बना कि ऐसे न होते तो तुम लोग इतने समृद्ध कैसे हो जाते?... (२) तितली हँसकर बोली-मधुमक्खी बहन तुम्हारा जीवन भी व्यर्थ है दिनभर-काम से ही फुरसत नहीं। मेरी ओर तो...
- मैंने कहा, आप बड़े प्रसन्न और स्वस्थ दिख रहे हैं पर इतने दुबले क्यों हैं?... वे बोले, ‘‘मेरा यह शरीर तुम लोगों के चरित्र, चिन्तन और व्यवहार से बना है और तुम लोग इस मामले में दुबल...
- मैंने कहा, ‘‘आचार्यजी, यह सब मैं कैसे कर पाऊँगी?... ’’ तो बोले, ‘‘मैं जो तुम्हारे साथ हूँ।’’ जब कभी मथुरा आदि जाना पड़ता तो वे ऊपर से खिड़की में से देखते ...
- मैंने कहा, ‘‘जी गुरुजी,’’ आवाज आई ‘‘तू मुझे देख रहा है?... मेरी आवाज़ सुन रहा है? तूने वसन्त पर्व पर यज्ञ करने का संकल्प लिया है, वसन्त पर्व पर नहीं, 13-14 जनवरी...
- मैंने गाइड से पूछा कि इसका क्या कारण है?... गाइड ने पदार्थ विज्ञान के अनुसार कुछ तर्क देने का प्रयास किया, जो मेरे गले नहीं उतरा। मैंने कहा यह ब...
- मैंने गुरुजी से पूछा कि आपने यह चित्र कैसे उतारा?... क्या आपके पास कैमरा था? गुरुजी ने कहा, ‘‘नहीं, जिस गुरु पूर्णिमा में मुझे गुरुजी के दर्शन करने थे, स...
- मैंने पूंछा आपने पहले देखा था?... नहीं मैंने गुरुजी को ४ वर्ष बाद देखा था वे वैसे ही थे। इसके बाद ही कोई व्यक्ति कैसा है मुझे आभास होन...
- मैंने पूछा कि आचार्यजी कहाँ हैं?... एक परिजन ने बताया कि कमरे में हैं। उनके पास दो-तीन महिलाएँ बैठी थीं। उनमें से एक महिला ने पूछा कि गु...
- मैंने पूछा भी कि अब कार्यक्रम का क्या होगा?... तब वे हँसकर टाल गये थे और बोले, ‘‘कार्यक्रम की व्यवस्था भी हो जायेगी।’’
मैंने भटनागर जी से कहा, ‘‘ग...
- मैंने पूछा, ‘‘गुरुजी, आपकी तबियत ठीक है?... गुरुजी ने कहा, ‘‘हाँ।’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुजी, मैं डॉक्टर हूँ, आपकी आँखें लाल हैं।’’ गुरुजी बोले, ‘‘हा...
- मैंने पूछा, ‘‘बाकी पाँच कहाँ हैं?... ’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘ये पाँचों विदेश में हैं और अपने-अपने ढंग से काम कर रहे हैं।’’
विशिष्ट चर्चाएक ब...
- मैंने भी कुछ आध्यात्मिक प्रश्र किया था गुरुदेव ने मेरे प्रश्रों को पढ़ा बोले बेटा अभी तुम नये-नये आए हो सारी चीजों को समझ जाओगे पहले तुम अपनी शारीदिक बात बताओ कोई कष्ट है क्या?... कोई और तुम्हारी अपनी बात है क्या। मैंने कहा पिताजी आप तो सब जानते हैं कोई खास कष्ट नहीं है। बोले नही...
- मैंने माताजी के चरण स्पर्श किये और पूछा, ‘‘गुरुजी कैसे लिखते हैं?... ’’ माताजी बोलीं, ‘‘बहुत तेज लिखते हैं और कलम उठाते ही नहीं।’’ मैंने पूछा, ‘‘क्या वे भी मुझे आप की ही...
- मैंने यह स्वप्र पत्नी को बताया और कहा सम्भवतः आज ही वह पत्र भी आ जाए?... आते ही मेरे पास माइंस पर भिजवा देना। प्रातः 8:00 बजे पोस्टमैन आया और एक्सप्रेस डिलीवरी पत्र दे गया। ...
- मौत नहीं माँगूँ तो क्या माँगूँ?... गुरुजी से जब मैं मिली तो उन्होंने कहा, ‘‘बेटी मैं तेरा पिता हूँ, तू मेरी बेटी है। इसको अच्छी तरह समझ...
- मौन-नितान्त एकाकी पुरुषार्थ क्या कुछ कर सकेगा, अन्त में श्रद्धा का बीजारोपण कर कैसे वांछित प्रयोजन पूरा कर सकेगा?... इसे विश्व स्तर पर देखा जा सकना अगले दिनों सम्भव होगा। इतिहास भी इस तथ्य का साक्षी है कि जब-जब भी बिग...
- यथा तुम मेरे यहाँ क्यों नहीं आए?... तुमने अपने जन्मदिन की पार्टी पर हमें तो बुलाया नहीं? ऐसी बातों में बच्चा स्वाधीन नहीं होता, यह जानते...
- यदि अकारण दी होतीं तो वह पक्षपाती कहलाता और समस्त जीव-जन्तु परमात्मा से शिकायत करते कि अकेले मनुष्य को ही वे लाभ क्यों दिये?... इस प्रश्न का उत्तर एक ही है कि परमात्मा ने मनुष्य को अपने प्रतिनिधि एवं सहयोगी के रूप में इसलिए सृजा...
- यदि अन्य लोग जो सार्वजनिक समस्याओं के समाधान के लिए घर से निकलते हैं, वे सभी ऐसा सोच लें तो संसार में सेवापरक गतिविधियाँ चलेंगी ही नहीं?... परिणाम क्या होगा, यह सोचे बिना अपनी सामर्थ्य और स्थिति के अनुसार प्रयास प्रारम्भ कर देना सेवा भाव की...
- यदि इतनी सम्पत्ति और उसका बढ़ता हुआ मायाजाल संसार का पेट भरने में खर्च होता तो आज की दुनियो कैसी होती?... अस्पतालों में लाखों नर-नारी रुपये की मार से या अभाव से बीमार पड़े हैं तथा लाखों नर-नारी धन के लिए जे...
- यदि उनकी आधारशिला हिल जाये, एक-दूसरे को झूठा, ठग, जालसाज ओर विश्वासघाती जाने बैठें तो परस्पर निर्वाह कैसे होगा और सहयोग की गाड़ी के पहिये साथ-साथ कैसे लुढ़केंगे?... एक झूठा व्यक्ति अपने दुर्व्यवहार से अनेक को आतंकित एवं आशंकित करता है इससे व्यापक क्षेत्र में अनिश्च...
- यदि उस धर्म प्रेरणा में कोई सार न होता तो यह लोग इतना कष्टसाध्य, निस्पृह जीवन क्यों बिताते और क्यों इतनी दुर्गम यात्राएँ करके धर्म सन्देश सुनाने के लिए दूरवर्ती देश-देशान्तरों में भ्रमण करते?... तपस्वी भिक्षुओं के प्रखर व्यक्तित्व से अनेकों राजाओं, विद्वानों और प्रतिभाशाली लोगों ने प्रभावित होक...
- यदि उस परिवर्तन के लिए साहस न जुटाया जाये तो वही पुराने ढर्रे की अस्त-व्यस्त जिन्दगी जीनी पड़ेगी?... मस्तिष्क में न जाने कितने प्रकार के असंबद्ध, अनर्गल और अनुपयुक्त विचार चिरकाल से ऐसा अड्डा जमाये बैठ...
- यदि उसका उपयोग भले काम में होता है तो इसमें हानि क्या है?... (६) कहीं राग, कहीं द्वेष, कहीं रोष, कहीं क्लेश देख कर पिप्पल का मन सामाजिक जीवन से विरक्त हो गया। व...
- यदि उसका उपयोग भले काम में होता है, तो इसमें हानि क्या है?... 15—सज्जनों को संगठित करने, अनीति से लोहा लेने और नवसृजन की गतिविधियों में पूरी रुचि लेंगे।कोमल और सौ...
- यदि उसे एक बार भी आत्मानन्द का चस्का लग जाता तो दर-दर पर क्यों धक्के खाता फिरता?... हम जानते हैं कि इन पंक्तियों को पढ़ते समय तुम्हारा चित्त वैसी ही उत्सुकता और प्रसन्नता का अनुभव कर र...
- यदि ऐसा न होता तो तीन मंजिला १५ कमरों का मकान वर्षों से क्यों खाली पड़ा रहता?... आप समझ-बूझकर भी उसमें रह रहे हैं। नुकसान उठायेंगे।’’ इतना सस्ता और इतना उपयोगी मकान अन्यत्र मिल नहीं...
- यदि ऐसा हुआ, तो उन रंगीन सपनों का क्या होगा, जो हमने बड़ी साध के साथ जीवन भर सजाए और सँजोए हैं?... — अखण्ड ज्योति, अगस्त १९७०, पृष्ठ ५६१२. सदुपयोग क्षमता सम्पन्न बनें—आज धन, शिक्षा और साधनों की प्रच...
- यदि दोनों को धनी बनना है तो दोनों को एक दूसरे को क्या देना होगा?... ऐसी कौन सी चीज है, जिसके आदान-प्रदान से दोनों ही धनी बनेंगे?’’
बालक अनेक विकल्प देने का प्रयास करते ...
- यदि नहीं तो समझायें?... (४) व्यक्ति अपने को यदि अप्रसन्न समझता है तो क्यों? (५) प्रसन्नता किस प्रकार प्राप्त किया जा सकती है...
- यदि नहीं पहचाना तो क्या होगा?... आदि-आदि।
इसी प्रकार सोचते-सोचते, ताँगा पकड़ा व शान्तिकुञ्ज पहुँची। पूज्य गुरुदेव नीचे ही मिल गये। दे...
- यदि परमसत्ता का ही मन एकाकी नहीं रमा, उसने एकाकीपन से ऊबकर मनुष्य समेत यह सृष्टि रची, तब उस सृष्टि का एक अंश मनुष्य एकाकी कैसे आनन्द पा लेगा?... शक्ति का अर्जन और शक्ति की उपयोगिता दोनों ही समूह के बीच ही सार्थक हो सकते हैं। मन को उत्कृष्टताओं स...
- यदि फिल्म उद्योग का उद्देश्य लोकशिक्षण रहा होता तो हजार वर्ष की गुलामी से उठे इस देश के पिछड़े लोकमानस को परिष्कृत करने के लिए फिल्म उद्योग अति महत्त्वपूर्ण भूमिका सम्पादित कर सकता था पर जिनने पशु-प्रवृत्तियों के उभारने के सस्ते तरीके अपनाकर अपनी जेबें भर लेने की ठान-ठानी हो, उनसे कोई क्या कहे और कहने का क्या परिणाम निकले?... एक उपाय यह था कि आदर्शवादी फिल्म उद्योग का गठन किया जाये। लोक-शिक्षण का प्रयोजन पूरा करने वाली फिल्म...
- यदि यह बात मन में समा जाए, तो फिर हमारी वाणी में सदा शिष्टता और मधुरता ही क्यों न घुली रहेगी?... अपने कष्ट के समय हमें दूसरों की सहायता विशेष रूप से अपेक्षित होती है। इस बात को ध्यान में जाए, तो फि...
- यदि यह सच है तो हम अपने हित की बात ही क्यों न सोचें?... यहाँ हमें सुख और हित का अन्तर समझना होगा। सुख केवल हमारी मान्यता और अभ्यास के अनुसार अनुभव होता है, ज...
- यदि यहीं-इसी प्रकार जीवन की इतिश्री होनी है, तो फिर उसका डरते हुए क्यों?... हँसते हुए ही सामना क्यों न किया जाए? यह विचार उठे तो नहीं, बल पूर्वक उठाने पड़े। पूरा रास्ता डरावना थ...
- यदि वह और आगे बढ़ा तो जमीन पर गिर जाएगा, पर क्या करता?... आगे बढ़ना ही जिसके जीवन का एकमात्र लक्ष्य हो।
उसने देखा वह रेलवे मालगोदाम के पास आ गया है। वह उसी तरफ...
- यदि वह भी पक्षपात करता, तो भला इतनी ऊँची जज की पदवी कैसे पा सकता था?... हमारा गुप्त मन खुफिया जासूस की तरह हर घड़ी साथ-साथ रहता है और जो-जो भले-बुरे काम किए जाते हैं, उनका ...
- यदि साहस साथ दे तो हाथ, पैर, आँख, मुख और मन-बुद्धि इतनों का निरन्तर साथ रहने पर डरने का क्या कारण हो सकता है?... वन्य पशुओं में कुछ ही हिंसक होते हैं। फिर मनुष्य निर्भय रहे, उनके प्रति अन्तः से प्रेम भावना रखे तो ...
- यदि हम ऐसा न करें तो क्या होगा?... (३) अन्याय और पुण्य दोनों ही किस प्रकार मानवीय प्रगति में सहायक हैं? (४) यह ठीक है कि हमें किसी को ठ...
- यदि होती तो द्रौपदी का चीर उनकी आँखों के सामने कैसे खींचा जाता?... वनवास काल में जहाँ-तहाँ छिपे रहकर जिस-तिस की नगण्य सी नौकरियाँ क्यों करते फिरते? हमारी क्षमता नगण्य ...
- यरि हाँ तो किस तरह?... (६) हमें अपना स्वभाव सन्तुलित बनाये रखने के लिये क्या-क्या उपाय करने चाहिए? (७) दूरदर्शी और विवेकवा...
- यशस्वी बनने का सच्चा उपाय कौन सा है?... ११. समर्थता कैसे प्राप्त होती है? कथाएँ —— (१) भोज ने सारे राज्य को दावत दी। चारों ओर से नर-नारी आ-...
- यह अन्तर जिसकी दृष्टि में स्पष्ट हो गया वह काया की सुख-सुविधा, इन्द्रियों की लिप्सा और झूठी वाहवाही, शानशेखी का महत्त्व न देकर इस बात को महत्त्व देता है कि आत्मकल्याण और आत्मविकास जैसे महान प्रयोजन के लिए लाखों वर्षों बाद भूले हुए इस अमूल्य मानव जीवन का श्रेष्ठतम सदुपयोग कैसे करें?... इसी धुरी के इर्द-गिर्द उसकी आकांक्षा, अभिलाषा, विचारणा घूमती है और रीति-नीति का निर्धारण होता है। इस...
- यह अलग बात है कि उसे उभारने वालों की अग्रिम पंक्ति में कौन था?... नेतृत्व किसने किया और श्रेय किसे मिला?
यह आवश्यकता अनुभव हुई कि प्रतिगामी परिस्थितियों को बदला ज...
- यह आपको गालियाँ देता है?... ’
बाबा जी ने कहा-‘हाँ भैया, देता तो है, पर मैं लेता कहाँ हँॅू। जब मैं लेता नहीं तो सब वापस लौटकर इसी...
- यह आवश्यकता कौन पूरी करे?... माता भारती हमारी ओर आशा भरी आँखों से देखती है। अन्तरिक्ष में उसकी अभिलाषा इन शब्दों में गूँजती है-जना...
- यह उन्हें किस पाप की सजा मिल रही है?... उन्होंने अपने जीवन का अवलोकन किया, कहीं कुछ नहीं मिला। फिर विगत जीवन का अवलोकन किया। देखते-देखते पूर...
- यह किस प्रकार क्या करेगा?... इसकी चर्चा से सर्वसाधारण को यह विदित हो सकेगा कि भावी महान परिवर्तन में वे किस-किस प्रकार अपनी भूमिक...
- यह कैसे बने?... इसके लिए एक तरीका यह है कि स्थूल शरीर को बिल्कुल ही छोड़ दिया जाए और जो करना है, उसे पूरी तरह एक या अ...
- यह कैसे बने?... इसके लिए एक तरीका यह है कि स्थूल शरीर को बिल्कुल ही छोड़ दिया जाय और जो करना है, उसे एक तरह या अनेक स...
- यह कोई छद्म तो नहीं है?... अदृश्य में प्रकटीकरण की बात भूत-प्रेत से सम्बन्धित सुनी जाती है और उनसे भेंट होना किसी अशुभ अनिष्ट क...
- यह कौन समझ पाता?... सन्त सहज ही दूसरों को सम्मान देते रहने के अभ्यस्त होते हैं। इसी सन्त सुलभ-शिष्टाचार के अन्तर्गत लोग उन...
- यह कौन है?... आश्चर्य। उस छवि ने बोलना आरम्भ किया व कहा—‘‘हम तुम्हारे साथ तीन जन्मों से जुड़े हैं। मार्गदर्शन करते ...
- यह कौन हैं?... कहाँ रहते हैं? मुझे कैसे मिलेंगे? उसने मुझे बताया कि यह हमारे गुरु, पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य जी है...
- यह क्या है?... ’’ तो गुरुजी ने कहा, ‘‘माताजी के इसी दिव्य प्रकाश और शक्ति से शान्तिकुञ्ज और युग निर्माण योजना संचाल...
- यह क्या हो रहा है?... ऐसा क्यों दिख रहा है?’’ पुनः उन्हीं दृश्यों की फिर पुनरावृत्ति हुई। फिर तीसरी बार भी हुई। आँखें खोली...
- यह खाएँगे क्या?... रहेंगे कहाँ? इन दिनों सब विपत्तियों-विभीषिकाओं से विषाक्त वायुमण्डल धरती को नरक बना देगा। जिस हवा मे...
- यह जीव-जन्तु क्या तुम्हारे अपने नहीं?... फिर सूनापन कैसा? हमारी यात्रा चलती रही। साथ-साथ चिन्तन भी चलता रहा। एकाकी रहने में मन पर दबाव पड़ता ह...
- यह तो ठीक है कि आपने मुझे नकल करने के लिए संकेत किया था, पर भगवान् तो सब जगह मौजूद हैं, कोई स्थान उनसे खाली नहीं, इसलिए नकल कैसे करता?... ऐसी सच्ची बात सुनकर अध्यापक को रोमांच हो आया। उसने बालक को पास बुलाया और आशीर्वाद दिया कि एक दिन संस...
- यह दुमुँही नीति बरती जाती रही तो मानव-समाज में सुख-शान्ति कैसे कायम रह सकेगी?... कोई व्यक्ति अपनी जरूरत के वक्त कुछ उधार हमसे ले जाता है तो हम यही आशा करते हैं कि आड़े वक्त की इस सहा...
- यह देखकर उनके पास बैठे सज्जन बोले ‘मिस्टर शा, इतनी स्वादिष्ट चीजों के होते हुए भी आप यह क्या खा रहे हैं?... ’
जार्ज बर्नार्ड शा ने बड़ी विनम्रता से उत्तर दिया, ‘मेरा पेट कब्रिस्तान नहीं है महोदय! इसमें केवल सा...
- यह देखकर उन्हें हृदय में शंका हुई कि सारे संसार को चलाने वाले शिवजी अगर अपने ऊपर से एक चूहे को नहीं हटा सकते, तो वे मेरी क्या रक्षा करेंगे?...
उन्होंने अपने पिता को जगाया और उन्हें अपनी शंका बताई। उन्होंने उत्तर दिया- बेटा, सच्चे शिव तो कैलाश...
- यह देखने कि नवजात शिशु को कौन लेने वाला है, और कैसे पालेगा?... वह यज्ञ स्थल पर पहुँची तो अपार भीड़ देखकर और गुरुजी से मिलकर वह बहुत प्रभावित हुई। फिर गुरुजी से बोली...
- यह पूँजी कहाँ से आई?... कहाँ से जुटाई? इसके लिए मार्गदर्शक ने पहले ही दिन कहा था—जो पास में है, उसे बीज की तरह भगवान के खेत ...
- यह बात किसी को समझ में नहीं आ रही है?... हिम्मत है? तो इस बकरे को काटकर दिखाओ। उस साधु के सिंह नाद में वह गर्जना थी कि जो व्यक्ति थोड़ी देर पह...
- यह भावना मनुष्यों में जाग्रत करने के लिये हमें क्या प्रयत्न करना चाहिए?... (८) यह कभी आपको पिता-माता या परिवार वालों की तरफ से अनीति को मानने का आग्रह किया जाय तो क्या आप आग्र...
- यह भी क्या कि बड़ोंं की आज्ञा के बिना कुछ न कर सकें?... ऐसे जीने से लाभ क्या? इससे तो जीवन का अन्त कर देना ही अच्छा है।
पर करें कैसे? किसी ने कहा था कि धतूर...
- यह भी विचारणा चाहिए कि बोलने, सोचने, पढ़ने की, उपार्जन, गृहस्थ, शिक्षा, चिकित्सा, वाहन, मनोरंजन आदि की जो भी सुविधाएँ किसी भी प्राणी को नहीं मिलीं, केवल मनुष्य को ही भगवान ने क्यों दी?... यदि अकारण दी होतीं तो वह पक्षपाती कहलाता और समस्त जीव-जन्तु परमात्मा से शिकायत करते कि अकेले मनुष्य ...
- यह मन्त्र जाप आयु सम्बन्धी विचार साधना के सिवाय और क्या होता था?... गायत्री मन्त्र की साधना का भी यही रहस्य है। इस मन्त्र का जाप करने वालों को बहुधा ही तेजस्वी, समृद्धि...
- यह मैंने प्रथम मिलन की तरह उन्हें आश्वासन दे दिया, पर एक ही सन्देह रहा कि इतने विशालकाय कार्य के लिए जो धन शक्ति और जन शक्ति की आवश्यकता पड़ेगी, उसकी पूर्ति कहाँ से होगी?... मन को पढ़ रहे गुरुदेव हँस पड़े। ‘‘इन साधनों के लिए चिन्ता की आवश्यकता नहीं है। जो तुम्हारे पास है, उसे...
- यह रोगी स्वयं कहाँ जानता है?... उसे चिकित्सक के अनुशासन में चलना पड़ता है। बच्चे अपनी दिनचर्या तभी ठीक रख पाते हैं, जब अध्यापक का निर...
- यह सब देखकर ब्राह्मण दौड़ कर उसके सामने गया और प्रणाम कर कहा, ‘‘भले पधारे माताजी, हमारे लिये क्या आदेश है?... ’’ ब्राह्मण को देखते ही लड़की एकदम आक्रोशित होकर बोली, ‘‘तुमने मेरे भक्त को बहुत दुखी किया है, मैं तु...
- यह सिलसिला कुछ दिन तक चला, अचानक एक दिन विचार उठा कि ऐसा काम क्यों करना, जो बड़ों से छिपाना पड़े और जिसके लिये चोरी करनी पड़े?... बात उठी। और वहीं की वहीं दब गयी।
फिर उभरी और पराधीनता दिन पर दिन खलने लगी। यह भी क्या कि बड़ोंं की आज...
- यह सुनकर वह नास्तिक बोल पड़ा-यह भी कभी हो सकता है?... लड़के ने तुरन्त उत्तर दिया-यदि यह तस्वीर बिना बनाये नहीं बन सकती तो इतना बड़ा संसार बिना कर्ता के कैसे...
- यह स्थिति कैसे उत्पन्न हुई?... इसका उत्तर है कि धरती की व्यवस्था सँभालने का उत्तरदायित्व स्रष्टा ने मनुष्य को सौंपा है। साथ ही उसे ...
- यह ‘‘भारत माता है’’ ऐसा कह कर भिन्न-भिन्न शहर कहाँ पर हैं?... यह अन्य बालकों से पूछें। सिर पर जम्मू-काश्मीर, छाती पर ‘‘दिल्ली’’ बायें हाथ के मध्य पर ‘‘गुवाहटी’’ म...
- यहाँ ठण्ड है, चाय नहीं पियेगा तो मरेगा क्या?... चल! चाय पी।
कभी-कभी परिजनों को डाँट कर भी भोजन करा देतीं। एक बार एक परिजन श्री एस. एन. सिंह जी आये।...
- यहाँ तक कहा जाता है 'इसने तो गजब कर दिया, अभी से सिगरेट पीने और हजामत करने का शौक लगा है, आगे जाकर, राम जाने क्या करेगा?... ' यही दशा छोटी लड़की की होती है। वह माँ का अभिनय करते समय ड्रेसिंग मेज के पास खड़ी हो पाउडर बिन्दी ल...
- युग की माँग क्या है?... (१०) विवाहोत्सव की योजना के सही आधार क्या हैं? कथाएँ —— (१) दिल्ली की अदालत में एक गबन की केस आया। ...
- युग की माँग क्या है?... (१०) विवाहोत्सव की योजना के सही आधार क्या है?...
- युद्ध में योद्धा का पराक्रम और साहस ही जीतता है, पर प्रत्यक्षतः लड़ाई तो हथियारों से होती है, भले ही वे लोहे जैसी सस्ती धातु के ही क्यों न बने हों?... शास्त्र गहन अध्ययन के आधार पर लिखे जाते हैं, पर वह कृत्य तो उँगलियों के सहारे कागज-कलम की सहायता से ...
- युधिष्ठिर बोले श्रीमान् जी पाठ तो याद हो गया है पर वह जीवन में उतरे नहीं तब तक उसकी क्या सार्थकता?... अध्यापक और विद्यार्थी यह सुनकर अवाक् रह गये। (३) ऑफिस सैनिकों को डाँटे जा रहा था फिर भी लकड़ी का लट्...
- युवक बोला-महात्मन् आप पागल हुये हैं रुपयों के लिये शरीर कटवा दूँ?... टालस्टाय बोले-नहीं बेटा! में यह कब कह रहा हूँ मैं तो समझा रहा हूँ कि एक लाख का शरीर लेकर भी तुम दुर्...
- युवक बोला-सुना है उन्होंने तारा की शादी सुग्रीव और मन्दोदरी की विभीषण से करादी थी क्या यह विधवा विवाह नहीं थे?... पण्डित जी को कुछ बोलते नहीं बन रहा था। (५) एक सर्वेक्षण के अनुसार सन् १९१५ से लेकर अब तक भारतवर्ष में...
- ये ऐसी पुस्तकें हैं जो आपको यह बतलावेंगी कि कैसे जीना चाहिए, क्या करना चाहिए?... आपकी धारणा में उत्तम ज्ञान भर देगी, कल्पना में उत्तम चित्र अंकित कर देंगी। श्रेष्ठ मनोभावों को उभार ...
- ये कहाँ से आएँ?... आज तो इनका अभाव दीखता है। रात्रि के सन्नाटे को चीरती हुई प्रातःकाल में जिस प्रकार चिड़ियों की चहचहाहट...
- ये निपुणतादायक पदार्थ क्या है?... अच्छा पौष्टिक भोजन, जिसमें अन्न, फल, दूध, तरकारियाँ, घृत इत्यादि प्रचुर मात्रा में हों, टिकाऊ वस्त्र...
- यों अनुशासन कैसे चलेगा?... विद्यार्थी उनकी बात कैसे मानेंगे?
वे काफी दिन तक सहन करते रहे, लेकिन जब उन्होंने देखा कि उपकुलपति के...
- यों घर बैठे भी भोजन मिलने का प्रबन्ध ऐसे लोगों के लिए कठिन नहीं है, पर अहंकार गलाने का तो कोई न कोई स्वरूप चाहिए ही, इनके बिना साधु कैसा?... ब्राह्मण कैसा? लोकसेवी कैसा?
गाँधी जी के आश्रम में निवासियों को टट्टी साफ करने, झाडू लगाने जैसे छो...
- यों बड़े और दुस्साहसपूर्ण कदम ही बड़े प्रयोजन पूरे कर सकते हैं, पर वैसा न बन पड़े तो न कुछ से कुछ होना भी क्या बुरा है?... किसी प्रकार, किसी कदर, कुछ कदम तो हमें बढ़ाने ही पड़ेंगे। शुभारम्भ श्रीगणेश तो करना ही होगा।
भगवा...
- यों मरना अभी देर में है, पर जब परस्पर मिलने-जुलने और हँसने-खेलने, सुनने और समझने की सुविधा न रही, एक-दूसरे से दूर-समीप के आन्नद से वंचित रहकर जीवित भी रहे, तो यह आनन्द उल्लास जिसे पाने का आदी यह मन बन चुका है, कहाँ मिल सकेगा?... * जिनके असीम स्नेह जलाशय में स्वछन्द मछली की तरह क्रीड़ा कल्लोल करते हुए लम्बा जीवन बिता चुके, अब उस...
- योग कितने प्रकार के होते हैं?... (४) योग का प्रयोजन और सदुपयोग क्या हैं? (५) ज्ञान योग किस प्रकार बन्धन खोलता है? (६) कर्मयोग की व्या...
- यौन कार्य अत्यन्त जिम्मेदारियों से लदा हुआ माना जाएगा, उसमें हाथ डालने से पहले दोनों पक्षों को सौ बार विचार करना पड़ेगा कि आखिर हम क्या करने जा रहे हैं और इसका परिणाम हम दोनों को दो परिवार वालों को-सारे समाज को कितने दिन तक कितनी कष्टसाध्य प्रक्रिया के साथ भुगतना पड़ेगा?... कामुकता का वर्तमान माहौल गैर जिम्मेदारी की चरम सीमा है। इस सन्दर्भ में नए विचार नए प्रचलन करने में क्...
- रवि मेर्हर बोले-दे क्यों नहीं दिए पराई वस्तु की कामना क्यों की जाए?... ठीक है कहकर वह उन्हें शयनागार में ले गई जहाँ तीनों बच्चों के शव पड़े थे। मेर्हर फूट-फूट कर रोने लगे त...
- राजकुमारी की आँखों से आँसू टपकने पर और कहने पर कि ‘‘को वेदान् उद्धरस्यसि?... ’’ अर्थात्—‘‘वेदों का उद्धार कौन करेगा?’’ इसके उत्तर में कुमारिल भट्ट ने कहा था कि—‘‘अभी एक कुमारिल ...
- राजा ने विस्मय से पूछा-‘‘आपने मेरे लिये समाधि क्यों भंग की?... उपासना क्यों बन्द कर दी?’’ सन्त मधुर वाणी में बोले-‘‘वत्स! भगवान् की इच्छा है कि उनके संसार में कोई ...
- राजेन्द्र बाबू बोले और इसमें क्षमा याचना की क्या बात?... इतनी देर में अपने कपड़े सुखा लिए। क्योंकि बदलने के लिए दूसरे कपड़े न थे। (५) जेल में गाँधीजी के साथ-सा...
- राय से हमारे भाई ने पूछा, ‘‘कब तक खतरे से बाहर हो जायेंगी?... ’’ उन्होंने कहा, ‘‘चार-पाँच दिन तक कुछ कहा नहीं जा सकता।’’ उसी दिन शाम को बड़ी बहिन ने चिट्ठी लिखकर ब...
- रिश्तेदार-दलाल सब आश्चर्य चकित थे यह क्या हुआ?... मुझे उस जमीन के काफी पैसे मिले। मैंने गुरुजी की शक्तिमान कर सब स्वीकार किया।साक्षात अन्नपूर्णा का भण...
- रोजा ने पूछा-आपने मुँह क्यों काला किया?... साधु ने कहा-लोग मुझे कलंकित करें इससे अच्छा था मैं ही अपने आपको कलंकित कर लूँ ताकि साधु-वेष तो कलंकि...
- रोते-झींकते, देर-सवेर में जब करना ही पड़ेगा, तो आत्मग्लानि और लोकनिंदा का कलंक ओढऩे की क्या आवश्यकता?... असामयिक आलस्य प्रमाद को छोड़ ही क्यों न दिया जाए? — अखण्ड ज्योति, अगस्त १९६९, पृष्ठ ३७. श्रद्धा है, ...
- लाखों-करोड़ों मील दूर दिन-रात चक्कर काटते हुए अपनी मौत के दिन पूरे करने वाले ग्रह-नक्षत्र भला हमें क्या सुख-सुविधा प्रदान करेंगे?... उनको छोड़कर सच्चे ग्रहों का पूजन आरम्भ करें, जिनकी थोड़ी-सी कृपा-कोर से ही हमारा सारा प्रयोजन सिद्ध हो ...
- लादने वाले के साथ मेरा क्या सम्बन्ध है?... मैं किस प्रकार अन्याय का शिकार बनाया जा रहा हूँ? वह अधिक बोझ लद जाने पर कष्ट का और हरी घास मिल जाने ...
- लेकिन इस सबका प्रभाव क्यों नहीं पड़ता?... क्यों एक लेखक की कलम कुत्सा भड़काने में ही निरत रहती है एवं उस साहित्य को पढ़कर तुष्टि पाने वालों की स...
- लेकिन फिर ये असमंजस पैदा हुआ कि पत्नी की प्रसूति का समय इसी बीच आ सकता है, तो जाऊँ कि न जाऊँ?... इससे पहले भी वह एक बार किसी कारणवश नहीं आ पाए थे। सो इस अवसर को वह चूकना नहीं चाहते थे। उनकी पत्नी श...
- लेकिन मुझे तुम्हारे बराबर कोई दरिद्र व्यक्ति नहीं मिला, क्योंकि जो इतने बड़े राज्य का अधिपति होकर भी दूसरे राज्य पर चढ़ाई करने जा रहा हो और इसके लिए युद्ध में अपार संहार करने को उद्यत हो रहा हो, उससे ज्यादा दरिद्र कौन होगा?... ’
राजा का क्रोध शान्त हुआ और अपनी भूल पर पश्चात्ताप करते हुए उसने वापिस अपने देश को प्रस्थान किया।
...
- लेकिन, आप भीतर कैसे आ गईं?... बाहर जाइये, पाण्डेजी की तबियत अचानक खराब हो गई थी, अब ठीक है। कृपया आप बाहर जाइये, हमें अपना काम करन...
- लेने की इच्छा न रखने वालों को भी उस ऐश्वर्य में से यथोचित लाभ मिलता हो पर आज की स्थिति का उस समय से क्या मुकाबला और आज उस तरह के अनुकरण का क्या सवाल?... कमरतोड़ महँगाई और जीवनयापन और शिक्षा, चिकित्सा आदि के भारी खर्च वाले इस जमाने में जबकि समय काटना मुश्...
- लोक सेवा इन दिनों क्या होनी चाहिए?... —लोकसेवा इन दिनों क्या होनी चाहिए, इसकी जानकारी दूरदर्शी विवेकवानों को समय-समय पर कराई जाती रही है औ...
- लोगों ने कहा-तुम्हारा धन किसके काम आयेगा विवाह कर लो तो उन्होंने कहा-कमाई पुत्रों को ही मिले यह क्या बात?... उन्होंने कहा-समाज का हर बच्चा मेरा बच्चा है। यह कहकर उन्होंने एक अनाथ विद्यालय खोल दिया और अपना सारा...
- लोभ और मोह की जटिल जंजीरे वैसी ही टूटती दीखेंगी जैसे कृष्ण जन्म के समय बन्दीगृह के ताले अनायास ही खुल गए थे?... यों मायाबद्ध कृमि कीटकों के लिए वासना और तृष्णा की परिधि तोडक़र परमार्थ के क्षेत्र में कदम बढ़ाना लगभ...
- लड़का खीझकर बोला-कहीं एक सींक से सफाई होती है?... बुहारी हो तो लाओ? पिता बोला-बेटा जिस तरह एक सींक अकेली सफाई नहीं कर सकती एक व्यक्ति अकेला उन्नति नही...
- लड़कियों की जान को जोखिम में डालकर विवाह का हर्षोत्सव मनाने वाले अभिभावक किस प्रकार समझदार कहे जायें और कैसे माना जाये कि वे अपने बच्चों को सच्चा प्यार करते हैं?... बाल-विवाह के शिकार लड़के प्रसव पीड़ा में तो नहीं मरते पर उनकी भी कम दुर्दशा नहीं होती। रुग्ण शरीर, रुग...
- लड़कियों को घरों से उठा कर ले गये तो कहा गया, जिस लड़की का अन्न जहाँ बदा है, जिसके साथ इसका जूरी-संयोग लिखा-बदा है, जहाँ दुःख-सुख इसे भोगना है वहीं तो यह रहेगा-इस विधि-विधान के प्रतिकूल रोष करने से क्या बनेगा?... मुट्ठी भर विदेशी, रोमांचकारी, लूट-खसोट और नृशंस उत्पीड़न करते रहे और हमें कहा गया-भगवान की इच्छा के ब...
- लड़की ने मुझसे प्रश्न किया-‘‘बताइये, अब मैं क्या करूँ?... ’’
वहाँ तो इज्जत का सवाल था। अतः जैसे-तैसे उसे ढाढस दिया। कहा, ‘‘बेटी, भगवान की इच्छा स्वीकार करो।...
- लड़की पर चढ़ाने के लिए इतने महँगे कपड़े किस काम के जिन्हें पहनकर वह बन्दर जैसी अजनबी और बिल्कुल कृत्रिम लगे?... घर में जैसे पहने जाते हैं उससे ड्यौढ़े-दूने दाम तक के कपड़े वर-वधू को दिये जा सकते हैं, पर नाटकों में ...
- लड़के ने तुरन्त उत्तर दिया-यदि यह तस्वीर बिना बनाये नहीं बन सकती तो इतना बड़ा संसार बिना कर्ता के कैसे बन सकता है?... (३) अपने साथी को मेंड़ पर खड़ा लड़का चिल्लाया-भागो खेत का मालिक खड़ा है। दोनों भागे दूर जाकर रुके तब प...
- वनवास काल में जहाँ-तहाँ छिपे रहकर जिस-तिस की नगण्य सी नौकरियाँ क्यों करते फिरते?... हमारी क्षमता नगण्य है, पर मथुरा जितने दिन रहे, वहाँ रहकर इतने सारे प्रकट और अप्रकट कार्य जो हम करते ...
- वर्ष में एक बार उनका जन्म-दिन आता तो वे एक-दूसरे को सर्वोत्तम भेंट दिया करते?... दैवयोग से व्यापार में घाटा शुरू हुआ और यहाँ तक हुआ कि डोरिस दाने-दाने को मोहताज हो गया। फिर विवाह की...
- वह अपना अपमान लगता है और बैर को बाँध लेता है, जैसे किसी से कहा जाय ‘‘आप बड़े गलत आदमी हैं, ऐसे काम क्यों करते हैं?... ’’ तो उस वाक्य में व्यक्ति के प्रति घृणा की भावना ही व्यक्त होती है। कहने वाला भले सदाशयी हो पर वह अ...
- वह अपने सम्बन्धियों से मिलने घर गया तो उस स्त्री से भी मिला और पूछा-यहाँ कोई नैपोलियन नामक लड़का पढ़ता था, आप उसे जानती है?... इस पर स्त्री बोली-हाँ था एक नीरस किताबी कीड़ा। नैपोलियन हँसकर बोला-श्रीमती जी! यदि वह उन दिनों नीरस न...
- वह आयेगी कहाँ से?... आत्म रक्षा को महत्त्व देने वाली समर-नीति समझौतों की चर्चा की इजाजत नहीं देती। पुरानी बात अलग थी, जब ...
- वह कितने प्रकार की होती है?... (३) क्या स्वर्ग एवं नरक की मान्यतायें सही है? (४) सूक्ष्म व स्थूल शरीर में क्या भेद है। (५) क्या मुक...
- वह किन्हें होता है (७) अधिकांश लोग किस प्रकार के कर्मकाण्डों से आत्म-सन्तोष किये बैठें?... क्या उनसे कुछ लाभ है। (८) पूजा उपासना का सच्चा मतलब क्या है। (९) ईश्वर की प्रसन्नता के कौन-कौन केन्द...
- वह कुछ निराश हो गई और सोचने लगी कि अब क्या करे?... तभी उसकी आँखें चमक उठीं। उसके हाथ में कुछ दिनों पूर्व ही बनवाए कपड़े थे। यह कपड़े उसने पाई-पाई जोड़कर अ...
- वह कैसे निकले?... जब कोई उपाय दिखायी न दिया, तब सोचा गया कि साथी के हाथ में सोने का जो ठोस कड़ा था, क्यों न उसमें से थो...
- वह क्या होती है, कैसी होती है?... यह तो हम लोग नहीं जानते, किन्तु यह जरूर जानते हैं कि पूज्य गुरुदेव सबके मन की बात जान लेते थे। वे अन्त...
- वह देखना चाहता था कि तवा न मिलने पर ये सब क्या करते हैं?... ज्ञानेश्वर की पीठ पर चील्हे बनते देख उसे बड़ी जलन हुई। जाकर कुत्ते को वही पकड़ लाया था। मुक्ता के शब्द...
- वह बोला अच्छा, ‘‘तो क्या माँगोगी?... ’’ मैंने कहा, ‘‘मौत।’’ वह बोला, ‘‘मौत वो नहीं देंगे। और कुछ नहीं माँग सकती?’’ मैं चुप हो गई, वह भी ब...
- वह बोला-पाँव बँध दूँगा तो चलूँगा कैसे, घर कैसे पहुँचूँगा?... अब दयानन्द हँसे और बोले-समाज का आधा भाग एक पैर स्त्रियाँ रूढ़ियों की रस्सी से बाँध दी जायें तो भारती...
- वह भी कैसे चुप रहता?... पूरे जिले के प्रशासन की बैठक हुई। वातावरण ऐसा बन गया था कि कब क्या हो जाय? अतः पुलिस भी पूरी तरह चौक...
- वह यह देखकर हैरान थे कि दिन भर तो ताला लगा रहता है और रात को ये वृद्ध कहाँ से आ जाते हैं?... लेकिन वे लगातार आते रहे और 9-10 दिन के बाद एक रात जब उन्होंने पड़ोस वाले घर में ताला देखा तो उस घर मे...
- वह यही सोचता रहेगा कि जब अच्छा समय आयेगा तब वह सब कुछ अपने आप ठीक हो जायेगा यदि अपने भाग्य में नहीं है, तो मेहनत करने पर भी क्यों मिलेगा?... ऐसे भाग्यवादी व्यक्ति न अपने पुरुषार्थ पर विश्वास करते हैं और न पूरे उत्साह से किसी काम में लगते हैं...
- वह युवक कुछ न बोला, टालस्टाय बोले-दूसरा हाथ भी काटकर देदे तो बीस हजार, आँखें देदे तो चालीस हजार, पाँव भी देदे तो साथ हजार, जीभ, कान, नाक, के भी दस-दस हजार ले ले?... युवक बोला-महात्मन् आप पागल हुये हैं रुपयों के लिये शरीर कटवा दूँ? टालस्टाय बोले-नहीं बेटा! में यह कब...
- वह विचार करने लगा कि अब आत्म-रक्षा के लिए क्या उपाय करना चाहिए?...
सोचते-सोचते राजा इस निर्णय पर पहुँचा कि मधुर व्यवहार से बढ़कर शत्रु को जीतने वाला और कोई हथियार इस प...
- वह स्वयं उनकी सेवा में पहुँच इसका कारण पूछने लगा कि स्वादिष्ट और बढ़िया भोजन छोड़कर आपने नीच लालू का रूखा भोजन क्यों पसन्द किया?... नानक जी ने कहा कि तुम भी अपना भोजन ले आओ। जब भोजन आ गया तो नानक जी ने एक हाथ में लालू की सूखी रोटी औ...
- वह हैरान हो कर कहने लगे ऐसा कैसे हो सकता है?... इतने दिन से खून की उल्टी हो रही है और हीमोग्लोबिन नार्मल है? मुझे खून की उल्टियाँ बराबर हो रही थीं, ...
- वहाँ कौन थे?... फिर क्या हुआ?' आपके ऐसे प्रश्न बच्चे को दूसरे की बातों में दखल देने की प्रेरणा देते हैं।...
- वहाँ कौन है?... तुरन्त जा और उसे लेकर आ। मर भी गई होगी तो भी तू उठा लाना, यहाँ हम उसे जिन्दा कर लेंगे। भास्कर को गाड़ी ...
- वहाँ जो देखने को इन दिनों भी मिलता है, उससे यह पता लगता है कि भारत किन मान्यताओं और आदर्शों के कारण उन्नति के उच्च स्तर पर पहुँचा था और शान्ति का सन्देश सुदूर क्षेत्रों में पहुँचाने में किन परम्पराओं के कारण सफल हुआ?... आज कई बातों में थाईलैंड इसे ऐसी शिक्षाएँ और प्रेरणाएँ दे सकता है, जिन्हें अपना कर हम प्रस्तुत दुर्गत...
- वहाँ पर जीवन खाने-पीने जैसे सुविधा-साधनों का लाभ कैसे उठा सकेगा?... इसी प्रकार यदि सब झंझटों से छुटकारा पाना, सब लाभों से वंचित हो जाना ही मुक्ति हो तो सामाजिक प्रकृति ...
- वहीं आसपास जो ग्रामीण टहल रहे थे, उन्हें बुलाकर पूछा, ‘‘इस गाँव में कोई वृद्ध बीमार है?... ’’
‘‘हाँ, ऐसे तो कई लोग हैं।’’ ग्रामीणों ने जवाब दिया। पूज्यवर ने कहा, ‘‘उन्हें मेरे पास ले आओ।’’
...
- वातावरण ऐसा बन गया था कि कब क्या हो जाय?... अतः पुलिस भी पूरी तरह चौकन्ना थी। किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिये वहाँ पुलिस छावनी बन गई ...
- वायु न हो तो आकाश का उपयोग क्या रहेगा?... इसी प्रकार आदित्य की निर्भरता द्युलोक पर है।
मन्त्र बड़ा है, उसमें कितने ही युग्मों का उदाहरण देक...
- वासना और तृष्णा की पूर्ति में कौन व्याकुल नहीं हैं?... पेट और प्रजनन के लिए किसका चिन्तन नियोजित नहीं है। अपने परिवार को हमने बड़े आदमियों का समूह बनाने की ...
- वास्तव में क्या किया जाना चाहिए?... (४) सद्बुद्धि के संस्थापन हेतु क्या किया जाना चाहिए? (५) ‘ज्ञानयज्ञ’ अभियान से क्या समझते हो।...
- वाहवाही के लोभी किस प्रकार के ढोंग रचते हैं?... ८. बुद्धि व्यभिचारिणी कैसे हो जाती है? ९. आनन्द किस में है? १०. यशस्वी बनने का सच्चा उपाय कौन सा है?...
- विकास की जो योजनाएँ क्रियान्वित की जाती हैं, उनका परिपालन होता है या नहीं?... उनका लाभ नागरिकों को मिलता है या नहीं?
वे एक गाँव से गुजर रहे थे। छद्म वेश में थे, इसलिए कोई पहचान न...
- विकिरण फैलने पर उसकी परिणति समस्त क्षेत्र को ही सहनी पड़ती है, भले ही उसमें मित्र-समुदाय ही क्यों न रहता हो?... समस्त विश्व के प्रत्येक घटक को अपनी विभीषिका-परिधि में चपेटे हुए इस अणु युद्ध की सम्भावना को आज की म...
- विचारों के उत्पादन का स्रोत क्या है?... (९) विचारों की भूल का प्रायश्चित परिमार्जन कैसे किया जाये। कथाएँ —— (१) एक तहसीलदार देखने में तो बद...
- विज्ञ पाठकगण यदि ध्यान देंगे, तो उन्हें अनुभव होगा कि प्रस्तुत लेखन चेतना के किस स्तर से उतर कर आया है?... उन्होंने स्वयं अपनी कलम से अखण्ड ज्योति पत्रिका के जून 1984 से जून 1986 तक के अंकों में अपनी इस साधन...
- विद्यार्थी उनकी बात कैसे मानेंगे?...
वे काफी दिन तक सहन करते रहे, लेकिन जब उन्होंने देखा कि उपकुलपति के व्यवहार में कोई परिवर्तन होने वा...
- विद्वान पिता के विवेकवान् पुत्र ने पूछा-पिताजी यह कच्चे धागे गले में डालने का क्या मतलब है?... पिता बोला-मनुष्य जीवन को विवेक से बाँधकर रखा जाये ताकि मनुष्य सांसारिक आकर्षणों में ही उलझ कर न रह ज...
- विधवा ने कहा-मुनिवर आपने भूल की, मेरे तो एक अत्यन्त अमूल रत्न है?... मुनि ने चारों तरफ दृष्टि दौड़ाई, कुछ दिखा नहीं। वे पूछ बैठे क्या वह रत्न मुझे भी दिखायेगी।...
- विधाता हँसे और बोले (१) तेरे हाथ काँपे , (२) दाँत टूट गये, (३) आँखों से कम दिखने लगा, (४) बाल पक गये चार संकेत देने पर भी तू न सम्भला तो इसमें मेरा क्या दोष?... (५) दो पड़ोसी -एक ईमानदार और ईश्वर भक्त दूसरा छल कपट से धन कमाता और सांसारिक सुख भोगता। पहला आदमी य...
- विभिन्न देवता क्या हैं?... उनकी अलंकारिक कल्पना क्यों की गई? २. ‘एक सद् विप्रः बहुधा वदन्ति’ से क्या समझते हो। ४. शंकर जी की गं...
- विलम्ब क्यों लगता?... युग चेतना के रूप में महाकाल की अवतरण प्रक्रिया का परिचय हम सब इन्हीं दिनों प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त ...
- विवेक का अन्तःकरण में प्रादुर्भाव होते ही कुविचार कहाँ टिकेंगे और कुविचारों के हटते ही अपना पशु जीवन, देव जीवन में परिवर्तित क्यों न हो जाएगा?... कुछ मूढ़ताएँ, अन्ध परम्पराएँ, अनैतिकताएँ, संकीर्णताएँ हमारे सामूहिक जीवन में प्रवेश पा गई हैं। दुर्बल ...
- विवेक शीलता का तकाजा क्या है?... (४) किस जीवन को सार्थक माना जा सकेगा? (५) आध्यात्मिक प्रगति के कौन-कौन से पक्ष हैं? (६) दिनचर्या बना...
- विश्राम की बात न सोचें, अहर्निश एक ही बात मन में रहे कि हम इस प्रस्तुतीकरण में पूर्णरूपेण खपकर कितना योगदान दे सकते हैं?... कितना भार उठा सकते हैं? स्वयं को अधिकाधिक विनम्र बनाएँ, दूसरों को बड़ा मानें। स्वयंसेवक बनने में गौर...
- विसंगतियों से बचने के साथ जब इस तथ्य पर विचार किया जाता है कि ‘कैसे हों नये - श्रेष्ठ समाज के नागरिक?... ’ तो बालकों में सुसंस्कारिता के जागरण संवर्धन का महत्त्व और भी अधिक बढ़ जाता है।
बच्चों में सुसंस्का...
- वीजा और पैसे का इन्तजाम कैसे होगा?... और वहाँ भी आप मेरी रक्षा करना।’’ गुरुजी बोले, ‘‘पहले तू अपना चौथा प्रश्र भी बोल दे’’ यतीन्द्र ने पॉक...
- वे ईमानदार रहें तो आखिर रहें कैसे?... ईमानदारी से इतना विपुल धन कमा लेना सामान्य मनुष्य के लिए असम्भव है।हमें विचार करना होगा कि शादियों क...
- वे कहाँ मिलेंगे?... सभी संस्थाओं के पास वेतन भोगी हैं। वे भी चिह्न पूजा करते हैं। हमें ऐसे जीवनदानी कहाँ से मिलेंगे, पर ...
- वे क्या हैं, क्या करना चाहते हैं, इसे उनके अलावा कौन समझे?... वे स्वयं अपने बारे में कहें, तो शालीनता टूटती है, यदि न बताएँ तो लोगों तक सत्य कैसे पहुँचे? इसलिए वे...
- वे गुरुजी से बोलीं, ‘‘गुरु जी, हमने कौन सा पाप किया जो हमारा सारा सामान चोरी हो गया?... ’’ इस पर गुरुजी ने पहले उन्हें थोड़ा समझाया फिर मजाक करते हुए कहने लगे, ‘‘राम के जमाने में तो रावण सी...
- वे धर्म-प्रसंग में तो हस्तक्षेप नहीं करते, पर यह अवश्य ध्यान रखते हैं कि जनता के दिए हुए तथा शासन से मिले धन का उपयोगी प्रयोजनों में ही खर्च किया जाता है या नहीं?... कहीं अपव्यय तो नहीं होता?
थाईलैंड कृषि-प्रधान देश है। वहाँ ८४ प्रतिशत लोग खेती करते हैं, पर वे अ...
- वे परीक्षाएँ थीं, सो पूरी हो जाने पर लौटते समय कठिनाइयों का सामना करना भी क्यों पड़ता?... हम एक वर्ष बाद घर वापस लौट आए। वजन १८ पौंड बढ़ गया। चेहरा लाल और गोल हो गया था। शरीरगत शक्ति काफी बढ़ी...
- वे बोले, ‘‘छत पर सफेद धोती-कुर्ते वाला कौन है?... ऊपर जाने का रास्ता किधर है?’’ और घर के एक व्यक्ति को आगे करके वे सीढ़ियों की तरफ गये। वे सीढ़ियाँ चढ़ ह...
- वे बोले, ‘‘मेरा यह शरीर तुम लोगों के चरित्र, चिन्तन और व्यवहार से बना है और तुम लोग इस मामले में दुबले पड़ रहे हो, आगे देखता हूँ?... ’’
बड़ा विलक्षण प्यार था उनका।लोकेश नाम का एक कार्यकर्ता जिसको गुरुजी ने देश-विदेश के कई स्थानों पर ...
- वे बोले-और तो सब ठीक है पर यहाँ पूरी तरह काम नहीं मिलता-हैरान गवर्नर ने पूछा-यहाँ दूसरे लोग काम से जी-चुराते हैं तब भी आप काम क्यों करना चाहते हैं?... उन्होंने उत्तर दिया-इसलिये कि कहीं मेरी जीवनी शक्ति नष्ट न हो जाये? गवर्नर बड़ा प्रभावित हुआ। यह व्यक...
- वे भला उसका क्या करते?... अतः उन्होंने किसी दरिद्र को यह रुपया देने का विचार किया। कई दिन तक वे तलाश करते रहे, लेकिन उन्हें को...
- वे लोग मुझे कभी-कभार कह भी देते थे कि अकेली वारिस हो, कोई मार डाले तो?... पर मेरे मन में शंका तो दूर ऐसा कोई ख्याल भी नहीं आया कि इनकी बात में कोई सच्चाई भी हो सकती है।
सन् ...
- वे सोचते हैं संसार में इतनी विकृतियाँ हैं, समस्या इतनी विकराल हैं या हजारों लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं हम क्या कर सकते हैं?... सेवा कार्य तो आरम्भ हुआ नहीं कि उसके परिणाम पर दृष्टि पहले गयी।...
- वे स्वयं अपने बारे में कहें, तो शालीनता टूटती है, यदि न बताएँ तो लोगों तक सत्य कैसे पहुँचे?... इसलिए वे शालीनतापूर्वक हलके से; किन्तु स्पष्ट संकेत भर कर देते हैं। शेष बात समझदारों पर छोड़ देते हैं...
- वे सड़े, घुने और बास वाले तो नहीं हैं?... आटा या तो स्वयं घर पर हाथ की चक्की से तैयार कीजिए अथवा कराइए। बिजली की चक्की में पिसा आटा प्राणशक्ति...
- वे हमें देखते ही मानो डाँटते हुए से बोले, ‘‘बेटा जयंतिलाल, गाँव वाले तेरा क्या बिगाड़ लेंगे, जो मैं तेरे साथ हूँ?... गाँव वालों से तुम इतना डरते क्यों हो? मेरे रहते तुम्हारा बाल भी बाँका नहीं हो सकता। चिन्ता मत करना।’’...
- व्यक्ति की पूर्णतः निजी सत्ता जैसी कोई चीज है ही नहीं, तब पूर्णतः निजी उपासना कैसे हो सकती है?... उपासना का उद्देश्य चेतना का विस्तार, आनन्द की उपलब्धि, शक्ति का अर्जन और मनोयोग को उत्कृष्टताओं से जो...
- शंकर जी ने तो ऐसा एकबार किया पर मनुष्य गन्दी साँस धुँआ और सड़ादें उत्पन्न किया करते हैं उन्हें जीवन भर यह वृक्ष ही तो पान करके वायु शुद्ध रखते हैं बोलो यह क्या हुए?... महाशंकर-पुत्र ने उत्तर दिया। (३) एक व्यक्ति को स्वर्ग में देखकर महात्मा वपुष चिल्लाए और धर्मराज से ...
- शरीर सज्जा में ही इस अमूल्य अवसर को नष्ट तो नहीं कर रहे?... देश, धर्म, समाज और संस्कृति की सेवा के पुनीत कर्तव्य की उपेक्षा तो नहीं करते?(३) अपने विचारधारा एवं ...
- शर्मा जी ने पूछा, ‘‘रो क्यों रही हो?... ’’ हमने कहा, ‘‘भगवान् गुरुदेव के रूप में आये हैं। वह पत्ती-पत्ती में विराजमान हैं, ऐसा हमें अनुभव हो...
- शिवाजी खड़े रामदास का मुँह ताकने लगे तो वे हँसकर बोले-अरे खड़ा क्या देखता है तू समझता है मेरा काम छोटा है?... अपने देश और जाति के उत्थान की भावना से किया गया हर काम महान् होता है। (७) सार्वजनिक चिकित्सालय के लि...
- शिवाजी ने उससे पूछा-‘तुम कौन हो?... और यहाँ किसलिए आये थे?’
बालक ने कहा-मेरा नाम मालोजी है और मैं आपकी हत्या करने के लिए यहाँ आया था। मह...
- शेख ने अपने को तमाचा मारा और कहा-भगवान् यह क्या कम है कि तूने मुझे पैर तो दिये?... (७) ब्रह्मा जी ने कुत्ता, बिल्ली, बैल भेड़, हाथी, साँप एक-एक कर अनेक जीव बनाये और सबसे पूछते गये तुम...
- शैय्यादान, गोदान आदि मृतक के नाम पर जो लोग लेते हैं वे उन वस्तुओं आदि मृतक के नाम पर जो लोग लेते हैं वे उन वस्तुओं को अथवा अनुदान से प्राप्त शक्ति को परमार्थ कार्य में तो लगाते नहीं, फिर मृतक को उसका लाभ मिलेगा कैसे?... ‘ब्राह्मण वंश का व्यक्ति जो भले ही परमार्थ परायण न हो-दान पाकर पुण्य-फल उत्पन्न कर सकता है।’ यह मान्...
- श्रद्घा से सृष्टा कैसे छुपते?... पत्नी ने कहा, ‘‘आपने इस पर सोचा नहीं। वे स्वयं ईश्वर हैं। राम व कृष्ण स्वरूप। इसलिये ही तो भागवत् व ...
- श्रम से घृणा तो नहीं करते?... (७) परिवार को सुसंस्कारी बनाने के लिए आवश्यक ध्यान एवं समय लगाते हैं या नहीं?(८) आहार सात्विकता प्रध...
- श्री घनश्यामदास बिड़ला जी ने गुरुजी से पूछा, ‘‘आचार्य जी, क्या करूँ?... मैं अपना पैसा विदेश बैंक में स्थानान्तरित कर दूँ क्या? चीन लगातार आगे बढ़ रहा है, भारत का क्या होगा?’...
- श्रीमती यशोदा बहिन जी (मोहाली) जो हमें लेकर आई थीं, प्रणाम के पश्चात् रोज हमें पूछतीं, ‘‘आपने बालक के लिये गुरुजी से बात की?... ’’ हम कहते-‘‘नहीं।’’ तो वह नाराज़ होतीं और कहतीं,‘‘ गुरुजी से कहना था।’’
वापस जाने का समय भी आ गया...
- श्रीराम शर्मा कहाँ हैं?... मैं उनसे मिलना चाहता हूँ।’’
गुरुदेव को मजाक सूझा। उन्होंने कहा-‘‘अरे! अरे! देख नहीं रहे हो! इतने बड़...
- श्लोक में इस गुत्थी को सुलझा दिया है कि स्वर्ग-नरक किस प्रकार मिलता है?... गरुड़ पुराण में इस सम्बन्ध में एक अलंकारिक विवरण दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि यमलोक में ‘चित्रग...
- संग्रह द्वारा घर को कबाड़ीखाना बना देना कहाँ तक ठीक है?... अतः हम अपने जन्मदिन पर बड़ों का आशीर्वाद, मित्रों की शुभकामनाएँ तथा छोटों द्वारा दुआएँ चाहेंगे कि हम ...
- संघर्ष किससे किया जाये?... सूझ-बूझ, सन्तुलन एवं समाधान के लिए प्रतिभा कैसे विकसित हो।...
- सम्भवतः भगवान् महावीर एवं भगवान् बुद्ध ने वेद और ईश्वर के नाम पर फैली विकृतियों के शमन तथा विवेक सम्मत नयी परम्पराओं को स्थापित करने के लिए इस स्तर के साधना पुरुषार्थ किये हों?... युगऋषि ने अपने अवतरण का उद्देश्य ‘नवयुग निर्माण की ईश्वरीय योजना’ को मूर्त रूप देना बताया है।...
- सम्भवतः महर्षि वसिष्ठ ने युगों के क्रम में परिवर्तन-संशोधन के लिए अथवा महर्षि विश्वामित्र ने नये स्वर्ग की रचना के लिए इस स्तर के प्रयोग किये हों?... सम्भवतः भगवान् महावीर एवं भगवान् बुद्ध ने वेद और ईश्वर के नाम पर फैली विकृतियों के शमन तथा विवेक सम्म...
- सच तो है, शिव और शक्ति को भला अलग किया भी कैसे जा सकता है?...
तेरा डिब्बा नहीं चल रहाअन्तिम दिनों में माताजी बीमार रहने लगी थीं। निर्णय लिया गया कि माताजी को गर्...
- सचमुच पशुबलि बन्द हो जायेगी?... अतः पूरा गाँव इकट्ठा हुआ और तय किया कि आठ ऐसे बुढ्ढे जो मरने वाले हों, वे खड़े हो जाएँ व आठों की गर्द...
- सच्चा ईश्वर भक्त, सच्चा अध्यात्मवादी, सच्चा मनुष्य कैसे कहलाए?... और उस जीवनलक्ष्य को प्राप्त करने लिए त्याग-बलिदान की सेवा साधना में संलग्न होने के लिए कितना बढ़-चढ़...
- सच्ची प्रगति क्या है?... ४. भारत विदेशी शासकों से क्यों परास्त हुआ। ५. कामनाग्रस्त व्यक्ति अशक्त क्यों रहते हैं? ६. एषणाएँ कि...
- सज्जनता की परख क्या है?... ३. मिथ्या बोलने से क्या हानि है असत्य कितने प्रकार का होता है। ४. प्रतिष्ठा किसकी स्थिर रहती है? ५. ...
- सत्तो क्या कह रहा है?... जा एकाध झालर लगवा दे।’’
मैंने सत्यप्रकाश जी से चर्चा की व दुकान में आर्डर दे आया। उनके स्तर के अनुर...
- सद्भावना का भार ही क्या कम है जो किसी की सहायता का भार और ओढ़ा जाय?... यह सुविधा भगवान् से लड़-झगड़कर प्राप्त कर लेंगे, पर जिनने समय-समय पर ममता भर प्यार हमें दिया है, हमा...
- सद्विचारों की सृजनात्मक शक्ति से बड़ी शक्ति और क्या होगी?...
विचारों का व्यक्तित्व एवं चरित्र पर प्रभावभावनाओं और विचारों का प्रभाव स्थूल शरीर पर पड़े बिना नहीं...
- सन्त, ज्ञानी, वैरागी, ब्रह्मवेत्ता के लिए इस प्रकार की वेदना अशोभनीय हो सकती है, पर हम उस स्तर के हैं कहाँ?... * लोग प्यार करना सीखें। हममें, अपने आप में, अपनी आत्मा और जीवन में, परिवार में समाज में और ईश्वर में...
- सन्तों के अखाड़े, धर्म, सम्प्रदाय, संस्था, संगठन, बड़ों की इसी प्रतिस्पर्धा में कलह के केन्द्र बने रहते हैं, उनके संचालकों में से कौन बड़े कहलाए?... एक ही संस्था के सदस्य, एक ही लक्ष्य के दुहाई देने वाले आखिर इस कदर लड़ते क्यों है? एक दूसरे को नीचा ...
- सप्ताह में एक समय उपवास, जल्दी सोना, जल्दी उठना, आवश्यक ब्रह्मचर्य का नियम पालते हैं या नहीं?... (९) ईश्वर उपासना, आत्मचिन्तन एवं स्वाध्याय को अपने नित्य-नियम में स्थान दे रखा है या नहीं?(१०) आमदनी ...
- सब उसके प्रति दयाभाव प्रकट कर रहे थे, पर उसे बचाये कौन?... कौन जाता? कोई जाने को तैयार नहीं था। वह भी एक कुत्ते को बचाने! कोई आदमी तो है नहीं जो सीधी तरह नाव प...
- सब को आश्चर्य हुआ कि इतनी जल्दी वे कहाँ चले गये?...
अगले दिन परिजन, अपनी गाड़ी को देखने आये। सभी देखकर हैरान थे कि इतने संकरे रास्ते से बहिनें बाहर कैस...
- सब जीवों के साथ परमात्मा को क्या सरोकार है?... शय्या से उठते ही पहले इस तत्त्व पर मन केन्द्रीभूत कीजिए। तत्पश्चात् जगत में कल्याण भरा है, यह सोचिए।...
- सब लोग जैसा करते हैं, वैसा ही हम क्यों न करें?... विवेक का परम्पराओं की तुलना में परास्त हो जाना, वैसा ही आश्चर्यजनक है जैसा कि बकरे का शेर की गरदन मर...
- सब हैरान थे कि अचानक सुबह तक गोली इतनी पीछे कैसे पहुँच गई?... डी.एम.सी. हॉस्पिटल की पूरी टीम बैठी। फिर से उन्होंने कई ऐंगल से एक्स-रे करके देखा, पर कुछ रहस्य समझ ...
- सबने पानी पिया और सब हैरान रह गये कि खारा पानी, मीठा कैसे हो गया?... तब सबने गुरुजी की शक्ति को पहचाना और उनकी जय-जयकार करने लगे। कोई बीमार है?
(पण्डित लीलापत शर्मा जी, ...
- सभी का उपकार करने के लिए सदैव सरस हृदय वाली तुम्हारे अतिरिक्त और कौन है?... अर्थात् कोई नहीं।
सरस्वती—
शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमां, आद्यां जगद्व्यापिनीं,
वीणापुस्तकधारिणीमभ...
- सभी का मन उदास और भारी है, पर हम क्या कहते?... इतने ऋषि मिलकर जितना भार उठाते थे, उसे उठाने की अपनी सामर्थ्य भी तो नहीं है। उन सबका मन भारी देखकर अ...
- सभी की वस्तुओं की सूची बन गयी, पर अपने कपड़ों के बारे में भी सोचा है कभी?... घिसकर कितने पुराने हो गये हैं, आते समय शर्ट और पैंण्ट के लिये कपड़ा जरूर ले आना।’’ पत्नी ने हिदायत दी...
- सभी घर में आश्चर्य करते कि दोनों छोटे बच्चे इतने सभ्य और नेक हैं, यह बड़ा किस पर पड़ा है?... अब देखिए बड़ों की भूल के कारण ही बड़ा बच्चा समाज में अपना स्थान ठीक से न बना सकेगा। यह उखड़ेपन की भा...
- सभी देखकर हैरान थे कि इतने संकरे रास्ते से बहिनें बाहर कैसे निकलीं?... गाड़ी की हालत देखकर सबको और भी ज्यादा आश्चर्य हुआ कि इसमें सवार लोग बच कैसे गये? और किसी को भी कोई गं...
- सभी मित्रों, सम्बन्धियों ने कहा, ‘तुम पागल हो गये हो क्या?... दिमाग सरक गया है क्या? जो तुम अपनी जमी जमायी फैक्टरी बन्द कर रहे हो।’’ लेकिन मेरी अन्तर्स्थिति को को...
- समझ गया तुम्हारे घर त्यौहार का अर्थ क्या है?... ऐसे त्यौहार से तो बिना त्यौहार अच्छा जिसमें लोग उल्टा शिक्षण ग्रहण कर रहे हों।’’ (४) घर में चहल-पहल ...
- समझ नहीं पाता संसार का दुःखों से उद्धार कैसे करूँ?... परशुराम ने हँसकर कहा-आप संसार में जाकर यज्ञ करायें यज्ञ से संस्कार शुद्ध होंगे आप बाजपेय यज्ञ करायें...
- समय की विपरीतता का कोई क्या करे?... शिखा संरक्षण का वैज्ञानिक महत्त्व है। लघु और दीर्घ मस्तिष्कों के जोड़ने वाले केन्द्र-बिन्दु को अति मह...
- समय जैसी मूल्यवान संपदा का भंडार भरा होते हुए भी जो विनिमय कर धन-ज्ञान तथा लोकहित को नहीं पा सकते उनसे अधिक अज्ञानी किसे कहा जाए?... समय अमूल्य है, समय को जिसने बिना सोचे-समझे खरच कर दिया वह जीवन पूँजी भी यों ही गँवा देता है। यह पूँज...
- समय देखकर गुरु ने पूछा-रामचन्द्र तू शिखा क्यों नहीं रखता इससे पूर्व कि रामचन्द्र कुछ कहे ईसाई और मुसलमान युवक ने पूछा-श्रीमान जी चोटी रखने से क्या लाभ?... गुरु ने पूछा अच्छा आप बतायें गला कस देने वाली टाई और गला खुजलाने वाली दाढ़ी से क्या लाभ? ईसाई बोला-टा...
- समर्थ देखकर ही उनने अपने मनोभाव प्रकट किए, अन्यथा दीन, दुर्बल, असमर्थों के सामने इतने बड़े लोग अपना मन खोलते ही कहाँ हैं?... तुम्हारा समर्पण यदि सच्चा है, तो शेष जीवन की कार्य पद्धति बनाए देते हैं। इसे परिपूर्ण निष्ठा के साथ ...
- समर्थ नागरिक को क्या जानना चाहिए अभी तो ऐसा पाठ्यक्रम तक निर्धारित नहीं हुआ है?... फिर उसे पढ़ाने वाले तंत्र का ढाँचा खड़ा करना तो और भी आगे की बात है। अगले दिनों जनशिक्षा का विशालकाय ढ...
- समर्थता कैसे प्राप्त होती है?... कथाएँ —— (१) भोज ने सारे राज्य को दावत दी। चारों ओर से नर-नारी आ-आकर दावत का आनन्द लेने लगे। कोई र...
- समर्पित को स्वेच्छा आचरण की सुविधा कहाँ?... जो मैं चाहता था, वह गुरुदेव के मुख से आदेश रूप में कहे जाने पर मैं फूला न समाया और उस क्रिया-कृत्य क...
- समाधि खुली तो सर्पराज वहाँ से हट कर अपने बिल की ओर चल पड़े यह देखकर ग्रामीण ने पूछा-भगवान साँप तो जहरीला और गुस्से वाला जीव है आपको काटा नहीं इसने?... बुद्ध हँसकर बोले-तात जो प्राणियों को भी आत्मा और मित्र-भाव से देखता है। उसका प्राणी भी अहित नहीं करत...
- समान हाथ-पैर और मुँह, नाक, कान के होते हुए भी और एक ही वातावरण में रहते मनुष्यों में यह अन्तर क्यों दिखलाई देता है?... इसका आधारभूत कारण विचार ही माने गये हैं। जिस मनुष्य के विचार जिस अनुपात में जितने अधिक विकसित होते च...
- समुचित तत्परता और स्फूर्ति बरती गयी या नहीं?... समय, श्रम और परिपूर्ण मनोयोग से ही काम का स्वरूप निखरता और प्रयोजन पूर्ण होता है।
किसी काम को छोटा...
- सम्भव है या नहीं अपने बूते यह हो सकेगा या नहीं, इसके परिणाम क्या होंगे?... इन प्रश्नों में से एक भी प्रश्न आज तक मन में उठा नहीं। उस दिन मैंने एक और नई बात समझी कि सिद्ध पुरुष...
- सम्भवतः यह उन्हें पहले ही बताया जा चुका होगा कि उनके अधूरे कामों को समय की अनुकूलता के अनुसार पूरा करने के लिए यह स्थूल शरीर धारी बालक अपने ढंग से क्या-क्या कुछ करने वाला है एवं अगले दिनों इसकी भूमिका क्या होगी?... सूक्ष्म शरीर से अन्तःप्रेरणाएँ उमगाने और शक्तिधारा प्रदान करने का काम हो सकता है, पर जनसाधारण को प्र...
- सम्वेदनाओं को न देखा जाए तो माँ बच्चों के लिए इतना कष्ट क्यों सहे?... प्रसव का प्राणान्तक कष्ट क्यों स्वीकार करे? उनके लिए अपने खाने-पीने से लेकर घूमने-फिरने तक पर क्यों ...
- सहज ही चर्चा में उनसे पूछा गया कि गुरुजी आप जबलपुर जायेंगे क्या?... जायेंगे तो कहाँ ठहरेंगे? इस पर गुरुजी ने कहा, ‘‘मैं तो कहीं जाता नहीं। लेकिन यदि जाना ही पड़ा तो जबलप...
- साधना, उपासना का वैज्ञानिक आधार क्या है?... मनः शक्तियों के विकास में साधना उपचार किस प्रकार सहायक सिद्ध होते हैं? ऋषिकालीन आयुर्विज्ञान का पुनर...
- साधु ने पूछा-तात यह तो बताओ घर में सब लोगों में परस्पर एकता, अनुशासन और प्रेम भाव तो है?... गृहस्थ बोला-महाराज यही तो कमी है उसी से तो अशान्ति फैल रही है। साधु ने कहा-तो जाओ और कल से दो घण्टा ...
- सामाजिक आधार पर समझाइए?... (२) सहकारितायुक्त की प्रवृत्ति में आध्यात्मिक आदर्श किस प्रकार जुड़े हुये हैं? (३) स्वार्थी व्यक्ति क...
- सामाजिक कुरीतियों का तो कहना ही क्या?... विवाहोन्माद, मृत्यु-भोज ऊँच-नीच नारी तिरस्कार, बाल-विवाह वृद्ध-विवाह आदि न जाने कितनी प्रकार की कुरी...
- सामाजिक कुरीतियों का तो कहना ही क्या?... विवाहोन्माद, मृत्यु-भोज, ऊँच-नीच, नारी तिरस्कार, बाल-विवाह, वृद्ध-विवाह आदि न जाने कितने प्रकार की क...
- सार्वजनिक स्थानों पर लोग किस प्रकार गन्दगी फैलाते हैं?... (५) मनुष्यता की आरम्भिक शिक्षा क्या है? (६) ईश्वर भक्त से भी पहले नागरिक मर्यादाओं एवं जिम्मेदारियों...
- साहित्य की आज कहीं कमी है?... जितनी पत्र-पत्रिकाएँ आज प्रकाशित होती हैं, जितना साहित्य नित्य विश्व भर में छपता है, उस पहाड़ के समान...
- साढ़े सात सौ सीढ़ियाँ दो-चार मिनटों में कैसे तय की जा सकती हैं?... अतः सबने एक स्वर से उन्हें चमत्कारी बाबा ही माना, जो ऐन वक्त पर अपने शिष्यों की रक्षा हेतु प्रकट हुए...
- सिक्कों का आदान-प्रदान करने के पश्चात् प्रशिक्षक बालकों से पूछता है कि ‘अब कौन धनी बना?... ’
बालक- दोनों के पास पहले भी एक रुपया था और अभी भी एक ही रुपया है।
प्रशिक्षक- इसका अर्थ कोई भी धनी ...
- सिद्ध कीजिए (९) सिद्ध कीजिए कि शकुन, मुहूर्त, कुण्डली, राशिफल, मनुष्य को भयभीत व कमजोर बनाते हैं?... (१०) असफलता का मूल कारण क्या है? ज्ञानयोग, कर्मयोग, भक्तियोग की महान साधना आत्मा और परमात्मा को जोड़ ...
- सिद्ध कीजिये पुराने समय के लोगों के आधार पर?... (२) प्राचीनकाल में शिक्षा का क्या महत्त्व था? (३) आज कैसा व्यवहार हो रहा है शिक्षा तथा यज्ञोपवीत कैस...
- सीढ़ियों की ओर चढ़ना था कि दरबान ने रोक दिया-तुम कौन हो?...
मैं रात्रि में यहाँ विश्राम करना चाहता हूँ।
नीग्रो को ठहरने के लिए इस होटल में कोई स्थान नहीं।
मैं ...
- सुकरात के सम्बन्ध में कहते हैं जब भी वे कोई वस्तु खरीदते या कोई नया साधन जुटाते, तो उसके पहले अपने आप से यह प्रश्न करते कि क्या इस वस्तु के बिना मेरा काम नहीं चल सकता है?... यदि उत्तर हाँ में मिलता है तो खरीदते अन्यथा उस विचार को छोड़ देते थे। कम साधनों में निर्वाह, गौरव और...
- सुख-सुविधा की इच्छा के लिए अब मरने के दिनों की गुंजायश भी कहाँ रही?... शौक-मौज की आयु ढल गई। अब तो कोई और न सही अपना जरा-जीर्ण शरीर भी पग-पग पर असुविधाएँ उत्पन्न करेगा। ऐस...
- सुनकर मैंने उस स्थान को ध्यान से देखकर कहा, ‘‘वहाँ चल सकते हो?... ’’ गाइड दुर्गम क्षेत्र कहकर कतराया। कुछ हमारे प्रभाव के कारण एवं कुछ धन के लालच से आग्रह करने पर वह ...
- सुनते ही गुरुजी बहुत नाराजगी भरे स्वर में बोले, ‘‘वहाँ किसके पास छोड़ आया?... वहाँ कौन है? तुरन्त जा और उसे लेकर आ। मर भी गई होगी तो भी तू उठा लाना, यहाँ हम उसे जिन्दा कर लेंगे। भा...
- सुबह होते ही गुरुजी ने हम तीनों को बुलाया और रावत जी से बोले, तू इस पर नाराज क्यों होता है?... ये मेरी बड़ी प्यारी बेटी है। इस पर नाराज मत हुआ कर।’’ और बोले, ‘‘जाओ।’’ हम लोग लौट आये।उसी दिन मुझे घ...
- सुभाष बोस को समझ में नहीं आया क्या किया जाये?... जब भी कोई ऐसा अवसर आता वे पुस्तकों की शरण जाते। विवेकानन्द की पुस्तक खोली, पढ़ने लगे एक स्थान पर लिखा...
- सूत के कच्चे धागे क्या सामर्थ्य रखते हैं?... पर जब वे इकट्ठे हो जाते हैं, तो इतना मजबूत रस्सा बन जाता है, जो हाथी को बाँध सके। बूँद इकट्ठी होने स...
- सूर्य चमकता रहे पर अपनी आँखें न हों तो उसकी रोशनी से क्या लाभ मिलेगा?... अन्धे के लिए दिन और रात समान हैं। सूर्य का अस्तित्व उसे सुन्दर शोभा भरी वस्तुओं का दर्शन नहीं करा सक...
- सूर्य जैसा ताप और चन्द्रमा जैसा शीत बरसाने में मनुष्य कहीं सफल हो सकेगा?... उपग्रहों का निर्माण करने पर भी अभी नया ग्रह बना देना या पुरानों को हटा देना, किसके लिए कब तक सम्भव हो...
- सेनापति का आदेश सैनिक कहाँ भूलता है?... हमारे लिए भी अवज्ञा एवं उपेक्षा करने का कोई प्रश्न नहीं। वार्ता समाप्त हो गई। इस बार छः महीने ही हिम...
- सेवा का जटिल मार्ग क्यों चुना गया?... यदि चुन ही लिया गया तो सेवा की अभिन्न सहचरी नम्रता को भी साथ लेकर चलना था। सेवा धर्म के साथ शालीनता ...
- सो उसने पूछा-क्यों भाई क्या पेट में दर्द हो गया है?... बन्दर झुँझला कर बोला-नहीं यार यह मेरे पूर्वजों की समाधि है मैं उनके ज्ञान, बल, पौरुष की महानता का गु...
- सो तुम्हारे काम में घाटा या बाधा कैसे आ सकती थी?... सब काम सहज होते रहते थे। अब तुम गुरुजी के साथ कंजूसी करोगे, तो वे क्यों न करेंगे? तुम अपने संकल्प से...
- सो बोले, ‘‘अब, खाना कहाँ माताजी?... उबले भोजन में कुछ स्वाद तो होता नहीं।’’
माताजी ने कहा, ‘‘आप तो राजस्थान के हो। आपको तो दाल-बाटी बहु...
- सोच रहे थे, कैसे मारें?... गुरुजी बोले ‘‘अच्छा! तुम लोग नहीं मारते। लाओ, मैं मार देता हूँ।’’ उस समय जाँजगीर चाँपा के एक भाई, श्...
- सोचता है, रोटी कहाँ से मिलेगी?... पर बेटा भगवान् अपने कुत्ते को भी रोटी खिला देता है और भक्त को तो स्वयं हाथों से खिलाकर खाता है।’’ मै...
- सोचने लगा, उस रात वे न आते तो क्या होता?... उसी कृतज्ञता ने मुझे पूर्ण समर्पित कार्यकर्ता के रूप में बदल दिया।ऐसे ली दीक्षा
शंकरलाल शर्मा, कनाड़...
- सोचने लगा, ‘‘ऐसी क्या बात हो गई?... टेलीग्राम भी आया व मिश्रा जी भी कह रहे हैं।’’ चर्चा के दौरान मिश्रा जी ने बताया कि शायद गुरुजी आपसे ...
- सोचने लगा-‘‘दोस्त को क्या जवाब दूँगा?... मैंने तो ठीक हो जायेंगे, कह दिया था।’’
भला विधाता से मन की बात कैसे छिपी रह सकती थी? मेरे आँसू देखक...
- सोचने, विचारने, कल्पना करने में क्या हानि है?... नहीं, आपको मन से काम वासना के सब भाव, कल्पना, इच्छा एकदम निकालनी होगी, मन को विषयों की ओर से मोड़ना ह...
- सोचा कि जब अपनी सामान्य प्रतिभा के बलबूते ऐशो-आराम के आडम्बर खड़े किए जा सकते हैं, तो हिमालय को, सिद्ध पुरुषों को, सिद्धियों को, भगवान को, तपश्चर्या को बदनाम करके आडम्बर रचने से क्या फायदा?... उस प्रथम वर्ष में मार्गदर्शक ऋषि सत्ता के साक्षात्कार ने हमें आमूल-चूल बदल दिया। अनगढ़ मन के साथ नए प...
- सोचा गया कि आखिर गर्हित जीवन बनता क्यों है?... निष्कर्ष निकाला कि इन सभी के उद्गम केन्द्र तीन हैं—लोभ, मोह और अहंकार। जिसमें इनकी जितनी ज्यादा मात्...
- सोचा, परम पद देने वाला परमेश्वर के अलावा कौन हो सकता है?... तपस्या ईश्वर प्राप्ति के लिये की जाती है, जब वे स्वयं मिल गये व कह रहे हैं, अर्थात् तपस्या से पहले ह...
- स्कूल में आपका बैग या कुछ सामान चोरी हो जाने पर?...
उत्तर- कक्षा में अच्छी तरह चैक कर लेंगे। मित्रों को पूछेंगे। शिक्षक को सूचित करेंगे। नोटिस बोर्ड पर...
- स्त्री तब तो कुछ न बोली पर कुछ दिन पीछे जब डॉक्टर के बाल सफेद हुए, दाँत टूटे नये दाँत, नई मूँछें कब तक निकलेंगी?... डॉक्टर साहब कुछ उत्तर न दे सके-जो ज्ञान जीवन का अर्थ न समझा सके निरर्थक है। (३) वासना के उपक्रम में ...
- स्त्री-जाति को अपमान भरे जीवन से निकाल कर ऊँचा उठाने में सहायक ऐसे कौन-से आन्दोलन हैं, जिनमें स्त्री जाति की प्रतिष्ठा फिर स्थापित हो सकती हैं?... नारी उत्कर्ष के लिए कुछ विशेष प्रयत्न किये जायें भारतीय धर्म और संस्कृति ने नारी का दर्जा नर ऊँचा म...
- स्थान बदलते समय यदि ‘‘क्ष’’ ने उनमें से एक स्थान ले लिया, तो स्थान खोने वाला बालक ‘‘क्ष’’ जैसे ही, ‘‘स्थान दोगे?... ’’ कहकर घूमता जायेगा। इस प्रकार खेल चलता रहेगा।
३३. डाक आई- एक गोल घेरा खींचें और सब को उसमें बिठा द...
- स्मरण रखिए—एक दिन आपसे पूछा जायगा कि धन को कैसे पाया और कैसे खर्च किया?... स्मरण रखिये आपको एक दिन न्याय-तुला पर तोला जायगा और उस समय अपनी भूल पर पश्चात्ताप होगा, तब देखोगे कि...
- स्वयं के बीमार होन पर?...
उत्तर- बीमारी होने के कारण पर चिन्तन करें। कारणों को दूर करेंगे। उपवास व आराम द्वारा जल्दी स्वस्थ हो...
- स्वयं को सजा देने में क्या समझदारी है?... ’’ उनकी प्यार-दुलार भरी डाँट सुनकर सबकी नाराजगी दूर हो गई। सबको भूख भी लगी ही थी। सबने फटाफट थाली उठ...
- स्वस्थ बनने का विचार न उठे, तो व्यायाम करने, मालिश करने और पुष्टिकारक आहार जुटाने का कष्टसाध्य श्रम और समयसाध्य कर्म मनुष्य क्यों करे?... सत्याग्रह के दृढ़ विचारों से प्रभावित होकर ही महात्मा गाँधी स्वतंत्रता आन्दोलन में कूदे थे। विचारों ...
- स्वाधीनता संग्राम के बलिदानी सेनानी स्वर्ग से हमें पूछते हैं कि हमारा कारवाँ एक ही मंजिल पर पड़ाव डालकर क्यों रुक गया?... आगे का पड़ाव सामाजिक असभ्यता के उन्मूलन का था, अगला मोर्चा वहाँ जमना था पर सैनिकों ने हथियार खोलकर क...
- स्वाभाविक हास परिहास में शास्त्री ने कहा-फूल देवताओं के लिये ही क्यों खिले क्या संसार में अन्य जीव तुच्छ हैं जो उन्हें सौन्दर्य और सुगन्ध से वंचित किया जाय?... और पं० नेहरू को इसका कोई उत्तर न देते बना। (२) सरदार वल्लभ भाई ने अपनी माँ से देश सेवा की आज्ञा माँग...
- स्वामी जी ने कहा-भगवान् के पुत्र दुःखी हों और मैं उनका नाम-जप रहा होऊँ क्या तुम इसे ही उपासना समझते हो?... पैसे की कमी के कारण जब वे रामकृष्ण आश्रम की जमीन बेचने को तैयार हो गये तो फिर एक शिष्य ने पूछा-महार...
- स्वामी जी ने पूछा-तुम तो किसी सम्पन्न घर के लगते हो अख़बार क्यों बेचते हो?... लड़के ने उत्तर दिया-हाँ श्रीमान् जी मेरे घर वाले सचमुच सम्पन्न हैं पर हम किसी के आश्रित नहीं रहना चाह...
- स्वामीजी ने कहा-भगवान् के पुत्र दुःखी हों और मैं उनका नाम जप रहा होऊँ, क्या तुम इसे ही उपासना समझते हो?... पैसे की कमी के कारण जब वे रामकृष्ण आश्रम की जमीन बेचने को तैयार हो गए तो एक शिष्य ने पूछा-महाराज आप ...
- सड़क पर कोई गाड़ी आप पर कीचड़ उछालती हुई गुजर जाये?...
उत्तर- गीता के महावाक्यों को याद करेंगे। जो हुआ, अच्छा हुआ, जो हो रहा है- अच्छा हो रहा है। हम उसे द...
- हँसते हुए ही सामना क्यों न किया जाए?... यह विचार उठे तो नहीं, बल पूर्वक उठाने पड़े। पूरा रास्ता डरावना था। एकाकीपन, अँधेरे और मृत्यु के दूत म...
- हँसना, बोलना, लिखना, पढ़ना, सोचना, परिवार, चिकित्सा, उद्योग, निवास, वाहन, मनोरंजन आदि के जितने जैसे सुविधा साधन मनुष्य को मिले हैं वैसे क्या और किसी प्राणी को उपलब्ध है?... यों ईश्वर को सभी जीवन समान रूप से प्रिय हैं। वह सभी का पिता है, इसलिए सभी के प्रति उसे सकरुण और पक्ष...
- हम अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिये क्या करें?...
गुरुदेवः-सतत सम्बन्ध, सतत प्रयास।
प्रश्नः-आत्मा की आवाज कैसे सुनी जाय?
गुरुदेवः-अपना परिष्कार कर...
- हम आशीर्वाद देंगे, तभी तो आशीर्वाद मिलेगा?... कलेक्टर की चिट्ठी कलर्क लिखता है, पर जब तक उस पर कलेक्टर के दस्तखत नहीं होते, उसकी क्या कीमत? जब हम ...
- हम किसी का उधार आवश्यकता से अधिक एक क्षण भी क्यों रोक कर रखें?... हम दूसरों से यह आशा करते हैं कि वे जब भी कुछ कहें या उत्तर दें, नम्र, शिष्ट, मधुर और प्रेम भरी बातों...
- हम कैसे जानें कि आपने सत्संग महाव्रत प्रारम्भ कर दिया है?... श्री पथिकजी ने सत्संग की कसौटी यह बताई है, ‘‘सत्संग प्रेमी सज्जन व्यवहार शुद्धि के लिए निरन्तर विवेकप...
- हम क्या करते रहे हैं?... सामान्य दिनचर्या के अनुसार रात्रि में शयन, नित्य कर्म के अतिरिक्त दैनिक उपासना भी उन्हीं बारह घण्टों...
- हम दोनों हैरान थे कि गुरुजी को सब बात कैसे पता हो जाती है?... वास्तव में वे दोनों एक ही थे। कोई नीचे माताजी से बात करता, ऊपर गुरुजी को स्वतः ही वह बात पता हो जाती...
- हम बाहरी अनेकों बातों को जानते हैं या जानने का प्रयत्न करते हैं पर यह भूल जाते हैं कि हम स्वयं क्या हैं?... अपने आपका ज्ञान प्राप्त किए बिना जीवन का क्रम बड़ा डाँवाडोल, अनिश्चित और कंटकाकीर्ण हो जाता है। अपने...
- हम भी उन्हीं में से एक रहें तो क्या हर्ज है?... किन्तु वास्तविकता यह है कि धन ही नहीं, स्वास्थ्य, सन्तोष और सम्मान के क्षेत्रों में समृद्ध और सफल चरि...
- हम लोग कैसे पढ़ पायेंगे?... गुरुजी केवल ऐसी बीस पुस्तकें बता दें जो हम पढ़ सकें।’’
तब गुरुजी से कभी भी, कोई भी मिल सकता था। मैं...
- हम लोग निराश क्यों हों?... इससे आशा क्यों न बाँधें, जबकि यह गत तीन जन्मों में दिए गए दायित्वों को निष्ठापूर्वक निभाता चला आ रहा...
- हम सारा कमाया हुआ पैसा बैंकों में क्यों रखते हैं?... हम सारा कमाया हुआ पैसा बैंकों में क्यों रखते हैं? यदि हम ऐसा न करें तो क्या होगा? (३) अन्याय और पुण्...
- हम सोच रहे थे कि यदि गुरुदेव हमारी कार में बैठ कर चलते, तो हमारा कितना सौभाग्य होता?... गुरुदेव के उठते ही हम अपनी कार के पास पहुँच गये। गुरुदेव आये और हमारी कार के पास आकर खड़े हो गये और ब...
- हम हार गये?... तो चलो, मूँछ मुँड़ा लेते हैं।’’ उल्लेखनीय है कि गुरुदेव क्लीन शेव रहा करते थे। अतः वातावरण ठहाकों से ...
- हमको याद आ गया कि शायद द्रापदी के जैसे भगवान आकर जूता को थाम लिए हैं क्या?... जब वहाँ से बाहर निकले रोते हुए तो एक आदमी हमको थोड़ी दूर जाने पर मिल गया बोले क्यों रो रहे हो। झोली ल...
- हमने कहा, ‘‘पण्डित जी, मेरी भी कुण्डली देखकर बताइये, हम क्या बनेंगे?... ’’ पण्डित जी ने मेरी माँ से कहा, ‘‘बिटिया की उच्च शिक्षा और राज योग है, लेकिन भरी जवानी में मृत्यु यो...
- हमने कहाँ हिन्दू नहीं हो मुसलमान हो क्या?... यह तो मूर्ति लादना है तुम्हें कम में लादना चाहिए। इतना कहने पर चार-पाँच कुलियों ने मिलकर घेर लिया। ब...
- हमने पूछा गुरुजी, ‘‘इस सेट का नाम क्या होगा?... ’’ गुरुजी बोले, ‘‘ये ‘क्रान्तिधर्मी साहित्य’ होगा।’’ हम लोगों ने लगभग छः माह तक बाकायदा कक्षाएँ चलाकर...
- हमने मन ही मन सोचा स्वामी जी हमें प्रणाम क्यों कह रहे हैं?... ’’
तब तक स्वामी जी स्वयं ही बोले, ‘‘आचार्य जी के शिष्य हो तुम। महाकाल के शिष्य हो तुम। युग देवता क...
- हमने सब्जी खाई और चार दिन दाँत साफ नहीं किए तो क्या होगा?... ’’
बालक-‘‘हमारे मुँह से दुर्गन्ध आएगी और कीड़े पड़ जाएँगे।’’
प्रशिक्षक-‘‘अतः हमें नित्य दाँत साफ करने ...
- हममें से एक राक्षस के सामने क्यों न चला जाए?... और ब्राह्मण बालक को क्यों न बचा लिया जाए? उनके प्रबल आग्रह ने कुंती को बात मानने के लिए बाध्य कर दिय...
- हममें से कितने लोग ऐसा सोचते हैं कि हमारा कितना समय आवश्यक और उपयोगी कार्यों में लगता है और कितना व्यर्थ के कामों में, सैर-सपाटे, मित्रों में गपशप, खेल-तमाशे, मनोरंजन, आलस्य, प्रमाद आदि में हम कितना समय नष्ट करते हैं?... व्यर्थ की बकवास, अनावश्यक कार्यों में हम जितना समय नष्ट करते हैं यदि उसका लेखा-जोखा लें तो प्रतीत हो...
- हमसे कहाँ आलस्य-प्रमाद हो रहा है?... कहाँ चूक हो रही है? यह ठीक से मालूम नहीं चल पाता। जो भूलें बार-बार होती हैं, उन्हें सुधारने में व अप...
- हमारा पालन करना तुम्हारा कर्तव्य है, तुम पाप करते हो तो इससे हम लोगों को क्या मतलब?... अपने पाप के भागी तुम खुद होगे।परिजनों का उत्तर सुनकर रत्नाकर की आँखें खुल गईं। उसकी विचारधारा बदल गई...
- हमारी समझ से बाहर है कि ऐसा कैसे हो गया?... आप बहुत भाग्यशाली हैं।’’ तब मैंने उन्हें गुरुदेव के दर्शनों के बारे में बताया। मेरे सिरहाने गायत्री ...
- हमारी साधना की सार्थकता क्या रहेगी?... —हमारा परिवार यदि व्यक्तिगत सम्पर्क की परिधि तक ही सीमित रहा और हमारे मिशन के प्रति उसमें आवश्यक निष...
- हमारे ऊपर, क्यों इतने कष्ट आ पड़े हैं?... पर वह तो आँख ही नहीं उठाते, उनकी कलम ही नहीं रुक रही। काफी देर बाद जब उन्होंने लिखना छोड़ कर सिर उठाक...
- हमारे प्रति आस्था और श्रद्धा व्यक्त करने वाले क्या हमारे अनुरोध को भी अपना सकते हैं?... क्या हमारे पद-चिह्नों पर कुछ दूर चल सकते हैं? देखा यह भी जाना चाहिए।...
- हमारे लिए भी और कोई नया मार्ग कैसे हो सकता था?... प्रिय परिजनों के लिए या उनकी आत्मिक प्रगति के लिए इसी राजमार्ग पर चलने के अतिरिक्त और कोई मार्ग नहीं...
- हमें आश्चर्य हुआ कि अभी तो कोई नहीं था, अचानक ये लोग कहाँ से आ गये और गुरुदेव को इनके घरवालों के, पत्नी-बच्चों के जो यहाँ हैं भी नहीं, नाम कैसे याद हैं?... यह सब देखकर हम उनकी सर्वज्ञता के आगे नतमस्तक थे।
पत्ती-पत्ती में गुरुदेवगायत्री दीदी बताती हैं कि अ...
- हमें इतने समर्थ गुरु अनायास ही कैसे मिले?... इस प्रश्न का एक ही समाधान निकलता है कि उसके लिए लम्बे समय से जन्म-जन्मान्तरों में पात्रता अर्जन की ध...
- हमें करुणा, दया, सेवा और उदारता की शिक्षा प्रेरणा कौन देगा?... देवताओं में से देवत्व चला गया तो हम मनुष्यों में उसका संचार कैसे होगा। जब देवताओं ने आसुरी प्रकृति औ...
- हमें चिन्ता हुई कि अभी तो पहला ही दिन है, आगे कैसे काम चलेगा?... गुरुजी से कहा, तो गुरुजी बोले, ‘‘चिन्ता मत करो। बस काम करते रहो।’’ लोग यज्ञ करने आते, साथ में अपने घर...
- हमें पता नहीं, कभी कोई इच्छा निज के मन में बिना उनकी प्रेरणा से उठी है क्या?... कोई क्रिया अपने मन से की है क्या? जहाँ तक स्मृति साथ देती है अपना एक ही क्रम—एक ही ढर्रे पर लुढ़कता ...
- हमें यह काम सौंपा गया है, तो उसे करने में आना-कानी कैसी?... दिव्य सत्ता के संकेतों पर चिरकाल से चलते आ रहे हैं और जब तक आत्मबोध जाग्रत् रहेगा, तब तक यही स्थिति ...
- हमें यह ज्ञान होना चाहिए कि प्रथम बार उस देश में जाने पर किन व्यक्तियों और किन संस्थाओं का सहारा लेकर किस प्रकार कहाँ पैर रखने की जगह बन सकती है और आगे किस प्रक्रिया को अपनाकर किस प्रकार क्या कार्य किया जा सकता है?... यह प्राथमिक आवश्यकता है, वहाँ कम से कम एक लाख रुपया मार्ग व्यय आदि के लिए भी चाहिए। पर्यवेक्षण का का...
- हमें यह सोचना चाहिए कि हम कौन हैं?... क्या हैं? किसलिए हैं और अपने अस्तित्व की सार्थकता किस प्रकार सिद्ध कर सकते हैं? यह आत्म-बोध यदि न हो...
- हमें विवेक की आँखें खोलकर यह देखना चाहिए कि प्रशंसा करने, गिड़गिड़ाने, नाक रगड़ने या रिश्वत देने में हम किसी बुद्धिमान संसारी का भी प्यार, अनुग्रह प्राप्त नहीं कर सकते तो ईश्वर को इस प्रकार के बहकाने से कैसे सन्तुष्ट किया जा सकेगा?... पूजा-उपासना का मतलब ईश्वर को, ईश्वरीय आयोजन एवं निर्देश को स्मृति पटल पर मजबूती से जमा लेना तथा अपने...
- हमेशा दवा खाता रहता है पर जिन्हें घर मकान औषधि उपलब्ध नहीं वह जंगल के जीव हमेशा नीरोग रहते हैं सो क्यों?... आचार्य ने बताया वे प्राकृतिक जीवन जीते हैं इसलिए-कपड़े पहनना, प्रकृति के विपरीत आचरण करना, परिश्रम से...
- हर एक को यह सोचना चाहिए कि यदि उसके ऊपर अनीतिपूर्वक आक्रमण हो तो उसे दूसरे सज्जनों से सहायता, तनाव या अवरोध की आशा करनी चाहिए या नहीं?... यदि हाँ, तो उसका भी कर्तव्य है कि जहाँ उद्दण्डता हो रही हो वहाँ उपस्थित लोगों में चेतना उत्पन्न करें...
- हर पाप और अपराध करने वाला अपने पक्ष में ही यही दलील देकर अपने को निर्दोष सिद्ध कर सकता है, फिर उस बेचारों को क्यों कोई रोके?... संसार के दीन-हीन, पीड़ित, अपंग जब भगवान की इच्छा से ही इस स्थिति में पड़े हैं, विधि का विधान भोग रहे ह...
- हरिद्वार रहकर हमें क्या करना है और मार्ग में आने वाली कठिनाइयों का समाधान कैसे करना है?... यह ऊपर बताए निर्देशों के अनुसार हमें विस्तारपूर्वक बता दिया गया। सभी बातें पहले की ही तरह गाँठ बाँध ...
- हाँ बच्चा, जरा बता दे तेरे चाचा कैसे डाँटते हैं चाची को?... अब बच्चा प्रशंसा प्राप्त करने के लिए मजाकिया ढंग से चाचा-चाची के झगड़े की नकल करता है। उस समय बड़े य...
- हाथ गाल पर ही रखकर प्रशिक्षक बालकों से पूछता है, ‘‘मैंने हाथ गाल पर रखने को कहा था या ठोड़ी पर?... ’’ बालक इस बात पर हँस पड़ते हैं। और कहते हैं कि प्र्रशिक्षक ने हाथ ठोड़ी पर रखने के लिए कहा था, लेकिन ...
- हानि पहुँचाने के लिए आने वाले शत्रु के साथ जिसका ऐसा मधुर व्यवहार है, उस धर्मात्मा राजा को काटूँ तो किस प्रकार काटूँ?... यह प्रश्न उससे हल न हो सका। राजा के पलंग तक जाने तक सर्प का निश्चय पूर्ण रूप से बदल गया।
सर्प के आगम...
- हिन्दुस्तान में विदेशी माल की साख?... उसने उस दिन से शुद्ध और उम्दा अचार बनाकर बेचने का निर्णय किया। उस अब्दुल हुमेन की ईमानदारी ऐसी फली क...
- हीरा बहुत कीमती था, सो राजा को बहुत चिन्ता हुई, पर किया क्या जाता, अन्धेरी रात में कैसे ढूँढ़ते?...
राजकुमार को एक उपाय सूझा। उसने अपनी पगड़ी खोली और वहाँ का सारा पथरीला रेत समेटकर पोटली में बाँध लिया...
- हे मानव / तुम और किस (कामना) की पूर्ति चाहते हो?... अर्थात् किस कामधेनु को दुहना चाहते हो।
॥ नीराजनम् (आरती) ॥
आर्तभाव से की गई प्रार्थना ही आरती ह...
- हैरान थे, ऐसा कैसे हो गया?... थोड़ी देर बाद डॉक्टरों की पूरी टीम ने मुझे घेर लिया। दुबारा एक्स-रे लिया गया। पहले के सब एक्स-रे को व...
- होमवर्क समय पर पूरा न होने पर कक्षा में?...
उत्तर- वास्तविक कारण बताकर शिक्षक से क्षमा माँगेंगे। अगले दिन पूरा कर लाने का संकल्प बतायेंगे। खेलक...
- १-कौन सी वस्तु मनुष्य को महत्त्वपूर्ण काम नहीं करने देती?... २-पाप और आन्तरिक दुर्बलताएँ किस तरह पतित करती हैं? ३-कष्ट साध्य रोगों का कारण क्या है? ४-दुष्कर्म और...
- १० —आत्मा को परमात्मा के रूप में परिणित करने का प्रत्यक्ष आनन्द कब व कैसे मिलता है?... कथाएँ —— (१) आइजन हावर के राष्ट्रपति चुने जाने पर उन्हें बहुत से मित्रों प्रशंसकों ने उपहार दिये। ...
- २ —अध्यात्मवादी या देव जीवन किसे कहते हैं?... ३ —भौतिकवादी जीवन को पशु जीवन क्यों कहते हैं? ४ —अध्यात्मवादी जीवन क्यों महत्त्वपूर्ण है? ५-जीवन में...
- २-पाप और आन्तरिक दुर्बलताएँ किस तरह पतित करती हैं?... ३-कष्ट साध्य रोगों का कारण क्या है? ४-दुष्कर्म और कुविचार किस प्रकार प्रभाव डालते हैं? ५-पाप से छुटक...
- ३ —भौतिकवादी जीवन को पशु जीवन क्यों कहते हैं?... ४ —अध्यात्मवादी जीवन क्यों महत्त्वपूर्ण है? ५-जीवन में सदाचार, नम्रता, सादगी एवं साधना की क्यों आवश्...
- ३-कष्ट साध्य रोगों का कारण क्या है?... ४-दुष्कर्म और कुविचार किस प्रकार प्रभाव डालते हैं? ५-पाप से छुटकारा कैसे मिल सकता है? ६-आत्मा को बल ...
- ४ —अध्यात्मवादी जीवन क्यों महत्त्वपूर्ण है?... ५-जीवन में सदाचार, नम्रता, सादगी एवं साधना की क्यों आवश्यकता है? ६ —आध्यात्मिक जीवन के पाँच प्रमुख त...
- ४-दुष्कर्म और कुविचार किस प्रकार प्रभाव डालते हैं?... ५-पाप से छुटकारा कैसे मिल सकता है? ६-आत्मा को बल किस प्रकार मिलता है? ७-प्रायश्चित के नाम फैली विकृत...
- ५-जीवन में सदाचार, नम्रता, सादगी एवं साधना की क्यों आवश्यकता है?... ६ —आध्यात्मिक जीवन के पाँच प्रमुख तत्त्वों पर प्रकाश डालिये।...
- ५-पाप से छुटकारा कैसे मिल सकता है?... ६-आत्मा को बल किस प्रकार मिलता है? ७-प्रायश्चित के नाम फैली विकृतियाँ बताओ? ८-आत्म शोधन का शुद्ध स्व...
- ६-आत्मा को बल किस प्रकार मिलता है?... ७-प्रायश्चित के नाम फैली विकृतियाँ बताओ? ८-आत्म शोधन का शुद्ध स्वरूप क्या है? ९-क्या सस्ते कर्मकाण्ड...
- ७ —दृष्टि दोष दूर करने के लिये क्या करना चाहिए?... ८ —दृष्टि शोधन से क्या समझते हो? ९-मितव्ययिता एवं ईमानदारी क्यों आवश्यक है? १० —आत्मा को परमात्मा के...
- ७-प्रायश्चित के नाम फैली विकृतियाँ बताओ?... ८-आत्म शोधन का शुद्ध स्वरूप क्या है? ९-क्या सस्ते कर्मकाण्ड प्रायश्चित की आवश्यकता पूरी करते हैं? १०...
- ८ —दृष्टि शोधन से क्या समझते हो?... ९-मितव्ययिता एवं ईमानदारी क्यों आवश्यक है? १० —आत्मा को परमात्मा के रूप में परिणित करने का प्रत्यक्ष...
- ८-आत्म शोधन का शुद्ध स्वरूप क्या है?... ९-क्या सस्ते कर्मकाण्ड प्रायश्चित की आवश्यकता पूरी करते हैं? १०-आत्म की ईश्वरीय व्यवस्था की जानकारी ...
- ९-क्या सस्ते कर्मकाण्ड प्रायश्चित की आवश्यकता पूरी करते हैं?... १०-आत्म की ईश्वरीय व्यवस्था की जानकारी दो। कथाएँ —— (१) वृद्धावस्था के कारण एक बूढ़े के हाथ पाँव का...
- ९-मितव्ययिता एवं ईमानदारी क्यों आवश्यक है?... १० —आत्मा को परमात्मा के रूप में परिणित करने का प्रत्यक्ष आनन्द कब व कैसे मिलता है? कथाएँ —— (१) आइ...
- ‘यह कैसे हुआ?... ’
घर में सब से बातचीत की तो पता चला जिस क्षण गुरुवर ने पता ठिकाना नोट किया था, उसी क्षण से उनमें चे...
- ‘‘अपना खाने’’ के नाम पर निर्वाह लेने वालों से श्रेष्ठ क्यों न बनें?... कुछ लोग इस कारण काम ही नहीं करते। इस असमंजस के पीछे कोई सिद्धान्त काम नहीं करता है मात्र अहंकार ही उ...
- ‘‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’’ और ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ यह दो ही सिद्धान्त ऐसे हैं, जिन्हें अपना लिए जाने के उपरान्त तत्काल यह सूझ पड़ेगा कि इन दिनों किन अवांछनीयताओं को अपनाया गया है और उन्हें छोड़ने के लिए क्या साहस अपनाना पड़ेगा, किस स्तर का संघर्ष करना पड़ेगा?... मनुष्य की सामर्थ्य अपार है। वह जिसे करने की यदि ठान ले और औचित्य के आधार पर अपना ले तो कोई कठिन कार्...
- ‘‘कहाँ रहते हैं?... ’’ ‘‘भीलवाड़ा’’ उस समय गुरुदेव कमरे में ही अपने दोनों हाथ पीछे की ओर बाँधे टहल रहे थे, उन्होंने कागज ...
- ‘‘कुण्डलिनी जागरण से गधे का क्या ताल्लुक?... ’’ गुरुजी की ओर हैरानी से देखता रहा।
फिर गुरुजी ने कहा-‘‘और बकरा।’’ वह व्यक्ति गधे व बकरे के वजन उठ...
- ‘‘क्या करते हैं सम्राट?... कहाँ जाते हैं?’’ यद्यपि युद्ध प्रारम्भ होने के पूर्व ही उन्होंने इस तथ्य की स्पष्ट घोषणा कर दी थी कि...
- ‘‘क्या मुझे फजीहत कराने भेजा था?... ’’ बहुत झल्लाया।
गुरुजी शान्त रहे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ। मैं अपनी पूरी बात कह चुका तो उन्होंने श...
- ‘‘क्या मौसा जी?... कुछ अच्छो ना लागत है। लड़को को ब्याह है, कुछ झालर-वालर तो होना ही चाहिए।’’
गुरुदेव ने उनकी बात सुनी ...
- ‘‘प्रथम हिमालय यात्रा कैसी सम्पन्न हुई?... ’’ इसके उत्तर में कहा जा सकता है कि परिस्थितियों के अनुरूप मन को ढाल लेने का अभ्यास भली प्रकार कर लि...
- ‘‘मनुष्य-मनुष्य के बीच क्या परदा?... परदा तो आँखों का होता है। शिष्ट व्यक्ति शालीन वैसे भी रहता है अन्यथा घूँघट से शर्म ढकी नहीं रह सकती ...
- ‘‘मैं क्या हूँ?... ’’ इस मर्म को यदि वह किसी दिन समझ पाए, तो जाने कि मैंने अपने बारे में कितनी गलत धारणा बना रखी थी।लोग...
- ‘‘यह क्या है?... ’’
बालक- ‘‘गुलाब का फूल।’’
प्रशिक्षक- ‘‘सच्चा है या बनावटी?’’
बालक- ‘‘बनावटी।’’
प्रशिक्षक- ‘‘अच्छा! ...
- ‘‘लेकिन’’ इसमें गोबर है-सेठ बोला-इससे खीर खराब नहीं हो जायेगी?... तथागत हँसे बोले वत्स! अपने को शुद्ध न करो तो ईश्वर प्रकाश मनुष्य में आकर भी उसे आनन्द नहीं दे सकता। ...
- ’’ गुरुजी बोले, ‘‘गुरुजी तो सामने बैठे हैं, पीछे से तुझे उठा ले गया तो मैं क्या करूँगा?... ’’ और हम सब हँसने लगे।गुरुजी का बच्चा गुरुजीमेरा छोटा बेटा सिद्धार्थ 3-4 वर्ष का था। उन दिनों हम लोग...
- " क्या हमारी आँखों के ज्ञान की ज्योति बुझ चुकी है?...? क्या उपरोक्त कथन से स्पष्ट नहीं होता कि जीवन धन अमूल्य है, बहुमूल्य है तथा अखिल ब्रह्माण्ड की किसी ...
- ' "तुम हमारे घर चलोगे?...? ' "हमारे बेटे बनोगे?' आदि बातें बेतुकी-सी हैं और नन्हे बच्चों पर इन प्रश्नों का अच्छा प्रभाव नहीं प...
- ' "हमारे बेटे बनोगे?...? ' आदि बातें बेतुकी-सी हैं और नन्हे बच्चों पर इन प्रश्नों का अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता।...
- ' 'भला तुझ से कोई अच्छे काम की आशा की जा सकती है?...? " आपके इस प्रकार कहने से बच्चे का विश्वास हिल जाता है। बच्चे के विषय में अपनी ऐसी राय प्रकट करके आप...
- ' इस पर उस युवक ने आश्चर्य से पूछा—'क्यों?...? ' अध्यापक ने उत्तर दिया—'इसलिए कि तुम्हारी पैतृक सम्पत्ति से एक हजार रुपया मासिक की आमदनी घर बैठे ह...
- ' तुम्हारे छोटे भैया को ले जाएँ?...? ' "तुम हमारे घर चलोगे?' "हमारे बेटे बनोगे?' आदि बातें बेतुकी-सी हैं और नन्हे बच्चों पर इन प्रश्नों ...
- ''कौन सा समय है, मेरे मित्र कौन हैं, शत्रु कौन हैं, कौन सा देश (स्थान) है, मेरी आय-व्यय क्या है, मैं कौन हूँ, मेरी शक्ति कितनी है?...? इत्यादि बातों का बराबर विचार करते रहो।'' सभी विचारकों ने ज्ञान का एक ही स्वरूप बताया है, वह है ''आत...
- (१) अनेक रूपों में नर और नारी के बीच का सम्बन्ध हमारे भारतवर्ष में किस तरह का माना जाता रहा है?...? (२) वासना की चर्चा क्या सामाजिक जीवन में करना उपयुक्त होगा? (३) वासना की चर्चा की चर्चा सामाजिक जीव...
- (१) अपराधों की वृद्धि के दुष्परिणाम लिखो?...? (२) व्यक्तिगत सदाचार और सामाजिक कर्तव्य क्यों आवश्यक हैं? (३) सिद्ध करो अपराध व्यक्ति के लिए स्वयं ...
- (१) आज राष्ट्र की प्रमुख समस्या एवं चिन्ता की बात क्या है?...? (२) खाद्य समस्या को हल करने में प्रत्येक परिवार क्या योगदान दे सकता है? (३) शाकों का उपयोग अन्न से ...
- (१) आर्थिक कठिनाई हम क्यों उठा रहे हैं?...? (२) आर्थिक कठिनाई की समस्या को हल करने के लिए क्या करना होगा? (३) जापान के आधार पर समझायें कि उन्नत...
- (१) कला एवं संगीत का मुख्य प्रयोजन क्या है?...? (२) आजकल कला का दुरुपयोग अधिक हो रहा है, सदुपयोग क्यों नहीं कारण सहित समझाएँ? (३) प्राचीनकाल में कल...
- (१) क्या यह उचित है कि जिस तरह अविकसित जीव परस्पर दुर्व्यवहार करते हैं, हमें भी करना चाहिए?...? (२) धर्म अध्यात्म और दर्शन का क्या प्रयोजन है? (३) घोड़े, गधे तथा अन्य सवारी में काम आने वाले तथा वज...
- (१) गायत्री और यज्ञ इन दोनों का भारतीय संस्कृति के साथ क्या नाता है?...? (२) शास्त्रकारों ने गायत्री जी के कितने मुख बताये हैं तथा इनके लाभ प्राप्त करने की क्षमता किसमें है...
- (१) गीता के रहस्यवाद से क्या समझते हो?...? मानव के आन्तरिक शत्रु कौन-कौन से हैं? (२) अनीति को रोकने के लिए कठोर कदम उठाना क्यों आवश्यक है? (३)...
- (१) तुलसी के पत्तों का उपयोग पूजा में क्यों किया जाता है?...? (२) तुलसीदल के सेवन से क्या लाभ होता है? (३) हर घर में तुलसी का पौधा क्यों होना चाहिए? (४) तुलसी को...
- (१) दहेज तथा शादियों का असह्य अपव्यय समाज को अधःपतन की ओर किस प्रकार ले जा रहा है?...? (२) पहले शादियों पर अपव्यय होने के क्या कारण थे? (३) अब अपव्यय करने पर समाज हमसे किस प्रकार बरताव क...
- (१) देवता की परिभाषा कीजिये?...? (२) देव-पूजन के समय उनके स्वागत सम्मान के लिए वस्तुओं का उपयोग किया जाना चाहिए? (३) बलिदान की प्रचल...
- (१) नारी का सम्मान क्यों किया जाना चाहिए?...? (२) विदेशियों ने हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को किस प्रकार गिराया? (३) भारत में नारियों की वर्तमान अवस...
- (१) निकट भविष्य में यदि हमें अपने समाज को समुन्नत देखना है तो हमें क्या करना चाहिए और किस तरह करना चाहिए?...? (२) मनुष्य की प्रगति किन गुणों पर अवलम्बित है तथा दुर्गुणी व्यक्ति किस प्रकार भिन्न कहे जा सकते हैं...
- (१) पशु और मानव दोनों की प्रगति अधिक अन्तर क्यों है?...? सामाजिक आधार पर समझायें। (२) सहकारिता की प्रवृत्ति में आध्यात्मिक आदर्श किस प्रकार जुड़े हुए हैं? (३...
- (१) प्रजातन्त्र का क्या अर्थ है तथा इस प्रणाली में शासन तंत्र कैसे तंत्र कैसे चलना है?...? (२) हमारे शासन तंत्र में अपेक्षित कार्य-कुशलता न होने का क्या कारण है? (३) प्रतिनिधि कैसे चुना जाना...
- (१) प्रमुख नव पर्वों के नाम बताइये (२) प्रत्येक पर्व की विशेषता एवं महत्त्व पर प्रकाश डालिए (३) प्रमुख १० संस्कारों के नाम बताइये (४) प्रत्येक संस्कार की उपादेयता पर प्रकाश डालिए (५) पर्व और त्यौहार मनाने के पीछे हमारा क्या प्रयोजन होता है?...? (६) पर्वोत्सव एक वरदान है-सिद्ध कीजिए। (७) पर्व और त्यौहार समाज शिक्षण की आवश्यकता किस प्रकार पूरी ...
- (१) बदले हुए जमाने में विवाह पर अधिक खर्च करना अनुचित है-सिद्ध करें?...? (२) दहेज की प्रथा ने अभिभावक को बेईमान बना दिया है क्यों? (३) विवाह की कुरीतियों पर प्रकाश डालें तथ...
- (१) बाल-विवाह के आधार पर सिद्ध कीजिए कि हम अभी तक पिछड़े हुए हैं?...? (२) शारदा एक्ट तथा दूसरे बाल-विवाह विरोधी कानून क्यों प्रभावहीन हैं? (३) बाल-विवाह में मानसिक एवं श...
- (१) भगवान के मन्दिरों की स्थापना करने का मुख्य प्रयोजन क्या है?...? (२) आस्तिकता से क्या तात्पर्य होता है? (३) आस्तिक मनुष्य समाज को किस तरह लाभ पहुँचाता है? (४) मन्दि...
- (१) भारत में गौ पालन का क्या महत्त्व है?...? (२) गाय का दूध सर्वश्रेष्ठ क्यों माना जाता है? (३) सिद्ध कीजिए कि गौ-रस सर्वांगपूर्ण परिपुष्ट आहार ...
- (१) भारतवर्ष में धर्मजीवियों की संख्या कितनी है?...? (२) धर्मजीवियों के कर्तव्य क्या हैं? (३) प्राचीनकाल के साधु-ब्राह्मणों की आज के साधु-ब्राह्मणों से ...
- (१) मनुष्य की महानता और निकृष्टता किस तरह उसकी मनः स्थिति पर आधारित है?...? (२) विचार किस तरह मनुष्य के लिए उपयोगी हैं? (३) इस समय जो प्रगति की विविध-विध चेष्टाएँ की जा रही है...
- (१) मानव जाति का उज्ज्वल भविष्य नारी का स्तर ऊँचा उठाये जाने पर निर्भर है?...? (२) आजकल लड़कियों को शिक्षा दिलाना क्यों आवश्यक हैं? (३) आज का युवक अपनी पत्नी को किस प्रकार धोखा दे...
- (१) मृतक भोज के कारण एवं प्रयोजन पर प्रकाश डालिए?...? (२) भारतीय आदर्श क्या रहा है? (३) हरामखोरी से क्या हानि है? (४) आत्मा की सद्गति कैसे होती है? (५) म...
- (१) युग की अशान्ति, आशंका एवं असन्तोष का मूल कारण क्या है?...? (२) वर्तमान नारकीय वातावरण को स्वर्गीय सुषमा में कैसे बदला जा सकता है? (३) मानवीय सुख-शान्ति बढ़ाने ...
- (१) योग की परिभाषा बताओ?...? (२) शारीरिक योग कितने हैं, उनसे क्या लाभ मिलता है? (३) मानसिक योग कितने प्रकार के होते हैं? (४) योग...
- (१) रचनात्मक कार्यक्रमों का क्या प्रयोजन है?...? (२) युग-निर्माण योजना के रचनात्मक कार्य क्या है? (३) रचनात्मक कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा का प्रसा...
- (१) राष्ट्र में प्रतिवर्ष विवाहों पर कितना खर्च होता है?...? (२) कैसे कह सकते हैं कि हमारी विवेक बुद्धि का दिवाला निकल गया है? (३) श्वास लेने वाले किसे कहा जा स...
- (१) राष्ट्रोद्धार का प्रभावकारी माध्यम क्या हो सकता है-राजनीति या धर्म?...? कारण सहित बताइये।...
- (१) वर्तमान स्त्री जाति को पद-दलित स्थिति में पहुँचाने क पापी कार्य किसने किया है?...? (२) पद-दलित स्थिति में पापी कार्य किसने किया है? (३) इस विपन्न परिस्थितियों से स्त्री जाति को निकाल...
- (१) विवाह क्या है, आजकल विवाह सम्बन्ध किन आधारों पर तय किये जाते हैं?...? (२) विवाह सम्बन्ध का सच्चा आधार क्या होना चाहिए? (३) गृहस्थ के सुख-शान्ति की आधारशिला क्या है? (४) ...
- (१) विवाहोत्सव की परम्परा प्राचीनकाल में कैसी थी?...? (२) आजकल विवाहोत्सव को कमरतोड़ भार क्यों कहा जाता है? (३) हमारे देशवासियों की औसत आय क्या है? (४) वि...
- (१) वृक्षारोपण क्यों आवश्यक है?...? (२) वृक्षों के संरक्षण से मानव समाज को लाभ होते हैं? (३) वृक्षों की तुलना सन्तों से क्यों की जाती है...
- (१) व्यक्ति की गरिमा किस बात पर निर्भर है?...? (२) सफलता प्राप्त करने के उपाय? (३) व्यक्ति ढालने के उपयुक्त समय कौन-सा है व क्यों? (४) उठती उम्र म...
- (१) शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य कितने व कौन-कौन से हैं?...? (२) प्राचीनकाल में भारत की शिक्षा प्रणाली कैसी थी? (३) सिद्ध कीजिए कि प्रगति का मूल मन्त्र शिक्षा प...
- (१) शिखा का प्रयोजन क्या है?...? (२) यज्ञोपवीत धारण करने का क्या तात्पर्य है? (३) यज्ञोपवीत धारण द्विजत्व की प्रतिज्ञा किस प्रकार है...
- (१) शिखा तथा यज्ञोपवीत हमारी संस्कृति का प्रतीक है, सिद्ध कीजिए पुराने लोगों के आधार पर?...? (२) प्राचीनकाल में शिखा का क्या महत्त्व था? (३) आज कैसा व्यवहार हो रहा है, शिखा और यज्ञोपवीत कैसा थ...
- (१) श्रद्धा और विश्वास किस प्रगति के लिए आवश्यक है?...? (२) अन्ध-विश्वास की परिभाषा दीजिए? (३) भारतीय जनता का एक बहुत बड़ा भाग अन्ध-विश्वास में जकड़ा हुआ है ...
- (१) समय जैसी जीवन की बहुमूल्य निधि का हम ठीक प्रकार सदुपयोग करते हैं या नहीं?...? आलस्य और प्रमाद में उसकी बरबादी तो नहीं होती?(२) जीवन लक्ष्य की प्राप्ति का हमें ध्यान है या नहीं? ...
- (१) समर्थ होते हुए भी किसी के आगे हाथ पसारने में क्या-क्या हानियाँ होती हैं?...? (२) भारत में भिक्षा व्यवसाइयों की संख्या बतलाते हुए, इनके भिक्षा माँगने की शैली बतलाइए? (३) प्राचीन...
- (१) सिद्ध करो कि नर-नारी भगवान की दो भुजाएँ हैं?...? (२) क्या नारी कर्तव्य और अधिकार में पुरुषों के समान नहीं? (३) पति-पत्नी के प्रति वफादार कैसे रह सकत...
- (१) हमारा देश कृषि प्रधान होते हुए भी कभी-कभी विदेशों से अन्न क्यों मँगाता है?...? (२) खाद्य पदार्थों के उत्पादन की वृद्धि के लिए क्या किया जाना चाहिए? (३) शाक-भाजियों के उत्पादन से ...
- (१) ‘यज्ञ’ शब्द का व्यापक प्रयोजन ‘गायत्री यज्ञ’ से किस प्रकार जुड़ा है?...? (२) क्या गायत्री और यज्ञ इन दोनों के समन्वय से ही परिपूर्ण मानवता का उद्भव हो सकता है? (३) गायत्री ...
- (१०) आमदनी से अधिक खर्च तो नहीं करते?...? कोई दुर्व्यसन तो नहीं? बचत करते हैं न?उपरोक्त दस प्रश्न नित्य अपने आपसे पूछते रहने वाले को जो उत्तर...
- (२) जीवन लक्ष्य की प्राप्ति का हमें ध्यान है या नहीं?...? शरीर सज्जा में ही इस अमूल्य अवसर को नष्ट तो नहीं कर रहे? देश, धर्म, समाज और संस्कृति की सेवा के पुन...
- (३) अपने विचारधारा एवं गतिविधियों को हमने अन्धानुकरण के आधार पर बनाया है या विवेक, दूरदर्शिता एवं आदर्शवादिता के अनुसार उनका निर्धारण किया है?...? (४) मनोविकारों और कुसंस्कारों के शमन करने के लिए हम संघर्षशील रहते हैं या नहीं? छोटे-छोटे कारणों को...
- (४) मनोविकारों और कुसंस्कारों के शमन करने के लिए हम संघर्षशील रहते हैं या नहीं?...? छोटे-छोटे कारणों को लेकर हम अपनी मानसिक शान्ति से हाथ धो बैठने और प्रगति के सारे मार्ग अवरुद्ध करने ...
- (४०) सन्तान कितनी और क्यों पैदा करें?...? प्रश्न —— (१) प्राचीनकाल में सन्तान की संख्या वृद्धि पर जोर क्यों दिया जाता था? (२) आजकल परिवार न...
- (५) कटु भाषण, छिद्रान्वेषण एवं अशुभ कल्पनाएँ करते रहने की आदतें छोड़कर सदा सन्तुष्ट, प्रयत्नशील एवं हँसमुख रहने की आदत हम डाल रहे हैं या नहीं?...? (६) शरीर, वस्त्र, घर तथा वस्तुओं को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखने का अभ्यास आरम्भ किया या नहीं? श्रम स...
- (६) शरीर, वस्त्र, घर तथा वस्तुओं को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखने का अभ्यास आरम्भ किया या नहीं?...? श्रम से घृणा तो नहीं करते?(७) परिवार को सुसंस्कारी बनाने के लिए आवश्यक ध्यान एवं समय लगाते हैं या न...
- (६१) अन्न संकट की चुनौती का सामना कैसे करें?...? प्रश्न —— (१) हमारा देश कृषि प्रधान होते हुए की विदेशों से अन्न क्यों मँगाता है? (२) खाद्य पदार्थ...
- (७) परिवार को सुसंस्कारी बनाने के लिए आवश्यक ध्यान एवं समय लगाते हैं या नहीं?...? (८) आहार सात्विकता प्रधान होता है न? चटोरपन की आदत छोड़ी जा रही है न? सप्ताह में एक समय उपवास, जल्दी...
- (८) आहार सात्विकता प्रधान होता है न?...? चटोरपन की आदत छोड़ी जा रही है न? सप्ताह में एक समय उपवास, जल्दी सोना, जल्दी उठना, आवश्यक ब्रह्मचर्य ...
- (९) ईश्वर उपासना, आत्मचिन्तन एवं स्वाध्याय को अपने नित्य-नियम में स्थान दे रखा है या नहीं?...? (१०) आमदनी से अधिक खर्च तो नहीं करते? कोई दुर्व्यसन तो नहीं? बचत करते हैं न?उपरोक्त दस प्रश्न नित्य...
- ) यात्री ने तत्त्ववेत्ता का हाथ पकड़ कर कहा-‘‘यह आप क्या कर रहे हैं?...? चाय तो व्यर्थ जा रही है। कप भरा हुआ है और आप चाय डालते ही जा रहे हैं।’’
तत्त्ववेत्ता ने उत्तर दिया ...
- * किसी ने बिनोवा जी से पूछा-आप महाराष्ट्रीय ब्राह्मण हैं- कोंकणस्थ या देशस्थ?...? उन्होंने कहा-मैं देश में रहता हैं, इसलिए देशरथ हूँ, काया में रहता हूँ इसलिए कायस्थ हूँ और सबसे अधिक...
- * पेशवा की सेना की ओर धुँआ उड़ता देखकर तैमूर लंग ने पूछा-यह क्या हो रहा है?...? खुफिया अफसरों ने बताया-हिन्दू एक दूसरे का छुआ भोजन नहीं खाते, इसीलिए सब अपना-अपना अलग-अलग भोजन पका ...
- , ‘‘क्या मैं इसे देख सकता हूँ?...? ’’ कहकर उसे मुझसे माँग कर ले गया। अगले दिन वह पुनः आया और मुझे उस पुस्तक का पैसा यह कहकर दे गया कि ...
- - मैं पालतू हूँ क्या?...? मैं पेड़ पर रहता हूँ या भूमि पर? जंगल में रहता हूँ या गाँव में? मुझे सींग हैं या नहीं? मैं दूध देती ...
- / माता पिता क्या करें?...?
- घर की नियमित एवं व्यवस्थित दिनचर्या बालकों को नियमित एवं व्यवस्थित रहने की प्रेरणा देती है, अतः ...
- ; हाँ तू वहाँ खड़ा था, क्या बातें हो रही थीं?...? तूने क्या कहा? वहाँ कौन थे? फिर क्या हुआ?' आपके ऐसे प्रश्न बच्चे को दूसरे की बातों में दखल देने की ...
- [समाधान कैसे होगा?...? इस सन्दर्भ में ये पंक्तियाँ जुलाई ८४ तक की अखण्ड ज्योति में छपी थीं। उस समय कोई उस प्रकार होने की कल...
- ]शिकायतें कौन किसकी करे?...? पर गुंजाइश इस बात की पूरी-पूरी है कि देश को कुटीर उद्योग स्तर पर योजनाबद्ध ढंग से खड़ा किया जाय। यों...
- अन्न संकट की चुनौती का सामना कैसे करें?...?...
- अपने समाज के अविवेकपूर्ण रीति-रिवाजों के लिए क्या कहा जाये?...? विवाह-उत्सव अपने लिए एक कमर-तोड़ भार बना हुआ है। लड़के वाले दहेज की लम्बी-चौड़ी रकमें और कीमती सामान म...
- अब तक तुमने यह पहचाना है कि हमारे भौतिक आवरण क्या हैं?...? अब इस पाठ में यह बताने का प्रयत्न किया जाएगा कि असली अहम् 'मैं ' से कितना परे है। वह सूक्ष्म परीक्ष...
- असामाजिक व्यवहार क्यों?...? — बच्चा जब कोई काम आपके आदर्शों के विरुद्ध करे, तब उसके मूल में उन्हें प्रेरणा...
- आचार्य क्या करें?...?
-सूर्योदय के पूर्व जागने के लाभ बतायें।
-संसार के समस्त जीव जन्तु सूर्योदय के पूर्व जाग जाते हैं।
...
- आत्मानुसन्धान के लिये अन्वेषण कार्य किस प्रकार चलना चाहिए?...? साधना, उपासना का वैज्ञानिक आधार क्या है? मनः शक्तियों के विकास में साधना उपचार किस प्रकार सहायक सिद...
- आपकी खुराक क्या हो?...? १८. जीवन रक्षक पदार्थ तथा उनका विवेक पूर्ण उपयोग१९. अल्पाहार: दीर्घायु का रहस्य२०. भोजन के समय की म...
- इतना अभ्यास और अनुभव कर लेने के बाद तुम पूछोगे कि अब क्या बचा, जिसे 'अहम्' से भिन्न न गिनें?...? इसके उत्तर में हमें कहना है कि 'विशुद्घ आत्मा।' इसका प्रमाण यह है कि अपने अहम् को शरीर, मन आदि अपनी...
- इस निरर्थक विडम्बना से भला किसका क्या लाभ हो सकता है?...? स्वाध्याय के लिए वह चुना हुआ साहित्य ही उपयुक्त होगा जो व्यक्ति के गुण, कर्म, स्वभाव को परिष्कृत कर...
- इस पुस्तक के अगले अध्याय में हम यह बताएँगे कि आपकी विशुद्घ आत्मा भी स्वतंत्र नहीं, वरन् परमात्मा का ही एक अंश है और उसी में किस प्रकार ओत-प्रोत रही है?...? परन्तु उस ज्ञान को ग्रहण करने से पूर्व तुम्हें अपने भीतर 'अहम्' की चेतना जगा लेनी पड़ेगी। हमारी इस ...
- इस शरीर का आत्मा से क्या सम्बन्ध है?...? सब जीवों के साथ परमात्मा को क्या सरोकार है? शय्या से उठते ही पहले इस तत्त्व पर मन केन्द्रीभूत कीजिए...
- इस स्वच्छंद क्रिया-परिवर्तन का क्या अर्थ है?...? क्या तत्त्वदृष्टा ऋषियों को साहित्य और व्याकरण के नियम नहीं ज्ञात थे? तब इतने श्रेष्ठ साहित्य का सृ...
- इसके लिए किसे क्या करना होगा?...? यह उसके वर्तमान स्तर एवं उच्चस्तरीय मार्गदर्शन पर निर्भर है। सबके लिए एक पाठ्यक्रम नहीं हो सकता, कि...
- ऊपर की पंक्तियों में संक्षिप्त रूप से एक ब्रह्म के अनेक अलंकारों को रूपकों की तरह देवी-मान्यताओं के रूप में प्रस्तुत करने का क्या प्रयोजन था?...? उसकी एक हलकी झाँकी कराई गई है। असंख्य देवी-देवताओं की ऐसी ही व्याख्या कह जा सकती है। हमें उस गहराई ...
- एक दिन चिन्मय ने माताजी (अपनी नानी) से पूछा, ‘‘आप कहती हैं कि नारी युग आयेगा, यह कैसे होगा?...? आज की नारी तो बहुत पिछड़ी है। माताजी बोलीं, ‘‘बेटे, सवाल पिछड़ेपन का नहीं है। अच्छा काम सब कर सकते है...
- एक दिन पशुओं की भाँति सारी क्रियाओं में पूर्ण पशु मनुष्य आज इस सभ्यता के उन्नति शिखर पर किस प्रकार पहुँच गया?...? अपनी विचार-शक्ति की सहायता से। विचार शक्ति की अद्भुत उपलब्धि इस सृष्टि में केवल मानव प्राणी को ही प...
- एक दिन बात करते-करते मैंने गुरुदेव के दोनों हाथ पकड़े और पूछा, ‘‘गुरुजी आप कौन हैं?...? गुरुजी बड़े सहज ढंग से अपनी ओर इशारा करते हुए बोले, ‘‘देखती नहीं, मैं कौन हूँ?’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुदे...
- एक दिन माताजी से एक लड़की (माधवी) ने प्रश्न किया, ‘‘माताजी विधवा औरतों को बिंदी आदि नहीं लगाना चाहिए?...? ’’ उसके इस प्रश्न पर माताजी बोलीं, ‘‘बेटा यह गलत धारणा है। सुहाग कभी मरता नहीं है। इसलिये बिंदी लगा...
- एक दिन मैं घीया मण्डी पहुँचा, ‘‘पूछा, माताजी कहाँ है?...? ’’ एक बच्चे ने बताया कि माताजी, सतीश के लिये कोट का कपड़ा खरीदने नीचे गयी हैं। उसने दौड़कर माताजी को ...
- एक बच्चे को देश का नेता बनने की बड़ी भारी इच्छा थी, पर कैसे बना जाए?...? यह बात समझ में नहीं आती थी। एक दिन फ्रैंकलिन की जीवनी पढ़ते समय उसने ज्ञानार्जन की महत्ता समझी। बच्च...
- एक बार मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘गुरुजी, शरीर छोड़ने के बाद आप कहाँ जायेंगे?...? क्या करेंगे?’’ यह सन् 1963-64 की बात होगी। गुरुजी बोले, ‘‘मैं अपने गुरु का स्थान हिमालय में ले लूँग...
- एस में पढ़े हुए वे शब्द याद हो आये, ‘‘हार्ट कैसे कार्य करता है यह विज्ञान का विषय है, लेकिन हार्ट किसने बनाया?...? सर्जन कट्स एण्ड गॉड युनाइट्स’’
1982 जनवरी में, मैं 15 दिन के प्रज्ञा-पुराण प्रशिक्षण हेतु सुल्तानप...
- ऐसे दम्पत्ति जिन्होंने छोटी आयु से ही अपने शरीरों को निचोड़ना शुरू कर दिया कभी परिपुष्ट, सुन्दर और नीरोग सन्तान उत्पन्न नहीं कर सकते, कच्चे बीज यदि बोये जायें तो अच्छी फसल उगने की आशा कौन करेगा?...? बाल-विवाह के कुचक्र ने जिन्हें चूसे हुए आम की तरह निचोड़ डाला है, उनकी सन्तान कमजोर, बीमार, अल्प आयु...
- कर्मों का फल किस प्रकार मिलता है?...? पाठकों को यह रहस्य भी आगे के लेखों में समझाया जाएगा। आकस्मिक सुख-दुःख दैविकं दैहिकं चापि ...
- किसी व्यक्ति से पूछा जाए कि आप कौन हैं?...? तो वह अपने वर्ण, कुल, व्यवसाय, पद या सम्प्रदाय का परिचय देगा। ब्राह्मण हूँ, अग्रवाल हूँ, बजाज हूँ, ...
- कोई बीमार है?...?
(पण्डित लीलापत शर्मा जी, पूज्य गुरुदेव के प्रारम्भिक शिष्यों में से थे। सन् 1953 में, डबरा म.प्र. म...
- क्या कुम्भ में हिमालय की बड़ी हस्तियाँ भी आती हैं?...?
श्री शान्तिलाल आनन्द, भोपाल
घटना सन् 86 की है, परम पूज्य गुरुदेव तब सूक्ष्मीकरण साधना से निकले ही...
- क्या बिना सम्पन्न लोगों की सहायता लिये, बिना वर्तमान पुस्तक विक्रेताओं की मोटे मुनाफे की माँग पूरी किये, ऐसा हो सकता है कि जनसाधारण का उपयोगी लोक साहित्य लागत मूल्य पर छपने लगे और घर-घर तक पहुँचने लगे?...? हमारा विश्वास है कि यह असम्भव नहीं है। समय अपनी आवश्यकता पूरी करने के लिए रास्ता निकालेगा और छाये हु...
- क्यों सिकुड़ा बैठा है?...? श्री लक्ष्मण अग्रवाल, बिलासपुरशक्ति पीठों के उद्घाटन हेतु जब छत्तीसगढ़ में पूज्यवर का कार्यक्रम चल र...
- गोष्ठियों में अक्सर भाइयों को डाँट पिलाते थे, ‘‘तू गर्मा-गर्म रोटी खाएगा और छोरी तेरे लिये बैठी रहेगी?...? बेटा! ये गर्म रोटी माँगे तो मुझे बताना।’’ बहनों को भी उन्होंने खूब आगे बढ़ाया। सामान्य बातचीत में भी...
- जब वह समझ जाता है कि मैं क्या हूँ?...? तब उसे वास्तविक ज्ञान हो जाता है और सब पदार्थों का रूप ठीक से देखकर उसका उचित उपयोग कर सकता है। चाह...
- जारी रखने में यह प्रश्न है कि अब तक जो बन चुका उसका क्या होगा?...? इस कार्य पर जो असाधारण लागत लग रही है, वह कब तक लगती रहेगी। फिर प्रयोग में दस-पाँच आयुध ही आने के उ...
- जितेन्द्र- गुरुजी को आपने पिता के अलावा उनमें अध्यात्म क्या देखा?...? ओमप्रकाश जी- मैं एक साधारण व्यक्ति हायर सेकेण्डरी स्कूल का टीचर पोलिटिकल साइंस पढ़ाता हूॅं यदि आप मु...
- जिन व्यावहारिक जानकारियों की जन-साधारण को आवश्यकता है, क्या वे गम्भीरतापूर्वक सोची-समझी गई हैं और इन पर अपने पिछड़े देश की परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाते हुए कुछ ऐसा प्रस्तुतीकरण हुआ है, जिसे काम का कहा जा सके?...? अँगरेजी किताबों के पन्ने उलट-पुलट कर उनका भाषान्तर होता रहता है और लोग अपने नामों से छापते रहते हैं...
- जिनके पास भावना है ही नहीं, जो कृपणता के दलदल में एड़ी से चोटी तक फँसे पड़े हैं उन दीन, दयनीय लोगों से क्या याचना की जाए?...? कर्ण जैसे उदार व्यक्ति ही मरणासन्न स्थिति में अपने दाँत उखाड़ कर देते रहे हैं, हरिश्चन्द्रों ने ही ...
- जिस समाज का, व्यक्ति का, आधा अंग नारी के रूप में इस प्रकार अपंग बना हुआ हो उसकी प्रगति और समृद्धि की आशा कौन करेगा?...? बालक, वृद्ध, अपंग, रोगी तो गृहपति पर भार होते ही हैं निरुपयोगी बनी बैठी नारी भी अब लगभग इसी प्रकार ...
- जो उच्च विचारों को पढ़ते हैं, पर उन्हें गले में नीचे नहीं उतारते, उन्हें व्यवहारिक जीवन में स्थान नहीं देना चाहते, ऐसे लोगों से कोई बड़ी आशा किस प्रकार की जाए?...? हमें कर्मठ और प्रबुद्ध साथी चाहिए—ऐसे जो युग निर्माण की भूमिका प्रस्तुत करने के लिए अपने तुच्छ स्वा...
- तुमने कहाँ गुरुजी पहले मिले मैं बाद में मिला यह कैसे?...? हमारे पिताजी की मृत्यु के समय मैं नसरुल्लागंज से भोपाल कार में अपने बड़े भाई के साथ उनको ले जा रहा थ...
- तुम्हें विचार करना चाहिए कि जब मैं कहता हूँ कि 'मैं' तब उसका क्या अभिप्राय होता है?...? पशु, पक्षी तथा अन्य अविकसित प्राणियों में यह 'मैं' की भावना नहीं होती। भौतिक सुख-दुख का तो वे अनुभव...
- तू कहाँ रुक गया?...?
डॉ० शिवानंद साहू, शान्तिकुञ्ज1970 में जब मैं मेडिकल का छात्र था, उन्हीं दिनों पूज्य गुरुदेव द्वार...
- तेरे घर क्या है?...? श्री अगाधू महापात्र, दन्तेवाड़ा (बस्तर)घटना शक्तिपीठों की प्राण-प्रतिष्ठा के समय की है। दन्तेवाड़ा के...
- तो फिर हमें क्या करना चाहिए?...? इस पुस्तक को पढ़कर आपके मन एवं अन्तःकरण में स्वयं के लिए, देश, धर्म और संस्कृति के लिए कुछ करने की उत...
- थोड़े से डाकू मिलकर एक विशाल क्षेत्र की जनता को आतंकित कर सकते हैं, तब सज्जनों का सच्चा सहयोग यदि इकट्ठा किया जा सके तो अपना चमत्कार क्यों न दिखायेगा?...? सज्जन हमेशा मिटते इसलिए रहे हैं कि वे अपनी व्यक्तिगत उत्कृष्टता मात्र से सन्तुष्ट हो जाते हैं और यह...
- दरिद्रों का कहना ही क्या?...? वे पहले से इतना लम्बा चौड़ा और कुसंस्कारी परिवार जमा कर चुके होते हैं कि जिसके लिए उदरपूर्ति तक कठिन...
- दीक्षितों को इस चेतना में जग जाने के लिए हम बार-बार अनुरोध करेंगे, क्योंकि 'मैं क्या हूँ?...? ' इस सत्यता का ज्ञान प्राप्त करना सच्चा ज्ञान है। जिसने सच्चा ज्ञान प्राप्त कर लिया है, उसका जीवन प...
- दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?...? उसकी कसौटी यह है कि हम दूसरों से जैसा व्यवहार अपने लिए चाहते हैं, वैसा ही आचरण स्वयं भी दूसरों के स...
- देखता हूँ कैसे नहीं मानती?...? कोरबा के श्री कैलाश प्रसाद लाम्बा जी कहते हैं कि जांजगीर तहसील छत्तीसगढ़ के कुलीपोटा ग्राम के श्री स...
- धन विपत्ति का कारण भी हो सकता है?...?
इस प्रकार हम देखते हैं कि वर्तमान समय में संसार के अधिकांश लोगों ने धन के वास्तविक दर्जे को भू...
- नारद ने पुनः पूछा कि ‘‘जिनके लिए तुम इतना पाप कमा रहे हो, क्या वे लोग तुम्हारे पाप में भागीदार बनेंगे?...? ’’ रत्नाकर की विचारधारा आन्दोलित हो उठी, और वह नारद को एक वृक्ष से बाँधकर घर गया और परिजनों से नारद...
- पैसा किस प्रकार, किस काम में कितना खर्च किया जाता है?...? उसको पूरा जान लेने पर ही किसी की बुद्धिमत्ता का स्तर परखा जा सकता है। अपव्यय सबसे बड़ी मूर्खता है। अ...
- पैसे की कमी के कारण जब वे रामकृष्ण आश्रम की जमीन बेचने को तैयार हो गए तो एक शिष्य ने पूछा-महाराज आप गुरु स्मारक बेचेंगे क्या?...? विवेकानन्द ने उत्तर दिया-मठ-मन्दिरों की स्थापना संसार की भलाई के लिए होती है। यदि उसका उपयोग भले काम ...
- प्रश्न यह उठता है कि इस स्तर की सेवा साधना किस प्रकार की जाए?...? मनुष्य के स्तर में आए हुए पतन को किस प्रकार मिटाया जाए और उसे उत्थान की ओर अग्रसर किया जाए। स्पष्ट ...
- प्राचीनकाल में ब्राह्मण, साधु जैसे लोक-मंगल में संलग्न वर्गों की भोजन, वस्त्र एवं आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था कर देना उचित था पर जब आज उस प्रवृत्ति के व्यक्ति रहे ही नहीं तो ब्रह्म-भोज की बात भी कहाँ रही?...? सर्व साधारण के लिए, मित्र परिजनों के लिए तो आज जैसी मृतक भोजन की दावत हर दृष्टि से अवांछनीय और अग्र...
- पढ़ाई में अच्छे अंक पाने के लिए आप क्या-क्या करेंगे?...?
२. अगर आपको कुछ दिनों के लिए आपकी कक्षा में लीडर का रोल करने के लिए कहा जाय तो आप क्या-क्या करेंगे...
- बुराइयों से भरे हुए इस विश्व में आपका कार्य क्या होना चाहिए?...? इस प्रश्न का उत्तर भगवान सूर्यनारायण हमें देते हैं।...
- बेटे, क्या छोड़ा?...?
श्री लक्ष्मण प्रसाद अग्रवाल, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)सन् 59 में पहली बार बिलासपुर छ.ग. में 51 कुण्डीय ...
- भावनाशीलों का क्या कहना?...? सन्त सज्जनों ने न जाने कितनों को अपने सम्पर्क से लोहे जैसे लोगों को पारस की भूमिका निभाते हुए कुछ से ...
- माँगो, क्या माँगते हो?...? राजनांदगाँव शहर के बाबूभाई मानेक, की अनुभूति उल्लेखनीय है। उन्होंने बताया कि उन्हें सन्तान नहीं थी। ...
- मैं उत्पन्न नहीं हुआ हूँ, फिर मेरा जन्म-मृत्यु कैसे?...? मैं प्राण नहीं हूँ, फिर भूख-प्यास मुझे कैसी? मैं चित्त नहीं हूँ, फिर मुझे शोक-मोह कैसे? मैं कर्ता न...
- मैं क्या हूँ?...?...
- मैं क्या हूँ?...? भूमिकाजानकारी की अनेकों वस्तुओं में से ''अपने आपकी जानकारी'' सर्वोपरि है। हम बाहरी अनेकों बातों को ...
- मैंने पूछा, ‘‘गुरुजी, हिमालय में कौन सा भाग सबसे अच्छा है?...? ’’ गुरुजी बोले, ‘‘हिमालय का सबसे अच्छा स्थान, हिमालय का हृदय है। हमारे गुरुजी उससे भी बहुत ऊपर रहते...
- मैंने पूछा-‘‘गुरुदेव, कहा जाता है कि जूठन छोड़ना पाप है, फिर भी बहुत लोग जूठन छोड़ते हैं?...? ऐसा क्यों?’’गुरुजी ने कहा, ‘‘बेटा! आजकल, अन्न हम पैसे से खरीदते हैं। इसलिये लोग उसकी तुलना पैसे से ...
- यह अतिरिक्त धन आखिर आये कहाँ से?...? ईमानदारी से आज की परिस्थितियों में कोई गुजारे भर को कमा सकता है। जमा करना अति कठिन है। विवाहों में ...
- यह आवश्यक क्यों उत्पन्न हुई?...? प्रश्न उठना स्वाभाविक है। उत्तर एक ही है-इन दिनों व्यापक क्षेत्रों में जो असन्तुलन में साध और ढाल सक...
- यह हर व्यक्ति के कर्मों का लेखा किस आधार पर कैसा, किस प्रकार, कितना, क्यों लिखता है?...? यह अगली पंक्तियों में बताया जाएगा एवं चित्रगुप्त द्वारा लिखी हुई कर्म रेखाओं के आधार पर स्वर्ग-नरक ...
- लोकसेवी का दृष्टिकोण कैसा हो?...?
किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण और जीवन की दिशा निर्धारित करने का काम क्षण भर में नहीं त...
- लोकसेवी का लोक व्यवहार कैसा हो?...?
लोकसेवी को दूसरों से सम्पर्क करते समय, उन्हें सत्प्रेरणाएँ प्रदान करते समय निन्दा, आलोचना से हमेश...
- वात्सल्य इतना था कि अपनी माँ भी क्या ध्यान रखती होगी?...? उन दिनों माताजी के पास ऊपर चौके में ही चाय बनती थी। हम पहले चाय नहीं पीते थे। यहाँ आये तो माताजी के...
- शब्दशक्ति का संयुक्त समावेश कितना प्रभावी होता है?...? इसका एक प्रमाण तब मिलता है जब किसी भारी वजन को ऊपर उठाने या आगे धकेलने के लिए मजदूर लोग नारा लगाकर ...
- सन्तान कितनी और क्यों पैदा करें?...?...
- सत्संगी की परीक्षा कैसे हो?...? हम कैसे जानें कि आपने सत्संग महाव्रत प्रारम्भ कर दिया है? श्री पथिकजी ने सत्संग की कसौटी यह बताई है,...
- सरकार क्या करेगी, कब करेगी?...? इसकी प्रतीक्षा में बैठे रहने और केवल आलोचना, शिकायत करने से कुछ काम चलने का नहीं है। हमें अपने स्वल...
- हम किसका संग करें?...? इस प्रश्न के उत्तर में हम कहेंगे कि आप सज्जनों को ढूँढ़िए। विद्वान्, महात्मा योगी, शुभ-चिन्तकों के स...
- हम चाहते हैं कि हमारी बहू-बेटियों की दूसरे लोग इज्जत करें, उन्हें अपनी बहन-बेटी की निगाह से देखें, फिर यह क्यों कर उचित होगा कि हम दूसरों की बहिन-बेटियों को दुष्टता भरी दृष्टि से देखें?...? अपने दुःख के समान ही दूसरों का जो दुःख समझेगा वह माँस कैसे ख सकेगा? दूसरों पर अन्याय और अत्याचार कै...
- हमारे देश में महर्षि अरविंद, सूरदास, और पाश्चत्य के भविष्यवक्ताओं ने भी इस समय को संधिकाल कहा है और इसके पश्चात् जो युग आऐगा बहुत अच्छा आएगा कहा है तो आपका इस पर क्या विचार है?...? मुझे लगता है कि युग के संक्रमण के साथ ही हम एक उज्जवलता की ओर बढ़ रहे हैं। मुझे लगता है शान्ति का, प...
- हमें विचार करना होगा कि शादियों का वर्तमान खर्चीला स्वरूप जारी रहने दिया जाये अथवा नहीं?...? यदि इसे जारी रखना हो तो अपने व्यवहार में कूट-कूटकर बेईमानी भर लेने के अतिरिक्त अनन्त काल तक दरिद्र ...
- ’ इससे क्या समझते हो?...? (७) विवाह के सम्बन्ध में युवकों के क्या कर्तव्य हैं? (८) भारतीय समाज में विवाह की प्रथा में क्या-क्...
- ’ जब मेरे पास सब कुछ था तब मैंने अपना धर्म न बदला, आज केवल वही मेरा साथी है तो मैं उसे कैसे छोड़ दूँ?...? ईश्वर की आज्ञा पूरी करो। मरने के लिये तैयार हूँ कलंक लगाने के लिये नहीं। (९) चलते-चलते शाम हो गईं त...
- ’ जब मैंने यह श्लोक सुनाया तो गुरुजी ने कहा, ‘‘बेटा कहाँ पढ़ा है?...? ’’ मैंने गुरुदेव को बता दिया कि ‘गायत्री का सूर्योपस्थान’ पुस्तक में पढ़ा है। तब गुरुजी कहने लगे, ‘‘...
- ’ मैं क्या करता?...? खड़ा हो गया। बोले इतने गंदे कपड़े पहनकर स्कूल आने में शर्म नहीं आती? मैं तुम पर आठ आना जुर्माना करता ...
- ’ मैंने गुरुजी से कहा, ‘गुरुजी हमने आपका काम किया है, तो उसका प्रमाण क्या है?...? ’ बोले, ‘बेटा! प्रमाण माँगता है? तो देख!’ उन्होंने एक मोटी इतिहास की पुस्तक आगे की। (वह इतिहास अभी ...
- ’’ (२) प्राचीनकाल में समाज को कितने वर्ग में बाँटा गया था व क्यों?...? (३) ऊँच-नीच का आधार गुण होना चाहिए या वंश? क्यों? (४) क्या पूर्वजों के कारनामों के कारण उनके वंशजों...
- ’’ (७) उन्नति या प्रगति का आधार स्वतंत्र चेतना है या भाग्य?...? (८) स्वतंत्र चिन्तन एवं पुरुषार्थ पूर्ण कर्तव्य ही सुख के सारे द्वार खोलता है? सिद्ध कीजिए (९) सिद्...
- ’’ (७) उन्नति या प्रगति का आधार स्वतन्त्र चेतना है या भाग्य?...? (८) स्वतन्त्र चिन्तन एवं पुरुषार्थ पूर्ण कर्तृत्व ही सुख के सारे द्वार खोलता है सिद्ध कीजिये।...
- ’’ अर्थात्—‘‘वेदों का उद्धार कौन करेगा?...? ’’ इसके उत्तर में कुमारिल भट्ट ने कहा था कि—‘‘अभी एक कुमारिल भट्ट भूतल पर है। इस प्रकार विलाप न करो...
- ’’ इतने में माताजी बोलीं, ‘‘तू सोचती है, माताजी मोटी हैं?...? कुछ काम नहीं कर पायेंगी? बेटा, मैं अभी भी 100 लोगों का खाना बना सकती हूँ।’’ वह बहन बेचारी हैरान रह ...
- ’’ इस कथन की पुष्टि करते हुए दर्शाइए कि अध्यापक के प्रमुख कर्तव्य क्या हैं?...? (२) छात्रों के गुण, कर्म, स्वभाव पर विद्यालय का प्रभाव सर्वाधिक क्यों होता है? (३) प्राचीनकाल में श...
- ’’ इस पर उन्होंने श्रद्धापूर्वक हाथ जोड़ते हुए कहा, ‘‘हम क्या दे सकते हैं?...? गुरुजी ने हमें जो दिया है, यह तो उसका ब्याज भी नहीं है।’’
ऐसे लाखों कार्यकर्ता हैं, जो यह कहते है...
- ’’ इस पर गुरुजी कहते, ‘‘माताजी, हमारे बच्चे कैसे सीखेंगे कि पत्नी का सहयोग कैसे करना चाहिए?...? ’’गुरुजी कभी-कभी गोष्ठी में कहते, ‘‘बेटा, दाम्पत्य जीवन कैसा होना चाहिए, इसे हमारे जीवन से सीखना।’...
- ’’ इस पर गुरुजी बोले, ‘‘हमसे बड़ा भी कोई सूरज-चाँद है क्या?...? ’’ माताजी ने सबके लिये चाय बनवाई।
उस दिन रविवार था। तब तक शान्तिकुञ्ज में टी.वी. आ चुका था। माताजी...
- ’’ इससे पहले कि मैं उनसे पूछती कि क्या-क्या लेकर आऊँ?...? वे फिर लिखने लगे। सुबह जब आँख खुली तो उन ऋषि का आभा मंडित चेहरा मेरी आँखों के सामने घूमने लगा। मैंन...
- ’’ ईंटें तो हम उठा लाये थे, सो मिलती कहाँ?...? गुरुजी बोले, ‘‘वो महेंद्र कहीं रख गया होगा, उसे बुलाओ।’’ मैं गया। मैंने माताजी से कहा, ‘‘आप बैठो।’’...
- ’’ उन्होंने करुणापूर्वक कहा, ‘‘बेटा, जल्दी बता, क्या बात है?...? ’’ मैंने बताया, ‘‘पिताजी, मेरे बड़े भाई को हमेशा बाँध कर रखना पड़ता है। वे पागल हैं।’’ पूज्य गुरुदेव ...
- ’’ उन्होंने कहा, ‘‘तुम्हें संसार में कुछ नहीं चाहिए?...? ’’ मैंने कहा, ‘‘कुछ नहीं चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फिर तुम्हें ब्राह्मण, फकीर बना दें।’’ मैं चुप रहा...
- ’’ उन्होंने मुझसे पूछा, ‘‘माताजी, पैसा तो बहुत होगा आपके पास, कहाँ रखा है?...? ’’ घर में कुछ विशेष पैसा तो था नहीं। मैंने उन्हें सब सच-सच बता दिया कि पैसा तो हमारे पास बहुत है, प...
- ’’ उस दिन जब हम गुरुजी के दर्शन करने गए, तो गुरुजी ने स्वयं ही मुझसे पूछा, ‘‘आपका बच्चा है?...? ’’ मैंने हाँ में सिर हिलाया। फिर गुरुजी बोले, ‘‘बेटा, इस बालक की चिन्ता मत करना। मैं इसे पूरा ठीक त...
- ’’ उसे हिलाया-डुलाया, फिर बिस्तर उठा कर देखा और बोले, ‘‘बदल तो नहीं दिया?...? ’’ अब तो सच बताना ही था। मैंने कहा, ‘‘जी साहब, बदल दिया।’’ गुरुजी थोड़ा नाराज हुए और बोले, ‘‘1200 रु...
- ’’ और बालकों से पूछता है, ‘‘आपने आलपिन का उपयोग किया, या दुरुपयोग?...? ’’
‘‘यदि दुरुपयोग किया है तो इसका उपयोग कैसे हो सकता था?’’
बालक फिर से प्रयास शुरु करते हैं- कोई आल...
- ’’ और बोले, ‘‘तू इन सबका चिन्तन क्यों करती रहती है?...? विधवा होने के कई एक कारण होते हैं। तू ऐसा सब क्यों सोचती रहती है?’’ मैं गुरुजी की बात सुनकर हक्की-ब...
- ’’ और ‘‘कैसे?...? ’’ की कसौटी पर हर एक बात को परखो। दूसरों से पूछने में झिझक मत करो। मनन, चिन्तन और विश्लेषण करने की ...
- ’’ कन्या बोली, ‘‘तुझे क्या प्रमाण चाहिए, बता?...? ’’ पटवारी ने अपना हाथ बढ़ाया और कहा, ‘‘मेरे हाथ में अपना हाथ दो तो मेरे हाथ में कुमकुम आ जाये, तो मै...
- ’’ कल्पना ने पूछा, ‘‘क्यों गुरुजी?...? ’’
गुरुजी ने जोर देते हुए कहा, ‘‘मैं कह रहा हूँ, तू कल गंगाजी नहीं जायेगी।’’ ‘‘ठीक है गुरुजी, आप ...
- ’’ कुछ रुके, फिर बोले-‘‘क्या नाम है?...? ’’ देवरजी ने बताया, ‘‘श्री सीताराम शर्मा।’’ ‘‘क्या उमर है?’’ 80 वर्ष। ‘‘कहाँ रहते हैं?’’ ‘‘भीलवाड़ा’...
- ’’ कौन कह सकता है गुरुदेव नहीं हैं?...? वे आज भी हैं, मैं इसका प्रमाण हूँ। उर्मिला बहनजी ने गोली के निशान भी दिखाये।जीवन सार्थक जीना चाहिए...
- ’’ गुरुजी तुरन्त समझ गये और कहा, ‘‘किसने कहा बदलने को?...? हमने तो कहा नहीं।’’ फिर मेरी ओर मुखातिब होकर बोले, ‘‘क्यों, उसे क्या हुआ है?’’ मैंने बताया, ‘‘गुरुज...
- ’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘नहीं तू बता, तू कितने का लाया है?...? ’’ सोनी जी ने बताया, ‘‘गुरुजी 21 रुपये का है।’’ सुनकर गुरुजी बोले, ‘‘मैं जो पहनता हूँ, वह 11 रुपये ...
- ’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘पाँच मिनट में तू क्या कर लेगा?...? ’’ हमने कहा ‘‘गुरुजी! हम मंच की तैयारी रखे रहेंगे। जनता को एकत्र भी कर लेंगे। आप बस पाँच मिनट में उ...
- ’’ गुरुजी ने कहा-‘‘तुम लोग क्या समझते हो?...? क्या मैं केवल शान्तिकुञ्ज में ही निवास करता हूँ, या कहीं और भी रहता हूँ? मैं लगातार सजातियों को खीं...
- ’’ गुरुजी ने पूछा, ‘‘तूने क्या पढ़ाई की है?...? ’’ मैंने कहा, ‘‘एम.काम. किया है।’’ जवाब मिला, ‘‘तब तू डॉक्टर कैसे बनेगा?’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुजी, डॉ....
- ’’ गुरुजी बोले ‘‘बेटा, विटामिन सी खाने से कुछ फायदा होता है?...? ’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुजी, यदि कमी होती है तो जरूर फायदा होता है।’’ वे बोले ‘‘फायदा मालूम पड़ता है क्या...
- ’’ गुरुजी बोले, ‘‘क्यों नहीं है?...? ईंट लगाओ।’’ माताजी बोलीं, ‘‘जब हिल नहीं रहा है, तो रहने दो।’’ गुरुजी अपने पलंग से उठे और बोले, ‘‘हि...
- ’’ गुरुजी बोले, ‘‘तेरे पिताजी क्यों स्वीकार नहीं करते?...? तू जाकर बोल कि यदि तुम दक्षिण भारत की लड़की स्वीकार नहीं करते तो फिर माँ को दक्षिण भारतीय साड़ी क्यों...
- ’’ गुरुदेव ने कहा, ‘‘अभी से साँस फूलेगी तो क्या होगा?...? हम अपने कन्धों पर ले चलेंगे, गायत्री माता से कह देंगे ठीक हो जायेगा।’’ उस समय पूज्यवर कमरे में टहल र...
- ’’ गुरुदेव ने पूछा, ‘‘किस पर?...? ’’ वह बोला, ‘‘सुषुम्ना नाड़ी पर।’’ इतना सुनते ही पूज्य गुरुदेव ने सुषुम्ना नाड़ी की पूरी व्याख्या कर ...
- ’’ गुरुदेव बोले, ‘‘हमारी मर्जी, हम शादी करें या न करें, मैनेजर बनवाएँ या झाड़ू लगवाएँ, तू कौन होता है?...? ’’
ऐसे थे गुरुदेव, जिनसे जुड़कर यह जीवन धन्य हो गया। आज हम अनुभव करते हैं कि वे साक्षात् गुरुरूप मे...
- ’’ जवाब मिला, ‘‘तब तू डॉक्टर कैसे बनेगा?...? ’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुजी, डॉ. नहीं बन सकता इसलिये तो आपके पास आया हूँ।’’ गुरुजी बोले, ‘‘अच्छा! तुझे ड...
- ’’ जीभ यदि काबू में हो तो मिठाई, खटाई, मिर्च और मसाले हमारे ऊपर क्यों सवार हों और तरह-तरह के व्यंजन, पकवान, आचार-चटनी की लपक क्यों लगे?...? लोग समझते भर हैं कि हमने जायकेदार और कीमती चीजें खाकर मजा उठाया पर वस्तुतः यह अपने पैरों आप कुल्हाड़...
- ’’ तब गुरुदेव ने बड़ी गम्भीरता से कहा, ‘‘बेटी, मैं तेरे बाप को क्या जवाब देता?...? ’’ लाल बाबा के बताने पर आये हो!
डॉ. लक्ष्मण सिंह मनराल चौखुटिया, अल्मोड़ा
श्री पी.वी. बालास्वामी ...
- ’’ तब पूज्य गुरुदेव बोले ‘‘आज से हम तुम्हारे हुए, इतने से कम में हमारा गुरु हमें नहीं मिला तो हम तुम्हें कैसे मिल जाते?...? ’’
मैंने कहा ‘‘गुरुदेव एक प्रार्थना है। बच्चे पढ़े या न पढ़ें, शादी हो या न हो पर ये शान्तिकुञ्ज में...
- ’’ तब माताजी बोलीं, ‘‘अब तो मैंने जकड़ लिया, अब कहाँ जायेगी?...? ’’
जब हम लोग हरितालिका तीज की पूजा करने गये, तो गुरुजी-माताजी दोनों ही बैठे थे। बहिनें उन्हें रोली...
- ’’ तब वे झल्ला जाते और कहते-‘‘तू मेरी दाढ़ी क्यों बनायेगा?...? क्या मैं नहीं बना सकता?
‘‘तू मेरा सब काम करेगा, सब काम करेगा, जा! मेरा सब काम तू ही कर आ।’’ अब तो ...
- ’’ तब वे लोग एक-दूसरे की ओर इशारा करते हुए कहने लगे, ‘‘साहब, हमसे क्या पूछते हैं, इनसे पूछिये, ये भी तो मिले थे?...? ’’ वे लगभग 15-20 व्यक्ति थे, सभी एक स्वर में कहने लगे, ‘‘हाँ-हाँ! यही व्यक्ति थे, बिल्कुल यही व्यक्...
- ’’ तो अपने हाथ की खाल पकड़कर खींचते हुए कहा-‘‘अब ये चाम रखकर क्या करेंगे?...? आत्मा तो चली गई।’’ मैंने कहा, ‘‘महाराज, बात समझ में नहीं आई? आत्मा कैसे और कहाँ चली गई?’’ तो बाबा ब...
- ’’ दत्ता जी बोले, ‘‘आपको गुरुजी पर भरोसा नहीं है क्या?...? ’’ और मुस्कुराते हुए बोले, ‘‘हम तो भई अपना काम करेंगे। जूता साफ करेंगे।’’ मैं बोली, ‘‘गुरुजी पर तो ...
- ’’ पटवारी ने कहा, ‘‘सही उच्चारण कैसे होता है, बताइये?...? ’’ तब लड़की ने सबके सामने ऊँचे स्वर में उच्चारण करके बताया। फिर मुझसे बोली, ‘‘बेटा! तुम्हारी मंत्र ल...
- ’’ पर फिर तुरन्त ही मन में सोचा, मैं क्या पूछ रहा हूँ?...? वे तो सर्वज्ञ हैं, हो न हो, उस सहृदय व्यक्ति के रूप में गुरुदेव ही तो पहुँचे थे और तुरन्त श्रद्धावनत...
- ’’ फिर पत्नी से बोले, ‘‘बेटा तेरे को कुछ कहना है?...? ’’ पत्नी ने कहा, ‘‘बापजी, ये दुःख हमारा दूर हो जाय, बस।’’ गुरुजी बोले, ‘‘सब ठीक हो जाएगा।’’ हम तीन ...
- ’’ फिर बोलीं, ‘‘ये सब क्या है?...? इसकी क्या जरूरत थी? बेटा, तेरा तो सब कुछ मेरा ही है।’’ जल्दी-जल्दी में गुरुजी के लिए, मैं कुछ खरीद ...
- ’’ फिर मज़ाक में कहा, ‘‘मेरे यहाँ 21वीं सदी नहीं आयेगी माताजी, कि ये सब महिलाओं के काम करता फिरूँ, मैं?...? .. और... मेंहदी ले जाकर दूँगा?’’ कहकर मैं मेंहदी लिये बिना ही नीचे आ गया।’’
मुक्ति दीदी-‘‘कुछ समय ...
- ’’ फिर मेरी ओर मुखातिब होकर बोले, ‘‘क्यों, उसे क्या हुआ है?...? ’’ मैंने बताया, ‘‘गुरुजी, वह अन्दर से सड़ गया है। बदलना आवश्यक है।’’ गुरुजी ने दरवाजे को खोला, बन्द कि...
- ’’ फिर वह बोली, ‘‘पता नहीं कौन सा संकट आने वाला है, गुरुजी ने किस संकट का संकेत दिया है?...? ’’
रात की घटना अभी भी मुझे कँपा रही थी। मैंने कहा, ‘‘संकट तो आकर चला गया’’ और रात की सब घटना पत्नी...
- ’’ फिर वे बोले, ‘‘तुम कुछ माँगते क्यों नहीं?...? ’’ मैंने कहा, ‘‘कुछ नहीं चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तुम्हें संसार में कुछ नहीं चाहिए?’’ मैंने कहा, ‘‘...
- ’’ बात मेरी समझ में आ गई कि मुझे क्यों भेजा जा रहा है?...? श्री रामजनम वर्मा जी पशुलोक में ही रहते थे।
वहाँ जाकर, मैंने सबसे पहले बच्चे का परीक्षण किया। उसे ...
- ’’ बेटे ने कहा, ‘‘फूल माँगते हैं?...? ’’ गुरुजी ने एक फूल उठाकर दे दिया। उनके जाने के बाद हम लोगों से कहा, ‘‘तुम लोग यज्ञ करते हो, जिससे ...
- ’’ बोधिसत्व चौंक कर बोले-पुत्री मैंने तो किसी का कुछ नहीं चुराया?...? चुराया क्यों नहीं, दुनियाँ की शान्ति और आनन्द चुराकर यहाँ बैठे हो, संसार पीड़ाओं में जल रहा है क्या...
- ’’ भारी चिन्ता में पड़ते हुए हमने इतना ही पूछा ‘‘आप क्या चाहते हैं?...? ’’ उन्होंने कहा,‘‘सम्पूर्ण समर्पण करना है। तुम्हारा श्रम हमारे लिए, चिन्तन हमारे लिए, समय भी अब हमा...
- ’’ भीड़ मुड़ कर देखने लगी, ‘‘कौन आया?...? ’’ पर गुरुजी तो सबसे पीछे बैठ गए थे। दिखाई नहीं पड़े। गुरुदेव ने हाथ जोड़ कर संकेत किया कि मैं ठीक हू...
- ’’ मरता क्या न करता?...? नहीं से तो अच्छा है जलन ही सह लिया जाय। सोचकर कहा, ‘‘आप बताइये तो सही, जितना सह पायेंगे-सहेगें।’’ उ...
- ’’ माँ गंगा व कार्तिकेय को आशीर्वाद कौन दे सकता है?...? फिर अन्तरमन ने कहा, माँ गंगा व कार्तिकेय को आशीर्वाद देने की सामर्थ्य रखने वाले साक्षात् शिव के अति...
- ’’ माँ ने बच्चों को डाँटा, ‘‘क्यों भाभी को रुलाते हो?...? ’’ बहू को सांत्वना देती रहीं पर स्वयं भी परेशान थीं। घर में स्थिति बड़ी दयनीय थी।
इधर जब हम शान्तिक...
- ’’ माताजी का आदेश भला कौन टाल सकता था?...? उस चावल को अच्छे से धोया गया और पकाया गया। बहनें सोच रही थीं कि आज नाली का चावल खाना पड़ेगा। माताजी ...
- ’’ माताजी ने तुरन्त स्टोर वाले भाई से पुछवाया, ‘‘बाजरा आ गया है क्या?...? ’’ वह बोला माताजी अभी नहीं आया है। माताजी ने उसे कहा ‘‘जैसे ही आये मुझे बताना।’’ अगले दिन, सुबह-सुब...
- ’’ माताजी ने मुझसे पूछा, ‘‘लल्लू, तू ठीक कर देगा?...? अच्छा! देख तो!’’ मैंने मन में सोचा, ‘‘मैं कैसे करूँगा?’’ पर मैं टेलीफोन को ब्रह्मवर्चस ले आया, उलट-...
- ’’ माताजी बोलीं, ‘‘तू जा, क्यों चिन्ता करती है?...? मैं तो हूँ।’’ जबकि माताजी स्वयं ही अत्यधिक बीमार थीं। उनकी बात सुनकर मैं और शैल जीजी जोर से हँस पड़े...
- ’’ माताजी बोलीं, ‘‘बेटा तुमने शान्तिकुञ्ज के डॉक्टरों को दिखाया क्या?...? जा बेटा जा, नीचे शान्तिकुञ्ज के डॉक्टर बैठे हैं। उन्हें दिखा दे, सब ठीक हो जायेगा।’’
इधर माताजी के...
- ’’ मुक्ति जीजी ने पूछा क्या काम है?...? वे बोले, ‘‘मुझे मुक्ति चाहिए।’’ मुक्ति जीजी बोलीं, ‘‘मेरा ही नाम मुक्ति है। कहिये।’’ सुनकर वे झेंप...
- ’’ मुझे लगा, यह ठीक तो कह रही है पर मैं कैसे नहीं समझ सका?...?
मैं धन्य हो गया
श्री रमेश मारू, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
यह प्रसंग मुझे श्री रामाधार विश्वकर्मा जी ने...
- ’’ मैं चौंक कर गुरुदेव का मुँह ताकने लगा सोचा, कल आर्डर दिया, आज कैसे मना करूँ?...? क्या सचमुच मना करना पड़ेगा? अभी सोच ही रहा था कि इतने में उन्होंने फिर कहा-‘‘जा, जल्दी मना कर दे, नह...
- ’’ मैं थोड़ा घबराई कि अब क्या बोलूँ?...? मैंने अपना थोड़ा बहुत परिचय दिया और फिर उनसे पूछा, ‘‘आप सब कहाँ से आये हैं?’’ उन्होंने बताया ‘‘हम सब...
- ’’ मैं बरबस ही यह सोचने के लिये मजबूर था कि क्या, गुरुदेव ने उस दिन माँ गंगा को रुकने का आदेश दिया था और बिहार को दोहरी त्रासदी से बचाया था?...? मेरे गुरु मेरे घर आये, मैं भी तेरे घर आया
(श्री रघुवीर सिंह चौहान जी, सन् 1977 में पूज्य गुरुदेव स...
- ’’ मैंने कहा, ‘‘गुरुजी, कब तक?...? ’’ गुरुजी बोले, ‘‘जब तक तू पूर्णता की स्थिति प्राप्त नहीं कर लेगा।’’ उनकी बात सुनकर मैं भाव विभोर ह...
- ’’ मैंने कहा, ‘‘नहीं, गुरुजी’’ गुरुजी ने कहा-‘‘मुझसे झूठ बोलते हो?...? आज के बाद सिगरेट मत पीना।’’ मैं कभी-कभी सिगरेट पीता था। मुझे हैरानी हुई, गुरुजी को कैसे पता चला। उस...
- ’’ मैंने कहा, ‘‘फिर उनका क्या होगा?...? ’’ तो वे बोले, ‘‘वे विश्राम करेंगे।’’ मैंने पूछा, ‘‘उनका विश्राम कैसा होता है? क्या सोयेंगे, कितना ...
- ’’ मैंने कहा, ‘‘महाराज, बात समझ में नहीं आई?...? आत्मा कैसे और कहाँ चली गई?’’ तो बाबा बोले-‘‘अरे! वे श्रीराम चले गए न... अब ये शरीर रखकर क्या करूँगा...
- ’’ मैंने कहा, ‘‘माताजी अब समय ही कहाँ है?...? पूजा होने वाली है और मुझे पूजा का सामान भी लाना है।’’ माताजी बोलीं, ‘‘अरे, पूजा में अभी आधा घण्टा ह...
- ’’ मैंने कहा, ‘‘माताजी, जब साक्षात शिव-पार्वती हैं, तो मैं मिट्टी के शिव-पार्वती क्यों पूजूँ?...? ’’ माताजी बोलीं, ‘‘अच्छा ठीक है, जा गुरुजी से पूछ ले।’’ मैंने गुरुजी से पूछा तो वे खड़े हो गये और बो...
- ’’ मैंने गुरुजी से पूछा तो वे खड़े हो गये और बोले, ‘‘अभी चलना है?...? ’’ मैंने कहा, ‘‘नहीं गुरुजी, जब माताजी बुलाएंगी।’’ वे बोले, ‘‘अच्छा, अच्छा! और बैठ गये।’’
सभी बहनो...
- ’’ मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘इसके लिए मुझे क्या करना होगा?...? ’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘बेटा! इसके लिए अपना आपा ही उड़ेल दो। बेटा, जो भी छुट्टी मिले, उसे हमारे काम में ...
- ’’ मैंने गुरुजी से पूछा, ‘‘गुरुजी आप कहाँ पर थे?...? ’’ पर फिर तुरन्त ही मन में सोचा, मैं क्या पूछ रहा हूँ? वे तो सर्वज्ञ हैं, हो न हो, उस सहृदय व्यक्ति ...
- ’’ मैंने चकित होकर कहा, ‘‘गुरुदेव आप?...? इसकी नाक से रक्त स्राव की 99 प्रतिशत आशंका है।’’ वह बोले, ‘‘मैं खड़ा हूँ, कुछ नहीं होगा। तू इसकी पट्...
- ’’ मैंने पूछा ये कौन हैं?...? तब उन्होंने कहा कि भारत से हम दो लोग थे। एक दक्षिण भारत में हैं। उन्हीं ने अपने कैमरे से ये चित्र ल...
- ’’ मैंने पूछा, ‘‘उनका क्या होगा?...? ’’ वे बोले, ‘‘वे अपने गुरु का स्थान ले लेंगे।’’ मैंने कहा, ‘‘फिर उनका क्या होगा?’’ तो वे बोले, ‘‘वे...
- ’’ मैंने पूछा, ‘‘उनका विश्राम कैसा होता है?...? क्या सोयेंगे, कितना सोयेंगे, क्या सोते रहेंगे?’’ गुरुजी ने कहा, ‘‘नहीं, उनके विश्राम का मतलब होता ह...
- ’’ मैंने पूछा, ‘‘क्या वे भी मुझे आप की ही तरह प्यार करेंगे?...? ’’ माताजी बोलीं, ‘‘मुझसे भी अधिक।’’ फिर माताजी ने मुझे गायत्री मंत्र सुनाया, अखण्ड दीपक दिखाया और क...
- ’’ मैंने मन में सोचा, ‘‘मैं कैसे करूँगा?...? ’’ पर मैं टेलीफोन को ब्रह्मवर्चस ले आया, उलट-पलट कर देखा और खोलकर साफ कर दिया, वह ठीक हो गया। अगले ...
- ’’ युधिष्ठिर का स्वर अपेक्षाकृत कोमल था ‘‘अधर्म के विरुद्ध तो हम लड़ ही रहे हैं, पर मनुष्य तो आखिर आत्मा है, आत्मा का आत्मा से क्या द्वेष?...? ’’ भीम युधिष्ठिर की इस महान् आदर्शवादिता के लिए नतमस्तक न हो पाए थे, तब तक नकुल बोल पड़े- ‘‘लेकिन मह...
- ’’ लेकिन मेरी अन्तर्स्थिति को कोई कहाँ समझ सकता था?...?
फरवरी सन् 2006 में हम हरिद्वार आ गये और शान्तिकुञ्ज में अपना पूरा समय देने लगे। दो-तीन माह बाद हम...
- ’’ वह बोला, ‘‘छत पर कौन है?...? ’’ हमने कहा, ‘‘कोई नहीं है।’’ पर डाकुओं को छत पर कोई सफेद धोती-कुर्ता पहने, हाथ में बड़ा सा डंडा लिय...
- ’’ वह बोलीं, ‘‘गुरुजी, आप बैठे हैं तो डर क्या?...? ’’ गुरुजी बोले, ‘‘गुरुजी तो सामने बैठे हैं, पीछे से तुझे उठा ले गया तो मैं क्या करूँगा?’’ और हम सब ...
- ’’ वे कुछ क्षण चुप रहे, फिर कहा-‘‘मैं क्या करूँगा स्टेनो रखकर?...? मेरी एक मुसीबत है, और वो ये है कि मैं भी, किसी का स्टेनो हूँ। अब स्टेनो, स्टेनो कैसे रखे? वे (गायत्...
- ’’ वे बोले ‘‘फायदा मालूम पड़ता है क्या?...? ’’ मैंने कहा ‘‘गोली क्या कर रही है यह तो मालूम नहीं पड़ता लेकिन तकलीफ दूर हो जाती है।’’ गुरुजी ने कह...
- ’’ सबने एक स्वर से कहा, ‘‘आप हमसे क्यों पूछते हैं गुरुदेव?...? आप स्वयं तो वहाँ मौजूद थे। आपकी क्षण भर की देरी हम सब की गर्दन उड़ा देती।’’ सुनकर, गुरुदेव मुस्कुरा ...
- ’’ हम सोचने लगे, ‘‘हम क्या दवा लिखेंगे?...? ’’ खैर हम उनके पास खड़े हो गये। लोग अपनी-अपनी समस्या कहते और गुरुदेव आशीर्वाद दे देते। कोई गम्भीर बीम...
- ’’ हमने पूछा, ‘‘क्यों महाराज?...? ’’ तो अपने हाथ की खाल पकड़कर खींचते हुए कहा-‘‘अब ये चाम रखकर क्या करेंगे? आत्मा तो चली गई।’’ मैंने क...
- ’’ ‘‘आखिर क्यों?...? ’’ 6-7 साल की नन्हीं बच्ची के मन ने प्रश्न किया। मैंने तो कोई चोरी नहीं की, पैसे तो पड़े मिले थे।’’ ...
- ’’ ‘‘क्या उमर है?...? ’’ 80 वर्ष। ‘‘कहाँ रहते हैं?’’ ‘‘भीलवाड़ा’’ उस समय गुरुदेव कमरे में ही अपने दोनों हाथ पीछे की ओर बाँ...
- ’’ ‘‘क्या है वहाँ?...? ’’ माताजी ने पूछ लिया। मैंने जवाब में कहा, ‘‘माताजी शंकर जी का सिद्धपीठ है।’’ माताजी गम्भीर हो गईं व...
- ’’ ‘‘क्यों करते हो?...? वर्ण एवं संस्कार कौन-कौन से हैं। आपके गुरुदेव कौन हैं? उनका जीवन परिचय दीजिए, वे किस तरह युग निर्मा...
- ’’ ‘‘यज्ञ करते हो?...? ’’ ‘‘हाँ।’’ ‘‘क्यों करते हो? वर्ण एवं संस्कार कौन-कौन से हैं। आपके गुरुदेव कौन हैं? उनका जीवन परिचय...
- ’’गुरुजी बोले, ‘‘बेटा, इससे तू क्यों दुखी होता है?...? इस सब की प्राप्ति के लिये भी प्रारब्ध चाहिए। यह भी हर किसी के भाग्य में नहीं होता। राम-रावण युद्ध क...