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परमपूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी
ध्यान क्यों करें?...े करें? -३
(गतांक से आगे)
दीपक की तरह जलें, प्रेरणा दें
मैं आपको दीपक का उदाहरण देकर...
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'अक्षतान् समर्पयामि' का क्या मतलब है?...ित्रो! इसका मतलब एक ही है कि हमारी जो कमाई है, उसका एक अंश हमें भगवान को देना चाहिए। अक्षत इसका स्मरण...
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'वसुधैव कुटुम्बकम्' की मान्यता क्या है?...आत्मवत् सर्वभूतेषु' की है। 'आत्मवत् सर्वभूतेषु' क्या है? एक ही है—आप दूसरों की मुसीबतों में हिस्सेदार...
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अंगुलिमाल डाकू का नाम आपने सुना होगा?...ह बहुत खराब आदमी था और महात्मा बुद्ध को मारने के लिए गया था। लेकिन बाद में क्या हुआ? फिर कुछ ऐसा हुआ ...
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अन्तरंग जीवन क्या है?...ंतरंग जीवन को तो आपने कभी देखा भी नहीं। उसे कभी छुआ भी नहीं। अन्तरंग जीवन की कभी हवा भी नहीं लगी आपको।...
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अन्तर्द्वन्द्व क्या है?...ंतर्द्वन्द्व बेटे दो साँड़ों की लड़ाई की तरह है। दो साँड़ों की लड़ाई देखी है न आपने? हाँ गुरुजी! जब द...
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अक्षत से क्या मतलब है?...क्षत से मतलब है, हमारी कमाई का एक हिस्सा भगवान के लिए, समाज के लिए लगना चाहिए। हम जो कुछ कमाते हैं, स...
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अगर आप कर्म के फल को नहीं समझना चाहते तो कामना की बात कहकर के क्या करने चले हैं?...सकी प्रतिक्रिया क्या हो सकती है और क्या परिणाम हो सकते हैं, आप जानते नहीं? जिस आदमी को जो दण्ड मिलना च...
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अगर आप ये कहें कि गुरुजी के बाद क्या होगा?...ेटे, गुरुजी का शरीर ही तो चला गया, लेकिन आत्मा तो उनकी यहीं विद्यमान है। मेरे पास भी है और सारे शान्त...
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अगर बन्दूक की नली छोटी हो तब?...ब मुश्किल पड़ जाएगी। लम्बी नली की विशेषता यह है कि यह गोली को दूर तक फेंक सकती है। पिस्तौल दूर तक नहीं...
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अच्छा तो कब तक करेंगे?...िर्फ उस समय तक करेंगे, जब तक अपने पैरों पर आप खड़े नहीं हो जाते, बस। बाद में? बाद में नहीं करेंगे। अग...
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अच्छा, आप यह बताइए कि 'गणिका, गीध, अजामिल तारे' के अतिरिक्त और कौन-कौन से व्यक्ति हैं, जिनका उद्धार हो गया?...ाँ साहब! तुलसीदास जी का उद्धार हो गया। तुलसीदास जी का उद्धार कैसे हो गया और उनमें क्या खराबी थी? साहब...
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अध्यात्म किसे कहते हैं?...साइंस ऑफ सोल' को अध्यात्म कहते हैं। सोल की साइंस में—आत्मा के विज्ञान में हर चीज भीतर से निकलती है। आ...
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अध्यात्म की सही परम्परा क्या हो सकती है?...ह कल मैंने आपसे निवेदन किया था कि अध्यात्म चार हिस्सों में बँटा हुआ है। अध्यात्म एक नहीं है, इसके चार...
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अध्यात्म से क्या हो जाएगा?...स शिविर में मैं उस अध्यात्म को आपको सिखाने वाला हूँ, जो मुझे मेरे गुरु ने सिखाया है और उसका परिणाम नग...
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अध्यात्मवाद क्या होता है?......
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अनाथालयों का काम कैसा है?...हुत ही अच्छा काम है। बेचारे अनाथ बच्चों का शिक्षण करें, पालन-पोषण करें। जिनके माँ-बाप नहीं हैं, उन अन...
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अपने मन को भगवान के साथ जोड़ दें बेटे, आपको क्या करना पड़ेगा?...पको अपने मन को भगवान के साथ, देवता के साथ जोड़ देना पड़ेगा। कल हमने आपको बताया था कि परिशोधन की प्रक्...
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अफीम की गोली क्या?...ाला आहा! ये बात है। माला में क्या होता है? नमः शिवाय-नमः शिवाय और क्या कह रहा है? श्रीकृष्ण शरणं मम-श...
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अब क्या सवाल रह गया?...ब बेटे, यह सवाल रह गया कि जिस अध्यात्म की प्रशंसा ऋषियों ने गाई, पुस्तकों में गाई गई, राम-नाम की महत्...
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अब क्या होना है?...ही होना है। आप में से कोई बुड्ढा तो नहीं है? अच्छा अभी नहीं है तो थोड़े दिनों बाद हो जाएँगे। यह क्या ...
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अर्जुन ने कहा—अच्छा, आपको मेरे जैसा बच्चा चाहिए, पर आप जिस तरीके से चाहती हैं, उस तरीके से बच्चा न हुआ, कन्या हो जाए तब?...र फिर मेरे जैसा न होकर पंगु हो जाए, काना हो जाए तब? आप मेरे जैसा ही चाहती हैं न, तो मैं एक ही हूँ। भग...
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अहिल्याबाई कौन थी?...ंदौर की महारानी थी। तुकोजीराव एक बार चीते का शिकार खेलने के लिए कहीं देहात में गए। उन्होंने बन्दूक चला...
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आज गृहस्थ जीवन में क्या हो रहा है?...ाँ-बाप किसे कहते हैं? माँ-बाप उसे कहते हैं, जब तक कि लड़का नाबालिग रहता है और जब तक वह जिसके सहारे रह...
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आप कौन हैं?...प इनसान हैं और आप प्रगतिशील हैं। इसलिए आपका विचार और आपका चिन्तन, आपकी आस्थाएँ और आपकी मान्यताएँ और आप...
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आप क्या करें?...ुराइयों को बरदाश्त करें? नहीं, यह तो मैं नहीं कहता कि आप बुराइयों को बरदाश्त करें। आप बुराइयों से संघ...
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आप क्या कह रहे थे भगवान से?...गवान से मैं यह कह रहा था कि हमारे कर्मों के फल को आप हटाइए और हमारे पूजा-पाठ के आधार पर नई व्यवस्था क...
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आप जिसके साथ जुड़े हुए हैं, उसका नाम क्या है?...सका नाम है—ढकोसला। भगवान के नाम के बराबर इतना बड़ा ढकोसला शायद ही कहीं दिखाई पड़ता हो। मित्रो! चारों ...
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आप हनुमान जी बनना चाहते हैं न?...ाँ गुरुजी, हमारे इष्ट तो हनुमान जी हैं, तो आप हनुमान जी बनिए, हमें क्या शिकायत है। नहीं साहब! हनुमान ...
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आपके अन्दर सत्कर्म है?...हीं गुरुजी! हम तो सबेरे से उठते हैं और सिवाय बदमाशी, बेईमानी के दूसरा काम नहीं करते और आपके विचार? हम...
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आपके भीतर कितना भगवान है?...म मीटर लगाकर के आपको अभी बता सकते हैं। लाइए थर्मामीटर। थर्मामीटर से क्या बुखार देख रहे हैं? हाँ बेटे!...
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आपको क्या फायदा हुआ?...ुछ फायदा नहीं हुआ। बेसिलसिले की गलत तसवीरें छपवा लेते हैं। रेलगाड़ियों में चंदा माँगते हैं। यहाँ-वहाँ...
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आपने उसे पढ़ाया क्यों नहीं?...पके पास वह नौवीं दरजा पास करके आई थी, फिर उसको आगे क्यों नहीं पढ़ने दिया। अरे साहब! समय नहीं मिला। आप...
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आपने देखा नहीं जनता पार्टी का क्या हुआ?...भी प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। आपने देखा नहीं, इन लोगों ने देश को तबाह कर दिया। यह महत्त्वाकाँक्षा वा...
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इनको प्राप्त करने के लिए क्या करना पड़ेगा?...ेटे, इसके लिए हमारे पास एक ही हथियार है और उसका नाम है—ध्यानयोग। ध्यानयोग किसे कहते हैं? योग को। योग ...
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इसका क्या मतलब है?...ेटे! जब घर का मालिक कहे कि चोर को पकड़ो, तब आप भी कहिए कि चोर को पकड़ो। चोर कौन है? मालूम नहीं कौन है...
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इसके लिए क्या करना पड़ेगा?...ूसरे लोग तो भगवान के साथ मखौल करते हैं, दिल्लगीबाजी करते हैं। दिल्लगीबाजी क्या होती है? यह होती है, ज...
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इसके लिए क्या करना पड़ेगा?...ह काम, जो भगवान अपने हाथ से करने वाले हैं, सन्तुलन बनाने वाले हैं। सृष्टि को ठीक करने वाले हैं। आदमी क...
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इसके लिए मित्रो क्या करना चाहिए?...मतौर से आदमी काम की बातें भूल जाते हैं और बेकार की बातें, बेवकूफी की बातें सब याद रखते हैं। आपको सबेर...
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इसलिए करना क्या है?...नुष्य के जीवन का सबसे बड़ा पुरुषार्थ-परम पुरुषार्थ यह माना गया है कि हम ऐसी शक्ति के साथ में अपना संब...
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इसलिए क्या करना चाहिए?...्रत्येक क्रिया के लिए जो कर्मकाण्ड बनाए गए हैं, वे श्रेष्ठ काम के लिए बनाए गए हैं। कर्मकाण्ड करते समय...
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इसलिए क्या करना चाहिए?...लाह देने लायक आपकी अकल कैसे विकसित की जा सकती है? कौन सी परिस्थितियों में क्या सलाह दी जा सकती है और...
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इसलिए क्या करना पड़ेगा?...ही व्यावहारिक शिक्षण करने के लिए आपको पंद्रह दिनों के लिए हम भेज रहे हैं, ताकि आप यह जान सकें कि आपको...
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इसलिए रात्रि को सोते समय यह ख्याल किया कीजिए कि अब हमारे जीवन का अन्त है और अन्त को अगर आप ध्यान कर लें तब?...ब फिर आप चौंक पड़ेंगे। जिन्दगी भर आदमी न जन्म को याद करता है, न मौत को याद करता है। अगर मौत को याद किय...
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इससे उद्धार हो सकता है?...हीं बेटे! इससे उद्धार नहीं हो सकता है। तो फिर किस तरह से उद्धार होगा? दुनिया में इसका एक ही तरीका है ...
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उन्हीं दो को क्यों मिली, औरों को क्यों नहीं मिली?...रों को इसलिए नहीं मिली कि कई बार भगवान भी कुछ देकर पछताता है। रावण को देकर भगवान शंकर हैरान हो गए थे ...
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उन्होंने रामचंद्र जी से कहा कि आप क्या करें?...पको तप करने की जरूरत नहीं है। तप की शक्ति आपको हम देंगे और आप क्या काम करेंगे? आप लड़ाई लड़ना शुरू कर...
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उपासना कैसे सार्थक हो सकती है?...पासना कैसे मंत्रसिद्ध हो सकती है? भगवान का अनुग्रह प्राप्त करने के अधिकारी हम कैसे हो सकते हैं? मित्र...
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उसमें क्या-क्या चीजें आती हैं?...ेटे! इसमें पहला अंग 'पवित्रीकरण' का आता है। ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतो पिवा.......। यह पहल...
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एक कुसंस्कार यह है कि जब हम कुत्ते थे, तो हमको कोई तमीज नहीं थी कि माँ किसे कहते हैं, बेटी किसे कहते हैं, बहन किसे कहते हैं?...ोई रिश्तेदार नहीं मानते। बेटी है तो क्या, माँ है तो क्या? मादा-मादा सब एक सी हैं? नहीं साहब! फरक कीजि...
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एक साल क्या हुआ?...क साल दुकानदार को पड़ गया नुकसान। बस दुकानदार को आ गया गुस्सा। उसने कहा कि मैंने तीन साल के अन्दर तुमक...
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ऐसी स्थिति में जब आप घुटते रहेंगे, तो दूसरों पर प्रभाव कैसे डालेंगे?...ूसरों की बात समझ ही नहीं सकते; क्योंकि आदान-प्रदान का माद्दा ही नहीं है। इस कारण आदमी की सफलता के मार...
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और किसको देखना चाहते हो?...ीर-कमान वाले को देखना चाहते हैं? तीर-कमान किसका बनता है? बाँस का तीर-कमान धारण करने वाले, मोर-मुकुट प...
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और बाहर से—दुनिया से क्या मिलेगा?...ुनिया से भी बेटे आपको एक चीज मिलेगी। दुनिया आपको कैसे देगी? दुनिया कभी आपने देखी है? मोटर साइकिलें जब...
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और मित्रो क्या होगा?...े परिस्थितियाँ आ जाएँगी; जो यादवों के समय आ गईं थीं। यादवों ने यादवों को खा लिया। यादवों को बाहर वालो...
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कबीर क्या करते थे?...्रिया-कृत्य कितना करते थे? जप कितना करते थे? अनुष्ठान कितना करते थे? बेटे! मुझे मालूम नहीं है, लेकिन ...
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कसरतें कौन-सी हैं?...ही हैं, जिनको हम तपश्चर्या कहते हैं। जिनका मकसद है—अपने व्यावहारिक जीवन में शालीन जीवन जिएँ। सज्जनता ...
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कहते हैं कि रामकृष्ण परमहंस को अन्तिम दिनों में गले का कैंसर क्यों हुआ था?...्या इसलिए कि वे कोई संयम नहीं रखते थे? नहीं बेटे, ऐसी बात नहीं है। वे तो सन्त थे। उन्होंने दूसरों के द...
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किस तरह से आप बड़े हैं?...ावन के महीने में शंकर जी के ऊपर जल चढ़ा रहे हैं। क्यों चढ़ा रहे हैं? अरे महाराज जी! जरा खेल तो देखिए।...
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किसकी बात कह रहे हैं?...ौकिक जीवन की। बेटे, सिद्धान्त तो वही है। आज आप लौकिक जीवन में इसे व्यवस्थित कर लीजिए अथवा पारलौकिक जीव...
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किसकी मदद करें?...ित्रो! भगवान के दो हाथ हैं। एक हाथ से वह पीड़ित होकर के माँगता है, पतित होकर के माँगता है। आप पतितों ...
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किसी को बुखार आता है, किसी की मृत्यु होती है, पर रावण की मृत्यु?...ावण ने ऐसी भयंकर मृत्यु देखी, जैसी किसी और ने नहीं देखी। उसने अपनी औरतों को जलते देखा, अपने बच्चों को...
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कुण्डलिनी जागरण कैसे हो सकता है?...गर बेटे! तेरा ख्वाब सही है तो मेरे पास बड़ा सुगम तरीका है। तेरी कुण्डलिनी मैं अभी जगा दूँगा। कैसे जगाए...
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कुटुँब कैसे होते हैं?...ही बताने के लिए हमने आपको बुलाया है। हम चाहते हैं कि सारा समाज ही अगर बने तो कुटुँब के आधार पर बने, प...
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कैसे बड़ी चीज नहीं प्राप्त कर सकेंगे?...ैसे एक सेठ जी थे। उनके यहाँ एक पच्चीस-छब्बीस साल का लड़का आया। उसने कहा, कुछ काम-धंधा नहीं है हमारे य...
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कौन झल्ला रहा है?...ाप। बाप कौन है? सविता—हमारा पिता। एक आँख प्यार की और एक आँख सुधार की। प्यार की आँख गायत्री माता के पा...
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कौन सा सस्ता उपाय करें?...स, सत्यनारायण की कथा कहलवा लीजिए और पण्डित जी को सवा रुपया दे दीजिए। इहलोके सुखं भुक्त्वा, चान्ते सत्य...
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कौन-सी तीन प्रतिज्ञाएँ की थीं?...हली प्रतिज्ञा थी कि हम वित्तैषणा से बचेंगे। कम-से में गुजारा करेंगे। आप रिश्तेदारों के लिए, घूमने के ...
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कौन-सी देवी थी?...ामकृष्ण परमहंस की देवी, जिसको रानी रासमणि ने देखा था कि परमहंस जो भोग खाते थे, देवी भी साथ-साथ खाती थ...
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क्या इतिहास की पुनरावृत्ति फिर होना सम्भव है?...ाँ, इतिहास की पुनरावृत्ति होना सम्भव है और हम करके दिखाएँगे। मित्रो! संस्कृति की सीता को, जिसके बारे म...
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क्या करते थे वे?...्या देते थे? बेटे! उनके पास एक दवा थी। क्या दवा थी? वे चौंसठ पहरी पीपर बनाते थे। चौंसठ पहरी पीपर कैसे...
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क्या करते हैं साहब?...ायत्री माता का जप करते हैं। यह तो बहुत अच्छी बात है। किस काम के लिए करते हैं? साहब! हमारे पड़ोसी के ऊ...
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क्या करना चाहिए?...ब आपको एक और काम करना चाहिए। कौन सा? आपको खिलाड़ी की जिन्दगी जीनी चाहिए। आप खिलाड़ी की जिन्दगी जिएँ। खि...
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क्या करना पड़ेगा?...ेटे! फिर आपको वहाँ से वापस चलना पड़ेगा, जहाँ कि हमारी सन्त-परम्परा के अनुरूप हम घर-घर जाएँ और जन-जागरण ...
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क्या कहते हैं आप?...ेटे! मैं यह कहता हूँ कि आप अनैतिक आचरण पैदा करती हैं। आप लोगों को भिखमंगा बनाती हैं और आप लोगों को दर...
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क्या बात बतानी चाहिए थी?...प कौन हैं? हम तो साहब! यदुवंशी राजपूत हैं। तो आप में कोई ब्राह्मण भी है क्या? नहीं साहब! ब्राह्मण तो ...
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क्या मतलब है इसका?...सका मतलब है कि माला घुमाइए और दूध पी जाइए। माला माने लाठी। लाठी गाय के थन से लगाइए और चूसते चले जाइए,...
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क्या यह सम्भव है?...ंभव है। मित्रो! इस प्रसंग पर मुझे एक कहानी याद आ जाती है—एक थे सेठ जी। पण्डित जी ने उन्हें यह समझा दिय...
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क्या सम्भावना है?...िस ब्रह्मवर्चस का आप उद्घाटन करने के लिए आए हैं, यह महाकाल की एक सम्भावना है। हम अध्यात्म की एक नर्सरी...
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क्यों बहका रहे थे?...सलिए कि आपको यह रोब गालिब हो जाए कि गुरुजी कितने ताकतवर हैं, देखो, बिजली को पकड़ लिया। वास्तव में क्य...
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क्यों होती है?...सलिए होती है कि हमारे ऐसे नौजवान बच्चे जहाँ कहीं भी जाएँ, वहीं तहलका मचाते हुए चले जाएँगे। जिधर इनको ...
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गरम करने की नसीहत से क्या मतलब है?...रम करने की नसीहत से हमारा मतलब है—तप करना। आपको हम तप करने का शिक्षण देते हैं। आध्यात्मिक जीवन को, व्...
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गायत्री माता क्या हैं?...ायत्री माता बेटे ! उन सिद्धान्तों का, आदर्शों का नाम हैं, जिनसे हमारी आँखें और हमारा दिमाग ठीक हो जाता...
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गुड़-गोबर किसे कहते हैं?...ो न खाने के काम आता है, न लीपने के काम आता है। यह क्या लाए साहब! यह तो गुड़-गोबर लाए। गुड़ में गोबर म...
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गुरु किसका नाम होता है?...सका नाम होता है जो हमें कदम-कदा पर श्रेष्ठ मार्ग पर आगे चलाता है। गुरु होता है द्रोणाचार्य। जैसे, जिस...
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गुरु को क्या समझते हैं आप?...ुरु होते हैं—विश्वामित्र। विश्वामित्र के हवाले जब राम-लक्ष्मण हो गए तो उन्होंने ये कहा था कि गुरुवर आ...
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गुरु कौन है?...ुरु वह है जो जीवात्मा को परमात्मा से मिलाता है। गुरु ही मिलाता है, गुरु न हो तो नहीं मिल सकता। बुद्धि...
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गुरु जी, सिद्धियों का दूसरा तरीका बताइए?...्या तरीका बताएँ। कोई ऐसा मंत्र बताइए कि जिससे काली हमारे काबू में आ जाए, देवी हमारे काबू में आ जाए, फ...
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गुरुजी और ये भजन-पूजन?...ेटे ये तो उसके शृंगार हैं। जिस तरह बन्दूक की, तलवार की मूठ तरह-तरह की होती है, म्यान तरह-तरह के होते ...
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गुरुजी के पास पैसा था क्या?...हीं बेटे, पैसा नहीं था। तो क्या था? उनका आत्मबल था, उनकी श्रद्धा थी। उन्होंने कहा—"जिधर आप चलाएँगे, ह...
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चित्रकारों ने बढ़िया-से-बढ़िया चित्र किस माध्यम से बनाए हैं?...्रुश के माध्यम से। ब्रुश से क्या बनता है? तस्वीरें बनती हैं, पेंटिंग बनती हैं। अच्छा चलिए, हम आपको एक...
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जप क्या है?...प है बेटे! रगड़। जप किसे कहते हैं? जप बार-बार का रेपिटिशन है। रेपिटिशन क्या है? जैसे हम मिट्टी लेते ह...
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जब रिटायर्ड होकर के आए, तो क्या मिला?...ंड मिला। आपको 60 हजार रुपये का फंड मिला है, तो क्या करेंगे? चिटफंड में लगा देंगे। यह कैसा होता है? रु...
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जीवन्त से क्या मतलब है?...ह अध्यात्म की लाश, जिसको आप लिए फिर रहे हैं। कौन-सी लाश? यही नाक से हवा निकालने वाली लाश, केवल माला घ...
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जीवन कितने दिन का होता है?...िवेकानन्द की मृत्यु उनतालीस वर्ष की उम्र में हो गई थी। शंकराचार्य की भी 32 वर्ष की आयु में मृत्यु हुई...
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जो भी हो, नकली सिद्धियाँ तो भगवान जाने कहाँ से आती हैं?...ालाकी से भी आती होंगी, लेकिन मैं आपसे कहता हूँ कि अगर किसी के सांसारिक जीवन में, पदार्थिक जीवन में, भ...
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जोड़ देने से क्या होता है?...ोड़ देने से बेटे, नाला गंगा जी हो जाता है। गन्दगी से भरा गन्दा नाला जुड़ जाने के बाद में गंगाजल हो जाता...
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ट्राई कैसे करते हैं?...नुष्ठान करते हैं। अहा....ये अनुष्ठान से पकड़ में आएँगे। सच-सच बताना, इसी का नाम अनुष्ठान है ना-देवताओ...
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ठीक है, आप यह सब करेंगे, लेकिन इन सबके बदले में आप चाहते क्या हैं?...ही चाहते हैं न कि इन सबके बदले भगवान हमारी मरजी के मुताबिक चलना शुरू करें। आपकी मरजी के मुताबिक? हाँ ...
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तप का आरम्भ यहीं से होता है, जिसको हम भूखा रहने के माध्यम से शुरू कराते हैं, तप में क्या-क्या नियम पालन करने पड़ते हैं?...ायत्री अनुष्ठानों में हम आपको तप के नियम पालने के लिए कहते हैं। हम कहते हैं कि आप तपस्वी बनिए और तप क...
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तपस्वी जीवन के लिए हमें और आपको क्या करना चाहिए?...ह शिक्षण अभी आगे दूँगा। आज तो मैं सिद्धान्त बताता हूँ। दूसरा काम क्या करना पड़ेगा? दूसरा काम करना पड़े...
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तपाने से क्या होता है?...पाने से हमारा शरीर, हमारी भौतिक शक्तियाँ विकसित होती हैं। जितने भी चमत्कार हुए हैं, जो आप सांसारिक चम...
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तब क्या आपको यहाँ व्याख्यान देने के लिए बुलाता हूँ?...हीं बेटे! मैं व्याख्यान देने के लिए आपको नहीं बुला सकता और इसके लिए अपना अमूल्य समय खरच नहीं कर सकता।...
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तब क्या करें?...प सब ओर से अपने आप को समेटकर जो बात आपके हाथ में है, जो आपकी मुट्ठी में है, उस पर केन्द्रित हो जाइए। प...
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तीन साल बाद जब इन्क्वायरी हुई कि ड्यौड़ा वेतन जो बढ़ाया गया था, उसका क्या फायदा हुआ?...ह पता लगाया गया कि उसका लाभ मजदूरों को क्या मिला? मालूम पड़ा कि मजदूरों की बस्तियों में जो शिकायतें प...
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तीसरा वाला शिक्षण यह है कि आप अपने कर्तव्य को समझना शुरू कीजिए, कर्मयोगी बनिए, फर्ज, कर्तव्य पूरा करिए बस, परिणाम?...रिणाम हम नहीं जानते बेटे! क्या होगा? हमने खूब अच्छी तरह से पढ़ा, खूब मेहनत की, लेकिन जिस दिन परीक्षा ...
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तीसरी आकांक्षा क्या है?...हं। एक आदमी का अहं, मेरा बड़प्पन, मेरा यश, मेरा नाम, मेरा गौरव, मेरा श्रेय। अरे साहब! मेरे बेटे का ब्...
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तू हमको कितने रुपये का नौकर समझता है?...ल यही मान ले और हमको नौकर रखकर के देख। दो चार हजार रुपये हम कमा लेते हैं कि नहीं। चार हजार रुपये महीन...
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तो करना क्या पड़ेगा?...िला देना पड़ेगा। मिलाने के लिए क्या करना चाहिए? भगवान के साथ योग करने से पहले क्या करना चाहिए? इससे प...
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तो क्या करें?...समें एक चीज आप और शामिल कर लें तो बात सही हो जाएगी। क्या शामिल कर लें? स्कूल में पढ़ाई करें और पढ़ाई ...
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तो क्या पहाड़ उठ गया था?...ाँ, उठ गया था। क्यों? क्योंकि ऊँचे उद्देश्य के लिए भावभरे प्राणवान व्यक्ति प्राणभरी साँस लेकर जब खड़े...
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तो क्या मन्दिर सिर्फ इसी काम के लिए हैं?...्या इन परिस्थितियों को बदला नहीं जाना चाहिए? हाँ, अगर हमको समाज में ढोंग, अनाचार और अज्ञान फैलाना हो ...
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तो फिर उसमें कौन-कौन रहेगा?...समें देवताओं की स्थापना करके रखिए। देवता आपके साथ-साथ रहें। इसका क्या मतलब है? बेटे! इससे मेरा मतलब य...
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तो महाराज जी, असली भगवान क्या है?...ेटे, उच्च एवं श्रेष्ठ विचारणा के समुच्चय को, उत्कृष्टता के समुच्चय को, सद्गुणों के समुच्चय को भगवान क...
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दुनिया की आज जो तबाही है, वह बेअकली की तबाही है और किसी बात की है?...ेटे, और किसी बात की तबाही नहीं। बस, एक बात की तबाही है, जिसका नाम है—बेअकली। बेअकली कौन-सी? बेअकली...
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दूसरा वाला उद्देश्य क्या है?...चमन है। कितने आचमन करने पड़ते हैं। तीन आचमन करने पड़ते हैं—'ॐ अमृतोपस्तरणमसिस्वाहा।' 'ॐ अमृतापिधानमसि...
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दूसरा संकल्प स्मारक बनाने का है, तो वह भी यों ही हो जाएगा क्या?...लो, उसे तो यह भी है कि हम अपने द्वारा पूरा कर लेंगे, लेकिन यह जो श्रद्धांजलि का कार्य है, इसके लिए तो...
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देते रहने का क्या मतलब है?...ेते रहने का मतलब यह है कि अगर उनके पास कोई चीज है तो वे लोगों को बाँटते रहते हैं और लोगों की मुसीबतों...
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देवता कौन होते हैं?...ेवता अड़ोसी-पड़ोसी नहीं होते। वे सम्बन्धी भी नहीं होते। देवता उन शक्तियों का नाम है, जो आदमी के ऊपर बरस...
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देवता बनने के लिए क्या करना पड़ेगा?...ाधना करनी पड़ेगी। साधना किसकी करनी पड़ेगी? बेटे! अपने जीवन की साधना करनी पड़ेगी। शंकर जी की कर लूँ सा...
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देवता में क्या विशेषता होती है?...ेवता और मनुष्य में क्या फरक होता है? देवता खाते तो रहते हैं, पर पखाना नहीं करते। हनुमान जी को चाहे जि...
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देवताओं ने क्या किया?...ारे के सारे देवता रीछ और वानरों के रूप में जन्म लेकर धरती पर आ गए। उन्होंने वह काम किया था, जो देवताओ...
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देवपूजन में पानी क्यों चढ़ाते हैं?...म तो एक चम्मच जल छोड़ देते हैं और कहते हैं, ‘स्नानम् समर्पयामि।’ अच्छा तो बता बेटे, तूने भगवान जी को ...
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देववृत्तियाँ किसे कहते हैं?...्रेष्ठ चिन्तन एक, श्रेष्ठ कर्म दो, श्रेष्ठ भावनाएँ तीन—इन्हीं का नाम देववृत्तियाँ हैं। वे श्रेष्ठताएँ ...
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ध्यान क्यों करें?...ैसे करें?
(चतुर्थ समापन किस्त)
मित्रो! हमने अपने मन का भगवान बना लिया है। हमारे मन का भगवान आ...
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नई पीढ़ियों का निर्माण करना और घर के वातावरण को अच्छा रखना और बुढ़ापे में अपना जीवन शान्ति से व्यतीत करना, इस बात के ऊपर टिका हुआ है कि हमने अपने बच्चों से संस्कारवान बनाया कि नहीं?...च्चों को संस्कारवान बनाने के लिए हमको यह प्रयत्न करना चाहिए कि बच्चों को जन्म लेने से पहले से लेकर के...
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नए जमाने में भगवान की आज्ञानुसार गौतम बुद्ध जब पूजा पर से उठे तो उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि मुझे आपका प्यार पाने के लिए जीवन में क्या करना होगा?...न्होंने कहा कि दो ही काम हैं, तीसरा काम मैंने किसी को नहीं सौंपा—एक धर्म की स्थापना और दूसरा पाप का न...
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नारी वर्ष है, तो इसका क्या अर्थ है?...ैं हँसकर विनोद में बात करने लगी। उन्होंने कहा—यह नारी वर्ष है, इसमें नारी को जाग्रत होना चाहिए, नारी ...
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परमपूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी
ध्यान क्यों करें?...ैसे करें? -२
(गतांक से आगे)
मित्रो, पहले हमने आत्मशोधन की क्रिया बताई थी। अब गायत्री की पंचमु...
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परोक्ष रूप से मदद किसने की?...ेटे गुरुजी ने की, आज जी खोलकर कहने दीजिए। कितने ही व्यक्ति, हमारे लड़के यहाँ बैठे हैं। अभी मैं उनको ख...
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पाप क्या होता है?...ाप, बेटे! इसे कहते हैं कि समाज में जो अव्यवस्थाएँ फैलाई हैं, जो आपने अवांछनीयताएँ फैलाई हैं। जो आपने ...
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पूजा ओर पाठ किस चीज का नाम है?...ीवार को गिरा देने का, इसी ने हमारे और भगवान के बीच में लाखों कि.मी. की दूरी खड़ी कर दी है, जिससे भगवा...
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पूजा में हम क्या करते हैं?...ुछ देते हैं, समर्पित करते हैं। क्या देते हैं? चावल, धूपबत्ती, फूल आदि जरा सी चीज देते हैं। कुछ न कुछ ...
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फिर आप क्या करेंगे?...िर आप अपना टाइम टेबल और अपनी रीति-नीति ऐसी बनाएँगे जैसे कि राजा परीक्षित ने बनाई थी। राजा परीक्षित को...
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फिर आप क्या कह रहे थे?...ेकार की बातें बताते हैं आप हमको। नहीं बेटे, हम बेकार की बातें नहीं बताते। हम तो ये बताते हैं कि क्रिय...
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फिर क्या कारण है कि हम नहीं पढ़ सकते, हम कुछ नहीं कर सकते?...सका एक ही कारण समझ में आता है कि हमारे अन्दर जो आलस्य और प्रमाद छाया हुआ है अथवा जो अज्ञानता छाई हुई ह...
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फिर क्या हुआ?...ाल भर बाद जब राजा आया और दोनों मालियों की तलाश कराई। एक माली से पूछा कि आपने बगीचे को कैसे खराब कर दि...
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फिर क्या हो जाएगा?...िर आपके दिमाग पर इतना टेंशन रहेगा कि जिसकी वजह से आपकी नींद हराम हो जाएगी। अमेरिका के अधिकांश नागरिक ...
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फिर मनोकामना कौन पूरी करता है?...ेटे! भगवान मनोकामना पूरी नहीं करते। नहीं साहब! भगवान मनोकामना पूरी करते हैं। नहीं बेटे! भगवान नहीं कर...
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फैशन−परस्ती को बढ़ावा देकर आप लड़की को मार डालेंगे क्या?...सका ड्रेस बनाकर, फैशन बढ़ाकर क्या करेंगे? उसे हिप्पी बनाएँगे, सिनेमा की ऐक्ट्रेस बनाएँगे, क्या करेंगे...
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बच्चे को किस तरीके से बनाया जाए और क्या किया जाए?...सके लिए अपनी मनोभूमि और अपने क्रियाकलाप, अपने स्वभाव, अपने आचरण माता-पिता को बच्चे के जन्म से पहले ही...
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बलि किसे कहते हैं?...लि उसे कहते हैं, जिसमें आदमी को अपने दोष और दुर्गुणों का निराकरण करना पड़ता है। सारे के सारे जानवरों ...
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बालक ने कहा—अरे, मेरी मम्मी तो सुअरिया हो गई, अब मुझे खाना कौन देगा?...गवान बोले—बेटा तुझे क्या चाहिए? उसने कहा—आप बस यही वरदान दीजिए कि जैसी मेरी माँ पहले थी, वैसी ही हो ज...
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बीमारियों से आप कैसे सहायता कर सकते हैं?...ंदगीराम पहलवान को टी.बी. की शिकायत थी। बाईस साल की उम्र में को टी.बी. इस कदर हो गई थी कि फेफड़े में स...
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बेटे, जो संकल्प लिए गए हैं, ये यों ही पूरे हो जाएँगे क्या?...े यों ही पूरे नहीं होंगे। आजकल मुझे रात को नींद नहीं आती। सोचती हूँ कि ये जो संकल्प लिए गए हैं, वे अध...
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बेटे, तू कौन-सी कंपनी में दाखिल हो गया है?...रे महाराज जी, मैं तो भजन करने वालों में आ गया। इसमें क्यों आ गया? महाराज जी, इसमें इसलिए आ गया कि भजन...
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बेटे, मैं क्या कहता हूँ?...ह कहता हूँ कि अपने सामान्य जीवन के सारे क्रियाकलाप, चाहे वे बहिरंग जीवन के हों या अन्तरंग जीवन के, माम...
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बेटे, यज्ञ की प्रक्रिया, जिसके बारे में बहस होती है कि हम यज्ञ नहीं कर सकते, पैसा हम नहीं लगा सकते, धन हमारे पास नहीं है तो हमारे घर में कैसे हो सकता है?...म चाहते हैं कि रोज गायत्री माता की पूजा आपके घर का प्रत्येक व्यक्ति करे। उससे घर में वातावरण पैदा हो,...
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बेटे, यह क्या बात है?...्यान का खेल है। ध्यान की बात यह है कि एक विषय पर, एक धारा पर, एक सब्जेक्ट पर आदमी इतनी गहराई से चिन्तन...
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बेटे, यह मदद कौन करता है?...ह गुरु करता है जिसके हाथ में हमने अपना सर्वस्व सौंप रखा है। गुरुजी ने अपनी डोरी उस बाजीगर के हाथ में ...
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बेटे, हम ऐसे बुजदिल भी न हों कि कोई आए, हाँ साहब कौन हैं?...रे हम तो सन्त हैं। अच्छा, तो एक इधर से भी दे जाए और एक उधर से भी दे जाए। ऐसा सन्त भी नहीं बनना है। मैं ...
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बैंक क्या है?...ैंक माने भगवान। भगवान का अनुग्रह। आपने जिस काम के लिए प्राप्त करने की कोशिश की है, उसे उसी काम में खर...
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भक्त किसे कहते हैं?...रा बताना तो सही, जिसकी सहायता स्वयं भगवान करते हैं। नहीं साहब! हम भी भक्त हैं और भगवान जी को हमारी सह...
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भगवान की भक्ति का सही स्वरूप क्या है?...गवान की भक्ति का स्वरूप यह है—इसमें आप दो बातें करें। एक तो आप अपने जीवन का लक्ष्य पूरा करें। चौरासी ...
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भगवान कैसा है?...ेटे! भगवान को हमने देखा नहीं है और कभी-कभी मन कच्चा हो जाता है कि भगवान न हुआ तो? भगवान को जब देखा नह...
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भगवान कैसा होगा?...गवान कैसा होना चाहिए? इसके लिए मैनें दो शब्दों का इस्तेमाल किया है और वो शब्द मुझे बहुत प्यारे हैं। क...
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भगवान को आप पकड़ लें तब?...गवान क्या है? भगवान एक करेंट है। तो क्या होगा? तो वह करेंट आपको भी पकड़ लेता है। फिर क्या होगा? भगवान...
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भगवान को किस तरीके से खरीदा जा सकता है?...न्होंने मोल ले लिया, किसने? मीरा ने और द्रौपदी ने। जब आर्तनाद से भगवान को पुकारा तो भगवान दौड़ते हुए ...
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भगवान श्रीकृष्ण ने पूछा कि वह यज्ञ कैसा था?...ेवले ने कहा कि एक पति-पत्नी थे और उनके दो बच्चे थे। कितने ही दिनों से वे भूखे थे। कहीं से थोड़ा अन्न ...
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भूत कैसा होता है?...ूत ऐसा होता है, जैसे मनुष्य। फरक क्या होता है? फरक यह होता है कि उसके पास शरीर नहीं होता। शरीर न होने...
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मंत्र में कोई शक्ति होती है?...हीं मित्रो! मंत्र में कोई शक्ति नहीं होती। मंत्र थोड़े से अक्षरों के समुच्चय का नाम है, जो छापेखाने म...
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मन्दिर में कोई शेर-चीता आता है?...ंदिर में कोई सिगरेट पीता है? मन्दिर में कोई सिगरेट मत पीना। साहब! हमको सिगरेट पीने की आदत है। आदत है, ...
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मन का भागना बन्द करने के क्या तरीके हैं?...ह मैं कल आपको समझा रहा था कि उपासना में क्रिया के साथ-साथ मन को भी लगाइए। मन कैसे लगाएँ? बेटे, मैं यह...
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मन ठहर सकता है?...हीं। मन रुकेगा नहीं। मन मीरा का भी रुका नहीं, मन रामकृष्ण परमहंस का भी रुका नहीं, चैतन्य महाप्रभु का ...
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मस्तिष्क का सन्तुलन किसे कहते हैं?...िसमें आदमी ऐसे भी और वैसे भी अर्थात् दोनों परिस्थितियों में 'बैलेंस' कायम रख सकता है। साइकिल सवार को ...
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महाराज जी, तो फिर हम चावल क्यों चढ़ाते हैं?...ावल हम इसलिए चढ़ाते हैं कि अपने आपको हम शिक्षित करें कि देख भुलक्कड़, तुझे सब कुछ पाकर सब कुछ याद है।...
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मित्रो, अगर साधना का चमत्कार आपको देखने का मन हो और साधना से सिद्धि की जो बात बताई गई है, वह करना हो तो आपको पहला काम क्या करना पड़ेगा?...पको सबसे पहले अपने काम में मन लगाना पड़ेगा। कोई भी काम हो, जिसमें भजन भी शामिल है, मन लगाकर करना पड़े...
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मित्रो, क्या करना चाहिए?...मको अपनी सामर्थ्यों को सार्थक, रचनात्मक कार्यों, सृजनात्मक और विकासोन्मुख कामों में लगाना चाहिए। जिसम...
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मित्रो, क्या करना पड़ेगा?...मको वास्तविकता के धरातल पर उतरना पड़ेगा। हमको यथार्थता पर आना पड़ेगा। हमको यह मानकर चलना पड़ेगा कि भग...
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मित्रो, क्या विशेषता है बया में?...ोई विशेषता नहीं है। बेटे, मन लगाकर कोई भी काम करो, तो शानदार होता है। मन लगाकर काम नहीं किया जाए, तो ...
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मित्रो, जप करने से क्या मतलब है?...प करने से हमारा मतलब देव-पूजन से है। इसमें देव-पूजन के साथ आत्मशोधन की दो क्रियाएँ जुड़ी हुई हैं। यह ...
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मित्रो, देवी को आप क्या बनाना चाहते हैं?...ेवी को औरत बनाना चाहते हैं, आप देवी के पति बनना चाहते हैं न। कौन बनना चाहता है? पति बनना चाहता है या ...
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मित्रो, धनवान क्या केवल बीड़ी बनाने के उद्योग में ही अपना पैसा खरच करते रहेंगे?...्या चाय बागानों में ही लोगों की पूँजी लगी रहेगी? क्या वनस्पति तेल बनाने में ही लोगों की पूँजी लगी रहे...
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यज्ञ भगवान की चौथी वाली नसीहत क्या है?...ौथी वाली नसीहत यह है कि जो कुछ भी इसके पास जाता है, उसे वह अपने समान बना लेता है। आग के पास जो कुछ भी...
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यह किसने कहा?...शतपथ ब्राह्मण' ने कहा—निश्चय, जरूर, गारंटी से, विष्णु जो है, वही यज्ञ भगवान है। जीवन्त भगवान कैसे हो स...
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यह कैसी फिजिक्स है, कैसी केमिस्ट्री है?...ेटे! मैं फिजिक्स की क्या बताऊँ? यह फिजिक्स वहाँ काम करती है और यहाँ एटम काम करता है। अगर आप यहाँ से प...
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यह कैसे रंगा जा सकता है?...सको पहले धोबी के यहाँ ले जाओ। धोबी क्या करेगा? इसके ऊपर जो मलिनताएँ चढ़ी हुई हैं, उन मलिनताओं को वह प...
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यह कैसे सम्भव हो गया?...ेटे मैं आपको श्रद्धा की बात बता रही है कि जिसके प्रति हमारी श्रद्धा है, जिससे हम जुड़े हुए हैं, वह हम...
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यह कैसे हो सकता है?...सका एक तरीका है, जिसका नाम है—तप। हमारे भीतर दो चीजें हैं। एक चीज जो हमारे भीतर है, वह है—चेतना और एक...
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यह कौन है?...ह सारी-की-सारी सृष्टि की व्यवस्था बनाता है। उसका नाम ब्रह्म है। ब्रह्म एक कायदे का नाम है; एक कानून क...
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यह क्या चीज है?...ेटे ! यह वो चीज है, जिसको हम लोक-सम्मान और लोक-सहयोग कहते हैं। जिसके लिए आदमी आकुल-व्याकुल रहता है और...
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यह क्या है?...ेटे, यह एक बुद्धि है, एक विचारणा है, एक संकल्प है, एक सिद्धान्त है। अगर ये सिद्धान्त हमारे और आपके मन म...
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यह क्या है?...दमी का 'अहं' है। आदमी की बनावट ऐसी है कि वह मामूली कपड़े को पहन करके गुजारा कर सकता है, लेकिन वह इतने...
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यह क्या हो सकता है?...ेटे! मैंने आपसे कहा था कि अवतार होने वाला है। प्रज्ञावतार होने वाला है। गायत्री माता का अवतार होने वा...
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यह तो हुई एक बात और दूसरी?...ूसरी यह है कि ध्यानयोग के द्वारा वे विशेषताएँ प्राप्त करना भी सम्भव है, जिनको हम भगवान कहते हैं, ब्रह्...
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यह दृष्टिकोण आने से क्या होता चला गया?...ित्रो! इसके आने से हमारे घरों का सत्यानाश होता चला गया। हमारी सम्पत्ति बेकार हो गई, नाकारा हो गई। ज्या...
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यह निश्चय होने के पश्चात यह सवाल पैदा हुआ कि आखिर कथा कहेगा कौन?...हने से क्या है—पैंतीस रुपये में किसी पण्डित जी को बुला लीजिए। पाँच रुपये रोज के हिसाब से पण्डित जी को न...
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यह महापुरश्चरण कैसा है?...प सबने अखबारों में पढ़ा होगा। तो क्या पच्चीसकुण्डीय यज्ञों के माध्यम से पुरश्चरण होगा? यज्ञ नहीं बेटे!...
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ये कहाँ रहती हैं देवी खोडयारी माता?...े जैसलमेर में रहती हैं। कलकत्ते (कोलकाता) का मारवाड़ी भागते-भागते वहाँ पहुँचता है। कहाँ? जैसलमेर। बीब...
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ये कौन घुसाता है?...ेमॅन। डेमॅन कौन-सा होता है? डेमॅन कहते हैं भगवान को। आपके डेमॅन का क्या नाम है? अपने गुरु को हम डेमॅन...
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ये कौन थे?...नका नाम था पादरी; इनका नाम था साधु; इनका नाम था परिव्राजक। मेरे मन में आया कि इनके चरणों को धोकर के प...
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ये क्या कह रहे थे भिखारी और जँवाई की बात?...ाँ बेटे, आपसे मैं इसलिए कह रहा हूँ कि आप शुरू से देखिए कि जिनसे आप मिन्नतें करते हैं, जिनसे आप कुछ पा...
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ये देवी-देवता हमें क्या देंगे?...ित्रो! आप देवताओं से भी वो काम कराना चाहते हैं, जो देवता बेचारे नहीं कर सकते, जो उनके काबू में नहीं ह...
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ये सब चीजें भगवान को मन्दिरों के माध्यम से जो भगवान के निमित्त चढ़ाई जाती हैं, उनके पीछे सिर्फ एक ही उद्देश्य छिपा था कि लोकसेवी को, जो एक तरीके से भगवान के प्रतिनिधि कहे जा सकते हैं, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत स्वार्थों की तिलांजलि दी और अपनी व्यक्तिगत सुविधाओं को ताक पर रख दिया, जिन्होंने केवल लोकमंगल का ही ध्यान रखा, केवल भगवान के सन्देशों का ही ध्यान रखा, भगवान का प्रतिनिधि न कहें तो क्या कहें?...गवान के प्रतिनिधियों को जीवनयापन करने के लिए निवास से लेकर भोजन, वस्त्र तक और दूसरी चीजों के खरच की आ...
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योग किसे कहते हैं?...ेटे, हमारा चिन्तन, हमारी विचारणा—इसको परिष्कृत करना और हमारा क्रियापक्ष, इसका परिशोधन करना—इसका नाम यो...
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योग किसे कहते हैं?...सको कहेंगे—संस्कृति। संस्कृति क्या होती है? संस्कृति कहते हैं—कल्चर को। कल्चर क्या होता है? कल्चर कहत...
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योग के अन्य चार पक्ष कौन से हैं?...्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। बेटे, ये हमारे चिन्तन के ऊपर निर्भर हैं।...
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योगी बनने के तरीके क्या हो सकते हैं?...ेटे! योगी बनने के लिए वही तरीके हो सकते हैं, जिनका हर नमूना पेश करने के लिए हमको अपनी जिन्दगी दान करनी...
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राम-नाम और नारायण का नाम लेने से कोई मुक्ति हो सकती है?...ाई साहब! मुक्ति नहीं हो सकती। जब हम छोटे क्लासों में पढ़ते थे, पाँचवें दरजे की बात है। हमको एक किताब ...
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रामचरित और कृष्णचरित के बारे में जिन पुस्तकों का हमने चयन किया है, उसके बारे में मैं एक बार चुपचाप विचार करने लगा कि अरे भाई ये किसकी किताबें हैं, गीता लड़ाई-झगड़े की किताब है?...त् तेरे की! वहाँ एक ओर “द्यौ शान्ति अन्तरिक्ष ग्वं शान्ति"......की किताबें पढ़ने चले हो और अब दूसरी ओर ल...
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लेकिन क्या कहा जाए?...से मैं धर्मभीरुता कहता हूँ, धर्मभावना नहीं कहता। अपने देश में सिर्फ धर्मभीरुता है, धर्मभावना नहीं है।...
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वह किसका है?...ह बेटे! हमारा ईश्वर है, जिसको हम पैदा करते हैं। जिसको हम बढ़ाते हैं, जिसको हम मजबूत करते हैं। जिसको ह...
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वह कैसा था?...क पत्थर का टुकड़ा था, जिसे किसी ने उसके हवाले कर दिया था, मीरा के हवाले कर दिया था। उसे मीरा ने पाल-प...
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वह छोकरी एक लंबा डंडा लेकर आई और बोली कहाँ है आपका चीता?...ायद इस झाड़ी में छिपा हुआ मालूम पड़ता है। लड़की चमड़े के जूते पहन करके झाड़ी में दनदनाती हुई चली गई। ...
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वातावरण किसे कहते हैं?...वा को तो वायुमण्डल कहते हैं। वातावरण उसे कहते हैं कि लोगों के दिमाग में एक खास तरह का प्रवाह, एक खास त...
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विधेयात्मक चिन्तन क्या है?...ह वह चिन्तन है, जिससे कि आदमी देवता बन जाते हैं। हम क्या बनाएँगे, क्या बिगाड़ेंगे, यह विचार ही मत कीजि...
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विनोबा कौन हैं?...ूसरे नंबर के गाँधी हैं। गाँधी जी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह में जब अपना उत्तराधिकारी घोषित किया तो लोग बह...
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वे कौन से सलाहकार हैं?...ेटे! हमने ऐसे ही सलाहकार मुकर्रर कर रखे हैं और अकेले ही कमरे में रहते हैं। तो आप अकले ही रहते हैं? बे...
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शंकर जी कहाँ होते हैं?...ेटे ! हमें नहीं मालूम कहाँ होते हैं और कहाँ नहीं होते। आपने देखे हैं? हमने तो नहीं देखे। और आपने देखे...
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शक्तिपात किसे कहते हैं?...ेटे! शक्तिपात उस ताकत को कहते हैं, जिससे कि दुनिया की हवा, दुनिया का प्रवाह एक ओर बहता हुआ चला जाता ह...
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शबरी बेर खिलाती तो जाती थी और यह पूछती जाती थी कि नाथ-द्वारे के मन्दिर का क्या हुआ?...हाँ सोने की चक्कियों में केसर पीसी जाती है। पिस्ता और बादाम का हलवा बनता है। उसका क्या हुआ? और वृंदाव...
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शब्दों का क्या असर होता है?...ब्दों का नहीं होता, क्रिया का असर होता है। अगर आपको किसी पर असर डालना हो, किसी पर छाप डालनी हो, अगर आ...
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शिवाजी को छत्रपति शिवाजी किसने बनाया था?...मर्थ गुरु रामदास ने। उन्होंने उसे भवानी तलवार दे दी थी और तिलक लगाकर कहा था—जा बेटे, तू विजय पाएगा। उ...
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संयम से क्या मतलब है?...ंयम की धाराएँ चार हैं। एक संयम है—इंद्रिय निग्रह-इंद्रिय संयम, जिसको आमतौर से लोग बस इतना ही समझते है...
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सबसे अच्छा प्रायश्चित कौन-सा है?...बसे अच्छे प्रायश्चित की परम्परा तीर्थयात्रा रही है। तीर्थयात्रा के माहात्म्य जितने पुस्तकों में लिखे ह...
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समर्पण किसे कहते हैं?...ोग किसको कहते हैं? समर्पण को कहते हैं। उस योग को सिखाने के लिए हमने स्वर्ण जयंती साधना वर्ष में 'सोऽह...
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साथियो आप क्या चाहते हैं?...म ये चाहते हैं कि देवताओं की सहायता मिले। ये तो नहीं चाहते कि हमारे पड़ोसी से हमें सहायता मिले? नहीं ...
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साधना किसे कहते हैं?...नगढ़ चीजों को सुगढ़ बना लेने का नाम साधना है। मसलन सरकस के लोग शेरों को, हाथियों को, कुत्तों को सुधार...
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साधु और ब्राह्मण किसे कहते हैं?...िफायतदार को साधु-ब्राह्मण कहते हैं। मितव्ययी को, अपरिग्रही को एवं सर्वसन्तोषी को साधु-ब्राह्मण कहते है...
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सुल्तानपुर के गाँव-गाँव, घर-घर में उन्होंने पुस्तकें पढ़ाईं और पूछा कि आचार्य जी की किताबें आप पढ़ते हैं, आपको पसन्द आती हैं?...ाँ साहब, पसन्द आती हैं और आँखों में आँसू आ जाते हैं, ऐसा गजब का साहित्य है। यह तो किसी देवता का लिखा ह...
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हँस को गायत्री माता कन्धे पर रखकर चलती है या हँस गायत्री माता को कन्धे पर रखकर चलता है, बताइए जरा?...ंस गायत्री माता को कन्धे पर रखकर चलता है। आप अगर हँस हैं तो गायत्री माता को कन्धे पर बिठाकर चाहे जहाँ ल...
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हमारे दोस्त कौन हैं?...मारे खानदान वाले, कुटुम्ब वाले, जिनको हम मित्र कहते हैं। आपके वे मित्र सब बातों में ठीक हो सकते हैं।...
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हमारे लक्ष्य क्या-क्या हैं?...सके लिए हमने नमूने के लिए खिलौने के भीतर तरह-तरह की आकृतियाँ बना दी हैं और उन आकृतियों के भीतर कुछ सं...
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हमें इतनी गहरी नींद क्यों आती है?...्योंकि हमें कोई चिन्ता नहीं है। आपके शान्तिकुञ्ज की हमें बिलकुल चिन्ता नहीं, गायत्री तपोभूमि की हमको बि...
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हमें क्या भावना प्रस्तुत करनी चाहिए?...ित्रो! युग निर्माण योजना के अन्तर्गत जितने भी आयोजन किए जाते हैं, उनमें दो चीजों का हमने अविच्छिन्न प्...
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हिन्दुस्तान अपने सामान्य नागरिक को क्या भोजन दे सकता है?...्या वस्त्र दे सकता है? उसे किस स्तर की जिन्दगी जीनी पड़ सकती है? यही हमारा स्टैंडर्ड है। आप अमेरिका मे...
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21वीं सदी में समझ लेना कि राष्ट्र को नारियाँ सँभालेंगी, तो फिर यह आधा अंग बेकार क्यों पड़ा रहेगा?...नहीं साहब! हम तो दकियानूसी हैं। जैसा खुद है, वैसा ही स्त्री के प्रति अपनी भावना रखता है। जैसे खुद संक...
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अगले जन्म में रहने दे, मैं कुछ नहीं कहती कि क्या बनेगा?...पर अगले जन्म में तुम गधे बनो और हम तुम्हें चलाते रहें। नहीं, तुम गधे मत बनो। आप देना भी सीखिए, एक हाथ...
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अनेक ऐसी-ऐसी जटिल समस्याएँ आती चली जाती हैं कि व्यक्ति यदि गहराई से सोचे और उनका अध्ययन करे, तो मालूम पड़ेगा कि उसमें कितनी जटिलता है और इनको किस तरीके से सुलझाया जाना चाहिए?...जब बुखार आता है, तो शरीर में पीड़ा होती है, सर में दरद होता है, खाना हजम नहीं होता, भूख नहीं लगती है,...
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अन्य भी थे, जिनको बोलने का मौका दो-पाँच मिनट का ही दिया गया था; क्योंकि हम दो-तीन थे, इतना समय कहाँ से लाते?...तो 2-2, 5-5 मिनट सबको दिए और सभी के यही उद्गार थे कि मिशन को बनाने वाला धन्य है। हम उसके चित्र को ही ...
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अपने हाथों से, अपनी कलाइयों से हम अपना पेट भर सकते हैं और दूसरों का भी पेट भर सकते हैं, तो फिर हम क्यों गुनाह करने पर आमादा हों?...क्यों हम इस बेशकीमती जिन्दगी को उन कामों में खर्च करें, जिन कामों में जानवर खर्च करते हैं? पेट के लिए ...
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अभी मैंने बताया था कि भक्त का समर्पण होना चाहिए, समर्पण यदि नहीं है, तो फिर वह भक्ति कैसी है?...और यदि उसका समर्पण है, तो फिर उसको सब कुछ मिलता हुआ चला जाता है। नाचीज चन्द्रगुप्त, जिसको गुरु की कृप...
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अश्वमेध क्या है?...अश्व जैसी पाशविक प्रवृत्तियाँ जो लगाम लगने पर भी नहीं रुकतीं, उन्हें यज्ञ कुण्ड में होम देना ही अश्वम...
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आप देख पाएँगे?...बिलकुल देख नहीं पाएँगे। कान, कान यदि सुनना बन्द कर दें, तो चाहे आपकी रेडियो की आवाज हो, चाहे आपकी टीव...
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आपके अन्दर भी शक्ति की कोई कमी है क्या?...नहीं। हमको दिखाई पड़ता है कि आपके अन्दर भी कितनी अपार शक्ति भरी हुई पड़ी है। लेकिन आप उस शक्ति को पहच...
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आपको मालूम होना चाहिए कि गुरुजी ने कितने-कितने बड़े कदम उठाए हैं और वह कैसे पूरे होते चले आए हैं?...हजारकुण्डीय यज्ञ से लेकर के जो सन् 1958 में हुआ था, जिसमें एक लड़का बैठा था। कल बता रहा था कि माताजी ...
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आपने भगवान की कथा सुनी है?...हाँ आप सबने सुनी है, लेकिन आपने क्या वह अमृत पिया है? नहीं, आपने अमृत नहीं पिया। क्यों? क्या वह पुस्त...
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आपने यहाँ कितने कार्यकर्ता देखे हैं, आपको मालूम है न?...यहाँ डॉक्टर भी हैं, इंजीनियर भी हैं और भी हैं, बच्चे जो अपनी नौकरी छोड़-छोड़कर आए हैं। इनका त्याग कम ...
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आपने शंकर जी की मूर्ति देखी है न?...शंकर जी के दाएँ-बाएँ सब जगह सर्प, बिच्छू लिपटे हुए हैं। अगर आप ये समझते हैं कि शंकर जी कैसे हैं?
उनक...
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इसका नाम है—अजर-अमर होना, सुना है आपने?...अजर माने जिनको बुढ़ापा न आता हो। देवता बुड्ढे नहीं होते थे। मरते थे? हाँ मरते तो थे, पर बुड्ढे नहीं ह...
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इसके पहले हजारों लोगों ने कहा होगा और उन्होंने हजार बार सुना होगा, लेकिन नारद जी का कहना क्यों मान लिया?...दूसरे लोगों का कहना क्यों नहीं माना? इसका एक ही जवाब हो सकता है कि मनुष्य का चरित्र वाणी में से बोलता...
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इसे रोका कब जाएगा?...तब रोका जाएगा, जब उनकी श्रद्धा उभारी जाएगी। उनके अन्दर उदारता और प्यार जगाया जाएगा। उनके अन्दर यह समा...
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ईश्वरविश्वासी के देखने का ढंग और देखने का तरीका कैसा होता है?...नारी में सिया और नर में राम को देखने की दिव्य दृष्टि जिस किसी को भगवान देता है, उस आदमी की शक्ति का क...
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उन्होंने कहा कि आप क्यों बन्द करना चाहते हैं?...क्योंकि बैंकों ने हमको पैसा देना बन्द कर दिया है और हमारे पास पैसे खतम हो गए हैं। दूसरे दिन उस कंपनी म...
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उन्होंने कहा—"आप गायत्री मंत्र को हिंदुओं का क्यों कहते हैं?...यह तो सारे विश्व का है। सार्वभौम है, सर्वजनीन है। यह मानवीय सभ्यता से सम्बन्ध रखता है। संस्कृत भाषा में...
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उन्होंने कहा—वह कौन-सा यज्ञ था, जरा बताना?...इसमें तू रो रहा है कि मैं सोने का नहीं हुआ, उसमें तू सोने का कैसे हो गया, यह बता? तो उसने बताया कि एक...
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उन्होंने तो थोड़े काम किए थे; लेकिन गुरुजी ने तो कितना काम किया है?...उन्होंने उपासना के द्वारा अपने जीवन का परिशोधन करके साहित्य की इतनी रचना की, जो अपने वजन से भी ज्यादा...
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उस गान्धारी ने क्या किया?...उसने अपनी आँखों पर पट्टी बाँध ली।...
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उस दिन मैं दावा करता हूँ कि अपने मुकाबले के जैसा मैं हूँ, वैसा ही तुझे बना दूँगा, पर अभी तो तेरे अन्दर बहुत खामियाँ हैं, तो मेरे बराबर कैसे बन जाएगा?...अभी तो तू मेरे पाँव के धोवन के बराबर भी नहीं बन सकता है। अभी तो तू पाँव की उँगली जैसा भी नहीं बन सकता...
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कैसी प्रलय, आपको नहीं मालूम है?...कहीं गाड़ियाँ टकरा रही हैं, कहीं भूचाल आ रहा है, कहीं क्या आ रहा है, कहीं क्या आ रहा है? ये विषम परिस...
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कौन-सी चीज माँगते हैं?...वह माँगते हैं, काँच के ठीकरे, जो आपके जीवन में कभी काम आने वाले नहीं हैं। माँगिए, माँगना है तो हीरा म...
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क्या आपने गुरुजी का आशीर्वाद पाया?...हाँ बेटा! पाया, लाखों व्यक्तियों ने पाया और आज यदि उन सभी के बारे में लिखा जाए तो अठारह पुराण बन जाएँ...
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क्या कमजोरी है?...एक ही कमजोरी है और वो है संकीर्णता। संकीर्णता हमारा पीछा नहीं छोड़ती। संकीर्णता यदि हमारा पीछा छोड़ द...
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क्या कारण है कि आज हमारे समाज में जो विकृतियाँ फैली हुई हैं, उनके प्रति हम जरा भी सजग नहीं हो पाते हैं?...क्यों नहीं हो पाते? छुआछूत के नाम पर, लिंग भेद के नाम पर, दहेज के नाम पर आएदिन हमारी बच्चियाँ आत्महत्...
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क्यों साहब आपके पास क्या चीज है?...हमारे पास वह चीज है—जिसको मैं गायत्री मंत्र कहता हूँ। आप सही तरीके से उसकी उपासना करना नहीं जानते। आप...
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गायत्री माता के भक्त कौन होते हैं?...गायत्री माता किसके ऊपर सवारी करती हैं? गायत्री माता हँस पर सवारी करती हैं। हँस जैसा पाक-साफ जिसका जीव...
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चन्द्रगुप्त यदि जड़ होता तो कैसे बनाया जाता, बताना?...जड़ नहीं था, उसका समर्पण था। उसको बना दिया। गुरु का अनुदान और वरदान मिलता है और मिलता रहा है और मिलता...
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तीन कार्यक्रम अगले वर्ष होंगे और कैसे होंगे?...बड़े सक्सेसफुल होंगे। जैसे अब हुए, उससे भी बड़े होने जा रहे हैं और होंगे। इतना प्रचार-प्रसार बाहर भी ...
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पर क्या हम ऐसे हैं?...नहीं, अब हम ऐसे नहीं हैं। हम लँगोटी भी लगाते हैं, तो हमारे मकसद न जाने क्या से क्या होते हैं। हम सन्त ...
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प्रज्ञा का अवतार हुआ है, अब यह कार्य हो रहा है, जिसे आप विराट रूप में देखते हैं, तो आप क्या कहना चाहती हैं?...गुरुजी को अवतारी बना रही हैं। बेटा! कहने दीजिए, इसमें आपको क्या एतराज होना चाहिए? अवतारी ही हैं। अरे ...
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प्रत्येक परिजन को हम टिटिहरी के अण्डे के तरीके से सेते रहते हैं और उनको समय-समय पर भावनाओं से लेकर के, प्रेरणाओं से लेकर के, मार्गदर्शन से लेकर के कि कहीं यह विचलित तो नहीं हो रहा है; कहीं इसके पाँव तो नहीं डगमगा रहे; कहीं यह दुनिया की दौड़ में; कहीं चमक-दमक में, कहीं लुभावनेपन में तो नहीं आ गया?...आ गया है, तो उसको सँभालने के लिए भरसक प्रयास किया गया। इतना किया गया कि हमने हार नहीं मानी। तब तक उसक...
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फिर क्या हुआ?...जब लड़कियाँ नहा-धोकर बाहर निकल आयीं, तो परीक्षित ने कहा कि बच्चियों! एक बात तो बताओ कि तुम सब सयानी लड़...
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बुद्ध क्या थे?...बुद्ध एक मार्गदर्शक थे, प्रेरणा थे। उनके साथ-साथ चलने के लिए अनेक व्यक्ति तैयार हो गए, जिसमें कि एक आ...
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बेटे, आप नन्हे हैं तो क्या?...आपने हिम्मत तो नहीं हारी है। छोटे हैं तो क्या? नाचीज हैं तो क्या? आपके अन्दर जो देवत्व उदय हो चुका है ...
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बेटे, इसमें किसकी विशेषता है?...इसमें भगवान राम की विशेषता है, लेकिन कम विशेषता उनकी भी नहीं है, जिन्होंने रीछ-वानर होते हुए भी कहा क...
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बेटे, क्या आप अकेले जाइएगा?...आप अकेले नहीं जा रहे हैं। आप यह न समझें कि हम अकेले हैं, आप अकेले नहीं हैं। जिस समर्थ सत्ता के हवाले ...
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बेटे, क्या इस एक यज्ञ से ही, जिसका आपने संकल्प लिया है, उसकी पूर्ति हो जाती है?...नहीं बेटे, यह तो शुरुआत है। अभी दो सौ यज्ञों की तो तारीखें निश्चित हो गई हैं। अभी तो आपके द्वारा और य...
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भक्ति का मूल्य यह है कि भक्त का मन कैसा होना चाहिए?...समर्पित होना चाहिए। जिस तरीके से नाला नदी में मिल जाता है, गंगा में मिल जाता है, तो पवित्र हो जाता है...
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भगवान बनने की विद्या किसने दी?...विश्वामित्र ने बनाया और विश्वामित्र ने तब बनाया, जब वे समर्पित हो गए। उन्होंने फिर मुड़कर के नहीं देख...
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भगवान स्वयं तिलक लगाने के लिए आए थे, किनके पास?...तुलसीदास के पास। हनुमान जब भगवान राम से जुड़ गए, तो शक्तिशाली होते हुए चले गए, जिनको कि हम वानर के रू...
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मैं इसमें क्या कहूँगी?...जो और कह रहे हैं, वही बात मैं कहूँ, तो यह क्या बात हुई? मेरा तो जो विशुद्ध पक्ष है, वह बेटे! भावनात्म...
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मैं उदाहरण दे रही हूँ कि भक्ति का स्वरूप कैसा हो?...तो उन्होंने एक बात यह कही—हमारा आगा-पीछा है, तुम छोटी हो, हम बड़े हैं; लेकिन तुम मिशन की माँ हो और मा...
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यज्ञ क्या है?...यह एक यथार्थ है, सिद्धान्त है, जीवन है, चरित्र है, व्यवहार है। व्यक्ति का चिन्तन, चरित्र और व्यवहार ठ...
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यदि आप नहीं आएँगे तो फिर आपने डण्डा देखा है कि नहीं देखा, नहीं, रहने दो, अब नहीं कहूँगी, नहीं तो बच्चे कहेंगे कि माताजी यह क्या कह रही हैं?...अभी तो प्यार की बात कह रही थीं, अब डण्डा की बात कर रही हैं। डण्डे की बात मैं नहीं कहती बेटे! जब विश्व...
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यदि भारतीय संस्कृति का विस्तार ये कर सकें और इनके अन्दर भावनाएँ पैदा हों, तो ये क्या नहीं कर सकते हैं?...ये तहलका मचा सकते हैं। अकेले विवेकानन्द थे, तो उन्होंने सारे विश्व में तहलका मचा दिया था। तो हमारे इत...
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यह कौन करता है?...यह वह वाणी करती है जिसने कुधान्य नहीं खाया है। जिसने मिथ्यावाणी नहीं बोली है। जिसने किसी को क्रोध नही...
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यह क्या है?...यह गायत्री मंत्र है। गायत्री मंत्र वह है, जो शिक्षा से पहले, अकल से पहले हर आदमी को सिखाया जाता था। ...
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यह मिनी वसन्त पर्व किस उद्देश्य से लगाया गया था?...इसी उद्देश्य से लगाया गया था कि जो हमारे परिजन हैं, जो छूट गए थे, जो वसन्त पर्व पर नहीं आए थे, उनको ह...
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शेर का बच्चा शेर होता है, सन्त का बच्चा सन्त होता है, ऋषि का बच्चा ऋषि होता है, तो फिर आप बकरी के बच्चे क्यों बनते हैं?...बकरी के बच्चे नहीं होने चाहिए, मैं...मैं नहीं होनी चाहिए। हम सब होना चाहिए। मैं...मैं जो करता है, उसक...
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सिनेमा में आप क्या देखने गये थे?...जब नाच हो रहा था, तो आप तालियाँ किस बात की बजा रहे थे? अगर आपकी बेटी को हजार आदमियों के सामने नचाया ज...
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हम किसकी तरफ देखते हैं?...हम धनवान की तरफ देखते हैं। हाँ साहब ! इसके पास इतनी सम्पत्ति है, क्या करें? सम्पत्ति है, बनी रहेगी। उ...
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हमने एक ही बात की बाबत विचार किया है कि हम दूसरों की मुसीबतें, दूसरों की तकलीफें, दूसरों की कठिनाइयों में क्या कुछ मदद कर सकते हैं?...अगर कर सकते हैं, तो हमने भरसक की है और साथ में एक और भी बात की कोशिश की है कि कहीं से जितना हमारा खरच...
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हमने कितना प्रयास किया है, कितना इनको संस्कारी बनाया है?...कितना सुयोग्य बनाया है और कितना ज्ञानवान बनाया है। ये हमारे उद्देश्य हैं। हम कामुक नहीं हैं। हम कुत्त...
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‘कट’ क्या होता है, आप जानते हैं क्या?...आपको नहीं मालूम, किसी मॉडर्न लड़के से पूछिए। पहले तो रंग-रूप ही था—सफेद गोरा, काला ही था, पर अब यह एक ...
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अगले दिनों क्या करना पड़ेगा?...गले दिनों परिव्राजक योजना का शुभारम्भ कर रहे हैं, जिसके लिए पहली बार आप आए हैं, जिसका आप श्रीगणेश कर र...
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आप समझ क्यों नहीं पा रहे हैं?...स बीज को जरा उगने तो दीजिए। उस पर फूल-फल आने तो दीजिए। आपने तो उसे अँगारे के नीचे दबा रखा है। ऐसे दबा...
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इस स्थान पर आप आए हैं और जिसका विश्वास लेकर के आए हैं, जिसके आँचल के नीचे आए हैं और जिसकी छत्रछाया के नीचे आप आए हैं, तो वह तो आपको मिलेगा ही; लेकिन आपने अपनी तरफ से कोई प्रयास नहीं किया है, तो आपको कितना मिलेगा?...ताइए न? थोड़े दिन आशीर्वाद काम करेगा। फिर तो अपना पुरुषार्थ ही काम करेगा।
सन्त हृदय नवनीत समाना
बेट...
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कितने लाभ में हैं?...े जिन्होंने उस समय निस्स्वार्थ भाव से कार्य किया था। अब तो उसमें स्वार्थ भी घुस गया, लाइए साहब! दीजिए...
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कैसे प्यारे बच्चे हैं?...ाती से लगाने लायक बच्चे हैं, प्यार करने लायक हैं। दूर-दूर से आए हैं, तो क्या इनमें कुछ अच्छाई नहीं है...
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जब तक परत जमा है, तो उससे हम गरमी प्राप्त नहीं कर सकते हैं?...न परतों को हटाया जाना चाहिए। हमारे अन्दर जो भी परतें हैं, इनका तो आप अन्दाजा लगाइए कि क्या-क्या परतें...
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जब नदी और नाला आपस में मिल गए, तो उस नाले की गन्दगी कहाँ रही?...ाले ने अपने को गंगा में समर्पित कर दिया, उस नदी को जो सुरसरि की धारा है।
आत्मचिन्तन का अवसर
ऐसे...
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जब नेपोलियन ने पूछा—"माँ मैंने क्या किया?...हन ने तो उसके अमरूद गिराए थे, वह तो दोषी है, पर मैं दोषी कहाँ हूँ?" माँ ने उत्तर दिया—"बेटे! तू उसका ...
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जीवन में माँगा है?...भी नहीं माँगा और कभी माँगेंगे भी नहीं; लेकिन एक चीज माँगने के लिए तुम्हारी माँ उपस्थित हुई है कि कौन ...
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जैसा साँचा, वैसा आकार—कभी क्या बन जाता है, तो कभी क्या बन जाता है?...िट्टी तो एक ही होती है, लेकिन साँचे अलग-अलग होते हैं, तो वही स्वरूप निखर करके आता है। नहीं साहब! हमार...
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नारी जीवन की यह करुणाजनक स्थिति अपने ऋषि वंशजों से पूछती है कि क्या सचमुच हमारे पितामह इतने निर्मम रहे होंगे?...न्या को करुणा और वात्सल्य की स्नेहमूर्ति समझने वाले भारतीय समाज ने समय-समय पर इन घातक प्रथाओं का स्वय...
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पिता की कमाई बेटा क्यों खाएगा?...ह अगर समर्थ है, तो पिता के बाद, पिता की कमाई को माता-पिता के श्राद्ध में ही लगाना चाहिए।...
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पिता ने पूछा—"यह क्या कर रहे हो?...े कहाँ से लाए?" बच्चों ने कहा—"अपने माता-पिता के लिए लाए हैं। जब हम बड़े हो जाएँगे, तो आपको इन्हीं बर...
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मन कभी क्या कहता है, तो कभी क्या कहता है?...ाथ में माला लगी रहती है और दिमाग न जाने कहाँ घूमता रहता है? न जाने किधर को जाता है। इधर तो गुरुजी की ...
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शान्ति कहाँ मिली?...मानदारी में मिली, भले से वह जौ की रोटी क्यों न हो, सत्तू की क्यों न हो? वह मोहनभोग से ज्यादा है, मेवा...
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श्रद्धा जीवन में कितनी फलदायी होती है कि मैं आपसे क्या कहूँ?...ेटे! कहते नहीं बनता। यह जिन्दगी का अनुभव है। यह आप जो सुन रहे हैं, यह हमारी जिन्दगी का अनुभव है। अनुभ...
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समय से पहले यदि आप सजग हो जाएँ, तो क्या हर्ज की बात है?...पको जगाने वाला भी मौजूद है। आपको प्रेरणा देने वाला भी मौजूद है और आपको पुचकारने वाला भी मौजूद है। आपक...
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अब बुढ़ापे में, इस अवस्था में भी हम कर सकते हैं, तो आप नौजवान हो, क्यों नहीं कर सकते हो?... नौजवानों में नया खून है। जो बूढ़े हो गए, उनकी तो चला-चली की वेला है, हमारा भी तो चला-चली का रास्ता ह...
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अपने आप को पहचानें, आप कौन हैं?...
मित्रो! न केवल इतने देवता आए थे, वरन बहुत सारे देवता आए थे। जब गोवर्द्धन उठाने का वक्त आया था ...
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आपने हमारे निर्देश स्वीकार किए?...
मित्रो! आप अपनी दुनिया के सौ फीसदी मालिक हैं और भगवान अपनी दुनिया का मालिक है। एक दिन मैंने आप...
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किस वाणी से किया व्याख्यान?...
मित्रो! अभी तक जो व्याख्यान दिए हैं, वे चमड़े की जीभ से-बैखरी वाणी से दिए गए हैं। बैखरी वाणी क...
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"इसलिए हमारे पिताजी यह कहते हैं कि बेटे, मेहनत से पैसा कैसे कमाया जाता है?... यह मेहनत करके सीखो और कुछ कमा करके लाओ। हमें कुछ और काम तो समझ में नहीं आता, इसलिए हम अख़बार बेचते र...
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55 साल की उम्र हुई तो क्या?... कोई फरक नहीं पड़ता। छापेखाने वाले कई बार गलती कर जाते हैं। एक अक्षर की जगह दो अक्षर लगा देते हैं। 5 ...
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अगर आपका चिन्तन और आपके गुण, आपका स्वभाव और आपका दृष्टिकोण विकसित नहीं हुआ है, तो देवता आप पर प्रसन्न हैं, मैं यह मानने को तैयार नहीं हूँ; क्योंकि अगर देवता प्रसन्न रहे होते, तो आपका चिन्तन परिष्कृत क्यों नहीं हुआ?... आपके दृष्टिकोण में विकास क्यों नहीं हुआ? आप क्षुद्र क्यों बने हुए हैं? आप सीमाबद्ध कैसे बने हुए हैं?...
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अगले जन्म में क्या होगा बेटे?... मैं नहीं जानता और इस बाबत मैं कुछ भी नहीं कह सकता। मैं तो इसी जन्म की बात कहता हूँ। मैंने अध्यात्म क...
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अच्छा, तो आप कौन से भगवान का दर्शन करना चाहते हैं?... जो हँसते हों, चलते हों, बोलते हों, बातचीत करते हों, ऐसे शंकर जी चाहिए, तो फिर परसों आना। क्यों? परसो...
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अनुष्ठान को क्या खुराक मिलनी चाहिए?... उस दिन आपको इशारा किया था? मैं चाहता हूँ कि आपको गम्भीर होना चाहिए। आप जो पैदावार करना चाहते हैं, वह ...
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अब आप जा ही रहे हैं, तो अपना दिल खोलकर बात ही क्यों न कह लूँ?... कहनी चाहिए। मैं एक माँ हूँ, आप बच्चे हैं, तो मुझे कहनी चाहिए। आप तो उनमें से हैं, जो आप हजामत भी बना...
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अब मैं क्या कहूँ कि आप कौन हुए हैं?... मैं यह क्यों कहूँ? मेरे तो आप बच्चे हैं। आप हमारे कुटुम्बी हैं, तो आपकी बेइज्जती करने का हमारा मन नह...
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अभी भी लोग दाँतों तले उँगली दबाकर यह कहते हैं कि इतना विशाल आयोजन, इतनी-इतनी भव्यता, पत्रिका का इतना विशाल पाठक-क्षेत्र, इतने अनुशासित परिजन इन सबके लिए आपके पास खरच कहाँ से आता है?... अरे! आपको मालूम पड़ गया, तो आप भी चले जाएँगे, आपको क्यों बता दें, हमारी बैंक कहाँ की है? बैंक में ला...
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अरे माताजी कल तो ऐसा ऐसा बोल रही थीं, आज क्या बोल रही हैं?... हम यह सुनने थोड़े ही आए थे। हमें कोई चटपटी कहानियाँ सुनाओ, अच्छा वह भी हम सुना देंगे, उसके लिए आप धै...
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अरे, किन-किन का कहें कि किसको सामना नहीं करना पड़ा प्रतिकूलताओं का?... मरना तो एक दिन है ही। देखा जाएगा, यदि किसी के भाग्य में ऐसा ही है, तो ऐसा भी देखा जाएगा। शहीद की तरह...
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आज के युग में जो अय्याशी का युग है, कोई नौकरी छोड़ने के लिए तैयार होता है?... नहीं, छोड़ने के लिए तैयार नहीं होता है। लेकिन कितने ही लड़के ऐसे हैं, जिन्होंने ऐसा कदम उठाया। कितने...
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आदत क्या होती है?... धैर्य और पराक्रम से आपके आन्तरिक जीवन में, बहिरंग जीवन में, आलस्य और प्रमाद जैसे दुश्मन भाग जाएँगे। भ...
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आदमी इतना समझदार और इतना अज्ञानी?... समझदार इतना कि सारे-के-सारे काम करता है, पैसा कमाता है, व्यापार करता है, धंधा करता है और बड़ा आदमी ब...
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आप अपनी पत्नी का दिल जीत सकते हैं क्या?... अगर ऐसा बना सकते हैं, तो मैं खुशी से आपको शादी का आशीर्वाद दूँगा। कुत्ते-कुतिया के ब्याह में कोई आशी...
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आप अपने आस-पास रहने वालों को देखिए कि उनकी मान्यता कैसी है?... बया पक्षी का उदाहरण मैं प्रायः देता रहता हूँ। बया का घोंसला आप कंपटीशन में बैठा दीजिए। बाकी सब पक्षि...
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आप खण्डित हो जाएँ, आप टूट जाएँ, तो हम क्या कर सकते हैं?... हम कुछ नहीं कर सकते; लेकिन हमने आपको बाँधकर रखा है। अपने हृदय से बाँधकर रखा है। अपने विचारों से, अपन...
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आप जब बच्चे थे और बात नहीं मानते थे, तो माँ क्या करती थी, जरा बताना?... एक इधर-से और एक उधर-से चपत लगाती थी। यही करती थी न? खैर आप अब दाढ़ी-मूँछ वाले हो गए हो, तो हमें वैसा...
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आप जो पाने के लिए आए थे, मालूम नहीं, आप क्या पाने के लिए आए थे?... लेकिन इन दिनों आपके लिए जितना श्रम किया गया, आपके सोते में, जागते में हर समय हम आपके साथ-साथ रहे। मा...
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आप विश्वास रखिए, जिस दिन आपके अन्दर विश्वास जागेगा, बस, उसी दिन देखिए, आप में से कौन-कौन क्या-क्या बनता है?... बिलकुल आप बन जाएँगे, जो कि हमारे जीवन का अनुभव है। हम स्वयं बने हैं, आपके सामने हैं। आप किन आँखों से...
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आप शरीर का संशोधन कहाँ तक करते रहेंगे?... अच्छा यही मान लें कि शरीर का संशोधन तो आप कर ही लेंगे, तो उसमें शरीर का ही तो लाभ होगा न, शरीर का ही...
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आप सब कौन बैठे हैं?... हमारी निगाह से देखिए, तो आप सब भगवान के स्वरूप बैठे हैं; लेकिन आपने अपने भगवान को सुला रखा है। अभी ज...
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आप से कोई क्या शिक्षा पाएँगे?... आपको जो कोई देखेगा, वह कहेगा—आ! हा! हा, यही हैं गायत्री परिवार वाले देखो-देखो इनके घर में क्या हो रह...
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आपकी भावनाएँ न मालूम कहाँ सो गईं, सिद्धान्त जाने कहाँ चले गए, व्यक्ति पाषाण हो गया है, भावहीन हो गया है, भावनाएँ हैं नहीं?... भगवान के प्रति भावनाएँ नहीं हैं। भगवान की उपासना तो करते हैं; लेकिन वहाँ भी हमारा स्वार्थ चलता है, म...
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आपके दिल में जरा भी असर नहीं पड़ता है, तो आप पाषाण हैं कि नहीं हैं?... पाषाण हैं। यदि सहृदय हैं, तो आपको संकल्प लेना चाहिए कि हम इस दहेज के राक्षस को मिटाकर के रहेंगे। जो ...
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आपके पास पैसा है?... हाँ, अन्धाधुंध पैसा है। प्रभाव है? हाँ, हमारे पास इतना बड़ा प्रभाव है कि हम कहीं नहीं जाते और लोग हमा...
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आपके सामने तो अपना मन खोलकर के भी रखने की कैसे हिम्मत करेगी?... नहीं बेटे! आपको हम दबाव देकर कहते हैं कि नारियों को आगे आने दीजिए। उनको काम करने दीजिए। हम एक-एक मही...
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आपको क्या मिल जाता है?... क्या कमा लेते हैं, सच-सच बताइए।" उन्होंने कहा—वकालत किए हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है। हमें 200 रुपये म...
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आपने कभी गायत्री माता देखी हैं क्या?... नहीं साहब! सपने में देखी थीं और आपने जो फोटो छापकर भेजा था, तो उसे देखा था। असली गायत्री कभी देखी आप...
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आपने छोटी-छोटी चीजों की तमन्नाएँ मेरे सामने रखीं और आपने मूलमंत्र को अपने मन में से निकाल दिया, जो कि एक ही लक्ष्य है—अध्यात्म, जिसे पाने के बाद में आदमी निहाल हो जाता है और आदमी न जाने क्या-से-क्या हो जाता है?... मैं उस बड़े रास्ते पर आपको चलाना चाहता था। मैं यह नहीं चाहता कि छोटी-छोटी चीजों के लिए आप बार-बार मु...
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आपने देखा है न?... अभी नहीं देखा। गुरुजी का वो विराट रूप देखिए, जो काकभुशुण्डि ने भगवान राम के पेट में जाकर देखा था। भग...
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आपने पैसा कमाया न?... ठीक है, उस पैसे का हिसाब दीजिए कि उसे किस काम में खरच किया। आपने अकल कमाई, विद्वान हो गए न, ठीक है।...
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इनको सन्त कहेंगे?... नहीं, बेटे! सन्त कहने में लज्जा आती है। हे भगवान! कहीं सन्त हों और वे खड़े हो जाएँ, तो उनके पाँव को ...
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इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब यह है कि नीचे वाले कमरे में रहने वाले किरायेदार ने नल खोल रखा है और ऊपर वाला किरायेदार चिल...
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इसका सार अब आप समझ गए होंगे कि उन्होंने जो उपासना की, इतनी तपस्या में अपना शरीर गलाया, उसका प्रतिफल क्या मिला?... उसका प्रतिफल यह मिला कि जैसा दृष्टिकोण था, जैसा चिन्तन था, उसका वैसा ही फल मिलता है। पति-पत्नी फिर ख...
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इसके पीछे क्या राज छिपा है, आपको मालूम है?... आपको तो केवल क्रियाकलाप ही मालूम हैं कि हमसे यह कह दिया गया है। एक से पाँच बनाओ, पाँच से पच्चीस बनाओ...
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इसमें प्राण कौन डालेगा?... आप लोग डालेंगे, जो यहाँ उपस्थित हैं। यह मिट्टी का शरीर है, इसमें प्राण डालने हैं, आपको प्राण फूँकने ...
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उन्होंने कहा कि क्या चाहता है?... उसने कहा कि तेरे साथ शादी करना चाहता हैं। शादी करना चाहता है? हाँ। शादी तो हम जरूर कर लेंगे, परन्तु ए...
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उन्होंने कहा भाई, आप लोग क्यों रो रहे हो?... वे बोले—भगवान हम तो कुछ माँगना चाहते हैं। बोलो न, माँगो! तुम एक वरदान माँगो तो बुढ़िया सबसे पहले आ ग...
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उन्होंने कहा—जो हमारे अन्दर दुर्गुण हैं, इससे तुम्हारे अन्दर कोई नफरत हुई क्या?... तो उनने कहा—ऐसा कैसे हो सकता है? आप तो मेरे भगवान हैं। आप जानें—आपका काम जाने। मेरा जो कर्तव्य हैं...
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उन्होंने कहा—बच्चे, तू क्यों रोता है?... मैं यों रोता हूँ कि मेरी मम्मी तो सुअरिया बन गई, अब मेरा लालन-पालन कैसे होगा? मुझे खाना कौन खिलाएगा?...
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उन्होंने कहा—बाकी के मेरे परिजन कहाँ गए?... बाकी के आपके परिजन नरक में गए हैं। उन्होंने कहा—तो मुझको भी वहीं भेजिए, जहाँ मेरे परिजन हैं। जहाँ मे...
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उन्होंने लिखा कि गाँधी जैसा मैंने देखा और जो पास में एक मसखरा नाई रहता था, उससे पूछा—"यह बताओ भाई, गाँधी जी क्या करते रहते हैं?... तुम तो हजामत बनाते हो न। इनके तुम ज्यादा निकट हो; क्योंकि तुमने तो शरीर छुआ है न। तो बताओ तुमको ज्या...
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उन्होंने विचार किया कि आज हमारे द्वार पर अतिथि आया हुआ है, क्या यह भूखा ही चला जाएगा?... उन्होंने कहा नहीं? भूखा नहीं जाना चाहिए; क्योंकि ये हमारे अतिथि हैं, हमारे दरवाजे पर आए हैं, हमारा क...
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उस परमसत्ता को हम कैसे भुला सकते हैं?... उस सन्त को मैं क्या, आप में से कोई भी भुला नहीं सकता। आपको यह काम हाथ में लेना चाहिए, जो भगवान बुद्ध...
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उस पागल सन्त ने नारद जी से कहा—तो क्यों नहीं बनाए?... इसलिए नहीं बनाए क्योंकि उनका मकसद यह था कि सन्त अपने लिए कम-से-कम चाहता है और ज्यादा-से-ज्यादा जो भी ...
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उसके साथ क्या करेंगे?... उसका एक ही विकल्प है कि जहाँ हमने गड्ढा किया है, उसका दूना हम पाटेंगे। पाटेंगे, तो उसका लाभ हमें यह ...
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उसने कहा कि दूसरों से हमें क्या फायदा?... हमें तो अपने लिए चाहिए, हमको दीजिए। हमें क्या मतलब कि हमारा पड़ोसी दुःखी है, सुखी है या पीड़ा-पतन नि...
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उसने हँसते हुए कहा—यहाँ आपके कैसे दिन कटते हैं?... बेटे! वह तो सब महिलाओं को मालूम हो सकता है। पति के बगैर—उसके पास पति न हो, तो उसका दिल कितना दहलता ह...
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उसमें यह कहा कि आप मेरा मार्गदर्शन करिए मैं किस तरीके से अपने गृहस्थ जीवन से लोहा ले सकूँ?... क्योंकि मुझे भगवान को स्मरण नहीं करने दिया जाता है।
तुलसीदास जी का जीवनदर्शन
तो उन्होंने एक कव...
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एक ऐसा प्रकाश है, जो हमारे भीतर दीपक जैसे जलता है, पर हम क्या कर सकते हैं?... हमने तो भीषण जगत में पूरा खरच कर दिया, सारा-का-सारा तेल टपक गया। अब दीपक जलता तो है, टिमटिम करता तो ...
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एक बार हम महाराष्ट्र गए और महर्षि कर्वे के आश्रम से यह सीखकर आए कि महिलाओं की सेवा किस तरह से हो सकती है?... बच्चों की सेहत को कैसे सुधारा जा सकता है? महर्षि कर्वे के आश्रम में जाकर मैंने यह सब सीखा। उन्होंने ...
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एक भिखारी आया, उसने कहा—"हमको पैसा दीजिए?... " उन्होंने कहा—"तुम हट्टे-कट्टे जवान हो। तुम्हें भीख माँगने की आवश्यकता क्यों पड़ गई? मेहनत-मजदूरी क...
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ऐसे स्वर्ग का क्या करेंगे?... वही उन्होंने बीड़ा उठाया और अपने अन्दर यह दृढ़ संकल्प किया कि व्यक्ति के अन्दर देवत्व का उदय होना चा...
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और क्या खुला हुआ है?... वहाँ एक हजार कोढ़ियों के रहने के लिए बेड, अन्धों की सुविधाा—ऐसी बहुत बड़ी कॉलोनी बनी है, एक नगर बसा ह...
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कहाँ तक सफल होंगे?... यह तो भगवान मालिक है, कोई हमारी जिम्मेदारी नहीं है, पर जो कुछ भी हम कर सकते हैं, वह तो हम करें। तो आ...
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कितनी संख्या हो गई?... सबको मिलाकर मैं समझती हूँ कि बहुत जनसंख्या हो गई और कौन से हो गए? वे बेटे और बेटियाँ हो गए। कौन से ब...
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किन-किन रूपों में आप सेवा कर सकते हैं?... उस सेवा का बाह्यस्वरूप हमारे कार्यकर्ता आपको बताएँगे। आप झोला पुस्तकालय के माध्यम से करेंगे; क्योंकि...
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किसकी गुलाम है?... पति की गुलाम, सास की गुलाम, वह सबकी गुलाम है। खुली हवा में साँस लेने का अधिकार उसको है कि नहीं? बिलक...
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किसी समय में हमारे राष्ट्र में ब्राह्मण-पुरोहित का बाहुल्य था, फिर क्या हुआ?... जो ब्रह्मबीज थे, वे गलते हुए चले गए। भूमि यदि सही नहीं है, तो उसमें कुछ भी बोया जाएगा, तो नष्ट हो जा...
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कोई खरच नहीं होगा?... गाजे-बाजे में कुछ नहीं खरच होगा और दावत में तुम्हें नहीं मालूम है? दोपहर को दावत मिलेगी बेटे! दलिया,...
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कोई फावड़ा चला रहा था और कोई कुदाली चला रहा था, कोई क्या कर रहा था-कोई क्या कर रहा था?... मैंने भरपूर उनको हृदय से आशीर्वाद दिया कि भगवान अगर कोई शक्ति हो हमारे अन्दर, कोई तप किया हो तो उसका...
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कोर्ट में भगवान जी ने अपनी सफाई में कहा कि कलेक्टर के पास कई-कई जीपें होती हैं, तो क्या यह सब कलेक्टर के लिए ही होती हैं?... हाईकोर्ट ने कहा कि नहीं। उन्होंने कहा—बैंकों के पास लाखों रुपये रखें जाते हैं। खजांची के पास चाबी हो...
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कौन जाने आप में से कौन-सा हनुमान हो सकता है, कौन जाने आप में से नल और नील हो सकता है और कौन जाने आप इन बच्चियों में से हमारी गिलहरी हो सकती हैं?... लेकिन हम ऐसे संकीर्ण, खुदगर्ज हैं, जो हम घर से बाहर नहीं निकलने देते।...
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कौन परवाह करता है उस समय?... जो मान और इज्जत अपने राष्ट्र की बचानी है, तो हम उसके लिए कुरबानी देंगे। हमारे में जो त्याग के भाव हो...
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कौन से हथियार थे?... शृंगी ऋषि के पिता लोमश ऋषि को राजा परीक्षित ने अपमानित किया। गले में मरा हुआ साँप डाल दिया। बाल शृ...
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कौन-कौन सी पूरी हुई?... जब हमने किसी जमाने में 1000 कुण्डीय यज्ञ किए थे, तो लोग यह कहते थे कि आप कर लेंगे, 1000 कुण्डीय यज्ञ...
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कौन-सी आग है हमारी?... वह हमारी जनमानस की आग है, जो आपको दिखाई नहीं पड़ती है। वही मैं कह रही थी कि गुरुजी के अन्तरंग में घु...
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क्या आप ऐसे ब्रह्मचारी नहीं बनेंगे?... क्या आपको ऐसा प्यार करना नहीं आता है? केवल अपने बच्चों को ही प्यार कर सकते हैं, दूसरों को नहीं कर सक...
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क्या तपस्या इसी को कहते हैं?... तपस्या वह दीपक है, वह अग्नि है, जिस प्रकार अग्नि के पास बैठने से गरमी आती है। चन्दन जहाँ पैदा होता ह...
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क्या मतलब है आपका?... बेटे, मेरा मतलब यह है कि शरीर के श्रम का, अन्नमय कोश का अपमान, अन्नमय कोश का उपहास जो भी आदमी करते ह...
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क्या रखा है?... तुमसे भी गए बीते हैं, शक्ल- सूरत में, फिर भी गुरुजी के यदि दर्शन करने हैं तो उनकी फिलॉसफी देखिए, उनक...
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क्या हमने अपने आप को गुलाब की तरह सुगन्धित बनाया?... क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया? क्या अपने आप को पुष्प बनाया? क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिल...
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क्यों ठोकर मार देगी?... क्योंकि पत्नी में और वेश्या में अन्तर है। पत्नी की भावना है, उसकी श्रद्धा है, उसकी निष्ठा है अपने पत...
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क्षत्रिय कौन होता है?... अभी तो आप ब्राह्मण बना रही थीं, अभी क्षत्रिय बना रही हैं। अब जाने तीसरे नम्बर पर क्या बनाती फिरेंगी?...
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गणेश कौन होता है?... हमारा विवेक ही गणेश है। जब यह जाग्रत होगा तो इसकी दो औरतें होंगी। उनमें से एक का नाम ऋद्धि होगा और द...
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गायत्री का नाभिक कहाँ है?... नाभिक को—न्यूक्लियस को तलाश किया, तो मुझे यह मालूम हुआ कि 'धियो यो नः' जो शब्द है, इसका न्यूक्लियस ह...
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गायत्री का नाभिक कहाँ है?... नाभिक को, न्यूक्लियस को तलाश किया तो मुझे यह मालूम हुआ कि 'धियो यो नः' जो शब्द है, इसका न्यूक्लियस ह...
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गायत्री माता क्या है?... जरा देखकर के आइए। गायत्री माता के जितने भी फोटो हमने छापकर दिये हैं, जवान महिला के छापकर दिये हैं। न...
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गुरुजी मैं क्या करूँ?... मेरी तो औरत बीमार है। मेरा बच्चा तो बे-लाइन चलता है और मुझमें सामर्थ्य नहीं है। अब बताइए कि मैं कैसे...
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गुरुजी से एक बार कहा गया—इतने छात्र पढ़ाते हैं, तो आपको धन की आवश्यकता तो पड़ती होगी न?... आप खुलकर के क्यों नहीं कहते? आपके पास धन कहाँ से आता है? उनने कहा कि मेरे पास धन भगवान से आता है। आप...
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घर से बाहर निकली और बस, इसकी चार आँखें ही जानें कि इसने क्या किया है?... जैसे हम खुद हैं, वैसे ही हमने नारी को भी बना रखा है, जो कि त्याग की मूर्ति थी, समर्पण की मूर्ति थी; ...
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घेंघा रोग क्या होता है?... इसमें गला फूलकर मोटा हो जाता है। मालूम पड़ता है कि जाने कहाँ से माँस आ गया? यह कहाँ से आता है? हवा मे...
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छोकरी ने कहा—मैं भी आपके पास दो-पाँच दिन रहूँ?... कागावा ने कहा—हाँ, तुम भी मेरे साथ दो-पाँच दिन रह सकती हो। वह दो-पाँच दिन रही, तो उसने कहा कि यह आनं...
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जब हम लोग चले, फिर क्या हुआ?... जब हम यहाँ आए, थोड़े दिन हमको अपने मन में जरूर ऐसा कुछ लगा, मुझे स्वयं लगा, उनको तो नहीं लगा और जिस ...
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जिस तरीके से शंकर जी ने विष पिया था जनहित के लिए, इसी तरह हम भी अपने परिवारीजनों के लिए, जिसको हम अपना विशाल परिवार कहते हैं, इनके कष्टों को हलाहल की तरह से क्यों न पी जाएँ?... जरूर अनुभव भी किया और पिया भी। शायद आप में से हजारों की तादाद में परिजन सोच बैठे होंगे कि किन-किन कठ...
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जिसने कि अपने जीवन को निछावर कर दिया, उस बेटे को अपनी छाती से लगाया है और उस बेटे ने क्या किया है?... उस बेटे ने भी कहा है कि माँ हमें तेरे चरणों की सौगन्ध है, हम तुम्हारे लिए बलिदान हो जाएँगे। जो आपका ...
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जो भी आपके नजदीक हैं, जिनको आप अपना मानते हैं, उनके ऊपर कोई मुसीबत आ जाए तब?... एक्सीडेंट हो जाए, तब? मृत्यु हो जाए तब? मुकदमा लग जाए तब, बीमारी हो जाए तब? तब आपको दुःखी होना ही चा...
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डेढ़ घण्टे ही क्यों पड़े रहें?... बेटे! अब तो हमने यह कहना शुरू कर दिया है कि या तो आप राजी से काबू में आ जाओ, तो ठीक है। यदि राजी से ...
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तप किसे कहते हैं?... स्वयं मुसीबत मोल लेने को, हम क्यों मुसीबत उठाएँ? ताकि हमारी मुसीबत से जो चीज बच सकती है, उसको किसी अ...
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तपश्चर्या से लाभ मिलता है?... हाँ बेटे, मिलता है। वही तो मैंने अभी आपसे निवेदन किया। आपको भी मिलेगा और मिल चुका है। आप अनुभव क्यों...
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तो कार्यकर्ता कहाँ से आएँगे माताजी?... बस, बेटे! यही मत पूछ कि कहाँ से आएँगे? इनको हम पैदा करेंगे? गुरुजी रानी मक्खी हैं, वे इतनी सन्तान पै...
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तो क्या आप भी त्यागने के लिए कह रहे हैं?... नहीं बेटे! त्यागने के लिए नहीं कह रहा। मैं तो ये कह रहा हूँ कि इन मरीजों को त्यागने की जरूरत नहीं है...
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तो गुरुजी क्या इतने भर से बात पूरी हो जायेगी?... नहीं बेटे, इतना ही पर्याप्त नहीं। आपको इसके साथ में अपनी श्रद्धा सँजो करके रखनी पड़ेगी। श्रद्धा को आ...
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तो फिर आपको क्या करना पड़ेगा?... आपको कभी करना हो, अध्यात्म को विज्ञान की तरीके से देखना हो, उसे अन्धविश्वास न कहना हो तो कृपा करके आप...
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तो बेटा दिया होगा?... नहीं, भाई साहब! बेटा भी नहीं दिया। तो क्या चीज दी है? एक ही चीज दी है कि उनके अन्तरंग में कोई ऐसी हूक...
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देवता कैसा होता है?... देवता ऐसा होता है, जो आदमी के ईमान में घुसा रहता है। ईमान में घुसने के बाद में, आदमी के भीतर से एक ऐ...
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द्रोणाचार्य ने उससे पूछा—अच्छा, यह बताइए कि चक्र में घूमने वाली मछली की क्या-क्या चीजें दिखाई देती हैं?... उसने कहा—हमको मछली की टाँगें दिखाई पड़ती हैं, हाथ-पैर दिखाई पड़ते हैं, सिर दिखाई पड़ता है, तो आप भाग...
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धर्मपत्नी कौन होती है?... धर्मपत्नी ऐसी होती है, जो हमारे साथ-साथ काम करती है। जिस तरीके से नाव चलाने के लिए मल्लाह अपने दोनों...
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नारद जी ने कहा—अच्छा नाम तो बताओ कि भगवान के तीन दुश्मन कौन-कौन से हैं?... उन्होंने कहा—एक थी द्रौपदी। उन्होंने कहा—द्रौपदी तो भगवान की भक्त थी। सन्त ने कहा—भगवान की भक्त थी! ज...
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नारद जी ने पूछा—और कौन-कौन था?... उन्होंने कहा—एक का नाम था अर्जुन। अर्जुन ने क्या बिगाड़ा था? अर्जुन ने यह बिगाड़ा था कि वह राज्य लेना ...
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नारद जी ने पूछा—दुनिया में शाक-भाजी बहुत है, वो क्यों नहीं खाते, पत्ते क्यों खाते हो?... उन्होंने कहा—मैं शाक-भाजी नहीं खाता। घोड़े घूमते हैं, बकरियाँ घूमती हैं और छोटे-छोटे जानवर घूमते हैं,...
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पण्डित नेहरू ने प्रभावित होने के पश्चात क्या किया?... नेहरू ने लाल बहादुर शास्त्री की मदद की। आप लाल बहादुर शास्त्री का और नेहरू का जिक्र क्यों कर रहे हैं...
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परिवारवाले आपका साथ देंगे?... नहीं देंगे। आप नीतिपूर्वक धन कमा रहे हैं या अनीति से कमा रहे हैं। क्या कर रहे हैं, क्या नहीं? उन्हें...
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पाँव छूने से ही क्या कोई लाभ है?... यदि लाभ हुआ होता, तो जिस तरीके से विवेकानन्द का हुआ था और कबीर का हुआ था, वैसा ही कुछ होता। कबीर की ...
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पानी क्या होना चाहिए?... पानी का उदाहरण मैंने आपको जीभ से दिया था और यह कहा था कि जीभ वह कमान है, जिस पर राम के नाम का मंत्र ...
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प्रज्ञा किससे जाग्रत होती है?... जो अध्यात्म के काम आती है, जो कि गायत्री का स्वरूप है। वह कहाँ से आती है? वह बेटा वहाँ से आती है, जह...
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प्राणियों की पीड़ा और प्राणियों का दुःख दूर करने में जो हमको आनन्द आता है, यहाँ हराम का माल उड़ाने में क्या आनन्द आएगा?... यहाँ बैठे-बैठे ऐय्याशी किया कीजिए, इंद्र देवता के यहाँ नृत्य देखा कीजिए। शराब पिया कीजिए, कल्पवृक्ष ...
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फिर क्या हुआ?... लड़ाई-झगड़े होने लगे और इस कदर बढ़े कि सबसे छोटे वाले लड़के ने अपने दो बड़े भाइयों को पिस्तौल से गोल...
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फिर दीपक जलाने से क्या मतलब है?... हमको तो दीपक जलाने की जरूरत होती है। क्योंकि दिन में जब अँधेरा हो जाता है और बादल छा जाते हैं और प्र...
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बस, केवल एक ही चीज थी और वह था लाल बहादुर शास्त्री के ऊपर देवता का अनुग्रह क्या होता है देवता का अनुग्रह और कैसा होता है?... देवता के अनुग्रह की जान-पहचान क्या है? देवता की परख क्या है? या देवता आप पर अनुग्रह करते हैं या नहीं...
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बाद में मैंने पूछा—क्या मामला है?... मोटरगाड़ी में इतना पैसा क्यों खरच करते हो? गरीब आदमी हो। उन्होंने कहा कि हम गरीब थोड़े ही हैं। यह गा...
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बामन कौन होता है?... बामन बेटे, यह होता है—पचास+एक=एक्यावन, पचास+दो=बावन, पचास तीन=तिरपन, पचास+चार=चौवन आदि। ये होते हैं—...
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बारूद क्या है?... बारूद बेटे, उस तपश्चर्या का नाम है जो हमारी वाणी के द्वारा, दिव्यशक्ति के द्वारा, मानसिक ब्रह्मचर्य ...
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बाल्यकाल से उन्होंने अपने जीवन को किस तरह से मोड़ दिया?... जो खाने और खेलने की उम्र होती है। बाल्यकाल से ही उनके मन में भगवान के प्रति अगाध आस्था, अगाध निष्ठा,...
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बेटे, मूसा ने कहा—अब समझ गए होंगे कि स्वर्ग में सन्त क्यों नहीं आते?... ऋषियों की भी यही कामना थी—"न त्वहम् कामये राज्यं न सौख्यं न पुनर्भवम्।" स्वर्ग की हमको अपेक्षा नहीं ...
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बेटे, यह किसकी देन थी?... यह कुंती की देन थी, जो उन्होंने समाज को श्रेष्ठ नागरिक दिए और जिन्होंने उनके अन्दर वह बीज बोया, जो आग...
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ब्राह्मण की बपौती है, जो ब्राह्मण ही करेगा, क्यों?... माँ की उपासना कोई और क्यों नहीं करेगा? माँ के लिए, भगवान के लिए, तो बेटे और बेटी बराबर होते हैं। उसम...
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ब्राह्मण कौन होता है?... ब्राह्मण वह होता है, जो सारे संसार को देता है। ब्राह्मण वर्ग नहीं होता, जाति नहीं होती है। ब्राह्मण ...
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ब्राह्मण वह होता है, जो सारे संसार को देता है और क्षत्रिय?... क्षत्रिय क्या करता है? अनाचार-अत्याचार के विरुद्ध तनकर खड़ा हो जाता है। देखा जाएगा, जो भी हमारे विपर...
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ब्राह्मणत्व क्या होता है?... असली ब्राह्मण कौन होता है, क्या हो सकता है, उसके गुण क्या हैं? उसका आदर्श क्या है? उसकी भावनाएँ क्या...
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ब्रेन हमारा कौन सा काम करता है?... हिसाब करने में, व्यापार करने में जब यह मशीन काम करती है, तो हमारा मस्तिष्क ‘ब्रेन’ कहलाता है और जब य...
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भक्त उसे कहते हैं—जिसका ध्यान केवल अपनी उपासना पर और अपने आत्मकल्याण पर लगा रहता है और यह लगा रहता है कि हमारा आत्मशोधन किस तरीके से होगा?... किस तरीके से हम जिस निकृष्ट कोटि में हैं, उससे ऊँचे उठें? भगवान हमको वह शक्ति दीजिए, चल तो हम अपने आ...
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भगवान कृष्ण ने कहा—तुझसे कौन कहता है कि तू अकेला है?... अकेला नहीं है, मैं जो तेरे साथ हूँ। तेरे रथ को चलाने वाला मैं हूँ। तू धनुष उठा, बाण उठा, लड़ना तो तु...
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भगवान को आपने कैसे देखा?... भगवान को हमने घोड़े-हाथी पर सवार नहीं देखा। हमने भगवान को पायलट की तरीके से देखा और अपने बॉडीगार्ड क...
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भगवान ने जिरह में कहा कि आप बताइए, मैंने कभी आपको भूखा रखा क्या?... उसने कहा—नहीं, हमको कभी भूखा नहीं रखा गया। फिर उन्होंने इनसान से पूछा कि आपको कितना खाना मिलता है? उ...
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भगवान से लेना नहीं?... भगवान के सामने दानी होकर के जाना चाहिए। याचक होकर के नहीं, भिखारी होकर के नहीं। भगवान से भीख माँगेंग...
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भोगी से भिन्न प्रकार का स्तर जो है, वह क्या है?... उसका नाम योगी है। योगी भगवान के लिए समर्पित होता है और भोगी भगवान को अपने लिए समर्पित कराना चाहता है...
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मनुष्य बनेंगे नहीं तो क्या करेंगे?... मनुष्य प्यार का भूखा है। जहाँ उसको प्यार है, वहीं उसकी गोद में चला जाता है। आप प्यार पैदा करिए; ताकि...
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महमूद गजनवी ने पूछा—ये भगवान हैं?... हाँ साहब! भगवान हैं। तो हम इनका अपमान करेंगे, तो वे हमारा नुकसान कर देंगे? हाँ साहब! बिलकुल नुकसान क...
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महान सन्तों की कोई कमी है?... कमी नहीं है, पर मैं यह कहती हूँ कि कृपा करके क्षमा कर दिया जाए, मुझे कोई मेरी बात गलत निकल गई हो, अच...
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मालूम नहीं है कि आपने गायत्री माता की उपासना इस दृष्टि से की है, और कैसे की है?... यदि आपके मन में वह श्रद्धा, विश्वास और आस्था होगी, तो बिलकुल आप भी वही छत्रछाया पा सकते हैं, जो हमने...
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मुझे बहुत बुरा लगता है, दया भी आती है और यह भी आता है कि वे शरीर से जुड़े थे, यह स्वाभाविक भी है कि इतनी तड़पन तेरे अन्दर है, तो इसे सही दिशा में क्यों नहीं लगा रहा है?... जो गुरुजी का कार्य है, इसमें क्यों नहीं लग जाता है? इसमें तपता क्यों नहीं है, तू निखरता क्यों नहीं ह...
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मैं अपनी बात कह सकता हूँ कि मैं किस-किस जन्म में आपका क्या रहा हूँ?... आप पहले जन्म में कौन थे और क्या-क्या महान कार्य करने में समर्थ हो चुके थे? आप अपने को भूल गए हैं। आप...
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मैं आपसे यही निवेदन करूँगी कि उनका आदेश क्या था, उनका उपदेश क्या था, उसे याद रखें?... उनका एक निर्देश था, वह था कि उन्होंने मुझे बुला करके दो-तीन बार कहा भी था; लेकिन आँखें एक ही बार में...
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मैं कहती थी कि मुझे नींद कम आती है, तो मखौल में कह देते थे कि शान्तिकुञ्ज का पहरा, तो तुम देती हो, मुझे क्या चिन्ता है?... मैं तो हमेशा निश्चिंतता की नींद सोता हूँ।...
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मैं पिसनहारी का उदाहरण देने के बाद दूसरी बात बताऊँगी कि उसने ऐसा क्यों किया?... गाँववालों ने दिया, उसने पीसा आटा, जो पैसे बचे, उसमें से मथुरा में परिक्रमा करते समय एक कुआँ पड़ता है...
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मैं पूछता हूँ कि शादियाँ करके क्या करेंगे आप?... इससे ढेरों-की-ढेरों मुसीबतें आएँगी। देश में अनाज की कमी है। रोटी है नहीं, कपड़ा है नहीं। नहीं साहब! ...
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मैंने कल सन्त तुलसीदास जी का उदाहरण दिया था और यह कहा था कि उनको बनाने वाली उनकी पत्नी थी और स्वामी श्रद्धानन्द को बनाने वाली कौन थी?... उनकी पत्नी थी, जिनका कि यहाँ स्थापित किया हुआ गुरुकुल कांगड़ी है। उन्होंने अपने जीवन चरित्र में लिखा...
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मैंने कहा—कहिए, अब हमें क्या निर्देश है?... वह यह कि जिस तरीके से रामकृष्ण परमहंस नहीं रहे और उनकी पत्नी कई साल जीवित रहीं। उन्होंने अपने मिशन क...
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मैंने कहा—मैं कैसे कह दूँ?... मैं कोई मंत्री नहीं हूँ, गवर्नर नहीं हूँ, क्या कह सकता हूँ। रात को 8:30 बजे से लेकर 12:30 बजे तक वह ...
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मैंने गुरुजी का उदाहरण देते हुए यह समझाया कि ब्राह्मणोचित जीवन कैसा होना चाहिए तो जानिए?... उन्होंने तपस्या भी की, उपासना भी, उसका भी हो सकता है, दूसरों का भला करने में उनने उसका भी उपयोग किया...
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यदि हमारा आधा हिस्सा लकवा मारा हुआ रह गया, एक पहिया साबित रह गया, तो एक पहिये से गाड़ी चलेगी क्या?... दोनों पहियों से चलेगी। दोनों समान होने चाहिए। यह जिम्मेदारी किसकी है?
यह जिम्मेदारी नर की है, नारी...
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यह किसकी तरफ इशारा है?... यह मैं आप पर छोड़ देता हूँ। यह आध्यात्मिकता का मंत्र और आध्यात्मिकता का जादू है। जिसके कारण मैं शक्त...
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यह किसने दी थी?... भाई साहब! आप जिसको कहें, उसी को बता दूँ। नहीं साहब! यह काली ने दी थी। बिलकुल सही है। अगर काली किसी क...
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यह क्या हो रहा है?... यह मैं योग की व्याख्या कर रहा हूँ। आप जिस उद्देश्य के लिए, जिस उद्देश्य को पूरा करने के लिए यहाँ आए ...
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यह जीवात्मा है, तो कभी इस पर झुंझलाहट भी आती है कि क्या है, यह शरीर का बन्धन?... जब सूक्ष्म में मिल जाते हैं, तो कुछ नहीं होता। न कोई शरीर की आवश्यकता है. न किसी चोले की। केवल एक ही...
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यह मैं क्या कह रहा हूँ?... बेटे, यह मैं शरीर के अन्नमय कोश के देवता के अनुग्रह की बात कह रहा हूँ। अन्नमय कोश को आप समझते नहीं ह...
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यह सरल है, इसमें क्या है?... सृष्टि का प्रत्येक प्राणी, जितनी भी योनियाँ हैं, उनमें से एक भी प्राणी दुनिया में ऐसा नहीं है जो जाय...
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यह हिम्मत है आपके पास कि तन कर खड़े हो जाएँ कि देखें क्या कर लेगा?... भगवान से वो रूहानियत माँगिए, वह हिम्मत माँगिए। एक ही चीज हिम्मत माँगिए, हिम्मत और साहस। अभी मैंने कह...
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ये सेना कहाँ की आ गई?... किनकी है? शान्तिकुञ्ज वालों की, गुरुजी की है ये सेना। अन्य जगह तो दिखाई नहीं पड़ते, पर यहाँ हर समय द...
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रामचंद्र जी ने कहा—गुमराह था तो क्या?... लेकिन रावण अपने आप में जबरदस्त और महत्त्वपूर्ण व्यक्ति था। आत्मशक्ति तो थी उसमें, पर परमात्मा से योग...
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रावण कैसा बलशाली था?... क्या कहने का, चारों वेदों का ज्ञाता, तेजस्वी, बलशाली, सारे-के-सारे गुण थे; लेकिन एक ही दुर्गुण सबसे ...
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वह करुणा न मालूम कहाँ चली गई है?... इनसान के अन्दर से करुणा बिलकुल समाप्त हो गई है। यह किनकी जिम्मेदारी है? इसको कौन पूरा करेगा? बेटे! आ...
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वह चित्र हमारे कमरे में टँगा हुआ है, तो क्या करेंगे?... उनके जन्मदिन पर एक कार्ड भेजेंगे और कहेंगे कि अपना ऑटोग्राफ भेज दें। ऑटोग्राफ से क्या करेंगे? क्या क...
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वहाँ एक बच्चा अपनी माँ से बोला—"माँ, इन्हें हम क्या दे सकते हैं?... हमारे पास तो कुछ भी नहीं है।" माँ ने कहा—"हाँ बेटा! हमारे यहाँ कुछ है तो नहीं।" वह बोला—"हम इस सन्त ...
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वाल्मीकि ऋषि थे कि नहीं थे?... वाल्मीकि ऋषि थे, जिनके यहाँ सीता को रखा गया था। तो उदाहरणों के माध्यम से यह बात भली-भाँति समझी जा सक...
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वासना का स्थान कहाँ है?... वासना का स्थान दिमाग में है। मर्दों से लेकर के औरतों तक के ऊपर वासना का भूत सवार होता है। भूत को क्य...
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विगत अंक में आपने पढ़ा कि परमपूज्य गुरुदेव अपने इस विशिष्ट उद्बोधन में इस | विषय पर चर्चा कर रहे थे कि मानवीय जीवन का मूल उद्देश्य क्या है?... मनुष्य जीवन के भीतर ही ये सम्भावनाएँ निहित हैं कि मानवीय सम्भावनाओं के शिखर अर्थात देवत्व को प्राप्त क...
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विज्ञानमयकोश किसे कहते हैं?... बस, बेटे! हृदय में, ध्यान कर। उसमें ऐसी-ऐसी हलचलें हो रही हैं। तो महाराज जी! इससे हो जाएगा? नहीं बेट...
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वे कौन से हैं?... वे हमारे बेटे हैं, वे हमारी बेटियाँ हैं, जो हमने पैदा किए हैं। अरे! आपके माँ-बाप ने पैदा किया होगा? ...
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व्यक्ति के अन्दर कुछ खाने की ललक रहती है, तो बनाने में क्या जाता है?... थोड़े समय में ही वह कुछ बना सकता है। जितना समय खाने में लगता है, उतने समय में ही या थोड़े ज्यादा समय...
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शंकर जी ने सोचा कहीं ऐसा न हो कि पार्वती जी के मन में अनास्था छा जाए, सो उन्होंने कहा—देखो, कोई ऐसा भी होगा, जो वास्तव में गंगा नहाने आया होगा?... ठीक है, महाराज जी! वह भी दिखा दीजिए। बस, थोड़ी देर में एक आदमी आया। उसने दोनों को देखा और पूछा—देवी!...
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शंकर जी बोले—क्या चाहिए?... उसने कहा कि देखिए, अब हमारे मरने का वक्त आ गया। हमको अब एक ही चीज चाहिए। क्या चाहिए? खुदगर्जी, जिसमे...
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शंकर जी बोले—भाई आपको क्या हो गया?... आप भी वरदान माँग लीजिए। उनने कहा कि लाइए इसे सुअरिया बना दो। अब वह गों-गों करती हुई फिर रही थी और बच...
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शंकर भगवान ने कहा कि अब शादी-ब्याह नहीं करेंगे?... दुनिया में ब्याह के बराबर वाहियात धंधा कोई नहीं है। अब हम कुँवारे रहेंगे और शंकर भगवान ने सौ वर्ष की...
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संस्कार के समय सब आश्चर्य में पड़ गए कि यहाँ तो कोई बच्चा नहीं है, किसका संस्कार होगा?... लोगों ने सोचा दासी आती होगी और अपने साथ किसी बच्चे को लाएगी। थोड़ी देर बाद राजा साहब ने कहा कि रानी ...
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सफाई किस तरीके से की जाय?... हमको उसके लिए मुनासिब स्थान और मुनासिब कदम उठाने की जरूरत है। अब हम बड़े कदम उठायेंगे। अब तक जैसे अन...
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सुभद्रा की मनोकामना कहाँ पूरी हुई?... अभिमन्यु इकलौता लड़का था और जब वह मारा गया, तो कृष्ण से यह कहा—"भैया, तू तो मेरा भाई है और तुझे जरा ...
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हजरत मूसा को खुदाबन्द करीम ने बुलाया और उन्हें अपनी बनाई हुई नई जन्नत दिखाई और कहा कि हमने स्वर्ग बनाया है, तो यह किसके लिए है?... नमाज पढ़ने वालों के लिए, जकात देने वालों के लिए, काबा जाने वालों के लिए, रोजा रखने वालों के लिए—सबके...
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हनुमान क्या थे?... नौकर थे? नहीं। और क्या थे? बन्दर थे। अच्छा तो हनुमान बड़े शक्तिशाली थे। हाँ, इसमें कोई दो राय नहीं, ...
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हम किसलिए आपका समय लगाएँ?... किसी-न-किसी कार्य में आपको लगाना ही पड़ता है; क्योंकि आप सुनते नहीं हैं। कुछ इधर कान लगाए हैं, कुछ उ...
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हम दावा करते हैं कि विश्व को बदलने के लिए हमने जो बीड़ा उठाया है, जी-जान से मिट क्यों न जाएँ?... मिट जाएँगे, तो देखा जाएगा; लेकिन उसे पूरा करने का भरसक प्रयास करेंगे।...
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हम पूरे गुजरात में कहाँ जाएँगे बताना?... पूरे गुजरात में हम कहीं भी नहीं जाते; क्योंकि हमने जो संकल्प लिया है, कहीं जाते ही नहीं हैं, तो कहीं...
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हम बुद्धिजीवी हैं?... हम कठोर हैं, हम पाषाण हैं। पाषाण, जिसके ऊपर कोई असर नहीं पड़ता। आपके ऊपर असर पड़ना चाहिए। आप घर-घर ज...
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हम भगवान को सदा स्मरण करें, तो क्या कोई रोकेगा?... अच्छे कार्य के लिए आगे बढ़ें तो क्या कोई रोकेगा अथवा रोक सकता है? बिलकुल नहीं रोक सकता, यह तो कहने क...
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हम सोच लेंगे कि यह था ही नहीं, या होते ही मर गया?... सब्र करते हैं कि नहीं करते? हम तो कर लेंगे, पर तू नहीं कर पाएगा। तू उस पिता का विश्वास और उस पिता का...
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हमने अपना तप भी डाला, अपना पुण्य भी डाला है और रही आपके दुःखों की, कष्टों की, कठिनाइयों की बात जिसको लेकर आप आए थे, उसका क्या होगा?... माताजी, हम तो अपनी अनेक कठिनाइयाँ लेकर के आए थे, मुसीबतें कहने आए थे, आपने भी नहीं सुनीं। गुरुजी तो ...
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हमारे यहाँ यूपी में हाथरस के पास एक अकेली महिला लक्ष्मी देवी ने उदाहरण प्रस्तुत कर दिया था और कल-परसों ही हमारे हिन्दुस्तान की प्रधानमंत्री कौन थी?... नारी थी न। और लक्ष्मीबाई कौन थी? नारी थी न। स्वतंत्रता के लिए कितना काम किया? अरे नारी न जाने क्या क...
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जितने भी हमारे सन्त हुए हैं और ऋषि हुए हैं, उन्हें किसने पैदा किया?...माँ ने बनाए और दूसरा जो संस्कार मिला, वह गुरु ने उनको ढाला। माँ ने पैदा किए, संस्कार दिया और गुरु ने ...
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समय की कोई कीमत नहीं है क्या?...आप समझ क्यों नहीं रहे हैं। इसी समय के सदुपयोग से लोग कहाँ-से-कहाँ पहुँच गए। उनकी योग्यता का क्या कहना...
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अगर उन्हें कुटुम्ब के बाहर रखा जाय, तब?...ली रहें तब? केवल दफ्तर में जायँ और होटल में खाने लगें, तब? शादी न करें तब? ठीक है अपनी जीविका कमा सकत...
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अब आप बताइए कि यह आपके हाथ की बात है क्या?...ं, यह आपके हाथ की बात नहीं है। उसी में आप दुःख मनाएँ, उसी में आप परेशान होते फिरे। उसी के लिए अपना दि...
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इन गुणों में पहला कौन सा है?...तुः—सविता। सविता भगवान् का नाम है। सविता के अन्तर्गत दो बातें आती हैं—रोशनी और गर्मी। इन विशेषताओं वा...
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एक दिन क्या हुआ?...महात्मा ने दूसरे को गिरा दिया और गिराने के बाद में दाढ़ी पकड़कर बुरी तरह से खींचा और जहाँ से बाल थे, उस...
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कर्तव्य क्या है?...रे सैकड़ों कर्तव्य हैं, जिनकी जंजीरों से आप बँधे हुए हैं। आप स्वेच्छानुसार इनको अपने आप जकड़ लीजिए। जिस...
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क्या करना चाहिए?...ा यह चाहिए कि कल के परिणामों पर हम ज्यादा विचार करें और आज की गतिविधियों का निर्धारण हम इस तरीके से क...
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क्या शुरू करें?...यह मानकर चलिए कि जिन्दगी एक बहुत लम्बी कड़ी है। एक बहुत लम्बी वाली शृंखला है जिसमें आपको लाखों जन्मों त...
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गर्मी से क्या मतलब है?...मी से मतलब है—बेटे पराक्रम और पुरुषार्थ। आपका पराक्रम चला गया, पुरुषार्थ चला गया और आपके पास केवल ज्ञ...
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जो लोग ऐसा ख्याल करते हों कि हमको यह मुनासिब नहीं है, फिर हम माँ का ध्यान कैसे करेंगे?...तो बड़े हो गये हैं तो मैं उनको दूसरा ध्यान बता देता हूँ। प्रातःकाल के सूरज का आप ध्यान किया कीजिए। आप ...
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तो क्या मनुष्य मरेगा या मनुष्य का ईमान मरेगा?...े, मनुष्य का ईमान मर जाये या ईमान बदल जाये, तो आदमी का कायाकल्प हो सकता है। बाल्मीकि मरेगा? बाल्मीकि ...
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नये युग में और क्या होगा?...ा जो आयेगी तो कैसे आयेगी? जाति के साथ ही लिंग की समता आयेगी। लिंग से क्या मतलब है? नर और नारी से है। ...
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फिर क्या परिणाम हुआ?...च हजार के करीब लड़कियों के फोटोग्राफ आ गये। उनके वर्णन हमारे पास आ गये कि लड़की पाँच फुट तीन इंच की है।...
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फिर क्या हुआ?... साहब! जब बर्मा सरकार बनी, तो उसने सबसे पहला कदम यह उठाया कि उस तमाम फाल्स करेन्सी को खत्म किया। उन्ह...
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ब्रह्मानन्द किस-किस तरीके से हो सकता है?...ा एक गन्दा वाला बड़ा फूहड़ और निकम्मा उदाहरण है—नर का मिलन। नर-नारी अपने शरीरों का समर्पण कर देते हैं। उ...
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मनुष्य क्या है?...ान् का और देवताओं का सम्मिश्रण है। देवता कहाँ रहते हैं? स्वर्ग में। इस मशीन में जिससे हम बोल रहे हैं,...
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व्यक्तित्व को कैसे विकसित किया जाय?...गुणों से, सत्प्रवृत्तियों से कैसे सम्पन्न किया जाय? सबसे बड़ा यही एक प्रश्न है, जिसका अगर कोई आदमी समाध...
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समधी किसे कहते हैं?...ी उसे कहते हैं, जो दूसरे वाले पक्ष की आँतें निकाल लेता है। आँतें कौन निकाल लेता है? समधी। किसकी निकाल...
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स्वावलम्बी बनाना, सुसंस्कारी बनाना बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि घर का वातावरण कैसा है?...स्कूलों में नहीं सिखाया जा सकता। इसको कोई आदमी उपदेशों के द्वारा किसी के गले नहीं उतार सकता। इसके लिए...
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हरामखोर कौन हैं?...मेहनत नहीं करना चाहते हैं, मशक्कत नहीं करना चाहते हैं और सफेदपोश बन करके पंखे के नीचे बैठकर गुजारा कर...
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‘भर्गो’ यह ‘भर्ग’ क्या है?...ग कहते हैं—भून डालने को। क्या भून डालना? देखो, भड़भूजा भाड़ में जिस तरह से चने डालता है और वे भड़-भड़ करत...
- अध्यात्म का क्या अर्थ होता है?...ंस ऑफ सोल (Science of Soul) होता है। जिसका अर्थ है—अन्तरंग जीवन का परिष्कार। अगर आपने अपने अन्तरंग ...
- आप क्या चाहते हैं, बोलिए?...छा एक काम आप कर दीजिए, एक काम हम कर देंगे। आपके लिए हम भक्ति लाकर दे देंगे, भक्ति हमारे पास सुरक्...
- इसके लिए इतने कीमती जूते और मखमल के जूते क्यों?...पाँच वक्त की नमाज अदा करते हैं और हम रोज आते हैं और नंगे पाँव आते हैं। बस, वे गालियाँ देने लगे कि...
- इससे क्या हर्ज होता है?...े बड़ा हर्ज होता है। इससे यह हर्ज होता है कि मनुष्य इतना वक्त, इतना समय, इतना श्रम, इतनी अकल, इतन...
- उन्होंने कहा—सन्तान के अलावा और लोग खा लें तो?...ं साहब! जो कुछ भी आदमी कमाये, उसकी सन्तान खाये और कोई नहीं खाये। राजा साहब ने कहा—भाई! यह क्या बात...
- उन्होंने क्या काम किया?...होंने अपना बदन और जिस्म छोटा कर लिया—‘‘मसक समान रूप कपि धरहि।’’ हनुमान जी ने मच्छर के समान रूप धर...
- एकाग्रता न हो, तो कुछ बनता-बिगड़ता है क्या?... बनता-बिगड़ता नहीं लेकिन जहाँ योगाभ्यास के लिए बात बतायी गई है, वहाँ चित्त का एकाग्र होना अच्छा तो...
- किसकी आ गयी?...्थ गुरु रामदास की। मित्रो! समर्थ गुरु रामदास की तबियत आ गयी और उन्होंने उसके सिर पर हाथ रख दिया ...
- चौरासी लाख योनियों में से जो सुविधाएँ किसी को नहीं मिलीं, हमको क्यों मिलीं?...ार तो कीजिए कि भगवान ने यह क्यों दीं? क्या मौज-मजा उड़ाने के लिए दीं? बेटी-बेटा पैदा करने के लिए ...
- तू सुनता है कि नहीं सुनता?...त और वजन—साधना इसी का नाम है। शास्त्री का वक़अत और वजन बढ़ता चला गया। नेहरू ने उनको मुस्तहक—अधिका...
- देवता कहाँ से निकलते हैं?... से निकलते हैं, बरसते हैं। आपकी बात सही है, लेकिन हमारी भी बात मानिए कि देवता भीतर से उछलते हैं। ...
- ध्यान एकाग्र न हो तब?...कस का खेल दिखाना नामुमकिन है। झूले पर से एक आदमी उछलता हुआ आता है और दूसरे वाले झूले को पकड़ता है।...
- पहरा देगा, क्या करेगा रात में?...ं साहब! योगी को दिन में सोना चाहिए और रात को जागना चाहिए। यह भी कोई बात है? मुझे बहुत बेतुका और ब...
- पहले मुझे विश्वास नहीं हुआ कि गुरुदेव जो मुझे सिखाते हैं, क्या वह सही बात सिखाते हैं या बहका रहे हैं?...े-पहले मुझे ऐसे ही लगा कि हमें बहकाया जा रहा है। जब उन्होंने यह बात बतायी कि ताँबे का पंचपात्र ले...
- प्राण किसे कहते हैं?...ाण उसे कहते हैं, जो अपना कलेवर साथ-साथ लिए घूमता-फिरता है। प्राण जो है, उसके भीतर इच्छाएँ रहती है...
- बुद्ध भगवान ने पूछा—अगर ऐसे-ऐसे लड़के तुझे सही में मिलें, तो तू कितनी बार गर्भ धारण कर सकती है?...ी ने कहा—भगवन्! ऐसे लड़के मुझे मिल जायें तो मैं कम-से-कम पाँच बच्चे और पैदा कर सकती हूँ। इतना कष्ट...
- मरने के बाद में स्वर्ग जाना पड़ता हो, या मरने के बाद कहाँ जाना पड़ता हो?...े मालूम नहीं, लेकिन एक दुनिया अलग है, जो मेरे भीतर की दुनिया है। उसको मैं अन्तर्मुखी दुनिया कह...
- मैंने कहा—वह क्या है?...होंने जो बात बतायी, उससे मेरा जी प्रसन्न हो गया और मुझे सन्तोष हुआ कि मुनासिब कीमत पर मुनासिब चीज ...
- यह लड़का कैसा खूबसूरत है, यह लड़की कैसी खूबसूरत है?...दो साल बाद शादी हो गयी। खेल-तमाशे किये। खेल-तमाशे के बाद देखा कि आँखों के नीचे गड्ढे में कालि...
- राजा डॉक्टर पर झल्लाये और बोले—शायद तुमने लापरवाही की होगी?... गाँववालों को बुलाया। उन्होंने कहा—भले आदमी! तुम लोग बड़े निकम्मे मालूम पड़ते हो। हमने अस्पताल ...
- राजा साहब बन गये तो क्या?...मचारी बन गए तो क्या? यहाँ तो ड्रामा है। हम सब यहाँ नौकर हैं, तुमको भी सवा सौ मिलते हैं और हमें भी...
- रात को सोते समय आपको इस बात का ध्यान करना चाहिए कि हमको मरना है और मरना है तो क्या करना है?...ान के सामने पेश होना है। किसके लिए? हिसाब देने के लिए कि जिन्दगी जैसी कीमती चीज आप लेकर गए थे और उ...
- वह क्या है?...दाम में, कम खर्च में, कम फायदे में वे बड़े लम्बे-चौड़े ख्वाब दिखाते हैं कि तुमको इतना फायदा हो जाएग...
- विचार तो कीजिए कि भगवान ने यह क्यों दीं?...ा मौज-मजा उड़ाने के लिए दीं? बेटी-बेटा पैदा करने के लिए और दुनिया भर की बेईमानी करने के लिए हमको ...
- साथ ही यह भी पता नहीं है कि शाम तक बैठने के लिए मौका मिलेगा कि नहीं?...ामंडी—मथुरा में हमारे यहाँ एक किराने की दुकानवाला दुकानदार था। उसी गली में एक खोमचेवाला आया। ...
- स्वर्ग उस चीज का नाम है और नरक?... उस चीज का नाम है, जिसमें कि मनुष्य दिन और रात दुनियावी ख्वाहिशों की आग में जला करता है और उस जलन...
- हमारा शरीर जिस चीज का बना हुआ है, हमारा मन जिस चीज का बना हुआ है, वह क्या है?...रा शरीर मिट्टी का बना हुआ है, आग का बना हुआ है, पानी का बना हुआ है या हवा का बना हुआ है। इसलिए दु...
- 23 घण्टे हम अपने विभिन्न काम में लगाएँ, पर एक घण्टे का पसीना-एक घण्टे की मेहनत क्या हम समाज के लिए खर्च नहीं कर सकते?...ाँ, हम एक घण्टा रोज अपने समाज, देश, धर्म, जाति और संस्कृति के लिए खर्च कर सकते हैं। एक घण्टा कोई बड़ी...
- अकेले आप समाज को सुधारेंगे?...हीं, आप अकेले कुछ भी नहीं कर सकते। आप लोगों को साथ बुलाइए, साथ लेकर चलिए। नहीं साहब, हम बड़े ज्ञानी ...
- अगर आँखें न रहतीं, तो हम यह विभिन्न तरह के रंग कैसे देखते तथा आनन्द अनुभव कैसे करते?...ँख का सूर्य अगर ठीक हो, तो यह आपको रामायण, भागवत् पढ़ा सकता है। बगीचों का आनन्द आपको मिल सकता है। अग...
- अगर आदमी के अन्दर गहरी समझदारी हो तब?...ब एक नन्हा-सा आदमी, जरा सा आदमी, दो कौड़ी का आदमी जिधर चलेगा, अपनी समझदारी के साथ, वह गजब ढाता हुआ च...
- अगर आपकी आँखें हैं, तो देखें, अगर नहीं हैं, तो मैं क्या कर सकता हूँ?...ैं कुछ नहीं कहना चाहता हूँ। आप अध्यात्मवादी हैं, तो आपको कुछ करना चाहिए। आपको सिद्धि मिली है, मुक...
- अगर आपके काम के साथ ईमानदारी जुड़ी हुई होगी, तो आपकी बखत?...ज्जत न केवल संसार में, वरन् भगवान के यहाँ बढ़ती हुई चली जायेगी और आप उसी कर्म के आधार पर ऊँची-से स...
- अगर इनको बेटा पैदा करने की शक्ति होती, तो इनके एक- एक पत्थर ने एक- एक बेटा पैदा नहीं कर लिया होता?...हीं महाराज जी! यह पत्थर तो बहुत अच्छे हैं, तुरन्त फल देते हैं। बेटे, ऐसी बेकार की बातें मत कर, इससे ...
- अगर कोई मारे तो?...ारे तो मारता रहे, हम नहीं मारेंगे। अच्छा, तो अहिंसा को तू निभा लेगा, यह अच्छी बात है। इसमें कोई आफत...
- अगर पीछे खड़े होकर उसी आदमी का फोटोग्राफ लें, तब?...ब हमको केवल पीठ दिखाई पड़ेगी और पीछे वाले बाल दिखाई पड़ेंगे। न उसमें आँखें होंगी, न उसमें दाँत होंगे,...
- अगर मजबूत नहीं बनायेंगे तब?...ब फिर, आपके पुराने कुसंस्कार फिर आ जायेंगे। मन को समझायें, बस जरा सी देर को समझ जायेगा, फिर उसी रास...
- अगर समझते न होते, तो यहाँ क्यों आते?...हले आप यहाँ क्यों नहीं आये? यह इस बात का सबूत है कि आप जाग्रत आत्मा हैं। आदमी बिना काम के तो पेशाब ...
- अगर हमारे सामने भगवान आकर खड़े हो जायँ, हनुमान अगर हमारे सामने आकर खड़े जो जायँ, तो क्या हम कड़वे वचन बोलेंगे?...गर रामचंद्र जी हमारे सामने आकर खड़े हो जायँ, तो हम कड़वे वचन बोलेंगे? उनको गालियाँ देंगे? उनके सामने ...
- अच्छा करना चाहते हैं?...ो वहाँ चले जाइये जहाँ आपके खेत में जंगली सुअर आ जाते हैं। आप वहाँ खड़े हो जाना और अखण्ड कीर्तन करना ...
- अच्छा तो आप हमसे क्या चाहते हैं?...ुरुजी! हम आपसे यही चाहते हैं कि मेहनत करके, परिश्रम करके और मन लगा करके जो डिवीजन लाया जाता है, वह ...
- अच्छा देखते हैं कि आपका मन लगता है कि नहीं?...ैं नोट फेंकता हूँ, जरा इसे गिनकर बताना। अगर आपकी गिनती सही होगी, तो जितने रुपये एक घण्टे में आप गिन ...
- अच्छा बेटे, तू क्या चाहता था?...हाराज जी! मैं तो यही चाहता था कि घण्टे- डेढ़ घण्टे जब तक मैं पूजा की कोठरी में बैठा रहूँ, तब तक मैं ब्...
- अच्छा, तो आप यही तप कर रहे थे?...प करने का आपका यही मतलब था न कि भगवान पर दबाव डालेंगे। भगवान को मजबूर करेंगे। बेटे, भगवान के आगे ब्...
- अच्छे काम से क्या मतलब है?...ीवन उद्देश्य क्या होता है? भगवान के इशारे क्या होते हैं? हमें पता नहीं, हम तो भगवान को अपने इशारे प...
- अध्यात्मवादी लोग यहाँ कहाँ हैं?...ंख्या की दृष्टि से हम भीड़ में यह अंदाज भी नहीं लगा सकते। आप भी मत लगाना।...
- अपने कर्तव्यों, फर्जों और उत्तरदायित्वों को पूरा करने के अलावा आपको प्रसन्न करने के लिए, आपको खुश करने के लिए, आपकी खुशामद करने के लिए और औलाद की मर्जी के मुताबिक़ चलने के लिए मैं कुछ कर सकता हूँ?...ैं कतई नहीं करूँगा। आप सब नाराज हो जायँ, तो भी नहीं। लोग अभी तक नाराज बैठे हुए हैं। कौन? जिनको सपने...
- अपने पास से कुछ देगा?...पने में से तो कुछ नहीं दूँगा। कंजूस कहीं का, पहले अपने पास से निकाल, तब चंदा माँगना।मित्रो! क्या कर...
- अपने श्रम का उपयोग कैसे करेंगे?...मय का उपयोग कैसे करेंगे? आप इस तरीके से बटवारा बनाकर ले जाएँ और यहाँ से जाकर के ईमानदार आदमी की तरी...
- अब तो पचहत्तर साल होने को आये हैं; तो क्या इतने लम्बे समय में वह बुराइयाँ कहीं छिपकर बैठ गयी होंगी?...हीं, हमने उन्हें कहीं छिपकर बैठने नहीं दिया है, साफ कर दिया है।...
- अब हम मोतियों को तलाश करने के लिए, हीरों को तलाश करने के लिए गाँव-गाँव जायेंगे और घर-घर जायेंगे और यह पता लगायेंगे कि अध्यात्म की जो मूलभूत प्रेरणाएँ थीं, उनको समझने के लायक, सुनने के लायक किसी के पास दिल-दिमाग है क्या?...म उन दिल-दिमाग वाले आदमियों को तलाश करेंगे।इसलिए मित्रो! हमको तीर्थयात्रा का कार्यक्रम बना करके चलन...
- अभाव कहाँ है?...ैसी अच्छी हवा चला करती है। अभाव किस चीज का है? ढेरों पानी भरा पड़ा है। कपड़े के लिए जमीन ढेरों की ढेर...
- अभी भी लोग हमसे बार-बार पूछते हैं कि आप राजसत्ता से दूर क्यों हैं?...ेटे, राजसत्ता से राजतंत्र से उसके घपलों से हमारा कोई ताल्लुक नहीं है। हम उन लोगों में से हैं, जो ...
- अभी हमारे अन्दर का महामानव, ऋषि, भगवान्, सन्त कहाँ जागा है?...ैसा जीवन कहाँ आया है? हम चाहते हैं कि हम इनसान का जीवन जिएँ, ऋषि एवं सन्तों का जीवन जिएँ, मानवता क...
- अरे तूने इतने सारे बच्चे पैदा कर लिए?...से नासमझी के अतिरिक्त और क्या कहा जाय?भगवान् ने कहा कि मैंने इसे बहुत प्यार से पैदा किया, पाला, बड़ा क...
- अरे भाई, ये कहाँ का न्याय है?...्त्री और पुरुष कन्धे-से कंधा मिलाकर काम करें, गाड़ी के दो पहियों के तरीके से काम करें, तो ही जीवन में...
- असल में आप इन सब बातों से दो फुट ऊँचे उठ कर रहना और यह सोचना कि हम यहाँ किसलिए आये हैं?...ही कि हम यहाँ से शक्ति के पुंज ले करके जायेंगे और शक्ति की धाराओं को लेकर जायेंगे। शक्ति की धारायें...
- असली अध्यात्म क्या है?...ेटे, असली अध्यात्म है- अपने आपका संशोधन। हमारे ऊपर जो कषाय- कल्मष चढ़े हुए हैं, अंगारे के ऊपर जो राख...
- आदमी का वजन दुनिया में किसने बढ़ाया?...िद्धान्तों के पालन ने। सिद्धान्तों का पालन करने की वजह से मालवीय जी की हस्ती और व्यक्तित्व इतना बढ़त...
- आदमी की जरूरत क्या है और कितनी है?...ुछ भी नहीं। व्यर्थ में अपने अहंकार को बढ़ाने के लिए, अपनी औलाद को और अपने घरवालों को तबाह और बरबाद क...
- आप अपने को यदि निचोड़ेंगे तो फिर देख लेना आप क्या बन जाते हैं?...मने अपने आपको निचोड़ा तो देखिये क्या बन गये?अगर आपने अपने आपको निचोड़ दिया तो हमारा एक काम जरूर करना ...
- आप और क्या कहना चाहते थे?...ेटे, मैं यह कहना चाहता था कि गायत्री के जो अक्षर हैं, उनके इतने छोटे से अर्थों को समझ लें, तो आपका ...
- आप किसके मालिक हैं?...प किसी के मालिक नहीं हैं। आप सिर्फ माली हैं। माली हो करके जायेंगे, तो मैं समझूँगा कि जैसे हम अपने ग...
- आप क्या करते हैं रिटायर्ड होकर?...मारा बेटा कमाकर लाता है और हम बेकार बैठे रहते हैं। बताइए हम क्या करें? बेकार बैठे रहना भगवान् की दी...
- आप क्या सोचते हैं और क्या करना चाहते हैं, क्या आप इसी को प्यार कह रहे थे?...्यार ऐसा होता है? प्यार इसी चीज का नाम है? इसी कमीनेपन को आप प्यार कह रहे थे? कमीनेपन को ही प्यार...
- आप गुरुजी के बालों की नकल बनाकर जायेंगे?...ुरुजी के बाल खड़े रहते हैं, तो हम भी बाल खड़ा करेंगे। गुरुजी कुर्ता इस तरह का पहनते हैं, तो हम भी वैस...
- आप जब लोगों को सिखाने जाएँगे, तो लोग यह पूछेंगे कि आप तो हमें प्यार, त्याग, श्रम, सेवा की बात बतला रहे हैं, पर क्या आपने इसमें से कुछ ग्रहण किया है?...पने आप में धारण किया है? इसका जवाब दे देंगे, तो आपकी बात लाखों-करोड़ों आदमी मानेंगे। हमने जो लोगों...
- आप मुसीबत उठायेंगे क्यों?...प अपने आपसे जद्दोजहद करेंगे क्यों? आप अपने जीवन में इन सिद्धान्तों का समावेश करेंगे क्यों? आपको तो ...
- आप में हिम्मत है?...ेटे, हमारे अन्दर बहुत हिम्मत है। हमारे अन्दर इतनी हिम्मत है कि हम जमाने की बहती हुई हवाओं को चुनौती द...
- आप समझते नहीं हैं कि बीमारियाँ क्यों आती है?...ो आप ही बता दीजिए कि हम बीमार क्यों पड़ते हैं? वात, पित्त और कफ़ की वजह से। इन्हें विकारग्रस्त होने ...
- आपके बच्चे पैदा करती है और गाली देती है, तो हर्ज की क्या बात है?...प अपना दिमाग क्यों खराब कर रहे थे। खाम खाँ दिमाग खराब करता रहता है। अरे, एक बार गाली देती होगी। ह...
- आपके शरीर पर आपका अधिकार तो होना चाहिए, फिर आप क्यों नहीं मानते?...पनी जिन्दगी को आप शराफत से व्यतीत कीजिए। बेटे, हमारी जिन्दगी में, मनुष्य की जिन्दगी में एक और भी चीज...
- आपको इसमें क्या दिक्कत पड़ती है?...समें तो कोई दिक्कत नहीं पड़नी चाहिए।ये ही तीन बन्धन हैं, जिन्होंने आपकी तीन चीजों को खत्म कर दिया है। प...
- आपको जो धन मिला हुआ है, आपको जो अकल और बुद्धि मिली हुई है, क्या आपने उसका सही इस्तेमाल कर लिया?...दि नहीं तो कौन-सा गुण है, जिसको लेकर आप वरदान माँगने के लिए चले थे कि ज्यादा बुद्धि दी जाये। ज्यादा...
- आपको बोलना नहीं आता है तो हम क्या करें?...प पोस्टमैन का काम करिये। हम बोलना सिखा देंगे। लड़कियों को सिखा दिया था। महाराज जी हमें भी बोलना सिखा...
- आपने इतिहास पढ़ा है या नहीं?...प इतिहास पढ़िए। नहीं साहब! हमने तो सब पढ़ा है। किसका पढ़ा है? वायसराय का पढ़ा है और मुसलमानों का इतिहास...
- आपने छाछ पिया था, मैं भी छाछ पीकर रह जाऊँ?...हीं बेटे, छाछ पीने से भी तेरा काम नहीं चलेगा। तू दाल-रोटी खाता है, तो वही खा और जैसे भले आदमी जिन्द...
- आपने तो एक ही तीर मारा था?...ाँ, हमने एक ही तीर मारा था। तो ये हजारों तीर किस तरीके से लगे? रामचंद्र जी ने बताया कि ये जो हजारों...
- इतने मालदार आदमी ने ऐसी प्रार्थना क्यों की?...्योंकि जिस सुख को आप तलाश करते हैं, उसके बारे में आप यह विचार बदल दें कि वस्तुओं के माध्यम से हमको ...
- इन सब ख्वाबों को लात मार उठ खड़ा हुआ-शंकराचार्य कौन खड़ा हो गया?...ारों धाम की स्थापना करने वाला शंकराचार्य, बौद्ध नास्तिकवाद की जड़ें उखाड़कर हिन्दुस्तान से बाहर करने...
- इनको हम बैकुंठ का रास्ता कैसे दिखा देंगे?...नको हम स्वर्ग की कहानी कैसे कह देंगे? भगवान् से मिलने की बात हम कैसे कह देंगे?मित्रो! हम सड़े हुए मन...
- इसकी क्या वहज थी?...ोगों ने पूछा—क्यों साहब! क्या बात थी? ढाई सौ ग्राम रुई में से इतना बड़ा लिहाफ कैसे तैयार हो गया? बेट...
- इसकी नाक कैसी है और इसकी आँख कैसी हैं?...ोई बड़ा मोटा वाला स्वामी दिखाई पड़ता है। किसी की सफेद रंग की दाढ़ी दिखाई पड़ती है। उसके लम्बे-लम्बे बाल...
- इसकी नीयत क्या है?...सका ढंग क्या है? वह आपका इम्तहान लेगा। हमारी इज्जत तुम्हारे हाथ मित्रो! क्या करना चाहिए? खानपान के सम...
- इसकी सारी ग्रीस को तबाह करने और निचोड़ने के लिए क्यों आमादा हो गया है?...त्म हत्या करने के लिए क्यों उतारू हो गया है? अपने ऊपर जरा रोकथाम कर। रोकथाम नहीं करेगा? नहीं महार...
- इसके क्या-क्या नाम हैं?...त्संगों के लिए कितने भवन बने हुए हैं? जहाँ प्रवचनों की कोई कमी नहीं है। एक के बाद एक कथा होती चली ज...
- इसलिए आपको क्या करना है?...ोगों को व्यावहारिक जीवन में प्रयोग करके दिखाना आपका काम है। शिक्षण नहीं, बेटे नमूना पेश करना है। नह...
- इससे क्या फायदा हुआ?...सका फायदा यह हुआ कि उन्होंने सारे-के-सारे वातावरण को गरम कर दिया। ऐसा वातावरण गरम हुआ, जैसे गर्मी म...
- इससे क्या हो जाएगा?...ुछ भी नहीं होगा। सब चौपट हो जाएगा। विचार परिवर्तन अनिवार्य मित्रो! सामाजिक समस्याओं की गुत्थियों के ह...
- इससे बड़ा सौभाग्य और क्या हो सकता है?...ससे बड़ा सौभाग्य किसी का नहीं हो सकता है। कीमत तो चुकाइए मित्रो! जटायु ने सौभाग्य पाया? हाँ पाया। भगवा...
- इससे हमें क्या लेना-देना?...में तो आप अभी की बात बताइये कि इस समय आपकी मनःस्थिति क्या मनुष्य सेवा के लिए तत्पर है? सेवा की वृत्...
- इसी तरह पहले सूरदास की यही स्थिति थी, बेशक, परन्तु जब वे भगवान के चरणों में आये, भक्ति की ओर कदम बढ़ाया, तो फिर इसके बाद भी क्या उन्होंने वेश्यावृत्ति की?...हीं महाराज जी! फिर वे असली सन्त हो गये, गोस्वामी तुलसीदास जी बड़े कामुक थे। भगवान ने उनका उद्धार कर द...
- ईश्वर के विश्वास की पहचान क्या है?...ल मैंने आपको बताया था ईश्वर के विश्वास की पहचान के बारे में कि भगवान सब जगह समाया हुआ है। उसकी आँखो...
- ईसाई कहते हैं कि गॉड की शक्ल क्यों बना देते हैं?...हीं बनाना चाहिए।...
- उनकी नाक कैसी है?...नके बाल कैसे हैं? हर आदमी की आँख हमारे ऊपर लगी हुई है। तो बेटे, आप जनता के सामने इंटरव्यू देने जा र...
- उपयोग करने का ढंग आता है क्या?...मको शरीर मिला। क्या हम शरीर का उपयोग कर सके? जो स्वास्थ्य आपको मिला, क्या उसका इस्तेमाल ठीक प्रकार ...
- उल्टियाँ हो जाएँ तो क्या?...र खाने से बाज न आने वाले थे वे। जबान के दो विषय मित्रो हमारी जबान के दो विषय हैं, जबान हमारी बड़ी फूहड़...
- उस प्रतिज्ञा पत्र में क्या भरा था?...ही भरा था कि हम आपके यहाँ सात घण्टे काम करेंगे। अब यह बताइये कि आप सात घण्टे काम करते हैं कि नहीं करत...
- उसका रंग क्या है?...ंग न सही, बिना रंग के भी काम चला सकते हैं। रंग से क्या मतलब हैं? भगवान का नाम नहीं भी सही, चलिए मैं...
- उसकी गलती नहीं है?...प उसको समझाना कि हम बाबाजी कैसे हैं और हमारे बाबाजी का सम्प्रदाय कौन-सा है? और हमारा गुरु कैसा है? ...
- उसने सबको एक लाइन में खड़ा कर दिया और पहले वाले व्यक्ति के गाल पर एक चपत लगाया और कहा कि देखो बता देना कि लगा कि नहीं?...ाँ साहब! लग गया। अच्छा तो तुम जिन्दा हो। हाँ साहब! हम जिन्दा हैं। अब दूसरे व्यक्ति के गाल पर चपत लगाय...
- उसमें कोई चमत्कार है?...ेटे, उसमें कोई चमत्कार नहीं। वह पहले भी पत्थर था और अभी भी पत्थर है। पत्थर में चमत्कार हो सकते हैं?...
- एटीकेट क्या होता है?...टीकेट उसे कहते हैं, जब कोई आदमी आए और घर में पानी पीने को माँगे, तो उसको कहना चाहिए, ‘‘थैंक यू वैरी...
- ऐसा आप नहीं कर पाएँगे क्या?...ित्रो! लोभ, मोह को आप छोड़ दीजिए। आप अहंकार की, बड़प्पन की, अमीरी की और दूसरों की आँखों में चकाचौंध प...
- ऐसा कैसे हो सकता है?...ेटे, ऐसा ही है। आपने जो सलूक बना रखा है कि हनुमान को हमारी मर्जी पर चलना चाहिए और हमारा कहना मानना ...
- ऐसा स्वर्ग देखने की मुझे जरूरत है क्या?...हाँ खाने के लिए बढ़िया-बढ़िया चीजें मिलती हों, सवारियाँ मिलती हों, मोटरें मिलती हों, तो मुझे स्वर्ग ज...
- ऐसे ही हम अनुमान लगा सकते हैं कि समुद्र कैसा होगा?...ैसा कि तालाब है, हम वैसा ही कुछ अंदाज लगा सकते हैं। कुछ ऐसी शक्तियाँ भी सृष्टि में हैं, जो छोटे ताल...
- और जाने क्या-क्या चाहते हैं?...ेटे! कीमत चुकाकर के दुनिया में हर चीज पाई गयी है। और आप बिना कीमत के इतनी लम्बी-चौड़ी चीजें चाहते है...
- और जैसे ही खुला और हमने आपको देखा, तब क्या होगा?...ेटे जब तू हमारी तरफ देखेगा, तो हमारा सफाया हो जायेगा। अगर अपनी औरत की ओर देखा तो वह खतम हो जायेगी। ...
- और डंडा लेकर क्यों घूम रहे हैं?...ंडा लेकर इसलिए हम घूम रहे हैं कि चिड़िया आयेंगी और इस बाग को खत्म कर देंगी। जंगली जानवर आयेंगे, सुअ...
- और दिखाई पड़ें, तो आपको कुछ फायदा है क्या?...ताइये, क्या आपको अपना दिल दिखाई पड़ता है? नहीं दिखाई पड़ता। आपने अपने गुर्दे देखे हैं? किसी और के भले...
- और बेटा बड़ा हो जायेगा, तब जाने क्या हो सकता है?...ह दिमाग इसी तरह से खराब होता रहता है। सही विचारों का जादू मित्रो! हमारी निन्यानवे प्रतिशत समस...
- कंगाली को दूर करने के लिए वहाँ कंगाली को दूर करने के लिए कौन सा मंत्र काम कर सकता है?...ौन सा जादू काम कर सकता है? जो विधि, जो मंत्र और योगाभ्यास आपके लिए काम कर सकता है, उस योगाभ्यास का ...
- कब हो सकते हैं?...बकि हम बहिरंग क्रियाकलापों तक अपनी आध्यात्मिकता और अपनी धार्मिकता को और अपनी आस्तिकता को सीमित रखने...
- कम कीमत का क्या मतलब है?...म कीमत माने भजन। भजन किसे कहते हैं? बेहद कम कीमत की चीज को, जिसमें न आपको पसीना बहाना पड़ता है, न हथ...
- कर्मयोग किसे कहते हैं?...र्मयोग उसे कहते हैं, जिससे सम्पत्ति पैदा होती है, दौलत पैदा होती है और धन पैदा होता है।एक बार देवता ...
- कषाय, कल्मष या कलुष किसे कहते हैं?...मारी शारीरिक जरूरतें और मानसिक जरूरते हैं और दोनों के बीच की दूरी—‘‘अहम्’’-‘मैं’ है। नवरात्रि के दि...
- कहाँ चले गये?...िन्दुस्तान के कोने-कोने में चले गये, जहाँ पर अज्ञान का अन्धकार था। मित्रो! सूरज कहाँ चला गया? वहाँ च...
- कहाँ तक पेशाब करेगा?...ेकिन हमारी यह बात सही है कि आदमी का संकल्प इतना तीखा, इतना पैना होता है कि दुनिया को बदल सकता है।मि...
- कहाँ-कहाँ भरी पड़ी हैं?...ोगों ने कागज छाप-छाप करके और लेटर पैड छाप-छाप करके और साइन बोर्ड बना करके जगह-जगह लगा रखे हैं। हर आ...
- कहेंगे तो नहीं किसी से?...ह देंगे, तो नहीं बताऊँगा। कहना मत। नहीं तो सबको मालूम पड़ जायेगा। वे सब वहीं पहुँच जायेंगे और भगवान्...
- कितना काम करना पड़ता है?...ात घण्टे काम करना पड़ता है। कभी कैंटीन में जा बैठते हैं, तो कभी कहीं टाइम पास करते हैं। बड़ा बन्धन है। ...
- कितना धन दिया है?...ब सारी बातें तो आपको नहीं बताते, पर आप देख लें कि हम अपने जिन मकानों में रहते रहे हैं, उन मकानों की...
- कितनी नर्सें चाहिए?...ितनी दवाइयाँ चाहिए और कितना खर्च चाहिए? आपको मालूम है क्या? कितने कमरे चाहिए, कितने इंस्ट्रूमेंट चा...
- कितने कमरे चाहिए, कितने इंस्ट्रूमेंट चाहिए?...ौ बेड का अस्पताल किसे कहते है? बेटे, यह सौ बेड का अस्पताल है। सौ बेड का चल जाये, तो बहुत हैं। इससे ...
- किस तरह से आयेगी?...िवाजी की तरह से आयेगी। यही देवी तुझे तलवार दे सकती है और अर्जुन की तरीके से गाण्डीव दे सकती है। अर्...
- किसका बटवारा करूँ?...स चीज का बटवारा कर दे कि तेरी दुकान में दो आदमियों का हिस्सा है। अभी तो एक आदमी- एक पार्टनर निन्यान...
- किसके पास पैसा था?...ैसा डाकुओं के पास है, चोरों के पास है, नेताओं के पास है, जो विलासिता के लिए पागल हो रहे हैं। जो हवस...
- किसी को कुछ दिया भी है कभी?...्रेम दिया है किसी को? सहायता दी है? श्रद्धा दी है? समाज को कुछ दिया है? दे करके देखिये और यह पाइये ...
- कुछ तो करना पड़ा होगा?...ाँ भाई साहब! सिद्धान्तों से प्यार करना पड़ा था उन्हें। नहीं साहब! वे राजनीति के नेता थे। राजनीति के ...
- कैसे और कब?...ैसे जटायु ने सीता जी को रावण के चंगुल से छुड़ाकर उदाहरण प्रस्तुत किया था। उसने देखा कि कोई बदमाश एक ...
- कोई आदमी बलवान हो जाये, ताकतवर हो जाये, तो उसे शान्ति मिल जायेगी?...ुविधा मिल जाये, तो चैन मिल जायेगा? नहीं, न शान्ति मिल सकती और न चैन मिल सकता है। रावण बहुत ताकतवर...
- कोई आपका रिश्तेदार है भगवान?...ाला है? भगवान आपका कोई नहीं है। भगवान तो आपके लिए वह साधन है जिससे आप अपना उल्लू सीधा करा लें। आपके...
- कोई है आप में से?...हीं साहब! हम तो सुखी नहीं हैं। नहीं बेटे, कोई सुखी नहीं है। सारे के सारे कुढ़न से भरे हुए हैं। कुढ़न ...
- कौआ बेचारा कितना निरीह होता है, उसको कष्ट नहीं देना चाहिए, उसके भी तो बाल बच्चे होंगे, उसको भी तो भगवान् ने रचा है, हम अपने छोटे से लोभ के लिये कौए को क्यों मार डालें?...स यह विचार जब जड़ जमाता हुआ चला गया तो धीरे-धीरे फिर ऐसा हो गया कि फिर वह सब प्राणियों पर दया करने ल...
- कौन सुखी है और कौन दुखी है?...हाँ तक हम समझते हैं कि यह मनुष्य के ख्याल है, जो उसे सुखी व दुखी बनाते हैं।एक था मल्लाह और एक था उस...
- कौन है जो मुझसे ज्यादा प्रोत्साहन करेगा?...ेकिन आप आँखें नीचे रखिए। आँख से आँख मिलाकर लड़कियों की तरफ मत देखिए। जहाँ तक हो सके, शरीर से काफी दू...
- कौन-कौन सी दो हैं?...क आवश्यकता वह है जिसमें हम अपना आत्मकल्याण करते हैं और दूसरी वाली हमारी आवश्यकता वह है, जिसमें हम ल...
- क्या आप इस लोभ और मोह से, अपने वासना और तृष्णा के बन्धनों को काटते हुए अंगद के तरीके से चलने के लिए तैयार हैं?...ित्रो! मैं आपको अंगद के तरीके से सन्देशवाहक बनाकर के भेजता हूँ। मेरे गुरु ने मुझे सन्देशवाहक बनाकर भे...
- क्या एक आदमी नियम बनाने के लिए आश्वासन दे सकता है?...हीं, एक आदमी के बस की बात नहीं है। एक आदमी फिजाँ बदल सकता है? एक आदमी नया जमाना ला सकता है? एक आदमी...
- क्या ऑपरेशन करेंगे?...पके पेट को फाड़ेंगे और देखेंगे कि इसमें जो गोला है उसे कैसे बाहर निकालें। डॉक्टर साहब! यह आप क्या कर...
- क्या करना चाहिए?...पको ऊँचा उठाने के लिए क्या हम मददगार बन सकते हैं? हाँ, बन सकते हैं। पर हमको हर क्षण अपने आपसे यह पू...
- क्या करना पड़ेगा?...पको इन बातों के बारे में कड़ा और स्पष्ट रुख ले करके चलना पड़ेगा। एकांगी धर्म से, एकांगी उपदेश से और ए...
- क्या करना पड़ेगा?...ह काम करना पड़ेगा कि आप स्वयं इस लायक हो जायें कि दूसरों को प्रकाश देने की स्थिति में आ जायें। दीपक ...
- क्या करें साहब?...हाँ कोई आता ही नहीं है? कोई नहीं आता? गाँव वाले बड़े जाहिल हैं। दवा लेने भी नहीं आते। गाँव वालों को ...
- क्या जरूरत है आँसू आने की?...हीं साहब! भगवान की भक्ति आती है, तो आँसू जरूर आता है। आँसू का भक्ति से कोई सम्बन्ध नहीं है। अगर यही...
- क्या तन्ख्वाह मिलती है?...ाई सौ रुपये महीने मिलती है। अच्छा! लड़की को जब एम.बी.बी.एस. में भर्ती करायेगा, तो जो फीस लगेगी, वह क...
- क्या बीमारी है?...मको आज की बात दिखाई पड़ती है। लेकिन कल की बात? कल का तो पता नहीं नहीं। बुढ़ापे में क्या होगा? क्या हम...
- क्या मोती तलाश करने वाली प्रक्रिया को हम समाप्त करेंगे?...हीं, समाप्त नहीं करेंगे। अब हम मोतियों को तलाश करने के लिए, हीरों को तलाश करने के लिए गाँव-गाँव जाय...
- क्या वे आपको दे देंगे?...हीं साहब! वह तो हमें नहीं चाहिए। फिर आप क्या चाहते हैं? हम चाहते हैं-सुख और शान्ति। अरे बेटे! रामचन्...
- क्या सन्त कबीर तपस्वी नहीं थे?...ाँ, औरों की अपेक्षा ज्यादा तपस्वी थे। क्या रैदास तपस्वी नहीं थे? हाँ, तपस्वी थे। वे जिन्दगी भर चमड़े ...
- क्या- क्या करना पड़ेगा?...सके लिए उन्होंने दो बातें मुझे बताईं, वह मैं आपको भी बताता हूँ। कोई मंत्र जपना आपको न आता हो तो न स...
- क्यों नहीं कर सकते?...ुक्र डूब गया है। कहाँ डूब गया है? भाई साहब! हमें बताइये, हम निकाल लायेंगे। पुलिस में रिपोर्ट करेंगे...
- क्यों मना करते हैं?...ह आदमी का मूल्य, आदमी की प्रामाणिकता, आदमी की इज्जत को बताता है कि आदमी की कीमत से धर्मशाला के बिस्...
- क्यों माँगता है?...्योंकि वह दरिद्र है, कंगाल है। कंगाल को पैसा चाहिए, दरिद्र को पैसा चाहिए। बेटे, हम बड़े भूखे हैं, बड़...
- खाना न खाना, पानी न पीना, धूप में खड़े रहना, जमीन पर सोना, यही तो तप होता है न?...िसे कहते हैं तप? बेटे! इसके पीछे एक रहस्य छिपा हुआ है, एक उद्देश्य छिपा हुआ है। इसका उद्देश्य है—मु...
- खिला हुआ फूल बीबी के हाथ में रख दिया जाय, तो बीबी मना करेगी क्या?...ाक से लगाकर सूँघेगी छाती से लगा लेगी और कहेगी कि मेरे प्रियतम ने गुलाब का फूल लाकर के दिया है।...
- गवर्नमेंट ने इस तरह के वेतन-भोगी रख लिए हैं और आप देखिए क्या हाल हो रहा है?...र डिपार्टमेंट को बढ़ा-बढ़ाकर इतना लंबा चौड़ा कर लिया है कि अगर इतना पैसा इन डिपार्टमेंट में नहीं लगाया...
- गायत्री मंत्र का जप करने के बाद में आपको भगवान के साक्षात्कार हो जायेंगे?...ैं नहीं जानता कि हो जायेंगे कि नहीं हो जायेंगे। नहीं गुरुजी! बता दीजिए कि कब हो जायेंगे? बेटे, मै...
- गायत्री माता की कृपा क्या होती है?...ह तीनों चीजें, तीनों सम्पदायें उस कीमत पर दी जाती हैं, जिन्हें हम श्रद्धा कहते हैं। श्रद्धा की कीमत...
- चालीस शंख कैसे बजते हैं?...पको मालूम नहीं। चालीस शंखों की आवाज जब एक साथ बजती है, तो कान कैसे काँपते हैं, नवीनता कैसे मालूम पड़...
- जन-चेतना को कैसे जगाया जाए?...मने जुलूस आदि के लिए लोगों को मना कर दिया। इस धूम-धड़ाका से कोई लाभ नहीं होगा। हमने एक सौ आठ व एक हज...
- जनता को कैसे बहकाया जा सकता है, कैसे पैसा लिया जा सकता है और किस तरीके से उलटी पट्टी पढ़ाई जा सकती है?...ह सब कुछ होता रहेगा। यदि जनता समझदार और जागरूक है तो फिर इन चालाकियों की बारीकी को वह समझ जाएगी और ...
- जब भगवान ही जना देगा, भगवान ही उद्धार कर देगा, जब सब काम वही कर देगा, तो तू भी किसी मर्ज की दवाई है या नहीं?...हीं साहब! हम किसी मर्ज की दवाई नहीं है। सब भगवान करेगा। सब गलत बात है। फिर भगवान कुछ भी नहीं करेगा।...
- जब वह खाने के लिए बैठे तो ख्याल आया कि जिस वातावरण में हम रहते हैं, जिस समाज में हम रहते हैं, वहाँ हमसे भी ज्यादा कोई दुःखियारा तो नहीं है?...गर हमसे भी ज्यादा दुःखियारा है तो पहला हक उसका है। बाद में हमारा हक है। वह छत पर चढ़कर चिल्लाने लग...
- जब हूरें आयेंगी, तो मैं कहूँगा कि तुमने गायत्री का अनुष्ठान किया था या नहीं?...ह कहेगी कि आचार्य जी! हम तो आपको गाना सुनाने, नाचने-गाने आई हूँ। तो मैं कहूँगा कि ऐ हूर! तुम मेरी ब...
- जानवरों के लिए कोई जगह नहीं है और इंसान के लिए?...ेटे, इंसान के लिए हर जगह प्यास है, लेकिन ऐसा आदमी मुझको कहीं दिखाई नहीं पड़ता।मित्रो! आदमी ने अपनी औ...
- जिन लोगों के ऊँचे कर्म और ऊँचे विचार हैं, उन्हें देवता नहीं तो और क्या कहेंगे?...ह भारत भूमि जहाँ से कि आप पधारे हैं, वह देवताओं की भूमि थी और उसे देवताओं की भूमि रहनी चाहिए। आपको ...
- जिन्दगी भर सारी लड़कियों को हम कैसे रखेंगे?...नको घर जाना चाहिए और दूसरा काम करना चाहिए। वही लड़कियाँ यहाँ बैठी रहेंगी, तो नयी कहाँ से आयेंगी? हमा...
- जिस जनता को आप शिक्षण करने चले हैं, उस जनता का सबसे निकटवर्ती, सबसे समीपवर्ती आदमी और आपका सबसे अधिक कहना मानने वाला और आपकी आज्ञा से चलने वाला आदमी, आपके अधिकार में रहने वाला आदमी कौन है?...ह हम स्वयं हैं। पहले हमको यह बातें स्वयं को सिखानी होंगी। जो बातें आप जनता को सिखाने के लिए चले हैं...
- जिस तरह बन्दूक में तरह-तरह के कारतूस चढ़ा देते हैं?...ंत्र का। इस माला पर महामृत्युंजय मंत्र का कारतूस दनादन चढ़ा दिया, जो खट्-खट् सब बीमारियों को मार डाल...
- जीव क्या होता है?...हीं साहब! हम दिमाग का शिक्षण करेंगे। मित्रो! यह दिमाग की कोई शक्ति नहीं है। यह कानों की कोई शक्ति न...
- जीवन की सार्थकता के लिए हमको अपना चरित्र आदर्श बनाने के लिए, लोगों के सामने अपना नमूना पेश करने के लिए क्या करना चाहिए?...र समाज को सुखी- समुन्नत बनाने के लिए क्या करना चाहिए? आपको इसकी प्लानिंग करनी चाहिए और इसके लिए योज...
- जो स्वास्थ्य आपको मिला, क्या उसका इस्तेमाल ठीक प्रकार से आपने कर लिया?...िर आप कौन से मुँह से भगवान् से माँगने चले हैं कि हमारा स्वास्थ्य अच्छा बना दीजिए। आपको जो धन मिला...
- ठप्पा किसे कहते हैं?...प्पा कहते हैं साँचे को। जैसा ठप्पा होगा वैसी आकृति बनेगी। गीली मिट्टी को मोर के साँचे में लगा करके ...
- डकैती डालने का जो माद्दा लोगों में पैदा हुआ है, वह किसकी वजह से पैदा हुआ है?...ोभ की वजह से पैदा हुआ है। लोभ बहुत बड़ा राक्षस है। लोभ इतना बड़ा राक्षस है जिसने हमको और आपको तबाह कर...
- डूब कहाँ गया?...ेरे सिर में डूब गया। नहीं साहब! लड़की की जन्मपत्री नहीं मिलती, फलानी नहीं मिलती, ढिकानी नहीं मिलती, ...
- तपा देने से क्या मतलब है?...पा देने से वही मतलब है, जो हम आपको इस योग साधना शिविर में सिखाना चाहते हैं। हम आपको गरम करना चाहते ...
- तुम जानते नहीं हो, हम कौन हैं?...ालूम नहीं, कोई अच्छे आदमी मालूम पड़ते हैं आप। नहीं भाई! हम इस राज्य के राजा हैं। अच्छा, हमको नहीं मा...
- तुम लोग इलाज कराने क्यों नहीं आते?...परेशन कराने क्यों नहीं आते? अरे साहब! हम क्यों आपरेशन करायें? जब हम बीमार ही नहीं पड़ते, तो आपरेशन क...
- तू क्या कर रही है?...सने कहा—‘तुम क्या कर रहे हो?’ हम समुद्र में पुल बना रहे हैं। क्यों? उन्होंने कहा—‘सीता जी को वापस ल...
- तूने हमारे जीवन को कैसा कलुषित बना दिया?...ैसा भ्रान्त बना दिया? स्वयं का सब कुछ होते हुए भी कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता। सब कुछ तो हमारे पास है, प...
- तो क्या इसी में से मिलेंगे चमत्कार?...हीं बेटे, इसमें से चमत्कार नहीं मिलेंगे। चमत्कारों के लिए बड़ा वाला बगीचा बनाना पड़ेगा। बड़ा काम करना ...
- तो क्या किया था?...प किया था। तप करने के बाद उन्होंने बताया था कि हम सोने के हैं और आप लोहे के हैं। हम स्टील के हैं, आ...
- तो क्या भगवान की कोई शक्ल नहीं है?...ेटे, भगवान की शक्ल नहीं हो सकती। वे शक्तियाँ हैं। दुनिया में दो तरह की शक्तियाँ हैं- एक भौतिक और एक...
- तो बिना हत्या के माँस मिल जाता है?...भी मैं बताता हूँ कि बिना हत्या के भी माँस मिल सकता है? कैसे? सरल रास्ता ढूँढ़ते हैं आप! वे बकरी का म...
- तो महाराज जी फिर क्या करना चाहिए?...ेटे, आपके हाथ में एक सौभाग्य है। आप चाहें तो सौभाग्य का फायदा उठा सकते हैं। कैसे? आगे वाली लाइन में...
- थोड़े दिनों बाद क्या हुआ?...ेती-बाड़ी बन्द हो गयी। बैल बिक गये। कुएँ सूख गये। जमीन परती हो गयी। जिन लोगों के पास अनाज था, लोग खर...
- दावत में से बची हुई चीजें, जो आठ- आठ दिन की पुरानी पूड़ियाँ हो जाती हैं, सड़ जाती हैं, उनको क्या फेंक दें?...हीं भाई! फेंकिये मत। इनको भिखारियों को दे दीजिए। भिखारियों को सड़ी हुई पूड़ियाँ दी जाती हैं, बचे हुए ...
- दीपावली के दिन क्या-क्या लायेंगी?...क बड़ा वाला थैला लायेंगी। उसमें क्या-क्या भरकर के लायेंगी? पाँच वाले नोट अलग, दस रुपये वाले नोट अलग,...
- धोबी कैसे हैं?...ुलाई करना हमारा काम है। कपड़े धोना भी हमारा काम है। मन का धोना भी हमारा काम है, जीवन को धोना भी हमार...
- नहीं बेटे, वह मिट्टी तो कहीं पड़ी होगी, लेकिन उसमें कोई चमत्कार नहीं होते?...हीं बेटे, वह पहले भी मिट्टी थी और अब भी है। वह अभी भी कहीं पड़ी होगी, तलाश कर लेना। फिर महाराज जी!...
- नहीं, हनुमान् जी भी पकड़ में नहीं आएँगे और रामचंद्र जी तो, भला कैसे पकड़ में आ सकते हैं?...े भी नहीं आएँगे। दिशा जो बदली, तो गजब हो गया मित्रो! क्या वजह है इसकी? हम में और तुलसीदास जी में क्या...
- नाम कट जाएगा कि नाक कट जाएगी?...ाहे जो समझ ले बेटा। तू अपने सम्बन्ध में समझ ले कि नाक कट गई और हम समझ लेंगे कि तेरा नाम कट गया। बात ए...
- पण्डित कहाँ से लायें?...े व्यक्ति जिनके भीतर आध्यात्मिकता का प्रकाश आ गया है, वो व्यक्ति हम कहाँ से लायें? हमें बड़ी कठिनाई ...
- पता नहीं कौन सुखी है और कौन दुःखी है?...हाँ तक मैं समझ पाया हूँ कि ये मनुष्य की सोच है, जो मनुष्यों को सुखी और दुःखी बनाती हैं। एक उदाहरण म...
- पन्नी को उखाड़कर देख, भीतर क्या रखा है?...हीं साहब! वह बड़ी खूबसूरत महिला है। बड़ा सौन्दर्य है। सुंदर रूप है तो जरा पन्नी को उघाड़। पन्नी से मतल...
- पहले उससे पूछ लेना कि क्या वह कोई सेठ बनने जा रहा है या बच्चा पैदा करने जा रहा है?...हले यह पूछ लेना फिर उसे इनसान का जन्म देना। अगर मनुष्य का जन्म चाहिए, तो दो रुपये के कागज पर हस्ताक...
- पहले देखिये, समझिये कि जड़ क्या होती है?...ित्रो! जड़ वह है, जिसे मैं आपको समझा रहा था। जड़ में मैं यह समझा रहा था कि गायत्री उपासना क्या है? गा...
- पार्वती जी ने महादेव जी को मिठाई खिलाई थी?...हीं महाराज जी! मिठाई नहीं खिलाई। तो क्या किया था? तप किया था। तप करने के बाद उन्होंने बताया था कि ह...
- पैसा ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिनकी समझ में नहीं आता कि उसका क्या इस्तेमाल किया जाए?...स धर्मभीरु जनता को क्या कहा जाए? उनकी धर्मभीरुता को किस तरीके से धिक्कारा जाए? इतना समर्थ धर्मतंत्र...
- प्रेय मनुष्य को कहाँ तक घसीट ले जाता है?...ह मनुष्य को असुर बना देता है, शैतान बना देता है।...
- फिर कहाँ चला गया?...िर द्रोणाचार्य मर गया। कहाँ गया? एकलव्य की लाश जब जली, तो द्रोणाचार्य की लाश भी जल गयी। यह कैसे हो ...
- फिर कौन आये सहायता देने के लिए?...े आदमी गये, जिनके पास दिल था, जिनके पास भावनाएँ थीं, जिनके पास श्रम था और जिनके पास सहानुभूति थी।म...
- फिर बेटे, तू क्या करेगा?...ैं तो नौकरी करूँगा। कहाँ नौकरी करेगा? हम शहर में नौकरी करेंगे। किसकी नौकरी करेगा? सवा सौर रुपये की ...
- फिर ये आकृतियाँ क्यों बना दी गयीं?...ेटे, इनका एक मकसद है। मकसद के लिए आकृतियाँ बनाई गयी हैं। यों तो भगवान की कोई आकृति नहीं हो सकती, पर...
- बच्चों से क्या फायदा?...न्हें पढ़ाने में, योग्य बनाने में, उनकी शादी-ब्याह करने में काफी खर्च होगा। इसके अलावा हमारी मौज-मस्...
- बात- बात में अपना आपा खो बैठते हैं, अपना बैलेन्स गंवा देते हैं, अपना टेम्पर लूज कर बैठते हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए क्या होना चाहिए?...िक्षण समझें मित्रो! शिव के भक्त को अपना टेम्पर लूज नहीं करना चाहिए। आदमी के जीवन में दोनों तरह की प...
- बीमार लोग कैसे आ सकते हैं?...गले दिनों हमको तीर्थयात्रा का एक कार्यक्रम बनाना पड़ेगा और भूदान के कार्यक्रम की तरह पदयात्रा हमारा ...
- बेटे, उसमें तुझे क्या चीज प्यारी लगती है, बता तो सही?...्यार। हाँ बेटे, मैं यही कह रहा था। जिस पर आपका प्यार रहेगा, वह कितना खुश, कितना मीठा, कितना मधुर, क...
- बेटे, और भी सैकड़ों बातें हैं, मैं उन्हें कहाँ तक बता सकता हूँ?...्रत्येक देवता के पीछे शिक्षण है। क्यों साहब? प्रत्येक देवता क्या ऐसी ही शक्ल का होता है? हाँ बेटे...
- बेटे, कोई फायदा हुआ?...ोई फायदा नहीं हुआ। कोई फायदा हो सकता है? हाँ हो सकता है। हमारे ऊपर सातों की सातों बातें लागू होती ह...
- बेटे, मुझसे खेल-खिलौना क्यों पूछता हैं?...ो असली योगाभ्यास है, उसे क्यों नहीं पूछता? असली तपश्चर्या क्यों नहीं सीखता, जिसमें तुझको पसीना आयेग...
- बेटे, मैं देखता हूँ कि नया युग आयेगा, तो कैसा युग आयेगा?...ह ऐसा युग आयेगा जिसमें आदमी के पास नीति, आदर्श, दर्शन, सिद्धान्त, भलमनसाहत- ये सिद्धान्त उसके पास ह...
- बेटे, वह दवाई क्या है?...हाराज जी! वह आपके चरणों का जल है। हमारे चरणों का जल? हाँ। आज हमें तो बहुत जोर का बुखार है। जब चेला ...
- बेटे, हमको मंत्र कहाँ आते हैं तो किससे पूछूँ?...नसे पूछकर आ-इंदिरा गाँधी से। क्या पूछूँ? यह पूछ कि आप तो भारतवर्ष की प्रधानमंत्री हैं। आप हमें सन्ता...
- ब्राह्मण से आपका क्या मतलब है?...ित्रो! ध्यान रखिये, मैं जन्म से जाति पर विश्वास नहीं करता। मैं गीता का अनुयायी हूँ और भगवान श्रीकृष...
- भक्ति कैसे हो सकती है?...क्ति का एक ही तरीका है कि हम भगवान के साथ पीछे- पीछे चलने की कोशिश करें। और भगवान का अनुसरण करने की...
- भगतसिंह असफल हो गये कि सफल?...सफल। झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई असफल हो गयी कि सफल? असफल। ऋषि दधीचि असफल हो गये कि सफल? असफल हो गये।...
- भगवान उन दौलतों को छीन ले, समय को छीन ले, श्रम को छीन ले, अकल को छीन ले, फिर देखें आप क्या कमा कर लाते हैं?...ेटे यही असली दौलत है जिसका केवल रूप परिवर्तन हो जाता है और हम उसे रुपये के रूप में, अमुक के रूप में...
- भगवान कब मिलेगा?...हाँ मिलेगा? भगवान वहाँ मिलेगा, जबकि हम दो इम्तिहानों में पास होते चले जायेंगे। कौन-कौन से? लोभ और म...
- भगवान राम ने उस छोटे से जानवर को देखा और पूछा—यह कौन है?...ंदरों ने कहा — यह गिलहरी है। यह क्या करती है? उन्होंने कहा कि यह अपने बालों में मिट्टी भरकर ले जा...
- भगवान् से मिलने की बात हम कैसे कह देंगे?...ित्रो! हम सड़े हुए मनुष्यों और मरे हुए मनुष्यों की मनोकामना पूर्ण करने की जिम्मेदारी कैसे उठा लेंगे?...
- भजन का हम क्या करें?...ेवल भजन से कोई बात नहीं बनने वाली है। भजन के साथ-साथ पुरुषार्थ भी करें। जितने सन्त, महामानव इस धरती ...
- भर्तृहरि ने वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए लोगों से सवाल पूछा है-‘‘संसारे मनुष्याः वदन्ति अति सुखम् वसन्ति किं किं?...’ अरे लोगो! तुम में से कोई एकाध ऐसा हो जो यह कह सकता हो कि मैंने सुखी जीवन जिया, तो आगे बढ़कर अपना न...
- में भर्ती करायेगा, तो जो फीस लगेगी, वह कहाँ से आयेगी?...्या भगवान भेज देगा? फिर क्यों कहता है कि डॉक्टर बनायेगा? फिर यों कह कि भगवान जो चाहेगा, सो बनायेगा।...
- मेरा अपना मकान होगा तो क्या हो जायेगा और मकान नहीं होगा तो क्या हो जायेगा?...िराये के मकान में रह लूँगा, तो क्या हर्ज हो जायेगा? मेरे मन ने और मेरे ईमान ने कहा और फटाफट मैंने...
- मेले में जो बच्चा खो जाता है, वह अपनी माँ को तलाश करता फिरता है कि हमारी माँ कहाँ गयी?...र माँ चिल्लाती फिरती है कि हमारा बच्चा कहाँ गया? बिल्कुल यही हालत हमारी है। हम चिल्लाते फिरते हैं क...
- मैं उससे बात करने लगा और कहा कि आप यह बताइये कि उस असली बही खाते में और नकली बहीखाते में कितने रुपये का चक्कर है?...ैंने कहा कि यदि आपको इन्कम टैक्स देना पड़े, पेनाल्टी देनी पड़े, सजा भुगतनी पड़े, तो आपको कितना नुकसान ...
- मैं क्या कर सकता हूँ?...मय गया, सो गया, फिर नहीं आयेगा। युग की संध्या है, यह सन् १९७७, जिसमें हम और आप रह रहे हैं। आपको तो ...
- मैं चाहता था कि हम और आप मिलकर समय की विभीषिकाओं को पार कर लेते, तो कैसा अच्छा होता?...ुछ चीजें हमारे पास हैं, जो आपके पास नहीं हैं और कुछ चीजें आपके पास हैं, जो हमारे पास नहीं। कुछ चीजे...
- मैं दे दूँगा, पर यह बताइये कि मेरे सट्टे में फायदा हो जायेगा कि नहीं?...ाँ बेटे, तेरे सट्टे में फायदा हो जायेगा, तू पाँच हजार रुपये निकाल दे और कहीं से इकट्ठा करवा दे। अ...
- यदि आप नागा बाबाजी हैं, तो आप दुनिया को क्या सन्देश देने चले हैं?...रिद्वार में गंगा विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई है, परन्तु नहीं साहब, हम तो हर की पौड़ी में ही स्नान कर...
- यह क्या कर रहे हैं?...ाहब खर- पतवार उखाड़ रहे हैं। और यह क्या कर रहे हैं? पेड़ की काट- छाँट कर रहे हैं। क्यों? खूबसूरती लान...
- यह क्या बात हुई?...ेटे, जीवन का एक पहलू यह भी है। यह क्या है? यह वह पहलू है कि सारे के सारे जीवन में जहाँ सद्वांछनीयता...
- यह क्या बात है?...प लोग हवन करते हैं और जानवरों को मारकाट करके हवन करा देते हैं। यह भी कोई बात है? उस समय लोग ज्यादा ...
- यह क्या बात है?...ुड्ढा आदमी, जिसके बाल सफेद हो गये हैं, दाँत उखड़ गये हैं, इतना विद्वान है, ऋषि है। इसको देख करके तुम...
- यह क्या बात है?...ात यह है कि यह कहती है कि जो उचित तरीका है, उससे आप हमको इस्तेमाल कीजिए। आस्तिकता का सिद्धान्त मित्...
- यह क्या है?...ेखने में तो कोई खास बात नहीं है, आपको अमुक काम करने से नमक का क्या ताल्लुक? और आप शक्कर नहीं खायेंग...
- यह क्या है?...ह ब्रह्मविद्या है। ‘ॐ भूर्भुवः स्वः’ ब्रह्मविद्या है। नहीं गुरुजी! उपनिषद् बताइये। बेटे, बस इतनी ही...
- यह क्या है?...ल्पना, जिसके पीछे कोई प्लानिंग नहीं होती, कोई तैयारी नहीं होती। ये विचार कहलाते हैं और मंत्र किसे क...
- यह क्या हो गया?...ादू हो गया। मित्रो! यह एक खालिस जादू है। जादू किसे कहते हैं? जिसमें आदमी को मशक्कत नहीं करनी पड़ती...
- यह परमात्मा आता कहाँ से है?...ेटे, यह हमारे अन्दर की सुपीरियारिटी है। जब तक हमारे भीतर कषाय- कल्मश छाये हुए हैं, तब तक हम जीव हैं।...
- यह भी कोई तरीका है?...पने क्यों काम कराया? लाल-लाल आँखें लेकर आ जाता है और लड़ने के लिए उतारू हो जाता है और आप भी चाहें तो...
- यह भी कोई बात है?...स समय लोग ज्यादा पढ़े हुए तो थे नहीं, उन्होंने कहा कि साहब! यह तो यज्ञ है। यज्ञ में हिंसा होती है। य...
- यहीं पर रखा रहेगा?...मने जीवन भर में करोड़ों रुपये कमाये, वह सब यहीं रह जायेगा? हाँ साहब! बिल्कुल यहीं रखा रहेगा। सिकन्दर...
- ये क्या है?...े बेटे, कसाईपन है। आज हर आदमी कसाई होता हुआ चला जा रहा है। आज हम देखते हैं कि न हमको अपनी बीबी के प...
- ये बीज क्यों खराब करता है?...्या फायदा हुआ? यह हमारी बाहर की चमड़े की आँखें कहती हैं कि किसान गलती कर रहा है। लेकिन एक समझदार किस...
- ये विचार कहलाते हैं और मंत्र किसे कहते हैं?...ंत्र उसे कहते हैं, जिसमें संकल्प जुड़े हुए होते हैं, निष्ठाएँ जुड़ी हुई होती हैं, साहस जुड़ा हुआ होता ...
- योग किस तरीके से हो सकता है?...ोग अपने आपको जीवन में मिला देने का नाम है। जैसे मैं आपको उदाहरण देता हूँ। पानी की एक छोटी सी बूँद क...
- रस किसे कहते हैं?...नंद को कहते हैं। यह आनन्द कहाँ है? भगवान् में है। अगर आप भगवान् के साथ आत्मीयता जोड़ लें, तो आपको भगव...
- रामकृष्ण परमहंस के पास जाकर विवेकानन्द जाने क्या-से हो गये?...ाँधी जी के पास जाकर राजेन्द्र बाबू, जवाहर लाल नेहरू, राधाकृष्णन्, जाकिर हुसैन और न जाने कितने आदम...
- रेगिस्तानों में क्या हाल हो रहा है?...ैसलमेर में क्या हाल हो रहा है? रेगिस्तान में जहाँ पानी नहीं है, वहाँ आप देख ही रहे हैं। अगर गंगा न ...
- लक्ष्मण ने यह पूछा कि रामचन्द्र जी आपने कहा था कि हमने एक तीर मारा है, तो इसके शरीर में हजारों छेद कैसे हो गये?...ामचन्द्र जी ने कहा-हे लक्ष्मण! हमने तो उसे केवल एक ही तीर मारा है, परन्तु वे छिद्र उसके अपने कर्मों...
- लक्ष्मी जी कब आती हैं?...ीवाली के दिन आती हैं। क्या लाती हैं। रुपये लेकर आती हैं। हाँ महाराज जी! लक्ष्मी जी रुपये की देवी है...
- लोग किसे कहते हैं?...टिया लोगों को ‘लोग’ कहते हैं, कमीने लोगों को ‘लोग’ कहते हैं। मित्रो! जिन लोगों का यह ख्याल है कि ...
- लोभ के लिए आपका शारीरिक श्रम विसर्जित हो गया, मोह के लिए भावनाएँ एवं मानसिक क्षमता विसर्जित हो गई, तो फिर क्या रह गया आपके पास?...ोड़िए न इन बन्धनों को। आप यहाँ रह करके इस कल्प साधना में अपने आपको बदल दीजिए और लोभ एवं मोह के बन्धनों...
- लड़के ने कहा कि पल भर की देरी है, लेकिन सावधान क्यों कहा गया?...रे! जीवन के मोल का यही अन्त? चार छोकरी- चार छोकरे और एक पण्डित- ९। नौ ग्रह, नौ की दुहाई, नौ तरह की ...
- वह आदमी, जिसने मिठाई ला करके परोस दी है, वह यह देखेगा कि इसका तरीका क्या है?...सकी नीयत क्या है? इसका ढंग क्या है? वह आपका इम्तहान लेगा। हमारी इज्जत तुम्हारे हाथ मित्रो! क्या करना ...
- वह कभी इधर को भटके, कभी उधर को भटके, तो उससे निशाना कैसे साधा जाएगा?...ीस जगह ध्यान रहा, तो आप विजेता नहीं बन सकते हैं। भगवान् आपको अपनाने के लिए हाथ बढ़ा रहा है, परन्तु...
- वहाँ का सिक्का क्या है?...हाँ का सिक्का इतना शानदार और मजबूत है कि उसके बराबर सारे एशिया में किसी का सिक्का नहीं है। वहाँ करो...
- वहाँ चन्द्रलोक में यदि आपको भेज दिया जाय, तब?...ब आप कहेंगे कि गुरुजी यहाँ से तो वापस बुला लीजिए। जो लोग वहाँ पता लगाकर आये हैं, उनकी यह हिम्मत नही...
- शराब की नहरें वहाँ हैं, जो पीने को मिलेंगी और हूर मिलेंगी, गुलफाम मिलेंगे, तो मैं उनका क्या करूँगा, बताना तो सही?...पने कमरे में मैं झाड़ू लगा लेता हूँ। बहत्तर गुलफाम मिलेंगे, तो मैं उनसे क्या काम कराऊँगा? वे सब मुझे...
- सम्बन्ध बनाकर क्यों रखा है?...ित्रो! जिस तरीके से माली अच्छे से अच्छे फूलों को चुन लेता है, हमने भी अपने कुटुम्ब में और परिवार मे...
- सायंकाल को जो हमारे प्रवचन होंगे, उसकी दिशा यह होगी कि जब कभी आपको जनता के मध्य स्टेज पर खड़ा कर दिया जाए, तो जनता तक अभी तक जहाँ हमारा प्रकाश नहीं पहुँच पाया है, उनको आपको क्या- क्या कहना पड़ेगा?...नसे आपको क्या कहना चाहिए, यह शिक्षण हम आपको शिविर में देंगे। व्याख्यान देने की शैली, कर्मकाण्डों की...
- सारे संसार भर के किसी विश्वविद्यालय में जाइये और यह मालूम कीजिए की दो काम किसने किये?...क तो हिन्दू धर्म का आरम्भ से लेकर अन्त तक प्राचीनकाल के ऋषियों का अनुवाद किसने किया है? सारी दुनिया ह...
- सौ बेड का अस्पताल आपने कहीं देखा है?...ौ बेड के अस्पताल में कितने डॉक्टर चाहिए? कितनी नर्सें चाहिए? कितनी दवाइयाँ चाहिए और कितना खर्च चाहि...
- स्त्री में क्या बात है, बताना जरा?...समें माँस है, हड्डियाँ हैं, खून है। और क्या है? साहब कुछ भी नहीं है, फिर भी हमको बड़ी प्यारी लगती है...
- स्वयं भागदौड़ करके कैसे काम कर सकते हैं?...स भाग-दौड़ के लिए हमने नये आदमी तलाश किये हैं और उनको ही बनाने में लग रहे हैं। तप एकान्त में ही क्यों...
- हम अपने आपको कैसे सिद्ध करेंगे और कैसे मन को नियंत्रित करेंगे?...र कैसे इन्द्रियों का निग्रह करेंगे? सेवा के लिए हम मन कहाँ से लायेंगे और ऐसे कैसे करेंगे? यह हमसे ...
- हम और आप न जाने कैसे-कैसे जिन्दा हैं और न जाने कैसे-कैसे अपना काम कर रहे हैं?... जाने कितना कम तेल है कि इस हिसाब से इस बत्ती का ज्यादा दिन तक जलना-चिराग का जलना मुश्किल मालूम पड़त...
- हम कुछ कह नहीं सकते कि आप इसको कब तक पूरा करने में समर्थ होंगे?...में नहीं मालूम है कि आपकी परिस्थितियाँ क्या हैं? आपके पारिवारिक उत्तरदायित्व क्या हैं? और आपकी जि...
- हम जानते हैं, हमारा भगवान जानता है कि आप क्या हैं?...सलिए हमने इस बार यह कहना शुरू कर दिया है कि आप हमारा समय नष्ट करने के बजाय लिखकर दे जाइये। आप यहाँ ...
- हमको आप भगवान का दर्शन करा देंगे क्या?...ेवता का दर्शन करा देंगे क्या? ऋषि ने कहा- बच्चो! कहीं छिप करके बैठ जाओ, शायद तुम्हें कोई मिल जाये। ...
- हमने आज फसल बोयी है, उसके फल ला दीजिए?...ाई साहब! उसके लिए आपको ठहरना पड़ेगा। नहीं साहब! हम ठहरना नहीं चाहते, हम तुरत-फुरत चाहते हैं। भाई साह...
- हमने हमेशा यह सोचा कि हमारे पास कुछ है, तो उसे किस तरह से बाँट सकते हैं?...गर किसी के पास दुःख है, तो उसे किस तरह से दूर कर सकते हैं। यही हमने अपने पूरे जीवनकाल में किया है...
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- हर की पौड़ी के ब्रह्मकुण्ड में नहाकर के आप बैकुंठ को जाएँगे?...ह बहम जिनके दिल के ऊपर सवार है, उनकी तादाद खत्म होनी चाहिए। जिनको यह बहम हो गया है कि छह तारीख को...
- आपकी रीति-नीति में क्या फर्क आना चाहिए?...यह हम आपको पंचोपचार की प्रक्रिया के माध्यम से समझाते हैं। पंचोपचार की प्रक्रिया क्या है? देवपूजन है। ...
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- (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं?... (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतु अपने अन्दर उत्साह से भरे हैं?
अगर यह आपको प्राप्त हो...
- (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतु अपने अन्दर उत्साह से भरे हैं?... अगर यह आपको प्राप्त हो जाएगा तो आपके दुश्मन भाग खड़े होंगे तथा आपका अहंकार समाप्त हो जाएगा और आप वजन...
- 1000 यज्ञ इस साल हुए हैं और गुरुजी ने कहा है कि अगले वर्ष और उससे आने वाले वर्ष 1,00,000 यज्ञ होंगे तो अभी तक जितने संकल्प लोगों ने लिए हैं पिछले वर्ष के आप देख लेना, समझती हूँ कि 2000 के आस-पास तो पिछले वर्ष के संकल्प हैं और इस वर्ष के संकल्प हैं, जिन्होंने कि जनवरी के बाद से संकल्प लिए हैं और जो अब लेने वाले हैं, जो फिर लेने वाले हैं, ये पूरे होंगे?... हाँ बेटे! बिलकुल पूरे होंगे। आप देखते जाइए कि पूरे होते हैं कि नहीं होते हैं। अभी हमारे पास कितनी गा...
- 15 मिनट उन्होंने भाषण सुना, फिर हाथ जोड़कर बोले—मेरे लायक कोई काम नहीं बताएँगे क्या?... मैंने कहा—कुछ होगा तो बता दूँगा। अभी क्या बता सकता हूँ? आप अपना काम ईमानदारी से कीजिए, यही क्या कम ह...
- 24 अवतार ही क्यों, 25 क्यों नहीं बनाए?... 26 क्यों नहीं? 28 क्यों नहीं? 54 क्यों नहीं, 9 क्यों नहीं? तो क्या 24 ही हो सकते हैं? गायत्री मंत्र ...
- 24 गुरु ही क्यों?... 28 क्यों नहीं, 11 क्यों नहीं, 29 क्यों नहीं, 56 क्यों नहीं? 24 ही क्यों? 24 इसलिए कि गायत्री के 24 अ...
- 24 ही क्यों?... 24 इसलिए कि गायत्री के 24 अक्षर जो हैं, यही गुरु हैं, जिनमें से प्रत्येक अक्षर के अन्दर एक समग्र चीज ...
- 26 क्यों नहीं?... 28 क्यों नहीं? 54 क्यों नहीं, 9 क्यों नहीं? तो क्या 24 ही हो सकते हैं? गायत्री मंत्र के 24 अक्षर हैं...
- 28 क्यों नहीं, 11 क्यों नहीं, 29 क्यों नहीं, 56 क्यों नहीं?... 24 ही क्यों? 24 इसलिए कि गायत्री के 24 अक्षर जो हैं, यही गुरु हैं, जिनमें से प्रत्येक अक्षर के अन्दर ...
- 28 क्यों नहीं?... 54 क्यों नहीं, 9 क्यों नहीं? तो क्या 24 ही हो सकते हैं? गायत्री मंत्र के 24 अक्षर हैं। इसीलिए एक अक्...
- 30 साल के पीछे क्या हो गया?... 30 साल के पीछे जहाँ उन्होंने कोढ़ीखाना बनाया हुआ था, अब वहाँ एक विश्वविद्यालय बना हुआ है। ऐसा विश्ववि...
- 54 क्यों नहीं, 9 क्यों नहीं?... तो क्या 24 ही हो सकते हैं? गायत्री मंत्र के 24 अक्षर हैं। इसीलिए एक अक्षर को एक भगवान बताया गया। महर...
- 6 घण्टे की नित्य प्रति उनकी उपासना चलती है, लेकिन बाकी का कितना श्रम करते हैं, वह आपको मालूम है?... नहीं, आपको मालूम नहीं है। आपको ज्ञान है? नहीं, बिलकुल ज्ञान नहीं है। जानकारी है? हाँ, जानकारी तो आपक...
- 6 मील के लिए आप गाड़ी क्यों लाए?... नहीं साहब! नहीं गुरुजी! आपको हम इस तरह कैसे ले चलेंगे? आपको तो मोटर में ही चलना पड़ेगा। उसने बताया न...
- 96 पौण्ड का आदमी, भरी जवानी में कान्स्टीपेशन का मरीज और कितनी तरह की बीमारियों का मरीज कैसे जिन्दा रह सकता था?... शरीर है देवताओं का मन्दिर मित्रो! उन्होंने जबान के विरुद्ध लोहा लेने की ठान लीं। उन्होंने कहा ...
- अँगूठी कितने रुपये की है?... साढ़े छह सौ रुपये की है। डिब्बी को देखकर आप यह ख्याल करते हैं कि यह मखमल की बनी हुई है, चमकदार है, च...
- अंकुश क्या हो सकता है?... गायत्री मंत्र और क्या? गायत्री मंत्र के अन्दर जो प्रेरणाएँ भरी पड़ी हैं, दिशाएँ, धाराएँ भरी पड़ी हैं,...
- अंगुलिमाल जब तलवार चलाने को उद्यत हुआ तो उन्होंने कहा कि हमारे पास आकर तलवार चला, वहाँ से क्या दिखाता है?... पास आया तो काँपने लगा। जमीन पर गिरा तो भगवान बुद्ध ने उसकी तलवार को उठा करके अलग फेंक दिया। उन्होंने...
- अन्ततोगत्वा जो बच्चा था, वह रोने लगा कि अरे मेरी मम्मी को क्या हो गया?... अरे, मेरी मम्मी तो सुअरिया बन गई। हाय भगवान! यह क्या हो गया? तो भगवान बोले—अरे बेटा! तू भी वरदान माँ...
- अन्तर्राष्ट्रीय काम यों ही हो जाएगा क्या?... दूसरा संकल्प स्मारक बनाने का है, तो वह भी यों ही हो जाएगा क्या? चलो, उसे तो यह भी है कि हम अपने द्वा...
- अन्धकार से निजात, छुटकारा कैसे मिल सकता है?... निजात पाने का एक ही तरीका है कि हमको प्रकाश मिल जाए। यज्ञाग्नि हमको यही सिखाती है, पहला शिक्षण यही द...
- अन्धविश्वास से क्या काम निकलने वाला है?... इसलिए साधक को अपने जीवन में जीवन का परिष्कार करना पड़ता है। पात्रता का विकास करना पड़ता है। पात्रता ...
- अकल कहाँ से आती है?... आप कौन से स्कूल में पढ़े हैं? बेटे, कहीं भी नहीं पढ़े हम। ये जो सारी अकल बरसती है, वो आसमान से बरसकर...
- अकल कहाँ से बरसती है?... अकल कहाँ से आती है? आप कौन से स्कूल में पढ़े हैं? बेटे, कहीं भी नहीं पढ़े हम। ये जो सारी अकल बरसती ह...
- अकल नहीं है?... जाने दे अकल को। भावना नहीं है? मरने दे भावना को। भजन नहीं है? रहने दे भजन को। केवल शरीर को लेकर खड़ा...
- अकेला काम क्यों नहीं कर सकता?... 'अकेला चना भाड़ को नहीं फोड़ सकता' आप अकेले पुल नहीं बना पाएँगे; आप अकेले पहाड़ नहीं उखाड़ पाएँगे; आ...
- अकेला जूझा, अकेला कर लाया?... नहीं बेटे, व्यक्ति अकेला नहीं करता। उसके साथ में समूह होता है। संगठन में बहुत बड़ी शक्ति होती है। इत...
- अकेला नहर खोद लाया?... हाँ बेटे, पहले उसने अकेले खोदा और फिर उसको जन-सहयोग भी मिला।
घर-घर अलख जगाने आए गुरुदेव
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- अकेला रहे तब?... तब अकेला आदमी बिलकुल बेकार होगा। अकेला आदमी कहीं जंगल में रहने लग जाय, तो न बोलना सीख सकता है, न चलन...
- अकेली रहें तब?... केवल दफ्तर में जायँ और होटल में खाने लगें, तब? शादी न करें तब? ठीक है अपनी जीविका कमा सकती हैं, लेकि...
- अकेले क्या कर सकते थे?... श्रीकृष्ण भगवान् ने महाभारत, ग्रेटर इण्डिया विशाल भारत बनाने के लिये जो कोशिश की थी, महान् भारत यह ज...
- अकेले चलने के लिए क्या करना पड़ेगा?... आपको अपना अकेला संसार अलग बसाना पड़ेगा। उसी में रहिए या अपनी कोठरी अलग बना लीजिए। अपना कमरा अलग बना ...
- अकेले चलाएँगे तब?... बेटे, अकेले तो बहुत मुश्किल है।
अपनी भुजाओं की ताकत से, अपने पुरुषार्थ से, अपनी अकल से हम बह...
- अकेले बुद्ध ने किया था?... नहीं, अकेले बुद्ध ने नहीं किया। किसने किया? जो उनके साथ जुड़े थे, उन्होंने किया और शक्ति किनकी थी? श...
- अकल का फायदा कैसे उठाना चाहिए और अकल को किस रास्ते पर चलना चाहिए?... इस विधा का नाम था-ज्ञानयोग। ज्ञानयोग माने-‘साइंस ऑफ सोल’-अर्थात् अपने बारे में जानना। अपने कर्म ...
- अकल खराब करते हैं?... उनका नाम है—मूर्ख, जो कर्मकाण्डों को ही सब कुछ समझते हैं। साहब! फलाने स्वामी जी भंडारा कर रहे हैं। अ...
- अकल तो है नहीं, योग्यता तो है नहीं, विद्या तो है नहीं, पुरुषार्थ है नहीं, परिश्रम है नहीं, चांस है नहीं, पूँजी है नहीं, तो कैसे धनवान् हो जाएँगे?... आप तो गरीब-के-गरीब रहने वाले थे और गरीब ही रहने वाले हैं। क्योंकि आदमी को सम्पन्न बनाने के लिए तो अ...
- अकल तो है, पर कितनी बड़ी है?... जालिम अकल, बेईमान अकल, दुष्ट अकल, पापी अकल, पतित अकल और कमीनी अकल हमारे ऊपर बे-हिसाब रूप से हा...
- अकल न हो तो वकील किससे वकालत करते?... प्रोफेसर किससे काम करते हैं? साइंटिस्ट किससे काम करते हैं? व्यापारी किससे काम करते हैं? अकल से वे म...
- अकल न हो, तो ट्रेन किससे चलती?... अकल न हो तो वकील किससे वकालत करते? प्रोफेसर किससे काम करते हैं? साइंटिस्ट किससे काम करते हैं? व्याप...
- अकल ने क्या किया?... अकल की बड़ी महत्ता है।
लानत है ऐसी अकल पर
लेकिन मित्रो! ऐसी अकल के ऊपर लानत है। ऐ...
- अक्षत क्या है?... अक्षत बेटे, चावल है और क्या? कितना सौंपूँ? अच्छा यह बता कि दोपहर की रोटी खाता है, तो कितने चावल में ...
- अक्षत बेटे, चावल है और क्या?... कितना सौंपूँ? अच्छा यह बता कि दोपहर की रोटी खाता है, तो कितने चावल में तेरा पेट भर जाता है? महाराज ज...
- अक्षरों के उच्चारण को भजन कहते हैं?... अक्षरों के उच्चारण को भजन किसने कहा था? भजन में अक्षरों का उच्चारण भी शामिल है, लेकिन अक्षरों के उच्...
- अक्षरों के उच्चारण को भजन किसने कहा था?... भजन में अक्षरों का उच्चारण भी शामिल है, लेकिन अक्षरों के उच्चारण तक भजन को हम सीमाबद्ध नहीं कर सकते।...
- अक्षरों को जबान की नोंक से बार-बार रिपीट करते रहेंगे, तो आपको भगवान मिल सकता है, पैसा मिल सकता है?... दौलत मिल सकती है, सिद्धि मिल सकती है, चमत्कार मिल सकता है? अगर किसी ने यह बातें आपको बता दिया हो, तो...
- अखण्ड ज्योति के ग्राहक तो आप ही बनाएँगे और कौन बनाएगा?... हमें बनाना है, आपको बनाना है। आप हमारे हैं तो हमारा फर्ज भी होता है, हमारा कर्तव्य भी होता है, हमारा...
- अखाड़े का उस्ताद कहीं लड़ता है क्या?... पर यह बताता रहता है कि ये पकड़, यह क्या करता है, मालूम है क्या करता है? हाथ पकड़ता है-टाँग नहीं पकड़त...
- अगर आप नास्तिक हैं-तो नास्तिक कैसे होते हैं?... उन आदमियों को नास्तिक कहने में मुझे कोई ऐतराज नहीं है, जो घंटों बैठे-बैठे तरह-तरह की माला जपते रहत...
- अगर अकेला आदमी कमाने के लिए जाएगा, तो घर के सामान का क्या होगा?... कोई चोरी कर ले जाएगा तब? रखवाली के लिए तो कोई चाहिए ना। अगर बच्चे न पैदा करना हो तो अलग बात है, पर अ...
- अगर अकेले लड़ सकते, तो पांडवों की खुशामत क्यों करते?... पांडव बार-बार यही कहते रहे कि हमें यह लड़ाई नहीं लड़नी है। वे हमारे रिश्तेदार लगते हैं। हम तो भीख मा...
- अगर आदमी इस तरह अपना सुधार करता हुआ चला जाय, तो न जाने क्या से क्या हो सकता है?... मनुष्य भगवान बन सकता है।
महान उद्देश्य के लिए हुआ है मनुष्य का जन्म
नम्बर तीन—अध्यात्म के ग्रं...
- अगर आदमी इसी तरीके से बना रहा, तो उसका परिणाम क्या होगा?... अभी जितनी ज्यादा मुसीबतें आई हैं, आगे उससे भी ज्यादा आएँगी। इससे तो अच्छा होता अगर युद्ध हो जाता औ...
- अगर आप अपने आपमें सही हों तब और अपने आप में गलत हों, तब क्या हो सकता है?... मित्रो! यदि आदमी अपने आप में गलत हो, तो उसके व्याख्यानों का किसी पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। ऐसा...
- अगर आप अपने दिमाग के बैलेन्स को गड़बड़ा देंगे, तो काम कैसे चलेगा?... बड़ी मुश्किल खड़ी हो जायेगी। लेकिन मैं आपसे एक बात कह रहा था कि आपका एक शरीर और है, जो दोनों शरीरों के...
- अगर आप अपने माता-पिता का एहसान नहीं चुकाएँगे, तो कल आपके बच्चे कैसे आपकी कदर करेंगे?... मित्रो! इससे अच्छी प्रयोगशाला कहीं भी नहीं है। आपके अन्दर जो श्रेष्ठ गुण हैं, उसे आप कहाँ से सीखेंगे ...
- अगर आप इतना रुपया सात-आठ साल तक बचायें, तो कितना रुपया हो जाएगा?... उनने कहा-तीस लाख रुपये।मैंने कहा कि अगर गवर्नमेन्ट आपका बीस लाख रुपये ले ले, तो आपका क्या हर्ज होगा?...
- अगर आप इस तरीके से स्वावलम्बन सिखाएँ तब?... तब आपके ऊपर से वे बातें खतम हो जाती हैं। अभी तो आपको परिवार का भरण-पोषण इसलिए भारी पड़ रहा है कि आप अ...
- अगर आप इस रिश्ते को समझ सकते हों, तो आपको जरा विचार करना पड़ेगा कि समय क्या चाहता है?... महाकाल क्या चाहता है? युग क्या चाहता है? देवशक्तियाँ क्या चाहती हैं? और भगवान क्या चाहते हैं? भगवा...
- अगर आप इसे बेचना चाहें, तब?... किराये पर उठाना चाहे तब? तब इसके बहुत कम पैसे मिलेंगे। एक मजदूर को क्या मिल सकता है, बताना। देहात मे...
- अगर आप ईमानदारी से कमा नहीं सकते, मुनासिब जिन्दगी नहीं जी सकते, तो ऐसी जिन्दगी जीने से क्या फायदा?... ऐसी जिन्दगी मत जियें। इसका मतलब यह है कि आप गरीबी में गुजारा कर लें, कंगाली में गुजारा कर लें, तकलीफ...
- अगर आप उसकी महँगी मूल्य की कीमती चीजें पाना चाहते हैं, महँगे चमत्कार पाना चाहते हैं, तब?... तब मित्रो! आपको कर्मकाण्ड के साथ, क्रियायोग के साथ भावयोग का समन्वय करना चाहिए। कल मैंने इसकी ओर संके...
- अगर आप ऐसा करेंगे तो आपके भीतर से यह हूक उठेगी कि भावी जीवन की रूपरेखा क्या हो?... भावी जीवन की गतिविधियाँ क्या हों? भावी जीवन की प्लानिंग क्या हो? जिस तरीके से पंचवर्षीय योजनाएँ बनती...
- अगर आप ऐसे ही उलझे रहेंगे तो मैं आपको सच्चा अध्यात्म कैसे बताऊँगा?... नहीं गुरुजी ! आप ऐसा मंत्र बताइए जिससे पैसा मिल जाए, बेटा मिल जाए। चलो अभी बता देते हैं। क्या मंत्र ...
- अगर आप गरीब हैं और आपने अपने बच्चों को सुसंस्कारी बना दिया है, तब?... तब आपके बच्चे श्रवण कुमार के तरीके से आपकी आँखें जाने के बाद भी कन्धे पर काँवड़ में बैठाकर के तीर्थया...
- अगर आप तपस्वी जीवन जीने के सिद्धान्तों को स्वीकार करें और यह देखें कि हम वर्तमान जीवन-पद्धति में तपश्चर्या के सिद्धान्तों को कहाँ तक लागू कर सकते हैं?... अगर आपने ऐसा कुछ व्रत लिया है, तो आप सफल रहेंगे। आज मैंने तपश्चर्या के सिद्धान्त बताए। अगले दिनों मैं...
- अगर आप देने की आदत सीख लें तब?... तब आप अपने दिमाग को ऐसी चीजें दे सकते हैं कि आपका दिमाग कहे कि हमको लम्बी जिन्दगी जीने का मौका इन्होंन...
- अगर आप नीचे वाला नल बन्द नहीं करेंगे और सारा का सारा पानी नीचे निचोड़ देंगे तो फिर आपको ऊपर जाने के लिए बचेगा क्या?... फिर आप ध्यान किसमें लगाएँगे? आप ध्यान में प्रकाश कैसे पैदा करेंगे? आप बताइए मुझे, आपके अन्दर घी पहुँच...
- अगर आप पानी नहीं पिला सकते और भगवान को भोजन नहीं करा सकते, पीड़ित और पिछड़े हुए लोगों को उठाने के लिए आपकी भुजाएँ आगे नहीं बढ़तीं, तो फिर आप भगवान के विश्वासी कैसे हुए?... सन्त हृदय नवनीत समाना
मित्रो! मुझे एक कथा याद आ गयी। सन्त तुकाराम हरिद्वार गये और गंगाजल के दो घड़े ...
- अगर आप पिलायेंगे नहीं, तो आप शंकर जी को कैसे प्यार करेंगे?... भगवान दुखी हों और उन्हें बुखार आ जाय, तो क्या आप उन्हें पानी नहीं पिलायेंगे। आपको उन्हें पानी पिलाना...
- अगर आप बच्चे को डरायेंगे नहीं, और प्यार ही प्यार करते रहेंगे, तो देख लेना आपके बच्चे का क्या होता है?... बच्चा खराब हो जायेगा। इस जमाने में हमको दोनों को लेकर चलना है। एक सुधार का लेकर चलना पड़ेगा और एक प...
- अगर आप बुद्धिजीवी हैं, राजनेता हैं, कलाकार हैं, सम्पन्न हैं, लेकिन भावनाशील नहीं हैं, तो हमारे किस काम के?... आपको भावनाशील होना चाहिए। हमें भावनाशीलों की जरूरत है। अन्यथा हमारे मुहल्ले-पड़ोस में ढेरों मजदूर क...
- अगर आप बौद्धिक दृष्टि से, भावनात्मक दृष्टि से बालक हैं, तब मैं आपसे क्या कह सकता हूँ?... लेकिन अगर आप समझदार हो गये हैं और जिम्मेदार हो गये हैं, तो जिम्मेदारी और समझदारी आपसे यह कहती है कि ...
- अगर आप भगवान का हाथ बँटाते तो वह खुश होता, लेकिन आपने हाथ नहीं बँटाया तो वह क्यों खुश होने लगा?... इस सन्दर्भ में मुझे एक कहानी याद आ गई। एक राजा ने दो माली नौकर रखे और दोनों को एक-एक बगीचा दे दिया और...
- अगर आप भी मिल-जुलकर कार्य नहीं करेंगे, तो आप सब में प्रेम कैसे बढ़ेगा?... इसलिए आप सभी लोगों को मिलजुलकर सम्मेलन करना चाहिए।दूसरा काम यह है कि आप प्रज्ञा मिशन, जिसको प्रज्ञाव...
- अगर आप यह कहते हैं कि हम भगवान् की भक्ति से कोई ताल्लुक रखते हैं, तो आप यह जवाब दीजिए कि दैवीय सभ्यता के लिए, श्रेष्ठ आचरणों के लिए, लोगों के सामने अच्छी परम्परा स्थापित करने के लिए आपने क्या किया?... यही एक जवाब दीजिए और दूसरा हम कुछ नहीं सुनना चाहते। हमने इतना भजन किया, तो ठीक है-अपने भजन को डिब्बी...
- अगर आप यह मान लें कि आपको गंगाजी में मछली मारने का ठेका इक्यावन हजार रुपये में मिल जाए तो आप रोजाना गंगाजी में से कितनी मछली पकड़ेंगे?... आज कितनी पकड़ी गईं? आज साहब! चालीस मन पकड़ी गईं। दूसरे दिन अठारह मन पकड़ी गईं। और क्या करते हैं? साह...
- अगर आप यह समझ लें कि हमें अपने फर्ज पूरे करने हैं, तो बहुत अच्छा है, लेकिन साथ ही यह भी जान लें कि शरीर के साथ-साथ हमारे और क्या फर्ज हैं?... शरीर के साथ हमारा फर्ज यह है कि यह हमारा घर है, जीवात्मा का मन्दिर है, निवास स्थल है। इसको संयम के ...
- अगर आप ये समझते हैं कि शंकर जी कैसे हैं?... उनके गले में साँप, सर पर साँप, हाथ में साँप, तो फिर आपके सामने कोई भी समस्या उत्पन्न नहीं होगी। उन्ह...
- अगर आप रिफंड नहीं करेंगे, तो हम अपने और आपके छोटे-भाई को कैसे चुकायेंगे?... आप हमारा कर्ज मत मारना, नहीं तो अगले जन्म में तू बनेगा गधा और हम बनेंगे धोबी और मारे डण्डों के तेर...
- अगर आप स्वीकार करें कि हम तपस्वी जीवन जिएँगे, तब क्या हो जायेगा?... तब आपका बहिरंग जीवन, जो पंचतत्त्वों का बना हुआ है, जो पदार्थों से सम्बन्धित है, जो दुनिया से सम्बन्ध...
- अगर आपका मन संसार की ओर अधिक लगा हुआ है, तो आप आध्यात्मिकता की ओर कैसे बढ़ पाएँगे?... फिर आपका मन पूजा-उपासना में कैसे लगेगा? आप इस दिशा में आगे कैसे बढ़ेंगे? गोली चलाने वाला अगर निशाना...
- अगर आपका यह आत्मविश्वास है, तब?... तब फिर आपको आत्मनिर्भर व्यक्ति कहा जाएगा और आपको देवता कहा जाएगा।
देवता आत्मविश्वासी होते हैं...
- अगर आपका-दो रुपया खर्च भी हो जाये, तो क्या बेजा हो गयी?... गलती की क्या बात हो गयी? यह हमारी फिलॉसफी है, यह हमारी साइंस है, जो मनुष्य को देवता बनाती है और मनुष...
- अगर आपकी बेटी को हजार आदमियों के सामने नचाया जाये और लोग सीटियाँ बजाएँ, आवाजें कसें, तो क्या आपको यह पसन्द है?... आपकी बहन और बेटी का फोटो ले जाकर के कोई आदमी अपने कमरे में टाँग ले और गन्दी आँख से देखे, तो क्या आपको...
- अगर आपकी मरजी यही थी तो फिर आपने राम के नाम को झमेले में क्यों डाला?... जिस जगह जाना था, उसका टिकट क्यों नहीं लिया? नहीं साहब! हमको तो हरिद्वार जाना था। तो भाई साहब! आपने ऋ...
- अगर आपके पास कोई लक्ष्य नहीं है, आपका चिन्तन उच्चस्तरीय नहीं है और आपके क्रियाकलाप में किसी आदर्शवादिता का समावेश नहीं है, आप कीड़े-मकोड़े की तरीके से जीते हैं, हैवान के तरीके से जीते हैं, शैतान के तरीके से जिन्दा हैं, तो बेटे मैं आपके लिए क्या कह सकता हूँ?... इसलिए मित्रो! इस जमाने में मैं आपसे कुछ यही बातें कहने वाला था, मेरे मन में बहुत कसक थी और बड़ा डर ...
- अगर आपके भीतर ज्ञान नहीं आये, तब?... फिर आपको यह जञ्जाल जकड़े रहेंगे। भौतिक नहीं आत्मज्ञान पाएँ मित्रो! संसार में इतना बड़ा जञ्जाल है कि आप...
- अगर आपके मन में ऐसी स्कीम या योजना उठ सके, तब?... क्योंकि यह एक विशेष समय है और आप विशेष उद्देश्य और विशेष जिम्मेदारी लेकर के आए हैं। अगर आप इसको पूरा...
- अगर आपको भगवान की अथवा दैवीय शक्तियों की सहायता की जरूरत हो, तो आपको यह जानना चाहिए कि देवता आखिर क्या हो सकते हैं?... और दैवीय शक्तियाँ क्या हो सकती हैं? दैवीय शक्तियाँ—जिनको हम देवी-देवता कहते हैं, ये देवी-देवता कोई...
- अगर आपको कभी भगवान् के खजाने को देखने का अवसर मिले तो आप यह तलाश करना कि सबसे बेहतरीन चीज प्राणियों को देने के लिए उनके पास क्या हो सकती थी?... तब आपको एक ही बात का पता चलेगा कि भगवान् के पास सबसे कीमती दौलत, सबसे कीमती नियामत, सबसे कीमती संपदा...
- अगर आपको कुछ बनना है तो अपने कलेजे को चौड़ा कीजिए, हिम्मत को बड़ी कीजिए और जो कुछ भी आपके पास है, मैं नहीं जानता कि आपके पास क्या है?... अकल आपके पास है तो यही काफी है। पसीना आपके पास है तो यही काफी है। श्रम और समय आपके पास है तो यह भी ...
- अगर आपको शिक्षा प्राप्त नहीं होती, संस्कृति का ज्ञान न होता, समझदारी न होती, दूरदर्शिता, अकलमन्दी न होती, तो फिर आपकी क्या कीमत होती?... फिर कुछ कीमत नहीं होती। मुझे बहुत खुशी है कि हर व्यक्ति अपनी अकल को पैनी करने के लिए जो कुछ भी कर स...
- अगर आपने बेकार की बातें की तो?... अरे साहब! हम भगवान पर चन्दन चढ़ाएँगे, फूल चढ़ाएँगे। कहाँ पर फूल चढ़ाएँगे, जगह तो बताइए? कितना बड़ा भग...
- अगर आपने यह मान्यता बना ली कि शालिग्राम या शंकर भगवान की मूर्ति पर हम पानी चढ़ाएँगे, बेलपत्र चढ़ाएँगे, फूल चढ़ाएँगे, तो महादेव जी ऐसे औघड़दानी है जो तुरन्त प्रसन्न हो जायेंगे और हमारे बेटा पैदा कर देंगे तो बेटे, कहाँ से कर देंगे?... अगर इनको बेटा पैदा करने की शक्ति होती, तो इनके एक- एक पत्थर ने एक- एक बेटा पैदा नहीं कर लिया होता?...
- अगर आपसे यह पूछा गया होता कि आप पुष्पक विमान लेना पसन्द करेंगे, या मनुष्य का शरीर?... तब आप क्या कहते, मनुष्य के शरीर की कीमत आप समझते नहीं हैं, इसलिए आपसे मैं क्या कह सकता हूँ।...
- अगर इन अनुष्ठानों को यह सब न मिले तब?... तब वे मर जाएँगे। तब आपकी उपासना फल नहीं देगी। बेटे, कहाँ से देगी? उल्टे परेशानी ही पैदा करेगी।
छ...
- अगर इनका ठीक तरीके से इस्तेमाल होने लगे, तब इस्तेमाल होना इस बात पर टिका हुआ है कि आदमी की ईमानदारी और समझदारी को क्या बढ़ाया जा सकता है?... बेटे! एक ओर यह सपना है, जिसको हम स्वर्ग कहते हैं और दूसरी ओर विनाश के आधार खड़े हुए हैं, जिसको हम न...
- अगर इनकी सलाह मानें तो?... बेटे! सलाह मानेगा तो तेरे लिए आध्यात्मिक जीवन, श्रेष्ठ जीवन जी सकना कभी सम्भव नहीं हो सकेगा। इनकी सला...
- अगर इस माइक में करेंट हो और हम इसे पकड़ लें, तो करेंट हमारे भीतर आएगा कि नहीं आएगा?... जरूर आ जाएगा। और आप सारे-के-सारे लोग हमको पकड़ लें, तो क्या हो जाएगा बताइए? आप सबमें करेंट फैल जाएगा...
- अगर इसको बेच दें तब?... तब आपकी हो गई। क्यों साहब! आपसे घड़ी ले गए थे, वह खराब हो गई। हाँ बहुत पुरानी थी जो चीज हमारी है, जि...
- अगर ईमान हमारे और आपके भीतर हो तब, उदार हृदय हमारे पास हो तब?... पर हम तो हृदयहीन हैं। हृदय कहीं से धड़कता तो है, लपडप-लपडप करता तो है, पर यह लोहार की धौंकनी के तरीक...
- अगर उनके पास अकल नहीं होती तब?... तब वे जूता, चप्पल चुरा सकते थे, जेब काट सकते थे और कोई उठाईगीरी कर सकते थे। इससे ज्यादा वे कुछ नहीं ...
- अगर उलटा हो गया तब?... उलटा भी होता रहता है। आपको मालूम नहीं है पंजाबियों का, पाकिस्तान से जब पंजाब का बँटवारा हुआ था तो वह...
- अगर उस शक्ति का अपव्यय हमने रोका होता और उसे दूसरे कामों में खरच कर लिया होता, तो हम क्या-से बन सकते थे?... पुराने इतिहास तो मैं नहीं बताता, पर गाँधी जी का इतिहास तो बता ही सकता हूँ। उन्होंने बत्तीस वर्ष की उ...
- अगर उसने एक दिन का कुत्ते का खर्च पच्चीस रुपया दे दिया, तो क्या कर दिया?... और जिसको पाँच रुपये महीने भर में बचाना भी मुश्किल पड़ता है, उसमें से वह एक रुपया दे देता है, तो वह ...
- अगर ऐसा है तो फिर क्यों दरवाजे-दरवाजे पर भीख माँगते हैं?... क्यों दुनिया भर की चालाकी करते हैं? नहीं साहब! भजन में बड़ी ताकत है। कोई ताकत नहीं है। फिर किसमें ता...
- अगर कभी आपके पास सिद्धियाँ आयेंगी?... बता नहीं सकता, मुझे मालूम नहीं। लेकिन कभी आपके पास आयेंगी, तो आप खा नहीं सकते। उसको आपको खिलाना ही प...
- अगर किसी ने आपके साथ कोई बुराई कर ली या किसी ने दुःख भुगत लिए तो बार-बार कहने की जरूरत क्या है?... भूत सो भूत, गया सो गया। आप भूत पर विचार मत कीजिए। भूत से आप अनुभव तो इकट्ठा कर सकते हैं, लेकिन चिन्ता...
- अगर किसी ने पकड़ लिया और कहा कि अमुक विषय पर बोलिए, तब?... तब बेटे कह देना कि मैंने इतनी ही नकल की है। अब मैं कहाँ से बोल सकता हूँ। अरे महाराज, आप अपने जैसा वि...
- अगर कुछ भी न हो तो?... तो बेटे! ठंडक में रहने दे, तब भी दूध जम जाएगा।
अच्छा महाराज जी! यह बताइए कि कोई-सा जामन न लाऊँ, ...
- अगर कुधान्य खा लिया, तो मुझे वह कैसे पचेगा?... मैं तो स्वयं अपना ही कमाता हूँ और खाता हूँ और स्वयं ही बोता हूँ; स्वयं ही काटता हूँ। स्वयं अपना भोजन...
- अगर कोई आदमी यह कर सके तब?... तब मैं कहूँगा कि जीवन में वास्तविक अध्यात्म आ गया। वास्तविक अध्यात्म को प्राप्त करने के बाद में आप व...
- अगर कोई ताकत रही होती तो ये भजन करने वाले सवेरे से शाम तक क्यों बैठे रहते हैं और भीख माँगते रहते हैं?... अगर ऐसा है तो फिर क्यों दरवाजे-दरवाजे पर भीख माँगते हैं? क्यों दुनिया भर की चालाकी करते हैं? नहीं सा...
- अगर कोई देवता का बेटा है, तो उसके व्यवहार में और जीवन में क्या गुण आना चाहिए?... इसे हम पाँचों पांडवों के जीवन में देख लेते हैं। हमको सबसे अच्छी घटना पांडवों की याद आती है। हमको अज्...
- अगर कोई बैल मारने आएगा, तो आप गोबर करने लगेंगे, तो काम कैसे चलेगा?... आपको उत्साह आता है, उमंग आती है, तो आप काम करते हैं और जब आपकी हवा निकल जाती है तो आप चुपचाप हो जा...
- अगर कोई मुझसे पूछे कि सिद्धि किसे कहते हैं?... बाजीगरी को? बेटे, बाजीगरी को लानत है। जो आदमी बाजीगरी को आध्यात्मिकता की निशानी मानते हैं, उनको मैं ...
- अगर कोई वानप्रस्थी आ गए तो?... क्यों साहब! क्या बात है? सब ठीक है और एक हाथ से बीड़ी मसलते जा रहे हैं। कम-से-कम आपको शरम तो आएगी। आ...
- अगर कोई व्यक्ति यह कहेगा कि हमने तो भगवान की भक्ति कर ली, लेकिन मन की सफाई नहीं करते हैं, तो क्या हुआ?... भगवान के उद्देश्यों और आदर्शों पर नहीं चलते हैं, तो क्या हुआ? अगर कोई यह कहने लगा तो मैं उसे गलत...
- अगर खाने के लिए मिला होता, तो प्रत्येक जानवर को प्रत्येक प्राणी को समान रूप से मिला होता, फिर आदमी को ही क्यों ज्यादा मिलता?... बेटे, यह अमानत है। मनुष्य भगवान् का बड़ा बेटा है, वरिष्ठ राजकुमार है, इसलिए उसके पास अमानत सौंपी ...
- अगर जमाई से लड़ाई हो जाए और हमारी लड़की से तलाक ले ले तब?... तब वह हमारा जमाई नहीं है। तब कौन है? हमारा बैरी है और दुश्मन है। क्यों साहब! दो महीने पहले तो वह आपक...
- अगर जीभ को हम परिष्कृत कर लें तब?... तब आपकी जीभ ही सरस्वती बन जाती है, क्योंकि सरस्वती वहीं रहती है। नहीं साहब! सरस्वती पीपल के पेड़ पर...
- अगर तेरे लेक्चर को हम टेप करा करके भेज दें तो?... नहीं महाराज जी! टेप कराकर मत भेजिए। मुझे ही भेज दीजिए। चल बदमाश कहीं का! इस तरीके से सारे के सारे जे...
- अगर दुनिया की चाल बच्चे पर बच्चे के इसी हिसाब से बढ़ी तो आप देख लेना कि सौ वर्ष बाद क्या होता है?... तब दुनिया का सफाया हो जाएगा, खातमा हो जाएगा। आज हम एक चौराहे पर खड़े हुए हैं। इसलिए हम जो शुरुआत करत...
- अगर दूर-दूर तक फैली नहीं होती, तो सबको खाँसी क्यों आती?... सबको छींक क्यों आती? लाल मिर्च को जला देने से क्या हो गयी? वह सर्वत्र सूक्ष्म रूप में फैल गयी। सामाज...
- अगर दो आने के हीरे को जो मिट्टी में पड़ा हुआ था, उसको वहाँ से हटाकर हम उसे पाँच हजार का बना देते हैं, तो क्या हमने हीरे के ऊपर एहसान नहीं किया?... हाँ, हमने हीरे के ऊपर एहसान किया और उसे पहनने वाले के ऊपर एहसान किया है, अगर हमने गिरे हुए हीरे को व...
- अगर दोनों में मोहब्बत हो गयी, तब?... तब तो जैसे समुद्र मथा गया था और समुद्र मथने के बाद में दो बैरियों ने, दो विरोधियों ने आपस में यह मशव...
- अगर ध्यान न कर सके तो क्या हो जाएगा?... देख बेटे, तुझे मैं थोड़े से नाम बताता हूँ, जो ध्यान न कर सके, लेकिन किसी तरह से भगवान की कृपा प्राप्...
- अगर न करें तो?... तो बेटे! आप उसी पुराने जीवन में बने रहेंगे। आप नर-पशु बने रहेंगे। फिर आप क्या दे सकते हैं? यदि आप पि...
- अगर नये युग को आगे लाने वाला मुर्गा नहीं बोलेगा, तो क्या सबेरा नहीं होगा?... मुर्गा बोलता है, तो अच्छा मालूम पड़ता है कि अच्छा साहब! मुर्गा बोल गया। अब तो उठें। हाँ साहब! उठिए,...
- अगर नल और नील ने भगवान रामचंद्र से ठेका लिया होता और उसमें से आधा सीमेंट और आधी मिट्टी मिला करके खम्भे खड़े किये होते तब?... तब नल- नील का दिवाला निकल जाता, फिर वह पुल नहीं बन सकता था। टूट- फूटकर भरभराकर गिर जाता। फिर इस ...
- अगर नशा नहीं आए तब?... तब तो बैठा रह घण्टे भर तक, छह घण्टे तक बैठा रह, नशा तो आना चाहिए। भक्ति का नशा हमारी जिन्दगी में आना चा...
- अगर नहीं डालें तो?... तो बेटे देवता नाराज हो जाएँगे और शाप दे देंगे। पण्डित जी के यहाँ पत्रा दिखाने जाते हैं, अगर खाली हाथ ...
- अगर नहीं थी, तो बुद्ध को ढाई लाख आदमी कहाँ से मिल गये?... अगर विचारशीलता दुनिया में से खत्म हो गयी थी, तो गुरुगोविन्द सिंह के साथ-इतने सारे सिक्ख हाथ में मा...
- अगर नहीं मिलता तो ये क्यों चक्कर काट रहे हैं?... देखना, अभी तो बड़े-से-बड़े चक्कर काटेंगे, क्योंकि उनको भरोसा है, उम्मीद है कि हमें मिलेगा। भगवान करे...
- अगर पन्द्रह हजार आदमियों को ही लें, तो कितने हो गये?... सत्ताईस हजार लाख आदमी। ये कौन हैं? चौबीस घण्टे समर्पित व्यक्ति हैं। इस तरह हजारों आदमी सात-आठ घण्टे की...
- अगर परिवार न हो तब?... अकेला रहे तब? तब अकेला आदमी बिलकुल बेकार होगा। अकेला आदमी कहीं जंगल में रहने लग जाय, तो न बोलना सीख ...
- अगर पिता ने उसकी गोदी में जबरदस्ती बच्चा धकेल दिया है और माता की मनःस्थिति ठीक नहीं है, उसकी शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है तो वह अच्छा बच्चा कैसे पैदा करेगी?... स्वस्थ बच्चा कैसे पैदा करेगी? अगर वह शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ बच्चा पैदा भी कर दे तो वह बच्चा मानसिक...
- अगर पेट को फाड़ डाले या ठीक कर दें तो?... नहीं बेटे! यदि फाड़ना ही है तो आपको अपनी जीभ को फाड़नी चाहिए। अच्छा साहब! यदि जीभ को काट डाले तो फिर...
- अगर पेट जमा करके रखेगा, तो क्या हो जायेगा?... तो पेट फूल जायेगा, पेट में दर्द हो जायेगा। उल्टी हो जायेगी, दस्त हो जायेंगे। सौ बीमारियाँ पैदा हो जा...
- अगर पेड़ को बड़ा एवं ऊँचा बनाना हो तो क्या करना पड़ेगा?... इसके लिए सिर्फ एक काम करना पड़ेगा कि उसकी जड़ों के लिए गुंजाइश छोड़नी पड़ेगी। जड़ें जितनी गहरी होंगी...
- अगर पोषण मिला होता, तो वे जो सन्त, बाबाजी गंगाजी के किनारे, जमुना जी के किनारे बैठे रहते हैं और पण्डित लोग जो भीख माँगते रहते हैं, सारे दिन रामायण का पाठ करते रहते हैं, इनके अन्दर आपको कोई तेज दिखाई पड़ता है?... इनके अन्दर कोई वर्चस्, आपको दिखाई पड़ता है? इनके अन्दर कोई गौरव दिखाई पड़ता है? इनके अन्दर कोई जीवन ...
- अगर फूल चढ़ा दिया, तो उसके गुण हमको ध्यान रखने चाहिए कि हमें अपनी जिन्दगी में क्या करना है?... हमें क्या करना है? यह बिना बोलने वाला फूल अपनी मूकवाणी से सिखाता है।
मित्रो! दीपक से क्या मतलब ह...
- अगर बच्चा अकेला हो तब?... तब वह गाय के बच्चे की तरीके से, बन्दर के बच्चे की तरीके से अनगढ़ रहेगा। परिवार के बीच रहकर बच्चों को व...
- अगर बच्चे के अंग में गन्दगी लगी है, तो उसे हम कैसे गोद ले सकते हैं?... जो बड़े काम करना चाहते हैं और छोटे काम से जी चुराते हैं, उनकी सफलता सन्दिग्ध ही बनी रहती है। नहीं साह...
- अगर बच्चे के पर्चे अच्छे नहीं, खराब गये, तो क्या यह आपके हाथ की बात है?... नहीं साहब! यह पराये हाथ की बात है। महत्त्वाकांक्षाएँ, जो हमने सँजो रखी हैं, हर महत्त्वाकांक्षा की पू...
- अगर बीच में भागोगे, तो काम कैसे बनेगा?... इससे बड़ी मुसीबत होगी। अगर कोई बैल मारने आएगा, तो आप गोबर करने लगेंगे, तो काम कैसे चलेगा? आपको उत्स...
- अगर बीच-बीच में वह व्यक्ति भागेगा, तो वह वापस कैसे आएगा?... महापुरुष आखिरी दम तक अपने उद्देश्य पर डटे रहे, संकल्प पर अडिग रहे, अपने स्थान पर बने रहे। वे बीच म...
- अगर भगवान आपके पास आए, तब क्या करना पड़ेगा?... तब बेटे! रोम-रोम साफ करना पड़ेगा। अपनी नस-नस साफ करनी पड़ेगी। इससे कम में काम नहीं चल सकता। गन्दगी मे...
- अगर भगवान की विशेषता न आए तब?... तब बेटे, शर्त है कि आप पकड़ क्या रहे हैं? लीजिए पकड़ लिया और चिल्लाए—भाई साहब! करेंट आ गया-करेंट आ ग...
- अगर भगवान के साथ में मनुष्य जुड़ जाए, तब?... तब भगवान की सारी विशेषताएँ इनसान के भीतर दिखाई पड़ेंगी। इनसान के भीतर भगवान के गुण, भगवान के कर्म, भ...
- अगर भगवान मनुष्य में शामिल हो जाएँ तो?... नहीं बेटे! ऐसा नहीं हो सकता। नहीं साहब! भगवान तो मनुष्य की मनोकामना पूरी करने में कोई दिलचस्पी नहीं ...
- अगर भगवान् श्रीकृष्ण ऐसे रहे हों, तो क्या पता चलता है?... महाराज जी! हमने तो बहुत सुन्दर देखे हैं। हाँ बेटे। आपने सुन्दर देखे हैं। उसी सुन्दरता को लेकर हम...
- अगर भगवान् सोया करेंगे, तो सूरज, चाँद कैसे उगेगा?... हवाएँ कैसे चलेंगी? जीव-जंतु पेड़-पौधे कैसे पैदा हो जाएँगे? भगवान् सो नहीं सकता, हवा सो नहीं सकती, ग...
- अगर भूख न होती तब?... तब हर जानवर चुपचाप पड़ा रहता। मगरमच्छ एक बार किसी जानवर को निगल लेता है, तो फिर चुपचाप पड़ा रहता है।...
- अगर मच्छरों की दुनिया कहीं हुई और मच्छरों की दुनिया में भगवान की भक्ति का विस्तार कहीं फैल गया तब?... भगवान क्या इनसान के रूप में आएँगे? नहीं, इनसान के रूप में नहीं, मच्छर के रूप में आएँगे, क्योंकि यह ज...
- अगर मन नहीं लगा, तो बेगार भुगतने के तरीके से, लकीर पीटने के तरीके से कोई भजन-पूजन कर लेंगे, तो इससे क्या परिणाम निकलने वाला है और क्या फल मिलने वाला है?... कुछ परिणाम नहीं निकलेगा। लकीर पीटने से किसी को क्या मिला है? कुछ नहीं। लकीर पीटने के हिसाब से घर का ...
- अगर मनुष्य के भीतर से प्राण निकल गया, तो फिर वह मनुष्य कैसे हो सकता है?... और हमारे भीतर से शरीर निकल जाए, तो क्या हो जाएगा? तो फिर हम हो जाएँगे—भूत।
भूत कैसा होता है?...
- अगर मर्द भाग जाये तो?... तो सब जायें और उसको पकड़कर लायें जैसे पागल कुत्ते को पकड़कर लाते हैं और वैसे ही बाँधकर उसको जला दें उस...
- अगर माता-पिता जीवित हैं, तो बच्चे उनसे झगड़ा करते हैं कि आपने हमें पैदा किया है, तो आपका कर्तव्य होता है, फर्ज होता है कि हमारे लिए धन लाइए, क्यों लाइए?... किस कारण से लाइए? किसके लिए लाइए? इसकी वजह बताइए? जबकि पढ़ा-लिखाकर नौकरी से लगा दिया है। शादी-ब्याह ...
- अगर मैं जाऊँ शंकर भगवान के सामने तो?... बेटे! तू ऐसे वक्त जाना जब महादेव जी सोकर के नहीं उठे हों। सोकर के उठते ही शायद आँखों को मलते हों और ...
- अगर मैं तुझे अकेला चावल ही खिलाऊँ तो?... सारे दिन में तो केवल चावल डेढ़ पाव से आधा किलो खा सकता हूँ, अगर आप दूसरी चीज, दें तब। बेटे, भगवान जी ...
- अगर मैं बैठा रहूँ और सिर में से पानी निकलता रहे तो पानी जमीन पर गिरेगा और बहता चला जाएगा, लेकिन मैं कभी सोऊँ तब, करवट लूँ तब?... पानी मेरे सिर में से निकलता है तो नाक में, कान में और मुँह में घुसेगा कि नहीं, फिर मैं मरूँगा कि जिऊ...
- अगर यह उपार्जन इन्होंने नहीं किया है, तो सामान्य मनुष्यों की अपेक्षा उनमें ये विशेषता क्यों दिखाई पड़ती हैं?... जिनके अन्दर कुछ विशेषताएँ दिखाई पड़ती हैं, मित्रो! उनके कुछ विशेष कर्तव्य और विशेष जिम्मेदारियाँ हैं...
- अगर यह कसावट न होती तब?... तब हम कुछ नहीं कह सकते। हाँ, जप की संख्या तो पूरी हो जाती। संख्या पूरी हो जाने के बाद में कोई परिणाम...
- अगर यह योजना चलेगी तो क्या होगा?... भावी योजना के बारे में मैं आपको बता रहा हूँ कि इसमें हम यह प्रयत्न करेंगे कि आदमी को तपस्वी बनाएँ। त...
- अगर यही क्रम बना रहा और जनता अपने नागरिक कर्तव्यों को नहीं समझती, नागरिक जिम्मेदारियों को नहीं समझती तो फिर यही होगा कि जो कोई व्यक्ति या पार्टी अमुक लोभ दिखाएगा, कोई पैसा दिखाएगा,कोई भय दिखाएगा, कोई जाति-बिरादरी की बातें कहेगा, कोई क्या कहेगा?... कोई क्या कहेगा? उसी को समर्थन मिलता जाएगा।...
- अगर ये आपके भीतर है, तो आप क्या क्रिया करते हैं, क्या नहीं करते?... चलिए आपकी क्रिया घटिया किस्म की हो तो भी मैं यह कहूँगा कि आप योगी हैं, आप सन्त हैं, आप तपस्वी हैं और ...
- अगर ये चीजें नहीं मिलती होंगी, तो बताइये हम क्या करेंगे?... बियर पीने को न मिली तो हम क्या करेंगे स्वर्ग में? स्वर्ग के बारे में यह बातें असत्य हो सकती हैं, पर ...
- अगर ये पचास लाख आदमी स्वर्ग में जाएँगे, तो वहाँ रहेंगे कहाँ?... हर साल में कितनी सोमवती अमावस्या होती हैं? चार-पाँच तो होती ही हैं, तो महाराज जी! ये तो दो करोड़ आदम...
- अगर ये बकरा काटने वाली हैं, तो जो हमारे पड़ोस में कसाई रहता है, उसमें और इसमें क्या फरक है?... नहीं साहब! ये तो देवी जी हैं। माँस तो ये भी खाती हैं और वो कसाई भी खाता है, तभी तो मैं इसे कसाई कह र...
- अगर ये बातें मनुष्य को याद नहीं हैं, उसे केवल किसी मन्दिर की मूर्ति की शक्ल भर याद रहती है, तो कैसे कहा जाए कि इस आदमी को भगवान् याद है और वह भगवान् को भूला नहीं है?... साथियो! लोग भगवान् को भूलते जा रहे थे और भूल रहे हैं। इसीलिए उनको स्मरण दिलाए रखने के लिए मन्दिरों ...
- अगर ये बातें मनुष्य को याद नहीं हैं, उसे केवल किसी मन्दिर की मूर्ति की शक्ल भर याद रहती है, तो कैसे कहा जाए कि इस आदमी को भगवान याद है और वह भगवान को भूला नहीं है?... साथियो! लोग भगवान को भूलते जा रहे थे और भूल रहे हैं। इसीलिए उनको स्मरण दिलाए रखने के लिए मन्दिरों की ...
- अगर ये माध्यम नहीं होंगे, तो हम किस तरीके से आपको सिखा पाएँगे?... ब्लैकबोर्ड हमारे पास नहीं होंगे, खड़िया हमारे पास नहीं होगी तो हम आपको गणित कैसे सिखा पाएँगे? जरा आप...
- अगर रंगा हुआ हो, तो फिर क्या कहना?... बेटे, हमने आपको धुना है। किस तरह से? इस तरह से धुना है जैसे कि रुई धुनी जाती है। शुरू में रुई जरा ...
- अगर रामचंद्र जी हमारे सामने आकर खड़े हो जायँ, तो हम कड़वे वचन बोलेंगे?... उनको गालियाँ देंगे? उनके सामने बुरा व्यवहार करेंगे? नहीं करेंगे। हमारे व्यवहार में मिठास आ जायेगी।...
- अगर रीछ को, बन्दर को, साँप को, शेर को साध लेना सम्भव है तो अपने जीवन को साध लेना क्या सम्भव नहीं है?... जीवन को साध लेने का नाम ही साधना है।
गुणों को साधिए
क्यों साहब! हमने सुना है कि जो ल...
- अगर लड़कियाँ हों तो?... तो क्या लड़कियाँ बुरी होती हैं। नहीं साहब! लड़का तो होना ही चाहिए। हमारा वंश तो चलना ही चाहिए।
म...
- अगर लोग ये कहें कि आपकी संस्था में जाकर हमने क्या पाया है?... हमने एक ही चीज दी है लोगों को। क्या? हमने आपको छीला है, हमने आपको तराशा है। हमने आपकी पहल काटी है और...
- अगर लोगों से यह पूछा जाय कि चोरी करना अच्छा होता है कि ईमानदारी से रहना अच्छा होता है?... चोरी करना खराब बात है और ईमानदारी से रहना अच्छी बात है। जो व्यक्ति चोरी किया करते हैं, वे भी ईमानद...
- अगर वह नकली धन हो तब?... तब उससे हम कुछ नहीं खरीद सकते। हजार रुपये का नकली नोट दीजिए और दुकानदार से कहिए कि भाई साहब! हजार रु...
- अगर वह मंत्री आए और आपके ऊपर प्रभाव डाले तो क्या कोई प्रभाव पड़ सकता है?... नहीं, कोई प्रभाव नहीं पड़ सकता। लेकिन दक्षिण भारत के रहने वाले केरल निवासी जगतगुरु शंकराचार्य केरल...
- अगर वहाँ भगवान की भी मिट्टी पलीद हो जाए तो हर्ज की क्या बात है?... बेटे ! हमको माँस खाने की आदत है। उस आदत को पूरा करने के लिए हम देवी का बहाना लेते हैं और देवी पर बकर...
- अगर विचारशीलता दुनिया में से खत्म हो गयी थी, तो गुरुगोविन्द सिंह के साथ-इतने सारे सिक्ख हाथ में माला और भाला ले करके अपनी जान कुर्बान करने के लिए कहाँ से आ गये थे?... फिर महात्मा गाँधी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कहाँ से मिल गये थे? समझदार आदमियों को ढूँढ़ने के लिए...
- अगर विनोबा भावे ने एम० ए० कर लिया है या कई भाषाएँ पढ़ ली हैं तो कौन सी नई बात हुई?... कोई खास बात नहीं है। मित्रो! उनके अन्दर क्या विशेषता है? उनकी दृष्टि, उनका चिन्तन, उनकी मान्यताएँ, उनक...
- अगर वे भी खर्च हो गये तो महीने भर खायेंगे क्या?... साहब! अपने भाई को अँगूठी नहीं दूँगी, तो उन्हें अपना मुँह कैसे दिखाऊँगी। आप मेरे लिए कपड़े बनवा कर लाइ...
- अगर शंकराचार्य ने भगवान् की पुकार न सुनी होती तब?... तब बेटे यही होता, जो हमारा-आपका हुआ है। क्या हो जाता? नौ बेटे और ग्यारह बेटियाँ होतीं। एक बच्चा ...
- अगर शरीफ आदमी न मिलते तो क्या करते?... तब श्रीकृष्ण भगवान् ने जो लीला करके दिखाई, वही वे भी करते। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि तू लड़,...
- अगर शिक्षा न होगी तो आदमी अपने शरीर को कैसे सँभाल पायेगा?... समाज के साथ किस तरीके से तालमेल बिठा पायेगा? अपनी अकल का उपयोग किस तरीके से कर पायेगा? इन सब जानकारि...
- अगर संकल्प न होता तब?... व्रत नहीं लिया होता तब? निश्चय न किया होता तब? तब फिर सम्भव नहीं था। संकल्प कर लेने के बाद तो आदमी ...
- अगर संस्कारवान नहीं बनाया, तब?... तब भाई साहब! मैं किसके-किसके किस्से सुनाऊँ? आपको औरंगजेब का किस्सा बताऊँ, आपको शाहजहाँ का किस्सा बता...
- अगर सच में कहीं भूत मिले, तो मैं उनसे बहुत प्यार की बात करूँगा और कहूँगा कि दोस्त अभी तो मैं किताबों में पढ़ता रहता था कि मरने के बाद क्या होता है?... अब तो तुम अच्छे मास्टर मिल गये हो, आओ इधर बैठते हैं। बताओ तो सही तुम्हारी दुनिया कैसी है? नहीं साहब!...
- अगर सबको फायदा होता है, तो मुझे एक दिन बिना घी के रोटी खानी पड़े तो क्या?... आप बाँट दीजिए। घी कहाँ गया? जल गया? नहीं। फिर क्या हुआ? वह हवा में फैल गया। हमने घी को जलाया नहीं है...
- अगर स्वयं त्याग करने का माद्दा हमारे भीतर विकसित नहीं हुआ है, तो हम कौन सी वाणी से और कौन से शब्दों से और कौन से बोलों से लोगों से यह कहेंगे और कहने में समर्थ होंगे?... मित्रो! बचपन में मैंने जुलाहे की एक कहानी सुनी थी। उसने एक दिन किसान को देखा कि उसके खेत में बहुत ...
- अगर स्वामी केशवानन्द कलेक्टर होते तो क्या वे इतने महत्त्वपूर्ण कार्य करने में समर्थ हो सकते थे?... उन्होंने साढ़े तीन सौ गाँवों में स्कूल बना दिये, सात कॉलेज बना दिये और जनता को स्वावलम्बी बना दिया।...
- अगर हम अपने दिमाग को सन्तुलित और नियंत्रित कर लें तब?... अन्यथा हमारा मन दो कौड़ी के लोभ में फँसा रहता है और हम लोभ की दलदल में फँसते चले जाते हैं। मन ही हमा...
- अगर हम आपको कोई पद सौंप दें और अमुक काम सौंप दें, तो इससे कोई काम बना है?... नहीं, इससे कोई काम नहीं बना है।मित्रो! काम किससे बनता है? काम उससे बनता है जिस जीवात्मा के भीतर प्रक...
- अगर हम आपको बाहर न भेजें, तो यहाँ कैसे सिखा सकते हैं?... यहाँ लोकसेवी थोड़े ही रहते हैं ! यहाँ तो हमीं लोग रहते हैं, तो हमें क्या सिखाएँगे। बाहर वालों को सिख...
- अगर हम आपको बेहतरीन, अच्छा वाला टीटागढ़ का कागज लाकर दे दें और पार्कर का पेन दे दें तथा स्वॉन की स्याही लाकर दे दें, तो आपका यह ख्याल है कि आप एम०ए० पास कर सकते हैं?... क्या आपका यह ख्याल है कि आप बी०ए० फर्स्ट डिवीजन ले आएँगे? अगर आपका यह ख्याल है, तो गलत है। अगर आप फा...
- अगर हम कोई उपासना न करें?... आप कोई उपासना मत कीजिए। बस, दो उपासनाएँ कर लीजिए। मैं आपसे वायदा करता हूँ और वचन देता हूँ कि आपकी जी...
- अगर हम घूरे की पूजा नहीं करेंगे, तो किसकी पूजा करेंगे?... ये बेजान घूरा है, बेजान चक्की है, पर हम तो बेजान नहीं हैं, हममें तो जान है। हर जानदार का एक फर्ज ह...
- अगर हम चोर और बेईमान होते, तो जो हमारी पिताजी की दी हुई सम्पत्ति थी, वह सारी-की-सारी सम्पत्ति हम अपने गाँव का हाईस्कूल बनवाने के लिए क्यों दे जाते?... इसके अलावा जो कुछ भी रह गया, वह सारा-का-सारा हमने गायत्री तपोभूमि बनाने में दान कर दिया। पैसा हमार...
- अगर हम दरवाजे तक कुत्ते की टट्टी का ढेर लगा दें तब?... तब मित्रो! गवर्नर साहब कहेंगे कि ये बड़े घटिया आदमी हैं। भगवान के लिए तो कुछ भी नहीं करना पड़ेगा। बस...
- अगर हम पंचकोश की साधना करना चाहें और कुण्डलिनी की साधना करना चाहें तो?... बेटे, यह इंडोर पेशेन्टों का इलाज है। जब किसी का ऑपरेशन होना होता है, तो मरीज को अस्पताल में भर्ती ...
- अगर हम पसीना नहीं निकालें तब?... पेशाब न करें तब? साँस नहीं लें तब?...
- अगर हम पीला कपड़ा पहन लें तो क्या वैकुण्ठ को चले जाएँगे?... नहीं बेटे! कहीं नहीं जाएगा, चाहे पीला कपड़ा पहन ले, चाहे हरा पहन ले। इससे क्या बनता है? हम तो यह याद...
- अगर हम प्रार्थना न करें, पूजा न करें तो?... तो फिर जिस तरह आप टिकट के लिए स्टेशन मास्टर के पास जाएँ और चुपचाप खड़े रहें, कुछ न कहें। क्या मतलब ह...
- अगर हम शादी-ब्याह करते तो बीबी क्या रामचंद्र जी की सेवा करने देती?... फिर वह कहती कि रामचंद्र जी से तनख्वाह लाइए, बोनस लाइए, प्रॉवीडेंट फंड लाइए। नंबर दो की कमाई लाइए। और...
- अगर हमको भगवान पर विश्वास हो, तब?... तब हमारे सोचने के तरीके अलग हो जायेंगे।
रामायण का सारांश
आप लोगों ने कदाचित रामायण पढ़ी हो। राम...
- अगर हमको ये चीजें न मालूम पड़ें, तो फिर मुरदे आदमियों को ढोने में क्या आनन्द आता है?... लाशों को ढो-ढोकर हम कहाँ डालेंगे? सड़े हुए बदबूदार आदमियों को हम कहाँ कन्धे पर लिए फिरेंगे? मित्रो! ...
- अगर हमारा तीसरा नेत्र खुल जाय तब?... तब हमको आज की बात चाहे दिखाई पड़े, चाहे न दिखाई पड़े, लेकिन भविष्य हमको दिखाई पड़ेगा। फिर उज्ज्वल भवि...
- अगर हमारा बुद्धिवाद जिन्दा रहेगा और हमारा अर्थशास्त्र जिन्दा रहेगा तो फिर क्या होगा?... अर्थशास्त्र के हिसाब से हमने, आपने, हरेक ने स्वीकार कर लिया है कि बुड्ढे बैल को कसाई के यहाँ जाना चा...
- अगर हमारा मस्तिष्क इन सबसे भरा हुआ हो, तो हम क्या काम करें?... बेटे, तब हम जलने की बात सोचें, जलने की बात सीखें, दूसरों के फायदे की बात सीखें, कुरबान होने की बात स...
- अगर हमारा सम्बन्ध भगवान् से हो तो फिर क्या कहना?... मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री हमारे पास आये और यह कहा कि गुरुजी हमें एक दिन के लिए ही मुख्यमंत्री बना...
- अगर हमारी भी तीसरी आँख भगवान शंकर की तरीके से खुली हुई हो, तब भगवान शंकर जाने क्या से क्या सिखाते हैं?... भगवान शंकर के शरीर को जब हम देखते हैं, तो मालूम पड़ता है कि वे भस्म लगाये हुए हैं। वे मरघट में निवा...
- अगर हमारे आपके जैसा घटिया आदमी जापान का गाँधी कागावा होता तो?... पर कागावा की तमन्नाएँ वो थीं, जो आध्यात्मिक मनुष्यों की होनी चाहिए। उन्होंने कहा मुझे जापान की सेवा ...
- अगर हमारे कलेजे छोटे हों तब?... बेटे! तब हमारे पास पैसा-दौलत हो जाए तो क्या? ज्ञान हो जाए तो क्या? भक्ति हो जाए तो क्या? विद्या हो ज...
- अगर हमारे जीवन का लक्ष्य यह है कि हम दुनिया की सुविधाएँ इकट्ठी करें, दौलत इकट्ठी करें, चीजें इकट्ठी करें और हम दुनिया में अपनी ख्वाहिशें पूरी करें और हम दुनिया के ऐशो-आराम इकट्ठे करें तब?... तब पूजा−पाठ सम्भव तो है, नामुमकिन तो नहीं है, लेकिन वह ऐसा हो जायेगा, जैसे कि घर में दूसरे लो...
- अगर हमारे पास ईमानदारी न हो और हम कर्तव्यों को समझते न हों, हमको अपने हित का ध्यान न हो, ज्ञान न हो, नागरिक कर्तव्यों-अधिकारों का अनुभव न हो, तो क्या होगा कि जब कभी भी वोट देने का वक्त आयेगा तो इस बात की जिम्मेदारी का अनुभव हम नहीं करेंगे कि कहाँ और किसको वोट देना चाहिए और किसे नहीं देना चाहिए?... तब हम क्या करेंगे? तब हम सिर्फ यही करेंगे कि जहाँ हमारा स्वार्थ प्रेरित करेगा, जो कोई आदमी जीप म...
- अगर हमारे पास उनके ठहरने, खाने, व्याख्यान आदि का प्रबन्ध हो तो हम क्यों बुलाएँगे पच्चीस महिलाएँ?... फिर हम एक महीने के शिविर में एक हजार महिलाएँ बुला सकते हैं और एक हजार गाँवों में महिलाओं के विद्यालय...
- अगर हमारे भीतर चोर नहीं है, तो फिर हमको कौन डरा सकता है?... कोई नहीं डरा सकता।हम ईमानदारी से जीवनयापन करते हैं, फिर हमारे ऊपर कोई कैसे अँगुली उठा सकता है? अँग...
- अगर हमारे भीतर से प्राण निकल जाए, तो क्या हो जाएगा?... फिर बेटे! हम लाश हो जाएँगे। हमारा नाम क्या हो गया? लाश। फिर मनुष्य भी—मनुष्य नहीं रह जाता। अगर मनुष्...
- अगर हमारे मन में काम के प्रति उत्साह पैदा न हुआ, तो मैं नहीं जानता कि काम हमारे लिए किसी तरह का फायदेमन्द हो सकता है?... नहीं हो सकता है। ऐसा कार्य हमारे लिए बेगार के तरीके से बना रहेगा। इस तरह बेकार किये हुए काम से हम ...
- अगर हमारे, आपके जैसा घटिया आदमी जापान का गाँधी कागावा होता तो?... पर कागावा की तमन्नाएँ वो थीं, जो आध्यात्मिक मनुष्यों की होनी चाहिए। उन्होंने कहा "मुझे जापान की सेवा...
- अगर हैवान नहीं मर सका, शैतान नहीं मर सका, तो देवत्व क्यों मरेगा?... भगवान क्यों मरेगा और इनसान क्यों मरेगा? इनसान-इनसान को देखकर आकर्षित होता है और भगवान-भगवान को देख क...
- अगले जन्म की बात कौन कर रहा है?... हम तो इसी जन्म की बात कहते हैं। अरे साहब! अगले जन्म में सन्त हो जाएँगे, स्वर्ग में चले जाएँगे। नहीं ब...
- अगले दिनों क्या हो जाएगा?... यही हो जाएगा। अमेरिका का बिलकुल यही हाल है; क्योंकि वहाँ तो आधुनिक संस्कृति है। आपकी संस्कृति देव सं...
- अगले दिनों में क्या होगा?... अगले दिनों में बुद्धिवाद आएगा। और क्या आएगा? अर्थशास्त्र आएगा। अर्थशास्त्र क्या कहेगा? अर्थशास्त्र य...
- अगले दिनों में क्या होगा?... बेटे, जाति और वंश की समता आ जायेगी। नीचा-ऊँचा जाति के आधार पर नहीं रहेगा। नीचे और ऊँचे रहते थे और रह...
- अगले दिनों में जब नए युग का निर्माण होने जा रहा है, तो इसके सिद्धान्त क्या होंगे, आदर्श क्या होंगे?... क्रियाकलाप क्या होगा? यही बतलाने के लिए हमने यह शिविर बुलाया है। इसका मतलब कुटुँब एवं पारिवारिकता है...
- अगले दिनों यदि नीति के सिद्धान्तों, धर्म के सिद्धान्तों, दया के सिद्धान्तों, परोपकार के सिद्धान्तों, चरित्रनिष्ठा के सिद्धान्तों आदि का सफाया हो जाएगा तब?... तब हमको भय है कि जब मछली-मछली को खा सकती है तो आदमी-आदमी को क्यों नहीं खा सकता? सौ वर्ष बाद अगर यही ...
- अगले दिनों विश्व में क्या होने वाला है?... विश्वमाता का जो यह अवतार होने वाला है, इसका एक आधार है—समता। और दूसरा आधार है—एकता। अब हम बिलगाव के,...
- अग्नि जो हमारा पुरोहित है, जो हमारा मार्गदर्शक है, वह हमें क्या सिखाता है?... बोलता तो जरूर नहीं है, बात-चीत भी नहीं करता। लिखना-पढ़ना भी नहीं जानता, लेकिन जिसको हम वास्तविक शिक्...
- अग्नि हमें और क्या शिक्षा देती है?... यही शिक्षा देती है कि जो कोई भी चीज अपने भीतर डाली जाए, वह गरम रहनी चाहिए और उसे अपने समान बना लेना ...
- अग्निहोत्र क्या नसीहत देता है?... यह नसीहत देता है कि जब तक आग जिन्दा रहती है, तब तक गरम रहती है, हमारे जीवन में भी गरमी बनी रहनी चाहिए...
- अचेतन मन की जाग्रत अवस्था पेट में आने से लेकर पाँच वर्ष तक की है और चेतन मन?... चेतन मन का विकास पाँच वर्ष से लेकर शुरू होता है और वह जीवन के अन्तिम समय तक चला जाता है।...
- अच्छा कितने एक्सरे हुए?... कोई नहीं हुआ। कितने इंजेक्शन लगे? एक भी नहीं लगा। वे नाराज हुए और कहने लगे कि आप लोग क्या करते रहे...
- अच्छा किया, लेकिन अब वह मर गया, तो हम क्या कर सकते हैं?... जिन्दा हो गया, तो क्या हमारे हाथ की बात है? बीमार के लिए जो भी काम आप कर सकते हैं, फर्ज समझकर कीजि...
- अच्छा तू पकड़ लायेगा?... हाँ महाराज जी! मेरे पास ऐसी विद्या आ गयी है, ऐसे जादू आ गये हैं कि मैं उससे सारे देवी- देवताओं को ...
- अच्छा देखो, यह भी कह रहा है कि हमको मालूम था कि ऐसा हो रहा है और हम खाँसते रहे, पर हम कर क्या सकते थे?... सुनकर हम भी चुपचाप पड़े रहे। देखो, यह भी बड़ा मक्कार है। इस बुड्ढे को भी पकड़कर ले चलो। बुड्ढे को गाल...
- अच्छा भाई तुम्हारा नम्बर कौन सा है?... दस है। देख लो, एक आदमी जिन्दा हो गया न। हाँ साहब! हो गया। इतना कहकर वह आदमी सब सामान लेकर चला गया। ...
- अच्छा अब आप यह बताइए कि आपने किसी के व्याख्यान सुने हैं कि नहीं?... हाँ साहब! हजारों व्याख्यान सुने हैं। व्याख्यान सुनाने वालों के प्रति आपका कोई मोह इकट्ठा हुआ कि नहीं...
- अच्छा आप अँगूठी पहनेंगे और शनि देवता को क्या मिलेगा?... चार आने। तेल में उनकी झाँकी देख लीजिए। बेटे! यही तेल शनि देवता को दे आ, ताकि शनि देवता अपनी मालिश तो...
- अच्छा आप पक्की बात कहते हैं?... हाँ बिल्कुल पक्की बात कहते हैं।
बस गोस्वामी तुलसीदास जी गए और उस कोढ़ी को पकड़ लिया। अरे भाई! छोड़।...
- अच्छा आप भगवान को फुसलाकर क्या करेंगे?... अपना उल्लू सीधा करेंगे। उल्लू सीधा करना किसे कहते हैं? जो हमारी उचित और अनुचित माँगों को पूरा कर दे,...
- अच्छा आप ही बतायें कि आपका क्या ख्याल है?... बेटे, हमारा ख्याल है कि चन्द्रमा शीतलता का प्रतीक है। हमारा मस्तिष्क जो बार- बार गरम हो जाता है, ह...
- अच्छा और क्या किया?... उन्होंने हाथ की मुट्ठी में से लौंग निकाल दी। अच्छा यह तो बड़ा भारी चमत्कार है और पानी में चलना सिखा ...
- अच्छा और क्या चढ़ा देना?... महादेव जी को प्रसन्न करने के लिए बेल के पत्ते चढ़ा देना। बच्चों के लिए इतना ही काफी है। कितने का सा...
- अच्छा और जब बाजार में जाते हैं, तब?... तब हम शैतान बन जाते हैं। अच्छा तो आप कितनी तरह के लिबास बना लेते हैं? गुरुजी! आपको तो अभी मालूम ही न...
- अच्छा कितना कमाता है?... गुरुजी। आपको तो मालूम ही है कि क्या कमाता हूँ। कुल साढ़े छः सौ रुपये मिलते हैं। तुम लोग कितने सदस्य ह...
- अच्छा किया है, पर यह तो बता कि तुमने निराई-गुड़ाई का इंतजाम किया कि नहीं?... निराई की क्या आवश्यकता है? बेटे! पौधों के पास खर-पतवार उग आएँगे और सारे खाद-पानी को खा जाएँगे। पौधों...
- अच्छा क्या आप एक बात बता सकते हैं कि मूर्तियाँ, जो मन्दिरों में स्थापित रहती हैं और जो दुकानों पर रखी रहती हैं, उन दोनों में क्या फरक है?... जो मूर्तियाँ दुकानों पर रखी रहती हैं और जो मन्दिरों में स्थापित रहती हैं, उन दोनों के शक्ल में को...
- अच्छा खाना खाने में तेरा मन लगता है?... हाँ साहब लगता है। खाना बन्द कर दें तब? अरे साहब! चाय का वक्त हो गया है। चुप। खाने का वक्त हो गया? च...
- अच्छा गंगा जी आपकी हैं, तो कितने दाम की हैं?... बेटे, यह तो लाखों रुपये की हैं, करोड़ों रुपये की हैं। सूरज हमारा, गंगा जी हमारी, हवा हमारी, जंगल हमार...
- अच्छा गणेश जी कौन थे?... शिव और पार्वती ने जब ब्याह कर लिया था, तो उस विवाह के फलस्वरूप जो बच्चा पैदा हुआ था, उसका नाम था—गणे...
- अच्छा गाँधी जी का दर्शन किया था तो फिर क्या हुआ आपका?... अरे साहब! चप्पल खो गईं और हमारी जेब कट गई, जब गाँधी का दर्शन करने गए थे। दर्शन करने गए थे या भाड़ मे...
- अच्छा जगा हुआ कौन-कौन था?... बुड्ढा जगा हुआ था। साहब! आँख हमारी तो खुल गयी थी। हमें मालूम पड़ गया था कि दीवार में खट-खट हो रही ह...
- अच्छा तुमने अपने समाज और विश्व के लिए क्या किया?... संसार का क्या भला किया? भक्त का कल्याण उसके आत्मिक विकास के रूप में होगा। विकास के दो रूप हैं—(१) श्...
- अच्छा तेरी औरत विधवा हो जाएगी?... लड़के-लड़कियाँ कहते रहते हैं कि साहब! जो कोई जप करती है, सो विधवा हो जाती है, अतः ब्राह्मण करेगा और ...
- अच्छा तो अब तू ही बता कि एक चम्मच जल से भगवान जी का होठ भी गीला नहीं होगा, फिर आचमन क्या कराता होगा?... भगवान से मखौल करता है, दिल्लगीबाजी करता है और कहता है कि एक चम्मच जल से भगवान जी को स्नान कराता हूँ।...
- अच्छा तो अबकी बार बेटी के पास जाना और एक बात पूछना, तूने एक के लिए नौकर रखा कि नहीं रखा?... क्या पूछ करके आना? यह पूछकर के आना कि तूने खाना खाने के लिए नौकर रखा है कि नहीं रखा है? बेटी खाना खा...
- अच्छा तो आप आज्ञा चक्र में जिसका ध्यान कराते हैं, वह क्या चीज हो सकती है?... बेटे! वह ज्ञान है। आध्यात्मिक परिभाषा में प्रकाश हमेशा ज्ञान के अर्थ में आया है। आत्मा में प्रकाश हो...
- अच्छा तो आप कितनी तरह के लिबास बना लेते हैं?... गुरुजी! आपको तो अभी मालूम ही नहीं है। हमने अपने पास बहुत तरह के लिबास, बहुत तरह की पोशाकें बना करके ...
- अच्छा तो आप कितनी देर में पहुँचा देंगे?... तू कितनी देर में पहुँचना चाहता है। हम तो तुझे पाँच मिनट में पहुँचा देंगे बम्बई। अच्छा पाँच मिनट में ...
- अच्छा तो आप चालाकी कर रहे थे?... बिलकुल, हमारा और कोई मतलब ही नहीं था, नहीं तो हम सेंट क्यों लगाते? हम सुपरलक्स क्यों लगाते? हम तो इस...
- अच्छा तो आप दो में से एक चुनिए?... अगर आप व्यायाम के लिए कहेंगे तो हम आहार-विहार ठीक नहीं रखेंगे। अगर आप आहार-विहार के लिए कहेंगे तो व्...
- अच्छा तो आप ब्राह्मण हैं?... बेटे, मैं नहीं कह सकता, क्योंकि ब्राह्मण होने के नाम पर यदि तू मेरी पूजा करता हो तो मत कर। अगर तूने ...
- अच्छा तो आप बड़े मालदार हैं?... हाँ बेटे, हम बड़े मालदार हैं।मित्रो! गंगा जी हमारी हैं। अगर हमारी नहीं होती, तो हम क्यों आकर के यहाँ ...
- अच्छा तो आप यह बताइए कि गणिका जो थी, राम-नाम जप करने के बाद में, राम नाम की दीक्षा लेने के बाद में वेश्यावृत्ति करती रही कि नहीं करती रही?... नहीं साहब! फिर तो बन्द कर दिया था। नहीं, बताइए, शायद करती रही हो? नहीं साहब! जिस दिन से उसने राम का न...
- अच्छा तो आप यह सब करते हैं?... हाँ साहब! हमारा नाम बहुरूपिया है। बहुरूपिया कैसा होता है? बहुरूपिया ऐसा होता है, जो कभी सिपाही बन जा...
- अच्छा तो आप ये बताइए कि जब आपका बच्चा हमारे घर आएगा तो कितनी सम्पत्ति ले करके आएगा?... वो सम्पत्ति लेकर क्या आएगा, वह तो आपकी सम्पत्ति लेगा। नहीं साहब! हमको ऐसे बच्चे नहीं चाहिए।
वह ...
- अच्छा तो आप लोग इनका सम्मान करते हैं?... हाँ। तो वे आपका फायदा करते होंगे? हाँ साहब! जो इनका सम्मान करेगा, जो इन पर चावल चढ़ाएगा, फूल-पत्ती चढ़...
- अच्छा तो आप विवेकानन्द की बात कह रहे हैं?... हाँ विवेकानन्द की बात कहता हूँ।
स्वामी विवेकानन्द का विलक्षण चमत्कार
विवेकानन्द का कोई चमत्कार...
- अच्छा तो आप हनुमान की प्रशंसा करते हैं?... हनुमान की प्रशंसा मैं क्यों करूँगा? क्या मैं हनुमान जी का कोई कमीशन एजेंट हूँ? तो फिर हनुमान जी की ब...
- अच्छा तो आपका बैंक कहाँ है?... अरे बेटे! ये ख्वाबों की दुनिया है और जब ख्वाब करने ही हैं तो ऊँचे क्यों न किए जाएँ! ऊँचाई की ओर क्यो...
- अच्छा तो आपका मतलब करेंट से है?... हाँ साहब! इससे शरीर काँप गया, यही मतलब है आपका? हाँ साहब! ठीक है, मैं समझ गया, क्योंकि आप हर बात को ...
- अच्छा तो आपके घुटने में दरद होता है?... हाँ साहब! घुटने हमको बहुत तंग करते हैं और चलने नहीं देते। आपने घुटनों से कहा नहीं कि या तो आप हमारा ...
- अच्छा तो आपको फायदा हो सकता है?... मेरे ख्याल से आपको गंगाजल से कोई फायदा नहीं हो सकता। इससे आपको कोई मुक्ति नहीं मिल सकती, अगर पानी का...
- अच्छा तो आपने हमें लड्डू इसीलिए खिलाया था?... हाँ साहब! इसीलिए आपको लड्डू खिलाया था कि आपको हमारा हुकुम मानना पड़ेगा और हमारी मर्जी पूरी करनी प...
- अच्छा तो इस गाय का क्या करेगा?... दूध दुहा करूँगा। कितना दूध निकलेगा? चार किलो दूध निकलेगा। मम्मी तुम भी पीना, पापा तुम भी पीना, हम भी...
- अच्छा तो कपड़ा कहाँ से लाये हैं?... समाज ने बनाकर दिया है न? नहीं साहब! पैसे देकर लिया है।...
- अच्छा तो कुछ काम लग गया होगा?... हाँ साहब, आज तो बहुत काम लग गया था, संध्या से जुकाम हो गया था। कल तक तो जुकाम आपका अच्छा हो जाएगा,...
- अच्छा तो कृष्ण भगवान् का देखा होगा?... कृष्ण भगवान् की जब मृत्यु हुई थी तब वे एक सौ पच्चीस वर्ष की उम्र के थे। मैं आप से पूछता हूँ कि एक सौ...
- अच्छा तो कोई बनिया होगा, कोई पोरवाल होगा, अग्रवाल होगा, खंडेलवाल होगा आप में से कोई?... नहीं साहब! हममें से कोई खंडेलवाल नहीं, हममें से कोई अग्रवाल नहीं। तो आप में से कोई पण्डित जी हो सकते ...
- अच्छा तो क्या-क्या पकेगा?... बेटा, पकेगा सो पकेगा, रहने दे, तू जाने और तेरा काम जाने। हम तो नमक से भी रोटी खाने वालों में से हैं।...
- अच्छा तो खाना कहाँ से आएगा?... खाना तो समाज से ही आएगा। और पहनने को? वह भी समाज से आएगा। तो जब सब समाज से ही आएगा, तो समाज को क्यों...
- अच्छा तो गायत्री माता ऐसे मिलेंगी?... बेटे, ऐसे नहीं मिलेंगी। अच्छा महाराज जी! यह कौन सा भूत है? वह भूत बेटे, तेरी जीभ है। तेरी जीभ काबू म...
- अच्छा तो तीसरी आँख काम आती है?... आपको मालूम नहीं है? बेटे, हमको तो मालूम नहीं है, तू ही बतादे। देखिये महाराज जी! रामायण में लिखा है...
- अच्छा तो फल क्या करते हैं?... टप टप टपक पड़ते हैं और पेड़ पकड़ लेते हैं। पेड़ उन सबको चिपका लेते हैं। बेटे, ये तेरा ख्याल गलत है क...
- अच्छा तो फिर क्या करूँ?... हमारे घर चल। हमारे यहाँ मकान है, भैंस दूध देती है, सोने-चाँदी के जेवर पहना देंगे।
जो भी आए उस बे...
- अच्छा तो फिर मोती आपको नहीं मिले?... हाँ, नहीं मिले। अच्छा तो यह बात बताइए कि आपने क्या-क्या किया? हमने यह किया कि नाव पर बैठे और पानी के...
- अच्छा तो बेटे को भी धूपबत्ती खिला?... नहीं साहब, अपने बेटों को जलेबी खिलाएगा और भगवान को धूपबत्ती खिलाएगा, बदमाश कहीं का।
मित्रो, क...
- अच्छा तो मान्यता के ऊपर है?... हाँ बेटे! मान्यता के ऊपर है। जिसके ऊपर हम अपनेपन का टॉर्च डालते हैं, वही चीज अपनी दिखाई पड़ती है। जि...
- अच्छा तो मैं चार रोटी की जगह छह रोटियाँ रख दूँ अथवा एक किलो आटे की रोटियाँ थाली में रख दूँ?... और दान कर दूँ तो तो भी नहीं होगा। क्यों?
क्योंकि इसका जो अर्थ तू समझता है, वह दृश्य का समझता ...
- अच्छा तो यह आपका बेटा है?... यह क्या चीज है? बेटे! इस तरह के मोह में मनुष्यों के साथ जो आदमी का इस कदर लगाव है, जिसमें आदमी इंसाफ...
- अच्छा तो यह आपके काबू से बाहर है?... हाँ, यह हमारे काबू से बाहर है। हम यह नहीं कर सकते। मैं तो भूल गया था, मुझसे गलती हो गयी कि हमें आपसे...
- अच्छा तो यह कमाता तो जरूर होगा?... मैं जानता हूँ कि बी० ए० पास को ढाई सौ रुपये मिलते होंगे, तो एम० ए० पास को चार सौ रुपये मिलते होंगे। ...
- अच्छा तो यह बता कि नैनीताल या देहरादून के स्कूल में बच्चे को माँ-बाप का प्यार मिलता है क्या?... नहीं साहब! वहाँ तो नहीं मिलता है। तो उसका विकास कैसे होगा, कभी आपने सोचा है क्या? हम तो ५०० रुपये मह...
- अच्छा तो यह बताइए कि नारद जी से राम-नाम की दीक्षा लेने के बाद में क्या वाल्मीकि ने डकैतियाँ डाली थीं?... नहीं साहब! उसके बाद तो नहीं डाली थीं; क्योंकि उन्होंने देखा कि जिस रास्ते पर चलना है, उसी रास्ते पर ...
- अच्छा तो यह बात बताइए कि आपने क्या-क्या किया?... हमने यह किया कि नाव पर बैठे और पानी के भीतर नहीं गए। हमने एक छोटी-सी बाल्टी रखी थी और जहाँ कहीं भी म...
- अच्छा तो यह मतलब है आपका?... आप इसी को सिद्धियाँ कहते हैं। इसी को चमत्कार कहते हैं। वरदान इसी को कहते हैं। आशीर्वाद इसी को कह...
- अच्छा तो ये सब के सब ऊपर से आए होंगे?... जरूर आए होंगे, लेकिन कुंती के पेट में से पैदा हुए थे। देवता श्रेष्ठ व्यक्तित्व में से बरसते हैं,...
- अच्छा तो रहता है भूत?... हाँ बेटे, रहता तो है। यह जो विश्व है, इसके ठीक पीछे छाया के तरीके से एक एण्टी यूनीवर्स है। एण्टी य...
- अच्छा तो शरीर किस चीज का बना हुआ होगा, जो आप देखना चाहते हो?... साहब, शरीर ही है, जो मिट्टी-पानी का बनता है, तो आप मिट्टी-पानी के रामचंद्र जी को देखना चाहते हो? हाँ...
- अच्छा तो श्रीकृष्ण भगवान का लाइये?... गुरुजी! पूरे बाजार में फोटो देखे, लेकिन बूढ़े कृष्ण का नहीं मिला। कितनी उम्र का मिला? साहब! कोई अठार...
- अच्छा तो हो गया अनुष्ठान, हो गई साधना?... नहीं बेटे, कुछ नहीं हुआ। यह तो केवल शारीरिक क्रिया हुई है। शरीर की क्रियाओं का जो फल मिलना चाहिए बस ...
- अच्छा दाई का प्रबन्ध करता हूँ और कोई बात?... हमारे पास चारपाई नहीं है। अच्छा, चारपाई का प्रबन्ध करते हैं। कहने का मतलब मेरा यह है कि उनमें जो स्वय...
- अच्छा दो-चार दिन खा लें, फिर देख तेरे पेट की क्या हालत होती है?... तो क्या वहाँ खीर खाने जाएँगे? उसके लिए वहाँ स्वर्ग होता है, हमें यह स्वर्ग चाहिए, जहाँ व्यक्ति हमारा...
- अच्छा पाँच मिनट में आप इतने बड़े योगी हैं?... तू पहले खड़ा तो हो जा, फिर देख पहुँचता है कि नहीं पाँच मिनट में। अच्छा एक काम कर आँख पर एक पट्टी बाँ...
- अच्छा फूल कहाँ से आते हैं?... फूल रात में तारों से ऊपर से गिरते हैं और पेड़ पर चिपक जाते हैं और ये फल कहाँ से आते हैं? फल, गुरुजी ...
- अच्छा बता, तूने इन्हें पढ़ा है क्या?... अरे महाराज जी! पढ़ा-वढ़ा तो क्या, मँगाकर रख लिया है। इससे मेरे घर में बड़ा पुण्य हो जाएगा। नहीं बेटे...
- अच्छा बताइए कि बादलों में पानी किसने पैदा किया?... नहीं साहब, मनुहार करेंगे, उपहार पाएँगे, साष्टांग दण्डवत करेंगे और उपहार पाएँगे, आशीर्वाद पाएँगे। आपको...
- अच्छा बताइए कि भगवान् रामचंद्र जी का ऐसा फोटो क्या किसी ने देखा है, जिसमें उनके दाँत उखड़ गए हों और बाल सफेद हो गए हों?... आपने देखा है? नहीं साहब! हमने तो नहीं देखा। अच्छा तो कृष्ण भगवान् का देखा होगा? कृष्ण भगवान् की जब म...
- अच्छा बताइए, आपने मेरा ज्ञान देखा है?... नहीं महाराज जी, ज्ञान भी नहीं देखा। ज्ञान आपने देखा नहीं, प्यार देखा नहीं, गरमी देखी नहीं, ठंड देख...
- अच्छा बताओ कि सफेद बाल अच्छा होता है या काला अच्छा होता है?... हमारे बाल अच्छे हैं या तुम्हारे बाल अच्छे हैं? काले बाल अच्छे हैं।मित्रो! हमारे बाल सफेद हो गए हैं। ...
- अच्छा बताओ लड़कियों, तुम्हारे लिए दूल्हा ढूँढ़ें तो सफेद वाला ढूँढ़ें या काले वाला?... हमको सफेद चाहिए, हमको काला नहीं चाहिए। अच्छा बच्चो! तुम बताओ जिसकी शादी नहीं हुई है। तुम्हें सफेद बह...
- अच्छा बम्बई जाने का शॉर्टकट बताइए?... बम्बई जाने का शॉर्टकट यही है बेटे कि उधर से कोटा से होकर निकल जाए या भोपाल से होकर निकल जाए। कितना क...
- अच्छा बेटा, हम वायदा करते हैं कि हम तुम्हारी पूरी-पूरी मदद करेंगे, पर तू भी कुछ करेगा?... माताजी। मैं कुछ नहीं करूँगा।
(क्रमशः अगले अंक में समापन)
वरदान चाहिए किस उद्देश्य के ...
- अच्छा बेटे और किससे माँगना चाहिए?... सन्त पुरुषों से माँगना चाहिए, दिव्य पुरुषों से माँगना चाहिए, अमुक से माँगना चाहिए। नहीं बेटे ! सन्त पु...
- अच्छा बेटे तू स्कूल जाएगा?... हाँ साहब, लेकिन पढ़ाई करनी पड़ेगी। गुरुजी ! मुझे यह नहीं पता था। अच्छा तो अब हम बता देते हैं कलम पकड...
- अच्छा बेटे, एक पर कितना खरच आता है?... महाराज जी, किसी की पढ़ाई में ढाई सौ रुपये महीना खरच करता हूँ, किसी में सवा सौ रुपये खरच करता हूँ, कि...
- अच्छा बेटे, तुम्हारी गाय कहाँ है?... जरा दिखाना तो सही। पिताजी! यह रही गाय। अच्छा तो इसमें से दूध निकाल। अरे! यह तो नकली है, मिट्टी की गा...
- अच्छा बेटे, तू क्या कर रहा था?... तू चालाकी नहीं कर रहा था। नहीं महाराज जी, भगवान तक पहुँचा दीजिए, मुफ्त में अपनी सिद्धि से पहुँचा दीज...
- अच्छा बेटे, तो अब क्या करना चाहिए?... पिताजी, पंद्रह हजार रुपये का इंतजाम करना चाहिए। अच्छा बेटा, देख अभी करता हूँ। देख तिजोरी में कितने र...
- अच्छा भगवान की भक्ति कैसे करनी चाहिए?... बताइए स्वामी ब्रह्मानंद जी? आप गणेश जी की मूर्ति ले आइए, हनुमान जी, शंकर जी को ले आइए और उनकी आरती उ...
- अच्छा भगवान थे, तो मैं पूछता हूँ कि भगवान से भगवान की लड़ाइयाँ क्यों हुईं?... एक भगवान को यह पता क्यों नहीं था कि ये भी भगवान हैं? परशुराम जी को यह पता होता कि हम भी भगवान हैं ...
- अच्छा यह आपका सूरज है?... हाँ, यह हमारा सूरज है। नहीं साहब! यह आपका नहीं है। अच्छा, तो तू सूरज के पास जा और पूछकर आ कि गुरुजी ...
- अच्छा यह बता कि दोपहर की रोटी खाता है, तो कितने चावल में तेरा पेट भर जाता है?... महाराज जी! मैं तो जब एक बार पत्नी परोसती है, तब ले लेता हूँ और दूसरी बार फिर ले लेता हूँ। अच्छा, तो...
- अच्छा यह है काली का मंत्र?... हाँ बेटे! मंत्र तो ठीक है, लेकिन भगवान की भक्ति अलग है।
भक्ति का मर्म
भगवान की भक्ति...
- अच्छा यही मान लें कि शरीर का संशोधन तो आप कर ही लेंगे, तो उसमें शरीर का ही तो लाभ होगा न, शरीर का ही तो परिष्कार होगा न?... जीभ तो अलग है न। शरीर मिलने वाला होगा, तो मिट्टी में ही तो मिलेगा न। शरीर को कभी मिलना पड़ा, तो वह भ...
- अच्छा ये देवी जी जीभ क्यों निकालती हैं?... ये तो काट खाएँगी। अरे साहब! ये तो बकरा खाएँगी। धत् तेरे की! अगर ये बकरा काटने वाली हैं, तो जो हमारे ...
- अच्छा ये माता जी की नहीं हैं तो फिर हम आपसे ये पूछते हैं कि लड़कियाँ जब विदा होती हैं तो ऐसे क्यों रोती हैं?... फूट-फूटकर, बिलख-बिलखकर ऐसे रोती हैं, जैसे सास के घर जाने में लड़की रोती है। उससे भी ज्यादा दुखी होकर...
- अच्छा ला, कहाँ है कोट?... तेल में डूबा हुआ, मैल में डूबा हुआ, मिट्टी में डूबा हुआ—सारा का सारा मैला पड़ा है। बेटे! यह नहीं रँग...
- अच्छा समाज बनाने के लिए गुण्डागर्दी तथा अन्य दूसरी बुराइयों के विरुद्ध कैसे खड़े होना चाहिए?... यह शिक्षण करना हमारा और आपका काम है। गुण्डागर्दी पुलिस से नहीं रुक सकती। इसे जब कभी रोकेंगे तो हम और...
- अच्छा सोने की लंका लाओ?... काल कहता था कि अच्छा थोड़ी-सी मोहलत दीजिए, अभी आपको सोने की लंका बना दूँगा। एक रात में ही सब बना दिय...
- अच्छा, तो फिर आपने उसका क्या किया?... ध्यान रखना, किसी के कुछ लेने के बाद में आपको पश्चाताप करना पड़ेगा। मित्रो! हम किसी का तप लेकर चले...
- अच्छा, अगर आपकी सास आपको इतना पैसा दे दे तब?... तब भी हमें कोई ऐतराज नहीं है। हाँ साहब! आपको क्या ऐतराज होना चाहिए। आम्रपाली ने बुद्ध भगवान् को कितन...
- अच्छा, अगर गधा आपको मार दे, तो आप भी गधे को लात मारेंगे कि नहीं?... अरे साहब! गधे को हम लात क्यों मारेंगे। कोई देखेगा तो कहेगा कि आप गधे को लात मारते हैं।मित्रो! पागल, ...
- अच्छा, अब उसकी बात सोचिए कि मोह से मुक्ति क्या है?... बन्धनों से मुक्ति क्या है?बन्धनों से मुक्ति यह है कि जिस तरीके से हमारी विचारणाएँ, भावनाएँ हैं और हमार...
- अच्छा, आदमी कितना वजन उठा सकता है?... बीस किलो उठा सकता है। नहीं साहब! चालीस किलो उठा सकता है। नहीं साहब! हमने एक पल्लेदार को अपनी पीठ पर ...
- अच्छा, आप भजन करते हैं तो यही बता दीजिए कि
भजन किसे कहते हैं?... पहले हम यहीं से शुरू करते हैं। आपने भजन के साथ खिलवाड़ की है। कई बार मुझे बहुत गुस्सा आता है। अरे सा...
- अच्छा, आपकी मनोकामनाएँ क्या हैं और क्यों हैं?... इसलिए न कि सन्तान नहीं होती है। तो क्या हर्ज है? मान लिया दुःख है। बेटे! कोई दुःख नहीं है, केवल अज्ञा...
- अच्छा, आपने जो माँ खरीदी थी, जिसने आपको नौ महीने पेट में रखा था और जिसने दूध पिलाया था, कितने पैसे में खरीदा था?... बीबी, जो आपके पास है और सारी जिन्दगी जो आपकी सेवा करती है, कितने पैसे में खरीदकर लाये? जिस जमीन प...
- अच्छा, इसमें माँस तो नहीं है?... हाँ पण्डित जी! माँस तो है ही। थूक तो नहीं है? हाँ है। तो इस जीभ को काट दे और फिर प्लास्टिक की जीभ लगा...
- अच्छा, उसको जब हम मिट्टी में बो देते हैं तो कितने रूप में पैदा होता है?... वह सैकड़ों दानों के रूप में पैदा हो जाता है। मक्के और बाजरे की बालों के रूप में, भुट्टे के रूप में, ...
- अच्छा, एक घण्टे में कितना नहाया जाता है?... एक घण्टे में सौ आदमी नहा लेंगे। अरे जरा नहाए-धोये छुट्टी हो गई।
नहीं, साहब! जहाँ बैठे हैं, वहीं को...
- अच्छा, एकाध दाँत उखड़ा होगा या नहीं?... हाँ साहब! जरूर उखड़ा होगा। अच्छा, कृष्ण भगवान् का एक फोटो हमको दिखाइए। बताइए यह फोटो बुढ़ापे का है य...
- अच्छा, ऐसी बात है?... हाँ साहब! इंदिरा गाँधी को नेपाल में किसी बाबाजी ने रुद्राक्ष की माला दी थी तो वे प्रधानमंत्री हो गईं...
- अच्छा, और क्या करते हैं?... मरघट की भस्म शरीर पर लगाते हैं। अच्छा, और क्या करते हैं? गले में मुण्डों की माला पहना करते हैं। गु...
- अच्छा, और क्या देखते हैं?... बेटे! जीभ देखते हैं, आँखें देखते हैं। ऐसे ही हम आपको देखकर के बता सकते हैं कि आपके भीतर कितना भगवान ...
- अच्छा, औरत की इतनी हिम्मत हो गई है?... औरत कभी नहीं माँग सकती। नर में जरा-सी ताकत है, जो सारे दिन जद्दोजहद करता है, तो क्या इस बात के लिए ज...
- अच्छा, कोई साधना नहीं की थी तो कहाँ से आती थी शक्ति?... बेटे! रामकृष्ण परमहंस और विवेकानन्द के बीच एक ऐसा समझौता हो गया था कि आप एक काम करें और हम एक काम करे...
- अच्छा, टट्टी कितनी बार जाते हैं?... दो बार जाते हैं। ठीक है, जब आप दोनों कार्य दो-दो बार करते हैं तो भगवान का नाम भी दो बार लिया...
- अच्छा, तू बेल का पत्ता लायेगा?... पूड़ी, कचौड़ी, लड्डू, रोटी, दाल, चावल आदि कुछ नहीं? नहीं महाराज जी! यह सब तो होटल में बनते हैं और ...
- अच्छा, तू हमें सुखा देगी?... हाँ, सुखा दूँगी; क्योंकि हमने संकल्प किया है कि अपने अण्डे लेकर रहूँगी।मित्रो! आदमी का संकल्प, प्रा...
- अच्छा, तेरा बाप?... गुरुजी! हमारा बाप साठ वर्ष तक जिया और वह भी लक्ष्मी जी को पूजता था। और तेरे बाप का बाप? महाराज जी!...
- अच्छा, तो आप पैसा देकर के सब चीज लाये हैं?... अच्छा, आपने जो माँ खरीदी थी, जिसने आपको नौ महीने पेट में रखा था और जिसने दूध पिलाया था, कितने पैसे...
- अच्छा, तो रुपया आया तेरे पास?... नहीं महाराज जी! हम तो गरीब के गरीब ही रहे, कंगाल ही बने रहे। लक्ष्मी जी हमारे पास नहीं आयीं। अच्छा...
- अच्छा, तो अपना पति मान लूँ?... हाँ, मान ले। मीरा ने उन्हें अपना पति मान लिया। किसको? गिरधर गोपाल को। मीरा ने गिरधर गोपाल को अपन...
- अच्छा, तो आप दबाव डालकर काम कराना चाहते हैं?... हाँ, हम खाना नहीं खायेंगे, तो भगवान की नाक में दम हो जायेगी और भगवान की बड़ी निन्दा और बदनामी हो जा...
- अच्छा, तो आपको पड़ोस की लड़की से प्यार है?... हाँ साहब! पड़ोस की लड़की से प्यार है। तो आप ऐसा किया कीजिए कि उसके पास पढ़ने-लिखने की कॉपी-किताब का इ...
- अच्छा, तो कितने चावल ले लेता है?... महाराज जी! तीन छटाँक चावल तो मैं दोपहर को खा जाता हूँ और शाम को? तीन छटाँक शाम को भी खा जाता हूँ। त...
- अच्छा, तो तू यह बता कि पूजा की कोठरी में माँस तो नहीं ले जाता?... नहीं महाराज जी, पूजा की कोठरी में माँस तो नहीं ले जाता। और हड्डी? हड्डी भी नहीं ले जाता। मुँह से जब ...
- अच्छा, तो यह लक्ष्मी थी?... हाँ थी। मैंने वह शंख उसे दे दिया।
साल भर बाद राजा साहब फिर आए। मैंने कहा—क्यों भाई! तुम कह र...
- अच्छा, तो लक्ष्मी आ जाएगी?... फिर तो देख लेंगे। फिर मैंने कहा कि एक शंख तो मेरे पास भी रखा हुआ है, इसे ले जाओ। यह असली दक्षिणावर्त...
- अच्छा, तो वह मालदार रहा होगा?... नहीं, वह भी मालदार नहीं था। बेटे, तीन पीढ़ियों से लक्ष्मी जी को पूजते चले आ रहे हो। डेढ़ सौ वर्ष बीत...
- अच्छा, तो वह यह माँगता है?... अच्छा, हमारा भाई ही क्यों न हो? हम इसके यहाँ नहीं जाएँगे।
हमारा पिता है, तो हमें इस पिता की बात नही...
- अच्छा, तो हमारा प्यार देखा है?... महाराज जी! प्यार तो आपका नहीं देखा। हाँ, आपके चेहरे की स्मित, मुस्कान देखी है। मित्रो! हम प्यार की...
- अच्छा, दो सौ रुपये का प्रमोशन हो जाय, तो तू मेरा कितने घण्टे काम करेगा?... महाराज जी! घण्टे, आधा घण्टे सप्ताह में एक काम कर दूँगा। तब तो बड़ा मँहगा पड़ेगा। दो सौ रुपये का नौकर र...
- अच्छा, पहले बताइए कि पत्ते कहाँ से आते हैं?... पत्ते, साहब ! हवा में से भागते हुए आ जाते हैं और डाली से चिपक जाते हैं। अच्छा फूल कहाँ से आते हैं? फ...
- अच्छा, पहले यह बता कि भंडारे में क्या होगा?... नहीं साहब! भंडारे में बाबा जी आएँगे
और गाँजा पिएँगे। उखाड़ बाल इन बाबा जी के। ये कौन हैं? धूर्त हैं...
- अच्छा, फिर तू क्या देगा?... महाराज जी मैं क्या दूँगा? नहीं बेटे, तप यों नहीं देंगे। हम तो ईमानदारों की साझेदारी करेंगे, बेईमानों...
- अच्छा, बता कि तीन साल का हमारा तप कितने दाम का हुआ?... अरे महाराज जी! आपका क्या है, आप तो ऐसे ही फालतू बैठे रहते हैं। नहीं बेटे! हम फालतू नहीं हैं। हम कम स...
- अच्छा, बता बेटा, तूने भावना के साथ कब किया?... एक दिन भी तो नहीं किया। तूने जबान की नोंक से उच्चारण किया। परन्तु जबान की नोंक से उच्चारण करने प...
- अच्छा, बताइये कितना यम देंगे?... महाराज जी! मैं तो रुपये में चार आने भगवान जी को दूँगा ओर बारह आने अपने लिए बचा कर रखूँगा। अच्छा ...
- अच्छा, बड़ी खराब है?... हाँ साहब। हमारी वृत्तियाँ ही हैं हमारी शत्रु अक्सर मैं एक किस्सा सुनाया करता हूँ। विक्टोरिया को जब प...
- अच्छा, मुँह दिखा कि मिट्टी खाई है कि नहीं खाई?... भगवान ने अपना मुँह फाड़ा। मुँह फाड़ने पर यशोदा ने क्या देखा? भगवान का असली स्वरूप देखा। सारा विश्वब्रह...
- अच्छा, ये फूल भी बाहर से आते हैं और पत्ते भी बाहर से आते हैं?... हाँ साहब। नहीं बेटे, तेरा यह ख्याल गलत है। तो गुरुजी ! आप ही बताइए कि सही बात क्या है? बेटे, पेड़ की...
- अच्छा, हम आपको इस तरीके से तो नहीं बता सकते, पर यों बता सकते हैं—आपने किसी मरने वाले को देखा है?... हाँ साहब! देखा है। मरने वाले की आँखें खुली रहती हैं। हाथ चलते रहते हैं, लेकिन क्या बन्द रहता है? आदमी...
- अच्छा, हमारा भाई ही क्यों न हो?... हम इसके यहाँ नहीं जाएँगे।
हमारा पिता है, तो हमें इस पिता की बात नहीं माननी है, किसी की भी नहीं मानन...
- अच्छी नौकरी की इच्छा भी सभी को रहती है, लेकिन क्या इनकी अपेक्षा भी बेहतरीन काम किया जा सकता है?... क्या मनुष्य का जीवन बेहतरीन कामों के लिए नहीं मिला है? एक छोटा सा विद्यार्थी जिसके माँ-बाप दोनों मर ...
- अच्छी परिस्थितियाँ नहीं आयेंगी?... बेटे, अच्छी परिस्थितियाँ तो राम को भी नहीं मिली। कृष्ण को भी नहीं मिली। नहीं साहब! हमारा जीवन तो च...
- अच्छी सन्तान की जिनको इच्छा है, उनको मात्र यही विचार नहीं करना चाहिए कि बच्चों को हम पढ़ाएँगे कहाँ?... बच्चों को हम पढ़ाएँगे क्या? बच्चों के लिए हम करेंगे क्या? वरन् यह भी सोचना चाहिए कि बच्चों को हम क्य...
- अच्छे इंसान की जिन्दगी जीना हमको कहाँ आता है?... अगर हमको यह आता होता तो शंकर जी के भस्म धारण करने वाली बात हमारी समझ में आ गयी होती। हमारा यह दिमा...
- अच्छे कार्य के लिए आगे बढ़ें तो क्या कोई रोकेगा अथवा रोक सकता है?... बिलकुल नहीं रोक सकता, यह तो कहने की बात है। उस कविता में उन्होंने कहा—
जाके प्रिय न राम-वैदेही।
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- अच्छे घरों में पैदा हुए बच्चों को क्या हो गया है?... ये खराब आदत के बच्चे कहाँ से आ गए? जब हम गहराई से देखते हैं तो पाते हैं कि यह दो महायुद्धों की वजह स...
- अच्छे घोड़े तो बहुत दाम के आते हैं और बेटा कितने दाम का आता है?... गुरुजी! बेटा तो पच्चीस हजार का, चालीस हजार का आता होगा। नब्बे हजार का आता होगा, तो बेटे! दे, निकाल र...
- अच्छे लोग भी हैं?... हाँ साहब! हैं। दुनिया अच्छे विचारों से, अच्छे लोगों से और अच्छी क्रियाओं से खाली नहीं है। प्राणायाम ...
- अच्छे विचार भी हैं?... हाँ साहब! हैं। अच्छे लोग भी हैं? हाँ साहब! हैं। दुनिया अच्छे विचारों से, अच्छे लोगों से और अच्छी क्र...
- अछूत हूँ तो क्या है?... क्या मैं सेवा नहीं कर सकती? बस, शबरी के मन में आया हाँ, मनुष्य की सेवा करना भगवान की सेवा करना ह...
- अज किसे कहते हैं?... आदमी की निष्ठुरता को कहते हैं। गो किसे कहते हैं? गो इद्रिय विकारों को कहते हैं।...
- अजी क्या बताएँ?... कल जो हमने सिनेमा देखा, रात भर हमारे मन में यह ख्याल आता रहा कि हेमामालिनी से अगर हमारी शादी हो जाती...
- अजी तुम मालदार हो तो क्या?... हमारा बाप गरीब थोड़े ही है। जब कहेगी, तब अपने बाप की प्रशंसा की बात कहेगी। कहाँ? ससुराल में ज...
- अठारह पुराणों के भाष्य हमने किए?... नहीं बेटे! हमने नहीं किए। हमारी अकल नहीं है, वह तो कराने वाला कोई और है, जो यह सब कराता रहता है...
- अठारह पुराणों के?... हाँ किए हैं। उपनिषदों के, दर्शनों के? हाँ किए हैं। २५०० किताबें भी लिखी हैं? हाँ बेटे! लिखी हैं तो क...
- अत: क्या करना पड़ेगा?... आपको भगवान को खरीदने के लिए अपने आप को सौंपना पड़ेगा। तब भगवान हमारी मनोकामना पूरी करें, ऐसा आप नहीं...
- अत: जो व्यक्तिगत हो गया, उसमें वह सुख कहाँ है, वह शान्ति कहाँ है?... उसमें वह उपलब्धि कहाँ है? आध्यात्मिक उपलब्धि उससे नहीं हो सकती।
शंकर और पार्वती रास्ते में जा रहे...
- अतः वह तो डूबेगा ही, हम क्या करें?... कहते हैं कि बेटे आगे मत जाओ, गहरा पानी है और वह आगे बढ़ता ही जा रहा है, तो वह डूबेगा ही, हम क्या कर ...
- अतिथि घर में कैसे आते हैं?... पैसे की देख-भाल कैसे रखी जाती है? घर और सामान की व्यवस्था को किस तरीके से रखा जाना चाहिए—वगैरह-वगैरह...
- अतीन्द्रिय क्षमता क्या होती है?... दूरदर्शन की क्षमता—दूर देखने की क्षमता, दूर श्रवण की क्षमता। हमारे अन्दर टेलीविजन लगे हुए हैं, वायरले...
- अथवा आपको टाइम-टेबिल कैसे बताएँगे कि कौन सी रेलगाड़ी कहाँ से कहाँ तक जाएगी?... और आपको किस गाड़ी से या बस से जाना चाहिए। मैप—नक्शा हमारे पास है नहीं, टाइम टेबिल है नहीं, फिर इसके ...
- अथवा एक शहर का मेयर आपको बना दिया जाय, तो आप क्या करेंगे?... जिन गुणों की, जिस समझदारी की आवश्यकता है, उसका अभ्यास करने के लिए आपको अपने छोटे से कुटुम्ब में उन स...
- अधिक से अधिक कितनी देर लोगों से बात कर सकते हैं?... लोगों से हम छह घण्टे से ज्यादा बात नहीं कर सकते। हमने लोगों से मिलने के लिए छह घण्टे निर्धारित कर रखा ...
- अधूरा प्रयत्न कहाँ सफल हो सकता है?... भजन से ज्यादा जरूरी साधना
मित्रो! मेरा समाधान हो गया। उस समय के बाद मैं धर्मग्रन्थों को त...
- अध्यात्म का अर्थ क्या है?... अध्यात्म का अर्थ है कि आपके कुटुम्ब के जो आदमी हैं, उनमें से प्रत्येक को अच्छे गुणों की शिक्षा देन...
- अध्यात्म का शिक्षण कैसे किया जा सकता है?... अध्यात्म की गतिविधियों को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है? अध्यात्म बेटे, यह वाणी का विषय नहीं है। वाणी क...
- अध्यात्म किस तरह से जिन्दा रखा जा सकता है?... अध्यात्म का शिक्षण कैसे किया जा सकता है? अध्यात्म की गतिविधियों को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है? अध्या...
- अध्यात्म की गतिविधियों को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है?... अध्यात्म बेटे, यह वाणी का विषय नहीं है। वाणी का विषय रहा होता तो अब तक बहुत से एक-से-एक बढ़िया पण्डित...
- अध्यात्म की परिभाषा क्या है?... आप जानते हैं? अन्तर्मुखी जीवन को अध्यात्म कहते हैं। आप तो इसे समझते ही नहीं हैं कि अन्तर के जीवन क...
- अध्यात्म कैसा होता है?... अध्यात्म को जीवन में अप्लाइड कैसे करते हैं? अपने विकृत जीवन में संयम के रूप में हम अप्लाइ करते हैं। ...
- अध्यात्म कैसे हो सकता है?... अध्यात्म वह हो सकता है, जिसमें आदमी को साधना की ओर अग्रसर होना पड़ता है। इसके बारे में मैं आपको गौर क...
- अध्यात्म को आप क्या समझते हैं?... आप तो ऐसी वाहियात बातें समझते हैं, जिन्हें जानकर गुस्सा आता है। आप क्या समझते हैं? आप तो यह समझते है...
- अध्यात्म को जीवन में अप्लाइड कैसे करते हैं?... अपने विकृत जीवन में संयम के रूप में हम अप्लाइ करते हैं। समाज में हम जिम्मेदारी, वफादारी और ईमानदारी ...
- अध्यात्म क्या है?... सारे के सारे उपनिषदों के व्याख्यान आप याद कर लें, तो भी इससे कोई फायदा आपको नहीं होने वाला है।...
- अध्यात्म क्या हो सकता है?... अध्यात्म केवल वह है, जो हमारे क्रियाकलाप में शामिल हो। यह बात हमने शुरू में ही बताई है। अध्यात्म क...
- अध्यात्म क्या हो सकता है?... अध्यात्म एक जादूगरी का नाम है। जादूगरी किसे कहते हैं? मिट्टी हाथ में रखते हैं और जादू करते हैं और ...
- अध्यात्म क्रिया से प्रारम्भ किस तरह से होता है?... जिस तरह हमारी पढ़ाई-लिखाई पट्टी, कलम और दवात से प्रारम्भ होती है, पर वहीं खतम नहीं हो सकती। लीजिए साह...
- अध्यात्म क्षेत्र में फरमाइश करने वाले ये कौन हैं?... बिलकुल बच्चे हैं, बालक हैं। इनको इसी बात की फिक्र पड़ी रहती है कि हमको दीजिए, हमको दीजिए। इसलिए ये ...
- अध्यात्म मार्ग में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए पहला वाला जो पाठ पढ़ाया जाता है, पहली वाली जो शिक्षा दी जाती है, वह यह नहीं दी जाती कि कौन सा बीजमंत्र लगाऊँ?... माला किस चीज की लूँ? बेटे! माला किसी भी लकड़ी की ले ले। बेटे! यह पाठ पहला नहीं है। यह ग्यारहवाँ है। ...
- अध्यात्म में कौन-सा मित्र है और कौन-सा दुश्मन है?... आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मन: अर्थात् आप ही अपने बैरी हैं और आपने ही अपने पैरों पर कुल्ह...
- अध्यात्म में चमत्कार नहीं है?... नहीं बेटे, कोई चमत्कार नहीं है। अगर चमत्कार है तो वह है जहाँ आदमी बादशाह बन सकता है। गाँधी जी ने ढ...
- अध्यात्म है—"साइंस ऑफ सोल?... " 'सोल' की साइंस है—अध्यात्म। 'सोल' किसकी? जीवात्मा की। जीवात्मा की साइंस होती है? एक फिजिक्स साइंस ...
- अध्यात्मबल कहाँ से आता है?... बेटे! बनने से आता है, ढलने से आता है। बनने से क्या मतलब है? बनने से हमारा मतलब है—हमारे चिन्तन का तरी...
- अध्यात्मबल क्या है?... अध्यात्मबल कहाँ से आता है? बेटे! बनने से आता है, ढलने से आता है। बनने से क्या मतलब है? बनने से हमारा...
- अध्यात्मवादी को क्या करना चाहिए?... हमारे पास अगर कुछ तप है, कुछ पुण्य है और हमने जप किया है, हमने कुछ अनुष्ठान किया है, अगर हमारे पास...
- अनाचार-अत्याचार रह जाएगा, गुण्डागर्दी रह जाएगी, कैसे रह सकती है?... लेकिन बेटे! अब क्या कहें? बस, यहीं रहने दे।
इनको सन्त कहेंगे? नहीं, बेटे! सन्त कहने में लज्जा आती ...
- अनाज का पुण्य करने से क्या हो जाएगा?... कुछ भी नहीं हो जाएगा। तो कैसे हो जाएगा? बेटे! उसका एक ही आधार है, और दूसरा कोई नहीं है और उसका नाम ह...
- अनुग्रह दुनिया में से खत्म हो चला?... नहीं बेटे! खत्म होने की बात नहीं कहता, पर मैं यह कहता हूँ कि सिद्धान्त और इसके आधार पर कोई बड़ी लम्बी ...
- अनुदान क्या-क्या दिए, यह तो मैं नहीं कह सकता, परन्तु इस दुनिया से जाने के बाद हमारे जीवन का लिफाफा, जो बन्द है, वह जब खोला जाएगा, तो पता चलेगा कि हम कौन थे तथा हमने इस दुनिया के लिए, संसार के लिए, संस्कृति के लिए क्या-क्या किया?... हमें विश्वास है कि आप यहाँ से जाएँगे तथा हमारा प्रसाद लेकर जाएँगे, तो वह आपके अपने जीवन में काम आए...
- अनुदान जिस उद्देश्य के लिए दिया गया था, आपने उसी उद्देश्य में उपयोग किया या नहीं किया?... अगर आपने उसमें नहीं किया है तो मैं समझती हूँ कि वह निरर्थक चला गया और यदि लोक−मंगल में लगाया है तो म...
- अनुभव कहाँ से आता है?... अनुभव जनसम्पर्क से आता है और भिन्न-भिन्न परिस्थितियों के तालमेल से आता है। आपने भिन्न प्रकार की परिस्...
- अनुभव किसे कहते हैं?... अनुभव बेटे, जनसम्पर्क को कहते हैं। जिस आदमी के पास जनसम्पर्क नहीं है, जो आदमी लोगों से मिलता-जुलता नही...
- अनुभवहीन पढ़े-लिखे हों तो क्या और बिना पढ़े हों तो क्या?... वे पग-पग पर ठोकर खाते हैं। व्यावहारिक जीवन में उनकी सफलताएँ सन्दिग्ध रहती हैं।
स्त्रियों के ऊ...
- अनुष्ठान करना नहीं आता तो क्या?... शबरी तेरी भक्ति, तेरे सिद्धान्त और तेरे उद्देश्य ऐसे हैं जो कि एक भक्त के मन में होने चाहिए। इसीलिए...
- अनुष्ठान कितना करते थे?... बेटे! मुझे मालूम नहीं है, लेकिन इतना मुझे मालूम है कि कबीर अपना पेट पालने के लिए भिक्षा माँगने के बज...
- अनुष्ठान कौन हैं?... ये हमारे छोटे बच्चे हैं। इनको कपड़ा चाहिए, इनको अनाज चाहिए। इनको दूध चाहिए, इनको पानी चाहिए। अगर इन अ...
- अनेकानेक नारियों ने कितना काम किया है?... आप बहुत कुछ काम कर सकती हैं। आप से हमें बहुत आशा है। बेटे! आप लोगों से भी आशा है कि आप लोग यहाँ से ज...
- अनैतिकता को भगाओ, पाप को भगाओ, परन्तु भगाएगा कौन?... दुनिया ने पाप को भगाया, पर वही चोर वाली बात सामने है। क्या करना पड़ेगा? हममें से जो भी आदमी इस मार्ग...
- अन्तर्राष्ट्रीय समस्याओं का क्या किस्सा है?... अरे साहब! बड़ी तंगी होने वाली है और लड़ाई होने वाली है। कैसी लड़ाई होने वाली है? इसलिए होने वाली है क...
- अन्न के ऊपर इन सब बातों का प्रभाव पड़ता है कि वह किन लोगों के हाथ का बनाया हुआ है, किन लोगों के हाथ का पकाया हुआ है?... यह किस वातावरण में बनाया गया है? इन सब बातों का अगर ध्यान नहीं रखेंगे तो आप जैसा अन्न खाएँगे, वैसा ह...
- अन्न के बिना हम मरेंगे?... हाँ बेटे! अन्न के बिना हम मर जाएँगे, अगर नहीं मिला तो। लेकिन उसके साथ में पानी भी जरूरी है, हवा भी ज...
- अन्न ही अन्न बकते चल जाते हैं और हवा की कीमत को नहीं समझते, पानी की कीमत को नहीं समझते?... अगर आप हवा की कीमत नहीं समझेंगे और यह सोचते रहेंगे कि अन्न से ही हमारा काम चल सकता है, तो यह आपकी सम...
- अन्नमय कोश की साधना कैसे की जा सकती है?... संयम से। संयम की बाबत मैं कई दिन से आपको बता रहा हूँ। मेहनत की बात बता रहा है। संयम की बात बता रहा ह...
- अन्नमय कोश को आप अपने काबू में ले आ सकें, अपने वश में कर सकें, तो आपको मैंने क्या बताया था?... मैंने आपको बताया था कि अन्नमय कोश का प्रवेश द्वार है—जिह्वा यानि मुख। इसको अगर आप काबू में ले आवें, ...
- अन्य लोगों के पास, महापुरुषों के पास केवल परिश्रम था और क्या बताना?... कुछ भी नहीं था, शरीर था उनके पास। पैसा था? पैसा भी नहीं था। मकान था? नहीं साहब! मकान भी नहीं था। कोई...
- अन्य विशेषताएँ क्यों नहीं दी गयीं?... भगवान से हमको अकल और बुद्धि क्यों नहीं मिली? बन्दर ने कहा—हमारे लिए स्कूल क्यों नहीं खोले गए? मछलियो...
- अन्यथा हमारे मुहल्ले-पड़ोस में ढेरों मजदूर काम करते हैं, तो किसी की कृपा या अनुग्रह उन पर हुई है क्या?... हम अपने गुरुदेव के नजदीक हैं। तीन बार उनके पास गये हैं। बाकी चौबीसों घण्टे उन्हीं का हुक्म बजाते है...
- अन्याय शामिल है या न्याय भरा है?... अन्याय से कमाया हुआ धन है, तो उसके सम्बन्ध में अनेक तरह के विचार आते रहते हैं।
महात्मा आनन्द ...
- अपना लक्ष्य कृष्ण को क्यों बना लिया?... हमको कृष्ण बनना है, इसलिए हमने अपना इष्ट उन्हें बनाया हुआ है। तो फिर ये मनुष्य नहीं होते? बेटे, भग...
- अपना काम क्या करेंगे?... ये जो समस्याएँ आपने अपने दिमाग में पैदा कर ली हैं कि अमुक हमें परेशान करता है, उसे निकाल दें। समस्या...
- अपना नाम कैसे भुला बैठे?... अपना रास्ता कहाँ भूल गए? अभी न तो यह पता है कि हम कहाँ से आए हैं और कहाँ जा रहे हैं? अपना लक्ष्य भुल...
- अपना रास्ता कहाँ भूल गए?... अभी न तो यह पता है कि हम कहाँ से आए हैं और कहाँ जा रहे हैं? अपना लक्ष्य भुला बैठे, दिशा भुला बैठे। म...
- अपना वह मुण्ड आपको दिखाई पड़ता है?... नहीं साहब! हमको तो दिखाई नहीं पड़ता। शीशे में देखकर जिस पर हम क्रीम लगाते हैं, पाउडर लगाते हैं, वह म...
- अपना सारा जीवन कष्टमय बिताती रहती है और बच्चों को भान भी नहीं होने देती कि कष्ट भी कोई चीज है क्या?... माँ बड़ी जबरदस्त होती है। गायत्री माँ का तो कहना ही क्या है? साधारण माँ की बात कह रही थी और चेतना को...
- अपनी अकल का उपयोग किस तरीके से कर पायेगा?... इन सब जानकारियों के लिए शिक्षा तो आवश्यक है, लेकिन शिक्षा से ही काम चलने वाला नहीं है। शरीर के लिए,...
- अपनी अम्मा की सलाह तो मानूँ?... नहीं बेटे! तू अम्मा की मत मानना। नहीं साहब! अम्मा तो हमारी मर गई। उसी ने हमारा ब्याह करा दिया था। कब...
- अपनी आर्थिक कमाई का सफाया करने जा रहा है?... समाज के लिए कैसे संकट पैदा करने जा रहा है? वह समझता ही नहीं कि अपने बच्चों का भविष्य कैसे खराब करन...
- अपनी इन पीड़ाओं को ले करके, दरदों को ले करके, ख्वाहिशों को ले करके, स्वार्थों को ले करके हम ये शिविर लगाते रहते हैं और हम क्या कर सकते हैं?... हम और आप बैरी की तरह से आमने-सामने बैठे हुए हैं। कहने को तो हम गुरु-शिष्य हैं, पर वास्तव में बैरी है...
- अपनी औरत का स्वास्थ्य कैसे खराब करने जा रहा है?... अपनी आर्थिक कमाई का सफाया करने जा रहा है? समाज के लिए कैसे संकट पैदा करने जा रहा है? वह समझता ही न...
- अपनी क्षमता और वजन रखकर आप दुनिया में कुछ बन सकते थे?... नहीं आप नहीं बन सकते थे। यह था सैक्रीफाइस घर वालों के लिए। यह था माँ का प्यार, जो छोटे बच्चे को लेकर...
- अपनी खुशहाली तक ही सीमित है, तो मैं आपको क्या कहूँ?... फिर मुझे आपको पिशाच कहना पड़ेगा और जब आप इससे भी आगे बढ़ जाते हैं और भी छोटे दायरे तक सीमित हो जाते ...
- अपनी जान बचाने के लिए हनुमान जी ने किसका वेष बनाया था, आपको मालूम है?... आपको मालूम होना चाहिए। उन्होंने ब्राह्मण की शक्ल बना ली थी। ब्राह्मण की क्यों बनाई? इसलिए बनाई कि पु...
- अपनी जिह्वा को तपस्विनी बनाने के लिए मैं क्या करता रहता हूँ?... संस्कारविहीन खाद्यों को ही ग्रहण करता हूँ। यह क्या है? जीभ का तप है। हमको जीभ का तप क्यों करना पड़ता ...
- अपनी जीवात्मा को जब हम भगवान के साथ में, परमात्मा के साथ में जोड़ देते हैं, तब क्या हो जाता है?... उदाहरण के लिए मैं आपको समझाता हूँ। आपने पारस पत्थर का नाम सुना होगा। लोहे को पारस पत्थर के साथ छुआ द...
- अपनी बहन को अलग रखिए?... बेटे, मैं कैसे अलग रखूँ? जब राखी बाँधने आती है, तब मैं कैसे कहूँ कि रहने दे। घर से जब वह विदा होती ह...
- अपनी बात क्यों नहीं कहते?... अरे कोई बात हो तो बताओ? नहीं, कुछ नहीं। तो चल भाग यहाँ से। बेटे, आपको कहना होगा कि हमें यहाँ से दिल्...
- अपनी बेटी हो तो क्या और किसी की बेटी हो तो क्या?... अब हम इन जिन्दा आँखों से ऐसा अधर्म नहीं देखेंगे। ये ठीक है कि हम रावण को नहीं मार सकते, पर हम स्वयं त...
- अपनी मीरा को मैं कैसे जल जाने दूँगा?... फिर जहर कौन पियेगा? भगवान ने कहा—जहर पीने के लिए मैं मौजूद हूँ। मीरा पानी पियेगी और जहर मैं ...
- अपनी संकीर्णता को त्यागोगे क्या?... नहीं, अपनी संकीर्णता को तो हम नहीं त्यागेंगे गुरुजी। तो बेटा! आप इस जीवन में कभी कुछ नहीं बन सकते और...
- अपनी सारी कमाई किसको देगा?... बेटे-पोते को देगा, अगर और किसी को देगा, तो तेरी जान निकल जाएगी। निस्पृह जीवन मित्रो! क्या हुआ? कृष्ण...
- अपनी सेना कहाँ से खड़ी करेंगे?... खिलायेंगे कहाँ से? ऐसे आदमी आयेंगे, तो मुश्किल पड़ जायेगी। काम कैसे चलेगा? भगवान करते हैं इनसान क...
- अपनी सेवा कर और किसकी सेवा करेगा?... देवता की सेवा करूँगा। नहीं, देवता को तेरी सेवा की जरूरत नहीं है, उनके पास सब इंतजाम है। देवता अपना ग...
- अपनी हस्ती को क्यों?... अपनी हस्ती, जो कि पानी का एक बबूला है, जो अपने चारों ओर हवा का एक घेरा बना करके बैठा है। उसके अन्दर ह...
- अपने आप में धारण किया है?... इसका जवाब दे देंगे, तो आपकी बात लाखों-करोड़ों आदमी मानेंगे। हमने जो लोगों को सिखाया है, बताया है, प...
- अपने शरीर को ठीक तरीके से इस्तेमाल करने की तमीज, शरीर से ठीक तरीके से काम कैसे लिया जा सकता है?... परिश्रम कैसे किया जा सकता है? इसके बावत आप जानें। फिर आपका शरीर ठीक हो जायेगा, स्वास्थ्य ठीक हो जा...
- अपने अन्दर विशेषता पैदा क्यों नहीं की?... जिससे हमारी स्वाति की बूँदें तुम्हारे अन्दर प्रवेश करने के बाद में मोती बना देने में समर्थ होती। तुमन...
- अपने आप ही सीं लूँगा?... नहीं बेटे, ऐसा मत करना, क्योंकि इससे सेप्टिक हो जायेगा। तेरा ऑपरेशन हम ही कर देंगे, हमको इसका ज्ञा...
- अपने आप का सुधार कुछ नहीं है क्या?... स्वाध्याय की, संयम की क्या जरूरत हो सकती है? अरे साहब! बड़ी मुश्किल आ जाएगी। हम अपने मन के ऊपर, विचा...
- अपने आप की सफाई करने में ही शायद हमारी शक्ति खरच हो गई, इसके अलावा और क्या काम करने पड़े?... ढेरों काम करने पड़े। उन कामों की तादाद गिनाने लगें तो आपका बहुत समय खरच हो जाएगा। बेटे! हमें बहुत का...
- अपने आप को ढालना बड़ा काम है; क्योंकि आप परिवार के बड़े मेंबर हैं और जब आप अपने आप को ढाल लेंगे और विकसित कर लेंगे, तो फिर देखिए आपकी छाया, आपका वातावरण सारे-का-सारा कैसे परिष्कृत होता है?... मित्रो! चन्दन का वृक्ष झुक करके अपनी समीपवर्ती झाड़ियों को खुशबूदार बना सकता है, तो आप भी चन्दन के पेड...
- अपने आप को बेचा कैसे जा सकता है?... बेचा ऐसे जा सकता है कि आप अपनी इच्छाओं को भगवान के हवाले कर दें और ये कहें कि अब हमारी इच्छाएँ खत्म ...
- अपने आप से माँगने का मतलब क्या है?... अपने आप से माँगने का मतलब है कि हमको अपना व्यक्तित्व और अपना चरित्र एवं अपना अन्तःकरण उदार और उदात...
- अपने आपको कौन गिराता है?... अरे कोई नहीं गिराता, आप स्वयं अपने आपको गिराते हो। नहीं साहब, हमको पड़ोसी तंग करता है और बीबी तंग कर...
- अपने एक ऐसे ही भावपूर्ण प्रवचन में परमवन्दनीया माताजी समस्त श्रोताओं को स्मरण दिलाती हैं कि अध्यात्म का वास्तविक अर्थ क्या है?... वे कहती हैं कि भगवान जीवसेवा में छिपे हुए हैं, सिर्फ उन्हें सेवा के माध्यम से प्रकट जगत् में लाने की...
- अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं करते, तो आप क्या कर रहे हैं?... आप किसी पर दबाव तो नहीं डाल सकते, आप उन्हें मजबूर तो नहीं कर सकते, आप दूसरे आदमी के गुलाम तो नहीं है...
- अपने कृष्ण के लिए वह मारी-मारी फिरी और कृष्ण जिन्दा होता तो?... तो बेटे, कितने आक्षेप उसके ऊपर लगे होते। उसने उसी पत्थर की मूर्ति में से गिरिधर गोपाल को पैदा कर लिय...
- अपने गिरेबान में मुँह डालिए और तलाश कीजिए कि हमारे विचारों में क्या-क्या गलतियाँ हैं?... हमारी क्रियाओं में क्या-क्या गलतियाँ हैं? हमारी आस्थाओं में क्या-क्या गलतियाँ हैं? हमारी आस्थाओं में...
- अपने बच्चों से अपने दिल की बात क्यों न कहूँ?... कहना चाहिए। हमने जो जीवन जिया, हमने उनके जीवन से जो सीखा और हमने जो पाया, वह इतना पाया है कि हम हजार...
- अपने माता-पिता से मुहब्बत कम कर दी?... न, ऐसा मत कहिए। अलग होने का मतलब मुहब्बत कम करना नहीं होता। इस मुहब्बत को सार्थक करने के लिए ही ...
- अपने मित्र का और अपने बड़े का जो मान और पद न्यायाधीश के रूप में बना हुआ है, वह आप खराब कराना चाहते हैं?... हाँ साहब! हम तो खराब कराना चाहते हैं। क्यों? क्योंकि इससे हमारा उल्लू सीधा होता है। हमारी मनोकामना...
- अपने लाल को पाकर कैसे धन्य होगी?... एक का आनन्द-दूसरे का शोक, एक का नफा-दूसरे का नुकसान-यही दुनिया का क्रम है।यदि हमारे विचार करने का क...
- अपने लिए और अपनी औलाद के बाद क्या कभी हमारी आँखें बाहर गयीं?... नहीं, हमारी आँखें उससे बाहर नहीं गयीं। अपने दिमाग के अहंकार को बढ़ाने के लिए गयी और आगे बढ़ीं, तो सात ...
- अपने लिए क्या माँगा?... कुछ भी नहीं माँगा। शबरी को गुरु का हुक्म मिला कि सड़क पर झाड़ू लगाया कीजिए, जिससे कि जो विद्यार्थी वहा...
- अपने व्यक्तित्व को बनाना, अपने जीवन को बनाना, अपनी जीवात्मा को महात्मा, देवात्मा बनाना और परमात्मा बनाना, यह विकास कितना बड़ा हो सकता है?... इसके लिए कितना संघर्ष करना चाहिए, कितनी मेहनत करनी चाहिए, कितना परिश्रम और कितना परिष्कार करना चाहिए...
- अपने होते हुए भी वे पराए लगते थे, फिर आनन्द एवं प्यार कहाँ से उभरता?... आनन्द एवं प्यार एक ही चीज का नाम है। अगर आपको आनन्द पाना है, तो प्यार का माद्दा बढ़ाना पड़ेगा। यह दि...
- अपने-अपने चिन्तन को, चरित्र को, व्यवहार को, अपने वातावरण को जब ऐसा बनाया नहीं गया है, तो उसे पास कौन बैठने देगा?... न ही कोई सुनेगा।
गाँधी जी की आवाज को, लाल बहादुर शास्त्री की आवाज को, सुना इसलिए गया कि वे सही अर...
- अपराधियों के बारे मे यही बात है, शराबियों के बारे में भी यही बात है, जुआरियों को आपने देखा है ना?... चोरों को आपने देखा है ना? इस समय फायदा उठा लेते हैं।...
- अपराधियों को आप जानते हैं ना?... शराबियों को आप जानते हैं ना? आलसियों को आप जानते हैं ना? रिश्वतखोरों, जमाखोरों और भ्रष्टाचारियों को ...
- अपूर्णता से पूर्णता को प्राप्त करने के लिए जीवभाव को समाप्त करके, ब्रह्मभाव तक जा पहुँचने के लिए कौन-सी मंजिलें हैं?... मंजिलें दो हैं—एक को हमने योग के नाम से पुकारा है और एक को हमने तप के नाम से पुकारा है।
मित्रो! ...
- अपेक्षित क्या है?... बाजीगर अपना तमाशा तब दिखा पाता है, जब कठपुतली अपने धागे को बाजीगर के हाथ में बाँध देती है। गायत्री...
- अब आप क्या करना चाहते हैं?... वही, जो आपने सीखा है और आपको सिखलाया गया है। वही तरीका आप देवताओं के साथ इस्तेमाल करना चाहते हैं...
- अब तो आप खुश हैं ना?... हाँ साहब! हम तो इसीलिए यहाँ आए थे। हाँ बेटे! लोग दो ही चीज माँगते हैं। एक तो वे पैसे की शिकायत ल...
- अब हरिजन शब्द कह देते हैं, तो सामने वाला तुरन्त कह उठता है कि आपने हमें हरिजन कैसे बता दिया?... नहीं साहब! सम्मान किया है। सम्मान किया है या हमको अछूत बता दिया है? हरिजन शब्द आज खराब हो गया है। ...
- अब आगे क्या करेंगे?... अब हमारे पास दो उद्देश्य हैं। एक तो यज्ञ की वैज्ञानिकता को सिद्ध करना है, जिसमें आप सिद्धि और चमत्का...
- अब आप अलग कर दीजिए न, गंगाजल और यमुनाजल को?... कहाँ अलग हो सकते हैं? आपने उन्हें मिला जो दिया। अब वे अलग नहीं हो सकते। दोनों एक हो गए। भगवान के साथ...
- अब आप अवतार लेंगे?... हाँ साहब! अवतार लेंगे तो आप अकेले काम नहीं कर सकेंगे? अकेला काम क्यों नहीं कर सकता? 'अकेला चना भाड़ ...
- अब आप कैसे आ गईं?... लक्ष्मी जी ने कहा कि जहाँ कहीं भी प्यार रहता है, सहकार रहता है, सेवावृत्ति रहती है, उदारता रहती है, ...
- अब आप क्या कर रहे हैं?... अब हम पुरश्चरण कर रहे हैं। इसे इस वर्ष से हमने प्रारम्भ कर दिया है। पुरश्चरण में जप, जप के साथ हवन अन...
- अब आप क्या कर सकते हैं?... आप सेहत की एक तरीके से सहायता कर सकते हैं। देवपरिवार में आकर, आध्यात्मिक जीवन में प्रवेश करने के बाद...
- अब आप क्या करेंगे?... बच्चों की खुराक अनाज नहीं है। इंसान की खुराक अनाज नहीं है। इंसान की खुराक मोहब्बत है, प्यार है। आपने...
- अब आप क्या शिकायत करते हैं?... आपने बदतमीज़ी से और बेहूदगी से चीजों को खाया है। अब बेहूदे तरीके से खाने की वजह से ये बेहूदी चीजें आ...
- अब आप परसों भेज देंगे, हमको लेक्चर झाड़ने पड़ेंगे, तो लेक्चर कैसे देंगे?... अरे बाबा, लेक्चर की हम नहीं कह रहे हैं। लेक्चरार बनाकर नहीं भेज रहे हैं। हम तो आपको वह चीज दे करके...
- अब आप बताइएकि हम सफाई-धुलाई कैसे कर सकते हैं?... कस्तूरबा ने गाँधी जी को बताया कि जिस देश में हम रहते हैं, वहाँ इतने गरीब लोग रहते हैं। गाँधी जी की आ...
- अब आप ही बताइए कि क्या करना चाहिए?... गोसाईं जी का मीराबाई को उत्तर
गोस्वामी तुलसीदास जी ने उसके उत्तर में मीराबाई के लिए एक कवित...
- अब आप ही बताइये, भला इतनी चीजों से टक्कर कौन ले?... हर आदमी ले लेगा? आप ले लेंगे? चौराहे पर खड़े होकर भाषण देने वाले नेता लोग टक्कर ले लेंगे? न, यह ब...
- अब आपकी पचास हजार की शाख है और बाकी ग्रेड?... अब एक लाख की ग्रेड है। ग्रेड भी बढ़ती हुई चली जाती है क्यों? हमारी बैंक हमको ईमानदार समझती है कि इसक...
- अब आपकी शिकायत क्या है?... हमने जो रुपये उनकी पढ़ाई में खरच किए थे, उनको ब्याजसहित चुकाना चाहिए था।
भाई साहब! वो जमाने चले ...
- अब आपके पास कहाँ है?... जिन्दा में आपके पास है नहीं तो मरने के बाद क्या हो सकता है!
सेवा से ही फलित होगी साधना
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- अब आपको यह चिन्ता करनी है कि हमको खर्च कम कैसे करना हैं?... आपके जो भी घरेलू खर्च हैं, क्या उसमें किसी प्रकार की कमी करने की गुंजाइश है? अगर कमी करने की गुंजा...
- अब आपको शिकायत क्या है इससे?... नहीं साहब, आपको साइंस जाननी पड़ेगी, फिजिक्स पढ़नी पड़ेगी तब सारी बातें जानेंगे। नहीं साहब जानेंगे नह...
- अब आपने क्या किया?... लकड़ी की एक माला उठाई और दवा-स्ट्रेप्टोमाइसिन चौकी पर रख दी और उसके चारों ओर धूप घुमाई और जप करना शु...
- अब इंदिरा गाँधी जी से क्या कहूँगा?... या तो सिंधिया को उखाड़ो या फिर हटो, किसी और को बनाते हैं। गुरुजी! अब क्या करना चाहिए? अगर आपकी कृपा ...
- अब उसको वापस लाने के लिए क्या करना पड़ेगा?... अगर संस्कृति वापस न आ सकी तो दुनिया तहस-नहस हो जाएगी, दुनिया मिट जाएगी। दुनिया जिन्दा न रह सकेगी। परल...
- अब और कोई भाष्यकार हो सकते हैं?... नहीं बेटे! वेदों का भाष्य करना बहुत कठिन कार्य है। यह अकल हम कहाँ से लाए? यह हमारे गुरु की कृपा...
- अब और क्या बताऊँ, बताइए?... अथर्ववेद की बात बताऊँ या आपकी इच्छाओं की बात बताऊँ। चलिए आपकी इच्छा के मुताबिक बात बताता हूँ। अथर्वव...
- अब कल एक गीत आपको गुजराती में सुनाऊँगी, देखो सुनाते हैं कि नहीं सुनाते?... तो फिर क्या वजह है? हम क्या नहीं कर सकते हैं?
आपसे उम्मीदें हैं
अब बुढ़ापे में, इस अवस्था में भ...
- अब कहाँ जाना पड़ेगा आपको?... बेटे, सारे हिन्दुस्तान में तो हिन्दू बत्तीस-तैंतीस करोड़ हैं और दो करोड़ बाहर हैं। सारी दुनिया में चौं...
- अब कहाँ मिला दिया?... अब विविध भारती पर मिला दिया है और अब इसमें प्रार्थना के गीत आने लगे हैं। यह क्या है? एक सेकेण्ड का च...
- अब कहीं दिल्ली में या बाहर है, मुझे मालूम नहीं, क्या हुआ?... कंपनी नीलाम हो गई, सब कुछ तबाह हो गया।
क्यों साहब! ऐसा हो सकता है? इतनी दौलत दे जाए तब भी? हाँ ब...
- अब काहे से यज्ञ होगा आप बताइए?... उन्होंने कहा कि हम तो विशुद्ध रूप से कठपुतली हैं। जिसके हाथ में हमने डोरी साैंप रखी है, उस पर हमारा ...
- अब कितनी हो गयी हैं?... अब रुपये का फरक पड़ गया है, तो कलायें अब सौ हो गयी हैं। अवतारों की कलाएँ एवं लीलाएँ महाराज जी! तो क...
- अब कितने हो?... नौ। नौ आदमी किस तरह से हो, गिनकर बताओ। उन्होंने बारी-बारी से एक, दो, तीन.....करके दिखाया और कहा ...
- अब किस स्थिति में है?... मैं नहीं जानता कि मर गया या जिन्दा है; क्योंकि मुझे यहाँ आए बहुत दिन हो गए। जिन्दा भी होगा तो अपाहिज क...
- अब किसकी बात रह जाती है?... माँ का पाठ रह जाता है। माँ जिस ढंग से बच्चों को उस घर की पाठशाला में शिक्षण देती है। वह शिक्षण आजीवन...
- अब कौन जाएँगे, कितने जाएँगे?... यह फैसला वहीं भीड़ में होगा। पार्वती ने अपना जो रूप बनाया था, वह था सुंदरी का, स्वस्थ जवान सोलह वर्ष...
- अब कौन बाकी रह गया है?... एक ही आदमी बाकी रह गया है, देवता। देवता ट्रांसफर कराता है? हाँ साहब! देवता के हाथ में सब कुछ है। तो ...
- अब कौन रह गया है?... अब सन्तोषी माता और रह गई है और जो कोई भी रह गया है, उसे भी इसी नरक में जला डालिए अभागो! जिसमें कि आप ...
- अब कौन से आ गए?... किसको वोट देंगे? आपकी पार्टी को देंगे। आपकी पार्टी कौन सी है? जो भी आपकी पार्टी है, उसी को दे देंगे।...
- अब क्या है?... यू0पी0 में व्यायाम के जो प्रशिक्षित लोग निकाले जाते हैं, एन0सी0सी0 और पी0टी0सी0 सिखाने वालों की ट्...
- अब क्या कर रहे हैं?... अब सारे के सारे विश्व के वातावरण को गरम करने के लिए प्रयत्न कर रहे हैं और यह प्रयास कर रहे हैं कि इस...
- अब क्या करना चाहिए?... क्या कदम बढ़ाना चाहिए? मैंने फिर अपने उसी फरिश्ते से दूसरा सवाल किया कि जब आपने मुझे जगा ही दिया है ...
- अब क्या करना चाहिए?... बेटे! हमको और आपको उसे वापस लाने की कोशिश करनी चाहिए; क्योंकि उसमें हमारा, हमारी सन्तानों का, हमारे स...
- अब क्या करना चाहिए?... अपनी कोई जगह बनानी चाहिए, जहाँ हम पृथ्वी पर भी बने रहें और लक्ष्मी जी के सामने बेइज्जती भी न हो। ह...
- अब क्या करना चाहिए?... गाड़ी को रोका गया कि देखें शायद हाथी चला जाय। हाथी भी खड़ा हो गया। रेलगाड़ी फिर चलने लगी, हाथी भी चलन...
- अब क्या करना चाहिए?... उनके विद्यार्थी मन में एक बात आई कि अब मुझे संस्कृत पढ़नी चाहिए। 55 साल के बच्चे ने यह निश्चय किया।
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- अब क्या करना चाहिए?... अगर आपकी कृपा हो जाय किसी तरीके से, तो काम बन सकता है। मेरी पत्नी ने कहा है कि आचार्य जी को लोग जानत...
- अब क्या करना पड़ेगा?... अब हमें इसको बदल देना चाहिए। अपना 'अहं' सुपर ईगो में परिष्कृत कर देना चाहिए। हमारा जो 'अहं' है, हमार...
- अब क्या करूँ?... भीम प्रतिज्ञा कर चुका था। श्रीकृष्ण भगवान ने कहा कि भीम। देख, यह लँगोटी वाला पहनकर गया था और लँगोटी ...
- अब क्या करूँ?... उस जमाने में पेंशन भी थोड़ी-सी मिलती थी। 15-20 रुपये पेंशन मिलती थी। अब क्या करना चाहिए? उनके विद्या...
- अब क्या करें?... बेटे, मन को किसी काम में लगाया जाए। मन की बनावट ऐसी है कि जब कोई काम नहीं होगा तो मन भाग जाएगा। जब म...
- अब क्या करेंगे, अब कैसे होगा?... होगा क्या, जो सबका होगा, वह तुम्हारा होगा। जो होता है होगा, अब क्या किया जाए? पर जो लक्ष्य है, उद्दे...
- अब क्या करेंगे?... उसको ढककर ले जाइए और जौ के खेत में छोड़कर आइए। बलिदान की यह प्रक्रिया अभी भी होती है। पण्डित कराते है...
- अब क्या करेंगे?... जो कोई हमारी चपेट में आएगा, उसको भी कोढ़ी बनाएँगे। किसको कोढ़ी बनाएँगे? अब तो और कोई चपेट में नहीं आ...
- अब क्या करेंगे?... कैसे रहेंगे? अपनी मनोभूमि ठीक करें। मन-बुद्धि से काम लें। परिस्थितियों से निपटने पर विचार करें। उन्ह...
- अब क्या कहें?... बस, यहीं रहने दे।
इनको सन्त कहेंगे? नहीं, बेटे! सन्त कहने में लज्जा आती है। हे भगवान! कहीं सन्त हो...
- अब क्या कहेंगे?... मित्रो! फिर भी मैं यही कहता हूँ कि गायत्री ब्राह्मण की कामधेनु है। अब भी आप कहते हैं? अभी तो आपने मन...
- अब क्या किया जाना चाहिए?... मिलिट्री वालों ने कहा कि यह हाथी ऐसे नहीं जायेगा। यह गाड़ी के आगे-आगे चल रहा है, अतः हम लोग उसके ...
- अब क्या रखा है?... तुरन्त के लिए आदमी घबरा जाता है। इस नियम को समझिए ईश्वर का विश्वास होने का अर्थ यह है कि कर्मफल को प...
- अब क्या हुआ?... हाथी एक दिन पानी पीने गया और दलदल में फँस गया। जब लोगों ने देखा कि हाथी दलदल में फँस गया है, तो सब उ...
- अब क्या है?... अब सामर्थ्य वाले यज्ञ होंगे। अब आगे क्या करेंगे? अब हमारे पास दो उद्देश्य हैं। एक तो यज्ञ की वैज्ञान...
- अब क्या हो गया?... अब उससे हमें कुछ लेना-देना नहीं है। अब हमें नहीं मालूम कि वह कौन आदमी है। यह क्या हो गया? पहले वही ह...
- अब क्या होना चाहिए?... अब हमारा जीवन एक ही दिशा में बढ़ना चाहिए, देवत्व की दिशा में देवत्व की दिशा में बढ़ें, तो क्या हो सक...
- अब क्या होने वाला है?... अब फायदा होने वाला है। पैसा, बेटा, घर, लक्ष्मी-सब फायदा होने वाले हैं। यह क्या हो गया? जादू हो गया...
- अब क्या होने जा रहा है?... अब बेटे! प्रज्ञावतार होने जा रहा है। प्रज्ञावतार क्या है? कभी बताऊँगा, पर आज मैं कहता हूँ कि अब गायत...
- अब क्या होने वाला है?... देखिए हमारा बड़ा घाव बना दिया और खून निकल रहा है और हम मरने वाले हैं। दूसरी एक और तरह की शिकायत होती ...
- अब क्या होने वाला है?... मनोकामना पूरी करना खराब बात है क्या? नहीं, खराब बात नहीं है, पर मनोकामना किस काम के लिए माँगी गई है?...
- अब क्यों रोते हैं?... परेशान क्यों होते हैं? मित्रो! यही हालत आपकी होगी जब आप कमजोर हो जाएँगे, याद रखिए।...
- अब गलती का उपाय क्या है?... बस, भगवान विष्णु गये और उन्होंने पार्वती का रूप बनाया और उसको कहा कि नाच हमारे साथ में। भस्मासुर न...
- अब चलो देखें कि उसके बच्चा हुआ कि नहीं हुआ?... जिन्दा है कि मर गया? उन्होंने कहा—महाराज जी! आप बैठिए, हम बुलाकर लाते हैं। मित्रो! वे लोग गये...
- अब जरा दिल की बात बता?... इन सब स्त्रियों को तू देख रहा है। इनमें से ये खूबसूरत है कि वो खूबसूरत है? क्या करें? इन सबसे तुम्हा...
- अब जाने तीसरे नम्बर पर क्या बनाती फिरेंगी?... नहीं, बेटे! मैं दो ही बनाऊँगी और कुछ नहीं बनाऊँगी। ब्राह्मण तो आप सभी हैं, हम सबको ब्राह्मण मानते है...
- अब जिनकी भावनाएँ खत्म हो गयी हैं, जो थक गये हैं, जो टूट गये हैं, जो मर गये हैं, उनको अब हम कहाँ से भेज सकते हैं?... उनको अब हम श्मशान भूमि की तैयारी के लिए उचित स्थान पर रखेंगे। डेड बॉडी को पोस्टमार्टम करने के बाद ...
- अब तक क्या होता रहा है?... खेल−खिलवाड़ होती रही है। अब खेल-खिलवाड़ की बातें छोड़कर हम वह काम करें, जिसमें कि वास्तविकता का ...
- अब तक क्या है?... अब तक वे मरे हुए हैं। आपका जप मरा हुआ है। आपका ध्यान मरा हुआ है। आपका प्राणायाम भी मरा हुआ है। त...
- अब तुझे क्या करना पड़ेगा?... चार बेटों को खिलाता-पिलाता है। हाँ गुरुजी, उन्हें खिलाता-पिलाता हूँ, कपड़े पहनाता हूँ। तो बेटे, पाँच...
- अब तुम क्या कर सकते हो?... उन्होंने कहा कि मेरे पास अभी भी एक चीज जिन्दा है, जिसके द्वारा मनुष्य उन्नति किया करता है। कोई आँख से...
- अब तुम पर निर्भर है कि तुम कितना हमारे बनते हो?... पति-पत्नी की तरह, गुरु व शिष्य की आत्मा में भी परस्पर ब्याह होता है, दोनों एक-दूसरे से घुल-मिलकर ...
- अब तू कैसे गुरुदीक्षा ले सकता है?... मित्रो! मरा हुआ शरीर बेकार है और मरा हुआ प्राण बेकार है। उसी तरह भाव सम्वेदना के बिना कर्मकाण्ड-क्रिय...
- अब तू विवाह करके क्या करेगा?... नहीं साहब! हम तो विवाह करना चाहते हैं और न केवल विवाह करना चाहते हैं, वरन मालदार भी बनना चाहते हैं। ...
- अब तो आप ऊपर बन्द रहते हैं, जेलखाने में बन्द रहते हैं, फिर आप कैसे टहलते हैं?... आप घड़ी लेकर के देख लीजिए, मैंने टहलना और स्वाध्याय हमेशा जारी रखा है। चाहे जो हो जाए, अभी भी हम निय...
- अब तो वह कितने दाम का होता है?... वह पैसा हमने गायत्री तपोभूमि में जमा कर दिया।यह क्या कर दिया? मित्रो! यह जादू, यह चुम्बकत्व और यह ...
- अब तो वे क्या पहनें और कैसे घर जाएँ?... वे बहुत दुखी हुए और बोले—"अब तो सवेरा हो गया, ऐसे में नंगे घर कैसे जाएँगे? फटे हुए कपड़े पहनकर कैसे ...
- अब तो समझ में आई बात कि नहीं आई?... अरे साहब! आप कैसी घटिया बात कह रहे हैं। घटिया बात इसलिए कह रहा था कि आपका दिमाग तो सदा यही कहता रहता...
- अब दिखाइए भगवान?... बेटे! तेरे लिए भगवान तक पहुँचने का तरीका बता तो दिया। तेरे लिए शिक्षा दे तो दी। तेरे सिर पर जब तक पत...
- अब दिल्ली जाना है तो वह कौन-सी दिशा में है?... अच्छा दक्षिण दिशा में है। उधर तो बृहस्पति जी दिशाशूल लेकर बैठे हुए हैं। दिल्ली की तरफ गाड़ी में बैठ ...
- अब दूसरे माली से पूछा गया कि आपने क्या किया बगीचे को?... राजा सादा लिबास में थे। उसने पूछा—"इसका मालिक कौन है? कोई राजा साहब हैं। नाम मालूम है? नाम हमको मालू...
- अब देखो हम कैसे हैं?... हम पिलपिले हैं। हमारे गाल पिलपिले हो गए हैं और आपके अभी कड़े हैं। आप सब बेकार आदमी हैं, हम यह सब जानत...
- अब नए जन्म में क्या करना चाहिए?... आपकी सारी बुद्धिमानी इस बात पर टिकी हुई है कि आपने अपनी जीवन संपदा का किस तरीके से उपयोग किया। यह मा...
- अब पंचायत समितियों में जिस प्रकार झगड़ा होते हैं, हमारे शक्तिपीठों में भी हर जगह चाण्डालपन है, हमें क्या दिखता नहीं?... क्या हमने शक्तिपीठें इसीलिए बनाई थीं, पूजा इसीलिए प्रारम्भ की थी, इसीलिए संगठन बनाया था कि आप लो...
- अब पेट भरने में कोई शिकायत हो सकती है क्या?... नहीं, कोई शिकायत नहीं हो सकती। हमारी मौलिक आवश्यकताएँ थोड़ी हैं।मित्रो! मौलिक आवश्यकताओं पर जब हम विच...
- अब प्रश्न उठता है कि भगवान को हम अपना इष्ट कैसे बनाएँ?... इसको बनाने का एक ही तरीका है कि आप जीवन में यह निश्चय कीजिए कि आपको क्या बनना है? ऊँचाई के रास्ते पर...
- अब बताइए आप क्या हुकुम करते हैं?... ऊँचा सिर लेकर के भगवान के पास जाइए पर यह तभी हो सकता है, जब आप मौत का भी ख्याल रखें। मौत का ख्याल त...
- अब बताइए कि मैं कैसे जा सकता हूँ?... घर से बाहर मैं कैसे शक्ल दिखा सकता हूँ? बेटा! जनसम्पर्क के लिए जाओगे क्या? नहीं गुरुजी! हम नहीं जाएँ...
- अब बताइये कि ईसा असफल हो गये कि सफल?... असफल। सुकरात असफल थे कि सफल? असफल। भगतसिंह असफल हो गये कि सफल? असफल। झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई असफ...
- अब बताइये, आपने जो भविष्यवाणी की थी, वह हमारे ऊपर लागू हुई कि नहीं?... नहीं साहब! आप पर लागू नहीं हुई। आपने असली अध्यात्म का धंधा किया है। मित्रो! हमने असली अध्यात्म क...
- अब बाप से आपको क्या मिलेगा?... जब नौकरी करता था, तब दिया करता था। अब तो देने लायक नहीं रहा, तो बाप की सेवा नहीं करेंगे। माँ आपकी से...
- अब भी आप कहते हैं?... अभी तो आपने मना कर दिया था। आप फिर से कहने लगे? हाँ बेटे, मैं फिर से कहता हूँ कि गायत्री कामधेनु है ...
- अब मेरा कोई बैरी हो सकता है?... मैं नहीं समझता कि कोई दूसरा भी मेरा बैरी हो सकता है। मथुरा के एक हजार कुण्डीय यज्ञ के विदाई समारोह म...
- अब मेरा शरीर क्या भगवान के काम में नहीं लगेगा?... क्या मैं लोभ और मोह के बन्धन में ही बँधा रहूँगा? जटायु ने कहा कि मैं कुछ भी नहीं कर सकता। जानता ह...
- अब मैं अपनी गलती सुधारता हूँ?... नहीं बेटे, मैं नहीं सुधारता। जहाँ तक गायत्री का मनुष्य के जन्म से सम्बन्ध है, वहाँ तक मनुष्यमात्र ...
- अब मैं उसको क्या जवाब दूँगा?... "
मित्रो! आपको तरह-तरह की चीजें माँगने से पहले, तरह-तरह की फरमाइशें करने से पहले यह देखना पड़ेगा...
- अब मैं क्या कहूँ?... केवल यही कह सकता हूँ कि लोहे की सलाखें गरम करके ला और आचार्य जी के चिपका दे। एक महीना जप कर लिया, बह...
- अब मैं क्या मुँह दिखाऊँगा?... अब इंदिरा गाँधी जी से क्या कहूँगा? या तो सिंधिया को उखाड़ो या फिर हटो, किसी और को बनाते हैं। गुरुजी!...
- अब मैं जिन्दा रह करके क्या करूँगा?... इस बुड्ढे जीवन से क्या करूँगा? अब मुझे कोई हवस नहीं है। सन्त, सुधारक और शहीद—तीन ही तो आपके यहाँ की स...
- अब मैं न जाने कहाँ जा रहा हूँ और न जाने क्या करने जा रहा हूँ?... वह अमृत जो मैंने चार दिनों में पहली बार पिया था और वह अमृत जो चार दिन दोबारा पिया था। एक चालीस वर्ष ...
- अब मैं नहीं समझती कि आपके लिए भगवान हैं कि नहीं?... पर मेरे लिए तो वे भगवान ही हैं। देखो, मुझे उन्होंने अपने समतुल्य बना दिया। आप उनकी वही छवि मेरे अन्द...
- अब यह अगर भगवान का भक्त हो गया तो भी मैं क्या कर सकता हूँ?... मित्रो! भगवान की भक्ति का तरीका तो आपको मालूम होना चाहिए। सुदामा जी इच्छा लेकर के भगवान श्रीकृष्ण के...
- अब ये कुछ काम कर सकेंगे?... नहीं, अब ये कुछ काम नहीं कर सकेंगे। इनकी शक्ल बनी रहेगी, सूरत बनी रहेगी। इनका फोटो भी खिंच स...
- अब योगा में क्या होता है?... आसन होता है। नाक में रस्सी डाल लेंगे, भीतर तक ले जाएँगे और फिर बाहर निकाल लेंगे। क्यों साहब! योगा तो...
- अब रही कुटुम्ब की समस्या?... कुटुम्ब की समस्या का समाधान करने के लिए अपने कुटुम्बियों को उनकी मनमरजी की दौलत उनके सुपुर्द कर देने स...
- अब वह कहाँ चली गई?... वह तो मध्यकालीन युग था। उसमें आस्तिकता फिर भी थी। उस समय किसी कदर आस्तिकता का नाम-निशान तो था। राम-र...
- अब वह काली है?... नहीं, बेटे अब वह काली कहाँ से आये। वह पत्थर का खिलौना दक्षिणेश्वर के मन्दिर में अभी भी पड़ा हुआ है। ...
- अब वाराह भगवान ने कहा कि अब क्या करना चाहिए?... वे धरती पर घूमने लगे, फिर मन में आया कि शादी कर लेनी चाहिए, सो उनने एक सुंदर सी मोटी सुअरिया से विवा...
- अब समझ में आया कि आपका मन क्यों नहीं लगता?... इस उपासना के भीतर और आपकी इस मान्यता के भीतर एक चीज कम पड़ गई है, इसलिए सारी गड़बड़ी हो रही ...
- अब सवाल यह पैदा हुआ कि कथा कौन कहे?... भागवत् व्यास जी ने बनाई है, तो कथा भी वही कहें। राजा परीक्षित विचार करने लगे कि कथा व्यास जी से कहलव...
- अब सारी बातें तो आपको नहीं बताते, पर आप देख लें कि हम अपने जिन मकानों में रहते रहे हैं, उन मकानों की कीमत क्या है?... जिन मकानों में आदमी रहेगा, सारा पैसा तो उन मकानों में लगता नहीं है। कुछ और भी तो रखता है किसी कार्...
- अब स्याम देश में क्या करना पड़ा?... वहाँ के लोग बहुत समझदार हैं। उन्होंने कहा कि हममें से हर एक आदमी को एक साल के लिए संन्यास लेना च...
- अब हम आपसे क्या कहें इस अकल के बारे में; लेकिन यदि यह अकल श्रद्धा उभारे तब, भावनाएँ उभारे तब?... तो हम उनको वह शक्ति दें कि सारा संसार शान्ति पा सके, सन्तोष पा सके और प्रेरणा पा सके। इसी के लिए हम ...
- अब हम उनको कहाँ रखें?... अब हम उनको काली कमली वाले बाबा की झोपड़ी में रखेंगे। बस वह वहीं बैठा रहा करेगा। टट्टी-पेशाब कर आया ...
- अब हम कहाँ जाएँ?... खाने को भी नहीं था और पीने को भी नहीं था। झाड़ियाँ भरी पड़ी थीं। कहाँ आफत में आ गए? विचार करने लगे क...
- अब हम क्या कर सकते हैं?... कुंती ने कहा कि आपने अपनी जान जोखिम में डालकर हमको छिपा रखा है, तो हमारा भी तो कुछ कर्तव्य हो जाता...
- अब हम क्या कर सकते हैं?... आपके पास शक्ति का अभाव है। आप जो भी सामर्थ्य चाहें, हम आपको दे सकते हैं, लेकिन वे चीजें आपके लिए फाय...
- अब हम नहीं खाएँगे?... हमारे पेट में दरद हो जाएगा। खुजली सेकण्डों में खतम हो गई।
मित्रो! उस सत्ता के साथ हमारा कोई संबं...
- अब हम मिठाई नहीं खाने वाले हैं, न पकौड़ी खाने वाले हैं?... नहीं साहब! खानी पड़ेगी। नहीं भाई साहब! अब हम नहीं खाएँगे? हमारे पेट में दरद हो जाएगा। खुजली सेकण्डों...
- अब हमको और क्या समझना पड़ेगा?... बेटे, आपको और कुछ समझना नहीं है।...
- अब हमको कहाँ चलना चाहिए, कहाँ जाना चाहिए?... तब रात को निकलने वाला सितारा रास्ता बताता है। सितारा! तू धन्य है सितारा कहता है कि आइए हम रास्ता ...
- अब हमारा क्या होगा?... यह सब सुनकर मैंने राहत की साँस ली और कहा कि आप थोड़ी देर आराम से बैठ जाइये। आपकी बीमारी तो दूर हो ज...
- अब हमारा क्या होगा?... उन्होंने हाथ उठा करके उनके सिर के ऊपर रखा। उन्होंने देखा कि सारी-की-सारी जमीन घूमने लगी और सूरज के त...
- अब हमारा जीवन एक ही दिशा में बढ़ना चाहिए, देवत्व की दिशा में देवत्व की दिशा में बढ़ें, तो क्या हो सकता है?... तब बेटे! हमारा देवपूजन का उद्देश्य पूरा हो सकता है। हम आपको देवपूजन की सारी प्रक्रियाएँ केवल इस मकसद...
- अब हमारे जीवन के ऊपर किसकी हुकूमत है?... अब हमारे ऊपर गायत्री माता की हुकूमत है; विवेकशीलता की हुकूमत है; आदर्शवादिता की हुकूमत है। विवेकशीलत...
- अब हमारे दिमाग के ऊपर किसकी हुकूमत है?... अब हमारे जीवन के ऊपर किसकी हुकूमत है? अब हमारे ऊपर गायत्री माता की हुकूमत है; विवेकशीलता की हुकूमत ह...
- अब हमें क्या करना चाहिए?... बेटे, जैसे हमने किया था। मैट्रिक तक हमारे बाप ने पढ़ाया था, फिर हमने नौकरी की और अपने आप पढ़े। आप भी...
- अभाव कहाँ है?... जमीन में से कितना सारा अनाज पैदा होता है। अभाव कहाँ है? कैसी अच्छी हवा चला करती है। अभाव किस चीज क...
- अभाव किस चीज का है?... ढेरों पानी भरा पड़ा है। कपड़े के लिए जमीन ढेरों की ढेरों रुई पैदा कर देती है। फिर अभाव किस चीज का ...
- अभाव रहने से क्या हो जाता है?... हमारे शारीरिक मशक्कत का जो थोड़ा सा लाभ मिलना चाहिए, वही मिलता है। लेकिन जो उसके अन्दर विशेषता होनी...
- अभिनेता कौन होता है?... जैसे फिल्मों में कोई बादशाह बन जाता है, तो कोई कुछ बन जाता है। आप भी बादशाह बन सकते हैं। हिन्दुस्तान...
- अभी असली बात कौन सी रह गयी है?... हाँ साहब! असली रह गयी है। असली बताइये। आप असली क्या चाहते हैं—रुपया? हाँ साहब! असली बात है रुपया। अस...
- अभी आप किसका नाम ले रहे थे?... नाम तो हम रामचंद्र जी का ले रहे थे। मेरी समझ से आपने गलती कर दी। आपको रावण का जप करना चाहिए था। क्या...
- अभी आप नहीं सुन रही हैं तो फिर पीछे कौन सुनेगा?... बेटे! अब भी हम ही सुनते हैं और पीछे भी हम ही सुनेंगे। जो कुछ भी आपके लिए हम कर सकते हैं, वह पूरा करन...
- अभी आपका क्या बिगड़ा है?... थोड़े से ही मुझे ऐसे दिख रहे हैं, इनके बाल सफेद हो गए हैं, बाकी के सब हट्टे-कट्टे जवान दिखाई पड़ रहे...
- अभी आपका भीतर वाला हिस्सा जब किसी को सलाह देगा तो कैसी सलाह देगा?... जैसे आप हैं। आप बढ़िया सलाह नहीं दे सकते, क्योंकि सलाह के समय में आप स्टेज की बात भूल जाएँगे। स्टेज ...
- अभी आपको पढ़ाने से क्या फायदा है और आपको बताने की क्या जरूरत है?... हम आपकी महत्त्वाकाँक्षाएँ, आपकी इच्छाएँ, आपकी नब्ज़ रोज देखते रहते हैं कि आप क्या माँगना चाहते ह...
- अभी और कौन हैं, जहाँ आप जाएँगे?... बेटे, अस्सी करोड़ मुसलमान हैं, सम्भव है, मुझे वहाँ जाना पड़े। क्या आप वहाँ भी यही हिंदुओं की तरह क्रा...
- अभी और गालियाँ दूँ?... इसे अभी और गालियाँ देने दीजिए मुझे। बेटे, आप और हम में से ही वे आदमी हैं जालिम और जाहिल। मैंने थोड़े ...
- अभी और बताऊँ आपको?... गुणों के हिसाब से दुनिया में जितने भी आदमी आज तक विकसित हुए हैं, उन्हें किसी भी क्षेत्र में सफलता मि...
- अभी क्या बता सकता हूँ?... आप अपना काम ईमानदारी से कीजिए, यही क्या कम है। जो आपके ऊपर जिम्मेदारियाँ हैं, वे ही काफी हैं।
मि...
- अभी क्या होगा?... यह तक तो हमें मालूम नहीं है, फिर भविष्य का क्या पता? कुछ पता नहीं। आज- कल तनिक- तनिक से सुख के लिए...
- अभी क्यों नहीं मिले?... नहीं साहब ! भगवान तो धर्म लोक में रहता है, बैकुंठ लोक में रहता है। चलिए, हम आपको दूसरा फायदा करा दें...
- अभी जो आंध्र में तूफान आया था, आपको मालूम है?... नहीं साहब! हमें तो पता ही नहीं है। बेटे! यह विनाशलीला है, जो हर जगह आए दिन होती रहती है। नेचर नाराज ...
- अभी जो तीन पूर्णाहुति जो हमारी हैं, वे कौन-कौन सी हैं?... एक पूर्णाहुति वह जो गुरुजी ने तीन वर्ष तक तपश्चर्या की। सूक्ष्मीकरण की तपश्चर्या किसके लिए की? अरे ब...
- अभी तक हम क्या करते रहे?... प्रचार के लिए, प्रशिक्षण के लिए यज्ञ करते रहे। दुकान पर से समिधाएँ ले आइए, टाल पर से ले आइए और दुकान...
- अभी तो आप अस्सी हजार रुपये दे रहे थे और अब आप सोचकर अस्सी रुपये भी किराये के नहीं दे रहे हैं?... अरे भाई! जब नौकरी आएगी, तब दूँगा। क्यों? अभी तो कर्ण बन रहे थे। कर्ण तो इसलिए बन रहे थे कि वह गवर्नम...
- अभी तो आप कह रही थीं कि दीपयज्ञ बन्द करने हैं, फिर महायज्ञ कैसा करना है?... बेटे! महायज्ञ का समय आ गया है और अभी से आपको उस महायज्ञ के लिए पूर्णतया तैयार होना है।
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- अभी तो आप प्रणाम करते हैं, पाँव छूते हैं और कितने भावविभोर हैं और तब?... तब बेटा! जिधर को जाएगा, उधर ही गुरुजी-माताजी दिखाई पड़ेंगे और अगर न माने, तू देख लेना, अभी से आजमाना...
- अभी तो आप मालदार हैं, किन्तु पहले जमाने में कौन मालदार था?...
मित्रो! अभी आपके पास रेलगाड़ियाँ हैं, लेकिन बाप-दादों के पास बैलगाड़ियाँ थी। बैलगाड़ियों से चलकर हरिद...
- अभी तो आपको बहुत कुछ बनाना बाकी है, अभी कहाँ हैं आप इस लायक?... अभी हम कहते हैं कि बेटे! जिम्मेदारियाँ सँभालो। गुरुजी के जो उत्तरदायित्व हैं, उनके ऊपर जो वजन है, उस...
- अभी तो तू पाँव की उँगली जैसा भी नहीं बन सकता है, तो तू बता मेरे बराबर कैसे शक्तिशाली बनेगा?... शक्तिशाली तो तब बनेगा, जबकि सारी-की-सारी अहन्ता को हटा देगा।
दो नहीं, एक हैं हम
अपने लोभ, प्रलोभ...
- अभी तो देखते जाओ, हमारे घरों में ये कौन पैदा होते हैं?... हमारे घरों में चोर, डकैत, जुआरी, शराबी जन्म लेंगे और मैं आपसे क्या कहूँ? राक्षस जन्म लेंगे। आप देख ल...
- अभी तो नहीं एक सप्ताह बाद आना, तब मैं आपको बताऊँगा कि गुड़ खाना चाहिए कि नहीं खाना चाहिए?... अभी तो मैं बताने की स्थिति में नहीं हूँ। जब एक सप्ताह बाद वह महिला आई, तो उसने कहा कि बच्चे पर यह क्...
- अभी तो भूख भी नहीं है, हम क्यों उठेंगे?... बस, टाँग चौड़ी करके शेर पड़ा रहता है। उठिए तो सही, सवेरा हो गया। चल, जब हमको भूख लगेगी तब उठेंगे। उस...
- अभी तो हम उसका मूलभाव समझा रहे हैं और यह बता रहे हैं कि ध्यान क्या है?... ध्यान के दो भाग
मित्रो! ध्यान को हम दो हिस्सों में बाँट देते हैं। एक हिस्सा वह है जो हमारे च...
- अभी तो हमारी इतनी जिम्मेदारियाँ हैं, हम कैसे पीछे हटेंगे?... अभी हम पीछे नहीं हटेंगे। आप लोगों को अभी तो हमें बहुत बनाना है, अभी तो आप अनगढ़ हैं। अभी तो किस मेहन...
- अभी तो हमारे बेटे, पोते हो पाए हैं, अभी तो परपोते होंगे तब तुझे गिनाएँगे कि कितने हैं?... ।
महाराज जी! ये कहाँ हैं आपके? इनमें से तो कोई कायस्थ है, कोई बनिया है। अरे बेटे! इसलिए कि इन...
- अभी न तो यह पता है कि हम कहाँ से आए हैं और कहाँ जा रहे हैं?... अपना लक्ष्य भुला बैठे, दिशा भुला बैठे। मेले में इस कदर मशगूल हो गए कि तमाशा देखा तो तमाशे वाले के पा...
- अभी फिलहाल हम आपको पंद्रह-पंद्रह दिनों के लिए छोटी सी ट्रेनिंग दे करके भेजते हैं, ताकि देखें कि आप कुछ करने की स्थिति में हैं कि नहीं?... नहीं साहब! ज्यादा समय के लिए भेज दीजिए। ज्यादा समय के लिए नहीं भेजेंगे। ज्यादा समय के लिए भेजेंगे तो...
- अभी बेटे आप क्या करना चाहते हैं?... दावत करना चाहते है। छोटी बेबी की तरह जो कहती है कि हम दो पैसे दावत करेंगे और ब्याह करेंगे। बेटी! द...
- अभी भी आप भजन का मतलब नहीं समझे क्या कि भगवान आपसे क्या अपेक्षा रखता है?... अगर आपका ख्याल यह है कि भगवान इनसान से यह चाहता है कि उसका नाम जपा जाए और उसे छोटे-छोटे उपहार दिए जा...
- अभी मैं आपको बताने वाला हूँ कि बन्धन किसे कहते हैं?... मुक्ति कहाँ होती है? बेटे! मुक्ति वहाँ होती है—ग्यारह-उन्नीस मील लम्बी दूरी पर। और स्वर्ग कहाँ है? स्...
- अभी मैं आपसे क्या कह रहा था?... यह कह रहा था कि आदमी के भीतर प्रभाव डालने की क्षमता और कशिश पैदा करने की और लोगों को प्रभावित करने...
- अभी मैं देखना चाहता हूँ कि लोभ को त्यागने के बाद आदमी के भीतर जो मैग्नेट पैदा होता है, जो कशिश पैदा होती है, वह मेरे भीतर पैदा हुआ कि नहीं हुआ?... वह अभी भी जिन्दा है कि नहीं? अभी आप मुझे अपने आपका इम्तहान लेने दीजिए। मैंने किसी से नहीं माँगा। उ...
- अभी मैं बताता हूँ कि बिना हत्या के भी माँस मिल सकता है?... कैसे? सरल रास्ता ढूँढ़ते हैं आप! वे बकरी का मुँह बाँध देते हैं, जिससे वह चिल्लाती नहीं है, तो हत्या क...
- अभी हम आपको प्रारम्भिक शिक्षा इसलिए दे रहे हैं कि क्या आप अपना संशोधन कर सकते हैं?... क्या आपके लिए ऐसा सम्भव है? क्या आप अपना चिन्तन और अपने विचार बदल सकेंगे? यदि हाँ, तो हम आपको शक्ति दि...
- अभी हम मरे हैं क्या?... नहीं बेटे, हम बिलकुल जिन्दा हैं और अभी बहुत दिनों तक जिन्दा रहेंगे। अगर हम मरें भी, तो पाँच गुने होक...
- अभी हमने इतने कार्यकर्ता बुलाए हैं और जो 500 कार्यकर्ता हमारे यहाँ रहते हैं, इनको भावना कौन देगा?... इनको प्यार कौन देगा, इनको बनाएगा कौन? अभी तो हमारी इतनी जिम्मेदारियाँ हैं, हम कैसे पीछे हटेंगे? अभी ...
- अभी हमारा दिल धड़क रहा है, कल हमारी मौत आ जाय, कौन जानता है?... मित्रो! उस राजा को तो इंतजार भी था कि पाँच वर्ष तक उसी राज्य में रहना पड़ेगा, किन्तु हम और आप...
- अभ्रक जला रहे हैं?... देखना जब यह शीशी में बन्द हो जाएगा तो लोगों के लिए क्या काम करेगा। हाँ बेटे! हकीम जी की बात को हम समझ...
- अभ्रक भस्म कैसे बनाते हैं?... गटापार्चा, जो छदाम भर का होता है, दो पैसे का होता है, उसको हम जलाते हैं और जलाने के बाद में अभ्रक भस...
- अमीर आदमी रेशमी कपड़े पहन सकता है तो कौन खास बात है?... और गरीब आदमी मोटे-झोटे कपड़े पहन सकता है तो कौन सी खास बात है? आदमी में एक कानी-कौड़ी के बराबर भी को...
- अमीर घर में क्या करती है?... अमीर घर में बैठी रहती हैं। उसे कोई काम नहीं करना पड़ता। अच्छा, बेटे यह अकर्मण्यता दरिद्रता का प्र...
- अमीर हो तो क्या?... गरीबी से आदमी का क्या बनता-बिगड़ता है? अमीरी में गेहूँ की रोटी खा सकता है और गरीबी में मक्का की रोटी...
- अमीरी भी होगी और हम दान करेंगे?... नहीं बेटे, तू ढोंग करेगा। लोगों के ऊपर छाप डालेगा कि हम बड़े अमीर हैं, हम बड़े दानी हैं। धर्मशाला पर...
- अमुक बात कैसी होती है?... मेहमान किसे कहते हैं? अतिथि घर में कैसे आते हैं? पैसे की देख-भाल कैसे रखी जाती है? घर और सामान की व्...
- अमृत कहाँ रहता है?... बेटे, केवल हमारी भावनाओं में रहता है। हमारी भावनाओं में कभी-कभी कोई चिंगारी उठती दिखती है और हमा...
- अमेरिकन नागरिक कितने मालदार हैं?... औसत नागरिक की आमदनी दो हजार रुपया मासिक है। औसत से क्या मतलब है? औसत आमदनी से यह मतलब है कि आप, आपकी...
- अमेरिका का किस्सा सुनाऊँ?... शिकागो के किस्से सुनाऊँ, जहाँ वे गये थे और हिन्दू संस्कृति के बारे में सारी दुनिया को पुनर्विचार करन...
- अमोनिया किसे कहते हैं?... नौसादर को कहते हैं। बेटे, लोग लिक्विड नौसादर से कुल्ला करते हैं। लिक्विड नौसादर से पानी पीते हैं। ...
- अमोनिया क्या होता है?... अमोनिया, बेटे! नौसादर को कहते हैं। जरा-सा नौसादार नाक में लगा दो, छींक आ जाती है। सारे मंगल ग्रह में...
- अम्मा क्या करें?... बेटा ! तू मेरा कहना माने तो दूसरा ब्याह कर ले। लेकिन इसका क्या करूँ, जिसको ब्याह कर लाए थे। अरे! इसक...
- अम्मा ने कहा- ‘‘मेरे बेटे का ब्याह नहीं होगा, तो काम कैसे चलेगा?... ’’ ढोलक बजायी जा रही थी और हल्दी चढ़ाई जा रही थी। घोड़ी चढ़ाने के लिए बारात निकाली और बारात वहाँ जा प...
- अरे यह क्या?... गुरुजी यह टमाटर का साग नहीं है, यह तो लाल मिर्च है। जब हरी मिर्च पक जाती है और लाल हो जाती है, तो ...
- अरे आनन्द आएगा कैसे?... मन तो बेलगाम का घोड़ा बनकर न जाने कहाँ-कहाँ फिरता है। न जाने किधर को भटकता रहता है। हाथ में तो लगी ह...
- अरे उसमें क्या रखा है?... गुजराती में करूँ छू, धरूँ छू। यही तो हैं दो-चार शब्द।
हाँ, तो हम उन शब्दों को रट लेंगे और घुमा-फिरा...
- अरे कोई बात हो तो बताओ?... नहीं, कुछ नहीं। तो चल भाग यहाँ से। बेटे, आपको कहना होगा कि हमें यहाँ से दिल्ली तक के सेकण्ड क्लास के...
- अरे कौन ले गया?... आज तो खाना ही अच्छा नहीं लगा। हमने बीस रुपये का आपके यहाँ से साबुन खरीद लिया। पीछे थोड़ी देर बाद आपने...
- अरे चाहिए क्या?... भगवान ने जब हमको इतना बड़ा शरीर दे दिया है, जिस पर करोड़ों रुपये की सम्पत्ति निछावर की जा सकती है तो...
- अरे जिस नारी के मन में ये हो, उसे क्या कष्ट हो सकता है?... भौतिक जगत् का कष्ट कभी उसको प्रभावित नहीं करता। प्रभावित कौन-सी चीज करती है? जब हम उसके साथ द्वेष भा...
- अरे तू अपने बीबी-बच्चों से बात करना शुरू कर, फिर देख कैसा रहेगा सिनेमा?... इससे अच्छा गुड्डा क्या आपको सिनेमा में मिल सकता है। आप जब अपने बच्चे को एक चाभी वाला खिलौना लाकर देत...
- अरे तू बच्चा ही तो है, बच्चा नहीं है तो क्या है?... जाग्रत आत्माएँ, जीवन्त आत्माएँ क्या हैं? जब गुलाब का फूल खिलता है, तब उसके ऊपर भौरे आते हैं, तितलियाँ...
- अरे तेरे काम में क्या आया है?... कुछ नहीं, वही दो रोटी, एक धोती और कुरता।
अरे, यह तो वैसे भी पैदा हो सकता है। तो क्या इसी के लिए मर...
- अरे तो आप धो देते?... नहीं साहब, यह हमारा काम नहीं है। बेटे, बाप कहता है कि अपने बच्चे को ले जाओ यहाँ से और इसकी सफाई करो ...
- अरे तो इससे क्या बना, कुछ बना क्या?... इससे क्या बना दो वर्ष पहले मर जाता तो क्या। नौकरी में तरक्की करा दी, अगर आपको १०० रुपये ज्यादा दिला ...
- अरे थोड़ी देर पहले का बना खा लेने पर क्या आफत आ जाएगी?... गरम खाने के पीछे उसकी शिक्षा, उसका सोना, उसका चिन्तन करने का सारा-का-सारा समय बरबाद हो गया। सारा-का-स...
- अरे नारी न जाने क्या कर सकती है?... वह तो ऐसे सन्त पैदा कर सकती है, ऋषि पैदा कर सकती है, अपने कुटुम्ब और परिवार को स्वर्ग बना सकती है और...
- अरे नौकर भी दगा दे जाएगा तो फिर मैं क्या करूँगी?... तब उसने कहा कि अच्छा अब उसे मैं खरीदकर लाती हूँ। मीरा ने भगवान को खरीद लिया। भगवान को क्या खरीदा जा ...
- अरे बेटे, इतने रुपये कम पड़े गये?... हाँ साहब! कम पड़ गये।हाँ बेटे, सिकन्दर को भी पैसे कम पड़ गये थे। सबको पैसा कम पड़ गया था और आपको भी कम ...
- अरे बेटे, यह तो बता कि तू पढ़ेगा क्या?... फिजिक्स पढ़ेगा, साइंस पढ़ेगा, कॉमर्स पढ़ेगा, आर्ट्स पढ़ेगा? नहीं साहब! जो मास्टर पढ़ा देंगे, वही पढ़ूँगा। ...
- अरे बेटे, वे खाँसते तो होंगे?... कमर तो झुक गयी होगी? आँख में चश्मा तो लगाते होंगे? उनके बुढ़ापे का कोई तो फोटो होगा? नहीं महाराज जी! ...
- अरे बेटे, हम तो भूत हैं और भूत कैसे व्याख्यान दे सकते हैं?... गुरुजी! हम तो आपके पैर छूना चाहते हैं। बेटे, हम तो हवा में घूम रहे हैं, हमारे पैर कैसे छू सकते है? अ...
- अरे भाई साहब हम आपको चारपाई पर सुलाते हैं, फिर आप क्यों कष्ट देते हैं?... नहीं साहब! हम तो दर्द करेंगे। सिर पर रोज चमेली का तेल डालते हैं, फिर भी भाई साहब। आप दर्द करते हैं...
- अरे भाई, तुक्का मारा जाता है कहीं?... नहीं साहब! भगवान जी के यहाँ ऐसे ही तुक्का मारो कि हमारा सब काम हो जाएगा। नहीं बेटे, ऐसा तो नहीं हो स...
- अरे महाराज जी आप ये क्या कहते हैं?... हाँ बेटा, यही फर्क है। उस जमाने का पुरुषवादी समाज, परस्त्रीगामी समाज, जिसमें पाप और अनाचार का बन्धन...
- अरे यह कौन है?... आदमी है या भूत-पलीत? मित्रो! आदमी क्या होता चला जाता है? आदमी भूत-पलीत होता चला जाता है। आदमी को जान...
- अरे यह क्या कह दिया?... आप कहाँ पर चली गईं? साहित्य को आग ही बता दिया। हाँ, यह आग ही तो है, मैं कह रही हूँ। इस आग को, इस चिन...
- अरे राम- राम, ऐसी आँख होती है?... हाँ बेटे, तीसरी आँख जिस किसी को देख लेती है, जलाकर खाक कर देती है। गुरुजी! आप जो हमको रात को सिखात...
- अरे लड़ूँ या न लड़ूँ?... ये तो मेरे भाई हैं, यह तो मेरा भतीजा मर जाएगा, ये तो मेरे चाचा-ताऊ मर जाएँगे, यह तो मेरा बाबा मर जाए...
- अरे वह अपने बाल- बच्चों के दे जायेगी कि तुझे दे जायेगी?... नहीं साहब! वह हमारा नारियल खा जाती है और पैसा दे जाती है। बेटे, वह न तो कोई नारियल खा जाती है और न...
- अरे व्यक्ति तो है वही, लेकिन हमने क्या बदल दिया?... हमने अपना विचार बदल दिया। जिसका हम विचार करते हैं, जिसको हम अपना मान लेते हैं, वह चीज अपनी हो जाती ह...
- अरे सब दे ही जाओ, तो तुम क्या दोगे जरा बताना?... हम कुछ नहीं देंगे। तुम काम आओगे समाज के, राष्ट्र के। काम आओगे राष्ट्र के जिस पर विपत्तियाँ छाई हुई ह...
- अरे साहब क्या निकालना?... ये अपने आदमी हैं और झटका मार दिया। एक छटाँक पहले काट लिया और एक छटाँक यह काट लिया। इस तरह हर तरी...
- अरे सिनेमा देखते हैं?... नहीं साहब सिनेमा हमारे भाग्य में कहाँ से आया। जाने का मन होता है? मन तो होता है, पर हम कैसे जा सकते ...
- अरे हनुमान जी तो जिन्दगी भर ब्रह्मचर्य से रहे थे, तुम्हारा ब्याह कहाँ से करा देंगे, तुम्हारे बाल-बच्चे कहाँ से पैदा करा देंगे?... यदि हनुमान जी से माँगना है, तो वह पराक्रम माँगिए, वह हिम्मत माँगिए, वह हौसला माँगिए, जिससे कि वे समु...
- अरे, कैसे एकाग्र हो जाएँगे?... एक विषय पर, एक धारा पर आदमी का दिमाग लगा रहे, तो वह एकाग्र हो जाता है, लेकिन एक तरह के विचारों पर बह...
- अरे, जन्मभूमि किसकी होती है?... जो केवल शरीर को ही सब कुछ मान लेते हैं, उन्हीं की जन्मभूमि होती है, श्रेष्ठ मनुष्यों की कोई जन्मभू...
- अरे, दोनों तरफ की दिशाएँ क्या देख रहा है?... एक तरफ चल और समर्थ गुरु रामदास ये भागे, वो भागे। लोगों ने बाजा बजाना बन्द कर दिया। वह गया, सो गय...
- अरे, ये भक्तवत्सल हैं कि जल्लाद हैं?... आपने देखा नहीं है। श्मशान घाट में जाइये, अस्पतालों में जाइये, दुर्घटना स्थलों पर जाइये, अन्धों को देख...
- अरे, हमारा अतिथि—हमारा बच्चा हमारे सामने भूखा खड़ा है तो हम कैसे खा सकते हैं?... ऐसे बिरले ही होंगे, जो बच्चों को छोड़कर खा लेंगे। आप हमारे परिजन हैं, हमारे बच्चे हैं, हमारे अतिथि ह...
- अरे, हमारे माँ-बाप कहाँ गए?... इसलिए हमने इनको रोका है। आगे वहीं क्षेत्रों में ही छोटे-छोटे कार्यक्रम होंगे और घर-घर में जो दीपयज्ञ...
- अर्जुन ने कहा कि यदि मेरी हार हो गई तब?... श्रीकृष्ण ने कहा कि मैं तेरा काम करूँगा। भगवान आगे-आगे रथ बढ़ाते चले जा रहे थे और अर्जुन गाण्डीव चला...
- अर्जुन ने कहा कि यदि मैं रास्ता भूल गया तब?... श्रीकृष्ण ने कहा कि मैं तेरे घोड़े चलाऊँगा। अर्जुन ने कहा कि यदि मेरी हार हो गई तब? श्रीकृष्ण ने कहा...
- अर्जुन ने क्या बिगाड़ा था?... अर्जुन ने यह बिगाड़ा था कि वह राज्य लेना चाहता था, जमीन-जायदाद बढ़ाना चाहता था, राजा बनना चाहता था। मह...
- अर्जुन ने ध्यान-जप किया था?... बेटे, जरूर किया होगा। मुझे मालूम नहीं। उनकी कुण्डलिनी भी जगी होगी? जगी होगी, यह भी वायदा नहीं करता कि...
- अर्जुन ने भजन नहीं किया होगा?... किया होगा, बेटे मैं यह नहीं कहता कि वह भजन नहीं करता था। अर्जुन ने ध्यान-जप किया था? बेटे, जरूर किया...
- अर्जुन ने महाभारत में विजय किससे प्राप्त की थी?... गांडीव से प्राप्त की थी। गांडीव किसका बना हुआ था? गांडीव लोहे का बना हुआ था, स्टील का बना हुआ था। नह...
- अर्जुन से जब लोगों ने पूछा कि आपको क्या दिखलाई पड़ रहा है?... उसने कहा कि मछली की आँख एवं तीर की नोंक। अन्त में विजयी अर्जुन ही हुए।मित्रो, जिनके जीवन का एक लक्ष...
- अर्जुन हमेशा युद्ध किससे किया करे?... द्रौपदी से हमेशा युद्ध किया करे? किससे? भीम से? हमेशा युद्ध किससे किया करे? बीबी से? हमेशा युद्ध किस...
- अर्जुन ही क्यों बना और क्यों नहीं बने?... अरे इसलिए नहीं बने कि उनकी पात्रता नहीं थी। एकलव्य का समर्पण था। समर्पण था, तो अर्जुन से भी ज्यादा ब...
- अर्थ सन्तुलन कैसे रखा जाय?... जो आप कमाते हैं, उसी हिसाब से बजट कैसे बनाया जाय? यह पूरे-का गणित और अर्थशास्त्र आपको घर के कुटुम्ब ...
- अर्थ संयम किसे कहते हैं?... बेटे! अर्थ संयम का अर्थ है—सादा जीवन, उच्च विचार। अपने जीवन में हम जो कुछ भी कमाते हैं, उसमें से अधि...
- अर्थशास्त्र क्या कहेगा?... अर्थशास्त्र यह कहेगा कि बुड्ढे बाप को कसाईखाने भेजना चाहिए। कसाईखाने? हाँ बेटे! इसके लिए कसाईखाने से...
- अर्थशास्त्र क्या है?... आदि बातें सीख करके हम आजीविका उपार्जन कर सकते हैं और इस क्षेत्र में प्रवीणता हासिल कर सकते हैं। लोक-...
- अर्थोपार्जन जरूर कीजिए; लेकिन अर्थ की उपयोगिता कहाँ है?... खरच उस जगह कीजिए। नहीं, यह तो हमारे बेटे के लिए होगा, यह तो हमारी पत्नी के लिए होगा। यह तो बेटी के ल...
- अलख जगाने के बाद में क्या उन्होंने राजसत्ता को अच्छा नहीं बनाया था?... हाँ, अशोक से लेकर हर्षवर्धन तक सैकड़ों के सैकड़ों जनता को उन्होंने अच्छा बना दिया था। धर्मसत्ता को ल...
- अल्पछन्दता किसे कहते हैं?... सम्पत्तियों को। सम्पत्ति, दौलत हमारे पास इतनी है कि हमने सुना है कि कुबड़े बड़े सम्पत्तिवान थे और हमन...
- अवतार कह रही हैं आप?... बेटा, हैं तो अवतार ही, मानो चाहे न मानो, क्योंकि कोई ऐसे कार्य नहीं कर सकता, जहाँ हर कदम पर रचनात्मक...
- अवतार कहाँ से होते हैं तथा किस तरह से होते हैं?... यह आप सभी जानते हैं। चाहे उसे दसवाँ अवतार कहिए या चौबीसवाँ अवतार कहिए, यह सब भारतभूमि से उत्पन्न ह...
- अवतार कोई अकेला आता है?... कोई अवतार कभी अकेला नहीं आता। निन्यानवे आदमी साथ में आते हैं और उसमें से एक आदमी को श्रेय मिल जाता ह...
- अवतार लेंगे तो आप अकेले काम नहीं कर सकेंगे?... अकेला काम क्यों नहीं कर सकता? 'अकेला चना भाड़ को नहीं फोड़ सकता' आप अकेले पुल नहीं बना पाएँगे; आप अक...
- अवतार होने वाला है?... हाँ बेटे! अवतार होने वाला है, आप निश्चिंत रहिए। आज वे परिस्थितियाँ आ गई हैं, जिनके लिए भगवान ने आश्व...
- अवागढ़ महाराज के यहाँ जब पण्डित जी आए तो उन्होंने क्या काम किया?... सबसे पहले अपने नहाने-धोने और टट्टी-पेशाब वगैरह जाने के स्थान देखे। उन्होंने देखा कि यहाँ तो दुर्गन्ध ...
- अवैज्ञानिक बातें क्या निभेंगी कभी?... अवैज्ञानिक बातें न कभी निभी थीं, न कभी निभेंगी। आप क्या कह रहे थे? मैं यह कह रहा था कि आपको जो सबसे ...
- अशोक कुमार जैसे?... नहीं महाराज जी! आप अशोक कुमार तो नहीं हैं। तो फिर बूढ़े आदमी का क्या देखने आया था? नहीं साहब! आपका द...
- असन्तोष के अलावा, विक्षोभ के अलावा, रोष के अलावा क्या पल्ले पड़ने वाला है?... क्रोध के अलावा क्या पल्ले पड़ने वाला है? चैन कहाँ से आ जायेगा? शान्ति कहाँ से आयेगी? नहीं साहब! गायत्...
- असल में चक्कर क्या है?... जिस भगवान के पास शक्ति के भंडार भरे पड़े हैं, जिसके पास प्यार के भंडार भरे पड़े हैं, जिसकी एक मु...
- असली ईमानदारी होती तब?... असली ईमानदारी होती तो जाने क्या-से बना देती। असली ईमानदारी वेस्ट एण्ड वॉच कंपनी की है। इसका शेयर ब...
- असली गायत्री कभी देखी आपने?... नहीं साहब! असली गायत्री कभी नहीं देखी। हाँ भाई साहब! ये खिलौने हमने छापकर भेजे हैं। खिलौने ही आपने र...
- असली गायत्री हो सकती हैं?... हाँ बेटे, असली गायत्री भी हो सकती हैं। कैसी? जैसी विवेकानन्द को दिखाई पड़ी थीं। जमीन से लेकर आसमान त...
- असली ब्राह्मण कौन होता है, क्या हो सकता है, उसके गुण क्या हैं?... उसका आदर्श क्या है? उसकी भावनाएँ क्या हैं? ब्राह्मण एक ही हो सकता है, वह हो सकता है—जिसके अन्दर करुण...
- असली भगवान क्या हो सकता है?... असली भगवान तो वही हो सकता है। जब वह हमारे भीतर प्रवेश करता है, तब क्या करते हैं? बेटे! जैसे बिजली के...
- असली यही बात है ना?... हाँ गुरुजी! हम तो भगवान् का चमचा बनना चाहते हैं। बेटे! चमचे तो उनके होते हैं, किनके? वेश्याओं के, ने...
- अस्त-व्यस्त चिन्तन की रोक-थाम हमें कैसे करनी चाहिए?... चिन्तन का परिष्कार हमको कैसे करना चाहिए? चिन्तन को हमें कहाँ तक ले जाना चाहिए और अपने चिन्तन को हमें भग...
- अस्वाद व्रत तो भंग नहीं होगा?... नहीं होगा। नमक में क्या आफत है? नमक कोई जहर है? हम तो यही चाहते हैं कि आपकी जीभ जो लप-लप खाती रहती...
- अस्सी वर्ष का हो गया तो क्या हुआ?... गाँधी जी अस्सी वर्ष के थे। जवाहर लाल नेहरू मरे थे, तब वह अस्सी वर्ष के थे और सक्रिय थे। बुड्ढा कहल...
- अहं का दायरा कैसे बढ़ता चला जाता है?... अहंकार का दायरा कैसे बढ़ता है
मित्रो! अहं का कीड़ा किस तरीके से अपने घरौंदों को—घरों को बनाता ह...
- अहं का विस्तार कैसे होता हुआ चला जाता है?... अहं का दायरा कैसे बढ़ता चला जाता है?
अहंकार का दायरा कैसे बढ़ता है
मित्रो! अहं का कीड़ा कि...
- अहं किस तरह से प्रकट होता है?... अहं का विस्तार कैसे होता हुआ चला जाता है? अहं का दायरा कैसे बढ़ता चला जाता है?
अहंकार का दायरा ...
- अहहा और क्या बेचते हैं?... सब बीमारी की दवा बेचते हैं। अच्छा तो आप अपने खानदान वालों को खिलाकर दिखाइए। बीबी को क्या तकलीफ हो रह...
- आ, तू भी ऐसा ही कर, आ जा चुपके से, क्या-क्या करना पड़ा था?... ऐसे ही मकान बना लिया। दीवार चुपचाप खड़ी है, बोलती नहीं, बात नहीं करती। हिन्दी भी नहीं जानती, अँग्र...
- आँख कितने दिन में अच्छी हुई?... आँख तो बेटे पंद्रह दिन में अच्छी हुई। पंद्रह दिन क्या होता रहा? मरहम लगाया जाता रहा, पट्टी लगाई जाती...
- आँख नहीं है तो क्या हुआ?... मैं उसके बिना भी उन्नति करता हुआ चला जाऊँगा। सूरदास बढ़ते हुए चले गए। आगे बढ़ाने के लिए भगवान उनकी ल...
- आँख में चश्मा तो लगाते होंगे?... उनके बुढ़ापे का कोई तो फोटो होगा? नहीं महाराज जी! कोई फोटो नहीं है। बेटे, देवता कभी बूढ़े नहीं होते। म...
- आँख से दिखाई पड़ता है?... नहीं बेटे, आँख से नहीं दिखाई पड़ता। आँख से किसी ने नहीं देखा है। नहीं, हम तो आँख से भगवान के दर्शन क...
- आँखें किस चीज की बनी हुई हैं?... चमड़े की बनी हुई हैं, माँस की बनी हुई हैं। तो आप माँस से माँस को देखना चाहते है? यही मतलब है न आपका?...
- आँखें क्या देखती हैं?... चेहरा देखती हैं और शक्ल देखती हैं। और कान क्या करते हैं? कान जो हैं आवाज सुनते हैं। इस आवाज में सं...
- आँखों को संशोधित कैसे करें?... आँखों को संशोधित ऐसे करें जैसे गान्धारी ने की थीं। गान्धारी ने कैसे किया था? गान्धारी ने आँखों को सं...
- आँखों से आप दिखा दीजिए?... क्या दिखा दें? आँखों से गुरुजी को दिखा दीजिए। ले देख ले हमको। देख लिया? हाँ साहब! देख लिया। हम तुझे ...
- आँखों से दिखा देंगे, तो दिखाइये ना?... बस ईसामसीह बैठ गये। उस आदमी को भी बिठा दिया। चुपचाप गये, पास ही एक छोटा-सा बच्चा खेल रहा था, उसको उठ...
- आँतें कौन निकाल लेता है?... समधी। किसकी निकाल लेता है? रिश्तेदार की। जिसकी लड़की घर में आने वाली है, उस रिश्तेदार की, उस लड़की के ...
- आँसू कैसे आते हैं?... ऐसे आते हैं कि हम अपने आप में किफायत करेंगे, अपने आप में कंजूसी करेंगे और इस कंजूसी को करके दूसर...
- आन्तरिक सफाई किस तरह से की जाती है?... जिस तरह से आपने जमीन से कच्चा लोहा निकलते देखा है। भारी और कच्ची मिट्टी का नाम लोहा है। भारी मिट्टी ...
- आइन्दा जो प्यार का नाम लिया तो?... तो क्या कहेंगे? जो भी चाहे आप कह सकते हैं, पर इस कमीनेपन को प्यार मत कहना। दुष्टों का प्यार! अच्छा...
- आइन्स्टीन भी एकान्त में बैठे रहते थे, पर एकान्त में बैठने का उनका उद्देश्य क्या था?... उनका उद्देश्य यह था कि वे रिसर्च करते रहते थे और लोगों की वजह से, भीड़-भाड़ की वजह से उनके काम में ह...
- आकाश में बादल आते हैं, घुमड़ते हुए-बरसते हुए दिखाई पड़ते हैं, क्या आप इनका आनन्द नहीं ले सकते?... नदियाँ कल-कल करती हुई बहती हैं, क्या आप इनका आनन्द नहीं ले सकते? आपको इनका आनन्द लेना चाहिए और आप को...
- आकाश में फैलती हुई लहरें न जाने कहाँ-से-कहाँ, क्या करती रहती हैं?... मित्रो! यदि इसी आसमान में हम वेदमंत्रों की लहरें—यज्ञों के डायनमो, बैट्रियों के माध्यम से, भट्ठियों ...
- आखिर क्या वजह है?... चलिए हम गवाही देते हैं। इस सृष्टि के सारे के सारे प्राणियों के अलावा दुनियाँ में सबसे बेवकूफ एक ही...
- आखिर आपको क्या हो गया है?... मैं यह पूछता हूँ कि आपको क्या हुआ?
मित्रो! परिवार एक शालीनता की निशानी है। सफलता की निशानी है। स...
- आखिर इसकी क्या वजह हो सकती है?... देखने पर तो लगता है कि शायद बीमारियाँ बाहर से आती हैं और हमको तंग करती हैं। जैसे कि एक दिन हकीम जी...
- आखिर इसकी वजह क्या है?... इसकी गहराई में जाना पड़ेगा। जिस शरीर को भगवान ने जिन्दगी जीने के लिए हमारे लिए सबसे बड़ा हवाई जहाज क...
- आखिर इसे खरच कहाँ किया जाए?... यह विचार कर ही रहे थे कि सुदामा जी आ पहुँचे। उन्होंने सोचा, बस हो गया मेरा काम। यही तो मैं तलाश ...
- आखिर उनके वंश के तो हमीं लोग हैं ना?... उनकी परम्परा के अनुयायी हमीं लोग तो हैं ना? उनकी औलाद तो हमीं लोग हैं ना? उनकी जिम्मेदारी हमीं लोग...
- आखिर क्यों आवश्यकता थी?... कोई आवश्यकता नहीं थी। जैसे आप अपने घर-गृहस्थी में लिप्त हैं। ऐसे वे भी रहते, पर ठुकरा दिया और ठुकरा ...
- आखिर क्यों नहीं कर सकते हैं?... हमारी कमजोरी—संकीर्णता
क्या कमजोरी है? एक ही कमजोरी है और वो है संकीर्णता। संकीर्णता हमारा पीछा नही...
- आखिर क्यों परिवर्तन नहीं हुआ?... इसका एक रहस्य है। परिवर्तन इसलिए नहीं हुआ कि आपने हमें अपने भीतर से स्वीकार नहीं किया। भीतर से आप स्...
- आखिर गरमी है क्या और कहाँ से आती है?... बेटे! गरमी रगड़ से पैदा होती है, और किसी तरीके से पैदा नहीं होती है। गरमी पैदा होने का एक ही तरीका ह...
- आखिर जो पैसा हमें मिलेगा, उसका हम करेंगे क्या?... अगर 'करेंगे क्या' की बात न हो तो इससे अय्याशी बढ़ सकती है। इससे फैशनपरस्ती की वृद्धि हो सकती है। इसस...
- आखिर देवता क्या हैं?... देवता क्या हैं, अन्तत:
देवता हैं मित्रो! मनुष्य के गुण, मनुष्य के कर्म और मनुष्य के स्वभाव। ...
- आखिर बनना क्या है?... जाना कहाँ हैं? उनके सिद्धान्त क्या हैं? आखिर हमको बनना क्या है, इष्ट इसी का नाम है।...
- आखिर बात क्या है?... गहराई में विचार करना पड़ेगा। चूँकि समस्या गहरी है, इसलिए हम इसको इतनी हलकी तबियत से हल नहीं कर सकते...
- आखिर भगवान है क्या और यह भगवान किस तरीके से प्राप्त किया जाता है और भगवान को प्राप्त करने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है?... यह तैयारियाँ आप कर लें, तो फिर विधियाँ तो मैं सेकण्डों में बता दूँगा, मिनटों में बता दूँगा। विधियों ...
- आखिर में कहाँ चले गए?... आखिर में द्वारिका चले गए। आपके ऊपर तो होम सिकनेस हावी हो गई है, जो घर से आपको निकलने ही नहीं देती।...
- आखिर में क्या करना पड़ा?... ‘‘अति लघु रूप पवनसुत कीन्हा’’ बहुत छोटा सा रूप बना लिया-‘‘मसक समान रूप कपिधरी।’’ छोटा सा रूप बना करक...
- आखिर में बूढ़े होने के बाद में रामचन्द्र जी कहाँ आ गये थे?... देवप्रयाग आ गये थे और वहीं तपस्या करते रहे। भगवान रामचन्द्र की जिन्दगी कितनी मुसीबतों की जिन्दगी...
- आखिर यह क्या हुआ?... कैसे हुआ? दो वर्ष पहले जो तन सुंदर और स्वस्थ था, जिसका स्वास्थ्य ऐसा श्रेष्ठ मालूम पड़ता था, ...
- आखिर यह नर कहाँ से आया है?... उस शक्ति से पैदा हुआ है। वह शक्ति मध्यकाल से अब तक कुछ दबती हुई चली आई और अपनी शक्ति के बारे में अनज...
- आखिर ये किसने बनाए हैं?... तब आपको मालूम पड़ेगा कि उस महामानव ने, उस सन्त ने और उस ऋषि ने बनाए हैं, जिसने कि अपने को तपा-तपा कर...
- आखिर ये क्या बात है?... एक ही चीज है और वह चीज है—हमारा स्नेह, वह चीज है—हमारा प्यार, वह चीज है—हमारी सहृदयता, जो आपको खींच ...
- आखिर ये क्या हैं?... बेटे ये इशारे हैं। किसके इशारे हैं? वे उसी के लिए हैं, जो अध्यात्म का मूल उद्देश्य हैं, ‘आत्मसंशोधन’...
- आखिर ये खाली हाथ कैसे रह गए?... खाली हाथ इसलिए रह गए कि उन्होंने केवल अपने स्वार्थ के लिए माँगा था, अपने लिए माँगा था। कहीं परमार्थ ...
- आखिर ये बीमार क्यों नहीं होते?... थककर चूर-चूर क्यों नहीं होते? थकते क्यों नहीं? जरा इसकी भी वजह तो देखूँ। स्वामी रामतीर्थ जापानियों...
- आखिर रात में वह क्या करेगा?... पहरा देगा, क्या करेगा रात में? नहीं साहब! योगी को दिन में सोना चाहिए और रात को जागना चाहिए। यह भ...
- आखिर हम इसका करेंगे क्या?... किसी लोक-मंगल के लिए, अच्छे कार्य के लिए वरदान माँगा गया होता तो अवश्य फलता; इसमें दो राय नहीं हैं। ...
- आखिर हम क्या बनेंगे?... अगर हम यह तय कर लें, तो मित्रो! हमारे भीतर देवता की हस्ती पैदा हो सकती है। देवताओं की संज्ञा में तब ...
- आखिर हमको जीना कैसे है?... यह सारे-का अध्यात्म, वह अध्यात्म है, जिसको आपने बाजीगरी का नाम दिया हुआ है। आपको मैं बाजीगरी का इतिह...
- आग अपनी जगह बनी रहे और लकड़ी अपनी जगह बनी रहे, तो यह कैसे हो सकता है?... पानी और मिट्टी को हम मिला देते हैं, तो या तो मिट्टी को पानी बनना पड़ेगा या फिर पानी को मिट्टी बनना ...
- आग कहाँ से चलती है?... उसकी टोपी से। कारतूस में एक छोटी सी टोपी लगी रहती है। जब घोड़ा दबाते हैं, तो उसमें से आग निकलती ह...
- आग छूते हैं तो छाले पड़ते हैं कि नहीं पड़ते?... हाँ साहब! पड़ते हैं। तो तू उसे छू रहा है, जो आग से भी प्रचंड है। इससे छाले नहीं पड़ेंगे क्या? विवेका...
- आग जलाने से भगवान् का क्या नुकसान है और दीपक जलाने से भगवान् का क्या बनता है?... अतः ऐ दीपक! तू हमें अपनी भावना का उद्घोष करने दे।साथियो! हम भगवान् के चरणारविन्दों पर फूल चढ़ाते है...
- आग में झोंक देने के बाद क्या होता है?... वह गरम हो जाता है और गरम होने के बाद में मिट्टी अलग हो जाती है और पक्का लोहा अलग हो जाता है। पक्के...
- आगे आने वाले जमाने में क्या हो जायेगा?... सारी सम्पत्तियाँ प्राचीनकाल के तरीके से जब्त हो जायेंगी। प्राचीनकाल में भी जब्त होती थीं, जब श्राद्ध...
- आगे आने वाले समय में क्या करते हैं?... हनुमान जी ने सीता माता को लाने का शक्ति भर प्रयास किया था। जब भगवान राम से जुड़ गए, तो इतना पराक्रम ...
- आगे क्या होगा?... भगवान जाने, लेकिन हमारे ख्वाब जरूर ऐसे हैं। नहीं साहब! आज की बात बताइए। आज की बात तो यह है कि छोटे स...
- आगे जब कभी मौका आता था तब अपने अफसर से कहते कि हमारा प्रमोशन नहीं हो सकता?... अफसर कहता—अवश्य होगा। वे परीक्षा में बैठते और ऑफीसर उनका सहयोग कर देता था। इस प्रकार उनकी प्रगति होत...
- आचमन कैसे करना चाहिए?... प्राणायाम कैसे करना चाहिए? माला कैसे घुमाना चाहिए? हवन और आरती कैसे करना चाहिए, आदि क्या हैं? ये...
- आचार्य जी के बारे में जानकारी क्यों नहीं होगी?... कैसे? अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा—हम एक बार दिल्ली से बड़ौदा जा रहे थे, उसी गाड़ी से आचार्य जी बम्बई ज...
- आचार्य जी ने क्या चमत्कार किये?... आचार्य जी ने अपनी जिन्दगी भर में इतने काम कर डाले कि जितना कोई नहीं कर सकता। वह पाँच जिन्दगी में ...
- आचार्य जी ने हमारे लिए क्या सन्देश भेजा है?... आचार्य जी ने हमारे लिए क्या कहलवा करके भेजा है? तो आप इन्हीं तीनों बातों के बारे में बताना और उनसे...
- आचार्य जी ने हमारे लिए क्या कहलवा करके भेजा है?... तो आप इन्हीं तीनों बातों के बारे में बताना और उनसे कहना कि आप इन्हें अपने जीवन में धारण करने की ...
- आज अध्यात्म की व्याख्या कहाँ है?... अध्यात्म की व्याख्या कहीं नहीं है जिसमें त्याग करना सिखाया जाता है। आज तो भोग करना सिखाया जाता है।...
- आज अवतार की आवश्यकता क्यों है?... बेटे, आज अवतार की आवश्यकता इसलिए है, क्योंकि पुराने जमाने से आज की स्थिति और अधिक खराब है। वह ज्यादा...
- आज आदमी इतना अविश्वस्त और अप्रामाणिक हो गया है और जिस समाज में अप्रामाणिक और अविश्वस्त व्यक्ति भरे पड़े हों, उस समाज में भला खुशहाली कैसे आयेगी?... चैन कैसे आयेगा? सन्तोष कैसे आयेगा? आदमी आज इस बुरी तरह से जल रहा है, जैसे कि मैंने सुना है कि राजा सग...
- आज आदमी का विश्वास है?... नहीं, आदमी का विश्वास ही चला गया है। आदमी का चरित्र और आदमी का विश्वास न जाने कौन ले गया? आदमी की मो...
- आज आदमी क्यों दुखी है, आप बता सकते हैं?... पुरानी परिस्थितियों से आज की परिस्थितियाँ सर्वथा भिन्न हैं। पुराने जमाने में राक्षस होते थे और ऋषियो...
- आज आप क्या कर रहे हैं?... आज मैं योग की व्याख्या कर रहा हूँ, क्योंकि भगवान को पाने के सिर्फ दो ही तरीके हैं। तीसरा तरीका आज तक...
- आज आपके घरों में कौन पैदा हो रहा है?... बिच्छू। आदमी बिच्छू है। घरों को, परिवारों को जिन नये उमर के लोगों से लाभ होना चाहिए था, वह लाभ नहीं ...
- आज आपको क्या हुआ?... कोई जुकाम, बुखार हो गया है क्या? भगवान् जी ने कहा- ‘‘नहीं नारद जी! जुकाम- बुखार तो कुछ नहीं हुआ।’’...
- आज आपने एक गाना सुना था कि नहीं?... मुझे बहुत अच्छा लगता है और चाहे जब उस गाने की दो कड़ी मुझे याद आ जाती हैं, तो मेरे आँसू आ जाते हैं।
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- आज इन उदाहरणों की आवश्यकता आपको सुनाने की क्यों पड़ गई?... इसलिए पड़ गई कि परिजन कुछ हमारे व्यक्तिगत जीवन से सीखना चाहते हैं, कुछ समझना चाहते हैं। समझना चाहते ...
- आज इस प्रकार के लोग हो जाएँ, तो फिर समाज में गुण्डे कहाँ रह सकते हैं?... समाज के लोगों को संगठित होकर अनीति के विरुद्ध संघर्ष करना चाहिए। हार जाने से कोई असफल नहीं होता। ह...
- आज एक भाई—दूसरे भाई का शत्रु बनता है, एक पड़ोसी दूसरे पड़ोसी का शत्रु बनता है, आखिर क्यों?... यह चिन्तन की विकृति है। यदि चिन्तन सुधर जाए तब? तब फिर यह स्वर्ग हो जाएगा कि नहीं हो जाएगा। आज तो हम...
- आज एक लड़का आया, बोला कि क्या कमाल हो रहा है?... मैंने कहा देखता जा। क्या हो रहा है? यह सारी की सारी वही गुरुसत्ता की शक्ति छाई हुई है, जो किसी के मु...
- आज कंस कहाँ है?... दुर्योधन कहाँ है? पहले आदमी हमलावर होते थे हमलावरों की मारकाट करने के लिए भगवान् को भी हमलावरों के त...
- आज कलाकार कहाँ रह गया है?... आज तो नर्तक और नट का स्वरूप है, क्योंकि उसने कला को एक वेश्या का रूप दे दिया और उस वेश्या ने मानव सम...
- आज का आदमी सोचता है कि स्वर्ग मालूम नहीं कितना बड़ा होगा?... खाने के लिए कुछ मिलता होगा या नहीं? वहाँ जाने काफी मिलती होगी कि नहीं? आमलेट मिलती होगी की नहीं? अगर...
- आज का दिन कितना शुभ है?... भगवान् महावीर राजकुमार थे। उन्होंने सोचा कि राजकुमार होने की अपेक्षा सन्त होना अच्छा है, अतः हमें स...
- आज कितनी पकड़ी गईं?... आज साहब! चालीस मन पकड़ी गईं। दूसरे दिन अठारह मन पकड़ी गईं। और क्या करते हैं? साहब! गंगाजल में स्नान ...
- आज कितनी सामाजिक समस्याएँ हैं?... कोई सामाजिक समस्या नहीं है। एक ही सामाजिक समस्या है जिसके कारण हमारे समाज में अत्यन्त विग्रह उत्पन...
- आज कितने ही व्यक्ति ईसाई धर्म में दीक्षित हो गए, कितने क्या बन गए?... मनुष्य बनेंगे नहीं तो क्या करेंगे? मनुष्य प्यार का भूखा है। जहाँ उसको प्यार है, वहीं उसकी गोद में चल...
- आज किस प्रकार की स्थिति हो गयी है?... चारों तरफ अन्धकार ही अन्धकार दिखाई पड़ रहा है। आज जो व्यक्ति प्रतिभाशाली हैं तथा आत्मबल से सम्पन्न ...
- आज की आपाधापी जिस तरीके से मनुष्य को हैरान और परेशान करने पर तुली हुई है, उसके परिणाम क्या होंगे?... आज ही कौन-सी अच्छी परिस्थितियाँ हैं, लेकिन कल के दिन हमारे और भी खराब आने वाले हैं।अपराध बेतरीके स...
- आज की क्या परिस्थिति है?... आज की परिस्थिति एक ही है कि आज के युग का जो रावण है, वह क्या है? इस युग की पूतना क्या है? इस युग की ...
- आज की परिस्थिति एक ही है कि आज के युग का जो रावण है, वह क्या है?... इस युग की पूतना क्या है? इस युग की ताड़का क्या है? इस युग की सूर्पणखा क्या है? इस युग की सुरसा क्या ...
- आज की परिस्थिति में हमारे लिए क्या मुनासिब है और क्या करना चाहिए?... यह सारी की सारी कर्मयोग की निशानियाँ हैं। गीता में फल की इच्छा के लिए मना किया गया है और आपको इसके ल...
- आज की मेरी बात अगर आपकी समझ में आ जाए तो इसकी पहचान यही है कि आपके हृदय में ऐसे परिवर्तन की दृष्टि उत्पन्न होनी चाहिए कि हमारा पिछला जीवन तो जो चला गया, सो चला गया, अब अगला जीवन कैसे व्यतीत करना चाहिए?... अगर आप ऐसा करेंगे तो मजा आ जाएगा।...
- आज की सामयिक समस्याएँ क्या हैं?... आप बता सकते हैं? आज आदमी क्यों दुखी है, आप बता सकते हैं? पुरानी परिस्थितियों से आज की परिस्थितियाँ स...
- आज की हमारी हानि है कि नहीं?... शबरी ने आज का फायदा देखा होता तो मतंग ऋषि से कहा होता- महाराज जी! आप मेरे खाने की बात कर रहे हैं...
- आज के जमाने के जो बेटे हैं, वह सबको मालूम है कि कैसे होते हैं?... जोड़े हुए धन को सब खा जाएँगे, चाहे बेटा हो, चाहे साला हो, चाहे जमाई हो, क्यों नहीं लेगा? तेरे साथ कु...
- आज के जमाने में जैसा हमारा चरित्र और व्यक्तित्व है, घर-परिवार में जैसा वातावरण है, उसमें ढल-ढलकर जो आदमी आने वाले हैं, वे कैसे आने वाले हैं?... ऐसे आने वाले हैं, जैसे बिच्छू। बिच्छू कैसे होते हैं? बेटे, बिच्छू ऐसे होते हैं कि जब वे अपनी माँ के ...
- आज के जमाने में महिलाएँ क्या कर सकती हैं?... महिलाएँ यज्ञ की परम्परा और गायत्री मंत्र का जप जारी रख सकती हैं। उनको समय भी नहीं मिलता तो भी यदि वे ...
- आज कोई आदमी अच्छा है, पर इससे यह अन्दाजा तो नहीं लगता कि कल क्या होने वाला है?... कल की बात देखनी पड़ती है, फिर लड़की की बात तो जिन्दगी भर की है। जिन्दगी में आज लड़का अच्छा है, कल खराब...
- आज क्या खा करके आये?... अरे! आज तो हमने परवल का शाक खाया। परवल तो मई के महीने में होता है और यह तो मार्च का महीना है। अरे सा...
- आज क्या हुआ?... मुझे और बच्चे को भूल गयी। ब्राह्मण की बारी आयी वरदान माँगने की, ब्राह्मण ने शंकर जी से कहा—भगवन्! मै...
- आज क्या है?... आज तो निर्जला एकादशी है। निर्जला एकादशी को पानी पियेंगे? नहीं साहब! पानी नहीं पियेंगे। आप पानी क्य...
- आज क्या है?... आज सोमवती अमावस्या है। सोमवती अमावस्या को सब गंगा नहाने जा रहे हैं। हाँ, सब गंगा नहाने जा रहे हैं? अ...
- आज चोरी, अपराध को कैसे रोका जा सकता है?... आज हर आदमी का ईमान खराब हो गया है। हर आदमी के पीछे अगर एक-एक सिपाही भी लगा दिया जाए, तो भी उसे रोक...
- आज जनसंख्या इस कदर बढ़ रही है कि उसका क्या कहना?... अगर यह इसी हिसाब से बढ़ती रही, तो एटम बम की कोई आवश्यकता नहीं होगी। आदमी भूख से, प्यास से तड़प-तड़प क...
- आज जो परिस्थितियाँ विपन्न हो गई हैं कि शरीर त्याग का क्या मतलब है?... शायद उनने कोई ऐसा कदम उठाया हो; ताकि उन्हें अपनी जीवनलीला समाप्त करनी पड़े।
गुरुदेव का निर्णय
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- आज जो मिसाइलें, अस्त्र-शस्त्र परमाणु बम आपको दिखलाई पड़ रहे हैं, यह क्या वृत्तासुर से कम हैं?... आज हमें अनेकों किस्म के हत्यारे दिखाई पड़ रहे हैं। जो मात्र हजार-पाँच सौ रुपये लेकर किसी को, भी मार...
- आज तक कभी भी उनकी जेब में एक चार पैसे नहीं निकले, तो तुम्हें कहाँ से दे देंगे, बताइए?... बोल दे देंगे?
नहीं। हनुमान जी के पास जा और हनुमान जी से कहो कि हे हनुमान जी! हमारे बच्चा पैदा कर दो...
- आज तारीख क्या है?... तेईस। पच्चीस तारीख को होने जा रहा है। इंदिरा गाँधी आने वाली है। एक इतना बड़ा एण्टीना लगा है कि उसके...
- आज तुझे पूजा−प्रार्थना नहीं करनी है क्या?... मैं उठ गया। रात देर से सोया था, अतः फिर सो गया। फिर से सो गया तो ढाई बजे मुझे ऐसा मालूम पड़ा कि मैं ...
- आज तो न जाने क्या हो गया?... क्या स्वरूप बदल गया है? देवताओं की हमने कैसी-कैसी दुर्गति की? इसे देखकर रोना आता है। एक दिन एक देवी ...
- आज तो पैंतीस वर्ष बाद महँगाई कहाँ आ गई?... आजकल दस पैसे में क्या आता है। चाय अस्सी पैसे की आती है और दस पैसे का क्या आएगा-१/८ कप चाय अर्थात एक ...
- आज तो समर्पण करते हैं और कल-परसों न जाने हम क्या करते हैं?... यह कौन-सी श्रद्धा है? यह कौन-सा अध्यात्म है? यह कोई अध्यात्म नहीं है। अध्यात्म वह होता है, जिससे व्य...
- आज दशहरा भी है और कौन-सा दशहरा है?... 'गंगा दशहरा' है।
भगीरथ ने तपस्या की थी। समस्त मानव जाति के उद्धार के लिए। गंगा अनवरत बहती हुई चली ...
- आज दही जम जायेगा?... बेटे, आज नहीं जम सकता। इसके लिए कल तक इन्तजार कीजिए। आज बीज बोने के बाद फल मिलने के लिए इन्तजार ...
- आज मैं क्या देख रहा हूँ और क्या सुन रहा हूँ?... नारद के मुँह से क्या निकल रहा है, लेकिन हमारे आपके तरीके से नारद जी अपने स्वार्थ में इस कदर हावी थे ...
- आज यह बताइए कि मुझसे कोई दुर्व्यवहार तो नहीं हुआ?... मेरे अन्दर कोई कटुता तो नहीं आई? दूसरा तुम्हारी कमियाँ निकाले तो उस पर खीजो मत, वरन् उसको सराहो कि हम...
- आज यूरोप अमेरिका में परिवार, कुटुँब के नाम पर क्या रहता है?... सेक्स। सेक्स यानि भूत। आज लड़की की शादी में लोग 'कट' देखते हैं और कहते हैं कि शौक से शादी करेंगे। अग...
- आज विश्वभर में जो लाखों की संख्या में एटामिक हथियार बन रहे हैं, वे क्या बच्चों के खिलौने होंगे?... नहीं, वे आग उगलेंगे। इससे मात्र तबाही आयेगी। सारी जगहों पर परमाणु युद्ध की होड़ लग जाएगी। इससे चारो...
- आज सारा विश्व यह देख रहा है कि कोई है क्या, हमको शीतलता देने वाला?... कोई नहीं है, केवल आपका मिशन है, जो शीतलता दे सकता है, जिसके कि आप अनुयायी हैं। जिससे कि आप जुड़े हुए...
- आज सिनेमा की दुनिया से बच सकते हैं आप?... बचकर दिखलाइए न। लड़के फैशन वाले पैंट पहने फिरते हैं, सिनेमा के गाने गाते फिरते हैं। उससे बचकर दिखलाइ...
- आज से दो करोड़ वर्ष पूर्व आपने जन्म लिया होता, तो मालूम पड़ता कि यहाँ क्या कर रखा है?... तब यहाँ गड्ढे-ही थे। यहाँ पर कुछ नहीं था, लेकिन मनुष्य ने कैसे खुशहाल बना दिया। कैसे यहाँ ताजमहल...
- आज से हम काम करना बन्द कर दें तब?... तब मेरा अपना ऐसा विश्वास है कि जो चीजें वहाँ से आती हैं, वे सब आना बन्द हो जाएँगी। तब सहायता मिलेगी? ...
- आज हम क्या कर सकते हैं?... और आज हमें क्या करना चाहिए? आज की परिस्थिति में हमारे लिए क्या मुनासिब है और क्या करना चाहिए? यह सार...
- आज हम क्या कर सकते हैं?... आज का प्रोग्राम हम आज बनाते हैं, कल की बात कल बनायेंगे। हमारी लड़की विवाह योग्य हो गयी है। वह प्राइमर...
- आज हम क्या करते हैं?... आज हम अपनी स्वार्थपरता के कारण हर एक को चूसते हैं। किसको चूसते हैं? जो कोई भी हमारे पास आता है, हम...
- आज हमने राम को भुला दिया और यह भी भूल गये कि उसने हमें मनुष्य का जीवन क्यों दिया?... बेटे, मनुष्य जीवन की गरिमा को समझ और यह समझ कि मनुष्य को भगवान् ने इतनी कीमती चीज क्यों दी? कीड़े-म...
- आज हमारी क्या परिस्थितियाँ हैं?... आज हम क्या कर सकते हैं?आज का प्रोग्राम हम आज बनाते हैं, कल की बात कल बनायेंगे। हमारी लड़की विवाह योग्...
- आज हमारी संख्या-हम पण्डितों की, सन्तों की, बाबाजियों की संख्या छप्पन लाख है और गाँव कितने हैं?... सात लाख। हर गाँव पीछे आठ सन्त आते हैं। यदि हम उस धर्म के मूल स्वरूप को लेकर हर गाँव में चले जाएँ तो...
- आजकल क्या होता है?... आजकल का दुश्मन सामने से कभी नहीं आता। कहाँ से आता है? बगल में से आता है, पीठ पीछे से आता है और दोस्त...
- आजादी का आन्दोलन कहाँ से शुरू हुआ?... पंजाब से शुरू हुआ था। पंजाब के राजा रणजीत सिंह सबसे पहले राजा थे, जिन्होंने इस आजादी के आन्दोलन मे...
- आजादी नहीं मिली, तो हम क्यों सुखों का भोग करेंगे?... इस तरीके से संकल्प कर लेना, व्रत धारण कर लेना कई बार बड़ा उपयोगी होता है। अनुष्ठान काल में नमक को त...
- आजीविका उपार्जन कैसे करना चाहिए?... अर्थशास्त्र क्या है? आदि बातें सीख करके हम आजीविका उपार्जन कर सकते हैं और इस क्षेत्र में प्रवीणता हा...
- आज्ञाचक्र जगने का मतलब आपका जीवन-चक्र घूमा कि नहीं घूमा?... नहीं महाराज जी, यह तो केवल सिर में घूमेगा। बेटे, सिर में कोई चक्र नहीं घूमता। घूमता है, तो सारे क्...
- आठ घण्टे काम होता है या नहीं?... हाँ साहब! होता है। एक घण्टे रेस्ट मिलता है या नहीं मिलता? हाँ साहब! मिलता है। तो आठ घण्टे हो गये या नह...
- आत्म हत्या करने के लिए क्यों उतारू हो गया है?... अपने ऊपर जरा रोकथाम कर। रोकथाम नहीं करेगा? नहीं महाराज जी! रोकथाम नहीं करूँगा। रोकथाम कर बेटे, रोक...
- आत्मज्ञान किसे कहते हैं?... जिन्दगी का स्वरूप और उद्देश्य समझ लेना इसी का नाम आत्मज्ञान है। भगवान बुद्ध को बोधि वट के नीचे आत...
- आत्मशोधन के पीछे क्या है?... बेटे! यह वास्तव में अपनी आन्तरिक सफाई की प्रक्रिया है। आन्तरिक सफाई किस तरह से की जाती है? जिस तरह से ...
- आत्मशोधन-प्रक्रिया के कौन-कौन से अंग हैं?... आप उसके बिना जप नहीं कर सकते; उसके बिना हवन नहीं कर सकते। उसके बिना कोई कर्मकाण्ड नहीं कर सकते; यह त...
- आत्मा और परमात्मा का मिलन कैसा होता है?... इसकी व्याख्या कैसे करें?
ब्रह्मानन्द कैसा?
उन्हें एक उदाहरण सूझ पड़ा। बच्चे ने पू...
- आत्मा का कोई औचित्य नहीं है क्या?... आत्मा की कोई इज्जत नहीं है क्या? आत्मा का कोई मूल्य नहीं है क्या? आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है क्...
- आत्मा का कोई मूल्य नहीं है क्या?... आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है क्या? अगर है तो फिर आपको ऐसा करना पड़ेगा कि साथ-साथ दिनचर्या में आदर...
- आत्मा का तेज और उसके साथ में मिला हुआ परमात्मा का तेज, दोनों का सम्मिश्रण हो, तो क्या कहने का?... बारूद और बन्दूक दो अलग-अलग चीजें होती हैं, लेकिन दोनों को जब मिला देते हैं, तो जोरदार धमाका होता है। ...
- आत्मा का परमात्मा से रिश्ता क्या हो सकता है, इस पर विचार कीजिये?... आधे घण्टे की उपासना का मतलब यही है।
मित्रो! आप साढ़े तेरह घण्टे इसी में लगाये रहते हैं कि बेटा हो ज...
- आत्मा किससे बनी है?... आत्मा बेटे! श्वास से—प्राणों से बनी है। पाँच प्राणों से हमारा जीवन बना है। पाँच तत्त्वों से हमारा शर...
- आत्मा की कोई इज्जत नहीं है क्या?... आत्मा का कोई मूल्य नहीं है क्या? आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है क्या? अगर है तो फिर आपको ऐसा करना प...
- आत्मा को परमात्मा के साथ इसने अगर जोड़ा होता, तो रावण विश्व का न जाने कौन रहा होता?... व्यास जी, वसिष्ठ जी, याज्ञवल्क्य आदि इससे पीछे रह गए होते। अत्रि ऋषि भी इससे पीछे रह गए होते।...
- आत्मा को भगवान की शक्तियाँ कहाँ से मिलती हैं?... आत्मा क्या होती है? इस पर विचार करना चाहिए। हमारी चेतना ही परमपिता परमात्मा की चेतना के साथ में मिल ...
- आत्मा क्या होती है?... इस पर विचार करना चाहिए। हमारी चेतना ही परमपिता परमात्मा की चेतना के साथ में मिल सकती है। जड़ के साथ ...
- आत्मा पर तू तलवार चला सकता है?... आ इधर, उन्होंने उसके सिर पर हाथ फेरा और कहा कि जा, आज से तू डाकू नहीं, सन्त है।" अंगुलिमाल डाकू सन्त ह...
- आत्मा से आपका कोई सम्बन्ध नहीं है क्या?... अगर है तो फिर आपको ऐसा करना पड़ेगा कि साथ-साथ दिनचर्या में आदर्शवादी सिद्धान्तों को मिलाकर रखना पड़े...
- आदमी अगर सही माने में भगवान से जुड़ा है, तो भगवान से कम कैसे हो सकता है?... चलिए उससे घटिया बात भी अगर मान लें, तो लोहा पारस से छूकर पारस न भी हुआ, तो सोना तो जरूर हो जाता है। ...
- आदमी अपने गुणों का विकास कुटुँब के बिना, परिवार के बिना कहाँ कर सकता है?... आदमी कहाँ सीख सकता है। धर्मपत्नी के प्यार का, एक आत्मा का दूसरे आत्मा के साथ समर्पण का, उसके प्यार क...
- आदमी इतना बड़ा और ढकोसला कितना बड़ा?... यह क्या है? 'अहं' है। आदमी की ये तीन जंजीरें ऐसी हैं कि जो आपकी आध्यात्मिक विशेषताओं को नष्ट करती रह...
- आदमी और आदमी की बन्दगी में रहने वाले जानवर क्यों बीमार होते हैं?... उसका एक कारण है कि हमको वह गायत्री मंत्र, जिसको हम ऋतंभरा प्रज्ञा कहते हैं, जो शास्त्र के बारे में ज...
- आदमी का चरित्र और आदमी का विश्वास न जाने कौन ले गया?... आदमी की मोहब्बत न जाने कौन ले गया? आज आदमी इतना घिनौना और कमीना हो गया है। मैं कह नहीं सकता कि आज का...
- आदमी का पेट कितना छोटा होता है?... भैंसे का पेट कितना बड़ा है? गधे का पेट कितना बड़ा है? घोड़े का पेट कितना बड़ा है? परन्तु आदमी का पेट ...
- आदमी का मन किसमें लगता है?... क्या बतायें साहब! आजकल तो हमारा सीलिंग का काम हो गया है और अब हमारे पास दुकानदारी आ रही है। सबेर...
- आदमी का वजन और वकत एक ही चीज से तौली जा सकती है कि आदमी आखिर विचारता क्या है?... सोचता क्या है? उसकी आकांक्षा क्या है? उद्देश्य क्या है? अगर आप इस तरीके से कर पाए, तो आप धन्य हाे जा...
- आदमी का वजन और व्यक्तित्व किससे बढ़ता है?... सिद्धान्तों से। आदमी का वजन दुनिया में किसने बढ़ाया? सिद्धान्तों के पालन ने। सिद्धान्तों का पालन ...
- आदमी का वजनदार व्यक्तित्व कैसे बनता है और वजनदार व्यक्तित्व की वजह से वह जनता के मध्य सम्मानित कैसे होता है और उनको जन सहयोग कैसे मिलता है?... आपको मैं बता सकता हूँ। जन सहयोग मिलने के कारण से आदमी छोटी से छोटी हैसियत का होने पर भी ऊँची से ...
- आदमी का साहस ही क्या जो मौत का मुकाबला नहीं कर सकता?... मुसीबतों का मुकाबला नहीं कर सकता? बेटे! जीतता वह है, जो सिद्धान्तों पर चलता है और सिद्धान्तों को जीता ...
- आदमी का सिर काट डालने से क्या आदमी बदल जाएगा?... मरने के बाद भूत हो जाएगा, पलीत हो जाएगा और फिर तंग करेगा, मक्कारी करेगा। इस तरीके से मार डालने से क्...
- आदमी काम से जी चुराते रहेंगे, वहाँ सम्पन्नता और खुशहाली कैसे आ सकती है?... माला के मनकों का रहस्य मित्रो! हम मनुष्य की सारी समस्याओं का समाधान करने चले हैं, जिसमें आर्थिक समस्...
- आदमी कितना जाहिल है कि वह सेवा-सहायता करने से पहले यह तय कर लेना चाहता है कि कहीं ये नकली देवता तो नहीं हैं?... जिसका हम हुकुम मानें, आखिर वो है क्या? आदमी यह तलाश करना चाहता है।
(क्रमश:)
[परमपूज्य...
- आदमी कितना दुष्ट हो सकता है?... इसकी आप कल्पना नहीं कर सकते। मिस्र के पिरामिडों में मिस्र के जिन राजाओं के साथ एक-एक हजार औरतें और र...
- आदमी की इज्जत इस बात में है कि उसने अपने फर्ज और कर्तव्यों को निभाया कि नहीं निभाया?... दूसरों के साथ उसने शराफत और भलमनसाहत का व्यवहार किया कि नहीं किया? आदमी की इज्जत का प्वाइंट यही ...
- आदमी की एक साँस कितनी कीमती है?... बेहद कीमती है। इसकी कीमत का आप अन्दाजा नहीं लगा सकते। इसकी कीमत का अन्दाज आप उस समय लगा सकते हैं ...
- आदमी की मानसिक प्रसन्नता को कौन छीन ले जाता है?... ये बन्धन छीन ले जाते हैं, जिनको मैं आपसे निवेदन कर रहा था कि बन्धनों से अगर मुक्ति मिल जाए तो आपको मुक...
- आदमी की मोहब्बत न जाने कौन ले गया?... आज आदमी इतना घिनौना और कमीना हो गया है। मैं कह नहीं सकता कि आज का आदमी जैसा घिनौना और कमीना हो गया ह...
- आदमी की स्वार्थपरता का यही सिलसिला यदि जारी रहा, तो बेटे दुनिया में क्या हो जायेगा?... मैं नहीं जानता। मैं समझता हूँ कि स्वार्थों की और खुदगर्जी की बेदी पर दुनिया खत्म हो जायेगी, मेरा...
- आदमी की हिम्मत और आदमी की जुर्रत ये क्या हैं?... देवता हैं। इनका नाम क्या है? इनका नाम है—हनुमान जी। हनुमान जी ऐसे होते हैं? हाँ बेटे! ऐसे होते हैं। ...
- आदमी के चरित्र और गुण, कर्म, स्वभाव में कैसे हेर-फेर होना चाहिए?... यह बताने के लिए आपके यहाँ वे लोग नहीं आएँगे। आपको ही उनके यहाँ जाना पड़ेगा। बाढ़ पीड़ित हमारे यहाँ आ...
- आदमी के भीतर क्या हलचलें शुरू हो जाती हैं?... धड़कन के स्थान पर एक नई प्रक्रिया शुरू हो जाती है और उसका नाम है—सड़न। सड़न की एक्टीविटीज बहुत त...
- आदमी के भीतर यह सब दिखाई न पड़े तब?... तब मैं यह कहता हूँ कि योग हुआ नहीं। न गंगाजल का योग नदी के साथ हुआ, न बिजली करेंट का, न पारस का लोहे...
- आदमी के व्यक्तित्व को तो आप समझते ही नहीं कि व्यक्तित्व किसे कहते हैं?... चरित्र किसे कहते हैं? आपको राजनीति मैं बता दूँगा। धर्मनीति मैं बता दूँगा। जिस क्षेत्र में भी आप जा...
- आदमी को अपनी छाया पर विश्वास नहीं रहेगा कि यह मेरी छाया है कि नहीं?... और यह कि मेरी छाया मेरी सहायता करेगी कि नहीं?
आज यूरोप में यही स्थिति है। दांपत्य जीवन के बा...
- आदमी को कैसा बढ़िया वाला दिमाग मिला हुआ है?... आदमी को कैसा अच्छा कुटुम्ब मिला हुआ है और आदमी को कैसा कार्यक्षेत्र मिला हुआ है? लेकिन इस सारे-के-स...
- आदमी को कैसा अच्छा कुटुम्ब मिला हुआ है और आदमी को कैसा कार्यक्षेत्र मिला हुआ है?... लेकिन इस सारे-के-सारे क्षेत्र का, उचित और अनुचित का समाधान हम नहीं निकाल पाते। मित्रो! क्या करना चाह...
- आदमी को जाने क्या हो गया है?... आदमी का स्वभाव, आदमी की आदतें ऐसी वाहियात हो गयी हैं कि उसने अपने कुल्हाड़े से अपनी ही टाँगें काट डाल...
- आदमी को धूप में खड़ा करेंगे?... धूप में नहीं खड़ा करेंगे। उसे अपनी हवस और अपनी कामनाओं पर अंकुश लगाना सिखाएँगे। तप इसी का नाम है। यह...
- आदमी को यह प्रकाश मिले कि हमारे सोचने का सही तरीका क्या है, समाज की समस्याओं का वास्तविक स्वरूप क्या है, व्यक्ति की उलझनों का वास्तविक कारण क्या है, उनका समाधान किस तरीके से किया जा सकता है?... अगर यह राह मिल जाए तो बीमारियों का निदान हो जाएगा कि समाज में फैली हुई विकृतियों का एकमात्र कारण मनु...
- आदमी को शिकायत कब नहीं हो सकती?... जब उसको यह मालूम हो कि हम ड्रामा कर रहे हैं, दुनिया में बहुत सारी दिक्कतें आती हैं। दुनिया में ब...
- आदमी को समय मिला हुआ है, आदमी को श्रम मिला हुआ है, आदमी को कैसा अच्छा-खासा शरीर मिला हुआ है?... आदमी को कैसा बढ़िया वाला दिमाग मिला हुआ है? आदमी को कैसा अच्छा कुटुम्ब मिला हुआ है और आदमी को कैसा ...
- आदमी क्या निकालता है?... बदबू। आदमी क्या है? बदबू। इसीलिए इस कमबख्त को बार-बार स्नान कराना पड़ता है। कभी तेल चुपड़ना पड़ता है...
- आदमी क्या है?... बदबू। इसीलिए इस कमबख्त को बार-बार स्नान कराना पड़ता है। कभी तेल चुपड़ना पड़ता है, कभी कोई पाउडर चुपड...
- आदमी क्या होता चला जाता है?... आदमी भूत-पलीत होता चला जाता है। आदमी को जाने क्या हो गया है? आदमी का स्वभाव, आदमी की आदतें ऐसी वाहिय...
- आदमी जब पृथ्वी पर खड़ा होगा, तो उसका गाल पृथ्वी के बराबर होगा कि छोटा होगा और सूरज तो करोड़ों गुना बड़ा है, तो फिर हनुमान जी उसे गाल में कैसे ले लेंगे?... मुझे समझा तो दीजिए। सूरज की गरमी हमें यहाँ तपा देती है और अगर वही गरमी हनुमान के गाल में जाएगी, तो उ...
- आदमी जब श्रेष्ठता के साथ जुड़ जाता है, नाला गंगा से जब जुड़ जाता है, तो क्या हो जाता है?... श्रेष्ठ हो जाता है। मनुष्य जब भगवान से जुड़ जाता है, तो क्या हो जाता है? वह भगवान हो जाता है। आदमी अ...
- आदमी जानवर है या शैतान?... शैतान चाहे भजन करे चाहे अमुक काम करे, जहाँ है वहीं का वहीं रहेगा। फिर क्या होने वाला है? आदमी अब मरे...
- आदमी दूसरी चीज क्या चाहता है?... आदमी दूसरी चीज चाहता है—इज्जत। हमको इज्जत मिलनी चाहिए। आप इज्जत चाहते हैं? हाँ साहब! हम जो ठाठ-बाट ब...
- आदमी बाहर से तलाश करता है कि गुरुजी महात्मा कैसे हो गए?... वे कैसे लम्बे-लम्बे बाल बनाते हैं और बाल खड़े रखते हैं? आप क्या करना चाहते हैं? हम भी बाल खड़े रखेंगे?...
- आदमी में जानवरों की जितनी वृत्तियाँ थीं, यह संकेत उन वृत्तियों के बारे में था और बलि के रूप में उन्हीं वृत्तियों का हवन करना पड़ता था और बलि किसे कहते हैं?... बेटे! दूसरे रूप में बलि हम उसे कह सकते हैं, जो देवताओं को उपहार रूप में भेंट किए जाते हैं। पुराने जम...
- आदमी रिश्तेदार से लिपटकर उसका सफाया कैसे करता है?... आपने कभी देखा है? नहीं देखा है तो, तो चलिए मैं आपको ब्याह-शादी के दिनों में दिखा दूँगा। दो समधी आपस ...
- आदमी है या भूत-पलीत?... मित्रो! आदमी क्या होता चला जाता है? आदमी भूत-पलीत होता चला जाता है। आदमी को जाने क्या हो गया है? आदम...
- आदमी-आदमी को कैसे खाता है?... आदमी-आदमी को कैसे चूसता है? आदमी रिश्तेदार से लिपटकर उसका सफाया कैसे करता है? आपने कभी देखा है? नहीं...
- आदमी-आदमी को कैसे चूसता है?... आदमी रिश्तेदार से लिपटकर उसका सफाया कैसे करता है? आपने कभी देखा है? नहीं देखा है तो, तो चलिए मैं आपक...
- आदर्श कभी मर सकते हैं?... आदर्श कभी नहीं मरते। गाँधी जी मर गए? नहीं, मैं समझता हूँ कि गाँधी जी जिन्दा हैं। बुद्ध जी मर गए? नहीं...
- आदर्शवादी हो सकते हैं?... अष्टावक्र ऋषि आठ जगह से कुबड़े—टेढ़े थे। एक बार वे राजा जनक की सभा में गये। वहाँ जो सभासद बैठे हुए थे,...
- आध्यात्मिक जीवन में जब मैंने प्रवेश किया, तो वहाँ पर क्या हुआ?... जब मैं गायत्री तपोभूमि बनाने के लिए खड़ा हुआ, तो जरूरत इस बात की पड़ी कि इसके लिए धन-संग्रह किया ज...
- आध्यात्मिक जीवन में प्रवेश करने के लिए क्या करना पड़ता है?... इसमें पहला काम सफाई का होता है, चाहे वह समाज की सफाई हो, चाहे व्यक्ति की सफाई हो, चाहे किसी की स...
- आध्यात्मिक लाभ कैसे हो सकता है?... भगवान तक हमारी कौन सी बात पहुँच सकती है? वह केवल विचारणात्मक हो सकती है, भावनात्मक हो सकती है। इस ...
- आध्यात्मिकता का चमत्कार आपको दिखाई पड़ा?... पैसे वाला चमत्कार दिखाई पड़ा! नहीं दिखाई पड़ा। आप तो पैसा वाला चमत्कार देखिए और कुछ मत देखिए। आप पैसे ...
- आध्यात्मिकता का वास्तविक स्वरूप क्या हो सकता है?... यह आप समझ जाएँ। अध्यात्म मार्ग पर चलना है तो किस तरीके से चलना पड़ेगा, इसकी जानकारी लेकर जाएँ। पहले ...
- आध्यात्मिकता का सिद्धान्त यह कैसे हो सकता है?... आप गलतफहमियों, अन्धविश्वासों को, मूढ़ मान्यताओं को अध्यात्म के ऊपर कब तक थोपते रहेंगे। आप सचाई की कभी...
- आध्यात्मिकता क्या है?... आध्यात्मिकता बेटे वह है, जो आदमी के व्यक्तित्व और चरित्र एवं आदमी के दृष्टिकोण को परिष्कृत करती है। ...
- आनन्द कहाँ रहता है?... अमृत कहाँ रहता है? बेटे, केवल हमारी भावनाओं में रहता है। हमारी भावनाओं में कभी-कभी कोई चिंगारी उठत...
- आने वाले आदमी से पूछते हैं—कितने दिन रहोगे?... एक महीने। अच्छा, चलिए एक महीने के लिए इसमें बन्द हो जाइए। बाहर से ताला ठोंक देते हैं। किवाड़ में एक ज...
- आप बताइये कि कलमी आम कैसे आता है?... चमत्कार के मर्म को जानिए बेटे कलमी आम लगाना हम तब बतायेंगे जब तुम्हारी यह बहस खत्म हो जायेगी कि जमीन...
- आप भगवान् की कथाएँ तो सुनते हैं, पर गहरे में क्यों नहीं जाते?... भगवान् की सारी की सारी लीलाएँ, कथा-गाथाएँ इस बात पर टिकी हुई हैं कि भगवान् एक है। यह बात अलग है ...
- आप भीड़ से क्या मतलब लगाते हैं?... नहीं साहब! बड़ा कुंभ का मतलब है कि हिन्दुस्तान में बड़ा धर्म फैल रहा है और यहाँ पर बड़े अध्यात्मवादी ...
- आप लोग नीचे बैठे होंगे, हम ऊपर बैठे होंगे, तो क्या बातचीत नहीं करेंगे?... नहीं, अब यह सम्भव नहीं हो सकेगा। यह हमारे जीवन का नया मोड़ है। सकारण है जीवन का यह नया मोड़ आप लोग यह...
- आप अकेले कैसे आ गए?... आपको सैनिकों के साथ आना चाहिए था। बिगुल बजाकर आना चाहिए था।" गेट खोलने जा रहे अपने सिपाही से रानी ने...
- आप अकलमंद हैं न?... हाँ साहब! हमारी अकल तो बहुत पैनी है। कितनी पैनी है, जरा दिखाइए तो सही? हम तो वकील हैं। अच्छा साहब! ...
- आप अक्षरों के उच्चारण को मना करते हैं?... बेटे, मैं मना कैसे कर सकता हूँ। मैंने कितने लोगों को गायत्री मंत्र की दीक्षाएँ दी हैं और उनको जप करन...
- आप अगर अपने हाथों को नहीं खोलेंगे, तो भगवान् की गोद में आप कैसे जाएँगे?... मित्रो, साधना में आपको अपने मन को समझाना होगा। अगर मन नहीं मानता है, तो आपको उसकी पिटाई करनी होगी।...
- आप अध्यात्म से अनुदान के विषय में कह रहे थे?... बेटा, मैं कह रहा था कि जब सम्मान आता है, तो सहयोग भी आता है, श्रद्धा आती है। आप क्यों नहीं सुनते? हम...
- आप अनाथ बच्चे हैं, अगर आप जवान आदमी रहे होते तो आपका दिल, आपका विचार करने का तरीका अलग रहा होता, फिर आप सोचते कि हमको क्या देना चाहिए?... समाज को क्या देना चाहिए? देश को क्या देना चाहिए? भगवान जी को क्या देना चाहिए? तब हम आपसे कहते कि आप ...
- आप अपना दृष्टिकोण ठीक कर लीजिए ना?... आप अपना रवैया ठीक कर लीजिए ना? आप अपने पैरों पर खड़े हो जाइए ना? फिर आप देखेंगे कि किस तरीके से आपकी ...
- आप अपना रवैया ठीक कर लीजिए ना?... आप अपने पैरों पर खड़े हो जाइए ना? फिर आप देखेंगे कि किस तरीके से आपकी जिन्दगी में जो शिकायतें थीं, वह ...
- आप अपनी छाती का दूध निकाल करके इस बच्चे को पिलाती हैं तो आपको अच्छा लगता है?... हाँ बेटे! जब हमारा बच्चा दूध पीता है, तब बहुत अच्छा लगता है। और जब आपकी छाती में से दूध नहीं निकलता ...
- आप अपनी जिन्दगी की बात को क्यों नहीं कहते?... नहीं साहब! हम तो शब्दों की बात कहते हैं। शब्द काफी नहीं होते। शब्दों के साथ-साथ में उनका 'बैकग्राउंड...
- आप अपनी पत्नी के बिना यह सब कहाँ से लाएँगे?... कहाँ से पाएँगे? कहाँ से सीखेंगे? आप वेश्यालय जाकर वासना पूर्ति कर सकते हैं, लेकिन प्यार-मोहब्बत आप न...
- आप अपनी पत्नी को सहयोगी बना सकते हैं?... उसका सहयोग कर सकते हैं?
आप अपनी पत्नी का दिल जीत सकते हैं क्या? अगर ऐसा बना सकते हैं, तो मैं खुश...
- आप अपनी पोती की शादी करेंगी?... हाँ, बेटा कर तो रहे हैं। तो मैं आपको एक हीरे की चीज दिखाऊँ क्या? दिखा जरा, देख तो लूँ क्या है? तो वह...
- आप अपनी मुट्ठी में खुशी क्यों नहीं रखते, दूसरों के हाथ में क्यों बेच देते हैं?... आपका बेटा यदि सुपात्र बनेगा और आपका आज्ञाकारी बनेगा, तब आप खुश होंगे।...
- आप अपने आपसे जद्दोजहद करेंगे क्यों?... आप अपने जीवन में इन सिद्धान्तों का समावेश करेंगे क्यों? आपको तो पण्डित जी ने यह समझा दिया है कि ...
- आप अपने ईमान से सलाह लीजिए, अपने भगवान से सलाह लीजिए कि हमको क्या करना चाहिए?... आप इन दो की ही सलाह पर चलिए, अकेले चलने की जुर्रत इकट्ठी कीजिए। सूरज अकेला चलता है, चंद्रमा अकेला चल...
- आप अपने को साधना नहीं चाहते हैं, तो उपासना के क्षेत्र में आगे कैसे बढ़ेंगे?... एक दिन हमने आपको आहार-विहार के बारे में बताया था, साथ ही यह भी चर्चा की थी कि समय का विभाजन करें और ...
- आप अपने जीवन में इन सिद्धान्तों का समावेश करेंगे क्यों?... आपको तो पण्डित जी ने यह समझा दिया है कि गीता का पाठ कर लिया कीजिए और बैकुण्ठ को चले जाइये। पण्डित ...
- आप अपने दरवाजे बन्द कर लीजिए, फिर आप देखेंगे कि कौन-सी हवा आपके कमरे में आ सकती है?... आप अपने ट्रांजिस्टर पर जो कोई स्टेशन सुनना चाहेंगे, सिर्फ वही बोल सकता है, दूसरे की कोई ताकत नहीं है...
- आप अपने पैरों पर खड़े हो जाइए ना?... फिर आप देखेंगे कि किस तरीके से आपकी जिन्दगी में जो शिकायतें थीं, वह सारी शिकायतें दूर हो गयीं। इसी का...
- आप अपने बच्चों को कीमती कपड़ा पहनाएँ और अमुक चीज छोड़कर मरें और पड़ोसियों के बच्चों के लिए आप किताब तक खरीद कर नहीं दे सकते?... ईश्वरचंद्र विद्यासागर के तरीके से आप क्या ऐसे नहीं कर सकते कि अपने घर का पचास रुपए से गुजारा कर ले...
- आप अपने यहाँ देख लीजिए न?... निगाहें फेंकिए, आपको मालूम पड़ जाएगा कि पहले ये क्या थे और साल-दो-साल के भीतर क्या हो गए। इतने पर...
- आप अपने शरीर का इस्तेमाल किस तरीके से करें?... परिस्थितियों का उपयोग किस तरीके से करें? अपने पास जो साधन और सामान मिला हुआ है या मिल सकता है, आप उ...
- आप अपने ही घर में क्यों नहीं अनुष्ठान करेंगे और अपने ही घर में क्यों नहीं कमा लेंगे?... मुझसे क्यों माँगेंगे? नहीं साहब! हम आपके घर में लक्ष्मी जी का पूजन कराएँगे, जो आपको मालामाल बना देगी...
- आप अब आए हैं?... आपसे पहले पच्चीस आदमियों को मना कर दिया है कि यहाँ जगह नहीं है। ऐसा क्यों होता है? क्यों मना करत...
- आप अमीर बनेंगे?... हाँ साहब! अरे मिल जुलकर खाइए न। नहीं साहब! हम कमाएँगे और स्वयं खाएँगे। चुप, धूर्त कहीं का, ऐसा करेगा...
- आप असली क्या चाहते हैं—रुपया?... हाँ साहब! असली बात है रुपया। असली बात आपने बाद में कही। असल में यह बात मुझे पहले ही कहनी चाहिए थी कि...
- आप इंग्लैण्ड जाना चाहते हैं?... अच्छा साहब, इंग्लैण्ड जाने के लिए छह हजार रुपये लाइए, आपको हवाई जहाज का टिकिट दिलवाएँ। नहीं साहब, इत...
- आप इज्जत चाहते हैं?... हाँ साहब! हम जो ठाठ-बाट बनाते हैं, लड़के-लड़कियों की शादियाँ करते हैं। एम०एल०ए० के चुनाव में खड़े हो...
- आप इतना बड़ा कुर्ता सिलवाइए, तब मैं जानूँ कि आप कैसे कमाने वाले और कैसे खाने वाले हैं?... अच्छा आपके घर में सौ मन गेहूँ पैदा हुआ है। आप ऐसा कीजिए कि पहले आप चार रोटी खाते थे, आज आप अस्सी...
- आप इतनी बड़ी योजना चलाएँगे?... हाँ बेटे ! इतनी बड़ी योजना चलाएँगे। अब तक हम अकेले काम करते थे। तब हमारे पास क्या था—बस, दो-चार-दस आ...
- आप इतनी सारी संस्थाएँ लिए बैठे हैं, उनका खर्च किससे चलता है?... हमने कहा कि बिड़ला जी! आप यह बताइये कि इतने सारे आपके मिल चलते हैं, आपका काम कहाँ से चलता है? उन्हो...
- आप इन क्रिया-कृत्यों को ही तोप मानकर चलेंगे, तो बेटे मैं क्या करूँगा?... क्रिया-कृत्यों और कर्मकाण्डों को ही आप सब मानकर चलेंगे, तो मैं क्या करूँगा, बताइये? क्रिया-कृत्यों...
- आप इन्हें अपने साथ कैसे ले जा पायेंगे?... यह तो यहीं पर रखा रहेगा। यहीं पर रखा रहेगा? हमने जीवन भर में करोड़ों रुपये कमाये, वह सब यहीं रह जाय...
- आप इन्हें कहाँ इस्तेमाल करना चाहते हैं?... यह आपकी इच्छा की बात है। डकैती में बहुत फायदा होता है। डकैत बहुत फायदा उठा लेते हैं। क्यों साहब! डकै...
- आप इन्हें कहाँ ले जा सकते हैं?... विश्वामित्र ने कहा, आई.ए.एस., पी.सी.एस. तो पीछे बनते रहेंगे, पहले इन्हें मनुष्य बनना चाहिए और देवता ...
- आप इस तरह की गृहस्थी बसाएँगे क्या?... इस तरह का कुटुँब बसाएँगे क्या?
मित्रो! आप इस तरह का परिवार-कुटुँब मत बसाइए। आप प्यार-मोहब्बत ...
- आप इस दरवाजे पर आए हैं, तो आप खाली जाएँगे?... नहीं, आप खाली नहीं जा सकते। कोई भी खाली नहीं गया, तो आप खाली कैसे जाएँगे। हमें वह कहावत याद है, कौन-...
- आप इस दिशा में आगे कैसे बढ़ेंगे?... गोली चलाने वाला अगर निशाना न साधे, तो उसका काम कैसे चलेगा? वह कभी इधर को भटके, कभी उधर को भटके, तो...
- आप इस प्रकार क्यों हैं?... सुदामा जी भगवान् के पास गये, भगवान् ने अपने मित्र को निहाल कर दिया। सम्बन्ध हो जाए तो! गुरुनानक को उ...
- आप इस फिजिक्स को तो समझते नहीं हैं, फिर भगवान को क्या समझेंगे?... भगवान बहुत बड़ा है, विशाल है। वह इतना विशाल है कि हम उसका वर्णन नहीं कर सकते कि वह कितना विशाल है। ह...
- आप इसमें कितना समय लगाएँगे?... बेटे! सौ करोड़ वर्ष में कर दूँगा। महाराज जी! फिर यह कैसे पूरा होगा। बेटे! तू सूरज को रँगवाना चाहता ह...
- आप इसमें झाँककर क्यों नहीं देखते?... क्यों नहीं अपनी माँ की छवी में अपने गुरु को देखते? जब आपके सामने एक मौजूद है तो फिर आपने उसमें गुरु ...
- आप इसमें पानी तो नहीं मिलाते हैं?... मिलाते तो होंगे, पर हमने लिखा तो यही है। इसमें मलाई डालते हैं? हाँ साहब! मलाई भी डालते हैं। किसकी डा...
- आप इससे क्या बनाएँगे?... साहब! हमारा मन पुरजे बनाने का है, तलवार बनाने का है, तरह-तरह के औजार बनाने का है। लोहे से कैसे बनाएँ...
- आप इसे कहाँ से पैदा करेंगे?... हम बेटे, उसे इस उद्घाटन की छोटी-सी इमारत में से पैदा करेंगे, जिसको आप ब्रह्मवर्चस के नाम से अभी देख ...
- आप इसे किसलिए पहनते हैं?... ठंडक न लग जाय, गर्मी न लग जाय। देखिए आप शर्ट पहने हुए हैं और हम नंगे बैठे हुए हैं। हमको न तो ठंडक का...
- आप इसे प्यार नहीं दे सकते?... अरे इस प्रकार की मशीनें, विदेशों में रबर की औरतें मिलती हैं। आप उसी को खरीद लाइए। वह आप से कुछ नहीं ...
- आप उनके पास किस तरीके से रहेंगे?... वे अपना काम छोड़ करके आपके पास कैसे आएँगे? इसलिए एक ही तरीका है सत्संग का और वो सत्संग बहुत ही शानदा...
- आप उनके पास जाइये और इन्क्वायरी कीजिए कि आप लोगों में से कितने आदमी हैं जिन्होंने एक रुपये खर्च करके तीन लाख रुपये पाये हैं?... आपको एक हजार में से नौ सौ निन्यानवे, एक लाख में से निन्यानवे हजार नौ सौ निन्यानवे व्यक्ति यह कहते ...
- आप उनके पास जाइये और यह तलाश करके आइए कि आपकी इच्छानुकूल जो वस्तुएँ मिली हुई हैं, उनसे आपको कोई शिकायत तो नहीं है?... उत्तर पाकर आप आश्चर्यचकित रह जायेंगे। मित्रो! हेनरी फोर्ड का नाम आपने सुना होगा। उसकी फैक्ट्री में...
- आप उनके सामने क्या हैं?... कहाँ भगवान और अर्जुन और कहाँ आप सूत के बेटे, दासी के बेटे? भला आप क्या कर सकते हैं? देखिए अर्जुन सहि...
- आप उन्हें किससे देखना चाहते है?... आँख से देखना चाहते हैं। आँखें किस चीज की बनी हुई हैं? चमड़े की बनी हुई हैं, माँस की बनी हुई हैं। तो ...
- आप उन्हें बताइए कि पूजन क्यों किया?... शुरुआत तो कीजिए, सवाल तो पैदा कीजिए, जिससे कोई आदमी सवाल पूछे और आप जवाब दें। आप प्रत्येक व्यक्ति इस...
- आप उपकरणों से ही काम चलाना चाहते हैं, कर्मकाण्ड की तह तक नहीं जाना चाहते?... मित्रो! मैंने कहा था कि आत्मा की प्राप्ति के लिए चार तरीके हैं। उनमें से एक न कम हो सकता है और न ज...
- आप उस पर खुशी नहीं मना सकते?... आप प्रसन्न नहीं हो सकते? आपके चेहरे पर मुस्कराहट नहीं आ सकती कि जो हमारी वर्तमान परिस्थितियाँ हैं, उ...
- आप उस पर गौर क्यों नहीं करना चाहते?... और वह यह है कि आप अपने जीवन में साधना को जोड़े रखिये। आप अगर साधना से जुड़ेंगे नहीं, तो आपको इन टेक्रि...
- आप उस सन्त की सन्तान हैं कि गर्व से सिर ऊँचा करके यह कह सकें कि किसके बच्चे हैं?... अरे साहब! हम उन गुरुजी के बच्चे हैं, कौन से? वे जिन्होंने तपश्चर्या की थी, उनके ये बच्चे हैं। उन्हों...
- आप उसका माहात्म्य क्यों नहीं समझना चाहते?... नहीं साहब! यह तो बड़े झगड़े का काम है, बड़े झंझट का काम है। बड़ी जीवट का काम है, बड़े तूफान का काम ह...
- आप उसकी आत्मा को मोहब्बत के बिना भूखा क्यों मारते हैं?... क्या आप यह नौकरानी खरीद कर लाए हैं या कामवासना की मशीन खरीद कर लाए हैं? यह कौन है आपकी? आप इसे प्यार...
- आप उसको समझाना कि हम बाबाजी कैसे हैं और हमारे बाबाजी का सम्प्रदाय कौन-सा है?... और हमारा गुरु कैसा है? और हमको जो काम करना है- वह क्या है? और हम किस तरीके से हैं? इस बार का कुम्भ...
- आप उसमें अपनी बकरी चरा सकते हैं, परन्तु बिना जमीन के आप बीज किसमें बोएँगे?... भजन से अनेक काम पूरे हो सकते हैं, परन्तु भजन को दृढ़ बनाने के लिए आदमी का दृढ़ चरित्र रहना, उदार रहना...
- आप उसमें से तो निकलकर आइए?... आपको मिशन माँगता है, गुरुजी माँगते हैं और हम आपको माँगते हैं कि आप आ जाइए।
यदि आप नहीं आएँगे तो फिर...
- आप उसे मिठाई क्या खिलाएँगे?... मुकुट क्या पहनाएँगे? यह आपकी भूल है। इसे सुधारना आवश्यक है।पूजा-उपासना के समय, भक्ति के समय आपने क...
- आप उसे रखेंगे कहाँ पर?... नहीं, साहब! आप तो आशीर्वाद दीजिए। बेटे ! हम आशीर्वाद तो दे भी दें, पर तू उस आशीर्वाद को रखेगा कहाँ प...
- आप उसे सफेद रंग का गुब्बारा दे दें तो बच्चा नाराज हो सकता और कह सकता है कि हम तो गुलाबी रंग का लेंगे, सफेद रंग का नहीं लेंगे और शंकर जी किस चीज की माला पहनेंगे, चन्दन की या रुद्राक्ष की?... नहीं साहब! हम तो रुद्राक्ष की पहनेंगे, चन्दन का नहीं पहन सकते। बच्चे की तबियत जैसी भगवान शंकर की होगी...
- आप ऊँट क्यों चराते हैं?... हम इसलिए चराते हैं कि हम औरों का इलाज करते हैं, तो पहले अपना तो इलाज कर लें। हमारी सेहत अच्छी रहे, इ...
- आप एक घण्टा समय नहीं दे सकते?... दो घण्टे समय नहीं दे सकते? कलेजा है आप में? हृदय है आप में? हिम्मत है आप में? जीवन है आप में? निष्ठ...
- आप एक मिनट में ऑपरेशन करना सिखा देंगे?... हाँ बेटे, हम सिखा देंगे। लेकिन पहले सात साल तक मेडिकल की पूरी पढ़ाई करने के साथ-साथ तुझे प्रैक्टिस भ...
- आप ऐसा प्यार करेंगे?... आप ऐसा प्यार करना चाहते हैं? दुष्ट कहीं के। परमार्थ में निहित है आपका सच्चा स्वार्थ परम पूज्य गुरुदे...
- आप ऐसा करेंगे क्या?... सिद्धान्तों का नाम है आध्यात्मिकता
मित्रो! मैंने कुछ खरी बातें कहने के लिए आपको बुलाया है। आपका ...
- आप ऐसा क्यों करते हैं?... आप सिगरेट पीना चाहते हैं, कोका-कोला पीना चाहते हैं। इसलिए पीना चाहते हैं ना कि आप कमाकर लाते हैं और ...
- आप ऐसा क्यों करते हैं?... आपके यहाँ तो खाने-पीने का साधन है। हाँ, हमारे घर में जमीन भी है, हमारे घर में पैसा भी है। हमारा बाप ...
- आप ऐसा नहीं कर पायेंगे क्या?... आपको करना चाहिए। विद्यार्थी को आपने देखा है न? विद्यार्थी किस तरीके से किताब पढ़ने में लगा रहता है, र...
- आप ऐसा प्यार करना चाहते हैं?... दुष्ट कहीं के। परमार्थ में निहित है आपका सच्चा स्वार्थ परम पूज्य गुरुदेव ने इससे पूर्व कहा कि भावावे...
- आप ऐसे कैसे कह सकते हैं?... हम इसलिए कहते हैं कि आप बार-बार यह कहते हैं कि अक्षरों का उच्चारण सब कुछ कर देता है। आप बात को क्यों...
- आप ऐसे क्यों रहते हैं?... इसलिए कि सब हमारी शक्ल देखें और कहें कि देखिए, इनकी शक्ल कैसी बढ़िया है।
अहं के ढकोसले
...
- आप ऐसे बच्चे पैदा कर सकते हैं?... नहीं, आप नहीं, पैदा कर सकते। हम पैदा कर सकते हैं और कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। हमें आपकी भावनाओं क...
- आप और किसकी बात सुनना चाहते हैं?... एक और बात रह गयी है-शोहरत की। आप शोहरत की बात सुनना चाहते हैं। आप हमारे शोहरत के बारे में मत सुनिये।...
- आप कब स्वर्ग जायेंगे?... उन्होंने कहा कि स्वर्ग जाने वालों में मैं आखिरी इन्सान होऊँगा, जबकि सारे के सारे मनुष्यों में से प...
- आप कम कीमत पर अच्छी चीजें माँगते हैं न?... आस्तिकता और नास्तिकता—अर्थ समझें कम कीमत का क्या मतलब है? कम कीमत माने भजन। भजन किसे कहते हैं...
- आप कमाते हैं और आप ही खा जाते हैं, यह कैसे हो सकता है?... अध्यात्म के क्षेत्र में ऐसा नहीं होता है।
मित्रो! फिर क्या करना चाहिए! आपको कुटुम्ब से यह शिक्षा ...
- आप कहते हैं कि हमारे पास क्या है, हम पुरुषार्थ कैसे करें?... हम पूछते हैं कि अगर आपके पास धन-दौलत नहीं है, तो अकल तो है। आपके पास समय तो है, श्रम तो है। लगाइए...
- आप कहते हैं कि गुरुजी यह क्या कह रहे हैं?... मित्रो, आप चौरासी लाख योनियों का शरीर देखिये। आप अच्छे कर्म नहीं करेंगे, तो आपको गधे की योनि स्वीक...
- आप कहाँ जा रहे हैं?... उन्होंने कहा—विष्णु भगवान के पास जा रहा हूँ। अच्छा तो एक बात हमारी भी पूछते आना। उन्होंने कहा—हाँ पू...
- आप कहाँ जाना चाहती हैं?... आप धन्य हैं माँ, आप जैसी देवी को प्रणाम है।" उन्होंने कहा—"भैया। मैं अपने पति को स्नान कराने के लिए ...
- आप कहाँ तक पढ़े हुए हैं?... आपके पास कितने कुटुम्बी हैं? आपको सफलता मिली कि नहीं मिली। आप कैसा डिवीजन लाए? वगैरह-वगैरह। आपके पास...
- आप कहाँ पर चली गईं?... साहित्य को आग ही बता दिया। हाँ, यह आग ही तो है, मैं कह रही हूँ। इस आग को, इस चिनगारी को आप फैलाइए। इ...
- आप कहाँ रहते हैं?... साहब! हम उड़ीसा में रहते हैं और बिहार में रहते हैं। फिर आप क्या करेंगे, अगर आपके ऊपर फाइलेरिया का अटै...
- आप कहाँ सफर करते हैं?... यह हम नहीं जानते, लेकिन यह क्या चीज है? बता सकते हैं। यह आदमी की वृत्ति है। कौन-सी वृत्ति? इनसानियत ...
- आप कहाँ से आये हैं?... कहाँ जायेंगे? बार- बार हम देखते रहते हैं कि कहीं यह हमारे गले की जंजीर न ले जाये और हमारी जेब न का...
- आप कहाँ-कहाँ जाएँगे?... बेटे, मुझे बहुत जगह जाना है। हिंदुओं के बीच में मुझे काम करने के लिए हिन्दू बनकर आना पड़ा। अब कहाँ जा...
- आप कहीं उसी स्थिति में लौट जाने का मन तो नहीं बना रहे हैं?... कहीं आपके अन्दर यह विचार तो नहीं उठ रहे हैं कि हम चले जाएँगे तथा मजे से रहेंगे और अधिक खरच करेंगे। अध...
- आप कहीं गए थे?... कहीं नहीं गए थे। तब फिर यह कहाँ से आ गया? यह बेटे! कमीशन आ गया। कमीशन किस बात का? कमीशन इस बात का कि...
- आप कहीं लग रहे हों, जीभ कहीं लग रही हो, वस्तुएँ कहीं भी रखी हों, माला कहीं भी चल रही हो, पर बेटे, आप यह बताइए कि आपका चिन्तन कहाँ लग रहा है?... गुरुजी! चिन्तन तो भागता रहता है। तो बेटे, भजन कहाँ हो रहा है? चिन्तन को लगाने का उद्देश्य यह है कि जिस...
- आप कहेंगे कि गुरुजी आप ऐसा क्यों कह रहे हैं?... बेटे, यह इसलिए कह रहा हूँ कि कतिपय सन्त-महात्मा अपने कर्तव्यों, उत्तरदायित्वों से भटक गये हैं। मनुष...
- आप कहेंगे कि गुरुदेव क्या इसके बिना काम नहीं चलेगा?... साथियो, आप समझते नहीं हैं कि इन दिनों हिन्दुस्तान के सामने बहुत सी समस्यायें हैं। असम की समस्या है...
- आप कहेंगे कि तब बुराइयों का क्या होगा?... क्या बुराइयों के साथ संघर्ष नहीं किया जायेगा? बुराइयों को मिटाया या उनसे लड़ा नहीं जायेगा? हाँ बेटे...
- आप कहेंगे कि ये सारे-का-सारा पूजा उपासना का विधान किसलिए बनाया गया है?... चलिए मैं समझाता हूँ आपको कि पूजा-उपासना का विधान किस मकसद से चलाया गया है। आप उसके असली मकसद को नहीं...
- आप कहेंगे कि सच्चा अध्यात्मवाद क्या हो सकता है और इसका क्या फल मिल सकता है?... बेटे, सच्चे अध्यात्मवाद का फल मिलना चाहिए और उसी कीमत पर मिलना चाहिए। जब हम अध्यात्मवादी होंगे, तो...
- आप काहे को अपना घर नीलाम करने पर उतारू हैं; लेकिन उनका विश्वास था, किस पर?... उस सत्ता पर, जिसके बल पर उन्होंने संकल्प लिया और देखते-ही-देखते 1000 कुण्डीय यज्ञ सफल हो गया और लोग ...
- आप किन आँखों से देखते हैं और कहते हैं—माताजी, जानें कौन हैं?... बेटी बनाए हुए हैं और हम बने हैं। गीली मिट्टी जो होती है, उस मिट्टी को जैसा चाहे, वैसा बना सकते हैं। ...
- आप किफायतशार बनेंगे तो आपको तंगी आएगी कि नहीं?... फिर आपको कैसे अच्छा खाना मिल सकता है, जब आपको यह मालूम पड़ेगा कि हम इस गरीब मुल्क में रहते हैं, जिसम...
- आप किस उद्देश्य के लिए जिन्दा हैं?... पेट भरने और औलाद पैदा करने के लिए जिन्दा हैं? हाँ साहब! पेट भरने और औलाद पैदा करने के अलावा हमारा तीस...
- आप किस काम के लिए भेजते हैं?... बेटे! इस समय एक महत्त्वपूर्ण कार्य है। एक कार्य हमारा यह है कि इस वर्ष को, जिसको हमने रजत जयंती वर्ष...
- आप किस मतलब की दवा हैं?... आपकी अकल में क्या जंग लग गई? नहीं बेटे, जंग नहीं लग गई। आप नई शक्ति लेकर के जाइए।
आज आत्मसमीक्षा ...
- आप किसकी बात कह रहे थे?... चिड़िया की, बाज की? नहीं बेटे! मैं तो सिद्ध पुरुषों की बात कर रहा हूँ। सिद्ध पुरुष क्या करते हैं...
- आप किसके-किसके मालिक बनेंगे?... पहले आप अपने शरीर के तो मालिक बन जाइए। अपनी आँख के तो मालिक बन जाइए। आपने आँख से कहा था न कि खबरदार,...
- आप किसको देखने के लिए गए थे?... गाँधी जी को। गाँधी जी को देखने के लिए तो लाखों लोग गए होंगे। तो क्या पुण्य मिला? बेटे! मैं समझता हूँ...
- आप किसको प्यार करते हैं?... साहब! हम तो पड़ोस की एक लड़की को प्यार करते हैं। अच्छा, तो आपको पड़ोस की लड़की से प्यार है? हाँ साहब! ...
- आप किससे सेवा करेंगे?... अकल आपके पास है नहीं, शरीर आपके पास है नहीं। स्वास्थ्य भी आपके पास नहीं है। बुद्धि भी आपके पास नह...
- आप किससे माँगेंगे?... देवी से माँगेंगे, देवता से माँगेंगे? तो बेटे, मेरा ऐसा ख्याल है कि एक तो वे तुझे कुछ देंगे नहीं ...
- आप किसी के काम आएँ, किसी से मीठे वचन बोलें, चिड़ियों को दाना डाल दें, तो आपको कौन रोक सकता है?... यह सत्य है कि अगर किसी के घर में घुसें या किसी का सामान आदि चुरा लें, तो आपको कोई रोक भी सकता है...
- आप किसी के कुछ भी काम न आ सके, लेकिन क्या करते रहे?... वही माला, वही घंटी, टनन्-टनन्..... करते रहे।
फिर क्या हुआ? साल भर बाद जब राजा आया और दोनों मा...
- आप किसी पर दबाव तो नहीं डाल सकते, आप उन्हें मजबूर तो नहीं कर सकते, आप दूसरे आदमी के गुलाम तो नहीं हैं, वे आपके लिए तो नहीं बने हैं, न जाने कौन से जन्मों के संस्कार उनके भीतर जमा हो गए हैं, उन संस्कारों के कारण बेचारे न जाने कैसी-कैसी जिन्दगी जी रहे हैं?... आप अपनी जिन्दगी जी रहे हैं और चाहते हैं कि वे अपने हिसाब से जियें। आप उनको नौकर बनाना चाहते हैं, गुला...
- आप कीड़े और मकोड़े के तरीके से जियेंगे या कीड़े-मकोड़े के तरीके से जीना चाहते हैं, तो फिर मैं क्या कह सकता हूँ?... कीड़े-मकोड़े में और आदमी में क्या फर्क है? बेटे, वही कसौटियाँ हैं, जिससे हम कीड़े-मकोड़े और आदमी में फ...
- आप कुण्डली जगा देंगे?... रामकृष्ण परमहंस ने जगा दी। तो गुरुजी, आप भी हमारी कुण्डली जगा देंगे? हाँ बेटे, हम जगा देंगे। इसके लिए...
- आप कुछ दे पायेंगे क्या?... उन्होंने कहा—नहीं, हम कुछ नहीं दे पायेंगे। हम देते भी हैं, तो सिर्फ उसको देते हैं जो उसका पात्र और अ...
- आप कुछ माँगेंगे?... आप क्या समझते हैं हमको, भिखारी समझते हैं और अपने आप को कोई बड़ा दानी या बिरला सेठ समझते हैं। बेटे! ह...
- आप कृपण बने रहें, तो हम क्या करेंगे?... आपको महत्त्वपूर्ण श्रेय किस प्रकार दे पाएँगे। आप आगे बढ़िए और इस चरणपीठ के कार्य को पूरा कीजिए। आ...
- आप केवल शरीर के लिए और कुटुम्बियों के लिए ही क्या सारा समय खरच कर देंगे?... नहीं, आप अपनी आत्मा के लिए भी समय निकालिए। आप अंशदान निकालिए। आपके पास जो साधन हैं, वे सारे-के-सारे ...
- आप कैसा डिवीजन लाए?... वगैरह-वगैरह। आपके पास जो सामान है उस पर आप विचार मत कीजिए। फिर क्या करें? आपको एक ऐसी बड़ी चीज मिली ह...
- आप कैसे चिन्तित, परेशान बैठे हुए हैं?... ’’ उन्होंने कहा—‘‘हमने मनुष्य को बड़ी उम्मीदों के साथ बनाया था, लेकिन ये इनसान बड़े निकम्मे, बड़े स्वार...
- आप कैसे देवता हो सकते हैं?... इसके लिए आपको संघर्ष करना पड़ेगा। मछली उलटी दिशा में चलती है। आप भी मछली के तरीके से उलटी दिशा में च...
- आप कैसे पान खा सकते हैं?... बेटे, क्या करना पड़ेगा? आपको किफायतसारी बनना पड़ेगा। ‘‘सादा जीवन, उच्च विचार’’ की परम्पराएँ पैदा कीज...
- आप कैसे भक्त हैं?... चलिए ठीक है, हमारी गलती है। हम बार-बार उसके चरण छूते हैं और बार-बार मिठाई खिलाते हैं। भाई साहब! हमार...
- आप कैसे समझदार हैं?... कौए की तरह से समझदार हैं। वह हर मामले में चौकस होता है, चालाक होता है, उस्ताद होता है। उस्ताद होते...
- आप कैसे हो सकते हैं?... नहीं साहब ! परिश्रम आपको करना पड़े, प्रयत्न आपको करना पड़े, पुरुषार्थ आपको करना पड़े और लाभ हमको...
- आप कोई सहायता नहीं कर सकते?... बेटे, हम जरूर करेंगे। कैसे करेंगे? हमने आपको बता तो दिया है कि हमारे पास एनासिन की गोलियाँ हैं, एस...
- आप कोका-कोला कहाँ से पी लेते हैं?... सवा रुपये का छाछ आप अपने बच्चों को नहीं पिला सकते? नहीं, साहब! हम पान खायेंगे। आप कैसे पान खा सकते...
- आप कौन सी चीज नहीं कर सकते?... हम महान बनना चाहते हैं, भगवान को पाना चाहते हैं, लेकिन पा नहीं सकते। क्यों? क्योंकि आपके पैरों में ब...
- आप कौन सी भक्ति की बात कर रहे थे कल?... जो गायत्री माता के साथ जुड़ी हुई है, मैं उस भक्ति की बात कर रहा था। जिसका दूसरा नाम है-मोहब्बत। ज...
- आप कौन सी माला जपते हैं?... रुद्राक्ष की जपते हैं, चन्दन की लकड़ी की, तुलसी की माला से जपते हैं? हमने किसी की नहीं जपी है। हमने ए...
- आप कौन से ब्राह्मण हैं?... हम तो साहब गौड़ ब्राह्मण हैं। आप क्या काम करते हैं? हमने तो दुकान खोल रखी है? किसकी दुकान खोल रखी है?...
- आप कौन से स्कूल में पढ़े हैं?... बेटे, कहीं भी नहीं पढ़े हम। ये जो सारी अकल बरसती है, वो आसमान से बरसकर हमारे दिमाग में घुस जाती है औ...
- आप कौन हैं?... आप जाग्रत आत्मा हैं। हमने जो हार युगदेवता के लिए बनाया है, वह भगवान् के इस बगीचे से अच्छे से अच्छे...
- आप कौन हैं?... आप रिक्शे वाले हैं और आप? पुजारी जी हैं। अरे सिनेमा देखते हैं? नहीं साहब सिनेमा हमारे भाग्य में कहाँ...
- आप कौन हैं?... हम तो साहब! यदुवंशी राजपूत हैं। तो आप में कोई ब्राह्मण भी है क्या? नहीं साहब! ब्राह्मण तो नहीं है। अ...
- आप कौन हैं?... हम नाई हैं और वर्तमान राज परम्परा के हिसाब से अछूत राजगद्दी पर नहीं बैठ सकता। ये सारे राजा मुझे मार ड...
- आप कौन हैं?... आप तो बेअकल जाट हैं, जो एक पाये की चारपाई लिए फिरते हैं। चारपाई माने माला। केवल माला लिए बैठे हैं। आ...
- आप कौन हैं?... राजा कर्ण हैं। लीजिए, आप तो हजार के स्थान पर दो हजार रुपये ले जाइए और अपने भतीजे को दे दीजिए। बाईस र...
- आप कौन हैं?... हम राजा परीक्षित हैं। अच्छा पूछिए, हम आपकी बात का उत्तर अवश्य देंगे। परीक्षित ने कहा कि वह जवान नंग-...
- आप कौन हैं?... धोबी। चल हट, हम नहीं छूते। तू कपड़ा धोता है, गन्दा काम करता है। हम कपड़ा मैला करते हैं, इसलिए हम बड़े ...
- आप कौन हैं?... आप एक विद्यार्थी हैं। अगर आपके कहने का ढंग अच्छा नहीं है और आपके कहने की शैली अच्छी नहीं है और स...
- आप कौन हैं?... उन्होंने कहा—हम तो नारद जी हैं। आप कहाँ जा रहे हैं? उन्होंने कहा—विष्णु भगवान के पास जा रहा हूँ। अच्...
- आप कौन हैं?... हम तो भूत हैं। अच्छा आप भूत हैं, तो क्या आप ऐसी कृपा कर सकते हैं कि हमको हनुमान मिल जायँ, ताकि हम उन...
- आप कौन हैं?... जरा आप शीशे में मुँह देख करके आइए। किसके लिए पूरी कराना चाहते हैं? हवस पूरी करने के लिए, ख्वाहिशें प...
- आप कौन हैं?... आप मणिमुक्तक हैं। आप कौन हैं? आपके अन्दर वो देवत्व है, अभी जो लड़के गीत गा रहे थे—देवत्व।
बेटे! आप...
- आप कौन हैं?... आप हैं—हाथी। और आप कौन हैं? मछली हैं। कौन सी मछली? जो समुद्र में चलती है और छरछराती हुई अपना रास्ता ...
- आप क्या कमाते हैं?... हम नहीं जानते, पर उसको खरच करने के लिए रोक है, बन्धन है।
मित्रो! प्राचीनकाल का जीवन ब्राह्मण का ज...
- आप क्या कर सकते हैं?... आप उसका हाथ बँटा सकते हैं। आप उसके कन्धे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं। जिस तरीके से ग्वाल-बालों ने गोवर...
- आप क्या करते रहते हैं?... चौकी, चौकी पर एक खिलौना, खिलौने पर एक हाथी, हाथी पर एक घंटी, घंटी पर एक.... | आपने ये सारे के सारे ख...
- आप क्या करते हैं?... ब्याह-शादी बड़ी आसानी से हो सकती थी, पर नहीं, दावत तो बढ़िया होनी ही चाहिए। यह क्या है? यह है 'अहं' ...
- आप क्या करते हैं?... जब हम जप करने के लिए बैठ जाते हैं, तब आप हमारी शीशे में शक्ल देखें तो ऐसा मालूम पड़ेगा कि कोई महात्म...
- आप क्या करते हैं?... उन्होंने कहा कि महाराज जी! आप देखो तो सही। आपकी पृथ्वी कितनी बड़ी है। पृथ्वी के बाद फिर नवग्रह आ ...
- आप क्या करते हैं?... साहब! हमारा—‘‘शर्मा हेयर कटिंग सैलून ’’ है। आप भी शर्मा जी हैं? हाँ हम भी शर्मा जी हैं, तो ठीक है। आ...
- आप क्या करना चाहते हैं?... उसने कहा कि हम अपनी सेवा देंगे और आपके गाँव में रहेंगे और आपकी बच्चियों को पढ़ाएँगे, उन्हें सुसंस्कृ...
- आप क्या करना चाहते हैं?... हम भी बाल खड़े रखेंगे? तो क्या हो जाएँगे? आचार्य जी हो जाएँगे। यह तो बहुत सस्ता है। इससे अच्छा उपाय ...
- आप क्या करेंगे?... आपको सादा जीवन और उच्च विचार के सिद्धान्तों को स्वीकार करना पड़ेगा। ऊँचे विचार सिर्फ उस आदमी के पास ...
- आप क्या करेंगे?... हम अनुष्ठान करेंगे और एक बहुत ऊँचा मंच बनाएँगे और कल से ही आशीर्वाद देना शुरू करेंगे और क्या करे...
- आप क्या करेंगे?... हम तो पहले ही छोड़कर चले जाते हैं। क्यों साहब? फिर तो आपका सारा पैसा चला जाता होगा। नहीं चला जाता, यह...
- आप क्या करेंगे?... हिप्पी हैं तो हम यह करेंगे कि समाज की सारी-की-सारी मर्यादाओं को तोड़कर रखेंगे। इससे क्या फायदा होगा?...
- आप क्या कह रहे थे?... मैं यह कह रहा था कि आपको जो सबसे श्रेष्ठ धंधा, व्यवसाय बताया है, वह अध्यात्म है। अध्यात्म का व्यवसाय...
- आप क्या कह रहे थे?... बेटे! मैं आपके बारे में कह रहा था कि आप चाहें तो आप भी इस रास्ते को अख्तियार कर सकते हैं और आपके लिए...
- आप क्या कह रहे हैं?... बेटे! मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि आपकी महत्त्वाकाँक्षाएँ नहीं बढ़नी चाहिए। आपकी महत्त्वाकाँक्षाएँ जरू...
- आप क्या कहते हैं स्वामी जी?... लाइये कुर्ता दीजिए, पैंट दीजिए। हम साफ कर देंगे।’ अरे बाबा! पैंट कहाँ से आया? केवल लंगोटी है। तो...
- आप क्या कहते हैं?... मैं तो एक बात कहता हूँ कि अगर आपके भीतर वह साहस, आपके भीतर वह हिम्मत जिस दिन भी उदय हो जायेगी, उसी...
- आप क्या कहना चाहते हैं?... मैं यह कहना चाहता हूँ कि आध्यात्मिकता के वे अर्थ जो अभी आपको समझ में नहीं आये, उसकी बाबत तो मैं जिक्...
- आप क्या कहना चाहते हैं?... मैं यह कहना चाहता हूँ कि आदमी भीतर की दृष्टि से मजबूत तभी बनेगा, आज या आज से हजार वर्ष बाद उसको ब्रह...
- आप क्या कहने जा रहे थे?... मैं यह कहने जा रहा था कि आज से ही आप यह विचार करना शुरू करें कि हमारे जीवन की गन्दगी जो कार्यरूप में,...
- आप क्या काम करते हैं?... हम डीलिंग में नहीं जाते हैं। ट्रांसफर में हमारी डीलिंग नहीं है।
ये देवी-देवता हमें क्या देंगे...
- आप क्या काम करते हैं?... अरे साहब! लेक्चर झाड़ने का पैसा कमाते हैं। धत् तेरे की? और कुछ काम करते हो? नहीं साहब! कुछ काम नहीं,...
- आप क्या काम करते हैं?... हमने तो दुकान खोल रखी है? किसकी दुकान खोल रखी है? ‘शर्मा फुटवियर’ की। फुटवियर क्या होता है? अरे साहब...
- आप क्या खाते हैं?... साहब! हम तो मुर्गी का अण्डा खाते हैं, प्रोटीन खाते हैं, विटामिन ए खाते हैं। हम मुर्गा खाते हैं, बकरा...
- आप क्या चाहते थे?... हम तो तस्कर बनना चाहते थे और देवी का पाठ हम इसलिए कराना चाहते हैं कि हमारे तस्करी के धंधे में फायदा ...
- आप क्या चाहते हैं?... साहब, हम तो चैन की जिन्दगी जीना चाहते हैं और खुशहाली की जिन्दगी जीना चाहते हैं, मौज करना चाहते हैं, ...
- आप क्या चाहते हैं?... हमको यह आशीर्वाद दे दीजिए। अच्छा साहब! आशीर्वाद दे देंगे। क्या आशीर्वाद दें? यह आशीर्वाद दीजिए कि हम...
- आप क्या चाहते हैं?... बाजीगरी चाहते हैं। आप चाहते हैं कि इस चक्र में से चमक पैदा कर दें, कैसे? जिस तरह से ब्याह-शादियों के...
- आप क्या चाहते हैं?... आप यह चाहते हैं कि दुनिया में इस जिन्दगी में आप्तकाम हो जायँ, मनोकामनाएँ पूरी हो जायँ और आपको वह अलौ...
- आप क्या चाहते हैं?... हम लक्ष्मी चाहते हैं, तो श्रीसूक्त का पाठ करना शुरू कीजिए। थोड़े दिन बाद लक्ष्मी जी आएँगी और एक बड़े...
- आप क्या चाहते हैं?... आदमी दूसरी चीज क्या चाहता है? आदमी दूसरी चीज चाहता है—इज्जत। हमको इज्जत मिलनी चाहिए। आप इज्जत चाहते ...
- आप क्या चीज ले करके जायेंगे?... आप यह चीज लेकर के जाएँ- एक भगवान् की भक्ति, भगवान् पर विश्वास, भगवान् की निष्ठाएँ। इन्हें आप इकट्ठ...
- आप क्या पास हैं?... एम.ए. पास हैं। एम.ए. के कोर्स में कौन-कौन सी किताबें होती हैं? हाँ साहब! एम.ए. तो कर लिया परन्तु अभी...
- आप क्या बनना चाहते हैं?... चारण बनना चाहते हैं या चमचे बनना चाहते हैं? क्या आप वेश्याओं के पीछे चमचे बनकर फिरना चाहते हैं? अरे ...
- आप क्या बनना चाहते हैं?... इष्ट के माध्यम से आप अपने जीवन का यह लक्ष्य निर्धारित करते हैं कि हमको कहाँ पहुँचना है और हमको क्य...
- आप क्या बात कर रहे हैं?... बेटे! मैं यह बात कह रहा हूँ कि संस्कृति, जो इनसान को इनसान बनाए हुए है। परलोक की बात मैं नहीं कहता, ...
- आप क्या बात कह रहे हैं?... मैं गायत्री मंत्र की बात कह रहा हूँ। गायत्री मंत्र को तो आप हर बार पूजा की बात कहते रहते हैं।...
- आप क्या बात कहते हैं?... हमारी बेटी हमको मनीआर्डर क्यों भेजने लगी। तो फिर क्या होता है? ब्याह के बाद भी हम उसकी सहायता करते र...
- आप क्या मुनासिब समझते हैं?... एक बात मुनासिब समझते हैं कि हमारा बाहरी वाला जीवन किसी तरीके से खुश हो जाय। आपकी आस यहीं तक सीमित है...
- आप क्या समझते हैं कि बाप, जो परदेश चला गया था, उसने अपने बच्चों से प्रेम-मुहब्बत कम कर दी?... अपने माता-पिता से मुहब्बत कम कर दी? न, ऐसा मत कहिए। अलग होने का मतलब मुहब्बत कम करना नहीं होता। इस...
- आप क्या समझते हैं?... आप तो ऐसी वाहियात बातें समझते हैं, जिन्हें जानकर गुस्सा आता है। आप क्या समझते हैं? आप तो यह समझते है...
- आप क्या सिखाना चाहते हैं?... आप समझिए तो सही। आप तो नहीं रहते हैं। कहाँ? हमारी मनोकामना, भजन और माला। बेटे, ये तो गलत है।
...
- आप क्या सुधारेंगे?... यह कोई सुधारने का तरीका है। दूसरों के लिए बदजुबानी बोलते हैं। बदजुबानी बोलने से क्या होगा कि आपकी जब...
- आप क्या सोचते हैं?... क्या करते हैं? मैं नहीं जानता, लेकिन मन की शक्ति को तो कहते हैं कि हाथी के बराबर वह शक्तिशाली है। शर...
- आप क्या स्तोत्रपाठ कर रहे हैं?... किसका स्तोत्रपाठ कर रहे हैं? हनुमान जी का स्तोत्रपाठ कर रहे हैं। क्या-क्या कह रहे हैं— सहस्र योजन जा...
- आप क्या हुकूमत करेंगे?... आप बैठे रहा कीजिए, मौज कीजिए। अहिल्याबाई का राज्य इंदौर के इतिहास में अभूतपूर्व राज्य था। इंदौर के म...
- आप क्या हैं?... आप स्थूलशक्ति हैं। आप भुजाएँ हैं, आप कलाइयाँ हैं, आप अकल हैं, आप साधन हैं, आप श्रम हैं और आप स्थूल ...
- आप क्या हैं?... हम तो चपरासी के नौकर हैं। चपरासी हमको खाना खिला सकता है, पानी पिला सकता है। चपरासी देवता की जय हो।...
- आप क्या हैं?... आपकी श्रद्धा को परख करके मैं बता सकता हूँ। गीताकार ने कहा है—श्रद्धामयोऽयं पुरुषो यो यच्छ्रद्धः स एव...
- आप क्या-क्या करेंगे?... आप स्वाध्याय, सत्संग को अपने जीवन का आवश्यक अंग मानिए। सत्संग किस तरीके से करें? सत्संग तो मिलना मुश...
- आप क्यों नहीं अपने भीतर गड्ढे बनाते?... मुलायमी क्यों नहीं अपने भीतर पैदा करते?
साथियो! समाधान अपनी जगह पर सही है। भगवान अपनी जगह पर ...
- आप क्यों नहीं समझते इस मोटी-सी बात को?... आपने इतनी मोटी बात को समझने से इनकार क्यों कर दिया? नहीं साहब! भगवान गोदी में ले लेगा। किस कीमत पर भ...
- आप क्यों नहीं सुनते?... हमें तो कोई जरूरत नहीं है। हमारे सब विरोधी हैं। विरोधी भी बेटे इज्जत करते हैं। क्रान्तिकारियों को बेट...
- आप क्यों रोती हैं?... गुरुजी! चेलों ने हमारी बहुत मिट्टी पलीत की है। हमने कहा—क्या किया है? उन्होंने कहा, हम तो मारवाड़ियों...
- आप क्यों हैरान हो रहे हैं?... नहीं साहब! हमारा बच्चा है। ठीक है आपका बच्चा है, तो क्यों दुःखी नहीं होना चाहिए। पर आप अपने बच्चे तक...
- आप क्वालिटी क्यों नहीं बनाते?... नहीं साहब! हम तो आठ घण्टे काम करते हैं। आठ घण्टे आपके ढाई घण्टे के बराबर हैं। आप आठ घण्टे मनोयोग के साथ ...
- आप क्षुद्र क्यों बने हुए हैं?... आप सीमाबद्ध कैसे बने हुए हैं? आप वासना और तृष्णा के बन्धनों से ऊँचे क्यों नहीं उठ सके? देवता ने आपकी ...
- आप खाएँगे नहीं?... हाँ, हम नहीं खाएँगे। तो आप छुआछूत मानते हैं? नहीं बेटे! हम छुआछूत नहीं मानते, पर खाएँगे नहीं। अच्छा,...
- आप खाना कितनी बार खाते हैं?... गुरुजी! खाना तो हम दो बार खाते हैं। एक दोपहर को और एक शाम को। बीच-बीच में तो वैसे ही कुछ खा लेते...
- आप खुदाबन्द को याद करते हैं, तो भीख क्यों माँगते हैं?... आप दो घण्टे भजन कीजिए और छह घण्टे श्रम कीजिए, मेहनत कीजिए और हाथ-पाँव से परिश्रम करके रोटी कमाइए। मेहन...
- आप खुलकर के क्यों नहीं कहते?... आपके पास धन कहाँ से आता है? उनने कहा कि मेरे पास धन भगवान से आता है। आप भगवान से ले सकते हैं? मैं भग...
- आप खुशी क्यों नहीं ले सकते?... आप अपनी मुट्ठी में खुशी क्यों नहीं रखते, दूसरों के हाथ में क्यों बेच देते हैं? आपका बेटा यदि सुपात्र...
- आप खेत में घोड़ा घुमाते हैं, इसका क्या मतलब है?... महाराज ने कहा, हमने शिकार मारा था, जो घायल होकर यहाँ छिप गया। कहाँ छिप गया? झाड़ी में। अब हम इस चक्क...
- आप गंगाजी का पानी निहारना चाहें, सड़क पर चलना चाहें, बादलों को निहारना चाहें, तो आपको कौन रोक सकता है?... आप किसी के काम आएँ, किसी से मीठे वचन बोलें, चिड़ियों को दाना डाल दें, तो आपको कौन रोक सकता है? यह स...
- आप गरीब कैसे हो सकते हैं?... आप तो हमारे मित्र हैं, आइए पास बैठिए। राजा साहब ने उन्हें पास बिठा लिया और कहा—आप अच्छे तो हैं? कोई ...
- आप गरीब थे?... नहीं बेटे! हम गरीब नहीं थे। हमारे पास बहुत पैसा था। हमारे पिताजी दो सौ बीघे जमीन छोड़कर मरे थे। उससे...
- आप गरीब हैं तो क्या, छोटे हैं तो क्या और अमीर हैं तो क्या?... पसीना किसने लगाया-बहाया, हमको श्रेय पसीने को देना है। हम सम्मान पसीने को देना चाहते हैं, श्रम को द...
- आप गायत्री उपासना में ही लगे हुए हैं लेकिन आप यह भूल जाते हैं कि गायत्री किसके कन्धे पर सवार होती है और कौन गायत्री को अपने इशारे पर नचाये फिरता है, आप गायत्री माता की जिस तस्वीर का ध्यान करते हैं, उस तस्वीर में उसका वाहन देखा है ना आपने?... उस वाहन का नाम है—हँस। हँस किसे कहते हैं? हँस के ऊपर गायत्री माता सवारी करती है, यह बात शायद आपकी सम...
- आप गायत्री मंत्र को फैलाने के लिए क्या प्रयास करते हैं?... बेटे, हम यह देखते हैं कि सवेरे जब सूरज निकलता है, तो आपने भी देखा होगा कि प्रत्येक जाग्रत् आत्मा अपन...
- आप गायत्री माता के भक्त तो हैं, लेकिन गायत्री माता के अंग नहीं बन पाए कि गायत्री माता हमसे क्या चाहती हैं?... हमसे क्या अपेक्षा है? हमसे जो अपेक्षा है, इस लायक हम बने कि नहीं बने?
यदि आप बन गए, तो सही अर्थों...
- आप गुफा में जाएँगे?... भाड़ में जाएँगे। आश्रम में जाएँगे? हम कहते हैं कि इससे बड़ा आश्रम कहाँ है, जिसमें आपकी माँ रहती है, ...
- आप गुरु किसे कहते हैं?... नहीं साहब! गुरु उसे कहते हैं, जो शिष्य पर कृपा करके बेटा-बेटी पैदा करा देता है। लोगों की तरक्की ...
- आप गुरुजी से सहमत हैं?... हाँ साहब सहमत हैं। हम तो खुद पढ़ते हैं और दूसरों को पढ़ाते हैं। अच्छा तो यह हम गुरुजी का सन्देश लेकर ...
- आप गूँगे हैं?... गूँगे तो नहीं हैं, पर आपकी भाषा हम नहीं जानते-समझते। हम एक-दूसरे की भाषाएँ नहीं जानते। सारे मनुष्य ज...
- आप घटिया रहें तो रहें, परन्तु देवताओं को ऐसा क्यों बनाते हैं?... देवताओं की क्यों मिट्टीपलीद करते हैं। देवताओं की दुर्गति करने पर क्यों उतारू हो गए हैं? आप माँस खाएँ...
- आप घर पर हमारा ऑपरेशन नहीं करेंगे?... नहीं बेटे तो मैं अपने आप अपना पेट चाकू से फाड़ लूँ और सुई से अपने आप ही सिलाई कर लूँ। अपने आप ही ...
- आप घाटे में चले गए होंगे?... नहीं, बेटे! हम घाटे में नहीं गए, वरन नफे में आ गए, क्योंकि हमें बहुत दिनों से मालूम है कि भगवान के क...
- आप चट्टान के तरीके से बने रहें तो मैं क्या सेवा कर सकता हूँ?... क्या सहायता कर सकता हूँ?
मेरा खास मकसद
मित्रो! मैंने आपको इस ख्याल से बुलाया था कि अ...
- आप चमत्कृत होते हैं कि नहीं?... भगवान आपके घर में सेवा-सहायता करने के लिए आते हैं कि नहीं? ऐसी है साधना, जिसको मैंने किया। मैं चाहता...
- आप चलते हैं?... हाँ साहब! अब आप अवतार लेंगे? हाँ साहब! अवतार लेंगे तो आप अकेले काम नहीं कर सकेंगे? अकेला काम क्यों न...
- आप चाय की पार्टी में सारा धन खर्च कर देते हैं क्या?... नहीं साहब! नहीं खर्च करते। तो क्या लड़की की शादी में सारा धन खर्च कर देते हैं? नहीं साहब! नहीं खर्च क...
- आप चाहते हैं कि इस चक्र में से चमक पैदा कर दें, कैसे?... जिस तरह से ब्याह-शादियों के दिनों में रात के समय बत्तियाँ जलती हैं, बार-बार जलती हैं, बुझती हैं और र...
- आप चौकी पर क्या कर रहे हैं?... तरह-तरह की मूर्तियाँ—चार आने के हनुमान जी, छः आने के गणेश जी, ग्यारह आने के रामचन्द्र जी, ढाई आने ...
- आप छोटे आदमी हैं न?... हर्ज की कोई बात नहीं है। छोटे आदमी होना कोई हर्ज की बात नहीं है। रात के तारे के तरीके से आप चमकिए। '...
- आप जब इंजेक्शन की सुई लगाते हैं, तो क्या करते हैं?... सुई लगाने से पहले आपका पहला कर्तव्य यह हो जाता है कि इसको बॉयल करें, गरम करें—उबालें और स्पिरिट से...
- आप जब वानप्रस्थ जीवन में प्रवेश करने के लिए चले हैं, तो आप पहला काम यह करना है कि आप पता लगाना कि आपकी न्यायोचित न्यूनतम आवश्यकताएँ क्या हैं?... आप यह जान लें कि सन्त गरीबी का जीवन जीता है। सन्त का पहला काम गरीबी को मंजूर करना होता है, कंगाली ...
- आप जब से पैदा हुए हैं, पिता जी ने घर से निकाला तो नहीं?... लेकिन उनके बाप ने घर से निकाल दिया था। रामचन्द्र जी को अपनी जिन्दगी में क्या से क्या नहीं बर्दाश्त...
- आप जरा कैलकुलेशन कीजिए की पाँच फुट छः इंच का इंसान आठ मील लम्बी मूँछों के जंगल में कहाँ ठहर सकता है?... वह तो मूँछों के जंगल में ही घूमता रहेगा। पता ही नहीं चलेगा कि हनुमान जी कहाँ गये? ऐसे जबरदस्त आदमी थ...
- आप जहाँ थे, वहीं बने हुए हैं, आगे क्यों नहीं बढ़े?... विद्या को आपने ऐसा कैसे समझ लिया? आपके मस्तिष्क की, आपके हृदय की ऊँचाई बढ़नी चाहिए और सेवा के लिए हम...
- आप जानते है क्या?... ऐसी व्यवस्था सिर्फ भारतीय संस्कृति में है। अगले दिनों एक ऐसी व्यवस्था कायम करनी होगी, जो कि बहुत श...
- आप जानते हैं कि इससे पृथ्वी में क्या हो सकता है?... यह पृथ्वी अपनी जिस कक्षा में घूम रही है, उस कक्षा को छोड़ देगी और कहीं ऐसी जगह घूमने लगेगी। इतनी ...
- आप जानते हैं बिनोवा को?... नहीं हम तो नहीं जानते। आपको मालूम है? नहीं, हमें तो नहीं मालूम। जिन दिनों सत्याग्रह में गाँधी जी ने...
- आप जानते हैं?... अन्तर्मुखी जीवन को अध्यात्म कहते हैं। आप तो इसे समझते ही नहीं हैं कि अन्तर के जीवन को अध्यात्म कहत...
- आप जानते हैं?... हाँ, एक दाद खा जाता है और वह दाद है—हमारी कामेन्द्रिय के ऊपर खुजली मचानेवाला। उसने हमारी जिन्दगी ...
- आप जाने क्या कहते हैं?... आपकी परिभाषा तो मेरी समझ में नहीं आती। आप तो इसे घर में भूत-पलीद आ जाए तो उसे भगाने का मंत्र कहते है...
- आप जीवन को देखिए, परखिए कि यह क्या चीज है?... भगवान ने आपको ऐसी कीमती चीज दी है कि यदि आप उसका ठीक से उपयोग कर सकें तो आप इसी जिन्दगी में स्वार...
- आप जैसा चाहती हैं, उस तरीके से अगर मेरे जैसा बेटा न हुआ और कन्या हो गई तब?... और अगर काना हो गया, अन्धा हो गया, तब? तब फिर आपका मनोरथ कैसे पूर्ण होगा? मैं तो बत्तीस साल का हूँ। बत...
- आप जैसी नारियाँ न होतीं, तो यहाँ धर्म कहाँ रह पाता?... धन्य हैं आप और उनकी परिक्रमा करके कहा माता आप आज्ञा दें तो मैं कुछ सेवा कर दूँ। क्या? माँ मैं हूँ तो...
- आप जैसे बेवकूफों से जेब कटा लेंगी लक्ष्मी जी?... क्या लक्ष्मी जी को अकल नहीं है? नहीं साहब! सड़ी सुपारी खिलाएँगे और दीपक जला देंगे और देवी की हजामत ...
- आप जो कमाकर लाए थे, उसमें से अपनी बीबी के लिए खरच किया कि नहीं?... आपने माँ के लिए खरच किया कि नहीं किया? बच्चों के लिए खरच किया कि नहीं किया?
यह आध्यात्मिकता का स...
- आप जो कमाते हैं और उसे बढ़ाते हैं, लेकिन उसे खर्च कैसे किया जाय?... किन मदों में किया जाय? किन मदों में खर्च को रोका जाय और किन मदों में खर्च बढ़ाया जाय? अर्थ सन्तुलन कैस...
- आप जो कमाते हैं, आखिर उसको खरच कहाँ करते हैं?... आप यह जवाब दीजिए। साहब! खरच तो हम अपने लिए करते हैं, ऐयाशी के लिए करते हैं, बदमाशी के लिए करते हैं, ...
- आप जो कमाते हैं, मिल-जुलकर खाते हैं ना?... हिल-मिलकर खाते हैं ना? कुटुम्ब न हो तब? तब मुश्किल है। हिल-मिलकर खाने का यह आध्यात्मिक साम्यवाद आप अ...
- आप जो कुछ भी धन कमाते हैं, उसे आप कहाँ खरच करते हैं?... आपने कितना कमाया, उसकी प्रशंसा मैं नहीं करता। नहीं साहब! हम तो एक हजार रुपये कमाते हैं। बेटे! मैं उस...
- आप जो पानी पीते हैं, स्नान करते हैं, कपड़े धोते हैं, वह पानी कहाँ से आता है?... बादलों से आता है। बादल कहाँ से आते हैं? समुद्र से। समुद्र का दिया हुआ पानी आप पीते हैं, परन्तु समुद...
- आप जो पैसा कमाते हैं, उसमें किफायत करके बचत करना चाहते हैं न?... तो हम आपसे एक बात कहना चाहते हैं कि कुटुँब को नए सिरे से देखिए। उन पर नए सिरे से गौर करना, विचार करन...
- आप जो मनोकामना लेकर के यहाँ आए थे, चाहे वह गुब्बारा माँगने के लिए ही क्यों न आए हों?... टॉफी माँगने के लिए क्यों न आए हों? लेमन-चूस माँगने के लिए क्यों न आए हों? चुसकी माँगने के लिए क्यों ...
- आप जो हमको रात को सिखाते हैं, प्रातः को सिखाते हैं, वह क्या है?... बेटे, हम आपको तीसरा नेत्र खोलने के लिए, दिव्यदृष्टि जगाने के लिए सिखाते हैं। तो महाराज जी! आप जो ह...
- आप जो हमारा तीसरा नेत्र खुलवाएँगे, तो क्या वह ऐसा ही खुलेगा?... और जैसे ही खुला और हमने आपको देखा, तब क्या होगा? बेटे जब तू हमारी तरफ देखेगा, तो हमारा सफाया हो जा...
- आप ज्यादा कीमत क्यों चुकाएँगे?... आपने तो एक गलती कर डाली है। आपने भजन का एक हिस्सा पकड़ लिया है। ईश्वरप्राप्ति के एक हिस्से में वह भी...
- आप टेक्नीक के खिलाफ हैं?... आप बताइये न मुझे, भला मैं इस टेक्नीक के खिलाफ कैसे हो सकता हूँ। जो आदमी टेक्नीक के लिए अपनी जिन्दगी ...
- आप तीन गज कपड़ा पहनते हैं ना?... इसकी कितनी कीमत होती है? महीने भर में कितना खर्च करते हैं? आपके व्यक्तिगत खर्च और आवश्यकताएँ बहुत कम...
- आप तो अध्यात्म की बात कह रहे थे, तो मैं आप से क्या कहूँ?... अध्यात्म का प्रयोग करने के हजारों तरीके हैं। उनमें से सबसे सरल, सबसे बेहतरीन तरीका यह है—जिसको हम पर...
- आप तो आम बनाते थे, रुपया बनाते थे, दूध बनाते थे?... अरे साहब! हम कैसे रुपया, आम और दूध बना सकते हैं, यह सब तो बाजीगरी है। नहीं तो हम 5-5 पैसे क्यों माँग...
- आप तो उसी रास्ते से जाएँगे?... उन्होंने कहा—हाँ, उसी रास्ते जाएँगे। अच्छा जब आपकी विष्णु भगवान से मुलाकात हो जाय और जब आप खबर ले आए...
- आप तो ऊपर बैठे रहते हैं?... हम बैठे ही नहीं रहते, टहलते भी रहते हैं। बैठे रहेंगे तो बीमार हो जाएँगे। स्वास्थ्य सम्वर्द्धन के लिए ...
- आप तो कहते थे कि हम पण्डित हैं?... पण्डित तो हैं, परन्तु जाति से हम धोबी हैं। धोबी कैसे हैं? धुलाई करना हमारा काम है। कपड़े धोना भी हमा...
- आप तो गरीब आदमी हैं?... हाँ, हम गरीब हैं, लेकिन तुझ जैसे घटिया नहीं हैं, जो दो पैसे में ईमान बेचता फिरता है। हम अपनी जगह पर ...
- आप तो गरीब हैं नहीं?... गरीब तो नहीं हैं गुरुजी। इसमें कुछ तो है ही। ये तो प्रोटीन युक्त प्रोटीन्यूल है। दूध में मिलाकर खाते...
- आप तो गो-रक्षक हैं?... बिलकुल। कितनी जिन्दगी खतम हो गई आपकी? साहब चालीस साल। बीस वर्ष की उम्र से हम गोरक्षा का काम करते आ रह...
- आप तो डाल-डाल और पात-पात पर घूमते रहे?... आज हनुमान जी के पास चलिए, शायद कुछ हनुमान जी से ही मिल जाए। कल शंकर जी के द्वारे चलिए, हो सकता है शं...
- आप तो दे सकते हैं?... कैसे दें, लेगा कहाँ? आशीर्वाद को लेने के लिए ताकत चाहिए। हजम करने के लिए शक्ति चाहिए, उसको धारण करने...
- आप तो पक्षी नहीं हैं?... नहीं साहब! आदमी हैं। आप बातचीत तो कर सकते हैं? हाँ साहब! कर सकते हैं। आपके दो हाथ और दो पैर हैं, पर ...
- आप तो परिवार शिविर लगा रहे थे?... हाँ भाई साहब! परिवार शिविर से मेरा मतलब यही था कि आप परिवार के माध्यम से, परिवार की सहायता से, परिवा...
- आप तो फिर कमजोर हो जाएँगे?... नहीं, बेटे! हम कमजोर नहीं होंगे। मान लीजिए, अगर हम कमजोर हो गये, तो भी हमारे जो बच्चे होने वाले है...
- आप तो बढ़ई हैं?... नहीं बेटा, तुझसे समझने में गलती हुई है। तो कौन हैं आप? आपकी बिरादरी क्या है?
हम तो धोबी और भ...
- आप तो भगवान के बात बताइए?... कैसे बताऊँ भगवान की बातें, ब्रह्म की बातें ऋषियों ने सही कहा है कि इसका वर्णन हम नहीं कर सकते। हम बत...
- आप तो लालची आदमी हैं?... लालची आदमी हमेशा कमाने की बात सोचते हैं। हम आपकी अपेक्षा बहादुर आदमी हैं और हम यह जोखिम उठाते हैं। द...
- आप तो विरासत में क्या छोड़कर जाएँगे?... बेटे के लिए मकान बनाकर जाएँगे। बेटे के लिए मकान जरूरी नहीं है। फिर क्या जरूरी है? आप बेटे के लिए य...
- आप तो सबको बेटा देते हैं?... हाँ बेटे, हमारी पेटी में बहुत-सी चीजें हैं। ये देख टॉफी है, ये लेमनचूस हैं। ये नौकरी में तरक्की ...
- आप तो सिखा दीजिए?... बेटे! हम कब मना करते हैं, लेकिन बात वहीं आकर अटक जाती है, आपके स्तर पर। आपके जीवन का जो स्तर है,...
- आप तो हमारी इच्छा पूरी करने आये थे तो जो हमारी इच्छाएँ हैं, उन्हें आप पूरी कर देंगे?... हाँ, आप बताइये, हम उन्हें पूरी करेंगे।सिकंदर ने फकीर से पूछा-कहिए आपकी आवश्यकताएँ क्या हैं? उसने कहा...
- आप तो हमारी पार्टी को वोट देंगे?... हाँ, आपकी पार्टी को देंगे। कौन सी पार्टी है आपकी? आपने तो पहले ही कह दिया था कि कांग्रेस को वोट देंग...
- आप तो हमारे गुरु हैं?... नहीं, बेटे ! तू क्या जाने गुरु और चेला। तू बेकार में गुरु और चेला बकता फिरता है।...
- आप तो हमें इस समय की बात बताइये कि आप इस समय क्या हैं?... इसलिए मित्रो! आप अपनी कमजोरियों को जाहिर न होने दें। आप श्रेष्ठ, समझदार और बलवान व्यक्ति हो करके व...
- आप तो हमेशा यही पूछते हैं कि शरीर से क्या करें?... अच्छी तरह सोइए, उठिए, काम कीजिए और ईमानदारी से मेहनत कीजिए। नहीं साहब! शरीर से बताइए। आपको शरीर से क...
- आप तो हिमालय जाने वाले हैं?... हाँ बेटे, जाने वाला हूँ। तो एक बार सुल्तानपुर और चलिए। दो बार तो हो आया। सौ आदमी तो आते नहीं हैं, मै...
- आप दयालबाग के म्यूजियम में जाइए और तलाश करके यह पता लगाइए कि आपका दयालबाग बनने वाला है, गुरुजी की समाधि बनने वाली है, वह कितनी बन गयी और कितनी बननी बाकी है?... वह फट से आपको मॉडल दिखा देंगे। देखिए यहाँ तक तो बन चुकी है और इतनी बननी बाकी है। इसमें अमुक-अमुक चीज...
- आप दर-दर अलख जगाते फिरते हैं और मैं एक नरक का कीड़ा, नरक में ही रह जाऊँगा क्या?... उन्होंने कहा, बस अब नहीं रहेगा। तूने अपने मन की मलीनता को निकाल दिया। तू धूल गया, तेरी जीवात्मा धुल ...
- आप दान के लिए मना कर रहे हैं?... मना नहीं करता बेटे, मैं तो यह कहता हूँ कि दान देने के तरीके क्या होने चाहिए?
दान वह होना चाह...
- आप दिमाग से ठीक काम कर सकते हैं कि नहीं?... जिम्मेदारियों का आप क्या करेंगे? आपकी परिस्थितियाँ बाधित होती हैं, तो आप अपने कर्तव्य पूरे कैसे करें...
- आप दुःखी क्यों बैठे हुए हैं?... भगवान् ने कहा कि हम लोगों के पास आये थे और उन्हें कल्याण का रास्ता बताना चाहते थे। उन्हें सुख और ...
- आप दुनिया के इंटेलिजेन्सियों के पास कहीं चले जाइये और यह पता लगाकर आइये कि इस नाम के आदमी को आप जानते हैं क्या?... दुनिया के हर कोने का हर आदमी यही कहेगा कि हम इस नाम के आदमी को जानते हैं।
शोहरत के बाद और कौन सी ब...
- आप दुश्मन पार्टी के तो नहीं है?... नहीं साहब! ऐसा नहीं है। आपका जिससे झगड़ा है, उसकी मूँछें कितनी लम्बी हैं। मूँछ तो हमारे जैसी ही हैं। ...
- आप दूसरों के सम्मान की रक्षा करते हुए बात नहीं कर सकते?... नहीं साहब! हम नाराज हैं और पुलिस वाले हैं। हम तो गालियाँ देंगे। भाई साहब! गालियाँ देकर के आप अपने वज...
- आप देख नहीं रहे हैं क्या?... गवर्नमेंट क्या-क्या कर रही है? मृत्यु टैक्स लगा रही है। सम्पत्ति टैक्स लगा रही है और दूसरे टैक्स लग...
- आप देखते नहीं हैं अपने शरीर को?... हाथ कमाता रहता है, मुँह खाता रहता है, पेट हजम करता रहता है। हृदय में खून जाता रहता है और नाड़ियों ...
- आप देखते नहीं हैं?... इसको हमने सींचा है, बढ़ाया है। हमारा परिवार किस तरह से जुड़ा है, आप देखते नहीं? माताजी आपकी माताजी ह...
- आप देखते रहना कि ये महन्त जी, पण्डित जी, बाबाजी कहते क्या हैं?... ये रामायण भी कहते हैं, भागवत् भी कहते हैं, फिर आखिर में वहीं आ जाते हैं कि हमारी हिमायत करिये। साधन...
- आप देखिए कि यह किससे तबाह होता है?... समस्याओं से? नहीं समस्याओं से तबाह नहीं होता। हमारी भीतर वाली कमजोरियों से, हमारे दिमाग की विकृतिय...
- आप देखिए न, पंजाब से आया आदमी कोई भिखारी मालूम पड़ता है क्या?... सब मालदार हो गये और वे पैसे के मालिक बने बैठे हैं। सारे-के आदमी दुकान चला रहे हैं। आप सबको उनने चै...
- आप देने वालों में सारा खर्च करते हैं क्या?... हमने भी देने वालों में सारा खर्च नहीं किया है। कम खर्च किया है और हमारे पास जो बचा हुआ है, वह अभी भी...
- आप दोनों को लेबोरेट्री में भेज दीजिए और पता कीजिए कि कोयले में क्या फरक है और हीरे में क्या फरक है?... दोनों के भीतर जो परमाणु हैं, उनमें कोई फरक नहीं है। दोनों बिलकुल एक चीज हैं। जैसे पत्थरों का कोयला ख...
- आप दोनों नहीं रहेंगे, तो किसके लिए आएँगे?... हम तो यह समझते हैं कि आपके लिए और गुरुजी के लिए एक करोड़ व्यक्ति आएँगे। नहीं बेटे ! हमारे लिए और गुर...
- आप दोनों हथियार लेकर आ रहे हैं, कहीं बालि के भेजे हुए तो नहीं हैं?... हम तो ब्राह्मण- पण्डित हैं। हमको मत मारना, और किसी को मारें। हम तो बहुत गरीब आदमी हैं। यह हनुमान जी...
- आप दोबारा मौका देंगे?... बेटे! यह दोबारा नहीं मिल सकता। यह मौका, जिसमें आपको याद दिलाने के लिए बुलाया गया है, आप चाहें तो इस ...
- आप दौलत क्यों माँगेंगे और किस काम के लिए माँगेंगे?... अरे साहब! हम मालदार बनना चाहते हैं, बड़े आदमी बनना चाहते हैं और अपनी हवस पूरी करना चाहते हैं।
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- आप धोबी और भंगी कैसे हैं?... बेटे, धोबी ऐसे हैं कि मैं कपड़े धोना चाहता हूँ और भंगी ऐसे हैं कि टट्टियाँ साफ करना चाहता हूँ। मेरा ...
- आप ध्यान में प्रकाश कैसे पैदा करेंगे?... आप बताइए मुझे, आपके अन्दर घी पहुँचता नहीं है, तेल पहुँचता नहीं है, शक्ति पहुँचती नहीं है। दिमाग खाली ...
- आप न जाने क्या-क्या ख्वाब सँजो करके रखते हैं?... मित्रो! प्रत्येक क्रिया के पीछे शिक्षण है। प्रत्येक क्रिया के पीछे प्रेरणा है, प्रत्येक क्रिया के पी...
- आप नम्रता से बात नहीं कर सकते?... आप दूसरों के सम्मान की रक्षा करते हुए बात नहीं कर सकते? नहीं साहब! हम नाराज हैं और पुलिस वाले हैं। ह...
- आप नहीं कमायें और आपकी लॉटरी खुलवा दें, तो आपको कोई ऐतराज तो नहीं है?... नहीं साहब! हमें कमाई से कुछ मतलब नहीं है। आप तो हमें पैसा दिलवा दीजिए, चाहे लॉटरी से दिलवा दीजिए। अच...
- आप नहीं जानते कि ये कौन थे?... आपको नहीं मालूम है, परन्तु हमें मालूम है कि ये कौन थे? यह लड़का जो अभी-अभी नहाकर गया है, इसका नाम था ...
- आप नहीं जानते, आपके और मेरे सम्बन्ध क्या हैं?... आप मेरे साथ अनेक जन्मों से जुड़े हुए हैं।
मैं अपनी बात कह सकता हूँ कि मैं किस-किस जन्म में आपका ...
- आप नहीं समझते कि आपके और हमारे बीच में जो मुहब्बत है, इसका कारण क्या हो सकता है?... आप यह समझते हैं कि आपने हमारे अखबार और किताबें पढ़ी हैं, इसलिए हमारे और आपके बीच में प्यार-मुहब्बत ह...
- आप नागरिक कहीं के हों, देश की स्थिति से ‘सिटीजन’ कहीं के हों, मैं क्या कहूँ आप से?... आप तो भारतीय संस्कृति के पुत्र हैं और आप वही रहेंगे। आपकी नसों में ऋषियों का खून है, जो कि ज्यों क...
- आप निशाना नहीं लगा सकते?... नहीं साहब! हम तो लगाएँगे, तो लगाकर दिखाइए। निशाना लगाया, पर लगा नहीं। जब आपको सारी मछली दिखाई पड़ती ...
- आप ने पूजा-पाठ छोड़ दिया?... नहीं, हमने कुछ नहीं छोड़ा; क्योंकि फर्ज एकांगी होते हैं। आपकी पत्नी कैसी है? बड़े कड़ुए स्वभाव की है...
- आप नॉन वेजिटेरियन हैं या वेजिटेरियन?... वेजिटेरियन लोगों ने भगवान जी को वेजिटेरियन बना लिया है और नॉन वेजिटेरियन ने भगवान जी को नॉन वेजिटेरि...
- आप पता क्यों नहीं लगाते?... आप इनकार कर सकते हैं। हमने लोगों की नास्तिकता को आध्यात्मिकता की ओर मोड़ने की कोशिश की है और लोगों स...
- आप पर कोई कृपा बरसेगी?... मैं यकीन के साथ कहता हूँ कि वह एकदम से बन्द हो जाएगी।...
- आप परिवार से अलग हो सकते हैं?... बेटे! हम परिवार से कभी भी अलग नहीं हुए हैं। वह परिवार जिसे आप वंश कहते हैं, उससे हमारा उतना मतलब नही...
- आप परिस्थितियों को समझते नहीं हैं, लेकिन हम समझते हैं कि आज का इनसान कहाँ जा पहुँचा है और जरा सी मुसीबत आने के बाद में इसका क्या हो सकता है?... एक रास्ता वह है, जिसमें आदमी के उत्थान की गुंजाइश है। इसमें आदमी का स्वरूप बदल सकता है, भविष्य बदल स...
- आप पहले क्या काम करते थे?... मजदूरी का काम करते थे। फिर आपने मजदूर का काम किया की नहीं? साहब! हमारे बाप-दादे मुनीम का काम करते थे...
- आप पहले जन्म में कौन थे और कौन से महान कार्य करने में समर्थ थे?... आप अपने आप को भूल गए। आप अपने आप को नहीं जान सकते, क्योंकि आपके ऊपर अज्ञान का आवरण इतना ज्यादा छाया ...
- आप पहले जन्म में कौन थे और क्या-क्या महान कार्य करने में समर्थ हो चुके थे?... आप अपने को भूल गए हैं। आप नहीं जान सकते। क्यों? क्योंकि आपके ऊपर अज्ञान के आवरण इतने ज्यादा छा गए है...
- आप पहुँचा भी पकड़ लेंगे?... हाँ बेटे, हम पहुँचा भी पकड़ लेंगे, उँगली रखने की जगह तो दें।
आप अपने घर में गायत्री माता को ज...
- आप पुराने किस्से बताकर हमारे ऊपर रौबदारी क्यों करना चाहते हैं?... आप तो हमें इस समय की बात बताइये कि आप इस समय क्या हैं?इसलिए मित्रो! आप अपनी कमजोरियों को जाहिर न ह...
- आप पूछते हैं कि गुरुजी आपने कौन-सा बीजमंत्र लगाया है?... हमने अपनी साधना में केवल सात्विक आहार का सेवन किया है। पूजा-उपासना के पहले, भजन के पहले हमें अपने ...
- आप पूछेंगे कि तो फिर आपका धन चला गया होगा और आप गरीबी में दिन काट रहे होंगे?... नहीं, हम गरीबी में दिन नहीं काटते। आप देखते नहीं, जहाँ हम रहते हैं कितने दामों की है। आपने शान्तिकुञ...
- आप पूजा के साथ कुछ सेवा भी करते हैं या नहीं करते?... या यों ही फालतू बैठे रहते हैं? नहीं साहब! हम पूजा और सेवा दोनों करते हैं। हाँ भाई साहब! सेवा और ...
- आप पेट के लिए जियेंगे ना?... पेट के अलावा भी कोई लक्ष्य है आपका क्या? पैसे के अलावा भी कुछ विचार कर सकते हैं क्या? पैसे के अलाव...
- आप पैसा कमा लें, दंद-फंद से या चाहे जैसे कमा लें; लेकिन पैसा क्या साथ जाएगा?... पैसा साथ नहीं जाएगा।
वह पैसा आपका किसी अच्छे काम में लगे तो सार्थक है। जैसे गाँधी जी और जमनालाल ब...
- आप पैसा जरूर कमाइए, लेकिन पैसा कमाने से पहले यह विचार अवश्य कर लीजिए कि पैसा खर्च कहाँ होना है?... अगर आपके पास गुजारे के लिए गुंजाइश है और आपके बाप-दादे इतना छोड़कर के गये हैं कि उससे आप अपने बच्चो...
- आप प्रसन्न नहीं हो सकते?... आपके चेहरे पर मुस्कराहट नहीं आ सकती कि जो हमारी वर्तमान परिस्थितियाँ हैं, उनमें हमको प्रसन्न रहने का...
- आप प्रातःकाल उठा कीजिए और यह ध्यान किया कीजिए कि ‘हर दिन नया जन्म और हर दिन नई मौत' को आप प्रातःकाल से सायंकाल तक कैसे प्रयोग करेंगे?... इसके लिए सुबह से ही उठकर टाइम टेबल बना लेना चाहिए कि आज आप क्या करेंगे, कैसे करेंगे और क्यों करेंगे?...
- आप फिर से कहने लगे?... हाँ बेटे, मैं फिर से कहता हूँ कि गायत्री कामधेनु है और वह हरेक की हो सकती है। पर इसके लिए आदमी को अप...
- आप बतलायें कि गुरुओं की खोज में लोग छुट्टी लेते हैं, मेडीकल लीव लेते हैं, घर-बार छोड़ते हैं, तब जाकर शायद किसी कोने में कोई सच्चा गुरु मिलता है, परन्तु आप तो स्वयं हमारे पास चले आये, यह क्या बात है?... पूज्यवर ने बतलाया-बेटे धरती क्या बादलों के पास जाती है या बादल स्वयं आते हैं धरती पर? हमने कहा बाद...
- आप बता दीजिए कि हमारी जरूरतें क्या हैं?... वह सिनेमा वाला भी आपको बता देगा कि रोटी, कपड़ा और मकान। बस इन्हीं तीन चीजों की आदमी को जरूरत है, और क...
- आप बता सकते हैं?... आज आदमी क्यों दुखी है, आप बता सकते हैं? पुरानी परिस्थितियों से आज की परिस्थितियाँ सर्वथा भिन्न हैं। ...
- आप बताइए कि भगवान ने क्या पूजा की और कौन-सा मंत्र जपा?... बेटे! हमें नहीं मालूम, लेकिन हाँ, उन्होंने अपनी जिन्दगी के सारे सुखों को, संसार को, जाे उनके जीवन में...
- आप बताइए तो सही कि आपकी कौन सी पार्टी है?... भाई! हम तो हैं हलधर—किसान पार्टी के। ठीक है, आप भी हल चलाते हैं, हम भी हल चलाते हैं। आपको ही वोट दें...
- आप बताइये कि रोटी खाते हैं कि नहीं खाते?... हाँ साहब! रोटी तो खाते हैं, कपड़े पहनते हैं। रोटी खा लेते हैं, कपड़ा पहन लेते हैं, यही क्या कम है? ज...
- आप बतौर जिन्दगी कितनी गिनते हैं?... मेरा नापने का तरीका अगल है। मैं जिन्दगी को काम के हिसाब से गिनता हूँ।
अच्छा गुरुजी! यह बताइये कि आ...
- आप बना लेंगे?... बेटे! कैसी बात करते हो। छोटी−छोटी शोधों में सारी जिन्दगी खतम हो जाती है। जो स्वत: अभूतपूर्व है, स...
- आप बनिये हैं तो इसका क्या मतलब हुआ?... इसका मतलब है—छोटे। खबरदार! आइन्दा यह बात कही। आप ब्राह्मण हैं, तो रह सकते हैं। आप अध्यापक का काम कीज...
- आप बाजार से मिठाई लाए हैं न?... हाँ साहब! तो आप क्या करना चाहते हैं! आप ही बैठकर खाएँगे? नहीं, यह मत कीजिए। हमारा कहना मानिए। इस मिठ...
- आप बात को क्यों नहीं समझते?... मंत्र का विज्ञान
मित्रो! वास्तव में राम के नाम का महत्त्व है, गायत्री का महत्त्व है, हर चीज का ...
- आप बातचीत तो कर सकते हैं?... हाँ साहब! कर सकते हैं। आपके दो हाथ और दो पैर हैं, पर उस गिद्ध के तो दो ही थे। बेटे ! जब बूढ़ा गिद्ध ...
- आप बार-बार क्यों आ जाते हैं?... जब हमारी इच्छा होगी तब आ जाएँगे। नहीं बेटे, तेरी इच्छा से काम नहीं चलेगा। तू समझता नहीं है कि तू किस...
- आप बार-बार क्यों पूछते हैं कि हमने कौन सा बीज मंत्र किया?... कौन सा भजन किया? बेकार की बात मत कीजिए, मैं झल्ला पड़ूँगा। आप कौन सी माला जपते हैं? रुद्राक्ष की जपते...
- आप बालों में कंघी करेंगे क्या?... अरे गुरुजी! हमको तो इतनी अकल ही नहीं है, हम क्या करेंगे? भेड़ों से पूछा—जैसे हमारे बच्चे बाल बना लेत...
- आप बिना बच्चों के जिन्दा नहीं रह सकते क्या?... कम बच्चों से आपका गुजारा नहीं हो सकता? आपके जो कम बच्चे हैं, उनको आप क्या पर्याप्त नहीं मान सकते...
- आप बुज़दिल क्यों होंगे?... आप हमारी तरह से उदार होइए। हमारी तरह से पिघलने वालों में से रहिए, हमारी तरह से आप करुणामय रहिए और आप...
- आप बुद्धिजीवी न सही, राजनेता न सही, किसी देश के प्रधानमन्त्री न सही, उससे हमें क्या लेना-देना कलाकार आप नहीं हैं, आपकी वाणी में जोश-खरोश और दूसरी अन्य गायन सम्बन्धी विशेषताएँ नहीं हैं, तो न सही?... आप सम्पन्न नहीं हैं, तो न सही, मरने दीजिए पैसे को, भावनाशील तो हैं आप। यह संसार की, सबसे बड़ी दौलत...
- आप बैठी क्यों रहती हैं?... सास को भी काम करना चाहिए। नहीं, हमारी बहू आ गई है, तो वह रोटी खाती है। आप रोटी क्यों खाती हैं? बेटे!...
- आप ब्रह्मचारी हो सकते हैं?... गृहस्थ होते हुए भी आप ब्रह्मचारी हो सकते हैं।
दूसरा पक्ष यह भी है कि आप गृहस्थ होते हुए भी दुराच...
- आप भगवान के बारे में क्या जानते हैं और आप हमें क्या बता सकते हैं?... आप तो पागलों की भाँति कर रहे हैं। आपने गोबर के कमण्डलु में खीर डलवा दी। ये तो कुछ भी नहीं रहा। भगवान...
- आप भगवान को जानते हैं?... भगवान को पाने की बात तो बहुत दूर की है, आगे की बात है। आप भगवान को जानते हैं? आपने कहा—हम तो जानते ह...
- आप भगवान को न्यायाधीश क्यों कहते हैं?... बेटे, मैं न्यायाधीश इसलिए कहता हूँ कि बिजली के तरीके से भगवान के कुछ कायदे और कानून हैं। बिजली के का...
- आप भगवान विष्णु से यह पूछ कर आना कि उस किसान के यहाँ कोई बच्चा होने वाला है कि नहीं?... होगा तो कब होगा? वह नारद जी के सामने हाथ जोड़ने लगा और कहने लगा कि मैं तो वैसे ही छोटी बुद्धि का आदमी...
- आप भगवान से ले सकते हैं?... मैं भगवान से नहीं ले सकता।
आपको व्यापार में फायदा होगा, तभी आप दे सकते हैं और घाटा होगा, तो आप एक...
- आप भागे कि नहीं भागे, आपने कोशिश की कि नहीं की, आपने मेहनत की कि नहीं की?... आप इसी एक प्वाइंट पर फेल हो जाएँगे और इसी पर हम आपको पास कर देंगे। चलिए, सफलता मिली कि नहीं मिली, उस...
- आप भी अपनी खूबसूरती पैदा क्यों नहीं करते?... आप अपने अन्दर वो विशेषताएँ क्यों नहीं पैदा करते, जिससे कि वे शक्तियाँ जो इस दुनिया में काम करती ह...
- आप भी इतनी हिम्मत करते हैं?... बेटे! कोशिश करेंगे। इतने आदमी यहाँ शान्तिकुञ्ज में तो नहीं रह सकते, लेकिन हमारा ऐसा ख्याल है कि हम गाँ...
- आप भी इशारे करके लोगों को बहकाने लगें, जेल में डालने लगें और लूटने लगें तो राम-नाम क्या करेगा?... तब राम-नाम आपके लिए नुकसानदायक हो जाएगा। तब राम-नाम से मुक्ति नहीं हो सकती। नहीं साहब! राम-नाम से बह...
- आप भी इस यज्ञ में शामिल हो रहे हैं?... अश्वमेध यज्ञ में शामिल हुए हैं, तो आप भी अपनी सम्वेदना पैदा करना, अपनी क्षुद्रताओं को, अपनी नीचताओं ...
- आप भी ऋषि होना चाहते हैं?... साहब! उसी प्रकार से हम भी ऋषि होना चाहते हैं, जिस प्रकार से वाल्मीकि राम का नाम लेने से सन्त और ऋषि ह...
- आप भी कहाँ मिलती हैं?... आप भी कहीं नहीं मिलतीं, बैठा लेती हैं आधा घण्टा और फिर कहती हैं उठ जा। बेटा! यह तो अब विशेष परिस्थिति...
- आप भी किवाड़ खोलकर सो सकते हैं?... आप ऐसे नहीं सो सकते। आपके घरों पर तो छापे मारे जाने वाले हैं। सी०बी०आई० वाला छापा मारेगा, होशियार-हो...
- आप भी कुछ देंगे क्या?... नहीं, हम क्या दे सकते हैं? हमारे पास क्या है? हम तो केवल भिखारी हैं।
यह नहीं, बेटे! यह भिखारी शब्द...
- आप भी क्या यही करते हैं?... नहीं, महाराज जी! हम ऐसा नहीं करते हैं। यदि आप भी ऐसा ही करते हैं, तो अपना विचार बदल दें। मित्रो! प...
- आप भी खाएँगे?... बेटे! हम भी खाएँगे, इच्छा से या बिना इच्छा से खाएँगे। नाक के हिस्से से हवा घुसेगी, जिसमें आपका घी भी...
- आप भी जप करेंगे?... हाँ साहब! हम भी जप करेंगे। अच्छा तो यह बताइए कि नारद जी से राम-नाम की दीक्षा लेने के बाद में क्या वा...
- आप भी तो अध्यात्म के साथ क्या करते हैं?... मजाक और मखौल करते हैं॥ कौन-सी वाली? जो आप लिए फिरते हैं कि अमुक मंत्र का जप करेंगे और पैसा कमाएँगे।...
- आप भी बोलिए न कुक्कड़ूं कूँ, तो मजा आ जाये और आप भी खुश हो जाएँ और हर आदमी के दिमाग में आ जाय कि सबसे पहले उठने वाला कौन है?... सबको आवाज लगाने वाला कौन है? सबसे पहले शंख बजाने वाला कौन है? सबसे बड़ा पण्डित कौन है? सबसे बड़ा मुल्...
- आप भी शर्मा जी हैं?... हाँ हम भी शर्मा जी हैं, तो ठीक है। आपकी शरम भगवान कायम रखें। ऐसा न हो कि आपकी शरम चली जाय। हम भी शर्...
- आप भी सच्चाई की वजह से, ईमानदारी की वजह से मुसीबत उठा लें तो हर्ज की क्या बात है?... किफायतशारी बनकर रहें, अपना खर्च कम करके चलें और अपनी महत्त्वाकांक्षाओं को गिराकर रहें, तो आपकी जिंदग...
- आप भीख क्यों माँगते हैं?... हम क्या कर सकते थे? हमारे हाथ में कोढ़ हो गया। घरवालों को, खानदान वालों को, उनके बच्चों को निंदित कर...
- आप भुला सकते हैं?... आप नहीं भुला सकते। किसी भी कीमत पर आप भुला नहीं सकते।...
- आप मन में शान्ति चाहते हैं न?... आपके साथ जो रहते हैं, उनसे आत्मीयता, प्रेम चाहते हैं न? आप जो पैसा कमाते हैं, उसमें किफायत करके बचत ...
- आप मर्यादाओं का पालन करेंगे?... ‘‘हरे रामा करूँगा।’’ अऽऽहा..........देखा, सबसे सुगम वाला रास्ता ढूँढ़ लिया। सबसे सरल वाला रास्ता ढू...
- आप माँ-बाप का प्यार कहाँ से लाएँगे?... कौन से बाजार से लाएँगे?
माँ का स्नेह-वात्सल्य पीकर शिवाजी की आत्मा, लव-कुश की आत्मा न जाने कह...
- आप मिठाई खरीदना चाहते हैं ना?... तो आप मिठाई किससे खरीदेंगे? नोट लाइए, क्वाइन लाइए। क्वाइन—पैसे का क्या करेंगे? हम तो ऐसे ही खरीदेंगे...
- आप मुझे ही बच्चा मान लेंगी तो क्या हर्ज है?... कामसेवन से मेरे जैसे बच्चा न हुआ तब? कोई लूला-लँगड़ा पैदा हो गया तब? और कोई चोर-उचक्का पैदा हो गया तब...
- आप में से अधिकांश व्यक्ति सोच रहे होंगे कि मैं यहाँ था, परन्तु व्याख्यान क्यों नहीं दिया?... विशेष कारणवश व्याख्यान न दे सका। बेटे! मैं अपने जीवन भर प्रयोग करता रहा हूँ। कौन-कौन से प्रयोग किय...
- आप में से कोई इनकम टैक्स वाला बैठा हो तो?... इसलिए बाकी बात नहीं बताना चाहता हूँ। नहीं साहब! नंबर दो की बात बताइए। बेटे, हमारे चौके में पाँच सौ आ...
- आप में से कोई बुड्ढा तो नहीं है?... अच्छा अभी नहीं है तो थोड़े दिनों बाद हो जाएँगे। यह क्या हो गया? जब संस्कृति की सीता चली गई और वापस न...
- आप में से कोई भी भुजा हमारी कटती है और कोई भी भुजा हमारी इधर-उधर होती है, तो हमको आन्तरिक पीड़ा होती है और यह पीड़ा होती है कि यह हमारी भुजा गिर कैसे पड़ी?... यह कट कैसे गई? यह लगाई क्यों नहीं गई? इसका ऑपरेशन कैसे नहीं हुआ? कोई कुशल डॉक्टर नहीं मिला, या तो हम...
- आप में से बहुतों की हमें इतनी जरूरत है, बेटे कि हम क्या कहें?... कोई कहता है कि हमारे इतने सारे बच्चे हो गए? हम थकते नहीं हैं, अभी हमें बहुत बच्चे पैदा करने हैं। आप ...
- आप मेरे साथ अनेक जन्मों से जुड़े हुए हैं और मैं बता सकता हूँ कि मैं किस-किस जन्म में आपका क्या रहा हूँ?... आप पहले जन्म में कौन थे और कौन से महान कार्य करने में समर्थ थे? आप अपने आप को भूल गए। आप अपने आप को ...
- आप मेहनत करने के लिए कहाँ कीमत चुका पाते हैं?... सैर के लिए कीमत चुकाते हैं और दूसरी चीजों के लिए कीमत चुकाते हैं।
झूठ-मूठ में थोड़ा खेल-खिलौना बनात...
- आप मैट्रिक पास रहेंगे तो क्या आफत आ जाएगी?... नहीं साहब! हमारा ये हो जाएगा, हमारा वह हो जाएगा। आप अगर ऐसे ही विचार करते रहेंगे तो मैं आपको नरकगामी...
- आप यज्ञ कर रहे हैं न?... आपके यज्ञ के लिए हम दोनों भाई धनुष लेकर के खड़े हैं। एक पल भी डिगे नहीं, हटे नहीं। जो कार्य सौंपा, व...
- आप यदि एक काम पर पूरा विचार करना सीख जाएँ, तो आप क्या से क्या बन सकते हैं?... हमने अपने जीवन में स्वाध्याय का नियमित समय एक घण्टे के हिसाब से रखा। पंद्रह वर्ष की उम्र से सत्तर व...
- आप यदि कहें कि हम नहीं करेंगे तो?... तो भी बेटे! काम हो जाएगा। भगवान जो काम कराना चाहते हैं, किसी से भी करा लेते हैं। मिट्टी के टुकड़े और...
- आप यह बात नहीं कहें, वरन् यह सोचें कि आपके कितने बच्चे हैं?... हर एक की शादी में आपने दस हजार रुपये खर्च किये हैं, तो इस बच्चे अर्थात् चरणपीठ के लिए भी छह हजार ख...
- आप यह कौन सी बात कह रहे हैं?... मित्रो! यह लेसर किरणों की बात कह रहे हैं। लेसर किरणें तो वैज्ञानिक होती हैं, पर हमारी वाणी जो है, वह...
- आप यह कौन-सा धंधा लेकर बैठे हैं?... अभ्रक जला रहे हैं? देखना जब यह शीशी में बन्द हो जाएगा तो लोगों के लिए क्या काम करेगा। हाँ बेटे! हकीम ...
- आप यह क्या कर रहे हैं?... ठोकर मार रहे हैं। किसलिए? इसलिए कि पहले देख लें कि यह खरा है या खोटा है खोटा हुआ तब? खोटा हुआ तो हम ...
- आप यह क्या कर रहे हैं—बताइए कि आप गोबर भरे हुए कमंडल में खीर लेंगे?... तो बेटे! इसमें क्या हर्ज है। स्वामी जी! इसमें दो हर्ज हैं—पहला यह कि इसमें गोबर भरा हुआ है। इसमें जो...
- आप यह क्या करते हैं?... अरे बेटे! हम उसे जलाते हैं, तपाते हैं। आप पुराने जमाने के हकीमों से पूछिए। क्यों साहब! आप जो अच्छी च...
- आप यह क्या कह रहे हैं?... जरा आप सोचिए तो सही, आखिर आप कहना क्या चाहते हैं। अगर आप ऐसा ख्याल रखते हैं कि आप भगवान को नसीहत देन...
- आप यह क्या कह रहे हैं?... बेटे, यह इसलिए कह रहा हूँ कि गोस्वामी तुलसीदास जो थे, उनको रामचंद्र जी की भक्ति करनी थी। रामचंद्र जी...
- आप यह क्या कहते हैं?... हाँ बेटे, मैं गलत कह रहा था।
मित्रो! दूसरों का दुःख, दूसरों का कष्ट, दूसरों का विछोह देख करके आप...
- आप यह तो बताइए कि हमको करना क्या है?... " तो उन्होंने कहा—"एक ही कार्य है कि सारे विश्व में फैल जाओ। हर देश के चप्पे-चप्पे में आप जाकर फैल ज...
- आप यह ध्यान रखना कि वानप्रस्थ शिविर में आकर हमने जो ध्यान करना, कर्मकाण्ड करना, हवन करना सीखा, तो क्या दृष्टिकोण का परिष्कार करना भी सीखा या नहीं सीखा?... अगर आपने दृष्टिकोण का परिष्कार किया हो तो आपका वानप्रस्थ ठीक और आपने इसी दृष्टि से जनमानस का परिष्का...
- आप यह बताइए, इनको प्यार क्यों करते हैं और आप हमको प्यार क्यों नहीं करते?... उन्होंने कहा—इस रहस्य को मैं फिर कभी बतलाऊँगा, इस समय नहीं। उन्होंने दावत दी और आमन्त्रण दिया, तो भो...
- आप यह बताइये कि इतने सारे आपके मिल चलते हैं, आपका काम कहाँ से चलता है?... उन्होंने कहा कि हमारा तो इन्तजाम भगवान् से हो जाता है। उसी भगवान् से हमारी भी जान- पहचान है। हम अप...
- आप यह बिल्कुल नहीं जानते कि भगवान बन्दर को कहते हैं या आदमी को कहते हैं?... भगवान को यदि आपने जाना होता, तो आपको यह न कहना पड़ता कि अनन्त शक्तियों के स्वामी, अनन्त ज्ञान के स्...
- आप यह मत समझिए कि गुरुजी-माताजी नहीं रहे तो हम अनाथ हो जाएँगे, फिर कहाँ से पैदा होंगे?... नहीं बेटे! हमारी रूह रहेगी, हमारी शक्ति रहेगी और समस्त संसार में व्याप्त रहेगी।
एक-एक कण में, शान्...
- आप यह विचार करना कि क्या इन पाँच शिक्षाओं के आधार पर हम अपने जीवन में कुछ हेर-फेर कर सकते हैं?... क्या वर्तमान चिन्तन और वर्तमान परिस्थितियों में कुछ हेर-फेर होना सम्भव हो सकता है? आप विचार करना। वास्...
- आप यह विचार मत कीजिए कि भगवान् जी आपसे यह पूछने वाले हैं कि आपने कितनी माला का जप किया था?... किन-किन तीर्थों की यात्रा की थी। क्या-क्या कर्मकाण्ड कराए थे? भगवान से इनका कोई ताल्लुक नहीं है। यह ...
- आप यह समझते हैं कि आप अपने आप आए हैं?... नहीं, आप अपने आप नहीं आए, बल्कि हमने बुलाया है और इसलिए बुलाया है कि आप में वह प्रतिभा है, वह गुण है...
- आप यह सोचते हैं कि दो साल के बाद गुरुजी चले जाएँगे तथा हमें तपोभूमि या फिर हरिद्वार जाने से क्या मिलेगा?... आप इधर-उधर बगलें झाँकने लगते हैं तथा साँई बाबा के पास चले जाते हैं। वहाँ जाने के बाद हनुमान जी क...
- आप यहाँ शान्तिकुञ्ज में आए हुए हैं, कल्प साधना कर रहे हैं, उपासना कर रहे हैं, तो आपको क्या करना चाहिए?... आपको तीन बन्धनों से मुक्ति प्राप्त करनी चाहिए। आप कोशिश कीजिए कि तीनों बन्धन तोड़ दें। अगर आप चाहें ...
- आप यही चाहते हैं न?... ? अपने मित्र का और अपने बड़े का जो मान और पद न्यायाधीश के रूप में बना हुआ है, वह आप खराब कराना चाहत...
- आप यही चाहते हैं न?... हाँ साहब! यही चाहते हैं। तो बस, इसका मतलब यह हो गया कि आप हमको काटना चाहते हैं। हमारे पुण्य का लाभ ज...
- आप ये क्या कहते हैं?... बेटे! तू समझता तो है नहीं कि मैं क्या कहता हूँ। तू एकांगी बात लिए फिरता है; जबकि अध्यात्म एकांगी नही...
- आप ये भी नहीं जानते?... इसमें जनता के सहयोग का कितना लाभ भरा पड़ा है, क्या आप इसे नहीं जानते? अगर आप हकीकत में आएँ, तो आप इ...
- आप रहते हैं?... नहीं साहब! ब्रह्मचर्य की कोई जरूरत नहीं है, हम तो कसरत करते हैं। हम अपने आहार पर नियंत्रण करते हैं। ...
- आप राजनीति में क्यों नहीं आते?... हम बार-बार यही कहते रहते हैं कि राजनीति का क्षेत्र बहुत छोटा, बहुत कम है और धर्म का क्षेत्र बहुत ब...
- आप राजा नल की तरह से दमयंती को वन में अकेले छोड़ जाते तो भी वह आपकी धर्मपत्नी होती, परन्तु आपने उसे धर्मपत्नी कब बनाया है?... धर्मपत्नी नहीं बनाया। आप अगर उसे धर्मपत्नी बनाने का प्रयास करते तो यह घर स्वर्ग बन जाता।
साथि...
- आप राजा साहब हैं, हमसे क्या गलती हो गई?... गलती कुछ नहीं हुई। हम तो आपसे एक प्रार्थना करने आए हैं, एक भीख माँगने आए हैं। क्या? यह कि अगर आपकी द...
- आप राजा हैं तो क्या?... मैं यह मानता हूँ कि आप युधिष्ठिर हैं; लेकिन है तो यह पराया धन ही न? मेरी कमाई का उपार्जित धन तो नहीं...
- आप रात्रि में देवी का जागरण करते हैं, तो हम क्या करें?... आप आध्यात्मिकता की बात मत कहिए। आप तो देवी की पूजा-वूजा करते रहिए, लेकिन अगर आप आध्यात्मिकता का जिक्...
- आप रिक्शे वाले हैं और आप?... पुजारी जी हैं। अरे सिनेमा देखते हैं? नहीं साहब सिनेमा हमारे भाग्य में कहाँ से आया। जाने का मन होता ह...
- आप रोज कहाँ जाते हैं?... उसने कहा कि मैं तो एक गंदे मुहल्ले में रहता हूँ और जो दुखी हैं, उनकी सेवा करता हूँ। उन्हीं में तो भग...
- आप रोटी क्यों खाती हैं?... बेटे! हर आदमी की शान, हर आदमी की इज्जत होनी चाहिए, हर आदमी का गर्व, गौरव होना चाहिए कि वह क्रियाशील ...
- आप लाचार क्यों नहीं करते भगवान जी को?... आप भगवान जी को लाचार कीजिए—अपने चरित्र के द्वारा, अपने गुण, कर्म और स्वभाव के द्वारा। वास्तव में भक्...
- आप लाल बहादुर शास्त्री का और नेहरू का जिक्र क्यों कर रहे हैं?... इसलिए कर रहा हूँ कि भक्त और भगवान के बीच भी यही सिलसिला चला आया है। नेहरू ने क्यों मदद की? यू० पी० ग...
- आप ले लेंगे?... चौराहे पर खड़े होकर भाषण देने वाले नेता लोग टक्कर ले लेंगे? न, यह बिलकुल भी सम्भव नहीं है। इसके लिए ...
- आप लेकर के आएँगे?... लेकर नहीं बेटे, देकर के आना। यह परम्परा आध्यात्मिकता की परम्परा है।
हमें देना आना चाहिए
...
- आप लोग कौन हैं?... आप वाराह भगवान हैं। जमीन पर आपको जिस काम के लिए भेजा गया था, जिस काम की जिम्मेदारी आपको सौंपी गई थी,...
- आप लोग जो यहाँ बैठे हुए हैं, कहाँ-कहाँ से और कितनी-कितनी दूर से आए हैं?... क्यों साहब! आपने हमको क्यों नहीं बुलाया? इतने आपके चौबीस लाख बेटे हैं।
हाँ बेटे! वह भी हमारे ही हैं...
- आप लोगों की बीबियाँ हैं कि नहीं?... हमारी तो घर में है। रामचन्द्र जी की बीबी को रावण चुरा कर ले गया। आप अपने घर में तो हैं। आप जब से प...
- आप लोगों की सेवा में कल मैं कहाँ आऊँगा?... इसलिए जो मैंने पढ़ा, सुना, समझा और जाना है, उस अध्यात्म का सार आपको बताता हूँ।
अध्यात्म में तीन शि...
- आप लोगों के पास जाना और जिन आदमियों को-लाखों मनुष्यों को, जिनको मैंने अपने खून-पसीने से और अपनी मेहनत के बाद तैयार किया है, उन्हें यह सन्देश सुनाना कि गुरुजी क्या हैं और यह मिशन क्या है?... हमारा मिशन इन्सान में भगवान पैदा करने की कल्पना करता है। हम इन्सान में भगवान पैदा करेंगे। हम इन्सा...
- आप लोगों को उपस्थित किया गया है, बुलाया गया है, आमन्त्रण दिया गया है, आखिर क्यों?... इस सन्दर्भ में मैं कहना चाहूँगी कि जो गुरुजी के पावन सन्देश एवं जो पावन प्रेरणाएँ, जो उन्होंने चलते ...
- आप लोगों ने इंजेक्शन क्यों नहीं लगाये?... क्या करें साहब? यहाँ कोई आता ही नहीं है? कोई नहीं आता? गाँव वाले बड़े जाहिल हैं। दवा लेने भी नहीं आ...
- आप लोगों ने महाभारत में नहीं पढ़ा है क्या?... पाण्डव जो थे, उनके यहाँ जब कौरव आये थे, तो उनको जल में स्थल और स्थल में जल दिखाई पड़ा था। यह क्या ह...
- आप लोगों में से किसी ने डीशेन की दवा खाई है?... डीशेन कौन था? डीशेन बेटे! एक दक्षिण की कंपनी है। वह एक पदार्थ ले लेती है और इतना पीसती है कि उसे अत्...
- आप लोगों से भी आशा है कि आप लोग यहाँ से जो विचार लेकर के जा रहे हैं, ये किनके विचार हैं?... गुरुजी के विचार ले जाएँ
ये बेटे गुरुजी के विचार हैं। ये सिद्धान्त किनके हैं? गुरुजी के हैं। वाणी अ...
- आप लोहे को क्यों जला रहे हैं?... ताँबे को क्यों जला रहे हैं? अरे साहब! देखना, जलाने के बाद इसमें कैसे मजा आएगा। इसकी भस्म बनेगी, उससे...
- आप वकील हैं, तो हम क्या करें?... आप बड़े अकलमन्द बनते हैं।
पारिवारिकता के आध्यात्मिक सिद्धान्त
मित्रो! पारिवारिकता, जिसमें ...
- आप वहाँ जाकर के क्या कर सकते हैं?... आप बीमार नहीं पड़ सकते। बीमारी के लिए मैं दवा बता दूँगा, आप जहाँ कहीं भी जाएँगे, आप बीमार नहीं पड़ें...
- आप वहाँ से क्या सीख करके आये?... वहाँ से हम यह सीख करके आये कि अपने काम में कैसे तन्मय होना, मुस्तैद होना, दिलचस्पी से करना चाहिए। ...
- आप वही हैं?... हाँ साहब! हमारा कहना मानना चाहिए। क्यों मानना चाहिए? क्योंकि हमने सवा रुपये का लड्डू खिलाया था। ...
- आप वहीं के वहीं बैठे हैं, तो आपसे क्या शिक्षण लेंगे?... आपसे निवेदन कर रहे हैं कि आप जन्मदिन के माध्यम से, विवाह आन्दोलन के माध्यम से आदर्श विवाह का प्रचलन ...
- आप वानप्रस्थी तो नहीं हैं?... नहीं, हम तो मुसाफिर हैं। अगर कोई वानप्रस्थी आ गए तो? क्यों साहब! क्या बात है? सब ठीक है और एक हाथ से...
- आप वासना और तृष्णा के बन्धनों से ऊँचे क्यों नहीं उठ सके?... देवता ने आपकी मदद की होती, तो आपके पास सिद्धान्त जरूर आ गए होते। संसार के हर सफल व्यक्ति का यही इतिहा...
- आप विचारते क्या हैं?... आपकी इच्छाएँ क्या हैं? आप यह सभी कुछ हमें बताइए। गुरुजी! आप तो जानते ही हैं कि हमारा टेस्ट क्या है। ...
- आप वेदांत के सारे ग्रंथों को पढ़ते चले जाइए, पंचदशी को पढ़ लीजिए, ब्रह्मसूत्र को पढ़ लीजिए, सब ग्रंथों को पढ़ लीजिए और पता लगाकर आइए कि वेदांत में क्या है?... अयमात्मा ब्रह्म अर्थात—यह जो आत्मा है, इसी का सफाई किया हुआ हिस्सा, जिसको श्रेष्ठ कहें, भगवान है। तत...
- आप शंकर भगवान् को बुलाना चाहते हैं न?... वे आपसे कोसों दूर हैं। उन्हें आप ऐसे नहीं बुला सकते हैं। आप स्वामी जी को बुलाते हैं, तो उनको फर्स्ट ...
- आप शान्तिकुञ्ज में खून-खराबे की किताब काहे को लिए फिरते हैं?... बेटे, इस बात की जरूरत थी। फिर मैं इस बात पर विचार करने लगा कि क्या गीता की किताब मुझे पढ़नी चाहिए थी...
- आप शीर्षासन इसीलिए कराते हैं?... हाँ बेटे! इसीलिए कराते हैं। तो क्या इससे कोई फायदा नहीं है? शरीर का फायदा होता होगा। जिस तरह से मुगद...
- आप शीर्षासन में सिर के बल चलना शुरू कर देते हैं?... नहीं, बेटे! ऐसे तो नट करता है। तो फिर आप नाक में से पानी निकालते हैं? नहीं, बेटे! तो फिर आप कैसे योग...
- आप शुकदेव जैसे बच्चे के ऊपर जोर क्यों दे रहे हैं और बुड्ढे को क्यों मना कर रहे हैं?... राजा परीक्षित ने कहा कि ठीक है, अगर आप लोग नहीं मानते हैं तो आपको व्यास जी का और शुकदेव जी का हम एक ...
- आप संध्या के नाम की वजह से क्या चाहते हैं?... बेटे! मैं चाहता हूँ कि जब आप यहाँ से विदा होकर जाएँ तो आप पाँचों संध्याओं को जारी रखें। कौन-कौन ...
- आप संयम जीभ से शुरू कीजिए, फिर देखिए कि आपकी वाणी में चमत्कार कैसे पैदा होता है?... आप इस सम्बन्ध में हमसे पूछते हैं कि गुरुजी! आपने अपनी वाणी को कैसे शुद्ध बनाया? बेटे! हमने संयम किया...
- आप सबके बॉस हैं, आप सबके भगवान हैं?... आपने दूसरे आदमियों को खरीद रखा है? ऐसा मत कीजिए। यह गलतफहमी है। अपने व्यक्तित्व को विकसित करके सारे ...
- आप सबको खुश नहीं रख सकते, तो फिर किसे खुश करना चाहिए?... एक भगवान को खुश करना चाहिए और एक अपनी अन्तरात्मा को खुश करना चाहिए। इन दो के अलावा किसी तीसरे को खुश ...
- आप सबसे ज्यादा किसको प्यार करते हैं?... हम झाड़ी में छिपे बैठे रहते हैं। वे जैसे ही आते हैं, हम उन्हें खट् से पकड़ लेते हैं और सेकण्डों में ...
- आप समझते क्यों नहीं हैं?... इनसे हमारा जीवन तैयार होता है। इनसे हमारा सारे के सारा कलेवर तैयार होता है। इन वस्तुओं से हमारा व्यक...
- आप समझते क्यों नहीं?... इसी का नाम अध्यात्म है।
अध्यात्म किसे कहते हैं? 'साइंस ऑफ सोल' को अध्यात्म कहते हैं। सोल की स...
- आप समझते क्यों नहीं?... नहीं साहब! इसमें फूल आते हैं, फल आते हैं। हाँ, इसमें फूल भी आते हैं, फल भी आते हैं, यह बात आपकी सह...
- आप समझते नहीं हैं?... दूसरे का आशीर्वाद एवं वरदान आपकी सामयिक आवश्यकताएँ तो पूरी कर सकता हैं, परन्तु आगे केवल आपका पुरुषा...
- आप समझते नहीं क्या?... गलतफहमी को क्यों दबाए बैठे हैं। गलतफहमी को आप हटा दीजिए। मैं आपसे प्रार्थना करूँगा कि अगर आपके मन मे...
- आप समझते नहीं क्या?... आप अपने काम को समझिए।
मित्रो! इस काम को करने के लिए अगर आपको खिलवाड़ करनी हो, मजाक बनाना हो,...
- आप समझते हैं कि यह सब ऐसे ही हो गया है?... नहीं बेटे! ऐसे ही नहीं हुआ है। अपने जीवन को परिष्कृत करने के लिए हमें बहुत ताकत खरच करनी पड़ी, ताकि ...
- आप सवेरे उठते ही यह विचार किया कीजिए, चिन्तन और मनन किया कीजिए कि आखिर जीवन क्या है?... चौरासी लाख योनियों में से जो सुविधाएँ किसी को नहीं मिलीं, हमको क्यों मिलीं? विचार तो कीजिए कि भग...
- आप सहायता करते हैं?... हाँ, हमने सहायता की है।
मित्रो! हमने लाखों आदमियों की आँखों में से बहते हुए आँसुओं को पोंछा है औ...
- आप सहायता नहीं करेंगे?... बेटे! हम सहायता जरूर करेंगे। तो फिर क्यों लोगों को धमका देते हैं? धमका इसलिए देते हैं कि आपको अपने स...
- आप सही मानना हम भीतर ही भीतर ऐसे तिलमिला जाते हैं, पर क्या करें?... सिर धुनकर रह जाते हैं। हम अपने भाग्य को कोसते हुए रह जाते हैं और लानत उन पर डालते हैं कि जो हमारे कह...
- आप सही हिन्दी भाषा कहाँ बोलते हैं?... आधी लैंग्वेज तो आ ही जाती है गुजराती में, तो हमारी भी हिन्दी आ जाएगी। हम बोलेंगे, बिलकुल गुजराती बोल...
- आप सांसारिक गुरुभक्ति को देखना चाहें तो शिवाजी को देख लीजिए कि समर्थ गुरु रामदास का चेला कैसा हो सकता है?... इन सबको आप देख लीजिए।
वास्तविक चेला कौन?
नहीं महाराज जी! मैं तो आपका चेला हूँ। आपसे ...
- आप सांसारिक जीवन की बात जानते हैं न?... सांसारिक जीवन में भी अगर वातावरण न मिले तो बहुत मुश्किलें पैदा हो जाती है। खुशबूदार चन्दन मैसूर और क...
- आप सांसारिक मुक्ति का अर्थ समझ गए होंगे न?... अच्छा, अब उसकी बात सोचिए कि मोह से मुक्ति क्या है? बन्धनों से मुक्ति क्या है?बन्धनों से मुक्ति यह है...
- आप सिद्धपुरुष बनते हैं कि नहीं?... आप चमत्कृत होते हैं कि नहीं? भगवान आपके घर में सेवा-सहायता करने के लिए आते हैं कि नहीं? ऐसी है साधना...
- आप सिनेमा ही तो देखते थे न?... ताश ही तो खेलते थे न? मन कहाँ गया था? अपने भगवान् के पास गया था। आपने भगवान् की शकल बना दी थी सिनेमा...
- आप सीमाबद्ध कैसे बने हुए हैं?... आप वासना और तृष्णा के बन्धनों से ऊँचे क्यों नहीं उठ सके? देवता ने आपकी मदद की होती, तो आपके पास सिद्ध...
- आप सुनते नहीं हैं, न जाने किस मिट्टी के बने हैं?... आपको न जाने कौन दुष्ट, न जाने कौन बेईमान सिखा गया है कि कर्मकाण्ड कर लीजिए और वैकुण्ठ को जाइए। कर्मक...
- आप सुबह उठेंगे, तो अकेले उठेंगे न, दो तो एक साथ नहीं उठ सकते?... यह आपका एकान्त जीवन है। सायंकाल को सोते समय आप उस एकान्त जीवन में ऐसे विचार किया कीजिए कि हमारे जीवन क...
- आप सूखी हड्डी हैं न?... हाँ साहब! और हम लोग कुत्ते हैं न, हाँ! देखिए हम अपनी जवानी, अपना शौर्य, अपना तेज, अपना ओजस्, बारूद क...
- आप सूखे हैं?... नहीं, हम सूखे नहीं हैं। छोटी-सी हमारी हस्ती, छोटा-सा हमारा व्यक्तित्व है, जिसमें हमने यह फर्ज और यह ...
- आप से हम सीधे न कहेंगे?... हम सीधे कहेंगे और आपको सुननी पड़ेगी, हम सुनाएँगे और आपको सुननी पड़ेगी।
हम आपको जबरदस्ती सुनाएँगे क...
- आप सौ गज की चारपाई पर सो करके दिखाइये?... आप ऐसा कीजिए कि कुर्ता बनवाइए, जो सौ गज का हो। आप इतना बड़ा कुर्ता सिलवाइए, तब मैं जानूँ कि आप कै...
- आप सौ हाथ की चारपाई पर सोइये?... सौ हाथ की चारपाई पर सोयेंगे, तो फिर घर में न उठने की जगह, न फैलने की जगह और न कहीं ठहरने की जगह मि...
- आप स्वयं कुछ नहीं थे, स्वयं कहाँ थे?... स्वयं तो जैसे थे, वैसे ही थे, लेकिन गुरुजी ने आपके अन्दर ज्ञान की गंगा को प्रवाहित करके आपको देवताओं...
- आप स्वर्ग में क्यों नहीं रहना चाहते?... मैं कहूँगा कि मैं स्वर्ग में नहीं रहना चाहता, मुझे तो उन गरीबों और पिछड़े हुए लोगों के साथ भेज दी...
- आप स्वामी जी को बुलाते हैं, तो उनको फर्स्ट क्लास का टिकट दिया है या नहीं?... आप हमें बुलाएँगे तो दान-दक्षिणा देंगे कि नहीं? आप पेट्रोल का खरच तो देंगे ही। हाँ साहब! हम देंगे। अच...
- आप हनुमान जी को पूजेंगे, लक्ष्मी जी को पूजेंगे, फिर काम को क्यों नहीं पूजते?... इसमें ईमानदारी का समावेश कीजिए। आप जो भी काम करते हैं, उसको ईमानदारी के साथ मिला दीजिए और देखिये क...
- आप हनुमान जी को समझते क्या हैं?... देवी को आपने क्या समझ रखा है? आपसे मैं पूछता हूँ कि आप लक्ष्मी जी को समझते क्या हैं? वे आपके जैसी फर...
- आप हमको दिखा सकते हैं?... उन्होंने कहा—हाँ, हम आपको दिखा सकते हैं। तो दिखा दीजिए? उन्होंने कहा—बैठ जा, अभी दिखाते हैं। इतनी जल...
- आप हमसे क्यों प्रसन्न हैं?... इसलिए प्रसन्न हैं कि हम प्यास के मारे मरे जाते थे। अच्छा पानी हम पी नहीं सकते थे और गन्दा पानी तलाश क...
- आप हमारा क्या नुकसान कर सकते हैं?... ज्यादा से ज्यादा यही कर सकते हैं कि हमारे शरीर को कोई नुकसान पहुँचा दें। कोई थोड़े बहुत पैसे का नुकसा...
- आप हमारा नाम शेखचिल्ली क्यों रखेंगे?... इसलिए रखेंगे कि शेखचिल्ली की हैसियत और तेरी हैसियत बिल्कुल एक जैसी है। तराजू के एक पलड़े में शेखचिल्ल...
- आप हमारी जिन्दगी के पन्ने पढ़ते हुए चले जाइये और यह देखते हुए चले जाइये कि जब से हम पैदा हुए हैं, तब से लेकर अब तक हमने क्या किया है?... आप हमारे ज्ञान को पढ़िए, हमारी विद्या को पढ़िए। हमने दूसरों की मदद की है, उसको पढ़िए। हमने स्वयं उन...
- आप हमारे इस परिजन को क्यों तंग कर रहे हैं?... वह कहेंगे कि हम तो इन्हें नहीं जानते, हम क्यों कुछ करेंगे। इन्होंने हमारा क्या बिगाड़ा है, जो हम इन्...
- आप हमारे यहाँ आये 'शान्तिकुञ्ज' में, तो आप खाली हाथ कैसे जा सकते हैं?... पात्रता के अनुरूप आपको अवश्य मिलेगा। अपने आप की सफाई आप इसी दृष्टि से करेंगे। जो आप यहाँ कामना लेकर ...
- आप हमारे यहाँ सन्तान नहीं पैदा कर सकते?... हाँ, मंत्रों से सन्तान हो सकती है। पुत्रेष्टि यज्ञ का शास्त्रों में बहुत माहात्म्य बताया गया है और कह...
- आप हमारे वानप्रस्थ शिविर में आ करके क्या फायदा उठाएँगे?... महाराज जी! बोलने की शैली आ जाए बस। बोलने की शैली बेटे! एक छोटी-सी, जरा-सी बात है, 'तिल के पीछे ताड़'...
- आप हमें अन्यान्य भाषा-भाषियों के पास भेजते हैं तो हम दुभाषिए के पास भेजते हैं, तो हम दुभाषिए कहाँ से लाएँगे?... हमें भेजने की आवश्यकता क्या है? किसी और को भेज दीजिए, जो उन लोगों की भाषा को समझ सकता हो। उन्होंने ह...
- आप हमें बुलाएँगे तो दान-दक्षिणा देंगे कि नहीं?... आप पेट्रोल का खरच तो देंगे ही। हाँ साहब! हम देंगे। अच्छा तो यह पक्की बात है। आप शंकर भगवान् को बुलान...
- आप हमें लड़ाई-झगड़े में क्यों फँसाते हैं?... इस पर श्रीकृष्ण भगवान ने अर्जुन को खूब गालियाँ सुनाईं और कहा, ‘तू क्लीव है, नपुँसक है, तू ऐसा है, तू...
- आप हमें सन्तान पाने का, लक्ष्मी पाने का और मुकदमा जीतने का मंत्र बताइये?... पागल हो गया है क्या? हमको मंत्र कहाँ आते हैं? तो फिर आपका नाम प्रधानमंत्री क्यों है? बेटे, मंत्र क...
- आप हिंदुओं तक ही सीमित क्यों रह जाते?... हमारे यहाँ क्यों नहीं आते? सब बेकार की बकवास है।
मित्रो! ईसाई से हमने यह पूछा कि हनुमान जी के बा...
- आप हिमालय गये थे, तो क्या-क्या चमत्कार सीखकर आये?... ले बेटे, देख ले, तेरे बालों में से अभी कबूतर निकालकर दिखा देते हैं। आऽऽहा! बस, बाबा! असली कबूतर तो...
- आप ही बताइए कि क्या करना चाहिए?... मेरी पत्नी ने कहा है कि आपकी कृपा हो जाए तो सब कुछ हो सकता है। उसने कहा है कि आचार्य जी को लोग जानते...
- आप ही बताइए कि भविष्य के लिए क्या करना चाहिए?... हाँ बेटे! इस समय जहाँ आप खड़े हुए हैं, वहाँ दो बातें सामने हैं। इस समय उनमें से एक बात को कम महत्त्व...
- आप ही बताइए कि सही बात क्या है?... बेटे, पेड़ की जड़ें जमीन में होती हैं, जो दिखाई नहीं पड़ती। ये जड़ें जमीन से रस चूसती हैं और उसे चूस...
- आप ही बताइये कि मेरे बारे में यह जो अफवाहें फैलाई हुई हैं, यह मेरे गौरव के अनुरूप हैं या नहीं?... यह तो आपके गौरव को गिराती हैं। आपको समझदार लोगों की आँखों में गिराती हैं। समझदार आदमी तो यह समझेगा क...
- आप ही बताइये?... ध्यान कैसे करें? मित्रो! हो सकता है, श्रीकृष्ण भगवान् ऐसे रहे हों- काले से और ऐसा छोटा सा मुँह, छो...
- आप ही बताइये?... उनको हम कहाँ रख सकते हैं। जीवट पैदा करना है—सत्संग का उद्देश्य इसलिए मित्रो! उन लोगों के लिए कोई स्थ...
- आप ही बैठकर खाएँगे?... नहीं, यह मत कीजिए। हमारा कहना मानिए। इस मिठाई को सभी बच्चों में बाँट दीजिए। नहीं साहब! बच्चे तो कमात...
- आप ही लिखते हैं?... हम ही लिखते हैं। ये कैसे हो गया? इतने लम्बे जीवन का आप हिसाब लगा लीजिए। मैं आपको हिसाब लगाकर बता सकता...
- आप हीटर जलाते हैं, कितनी बिजली जल जाती है?... ढाई रुपये की और ये हीटर कितने रुपये में आता है?
मित्रो! आसमान से लाइट बरसती है, रोशनी बरसती ह...
- आप हुकुम चला रहे थे हमारे ऊपर?... हाँ साहब, हम तो हुकुम चलाएँगे आपके ऊपर, हम तो चेला हैं। बड़ा आया चेला।
अपने मन को भगवान के सा...
- आप हैं कौन?... हमें बतलाइये। भाषण से क्या होगा? आप हमारी बात मानिये। आपको बोलना नहीं आता है तो हम क्या करें? आप प...
- आप हैं कौन?... जरा शीशे में मुँह देख करके आना। अजी साहब। ये तो वही चेहरा है जो देवी को नारियल खिलाते हैं और हम वह...
- आपका अभी सिर दर्द हो रहा है और अभी बन्द हो जाये तो?... महाराज जी! यह जादू है। हाँ बेटे, हम जादूगर हैं। आपका बुखार बन्द कर देंगे और हार्ट की बीमारी बन्द कर ...
- आपका अन्न कैसा है?... महाराज जी! अन्न में तो मिर्च भी है, मसाले भी हैं। होटल में भी खाता हूँ। बेटे, यह तो सब उत्तेजक हैं...
- आपका अहं कहाँ रह गया?... बेटे, आपकी ये इच्छाएँ कभी पूरी नहीं हो सकतीं।
श्रेष्ठ जीवन जीने की महत्त्वाकाँक्षा
ल...
- आपका इष्ट क्या है?... हमारे इष्ट शंकर भगवान हैं। आप क्या बनना चाहते हैं? इष्ट के माध्यम से आप अपने जीवन का यह लक्ष्य न...
- आपका इष्ट क्या है?... देवी। आपका इष्ट क्या है? रामचंद्र जी। आपका इष्ट क्या है? गणेश जी। सबके इष्ट होते हैं न? हाँ साहब! क्...
- आपका एक यह भीतरी मोर्चा है, जिस पर आपको चलना है और बाहर का मोर्चा?... हाँ बेटे, मैं बाहर का भी बताता हूँ। आपके घर के भीतर जो दुष्ट परम्पराएँ चलती हैं, मैं उसके लिए भी आ...
- आपका और उनका क्या मुकाबला?... बेचारा कर्ण जब कभी आवेश में आता, तभी वह शल्य ऐसी फुलझड़ी छोड़ देता कि उसका खून ठंडा हो जाता। आपने भी...
- आपका काम कैसे करूँगा?... सम्राट मान्धाता उनके पास आए। उन्होंने कहा शंकराचार्य! आप शंकर दिग्विजय करने के लिए विश्व में जा रहे ...
- आपका कुटुँब कहाँ है?... कितना बड़ा है। गुरुजी! हमारा कुटुँब बहुत बड़ा है। परिवार में अनेक सदस्य हैं। बेटे! उसे घर नहीं, जेलख...
- आपका कोई त्याग-बलिदान है?... हाँ साहब! हमारा बहुत बड़ा त्याग-बलिदान है। हमने समाज की बड़ी सेवा की। हम दो वर्ष के लिए जेल गए। हाँ ...
- आपका कौन-सा इष्ट है?... साहब! हमारे इष्ट हैं—हनुमान और आपका इष्ट क्या है? देवी। आपका इष्ट क्या है? रामचंद्र जी। आपका इष्ट क्...
- आपका क्या काम बना दें?... हमारा किरायेदार से मुकदमा चल रहा है, मकान खाली करवा दीजिए। अच्छा यह मामला है। हाँ साहब! तो आप दबाव...
- आपका क्या ख्याल है?... आप बताना कि हम जहाँ भी गए हैं, वहाँ कितने आदमी आए हैं। अभी भी हम 10-15 जगह होकर के आए हैं। अभी महीना...
- आपका क्या मतलब है?... बेटे! इसका मतलब यह है कि अभी तक हमारी प्रेरणा का केन्द्र बहुत ही छोटा और घटिया रहा है। अब आप इसको बदल...
- आपका क्या मतलब है?... यह रोटी ही रखी है आपके सामने। मिठाई रखी हैं, पूड़ी-कचौड़ी रखी हैं। आपका क्या मतलब है? नहीं केवल रोटी ख...
- आपका क्या मामला है?... आप बताइए। वसिष्ठ जी की जीवात्मा का हम आह्वान करते हैं और पूछते हैं कि बताइए साहब! हम क्या काम करें? ...
- आपका क्या मामला है?... अरे साहब! हमारी मम्मी जान के पीछे हाथ धोकर पड़ी थी। कहती थी कि बेटे का ब्याह करूँगी। बेटे के पोता पै...
- आपका क्या यही ख्याल है कि सिद्धियाँ और ऋद्धियाँ पाने के लिए हम तप कर रहे हैं?... नहीं बेटे, यह तो हमने बहुत पहले से ही प्राप्त कर लिए थे। स्वर्ग हमारी निगाहों में है। हमारी आँखों ...
- आपका क्या हाल है?... अरे साहब! हम तो काम करते- करते मरे जाते हैं। आपको तो टाइम है, पर हमको जरा भी टाइम नहीं है। नहीं सा...
- आपका खुद का मकान है कि नहीं?... आप कहाँ तक पढ़े हुए हैं? आपके पास कितने कुटुम्बी हैं? आपको सफलता मिली कि नहीं मिली। आप कैसा डिवीजन ला...
- आपका खेल-खिलौना देखने को उनको फुरसत कहाँ है?... उनको एक ही चीज देखने की फुरसत है कि आपके अन्दर पात्रता कितनी है। आपको कोई सुख मिला या और कोई दूसरी बा...
- आपका गुरु हमको दे देगा?... नहीं बेटे, आपको नहीं देगा। गुरु जी आप हमको अपने गुरु जी का साक्षात्कार करा दें। हाँ बेटे, हम दर्शन त...
- आपका जमा क्या है?... हाँ जमा है, तो हमारा जमा कर लेते? नहीं बेटे! कोई चोर छीन ले जाएगा, इसलिए हम पैसे अपने पास नहीं रखते।...
- आपका जीवन लक्ष्य क्या है?... जो भी आपका लक्ष्य है, जो कुछ भी आपको बनना है, उसके लिए एक- एक शक्लें बना दी गयीं हैं। आपको पराक्रम...
- आपका जो बैरी था, उसने पहले आपका कितना नुकसान किया था?... पहले मालूम पड़ता था कि वह बहुत बड़ा नुकसान करेगा, लेकिन पीछे पता चला कि वह आपका कुछ नहीं बिगाड़ सका। बे...
- आपका पेट फटा नहीं?... सिगरेट के बण्डल खाली करते रहते हैं, आपको शरम नहीं आती? आपको ख्याल नहीं आया कि हमारी बहन के घर में कैस...
- आपका बैंक में एकाउंट है?... नहीं साहब! बैंक में तो कोई एकाउंट नहीं है, तो फिर किस बात के माँगते हैं। दर्शन की फिलॉसफी नहीं समझते...
- आपका भगवत् भजन क्या है, आपकी सन्तोषी माँ की पूजा क्या है, आपका हनुमान चालीसा क्या है बताइए जरा?... सारी-की धुरी का जब हम पोस्टमार्टम करते हैं, विश्लेषण करते हैं तो आज का अध्यात्म, पुरातन नहीं, पूरी त...
- आपका भगवान कौन सा है?... साहब! लम्बी मूँछों का। आपका भगवान? लम्बी पूँछ वाला। आपका भगवान? दाढ़ी रखाए हुए। आपका भगवान? खप्पर लिए ...
- आपका भगवान कौन है?... कोई आपका रिश्तेदार है भगवान? साला है? भगवान आपका कोई नहीं है। भगवान तो आपके लिए वह साधन है जिससे आ...
- आपका भविष्य किन बातों से बनता है और किन बातों से नहीं बनता है?... अगर आप यह बात तय करने लगेंगे, तो मैं आपको ज्ञानवान कहूँगा। ज्ञानवानों की कहानी आपने पढ़ी है न? भगवान ...
- आपका भाई कमाने वाला है, आपने इतना कमा लिया है, तो फिर क्यों आप उसमें पड़े हैं?... आप उसमें से तो निकलकर आइए? आपको मिशन माँगता है, गुरुजी माँगते हैं और हम आपको माँगते हैं कि आप आ जाइए...
- आपका भानजा, जो गरीबी में दिन काट रहा है, उसको क्यों नहीं मिलना चाहिए?... नहीं साहब! उसको नहीं मिलना चाहिए, मेरे बेटे को मिलना चाहिए। बेटे और उसमें क्या फरक है? नहीं साहब! बे...
- आपका मकसद तो यहाँ उद्घाटन कराने का था?... हाँ बेटे, उद्घाटन तो कराना चाहता हूँ, लेकिन जिस उद्घाटन को आप लोग करने के लिए आए हैं, वह एक सामयिक घ...
- आपका मकान बिकाऊ है?... हाँ! कितनी कीमत है? बीस लाख रुपये। अच्छा साहब! तैयार हैं? हाँ, कल रुपये लेकर आऊँगा। फिर उसने विचार क...
- आपका मन किस भगवान् में पड़ा हुआ है?... भगवान् का जैसा स्वरूप आप निर्धारित कर लेंगे, वही तो आयेगा।...
- आपका मन क्यों नहीं लगता?... वजह क्या है? आपका कोई लक्ष्य थोड़े ही है। मन हमेशा एक काम में लगता है, जो जीवन का लक्ष्य है।...
- आपका मन नहीं लगता और आप समय भी नहीं लगाते, क्यों?... क्योंकि आपके भीतर निराशा छाई हुई है। किस बात की निराशा? आपके भीतर वाले ईमान ने कहा—बेकार की बात है। ...
- आपका यह आत्मबल कब पैदा हो सकता है?... जब आपके अन्दर शिव और शक्ति का उदय हो जाएगा, तब। शक्ति कौन हैं? पार्वती हैं। पार्वती से क्या मतलब है? ...
- आपका यही कहना है ना?... जी हाँ, यही कहना है?
हमारी शिकायत, भगवान का जवाब
मित्रो! नारद जी भी यही कहते थे। नार...
- आपका यही ख्याल है न?... नहीं साहब! हमारा यह ख्याल नहीं है। मित्रो ! मेरी जिन्दगी के दिन इतने नजदीक आते चले जा रहे हैं कि मैं ...
- आपका ये अखण्ड कीर्तन बन्द हो जाए तो आपको नाराजगी है?... नहीं मुझे कोई नाराजगी नहीं है, मुझे बहुत प्रसन्नता है। ये कौन से मन्दिर, भिन्न-भिन्न देवियों के मन्दिर...
- आपका ये कौन लगता है?... कोई नहीं लगता। क्यों साहब, फिर ये आपके कमरे में क्यों रहते हैं? कशिश ने इन्हें खींच लिया। जुआरी के प...
- आपका वंश डूबता है, तो डूब जाए, ऐसे वंश से क्या फायदा?... ऐसा स्वार्थी आदमी जो अपनी बीबी के पेट से निकले बच्चे को ही अपना बच्चा समझता है तथा बाकी बच्चों को बक...
- आपका शरीर कितने हार्सपावर का है?... साहब! हमारा शरीर डेढ़ हार्सपावर का है। आपका पौने दो हार्सपावर का है और आपका आधे हार्सपावर का है। इस त...
- आपका सामान कहाँ है?... अरे भाई! गरमी के दिन हैं, सामान की क्या जरूरत है? अरे साहब! आजकल बड़ी भीड़ है। सारी जगह भरी हुई है। ...
- आपका स्वर्ग से कुछ वास्ता है क्या?... आप तो ताकत की बात पूछते हैं, दौलत की बात पूछते हैं। हनुमान जी को दौलत मिली कि नहीं मिली? रामचन्द्र ज...
- आपका स्वास्थ्य कैसा है?... अच्छा है। डॉक्टर रोज बताते हैं कि ब्लड प्रेशर की शिकायत है। नमक बन्द कीजिए। गुर्दे की शिकायत है, नमक ...
- आपका ही है तो आप नहीं समझते क्या?... मैं तो कहूँगी उनका लाखों गुना, करोड़ों गुना अनुदान बरसता रहा और अभी भी बरसता है। पत्नी के लिए माँगा ...
- आपकी कितनी सम्पत्ति और कितनी जायदाद है?... मैं कागज-पेंसिल लेकर बैठ गया और पूछा कि आप अपनी फैक्ट्री के, मशीनों के और अपनी जायदाद के दाम बताइय...
- आपकी बीबी भयंकर है और गाली देने वाली है, तो आपका क्या बिगाड़ सकती है?... आपको मैं कितनी बार एक किस्सा सुनाता रहा हूँ। सन्त तुकाराम का किस्सा न जाने कितनी बार सुनाया है। एक ...
- आपकी अकल में क्या जंग लग गई?... नहीं बेटे, जंग नहीं लग गई। आप नई शक्ति लेकर के जाइए।
आज आत्मसमीक्षा का दिन है। आज आत्मसमीक्षा कीज...
- आपकी अकल कहाँ चली गई थी?... आपने क्यों दिया? हमको गालियाँ पड़ीं और आपका घी चला गया।क्यों रे अभागे! घी लेने ऐसे ही चला गया था...
- आपकी अकल का क्या कहना?... वह गवाह जो आपसे मुद्दा ले गया है, आपने उसके ऊपर से अब यह वहम हटा दिया है कि झूठ नहीं बोलना चाहिए। 'झ...
- आपकी अटैची कहाँ है?... बेडिंग कहाँ है। नहीं साहब! हमारे पास तो अटैची नहीं है और बेडिंग भी नहीं है। अच्छा तो धर्मशाला में ...
- आपकी अपनी आवश्यकताएँ ही पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो आप दूसरों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कहाँ से लाएँगे?... इसलिए भी कि हमारे आर्थिक खरचों के हिसाब से मितव्ययिता को बरतना आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है और य...
- आपकी आँखें भी बरकरार हैं; फिर क्यों दीपक जलाते हैं और क्यों पैसा खराब करवाते हैं?... मित्रो! सवाल इतना छोटा सा है, लेकिन इसके निहितार्थ बहुत गूढ़ हैं। इसका सम्बन्ध भावनात्मक स्तर के वि...
- आपकी आवश्यकताएँ क्या हैं, जरा बताना?... मुट्ठी भर आपकी आवश्यकताएँ हैं। चार रोटी आप खाते हैं। चार रोटी तो आप दो घण्टे की कमाई में खा सकते हैं।...
- आपकी इच्छा क्यों नहीं हुई?... बेटे! इच्छा तो थी, पर एक ही इच्छा थी—राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ विश्राम।
सलाह लें दिव्य...
- आपकी इच्छाएँ क्या हैं?... आप यह सभी कुछ हमें बताइए। गुरुजी! आप तो जानते ही हैं कि हमारा टेस्ट क्या है। आपको तो हमारी सब इच्छाए...
- आपकी उन्नति में कौन-कौन सहायक हुआ है?... बेटे! आध्यात्मिक दृष्टि से गायत्री मंत्र हुआ है, किन्तु इन सबके पीछे जो चमत्कार आपको दिखाई देता है,...
- आपकी उम्र कितनी है?... बेटे, मेरी उम्र सत्ताईस साल हो सकती है। अरे साहब! अभी तो आप कह रहे थे कि आपकी उम्र सड़सठ साल की है। ह...
- आपकी औकात क्या है?... स्थूलशरीर का वजन और वकत जो ली जाती है, वह उसके कर्मों के आधार पर ली जा सकती है। उसकी वकत को शक्ल के ...
- आपकी कठिनाइयों को दूर करने में, आपको वरदान और आशीर्वाद देने में कहाँ समर्थ हो सके?... आपकी दिक्कतें जहाँ की तहाँ हैं और आपकी कठिनाइयाँ जहाँ की तहाँ हैं। हमारा वरदान आपके क्या काम आया? ...
- आपकी कौन सी बात है?... हमारी बात यह है कि बादल समुद्र में से पैदा होते हैं। नहीं साहब! बादल तो ऊपर से सूरज पर से आते है...
- आपकी क्या आमदनी है?... मैं नहीं जानता।
मैं तो यह कहता हूँ कि आमदनी आपकी ज्यादा है, तो किसी और काम में खरच करिए। हमारी आ...
- आपकी क्या इच्छा है?... आपका मन किस भगवान् में पड़ा हुआ है? भगवान् का जैसा स्वरूप आप निर्धारित कर लेंगे, वही तो आयेगा।...
- आपकी क्या ताकत है, जो आप मुझे खा सकती हैं?... आप नहीं खा सकतीं। मेरे गुरु ने मेरे अन्दर इतना साहस और इतना बल भर दिया है कि आप खा नहीं सकतीं। आपको ...
- आपकी क्या मंशा थी?... जरा बताइए तो सही, जिससे हम भी आपकी मदद करें। अरे साहब! दो ही मंशाएँ हैं, तीसरी कोई मंशा नहीं है। पैस...
- आपकी क्या माँग थी?... साहब! पंद्रह पैसे की एक खपच्ची फाड़कर ले गए और वहाँ जो पेड़ थे, उन पर रस्सी से बाँधकर आए और यह कहकर ...
- आपकी क्या राय है?... सबने कहा—''गुरुजी ! अगर आप ईमानदारी से धन इकट्ठा करना चाहते हैं तो पेट भरने लायक रोटी आपको मिल सकती ...
- आपकी क्रिया में और दृष्टि में फरक हुआ तब?... तो आपका अनाथ पालन ऐसी विडंबना बन जाएगा, मसलन ऐसे कई अनाथालय देखे गए हैं, जो किराए के बच्चों को नौकरी...
- आपकी खुराक कुछ होनी चाहिए?... मैंने कहा कि हम भगवान का काम करते हैं, तो भगवान खुराक देगा ही। किसी ने माताजी को बता दिया कि आचार्य ...
- आपकी जब शादी हुई थी तब आपको एक अच्छी-खासी धर्म पत्नी मिली थी न, किसने दी थी उसे?... उस लड़की के माता-पिता ने बड़ी मेहनत से अच्छी सुयोग्य लड़की बना करके, पाल-पोश कर सुशिक्षित बनाकर उसे ...
- आपकी जबान काम नहीं देती है तो क्या?... हाथ-पाँव तो काम देते हैं, आपका श्रम काम देता है, आपका पसीना काम देता है। अभी हमको एक जमीन खरीदनी है,...
- आपकी जिन्दगी की मुसीबतें क्या हैं?... वह टिड्डा है, जो आपको तंग करता रहता है। नहीं साहब! गरीबी है। कहाँ है गरीबी? आप बताइये कि रोटी खाते...
- आपकी जिह्वा को किसी के गुणों का वर्णन करना आता है कि नहीं आता है?... आपने किसी के गुणों का वर्णन किया है? अपने पिताजी से कभी यह कहा कि पिताजी! आपने न जाने क्या-क्या कष्ट...
- आपकी जीभ की बात कोई क्यों मानेगा?... आपके मुँह में जीभ है, जिससे आप उपदेश करते हैं, पर व्यवहार अलग तरह का करते हैं। सारी दुनिया के लोग इस...
- आपकी जेब से निकाला और उसे काम में ले लिया, कौन रखवाली करेगा इसकी?... हमें रखवाली नहीं करनी है।
हमें तो उतना ही चाहिए, जितना हमारी आवश्यकता है, तब हम बैंक से ले लेते ह...
- आपकी दाढ़ी-मूँछ भूरी क्यों न हो गई हो?... चाहे आपके झुर्रियाँ क्यों न पड़ गई हों? लेकिन मेरे लिए तो आप वही हैं, जैसे कि छोटा अबोध बच्चा हो और ...
- आपकी दुकान चलती है?... हाँ साहब! कमाते भी उसी से हैं और खाते-खिलाते भी हैं। बेचते हैं और खरीदते भी हैं। अच्छा तो आप शर्मा ज...
- आपकी दृष्टि में इसके अतिरिक्त और कोई सौभाग्य होता है क्या?... नहीं होता। बेटे! यह सौभाग्य नहीं होता। सौभाग्य वह होता है, जिसमें आदमी अजर-अमर हो जाता है। बेटे! सौभ...
- आपकी निष्ठाएँ किस चीज पर जमी हैं?... आपकी पसन्दगी क्या है? आपकी रुचि क्या है? आप विचारते क्या हैं? आपकी इच्छाएँ क्या हैं? आप यह सभी कुछ हम...
- आपकी पत्नी कैसी है?... बड़े कड़ुए स्वभाव की है, तो आप अपना फर्ज पूरा कीजिए। बीबी अपना फर्ज पूरा नहीं करती, तो हम क्या करें?...
- आपकी परिभाषा के मुताबिक़ यही तरीका है न?... जैसे आप, वैसे आपके विचार। जैसे आपके सिद्धान्त, जैसे आपके विश्वास—एक से बढ़कर एक वाहियात हैं—बृहस्पति ...
- आपकी परिभाषा यही है कि बिना परिश्रम किये, बिना योग्यता के जो धन मिल जाता है, उसी को लक्ष्मी जी कहते हैं न?... हाँ साहब! हम तो उसी को लक्ष्मी जी कहते हैं। ठीक है, हम आपकी बात समझ गये। बेटे, लक्ष्मी जी इस तरी...
- आपकी परिस्थितियाँ बाधित होती हैं, तो आप अपने कर्तव्य पूरे कैसे करेंगे?... बेटे! परिस्थितियों से तालमेल बैठाना आपके मन का काम है। आपका मन मनोमय कोश की सिद्धि है। मनोमय कोश की ...
- आपकी पसन्दगी क्या है?... आपकी रुचि क्या है? आप विचारते क्या हैं? आपकी इच्छाएँ क्या हैं? आप यह सभी कुछ हमें बताइए। गुरुजी! आप ...
- आपकी पार्टी कौन सी है?... जो भी आपकी पार्टी है, उसी को दे देंगे। नहीं साहब! आप बताइए तो सही कि आपकी कौन सी पार्टी है? भाई! हम ...
- आपकी पिटाई किसने कराई है बताना जरा?... आपको पिटाई जीभ ने कराई है। यह तो उलटा-सीधा कहकर लपालप मुँह में घुस जाती है और जूते आपके सिर पर पड़ती...
- आपकी पुरानी जिन्दगी यही है?... हाँ साहब! यही है। आप तो बड़े ताकतवर मालूम पड़ते थे। अरे साहब! ताकतवर कहाँ, हम तो अव्वल दर्जे के डरपोक ...
- आपकी प्लानिंग क्या है?... बेटे हमारी प्लानिंग सारे विश्व के लिए है। अतः गायत्री माता इस रजत जयन्ती वर्ष से नये रूप में प्रकट ह...
- आपकी बहन और बेटी का फोटो ले जाकर के कोई आदमी अपने कमरे में टाँग ले और गन्दी आँख से देखे, तो क्या आपको पसन्द है?... नहीं, आपको पसन्द नहीं है। फिर आप सिनेमा में क्या देखने गये थे? और आपके कमरे में जो तस्वीरें हैं, कैल...
- आपकी बात कैसे सही है?... आपने क्या देखा है? हमने बादल बरसते देखे हैं। बादल जब बरसते हैं तो पानी गिरता है और उससे अनाज पैद...
- आपकी बातों को हमने सुन लिया है और कहा है कि बेकार की रामकहानी कहकर हमारा समय क्यों खराब करते हैं?... हमें राम कहानी से क्या मतलब है, आप मतलब की बात कहिये।साथियों! हमारे मौन धारण करने का एक और कारण है। ...
- आपकी बिरादरी क्या है?... हम तो धोबी और भंगी हैं
कोई मुझसे जब मेरी अच्छी बिरादरी जानना चाहता है तो हम कहते है कि धोबी ...
- आपकी बीबी कमाती तो नहीं है?... नहीं साहब! तो आप उसकी सहायता कीजिए। आपका बच्चा कमाता नहीं है, तो उसकी सहायता कीजिए। और आपका पिता कमा...
- आपकी बीबी के पड़े, बीबी के पड़े?... बीबी ने जूते चप्पल तो नहीं मारे, पर आपके साथ ऐसा व्यवहार किया जो जूते से भी ज्यादा था। जीभ पर काबू न...
- आपकी बीबी क्या आपके घर में रोटी, कपड़ा के लिए आई है?... क्या उसके घर में इनकी कमी थी? उसके घर में जब नौकरानी काम करती है, तो यहाँ किसलिए आई है? कामवासना की ...
- आपकी बीबी नौवीं दरजा तक पढ़कर आई थी, आपने उसे आगे पढ़ाया या नहीं?... केवल यह कह दिया कि हम तो गरम खाना खाएँगे, चाहे दिन के दो बजे हों या रात ही क्यों न हो, तुम्हें उसी स...
- आपकी बेड़ियों को मैं काटूँगा क्योंकि हमारे बाद इन बच्चों को खिलाने वाला, नर्सिंगहोम चलाने वाला कहाँ से लायेंगे?... यह अस्पताल बन्द हो जाने पर आपके अनुभव के बिना इनका ऑपरेशन कौन करेगा? इनसान को उठाया नहीं जा सका तो...
- आपकी मनोकामना पूरी हुई कि नहीं?... आपने शिकायत की कि नहीं की? अच्छा तो ऐसा किया कर कि चौबीस हजार गायत्री मंत्र भी लिख दिया कर और उसके...
- आपकी मरजी के मुताबिक?... हाँ साहब! हमारी मरजी के मुताबिक भगवान को चलना चाहिए। आप यह क्या कह रहे हैं? जरा आप सोचिए तो सही, आखि...
- आपकी मैं कोई सेवा कर सकती हूँ क्या?... उन्होंने कहा—बेटी! क्या सेवा कर सकती है। मेरी लँगोटी थी, वह तो बह गई, अब मुझे पानी में ही खड़ा रहना ...
- आपकी यह कैसी बात रही?... बेटे ऐसे रही कि ब्रह्म को खा लो। खा करके हजम कर लो। जुगाली कर लो और जुगाली करके इसे अपने रक्त का औ...
- आपकी रुचि क्या है?... आप विचारते क्या हैं? आपकी इच्छाएँ क्या हैं? आप यह सभी कुछ हमें बताइए। गुरुजी! आप तो जानते ही हैं कि ...
- आपकी लकड़ी लेकर चली हैं, गायत्री माता कभी?... क्यों नहीं चलीं? इसलिए नहीं चलीं कि जितनी श्रद्धा होनी चाहिए, उस श्रद्धा का अभाव पाया गया। आप तो डाल...
- आपकी लक्ष्मी चली जाएगी?... तो चली जाने दे। लक्ष्मी तो ऐसी बेशरम है कि इसको मारो तो भाग-भाग कर चली आती है और खुशामद करो तो यह गा...
- आपकी लड़कियाँ ऐसी हैं?... हाँ, आप क्या समझते हैं, हमारी लड़कियाँ बड़ी शानदार हैं। अभी आपने इनकी शक्ति को पहचाना कहाँ है। डराया...
- आपकी वकालत में आमदनी क्या है?... सच-सच बताना? उन्होंने साल भर का हिसाब देखकर बताया कि राजा साहब! दो सौ रुपया महीना हम कमा लेते हैं।...
- आपकी शक्ति और मेरा पुरुषार्थ और मेरा संकल्प बल, देखिए चमत्कार करता है कि नहीं करता?... ’’ चमत्कार क्या होता है, यह हम करके दिखाएँगे। बालिका उठी और उसने अन्न एकत्रित किया।
आप पढ़ना, यह एक...
- आपकी श्रद्धा कैसी है?... टिकाऊ है या उथली है। आप तो बड़े श्रद्धावान बन रहे हैं। बड़े जोर से आँसू निकल रहे हैं और फिर न जाने क...
- आपकी सफलता की कितनी गारंटी है?... आपकी गारंटी भाग-दौड़ की है। आप भागे कि नहीं भागे, आपने कोशिश की कि नहीं की, आपने मेहनत की कि नहीं की...
- आपकी समझ में भजन का मतलब आया कि नहीं?... अभी भी आप भजन का मतलब नहीं समझे क्या कि भगवान आपसे क्या अपेक्षा रखता है? अगर आपका ख्याल यह है कि भगव...
- आपकी सम्पत्ति इतनी अधिक है?... हाँ बेटे, हमारी सम्पत्ति बहुत बड़ी है। क्या सम्पत्ति, जरा बताना तो सही? सम्पत्ति की फिलॉसफी मित्रो! म...
- आपकी सहायता करेंगे शंकर जी?... चाहे जितना बेलपत्र चढ़ाइए, चाहे जो कुछ करिए; लेकिन शंकर जी आपके झाँसे में आने वाले नहीं हैं; क्योंकि...
- आपकी सेवा भावना के लिए हम क्या कह सकते हैं?... उसकी प्रशंसा के लिए आपके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकला। हर समय गुस्सा, जहरीले डंक वाली जीभ, जिसमें क...
- आपकी सेहत खराब हो गयी है, तो सेहत की दवा कहाँ हो सकती हैै?... अपने शरीर को ठीक तरीके से इस्तेमाल करने की तमीज, शरीर से ठीक तरीके से काम कैसे लिया जा सकता है? ...
- आपकी हैं, तो क्या आपकी जेब में पैसा है?... हाँ है। अच्छा तो आपका बैंक कहाँ है? अरे बेटे! ये ख्वाबों की दुनिया है और जब ख्वाब करने ही हैं तो ऊँच...
- आपके हाथ पर?... हमारे हाथ पर नहीं पड़ा। क्यों? पात्र था आपके पास? नहीं साहब! पात्र नहीं था। तब फिर आप किसमें दूध...
- आपके ईमान में क्या है?... ईमान और नीयत के अलावा गायत्री माता और कुछ नहीं देखतीं। गायत्री ही कामधेनु है इसलिए मित्रो! क्या करना...
- आपके लिए गुजारे का है तो आप हाय-हाय क्यों करते हैं?... आपके बच्चे जब कमाने लग गए हैं, तो क्यों आप घर में बैठकर मर रहे हैं? आपको घर से बाहर निकलना चाहिए। ...
- आपके सारे भाई जिस तरह का गुजारा करते हैं, आप क्यों नहीं कर सकते?... क्या सारे बच्चों को अपना क्यों नहीं बना सकते। कितने बच्चे हैं, जो विद्या के अभाव में बैठे रहते ह...
- आपके अन्दर क्या बात है?... हमारे अन्दर एक बात है कि यदि आप पूजा करते हैं, भजन करते हैं, यह सबको मालूम है कि गायत्री मंत्र की विध...
- आपके अन्दर जो श्रेष्ठ गुण हैं, उसे आप कहाँ से सीखेंगे और परखेंगे?... कौन-सा योगाभ्यास करेंगे? परिवार जैसी लैबोरेटरी संसार में कहीं भी नहीं। क्या आप अपनी धर्म-पत्नी से नह...
- आपके अन्दर बहुत दया है तो क्या आप किसी के काम आ सकते है?... नहीं साहब! हम किसी के काम नहीं आ सकते। हम किसी की सेवा-सहायता नहीं कर सकते। तब फिर आप दयालु कैसे? कि...
- आपके अन्दर वह शक्ति है कि कोई आपकी सुने?... आप मरे-मराए से, बुझे-बुझाए-से तो हैं। बीमारी के मारे-से तो हैं, टी. बी. के मारे-से तो हैं। नहीं साहब...
- आपके अपने इस आन्दोलन में क्या एक आदमी संचालन करता है?... नहीं, एक आदमी संचालन नहीं कर सकता। क्या एक आदमी नियम बनाने के लिए आश्वासन दे सकता है? नहीं, एक आदम...
- आपके आचरण में आ गया कि नहीं?... आपके आचरण में अगर भगवान नहीं है, आपके मन में अगर भगवान नहीं है, चिन्तन में भगवान नहीं है, तो आपका माल...
- आपके इष्टदेव कौन हैं?... हमारे इष्टदेव राम हैं- ‘इष्टदेव मम बालक रामा।’ इसका क्या अर्थ है? इसका अर्थ केवल एक है कि हम एक ऐस...
- आपके ऊपर कोई कड़ाई नहीं की गई?... आपके भीतर के मनोबल का इम्तहान नहीं लिया गया और इस बात की परीक्षा नहीं हुई कि इतनी कड़क बरदाश्त करने ...
- आपके ऊपर ज्यादा खरच नहीं किया जा सकता?... चार सौ पचास रुपये महीने के बारे में उन्होंने यह व्यवस्था बनाई कि जो विद्यार्थी यह अनुभव करते हों कि ...
- आपके और उनके बीच में कोई मोहब्बत है?... बेटे कोई मोहब्बत नहीं है। रोज ही हम सुनते हैं, रोज ही पढ़ते हैं। पढ़ने से और सुनने से क्या हो सकता ह...
- आपके कहने की जरूरत क्या है?... लड़की उन्नीस साल की हो गई है। पिताजी! हमारा विवाह करा दीजिए। नहीं बेटी, कहने की क्या जरूरत है? हमको ...
- आपके कहने से?... हाँ बेटे! मेरे कहने से ले जा। मैंने उसको रुद्राक्ष की माला दे दी।
सामग्री कर्मकाण्ड का कोई ...
- आपके काम में हम कैसे सहयोगी बन सकते हैं?... हम नहीं बन सकते। और क्या-क्या चाहिए? पहाड़ से भी ऊँचा चाहिए। कुछ देने को भी है बेटा? नहीं माताजी। एक...
- आपके कितने बेटे हैं?... हमारे बहुत बेटे हैं। पिछले वर्ष स्वर्ण जयंती साधना वर्ष (१९७५) में हमने अपील की थी कि आप हमारे साथ-स...
- आपके क्या हाल हो गये हैं?... भाई हैं, बहन हैं, बच्चे हैं, माता हैं, पिता हैं, इन सबको दे करके फिर आप खाते हैं। भला यह भी कोई बा...
- आपके गुरु कहाँ रहते हैं?... बनारस में रहते हैं। स्वामी जी, श्रीनाथ चाण्डाल के पास गये, तो देखा कि वे झाड़ू लगा रहे हैं। जैसे ही...
- आपके गुरुजी भी हिस्सेदार हो जाएँगे?... हाँ, हमारे गुरुजी भी आपके भोजन को जरूर खाएँगे, मना नहीं कर सकते। आप भी खाएँगे? बेटे! हम भी खाएँगे, इ...
- आपके चार बेटे होते, तो उनके लिए आप कुछ करते कि नहीं करते?... चलिए एक बेटा ही आपने समझा।
श्रद्धा है तो श्रेष्ठ हैं आप
आप लोगों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद है; ले...
- आपके चिन्तन का तरीका क्या है?... आपने सोचने का ढंग क्या बना रखा है? आपके विचार करने की शैली क्या है, बताइए। नहीं साहब! इससे आपको क्या...
- आपके चिन्तन को जरा भी मौका नहीं मिलना चाहिए?... नहीं, आप बढ़िया चिन्तन करिए, बढ़िया जिन्दगी जिएँ, उच्चकोटि का चिन्तन करिए। गाँधी जी के साथ जो रहते थ...
- आपके जबान की कीमत क्या है?... दो कौड़ी है।
सारे दिन झूठ
नेता जी वोट माँगने आते हैं, सारे दिन झूठ बोलते हैं। क्यों ...
- आपके जमाने में क्या हुआ था घर वालों के बारे में?... बुद्ध भगवान बताना।
हमारी दीवानों की मंडली
अरे साहब! हम क्या बताएँ—बीबी चलने नहीं द...
- आपके जीवन का लक्ष्य क्या होना चाहिए?... जो भी आपका लक्ष्य हो, चाहे उसे आप सिद्धान्त मान लीजिए, चाहे उसकी शक्ल बना लीजिए। शक्ल बनाने से, चेहरा...
- आपके जीवन में और तो कुछ नहीं है?... नहीं साहब! धन मिल जाय, तो बाद में एकाध और चीज बता देंगे। धन तो मुख्य है। ठीक है, आपकी बात को मैं सही...
- आपके जो कम बच्चे हैं, उनको आप क्या पर्याप्त नहीं मान सकते?... हमारा कहना मानिए अब बच्चे मत बढ़ाइए। जो बच्चे हैं, अगर उनकी क्वालिटी बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको संख्य...
- आपके जो भी घरेलू खर्च हैं, क्या उसमें किसी प्रकार की कमी करने की गुंजाइश है?... अगर कमी करने की गुंजाइश हो, तो आपको फौरन कमी कर देनी चाहिए और आपको जान-बूझकर सन्त का जीवन ग्रहण कर ...
- आपके डेमॅन का क्या नाम है?... अपने गुरु को हम डेमॅन कहते हैं। गुरु क्या होता है? अरे बेटे, वह भगवान है। भगवान हमको देता है। हरेक क...
- आपके तो दस मुँह नहीं हैं?... आप दुश्मन पार्टी के तो नहीं है? नहीं साहब! ऐसा नहीं है। आपका जिससे झगड़ा है, उसकी मूँछें कितनी लम्बी ...
- आपके दृष्टिकोण में विकास क्यों नहीं हुआ?... आप क्षुद्र क्यों बने हुए हैं? आप सीमाबद्ध कैसे बने हुए हैं? आप वासना और तृष्णा के बन्धनों से ऊँचे क्य...
- आपके दो बेटे हैं?... हाँ साहब! कहीं ऐसा न हो कि एक बेटे को तो सारा माल दे दें और दूसरा बेटा बिचारा ऐसे ही हाथ मलता रह जाए...
- आपके नजदीक न रहेंगे, तो क्या?... सूर्य आपके नजदीक है क्या? फिर भी आप धूप में बैठे हैं और वह आपके कपड़े सुखा जाता है। चन्द्रमा आपके ...
- आपके पत्थर जैसे दिल के ऊपर पानी की बूँदें गिरीं कि नहीं?... अगर आपके ऊपर इन बातों का कोई असर नहीं हुआ होगा तो हम इन शिविरों को समाप्त कर देंगे। हमने आपको शिविर ...
- आपके पारिवारिक उत्तरदायित्व क्या हैं?... और आपकी जिम्मेदारियाँ क्या हैं? उनको हम छुड़ाना नहीं चाहते और आपको मजबूर करना नहीं चाहते। हम यह च...
- आपके पास भी है घड़ी?... हाँ साहब! हमारे पास और हमारी पत्नी-दोनों के पास घड़ी है। तब तो आपकी पत्नी ने एम०ए० पास कर लिया होगा...
- आपके पास है-ईश्वर विश्वास?... नहीं साहब! भगवान नाराज है। भगवान बड़ा खराब है। भगवान ने हमारे बेटी पैदा कर दी और बेटा पैदा नहीं किय...
- आपके पास अगर और भी जिम्मेदारियाँ पड़ी हुई हैं, तो नयी-नयी जिम्मेदारियाँ क्यों उठाते हैं?... बाप का कर्ज आपने चुकाया नहीं, माँ का कर्ज आपने चुकाया नहीं, बहन-बेटी का कर्ज चुकाया नहीं, तो फिर क...
- आपके पास अपना मकान है क्या?... नहीं साहब! किराये के मकान में रहते हैं। हम तो मकान नहीं बना सके। देखिए यहाँ मकान-पर-मकान, जायदाद-पर-...
- आपके पास आएँगे?... बेटे! शक है कि आएँगे कि नहीं आएँगे, पर मीरा के संग नाचना चाहते थे। मीरा की सखियों ने कहा कि यह बता क...
- आपके पास इतनी बड़ी सम्पत्ति है?... हाँ बेटे, हमने बड़ी-बड़ी चीजें खरीदी हैं। तेरे पास क्या है? गुरुजी! हमारे पास बत्तियाँ लग रही हैं, बल्...
- आपके पास कितने कुटुम्बी हैं?... आपको सफलता मिली कि नहीं मिली। आप कैसा डिवीजन लाए? वगैरह-वगैरह। आपके पास जो सामान है उस पर आप विचार म...
- आपके पास क्या समस्या है?... बस एक ही समस्या है-बेटे की और पैसे की। देश, समाज और संस्कृति को तो आप जानते भी नहीं हैं कि उनके प्...
- आपके पास क्या कमी है, जरा बताना तो सही?... अभी आपने अभावों की जो एक फेहरिस्त बना रखी है कि हमारे पास ये कमी है, वो कमी है। अब आप एक नई फेहरिस्त...
- आपके पास क्या कमी है?... आप तो करोड़पति हैं और आपसे विवाह हम इसलिए करना चाहते हैं कि आपकी कमाई का पैसा हमको मिलेगा और हम मजा ...
- आपके पास क्या था और क्या रह सकता है?... न आपके पास कुछ था और न आपके पास रखा जा सकता है? आपके मरने के बाद आपकी चीजें, आपके साले की हो जात...
- आपके पास क्या है?... आपने जो कमाया था, सारा पैसा बेटे के हाथ में चला गया। अब आपके पास कहाँ है? जिन्दा में आपके पास है नहीं...
- आपके पास क्या है?... गुब्बारे हैं। तो हमको दे दीजिए। बस एक गुब्बारा पेटी से निकाला, फूँक मारकर हवा भर दी और कहा ये रह...
- आपके पास तो कुछ भी साधन नहीं हैं, फिर सम्पन्न कैसे बनेंगे?... परन्तु अगर आपने लालच छोड़ दिया होता, तो आप इतने ही साधनों में कम-से-कम समय में गुजारा कर सकते थे। ला...
- आपके पास तो बहुत दौलत है, हमको नहीं देंगे क्या?... हमारे पास तो कुछ भी नहीं है, हम सूख जाएँगी क्या? मर जाएँगी क्या? यह दौलत हमको नहीं मिलेगी क्या? बेटी...
- आपके पास धन कहाँ से आता है?... उनने कहा कि मेरे पास धन भगवान से आता है। आप भगवान से ले सकते हैं? मैं भगवान से नहीं ले सकता।
आपको...
- आपके पास नौकरी में तरक्की कहाँ है?... नहीं साहब! हमारी नौकरी में तरक्की कराइए। हमको पैसे की जरूरत है, हमारी सहायता कीजिए। हमको सन्तान की जर...
- आपके पास नौकरी में तरक्की कहाँ है?... नहीं साहब! हमारी नौकरी में तरक्की कराइए। हमको सन्तान की जरूरत है और वह भगवान की सन्तान जैसी होनी चाहिए...
- आपके पास पैसे हैं?... हाँ, हमारे पास पैसा बहुत है। अभी हम शक्तिपीठें बनाने पर आमादा हो गए हैं। 1000 शक्तिपीठें अंडर कन्स्ट...
- आपके पास बैठने के लिए भगवान आये और आपको यह कहना पड़े कि हमको फुरसत नहीं है, तो इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब सिर्फ एक है कि भगवान से आपकी कतई जान-पहचान नहीं है। आप यह बिल्कुल नहीं जानते कि भगवान बं...
- आपके पास भी धन नहीं है, तो क्या हुआ?... इस महत्त्वपूर्ण समय में आप प्रज्ञावतार का काम तो कर सकते हैं।यह युगसन्धि का पहला वर्ष है। इस समय ह...
- आपके पास भी ये चीजें हैं, लेकिन आपने कहाँ बाँटी?... पैसा न हो, तो उसे मरने दीजिये। पैसे से क्या बनता-बिगड़ता है?
अनासक्त योगी की तरह जिएँ
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- आपके पास माल कितना है?... बेटे, माल की बात मैं नहीं बताना चाहता। आप में से कोई इनकम टैक्स वाला बैठा हो तो? इसलिए बाकी बात नहीं...
- आपके पास शरीर-श्रम कहाँ है?... हमको दीजिए। आपके पास नौकरी में तरक्की कहाँ है? नहीं साहब! हमारी नौकरी में तरक्की कराइए। हमको पैसे की...
- आपके पास हर चीज नहीं है, तो क्या आप चिड़चिड़ाते हुए, शिकायत करते हुए बहुमूल्य जीवन को यों ही बरबाद कर देंगे?... क्या आपको निखिल आकाश हँसता हुआ दिखाई नहीं देता। अगर आप कवि हृदय हैं, सरस हृदय हैं, तो आपको सब कुछ ...
- आपके पास हृदय है कहीं?... जरा अपनी छाती पर हाथ रखकर देखें।...
- आपके पिता के अन्दर, आपके गुरु के अन्दर इतनी क्रियाशीलता बनी रही कि अन्तिम क्षणों तक उनका लेखन बन्द नहीं हुआ, उनकी उपासना कम नहीं हुई, तो फिर आप इतने बूढ़े तो नहीं हो गए?... आप कोई 80 साल के नहीं बैठे हैं। आप कम उम्र के हैं।...
- आपके पिताजी और माताजी की मृत्यु के बाद बाजार में कॉपियाँ मिलनी बन्द हो गई क्या?... कॉपियाँ तो बिकती थीं। और स्लेट? स्लेट भी बिकती थी। पेन्सिल? पेन्सिल भी बिकती थी, स्याही भी बिकती थी।...
- आपके पीछे भी ढेरों के ढेरों आदमी क्यों नहीं चलेंगे?... जरूर चलेंगे, क्योंकि आप उन्हें नया युग, नया प्रकाश देने चले हैं। इसके लिए बेटे, आपको शुरुआत वहाँ स...
- आपके पैर में मेरे कठोर हृदय का कोई निशान तो नहीं बना?... उन्होंने कहा—निशान तो नहीं बना, लेकिन विष्णु भगवान के सीने पर ब्राह्मण की लात का निशान बन गया। मित्र...
- आपके बचपन से मैं आपको यही सिखाता चला आया हूँ कि ब्रह्मवर्चस् का सिद्धान्त क्या है?... ब्रह्मवर्चस् अर्थात् ब्रह्मतेजस् आप प्राप्त करना चाहते हैं तो आप तपस्वी बनिए। तैयारी कीजिए। धीरे-धीर...
- आपके बच्चे जब कमाने लग गए हैं, तो क्यों आप घर में बैठकर मर रहे हैं?... आपको घर से बाहर निकलना चाहिए। आपको परिव्राजक के रूप में बादलों की तरह घर से निकलना चाहिए तथा समाज ...
- आपके बारे में तो हम कुछ नहीं कह सकते, लेकिन आदमी का चरित्र गिरते-गिरते आज कहाँ पहुँच गया है, आपको मालूम है?... अगर आपको यह जानना हो, तो आप धर्मशाला में जाइये और बस एक थैला लेकर के जाइये और मैनेजर से कहिए कि हमको...
- आपके बेटे को पैसा क्यों मिले?... आपका भानजा, जो गरीबी में दिन काट रहा है, उसको क्यों नहीं मिलना चाहिए? नहीं साहब! उसको नहीं मिलना चाह...
- आपके बेटे को सन्त तो नहीं बनाना है?... नहीं साहब ! सन्त में क्या रखा है? सन्त बनाने की सनक तो विनोबा की माँ के ऊपर सवार हुई थी, जिसने अपने ती...
- आपके बॉस के हाथ की बात है कि वह आपको प्रमोशन देता है कि नहीं?... साहब! हमारा लड़का पी.एम.टी. के इम्तिहान में बैठेगा। किस कॉलेज में जायेगा? आपके हाथ की बात है? नहीं, उ...
- आपके भीतर के मनोबल का इम्तहान नहीं लिया गया और इस बात की परीक्षा नहीं हुई कि इतनी कड़क बरदाश्त करने के लिए आपके भीतर संकल्प और मनोबल है कि नहीं?... कसाई और कड़ाई से आती है जप में सामर्थ्य
संकल्प और मनोबल जब हम उपासना में लगा देते हैं तो उ...
- आपके मन को क्यों डगमगाऊँगा और यह कहूँगा कि फेंक दो माला?... न, मैं नहीं कह सकता।मित्रो! माला मेरे प्राणों से प्यारी है। इसको मैं अपने सीने से लगाए रखता हूँ, ...
- आपके माँ-बाप ने पैदा किया होगा?... हाँ, हम कब कहते हैं कि नहीं किया। आपके माँ-बाप ने पैदा किया; लेकिन आप यह क्यों नहीं मानते कि आपको हम...
- आपके यहाँ कमाने वाले आपके लड़के हैं, फिर भी आप उसी दलदल में पड़े हैं, क्यों पड़े हैं?... आपका भाई कमाने वाला है, आपने इतना कमा लिया है, तो फिर क्यों आप उसमें पड़े हैं? आप उसमें से तो निकलकर...
- आपके यहाँ कोई बड़ा आदमी आये, तो आपको टाइम मिलेगा कि नहीं मिलेगा?... फुरसत मिलेगी या नहीं मिलेगी? हमारे यहाँ यू०पी० के गवर्नर ने डी०एम० के माध्यम से खबर भेजी, सन्देश ...
- आपके यहाँ खाने को बहुत अच्छे फल मिलते होंगे?... " हाँ! हमारे यहाँ बहुत अच्छे फल होते हैं। कैसे फल होते हैं, जरा दिखाइए? उन्होंने टोकरी में से निकालक...
- आपके यहाँ माला का भी कोई एकाउण्ट है क्या?... भगवान ने कहा कि हमारे यहाँ इस तरह का कोई एकाउण्ट नहीं है। मौत का माला के साथ कोई एकाउण्ट नहीं है...
- आपके ये चार दिन बहुत कीमती हैं, आप नहीं जानते, आपके और मेरे सम्बन्ध क्या हैं?... आप मेरे साथ अनेक जन्मों से जुड़े हुए हैं और मैं बता सकता हूँ कि मैं किस-किस जन्म में आपका क्या रहा ह...
- आपके ये बच्चे क्या हैं?... इनकी तो हथेलियाँ चूमने लायक हैं।
मुझे गर्व होता है—मैं यह समझ रही थी कि मैं अपने ही शरीर से जुदा ...
- आपके रीवा में इतनी ठण्ढ पड़ती है?... नहीं, इतनी नहीं पड़ती। यहाँ पड़ती है। कहीं, कोई अंश आपके अन्दर ऐसा है, जैसा कि हम चाहते हैं।
बेटे! ...
- आपके लम्बे समाधान कौन करेगा?... रात भर कौन बैठेगा आपके पास, दो-दो घण्टे सिर कौन फोड़ेगा? आप उनके पास किस तरीके से रहेंगे? वे अपना काम...
- आपके लिए क्या यह सम्भव नहीं है?... क्या आप इस लोभ और मोह से, अपने वासना और तृष्णा के बन्धनों को काटते हुए अंगद के तरीके से चलने के लिए...
- आपके लिए डॉक्टर?... डॉक्टर तो बड़े वाहियात होते हैं, फीस माँगते हैं और पैसा माँगते हैं। अच्छा, तो किसी हकीम को लिवा ला। ...
- आपके लिए दवा- दारू का इंतजाम करना तो है, पर क्या दवा करूँ?... समझ में नहीं आ रहा। ऐसा कर किसी डॉक्टर के यहाँ से कोडोपायरिन ला करके दे। नहीं महाराज जी! वह तो विल...
- आपके लिए भी वही रास्ता है, जो मैंने आपको पहले दिन बताया था कि हमको गायत्री उपासना करते हुए जो चमत्कार और सिद्धियाँ मिलीं, उसके आधार पर रहस्य को क्यों छिपाया जाए?... यह रहस्य बताकर मैं अपनी बात समाप्त करूँगा। आपको मैं फिर यह कहता हूँ कि उपासना से लाभ उठाने के लिए अट...
- आपके लिए हमने कुछ किया है या नहीं?... इसका सबूत देखना हो तो दृष्टि पसारकर देखिये कि कुछ हुआ है, तो आप पायेंगे कि इसी कारण से यह पचास लाख...
- आपके लिए ही क्यों बिगाड़ दे?... क्या आप कहीं सोने के बने हुए हैं? बिगाड़ेगा तो सबके लिए बिगाड़ेगा, लेकिन अगर अपने नियम-व्यवस्था बिगा...
- आपके साथ जो रहते हैं, उनसे आत्मीयता, प्रेम चाहते हैं न?... आप जो पैसा कमाते हैं, उसमें किफायत करके बचत करना चाहते हैं न? तो हम आपसे एक बात कहना चाहते हैं कि कु...
- आपके साथ भी हमारी तीन कसौटी हैं, (1) क्या आप हमारा प्यार चाहते हैं?... (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतु अपने अन्दर उत्साह स...
- आपके सामने भगवान भी आ जाएँ, तब भी आपको दिखाई न पड़े, तो कोई क्या कर सकता है?... आप कुछ अनुभव नहीं करेंगे।
आग के पास बैठे व्यक्ति को यदि आग का अनुभव नहीं होता है, तो यही कहना पड़े...
- आपके हवन का गायत्री माता क्या करेंगी?... नहीं साहब! मेरे हवन से निहाल हो जायेंगी और उनका पेट भर जायेगा। अरे चालाक। गायत्री माता तेरी नीयत क...
- आपके हाथ की बात है?... नहीं, उसके बॉस के हाथ की बात है। वह चाहेगा तो अच्छे नम्बर दे देगा, नहीं चाहेगा तो नहीं देगा। अगर बच्...
- आपके हिसाब से शक्तिपात किसे कहते हैं?... आपके हिसाब से शक्तिपात उसे कहते हैं कि गुरुजी किसी के सिर पर हाथ रखें और ऐसा करेंट मारें, ऐसा झटका म...
- आपको ध्यान होगा?... राणा प्रताप ने यह निश्चय किया था कि वह थाली में भोजन नहीं करेंगे, जब तक अपनी आजादी प्राप्त न कर ले...
- आपको पेड़ों-वृक्षों के बराबर भी अकल नहीं आई?... आपको तालाब के बराबर भी अकल नहीं आई? जो नदियाँ बहती गयीं और अपने पानी को लेती गयीं और पानी को खेतो...
- आपको 60 हजार रुपये का फंड मिला है, तो क्या करेंगे?... चिटफंड में लगा देंगे। यह कैसा होता है? रुपया लगा दीजिए और खूब पैसा आता है। खूब माल कमाते हैं। फिर क्...
- आपको अगर जानकारी न होती तो आप यहाँ क्यों आते?... मेरे पास कोई और विचार बाकी रह नहीं गया है, जो मैंने कभी अखण्ड ज्योति में छापा न हो और पुस्तकों म...
- आपको अगर हमेशा फायदा होगा, तो दूसरों को नुकसान कैसे होगा?... किसे कहते हैं आप्तकाम मित्रो! इस तरीके से एक सन्तुलित दुनिया बनी हुई है। इस दुनिया को हम अपनी मर्जी क...
- आपको अगर हाथ-पाँव चलाना आता है, तो आपके लिए यह काफी है कि आपके लिए अध्यात्म जादूगरी है और अगर अध्यात्म जादूगरी नहीं है, तब?... तब फिर आपको अपना व्यक्तित्व विकसित करना पड़ेगा।
मित्रो! वाणी के द्वारा मंत्र बोले जाते हैं। ...
- आपको अपना कुटुम्ब सीमित रखना चाहिए, फिर आप क्यों बढ़ाते चले जाते हैं?... किसने कहा था आपको रोज बच्चे पैदा करने के लिए? आप बिना बच्चों के जिन्दा नहीं रह सकते क्या? कम बच्चों...
- आपको अपनी गतिविधियों के बारे में, दृष्टिकोण के बारे में विचार करना चाहिए कि इसमें गलतियाँ कहाँ हैं?... जहाँ कहीं भी गलतियाँ हैं, अगर उसको आप सुधार पायें, तो फिर मैं कहूँगा कि आपके हाथ एक ऐसी चीज लग गयी,...
- आपको अपनी बात आधा घण्टे में पूरी करनी हो तो क्या?... एक मिनट में करनी हो तो क्या? आपकी बात तो वही जहाँ की तहाँ है। हम आपकी बात का महत्त्व जानते हैं औ...
- आपको अपने दिमाग के साथ में क्या सलूक करना चाहिए?... उसकी शक्तियों का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए। बेटे, उपभोग नहीं, उपयोग करना चाहिए। आज हर आदमी प्रत्येक...
- आपको अपने लक्ष्य का निर्धारण खुद ही करना पड़ेगा कि सही क्या है और गलत क्या है?... विवेक क्या है और अविवेक क्या है? इसका निर्धारण तो आपको ही करना पड़ेगा। आप अपने रास्ते पर दूसरों को च...
- आपको आठ सौ पचास रुपया मिलता है, इससे आप क्या करते हैं?... अरे साहब! खाने में, बीबी-बच्चों में खरच हो जाता है। छोटा भाई स्कूल जाता है, उसमें खरच हो जाता है। कु...
- आपको इतना भी नहीं मालूम?... इतनी बढ़िया जगह है, मैं अभी आपको बताता हूँ। भगवान् जी को नारद जी ने जगह बता दी और भगवान् जी उस दिन ...
- आपको इस बात की भी जानकारी नहीं है कि कल-परसों के बाद अर्थात् शरीर त्यागने के बाद में आपका क्या होना है?... भगवान के यहाँ आपसे एक ही सवाल पूछा जाना है। भगवान के दरबार में आपको जरूर पेश होना है, आप निश्चिन्त...
- आपको इस हवन से क्या फायदा हुआ?... ड्रामा था, तमाशा था, नाटक था। नहीं कुछ भी नहीं था। आप धुएँ में बैठे रहे, अग्नि के सामने, अपने पैसे ज...
- आपको इससे क्या मतलब है?... हम चाहे जैसे खरच करेंगे। आप तो बस पैसा दिलवाइए। नहीं, हम नहीं दिलवाएँगे। तू बेकार की बातें करता है। ...
- आपको उनके नाम मालूम हैं?... किसी से आपका लगाव है? उनसे कोई कशिश है? आपके और उनके बीच में कोई मोहब्बत है? बेटे कोई मोहब्बत नहीं...
- आपको उलटी नहीं हुई?... आपका पेट फटा नहीं? सिगरेट के बण्डल खाली करते रहते हैं, आपको शरम नहीं आती? आपको ख्याल नहीं आया कि हमार...
- आपको उस सरस्वती में तीव्रता पैदा करनी चाहिए, उस सरस्वती में मंत्रशक्ति पैदा करनी चाहिए, जिस सरस्वती के माध्यम से आपको जप करना है तो क्या करना पड़ेगा?... सरस्वती को जीभ पर नहीं, सरस्वती के द्वारा जीभ से जप करने के लिए आपको अपनी वाणी को मौन का अभ्यास करान...
- आपको उसके सम्पादक का नाम मालूम है?... अख़बार तो बहुत छपते हैं। कौन-कौन से छपते हैं? ‘इण्डियन एक्सप्रेस’ के सम्पादक का नाम बताइये? गुरुजी...
- आपको उसने इसीलिए खसम बनाया है क्या?... दिनभर उसका खून पीते हैं। आप गरम खाना खाते हैं न, ऐसा कीजिए गरम लकड़ी मुँह में रख लीजिए और रोटी खाते ...
- आपको ऊँचा उठाने के लिए क्या हम मददगार बन सकते हैं?... हाँ, बन सकते हैं। पर हमको हर क्षण अपने आपसे यह पूछना चाहिए और जो हमारे लिए सम्भव हो, वह करना चाह...
- आपको ऊँचा उठाने वाली सलाह ये क्या दे सकते हैं?... नहीं साहब! हमारे पिताजी आज्ञा दे देंगे, तब तो बेटा तेरा हो गया कल्याण। न तेरे पिताजी आज्ञा दें और न ...
- आपको ऐसी परिस्थिति में क्या करना होगा?... आपको एक समानान्तर हनुमान अपने क्षेत्र में खड़ा करना होगा, जिसका कलेवर भी हो तथा जिसमें प्राण भी हो।...
- आपको कमानी है?... नहीं, आपको कमानी नहीं है।
गुरुदेव की विरासत को जन-जन तक फैलाएँ
आपको तो उसे सँभालकर रखना है औ...
- आपको कल्पना नहीं है, हमको कल्पना है कि न मालूम, आप से लेकर के आगे आने वाली पीढ़ी से लेकर के न मालूम कौन क्या बन सकता है?... अभी आपका क्या बिगड़ा है? थोड़े से ही मुझे ऐसे दिख रहे हैं, इनके बाल सफेद हो गए हैं, बाकी के सब हट्टे...
- आपको कहाँ पहुँचना है?... हमारे इष्टदेव तो भगवान शंकर हैं। आपके इष्टदेव कौन हैं? हमारे इष्टदेव राम हैं- ‘इष्टदेव मम बालक राम...
- आपको कितनी धूपबत्तियों की अपेक्षा है?... ’ कहिए तो हम किसी आदमी से धूपबत्ती का एक बण्डल पार्सल से भिजवा दें? भगवान जी ने कहा-‘गुरु जी! आप...
- आपको किस ढाँचे में ढलना है?... आपका जीवन लक्ष्य क्या है? जो भी आपका लक्ष्य है, जो कुछ भी आपको बनना है, उसके लिए एक- एक शक्लें बना...
- आपको किसने बताया था यह सब?... साहब! एक बाबाजी ने बताया था। मारा नहीं उस बाबाजी को? नहीं साहब! अच्छा अब की बार आए तो उसके कान पकड़ ...
- आपको किससे प्यार है?... पकौड़ियों से प्यार है। तो आप पकौड़ियों को क्या करते हैं? गऽऽप्-से मुँह में डाल लेते हैं। आपको किससे ...
- आपको कुछ मालूम है?... हमको तो नहीं मालूम। हमारी आँखों में दरद होता है और हमारी आँखें लाल रहती हैं। इसलिए आपको मालूम है कि ...
- आपको कुछ विशेषता मालूम पड़ती है हममें?... कुछ विशेषता नहीं मालूम पड़ती। हमने पाया और किसी प्रयोजन में खरच कर दिया। हमको कुछ मिला कि नहीं मिला,...
- आपको कैसे आता है?... रात को सपने में दिखाई देता है। अच्छा! आपको रात में सपने में दिखाई देता है? कैसे दिखाई पड़ता है? ग...
- आपको कैसे मालूम पड़ा?... हमको तो कबीर ने बताया और उनकी बात पर हमको विश्वास हो गया। तभी से मैं जान गया कि भगवान की जाति कौन सी...
- आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?... भक्ति के लिए आपको अपने जीवन में किन सिद्धान्तों का समावेश करना चाहिए? गायत्री के अक्षरों में- उन...
- आपको क्या करना चाहिए?... आपको चारों ओर से अपने आपको कर्तव्यों से जकड़ा हुआ समझना चाहिए। मनुष्य के बराबर सक्षम कोई नहीं है। म...
- आपको क्या करना चाहिए?... आपकी रीति-नीति में क्या फर्क आना चाहिए? यह हम आपको पंचोपचार की प्रक्रिया के माध्यम से समझाते हैं। पं...
- आपको क्या करना चाहिए?... मित्रो! गुरु गोलवलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी थे। उनके दिमाग में यह ख्याल था ...
- आपको क्या करना पड़ेगा?... प्रायश्चित की दृष्टि से भी आपको मुसीबत उठानी पड़ेगी। यह इसलिए उठानी पड़ेगी कि समाज का ऋण आपके ऊपर चढ...
- आपको क्या करना पड़ेगा?... जहाँ तक कि आपका जितना बड़ा कुटुम्ब है, अगर छह आदमियों का है, तो आप उन सबको समुन्नत बनाइए। समुन्नत का ...
- आपको क्या करना पड़ेगा?... आपको पकी-पकाई खानी है। आपको बनानी है क्या? नहीं, आपको बनाना नहीं है। न आटा मलना है और न रोटी बनानी ह...
- आपको क्या करना पड़ेगा?... दीपयज्ञ के माध्यम से जनसम्पर्क के लिए आपको घर-घर जाना पड़ेगा। छोटे-छोटे आयोजनों के रूप में घर-घर जन्...
- आपको क्या करना पड़ेगा?... स्टेज पर व्याख्यान भी आपको देना पड़ेगा और दीवारों पर वाक्य भी आपको लिखने पड़ेंगे। जनता को निमंत्रित ...
- आपको क्या करना पड़ेगा?... शराफत की और अच्छी जिन्दगी जीने के लिए अपनी जीवात्मा को खुराक देने के लिए कमर बाँध करके खरा बनना पड़े...
- आपको क्या दिखाई पड़ता है?... आपको हर जगह दरिद्रता दिखाई पड़ती है, कंगाली दिखाई पड़ती है। दौलत बढ़ती चली जाती है, मगर आदमी का असन्तोष ...
- आपको क्या फायदा है?... हमको यह फायदा है कि आपको ठोकर नहीं लगे, आप अपने रास्ते पर चले जाएँ, इसीलिए हम रात भर जलते रहते हैं। ...
- आपको क्या फायदा है?... हमको यह फायदा है कि आपका जो प्रीमियम जमा होता है, उसमें से ४ प्रतिशत एन्युॲल कमीशन हमें हर साल मिल ज...
- आपको क्या बनना है?... आपको किस ढाँचे में ढलना है? आपका जीवन लक्ष्य क्या है? जो भी आपका लक्ष्य है, जो कुछ भी आपको बनना ...
- आपको क्या मतलब है?... नहीं साहब! हम तो भगवान जी से माँगेंगे, सिद्धपुरुष से माँगेंगे। हाँ, सिद्धपुरुष और महात्मा भी दे सकते...
- आपको क्या मिलता है?... हम तो साहब प्राइमरी स्कूल के मास्टर हैं। तो आप कहाँ तक पढ़े हैं? हमने साहब मैट्रिक पास किया है और बी...
- आपको क्या हो गया?... आप क्यों रोती हैं? गुरुजी! चेलों ने हमारी बहुत मिट्टी पलीत की है। हमने कहा—क्या किया है? उन्होंने कह...
- आपको खाना बनाने में कितना खरच होता है?... वह तो सौ रुपये में हो जाता है। फिर आपने इसके लिए औरत को क्यों रखा है। आपने अर्थशास्त्र पढ़ा है। आपको...
- आपको खाना मिलता है कि नहीं मिलता?... हाँ साहब! खाना तो है। फिर क्या बात है कि आप खाना नहीं खा रहे हैं? यह क्या है? अपनी इच्छा पूर्वक ...
- आपको गहरी नींद आती है?... हाँ बेटे, हमको ऐसी गहरी नींद आती है कि हम आठ बजे यहाँ से जाते हैं और बिस्तर पर लेटते ही साढ़े आठ बजे...
- आपको गोवर्धन की परिक्रमा करनी है, तो क्या सवारी से करेंगे?... नहीं भाईसाहब! सवारी से नहीं होगी। सही माने में पूछे, तो परिक्रमा पैरों से ही नहीं, वरन दण्डौती से होत...
- आपको चिन्ता क्यों है?... क्योंकि आप भगवान पर विश्वास नहीं करते। भगवान का नाम लेते हैं, पर भगवान पर विश्वास नहीं करते। हम भगवा...
- आपको जर्म्स लग जायेंगे और उनके प्रभाव से आप मर भी सकते हैं?... नहीं बेटे, यह तो वहम् है। मित्रो! हम अपना इल्जाम दूसरों पर लगाना चाहें तो कोई रोक नहीं सकता। आप यह...
- आपको जहाँ कहीं भी हमारे कार्यकर्ता मिलें, उनसे क्या कहें?... आपको जनता के पास जाना पड़ेगा, जो अभी तक हमारे सम्पर्क में नहीं आये हैं। अभी तो उन्होंने केवल यह जाना...
- आपको जानना चाहिए कि अध्यात्म क्या है?... अध्यात्म बाजीगरी नहीं है। उसमें क्रियाओं का घटाटोप नहीं है। क्रियाओं के लम्बे-चौड़े महत्त्व नहीं हैं,...
- आपको जो धन मिला है, उसका क्या आपने सही कामों में उपयोग किया?... नहीं। फिर आप किस मुँह से भगवान् के पास धन माँगने के लिए जाते हैं।साथियो, आपको जो बुद्धि मिली है उस...
- आपको जो यह शरीर मिला हुआ था, आपको यह समझ में नहीं आया कि इस देवता का कैसे सम्मान करना चाहिए?... यह भगवान की दी हुई धरोहर है। बेटे! यह हमारी पूँजी है, भगवान की दी हुई यह एक सम्पत्ति है। इसको आपने सँ...
- आपको जो सुविधाएँ मिली हुई हैं ,वह दूसरे प्राणियों को कहाँ मिली हुई है?... बताइए न, मनुष्य के अलावा कपड़े कौन पहनता है? शादी विवाह किसके होते हैं? कुटुम्ब बनाकर के कौन रहता है?...
- आपको ज्ञान है?... नहीं, बिलकुल ज्ञान नहीं है। जानकारी है? हाँ, जानकारी तो आपको है, लेकिन उस जानकारी को आपने हृदय में न...
- आपको डर मालूम पडता है कि भगवान हुआ तब?... तब वह आपके कान उखाड़ लेगा। इसलिए डर के मारे आप नहीं कहते। डर के मारे आपकी हिम्मत नहीं पड़ती। आप यही ...
- आपको तालाब के बराबर भी अकल नहीं आई?... जो नदियाँ बहती गयीं और अपने पानी को लेती गयीं और पानी को खेतों में बिखेरती हुई चली गयीं और बाँटती ...
- आपको तो पैसों का चमत्कार चाहिए न?... इसलिए मैं पैसे की बात कह रहा हूँ। अभी मैं इमारतों की बात बता रहा था। इमारतों की बात चलने दीजिए। नहीं...
- आपको तो बहुत अकलमंद होना चाहिए, पर आपने अपनी अकल किस काम में खरच कर डाली?... अरे साहब! हमने तो लोगों को झूठे मुकदमे लड़ने में, झूठे गवाह तैयार करने में, झूठी फाइलें तैयार करने म...
- आपको तो मुझे मालूम नहीं कि आपके लिए भगवान हैं कि नहीं?... पर मेरे लिए तो जरूर हैं।
बेटे! मैंने अभी तक तो भगवान कहीं देखा ही नहीं। उपासना जरूर करते हैं; लेक...
- आपको दिखाई नहीं पड़ता कि हमें कैसा कष्ट हो रहा है और आप हमारा माँस नोच रही हैं, आपको दया नहीं आती?... बिल्ली ने कहा—हमको कोई दया नहीं आती और दया से हमारा कोई वास्ता नहीं है और बेटे, हमारा वह साँप अभी भी...
- आपको दिखाई नहीं पड़ते?... ठीक है बेटे! एक पत्थर और फेंक दे। उसने एक और फेंक दिया। दो और रह गए। उसने कहा कि महाराज जी! एक को और...
- आपको दिखाई नहीं पड़ रहा है?... साहब! हमको तो दिखाई देता है। आपको क्या दिखाई पड़ता है? आपको हर जगह दरिद्रता दिखाई पड़ती है, कंगाली दिख...
- आपको दुःख हुआ था या नहीं हुआ था?... हाँ साहब! बहुत दुःख हुआ था। तो यह बच्चा कौन था? ढाई साल का हमारा बच्चा था। तो क्या वह आपके पेट में स...
- आपको देवत्व की दृष्टि से अगर हम तीन-चार सौ की नौकरी दिलवा दें, देवता या सन्त का कोई आशीर्वाद या मंत्र दिलवा दें, तो वह नाचीज हो सकती है, लेकिन अगर देवता देवत्व को प्रदान करते हैं तब?... तब वह नौकरी आपके लिए—इतनी कीमती हो जाएगी कि आप निहाल हो जाएँगे।
इस तरह से साहब! समझ में नहीं आया...
- आपको ध्यान नहीं है क्या?... नारद जी का उदाहरण तो आपको मालूम होगा? नारद जी एक बार भगवान जी के पास गए और बोले कि भगवन्! हमारी मनोक...
- आपको नई चीजें पाने की जरूरत क्या है?... जो चीजें पहले से आपके पास हैं, पहले उनको तो इस्तेमाल कर लें। नहीं साहब! नई चीजें दिलवाइए, नया पैसा द...
- आपको नहीं मालूम है, परन्तु हमें मालूम है कि ये कौन थे?... यह लड़का जो अभी-अभी नहाकर गया है, इसका नाम था शुकदेव। शुकदेव को इस बात का ज्ञान नहीं है कि मर्द कौन ...
- आपको नहीं मालूम है?... लड़ाई-झगड़े से लेकर और अन्य अन्य जो समस्याएँ हैं, मार-काट से लेकर के और प्रलय तक।...
- आपको पता है न कि सिनेमा के गानों की शक्ति आसमान में कितनी फैल गयी है और आदमी को सिनेमा के गंदे और फूहड़ गाने याद हैं?... हमारे बच्चों को याद हैं। आदमी के दिमाग में वही खुराफात याद आती रहती है।...
- आपको पसीना बहाना आता है?... पसीना बहाना अगर हमको आ गया होता, तो हमारी विद्या, पैसा चक्कर लगा रहे होते। बेटे, पैसा हमारा चला गया ...
- आपको पिंडदान देने की फिक्र है न?... आप अपने आप अपना पिंडदान कर लीजिए। अपना तर्पण आप कर लीजिए। अपना श्राद्ध आप स्वयं कर लीजिए।
मित्रो...
- आपको पुराणों की कथा पर विश्वास है कि नहीं?... चलिए मुसलिम धर्म की एक कथा और बता देता हूँ, फिर इतिहास की कथा बताऊँगा। पुराणों की कथा पर आपका विश्वा...
- आपको पेट भरने में दिक्कत क्यों होनी चाहिए?... मित्रो! अगर आप औसत भारतीय नागरिक के तरीके से जिन्दगी जियें और किफायतसारी से रहें तो आप यकीन रखिए थोड़े...
- आपको फुरसत मिल गयी?... हाँ बेटे, हमने फुरसत निकाल ली। कई जरूरी काम थे। चिट्ठियाँ लिखनी थीं, लेख भी लिखना था। लेकिन इन्हें...
- आपको बच्चों को बिल्ली-बन्दर की कहानी सुनाना नहीं आता?... आपके बच्चे बिल्ली की कहानी, बन्दर की कहानी सुनने में कितना आनन्द अनुभव करते हैं, इसका पता आपको नहीं है...
- आपको बताऊँ, कहाँ है वह जगह?... अच्छा! आपको बताये देता हूँ, आप किसी से मत कहना, नहीं तो और लोग पहुँच जायेंगे। वह जगह है इन्सान का ...
- आपको बनानी है क्या?... नहीं, आपको बनाना नहीं है। न आटा मलना है और न रोटी बनानी है। तो फिर क्या करना है? पकी-पकाई खानी है। ब...
- आपको बहुत बोलना आता है, पर आप हैं क्या?... हमको यह बताइए। असल में प्रभाव आपके व्यक्तित्व का पड़ेगा। जिस काम के लिए हम आपको भेजना चाहते हैं, वह ...
- आपको भविष्य में कब मरना हैं, बताइए?... हमें मालूम नहीं, तो फिर आप हमारा मरना कैसे बता सकते हैं? उन्होंने भविष्य बताने वाले सब पण्डित वापस कर...
- आपको भी आत्मज्ञान है?... हाँ साहब! हम ईश्वर के अंश हैं—'ईश्वर अंश जीव अविनाशी।' ये किसके लिए कह रहा है? अपने लिए। तो ...
- आपको भी गाली दी थी?... हाँ साहब! हमको भी उसने खूब गालियाँ सुनाई थीं। तो फिर आपने भी उसको गालियाँ दीं कि नहीं? क्यों? क्योंक...
- आपको मशक्कत के इसलिए कहा जाएगा तो आपका अध्यात्म गायब हो जाएगा, फिर आप क्या करेंगे?... साईं बाबा की पूजा करेंगे, मनसा देवी की पूजा करेंगे। क्या करेंगे इनकी पूजा करके? कम्यूनिज्म बहुत कष्ट...
- आपको मालूम नहीं है कि बोलने में आदमी की कितनी शक्ति खरच होती है?... जो शक्ति आपको आध्यात्मिक उन्नति के लिए आवश्यक है, वह इससे कितनी खरच होती है? अच्छा, हम आपको इस तरीके...
- आपको मालूम नहीं है कि हर क्षण हम आग की तरह से कैसे धधकते रहते हैं और कहते हैं कि कोई है क्या?... जो हमारे आग की चिनगारी को ले जाए? हम इनके लिए क्या मददगार हो सकते हैं? इनको हम कैसे शान्ति पहुँचा सक...
- आपको मालूम नहीं है?... बेटे, हमको तो मालूम नहीं है, तू ही बतादे। देखिये महाराज जी! रामायण में लिखा है। क्या लिखा है? ‘‘...
- आपको मालूम नहीं, ये क्या मामला है?... क्या है, बताइये? रविवार का दिन है। इन्होंने सुबह ही सब इंतजाम कर रखा है। ये लोग वकील, मुंशी आदि बहुत...
- आपको मालूम पड़ गया, तो आप भी चले जाएँगे, आपको क्यों बता दें, हमारी बैंक कहाँ की है?... बैंक में लाखों लिए जो आप बैठे हैं। आपकी जेब से निकाला और उसे काम में ले लिया, कौन रखवाली करेगा इसकी?...
- आपको मालूम है कि चोरी कब हुई थी?... हम तो सो रहे थे, खर्राटे भर रहे थे, हमें कुछ मालूम नहीं। अच्छा भाई! इन्हें तो रिहा कर दो। अच्छा जग...
- आपको मालूम है कि नहीं मालूम है कि हनुमान जी का क्या हुआ?... नहीं मालूम है तो चलिए मैं बताता हूँ। ताकत के हिसाब से अजीब थे। पहाड़ को ही उठाकर ले आये। स्थूल शरीर इ...
- आपको मालूम है क्या?... कितने कमरे चाहिए, कितने इंस्ट्रूमेंट चाहिए? सौ बेड का अस्पताल किसे कहते है? बेटे, यह सौ बेड का अस्...
- आपको मालूम है न, कल हम लोगों ने कथा में सुना था कि भगवान सब जगह विराजमान है, सबमें विद्यमान है?... भगवान सबमें मौजूद है। उसकी हजार आँखें हैं—
ॐ सहस्रशीर्षाः पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात।
स भूम...
- आपको मालूम है, कैसे आ गए?... ये बेटे! अपने आप नहीं आए हैं। सही मानना, एक भी अपने आप नहीं आया। ये खींच-खींचकर बुलाए गए हैं। जैसे ग...
- आपको मालूम है?... हाँ साहब! मालूम है। पाँच कोश, पाँच देव, पाँच प्राण, पाँच तत्त्व। हाँ ये भी ठीक है। जीवन-साधना के पाँ...
- आपको मालूम है?... नहीं, हमें तो नहीं मालूम। जिन दिनों सत्याग्रह में गाँधी जी ने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया कि मेरे...
- आपको मूर्तिकला आती है?... नहीं मूर्तिकला तो नहीं आती। मित्रो! अध्यात्म की टेक्नीक काफी नहीं है। टेक्नीक जरूरी तो है, पर काफी न...
- आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि अगर जड़ नहीं होगी, तो फूल कहाँ से आयेगा?... तना नहीं होगा, तो भी फूल नहीं आयेगा। अतः जड़ें होनी चाहिए, तना होना चाहिए। आप जड़ और तने का मूल्य नह...
- आपको यह तक पता नहीं चल सका कि हम कहाँ से आये हैं और हम कहाँ जा रहे हैं?... आपको इस बात की भी जानकारी नहीं है कि कल-परसों के बाद अर्थात् शरीर त्यागने के बाद में आपका क्या होन...
- आपको यह देखना है कि आपका जिन चीजों से गुजारा होता है, वह कहीं पाप की कमाई तो नहीं है?... पाप की कमाई से अगर आप गुजारा करते हैं तो आपका समग्र व्यक्तित्व, जिसमें आपकी जीभ भी शामिल है, परिष्कृ...
- आपको यह देखना होगा कि जब आप घर छोड़कर आए थे, तब आपकी भावना क्या थी?... जब आप घर से चले थे और जो स्तर आपका था, वह स्तर कम होने पर या समाप्त हो जाने पर आपकी हालत उसी स्त्री ...
- आपको यह भी पता नहीं है कि कौन-सा फल मीठा है?... इस बगीचे में ढेरों फल मीठे हैं और ढेरों फल खट्टे हैं। आपको यह ज्ञान नहीं है कि कौन से फल मीठे हैं। उ...
- आपको यह मालूम है?... क्रियाएँ संकेत करती हैं, दिशाएँ देती हैं कि आखिर हमको करना क्या है? आखिर हमको जीना कैसे है? यह सारे-...
- आपको यह सब किसने कहा था?... साहब! वो बाबा कह रहा था। पागल है बाबा।
मित्रो! क्या करना चाहिए? आपको वास्तविकता के नजदीक आना ...
- आपको यह समझना चाहिए कि पूजा-उपासना का सारे-का-सारा स्वरूप किसलिए बनाया गया है?... चलिए पहले तो मैं यह कहूँगा कि भगवान किसलिए बनाया गया है। भगवान बनाया गया? हाँ, भगवान बनाया गया है। ए...
- आपको यहाँ कुछ मिल रहा है?... नहीं, यहाँ कुछ नहीं मिल रहा है। आखिर ये क्या बात है? एक ही चीज है और वह चीज है—हमारा स्नेह, वह चीज ह...
- आपको याद है कि नहीं है, मैं आदमी की पूजा को माला से नहीं गिनना चाहता, वरन मैं यह देखना चाहता हूँ कि भगवान आपके जीवन में आ गया कि नहीं?... आपके आचरण में आ गया कि नहीं? आपके आचरण में अगर भगवान नहीं है, आपके मन में अगर भगवान नहीं है, चिन्तन म...
- आपको याद होगा कि आप जब अपने घर से आए थे, आपकी क्या भावनाएँ थीं?... यही थीं न कि हम गुरुजी के लिए, गुरुजी के कार्य के लिए तथा मिशन के लिए, समाज-सेवा के लिए, राष्ट्र के ...
- आपको रात में सपने में दिखाई देता है?... कैसे दिखाई पड़ता है? गुरुजी! घोड़े पर सवार होकर आया था, बैल पर सवार होकर आया था और हाथी पर सवार हो...
- आपको लेख पसन्द आते हैं?... हाँ आते हैं। आप गुरुजी से सहमत हैं? हाँ साहब सहमत हैं। हम तो खुद पढ़ते हैं और दूसरों को पढ़ाते हैं। ...
- आपको लोकहित करना है या आपको भगवान का भक्त बनना है?... भगवान का भक्त बनना हो तो आपको हनुमान जी को इष्टदेव बनाने में कोई हर्ज नहीं है। यदि आपको उदात्त बनना ...
- आपको वह भी मंजूर नहीं है और यह भी मंजूर नहीं है, फिर आप क्या है?... मैं नहीं जानता कि आप क्या हैं?
ऐसी स्थिति में यही कहा जा सकता है कि न आप हिन्दू हैं, न आप मुस...
- आपको विचार करना चाहिए कि भगवान् ने ऐसा पक्षपात क्यों किया?... अगर अन्य प्राणियों में सोचने का, विचार करने का माद्दा रहा होता, तो वे भगवान् के सामने उपस्थित हो...
- आपको शरीर समेत स्वर्ग को चलना चाहिए?... उन्होंने कहा—"यह कुत्ता, जो हमारे साथ है, उसका क्या होगा?" कुत्ते तो स्वर्ग में नहीं जाते, केवल आप ह...
- आपको सब शक्ति मिल गई, आप समझते क्यों नहीं?... आप समझिए।
बेटे! गुरुजी को किसने जाना है? मैं समझती हूँ कि अभी किसी ने नहीं जाना है। भगवान जाने हम ...
- आपको सहयोग कहाँ से मिलेगा?... आप स्मारिका कहाँ से छापेंगे। इसलिए स्मारिका आप जरूर छापें।इसके अलावा और भी बहुत से काम हैं, जो आपक...
- आपको सहयोग मिलता है?... किसी का नहीं मिलता। धर्मपत्नी का मिलता है? नहीं साहब, उसका भी नहीं मिलता। माता जी का मिलता है? नहीं ...
- आपको हम अभी बता सकते हैं कि हिन्दू धर्म में दैत्यों की शक्ल क्या है?... हिन्दू धर्म क्या है? अलंकारों के माध्यम से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण समस्याओं को सुलझाने का यह एक बेहतरीन...
- आपको हम इस तरह कैसे ले चलेंगे?... आपको तो मोटर में ही चलना पड़ेगा। उसने बताया नहीं कि मोटर हमारी है। मोटरगाड़ी घर के बाहर खड़ी कर दी। ...
- आपको हम प्यार करते हैं, इसलिए हमारे मन में जो बनावट होनी चाहिए, वह सिर्फ एक ही बनावट होनी चाहिए कि हम आपके लिए क्या त्याग कर सकते हैं?... हमको आपके लिए क्या करना चाहिए? आपको ऊँचा उठाने के लिए क्या हम मददगार बन सकते हैं? हाँ, बन सकते ह...
- आपको हम शक्ति देंगे, आपको ज्ञान देंगे, आपको न मालूम हम क्या-क्या देंगे?... आपको पहलवान बनाएँगे कि आप जहाँ जाएँगे, वहाँ आपका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। आपका कोई मुकाबला कर जाए, ...
- आपको हमसे ब्याह करना ही पड़ेगा?... चल, बड़ी आई ब्याह करने वाली, हम क्या ब्याह करेंगे? फिर आएगी तो वैसा ही होगा। नहीं, महाराज जी! हम तो ...
- आपको हमारी शक्ल नहीं मालूम तो क्या?... हमारे फर्ज और कर्तव्य तो आपने निभा दिए। आप हमारे सच्चे भक्त हैं।" उसकी नौकरी में तरक्की कर दी गई औ...
- आपने अभी बुलाया कहाँ था?... हाँ, ठीक है, यहाँ आ जा। बैठ जा, यहाँ आ और खाना खा ले, तो नौकर को ऐसे खाना खिलाया जाता है और मालि...
- आपने इसको बहकाया-फुसलाया था कि नहीं?... हाँ, साहब! बहकाया फुसलाया था। बात तो आपकी ठीक है। आपने जिन्दगी भर एक काम किया है—लोगों को बहकाया ...
- आपने आदर्शों से कोई प्यार नहीं किया है?... मैं क्या कह सकता हूँ? आदर्श तो आपके लिए एक बहाना है, एक मनोरंजन है। आदर्श तो आपके लिए मखौल है। लोग...
- आपने गौर क्यों नहीं किया कि यह तीसरी आँख क्या है?... कामदेव को जलाने की बात क्या है? जिन लोगों ने थोड़ी साइंस पढ़ी है वे जानते हैं कि थ्री डायमेंशन क्या ...
- आपने देखे हैं कि भूत कैसे होते हैं?... हाँ, हमने देखे हैं और आपको भी दिखा सकते हैं। चलते-फिरते प्रेत-पिशाच ये भूत आपको कहाँ मिलेंगे? मित्रो...
- आपने बुरा काम किया है, तो आपकी हिम्मत नहीं बढ़ेगी कि हमारा कोई क्या कर लेगा?... कल नहीं तो परसों हमको इसका प्रतिफल जरूर मिलेगा और हमारे गुनाहों का फल हमारे सामने जरूर आ जायेगा।...
- आपने अगर भजन किया होता तो आपके भीतर से कोई हेर-फेर न होता क्या?... शराब पीने वाले की जिन्दगी में हेर-फेर दिखाई पड़ता है। बुखार आने वाले की जिन्दगी में हेर-फेर दिखाई पड़त...
- आपने अपना दिल देखा है क्या?... फेफड़े देखे हैं क्या? गुर्दे देखे हैं क्या? वे दिन-रात चौबीसों घण्टे आपकी सेवा में लगे रहते हैं। हमको...
- आपने अपनी वाणी को कैसे शुद्ध बनाया?... बेटे! हमने संयम किया है। चौबीस वर्षों तक जौ की रोटी और छाछ का सेवन किया। इससे हमारी जीभ इस योग्य ह...
- आपने अपने अन्दर मुलायमियत क्यों पैदा नहीं की?... अगर आपने अपने अन्दर मुलायमियत पैदा की होती, अपने भीतर गड्ढे बनाए होते, तो हमने आपके भीतर तालाब, झरने,...
- आपने अपने गुरु को जीभ से स्वीकार किया है या अन्तरंग से स्वीकार किया है?... अन्तरंग से किया है तो आपके गुरु आपके साथ हैं और हर समय आपके साथ हैं, चाहे वे दिखाई नहीं पड़ते हों।...
- आपने अपने गुर्दे देखे हैं?... किसी और के भले ही देखे होंगे, पर अपने नहीं देखे होंगे। फेफड़े आपने देखे हैं क्या? वह भी नहीं देखे ह...
- आपने अपने चिन्तन का परिष्कार किया कि नहीं?... नहीं, वह तो नहीं किया। और भावनाएँ? भावनाएँ भी नहीं हुईं। क्रियाएँ तो की और उन क्रियाओं से शरीर को फा...
- आपने अपने बहन-भाइयों को कम से कम इस लायक नहीं बना दिया कि वे अपने पाँव पर खड़े हो सकें, फिर आपको अपने ही बच्चे पैदा करने की क्या आवश्यकता थी?... नहीं साहब! हमको नये बच्चे की जिम्मेदारी उठानी चाहिए, पुराने मरते हों तो मरें। बेटे, फिर तू कहाँ ...
- आपने अपने बालों को ऐसे कैसे बना रखा है कि कान ढके हैं?... भाई साहब! हमने इसलिए बना रखा है कि सब के सब लोग हमारी तरफ देखेंगे और कहेंगे कि ये बाबूजी सबसे ज्यादा...
- आपने अपव्यय कहाँ देख लिया?... बेटे, आदमी न मेहनत करता है, न परिश्रम करता है, न योग्यता बढ़ाता है, केवल अपव्यय बढ़ाता हुआ चला जाता है...
- आपने अब्राहम लिंकन का नाम सुना है ना?... जॉर्ज वाशिंगटन को जानते हैं ना? गाँधी जी का जीवन इतिहास आपने पढ़ा है ना? बुद्ध का इतिहास पढ़ा है ना? इ...
- आपने आँख से कहा था न कि खबरदार, हमारी बात नहीं मानी तो?... हाँ साहब! कहा था। जब आँख दुःखने लगी तो कहा था कि तुम हमारा कहना नहीं मानती हो। तुम अच्छी हो और हमारा...
- आपने इतनी मोटी बात को समझने से इनकार क्यों कर दिया?... नहीं साहब! भगवान गोदी में ले लेगा। किस कीमत पर भगवान गोदी में ले लेगा, जरा बताना तो सही? भजन की कीमत...
- आपने इन बच्चों को नहीं खिलाया?... अरे साहब सबको खिलाते हैं, किन्तु हम जानते हैं कि ये बिल्कुल बेकार की चीजें हैं।
आप तो कह रहे थ...
- आपने इसमें क्या पाया?... इस उपासना से इस अनुष्ठान से आपको क्या-क्या उपलब्धियाँ मिलीं? यदि आपने गहराई से विचार किया होगा व आत्...
- आपने उन्हें अन्तरंग में क्यों नहीं बैठाया?... जिसने अन्तरंग में बैठा लिया, बेटे, मैं कहूँगी कि वह हमारा लड़का महान है, चाहे वह किसी भी स्थिति में क...
- आपने उस दिशा को स्वीकार किया है कि नहीं किया है?... आपने अपने गुरु को जीभ से स्वीकार किया है या अन्तरंग से स्वीकार किया है? अन्तरंग से किया है तो आपके गुर...
- आपने ऋषिकेश का टिकट क्यों लिया?... कलकत्ता (कोलकाता) जा रहे थे तो फिर आपने बंबई (मुंबई) का टिकट क्यों लिया? आपने गलती कर दी। अब आप स्टे...
- आपने एकादशी का उपवास किया, अच्छी बात है, लेकिन इससे आपने बचत क्या की?... नहीं साहब! बचत तो नहीं की, वरन और ज्यादा खरच हो गया। क्यों? सेब मँगाए, केले मँगाए, रबड़ी मँगाई, तो र...
- आपने ऐसे क्यों कहा?... उन्होंने कहा कि जो कुछ मैंने कहा, वह मेरे हृदय की सच्ची अनुभूति है। जैसे मैंने सुना, देखा, वैसा ही प...
- आपने कभी गाड़ी वाले लोहार देखे हैं?... गाड़ी वाले लोहार अभी भी पत्तल में भोजन करते हैं, थाली में भोजन नहीं करते। अपने आपको राणा प्रताप का ...
- आपने कभी काली देखी है क्या?... आपने कभी गायत्री माता देखी हैं क्या? नहीं साहब! सपने में देखी थीं और आपने जो फोटो छापकर भेजा था, तो ...
- आपने कभी किया क्या?... किया नहीं है, तो आप गंगा जैसे निर्मल कैसे हो सकते हैं? कैसे पवित्र हो सकते हैं? यह पवित्रता का दिन ह...
- आपने कभी जकड़े हुए पक्षियों को देखा है?... सुग्गा पिंजड़े में कैद रहता है, मिठाई खाता है, चीजें खाता है, दूध पीता है, ब्रेड खाता है, लेकिन जरा ...
- आपने कभी दंगल देखे हैं?... किसके? भैंसों के दंगल, मुर्गों के दंगल, तीतरों के दंगल। उसमें क्या होता है? बेटे, उसमें दो जानवरों क...
- आपने कभी दाद को खुजाया है क्या?... दाद उस चीज का नाम है, जो जख्म जैसी खाज हो जाती है और उसे खुजाने में बड़ा मजा आता है। खुजाने क...
- आपने कभी दिया है?... अभागो! निष्ठुरो! कंजूसो! स्वार्थियो! देना किसे कहते हैं, यह जाना है कभी? अरे कृपणो! देने से आदमी देव...
- आपने कभी देखा या विचार किया?... उसकी एक ही वजह है कि वे ज्ञानी, गुरु और पण्डित केवल दिमाग और जबान तक ही अध्यात्म को सीमित रखते हैं,...
- आपने कभी देखा है?... नहीं देखा है तो, तो चलिए मैं आपको ब्याह-शादी के दिनों में दिखा दूँगा। दो समधी आपस में मिलते हैं और ल...
- आपने कभी मस्तिष्क को काम दिया था?... नहीं, मस्तिष्क को तो कोई काम नहीं दिया। हाथों को काम दिया है। पैरों को काम दिया है। पैरों से हमने पद...
- आपने कल को देखा नहीं?... आपने समय को देखा नहीं? केवल आप अपने बीबी, बच्चे को देखते रहे और उन्होंने अब क्या हाल कर दिया आपका? क...
- आपने कहा है या नहीं कहा है?... हम आपसे पूछते भी रहे हैं। हम आपको आश्वासन दिलाते हैं कि जिस तरीके से एक वफादार गुरु, वफादार माता-पित...
- आपने कहीं दक्षिणावर्ती शंख तलाश कराया?... बेटे! उससे क्या फायदा होता है? उससे लक्ष्मी आती है। ऐसा शंख जहाँ कहीं भी रहेगा गुरुजी! वहाँ लक्ष्मी ...
- आपने कितना पाठ किया लाला गुलाब चंद्र जी?... हनुमान जी का ३२४ पाठ किया। अच्छा साहब! ३९९० रुपयों का थैला, उसके यहाँ भेज दीजिए। पाठ करने वालों के य...
- आपने किस राक्षस को ऐसा वरदान दे दिया, तो उन्होंने कहा—अब क्या करना चाहिए?... उन्होंने विष्णु की आराधना की और विष्णु भगवान आए। उन्होंने कहा कि इसका हल अभी निकालता हूँ, आप क्यों प...
- आपने किसको क्या-क्या सक्रियता सौंपी है?... बेटे, हमने उन आदमियों के लिए भी, जो घोर व्यस्त हैं, कार्य सौंपा है। जिसके पास योग्यता है, उनको भी ...
- आपने किसी का उत्साह बढ़ाया, हिम्मत बढ़ाई?... किसी की प्रशंसा की? नहीं, आपने जीभ से प्रशंसा नहीं की, हर वक्त निंदा की, इसकी निंदा की, उसकी निंदा क...
- आपने किसी के गुणों का वर्णन किया है?... अपने पिताजी से कभी यह कहा कि पिताजी! आपने न जाने क्या-क्या कष्ट उठाकर हमको पढ़ाया होगा। जिन्दगी में आ...
- आपने किसी देवता की बुड्ढे की शक्ल देखी है?... कोई बुड्ढा देवता देखा है? रामचन्द्र जी का बुढ़ापे वाला कोई फोटो खरीदकर तो लाना? नहीं साहब! उनके फोटो...
- आपने कुटुँब का मजा कभी नहीं चखा है?... आपने तो भटियारों का मजा चखा है। उनके पास मुसाफिर आते हैं। उन्हें वे रोटी बनाकर खिला देते हैं। खाट बि...
- आपने कोई अलग से किया होगा?... नहीं बेटे! कोई अलग से नहीं किया। तो यह आपको कैसे फल दे रहा है? बेटे! यह जो फल दे रहा है, उसकी बात सम...
- आपने कौन सा काम किया और कौन सा मंत्र सीखा?... बेटे, हमने कई आदमियों से मंत्र सीखे हैं। उनमें से एक तो हमारे गुरु थे—बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय क...
- आपने कौन सा मंत्र जप किया?... बेटे! हमने वही मंत्र जप किया, जो हम आपको बताते हैं—गायत्री मंत्र, और हमने कोई जप नहीं किया। नहीं साह...
- आपने क्या कभी अपने मस्तिष्क को काम दिया था?... नहीं। तो क्यों नहीं दिया? आपको अपने मस्तिष्क को काम देना पड़ेगा। काम देने का नाम है—ध्यान। ध्यान उस च...
- आपने क्या दिया बताइए?... बस यही एक सवाल है। अगर आप यह कहते हैं कि हम भगवान् की भक्ति से कोई ताल्लुक रखते हैं, तो आप यह जवाब द...
- आपने क्या देखा है?... हमने बादल बरसते देखे हैं। बादल जब बरसते हैं तो पानी गिरता है और उससे अनाज पैदा होता है। आपकी बात...
- आपने क्या फैसला किया है?... यही फैसला किया है कि अब हम भौतिकवादी जिन्दगी नहीं जियेंगे। अब आपने सिपाही की पोशाक पहन ली है, त्या...
- आपने क्यों काम कराया?... लाल-लाल आँखें लेकर आ जाता है और लड़ने के लिए उतारू हो जाता है और आप भी चाहें तो भगवान से लड़ने के लि...
- आपने क्यों छापी है?... हमने आपके मानसिक ब्रह्मचर्य के लिए छापी है। इसलिए एक छापी है कि जवान महिला को आप माँ कहिए। जवान महिल...
- आपने क्यों दिया?... हमको गालियाँ पड़ीं और आपका घी चला गया।क्यों रे अभागे! घी लेने ऐसे ही चला गया था? हाँ साहब! ऐसे ही चल...
- आपने क्रिया-कृत्यों की महत्ता क्यों नहीं बताई?... हम यही पूछने आये थे और विधि-विधान पूछने आये थे। बेटे, एक ही विधि है, एक ही विधान है और वह है कि अप...
- आपने गलती की है, तो उस देवी से क्षमा माँगिए कि हमने जिन्दगी में क्या भूल की है?... अब आइन्दा भूल नहीं होगी। आप मन-ही-मन माँगिए, उससे नहीं माँगना है। फिर देखिए आपकी पत्नी आपके पीछे चलत...
- आपने गायत्री माता की तस्वीर देखी थी, वह कैसी थी?... बिछुआ कौन से पैर में था? कान में जेवर किस तरह का था? उनकी साड़ी कैसी थी? बॉर्डर कैसा था? बताना तो सही...
- आपने गुरुजी के विराट रूप को क्यों नहीं देखा?... केवल शक्ल तक ही आप सीमित कैसे रह गए? क्यों नहीं पहचाना विराट स्वरूप को? आपने उन्हें अन्तरंग में क्यों...
- आपने चारों वेदों के भाष्य किए हैं?... हाँ किए हैं। अठारह पुराणों के? हाँ किए हैं। उपनिषदों के, दर्शनों के? हाँ किए हैं। २५०० किताबें भी लि...
- आपने चाहा और हमने खरच कर लिया, फिर हमारे हिस्से में क्या आया?... हमारे हिस्से में क्या आया, बेटे! आप देख सकते हैं हमारे बारे में कि हमको क्या मिला है। कुछ मिला है क्...
- आपने छोटी बच्ची क्यों छाप दी?... नहीं बेटे, हम छोटी बच्ची नहीं छापना चाहते। तो महाराज जी! आपने बुड्ढी गायत्री माता क्यों नहीं छाप ...
- आपने जब भोजन नहीं किया तो फिर हम कैसे कर लेते?... मित्रो ! उस करुणा की देवी, वात्सल्य की देवी की आवाज उसकी आत्मा में पहुँची, वह द्रवित हो गया। उसे आत्...
- आपने जब रावण को मारा था, तब आपने एक ही तीर चलाया था न?... हाँ, हमने तो एक ही तीर चलाया था। तो रावण के शरीर में एक ही निशान होना चाहिए, एक ही घाव होना चाहिए,...
- आपने जिस कुटुँब के लिए ईमानदारी, बेईमानी करके उसे इतना बड़ा किया है, जिसके लिए आपने उचित तथा अनुचित ढंग से विकास करने का प्रयास किया है, देखना आपके कमजोर होने पर वे क्या करते हैं?... आपने कल को देखा नहीं? आपने समय को देखा नहीं? केवल आप अपने बीबी, बच्चे को देखते रहे और उन्होंने अब क्...
- आपने जेलखाना नहीं देखा है?... आपने भटियारों का सराय नहीं देखा है? आपने कुटुँब का मजा कभी नहीं चखा है? आपने तो भटियारों का मजा चखा ...
- आपने जो लाखों की संख्या में फोटो छापे हैं, वे सब कितनी उम्र की हैं?... बेटे, यही कोई बीस एक साल की है। जवान महिला की फोटो है। आपने क्यों छापी है? हमने आपके मानसिक ब्रह्मचर...
- आपने डुबकी नहीं मारी?... नहीं साहब! हम डुबकी क्यों मारते? फिर तो आपको मोती नहीं मिल सकता।
अध्यात्म की गहराई में उतरें
...
- आपने ढूँढ़ा है हमें?... नहीं बेटे, हमने आपको ढूँढ़ा है। हमने अच्छे-अच्छे रत्नों को ढूँढ़ा है। हमने अखण्ड-ज्योति आपके पास भेज...
- आपने तपस्वी देखे हैं न?... हाँ, तपस्वी देखे हैं। चारों ओर आग जला लेते हैं और बीच में बैठे रहते हैं। पानी में खड़े रहते हैं। तपस...
- आपने तो बताया था कि हम मूर्ति बनाएँगे तो क्या बन गई आपकी मूर्ति?... कहाँ बनी गुरुजी! छेनी टूट गई, हथौड़ी टूट गई और देखिए हमारी अंगुली में चोट भी लग गई। बेटे, मूर्ति कहा...
- आपने तो सारी मर्यादाएँ तोड़ डाली, नीतियाँ तोड़ डालीं, अब क्या देवता को भी अपने जैसा बनाएँगे?... आप देवता जैसे नहीं बन सकते, तो कम से कम इतनी कृपा कीजिए कि देवता को अपने जैसा मत बनाइए। देवता को अपन...
- आपने दूसरे आदमियों को खरीद रखा है?... ऐसा मत कीजिए। यह गलतफहमी है। अपने व्यक्तित्व को विकसित करके सारे विश्वमानव के सामने उदाहरण प्रस्तुत ...
- आपने देखा नहीं?... वानरों ने, रीछों ने ये कहा, अगर मनुष्य दैवीय सभ्यता को जीवन में ढाल सकते हैं, तो हमको भी ऐसा जीवन ढा...
- आपने देखा भी है कि हमारे छोटे-छोटे, जरा-जरा से बच्चे, नाचीज बच्चे जब बाहर जाते हैं, तो जो सत्कार होता है, वो किसका होता है?... आपका। आपका नहीं होता, यह मानकर चलना जिसके अन्दर यह अहंकार विद्यमान हो कि यह हमारा पुरुषार्थ है। यह हम...
- आपने देखा है?... नहीं साहब! हमने तो नहीं देखा। अच्छा तो कृष्ण भगवान् का देखा होगा? कृष्ण भगवान् की जब मृत्यु हुई थी त...
- आपने देखा होगा कि प्रेरणा देने वाली रामायण को कौन पढ़ता है?... हम उसे कहीं फेंक देते हैं, किन्तु जो भावनापूर्वक पढ़ते हैं, वे जानते हैं कि रामायण के निर्माण में श्...
- आपने देखा होगा कि मरते समय आदमी में क्या परिवर्तन होता है?... मरते समय में आँखें भी काम करती हैं, हाथ-पैर भी काम करते हैं, पर वाणी का चलना बन्द हो जाता है। क्यों स...
- आपने देखा होगा कि हवा बन्द हो, तब भी सुबह के समय पर हवा चलना शुरू कर देती है और कौन चलता है?... बेटे, सुबह हर प्राणी चलते हैं। सबेरे पशु जाग जाते हैं और चल देते हैं। मनुष्य चल देते हैं, जानवर चल द...
- आपने देखे हैं कि नहीं देखे?... पत्तों को कोई बुलाता है क्या? वे अन्धाधुन्ध भागते हुए चले आते हैं। अरे बाबा! तुम कहाँ जा रहे हो? हम त...
- आपने देखे हैं?... हमने तो नहीं देखे। और आपने देखे हैं? हाँ महाराज जी ! सपने में देखे हैं। सपने की कोई कीमत नहीं होती, ...
- आपने देवी देखी है क्या?... अगर देखी हो तो मुझे भी बता देना। मैंने तो देखी नहीं ऐसी देवी जो मुण्डन कराती हो और बाल खाती हो। मैंन...
- आपने देहरादून के विद्यालय में इन लावारिस बच्चों को, इन अनाथ बच्चों को क्यों भरती करा दिया?... आपने उसे अनाथ बना दिया। नहीं साहब! हमने तो उसे मिलिट्री स्कूल में भरती करा दिया। हमारा बच्चा साहब बन...
- आपने दो क्यों कहा और एक क्यों नहीं कहा?... बेटे! मैंने इसलिए कहा कि अपरिग्रह का चिह्न यह नहीं है कि हम पैदावार न करें। पैदावार न करना, काहिल की...
- आपने नहीं देखा है, तो क्यों मानेंगे?......
- आपने नेति, धौति, वस्ति, बज्रोली के रूप में यह जो क्रियाकलाप किया था और उससे केवल शरीर का ही संशोधन कर लिया, तो बात कैसे बनेगी?... कल फिर से कफ इकट्ठा हो जाएगा। कल फिर मल इकट्ठा हो जाएगा। परसों फिर मल इकट्ठा हो जाएगा। नाक में फिर स...
- आपने प्रेमपत्र लिखे थे कि नहीं?... क्या लिखा था? तुम हमारे, हम तुम्हारे। यही सब लिखा था ना? हाँ, साहब! लिखा था। आपने इसको बहकाय...
- आपने फाँसी की सजा दी, तो गाली क्यों नहीं दी?... गाली भी देते तो अच्छा होता, क्योंकि उसने चोरी की और हत्या की। इसलिए कहते कि वह चोर है, हत्यारा है। न...
- आपने फूलों को देखा है न?... फूल जब भगवान के चरणों पर चढ़ता है, तो डाली से टूटता है और जब कोई तोड़ता है, मना नहीं करता। अच्छे कार...
- आपने बच्चे को खिलाया, बच्चे को प्यार दिया है?... प्यार दिये बिना ही आपके बच्चे बड़े हो गये। वे आपको गाली देते हैं और पैसे चुरा लेते हैं। अब आप क्या कर...
- आपने बनाया कब था भगवान को?... निश्चित कब किया था भगवान को? भगवान् का स्वरूप था कब आपके जीवन में? भगवान् का प्रेम था कहाँ आपके पास?...
- आपने बहुत सेवा की है, वह भी सेवा करेगा?... डरावनी अकेली होगी जिन्दगी
मित्रो! संस्कृति की सीता चली गई तो यही हो जाएगा। और क्या हो जाएगा?...
- आपने बीबी को ही क्यों मना कर दिया?... उसको क्यों नहीं आगे बढ़ाया? क्या यही दृष्टिकोण है, आपके दाम्पत्य जीवन का? क्या यही आपकी दृष्टि है कु...
- आपने भक्ति के चमत्कार देखे हैं?... न तो आपने देखे हैं और न आपने सुने हैं। आपने तो सिर्फ कहानियाँ सुनी हैं। भक्ति के चमत्कार और भक्ति के...
- आपने भगवान बुद्ध की ज्ञानमुद्रा देखी है न?... ध्यानमुद्रा का मतलब यही है कि उन्होंने अपनी आँखें बन्द कर ली। आँखें बन्द करके स्वयं अपने भीतर देखा और ...
- आपने भगवान को देखा है?... हाँ साहब! हमने देखा है। अच्छा तो आप फिर हमको दिखाइए। बस, पहले तो बाबाजी शेखी मारते रहे, लेकिन जब उसन...
- आपने भटियारों का सराय नहीं देखा है?... आपने कुटुँब का मजा कभी नहीं चखा है? आपने तो भटियारों का मजा चखा है। उनके पास मुसाफिर आते हैं। उन्हें...
- आपने भागीदारी की दीक्षा ली है कि नहीं ली है?... अगर आपने भागीदारी की दीक्षा ली है, तो हम भी तो भागीदार हैं उसमें। जो भी आपकी कष्ट-कठिनाइयाँ हैं या आ...
- आपने भी तो कुछ कहा होगा?... आपने भी तो वरदान माँगा होगा? बेटे! हम क्या वरदान माँगते? जब हम भगवान के ही हो गए तो हमारे माँगने का ...
- आपने भी तो वरदान माँगा होगा?... बेटे! हम क्या वरदान माँगते? जब हम भगवान के ही हो गए तो हमारे माँगने का सवाल ही कहाँ रहा? इसलिए हमने ...
- आपने भी यही किया था?... अपना किस्सा सुनाइए! हमारी ब्याह-शादी हो रही थी। पण्डित जी ने कहा—"लड़के-लड़की सावधान!" हमने समझा कि द...
- आपने मँगायी थी?... नहीं, हमने भेजी थी। बेटे, जिस तरह राम-लक्ष्मण को लेने विश्वामित्र दशरथ के पास गये थे, वैसे ही हमने...
- आपने मशीन तो बना दी, परन्तु कारीगर न हो, तो मशीन चलेगी कैसे?... हमारे मिशन के साथ जनशक्ति की भी आवश्यकता है। इतने बड़े समाज की माँग केवल शान्तिकुञ्ज से कहाँ पूरी...
- आपने माँ का प्यार नहीं पिया क्या?... नहीं साहब! हमारी माँ नहीं है, परन्तु एक आदमी कह रहा था कि आपकी माँ जिन्दा है। मित्रो ! वह आपकी माँ नही...
- आपने माँ के लिए खरच किया कि नहीं किया?... बच्चों के लिए खरच किया कि नहीं किया?
यह आध्यात्मिकता का सिद्धान्त है कि आप कमायें, तो कमाने पर को...
- आपने मुँह क्यों नहीं खोला?... अपने अन्दर विशेषता पैदा क्यों नहीं की? जिससे हमारी स्वाति की बूँदें तुम्हारे अन्दर प्रवेश करने के बाद ...
- आपने मौत को इस तरीके से भुला दिया है कि क्या कहूँ आपसे?... मौत तो आपको डरावनी लगती है, क्योंकि मौत से आपकी जान-पहचान नहीं है। छोटे बच्चे जब नए वाले कपड़े क...
- आपने यह क्या आशीर्वाद दिया, एक हजार से क्या बनेगा?... इससे तो आप आशीर्वाद मत दीजिए। एक हजार रुपये का देना है तो दस हजार का दीजिए।मित्रो! जिस दिन हम दस हजा...
- आपने यह क्या कह दिया?... हम तो यह अनुदान लेने आए थे कि गुरुजी के पास जो शक्ति होगी, वह हमको मिलेगी तो अभी आपको यह भान नहीं हु...
- आपने यह क्या किया?... बेटे, मैंने नाम बदल दिया। क्या नाम रखा? ‘ब्राह्मण’ शब्द मैंने काट दिया और नाम रखा—‘‘गायत्री ही कामधे...
- आपने यह क्यों दे दिया?... बेटे! यह बच्चों का खिलौना है। तू भी तो खिलौना ही माँग रहा था, सो मैंने तेरे हाथ में खिलौना थमा दिया।...
- आपने यह जाल-जंजाल काहे को लदवा दिए हैं?... ये हमको चलने नहीं देते। बेटे! इसको भी गिरा दे। चौथा पत्थर भी गिरा दिया। चारों पत्थर गिराने के बाद मे...
- आपने यह बात पहले क्यों नहीं कही?... इसलिए नहीं कही कि पुत्रेष्टि यज्ञ में जो मंत्र काम आते हैं, उन मंत्रों को हम सार्थक नहीं कर सकते। क्...
- आपने योग करना कहाँ बताया?... आप यकीन रखना, मैंने सचमुच योग बताया है। झूठ वाले योग बताने वालों में से मैं नहीं हूँ, ताकि मैं आपको ...
- आपने योग करना कहाँ बताया?... आप यकीन रखना, मैंने सचमुच योग बताया है। झूठ वाले योग बताने वालों में से मैं नहीं हूँ, ताकि मैं आपको ...
- आपने राम का नाम नहीं लिया तो क्या हुआ?... खुदा का नाम नहीं लिया तो क्या? भजन नहीं किया तो क्या? लेकिन दुनिया को अच्छा बनाने के लिए, दूसरों के ...
- आपने रामायण में पढ़ा है, उसकी अधिक व्याख्या में क्यों करूँ?... उन्होंने लंका दहन किया, सुरसा के मुँह में से निकले, समुद्र भी लाँघा, इतने शक्तिशाली हो गए। लेकिन हम ...
- आपने विचार किया क्या?... आखिर ये खाली हाथ कैसे रह गए? खाली हाथ इसलिए रह गए कि उन्होंने केवल अपने स्वार्थ के लिए माँगा था, अपन...
- आपने वो प्यार क्यों नहीं दिया?... प्यार में मिलावट
आपने तो उस प्यार को भी बन्द करके रख लिया। मैं तो यह भी कहती हूँ कि हर चीज में मिल...
- आपने शिकायत की कि नहीं की?... अच्छा तो ऐसा किया कर कि चौबीस हजार गायत्री मंत्र भी लिख दिया कर और उसके पीछे चौबीस गालियाँ भी लिख ...
- आपने संगठन के लिये अखबार में लेख छापा, बस संगठन बन गया?... नहीं ऐसा नहीं है। इसके लिये हमको बहुत गहरी डुबकी लगानी पड़ी हैं और आप हीरे और मोतियों को बड़ी मुश्कि...
- आपने समय को देखा नहीं?... केवल आप अपने बीबी, बच्चे को देखते रहे और उन्होंने अब क्या हाल कर दिया आपका? कुसंस्कारी जो बनाया है आ...
- आपने समर्पण किया है?... नहीं, आपने समर्पण नहीं किया। माताजी, कैसे नहीं किया? किया तो है हमने। हम अंशदान देते हैं। दिया है कि...
- आपने सोचने का ढंग क्या बना रखा है?... आपके विचार करने की शैली क्या है, बताइए। नहीं साहब! इससे आपको क्या मतलब है? बेटे! हमको इसी से मतलब है...
- आपने स्वर्ग देखा है?... हमें नहीं मालूम है। पुराणों में जो किस्से- कहानियाँ सुने हैं, उससे हमको घृणा हो गयी है। मुसलमानो...
- आपने हनुमान जी को गन्दगी करते देखा है क्या?... नहीं, वे गन्दगी नहीं करते। आप रामचंद्र जी को खिला दीजिए, लक्ष्मण जी को खिला दीजिए। लक्ष्मी जी को खिला...
- आपने हमको क्यों नहीं बुलाया?... इतने आपके चौबीस लाख बेटे हैं।
हाँ बेटे! वह भी हमारे ही हैं, पर जितना आपके लिए हमारी भावना है, स्नेह...
- आपने हलवाई की दुकान देखी है?... हलवाई की दुकान में कितनी सारी मिठाइयाँ और कितने सारे पकवान रखे रहते हैं? ढेरों रखे रहते हैं। उनमें...
- आपने हवन किया था?... हाँ साहब! हवन किया था। हमने कहा—यज्ञ भगवान! बताइए, आपने क्या-क्या जमा कर रखा है? सुबह हमने एक किलो घ...
- आपमें व्यास जी से ज्यादा ताकत है?... हाँ बेटे, ज्यादा ताकत है। हमने स्वयं मेहनत की है। यह कैसे कर ली? कैसे भी नहीं कर ली। एकाग्रता और ए...
- आपमें से इन मुसीबतों से कोई बचा हुआ है क्या?... कोई एक भी आदमी बताए मुझे। कहा गया है—"रे रे मनुष्यः वदति अतिसुखम्.........!" अर्थात—अरे मनुष्यो ! कि...
- आपमें से किसी के पास मुसीबतें आईं?... हाँ, महाराज जी! हमारे व्यापार में बहुत घाटा हो गया। आपमें से इन मुसीबतों से कोई बचा हुआ है क्या? कोई...
- आपमें से हर आदमी महात्मा गाँधी होता, महात्मा बुद्ध होता, कबीर होता, दादू होता, नानक होता, जवाहर लाल होता, दयानंद होता, शंकराचार्य होता और न जाने कौन-कौन होता?... आपको खाना भी मिल जाता, कपड़ा भी मिल जाता, रोटियाँ भी जरूर मिल जाती; लेकिन इतना पाने के बाद, इतना करन...
- आपरेशन कराने क्यों नहीं आते?... अरे साहब! हम क्यों आपरेशन करायें? जब हम बीमार ही नहीं पड़ते, तो आपरेशन कराने की जरूरत ही क्या है?...
- आपस की यह प्रशंसा किसकी है?... आपकी। आप कहते हैं भगवान जी! आप ऐसे हैं और आप भगत जी, बहुत अच्छे हैं। भगत जी आप तो आप ही हैं। उनने कह...
- आपस में आप जब दो आदमी बात करते हों, तो आप दो आदमियों के अतिरिक्त तीसरा आदमी भी आपकी बातचीत को सुनता रहता है कि ये वानप्रस्थी आपस में क्या बात कर रहे हैं?... स्टेज पर तो हम बढ़िया- बढ़िया बात कहेंगे और आपस में कैसी- कैसी अनर्गल बातें कर रहे हैं। बेटे, आपस की...
- आपस में बोले—यह हमारा अतिथि है, जो आज भूखा है, हम इसके लिए क्या उपाय करें और तो हम गरीब कुछ कर नहीं सकते?... हाथ-पाँव तो हैं नहीं, जो कमा के लाएँ कुछ।
अब दोनों ने विचार किया और कहा अच्छा मैं उपाय करता हूँ। व...
- आपसे मैं पिछड़ा हुआ हूँ क्या?... नहीं, मैं पिछड़ा हुआ नहीं हूँ, मैं ठीक उसी तरह का हूँ, जितना कि सारे विश्व का हर नागरिक जिस तरह क...
- आपसे उन्हें क्या मतलब कि आप क्या कर रहे हैं?... आप अच्छे रास्ते पर जा रहे हैं या गलत रास्ते पर। उनकी बला से, किसी पर भी जाओ। निर्धारण आपको करना चाहि...
- आपसे एक ही बात हम कहेंगे कि जो पीड़ा और पतन आपको पुकार रहा है?... उसके लिए आप खड़े हो जाइए और आगे बढ़िए।
कुरीतियों को दूर करें
आपको मालूम नहीं है कि हमारी कितनी...
- आपसे कहीं ज्यादा हैं?... देख लो, अब राजीव गाँधी ने कल की घोषणा में कहा है कि इतने करोड़ नारी जागरण के लिए निवेश करेंगे।
इस ...
- आपसे क्या चाहेंगे?... हमारे बच्चे हैं, जो हम करें वह आप कीजिये। जुलाहे का बेटा जुलाहा होता है, लोहार का बेटा लोहार होता है...
- आपसे क्यों कहेंगे?... आपसे नहीं कहेंगे। आपसे एक ही बात हम कहेंगे कि जो पीड़ा और पतन आपको पुकार रहा है? उसके लिए आप खड़े हो...
- आपसे पूछता हूँ कि आप क्या ये काम नहीं कर सकते?... आप एक घण्टा समय नहीं दे सकते? दो घण्टे समय नहीं दे सकते? कलेजा है आप में? हृदय है आप में? हिम्मत ह...
- आपसे मैं गरीब हूँ क्या?... आपसे मैं पिछड़ा हुआ हूँ क्या? नहीं, मैं पिछड़ा हुआ नहीं हूँ, मैं ठीक उसी तरह का हूँ, जितना कि ...
- आपसे मैं पूछता हूँ कि आप लक्ष्मी जी को समझते क्या हैं?... वे आपके जैसी फरेबी और आप जैसी जलील हो सकती हैं क्या? आप नारियल चढ़ाएँगे और उनकी जेब काटकर लाएँगे। आप...
- आपसे मैं पूछता हूँ कि आपके अन्दर अगर निष्ठा है, तो क्या आप समय नहीं दे सकते मिशन के लिए?... मिशन से मतलब ‘नया युग’ से है। मिशन से मतलब मानवी सभ्यता, मानवी भविष्य। इस पर आपकी आस्था है या कुछ ...
- आपसे मैं यह कह रहा था कि आध्यात्मिक जीवन में आध्यात्मिक सामर्थ्य प्राप्त करने के लिए जिस पेट्रोल की जरूरत है, जिस सामर्थ्य की जरूरत है, जिस शक्ति की जरूरत है, वह कहाँ से आती है?... मैं कल आपको दूसरी बात कह रहा था। अन्न की बात कह रहा था कि अन्न से हमारा शरीर चलता है। अन्न से हमारा ...
- आपसे मैं ये कह रहा था कि साधना से सिद्धि का जो आपका उद्देश्य है, उसमें हमें क्या करना चाहिए?... उसमें आपको खेल-खिलवाड़ से आगे निकाल दें। अब तक क्या होता रहा है? खेल−खिलवाड़ होती रही है। अब खेल...
- आपसे यह मैं किसकी बात कह रहा हूँ?... गायत्री की प्रैक्टिस की बात कह रहा हूँ। हमने गायत्री की प्रैक्टिस की है। छह घण्टे रोज के हिसाब से हमन...
- आपसे यह मैं क्या कह रहा था?... यही कह रहा था आपसे-लोभ और मोह की बात। लोभ और मोह की ये दो वृत्तियाँ, पाशविक वृत्तियाँ हैं। प्रकृतिप्...
- आपसे वहाँ सिर्फ एक ही बात पूछी जाएगी कि आपको इतनी बेशकीमती जिन्दगी जिस काम के लिए दी गई थी, आपने उसे पूरा किया कि नहीं किया?... तब आप यह जवाब देकर पिंड छुड़ाना चाहते हो तो ध्यान रखिए कि इस जवाब को न कोई सुनने को तैयार होगा और न ...
- आप्तकाम किसे कहते हैं?... आप्तकाम उसे कहते हैं, बेटे! जिसकी सब मनोकामनाएँ पूरी हो जाएँ। क्यों साहब! फिर हमारी भी मनोकामना पूरी...
- आप्तकाम क्या होता है?... कामना का स्तर बदल देता है। स्तर बदल देने की वजह से सारी-की-सारी समस्याओं का समाधान होना सम्भव है। दुन...
- आमदनी जो भी हो, बाकी जो बच जाएगा तो उसका क्या करेंगे?... जमा करेंगे। नहीं बेटे! जमा मत करना। क्या करेंगे? परिग्रह। परिग्रह उसे कहते हैं, जहाँ जमाखोरी की जाती...
- आमलेट और ला?... अभी लाया। जल्दी- जल्दी लाने का उसे क्या मिलेगा? आपने एक रुपये का जो सामान खरीदा है, उसमें से जो बी...
- आमलेट मिलती होगी की नहीं?... अगर ये चीजें नहीं मिलती होंगी, तो बताइये हम क्या करेंगे? बियर पीने को न मिली तो हम क्या करेंगे स्वर्...
- आम्रपाली ने बुद्ध भगवान् को कितना पैसा दिया था?... आम्रपाली के पास ३०-३५ करोड़ के करीब की दौलत थी। जब वह बौद्ध भिक्षुणी बनी, तो उसने वह सारी दौलत बुद्ध ...
- आम्रपाली से लेकर अंगुलिमाल तक कौन-कौन जाने कितने आदमियों का सहयोग इस कदर बरसता था कि मैं आपसे क्या कहूँ?... जहाँ सम्मान होगा, वहाँ सहयोग अवश्य बरसेगा।
-क्रमश: (समापन अगले अंक में)
गतांक से आगे...
- आरती अगर न उतारी जाए, तो भगवान नाखुश हो जाएँ, या उनका काम हरज हो जाए, ये कैसे हो सकता है?... सूर्यनारायण और चंद्रमा भगवान् की हर वक्त आरती उतारते रहते हैं। नवग्रहों से लेकर के तारामंडलों द्...
- आरती अगर न उतारी जाए तो भगवान नाखुश हो जाएँ, या उनका काम हरज हो जाए, ये कैसे हो सकता है?... सूर्यनारायण और चंद्रमा भगवान की हर वक्त आरती उतारते रहते हैं। नवग्रहों से लेकर के तारामंडलों द्वारा ...
- आलसियों को आप जानते हैं ना?... रिश्वतखोरों, जमाखोरों और भ्रष्टाचारियों को आप जानते हैं ना? वे कौन हैं? ये सब वे आदमी हैं जो आज की स...
- आलसी आदमी और प्रमादी आदमी को क्या करना पड़ेगा?... अपने आप से लोहा लेना पड़ेगा, भिड़ना पड़ेगा।
महाराज जी! बिना भिड़े काम नहीं चल सकता। नहीं, बिना भिड...
- आलस्य और प्रमाद में पड़े रहे, तो माँ क्या कर सकती हैं?... माँ तो प्रेरणा देती हैं न कि बेटे उठो, जागो, हम आपकी उँगली पकड़ते हैं, हम आपका सर सहलाते हैं, हम वाय...
- आलोचनाओं की तरफ हम देखेंगे क्या?... आलोचनाओं की तरफ जिस किसी ने भी मुड़कर देखा, उसने कोई अच्छा काम नहीं किया। कर ही नहीं सकता, क्योंकि प...
- आवश्यक क्या है और अनावश्यक क्या है?... अगर इस बात की कसौटी की परख करना शुरू करें, तो आपको हँसी आयेगी कि हम जिन चीजों के लिए ख्वाहिशमंद थे, ...
- आशीर्वाद की तो पड़ रही है?... नहीं बेटे, आशीर्वाद की तो बिलकुल नहीं पड़ रही। आशीर्वाद की बहुत कीमत है। कीमत चुकाए बिना न आशीर्वाद ...
- आश्रम में जाएँगे?... हम कहते हैं कि इससे बड़ा आश्रम कहाँ है, जिसमें आपकी माँ रहती है, बाप रहता है, बीबी, बच्चे, भाई, बहन ...
- आस्तिकता का क्या अर्थ होता है?... आस्तिकता से क्या मतलब है? दुनिया में आस्तिकता की कई फिलॉसफियाँ हैं। आस्तिकता माने भगवान् पर विश्वास।...
- आस्तिकता का हमें क्या लाभ मिला?... ऐसा सन्देह आपको भी उत्पन्न हो सकता है और मुझे भी।...
- आस्तिकता क्या है?... और जिस मिशन को ले करके हम चले हैं, उसका उद्देश्य क्या है? जहाँ आपको एक ही घण्टा बोलने के लिए मिल...
- आस्तिकता से क्या मतलब है?... दुनिया में आस्तिकता की कई फिलॉसफियाँ हैं। आस्तिकता माने भगवान् पर विश्वास। भगवान् का भजन नहीं—विश्वा...
- इंग्लैण्ड और दूसरे देशों में जब हम पादरियों को देखते हैं, जहाँ खाने- पीने और रहने की सुविधाएँ हैं, जहाँ सड़कें हैं, जहाँ रेलगाड़ियाँ हैं, जहाँ टेलीफोन हैं, जहाँ बिजली है, उन सुविधाओं को छोड़ करके अफ्रीका के कांगो के जंगलों में, हिन्दुस्तान के बस्तर के जिलों में, नागालैण्ड के जंगलों में चले जाते हैं, जहाँ सिवाय कष्ट और तकलीफ के और क्या मिल सकता है?... वहाँ कोई चीज नहीं है। मेरे मन में आता है कि इनके पैर धोकर पीना चाहिए। क्यों? क्योंकि इन्होंने अपनी...
- इंग्लैण्ड जाने का रास्ता जानना चाहते हैं?... कैसा सरल रास्ता बताऊँ बेटे? बस गुरुजी ज्यादा से ज्यादा मैं छह नए पैसे खरच कर सकता हूँ पहुँचा दीजिए न...
- इंतजार करने से कहाँ मिलेगा?... जाओ, समुद्र में पहुँचो और दोनों साथ-साथ में मिलकर समुद्र का मन्थन करना शुरू कर दो और अपनी कलाइयों स...
- इंदिरा कांग्रेस में चली गई तो क्या?... और पुरानी कांग्रेस में चली गई तो क्या? वही लोग हैं। वही सब छाए हुए हैं। फिर वही सब लोग ठंढे हो गए। य...
- इंदौर के महाराज से?... हमारी बेटी रानी बन सकती है, आप यह क्या कह रहे हैं? मैं सपना देख रहा हूँ या कोई दृश्य। नहीं, आप सपना ...
- इंदौर वाली रानी की उपमा किससे दे रहे हैं आप?... जीवात्मा से और भगवान की किससे उपमा देंगे? तुकोजीराव से। ऐसी जीवात्मा जिसमें संकल्प हो, साहस हो, जिसम...
- इंद्रियाँ कौन सी हैं?... बेटे! इंद्रियाँ दस हैं, लेकिन इनमें सबसे खराब और सबसे बागी इंद्रियाँ दो हैं। इनमें से एक का नाम है—ज...
- इंद्रियाँ क्या होती हैं, कुछ भी नहीं होती?... ये जो हमारी निष्ठाएँ, हमारी आकांक्षाएँ, हमारी इच्छाएँ हैं, वहाँ तू चल। इच्छाएँ हमारी क्या हैं? इस सम...
- इंद्रियाँ भी कोई मानने जैसी चीज हैं क्या?... इंद्रियाँ क्या होती हैं, कुछ भी नहीं होती? ये जो हमारी निष्ठाएँ, हमारी आकांक्षाएँ, हमारी इच्छाएँ हैं...
- इंद्रियों की शक्ति खराब भी होती चली जाए, तो कोई बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन दिमाग में से उत्तेजना, विचारों की उत्तेजना, कामुकता के विचारों की वजह से आदमी की प्राण-ऊर्जा इतनी ज्यादा क्षीण और अपव्यय होती है कि इसके लिए मैं क्या कह सकता हूँ?... मैं आप से इंद्रियों के तप के बारे में कह रहा था। अगर इंद्रियों का तप करना आपके लिए सम्भव हो सके, जिसक...
- इंसान और भगवान के बीच जो सबसे बड़ी दीवार है, वह क्या हो सकती है, आप जानते हैं?... एक ही दीवार है और उसका नाम है—कलुष और कषाय। कषाय, कल्मष या कलुष किसे कहते हैं? हमारी शारीरिक जरूरत...
- इंसान कहाँ से पैदा होता है?... माँ के प्यार में से पैदा होता है। त्याग में से पैदा होता है, बलिदान में से पैदा होता है। लाल रंग के ...
- इंसान से आप क्या मतलब लगाते हैं?... जिसके आँख, कान, नाक, दाँत आदि होते हैं, आप उसे इंसान कहते हैं, लेकिन मैं कुछ और कहता हूँ। जिसका चिन्...
- इक्कड़ उसको कहते हैं, जिसको स्वयं की अपनी खुदगर्जी, मैं; मुझे पैसे वाला बनना चाहिए; मुझे मालदार बनना चाहिए; मेरे बेटे को बादशाह होना चाहिए; मुझे इज्जत मिलनी चाहिए और समाज को?... समाज को जहन्नुम में जाना चाहिए। पड़ोसी को? पड़ोसी को जहन्नुम में जाना चाहिए। यह कौन आदमी है? यह इक्क...
- इक्कड़ किसे कहते हैं?... इक्कड़ उसको कहते हैं, जिसको स्वयं की अपनी खुदगर्जी, मैं; मुझे पैसे वाला बनना चाहिए; मुझे मालदार बनना...
- इक्कड़ कैसे होते हैं?... जो झुंड से अलग हो जाते हैं। मसलन कई बार सूअर इक्कड़ पाए जाते हैं और अलग ही रहते हैं। वे झुंड में नही...
- इच्छा या कामना दूर से इतनी खूबसूरत मालूम पड़ती है, लेकिन जब वह हमारे नजदीक आती है तो वह इतनी बेचैनी लेकर के आती है कि क्या कहने का है?... जब तक ब्याह नहीं हुआ था, तब तक, हाँ, बेटा! तेरा ब्याह हो जाएगा। ब्याह हो जाएगा तो बहुत सुख पाएगा। अच...
- इच्छाएँ हमारी क्या हैं?... इस समय में हमारी भौतिक इच्छाएँ तीन हैं—वासना, तृष्णा, अहंता। हमने अपने आपको भूत मान लिया है। कौन हैं...
- इच्छाओं से जो मजबूर हो रहे हैं, ये भी कोई भक्त होते हैं क्या?... आपने क्यों कहा कि हम भक्त हैं। भक्ति को बदनाम क्यों किया? भक्ति को बदनाम करना मुझे नापसन्द है।
आप...
- इतना अन्तर है कि हम आपसे क्या कहें?... यह इस भूमि का प्रभाव है।
इस भूमि पर विश्वामित्र ने तप किया है और दूसरा आपके युगऋषि, युग के विश्वा...
- इतना अन्न जुटा पाएगी?... ’’
उसने कहा—‘‘पितामह! आपकी शक्ति और मेरा पुरुषार्थ और मेरा संकल्प बल, देखिए चमत्कार करता है कि नहीं...
- इतना कीमती हमारा मस्तिष्क, इतने कीमती हमारे साधन किस बुरी तरीके से तबाह हुए, आपने देखा नहीं?... आप देखिए कि यह किससे तबाह होता है? समस्याओं से? नहीं समस्याओं से तबाह नहीं होता। हमारी भीतर वाली...
- इतना तो देगा कि इतना भी नहीं देगा?... हाँ महाराज जी। इतना तो दे दूँगा। योजनाबद्ध जीवन अच्छा महाराज जी! चौबीस घण्टे में तीन घण्टे दें तो किसक...
- इतना पैसा हम अकेले में कैसे खरच करेंगे?... हमें अपनी बहन को भेजना पड़ता है।
साथियो! जो सिद्धान्त आज आप अपने कुटुँब में लागू कर रहे हैं, ...
- इतना बड़ा गाँव है, किसी के घर मेहमान आ गया तो?... साग नहीं था तो दाल से खाते थे। साग-भाजी का उन दिनों नाम भी नहीं था। कोई मेहमान आ जाए, जमाई आ जाए तो ...
- इतना बड़ा बनाया काहे के लिए, खिलाओगे नहीं, तो और क्या करोगे?... आपको सेवा-सहायता करनी चाहिए। चाहे भले ही आपका सहयोग गिलहरी के समान ही क्यों न हो, पर उसके अन्दर भावन...
- इतना बड़ा होता है, पर घोंसला कैसे बनाता है?... बया का घोंसला जरा आप देखना और कबूतर का भी घोंसला देखना। वह बड़ी-बड़ी लकड़ी बीनकर ले आता है और एक इधर...
- इतना बल कहाँ से आया था?... तप से आया था। मित्रो! कल मैं आपको अगस्त्य ऋषि का किस्सा सुना रहा था। वे तीन चुल्लू पानी में सम...
- इतना भी नहीं समझेंगे, तो मैं क्या करूँगा?... आप इन क्रिया-कृत्यों को ही तोप मानकर चलेंगे, तो बेटे मैं क्या करूँगा? क्रिया-कृत्यों और कर्मकाण्...
- इतना ही अधिकार आपका बनता है कि जो कुछ भी गुरुजी-माताजी का है और जो कुछ भी गायत्री माता का है, वह सब समेटकर लिए चलें और हमें विश्व शान्ति के लिए, विश्व के लिए कोई कदम नहीं उठाना चाहिए?... उठाना चाहिए। बेटे! हमको आपका कुछ नहीं चाहिए, आपका प्यार चाहिए।
बेटे! हमारे पास कुछ नहीं है, लेकिन ...
- इतनी असफलताएँ आपके पास आती हैं, इतनी समस्याओं का समाधान सुझाते हैं, पर इस कदर आप हँसते कैसे हैं?... गाँधी जी ने कहा-मैं इसीलिए एक सही जिन्दगी जी पा रहा हूँ। मेरे जिन्दा रहने का और कोई तरीका नहीं। अगर ...
- इतनी उदारता भगवान् ने क्यों बरती?... यह प्रश्र आपके सामने है। आपको विचार करना चाहिए कि भगवान् ने ऐसा पक्षपात क्यों किया? अगर अन्य प्र...
- इतनी गहरी नींद आती है?... हाँ साहब! गहरी नींद उसको ही आ सकती है जो चिन्ताओं से दूर रहता है। चिन्ताओं से दूर कौन रह सकता है? जि...
- इतनी जल्दी दिखा देंगे?... उन्होंने कहा—हाँ। आँखों से दिखा देंगे, तो दिखाइये ना? बस ईसामसीह बैठ गये। उस आदमी को भी बिठा दिया। च...
- इतनी जल्दी मन्दिर कैसे बन सकते हैं?... इस तरीके से बनें कि आप एक पूजा की चौकी बना लीजिए। चौकी पर भगवान का चित्र स्थापित कर दीजिए और घर के ह...
- इतनी जिम्मेदारियाँ सँभालनी हैं कि बेटे क्या कहूँ?... जो लेखन में हैं, वे भी अपना पुरुषार्थ दिखाएँ। कार्य की दृष्टि से भी, भावनाओं की दृष्टि से भी कि बस आ...
- इतनी ताकत उनमें कैसे आ गयी थी?... वे क्या खाते थे? विटामिन बी-काम्प्लेक्स खाते थे? फिर क्या करते थे? तपस्वी थे। उनकी यह तपस्या की शक...
- इतनी देवियाँ दुनिया में कहाँ से हो सकती हैं?... कोई देवी नहीं है। दुनिया में एक ही देवी है, जिसका नाम है—भगवान। उसी को माता कहा गया है, उसी को पिता ...
- इतनी दौलत दे जाए तब भी?... हाँ बेटे, हो सकता है; क्योंकि गुण नहीं हैं, तो वह दौलत भी आपकी तबाही का कारण बनेगी और जान लेकर हटेगी...
- इतने आदमी बैठे हुए हैं, उनसे आप क्यों नहीं कहते?... शील और मर्यादा बनी रहे गुरुजी! आप तो लड़कियों को बुरा मानते हैं और उनको दूर करना चाहते हैं। बेटे, मैं...
- इतने छेद किसने कर दिए?... इतने सुराख इसमें कैसे हो गए? किस तरीके से इन सूराखों से खून बह रहा है। आपने तो एक ही तीर मारा था? ...
- इतने पानी से तो मुँह नहीं धुलेगा, तो कितने से धुलेगा?... महाराज जी! कम-से एक लोटा तो होना ही चाहिए मुँह धोने के लिए और भगवान जी का मुँह इतना छोटा है कि एक चम...
- इतने बच्चों का क्या होगा, बताना जरा?... इसे गुणनक्रम के हिसाब से मल्टीप्लाई करके देखिए, तो पता चलेगा कि इनका क्या होना है। एक आदमी के पाँच, ...
- इतने में खाएगा क्या और उसे कहाँ से खिलाएगा?... नहीं, महाराज जी! मेरा मन चलता है। तू अपने आप को सँभाल, आवारा मन, गलत मन चौबीस घण्टे बेसिलसिले के विचा...
- इतने रुपये बहुत कैसे होते हैं?... पहली तारीख को तो सारे घर का खर्च हो जाता है, फिर जाने कहाँ-कहाँ से गुजारा करते हैं।
हमने ज...
- इतने लोग गोलियों के निशाने बन रहे हैं, मेरा बेटा बन गया तो?... आपको मालूम नहीं है कि वे सुबह से शाम तक बन्द रहे। माँ से कहा—"ताई! माँ को ताई कहते थे। ताई अब तो खोल।...
- इतने लोगों का भोजन किसे कहते हैं?... इसे तैयार करने में क्या खरच पड़ता है? आपका पहनावा तो हमारे जिम्मे नहीं है, हम आपको साबुन नहीं देते। ...
- इतने लोगों की सेवा करने के लिए, सहायता करने के लिए, ऊँचा उठाने के लिए और युग की समस्याओं का समाधान करने के लिए, नए युग का अवतरण करने के लिए भगीरथ के तरीके से साधना करने के लिए, समाज की दिशाधारा को मोड़ देने के लिए, बहुत सारे संस्थान खड़े करने के लिए, बहुत सारे संस्थानों की व्यवस्था करने के लिए ताकत कहाँ से आती है?... हम आपको यकीन दिलाते हैं कि यह जो ताकत आती है, वह आध्यात्मिक ताकत है और यह हमारी कमाई हुई नहीं है। कह...
- इतने शक्तिपीठ कहाँ से बन गये?... ५० लाख मुट्ठियाँ ५० लाख लोगों का एक घण्टे का समयदान कुछ मायने रखता है।हम अपने ब्राह्मण को फिर जिन्...
- इतने सन्त आते हैं तो आप चाय तो पिलाते होंगे?... हाँ, बेटे। और कौन-कौन आते हैं? बेटे! महात्मा गाँधी आते हैं, रवींद्रनाथ टैगोर आते हैं। दुनिया के सारे...
- इतने सन्त किसे कहते हैं?... इतने तो बेटे! फौजी भी नहीं हैं। इतनी तो मिलिट्री भी नहीं है, जितनी कि सन्तों की फौज है। जिनको हम सन्...
- इतने समुन्नत बच्चे कैसे बन गए?... आज आप सोचते हैं कि पैसों से लड़कों को संस्कारवान् बना लेंगे। यह फिजूल की बातें मत कीजिए। पैसों से के...
- इतने सस्ते नुस्खे जिसके हाथ लग गये हैं, भला वो त्याग का जीवन जियेगा क्यों?... कष्टमय जीवन जियेगा क्यों? त्याग करने के लिए तैयार होगा क्यों? संयम और सदाचार का जीवन व्यतीत करने क...
- इतने सुराख इसमें कैसे हो गए?... किस तरीके से इन सूराखों से खून बह रहा है। आपने तो एक ही तीर मारा था? हाँ, हमने एक ही तीर मारा था। ...
- इतिहास क्या है?... दुनिया में इनसानों के चाल-चलन क्या रहे हैं? दुनिया में किस तरीके से उतार-चढ़ाव आते रहे हैं? ये बातें ...
- इधर जाना है या उधर जाना है?... जहाँ तक मैं समझती हूँ, आपको उधर नहीं जाना है। आपको इधर ही आना है। इधर का रास्ता साफ है, आप इसी पर चल...
- इन अवतार का नाम क्या होगा?... —प्रज्ञावतार। प्रज्ञावतार किसे कहते हैं? जिसको निष्कलंक अवतार कहा गया है। कलंक से रहित। कल मैंने आपक...
- इन कर्मकाण्डों का इतना बड़ा महत्त्व है?... बेटे ! कोई महत्त्व नहीं है। इन कर्मकाण्डों का महत्त्व व्यक्तिगत जीवन में और सामूहिक जीवन में सिर्फ ए...
- इन खानदान वालों की बात माने कि नहीं माने?... भीष्म पितामह जी! आप समझदार आदमी मालूम पड़ते हैं। आप ही गवाही दीजिए। अरे आचार्य जी। आप किस झगड़े में ...
- इन चार नामों में क्या है?... चार शिक्षाएँ हैं, चार आदेश हैं। आपके लिए चार दिशाएँ हैं। आपके लिए चार कर्तव्य हैं। चार वर्ण, चार आश्...
- इन थोड़े से हरफों का उच्चारण क्या हमको भगवान् को दिला सकता है?... क्या हमारे जीवन में सुख- शान्ति आ सकती है? क्या हमको प्रगति के मार्ग पर चलने का मौका मिल सकता है? ब...
- इन दिनों में क्या आपने अपने बारे में कभी सोचा कि मनुष्य का जीवन कैसे सार्थक किया जा सकता है, क्या आपने विचार किया?... पता नहीं, आपने किया कि नहीं किया।
आप जो पाने के लिए आए थे, मालूम नहीं, आप क्या पाने के लिए आए थे? ...
- इन देवताओं ने कहा?... कि भगवान्! हम आपके साथ चलेंगे। उन्होंने अपना देवता का स्वरूप छोड़कर रीछ-बन्दर का रूप बना लिया। देवता...
- इन दो के दायरे में जो बँधा है, वह कौन है?... वह जानवर है। वह मोटरगाड़ी में सफर करता है, अच्छी बात है, कोई हर्ज की बात नहीं है और मेज़ पर बैठकर का...
- इन नौ दिनों में आप अपने को कितना खाली कर पाए?... मालूम नहीं। आपने अपने लिए कितना आत्मचिन्तन किया, पता नहीं। इन दिनों में क्या आपने अपने बारे में कभी ...
- इन परिस्थितियों में मेरा मन था कि मैं परिस्थितियों को कहाँ-से-कहाँ ले जाऊँ?... इसलिए खासतौर से मैं अपना जन्म लेकर के आया कि लोगों के सामने एक सबूत पेश करूँ कि असली अध्यात्म असली ढ...
- इन परिस्थितियों में हर कोई जलेगा?... नहीं, इन परिस्थितियों में हम आपको ढेरों आदमी बता देते हैं, जो आप से भी गई-बीती परिस्थितियों में थे, ...
- इन पैसे वालों ने क्या कर लिया है?... नहीं महाराजजी! हमको पैसा दिलवा दीजिए, हम दुनिया की सेवा करेंगे। बेटे! पैसे से सेवा नहीं होती और कभ...
- इन फिल्मों या क्लबों में क्या रखा है?... अरे तू अपने बीबी-बच्चों से बात करना शुरू कर, फिर देख कैसा रहेगा सिनेमा? इससे अच्छा गुड्डा क्या आपको ...
- इन बूढ़े आदमियों का हम क्या करेंगे?... इनसे हम क्या उम्मीद कर सकते हैं कि वे स्वयं के लिए क्या काम कर सकते हैं और भगवान् के लिए क्या कर स...
- इन बेकार की बातों से आपको क्या फायदा होगा?... मुझे तब बहुत नाखुशी होती है, जब आप चमत्कारों की बात कहते हैं और कहते हैं कि हमको गणेश जी दिखाइये, हम...
- इन भगवान् का नाम क्या होगा?... इन अवतार का नाम क्या होगा?—प्रज्ञावतार। प्रज्ञावतार किसे कहते हैं? जिसको निष्कलंक अवतार कहा गया है। ...
- इन मुसीबतों से कैसे बचना चाहिए?... बचाव का एक ही तरीका है और वह है कि हम अपना दिमागी सन्तुलन कायम रखें। यदि दिमागी सन्तुलन कायम रखेंग...
- इन लड़कियों को क्या समझ रखा है?... आपसे कहीं ज्यादा हैं? देख लो, अब राजीव गाँधी ने कल की घोषणा में कहा है कि इतने करोड़ नारी जागरण के ल...
- इन लड़कियों से भी कहूँगी कि बेटियो?... अपनी खुदगर्जी के लिए मत रहना। पति की सेवा भी करो, बच्चों की सेवा भी करो, लेकिन इस मोह-जंजाल में उलझक...
- इन लोगों से हमारा क्या बनने वाला है?... क्या करेंगे हम इन मुरदा आदमियों का? इनसे हमारा कुछ काम नहीं बनेगा। हमको जीवट वाले आदमियों को तलाश ...
- इन वस्तुओं के द्वारा बृहस्पति को प्रसन्न करने का क्या तरीका है?... पीपल का पत्ता, केले का पत्ता, केले के पत्ते पर हल्दी, हल्दी के ऊपर आँवला, आँवले के ऊपर सुपारी लेकर क...
- इन शरीरों को कैसे जाग्रत करना चाहिए?... इसका एक साइंटिफिक तरीका है। मैं आपको इनकी उपासना की विधि और सारी चीजें बता दूँगा। मेरे पास प्रोसीजर ...
- इन सब को कह दिया है कि अखण्ड ज्योति जहाँ भी जाए, दस-दस आदमियों को पढ़ानी चाहिए तो हमारे पोते हैं १० लाख और परपोते?... अभी ठहर जा बेटे! हमारे कुटुम्बी बहुत हैं। अभी तो ७० साल की उम्र हुई है। अभी तो हमारे बेटे, पोते हो पा...
- इन सबकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी, तो किसकी होगी?... पूर्व की दिशा से जब सूर्य निकलता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा? किरणें ही तो उठाएँगी। किरणों ...
- इन सबकी हम सेवा-सहायता करेंगे और पूरी जिम्मेदारी निभाएँगे; लेकिन आपने इनका दबाव स्वीकार कर लिया तो?... तो फिर समझ लीजिए कि सिद्धान्तवाद के रास्ते पर आप एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकेंगे। इस मामले में गोस्वामी...
- इन सबसे तुम्हारा ब्याह करा दें?... बेकार ताकता रहता है। अरे उल्लू! एक औरत तो तुम्हारे समझ में नहीं आ रही है। उसके लिए तू वस्तुएँ मँगा न...
- इन सारी समस्याओं के समाधान हम उस खिलौने के माध्यम के द्वारा तलाश कर सकते हैं, जो शंकर के रूप में बनाया गया है और अपने आपके बारे में, अपनी गतिविधियों के बारे में, रीति-नीति के बारे में यह फैसला कर सकते हैं कि हमको चलना किधर है?... विचार क्या करना है? ये है शंकर का मॉडल, जिसे हमने अपना इष्ट बनाया है। मित्रो! बाकी देवता...
- इन हवा को लेकर कौन आया?... हवा के सन्देश को लेकर कौन आया? सन्देश लेकर के यहाँ भगवान् बुद्ध आए थे। तो क्या भगवान् बुद्ध ने हिंदु...
- इनकम टैक्स-सेल्सटैक्स जो भी हो, आपके व्यक्तिगत जीवन में कोई कठिनाइयाँ भी हैं क्या?... आप भूल जाइए उन सब कठिनाइयों को और आप हमारी झोली में भर जाइए। आप उन कठिनाइयों को हमको दे जाइए। आपके ह...
- इनका कहना न मानेगा तब?... तेरी मिट्टी पलीद हो जाएगी। मीरा के सामने एक ऐसा ही सवाल पैदा हो गया। मीरा के घर वाले न भजन-पूजा करने...
- इनका कहना मानना चाहिए या नहीं मानना चाहिए?... क्या करें, तुलसीदास जी से सुनें
गोस्वामी तुलसीदास जी ने साफ तो कुछ नहीं लिखा कि क्या करना चा...
- इनका क्या नाम है?... बिच्छू।
हर जगह कंगाली
मित्रो! आज आपके घरों में कौन पैदा हो रहा है? बिच्छू। आदमी ...
- इनका तो खून, मवाद टपकता है, तुम कैसे लेकर चलोगे?... नहीं माताजी! आप आज्ञा दे दें, तो मैं आपके पति को लेकर के चलूँगा।
जिनके शरीर से मवाद टपक रहा था, ...
- इनका त्याग कम है क्या?... बेटे! बिलकुल त्याग कम नहीं है। उनका ज्यादा है; लेकिन जब कहीं भी हम कमी पाते हैं, तो निस्संकोच उसको इ...
- इनका नाम क्या है?... इनका नाम है—हनुमान जी। हनुमान जी ऐसे होते हैं? हाँ बेटे! ऐसे होते हैं। और कितनी विशेषताएँ हमारे अन्दर...
- इनका नाम क्या है?... बेहूदे। बेहूदे आदमी हर जगह मारे-मारे फिरते हैं, लात खाते फिरते हैं। हर जगह रोते-चिल्लाते फिरते हैं, ...
- इनका हम क्या करेंगे?... तीन महीने का हमने प्रशिक्षण चलाया था। हमने यह सोचा था कि तीन महीने हम इनको प्रशिक्षण दे देंगे, तो सा...
- इनकी रस्सी क्या होगी?... महामानवों के जीवन-चरित्र श्रीराम, श्रीकृष्ण का जीवन-चरित्र जिसको हम आपको पढ़ाते हैं। बाल्मीकि रामाय...
- इनकी सम्पत्ति हमें मिल जाए, तो फिर हम दिखा दें कि लोक क्या होता है?... परलोक क्या होता है? क्या होता है बनाना और क्या होता है बिगाड़ना? तू बिगाड़ रहा है, अपने बच्चों को बि...
- इनकी सलाहें किस काम की हैं?... दो कौड़ी की सलाह हैं। क्यों साहब ! अपनी अम्मा की सलाह तो मानूँ? नहीं बेटे! तू अम्मा की मत मानना। नही...
- इनके अन्दर कोई गौरव दिखाई पड़ता है?... इनके अन्दर कोई जीवन दिखाई पड़ता है? इनके अन्दर कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता। श्रेष्ठ कामों का सुख मित्र...
- इनके अन्दर कोई जीवन दिखाई पड़ता है?... इनके अन्दर कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता। श्रेष्ठ कामों का सुख मित्रो! राम के नाम की बात मैं नहीं कहता,...
- इनके अन्दर कोई वर्चस्, आपको दिखाई पड़ता है?... इनके अन्दर कोई गौरव दिखाई पड़ता है? इनके अन्दर कोई जीवन दिखाई पड़ता है? इनके अन्दर कुछ भी दिखाई नही...
- इनके ऊपर तो इन्कमटैक्स के सात मुकदमे चल रहे हैं, तो ठीक कराइए?... चंडी जी का पाठ कराइए और मुकदमे जीत करके लाइए। चंडी जी का एकाउण्ट ठीक कराइए। हमारी मनोकामना पूरी कीजि...
- इनके क्या कहने?... इन्होंने तो वहाँ गाया था, नाचा था, बड़े गजब का था। ये श्रीकृष्ण भगवान् हैं। देखिए, इनके मुकुट और इनक...
- इनके पास इतना फालतू समय होता है कि रोटी के अलावा कौन-सा काम है?... वह भी आजकल गैस चल गई है।
बेटे! घर-गृहस्थी का कोई ज्यादा काम नहीं है। यदि बचाना चाहें, तो घर-गृहस्थ...
- इनके पास भलमनसाहत की सलाह कहाँ है?... अरे एक आदमी पकड़कर मेरे पास लाइये, जो आपको भलमनसाहत और शराफत की सलाह देने के लिए तैयार हो। जब बेटे,...
- इनके बच्चों के लिए अनाज आदि की जरूरत पड़ती होगी, वो अनाज कहाँ से आयेगा?... वही लोग, जिन्होंने अन्ना साहब की लगन को देखा था, अन्ना साहब के घर अनाज आदि चुपचाप पहुँचा देते थे। ...
- इनके यहाँ फूलों की खेती होती है?... जहाँ कहीं भी शादी होती है, अच्छा काम होता है, वे फूल लेकर के जाते हैं और बिखेर देते हैं और पीछे से प...
- इनके सामने हम क्या कहें कि आप तो अभी दूर कर सकते थे?... पर हमको टाल रहे हैं सप्ताह भर के लिए। वह एक सप्ताह बाद आया। उन्होंने पूछा—"तेरे बच्चे ने अब गुड़ खान...
- इनको किस काम के लिए पैसा खराब करना चाहिए?... छह तारीख को आप नहाएँगे, तो बैकुंठ को जाएँगे। हर की पौड़ी के ब्रह्मकुण्ड में नहाकर के आप बैकुंठ को जा...
- इनको खेलने के लिए रेल कहाँ से आएगी?... हमको तो बस काम-वासना से प्यार है। हम तो चौरासी बच्चे पैदा करेंगे। आज आदमी चांडाल होता हुआ चला जा र...
- इनको प्यार कौन देगा, इनको बनाएगा कौन?... अभी तो हमारी इतनी जिम्मेदारियाँ हैं, हम कैसे पीछे हटेंगे? अभी हम पीछे नहीं हटेंगे। आप लोगों को अभी त...
- इनको स्नान क्या कराना?... नहीं साहब! हमारे ठाकुर जी तो स्नान करेंगे। बिना नहाये भला ठाकुर जी का काम किस तरीके से चलेगा और नहा...
- इनको हम कैसे शान्ति पहुँचा सकते हैं, कैसे इनको सन्तोष पहुँचा सकते हैं?... किस तरीके से हम इनके काम में आएँ?
संस्कृति की पुकार सुनें
बेटे! हर समय हमारा यही चिन्तन बना रहता...
- इनको हम पैदा करेंगे?... गुरुजी रानी मक्खी हैं, वे इतनी सन्तान पैदा कर देते हैं कि पूछो ही मत।
भरोसा और विश्वास रखें
वे आ...
- इनको हम भूसा कहाँ से खिलाएँगे?... इनकी एक ही रेमिडी है कि इन बुड्ढे जानवरों को, चाहे वे गाय हों, चाहे वे बैल हों, दोनों को ही कसाई के ...
- इनको हम स्वर्ग की कहानी कैसे कह देंगे?... भगवान् से मिलने की बात हम कैसे कह देंगे?मित्रो! हम सड़े हुए मनुष्यों और मरे हुए मनुष्यों की मनोकामना ...
- इनमें तमीज है कि नहीं है?... शौर्य है कि नहीं है? मुँह फाड़- फाड़ करके ही- ही करेंगी और गलत तरीके से उलटे- सीधे कपड़े पहन कर बैठें...
- इनमें चमत्कार नहीं आएगा?... शब्दों में शक्ति नहीं होती, पर मंत्र में शक्ति होती है। मंत्र में और शब्दों में क्या फरक होता है? के...
- इनमें तो सुगन्ध होनी चाहिए थी?... इनमें तो स्वाद होना चाहिए था? उसने कहा- परन्तु इनमें न तो सुगन्ध है और न स्वाद है, तो मैं किस तरीके...
- इनमें तो स्वाद होना चाहिए था?... उसने कहा- परन्तु इनमें न तो सुगन्ध है और न स्वाद है, तो मैं किस तरीके से मान लूँ? पत्नी ने कहा कि ज...
- इनमें से ये खूबसूरत है कि वो खूबसूरत है?... क्या करें? इन सबसे तुम्हारा ब्याह करा दें? बेकार ताकता रहता है। अरे उल्लू! एक औरत तो तुम्हारे समझ मे...
- इनसान के लिए?... इनसान के लिए उसने बड़े काम सौंपे हैं। एक काम यह सौंपा कि जानवर का दिमाग चुप बैठा रहेगा, अगर उसके लिए...
- इनसान को उठाया नहीं जा सका तो बात कैसे बनेगी?... इसी काम के लिए हम समय लगाना चाहते हैं। सवाल हमारे समय का है, आप तो केवल पूजा के पीछे पड़े हैं। देवी...
- इनसान को क्या चाहिए?... पैसा चाहिए, विलासिता चाहिए, नौकरी में तरक्की चाहिए, प्रमोशन चाहिए, लेकिन उन लोगों ने कहा कि हमें त्य...
- इनसान को मैं क्या कह सकता हूँ?... इनसान पर पिशाच और राक्षस और न जाने क्या-क्या होता है? बहुतों के भीतर होता है, लेकिन यह मत सोचिए कि ह...
- इनसान पर पिशाच और राक्षस और न जाने क्या-क्या होता है?... बहुतों के भीतर होता है, लेकिन यह मत सोचिए कि हमारे और आपके भीतर नहीं है। कभी-कभी हमारा पिशाच ऐसा निक...
- इनसे आदमी को क्या कोई तकलीफ होनी सम्भव है?... नहीं, तकलीफ होनी बिलकुल सम्भव नहीं है। दुनिया में अभाव, कष्ट, दुःख और दर्द भरा हुआ पड़ा है। सद्गुर...
- इनसे आप एक नया दृष्टिकोण नहीं ले सकते हैं?... अगर वे कपूत हैं, तो आप उनसे दूसरे फायदे उठा सकते हैं। जहर में से भी अमृत निकाला जा सकता है। जो आदम...
- इनसे कुछ फायदा उठाना चाहें तो?... कोई फायदा नहीं उठा सकते, क्योंकि ये मरे हुए हैं।...
- इनसे कोई फायदा हो सकता है?......
- इनसे क्यों कम है और आपसे क्यों ज्यादा है?... आपसे ज्यादा यों है कि नारी हमेशा भावनाशील रही है। यह तो त्याग की देवी है, जितना इसका गुण-गान करें, उ...
- इनसे ज्यादा और कोई मालदार है?... नहीं, उनसे और अधिक कोई मालदार नहीं हो सकता। मालदारों में फोर्ड का नाम मैंने सुना है, निजाम हैदराबाद ...
- इनसे लोहा कौन लेगा?... संस्कृति की सीता को वापस लाने का काम कठिन मालूम पड़ता है। अब वह कहाँ चली गई? वह तो मध्यकालीन युग था।...
- इनसे हम सीख लें कि गायत्री माता क्या कहना चाहती हैं?... गायत्री माता का क्या शिक्षण है? गायत्री माता क्या चाहती हैं? गायत्री का हँस कैसा होना चाहिए? ये चा...
- इनसे हमारा काम चलेगा?... इनसे हमारा काम नहीं चलेगा। जो व्यक्ति हर काम के लिए माला को ही काफी समझते हैं, उनसे हमारा काम नहीं...
- इन्क्वायरी की गयी कि यह भूत कहाँ से आता है और क्या है?... बहुत देर तक खोजबीन करने के बाद में मालूम पड़ा कि रेलगाड़ी में जो लाईट लगी हुई थी, उसके शीशे पर बड़...
- इन्द्र देवता को और इन्द्र देवता ने कितना पानी दिया?... बहुत पानी दिया। देने की वृत्ति जिनके अन्दर होती है, वह आदमी सूखा नहीं रहता। देने की वृत्ति मनुष्य...
- इन्हें आपने सीख लिया न?... मित्रो! अब तक आपने किया तो सही, पर छोटे दायरे में किया है। अब अपना दायरा बढ़ा दीजिए न। आपने कुटुम्ब क...
- इन्हें कौन पैदा करता है?... वातावरण पैदा करता है। अनुकूल वातावरण बनाने के लिए, जिसमें कि हम नए युग के अनुरूप परिस्थितियाँ पैदा क...
- इन्हें खुजाने का ऐसा मन करता है कि न जाने इसमें से क्या चीज खाना चाहिए?... पकौड़ी वाले की दुकान पर जाते हैं, तो हमारा मन ऐसा कहता है कि पकौड़ी खानी चाहिए और बहुत मात्रा में ...
- इन्हें घरवाली बनाएँगे न?... रंग-रूप को तलाश करेंगे न? आखिर आपको क्या हो गया है? मैं यह पूछता हूँ कि आपको क्या हुआ?
मित्रो! प...
- इन्हें सुनने में हम अपना टाइम क्यों खराब करेंगे?... धक्के क्यों खाएँगे? इसलिए यह भी एक प्रश्न आपको हल करना पड़ेगा कि जिन बेचारों ने अपना आयोजन करके रखा...
- इन्होंने तपश्चर्या करके कितने वरदान पाए थे और वे क्या से क्या बने और क्या से क्या करके वे मिट गए, मिट गए?... हाँ, मिटने में भी देर नहीं लगेगी। क्यों नहीं लगेगी?
जो कुछ किया है, वह नम्र बनने के लिए नहीं किया...
- इम्तहान लेने वाले कौन हैं?... वह लोग, जो बैठे हुए हैं, वे आपके परीक्षक और निरीक्षक हैं। आप कौन हैं? आप एक विद्यार्थी हैं। अगर ...
- इष्ट किसे कहते हैं?... आपका कौन-सा इष्ट है? साहब! हमारे इष्ट हैं—हनुमान और आपका इष्ट क्या है? देवी। आपका इष्ट क्या है? रामच...
- इष्ट के माध्यम से आप अपने जीवन का यह लक्ष्य निर्धारित करते हैं कि हमको कहाँ पहुँचना है और हमको क्या बनना है?... लक्ष्य उस स्थल को कहते हैं, जहाँ पहुँचना है। ‘इष्टमिदं वासुदेवः’- वासुदेव से मतलब यह है कि हमको ...
- इष्ट या लक्ष्य उसको कहते हैं कि हमको बनना क्या है?... हमें क्या बनना चाहिए? इसके लिए हमने कई तरह के ठप्पे-साँचे बना करके रखे थे कि हमको यह बनना है। दयालबा...
- इष्टदेव का आप ध्यान करेंगे तो क्या हो जाएगा?... इष्ट माने लक्ष्य, इष्ट माने देवता। देवता पहला प्रतीक माना गया है। देवता किसी शक्ति के प्रतीक हैं, जै...
- इस अकल का किस प्रकार से इस्तेमाल किया जाय?... इसे कहाँ और कैसे फिट किया जाय? अकल का फायदा कैसे उठाना चाहिए और अकल को किस रास्ते पर चलना चाहिए?...
- इस अकल को हमने कहाँ खर्च कर दी?... हमारी सारी की सारी अकल किसी एक सीमा में खर्च हो गयी। आप हिसाब लगाकर देख लीजिए। हमारी सारी अकल शर...
- इस अवतार में क्या फर्क था?... इसमें फर्क था—पूर्ण-पुरुष का। पूर्ण-पुरुष कैसे हो सकता है? पूर्ण-पुरुष ऐसे हो सकता है कि वह मर्यादाओ...
- इस आग पर पानी कौन डालेगा?... यदि पड़ोस में आग लगेगी, तो प्रभावित आप भी होंगे। ऐसा कभी नहीं हो सकता, आग लग रही हो और प्रभावित न हो...
- इस आवाज में संस्कृत के श्लोकों का उच्चारण हुआ है कि नहीं हुआ?... सही श्लोक बोले गये या गलत बोले गये? इसके कहने की शैली बोलने का तरीका कैसा था? यह कौन सुनता है? कान...
- इस इमारत में कितना पैसा लग जायेगा?... साहब! इतना पैसा लग जायेगा। समर्पण का नाम है योग मित्रो! हमने हजार कुण्डीय एक यज्ञ किया था, ज...
- इस उपासना से इस अनुष्ठान से आपको क्या-क्या उपलब्धियाँ मिलीं?... यदि आपने गहराई से विचार किया होगा व आत्ममन्थन किया होगा, तो आपकी झोली में अनेकों उपलब्धियों के रूप मे...
- इस किताब में किन लोगों के नाम लिखे हुए हैं?... फरिश्ते ने कहा कि इस किताब में उन लोगों के नाम लिखे हुए हैं, जिनकी पूजा खुदाबन्द करीम करता है। जिनकी ...
- इस खुजली का सम्बन्ध किससे है?... शरीर से नहीं है। अहं से है, मैं जो हूँ, उससे है। मैं की बात हम सोचते रहते हैं। हमारा मैं उस शरीर में...
- इस खेत के मालिक की आँख से तो बच सकते हैं, लेकिन जो हजार आँख वाला है, ‘सहस्रशीर्षा’— जिसकी हजार आँखें हैं, जिसके हजार कान हैं, जिसकी हजार निगाहें हैं, जिसके हजार हाथ हैं, उससे हम कैसे बच सकते हैं?... चोर चुप हो गया। उसने कहा कि यह ईश्वर का विश्वासी है।
एक नहीं है ईश्वरविश्वासी और ईश्वरभक्त
मित...
- इस गन्दी हवा में आप भी बहेंगे क्या?... आप मत बहिए और न चमत्कार देखिए।
सही मार्ग पर चलना सबसे बड़ा चमत्कार
मित्रो! आदमी के अ...
- इस गाँव के लिए और यहाँ के लिए मैं कुछ करना चाहता हूँ?... लोगों ने कहा—क्या करना चाहते हैं? उन्होंने कहा—मैं नौकरी से इस्तीफा दूँगा और आपके गाँव में रहना चाहू...
- इस गाने के बारे में आपको मालूम है, किसका है?... बोले हमें क्या मालूम किसका है? होगा किसी का, हमें क्या मतलब? हम तो हर गाने को अध्यात्म से जोड़ते हैं...
- इस चबूतरे पर किसकी मूर्ति रख लूँ?... बेटे! तुझे क्या बताऊँ, किसी की रख ले; भले से लोहे की रख ले। महाराज जी! मैं तो रात को सोऊँगा, तो यह म...
- इस चमड़ी में है क्या?... असल में इस चमड़े का जो अध्यात्म है, स्थूलशरीर का जो अध्यात्म है, उसका नाम है—कर्म। आप कुरूप हैं या ख...
- इस चीज का क्या नाम है?... इस चीज का नाम है—धार्मिकता, कर्तव्यपरायणता। हम लोग धार्मिकता का विस्तार करने के लिए चले हैं। हम ...
- इस चौथे बच्चे को आप जिन्दा रखेंगे या मारकर फेंक देंगे?... नहीं साहब! उसको भी जिन्दा रखेंगे। हम जो खायेंगे, वह उसे भी खिला देंगे, कपड़ा पहना देंगे, ब्याह-शादी...
- इस जमाने के लिहाज से उपासना किस तरीके से की जानी चाहिए?... यह मैं अपने जीवन में प्रयोग करने में लगा हुआ हूँ। पुरानी पद्धतियों में उधेड़बुन करके जाऊँगा। प्राणमय...
- इस जमाने में मँहगाई का क्या हाल है, जानते हैं न?... नहीं साहब! जो मिलेगा, वही करेंगे; पर नौकरी करेंगे। बेटे, क्यों नौकरी करना चाहता है? इसलिए नौकरी ...
- इस जिन्दगी को किस तरीके से खर्च किया जाय?... यह जानना-समझना जरूरी है। हम बेवकूफ राजाओं के तरीके से, जिन्होंने पूरे के पूरे पाँच साल अपनी छोटी...
- इस जिन्दगी से हम जाने क्या-क्या कर सकते हैं?... मित्रो! इनसानी जिन्दगी को गिराने वाले जिस दिन चौंक पड़े और उन्होंने इसे ठीक तरह से इस्तेमाल करना शुरू...
- इस जिन्दगी से आपको क्या करना था?... जिन्दगी से आपको यह काम करना चाहिए था कि अपूर्णता को पूर्णता में परिवर्तित करना। क्या किया जिन्दगी ...
- इस जीभ का कहना लोग मान लेंगे?... नहीं, कोई भी मानने वाला नहीं है। इसलिए आपको एक ही काम करना पड़ेगा कि आपको अपना व्यक्तित्व, अपना स्वभ...
- इस झोपड़ी में जगह नहीं मिलेगी क्या?... फकीर ने दरवाजा खोला और कहा कि इसमें सोने के लिए एक आदमी की जगह थी, परन्तु दो आदमी बैठ सकते हैं। आओ, ...
- इस तरह आप पाँच हुए तो औसत आमदनी क्या होनी चाहिए?... आपकी आमदनी दस हजार रुपया महीना होनी चाहिए। फिर आपकी दो हजार की औसत आमदनी फेल हो सकती है। इतने बड़े ...
- इस तरह इसकी हिम्मत कैसे हो गई?... अगस्त्य ने कहा—बेटी! तेरी मदद हम करेंगे। कहते हैं कि उन्होंने चुल्लू से ले करके पानी पिया और समुद्र ...
- इस तरह एक बालक भविष्य की कल्पना करता रहता है और उसी के बारे में सोचता रहता है और जवान आदमी?... जवान आदमी केवल वर्तमान की बात सोचते हैं, आज की बात सोचते हैं। आज हमारी क्या परिस्थितियाँ हैं? आज हम ...
- इस तरह का कुटुँब बसाएँगे क्या?... मित्रो! आप इस तरह का परिवार-कुटुँब मत बसाइए। आप प्यार-मोहब्बत का परिवार, स्नेह, सहयोग का कुटुँब बसाइ...
- इस तरह काम कैसे चलेगा?... चुप रह मक्कार कहीं का, बड़ा आया भक्त बनने। ख्वाब मत देखिए, वास्तविकता के पास आइए और अपने सोचने एवं क...
- इस तरह के प्यार करने वालों के कुछ नाम बताइये?... भाई साहब! मैं नाम तो नहीं बता सकता, पर आप उससे पूछ सकते हैं-भेड़िये से। कौन से भेड़िये से? जो खरगो...
- इस तरह क्या उन्होंने लाखों रुपयों की आमदनी की थी?... करोड़ों की जायदाद खरीदकर रख गए थे? तो फिर कुंती का बेटा, देवता का बेटा कौन होता है? क्या वह जिसके पास...
- इस तरह क्या हम भगवान के बताए रास्ते पर चल सकेंगे?... हम अगर भगवान के बताए रास्ते पर नहीं चल सकेंगे, तो हम गुमराह होते जाएँगे। गुमराह होते ही हम पलायनवादि...
- इस तरह फिर आप देखिए कि सन्त बनते हैं कि नहीं बनते?... फिर देखिए कि आप ऋषि बनते हैं कि नहीं बनते? फिर देखिए कि आपको भगवान का अनुग्रह प्राप्त होता है कि नही...
- इस तरह बलिदान में घुमा फिराकर वही माँस शब्द आ जाता है, इसलिए यज्ञ में से बलिदान शब्द हमने काट दिया, लेकिन यज्ञीय परम्परा की रक्षा करना भी जरूरी है, इसलिए हमने उसका नाम क्या रख दिया है?... अब वह हमारे यज्ञों में 'देवदक्षिणा' के नाम से एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण अंग के रूप में विद्यमान है। इस...
- इस तरह वह रोज एक साथ उँगलियाँ कट-काटकर उसकी माला देवी को पहनाया करता था?... कौन? खूँख्वार अंगुलिमाल डाकू, लेकिन जब उसने पलटा खाया, तो कैसा जबरदस्त पलटा खाया, आपको मालूम है न?...
- इस तरह शहद खाने से क्या हुआ?... आधा शहद प्याले में गया, आधा खा चुका और आधा शहद जमीन पर फैल गया। इसके बाद कलिंग राजा चला गया।कलिंग ...
- इस तरह हम कैसे देख सकते हैं?... गायत्री माता अपना रूप लेकर के हँस पर बैठ करके आयें, तो क्या हम उन्हें गन्दी आँखों से देखेंगे? नहीं, ह...
- इस तरह ‘‘धियो यो नः प्रचोदयात्’’ का अर्थ हो गया?... यही कि आप हमारी कतई रक्षा न करना। आप हमें अपने बलबूते पर चलने देना। अपने पुरुषार्थ से हमको सँभलने ...
- इस तरीके से क्या होता जाएगा कि जिस आदमी के अन्दर देश-भक्ति और नागरिक कर्तव्यों का उदय नहीं हुआ और उसे इस बात की जिम्मेदारी एवं जानकारी भी नहीं है कि वोट के नाम पर राष्ट्र की हुकूमत हमारे हाथ में सौंप दी गयी है, वह अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभा सकता है?... अच्छी राजनीति चलाने और अच्छी गवर्नमेण्ट बनाने के लिए शासन-सत्ता में अच्छे व्यक्ति पहुँचने चाहिए। अ...
- इस तरीके से बेअकली और बेवकूफी का कोई अन्त है क्या?... कुछ अन्त नहीं है। इसी तरीके से नैतिक चीजों के बारे में बेअकली का अन्त है क्या? नहीं है।
नैतिक...
- इस तरीके से बेअकली और बेवकूफी हमारे रोम-रोम में इस बुरे तरीके से छा गई है कि मनुष्यों को मैं क्या कहूँ?... मैं उसको जानवर ही कह सकता हूँ।
मनुष्य को जरूरत है समझदारी की
आज मनुष्य एक ऐसा जानवर ...
- इस तरीके से मार डालने से क्या हो सकता है?... फिर दिमागों को बदलने की बात मेरी समझ में आई कि आलंकारिक रूप से परशुराम भगवान का अवतार हुआ था। इसी उद...
- इस तालाब में हमारा क्या काम है?... जिस दिन से हमने जन्म लिया है, उस दिन से गन्दगी फैला रहे हैं। कैसी गन्दगी फैलाते हैं? हमारे शरीर में जि...
- इस दर्शन से तो बैकुंठ मिलेगा न?... नहीं बेटे! तुझे नहीं मिलेगा; क्योंकि तेरे दर्शन के माने-मतलब का अर्थ जो तुमने समझा है, वह मात्र देखन...
- इस दुनिया में किसी बात की कमी है क्या?... नहीं, कुछ कमी नहीं है। यह दुनिया बहुत बड़ी है। भगवान ने इसमें बहुत सामान पैदा किया है। बहुत सारी जमीन...
- इस दुनिया में भलाई भी है कि नहीं?... हाँ साहब! है। अच्छे विचार भी हैं? हाँ साहब! हैं। अच्छे लोग भी हैं? हाँ साहब! हैं। दुनिया अच्छे विचार...
- इस दुनिया में रहते हुए आप इतनी ताकत और इतना बल इकट्ठा कर पाएँगे कि मैं नहीं जानता कि उससे ज्यादा ताकत और इतना ज्यादा बल कोई और भी दे पाएगा क्या?... बेटे! यह अकेलेपन की देन है। सूरज अकेला चलता है, चाँद अकेला चलता है, पृथ्वी अकेली चलती है। जितनी भी म...
- इस देवता के पास भी नहीं झगड़ा जाता, पर भैरों जी के पास और फलाने के पास न जाने कहाँ-कहाँ मारा-मारा डोलता है?... और जो देवता वरदान उठाए बैठा है, उसके पास भी नहीं फटकता।
मित्रो! पिसनहारी का नाम तो मुझे नहीं माल...
- इस देवता से वरदान लेने के बजाय हम न जाने कहाँ-कहाँ मारे-मारे फिरते हैं?... यह जिन्दगी बेहतरीन कस्तूरी के हिरण से भी गई-बीती है। अगर हमने कस्तूरी को अपनी नाभि में देखा होता, तो ...
- इस देश में असंख्य मनुष्य भूखे हैं, पीड़ित हैं, दुःखी हैं, दरिद्र हैं, उनको क्यों नहीं दिया जाय?... मित्रो! जो आवे, वह यही कहे कि साहब! ब्याह कर लीजिए, नहीं साहब गोद ले लीजिए। जीजा आवे तो यह ...
- इस धर्मभीरु जनता को क्या कहा जाए?... उनकी धर्मभीरुता को किस तरीके से धिक्कारा जाए? इतना समर्थ धर्मतंत्र जिसके पीछे छप्पन लाख व्यक्ति काम ...
- इस धर्मभीरु जनता को क्या कहा जाए?... उनकी धर्मभीरुता को किस तरीके से धिक्कारा जाए? इतना समर्थ धर्मतंत्र जिसके पीछे छप्पन लाख व्यक्ति का...
- इस धूल-धक्कड़ वाली सड़क पर जब म्यूनिसिपल बोर्ड की पानी से भरी हुई गाड़ी आती है?... कौन सी? ॐ अपवित्रः पवित्रो वा..... की जलधारा छिड़कती हुई चली जाती है और धूल को दबाती हुई-गलाती हुई च...
- इस निकम्मी दुनिया में आप सदाचारी कैसे रह सकते हैं?... जब कि आपके मन में पत्थर की उपासना करने की विधि न आये। पत्थर की उपासना करने का आनन्द जब आपके जी म...
- इस पर आपकी आस्था है या कुछ भी नहीं है?... नहीं, महाराज जी! हमारी तो बेटे पर आस्था है और पैसे पर आस्था है। तो बेटे, मैं तुझे बालक मानूँगा और ...
- इस पुकार को कान में उँगली डालकर के क्या आप पेट के लिए जिन्दा रहेंगे?... क्या आप रोटियों के लिए जिन्दा रहेंगे? क्या आपके विचारों का, सारी-की-सारी आकांक्षाओं का केन्द्र बच्चे प...
- इस पुकार को क्या आप कानों में उँगलियाँ डालकर अनसुनी कर देंगे और क्या आप केवल पेट के लिए ही जिन्दा रहेंगे?... क्या आपके अपने विचारों का, सारी की सारी आकांक्षाओं का केन्द्र बच्चा पैदा करना ही बना रहेगा? क्या आपके...
- इस प्रकार के युग में आत्मीयता-प्यार कहाँ मिलेगा?... यह सिर्फ एक ही फैक्ट्री, एक ही उद्यान में मिलती है और उसका नाम है, कुटुँब—परिवार। आपने जो भी कमाया, ...
- इस प्रकार से बन सकता है रुपया?... अगर मिट्टी से फूँक मार करके रुपये बना करते, तो बेटे, गवर्नमेंट को टकसाल खोल...
- इस बच्ची की सहायता कैसे करूँ?... यह सोचकर जटायु तड़प उठा। उसने कहा—मैं शायद इसको बचा न सकूँ, पर अपनी जिन्दगी तो उसे बचाने में खतम कर ह...
- इस बच्ची को कैसे छुड़ा हूँ?... इस बच्ची की सहायता कैसे करूँ? यह सोचकर जटायु तड़प उठा। उसने कहा—मैं शायद इसको बचा न सकूँ, पर अपनी जि...
- इस बात की लिहाज-शर्म नहीं है कि आखिर इनको पढ़ाएगा कौन?... शिक्षा के लिए पैसा कहाँ से आएगा? इनको खेलने के लिए रेल कहाँ से आएगी? हमको तो बस काम-वासना से प्यार...
- इस बात को आप समझते क्यों नहीं हैं?... यह असली है, इस तरह असली का आपने लोगों को विश्वास दिला दिया, इसलिए आपकी बिक्री हो गयी। आपने सत्य का व...
- इस बात को मैं कहती हूँ कि जिसके अन्दर भगवान के वो गुण विद्यमान हैं, वह भगवान से कम कहाँ है?... भगवान से कम है तो फिर बुद्ध को भगवान क्यों कहा है? राम को भगवान क्यों कहते हैं? कृष्ण को भगवान क्यों...
- इस बात से फायदा यह हुआ कि यदि शरीफों से वास्ता न पड़े, तब क्या करना चाहिए?... खराब लोगों से वास्ता पड़े तब, खराब भाई हो तब, खराब मामा हो तब, खराब रिश्तेदार हो तब, क्या करना चाहि...
- इस बात से मैं बहुत सहमत हूँ कि देवताओं के बारे में जो इष्टदेव बना दिए गए थे, वे इसलिए बना दिए गए थे कि आदमी यह समझे कि हमको कहाँ पहुँचना है?... हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है? लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमको किस प्रकार की गतिविधियाँ अपनानी चाह...
- इस बात से वे नाराज होते हैं कि आपने कैसी शक्ल बना दी?... ईसा को मनुष्य मानते हैं और मरियम को मनुष्य मानते हैं, इसलिए उनकी शक्ल बना देते हैं। ‘गॉड’ की शक्ल ...
- इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते कि कल क्या होगा?... हम तो एक ही बात कह सकते हैं कि ईमानदारी के साथ आदमी अपने कर्तव्यों की जिम्मेदारी को निभाए।
न...
- इस बुखार की कोई दवाई है क्या आपके पास?... शारीरिक बुखार की दवा तो है, पर दिमागी बुखार की दवा अभी तक कोई तैयार नहीं की जा सकी है। लेकिन हमारे ह...
- इस बुड्ढे जीवन से क्या करूँगा?... अब मुझे कोई हवस नहीं है। सन्त, सुधारक और शहीद—तीन ही तो आपके यहाँ की सबसे बड़ी डिगरी हैं। मैंने तीसरी...
- इस बुढ़िया को हम क्यों खाना खिलाते हैं और बुढ़िया की हम सेवा क्यों करें?... यह तो फालतू है। जिस तरीके से बूढ़े बैल को कसाई के यहाँ भेज देते हैं, उसी तरीके से आप बूढ़े बाप को कसाई...
- इस ब्रह्मानन्द को प्राप्त करने के लिए, उसके साथ एक होने के लिए क्या करना होता है?... जैसा कि मैंने अभी आपको एक उदाहरण में बताया है कि जीवात्मा को नंगा होना होता है। कैसे? मैंने यह कपड़ा ...
- इस भगवान के साथ प्यार कैसे किया जाएगा?... उस भगवान के साथ मोहब्बत किस तरीके से की जाएगी? उस भगवान का अर्चन, वंदन कैसे किया जाएगा? इसके बारे मे...
- इस मजबूत सम्बन्ध का आधार क्या है?... कुछ आधार तो है, बिना आधार के सम्बन्ध नहीं बन सकते। नहीं साहब! अपने गुरुजी से हमारा भी सम्बन्ध बनवा दीजिए...
- इस मन्त्र से कितना-कितना उनको लाभ पहुँचा है, यदि नाम गिनाने लगूँ तो सम्भव है, पूरा ग्रन्थ लिख जाएगा और यह लिखा जाएगा कि अमुक-अमुक व्यक्तियों को इससे क्या-क्या लाभ मिला, वह लाभ क्यों नहीं मिला?... गुरुदेव की शक्ति
उसका एक लाभ गायत्री मन्त्र की शक्ति से और गुरुजी की शक्ति से मिला; क्योंकि उन्हों...
- इस मरघट में अब हम कहाँ जाएँ?... इधर जाएँ तो इधर भी आग, उधर जाएँ तो उधर भी आग। हर तरफ से जिन्दगी नीरस दिखाई पड़ती है। उस नीरस जिन्दगी म...
- इस माला पर महामृत्युंजय मंत्र का कारतूस दनादन चढ़ा दिया, जो खट्-खट् सब बीमारियों को मार डालता है और जब इसको लक्ष्मी जी की जरूरत पड़ती है तब?... अहा! ‘‘ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’’ मंत्र का दे दनादन-दे दनादन जप, और वो आई देवी और ये ...
- इस मिशन का उद्देश्य क्या है?... यह संस्था कितनी शानदार है और यह कितने महत्त्वपूर्ण कार्य कर चुकी है और आगे क्या-क्या कार्य करने वा...
- इस मिशन का क्या उद्देश्य है?... हम अब तक क्या कर चुके हैं? इस सभी के लिए भगवान् की क्या प्रेरणा जुड़ी हुई है? इसके लिए स्मारिका छ...
- इस युग की ताड़का क्या है?... इस युग की सूर्पणखा क्या है? इस युग की सुरसा क्या है? इस युग की एक ही सुरसा है, जिसका नाम है बेअकली।...
- इस युग की पूतना क्या है?... इस युग की ताड़का क्या है? इस युग की सूर्पणखा क्या है? इस युग की सुरसा क्या है? इस युग की एक ही सुरसा...
- इस युग की सुरसा क्या है?... इस युग की एक ही सुरसा है, जिसका नाम है बेअकली। आदमी के अन्दर बेअकली इस कदर हावी हुई है कि जब से दुन...
- इस युग की सूर्पणखा क्या है?... इस युग की सुरसा क्या है? इस युग की एक ही सुरसा है, जिसका नाम है बेअकली। आदमी के अन्दर बेअकली इस कदर...
- इस योग में यह क्या हुआ?... वह योग तो शरीर का हुआ। शरीर को उल्टा कर रहा है। इससे क्या फायदा हो सकता है? इससे शरीर में कोई कमी ...
- इस राक्षस का, दुष्ट का वंश चलना चाहिए?... ये क्या है? ये बेटे, कसाईपन है। आज हर आदमी कसाई होता हुआ चला जा रहा है। आज हम देखते हैं कि न हमको ...
- इस रूप में कि जो कुछ भी आपने हवन किया, उसका क्या हुआ?... साहब! वह तो जल गया, नष्ट हो गया। यह बात तो आप अपनी आँखों के हिसाब से कह सकते हैं, किन्तु साइंस के प्व...
- इस वर्ष को व्यतीत होने में अभी कितने दिन बाकी हैं?... लोगों ने कहा कि तीन महीने बाकी हैं। उसने कहा कि तीन महीने पहले हमारी छुट्टियाँ, जो कैजुअल लीव बा...
- इस वातावरण में क्या होगा?... "
(क्रमश:)
परिष्कृत अध्यात्म हमारे जीवन में उतरे - ३
विगत दो कड़ियों में पूज्...
- इस वातावरण में हम भगवान की तरफ कैसे चलेंगे?... भगवान का अर्थ नैतिकता और आदर्श है। नहीं साहब! भगवान तो कोई व्यक्ति विशेष है। नहीं बेटे! भगवान कोई व्...
- इस विज्ञान का क्या ठिकाना है?... जो विज्ञान सर्वनाश पर तुला हुआ है। क्या इसे कोई शान्ति देने वाला है? कोई अकल देने वाला है कि ये सार...
- इस विश्वामित्र ने करोड़ों जो हमारे भारतवासी हैं, उनके लिए और सारे विश्व में जो मानवमात्र फैला हुआ है, उसके कल्याण के लिए, उन्हें मुक्ति दिलाने के लिए, उन्होंने बीड़ा उठाया और कहा कि हम स्वर्ग स्थापित करके रहेंगे और हम बताएँगे कि स्वर्ग क्या होता है और नरक क्या होता है?... खुदगर्ज क्या होता है और परोपकारी क्या होता है?
क्या है ब्राह्मणत्व
ब्राह्मणत्व क्या होता है? ...
- इस शरीर के अन्दर और क्या-क्या है?... इसके अन्दर चरबी है। हमारे शरीर में चरबी या फैट की इतनी मात्रा है कि इससे साबुन के सात टिक्के बनाए जा ...
- इस शरीर के आप देवता हैं न?... हाँ, देवता हैं तो आप दीजिए कुछ इसको। नहीं साहब, हम क्या कर सकते हैं? आप सब कुछ कर सकते हैं। आप मुसीब...
- इस शरीर में महानता किस तरह से पैदा कर पाएगा?... नहीं साहब! हम महानता पैदा कर सकते हैं। ग्यारह माला जप करेंगे। बन्द कीजिए आप ग्यारह माला। नहीं साहब! ग...
- इस शानदार अध्यात्म और मजेदार अध्यात्म से क्या मतलब है?... और हमें क्या करना चाहिए? हमको उस अध्यात्म को पुनः जाग्रत करना चाहिए।...
- इस सम्बन्ध में हमारा दृष्टिकोण क्या हो?... इसके लिए बताया गया है कि उसमें जो पुल्लिंग वाचक हैं, उनके साथ हमारी भावना राम की हो। राम की भावना हो...
- इस सफलता में क्या रखा है?... यह तो स्कूलों के सब मास्टर, लेक्चरर कर लेते हैं। क्या पोस्ट है आपकी? लेक्चरर। आप क्या काम करते हैं? ...
- इस सभी के लिए भगवान् की क्या प्रेरणा जुड़ी हुई है?... इसके लिए स्मारिका छापनी चाहिए। स्मारिका से क्या होगा? स्मारिका से विज्ञापन मिलते हैं, जिससे विज्...
- इस समय तो फायदा उठा लेते हो, पर भविष्य तुम्हारा क्या बनेगा?... दूसरा आदमी तुम्हारी सहायता क्यों करेगा? दूसरा आदमी तुम्हें अपने पास क्यों बैठने देगा? जहाँ कहीं भी क...
- इस समय में क्या करना चाहिए?... बेटे! आपको एक ही काम करना चाहिए कि संस्कृति की सीता को वापस लाने के लिए मेहनत करनी चाहिए और मशक्कत क...
- इस समय वर्तमान के काम बताइए?... वर्तमान में तो छोटा सा काम है। अभी फिलहाल हम आपको पंद्रह-पंद्रह दिनों के लिए छोटी सी ट्रेनिंग दे करक...
- इस साल जो भी यहाँ से जाएँगे, आप देख लेना, मैंने कभी कहा तो नहीं है, लेकिन आज मैं हिम्मत करके कह रही हूँ, बेटे, आप साल-भर के भीतर देखना कि आपकी मनः स्थिति क्या है?... आप तो भौतिक सफलताएँ चाहते हैं न, तो वो भी मिलेंगी, लेकिन हम उनको नाचीज समझते है। बेटे, हम जो भी आपको...
- इस सोमवती अमावस्या के स्नान से क्या फायदा है?... शंकर जी बोले—जो कोई आदमी आज के दिन गंगा नहाता है, सो वैकुण्ठ को चला जाता है। पार्वती जी चुप हो गईं औ...
- इस हालत में सम्पत्ति आ सकती है?... ऐसी हालत में सम्पत्ति नहीं आ सकती। हमको उन्नतिशील जीवन जीने के लिए, सम्पत्तिवान जीवन जीने के लिए, भौ...
- इसका क्या कारण है?... भगवान् चुप क्यों है? भगवान् को सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् कहा जाता है, फिर उसके राजकुमार इनसान में इस बा...
- इसका पंचमुखी गायत्री से क्या सम्बन्ध होता है?... हमारे मन के भीतर चमत्कारी शक्तियाँ भरी पड़ी हैं। मन के अन्दर से अनेकों तरंगें निकलती हैं, जो बाहर आ...
- इसका मतलब क्या है?... हमारा अस्पताल चलता है, डिस्पेन्सरी चलती है। प्याऊ चलाने से क्या मतलब है? यह आध्यात्मिक बात है। यह ...
- इसका उपाय क्या है?... एक-एक पानी की बालटी लेकर पहुँच जाएँ? नहीं बेटे ! इस पानी की आवश्यकता नहीं है। एक और पानी है।...
- इसका एक ही अर्थ होता है कि कण-कण में भगवान् विद्यमान है?... और वह भगवान् कैसा है? उस भगवान् का एक ही नाम सही है—न्यायकारी। न्यायकारी भगवान् सब जगह समाया हुआ है।...
- इसका ऑपरेशन कैसे नहीं हुआ?... कोई कुशल डॉक्टर नहीं मिला, या तो हममें कमी है या आपमें कमी है।
क्या है श्रद्धा?
कहीं-न-कहीं कमी ह...
- इसका कुछ फल होगा?... बेटे, कुछ फल नहीं होगा। क्यों? क्योंकि जो आदमी पाठ करने वाला है, उसके पास न संयम हैं, न ब्रह्मचर्य...
- इसका कुछ फायदा हुआ?... नहीं हुआ। बेटे! अब जबान पर से मेरा विश्वास कम होता चला जाता है।
पचाने व हजम करने के लिए
...
- इसका क्या अर्थ है?... पहले इसके माने बताइए, तब आगे चलिए। भज सेवायाम्—अर्थात भज् धातु सेवा शब्द से भजन बना है। सेवा करना, प...
- इसका क्या अर्थ है?... क्या फिलॉसफी है? आप हर एक को समझाना और अपने जीवन में भी उतारना। क्या अर्थ है इसका? बेटे, इसका अर्थ य...
- इसका क्या अर्थ है?... जो आदमी उचित को स्वीकार करेंगे और अनुचित को हटाते चले जायेंगे, वे हँस हैं। हँस मोती खाते रहते हैं।...
- इसका क्या अर्थ होता है, यह भी मालूम है तुझे?... यह जो तू कह रहा है, इसको कार्यान्वित कैसे किया जाएगा, यह भी तुझे मालूम है? नहीं साहब! हमें क्या मालू...
- इसका क्या अर्थ होता है?... इसका एक ही अर्थ होता है कि कण-कण में भगवान् विद्यमान है? और वह भगवान् कैसा है? उस भगवान् का एक ही ना...
- इसका क्या उपयोग हो सकता है?... उसको प्राथमिकता दें। हमारी अकल ने यह अध्यात्म हमारे ऊपर लाद दिया।
अध्यात्म की कसौटी
मित्...
- इसका क्या करेंगे?... तेरे शरीर में करेंट छुआएँगे। अरे! मर गया-मर गया.......। यह क्या हो रहा है? बेटे! शक्तिपात हो रहा है।...
- इसका क्या कारण है?... कारण केवल उन एक लाख मनुष्यों का श्रम, उनकी भावनाएँ और प्रयत्न हैं, जिनकी वजह से उन्होंने ईसा को, बाइ...
- इसका क्या कारण है?... कारण केवल उन एक लाख मनुष्यों का श्रम, उनकी भावनाएँ और प्रयत्न हैं, जिनकी वजह से उन्होंने ईसा को,...
- इसका क्या नाम है?... इसका नाम है—तप। तप के द्वारा अध्यात्म-पथ पर हमारा शैतान, जो हमको बार-बार गिराता रहता है, इसके साथ मे...
- इसका क्या नाम है?... इसका नाम है—समधी।
हत्यारी, डायन दहेज प्रथा
समधी किसे कहते हैं? समधी उसे कहते हैं...
- इसका क्या परिणाम होगा?... इसका परिणाम यह होगा कि हमारे मन में यह भाव आएगा कि हमारे जीवन का जल भाप बन जाए, फैल जाए, बिखर जाए और...
- इसका क्या फल मिल सकता है?... हम नहीं कह सकते कि कोई फल मिलता भी है या नहीं मिलता। मिला होता तो पुजारियों को जरूर मिला होता, जिन्ह...
- इसका क्या बिगड़ा है?... यह नहीं कहेगा कि राहु का ग्रह है, अब तेरा बेटा मरा। ब्राह्मण नहीं कहेगा, यह तो चाण्डाल कहेगा। वह तो ...
- इसका क्या मतलब है?... क्या पाँच सो आदमी हमारा इंटरव्यू ले रहे हैं? गुरुजी को कैसे बोलना आता है? उनकी नाक कैसी है? उनके ब...
- इसका क्या मतलब हुआ?... मतलब एक ही हुआ कि वरदान का उपयोग खुदगर्जी के लिए किया गया और अपना सर्वनाश कर लिया। किसने? रावण ने और...
- इसका क्या मतलब हुआ?... बेटे, दो में दो चीजें मिला दी तो चार हो गया। जोड़ का नाम है—योग। जोड़ शब्द जो है योग से बना है। तो क...
- इसका क्या मतलब है महाराज?... यही मतलब है कि बच्चों जैसा बचकाना मनोरंजन हो जाएगा, बाकी कुछ नहीं। वह तबियत बहलाने का केवल माध्यम ...
- इसका क्या मतलब है?... निर्देश से मतलब है कि जिस समय हम जो बात कहें, वैसे ही आपका विचार चलना चाहिए। जो हम कहें वैसी कल्पना ...
- इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब है कि आप कुछ देकर के आइए। आप लेकर के आएँगे? लेकर नहीं बेटे, देकर के आना। यह परम्परा आध्यात्...
- इसका क्या मतलब है?... बेटे! सूर्यनारायण तो कितने लम्बे-चौड़े हैं। उनके सामने यह जो जरा-सा पानी हम गिरा रहे हैं, इससे उनको क...
- इसका क्या मतलब है?... हमारे मस्तिष्क में से, हमारे विचारों में से ज्ञान की गंगा—विचारधारा जो प्रवाहित होनी चाहिए, वह गंगा ...
- इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब केवल इतना है कि हम मुसीबतों का स्वेच्छा से अभ्यास करें, तितिक्षा का हम स्वेच्छा से अभ्यास ...
- इसका क्या मतलब है?... यह कि हम चाहते हैं कि हमारी बेटी जहाँ-कहीं भी जाए, उसे काम न करना पड़े। फिर कौन काम करे? खाना पकाने ...
- इसका क्या मतलब है?... बेटे! इससे मेरा मतलब यह है कि कोई आदमी सामान्य आदमियों की तरह से ड्रामे के लिए जैसे काम करता है, तो ...
- इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब प्रत्यक्ष है कि आपको पाप करने की पूरी तरीके से छूट है और आपको भगवान के दण्ड से डरने की जरूर...
- इसका क्या मतलब है?... कबीरदास जी इस सम्बन्ध में कहते हैं— ‘‘दास कबीर जतन से ओढ़ी, ज्यों की त्यों धर दीनी चदरिया। झीनी, झ...
- इसका क्या मतलब है?... वे मरघट में क्यों रहते हैं? इसका मतलब है कि हमको जिन्दगी और मौत- दोनों को जोड़कर रखना पड़ेगा। जिन्दग...
- इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब यह है कि हमारा लक्ष्य है- ऐसे आदमी बनना, जो सामर्थ्यवान हो, बलवान हो, पुरुषार्थी हो। ह...
- इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब सिर्फ एक है कि भगवान से आपकी कतई जान-पहचान नहीं है। आप यह बिल्कुल नहीं जानते कि भगवान बं...
- इसका क्या मतलब है?... हममें से और आप में से हर आदमी असंख्य समस्याओं से झुलसते हुए देखे जाते हैं। हमारे जीवन में कितनी सम...
- इसका क्या मतलब है?... आपको हम यह अभ्यास कराते है कि आप इच्छापूर्वक मुसीबतें मोल लेने के लिए तैयार हो जाइये। स्वेच्छापूर्...
- इसका क्या मतलब है?... हमने अपनापन सर्वत्र फैला दिया है। हमारा अपनापन हमारे लिए कितना ज्यादा आनन्ददायक है, बेटे हम यह बता न...
- इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब यही है कि किसी काम में आप जिम्मेदारी और तन्मयता को मिला सकते हों, तो फिर आप कमाल देखिए, गज...
- इसका क्या मतलब है?... इसका मतलब है कि हम जब देवी-देवताओं के सामने पूजा करते हैं, तो उस पूजा करने के पीछे शिक्षण है, मार्गद...
- इसका क्या मतलब है?... उन्होंने हमेशा मुझे इसी दृष्टि से देखा। उन्होंने कहा कि माँ कभी धोखा नहीं देती। पत्नी तो दे भी जाती ...
- इसका क्या मतलब होता है?... इसका मतलब होता है कि हम अपने आपमें किफायतशाली बनें। कम से कम में, न्यूनतम में, जितनी भी हमारी आवश्यक...
- इसका क्या मतलब?... इसका मतलब यह है कि आपमें से जो पचास साल के हो गए हैं या जिनकी घरेलू जिम्मेदारी पूरी हो गई है अथव...
- इसका क्या हुआ?... यज्ञ भगवान कहते हैं कि हम इसको बाँट देते हैं। जैसे-जैसे आया, हमने उसे तुरन्त बाँट दिया। आपने आहुति दी...
- इसका क्या होना है?... इसका फैसला समाज करता था। अगर बच्चे अपंग हैं, अपाहिज हैं, अन्धे हैं, गूँगे हैं, बहरे हैं, तो इसमें से ...
- इसका चिन्तन सुधरेगा, तो हमारे यहाँ गाँधी जी जन्म लेंगे, बुद्ध जन्म लेंगे और हमारे यहाँ जाने कौन-कौन जन्म लेंगे?... राम जन्म लेंगे, कृष्ण जन्म लेंगे, पैगम्बर जन्म लेंगे और हमारे यहाँ ईसामसीह जन्म लेंगे। जाने कौन-कौन ...
- इसका जिम्मेदार कौन है?... आप इसके जिम्मेदार हैं। आप जिम्मेदार हैं कि आपने वो पोषण क्यों नहीं दिया। आपने वो प्यार क्यों नहीं दि...
- इसका जिम्मेदार कौन होगा?... जो जितना जिम्मेदार है, उसके ऊपर उतना ही ज्यादा बन्धन भी है। वह बन्धनों में बँधा हुआ है। सिपाही चाहे तो...
- इसका ढंग क्या है?... वह आपका इम्तहान लेगा। हमारी इज्जत तुम्हारे हाथ मित्रो! क्या करना चाहिए? खानपान के सम्बन्ध में कभी आप...
- इसका नमूना देखना हो तो पिता को देखना चाहिए कि पिता के गुण, कर्म और स्वभाव, उसका जीवन लक्ष्य क्या है?... मित्रो! जमीन के ऊपर ही पौधों का विकास टिका हुआ है। यदि बीज अच्छा हो और जमीन खराब हो तो ऐसी जमीन में,...
- इसका नाम क्या है?... वासना। दूसरी इच्छा है—तृष्णा की पूर्ति। तृष्णा का अर्थ यह है कि आदमी के पास ज्यादा से ज्यादा चीजें ज...
- इसका नाम क्या है?... इसका नाम है- तीसरा नेत्र।मित्रो! अगर हमारा तीसरा नेत्र खुल जाय तब? तब हमको आज की बात चाहे दिखाई पड़े,...
- इसका निवारण कौन करेगा?... इसका निवारण वह ब्राह्मण करेगा, जिसके अन्दर करुणा है, सम्वेदना है, वही कर सकता है। अन्यथा कोई नहीं कर...
- इसका निशाना कहाँ लगेगा?... कोई निशाना भी तो होना चाहिए। नहीं साहब! निशाने की क्या आवश्यकता, हम तो यों ही हवा में चलाएँगे। तो नि...
- इसका न्यूक्लियस कहाँ है?... गायत्री का केन्द्र कहाँ है? केन्द्र को मैंने सारे में तलाश किया। जो जर्रा होता है, एटम होता है, हमारे ...
- इसका न्यूक्लियस कहाँ है?... गायत्री का केन्द्र कहाँ है? केन्द्र को मैंने सारे में तलाश किया। जो जर्रा होता है, एटम होता है, हमारे ...
- इसका परिणाम क्या हुआ?... बेटे, परिणाम यह हुआ कि दैवीय संस्कृति-दैवीय सभ्यता पनपने लगी, बढ़ने लगी।...
- इसका परिणाम क्या हुआ?... परिणाम यह हुआ कि हमने अपने गुरु को मोल ले लिया। हमको जो आवश्यकता पड़ी है, पड़ी नहीं है, वरन् उसी के ...
- इसका परिणाम क्या होगा?... कभी सोचा है कि यह दुनिया कैसे जिएगी? दुनिया के कायदे कैसे रहेंगे, दुनिया के नियम कैसे चलेंगे? दुनिया...
- इसका परिणाम क्या होगा?... इसका परिणाम यह होगा कि हमारा अन्तरंग खोखला होता चला जाएगा। पैसा बढ़ेगा, तो हम क्या कर सकते हैं? शिक्...
- इसका पारावार है क्या और यदि हमारे अन्दर सन्तोष है तब?... तब हम संसार के सबसे अमीर आदमी होंगे।
इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को क्रियाशील नहीं रहना चाहिए...
- इसका प्रयोग आप अपने घर में नहीं कर सकते क्या?... आप चाहें तो कर सकते हैं, ताकि आपके घर की महिलायें भी यह अनुभव करें कि वे उसी तरीके से सम्मानित सदस्य...
- इसका मकसद क्या है?... इसका लक्ष्य क्या है? इसके अलावा कोई चीज नहीं है।
जीवन को धन्य बना लो रे
मित्रो! आज...
- इसका मतलब आप यह मत समझना, यह विचार मत करना कि धन समर्पित कर देंगे, तो हम क्या खाएँगे?... नहीं बेटा! हमारा यह मतलब नहीं है, पर आपकी भावनाएँ तो होनी चाहिए। आपकी श्रद्धा तो उसमें जुड़ी होनी चा...
- इसका मतलब क्या हुआ?... इसका मतलब हो गया-उपभोग। उपभोग करने के लिए हम जो कुछ भी उपार्जन करते हैं, वह सारा का सारा उपार्जन हमा...
- इसका मतलब क्या है?... इसका मतलब यह है कि सामान्य में असामान्य दर्शन, नारी में शालीनता का दर्शन, नारी में पवित्रता का दर्...
- इसका मतलब क्या होता था?... उन बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए ऋषियों के आश्रम में भेजते थे। राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र के आश्रम...
- इसका मतलब है कि उसे तपा दिया गया है?... तपा देने से क्या मतलब है? तपा देने से वही मतलब है, जो हम आपको इस योग साधना शिविर में सिखाना चाहते ...
- इसका मूल्यांकन बहुत दिन पीछे होगा, जब लोग समझेंगे कि गलत दिशा में जाने वाले जनसमूह को सही दिशा में लाने के लिए जो मोड़ दिया गया, उस मोड़ को देने का श्रेय किसका है और किसने ऐसा मोड़ दिया?... यह मोड़ मानव जाति की महती सेवा है, ऐतिहासिक सेवा है।
युगनिर्माण योजना द्वारा अपने ज्ञानयज्ञ क...
- इसका मैं आपको इजहार करूँगा?... नहीं, इजहार नहीं करूँगा।
कुछ अपवादरूप घटनाएँ
मित्रो! मैं वह आदमी हूँ कि किसी आदमी ...
- इसका रूप कैसा है?... इसका रूप भगवान् जैसा है। भगवान् का रूप बहुत सुंदर है। हमारा भी रूप बहुत सुंदर हो गया है। खाने-पीने...
- इसका लक्ष्य क्या है?... इसके अलावा कोई चीज नहीं है।
जीवन को धन्य बना लो रे
मित्रो! आज आपका यह जन्म ऊँचे उद...
- इसका विस्तार हुआ या क्या हुआ?... जब देशभर में दो हजार शक्तिपीठें बनीं। उनके उद्घाटन के लिए सन् 1980-81 में बाहर गए और सारे देश का भ्र...
- इसका शिक्षण किया जाए?... यह शिक्षण करना मानव जाति की, समाज की सबसे बड़ी सेवा है।
साथियो ! अपने युगनिर्माण योजना के युग...
- इसका सबूत क्या है?... गुरु द्रोणाचार्य ने एक बात बताई कि राजन्! किस आदमी का भविष्य अच्छा है या बुरा है, यह जानने का एक ही ...
- इसका सबूत देखना हो तो दृष्टि पसारकर देखिये कि कुछ हुआ है, तो आप पायेंगे कि इसी कारण से यह पचास लाख आदमी हमसे जुड़े हैं, अन्यथा इतने आदमी कहाँ से आते?... यह हम कहाँ कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ। ५० लाख आदमी हमारे एक इशारे पर खड़े हो सकते हैं। इतने शक्तिपीठ ...
- इसका समाधान क्या है?... समाधान यह है कि हमने भगवान की भक्ति और पूजा तो की, लेकिन पूजा और भक्ति के पीछे जिन सिद्धान्तों का ...
- इसका सम्मान तो होना ही चाहिए और स्वामी रामतीर्थ गए तब?... उनका मैं समझती हूँ कि कहीं एकाध जगह नामोनिशान हो। ऐसा क्यों? इसलिए कि जो भी विद्वत्ता थी, जो भी उनका...
- इसका सिद्धान्त कौन-सा है?... ये मेथड कौन-सा है? अच्छा तो आप ऐसा कीजिए कि स्कूल में भरती हो जाइए। बी० ए० पास कर लीजिए, एम० ए० ...
- इसकी अपेक्षा आप स्वयं को देखें कि हम उसके तईं अपना फर्ज पूरा करते हैं कि नहीं करते हैं?... हम अपने कर्तव्य का पालन करें
मित्रो! दूसरे आदमी अपना फर्ज पूरा करते हैं कि नहीं करते, इसक...
- इसकी आवश्यकता थी, यह समझाने के लिए कि ईमानदारी क्या चीज होती है?... इसको अपनाने से व्यक्ति को क्या मिलता है? इससे विश्वास मिलता है, बल मिलता है।
बेटे! कांग्रेस आन्द...
- इसकी एक ही परीक्षा है, दूसरी कोई नहीं है कि आप कठिनाइयों में सही साबित होते हैं कि नहीं?... यह बताइए।...
- इसकी कितनी कीमत होती है?... महीने भर में कितना खर्च करते हैं? आपके व्यक्तिगत खर्च और आवश्यकताएँ बहुत कम हैं।
साथियो! आप...
- इसकी कीमत यहीं तक सीमित है कि भगवान से यह प्रार्थना करते हैं कि हम कहाँ जाना चाहते हैं, क्या करना और किधर बढ़ना चाहते हैं?... हमारा लक्ष्य क्या है, हमारा उद्देश्य क्या है? हमारे संकल्प क्या हैं, हम करना क्या चाहते हैं? यह अपनी...
- इसकी क्या विशेषता होती है?... इसकी विशेषता मैंने यह सुनी है कि जो कोई उस पेड़ के नीचे जा बैठता है, उसकी इच्छाएँ पूरी हो जाती हैं। ...
- इसकी जगह पर अगर हम यह काम कर लें, अगर ऐसा सम्भव हो जाय, तो कैसा अच्छा रहेगा?... बताइये आपकी क्या राय है? हाँ आप कहते हैं, तो ठीक है, पर यहाँ कुछ इंतजाम नहीं हो सका। देखिए कोशिश क...
- इसकी जरूरत है?... हाँ, बहुत जरूरत है। अगर आप नहीं कहेंगे तो स्टेशन मास्टर को मालूम कैसे पड़ेगा कि आप कहाँ जाना चाहते ह...
- इसकी तुलना किससे कर रहे हैं?... इसकी तुलना बच्चा मर जाने पर शिकायतें पैदा करना शुरू कर रहे हैं। बच्चा मरने के बाद में जो शिकायतें पै...
- इसकी परीक्षा लेने के लिए उन्होंने क्या किया?... उन्होंने यह किया कि उपहार पीछे देंगे, पहले देखें कि यह इस लायक भी है या नहीं। उन्होंने स्वर्ग की सबस...
- इसकी प्रतिक्रिया क्या हो सकती है और क्या परिणाम हो सकते हैं, आप जानते नहीं?... जिस आदमी को जो दण्ड मिलना चाहिए, जो सजा मिलनी चाहिए, आपका क्या यह ख्याल है कि थोड़ा-बहुत पूजा-पाठ करन...
- इसकी रोकथाम कैसे की जाएगी?... सन्तुलन कैसे बिठाया जाएगा? भगवान् ने भी यह प्रतिज्ञा कर रखी थी कि हम धर्म की स्थापना के लिए और अधर्म ...
- इसकी वजह क्या है, बताइये?... भूख की वजह से लोग नहीं मरते, वरन् लोभ की वजह से मरते हैं। दुनिया में भूख से बड़ा कौन है? दुनिया में...
- इसकी वजह क्या है?... भगवान् ने जानवरों का शरीर इस तरह से बनाया है कि वह कभी बीमार नहीं पड़ते। यदि यह मान लिया जाए कि वाय...
- इसकी वजह क्या है?... इसकी वजह यह है कि हमारे पास खास किस्म का ज्ञान नहीं है, जिसको हम विवेक कहते हैं। ज्ञान का अर्थ यहाँ ...
- इसकी वजह क्या है?... " उसने कहा "भाई साहब! इसका एक ही उत्तर है कि आप समुद्र की ऊपरी सतह पर घूमते रहते हैं और समुद्र के भी...
- इसकी वजह बताइए?... जबकि पढ़ा-लिखाकर नौकरी से लगा दिया है। शादी-ब्याह भी कर दिया है। हर दृष्टि से योग्य बना देने के बाद ...
- इसकी वास्तविकता को समझें कि यह है क्या?... 'सोऽ' माने—भगवान और 'हम' माने—मैं। हम और भगवान दोनों एक होते हैं। भगवान हमारे भीतर प्रवेश करता है, न...
- इसकी व्याख्या कैसे करें?... ब्रह्मानन्द कैसा?
उन्हें एक उदाहरण सूझ पड़ा। बच्चे ने पूछा—समुद्र कैसा होता है? पिताजी ने ...
- इसके अतिरिक्त हमारा आपका रिश्ता क्या है?... हमारे यहाँ सामान की कोई खरीद-फरोख्त होती है क्या? कुछ भी नहीं है। एक ही रिश्ता है कि आपकी जीवात्मा क...
- इसके अलावा और क्या कहें आपको?... हम आप में से जो पुराने कार्यकर्ता हैं और जो नए आ रहे हैं, उन्हें बहुत प्यार करते हैं और हमेशा करते र...
- इसके अलावा हमने कितने यज्ञ किये थे?... सौ-सौ कुण्डीय यज्ञ किये और कितने-कितने कुण्डीय यज्ञ हवन कराये हैं? सबका-जिन्दगी भर का हिसाब लगा ली...
- इसके आशीर्वाद कितने हैं?... बेटे, इसके इतने आशीर्वाद हैं कि देवी- देवता हमें क्या दे पायेंगे? गणेशजी जी, शिवजी, हनुमान् जी क...
- इसके कल-पुर्जे कितने नियामत भरे है?... इसकी महत्ता का पता आपको लग जायेगा। लेकिन इसकी कीमत ज्ञान न होने के कारण यह कैसे हो गया कि यह बीमार...
- इसके कल-पुर्जों की कीमत इतनी बड़ी है कि अगर इन्हें लैबोरेटरी में रखा जा सके और इसको नीलाम किया जा सके, तो इनसान का शरीर कितना कीमती है?... इसके कल-पुर्जे कितने नियामत भरे है? इसकी महत्ता का पता आपको लग जायेगा। लेकिन इसकी कीमत ज्ञान न ह...
- इसके कहने की शैली बोलने का तरीका कैसा था?... यह कौन सुनता है? कान सुनते हैं। कानों में भी एक जायका होता है और आँखों में भी एक जायका होता है। आँ...
- इसके जब दाँत उखड़ जायेंगे, तो यह बूढ़ा होगा या बच्चा कहलायेगा?... साहब! वह बच्चा ही कहलायेगा। बेटे, उम्र से कोई फरक नहीं पड़ता है। अन्तर होता है तो मनुष्य की मनोवृत्ति...
- इसके पास इतनी सम्पत्ति है, क्या करें?... सम्पत्ति है, बनी रहेगी। उनके पास सम्पत्ति है, तो उस सम्पत्ति से हमें क्या करना? हमें तो जो भगवान ने ...
- इसके पास बच्चियों को नहीं भेजा जाएगा?... वह बेचारा ढूँढ-ढूँढकर थोड़ी-बहुत लड़कियों को ले आता। लोगों ने कहा कि बिना मतलब के कोई कुछ नहीं करता।...
- इसके पीछे क्यों लाठी लेकर पड़ा हुआ है?... इसकी सारी ग्रीस को तबाह करने और निचोड़ने के लिए क्यों आमादा हो गया है? आत्म हत्या करने के लिए क्यों...
- इसके बाद कौन आ गए?... गाय-बछड़े वाले। अरे भाई! किसको वोट देंगे? जो आपकी पार्टी है, उसी को वोट देंगे। गाय का दूध हमारा बच्च...
- इसके लिए आदमी को थोड़े ऊँचे स्तर पर बैठकर विचार करना होता है और यह देखना पड़ता है कि इन्सान की गरिमा, इन्सान की महत्ता की सुरक्षा किस तरीके से की जाय?... उसके लिए क्या करना चाहिए? बस इसी का नाम विद्या है और अगर किसी को विद्या मिल जाय तब? तब वह धन्य हो ज...
- इसके लिए आप क्या करेंगे?... आपके दिमाग और आपके अन्त:करण में एक सलाई डालेंगे और तीन तरीके से आपकी परीक्षा करेंगे और देखेंगे कि आपक...
- इसके लिए आप क्या काम करेंगे?... एक सुव्यवस्थित प्रशिक्षण तंत्र घर में रह करके ही आपको विकसित करना होगा। मैनेजमेण्ट—सुव्यवस्था का प्र...
- इसके लिए आप समाज में कहाँ-कहाँ जायेंगे, जरा बताइए?... किसके-किसके पास जायेंगे और कौन-कौन आपका कहना मानेगा? आप बताइए। फुरसत तो मिलती नहीं है। आप अपने घर मे...
- इसके लिए आपकी तलवार चाहिए?... भवानी ने कहा—ले बेटे, अभय तलवार। भवानी ने अभय तलवार दी थी, जिसके द्वारा वे लड़ने में सफल हो गए, जो आ...
- इसके लिए आपको क्या करना चाहिए?... आपको भगवान् की उपासना करनी चाहिए। भगवान् की उपासना क्या होती है? भगवान् के समीप जा बैठना। भगवान् क...
- इसके लिए आपको क्या करना पड़ेगा?... आपको अपने चिन्तन को दूसरे रूप में बदल देना पड़ेगा। तब क्या करना पड़ेगा? गायत्री की प्रेरणाओं, गायत्री...
- इसके लिए आपको लोगों के रास्ते से हट करके, अलग खड़े हो करके नये ढंग से विचार करना चाहिए कि हमारे लिए क्या मुनासिब है और क्या मुनासिब नहीं है?... आपका भविष्य किन बातों से बनता है और किन बातों से नहीं बनता है? अगर आप यह बात तय करने लगेंगे, तो मैं...
- इसके लिए उसका अनुदान कितना है?... अब नारद जी ने भगवान से कहा—महाराज जी! जरा देखिए तो सही, वह पागल सन्त आप से बड़ा है कि नहीं? उन्होंने क...
- इसके लिए किसका उत्तरदायित्व है?... इस समाज का है और किसका है। पर आप संकल्प ले सकते हैं कि हम न दहेज लेंगे और न दहेज देंगे, चाहे हमारी ब...
- इसके लिए कोई-न-कोई काम करने के लिए जगह होनी चाहिए ना?... प्रयोगशाला होनी चाहिए ना? तैरने के लिए तालाब होना चाहिए ना? पढ़ने के लिए कोई विद्यालय होना चाहिए ना? ...
- इसके लिए कौन आए और कहाँ से आए?... यह सब उनकी धर्मपत्नी करती है। घर में उसकी सहायता के लिए एक बूढ़ी माँ होती है। पिता जी बुड्ढे हो जाते ...
- इसके लिए क्या करना पड़ेगा?... आपको अपनी क्षुद्रताओं से लड़ना पड़ेगा। आपको अपनी क्षुद्रताएँ घटानी पड़ेंगी और अपनी महानताएँ बढ़ानी पड़े...
- इसके लिए क्या करना पड़ेगा?... इसके लिए एक ही काम कर सकते हैं कि आप अपनी उपासना को प्राणवान बनाइए। प्राण किसे कहते हैं? प्राण उ...
- इसके लिए क्या करना चाहिए?... आपको सिर्फ एक काम करना चाहिए था-अपने कषाय-कल्मष को धोकर साफ कर लेना चाहिए था। यही दो रुकावटें हैं-...
- इसके लिए क्या करना चाहिए?... बेटे, इसके लिए खुराक चाहिए। अगर आपके दिमाग को खुराक नहीं मिलेगी, तो दिमाग में चक्कर आने लगेंगे और दू...
- इसके लिए क्या करना पड़ा?... उन्होंने एक काम किया था, तप किया था और तप से वातावरण को गरम किया था। जब तक देश का वातावरण गरम रहा, त...
- इसके लिए क्या करना होगा?... बेटे! यही तो मैं आपसे निवेदन कर रहा था कि किस तरह से ये सारी की सारी प्रक्रियाएँ यज्ञ से सम्बन्धित हैं...
- इसके लिए क्या तैयारी करनी पड़ेगी?... एक तैयारी यह करनी पड़ेगी कि आपको नए ढंग से अपनी जिन्दगी पर विचार करना शुरू करना होगा।
क्या ...
- इसके लिए क्या-क्या चीज चाहिए?... कागज, ब्रुश, रंग। लीजिए बनाइए चित्र। किसके लिए बनाएँ? हमारी अखण्ड ज्योति के लिए बनाइए। गुरुजी! आप तो...
- इसके लिए न जाने क्या-क्या पहनती हैं और न जाने क्या से-क्या करती हैं?... इज्जत के बारे में यह बात कल हमने बताई थी। आदमी को इज्जत दिलाने में भी हम शानदार काम करते हैं। अभी हम...
- इसके लिए वे विचार करने लगें कि क्या करना चाहिए?... अन्त में फैसला हुआ कि अयोध्या से लंका की तुलना में एक ऐसा मोरचा खड़ा करना चाहिए, जो अनीति से लोहा ले स...
- इसके लिए सुबह से ही उठकर टाइम टेबल बना लेना चाहिए कि आज आप क्या करेंगे, कैसे करेंगे और क्यों करेंगे?... क्रिया के साथ में आप चिन्तन को जोड़ दीजिए। चिन्तन और क्रिया को जोड़ देते हैं, तो दोनों से एक समग्र स्व...
- इसके साथ क्यों आ गईं?... अच्छा तो फिर क्या करूँ? हमारे घर चल। हमारे यहाँ मकान है, भैंस दूध देती है, सोने-चाँदी के जेवर पहना द...
- इसके साथ ही यह सोच रहे हैं कि हमें यह फायदा कैसे हो जाए, वह फायदा कैसे हो जाए?... हमारे बच्चे कैसे ऑफीसर बन जाएँ, ताकि अधिक पैसा कमा सकें। इस मामले में आप बहुत समझदार आदमी हैं, परन...
- इसको अध्यात्म में क्या कहते हैं?... बहादुरी। अध्यात्म का नाम है—बहादुरी, शूरवीरता, जिसमें कि आदमी को लड़ाई लड़नी पड़ती है। किसके साथ? अपन...
- इसको अपनाने से व्यक्ति को क्या मिलता है?... इससे विश्वास मिलता है, बल मिलता है।
बेटे! कांग्रेस आन्दोलन में उनके पास लाखों रुपये रहते थे। यहा...
- इसको कहाँ से उठा लाया?... चल और किसी को बहकाना। माताजी को बहकाने आया है। उसने सही बात बता दी कि चार सौ का है। मैं तो कह रही हू...
- इसको कैसे रोकें?... तो उन्होंने जो उपाय बताए. उनके नाम हैं—वैराग्य और अभ्यास।
मन को काबू करने के उपाय
मह...
- इसको कौन ठीक करेगा?... मुहल्ले वाला? मुहल्ले वाला नहीं करेगा। आपके भीतर किसी को घुसने की गुंजाइश नहीं है। आप ही अपने घर में...
- इसको कौन पूरा करेगा?... बेटे! आपके साथ हम हैं, हम पूरा करेंगे और आप पूरा करेंगे। आप लोग जो बैठे हैं, जिनको कि हम बुद्धिजीवी ...
- इसको कौन-सी संस्कृति कहेंगे?... इसे चाहे इनसानी कहिए, मानवीय कहिए, इसी को पुराने लोग भारतीय संस्कृति कहते हैं। वास्तव में यह मानवी...
- इसको क्या करना पड़ेगा?... इसको बेटे! उसी तरह से अलग करना पड़ेगा, जैसे कि लोहे को मिट्टी से अलग करना पड़ता है। अगर आप यह प्रक्र...
- इसको गति देने से क्या लाभ है?... इससे बेटे ! इतना लाभ कि जो विभीषिकाएँ छाई हुई हैं, जो प्रदूषण है, उसको समाप्त करने में यह सहायक होगा...
- इसको ठीक करने के लिए भगवान् किस रूप में आयेंगे?... आज की समस्या बेअकली की है। बेअकली का निवारण करने के लिए काँटे को काँटे से निकाला जायेगा। कुएँ में डू...
- इसको बनाने और चलाने वाला कौन था?... अन्ना साहब। व्यायाम प्रशिक्षक अन्ना साहब अभी जिन्दा है।...
- इसको बनाने का एक ही तरीका है कि आप जीवन में यह निश्चय कीजिए कि आपको क्या बनना है?... ऊँचाई के रास्ते पर चलने के लिए आपको क्या बनना है? आपको लोकहित करना है या आपको भगवान का भक्त बनना है?...
- इसको सुनकर वैकुंठ को जाएँगे?... नहीं जाएँगे।
वाणी में हो प्राण
मित्रो! एक बार सुन लीजिए, हमारी बात सुन लीजिए कि यद...
- इसको स्नान कराने से कुछ काम बन सकता है?... हाँ बेटे! इसको स्नान तो कराना चाहिए, इसका खंडन मैं नहीं करता, पर मैं यह कहता हूँ कि जिनका स्नान करान...
- इसको हम क्या कहते हैं?... इसका नाम है—एकाग्रता। एकाग्रता किसे कहते हैं? जिसे आप बार-बार कहते हैं कि हमारे मन का निग्रह कीजिए, ...
- इसको हमें लेने का क्या अधिकार था?... किसी का आशीर्वाद माँगने का हमको क्या अधिकार था? ठीक है, लोगों ने दिया। देने वाले बधाई के पात्र हैं...
- इसने पैसा कमाया और इतनी बड़ी इमारत खड़ी कर ली और देख कैसा बढ़िया सोफा है और क्या बढ़िया बिजली के पंखे चलते हैं?... आ, तू भी ऐसा ही कर, आ जा चुपके से, क्या-क्या करना पड़ा था? ऐसे ही मकान बना लिया। दीवार चुपचाप खड़ी...
- इसमें क्या रह गया है?... ‘तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि’ में एक शब्द ‘धीमहि’ माने धारण करने को कहते हैं। अभी जो आपसे...
- इसमें क्या हम बैठे रहेंगे?... नहीं, हम आपके साथ एक स्वयंसेवक की तरीके से काम करेंगे। बेटे आप ऐसा ही करना, इससे ही आपकी इज्जत है।...
- इसमें गजब की क्या बात है?... हमने कमाया है तो क्या हमको नहीं मिलेगा? हम फायदा नहीं उठायेंगे? उन्होंने कहा नहीं, कोई आदमी फायदा ...
- इसमें आपकी आर्थिक स्थिति क्या करेगी?... गुरुजी। हमारा तो दिवाला निकला चला जा रहा है। हम तो बड़े परेशान हैं, बहुत हैरान हैं। हाँ बेटे, जरूर हो...
- इसमें आपको ऐसा करना चाहिए कि प्रातःकाल की संध्या में जब आप आँखें खोला करें तो जीवन देवता के बारे में, जीवन के कल्पवृक्ष के बारे में, उसके आरम्भ के इतिहास के बारे में सोचा करें कि इसका उद्देश्य क्या है?... स्वरूप क्या है? दूसरी संध्या सायंकाल को जब आप सोया करें तो उसके अन्तिम चरण का उच्चारण किया करें। ...
- इसमें आपको क्या मिलेगा?... इसलिए मित्रो! जब आप यहाँ से विदा हो रहे हैं, तो मैं चाहता हूँ कि आप अपने भीतर से कुछ ऐसे हेर-फेर क...
- इसमें इतना दूध और इतनी चीनी मिला करके क्या बना दिया?... पेड़ा बना दिया। चाहे पेड़ा हो, चाहे जलेबी हो, सारी की सारी चीजों में केवल तीन ही चीजें आपको मिलेंगी।...
- इसमें इतनी अधिक चीजें हैं, तो फिर आप बच्चों को क्यों नहीं खिला देते?... आप तो गरीब हैं नहीं? गरीब तो नहीं हैं गुरुजी। इसमें कुछ तो है ही। ये तो प्रोटीन युक्त प्रोटीन्यूल है...
- इसमें ऐसा ही भरा है?... हाँ बेटे! ऐसा ही भरा है। हम आपसे कोई अपेक्षा करने नहीं आए हैं।
चाहिए आपकी श्रद्धा, आपका समय ...
- इसमें कितना खरच हुआ है?... लगभग दस लाख इसमें भी लगा है और यह गायत्री नगर, जो अभी बनने वाला है, इसमें गुरुजी, कितना पड़ेगा? बेटे...
- इसमें कितने बजे हुए हैं?... अभी देखती हूँ। इसमें तो साढ़े बत्तीस बजे हैं। चुड़ैल! बेकार में चौके बर्तन में इसे खराब कर देगी और मिट...
- इसमें कितने रुपये का पत्थर लगा होगा?... मैं सोचता हूँ कोई पचास रुपये का पत्थर होगा। आप पचास रुपये का पत्थर ले लीजिए और छेनी, हथौड़ी ले जाइए,...
- इसमें किसका हाथ है?... यह गुरु का हाथ है और यह गुरु का अनुदान है, यह उनकी कृपा है, जो भौतिक चीजें भी देता है और आध्यात्मिक ...
- इसमें कोई आफत तो नहीं है?... इसमें कोई आफत नहीं है। कोई पीटता है तो तू पिटता रहे, नहीं तो अहिंसा खंडित हो जायेगी। अहिंसा पाल ली...
- इसमें कोई रोक भी नहीं है, लेकिन किसी अनुष्ठान में आपके ऊपर क्या कोई प्रतिबन्ध, बन्धन नहीं लगाया गया है?... आपके ऊपर कोई कड़ाई नहीं की गई? आपके भीतर के मनोबल का इम्तहान नहीं लिया गया और इस बात की परीक्षा नहीं...
- इसमें कोई रोकता है क्या?... मित्र आपके प्रति बदला चुकाएँगे कि नहीं, यह बात सोचेंगे तो गड़बड़ हो जाएगी। आप यह उम्मीद मत कीजिए कि ...
- इसमें कौन-कौन हैं?... इसमें मोती हैं, हीरे हैं, पन्ना हैं, जवाहरात हैं। इन सबको-एक-से-एक बढ़िया आदमी को जोड़ करके हमने रखा...
- इसमें क्या आफत आती है?... नहीं महाराज जी! यह तो बड़ा कठिन है। चल उल्लू कहीं का, जो सबसे सरल है उसको कठिन बताता है और जो सबसे कठ...
- इसमें क्या करते हैं?... इसमें हम यह करते हैं कि चाहे जन्मदिन मनाना हो, चाहे हवन करना हो, सबमें देवदक्षिणा को आवश्यक अंग माना...
- इसमें क्या करना पड़ता है?... अपने आप से लड़ाई करनी पड़ती है, अपने आपकी पिटाई करनी पड़ती है, अपने आप की धुलाई करनी पड़ती है और अपन...
- इसमें क्या काम करेंगे?... बेटे, हम चाहते हैं कि सारे-के-सारे मन्दिर धर्म की स्थापना के केन्द्र, जनजाग्रति के केन्द्र बनें। प्राची...
- इसमें क्या किया गया है?... इसमें भगवान् के चार नाम लिए गये हैं और एक बात यह बतायी गयी है कि जिस चीज को हम भूल गये हैं, उसको हमे...
- इसमें क्या फरक पड़ता है?... नहीं बेटे! अब हम इस तरह के यज्ञ नहीं करने देंगे।
पुरश्चरण यज्ञ है यह
मित्रो! इस साल...
- इसमें क्या रखा है?... वह तो मैंने एक छोटी-सी डिबिया में रख लिया है और एक डिब्बी में धूपबत्ती भी रख ली है। हाँ बेटे, तूने य...
- इसमें क्या रखा है?... ये तो बेकार है. निरर्थक है। इसको गाड़ दो, नदी में बहा दो या इसको जला दो। इससे अब क्या बनने वाला है? ...
- इसमें क्या रखा है?... चम्मच से पानी डाल दिया कर, ४-६ चावल के दाने डाल दिया कर, एक धूपबत्ती जला दिया कर, चन्दन की एक बूँद ...
- इसमें क्या समझदारी रही?... एक तो नुकसान हो गया और आप जो चाहते थे, वह भी नहीं हुआ। चलिए इसको किसी तरीके से बर्दाश्त भी कर लें, ल...
- इसमें क्या हर्ज हो गया?... इसके शरीर से जो भाप निकलती थी, पसीना निकलता था, जो शरीर के जहर को बाहर निकालता है। तुमने शरीर पर शीर...
- इसमें क्या हिम्मत है?... उन्होंने कहा कि जब आ ही गया है, तो बेइज्जती के साथ उनसे यह कह दिया गया कि अच्छा क्या विषय दिया जाएगा...
- इसमें क्या है?... कुछ नहीं। इसमें आँवले की चटनी और गुड़ मिला है। दोनों को मिला दीजिए। अगर इसका जायका आपको अच्छा न लगता...
- इसमें क्या है?... भावनाओं की उत्कृष्टता का, आदर्शवादिता का, चरित्रनिष्ठा का, साहसिकता का, प्रेम का, मोहब्बत का, सम...
- इसमें क्या है?... विचार है, अकल है, जिसमें बहुत ताकत है। मैं समझता हूँ कि इन दोनों शरीरों के बारे में आप सब जानते हैं...
- इसमें क्या है?... नहीं साहब! इसे साफ कीजिए, माँज कर लाइये। पूजा की सामग्री को साफ करके लाइये। भगवान जी को स्नान कराकर ...
- इसमें क्या है?... इसमें सबसे बड़ा स्वार्थ है—स्वास्थ्य का सम्वर्द्धन। आपने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कैलाश जोशी का नाम...
- इसमें क्या होगा?... इस समय में बड़ी मुसीबतें आयेंगी। और मुसीबतों में से आप भी टिक नहीं सकेंगे सारी दुनिया पर मुसीबतें ...
- इसमें क्या होता है?... दोनों एक हो जाते हैं। दोनों के एक हो जाने से क्या मतलब है? दोनों के एक हो जाने से ये मतलब है कि नाला...
- इसमें क्या-क्या दवाइयाँ मिलती हैं?... क्या-क्या दवाइयाँ डाली जाती हैं और कैसे बनाई जाती हैं? यह जानकारी अगर आपको हो जाय, तो क्या कोई फ...
- इसमें क्या-क्या मिला है?... मसाले और प्याज और माँस, जिसको पीड़ा देकर उसकी जान निकाली गई है। बेचारा तड़पता हुआ, गाली देता हुआ और ...
- इसमें क्यों आ गया?... महाराज जी, इसमें इसलिए आ गया कि भजन करने वालों को बड़ा नफा होता है। अरे बेटे, तुझे किसी ने गलत बहका ...
- इसमें गुरु की संकीर्णता नहीं है, इसमें संकीर्णता है शिष्य की कि लेने वाले का दामन कैसा है?... वो सँभाल भी सकता है कि नहीं। जितना छोटा बरतन होगा, उतना ही थोड़ा पानी आएगा और बड़ा बरतन होगा, तो ज्य...
- इसमें घाटा पड़ा?... नहीं, घाटा नहीं पड़ा। नफा हुआ और इतना नफा हुआ कि हम आपसे क्या कहें?
भावनाओं का करें योगदान
बेटे ...
- इसमें जनता के सहयोग का कितना लाभ भरा पड़ा है, क्या आप इसे नहीं जानते?... अगर आप हकीकत में आएँ, तो आप इसे देख सकते हैं। हकीकत में नहीं आएँ, तब मैं नहीं कह सकता। अगर आप जन्म...
- इसमें तपता क्यों नहीं है, तू निखरता क्यों नहीं है?... तू कुन्दन क्यों नहीं बनता है? तू लोहे का क्यों है? लोहा नहीं बनना चाहिए, आपको सोना बनना चाहिए, आपको ...
- इसमें तू रो रहा है कि मैं सोने का नहीं हुआ, उसमें तू सोने का कैसे हो गया, यह बता?... तो उसने बताया कि एक ब्राह्मण परिवार था। पति-पत्नी थे, दो बच्चे थे और कई दिन के भूखे थे। उनके पास कुछ...
- इसमें तो हमारा जरा भी-कतई विश्वास नहीं है कि आपको बेटा हो जाएगा, तो आपके ऊपर सोने की छत्रछाया कर न मालूम जाने क्या करेगा?... आप तो जैसे संकीर्ण हैं। मुबारक रहे, आपके लिए संकीर्णता, लेकिन हमने आपको इतना आत्मबल दिया है, भरपूर आ...
- इसमें दो बातें होनी हैं या तो विज्ञान के चरण जिस दिशा में चल रहे हैं, एटॉमिक हथियार जिस स्पीड से बन रहे हैं, अगर वे बनते और चलते रहे तो आप देखना कि क्या होगा?... कोई भी पागल आदमी, जैसे कि बंगाल में एक पागल आदमी ने दो मुजरिमों को मारकर खतम कर दिया। किसी दिन इसी त...
- इसमें भी कोई तेरी इज्जत है?... बेटे! इज्जत इसमें नहीं है।
देने का आनन्द जानो
चलिए, मैं आपसे आध्यात्मिक दृष्टि से सिद...
- इसमें मलाई डालते हैं?... हाँ साहब! मलाई भी डालते हैं। किसकी डालते हैं? ब्लाटिंग पेपर की डालते हैं, परन्तु हम आपको कह नहीं सकत...
- इसमें सफलता न मिली तो कहाँ चले गए?... वहाँ से वे कलकत्ता चले गए और वहाँ उन्होंने एक नेशनल कॉलेज खोला, ताकि नवयुवकों को शिक्षण दे सकें। शिक...
- इसमें सिवाय आपकी लापरवाही और गैर जिम्मेदारी के अतिरिक्त और कोई बाधा नहीं हो सकती?... आप चाहें तो नियमित रूप से, हर परिस्थितियों में, बीमारियों में भी, सफर में भी, कही भी यह संध्यावंदन क...
- इसमें से डायरी कौन ले गया?... अच्छा भगत जी ले गये। यह कौन से भगत हैं? यह भगत हैं आप, शंकर भगवान की हजामत बनाने वाले, जालसाज। भक्...
- इसमें से हवा कब निकल जाएगी, इसको कौन जानता है?... यह कोई आश्चर्य नहीं है। इसलिए आप अपने त्याग को, अपनी भावना को, केवल भावना को ही नहीं, वरन् उस काम को...
- इसमें हम क्या कर सकते हैं?... परिस्थितियों का अन्दाजा लगाना एक बात है और परिस्थितियों का मुकाबला करना एक बात है। परेशान होना और हैर...
- इसमें हमको क्या फायदा होगा?... हमने जमा कर दिया, बैंक में जमा हो गया। नहीं साहब! हमारा तो कोयले की दलाली में हाथ काला हो जाएगा। बेट...
- इसमें हमारा उज्ज्वल भविष्य छिपा हुआ है और जिसमें आपकी सुख-शान्ति के सारे आधार छिपे हुए हैं; लेकिन इसको इस्तेमाल कैसे करेंगे?... इसको जानने के लिए आपको कल का इंतजार करना चाहिए। आज की बात हम यहीं समाप्त करते हैं।...
- इसमें हर्ज की क्या बात है?... जितने दिन के लिए मिल गये, वह ठीक है। जितने दिन आनन्द उठा लिया, वही ठीक है। अब जिसकी चीज है, उ...
- इसलिए आप अपने ढाँचे को अभी से क्यों न बदल लें?... भगवान के दरबार में शान से हों उपस्थित
मित्रो! सबसे बड़ी बात यह है कि आपको भगवान् के दरबार ...
- इसलिए आप भी राजा परीक्षित के तरीके से विचार कर सकते हैं कि हमारी बची हुई जिन्दगी, जो मौत के दिनों के बीच में बाकी रह गई हैं, इसका हम अच्छे-से कैसे उपयोग कर सकते हैं?... सायंकाल को आप विचार किया कीजिए कि इसका कैसे अच्छे-से उपयोग किया जाए। सायंकाल को दिनभर के कार्यों की ...
- इसलिए आप होशियार हो जाओ और पहले से ही अपनी मनःस्थिति बनाओ कि आपको किधर जाना है?... बेटे! इधर जाना है या उधर जाना है? जहाँ तक मैं समझती हूँ, आपको उधर नहीं जाना है। आपको इधर ही आना है। ...
- इसलिए आपको क्या करना पड़ेगा?... आपको अपनी पात्रता का विकास करना चाहिए। हमारे पास कल्पवृक्ष है। हम अपना कल्पवृक्ष रूपी जीवन लेकर के आ...
- इसलिए आपको मालूम है कि आँखों में क्या खराबी है?... हमारे दिमाग में चिन्ता छाई रहती है, आपको मालूम है? नहीं, कोई जानकारी नहीं है। हमारे भीतर ईर्ष्या और ड...
- इसलिए इस यंत्र को इतना पैना और तीखा होना चाहिए कि जहाँ भी इस हथियार का इस्तेमाल किया जाय, वह पार करता हुआ निकल जाय और क्या करना पड़ेगा?... मौन करना पड़ेगा। मौन कैसे करते हैं?
बेटे! हमें एक साल तक मौनी रहना पड़ता है। बातचीत करें तो किससे ...
- इसलिए उन दोनों को ही सारी विद्याएँ मिल गईं, शक्तियाँ मिल गईं कैसे मिल गईं?... बेटे, श्रद्धा से मिल गईं। उन्होंने कहा कि यह तन भी आपका और मन भी आपका। हम राजकुमार हैं तो क्या हुआ? ...
- इसलिए उनकी सेवा करनी चाहिए?... सहायता करनी चाहिए। सबेरे जब राजा चलने लगा, तो उसने कहा-किसानो! तुम जानते नहीं हो, हम कौन हैं? मालू...
- इसलिए करना क्या पड़ेगा?... कभी आपको एक ही बात पर प्रवचन करने का मौका मिले, तो आपके मस्तिष्क में एक सन्तुलित व्याख्यान रहना चाह...
- इसलिए कहाँ चलना चाहिए?... प्रकाशस्तंभ इशारा करता रहता है। लाइट घूमती रहती है और बताती रहती है कि इधर की ओर चलिए, इधर मत चलिए। ...
- इसलिए कि पहले देख लें कि यह खरा है या खोटा है खोटा हुआ तब?... खोटा हुआ तो हम नहीं लेंगे। पहले जमाने में रुपया बजाने के लिए जिनके अंगूठे में दम होता था, वे अंगूठे ...
- इसलिए कि हम अपनी मनोभूमि में तलाश कर सकते हैं और देख सकते हैं कि आपकी हैसियत कहाँ है और आप क्या चीज चाहते हैं?... अपने हिन्दुस्तान में हम देखते हैं कि यहाँ हर आदमी एक चीज माँगता है और वह है—पैसा। क्यों माँगता है?...
- इसलिए क्या करना चाहिए?... यह भक्ति, जिसका अर्थ है-परावलम्बन। यह मनुष्य के लिए लाभदायक है? नहीं, घोर हानिकारक है। यह आदमी के ...
- इसलिए क्या करना चाहिए बच्चो?... तुममें से एक बच्चे को अपना बलिदान कर देना चाहिए और ब्राह्मणी के बच्चे को बचा लेना चाहिए। बच्चों ने क...
- इसलिए क्या करना चाहिए?... इसको सीधे कसाईखाने भेजना चाहिए। चाइना में यह प्रयोग हो रहा है। बुड्ढे आदमियों को ले जाते हैं कि चलिए...
- इसलिए क्या करना चाहिए?... हमारे मिशन की समग्र और सर्वांग रूप में पूर्ण जानकारी अगर आपको देनी पड़े, तो हमारी विचारधाराएँ क्या ...
- इसलिए क्या करना पड़ता है?... आपको विभिन्न लोगों के पास जाने से, विभिन्न तरह की बात करने से, भिन्न-भिन्न तरह की मनःस्थिति समझने से...
- इसलिए क्या करना पड़ेगा?... अपने साथ में कड़ाई करने की जिस दिन आप कसम खाते हैं, जिस दिन आप प्रतिज्ञा करते हैं कि हम अपनी कमजोरिय...
- इसलिए क्या काम करता रहता है?... हमारी नौकरी भेजता है, सहायता भेजता है, हमारा वेतन भेजता है। वह हमारा सारा इंतजाम करता है, हमको बँगले...
- इसलिए क्या गुंजाइश है कि आप अपनी मनोकामनाओं को भगवान के सुपुर्द कर दें?... सुपुर्द करने के पश्चात भगवान का प्यार पाएँ।
सबसे कीमती उपहार : भगवान का प्यार
भगवान ...
- इसलिए क्या हुआ?... खुदाबन्द करीम के यहाँ जब मीटिंग बैठी तो उसमें यह पता लगाया गया कि इस बार किस-किस की यात्रा कबूल हुई। ...
- इसलिए तो मैं यह कहता हूँ कि गुणों के रूप में हमें भगवान को मानने में क्या आपत्ति है?... जब आप उन्हें शक्ल के रूप में मान सकते हैं, रंग-रूप के रूप में मान सकते हैं तो गुणों के रूप में मानने...
- इसलिए दोनों का समन्वय जब तक न हो जाय, तब तक वहाँ प्रकाश कहाँ से आयेगा?... इन महात्माओं की उपासना एकांगी थी। जंगल में रहते हैं तो क्या? जप करते हैं तो क्या? गंगा में नहाते हैं...
- इसलिए पीटते हैं कि अगर कहीं हाँडी टूटी हुई तब?... दरार हुई तब? अगर दरार हुई तो जरा-सा ठोकने पर हमें शक हो जाता है और हम उसे अलग रख देते हैं। अब तो वे ...
- इसलिए पैसे के बारे में क्या करना चाहिए?... आप अपने घर में दुकानदारी करते हैं, या नहीं करते हैं, बेईमानी करते हैं, जो चाहें कर सकते हैं। लेकिन...
- इसलिए बना कर क्या करूँगा?... महाराज जी! आप इमारत बनवा लीजिए, पैसा हम दे देंगे। बेटे, तू पैसा तो दे देगा, पर मैं कन्ट्रोल कैसे क...
- इसलिए मनुष्य को सामाजिक प्राणी कहा गया है और यह कहा गया है कि उसका विकास सिर्फ इस बात पर टिका हुआ है कि आदमी किन लोगों के साथ रहा?... आदमी को अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए किसी-न-किसी के साथ रहने की आवश्यकता पड़ती है। शारीरिक जिन्दगी ...
- इसलिए मित्रो, हमारा लोगों को यही जवाब है कि हम क्यों राजनीति में नहीं जाते हैं?... और राजनीति को छोड़कर धर्मसत्ता में क्यों आ गये? भगवान महावीर और भगवान भक्त हनुमान जो दोनों ही आज ...
- इसलिए मुझे निराश हो जाना चाहिए?... मित्रो! मेरा ईमान काँप गया और मैं अनुभव करने लगा कि आज यह सब बातें बेकार हैं। कई दिनों तक मेरी मनोदश...
- इसलिए रात को सोते समय आप मौत का और प्रातःकाल उठते समय जिन्दगी का ध्यान कर लिया कीजिए और बीच का जो समय बच जाता है, उसके लिए क्या कीजिए?... मौत और जिन्दगी को शानदार बनाने के लिए दिन भर हमारा कैसे व्यतीत हो? हमारा समय, श्रम और धन किस अच्छ...
- इसलिए लगा रहेगा कि भगवान के प्रति जो हमारा उदात्त भाव, जो हमारा समर्पण, जो हमारी करुणा होनी चाहिए, वह करुणा ही नहीं पैदा हुई, तो हम भगवान की पूजा कैसे करेंगे?... इस तरह क्या हम भगवान के बताए रास्ते पर चल सकेंगे? हम अगर भगवान के बताए रास्ते पर नहीं चल सकेंगे, तो ...
- इसलिए हम उनको कहाँ से लायें जो वानप्रस्थ परम्परा की- अध्यात्म की रीढ़ हैं, जिन्होंने अध्यात्म को जिन्दा रखा था और जिन्दा रखेंगे, उन्हें हम कहाँ से लायें?... मित्रो! आज आदमी लोभ में और मोह में इतना डूब गया है और बहाना यह बनाता है कि मैं तो भागवत् पढ़ता हूँ,...
- इसलिए हमको क्या करना पड़ेगा?... हमको वही करना पड़ेगा, जो ऋषियों ने, सन्तों ने, महात्माओं ने, ब्राह्मणों ने हमेशा से किया है। उन्हें ...
- इसलिए हमें करना क्या पड़ेगा?... हमको जनसाधारण के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण सेवा जो है, वह यह करनी पड़ेगी कि उनके विचार करने की शैली, सो...
- इससे कुछ मिल सकता है क्या?... नहीं मिल सकता है। तो किससे मिल सकता है? क्या अध्यात्म से कुछ नहीं मिल सकता? मिल सकता है।...
- इससे क्या सूरज गन्दा हो जाएगा?... सूरज मैला हो जाएगा? सूरज बदनाम हो जाएगा? नहीं, सूरज बदनाम नहीं हो सकता। सूरज बदनाम होगा तो अपने का...
- इससे क्या हो सकता है?... जिस गाँव में चार सौ घर हैं तो क्या उस गाँव के प्रत्येक घर से एक-एक व्यक्ति एक-एक घण्टा समय समाज, द...
- इससे सामान्य जीवन को असामान्य कैसे बना सकते हैं?... मनुष्य में देवत्व की झाँकी कैसे कर सकते हैं? व्यक्ति को श्रेष्ठ मनुष्य कैसे बना सकते हैं? यह सारी ...
- इससे अच्छा और क्या हो सकता है?... अपने आप अपनी कपास बोएँ और अपने आप अपना कपड़ा बनाएँ। लेकिन इसमें एक ही खराबी है कि आप जितनी जल्दबाजी ...
- इससे अच्छी और क्या बात हो सकती है?... लेकिन मित्रो! आपकी क्रिया में और दृष्टि में फरक हुआ तब? तो आपका अनाथ पालन ऐसी विडंबना बन जाएगा, मसलन...
- इससे अब क्या बनने वाला है?... नहीं साहब! यह तो हमारे पिताजी थे। बेटे! पिताजी थे तो वे हवा में चले गए। पिताजी ने तो कहीं जन्म ले लि...
- इससे आदमी की क्या जरूरत पूरी हो सकती है?... कोई खास जरूरत पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि देना है, तो कोई कीमती चीज देनी चाहिए। रामकृष्ण परमह...
- इससे आप समझ जाएँगे कि हमारे जिद करने का मतलब क्या है?... कारण क्या है?
शुकदेव जी के पक्ष में और व्यास जी के खिलाफ जो राय थी, वह उन्होंने बताई। क्या क...
- इससे आपका क्या मतलब है?... ब्राह्मण की कामधेनु का मतलब ‘ब्राह्मणत्व’ से है। अगर व्यक्तित्व में ब्राह्मणत्व का जन्म हुआ तो यह ...
- इससे आपका क्या ताल्लुक है?... अजी साहब! यह बहुत खूबसूरत है और देखने में हमें बहुत अच्छा लगता है। अच्छा, तो इसका यह हड्डी का चेहर...
- इससे आपका क्या मतलब है?... कहीं ब्याह-शादी करने से तो नहीं है? नहीं, ब्याह-शादी करने से मतलब नहीं है। जिस तरह नाव से नदी को पार...
- इससे आपका क्या मतलब है?... आदमी-आदमी एकसे होते हैं, अत: उनका अधिकार भी एकसा होना चाहिए। आदमी-आदमी के हुक्म, आदमी-आदमी की मर्याद...
- इससे आपका क्या मतलब है?... इसका मतलब यह है कि जो चीजें जिस तरीके से मिलती है, वे उस तरीके से न मिल करके शॉर्टकट से मिल जाया क...
- इससे आपको क्या मतलब है?... बेटे! हमको इसी से मतलब है। चिन्तन के अतिरिक्त आपकी भावनाएँ, आपकी अवस्थाएँ और निष्ठाएँ क्या हैं? आपकी ...
- इससे आपको क्या मतलब है?... हम इसको वैकुंठ ले जाने वाले हैं और इसे मुक्ति दिलाने वाले हैं। हम बैंगन को नहलाएँगे। बदरीनाथ जी का म...
- इससे आपको क्या मिल गया?... क्या मिला मैं नहीं जानता, लेकिन सबसे कीमती चीज जो आपकी 'शर्म' थी वह आपने गँवा दी।
इस सम्बन्ध मे...
- इससे आपको क्या मिलेगा?... इससे आपको भीतर से एक ऐसी चीज मिलेगी, जिसे सन्तोष कहते हैं। सन्तोष किसे कहते हैं? बेटे, सन्तोष उसे कहते ...
- इससे इस जमाने में क्या हो जायगा?... आज के जमाने में जैसा हमारा चरित्र और व्यक्तित्व है, घर-परिवार में जैसा वातावरण है, उसमें ढल-ढलकर जो ...
- इससे उसको खून भी नहीं निकलता, तो फिर हिंसा कैसे हुई?... चिल्लाएगी नहीं, खून निकला नहीं, तो ये अहिंसा हुई। इस तरह उन्होंने अपने लिए अहिंसा का मतलब निकाल ...
- इससे और कुछ संपदा आएगी कि नहीं आएगी?... बेटे! संपदा तो आएगी, पर बाँटने के लिए आएगी। बाँटने से हमें क्या फायदा? बेटे! बाँटने से अगर आपको यह म...
- इससे कम देवता का वरदान होता है?... नहीं, इससे कम देवता का वरदान हो नहीं सकता। तो इससे ज्यादा देवता का वरदान होता होगा? नहीं, इससे ज्याद...
- इससे कम में काम नहीं चल सकता था?... अभी भी हजारों गाँधियों को पैदा करने की ताकत हरिश्चंद्र में है। गाँधी जी ने बचपन में हरिश्चंद्र का ड्...
- इससे कम में क्या हो सकता है?... यही हो सकता है कि पूजा करते- करते, प्रार्थना करते- करते, मनोकामना कहते- कहते जिन्दगियाँ खत्म हो जा...
- इससे काम कैसे चलेगा?... अगर किसी काम को कीजिए, तो पूरा कीजिए। थोड़ा-सा काम करने से क्या फायदा?मित्रो! हमने तो हमेशा अर्जुन ...
- इससे कुछ लाभ होगा?... नहीं, कुछ लाभ नहीं होगा। न तो वातावरण का संशोधन होगा, न ही करने वालों को धर्म की शान्ति मिलेगी। जो ल...
- इससे कोई फायदा होगा?... नहीं होगा। चमत्कार मिलेगा? नहीं, चमत्कार नहीं मिलेगा। तो क्या मिलेगा? खालिस अज्ञान आपके पल्ले पड़...
- इससे कोई समस्या हल होगी?... कोई समस्या हल नहीं होगी। क्योंकि आदमी इतना बदमाश और इतना बदकार, इतना जाहिल और जालिम हो गया है कि मैं...
- इससे कौन प्रसन्न हो जाएगा?... बेटे, सब देवता प्रसन्न हो जायेंगे। महाराज जी! आपने तो बड़ा सस्ता तरीका बता दिया। इतने शक्तिशाली देवत...
- इससे क्या आप गरीब हो जाएँगे?... कल मैं आपसे ईश्वरचंद्र विद्यासागर की बाबत कह रहा था। ईश्वरचंद्र विद्यासागर गरीब रह गए थे। उन्होंने अ...
- इससे क्या आपकी खाँसी ठीक हो जायेगी?... नहीं कैसे ठीक होगी? आपको च्यवनप्राश अवलेह खाना पड़ेगा।
ब्रह्म को जीवन में धारण करना है ब्रह्मचर्य
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- इससे क्या उसे प्यार-मोहब्बत मिल जाएगी?... नहीं साहब! यह तो हम नहीं कह सकते। मैं पूछता हूँ कि क्या वहाँ ऐसी कोई माँ है, जो उसे छाती से लगाकर प्...
- इससे क्या करेगा?... देखना अब मैं क्या जादू- चमत्कार दिखाता हूँ। इससे मैं सारे देवी- देवताओं को पकड़ लाऊँगा। अच्छा तू ...
- इससे क्या काम बनने वाला है?... भगवान शंकर का आपने मन्दिर बनाया है। जिनकी आरती के लिए हर आस्तिक हिन्दू उपस्थित होता है। हम और आप ...
- इससे क्या फायदा हुआ?... मत आप अनुष्ठान कीजिए, मत आप गालियाँ दीजिए। इससे कम से कम जमा-खरच तो बराबर रहेगा। नहीं साहब! हम तो भग...
- इससे क्या फायदा है?... इससे यह फायदा है कि पानी की एक नन्ही बूँद एक पूरे बच्चे के रूप में विकसित हो जाती है।आजकल हमारा जो...
- इससे क्या फायदा है?... लीजिए साहब! चाय पी लीजिए। ऐसी चाय पीने से तेरी क्या आफत आ गई। तू समझता नहीं है। इसी कप से अभी वो पीक...
- इससे क्या फायदा है?... बेटे! हमारी कमजोरियाँ भी रुकावट डालती हैं। हमारे शुभचिंतक भी रुकावट डालते हैं। ये दो हो गए रुकावट डा...
- इससे क्या फायदा हो सकता है?... इससे शरीर में कोई कमी होगी, कमजोरी होगी, तो शायद ठीक हो सकती है। यह योग कैसे हो सकता है? यह तो शरी...
- इससे क्या फायदा हो जाएगा?... इससे ये फायदा हो जाएगा कि श्रीकृष्ण भगवान की गाय, बछड़े, बंसरी, कपड़े सब मेरे पास आ जाएँगे।
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- इससे क्या फायदा हो जाएगा?... आपका अब तक का जो रहन-सहन रहा है, अब तक का जो जीवन रहा है, सोचने का तरीका रहा है, उसको ऊपर-नीचे कर दी...
- इससे क्या फायदा होगा?... बेटे, यहाँ जो आप ध्यानयोग के लिए आए थे, जो आध्यात्मिक लाभ उठाने के लिए आए थे, उससे आपका ध्यान बार-बा...
- इससे क्या फायदा होगा?... इससे भगवान जी को फायदा होगा, उनको गालियाँ नहीं पड़ेंगी। नौ दिन तक सत्र किया और अठारह दिन तक गालियाँ ...
- इससे क्या फायदा होगा?... इससे यह फायदा होगा कि आप नास्तिक होने से बच जायेंगे। क्योंकि जो ख्वाब हमने आपको दिखाये हैं कि उपास...
- इससे क्या फायदा होगा?... फायदा हो या न हो, समाज की मर्यादा हमको बरदाश्त नहीं है। इसीलिए हम समाज की मर्यादा, कायदे-कानून को तो...
- इससे क्या फायदा होगा?... एक प्रांत के आदमी, दूसरे प्रांत के लोगों से मिलेंगे। दूसरे प्रांत के तीसरे और तीसरे प्रांत के चौथे प...
- इससे क्या फायदा होता है?... बेटे! कुछ फायदा नहीं होता। हमने रेडियो पर हजारों बार गीता सुनी है, भागवत सुनी है। इसका कुछ फायदा हुआ...
- इससे क्या बनता है?... हम तो यह याद दिलाना चाहते थे कि हमारा दृष्टिकोण परिष्कृत होना चाहिए। आपको उस दिन व्याख्या करते हुए ह...
- इससे क्या बनता-बिगड़ता है?... अमीर आदमी रेशमी कपड़े पहन सकता है तो कौन खास बात है? और गरीब आदमी मोटे-झोटे कपड़े पहन सकता है तो कौन...
- इससे क्या बनता-बिगड़ता है?... ऋषियों के पास सम्पत्ति कहाँ थी? ऋषियों ने जो बाँटा प्यार बाँटा, ज्ञान बाँटा, प्रकाश बाँटा। आपके पास भ...
- इससे क्या बनने वाला है और क्या बिगड़ने वाला है?... आग जलाने से भगवान् का क्या नुकसान है और दीपक जलाने से भगवान् का क्या बनता है? अतः ऐ दीपक! तू हमें ...
- इससे क्या बनने वाला है?... चलता-फिरता पुस्तकालय
मित्रो! आज सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि लोकरुचि ज्ञान की ओर से जो अस्त-व्...
- इससे क्या मतलब है आपका?... अब हम आपके शरीर का वह हिस्सा देखेंगे, जो आपको नहीं दिखाई पड़ते हैं। पहले हम उसे देखेंगे, तब फिर आपक...
- इससे क्या मतलब है आपका?... इच्छा से, स्वेच्छापूर्वक, खुशी से अपने ऊपर मुसीबत बरदास्त करना। एक तो मुसीबत वह होती है, जो जबरदस्...
- इससे क्या मतलब है?... हम अच्छी तरह से जानते हैं कि पूजा से, भजन से, सिद्धियों से तेरा क्या मकसद है। यह मैं सब अच्छी तरह ...
- इससे क्या मिल सकता है?... हमने सुना है कि अध्यात्म से भगवान् मिल सकता है। अरे साहब! भगवान् के मिलने में हमें कोई खास बात नहीं ...
- इससे क्या मिलेगा?... सिद्धियाँ तो मिलेंगी आपको, लेकिन कितने की मिलेंगी? जितने कीमत की आपकी धूपबत्ती है। जितने कीमत की...
- इससे क्या लाभ हो सकता है?... मुक्ति का माहात्म्य हर एक आध्यात्मिक शास्त्र ने सिखाया है और यह बताया है, सुनाया है कि जो आदमी मुक...
- इससे क्या लेना-देना है?... मुख्य सवाल यह है कि आप अपनी जीभ पर काबू कर पाते हैं कि नहीं कर पाते। इसलिए मैं चाहता हूँ कि आप अस्...
- इससे क्या वह संस्कारवान् बन जाएगा?... इससे क्या उसे प्यार-मोहब्बत मिल जाएगी? नहीं साहब! यह तो हम नहीं कह सकते। मैं पूछता हूँ कि क्या वहाँ ...
- इससे क्या हो जाएगा?... इससे आपको कुंभ के दिन गंगाजी में स्नान का पुण्य मिल जाएगा। इस पर नेताजी रजामंद हो गए। पंडे ने गंगाजल...
- इससे क्या हो जाता है?... दिमाग को सब पता रहता है। वह हुक्म देता है कि करवट बदल लीजिए। पैर पर पैर रखकर सो गए और एक पैर पर दूसर...
- इससे क्या हो जायेगा?... आप ड्रामा खेलने वालों के तरीके से सारे काम करते रहेंगे। यह क्या हो गया? इनकी मौत हो गयी। कैसे? राजा ...
- इससे क्या हो जायेगा?... इससे आपको टेम्पेररी रिलीफ मिल जायेगी। सिर में दर्द होता है, तो ए.पी.सी. की गोली खा लीजिए। तो महारा...
- इससे क्या होता है?... बेटे! आदमी के स्वास्थ्य सम्वर्द्धन का स्वार्थ इससे जुड़ा हुआ है।
जनसम्पर्क का महत्त्व
...
- इससे छाले नहीं पड़ेंगे क्या?... विवेकानन्द गुरु का संकेत समझ गए। इसके बाद महीने भर पड़े रहे, घर पर ही विश्राम करते रहे। एक महीने बाद...
- इससे ज्यादा आनन्द हमको कहाँ मिल सकता है?... बेटे! यह बात हजरत मूसा की है।
अच्छा महाराज जी! हमारे शंकर जी की बात बताइए? तो बेटे, शंकर जी की ब...
- इससे तेरा क्या फायदा हुआ होगा?... मालूम नहीं, शायद धुएँ से किसी की आँखें खराब हो गई हों। नहीं महाराज जी ! उस समय तो किसी की आँखें खराब...
- इससे दरिद्रता नहीं बढ़ेगी क्या?... बढ़ेगी। और क्या होगा? और क्या कह सकते हैं हम?
(क्रमशः)
एक फिजाँ, एक ही हवा; हो अब ...
- इससे पहले यह जान लेना चाहिए कि दैत्य कैसे होते हैं?... बेटे, दैत्य काले रंग के होते हैं। दैत्यों के दाँत बड़े-बड़े होते हैं। अच्छा? और दैत्यों के सींग होते ह...
- इससे बड़ा दयालु और कोई हो सकता है क्या?... नहीं बेटे, बिजली से बड़ा दयालु कोई नहीं हो सकता। इसलिए उसे दयालु कहने में हमें कोई आपत्ति नहीं है।
...
- इससे बड़ा प्रशिक्षण आपके पास हम कहाँ से लाएँ?... आपके लिए यह लैबोरेटरी आपको अध्यात्म के पूरे-के-पूरे प्रशिक्षण देने में सक्षम है। आपको इसे समझना चाहि...
- इससे बड़ा सौभाग्य और क्या हो सकता है?... सन्तान नहीं है तो आप अकेले हैं। मियाँ-बीबी दो आदमी रहिए और अपना बचा हुआ पैसा समाज के लिए लगाइए। खुशहा...
- इससे बड़ा सौभाग्य हमारा क्या हो सकता है?... भीम चले गए और उसे बचा लिया।सच्चा अध्यात्ममित्रो! यह क्या है? यह है देवता का मन। देवता का मन वह होता ...
- इससे भी काम चल जाएगा?... हाँ बेटे, मन्दिर ऐसे भी होते हैं। न्यूनतम भले ही हों, लेकिन व्यापक। ऐसे गायत्री माता के मन्दिर बनाने क...
- इससे महीने में कितना कमा लेगा और साल भर में कितना कमा लेगा?... गुरुजी! मैं तो वही धंधा करूँगा, बेटे कर ले। इसके लिए क्या-क्या चीज चाहिए? कागज, ब्रुश, रंग। लीजिए बन...
- इससे मैं क्या पवित्र हो जाऊँगा?... पवित्र होना होगा तो दो बालटी से नहाएँगे, साबुन से नहाएँगे, बाथरूम में नहाएँगे। हाँ बेटे! उससे ज्यादा...
- इससे रत्ती के बराबर से ज्यादा क्या मिलेगा?...
गुरु से जोड़ी बनाने का चमत्कार
इसलिए मित्रो! मैं क्या कह रहा था कि दूसरा तरीका आपके लिए ज...
- इससे शरीर काँप गया, यही मतलब है आपका?... हाँ साहब! ठीक है, मैं समझ गया, क्योंकि आप हर बात को शरीराध्यास में लेते हैं। स्थूलशरीर में कोई चीज द...
- इससे हमें क्या मतलब?... खाद्यान्न हमारा अच्छा है। पागल कहीं का, खाद्य-खाद्य चिल्लाता रहता है कि पानी की बात भी पूछता है? हवा...
- इससे हो जाएगा?... नहीं बेटे, इससे नहीं होगा। फिर क्या होगा? आप अपने जीवन में हृदयचक्र को जगाइए जिसको जाग्रत करने के लि...
- इसी तरीके से भगवान् की सेवा करने के लिए लंगड़ा-लूला काना-कुबड़ा मरा, अन्धा, बिना पढ़ा, जाहिल-जलील गन्दा आदमी रख दिया जाए, तो वह क्या कोई पुजारी है?... पुजारी तो भगवान् जैसा ही होना चाहिए। भगवान् राम के पुजारी कौन थे? हनुमान जी थे। अतः कुछ इस तरह क...
- इसी कमीनेपन को आप प्यार कह रहे थे?... कमीनेपन को ही प्यार कहते हैं? नहीं साहब! यह तो हमारा प्यार है। खबरदार! आइन्दा जो प्यार का नाम लि...
- इसी के लिए जिन्दगी है क्या?... या इससे आगे भी है। बेटे! इसके आगे भी है।
इसके आगे वह जिन्दगी है कि सारा संसार आपको दुआ देता रहेगा...
- इसी को तू शक्तिपात कह रहा था ना?... अरे बेवकूफ! शक्तिपात जीवात्मा में होता है, शरीर में नहीं हो सकता। नहीं साहब! कुण्डलिनी जगा दीजिए। कैस...
- इसी तरह अगर किसी व्यक्ति ने आपके साथ में एहसान न किया हो, तब?... बदला न चुकाया हो, तब? सहायता न की, तब? तब फिर आप झल्लाएँगे कि नहीं झल्लाएँगे? मत झल्लाइए, कोशिश कीजि...
- इसी तरह कामवासनाओं की आग से क्या हमको कुछ मिल जाता है?... नहीं, कुछ भी नहीं मिल जाता।...
- इसी तरह गाँधी जी पोरबन्दर में पैदा हुए और कहाँ चले गए?... साबरमती चले गए। जब तक स्वराज नहीं मिला, आजादी नहीं मिली, वे दर-दर भटकते फिरे, गाँव-गाँव घूमते फिरे...
- इसी तरीके से इनसान को क्या करना पड़ेगा?... कुत्ते के तरीके से अकेले रहना पड़ेगा। और औरत क्या होती है? अरे साहब! धर्मपत्नी को कहते हैं, जिसके सा...
- इसी तरीके से एक पादरी आए और उन्होंने रामकृष्ण परमहंस से कहा—‘‘आप दिखावा करते हैं, आप ढोंग करते हैं और यह कहते हैं कि भगवान का साक्षात्कार हो गया, आप कालीमय हो गए, हमने ऐसा सुना है, तो आप दिखाइए कि कहाँ है भगवान?... हम देखना चाहते हैं, नहीं तो आप झूठ बोलते हैं।’’
उन्होंने कहा—‘‘हम बिलकुल दिखाएँगे।’’ नदी के किनारे...
- इसी तरीके से नैतिक चीजों के बारे में बेअकली का अन्त है क्या?... नहीं है।
नैतिक मूल्य गिरे हैं
सामाजिक कुरीतियों का कहाँ तक वर्णन किया जाए। इनका वर्ण...
- इसी तरीके से भगवान की सेवा करने के लिए लंगड़ा-लूला, काना-कुबड़ा, मरा, अन्धा, बिना पढ़ा, जाहिल-जलील, गन्दा आदमी रख दिया जाए तो वह क्या कोई पुजारी है?... पुजारी तो भगवान जैसा ही होना चाहिए। भगवान राम के पुजारी कौन थे? हनुमान जी थे। अतः कुछ इस तरह का पुजा...
- इसी तरीके से भगवान कृष्ण के समय में सारे-के-सारे ग्वाल-बाल कौन थे?... ये सब उनके सहयोगी थे, मित्र थे। अरे बेटा ! वे सारे-के-सारे देवता थे, जिनके अन्दर ये भावनाएँ पैदा हुई...
- इसी प्रकार से छोटी बच्चियों के-बालिकाओं के सौन्दर्य का चित्रण नहीं हो सकता था?... एक प्रौढ़ महिला जो अपने कन्धे पर बच्चे को लिए हुए खेत पर काम करने जा रही थी, क्या सुंदर नहीं बन सकती ...
- इसीलिए आप कारतूस को गाली दे रहे थे?... हाँ बेटे! तेरे पास बन्दूक तो है नहीं, फिर गोली कैसे चलाएगा? इसलिए क्रियायोग के माहात्म्य का खंडन करने...
- इसीलिए मुष्टिकासुर कौन था?... एक हाथी था। भगवान् श्रीकृष्ण चाहते, तो और भी निन्यानवे हाथियों को मार सकते थे, क्योंकि उनके पास सत्य...
- इसे आप किस तरीके से अलग करेंगे?... विवेकशीलता के माध्यम से ही यह सम्भव है कि आप इन दोनों को एक-दूसरे से अलग कर दें। अन्यथा दूध और पानी म...
- इसे आप मान लेंगे ना?... हाँ साहब मान लेंगे।
मित्रो! चलिए पुराने जमाने के लोगों के कुछ थोड़े से उदाहरण मैं आपके सामने पेश कर...
- इसे आप सीखना चाहते हैं?... नहीं, इन सबसे कोई फायदा नहीं होगा। हाँ, यह बात अलग है कि इससे आपको अपनी रोटी मिल जाय, धंधा मिल जाय...
- इसे कहाँ और कैसे फिट किया जाय?... अकल का फायदा कैसे उठाना चाहिए और अकल को किस रास्ते पर चलना चाहिए? इस विधा का नाम था-ज्ञानयोग। ज्...
- इसे किसके साथ जोड़ना है?... उस महानता के साथ जोड़ना, जो चहुँ ओर फैली हुई है। हम अपने छोटे से दायरे को समाप्त करेंगे और विशाल में...
- इसे किसने स्थापित किया था?... यह अन्ना साहब थे, जो ग्वालियर जिले की एक छोटी सी कैंटीन में कही मामूली-सा क्लर्क का काम करते थे। उ...
- इसे कौन छीन सकता है?... अब हमको मालूम पड़ता है कि यह दौलत हमारी नहीं थी और यह हमें छल रही थी। अगर यह विचार हमें जीवन में पह...
- इसे क्या कहते हैं?... इसे हम संपदा कहते हैं।किसी के पास जमीन है। भगवान् की कृपा से उस साल अच्छी वर्षा हो गई, तो दो सौ क्वि...
- इसे क्या कहते हैं?... अध्यात्म इसी का नाम है। जो अध्यात्म आपने पढ़ा है, वह अध्यात्म नहीं है। अध्यात्म माँगने की विधा का ना...
- इसे क्या कहते हैं?... मुक्ति कहते हैं।
ललक-लिप्साओं के बन्धन
मित्रो! आदमी के पास तीन बन्धन हैं। इन तीन बन्धनो...
- इसे क्या कहते हैं?... इसे तप कहते हैं।
मित्रो! आपने तपस्वी देखे हैं न? हाँ, तपस्वी देखे हैं। चारों ओर आग जला लेते ...
- इसे क्या दान करेंगे आप?... आप तो केवल अपनी गरीबी दान कर सकते हैं, अपनी कंगाली दान कर सकते हैं। अपनी बुज़दिली दान कर सकते हैं।...
- इसे जब हम यूनीवर्सल रूप देंगे तो देवियों को उनमें से हटा देंगे, फिर आप क्या करेंगे?... हम प्रकाश को रखेंगे। प्रकाश? हाँ, बेटे! यह सबका है। तुझे मालूम नहीं है, गायत्री मंत्र क्या ह...
- इसे तैयार करने में क्या खरच पड़ता है?... आपका पहनावा तो हमारे जिम्मे नहीं है, हम आपको साबुन नहीं देते। और आपकी कोई जिम्मेदारी हमारे ऊपर नहीं ...
- इसे दुनियादारी का ज्ञान ही कहाँ है?... हम हँसते-खेलते रहें और गन्दी बातें करते रहें तो इस पर क्या असर पड़ने वाला है? यह समझना माता-पिता की ब...
- इसे दो हिस्से में बाँट लूँ?... हाँ, बेटे! दो हिस्से में बाँटने से काम चल जाएगा। दो हिस्सों में बाँटने से हम यह बता देंगे कि तेरे पा...
- इसे नासमझी के अतिरिक्त और क्या कहा जाय?... भगवान् ने कहा कि मैंने इसे बहुत प्यार से पैदा किया, पाला, बड़ा किया कि शायद यह मेरे काम आयेगा। मेरा...
- इसे निभाने में, मनोबल में, कच्चाइयाँ जरूर रही होंगी, दूसरों की तरीके से उनका भी मन कभी-कभी भीतर-भीतर डगमग-डगमग करता रहा हो?... लेकिन उनके संकल्प ने कहा-नहीं हमने निश्चय कर लिया है, रघुकुल रीति सदा चल आई प्राण जाई पर वचन न जाह...
- इसे भजन कौन कहेगा?... ऐसा मत कीजिए। केवल कर्मकाण्डों को ले करके, विधि-विधानों को ले करके, केवल मूर्तियों और प्रतिमाओं ...
- इसे मैं किस तरीके से पूरा कर सकूँगा?... मेरे पास रुपया कहाँ हैं? पैसा कहाँ है? मेरे पास साधन कहाँ हैं? भगवान ने कहा कि तू आगे चल और पीछे से ...
- इसे मैं कैसे खतम करूँगा?... इस टेक्नीक के लिए मेरी जिन्दगी खतम हो गयी। इस टेक्नीक के लिए मैंने ६ घण्टे रोज चौबीस वर्षों तक जौ की...
- इसे रोक सकते हैं?... हाँ, रोक सकते हैं। अगर आप बाँध बनाने का मतलब समझ गए हों, तो आपको इंद्रियनिग्रह की बात को भी समझना हो...
- इसे साकार करने का श्रेय किसको मिलने वाला है?... गायत्री माता को, युगशक्ति गायत्री को। और उससे भी ज्यादा श्रेय आप लोगों का होगा, जो आज साहसपूर्वक अपन...
- ईंट और पत्थरों का उपयोग क्यों होगा?... क्योंकि तब मनुष्य बुद्धिहीन हो जाएँगे। तब जो कुछ प्राणी बचेंगे, वे इतने बेअकल, इतने साधनहीन और इतने ...
- ईंट का बादशाह आपने देखा है?... ये कौन जा रहे हैं? हिप्पी साहब जा रहे हैं? क्या मामला है? आप ऐसे क्यों रहते हैं? इसलिए कि सब हमारी श...
- ईमानदारी का तकाजा तो यही है और बेईमानी का यह है कि हमारे माता-पिता जो धन छोड़ गए हैं, वह हमारे लिए ही खरच होना चाहिए?... अगर माता-पिता जीवित हैं, तो बच्चे उनसे झगड़ा करते हैं कि आपने हमें पैदा किया है, तो आपका कर्तव्य होत...
- ईमानदारी में मिली, भले से वह जौ की रोटी क्यों न हो, सत्तू की क्यों न हो?... वह मोहनभोग से ज्यादा है, मेवा से ज्यादा है, मिठाई से ज्यादा है, फल से ज्यादा है, घी से ज्यादा है, दू...
- ईश्वर का विश्वासी कैसा होता है?... एक पिता अपने बेटे के साथ फसल की चोरी करने के लिए एक किसान के खेत पर गया। खेत काट करके—फसल चोरी करके ...
- ईश्वर का विश्वासी, जिसे हर नारी में सिया मालूम पड़ती है, जिसे हर नारी के भीतर अपनी माता मालूम पड़ती है, उसकी आँखों के तेज का आप अंदाज लगा सकते हैं क्या?... आप अंदाज नहीं लगा सकते कि वह आदमी कैसा होगा।
मित्रो! शिवाजी की घटना आपको मालूम है न? सैनिकों ने ए...
- ईश्वर के बारे में इतना ज्यादा लिखा और कहा गया है कि मैंने बारीकी से देखा और यह सोचा कि पूजा-पाठ से लेकर ईश्वर की चर्चा और लीला कहने तक, इस सबका क्या प्रयोजन है?... मुझे एक ही प्रयोजन जान पड़ा कि ईश्वर—परब्रह्म तो अपार शक्ति है। वह नियामक शक्ति है और आदमी के काम को...
- ईसा कहाँ पैदा हुए थे?... कहाँ जन्म लिया और कहाँ-से-कहाँ चले गए। मोहम्मद साहब मक्का में पैदा हुए और मदीने चले गए। वहाँ रहे औ...
- ईसाइयों की बाइबिल जिस तरह से सस्ते में छपती है, क्या हम नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विचारों को असंख्य भाषाओं में छापने के लिए पूँजी या प्रयोग नहीं कर सकते?... क्या अच्छे चित्रों का प्रकाशन करने के लिए पूँजी की जरूरत नहीं है? पूँजी का आह्वान है। हम पूँजी का आह...
- ईसाई से हमने यह पूछा कि हनुमान जी के बारे में आपका क्या ख्याल है?... साहब! हमारी समझ में कुछ नहीं आता। वे न सपने में दिखते हैं, न दिन में दिखते हैं और न रात में दिखते है...
- ईसामसीह के पास पैसा था?... किसके पास पैसा था? पैसा डाकुओं के पास है, चोरों के पास है, नेताओं के पास है, जो विलासिता के लिए पा...
- ईसामसीह को फाँसी पर-क्रास पर लटका दिया था, तो उनको हारा हुआ कहें या जीता हुआ कहें?... आपके हिसाब से जीता हुआ हो या हारा हुआ हो, लेकिन मेरी दृष्टि में बेटे! वही आदमी सफल है, जो सिद्धान्तों...
- ईसामसीह मर गये?... नहीं बेटे, वे कैसे मर सकते हैं। भगवान् बुद्ध मर गये? नहीं, वे नहीं मरे। वे अमर हो गये। कैसे व्यक्त...
- ईसामसीह सफल हुए कि असफल?... ईसामसीह ने सारी जिन्दगी भर धर्म का प्रचार किया। उनके तेरह चेले बने। तेरह में से क्या हुआ? उनके खिला...
- ईसामसीह से एक आदमी ने पूछा—‘‘आपने भगवान को देखा है?... ’’ उन्होंने कहा—हाँ, हमने देखा है। आप हमको दिखा सकते हैं? उन्होंने कहा—हाँ, हम आपको दिखा सकते हैं। त...
- ईसामसीह से एक बार एक व्यक्ति ने पूछा—बताइये भगवान कहाँ हैं?... उन्होंने एक बच्चे को गोद में उठा लिया और कहा यही भगवान हैं। बच्चे जैसी मन:स्थिति, ऐसी ही हमारी कल्पन...
- उच्च- स्तरीय चरित्र बनाने के लिए आप अपने जीवन की संपदा में से कोई हिस्सा निकालते हैं कि नहीं, जबाब दीजिये?... नहीं साहब! हम तो भजन करते हैं। बेटे भजन की बात करेगा, तो अबकी बार मैं गाली दूँगा। बड़ा आया भजन करने...
- उछल करके इधर को आऊँ या उधर को जाऊँ?... " जेलर ने कहा—"इधर को ही आ जाइए, उधर मत जाओ। उधर में आपके लिए भी जोखिम है और हमारे लिए तो है ही। दो...
- उठाईगीरी नहीं है, तो क्या है?... मित्रो! हम कुटुम्ब में रह करके, परिवार में रह करके ही सीखते हैं कि हमें अपनी कमाई के ऊपर अंकुश होना च...
- उठाता कौन है?... भगवान। इंसान के भीतर उठाने वाला जो माद्दा है, उसको कहते हैं भगवान। भगवान किसे कहते हैं? आदमी के भीतर...
- उठाव शुरू हो जायेगा?... हाँ उठाव भी शुरू हो जायेगा।...
- उत्तराधिकारी कौन होता है?... वही होता है, जो उद्देश्यों के लिए समर्पित होता है। व्यक्ति के लिए हम नहीं कह रहे हैं। बेटे! यह मत कह...
- उत्साह के हिसाब से दरिद्र रहेंगे और मनहूसों की तरह से हमेशा बैठे रहेंगे और कहते रहेंगे कि काम करने से क्या फायदा?... भाग्य में हमारे काम करना लिखा है। बच्चियों को वहाँ ब्याहने का प्रयास करते हैं कि हमारी बेटी को काम न...
- उदाहरण के लिए ऊपर से चिकना- चुपड़ा दिखाई देने वाला यह शरीर क्या है?... पाखाने के घड़े के ऊपर चमकदार पन्नी चिपका दी गयी है। पन्नी को उखाड़कर देख, भीतर क्या रखा है? नहीं साह...
- उद्देश्य क्या है?... अगर आप इस तरीके से कर पाए, तो आप धन्य हाे जाएँगे। मैं धन्य हो जाऊँगा। अगर आप समय को पहचान पाएँ, अपने...
- उन चीजों को माँगने से क्या लाभ?... उन चीजों को तो हम पुरुषार्थ से कमा सकते हैं।
पैसे को हम पुरुषार्थ से कमा सकते हैं; लेकिन श्रद्धा ...
- उन छह में से तीसरी बात क्या है?... तीसरी बात यह है कि यज्ञाग्नि का—आग का सिर हमेशा ऊँचा रहता है। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब यह है कि ...
- उन परिवारों को जब उतना मुहैया नहीं है, तो अकेले खा करके हमारा क्या बनेगा?... हमने 200 रुपये महीने में खरच चलाया। बाकी जो बचा, वह सब समाज के लिए गया। चाहे उसका नाम रिश्तेदार हो, ...
- उन लोगों का क्या हुआ?... देख लीजिए हजार वर्ष भी नहीं होने पाये कि किस तरह से उनकी मिट्टी पलीद हो गयी। जटायु ने खोली अपनी दृ...
- उन सबका लालच आप पूरा करते हैं क्या?... कुटुम्बियों का लालच आप मत पूरा कीजिए। कुटुम्बियों की अनावश्यक आवश्यकताओं को और अनावश्यक माँगों को ...
- उन सबकी गाली आपको नहीं पड़नी चाहिए क्या?... गाली आपको पड़नी चाहिए; क्योंकि लोगों ने इस तरीके से हमारे धर्म को, अध्यात्म को और भगवान को, ईश्वर...
- उन समझदार आदमियों में से एक ने उनसे यह सवाल किया—‘‘क्या आपने हिन्दुस्तान में यह ब्रह्मविद्या सिखा ली?... हिन्दुस्तान में ज्ञान और धर्म का प्रचार हो गया? जो इतना लंबा सफर करके आप हम लोगों को ज्ञान देने ...
- उनका उद्धार हुआ होगा?... हाँ बेटे! मेरा विश्वास है कि जरूर हुआ होगा। गंगाजी के स्नान का जो फल मिलना चाहिए, वह जरूर मिला होगा।...
- उनका एकाउण्ट है कि नहीं?... बेटे, बहीखाता तो है नहीं, जो मैं बता दूँ कि कितना पैसा था। एलोरा की गुफाओं में, नालन्दा के विश्वविद्...
- उनका कितना खर्च होगा?... भाई साहब! आप खर्च की बात ही मत पूछिये। आमदनी की बात भी मत पूछिये। खर्च मैं आपको बता दूँगा। नहीं साहब...
- उनका जब भोजन करने का नम्बर आया, तो सोचा अब क्या करना चाहिए?... एक ने दूसरे के मुँह में दिया, दूसरे ने तीसरे के मुँह में दिया, इसी प्रकार तीसरे ने चौथे, चौथे ने पाँ...
- उनका जीवन एकांगी है?... किनका? राम का। ठीक है कि प्रजा के हित का ध्यान रखना चाहिए, प्रजा का कहना मानना चाहिए, लेकिन सीताजी क...
- उनका तो कहना ही क्या है?... भक्ति अगर एकांगी रह गई, तो एकांगी ही रहेगी। वह तो समाज के और मानव के चरणों पर समर्पित होने ही वाली ह...
- उनका पालन आप क्यों नहीं करते हैं?... आपका वंश डूबता है, तो डूब जाए, ऐसे वंश से क्या फायदा? ऐसा स्वार्थी आदमी जो अपनी बीबी के पेट से निकले...
- उनका बोलना, बातचीत करना, व्यवहार क्या शानदार था कि उसके क्या कहने?... उसने इस तरह देखा। उसने उसकी प्रशंसा की और उसने उसकी। इस तरह उनकी खुशबू फैलती गई। इसे कहते हैं व्यक्त...
- उनका ब्याह कब हुआ था?... वे कब बुड्ढे हुए थे? उनकी लड़ाई कब हुई थी? यह कहानी आप सुन लीजिए, कोई भी सुना सकता है, पर भागवत नहीं...
- उनका स्वागत, उनकी व्यवस्था न की जाये, यह भला कैसे हो सकता है?... हमारी बात बिगड़ जायेगी। ग्वालियर के नागरिक हम भी हैं और नागरिक होने के नाते हमको भी हक है कि हम आचार...
- उनकी 80 साल की जिन्दगी ऐसी खुशनुमा हुई कि शायद ही कोई ऐसा जीवन जी सकता होगा, जैसा उन्होंने जीवन जिया, तो फिर उनके बच्चे ऐसा जीवन क्यों नहीं जिएँगे?... शेर का बच्चा शेर होता है, सन्त का बच्चा सन्त होता है, ऋषि का बच्चा ऋषि होता है, तो फिर आप बकरी के बच...
- उनकी आँखों में जादू कहाँ से आ गया?... यह उनके संयम की वृत्तियाँ थीं। असंयम बरतने पर ये, इस कदर बिखरती हैं कि आप समझ ही नहीं पाते। आदमी का ...
- उनकी इतनी बड़ी लम्बी कहानी है कि अब मैं आपसे क्या कहूँ?... कहाँ तक कह सकता हूँ? बस अन्त में यह हुआ कि जापान के गाँधी कागावा को हर आदमी ने यह कहा कि यह जिन्दा भगव...
- उनकी औलाद तो हमीं लोग हैं ना?... उनकी जिम्मेदारी हमीं लोग तो उठाने वाले हैं। ऋषियों के गौरव, ऋषियों के यश का लाभ हमीं लोग तो उठा सक...
- उनकी कितनी उम्र है?... आपके मन्दिर में जो गायत्री माता है, वह १८-१९ साल की है। हमारे मन्दिर में भी १८-१९ साल की है। गायत्री त...
- उनकी कुण्डलिनी भी जगी होगी?... जगी होगी, यह भी वायदा नहीं करता कि जगी होगी या नहीं जगी। लेकिन सबसे बड़ी बात, सबसे बड़ी उपासना-साधना...
- उनकी कुटिया कहाँ थी?... यहीं थी, जहाँ आज शान्तिकुञ्ज है। यह विश्वामित्र का स्थान है।
वातावरण का कितना असर पड़ता है, देखा ...
- उनकी कोई कीमत है?... आपने अखण्ड ज्योति पढ़ी है और हमेशा मेरे प्रवचन सुने हैं। हमारे व्याख्यान आपने दूसरी जगह भी सुने हों...
- उनकी क्या विशेषता होगी?... पहली विशेषता होगी उनका तपस्वी जीवन, जिसकी झाँकी हम कल करा चुके हैं। जिसके बारे में हमने कल केवल लोका...
- उनकी गन्ध को सूँघकर के दुर्गन्ध को सूँघकर दूर भाग गये होंगे लेकिन जब उन्होंने अपना रवैया बदल दिया तब?... तब फिर भगवान् ने भी अपना रवैया बदल दिया।सूरदास का आपने नाम सुना। तुलसीदास का नाम सुना? जब थे कामुक...
- उनकी जान बचने वाली कहाँ थी?... हनुमान को जान बचाने का एक ही तरीका था—छोटा बनना। अन्त में उनको समझ आई। अन्त में अकल आई और सुरसा के मु...
- उनकी जिन्दगी में ही ढाई लाख मनुष्य इस तरीके से तैयार हो गये थे कि भिक्षु और भिक्षुणियों के रूप में नौजवान-भरी जवानी वाले उनके कहने की वजह से क्यों तैयार नहीं होता?... इसलिए नहीं होता कि बुद्ध के तरीके से त्याग का माद्दा और कशिश उनके भीतर हमारी वाणी से पैदा नहीं होत...
- उनकी दृष्टि में भक्ति कैसी होती है?... भक्ति ऐसी होती है, जैसे आदमी नाचते हैं, कूदते हैं, उछलते हैं, आँखों में से आँसू बहाते हैं। ऐसी भक्ति...
- उनकी धर्मभीरुता को किस तरीके से धिक्कारा जाए?... इतना समर्थ धर्मतंत्र जिसके पीछे छप्पन लाख व्यक्ति काम करते हैं। इतने मन्दिरों, मठों, तीर्थों और कर्...
- उनकी धर्मभीरुता को किस तरीके से धिक्कारा जाए?... इतना समर्थ धर्मतंत्र जिसके पीछे छप्पन लाख व्यक्ति काम करते हैं। इतने मन्दिरों, मठों, तीर्थों और कर्मक...
- उनकी परम्परा के अनुयायी हमीं लोग तो हैं ना?... उनकी औलाद तो हमीं लोग हैं ना? उनकी जिम्मेदारी हमीं लोग तो उठाने वाले हैं। ऋषियों के गौरव, ऋषियों क...
- उनकी योग्यता का क्या कहना?... समय तो सबके पास समान ही है।
एक व्यक्ति ने 80 भाषाएँ अपने समय में से ही पढ़ी थीं। जो भी व्यक्ति आगे...
- उनकी लड़ाई कब हुई थी?... यह कहानी आप सुन लीजिए, कोई भी सुना सकता है, पर भागवत नहीं सुनी जा सकती। भागवत किससे सुनी जा सकती है?...
- उनकी लागत क्या है?... मैं सोचता हूँ कुल मिलाकर पाँच हजार के लगभग। उसकी वीडियो कर रहे हैं उसका एक कैसेट भी आ जाता है दो सौ ...
- उनकी विद्वत्ता का क्या ठिकाना?... बोलने में बड़े भारी धुरन्धर विद्वान थे। राष्ट्रपति ने कहा—"यह दूसरा ईसामसीह है। देखिए उन्होंने बहुत ...
- उनकी साड़ी कैसी थी?... बॉर्डर कैसा था? बताना तो सही।
मन जंगली हाथी है, उसे बाँधिए
आप मान लीजिए, अगर यही...
- उनके अन्दर क्या विशेषता है?... उनकी दृष्टि, उनका चिन्तन, उनकी मान्यताएँ, उनकी निष्ठाएँ, उनकी आस्थाएँ—बस। असल में आदमी की शक्ति इसी म...
- उनके कर्म कैसे हैं?... उनके गुण कैसे हैं? उनके विचार कैसे हैं? उनके भाव कैसे हैं? इन सब बातों की तैयारी बच्चे का निर्माण कर...
- उनके कष्ट क्या होते हैं?... यह सब मैं समझ सकूँ, ताकि उनकी सहायता कर सकूँ।मित्रो! स्वर्ग, मनुष्य के देखने और सोचने का ढंग में-तरी...
- उनके खाने-पीने का, किराये-भाड़े का जो खरचा पड़ेगा, सो आप देंगे?... हाँ, जिस लायक हमारी हैसियत है, दे देंगे। हर एक से उन्होंने वायदे करा लिए और सौ कुण्डीय यज्ञ रखा। मैं ...
- उनके गले में माला पहनानी पड़ती है और क्या करना पड़ता है?... पैर छूने पड़ते हैं। पैर छूने के बाद में और माला पहनाने के बाद में और क्या करना पड़ता है? उनके पेट मे...
- उनके गुण कैसे हैं?... उनके विचार कैसे हैं? उनके भाव कैसे हैं? इन सब बातों की तैयारी बच्चे का निर्माण करने से पहले ही करनी ...
- उनके नन्हे नाती ने प्रश्न किया, 'बाबा आज दादी-मम्मी ने भोजन क्यों नहीं किया?... ' लालाजी ने बताया कि वे व्रत कर रही हैं। बच्चे के मुँह से फिर प्रश्न उभरा, 'फिर आपने और पापा जी ने ऐ...
- उनके नन्हें नाती ने प्रश्न किया—"बाबा आज दादी, मम्मी ने भोजन क्यों नहीं किया?... " लाला जी ने बताया—"वे व्रत कर रही हैं।" बच्चे के मुँह से फिर प्रश्न उभरा—"फिर आपने और पापा जी ने व्...
- उनके पालन-पोषण का इंतजाम कैसे होगा?... गुजारे का इंतजाम कैसे होगा? उन्होंने कहा कि अब तो मैंने अपनी नाव को भँवर में छोड़ दिया है। जो कुछ ह...
- उनके पास जाने के बाद में मनुष्य जाने क्या-से हो जाता है?... चाणक्य के पास जाने के बाद चंद्रगुप्त क्या-से हो गया? समर्थ गुरु रामदास के पास जा करके शिवाजी जाने ...
- उनके पास रुपयों का ठिकाना न रहता, फिर वे क्यों भीख माँगते?... मित्रो! जादू सही है या गलत? जादू गलत है। फिर सही क्या है? बेटे, सही है इसकी साइंस। मिट्टी से रुपया ब...
- उनके पास सम्पत्ति है, तो उस सम्पत्ति से हमें क्या करना?... हमें तो जो भगवान ने दिया है, उसमें ही सन्तोष करना चाहिए और इसमें से भी जरूरतमन्द को खिलाना चाहिए।
छ...
- उनके बच्चों का क्या करना चाहिए?... उन्होंने कहा कि सच्चाई की इज्जत होनी चाहिए, सच्चाई की कदर होनी चाहिए, वकत होनी चाहिए। सच्चाई की वक...
- उनके बाल कैसे हैं?... हर आदमी की आँख हमारे ऊपर लगी हुई है। तो बेटे, आप जनता के सामने इंटरव्यू देने जा रहे हैं जैसे कि कम...
- उनके बीच में मोहब्बत और प्रेम, निष्ठा और सदाचार हमने पैदा कर दी तब?... तब हमारे घर स्वर्ग बन जाएँगे।अगर ये सिद्धान्त हम पैदा करने में समर्थ न हो सके, तब फिर चाहे हम सबके घ...
- उनके बुढ़ापे का कोई तो फोटो होगा?... नहीं महाराज जी! कोई फोटो नहीं है। बेटे, देवता कभी बूढ़े नहीं होते। मित्रो! देवता सदा दूसरों की सेवा-स...
- उनके भंडार कभी खाली हो सकते हैं?... कभी नहीं हो सकते। इस धरती पर एक से एक बढ़िया और एक से एक बेहतरीन आदमी आये हैं और जरूर आयेंगे। स्वाम...
- उनके भाव कैसे हैं?... इन सब बातों की तैयारी बच्चे का निर्माण करने से पहले ही करनी चाहिए।
भगवान श्रीकृष्ण को एक अच्छ...
- उनके मुँह में ग्रास कैसे चला जाता है कि माँ तो रो रही है और वे खा रहे हैं, वे मिष्टान्न खा रहे हैं, पूरी-पकौड़ी खा रहे हैं, ऐसी पूरी-पकौड़ी को धिक्कार है?... यह मृत्युभोज समाप्त होना चाहिए और जहाँ कहीं भी हो, तो कन्याभोजन करा दिया जाए। उसकी आत्मशान्ति के लिए...
- उनके यहाँ वस्तुएँ क्या कम हैं?... स्वर्गलोक में कौन-सी चीज की कमी है कि देवता जिस चीज को प्राप्त करना चाहें, तो क्यों नहीं प्राप्त क...
- उनके लिए कौन सा डेरीफार्म खुला हुआ है?... वे ऐसे ही कीड़े- मकोड़े खाते फिरते रहते हैं। मोती समुद्र में गहरे में होते हैं। मोती मानसरोवर में नह...
- उनके लिए क्या करना पड़ेगा?... उनके लिए- ‘‘पृष्ठतः शसरो धनुः’’ पीठ पर धनुष लेकर चलना पड़ेगा। ‘‘इदम् ब्राह्मम्, इदम् क्षात्रम्’’ यह...
- उनके लिए क्या करें?... इस जन्म में नहीं, तो अगले जन्म में भोगो इन्हें, दृढ़ता के साथ। कायर मत बनो, रोओ नहीं। रोने से बुजदिल...
- उनके विचार कैसे हैं?... उनके भाव कैसे हैं? इन सब बातों की तैयारी बच्चे का निर्माण करने से पहले ही करनी चाहिए।
भगवान श...
- उनके सामने बुरा व्यवहार करेंगे?... नहीं करेंगे। हमारे व्यवहार में मिठास आ जायेगी। इस तरह जो भगवान का विश्वासी होगा, उसके जीवन में म...
- उनके सामने यह जो जरा-सा पानी हम गिरा रहे हैं, इससे उनको क्या फायदा होगा?... इतना पानी वहाँ तक जाएगा तो उन तक पहुँचने में कितना समय लगेगा। अगर चंद्रमा की तरह रॉकेट से सूरज तक पा...
- उनके सिद्धान्त क्या हैं?... आखिर हमको बनना क्या है, इष्ट इसी का नाम है। देवता के नाम पर हम एक अलंकारिक प्रतिमा बना करके रखते ह...
- उनको बुलाएँ, तो आप अपना कुछ समय हर्ज करेंगे क्या?... हाँ साहब! खरच करेंगे। मित्रो! उन्होंने तीन-चार दिन का कार्यक्रम रखा था। जब मैं वहाँ गया, तो मैंने ...
- उनको आप उखाड़िएगा क्या?... भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण, जिनको हमारी असंख्य जनता श्रद्धापूर्वक प्रणाम करती है, क्या उनका आप विर...
- उनको आप उखाड़िएगा क्या?... भगवान् राम और भगवान् श्रीकृष्ण, जिनको हमारी असंख्य जनता श्रद्धापूर्वक प्रणाम करती है, क्या उनका आप...
- उनको आप हारा हुआ मानेंगे या जीता हुआ मानेंगे?... गणेश शंकर विद्यार्थी को कानपुर के दंगे में शहीद कर दिया गया।...
- उनको आबाद, इनको बरबाद?... शिष्यों की शंका का समाधान उन्होंने किया और यह कहा—"देखो! जो गन्दगी है, वह ढककर रखी जाती है; ताकि सार...
- उनको इंजीनियरिंग आती थी?... कहीं नहीं आती थी। नल-नील ने कहाँ से इंजीनियरिंग पढ़ी थी? कहीं से नहीं पढ़ी थी। तो वे कहाँ से इंजीनिय...
- उनको एक जगह बिठाया जाए, ये कैसे मुमकिन हो सकता है?... भगवान् की वृत्तियों और प्रवृत्तियों को हम लोग भूल गए हैं। उनको स्मरण दिलाने के लिए ही मन्दिर, चेतना...
- उनको एक जगह बिठाया जाए, ये कैसे मुमकिन हो सकता है?... भगवान की वृत्तियों और प्रवृत्तियों को हम लोग भूल गए हैं। उनको स्मरण दिलाने के लिए ही मन्दिर, चेतना के...
- उनको कभी थकान आती है?... कभी नहीं आती। काम करने से भी थकान नहीं आती। नहीं साहब! हमने आज बहुत काम किया और काम के दबाव से मरे...
- उनको कोई रोकने वाला है क्या?... फिर भगवान को स्नान कराने की क्या जरूरत थी?
मित्रो, ! भगवान तो एक विचारणा है, भावना है, एक चेत...
- उनको कोई रोकने वाला है क्या?... फिर भगवान् को स्नान कराने की क्या जरूरत थी?मित्रो,! भगवान् तो एक विचारणा है, भावना है, एक चेतना है...
- उनको क्या करना पड़ेगा?... इतने दिनों तक आपने उपवास किया है कि नहीं किया है, ब्रह्मचर्य रखते हैं कि नहीं। बेटे! वे सामर्थ्य वाल...
- उनको क्या मिला था?... एक ही चीज मिली थी, वह मिली थी—शक्ति, वह मिला था—साहस, वह मिला था—पुरुषार्थ।
क्या गुरुजी से माँगें
...
- उनको क्या विशेष संपदा मिली?... आप उनके जीवन को पढ़िये। जिस बोधिवृक्ष पेड़ के नीचे उन्होंने तप किया था, वहाँ उनको एक खास चीज मिल गयी। ...
- उनको गालियाँ देंगे?... उनके सामने बुरा व्यवहार करेंगे? नहीं करेंगे। हमारे व्यवहार में मिठास आ जायेगी। इस तरह जो भगवान का ...
- उनको तो मंत्र की कोई जानकारी नहीं है?... हाँ बेटे, कोई जानकारी नहीं है। फिर आपने क्यों कह दिया?
मित्रो! मैंने यह कहा है कि मंत्र का सामान...
- उनको दो, जो जरूरतमन्द हैं, हमको नहीं चाहिए, हमारे तो हाथ-पाँव मौजूद हैं, हम क्या करेंगे पेंशन लेकर के और सरकार का खाएँगे?... अरे! हम काहे को सरकार का खाएँगे। सरकार का आज तक नहीं लिया है, अब सरकार की पेंशन लेंगे? हमारे हाथ-पाँ...
- उनको यह मालूम पड़े कि संसार की बनावट क्या है?... भूगोल क्या है? इतिहास क्या है? दुनिया में इनसानों के चाल-चलन क्या रहे हैं? दुनिया में किस तरीके से उ...
- उनको यह विश्वास नहीं होता कि पूजा-उपासना कोई फल दे सकती है क्या?... अगर कोई उनको विश्वास दिला दे और उनको यह विश्वास हो जाय कि ईश्वर है, तो मैं समझता हूँ कि आपकी अपेक्...
- उनको वोट किन सिद्धान्तों के लिए देना चाहिए?... जात-बिरादरी के नाम पर नहीं, मेल-मुलाकात के नाम पर नहीं, किसी के नाम पर भी नहीं, पैसे के नाम पर नहीं,...
- उनने उससे पूछा कि क्या हुआ?... वह बोला—महाराज जी! रात भर बड़े खराब-खराब सपने दिखते रहे। क्या सपना दिखा? यह दिखा कि मैं ब्याह करूँगा,...
- उनने कहा क्या आज खाना नहीं बना?... कहा—नहीं, और दिन तो आप खा लेते थे, पर आज आपने नहीं खाया; क्योंकि आप नशे में थे। तुमने भोजन नहीं किया...
- उनने कहा—बेटे, तुममें इतना साहस है?... उन्होंने कहा कि श्रद्धा-भक्ति ये दो चीजें हमारी हैं और शक्ति आपकी है, प्रेरणा आपकी है, मार्गदर्शन आप...
- उनमें कितना रुपया लगेगा?... मैं समझता हूँ कि पचास करोड़ रुपये लगेंगे। पैसा आपको दिखाई नहीं पड़ता। पैसा आदमी की आँखों में से चमकत...
- उनमें क्या होता था?... वे छोटी-छोटी कंपनियों, प्राइवेट कंपनियों का और ढेरों लोगों का बीमा कर डालती थीं। किसी रात वे फेल हो ...
- उनमें क्या होता है?... कुछ भी नहीं होता। बरसात का पानी, जो चारों तरफ फैल जाता है, बिखर जाता है, उसे रोक दें, बस। पानी रोक द...
- उनसे कोई कशिश है?... आपके और उनके बीच में कोई मोहब्बत है? बेटे कोई मोहब्बत नहीं है। रोज ही हम सुनते हैं, रोज ही पढ़ते है...
- उनसे जुड़ गए न?... गुरुजी अपने गुरु से जुड़ने पर कितने महान बन गए, पर उससे पहले उन्होंने अपनी सारी-की-सारी आकांक्षाएँ औ...
- उन्हीं जानकारियों को अगर आप दोबारा, तिबारा, चौबारा लोगों से कहने के लिए चले जायेंगे, तो क्या आपको यकीन है कि लोग आपकी बात मान जायेंगे?... नहीं मानेंगे। जानकारियाँ देना महत्त्वपूर्ण कार्य है। जानकारियों को तो देना चाहिए, परन्तु अगर आपने ...
- उन्हें आप कैसे समझायेंगे?... मित्रो! जिनके पास समय नहीं है और जो कम समय में सारी की सारी चीजों को जानना चाहते हैं और समझना चाहत...
- उन्हें कहाँ मिलता है दूध?... उनके लिए कौन सा डेरीफार्म खुला हुआ है? वे ऐसे ही कीड़े- मकोड़े खाते फिरते रहते हैं। मोती समुद्र मे...
- उन्हें किसने बनाया?... गुरु ने बनाया। लेकिन उनकी श्रद्धा थी, जिसने उन्हें डगमगाने नहीं दिया। गुरु ने कहा कि दूध लेकर आ, तो ...
- उन्हें क्या गरज पड़ी है कि वे किसी का चूरमा और लड्डू खाएँ?... वे तो अपने हाथ-पाँव से मेहनत करके खुद खा सकते हैं और सैकड़ों बन्दरों को भी खिला सकते हैं।...
- उन्हें क्या गरज पड़ी है कि वे किसी का चूरमा और लड्डू खाएँ?... वे तो अपने हाथ-पाँव से मेहनत करके खुद खा सकते हैं और सैकड़ों बन्दरों को भी खिला सकते हैं।...
- उन्हें क्या मतलब?... उन्हें तो केवल अपनी उदरपूर्ति से मतलब है। उनको जो सुविधाएँ-साधन मिलने चाहिए, उससे मतलब है। आपसे उन्ह...
- उन्हें गूँथकर ऐसा बढ़िया घोंसला बना देता है कि क्या मजाल है कि अण्डा हवा के झोंके से तबाह हो जाए?... क्या मजाल है कि कौआ उसमें झपट्टा मार दे? उसमें उसके बच्चे मौज के साथ बैठे देखते रहते हैं। कोई आदमी स...
- उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा खुशहाल कैसे रख सकते हैं?... चमकदार कैसे बना सकते हैं? अभी आप जब 1200 रुपये महीने पाते हैं, तो अपनी लड़की को खुशहाल बनाने के लिए ...
- उन्हें देख करके आप हैरान हो जाएँगे कि हम भूतों की दुनिया में कहाँ आ गए?... ।
मित्रो! मैं जमीन की ग्रेविटी की बात कहता हूँ। यहाँ के एटमास्फियर का जो दूसरा वाला हवा का हि...
- उन्हें पाने का मौका मिल गया है?... नहीं केवल छोटे से रास्ते से और केवल कुछ प्रयोग करने के तरीके से—जैसे यह चम्मच थे, थालियाँ थीं, कटोरि...
- उन्हें बर्मा की जेल में रंगून भेज दिया गया था, तब क्यों नहीं छुड़ा लिया था अपने को?... बेटे! ये अकेले नहीं आते, समूह आता है। प्रज्ञावतार जो इस समय आने वाला है, जिसको हम निष्कलंक कहते हैं।...
- उन्हें मारने के लिए कौन-कौन आए?... कालिया नाग आया, पूतना आई, कंस आया और न जाने कितने असुर आए। उनकी जिन्दगी में कितने ही असुर जबरदस्ती ...
- उन्हें यह ख्याल नहीं करना चाहिए कि यह तो छोटा सा बालक है, यह बेचारा क्या समझेगा?... इसे दुनियादारी का ज्ञान ही कहाँ है? हम हँसते-खेलते रहें और गन्दी बातें करते रहें तो इस पर क्या असर पड...
- उन्हें समाधि आती थी?... बिलकुल समाधि नहीं जानते थे। ध्यान, प्राणायाम भी नहीं किया उन्होंने। एक भी चक्रवेधन नहीं किया था,...
- उन्होंने कहा—मेरी नन्हीं सी मीरा जहर कैसे पी सकती है?... उसका कलेजा जल जायेगा, उसकी जीभ जल जायेगी, उसका गला जल जायेगा। अपनी मीरा को मैं कैसे जल जाने दूँग...
- उन्होंने ढूँढ़ लिया था और हमारा गुरु?... हम तलाश करने गए थे? हम बिलकुल नहीं गए थे। हमको तो बिलकुल पता ही नहीं चला था। पंद्रह वर्ष के बच्च...
- उन्होंने कहा कि देखें अब हमारे पास मनुष्य कहाँ से आ जायेगा?... अब वह हमको खामख्वाह तंग नहीं करेगा। एक बार उनका मन आया कि अपने घर चलना चाहिए लक्ष्मी जी के पास, पर...
- उन्होंने कहा कि हृदय चीरकर दिखाओ?... हनुमान् जी ने अपना हृदय चीरकर दिखाया। हृदय में सीताराम बैठे हुए थे।मित्रो! मेरी माला के हर मोती मे...
- उन्होंने किसकी उपासना की थी?... किसकी सिद्धि की थी? यह किसका चमत्कार था? बेटे! यह शरीर का चमत्कार है, जिसको हम देवताओं की भूमि कहत...
- उन्होंने न तो यह इंतजाम किया कि पुजारी कहाँ से आयेगा, मन्दिर का भोग कहाँ से लगेगा?... बस मेरा मन्दिर बन जाये। पाँच हजार रुपये को मिट्टी में झोंक दिया और एक तमाशा खड़ा कर दिया। महीने-दो...
- उन्होंने अपने मन से कहा कि अब तू समझा कि नहीं समझा?... आग छूते हैं तो छाले पड़ते हैं कि नहीं पड़ते? हाँ साहब! पड़ते हैं। तो तू उसे छू रहा है, जो आग से भी प...
- उन्होंने आपकी जिन्दगी को कैसा भयानक बना दिया है?... कैसा पिछड़ा बना दिया है? कितना अस्त-व्यस्त बना दिया है? अगर ये आपके जीवन को अस्त-व्यस्त न बनाएँ, तो...
- उन्होंने उससे पूछा—क्या नाम है तेरा?... शिवाजी। क्या काम करता है? मैं तो लकड़हारा हूँ और जानवर चराता हूँ और गाँव में रहता हूँ। लकड़ी तोड़ना...
- उन्होंने कहा कि यह दंगा कैसे हो गया?... बलवा कैसे हो गया? एक एक कमेटी बैठायी गयी और एक आयोग नियुक्त किया गया, जो इस बात की इन्क्वायरी करे ...
- उन्होंने कहा कि अच्छा जरा पलटकर देखना कि क्या इसमें कहीं मेरा नाम है?... उन्होंने पलटकर देखा, तो उसमें कहीं नाम नहीं था।
उन्होंने कहा कि मैं सारी जिन्दगी उपासना करते रह गय...
- उन्होंने कहा कि अच्छा देखिए रोटी में गन्ध कैसी है?... गन्ध का एक अजीब ही जायका आता है। मुँह से खो जाते हैं, उसकी गन्ध नाक तक चली जाती है। उस जायके की गन्ध मु...
- उन्होंने कहा कि आप ऐसे अधीर क्यों होते हैं?... पन्ना पलटकर देखते हैं। उन्होंने पलटा तो पहले ही नम्बर पर उसका नाम था।
क्यों? उसने समाज को पहला भगव...
- उन्होंने कहा कि आप सरकार से कोई सहायता नहीं लेते?... सरकार क्या देगी हमको? हम देंगे, आप क्यों देंगे? मैंने कहा ऐसी प्रखर बुद्धि के व्यक्ति देंगे। हम संस्...
- उन्होंने कहा कि आपने मुसलमानों के सामने गायत्री मंत्र क्यों कहा?... आप कुछ और भी कह सकते थे।
उन्होंने कहा—"आप गायत्री मंत्र को हिंदुओं का क्यों कहते हैं? यह तो सारे...
- उन्होंने कहा कि इन गाँव वालों के पास क्या रखा है?... सारा खजाना तो राजा के पास है। चलो राजा के पास चलें और उसका सारे का सारा खजाना लूटकर ले आयें। बस ...
- उन्होंने कहा कि इसका हल अभी निकालता हूँ, आप क्यों परेशान होते हैं?... विष्णु भगवान ने मोहिनी का रूप धारण किया, मतलब पार्वती का रूप धारण करके राक्षस के सामने उपस्थित हुए। ...
- उन्होंने कहा कि एकान्त में हम रहेंगे और एकान्त में रह करके अपनी सूक्ष्मशक्तियों को एकत्रित करेंगे और हमको जो बड़े काम करने हैं, उनमें लगाएँगे और इनसे क्या कराएँगे?... इनसे तो आपको जो विज्ञप्तियाँ बाँटी गई हैं, उनको आप पढ़ लेना।
अपने जैसा बना लें गुरुवर
हाँ, एक बात ...
- उन्होंने कहा कि कैसा शानदार?... नेवले ने बताया कि एक यज्ञ ऐसा भी था, जिसमें लोट लगाने से मेरा यह आधा शरीर सोने का हो गया था।
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- उन्होंने कहा कि गुरुदेव क्या आज्ञा है?... उन्होंने कहा- बेटा! भिक्षु हो जा। भिक्षु का मतलब हराम की कमाई खाने वाला नहीं है। भिक्षु का मतलब ...
- उन्होंने कहा कि जब आ ही गया है, तो बेइज्जती के साथ उनसे यह कह दिया गया कि अच्छा क्या विषय दिया जाएगा?... उन्होंने कहा—तुम शून्यवाद पर बोलो। विवेकानन्द ने शून्यवाद पर जो बोलना शुरू किया, तो सब हैरान रह गए क...
- उन्होंने कहा कि तुम लोग बीमार नहीं पड़ते हो?... हाँ साहब! हम बीमार नहीं पड़ते, तो दवा भी नहीं लेते। पूरा एक साल व्यतीत हो गया। राजा गाँव वालों का ...
- उन्होंने कहा कि तुम्हारा कुसूर है, तुमने अपने कुत्ते को बाँधकर के क्यों नहीं रखा?... दूसरे ने भी यही कहा कि तुमने अपने कुत्ते को बाँधकर के क्यों नहीं रखा? दोनों में टेंशन होने लगी और ...
- उन्होंने कहा कि तुम्हें मालूम नहीं है कि जो दुकानदार होते हैं, व्यापारी होते हैं, वे क्या काम करते हैं?... आप ही बताइए, मुझे तो मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि वे बैंक के साथ साझेदारी कर लेते हैं। कैपीटल बैंक...
- उन्होंने कहा कि बेटा, अगर तुम डूब गए तो?... बच्चे ने कहा—नहीं पिताजी! जब तक आप नहीं डूबेंगे, तब तक हम नहीं डूब सकते। मित्रो ! इसे कहते हैं विश्व...
- उन्होंने कहा कि मीरा जहर पिएगी?... नहीं, मीरा जहर नहीं पिएगी। तो जहर कौन पिएगा? मेरे प्राणों से प्यारी मीरा, श्रद्धा की मूर्ति मीरा जहर...
- उन्होंने कहा कि मेरे परिवारीजन कहाँ गए, मेरे कुटुम्बी कहाँ गए?... उन्होंने कहा—वे तो सब नरक में हैं। उन्होंने कहा—मैं भी वहीं चलूँगा, नरक में ही चलूँगा। जहाँ मेरे कुट...
- उन्होंने कहा कि मैं नरक में जाऊँगा तो आप लोग चलेंगे क्या?... मैं सजा भुगतूँगा तो आप मेरे साथ सजा भुगतेंगे क्या? घर वालों ने कहा कि हम नहीं भुगतेंगे आपके साथ, आप ...
- उन्होंने कहा कि यदि मैं थक गया तब?... भगवान ने कहा कि मैं तुझे थकने नहीं दूँगा। अर्जुन ने कहा कि यदि मैं रास्ता भूल गया तब? श्रीकृष्ण ने क...
- उन्होंने कहा कि यदि रहे होते तो आप उन्हें क्यों नहीं भेजते?... हमारे देश में भारत का धर्म और संस्कृति खतम होती चली जा रही है। हमें ब्याह कराने तक की विधि मालूम नही...
- उन्होंने कहा कि ये लोग नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं?... हे परमपिता परमात्मा! इन्हें क्षमा करना। ईसामसीह उनके लिए क्षमा की भीख माँगते रहे और उन्हें सूली पर...
- उन्होंने कहा कि राम कहीं माला में होते हैं क्या?... हनुमान् जी ने कहा कि वह मेरे हृदय में रहते हैं। उन्होंने कहा कि हृदय चीरकर दिखाओ? हनुमान् जी ने अप...
- उन्होंने कहा कि लड़ाई- झगड़ा भी नहीं हुआ, तो फिर किस्सा क्या है?... आप दुःखी क्यों बैठे हुए हैं? भगवान् ने कहा कि हम लोगों के पास आये थे और उन्हें कल्याण का रास्ता बत...
- उन्होंने कहा कि वहाँ मक्खियाँ भिन−भिना रही थीं और उन मक्खियों के भिनभिनाने की वजह?... उन्होंने कहा राजा साहब ने जो शहद खाया था और शहद खाने में गलती कर डाली थी, बस उसी की वजह से यह सा...
- उन्होंने कहा कि व्यास जी से नहीं, शुकदेव जी से कथा कहलवाऊँगा?... शुकदेव जी कौन है? व्यास जी के बेटे हैं। तो क्या बेटे से कथा कहलवायेंगे, बाप से नहीं कहलवायेंगे? हाँ,...
- उन्होंने कहा कि हमारा पति वनवास जाता है, तो हम राजमहल के सुख को लेकर के क्या करेंगे?... लक्ष्मण ने कहा कि हमारा बड़ा भाई पिता के समान है। वह जंगल में जाता है, वनों में रहता है। हमें वनवास न...
- उन्होंने कहा गड्ढा है?... हाँ। पानी से भरा है? हाँ। समुद्र कैसा होता है? गड्ढे जैसा। और समुद्र में पानी कैसे भरा होता है? ऐसे ...
- उन्होंने कहा था—किसने?... द्रोणाचार्य ने। उन्होंने शिष्यों को बताया—"सत्यं वद्।" अच्छा, दुर्योधन सामने आ गया।
उनने कहा—बोलो,...
- उन्होंने कहा नहीं, जो अतिथि हमारे यहाँ आया है, वह भूखा क्यों जाना चाहिए?... तो क्या करें? उन्हें एक युक्ति समझ में आई।
एक कहीं से जलती तीली लाया, एक ने घास-फूँस इकट्ठा किया ...
- उन्होंने कहा नहीं?... भूखा नहीं जाना चाहिए; क्योंकि ये हमारे अतिथि हैं, हमारे दरवाजे पर आए हैं, हमारा कुटुम्ब, हमारा ये सब...
- उन्होंने कहा, क्यों भाई साहब क्या बात है?... अरे साहब सामने वाला बैल कभी आयेगा तो टक्कर मारूँगा। जब एक बहुत मोटा तगड़ा बैल सामने आ गया टक्कर मारन...
- उन्होंने कहा, यहाँ कौन बसते हैं?... यहाँ तो निर्जीव हैं, जिन्हें यह भी ध्यान नहीं कि हम यहाँ मन्दिर में बैठे हैं और यहाँ से सामान भी चला ...
- उन्होंने कहा—"आप हमारा नाम नहीं जानते हैं तो क्या?... आपको हमारी शक्ल नहीं मालूम तो क्या? हमारे फर्ज और कर्तव्य तो आपने निभा दिए। आप हमारे सच्चे भक्त है...
- उन्होंने कहा—"क्यों अपना समय नष्ट कर रही हो?... " पार्वती जी बोलीं—"जब तक हमारा प्रण पूरा नहीं होता, तब तक हम तप करेंगी।" श्रेष्ठ कामों के लिए हिम्म...
- उन्होंने कहा—"मूर्ख किस पर तलवार चलाता है?... आत्मा पर तू तलवार चला सकता है? आ इधर, उन्होंने उसके सिर पर हाथ फेरा और कहा कि जा, आज से तू डाकू नहीं...
- उन्होंने कहा—"यह कुत्ता, जो हमारे साथ है, उसका क्या होगा?... " कुत्ते तो स्वर्ग में नहीं जाते, केवल आप ही चल सकते हैं? कुत्ता नहीं जाएगा, तो हम भी नहीं जा सकते। ...
- उन्होंने कहा—कौन-सा काम?... उसने कहा—मुझे भगवान के दर्शन करा दीजिए। मैं भगवान के दर्शन करना चाहता हूँ।
मित्रो! भगवान ने कहा—...
- उन्होंने कहा—क्या बात है?... वैकुण्ठ तो महाराज जी वही है—जिसमें हम और आप रहते हैं। उन्होंने कहा—हाँ, तो वहाँ तो-दो हजार लोगों के ...
- उन्होंने कहा—चल-चल, गधे के साथ मैं क्यों मिलूँगा, मैं गधा थोड़े ही हूँ?... तो कौन हैं आप? हम तो रामेश्वरम् हैं। यहाँ कैसे पड़े हैं? हम यह तलाश करने के लिए पड़े हुए थे कि किसी ...
- उन्होंने कहा—नहीं, आप कह दीजिए कि मैं मंत्री बन जाऊँगा?... फिर तो मैं देख लूँगा।
मैंने कहा—मैं कैसे कह दूँ? मैं कोई मंत्री नहीं हूँ, गवर्नर नहीं हूँ, क्या ...
- उन्होंने कहा—माताजी क्या खरच होगा?... भाई ! मुझे तो कुछ मालूम नहीं, खरचा कितना हुआ और कितना होगा? क्या आपको नहीं मालूम?
बेटा! मुझे एक ह...
- उन्होंने कहा—मुझे क्या मालूूम कि यह कैसे हुआ?... उसने कहा—नारद जी! एक सन्त निकल रहे थे, तो मैंने उनके पैर पकड़ लिए और कहा कि हमारे एक बच्चा हो जाय तो अ...
- उन्होंने कहा—यह कैसा भक्त है, जो पानी लेकर सूखे पत्ते चबा रहा था?... पेड़ों पर से गिरे हुए आम के पत्ते, जामुन के पत्ते—सब पत्तों को चबा रहा था, उसी को खा रहा था। न शाक खा...
- उन्होंने कहा—यह कैसे पैदा हो गया?... उसने कहा—एक सन्त ने हमको कहा था और उन्हीं के कहने से यह हुआ। नारद जी ने कहा—सन्त बड़ा होता है कि भगवान ...
- उन्होंने कहा—यह बच्चा किसका है?... किसान ने कहा—यह हमारा ही बच्चा है। उन्होंने कहा—यह कैसे पैदा हो गया? उसने कहा—एक सन्त ने हमको कहा था ...
- उन्होंने कहा—‘‘इनसे कैसे पीछा छुड़ाया जाय?... जो चीज देने की थी, वह तो पहले ही सौंप दी, लेकिन ये तो पीछा ही नहीं छोड़ रहे हैं। ये कह रहे हैं कि हमक...
- उन्होंने कहा—‘‘उसने शक्ति एकत्रित की है, तो क्यों करें शक्तिपात?... तुममें क्या खास बात है?’’ नहीं साहब! हमारे ऊपर शक्तिपात कर दे। इसलिए उन्होंने कहा कि हम शक्तिपात करन...
- उन्होंने कितना कार्य किया?... वह आप सबको मालूम है। इसी तरीके से महाराणा प्रताप के हाथ में रोटी थी, दोनों बच्चों की रोटी और उनकी रो...
- उन्होंने कैसा गजब का काम किया?... उसमें अकेले उनकी सामर्थ्य थी क्या? यदि राम ने उनके व्यक्तित्व को ललकारा नहीं होता, तो वे वानर-के-वान...
- उन्होंने कौन-सा मंत्र जपा था?... बगलामुखी का जपा था। बगलामुखी कैसी होती है? बगलामुखी ऐसी होती है.....। बगलामुखी का जप कीजिए—"ॐ ह्रीं ...
- उन्होंने क्या काम किया?... उन्होंने पांडवों से कहा कि कंस मारा गया, दुर्योधन और दुःशासन मारे गए। जरासंध वगैरह मारे गए और दूसरे ...
- उन्होंने क्या किया?... उन्होंने कहा, अच्छा अभी देखता हूँ तेरा भूत। दो डंडे तुझमें लगाऊँगा और दस डंडे इसमें लगाऊँगा। पढ़ा-लि...
- उन्होंने क्या किया?... उन्होंने बदरीनाथ जा करके ब्रह्मकपालं नामक स्थान पर अपना पिंडदान, श्राद्ध-तर्पण स्वयं किया। आपको पिंड...
- उन्होंने क्या पेश किए?... बेटे, सबके सब एक दिन इकट्ठा हो गए और फैसला करने लगे कि हम बड़े काम करके दिखाएँगे, ताकि दुनिया समझे कि...
- उन्होंने क्या रिमार्क लिखे हैं?... उन्होंने ये रिमार्क लिखे हैं कि हम इनकी इज्जत करते हैं, क्योंकि उन्होंने जिस काम के लिए ये गुनाह किए...
- उन्होंने क्यों शाप दे दिया?... गायत्री से लड़ाई हो गई थी? नहीं साहब! लड़ाई-भिड़ाई तो नहीं हो गई थी, पर हमारा ख्याल है कि ब्रह्मा जी...
- उन्होंने गंगा का आह्वान किया और कहा कि मैं गंगा के लिए कहाँ जाऊँगा?... गंगा स्वयं ही मेरे पास आएगी। मैं गंगा का आराधक हूँ। गंगा मेरी माँ है। माँ स्वयं ही मुझे गोद में खिला...
- उन्होंने गम्भीर होकर राजा जनक से पूछा—‘राजन्’ एक बात तो बताइये कि क्या सभासदों में आपको अच्छे लोग नहीं मिले?... महाराज जी! ये तो सभी विद्वान हैं, पण्डित हैं। नहीं, आपने तो सब चमार भर्ती कर लिये हैं। पण्डितों की सभा...
- उन्होंने जो अनुदान और वरदान शिवाजी को दिया था और किसी को क्यों नहीं दिया?... इसलिए नहीं दिया कि केवल उसके ही अन्दर वह निष्ठा और श्रद्धा पाई गई, जबकि उन्होंने यह कहा कि इसकी परीक...
- उन्होंने तलाश किया कि कौन-सा ऋषि ऐसा होगा?... वशिष्ठ? नहीं, वह बेकार आदमी है। विश्वामित्र? नहीं, बिल्कुल नहीं। सबसे बढ़िया वाला आदमी तलाशा गया, तो ...
- उन्होंने धर्मचक्र प्रवर्तन के माध्यम से लाखों-करोड़ों आदमियों के दिलो-दिमाग को कैसे बदल दिया था?... समाज की जो प्रथाएँ चल रही थीं, उनको किस तरीके से, हवा के तरीके से बदल दिया था। इस तरह की कोई बात आपक...
- उन्होंने पूछा कि यह किनका है?... ऋषियों ने बतलाया कि यह उन ऋषियों की हड्डियाँ हैं, जिन्हें राक्षसों ने भक्षण करके डाल दिया है। यह द...
- उन्होंने पूछा कि इसमें हमारा भी नाम कहीं लिखा हुआ है क्या?... नाम दिखाना। नाम देखा गया, तो उनका नाम नहीं मिला। उनको बड़ा दुःख हुआ कि हमने जिन्दगी भर भगवान के लिए का...
- उन्होंने पूछा कि क्या चीजें हैं तेरे पास?... हमने कहा कि हमारा शरीर है। हमने सूर्योदय से पहले भगवान् का नाम लिया है अर्थात् भजन किया है, बाकी स...
- उन्होंने पूछा कि पैसों का क्या किया?... नानक जी ने सारी बात बता दी तथा यह कहा कि पिताजी! हमने ऐसा व्यापार किया है, जो भविष्य में हजार गु...
- उन्होंने पूछा, लड़की तू कौन से गाँव की रहने वाली है?... हम तो इसी गाँव के रहने वाले हैं। तेरे घर में? हमारा बाप है, जो पड़ोस में ही काम कर रहा है इसी खेत मे...
- उन्होंने पूछा—"तेरे बच्चे ने अब गुड़ खाना, मिठाई खाना छोड़ा कि नहीं छोड़ा?... " उसने कहा—"हाँ, महाराज जी! छोड़ दिया।" उसने कहा—"आपने तब क्यों नहीं कहा—"जब मैं पहले आया था?" उन्हो...
- उन्होंने पूछा—वह किसान, जो बैठा हुआ था और यह कहता था कि हमारे बाल-बच्चे कब होंगे?... विष्णु भगवान ने ध्यान लगाकर देखा। उन्होंने कहा—यह तो बड़ा खराब आदमी है। उसका पहला पुण्य कुछ भी नहीं ह...
- उन्होंने पैसा कहाँ से इकट्ठा कर लिया?... भीख माँगी और कहाँ से इकट्ठा कर लिया? भीख माँगी जाती है। भीख माँगने से किसी को क्या मिला है? भीख माँग...
- उन्होंने फरिश्ते को बुलाया और यह कहा कि इस किताब में क्या लिखा हुआ है?... फरिश्ते ने कहा कि इसमें उन लोगों के नाम लिखे हुए हैं, जो खुदाबन्द करीम की इबादत करते हैं। पूजा करते ह...
- उन्होंने बहुत तलाश किया, पर वे एक बात का अंदाज नहीं लगा सके कि किसका भविष्य अच्छा है?... आज कोई आदमी सुखी है। आज कोई आदमी स्वस्थ, नीरोग है। आज कोई आदमी अच्छा है, पर इससे यह अन्दाजा तो नहीं ल...
- उन्होंने भजन किया था?... किया होगा, मैं यह तो नहीं कहता कि भजन नहीं किया था। प्राणायाम नहीं किया होगा? बेटे किया होगा। लेकिन ...
- उन्होंने भिक्षा तो ले ली, पर एक बात पूछा-कि आपने कैसे जान लिया कि मैंने चिड़िया को अपनी दृष्टि से जला दिया था?... योगाभ्यास करती हूँ।क्या? योगाभ्यास करती हैं? हाँ मेरा योगाभ्यास यह है कि मैं समझती हूँ कि मेरा जो ...
- उन्होंने भी बोलना बन्द कर दिया था?... बिना बोले भी आप हवा को ठीक कर सकते हैं। आपको बहुत बोलना आता है, पर आप हैं क्या? हमको यह बताइए। असल म...
- उन्होंने महात्मा स्वामी हरिदास जी को बुलाया और कहा कि ये मेरठ से आए हैं, अंगरेज हैं और यह देखना चाहते हैं कि क्या मरा हुआ आदमी जिन्दा हो सकता है?... स्वामी जी ने कहा कि हम दिखा सकते हैं।
अंगरेज ने कहा कि अगर ये चालाकी करते हैं तो हम पकड़ लेंग...
- उन्होंने मोल ले लिया, किसने?... मीरा ने और द्रौपदी ने। जब आर्तनाद से भगवान को पुकारा तो भगवान दौड़ते हुए चले आए और भगवान पर जितना था...
- उन्होंने यह गलती तो देखी नहीं कि हमारी पीठ में गन्ना क्यों मारा?... वह तो उनकी कला को देखते रह गये। उन्होंने कहा-कि देखो इसको गन्ना मारने की कला कैसी बढ़िया आती है। एक...
- उन्होंने यह निश्चय किया था कि पेट भरने के लिए नौकरी करने से क्या फायदा?... पेट तो हम किसी भी तरीके से भर सकते हैं। जिन छोटे देहातों में शिक्षा का अभाव है, वहाँ हम एक कन्या पाठ...
- उन्होंने रोने का कारण पूछा—"भाई क्या बात है?... हमारी दावत में कोई कमी है क्या? तुम्हारे स्वागत में कोई कमी है क्या? या हमने आपको जो बुलाया है, तो स...
- उन्होंने सर्पों को भी छाती से लगाया और जहर को भी अपने गले में उतारा था और अमृत?... अमृत सबको बाँट दिया।
फूलों की तरह बनिए
आप उनका कार्य करिए, शंकर जी जैसा कार्य करिए। आपने फूलों को ...
- उन्होंने सोचा कि आफत हमारे ऊपर भी आ गयी तब?... बस, वह नौकरी देता है और नौकरी के लिए आफत आवे तो उसके ऊपर आवे। हमें तो इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन...
- उन्होंने सोचा कि क्या किया जाए?... वैसे तो सन्त किसी से अपमान का बदला नहीं लेता है, लेकिन उन्होंने उसके सामने एक दासीपुत्र को लाकर खड़ा ...
- उन्होंने सोचा कि जब कुरते से हवा हो सकती है, तो पंखा लेकर मैं क्यों चलूँ?... और पंखा भी फेंक दिया और गिलास लेकर के चलने लगे। आगे चलकर उन्होंने देखा कि एक आदमी झरने के नीचे से हा...
- उन्होंने सोचा कि जब हाथ को मोड़ करके तकिया बनाया जा सकता है, तो इस तकिये को लेकर के मैं क्यों चलूँ?... भगवान ने तो इतना अच्छा तकिया दे रखा है। फिर कुछ आगे चले, तो देखा कि एक आदमी कहीं से धूप में चलकर आया...
- उन्होंने सोचा कि जब हाथ में कटोरे पहले से ही बने हैं, तो गिलास, कटोरे की क्या जरूरत है?... और उन्होंने गिलास भी फेंक दिया।
वासनाओं पर नियंत्रण कीजिए
मित्रो! मैं यह कह रहा हूँ कि व्य...
- उन्होंने, जो मोती बीनने वाले मछुआरे थे, उससे पूछा—मोती कहाँ से पैदा होते हैं?... कहाँ पर मिलते हैं? मछुआरे ने कहा—देखिए साहब! यही वह इलाका है, जिसमें सीप और मोती पाए जाते हैं। यहाँ ...
- उपनिषदों के, दर्शनों के?... हाँ किए हैं। २५०० किताबें भी लिखी हैं? हाँ बेटे! लिखी हैं तो कोई आपका स्टेनो है? नहीं बेटे! हमारा को...
- उपयोग की बात आपके जीवन में कहाँ आई?... दृष्टिकोण उदात्त हो तो स्वर्ग मित्रो! उपयोग की बात यदि आपके जीवन में आ गयी होती, तो जो कुछ भी आपको म...
- उपयोग क्या है?... उपयोग उसे कहते हैं, जहाँ जिन लोगों को जरूरत है, वहाँ उन आवश्यकताओं के लिए हम अपने ज्ञान का उपयोग, पै...
- उपहार से क्या मतलब है?... उपहार से मतलब है—चन्दन, धूप, दीप, नैवेद्य आदि चीजें दी जाएँ। अगर भगवान ऐसी अपेक्षाएँ करता है कि हमारी...
- उपार्जित धन नहीं है, तो मैं किस प्रकार इसको खा सकता हूँ?... इसलिए आपके निमंत्रण में मैं आना नहीं चाहता था, लेकिन आपने बुलाया, तो मैं आ जरूर गया हूँ, पर मुझे क्ष...
- उपासना जैसे काम में आपका मन नहीं लगता, इसकी क्या वजह हो सकती है?... इसकी कोई बड़ी भयंकर वजह होनी चाहिए। उपासना में आपका मन नहीं लगता, लेकिन अपने रिश्तेदारों के साथ ...
- उपासना में मन लग गया?... अभी तक तो नहीं लगा। आगे लगेगा? आगे को मैं आपको आगाह किए देता हूँ कि आपका मन कभी नहीं लगेगा। तो ग...
- उपासना करने की विधियाँ क्या हैं?... यह सब मैं बताकर जाऊँगा। इस जमाने के लिहाज से उपासना किस तरीके से की जानी चाहिए? यह मैं अपने जीवन में...
- उपासना का अर्थ क्या होता है?... शब्दकोशों में 'उप' कहते हैं, पास को और 'आसन' माने बैठने को कहते हैं। पास-पास बैठ जाने का अर्थ उपासना...
- उपासना का कोई फल नहीं होता?... मैं पूछती हूँ, क्यों नहीं होता? पहले आप यह बताइए सारी जिन्दगी हो जाती है माला घुमाते-घुमाते; लेकिन ज...
- उपासना किसे कहते हैं?... बेटे! उपासना नजदीक बैठने को कहते हैं, लेकिन नजदीक बैठने के बारे में एक बात आपको और ख्याल में रखनी पड...
- उपासना किसे कहते हैं?... उपासना भजन करने को कहते हैं। हम आपको जो कर्मकाण्ड कराते हैं, जिसमें जप भी शामिल है, हवन भी शामिल है,...
- उपासना किसे कहते हैं?... मित्रो! इसे मैं आपको समझाना चाहता हूँ। उपासना का अर्थ होता है-नजदीक बैठना, समीप बैठना, पास बैठना। इत...
- उपासना के लिए कर्मकाण्ड?... हाँ बेटे! आपको थोड़े से कर्मकाण्ड भी सिखाएँगे। क्या सिखाएँगे? आपको गायत्री मंत्र की उपासना सिखाएँगे...
- उपासना कैसे मंत्रसिद्ध हो सकती है?... भगवान का अनुग्रह प्राप्त करने के अधिकारी हम कैसे हो सकते हैं? मित्रो, ये सारे-के-सारे घटनाक्रम हमारे...
- उपासना क्या हो सकती है और उपासना के आधार क्या हो सकते हैं?... बेटे ! मैंने इसीलिए शिविर में आपको बुलाया था कि गायत्री उपासना के जो पाँच अंग, पाँच कोश—अन्नमयकोश, प...
- उपासना में क्या तमाशा होते हैं?... नहीं साहब! ये चक्र चमकेंगे, कुण्डलिनी चमकेगी और रात को सपने दीखेंगे, गणेश जी दीखेंगे और आज्ञा चक्र चम...
- उपासना में मेरी अटूट निष्ठा है, फिर मैं आपकी निष्ठा को कम क्यों करूँगा?... मुझे भय रहता है कि कहीं पूजा-उपासना में आपका विश्वास कम न हो जाय। इसलिए मैं चाहता हूँ कि आप पूजा-उ...
- उलझन और भ्रम पैदा होता हुआ चला जाता है कि कौन संस्था देश के लिए काम कर रही है?... ऐसे-ऐसे बढ़िया नाम हैं, ऐसे-ऐसे बढ़िया साइन बोर्ड हैं, ऐसे बढ़िया कागज हैं कि देखते हैं तो देखते ही र...
- उलटा अर्थ कौन-सा लगाया?... अखण्ड ज्योति में एक लेख चला गया कि ज्योति अभी बुझी नहीं। चण्डीगढ़ का एक लड़का रोता-बिलखता आया।
उसने...
- उल्लू कहा होगा और यह कहा होगा कि धर्म के नाम पर तूने क्या पा लिया-असफलता?... इतिहास में-दुनिया में जितने लोग असफल हुए हैं, उनसे ज्यादा सफल हुए हैं; लेकिन जिनको हम असफल होते हु...
- उल्लू सीधा करना किसे कहते हैं?... जो हमारी उचित और अनुचित माँगों को पूरा कर दे, जो हम माँगें, वह लाकर दे दे, वह उल्लू है।
बेटे,...
- उस बेचारी का क्या होगा?... वह हम सबको पकड़ लेगी और रोयेगी, तो हम सब क्या करेंगे? सभी जुलाहे बैठकर रोने लगे कि हममें से एक मर ग...
- उस अभागे को यह समझ में नहीं आया कि जब भगवान् ने बन्दर के लिए, अन्य प्राणियों के लिए पेट भरने की व्यवस्था की है, तो क्या उसके प्रिय पुत्र मनुष्य को वह रोटी का प्रबन्ध नहीं करेगा?... परन्तु हाय रे! अभागे मनुष्य-वह इसकी कीमत नहीं जान सका। वह अपने उद्देश्य को भूल गया तथा यह कहने लगा...
- उस आदमी का नाम क्या है?... भोगी है। भोगी से भिन्न प्रकार का स्तर जो है, वह क्या है? उसका नाम योगी है।
योगी भगवान के लिए समर...
- उस घर में आदमी जिएँगे कैसे?... जिस तरीके से शरीर की भूख होती है, उसी तरीके से मन की भी भूख होती है और आत्मा की भी भूख होती है। मन औ...
- उस छोकरी ने कहा कि क्या सेवा करने का मौका हमें भी मिलेगा?... उसने कहा कि हाँ, तुम भी चल सकती हो। उसने देखा कि फूस की झोंपड़ी में पड़ा हुआ एक सैनिक कैसे दिन-रात द...
- उस छोकरी ने कहा कि क्या हमें भी सेवा करने का मौका मिलेगा?... कागावा ने कहा—हाँ, तुम भी चल सकती हो। उसने देखा कि जापान के कागावा की झोपड़ी में कुछ भी नहीं था। सार...
- उस छोकरी ने कहा कि तुमको दीन-दुखियों की सेवा में क्या मजा आता है?... कागावा ने कहा कि इस मजे को और इस आनन्द को चख लेना हर आदमी का काम नहीं है। क्यों? क्योंकि हर आदमी इंद्...
- उस जमाने में अठारह रुपये तोले सोना बिकता था और अब?... हिसाब लगा लीजिए। गल्ला क्या भाव बिकता है। डेढ़ सौ रुपये क्विंटल बिकता है और उस भाव सोना बिकता है। सब ...
- उस ज्ञानयोग की एक किरण जब आपके भीतर आएगी, तो आपको स्वयं के बारे में विचार करना पड़ेगा कि इनसानी जिन्दगी जो हमारे लिए सबसे बेहतरीन उपहार था, सबसे नायाब मौका था, इसका हम अच्छा उपयोग कर सकते थे क्या?... आप विचार करेंगे तो आपको हजार रास्ते मिलेंगे। अगर आप विचार नहीं करेंगे, तो सब रास्ते बन्द मिलेंगे। ...
- उस डाकिन, हत्यारिन के पास तुम क्यों गए थे?... कौन हत्यारिन? वह जो मनोकामनाएँ पूरी करे। जो आदमी को हजम करने के माद्दे के बिना दौलत देती है। वह डाकि...
- उस दाद और खाज का क्या नाम है?... इसका नाम है—तृष्णा। तृष्णा उस चीज का नाम है, जो मनुष्य की आवश्यकता भर की चीजें होने पर भी शान्त न...
- उस दिन आपको इशारा किया था?... मैं चाहता हूँ कि आपको गम्भीर होना चाहिए। आप जो पैदावार करना चाहते हैं, वह बेहतरीन पैदावार करना चाहते ...
- उस दिन आपको जो सन्तोष मिलेगा, वह कितना शानदार हो सकता है, इसे हम कैसे बता सकते हैं?... जबकि आप वस्तुओं के माध्यम से यह ख्याल लगाये बैठे हैं कि वस्तुएँ अगर हमको मिल जायेंगी, तो हमारा काम...
- उस दिन हम आपको शिक्षण दे रहे थे कि हमने आपको स्नान क्यों कराया?... पीला कपड़ा क्यों पहनाया? क्यों महाराज जी! अगर हम पीला कपड़ा पहन लें तो क्या वैकुण्ठ को चले जाएँगे? न...
- उस दीपक को हमने कितना घी पिलाया है?... बेटे! हम कुछ कह नहीं सकते। एक-एक साल में पाँच-पाँच मन घी पिलाया हो तो लगभग ढाई सौ मन घी पीकर वह इतना...
- उस नीरस जिन्दगी में फिर कहाँ जाते हैं?... बेटे! कहीं शराबखानों में चले जाते हैं; कहीं क्लबों में चले जाते हैं; कहीं कैबरे हाउस में चले जाते है...
- उस पर क्या लिखेंगे?... यह लिखेंगे कि ‘‘यहाँ पर नकली दूध मिलता है। यहाँ इस दुकान पर जो मलाई डाली जाती है, वह ब्लाटिंग पेपर ह...
- उस पर बैठा लाएँ तो आ जाएगी?... नहीं बेटे, उस पर नहीं आएगी। तो महाराज जी, हमारे पास घोड़ा है, घोड़े पर ले आएँ? नहीं बेटे, घोड़े पर भ...
- उस पागल ने नारद जी को यह उदाहरण देते हुए पूछा—क्यों पिप्पलाद ऋषि ऐसे ही अपना काम चलाते थे कि नहीं?... नारद जी ने कहा—हाँ चलाते थे। पिप्पलादि ऋषि को मिठाइयाँ नहीं मिल सकती थीं क्या? उन्होंने कहा—मिल सकती...
- उस बात को तो मैं नहीं बता रही हूँ, पर उनसे मैंने आधा घण्टे कहा कि आपको आगे आने वाले समय में क्या करना पड़ेगा?... अभी कोई मेरा इण्टरव्यू लेने आए और उन्होंने कहा—माताजी ! आप गुजराती में बोल दीजिए, मैंने कहा—देखो मैं...
- उस बेचारे का कल क्या होने वाला है?... बिना पढ़ा रह जाएगा, हर साल फेल होता रहेगा, बच्चों में बेवकूफ और बुद्धू समझा जाता रहेगा। सारे घरवाले उ...
- उस भगवान का अर्चन, वंदन कैसे किया जाएगा?... इसके बारे में गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक छोटी-सी चौपाई में अध्यात्म का सारे-का रहस्य खोलकर रख दिया ह...
- उस भगवान के साथ मोहब्बत किस तरीके से की जाएगी?... उस भगवान का अर्चन, वंदन कैसे किया जाएगा? इसके बारे में गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक छोटी-सी चौपाई में ...
- उस मरीज को यह दवा कारगर होगी?... नहीं, यह कारगर नहीं हो सकती, क्योंकि यह कहना मानता नहीं है। इसको चैन नहीं पड़ता, इसलिए हमने इसको दूसर...
- उस व्यक्ति ने यह सब देखकर कहा कि आप यह क्या कर रहे हैं?... आप भगवान के बारे में क्या जानते हैं और आप हमें क्या बता सकते हैं? आप तो पागलों की भाँति कर रहे हैं। ...
- उस व्यक्ति ने विचार किया कि जिस महिला ने मेरी जिन्दगी में चार साल आनन्द और उल्लास के साथ व्यतीत किए, उसका एहसान मुझे किस तरीके से चुकाना चाहिए?... यह महान व्यक्तियों के सोचने का ढंग है। हमारे-आपके जैसा होता तो बिना बोले चला जाता और पिंड बनाकर उसकी...
- उस सज्जन ने कहा कि विवाह तो हम कर लेंगे, परन्तु आप हमें देंगी क्या?... क्या कमाएँगी हमारे लिए? महिला ने कहा, इस कंजूस के साथ कोई शादी नहीं करेगा। उस व्यक्ति के बारे मे...
- उस समय क्या हुआ?... राजा परीक्षित कहीं से आश्रम में आए। शमीक ऋषि तप में, ध्यान में बैठे हुए थे। राजा परीक्षित ने सोचा कि...
- उस समुद्र को कौन पार करेगा?... रावण कितना जबरदस्त है? राक्षस कितने जबरदस्त हैं? इनसे लोहा कौन लेगा? संस्कृति की सीता को वापस लाने क...
- उस सामर्थ्य को प्राप्त करने के लिए क्या करना पड़ेगा?... कैसे करना पड़ेगा? इसी विधि का नाम अध्यात्म है।
अध्यात्म की शुरुआत यहाँ से
अध्यात्म क...
- उस स्वाध्याय का परिणाम क्या हुआ?... उसका परिणाम यह हुआ कि हमने दस लाख पन्ने पढ़ लिए, आप कागज पेंसिल लेकर हिसाब लगा लीजिए। हमने उपयोगी वि...
- उसका अर्थ क्या हुआ, परिणाम क्या हुआ?... तपस्या का परिणाम हुआ—वह अनेक गुना श्रद्धा के रूप में उनको मिलता हुआ चला गया और इतनी अपार सम्पदा उनको...
- उसका आदर्श क्या है?... उसकी भावनाएँ क्या हैं? ब्राह्मण एक ही हो सकता है, वह हो सकता है—जिसके अन्दर करुणा, दया, सम्वेदना, ज्...
- उसका क्या धंधा है?... उसकी बिरादरी कौन सी है? वह जाति का बनिया है। अरे भगवान जी! आप अपना पेशा लिखाइए, खानापूरी कीजिए। अरे ...
- उसका क्या नाम था?... उसका नाम था—सन्त आम्रपाली। सन्त आम्रपाली सारी की सारी दुनिया में ज्ञान और विज्ञान की वर्षा करती हुई न ...
- उसका क्या नाम है?... उसका नाम है—वेदान्त। वेदान्त क्या है? वेदान्त में भी उस भगवान् के धुर्रे उधेड़ दिये हैं। कौन सा वाला?...
- उसका क्या परिणाम हुआ?... चलिए, आज मैं आपको बताने आई हूँ कि तपश्चर्या से उनको क्या-क्या मिला?
देखिए, आज मैं आपसे निवेदन करने...
- उसका क्या हुआ?... तीन हजार की मूर्ति तो मिली नहीं? मिलती भी कैसे, मूर्तिकला का जो अभ्यास है, वह अलग है।
मित्रो!...
- उसका क्या हुआ?... मित्रो! गिरिधर गोपाल से क्या मतलब है आपका? गिरिधर गोपाल से आपका मतलब अगर पत्थर से था, तो वह पत्थर रा...
- उसका ड्रेस बनाकर, फैशन बढ़ाकर क्या करेंगे?... उसे हिप्पी बनाएँगे, सिनेमा की ऐक्ट्रेस बनाएँगे, क्या करेंगे उसका? बेदिमाग, बेहूदापन के आगे आप अपने क...
- उसका नतीजा क्या निकलेगा?... उसका नतीजा यह निकलेगा कि आपके अन्तरंग में गणेश का जन्म होगा। गणेश कौन होता है? ऋद्धियों-सिद्धियों का ...
- उसका नाम क्या है?... परशुराम। अरे भाई! तुम कौन हो? भगवान। अरे बाबा! यह कया ऊधम मचाते हो? भगवान का धनुष भगवान ने तोड़ा और...
- उसका परिणाम क्या हुआ?... उसकी नसीहत क्या मिली? उन लोगों का क्या हुआ? देख लीजिए हजार वर्ष भी नहीं होने पाये कि किस तरह से उन...
- उसका परिणाम क्या हुआ था?... उसका परिणाम आपको नहीं मालूम। परिणाम मालूम होना चाहिए। यहाँ के आदमी मालदार थे। कौन कहता है कि मालदार ...
- उसका परिणाम क्या हुआ है?... लोग ये कहते फिरते हैं कि गुरु जी तो जीवन्त एन्साइक्लोपीडिया हैं। चलते-फिरते एन्साइक्लोपीडिया हैं।
...
- उसका परिणाम क्या हुआ?... उसका परिणाम यह है कि उनकी शक्तियाँ, उनकी सामर्थ्य, उनका तप, उनकी क्षमता हमारे पास असंख्य मात्रा में ...
- उसका परिणाम क्या हुआ?... परिणाम यह हुआ कि जिसको हमने दिया, उस गुरु को हम भगवान कहते हैं। हमने हमेशा एक ही विचार किया है क...
- उसका परिणाम क्या हुआ?... मैं श्रद्धा की बात, समर्पण की बात बताती हूँ। अपने को समर्पित किया, तो रामकृष्ण परमहंस की सारी-की-सार...
- उसका मंत्र क्या होता है?... ब्रह्म क्या होता है? जीव क्या होता है? नहीं साहब! हम दिमाग का शिक्षण करेंगे। मित्रो! यह दिमाग की ...
- उसका सहयोग कर सकते हैं?... आप अपनी पत्नी का दिल जीत सकते हैं क्या? अगर ऐसा बना सकते हैं, तो मैं खुशी से आपको शादी का आशीर्वाद द...
- उसका सारी-की-सारी हिन्दुस्तान की चौदह भाषाओं में प्रकाशन किया जा सके, तो क्या आप समझते हैं कि हम हिन्दुस्तान में नई फिजा पैदा नहीं कर सकते?... नई दिशाएँ पैदा नहीं कर सकते? मुट्ठी भर निकलने वाली अखण्ड ज्योति क्या गजब ढा रही है, आप देख नहीं रहे ...
- उसका स्वरूप क्या हो सकता है?... बताइये? बेटे हम बताते हैं कि स्वरूप क्या हो सकता है? गायत्री एक महिला है।...
- उसका ‘म्यूजिक’ क्या हो सकता है?... सामवेद में यही सब कुछ है। सामवेद में अपना कोई मंत्र नहीं है। तीनों वेदों का समन्वय है। त्रिपदा स...
- उसकी आकांक्षा क्या है?... उद्देश्य क्या है? अगर आप इस तरीके से कर पाए, तो आप धन्य हाे जाएँगे। मैं धन्य हो जाऊँगा। अगर आप समय क...
- उसकी कैसी मिट्टी पलीद हुई?... मंथरा की कैसी मिट्टी पलीद हुई? आपने पढ़ा होगा। इसी तरह तपस्वी कुंभकरण ब्रह्माजी से यह वरदान माँगन...
- उसकी नसीहत क्या मिली?... उन लोगों का क्या हुआ? देख लीजिए हजार वर्ष भी नहीं होने पाये कि किस तरह से उनकी मिट्टी पलीद हो गयी।...
- उसकी बिरादरी कौन सी है?... वह जाति का बनिया है। अरे भगवान जी! आप अपना पेशा लिखाइए, खानापूरी कीजिए। अरे भाई! मेरा तो सहज व्यापार...
- उसकी बीबी नाखुश होती है, औलाद नाखुश होती है, तो हम क्या कर सकते हैं?... मित्रो ! जिस तरीके हम अपने घर में आग लगाकर आए हैं, दूसरों के घर भी उसी तरीके से जलें, तो हमें कोई ऐत...
- उसकी बीबी बिक गयी सो?... राज्य बिक गया सो?
हमने छीला है, तराशा है आपको
मित्रो ! इसमें कोई हर्ज की बात नहीं है...
- उसकी भावनाएँ क्या हैं?... ब्राह्मण एक ही हो सकता है, वह हो सकता है—जिसके अन्दर करुणा, दया, सम्वेदना, ज्ञान को बाँटने की, अज्ञा...
- उसकी महत्ता क्या है?... इसको हम जानें, उसमें सन्निहित शक्तियों को पहचानें और विकसित करने का प्रयास करें। जीवात्मा के लाभ...
- उसकी लम्बाई, चौड़ाई, गोलाई और मोटाई है?... शक्ल बन जाने से वह साकार हो गया। निराकार कहाँ रहा? तो वह हँसते और कहते कि भाई! बात यह है कि ध्यान कर...
- उसकी समझ में ही नहीं आता कि उसको करना क्या है?... पैसों के सदुपयोग का इसका जरा भी भान नहीं है। पागलों के तरीके से जमा करता चला जाता है। मथुरा में इस...
- उसके प्रति भी कुछ फर्ज है आपका कि नहीं है?... नहीं, साहब मैंने तो चार बेटों में बराबर बाँट दिया। ऐसा मत कीजिए। चार बेटों में बराबर मत बाँटिए। बच...
- उसके अन्दर जो भी हो तो क्या?... लेकिन है वह राक्षस योनि में ही। यहाँ आ गया, पर उसमें कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। एक तो अपनी सारी जि...
- उसके आत्मसमर्पण के सिद्धान्त को आप स्वीकार नहीं करेंगे क्या?... वह अपने माँ-बाप, भाई-बहन को छोड़कर आपके घर आई। उसने अपनी जवानी, अपनी सेहत, अपना पुरुषार्थ, जेवर, पैस...
- उसके ऊपर क्या जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं?... भगवान् ने मनुष्य से क्या उम्मीदें की हैं।मित्रो! भगवान् तो हृदय में, घट-घट में समाया हुआ है और वह मन...
- उसके ऊपर क्या जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं?... भगवान ने मनुष्य से क्या उम्मीदें की हैं?
मित्रो, ! भगवान तो हृदय में, घट-घट में समाया हुआ है ...
- उसके खानदान वाले मारे गए?... हाँ गुरुदेव! लेकिन तुझे एक बात का ध्यान नहीं है कि सारे के सारे वातावरण में जो राक्षसों ने असुरता के...
- उसके घर में जब नौकरानी काम करती है, तो यहाँ किसलिए आई है?... कामवासना की पूर्ति के लिए? नहीं, आपको नहीं मालूम, इसके लिए नहीं आई है। तो किसके लिए आई है? उसका एक ह...
- उसके द्वारा जो लोगों में श्रद्धा उत्पन्न होगी, तो तू उससे अपने लिए लाभ उठाएगा?... अच्छा, ठहर, अभी तुझे बताता हूँ। यह दृश्य देख विवेकानन्द वहीं अमेरिका में काँपने लगे। उन्होंने अपने आ...
- उसके पास तक पहुँचे हैं कभी?... नहीं पहुँचे हैं। वह आपसे बहुत दूर है। जब सब चीजें आप से बहुत दूर हैं, लेकिन दूर रहते हुए भी आपकी इ...
- उसके पास सिकन्दर गया और उनसे पूछा कि बताइये, आपके लिए किसी चीज की आवश्यकता है?... बताइये, आप तो अकेले मालूम पड़ते हैं और आप तो नंगे मालूम पड़ते हैं। आपके पास कपड़े भी नहीं हैं। आप सन्त ह...
- उसके फलस्वरूप फिर क्या हुआ?... बेटे, उनके यहाँ अप्सरा से एक लड़की पैदा हुई थी, तुझे मालूम नहीं है। विश्वामित्र ऋषि के पास एक मेनका ...
- उसके बाद क्या हुआ?... मित्रो! अँगरेज भारत छोड़कर चले गए। प्यार बहुत बड़ा संबल होता है, यह आप न भूलें। प्यार से मनुष्य के...
- उसके बाद में क्या बनता है?... उसके बाद और अधिक साफ करते-करते, और अधिक परिशोधन करते करते डायनामाइट बन जाती है। डायनामाइट किसे कहते ...
- उसके बाल-बच्चे क्या खायेंगे?... उस बेचारी का क्या होगा? वह हम सबको पकड़ लेगी और रोयेगी, तो हम सब क्या करेंगे? सभी जुलाहे बैठकर रो...
- उसके भीतर क्या होता है?... स्नेह होता है, प्यार होता है, चिकनाई होती है। चिकनाई को स्नेह, प्यार कहते हैं। दीपक, जो ...
- उसके मन में क्रोध कहाँ आया?... उसके मन में ईर्ष्या कहाँ आई?मित्रो! ईसा को फाँसी पर चढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि ये लोग नहीं जानते कि ...
- उसके मन में आया कि जिस महिला ने मेरे जीवन में चार साल इतने आनन्द और उल्लास से व्यतीत किये, उसका एहसान किस तरीके से चुकाना चाहिए?... महान व्यक्तियों के सोचने का ढंग हमारे आपके जैसा होता, तो गया जी में जाकर के पिंडदान, तर्पण करते और क...
- उसके मन में ईर्ष्या कहाँ आई?... मित्रो! ईसा को फाँसी पर चढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि ये लोग नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं? हे परमपित...
- उसके मन में सेवा की वृत्ति है वह सिवाय भगवान के और कौन हो सकता है?... विद्यार्थियों ने कहा- तो गुरुजी! हमको आप भगवान का दर्शन करा देंगे क्या? देवता का दर्शन करा देंगे क...
- उसके माँ-बाप में ही संस्कार नहीं थे, तो उसमें संस्कार कहाँ से आते?... वही बे-ताज का बादशाह है, उसको बनाइए। उसको बनाना आपका काम है। बच्चों को बनाना आपका काम है। जीजाबाई ने...
- उसके रहते हुए चोरी करना क्या सम्भव है?... उसने कहा—नहीं, चोरी करना सम्भव नहीं है।
इसलिए मित्रो! जब हमको भगवान का साक्षात्कार होता है, तो हम...
- उसके राजपाट को छीन लिया, बीबी-बच्चों को छीन लिया और मारकर भगा दिया, तब?... तब हमने देखा कि बाली का तो हम कुछ बिगाड़ नहीं सकते, इसलिए हम सुग्रीव के साथ चले आए। सुग्रीव हमारा पुर...
- उसके लिए तैयार होगा क्यों?... उसको तो किसी ने ऐसा नुस्खा बता दिया है कि तुमको समाज के लिए कोई त्याग करने की जरूरत नहीं है। अपने ...
- उसके लिए आपका मन कैसे लग सकता है?... आपका मन नहीं लग सकता।इसलिए मित्रो! आपको अपने भीतर कशिश पैदा करनी हैं और यह कशिश मोह को त्याग करके ...
- उसके लिए कार्यक्षेत्र कहाँ हों?... व्यक्तित्व विकास की प्रयोगशाला है परिवार
व्यक्तित्व का विकास करने के लिए स्वयं में चिन्तन ...
- उसके लिए क्या करना चाहिए?... घास-चारा कहाँ से आये? सो वे कलेक्ट्रेट के लॉन के माली से कह देते थे कि भाई साहब! आपकी जगह घास के ऊ...
- उसके लिए क्या करना चाहिए?... बस इसी का नाम विद्या है और अगर किसी को विद्या मिल जाय तब? तब वह धन्य हो जाता है। विद्या ही अमृत है...
- उसके लिए क्या करना पड़ेगा?... वही, जो मैंने आपसे पहले कहा और फिर कहता हुआ चला जाऊँगा कि आप अपने आप की सफाई कीजिए। अपने मन की मलीनत...
- उसके लिए क्या करना पड़ेगा?... उसके लिए दैवी संस्कृति की सभ्यता की स्थापना करनी पड़ेगी, ताकि लोगों के भीतर से उमंगें, जोश, जीवट, एक-...
- उसके लिए तब क्या करना पड़ेगा?... हम आपसे अलग चले जाएँगे। लेकिन इसका यह मतलब नहीं समझना कि अलग चले जाने से कोई दुश्मनी होती है। माँ ...
- उसके सम्पादक का नाम बताइये?... हमें सम्पादक का नाम नहीं मालूम। क्या मतलब है? बस अख़बार पढ़ते हैं।मित्रो! इसी तरह सैकड़ों व्याख्यानद...
- उसके साथ में किस तरीके से प्यार किया, कैसे उसका वंदन और पूजन किया जाय, कैसे उसकी अर्चना की जाय, इसके लिए आपको भावनात्मक पहलू भी जानना होगा?... उसमें कर्मकाण्ड भी एक पहलू है।
पूजा करने की विधियाँ, कर्मकाण्ड का एक पहलू है, लेकिन भावना वाला स...
- उसके साथ में क्या चीज चाहिए?... वह चीज चाहिए जो मैं ब्रह्मवर्चस के इस शिविर में आपको बताता हुआ चला आ रहा हूँ। उस दिन मैंने आपको पहली...
- उसके साथ-साथ में जीवन की साधना, स्वाध्याय, विचारों का परिमार्जन, संयम, अपनी जिन्दगी के छिद्रों का निराकरण और सेवा, इनको आप मिला दीजिए, फिर देखिए कि आपकी उपासना फलित होती है कि नहीं?... आप सिद्धपुरुष बनते हैं कि नहीं? आप चमत्कृत होते हैं कि नहीं? भगवान आपके घर में सेवा-सहायता करने के ल...
- उसके स्थान पर अब कुछ हरफों का उच्चारण करना आपने सीख लिया है, तो उसमें बुराई की क्या बात है?... यह अच्छी बात है। कोई खराब बात नहीं है। लेकिन बात इतने से ही बनने वाली नहीं है। आप भगवान् जैसे वि...
- उसको आप हटा देते हैं, तो क्या हो जाता है?... तब आप योगी हो जाते हैं। तब आप अपने आप को भगवान से, परमात्मा से जोड़ देते हैं। स्त्री और पुरुष अपने आ...
- उसको किसलिए पैदा किया गया है?... और क्या करना चाहिए? अगर यह ज्ञान मनुष्य के भीतर से जाग्रत हो जाए, तो आदमी के काम करने के ढंग और विचा...
- उसको कैसे विश्वास आए कि आप अच्छे कार्य के लिए घूम रहे हैं या किसके लिए घूम रहे हैं?... मेरे गुरु—मेरे भगवान
बेटे! उसे बताइए तो और उसे यह भी बताइए कि गुरुजी ने इतना बड़ा जो कार्य किया ह...
- उसको क्या करना पड़ेगा और क्या नहीं करना पड़ेगा?... इस सम्बन्ध में उसको कुछ आइडिया हो जाता है, तो लड़की अपने गृहस्थ में असुविधा अनुभव नहीं करती। गुड्डे...
- उसको क्यों नहीं आगे बढ़ाया?... क्या यही दृष्टिकोण है, आपके दाम्पत्य जीवन का? क्या यही आपकी दृष्टि है कुटुँब के, परिवार के विकास के ...
- उसको गुस्सा कहाँ आया?... उसके मन में क्रोध कहाँ आया? उसके मन में ईर्ष्या कहाँ आई?मित्रो! ईसा को फाँसी पर चढ़ाया गया। उन्होंन...
- उसको दबोचकर रखा जाता है, चाहे वह पढ़ी-लिखी ही क्यों न हो?... भले से सर्विस कर रही हो। भले से कमा रही हो; लेकिन घर में गुलाम है।
नर और नारी एक समान
किसकी गुला...
- उसको बने तो करोड़ों और अरबों वर्ष हो गए, तो फिर जिसको आप यह कहते हैं कि यह जमीन मेरी है, तो फिर यह आपकी कैसे हुई?... यह तो ब्रह्मा जी की हुई। हाँ साहब! ब्रह्मा जी की हुई। फिर लाखों-करोड़ों आदमी आपकी तरह यह कहते हुए फन...
- उसको यदि आप नहीं सुन रहे हैं, तो फिर गुरुजी के प्रति आपका क्या समर्पण है?... उनका समर्पण है, जो दिन-रात सोते भी नहीं हैं और दो लेख लिख करके तब पानी पीते हैं। बेटे! समर्पण उनका ह...
- उसको शीतलता कौन देगा?... बेटे, शीतलता देने की बारी जो आती है, वह आपके साहित्य की और आपकी है।...
- उसने अपनी तीसरी आँख खोली और कहा कि अपने बुढ़ापे को मैं व्यर्थ ही गँवाता रहूँगा क्या?... अब मेरा शरीर क्या भगवान के काम में नहीं लगेगा? क्या मैं लोभ और मोह के बन्धन में ही बँधा रहूँगा? जटा...
- उसने आज का जायका उठा लिया ना?... हाँ, लेकिन आज का जायका उठाकर के उसने क्या फायदा प्राप्त किया। कल का भविष्य खराब कर लिया ना? उस बेचार...
- उसने उसी पत्थर की मूर्ति में से गिरिधर गोपाल को पैदा कर लिया और एकतारा लेकर के उसके लक्षण, गुणगान करने के लिए कहाँ-कहाँ फिरी?... वृन्दावन से लेकर जयपुर और न जाने कहाँ-कहाँ मीरा फिरी और सूरदास? कहते हैं कि सूरदास अन्धे हो गए थे, त...
- उसने कहा कि अगर चारों धाम की यात्रा करने के बाद बैंगन का जायका इतना बदल गया और यह बैंगन पहले की अपेक्षा और अधिक सड़ गया तो आपको यह कैसे विश्वास हो गया कि जगह-जगह के खिलौने देखने के पश्चात और तमाशा देखने के पश्चात और पर्यटन करने के पश्चात हमारा कोई आध्यात्मिक उद्देश्य पूरा हो सकता है?... बेटे! कोई आध्यात्मिक उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।
(क्रमश:)
प्रस्तुत प्रवचन की प्रथम...
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- उसने कहा कि हम ब्याह क्यों करेंगे?... हमारा एक देवर है और एक है जेठ, दोनों हमारी सहायता करेंगे। बाप ने पूछा—कौन है तेरा देवर और जेठ? उसने ...
- उसने कहा कि हमने अपनी बेशकीमती जिन्दगी न्यौछावर करके उसकी कीमत पर जो धन- दौलत कमाया था, वह कहाँ है?... लाओ, अब हम मरने को हैं, उसे अपने साथ ले जायेंगे। मंत्रियों ने कहा कि आप भी क्या गजब की बात करते है...
- उसने कहा कि हमें क्या करना है?... हम तो पीसने के लिए पैदा हुए हैं। सॅलाइवा मिलाने के लिए हम पैदा हुए हैं। दूसरों की खुशहाली के लिए हम ...
- उसने कहा, अब क्या करूँ, कैसे मुनाफा हो और कैसे घाटा पूरा हो?... उसने कहा, चल अपने गुरुजी के पास चलता हूँ। उसे लेकर मेरे पास आ गया। मैंने कहा, बेटे क्या बीमारी लेकर ...
- उसने कहा, पिताजी आपने संन्यास ले लिया?... हाँ। तो फिर हमारे लिए हुक्म दीजिए कि हमको क्या करना चाहिए।मित्रो! संघमित्रा जो थी, उसने कहा, पिताजी ...
- उसने कहा- परन्तु इनमें न तो सुगन्ध है और न स्वाद है, तो मैं किस तरीके से मान लूँ?... पत्नी ने कहा कि जब ये बैंगन सुगन्ध न प्राप्त कर सके, खुशबू प्राप्त न कर सके और स्वाद न प्राप्त कर स...
- उसने कहा—क्या नाम लूँ?... राम का नाम लिया कर। राम नाम याद आने लगा, तो उसे याद आया कि मेरा सारा जीवन तो कषाय-कल्मषों में बीता ह...
- उसने कहा—तो फिर क्या करना चाहिए?... सच्ची बात तो यह है कि मेरा मन तो कहता है कि मैं दूँ ही नहीं और यह कह दूँ कि जेवर मेरे हैं, मैं न...
- उसने कहा—देखूँ तो सही, वह कौन है?... पेड़ के ऊपर चढ़कर उसने देखा, तो कोई कहीं नहीं दिखाई दिया। उसने कहा—बच्चे! यहाँ तो कोई नहीं हैं। बच्चे ...
- उसने कहा—नहीं, तालाब भी छोटा है, तालाब भी नहीं चाहिए, मुझे तो क्या चाहिए?... उसे समुद्र में डाल दिया अर्थात उसका विस्तार हो गया।
बेटे ! मिशन का विस्तार हो गया। वह समुद्र के तरी...
- उसने कहा—हम अख़बार इसलिए बेचते हैं कि हमारे पिताजी एक ऊँचे सरकारी अफसर हैं और वे यह कहते हैं कि हमारा बच्चा भी बड़ा होकर के सरकारी अफसर बनेगा और अच्छा काम करेगा, मालदार बनेगा, लेकिन मालदार को यह मालूम होना चाहिए कि पैसा मेहनत से कमाया जाता है तो उसे खरच कैसे करना चाहिए?... खरच वही कर सकता है, जिसने मेहनत से कमाया है। जिस आदमी ने मेहनत से नहीं कमाया, वह पैसे को सही ढंग से ...
- उसने कहा—‘तुम क्या कर रहे हो?... ’ हम समुद्र में पुल बना रहे हैं। क्यों? उन्होंने कहा—‘सीता जी को वापस लायेंगे, रावण को मारेंगे।’ त...
- उसने क्या करके रखा है?... उसने इंसान को बेशकीमती नियामतें दी हैं और एक के भीतर एक छिपा करके दी हैं।
मानवीय व्यक्तित्व के ती...
- उसने क्या कहा?... उसने कहा कि ५०० रुपये दे दीजिए, तो हम आपका ट्रांसफर करा देंगे। आपने फिर कमिश्नर से भी कोशिश की होगी,...
- उसने क्या काम किया?... ब्याह शादी तो नहीं की, पर पड़ोस के बच्चे, अनाथ बच्चे, अपाहिज बच्चे इकट्ठे कर लिए और उन्हें पालने लगा...
- उसने क्या किया?... पुराणों की कथाओं के मुताबिक़ उसने दुनिया की सारी दौलत इकट्ठी कर ली और समुद्र में चला गया और वहीं समु...
- उसने क्या पाया था?... हाँ मित्रो! हमने बहुत पाया और अपने प्रभाव की दृष्टि से न जाने क्या-क्या पाया? मैं वह आदमी हूँ कि किस...
- उसने क्यों भेजा?... आपने चिड़िया जला दी थी, अरे! आपको तो सब बातें मालूम हैं। हाँ, हमको भूत, भविष्य की सब बातें मालूम है...
- उसने गाय का दूध पीने के लिए क्या किया?... पोले बाँस की एक नलकी ली और गाय के थन से लगाई और हुक्के के तरीके से दूर से ही दूध पीने लगा। एक ने पूछ...
- उसने जब सीता जी का अपहरण देखा, तो कहा कि मैं बूढ़ा पक्षी हूँ तो क्या हुआ?... अगर हमारे, आपके जैसा होता तो सोचता कि अरे भाई! फौज में भरती होने से क्या फायदा? अब तो हम बूढ़े हो ग...
- उसने जूडस का अजायबघर देखा और पिता से पूछा कि हमारे सामने ये जो मूर्तियाँ रखी हुई हैं, क्या इनकी शक्लें ऐसी ही थीं?... क्या उनकी कलाइयाँ ऐसी मोटी थीं। उनने कहा—हाँ बेटा! ऐसी ही थीं। क्या हमारे बुजुर्गों की गरदन ऐसी मोटी...
- उसने देखा कि जेब में क्या रखा हुआ है?... जेब में एक डायरी रखी हुई थी। डायरी में लॉटरी के नंबर लिखे हुए थे। गुजरात गवर्नमेंट की लॉटरी नंबर ३६९...
- उसने नौकरानी को बुलाया और कहा—अब क्या करना चाहिए?... २००० रुपये कहाँ से आएँगे? अब तो जेवर बेचकर रुपये चुकाने पड़ेंगे। लेकिन आइंदा के लिए जो सही में मजनू ह...
- उसने पत्नी से पूछा कि क्या तुमने खाना नहीं खाया?... पत्नी बोली—भला मैं कैसे खा लेती। मेरे माता-पिता ने कहा है कि पति के खाने के बाद खाना तथा उसकी सेवा क...
- उसने पूछा कि आप अयोध्या से यहाँ क्यों आये?... रामचन्द्र जी बोले-शबरी हमेशा भगवान् भक्त के पास आते हैं। हम सूरदास के पास गये थे। हम राजा बलि के प...
- उसने पूछा—"इसका मालिक कौन है?... कोई राजा साहब हैं। नाम मालूम है? नाम हमको मालूम नहीं। शक्ल मालूम है? नहीं साहब! शक्ल भी नहीं मालूम, ...
- उसने पूछा—कहिए आप लोग कैसे आए?... उन्होंने कहा कि यहाँ के विश्वविद्यालय में साइंस की एक फैकल्टी बनने वाली है। उसमें अमुक-अमुक काम कराए...
- उसने पूछा—क्यों इसमें कुछ गलती हो गई है क्या?... हाँ, यह तो पचास हजार का चेक है और हमने तो पाँच सौ डॉलर माँगे थे। हाँ, मैंने आपको पचास हजार डॉलर की प...
- उसने मनुष्य को बहुत कुछ दिया है, इतना दिया है कि आपको मैं क्या कह सकता हूँ?... आपको ऐसे हाथ दिए, आपको ऐसा सुख दिया, ऐसी आपको जिन्दगी दी कि उसे कितने उपहारों से लाद दिया। क्यों लाद ...
- उसने यह कहा—"गुरुदेव आप यह बताइए कि आप तो इस साधना में लग गए, तो हमें प्रेरित कौन करेगा?... आप यह तो बताइए कि हमको करना क्या है?" तो उन्होंने कहा—"एक ही कार्य है कि सारे विश्व में फैल जाओ। हर ...
- उसने समय को पहचान करके उसकी कीमत कैसे चुकानी चाहिए?... मुनासिब वक्त का कैसे फायदा उठाया जाना चाहिए, यह समझदारों का काम है। मैं चाहता था कि आप समझदारी का ...
- उसने साहस और उदारता मेरे लिए नहीं बरती होती, धैर्य नहीं रखा होता, तो आज मैं न जाने क्या से क्या होता?... आर्य समाज का इतना काम किया। पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादक रहे, उन्होंने बहुत काम किया। गुरुकुल कांगड़ी क...
- उसमें अकेले उनकी सामर्थ्य थी क्या?... यदि राम ने उनके व्यक्तित्व को ललकारा नहीं होता, तो वे वानर-के-वानर ही रह गए होते।...
- उसमें आप लोगों का क्या योगदान होना चाहिए?... आप लोगों का जो योगदान होना चाहिए, वह है हिम्मत का, साहस का। बुज़दिली का नहीं, रोने और चिल्लाने का नह...
- उसमें और आप में फरक कहाँ रहा?... जीवन-निर्वाह करने की क्रिया और जीवनयापन करने में योगी और भोगी में कुछ खास फरक नहीं होता। विचार करने ...
- उसमें कम से कम हम अपनी विचार पद्धति की पूरी-पूरी जानकारी करा सकें कि आखिर हम कहना क्या चाहते हैं और करना क्या चाहते हैं?... मित्रो! क्या करना पड़ेगा? आपको तीर्थयात्राओं के लिए जाना पड़ेगा। जिस गाँव में आप पहुँचेंगे, जिस गाँव...
- उसमें क्या खास बात है?... उसमें हमारे नाम का पत्थर लगा हुआ है। हमने अपने पिता के नाम पर 5100 रुपये दिए हैं। देखना कैसा जोर का ...
- उसमें क्या था?... चलिए भाई साहब! यज्ञ में बैठ जाइए। नहीं साहब! हमारे काम में देर हो जाएगी। नहीं साहब! देखिए, एक पारी ब...
- उसमें क्या बात है?... और उसमें क्या बात थी? वह भी खाना पकाती थी और हमारी औरत भी खाना पकाती है। बेटे! मुख्य बात—असल बात यह ...
- उसमें क्या होता है?... बेटे, उसमें दो जानवरों को बहका देते हैं और बहकाये हुए जानवर आपस में टक्कर मारते हैं। खून-खराबे हो ज...
- उसमें क्या-क्या भरकर के लायेंगी?... पाँच वाले नोट अलग, दस रुपये वाले नोट अलग, सौ-सौ रुपये वाले अलग-सब इकट्ठा करके लायेंगी। बेटे, तू ऐस...
- उसमें जीवन कहाँ होता है?... भागवत् कहने वाला व्यक्ति जीवित कहाँ है? वह मरा हुआ है। मरे हुए आदमी की कथा क्या हो सकती है? नारद जी ...
- उसमें प्राण पैदा क्यों नहीं कर लेते?... आप इन कृत्यों की प्राण-प्रतिष्ठा कीजिए। बेटे! मैं यही कहना चाहता था आपसे।...
- उसमें वह उपलब्धि कहाँ है?... आध्यात्मिक उपलब्धि उससे नहीं हो सकती।
शंकर और पार्वती रास्ते में जा रहे थे। उसी रास्ते में एक ब्र...
- उसमें शक्ति कहाँ से आ गई?... बेटे, एकलव्य की श्रद्धा ने पैदा की थी। श्रद्धा पैदा कर सकती है? हाँ श्रद्धा गुरु पैदा कर सकती है। ...
- उसमें से इसे हम कैसे अलग कर सकते हैं?... अत: हमारे हिस्से में भी चला जाएगा।...
- उसमें से क्या खून निकलने वाला है?... खून तो हमारे भीतर से निकलता है और हम अपने आपको चखते रहते हैं। मित्रो! इसी तरह कामवासनाओं की ...
- उसमें से क्या-क्या चीजें निकलीं थी?... पुराणों में मैंने सुना है कि सूरज निकला था, चन्द्रमा निकला था, लक्ष्मी जी निकली थीं। ऐरावत हाथी नि...
- उसमें से भगवान मिल जाता है?... अरे महाराज जी! भगवान तो दिखाई नहीं पड़ते। अच्छा बेटे! योग के नाम पर और क्या करता है? गुरुजी! योग ...
- उससे आप क्या करेंगे?... उससे उस अध्यात्म की कीमत पर आप जनता का सम्मान खरीदेंगे। फिर क्या होगा? फिर आप पर सहयोग बरसेगा। ये क्...
- उससे आपने क्या पाया था?... हाँ, हमने बहुत कुछ पाया था, न जाने आपने प्रभाव की दृष्टि से क्या-क्या पाया, पैसे की दृष्टि से न जाने...
- उससे क्या फायदा है?... उन्होंने कहा—मैं तलवार चलाने का अभ्यास कर रहा हूँ। क्यों अभ्यास कर रहे हैं? इसलिए अभ्यास कर रहा हूँ ...
- उससे क्या फायदा होगा?... उन्होंने कहा कि रोटी के अलावा थाली में से सारा सामान हटा दीजिए। उससे क्या फायदा होगा? आचार्य जी! उसम...
- उससे क्या फायदा होता है?... उससे लक्ष्मी आती है। ऐसा शंख जहाँ कहीं भी रहेगा गुरुजी! वहाँ लक्ष्मी आ जाएगी। अच्छा, तो लक्ष्मी आ जा...
- उससे क्या मिलेगा?... क्योंकि हमारी मान्यता तो वैसी ही बनी है। अरे बेटा! तू उस मान्यता को छोड़, भावना और श्रद्धा को क्यों ...
- उससे क्या हम लड़ाई-झगड़ा करें?... नहीं, उससे लड़ाई-झगड़ा क्या करना है? झूठ के पाँव कहाँ होते हैं? झूठ जिन्दा रहता है क्या? झूठ जिन्दा ...
- उससे क्या हुआ?... दो खराबियाँ हुई हैं। हमने शंकर जी से पूछा भगवान! सभी लोग आपको शक्कर खिलाते हैं। इससे आपको कोई नुकसान...
- उससे क्या हो जाएगा?... उससे गुरुजी! हमारे बच्चे एटीकेट सीखकर के आएँगे। एटीकेट क्या होता है? एटीकेट उसे कहते हैं, जब कोई आ...
- उससे क्या होगा?... जा वैकुण्ठ चला जा। वहाँ तेरे स्वागत के लिए खड़े हैं द्वारपाल।
समय की पुकार सुनें
बेटे ! अब यह स...
- उससे जाने हमें क्या-क्या मिलता है?... भगीरथ यह दौलत कहाँ से कमाकर लाए थे? उनने एक ही काम किया था, जिसका नाम था—तप। भगीरथ ने तप करने से यह ...
- उससे ज्यादा सफाई हो सकती है, पर इससे सफाई कैसे हो सकती है?... यह भावनात्मक सफाई है, मान्यात्मक सफाई है।
मखौल मत करिए
मित्रो! सारे का सारा अध्यात...
- उससे हम अलग कैसे रहेंगे?... जब हमारा शरीर नहीं रहेगा, तो हमारी आत्मा उसमें रहेगी।
शरीर तो बेटे! हाड़-माँस का है, जो सबका होता ह...
- उसी का नाम हीरा है, जो करोड़ों रुपये का होता है और आपकी की क्या कीमत है?... अभी आपकी कीमत एक कौड़ी भी नहीं है। आप अभी मर कर जाएँगे और मिट्टी में मिल जाएँगे। जानवर की खाल भी काम...
- उसी तरह आपकी पात्रता कमजोर हो, तो भगवान कैसे आपको अपनायेगा?... कैसे स्नेह, प्यार देगा? अगर राजकुमार से विवाह करना हो, तो लड़की भी ठीक होनी चाहिए। अगर आप कोढ़ी हैं,...
- उसी नारकीय योनि में चले जाते हैं, ये हुई कि सन्त जो होता है, क्या बात हुई?... इसीलिए वह सारे विश्व का होता है, वह सारे विश्व का पिता होता है। सारे विश्व का होता है, जो भी होता है...
- उसी पाठ के हिसाब से उसकी मनोकामना पूरी कर दी जाए, देवताओं के जिम्मे बस यही काम रह गया है?... पाठ कीजिए, मनोकामना पूरी कीजिए। अरे मुनीम जी! लोगों का जल्दी-जल्दी एकाउण्ट तैयार कीजिए। क्या करें? ठ...
- उसे आत्मसाक्षात्कार हो गया कि नहीं हो गया?... कुछ भी नहीं हुआ। एकाउण्टेंट जो बढ़िया वाले हिसाब रखते हैं, सब एकाग्रता वाले होते हैं। एकाग्रता न ...
- उसे आप अगर एक को पढ़ाने में, गजेटेड आफीसर बनाने में खर्च कर देंगे, तो बाकी बच्चों के गले में क्या फाँसी लगा देंगे या मार देंगे?... या फिर उसे मैट्रिक तक पढ़ाने के बाद घर से निकालिए तथा यह कहिए कि निकल घर से, अपने आप पढ़ तथा अपने ...
- उसे आप क्यों नहीं समझते?... अक्षरों को समझते हैं और उन्हें महत्त्व देते हैं। क्रिया-कांडों को महत्त्व देते हैं, लेकिन उस असलियत ...
- उसे करने दे, हमें क्या नुकसान है?... उसी का नुकसान होगा। देवता अजातशत्रु होते हैं। शत्रु कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकते। नहीं साहब! शत्रु तो...
- उसे किस स्तर की जिन्दगी जीनी पड़ सकती है?... यही हमारा स्टैंडर्ड है। आप अमेरिका में जन्मे हैं तो आपका स्तर दूसरा हो सकता है। अमेरिकी नागरिक को खर...
- उसे किसने बोला था?... शृंगी ऋषि ने बोला था।मित्रो! आहार-विहार के सम्बन्ध में परिष्कृत होने के लिए आपको भी तैयार होना चाहिए...
- उसे किसी आदमी की प्रशंसा से और निंदा से क्या मतलब है?... गाली देने से क्या मतलब है? जब मैंने यह विचार किया कि पूजा-पाठ से लेकर धर्म-अध्यात्म तक का सारा ढाँचा...
- उसे क्यों बनना पड़ा और यह भी इधर- उधर देखकर के, कि कोई मुझे देख तो नहीं रहा?... इस तरीके से रावण चला। रावण की दशा बहुत ही दयनीय थी। क्यों? क्योंकि उसने गलत रास्ते पर कदम रखने शुर...
- उसे क्यों भूल जाते हैं?... नहीं महाराज जी! मैं तो रास करूँगा। बेटे, रास भी कर और महाभारत भी लड़ और पहाड़ भी उठा। नहीं महाराज जी...
- उसे गले लगाने से क्या फायदा?... वहाँ लोग औलाद को घर से निकाल देते हैं और कहते हैं कि चल यहाँ तेरा कोई काम नहीं है। कारण वहाँ परिवा...
- उसे चाहे आप ने कमा लिया हो, या पा लिया हो, पर इससे आपको क्या मिला?... आप नहीं कमायें और आपकी लॉटरी खुलवा दें, तो आपको कोई ऐतराज तो नहीं है? नहीं साहब! हमें कमाई से कुछ मत...
- उसे छोटी-छोटी कहानियों से प्रेरणा देंगे?... गुरुजी! हमने तो बच्चों के लिए नौकर रख छोड़ा है। नौकर ही बच्चों को खिला देता है, स्नान करा देता है। अ...
- उसे डंडे से पिटाई नहीं करेंगे?... जरूर करना, जो कोई भी कहना नहीं माने।
कुटुम्बपालन का आध्यात्मिक सिद्धान्त
मित्रो! आँख, कान, ...
- उसे देने दे, उससे क्या बनता है?... हम तो नहीं देते, हम तो नहीं करते बैर। इसलिए जलन-दाह हमारे भीतर तो नहीं है। ईर्ष्या, क्रोध हमारे भीतर...
- उसे बीच में एक घण्टे की छुट्टी मिलती है कि नहीं मिलती?... हाँ साहब! एक घण्टे की छुट्टी तो मिलती है। आठ घण्टे काम होता है या नहीं? हाँ साहब! होता है। एक घण्टे रेस...
- उसे मासिक पेमेंट तो ग्यारह सौ रुपये ही मिलते हैं, तो फिर इतना सारा पैसा वह कहाँ से लाएगा?... इसके लिए क्या किया, उसको आपने देखा नहीं, उसने रेल की लाइनों को कमजोर कर दिया। देश को तबाह कर दिया आप...
- उसे रखने के लिए तेरे पास जगह भी है या नहीं?... नहीं, महाराज जी! घी दे दीजिए। अच्छा, बेटे! दे देंगे, लेकिन इसे रखेगा किसमें? महाराज जी ! कुरते में ल...
- उसे रहने दीजिए और ये बताइए कि वे कौन सी माला से जप करते थे?... बेटे ! तू पागल आदमी है, केवल माला पूछता रहता है, मंत्र पूछता रहता है। असली माला नहीं पूछता, जो बड़ी ...
- उसे लेने कौन आते थे?... सब भिखारी आते थे, गरीब आते थे और पैसे बीनते थे। वह फिर फेंकता था और लोग बीनते थे। किसकी बात कह रहे ह...
- उसे सद्गुणों से, सत्प्रवृत्तियों से कैसे सम्पन्न किया जार?... सबसे बड़ा प्रश्न यही है, जिसका अगर कोई आदमी समाधान कर लेता है तो समझ लीजिए, उसने अपने भविष्य को उज्ज...
- उसे सभ्य नागरिक तथा कर्तव्यनिष्ठ अध्यापक नहीं बनाएँगे?... दृष्टिकोण बदलें, तनावमुक्त हों
मित्रो! मैं आपसे फिर कहता हूँ कि आप आज से अपना दृष्टिकोण—महत्...
- उसे हिप्पी बनाएँगे, सिनेमा की ऐक्ट्रेस बनाएँगे, क्या करेंगे उसका?... बेदिमाग, बेहूदापन के आगे आप अपने कुटुँब को भाड़ में झोंक रहे हैं। आप कहते हैं कि समाज में मेरी लड़की...
- ऊँचाई के रास्ते पर चलने के लिए आपको क्या बनना है?... आपको लोकहित करना है या आपको भगवान का भक्त बनना है? भगवान का भक्त बनना हो तो आपको हनुमान जी को इष्टदे...
- ऊँट चराने के बाद में उन्होंने जमींदार को देखा कि उसे क्या-क्या बीमारियाँ हैं?... ये बीमारी, वो बीमारी—कितने साल से हैं? पाँच साल से हैं। बवासीर इतने साल से, डायबिटीज इतने साल से, हा...
- ऊपर की सतह पर क्या मिलता है?... खारा पानी होता है। समुद्री फेन वगैरह तैरते फिरते हैं और बहुत सी बेकार चीजें घूमती फिरती हैं। समुद्र ...
- ऋद्धि और सिद्धि कौन थीं?... गणेश जी की औरतें थीं। अच्छा गणेश जी कौन थे? शिव और पार्वती ने जब ब्याह कर लिया था, तो उस विवाह के फल...
- ऋद्धि क्या होती है?... ऋद्धि बेटे, आन्तरिक विभूतियों को कहते हैं और सिद्धि? सांसारिक सफलताएँ सिद्धियाँ कहलाती हैं और आन्तरिक ...
- ऋद्धि बेटे, आन्तरिक विभूतियों को कहते हैं और सिद्धि?... सांसारिक सफलताएँ सिद्धियाँ कहलाती हैं और आन्तरिक विशेषताएँ—आत्मबल से लेकर अच्छे गुणों की संपदाएँ ऋद्ध...
- ऋषि की क्या आज्ञा है?... उन्होंने कहा कि जीवन का थोड़ा-सा समय बचा हुआ है। मनुष्य की सबसे बड़ी बुद्धिमानी यही है कि उस बचे हुए...
- ऋषि की वाणी से नहीं निकलते, तब?... तब वह दिल्लगीबाजी है, मखौल है।
राम-नाम और नारायण का नाम लेने से कोई मुक्ति हो सकती है? भाई स...
- ऋषि दधीचि असफल हो गये कि सफल?... असफल हो गये। बेचारे को अपनी हड्डियाँ तक देनी पड़ीं। ये सभी नुकसान उठाने वाले लोग हैं, जिनको लोगों न...
- ऋषियों की निष्ठा को ऊँचा उठाने के लिए किस तरह से वे अपने आपके लिए तबाही मोल लेते थे और किस तरीके से गरीबी मोल लेते थे?... कि तरीके से कष्ट उठाते थे? इसे हमको जिन्दा करना है। इसलिए आप पीला कपड़ा जरूर पहनना, जिससे कि लोगों ...
- ऋषियों के आश्रम में कहीं पलंग थे?... कहीं नहीं थे। फोम के गद्दे थे? कहीं नहीं थे। बच्चे जमीन पर पड़े रहते थे। बेचारे राजकुमारों को भी जमी...
- ऋषियों के पास किसकी महत्ता थी, क्या महत्ता थी-बताइए?... विद्वान थे, किताब पढ़े थे? नहीं पढ़े थे वहाँ तक जहाँ तक हम लोग पढ़े हैं। क्या वे लोग इतने ही ज्ञानी ...
- ऋषियों के पास सम्पत्ति कहाँ थी?... ऋषियों ने जो बाँटा प्यार बाँटा, ज्ञान बाँटा, प्रकाश बाँटा। आपके पास भी ये चीजें हैं, लेकिन आपने कहाँ...
- एक आँख प्यार की और एक आँख सुधार की अर्थात बच्चे गड़बड़ी करते हैं, तो उन्हें कैसे समझाया जाय और कैसे मनाया जाय?... उनको धमकाना कैसे चाहिए और अपनी नाराजगी कैसे जाहिर करनी चाहिए, यह बातें आप कुटुम्ब में रहकर सीख सकते ...
- एक आदमी के पाँच, पाँच के पच्चीस और पच्चीस के कितने और कितने के कितने?... गुणनफल बनाते चले जाइये और आप देखेंगे कि यही प्रक्रिया बच्चे पैदा करने की-औलाद पैदा करने की आदमी की ह...
- एक आदमी के लिए कब तक एक सिलेंडर चल सकता है?... अगर एक आदमी सारे दिन लगाए रखे तो दो तीन दिन में खत्म हो जाएगा। हवा आपकी नाक में ऑक्सीजन की नली लेकर ...
- एक आदमी क्यों खायेगा?... इस देश में असंख्य मनुष्य भूखे हैं, पीड़ित हैं, दुःखी हैं, दरिद्र हैं, उनको क्यों नहीं दिया जा...
- एक आदमी नया जमाना ला सकता है?... एक आदमी लोक-समाज में हलचल पैदा कर सकता है? नहीं, ऐसा नहीं हो सकता।मित्रो! फिर यह हलचल कौन पैदा करत...
- एक आदमी फिजाँ बदल सकता है?... एक आदमी नया जमाना ला सकता है? एक आदमी लोक-समाज में हलचल पैदा कर सकता है? नहीं, ऐसा नहीं हो सकता।मि...
- एक आदमी लोक-समाज में हलचल पैदा कर सकता है?... नहीं, ऐसा नहीं हो सकता।मित्रो! फिर यह हलचल कौन पैदा करता है? नया जमाना कौन लाता है? एक हवा आती है। ...
- एक आदमी सड़क पर पेशाब करता है, गन्दगी कर देता है, तो क्या आपको भी यही करना चाहिए?... नहीं, दूसरा आदमी गलती करता है, तो करे। मसलन आपकी बीबी गलती करती है, तो करे, आपके माँ-बाप गलती करते ह...
- एक एक कमेटी बैठायी गयी और एक आयोग नियुक्त किया गया, जो इस बात की इन्क्वायरी करे कि दंगा होने की वजह क्या थी?... दंगा होने की वजह जब मालूम की गयी, तो यह मालूम हुआ कि जो दंगा हुआ था, इसलिए हुआ था कि ब्राह्मणों और...
- एक एक्जाम्पल पेश कर रहा हूँ कि आपको क्या करना चाहिए?... गायत्री माता का साक्षात्कार करना चाहिए। गायत्री माता का साक्षात्कार करने के लिए पहले आप भूत को पकड़िए...
- एक ऐसी सती-साध्वी नारी को इन्होंने घर से क्यों निकाला?... यह हिम्मत किसने दी? यह हिम्मत माँ ने दी।
माँ ने जंगल में रहते हुए भी दोनों बच्चों को गढ़ा और ऐसे...
- एक ओर हमारे द्वारा परेशान किया जाना और दूसरी ओर मोहब्बत किया जाना, क्या यह माँ का त्याग नहीं है?... माँ का प्यार नहीं है? चिड़िया का अण्डा जिन्दा रह सकता था, पर हम बिना माँ के जिन्दा नहीं रह सकते थे। अग...
- एक और बात आपको जाननी पड़ेगी कि आपके ऊपर जिम्मेदारियाँ क्या हैं?... आपको अपनी जिम्मेदारियों को अनुभव करना पड़ेगा। आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारियाँ हैं, युग को बदलने की जिम्म...
- एक कटोरी पानी को आप समझते भी हैं कि क्या कमाल करता है?... हम तो ज्यादा पानी पी लेंगे। हाँ. मैं जानता हैं कि आप एक कटोरी पानी, एक गिलास पानी, एक लोटा पानी पी स...
- एक कटोरी पानी क्या खाना पकाएगा?... अरे बेटे! एक कटोरी पानी को आप समझते भी हैं कि क्या कमाल करता है? हम तो ज्यादा पानी पी लेंगे। हाँ. मै...
- एक का फोटो छप गया, इससे क्या हुआ?... अरे साहब! हमारा फोटो छप गया। हाँ बेटे, भीड़ में से उछलकर जो कैमरे के सामने आ जायेगा, उसी का फोटो छप ज...
- एक काम पर लगे हुए विचार न जाने कहाँ-से पहुँच जाते हैं?... कालिदास का मन जब तक हमारी, आपकी तरह घूमता रहा, तब तक बुद्धू बना रहा, लेकिन जब उनकी पत्नी ने धमकाया क...
- एक को श्रेय मिल गया, इससे क्या हुआ?... एक का फोटो छप गया, इससे क्या हुआ? अरे साहब! हमारा फोटो छप गया। हाँ बेटे, भीड़ में से उछलकर जो कैमरे क...
- एक कोई सन्त आया और उसने कहा—क्या मरने का मन है?... नहीं महाराज जी! मरने का तो मेरा मन नहीं है। जीना तो चाहता हूँ, पर मौत हमारे पास आ गई। उन्होंने कहा—न...
- एक कौम जप सकता है?... इसका मतलब है कि तीन-चौथाई आदमी उससे ताल्लुक नहीं रख सकते। उस पर एक चौथाई आदमियों का ही अधिकार है। सू...
- एक क्या, आप चार पैसे ले लीजिए?... उन्होंने कहा—सवाल एक पैसे का नहीं है, सवाल उस निष्ठा का है, जो कि व्यक्तियों ने हमारी प्रामाणिकता सम...
- एक घण्टे की कीमत, आदमी के दिमाग की कीमत कितनी होती है?... आदमी के दिमाग की कोई भी तुलना नहीं कर सकता। आदमी के शरीर की शक्ति की तुलना कोई भी नहीं कर सकता और आद...
- एक घण्टे रेस्ट मिलता है या नहीं मिलता?... हाँ साहब! मिलता है। तो आठ घण्टे हो गये या नहीं? हाँ साहब! आठ घण्टे हो गये।मित्रो! एक लाख आदमी हमारा कह...
- एक घूँट चाय से आप भगवान का, समाज का और देश का—सबका ऋण पूरा कर लेंगे क्या?... आप हर काम में महँगाई बरदाश्त कर रहे हैं। खाने में महँगाई बरदाश्त कर रहे हैं, कपड़े में महँगाई बरदाश्...
- एक घड़े से आपका क्या काम बनेगा?... सन्त तुकाराम ने दूसरे घड़े का पानी भी गधे के मुँह में डाल दिया। दोनों घड़ों का पानी पीकर गधा खड़ा हो गया...
- एक चमची से भगवान जी तो नहा भी लेते हैं और ‘‘आचमनं समपर्यामि’’—बेटे, तेरे मुँह पर जम रही है धूल, ले एक चमची जल से अपना मुँह धोकर तो दिखा?... महाराज जी! इतने पानी से तो मुँह नहीं धुलेगा, तो कितने से धुलेगा? महाराज जी! कम-से एक लो...
- एक चम्मच में आचमन करा देगा?... एक चम्मच में—‘‘पाद्यं समर्पयामि’’—पाद्य धो देगा? एक चम्मच में स्नान करा देगा और एक चम्मच में सब काम ...
- एक चम्मच में स्नान करा देगा और एक चम्मच में सब काम करा देगा?... ऐसा नहीं हो सकता। बेटे, यही पसीने की बूँदों से ताल्लुक है और अपने श्रम को, अपने स्वभाव को नम्र, सरल,...
- एक चम्मच में—‘‘पाद्यं समर्पयामि’’—पाद्य धो देगा?... एक चम्मच में स्नान करा देगा और एक चम्मच में सब काम करा देगा? ऐसा नहीं हो सकता। बेटे, यही पसीने की बू...
- एक छोटा-सा वकील वल्लभभाई पटेल क्या-से-क्या बन गया?... हिन्दुस्तान का गृहमंत्री। छोटा-सा मौलाना अबुल कलाम आजाद क्या हो गया? हिन्दुस्तान का शिक्षामंत्री। पं० ...
- एक जगह संगठित बैठे रहेंगे, तो अच्छाई घर-घर कैसे फैलेगी?... अच्छाइयाँ फैलाने के लिए फैलना ही पड़ेगा, ऐसा गुरु नानक ने अपने शिष्यों से कहा।"
गुरुदेव का आदेश य...
- एक टिकट कितने रुपये का आया है?... साहब! तीन सौ इक्यावन रुपये का है। अच्छा साहब! चारों धाम की यात्रा करने के बाद में अब क्या हो सकता है...
- एक तो हिन्दू धर्म का आरम्भ से लेकर अन्त तक प्राचीनकाल के ऋषियों का अनुवाद किसने किया है?... सारी दुनिया हमको जानती है। दुनिया का हर विश्वविद्यालय हमको जानता है कि आचार्य जी एकमात्र ऐसे आदमी ...
- एक था पूषा, आपने सुना है कभी?... पूषा तो साहब! बिहार में है, जहाँ गेहूँ की फसल तलाशी जाती है। अरे नहीं बेटे! वो नहीं है। पूषा एक देवत...
- एक दिन इस तैयारी में लगा रहा कि मुझको अब क्या करना चाहिए?... शुकदेव जी के पास खबर भेजी। स्वयं कथा सुनने का निश्चय किया। सामान मँगाकर तैयारी की। सात दिन में से दो...
- एक दिन नहीं खायेगा, तो तेरा क्या हो जायेगा?... हाँ पिताजी, एक दिन नहीं खाऊँगा, तो मेरा कुछ हर्ज नहीं होगा। बेटे, समाज के प्रति हम अपने कर्तव्य को ब...
- एक दिन मेरे मन में ख्वाब आया कि मैं गाँधी जी हो जाऊँ तो कितना अच्छा होगा, फिर विचार आया कि गाँधी बनना कौन सिखाएगा?... गाँधी बनना तो महात्मा गाँधी ही सिखा सकते हैं और कोई नहीं सिखा सकता। मैं गाँधी जी के पास जाऊँगा और यह...
- एक दिन मैंने आपको बताया था कि हमारा जीवन कैसा होना चाहिए और हम क्या बनना चाहते हैं?... हमारा लक्ष्य क्या है? इसके लिए हमने अपने-अपने इष्टदेव मुकर्रर किए हुए हैं। एक दिन मैंने ताजमहल का हव...
- एक दिन, एक छोकरी उनके पास आयी और पूछा—कागावा आप कहाँ जाते हैं?... उस लड़की को वे ट्यूशन पढ़ाते थे। उन्होंने कहा—मैं तो गंदे मोहल्ले में रहता हूँ। जो दुःखी और दरिद्र ह...
- एक पाव की रजाई कैसे हो सकती है?... हमारे लिहाफ में तो दो किलो रुई आती है, ढाई किलो आती है। हाँ बेटे! बिना धुनी वाली ढाई किलो भी कम है, ...
- एक प्रतिशत की तो मैं कहती नहीं हूँ कि कहीं किसी का दुर्भाग्य ही हो, तो उसके लिए क्या किया जाएगा?... भगवान तो हैं नहीं। एक सच्चा ब्राह्मण जो करता है, जो करना चाहिए, वह उनने जीवनपर्यंत तक उसको पूरा किया...
- एक प्रश्न यह कि हमें क्या करना है और क्या बनना है?... दूसरा यह कि हमें क्या कराना है और क्या बनाना है? इसके सम्बन्ध में स्थूल रूप से आपको कई चीजें दिखाई पड़...
- एक प्राण के बगैर दूसरा प्राण कैसे रहेगा?... मुश्किल है। हम एक प्राण हैं।
बेटे! मैं आपसे यह कह रही थी कि आप हमारे हाथ बन जाइए, कौन-सा हाथ बनेंगे...
- एक प्रौढ़ महिला जो अपने कन्धे पर बच्चे को लिए हुए खेत पर काम करने जा रही थी, क्या सुंदर नहीं बन सकती थी?... रमणी का वह अंग, जिसको कि नहीं देखना चाहिए, उसको दिखाने वाला चित्रकार अगर आज का कलाकार है, तो हम नहीं...
- एक फैसला कर लीजिए कि आपको कहाँ चलना है?... एक रास्ता बन्द कर दीजिए। अगर आपको आध्यात्मिकता की राह पर चलना है तो आप अपने भौतिक जीवन को तपस्वी बनान...
- एक बात बता सकते हो?... हाँ।...
- एक बात बताइए कि जब वह सन्त था तो फिर कभी-कभी डकैती जरूर डालता रहा होगा?... नहीं भाई साहब! ऐसी बात नहीं है। नहीं साहब! आपको मालूम नहीं है। दिन में तो वह भजन करता होगा और रात मे...
- एक बात बताइए कि यह कैसे मालूम पड़े कि किसी आदमी का भविष्य खराब है या अच्छा है?... जन्मपत्री की बात चली, तो उन्होंने कहा कि यह बेकार की बात है। जो ग्रह लाखों-करोड़ों मील दूर रहते हैं,...
- एक बार मैं इलाहाबाद गया था, तो मैंने क्या देखा था?... उसी साल ऐसा हुआ था कि रेलों के नीचे-पाँव के नीचे छह-सात सौ आदमी कुचलकर मर गये थे। उस साल मैं कुंभ ...
- एक बार आशीर्वाद दे दिया, अब बार-बार मैं क्या कर सकता हूँ?... सारी दुनिया में मुसीबतें हैं। सारी दुनिया में कष्ट हैं। संसार में सुख-दुःख तो चलते रहते हैं।...
- एक बार उसके जी में भी आया कि मुझे दुनिया से क्या मतलब?... यह तो रामचन्द्र जी की भार्या हैं। रामचन्द्र जी को मिल जायेगी तो रामचन्द्र जी को नफा होगा। नहीं मिल...
- एक बार मैंने नरक का वर्णन पढ़ा था, परन्तु समझ में नहीं आया कि नरक कैसा होता है?... यदि आपको नरक देखना हो तो अस्पताल में चले जाइए। आज इसकी टाँग का ऑपरेशन होगा, बस हाय-हाय। आज उसके दाँत...
- एक बार सुन लीजिए, हमारी बात सुन लीजिए कि यदि रामायण पाठ करना है तो क्या करना चाहिए?... रामायण का पाठ करने के लिए जिस जीभ की जरूरत है और जिसमें से कमाल निकलता है, चमत्कार निकलते हैं, उसमें...
- एक बार हमने एक भगवान् जी से पूछा कि आपका क्या ख्याल है?... दुनिया वालों का तो ऐसा ख्याल है कि आप प्रसाद चढ़ाने वालों, सुपारी व नारियल चढ़ाने वालों, आरती उतारने...
- एक भगवान को यह पता क्यों नहीं था कि ये भी भगवान हैं?... परशुराम जी को यह पता होता कि हम भी भगवान हैं और रामचन्द्र जी भी भगवान हैं, तो भगवान भगवान से लड़ा...
- एक भी ऐसे आदमी का नाम बता दीजिए कि जिसकी मैंने मनोकामना पूरी की है?... मैंने हर एक आदमी की मनोकामना को परिष्कृत किया है, स्वच्छ किया है, निर्मल बनाया है। मैंने किसी की मनो...
- एक माली से पूछा कि आपने बगीचे को कैसे खराब कर दिया?... साहब! आपका भजन किया। भजन क्या होता है? भजन वह होता है, जिसमें सारे कर्तव्य, सारे फर्ज और सारे उत्त...
- एक मिनट में करनी हो तो क्या?... आपकी बात तो वही जहाँ की तहाँ है। हम आपकी बात का महत्त्व जानते हैं और हमने सारी जिन्दगी भर यही पापड़ ...
- एक रुपये की दस रोटी कैसे आ सकती है?... अरे साहब! दाल भी शामिल है। दाल भी देंगे। बेटे, समझ में नहीं आता, जरा दिखा तो सही, कैसी है? आटे म...
- एक लाख घण्टा किसे कहते हैं?... जरा हिसाब लगाना। आदमी सात घण्टे काम करता हैं। उसे बीच में एक घण्टे की छुट्टी मिलती है कि नहीं मिलती? ह...
- एक वजह क्या है?... पहली वजह यह है कि दुनिया में ऐसे हथियार बनते चले जा रहे हैं, जो एटामिक हथियार से भी अधिक घातक है...
- एक शरीर का क्या फायदा है?... शरीर का सुख हमको मालूम है और उसके लिए हम जिन्दगी के बेशकीमती दिन खराब करते रहते हैं। एक हमारी आँखें...
- एक सच्चा ब्राह्मण जो करता है, जो करना चाहिए, वह उनने जीवनपर्यंत तक उसको पूरा किया और अपने द्वारा समझाया कि ब्राह्मणोचित जीवन कैसा होना चाहिए?... चिन्तन से ही चरित्र बनता है, उसी से व्यवहार बनता है।
दैवी आकांक्षा का ही परिणाम था कि जो उनने सवि...
- एक साल बाद कितना हुआ?... चौबीस हजार रुपये हुआ। तीन साल का कितना हो गया? बहत्तर हजार रुपये हो गया। सन्तान पैदा करने के लिए हमें...
- एक सूरज की कल्पना करना ही हमारे लिए मुश्किल हो रहा है कि वह कितना लंबा-चौड़ा है?... कितना उसका विस्तार है? फिर उतने तारों की कल्पना हम कैसे करेंगे और फिर एक-एक नीहारिका इतनी दूर है। एक...
- एक हजार अध्यापकों का क्या खरच हो सकता है?... वेतन कितना हो सकता है? गुजारा क्या हो सकता है? बिल्डिंगों का मेन्टीनेन्स क्या हो सकता है? आप समझते ह...
- एक हिस्सा अपंग क्यों रहने देंगे?... आप आगे बढ़िए और जो बगैर पढ़ी-लिखी हैं, इनको पढ़ाइए और जो थोड़ा पढ़ी-लिखी हैं, उनको आगे बढ़ाइए। इनकी ...
- एक ही अखबार जब इतना छपता है; तो इतने आदमियों तक विचार एक ही दिन में पहुँच जाते होंगे?... हाँ, बेटे पचास लाख आदमियों तक अखबार के विचार एक ही दिन में पहुँच जाते हैं, लेकिन अगर कलम की दृष्टि स...
- एक ही दिन ब्रह्मचर्य से क्यों रहें?... बेटे! एक दिन नहीं, वरन् हम आपको इशारा करते हैं कि आप अपनी शक्तियों का संकलन करें, संयम करें। आपकी टं...
- एक ही पहाड़ था?... नहीं बेटे, वहाँ तो बहुत पहाड़ थे, किसी और पर भी वे जा सकते थे, लेकिन ऋष्यमूक पर इसलिए गए कि वहाँ हनु...
- एक ही बिल में से कितने चूहे निकलते हैं?... आपने भेड़ों का झुँड नहीं देखा, एक ही जगह से कितनी भेड़ें निकलती हैं। आपने जेलखाना नहीं देखा है? आपने...
- एक-एक पानी की बालटी लेकर पहुँच जाएँ?... नहीं बेटे ! इस पानी की आवश्यकता नहीं है। एक और पानी है। कौन-सा है? वह है प्यार, वह है स्रोत, वह है स...
- एक-एक से बात कैसे की जाएगी?... लेकिन हम आप सबके अन्तःकरण की बात जानते हैं।
ऐसा कोई भी नहीं बैठा है, जिसके अन्तःकरण की बात हमको मा...
- एक-दो के नाम बता दीजिए?... हाँ बेटे, बताता हूँ कि उपासना किस-किसने की थी। उस उपासना के ढंग को आपको जानना चाहिए।...
- एकांगी उपासना से क्या बनेगा?... मुक्ति मिलेगी? हमें तो विश्वास नहीं कि मुक्ति मिलेगी।
यदि मुक्ति मिलती है, तो हमें इसी जीवन में म...
- एकांगी में स्वर्ग, मुक्ति पा लीजिए, फिर क्या होगा?... दूसरे तुम्हारे भाई-बन्धु नरक की अग्नि में जलते रहें। हम स्वर्ग-मुक्ति पाएँगे? नहीं, हमको नहीं चाहिए ...
- एकान्त में भी रहा जा सकता है, पर उस एकान्त का भी कोई उद्देश्य तो होना चाहिए?... निरर्थक पड़े रहना, निरर्थक बैठे रहना, कोने में पड़े रहना और समय खरच करना—ये सन्तों का काम नहीं हो सकत...
- एकाएक कहाँ आ पाती है?... इसलिए मित्रो! वहाँ हमारा सन्देश लेकर के जाना, युग की पुकार लेकर के जाना। वक्त की पुकार लेकर के जाना...
- एकाग्रता किसको आ गयी?... सर्कस में तार पर चलने वाली लड़की को आ गयी, तो क्या वह योगी हो गयी? महात्मा हो गयी? ज्ञानी हो गयी?...
- एकाग्रता किसे कहते हैं?... जिसे आप बार-बार कहते हैं कि हमारे मन का निग्रह कीजिए, वस्तुतः वह योग का पहला वाला हिस्सा है। हमारा म...
- एकाग्रता जमने की वजह से क्या होता रहता है?... वे मेरे समीप ही दिखाई पड़ते रहते हैं। मुझे अब यह अनुभव नहीं होता कि हम अपनी कोठरी में अकेले रहते हैं...
- एकादशी के दिन चावल कैसे खायेंगे?... एकादशी के दिन तो फलाहार करेंगे। जैसे अपने यहाँ साबूदाना फल माना जाता है, वैसे ही वहाँ गेहूँ फल है।...
- एकाध दुर्गुण छोड़ना तो नहीं है?... नहीं महाराज जी! छोड़ने-छाड़ने का चक्कर नहीं है। मैं तो केवल गीत गाता रहता हूँ। अरे! तो गीत से क्या ब...
- एकाध नाम तो बता?... भजन का मतलब तो समझते हैं नहीं, भजन करते हैं चालाक, बेईमान। बड़े आये भजन करने वाले। तुम भजन करते हो? भ...
- एक्सीडेंट हो जाए, तब?... मृत्यु हो जाए तब? मुकदमा लग जाए तब, बीमारी हो जाए तब? तब आपको दुःखी होना ही चाहिए। मैं पारिवारिकता क...
- एटम देखा है न आपने?... वह एक धूल का कण है, जो जमीन पर पड़ा रहता है, लेकिन जब उसी को वैज्ञानिक विधि से अलग कर लिया जाता है ...
- एण्टीसेप्टिक तैयार कर लिया?... हाँ। चीरा लगाने से पहले एनस्थीसिया लगा दिया? क्यों? क्योंकि इसको पीड़ा न हो। सुई लगा दी? हाँ। ऑपरेशन ...
- एनाटॉमी किसे कहते हैं?... हृदय किसे कहते हैं? रक्त कैसा होता है? शरीर विज्ञान किसे कहते हैं? किडनी कैसी होती है? शरीर के अंग-प...
- एशिया में चाइना से बड़ा, दुनिया का सबसे बड़ा देश होता और हमारी संयुक्तशक्ति ने क्या किया होता?... लेकिन हम आपस में कट मरे, खून-खराबा हुआ। इधर के लोग उधर भाग गए और उधर के लोग इधर भाग आए। अभी भी उसका ...
- ऐं पैसे लेगा?... हमने तो समझा था कि प्रार्थना से ही जलेबी मिल जाती हैं। भाईसाहब, आपको किसी ने गलत बता दिया है।
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- ऐसा अध्यात्म कभी हुआ है क्या?... मछलीमार जैसा अध्यात्म, चिड़ीमार जैसा अध्यात्म कभी नहीं हुआ, जैसा कि आज है। अरे साहब! कोई भी देवी-देव...
- ऐसा अध्यात्म क्या हो सकता है?... पहले तो मैं बताऊँगा नहीं, दूसरे अगर आपकी समझ में आ जाय, तो फिर आपको साधना करनी पड़ेगी।
मित्रो! आप त...
- ऐसा आप क्यों कह रही हैं?... इसलिए कह रहे हैं कि आपको वह लक्ष्य याद बना रहेगा, वह उद्देश्य याद बना रहेगा, जिसके लिए हम आपको समय-स...
- ऐसा करता रहा हो कि दिन में तो माला जपता रहा होगा और रात में डकैती करता रहा होगा?... नहीं महराज जी! इसके बाद ऐसा नहीं किया। अच्छा बेटे, तू क्या चाहता था? महाराज जी! मैं तो यही चाहता थ...
- ऐसा करने से क्या फायदा हो गई?... ये कमबख्त स्वयं भी मरेंगे और हमको भी मारेंगे। हमारी भी बदनामी करेंगे और स्वयं भी बदनाम होंगे। ये त...
- ऐसा कहने से पहले आप अपनी जबान बन्द कीजिए और यह सोचिए कि आप कहने क्या जा रहे हैं?... अरे, आप यह कहिए कि हे भगवान! हम आपकी मरजी के मुताबिक काम करेंगे। कठपुतली के धागे बाजीगर के हाथ में ब...
- ऐसा कैसे हो सकता है?... बेटे! हम उस कबूतर-कबूतरी के तरीके से तो नहीं हैं। एक कबूतर और एक कबूतरी थे। एक दिन एक बहेलिया भूखा-प...
- ऐसा क्या हाथ लग गया?... उन्होंने जीभ पर काबू पा लिया था। क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए? यह उन्होंने अपनी अकल के ह...
- ऐसा क्यों करते हैं?... वाणी की शक्ति को संचित करने के लिए करते हैं।...
- ऐसा क्यों करेंगे?... आत्मा का कोई औचित्य नहीं है क्या? आत्मा की कोई इज्जत नहीं है क्या? आत्मा का कोई मूल्य नहीं है क्या? ...
- ऐसा क्यों किया गया?... इसलिए किया कि उनमें अकल नहीं थी और दूरदर्शिता नहीं थी कि हमें किस उद्देश्य के लिए वरदान चाहिए। आखिर...
- ऐसा क्यों किया?... क्यों तो आपने जलाई है और फिर अशुभ कार्य क्यों किया है? आपने पाश्चात्य सभ्यता ले ली न।
जन्मदिन के म...
- ऐसा क्यों होता चला जा रहा है?... शिक्षा की दृष्टि से, धन की दृष्टि से, अमुक की दृष्टि से, सब तरह से आदमी सम्पन्न होता चला जा रहा है,...
- ऐसा क्यों होता है?... सारी जिन्दगी हाथ मलते-मलते रह जाते हैं | कमाते-कमाते रह जाते हैं। उसी नारकीय योनि में चले जाते हैं, ...
- ऐसा क्यों होता है?... क्यों मना करते हैं? यह आदमी का मूल्य, आदमी की प्रामाणिकता, आदमी की इज्जत को बताता है कि आदमी की की...
- ऐसा तो नहीं होता कि तेरे मुँह में माँस-वास भरा रहता हो और तू जप करता रहता हो?... नहीं महाराज जी, मुँह में माँस भरा रहेगा तो मैं जप कैसे करूँगा। ऐसा तो नहीं कि सूखी हड्डी मुँह में भर...
- ऐसा दिल आपको भगवान ने क्यों नहीं दिया?... आपको योग्यता तो दे दी, पुरुषार्थ भी दे दिया, पराक्रम भी दे दिया, बुद्धि भी दे दी, कला-कौशल भी दे दिय...
- ऐसा देव कौन है?... मित्रो! एक देव मेरी समझ में आ गया। यह देवता ऐसा है कि अगर आप इसकी पूजा कर सकते हों, इसका यजन कर सकते...
- ऐसा न हो कि कोई आए और हमारे मुँह पर थूककर जाए कि अरे देखो कैसे बनाए?... धत् तेरे की—ये तो बौने हैं, पिल्ले हैं। पिल्ला कोई कह करके न जाए, बल्कि वह कहे कि जैसे गुरुजी थे, वै...
- ऐसा पहलवान बनाएँगे माताजी?... हाँ बेटे! बिलकुल ऐसा ही पहलवान बनाएँगे। मैंने जरा हँसकर यह भी कह दिया तो फिर आप ये अन्दाजा लगाते हों...
- ऐसा बढ़िया इंजेक्शन कोई अस्पताल बना सकता है?... यह बहुत ही बढ़िया अस्पताल है, जो कीड़े-मकोड़ों से लेकर जानवरों, पशुओं, पक्षियों, मनुष्यों एवं सोते हुए ...
- ऐसा भयंकर दृश्य कहीं देखा है आपने?... मरे हुए व्यक्तियों को तो देखा है कि मरने के बाद उन्हें जला दिया गया, पर जिन्दा बेटों को, जिन्दा बेटियो...
- ऐसा भी नहीं है, चाहेंगे तो उसको बुला लेंगे, इतना बड़ा काम करना है, तो क्यों नहीं बुला लेंगे?... बुला भी सकते हैं और कभी भी न बुलाएँ, किसी को भी न बुलाएँ, तो आप उसमें निराश मत होइए, आप हमसे जुड़े ह...
- ऐसा भी है भगवान?... हाँ बेटे, ऐसा भी भगवान है। गुरुजी! मैं तो सोच रहा था कि भगवान दयालु है। बेटे, आपका दयालु भी समझना ...
- ऐसा भी हो सकता है?... हाँ बेटे, ऐसा हो सकता है। हथियार की बात है तो हथियार बन्दूक भी हो सकती है, चाकू भी हो सकता है, लाठी भ...
- ऐसा लगता है कि बस, अब तो यह न जाने क्या करेगा?... किधर को जाएगा? जिधर को जाएगा, उधर ही सफल होता चला जाएगा।
मानसिक विकृतियाँ दूर करें
बेटे! मैं थ...
- ऐसा लगा कि जैसे हमारी कोई शैलो चली गई, हमारी लड़की चली गई क्या?... अनाचार-अत्याचार पनप रहा है। अभी और पनपेगा। क्यों नहीं पनपेगा?
जब तक हम सिद्धान्तवादी नहीं बनेंगे, ...
- ऐसा व्यक्ति किसी आदमी को पैदा करने में समर्थ हो सकता है?... नहीं, किसी आदमी को पैदा नहीं कर सकता। क्यों नहीं पैदा कर सकता? क्योंकि उसके अन्दर जो चुम्बकत्व होना...
- ऐसा व्यक्ति जाए कहाँ?... सो सत्संग में जा बैठता है।
मित्रो! क्या करना पड़ेगा? घर-घर जाना पड़ेगा। सत्संग में अगर वास्त...
- ऐसा व्यवहार क्यों करता है?... कैसे निभेंगे सम्बन्ध? निकाल दो बाहर। हिन्दू धर्म बेकार है। ईसाई धर्म अच्छा है। इसमें कोई खर्च नहीं, ...
- ऐसा सम्भव है?... हाँ बेटे! अभी थोड़ी कमी है। अभी हम दाँतों से नहीं चीरते हैं। अभी हम आपको अकल से चीरते हैं। हम कोशिश...
- ऐसा हम क्यों करते हैं?... हमारा अपना पुरुषार्थ, कर्म अपने साथ हैं। इनका उपयोग भगवान के निमित्त करना चाहिए।
अपनी जिम्मेदारी ...
- ऐसा है हमारी बुआ यों कहती थीं कि हमारा जो फलाना लड़का था, उसकी शादी में तो इतने लाख रुपये आए थे, हम कैसे कम ले लेंगे?... अरे भिखारी! तुझे ऐसे ही रहना आता है क्या? छोड़ इस दीनता को, भिखारीपन को छोड़।
सन्त की सन्तान हैं आ...
- ऐसा हो जाए तब?... और मास्टर साहब जब किसी दिन गलती हो जाए और पकड़ने के लिए आएँ तो मैं खट् से गायब हो जाऊँ, जैसे गाँधी ज...
- ऐसा हो जायगा?... नहीं बेटे, ऐसा नहीं हो सकता।त्याग-बलिदान की कथा-गाथाएँमित्रो! मैंने जो पुस्तक लिखी है ‘भारतीय संस्कृ...
- ऐसा हो जायेगा?... नहीं बेटे, ऐसा नहीं हो सकता है। बुरी से बुरी परिस्थितियों में भी मैंने आशा का दीपक जला करके रखा ...
- ऐसा हो सकता था क्या?... जब रावण ने भगा दिया था तो उसके लिए सम्भव था क्या? सम्भव नहीं था, लेकिन भगवान की समीपता थी न, भगवान का ...
- ऐसा हो सकता है?... हाँ बेटे ऐसा हो सकता है। सत्य हजार हाथी के बराबर बलवान् होता है। बच्चों ने भी सत्य का आश्रय लेकर बड़ी...
- ऐसा हो सकता है?... हाँ हो सकता है। यह क्या बात है? अकल है और क्या है। आप सुनते तो हैं नहीं। अकल है नहीं। नहीं साहब! ह...
- ऐसा हो सकता है?... इतनी दौलत दे जाए तब भी? हाँ बेटे, हो सकता है; क्योंकि गुण नहीं हैं, तो वह दौलत भी आपकी तबाही का कारण...
- ऐसा हो सकता है?... हाँ, हो सकता है। नेपोलियन में क्या बात थी? आदमी था। कैसा आदमी था? क्या फरक था? कुछ भी फरक नहीं था। ब...
- ऐसी आँख होती है?... बेटे! कोई आँख नहीं है। फिर यह क्या है? तीसरी आँख विवेक की आँख, दूरदर्शिता की आँख, टेलीस्कोप की आँख, ...
- ऐसी कथा से कोई फायदा हो सकता है?... नहीं, ऐसी कथा से कोई फायदा नहीं हो सकता, केवल कहानी सुनी जा सकती है। कृष्ण भगवान कब पैदा हुए थे? उनक...
- ऐसी कुण्डलिनियाँ होती हैं कहीं?... ऐसे ही शक्तिपात कहीं शरीरों में होते हैं? बेटे ! शक्तिपात शरीरों में नहीं होते। शक्तिपात उसे कहते है...
- ऐसी कोई शक्ति पैदा हुई है क्या?... कोई शक्ति पैदा नहीं हुई। अगर कोई है तो हम ही अपने शत्रु हैं और हम ही अपने मित्र हैं। हम ही अपने को ऊ...
- ऐसी क्या बात है जो सुगन्ध को भी बदल देती है?... वह है वातावरण जो जलवायु पर टिका हुआ है। नागपुर के सन्तरे और बम्बई के केले के बारे में आप जानते हैं न।...
- ऐसी गलत सलाह देंगे कि मैं नहीं जानता कि इससे भी ज्यादा गलत सलाह देने वाला कोई और आदमी भी हो सकता है क्या?... हमारा मन इतना घटिया है और हमारे कुसंस्कार इतने घटिया हैं, हमारी समझ इतनी वाहियात है कि जब भी सलाह दे...
- ऐसी गलती क्यों कर डाली?... इस संपदा को, जिसकी मुझे जरूरत नहीं थी, उसी को मैं इकट्ठा करता रहा। यह क्यों करता रहा? मौत तो होनी ही...
- ऐसी तसवीरें क्या कहीं दिखाई पड़ती हैं?... मैंने तो आज तक नहीं देखीं। उनके जैसा हिन्दुस्तान में त्याग करने वाला अनोखा उदाहरण एकमात्र वही थे। आज ...
- ऐसी दृष्टि कहाँ है?... तेरे पास, चिन्तन कहाँ है? तेरे पास आस्थाएँ कहाँ हैं? तेरे पास विश्वास कहाँ है? अगर तेरा यह खयाल है कि...
- ऐसी मक्कारी क्यों करता है?... या तो तू हमारे कहने पर चल या हम तेरे कहने पर चलें। अगर तू अपने कहने पर हमारा तपबल चलाना चाहता है तो ...
- ऐसी महिला है जिसकी हुकूमत कितनी हो सकती है, आप जानते हैं?... बेटे मेरा ऐसा ख्याल है कि गायत्री माता की आज तक हमने जो भी फोटो बनायी है, या जो मूर्तियाँ स्थापित ...
- ऐसी व्यवस्था कहाँ से आएगी?... आप जानते है क्या? ऐसी व्यवस्था सिर्फ भारतीय संस्कृति में है। अगले दिनों एक ऐसी व्यवस्था कायम करनी ...
- ऐसी शक्ति मिल सकती है?... मैं आपको अपने लम्बे अनुभवों की साक्षी देकर के यकीन दिलाता हूँ कि आपके लिए ऐसी शक्तियों का, सिद्धियों ...
- ऐसी स्थिति में आप सम्पन्न कैसे हो जाएँगे?... अकल तो है नहीं, योग्यता तो है नहीं, विद्या तो है नहीं, पुरुषार्थ है नहीं, परिश्रम है नहीं, चांस ह...
- ऐसी स्थिति में अगर भगवान के दरबार में जाएँ तो सिवाय घृणा के और क्या मिल सकता है हमको?... मित्रो! अगर आपको आध्यात्मिकता से लाभ उठाने हों तो आपको देवताओं का स्वरूप धारण करना पडेगा। देवताओं को...
- ऐसी स्थिति में इन्सान के बराबर कोई देवता, हँस या दूसरे पक्षी की पीठ पर बैठेगा तो कैसे बैठेगा?... मित्रो! यह एक अलंकार है, जिसमें यह बताया गया है कि हँस उस व्यक्ति का नाम है, जो उचित और अनुचित का फ...
- ऐसी स्थिति में फिर आपको क्या करना चाहिए?... लगाव को कम करना चाहिए। लोगों से, वस्तुओं से आपका लगाव जितना ज्यादा होगा, आप उतना ही ज्यादा कष्ट पाएँ...
- ऐसी स्थिति से हमको वहाँ क्यों जाना चाहिए?... हमको वहाँ क्यों नहीं जाना चाहिए जहाँ पूरा का पूरा डिब्बा खाली पड़ा है। धर्म का क्षेत्र खाली पड़ा ह...
- ऐसे आप क्या कह आईं?... ऐसे ही मेरे दिमाग में आ गया। मैंने कहा—हम मरें, तो हमें यहीं समाधि देना। हम तो यहीं रहेंगे, शान्तिकु...
- ऐसे आया तो कैसे काटूँगा?... वैसे काटूँगा। इस तरीके से तलवार चलाता हूँ।
भगवान के तीन शत्रु
नारद जी ने कहा—अच्छा नाम तो ...
- ऐसे उद्धार होगा?... नहीं बेटे, ऐसे उद्धार नहीं होगा। कैसे होगा? जिस रास्ते पर हम चले हैं, उस रास्ते पर तू भी चल।बेटा वह,...
- ऐसे कैसे कहा?... गायत्री मंत्र देखने-सुनने में बहुत छोटी चीज मालूम पड़ती है। आप जो उसका हिस्सा जानते हैं, वह उसकी प्र...
- ऐसे कैसे हो सकता है?... जिसके यहाँ जो होगा, वही तो देगा। जो चीज है ही नहीं, तो वह कैसे दे देगा? जब हनुमान जी का ब्याह हुआ नह...
- ऐसे कैसे हो सकता है?... यह जीभ तो चमड़े की ही रहेगी।
किनका स्नान कराएँ?
बेटे! फिर एक काम कर, तेरे मुँह में...
- ऐसे क्यों फिरती है?... ऐसा क्यों होता है? सारी जिन्दगी हाथ मलते-मलते रह जाते हैं | कमाते-कमाते रह जाते हैं। उसी नारकीय योनि...
- ऐसे डूबने वाले व्यक्ति को आपने देखा है?... हमने कहा—नहीं देखा है। तो सुनिए ऐसे पार लगाता है कि जो कोई आदमी पानी में डूबने वाला है तो निकालने वा...
- ऐसे थे वे सज्जन, जिनकी अकल ने क्या कमाल किया, आपको मालूम है?... उन सज्जन ने हिन्दुस्तान और पाकिस्तान का नारा लगाया। कितनी तादाद में लोगों की तबाही हुई, किस कदर बरबाद...
- ऐसे नाचीज आदमी और दुनिया में नहीं हैं तो क्या विनोबा भावे व्याख्यान दे सकते हैं?... बेटा! मामूली सा देते हैं, कोई खास व्याख्यान नहीं देते। पढ़े-लिखे हैं? अरे साहब! वो क्या पढ़े-लिखे है...
- ऐसे फटेहाल मजनू होते हैं?... उसने कहा कि तब तो हम भी मजनू बनेंगे और दूसरे दिन से एक और मजनू बन गया। लंबा तिलक, लम्बी माला, कंठा पह...
- ऐसे बैरागी हम कहाँ हो सकते हैं?... ऐसा हमारे लिए सम्भव नहीं है, क्योंकि वह रास्ता जिन लोगों ने अख्तियार किया है, उन लोगों में से सभी क...
- ऐसे भी कहीं कुण्ड बनते हैं क्या?... कुण्ड ऐसे बनने चाहिए थे। तो आप कहाँ चले गये थे? हम तो साहब वहाँ बैठे थे, अख़बार पढ़ रहे थे। अखबार ...
- ऐसे भी कोई इनसान होते हैं?... ऐसे तो भेड़िये होते हैं। आप वकील हैं, तो भेड़िये भी हो सकते हैं। आप वकील हैं, तो हम क्या करें? आप बड...
- ऐसे महामानव, सन्त और राष्ट्रपिता में खूबी क्या है?... हिन्दुस्तान वालों ने कह दिया, चल, हम अपने पिता का सर देंगे? मूल्य लेंगे उसका? हमको नहीं चाहिए उसकी की...
- ऐसे मुफ्त में कैसे ले लूँगा किसी का पैसा?... इस तरह वह रोज एक साथ उँगलियाँ कट-काटकर उसकी माला देवी को पहनाया करता था? कौन? खूँख्वार अंगुलिमाल ड...
- ऐसे में आपको कैसे उठाऊँ?... आपकी बेड़ियों को मैं काटूँगा क्योंकि हमारे बाद इन बच्चों को खिलाने वाला, नर्सिंगहोम चलाने वाला कहाँ...
- ऐसे में दोनों का आपस में सम्बन्ध सूत्र तब तक नहीं मिलेगा, जब तक कि आपस की जानकारियाँ बढ़ेंगी नहीं, तब तक हम तो यही तलाश करते रहेंगे कि इस तरह के आदमी कहाँ हैं?... लोगों को भी यह मालूम नहीं हो पायेगा कि कोई इस तरह का मिशन है।मित्रो! हमारी जैसी संस्थाएँ हिन्दुस्तान...
- ऐसे में, मैं कैसे मानूँगा कि आप भगवान को जानते हैं?... भगवान को पाने की बात तो बहुत दूर की है, आगे की बात है। आप भगवान को जानते हैं? आपने कहा—हम तो जानते ह...
- ऐसे लोगों को इस बात की भी जानकारी नहीं है कि बच्चे खेलेंगे कहाँ?... आप तो केवल वंश के पीछे पड़ गए हैं। आप यह नहीं समझना चाहते कि आपके बच्चे ही केवल अपने बच्चे नहीं हैं,...
- ऐसे लोगों को क्या शान्ति मिलने वाली है?... नहीं, वे निरन्तर अशान्ति की आग में जलते रहते हैं और जलते रहेंगे। मनुष्य का जीवन प्रगतिशील एवं उन्नत...
- ऐसे व्यक्ति को आप हारा हुआ मानेंगे या जीता हुआ मानेंगे?... आदमी का साहस ही क्या जो मौत का मुकाबला नहीं कर सकता? मुसीबतों का मुकाबला नहीं कर सकता? बेटे! जीतता व...
- ऐसे ही कर्म को, ऐसे ही तकदीर को पकड़े बैठा रहेगा?... नहीं, जो तेरे साथ में फल और कर्तव्य बँधे हैं, उनका तू सामना कर। उसका तू पालन कर। कृष्ण ने तो केवल अक...
- ऐसे ही रोता रहेगा क्या?... ऐसे ही कर्म को, ऐसे ही तकदीर को पकड़े बैठा रहेगा? नहीं, जो तेरे साथ में फल और कर्तव्य बँधे हैं, उनका...
- ऐसे ही व्याख्यान करता फिरता तब?... हरे पेड़ लगाइये, हरियाली उगाइये। हरे पेड़ लगाइये, हरियाली उगाइये तब? तब कोई लगाता क्या? सरकार कितना ...
- ऐसे ही शक्तिपात कहीं शरीरों में होते हैं?... बेटे ! शक्तिपात शरीरों में नहीं होते। शक्तिपात उसे कहते हैं, जिसे करने का मैं इच्छुक था और जो मेरी इ...
- ऐसे होता है?... हाँ भाई साहब! यही बात है। वाल्मीकि राम का नाम लेने से ऋषि हो गए थे। आप भी ऋषि होना चाहते हैं? साहब! ...
- ऑटोग्राफ से क्या करेंगे?... क्या करेंगे? हमारा मन तो ऐसा कहता है कि हमारे पास रहती। हम नौकरी कर लेते। कितना कमा लेता है? ढाई सौ ...
- ऑपरेशन करने की विधि क्या है?... बड़ा वाला डॉक्टर-प्रोफेसर एक मिनट में सिखा देता है। वह कहता है—आओ बच्चो! देखो ऑपरेशन किया जा रहा है। ...
- ऑपरेशन की विधियाँ एक मिनट की हैं, पर शरीर में कैसा ऑपरेशन किया जाएगा और उसकी क्या प्रतिक्रिया होगी?... कब करना चाहिए और कब नहीं करना चाहिए? यह सब जानने के लिए, पाँच साल लगाने पड़ते हैं। ऑपरेशन करने की विध...
- और जिस मिशन को ले करके हम चले हैं, उसका उद्देश्य क्या है?... जहाँ आपको एक ही घण्टा बोलने के लिए मिलेगा, वहाँ आप किस तरीके से कहेंगे? अगर आप वहाँ संक्षेप में एक...
- और फिर उसका क्या करते?... सिनेमा, बढ़िया पैंट पहनते और बीबी के लिए सोने का जेवर बनवाते। हम और आप जाहिल और दुष्ट हो सकते हैं, ...
- और अकल की फिक्र है आपको?... हाँ साहब! अकल की फिक्र है हमें। हमारी अकल बहुत अच्छी है।
अध्यात्म से बौद्धिक कुशलता की प्राप्ति...
- और अगर आप उसे जगा सकते हों, तब?... तब आप अणु भट्टियाँ बना सकते हैं और उससे दुनिया को तबाह कर सकते हैं और जो भी करना चाहें, कर सकते हैं।...
- और अगर काना हो गया, अन्धा हो गया, तब?... तब फिर आपका मनोरथ कैसे पूर्ण होगा? मैं तो बत्तीस साल का हूँ। बत्तीस साल का जब वह हो जाएगा, तब आपको इ...
- और अगर फाड़ सकते हों, तब?... तब आप नागासाकी और हिरोशिमा की तरीके से विस्मार करने वाले बम बना सकते हैं। और अगर आप उसे जगा सकते हों...
- और अगर सिद्धियों की बात करूँ तब?... तब मुझे आज की बनिस्बत सिद्धियों की सही व्याख्या करनी पड़ेगी। आज तो आप सिद्धियों का अर्थ बाजीगरी लगाते...
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- और अध्यात्म विज्ञान का?... अध्यात्म विज्ञान का अहसान इससे लाखों गुना बड़ा था। उसने हमारे बहिरंग जीवन के लिए सुविधाएँ दीं और आध...
- और अन्यों को?... उच्चारण कहते हैं, प्रोनाउन्सिएशन कहते हैं। यह हम और आप बोलते हैं। लोग तरह-तरह की बोलियाँ बोलते हैं। ...
- और अपनी जिन्दगी को यथावत घिनौना बनाये रखा होता, तो फिर आदमी को सन्त क्यों बनना पड़ता?... फिर आदमी को संयमी क्यों बनना पड़ता? फिर आदमी को सदाचारी क्यों बनना पड़ता? फिर आदमी को तपस्वी क्यों ब...
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- और आप कौन हैं?... मछली हैं। कौन सी मछली? जो समुद्र में चलती है और छरछराती हुई अपना रास्ता बना लेती है। आप अपना रास्ता ...
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(समापन किश्त अगले अंक में)
परिष्कृत अध्यात्म हमारे जीवन में उतरे — ४
परमपू...
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- और ईश्वर का विश्वासी?... ईश्वर का विश्वासी वह है जिसको इस बात की जानकारी है कि भगवान हजार आँख वाला है। कोई ऐसी जगह बची हुई ...
- और उन अनुदानों की, जो जाने और अनजाने हमको प्राप्त होते रहे हैं और हो रहे हैं, उनकी कीमत चुकाइए?... नहीं बेटे, हजार जन्म में भी नहीं चुकाई जा सकती। हाँ, कुछ करने के लिए साहस किया जा सकता है। जो अनुदान...
- और उपयोग किसे कहते हैं?... उपयोग में हम यह नहीं देखते कि इसकी जरूरत किसके लिए है या जिसके लिए जरूरी है, उसको देंगे। नहीं साहब! ...
- और उस आम्रपाली को किसने मार डाला?... भगवान् बुद्ध ने जान से मार डाला और नई आम्रपाली को जन्म दिया। पूतना जो थी, उसको भगवान् श्रीकृष्ण ने म...
- और उसकी शर्त की कीमत क्या है?... भगवान को कीमत देकर पाया नहीं जा सकता और न किसी ने पाया आज तक। भगवान को जिस किसी ने भी पाया है, उसने ...
- और उसमें क्या बात थी?... वह भी खाना पकाती थी और हमारी औरत भी खाना पकाती है। बेटे! मुख्य बात—असल बात यह है कि तेरी औरत किस भाव...
- और औरत क्या होती है?... अरे साहब! धर्मपत्नी को कहते हैं, जिसके साथ शादी होती है। शादी किसे कहते हैं? मौसम को शादी कहते हैं। ...
- और कभी मिलेगा ऐसा अवसर?... कभी नहीं मिल सकेगा। एक समय था, जब भगवान ने ग्वाल-बालों को दावत दी थी। क्या कहा था? आप हमारे निजी काम...
- और कहा कि देखें अब यहाँ मनुष्य कहाँ से आ जायेंगे?... द्वारिका के पास बेट द्वारिका नाम की एक जगह है, बस भगवान् वहाँ जा पहुँचे। वह चारों ओर से समुद्र से ...
- और कहाँ से मिले?... सखा, मित्र के बिना, साथी-सखा के बिना सूना जीवन एकाकी प्रेत और पिशाच की तरह से मरघट में बैठा रहता ह...
- और कहीं करा ले तो?... नहीं महाराज जी, देवी नाराज हो जाती है। क्या कहती है तेरी देवी? यों कहती हैं कि मैं बाल खाऊँगी, तू बा...
- और कान क्या करते हैं?... कान जो हैं आवाज सुनते हैं। इस आवाज में संस्कृत के श्लोकों का उच्चारण हुआ है कि नहीं हुआ? सही श्लोक...
- और किस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए?... देवपूजन प्रत्येक आध्यात्मिक उपासना का दूसरा वाला चरण है। हमने बहुत पहले आपको यह सिखा रखा था कि गायत्...
- और किसका मंत्र कहते हैं?... बेटियों के बाद बेटा पैदा करने वाला मंत्र कहते हैं। घर के अन्दर जमीन में जो रुपया दबा पड़ा है, उसका पत...
- और किसकी बात को समझते हैं?... लोहे की। देखना, पहले कच्चा लोहा मिट्टी मिला हुआ निकलता है। इसको पहले गरम करना पड़ता है और मिट्टी को ...
- और किसके लिए करते हैं?... हमारे बेटियाँ न हों, बेटा हो जाए। बेटे! बेटियाँ तो बहुत अच्छी होती हैं। बेटा होने से क्या फायदा है? ...
- और किसके हैं?... और बेटे शंकर जी के पाँच मुँह होते हैं। शंकर जी का एक नाम पंचानन भी है। उनके पाँच मुँह होते हैं। गा...
- और किसको प्यार करते हैं?... जब हम मकान को प्यार करते हैं, तो वह हमको प्राणों से प्यारा लगता है। अपने सम्मान, ऐश्वर्य और यश को ...
- और किसने-किसने किया था?... जहाँ तक मैंने जिन-जिन लोगों के नाम सुने हैं, उनमें से प्रत्येक आदमी ऐसा ही था।
फिर होना चाह...
- और किसी को देगा कि नहीं देगा?... किसी को नहीं दूँगा। तो फिर एक काम कर, बेटे से ले। क्या करना पड़ेगा? बेटे की बाबत मैं बहुत कड़वी बा...
- और कुछ कमी है?... हाँ, थोड़ी कमी और रह गई है इसमें। बीच का झाबड़-झोल नहीं है। (बीच में जो रस्सी बुनी जाती है, उसे देहा...
- और कुछ काम करते हो?... नहीं साहब! कुछ काम नहीं, आप देख लीजिए हमारी पोस्ट। लेक्चर झाड़ना, रोटी कमाना। कॉलेज और स्कूल कितने ह...
- और कुछ दिया?... नहीं भाई साहब! और कुछ नहीं दिया।
नहीं साहब! जब वे विलायत गए होंगे, तो उनको पानी के जहाज के टिकट ...
- और कैसा है?... कैसा देखा है आपने? भगवान को हमने प्रतिच्छाया के रूप में और प्रतिध्वनि के रूप में देखा है। शीशे में आ...
- और कैसी मन:स्थिति होती है?... बेटे! हम अपनी मन:स्थिति को इस तरह बनाने की कोशिश करते हैं कि हमारी कामनाएँ खत्म हो जाएँ और हमारी काम...
- और कैसे इन्द्रियों का निग्रह करेंगे?... सेवा के लिए हम मन कहाँ से लायेंगे और ऐसे कैसे करेंगे? यह हमसे नहीं हो सकता और हम नहीं करेंगे। भगवा...
- और कोई चोर-उचक्का पैदा हो गया तब?... तब आप मेरे जैसा बच्चा कहाँ से लायेंगी? इसलिए आज से मैं आपका बेटा हूँ। बस, यह उसकी दृष्टि थी। उस तप स...
- और कोई ताकत है?... और कोई ताकत नहीं है। बस, इससे लोगों को जानकारी मिल जाती है कि चार हजार जप कर लिया या तीन हजार जप किय...
- और कोई नहीं पैदा हुए थे क्या?... हुए होंगे; लेकिन वह श्रद्धा उन व्यक्तियों में नहीं होगी, जो राम और लक्ष्मण में थी।
उनमें जो पात्र...
- और कोई फायदा हुआ?... और कोई फायदा नहीं हुआ।
सोने का नेवला
मित्रो! हवन का, कर्मकाण्ड का जो मूल लाभ है, वह ...
- और कोई शिक्षा मानता है वह?... नहीं, और कोई चीज उसकी समझ में नहीं आती।फिर क्या करना पड़ेगा? मित्रो! आध्यात्मिकता में दोनों ही नीतियो...
- और कौन हैं?... इसमें लॉ के पोस्ट ग्रेजुएट हैं, एम०एस०सी० हैं, पी०एच०डी० हैं और कितने ही लोग सम्मिलित हैं। ये शो...
- और कौन आये थे?... बेटे, न जाने कितने थे, जो ग्वालबालों के रूप में आ गये थे। गोपियों के रूप में आ गये थे। जाने कितने आद...
- और कौन सी समता आयेगी?... बेटे, एक और समता आयेगी। पैसे के हिसाब से विभाजन होगा। तो क्या आपका इशारा साम्यवाद की ओर है? हाँ बेटे...
- और कौन-कौन आते हैं?... बेटे! महात्मा गाँधी आते हैं, रवींद्रनाथ टैगोर आते हैं। दुनिया के सारे श्रेष्ठ व्यक्ति—सुकरात से लेकर...
- और कौन-कौन के साथ में आए थे?... बेटे! सबके साथ में देवता आए थे। भगवान के साथ-साथ में देवता हमेशा आते रहे हैं।
देवता आपके अं...
- और क्या है?... साहब कुछ भी नहीं है, फिर भी हमको बड़ी प्यारी लगती है। बेटे, उसमें तुझे क्या चीज प्यारी लगती है, बता...
- और क्या आएगा?... अर्थशास्त्र आएगा। अर्थशास्त्र क्या कहेगा? अर्थशास्त्र यह कहेगा कि बुड्ढे बाप को कसाईखाने भेजना चाहिए...
- और क्या कर दिया था?... उन्होंने शबरी के भक्ति की कथा भी बताई और रामगीता भी बताई थी। और यह भी किया था- ऋषियों के आश्रमों म...
- और क्या करते हैं?... साहब! गंगाजल में स्नान करते हैं, गंगाजल पीते हैं और मछली पकड़ते हैं। हम तो गंगाजी में जिन्दा हैं। अच्...
- और क्या करना चाहते हैं आप?... और हम आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलना चाहते हैं। खबरदार! बकवास बन्द कीजिए। किस बात की? इस बात की कि आप ...
- और क्या करना चाहते हैं?... आपको हम देवता के रूप में, सन्त के रूप में, ऋषि के रूप में ढालना चाहते हैं, गढ़ना चाहते हैं। अभी जो न...
- और क्या करना चाहिए?... आपको अपने शरीर को देना चाहिए। शरीर को क्या देना चाहिए? शरीर बेचारा मुसीबत में फँसा हुआ है, रोज-रोज ब...
- और क्या करना चाहिए?... अगर यह ज्ञान मनुष्य के भीतर से जाग्रत हो जाए, तो आदमी के काम करने के ढंग और विचार करने के ढंग बहुत ह...
- और क्या करेंगे?... खान-पान का परहेज रखते हुए मरीज ठीक हो जाएगा। असली इलाज तो बेटे परहेज है। नहीं साहब! सुई है। सुई में ...
- और क्या करेंगे?... अगले दिनों यज्ञ का शिक्षण करेंगे। लोक-शिक्षण के दो आधार हैं—पहला है विचारों का परिष्कार और दूसरा है ...
- और क्या करेंगे?... साहब! हमने तो सौ ग्राहक बना दिए अखण्ड ज्योति के, तो और बना। हाथ-पैर का क्या काम होता है?
हाथ कहल...
- और क्या करेगा?... महाराज जी! पच्चीस पैसे का आपका एक रंगीन फोटो खिंचवाऊँगा। फिर क्या करेगा उसका? टाँगूँगा। कैसे टाँगेगा...
- और क्या करेगा?... इसलिए मित्रो! मैं कहता हूँ कि आप संयम रखना सीखिये। इन्द्रियों पर संयम रखना सीखिये। कामेन्द्रियों प...
- और क्या कह सकते हैं हम?... (क्रमशः)
एक फिजाँ, एक ही हवा; हो अब अवतार
इससे पूर्व इस महत्त्वपूर्ण उद्बोधन की ...
- और क्या काम करें?... आप एक और काम कीजिए कि लोगों की कमियों को, बुराइयों को हटाने की बात सोचें। मित्रो! यह दुनिया बड़ी खरा...
- और क्या किया?... उन्होंने हाथ की मुट्ठी में से लौंग निकाल दी। अच्छा यह तो बड़ा भारी चमत्कार है और पानी में चलना सिखा ...
- और क्या क्या चीज इसके अन्दर है?... इसके अन्दर और बहुत सी छोटी-मोटी चीजें हैं; जैसे—फास्फोरस। इसमें इतना फास्फोरस है कि उससे तीन डिब्बी द...
- और क्या थे?... बन्दर थे। अच्छा तो हनुमान बड़े शक्तिशाली थे। हाँ, इसमें कोई दो राय नहीं, वे बड़े शक्तिशाली थे। कब थे...
- और क्या देखेगा?... नहीं महाराज जी! भगवान को देखूँगा। बेटे! भगवान को इन आँखों से नहीं देखा जा सकता है। बेटे! शरीर हमारा ...
- और क्या फायदा हो गया होगा?... और बेटे! ठंढक में हवन कराया था या गरमी में कराया था? गुरुजी! ठंढक में कराया था। अच्छा तो एक फायदा यह...
- और क्या बताएँगे?... बता तो रहे हैं। बेटे, प्रत्येक क्रिया के साथ में चिन्तन दिया हुआ है। ऋषियों ने जितने भी कर्मकाण्ड बना...
- और क्या बताया था स्वामी जी ने?... महाराज जी! यह बताया था कि वस्ति क्रिया करना। वस्ति क्रिया क्या होती है? टट्टी के रास्ते पानी पी जा...
- और क्या बनता है?... न जाने क्या-क्या बनता है।मित्रो! क्या हुआ? उन्होंने त्याग और बलिदान के लिए, आदर्श उपस्थित करने के लि...
- और क्या रहता है?... बेटे, हमारे चेहरे पर मुस्कराहट छाई रहती है।
मित्रो ! गाँधी जी के चेहरे पर सदैव मुस्कराहट रहती...
- और क्या लाऊँ?... पाँच पैसे की हनुमान चालीसा और धूपबत्ती ला। धूपबत्ती जला, हनुमान चालीसा पढ़, माला घुमा। साहब! अब क्य...
- और क्या लाया?... मिट्टी के तीन घड़े लाया और उसमें सुराख कर दिया और शंकर जी के सिर पर लगा दिया। टप-टप करके शंकर जी के ...
- और क्या विशेषता है देवता की?... बेटे! देवता मुक्त होते हैं। और उड़कर कहीं भी जा सकते हैं। आप तो एक घण्टे में तीन मील चल सकते हैं, लेक...
- और क्या सीखा?... मित्रो! मनुष्य का जीवन, मनुष्य की जिन्दगी तीन बातों पर टिकी हुई है। एक—हम भोजन करते हैं। दूसरा—हम पान...
- और क्या हुआ?... और गुरुजी! उसने दीवार में टक्कर मारी और धकेल वाले को उछाल दिया। एक दिन हमने खेत में लड़ते हुए साँड़ ...
- और क्या है हमारे पास?... हमारे पास है—'कीर्तिं द्रविणं ब्रह्मवर्चसम्।' एक और चीज है। मैं चाहता हूँ कि वह आपके पास भी हो। उस च...
- और क्या है?... भगवान न्यायकारी है। भगवान को क्या पसन्द है? उसके सारे के सारे कायदे- कानून एक बात पर टिके हुए हैं...
- और क्या हो सकता है तप?... तप का अर्थ है—मुसीबतें। मुसीबतें उठाने के लिए जब स्वेच्छा से हम तैयार हो जायेंगे, तो हमारा नाम तपस...
- और क्या हो जाएगा?... संस्कृति चली गई और आदमी को मालदार बना गई, खुशहाल बना दिया। हाँ साहब! हमें भी मालदार बना दीजिए। हाँ, ...
- और क्या हो रहा है?... वातावरण के प्रदूषित होने की वजह से हर आदमी की अकल खराब हो गई है। आपने सुना होगा कि कभी दुश्मन देश प...
- और क्या हो सकता है?... और बेटे! समुद्र को छलाँगा जा सकता है। आदमी की छलाँगने की ताकत दस फीट हो सकती है, बारह फीट हो सकती है...
- और क्या होगा?... बहुत कुछ हो जाएगा। फिर आपको अपने फर्ज से कोई रोक नहीं सकता। आप अपने मित्रों के प्रति कर्तव्य को निभा...
- और क्या होगा?... और क्या कह सकते हैं हम?
(क्रमशः)
एक फिजाँ, एक ही हवा; हो अब अवतार
इससे ...
- और क्या होता है?... मुर्गा जंगल में चिल्लाता है। मुल्ला मस्जिद में और पण्डित मन्दिर में चिल्लाता है। हर जगह खुशी के दिन दि...
- और क्या होने लगता है?... बेटे, सन्त और ऋषि इस समय में भगवान् का अवतार करने के लिए प्रार्थना करने लगते हैं। और क्या होता है? म...
- और क्या- क्या बातें जाँचेंगे- परखेंगे?... बेटे, सबसे पहले तो वे आपका व्यक्तित्व देखेंगे। सब बातों में आपका इम्तिहान लेंगे और हर बात में से आ...
- और क्या-क्या कहते हैं?... जब मैं कानून के ऊपर और लॉजिक के ऊपर लिखना शुरू करता हूँ तो लोग कहते हैं कि ये आदमी कोई हाईकोर्ट का ज...
- और क्या-क्या किया चाणक्य ने?... बेटे ! चंद्रगुप्त के जमाने में वह नालंदा विश्वविद्यालय का डीन था। नालंदा विश्वविद्यालय में इकतीस हजा...
- और क्या-क्या किया?... धूपबत्ती जलाई। कितने पैसे की जलाई? चवन्नी की जलाई और क्या-क्या खर्च किया? चावल खर्च किया। धूपबत्ती ख...
- और क्या-क्या चाहिए?... पहाड़ से भी ऊँचा चाहिए। कुछ देने को भी है बेटा? नहीं माताजी। एक कौड़ी भी नहीं है। और लेने को? अहा ले...
- और क्या-क्या दें?... जो कुछ भी, हमको खुशामद की जरूरत है। आप हमारी निंदा करेंगे तो हम आपको गालियाँ सुनाएँगे। आपको हमसे कुछ...
- और क्या-क्या रहेगा?... बेटे, इसमें ज्ञान रहेगा, विचार रहेगा, चेतना रहेगी, लोकहित रहेगा। नहीं साहब भगवान अकेले बैठेंगे। नहीं...
- और क्या-क्या है आपका?... सूरज तेरा है, चाँद तेरा है, हिमालय तेरा है, जमीन तेरी है, आसमान तेरा है। हवा तेरी है आज से।
ब...
- और क्यों पैसा खराब करना चाहिए?... इनको किस काम के लिए पैसा खराब करना चाहिए? छह तारीख को आप नहाएँगे, तो बैकुंठ को जाएँगे। हर की पौड़...
- और खजाने पर हमला क्यों बोला गया होता?... छोटी सी भूल के कारण राजा अपना खजाना खो बैठा और छोटी सी हमारी भूल के कारण राजा अपना खजाना खो बैठा औ...
- और खायेगा नहीं?... नहीं, खायेंगे तो नहीं। खायेगा नहीं, तो तेरी टी.बी. अच्छी होने वाली नहीं है। अच्छे होने के लिए डॉक्टर...
- और खोपरे में?... खोपरा चबाइए और दाँत तोडि़ए। खोपरे की कोई कीमत है? नहीं है। कर्मकाण्ड, जिसके बारे में लोगों ने यह ख्य...
- और गन्दा पानी कौन?... वह आदमी, जो दुहाई तो भक्ति की देता है। भक्ति के कर्मकाण्ड करता है, जिसे मैं नखरे कहता हूँ। ऐसा आदमी ...
- और गरीब आदमी मोटे-झोटे कपड़े पहन सकता है तो कौन सी खास बात है?... आदमी में एक कानी-कौड़ी के बराबर भी कोई खास फरक नहीं आता है। मनुष्य का स्तर जब बढ़ता है तो उसके विचार...
- और गायत्री माता कितनी बड़ी होती हैं?... गायत्री माता बेटे बीस साल की हैं। गुरुजी! बीस साल की गायत्री माता छोटे से हँस पर सवार हो जायेंगी, ...
- और घर का नरक?... बेटे घर का नरक भी दूर नहीं हो सकता। अगले दिन और खराब होंगे गुरुजी! हमारे घर का नरक तो दूर हो जाएगा...
- और चन्दन क्या है?... चन्दन, फूल और दीपक—ये तीन चीजें अभी और बाकी रह जाती हैं। चन्दन का क्या अर्थ होता है और फूल का क्या अर्...
- और जब आपकी छाती में से दूध नहीं निकलता तो?... तब बच्चा रोता है और हमको तब बड़ा कष्ट होता है और हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हे भगवान! किसी तर...
- और जब कोठरी में चले जाते हैं, तब?... तब हम देव हो जाते हैं। और फिर क्या होता है आपका? जब हम रामलीला में जाते हैं तो वहाँ लक्ष्मण भी बन जा...
- और जब फिर से भगवान जी से पूछा कि आपका क्या हाल है?... तो उन्होंने कहा कि गुरुजी! आपसे भी बुरा हाल है। एक भगत कहता है कि मैं दो घण्टे आपकी पूजा करता हूँ औ...
- और जब हम ईंटों को पका डालते हैं, भट्टे में डालते हैं, गरम करते हैं, तब ईंटें ऐसी मजबूत हो जाती हैं कि उनका बरसात क्या बिगाड़ सकती है और धूप क्या बिगाड़ सकती है?... सैकड़ों वर्षों तक वह वैसे ही खड़ी रहती है। जबकि कच्ची ईंटें बहकर खत्म हो जाती हैं। यह क्या कहलाती ...
- और जवानी किसे कहते हैं?... बचपन उसे कहते हैं जिसमें आदमी भविष्य की कल्पना करता रहता है। सोचता रहता है कि मैं बड़ा हो जाऊँगा तो स...
- और जहर खा करके मर जाय, तो क्या?... जल में डूब मरे, तो क्या? चलेगा? हाँ बेटे, यह रिवाज अच्छा हो तो चलना चाहिए, लेकिन साथ में एक और रिवाज...
- और जहाँ साँप, बिच्छू हैं, खटमल, मच्छर हैं, वहाँ क्या करना चाहिए?... बेटा वहाँ दूसरा तरीका अपनाना चाहिए। उभय पक्षीय दृष्टि मित्रो! बिच्छू पर दया करेंगे, तो बच्चे जिन्द...
- और जीभ को?... जीभ के लिए कोई ऐसा उपाय कर कि यह जीभ तो खराब है। इससे तो जप नहीं हो सकता, गायत्री माता अशुद्ध हो जाए...
- और जीवात्मा को परमात्मा में मिलाने का तरीका क्या हो सकता है?... योग का तरीका क्या हो सकता है? वह तरीका एक ही हो सकता है—तप। वेल्डिंग किस तरीके से की जाती है, आपमें ...
- और जो आपके पाँच बच्चे हैं, वे?... बच्चे जब आएँगे और हमसे माँगेंगे कि पिताजी हमको भी मिठाई दे दीजिए, तब हम उन्हें मारेंगे और कहेंगे कि ...
- और जो पहाड़ों को चकनाचूर कर देते हैं, वे कौन होते हैं?... वे दिलेर होते है, हिम्मत वाले होते है, साहसी होते हैं। जो साहसी होते हैं, वे ही अपने लक्ष्य तक पहुँच...
- और जो बड़ा आदमी हो गया, जवान आदमी हो गया, वह कैसे जा सकता है?... अतः हमको समाज में विद्या का विस्तार करना है। विद्या का ऋण-कर्ज हमारे ऊपर है। इसे चुकाने के लिए हमक...
- और जो विश्वासी हैं वे कहते हैं कि ऋषियों को, शास्त्रकारों को, आप्त पुरुषों को जिन्होंने अध्यात्म के विधि-विधानों के ऊपर इतना जोर देकर कहा है—तो उनको झूठ बोलने से क्या फायदा?... इसके पीछे कोई न कोई सच्चाई होनी चाहिए। अध्यात्म विज्ञान है अथवा अन्धविश्वास है, यह तलाश करने के लिए ह...
- और जो सत्तर हूरें मिलेंगी, तो बता मैं उनका क्या करूँगा?... और शराब की जो नहरें मिलेंगी, बेटे मैं उस नहर का क्या करूँगा? कोई बीड़ी पीता है और मुझे उसका धुआँ लग...
- और जो हमारे राष्ट्रीय ध्वज पर चौबीस धुरी वाला और चौबीस पँखुड़ी वाला चक्र लगा हुआ है, यह क्या है?... यह सम्राट् अशोक के द्वारा पारित किया और प्रतिपादित किया हुआ धर्मचक्र प्रवर्तन है, जिसको हमने राष...
- और जोड़े बताऊँ?... मैं आपको और जोड़े बता सकता हूँ। अच्छा बताइए। बेटे! एक जोड़ा और था समर्थ गुरु रामदास और शिवाजी का। सम...
- और ढोंग करने से क्या फायदा?... जब इन लोगों को इनसे फायदा नहीं हो सकता, तो हमारे जैसे आदमी कैसे आशा रख सकते हैं कि हमारे रोग-शोक और ...
- और तुम जो कर रहे हो, किसी को तुम नहीं मानते?... दयानन्द को नहीं मानते? दयानन्द की फोटो है कि नहीं है? हम भी मानते हैं।
बेटे! हमारे बुजुर्ग मानते है...
- और तू मरा हुआ है कि जिन्दा है?... नहीं महाराज जी! अभी तो हम जिन्दा हैं। नहीं बेटे, तू मरा हुआ है और मरे हुए इंसान सड़े हुए इंसान होते ...
- और तेईस घण्टे?... तेइस घण्टे, महाराज जी! जितनी भी खुराफत हैं, उनमें से छोड़ूँगा किसी को भी नहीं। एक घण्टे कर ले, यही ते...
- और तेरे बाप का बाप?... महाराज जी! वह छप्पन वर्ष का होकर मरा था और वह भी लक्ष्मी जी को पूजता था। अच्छा, तो वह मालदार रहा...
- और दक्षिण भारत के मन्दिरों में जो भोग लगता है, उसका क्या हुआ?... वे सब आपको नहीं मिले? नहीं, हमको नहीं मिले। तो कौन खा जाता है? वे सब पंडे-पुजारी खा जाते हैं। हम तो ...
- और दूसरों के साथ?... अरे मोहन। तू कहाँ था? तू भी खाले। जी मालकिन! आपने अभी बुलाया कहाँ था? हाँ, ठीक है, यहाँ आ जा। बै...
- और देवी कुछ लायी थी?... नहीं साहब! रात में सपने में देवी दिखाई पड़ी। पागल कहीं का, बैठा-बैठा बहकता रहता है, सनकता रहता है ...
- और दैवीय शक्तियाँ क्या हो सकती हैं?... दैवीय शक्तियाँ—जिनको हम देवी-देवता कहते हैं, ये देवी-देवता कोई व्यक्ति नहीं हैं। नहीं साहब! देवी ...
- और दोनों की कीमत में कितना फरक किया जा सकता है?... हमारा शरीर काम का तो है, लेकिन अगर यह मर जाए, इसमें से प्राण निकल जाए तब? क्या कीजिएगा इस शरीर को? त...
- और धारा नम्बर तीन कौन सी है?... सरस्वती। गंगा, यमुना और सरस्वती—अध्यात्म की यही तीन धाराएँ हैं। गायत्री के तीन चरण मित्रो! गायत्री क...
- और न जाने क्या-से-क्या होता चला जाएगा?... अगर हम अपने दिमाग को सन्तुलित और नियंत्रित कर लें तब? अन्यथा हमारा मन दो कौड़ी के लोभ में फँसा रहता ह...
- और न मिलें तो?... तो गंगा अपनी जगह पर ठीक है और यमुना अपनी जगह पर ठीक है, पर त्रिवेणी नहीं बन सकती। तीर्थराज नहीं बन स...
- और नहीं चली तब?... तब आपने बेच दी न अपनी खुशी! नाराजगी में फिर रहे हैं न तब? परिस्थितियों के गुलाम मत होइए। अपनी मन:स्थ...
- और नहीं पटकें तो मैं नाराज हो जाऊँगी?... आप ही बताइये कि मेरे बारे में यह जो अफवाहें फैलाई हुई हैं, यह मेरे गौरव के अनुरूप हैं या नहीं? यह तो...
- और पहनने को?... वह भी समाज से आएगा। तो जब सब समाज से ही आएगा, तो समाज को क्यों ठोकर मार रहा है, जब कि हम सारा-का-सार...
- और पुरानी कांग्रेस में चली गई तो क्या?... वही लोग हैं। वही सब छाए हुए हैं। फिर वही सब लोग ठंढे हो गए। यह क्या हो गया? पुराने इतिहास और नए इतिह...
- और पृथ्वी से बड़े तो नहीं हैं?... आदमी जब पृथ्वी पर खड़ा होगा, तो उसका गाल पृथ्वी के बराबर होगा कि छोटा होगा और सूरज तो करोड़ों गुना बड़ा...
- और प्रजापार्टी में चली गई तो क्या?... सोशलिस्ट में चली गई तो क्या? इंदिरा कांग्रेस में चली गई तो क्या? और पुरानी कांग्रेस में चली गई तो क्...
- और पड़ोसियों को?... और मोहल्ले वालों को? और लोगों को? और उन लोगों को, जिनके अहसान आपके ऊपर लदे हुए हैं। उनके लिए-जिन ...
- और पड़ोसियों को?... गुरुजी! पड़ोसियों को नहीं दिया। सब बेटों को देने से ही नहीं चलेगा। इससे तो आप भौतिकतावादी हो जाते, ...
- और फिर क्या होता है आपका?... जब हम रामलीला में जाते हैं तो वहाँ लक्ष्मण भी बन जाते हैं और जब रामलीला खत्म हो जाती है, तब हमारा बा...
- और फिर मेरे जैसा न होकर पंगु हो जाए, काना हो जाए तब?... आप मेरे जैसा ही चाहती हैं न, तो मैं एक ही हूँ। भगवान ने जितने भी जानवर बनाए, सब एक ही बनाए, दूसरा नह...
- और फिर वह कितने साल का हो जायेगा, तब मेरे बराबर होगा?... मैं तो बत्तीस साल का हूँ। आपको बत्तीस साल तक इंतजार करना पड़ेगा, तब मेरे बराबर बेटा होगा। मैं तो आज...
- और बलवा क्यों होता?... और खजाने पर हमला क्यों बोला गया होता? छोटी सी भूल के कारण राजा अपना खजाना खो बैठा और छोटी सी हमारी...
- और बाल खाने को नहीं मिलें तब?... फिर देखना देवी का हाल। इसको बुखार बुला देगी, उसको बीमार कर देगी, उसके पैसे का नुकसान कर देगी। अरे बा...
- और बीबी को?... बीबी को भी नहीं देंगे। और माँ को? माँ को भी नहीं देंगे। हम कमाते हैं तो हम ही खाएँगे। भाई को भी नहीं...
- और बेटे को?... बेटे को जलेबी खिलाऊँगा। अच्छा तो बेटे को भी धूपबत्ती खिला? नहीं साहब, अपने बेटों को जलेबी खिलाएगा और...
- और बेटे वेल्डिंग कैसे होती है?... लोहे के दो टुकड़े बराबर रख करके आग लगाते हैं, फिर चाहे वह बिजली से हो, आग से हो या गैस से हो। हम उस...
- और बेटे, तेरी मनोकामना पूरी करने के लिए तीन साल का तप देना पड़ेगा, वह मैं कहाँ से लाऊँगा?... हमारे और आपके बीच अर्थात गुरु और चेले जी के बीच यही जद्दोजहद चलती रहती है।मित्रो! आप्तकाम ही दूसरों ...
- और ब्रह्माजी का?... ब्रह्माजी तो बिलकुल रिटायर हो गए। उनका तो पता भी नहीं है, वे तो बहुत बुड्ढे हो गए और बाबा जी के तरीक...
- और भगवान की इच्छाएँ?... इच्छाएँ वही बना दी गईं, जो कि एक आदमी की होती हैं। आदमी खाना माँगता है और भगवान प्रसाद माँगता है। ला...
- और भगवान क्या चाहते हैं?... भगवान जो चाहते हैं, उस काम को करने के लिए हमारी आगे वाली लाइन पर चलने वाले मार्गदर्शक हमको कहाँ ले...
- और भगवान् को किस तरीके से प्राप्त किया जाये?... हमको इसके बारे में थोड़ी गहराई तक जाना पड़ेगा, जैसे कि मुझे मेरे गुरुजी ने गहराई में धकेलने की कोशिश...
- और भजन की?... ईश्वर के भजन की भी महत्ता है। भजन की भी आवश्यकता है, पर चलिए एक बार मैं भजन को गौण मान लेता हूँ ...
- और भी कोई फर्ज-कर्तव्य बनता है क्या?... और कुछ नहीं बनता। समाज भी कुछ नहीं; राष्ट्र! बिलकुल नहीं। जिसे गुरु कहते आए हो, उसके काम आओगे? नहीं ...
- और मनुष्य कौन होता है?... मनुष्य राजहंस होता है, परमहंस होता है। परमहंस उसे कहते हैं, जो महामानव होते हैं और राजहंस उसे कहते...
- और मरने के बाद में?... मरने के बाद में भी बहुत कुछ मिला। मरने के बाद लोग हड्डियों और भस्म को गंगा जी में बहा देते हैं। लो...
- और माँ को?... माँ को भी नहीं देंगे। हम कमाते हैं तो हम ही खाएँगे। भाई को भी नहीं देंगे, बहन को भी नहीं देंगे।
...
- और माँ चिल्लाती फिरती है कि हमारा बच्चा कहाँ गया?... बिल्कुल यही हालत हमारी है। हम चिल्लाते फिरते हैं कि वे आदमी कहाँ हैं, जिनको धर्म के प्रति निष्ठा ...
- और माता जी की बेटियाँ?... माता जी की बेटियों की तो कुछ कहो ही नहीं, ये तो रानी मक्खी हैं। पिछले साल बेटियाँ थीं सौ, अब की बार ...
- और मुक्ति किसे कहते हैं?... बेटे! मुक्ति कहते हैं—बन्धनरहित जीवन को। आदमी को सबसे ज्यादा दुःख इस बात का है कि वह बन्धन में बँधा हु...
- और मेरी प्यारी लड़की कहाँ से मिलेगी और मेरे साथ नाचने का दावा कौन करेगा?... मीरा को नहीं मारा जाना चाहिए और मीरा को बचाया जाना चाहिए। साँप काटने के लिए आया और भगवान ने अपनी...
- और मैं अविश्वासी भी उतना ही हूँ कि अगर भगवान् भी आये और यह कहे कि मैं विष्णु भगवान् हूँ और तुम्हें यह कहने आया हूँ, तो मुझे यह पूछना पड़ेगा कि क्या आपने मुझे तार भेजा है कि असली क्या है और नकली क्या है?... कृपा करके दिखाइये? नहीं तो नहीं, फिर आप बहुरूपिया हो। कितने ही बहुरूपिया दो रंग की लकड़ी की बाँह लगाक...
- और मोहल्ले वालों को?... और लोगों को? और उन लोगों को, जिनके अहसान आपके ऊपर लदे हुए हैं। उनके लिए-जिन अध्यापक ने आपको पढ़ाया ...
- और यह कि मेरी छाया मेरी सहायता करेगी कि नहीं?... आज यूरोप में यही स्थिति है। दांपत्य जीवन के बारे में इतनी मुश्किल, इतनी दूरियाँ पैदा हो गई हैं कि मि...
- और यह क्या कर रहे हैं?... पेड़ की काट- छाँट कर रहे हैं। क्यों? खूबसूरती लाने के लिए इसकी काट- छाँट जरूरी है। और डंडा लेकर क...
- और यह गायत्री नगर?... गायत्री नगर तो बेटे सबसे ज्यादा में बना है। कितने दाम का बनेगा? इसमें पचास लाख भी लग जायँ, तो अचंभ...
- और यह मूर्ति बदले में क्या करती है?... बदले में यह चुपचाप बैठी रहती है। हम चाहे रोएँ, तो भी चुप, हँसें तो भी चुप, कोई जवाब ही नहीं देती है।...
- और योगाभ्यास क्या होता है?... इनसे आपके शरीर और मन पर अर्थात् बहिरंग और अन्तरंग में जो पाप और दुष्प्रवृत्तियाँ हावी हो गयी हैं,...
- और राक्षसों का दिल कैसा होता है?... राक्षसों का, चोरों का, घटिया आदमी का दिल यह है कि जब त्याग का वक्त आता है, तो वह थर-थर काँपने लगता ह...
- और राजनीति को छोड़कर धर्मसत्ता में क्यों आ गये?... भगवान महावीर और भगवान भक्त हनुमान जो दोनों ही आज के दिन पैदा हुए थे, उनके जीवन से भी हमको यही जवाब...
- और रामचन्द्र जी की?... बारह पैसे। कृष्ण चन्द्र जी की सोलह पैसे। बेटे, वे सब मनुष्य थे। नहीं साहब! वे मनुष्य नहीं, भगवान...
- और लक्ष्मीबाई कौन थी?... नारी थी न। स्वतंत्रता के लिए कितना काम किया? अरे नारी न जाने क्या कर सकती है? वह तो ऐसे सन्त पैदा कर...
- और लेने को?... अहा लेने को तो सुन लो आप, सुनते-सुनते थक जाएँगे, हम कहते-कहते नहीं थकेंगे। मनोकामनाओं से लेकर के दुः...
- और लोगों को?... और उन लोगों को, जिनके अहसान आपके ऊपर लदे हुए हैं। उनके लिए-जिन अध्यापक ने आपको पढ़ाया था और जो बेचा...
- और लड़कों के?... लड़कों का सफाया। लड़कों के मात्र पन्द्रह-बीस आवेदन आये और वे ऐसे थे कि जिनके बाप-दादों के ब्याह नहीं ह...
- और वह भगवान् कैसा है?... उस भगवान् का एक ही नाम सही है—न्यायकारी। न्यायकारी भगवान् सब जगह समाया हुआ है। आज आस्तिकता खतम हो गय...
- और विभीषण का?... विभीषण का भी था। विभीषण का योगदान नहीं होता तो यह पता ही नहीं चलता कि रावण का मकान कहाँ है, लंका कहा...
- और वृंदावन में जो छप्पनभोग लगते हैं, उनका क्या हुआ?... और दक्षिण भारत के मन्दिरों में जो भोग लगता है, उसका क्या हुआ? वे सब आपको नहीं मिले? नहीं, हमको नहीं म...
- और वे बेचारे भावुक, जो बेमौत मारे जाते हैं?... जो अपना पैसा खराब करते हैं? समय खराब करते हैं? अकल खराब करते हैं? उनका नाम है—मूर्ख, जो कर्मकाण्डों...
- और वैराग्य की शिक्षा कैसे दे सकते हैं?... स्वामी विवेकानन्द ने कहा कि हिन्दुस्तान ने अध्यात्म का पहला पाठ पढ़ना शुरू किया है, जिसका अर्थ है—क...
- और शक्ति की धारायें हमें कहाँ लाना चाहिए?... साथियो! इसमें कुछ काम आपका है और कुछ काम हमारा है। कुछ आप कीजिए, कुछ हम करेंगे। कुछ काम बेटा करता ...
- और शब्द कहाँ से निकलता है?... हमारी वाणी से निकलता है। इसे जपयोग कहते हैं। जप के भी दो भाग है—जिह्वा का एक भाग उच्चारण करता है, तो...
- और शराब की जो नहरें मिलेंगी, बेटे मैं उस नहर का क्या करूँगा?... कोई बीड़ी पीता है और मुझे उसका धुआँ लग जाय, तो उल्टी आने लगती है। जब वहाँ शराब की गन्ध मिलेगी और उसम...
- और शान्ति की बाबत?... नहीं, आपके केवल शान्ति शब्द सुना है। सिद्धियों की बाबत आपको जानकारी है? नहीं, आप तो सिद्धियों को बाज...
- और शालिग्राम क्या हैं?... शालिग्राम भी वही हैं। शालिग्राम की मान्यता अगर हमारे जीवन में हृदयंगम हो सके, तो उसका जो प्रभाव हम...
- और समाज के लिए क्या कर सकते हैं?... यह देखकर हम उनसे ना उम्मीद हो जाते हैं। हम उनसे ज्यादा-से-ज्यादा यही उम्मीद रखेंगे कि हमारा जब हवन...
- और समाज को सुखी- समुन्नत बनाने के लिए क्या करना चाहिए?... आपको इसकी प्लानिंग करनी चाहिए और इसके लिए योजना बनानी चाहिए। अपने श्रम का उपयोग कैसे करेंगे? समय क...
- और समुद्र में पानी कैसे भरा होता है?... ऐसे ही। समुद्र में लहर कैसे आती है। पिता ने छोटी सी कंकड़ी डाली और पानी में लहर उठने लगी। लहरें उठती ...
- और सिखा दीजिए?... बेटे! जो आपने सीख लिया, वह काफी है। हमने आपको इतना ज्यादा सिखा दिया है कि मैं सोचता हूँ कि इससे ...
- और स्वर्ग कहाँ है?... स्वर्ग कहाँ है, बाइस हजार मील दूरी पर। बेकार की बातों पर बहकिए मत, स्वर्ग हमारे चिन्तन का व दृष्टिकोण...
- और हनुमान जी का?... हनुमान जी का भी था। सुग्रीव और जामवंत का? सुग्रीव और जामवंत का भी योगदान था। और विभीषण का? विभीषण का...
- और हम किस तरीके से हैं?... इस बार का कुम्भ मित्रो! लोगों की निष्ठाएँ ब्राह्मण के प्रति कम हो गई हैं और जो रही बची हैं, वह और ...
- और हम अपने अन्दर जीवन को अर्थात अपनी चेतना को किसके साथ जोड़ें?... भगवान के साथ जोड़ें। अपनी जीवात्मा को जब हम भगवान के साथ में, परमात्मा के साथ में जोड़ देते हैं, तब ...
- और हम क्या कर सकते हैं?... बेटे, कब से हमारे झोला पुस्तकालय चल रहे हैं, चल पुस्तकालय चल रहे हैं। इन्हें आप दो घण्टे भी चला दिय...
- और हम हाथ का क्या करेंगे?... बेटे, हम हाथ से काम कराएँगे। इस माने में आप लोग अब हमारे दाएँ-बाएँ हाथ बनेंगे। बेटे, ये कन्धे अब थक ...
- और हमको जो काम करना है- वह क्या है?... और हम किस तरीके से हैं? इस बार का कुम्भ मित्रो! लोगों की निष्ठाएँ ब्राह्मण के प्रति कम हो गई हैं औ...
- और हमारा गुरु कैसा है?... और हमको जो काम करना है- वह क्या है? और हम किस तरीके से हैं? इस बार का कुम्भ मित्रो! लोगों की निष्ठ...
- और हमारे भीतर से शरीर निकल जाए, तो क्या हो जाएगा?... तो फिर हम हो जाएँगे—भूत।
भूत कैसा होता है? भूत ऐसा होता है, जैसे मनुष्य। फरक क्या होता है? फ...
- और हमारे सोचने का तरीका क्या होना चाहिए?... ये सारे के सारे क्रिया-कलाप हमको इस दिशा पर ले जाते हैं, ताकि हमारा व्यक्तित्व, हमारे भीतर की शक्ति,...
- और हमें क्या करना चाहिए?... हमको उस अध्यात्म को पुनः जाग्रत करना चाहिए।...
- औरत आपसे कुछ चाहती है, बेटे आपसे कुछ और चाहते हैं, कोई क्या चाहता है, कोई क्या?... ये जो चाहना हैं, उनमें से अधिकांश अनैतिक होती हैं, अस्वाभाविक होती हैं। ऐसी होती हैं, जिनमें कि वे ह...
- औरत विधवा हो जाती है?... बिलकुल नहीं होती और होती है, तो बेटे आगे-पीछे तो सबका ही होता है, किसका नहीं होता? किसी का साथ होगा,...
- औरतों के लिए सोने के जेवर बनाए?... क्यों साहब! जो देवता जितना बड़ा मालदार, वह उतना ही बड़ा भाग्यवान होता है? भगवान जिसको जितनी दौलत दे,...
- औरों के पास कहाँ हैं?... दो-दो, पाँच-पाँच हैं। फिर भी वे इतने काम कर गुजरते हैं। हम तो जाने कहाँ-कहाँ की छलाँग लगाएँगे, देखते...
- औलाद पैदा करने के पीछे आदमी इस कदर पागल है कि समझता ही नहीं कि वह क्या करने जा रहा है?... समाज के लिए क्या आफत पैदा करने जा रहा है? अपनी औरत का स्वास्थ्य कैसे खराब करने जा रहा है? अपनी आर्...
- औसत भारतीय किस स्तर का गुजारा करता है?... आपका स्तर उस तरह का होना चाहिए। स्वरूप उसी प्रकार का होना चाहिए। नहीं साहब! हम तो ज्यादा कमाते हैं, ...
- औसत से क्या मतलब है?... औसत आमदनी से यह मतलब है कि आप, आपकी बीबी और आपके दो बच्चे, कुल चार आदमी हैं तो आपकी औसत आमदनी आठ हजा...
- कंगाल कौन है?... कंगाल वह आदमी है जिसका मेरापन का दायरा, अपनेपन का दायरा जितनी छोटी सीमा में सीमाबद्ध हो गया है। जिसक...
- कंगाली किसे कहते हैं?... इसलिए गरीबी और कंगाली में जी रहे बच्चों की सहायता के लिए उन्होंने निश्चय किया कि हम ५० रुपये में अपन...
- कंजूस ने पूछा कि आपको कितना पैसा चाहिए?... कमेटी के लोगों ने डरते हुए कहा पाँच सौ रुपये। कंजूस ने तुरन्त पचास हजार रुपये का चेक काट दिया। लोगो...
- कंस से लड़े बिना कहीं काम चला?... लड़ाई मोहब्बत की है, या कैसी है? हिंसा की है या अहिंसा की है? यह मैं इस बखत बात नहीं कह रहा हूँ।...
- कई तरह की बोलियाँ बोलने से भगवान की भक्ति का कोई ताल्लुक है?... मेरा स्वयं का अपना ऐसा विश्वास है कि ईश्वर की भक्ति से बोलियाँ बोलने का कोई बहुत ज्यादा ताल्लुक नह...
- कई दिनों तक विचार करता रहा कि मैं पागल हो जाऊँगा क्या?... नास्तिक हो जाऊँगा क्या? छोड़कर भागूँगा क्या? चला जाऊँगा क्या? मैं यही सोचता रहा। फिर एक दिन मेरे भीतर...
- कई बार तो अचंभा होता है और मालूम पड़ता है कि फिलॉसफी की दृष्टि से कहीं हिन्दू धर्म पिछड़ा हुआ तो नहीं है?... मन में ऐसा विचार कई बार आता है कि व्यापक शक्तियों की शक्ल क्यों कर बनाई गयी? शक्लें बनाने के बारे ...
- कई बार तो पहचानने वालों को भ्रम हो जाता था कि इनमें से श्रीकृष्ण कौन है और प्रद्युम्न कौन है?... इसका कारण सिर्फ यह था कि उन लोगों ने बच्चा पैदा करने से पूर्व अपनी तैयारी की थी।...
- कई बार मैं विचार करता था कि सिर काट डालने का क्या मतलब है?... आदमी का सिर काट डालने से क्या आदमी बदल जाएगा? मरने के बाद भूत हो जाएगा, पलीत हो जाएगा और फिर तंग करे...
- कच्चा लोहा कहाँ से आता है?... साहब! यह जमीन में से खोद-खोदकर आता है। साहब! जरा लोहा दिखाना। यह ऐसा लोहा जैसे मिट्टी मिला हो। यह लो...
- कच्ची धातु कैसे निकलती है?... कच्चा लोहा कैसे निकलता है। बेटे! कच्चा लोहा खदान से जो निकलता है, मिट्टी मिला हुआ होता है। फिर उसे...
- कट जाने दें नाक को, एक दिन कटनी है, तो कट-कटा जाए क्या हर्ज है?... यहीं रख जाना अपनी नाक को, काट करके शान्तिकुञ्ज में फेंक जाना। इनको आगे तो बढ़ाइए। आप आगे तो चलिए। आप...
- कटुभाषा से नाराजगी नहीं होगी, तो और क्या होगा?... नहीं साहब, बिच्छू का डंक मारे बिना हमारा तो काम ही नहीं चलता। नहीं बेटे, अपनी जुबान पर जरा शहद लगाइए...
- कठपुतली कौन होता है?... शिष्य। जिस तरीके से कठपुतली अपना समर्पण करती है और कहती है कि जैसा चाहें वैसा नाच आप नचाते चलिए, हम ...
- कठिन काम सौंप दीजिए?... नहीं बेटे! कठिन काम आप नहीं कर पाएँगे। कठिन काम करने के लिए कुमार जीव के तरीके से वहाँ भेज दें। कहाँ...
- कठिन क्या है?... पैसा कमाना कठिन है? शायद ईमानदारी से या बेईमानी से भी यह हो सकता है। हम तो साहब वासना को पूरा करेंगे...
- कठिनाइयाँ क्या होती हैं?... उनके कष्ट क्या होते हैं? यह सब मैं समझ सकूँ, ताकि उनकी सहायता कर सकूँ।मित्रो! स्वर्ग, मनुष्य के देखन...
- कठिनाइयों से होती है, और कैसे होती है?... नहीं साहब! आप इम्तिहान ले लीजिए। आप सवाल पूछ लीजिए, हम लिखकर दे देंगे। बेटे! इसमें सवाल नहीं पूछा जा...
- कदाचित् अगर आप एक कदम आगे बढ़ा दें और महानता की ओर चल पड़ें तब?... तब आपको दूसरा काम करना पड़ेगा। तब फिर आपको औसत भारतीय की तरीके से सीमित में निर्वाह करना पड़ेगा। आपक...
- कपड़ा क्या पहनते थे?... यही सूत के, ऊन के कपड़े पहनते थे। फिर देवमानव कैसे हुए?
मित्रो! देवमानव इसीलिए हुए कि उनका भीतर ...
- कपड़ा था क्या?... नहीं था। नंग-धड़ंग मरघट में पड़े रहते थे। उनके अपने घर में तो लक्ष्मी है नहीं, तुझे और लक्ष्मी दे जा...
- कपड़े आपने बनाए हैं?... नहीं महाराज जी! हमने नहीं बनाए हैं। बेटे! ये मिलों ने बनाए हैं, फैक्टरियों ने बनाए हैं, मजदूरों ने ब...
- कपड़े से मुँह ढक लिया, ये क्या करते हैं आप?... उन्होंने कहा, "मुझे देने में ऐतराज नहीं है, पर इस आदमी को देखने का मेरा मन नहीं। क्यों? क्योंकि इस आ...
- कपड़ा रँगने से पहले आपने उसे धोया था न?... अगर आपने धोया नहीं होगा, तो कपड़े का रंग कभी भी नहीं आ सकता। राम का नाम कपड़ा रँगने के बराबर है। इसक...
- कपड़ा किसे कहते हैं?... सारी दुनिया के जंगली लोगों में उन्होंने सभ्यता सिखायी। न केवल एशिया में, बल्कि सारे संसार में सिखायी...
- कपड़ा कौन है?... चुगलखोर। ये हर आदमी की हैसियत को, हर आदमी के स्वभाव को और आदमी के रहन-सहन को बता देता है। ये आदमी ...
- कब तक खायेगा?... तब तक खाऊँगा, जब तक रात के दस बजे तब बन्द नहीं हो जाता।अच्छा बेटे, यह बता कि कुछ काम भी करेगा या नहीं...
- कब करना चाहिए और कब नहीं करना चाहिए?... यह सब जानने के लिए, पाँच साल लगाने पड़ते हैं। ऑपरेशन करने की विधि क्या है? बड़ा वाला डॉक्टर-प्रोफेसर ए...
- कब करा दिया था?... जब १३ वर्ष के थे, कहती थी कि मैं मर जाऊँगी, मेरे बेटे का ब्याह कराओ और वही अम्मा हमारे बड़े भाई से य...
- कब करेंगे शक्तिपात?... बेटे! दोपहर को व्याख्यान के बाद आ जाना, मैं तेरा शक्तिपात करूँगा। अच्छा साहब! बैठ गए, लीजिए कीजिए शक...
- कब की थी उन्होंने साधना?... कौन सा अनुष्ठान किया था, बताना जरा? अच्छा, कोई साधना नहीं की थी तो कहाँ से आती थी शक्ति? बेटे! रामकृ...
- कब तक आएँगे?... अरे! जब तक हजार जन्म मिलेगा, तब तक आएँगे। तब तक आएँगे? हाँ! तब तक आएँगे। इसके लिए जो स्वप्न देखा था,...
- कब तक काम करेंगे?... जब तक साँस चलेगी। रिटायर्ड होंगे तब? तब हम दूना काम करेंगे। पहले हमें कमाने की फिक्र थी, इसलिए रोटी ...
- कब तक नहीं मरेंगे?... लाखों वर्षों तक करोड़ों वर्षों तक हम नहीं मरेंगे। हम आपसे वायदा किए जा रहे हैं कि बिलकुल नहीं मरेंगे...
- कब तक मंत्री हो जाऊँगा?... अब तीन महीने रह गये हैं और वे सचमुच मंत्री बन गये। यह बात कानों से कान फैलती चली गयी। जब मैं ग्वालिय...
- कब तक साथ देंगे?... हमारी भुजाएँ, हमारा आत्मबल, हमारे पाँव यदि ठीक हैं, तो हम चल सकते हैं। हमारी आँखें ठीक हैं, तो हम दू...
- कब तक है आवश्यकता?... यह अभी बस यहाँ की, यहीं रहने दो कि कब तक की आवश्यकता है, पर अभी उसकी जरूरत है। यह तो मैं आपके दिमागो...
- कब तक हो जाऊँगा?... तीन महीने बाद हो जाओगे। सच में वह आदमी मुख्यमंत्री हो गया। यह बात कानोकान एक से दूसरे तक फैलती चली ग...
- कब थे शक्तिशाली?... तब थे, जब भगवान राम से जुड़ गए। भगवान राम से जुड़ गए, तो भगवान ने उनके अन्दर वह शक्ति भर दी कि सारी ...
- कब धन्य हो गए?... जब उनको सेंटपॉल मिल गए। सेंटपॉल कौन थे? सेंटपॉल ईसा से तीन सौ वर्ष बाद पैदा हुए थे। उन्होंने सार...
- कब प्रभाव पड़ता है?... प्रभाव तब पड़ता है, जब हम अपने जीवन को उसके लायक बना लेते हैं। प्रभाव पड़ेगा? हाँ बेटे, बिलकुल पड़ेग...
- कब बनाई थी?... करोड़ों वर्ष पहले बनाई थी। जहाँ हम बैठे हुए हैं, उसे पटवारी के खाते में देख करके आ। लाखों आदमियों के...
- कब मिली थी?... अच्छे उद्देश्य के लिए ज़ब आदमी जान हथेली पर रखकर निकलता है तो भगवान भाग करके सहायता करने के लिए आता ...
- कब सम्भव है?... यह तब सम्भव है जब आप वाणी का संयम प्रारम्भ करेंगे।
मित्रो! वाणी के तप के बारे में मैंने आपसे कहा थ...
- कब हुए थे?... आज से पचास साल पहले। पचास वर्ष के बाद में पीढ़ियाँ बदलती चली गयीं। कुछ पुराने आदमियों का स्वर्गवास ...
- कबीर कहाँ तक पढ़े थे?... रैदास कहाँ तक पढ़े थे? कहीं तक नहीं पढ़े थे, फिर भी उन्होंने भगवान का काम किया कि नहीं? वे भगवान से ...
- कबीर की क्या परिस्थितियाँ थीं, बताइये?... कबीर को कौन कन्धे पर उठाकर ले गया था? मनःस्थिति में विकसित करें विवेक केवल मनःस्थिति थी, जिसमें विव...
- कबीर के पास पैसा था?... गाँधी जी के पास पैसा था? समर्थ गुरु रामदास के पास पैसा था? रामकृष्ण परमहंस के पास पैसा था? ईसामसीह...
- कबीर को कौन कन्धे पर उठाकर ले गया था?... मनःस्थिति में विकसित करें विवेक केवल मनःस्थिति थी, जिसमें विवेकशीलता मुख्य है। मनःस्थिति में एक ची...
- कबूतरी ने कहा—क्या?... कबूतर ने कहा कि अपने जीवन की सार्थकता इसी में है कि हमारे खून का एक-एक जर्रा इसके काम आ जाए।
कबूतर...
- कब्र किसे कहते हैं?... कब्र बेटे, गड्ढे को कहते हैं, जिसमें आदमी को दफन किया जाता है। हकीम लुकमान हमेशा यह कहते रहे कि आदमी...
- कभी आपने अपनी जीभ से दूसरों की प्रशंसा भी की है क्या?... जरा बताना तो सही। जब भी आप घरवाली के पास गये हैं, तो यही कहते रहते हैं कि बर्तन साफ करना नहीं आता, ब...
- कभी आपने कैदियों को जेलखाने में जाते हुए देखा है कि वे कैसे जाते हैं?... हाथों में हथकड़ी डाल देते हैं, ताकि वे भागने न पाएँ। पैरों में बेड़ी डाल देते हैं, ताकि वे भागने न प...
- कभी दिमाग गरम हो गया होगा, तो हो गया होगा, ऐसा भी मैं नहीं कहती कि नहीं हो गया; लेकिन सिद्धान्त और विचारणा से ऐसे गुँथे रहे आपस में कि बस, क्या कहें आपसे?... दूध और पानी कहें? दूध और पानी में कभी खटाई डालें, तो भी फट जाते हैं। हम तो दूध और पानी से भी ज्यादा ...
- कभी नहीं माँगा और कभी माँगेंगे भी नहीं; लेकिन एक चीज माँगने के लिए तुम्हारी माँ उपस्थित हुई है कि कौन हमारे बच्चे हैं जो कि हमारे हाथ बनना चाहते हैं?... गुरुजी का आह्वान है कि हम हजार हाथ का बनना चाहते हैं? हजार हाथ, जिसमें आप सभी बैठे हैं, सब उनके एक-ए...
- कभी पूछता कि आप उपासना कैसे करते हैं?... किसका ध्यान करते हैं? वे कहते कि हम प्रकाश का ध्यान करते हैं। तो मैंने कहा कि प्रकाश निराकार कहाँ है...
- कभी बेचारे बच्चों को यह अनुभव न हो सका कि हमारा पिता कौन है और पिता की मोहब्बत किसे कहते हैं?... बस, अच्छा कपड़ा पहना दिया, अच्छी मिठाई खिला दी। अच्छे से समाज में बिठा दिया। ये भी कोई बात है क्या? ...
- कभी लोगों के असहयोग के रूप में दिखाई पड़ती हैं, कभी क्या और किस रूप में दिखाई पड़ती हैं?... आप उन सारी समस्याओं का मुकाबला कर सकते हैं। अगर आपने, अपने आपको सही करने का ज्ञान प्राप्त कर लिया है...
- कभी सोचा है कि यह दुनिया कैसे जिएगी?... दुनिया के कायदे कैसे रहेंगे, दुनिया के नियम कैसे चलेंगे? दुनिया की व्यवस्था कैसे कायम रह पाएगी? बता ...
- कभी हमने अपनी पत्नी को प्यार भरी दृष्टि से देखा होता, गरीबी में मक्का की रोटी और छाछ पीकर के अगर आप दोनों की आत्मा में प्यार की भावना बढ़ रही होती, तो गंगा और यमुना घर में प्रवाहित हो रही होतीं और आपने देखा होता कि स्वर्ग किसे कहते हैं?... दृष्टिकोण में है स्वर्ग मित्रो! स्वर्ग कहीं होता होगा, मैंने देखा नहीं है। अगर स्वर्ग कहीं हो भी तो ...
- कम क्यों है?... इसलिए कम है कि जो कमाऊ पूत होता है, माँ- बाप उसकी तरफ देखते हैं, निगाह रखते हैं कि यह लड़का कमाल का ...
- कम बच्चों से आपका गुजारा नहीं हो सकता?... आपके जो कम बच्चे हैं, उनको आप क्या पर्याप्त नहीं मान सकते? हमारा कहना मानिए अब बच्चे मत बढ़ाइए। जो ...
- कम रुपये मिलते, तो दाल-आटे का भाव पता चलता कि बच्चों का पालन कैसे किया जाता है?... बड़ा आया हुकूमत चलाने वाला।
कर्तव्यपालक होते हैं महापुरुष
मित्रो! महापुरुष कर्तव्यों का पा...
- कम सुनने वाला आदमी कैसे बोलता है?... सोचता है इन सबको कम सुनाई पड़ता है। धोती मँगा दीजिए। अरे हमारे तो कान अच्छे हैं। आप ये समझ रहे हैं,...
- कम से कम चीज क्या है?... जबान की नोंक, चमड़े की नोंक, जिससे कि हम सारे के सारे दिन बक- झक करते रहते हैं, गालियाँ देते रहते ह...
- कम-से एक लोटा तो होना ही चाहिए मुँह धोने के लिए और भगवान जी का मुँह इतना छोटा है कि एक चम्मच जल से काम चल जाएगा?... एक चम्मच में आचमन करा देगा? एक चम्मच में—‘‘पाद्यं समर्पयामि’’—पाद्य धो देगा? एक चम्मच में स्नान करा ...
- कम-से-कम कितने में गुजारा होगा?... " 70 रुपये अपने लिए रख करके बाकी के सारे विद्यार्थियों के अनुदान में लगा दिए।
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- कम-से-कम कितने में यह कार्यक्रम हो सकता है?... हमने छाप दिया है कि ढाई सौ से चार सौ रुपये तक में बहुत बढ़िया यज्ञ हो सकता है, आयोजन हो सकता है। ...
- कमजोर होता है ना?... सन्त वेष धारण करने के पश्चात् हर आदमी को भिक्षा माँगने के लिए जाना पड़ता था, ताकि उसका अहंकार चूर-चू...
- कमर तो झुक गयी होगी?... आँख में चश्मा तो लगाते होंगे? उनके बुढ़ापे का कोई तो फोटो होगा? नहीं महाराज जी! कोई फोटो नहीं है। बेट...
- कमाएँगे नहीं तो उत्पादन कैसे होगा?... दुनिया में चीजें रहेंगी कैसे? लेकिन आपको खरच के बारे में हजार बार सोचना चाहिए और लाख बार सोचना चाहिए...
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- कम्युनिस्ट तो नहीं हैं बेटे, पर हम कम्युनिस्टों की आवाज में आवाज लगाकर कह सकते हैं कि यह अवांछनीय अध्यात्म जो आज हर जगह फैल गया है, अगर यह नष्ट होता है, तो आपको दुःख है?... नहीं, मुझे प्रसन्नता है। आपका ये अखण्ड कीर्तन बन्द हो जाए तो आपको नाराजगी है? नहीं मुझे कोई नाराजगी न...
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- करुणा भी किसी के अन्दर है क्या?... दरद भी किसी के अन्दर होता है क्या? सम्वेदनाएँ भी किसी के अन्दर हैं क्या? दूसरों से सहानुभूति रखने वाले ...
- करेंट किसे कहते हैं?... बेटे! अगर करेंट को देखना चाहते हैं, तो मैं उसे स्पार्क के रूप में दिखा सकता हूँ। करेंट दिखाई तो नहीं...
- करोड़ों की जायदाद खरीदकर रख गए थे?... तो फिर कुंती का बेटा, देवता का बेटा कौन होता है? क्या वह जिसके पास मोटरें हों, जिसके पास दौलत हो, जि...
- करोड़ों रुपया कहाँ से इकट्ठा हो रहा है?... आप अपने यहाँ देख लीजिए न? निगाहें फेंकिए, आपको मालूम पड़ जाएगा कि पहले ये क्या थे और साल-दो-साल के ...
- कर्ज कौन अदा करेगा?... या तो बेटा करेगा या बाप करेगा। या तो शिष्य स्वयं ही भोगे यदि स्वयं भोगने में सक्षम नहीं है और गुरु क...
- कर्म का मतलब यह होता है कि हमारे फर्ज क्या कहते हैं?... फर्जों को निभाने में हमें या दूसरे आदमियों को नुकसान उठाना पड़ता है, तो पड़े। अर्जुन से भगवान यही तो क...
- कर्म की वजह से हम आपके स्थूलशरीर के बारे में यह फैसला करेंगे कि आपका स्तर क्या है?... और आपकी वकत क्या है? आपकी औकात क्या है? स्थूलशरीर का वजन और वकत जो ली जाती है, वह उसके कर्मों के आधा...
- कर्मकाण्ड छिलका हैं?... हाँ बेटे! छिलका उसकी हिफाजत के लिए बना है, ताकि उसके अन्दर की गिरी-गोला खराब न हो जाय। इसलिए छिलके की...
- कर्मकाण्ड क्या है?... कर्मकाण्ड यह है कि जो चीजें हमारे पास हैं, उसको हम अपने लिए ही इस्तेमाल न करें, वरन् समाज के लिए बाँ...
- कर्मकाण्ड भर से आप वैकुण्ठ कैसे चले जाएँगे?... नाक में से हवा निकालेंगे और कान में उँगली डालेंगे। ग्यारह माला लकड़ी की घुमाएँगे और तीन माला रुद्राक...
- कर्मकाण्ड, जिसके पीछे हम पागल हैं और जिसके बारे में हमने यह ख्याल बनाकर रखा है कि यह छोटा सा कर्मकाण्ड कितने वरदान ले करके आया है?... दुनिया में क्या-क्या चीजें लेकर के आया है? अगर आपको यह पता होता कि कर्मकाण्ड इतनी चीजें ले करके आ सक...
- कर्मकाण्डों की क्या प्रेरणाएँ हैं, क्या शिक्षाएँ हैं, क्या दिशाएँ हैं?... हम जल चढ़ाते रहते हैं—‘‘पाद्यं समर्पयामि, स्नानं समपर्यामि, अर्घ्यं समर्पयामि।’’ इनका क्या मतलब है? ब...
- कर्मकाण्डों के प्रति आपकी आस्था को मैं क्यों कम करूँगा?... आपके मन को क्यों डगमगाऊँगा और यह कहूँगा कि फेंक दो माला? न, मैं नहीं कह सकता।मित्रो! माला मेरे प्र...
- कर्मचारी बन गए तो क्या?... यहाँ तो ड्रामा है। हम सब यहाँ नौकर हैं, तुमको भी सवा सौ मिलते हैं और हमें भी सवा सौ मिलते हैं। ह...
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- कर्मयोग में आदमी की आसक्तियाँ और मोह कटते जाते हैं और उसे यह दिखाई देने लगता है कि हमें क्या चाहिए?... हमारे में कमाने का माद्दा है, लेकिन कमाने के माद्दे की सार्थकता तब है, जब इसे किसी अच्छे काम में ल...
- कर्मयोग में भगवान् ने यह बताया है कि आप यह मत देखिए कि उसमें फायदा हुआ कि नहीं?... हमने जो चाहा था, वह मिला कि नहीं मिला? मिलना, न मिलना आपके हाथ की बात नहीं है। यह परिस्थितियों और ...
- कल का भविष्य खराब कर लिया ना?... उस बेचारे का कल क्या होने वाला है? बिना पढ़ा रह जाएगा, हर साल फेल होता रहेगा, बच्चों में बेवकूफ और बु...
- कल के बारे में कोई नहीं जानता कि बढ़ी हुई जनसंख्या का कल क्या परिणाम होगा?... आज की आपाधापी जिस तरीके से मनुष्य को हैरान और परेशान करने पर तुली हुई है, उसके परिणाम क्या होंगे? ...
- कल के शानदार होने के लिए आज आपको क्या करना पड़ेगा?... एक ही बात करनी पड़ेगी कि आप अपने प्रत्येक क्रिया कलाप में इस बात का समावेश करें कि हमारा कल—भविष्य कि...
- कल क्या करना पड़ेगा?... आज आपने जो नौकरी या खेती-बाड़ी की है उसका मतलब यही तो है कि आपको कल का गुजारा करने के लिए ठीक मिलेगा।...
- कल जो हमने सिनेमा देखा, रात भर हमारे मन में यह ख्याल आता रहा कि हेमामालिनी से अगर हमारी शादी हो जाती, तो कितना अच्छा होता, तो रात को हेमामालिनी से शादी हुई कि नहीं हुई?... शादी तो नहीं हुई। बाजार से हम उसका एक फोटो खरीद लाए।
वह चित्र हमारे कमरे में टँगा हुआ है, तो क्य...
- कल मैं आपको थ्योरी समझा रहा था कि गायत्री मंत्र का हमारे जीवन क्रम में क्या सलूक होना चाहिए और हमारे जीवन में गायत्री का समावेश कैसे होना चाहिए?... हमारे चिन्तन से गायत्री का क्या ताल्लुक होना चाहिए। यह समझाते हुए मैंने कल दो बातें पूरी करने की क...
- कल मैं आपको यह समझा रहा था कि आपकी आस्तिकता, ईश्वर विश्वास क्या है?... यह इस मायने में है कि भगवान हर जगह समाया हुआ है, इसलिए हमको छिपकर कोई काम नहीं करना चाहिए। और हमको...
- कल मैं आपको वृक्षारोपण की असफलता के कारण गिना रहा था?... जिसमें पहला कारण है—बीज। बीज को पेड़ के रूप में विकसित करने के लिए, फलदार बनाने के लिए अच्छे-से-अच्छा...
- कल मैं क्या कर रहा था?... तप की व्याख्या कर रहा था। आज आप क्या कर रहे हैं? आज मैं योग की व्याख्या कर रहा हूँ, क्योंकि भगवान को...
- कल हमने आपको बतलाया था कि मन को काबू में कर लेने के बाद भगवान का ध्यान कैसे करना चाहिए?... गायत्री माता का ध्यान कैसे करना चाहिए? उन्हें बार-बार घूम-घूमकर देखना होगा, ताकि आपका इधर-उधर भागने ...
- कलकत्ता (कोलकाता) जा रहे थे तो फिर आपने बंबई (मुंबई) का टिकट क्यों लिया?... आपने गलती कर दी। अब आप स्टेशन बाबू से कहिए कि साहब! हमको कलकत्ता (कोलकाता) का टिकट दीजिए। अगर आपने ब...
- कलायें क्या हैं?... ‘हार्सपावर’ हैं। इसका मतलब है कि अमुक अवतार कितने ‘हार्सपावर’ के थे। नहीं साहब! ‘हार्सपावर’ की तो ...
- कलेजा है आप में?... हृदय है आप में? हिम्मत है आप में? जीवन है आप में? निष्ठा है आप में? श्रद्धा है आप में? अगर ये नहीं...
- कलेवर का अध्यात्म कैसा होता है?... अध्यात्म बेटे, सिद्धान्तों-आदर्शों का नाम है, हिम्मत का, बहादुरी का नाम है और श्रेष्ठता को जीवन में ध...
- कलेवर कितनी कीमत का है?... किसी कीमत का नहीं है। यह बेकार जैसा है, लिफाफा जैसा है। अँगूठी के लिए आप सुनार के पास जाइए। वह आपको ...
- कलेवर के पीछे जो प्राण भरा हुआ है, वह क्या भरा हुआ पड़ा है?... वह ईश्वर का विश्वास भरा हुआ पड़ा है। ईश्वर का विश्वास अलग चीज है और पूजा अलग चीज है। यह सम्भव है कि...
- कल्चर क्या होता है?... कल्चर कहते हैं—हमारी विचारणाएँ, हमारी आस्थाएँ, हमारी मान्यताएँ, हमारी इच्छाएँ और आकांक्षाएँ इस तरह क...
- कल्पना न होती, तो इतने तरह के फर्क कैसे हो जाते?... अगर दुनिया में हजारों भगवान होंगे, तो मुश्किल आ जाएगी। भगवान एक है, अनेक भगवान नहीं हैं। फिर दुनिया ...
- कल्पनाओं की कोई औकात है?... कल्पनाओं की-इच्छाओं की कोई कीमत नहीं है। हम ही हैं हमारे भाग्य विधाता मित्रो! हर चीज की कीमत...
- कल्पनाओं की कोई कीमत है?... कल्पनाओं की कोई औकात है? कल्पनाओं की-इच्छाओं की कोई कीमत नहीं है। हम ही हैं हमारे भाग्य विधात...
- कल्पवृक्ष किसे कहते हैं?... उसे कहते हैं जिसके नीचे बैठकर हर चीज, हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। देवता की हर मनोकामना पूरी हो ज...
- कल्याण हमारा कहाँ है?... लाभ कहाँ है? कल्याण को देखने की दृष्टि अगर हमारी पैदा हो जाए, तो हम यह कह सकते हैं कि हमने शिव भगव...
- कषाय हमारे कहाँ हैं और कल्मष हमारे कहाँ हैं?... मल हमारे कहाँ हैं? आवरण हमारे कहाँ हैं और विक्षेप हमारे कहाँ हैं। आदर्शों की आग में तपने का नाम है...
- कष्ट किस बात का?... किसी बात का कष्ट नहीं है। संख्या नहीं गुणवत्ता हो अपना मानक मित्रो! कष्ट बस एक ही बात का है कि मनु...
- कष्ट, दुःख और असुविधाएँ कैसी होती हैं?... उन असुविधाओं को, उनकी पीड़ाओं को बँटाने के लिए मैं एक कदम आगे बढ़ा सकूँ। कोई लोक नहीं है स्वर्ग मित्...
- कष्टमय जीवन जियेगा क्यों?... त्याग करने के लिए तैयार होगा क्यों? संयम और सदाचार का जीवन व्यतीत करने के लिए अपने आपसे जद्दोजहद क...
- कह नहीं सकते कि आज हमारे लिए सब कुछ अच्छा है, लेकिन कल क्या होगा?... कौन जानता है। अभी हमारा दिल धड़क रहा है, कल हमारी मौत आ जाय, कौन जानता है? मित्रो! उस राजा को...
- कहते थे कि आचार्य जी से पूछना, उनके पास टाइम है क्या?... जिस तारीख को मिलेंगे, उसी तारीख को मैं आऊँ। एक दिन- पूरे दिन हम बात करते थे। पूरे छः- सात घण्टे उ...
- कहते हैं न कि घोड़े की पूँछ बड़ी होगी, तो क्या करेगा?... अपनी मक्खी मारेगा और क्या करेगा।
माला लेकर के बैठ जाइए स्वर्ग-मुक्ति मिल जाएगी। हाँ, चले जाइए। तो ...
- कहने का आपने अभ्यास किया है कि नहीं और आप कह पाते हैं कि नहीं?... सर्कस वाले जो आदमी होते हैं, वे सीखकर आते हैं। जो लोग सर्कस देखने जाते हैं, वे यह देखते हैं कि किस...
- कहने दीजिए, इसमें आपको क्या एतराज होना चाहिए?... अवतारी ही हैं। अरे मैं तो यह कहूँगी कि हर व्यक्ति ही अवतारी है। हर व्यक्ति के अन्दर चेतना है, शक्ति ...
- कहा कि जहर से क्या डरना है, जहर भी कोई चीज होती है?... देखा जाएगा, अपने अन्दर ताकत है, तो हम जहर को भी अमृत बना सकते हैं।
आपने शंकर जी की मूर्ति देखी है न...
- कहाँ अलग हो सकते हैं?... आपने उन्हें मिला जो दिया। अब वे अलग नहीं हो सकते। दोनों एक हो गए। भगवान के साथ जब जीवात्मा मिल जाएगा...
- कहाँ आफत में आ गए?... विचार करने लगे कि अब किधर चलें? खाना न मिले तो कोई हर्ज नहीं, पर पानी तो मिलना ही चाहिए। पानी की तला...
- कहाँ उँगली रखनी है?... एक नंबर पर, पाँच नंबर पर, सात नंबर आदि। बस, अभ्यास करो। इस तरह संगीत सिखा देते हैं।
मित्रो! मैं ...
- कहाँ कराया हुआ है?... बहुत बड़ी बैंक के साथ कराया हुआ है, जिसको आप हमारे गुरुदेव के रूप में जानते हैं। शक्ति कहाँ से आती ह...
- कहाँ का भाई, किसका भाई?... दो लकड़ी के पीस थे, न जाने कहाँ से बहते हुए चले आ रहे थे? गंगा का जल गंगोत्तरी से बहकर कोलकाता तक चल...
- कहाँ की थी उन्होंने साधना?... पहले स्कूल में विद्यार्थी रहे। विद्या प्राप्त करके थोड़े दिन वे रामकृष्ण परमहंस के पास रहे। फिर उन्ह...
- कहाँ के हैं?... जो जिस जगह का है, उस जगह का आप विस्तार कीजिए। आपको विस्तार करना पड़ेगा। आप इसीलिए वहाँ भेजे गए हो और...
- कहाँ खड़े हो गए?... वकालत करने के लिए। किसकी वकालत करने के लिए? काँग्रेस की वकालत करने के लिए और आजादी की वकालत करने क...
- कहाँ गए थे?... दर्शन करने गए थे? किसका दर्शन करने गए थे? साहब! बदरीनाथ का दर्शन करने गए थे। तो कर लिया दर्शन? हाँ स...
- कहाँ गए थे?... साहब! मंशा देवी पर गए थे। अच्छा! मंशा देवी पर क्या किया? मंशा देवी से अपनी मनोकामना पूरी कराने के लि...
- कहाँ गया चोर?... चोर ने देखा कि यह तो बड़ी संख्या आ गई। अब क्या करना चाहिए? घर वाले चिल्ला रहे थे कि चोर को पकड़ो। चो...
- कहाँ गया माल?... उनकी नाक कुछ ऐसी तेज बनाई गई है, जैसे गणेश जी की थी। गणेश जी की नाक बड़ी लम्बी थी, सब कुछ पता लगा लेत...
- कहाँ गायब हो गया?... मेले में गायब हो गया? मेले में तुम कितने आदमी गये थे? दस आदमी। अब कितने हो? नौ। नौ आदमी किस तरह ...
- कहाँ चलना चाहिए था?... लेकिन उसने एक मंजिल जरूरी पूरी कर ली कि व्यक्ति के अन्दर जो शक्तियाँ भरी पड़ी हैं, उन शक्तियों को बढ़...
- कहाँ चलूँ महाराज जी?... उस पहाड़ की चोटी पर चल, वहाँ से मैं तुझे भगवान जी को दिखा दूँगा। ये जो चार पत्थर हैं, तुझे उनकी सेवा...
- कहाँ छिप गया?... झाड़ी में। अब हम इस चक्कर में है कि या तो चीता हमारे हाथ लगे या चीता कहाँ गया है, यह हमें पता चले। इ...
- कहाँ छोड़ा है, बता?... कहीं नहीं छोड़ा, लेकिन हाँ, वो छोड़ दिया, जो स्वार्थ था।
स्वार्थ से परे हट गए हैं, स्वार्थ उनको डिग...
- कहाँ जा पहुँचेंगे?... जहाँ से हमको आमदनी मिलती है। आप दान-दक्षिणा माँगते हैं कि नहीं, लेकिन हमने कसम खा रखी है कि किसी के ...
- कहाँ जा रहे हैं साहब?... ऋषिकेश। कितनी दूर है? १२ मील दूर है। कितना किराया लगता है? २६ रुपये लगते हैं। लक्ष्य निर्धारित हो गय...
- कहाँ जा रहे हैं?... ऊँचे आदर्श का जीवन जीने जा रहे हैं। अगर पीछे हट गए, तो वह दो कौड़ी का बन जाता है। गृहस्थ जीवन में बच...
- कहाँ जा रहे हो?... साहब! बदरीनाथ जा रहे हैं। पड़ाव कहाँ पड़ेगा? शान्तिकुञ्ज में। कितने दिन रहेंगे? दस दिन रहेंगे। पड़ाव म...
- कहाँ जाए, क्या करे?... वह सड़क पर उसी जगह पर बैठने लगा, जहाँ पर पिता बैठता था। लोगों ने पूछा—"बेटा! तुम्हारे पिताजी जो जूतो...
- कहाँ जाना है?... ध्यान का अर्थ—लक्ष्य का चिन्तन
मित्रो! ध्यान की यह प्रक्रिया भगवान को प्रसन्न करने के लिए नही...
- कहाँ डकैती डाली?... अयोध्या में डाली। लेकिन जब बाहर वाला पूछता है, तब इनकार कर देता है और कहता है कि हमने डकैती नहीं डाल...
- कहाँ डूब गया है?... भाई साहब! हमें बताइये, हम निकाल लायेंगे। पुलिस में रिपोर्ट करेंगे। तालाब में डूब गया है? नहीं साहब...
- कहाँ तक इस मामले की तलाश की जाएगी?... मित्रो! हमारे पास लाखों आदमी आते हैं। हर आदमी के पीछे आप इन्क्वायरी कमेटी बैठाइए कि इसका जो ख्याल था...
- कहाँ तक कह सकता हूँ?... बस अन्त में यह हुआ कि जापान के गाँधी कागावा को हर आदमी ने यह कहा कि यह जिन्दा भगवान है कागावा के रूप म...
- कहाँ तक पढ़ा है?... पढ़ने वाले के ऊपर लानत ! जाने कहाँ तक पढ़ते जाते हैं। बी० ए० पास है, एम० ए० पास है। अच्छा तो यह कमात...
- कहाँ नौकरी करेगा?... हम शहर में नौकरी करेंगे। किसकी नौकरी करेगा? सवा सौर रुपये की नौकरी करूँगा। डेढ़ सौ रुपये की नौकरी ...
- कहाँ पर फूल चढ़ाएँगे, जगह तो बताइए?... कितना बड़ा भगवान है, आप कहाँ पर चन्दन चढ़ाते फिरेंगे? आप ये हिमाकत मत कीजिए।
(क्रमश:)
(...
- कहाँ पर मिलते हैं?... मछुआरे ने कहा—देखिए साहब! यही वह इलाका है, जिसमें सीप और मोती पाए जाते हैं। यहाँ से हम मोती बीनते है...
- कहाँ बना रखा है?... खुले में बना रखा है। छाया में क्यों नहीं बनाया? अरे साहब! एक बार हमारे पिताजी सपने में दिखाई पड़े थे...
- कहाँ बाँध ली?... अरे गले में। गले में क्यों बाँधते हैं? हाथ-पाँव में बाँध लें। अरे महाराज जी! गायत्री माता भाग जाएँगी...
- कहाँ भगवान और अर्जुन और कहाँ आप सूत के बेटे, दासी के बेटे?... भला आप क्या कर सकते हैं? देखिए अर्जुन सहित पाँचों पाण्डव संगठित हैं। वे मालिक हैं और आप नौकर हैं। आप...
- कहाँ भटक गए?... मेले में हम कैसे खो गए? अपना नाम कैसे भुला बैठे? अपना रास्ता कहाँ भूल गए? अभी न तो यह पता है कि हम क...
- कहाँ भाग जाता है?... आज के भगवान् में भाग जाता है। हमारा कौन सा भगवान्? कैसा भगवान्? आपके जीवन का लक्ष्य पैसा था और वह भा...
- कहाँ भेजता हूँ?... आपने अपनी कन्या के हाथ पीले कर दिए। मैंने किसके पीले हाथ कर दिए? आप लोगों के पीले हाथ किये हैं। कप...
- कहाँ मोड़ दूँ?... विविध भारती पर लगा दें। आहा! ये तो बहुत अच्छा आ रहा है। फिर बेटे! सुई मोड़-सुई मोड़। अगर हम अपने विच...
- कहाँ रहती है?... ऋषियों ने कहा- वहाँ रहती है। कहाँ रहती है? वहाँ रहती है। ठोकर खाते- खाते रामचंद्र जी के पाँव में छ...
- कहाँ रहती हैं?... महाराज जी! वह तो नागरकोट में रहती है, कलकत्ता में रहती है। अच्छा तो वहीं चलो। मैं तो कलकत्ता देख आया...
- कहाँ रहते हैं?... ऊपर अकेले रहते हैं। तो महाराज जी! आपको डर नहीं लगता। कोई और नहीं रहता? बेटे! हमारे पास इतने आदमी रहत...
- कहाँ रहते हैं?... इंदौर के थे और उनके बीसों काम पूरे हुए थे।
मित्रो! उनकी लड़की को विश्वास था कि आचार्य जी के पास ...
- कहाँ लगा दें?... कहीं भी लगा दीजिए। नहीं बेटे! मशीन जमीन पर लगती है। पहले तू फैक्टरी का इंतजाम कर, जमीन खरीद, घेरा बन...
- कहाँ लय हो जाना है?... भगवान में लय हो जाना है।
भगवान में लय होना योग
मित्रो! भगवान में किस तरीके से लय होना होगा...
- कहाँ लिए है और कहाँ बैठी है?... साहब! वहाँ बैठी है- पीपल के पेड़ पर। नीम के पेड़ पर बैठी है, पहाड़ पर बैठी है। बेटे, बेकार की बातें...
- कहाँ ली थी गुरुदीक्षा?... महाराज जी! जब आप वहाँ कोटा-बूँदी गए थे। हाँ, बेटे! तब ली होगी, लेकिन बेटे! गुरुदीक्षा ले तो इस तरह क...
- कहाँ वह हिम्मत, साहस है, क्या?... नहीं, साहब! हम तो धतूरा खिला आएँगे शंकर जी को। शंकर जी प्रसन्न होंगे। भाई तू तो बहुत चालाक है, पर शं...
- कहाँ से निकलेगा?... बेटे, हम नहीं जानते। चाहे दीवार फोड़कर निकले, चाहे छत फोड़कर निकले, परन्तु हम छेद बन्द कर देंगे और तु...
- कहाँ से आ गईं ये बेटियाँ?... तो माता जी को कष्ट उठाना पड़ा होगा? नहीं बेटे! ये तो बिना कष्ट के पैदा हो गईं। मुहब्बत की जंजीरें अग...
- कहाँ से आएगा करेंट?... हमारे गुरुजी के विचार हैं, आप उन्हें सुनिए, जिन्होंने हम जैसे नाचीज को आगे बढ़ाया। हम जो गीली मिट्टी...
- कहाँ से आता है?... बगल में से आता है, पीठ पीछे से आता है और दोस्त की शकल बना करके आता है। आपकी जिन्दगी में दुश्मनों से क...
- कहाँ से आती है?... कहीं से आए, चाहे घी खा करके आए, चाहे व्यायाम करके आए, कहीं से आए, कहीं न कहीं से इकट्ठी करनी पड़ती ह...
- कहाँ से आते हैं चमत्कार?... यह मनुष्य की श्रद्धा में से आते हैं। श्रद्धा में से भगवान आते हैं। मित्रो! कल मैं आपको श्रद्धा का ...
- कहाँ से कहीं से कुछ भी मिल जाए, पर क्या मिल जाएगा?... धिक्कार है चमत्कार पर
कई लड़के आते हैं और कहते हैं कि हम तो वहाँ गए थे। हमने उनका ऐसा चमत्कार देख...
- कहाँ से चला आता है?... ऐसी एक शक्ति है, जो प्राचीनकाल में भी थी। त्रेता में भी थी और कलियुग में भी है।
शाश्वत हैं ये स...
- कहाँ से पाएँगे?... कहाँ से सीखेंगे? आप वेश्यालय जाकर वासना पूर्ति कर सकते हैं, लेकिन प्यार-मोहब्बत आप नहीं ला सकते हैं।...
- कहाँ से पैसा आ जाता है?... रिजर्व बैंक से आ जाता है। हमने अपने आप को रिजर्व बैंक में 'मर्ज' कर दिया है, इसलिए रिजर्व बैंक हमार ...
- कहाँ से बोल रहा है?... साहब! सीलोन से बोल रहा है। महाराज जी! सीलोन वाला तो बड़े गंदे गाने सुनाता है। हाँ बेटे! वह बड़े गंदे...
- कहाँ से बोल रहे हैं?... क्या नाम है? हम हैं। कौन हम, नाम क्यों नहीं बताते? टेलीफोन में नाम पूछना पड़ता है, तब बताते हैं। फोन...
- कहाँ से भँवरे आ जाते हैं?... क्यों साहब, आप कहाँ से आए? हम तो साहब बहुत दूर के रहने वाले हैं। आपका ये कौन लगता है? कोई नहीं लगता।...
- कहाँ से लायेंगे?... अब वह गंगाजल में शामिल हो गया और नाला गायब हो गया। नाला खत्म हो गया और गंगा बन गया। मित्रो! बूँद...
- कहाँ से वापस लाया जाए?... लंका से वापस लाया जाए। हम और आप कोशिश करेंगे तो इसे लंका से वापस लाया जा सकता है। नहीं साहब! रावण बह...
- कहाँ से सीखेंगे?... आप वेश्यालय जाकर वासना पूर्ति कर सकते हैं, लेकिन प्यार-मोहब्बत आप नहीं ला सकते हैं। आप माँ-बाप का प्...
- कहाँ सौ, कहाँ पाँच और जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं, उनके पास इतनी बड़ी सेना कहाँ हो सकती थी?... क्या मुकाबला है दोनों का? फिर क्या होता चला गया? भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि हम आपको शक्ति की सप्लाई क...
- कहाँ है गरीबी?... आप बताइये कि रोटी खाते हैं कि नहीं खाते? हाँ साहब! रोटी तो खाते हैं, कपड़े पहनते हैं। रोटी खा लेते ...
- कहाँ है दिशाशूल?... साहब! वहाँ है-पीपल के पेड़ के नीचे बैठा हुआ है। दिशाशूल पकड़ लेगा। दिशाशूल के कारण चूल्हा नहीं बना स...
- कहाँ है भगवान?... साहब, वह तो मन्दिर में बैठा हुआ है। नहीं बेटे, जो मन्दिर में बैठा हुआ है, वह तो कोई खिलौना है। फिर कहा...
- कहाँ है भजन, दिखाना जरा?... यह तो मरा हुआ कुत्ता है। नहीं साहब ! यह हमारा भजन है। आप सड़ा हुआ कुत्ता लेकर मारे-मारे फिरते है...
- कहाँ है यह भक्ति और पूजा?... मित्रो! भक्ति वह हो सकती है, जिसमें कि हम मुहब्बत, अपने चरित्र और अपने व्यक्तित्व द्वारा समाज को श्र...
- कहाँ है साहब पैसा?... हमारी बैंक में जमा है। कौन-सी बैंक में रखा हुआ है? ये सब लोग जो बैठे हैं, इनका नाम बैंक है। हमको अगर...
- कहाँ है हमको?... देखिए हम तो बिलकुल हट्टे-कट्टे बैठे हैं। आप देखने में हट्टे-कट्टे बैठे हैं, लेकिन आपके चेहरे से देखा...
- कहाँ है, स्त्री का स्वरूप?... तो क्या है इसमें? इसमें सविता का मंत्र है। सविता क्या होता है? सविता होता है, पुरुष। पुरुष कैसे ...
- कहाँ हैं भवानी-शंकर?... यहाँ न भवानी दिख रही है और न शंकर, फिर किसकी वंदना कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वासरूप...
- कहाँ होता है?... स्वर्गलोक में होता है। इसकी क्या विशेषता होती है? इसकी विशेषता मैंने यह सुनी है कि जो कोई उस पेड़ के...
- कहाँ-कहाँ तक उसने कृष्ण का गुणगान किया था?... हमारा स्वर्ग हमारे चिन्तन में
जिस समय की जो परिस्थितियाँ होती हैं, उसके मुताबिक यदि कदम उठाया गया ...
- कहाँ-से-कहाँ तक हुआ?... बेटे, जहाँ कहीं भी अनीति के विरुद्ध संघर्ष करने की जरूरत पड़ी होगी अथवा धर्म की स्थापना करने की जरूरत...
- कहा—टिटिहरी क्या बात है?... ऋषिवर! यह मेरे अण्डों को बहाए ले जा रहा है। इस तरह इसकी हिम्मत कैसे हो गई?
अगस्त्य ने कहा—बेटी! ते...
- कहिए, आपकी समस्या का समाधान हुआ कि नहीं?... वह बोला—"अरे साहब! समस्या का समाधान भी हुआ और अभी मेरे पास सात दीनार नगद जेब में रखे हए हैं। अब दोनो...
- कहिए, आपने ज्योतिष पढ़ी है क्या?... ज्योतिष तो नहीं पढ़ी है, पर चूँकि हम पण्डित की पत्नी हैं, इसलिए पण्डितानी हैं।
समर्पण किया जात...
- कहिए, एम0 बी0 बी0 एस0 किया है क्या?... नहीं एम0 बी0 बी0 एस0 तो नहीं किया है। तो फिर आप डॉक्टरनी कैसे हो गई? हम डॉक्टर की पत्नी हैं, इसलिए ड...
- कहीं से पैसे कमाकर, माल मारकर लाऊँगा और यह स्वर्ग तो मुझे इसी जिन्दगी में मिल सकता है, फिर मरने का इन्तजार क्यों किया जाये?... यदि इसी का नाम स्वर्ग है-खाने-पीने की सुविधाओं का नाम-स्वर्ग, पहनने-ओढ़ने की सुविधाओं का नाम स्वर्ग...
- कहीं अखण्ड कीर्तन हो रहे हैं, कहीं अखण्ड रामायण पाठ हो रहा है, कहीं क्या हो रहा है, कहीं क्या हो रहा है?... यह सारे के सारे कर्मकाण्ड बड़े जोरों से चल रहे हैं।...
- कहीं ऐसा भी होना सम्भव है कि जहाँ आदमी कोल्हू में चलाया जाता हो, चक्की में चलाया जाता हो, पानी में डुबोया जाता हो, आग में जलाया जाता हो, यह सब हो सकता है, मैं कैसे कहूँ?... जो चीज मैंने देखी नहीं, उसके बारे में मैं कैसे कहूँ? लेकिन मैंने एक नरक देखा है और एक स्वर्ग देख...
- कहीं ऐसे लाभ होते हैं?... मित्रो! नियमितता का बहुत लाभ है। उपासना की नियमितता का भी बहुत लाभ है। यहाँ से जाने के बाद आप अपनी उ...
- कहीं कोई समाज में भी रहता है क्या?... कहीं कोई संस्कृति भी है क्या? कहीं कोई दीन-दुखियारे भी रहते हैं क्या? समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य...
- कहीं कोई ऐसा लोक है, जहाँ स्वर्ग रहता है, मैं नहीं जानता कि कहीं है या नहीं?... लेकिन मित्रो! मैंने जिस स्वर्ग को देखा है, मैं चाहता हूँ कि आपको भी वह स्वर्ग दिखाऊँ। भगवान् के पा...
- कहीं कोई दीन-दुखियारे भी रहते हैं क्या?... समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य और फर्ज है क्या? नहीं साहब! जो हमने कमाया था, चार बेटों में बराबर बाँ...
- कहीं कोई संस्कृति भी है क्या?... कहीं कोई दीन-दुखियारे भी रहते हैं क्या? समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य और फर्ज है क्या? नहीं साहब! ज...
- कहीं क्रोध तो नहीं आ रहा है, किसी बात पर हम क्रोधित तो नहीं हो रहे हैं?... इसके स्थान पर हमारे भीतर शीतलता होनी चाहिए। जो भी बात कहें, तो नम्रतापूर्वक कहें। हम नम्र हैं कि नही...
- कहीं गाड़ियाँ टकरा रही हैं, कहीं भूचाल आ रहा है, कहीं क्या आ रहा है, कहीं क्या आ रहा है?... ये विषम परिस्थितियाँ हैं और विषम परिस्थितियों में प्रत्येक बुद्धिजीवी का कर्तव्य है कि उन परिस्थितिय...
- कहीं जा, कुछ कर, जिससे कुछ लाभ हो, घर में बैठा क्या करेगा?... फिर क्या चाहता है? ‘‘कामये दुःखतप्तानाम् प्राणिनां आर्त्तनाशनम्’’-संसार में जितने भी दुःखी प्राणी है...
- कहीं तक नहीं पढ़े थे, फिर भी उन्होंने भगवान का काम किया कि नहीं?... वे भगवान से जुड़े थे, इसीलिए सराहे गए और आगे भी उनको सराहा जाएगा।
गाँधी जी के पदचिह्नों पर जो...
- कहीं निरक्षरता रह जाएगी?... अनाचार-अत्याचार रह जाएगा, गुण्डागर्दी रह जाएगी, कैसे रह सकती है? लेकिन बेटे! अब क्या कहें? बस, यहीं ...
- कहीं नौकरी मिल जाय, किसी बड़े आदमी की नौकरी मिल जाय और अगर दुकान खोल लेगा तो क्या होगा?... छोटे-छोटे आदमी दुकान खोले बैठे हैं। चाय-पकौड़े की दुकान वाले सुबह से शाम तक सौ रुपये तक की चाय-पकौड़...
- कहीं ब्याह-शादी करने से तो नहीं है?... नहीं, ब्याह-शादी करने से मतलब नहीं है। जिस तरह नाव से नदी को पार करने के लिए दो हाथों की और दो पतवार...
- कहीं रास हो रहा है, कहीं क्या हो रहा है?... जनता को आकर्षित करने के लिए, जैसे कठपुतली वाले तमाशा करने के लिए जो ढोंग किया करते हैं, वे इस तरीक...
- कहीं ले गये थे?... नहीं ले गये थे। अभी तक जहाँ का तहाँ रखा हुआ है। सिर्फ उठा लिया था। हनुमान जी ने जिस पहाड़ को उठाया था...
- कहीं वह जानवरों द्वारा खाया तो नहीं जा रहा है?... जिसके लिए हमने इतना परिश्रम किया, उतना वह विकसित होना चाहिए था पर विकसित नहीं हो रहा है। हमको ज्या...
- कहीं से आया था?... लेकिन इनसान का दिया हुआ नहीं था। कहाँ से चला आता है? ऐसी एक शक्ति है, जो प्राचीनकाल में भी थी। त्रेत...
- कहीं है क्या?... लोग रॉकेट से चाँद के ऊपर चले गये हैं। चन्द्रमा को देवता कहा जाता था। लोग वहाँ पहुँचे तो, वह मिट्टी क...
- कहो भाई फाँसी पर जाता है कोई आदमी और पूछता है जेलर—क्यों साहब कोई इच्छा तो बाकी नहीं रह गयी आपकी?... हाँ साहब एक सिगरेट पिला दीजिये। हाँ साहब अच्छा, अच्छा साहब सिगरेट जलाकर मुँह में दे देता है और फाँसी...
- काँटों में पैदा हुआ, क्या कर्म में लिखा कर लाया?... जहाँ इसका जन्म हुआ वही काँटे-ही काँटे। दूसरा आदमी कह रहा था- कैसे भाग्यवान काँटे हैं कि गुलाब के...
- काक होहिं पिक बकउ मराला ॥" यह क्या बात है?... त्रिवेणी का प्रतिफल है। त्रिवेणी बन सकती है? हाँ। कैसे बन सकती है? जब वे शामिल हो जाएँ तब। और न मिले...
- कागज के द्वारा होते हैं क्या?... अगर हम आपको बेहतरीन, अच्छा वाला टीटागढ़ का कागज लाकर दे दें और पार्कर का पेन दे दें तथा स्वॉन की स्य...
- कागाबा कौन है?... बेटे! कागाबा उस आदमी का नाम है, जिसने एम0 ए0 की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद में यह निश्चय किया कि अ...
- कान का संयम?... कुछ भी नहीं है। गाना-वाना सुन लिया, तो बात अलग है। दिमाग की खुराफात है। कान बेचारे का कोई दोष नहीं ह...
- कान की झिल्ली बन्द हो जाये तब?... बेटे, हम अपनी दुनिया के मालिक हैं। हम दुनिया के गुलाम नहीं हैं। भाग्य को हमने बनाया है। अपने भाग्य...
- कान में जेवर किस तरह का था?... उनकी साड़ी कैसी थी? बॉर्डर कैसा था? बताना तो सही।
मन जंगली हाथी है, उसे बाँधिए
आप...
- कान में से बन्दर निकालते थे?... बेकार की बातें मत कहिए। वे सिद्धपुरुष थे कि नहीं थे? हाँ साहब! वे अपने जमाने के सिद्धपुरुष थे। नहीं ...
- कान, कान यदि सुनना बन्द कर दें, तो चाहे आपकी रेडियो की आवाज हो, चाहे आपकी टीवी की आवाज हो, चाहे अच्छा संगीत हो, चाहे अच्छा प्रवचन हो, क्या सुन सकेंगे?... नहीं, सुन सकेंगे। हमारा शरीर साथ देता है, तो ही हमारे सब सहयोगी बन सकते हैं। हमारे अन्दर यदि आत्मबल ...
- कानों कान बात न जाने कहाँ-से-कहाँ पहुँच गयी?... उन्होंने कहा कि मैं आचार्य जी का व्याख्यान सुनना चाहता हूँ। मेरे पास खबर आयी कि सुखाड़िया जी 15 मिनट...
- काम किससे बनता है?... काम उससे बनता है जिस जीवात्मा के भीतर प्रकाश भरा हुआ है। ऐसे आदमी जहाँ कहीं भी गये हैं, खराब परिस्...
- काम कैसे चलेगा?... भगवान करते हैं इनसान का सहयोग बुद्ध विचार करने लगे कि वैदिक हिंसा और सारे विश्व में संव्याप्त पाप का...
- काम वासना की ख्वाहिशें आदमी की जब तीव्र हो जाती हैं तो वह भूल जाता है कि बहन किसे कहते हैं और भांजी किसे कहते हैं और रिश्ता किसे कहते हैं?... बाहर से बहन जी-बहन जी कहता जाता है और चुपचाप गलत रास्ते पर चला जाता है। चुपचाप छेड़ता चला जाता है...
- काम वासना के लिए स्थान नहीं है?... काम वासना के लिए स्थान हो सकता है।
यहाँ मित्रो! हमारे यहाँ सोलह संस्कारों में से एक गर्भाधान संस...
- काम से कब पिण्ड छूटेगा?... मित्रो! काम के प्रति हमारा उत्साह, काम के प्रति हमारी जागरूकता, काम के प्रति हमारा प्रेम जो होना च...
- काम से, श्रम से मुझे इतना ज्यादा प्यार है, काम करते समय मुझे इतनी खुशी होती है, काम करने से मेरा इतना ज्यादा उत्साह बढ़ता है कि मैं आपसे क्या कह सकता हूँ?... जब कभी काम करने का वक्त खाली निकल जाता है, तो मुझे ऐसा मालूम पड़ता है कि जाने चोरी कर रहा हूँ, जाने...
- काम-धन्धा कैसे चल रहा है?... साहब! आज क्या खा करके आये? अरे! आज तो हमने परवल का शाक खाया। परवल तो मई के महीने में होता है और यह त...
- कामदेव को जलाने की बात क्या है?... जिन लोगों ने थोड़ी साइंस पढ़ी है वे जानते हैं कि थ्री डायमेंशन क्या होता है। थ्री डायमेंशन का मतलब आ...
- कामना करने वाले भी दुनिया में भक्त हुए हैं क्या?... कामना करने वाले, माँगने वाले, भिखमंगे, ख्वाहिशों के गुलाम, तमन्नाएँ जिनको खाए जा रही हैं। इच्छाओं से...
- कामवासना की पूर्ति के लिए?... नहीं, आपको नहीं मालूम, इसके लिए नहीं आई है। तो किसके लिए आई है? उसका एक ही मकसद है और वह है प्यार।
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- कामवासना में कुछ मिल जाता है?... मिल भी जाता होगा, पर मूल उद्देश्य वह नहीं है। फिर क्या हो सकता है? आप ब्रह्मचारी हो सकते हैं? गृहस्थ...
- कामसेवन से मेरे जैसे बच्चा न हुआ तब?... कोई लूला-लँगड़ा पैदा हो गया तब? और कोई चोर-उचक्का पैदा हो गया तब? तब आप मेरे जैसा बच्चा कहाँ से लायें...
- कामिनी से, रमणी से क्या फर्क पड़ता है?... बेटे, जमीन-आसमान का फर्क पड़ता है। तो क्या नारी से अलग रहें? नहीं, मैं अलग रहने का हिमायती नहीं हूँ। ...
- कायस्थ कैसे करेंगे?... धत्त तेरे की- मैंने कहा कि मेरा किया मेरे लिए ही उल्टा पड़ गया। मैंने किताब का नाम छापना बन्द कर दिय...
- कारखाने कौन बनाता है?... हमारी मशक्कत बनाती है। मशक्कत से क्या मतलब है? शरीर से। श्रम से खेती-बाड़ी होती है। श्रम से मकान बनते...
- कारण क्या है?... शुकदेव जी के पक्ष में और व्यास जी के खिलाफ जो राय थी, वह उन्होंने बताई। क्या कहा उन्होंने? राजा परीक...
- कारतूस को जिस बन्दूक में रखकर चलाया जाने वाला है वह है कि नहीं है?... बन्दूक की जरूरत को, महत्त्व को जो नहीं समझते इसीलिए बहस हो जाती है।...
- कारीगर को क्या मिलता होगा?... इससे ज्यादा शायद ही मिलता हो। शरीर की कीमत कम है।
ज्ञान का शरीर, विचारों का शरीर—सूक्ष्म शरीर
इ...
- काल का क्या अर्थ है?... आप तो काल को भूत-प्रेत या देवता मानते हैं, परन्तु वास्तव में काल समय को कहते हैं। इसका जो सदुपयोग क...
- कालिदास का मन जब तक हमारी, आपकी तरह घूमता रहा, तब तक बुद्धू बना रहा, लेकिन जब उनकी पत्नी ने धमकाया कि आपको पढ़ना चाहिए और पढ़ने के लिए मन को एकाग्र करना चाहिए?... उन्होंने कहा कि अच्छा मैं पढ़ूँगा। पढ़ने की तरफ जब अकल लगी, तो परिणाम क्या हुआ कि कालिदास विद्वान ह...
- काली देवी जीव निकालकर क्यों चिढ़ाती है?... अरे भाई! जीभ निकालना उनका शौक है। महाराज जी! एक देवी नागरकोट में रहती है। मेरे बाल-बच्चों का मुण्डन ...
- काली पैंट और हरे टैरीलीन का सूट आपके लिए बनवा दें, तो पीले रंग से अच्छा हुआ कि खराब हुआ?... नहीं साहब! पीले रंग से तो अन्य दूसरे रंग अच्छे हैं। फिर पीले रंग से क्या लेना-देना? दिशाएँ सही हों त...
- काहे का अनुग्रह?... बादलों का आना-पानी बरसाना। बादल बने ही इसीलिए हैं। हवा का बड़ा अनुग्रह है। वह हमारे फेफड़ों में ...
- काहे की कॉफी है?... बेटे! ऐसे ही ख्वाबों की कॉफी है। हनुमान जी को आप अपना सलाहकार मुकर्रर कर लें। फिर ये घटिया आदमी, निक...
- काहे की जरूरत है?... विचारों को विचारों से काटिए, सिद्धान्तों को सिद्धान्तों से काटिए। उनकी ठोड़ी में हाथ डालिए, उनकी मिन...
- काहे के मारे?... 'अहं' के मारे। 'अहं' के मारे सारा पैसा इसी लग्जरी में, लिविंग स्टैंडर्ड में फूँकता जा रहा है। अरे अभ...
- काहे के लिए?... हमारा मकान बनाने को पड़ा है, सो उससे बन जाएगा। सात साल का तप दे दीजिए। अच्छा, फिर तू क्या देगा? महार...
- काहे को लाना चाहते हो?... हम पेपरों में छपाना ही नहीं चाहते, हमें कोई तारीफ चाहिए ही नहीं। तारीफ हमें चाहिए, तो आप कोशिश कीजिए...
- काहे को शाप दे रहे हैं?... बेटे, इसलिए दे रहा हूँ कि न तुझे गायत्री मंत्र के बारे में कोई जानकारी है और न गायत्री मंत्र में खाद...
- कि तरीके से कष्ट उठाते थे?... इसे हमको जिन्दा करना है। इसलिए आप पीला कपड़ा जरूर पहनना, जिससे कि लोगों को बहस करने का मौका मिले और...
- कि देवता फूल क्यों बरसाते हैं?... अरे वे सहयोग बरसाते हैं। फूल किसे कहते हैं? सहयोग को कहते हैं। कौन बरसाता है? देवता। देवत्व इस दुनिय...
- किडनी कैसी होती है?... शरीर के अंग-प्रत्यंग जानने के लिए, उनके क्रिया-कलाप क्या हैं? जानने के लिए पाँच साल लगाने पड़ते हैं। ...
- कितना अस्त-व्यस्त बना दिया है?... अगर ये आपके जीवन को अस्त-व्यस्त न बनाएँ, तो आप अपने आप को देख सकते हैं कि आपके जीवन में कितना का...
- कितना उसका विस्तार है?... फिर उतने तारों की कल्पना हम कैसे करेंगे और फिर एक-एक नीहारिका इतनी दूर है। एक-एक नीहारिका का प्रकाश,...
- कितना कमा लेता है?... ढाई सौ रुपये मिलते हैं। ढाई सौ रुपया तो हेमामालिनी का, स्वयं का एक दिन का खरच है। इतने में खाएगा क्य...
- कितना काम करना है?... इसी वर्ष आपका नैतिक शिक्षा का प्रशिक्षण हो चुका है। मैं समझती हूँ कि 5000 से ज्यादा शिक्षक यहाँ नैति...
- कितना किराया लगता है?... यही कोई लगता होगा सौ-डेढ़ सौ रुपये का टिकट। नहीं साहब! कोई शॉर्टकट रास्ता बताइए। जिससे कि इतना सफर भ...
- कितना किराया लगता है?... २६ रुपये लगते हैं। लक्ष्य निर्धारित हो गया न कि कहाँ जा रहे हैं। कहाँ जा रहे हैं साहब? बम्बई या कलकत...
- कितना दूध निकलेगा?... चार किलो दूध निकलेगा। मम्मी तुम भी पीना, पापा तुम भी पीना, हम भी पियेंगे और अपनी छोटी बहन को भी पिला...
- कितना धन होता है?... बेटे! बहुत ही धन होता है तो महाराज जी! मुझे भी देवता बना दीजिए। मैं तुझे बना सकता हूँ, लेकिन पैसा दे...
- कितना पहलवान था?... बिलकुल पहलवान नहीं था। कमजोर-सा आदमी था, लेकिन उसकी क्वालिटी थी। आल्प्स पहाड़ के पास जाकर वह बोला—आल...
- कितना पानी चढ़ा दूँ?... सामर्थ्य भर खूब पानी चढ़ा दे। महाराज जी! शंकर जी इतना पानी पिएँगे तो फिर पेशाब तो करेंगे ही। नहीं बे...
- कितना पुण्य है तुम्हारा?... सौ मन पुण्य है। ९९ मन वरदान ले जाइए। क्यों साहब! ९९ मन क्यों देते हैं? अरे बाबा! हमारे बाल-बच्चे भी ...
- कितना बड़ा कदम?... जितना कि भागीरथ ने गंगा को जमीन पर लाने के लिये उठाया था एक और जितना दधीचि ने अपनी हड्डियों को वज्र ...
- कितना बड़ा बच्चा हुआ?... नौ साल का हुआ। सो वे नौ किलो घी ले आए। 12 साल का हुआ, तो 12 किलो, 22 साल का हुआ, तो 22 किलो घी ले आए...
- कितना बड़ा भगवान है, आप कहाँ पर चन्दन चढ़ाते फिरेंगे?... आप ये हिमाकत मत कीजिए।
(क्रमश:)
(गतांक से आगे)
[अपनी अमृतवाणी के इस प्रसंग में ...
- कितना बड़ा मिशन है?... ये लड़के बाहर-ही-बाहर घूमते हैं, सो यहाँ इनको ठोंक-पीटकर हमको ठीक करना है। इनके अन्दर हमें और भी प्र...
- कितना बलिदान किया है?... कितनी सेवा की है? नहीं साहब! हमने तो ग्यारह कापियाँ लिखी हैं। अच्छा, ग्यारह कापियाँ मुबारक हों, उसे ...
- कितना बड़ा संगठन है?... मैं सोचता हूँ कि हिन्दुस्तान में यह पहले नम्बर का संगठन है। कहने को तो राजनैतिक पार्टियाँ अपने- ...
- कितना मालदार बनाएँगे?... बेटे! हम आपको बहुत मालदार बनाने वाले हैं। हम आपको इतना मालदार बनाएँगे, जितने कि अमेरिकन नागरिक हैं। ...
- कितना रखना है?... यही कोई तीन सेर, तीन छटाँक। अरे भाई! नंबरदार के डिब्बे से कुछ निकाला नहीं क्या? अरे साहब क्या नि...
- कितना विशाल काम करने को पड़ा है, वह कौन पूरा करेगा?... वही शक्ति पूरा करेगी। माँ गायत्री ही पूरा करेंगी, लेकिन हाथ हमारे काम करेंगे, दिमाग हमारा काम करेगा।...
- कितनी आमदनी होती है?... हमारी फैक्ट्री में तो दो हजार रुपये रोज की आमदनी होती है।
शरीर से ज्यादा कीमती है बुद्धि
भाईसाह...
- कितनी आहुतियाँ दीं?......
- कितनी उम्र का मिला?... साहब! कोई अठारह साल के रहे होंगे वंशी बजाते हुए, गौ-चराते हुए। अरे बेटे, वे खाँसते तो होंगे? कमर तो...
- कितनी कीमत है?... बीस लाख रुपये। अच्छा साहब! तैयार हैं? हाँ, कल रुपये लेकर आऊँगा। फिर उसने विचार किया और मना कर दिया क...
- कितनी खुराक देंगे?... इसके बारे में भी तय करना पड़ा। यह कहा गया कि जिस देश के हम नागरिक हैं, जिस देश में हम रहते हैं, वहाँ...
- कितनी जिन्दगी खतम हो गई आपकी?... साहब चालीस साल। बीस वर्ष की उम्र से हम गोरक्षा का काम करते आ रहे हैं और अब साठ साल के हैं। गऊओं की ज...
- कितनी ताकत रहती है?... झंडी में बिजली के २००० वॉट के बराबर ताकत रहती है। हरे रंग की झंडी दिखाइये, वह गाड़ी को खींचती हुई चली...
- कितनी ताकत है?... जितनी कि राममूर्ति पहलवान में थी। राममूर्ति पहलवान अपनी ताकत से, अपनी कुब्बत से चलती गाड़ियों को रोक ...
- कितनी दवाइयाँ चाहिए और कितना खर्च चाहिए?... आपको मालूम है क्या? कितने कमरे चाहिए, कितने इंस्ट्रूमेंट चाहिए? सौ बेड का अस्पताल किसे कहते है? ...
- कितनी दूर है?... १२ मील दूर है। कितना किराया लगता है? २६ रुपये लगते हैं। लक्ष्य निर्धारित हो गया न कि कहाँ जा रहे हैं...
- कितनी दूरी है?... बेटे! दूरी की हम कल्पना नहीं कर सकते। यह हमारी कल्पना से बाहर है।
नेति-नेति
मित्रो! ...
- कितनी देर बात करते हैं?... हमने यह नियम बना रखा है कि जब कभी कोई हमसे मिलने के लिए आता है तो हमने उससे मिलने के लिए सीमित समय न...
- कितनी पैनी है, जरा दिखाइए तो सही?... हम तो वकील हैं। अच्छा साहब! आप वकील हैं, तो ठीक है। आपको तो बहुत अकलमंद होना चाहिए, पर आपने अपनी अक...
- कितनी पैनी है?... हमने अध्यात्म और विज्ञान को मिलाने का निश्चय कर लिया है। दुनिया में अब तक बहुत सारे फैसले हुए हैं। ड...
- कितनी फीस है?... बारह आने। अच्छा, ले जा। पिता जी! हमारे पास कॉपी भी नहीं है, किस पर लिखें? अच्छा-चल, यह भी ले जा। स...
- कितनी बड़ी बहू लेगा?... दीवार के बराबर। नहीं, ये दीवार तो बहुत बड़ी होती है, छोटी लूँगा। अच्छा कितनी बड़ी, इस बैलगाड़ी के बर...
- कितनी महामारियों, बीमारियों का दौर आने वाला है?... इस विकिरण की वजह से-वायु प्रदूषण की वजह से, जो आज के भटकाव ने पैदा कर दिया है। जनसंख्या की बढ़ती हु...
- कितनी शक्तिपीठें हैं?... मैं समझती हूँ कि 4000 के आस-पास होंगी और 14,000 स्वाध्याय मण्डल हैं।
कितनी संख्या हो गई? सबको मिला...
- कितनी सेवा की है?... नहीं साहब! हमने तो ग्यारह कापियाँ लिखी हैं। अच्छा, ग्यारह कापियाँ मुबारक हों, उसे अपने घर रखिए। हम न...
- कितने आदमी हैं?... बीस हैं। कितने रुपये लगेंगे? तीस हजार रुपये महीने लगेंगे। पहले नौकरी दीजिए, पीछे काम लेना। यह सब कहा...
- कितने आदमी हैं?... बहुत सारे हैं। कोई मेडिकल साइंस के पोस्ट ग्रेजुएट हैं, एम०डी० हैं, एम०एस० हैं और एम०बी० बी०एस० ह...
- कितने इंजेक्शन लगे?... एक भी नहीं लगा। वे नाराज हुए और कहने लगे कि आप लोग क्या करते रहे? आप लोगों ने इंजेक्शन क्यों नहीं ...
- कितने का प्रमोशन करा दूँ?... महाराज जी दो सौ रुपये महीने का करा दीजिए। अच्छा, दो सौ रुपये का प्रमोशन हो जाय, तो तू मेरा कितने घ...
- कितने का बिका ये चित्र?... बहुत दाम का बिका। हम अखण्ड ज्योति के कवरपेज की डिजाइन बनवाते हैं। उसके लिए हमें पाँच सौ रुपये देने प...
- कितने का सामान हो गया?... एक-दो पैसे का सामान हो गया। दो पैसे खर्च करने के बाद फिर हमने यह कहा कि पन्द्रह मिनट माला घुमा देन...
- कितने का हुआ सब?... बताता क्यों नहीं? अरे साहब! एक रुपये का माल हो गया। सत्ताईस रुपये का तेरा श्रम और एक रुप...
- कितने का है जरा बताना?... उसने कहा माताजी यह चार सौ रुपये का है। बेटे! चार सौ में तो एक नग भी नहीं मिलता हीरे का। इसको कहाँ से...
- कितने की नौकरी चाहते हैं?... तीन-चार सौ रुपये की मिल जाए, तो भी हम गुजारा कर लेंगे। बस, यही चाहते हैं न और तो कुछ नहीं चाहते? हाँ...
- कितने की लाया?... पिताजी! चालीस पैसे की खरीद कर लाया। अच्छा तो इस गाय का क्या करेगा? दूध दुहा करूँगा। कितना दूध निकलेग...
- कितने कैंडिल का आप समझते हैं सूरज को?... वह आपके मकान पर जलता है। आप हीटर जलाते हैं, कितनी बिजली जल जाती है? ढाई रुपये की और ये हीटर कितने रु...
- कितने चम्मच चाहिए?... ग्यारह कटोरी हैं, अतः ग्यारह चम्मच लाइये। बेटे, एक से भी काम चल सकता है।
मित्रो! एक गायत्री मंत्...
- कितने चैक काटते रहते हो?... बेटे, तीन-चार वर्ष पहले यह दस लाख रुपये का चैक काटा, कैश होकर आ गया। देख यह बना हुआ खड़ा है। अभी यह ...
- कितने छोकरे हो गये मन के?... दस लड़के-एक, पाँच लड़के-एक, एक लड़का-एक, मन एक। इस तरीके से सोलह लड़के हो गये। एक ओर बेचारा मन, ...
- कितने ज्यादा बुद्ध के विहार थे और कितने महिलाओं के लिए?... यह कैसे हो गया? बेटे, इस तरीके की परम्पराओं से हो गया। कहाँ-से-कहाँ तक हुआ? बेटे, जहाँ कहीं भी अनीति ...
- कितने दाम का बनेगा?... इसमें पचास लाख भी लग जायँ, तो अचंभा मत मानना। तो गुरुजी! यह सब कहाँ से आता है? बेटे, हमारा गुरु...
- कितने दाम का है?... लाखों-करोड़ों का है। अच्छा तो आप बड़े मालदार हैं? हाँ बेटे, हम बड़े मालदार हैं।मित्रो! गंगा जी हमारी है...
- कितने दाम की ऑक्सीजन है?... डॉक्टर साहब से पूछिए कि ऑक्सीजन का सिलेंडर कितने का मँगाया था? छह सौ पचास रुपये का। एक आदमी के लिए क...
- कितने दाम की साड़ी है?... अरे दाम का क्या सोचना, दाम तो बाद में भी मिल जाएँगे। आप साड़ी ले जाइये, अजी हमारे और आपके पिताजी दो...
- कितने दाम की साड़ी है?... अजी साहब! दाम की क्या पूछते हैं? हमारे पिताजी और आपके पिताजी तो हमेशा के जान-पहचान वाले थे। दुकान ...
- कितने दिन रहेंगे?... दस दिन रहेंगे। पड़ाव में खूब मजा आएगा। वहाँ सस्ता भोजन मिलता है। ठहरने को फोकट में मिलता है। कोई किर...
- कितने नंबर का चश्मा है?... अरे साहब! मानइस आठ है। बिना चश्मे के पढ़ भी नहीं पाते। बिलकुल नाक पर कागज रखकर पढ़िए। बेटे, हमको यह ब...
- कितने नौकर चाहिए?... दस हजार नौकर चाहिए। दस हजार नौकरों के लिए गड्ढे तो इतने नहीं बन सके, पर दस हजार नौकरों को मार करके च...
- कितने पैसे का?... छदाम का भी नहीं है, बाँट दे। अरे साहब! सौ आदमी आ जाएँगे तो मैं कहाँ से लाऊँगा प्रसाद? और पानी मिला द...
- कितने पैसे की जलाई?... चवन्नी की जलाई और क्या-क्या खर्च किया? चावल खर्च किया। धूपबत्ती खर्च हुई, रोली खर्च हुई। कितने का हु...
- कितने बाबाजी आते हैं सन्त आते हैं कैसी कैसी अच्छी-अच्छी ज्ञान ध्यान की बातें करते हैं, पर कोई सुनता है क्या?... नहीं, इस कान सुनकर उस कान निकाल देते हैं। पर आपने इस कान सुनकर उस कान निकाला नहीं है। अपने हृदय में ...
- कितने बुद्ध आये थे?... ढेरों बुद्ध आये थे। हिन्दुस्तान से लेकर सारे के सारे एशिया में और योरोप में आप देखिए, कुमार जीव से ल...
- कितने मंजिल की इमारत बनेगी, सीढ़ियाँ कैसी बनेंगी?... नक्शा कैसे बनेगा? सारी-की चीजें बना करके एक मॉडल तैयार कर लिया गया। आप दयालबाग के म्यूजियम में जाइए...
- कितने मनुष्यों के भीतर भगवान् की पुकार पैदा हुई और किन-किन सामाजिक परिस्थितियों में पैदा हुई?... भगवान् समय-समय पर साकार रूप में भी और निराकार रूप में भी आते हैं। निराकार रूप में भगवान् किस-किसके...
- कितने रुपये लगेंगे?... तीस हजार रुपये महीने लगेंगे। पहले नौकरी दीजिए, पीछे काम लेना। यह सब कहाँ से आता है। श्रम के रूप में ...
- कितने लोग काम करते थे?... यही कोई ४२-४३ एडवोकेट, सोलीसिटर काम करते थे। वे उनके अंडर में केस तैयार करते थे। वे एक बहुत बड़े वकी...
- कितने वर्ष हुए?... चार साल हो गये। देखना जरा, अब हम काम करेंगे। अब लोगों की कशिश इकट्ठी करेंगे, आप देखना तो सही। आप ह...
- कितने समय में पूरा किया है?... प्रतिदिन छह घण्टे में किया है। साहब! छह घण्टे में हम भी कर लें तो? आपके में और हमारे में फरक पड़ता है।...
- कितने ही क्यों?... मैं तो सभी को कहूँगी कि हमने जो भी आवाज उठाई, वह कभी अपूर्ण नहीं रही, पूरी हुई।
सहस्त्रकुण्डीय यज्...
- कितने ही लोग ज्योतिषियों को हाथ दिखाते हैं और यह कहते हैं कि देखना हमारे हाथ में बेटा है या नहीं?... अरे! तेरे हाथ में तो सत्यानाश लिखा है। कई लोग आकर कहते हैं कि गुरुजी मेरे औलाद नहीं है। उनसे मैं...
- कितने होने चाहिए?... पुराने जमाने में तैंतीस कोटि मनुष्य थे यहाँ और हर आदमी का एक भगवान अलग था। अभी हम कितने हो गए हैं—सा...
- कितनों को तैयार कर लिया और कितनों को तैयार करने वाला हूँ?... भगवान बुद्ध ऐसा करने में समर्थ हो गये थे। उन्होंने असंख्य मनुष्यों को उनकी भरी जवानी में अपना घर छ...
- किताबें कौन पढ़ सकता है?... वगैरह आपको इतनी सुविधाएँ मिली हुई हैं आप कभी एकान्त में बैठकर के विचार करें तो मालूम पड़ेगा कि भगवान्...
- किधर को जाएगा?... जिधर को जाएगा, उधर ही सफल होता चला जाएगा।
मानसिक विकृतियाँ दूर करें
बेटे! मैं थोड़ा-सा कहकर अप...
- किन मदों में किया जाय?... किन मदों में खर्च को रोका जाय और किन मदों में खर्च बढ़ाया जाय? अर्थ सन्तुलन कैसे रखा जाय? जो आप कमाते ...
- किन मदों में खर्च को रोका जाय और किन मदों में खर्च बढ़ाया जाय?... अर्थ सन्तुलन कैसे रखा जाय? जो आप कमाते हैं, उसी हिसाब से बजट कैसे बनाया जाय? यह पूरे-का गणित और अर्थश...
- किन योनियों में जाना पड़ेगा, न जाने कहाँ-कहाँ जाना पड़ेगा?... कितना कष्ट उठाना पड़ेगा। यह मैंने मौत के दिन देखा। मौत की घड़ी देखी, मैंने अपनी लाश चिता के ऊपर पड़ी...
- किन-किन ने किया था?... रीछों ने किया था, वानरों ने किया था। देवता भी बार-बार अवतार लेते रहे हैं। वे दुनिया में किस काम के ल...
- किन-किनको देकर देख लिया?... भस्मासुर को और रावण को। रावण ने इतनी तपश्चर्या की थी कि उसने काल को भी पाटी से बाँध लिया था। जिसके इ...
- किनका जँवाई बनना चाहिए?... भगवान् जी और किसका? साईं बाबा का और किसका आचार्य जी का। हरेक का जँवाई बनना चाहिए। चल बदमाश कहीं का, ...
- किनका फ्राड है?... दवाफरोशों का फ्राड है, जो लोगों को सब्जबाग दिखा करके ये चीजें बेचते रहते हैं और कहते हैं हम आपकी सेह...
- किनकी बात कहूँ?... चलिए उससे कुछ नीचे आ जाइये। अब मैं भगवान् बुद्ध की बात कहूँगा। आप अब मुझे कहने दीजिए।
मित्रो! भगवा...
- किनके गले में डाल दिया?... उनके, जिनका मैं शमीक ऋषि नाम ले रहा हूँ। ऋषि ध्यान में बैठे थे, सो उनको कुछ पता नहीं चला। राजा परीक्...
- किनके गुलाम हैं?... हम कुछ नहीं कर सकते। हमको इनके इशारे पर कठपुतली के तरीके से नाचना पड़ेगा। वे कौन हैं जिन्होंने हम...
- किनके लिए खरच करें?... जो आपसे गए-बीते आदमी हैं, पिछड़े आदमी हैं। आपकी बीबी कमाती तो नहीं है? नहीं साहब! तो आप उसकी सहायता ...
- किनके लिए ‘नो वेकेन्सी’ लिखा है?... इन बेहूदों के लिए। इनका नाम क्या है? बेहूदे। बेहूदे आदमी हर जगह मारे-मारे फिरते हैं, लात खाते फिरते ...
- किनके साथ में?... जहाँ एक लाख पूत और सवा लाख नाती, अर्थात् सवा दो लाख आदमी रहते थे। कैसे-कैसे वैर करने वाले, विरोध करन...
- किन्तु मैंने सुना था कि यह यथार्थ है एवं जीवन का सत्य है कि जिस तरीके से व्यक्ति को एक ब्राह्मणोचित जीवन जीना चाहिए, ब्राह्मण की परिभाषा क्या है?... यह उन्होंने ही सभी को बताई। ब्रह्मकमल के रूप में संकेत, उसी ब्राह्मण बीज से पैदा हुए ब्रह्मसमुदाय से...
- किया नहीं है, तो आप गंगा जैसे निर्मल कैसे हो सकते हैं?... कैसे पवित्र हो सकते हैं? यह पवित्रता का दिन है।
गायत्री शोधन करती है, ज्ञान को बढ़ाती है, ऊर्जा दे...
- किराया-भाड़ा कौन देगा?... आप हमारे बेटे के ब्याह में चल रहे हैं, तो आने जाने का किराया-भाड़ा हम देंगे। बराती को जब आप किराया-भ...
- किराये के मकान में रह लूँगा, तो क्या हर्ज हो जायेगा?... मेरे मन ने और मेरे ईमान ने कहा और फटाफट मैंने उसे जमाकर दिया। माता जी के पास जो पैसा था, उनके सास-...
- किराये के मकान जब पच्चीस रुपये महीने पर मिल जाते हैं, तो डेढ़ लाख का मकान मैं क्यों बनवाऊँगा?... मेरा अपना मकान होगा तो क्या हो जायेगा और मकान नहीं होगा तो क्या हो जायेगा? किराये के मकान में रह ल...
- किराये पर उठाना चाहे तब?... तब इसके बहुत कम पैसे मिलेंगे। एक मजदूर को क्या मिल सकता है, बताना। देहात में पाँच-सात रुपये मिलते है...
- किस काम के लिए?... इस काम के लिए कि जो कुछ भी आपके पास कमाई है, वह आपकी सन्तान खाये। उन्होंने कहा—सन्तान के अलावा और ...
- किस तरीके से आप अपना जीवनयापन शुरू करेंगे?... आपके पास अनावश्यक धन कहीं से संग्रहीत हो गया है, तो आप उसको फोड़े के तरीके से फोड़कर निकाल दें। यह आ...
- किस काम के लिए करते हैं?... साहब! हमारे पड़ोसी के ऊपर जो मुकदमा चल रहा है, वे जीत जाएँ। और किसके लिए करते हैं? हमारे बेटियाँ न ह...
- किस काम के लिए बुलाते हैं?... या ऐसे ही मेहरबानी चाहते हैं? तो शान्ति आपको मिल जाएगी। क्यों साहब! नहीं आई तब? बेटे! शान्ति हमारे...
- किस काम के लिए रख रही हैं?... इतना बड़ा गाँव है, किसी के घर मेहमान आ गया तो? साग नहीं था तो दाल से खाते थे। साग-भाजी का उन दिनों न...
- किस काम के लिए संकेत भेजा?... बेटे एक बहुत महत्त्वपूर्ण काम था, शायद आपको अनुभव हो सका हो। यदि आपको यह अनुभव हुआ हो कि यहाँ रोजा...
- किस काम में लगाऊँ?... बेटे, हमारे चिन्तन के साथ में भावनाएँ जुड़ी हुई हैं। हवन में हम आपको भावना बताते हैं, जप में हम भावना...
- किस काम से बेटे?... हमारे पास जो भी सम्पत्ति थी, हमने अपने तीनों बेटों में बराबर-बराबर बाँट दी। वाह! बेटे, तू तो राजा कर...
- किस कारण से लाइए?... किसके लिए लाइए? इसकी वजह बताइए? जबकि पढ़ा-लिखाकर नौकरी से लगा दिया है। शादी-ब्याह भी कर दिया है। हर ...
- किस किस्म के हो जाएँगे?... उस अध्यात्मवादी की तरह हो जाएँगे, जिस अध्यात्म की ओर मैं आपका ध्यान आकर्षित करने जा रहा हूँ।
आध्य...
- किस कीमत पर तुझे दर्शन दे जाएँगे?... साहब! माला घुमाता हूँ। बेटे! तू अपनी माला को क्या समझता है—मशीनगन? खटाखट, फटाफट चलाऊँगा और सबको मार ...
- किस कीमत पर फायदा होना चाहिए?... इस कीमत पर फायदा होना चाहिए कि हम अपनी गन्दी जबान की नोंक से थोड़े से हरफों का उच्चारण करते हैं। आपक...
- किस कीमत पर भगवान गोदी में ले लेगा, जरा बताना तो सही?... भजन की कीमत पर ले लेगा। क्या होता है भजन? बकवास को भजन कहते हैं? अक्षरों के उच्चारण को भजन कहते हैं?...
- किस कॉलेज में जायेगा?... आपके हाथ की बात है? नहीं, उसके बॉस के हाथ की बात है। वह चाहेगा तो अच्छे नम्बर दे देगा, नहीं चाहेगा त...
- किस को देंगे?... आप शरीर को दीजिए। आपका नजदीक घर, आपका सेवक, आपका स्वामिभक्त कुत्ता है—आपका शरीर, जो चौबीस घण्टे आपके ...
- किस तरह का ध्यान रखते हैं?... बेटे ! इस सन्दर्भ में मैं आपको द्रौपदी के तरीके से एक और घटना सुनाना चाहता हूँ। घटना बगदाद की है। एक ...
- किस तरह चलें?... आप हमारी बात मानते हैं, तो हमारे रास्ते पर चलें और हमारा अनुकरण करें। क्या रास्ता है आपका? हमारा रास...
- किस तरह से?... इस तरह से धुना है जैसे कि रुई धुनी जाती है। शुरू में रुई जरा सही होती है, लेकिन जब धुनी जाती है ...
- किस तरह से?... बॉडीगार्ड के तरीके से, पायलट के तरीके से आगे-आगे चलते हैं और अंगरक्षक के तरीके से पीछे चलते हैं। पी०...
- किस तरीके की परम्पराएँ दिखेंगी तब?... जैसे कि छोटे-छोटे पखेरुओं ने करके दिखाईं। गीधराज एक कोंतर में बैठा हुआ था और मजे से दिन काट रहा था। ...
- किस तरीके से निकालें?... हम बड़े साहस और उम्मीद के साथ उन बच्चों को निकालते हैं, खड़ा करते हैं। तब भी तू कीचड़ में जाए, तो ते...
- किस तरीके से पैदा करेंगे?... हम एक- एक बूँद घड़े में इकट्ठा करके एक नयी सीता बनायेंगे। जिस प्रकार से ऋषियों ने एक- एक बूँद रक्त ...
- किस तरीके से फैलाया है?... एक दिन आप आग के ऊपर लाल मिर्च जलाइए। जैसे ही आप लाल मिर्च जलायेंगे, सबको छींक और खाँसी आयेगी। यह क्य...
- किस तरीके से बनाएँ?... इसमें एक नाम आता है—सरदार वल्लभ भाई पटेल का। उनके पिताजी का नाम था—झबेर भाई पटेल। जब वे छोटे थे, तब ...
- किस तरीके से माँ कहें?... माँ की मान्यता आप इस तरीके से लाइए जैसे कि स्वर्गलोक में उर्वशी अर्जुन के सामने आई थी। देवताओं ने दे...
- किस तरीके से शिक्षा फैलाई, किस तरीके से क्या-क्या फैलाया?... अपने पास जो मालदारी थी, उसको दुनिया में बिखेरते फिरे। हमारे बुजुर्ग बहुत मालदार थे। कैसे मालदार थे? ...
- किस तरीके से हम इनके काम में आएँ?... संस्कृति की पुकार सुनें
बेटे! हर समय हमारा यही चिन्तन बना रहता है। आपका भी होना चाहिए कि आज एक राम...
- किस तरीके से हम जिस निकृष्ट कोटि में हैं, उससे ऊँचे उठें?... भगवान हमको वह शक्ति दीजिए, चल तो हम अपने आप लेंगे; लेकिन बगैर आपकी शक्ति के हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं...
- किस नरक की अग्नि में वे झुलस रहे थे और आज इनको एक स्वर्ग तक ला पहुँचाया है, यह कैसे सम्भव हुआ?... ऋषि विश्वामित्र ने जो तपस्या की थी, तो केवल एक के लिए नई सृष्टि स्थापित की थी।...
- किस पर गुस्सा करेंगे?... वाणी से खराब शब्द कैसे बोलेंगे?
मित्रो! हमारे ये तीनों तरह के मौन चलते रहते हैं। कौन-कौन से? खान...
- किस पुस्तक में है?... इसके लिए आप हमारे गुरु श्रीनाथ चाण्डाल के पास जाइये। आपके गुरु कहाँ रहते हैं? बनारस में रहते हैं। ...
- किस बात की देवी सहायता करे?... नहीं साहब! हमारी मनोकामना पूरी करे। क्यों पूरी करनी चाहिए? हमने तीन माला जप किया है। ले जा अपनी माला...
- किस बात की निराशा?... आपके भीतर वाले ईमान ने कहा—बेकार की बात है। जबान से तो आप नहीं कह सकते कि बेकार की बात है। इसलिए उसम...
- किस बात की मिठाई है?... ले तू मिठाई खा ले और हमारे साथ चल। मैं कोई बच्चा हूँ जो आप मुझे बहकाने आए हैं। अरे तू बच्चा ही तो है...
- किस बात की सेवा करने आएगा?... आपने बहुत सेवा की है, वह भी सेवा करेगा?
डरावनी अकेली होगी जिन्दगी
मित्रो! संस्कृति ...
- किस बात की?... इस बात की कि आप आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलना चाहते हैं, भगवान के रास्ते पर चलना चाहते है। अपने शरीर...
- किस बात के लिए तैयार करें?... तीन बातों के लिए तैयार कीजिये। विश्वमाता के पेट से नये विश्व की जो रूपरेखा प्रकट होने वाली है, जो सो...
- किस बात के?... भाव-सम्वेदनाएँ भी अपूर्ण हैं, अगर वे क्रियाकाण्डों के साथ समन्वित नहीं है। दोनों का समन्वय जरूरी है। ...
- किस बेटे को?... जिसने कि अपने जीवन को निछावर कर दिया, उस बेटे को अपनी छाती से लगाया है और उस बेटे ने क्या किया है? उ...
- किस भाव, का है?... पहले बैठ जा, फिर बताएँगे। क्या करता है? पहले अँगीठी में डालता है, फिर कसौटी पर कसता है, तब बात, करता...
- किस माँ ने?... गायत्री माँ ने। माँ हर समय आँचल की छाया करती रहती है, हर समय अपने प्राणों से लगाए रहती है किसको? अपन...
- किस रूप में?... गरीबी के रूप में और कंगाली के रूप में। अगर हमारे पास आध्यात्मिक दृष्टिकोण है, तो उसे हम अपने पैसे ...
- किस वजह से?... क्या उसके हाथ-पाँव बड़े हो गये हैं? नहीं, हाथ-पाँव बड़े नहीं हुए हैं। उसके हाथ-पाँव वही हैं। उनमें को...
- किस वातावरण में रही और उसकी मनःस्थिति किस तरह की रही?... इस तरह की व्यवस्था बनाना पिता का काम है।
जिम्मेदारी पिता की भी
मित्रो! बच्चे का निर्...
- किस-किस के पड़े?... आपकी बीबी के पड़े, बीबी के पड़े? बीबी ने जूते चप्पल तो नहीं मारे, पर आपके साथ ऐसा व्यवहार किया जो जू...
- किस-किसके ऊपर देवता बरसे?... बेटे, ज्यादा तो नहीं कहता मैं, औरों का हवाला तो नहीं देता, बस अपना हवाला देता हूँ कि हमारे ऊपर कौन ब...
- किसका कसूर था?... बादल का? नहीं बादल का कसूर नहीं था। बादल तो बराबर रात भर बरसता रहा। जिन्होंने अपनी छत के ऊपर, आँगन...
- किसका टिकट आ जाता है?... आशीर्वाद का टिकट आ जाता है।मित्रो! यह सब देखकर मुझे बड़ा क्लेश होता है, बड़ा दुःख होता है। लोगों ने तो...
- किसका पढ़ा है?... वायसराय का पढ़ा है और मुसलमानों का इतिहास पढ़ा है। उनका मत पढ़िए। आप उनका इतिहास पढ़िए, जिनको हम महामा...
- किसका अभिशाप है?... आध्यात्मिक असंयम का। धन के प्रति जो हमारा दृष्टिकोण है, अगर वह विकृत होता है, तो इसका शाप और पाप ह...
- किसका अर्क है?... सौंफ का अर्क है। कैसे बनाया? हमने सौंफ को पानी में डाला, आग पर चढ़ाया और जो भाप बनी, उसे दूसरे बरतन ...
- किसका कर रहे हैं?... उस पवित्रता का। एक बूँद पानी सिर पर छिड़क लिया और हो गया पवित्र। मुझे एक घटना याद आ गई—कुंभ मेले का ...
- किसका काम है?... इनसानों का काम है। ऐसे इनसान, जो समर्थ हों, जिनके अन्दर दया हो। यह अस्पताल किनने बनवाया है? उनने बनवा...
- किसका गढ़ा हुआ है?... अपने ध्यान की, धारणा की, भावना की परिपुष्टि के लिए हमने भगवान को गढ़ा है। तो क्या भगवान की शक्ल नहीं...
- किसका चबूतरा है?... पिताजी का बना रखा है। कहाँ बना रखा है? खुले में बना रखा है। छाया में क्यों नहीं बनाया? अरे साहब! एक ...
- किसका छिलका पकड़ रखा है?... नारियल का छिलका आपने हाथ में पकड़ रखा है और गूदे को फेंक दिया है। छिलके से क्या मलतब है? छिलके से हम...
- किसका जप करना चाहिए?... मेरे ख्याल से आपको रावण का जप करना चाहिए—रावणाय नमः, कुंभकरणाय नमः, मेघनादाय नमः, मारीचाय नमः, भस्मा...
- किसका दर्शन करने गए थे?... साहब! बदरीनाथ का दर्शन करने गए थे। तो कर लिया दर्शन? हाँ साहब! खूब दर्शन हो गए। भीड़ तो बहुत थी, पर ...
- किसका दीपक जलाएँ?... कोई कहता है कि हमारे यहाँ गाय का घी है, तो कोई कहता है कि भैंस का घी है। मैं उनसे यही कहता हूँ कि गा...
- किसका ध्यान करते हैं?... वे कहते कि हम प्रकाश का ध्यान करते हैं। तो मैंने कहा कि प्रकाश निराकार कहाँ है? प्रकाश साकार है। उसक...
- किसका नक्शा ले आए?... चारों धाम का ले आए। बदरी, केदार जाएँगे और देखिए, यह रही गंगोत्तरी, यह रही यमुनोत्तरी। ठीक है बेटे! इ...
- किसका नाच हो रहा है?... कठपुतलियों का हो रहा है। कठपुतलियों का नहीं हो रहा, बेटे! बाजीगर की उँगलियों में बँधे हुए धागों का ह...
- किसका परिपोषण करेगा?... सबका करेंगे। कसाई का भी करेंगे और चाण्डाल का भी करेंगे। चोर का भी करेंगे, लुच्चों का भी करेंगे। बेटे...
- किसका बादशाह हूँ?... बादलों का, आकाश का बादशाह हूँ, यह कहा करते थे।...
- किसका भला कर सकता है?... इसलिए मित्रो! पहला गुण, आध्यात्मिकता की पहली चीज जो होती है, वह यह कि आदमी को इस लायक होना चाहिए क...
- किसका भविष्य क्या हो सकता है?... किसके लिए हमको क्या करना चाहिए? क्या नहीं करना चाहिए? ये सारी की सारी बातें हम खुली किताब के तरीके स...
- किसका सफाया करेगा?... सरस्वती फिर दुनिया में रहेगी नहीं और मनुष्य जाति का अस्तित्व दुनिया में रहेगा नहीं। अकल दुनिया में ...
- किसका स्तोत्रपाठ कर रहे हैं?... हनुमान जी का स्तोत्रपाठ कर रहे हैं। क्या-क्या कह रहे हैं— सहस्र योजन जापर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल ...
- किसका स्थान बना दिया गया है?... गायत्री माता का। यह गायत्री माता का चबूतरा है। अच्छा साहब! इस चबूतरे पर किसकी मूर्ति रख लूँ? बेटे! त...
- किसका हज कबूल कर लिया?... जमीला का॥...
- किसका है, जिसके पीछे हमारा प्यार है?... हमारी प्रेयसी और हमारी प्रेमिका कैसी सुन्दर और प्यारी लगती है। यह कहाँ से प्यारा लगता है? स्त्री...
- किसकी ओर से?... भगवान् की ओर से, प्रज्ञावतार की ओर से, नये युग की ओर से, जो कि अब बिलकुल नजदीक आ गया है।इसकी जिम्म...
- किसकी कबूल की?... उसका नाम था जमीला।
इस पर बाकी फरिश्तों ने आपत्ति की। जिब्रायल कहने लगा—"हुजूर! जमीला को हमने ...
- किसकी कमी है?... आपकी कमी है।
बेटे! हमारे यहाँ तो गुरुजी का जब कभी काम खतम होता था, तो यह कहते कि लाओ! खाना। तो मैं...
- किसकी कसम खाता है?... जनेऊ की खाता हूँ। नहीं जनेऊ की मत खा। फिर किसकी खाऊँ? अपनी साइकिल की खा, घड़ी की खा। हाँ साहब! घ...
- किसकी कुरबानी माँगते हैं?... उसी की तो कुरबानी माँगते हैं, जैसे कि मुसलमानों में होती है और किसी की कुरबानी नहीं होती है। एक ही ज...
- किसकी टीम थी?... देवताओं की टीम थी, जिसने हजार वर्ष की गुलामी का कलंक धोकर फेंक दिया। वह एक टीम थी, जो देवताओं के तरी...
- किसकी डालते हैं?... ब्लाटिंग पेपर की डालते हैं, परन्तु हम आपको कह नहीं सकते। हम कहते तो यही हैं कि मलाई असली है। असली की...
- किसकी दुकान खोल रखी है?... ‘शर्मा फुटवियर’ की। फुटवियर क्या होता है? अरे साहब! चप्पलों की दुकान है। आपकी दुकान चलती है? हाँ साह...
- किसकी नाव में बैठ जाइए?... बेटे! गुरुजी की नाव में बैठ जाइए। यह मल्लाह न कभी डूबता है, न किसी को डूबने देता है। कोई खुद डूबेगा,...
- किसकी निकाल लेता है?... रिश्तेदार की। जिसकी लड़की घर में आने वाली है, उस रिश्तेदार की, उस लड़की के भाई की, उस लड़की की माँ की आ...
- किसकी निन्दा करेंगे?... किस पर गुस्सा करेंगे? वाणी से खराब शब्द कैसे बोलेंगे?
मित्रो! हमारे ये तीनों तरह के मौन चलते रहत...
- किसकी नौकरी करेगा?... सवा सौर रुपये की नौकरी करूँगा। डेढ़ सौ रुपये की नौकरी करूँगा। बेटे, तू जानता है कि इस मँहगाई के जमा...
- किसकी फीस लेते थे?... अपने व्याख्यान करने की फीस लेते थे। अपना किराया-भाड़ा हमसे अलग से वसूल करते थे और व्याख्यान के पन्द...
- किसकी बात कह रहा हूँ?... मैं आध्यात्मिकता की बात कह रहा हूँ।
मित्रो! आपको मालूम है कि नहीं मालूम है कि हनुमान जी का क्या हु...
- किसकी बात कह रहे हैं?... यह तो हम फेंकने की बात कह रहे हैं। हमने कितने दुखियारों के लिए, कितने आगे बढ़ने के इच्छुकों के लिए जो...
- किसकी बात कह रहे हैं—शीशे वाली प्रतिच्छाया की?... नहीं बेटे ! ये भगवान की बात है। आपका ईमान, आपकी नीयत जैसी भी कुछ है, रबर की गेंद के तरीके से टक्कर म...
- किसकी भावसम्वेदनाओं को ऊँचा उठाने में आपकी क्या जिम्मेदारी है?... अगर इसका ख्याल आप नहीं करते तो आपका घर रहना-न बराबर है। मैं चाहता हूँ कि आप कुटुम्बी होकर जियें, परि...
- किसकी मूर्ति बना दूँ?... बेटे! तू बालों की गायत्री की मूर्ति बना दे। बस, यह बालों की शिखा रूप में जो गायत्री माता की मूर्ति ह...
- किसकी रखेगा इस पर?... महाराज जी! पत्थर की रख लूँ? नहीं बेटे! अगर टोपी पहनेगा, तो दिक्कत आएगी। तो किसकी रखू? चल मैं तुझे ऐस...
- किसकी वकालत करने के लिए?... काँग्रेस की वकालत करने के लिए और आजादी की वकालत करने के लिए।...
- किसकी विधि बताएँ?... गायत्री माता का साक्षात्कार करने की विधि बताइए। अरे अभागे! विधि तो पूछ मत। तू तो केवल रामनाम लेता चल...
- किसकी विधि बताएँ?... भगवान के दर्शन करने की विधि बताइए। कोई विधि नहीं है बेटे! विधियों की कीमत रत्ती की नोंक के बराबर है।...
- किसकी शरण में आप हमें भेजते हैं?... उन्होंने कहा कि हमारी जीभ लेकर के चले जाओ। उन्होंने अपनी जीभ काटकर हमारी जीभ में चिपका दी और उस जी...
- किसकी सलाह मानेंगे?... स्वाध्याय की। स्वाध्याय का मतलब सत्संग है। सत्संग के लिए हम एक ऐसी कंपनी, एक ऐसी कमेटी और एक ऐसी सोस...
- किसकी सहायता कर सकता है?... किसी सेवा कर सकता है? किसका भला कर सकता है?इसलिए मित्रो! पहला गुण, आध्यात्मिकता की पहली चीज जो होती ...
- किसकी सिद्धि की थी?... यह किसका चमत्कार था? बेटे! यह शरीर का चमत्कार है, जिसको हम देवताओं की भूमि कहते हैं, देवताओं का मं...
- किसकी हत्या करेंगे?... हम डाका डालने जाएँगे। तो आप डाका डालने आए हैं? भाई साहब! पैसा ले जाइए। पैसा ले जाएँ, दान दे रहा है ह...
- किसके इशारे हैं?... वे उसी के लिए हैं, जो अध्यात्म का मूल उद्देश्य हैं, ‘आत्मसंशोधन’। सारा-का-सारा अध्यात्म इसी पर खड़ा ...
- किसके ऊपर करती हैं?... अपने-अपने ढंग के मैग्नेट हैं। जहाँ उनका मैग्नेट होता है, वहाँ अपने आप ही हमले होते हैं। वे ह...
- किसके ऊपर दबाव डालेंगे?... किसको प्रेस करेंगे? हम प्रयास कहाँ से करेंगे? कौन देगा और कब तक देगा? बेटे, यह माँगने से नहीं मिले...
- किसके ऊपर पड़ेगा?... जिसने कि बच्चों को परिश्रमशील बनाने की अपेक्षा यह मुनासिब समझा कि उसके लिए हम ढेरों पैसा जमा करके जा...
- किसके खेत में?... देवत्व के खेत में। आप तो कंजूस के तरीके से, कृपण के तरीके से, चालाक के तरीके से, लोभी के तरीके से, स...
- किसके जिम्मे थी?... किसान की एक छोकरी के जिम्मे थी। सत्रह- अठारह वर्ष की छोकरी थी, जिसका नाम था जोन ऑफ ऑर्क। जोन ऑफ ऑर...
- किसके बच्चा होने वाला है?... भगवान जाने किसको दे दे। हमारी माँ की यही शिक्षा थी। मित्रो! विनोबा की माँ ने अपने बच्चों को ब्रह...
- किसके बारे में कह रहे थे?... यही कह रहा था कि जो स्कीमें आपको दी हैं, जो योजनाएँ आपको दी हैं। आपको जो पच्चीसकुण्डी यज्ञ दिए हैं, उ...
- किसके रूप की बात हो रही है?... ऊँट के। आपकी शक्ल भगवान ने जैसी बनाई है, सो आप ही आप हैं। जब ऊँट गधे के ब्याह में गया तो उसने कहा—"अ...
- किसके रूप में आए थे?... गिलहरी के रूप में आए थे, शबरी के रूप में आए थे और वानरों के रूप में, हनुमान, जामवंत आदि अनेक रीछ-वान...
- किसके लिए कह रहा था?... मैं यह कह रहा था कि बुद्धिमत्ता और विवेकशीलता अगर आपके भीतर हुई तो आप गई-गुजरी परिस्थितियों में भी अ...
- किसके लिए गए थे?... लूट-पाट करने के लिए। लेकिन जब उनका सही रूप देखा, तब उन्होंने कहा कि जिस रास्ते पर तुम चल रहे हो न, व...
- किसके लिए पूरी कराना चाहते हैं?... हवस पूरी करने के लिए, ख्वाहिशें पूरी करने के लिए, तृष्णा को पूरी करने के लिए? हाँ साहब! हम तो ऐसा ही...
- किसके लिए बना दी?... उनके लिए बना दी है कि जो अपने ब्याह-शादी के लिए ठहरेंगे। ब्याह-शादी में ठहरने वाले लोग कौन हैं? भूखे...
- किसके लिए बनाएँ?... हमारी अखण्ड ज्योति के लिए बनाइए। गुरुजी! आप तो पाँच सौ रुपये तो वैसे ही दे देंगे, देखिए चित्र बनाकर ...
- किसके लिए लाइए?... इसकी वजह बताइए? जबकि पढ़ा-लिखाकर नौकरी से लगा दिया है। शादी-ब्याह भी कर दिया है। हर दृष्टि से योग्य ...
- किसके लिए हमको क्या करना चाहिए?... क्या नहीं करना चाहिए? ये सारी की सारी बातें हम खुली किताब के तरीके से अखण्ड दीपक के नीचे देख लेते है...
- किसके लिए हैं?... आपकी बहू के लिए हैं। तो गुरुजी! हमको दे दीजिए। आपको नहीं दे सकते। क्यों? आप बच्चे हैं। बच्चों को...
- किसके साथ कर दिया?... लाला चमनलाल के साथ भी कर दिया और बंशीलाल के साथ भी कर दिया। अरे बाबा! दो के साथ ब्याह क्यों कर द...
- किसके साथ योग किया जाता है?... यह बताने से पहले मुझे यह समझाना होगा कि भगवान आखिर है क्या चीज। चलिए अब मैं यही बात शुरू करता हूँ, अ...
- किसके-किसके पास जायेंगे और कौन-कौन आपका कहना मानेगा?... आप बताइए। फुरसत तो मिलती नहीं है। आप अपने घर में वे सारे काम कर सकते हैं। मसलन सामाजिक कुरीतियों को ...
- किसको पकड़ लिया था?... शिवाजी को। स्वामी रामकृष्ण परमहंस विवेकानन्द के घर जाया करते थे। कहते थे कि तू चलता है कि नहीं। ...
- किसको कर दिया?... स्वर्ग को कर दिया, भगवान की प्रसन्नता को कर दिया। भगवान की प्रसन्नता, परलोक और स्वर्ग हमारे लिए डैम ...
- किसको किसके साथ जोड़ देना?... जीव को ब्रह्म के साथ जोड़ना, क्षुद्रता को महानता के साथ जोड़ देना। हमारी परिधियाँ, हमारी सीमाएँ बहुत...
- किसको कोढ़ी बनाएँगे?... अब तो और कोई चपेट में नहीं आता। आदमी तो हमसे दूर भागता है। अब तो एक ही आदमी बेवकूफ रह गया है और उसका...
- किसको खिलाना है?... सारे समाज को खिलाना है और सारे विश्व को खिलाना है। आपकी भावना चाहे छोटी-सी क्यों न हो।
आप गिल...
- किसको खींचती है?... जो सिद्धियाँ आप चाहते हैं, उनको कशिश खींचती है। गुलाब का फूल जब खिलता है, तो भँवरों को खींचता है, ति...
- किसको चूसते हैं?... जो कोई भी हमारे पास आता है, हम उसको चूस जाते हैं, उसे जिन्दा नहीं छोड़ना चाहते, केवल उसकी हड्डियाँ र...
- किसको तलाश करें?... इन्हीं स्वामी जी से कहा था कि बाल-बच्चों के बिना जीवन तो बेकार है। स्वामी जी ने कहा कि ठीक है। स्वाम...
- किसको देना चाहिए?... सबको देना चाहिए, अपने शरीर को देना चाहिए ताकि यह धन्य हो जाए और अपने दिमाग को देना चाहिए ताकि यह शां...
- किसको नरक में डाला जाएगा?... किसको स्वर्ग में डाला जाएगा? सारा काम चौपट हुआ जा रहा है। सेक्रेटरी ने कहा कि बिना मिनिस्टर के साइन ...
- किसको नहीं मिलती?... चलिए मैं बताता हूँ जैसे-जेलखाना। आप गिरफ्तार हो जाइए। नहीं साहब! आज तो रविवार है और आज आपको बाहर घूम...
- किसको पड़ेगा पाप?... बाप को। क्यों पड़ेगा? मैं इसे कमीना कहूँगा, जिसने कमा-कमाकर किसी को दिया नहीं। बेटे को दूँगा, सब जमा...
- किसको प्रेस करेंगे?... हम प्रयास कहाँ से करेंगे? कौन देगा और कब तक देगा? बेटे, यह माँगने से नहीं मिलेगा। स्वेच्छा से जो अ...
- किसको बहकाया और फुसलाया है?... कहिए तो आपकी पोल खोल दूँ। आपने प्रेमपत्र लिखे थे कि नहीं? क्या लिखा था? तुम हमारे, हम तुम्हारे। ...
- किसको बुला रहे हैं?... हनुमान जी को बुला रहे हैं। भगवान जी को बुला रहे है! बस, यों ही बैठे-बैठे खेल-खिलौने करता रहता है, ...
- किसको बोया है?... अपने लोभ को बोया है और उसका जो फल मिला वह लोगों से इस बात को मंजूर करने के लिए विवश करने में सफल...
- किसको मार डालेगा?... हनुमान जी को मार डालूँगा, सन्तोषी माता को मार डालूँगा और उनकी लाश को ले आऊँगा और उससे मजा उड़ाऊँगा। ऐ...
- किसको वोट देंगे?... आपकी पार्टी को देंगे। आपकी पार्टी कौन सी है? जो भी आपकी पार्टी है, उसी को दे देंगे। नहीं साहब! आप बत...
- किसको स्वर्ग में डाला जाएगा?... सारा काम चौपट हुआ जा रहा है। सेक्रेटरी ने कहा कि बिना मिनिस्टर के साइन के मैं कब तक काम चलाऊँगा! वार...
- किसने कहा कि धूप में खड़े हो?... नहीं साहब! गंगा के पानी में नहाएँगे और वैकुण्ठ को जाएँगे। भगवान को ब्लैकमेल मत कीजिए। भगवान पर दबाव ...
- किसने कहा तुझसे कि सबका पोषण करना चाहिए?... अरे साहब! वह बाबाजी कह रहा था। बाबाजी को मारा नहीं। नहीं साहब! वह कह रहा था कि सबका पोषण करना चाहिए—...
- किसने कहा था आपको रोज बच्चे पैदा करने के लिए?... आप बिना बच्चों के जिन्दा नहीं रह सकते क्या? कम बच्चों से आपका गुजारा नहीं हो सकता? आपके जो कम बच्चे...
- किसने कहा था?... समर्थ गुरु रामदास ने कहा था। उन्होंने कहा—यह कटारी लेकर के चल।
स्वामी विवेकानन्द से रामकृष्ण परमहँ...
- किसने कितने अक्षत चढ़ा दिये, कितनी पूजा कर दी, कितने पाठ करा दिये?... उसी पाठ के हिसाब से उसकी मनोकामना पूरी कर दी जाए, देवताओं के जिम्मे बस यही काम रह गया है? पाठ कीजिए...
- किसने की होगी?... जिनको अरविन्द ऋषि भी कह सकते हैं और भी कह सकते हैं और दो-पाँच का नाम ले सकते हैं, बस, खतम। बेटे! गुर...
- किसने त्याग और बलिदान के रास्ते पर कदम बढ़ाए?... एक लाख शिष्य और सवा लाख शिष्याओं ने। उन सारे-के-सारे लोगों ने कहा कि हम आपके रास्ते पर चलेंगे। आपने ...
- किसने पकड़ लिया?... तुलसीदास ने। हम और आप पकड़ सकते हैं क्या? हम और आप नहीं पकड़ सकते। भूत तो पकड़ सकते हैं? नहीं पकड़ सकत...
- किसने पूरी नहीं की?... साहब! मंसा देवी ने पूरी नहीं की, चंडी देवी ने पूरी नहीं की, हनुमान जी ने पूरी नहीं की, साँई बाबा ने ...
- किसने मिलाई थी?... एक थे शिवाजी और एक थे अफजल खाँ। अफजल खाँ ने कहा कि आइए भाई साहब! हम छाती से छाती मिलायेंगे और दोनों ...
- किसने शुरू कर दिया?... बीमा कंपनियों ने। बेटे! बैंकों में यही हो रहा है। अगर आपमें से कोई आदमी बेकार हो, आपको कुछ काम न हों...
- किसलिए करता है?... इसलिए करता हूँ, ताकि धन मिल जाए। शंकर जी के पास धन था क्या? मकान था क्या? नहीं था। कपड़ा था क्या? नह...
- किसलिए करते हैं?... कुचला को इसलिए संशोधित किया हुआ है कि इससे हम वात की बीमारियों और घुटने के दरद को ठीक कर देंगे। गन्धक...
- किसलिए खड़े हैं?... देखने के लिए खड़े हैं। अब जरा दिल की बात बता? इन सब स्त्रियों को तू देख रहा है। इनमें से ये खूबसूरत ह...
- किसलिए देवमानव कहलाते थे?... देवमानव इसलिए कहलाते थे कि उनकी विशेषताएँ देवताओं जैसी थीं। क्या विशेषताएँ होती हैं देवताओं में? देव...
- किसलिए बड़े होते हैं?... इसलिए कि वे किसी को भी दुःख दे करके उसका खून पी सकते हैं। वे किसी में भी दाँत गड़ा सकते हैं और कहीं ...
- किससे कहता है?... उस माँगने वाले से कहता है। माँगने वाले में जद्दोजहद बराबर बनी रहती है और ऐसी बनी रहती है, जैसे कि दा...
- किससे कहता है?... उस माँगने वाले से कहता है। माँगने वाले में जद्दोजहद बराबर बनी रहती है और ऐसी बनी रहती है, जैसी कि दा...
- किससे कहने लगा था?... चंडी से कि हमारे कहने में चल, हमारे या हमारे भाई निशुंभ की सेवा में आ जा। देवी ने कहा, अच्छा आप हमें...
- किससे जुड़ जाना?... उस महान शक्ति से जुड़ जाना, जो प्रेरणा का स्रोत है। शक्ति से जुड़ जाना, उस शक्ति को पा लेना, उसके प्...
- किससे देखेगा भगवान को?... आँखों से देखूँगा। बेटे! आँखों से मिट्टी देखी जा सकती है, भगवान नहीं देखा जा सकता। भगवान को देखने के ...
- किससे निहाल कर दिया था?... बेटे, सारी दुनिया को धन दिया था, विद्या दी थी, ज्ञान दिया था। सारी दुनिया में भारतीयों का वर्चस्व छा...
- किससे पलट देंगे?... बेटे, हमारे पास बड़ी हिम्मत है। टिटहरी के पास हिम्मत थी और जो सीना खोलकर खड़ी हो गयी थी कि हम समुद्र...
- किससे प्यार करते हैं?... किसी को भी प्यार करते हों। आप अपनी माता को प्यार करते हों, तो आप उनको दें। क्या दें? मान दें, सम...
- किससे बनता है?... उस साहित्य से, जिसमें गुरुजी ने कितनी आग उड़ेली है। उसके एक-एक अक्षर को आप पढ़िए तो सही।
आप तिलमि...
- किससे बात करेंगे?... हमको ऐसी जगह रख देते हैं, जहाँ कोई और नहीं होता हमारे अलावा। अपने आप से बात करनी है तो हमारी मरजी है...
- किससे बात करेंगे?... किसकी निन्दा करेंगे? किस पर गुस्सा करेंगे? वाणी से खराब शब्द कैसे बोलेंगे?
मित्रो! हमारे ये तीनो...
- किससे बोल रहा हूँ, कौन पैर छू गया, किसने पैर छुए?... सैकड़ों आदमी आते हैं। गुरुजी ! हमारी प्रार्थना सुनना। बेटे, इस वक्त तो सुन नहीं सकता। यह कौन कह रहा ...
- किससे माँगना चाहिए?... देवता से माँगना चाहिए। देवता को तो देना चाहिए। "दानात् वा सा देवता।" देवताओं को सहायता करनी चाहिए। न...
- किससे लड़ना पड़ता है?... अपने मन से लड़ना पड़ता है। हमारा यह मन बड़ा कमीना है। इस लड़ाई में अगर हमारी विजय हो जाती है तो समझन...
- किससे लिखते हैं?... पार्कर की कलम से लिखते हैं। क्या कलम आवश्यक है? हाँ बहुत आवश्यक है, लेकिन अगर आपका यह ख्याल है कि कल...
- किससे होता है पुण्य?... इससे पुण्य होता है कि तुम अपनी थाली में एक-एक रोटी रख लो और जो कोई भी आदमी आए, उसे चारों रोटी दान कर...
- किसान एक, पहलवान दो, विद्यार्थी तीन, इन सबको जाकर आप देखिए ना, ये क्या कर रहे हैं?... बेटे! ये तप कर रहे हैं। विद्यार्थी क्या करता है? तप करता है। पहलवान क्या करता है? तप करता है। किसान ...
- किसान क्या करता है?... तप करता है। बेटे ! ये सारे के सारे लोग तप करने वाले हैं। और जीवात्मा को परमात्मा में मिलाने का तरीका...
- किसान ने कहा, आप कौन हैं?... हम इंदौर के राजा हैं, जिसकी रियाया आप हैं, यह गाँव है। आप राजा साहब हैं, हमसे क्या गलती हो गई? गलती ...
- किसान ने खाना तो खिला दिया, फिर यह पूछा कि आप कौन हैं?... कैसे आए? उन्होंने कहा कि हम भजन करते हैं और खुदा की याद में चलते रहते हैं। भीख माँगते हैं। किसान ने ...
- किसान पत्तों की काट-छाँट कैसे करता है?... रखवाली कैसे करता है? भाई साहब! यह सब बातें हम पीछे बतायेंगे, पहले हमको यह बताने दीजिए कि किसान क...
- किसी आदमी का शोषण करेंगे?... क्या किसी आदमी के साथ में ठगबाजी करेंगे? क्या हम किसी के साथ में चालाकी करेंगे? नहीं करेंगे। तब हम...
- किसी आदमी से आप यह आशा लगाए बैठे हैं कि वह आपकी सहायता करेगा तो वह क्यों आपकी सहायता करेगा?... 'आस बिरानी जो करे, जीवत ही मर जाए।' यह देहात की कहावत है। यह ठीक है कि वक्त मिल जाएगा तो सहायता मिल ...
- किसी का आशीर्वाद माँगने का हमको क्या अधिकार था?... ठीक है, लोगों ने दिया। देने वाले बधाई के पात्र हैं। देने वाले महान हैं। देने वाले धन्यवाद के अधि...
- किसी का कहना माना?... मैंने किसी का कहना नहीं माना। न मैंने अपने भाइयों का कहना माना, न बाप का कहना माना, न माँ का कहना मा...
- किसी का मिला सहयोग?... नहीं साहब, सब बड़े चालाक हैं और सब दुनिया बेईमान है। हाँ, आपका कहना बिल्कुल सही है। दुनिया तो है ही ...
- किसी का शरीर इतना ताकतवर हो सकता है?... हाँ साहब! हो सकता है।
मित्रो! आदमी का दूसरा वाला हिस्सा, जिसको हम हिम्मतवाला हिस्सा कहते हैं। हिम्...
- किसी की प्रशंसा की?... नहीं, आपने जीभ से प्रशंसा नहीं की, हर वक्त निंदा की, इसकी निंदा की, उसकी निंदा की। आप निंदा ही करते ...
- किसी के आप मालिक बनेंगे और उसने आपका कहना न माना तब?... तब आप हैरान, परेशान हो जाएँगे। आप अपनी धर्मपत्नी और दूसरे परिजनों के लिए अपने कर्तव्य और फर्जों को प...
- किसी के गुलाम बनेंगे तब?... दिशाशूल है, जोगिनी सामने है, हम नहीं जा सकते। मुहूर्त खराब है। चन्द्रमा खराब है। काल राहु खराब ह...
- किसी के जिन्दगी की समस्या को हल करने का सवाल था तो आपकी अकल, आपकी बुद्धि ने ऐसी मक्कारी की कि क्या कहना?... पैसे से लेकर समय तक हमने केवल समाज के लिए खर्च किया। यह कसा हुआ जीवन हमारा तपस्वी का जीवन है। मन्त...
- किसी को अनुदान देना नहीं चाहते और बदले में न जाने क्या-से चाहते हैं?... ऐसा नहीं हो सकता। पहले बोइए, फिर पाइए। मित्रो! देवत्व के खेत में क्या बोना पड़ेगा? एक तो ...
- किसी को कोई बात खटकती हो तो खटके, मैं क्या करूँ?... मेरे तो आप बच्चे हैं, बच्चे हैं, तो मैं तो खुलकर कहूँगी। बेटे! मुझे कहना चाहिए और मेरा अधिकार भी है।...
- किसी को क्या दे सकते हैं?... नहीं दे सकते हैं।
बेटे! आप ऊँचा उठेंगे तो हम ऊँचा उठा देंगे। ऊँचा नहीं उठेंगे, तो फिर किस तरीके स...
- किसी को खुशी देने का सन्तोष कभी आपने चखा ही नहीं है?... मैं कैसे कहूँ, कैसे समझाऊँ? लेने का सुख तो आपने पाया है, लेकिन देने का भी सुख कभी आपने पाया है क्य...
- किसी को गुरु का वरदान मिले तो क्या मिलना चाहिए?... धन मिलना चाहिए। देवता मिले तो धन चाहिए। आपको कोई मंत्र सिद्ध हो जाय, तो धन चाहिए। आपके जीवन में और त...
- किसी को स्वीकृति नहीं दी, क्या चक्कर है?... ये दस हजार कहाँ से आ गए, किसकी आवाज पर निकल पड़े? बेटे, आप आवाज सुन करके ही आए हैं। शायद हमको कोई पु...
- किसी खरगोश को खाँसी होते-खाँसते देखा है क्या?... कोई भी बीमार नहीं होता। दुनिया में एक ही बेवकूफ जानवर है, जो बार-बार बीमार होता है और उस बेवकूफ जानव...
- किसी ने उनसे कहा कि आचार्य जी के बारे में आपको जानकारी है?... अरे साहब! आचार्य जी के बारे में जानकारी क्यों नहीं होगी? कैसे? अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा—हम एक बार द...
- किसी ने कहा, कहाँ गए?... अरे साहब, मन्दिर गए तो पता चला कि वहाँ से घंटी-बंटी भी कोई उठा ले गया। उन्होंने कहा, यहाँ कौन बसते है...
- किसी ने जलेबी खा ली तो क्या और मक्का की रोटी खा ली तो क्या?... खाने के लिए आदमी को पैदा नहीं किया गया है। औलाद पैदा करने के लिए आदमी को पैदा नहीं किया गया है। खा...
- किसी ने देखा है स्वर्ग को?... किसी ने देखा हो या नहीं, लेकिन मित्रो! मैंने स्वर्ग को देखा है और मैं चाहता हूँ कि आपको भी स्वर्ग ...
- किसी ने नहीं दिया था?... नहीं, किसी ने नहीं दिया था। हमने पैसे से लिया था, अपने पैसे से नारंगी खरीदी थीं। फिर आपने क्यों नहीं...
- किसी भगवान ने छुआ?... गायत्री ने छुआ? नहीं, अगर छुआ होता तो बेटा तू सोना हो जाता, पारस हो जाता। नहीं महाराज जी! मुझे तो दे...
- किसी भी क्षेत्र के महामानव और महापुरुष का इतिहास पढ़िए, फिर देखिए कि ऊँचे उद्देश्य के लिए, ईमानदारी से कष्ट उठाने के लिए जो आदमी तैयार हो गए, उनको सहायता मिली कि नहीं मिली?... आप चाहे जिस क्षेत्र में देख लीजिए, लाखों की तादाद में लोगों को भगवान की सहायता, आदर्श सहायता, दैवी स...
- किसी मित्र के पास जाते हैं, किसी अधिकारी के पास जाते हैं, तो क्या करते हैं?... नम्र होते हैं उसके प्रति, सहज ही श्रद्धा करते हैं, तो भगवान उससे भी घटिया है क्या?
भगवान की दोस्त...
- किसी में तेरा मन लगता है?... बेटे, मन को लगाना पड़ेगा। जिस तरीके से सर्कस के जानवरों को हंटर मार-मारकर के काबू में लाया जाता है ...
- किसी विचारशील ने कहा—पागल तो नहीं हो गए हो तुम?... अरे बाबा वह तो किसी जमाने में कुछ हो गया होगा, बिल्ली बाईचान्स मर गई होगी। लकीर के फकीर बने ही रहेंग...
- किसी श्रेष्ठ काम को करने की, आदर्श काम करने की लोगों में कल्पना ही नहीं आती?... किसी की हिम्मत ही नहीं होती और हिम्मत भी की तो हमारे घरवाले नाराज हो जाएँगे। हमारी नानी नाराज हो जाए...
- किसी सिद्धान्त और आदर्श को पूरा करने के लिए आपके भीतर हिम्मत है?... रोज विचार करते हैं और रोज काँप जाते हैं। हिम्मत के धनी चाहे वे डकैत हों; चाहे समर्थ गुरु रामदास हों;...
- किसी से आपका लगाव है?... उनसे कोई कशिश है? आपके और उनके बीच में कोई मोहब्बत है? बेटे कोई मोहब्बत नहीं है। रोज ही हम सुनते...
- किसी सेवा कर सकता है?... किसका भला कर सकता है?इसलिए मित्रो! पहला गुण, आध्यात्मिकता की पहली चीज जो होती है, वह यह कि आदमी को...
- किसे कहते हैं तप?... बेटे! इसके पीछे एक रहस्य छिपा हुआ है, एक उद्देश्य छिपा हुआ है। इसका उद्देश्य है—मुसीबत उठाने के लि...
- किसे मालूम है?... किसी को नहीं मालूम है। साहब! ये पाँच बच्चे कौन हैं? अरे साहब! ये कोई बच्चे नहीं हैं। ये देवता हैं? द...
- कीड़े क्या हैं?... कुछ भी नहीं, गन्दगी की प्रतिक्रिया हैं। अगर गन्दगी बनी रहेगी तो मच्छर जरूर पैदा होंगे। मक्खियाँ जरूर प...
- कीमती चीजों को तीन तरह से सम्भालने की बात समझ गये न?... चोर उठायेगा, तो सन्दूक को उठायेगा और फिर अटैची को निकालेगा। जेवर का तो बाद में पता चलेगा। इसलिए समझद...
- कीड़े-मकोड़े टिड्डी, खटमल भी दुनिया में रहते हैं, पर उनसे कुछ लाभ है क्या?... मैं नहीं जानता कि क्या लाभ है, लेकिन अगर आदमी भी इसी प्रकार से ज्यादा पैदा होंगे, तो निश्चय ही दुन...
- कीड़े-मकोड़े में और आदमी में क्या फर्क है?... बेटे, वही कसौटियाँ हैं, जिससे हम कीड़े-मकोड़े और आदमी में फर्क करते हैं। क्या फर्क है? कीड़े-मकोड़े दो...
- कीड़े-मकोड़ों को, पशु-पक्षियों को क्यों नहीं दी?... मित्रो! यह जो फर्क है, इसलिए है कि मनुष्य को जो विशिष्टताएँ, विभूतियाँ दी गयी हैं वह इस दुनिया ...
- कुण्डलिनी किसे कहते हैं?... बेटे ! कुण्डलिनी विवेकशीलता को कहते हैं, दूरदर्शिता को कहते हैं, आदर्शवादिता को कहते हैं। हमारी जिंदग...
- कुंभ में बारह लाख आदमी आये थे, तो मैं क्या करूँ?... आप भीड़ से क्या मतलब लगाते हैं? नहीं साहब! बड़ा कुंभ का मतलब है कि हिन्दुस्तान में बड़ा धर्म फैल रह...
- कुंभकरण से लड़ने के लिए कौन तैयार हो?... कोई तैयार नहीं हुआ। रामचंद्र जी के भाई भी आये थे, सेना को लेकर जनक जी भी आये थे, जिनकी बेटी सीता क...
- कुंभकरणों की कमी है क्या?... नहीं, इनकी कमी नहीं है, पर वे सो गए हैं। हमारा एक काम यह भी होना चाहिए कि जहाँ कहीं भी आपको विभूति...
- कुंभकर्ण का क्या हुआ?... बेटे, उसकी मिट्टी पलीद हो गई। क्या फायदा कर लिया उसने? कुछ नहीं कर सका।
मित्रो! इसी तरह हिरण्...
- कुएँ में डूबे हुए आदमी को निकालिए?... कैसे निकालेंगे? झंडी दिखाइये—साहब! कुएँ में से उछलकर ऊपर आ जाइए? नहीं साहब! ऐसे तो नहीं आ सकता। फिर ...
- कुएँ में से उछलकर ऊपर आ जाइए?... नहीं साहब! ऐसे तो नहीं आ सकता। फिर क्या करना पड़ेगा? आप अपनी मर्जी से कुएँ में गिरिए और डुबकी लगाइये ...
- कुछ और जप-तप कराना है क्या?... उन्होंने कहा कि जो जप-तप कराना था, वह तो हो गया। मैंने कहा कि घर जाकर राम का नाम लीजिए। जाइये, अब ...
- कुछ और है आपके पास?... नहीं बेटे! हम खालिस ब्राह्मण हैं। खालिस ब्राह्मण क्या कर सकते हैं? शरीर को ढकने के लिए हमको कपड़े की...
- कुछ खाने- पीने का इंतजाम है कि नहीं?... एक महीने तूने पानी से स्नान तो करा दिया, परन्तु खाने का कोई इंतजाम नहीं किया। हाँ महाराज जी। खाने ...
- कुछ खास फायदा नहीं हो सकता, तो देवता प्रसन्न हो जायेंगे?... बेटे, मैं कुछ कह नहीं सकता।...
- कुछ ताकत आई कि नहीं?... अरे साहब! अभी तो एक किलो ही पिया है। अभी ताकत दिखाई नहीं पड़ती। अच्छा तो हमारे पास आइए। हम आपको मिल्...
- कुछ तो होना चाहिए न?... नहीं साहब! हम सेवा करेंगे। आप किससे सेवा करेंगे? अकल आपके पास है नहीं, शरीर आपके पास है नहीं। स्व...
- कुछ देने को भी है बेटा?... नहीं माताजी। एक कौड़ी भी नहीं है। और लेने को? अहा लेने को तो सुन लो आप, सुनते-सुनते थक जाएँगे, हम कह...
- कुछ पास भी है क्या?... हाँ, पाँचवें दरजे तक पढ़ा हूँ। तो फिर कलेक्टर कैसे बनवा दूँ। अरे! आपकी तो जान पहचान है। ऐसे ही तीर-त...
- कुछ मिला है क्या?... आपको कुछ विशेषता मालूम पड़ती है हममें? कुछ विशेषता नहीं मालूम पड़ती। हमने पाया और किसी प्रयोजन में ख...
- कुछ लेंगे-देंगे तो नहीं?... देना क्या है? आप चले जाइए। जैसे अपने पाँव से आए थे, उसी पाँव से चले जाइए। अरे भाई! हम तो इसीलिए आए थ...
- कुछ लोगों ने- कैसे लोगों ने?... जैसे हम और आप लोगों ने बुद्ध की ऐसी मिट्टी पलीद की कि भगवान करे कोई ऐसी किसी की न करे। अहिंसा की म...
- कुछ ही दिनों में देखना, यह मिशन कहाँ-से-कहाँ पहुँचेगा?... हम रहें, चाहे न रहें। मेरी जीवात्मा कहती है, मेरा साहस कहता है और मेरा पुरुषार्थ कहता है कि मैं किसी...
- कुछ होगा कि नहीं होगा या मकान ही मकान होगा?... क्या करेगा इतने मकान का? हमारा मकान है, तो हम मकान का कौन सा खर्च बतावें। आपके लिए सारा खर्च बताना म...
- कुटुँब के बिना मनुष्य रह नहीं सकता?... आदमी अपने गुणों का विकास कुटुँब के बिना, परिवार के बिना कहाँ कर सकता है? आदमी कहाँ सीख सकता है।...
- कुटुम्बियों के शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि कौन कैसा है?... उन सबका लालच आप पूरा करते हैं क्या? कुटुम्बियों का लालच आप मत पूरा कीजिए। कुटुम्बियों की अनावश्यक आव...
- कुटुम्ब और परिवार को संस्कारी कौन बनाएगा?... माँ बनाती है और जब माँ—नारी की दशा ऐसी ही बनी रही और वो भावनात्मक दृष्टि से ऊँची नहीं उठी, तो फिर कौ...
- कुटुम्ब का परिपालन आपको भारी क्यों पड़ना चाहिए?... आपको पेट भरने में दिक्कत क्यों होनी चाहिए?
मित्रो! अगर आप औसत भारतीय नागरिक के तरीके से जिं...
- कुटुम्ब न हो तब?... तब मुश्किल है। हिल-मिलकर खाने का यह आध्यात्मिक साम्यवाद आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं। जो आदमी ज्या...
- कुटुम्ब बनाकर के कौन रहता है?... दवा दारू का इंतजाम किसके लिए है? बोलना किसको आता है? किताबें कौन पढ़ सकता है? वगैरह आपको इतनी सुविधाए...
- कुटुम्ब में और क्या सीखा जा सकता है?... लोक व्यवहार, जिसको शिष्टाचार कहते हैं। अनेक स्तर के लोगों के साथ में अनेक प्रकार के व्यवहार कैसे किए...
- कुण्डलिनी जगा दीजिए?... बेटे कुण्डलिनी ऐसे नहीं जगती। कुण्डलिनी तो साँपिनी होती है? हाँ बेटे, जब सँपेरा आयेगा, तब मैं साँप...
- कुण्डलिनी तो साँपिनी होती है?... हाँ बेटे, जब सँपेरा आयेगा, तब मैं साँप भी जगवा दूँगा और साँपिनी भी जगवा दूँगा। दस पैसे देना, दोनों...
- कुत्ता मार डालेगा तो क्या, बकरा मार डालेगा तो क्या, बन्दर मार डालेगा, तो क्या?... क्या भगवान जानवरों को खाता है? भगवान खाता है—‘‘मैं’’ को, ‘अहम्’ को। हमारा ‘अहम्’ इतना ज्यादा है ...
- कुत्ता क्या होता है?... कुत्ता अकेला होता है।
मित्रो! इसी तरीके से इनसान को क्या करना पड़ेगा? कुत्ते के तरीके से अके...
- कुत्ते का कोई कुटुम्ब होता है?... कोई कुटुम्ब नहीं होता। कुत्ते की कोई औरत होती है? कोई नहीं होती। कुत्ते का कोई बाप होता है? कोई नहीं ...
- कुत्ते का कोई बाप होता है?... कोई नहीं होता। कुत्ता क्या होता है? कुत्ता अकेला होता है।
मित्रो! इसी तरीके से इनसान को क्या...
- कुत्ते की कोई औरत होती है?... कोई नहीं होती। कुत्ते का कोई बाप होता है? कोई नहीं होता। कुत्ता क्या होता है? कुत्ता अकेला होता है। ...
- कुत्ते को पढ़ना-लिखना आता है?... बकरी को कपड़ा पहनना आता है? गधों के शादी-ब्याह क्या होते हैं? नहीं होते। फिर सारी शिक्षायें, सारी योग...
- कुत्ते क्यों आते?... दंगा क्यों होता? और बलवा क्यों होता? और खजाने पर हमला क्यों बोला गया होता? छोटी सी भूल के कारण राज...
- कुत्ते ने आपकी टाँग को काट खाया, तो क्या आप भी कुत्ते की टाँग काटेंगे या नहीं काटेंगे?... नहीं साहब! हम कुत्ते की टाँग नहीं काट सकते हैं।
मित्रो! आप इनसान हैं और वह कुत्ता है। आदमी गलती ...
- कुत्ते सूँघकर पता लगाते हैं—चोरी का माल कहाँ गया?... सी०आई०डी० के कुत्ते आते हैं और सूँघकर पता लगा लेते हैं। कहाँ गया माल? उनकी नाक कुछ ऐसी तेज बनाई गई ह...
- कुत्ते-कुतिया के ब्याह में कोई आशीर्वाद देता है क्या?... नहीं साहब! हमारे यहाँ तो पिल्ला-पिल्ली का ब्याह होता है। नहीं साहब! हमें तो ब्याह का निमंत्रण आया है...
- कुधान्य क्या होता है?......
- कुरीतियों को कौन हटाएगा?... आप हटाएँगे। दहेज के दानव को कौन जलाएगा? आप जलाएँगे। यदि आपके अन्दर करुणा है, तो आप शपथ लेंगे कि हम क...
- कुल पचास बीघे?... हाँ महाराज जी! पचास बीघे।बेटे! हमारे यहाँ तो सौ बीघे जमीन होती है, पर लोग भूखों मरते हैं, नंगे फिरते...
- कुलदेवी कहाँ रहती है?... दो हजार मील दूर रहती है। दो हजार मील पर क्या करोगे? बच्चे का मुंडन कराने ले जाएँगे। फिर क्या हो जाएग...
- कुसंस्कारी जो बनाया है आपने उन्हें?... देखना वे अपने आप दुःखी होंगे, आपको दुखी करेंगे तथा अपने परिवार वालों को, बीबी-बच्चों को दुखी करेंगे।...
- कूड़ा-कचरा पड़ा है तो क्या?... सफाई हो गई तो क्या? कोई फरक नहीं पड़ने वाला है। वे नाराज भी नहीं हो सकते, क्योंकि उनके अन्दर प्रा...
- कृतज्ञता के भाव जो हमारे अन्तरंग में जाकर के टकराते हैं, तो इस शरीर रूपी गुंबद से एक भाव उत्पन्न होता है, एक कल्पना उत्पन्न होती है, एक आकांक्षा होती है कि जिन लोगों ने हमें अनुदान दिये हैं, हमारी सेवा-सहायता की है, उन लोगों के प्रति हमारा कोई फर्ज नहीं है क्या?... क्या उनके ऋणों से मुक्ति नहीं पायी जा सकती है? मनुष्य के मन में जिस दिन ये भाव उत्पन्न होते हैं, उ...
- कृपा करके दिखाइये?... नहीं तो नहीं, फिर आप बहुरूपिया हो। कितने ही बहुरूपिया दो रंग की लकड़ी की बाँह लगाकर चले आते हैं, देवत...
- कृपा क्यों नहीं मिल सकती?... फिर क्या फायदा करेंगे? बेटे, तू पहले विचार कर ले, कृपा का वायदा मैं नहीं कर सकता। मैं तुझे ले चल सकत...
- कृष्ण अगर अकेले महाभारत का युद्ध लड़ सकते, कंस को मार सकते, असुरों को मार सकते, सभी आततायियों को मार सकते, तो फिर मैं सोचता हूँ कि सारे विश्वभर में निमंत्रण भेजकर सेनाओं को बुलाने की क्या जरूरत थी?... अगर अकेले ही गोवर्द्धन उठा सकते थे, तो ग्वाल-बालों को लाठी लगाने की क्या जरूरत थी।मित्रो! अकेला आद...
- कृष्ण कैसे होते हैं?... कृष्ण ऐसे हो सकते हैं, ताकि हम भूल न जाएँ, इसका यह एक नमूना, एक मॉडल रखा हुआ है। हमको मर्यादा पुरुषो...
- कृष्ण को भगवान क्यों कहते हैं?... बेटे! इसलिए कहते हैं कि अपने स्वार्थ को त्याग करके वे परमार्थ में लग गए। सारा-का-सारा विश्व उनका अपन...
- कृष्ण पिएगा जहर?... हाँ, कृष्ण ही पिएगा जहर और मीरा क्या पिएगी? मीरा, मीरा अमृत पिएगी। क्यों? क्योंकि उसकी श्रद्धा जो थी...
- कृष्ण भगवान कब पैदा हुए थे?... उनका ब्याह कब हुआ था? वे कब बुड्ढे हुए थे? उनकी लड़ाई कब हुई थी? यह कहानी आप सुन लीजिए, कोई भी सुना ...
- कृष्ण भगवान् की खुशामद और चापलूसी करने से क्या हो सकता है?... बेटे तू बता तो सही कि कृष्ण जी अपनी खुशामद करने वाले को, चापलूसी करने वाले को या किसी चमचे को अपना च...
- कृष्ण से क्या मतलब है?... यही कि हम पूर्ण पुरुष बनना चाहते हैं, इसलिए हमने अपना इष्ट कृष्ण को बना लिया। अपना लक्ष्य कृष्ण ...
- के कोर्स में कौन-कौन सी किताबें होती हैं?... हाँ साहब! एम.ए. तो कर लिया परन्तु अभी बी.ए. नहीं किया। बी.ए. करेंगे, तब बतायेंगे साहब! अच्छा बताओ कि...
- के ज्ञान का मुकाबला प्राचीनकाल के विद्वान से कैसे किया जाए?... बेटे, प्राचीनकाल में एक-एक ऋषि एक-एक विषय में पारंगत होता था। विश्वामित्र जी ने एक विषय में पारंगतता...
- केन्द्रीभूत करने से क्या मतलब है?... बेटे! केन्द्रीभूत करने से हमारा मतलब संयम करने से है। संयम किसे कहते हैं? संयम उसे कहते हैं, जो हमारे...
- केवल अन्न की जरूरत है?... अन्न ही अन्न बकते चल जाते हैं और हवा की कीमत को नहीं समझते, पानी की कीमत को नहीं समझते? अगर आप हवा क...
- केवल अपना शरीर, केवल अपना तेज, केवल अपना वर्चस्, केवल अपना ब्रह्मतेज, केवल अपनी वाणी की शक्ति, मस्तिष्क की शक्ति, स्मरण शक्ति—सारी-की-सारी शक्तियों को हम कुत्ते की हड्डी के तरीके से चबाते रहते हैं और जब दाद खुजाता है, तो हमको यह मालूम पड़ता है कि न जाने हम क्या नियामत लेकर के आये हैं और न जाने क्या लूट करके ले आये हैं?... ‘असत्’ दिन-रात हमारी जिन्दगी के ऊपर सवार है और हमारी जिन्दगी को नष्ट करता रहता है। लुकमान ने कहा ह...
- केवल अपने बच्चों को ही प्यार कर सकते हैं, दूसरों को नहीं कर सकते क्या?... आपका बच्चा तो आपकी पिटाई करेगा, देख लेना। जिस मोह, अज्ञान की वजह से आप बच्चों को पालते हैं, वे आपको ...
- केवल आप अपने बीबी, बच्चे को देखते रहे और उन्होंने अब क्या हाल कर दिया आपका?... कुसंस्कारी जो बनाया है आपने उन्हें? देखना वे अपने आप दुःखी होंगे, आपको दुखी करेंगे तथा अपने परिवार व...
- केवल किसी वस्तु को देने से देवता क्या प्रसन्न होंगे?... उनके यहाँ वस्तुएँ क्या कम हैं? स्वर्गलोक में कौन-सी चीज की कमी है कि देवता जिस चीज को प्राप्त कर...
- केवल दफ्तर में जायँ और होटल में खाने लगें, तब?... शादी न करें तब? ठीक है अपनी जीविका कमा सकती हैं, लेकिन उनको सांसारिक ज्ञान के सम्बन्ध में, अपना अनुभव ...
- केवल बेटों के लिए छोड़ेगा और किसी को नहीं देगा?... दुनिया में कितने लोग दुखी हैं, पीड़ा और पतन में डूबे हुए हैं। इस पीड़ा और पतन के नाम पर भगवान दोनों ...
- केवल शक्ल तक ही आप सीमित कैसे रह गए?... क्यों नहीं पहचाना विराट स्वरूप को? आपने उन्हें अन्तरंग में क्यों नहीं बैठाया? जिसने अन्तरंग में बैठा ल...
- केवल शिक्षा किस काम में आती है?... नौकरी के काम आती है, सर्टिफिकेट जो आते हैं, नौकरी के काम आते हैं। संस्कार और भावनाएँ, आस्था और श्रद्...
- केवल से क्या मतलब है और उससे क्या फायदा होगा?... उन्होंने कहा कि रोटी के अलावा थाली में से सारा सामान हटा दीजिए। उससे क्या फायदा होगा? आचार्य जी! उसम...
- कैकेयी विरोधी थी न, मंथरा विरोधी थी न, लेकिन कैकेयी और मंथरा का आखिर में क्या हुआ?... लक्ष्मण का क्या हुआ? सारे-का-सारे खानदान किस तरीके से बदलता हुआ चला गया। नसीहत दीजिए, उपदेश कीजिए, द...
- कैद न करें तो?... कैद न करें तो बेटे, बारूद चारों तरफ फैल जाएगी और यदि उसे जला दें तो भक से जलकर खत्म हो जाएगी। बारूद ...
- कैदी जेलखाने में साहब का हुकुम मानता है, अमुक काम करता है, खेत जोतता है, तमुक काम करता है, लेकिन दिमाग कहाँ रहता है?... दिमाग तो अपनी घरवाली के पास रहता है। जब जेलर पूछता है कि क्या कर रहा है रे? तो वह बोलता है कि हुजूर ...
- कैसा अनुग्रह है?... आपको मालूम है उसमें अकल का अनुग्रह भी है। अकल कहाँ से बरसती है? अकल कहाँ से आती है? आप कौन से स्कूल ...
- कैसा अनुशासन रहेगा?... जैसे राम और भरत के बीच में था। राम भरत के गुलाम थे और भरत राम के गुलाम थे। दोनों एक दूसरे के प्रेम म...
- कैसा अन्न है, कैसा नहीं, इससे क्या फायदा होगा?... इब्राहिम की समझ में यह बात आ गई। उन्होंने कहा—भाई साहब! हमारा गाँव तो बहुत दूर रह गया। अब हम यहाँ आ ...
- कैसा आदमी था?... क्या फरक था? कुछ भी फरक नहीं था। बेटे, सिर्फ क्वालिटी का फरक था। आपकी क्वालिटी, घटियावाली क्वालिटी ह...
- कैसा आनन्द आ रहा है?... वह इस बात को भूल जाता है कि कल हमारा लीवर खराब होने वाला है, दिमाग खराब होने वाला है, जिन्दगी में कमी...
- कैसा गायत्री मंत्र आता है?... "ऊँ भूं भूं भुवः"। अच्छा तो तू भी ऐसे ही भूं भूं कर लेता है। भगवान जी, वैसे तो समझते हैं कि आदमी जबा...
- कैसा ज्ञान देंगे?... ऐसा, जिससे कि आप लोगों को सलाह दे सकने में समर्थ हो सकें। अभी आप लोगों को सलाह नहीं दे सकते। व्याख्य...
- कैसा देखा है आपने?... भगवान को हमने प्रतिच्छाया के रूप में और प्रतिध्वनि के रूप में देखा है। शीशे में आप जैसा अपना चेहरा द...
- कैसा पिछड़ा बना दिया है?... कितना अस्त-व्यस्त बना दिया है? अगर ये आपके जीवन को अस्त-व्यस्त न बनाएँ, तो आप अपने आप को देख सकते ...
- कैसा प्रयत्न कर रहे हैं?... देख बेटे! पांडिचेरी के अरविंद घोष विलायत गए। विलायत से पढ़ने के बाद उन्होंने कहा कि हम हिन्दुस्तान को...
- कैसा बढ़िया लड़का था, देखो इसकी निष्ठा कहाँ गई, बेचारा यह कहाँ डगमगा गया?... था तो बड़ा अच्छा। था तो बड़ा भोला, पर यह कैसे डगमगा गया?
उसको कुछ हो गया, अपने बीबी-बच्चों में कुछ ...
- कैसा भूत रहता है?... बेटे, अभी हम धूप में खड़े हो जायेंगे और आपको छाया के तरीके से हमारे पीछे एक भूत दीखेगा। महाराज जी! ...
- कैसा भ्रान्त बना दिया?... स्वयं का सब कुछ होते हुए भी कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता। सब कुछ तो हमारे पास है, पर मालूम पड़ता है कि ...
- कैसा मजेदार सपना था?... कैसा मजेदार मालूम पड़ रहा था। एक ही चारपाई के ऊपर, एक ही गद्दे, कम्बल के ऊपर लेटा हमारा भगवान् हमारे ...
- कैसा रंग दें?... गुलाबी रंग दीजिए। अच्छा ला, कहाँ है कोट? तेल में डूबा हुआ, मैल में डूबा हुआ, मिट्टी में डूबा हुआ—सार...
- कैसा लिहाफ था?... उसमें एक पाव रुई थी और यह कहा गया था कि इसे ओढ़ करके भरी ठंड में सो जाया करिये, तो भी आपको ठंड नहीं...
- कैसा विवेकानन्द बनना पड़ेगा?... अमेरिका में विवेकानन्द जिसके यहाँ ठहरे थे, वहाँ एक महिला थी, जो उनसे मजाक करने लगी, दिल्लगी करने लगी...
- कैसा शानदार है?... यह गायत्री मंत्र, जिसके अन्दर ऐसी शिक्षाएँ भरी पड़ी हैं, जो भावी मनुष्य जाति के लिए आचार-संहिता बन सक...
- कैसा सरल रास्ता बताऊँ बेटे?... बस गुरुजी ज्यादा से ज्यादा मैं छह नए पैसे खरच कर सकता हूँ पहुँचा दीजिए न। अच्छा ला छह नए पैसे। इंग्ल...
- कैसा हो दान?...
मित्रो! किसी ने, किसी के सामने हाथ पसारा, समझ लो उसकी इज्जत चली गई, उसका वर्चस् चला गया। उसका...
- कैसी इलेक्ट्रिसिटी है?... आध्यात्मिक इलेक्ट्रिसिटी है, जिसको हम ओजस् कहते हैं। जिसको हम वर्चस् कह सकते हैं। यह कहाँ से आता है?...
- कैसी कुण्डलिनी, बता न?... गुरुजी! मैंने सुना है कि कुण्डलिनी मूलाधार में से निकलती है और साँप जैसी होती है। मूलाधार से निकलकर प...
- कैसी गन्दगी फैलाते हैं?... हमारे शरीर में जितने भी सूराख हैं, सब गन्दगी थूकते रहते हैं। हमारे मुँह में से थूक निकलता रहता है। ना...
- कैसी ताकत मिली है?... ताकत के हिसाब से आप सही माने कि अगर आप किसी आदमी से मुकाबला करवाना चाहें, तो आपको एक गलती महसूस हो स...
- कैसी महिला है?... ऐसी महिला है जिसकी हुकूमत कितनी हो सकती है, आप जानते हैं? बेटे मेरा ऐसा ख्याल है कि गायत्री माता...
- कैसी लड़ाई होने वाली है?... इसलिए होने वाली है कि वह देश हमारा दुश्मन है और अमुक देश हमारा दुश्मन है। मित्रो! जब कभी भी अन्तर्...
- कैसी श्रेणी के वकील थे, आपसे मैं क्या कह सकता हूँ?... उनकी वकालत का कमाल था। उनके नीचे चालीस सॉलीसिटर, एडवोकेट और सीनियर वकील काम करते थे। उन सबके ऑफिस बन...
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- कैसे गुरु हो?... बच्चों का मोह दूर नहीं करते हो? मित्रो! उन्होंने खाना खा लिया। वे खाना खा रहे थे और बीबी पंखा कर...
- कैसे एकाग्रता आती चली जायेगी?... जिस एकाग्रता की वजह से भाप कमाल दिखाती है। भाप जब चारों ओर फैलती रहती है, तब उससे कोई काम नहीं चलत...
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- कैसे नहीं होगा?... बेटे! वो जिन्दगी कहाँ है़ वो सीप कहाँ है, जहाँ कि अमृत की बूँदें पड़ा करती हैं और जिन्दगी पैदा हो जात...
- कैसे अपनी लड़की का ब्याह करूँ?... द्रोणाचार्य ने कहा कि इसके लिए कोई परीक्षा रखनी पड़ेगी, जिससे यह पता चलेगा कि कोई आदमी मन लगाकर काम ...
- कैसे अवतार लेते हैं और किस काम के लिए लेते हैं?... शायद मैंने एक दिन आपको बताया भी था कि अवतार किस तरह से लेते हैं। जिस प्रकार की चीजें होती हैं, जिस प...
- कैसे आते हैं भगवान?... अरे साहब! भगवान रात को आते हैं और सपने में आते हैं, वंशी बजाते आते हैं, घोड़े पर सवार होकर आते हैं, ...
- कैसे आये, बताइये?... हम तो चाहते थे कि लम्बी-चौड़ी कहानी कहेंगे। अपने नानी, मौसी के यहाँ की और वहाँ की गप्पें हाँकेंगे, ...
- कैसे उपयोग में नहीं होंगी?... मैं तो सिखाता रहता हूँ कि ये उपयोगी हैं, पर पूर्ण नहीं हैं, समग्र नहीं हैं।
मित्रो ! मैं निवेदन ...
- कैसे उपयोगी नहीं होंगी?... मैं तो सिखाता रहता हूँ कि ये उपयोगी हैं, पर पूर्ण नहीं हैं, समग्र नहीं हैं।
मित्रो! निवेदन मैं य...
- कैसे कमा सकता हूँ?... एक-एक आदमी से कहूँ कि मैं बच्चा पैदा करा दूँगा, निकाल पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये। पच्चीस हजार का बेटा ...
- कैसे करता हूँ?... ऐसा खाद्य लेता हूँ जिसमें किसी व्यक्ति का संस्कार नहीं होता है। संस्कारविहीन भूमि में से संस्कारविही...
- कैसे करना चाहिए?... यह मैं आपकी विधियों को देख करके, मनःस्थिति को देख करके बताता हूँ कि आपका मन किस तरह का है और किस क...
- कैसे करना पड़ेगा?... इसी विधि का नाम अध्यात्म है।
अध्यात्म की शुरुआत यहाँ से
अध्यात्म को हम दो हिस्सों मे...
- कैसे करेगा, मुझे बताइये तो सही?... पुलिस का दरोगा सामने बैठा हो, सामने कलेक्टर बैठा हो, तो क्या जेबकट की हिम्मत पड़ेगी कि वह किसी की जेब...
- कैसे करोड़पति होते हैं?... अरबपति होते हैं, हमने नहीं देखे; किन्तु सारे संसार का खजाना हमारे पास है। खजाने के रूप में हमारे यह ...
- कैसे कह सकते हैं?... हम इसलिए कहते हैं कि आप बार-बार यह कहते हैं कि अक्षरों का उच्चारण सब कुछ कर देता है। आप बात को क्यों...
- कैसे काट डालीं?... उसने अपनी सेहत को इतनी बुरी तरह से तबाह कर डाला है, जैसे कि दुनिया में आज तक इतनी बुरी सेहत हुई नहीं...
- कैसे किया है?... मूर्तियाँ पत्थर की बनाई हैं। पत्थर की? हाँ भाई साहब! पत्थर की मूर्तियाँ हैं हमारी। फिर क्या काम करते...
- कैसे खलीफा हो?... कैसे गुरु हो? बच्चों का मोह दूर नहीं करते हो? मित्रो! उन्होंने खाना खा लिया। वे खाना खा रहे ...
- कैसे खायी जा सकती हैं?... नहीं खायी जा सकतीं। मित्रो! आदमी का कोटा मुकर्रर है। उससे ज्यादा आदमी इस्तेमाल नहीं कर सकता।...
- कैसे खेलते हैं?... तू मेरा गुरु बन जा और मैं तेरा चेला बन जाऊँगा। नहीं साहब! आप गुरु बन जाइए और हम चेले बन जाएँगे। ...
- कैसे गुजारा करें?... उनका रहन-सहन कुछ अजीब था। उनके कुर्ते और पाजामे में अक्सर टिकली लगी रहती थी। कुर्ता जहाँ से फट गया...
- कैसे चल सकते हैं?... सवारी से? नहीं, सवारी नहीं है। उनके पास बन्धन नहीं है, हमारे पास बन्धन है। देवताओं की विशेषता है कि स्...
- कैसे चले गये?... क्योंकि उस तरह के आदमी तैयार न किये जा सके। अगर आदमी तैयार करने के साँचे हमारे पास होते, तो मित्रो...
- कैसे जल गई है?... बेटे! सबसे पहले जीभ जलती है कुधान्य खाने से और अभक्ष्य खाने से।...
- कैसे जलता रहता है?... जैसे श्मशान जलता रहता है और उस श्मशान में भूत और पिशाच जलते रहते हैं। इस तरह से हमारा बेहतरीन कंप्यू...
- कैसे जिन्दगी जी ली?... गायत्री मंत्र ने कहा था—गायत्री साधक दीर्घजीवी होता है। और हम दीर्घजीवी हैं। सत्तर वर्ष के होते हु...
- कैसे टाँगेगा, उलटा या सीधा?... महाराज जी! टाँगूँगा तो सीधा। बेटे, हमारा कहना मान, तो उलटा टाँग दे फोटो को। उलटा टाँग देगा, तो ज्याद...
- कैसे तन्मय होता चला जायेगा?... कैसे एकाग्रता आती चली जायेगी? जिस एकाग्रता की वजह से भाप कमाल दिखाती है। भाप जब चारों ओर फैलती र...
- कैसे तबाह कर दिया?... जैसे कि आपने अपने बगीचे को तबाह कर दिया। आपने अपना दिमाग खराब कर लिया, अपना खानदान तबाह कर दिया और अ...
- कैसे तैयार करना चाहिए?... इसके लिए रुक्मिणी और श्रीकृष्ण दोनों के दोनों ही उस स्थान पर हिमालय में चले गए जिसको आजकल बदरीनारायण...
- कैसे थे पाँच बच्चे?... तो क्या उनमें एक था आई.ए.एस. एक था इन्कम टैक्स आफीसर, एक था सी.बी.आई. आफीसर आदि। इस तरह क्या उन्होंन...
- कैसे दिखाई नहीं पड़ती?... तीन- चार वजह हैं जिससे हमें मालूम पड़ता है कि हम मौत की ओर जा रहे हैं और सामूहिक आत्महत्या करने क...
- कैसे दें, लेगा कहाँ?... आशीर्वाद को लेने के लिए ताकत चाहिए। हजम करने के लिए शक्ति चाहिए, उसको धारण करने के लिए क्षमता चाहिए।...
- कैसे देखा जा सकता है?... बेटे! भावनाओं के द्वारा देखा जा सकता है और कोई चीज या तरीका नहीं है। कैसे देखा जा सकता है? बेटे! हम ...
- कैसे देता है?... तकिये को नाक से लगाकर सूधिए। धत् तेरे की! सारे सिर के बाल, सारा सिर का तेल चिपक-चिपक कर ऐसे हो गया ह...
- कैसे नंगा करके?... जैसे मिलिट्री में भर्ती किये जाते हैं॥ पहले तो लंबाई, ऊँचाई देखते हैं। फिर कमरे में ले जाते हैं...
- कैसे नाराज हो जाएगा?... भाव चाहिए भगवान को, साधन-सामग्री नहीं
पण्डित जी को कथा कहने के लिए, ब्याह-शादी कराने के लिए...
- कैसे निकालना चाहिए?... उन्होंने वराह भगवान् का रूप बनाया, जो समुद्र में भी चल सकते थे, पानी में भी चल सकते थे और जमीन पर भी...
- कैसे निभेंगे सम्बन्ध?... निकाल दो बाहर। हिन्दू धर्म बेकार है। ईसाई धर्म अच्छा है। इसमें कोई खर्च नहीं, कोई बात नहीं कोई पैसा ...
- कैसे पड़ता है?... हमारे शरीर के ऊपर बहुत सारे बन्धन थे। उनमें ढील की कोई गुंजाइश नहीं थी। आसन के बारे में आपको मालूम नह...
- कैसे परिष्कृत होता है?... आध्यात्मिक जीवन के लिए भी, भजन करने के लिए भी हमारा भौतिक जीवन तपस्वी होना चाहिए। कैसे? आप जब इंजेक्...
- कैसे पवित्र हो सकते हैं?... यह पवित्रता का दिन है।
गायत्री शोधन करती है, ज्ञान को बढ़ाती है, ऊर्जा देती है, धन-दौलत देती है, इ...
- कैसे पहुँच सकता है?... फिर आप क्या कह रहे थे? बेकार की बातें बताते हैं आप हमको। नहीं बेटे, हम बेकार की बातें नहीं बताते। हम...
- कैसे पूरी करूँ?... 'यो मां जयति संग्रामे' जो मुझको संग्राम में जीतेगा। आ जा मुझसे लड़, इतना पराक्रम, इतना पौरुष, इतना स...
- कैसे प्यार करता है?... भाई साहब! हम आपको बहुत प्यार करते हैं। तो कल क्या करेंगे? कल हम आपका मेजर ऑपरेशन करेंगे। क्या ऑप...
- कैसे प्राप्त कर सकते हैं?... इन पाँच देवताओं की साधना करके। ये देवता कौन से हैं?
ऐसे देवताओं का नाम, पता भी नहीं मालूम है। उन...
- कैसे प्राप्त नहीं होता है?... सब कुछ प्राप्त होता है। मैं तो कहती हूँ कि धन-दौलत पीछे-पीछे फिरती है। ऐसे क्यों फिरती है? ऐसा क्यों...
- कैसे फल होते हैं, जरा दिखाइए?... उन्होंने टोकरी में से निकालकर मिठाइयाँ, गुलाब जामुन उनके हाथ पर रख दिया। शृंगी ऋषि भागते हुए अपने पि...
- कैसे बता दें कि कैसा होता है?... बहुत देर तक बहस चलती रही। कैसे बतायें कि ब्रह्मानन्द क्या होता है? आत्मा और परमात्मा का मिलन कैसा हो...
- कैसे बतायें कि ब्रह्मानन्द क्या होता है?... आत्मा और परमात्मा का मिलन कैसा होता है? इसकी व्याख्या कैसे करें?
ब्रह्मानन्द कैसा?
...
- कैसे बन गया?... अपने गुरु की कृपा से वह बनता हुआ चला गया। उसने अपने अहं को गला दिया और अपने गुरु से उसने कहा कि जो भ...
- कैसे बन सकता है?... आप मिट्टी लीजिए, मिट्टी से ईंटें बनाइये और ईंटें बना करके बाजार में बेच दीजिए और पैसा कमा लाइये। मिट...
- कैसे बन सकती है?... जब वे शामिल हो जाएँ तब। और न मिलें तो? तो गंगा अपनी जगह पर ठीक है और यमुना अपनी जगह पर ठीक है, पर त्...
- कैसे बना ली आपने हवेली?... अरे आप सब जानते हैं कि हम नंबर दो का काम करते हैं। कैसे बना ली? ये दीवार कहती है, ईंटें कहती हैं, आद...
- कैसे बना ली?... ये दीवार कहती है, ईंटें कहती हैं, आदमी कहता है, मकान कहता है, सम्पत्तियाँ कहती हैं, आकर्षण कहता है, च...
- कैसे बना सकता है?... हम अपने छापाखाना में छाप-छाप करके बहुत से भगवान बना देते हैं। आप जयपुर चले जाइए। वहाँ दे-दनादन हथौड़...
- कैसे बनाया था गुरु द्रोणाचार्य को?... मिट्टी का बनाया था, जो इतना जबर्दस्त था कि पाण्डवों के जो असली गुरु द्रोणाचार्य थे, वे इतना काम नह...
- कैसे बनें आध्यात्मिक?... मित्रो! क्या हम सन्त नहीं हो सकते? हाँ, हम सन्त हो सकते हैं। हम ज्ञानी हो सकते हैं। हम तपस्वी हो सकत...
- कैसे बिगाड़ दी आपने घड़ी?... घड़ी हमारी है और हमारे कमरे में रखी है तो हो गई न हमारी सम्पत्ति? अगर इसको बेच दें तब? तब आपकी हो गई।...
- कैसे बैठा जा सकता है?... कैसे मालदार बना जा सकता है? बेटे, इस तरीके से मालदार बना जा सकता है, जैसे कि भगवान के भक्त बने थे। क...
- कैसे बो दिया गया?... बेटे! ऐसे बो दिया गया कि थोड़े-से आदमी थे, लेकिन वे एक-से-एक बढ़िया त्याग करने पर उतारू हो गए। रामचंद्...
- कैसे भुला सकते हैं?... आप भुला सकते हैं? आप नहीं भुला सकते। किसी भी कीमत पर आप भुला नहीं सकते।...
- कैसे मजा आ जायेगा?... आपकी वह दुनिया, जिसको अकल की दुनिया कहते हैं, उसमें से आगे उठ करके एक कदम और बढ़ा सकें, जिसको हम अध्...
- कैसे मन लगेगा और क्यों मन लगेगा?... मन कैसे लगेगा, आपने स्वरूप ही ऐसा बना लिया है कि वह उसी में घूमता रहेगा, चलता रहेगा। आपने यह खिलौना ...
- कैसे मर गये?... भूख से मर गये, बीमार होकर मर गये, तड़प-तड़प कर मर गये।पृथ्वी दुबारा आयी और अपने बच्चों को रोते हुए, ...
- कैसे मालदार थे?... आध्यात्मिक दृष्टि से मालदार होने की वजह से दुनिया में भारत भूमि, ग्रेटर इण्डिया, बृहत्तर भारत के नाम...
- कैसे मालदार बना जा सकता है?... बेटे, इस तरीके से मालदार बना जा सकता है, जैसे कि भगवान के भक्त बने थे। कौन-कौन बने थे? एक-दो के नाम ...
- कैसे मिल गया?... राजा साहब के पास बैठने से, राजा साहब के पास एक घण्टा बैठने का लाभ पण्डित जी को मिल गया।...
- कैसे मिल जाना?... क्या भगवान के साथ मनुष्य को मिलाया जा सकता है? हाँ, बेटे! मिलाया जा सकता है। भगवान के साथ हम उसी तरी...
- कैसे लगाना है माताजी?... पाँच मिनट की यह साधना है।
बाकी की बात मैं पीछे कहूँगी कि आप बैठ करके पाँच मिनट यह साधना कीजिए कि ह...
- कैसे ले लिया?... अपनी अहंता को मिटा करके ले लिया था। जिस उपासना के बारे में अभी मैं कह रही थी, सच्चे अर्थों में जो उप...
- कैसे व्यक्ति अमर होते हैं?... ऐसे व्यक्ति जिनके अन्दर शालीनता पैदा हो जाती है। आदर्श और सिद्धान्त जिनके रोम-रोम में समा जाता है, ...
- कैसे व्यवहार करें?... उसके लिए आपको विचार करना होगा। रामराज की दुकान पर गरमागरम मलाईदार दूध मिलता है। ब्लॉटिंग पेपर के मला...
- कैसे शुरुआत करनी पड़ी?... वहाँ जो आदमी छोटे से खानदान में थे, उन्होंने कहा कि हम अपने नमूने पेश करेंगे लोगों के सामने कि दैवी ...
- कैसे समझदार कहूँ?... मैं तो उन्हें नासमझ कहूँगा। आपकी दुनिया नासमझ है और आध्यात्मिकता का उद्देश्य आदमी की नासमझी को समझदा...
- कैसे समझदार कहूँ?... मैं तो उन्हें नासमझदार ही कहूँगा। आपकी दुनिया नासमझ है और आध्यात्मिकता का उद्देश्य आदमी की नासमझ को ...
- कैसे समयदानी है?... आप एक महीने के बाद जन्म लेने वाले हैं तथा उसके बाद गोद में खेलेंगे। बाद में तैयार हो जाएँगे तथा हमार...
- कैसे सम्मान मिला?... उन्होंने छोटे-छोटे बच्चों को कहानियाँ सुनाना शुरू किया। कहानियाँ सुनाकर के हम उनका मनोरंजन कर सकते ह...
- कैसे साबित करेंगे?... आग और पानी छोटे स्तर पर बैरी होते हैं, किन्तु बड़े स्तर पर बैरी नहीं होते। बड़े स्तर पर जब दोनों आपस म...
- कैसे सुपुर्द करेंगे?... बेटे! हमारी महत्त्वाकांक्षाओं को जब देखेगा तो तू कहेगा कि गुरुजी तो पागल हैं और सनकते रहते हैं। जब ह...
- कैसे स्नेह, प्यार देगा?... अगर राजकुमार से विवाह करना हो, तो लड़की भी ठीक होनी चाहिए। अगर आप कोढ़ी हैं, तो अच्छी लड़की आपको नहीं...
- कैसे हम दूसरों की मदद करें?... जब आप दूसरों की सहायता करने के लिए आमादा होंगे तो आपको अपने में से कटौती करनी पड़ेगी। तब फिर आपको सा...
- कैसे हमारे भीतर आग जला सकती हैं और जिस किसी के ऊपर हम उन्हें बिखेर दें, तो वह कैसे निहाल हो सकता है?... इस सारी की सारी फिलॉसफी का नाम है-ज्ञानयोग। मित्रो! ज्ञानयोग या भक्तियोग की शुरुआत या अभ्यास हम भग...
- कैसे हुई थी?... बेटे! वे परम्पराएँ आरम्भ की गईं, जिनको देख करके दूसरों की हिम्मत बढ़ती है, हौसले बढ़ते हैं। हौसले बढ़ाने ...
- कैसे हैं आपके शंकर भगवान?... आपके शंकर भगवान ऐसे हैं कि सावन का महीना आया और तीन तिपाई पर तीन घड़े में छेद करके पानी भरकर उनके स...
- कैसे हो गई?... यह हो गया उसके समर्पण से। पति के लिए वह समर्पित हो गई तो क्या हो गया, पति की जो भी सम्पत्ति थी, उसकी ...
- कैसे हो गए?... बेटे और कोई तरीका नहीं है अपने आपको त्याग की बलिवेदी पर समर्पित करने के अलावा। अगर हमारे व्यक्तिगत ज...
- कैसे हो गये?... हमने अध्यात्म का रोजगार किया है और हमारे बराबर फायदा किसी ने नहीं उठाया। हमारे घर वाले, खानदान व...
- कैसे हो जाएँगी?... आप्तकाम क्या होता है? कामना का स्तर बदल देता है। स्तर बदल देने की वजह से सारी-की-सारी समस्याओं का सम...
- कैसे हो जाएगा?... गुरुजी! हमने तो अपने चारों बच्चों को चार-चार सौ रुपया महीना देकर देहरादून के पब्लिक स्कूल में भेज ...
- कैसे हो जायें?... जो कदम से कदम मिलाकर के चलें और नियमित रूप से चलें। नियमित रूप का महत्त्व होता है। अनुष्ठान किसे कहत...
- कैसे हो सकता है?... ऐसे हो सकता है कि उनकी अस्थियों के भीतर इतना शक्तिशाली माद्दा पैदा हो गया था कि उसके प्रभाव को असुर ...
- कैसे हो सकती हैं?... आध्यात्मिकता के सिद्धान्तों को अपनाकर हो सकती हैं, जिसे हम आपको सिखाते हैं। इसलिए हम इतना जोर लगात...
- कैसे हो सकते हैं?... अगर आप ये निश्चय कर लें कि हमको इस शरीर को देना है। क्या देना है? इस शरीर को ख्याति देनी है, यश देना...
- कैसे होता है?... अरे भाई साहब! एक बार बुखार आ गया तो हमारा जो वजन एक सौ बाइस पौण्ड था, घटकर वह नब्बे पौण्ड रह गया। फि...
- कैसे-कैसे करता है?... गुरुजी! मेरे को तो यह बताया गया था कि नाक में भीतर तक एक रस्सी डाल लो। वह अन्दर तक चली जाती है और फ...
- कैसे-कैसे बँगले बने हुए हैं?... कैसी-कैसी मोटरें आ रही हैं। करोड़ों रुपया कहाँ से इकट्ठा हो रहा है? आप अपने यहाँ देख लीजिए न? निगाह...
- कैसे-कैसे बच्चे हैं, आप इनको कुछ भी नहीं देंगे?... शंकर जी ने कहा कि एक बार तो हम आपके कहने में आ गए, पर अब हम इन्हें वरदान नहीं देंगे। पार्वती जी ने क...
- कैसे-कैसे बढ़िया कलाकार पैदा करता है?... कभी किसी को संगीतकार, किसी को वक्ता, किसी को अनुभव ही नहीं है। लेखक न जाने कितने तैयार कर देता है, आ...
- कॉलेज और स्कूल कितने हैं?... लाखों की तादाद में हैं। और लेक्चरर? जितने देखिए लेक्चरर ही लेक्चरर। लेक्चर से हम जनता का उद्धार कर द...
- कोई अकल देने वाला है कि ये सारा-का-सारा संसार हमारा विनाश के कगार में चलता हुआ चला जा रहा है?... हमारी आग ले जाएँ
विध्वंशकारी है यह विज्ञान। विज्ञान है न, अकल है न? बेटे! यह किस काम की। किसी काम...
- कोई आँख से उन्नति करता है क्या?... आँख नहीं है तो क्या हुआ? मैं उसके बिना भी उन्नति करता हुआ चला जाऊँगा। सूरदास बढ़ते हुए चले गए। आगे ब...
- कोई आगे बढ़ेगा तो कैसे?... खुशहाल होगा तो कैसे? देश की दौलत बढ़ेगी तो कैसे? हमें देश में फैक्ट्री लगानी चाहिए, इसके लिए आप कुछ म...
- कोई ऐसा प्राणी है, जो हवा में साँस नहीं लेता हो?... जो चीज हमने हवा में मिला दी है, वह सबके पास चली जायेगी। हमारा एक छटॉक घी—करोड़ों, अरबों, खरबों आदमियो...
- कोई ऐसे मौन होता है?... साहब! उपवास करते हैं। क्या उपवास करता है? नहीं साहब! कुछ रबड़ी खाता हूँ, कुछ पकौड़ी खाता हूँ, कुछ जलेब...
- कोई और नहीं रहता?... बेटे! हमारे पास इतने आदमी रहते हैं कि बारह से पाँच बजे तक भीड़ लगी रहती है। किसकी? आप लोगों की भीड़ ...
- कोई और बाकी रह गया है?... नहीं और कोई नहीं॥ हमें सबने इंकार कर दिया। एक भी आदमी हमारी सहायता करने के लिए रजामंद नहीं है। अब त...
- कोई और रास्ता बताइए?... बुद्ध ने कहा, नहीं बेटे, हम जिस रास्ते पर चले हैं, उससे अच्छा कोई रास्ता नहीं हो सकता है। अगर रहा हो...
- कोई और सलाहकार बना लें तो?... हाँ बेटे! बना ले, परंत ये बड़े निकम्मे हैं और ये तेरे सलाहकार नहीं हो सकते। ऊँचा उठने के लिए कोई दूस...
- कोई कह सकता है कि अरे वेबकूफ आदमी पानी क्यों बहाता है?... ये बीज क्यों खराब करता है? क्या फायदा हुआ? यह हमारी बाहर की चमड़े की आँखें कहती हैं कि किसान गलती क...
- कोई कहता है कि हमारे इतने सारे बच्चे हो गए?... हम थकते नहीं हैं, अभी हमें बहुत बच्चे पैदा करने हैं। आप लोग आइए, कुछ बनिए और आपके द्वारा दूसरे लोग भ...
- कोई किसी के यहाँ बिना वजह के जाता है क्या?... नहीं जाता है।देवता आपके चावल के भूखे नहीं, जिनका कि आपने आह्वान किया है। तैंतीस कोटि देवता यज्ञ में ...
- कोई कुत्ता आपकी टाँग काट खाये, तो क्या आप भी कुत्ते की टाँग काटेंगे कि नहीं काटेंगे?... अरे साहब! हम कुत्ते की टाँग क्यों काटेंगे। कुत्ते की टाँग काटने की कोई जरूरत नहीं है। उसने काट खाया ...
- कोई कुत्ता आपकी टाँग को काट खाये, तब आप कुत्ते की टाँग को काटेंगे कि नहीं?... नहीं, आपको नहीं काटना चाहिए। एक आदमी सड़क पर पेशाब करता है, गन्दगी कर देता है, तो क्या आपको भी यही करन...
- कोई क्या करती हैं, कोई क्या करती हैं?... क्यों सताई जाती हैं हमारी बच्चियाँ?
बेटे, सब सुनकर हमारा कलेजा छलनी हो जाता है। न कुछ कहते बनता ह...
- कोई क्या कहेगा?... कोई क्या कहेगा? उसी को समर्थन मिलता जाएगा।...
- कोई क्यों बैठेगा?... सभ्यता और शालीनता आज हमारे यहाँ परिवारों से समाप्त होती जा रही है। हमारे समूचे राष्ट्र से भी सभ्यता ...
- कोई खरीददार है क्या?... बेटे ऐसी झोली भर गई कि क्या कहें। आपने तो वह समय नहीं देखा था। शायद कोई एकाध लड़का इनमें बैठा ही होग...
- कोई खेती बाड़ी है?... कोई भी नहीं है। वे इसी में गुजारा कर लेते हैं। इसी तरह जुएँ के तरीके से आप अपने जीवन का महत्त्व समझत...
- कोई गलती मालूम पड़ती है क्या?... बताइए?" "हाँ साहब! ये तो पचास हजार डालर का चेक है। हमने तो पाँच सौ डॉलर माँगे थे।" उसने कहा—"आपको मा...
- कोई घर-गृहस्थी है?... कोई खेती बाड़ी है? कोई भी नहीं है। वे इसी में गुजारा कर लेते हैं। इसी तरह जुएँ के तरीके से आप अपने ज...
- कोई चैन मिला था क्या उन्हें?... किसी को चैन नहीं मिला। शान्ति मिली? किसी को शान्ति नहीं मिली। तो फिर कल्पवृक्ष से मनोकामनाएँ कैसे ...
- कोई चोरी कर ले जाएगा तब?... रखवाली के लिए तो कोई चाहिए ना। अगर बच्चे न पैदा करना हो तो अलग बात है, पर अगर बच्चे पैदा हुए हैं, तो...
- कोई जरूरी काम हो तो भी हम जायेंगे और माता जी के दर्शन करेंगे, लेकिन सेनापति के लिए यह बात कहाँ समझ में आती है?... सेनापति के लिए यह बात समझ में नहीं आती। घर में शादी ब्याह है। तो इसमें ब्याह-शादियों का क्या करें। व...
- कोई जुकाम, बुखार हो गया है क्या?... भगवान् जी ने कहा- ‘‘नहीं नारद जी! जुकाम- बुखार तो कुछ नहीं हुआ।’’ फिर क्या हुआ? कोई लड़ाई- झगड़ा ह...
- कोई तो जपा होगा?... बेटे ! तुम तो बेकार की बहस करते हो, तुझसे हम यह कह सकते हैं कि उन्होंने अपने सारे जीवन का क्रम और स्...
- कोई देवता अगर प्रसन्न होगा तो क्या पैसे देगा?... नहीं। तो पैसे के स्थान पर 'चेक' देगा, बैंक ड्राफ्ट भेज देगा? मित्रो! ध्यान रखना—देवता आपको पैसा नहीं...
- कोई न जाने क्या-क्या कहता है?... हमारे पिताजी-माताजी हमको बेटा कहते थे और हमारा बेटा हमको पिताजी कहता है और हमारे मित्र हमको भाईसाहब ...
- कोई नहीं आता?... गाँव वाले बड़े जाहिल हैं। दवा लेने भी नहीं आते। गाँव वालों को बुलाया। पूछताछ की। क्यों भाई! क्या बा...
- कोई पी० ए० है आपका?... नहीं, कोई पी० ए० नहीं है। आप ही लिखते हैं? हम ही लिखते हैं। ये कैसे हो गया? इतने लम्बे जीवन का आप हिस...
- कोई फायदा हो सकता है?... हाँ हो सकता है। हमारे ऊपर सातों की सातों बातें लागू होती हैं और वो सही हैं। अथर्ववेद ने गायत्री ...
- कोई बड़ा आदमी बैठा हुआ है और यहाँ बैठ जाएगा तो?... यहाँ बैठ जाऊँगा तो समझेंगे कि कोई मास्टर बैठा हुआ है। लेकिन सिनेमा तो तुझे दीख जाएगा न? हाँ साहब! दी...
- कोई बात नहीं, अब आप क्या कर सकते हैं?... आपने मेहनत की, बस। इतना सन्तोष आपको होना चाहिए। अगर इतना सन्तोष आपको हो, तो हम आपको कर्मयोगी कहेंगे।
...
- कोई बुड्ढा देवता देखा है?... रामचन्द्र जी का बुढ़ापे वाला कोई फोटो खरीदकर तो लाना? नहीं साहब! उनके फोटो तो बिना मूँछ के हैं जो अठ...
- कोई भाग्य के विधाता हैं आप?... फिर कभी मरने देंगे कि नहीं मरने देंगे? यह गारण्टी किसी के लिए नहीं है। जो आया है वह तो जाएगा ही। कोई...
- कोई भी आदमी यहाँ आकर के देख ले कि आचार्य जी के यहाँ नौ दिन तक रह करके हम खाली हाथ आए?... नहीं बेटे! हमारे लिए शरम की बात है, कलंक की बात है। आप हमारे यहाँ आएँ और खाली हाथ चले जाएँ ऐसा न...
- कोई भी सुना देगा?... कोई भी सुनाएगा तो हम किस्सा सुन लेंगे। भाई साहब! रामायण सुना दीजिए? हम रामायण सुना देंगे। क्या थी रा...
- कोई माता अपने लाल को कैसे निहारेगी?... अपने लाल को पाकर कैसे धन्य होगी? एक का आनन्द-दूसरे का शोक, एक का नफा-दूसरे का नुकसान-यही दुनिया का ...
- कोई मानें या न मानें, कोई न मानें तो मत मानें, हमें उनसे क्या लेना-देना है?... लेकिन मैं तो बताती हूँ, मैंने कल भी बताया था कि मैंने उनके व्यक्तित्व में झाँककर देखा कि भगवान के अल...
- कोई रुकावट है क्या?... नहीं कोई रुकावट नहीं है। रैदास जाति के चमार थे और बिना पढ़े थे, लेकिन रैदास की कठौती में गंगा बहने लग...
- कोई लिखा-पढ़ी, कोई सबूत?... कोई नहीं है साहब! उस गाँव का एक जागीरदार था, राजा था। पहले जागीरदार राजा होते थे। वह जागीरदार के पास...
- कोई लूला-लँगड़ा पैदा हो गया तब?... और कोई चोर-उचक्का पैदा हो गया तब? तब आप मेरे जैसा बच्चा कहाँ से लायेंगी? इसलिए आज से मैं आपका बेटा ह...
- कोई लड़ाई- झगड़ा हुआ?... नहीं, कोई लड़ाई- झगड़ा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लड़ाई- झगड़ा भी नहीं हुआ, तो फिर किस्सा क्या है? आप द...
- कोई सामने से आचार्य जी बैठे हुए हैं, कोई खाना खाते हुए है, कोई व्याख्यान देते हुए है, तो क्या गुरुजी व्याख्यान ही देते हैं?... नहीं बेटे, खाते भी हैं, नहाते भी हैं, सोते भी हैं, केवल व्याख्यान ही नहीं देते। व्याख्यान एक घण्टे दे...
- कोई हमसे ये पूछे कि यह मनःस्थिति लेकर आपने क्या पाया?... आप घाटे में चले गए होंगे? नहीं, बेटे! हम घाटे में नहीं गए, वरन नफे में आ गए, क्योंकि हमें बहुत दिनों...
- कोई है आपमें से?... कोई नहीं है। अरे लोगो! तुमने सुख नाम की चीज सुनी तो होगी? परन्तु किसी ने सुख पाया हो तो मुझे अपना ...
- कोढ़ी और अन्धा कौन?... आप और हम। हम और आप नैतिक दृष्टि से कोढ़ी और अन्धे ऐसे, जिनको अपना भविष्य, अपना व्यक्तित्व, अपना लोक-प...
- कौए ने क्या किया?... कौए ने सोचा-चलो परीक्षा करें कि यह भगवान हैं भी या नहीं हैं। बस, जैसे ही चावल खाने के लिए, रामचंद्र ...
- कौन आ रहा है?... यहाँ ब्राह्मण भोजन होगा। ब्राह्मण हैं कि राक्षस हैं? उनके मुँह में ग्रास कैसे चला जाता है कि माँ तो ...
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मणिमुक्तकों का हार
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- कौन जा पहुँचे?... तुलसीदास। यही तुलसीदास जब हिम्मत वाले, साहस वाले तुलसीदास बन गए, प्रतिभा वाले तुलसीदास बन गए, तब...
- कौन जा पहुँचे?... अच्छा मैं एक आदमी का नाम गिनाना चाहता हूँ और वह लाल बहादुर शास्त्री का नाम है।...
- कौन जाएगा, कौन करेगा?... आप करेंगे। कुरीतियों को कौन हटाएगा? आप हटाएँगे। दहेज के दानव को कौन जलाएगा? आप जलाएँगे। यदि आपके अन्...
- कौन जाता है भजन में?... एकाध नाम तो बता? भजन का मतलब तो समझते हैं नहीं, भजन करते हैं चालाक, बेईमान। बड़े आये भजन करने वाले। त...
- कौन जाते थे?... शिष्य जाते थे, लेकिन कोई सच्चा शिष्य नहीं मिला। कोई एक मिल गया तो गुरु धन्य हो गए और नाचने लगे, ...
- कौन था वह लड़का?... शिवा नाम था उसका, जिसने अपने को समर्पित किया था। अपना समर्पण किया तो वह छत्रपति शिवाजी हो गए।
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- कौन थे ये गिरधर गोपाल?... ये थे मीरा के बेटे। अभी जिन्दा हैं, नहीं बेटे, वे मर गये। मूर्ति थी, वह वहाँ पड़ी है मेड़ता में। मे...
- कौन देगा और कब तक देगा?... बेटे, यह माँगने से नहीं मिलेगा। स्वेच्छा से जो अनुदान उत्पन्न होंगे, नया युग उसी से आरम्भ होगा। उसी...
- कौन धकेलता है?... दुनिया में एक चीज है और उसका नाम है- भावनाएँ। तुच्छ भावनाएँ आदमी को घिनौना, कमीना, नारकीय, दुष्ट...
- कौन धोती चली जा रही है?... ज्ञान की गंगा। असली गंगा यही है, जिसका मैं आपसे निवेदन कर रहा हूँ।मित्रो! असली सूरज वह नहीं है, वर...
- कौन नहीं आते?... सब आते हैं। जिसमें सनातनी भी हैं और आर्यसमाजी भी हैं और जिसमें राजनेता भी हैं, सभी शामिल हैं। वह सभी...
- कौन नहीं हुआ है?... एक आदमी का नाम था—सायण। एक का नाम था—उब्बट। एक का नाम था—महीधर और एक का नाम था—रावण। प्राचीनकाल ...
- कौन पिला देगा अपना खून?... माता चौबीस घण्टे की नौकरानी है, जो बच्चे की टट्टी धोने से लेकर सफाई करने तक और पेशाब धोने से लेकर छात...
- कौन बड़ा होता है?... बीमारियाँ कौन पैदा करता है? वायरस। नहीं, वायरस नहीं पैदा करता, वरन असंयम पैदा करता है। चंदगीराम तपेद...
- कौन बनना चाहता है?... पति बनना चाहता है या भक्त बनना चाहता है? यह क्या कह रहा है गंदे मुँह से। बेटे, देवी हमारी माँ है। मा...
- कौन बना देता है?... जिसके हाथ में डोरी बँधी है। अपने जीवन की डोरी सौंपिए, उस भगवान के हाथों में और फिर पाइएगा अनेक गुना ...
- कौन बरसाता है?... देवता। देवत्व इस दुनिया में जिन्दा है। देवत्व इस दुनिया में था और जिन्दा रहने वाला है। देवत्व मरेगा? न...
- कौन भगवान है और कौन भगवान नहीं है?... इसके लिए एक ही कसौटी है और वह यह है कि उसने आदर्शों को और उत्कृष्टता को कितनी मात्रा में अपने जीवन...
- कौन मना करेगा?... कोई नहीं करेगा। खिला हुआ फूल बीबी के हाथ में रख दिया जाय, तो बीबी मना करेगी क्या? नाक से लगाकर स...
- कौन मिलता था रोज-रोज?... कोई नहीं मिलता था। दूर से दर्शन हो जाते थे। तीन साल से तो दूर से भी उनके दर्शन नहीं हुए। फिर क्या आप...
- कौन रखेगा पेट में?... छाती का लाल रंग का खून दूध में बदलकर के पिलाती है। कौन पिला देगा अपना खून?
माता चौबीस घण्टे की नौ...
- कौन रखेगा हिम्मत?... रखेंगे तो वे ही, पर साहस तुम्हारा काम करेगा और बेटे, धक्का मैं भी दूँगी तुम्हें। आगे-आगे चलना तुम्हे...
- कौन ले गया घड़ी?... कैसे बिगाड़ दी आपने घड़ी? घड़ी हमारी है और हमारे कमरे में रखी है तो हो गई न हमारी सम्पत्ति? अगर इसको ...
- कौन शोर मचा रहा है और हमारी नींद में खलल डाल रहा है?... " नारद जी ने कहा—"महाराज जी! द्रौपदी मुसीबत में पड़ गई है और वही चिल्ला रही है कि भगवान हमारी सहायता...
- कौन सफल हो गया?... वह फरहाद नहीं था, जो सफल हुआ, वरन उसके अन्दर जो संकल्पशक्ति बैठी हुई थी, वह सफल हुई। उस संकल्पशक्ति क...
- कौन सही घटना?... जब उनके पिता लोमष ऋषि तपस्या में बैठे ध्यानस्थ थे, तब राजा परीक्षित आये। उन्होंने उनके गले में म...
- कौन सा अनुष्ठान किया था, बताना जरा?... अच्छा, कोई साधना नहीं की थी तो कहाँ से आती थी शक्ति? बेटे! रामकृष्ण परमहंस और विवेकानन्द के बीच एक ऐस...
- कौन सा काम?... इन ताऊ जी को जिन्दा कर दीजिए, जो मरे पड़े हैं। मरे हुए से क्या मतलब है? इनमें जान नहीं है। अगर इन...
- कौन सा जादू काम कर सकता है?... जो विधि, जो मंत्र और योगाभ्यास आपके लिए काम कर सकता है, उस योगाभ्यास का नाम है—कर्मयोग। वही आपकी ख...
- कौन सा जानवर?... वही जो बराबर चिल्लाता रहता है—मैं-मैं-मैं.........! मैं-मैं कौन चिल्लाता है? मेरापन, स्वार्थ। मैं-मै...
- कौन सा था?... जो लंका के रावण के खानदान का था, जो पाताल लोक में रहता था। कौन-कौन रहता था? महिरावण रहता था और अहिर...
- कौन सा पर्जन्य?... जो यज्ञ द्वारा निर्मित होता है। यज्ञ का पहला वाला हिस्सा रोग-निवारण का था, जो रोगाणुओं-विषाणुओं को म...
- कौन सा फल खिलाएगा?... धतूरे का फल खिलाऊँगा। अहा............! यह चेला धतूरे का फल खिलाएगा! शंकर भगवान ने धतूरे के फल खाए और...
- कौन सा बीजमंत्र है?... बेटे! मुझसे यह मत पूछ, वरन यह पूछ कि जप करने वाले को किस तरह का जीवन जीना पड़ता है? किस तरह का जीवन ...
- कौन सा भजन किया?... बेकार की बात मत कीजिए, मैं झल्ला पड़ूँगा। आप कौन सी माला जपते हैं? रुद्राक्ष की जपते हैं, चन्दन की लक...
- कौन सा मारा?... एक मारा राम और एक मारा कृष्ण। बेटे, इनमें राम तो मर्यादा पुरुषोत्तम थे कृष्ण भगवान पूर्ण पुरुष थे।...
- कौन सा योग करते हैं?... बेटे! हम शीर्षासन करते हैं। अच्छा तो गुरु जी! आप शीर्षासन में सिर के बल चलना शुरू कर देते हैं? नहीं,...
- कौन सा रास्ता है?... नैनीताल के पास से जाता है, अल्मोड़ा के पास से जाता है। तिब्बत तक का रास्ता ढूँढ़ते हुए पहाड़ों पर ...
- कौन सा रूप सामने आने वाला है?... इसका नाम है—विश्वमाता। विश्वमाता इसलिए कि यह अब नये विश्व को जन्म देने जा रही है। पुराना विश्व मर गय...
- कौन सा वाला?... जो पूजा लेता है और निहाल कर देता है। वेदान्त ने चाबुकों से और हण्टर से मार-मार कर उस भगवान् को उखाड़ ...
- कौन सा वाला?... जिसमें हमने यह खयाल रखा कि कम पैसों में और कम कीमत में बड़ी चीज मिल जानी चाहिए। ठगे जाने वाले लोग औ...
- कौन सा वाला?... ‘‘ॐ ऐं हृीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।’’ इससे क्या हो जायेगा? तेरा दिमाग खराब हो जायेगा। पागल कहीं क...
- कौन सा वाला?... जो हम पूजा करते हैं, भजन करते हैं, ध्यान करते हैं, जप करते हैं, अनुष्ठान करते हैं, यह कलेवर है।क...
- कौन सा वाला?... जिसको हम सूक्ष्म शरीर कहते हैं। सूक्ष्म शरीर से क्या मतलब है? सूक्ष्म शरीर से मेरा मतलब है—ज्ञान वाल...
- कौन सा व्यक्ति?... जिसको हम योगी कहते हैं। वह दिन में सोया करता है और रात में जागा करता है। महाराज जी! तब तो बड़ी मुश्क...
- कौन सा स्वर्ग देंगे?... उच्चकोटि की विचारधारा और उच्चकोटि का दृष्टिकोण देंगे। गायत्री और यज्ञ की फिलॉसफी अगर हमने समझी होती,...
- कौन सा है डैम चीप तरीका?... गंगा जी में नहाइए और पाप बहाइए, पाप-दण्ड बहाइए। चाहे जितना पाप कीजिए। हर साल सौ मन पाप कीजिए, एक बार ...
- कौन सा है?... यह शरीर के बाहर का है। इसका शरीर से कोई ताल्लुक नहीं है, मिठाई से कोई ताल्लुक नहीं है। इसका सिनेमा द...
- कौन सी ऐसी चीज है जो आप घर पर नहीं कर सकते थे?... खान-पान सम्बन्धी जो नियम-बन्धन आपको बताये गये हैं, क्या आप उसे घर पर नहीं कर सकते थे? क्यों नहीं कर ...
- कौन सी ऐसी वजह है जो आप नहीं कर सकते हैं?... यहाँ जो जप और अनुष्ठान कराया जाता है, क्या आप घर पर नहीं कर सकते थे? जरूर कर सकते थे। जो नियम और मर्...
- कौन सी औरत है?... गुरुजी! सन्तोषी माता भी औरत है, गायत्री माता भी औरत है और अमुक भी औरत है। चुप रह। बकवास करता है कि ...
- कौन सी कथा?... भागवत् की कथा।
आपने भगवान की कथा सुनी है? हाँ आप सबने सुनी है, लेकिन आपने क्या वह अमृत पिया है? न...
- कौन सी को?... उपासना वाली को, जिसमें यह बताया गया है कि उपासना के समय कर्मकाण्डों के साथ-साथ किस तरह से हमारे विचा...
- कौन सी गंगा?... भगवान में। हमारे पास जो कुछ भी था, कम से कम और अधिक से अधिक, बिना चू-चपड़ के हमने सब कुछ भगवान को...
- कौन सी घटना की?... उस घटना की जिसमें कि नारद जी विष्णु भगवान के पास एक दिन गए और यह कहने लगे कि हमारी मनोकामना पूरी कर ...
- कौन सी परिस्थितियों में क्या सलाह दी जा सकती है और किस तरह से दी जा सकती है?... यह सारा का सारा शिक्षण ब्रह्मविद्या कहलाता है। हम आपको अगले दिनों ब्रह्मविद्या भी सिखाएँगे और ब्रह्म...
- कौन सी पाँचवीं उपासना है?... उसका नाम है—अपरिग्रह। अपरिग्रह के साथ में एक और बात जुड़ी हुई है, इसलिए इसे दो भी कह सकते हैं। उसका ...
- कौन सी पार्टी है आपकी?... आपने तो पहले ही कह दिया था कि कांग्रेस को वोट देंगे। अरे साहब! ध्यान नहीं रहा। आप तो वो मालूम पड़ते ...
- कौन सी बात?... आपका परमार्थ, जिसको हम परम स्वार्थ कहते हैं। परम स्वार्थ क्या हुआ? परमार्थ। परमार्थ वह है जो भगव...
- कौन सी बीमारियाँ अच्छी हो जाती थीं?... बहुत सी बीमारियों का जिक्र आता था। दशरथ जी के यहाँ कोई सन्तान नहीं होती थी। तीनों रानियों में से किसी...
- कौन सी भक्ति ने?... जो लोगों के दिमाग पर छायी हुई है। आप कौन सी भक्ति की बात कर रहे थे कल? जो गायत्री माता के साथ जुड़ी...
- कौन सी भगवान की कृपा हो गयी?... हमारे हिन्दुस्तान वालों पर नहीं हुई और जापानियों पर हो गयी? क्या वजह है? उन्होंने फैक्टरियों में ज...
- कौन सी मछली?... जो समुद्र में चलती है और छरछराती हुई अपना रास्ता बना लेती है। आप अपना रास्ता स्वयं बनाइए। स्वयं नहीं...
- कौन सी वाली चीज की जरूरत है?... आदमी का व्यक्तिगत जीवन, व्यक्तिगत चिन्तन, दृष्टिकोण ऊँचा उठना चाहिए और बेहतरीन होना चाहिए। साधना किस...
- कौन से अध्यात्मवाद को?... जो लोगों को इस बहाने अपनी ओर आकर्षित करे कि हमको चमत्कार दिखाना आता है और जादू दिखाना आता है और हम प...
- कौन से आदमी को मैं कह सकता हूँ?... कौन जा पहुँचे? अच्छा मैं एक आदमी का नाम गिनाना चाहता हूँ और वह लाल बहादुर शास्त्री का नाम है।...
- कौन से आदमी?... वे जो मारकर डाल देते थे, उनको मैं ज्यादा पसन्द करता हूँ, क्योंकि तब आदमी को मारकर खत्म कर देते थे, ...
- कौन से आपके रुचि के विषय हैं और किस रुचि के विषय में उसे लगाया जा सकता है?... चलिए, मैं उदाहरण देकर समझाता हूँ। ध्यान करने में हमेशा सुन्दर चीजों का ध्यान कराया जाता है। क्यों ...
- कौन से कर्मकाण्ड?... माला घुमाना और प्राणायाम करना, यह याद करना, यह ध्यान रखना—'ये सब कुछ मतलब नहीं' रखते; क्योंकि ये जरा...
- कौन से काम करने से हमारा वास्तविक लाभ होता है और कौन से लाभ नहीं होता?... इन वास्तविक सवालों का जबाब जानते हुए यदि हम अपना काम शुरू करें, तो मैं समझूँगा कि आपने कर्मयोग की ...
- कौन से कार्य मुनासिब हैं और कौन गैरमुनासिब हैं?... कौन से काम करने से हमारा वास्तविक लाभ होता है और कौन से लाभ नहीं होता? इन वास्तविक सवालों का जबा...
- कौन से कौरव?... वो कौरव नहीं, जो इनसान के रूप में हैं, वरन जो विकृतियों के रूप में हैं। उन कौरवों को मरना ही चाहिए। ...
- कौन से गुरु की?... स्वामी बिरजानन्द की। स्वामी बिरजानन्द की आँखें मथुरा में अन्धी हो गयीं थीं। बाहर की आँखें तो अन्धी ब...
- कौन से दो हिस्से?... एक का नाम है—आमदनी और एक का नाम है—खरच। बताइए साहब! लाइए बहीखाता, अभी हम बता देंगे कि इतनी आपकी आमदन...
- कौन से पशु?... जिनको हम आलसी कहते हैं।
हमारे भीतर भी एक पशु बैठा है, जिसको हम आलस्य कहते हैं। एक पशु जो हमा...
- कौन से बच्चे?... जो आप लोग बैठे हैं, इनको सँभालना है, गायत्री तपोभूमि को सँभालना है और शान्तिकुञ्ज को सँभालना है। तुम...
- कौन से बाजार से लाएँगे?... माँ का स्नेह-वात्सल्य पीकर शिवाजी की आत्मा, लव-कुश की आत्मा न जाने कहाँ से कहाँ पहुँच गई। शकुन्तला क...
- कौन से बाबाजी?... ये साठ लाख भिखमंगे। सात लाख गाँव और साठ लाख बाबाजी। सात अट्ठे छप्पन और सात नामे तिरसठ। हर गाँव पीछे ...
- कौन से भगवान की ओर चल रहे हैं?... हमारे यहाँ खिलौना रखा हुआ है। भगवान खिलौना नहीं होता है। हम तो रामचंद्र जी के भक्त हैं। हम हनुमान जी...
- कौन से भगवान की प्रार्थना करनी चाहिए?... शंकर-पार्वती याद आ गए। उन्होंने कहा—मैं शंकर-पार्वती का ध्यान करूँगा। उनकी पूजा करूँगा, उनका अभिनंदन...
- कौन से भगवान को?... जो हमारी मनोकामना पूरी करने में सहायता करता है, उस भगवान को उन्होंने मारकर फेंक दिया है। जैन धर्म मे...
- कौन से भगवान को?... उसी हीरालाल शास्त्री को, जो मध्यमा तक पढ़ा हुआ था और सरकारी स्कूल से सहायता पाता था। उसी भगवान ने इस...
- कौन से भगवान् को?... भगवान् की उस मान्यता को, जो यह कहती है कि लीजिए मिठाई खाइये और प्रसाद खाइये और बेटा दे जाइये। ग्यारह...
- कौन से भेड़िये से?... जो खरगोश के बच्चों को प्यार करता है। भेड़िये से पूछना कि क्यों साहब! आप सबसे ज्यादा किसको प्यार क...
- कौन से मंत्र का जप किया था और कौन-सा अनुष्ठान किया था और कुण्डलिनी कहाँ से जगाई थी?... हनुमान चालीसा का पाठ कैसे किया था? बेटे! तू बड़ा पागल और जाहिल आदमी है। जाहिल और पागल मैं इसलिए कहता...
- कौन से मंत्र बता दूँ तुझे?... महाराज जी! ऐसा मंत्र बता दीजिए, जिससे बीमारी अच्छी हो जाये। बेटे, तू समझता तो है नहीं कि मंत्र किस...
- कौन से मंत्र बताते हैं?... ‘‘हरे रामा-हरे कृष्णा’’। तो फिर बेटे उसी को कर। भगवान ने जिया कष्ट का जीवन महाराज जी! हम राम...
- कौन से में?... चुगली वाले कार्य में। इससे बहुत ज्यादा नफरत है हमें। गुरुजी कभी भी किसी की ऐसी बात तो सुनते ही नहीं ...
- कौन से रुपये थे?... दो लाख उन्तीस हजार छः सौ इक्कीस नम्बर के वही नोट थे। जब वे हमारे पास से चोरी हो गये, तो हमको दर्द लग...
- कौन से वक्त जाऊँ?... नौ बजे के बाद, जब शंकर जी कुल्ला-उल्ला करके, आँख-मुँह धोकर चश्मा पहनकर ठीक हो जाते हैं, तब जाना। महा...
- कौन से वाले कर्मकाण्ड?... जिनका सहारा लेकर, संबल लेकर के बच्चों को खड़ा करना आपको सिखाना है। हमारे त्यौहार और संस्कार ऐसे संब...
- कौन से वाले क्षेत्र में?... जावा से लेकर सुमात्रा तक, इण्डोनेशिया से लेकर मलाया तक, सारे-के देश-जिसमें पूर्वी देश भी सम्मिलित ...
- कौन से वाले में होने वाला है?... सारे विश्व में, जिसमें धरती को स्वर्ग बनाने की योग्यताएँ विद्यमान हैं। धरती पर स्वर्ग का अवतरण हम बा...
- कौन से वाले?... जिनके लिए हमने आपको बुलाया है। छोटे-छोटे कृत्य हैं, जैसे—कोई हवन करेगा, कोई जप करेगा। ठीक है किसी ने...
- कौन से वाले?... तो क्या करना चाहिए? टेक्नीक के बारे में मत विचार कीजिए। आप तो सिद्धान्तों के बारे में विचार कीजिए। य...
- कौन हत्या करेगा?... हत्या करके भी खून निकालना है और चूस करके भी खून निकालना है। इसलिए आज आदमी समझदार है। आज चूसने का...
- कौन हम, नाम क्यों नहीं बताते?... टेलीफोन में नाम पूछना पड़ता है, तब बताते हैं। फोन चिड़िया की तरीके से आवाज करता रहता है, मालूम नहीं,...
- कौन हल्ला मचा रहा है?... कौन शोर मचा रहा है और हमारी नींद में खलल डाल रहा है?" नारद जी ने कहा—"महाराज जी! द्रौपदी मुसीबत में ...
- कौन हुए हैं?... अब मैं क्या कहूँ कि आप कौन हुए हैं? मैं यह क्यों कहूँ? मेरे तो आप बच्चे हैं। आप हमारे कुटुम्बी हैं, ...
- कौन हुक्म दे कि पानी कहाँ बरसाया जाएगा?... किसको नरक में डाला जाएगा? किसको स्वर्ग में डाला जाएगा? सारा काम चौपट हुआ जा रहा है। सेक्रेटरी ने कहा...
- कौन है तू?... देवी का जवाई है? चांडाल कहीं का—देवी को हमारी सहायता करनी चाहिए थी! किस बात की देवी सहायता करे? नहीं...
- कौन है यह बुड्ढा?... यह बुड्ढा हमारा पति है। तेरा पति है तो इसको धकेल दे गंगा जी में, बुढ़ापे में इसने ब्याह कर लिया। इसक...
- कौन है यह?... लेक्चरर है। अरे यह चालाक आदमी है, बदमाश आदमी है। लोगों को बहकाने के लिए आ गया है। अभी भी हो गया है, ...
- कौन है ये?... नहीं साहब! यह सिनेमा की एक्टर है। तो आपने इसे किसके लिए लगा रखा है? इससे आपका क्या ताल्लुक है? अजी...
- कौन है वह बेवकूफ और अन्धा आदमी?... वह है तू और हम, जिनको अन्धे कह सकते हैं। जिन्हें कुछ पता ही नहीं है, कुछ दिखता ही नहीं है, कुछ सूझता ...
- कौन हैं वे आदमी?... वे आदमी जिनके बच्चे कमाने लायक हो गये हैं, जिनके पास गुजारे के लायक दो पैसे मौजूद हैं। वे नहीं निक...
- कौन हैं आप?... हम तो भूत हैं। अरे तू तो अभी जिन्दा है। नहीं महाराज जी! भूत हूँ। भूत कैसा होता है? जिसकी इच्छाएँ वस्त...
- कौन हैं ये?... ये हँस हैं, राजहंस हैं। मित्रो! मैं उन हँसों की बात कह रहा हूँ। उन्हें कहाँ मिलता है दूध? उनके ल...
- कौन हो गया?... अर्जुन हो गया। जो कायर था और यह कहता था कि मुझसे नहीं लड़ा जाएगा। मैं नहीं लड़ सकता।
गुरुजी मैं क...
- कौन होता हुआ चला जाता है?... हम होते हुए चले जाते हैं और कौन होता है। ‘‘अयमात्मा ब्रह्म’’, ‘‘प्रज्ञानं ब्रह्म’’, ‘‘चिदानन्दोहं’...
- कौन- कौन सी?... - ‘सवितु’, ‘वरेण्यं’- दो, ‘भर्गो’- तीन, ‘देवस्य’- चार। चार वेदों के चार सार हैं। यही वेदों के चार ...
- कौन- कौन से एण्टीना कार्य करते हैं?... एक आज्ञाचक्र काम करता है, हृदयचक्र काम करता है और एक नाभिचक्र काम करता है। तीन बड़े- बड़े एण्टीना हम...
- कौन-कौन आए थे?... देवताओं ने कहा कि आपके साथ-साथ मनुष्यों के रूप में, मनुष्यों के वेश में हम जाएँगे, जन्म लेंगे। मनुष्...
- कौन-कौन आते हैं?... एक का नाम था—नृसिंह अवतार। नृसिंह कैसे थे? एक राक्षस था—हिरण्यकश्यपु। उसको यह वरदान प्राप्त था कि को...
- कौन-कौन आये थे?... देवताओं ने कहा था कि-‘‘अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।’’ इतने बड़े काम के लिए, इतने लम्बे क्षेत्र मे...
- कौन-कौन आशा लगाए बैठे हैं?... बेटे! राजनीति से लेकर धर्मनीति तक सब हमारे मिशन की तरफ देख रहे हैं। वे कह रहे हैं कि यहाँ से हमको प्...
- कौन-कौन चौंक पड़े?... बेटे, उनमें से एक का नाम आम्रपाली है, जो दुनिया को गिराने वाली एक महिला थी। लेकिन जब उसने जिन्दगी की ...
- कौन-कौन ताकतवर हैं?... ताकतवर मैं उन्हें मानता हूँ जो कि बुद्धिजीवी हैं, जो कलाकार हैं, सम्पन्न हैं और जो राजनेता हैं और किस...
- कौन-कौन निवास करता है?... शरीर नहीं, चमड़ी नहीं। चमड़ी को ही तो आप स्नान करा देते हैं। इससे कोई काम नहीं बनने वाला है। चमड़ी क...
- कौन-कौन ने पाई हैं?... चंद बच्चों के नाम बता सकता हूँ। प्रह्लाद बच्चा था, लेकिन उसका बाप हिरण्यकशिपु कितना समर्थ था। वह इतन...
- कौन-कौन परिपूर्ण हो सकता है?... ऋषि परम्परा के सारे के सारे व्यक्ति परिपूर्ण होते चले गये हैं। पाइथागोरस बैठा हुआ था। उसके पास सिकन्द...
- कौन-कौन बने थे?... एक-दो के नाम बता दीजिए? हाँ बेटे, बताता हूँ कि उपासना किस-किसने की थी। उस उपासना के ढंग को आपको जानन...
- कौन-कौन रहता था?... महिरावण रहता था और अहिरावण रहता था। महिरावण और अहिरावण का उल्लेख इतिहास-पुराणों में मिलता है। वही लो...
- कौन-कौन रहते हैं?... चलिए मैं आपको उनके नाम गिनाता हूँ। सातों ऋषियों को मैंने अपना सेक्रेटरी बना रखा है। सात ऋषि हमारे कम...
- कौन-कौन सी चीजें हैं, जो असंयम के आधार पर हमारी जिह्वा पर हावी होती हैं?... वे हैं—हमारे आहार और विहार। इसको हम कामेन्द्रिय और जिह्वा-इन्द्रिय की शैतानी कह सकते हैं। जिह्वा-इ...
- कौन-कौन सी बेकार की हैं?... नाक है। नाक क्या संयम करेगी? कान का संयम? कुछ भी नहीं है। गाना-वाना सुन लिया, तो बात अलग है। दिमाग क...
- कौन-कौन सी समस्यायें हैं?... आपकी आँखों को दिखाई नहीं पड़ेगा। आपको सूर्य का परिभ्रमण तथा पृथ्वी की परिक्रमा कहाँ दिखाई पड़ती है। ...
- कौन-कौन से उदाहरण सामने आते हैं?... एक उदाहरण यह सामने आता है लता का—बेल का। बेल बड़ी कमजोर होती है, बड़ी असमर्थ होती है। बेल बहुत पतली ...
- कौन-कौन से कुसंस्कारों की छाया है?... बेटे ! बहुत से कुसंस्कार हमारे ऊपर छाए हुए हैं, जिनको परिष्कृत करने की जरूरत है, जिनको तपाने की जरूर...
- कौन-कौन से छपते हैं?... ‘इण्डियन एक्सप्रेस’ के सम्पादक का नाम बताइये? गुरुजी! हमें नहीं मालूम। ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’, ‘नव...
- कौन-कौन से प्रयोग किये हैं?... पहले ब्राह्मण बनने का प्रयोग किया कि ब्राह्मणत्व के क्या-क्या चमत्कार हो सकते हैं? मैंने उसे अपने ...
- कौन-कौन से ये चार पत्थर हैं, जो आपके सिर पर सवार हैं?... ये चारों हैं—काम, क्रोध, लोभ और मोह। इन्हें गिरा दें, फिर भगवान को देखें। बेटे! प्राणायाम के द्वारा ...
- कौन-कौन से राक्षस थे?... एक का नाम था ताड़का, एक का नाम था मारीच और एक का नाम था सुबाहु। उनके हाथ में तीर-कमान थमा दिया। अरे ...
- कौन-कौन से वो शब्द हैं?... एक शब्द है—'प्रतिच्छाया' और एक है—'प्रतिध्वनि'। प्रतिच्छाया क्या है? बेटे! प्रतिच्छाया से मेरा मतलब ...
- कौन-कौन से व्यक्तियों की हो गई है?... खराब से खराब आदमियों की हो गई है। अच्छा तो आप जरा उनके नाम तो बताइए, फिर हम आपकी बात को मान लेंगे। क...
- कौन-कौन से हैं ये चोर?... एक का नाम है—काम, एक का नाम है—क्रोध, एक का नाम है—लोभ, एक का नाम है—मोह, एक का नाम है—मद और एक का न...
- कौन-कौन से हैं?... देख—एक का नाम है—रामनरेश यादव, एक का नाम है—कर्पूरी ठाकुर और एक का नाम—अमुक है, तमुक है।
ये मुख्...
- कौन-कौन हिस्सेदार हैं?... एक हमारा शरीर और एक हमारी जीवात्मा। एक हमारा कलेवर और एक हमारा प्राण। इसका जो मुनाफा होता हो, दोनों ...
- कौन-कौन-सा काम गिनाएँ?... अभी गुरुजी ने रिकार्ड ही किया है, टेप ही किया है।...
- कौन-कौन-सी चीजें जगी हुई हैं?... आपके भीतर एक चाण्डाल जगा हुआ है। वह कामवासना की बातें करता है, बेकार की बातें करता है। यह चाण्डाल ...
- कौन-सा इष्टदेव बनाऊँ?... जो भी आपका मन हो, बना लीजिए, लेकिन ध्यान पूरा कीजिए। इष्टदेव का आप ध्यान करेंगे तो क्या हो जाएगा? इष...
- कौन-सा खट्टा है और कौन सा मीठा है, हमें क्या पता?... हम तो अपनी मेहनत की कमाई ही खाते हैं।
किसान ने समझा कि यह कैसा शानदार आदमी है। कैसा ईमानदार आदमी...
- कौन-सा बायाँ हाथ?... वह, जो अपना समय देता है। थोड़ा अंश देता है, थोड़ा समय देता है और दायाँ हाथ हमारा वह, जो अपना पूरा सम...
- कौन-सा बीड़ा उठाया है कि व्यक्ति का निर्माण होना चाहिए, परिवार का निर्माण होना चाहिए, समाज का निर्माण होना चाहिए?... व्यक्ति का निर्माण होगा तो परिवार का निर्माण होगा, परिवार का निर्माण होगा तो समाज का निर्माण होगा। प...
- कौन-सा योगदान दें?... बेटे ! हम तो इस तरीके से चाहते हैं, जिस तरीके से भवानी ने तलवार दी थी शिवाजी को और यह कहा था कि अब च...
- कौन-सा योगाभ्यास कर रहे हैं?... कुण्डलिनी जागरण कर रहे हैं। यह भी कोई कुण्डलिनी जागरण है? वह अपने कर्तव्य को ठीक तरह से पूरा करने ...
- कौन-सा योगाभ्यास करेंगे?... परिवार जैसी लैबोरेटरी संसार में कहीं भी नहीं। क्या आप अपनी धर्म-पत्नी से नहीं सीखते हैं कि उसने कितन...
- कौन-सा रास्ता अख्तियार करना चाहिए?... सही रास्ता अख्तियार करना और विचार करने का तरीका पकड़ लेना, यह आदमी को नहीं आता है और इसी को मैं बेअक...
- कौन-सा वाला बीज?... वही, जो हमने गायत्री तपोभूमि की स्थापना करते समय बोया था। आप यहाँ से हिम्मत इकट्ठी करना। एकादशी ...
- कौन-सा है, वह देव?... उस देवता का नाम है—'आत्मदेव।' अपने आप की पूजा अगर हम कर पाएँ, अपने आपको हम अगर सँभाल पाएँ, सुधार पाए...
- कौन-सी गुफा में?... मैंने बताया तो था, अपने मन की गुफा में। अपने मन में एक ऐसी गुफा बना ले, अपने मस्तिष्क में एक ऐसी दुन...
- कौन-सी चीजें हैं?... उनसे, जो नेचर ने उसको सक्रिय बनाए रखने के लिए जोड़कर रखी हैं॥ नेचर ने जानवर बनाया और इस बात की अपेक...
- कौन-सी देवी की पूजा करने गए थे?... मनसा देवी की पूजा करने गए थे। मनसा देवी से क्या माँगने गए थे? पैसा। धत् तेरे की। पैसे के लिए मनसा दे...
- कौन-सी देवी के पास गये थे?... साहब! मनसा देवी के पास गये थे। मनसा देवी के पास किस काम के लिए गये थे? ठीक है आप अपनी मंसा पूरी करान...
- कौन-सी दौलत का?... जो संसाररूपी दौलत उसने हमारे हाथ में सौंपी है। भगवान ने सब कुछ सौंप दिया है। लोग कहते है, ‘सब सौंप द...
- कौन-सी पुस्तक छपी थी?... सबसे पहली पुस्तक का नाम था—‘‘गायत्री ब्राह्मण की कामधेनु है।’’ इस नाम से जैसे ही किताब छपी, सब जगह य...
- कौन-सी बेवकूफियाँ हैं?... औलाद की। लोग अन्धाधुंध औलाद पैदा कर रहे हैं। ये जाहिल यह नहीं समझते हैं कि आखिर हम क्या कर रहे हैं? औ...
- कौन-सी बैंक में रखा हुआ है?... ये सब लोग जो बैठे हैं, इनका नाम बैंक है। हमको अगर आवश्यकता पड़े और कहें कि दस-दस रुपये का मनीऑर्डर भ...
- कौन-सी वाली कहानी?... जिसमें एक साँप था और स्वामी जी ने उससे कहा कि किसी को काटना मत। लोगों ने उसे सताना और पिटाई करना शुर...
- कौन-सी वाली बारूद?... जो ब्याह-शादियों में और दीवाली के समय बच्चों के लिए खेल-तमाशे करने के काम आती है। सस्ती वाली बारूद क...
- कौन-सी वाली स्टीम?... जो रेलगाड़ी को धकेलती हुई चली जाती है। यह गरमी के बिना नहीं हो सकता। गुरु जी! हम तो मुसीबतों से दूर ...
- कौन-सी शर्त है?... अब हम आपको यही समझाने वाले हैं। जिसके लिए हम आपको अब मजबूर करने वाले हैं, जिसके लिए हम दबाव डालने वा...
- कौन-सी सुननी चाहिए?... यही आप उसको समझ लें, ज्यादा गहराई में न जाएँ।
बेटे! मैं तो यही कहने के लिए आई। अभी दो-चार दिन हुए ह...
- कौरव कौन हैं?... हमारे अन्दर जो कषाय-कल्मष बैठे हैं, आलस्य और प्रमाद बैठे हुए हैं। जो हमको आगे नहीं बढ़ने देते हैं।
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- कौरवों से नहीं लड़ेगा तू?... तो चूड़ियाँ पहनकर घर में बैठ। सामने परिस्थितियाँ दिखाई नहीं दे रही हैं? ये हाहाकार और चीत्कारें कानो...
- क्या लिखा था?... तुम हमारे, हम तुम्हारे। यही सब लिखा था ना? हाँ, साहब! लिखा था। आपने इसको बहकाया-फुसलाया था कि नह...
- क्या कमाएँगी हमारे लिए?... महिला ने कहा, इस कंजूस के साथ कोई शादी नहीं करेगा। उस व्यक्ति के बारे में विख्यात हो गया कि वह बड़ा...
- क्या करना पड़ेगा?... बेटे, हम वही आपको समझा रहे हैं। समझें कि आखिर गायत्री है क्या? मित्रो! आपको हम गायत्री उपासना का महत...
- क्या कहता हूँ मैं इनको?... इनको मैं सम्पत्तियाँ कहता हूँ। सम्पत्ति जमीन में गड़ी हुई मिल सकती है, बाप-दादों की उत्तराधिकार में भ...
- क्या चीज निकालें?... यही कि उन्होंने कैसे सिद्धान्तों से प्यार किया था और सिद्धान्तों से प्यार करने की वजह से इतने प्रा...
- क्या डुबकी लगाने का काम हमारे जिम्मे रहेगा?... या डुबकी लगाने वाला काम खत्म हो जायेगा? क्या मोती तलाश करने वाली प्रक्रिया को हम समाप्त करेंगे? नह...
- क्या बता सकते हैं?... भगवान जी पर चावल चढ़ा देना, अक्षत चढ़ा देना। धूपबत्ती चढ़ा देना। अच्छा गुरुजी चढ़ा देंगे। अच्छा और क्य...
- क्या भगवान जानवरों को खाता है?... भगवान खाता है—‘‘मैं’’ को, ‘अहम्’ को। हमारा ‘अहम्’ इतना ज्यादा है कि इसमें लोभ, मोह, वासनाएँ, तृष्ण...
- क्या वजह है?... यही कि हमारी कथाओं और प्रवचनों में कहीं न कहीं कुछ खामी रह जाती है। कहीं न कहीं कुछ गलती रह जाती ह...
- क्या हम किसी के साथ में चालाकी करेंगे?... नहीं करेंगे। तब हमारा हरेक साथ में ऐसा प्रेम भरा हुआ, सहानुभूति से भरा हुआ, श्रद्धा से भरा हुआ, ऐस...
- क्या हिन्दू धर्म यही है?... क्या हिन्दुस्तान का पूजा-पाठ यही है? इसे देखकर हमको बड़ा दुःख होता है और बड़ी नफरत होती है कि अगर ऐस...
- क्या 'पर' लगा हुआ है?... उसके पीछे एक कामना छिपी हुई है। वह जो काम करना चाहता है, वह अन्धे के तरीके से, पंगे के तरीके से कर नह...
- क्या अन्धेर फैलेगा?... यह कि हर आदमी मूल्य चुकाने के लिए जो पुरुषार्थ करता है, योग्यता का सम्वर्द्धन करता है, वे दोनों काम ख...
- क्या अच्छे चित्रों का प्रकाशन करने के लिए पूँजी की जरूरत नहीं है?... पूँजी का आह्वान है। हम पूँजी का आह्वान करेंगे और कहेंगे कि जिन लोगों के पास पूँजी है, उन लोगों को पू...
- क्या अध्यात्म से कुछ नहीं मिल सकता?... मिल सकता है। बेटे, हमने अपनी इतनी लम्बी जिन्दगी लोगों के लिए सिर्फ इसलिए जियी कि हम लोगों को यह सम...
- क्या अध्यात्मवादी दर- दर माँगने वाला कंगाल होता है?... नहीं, अध्यात्मवादी कंगाल नहीं होता है। वह राजा कर्ण के तरीके से दानी होता है, उदार होता है, उदात्त...
- क्या अपनी खुशी को दूसरे आदमी की खुशी देने का अधिकार दिया?... अगर हमने ऐसा किया तो समझना चाहिए कि हमने फूल चढ़ाने की बात और फूल चढ़ाने का रहस्य जान लिया। अगर हमार...
- क्या अपनी खुशी को दूसरे आदमी को खुशी देने का अधिकार दिया?... अगर हमने ऐसा किया तो समझना चाहिए कि हमने फूल चढ़ाने की बात और फूल चढ़ाने का रहस्य जान लिया। अगर हमार...
- क्या अपनी खुशी से दूसरे आदमी को खुशी देने का कभी प्रयास किया?... अगर हमने ऐसा किया हो तो समझना चाहिए कि हमको फूल चढ़ाने की बात और फूल चढ़ाने का रहस्य मालूम हो गया। अ...
- क्या अपने आप को खिलता-खिलाता हुआ आदमी बनाया?... क्या अपनी खुशी से दूसरे आदमी को खुशी देने का कभी प्रयास किया? अगर हमने ऐसा किया हो तो समझना चाहिए कि...
- क्या अपने आप को गुलाब की तरह सुगन्धित बनाया?... क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया? क्या अपने आप को पुष्प बनाया? क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिल...
- क्या अपने आप को पुष्प बनाया?... क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिलता-खिलाता व्यक्ति बनाया? क्या अपनी खुशी को दूसरे आदमी की खुशी देने ...
- क्या अपने आप को पुष्प बनाया?... क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिलता-खिलाता व्यक्ति बनाया? क्या अपनी खुशी को दूसरे आदमी को खुशी देने ...
- क्या अपने आप को सन्तुष्ट आदमी बनाया?... क्या अपने आप को खिलता-खिलाता हुआ आदमी बनाया? क्या अपनी खुशी से दूसरे आदमी को खुशी देने का कभी प्रयास...
- क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया?... क्या अपने आप को सन्तुष्ट आदमी बनाया? क्या अपने आप को खिलता-खिलाता हुआ आदमी बनाया? क्या अपनी खुशी से द...
- क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया?... क्या अपने आप को पुष्प बनाया? क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिलता-खिलाता व्यक्ति बनाया? क्या अपनी खुश...
- क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया?... क्या अपने आप को पुष्प बनाया? क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिलता-खिलाता व्यक्ति बनाया? क्या अपनी खुश...
- क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिलता-खिलाता व्यक्ति बनाया?... क्या अपनी खुशी को दूसरे आदमी की खुशी देने का अधिकार दिया? अगर हमने ऐसा किया तो समझना चाहिए कि हमने फ...
- क्या अपने आप को हँसता-हँसाता, खिलता-खिलाता व्यक्ति बनाया?... क्या अपनी खुशी को दूसरे आदमी को खुशी देने का अधिकार दिया? अगर हमने ऐसा किया तो समझना चाहिए कि हमने फ...
- क्या अर्जुन ऐसा भक्त हो सकता है?... उन्होंने कहा—जो अपने मतलब में डूबा हुआ है, जिसको दूसरों की और भगवान की इच्छाओं को जानने की अपेक्षा क...
- क्या अर्थ है इसका?... बेटे, इसका अर्थ यह है कि भगवान् सर्वत्र है, सर्वव्यापी है। इस छोटे से ‘ॐ’ के माने है—भगवान्! और ‘भूर...
- क्या अर्थ होता है?... यह जरूर बतायें। लोगों से यह भी कहें कि केवल अर्थ को सुन लेना ही काफी नहीं है। रामायण सुन लेना ही काफ...
- क्या अर्थ होता है—इष्ट का?... इष्ट किसे कहते हैं? हिन्दी में बताइए आप। बेटे, इष्ट कहते हैं—लक्ष्य को। लक्ष्य से क्या मतलब है? ...
- क्या आगे वाली चीजें नहीं देख सकते?... नहीं साहब ! हमको दिखाई नहीं पड़ती। तो आप शंकर जी की भक्ति कीजिए और उनसे वरदान माँगिए कि आपने जो अपना...
- क्या आदमी अपनी मुसीबतों को दूर कर सकता है?... क्या वह अपनी मुसीबतों के अलावा दूसरों की मुसीबतें दूर कर सकता है? यह बहुत विस्तृत है बेटे, हम इसकी...
- क्या आदमी को क्षमता सम्पन्न बना सकता है?... क्या आदमी अपनी मुसीबतों को दूर कर सकता है? क्या वह अपनी मुसीबतों के अलावा दूसरों की मुसीबतें दूर क...
- क्या आदमी भगवान को बना सकता है?... हाँ, आदमी भगवान को बना सकता है। कैसे बना सकता है? हम अपने छापाखाना में छाप-छाप करके बहुत से भगवान बन...
- क्या आदेश है?... क्या निर्देश है? जो दिशाधारा तय कर दी, वे उसी पर अटूट विश्वास, अटूट निष्ठा के साथ इतनी लम्बी अवधि तक...
- क्या आधार बनाया गया है?... सबसे पहले हम जिस देवता का पूजन करते हैं, जल चढ़ाते हैं और मंत्रोच्चार करते हैं—'पाद्यं समर्पयामिः', ...
- क्या आप अनुष्ठान इसलिए कर रहे थे कि आपका काम पूरा हो जाए?... नहीं भाई साहब! इस ख्याल से मत कीजिए। हमने मूर्तियों की पूजा का प्रावधान सिर्फ इसीलिए किया है। कैसे क...
- क्या आप अपना चिन्तन और अपने विचार बदल सकेंगे?... यदि हाँ, तो हम आपको शक्ति दिलाएँगे। ब्रह्मवर्चस् साधना में हम आपको शक्ति देने के लिए बुलाते हैं, पर ...
- क्या आप इसी खेल-खिलवाड़ को अध्यात्म समझते हैं और इसी से सब कुछ पा लेना चाहते हैं?... नहीं, अध्यात्म इतना सस्ता नहीं हो सकता। अध्यात्म महँगा है और आपको इसकी महँगी कीमत चुकाने के लिए तैया...
- क्या आप उनकी सहायता नहीं कर सकते?... कोढ़ी और अन्धा कौन? आप और हम। हम और आप नैतिक दृष्टि से कोढ़ी और अन्धे ऐसे, जिनको अपना भविष्य, अपना व्य...
- क्या आप कहीं सोने के बने हुए हैं?... बिगाड़ेगा तो सबके लिए बिगाड़ेगा, लेकिन अगर अपने नियम-व्यवस्था बिगाड़ेगा तो मैं आपसे यह पूछता हूँ कि ...
- क्या आप किसी और की सहायता करना चाहते हैं या अपना भला करना चाहते हैं?... अगर आप अपना भला करना चाहते हैं, तो हम आपकी सहायता कर सकते हैं। अगर कहीं आपको ऐसे अध्यात्म की आवश्यकत...
- क्या आप कुछ पैसे इकट्ठा करा सकते हैं?... हाँ गुरुजी! हम करा देंगे। कितना? पच्चीस हजार का तो हमारा वायदा है, फिर आगे आपका भाग्य है।...
- क्या आप जरूरत की बात नहीं कहेंगे?... आप जरूरत की बात कहिए। जरूरत की बात कहेंगे तो चीजें मिल जाएँगी? हाँ चीजें तो मिल जाएँगी, लेकिन नुकसान...
- क्या आप बच्चों को छाती से लगाएँगे?... उसे छोटी-छोटी कहानियों से प्रेरणा देंगे? गुरुजी! हमने तो बच्चों के लिए नौकर रख छोड़ा है। नौकर ही बच्...
- क्या आप बता सकते हैं?... वरदान की प्रतिक्रिया वही होती है, जो होनी चाहिए। जिन लोगों ने वरदान माँगे थे, उन्होंने भी वही किया। ...
- क्या आप मीठे वचन कहकर वह काम नहीं करा सकते, जो आप कड़ुवे वचन बोलकर या गाली देकर कराना चाहते हैं, वह प्यार भरे शब्द, सहानुभूति भरे शब्द कहकर नहीं करा सकते?... करा सकते हैं।
जिह्वा ही नहीं, हर इंद्रिय का सदुपयोग करें
मित्रो! ये जिह्वा का संकेत ...
- क्या आप मुझे भी प्राप्त करा सकेंगे?... ’’ क्या भगवान् का अनुग्रह मेरे ऊपर न होगा? सुकरात ने कहा- ‘अच्छा तुम कल आना और मेरी एक सेवा करना, ...
- क्या आप यज्ञ के बिना पैदा हुए थे?... नहीं, आप यज्ञ के बिना पैदा नहीं हो सकते थे। अगर माँ ने इंकार कर दिया होता कि इस गंदे बच्चे के लिए, म...
- क्या आप यह नौकरानी खरीद कर लाए हैं या कामवासना की मशीन खरीद कर लाए हैं?... यह कौन है आपकी? आप इसे प्यार नहीं दे सकते? अरे इस प्रकार की मशीनें, विदेशों में रबर की औरतें मिलती ह...
- क्या आप यही कहने चले थे?... या यही करने चले थे? इसका परिणाम क्या होगा? कभी सोचा है कि यह दुनिया कैसे जिएगी? दुनिया के कायदे कैसे...
- क्या आप यही ख्याल करते हैं कि औरों की तरीके से हम भी स्वर्ग प्राप्ति के लिए कोशिश कर रहे हैं?... या मुक्ति के लिए कुछ कर रहे हैं? आपका क्या यही ख्याल है कि सिद्धियाँ और ऋद्धियाँ पाने के लिए हम ...
- क्या आप रोटियों के लिए जिन्दा रहेंगे?... क्या आपके विचारों का, सारी-की-सारी आकांक्षाओं का केन्द्र बच्चे पैदा करना ही बना रहेगा? क्या आपके सामन...
- क्या आप लोगों के लिए ही हमारा जीवन खतम हो जाएगा?... क्या यह जीवन चौबीस लाख के लिए ही है? नहीं, इससे ऊँचा भी कुछ सोचना पड़ेगा; क्योंकि गुरुजी का चिन्तन च...
- क्या आप वरदान की वजह से आये हैं?... वरदान की वजह से आप नहीं आये। क्यों आते हैं आप? आप हमारे प्यार की कशिश से खिंचे हुए चले आते हैं।मित...
- क्या आप वहाँ भी यही हिंदुओं की तरह क्रान्ति करेंगे?... बेटे, यही क्रान्ति मैं वहाँ भी कर सकता हूँ। फिर बहुत जगह मेरे ट्रांसफर बने हुए पड़े हैं? मैं बिस्तर उ...
- क्या आप वेश्याओं के पीछे चमचे बनकर फिरना चाहते हैं?... अरे साहब! इनके क्या कहने? इन्होंने तो वहाँ गाया था, नाचा था, बड़े गजब का था। ये श्रीकृष्ण भगवान् हैं...
- क्या आप सात दिन तक खाना नहीं खाएँगे अच्छा?... हमारे गाँवों में पहले कंजर आते थे और बीबी, बच्चों को भी साथ लाते थे। वे हाथ में ईंट-पत्थर लिए रहते थ...
- क्या आप स्वर्ग में जायेंगे?... उन्होंने कहा-नहीं, मैं स्वर्ग में नहीं जाऊँगा। क्यों? मैं बार-बार जन्म लूँगा और बार-बार मेरी मृत्यु ...
- क्या आपका यह ख्याल है कि आप बी०ए० फर्स्ट डिवीजन ले आएँगे?... अगर आपका यह ख्याल है, तो गलत है। अगर आप फाउंटेनपेन की महत्ता मानेंगे तो मैं कहूँगा कि आपकी बात गलत ह...
- क्या आपके अन्दर इतनी शीतलता है?... क्या ज्ञान की गंगा जो अनवरत बहती चली जा रही है। अभी-अभी आपने देखा कि लड़कों ने गाया, वह सारा-का-सारा...
- क्या आपके अपने विचारों का, सारी की सारी आकांक्षाओं का केन्द्र बच्चा पैदा करना ही बना रहेगा?... क्या आपके सामने अपना परिवार और धन के अलावा कोई तीसरी चीज नहीं आएगी? आपको आनी चाहिए। मेरा पूरा-पूरा म...
- क्या आपके इस पाप कार्य में आपके घर वाले भागीदार हैं क्या?... घर में पूछने गए, पत्नी से पूछा, बेटे से पूछा, माँ से पूछा। सबका उत्तर एक ही था कि हमको तो उदरपोषण के...
- क्या आपके पास इसके लिए कोई स्कूल है?... दवाखाने वाले तो वो चीज हैं कि जहाँ कहीं भी जाइए, हर चीज का इंजेक्शन लगा देंगे। उन्हें ये मालूम न...
- क्या आपके लिए ऐसा सम्भव है?... क्या आप अपना चिन्तन और अपने विचार बदल सकेंगे? यदि हाँ, तो हम आपको शक्ति दिलाएँगे। ब्रह्मवर्चस् साधना ...
- क्या आपके लिए यह सम्भव है कि आप अपने जीवन में त्याग का, बलिदान का, परोपकार का और परमार्थ का कोई प्रमाण दे सकते हैं कि नहीं?... मित्रो! अभी ये लड़कियाँ गा रही थीं और मेरे मन में भी लहर आ रही थी। वे गा रही थीं, जरूरत आ पड़ी है,...
- क्या आपके विचारों का, सारी-की-सारी आकांक्षाओं का केन्द्र बच्चे पैदा करना ही बना रहेगा?... क्या आपके सामने स्वार्थपूर्ति और धनार्जन—इन दो के अलावा कोई तीसरी चीज नहीं आएगी? आनी चाहिए। मेरा पूर...
- क्या आपके सामने अपना परिवार और धन के अलावा कोई तीसरी चीज नहीं आएगी?... आपको आनी चाहिए। मेरा पूरा-पूरा मन है कि आपके अन्दर ऐसी स्फुरणा पैदा होनी चाहिए, जो आपका कल्याण करे और...
- क्या आपके सामने स्वार्थपूर्ति और धनार्जन—इन दो के अलावा कोई तीसरी चीज नहीं आएगी?... आनी चाहिए। मेरा पूरा-पूरा मन है कि आपके अन्दर वह बोध पैदा होना चाहिए, जो आपका कल्याण करे और सारे समाज...
- क्या आपको ऐसा प्यार करना नहीं आता है?... केवल अपने बच्चों को ही प्यार कर सकते हैं, दूसरों को नहीं कर सकते क्या? आपका बच्चा तो आपकी पिटाई करेग...
- क्या आपको दिखाई देता हैं?... उन्होंने कहा कि तुम अभागे हो और मैं भाग्यशाली हूँ। मुझे भगवान हर समय दिखाई देता है। मेरी भुजाओं में ...
- क्या आपको नहीं मालूम?... बेटा! मुझे एक ही बात मालूम है कि जिसके साथ हम जुड़े हुए हैं, हमको पूरा विश्वास और पूरी श्रद्धा है, ट...
- क्या आपको यह आश्वासन दिलाना पड़ेगा कि मरने के बाद क्या होगा?... मित्रो! मरने के बाद क्या होता है और मरने के बाद में कहाँ जाना पड़ेगा? मैं कुछ कह नहीं सकता।...
- क्या आपको वह उदाहरण ध्यान नहीं है?... कौन सा? वेस्टन वॉच कंपनी का। वेस्टन वॉच कंपनी की घड़ियों का मार्केट उसकी प्रामाणिकता पर निर्भर है। ...
- क्या आपको सन्तोष हो जाएगा?... मित्रो, इस शिविर में आप को बुलाने के पीछे हमारा विशेष उद्देश्य सन्निहित था। आप कहते हैं कि हमें कु...
- क्या आपने इन अनुदानों का मूल्यांकन किया?... अगर किया जाना है तो एक ही रूप में किया जाना है कि आपको थोड़ी−सी हिम्मत करनी है। एक छलाँग लगानी है। ज...
- क्या आपने उसे देखा है?... इसे आप नहीं देख सकते। हमारे भीतर महान बैठा है और हमारे जीवन में महान काम करता है। आप इसे नहीं जान सक...
- क्या आपने ‘एटम’ को कभी देखा है?... एटम में बहुत ताकत होती है। समूचे सौरमण्डल में सूर्य केन्द्र में रहता है, परन्तु एटम को कभी देखा है?...
- क्या आपसे मैं पैसे की बात कह रहा हूँ?... मैं तो श्रम की बात कह रहा हूँ। समय की बात कह रहा हूँ। मुहब्बत की बात कह रहा हूँ। प्रोत्साहन की बात क...
- क्या आफत आ गई?... नहीं महाराज जी! हमको सपने में दीख गई। मित्रो! यह क्या है? मानसिक दुराचार है। मानसिक दुराचार को अगर आ...
- क्या आफत आ गयी?... ये तो मुसीबत पैदा करेंगे। मित्रो! देवताओं की इतनी हुकूमतें नहीं हो सकतीं। एक ही हुकूमत हो सकती है। ...
- क्या आशीर्वाद दें?... यह आशीर्वाद दीजिए कि हमारे सन्तान हो जाए। बेटे ! हमको तीन साल का अपना पुण्य आपको देना पड़ेगा, तप देना...
- क्या इंतजाम करेंगे?... हमने विचार कर रखा है कि स्टीम कुकर, प्रेशर कुकर का प्रबन्ध करेंगे। उसमें आप अपने खाद्य में से उतनी मा...
- क्या इंतजाम करेगा?... ले आ कुछ डबल रोटी, बिस्कुट ले आ, बोर्नवीटा ले आ, कुछ हॉर्लिक्स ले आ, कुछ दूध ले आ। महाराज जी। आप ...
- क्या इच्छा पूरी करें?... लोक-मंगल के लिए। लोक-मंगल के लिए, लोकहित के लिए, जनकल्याण के लिए प्राचीनकाल के भक्तों का इतिहास देखि...
- क्या इच्छा है?... हम भगवान को थोड़ा-सा प्रसाद चढ़ाना चाहते हैं, धूपबत्ती चढ़ाना चाहते हैं, नाम लेना चाहते हैं और क्या ...
- क्या इन परिस्थितियों को बदला नहीं जाना चाहिए?... हाँ, अगर हमको समाज में ढोंग, अनाचार और अज्ञान फैलाना हो, तो मन्दिरों का यही रूप बना रहने देना चाहिए...
- क्या इन परिस्थितियों को बदला नहीं जाना चाहिए?... हाँ, अगर हमको समाज में ढोंग, अनाचार और अज्ञान फैलाना हो तो मन्दिरों का यही रूप बना रहने देना चाहिए। अ...
- क्या इनका पूरा होना जरूरी है?... बिलकुल जरूरी नहीं है, क्योंकि ये दुनिया, ये परिस्थितियाँ केवल आपके लिए थोड़े ही बनी हैं! आप अनुकूल प...
- क्या इनके जीवन के क्रियाकलाप वह हैं, जो अध्यात्मवादी के होने चाहिए?... हमको बड़ी निराशा होती है जब यह मालूम पड़ता है कि सब कुछ उलटा- पुलटा हो रहा है। अध्यात्म की दिशायें अ...
- क्या इनसान भगवान हो सकता है?... हाँ, बिलकुल हो सकता है, अगर उसको प्रकाश मिल जाए तब, लेकिन अगर अन्धकार मिल जाए तो उसकी ऐसी मिट्टी पलीद...
- क्या इरादा था?... उनका इरादा था कि संसार में जो अवांछनीय तत्त्व हैं, उनको हम जला देंगे। अवांछनीय तत्त्वों को जला देना ...
- क्या इशारा है?... यही कि अब आप गाड़ी को चला सकते हैं। यदि यही बात जबान से कहते, तो फिर कौन सुनने वाला है? चाहे जितनी ...
- क्या इस कोठरी में हमको जगह नहीं मिल सकती?... फकीर ने दरवाजा खोल दिया और कहा कि इसमें सोने के लिए एक आदमी की जगह थी, लेकिन हम दो आदमी भी बैठ सकते ...
- क्या इस दुनिया का विनाश होगा?... नहीं, बेटे, जिस स्रष्टा ने इस बेहतरीन, खूबसूरत दुनिया को बनाया है, जिसके समान अब तक ऐसी खूबसूरत दु...
- क्या इस प्रकार की विपन्नता की स्थिति में, ऐसी संकट-कालीन वेला में- जब आदमी मरने-मारने को तैयार है, जो आप उनको बचाने के लिए डॉक्टरों की तरह सेवा देने के लिए आगे नहीं आ सकते हैं?... यह कैसी विडम्बना है, जो आप नौकरी के बाद का चार घण्टे का समय भी लोकमंगल के लिए, समाज के लिए, इनसान क...
- क्या इस सुन्दर दुनिया की बरबादी इसी तरह से होती रहेगी?... क्या यह समय ऐसा ही बना रहेगा? नहीं, जिस कलाकार ने इस दुनिया को अपनी सारी कला झोंक करके बनाया है,...
- क्या इसके बिना काम नहीं चल सकता?... इस तरह पैसे पर नियंत्रण रखा जा सकता है और अपव्यय से भी बचा जा सकता है।समय का संयम सबसे महत्त्वपूर्...
- क्या इसलिए कि वे कोई संयम नहीं रखते थे?... नहीं बेटे, ऐसी बात नहीं है। वे तो सन्त थे। उन्होंने दूसरों के दुःख−कष्टों को, उस जहर को खुद पिया और अ...
- क्या इससे दो सौ रुपये महीना मिलेगा?... नहीं बेटे! अब वो समय चला गया, तेरी जिन्दगी में अब दोबारा समय नहीं आ सकता। नहीं साहब! हम छह महीने के ल...
- क्या इससे भी भगवान मिल जाएगा?... हाँ साहब! अच्छा तो जब भगवान मिल जाए तो हमें भी दिखाना।
बेटे! योगा वह हो सकता है जिसमें हमारा ...
- क्या इससे वे दूर हो जाएँगे?... नहीं, इससे वे दूर नहीं हो सकते।देवताओं का आना जरूरीफिर कैसे दूर हो सकते हैं? मित्रो! दैत्यों को मारन...
- क्या इसी से आपका प्यार होता है?... क्या मतलब है आपके प्यार से! मरद औरत को खाएगा और औरत मरद को खाएगी, क्या यही अर्थ है विवाह का? गाँधी...
- क्या इसे कोई शान्ति देने वाला है?... कोई अकल देने वाला है कि ये सारा-का-सारा संसार हमारा विनाश के कगार में चलता हुआ चला जा रहा है?
ह...
- क्या इसे सरकार बन्द कर सकती है?... नहीं, सरकार नए-नए कायदे-कानून और नीतियाँ बनाती चली जाएगी और लोग अपने बचाव के लिए नए-नए तरीके ईजाद ...
- क्या इसे सहकारिता कहते हैं?... अरे मक्कारो! यह तो मालिक तथा जानवरों का व्यवहार और मालिक तथा दासी का व्यवहार है। यह समानता का व्यवहा...
- क्या इसे स्नेह कहते हैं?... क्या इसे सहकारिता कहते हैं? अरे मक्कारो! यह तो मालिक तथा जानवरों का व्यवहार और मालिक तथा दासी का व्य...
- क्या उद्देश्य है?... अपने आप का परिशोधन करते हुए पूर्णता तक जा पहुँचने का उद्देश्य नंबर एक। प्यार कीजिए—प्यार का विस्...
- क्या उन फर्जों से मुक्ति प्राप्त नहीं की जानी चाहिए?... मनुष्य के मन में जिस दिन ये भाव उत्पन्न होते हैं, उस दिन चारों ओर देवता दिखाई पड़ते हैं। वह अध्यापक...
- क्या उनका बदला नहीं चुकाया जाना चाहिए?... क्या उन फर्जों से मुक्ति प्राप्त नहीं की जानी चाहिए? मनुष्य के मन में जिस दिन ये भाव उत्पन्न होते ...
- क्या उनकी चीत्कार कानों में नहीं पड़ती?... पड़नी चाहिए। अन्यान्य विकृतियाँ हैं, जो कि हमारे समाज में कोढ़ हैं। वह कोढ़ पुकार रहा है कि भाई! कोई...
- क्या उनकी भुजाएँ हम भी बन सकते हैं?... बेटे! भुजाएँ बहुत काम आती हैं। खाना खाने के काम आती हैं। प्रणाम करने के काम आती हैं। तकिये के काम आत...
- क्या उनके ऋणों से मुक्ति नहीं पायी जा सकती है?... मनुष्य के मन में जिस दिन ये भाव उत्पन्न होते हैं, उस दिन उसे चारों ओर देवता, दिखायी देते हैं। एक द...
- क्या उनके पदचिह्नों पर भी चल सकते हैं?... क्या कदम-से-कदम मिलाकर उनके साथ हम भी चल सकते हैं? क्या उनकी भुजाएँ हम भी बन सकते हैं?
बेटे! भुज...
- क्या उन्होंने रघुवंशियों से लेकर अनेकों राजाओं की राजसत्ता को अच्छा नहीं बना दिया था?... हाँ, उन्होंने बना दिया था। सारे महामानव धर्मसत्ता को लेकर चले थे। चाणक्य ने क्या चन्द्रगुप्त को ...
- क्या उन्होंने शिवाजी और दूसरे लोगों को अच्छा नहीं बना दिया?... हाँ, बना दिया था। हम भी सरकारों को अच्छा बना देंगे, जनता को अच्छा बना देंगे। जनता को अच्छा बनाने...
- क्या उपवास इसी को कहते हैं?... नहीं, इसे नहीं कहते हैं।
विज्ञापन वाली आध्यात्मिकता छोड़िए
मित्रो! विज्ञापन वाली इस आध्यात्...
- क्या उपवास करता है?... नहीं साहब! कुछ रबड़ी खाता हूँ, कुछ पकौड़ी खाता हूँ, कुछ जलेबी खाता हूँ। क्या-क्या खाता है? कुछ और रह ग...
- क्या उपासनाएँ बताई थीं?... हमने आपको तीन यूनीवर्सल उपासनाएँ बताई थीं? ये तीन यूनीवर्सल उपासनाएँ कौन-सी हैं? एक है—'जप'। ...
- क्या उसके घर में इनकी कमी थी?... उसके घर में जब नौकरानी काम करती है, तो यहाँ किसलिए आई है? कामवासना की पूर्ति के लिए? नहीं, आपको नहीं...
- क्या उसके लिए आप कुछ कर पाएँगे?... दैवीय संपदा का विस्तार करें साथियो! दैवीय सभ्यता जिसका अर्थ भजन करना नहीं होता, वरन् जीवन को दैवीय स...
- क्या उसके हाथ-पाँव बड़े हो गये हैं?... नहीं, हाथ-पाँव बड़े नहीं हुए हैं। उसके हाथ-पाँव वही हैं। उनमें कोई अन्तर नहीं आया है। लम्बाई-चौड़ाई मे...
- क्या ऋषियों ने झूठ बोला?... नहीं बेटे! ऋषियों ने झूठ नहीं बोला। प्राचीनकाल में जो वर्षा होती थी, उसके साथ में प्राण-पर्जन्य बरसत...
- क्या ऐसा कोई कल्पवृक्ष होना सम्भव है?... हाँ, एक कल्पवृक्ष है और वह है—हमारा जीवन। हम अपने जीवन की महिमा को, गरिमा को समझ पाएँ। जीवन के महत्त...
- क्या ऐसा कोई व्यक्तित्व है या ऐसा कोई ऋषि है, सन्त है, जो कि जलती हुई अग्नि पर पानी डाल सके?... जलती हुई लौ में घी डालने का काम तो कोई भी कर जाते हैं; लेकिन पानी का काम हरेक नहीं करता।
बेटे ! स...
- क्या ऐसा जमाना आ रहा है?... हाँ बेटे, बिल्कुल आ रहा है।
मित्रो! आपके चाहने से आपके लिए दुनिया तो नहीं बदलेगी। आप अपनी चाह...
- क्या ऐसा तरीका हो सकता है?... हाँ बेटे! ऐसा तरीका हवन का ही हो सकता है, जिसमें हम सारी दुनिया को अपने यहाँ बुला सकते हैं और उसे खि...
- क्या ऐसा सम्भव है?... हाँ! बिलकुल सम्भव है। जिस तरीके से माँगने वाले याचक खड़े होते हैं और कहते हैं कि हमको देना चाहिए, हमक...
- क्या ऐसा सम्भव हो सकता है?... नहीं, ऐसा सम्भव नहीं हो सकता।स्वे स्वे आचरेण शिक्षयेत्इसीलिए मित्रो! देवताओं को क्या करना पड़ा कि अयोध...
- क्या ऐसा ही कुटुँब होता है?... ऐसे कुटुँब पर लानत है, जो किसी को देखना ही नहीं चाहता, जहाँ केवल अपना स्वार्थ ही सबको दिखाई देता है।...
- क्या ऐसा हो सकता है?... हाँ बेटे! हो सकता है। जहाँ कहीं भी ऐसी श्रेष्ठ मनःस्थिति रहेगी, वहाँ की सारी परिस्थितियाँ, वातावरण क...
- क्या ऐसा हो सकता है?... हाँ, हो सकता है। नेपोलियन में क्या बात थी? आदमी था। कैसा आदमी था? क्या फरक था? कुछ भी फरक नहीं था। ब...
- क्या कड़ाई लागू की गई?......
- क्या कदम बढ़ाना चाहिए?... मैंने फिर अपने उसी फरिश्ते से दूसरा सवाल किया कि जब आपने मुझे जगा ही दिया है और यह बता दिया है कि जि...
- क्या कदम-से-कदम मिलाकर उनके साथ हम भी चल सकते हैं?... क्या उनकी भुजाएँ हम भी बन सकते हैं?
बेटे! भुजाएँ बहुत काम आती हैं। खाना खाने के काम आती हैं। प्र...
- क्या कभी आपने किसी हिरन को जुकाम होते देखा है?... किसी खरगोश को खाँसी होते-खाँसते देखा है क्या? कोई भी बीमार नहीं होता। दुनिया में एक ही बेवकूफ जानवर ...
- क्या कभी मुझे उससे लकड़ी नहीं लेनी होगी?... " हुआ भी यही। वे बाहर थे और उनकी माँ का देहावसान सन् 1971 में हो गया। मैंने कहा—"अरे मैं हूँ, उनकी ज...
- क्या कमाता है?... साहब! कमाता तो नहीं है, पर शादी तो होनी चाहिए। कमाता नहीं है, तो काहे की शादी होनी चाहिए। कमाए या न ...
- क्या कमाल के हाथ हैं?... उन्होंने स्त्री के हाथ की खूबसूरती को देखा।आप वही खूबसूरती लोगों में देखना शुरू कर दीजिए। फिर आप देख...
- क्या कमाल है?... आपको तो रात भर करवटें बदलनी पड़ती हैं। भगवान बुद्ध के शिष्यों ने आनन्द से कहा कि तो हमको भी दिखाइये। ...
- क्या कमी रह गई थी?... लोगों के साथ शराफत करने का वास्ता, जो उन्होंने पढ़ा था। उनके पिताजी बड़े शरीफ थे। उन्होंने आज्ञा दी ...
- क्या कमी है?... गुरुजी! आप तो कहते थे कि दो ही बच्चे हुए थे। बेटे तुझे मालूम नहीं है कि कितने बच्चे हुए थे।अभी लाखों...
- क्या कर दिया?... आपके लिए एक वातावरण बनाकर के हमने रख दिया यहाँ शान्तिकुञ्ज में। यहाँ क्यों बुलाया है आपको? वातावरण का ...
- क्या कर रहे हैं, क्या नहीं?... उन्हें क्या मतलब? उन्हें तो केवल अपनी उदरपूर्ति से मतलब है। उनको जो सुविधाएँ-साधन मिलने चाहिए, उससे ...
- क्या कर रहे हैं?... बच्चों जैसी उलटी-पुलटी हरकतें करते हैं। मम्मी हम यह घर बना रहे हैं। हाँ, बहुत खूब बेटे, अच्छा है घर ...
- क्या कर लिया तेरी माला ने?... गाली पड़ती है ना? हाँ साहब! गाली पड़ती है। हाँ बेटे, गाली पड़ेगी। आगे भी, अभी और गालियाँ पड़ेंगी। क्यों?...
- क्या करता रहता है?... बीमा करा दिया, बीमा करा दिया.......। क्यों भाई साहब! आप तो बड़े दयालु हैं। हाँ साहब! हम बड़े दयालु ह...
- क्या करता है?... पहले अँगीठी में डालता है, फिर कसौटी पर कसता है, तब बात, करता है। पहले दाम बताइए। बेटे! पहले हम दाम क...
- क्या करती है?... उसने कहा, तुम इतने बड़े हो, कुछ काम कर सकते हो। मैं तो गरीब हूँ, छोटी सी हूँ। मैं तो बिना पढ़ी हूँ, ...
- क्या करते हैं आप?... बेटे! हम यह भावना करते हैं कि हम खाली हो गए हैं और मन खाली करके फेंक दिया है और भगवान से कहा कि आपकी...
- क्या करते हैं साहब?... हम तो अनाथों का पालन करते हैं। बेटे! तेरी दृष्टि में फरक रहा तो कुछ बनेगा नहीं।
हवन भी एक तम...
- क्या करते हैं?... साहब! हमारा—‘‘शर्मा हेयर कटिंग सैलून ’’ है। आप भी शर्मा जी हैं? हाँ हम भी शर्मा जी हैं, तो ठीक है। आ...
- क्या करते हैं?... मैं नहीं जानता, लेकिन मन की शक्ति को तो कहते हैं कि हाथी के बराबर वह शक्तिशाली है। शरीर की दृष्टि से...
- क्या करते हैं?... हम जनता की भावनाओं की इज्जत करते हैं।
इज्जत उसे कहते हैं—जिसके साथ में सहयोग जुड़ा होता है। आपने...
- क्या करते हो?... योगा कर रहे हैं? अरे बाबा! इस योग में यह क्या हुआ? वह योग तो शरीर का हुआ। शरीर को उल्टा कर रहा है।...
- क्या करना चाहते हैं?... सरल रास्ता बताइए इंग्लैण्ड जाने का। इंग्लैण्ड जाने का रास्ता जानना चाहते हैं? कैसा सरल रास्ता बताऊँ ...
- क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?... बस यहीं हम भटक जाते हैं और इस वजह से हम कहीं के मारे, कहीं जा पहुँचते हैं। जो हमको करना चाहिए, वह ह...
- क्या करना चाहिए था आपको?... फिर आपको हमसे नया मंत्र पूछना चाहिए था। अगर आपका मकसद यह था कि हमको रावण के तरीके से मालदार और दौलतम...
- क्या करना चाहिए, क्या विचार करना चाहिए?... आपको इन दोनों समयों में आत्मबोध और तत्त्वबोध की साधना करनी चाहिए। प्रातःकाल जब आप उठा करें, तो एक नए...
- क्या करना चाहिए?... प्रत्येक क्रिया के लिए जो कर्मकाण्ड बनाए गए हैं, वे श्रेष्ठ काम के लिए बनाए गए हैं। कर्मकाण्ड करते स...
- क्या करना चाहिए?... आपको अपने शरीर को देना चाहिए। शरीर को क्या देना चाहिए? शरीर बेचारा मुसीबत में फँसा हुआ है, रोज-रोज ब...
- क्या करना चाहिए?... आपको एक काम करना पड़ेगा। क्या? इस दुनिया में सबसे बड़ी दिक्कत यह पड़ती है कि आदमी अपनी बहुत सारी इच्...
- क्या करना चाहिए?... अपने भगवान को सम्वेदना में उतारने के लिए हमको ये करना पड़ेगा कि हमें एक अलग कंपनी बनानी पड़ेगी, एक अल...
- क्या करना चाहिए?... हमारे आपके जैसा आदमी होता तो यह ख्वाब देखता किं ब्याह करना चाहिए, बच्चे पैदा करना चाहिए, नौकरी करनी ...
- क्या करना चाहिए?... आसुरी मनुष्यों को मार डालना काफी नहीं है, वरन उस वातावरण का परिशोधन करना भी अनिवार्य है। क्या करना च...
- क्या करना चाहिए?... शमीक ऋषि ने फौरन राजा परीक्षित के पास खबर भेजी कि भाई! एक सप्ताह का समय रह गया है, तुम्हारी जान बचेग...
- क्या करना चाहिए?... बाबाजी ने कहा कि अच्छा तो बेटा! तू ऐसा कर कि चार भारी-भारी पत्थर ले और उन्हें सिर पर रखकर चल। कहाँ च...
- क्या करना चाहिए?... इससे कोई समस्या हल होगी? कोई समस्या हल नहीं होगी। क्योंकि आदमी इतना बदमाश और इतना बदकार, इतना जाहिल ...
- क्या करना चाहिए?... बेटे, आपके हाथ में एक सौभाग्य है। आप चाहें तो सौभाग्य का फायदा उठा सकते हैं। कैसे? आगे वाली लाइन म...
- क्या करना चाहिए?... इन मुसीबतों से कैसे बचना चाहिए? बचाव का एक ही तरीका है और वह है कि हम अपना दिमागी सन्तुलन कायम रखें...
- क्या करना चाहिए?... हमारे पास अगर कुछ तप है, कुछ पुण्य है और हमने जप किया है, हमने कुछ अनुष्ठान किया है, अगर हमारे पास...
- क्या करना चाहिए?... बेअकली हमारे ऊपर इस कदर हावी हो गयी है जिसमें समझदार भी शामिल हैं और बिना समझ भी शामिल है। इस मामले ...
- क्या करना चाहिए?... हमारे शत्रु बाहर ही नहीं भीतर भी होते हैं और बड़े जबरदस्त होते हैं। बाहरी शत्रु जो हमें बैरियों के रू...
- क्या करना चाहिए?... सारे घर में शोक, माँ रो रही है, दादी रो रही है। क्यों रो रही है? हमारा बच्चा था, मर गया। आप रोयेंगे?...
- क्या करना चाहिए?... हमारे आपके जैसा आदमी होता तो यह ख्याल करता, यह ख्वाब देखता कि ब्याह कर लेना चाहिए। बच्चे पैदा करना च...
- क्या करना चाहिए?... हमारे आपके जैसा आदमी होता तो यह ख्याल करता, यह ख्वाब देखता कि ब्याह कर लेना चाहिए। बच्चे पैदा करना च...
- क्या करना चाहिए?... बेटे अब हम बुड्ढे हो गए हैं और तू कमाने लगा है। तुझे साढ़े छह सौ रुपये मिलते हैं। देख, हम ये फटा हु...
- क्या करना पड़ा है?... यही बताने के लिए मैं आपका बुलाता हूँ।
मित्रो भगवत् भक्तों के प्राचीनकाल के इतिहास में से एक भ...
- क्या करना पड़ेगा?... यह भी एक ऐसा काम है, जो मनुष्य के जीवन को और मनुष्य की दिशाओं को हिलाकर रख सकता है। अगर कहीं ऐसा उद्...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको आध्यात्मिक जीवन में पात्रता का विकास करना होगा। तभी आवाज की प्रतिध्वनि की भाँति भगवान के अनुग्र...
- क्या करना पड़ेगा?... हमको अपना जीवन तपस्वी जीवन में ढालने के लिए तैयार करना होगा। यह कठिन चीज है, अतः ज्यादा कीमत चाहिए। ...
- क्या करना पड़ेगा?... दूसरे लोग तो भगवान के साथ मखौल करते हैं, दिल्लगीबाजी करते हैं। दिल्लगीबाजी क्या होती है? यह होती है,...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको असलियत समझनी पड़ेगी। असलियत कड़वी है तो रहे, भक्ति का विज्ञान आपको जानना चाहिए। भक्ति का विज्ञा...
- क्या करना पड़ेगा?... कैसे करना पड़ेगा? इसी विधि का नाम अध्यात्म है।
अध्यात्म की शुरुआत यहाँ से
अध्यात्म क...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको भगवान को खरीदने के लिए अपने आप को सौंपना पड़ेगा। तब भगवान हमारी मनोकामना पूरी करें, ऐसा आप नहीं...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको भगवान का प्यार पाने के लिए, भगवान का अनुग्रह पाने के लिए, भगवान की सहायता पाने के लिए, भगवान की...
- क्या करना पड़ेगा?... हमको दूसरों की तुलना में अपने आप को बेहतरीन बनाने के लिए, मजबूत बनाने के लिए कुछ काम करने पड़ेंगे। अ...
- क्या करना पड़ेगा?... अगर संस्कृति वापस न आ सकी तो दुनिया तहस-नहस हो जाएगी, दुनिया मिट जाएगी। दुनिया जिन्दा न रह सकेगी। परल...
- क्या करना पड़ेगा?... इसके लिए दो बातें मैं आपको बता चुका हूँ। सांसारिक जीवन के लिए भी दो बातें बता चुका हूँ कि अगर आपको म...
- क्या करना पड़ेगा?... इन देवताओं की साधना करनी पड़ती है। साधना कैसे की जाती है? यही तो मैं निवेदन कर रहा था।...
- क्या करना पड़ेगा?... बेटे, हमको अपने बहिरंग जीवन को परिष्कृत करना पड़ेगा।
मित्रो! बहिरंग जीवन को परिष्कृत करने के...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको घर-घर जाना पड़ेगा। लोगों में रुचि पैदा करनी पड़ेगी। पिछड़ापन अगर ऐसा रहा होता, जो कहता है कि हम...
- क्या करना पड़ेगा?... करना हमको वह पड़ेगा और वही महत्त्वपूर्ण काम है, जो स्वामी केशवानन्द करने में समर्थ हुए थे। अगर स्वामी...
- क्या करना पड़ेगा?... उसके लिए दैवी संस्कृति की सभ्यता की स्थापना करनी पड़ेगी, ताकि लोगों के भीतर से उमंगें, जोश, जीवट, एक-...
- क्या करना पड़ेगा?... नई-नई चीजें माँगने की अपेक्षा, नई-नई ख्वाहिशें, नई-नई फरमाइशें करने की अपेक्षा हमारे सामने जो चीजें ...
- क्या करना पड़ेगा?... आप अपनी मर्जी से कुएँ में गिरिए और डुबकी लगाइये और मुझे खींचकर ले जाइये। मित्रो! काँटा से काँटा निकल...
- क्या करना पड़ेगा?... बेटे, एक काम करना पड़ेगा और वह है- दिलेरी। दिलेरी के अलावा और किसी भी बात की जरूरत नहीं है आपको। ज्...
- क्या करना पड़ेगा?... इसमें एक ही काम करना पड़ता है और वह है अपने व्यक्तित्व का विकास। नहीं साहब! देवी को प्रसन्न करने ...
- क्या करना पड़ेगा?... आप इस बारे में ध्यान रखें। अगर आप यह ध्यान रखेंगे, तो मैं समझूँगा कि आपने योगाभ्यास और वह क्रिया-क...
- क्या करना पड़ेगा?... हमको वही करना पड़ेगा, जो ऋषियों ने, सन्तों ने, महात्माओं ने, ब्राह्मणों ने हमेशा से किया है। उन्हें ...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको तीर्थयात्राओं के लिए जाना पड़ेगा। जिस गाँव में आप पहुँचेंगे, जिस गाँव में आप बिगुल बजायेंगे, ज...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको तेल का ध्यान रखना पड़ेगा। इसका आप ध्यान रखिये। अपना तपस्वी जीवन शुरू कीजिए। चमड़ी का तप नहीं, मान...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको देवताओं की कंपनी में भर्ती होना पड़ेगा। अगर आप देवताओं की कंपनी में भर्ती हो जायें, ...
- क्या करना पड़ेगा?... अब मैंने आपको इसलिए बुलाया है क हमको आपकी आवश्यकता आ पड़ी है। हम तीस साल से कुटुम्ब बनाकर रह रहे थे ...
- क्या करना है?... सवेरे उठना चाहिए, नहाना चाहिए, पूजा करनी चाहिए, हवन करना चाहिए। ये क्रियाएँ हैं और जनता में क्या करा...
- क्या करूँ इसके लिए, क्या कर डालूँ इसके लिए?... अगर उच्च कोटि के ज्ञान, विचारधारा हमारे घर में रही होती, तो स्वर्ग हमारे पास आता और हमको स्वर्ग के ल...
- क्या करूँ बेटा?... तू आँख से पट्टी खोल और मेरे शरीर को एक बार देख ले, तो न जाने मैं कैसा हो जाऊँगा। फिर मैं मारा नहीं ज...
- क्या करें इनके हाथ चूमें कि इनके पाँव चूमें?... क्या करें समझ नहीं आता? ऐसे शानदार बच्चे हैं। उन्होंने कैसे अच्छे बच्चे पैदा किए हैं। तब तो बेटे, हम...
- क्या करें बेटे?... पचास साल जिसके साथ में गुजारे, उसे हम कैसे भुला सकते हैं? वह नहीं भुलाया जा सकता, लेकिन फिर भी मैं भ...
- क्या करें समझ नहीं आता?... ऐसे शानदार बच्चे हैं। उन्होंने कैसे अच्छे बच्चे पैदा किए हैं। तब तो बेटे, हमारी भी शान है और आपकी भी...
- क्या करेंगे इनका?... दैवी सभ्यता का शिक्षण करेंगे और ये दोनों अनीति के विरुद्ध संघर्ष करेंगे। अरे गुरुजी, ये तो छोटे बच्च...
- क्या करेंगे इनकी पूजा करके?... कम्यूनिज्म बहुत कष्टसाध्य है, उसे आप बर्दाश्त नहीं कर सकते। प्रत्येक क्रिया के लिए आपको उचित मूल्य च...
- क्या करेंगे भगवान जी फूल खाकर के?... वे तो चारों ओर घूमते रहते हैं। जहाँ कहीं बगीचा दिखाई पड़ेगा, वहीं जा बैठेंगे और फूल सूँघते रहेंगे। क...
- क्या करेंगे हम इन मुरदा आदमियों का?... इनसे हमारा कुछ काम नहीं बनेगा। हमको जीवट वाले आदमियों को तलाश करना पड़ेगा। अतः आपको जहाँ कहीं भी जी...
- क्या करेगा इतने मकान का?... हमारा मकान है, तो हम मकान का कौन सा खर्च बतावें। आपके लिए सारा खर्च बताना मुनासिब नहीं है।
मित्रो!...
- क्या करेगा चन्द्रमा देवता पर जाकर?... दूसरे देवताओं की तलाश कर ली गयी। शुक्र देवता की तलाश कर ली गयी। मंगल की तलाश कर ली गयी। अब और आगे रॉ...
- क्या करेगी देवी?... बालों को खाएगी? नहीं, वह तो रोटी भी नहीं खाती। यदि बाल न चढ़ाएँ तो? तो बच्चे को बीमार कर देगी या मार...
- क्या कलम आवश्यक है?... हाँ बहुत आवश्यक है, लेकिन अगर आपका यह ख्याल है कि कलम के माध्यम से आप तुलसीदास बन सकते हैं, कबीरदास ...
- क्या कल्पना करता था?... यह कि सिर पर जो घड़ा रखा हुआ है, इसके दो पैसे मिलेंगे। उससे मुर्गी का अण्डा लाऊँगा और फिर बच्चा निकाल...
- क्या कह रही थी?... यह कह रही थी कि आप गिलास खाली कीजिए, हम हवा ले करके आएँगे और आपके गिलास में भर देंगे। बेटे! हवा ...
- क्या कह रहा हूँ?... यही कि इसका अधिकार सबको है। अगर आपको इसका चमत्कार प्राप्त करना हो, गायत्री की सिद्धि प्राप्त करनी ...
- क्या कह रहा है?... इसका क्या अर्थ है? यह भी तुझे मालूम है कि नहीं। नहीं महाराज जी! भगवान को क्या अर्थ मालूम? जो हम कह द...
- क्या कहती है तेरी देवी?... यों कहती हैं कि मैं बाल खाऊँगी, तू बाल यहीं काट। बेटे तू ऐसा भी कर सकता है कि घर पर मुण्डन करा ले और...
- क्या कहते थे?... ‘‘आयुर्यज्ञेन कल्पताम्, चक्षुर्यज्ञेन कल्पताम्, बाहुर्यज्ञेन कल्पताम्।’’ हमारी भुजाओं ने जीवन भर यज्...
- क्या कहते हैं इसे?... कुण्डलिनी कहते हैं। गाँधी जी को कुण्डलिनी दिखानी थी। चुप, बेअकल आदमी, कुण्डलिनी दिखानी चाहिए थी। मित...
- क्या कहना चाहते हैं?... " सारे मुसलमानों ने माना।
मित्रो! वह लेख अपनी अखण्ड ज्योति में भी छपा। जामिया मिलिया में दिया गय...
- क्या कहना है?... पिताजी! यह कहना है कि आपकी लँगोटी फट गई है और दूसरी नदी में बह गई है। हाँ बेटी! बह गई है तो आइए, इनस...
- क्या कहा उन्होंने?... राजा परीक्षित ने कहा कि इसका कारण एक है। एक बार हम शिकार खेलने गए और रास्ता भूल गए। हमारे बाकी सारे ...
- क्या कहा था?... आप हमारे निजी कामों में शरीक हो सकते हैं और जो काम हम कर सकते हैं, उसमें भी आप सहायक बन करके अपना दर...
- क्या कहीं से मोल खरीदा है?... उन्होंने कहा—"मैंने मोल खरीदा है।" "किससे खरीदा है?" उन्होंने कहा—"मैंने लिया प्रेम तराजू तोल।" अरे,...
- क्या काबू में नहीं है?... हनुमान जी से आप चाहते हैं कि हमारा ब्याह-शादी हो जाए और हमारे लड़के के बाल-बच्चे हो जाएँ। एक बार हनु...
- क्या काम करता है?... मैं तो लकड़हारा हूँ और जानवर चराता हूँ और गाँव में रहता हूँ। लकड़ी तोड़ना बन्द कर, मेरे पाँव तो दबा ...
- क्या काम करते हैं?... दफ्तर में एल.डी.सी-क्लर्क हैं। साहब! फाइलों की लिखा-पढ़ी करनी पड़ती है। सारे रजिस्टर मेन्टेन करने पड़...
- क्या काम करते हैं?... फूल बरसाते हैं। नहीं साहब! यह बात समझ में नहीं आई। भाई साहब! आप रामायण पढ़ लीजिए। रामायण में पचास जग...
- क्या काम करना पड़ा?... अरे साहब! हम वहाँ कार्यालय में नौकर हैं। क्या काम करते हैं? दफ्तर में एल.डी.सी-क्लर्क हैं। साहब! फ...
- क्या काम करने पड़ेंगे?... मैंने अब पंचकोश की साधना कराने, उपासना सिखाने का निश्चय किया है। थोड़े दिन पीछे आप देखेंगे कि इसी शि...
- क्या काम करने पड़ेंगे?... यह काम करने पड़ेंगे कि भगवान ने जब कभी अवतार लिए हैं, ऐसे ही गंदे समय में लिए हैं जिसमें हम और आप ...
- क्या कामना है आपकी?... हमारी कामना है कि यह सारी दुनिया हरे रंग की हो जाए। और रेल, सड़क, खेत, आदमी सब रंगीन हो जाएँ। अच्छा ...
- क्या कायर की तरह से जिन्दगी जिएगा?... बेटे! आज सारा विश्व यह देख रहा है कि कोई है क्या, हमको शीतलता देने वाला? कोई नहीं है, केवल आपका मिशन...
- क्या कारण है कि गुरुजी के ऊपर गायत्री माता मेहरबान हैं?... बेटे, गुरुजी ने गायत्री माता के ऊपर अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया है। १५ वर्ष की आयु से लेकर के आज ७...
- क्या कारण है?... उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित! आप नहीं जानते कि ये कौन थे? आपको नहीं मालूम है, परन्तु हमें मालूम है क...
- क्या कारण है?... बेटे कोई कारण नहीं है। एक ही कारण है कि आप भगवान के बारे में बिल्कुल नहीं जानते। यदि जानते होते तो...
- क्या कारण है?... राजा परीक्षित ने कहा कि एक बार मैं जंगल में शिकार खेल रहा था। व्यास जी आये और तालाब में स्नान किया। ...
- क्या किया उन्होंने?... हिन्दुस्तान में वाममार्ग की विचारधारा के नाम पर हिंसाएँ, अनाचार का जो साम्राज्य छाया हुआ था। दुनिय...
- क्या किया जाना चाहिए और क्या नहीं किया जाना चाहिए, कौन सी दिशा गलत है और कौन सही है?... इसका शिक्षण किया जाए? यह शिक्षण करना मानव जाति की, समाज की सबसे बड़ी सेवा है।
साथियो ! अपने य...
- क्या किया जाय?... क्या न किया जाय? उसके जी में आया कि तीर्थयात्रा के लिए चलना चाहिए और भगवान् के दर्शन करना चाहिए। ...
- क्या किया था उन्होंने?... तप किया था। जितने भी ऋषि हुए हैं, उन्होंने तप किया था। दधीचि, जिन्होंने तप के द्वारा अपनी हड्डियों...
- क्या किया था?... बिज़नेस किया था। जब ज्ञान नहीं था, अनुभव नहीं था, तो काहे को किया।
नहीं साहब! सारी दुनिया कम...
- क्या किसी आदमी के साथ में ठगबाजी करेंगे?... क्या हम किसी के साथ में चालाकी करेंगे? नहीं करेंगे। तब हमारा हरेक साथ में ऐसा प्रेम भरा हुआ, सहा...
- क्या किसी की तृष्णाएँ पूरी हुईं?... नहीं। किसी की पूरी नहीं हुईं। एक बार ऐसा हुआ कि हनुमान जी समुद्र लाँघ करके लंका जाने वाले थे। रा...
- क्या कीजिएगा इस शरीर को?... तब इस शरीर की कितनी कीमत उठा पाइएगा? आप इस शरीर को बाजार में ले जाइए और कहिए कि यह आचार्य जी का मरा ...
- क्या कीमत हो सकती है?... बेटे, अपने आपके साथ, अपनी कमजोरियों के साथ लड़ाई लड़ना है। वास्तव में हमें किसी ने नहीं गिराया है। हमे...
- क्या कुछ कमी रह जाती है?... हाँ बेटे! कुछ कमी भी रह जाती है। हम एक होने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाते, पर कोशिश करते हैं कि जितन...
- क्या केस है?... अरे गुरुजी का मुकदमा है। गुरुजी ने ये-ये प्वाइंट्स बताए हैं, जरा बैठकर जरा-सी बात कह दीजिए। इसके ...
- क्या कोई उपाय नहीं है कि जिससे आप द्रौपदी की सहायता कर सकें?... " उन्होंने कहा—"सिर्फ एक उपाय है— द्रौपदी के किए हुए कोई शुभ कर्म हों, तब हम उनका बदला जरूर चुकाएँगे...
- क्या कोई ऐसा आदमी है जिसकी सारी मनोकामनाएँ पूरी हो गयी हों?... हाँ बेटे, जमाने में जिनकी मनोकामनाएँ पूरी हो गयी हैं, ऐसे आदमी हैं जिनको कहने का हक है कि हमारी कोई ...
- क्या कोई ऐसा देव होना सम्भव भी है, जो हमारी मनोकामना को पूर्ण करने में समर्थ हो सके?... जो हमको प्रत्यक्ष फल निश्चित रूप से देने में समर्थ हो सके—निश्चित फल, प्रत्यक्ष फल, तत्काल फल। क्या ...
- क्या कोई ऐसा भी देवता है, जिसके बारे में यह कहा जा सके कि इनकी पूजा निरर्थक नहीं जा सकती?... "कस्मै देवाय हविषा विधेम"। ऐसा देव कौन है?
मित्रो! एक देव मेरी समझ में आ गया। यह देवता ऐसा है...
- क्या कोई ऐसी संस्था है?... क्या ऐसा कोई व्यक्तित्व है या ऐसा कोई ऋषि है, सन्त है, जो कि जलती हुई अग्नि पर पानी डाल सके? जलती हु...
- क्या कोई घरवाली वेश्या है?... नहीं साहब! हमारे लिए तो सब वेश्याएँ हैं। घरवाली और बाहरवाली हमारी आँखों में तो सब वेश्या समान हैं। इ...
- क्या कोई फर्ज नहीं हैं?... क्या उनका बदला नहीं चुकाया जाना चाहिए? क्या उन फर्जों से मुक्ति प्राप्त नहीं की जानी चाहिए? मनुष्य...
- क्या कोशिश करेंगे?... आप नेता बनने की कोशिश मत कीजिए, अभिनेता बनने की कोशिश कीजिए। अभिनेता कौन होता है? जैसे फिल्मों में क...
- क्या खराबी है?... साहब! शाक में नमक ज्यादा डाल देती है। अच्छा, बड़ी खराब है? हाँ साहब। हमारी वृत्तियाँ ही हैं हमारी शत्...
- क्या खाता है?... वह केवल दूसरों के लिए जिन्दा रहता है, आपको यह सोचना चाहिए तथा अपना जीवनक्रम बदलने का प्रयास करना च...
- क्या खाते हैं वे लोग?... वही दाल-रोटी खाते हैं। फिर क्या बात है कि वे इतने मोटे हो जाते हैं। वे इतने मजबूत कैसे हो जाते हैं औ...
- क्या खाना चाहता है?... जलेबी, पकौड़ी, मिर्च का अचार खाना चाहता है। मिर्च क्या होती है? मिट्टी। नींबू क्या होता है? मिट्टी। ...
- क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?... यह उन्होंने अपनी अकल के हिसाब से तय कर लिया था और जीभ से मना कर दिया था कि आपकी हुकूमत अब नहीं चलेग...
- क्या खाया है?... आपने जहर खाया है और वो चीज खाई हैं, जो आपको नहीं खानी चाहिए थीं। आपने जिस तरीके से खाई हैं, उस तरीके...
- क्या खेलती हैं?... मिठाई बनाएँगे, दावत खिलाएँगे, गुड्डे-गुड़ियों के ब्याह करेंगे। क्या सचमुच गुड्डे-गुड़ियों का ब्याह ह...
- क्या ख्वाब देखा था?... यह देखा था कि पृथ्वी पर मानव में देवत्व का उदय होगा। उन्होंने कहा था कि जब तक पृथ्वी पर एक भी प्राणी...
- क्या ख्वाब देखे?... यही कि भगवान्, जो सारी संपदाओं का स्वामी है, उसके प्यार का एक कण और एक किरण हमको भी मिल जाय, तो हम...
- क्या गलतफहमी हो गई है?... यह कि पूजा के आधार पर हमको यह मिलेगा, पूजा के आधार पर हमको वह मिलेगा। पूजा के आधार पर दानतदारी मिलती...
- क्या गा रहा था?... बड़े-बड़े गंदे फिल्मी गाने गा रहा था। फिर आपने क्या कर दिया? बेटे, हमने सुई घुमा दी। अब कहाँ मिला दिया...
- क्या गायत्री मंत्र से मेरा उद्धार हो जाएगा?... चंडी के मंत्र से उद्धार हो जाएगा या हनुमान जी के मंत्र से उद्धार होगा? बेटे, इसमें बस इतना फर्क है ज...
- क्या गालियाँ दीं?... आपको समझ नहीं थी तो फिर आपने हाथ में घी क्यों दे दिया। आप तो बड़े बूढ़े हैं, बुजुर्ग हैं। आपकी अ...
- क्या घटना याद आ गई?... एक बार सन्त इमरसन के पास एक आदमी आया। वह हट्टा-कट्टा था, जवान था। माँगने लगा, तो उनसे कुछ कहते तो नही...
- क्या चक्कर है?... वह सूँघकर सब पता लगा लेते थे। खोज करने के अर्थ में सूँघना आता है। यह गन्ध के अर्थ में नहीं आता। नसोर्...
- क्या चढ़ाएँगे और कहाँ चढ़ाएँगे?... चन्दन चढ़ाने से, अक्षत चढ़ाने से, चीज खिलाने से, उसकी प्रशंसा करने से क्या वह प्रसन्न हो जाएगा? बेटे!...
- क्या चन्द्रमा कोई पत्ती का बना है?... नहीं गुरुजी। पत्ती का तो नहीं बना है। गोल- मटोल बना है, जैसे गेंद होती है, फुटबाल होती है। यदि फुट...
- क्या चमड़े का व्यवसाय करने में ही लोगों की पूँजी लगी रहेगी?... क्या पूँजी को ऐसे काम करने के लिए मौका-अवसर नहीं है, जिससे कि लोगों के भावों को परिष्कृत किया जाए? क...
- क्या चमत्कार देखा?... उन्होंने बालों में से बालू निकाल दी। अच्छा और क्या किया? उन्होंने हाथ की मुट्ठी में से लौंग निकाल दी...
- क्या चमत्कार है?... देखिए पच्चीस हजार रुपये का सामान था, हमारे घर में, हमने दियासलाई की एक तीली से जला दिया। कमाल है न॥...
- क्या चलना चाहिए?... अगर स्त्री मरे तो मर्द को भी मरना चाहिए। मर्द को भी सती हो जाना चाहिए। महाराज जी! अगर मर्द भाग जाये ...
- क्या चला जाएगा?... आपका स्वाभिमान चला जाएगा। आप किसी से बिना कीमत चुकाए, अहसान में कोई चीज ले लेते हैं, तो आपका सिर नीच...
- क्या चाय बागानों में ही लोगों की पूँजी लगी रहेगी?... क्या वनस्पति तेल बनाने में ही लोगों की पूँजी लगी रहेगी? क्या चमड़े का व्यवसाय करने में ही लोगों की प...
- क्या चाहते हैं आप?... बेटा चाहते हैं, मकान और रुपया-पैसा चाहते हैं, और क्या चाहते हैं? बस, ये ही चीजें चाहते हैं। मिट्टी च...
- क्या चाहते हैं?... मिट्टी का सम्पर्क, मिट्टी का सहयोग चाहते हैं। हमारी वासनाएँ, तृष्णाएँ भौतिक हैं। क्या चाहते हैं आप? ब...
- क्या चीज देंगे?... देने को तो हमारे पास कुछ है ही नहीं। अच्छा तो आपका मतलब है कि आपके पास पैसा नहीं है, आपको पैसे चाहिए...
- क्या चीज देखेगा?... आपकी आवाज? हाँ, बेटे आवाज भी देखेगा। आपकी हर चीज देखेगा, आपको नंगा करके देखेगा। कैसे नंगा करके? जै...
- क्या चीज नहीं मिलती?... माँ का दुलार और माँ का दूध नहीं मिलता। आदमी के जो रसायन बच्चे के शरीर में हैं, वही माँ के शरीर में ह...
- क्या चीज फायदे की है और क्या नहीं?... बढ़िया कपड़ा होता है तो हम कहते हैं, बढ़िया कपड़ा लेंगे, घटिया कपड़ा नहीं लेंगे। सिनेमा का जो अच्छा खेल...
- क्या चीज बिखेरते जाएँगे?... बेटे! एक गन्दी कहावत है—एक थी छछूँदर। उसने सिर पर चमेली का तेल लगा लिया। चमेली का तेल इसलिए लगाया था ...
- क्या चीज है?... आज मैं आपको सबका सार बता जाता हूँ। आज तो मैं चला ही जाऊँगा। आप लोगों की सेवा में कल मैं कहाँ आऊँगा? ...
- क्या चीज हो सकती है?... बेटे! वह है—तपाया जाना। तपाने से क्या बन जाता है? पदार्थ को तपाने से मजबूती भी आ जाती है और क्वालिटी...
- क्या चीजें चाहिए?... उन्होंने कहा—हमको तीन चीजें आप दे दीजिए, तो हमारा गुजारा हो जाएगा। एक चीज—तकिया। तकिये के बिना हमको ...
- क्या चीजें जुड़ी हुई हैं?... ये आध्यात्मिकता से जुड़ी हई हैं, आध्यात्मिकता से ताल्लुक रखती हैं। एक ताल्लुक यह रखती है कि आप कमाते...
- क्या छिपा हुआ पड़ा है?... अपने यज्ञों में, युग निर्माण योजना के यज्ञों में उसके लिए दो फेफड़ों के तरीके से, दो गुरदों के तरीके...
- क्या छिपी हुई है?... इसके पीछे भगवान की मूर्ति छिपी हुई है। शंकर जी की जब मूर्ति स्थापित की जाती है तो उसमें यह विशेषता ह...
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- क्या टेक्नीक काम लेते हैं?... आपरेशन करने हैं। स्टेथोस्कोप काम में लाते हैं। इसके पीछे उनकी फिलॉसफी भी रहती है। उन्होंने एम.बी.बी....
- क्या ट्राई करना?... हमारा ट्रांसफर करा दीजिए। हमने वहाँ कहा-स्युपरिन्टेंडेंट से। उसने क्या कहा? उसने कहा कि ५०० रुपये दे...
- क्या तमाशा दिखाना चाहिए था?... टट्टी के रास्ते में से साँप निकालना चाहिए था और फिर वह सिर पर सवार हो जाता। क्या कहते हैं इसे? कुण्ड...
- क्या तमाशा दिखायें?... गाँधी जी को तमाशा दिखाना चाहिए था। क्या तमाशा दिखाना चाहिए था? टट्टी के रास्ते में से साँप निकालना च...
- क्या तरीका अख्तियार किया?... उसने सारे कच्चे चिट्ठे कह सुनाए कि बदमाशी से और बेईमानी से इन्होंने पैसे इकट्ठे किए। हम हर जगह गए, इ...
- क्या तरीका है?... तू ऐसा कर, जो भी चीज तुझे खिलानी हो, उसे तू हवन कर दे। हवन करने से वे चीजें हवा में फैलती हुई चली जा...
- क्या तरीका है?... उन्होंने एक नाव खरीदी और उस पर बैठकर समुद्र के ऊपर चारों ओर घूमते रहे। सबेरे से शाम तक घूमते रहे। मो...
- क्या तुझे इसीलिए शक्ति दी है?... रामकृष्ण परमहंस की आँखों ने वहाँ से देखा और कहा कि स्वयं के लिए, अपने लिए, विलासिता के लिए मेरी शक्त...
- क्या तुम इस पाप में मेरा साथ दोगे?... बेटे ने कहा नहीं पिताजी। यह सुनकर वाल्मीकि की आँखों से अज्ञानता का पर्दा उठ गया। उन्होंने नारदजी के ...
- क्या तुम इसी तरीके से वासना में अपनी जिन्दगी खत्म कर दोगे?... तुमको भगवान् की भक्ति में लगा जाना चाहिए और जितना हमको प्यार करते हो, उतना ही भगवान् से करो, तो मज...
- क्या तुम उसे सुनने को तैयार हो?... " तो उन्होंने कहा—"क्या आपको मेरे ऊपर विश्वास नहीं है? इस उपासिका के लिए, इस पुजारिन के लिए जो भी मे...
- क्या तुमने उनका पालन किया?... क्या है मनुष्य जीवन का लक्ष्य?
मित्रो! मनुष्य ने कहा—नहीं। क्यों? उन्होंने कहा—दो आकर्षण ऐसे जब...
- क्या तूने गलत काम किया है?... में। न्यायाधीश कोई भी बात पूछते तो वह कहता, में। वकील ने कहा कि साहब यह तो पागल है। यह बात उसने गव...
- क्या थी रामायण की कथा?... सुनिए—रामचंद्र जी थे और उनके तीन भाई थे। एक बाप था, जिसने राम को वनवास दे दिया। वे बीबी को लेकर जंगल...
- क्या दवा थी?... वे चौंसठ पहरी पीपर बनाते थे। चौंसठ पहरी पीपर कैसे बनाई जाती है? इस पीपर-पिप्पली को चौंसठ पहर अर्थात ...
- क्या दवाई खिलाएँगे, ये तो बहकाने की दवाई हैं?... हाँ बेटा! ठीक है आपका कहना। दवा वाले अपना गुजारा कर रहे हैं, कैमिस्ट अपना गुजारा कर रहे हैं, कंपाउंड...
- क्या दिक्कत थी?... बाहर की जिन्दगी से ज्यादा अच्छी थी—नियमित, व्यवस्थित एवं ठीक समय पर हर काम होता था। निश्चिंतता थी। बा...
- क्या दिखा दें?... आँखों से गुरुजी को दिखा दीजिए। ले देख ले हमको। देख लिया? हाँ साहब! देख लिया। हम तुझे कैसे लगे? अशोक ...
- क्या दिया है?... एण्टी यूनीवर्स, एण्टी मैटर, एण्टी एटम आदि। ये क्या हैं? बेटे, जैसे हम खड़े हुए हैं, उसी तरह हमारे ...
- क्या दुर्घटना हो गई?... एक बहुत बड़ा व्यक्तित्व दुनिया में आया और चला गया। वह भटक तो गया, गुमराह तो हो गया, कि उसे कहाँ चलना...
- क्या दूसरे की कोई इच्छा नहीं?... नहीं साहब! हमारी मनमरजी ही चलेगी। जैसा हम कहेंगे, वैसा ही सबको करना पड़ेगा। सबसे अच्छा किसान है, जो ...
- क्या देखते हैं?... यह देखते हैं कि काश! इतनी खूबसूरत मेरी माँ होती तो मैं कितना सुंदर लगता। मेरी माँ कुरूप थी, इसलिए मै...
- क्या देखना चाहता है?... गुरुजी। सब कुछ देखना चाहता हूँ। बेटे, इन आँखों से नहीं देखा जा सकता। इसको देखने कि लिए माइक्रोस्कोप ...
- क्या देता है?... वह ज्ञान देता है, वह सेवाएँ देता है। वह भावनाएँ देता है, वह निष्ठा देता है, वह श्रद्धा देता है। आप भ...
- क्या देते थे?... बेटे! उनके पास एक दवा थी। क्या दवा थी? वे चौंसठ पहरी पीपर बनाते थे। चौंसठ पहरी पीपर कैसे बनाई जाती ह...
- क्या देते हैं?... चावल, धूपबत्ती, फूल आदि जरा सी चीज देते हैं। कुछ न कुछ देते हैं, दिए बिना कुछ काम नहीं चलता। पूजा मे...
- क्या देना पड़ता है?... देवता वस्तुएँ नहीं लेते। देवता आपकी भावना को परखते रहते हैं। देवता और सन्त भावना के बिना प्रसन्न नहीं...
- क्या देना है?... इस शरीर को ख्याति देनी है, यश देना है, अजर-अमर बनाना है। लोगों की निगाहों में इज्जतदार बनाना है, जिस...
- क्या देवी के यहाँ लोहे की फैक्टरी खुली होती है?... देवी क्या लोहे का चाकू बनाती है, बन्दूकें बनाती है? तलवार बनाती है? देवियाँ क्या यही काम करती हैं? तो...
- क्या दो शर्तें हैं?... साथियो! भगवान् ने, देवताओं ने, ऋषियों ने दुनिया में एक से एक बड़ी मनोकामनाएँ पूरी की हैं, पर उसकी दो...
- क्या दोस्ती करना खराब है?... अरे बेटे! दोस्ती को मैं खराब कैसे कह सकता हूँ? प्यार को मैं खराब कैसे कहूँगा? मित्रता को मैं खराब कै...
- क्या ध्यान रखता है?... उसको घसीटता लाता है, पर साथ-साथ में यह भी ध्यान रखता है कि कहीं वह हमारे पास तो नहीं आ गया। वह जब पा...
- क्या न किया जाय?... उसके जी में आया कि तीर्थयात्रा के लिए चलना चाहिए और भगवान् के दर्शन करना चाहिए। उसकी स्त्री केशिका...
- क्या नतीजा हुआ?... ज्यादा विस्तार से नहीं बताना चाहता हूँ, किन्तु इसका छोटा-सा स्वरूप झाँकी बनाकर आपको बता सकता हूँ। जब ...
- क्या नफा दे देंगे?... हम आपको ब्याज दे देंगे। ब्याज हमारा रुपया नहीं ! हाँ ब्याज आपका तो नहीं है, पर हम आपको दे देंगे। कौन...
- क्या नमक, तेल, हल्दी के मामलों की बात, दैनिक घरेलू कार्यों की बात बतलाने हेतु हमने आपको बुलाया है?... नहीं, मित्रो! इस शिविर का बहुत महत्त्व है। यह हमारा बहुत प्यारा शिविर है।
पारिवारिकता ही होगा...
- क्या नमन करके ही धन्य हो गए?... नहीं, उससे जो शक्ति गुरुजी ने पाई है, अपने गुरु से शक्ति पाई है, वही शक्ति पाने में हम भी समर्थ होंग...
- क्या नमूना पेश किया?... उनका बेटा राहुल आया और बोला, पिताजी! हम आपके अंश-वंश से पैदा हुए हैं। हाँ बेटे, तुम हमारे अंश-वंश से...
- क्या नहीं करना चाहिए?... ये सारी की सारी बातें हम खुली किताब के तरीके से अखण्ड दीपक के नीचे देख लेते हैं। वो दीपक अपना प्रकाश...
- क्या नाम था?... बाटा। कौन-सा बाटा? जिसका आज करोड़ों रुपये का जूते का बिजनेस चलता है। जब लड़का बड़ा हुआ, तो लोगों ने ...
- क्या नाम थे साइक्लोनों के?... इनमें से एक साइक्लोन का नाम था गाँधी, एक का नाम था मालवीय, एक नाम था जवाहार लाल नेहरू , एक का नाम था...
- क्या नाम दिया गया है?... उसका नाम दिया गया है पुरोहित। पुरोहित किसे कहते हैं? पुरोहित उसे कहते हैं, जो मार्ग दिखाता है, रास्त...
- क्या नाम बताया?... स्ट्रेप्टोमाइसिन। स्ट्रेप्टोमाइसिन के इंजेक्शन लगाने पड़ेंगे। आपने कान से सुन लिया। कौन-सी दवा? स्ट्...
- क्या नाम रखा?... ‘ब्राह्मण’ शब्द मैंने काट दिया और नाम रखा—‘‘गायत्री ही कामधेनु है।’’ ब्राह्मण शब्द क्यों काट दिया? इ...
- क्या नाम है उसका?... ईश्वर, परमात्मा। परमात्मा किसे कहते हैं? आत्मा जब परम हो जाती है, शुद्ध हो जाती है, निर्मल हो जाती...
- क्या नाम है?... हम हैं। कौन हम, नाम क्यों नहीं बताते? टेलीफोन में नाम पूछना पड़ता है, तब बताते हैं। फोन चिड़िया की त...
- क्या नारी ऐसी होती है?... नहीं ऐसी नहीं होती। वह कौन-सी नारी होती है, जिसे हम कामिनी, डाकिनी, रमणी आदि कहते हैं। बेटे यह हमारे...
- क्या निर्देश है?... जो दिशाधारा तय कर दी, वे उसी पर अटूट विश्वास, अटूट निष्ठा के साथ इतनी लम्बी अवधि तक इतना लम्बा जीवन ...
- क्या निवृत्त हो जाएँगे?... क्या समाज का उत्तरदायित्व नहीं है आपके ऊपर? देश का उत्तरदायित्व नहीं है? नहीं साहब! अभी तो बेटी की श...
- क्या नुकसान किया है?... आदमी को परावलम्बी बना दिया है। परावलम्बन माने दूसरों की तरफ मुँह ताकने वाला, दूसरों से अपेक्षाएँ करन...
- क्या नुकसान हो जाएगा?... जैसे ही चीज मिलेगी उससे ज्यादा कीमती चीज हाथ से चली जाएगी। क्या चला जाएगा? आपका स्वाभिमान चला जाएगा।...
- क्या नौकरी है?... आप बचत खाता खोलिए और रोजाना आठ आना जमा कीजिए। भाई साहब! बैंक में जमा हुआ यह पैसा बुढ़ापे में काम दे ...
- क्या न्यूनतम रखना चाहते हैं?... यह रखना चाहते हैं कि घर का प्रत्येक व्यक्ति भोजन करने से पहले वह जो चित्र आपने स्थापित किया है, उसको...
- क्या पता, ताकत बन्दूक की नली से निकलती होगी?... लेकिन जिसको हम आध्यात्मिक ताकत कहते हैं, उस आध्यात्मिकता की शक्ति को यदि आप स्वीकार करते हों तो मैं ...
- क्या पल्ले पड़ा, जरा बताना?... कुछ भी नहीं पड़ा। इतनी तपश्चर्या भी की, भगवान का तप भी खरच कराया और वरदान भी लिया, सो भी क्या लिया, ...
- क्या पहचान है?... ये पहचान है कि वे माँगते रहते हैं। माँगता हो तो आप क्या कहेंगे उसको? चाहे बड़ी उम्र का भी हो जाए तो ...
- क्या पाँच सो आदमी हमारा इंटरव्यू ले रहे हैं?... गुरुजी को कैसे बोलना आता है? उनकी नाक कैसी है? उनके बाल कैसे हैं? हर आदमी की आँख हमारे ऊपर लगी हुई...
- क्या पाया भस्मासुर ने?... भस्मासुर ने अगर आपके मोम्बासा में आ करके एक केंटीन खोल ली होती और उसमें पचास पैसे का नारियल बेचने ...
- क्या पीट रहे हो?... मिट्टी की हाँडी पीट रहे हैं। क्या मामला है? क्यों पीटते हैं आप? इसलिए पीटते हैं कि अगर कहीं हाँडी टू...
- क्या पूँजी को ऐसे काम करने के लिए मौका-अवसर नहीं है, जिससे कि लोगों के भावों को परिष्कृत किया जाए?... क्या पूँजी सस्ता साहित्य प्रकाशित करने में नहीं लगाई जा सकती। ईसाइयों की बाइबिल जिस तरह से सस्ते में...
- क्या पूछ करके आना?... यह पूछकर के आना कि तूने खाना खाने के लिए नौकर रखा है कि नहीं रखा है? बेटी खाना खाएगी, तो मुँह चलाएगी...
- क्या पूछना है?... आपस में राजी-खुशी पूछो। एक-दूसरे के दुःख-दरद में काम न आएँगे, तो और कौन आएगा। मैं तो यहाँ बैठी रहती ...
- क्या पोस्ट है आपकी?... लेक्चरर। आप क्या काम करते हैं? अरे साहब! लेक्चर झाड़ने का पैसा कमाते हैं। धत् तेरे की? और कुछ काम कर...
- क्या प्रारम्भ होती हैं?... ये हैं इन्द्रियों का तप। वाणी के बाद में दूसरे नम्बर की इन्द्रिय का नाम है—कामेन्द्रिय। इन्द्रियाँ द...
- क्या प्रार्थना की गयी है?... ‘हे भगवान! आप हमारी अकल को ठिकाने पर रखें। यह अकल बड़ी बदमाश है। अकल ने हमारे साथ में जितनी गद्द...
- क्या फरक था?... कुछ भी फरक नहीं था। बेटे, सिर्फ क्वालिटी का फरक था। आपकी क्वालिटी, घटियावाली क्वालिटी है। दरिद्र क्व...
- क्या फर्क था?... ये लड़का जो पीछे आया था, सेठ जी का जँवाई था। जँवाई क्या होता है? जँवाई उसे कहते हैं जिसके साथ लड़की ...
- क्या फर्क पड़ गया?... फर्क यह पड़ गया कि मेरी विचारणाओं, मेरी आकांक्षाओं, मेरी इच्छाओं ने दिशायें बदल दीं। दिशायें बदलक...
- क्या फर्क है?... बेटे, वही कसौटियाँ हैं, जिससे हम कीड़े-मकोड़े और आदमी में फर्क करते हैं। क्या फर्क है? कीड़े-मकोड़े दो...
- क्या फलाहार करेंगे?... गेहूँ खायेंगे। गेहूँ की रोटी खायेंगे, और कुछ नहीं खायेंगे। चावल नहीं खायेंगे? एकादशी के दिन चावल क...
- क्या फायदा उठाया?... कुछ फायदा नहीं उठाया। क्यों फायदा नहीं उठाया? इसलिए फायदा नहीं उठाया, क्योंकि उसने अपने को धोया ...
- क्या फायदा कर लिया उसने?... कुछ नहीं कर सका।
मित्रो! इसी तरह हिरण्याक्ष से लेकर हिरण्यकशिपु तक, कंस से लेकर जरासंध तक और ...
- क्या फायदा किया भस्मासुर ने?... जल कर खाक हो गया। पूजा बेकार गई, भजन बेकार गया, जप बेकार गया, भूखा मरा और मुसीबत उठायी। क्या फायदा...
- क्या फायदा हुआ इससे?... इससे एक ही फायदा हुआ कि बच्चों की वृत्तियाँ सृजनात्मक कामों में—सृजनात्मक दिशा में लग गईं। अगर अभी स...
- क्या फायदा हुआ?... यह हमारी बाहर की चमड़े की आँखें कहती हैं कि किसान गलती कर रहा है। लेकिन एक समझदार किसान ही जानता है...
- क्या फिलॉसफी है?... आप हर एक को समझाना और अपने जीवन में भी उतारना। क्या अर्थ है इसका? बेटे, इसका अर्थ यह है कि भगवान् सर...
- क्या बड़ा आदमी था?... उससे आपने क्या पाया था? हाँ, हमने बहुत कुछ पाया था, न जाने आपने प्रभाव की दृष्टि से क्या-क्या पाया, ...
- क्या बता रहा था?... यही कि- ‘‘आयुः प्राणं प्रजां पशुं कीर्तिं द्रविणं ब्रह्मवर्चसम् मह्यम् दत्वा ब्रजत ब्रह्मलोकम्।’’ ...
- क्या बताना चाहिए था?... वह बताना चाहिए था, जिस शानदार अध्यात्म के लिए मैंने आपको बुलाया है। जिसके लिए मैं आपको अनुष्ठान करान...
- क्या बना है?... अब हमारा आपका सम्पर्क नहीं रहेगा। रहेंगे, तो हम जमीन पर ही, आसमान में थोड़े ही जाएँगे, लेकिन आप लोगो...
- क्या बना रहे हैं?... अरे साहब! लौह भस्म बना रहे हैं। तो यह लौह भस्म क्या भाव बिकेगी? साहब! यह तो बीस रुपये तोला बिकेगी।...
- क्या बना रहे हो?... गुरुजी! भगवान जी की नाक जरा-सी लम्बी हो गई है, उसी की काट-छाँट कर रहा हूँ। तो तू भगवान जी की नाक काटे...
- क्या बनाना चाहता है इन्हें?... नहीं साहब! मैं तो गला दूँगा और खराब कर दूँगा। इन्हें खराब मत कर, वरन हमारे सुपुर्द कर। हम इनको शानदा...
- क्या बलिदानी हैं?... इन्होंने कष्ट उठाया, इन्होंने अमुक काम किए, तमुक काम किए। अच्छे कामों के लिए त्याग करने वाले आदमियों...
- क्या बात करते हैं?... सारे दिन भीख माँगते हैं, तो कुछ पैसे इकट्ठे हो जाते हैं और उसी से अपना पेट पाल लेते हैं। आप तो आम बन...
- क्या बात कह रहे हैं?... बेटे! मैं ऐसे कह रहा हूँ कि एक के पास था—आत्मबल और एक के पास था—बाहुबल। विश्वामित्र ने कहा कि अगर हम...
- क्या बात थी?... ढाई सौ ग्राम रुई में से इतना बड़ा लिहाफ कैसे तैयार हो गया? बेटे, इसको धुना गया था। छोटे से आदमी होक...
- क्या बात थी?... मेरी यह इच्छा सदा से थी कि हम और आप दोनों कदाचित मिल सके होते, तो कितना अच्छा होता। दो तार होते है...
- क्या बात ध्यान रखें?... आपको ब्राह्मण बनना पड़ेगा। यह ब्राह्मण की कामधेनु है? बिल्कुल बेटे, यह ब्राह्मण की है। ब्राह्मण क...
- क्या बात बिगड़ जाएगी?... दुनिया में ऐसे भी हैं, जो ज्यादा पढ़े नहीं हैं। आप मैट्रिक पास रहेंगे तो क्या आफत आ जाएगी? नहीं साहब...
- क्या बात है आपने फूल खिला दिया?... जिन्दगी भर तो हमारे बाप दादाओं ने फूल नहीं देखे थे, यह आपकी व्याख्या है। फूल को पाकर के देवता को प्रस...
- क्या बात है बेटे में?... बेटा तो हड्डी माँस का है। नहीं महाराज जी! हड्डी माँस का नहीं है। किसका है, जिसके पीछे हमारा प्यार ...
- क्या बात है साहब?... जरा तबियत ढीली है। बड़े आदमियों को तो जुकाम होना चाहिए। कान्स्टीपेशन न हो, तो बड़े आदमी नहीं हो सकते...
- क्या बात है, जरा बताइए तो सही?... "
उस ब्राह्मण ने एक बात कही—"आप हैं राजा और मैं हूँ ब्राह्मण। अगर आपका कहना नहीं मानता, आपके यहा...
- क्या बात है?... आप सिनेमा भी देखते हैं, सिगरेट भी पीते हैं, दिन में छह कप चाय भी पी जाते हैं। आप कौन हैं? आप रिक्शे ...
- क्या बात है?... कौन हल्ला मचा रहा है? कौन शोर मचा रहा है और हमारी नींद में खलल डाल रहा है?" नारद जी ने कहा—"महाराज ज...
- क्या बात है?... क्या वे कौम के माली हैं? इनके यहाँ फूलों की खेती होती है? जहाँ कहीं भी शादी होती है, अच्छा काम होता ...
- क्या बात है?... हम व्यक्ति से परिवार के क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। अब आप अकेले जप करें और परिवार वालों को न मालू...
- क्या बात है?... बेटे, इस सम्बन्ध में आप अपना दिमाग साफ कीजिए। अगर आप अपना दिमाग साफ नहीं करेंगे, तो गायत्री मंत्र का...
- क्या बात है?... इसमें वह ग्रीस नहीं है। बेटे, इसमें ग्रीस को रहने दें, बुढ़ापे में काम देगी। इसके पीछे क्यों लाठी ल...
- क्या बात है?... तुम लोग इलाज कराने क्यों नहीं आते? आपरेशन कराने क्यों नहीं आते? अरे साहब! हम क्यों आपरेशन करायें? ...
- क्या बात है?... हमको कैसे पकड़ लिया? इसलिए पकड़ लिया कि आप रामचंद्र जी से मुलाकात करा दीजिए। बस, उसके बाद में रामचंद्र...
- क्या बात है?... मेरा तो मन यह कहता है कि अब मैं गहने दूँ ही नहीं। खलीफा ने कहा—वाह! तू बड़ी बेवकूफ औरत है। उस...
- क्या बात है?... यह उसकी हिम्मत है और कुछ नहीं। उसको फायदा हिम्मत के आधार पर होता है और कोई कारण नहीं है।
यह आध्य...
- क्या बात है?... तुम्हारी क्या दुश्मनी है? साँड़ों ने कुछ नहीं सुना और लड़ना जारी रखा। स्वामी जी ने हाथ को ऊँचा किया ...
- क्या बात है?... सब ठीक है और एक हाथ से बीड़ी मसलते जा रहे हैं। कम-से-कम आपको शरम तो आएगी। आप पीले कपड़े पहन करके ज्ञ...
- क्या बातें हैं?... यही कि सेहत ठीक कर दीजिए। हमको बुखार आता है। हमको पाइल्स की शिकायत है। हमको दमें की शिकायत हो गयी ...
- क्या बादल कभी पक्षपात करते हैं?... नहीं करते हैं। वह तो सर्वत्र बरसते हैं। जहाँ कहीं भी पात्र मिलता है, वह वहीं पर जल भर देते हैं, जहाँ...
- क्या बाबा आदम के जमाने की बातें करते रहते हैं?... जिससे न हमारा कोई उद्देश्य पूरा होता है, न कोई शिक्षा मिलती है। गड़े मुरदे उखाड़ने से क्या काम बनता ...
- क्या बिगड़ता है?... इससे तो यह अच्छा है कि भले लोग कुसंस्कारी लोगों से अलग रहें और आपस में प्रेमभाव रखें, आपस में सहयोग ...
- क्या बिच्छू के जहर का असर उस पर आया?... नहीं! आदमी भी चन्दन के तरीके से अपने गुणों को बढ़ा सकता है और यह समझ सकता है कि हमने चन्दन चढ़ा करके इ...
- क्या बुराइयों के साथ संघर्ष नहीं किया जायेगा?... बुराइयों को मिटाया या उनसे लड़ा नहीं जायेगा? हाँ बेटे, बुराइयों से लड़ा जायेगा, लेकिन बुराइयों से ...
- क्या बेटे ऐसे ही होते हैं?... नहीं, ऐसे नहीं होते बेटे। श्रवणकुमार के तरीके से बेटे होते हैं और राहुल के तरीके से बेटे होते हैं और...
- क्या भगवान के साथ मनुष्य को मिलाया जा सकता है?... हाँ, बेटे! मिलाया जा सकता है। भगवान के साथ हम उसी तरीके से मिल सकते हैं, जैसे दो चीजें मिल करके एक ह...
- क्या भगवान भेज देगा?... फिर क्यों कहता है कि डॉक्टर बनायेगा? फिर यों कह कि भगवान जो चाहेगा, सो बनायेगा। यह क्या है? कल्प...
- क्या भगवान् अपनी उस खूबसूरत दुनिया को खत्म कर देगा?... नहीं, उसे जब यह मालूम हुआ कि लोग इस बेहतरीन दुनिया को तबाह करने का प्रयत्न कर रहे हैं और इस दुनिया...
- क्या भरोसा कि आपमें ये सब दुर्गुण नहीं आ पाएँगे?... श्रेष्ठ कामों के लिए आप बलिदान नहीं कर पाएँगे। इसलिए आप लोग मनुष्य योनि के अलावा किसी और योनि में हम...
- क्या भाव हो गया?... चार रुपये किलो तो आजकल दूध आता है। एक रुपये में एक पाव दूध। अगर आपको बाजार में एक पाव दूध लेना हो,...
- क्या भुला दिया?... मौत को आपने भुला दिया। यह इतनी बड़ी भूल है कि मैं नहीं जानता कि इससे भी बड़ी भूल और कोई हो सकती है? ...
- क्या भून डालना?... देखो, भड़भूजा भाड़ में जिस तरह से चने डालता है और वे भड़-भड़ करते हैं न? हाँ साहब! करते हैं। बस तू समझ ल...
- क्या मंत्र है?... ॐ अग्निमीले पुरोहितं यज्ञस्य देवमृत्विजम्। होतारं रत्नधातमम्॥ यह पहला वाला मंत्र है। इसमें यज्ञ की प...
- क्या मजाक कर रहे हैं?... सब गंगा नहाने जाएँगे, तो कैसे काम चलेगा? ये सब स्वर्ग जाएँगे? उन्होंने कहा—हाँ। पार्वती! कहते तो ऐसा...
- क्या मजाल कि गन्दगी हो जाए?... क्या मजाल कि फैल जाए? उसमें उन दानवों का स्वार्थ था। इन देवताओं का भाव निस्स्वार्थ था।
देवताओं ने...
- क्या मजाल कि फैल जाए?... उसमें उन दानवों का स्वार्थ था। इन देवताओं का भाव निस्स्वार्थ था।
देवताओं ने सोचा—जब अपने मुँह की ...
- क्या मजाल है कि कौआ उसमें झपट्टा मार दे?... उसमें उसके बच्चे मौज के साथ बैठे देखते रहते हैं। कोई आदमी सड़क पर से जब निकलता है, तो उस घोंसले को द...
- क्या मत करना?... आपको हमने महिलाओं में, लड़कियों में मिला दिया है। हमने हवन-कुण्डों पर हवन करने के लिए लड़कियों को, स...
- क्या मतलब था उसका?... यह था कि गायत्री कामधेनु है और हर आदमी की हर कामना पूरी कर सकती है। लेकिन यह किसकी करती है? यह ब्र...
- क्या मतलब है आपका प्यार से?... प्यार से हमारा मतलब यह है कि हम उसका ईमान खराब करना चाहते हैं। और हम उसको बेइज्जत करना चाहते हैं...
- क्या मतलब है आपका?... अपनी बात क्यों नहीं कहते? अरे कोई बात हो तो बताओ? नहीं, कुछ नहीं। तो चल भाग यहाँ से। बेटे, आपको कहना...
- क्या मतलब है आपका?... यह मतलब है कि असली रुद्राक्ष की माला है तो शंकर जी प्रसन्न हो सकते हैं और अगर नकली होगी तो नाराज हो ...
- क्या मतलब है आपका?... मेरा मतलब यह है कि छींक और बिल्ली, दिशाशूल और योगिनी—ये आपके पीछे पड़े हैं। ये हर काम असफल बना देंगे...
- क्या मतलब है इसका?... बेटे! इसका एक ही मतलब है कि दुनिया के विचार, दुनिया का दृष्टिकोण, दुनिया का चलन, दुनिया की रिवाजें अ...
- क्या मतलब है इसका?... यह कि डूबने वाले को कोहनी भी मारिए। यह बात विवेकानन्द कह रहे थे। मैंने कहा कि अब से आपकी बात का ध्यान...
- क्या मतलब है इसका?... बेटे! यहाँ सोने-जागने से मतबल नहीं है। इसका मतलब है—दुनिया की ख्वाहिशें, दुनिया की इच्छाएँ, दुनिया क...
- क्या मतलब है इसका?... यह कि आदमी की हैसियत उस हिसाब से है जिस हिसाब से आपके बिस्तर की कीमत है, अटैची की कीमत है। आदमी की क...
- क्या मतलब है?... मन लगाने से मतलब यह है कि मन भागना नहीं चाहिए और उपासना में लगना चाहिए। महाराज जी, यही तो हमको शिकाय...
- क्या मतलब है?... कहीं ब्याह-शादी करने से तो नहीं है? नहीं, ब्याह-शादी करने से मतलब नहीं है। जिस तरह नाव से नदी को पार...
- क्या मतलब है?... पूजा-पाठ का मतलब केवल यह है कि हमारा ध्यान भगवान की तरफ चला जाए। हमको भगवान के साथ जुड़ना है। भगवान ...
- क्या मतलब है?... हर आदमी की ख्वाहिश है कि हमारी सन्तान होनी चाहिए। आज हर आदमी इतनी तेजी से सन्तान पैदा कर रहा है कि म...
- क्या मतलब हैं?... बेटे, असंयम का मतलब है—अनात्मतत्त्व। समस्त बीमारियों की जड़ यही है। मित्रो! अध्यात्म उस चीज का ना...
- क्या मतलब होता है?... बताना तो सही। साहब! यह मतलब होता है कि कोई क्रिया कीजिए और क्रिया करने से चमत्कार पैदा कीजिए। बेटे! ...
- क्या मनुष्य का जीवन बेहतरीन कामों के लिए नहीं मिला है?... एक छोटा सा विद्यार्थी जिसके माँ-बाप दोनों मर चुके थे, अकेला रह गया था। क्या करना चाहिए? हमारे आपके ज...
- क्या मनोकामना हो सकती है?... और कोई मनोकामना नहीं। बस अपनी एक ही मनोकामना है-रुपये और कुछ नहीं? नहीं और कुछ नहीं। बस, रुपया म...
- क्या माँगता है?... कोई अच्छी चीज माँगता है। पिताजी! हमको पास करा दीजिए। हमें लेमनचूस ला दीजिए। टॉफी ला दीजिए। गुब्बार...
- क्या माँगती है?... मरने का तो वक्त आ गया, नब्बे साल की उम्र होने को आई, अब क्या चाहिए? उसने कहा कि मुझे तो टिपटॉप यौवन ...
- क्या माँगना है?... दीपक क्यों ले आए? अरे साहब! हम यहाँ अँधेरे में पड़े थे। रास्ता पता नहीं था कि कहाँ, किधर जाएँ, कहाँ ...
- क्या माँगने आए हैं?... हम माँगने आए आपका समय, आपका श्रम, आपकी श्रद्धा, आपकी भावनाएँ। हम कुछ और माँगने के लिए नहीं आए हैं। प...
- क्या मामला है कि हम बार-बार मरीज क्यों हो जाते हैं, आप बताइये?... डॉक्टर कहता है कि आपके भीतर वायरस काम करते हैं, जर्म्स कार्य करते हैं। साहब! वे कितने बड़े होते ह...
- क्या मामला है?... क्या है, बताइये? रविवार का दिन है। इन्होंने सुबह ही सब इंतजाम कर रखा है। ये लोग वकील, मुंशी आदि बहुत...
- क्या मामला है?... आप ऐसे क्यों रहते हैं? इसलिए कि सब हमारी शक्ल देखें और कहें कि देखिए, इनकी शक्ल कैसी बढ़िया है।
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- क्या मामला है?... अरे साहब! सब पागल आ गए हैं। अब देखिए, मस्ती के जमाने हैं। क्यों साहब! आपके जमाने में क्या हुआ था घर ...
- क्या मामला है?... तुम सब क्यों रो रहे हो? अरे साहब! हममें से एक आदमी गायब हो गया है। कहाँ गायब हो गया? मेले में गायब...
- क्या मामला है?... क्यों पीटते हैं आप? इसलिए पीटते हैं कि अगर कहीं हाँडी टूटी हुई तब? दरार हुई तब? अगर दरार हुई तो जरा-...
- क्या मामला है?... देवता कोई माली हैं? हाँ साहब! देवताओं के यहाँ फूलों की दुकान होती है। देवताओं के यहाँ फूलों के बगीचे...
- क्या मामला है?... साहब! पहले तो हम फर्स्ट डिवीजन आते थे, फिर थर्ड आए, फिर कंपार्टमेंट में आए और अब फेल होने के आसार है...
- क्या मिलता है आपको?... ६५० रुपये मिलते हैं। अच्छा तो हम आपको ७५० रुपये दिलाएँगे और जगह दिला देंगे, परन्तु आप तो परिश्रम की क...
- क्या मिलता है इन फिल्मों से, क्लबों से आपको?... इन फिल्मों या क्लबों में क्या रखा है? अरे तू अपने बीबी-बच्चों से बात करना शुरू कर, फिर देख कैसा रहेग...
- क्या मिलता है तुझे?... साढ़े पाँच सौ रुपया। मैं इसे अकेले खा जाऊँगा। नहीं बेटे, इसे अकेले मत खाना, बाँट कर खाना। मैंने कमाया...
- क्या मिलने वाला है?... कुछ सफलता नहीं मिलेगी, जब तक कि आप उस काम में अपने को घुला नहीं देंगे। गँवा नहीं देंगे। तन्मय नहीं ह...
- क्या मुकाबला है दोनों का?... फिर क्या होता चला गया? भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि हम आपको शक्ति की सप्लाई करेंगे, लेकिन हम लड़ेंगे नह...
- क्या मुसीबत आ गई?... भस्मासुर को वरदान दे दिया। विष्णु जी ने कहा- शंकर भगवान! आप तो बड़े भोले हो। आप को देखना चाहिए था क...
- क्या मेरी इबादत खुदा करते हैं?... मेरा ध्यान भगवान करते हैं? मेरा नाम भगवान लेते हैं?उन्होंने कहा-हाँ, आपके नाम का जप भगवान करते हैं।...
- क्या मैं लोभ और मोह के बन्धन में ही बँधा रहूँगा?... जटायु ने कहा कि मैं कुछ भी नहीं कर सकता। जानता हूँ- रावण बड़ा बलवान है। मैं उसका मुकाबला नहीं कर सक...
- क्या मैं खुले में सोया?... बरसात मेरे सिर पर गिरी? नहीं, बरसात मेरे सिर पर नहीं गिरी। मैं छाया के नीचे सोया, ठंडक में भी छा...
- क्या मैं नंगा रह गया?... नहीं, मैं किसी दिन नंगा नहीं रहा। कपड़े मैंने बराबर पहने। क्या मैं खुले में सोया? बरसात मेरे सिर ...
- क्या मैं भगवान् के लिए गला?... अगर गलने का जवाब यह आया कि हाँ, मैं गला, तो व्यक्तिगत जीवन में हरियाली आयेगी। सामाजिक जीवन में ह...
- क्या मैं भी ऐसा बन सकता हूँ?... " पिता ने कहा—हाँ, तू भी ऐसा बन सकता है। दुनिया का कोई भी एक इनसान जो काम कर सका, वह दुनिया का दूसरा...
- क्या मैं भी ऐसा बन सकता हैं?... पिता ने कहा—हाँ! तू भी ऐसा बन सकता है। जो काम दुनिया का कोई एक इनसान कर सका, वह दूसरा भी कर सकता है।...
- क्या मैं समाज के लिए गला?... क्या मैं भगवान् के लिए गला? अगर गलने का जवाब यह आया कि हाँ, मैं गला, तो व्यक्तिगत जीवन में हरियाली...
- क्या मैं साक्षरता विरोधी हूँ?... नहीं, मैं शिक्षा का विरोधी नहीं हूँ, परन्तु शिक्षा को अपने अन्दर आत्मसात् करने का गुण होना चाहिए। शि...
- क्या मैं सेवा नहीं कर सकती?... बस, शबरी के मन में आया हाँ, मनुष्य की सेवा करना भगवान की सेवा करना है। वह सबेरे जल्दी उठती और झाड़ू...
- क्या मैं हनुमान जी का कोई कमीशन एजेंट हूँ?... तो फिर हनुमान जी की बात क्यों कर रहे हैं? अरे भाई! मैं हनुमान जी की बात नहीं कहता, मैं तो अध्यात्म क...
- क्या मैंने ऋषियों की मनोकामना पूरी की?... हरेक को सताया है, जलाया है, सोने की तरह से तपाया है। फिर तू कहाँ से मनोकामना लेकर आ गया। बेटे! भगवान...
- क्या मौज-मजा उड़ाने के लिए दीं?... बेटी-बेटा पैदा करने के लिए और दुनिया भर की बेईमानी करने के लिए हमको जिन्दगी दी? इसके लिए नहीं...
- क्या यह कथा रामायण में आपने पढ़ी नहीं है?... हाँ, आप में से हर एक ने यह कथा पढ़ी होगी। आपने गौर क्यों नहीं किया कि यह तीसरी आँख क्या है? कामदेव ...
- क्या यह उनकी शक्ति थी?... नहीं बेटे, यह भगवान् श्रीकृष्ण एवं राम के प्रति उनके समर्पण की शक्ति थी, जिसके बल पर वे इतने शक्ति...
- क्या यह जीवन चौबीस लाख के लिए ही है?... नहीं, इससे ऊँचा भी कुछ सोचना पड़ेगा; क्योंकि गुरुजी का चिन्तन चल रहा है। आप तो जुड़ जाइए। जुड़ जाएँग...
- क्या यह भयंकर समय आयेगा?... नहीं बेटे, मेरा विश्वास है कि नहीं आयेगा, क्योंकि आदमी बड़ा समझदार है। आदमी बड़ा अकलमन्द है। यह बढ़त...
- क्या यह भारतवर्ष तक सीमित रहेगी?... सूरज सीमित कहाँ रहता है। सूरज पूरब से निकलता है अवश्य, परन्तु थोड़े ही समय में ऊपर चला जाता है। सारी...
- क्या यह भूखा ही चला जाएगा?... उन्होंने कहा नहीं, जो अतिथि हमारे यहाँ आया है, वह भूखा क्यों जाना चाहिए? तो क्या करें? उन्हें एक युक...
- क्या यह समय ऐसा ही बना रहेगा?... नहीं, जिस कलाकार ने इस दुनिया को अपनी सारी कला झोंक करके बनाया है, वह इस दुनिया की तबाही नहीं होने...
- क्या यह समाज की सेवा नहीं है?... हाँ समाज की सेवा है, अगर अच्छा व्यक्ति अपने बालक के रूप में, अपनी सन्तान के रूप में अपना प्रतिनिधि बन...
- क्या यह सोने का समय है?... सारे देश में चीत्कार फैली हुई है, जो भयावह है वह आग, इसे मैं आग के सिवाय और कुछ नहीं कहती। इसका निवा...
- क्या यह स्वर्ग से कम है?... आज आदमी इसी तरीके से विचार करता है।
आध्यात्मिकता की सच्ची कीमत
मित्रो! मैं उस आध्यात्मिकता की ब...
- क्या यह हमारा ज्ञान है?... नहीं बेटे! यह हमारे गुरु का ज्ञान है। इसका श्रेय हमको मिला है, प्रशंसा हमको मिली है। गुरुजी का नाम...
- क्या यही आपकी दृष्टि है कुटुँब के, परिवार के विकास के प्रति?... आप उसे दबाकर केवल शरीर का, पसीने का, श्रम का फायदा उठा सकते हैं। बस यही है कर्तव्य और उत्तरदायित्व आ...
- क्या यही दृष्टिकोण है, आपके दाम्पत्य जीवन का?... क्या यही आपकी दृष्टि है कुटुँब के, परिवार के विकास के प्रति? आप उसे दबाकर केवल शरीर का, पसीने का, श्...
- क्या यही भक्ति है?... पागल कहीं का।
मित्रो! भक्ति ऐसी नहीं हो सकती। भक्ति का इन भावों से कोई ताल्लुक नहीं है। ये क्...
- क्या यही साझेदारी है?... बेटे, यह साझेदारी नहीं है। तो गुरुजी आप और हम रिश्तेदार हो जाएँ। हाँ, फिर क्या करें? आप अपने तीन साल...
- क्या यहीं तक बात सीमित हो जाएगी?... नहीं, यहाँ तक सीमित नहीं होनी चाहिए। नित्यप्रति जैसे आप वहाँ से गाड़ी से चले हैं, घर से रवाना हुए है...
- क्या ये बातें सही हैं?... हाँ बेटे! सही हैं।
सिद्धपुरुष कबीर
कबीर क्या करते थे? क्रिया-कृत्य कितना करते थे? जप...
- क्या ये ही भक्त हैं?... भक्त ऐसे हो सकते हैं? ये ही वैकुंठ में जाएँगे क्या? भोलेनाथ! आपने तो मेरी भी दुर्गति करा दी। यह आपने...
- क्या योगी की, क्या भोगी की?... सबको अपना पेट भरना पड़ता है। ठीक है आपने गेहूँ से भर लिया, योगी ने मक्का से भर लिया; पर अन्न तो उसको...
- क्या रँग दें?... हमारा कोट। कैसा रंग दें? गुलाबी रंग दीजिए। अच्छा ला, कहाँ है कोट? तेल में डूबा हुआ, मैल में डूबा हुआ...
- क्या रखा है इन बातों में?... चलो अपना दो पैसा कमाएँगे और मौज करेंगे। भजन-वजन तो ऐसे ही तमाशे की चीज है। इससे क्या फायदा है? बेटे!...
- क्या रह गई है?... फूल-माला हमने ढेरों मन पहन लिए हैं। अब हमें जेवर पहनने की इच्छा है। हमारे पास ढेरों आदमी हैं। हमार...
- क्या रह गया है?... श्रेष्ठ काम कीजिए, त्याग कीजिए, बलिदान कीजिए, समाज सेवा कीजिए, अमुक काम कीजिए। पर इनका सफाया किसने क...
- क्या रास्ता है आपका?... हमारा रास्ता है, त्याग और बलिदान का। किसने त्याग और बलिदान के रास्ते पर कदम बढ़ाए? एक लाख शिष्य और सव...
- क्या रिवाज है?... यह रिवाज है कि साठ वर्ष हो जाते हैं तो हीरक जयन्ती मनाई जाती है और ७५ वर्ष जब आदमी के हो जाते हैं ता...
- क्या रिश्तेदारी है आपकी?... कोई रिश्तेदारी नहीं थी। वे कायस्थ थे और वे ब्राह्मण थे। नहीं साहब! कोई न-कोई जान-पहचान तो जरूर होगी।...
- क्या रैदास तपस्वी नहीं थे?... हाँ, तपस्वी थे। वे जिन्दगी भर चमड़े का काम करते रहे। अपना पेट पालने के लिए, अपना गुजारा करने के लिए ...
- क्या लंगोटी लगाने वाले भी बादशाह होते हैं?... हाँ होते हैं।...
- क्या लक्षण है?... देवता अकेले नहीं खाते। वे मिल-बाँटकर खाते हैं। अगर आपके पास कोई चीज है तो आप मिल-बाँटकर खाइए। ज्ञान ...
- क्या लक्ष्मी जी को अकल नहीं है?... नहीं साहब! सड़ी सुपारी खिलाएँगे और दीपक जला देंगे और देवी की हजामत बना देंगे। खबरदार, अगर बेकार की ब...
- क्या लाना है?... कॉफी लाओ। अच्छा जी! अभी लाया। आमलेट और ला? अभी लाया। जल्दी- जल्दी लाने का उसे क्या मिलेगा? आपने ...
- क्या लाया है?... गुरुजी! देखिए, आपके लिए क्या लाया हूँ—रोटी लाया हूँ, पूरी लाया हूँ, कचौड़ी लाया हूँ। अच्छा ला, लेकिन...
- क्या लिखा है?... ‘‘तब शिव तीसर नयन उघारा। चितवत काम भयउ जरि छारा॥’’ शंकर भगवान ने जब तीसरी आँख खोली, तो किसको देखा?...
- क्या ले आए?... हम साहब ! भजन करते हैं। कहाँ है भजन, दिखाना जरा? यह तो मरा हुआ कुत्ता है। नहीं साहब ! यह हमा...
- क्या ले गया?... दो रुपया। कितनी बार कहा, कितना दीन बना, धन्यवाद कहा, तब जाकर के सेठ जी की कृपा से, मुनीम जी की सिफार...
- क्या लेकर आएगा?... साड़ी लेकर आऊँगा, धोती लेकर आऊँगा, मुकुट लेकर आऊँगा, वंशी लेकर आऊँगा। नहीं बेटे! यह क्या मजाक करता ह...
- क्या लेखनी बेकार है?... नहीं बेटे! बेकार नहीं है। वह जानकारी देने में समर्थ हो सकती है। जीभ का भी यही हाल है। कितने सारे पंड...
- क्या वजह है?... आपने कभी देखा या विचार किया? उसकी एक ही वजह है कि वे ज्ञानी, गुरु और पण्डित केवल दिमाग और जबान तक ह...
- क्या वजह हुई?... क्राइम। क्राइम—अपराध आदमी के व्यक्तित्व को खतम कर देता है। आमदनी क्या मिली, क्या नहीं मिली—आपसे मैं ...
- क्या वजह है इसकी?... हम में और तुलसीदास जी में क्या अन्तर है? एक अन्तर है। नाक, आँख, कान, दाँत और हाथ-पाँव सब बराबर हैं, ...
- क्या वजह है साहब?... वही बीज आपने बोया, वही हमने बोया। बीज और बोना तो समान रहा, लेकिन जमीन का तो जमीन-आसमान का फरक रहा। आ...
- क्या वजह है?... अच्छा अब आप एक काम कीजिए। एक बिस्तर लीजिए, एक अटैची लीजिए। अगर आपके पास नहीं है, तो पड़ोसी से दोनों म...
- क्या वजह है?... उन्होंने फैक्टरियों में जाकर देखा कि प्रत्येक फैक्टरी में दो राक्षसों में कुश्ती हो रही थी। दो पहल...
- क्या वजह है?... यह है कि हमारे शरीर का यह किला और दुर्ग इतना मजबूत बनाकर भेजा गया है कि जन्म से ही इसमें कोई गोलीब...
- क्या वजह है?... बच्चा तो बच्चा है, बाप तो विद्वान है। क्या कारण है?
राजा परीक्षित ने कहा कि एक बार मैं जंगल में श...
- क्या वजह हो गयी?... आदमी की बेअकली ने उसे मार डाला।
गिरती सेहत, ऊपर से बहु-प्रजनन
मित्रो! मैं आपसे ए...
- क्या वनस्पति तेल बनाने में ही लोगों की पूँजी लगी रहेगी?... क्या चमड़े का व्यवसाय करने में ही लोगों की पूँजी लगी रहेगी? क्या पूँजी को ऐसे काम करने के लिए मौका-अ...
- क्या वरदान दें?... बस, दो ही वरदान हैं दुनिया में, तीसरा कोई वरदान नहीं है। लोभ को पूरा कर दीजिए, मोह को पूरा कर दीजिए।...
- क्या वरदान माँगता है माँग?... उसने एक वरदान माँगा कि मैं जिसके सिर पर हाथ रख दूँ वो ही जल कर खाक हो जाए। शंकर जी ने वरदान दे द...
- क्या वर्तमान चिन्तन और वर्तमान परिस्थितियों में कुछ हेर-फेर होना सम्भव हो सकता है?... आप विचार करना। वास्तव में वही विचार आपके लिए नये भविष्य का निर्माण करेगा तथा वही आपका और सारे संसार ...
- क्या वस्त्र दे सकता है?... उसे किस स्तर की जिन्दगी जीनी पड़ सकती है? यही हमारा स्टैंडर्ड है। आप अमेरिका में जन्मे हैं तो आपका स्...
- क्या वह अपनी मुसीबतों के अलावा दूसरों की मुसीबतें दूर कर सकता है?... यह बहुत विस्तृत है बेटे, हम इसकी ज्यादा व्याख्या नहीं कर सकते। आप हमारी पुस्तक पढ़ लेना। आप हमारी ज...
- क्या वह आपकी जीभ को नहीं देखती कि जीभ की नोंक से आपने क्या कहा, कितने पाठ किये?... जीभ की नोक से गायत्री माता का ताल्लुक नहीं है। ताल्लुक इस बात का है कि आपकी नीयत में क्या है? आपके...
- क्या वह खाली हाथ है?... नहीं, वह खाली हाथ नहीं है। घूम फिर करके रक्त फिर से उसके पास आ गया और जब हम नाड़ी छूते हैं तो रेलगाड़ी...
- क्या वह जालसाजी करेगा?... क्या वह विश्वासघात करेगा? बेईमानी करेगा? कैसे करेगा, मुझे बताइये तो सही? पुलिस का दरोगा सामने बैठा ह...
- क्या वह जिसके बाल सफेद हो गए हैं?... सफेद बालों वाला बुड्ढा होता है कहीं, वह जवान होता है। इंग्लैण्ड का प्रधानमंत्री जिसका नाम चर्चिल ...
- क्या वह पाट सकती थी?... नहीं, लेकिन उसकी भावनाएँ थीं। नाचीज थी तो क्या? उसकी दिलेरी देखिए, उसकी हिम्मत देखिए, उसकी उदारता दे...
- क्या वह पुस्तक कोई और थी?... नहीं, पुस्तक तो वही है। कथा भी बिलकुल वही है। फिर आपको लाभ क्यों नहीं मिला और परीक्षित को अमृत का बड़...
- क्या वह बैंक वाले के लिए है?... नहीं, वह बैंक वाले के लिए नहीं है। फिर किसके लिए है? जिनका एकाउण्ट है, खाता है, पैसा जमा है, उनके लि...
- क्या वह मिठाई खाती है, महल बनाती है?... नहीं बेटे, ऐसी नहीं होती है-दैवीय सभ्यता। दैवीय सभ्यता ऐसी होती है, जिसमें एक ही वृत्ति रहती है, ‘‘ह...
- क्या वह विश्वासघात करेगा?... बेईमानी करेगा? कैसे करेगा, मुझे बताइये तो सही? पुलिस का दरोगा सामने बैठा हो, सामने कलेक्टर बैठा हो, ...
- क्या वास्तव में स्वर्ग है?... किसी ने देखा है स्वर्ग को? किसी ने देखा हो या नहीं, लेकिन मित्रो! मैंने स्वर्ग को देखा है और मैं च...
- क्या वास्तव में आदमी को उतने पैसे की जरूरत है?... नहीं है। मैंने कल आपको कहा था कि आदमी के खाने का हक और आदमी के खाने का कोटा मुकर्रर है। उससे ज्य...
- क्या वास्तव में यह दुनिया ऐसी है जैसे कि उस लड़की का ख्याल था?... मैं समझता हूँ कि यह दुनियाँ ऐसी बेकार नहीं बनायी गयी है। यदि ऐसी बेकार दुनिया बनी होती है, तो हम...
- क्या विचार करें?... आप ये विचार कीजिए कि हमको महान् बनना है। दूसरों के सामने आपको अपनी निशानियाँ छोड़ जानी हैं, ताकि वे...
- क्या विधि बताऊँ?... नहीं महाराज जी! बीजमंत्र लगाने की विधि बताइए। बताऊँ तेरा सिर, बेहूदा कहीं का। विधियाँ पूछता है। विधि...
- क्या विनाश की तबाही इसी तरीके से ही होती रहेगी?... क्या इस सुन्दर दुनिया की बरबादी इसी तरह से होती रहेगी? क्या यह समय ऐसा ही बना रहेगा? नहीं, जिस कला...
- क्या विशेषता होती है?... देवता देना जानते हैं। और जो देवता नहीं हैं, वे हर जगह से सिर्फ एक ही फिराक में रहते हैं कि हम कहाँ स...
- क्या विशेषताएँ थीं इनकी?... यही विशेषता थी कि नाक, आँख, कान तो हमारे-आपके तरीके के थे। चावल, दाल, रोटी, शाक तो वे लोग हमारे-आपके...
- क्या विशेषताएँ होती हैं देवताओं में?... देवताओं में एक विशेषता यह होती है कि वे बुड्ढे नहीं होते, जवान रहते हैं।
इसका नाम है—अजर-अमर होन...
- क्या वे कह सकते हैं या सोच सकते हैं कि इसके पीछे किसका हाथ है?... बेटे, उसी का हाथ है, जिसने आपकी उँगली पकड़ी है और आपने उनका पल्ला पकड़ा है और उन्हीं के हो गए हैं। च...
- क्या वे कौम के माली हैं?... इनके यहाँ फूलों की खेती होती है? जहाँ कहीं भी शादी होती है, अच्छा काम होता है, वे फूल लेकर के जाते ह...
- क्या वे माला घुमाते थे?... नहीं बेटे, वे माला नहीं घुमाते थे, वरन् वे सारे दिन समाज की सेवा किया करते थे। आज तो जो सबसे घटिया...
- क्या वे लोग इतने ही ज्ञानी थे, जितने कि हम लोग विद्वान हैं?... आज के पी.एच.डी. के ज्ञान का मुकाबला प्राचीनकाल के विद्वान से कैसे किया जाए? बेटे, प्राचीनकाल में एक-...
- क्या वेश्यावृत्ति जारी रखी?... नहीं महाराज! जिस दिन से उसने राम का नाम लिया, उसके बाद कभी नहीं नाची! नाची हो तो बता? नहीं महाराज ...
- क्या व्याख्या करेंगे?... मंत्र का अपना विज्ञान है। मंत्र अक्षरों को नहीं कहते। हम क्या कहते हैं—‘प्रधानमंत्री।’ प्रधानमंत्री ...
- क्या शंकर भगवान हमारी कठिनाइयों का कोई समाधान नहीं कर सकते?... क्या हमारी उन्नति में भगवान शंकर कोई सहयोग नहीं दे सकते? भगवान को सहयोग देना चाहिए। हम उनके प्यारे...
- क्या शर्त है?... भगवान के बच्चों को प्यार कीजिए। किसी माँ का प्यार पाना हो तो आप उसके बच्चों को प्यार कीजिए। अरे ...
- क्या शर्त है?... यही कि आप भगवान के काम आएँ, भगवान की सेवा करें। भगवान की मदद करें। भगवान की मदद क्या हो सकती है? भगव...
- क्या शाप दिया?... यह शाप दिया कि आज से सातवें दिन आपको साँप काट लेगा और आपकी मौत हो जाएगी। राजा ने पूछा कि तब मुझे क्य...
- क्या शामिल कर लें?... स्कूल में पढ़ाई करें और पढ़ाई के बाद नौकरी करें। नहीं साहब पढ़ाई के साथ ही नौकरी मिल जाए तो अच्छा है...
- क्या शिकायत है?... मन भाग जाता है, अच्छा तो आपको यह शिकायत है। चलिए हम बताते हैं, फिर मन भाग जाए तो आप हमसे कहना। अब क्...
- क्या शिक्षण दिया हुआ है?... पंचोपचार में पाँच चीजें आती हैं। जब इसमें से एक चीज चढ़ाया करें, तब अपनी विचारणा को, विचारों को उन व...
- क्या शिक्षा बुरी बात है?... यदि है तो आप अपने बेटे को, बेटी को, भाई को क्यों पढ़ाते हैं? आपने बीबी को ही क्यों मना कर दिया? उसको...
- क्या शुभ कर्म मिल गया?... शुभ कर्म किसे कहते हैं? बेटे! शुभ कर्म दो हैं और कोई तीसरा शुभ कर्म नहीं है। एक शुभ कर्म है—अपने कुस...
- क्या शुरू करना चाहते हैं?...
पहले मैं यह बताना चाहता हूँ कि क्या अध्यात्म भौतिक जीवन में किसी तरह से लाभदायक बन सकता है? क्या इ...
- क्या श्रीकृष्ण भगवान ने महाभारत किया था?... हाँ, किया था, लेकिन अकेले नहीं, वरन निन्यानवे आदमियों ने किया था महाभारत। युग बदलने में एक आदमी काम ...
- क्या सम्भावना है?... हाँ, सौ फीसदी सम्भावना है। महाराज जी! आप तो ऐसे ही सपने देखते हैं। हाँ बेटे, हमने सपने ही देखे हैं ...
- क्या संसार में लोग मोती भी खाते हैं?... हाँ बेटे- ‘‘कै हँसा मोती चुगै, कै लंघन मर जाय।’’ भूखों मर जायेंगे, पर हम मोती चुगेंगे। हम पर तंगी ...
- क्या सचमुच गुड्डे-गुड़ियों का ब्याह हो रहा है?... कहीं नहीं हो रहा है। बच्चियाँ सीख रही हैं। जरा सा चूल्हा ले आई हैं। मिठाई बना रही हैं। मम्मी! मैं कच...
- क्या सपना दिखा?... यह दिखा कि मैं ब्याह करूँगा, बाल-बच्चे पैदा करूँगा। अब मैं बूढ़ा हो गया। रात भर मुझे यह ख्याल आता रहा...
- क्या समझ में आया?... यही कि परिश्रम हमको करना चाहिए, पुरुषार्थ हमको करना चाहिए। संयम हमको करना चाहिए और पराक्रम ह...
- क्या समझते हैं कि आपने इसे स्कूल में पढ़ लिया है?... नहीं, यह लाखों वर्षों में करोड़ों मनुष्यों की मशक्कत का फल है। आपको पुरानी लिपि देखनी हो तो आप इंग्ल...
- क्या समझदारी थी उसकी?... राजस्थान का एक जाट मेले में गया। वहाँ बहुत तेज धूप पड़ रही थी। राजस्थान में धूप बहुत पड़ती है। कहीं ...
- क्या समाज का उत्तरदायित्व नहीं है आपके ऊपर?... देश का उत्तरदायित्व नहीं है? नहीं साहब! अभी तो बेटी की शादी करनी है, उससे निवृत्त हो जाऊँगा, तब आऊँग...
- क्या सम्पत्ति, जरा बताना तो सही?... सम्पत्ति की फिलॉसफी मित्रो! मैं आपको सम्पत्ति की फिलॉसफी बताना चाहूँगा। आप सम्पत्ति की फिलॉसफी समझिय...
- क्या सहायता कर सकता हूँ?...
मेरा खास मकसद
मित्रो! मैंने आपको इस ख्याल से बुलाया था कि अब मैं जा रहा हूँ। इस संसार में ...
- क्या सहायता करता है?... सर्वश्रेष्ठ ध्यान : गुरु का ध्यान
मित्रो, सवेरे के वक्त जब मैं यहाँ आता हूँ तो उससे पहले अपन...
- क्या सारा माल तू ही हजम कर जाएगा कि उसको भी कुछ देगा?... तो क्या महाराज जी, उसको भी कुछ देना पड़ेगा? हाँ बेटे, क्योंकि इसमें सारा धन उसी का लगा हुआ है। तू तो...
- क्या सिखा दें बेटे?... पंचकोशों की उपासना सिखा दीजिए। जरूर सिखा देंगे। अन्नमय से लेकर प्राणमय, मनोमय से लेकर विज्ञानमयक...
- क्या सिद्धान्त हैं?... अभी हम आपको बता तो रहे थे—स्वस्थ शरीर, स्वच्छ मन और सभ्य समाज। अच्छा तो यही हैं सिद्धान्त। हाँ बेटे,...
- क्या सुधार करना है?... यह सुधार करना है कि अक्षरों का उच्चारण करना आवश्यक तो है, अनिवार्य तो है, उपयोगी तो है, महत्त्वपूर्ण...
- क्या सुनी है आपने?... हम हलवाई की दुकान पर जाते हैं और प्रार्थना करते हैं हलवाई साहब, हमको एक किलो जलेबी चाहिए। अच्छा साहब...
- क्या सुपुर्द करते हैं?... जनजागरण का काम करना पड़ेगा। जनसाधारण को जगाना पड़ेगा। फिर आदमी का वह शिक्षण करना पड़ेगा, जिससे उसकी ...
- क्या सेवा और पूजा नहीं की जानी चाहिए?... वह भी बता देंगे बाबा उसमें क्या बड़ी से बात है? वह कोई बड़ी सी बात नहीं है। माँगना हो तो हाथ जोड़क...
- क्या सेवा करेंगे?... आपकी सेवा के बदले हम इस गाँव में एक दवाखाना, एक अस्पताल बना देंगे। अच्छा बनवा दीजिए। राजा ने तुरन्त...
- क्या सोता ही रहेगा?... क्या यह सोने का समय है?
सारे देश में चीत्कार फैली हुई है, जो भयावह है वह आग, इसे मैं आग के सिवाय ...
- क्या सौंप दिया तूने?... ये सौंप दिया है कि आप हमारी चार लड़कियों का विवाह कराओ गुरुजी! तनख्वाह भी हमारी कम है, सो गुरुजी! सौ...
- क्या सौंप दिया है?... सौंप दिया भगवान तुम्हारे हाथों में। क्या सौंप दिया है? अरे! माताजी छह लड़कियाँ हैं। एक की शादी हो गई...
- क्या स्वरूप बदल गया है?... देवताओं की हमने कैसी-कैसी दुर्गति की? इसे देखकर रोना आता है। एक दिन एक देवी बैठे-बैठे रो रही थी। मैं...
- क्या स्वीकार कर लें?... दुनिया में कोई जगह ऐसी नहीं है, जहाँ छिप करके आप बुरा काम कर सकते हैं। छिपकर बुरा काम करने के लि...
- क्या हम अपने सिद्धान्तों के प्रति पक्के और सच्चे हैं?... हम कैसे माने कि आप सच्चे हैं और पक्के हैं। नहीं साहब! हम सच्चे और ईमानदार हैं। हमें नहीं मालूम कि आप...
- क्या हम इतने घटिया और छोटे हो सकते हैं, जो इस छोटे-से पूजा-पाठ से खुश हों जाएँ और आशीर्वाद दें?... भगवान् जी! हम तो नहीं मानते हैं, लेकिन हमारे चेले यही मानते हैं। तो फिर आप ऐसे चेलों की पिटाई कीजिए,...
- क्या हम ऐसा नहीं कर सकते कि महर्षि दधीचि जिन्होंने अपनी हड्डियों तक का दान कर दिया था, उनकी तसवीरें लोगों को दें?... ऐसी तसवीरें क्या कहीं दिखाई पड़ती हैं? मैंने तो आज तक नहीं देखीं। उनके जैसा हिन्दुस्तान में त्याग करन...
- क्या हम ऐसे हैं?... हम ऐसे नहीं हैं। हम ईश्वर के विश्वासी नहीं हैं। ईश्वर-विश्वासी का चरित्र उच्चकोटि का होना ही चाहिए। ...
- क्या हम गुलाब के फूल के तरीके से खिलने की कोशिश करते हैं?... क्या अपने आप को गुलाब की तरह सुगन्धित बनाया? क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया? क्या अपने आप को पु...
- क्या हम गुलाब के फूल के तरीके से खिलने की कोशिश करते हैं?... क्या हमने अपने आप को गुलाब की तरह सुगन्धित बनाया? क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया? क्या अपने आप ...
- क्या हम भगवान को भी धोखा देंगे?... अच्छा कार्य करने वाला व्यक्ति भगवान का स्वरूप बन जाता है। फिर उसे अच्छा कार्य करना ही पड़ता है।
ब...
- क्या हम शरीर का उपयोग कर सके?... जो स्वास्थ्य आपको मिला, क्या उसका इस्तेमाल ठीक प्रकार से आपने कर लिया? फिर आप कौन से मुँह से भगवान...
- क्या हम सन्त नहीं हो सकते?... हाँ, हम सन्त हो सकते हैं। हम ज्ञानी हो सकते हैं। हम तपस्वी हो सकते हैं। अध्यात्मवादी हो सकते हैं। ध...
- क्या हमको प्रगति के मार्ग पर चलने का मौका मिल सकता है?... बिल्कुल नामुमकिन है। हिन्दुस्तान जैसा पूजा- पाठ करने वाला मुल्क दुनिया में शायद कहीं भी आपको नहीं ...
- क्या हमने अपने आप को सुगन्धित बनाया?... क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया? क्या अपने आप को सन्तुष्ट आदमी बनाया? क्या अपने आप को खिलता-खिला...
- क्या हमने उसका उपयोग करना जाना?... उपयोग करने का ढंग आता है क्या? हमको शरीर मिला। क्या हम शरीर का उपयोग कर सके? जो स्वास्थ्य आपको मिल...
- क्या हमने गुलाब के फूल की तरह खिलने की कोशिश की?... क्या हमने अपने आप को सुगन्धित बनाया? क्या अपने आप को हँसता हुआ आदमी बनाया? क्या अपने आप को सन्तुष्ट आद...
- क्या हमने वह काम किया?... अगर हमने वह काम किया होता, तो हम यज्ञ को, अग्नि को बहुत मानने वाले व्यक्ति होते।आग में जो चीज डाल दी...
- क्या हमारी उन्नति में भगवान शंकर कोई सहयोग नहीं दे सकते?... भगवान को सहयोग देना चाहिए। हम उनके प्यारे हैं, हम उनके उपासक हैं, उनकी पूजा करते हैं। लेकिन पूजा क...
- क्या हमारे ऊपर हमारे बीबी-बच्चों का ही अधिकार है या किसी और का भी अधिकार हमारे ऊपर है?... बेटे, हमारे ऊपर गुरु का ऋण है। वह चुकाया जाना ही चाहिए। अपने माध्यम से आपको मैं कह रही हैं। यह ऋण है...
- क्या हमारे जीवन में सुख- शान्ति आ सकती है?... क्या हमको प्रगति के मार्ग पर चलने का मौका मिल सकता है? बिल्कुल नामुमकिन है। हिन्दुस्तान जैसा पूज...
- क्या हमारे बुजुर्गों की गरदन ऐसी मोटी थी?... उनने कहा—हाँ! ऐसी ही मोटी थी। क्या हमारे बुजुर्गों की पेशानी और सीने ऐसे ही जबरदस्त थे? उन्होंने कहा...
- क्या हमारे बुजुर्गों की पेशानी और सीने ऐसे ही जबरदस्त थे?... उन्होंने कहा—हाँ बेटा! ऐसे ही थे। ये लकड़ी नहीं है। ये जस के तस ऐसे ही बनाए गए हैं, जैसे कि हमारे बु...
- क्या हमें कुछ पता है?... मरने के बाद क्या होगा? पता ही नहीं। अभी क्या होगा? यह तक तो हमें मालूम नहीं है, फिर भविष्य का क्या...
- क्या हमेशा के लिए जा रहे हैं?... हाँ, अब नहीं आयेंगे? हाँ। तो फिर अस्सी बीघे जमीन की लिखा-पढ़ी कर जाइये, हमको और अपने घर वालों को, ख...
- क्या हवा की जरूरत नहीं है?... केवल अन्न की जरूरत है? अन्न ही अन्न बकते चल जाते हैं और हवा की कीमत को नहीं समझते, पानी की कीमत को न...
- क्या हाथ बेकार में दिये गये?... नहीं, हाथ के पास भी रक्त आया, जिसने कमाया था और अपने लिए खाया नहीं था। उसने मुँह को खिला दिया था। क्...
- क्या हाल है?... बोले, अरे साहब! गुजारा भी नहीं होता। आप तो हाथ घुमाकर रुपया बना देते हैं। हाँ साहब! पर वह रुपया हमार...
- क्या हिन्दुस्तान का अध्यात्म यही है?... क्या हिन्दू धर्म यही है? क्या हिन्दुस्तान का पूजा-पाठ यही है? इसे देखकर हमको बड़ा दुःख होता है और...
- क्या हिन्दुस्तान का पूजा-पाठ यही है?... इसे देखकर हमको बड़ा दुःख होता है और बड़ी नफरत होती है कि अगर ऐसे ही लोगों का, इन्हीं लोगों का नाम ...
- क्या हिम्मत करें?... यह हिम्मत करें, कि ऊँचे उठने वाले जिस तरीके से संकल्प बल का सहारा लेते रहे हैं और हिम्मत से काम ले...
- क्या हुआ लेखनी का?... क्या लेखनी बेकार है? नहीं बेटे! बेकार नहीं है। वह जानकारी देने में समर्थ हो सकती है। जीभ का भी यही ह...
- क्या हुआ लौंग निकालने से?... हम कहें सिद्धि ही सही, पर कौन-सी सिद्धि है? जिससे इनसान में कोई परिवर्तन नहीं हुआ, उसके हृदय का परिव...
- क्या हुक्म है आपका?... हमारा विवाह करा दीजिए। अरे नारद! तू बूढा हो गया है, मरने के दिन आ गए। अब तू विवाह करके क्या करेगा? न...
- क्या है उनकी बात?... उनकी बात यह है कि वे पहले बनारस में थे और वकालत करते थे। वकील थे। कालाकाँकर महाराज को ऐसे ही पण्डि...
- क्या है तप?...
यह कैसे हो सकता है? इसका एक तरीका है, जिसका नाम है—तप। हमारे भीतर दो चीजें हैं। एक चीज जो हमा...
- क्या है तितिक्षा?...
मित्रो! तेल से मेरा क्या मतलब है, आप समझते नहीं हैं। इससे मेरा मतलब है कि आपका जो दीपक जलने वाल...
- क्या है भगवान?...
भगवान को आप पकड़ लें तब? भगवान क्या है? भगवान एक करेंट है। तो क्या होगा? तो वह करेंट आपको भी ...
- क्या है, बताइए?... उन्होंने कहा कि इनके खानदान वालों को इस बात की जरूरत हुई थी कि हमारा वंश डूब जाएगा तो कोई ऐसा खानदान...
- क्या है, बताइये?... रविवार का दिन है। इन्होंने सुबह ही सब इंतजाम कर रखा है। ये लोग वकील, मुंशी आदि बहुत बड़े लोग हैं और ...
- क्या हो गए?... प्रधानमंत्री हो गए और कहाँ-से-कहाँ पहुँच गए!
मित्रो ! जिन्होंने समय को देखा, समय की पुकार सुन...
- क्या हो गया?... बीबी आ गई, फिर बच्चे पर बच्चा आ गया। अरे महाराज जी! ये क्या हुआ? ये तो बच्चों की परेशानी आ गई। बेटे ...
- क्या हो गया?... हम जंजाल में फँस गए। जंजाल किसे कहते हैं? माया को। माया किसे कहते हैं? बेवकूफी को। बेवकूफी किसे कहते...
- क्या हो गया?... गोली खा करके हैरानी से भरी हुई इस दुनियाँ से, दुख से, अशान्ति से भरी हुई दुनिया से, क्लेश से भरी ह...
- क्या हो गया?... कैसे बैठे हो साहब! डॉक्टर ने दवाई बता दी। क्या नाम बताया? स्ट्रेप्टोमाइसिन। स्ट्रेप्टोमाइसिन के इंजे...
- क्या हो गया?... लकवा हो गया। चलिए, अरे साहब! चलें क्या, लँगड़ाकर चलते हैं। यह क्या है? लकवा है। एक और भी लकवा होता ह...
- क्या हो जाता?... नौ बेटे और ग्यारह बेटियाँ होतीं। एक बच्चा गोद में बैठा होता, तो एक सिर पर बैठा होता और एक माँ के प...
- क्या हो रहा था?... भगवान की नाक काट रहा था और ये क्या कर रहा था? भगवान की गरदन को ऐसे-ऐसे कर रहा था। मैंने कहा—अरे बाबा...
- क्या हो रहा है?... अरे साहब। भागवत् कही जा रही है। पण्डित जी कह रहे हैं और चेला जी सुन रहे हैं। पण्डित जी कह रहे हैं कि...
- क्या हो रहा है?... यह सारी की सारी वही गुरुसत्ता की शक्ति छाई हुई है, जो किसी के मुँह पर मलीनता भी नहीं है। चेहरा गुलाब...
- क्या हो सकता है?... वैकुंठ जाना पड़ेगा। अच्छा! और? स्वर्गलोक जाना पड़ेगा। अच्छा! और? मुक्ति मिलेगी और स्वर्ग मिलेगा और श...
- क्या हो सकता है?... व्यक्ति के भीतर, परिवार के भीतर और समाज के भीतर हम प्रज्ञावतार का विस्तार करने जा रहे हैं।
...
- क्या होगा इससे?... मित्रो, आने वाले समय में शक्तियों में बिजली की शक्ति, एटम की शक्ति, पैसे की शक्ति, अकल की शक्ति पीछे...
- क्या होता रहा है?... मेरे गुरु मुझे बराबर अनुदान, देते चले गए। पैसे की दृष्टि से जब उनने जान लिया कि इस आदमी के हाथ में प...
- क्या होता है बनाना और क्या होता है बिगाड़ना?... तू बिगाड़ रहा है, अपने बच्चों को बिगाड़ रहा है, हम सारे संसार को बना रहे हैं, विस्तार करके दिखा रहे ...
- क्या होता है भजन?... बकवास को भजन कहते हैं? अक्षरों के उच्चारण को भजन कहते हैं? अक्षरों के उच्चारण को भजन किसने कहा था? भ...
- क्या होता है?... इसमें गला फूलकर मोटा हो जाता है। मालूम पड़ता है कि जाने कहाँ से माँस आ गया? यह कहाँ से आता है? हवा मे...
- क्या होता है?... हमारा अहं तृष्णा के रूप में जब विकसित होता चला जाता है, तो अनेक चीजों को मेरी-मेरी कहता हुआ चला जाता...
- क्या होता है?... बेटे! हमारे हृदय में अग्नि जैसी धधकती है और हमको यह मालूम पड़ता है कि उनकी बेटियों के ऊपर नहीं, हमार...
- क्या होना चाहिए था?... प्रायश्चित की परम्परा चलनी चाहिए थी। प्रायश्चित की परम्परा में सबसे अच्छा प्रायश्चित चांद्रायण व्रत के...
- क्या होने वाला है?... देखिए हमारा बड़ा घाव बना दिया और खून निकल रहा है और हम मरने वाले हैं। दूसरी एक और तरह की शिकायत होती ...
- क्या- क्या कहा?... किसी ने उसे डाकिन बताया है। नागिन बताया है। सर्पिणी बताया है, चुड़ैल बताया है और न जाने क्या- क्या ...
- क्या- क्या काम करूँ?... बेटे, पहला काम तो यह कर कि एक बँटवारा कर दे। किसका बटवारा करूँ? इस चीज का बटवारा कर दे कि तेरी दुक...
- क्या- क्या मनोकामना पूरी करें?... बेटा पैदा कीजिए, बेटी पैदा कीजिए, मुकदमा जिताइए। नौकरी में प्रमोशन करवाइए। आपने पहले क्यों नहीं ...
- क्या- क्या हैं- जरा बताइये?... अच्छा लीजिए, गायत्री का संक्षिप्त अर्थ बताता हूँ।मित्रो! लम्बे अर्थ जानना हो तो ‘‘गायत्री मंत्रार्थ’...
- क्या-क्या आन्दोलन चल रहे हैं, किन-किन कठिनाइयों का सामना करके आप आए हैं?... जो गाड़ी 24 घण्टे में आती है, वह 60-61 घण्टे में आई है। यह क्या है? बेटे ! जरा बताना?
यह उस व्यथा क...
- क्या-क्या और किस-किसकी दवाई बना रहे हैं?... अरे साहब! यह दमे की दवाई है। हमने इसमें संखिया मिलाया हुआ है। अरे हकीम साहब! हमें संखिया खिलाकर मार ...
- क्या-क्या कथाएँ कहते हैं?... इसके क्या-क्या नाम हैं? सत्संगों के लिए कितने भवन बने हुए हैं? जहाँ प्रवचनों की कोई कमी नहीं है। ए...
- क्या-क्या कर सकता है?... शरीर के अंगों का इस्तेमाल करना जरूरी है। आलस्य में पड़े हुए, प्रमाद में पड़े हुए नब्बे फीसदी लोग जिं...
- क्या-क्या कर्मकाण्ड कराए थे?... भगवान से इनका कोई ताल्लुक नहीं है। यह सब आपकी मर्जी के ऊपर है। यह अपने मन की हिफाजत के लिए और मन को ...
- क्या-क्या किया करेंगे?... तीन काम वो हैं, जो हम बहुत पहले सिखा चुके हैं। उनको आप जीवन्त करें। अब तक क्या है? अब तक वे म...
- क्या-क्या खाता है?... कुछ और रह गया हो, तो उसे भी खा जा। इसका मतलब यह हुआ कि जिस दिन उपवास रखता है, उस दिन जो कोई भी चीज ज...
- क्या-क्या चीजें होती हैं, जो हाथ से घुमाई जाती हैं?... बेटे, यह सब मैटेरियल है, जो मैटेरियल या भौतिक चीजें हैं, उनके उपयोग का क्या उद्देश्य होना चाहिए? साह...
- क्या-क्या जेवर बनाने हैं?... बहुत बढ़िया वाले जेवर बनाने हैं। तो सोने से यों ही बनाइए न? नहीं साहब! जब तक तपाएँगे नहीं, गलाएँगे न...
- क्या-क्या दवाइयाँ डाली जाती हैं और कैसे बनाई जाती हैं?... यह जानकारी अगर आपको हो जाय, तो क्या कोई फायदा आपको मिल सकता है? च्यवनप्राश का एक डिब्बा आप ले आयें...
- क्या-क्या दवाएँ बेचते हैं?... हम तो टॉनिक बेचते हैं। अहहा और क्या बेचते हैं? सब बीमारी की दवा बेचते हैं। अच्छा तो आप अपने खानदान व...
- क्या-क्या रखते हैं?... धूपबत्ती रखते हैं, चन्दन रखते हैं, रोली रखते हैं, अक्षत रखते हैं, दीपक रखते हैं। आपकी परिभाषा के मुता...
- क्या-क्या सम्पत्ति है हमारे पास?... हमारी सम्पत्ति है-श्रम। श्रम को हमने किसके लिए खर्च किया है? बेटे, सारे का सारा श्रम इस शरीर के लि...
- क्या-क्या सामान देता है?... पिता क्या देता है? पिता बेटे की पढ़ाई के लिए फीस देता है, अपनी कमाई का मकान देता है और तेरी औरत को ज...
- क्यों होते हैं?... फेफड़े भीतर से कमजोर होते हैं, इसलिए हमले होते हैं। आपके भीतर वाला माद्दा जब कमजोर होता है तो इस...
- क्यों महाराज जी, आपने तो गोपियों वाली रासलीला और वह कपड़े चुराने वाली लीला देखी है?... नहीं बेटे, यह रासलीला हमको नापसन्द है, क्योंकि यह समाज में अनाचार फैलाती है, समाज में भ्रष्टाचार फै...
- क्यों मान ली?... वह संकल्पवान था। संकल्पवान नहीं होता तब? ऐसे ही व्याख्यान करता फिरता तब? हरे पेड़ लगाइये, हरियाली उ...
- क्यों 6 घण्टे जगेंगे?... सरस्वती देवी का मंत्र जपेंगे और थोड़े दिन में विद्वान हो जाएँगे। बेटे, ऐसा नहीं हो सकता।
साहब! आ...
- क्यों अगर तू खाना नहीं खाएगा तो भगवान को क्या मिलेगा?... इसलिए क्या है बेटे! जिस भावी तपस्वी जीवन की योजना को हम कार्यान्वित करने जा रहे हैं, वह हमारे रजत जय...
- क्यों अच्छा नहीं हुआ?... कल तो हमने आपको बता दिया था और आप भी कह रहे थे कि सत्य वचन महाराज। फिर क्यों अच्छा नहीं हुआ? अरे मह...
- क्यों अपने लिए ही तो खरच नहीं करते हैं?... नहीं साहब! इतना पैसा हम अकेले में कैसे खरच करेंगे? हमें अपनी बहन को भेजना पड़ता है।
साथियो! ज...
- क्यों अभ्यास कर रहे हैं?... इसलिए अभ्यास कर रहा हूँ कि इस संसार में भगवान के तीन दुश्मन हैं और जब कभी भी मिलेंगे, तो तलवार लेकर ...
- क्यों आ जाएगी?... क्योंकि लेना भी आदमी का फर्ज है और देना उससे भी बड़ा फर्ज है।यह समाज का चक्र है, जो इसी तरह से घूम रह...
- क्यों आती है अहिंसा?... यह कौन सी वाली अहिंसा है, जिसमें डाकुओं को छूट, दुष्टों को छूट, बेईमानों को छूट, अत्याचारियों को छ...
- क्यों आते हैं आप?... आप हमारे प्यार की कशिश से खिंचे हुए चले आते हैं।मित्रो! प्यार की यह कशिश आप पैदा कर सकते हैं? हाँ, आ...
- क्यों कराएँगे अनुष्ठान?... आप अपने ही घर में क्यों नहीं अनुष्ठान करेंगे और अपने ही घर में क्यों नहीं कमा लेंगे? मुझसे क्यों माँ...
- क्यों कहते थे?... इसलिए कहते थे कि वे थोड़ा लिया करते थे और ज्यादा दिया करते थे। ब्राह्मण ने थोड़ा-सा खा लिया, सन्तोष से ...
- क्यों कहते हैं?... इसलिए कहता हूँ कि सिद्धान्त के लिए, आदर्शों के लिए, आदमी का ज्ञान सम्वर्द्धन करने के लिए जो विचारणा, भ...
- क्यों कहा करते हैं, यह मैंने उनसे कहा?... मुझे बहुत बुरा लगता है। मुझे बहुत असहनीय लगता है। मैं वेदना को सह नहीं सकूँगी, मेरे सामने मत कहिए।
...
- क्यों किताब खरीदेंगे?... क्यों मास्टर के पास जाएँगे? क्यों 6 घण्टे जगेंगे? सरस्वती देवी का मंत्र जपेंगे और थोड़े दिन में विद्व...
- क्यों क्या बात थी कि 'छह महीने जागूँ और एक दिन सोऊँ' का वरदान न माँग सका?... अकल खराब थी उसकी। उसके मुँह से निकल गया कि 'छह महीने सोऊँ और एक दिन जागूँ।' वह छला गया। अगर वह नेपो...
- क्यों क्या हुआ?... उन्होंने कहा—पिछले वर्ष मैं आया था, तो आपने कहा था कि उस किसान को तीन जन्म तक बच्चा नहीं होने वाला ह...
- क्यों खरच हुए?... बेटे! आप जानते नहीं। उन्होंने अपने लिए नहीं किया था, अपितु अपने गुरु के लिए मारे-मारे फिरे और देश-वि...
- क्यों खेती-बारी करूँगा?... गाँधी जी की तरह से मेरे ऊपर रुपया ही बरसेगा। फिर चाहे जो करूँगा और चाहे जो लाऊँगा।
मित्रो! एक दि...
- क्यों गरीबी की जिन्दगी जी?... दो हजार रुपये में हमने क्यों जिन्दगी जी? एक-एक पैसा हमने, यह समझकर रखा कि, यह कितना कीमती है। हम अपने...
- क्यों गढ़ी हैं?... इसलिए गढ़ी है, ताकि उसकी जो फिलॉसफी है, उसको समझने में हमें सरलता पड़े। सिद्धान्तों से मोहब्बत अभी आ...
- क्यों घर छोड़ने की आवश्यकता थी?... क्यों बच्चे छोड़ने की आवश्यकता थी? क्यों जिस दिन से आए, तो उधर मुँह करके भी नहीं देखा? आखिर क्यों आव...
- क्यों चक्कर काटते फिरते हैं?......
- क्यों चढ़ा रहे हैं?... अरे महाराज जी! जरा खेल तो देखिए। मेरा चमत्कार तो देखिए। दिखा, क्या चमत्कार दिखाएगा? सावन के महीने मे...
- क्यों चली जाएगी?... क्योंकि हमारा मन और हमारा अन्त:करण सारे में व्याप्त रहता है।
जैसे चुम्बक होता है, लोहे को अपनी तरफ...
- क्यों चाहते हैं आप?... इसलिए चाहते हैं कि हम आपको कुछ देना चाहते हैं, अगर आप दे नहीं पाएँगे, तो हम भी नहीं दे सकेंगे। नहीं ...
- क्यों चिढ़ है?... इसलिए कि मैंने हजारों बार कहा है, लाखों बार कहा है कि आदमी के ईमान को बदल देने का नाम अध्यात्म ह...
- क्यों जिस दिन से आए, तो उधर मुँह करके भी नहीं देखा?... आखिर क्यों आवश्यकता थी? कोई आवश्यकता नहीं थी। जैसे आप अपने घर-गृहस्थी में लिप्त हैं। ऐसे वे भी रहते,...
- क्यों तू कौन है?... हमें चमत्कार दिखाना होगा, तो अपनी मरजी से दिखाएँगे, हमारा भगवान कहेगा तो दिखाएँगे। नहीं महाराज जी! ह...
- क्यों तू क्या करना चाहता है?... मुझे क्या पता कब तक हो जाएगा? मित्रो! क्या करना पड़ेगा कि जब परम्पराएँ इस तरह की दिखाई पड़ती हों, तब आप...
- क्यों तो आपने जलाई है और फिर अशुभ कार्य क्यों किया है?... आपने पाश्चात्य सभ्यता ले ली न।
जन्मदिन के माध्यम से हम उनके घर और कुटुम्ब वालों को वह शिक्षण दे सक...
- क्यों दिखाई नहीं पड़ता?... आपके भीतर हम दियासलाई जलाते हैं, मगर उसमें तेल नहीं है। महाराज जी! हमारे अन्तःकरण में प्रकाश जला दीजि...
- क्यों दुनिया भर की चालाकी करते हैं?... नहीं साहब! भजन में बड़ी ताकत है। कोई ताकत नहीं है। फिर किसमें ताकत है? मित्रो! भजन में अगर ताकत है त...
- क्यों देता है बाप उस बेटे को?... इसलिए देता है कि वह किसी ऐसे काम के लिए खरच करना चाहता है कि जिससे बाप की इज्जत, बाप की शान बढ़े। जि...
- क्यों देते हैं?... अरे बाबा! हमारे बाल-बच्चे भी तो हैं। दुकान का किराया भी तो देते हैं। फिर हम भी किसलिए बैठे हैं? हमने...
- क्यों ध्यान रखें?... बार-बार आप क्यों ध्यान रखने के लिए कहते हैं? बार-बार इसलिए कहते हैं कि आपने जो बहुत दिनों से सीखा है...
- क्यों नहीं अपनी माँ की छवी में अपने गुरु को देखते?... जब आपके सामने एक मौजूद है तो फिर आपने उसमें गुरु को क्यों नहीं झाँका? आप झाँकिए और उनको अपना काम करन...
- क्यों नहीं आएँगी?... बेटे ! अम्मा की उन्होंने सेवा की, हरिजन बस्ती में जाकर के उन्होंने जो शंख फूँका, शायद इसमें जो हमारे...
- क्यों नहीं आएँगे?... इसलिए नहीं आएँगे कि तुलसीदास जी ने राम के नाम को ग्रहण करने के पश्चात राम की रीति-नीति से जीवनयापन क...
- क्यों नहीं कर सकते थे?... कौन सी ऐसी वजह है जो आप नहीं कर सकते हैं? यहाँ जो जप और अनुष्ठान कराया जाता है, क्या आप घर पर नहीं क...
- क्यों नहीं कर सकते?... जल्दी सोओ, जल्दी उठो। नहीं महाराज जी! देरी से सोना हमारी आदत हो गई है।
आदत क्या होती है? धैर्य और ...
- क्यों नहीं करूँगी?... क्योंकि उन्होंने कह दिया है कि मैं तुम्हारे अन्दर समाया हुआ हूँ। जब मेरे अन्दर पूर्ण समाए हैं तो बेटे,...
- क्यों नहीं गए आप?... अब क्या शिकायत कर रहा है—कमजोर, कायर कहीं का। मित्रो! यह दिलेरों का, बहादुरों का, शूरवीरों का, साहसि...
- क्यों नहीं गया?... क्योंकि वह धन, जिसके पीछे श्रद्धा जुड़ी हुई नहीं है, जिसके पीछे प्रेम जुड़ा हुआ नहीं है। जिस पैसे के...
- क्यों नहीं चल रहे हैं?... वे हमारे सामने नहीं बनेंगे, तो कब बनेंगे? इनको बनना चाहिए। बेटे! गुरुजी कई बार अपने भाषण में कड़क बा...
- क्यों नहीं चलीं?... इसलिए नहीं चलीं कि जितनी श्रद्धा होनी चाहिए, उस श्रद्धा का अभाव पाया गया। आप तो डाल-डाल और पात-पात प...
- क्यों नहीं चीरेंगे?... क्या हम किसी कुत्ते से कम हैं ! जब कुत्ता कुत्ते को चीर सकता है, तब फिर आदमी आदमी को क्यों नहीं चीरे...
- क्यों नहीं पनपेगा?... जब तक हम सिद्धान्तवादी नहीं बनेंगे, तब तक यह पनपता ही रहेगा और बेचारे को उलटा-सीधा काम करना ही पड़ेग...
- क्यों नहीं पहचाना विराट स्वरूप को?... आपने उन्हें अन्तरंग में क्यों नहीं बैठाया? जिसने अन्तरंग में बैठा लिया, बेटे, मैं कहूँगी कि वह हमारा ल...
- क्यों नहीं पैदा कर सकता?... क्योंकि उसके अन्दर जो चुम्बकत्व होना चाहिए, मैग्नेट होना चाहिए, वह मैग्नेट उसके अन्दर नहीं होता, आप ...
- क्यों नहीं बोलती?... ऐसे बोला जाता है। फिर ऐसे बोलने लगी कि बस गजब हो गया। व्याख्यान में भी कुछ होता है क्या? कुछ भी नहीं...
- क्यों नहीं भरता?... इसलिए नहीं भरता कि हमारी तृष्णाएँ, बालपन जितनी छोटी हैं। इसमें हम जितना पाते हैं, उसे खर्च नहीं कर...
- क्यों नहीं मिलता?... क्योंकि बेटे, पत्नी में भावनाएँ हैं, त्याग है। पत्नी जब शादी होकर के आती है तो अपना सारा-का-सारा पिछ...
- क्यों नहीं मिलते हैं?... गाँधी जी की सभा में लोग आते थे और नेहरू की सभा में जाते थे; लेकिन अब सभा में लोग क्यों नहीं आते, क...
- क्यों नहीं मिलेगा?... क्योंकि आपने किसी एक का आँचल पकड़ा ही नहीं है। बेटे! आपको विश्वास ही नहीं है, आस्था ही नहीं है। डाल-...
- क्यों नहीं लगाएँगे?... क्योंकि हमारे हाथ जो हैं। हमको पेंशन नहीं मिलती, तब भी तो हम खाते हैं कि नहीं खाते, तो आपका दिया हुआ...
- क्यों नहीं लगेगी?... जो कुछ किया है, वह नम्र बनने के लिए नहीं किया। वह लोक-मंगल के लिए नहीं किया, लोकोपकार के लिए नहीं कि...
- क्यों नहीं है?... क्योंकि यह गुड़-गोबर है। इससे आप लीपेंगे तो मक्खियाँ भिनकेंगी, पैर चिपक जाएगा। यह किसी काम का नहीं र...
- क्यों नहीं है?... कितने क्रियाशील हैं। सम्पूर्ण विश्व के लिए जो उन्होंने बीड़ा उठाया है, सफल होंगे? हाँ, सफल होने चाहि...
- क्यों नहीं है?... आप तो बना सकते हैं। हाँ, बना तो सकते हैं, इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन तब बना सकते हैं, जबकि तेरे अन्...
- क्यों नहीं हो पाते?... छुआछूत के नाम पर, लिंग भेद के नाम पर, दहेज के नाम पर आएदिन हमारी बच्चियाँ आत्महत्या करती हैं, जला दी...
- क्यों नौकरी करना चाहता है?... अरे! हमारे यहाँ काम कर लीजिए, लोहार का काम है। नहीं साहब, आपके यहाँ नहीं करेंगे। हम वहाँ करेंगे, ज...
- क्यों पहनाये थे?... यों पहनाये थे कि दूसरा कोई आदमी पीले कपड़ा नहीं पहनता। आप बाजार में घूम आइए, आपको नीले पैन्ट पहनन...
- क्यों पीटते हैं आप?... इसलिए पीटते हैं कि अगर कहीं हाँडी टूटी हुई तब? दरार हुई तब? अगर दरार हुई तो जरा-सा ठोकने पर हमें शक ...
- क्यों पीला हो जाता है?... इसलिए हो जाता है कि चारों ओर सूखी हुई घास, फैला हुआ रेत दिखाई पड़ता है। उसको देखते देखते वह पीले रंग...
- क्यों पूरी करनी चाहिए?... हमने तीन माला जप किया है। ले जा अपनी माला। माला लिए फिरता है। देवी को माला पहना देंगे, नारियल खिला द...
- क्यों पैदा कर देती है?... इसलिए पैदा कर देती है कि उसका जो विचार है वही उसकी क्रिया भी है। उसके विचार और क्रिया दोनों मिले...
- क्यों पढ़ते हैं आप?... साहब! हम तो फिजिक्स पढ़ते हैं। बेटे, फिजिक्स इतना बड़ा विषय है कि आप जैसे तीन सौ अस्सी आदमी जन्म से ...
- क्यों फायदा नहीं उठाया?... इसलिए फायदा नहीं उठाया, क्योंकि उसने अपने को धोया नहीं। शंकर जी की भक्ति के पीछे जो कल्याण की भावन...
- क्यों फिर आ गए?... आ गए, क्योंकि उसके अन्दर वह चीज नहीं है, जिसे जिन्दगी कहते हैं। जिन्दगी वाले इंसान-महामानव मित्रो! जि...
- क्यों बच्चे छोड़ने की आवश्यकता थी?... क्यों जिस दिन से आए, तो उधर मुँह करके भी नहीं देखा? आखिर क्यों आवश्यकता थी? कोई आवश्यकता नहीं थी। जै...
- क्यों बताते हैं?... माता का उपकार, माता की सेवाएँ और कोई नहीं कर सकता। छोटी-सी पानी की बूँद को एक हट्टा-कट्टा मनुष्य बना...
- क्यों बतायें लक्ष्मी जी का मंत्र?... बेटे एक ही मंत्र है। नहीं साहब! मिठाई खाने का चम्मच अलग लाइये, खीर खाने का चम्मच अलग लाइये। दाल खाने...
- क्यों बतायें लक्ष्मी जी की उपासना?... लक्ष्मी जी का मंत्र बताइये? क्यों बतायें लक्ष्मी जी का मंत्र? बेटे एक ही मंत्र है। नहीं साहब! मिठाई ...
- क्यों बदल जाते हैं?... इसलिए कि ये अपने आप में कमाने लायक हो गया है। इसको अब हमारी मदद करनी चाहिए थी, जबकि ये उलटा हम से ही...
- क्यों बाँटते रहते हैं?... उन्होंने हिस्सा ऐसा बना लिया है, शाखा ऐसी बना ली है, जो हमारे और हमारे गुरु के बीच में एक मजबूत संबं...
- क्यों बाँध ली थी?... बुड्ढे आदमी के साथ हमारा ब्याह हुआ है और हमारी उम्र और अकल बहुत खूबसूरत है। हमारा ईमान डाँवाडोल ह...
- क्यों बार-बार दीपक जलाएँ?... बेटे, उसका भी एक कारण है। एक ऐसा बेवकूफ आदमी है, जो आँखों से अन्धा है, जिसको कुछ दिखाई नहीं पड़ता। उस...
- क्यों बिकता है?... इसलिए बिकता है कि वेस्टन वॉच कंपनी बनाने वालों ने यह कसम खायी हुई है कि हम लोगों के लिए अच्छी से...
- क्यों बेटे, नोट गिनने में मन लग रहा है कि नहीं लग रहा है?... हाँ महाराज जी! मन लग रहा है। नोट उठा-उठाकर रख रहे हैं। हमारा ध्यान और कहीं नहीं जाता। केवल नोट गिन...
- क्यों मर जाते हैं?... उन्हें खुराक नहीं मिलती। अगर आप कुत्तों के उन पिल्लों को खुराक का इंतजाम कर दें, सबके लिए रोटी, दूध ...
- क्यों मर रहे हैं?... हम इसलिए मर रहे हैं कि हमारे जख्म हो गये हैं और देखिए हमारी टाँग टूट गयी है और हमको सेप्टिक हो गया ह...
- क्यों महाराज जी?... हमारे यहाँ तो वह है, भैंसा। उस पर बैठा लाएँ तो आ जाएगी? नहीं बेटे, उस पर नहीं आएगी। तो महाराज जी, हम...
- क्यों मानना चाहिए?... क्योंकि हमने सवा रुपये का लड्डू खिलाया था। किसको? हनुमान जी को। अच्छा तो आपने हमें लड्डू इसीलिए खि...
- क्यों माना गया है?... इसलिए माना गया कि आदमी उतने समय में अपना समय खरच करता है। नुकसान उठाता है। किराये-भाड़े में पैसा खरच...
- क्यों मास्टर के पास जाएँगे?... क्यों 6 घण्टे जगेंगे? सरस्वती देवी का मंत्र जपेंगे और थोड़े दिन में विद्वान हो जाएँगे। बेटे, ऐसा नहीं...
- क्यों रो रही है?... हमारा बच्चा था, मर गया। आप रोयेंगे? हाँ, आप भी रोयेंगे। हमने चौबीस दिन का अनुष्ठान किया था, अब क्या ...
- क्यों लगा दिए गए?... ऋषियों ने समझा कि इससे ज्यादा फायदे की चीज, इससे ज्यादा लाभदायक चीज और कुछ नहीं है। वह है—गायत्री मं...
- क्यों लाद दिया?... क्योंकि उसकी आपसे एक अपेक्षा है, एक आशा है। उसकी भी एक अभिलाषा है, उमंग है। भगवान की इनसान से क्या अ...
- क्यों विश्वामित्र ने हरिश्चंद्र को ही दोस्त बनाया?... इससे कम में काम नहीं चल सकता था? अभी भी हजारों गाँधियों को पैदा करने की ताकत हरिश्चंद्र में है। गाँध...
- क्यों सताई जाती हैं हमारी बच्चियाँ?... बेटे, सब सुनकर हमारा कलेजा छलनी हो जाता है। न कुछ कहते बनता है, न कुछ करते बनता है। पर यह सब मानना क...
- क्यों साहब आप उनसे क्यों नहीं सुनना चाहते?... उन्होंने कहा कि अगर शुकदेव जी कथा कहेंगे तो हमारी आत्मा का उद्धार हो जाएगा। उनके शब्द हमारे जीवन का ...
- क्यों साहब दक्षिण भारत के लोग तो काले होते हैं, फिर ये सब राक्षस हैं?... नहीं बेटे! ये राक्षस नहीं हो सकते। राक्षस कैसे होते हैं? जिनके दाँत बड़े-बड़े होते हैं। हमारे पिताजी...
- क्यों साहब वही सन्तरे और केले आप यहाँ ले आइये और लगा कर देखिये कि जैसे मीठे वे नागपुर में और बम्बई में होते हैं, यहाँ भी हैं क्या?... नहीं, वैसे मीठे वे आपके यहाँ नहीं हो सकते। कारण एक ही है कि वहाँ के वातावरण की अपनी विशेषता है। बंगा...
- क्यों साहब, आप कहाँ से आए?... हम तो साहब बहुत दूर के रहने वाले हैं। आपका ये कौन लगता है? कोई नहीं लगता। क्यों साहब, फिर ये आपके कम...
- क्यों साहब, एक ओर से कि तीनों ओर से?... आप एक ओर से माँगते हैं, पर मैं वायदा करता हूँ कि तीनों ओर से आपको सहायता मिलेगी और इतनी अधिक सहायता ...
- क्यों साहब, फिर ये आपके कमरे में क्यों रहते हैं?... कशिश ने इन्हें खींच लिया। जुआरी के पास जुआरी, चोरों के पास चोर, लफंगों के पास लफंगे, विद्वानों के पा...
- क्यों साहब, माताजी जब आप नहीं रहेंगी, तो फिर हमारा क्या होगा?... बेटे, आपसे हमारा वायदा है कि आपके लिए कोई घाटा होने वाला नहीं है। न तो पहनने का और न खाने का, कोई भी...
- क्यों साहब, श्रीकृष्ण भगवान की नाक लम्बी थी या चौड़ी थी?... नहीं बेटे, हमें नहीं मालूम। देखिए, आप ही बताइए कि चौड़ी नाक वाले कृष्ण हैं या ये हलकी नाक वाले कृष्ण...
- क्यों साहब, सूरदास जी ने अपनी आँखें फोड़ ली थीं या फूट गई थीं और हम भी फोड़ लें तो क्या भगवान दिखाई पड़ेंगे?... बेटे, यह गलती तो मत कर लेना। आँखें फोड़ने से मतलब है कि हमारी जो कमीनी आँखें, दुष्ट आँखें हैं, जो ना...
- क्यों हम इस बेशकीमती जिन्दगी को उन कामों में खर्च करें, जिन कामों में जानवर खर्च करते हैं?... पेट के लिए जानवर जिन्दा रहते हैं, इंसान जिन्दा नहीं रहता। इंसान कर्तव्य के लिए जिन्दा रहता है, धर्म के ...
- क्यों हो गए?... अरे! इसलिए हो गए कि उनका समर्पण था। उन्होंने कहा—जैसा आप बनाना चाहें, हम वही बनने के लिए तैयार हैं। ...
- क्यों हो जाती है?... धुनने से। इंदिरा गाँधी जब भरतपुर गयीं थीं, तो उन्हें एक लिहाफ भेंट किया गया था। कैसा लिहाफ था? उ...
- क्यों हो रहे हैं?... इसलिए हो रहे हैं कि जो माता- पिता का चिन्तन है, वह सारा का सारा घुल करके उस बच्चे में चला जाता है। ह...
- क्यों, अच्छी नहीं लगती?... अच्छी तो लगती है, पर न जाने क्यों मेरे मुँह में चल नहीं रही है; क्योंकि जब दो साल के, एक साल के बच्च...
- क्यों, इनमें क्या बात हो गई?... इन्हें भी ज्ञानरथ चलाना चाहिए। नहीं साहब ! ये तो लड़कियाँ हैं, महिलाएँ हैं और ये तो बुद्धू होती हैं ...
- क्यों, इससे क्या फायदा है?... कई लड़के ऐसा करते हैं कि जब उनका काम नहीं बनता तो भरपूर गाली देते हैं। जब काम बन जाता है तो फिर बेचा...
- क्यों, किसलिए करते हैं?... आपने राम का नाम नहीं लिया तो क्या हुआ? खुदा का नाम नहीं लिया तो क्या? भजन नहीं किया तो क्या? लेकिन द...
- क्यों, क्या हो गया?... सारे दिन बक-झक करना पड़ता है। अब हम यहाँ नहीं रहेंगे। तो कहाँ जायेंगे? साहब! हम तो शान्ति प्राप्त क...
- क्यों, क्या बात हो गई?... सारा पैसा किसमें खरच हो जाता है? खरच होने का एक ही तरीका था और उसका नाम था ढकोसला। आदमी इतना बड़ा और...
- क्यों, क्या वजह थी?... वजह सिर्फ एक ही थी कि जिस वाणी से उस कथा का उच्चारण हुआ था, वह दिव्यवाणी थी। वह शुकदेव की वाणी थी। श...
- क्यों, क्या वजह है?... नहीं साहब! बेटा तो हमारा है। अच्छा तो यह आपका बेटा है? यह क्या चीज है? बेटे! इस तरह के मोह में मनुष्...
- क्यों, क्या वजह है?... आदमी की चिन्ताओं की वजह से, ख्वाहिशों की वजह से, तृष्णाओं की वजह से उसकी शक्तियों का जो क्षरण होता रह...
- क्यों, चमार कैसे हुए?... चमार ऐसे हुए कि ये सिर्फ चमड़े को देख पाते हैं। चमड़े को जो देख पाता है, चमड़े का जो व्यापार करता है...
- क्यों, तेरे पीछे हो जायेगी तो?... नहीं साहब! हमारे सामने होनी चाहिए। मैं यह शादी देख करके मरूँगी। यह कौन है? यह वह बुढ़िया है, जो चाहती...
- क्यों, भगवान का भजन कर रहे हो या माल का?... हर समय जो विचारों में समाया रहता है, वह तमाम दुनिया का कूड़ा-कबाड़ा जप करते समय ही याद आता है। तो खा...
- क्योंकि लोभ तो आपको कहाँ पाने देगा?... लोभ तो आपको उचित और अनुचित काम करने के लिए लगाए रहेगा। लोभ आपको मेहनत करने के लिए लगाए रहेगा, कर्ज...
- क्योंकि हम सब बराबर के थे, फिर आपका क्यों खराब किया और हमारा क्यों अच्छा किया?... बेटे, हम भगवान से मिलेंगे, तो उनसे पूछेंगे कि आपने यह क्या किया। आपने इनको अच्छी बुद्धि दी और हम...
- क्योंकि आदमी इतना बदमाश और इतना बदकार, इतना जाहिल और जालिम हो गया है कि मैं क्या कह सकता हूँ?... यह कैसे हो गया? आदमी के भीतर शैतान घुस गया। तो क्या पढ़ाने से यह शैतानी दूर हो जायेगी? नहीं बेटे, पढ़ा...
- क्योंकि आपका खर्च करने का जो ढंग है, उस पर आप काबू करेंगे नहीं, तो जो भी हम आपकी नौकरी में तरक्की करवा देंगे, या व्यापार में फायदा करवा देंगे और आप खर्च उसी तरीके से करेंगे, जैसे कि इस समय तक करते रहे हैं, तो उसका परिणाम क्या होगा?... उसका परिणाम वही होगा, जो अब तक होता आया है।अब तक आप कंगाली में रहे हैं, गरीबी में रहे हैं, तंगी में ...
- क्योंकि गाँधी जी की आँखों में जादू था और यह जादू कहाँ से आया था?... आप भी उस जादू को पैदा कर सकते हैं, अगर आप अपनी शक्तियों को नष्ट करने से बचालें, तब।
शुरुआत ...
- क्योंकि रावण से लड़ाई करने के लिए कौन तैयार हो?... कुंभकरण से लड़ने के लिए कौन तैयार हो? कोई तैयार नहीं हुआ। रामचंद्र जी के भाई भी आये थे, सेना को लेक...
- क्योंकि सारा-का-सारा विश्व आज देख रहा है कि क्या कोई मिशन ऐसा है?... क्या कोई ऐसी संस्था है? क्या ऐसा कोई व्यक्तित्व है या ऐसा कोई ऋषि है, सन्त है, जो कि जलती हुई अग्नि ...
- क्रिया का महत्त्व सिर्फ इस माने में है कि वह मार्गदर्शन करती है कि आपको जीना कैसे चाहिए?... मित्रो! पहले यह जान लीजिए कि अध्यात्म क्या चीज है? अध्यात्म के पीछे की बात बाद में जानिए। अध्यात्म ह...
- क्रिया किस काम के लिए है?... क्रियाओं का मकसद एक है। क्रिया एक शिक्षण है। प्राचीनकाल में पुस्तकें कम थीं, इसलिए ये इशारे बना दिए ...
- क्रिया तो वही है?... जो आपको हम यहाँ कराते हैं। क्रियाओं को फिर किसी दिन बता दूँगा। सायंकाल को हम जो आपको ध्यान कराते हैं...
- क्रिया से क्या हो सकता है?... तमाशे से क्या हो सकता है? कुछ नहीं हो सकता। क्रिया किस काम के लिए है? क्रियाओं का मकसद एक है। क्रिया...
- क्रिया से चमत्कार कैसे पैदा होगा?... नहीं, साहब! क्रिया कीजिए, चमत्कार पाइए, क्रिया कीजिए, चमत्कार पाइए।...
- क्रिया-कृत्य कितना करते थे?... जप कितना करते थे? अनुष्ठान कितना करते थे? बेटे! मुझे मालूम नहीं है, लेकिन इतना मुझे मालूम है कि कबीर...
- क्रिया-कृत्यों और कर्मकाण्डों को ही आप सब मानकर चलेंगे, तो मैं क्या करूँगा, बताइये?... क्रिया-कृत्यों के साथ-साथ में जीवन में हेर-फेर करना आवश्यक है।...
- क्रियाएँ क्या हैं?... आपको यह मालूम है? क्रियाएँ संकेत करती हैं, दिशाएँ देती हैं कि आखिर हमको करना क्या है? आखिर हमको जीना...
- क्रियाएँ संकेत करती हैं, दिशाएँ देती हैं कि आखिर हमको करना क्या है?... आखिर हमको जीना कैसे है? यह सारे-का अध्यात्म, वह अध्यात्म है, जिसको आपने बाजीगरी का नाम दिया हुआ है। ...
- क्रियाओं का क्या महत्त्व हो सकता है?... यह मैं आपको कल बता रहा था। क्रियाओं का मैं मजाक उड़ा रहा था, क्योंकि हम सोचते हैं कि परिश्रम कितना क...
- क्रियाकलाप क्या होगा?... यही बतलाने के लिए हमने यह शिविर बुलाया है। इसका मतलब कुटुँब एवं पारिवारिकता है। अगले दिनों संसार का ...
- क्रियाकुशलों की कमी है क्या?... पर वे सब स्वयं के लिए हैं। दूसरों के लिए वे क्या साबित हुए, आप बताइए ना? जेलखाने में पड़े हुए लोगों ...
- क्रूरता तो नहीं है, लेकिन हम हर व्यक्ति को ललकारते हैं और झकझोर करके कहते हैं कि बेटा क्या करता है?... क्या कायर की तरह से जिन्दगी जिएगा?
बेटे! आज सारा विश्व यह देख रहा है कि कोई है क्या, हमको शीतलता द...
- क्रोध के अलावा क्या पल्ले पड़ने वाला है?... चैन कहाँ से आ जायेगा? शान्ति कहाँ से आयेगी? नहीं साहब! गायत्री माता से चैन आ जायेगा? अरे। गायत्री मा...
- क्रोध जब आता है, तो उसकी कोई शक्ल होती है?... नहीं होती है। हाँ, क्रोध की वजह से आँखों में असर आ सकता है और आँखें लाल हो सकती हैं, पर क्रोध की अ...
- क्वाइन—पैसे का क्या करेंगे?... हम तो ऐसे ही खरीदेंगे। नहीं बेटे ! पहले रुपये लेकर आओ, तब चीज मिलेगी। सामर्थ्य की कीमत पर सम्पत्ति खर...
- क्वालिटी के परिणाम से हम अभीष्ट परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, तो क्वालिटी के लिए क्या करना पड़ेगा?... तप के लिए क्या करना पड़ेगा? तप के बारे में मैं क्रियाओं का जिक्र नहीं करना चाहता हूँ। पानी मत पीजिए,...
- क्षत्रिय को या और किसी को नहीं मिलीं?... किसी को भी नहीं मिलीं। माताजी आप यह क्या कह रही हैं? विश्वामित्र जब तक क्षत्रिय थे, तब तक नहीं मिलीं...
- क्षत्रिय क्या करता है?... अनाचार-अत्याचार के विरुद्ध तनकर खड़ा हो जाता है। देखा जाएगा, जो भी हमारे विपरीत परिस्थितियाँ हैं, उन...
- क्षीर सागर में भगवान् विष्णु कहाँ रहते हैं?... बेटे, इसी में रहते हैं। यह जो ग्रे मैटर है, यही क्षीर सागर है। इसके भीतर जो सहस्रार चक्र है, वही ह...
- क्षुद्रता और संकीर्णता जैसी हमारी है, वैसी बनी रहनी चाहिए, तो फिर शंकर के कृपापात्र आप कैसे बन सकते हैं?... शंकर के कृपापात्र तभी बनेंगे जैसे कि शंकर जी ने जहर पिया था और सारे संसार को अमृत बाँटा था। लोक-मंगल...
- खंडों में हो गई, तो क्या?... जनता पार्टी में चली गई तो क्या? और प्रजापार्टी में चली गई तो क्या? सोशलिस्ट में चली गई तो क्या? इंदि...
- खजांची के पास चाबी होती है और उसके पास लाखों रुपये होते हैं, तो क्या यह सब खजांची के लिए हैं?... उन्होंने कहा—नहीं। सुरक्षा अधिकारी के पास हजारों हथियार और एटम बम, बन्दूकें और मशीन गनें आदि रहती हैं...
- खड़ा नहीं होगा?... गाण्डीव लेकर खड़ा हो, लड़ना है। एक जीवन-संग्राम में आपको भी लड़ना है।...
- खतरे कैसे आ रहे हैं?... पर मैं आपको आश्वासन देना चाहता हूँ कि आदमी के भीतर जो सुपीरियारिटी है, आदमी के भीतर जो महत्ता है, ...
- खबरदार, अगर बेकार की बातें की तो?... आप इन बातों से बाज आइए और इन बहानों को छोड़िए और वास्तविकता के नजदीक आइए।
अध्यात्म की वास्तविकत...
- खराब लोगों से वास्ता पड़े तब, खराब भाई हो तब, खराब मामा हो तब, खराब रिश्तेदार हो तब, क्या करना चाहिए?... तब के लिए श्रीकृष्ण भगवान् ने नया रास्ता खोला। इसमें विकल्प हैं। इसमें शरीफों के साथ शराफत से पेश ...
- खर्च करने से पहले हजार बार सोचें कि क्या इस चीज की वास्तव में आवश्यकता है या नहीं?... क्या इसके बिना काम नहीं चल सकता? इस तरह पैसे पर नियंत्रण रखा जा सकता है और अपव्यय से भी बचा जा सकत...
- खलीफा ने कहा—अच्छा, तो फिर वह पड़ोसिन कल आई थी, तो क्या कहती थी?... पड़ोसन यह कहती थी कि अब तक तुमने जेवर पहन लिए, अब वापस कर दे। फिर उसने कहा—खलीफा आप बुरा मत मानना...
- खलीफा ने कहा—बच्चे कहाँ गये?... उसने कहा-बच्चे कह गये हैं कि पिताजी से कह देना कि आज हम देर से आयेंगे, पिताजी खाना खा लें। उन्हो...
- खाई-खड्ड में साँप-बिच्छू आ जाएँ तो?... हाँ, साँप-बिच्छू आ जाएँगे तो काट सकते हैं। वहाँ रात के अँधियारे में बत्ती तो जलती होगी? नहीं साहब! ब...
- खाद और पानी का इस्तेमाल हमने कैसे किया?... वही हमें बताना था। जब मैं चला जाऊँगा, तब फिर लोगों के सामने वही परिस्थितियाँ आ जाएँगी, माँगने वाले फ...
- खाद और पानी क्या है?... खाद और पानी का मतलब है—योग और तप। उसी योग और तप के लिए हमने आपको यहाँ शिविर में बुलाया है। मित्र...
- खाद्य को प्राकृतिक रूप में खाने में क्या आफत आ गयी?... यह सरल है, कठिन नहीं है। यह साधना नहीं मामूली बात है। हम एक ऐसे महात्मा को जानते हैं, जो भीख माँगकर ...
- खाद्य पदार्थों में क्या जायका होता है?... गोरखपुर में ‘‘आरोग्य मन्दिर’’ नामक एक संस्था है, जहाँ प्राकृतिक चिकित्सा का शिक्षण होता है। वहाँ से ‘...
- खान-पान सम्बन्धी जो नियम-बन्धन आपको बताये गये हैं, क्या आप उसे घर पर नहीं कर सकते थे?... क्यों नहीं कर सकते थे? कौन सी ऐसी वजह है जो आप नहीं कर सकते हैं? यहाँ जो जप और अनुष्ठान कराया जाता ह...
- खानपान के सम्बन्ध में कभी आपको मौका आये, तो आप प्रशंसा तो करना, परन्तु किसकी करेंगे?... आप उसकी भावना की, खिलाते समय उसका जो प्रेम है, उसकी प्रशंसा करना, लेकिन पदार्थों की प्रशंसा मत करन...
- खाना किसलिए खिला रहा है?... ये तो गोल-मटोल हैं, इनके तो मुँह नहीं है, आँखें नहीं हैं। नहीं, महाराज जी! ये तो पाँच मुँह के हैं। ब...
- खाना कौन चाहता है?... मिट्टी। ये क्या हैं? ये हमारी भौतिक इच्छाएँ हैं। हमारी जीभ की मिट्टी मिर्च की मिट्टी को खाना चाहती ह...
- खाना कौन पकाएगा, काम कौन करेगा?... कितने नौकर चाहिए? दस हजार नौकर चाहिए। दस हजार नौकरों के लिए गड्ढे तो इतने नहीं बन सके, पर दस हजार नौ...
- खाना तो सही बेटे, पर क्या करेगा?... तेरी इज्जत और तेरा इंटरव्यू उसके ऊपर टिका हुआ है। मैंने तुझे यहाँ सिखाया था कि जिह्वा का हमें संयम...
- खाना बन्द कर दें तब?... अरे साहब! चाय का वक्त हो गया है। चुप। खाने का वक्त हो गया? चुप। मन को काबू में लाने की प्रक्रिया ...
- खाने का भी आनन्द होगा, यह तो मैं नहीं कह सकता, लेकिन आपने कभी किसी को खिलाया भी है अभागो?... यहाँ से माँग लाए, वहाँ से माँग लाए, उसका वरदान माँग लाए, उसकी कृपा लाए, उसका आशीर्वाद लाए। यह भी कोई...
- खाने का भी इंतजाम करेंगे?... क्या इंतजाम करेगा? ले आ कुछ डबल रोटी, बिस्कुट ले आ, बोर्नवीटा ले आ, कुछ हॉर्लिक्स ले आ, कुछ दूध ले...
- खाने का वक्त हो गया?... चुप। मन को काबू में लाने की प्रक्रिया का नाम है—मंत्र चल पहले भजन कर, फिर देख कि मन लगता है कि...
- खाने के लिए कुछ मिलता होगा या नहीं?... वहाँ जाने काफी मिलती होगी कि नहीं? आमलेट मिलती होगी की नहीं? अगर ये चीजें नहीं मिलती होंगी, तो बताइय...
- खाने में क्या चीज है?... शरीर पर कंट्रोल करने से पेट हमारी बात मानेगा। शरीर को अपने वश में रखने के लिए एक छोटा-सा प्रयास है, ...
- खाने में क्या होता है?... इसमें आदमी का सफाया कर डालते हैं, मार डालते हैं, कत्ल कर डालते हैं। इसको मार डालना कहते हैं। चूसना...
- खाने में महँगाई बरदाश्त कर रहे हैं, कपड़े में महँगाई बरदाश्त कर रहे हैं, रेल किराए में महँगाई बरदाश्त कर रहे हैं तो समाज के हित के लिए क्यों महँगाई बरदाश्त नहीं करेंगे?... आप उदार बनिए, अंशदान के बारे में उदार बनिए। एक घण्टे समयदान के लिए कभी हमने कहा था, जब शुरू में आप बच...
- खाने-पीने की कमी है क्या?... कुछ कमी नहीं है। अगर आदमी भले आदमी के तरीके से रहे तो बीमारी भी नहीं आएँ। बीमारी आएगी तो वैसे कदाचित...
- खाने-पीने को नहीं मिले तो शारीरिक दुःख, हारी-बीमारी हो जाए तो शारीरिक दुःख—बस, और क्या दुःख है, बताइए?... कोई दुःख नहीं है। खाने-पीने की कमी है क्या? कुछ कमी नहीं है। अगर आदमी भले आदमी के तरीके से रहे तो बी...
- खालिस ब्राह्मण क्या कर सकते हैं?... शरीर को ढकने के लिए हमको कपड़े की जरूरत पड़ती है, इसलिए कपड़े पहनने पड़ते हैं। समाज में रहते हैं तो ...
- खासतौर से परमार्थ या लोक-मंगल क्या हो सकता है?... सबसे बेहतरीन तो यही है कि अब भगवान ने आपको अपने व्यक्तिगत कामों में शरीक होने के लिए दावत दी है। और ...
- खिलाने का जायका क्या होता है, यह आपको कैसे बता दें?... अगर खिलाने का जायका, खिलाने का आनन्द पूछना हो तो किसी माँ से पूछना कि माताजी! आप अपनी छाती का दूध निक...
- खिलायेंगे कहाँ से?... ऐसे आदमी आयेंगे, तो मुश्किल पड़ जायेगी। काम कैसे चलेगा? भगवान करते हैं इनसान का सहयोग बुद्ध विचार...
- खीझ से बचने में क्या दिक्कत है?... आप अपना दृष्टिकोण बदल दीजिए न। अगर दृष्टिकोण बदल देते हैं तो मैं आपको स्वर्ग का रहने वाला कहूँगा।
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- खुदगर्ज क्या होता है और परोपकारी क्या होता है?... क्या है ब्राह्मणत्व
ब्राह्मणत्व क्या होता है? असली ब्राह्मण कौन होता है, क्या हो सकता है, उसके गु...
- खुदा का नाम नहीं लिया तो क्या?... भजन नहीं किया तो क्या? लेकिन दुनिया को अच्छा बनाने के लिए, दूसरों के कष्टों को कम करने के लिए, अपना ...
- खुराक कहाँ से मिलती है?... उसी की बात मैं कह रहा था। दीपक की लौ जो ऊपर जलती है, उसके लिए दीपक में तेल भरना पड़ता है। आप क्या करत...
- खुराक होनी चाहिए?... हर चीज खुराक चाहती हैं। बगीचा खुराक चाहता है, खेती खुराक चाहती है। बच्चा खुराक चाहता है। उद्योग खुरा...
- खुली हवा में साँस लेने का अधिकार उसको है कि नहीं?... बिलकुल कतई अधिकार नहीं। उसको तो बस, उतना अधिकार है। गुलामी तो चली गई; लेकिन मानसिक गुलामी अभी भी है।...
- खुशबू किसके अन्दर होगी?... भक्त के अन्दर होगी, उस उपासक के अन्दर होगी, उस सन्त के अन्दर होगी, जो अपनी सुगन्धि सारे संसार को बाँ...
- खुशहाल होगा तो कैसे?... देश की दौलत बढ़ेगी तो कैसे? हमें देश में फैक्ट्री लगानी चाहिए, इसके लिए आप कुछ मदद कर सकते हैं? उन्हो...
- खूँख्वार अंगुलिमाल डाकू, लेकिन जब उसने पलटा खाया, तो कैसा जबरदस्त पलटा खाया, आपको मालूम है न?... अंगुलिमाल जब तक डाकू था, तो पहले नंबर का और जब सन्त हो गया, तो उसने हिन्दुस्तान से आगे जाकर के सारे-...
- खून इंजेक्शन द्वारा लगवाते हैं, तो उसके लिए हमको ढेरों पैसे देने पड़ते हैं?... डॉक्टर भी ढेरों पैसे हमसे वसूल कर लेते हैं। हमको चोट लग जाय और किसी को खून देना पड़े तो उसका एहसान हो...
- खून का क्या हुआ?... खून को नाड़ियों में भेज दिया गया। नाड़ियों ने हृदय को दिया, हृदय ने नाड़ियों को दिया। क्या है आध्यात्मि...
- खून के लिए आप उस व्यक्ति का एहसान मानते हैं, लेकिन जिस माँ ने अपना इतना सारा खून, हड्डियाँ, माँस बराबर नौ महीने तक दिया, तो क्या यह त्याग नहीं है?... यज्ञ नहीं है? यज्ञ माने होता है —सैक्रीफाइस। यज्ञ होता है—कुर्बानी के लिए, बलिदान के लिए, सेवा के लि...
- खून दूध के रूप में पिला दिया, उस एहसान का क्या ठिकाना?... कभी आपने उस माँ को उस एहसान की दृष्टि से देखा होता, तो देवता को ढूँढ़ने के लिए आपको कहीं और जाने की...
- खून बना करके उसे कहाँ भेज दिया गया?... दिल को भेज दिया गया। दिल से मैंने कहा—‘‘अब यह खून बहुत मजेदार है, बहुत कीमती है और फोकट में मिला है।...
- खून लेकर बाँदी चली, तो उसने कहा—फिर से आप आएँगी ना?... उसने कहा—अभी नहीं आऊँगी। बाँदी ने ड्रेसिंग कर दी, खून बन्द हो गया। बस वही एक असली मजनू था। आपने सुना ...
- खूबसूरती का क्या करेंगे?... नहीं साहब! कामवासना में ज्यादा काम आएगी। इसकी आँखें बड़ी हैं, नाक बड़ी है। तो आप कामवासना के लिए विव...
- खेत का मालिक नहीं देख रहा था, तो क्या हुआ?... लेकिन सबका मालिक भगवान तो देख रहा था।’’भगवान देख रहा था, यह यकीन और यह विश्वास हमारे भीतर आये जो क...
- खेत में कौन अपना सिर फोड़ेगा?... घर में इतना पैसा रखा हुआ है, इसका क्या करेंगे? सब लोग मौज करने लगे। खेती-बाड़ी बन्द कर दिया, काम धन...
- खोखलापन रह जायेगा और जमीन जब खोखली हो जायेगी भीतर की गरमी जब कम हो जायेगी तो पैदावार कम होगी की नहीं?... पैदावार कम होगी पैदावार घटेगी। जो भूकंप आते हैं विस्फोट होते हैं चलेंगे कि बन्द हो जायेंगे। अरे ब...
- खोजों का रूप क्या है?... खोजों की नींव यह मस्तिष्क है। यह न जाने कैसा है? सारे के सारे क्रियाकलाप न जाने कहाँ-कहाँ से प्रवाहि...
- खोपरे की कोई कीमत है?... नहीं है। कर्मकाण्ड, जिसके बारे में लोगों ने यह ख्याल बनाकर रखा है कि यह कर्मकाण्ड करने से उनको यह फा...
- ख्वाबों की दुनिया में घूमने का परिणाम क्या होगा?... आपके हाथ निराशा लगेगी। फिर निराशा का परिणाम क्या होगा? निराशा का परिणाम यह होगा कि उस सिद्धान्त के प्...
- गंगा की महत्ता तो आप जानते हैं न?... गंगा की कितनी बड़ी महत्ता है। गंगा को सारा संसार जाने क्या-क्या मानता है। भौतिक दृष्टि से भी और आध्य...
- गंगा क्या है?... गंगा का एक स्वरूप वह है जो यहाँ जमीन पर बहती है। जिसने मरों का, दुष्ट-पापियों का उद्धार कर दिया, ज...
- गंगा जी में नहाने से पाप दूर कैसे हो सकते हैं?... गंगा जी में नहाने से तेरा पाप दूर हो सकता है, तो जरा देख। किसी के यहाँ चोरी कर ले और फिर मजिस्ट्रेट ...
- गंगा नहाने से क्या फायदा?... और ढोंग करने से क्या फायदा? जब इन लोगों को इनसे फायदा नहीं हो सकता, तो हमारे जैसे आदमी कैसे आशा रख स...
- गंगा माँ की उदारता देखी है, उसकी शीतलता देखी है, उसकी पवित्रता देखी है उसने तो आपके पापों को धोया है और आप पाप चढ़ा भी आए और पुनः कर भी रहे हैं, तो पाप हटे कहाँ हैं?... हटे नहीं बेटे! हटाना है, तो उसके लिए शपथ लेनी है।
गुरुदेव से प्रेरणा लें
जैसा कि मैंने अभी आपसे ...
- गंगा में नहाते हैं, तो क्या?... इनने केवल एक काम किया है—अधूरा काम और उसका नाम है—भजन। अकेला भजन अधूरा है, जब तक उसके साथ साधना जुड़ी...
- गंगाजी पर कौन नहा रही है?... सब वेश्या। अरे साहब! दुनिया में कोई सती, साध्वी, बेटी, माँ, बहन कोई है? नहीं साहब! दुनिया में कोई बह...
- गन्दगी को दूर करने के लिए अच्छी सुगन्ध फैलाना क्या है?... यह हमारा फर्ज है और हमारा नागरिक कर्तव्य है, ताकि समाज से जब हम विदा हों तो हमारा बैलेंस बराबर हो जा...
- गन्दगी में आकर भगवान क्या करेगा?... अवागढ़ महाराज के यहाँ जब वे तब के मामूली से वकील गन्दगी पसन्द न कर सके और जब गवर्नर आ रहे हैं तो ट्रैफ...
- गन्दी हवा कैसे निकालें?... बेटे! तू गन्दी हवा को निकाल दे, नई हवा हम दे देंगे। नहीं साहब! हमको नए विचार दे दीजिए। नई भक्ति द...
- गंदे चित्र बिकते हुए आपने देखे नहीं?... दीपावली के दिनों आपने गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले और चौराहे-चौराहे पर तसवीर वालों की दुकानों को देखा नह...
- गंदे वाले, निकम्मे वाले हीरे को आप एक पोटली में बाँधकर रख दें, तो क्या कोई एहसान है?... नहीं वो एहसान नहीं है। एहसान वो है जिसकी पहल को हमने काट दिया, घिस दिया।
मित्रो ! लोगों को हम...
- गजनवी ने कहा—क्यों?... आप समझा दीजिए कि क्यों नहीं तोड़ना चाहिए। क्योंकि ये भगवान हैं। भगवान हैं, तो इन्हें तोड़ने से क्या ...
- गटापार्चा, जो छदाम भर का होता है, दो पैसे का होता है, उसको हम जलाते हैं और जलाने के बाद में अभ्रक भस्म बनाते हैं और क्या-क्या बनाते हैं?... हम रसायन बनाते हैं। रसायनों में मकरध्वज प्रसिद्ध है। उसमें भी पारे को तपाते हैं। सारी चीजों को, जितन...
- गड़े मुरदे उखाड़ने से क्या काम बनता है?... बच्चे उन्हें कहते हैं, जो आगे की बात सोचते हैं। हमारा ब्याह हो जाएगा तो हवाई जहाज में बैठेंगे, यहाँ-...
- गढ़ लेता है?... अरे बाबा! सुनता है कि नहीं, गढ़ लेता है। हमने भगवान गढ़ा हुआ है। किसका गढ़ा हुआ है? अपने ध्यान की, ध...
- गणिका ने जब राम का नाम लिया, फिर उसने क्या नाचना, गाना जारी रखा?... क्या वेश्यावृत्ति जारी रखी? नहीं महाराज! जिस दिन से उसने राम का नाम लिया, उसके बाद कभी नहीं नाची! ...
- गणेश कौन होता है?... ऋद्धियों-सिद्धियों का देवता। गणेश जी की दो पत्नियाँ थीं। एक का नाम था—ऋद्धि और एक का नाम था—सिद्धि।
...
- गणेश जी को तो तरीका मालूम है कि उनको क्या करना और कैसे रहना चाहिए?... उनके पास तो सब इंतजाम हैं। दो-दो बीबियाँ हैं—ऋद्धि-सिद्धि। एक खाना पका देती है, एक कपड़े साफ कर देती...
- गणेशजी जी, शिवजी, हनुमान् जी क्या दे पायेंगे?... जब वे अपनी सेवा करने वाले पुजारियों को नहीं दे पाये, तो हमको क्या दे पायेंगे? दो शक्तियाँ अपने भीत...
- गधे का पेट कितना बड़ा है?... घोड़े का पेट कितना बड़ा है? परन्तु आदमी का पेट कितना छोटा है। जरा सा है। उसके लिए थोड़ा-सा चार मुट्ठी ...
- गधे को कम क्यों?... बन्दर को कम क्यों? लोमड़ी को कम क्यों? ऐसे शरीफ बाप को बेइंसाफी नहीं करनी चाहिए। हर बेटे को बराबर देना...
- गधे ने पूछा—तुम अपने भगवान से मिलने रामेश्वरम् जा रहे थे, तो मुझे जल क्यों पिलाया?... एकनाथ ने कहा—हाँ मैं भगवान से मिलने ही जा रहा था, पर तुम प्यासे थे सो गंगाजल तुम्हें पिला दिया। गधे ...
- गधों के शादी-ब्याह क्या होते हैं?... नहीं होते। फिर सारी शिक्षायें, सारी योग्यताएँ हम मनुष्यों को ही क्यों दे दीं? दूसरों को क्यों नहीं द...
- गरम इनसान किसे कहते हैं?... बेटे! हम गरम इनसान का प्रशिक्षण देते हैं। आपको भीतर से गरम करने की नसीहत देते हैं।
गरम करने ...
- गरम करने के बाद लोहा क्या बन जाता है?... फौलाद बन जाता है, स्टील बन जाता है। जितनी गरमी हम इसे देते जाते हैं, उसी हिसाब से लोहा मजबूत बनता जा...
- गरम करने से क्या होता है?... पानी को आप गरम कर लीजिए और गरम करने के बाद में स्टीम बना दीजिए, फिर देखिए, वह रेलगाड़ी को कैसे खींचत...
- गरम पानी कहाँ रखा है?... नहीं, हम तो गरम पानी से नहाते हैं। तो अब ठंडे पानी से नहा। यहाँ, कहाँ रखा है गरम पानी? इसलिए सैकड़ों...
- गरम से क्या मतलब है और प्रकाशवान से क्या मतलब है?... गरम से यह मतलब है कि हमारी नसों में गरमागरम खून चलना चाहिए। हमारे क्रिया और कर्म मरने के वक्त तक सतत...
- गरम से क्या मतलब है?... बेटे! गरम से मतलब है सक्रिय बने रहना। क्रिया से गरमी पैदा होती है, यह गरमी की साइंस है। आखिर गरमी है...
- गरमी कब पैदा होती है?... रगड़ से। रगड़ क्रिया को कहते हैं, हलचल को कहते हैं। हलचल से गरमी पैदा होती है। हमारे जीवन में कर्मनि...
- गरमी के दिन हैं, सामान की क्या जरूरत है?... अरे साहब! आजकल बड़ी भीड़ है। सारी जगह भरी हुई है। कहीं जगह नहीं है। आप ऐसा कीजिए, चौथे नंबर की धर्मश...
- गरमी के दिनों में सड़क पर मिट्टी पड़ी होती है, धूल पड़ी होती है?... हाँ साहब! धूल उड़-उड़कर आँखों में जाती है? हाँ साहब! म्युनिसिपल बोर्ड की जब गाड़ी आती है, तो सारे के...
- गरीब था क्या?... हाँ साहब! गरीब था। बेचारा जरा सी धोती पहनता था। फूस की झोपड़ी में रहता था। तीन मील पैदल चल करके न...
- गरीब में और दरिद्र में क्या फर्क है?... दरिद्र में और गरीब में बेटे जमीन और आसमान का फर्क हैं। गरीब उसे कहते हैं, जिसके अन्दर कमाने की योग्...
- गरीब हो तो क्या?... अमीर हो तो क्या? गरीबी से आदमी का क्या बनता-बिगड़ता है? अमीरी में गेहूँ की रोटी खा सकता है और गरीबी ...
- गरीबी के कारण हमारे काम रुके हुए हैं क्या?... हम भगवान् से गरीबी दूर करने की प्रार्थना करते हैं। मित्रो! गरीबी के कारण गरीब नहीं है मनुष्य। वस्तुत...
- गरीबी क्या रुकावट डालेगी?... मनुष्य बड़ा है, वह गरीबी को कुचलता हुआ, आगे बढ़ता हुआ चला जा सकता है। कबीर अशिक्षा को कुचलते हुए चले...
- गरीबी से आदमी का क्या बनता-बिगड़ता है?... अमीरी में गेहूँ की रोटी खा सकता है और गरीबी में मक्का की रोटी खा सकता है। इससे क्या बनता-बिगड़ता है?...
- गरीबों के लिए दूध कहाँ रखा है?... गरीबों के लिए मेवा कहाँ मुहैया है, पर उनको जो शान्ति और सन्तोष मिलता है, वह अमीरों से ज्यादा उनको अप...
- गरीबों के लिए फल कहाँ रखे हैं?... गरीबों के लिए दूध कहाँ रखा है? गरीबों के लिए मेवा कहाँ मुहैया है, पर उनको जो शान्ति और सन्तोष मिलता ...
- गर्मी की कोई शक्ल हो सकती है?... नहीं, गर्मी की कोई शक्ल नहीं हो सकती। लकड़ी में जब गर्मी पैदा हो जाती है, तो वह आग के रूप में जल तो...
- गलत या सही?... सही। अगला दिन बेटे यही आयेगा। हम तेजी के साथ उस ओर बढ़ते चले जा रहे हैं। आप यह देखेंगे कि ये सपने, जो...
- गलती की क्या बात हो गयी?... यह हमारी फिलॉसफी है, यह हमारी साइंस है, जो मनुष्य को देवता बनाती है और मनुष्य को ऊँचा उठाती है। यज्ञ...
- गले में क्यों बाँधते हैं?... हाथ-पाँव में बाँध लें। अरे महाराज जी! गायत्री माता भाग जाएँगी, इसलिए मैंने गले में बाँध ली हैं। आप त...
- गवर्नमेंट क्या-क्या कर रही है?... मृत्यु टैक्स लगा रही है। सम्पत्ति टैक्स लगा रही है और दूसरे टैक्स लगा रही है। सब अगले दिनों जो गवर्...
- गवर्नमेण्ट कहाँ तक सहायता कर सकती है?... हम हर गाँव में जाएँगे, हर घर में जाएँगे और लोगों से यह कहेंगे कि समाज को ऊँचा उठाने के लिए आप सरका...
- गवर्नमेण्ट हमारे रिश्तों को अच्छा कर देगी?... नहीं कर सकती। हमारी सेहत को गवर्नमेण्ट अच्छा नहीं कर सकती।...
- गहरी जड़ें, नीची जड़ें, अगर हमारी हों, तब?... बेटे! हमारी बाहर की जिन्दगी फैलती हुई चली जाएगी। जड़ों से क्या मतलब है? जड़ों से मेरा मतलब है बेटे! ई...
- गाँडीव किस चीज का बना हुआ था?... गाँडीव बेटे! बाँस का बना हुआ था। अर्जुन जब स्वर्गलोक गए तो देवताओं ने एक अप्सरा को उनके पास भेजा। अप...
- गाँधी अकेले आये थे?... अकेले नहीं आये थे। उनके साथ टीम आयी थी। किसकी टीम थी? देवताओं की टीम थी, जिसने हजार वर्ष की गुलामी क...
- गाँधी जी अकेले थे?... नहीं, मित्रो! वे अकेले नहीं थे, हजारों-लाखों आदमी उनके साथ काम करते थे। हजारों-लाखों लोगों की कुरब...
- गाँधी जी अपना जी खोलकर बात करते हैं और अगर गाँधी जी से मैं कभी बातचीत करना चाहता हूँ, तब?... तब मैं उनसे यह पूछता हूँ कि जब मैं आपके साबरमती आश्रम में रहता था, तब तो मुझे आपके केवल पाँच मिनट मि...
- गाँधी जी का जीवन इतिहास आपने पढ़ा है ना?... बुद्ध का इतिहास पढ़ा है ना? इनकी परिस्थितियों में क्या खास बात थी, बताइये। कुछ नहीं थी वरन् सामान्य ल...
- गाँधी जी की भी मिट्टी पलीद हो जाय, राणाप्रताप की भी मिट्टी पलीद हो जाय, तो क्या कह सकते हैं?... लोग उनके नाम पर भी धंधा करने लग जायँ तो क्या कहा जा सकता है? तुम लोग मेरी भी मिट्टी पलीद क्यों कर ...
- गाँधी जी की सभा में लोग आते थे और नेहरू की सभा में जाते थे; लेकिन अब सभा में लोग क्यों नहीं आते, क्योंकि नफरत छा गई है?... नफरत इसलिए छा गई है कि सिखाने वाले और कहने वाले में अब जमीन-आसमान का फर्क है। इसलिए इनकी बात नहीं ...
- गाँधी जी की?... नहीं, गाँधी जी की नहीं, जनता की रही। हुकूमत की शक्ति जब-जब होगी जनता की होगी। किन्तु हमारे कर्तव्य...
- गाँधी जी के पास पैसा था?... नहीं महाराज जी! पर हमको खूब पैसा दिलवा दीजिए। फिर हम भजन करेंगे, मन्दिर बनवायेंगे। भाड़ में जाने दे ...
- गाँधी जी के पास कौन सा चमत्कार था?... विवेकानन्द जी के पास कौन सा चमत्कार था? नानक जी के पास कौन से चमत्कार थे? कोई चमत्कार नहीं होते सं...
- गाँधी जी के पास पैसा था?... समर्थ गुरु रामदास के पास पैसा था? रामकृष्ण परमहंस के पास पैसा था? ईसामसीह के पास पैसा था? किसके ...
- गाँधी जी के पास सम्पत्ति थी?... बुद्ध के पास सम्पत्ति थी? नहीं थी। फिर आपने यह क्या सम्पत्ति-सम्पत्ति लगा रखी है। सम्पत्ति से आप...
- गाँधी जी जादूगर थे?... बेशक जादूगर थे। यह जादू कहाँ से आया? उनकी आँखों में था।
मित्रो! उनकी आँखों में जादू कहाँ से आ गय...
- गाँधी जी ने अगर यह ख्याल किया होता कि हमारा बेटा हमसे बेकाबू हो गया है और हम बेटे को सुधार नहीं सके, सँवार नहीं सके, दुनिया क्या कहेगी?... अगर यह ख्याल करते तो गाँधी जी का दिमाग इतना खराब हो जाता कि वे जो महत्त्वपूर्ण काम कर सके, वह अपनी ज...
- गाँधी जी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह में जब अपना उत्तराधिकारी घोषित किया तो लोग बहुत उम्मीद लगाए बैठे थे कि गाँधी जी के जेल जाने के बाद में दूसरे नंबर पर कौन हो सकता है?... दूसरा नंबर जवाहरलाल नेहरू का होना चाहिए, सरदार पटेल का होना चाहिए। सब अखबार वाले इंतजार कर रहे थे कि...
- गाँधी जी नेता बने?... गाँधी जी नेता नहीं बने। सन्त को नेता बनने की जरूरत नहीं है। सन्त को मालदार बनने की जरूरत नहीं है।मित...
- गाँधी जी मर गए?... नहीं बेटे! वे जिन्दा हैं। ईसामसीह? वो भी जिन्दा हैं। बुद्ध? वो भी जिन्दा हैं। दिव्य आत्माएँ कभी भी नहीं...
- गाँधी जी मर गए?... नहीं, मैं समझता हूँ कि गाँधी जी जिन्दा हैं। बुद्ध जी मर गए? नहीं बेटे! विवेकानन्द की मौत हो गई? नहीं, ...
- गाँधी जी मर गये?... नहीं बेटे, गाँधी जी कैसे मर सकते हैं। ईसामसीह मर गये? नहीं बेटे, वे कैसे मर सकते हैं। भगवान् बुद्ध...
- गाँधी जी स्वतंत्रता लेकर के आए थे?... नहीं, गाँधी जी लेकर नहीं आए थे; लेकिन गाँधी जी प्रेरणास्त्रोत थे, लाखों व्यक्ति जिनके साथ में होते थ...
- गाँधीजी के साथ में मीरा बहिन चलती थीं, नेहरू जी चलते थे, सुभाष चलते थे, विनोबा चलते थे उन्हें क्या मिला?... सबको फायदा ही हुआ है।आपने स्वामी रामदास और शिवाजी का नाम सुना है।...
- गाँधीजी कौन थे?... आधा घण्टा भजन-पूजन करने वाले व्यक्ति। उन्हें समाधि आती थी? बिलकुल समाधि नहीं जानते थे। ध्यान, प्रा...
- गाँव से क्या मोहब्बत, क्या रिश्ता?... इसका सबसे अच्छा उदाहरण हमें श्रीकृष्ण भगवान् के जीवन में देखने को मिलता है। भगवान् की ये कथाएँ और ...
- गांडीव किसका बना हुआ था?... गांडीव लोहे का बना हुआ था, स्टील का बना हुआ था। नहीं बेटे! ये सब बाँस से बनते हैं। दुनिया भर में जित...
- गाँधी जी कौन-सा मंत्र जपते थे?... बेटे! हमें नहीं मालूम है। हमने उन्हें 'हरे राम-हरे कृष्ण' ये कहते देखा था। 'ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम, स...
- गाँधी जी ने अंगरेजों को भगा दिया था?... हाँ, भगा दिया था। भगाना था तो छह वर्ष की जेल में क्यों चले गए थे? उन्हें बर्मा की जेल में रंगून भेज ...
- गाजे-बाजे में कुछ नहीं खरच होगा और दावत में तुम्हें नहीं मालूम है?... दोपहर को दावत मिलेगी बेटे! दलिया, चावल, सब्जी, दाल और ज्यादा-से-ज्यादा भीड़ हुई, तो दो रोटी। इससे भी...
- गाड़ियाँ किससे आएँगी?... बेटे! गाड़ियाँ और खरीदनी हैं। हमने जयपुर गाड़ियाँ भेज दी थीं। एक लड़के से कह दिया था कि जरा बेच दे इ...
- गाड़ी कौन चलाता है?... पानी। गरम पानी की ताकत बहुत है और गरम इनसान की ताकत बहुत है। गरम इनसान किसे कहते हैं? बेटे! हम गरम इ...
- गाण्डीव कैसा था?... बड़ा जबरदस्त था? गान्धारी ने आँखों में पट्टी बाँध ली थी। क्यों बाँध ली थी? बुड्ढे आदमी के साथ हमारा...
- गान्धारी ने कैसे किया था?... गान्धारी ने आँखों को संशोधित करने के लिए अपनी आँखों पर पट्टी बाँध ली थी। पट्टी बाँधने का मतलब यह है ...
- गाय का कसूर है?... नहीं, गाय का कसूर नहीं है। वह तो बिलकुल शुद्ध और ताजा दूध देती है, पर हमारे पास पात्र ही नहीं है...
- गाय जंगल में रहती है, पर क्या वह बीमार रहती है?... जंगली जानवर—हिरन, खरगोश, हाथी, चीते, गैण्डे कोई बीमार रहता है क्या? क्या कभी आपने किसी हिरन को जुकाम...
- गायत्री माता क्या चाहती हैं?... गायत्री का हँस कैसा होना चाहिए? ये चारों सिद्धान्त मिले हुए हैं। गायत्री माता में और क्या रह गया? ...
- गायत्री माता से ऐसे ही नीच और दुष्ट मनुष्य वरदान प्राप्त करने के अधिकारी होते हैं क्या?... ऐसे पिशाच और आसक्त जहाँ कहीं भी जायेंगे, उनके लिए वहाँ नरक ही नरक का द्वार खुला हुआ है। घर में जाय...
- गायत्री उपासना के सम्बन्ध में हमारी सबसे पहली पुस्तक छपी थी, आपको मालूम है?... आपको नहीं मालूम है। कौन-सी पुस्तक छपी थी? सबसे पहली पुस्तक का नाम था—‘‘गायत्री ब्राह्मण की कामधेनु ह...
- गायत्री का अनुग्रह कौन पायेगा?... अनुग्रह पायेगा- ब्राह्मण। कल मैं एक श्लोक बोल रहा था, जिसमें सात बातें बता रहा था। क्या बता रहा था...
- गायत्री का केन्द्र कहाँ है?... केन्द्र को मैंने सारे में तलाश किया। जो जर्रा होता है, एटम होता है, हमारे जीवाणु होते हैं। हमारे जीवा...
- गायत्री का केन्द्र कहाँ है?... केन्द्र को मैंने सारे में तलाश किया। जो जर्रा होता है, एटम होता है, हमारे जीवाणु होते हैं। हमारे जीवा...
- गायत्री का जप करता है और दुकानदारी के पैसे में शेयर होल्डर बनता है?... तुझसे ये किसने कहा?
मित्रो! अगर मैं ये करना चाहूँ तो सोने-चाँदी के जखीरे खड़ा कर सकता हूँ। जो...
- गायत्री का स्वरूप क्या हो सकता है?... यहाँ इतना तो समय नहीं है कि मैं सारी की सारी फिलॉसफी और तत्त्वज्ञान आपको अभी समझाऊँ, जिससे आप यह स...
- गायत्री का हँस कैसा होना चाहिए?... ये चारों सिद्धान्त मिले हुए हैं। गायत्री माता में और क्या रह गया? बेटे थोड़े से शब्द और रह गये हैं।...
- गायत्री की उपासना करने के लिए आपको क्या करना पड़ेगा?... इसमें एक ही काम करना पड़ता है और वह है अपने व्यक्तित्व का विकास। नहीं साहब! देवी को प्रसन्न करने ...
- गायत्री की शक्ति किसके ऊपर उतर कर आती है?... ब्राह्मण के ऊपर आती है। ब्राह्मण कौन होता है? ब्राह्मण उसे कहते हैं जो अपने व्यक्तिगत जीवन के लिए खर...
- गायत्री कैसी है और उसकी कौन सी भक्ति करनी चाहिए?... बेटे, आप यहाँ से चलें।...
- गायत्री को और किसका मंत्र कहते हैं?... नौकरी में तरक्की कराने का मंत्र कहते हैं। भगवान करे, आपका मंत्र आपको मुबारक हो। आप ही ऐसे मंत्र को ज...
- गायत्री क्या है?... एक भाव सम्वेदना है। संसार में दो शक्तियाँ हैं। एक शक्ति वह है, जो ताकत के रूप में है, जो एटम में से...
- गायत्री क्या हो सकती है?... उपासना क्या हो सकती है और उपासना के आधार क्या हो सकते हैं? बेटे ! मैंने इसीलिए शिविर में आपको बुलाया...
- गायत्री तपोभूमि की स्थापना हुई और उन्होंने उस उपासना से अपने को ऐसा बना लिया—कोमल, पवित्र, दूरदर्शी ऐसा प्रेरणा का स्रोत न मालूम बुद्धि कहाँ से आती चली गई?... भगवान की कृपा जिसके साथ हो, जिसके साथ भगवान जुड़ा हुआ हो, उसके अन्दर कषाय-कल्मष रह सकते हैं क्या? नह...
- गायत्री ने छुआ?... नहीं, अगर छुआ होता तो बेटा तू सोना हो जाता, पारस हो जाता। नहीं महाराज जी! मुझे तो देवी सपने में दिखा...
- गायत्री परिवार क्या है?... एक गुँथी हुई माला है। इसमें कौन-कौन हैं? इसमें मोती हैं, हीरे हैं, पन्ना हैं, जवाहरात हैं। इन सब...
- गायत्री मंत्र और क्या?... गायत्री मंत्र के अन्दर जो प्रेरणाएँ भरी पड़ी हैं, दिशाएँ, धाराएँ भरी पड़ी हैं, सामर्थ्य भरी पड़ी हैं,...
- गायत्री मंत्र का क्या अर्थ है?... बेटे चलिए अब हम आपको बताते हैं कि गायत्री मंत्र का क्या अर्थ है। गायत्री के चार चरण हैं। इसमें एक हि...
- गायत्री मंत्र के बारे में आपका क्या ख्याल है?... गायत्री माता की जो शक्ल बना दी गयी है, उस शक्ल के पीछे शिक्षण है, शिक्षण के पीछे उद्देश्य है, प्रे...
- गायत्री मंत्र को जब तोते बोल लेते हैं, तब उनको क्या कहेंगे?... पण्डित जी कहेंगे या आचार्य जी कहेंगे? ब्रह्मा जी कहेंगे या गुरुजी कहेंगे? नहीं साहब! हम ज़बान से ...
- गायत्री मंत्र वही होता है, माला वही होती है, जप भी वही होता है, पर अनुष्ठानों में शक्ति क्यों पैदा हो जाती है?... क्योंकि इसमें कसाव-कड़क ज्यादा पैदा हो जाती है। आपको हमने यहाँ चांद्रायण व्रत करने के लिए बुलाया है ...
- गायत्री मंत्र से मुक्ति मिल जाती है या ‘राम रामाय नमः’ से?... बेटे अब मैं इससे कहीं आगे चला गया हूँ। अब मैं यह बहस नहीं करता कि गायत्री मंत्र का जप करेंगे तो आपकी...
- गायत्री माँ का तो कहना ही क्या है?... साधारण माँ की बात कह रही थी और चेतना को धारण करने वाली उस शक्ति का तो कहना ही क्या? जिस किसी ने मन स...
- गायत्री माता हमारे ऊपर सवार होंगी?... नहीं आपके ऊपर गायत्री माता सवार नहीं होंगी। एक कौआ आया और बोला- गायत्री माता हम आपको सामान खिलायें...
- गायत्री माता अपना रूप लेकर के हँस पर बैठ करके आयें, तो क्या हम उन्हें गन्दी आँखों से देखेंगे?... नहीं, हम गन्दी आँख से नहीं देख सकते।...
- गायत्री माता का कोई फल मिलेगा?... बेटे ! मैं कह नहीं सकता, क्योंकि तेरा उद्देश्य मजदूरी है। गायत्री माता का फल मिलेगा? बेटे! जरूर मिले...
- गायत्री माता का क्या शिक्षण है?... गायत्री माता क्या चाहती हैं? गायत्री का हँस कैसा होना चाहिए? ये चारों सिद्धान्त मिले हुए हैं। गा...
- गायत्री माता का ध्यान कैसे करना चाहिए?... उन्हें बार-बार घूम-घूमकर देखना होगा, ताकि आपका इधर-उधर भागने वाला मन काबू में रहे तथा आप उनसे सम्बन्ध ...
- गायत्री माता का फल मिलेगा?... बेटे! जरूर मिलेगा, अगर तेरी दृष्टि ऊँची रहेगी तब। दृष्टि का उसमें समावेश नहीं हुआ तो मैं जानता हूँ क...
- गायत्री माता का फोटो कैसा है?... जरा बताना तो सही। बच्ची का है? नहीं। बुढ़िया का है? नहीं। बाल सफेद हो गए हैं? नहीं। तो कैसा है? महार...
- गायत्री माता का वजन कितना है?... बेटे जितना तू भारी है, उससे कम से कम ढाई गुना ज्यादा वजन गायत्री माता का तो जरूर होगा। और ज्यादा...
- गायत्री माता किसके ऊपर सवारी करती हैं?... गायत्री माता हँस पर सवारी करती हैं। हँस जैसा पाक-साफ जिसका जीवन हो, विवेकशील जिसका जीवन हो, उस पर गा...
- गायत्री माता के पेट से जो नया बच्चा पैदा होने वाला है, नया विश्व बनने वाला है, उसके आधार क्या होंगे?... चलिये मैं उसकी झाँकी करा दूँ। मुझको तो मालूम नहीं कि आप विश्वास करेंगे भी कि नहीं करेंगे, लेकिन मैं ...
- गायत्री माता क्या कहना चाहती हैं?... गायत्री के चौबीस अक्षरों की व्याख्या तो मैं नहीं करना चाहता, क्योंकि गायत्री के चौबीस अक्षरों में ...
- गायत्री माता क्या है?... गायत्री माता वह है कि जिसमें हम जवान स्त्री को माता के रूप में देखना शुरू करते हैं। जो सद्बुद्धि की ...
- गायत्री माता में और क्या रह गया?... बेटे थोड़े से शब्द और रह गये हैं। इसमें क्या रह गया है? ‘तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि’ में ...
- गायत्री माता में क्या है?... आदर्श है। नहीं साहब! गायत्री माता के पाँच मुख हैं, तीन मुख हैं। एक हाथ में वह गदा लिए हुए है और एक...
- गायत्री माता से कैसे चैन आ जायेगा?... बेटे, यह तेरा चैन, यह अशान्ति कोई दूर करने वाला नहीं है। आज आदमी हैवान होता जाता है, शैतान होता चला ...
- गायत्री माता से चैन आ जायेगा?... अरे। गायत्री माता से कैसे चैन आ जायेगा? बेटे, यह तेरा चैन, यह अशान्ति कोई दूर करने वाला नहीं है। आज ...
- गायत्री माता, जिनकी आप उपासना करने के लिए आए हैं और जिनका हम जन्मदिन मनाते हैं और जिनको हम उपासना-अनुष्ठान करते हैं, वे अगर आपको कभी कुछ चीज देंगी, तो क्या चीज देंगी?... मैं यही आपको बताना चाहता था। आपका यह ख्याल गलत है कि गायत्री माता प्रसन्न हो जाएँगी, तो वह चीज देंगी...
- गायत्री माता, मरे हुए को जिन्दा कर सकती हैं?... हाँ बेटे, मरे हुए को जिन्दा कर सकती हैं। मरे हुए कैसे होते हैं? जैसे हम और आप हैं। नहीं साहब! गुरुज...
- गायत्री में और क्या है?... ‘‘धियो यो नः प्रचोदयात्।’’ इसमें बस एक ही प्रार्थना की गयी है। क्या प्रार्थना की गयी है? ‘हे भगवान...
- गायत्री से लड़ाई हो गई थी?... नहीं साहब! लड़ाई-भिड़ाई तो नहीं हो गई थी, पर हमारा ख्याल है कि ब्रह्मा जी ने जरूर शाप दे दिया होगा। ...
- गायत्री, जो हमारी भारतीय संस्कृति की जननी थी, उसके बारे में हम आपको क्या बताएँ?... गायत्री हिन्दू धर्म का मूल है। मुसलिम धर्म का एक सूत्र है, उसका नाम है कलमा और हिन्दू का एक सूत्र है, ...
- गारण्टी क्यों नहीं है?... इसलिए नहीं है कि इसके साथ में और चीजों की जरूरत है।
मित्रो! केवल राम का नाम लेना ही काफी नहीं ह...
- गालियाँ दीं तब?... चन्दन कहता है कि ऐसा होना बड़ा कठिन है। मैं कैसे गालियाँ दूँगा। गालियाँ मेरे पेट में हैं कहाँ? मेरे ...
- गालियाँ मेरे पेट में हैं कहाँ?... मेरे पेट में तो केवल सुगन्ध है। चन्दन को हम जलाते रहे, गालियाँ देते रहे और चन्दन खुशबू फैलाता रहा। उस...
- गालियाँ देकर के आप अपने वजन को और अपनी जबान को गन्दा क्यों करते हैं?... अगर आप अपनी जीभ को इसी तरीके से कुसंस्कारी बनाते चले जाएँगे, संस्कारविहीन बनाते चले जाएँगे तो आप आध्...
- गालियाँ सुनाने के बाद नारद जी जब शान्त हो गए, तब विष्णु भगवान ने कहा कि एक बात बताओ नारद?... मैंने अपने भक्तों में से किस-किस की मनोकामना पूरी की है? एक भी ऐसे आदमी का नाम बता दीजिए कि जिसकी मै...
- गाली इसलिए दे रहा था कि आप तो हनुमान चालीसा का पाठ करने तक सीमित हो गए?... आपने यह विचार नहीं किया या नहीं करना चाहते कि भक्त को हनुमान जी जैसा, होना चाहिए। भक्त को अपने जीवन ...
- गाली खाने से क्या एतराज है आपको?... गाली तो खाइए ही।आप पीले कपड़े पहन लेना और रेलगाड़ी के थर्डक्लास के डिब्बे में बैठ जाना। हर आदमी गाली...
- गाली देने से क्या मतलब है?... जब मैंने यह विचार किया कि पूजा-पाठ से लेकर धर्म-अध्यात्म तक का सारा ढाँचा किस वजह से खड़ा किया गया ह...
- गाली पड़ती है ना?... हाँ साहब! गाली पड़ती है। हाँ बेटे, गाली पड़ेगी। आगे भी, अभी और गालियाँ पड़ेंगी। क्यों? क्योंकि आपने बच्...
- गाड़ी कहाँ से चलेगी?... यह भी तो देखिए। हमारे पास बन्दूक है। बन्दूक तो है, पर चलेगी कहाँ से? निशाना तब लगेगा, जब बन्दूक में गोल...
- गिरजाघरों में भगवान के लिए कोई गुंजाइश नहीं है क्या?... वहाँ कहीं-कहीं मरियम की मूर्ति लगी रहती है, तो कहीं-कहीं ईसा की प्रतिमा लगी रहती है। एक छोटा-सा प्रा...
- गिरजाघरों में भगवान् के लिए कोई गुंजाइश नहीं है क्या?... वहाँ कहीं-कहीं मरियम की मूर्ति लगी रहती है, तो कहीं-कहीं ईसा की प्रतिमा लगी रहती हैं। एक छोटा-सा प...
- गिरधर गोपाल कौन?... पत्थर का टुकड़ा। नहीं, मीरा की श्रद्धासिक्त प्रगाढ़ भावना के मिल जाने से ही पत्थर गिरधर गोपाल बन सका...
- गिराता कौन है?... इंसान। उठाता कौन है? भगवान। इंसान के भीतर उठाने वाला जो माद्दा है, उसको कहते हैं भगवान। भगवान किसे क...
- गिरिधर गोपाल से क्या मतलब है आपका?... गिरिधर गोपाल से आपका मतलब अगर पत्थर से था, तो वह पत्थर राजस्थान के मेड़ता में अभी भी ज्यों-का-त्यों ...
- गिलहरी की जरा-सी मिट्टी से क्या हो गया?... बालू की नहीं, भावना की बात चल रही है। भावना जरा-सी हो, चाहे छोटी हो या बड़ी हो, बड़ी जबरदस्त होती है औ...
- गिलहरी कौन थी?... मुझे गिलहरी का जिक्र करने की जरूरत नहीं है। मैं गिलहरी के पीछे नहीं पड़ना चाहता। मैं तो दैवीय सभ्यता ...
- गिलहरी जैसा प्रयास क्यों न हो?... पर हो तो सही। लोक-मंगल की राह पर चलने के लिए हो सके, तो आप यह साहस अवश्य दिखाना। हम चाहेंगे कि आप मे...
- गीताप्रेस से छपे हुए रामायण की भूमिका में लिखा है कि गोस्वामी जी क्या करते थे?... जब वे शौच फिरने जाते थे, तो पानी का लोटा ले जाते थे। शौच के बाद जो पानी बच जाता था, तो पास में बेर क...
- गुंबद भी कहता है—कौन बोल रहा है?... हम कहते हैं—जो कुछ है, हमारे हवाले कीजिए। गुंबद भी कहता है जो कुछ है, हमारे हवाले कीजिए। हम कहते हैं...
- गुजारा क्या हो सकता है?... बिल्डिंगों का मेन्टीनेन्स क्या हो सकता है? आप समझते हैं। बहुत खरच होता है।
ओढ़ी हुई शानदार ग...
- गुजारे का इंतजाम कैसे होगा?... उन्होंने कहा कि अब तो मैंने अपनी नाव को भँवर में छोड़ दिया है। जो कुछ होने वाला होगा, भगवान सँभालेग...
- गुण और पहले क्या माँगने आया था?... दौलत। बाद में क्या माँगने लगे? गुण। मनुष्यों के ऊपर सन्त कभी कृपा करते हैं, तो यही कृपा करते हैं। सन्त...
- गुणों से क्या हो जाएगा?... जो कुछ भी होता है—भौतिक अथवा आध्यात्मिक उन्नति, वह सब गुणों से ही तो होती है। आदमी को जहाँ कहीं भी उ...
- गुब्बारा मिलता है?... लेमनचूस मिलता है और क्या मिलता है? टॉफी मिलती है और क्या मिलता है, झुनझुना मिलता है। नहीं साहब! बड़ी...
- गुरु ऐसा करते हैं?... नहीं साहब ! आइए गुरु-शिष्य का खेल खेलेंगे और राजा-रानी का खेल खेलेंगे। बेटे! ये बच्चों के खे...
- गुरु और भगवान दोनों में से कौन बड़ा है गुरु अथवा भगवान?... बेटे, यदि तुलनात्मक दृष्टि से देखेंगे तो पाएँगे कि गुरु ही बड़ा है, क्योंकि वह शिष्य को भगवान से मिल...
- गुरु का ध्यान?... हाँ बेटे, हम अपने गुरु का ध्यान करते हैं। गुरु को हमने देखा है। उनके बारे में हमको विश्वास है। गायत्...
- गुरु का वरदान मिला?... हाँ, गुरु का वरदान भी मिला था, पर शिवाजी को माँ ने बनाया था। अनेकानेक नारियों ने कितना काम किया है? ...
- गुरु किसे कहते हैं?... अरे साहब! वह तो बहुत बड़ा गुरु है। बस, आप सब गुरु हैं। चेला तो एक हम हैं, दूसरे शंकर जी हैं और तीसरे...
- गुरु कौन होता है?... गुरु हमारा मार्गदर्शक होता है और गुरु हमारी प्रेरणाओं का स्रोत होता है। हमारे मार्ग में जो काँटे बिख...
- गुरु कौन होता है?... जो हजामत बनाता है। आप क्या चाहते हैं? हमको यह आशीर्वाद दे दीजिए। अच्छा साहब! आशीर्वाद दे देंगे। क्या...
- गुरु क्या होता है?... अरे बेटे, वह भगवान है। भगवान हमको देता है। हरेक को वह नहीं दे सकता। आपका गुरु हमको दे देगा? नहीं बेट...
- गुरु गोविंद सिंह क्या तमाशा दिखाते थे?... सड़क पर मजमा लगाते थे? कान में से बन्दर निकालते थे? बेकार की बातें मत कहिए। वे सिद्धपुरुष थे कि नहीं थ...
- गुरु जब पागल हो जाता है और गुरु की याददाश्त कमजोर हो जाती है, तो उस गुरु से हमारा क्या काम चलता है?... दूसरा गुरु तलाश करना पड़ता है। इसलिए असली गुरु की तलाश कीजिए, जो न कभी बीमार होता है, जिसकी न अकल खर...
- गुरु जी जो माँगेगा, उसे भी नहीं?... नहीं बेटा, सबको नहीं मिलते। दैवी अनुग्रह प्राप्त करने की भी शर्त है। कौन-सी शर्त है? अब हम आपको यही ...
- गुरु जी ने कई बार उदाहरण दिया है कि भगवान ने हम से कहा, बेटे, कुछ माँगना है क्या?... अपने बच्चों के लिए माँग ले, अपनी पत्नी के लिए माँग ले, तूने इतना तप किया है। वे बराबर इस बात को ठुकर...
- गुरु द्रोणाचार्य कौन था?... द्रोणाचार्य था- एकलव्य का बेटा, उसने इसे अपने दिमाग में पैदा किया था। फिर कहाँ चला गया? फिर द्रोणा...
- गुरु ने आपको क्या दिया है?... हमको क्या दिया है? यही पूछना चाहते हैं न आप? चलिए, हम आपकी भाषा में ही बोलते हैं कि गुरु ने हमारा दि...
- गुरु से क्या प्रार्थना करनी चाहिए?... गुरु को तो हुक्म देना है कि हमको ये करना है, बस, हमारे लिए वही सब कुछ है।...
- गुरु हैं, तो क्या हुआ?... भाई हैं, तो क्या हुआ? मामा हैं तो क्या हुआ? कोई भी क्यों न हों, जब गलत काम करते हैं, तो हमारे को...
- गुरु-शिष्य के प्रेम के बिना आदान-प्रदान कैसे शुरू हो जायेगा?... मैं यह चाहता था कि इस शिविर के अन्त तक आप एवं हम जरा नजदीक आ जाते तथा आपस में घुल-मिल जाते, तो मजा ...
- गुरुगोविंद सिंह ने कहा, मारे गए, तो बेटा फिर तू कैसे आ गया?... उस वक्त बच्चे से जवाब नहीं बन पड़ा। वह बेचारा समझ नहीं सका कि पिताजी का क्या इशारा है? पिताजी का यह इ...
- गुरुजी क्या हैं?... वही हैं जो स्टेशन पर मशीन लगी है। किसकी मशीन? वेट जानने की मशीन। वेट जानने में क्या करना पड़ता है? ...
- गुरुजी आप हवन करा सकते हैं तथा हमारी बीबी को दो बच्चा दे सकते हैं?... बेटे हम नहीं करा सकते हैं। आप पहले अपने परिवार में इस तरह का त्यागमय वातावरण बनाइये, जैसे कि दशरथ ...
- गुरुजी उस समय क्या कह रहे थे तब समझ में नहीं आया?... किन्तु मैंने सुना था कि यह यथार्थ है एवं जीवन का सत्य है कि जिस तरीके से व्यक्ति को एक ब्राह्मणोचित ...
- गुरुजी का आशीर्वाद भी जीभ और हमारा भजन भी जीभ, सब जीभ-ही-जीभ क्रिया की जरूरत ही नहीं पड़ेगी?... हाँ गुरुजी! क्रिया की क्या जरूरत है। आप तो जीभ हिला दीजिए, बस हो जाएगा, आशीर्वाद। बेटे, ऐसा कोई ...
- गुरुजी का आह्वान है कि हम हजार हाथ का बनना चाहते हैं?... हजार हाथ, जिसमें आप सभी बैठे हैं, सब उनके एक-एक हाथ हैं।
यदि आपका यह संकल्प हो और आपका समर्पण हो...
- गुरुजी के पाँव, गुरुजी का शरीर देखा आपने?... क्या आपने गुरुजी का आशीर्वाद पाया? हाँ बेटा! पाया, लाखों व्यक्तियों ने पाया और आज यदि उन सभी के बारे...
- गुरुजी के लिए क्या चाहिए?... रुपया-पैसा, धोती-कपड़ा, खाना-पीना, नहीं बेटे! हमारी जो भुजाएँ हैं, उनसे हम कमा लेंगे। न हमने मिशन का...
- गुरुजी के साथ कौन था?... बेटे परोक्ष था, प्रत्यक्ष तो कोई नहीं था।
कब आती है शक्ति?
उनके साथ परोक्ष था और उनकी श्रद्धा ...
- गुरुजी कैसे हैं बेटे?... अरे झुर्री पड़ गई, दाँत उखड़ गए, 80 साल के हो गए। बुड्ढे हो गए? बुड्ढे हो गए होगे तुम, वह बुड्ढे नही...
- गुरुजी को किसने जाना है?... मैं समझती हूँ कि अभी किसी ने नहीं जाना है। भगवान जाने हम सौभाग्यशाली हैं कि दुर्भाग्यशाली हैं, कह नह...
- गुरुजी को कैसे बोलना आता है?... उनकी नाक कैसी है? उनके बाल कैसे हैं? हर आदमी की आँख हमारे ऊपर लगी हुई है। तो बेटे, आप जनता के सामन...
- गुरुजी को चवन्नी की माला पहनाई और ढाई रुपये का बॉलपेन ले गया, क्या फायदा हुआ?... बेटे! तू अपनी माला अपने पास रख और हमारा फाउन्टेनपेन हमारे पास रहने दे। मत तू हमको गालियाँ दे और न ही...
- गुरुजी को माला पहना दें, तो आचार्य जी नाराज हो जाएँगे?... नहीं, कोई नाराज नहीं होगा। जो गुरुजी हैं, वही आचार्य जी हैं। देवपूजन का लक्ष्य मित्रो! अगर आप...
- गुरुजी कौन हैं?... बेटे! गुरुजी, उस हस्ती का क्या कहना कि जिसने यथार्थ करके दिखा दिया कि ब्राह्मणोचित जीवन कैसा होना चा...
- गुरुजी ने इतना बड़ा संगठन खड़ा किया?... विश्व का पहले नंबर का संगठन
सन् 1970-71 में तो यहीं चले आए। अपनी एक कोठरी में बैठकर पत्र-व्यवहार से...
- गुरुजी ने कहा—अब क्या किया जाए?... मछली ने कहा—गुरुजी मैं सीमाबद्ध होकर नहीं रह सकती। गायत्री तपोभूमि बनाइये। चारों वेद लिखिए। गायत्री ...
- गुरुजी ने देखिए कहा था और हमने लाल रंग का टिकमार्क पहले ही लगा दिया था कि इनको जरूर बुलाना और देखिए आपके नाम पर टिकमार्क लगा हुआ है और आप ही नहीं आये, ये क्या हुआ?... अच्छा तो कुछ काम लग गया होगा? हाँ साहब, आज तो बहुत काम लग गया था, संध्या से जुकाम हो गया था। कल तक...
- गुरुजी पर रखे हैं रुपये, जो दे देंगे गुरुजी?... गुरुजी के पास तो एक छदाम नहीं रहता। आज तक कभी भी उनकी जेब में एक चार पैसे नहीं निकले, तो तुम्हें कहा...
- गुरुजी रामराज्य कौन-सी तारीख को आएगा?... युग निर्माण कब हो जाएगा? क्यों तू क्या करना चाहता है? मुझे क्या पता कब तक हो जाएगा? मित्रो! क्या करन...
- गुरुजी, तो फिर क्या आप हिमालय चले जाएँगे?... हिमालय चले जायेंगे, तो आपको क्या दिक्कत आयेगी? हमारे गुरुजी भी तो हिमालय में रहते हैं और हिमालय मे...
- गुरुजी, उस हस्ती का क्या कहना कि जिसने यथार्थ करके दिखा दिया कि ब्राह्मणोचित जीवन कैसा होना चाहिए?... जो ज्ञान है, वह भगवान के लिए समर्पित है। शरीर है, वह भी भगवान के लिए है। भगवान माने सारा विश्व।
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- गुरुजी, स्नान कर लूँ?... नहीं बेटे, कर सके तो कर ले, नहीं तो स्नान किए बिना ही बैठ जाना। बैठ करके यह ध्यान करना, जैसे मैं अपन...
- गुरुदेव का क्या ठिकाना?... आज रहेंगे, कल नहीं। मैं उन लोगों में से नहीं हूँ, जो सन्त कृपाल सिंह के तरीके से यह कहते फिरते हैं कि...
- गुर्दे देखे हैं क्या?... वे दिन-रात चौबीसों घण्टे आपकी सेवा में लगे रहते हैं। हमको आप इसी तरीके से मानिये कि दिल की तरीके से आ...
- गुलाब के फूल से क्या लेना-देना भगवान को?... सारी-की-सारी सारी दुनिया में गुलाब ही तो खिले हुए हैं।...
- गुस्सा क्यों आ गया?... क्योंकि दाल में नमक कम था। अरे भाई! कम लगा तो जरा-सा और डाल लेते। यह क्या हो गया? दिमागी बीमारी है। ...
- गूलर के भुनगे के तरीके से एक छोटे दायरे तक ही सीमित रहेंगे?... घर के भीतर जो रहते हैं, क्या वही बच्चे होते हैं? पड़ोस में कोई बच्चा नहीं होता? अन्य बच्चों से आपका ...
- गृहस्थ जीवन में सामान्य परिस्थितियों में मनुष्य की जो मनोभूमि रहती है, वही मनोभूमि बनी रही, तो फिर इनका इतना व्रत करने का क्या फायदा?... गंगा नहाने से क्या फायदा? और ढोंग करने से क्या फायदा? जब इन लोगों को इनसे फायदा नहीं हो सकता, तो हमा...
- गेंद के खेल में जीतता कौन है और हारता कौन है बताइये?... हारता वह आदमी है जिसकी तरफ गेंद चली जाती है। जीतता कौन है? जीतता वह आदमी है जो ठोकर मार कर गेंद को...
- गेहूँ का छिलका जो गायों को फेंक देते हैं, भैंस को डाल देते हैं?... हाँ साहब वही छिलका है। तो क्या ये सब फ्राड है? किनका फ्राड है? दवाफरोशों का फ्राड है, जो लोगों को सब...
- गैर राजी जानते हैं, कैसी होती है?... आप सबको मालूम ही होगा।
आप जब बच्चे थे और बात नहीं मानते थे, तो माँ क्या करती थी, जरा बताना? एक इध...
- गैस क्या होती है?... गैस, गैस क्या होती है, हमें नहीं मालूम। इस शीशी में से निकाला और इस शीशी में डाला, दोनों को मिलाया, ...
- गो किसे कहते हैं?... गो इद्रिय विकारों को कहते हैं। आदमी में जानवरों की जितनी वृत्तियाँ थीं, यह संकेत उन वृत्तियों के बार...
- गोपियों से प्यार करते थे, राधा से प्यार करते थे, लेकिन उन्हें छोड़कर वे कहाँ चले गए?... गोपियाँ चिल्लाती रह गईं। ब्याह किया, राजपाट बसाया, अर्जुन को राजा बनाया। आखिर में भागकर स्वयं द्...
- गोली चलाने वाला अगर निशाना न साधे, तो उसका काम कैसे चलेगा?... वह कभी इधर को भटके, कभी उधर को भटके, तो उससे निशाना कैसे साधा जाएगा? बीस जगह ध्यान रहा, तो आप विजे...
- गोवर्धन अकेले उठा लिया था?... नहीं, सम्भव नहीं था। इसलिये उन्होंने जगत की परम्पराओं को जारी रखने के लिये जो वास्तविकता को उजागर कर...
- ग्यारह रुपये क्यों माँगते हैं?... यह जादूगरी नहीं है
मित्रो ! यह मालूम होता है कि हमारी आध्यात्मिकता मैजिक और जादूगरी के स्तर ...
- ग्रामर क्या हमने बनाई है?... नहीं, हमने नहीं बनाई है।
भगवान आपको पुकार रहा है
टेरामाइसिन खा लिया, बुखार अच्छा ह...
- ग्रेड भी बढ़ती हुई चली जाती है क्यों?... हमारी बैंक हमको ईमानदार समझती है कि इसको जो पैसा दिया गया है, वह चुका देगा। और आप चुकाना नहीं चाहते,...
- ग्लोब क्या है?... ग्लोब एक रंगीन नक्शे का बना होता है, जो स्कूल में बच्चों की मेज पर रखा रहता है। शंकर भगवान का गोल-...
- घंटी कैसे बाँधी जाएगी?... वह चूहे को खा जाएगी, उसे मार डालेगी।
वास्तविकता को समझें
मित्रो ! मैं ये निवेदन कर र...
- घटिया आदमी के लिए मंत्र भी क्या करेगा?... इसलिए व्यक्तित्व को परिष्कृत करना आवश्यक है। मंत्र की शक्ति देखने के लिए, भगवान की शक्ति देखने के लि...
- घटिया है या वजनदार?... तो वे हमें छोटे-छोटे आदमी घटिया आदमी दिखाई पड़ते हैं। हमें वजनदार आदमी दिखाई नहीं पड़ते हैं। वजनदार ...
- घड़ी हमारी है और हमारे कमरे में रखी है तो हो गई न हमारी सम्पत्ति?... अगर इसको बेच दें तब? तब आपकी हो गई। क्यों साहब! आपसे घड़ी ले गए थे, वह खराब हो गई। हाँ बहुत पुरानी थ...
- घर के भीतर जो रहते हैं, क्या वही बच्चे होते हैं?... पड़ोस में कोई बच्चा नहीं होता? अन्य बच्चों से आपका कोई ताल्लुक नहीं होता।
मित्रो! समाज के लोगों ...
- घर के लोगों का स्वभाव अच्छा नहीं है, दूषित है, कलुषित है तो उस स्त्री को कहाँ रखा जाए या घरवालों को क्या कहा जाए?... स्थिति को कैसे सुधारा जाए, यह सोचना गर्भवती का काम नहीं है, बल्कि उसके पिता का काम है। बच्चे का निर्...
- घर क्यों लगता है?... इसलिए लगता है कि व्यक्तिगत जीवन नहीं है, यह परोपकार वाला जीवन है। वह स्वार्थ है, यह परमार्थ है। जब प...
- घर में इतना पैसा रखा हुआ है, इसका क्या करेंगे?... सब लोग मौज करने लगे। खेती-बाड़ी बन्द कर दिया, काम धन्धा बन्द कर दिया। थोड़े दिनों बाद क्या हुआ? खेती...
- घर में कितने आदमी हैं?... पाँच आदमी हैं। हम हैं, हमारी बीबी है, दो बच्चे हैं और एक हमारी माताजी हैं। पाँच आदमियों के लिए भी बी...
- घर में कौन रहते हैं, कौन नहीं रहते हैं, किसको किस चीज की जरूरत है, किसको किस चीज की आवश्यकता है?... किसकी भावसम्वेदनाओं को ऊँचा उठाने में आपकी क्या जिम्मेदारी है? अगर इसका ख्याल आप नहीं करते तो आपका घर...
- घर में बैठेगा?... नहीं, तो फिर इन कौरवों से लड़? तेरे सारथी हम बनेंगे। कृष्ण ने जब यह आवाज उठाई, तो अर्जुन लड़ने के लि...
- घर से बाहर मैं कैसे शक्ल दिखा सकता हूँ?... बेटा! जनसम्पर्क के लिए जाओगे क्या? नहीं गुरुजी! हम नहीं जाएँगे। लोक-कल्याण का काम करोगे क्या? नहीं। ...
- घर-घर धकेल गाड़ी लेकर जाते थे तथा लोगों से कहते थे कि आप खादी पहनिये तो क्या वे खादी बेचते थे?... हाँ बेटे, खादी बेचते थे।आप अपने आप को निचोड़िये। ये हमारा बेटा, यह हमारी पत्नी। देखना यही तुझे ऐसा ...
- घर-घर में जाना निमंत्रण देने के लिए और कहना कि मथुरा वाले गुरुजी को आप जानते हैं क्या?... गुरुजी को, हाँ जानते हैं, तो उन्होंने एक बात कह करके भेजी है, आपके लिए कुछ खास सन्देश भेजा है, आप...
- घाट पर ले जाता है और क्या करता है?... उसे पत्थर पर पछाड़-पछाड़ कर दे मारता है और धो-धो करके उसका सारा का सारा मैल निकाल देता है। हमने तो ध...
- घास छील रहा था कि ऐसे ही बैठा था?... हाँ साहब! बच्चों की याद आ रही थी। हमारी खेती-बारी सूख रही होगी। हमारी बीबी बीमार तो नहीं है? हमारे ब...
- घास-चारा कहाँ से आये?... सो वे कलेक्ट्रेट के लॉन के माली से कह देते थे कि भाई साहब! आपकी जगह घास के ऊपर से मशीन हम घुमा दें...
- घिसाई न करें तब?... तब नोक पैनी नहीं हो सकती। चमक आ जाएगी? चमक भी नहीं आ सकती। किसके ऊपर? जो हथियार जो औजार हमारे पास है...
- घी कभी आपने छटाँक भर खा लिया, कभी पाव भर खा लिया, कभी आधा किलो खा लिया, कभी एक बूँद पी लिया, ऐसे कहीं बात बनती है क्या?... दवा की एक सीमा है, एक मर्यादा है। उसकी खुराक होती है। च्यवनप्राश अवलेह आया तो एक छटाँक खाएँगे, तीन छ...
- घी कहाँ गया?... जल गया? नहीं। फिर क्या हुआ? वह हवा में फैल गया। हमने घी को जलाया नहीं है, वरन् हमने उसे हवा में फैला...
- घी कहाँ चला गया?... चाहे राई-रत्ती के बराबर ही क्यों न हो, वह चहुँओर फैल गया। उसे कीड़ों-मकोड़ों ने खाया, जानवरों ने खाया।...
- घी का हवन करने पर क्या हुआ?... फैल गया। घी कहाँ चला गया? चाहे राई-रत्ती के बराबर ही क्यों न हो, वह चहुँओर फैल गया। उसे कीड़ों-मकोड़ों...
- घी लेने ऐसे ही चला गया था?... हाँ साहब! ऐसे ही चला गया था। नहीं बेटे! ऐसे मत जाना घी लेने के लिए। अगर आपको लेना हो तो एक चीज क...
- घुटनों में भी थोड़ी-सी जकड़न रहती है, पर आपको तो कोई रोग नहीं है, फिर ऐसा क्यों कहते हैं?... मत कहिए। मुझे जाने दीजिए न। यह तीन साल पहले की बात बता रही हूँ, उनकी अपनी इच्छानुसार ही, जो कुछ हुआ,...
- घुला देना किसे कहते हैं?... घुला देना यह है कि आदमी अपनी हस्ती को भगवान के सुपुर्द कर देता है। सुपुर्द कर देने का मतलब वह नहीं ह...
- घुला देने का तरीका क्या है?... योग है। योग किसे कहते हैं? बेटे! घुला देने को योग कहते हैं। घुला देना किसे कहते हैं? घुला देना यह है...
- घूमना अच्छी बात है, पर्यटन करना अच्छी बात है, पर पर्यटन करने और घूमने से भगवान का और मुक्ति का क्या ताल्लुक हो सकता है?... आप यह विचार दिमाग से निकाल दीजिए। नहीं साहब! हम तो वैकुंठ देखने जाएँगे और चारों धाम की यात्रा करने क...
- घूमने से कितने ज्ञान प्राप्त होते हैं, यह आप जानते हैं?... सवेरे भी मैंने प्रतिज्ञा कराई थी—"चरैवेति .........चरैवेति।" चलिए-चलिए। जो आदमी पड़ा रहता है, उसका भ...
- घोड़ा कहें तो घोड़ा ला दूँ, हाथी कहें तो हाथी ला दूँ?... घोड़े-हाथी पर तो वे कतई नहीं बैठती। वे तो हँस पर ही बैठती हैं। हँस से क्या मतलब है? हँस से मतलब है व...
- घोषा, लोपामुद्रा आदि कहाँ तक गिनाएँ?... ढेर सारी कन्याएँ एक-से-एक बढ़िया और संस्कारी हुई हैं। उन्हें उनके माता-पिता ने संस्कार दिए थे। नहीं ...
- घोड़े का पेट कितना बड़ा है?... परन्तु आदमी का पेट कितना छोटा है। जरा सा है। उसके लिए थोड़ा-सा चार मुट्ठी अनाज काफी होना चाहिए। ले...
- घोड़े के बराबर, हाथी के बराबर?... नहीं वे बहुत छोटे होते है। ये छोटे-छोटे जर्म्स हमको इतना हैरान कर सकते हैं कि टी.बी. पैदा कर सकते ...
- घड़ी का मतलब समझती है?... घड़ी से मतलब है—समय की पाबन्दियाँ। हमारे पास एक धूप घड़ी थी। मुद्दतों काम किया हमने। हिमालय पर मैंने ए...
- चंगेज खाँ और नादिरशाह का नाम मालूम है ना?... हाँ, हमको मालूम है, जिन्होंने दुनिया में जाकर अपनी ख्वाहिशें और तृष्णाएँ पूरी करने के लिए कितनी ...
- चंडी के मंत्र से उद्धार हो जाएगा या हनुमान जी के मंत्र से उद्धार होगा?... बेटे, इसमें बस इतना फर्क है जितना कि सर्फ और सनलाइट में फर्क होता है और कोई खास बात नहीं है। हनुमान ...
- चन्दन का क्या अर्थ होता है और फूल का क्या अर्थ होता है?... इसको आपको जानना चाहिए। दीपक का अर्थ है—ज्ञान। आपकी जो समझ है, जो बुद्धि है। जैसे हमारे मस्तिष्क में...
- चन्दन का वृक्ष झुक करके अपनी समीपवर्ती झाड़ियों को खुशबूदार बना सकता है, तो आप भी चन्दन के पेड़ के तरीके से अगर विकसित होंगे, श्रेष्ठ गुणों से युक्त होंगे, तो अपने कुटुम्बियों को, अपने खानदान वालों को और अपने बीबी-बच्चों को उसी ढाँचे में, ढालने में समर्थ क्यों नहीं हो सकेंगे?... गुरुजी! आप तो अध्यात्म की बात कह रहे थे, तो मैं आप से क्या कहूँ? अध्यात्म का प्रयोग करने के हजारों त...
- चन्दन के आस-पास बिच्छू भी लिपटे रहते हैं, साँप भी लिपटे रहते हैं और डंक मारते रहते हैं, पर चन्दन क्या कभी साँप के जहर से जहरीला हो गया?... क्या बिच्छू के जहर का असर उस पर आया? नहीं! आदमी भी चन्दन के तरीके से अपने गुणों को बढ़ा सकता है और यह...
- चन्दन के आस-पास साँप, बिच्छू के जहर का उस पर असर आया?... नहीं आया। वह आदमी जा चन्दन क तरीके से अपने जीवन को बना लेता है या बना सकता है, उसी को यह हक है कि हमन...
- चन्दन के आस-पास साँप, बिच्छू के जहर का उस पर असर आया?... नहीं आया। वह आदमी जो चन्दन के तरीके से अपने जीवन को बना लेता है या बना सकता है—उसी को यह हक है कि हमन...
- चन्दन चढ़ाने से, अक्षत चढ़ाने से, चीज खिलाने से, उसकी प्रशंसा करने से क्या वह प्रसन्न हो जाएगा?... बेटे! ये चीजें बच्चों को शोभा देती हैं। नहीं साहब! हम आपकी प्रशंसा करेंगे। प्रशंसा वाली बात से मुझे ...
- चन्दन से मेरा काम नहीं चलेगा तो भगवान का काम कैसे चलेगा?... इसलिए मित्रो! जो हमारी संपदाएँ हैं, उनके बारे में हमें ईमानदार होना चाहिए और नेक होना चाहिए। हमको कु...
- चंदा जाने कहाँ से आने लगा?... उनको पता ही नहीं लगा, कानों-कान खबर नहीं हुई। निष्ठा और श्रद्धा की शक्ति मित्रो! मनुष्य की निष्ठाए...
- चंद्रगुप्त कौन था?... बेटे! वह एक नाइन का बेटा था। नाई कौन होता है? हजामत बनाने वाला। चाणक्य ने उससे कहा कि हम आपको राजा ब...
- चंद्रमा कैसे टाँगा जा सकता है?... वह तो बेटा! फुटबॉल के तरीके से गोल-मटोल है। चंद्रमा को सिर पर टाँगना हो तो उसके दो ही तरीके हो सकते ...
- चंद्रमा में चमक है?... चंद्रमा में कोई चमक नहीं है। वह मिट्टी का लोंदा है। जैसे हमारी जमीन मिट्टी की बनी है, वैसे ही चंद्रम...
- चक्की देवता नहीं है, तो फिर और कौन देवता है?... जो हमारे काम आया। जिसने बिना मूल्य के, बिना पारिश्रमिक लिए, बिना परिश्रम कराये अपना क्रम जारी रख...
- चक्की न हो, तो हम कहाँ से पेट भरेंगे?... देवता चक्की नहीं, तो कौन है? जिसने बिना पारिश्रमिक माँगे अपना श्रम जारी रखा। हम उसकी पूजा न करें, ...
- चक्की पीसती है ना?... नहीं साहब! मेरी बेटी चक्की नहीं पीसती। बड़ी भाग्यवान है। भाग्यवान है, तो जा अस्पताल। आपरेशन कराना प...
- चक्रवात किसे कहते हैं?... बेटे! गरमी के दिनों में गाँवों में धूल का अन्धड़ आता है और गोल-गोल घूमता हुआ ऊपर को चला जाता है। अँगर...
- चक्रवेधन के लिए क्या-क्या किया?... चलिए अभी बता देते हैं। तो गुरु जी ! हमारा भी चक्रवेधन हो जाएगा? नहीं, आपका नहीं हो सकता। तो फिर आप व...
- चटनी तो और नहीं चाहिए?... नींबू का अचार लाऊँ क्या? पापड़ तो नहीं चाहिए? इस तरह बहुत तबियत के साथ पूछते रहते हैं और नौकर से ...
- चट्टान में सूराख हो जाएगा?... नहीं बेटे! नहीं होगा। लोहे की नोक मुड़ जाएगी, मारी जाएगी। मशीन भी बेकार हो जाएगी और नोक भी बेकार हो ...
- चतुर आदमी दुनिया में कम हैं क्या?... क्रियाकुशलों की कमी है क्या? पर वे सब स्वयं के लिए हैं। दूसरों के लिए वे क्या साबित हुए, आप बताइए न...
- चन्द्रमा आपके नजदीक है क्या?... हजारों मील दूर है। समुद्र आपके नजदीक है क्या? समुद्र जाने कितनी दूर है आपसे, फिर भी वह बराबर आपका ...
- चन्द्रमा का क्या हो सकता है?... चन्द्रमा का यह हो सकता है कि जिस तरह से बृहस्पति ग्रह के इर्द-गिर्द एक ग्रह का चूरा घूमता रहता है। य...
- चन्द्रमा के तरीके से चाँदनी बिखेरने के लिए कौन तैयार होता है?... कोई नहीं तैयार होता है। आज के जमाने में आदमी से हम यह आशा नहीं कर सकते कि वह लोक मंगल के कामों के लि...
- चन्द्रमा के बारे में आपका क्या ख्याल है?... चन्द्रमा क्या है? क्या चन्द्रमा कोई पत्ती का बना है? नहीं गुरुजी। पत्ती का तो नहीं बना है। गोल- मट...
- चन्द्रमा क्या है?... क्या चन्द्रमा कोई पत्ती का बना है? नहीं गुरुजी। पत्ती का तो नहीं बना है। गोल- मटोल बना है, जैसे ...
- चपरासी के लिए मारा- मारा फिरना पड़े, तब?... भगवान् की एक कृपा का कण यदि हमारे विरुद्ध हो जाये, तो हमारा सब कुछ चौपट हो जायेगा। कैसे मिले भगवान...
- चमक आ जाएगी?... चमक भी नहीं आ सकती। किसके ऊपर? जो हथियार जो औजार हमारे पास हैं, उन पर चमक पैदा करने के लिए और धार ते...
- चमक का फरक नहीं है?... बेटे! बिलकुल फरक नहीं है, रत्ती भर का फरक नहीं है, तो क्या फरक है? क्वालिटी का फरक है। यही बात इनसान...
- चमक किसे कहते हैं?... प्रकाश किसे कहते हैं? प्रकाश इसे कहते हैं, जो मैं आपसे निवेदन कर रहा था, जिससे कि मेरी आँखें खुल गईं...
- चमक से क्या मतलब है?... चमक से कोई मतलब नहीं है। अध्यात्म का चमक से कोई ताल्लुक नहीं है। चमक दिखाई पड़ती है, तो मुबारक, नही...
- चमकदार कैसे बना सकते हैं?... अभी आप जब 1200 रुपये महीने पाते हैं, तो अपनी लड़की को खुशहाल बनाने के लिए ऐसे कपड़ा बनाना चाहते हैं,...
- चमचे तो उनके होते हैं, किनके?... वेश्याओं के, नेताओं के और राजाओं के, जो कहते हैं कि अरे साहब! आपकी सात पीढ़ियों ने बड़े-बड़े शेर मार...
- चमड़ी के स्नान से कुछ काम बन सकता है?... नहीं। वास्तव में स्नान उनको कराना चाहिए, जो गंदे हैं। शरीर तो गन्दा है ही, यह शुरू से आखीर तक गन्दा है...
- चमड़े को क्यों देखता है?... शरीर का मूल्यांकन आध्यात्मिक आधार पर
मित्रो! यह जो हमारा शरीर है, इसका बाहरी चमड़ा अष्टावक्...
- चमत्कार की बात मैं क्या कहूँ?... आपको तो पैसों का चमत्कार चाहिए न? इसलिए मैं पैसे की बात कह रहा हूँ। अभी मैं इमारतों की बात बता रहा थ...
- चमत्कार में कोई कमी आ गई?... नहीं आई। मनुष्य के गौरव-गरिमा में कोई कमी आ गई? नहीं, कोई कमी नहीं आई। उन्होंने वह आधार हटा दिया तो ...
- चमड़ी को उघाड़ और फिर देख, इसके भीतर क्या भरा हुआ है?... बेटे, पाखाने के अलावा, पेशाब के अलावा, थूक के अलावा, हड्डियों के अलावा, माँस के अलावा क्या है इसमे...
- चरने से क्या मतलब है?... चरने से मतलब है- जैसे गाय होती है, बकरी होती है और घास को चर जाती है। इसी तरह ब्रह्म को चर जाओ। मह...
- चरित्र किसे कहते हैं?... आपको राजनीति मैं बता दूँगा। धर्मनीति मैं बता दूँगा। जिस क्षेत्र में भी आप जानना चाहें, मैं प्रत्ये...
- चरित्र से क्या मतलब है?... ब्राह्मणत्व। मित्रो! में वहीं आ गया जहाँ से बात शुरू की थी। ब्राह्मणत्व का अर्थ है—चरित्र। चरित्रव...
- चल, बड़ी आई ब्याह करने वाली, हम क्या ब्याह करेंगे?... फिर आएगी तो वैसा ही होगा। नहीं, महाराज जी! हम तो आप से ही ब्याह करेंगे। पार्वती जी ने तप करना शुरू क...
- चल, बड़ा आया दर्शन करने?... यों क्यों नहीं कहता कि देखने आया हूँ। तो तैने हमको देखा नहीं? हमारा फोटो छपा हुआ है, उसमें देख ले। अ...
- चला जाऊँगा क्या?... मैं यही सोचता रहा। फिर एक दिन मेरे भीतर कुछ प्रकाश आया और उसने कहा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है। भ्र...
- चलिए अब मैं यह कहूँगा कि अध्यात्म को आप खुराक नहीं दे रहे हैं, तो अक्षर क्या कर सकते हैं?... नहीं साहब! राम के नाम का महत्त्व है। राम के नाम का दो कौड़ी का महत्त्व है। नहीं साहब! आप ऐसे कैसे कह ...
- चलिए आप इसी के द्वारा अपना शारीरिक स्वास्थ्य मजबूत बनाना चाहते हैं न?... आप मन में शान्ति चाहते हैं न? आपके साथ जो रहते हैं, उनसे आत्मीयता, प्रेम चाहते हैं न? आप जो पैसा कमा...
- चलिए पुराने जमाने के लोगों के कुछ थोड़े से उदाहरण मैं आपके सामने पेश करना चाहता हूँ, जिससे आपके भीतर का यह वहम खत्म हो जाय कि क्या अध्यात्म सांसारिक जीवन को सुखी बनाने का माद्दा रखता है?... आपका यह भ्रम मैं दूर करना चाहता हूँ। आज आपका वहम यह है कि ऐसी कोई बात नहीं है। आमतौर से जब आप यह कहत...
- चलिए मैं यह पूछता हूँ कि आपने किसी और की किताबें पढ़ी हैं कि नहीं?... हाँ साहब! हजारों किताबें पढ़ी हैं। तो आपको किसी के साथ मुहब्बत है? नहीं साहब! किसी के साथ नहीं है। अ...
- चलिए, आज मैं आपको बताने आई हूँ कि तपश्चर्या से उनको क्या-क्या मिला?... देखिए, आज मैं आपसे निवेदन करने आई कि माँ की सच्चे हृदय से आराधना करने से व्यक्ति का व्यक्तित्व ऊँचा ...
- चलिए, हम आपको दूसरा फायदा करा दें और भगवान से आपको अभी मिला दें तो कोई हर्ज है आपको?... साहब ! वो तो और भी अच्छा है, आप वही क्यों नहीं करते।
मित्रो ! आप नकद धर्म को ग्रहण कीजिए और उ...
- चले गए, तो चले गए, उनसे क्या मोहब्बत?... मोहब्बत करनी है तो सिद्धान्तों से कीजिए, आदर्शों से कीजिए। गाँव से क्या मोहब्बत, क्या रिश्ता? इसक...
- चलेगा तो उसमें खाद्य का इंतजाम क्या करना पड़ेगा, हम नहीं जानते?... मित्रो! अभी तो खाद्य के इंतजाम में हमारी धर्मपत्नी हैं। खाद्य पर उनका सौ प्रतिशत नियंत्रण है। वे बैठ...
- चवन्नी की जलाई और क्या-क्या खर्च किया?... चावल खर्च किया। धूपबत्ती खर्च हुई, रोली खर्च हुई। कितने का हुआ सब? बताता क्यों नहीं? अरे...
- चाँदी आपकी है?... नहीं, आपकी नहीं हो सकती। चाँदी को धीरे-धीरे घिसते-पिसते, फिर जमीन में शामिल होना पड़ेगा, जहाँ से उसे...
- चाँदी कब बनी थी?... जब ब्रह्मा जी ने जमीन बनाई थी. तब चाँदी भी बनाई थी। जमीन में चाँदी मिली हुई थी। ठीक है, जिन लोगों ने...
- चाइना की दीवार किस तरीके से बनी?... ये सारे-के-सारे किस्से आप सुनेंगे, तो आपकी आँखों में से खून टपक पड़ेगा। आदमी कितना दुष्ट हो सकता है?...
- चाइना में कौन था उनका?... न कोई बेटा था, न मित्र था, न कोई शिष्य था उनका। वहाँ जाकर के उन्होंने चायनीज भाषा सीखी और सीखने के ब...
- चाइना वाले वहम में हैं?... नहीं हैं। जर्मनी वाले वहम में हैं? वो भी नहीं हैं। दूसरे वाले भी वहम में नहीं हैं, क्योंकि वे अध्यात...
- चाणक्य के पास जाने के बाद चंद्रगुप्त क्या-से हो गया?... समर्थ गुरु रामदास के पास जा करके शिवाजी जाने क्या-से हो गये? रामकृष्ण परमहंस के पास जाकर विवेकानन्...
- चाणक्य के पास सम्पत्ति थी?... गाँधी जी के पास सम्पत्ति थी? बुद्ध के पास सम्पत्ति थी? नहीं थी। फिर आपने यह क्या सम्पत्ति-सम्पत्ति...
- चाणक्य गरीब थे?... हाँ। दुनिया के सारे के सारे महापुरुष गरीब थे। सबेरे मैं आपसे नानक की बात कह रहा था, कबीर की बात कह र...
- चाणक्य ने क्या चन्द्रगुप्त को अच्छा नहीं बना दिया था?... हाँ बना दिया था। समर्थ गुरु रामदास धर्मसत्ता को लेकर चले थे। क्या उन्होंने शिवाजी और दूसरे लोगों क...
- चाणक्य ने चंद्रगुप्त को एक जगह लगा दिया, क्या कोई एहसान नहीं किया?... बहुत एहसान किया। जिस विश्वामित्र ने राजा हरिश्चंद्र को मुनासिब जगह पर लगा दिया, क्या उन्होंने हरिश्च...
- चाणक्य फकीर था, लेकिन फकीर की ताकत का कोई ठिकाना है?... अनाथ लड़का, रखैल का बच्चा, मुरा और नानकी राम का पाला हुआ वह लड़का चन्द्रगुप्त मौर्य, जिसके सिर पर ...
- चार हजार रुपये महीने हम कमा सकते हों तो बारह महीने के अड़तालीस हजार रुपये होते हैं हमारे समय की कीमत?... तीन साल का तप देकर के तेरे बेटा पैदा कराएँगे तो अड़तालीस हजार रुपये के हिसाब से तीन साल का कितना होत...
- चारण बनना चाहते हैं या चमचे बनना चाहते हैं?... क्या आप वेश्याओं के पीछे चमचे बनकर फिरना चाहते हैं? अरे साहब! इनके क्या कहने? इन्होंने तो वहाँ गाया ...
- चारों क्या-क्या हैं?... एक चीज मैं कल आपसे कह रहा था—साधना। साधना और उपासना वास्तव में एक ही चीज हैं, पर उपासना क्योंकि बदना...
- चारों धाम की यात्रा करने के बाद में अब क्या हो सकता है?... वैकुंठ जाना पड़ेगा। अच्छा! और? स्वर्गलोक जाना पड़ेगा। अच्छा! और? मुक्ति मिलेगी और स्वर्ग मिलेगा और श...
- चारों वेदों से लेकर एक सौ आठ उपनिषदों तक, छहों दर्शनों से लेकर अठारह पुराणों तक और आप सबकी सेवा करने तक, आखिर किसने बनाया?... गुरु ने बनाया। अपने को सौंप दिया और हम निहाल हो गए। इसी तरीके से यदि आप भी अपने को सौंप पाएँ तो आप औ...
- चालाक कहीं का, हमसे आशीवाद पाने के लिए दीक्षा लेता है?... हमारा तीन साल का तप ले जाना चाहता है और हमें चवन्नी की माला पहनाना चाहता है, धूर्त कहीं का। तू चेला ...
- चालीस चालीस रुपये की साड़ी देकर के भगवान् से न जाने क्या-क्या लेना चाहता है?... बेटे, मैं क्या कह सकता हूँ? आजकल के जमाने में अध्यात्म केवल मखौल बन कर रह गया है। अध्यात्म केवल दिल्...
- चालीस शंखों की आवाज जब एक साथ बजती है, तो कान कैसे काँपते हैं, नवीनता कैसे मालूम पड़ती है?... यह शैली आपको गायत्री तपोभूमि सिखाएगा। जब आप जहाँ कहीं भी जाएँ, तो स्थानीय कार्यकर्ता को ले करके चल...
- चावल खिलाने वालों, रोटी खिलाने वालों, आरती उतारने वालों, तीन माला जपने वालों, भगवान के दिल दिमाग को समझो और पढ़ो कि भगवान की मोहब्बत किन लोगों के लिए सुरक्षित है?... भगवान की मोहब्बत जटायु जैसे लोगों के लिए सुरक्षित है। भगवान की मोहब्बत गिलहरियों के लिए सुरक्षित...
- चावल नहीं खायेंगे?... एकादशी के दिन चावल कैसे खायेंगे? एकादशी के दिन तो फलाहार करेंगे। जैसे अपने यहाँ साबूदाना फल माना ज...
- चाहे आप इसको पुण्य समझते हों, हो सकता है उस आधी साड़ी की क्या वैल्यू हो?... उन्होंने कहा—बस, हो गया। उन्होंने देखा कि क्या रजिस्टर में इसका कुछ जमा है। उन्होंने पाया कि इसका पु...
- चाहे आपके झुर्रियाँ क्यों न पड़ गई हों?... लेकिन मेरे लिए तो आप वही हैं, जैसे कि छोटा अबोध बच्चा हो और उसके प्रति जो ममता, दया, जो एक माँ के अन...
- चाहे आपके भूरे बाल क्यों न हो गए हों?... आपकी दाढ़ी-मूँछ भूरी क्यों न हो गई हो? चाहे आपके झुर्रियाँ क्यों न पड़ गई हों? लेकिन मेरे लिए तो आप ...
- चाहे कीड़ा हो, चाहे मकोड़ा, चाहे मच्छर हो अथवा मक्खी, कोई भी क्यों न हो?... सबके भीतर से जो उमंगें उठती रहती हैं, इच्छाएँ, आकांक्षाएँ उठती रहती हैं, वे दो ही उठती रहती हैं-एक प...
- चाहे जहाँ इकट्ठा बैठे हों, उनसे प्रार्थना करनी चाहिए कि आपके पास दो-चार मिनट का समय हो तो एक बात आपको सुना दूँ क्या?... अगर वे कहें कि सुनाइए तो एक विज्ञप्ति सुना दीजिए। दस मिनट में यह खत्म हो जाती है। यह विज्ञप्तियाँ बड...
- चाहे जहाँ जरा-सा काम किया और फिर विश्राम, जरा-सा काम और फिर विश्राम ऐसे कोई काम होते हैं क्या?... काम करने की शैली ही कर्मयोग है। कर्मयोग को अगर आप ज्ञानयोग में मिला दें, संध्यावंदन में मिला दें, तो...
- चाहे बड़ी उम्र का भी हो जाए तो भी क्या कहेंगे?... तो मैं उसको बच्चा कहूँगा। बच्चा बड़ी उम्र का? हाँ बड़ी उम्र के भी बच्चे होते हैं। मन:स्थिति की दृष्ट...
- चाहे मुझे कड़क भाषा क्यों न बोलनी पड़े?... तो वह मैं बोलूँगी। नहीं सुनेंगे तो जबरदस्ती मुझे सुनानी पड़ेगी। सोते होंगे, तो जगाना पड़ेगा, कहना पड...
- चाहे वह ईसाई हो, चाहे मुसलमान हो, चाहे पारसी हो, चाहे किसी भी सम्प्रदाय का क्यों न हो?... उपासना का अपने आप में बड़ा महत्त्व है। उपासना का मतलब होता है ईश्वर के समीप बैठना, जुड़ जाना, एकाकार...
- चाहे वह कोई भी क्यों न हो?... वाल्मीकि ऋषि थे कि नहीं थे? वाल्मीकि ऋषि थे, जिनके यहाँ सीता को रखा गया था। तो उदाहरणों के माध्यम से...
- चाहे वह विरोधी ही क्यों न हों?... वे भी नतमस्तक हुए; क्योंकि उनकी व्यवहार कुशलता के सामने जो उन्होंने साधना की थी, जो उनका वातावरण था।...
- चाहे हम पच्चीस आदमी ही क्यों न बुलाएँ, पचास आदमी ही क्यों न बुलाएँ?... चाहे हम जिन्दगी भर में थोड़ा ही काम करें, छोटी ही बात रखें, लेकिन हम उतना ही करेंगे, जितना कि श्रद्धा...
- चाहे हमें विलम्ब ही क्यों न लग जाए?... लेकिन हम बनने के लिए तैयार हैं। बेटे ! विजय उन्हीं की होती है।
युधिष्ठिर की विजय हुई, क्योंकि उन्ह...
- चिन्तन का तरीका क्या है?... जब आप किसी नारी को देखते हैं, तो उसको देखने के साथ-साथ में आपका शैतान भी उसको देखता रहता है। शैतान क...
- चिन्तन का परिष्कार हमको कैसे करना चाहिए?... चिन्तन को हमें कहाँ तक ले जाना चाहिए और अपने चिन्तन को हमें भगवान में विलय कैसे कर देना चाहिए? ये सारी...
- चिन्तन के अतिरिक्त आपकी भावनाएँ, आपकी अवस्थाएँ और निष्ठाएँ क्या हैं?... आपकी निष्ठाएँ किस चीज पर जमी हैं? आपकी पसन्दगी क्या है? आपकी रुचि क्या है? आप विचारते क्या हैं? आपकी ...
- चिन्तन को कहाँ लगाएँ?... सीधी-सी बात है—चिन्तन कहाँ लग रहा है यह आप देखें। आप कहीं लग रहे हों, जीभ कहीं लग रही हो, वस्तुएँ कही...
- चिन्तन को कहाँ लगाना चाहिए?... अस्त-व्यस्त चिन्तन की रोक-थाम हमें कैसे करनी चाहिए? चिन्तन का परिष्कार हमको कैसे करना चाहिए? चिन्तन को ...
- चिन्तन को लगाने का उद्देश्य यह है कि जिस काम के लिए जो क्रियाएँ कराई जा रही हैं, आप उस इशारे पर आ जाइए कि उस इशारे के साथ में आपको क्या चिन्तन करना चाहिए?... बेटे, हम सबेरे आत्मध्यान कराते हैं। आत्मध्यान कराने के साथ-साथ सजेशन देते हैं, निर्देश देते हैं। इसक...
- चिन्तन को हमें कहाँ तक ले जाना चाहिए और अपने चिन्तन को हमें भगवान में विलय कैसे कर देना चाहिए?... ये सारी-की-सारी चिन्तनपरक कसरत योग कहलाती है। यह योग आपको सीखना चाहिए। इस योग के सिद्धान्त मैं आपको ब...
- चिड़िया की, बाज की?... नहीं बेटे! मैं तो सिद्ध पुरुषों की बात कर रहा हूँ। सिद्ध पुरुष क्या करते हैं? ऐसा झपट्टा मारते ह...
- चितवत काम भयउ जरि छारा॥’’ शंकर भगवान ने जब तीसरी आँख खोली, तो किसको देखा?... कामदेव को देखा और कामदेव जलकर खाक हो गये। अरे राम- राम, ऐसी आँख होती है? हाँ बेटे, तीसरी आँख जिस क...
- चित्र आप बनायेंगे?... पर आपने चित्रकला नहीं सीखी है, तो आप चित्र कैसे बनायेंगे।
मित्रो! आपको टेक्नीक आती है तो आप अपनी ट...
- चित्र, आपने देखा नहीं कितने काम करते हैं?... गंदे चित्र बिकते हुए आपने देखे नहीं? दीपावली के दिनों आपने गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले और चौराहे-चौराहे...
- चिन्ता क्या बीमारी है?... बेटे, चिन्ता एक विकृति का नाम है। निराशा एक विकृति का नाम है। क्षोभ एक मानसिक विकृति का नाम है, भय...
- चिन्ताओं से दूर कौन रह सकता है?... जिसकी कामनायें पूरी हो गयी हों। तो क्या हमारी कामनायें पूरी हो सकती हैं? हाँ मित्रो! आपकी कामनायें प...
- चिड़िया में भी जिन्दगी है फिर हम उनको निम्न स्तर का क्यों मानते हैं?... उनमें एक ही कमी है कि उनमें ज्ञान नहीं है। मनुष्य ज्ञान का देवता माना गया है। ज्ञान की वजह से, मननशी...
- चीजों में कोई मिठास है क्या?... चीजों में कोई मिठास नहीं है। यह मिठास कहाँ से आती है। कहीं से नहीं आती। यह हमारे भीतर से निकलती है...
- चीन की पच्चीस लाख सेना क्या होती है?... बहुत होती है और छप्पन लाख की इस हमारी आध्यात्मिक सेना के भीतर भगवान् की बात जाने दीजिए, इन्सान भी अग...
- चीन में न जाने क्या से क्या हो गया?... कभी चीन में बौद्ध धर्म इतना फैला हुआ था कि हिन्दुस्तान से भी अधिक बौद्ध लोग चाइना में रहते थे। वहा...
- चीरा लगाने से पहले एनस्थीसिया लगा दिया?... क्यों? क्योंकि इसको पीड़ा न हो। सुई लगा दी? हाँ। ऑपरेशन आधे घण्टे का काम था, परन्तु विधि को जानने के लि...
- चुप धूर्त कहीं का, मेरी मनोकामना पूरी करनी पड़ेगी?... मित्रो! क्या करना चाहिए, इस वास्तविकता को समझिये। अगर वास्तविकता को नहीं समझेंगे, तो यह घोर अज्ञान...
- चुसकी माँगने के लिए क्यों न आए हों?... यद्यपि ये सब चीजें बेकार और वाहियात हैं, जिनको आप माँगने आए हैं। चलिए तो भी हम कोशिश करेंगे, यदि वह ...
- चूँकि आप में हिम्मत नहीं है, तो नास्तिकता को किन शब्दों में कहेंगे?... आप कहेंगे कि हमको टाइम नहीं मिलता, फुरसत नहीं मिलती और मन नहीं लगता, आप यही कहेंगे। यह कौन बोलता है?...
- चूँकि मैं एक महिला हूँ, कहाँ जाऊँ?... तो आप इतना कर सकते हैं कि आप पीसने के लिए अनाज दें, बदले में आटा या पैसा दें, ताकि मैं अपनी उदरपूर्त...
- चूने का टुकड़ा अगर खा लिया जाये तो दिमाग फट जाये और हल्दी?... हल्दी, जो साग, दाल में काम आती है, कपड़े में लगा ले, तो वह खराब हो जाये। लेकिन हल्दी और चूने को मिल...
- चेतना की खुराक, चेतना की राहत और चेतना का नियंत्रण न मिल सकता, तो बाहर की वस्तुएँ क्या करेंगी?... हम रोज देखते हैं, पैसे वालों को देखते हैं, विद्वानों को देखते हैं, धनवानों को देखते हैं, मालदारों ...
- चेतना को हम कैसे परिष्कृत कर सकते हैं?... चेतना में निखार कैसे ला सकते हैं और चेतना की क्वालिटी हम कैसे बढ़ा सकते हैं? सारे-के उच्चस्तरीय सिद्...
- चेतना में निखार कैसे ला सकते हैं और चेतना की क्वालिटी हम कैसे बढ़ा सकते हैं?... सारे-के उच्चस्तरीय सिद्धान्तों के समुच्चय का नाम अध्यात्म है। अध्यात्म को आप क्या समझते हैं? आप तो ऐस...
- चेतना हमारी जीवात्मा है और वह विचारपरक है, भावपरक है, सम्वेदनापरक है और भगवान?... भगवान भी विचारपरक है, भावपरक है और सम्वेदनात्मक है। दोनों की भावना और विचारणा जिस दिन मिलेगी, उस दिन ...
- चेहरा गुलाब के तरीके से खिला है, चाहे उसे रातभर श्रम ही क्यों न करना पड़ा हो?... दिन और रात फिर भी गुलाब की तरह से चेहरा। वैसे तो घर में ऑफिस से आते हैं, तो जरा-सा करके ऐसा मुरझा जा...
- चेहरे पर आपको क्या मालूम पड़ेगा?... दो बातें मालूम पड़ेंगी-एक तो आपको गहरी नींद आया करेगी और दूसरा आपके चेहरे पर गुलाब के फूल की तरह खुश...
- चैन कहाँ से आ जायेगा?... शान्ति कहाँ से आयेगी? नहीं साहब! गायत्री माता से चैन आ जायेगा? अरे। गायत्री माता से कैसे चैन आ जायेग...
- चैन की नींद सोते रहे, तो क्या ऐसे ही काम हो जाएगा?... बेटे, ऐसे काम नहीं होगा। जरा-जरा से काम में कितना समय लगता है। जो छह यज्ञ हुए हैं, उनमें कितने लोगों...
- चैन कैसे आयेगा?... सन्तोष कैसे आयेगा? आदमी आज इस बुरी तरह से जल रहा है, जैसे कि मैंने सुना है कि राजा सगर के साठ हजार बे...
- चोटी और जनेऊ क्या है?... कुछ भी नहीं है।
गायत्री मंत्र के रूप में मस्तिष्क के ऊपर एक अनुशासन, एक अंकुश लगाया गया है। हमार...
- चोर कौन है?... मालूम नहीं कौन है? अनैतिकता को भगाओ, पाप को भगाओ, परन्तु भगाएगा कौन? दुनिया ने पाप को भगाया, पर वही च...
- चोर निकल गया तब?... दुष्ट निकल गया तब? तब उसके लिए भी तैयार रहिए। लड़की को भी पहले से इस बात के लिए आगाह रखिए कि यह भी ह...
- चोर-चालाकों की साझेदारी कैसी होती है?... ऐसी होती है बेटे कि दो थे मित्र, बोले हम और आप कुछ कर लें। कुछ आप हमारे लिए करना, कुछ हम आपके लिए कर...
- चोरी का पैसा क्यों खाएँगे?... छिपा हुआ क्यों खाएँगे? आज तक हमने ऐसी कोई चीज नहीं खाई। हमने आपका एक फल भी नहीं चखा है। कौन-सा खट्टा...
- चोरी की तो नहीं है, लेकिन चोरी की हो तो क्या और अपनी हो तो क्या?... पैसा तुझे मिला था। तूने इसे कैसे खरच किया और कहाँ खरच किया, पहले यह बता दे। तूने अकल कहाँ खरच की, म...
- चोरों का इतिहास क्या है?... चोरों का कोई इतिहास नहीं है। डाकुओं का कोई इतिहास नहीं है। ब्लैक मार्केटियर्स का कोई इतिहास नहीं है।...
- चोरों को आपने देखा है ना?... इस समय फायदा उठा लेते हैं।
अरे भाई! इस समय तो फायदा उठा लेते हो, पर भविष्य तुम्हारा क्या ...
- चौंसठ पहरी पीपर कैसे बनाई जाती है?... इस पीपर-पिप्पली को चौंसठ पहर अर्थात आठ दिन तक लगातार घुटाई करते थे। लगातार घुटाई के मायने एक सेकंड क...
- चौथी बात क्या रह जाती है?... चौथी बात रह जाती है—सेवा। आप अपनी सामर्थ्य को लोकहित के लिए, परमार्थ के लिए, परहित के कार्यों के लिए...
- चौथे वाले कोश के रूप में आप हमें साधना करायेंगे?... हाँ, बेटे, ब्रह्मवर्चस में करायेंगे। देवत्व की दो धारायें हैं। देवता कैसा होता है? देवता का दृष्टि...
- चौबीस घण्टे में तीन घण्टे दें तो किसके लिए देंगे?... बेटे, उसमें तेरे भजन को मैं शामिल नहीं करूँगा। भजन तो मैंने कभी शामिल नहीं किया। भजन को मैं व्यक...
- चौबीस घण्टे लाइए-दीजिए कहता रहता है, उसका नाम है—बच्चा और जवान?... जवान आदमी हर एक से पूछता है, माँ से पूछता है कि माताजी आपको क्या चाहिए? पिताजी आपको क्या चाहिए? देवी...
- चौबीस वर्षों में आपने लाभ भी पाये होंगे?... हाँ, मैंने लाभ पाये हैं। लेकिन मैं ऐसे आदमियों को भी जानता हूँ, जो मुझसे भी ज्यादा भजन करने वाले हैं...
- चौबीस हजार पाठ कितने दाम का है?... अजी साहब! तीन घण्टे रोज लगाता हूँ। तेरा एक घण्टा कितने दाम का है? एक रुपया, एक घण्टे की मजदूरी होती है।...
- चौराहे पर खड़े होकर भाषण देने वाले नेता लोग टक्कर ले लेंगे?... न, यह बिलकुल भी सम्भव नहीं है। इसके लिए तो कोई सामर्थ्यवान व्यक्ति चाहिए। जब तक कोई सामर्थ्यवान न ह...
- च्यवनप्राश अवलेह की १०८ माला जप करने से क्या खाँसी दूर हो जायेगी?... नहीं, आपकी खाँसी दूर नहीं होगी। च्यवनप्राश पर फूल-माला चढ़ाए, आरती उतारी और जय बोली—‘च्यवनप्राश अवलेह...
- च्यवनप्राश खाने से क्या होगा?... आप बुड्ढे से जवान हो जाएँगे। अच्छा, लाइए, एक डिब्बा हमको भी दे दीजिए। खा लिया? हाँ, खा लिया। क्यों स...
- छः घण्टे अपना समय आदमी कब दे सकता है?... जब वह अपना समय निकाल सकता है, तब? तब वह प्राणवान हो सकता है, विद्वान हो सकता है, ज्ञानी हो सकता है, ...
- छः महीने तक मोती न मिले तो?... तो वे नहीं जियेंगे। जिन्दा रहेंगे तो मोती बीनेंगे, नहीं तो मर जायेंगे। प्राण त्याग देंगे, पर मोती...
- छः हजार का आता है और घोड़ा?... अच्छे घोड़े तो बहुत दाम के आते हैं और बेटा कितने दाम का आता है? गुरुजी! बेटा तो पच्चीस हजार का, चालीस...
- छः हजार शाखाएँ क्या होती हैं?... पानी के बूँद के बराबर होती हैं। समुद्र में हम छः हजार शाखाओं में ही बात करते रहेंगे, तो बात किस तर...
- छः हजार शाखाएँ सात लाख गाँवों में किस तरीके से प्रकाश फैला सकती हैं?... छः हजार शाखाएँ क्या होती हैं? पानी के बूँद के बराबर होती हैं। समुद्र में हम छः हजार शाखाओं में ही ...
- छह इंच के पेट के लिए कितनी रोटियाँ चाहिए?... चार रोटी चाहिए, छह रोटी चाहिए। पेट के लिए मरा जाता है मूर्ख! जिसके सामने न कोई सिद्धान्त है, न कोई आद...
- छह घण्टे में हम भी कर लें तो?... आपके में और हमारे में फरक पड़ता है। कैसे पड़ता है? हमारे शरीर के ऊपर बहुत सारे बन्धन थे। उनमें ढील की...
- छापेखाने से जो छपे हुए आते हैं, वे ऐसे ही भगवान थे?... ये भगवान तो गोल-मटोल चेहरे वाले हैं। शायद असली श्रीकृष्ण भगवान जो रहे हों, आँखें गड्ढे में फँसी रही ...
- छाया में क्यों नहीं बनाया?... अरे साहब! एक बार हमारे पिताजी सपने में दिखाई पड़े थे और उन्होंने कहा था कि हमारा स्थान बना दे। बस, ह...
- छिप करके आप उससे बच सकते हैं क्या?... छिप करके भी आप उससे बच नहीं सकते। जो बातें समाज की जानकारी में आ जाती हैं, पकड़ में आ जाती हैं, उन पर...
- छिपकलियाँ कहाँ से आयीं?... उन्होंने कहा कि वहाँ मक्खियाँ भिन−भिना रही थीं और उन मक्खियों के भिनभिनाने की वजह? उन्होंने कहा रा...
- छिपकलियाँ क्यों आतीं?... कुत्ते क्यों आते? दंगा क्यों होता? और बलवा क्यों होता? और खजाने पर हमला क्यों बोला गया होता? छोटी ...
- छिपा हुआ क्यों खाएँगे?... आज तक हमने ऐसी कोई चीज नहीं खाई। हमने आपका एक फल भी नहीं चखा है। कौन-सा खट्टा है और कौन सा मीठा है, ...
- छिलके से क्या मलतब है?... छिलके से हमारा मतलब कर्मकाण्डों से है। कर्मकाण्ड छिलका हैं? हाँ बेटे! छिलका उसकी हिफाजत के लिए बना है,...
- छोटा बच्चा इंतजार में बैठा रहा कि मम्मी पिता जी कब आयेंगे, डैडी कब आयेंगे?... अभी आते होंगे। थोड़ी देर में थककर आयेंगे, फिर फ्रेश होंगे, फिर सिनेमा देखने जायेंगे। बच्चा शाम को सो...
- छोटा-सा मौलाना अबुल कलाम आजाद क्या हो गया?... हिन्दुस्तान का शिक्षामंत्री। पं० जवाहर लाल नेहरू एक वकील के लड़के थे। क्या हो गए? प्रधानमंत्री हो गए ...
- छोटी सी चिन्गारी हैं तो क्या?... छोटे से सितारे के समान हैं तो क्या? हमारा यह प्रकाश विश्व को रास्ता दिखाने के लिए काफी है। लोग हमा...
- छोटी-छोटी बेटियाँ चिल्लाती और रोती होंगी?... नहीं बेटे! कोई मैट्रिक, कोई इण्टर, कोई बी० ए० तक पढ़ी हुई हैं। अभी ४५ लड़कियाँ तो ग्रेजुएट और पोस्ट ...
- छोटे बच्चे-बच्चियाँ चिल्लायीं-क्या माताजी हमको शहद मिल जायेगा?... नहीं, यह तो जमा करके रखा जायेगा और इससे बहुत मुनाफा कमाया जायेगा। एक दिन बन्दर आया और छत्ते को तोड़...
- छोटे बच्चों के दाँत होते हैं और वे उखड़ जाते हैं कि नहीं?... हाँ साहब! हमारे बच्चे के भी दाँत उखड़ गये थे। अच्छा, यह बताओ कि पहले बच्चा हुआ था कि बूढ़ा। साहब! पहले...
- छोटे भाई-बहनों को पढ़ाएँगे नहीं?... बहन का ब्याह नहीं करेंगे? आप बड़े हैं तो इसका मतलब यह हो गया कि आपको औरों का भी ध्यान रखना चाहिए।...
- छोटे से सितारे के समान हैं तो क्या?... हमारा यह प्रकाश विश्व को रास्ता दिखाने के लिए काफी है। लोग हमारे पास आकर कहें कि हमारा बाप ऐसे जिय...
- छोटे हैं तो क्या?... नाचीज हैं तो क्या? आपके अन्दर जो देवत्व उदय हो चुका है अब, तब इतनी-सी कमी है कि इसको बार-बार जगाना पड...
- छोटे-छोटे कार्यक्रम कर लेते हैं, बड़े कर लेते हैं, पर अब क्या करना है?... यह नहीं होना चाहिए, निरन्तर क्रियाशीलता आपके अन्दर बनी रहनी चाहिए। आपके पिता के अन्दर, आपके गुरु के ...
- छोटे-छोटे बालक, छोटे-छोटे स्कूलों में लम्बी-लम्बी जिंदगियाँ व्यतीत कीं, पर वैसा निर्मल और निश्चल प्रेम कहाँ देखा हमने?... हमने आपको कोकाकोला पिला दिया और पान भी खिलाये, लेकिन इस खिलाने, पिलाने के पीछे भी एक चाल थी। आपकी ...
- छोड़कर भागूँगा क्या?... चला जाऊँगा क्या? मैं यही सोचता रहा। फिर एक दिन मेरे भीतर कुछ प्रकाश आया और उसने कहा कि डरने की कोई ज...
- जँवाई क्या होता है?... जँवाई उसे कहते हैं जिसके साथ लड़की की शादी कर देते हैं। तो आपने इसको क्यों दिया? इसलिए दिया जिससे ये...
- जंगल में रहते हैं तो क्या?... जप करते हैं तो क्या? गंगा में नहाते हैं, तो क्या? इनने केवल एक काम किया है—अधूरा काम और उसका नाम है—...
- जंगली जानवर—हिरन, खरगोश, हाथी, चीते, गैण्डे कोई बीमार रहता है क्या?... क्या कभी आपने किसी हिरन को जुकाम होते देखा है? किसी खरगोश को खाँसी होते-खाँसते देखा है क्या? कोई भी ...
- जंगलों में घूमने वाले जानवर क्यों बीमार नहीं पड़ते?... आदमी और आदमी की बन्दगी में रहने वाले जानवर क्यों बीमार होते हैं?
उसका एक कारण है कि हमको वह गायत्...
- जंजाल किसे कहते हैं?... माया को। माया किसे कहते हैं? बेवकूफी को। बेवकूफी किसे कहते हैं? जैसी कि हमने और आपने अपने-अपने ऊपर अ...
- जगद्गुरु शंकराचार्य का क्या किस्सा सुनाऊँ आपको?... आप सब जानते हैं। स्वामी दयानंद के बारे में क्या बताऊँ आपको? आप सब जानते हैं। एक दिन दो साँड़ लड़ते ह...
- जगह खराब करते रहे, घरवालों की नाक में दम करते रहे और खुद की नाक में दम करते रहे, उन लोगों की जिन्दगी के लिए मैं क्या कहूँ?... सेहत की दृष्टि से हमारी जिन्दगी, आउटपुट की दृष्टि से हमारी जिन्दगी बहुत शानदार है।
यह एक ऐसी जिन्द...
- जटायु ने सौभाग्य पाया?... हाँ पाया। भगवान की भक्ति पायी। भगवान का प्यार पाया, पर उसकी कीमत चुकाई। शंकर भगवान के रास्ते पर चल...
- जटायु बेशक हार गया, लेकिन भगवान आए और जटायु को उठाकर कलेजे से लगा लिया और अपने आँसुओं से उसके घावों को धोया और छाती से लगाकर कहा जटायु मैं तुझे जिन्दा कर दूँ तब?... उसने कहा—नहीं महाराज जी! जीवन का जो सबसे बड़ा लाभ था, सो मैंने पा लिया। अब मैं जिन्दा रह करके क्या कर...
- जड़ता किसे कहते हैं?... जड़ता उसे कहते हैं कि जानवर तब तक कुछ करने के लिए रजामंद नहीं होता, जब तक कोई मजबूरी उसके सामने न आ ...
- जड़ों से क्या मतलब है?... जड़ों से मेरा मतलब है बेटे! ईमान। आदमी का व्यक्तित्व वह नहीं है, जो बाहर दिखाई पड़ता है। किसी का चेह...
- जन सहयोग मिलने के कारण से आदमी छोटी से छोटी हैसियत का होने पर भी ऊँची से ऊँची हैसियत तक कैसे पहुँचता हुआ चला जाता है, आप समझते क्यों नहीं?... आपने इतिहास पढ़ा है या नहीं? आप इतिहास पढ़िए। नहीं साहब! हमने तो सब पढ़ा है। किसका पढ़ा है? वायसराय का...
- जन-सहयोग कहाँ से खिंचता हुआ आता है?... न जाने कहाँ से जादू का मैग्नेट खिंचता हुआ चला आता है? आज गुरुकुल में लाखों-करोड़ों रुपये की सम्पत्त...
- जनता का सहयोग कौन जगाएगा?... जनता का सहयोग सरकार जगा नहीं सकती, इसे हम जगाएँगे। जिस तरह पक्षी के दो पंख होते हैं उसी तरह एक पंख...
- जनता की बात कहूँ, हाँ जनता की बात कहूँगा और भगवान् की बात?... भगवान् की बात भी कहूँगा, हरेक की बात कहूँगा। मैं कहूँगा कि अगर आपका व्यक्तित्व और आपका अन्तर्मन सच्चे...
- जनता के मन में यदि एक जाग्रति का भाव आ जाए कि हमें अपने प्रति, राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निभाना है तो फिर क्या कुछ नहीं हो सकता?... हर बात के लिए गवर्नमेण्ट से शिकायत करना या और किसी का मुख देखना मुनासिब नहीं है। कुछ काम ऐसे हैं ज...
- जनता पर जनता का राज्य—यह भी कोई बात है?... हर आदमी को आर्थिक क्षेत्र में समान अधिकार मिलना चाहिए, भला यह भी कोई बात है? पाँचों उँगलियाँ छोटी-बड...
- जनता पार्टी में चली गई तो क्या?... और प्रजापार्टी में चली गई तो क्या? सोशलिस्ट में चली गई तो क्या? इंदिरा कांग्रेस में चली गई तो क्या? ...
- जनमानस में फैली हुई जो विकृतियाँ हैं, मज़हब के नाम पर, जातिवाद के नाम पर, दहेज के नाम पर जो भ्रष्टाचार और अनाचार फैला हुआ है, इसका जिहाद कौन बोलेगा?... आप लोग जो बैठे हैं, जिनके अन्दर जो बीज डाला जा चुका है।
आपको तो मालूम नहीं है कि आपके अन्दर वह बीज...
- जनरेटर कहाँ लगे हुए हैं?... यहाँ से बहुत दूर रुड़की के पास बहादराबाद पथरी नाम की जगह है, वहाँ बिजलीघर बने हुए हैं। यहाँ जो बत्ति...
- जनसम्पर्क के लिए जाओगे क्या?... नहीं गुरुजी! हम नहीं जाएँगे। लोक-कल्याण का काम करोगे क्या? नहीं। अपनी संकीर्णता को त्यागोगे क्या? नह...
- जनेऊ कान पर चढ़ाया और लोटा हाथ में लिया और कहाँ पहुँचे?... आगरा छावनी, जहाँ कि कांग्रेस छावनी थी। वहाँ पहुँच गए। सारा घर देखता ही रह गया। घरवालों ने सारे गाँव ...
- जनेऊ क्या चीज है?... जनेऊ एक रस्सा है। किस बात का रस्सा है। आदमी को नीति का अनुशासन, मर्यादाओं का अनुशासन, मानवीय कर्तव्य...
- जप करते हैं तो क्या?... गंगा में नहाते हैं, तो क्या? इनने केवल एक काम किया है—अधूरा काम और उसका नाम है—भजन। अकेला भजन अधूरा ...
- जप करते हैं तो बहुत खुशी की बात है, लेकिन मैं यह कहता हूँ कि अक्षरों के जपने के साथ-साथ में, अक्षरों को दुहराने के साथ-साथ में, उसके पीछे, पेट्रोल कहाँ से आता है?... यह भी देखिए। गाड़ी कहाँ से चलेगी? यह भी तो देखिए। हमारे पास बन्दूक है। बन्दूक तो है, पर चलेगी कहाँ से? ...
- जप कितना करते थे?... अनुष्ठान कितना करते थे? बेटे! मुझे मालूम नहीं है, लेकिन इतना मुझे मालूम है कि कबीर अपना पेट पालने के...
- जप किससे होता है?... शब्द से। और शब्द कहाँ से निकलता है? हमारी वाणी से निकलता है। इसे जपयोग कहते हैं। जप के भी दो भाग है—...
- जप किससे होता है?... जप जीभ की नोक से होता है और उँगलियों से माला घुमा देते हैं। यह क्या है? यह क्रिया कहलाती है। क्रिया ...
- जप किसे कहते हैं?... जप बार-बार का रेपिटिशन है। रेपिटिशन क्या है? जैसे हम मिट्टी लेते हैं और हाथ धोते हैं। अरे साहब! यह क...
- जप क्या है?... जीभ की नोंक से किया हुआ जप विशुद्ध शारीरिक क्रिया है। तीर्थों की परिक्रमा शारीरिक क्रिया है। गंगा ...
- जब आप चौथे बच्चे का पालन कर सकते हैं, उसे रोटी दे सकते हैं, उसी गरीबी में से, तो आप एक हिस्सा भगवान को क्यों नहीं दे सकते?... कृपण कहीं का, निष्ठुर कहीं का। फिर बार-बार यह क्यों कहता है कि कंगाली में आ गया। जब कंगाली में आ ग...
- जब इतना सस्ता अध्यात्म है, तो आपको महँगा खरीदने की क्या जरूरत पड़ेगी?... समय साध्य है यह साथियो! कल मैं आपको यह समझा रहा था कि आपकी आस्तिकता, ईश्वर विश्वास क्या है? यह इस ...
- जब मैं कर्मकाण्ड में बैठा रहता हूँ, तो उसमें भावनाओं का सम्मिश्रण होने के बाद क्या मजा आता है?... यही पूजा करने की विधि मैं आपको सिखाने वाला था।मित्रो! उपासना अगला वाला हिस्सा नाम जप के बाद शुरू होत...
- जब अक्षत चढ़ाएँ, 'अक्षतं समर्पयामि' तब क्या विचार करना चाहिए?... महराज जी, अक्षत से क्या फायदा है? बेटे, अक्षत से आपके विचार से यह फायदा है कि गणेश जी को कोई खाना दे...
- जब अहं शरीर से जुड़ा हुआ है, तो वह क्या चाहता है?... शरीर के जो सूराख हैं, इन सूराखों में खुजली मचा करती है।
आँख के सूराख में खुजली मचा करती है। जिस ...
- जब आदमी की जीवात्मा ही मरती चली जायेगी तो पैसा क्या करेगा?... आदमी पैसा नहीं है, आदमी हड्डियाँ नहीं है और माँस भी नहीं है। आदमी के भीतर एक सोल काम करती है, चेतन...
- जब आप किसी व्यक्ति विशेष को हानि पहुँचाने की बात सोचते हैं तो वह द्वेष हो जाता है और जब आप उसके दोषों को, दुर्गुणों को, कमियों को हटाने की बात सोचते हैं तब?... तब फिर कोई दिक्कत नहीं पड़ती। आप ऐसा कीजिए न! ऐसा करेंगे, तब आप देखेंगे कि आप स्वर्ग में रहने वाले द...
- जब आप यही मान बैठे हैं कि गीता के पाठ से ही हमारा काम चल जायेगा, तो फिर जीवन में आप उसे उतारेंगे क्यों?... आप मुसीबत उठायेंगे क्यों? आप अपने आपसे जद्दोजहद करेंगे क्यों? आप अपने जीवन में इन सिद्धान्तों का स...
- जब आप संगठित हो जाएँगे और जिधर भी निकलेंगे, जैसे अभी आप जब हरिद्वार में निकलते हैं, तो सारे के सारे यह देखते हैं कि ये कौन आ गए?... ये सेना कहाँ की आ गई? किनकी है? शान्तिकुञ्ज वालों की, गुरुजी की है ये सेना। अन्य जगह तो दिखाई नहीं प...
- जब आप सोएँगे न, तो आपके घर जाया करेंगे?... घर जाया करेंगे और स्वप्न में आया करेंगे और चुपके से आपके कानों को मरोड़ दिया करेंगे और जब हम नहीं रह...
- जब आपका शरीर नहीं रहेगा, तो आप कहाँ दिखाई पड़ेंगे?... अरे बेटे! यह मत कहना।
अरविन्द के आश्रम में अभी भी जाते हैं और वही शक्ति पाते हैं, जो जब वे थे तब ज...
- जब आपके पड़ोस में मृत्यु हुई थी, तो फिर आपको रोना क्यों आया?... हमको रोना इसलिए आया, क्योंकि वे हमारे थे। हमारे आदमियों की जब मृत्यु होती है, तो हमें शोक होता है। व...
- जब आपके मरने का दिन आएगा, तो फिर क्या होगा?... तब आपको यहाँ से जाने के बाद में सीधे भगवान् के दरबार में जाना पड़ेगा और सिर्फ एक बात का जवाब देना पड...
- जब आपके सामने एक मौजूद है तो फिर आपने उसमें गुरु को क्यों नहीं झाँका?... आप झाँकिए और उनको अपना काम करने दीजिए। आप बाध्य मत कीजिए। आप यह मत कहिए कि हम अनाथ हो गए हैं, हमको ग...
- जब आपको सारी मछली दिखाई पड़ती है, तो भला आप निशाना कैसे लगा सकते हैं?... दूसरा आया, तीसरा आया, चौथा आया। सबसे सवाल पूछते चले गए और जिन्होंने कहा कि मछली का ये हिस्सा, वो हिस...
- जब आपने इतने खरचे बढ़ा रखे हैं, तो आपको बचेगा कहाँ से?... आपकी अपनी आवश्यकताएँ ही पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो आप दूसरों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कहाँ...
- जब इन लोगों को इनसे फायदा नहीं हो सकता, तो हमारे जैसे आदमी कैसे आशा रख सकते हैं कि हमारे रोग-शोक और कषाय-कल्मष दूर होंगे?... इसलिए मुझे निराश हो जाना चाहिए? मित्रो! मेरा ईमान काँप गया और मैं अनुभव करने लगा कि आज यह सब बातें ब...
- जब उनकी इच्छाओं की, तृष्णाओं की आग ज्यादा जलने लगी, आग जब ज्यादा तेज हो गयी तो इन्होंने इस बात पर विचार करने से इंकार कर दिया कि ईमानदारी क्या होती है और बेईमानी क्या होती है?... आदमी ईमानदारी और बेईमानी का फर्क करना तब बन्द कर देता है, जब उसकी ख्वाहिशें और उसकी तृष्णाएँ और त...
- जब उनको चरु खिलाया गया, तब क्या हुआ?... उनके बाल-बच्चे होने लगे। यह क्या चीज है? यह यज्ञीय परम्परा की बात है। यह लाइलाज बीमारियों के भी काम आ...
- जब उन्हें स्वर्ग ले जाया गया, तो उन्होंने कहा कि आप मुझे कहाँ ले आए?... उन्होंने कहा कि हम आपको स्वर्ग में ले आए: क्योंकि आप युधिष्ठिर हैं। आप हमेशा सत्यवादी रहे हैं।
उन...
- जब उसने पलटा खाया और जब अपने आप में परिवर्तन कर डाला, तो फिर वह कौन हो गया?... सम्राट् अशोक हो गया, जिसने बौद्ध संघ और बौद्ध धर्म का सारे-का-सारा संचालन किया। आज जो हमारे झंडे क...
- जब ऊषाकाल आता है, तो कोई तैयारी करता है क्या?... पूरब में से लाल रंग के बादलों में से सूर्य निकलता है। ये सब सूर्य भगवान् के निकलने के लिए तैयारिया...
- जब एक सप्ताह बाद वह महिला आई, तो उसने कहा कि बच्चे पर यह क्या जादू हो गया?... इसने तो गुड़ बिलकुल छोड़ दिया, एक सप्ताह से नहीं माँगा उन्होंने कहा कि बेटी! इतने दिनों में मैंने जि...
- जब ऐसा महान देवत्व लकड़ी में है, यदि ऐसा ही इंसान में हो जाये तब?... तब हम लकड़ी के चन्दन को घिसेंगे मस्तक पर लगायेंगे और सोचेंगे कि हे चन्दन! अपनी जैसी वृत्तियाँ कुछ हमा...
- जब कंगाली में आ गया है, तो फिर रोटी कैसे खाता है?... बड़ा आया कंगाली में आने वाला। हो इस स्तर की भक्ति मित्रो! भगवान के लिए हम प्रत्येक परिस्थिति में कुछ ...
- जब कबूतर और कबूतरी दोनों में मानवता बाकी है—तो हम मनुष्यों में क्यों नहीं हो सकती?... उसने उसी समय अपने धनुष-बाण फेंक दिये। यदि तुम भगवान के भक्त हो तो भगवान ने जो क्रिया-कलाप तुमको सौंप...
- जब गन्दी आँखों से हम सिया जी को नहीं देख सकते, पार्वती जी को नहीं देख सकते, अम्बा जी को नहीं देख सकते, गायत्री माता को नहीं देख सकते, तो फिर आपने किसी की बहन को क्यों देखा?... बेटी को क्यों देखा?
सिनेमा में आप क्या देखने गये थे? जब नाच हो रहा था, तो आप तालियाँ किस बात की ब...
- जब गायत्री माता आयेंगी, तब क्या करेंगी?... गायत्री माता आयेंगी तो समझदारों के लिए अलग आयेंगी, पिछड़े लोगों के लिए—बैकवर्ड लोगों के लिए अलग आयेंग...
- जब गोल-मटोल हैं, तो तू पानी क्यों चढ़ा रहा है?... खाना किसलिए खिला रहा है? ये तो गोल-मटोल हैं, इनके तो मुँह नहीं है, आँखें नहीं हैं। नहीं, महाराज जी! ...
- जब चारों ओर गन्दगी रखी है, तो उस समर्थ सत्ता को आप कहाँ बिठायेंगे?... वो हमारी शक्ति, वो हमारी माँ कहाँ बैठेगी? मैं तो उस बेटे के यहाँ बैठूँगी। जो कहे हाँ माँ, आपके लिए ह...
- जब जेलर पूछता है कि क्या कर रहा है रे?... तो वह बोलता है कि हुजूर अभी तो घास छील रहा था। घास छील रहा था कि ऐसे ही बैठा था? हाँ साहब! बच्चों की...
- जब तक आदमी अपने मन को साफ नहीं कर लेता, हृदय को साफ नहीं कर लेता, तो राम का नाम कहाँ से लेगा?... इसलिए मित्रो! क्या हुआ? उनके गुरु स्वामी बिरजानन्द ने यह आज्ञा दी कि पहले लोगों के दिलों की और दिम...
- जब तक आपने अपना मन नहीं खोला, तब तक हम आपके मन में कैसे प्रवेश करें, आपकी बुद्धि में, आपके सिद्धान्तों में कैसे प्रवेश करें?... हमें प्रवेश करने दीजिए।
माताजी! बताइए, आप और गुरुजी कब आ रहे हैं? हाँ बेटे, आपको तारीख और तिथ...
- जब तक जमीन को ठीक नहीं किया जाता तो कलमी आम को कहाँ पर लगायेगा?... नहीं साहब! कलमी आम की विधि बता दीजिए, कलमी आम को काटना बता दीजिए। बेटे, यह सब क्रियाएँ पीछे बता दे...
- जब तक संग्रह नहीं किया जाएगा और जब तक कोई सम्पत्ति नहीं होगी, तो फिर आप क्या कर सकते हैं?... किसी को क्या दे सकते हैं? नहीं दे सकते हैं।
बेटे! आप ऊँचा उठेंगे तो हम ऊँचा उठा देंगे। ऊँचा नहीं ...
- जब तक समुद्र में डुबकी नहीं लगाएँगे, तो बहुमूल्य रत्न कैसे पा सकेंगे?... केवल मन को समझाना ही रह जाएगा। बच्चे पैदा तो किए; लेकिन उनको संस्कार नहीं दिए, तो वे पृथ्वी का भार ह...
- जब तक हम अपने भीतर के कपाट नहीं खोलेंगे, जब तक अपनी अन्तरंग शान्ति के द्वार नहीं खोलेंगे, तब तक किस तरीके से आपको शान्ति मिल सकती है?... बाहर शान्ति है कहाँ? जिसको तलाश करने के लिए आप जा रहे हैं? उसने कहना नहीं माना। उसने कहा कि मैं तो...
- जब तक हमारा एक भी प्राणी नरक में रहता है, तब तक हमें स्वर्ग की अपेक्षा क्यों रहेगी?... हमको स्वर्ग की अपेक्षा नहीं रहेगी, हम नरक में ही रहेंगे।...
- जब तू नाक में से रस्सी खींचता है, तो फिर तुझे भगवान् दिखाई देता है?... उसमें से भगवान मिल जाता है? अरे महाराज जी! भगवान तो दिखाई नहीं पड़ते। अच्छा बेटे! योग के नाम पर और ...
- जब तेरे बेटे कमाने लायक हो गये थे और अपने हाथों से अपना गुजारा कर सकते थे, तो फिर तूने उन्हें क्यों दिया?... नहीं महाराज जी! हम तो बेटों के अलावा किसी और को नहीं दे सकते थे। उनके अलावा हम और किसी की कल्पना नही...
- जब दीनबन्धु ने यह सब देखा, तो उन्होंने अपनी माँ से कहा—इसको छुओ मत, छूने से पाप लगेगा; क्योंकि यह अछूत है, तो माँ ने अपने बच्चे दीनबन्धु को लताड़ा और कहा कि जो मार इसको पड़ी है, वही मार तेरे ऊपर पड़े, तब?... यह मेरा बच्चा है और तुझसे ज्यादा प्यारा है।
सुधार का शिक्षण
दीनबन्धु ने यह सुना, तो उनकी आँखे...
- जब देवता के अन्दर प्राण-प्रतिष्ठा हो जाएगी और अगर प्राण-प्रतिष्ठा न हो तब?... तब बेटे! कुछ नहीं हो सकता। प्राण-प्रतिष्ठा नहीं हुई है तो मूर्ति कुछ नहीं कर सकती। तब यह मूर्ति ...
- जब दोनों अलग रहती तब?... तब त्रिवेणी नहीं बनती। गंगा का माहात्म्य अलग है और यमुना का माहात्म्य अलग है और त्रिवेणी का माहात्म्...
- जब नाच हो रहा था, तो आप तालियाँ किस बात की बजा रहे थे?... अगर आपकी बेटी को हजार आदमियों के सामने नचाया जाये और लोग सीटियाँ बजाएँ, आवाजें कसें, तो क्या आपको यह...
- जब पण्डित नेहरू मरने को थे तो लोगों ने पूछा कि आपके स्थान पर आपकी गद्दी पर किसको बिठा दिया जाय?... उन्होंने इशारा किया कि लाल बहादुर शास्त्री बेहतरीन आदमी हैं। विश्वस्त आदमी हैं। पण्डित नेहरू की समीपत...
- जब पटरियों पर अरबी घोड़े भागते हैं तो इन्हीं का तो इम्तहान होता है और इसमें है ही क्या?... भागने का ही तो इनाम मिलता है। नहीं साहब! इनाम मिलेगा। इनाम तो मिलेगा, पर बेटे! भागने का इनाम मिलेगा।...
- जब पत्थर का भगवान बनाया जा सकता है, लकड़ी का भगवान बन सकता है, गोबर का गणेश बन सकता है तो जीवन्त हाड़-माँस का भगवान क्यों नहीं बन सकता?... हमारा गुरु हमारा भगवान है। हमारी श्रद्धा उसके लिए समर्पित है। हम यह प्रतीक्षा करते रहते हैं और एक बा...
- जब परमार्थ समाया होता है, तब थकान क्यों होगी?... बिलकुल थकान नहीं आना चाहिए। आगे आने वाले समय में मैं आपसे आशा रखती हूँ कि हमारे बालक, जो यहाँ उपस्थि...
- जब पशु संयम से रह सकते हैं, तो आप क्यों नहीं रह सकते?... मित्रो! आप अपनी जीभ को बुरे वचन बोलने और भक्ष्य खाने से रोकिए, क्योंकि इन दोनों से ही जीभ जलती है।...
- जब बरसात होती है तो क्या होता है?... बेटे! हरियाली पैदा होती है। यह जल जो आपने अपनी बाई हथेली पर रखा था, उसको हम अपने ऊपर उछालते हैं, छिड...
- जब भगवान की बनाई चीजों पर सबका अधिकार है, तो फिर गायत्री पर क्यों नहीं?... फिर माँ को अलग करने वाले लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया कि गायत्री सिर्फ ब्राह्मणों की है। फिर एक और ...
- जब भगवान् को जानते थे कि वे भगवान् हैं, तो फिर ढोंग काहे को बनाया?... चले जाते और कहते कि हम हनुमान हैं। हम आपके भक्त हैं और आपके पैर छूने आये हैं। फिर दुनिया भर का बहुरू...
- जब भी वे आते हैं तो हम अफ्रीका निवासी हिन्दुओं को शिक्षण करने के बजाय माँगने के लिए चले आते हैं?... हिन्दुस्तान में इस तरह के और कितने बाबा जी हैं? छप्पन लाख हैं। इसमें से दो-पाँच बाबा जी यहाँ रह ...
- जब मन की नहीं है तो क्यों मैं आपको बताऊँ?... आपका मन जिधर है, वही आपको बताता हूँ।
पूज्य गुरुदेव का स्वयं का उदाहरण
महाराज जी! एक और गवाह पेश...
- जब मन को हमने धोया नहीं, उसके हवाले किया नहीं, तो हमारी बागडोर कैसे सँभालेगा और क्यों सँभालेगा?... बेटे! भगवान ने आपको शरीर दिया है। भगवान से माँगना है तो वह चीज माँग, जिससे कि आत्मपरिष्कार हो। जिससे...
- जब मनुष्य-जाति के लिए मुसीबतें आई हों, भविष्य के लिए आशंका आई हो कि हमारा भविष्य अन्धकारमय होने वाला है, जैसा कि आज हमको दिखाई पड़ता है, तो क्या करना पड़ेगा?... उपाय एक ही है, दूसरा कोई उपाय नहीं है। अब हमको दैवीय सभ्यता का ढाँचा खड़ा करना पड़ेगा, नमूना खड़ा करना ...
- जब मुझे विश्वास हो गया कि उलटी से रस पूरी तरह से निकल गया है, तो मैंने एक दिन का उपवास किया और सोचा फिर नहीं पीऊँगा, तो क्या बात थी?... किसी ने नहीं दिया था? नहीं, किसी ने नहीं दिया था। हमने पैसे से लिया था, अपने पैसे से नारंगी खरीदी थी...
- जब मेरी यह मनोदशा है, तो औरों की क्या कहूँ?... इसलिए इन विषम परिस्थितियों में मैं हिमालय पर रहने के लिए गया था कि वहीं पर सेवा, भक्ति करूँगा; पर मे...
- जब मैं पन्द्रह वर्ष की उम्र का था, तब वे आये और उन्होंने मुझसे यह कहा कि तुम्हें किससे जप करना पड़ेगा?... मैंने कहा कि जबान से जप किये जाते हैं। तो क्या तुम्हारी जबान इस लायक है कि उससे जप किया जा सके? मै...
- जब मैं वहाँ ठहरा था तो देखा कि सुबह-सवेरे चार बजे कौन इतना साफ गायत्री मंत्र बार-बार बोलता है?... यह चक्कर क्या है? मैं बहुत देर तक देखता रहा, लेकिन समझ में नहीं आया। फिर मैंने उस लड़की से पूछा कि य...
- जब मैंने मुड़कर देखा तो वे कह रहे हैं कि यह बता कि यह तेरा जो मुकदमा चल रहा है तो ये जो सज्जन खड़े हैं, क्या इन्हीं की अदालत में है?... मैंने निगाह उठाकर देखा तो मुझे महसूस हुआ कि क्रीम कलर की पगड़ी पहने जो एक और सज्जन खड़े हैं, उन्हीं ...
- जब मैंने यह विचार किया कि पूजा-पाठ से लेकर धर्म-अध्यात्म तक का सारा ढाँचा किस वजह से खड़ा किया गया है और इसका क्या मतलब है?... तो मैंने पाया कि इसका एक ही मतलब है। और कोई दूसरा मतलब नहीं है कि इन सारे-के-सारे कलेवरों में जकड़ा ...
- जब यह चमड़े का विषय ही नहीं, तो आप देख कहाँ से लेंगे?... आपने क्या ठंडक देखी है, नहीं साहब, हमने तो केवल बरफ देखी है, ठंड तक नहीं देखी। तो क्या आपने गरमी...
- जब यह बुद्धवाद सारी दुनिया में तेजी से फैलता हुआ चला गया तो क्या आप समझते हैं कि आस्तिकता के सिद्धान्त भगवान को न मानने से कमजोर हो गए?... नहीं। सिद्धियों की उनमें कमी आ गई? नहीं। चमत्कार में कोई कमी आ गई? नहीं आई। मनुष्य के गौरव-गरिमा में...
- जब याद आती है कृतज्ञता भरी जिन्दगी, तो ऐसा मालूम पड़ता है कि यह खूबसूरत दुनिया न जाने हीरों से बनाई गयी है या जवाहरातों से?... जब हमको अध्यापक याद आते हैं, छोटे बालक याद आते हैं, अपने भाई याद आते हैं, बुआ याद आती है, बड़ी बह...
- जब रावण ने भगा दिया था तो उसके लिए सम्भव था क्या?... सम्भव नहीं था, लेकिन भगवान की समीपता थी न, भगवान का वह काम कर रहा था न, भगवान का स्मरण कर रहा था न, त...
- जब लोगों को खाली उद्देश्य समझाये जाते हैं कि मरने के बाद हम कौन-से लोक में चले जाते हैं और वह लोक किस तरह के हैं?... स्वर्ग कहाँ है? स्वर्ग की लम्बाई, चौड़ाई कितनी है? हमको नहीं मालूम। हमको तो जिन्दगी की जानकारी है,...
- जब वह अपना समय निकाल सकता है, तब?... तब वह प्राणवान हो सकता है, विद्वान हो सकता है, ज्ञानी हो सकता है, तपस्वी हो सकता है और आचार्य जी के ...
- जब वह बड़ा हो जाता है तब?... तब माँ-बाप का बेटे से कोई ताल्लुक नहीं है और बेटे का माँ-बाप से कोई ताल्लुक नहीं है। जानवरों में जब ...
- जब वह बैठी हुई रो रही थी, तो कुंती ने पूछा, बहिन क्या बात है?... ब्राह्मणी बोली कि हमारे पास एक ही बच्चा है और उसको आज राक्षस के पास जाना पड़ेगा। उसे मरना ही होगा। अब...
- जब वह हमारे भीतर प्रवेश करता है, तब क्या करते हैं?... बेटे! जैसे बिजली के दो तारों को जब हम मिला देते हैं, तो उसके अन्दर एक चीज उठती है। उसका नाम है—करेंट।...
- जब वहाँ पूछा जायेगा कि आपके पास तप है?... नहीं भगवन! मेरे पास तप नहीं है। जो कुछ भी तप था, उसका एक-एक कण मैंने सब बाँट दिया और आपके पास खाली ह...
- जब वहाँ शराब की गन्ध मिलेगी और उसमें से अल्कोहल ही अल्कोहल उड़ेगा, तो मैं वहाँ रह करके क्या करूँगा?... मुझे ऐसे स्वर्ग से घृणा हो गयी। पण्डितों का घटिया स्वर्ग मित्रो! मौलवी साहब से मैंने कह दिया कि मेरे...
- जब वे अपनी सेवा करने वाले पुजारियों को नहीं दे पाये, तो हमको क्या दे पायेंगे?... दो शक्तियाँ अपने भीतर साथियो! चौथा वाला कोश है- हमारा विज्ञानमय कोश। हमारे भीतर दैवी और आसुरी- दो ...
- जब वे वकालत करने के लिए खड़े हो गए, तो कितनी जबरदस्त बैरिस्टरी की और किस तरीके से वकालत की और किस तरीके से तर्क पेश किए और किस तरीके से उनने फिजाँ पैदा की कि हिन्दुस्तान की दिशा ही मोड़ दी और न जाने क्या-से-क्या हो गया?... मित्रो! अकल बड़ी जबरदस्त है और आदमी का प्रभाव, जिसको मैं प्रतिभा कहता हूँ, विभूति कहता हूँ, यह विभ...
- जब वे हँस के ऊपर बैठेंगी, तब वह उड़ेगा कैसे, चलेगा कैसे?... हँस की तो मुसीबत आ जाएगी। गायत्री माता हँस पर बैठती नहीं है, वरन् उसके भीतर जो शिक्षा भरी हुई है अ...
- जब शक्ति मिल रही है तो हम डरें क्यों?... हमारी तो जबान ही हिलेगी, हम सम्पर्क करने उसके दरवाजे पर ही तो जाएँगे। हम अपनी बात कह सकते हैं, प्रतिप...
- जब सब तुम्हारा ही हो गया है, तो हमारे पास बचा ही क्या है?... जब कुछ बचा ही नहीं, तो किसी का आधिपत्य भी नहीं है।
बेटे! जब हमारा कुछ भी नहीं है, तो न हमको कोई अ...
- जब से सृष्टि बनी है, तब से लेकर आज तक एक भी आदमी का नाम बता दो कि जिस भक्त की मनोकामना मैने पूरी की हो—क्या मैंने प्रह्लाद की मनोकामना पूरी की?... हरिश्चंद्र और भगीरथ की मनोकामना पूरी की? क्या मैंने ऋषियों की मनोकामना पूरी की? हरेक को सताया है, जल...
- जब हनुमान जी का ब्याह हुआ नहीं, उसके बच्चा हुआ ही नहीं, तो बेटा कैसे दे जाएँगे आपको?... गुरुजी हम बीमार हैं, इंजेक्शन लगा दीजिए। बेटे! हम कैसे लगा देंगे। नहीं गुरुजी! आप तो महात्मा हैं, एक...
- जब हनुमान जी से हमने पूछा कि क्या आप भूखे मरे जाते हैं?... वे बोले—गुरुजी! हमारे पास पूरा इंतजाम है और कमी पड़ेगी तो हाथ-पाँव से कमा लेंगे और खा लेंगे। भक्त लोग...
- जब हम अपनी वृत्तियों को भगवान के साथ मिला देते हैं तो क्या करना होता है?... हमको भगवान की मरजी के मुताबिक चलना होता है। जब आप भगवान की मरजी के मुताबिक चलने लगते हैं तो उसी दिन ...
- जब हम देना शुरू करते हैं तो क्या हो जाता है?... हमारा वो अधिकार हो जाता है कि पाने के लिए हम अपने आपको पात्र साबित कर सकें। हम नाक से गन्दी हवा निकाल...
- जब हम देवी की पूजा कर ही लेते हैं, तो हमको आध्यात्मिकता के विकास की जरूरत क्या है?... मनोकामना अपने आप पूरी हो जाएगी।
मित्रो! आप गलतफहमी में मत रहिए। मैं कहता हूँ कि आपके योगाभ्यास क...
- जब हम पैदा हुए थे तो हमारी माँ की छाती में गरम दूध के दो कटोरे दे करके भेजा था, तो फिर क्या वह हमारी आगे वाली जिन्दगी को सँभालने वाला नहीं है?... ‘‘जाको राखे साइयाँ, मार सके न काये। बाल न बाँका कर सके, जो जग बैरी होय॥’’ मित्रो! भगवान का विश्वास ...
- जब हम बीमार ही नहीं पड़ते, तो आपरेशन कराने की जरूरत ही क्या है?... राजा बहुत नाराज हुए। उसने कहा कि आप लोग बीमार क्यों नहीं पड़ते? लोगों ने कहा कि बीमार न पड़ने की दो ...
- जब हम भगवान के ही हो गए तो हमारे माँगने का सवाल ही कहाँ रहा?... इसलिए हमने कोई वरदान नहीं माँगा, कोई इच्छा नहीं जताई। क्यों साहब! आपकी इच्छा क्यों नहीं हुई? बेटे! इ...
- जब हम मिल ही गए, जब हम समर्पित ही हो गए, तो फिर हमारा अहं कहाँ रहा?... फिर हम रहे कहाँ? हम तो मिल गए, उस सिन्धु में जा मिले। नाला सिन्धु में जा मिला, तो वह सिन्धु हो गया। ...
- जब हम यहाँ आए तब शुरू में ऐसा लगा कि अरे यह क्या हुआ?... बच्चों को, कुटुम्बियों को रोते हुए छोड़ आए, यह क्या हुआ? कहते हैं कि जब राम वनवास गए, तो सारी अयोध्य...
- जब हम विदेश जाने लगे तो हमने यह कहा कि आप हमको संसार भर में भेजते हैं, उनकी लैंग्वेज में उनकी भाषा में हम बोल नहीं सकते, तब आप हमको क्यों भेजते हैं?... हमको हिन्दी आती है, अंग्रेजी हम बोल नहीं सकते और वहाँ तो अंग्रेजी में ही बोलना पड़ेगा। जब मुझे भे...
- जब हमने किसी जमाने में 1000 कुण्डीय यज्ञ किए थे, तो लोग यह कहते थे कि आप कर लेंगे, 1000 कुण्डीय यज्ञ?... आप तो जरा से हैं, आपकी क्या हैसियत है, जो आप कर लेंगे।
आचार्य जी आप यह मत करिए, पण्डित जी आप यह मत...
- जब हमारे पास पेन है, तो लिखना क्यों सीखें?... माला हमारे पास है, तो हम जीवन को परिष्कृत क्यों करेंगे? जब हम देवी की पूजा कर ही लेते हैं, तो हमको आ...
- जब हमारे बच्चे उच्छृंखल और उद्दण्ड रहेंगे, तो हम इनसे क्या आशा करेंगे?... हमारे राष्ट्र की नींव जब इन्हीं बच्चों पर आधारित है, तो जब नींव ही नहीं सँभाली गई, तो ईंटें कहाँ रहे...
- जब हर चीज खुराक चाहती हैं, तो फिर क्या वजह है कि हमारा अनुष्ठान खुराक नहीं चाहेगा?... अनुष्ठान को क्या खुराक मिलनी चाहिए? उस दिन आपको इशारा किया था? मैं चाहता हूँ कि आपको गम्भीर होना चाहि...
- जबकि भगवान जानता है कि अपने प्यारे बच्चे को सुखी बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए और अगर वह रास्ता भूल गया है, तो इसको सही कैसे किया जाना चाहिए?... भगवान प्यार करना भी जानता है और दण्ड देना भी जानता है। अज्ञान के कारण मनुष्य अपनी तृष्णाओं से, वासना...
- जबान की प्रशंसा से क्या फायदा हो सकता है?... जबान की दुनिया इतनी बेईमान और मक्कार है कि बाहर से वह प्रशंसा करके भीतर से तेरा मखौल उड़ाती है, दिल...
- जबान नहीं खोलेंगे, संकोच में बैठे रहेंगे, तो बात कैसे बनेगी?... जबान के द्वारा ही तो हम आपके मन की आग दूसरों के मस्तिष्क में प्रवेश करा सकेंगे। इसलिए यहाँ आपको प्...
- जमा करने की बात सोचते रहे, स्वामी बनने की बात सोचते रहे, मालिक बनने की बात सोचते रहे, लेकिन आपके मन में उपयोग की बातें कहाँ आयीं?... यदि उपयोग की बातें आपके मन में आतीं, तो आप सोचते कि जितना आपको मिला है वह पर्याप्त है, बहुत है। अग...
- जमाई को आप क्या देंगे?... जमाई को मिठाई खिलायेंगे, चाय पिलायेंगे, काफी पिलायेंगे और जब जमाई विदा होंगे, तो पैंट उनको दान में...
- जमाई में और हममें क्या फर्क है?... जमाई हमारी बेटी को प्रसन्न रखता है। जो कमाता है, हमारी बेटी की हथेली पर रखता है। अपनी बेटी को खुश ...
- जमाई होने से क्या मतलब है?... जमाई होने से यह मतलब है कि यह दुनिया भगवान की बेटी है। यह सभ्यता और संस्कृति भगवान की बेटी है। भगव...
- जमाने की माँग क्या है?... जमाना जो चीज माँगता है, हम वह बराबर देते हुए चले जाते हैं। जमाना बीड़ी माँगता है, इसलिए हम बीड़ी देत...
- जमाने की हवा ने आपकी लड़की को क्या बना दिया?... आप इस बारे में शर्म के मारे कुछ कहना नहीं चाहते हैं।
जमाने की हवा तो देखिए
मित्रो! जमा...
- जमाने को दिशाएँ देगा कौन?... जमाने में हेर-फेर करेगा कौन? जमाने में हेर-फेर करने और दिशाएँ देने के लिए जरूरत उन लोगों की है, जो ल...
- जमाने को फिर उठाएगा कौन?... जमाने को दिशाएँ देगा कौन? जमाने में हेर-फेर करेगा कौन? जमाने में हेर-फेर करने और दिशाएँ देने के लिए ...
- जमाने में हेर-फेर करेगा कौन?... जमाने में हेर-फेर करने और दिशाएँ देने के लिए जरूरत उन लोगों की है, जो लोगों के दिमागों को मोड़ने में...
- जमीन के भीतर क्या छिपा हुआ है?... बाहर तो मिट्टी है, पर जरा-सा खोद दें तो मिलेगा—पानी। और जरा गहरा खोदें तो पेट्रोल मिलेगा। जहाँ आप बै...
- जमीन को जोता नहीं गया है, खाद-पानी नहीं दिया गया है—तो ऐसी ऊबड़-खाबड़ जमीन में अच्छी पैदावार की आप कैसे उम्मीद रखेंगे?... इसलिए अध्यात्म के साथ में दो सिद्धान्त जुड़े हुए हैं। एक सिद्धान्त यह मिला हुआ है कि जो इसके लिए कर्मक...
- जमीन नहीं होगी, तो क्या आप बगीचा लगा सकते हैं?... नहीं लगा सकते। पानी का इन्तजाम पहला है, खाद का इन्तजाम पहला है, जमीन का इन्तजाम पहला है। नहीं साहब...
- जमीन में हल जोते बिना, बीज बोये बिना फसल कैसे प्राप्त हो सकती है?... बिना मेहनत के कोई चीज कैसे पायी जा सकती है? मेहनत-मशक्कत करने के बाद ही सारी चीजों को प्राप्त कि...
- जमीनों की कमी है क्या?... अमेरिका में कितनी जमीन खाली पड़ी है। एशिया के लोग कितने घने बसे हुए हैं। अफ्रीका की कितनी जगह खाली पड़...
- जरा आप बताइए, यह क्या चक्कर है?... सारे खानदान वाले अटके हुए हैं कि आपको तो ब्याह करना चाहिए। इन खानदान वालों की बात माने कि नहीं माने?...
- जरा देखिए तो सही, वह पागल सन्त आप से बड़ा है कि नहीं?... उन्होंने कहा—हाँ, यह तो मुझसे बड़ा है। क्यों? क्योंकि हम तो दुपट्टा भी पहनते हैं, तंबूरा भी लिए हुए ह...
- जरा देर पाँव को दबाया, तो उन्होंने कहा—अच्छा तो मैं तुझे बादशाह बना दूँ?... भला मैं बादशाह कैसे बन सकता हूँ? मैं तो गाँव का आदमी हूँ, बकरी चराता हूँ और छोटा हूँ। उन्होंने क...
- जरा पता तो लगाएँ कि भाई मामला क्या है?... यह तो सही है कि इसका आशीर्वाद फलित हो जाता है।...
- जरा बताना तो सही, खेत का मालिक कहाँ है?... चलो, छिपकर बैठ जायें, कहीं वह पकड़ न ले। जब वह चला जायेगा, तो हम फिर खेत काट लेंगे।...
- जरा बताना, वो कैसे खाए जाते हैं?... डबलरोटी के टोस्ट होते हैं। पहले उनकी स्लाइसें बनती हैं, फिर उनको हीटर पर गरम करते हैं और फिर उन ...
- जरा भी विपरीत परिस्थिति आई, तो आप तिलमिला गए और जाने कहाँ, किधर आपका चिन्तन चला गया कि आपकी श्रद्धा कहाँ रही?... श्रद्धा तब होती है बेटे! गुरुजी ने स्वतंत्रता आन्दोलन में कार्य किया था, तो सारे घर के लोग विरोधी थे...
- जरा यह पुस्तक पढ़ तो सही, तब पता चलेगा, क्या है?... इस जमाने में सारे-के-सारे सुल्तानपुर को उन्होंने जाग्रत कर दिया। उन्होंने कोई कोना नहीं छोड़ा, कोई स...
- जरा सी मिट्टी हाथ में ली, लकड़ी फिराई, फूँक मार दी और क्या बन गया?... रुपया बन गया। इस प्रकार से बन सकता है रुपया? अगर मिट्टी से फूँक मार करके रुप...
- जरा हमको दिखाना?... उसने दिखाया। पॉली को उसने बहुत सी बातें याद कराकर रखी थीं। उसका फोटो भी मैं खींचकर लाया था। उसको उ...
- जरा-सा लड़का क्या बोल सकता है?... इसमें क्या हिम्मत है? उन्होंने कहा कि जब आ ही गया है, तो बेइज्जती के साथ उनसे यह कह दिया गया कि अच्छ...
- जरूरत की बात कहेंगे तो चीजें मिल जाएँगी?... हाँ चीजें तो मिल जाएँगी, लेकिन नुकसान हो जाएगा। क्या नुकसान हो जाएगा? जैसे ही चीज मिलेगी उससे ज्यादा...
- जरूरत पड़ती है तो इतनी अकल हम कहाँ से लाते?... इतनी बुद्धि कहाँ से लाते, जिससे वेदों का भाष्य करते। वेदों का भाष्य चार आदमियों ने किया है, पाँच...
- जर्मनी वाले वहम में हैं?... वो भी नहीं हैं। दूसरे वाले भी वहम में नहीं हैं, क्योंकि वे अध्यात्म को समझते नहीं। और आप समझते भी है...
- जल को मुँह से लगाने का क्या मतलब है?... सीधे जाकर कुल्ला कीजिए न! ऐसा कर कि बालटी भरकर पानी ला और सारे शरीर को धो डाल। नहीं साहब! मुँह धोना ...
- जल में डूब मरे, तो क्या?... चलेगा? हाँ बेटे, यह रिवाज अच्छा हो तो चलना चाहिए, लेकिन साथ में एक और रिवाज चलना चाहिए। क्या चलना चा...
- जल से क्या मतलब है?... जल से मतलब है बेटे, —श्रम। श्रम से मतलब है—पसीना। आप पसीना बहाइए। पसीने से क्या मतलब होता है? इसका म...
- जलने का अर्थ क्या हो गया?... 'तपाना' हो गया। बेटे! ये सारी की सारी चीजें इस बात को सिखाती और समझाती हैं कि हमारा जीवन कष्टमय जीवन...
- जलाने के बाद रसायन बन जाती है?... पारे को हम जला देते हैं और उसका रसायन बना देते हैं। हकीम जी का यही धंधा है, जलाना-जलाना.........। अर...
- जलेबी क्या होती है?... मिट्टी। खाना कौन चाहता है? मिट्टी। ये क्या हैं? ये हमारी भौतिक इच्छाएँ हैं। हमारी जीभ की मिट्टी मिर्...
- जलेबी से आप क्या करते हैं?... भाई साहब! जैसे ही जलेबी मिलती है, झट से चबाकर उदरस्थ कर लेते हैं। तो फिर आप किससे प्यार करना चाहते...
- जल्दी- जल्दी लाने का उसे क्या मिलेगा?... आपने एक रुपये का जो सामान खरीदा है, उसमें से जो बीस पैसे बचे, जब बैरा बिल लावे तो उस बीस पैसे को उ...
- जल्लाद किसे कहते हैं?... जल्लाद उसे कहते हैं जो मारे हंटरों के चमड़ी उघाड़ डालता है। ऐसा भी है भगवान? हाँ बेटे, ऐसा भी भगवान ...
- जवान आदमी और राजगोपालाचार्य?... राजगोपालाचार्य की जब मृत्यु हुई थी, तो वे अस्सी वर्ष को भी पार कर गए थे। वे कौन थे? जवान आदमी, और ...
- जवान आदमी हर एक से पूछता है, माँ से पूछता है कि माताजी आपको क्या चाहिए?... पिताजी आपको क्या चाहिए? देवी जी आपको क्या चाहिए? धर्मपत्नी से पूछता है कि क्या चाहिए आपको? पड़ोसी से...
- जवान आदमी, और हम और आप?... हम और आप बुड्ढे आदमी हैं, जर्जर आदमी हैं, टूटे हुए और लकवा के मारे हुए आदमी हैं। कंगाली के मारे हु...
- जवान की ही क्यों छापी?... जवान की हमने इसलिए छापी कि आपकी आँखों में हम शालीनता उत्पन्न करना चाहते थे और यह कहना चाहते थे कि ...
- जवान हुए कि बुड्ढे?... नहीं साहब! न बुड्ढे से जवान हुए और न जवान से बुड्ढे हुए। इसमें क्या है? कुछ नहीं। इसमें आँवले की चटन...
- जवानी किसमें रहती है?... देवता में रहती है। देवता जवान होता है। देवता अगर बूढ़े होने लग जाएँ, तो समझना चाहिए कि ये सब बेकार ह...
- जवाब यह है कि आपमें से किसी को बीमा कंपनियों के बारे में जानकारी है क्या?... बीमा एजेंट के बारे में कुछ जानते हैं आप? बीमा एजेंट काम करता रहता है। क्या करता रहता है? बीमा करा दि...
- जहर खाने के बाद में बचाव करने की आशा कौन करेगा?... आज ठीक इसी तरह की परिस्थितियाँ हैं, जिसमें सभी लोग-सम्पन्न अमीर, गरीब, भारतीय, विदेशी और प्रवासी ए...
- जहाँ आपको एक ही घण्टा बोलने के लिए मिलेगा, वहाँ आप किस तरीके से कहेंगे?... अगर आप वहाँ संक्षेप में एक ही बात बताकर चल देंगे, तो लोगों की समझ में नहीं आयेगा और आपको उसी तरह क...
- जहाँ खाने के लिए बढ़िया-बढ़िया चीजें मिलती हों, सवारियाँ मिलती हों, मोटरें मिलती हों, तो मुझे स्वर्ग जाने की आवश्यकता है क्या?... मित्रो! फिर तो मैं अशोका होटल चला जाऊँगा, नटराज होटल चला जाऊँगा और वहाँ मौज किया करूँगा। दो सौ रुप...
- जहाँ जख्म नहीं है, वहाँ किस तरीके से कीड़े पड़ेंगे?... जिसको भगवान का विश्वास है, वह आदमी भगवान से डरता है, उसके इंसाफ से डरता है, उसके कायदे और कानून ...
- जहाँ पर साधन हैं, सुविधा है, वहाँ किनको रहना चाहिए?... बीमारों को रहना चाहिए, बुजुर्गों को रहना चाहिए। वहाँ थके हुए लोगों को रहना चाहिए। शान्तिकुञ्ज में...
- जहाँ पानी नहीं मिलता, वहाँ का क्या हाल हो रहा है?... रेगिस्तानों में क्या हाल हो रहा है? जैसलमेर में क्या हाल हो रहा है? रेगिस्तान में जहाँ पानी नहीं ह...
- जहाँ फालतू चीजें बची हुई हैं, वहाँ की चीजें दूसरों को क्यों नहीं मिलनी चाहिए?... अमेरिका में इतनी जमीन खाली पड़ी है, अफ्रीका में इतनी जमीन खाली पड़ी है और इंडिया वाले, चाइना वाले मर...
- जहाँ लोग बीमार पड़े हुए थे, कॉलरा फैला हुआ पड़ा था, तपेदिक फैला हुआ पड़ा था, ऐसे मरीज डॉक्टर के पास नहीं आ सके, वहाँ डॉक्टर चले गये, कहाँ चले गये?... वहाँ चले गये, जिन गाँवों में कॉलरा फैला हुआ था, हैजा फैला हुआ था, तपेदिक फैैला हुआ था।...
- जहाँ साधन हैं, वहीं पर सन्त को रोककर रखा जाय, यह भी कोई तुक है?... जहाँ पर साधन हैं, सुविधा है, वहाँ किनको रहना चाहिए? बीमारों को रहना चाहिए, बुजुर्गों को रहना चाहिए...
- ज़बान गन्दी है तो क्या करेगी गायत्री और क्या करेंगे हनुमान जी?... इनमें से कोई सिद्ध होने वाली नहीं है। गंदे नाले में आप थोड़ा सा गंगाजल डाल दीजिए, गंगा जल भी उसी तर...
- जा-जा, हम क्यों खाएँगे तुझे?... अभी तो भूख भी नहीं है, हम क्यों उठेंगे? बस, टाँग चौड़ी करके शेर पड़ा रहता है। उठिए तो सही, सवेरा हो ...
- जाग्रत आत्माएँ, जीवन्त आत्माएँ क्या हैं?... जब गुलाब का फूल खिलता है, तब उसके ऊपर भौरे आते हैं, तितलियाँ आती हैं और न जाने कौन-कौन आता है। सब दू...
- जाग्रत और जीवन्त आत्मा कैसी होती है?... बहादुर, साहसी, संकल्पवान आत्मा, उत्कृष्टता और आदर्शवादिता जिसके अन्दर ये विशेषताएँ हों। उदाहरण के लिए...
- जाति के आधार पर आप ब्राह्मण है?... नहीं बेटे, जाति से हम ब्राह्मण नहीं हैं, जाति से हम धोबी हैं। धोबी कैसे हैं? नहीं साहब! आप तो कह...
- जाति क्या होती है?... जाति कुछ नहीं होती। सन्त और ऋषि के यहाँ जाति नहीं होती। गुण, कर्म, स्वभाव की समरूपता ही परिवार होता ह...
- जादू किसे कहते हैं?... आपका अभी सिर दर्द हो रहा है और अभी बन्द हो जाये तो? महाराज जी! यह जादू है। हाँ बेटे, हम जादूगर है...
- जादू किसे कहते हैं?... जिसमें आदमी को मशक्कत नहीं करनी पड़ती, मेहनत नहीं करनी पड़ती, कीमत नहीं चुकानी पड़ती। इसमें सात्विकता...
- जादू किसे कहते हैं?... जरा सी मिट्टी हाथ में ली, लकड़ी फिराई, फूँक मार दी और क्या बन गया? रुपया बन गया। इस प्रकार से बन सकता...
- जादू किसे कहते हैं?... इस हाथ दे, उस हाथ ले। मित्रो! ऐसा नहीं हो सकता। हम पेड़ लगाते हैं, तो फल लगने में समय लग जाता है। नह...
- जादू क्या होता है?... मिट्टी में फूँका, हो गया जादू। यही है तेरा अध्यात्म? बाजीगर कहीं का, बाजीगरी सीखने आया है। क्या सिखा...
- जादू सही है या गलत?... जादू गलत है। फिर सही क्या है? बेटे, सही है इसकी साइंस। मिट्टी से रुपया बन सकता है? कैसे बन सकता है? ...
- जादू से कैसे हो गया?... हमको भी सिखा दीजिए। बेटे, जिस जादू से दुनिया में बड़े-बड़े काम हुए हैं और अध्यात्म का प्रचलन हुआ है, उ...
- जादूगरी किसे कहते हैं?... मिट्टी हाथ में रखते हैं और जादू करते हैं और रुपया हाथ में आ जाता है। यह क्या हो गया? जादू हो गया। ...
- जान से क्या मतलब है?... जान से मेरा मतलब यह है कि आप प्रत्येक कर्मकाण्ड को जीवन्त कर दें। जीवन्त कैसे करते हैं? यही तो आज ...
- जानता नहीं, टाइम किसे नहीं मिलता?... जो चीजें दुनिया में सबसे वाहियात होती हैं, बेसिलसिले की होती हैं, बेकार होती हैं, बेवकूफ की होती हैं...
- जानवर के लिए कहाँ जगह हो सकती है?... जानवरों के लिए कोई जगह नहीं है और इंसान के लिए? बेटे, इंसान के लिए हर जगह प्यास है, लेकिन ऐसा आदमी...
- जानवरों को बोलना आता है?... कुत्ते को पढ़ना-लिखना आता है? बकरी को कपड़ा पहनना आता है? गधों के शादी-ब्याह क्या होते हैं? नहीं होते।...
- जानवरों से पूछ कि काम वासना के सम्बन्ध में आपका क्या ख्याल है?... तो साँड़ आपको यह बताएगा कि हम बैलों और गायों के साथ घूमते तो रहते हैं और यदि गाय कुछ कहना चाहती है, ...
- जाना कहाँ हैं?... उनके सिद्धान्त क्या हैं? आखिर हमको बनना क्या है, इष्ट इसी का नाम है।...
- जाने इतने पैसे का क्या करते थे?... हमने कई बार पूछा कि स्वामी जी आप इन पैसों का क्या करते हैं? हर साल आपको हजारों रुपये की आमदनी होती...
- जाने कहाँ-कहाँ जा रहा है?... हम कहते हैं कि इन भावनाओं को त्याग दो। आप अपने को समर्पित करिए, फिर देखिए आपको कुछ मिलता है कि नहीं।...
- जाने का मन होता है?... मन तो होता है, पर हम कैसे जा सकते हैं। आपकी ये बात वो बात सब तराजू में तौलते हैं, तो मालूम पड़ता है ...
- जाने कितनी शिक्षाएँ मेरे पास पड़ी हुई हैं?... लेकिन मैं देखता हूँ कि इन बच्चों के ऊपर जुल्म करना होगा, अगर मैं इन्हें सीधे एम० ए० का पाठ पढ़ाना शु...
- जाने कैसे उनकी समझ में आ गया?... वे एक दिन ले आईं। कई बार तो मैंने मना कर दिया। फिर मेरा भी मन आ गया कि शायद कुछ फायदा हो जाए और ज्या...
- जाने कौन है, चोर है, ठग है और चाहता क्या है?... मैं यह सोच रहा था कि वह चला गया। जब वह अदालत में पहुँचा तो उसने कहा कि मैं हैरत में रह गया।...
- जाने कौन-कौन हमारे यहाँ जन्म लेंगे?... आज जो स्थिति है, वह तो आप भी जानते हैं और हम भी जानते हैं। अभी क्या? अभी तो देखते जाओ, हमारे घरों मे...
- जाने हृदय में क्या रख देती है कि रात-दिन मालूम नहीं पड़ता है कि रात और दिन यह कहाँ निकल गया और किधर को गया?... जो भी व्यक्ति दिखाई पड़ते हैं और जब हम छोड़ के आते हैं, तो वे रोते-बिलखते ऐसे मालूम पड़ते हैं जैसे अ...
- जायका किसमें है?... गिरी में है। और खोपरे में? खोपरा चबाइए और दाँत तोडि़ए। खोपरे की कोई कीमत है? नहीं है। कर्मकाण्ड, जिस...
- जालसाजी से भी सिद्धि पैदा होती है?... हाँ बेटे, जालसाजी की तो चल ही रही हैं सिद्धियाँ। अधिकांश सिद्धियाँ जालसाजों की हैं।
मित्रो! ...
- जालिम अकल, बेईमान अकल, दुष्ट अकल, पापी अकल, पतित अकल और कमीनी अकल हमारे ऊपर बे-हिसाब रूप से हावी हो गई है और हमको न जाने कहाँ-कहाँ ले जाती है और न जाने क्या-से कराती है, न जाने कितने तरह के जाल बुनने को हमें मजबूर करती है और न जाने कहाँ-कहाँ हमको भटकाती और ले जाती है?... बेटे! यह अकल एक कोने पर, लेकिन जहाँ तक आध्यात्मिक जीवन का सम्बन्ध है, जहाँ तक भगवान की भक्ति का सम्बन्ध...
- जाहिल कहीं का, रामायण की व्याख्या करने चला है?... बुद्धू कहीं का। नहीं साहब! रावण भी भगवान् था और वह भगवान् का वैर करके भक्ति कर रहा था और भरत जी प्या...
- जिन्दगी के बदले तुझे क्या खरीदना चाहिए था और तूने क्या खरीद लिया?... तूने सारे के सारे ट्रैवलर चेक ऐसे ही खराब कर दिए? हर दिन नया जन्म, हर रात नई मौत— बेटे! मरने के ...
- जिन्दगी का महत्त्व आपको कहाँ मालूम है?... जिन्दगी की सामर्थ्य आपको कहाँ मालूम है? जिन्दगी की सम्भावनाएँ आपको कहाँ मालूम हैं? जिन्दगी की सम्भावनाएँ ...
- जिन्दगी की कीमत आपकी समझ में कहाँ आई है?... आप करोड़ों में अपने को दरिद्र मानते हैं, अपने को दुखी मानते हैं, अपने आप को अभागा मानते हैं। समस्याओ...
- जिन्दगी की कीमत आपको कहाँ मालूम है?... जिन्दगी का महत्त्व आपको कहाँ मालूम है? जिन्दगी की सामर्थ्य आपको कहाँ मालूम है? जिन्दगी की सम्भावनाएँ आपक...
- जिन्दगी की कीमत किसे कहते है?... अपने व्यक्तित्व को बनाना, अपने जीवन को बनाना, अपनी जीवात्मा को महात्मा, देवात्मा बनाना और परमात्मा ब...
- जिन्दगी की सम्भावनाएँ आपको कहाँ मालूम हैं?... जिन्दगी की सम्भावनाएँ अगर आपको मालूम होती तो आपकी आँखें टॉर्च के तरीके से चमकती और आपकी गरदन फूलकर शेर...
- जिन्दगी की सामर्थ्य आपको कहाँ मालूम है?... जिन्दगी की सम्भावनाएँ आपको कहाँ मालूम हैं? जिन्दगी की सम्भावनाएँ अगर आपको मालूम होती तो आपकी आँखें टॉर्च...
- जिन्दगी बढ़ा करके आप क्या करेंगे?... मित्रो! हमको अकल मिली हुई थी। इतनी शानदार अकल कि यदि हमने उसका फायदा अपने लिए उठाया होता, घरवालो...
- जिन्दगी भर रह करके आप यहाँ क्या करेंगे?... ज्ञान सीखेंगे। तो ज्ञान का क्या करेंगे? ज्ञान को कर्मयोग में परिणत कीजिए। ज्ञानयोग की सार्थकता इसी...
- जिन्दा छोड़ देने के लिए मैंने क्या यह भक्ति की है?... अब तो आपकी ईंट से ईंट बजाकर जाऊँगा। शंकर भगवान ने कहा- ठीक है बेटे, जो कुछ होगा देखा जायेगा। शंक...
- जिन्दा भजन किसे कहते हैं, जरा बताना?... संस्कृत में भजन शब्द जिससे बना है, पहले इसे देखिए कि इसका क्या अर्थ है? पहले इसके माने बताइए, तब आगे...
- जिन्दा रहें तो क्या और जिन्दा न रहें तो क्या?... यहाँ रहें तब और हिमालय पर चले जाएँ तब, आपका हक और आपका हिस्सा आपको न दें, ऐसी बात नहीं है। बेटे! हम ...
- जिन्दा है कि मर गया?... उन्होंने कहा—महाराज जी! आप बैठिए, हम बुलाकर लाते हैं। मित्रो! वे लोग गये और लड़की को बुलाकर लाये।...
- जितना समय खाने में लगता है, उतने समय में ही या थोड़े ज्यादा समय में खाना पकाने में क्या दिक्कत है?... नहीं साहब! कोई सहायता करने वाला होना चाहिए। इसके लिए प्रकृति ने परिवार की व्यवस्था की है कि मनुष्य क...
- जितने भी आदमी भगवान के भक्त हुए हैं, योगी हुए हैं, उनकी भक्ति और योग क्या योगाभ्यास तक, प्राणायाम तक या उपासना तक ही सीमित रहे?... नहीं, मैं आपको बताना चाहूँगा कि विवेकानन्द आधा घण्टा उपासना करते थे, डेढ़ घण्टा ध्यान करते थे और गाँधी ...
- जितने यज्ञ हुए हैं, उनमें ज्यादातर मैंने सुना है कि दो-दो लाख की उपस्थिति हुई है, तो ये कितने हो गए?... एक करोड़ व्यक्ति हो गए कि कुछ ज्यादा ही हो गए होंगे। अभी तो आप देखते जाइए, जो पंजीकृत साधक हैं, वे इ...
- जितने समय में सिर में तेल लगाएगा, उतने में तो हम बीस काम करेंगे, क्यों हमारा समय खराब करेगा?... नहीं महाराज जी! विष्णु भगवान की सेवा करूँगा। बेटा! कोई जरूरत नहीं है, विष्णु भगवान को अपना काम करने ...
- जिन लोगों के मन एक से नहीं हैं, जिन लोगों के स्वभाव एक से नहीं है, जिन लोगों के कर्म एक से नहीं हैं, प्रेम जिनके बीच नहीं है, विश्वास जिनमें नहीं है, उन्हें नारंगी की फाँक के तरीके से बाहर से जोड़कर किसी तरह से रखा जाए तो उससे क्या बनता है?... क्या बिगड़ता है? इससे तो यह अच्छा है कि भले लोग कुसंस्कारी लोगों से अलग रहें और आपस में प्रेमभाव रखे...
- जिन लोगों के हाथ में उनका नियंत्रण है, उनको समझना पड़ेगा और कहना पड़ेगा कि लोगों की उपयोगिता के लिए आप इनका इस्तेमाल क्यों नहीं करते?... ट्रस्टियों को समझाया जाना चाहिए। अगर उनकी समझ में यह बात आ जाए कि मन्दिर में जितना धन लगा हुआ है,...
- जिन लोगों के हाथ में उनका नियंत्रण है, उनको समझाना पड़ेगा और कहना पड़ेगा कि लोगों की उपयोगिता के लिए आप इनका इस्तेमाल क्यों नहीं करते?... ट्रस्टियों को समझाया जाना चाहिए। अगर उनकी समझ में यह बात आ जाए कि मन्दिर में जितना धन लगा हुआ है, इसम...
- जिन लोगों को हम व्याख्यान देते हैं, उसे सूँघकर जब देखते हैं, चखकर के देखते हैं कि आदमी कैसा है?... घटिया है या वजनदार? तो वे हमें छोटे-छोटे आदमी घटिया आदमी दिखाई पड़ते हैं। हमें वजनदार आदमी दिखाई नह...
- जिन लोगों ने पैसा दिया, उनकी?... नहीं, भाई साहब! उनकी भी नहीं कर रहा हूँ। तो फिर आप किसकी प्रशंसा कर रहे हैं? मैं देवता की प्रशंसा कर...
- जिन लोगों ने बालक प्रह्लाद को भगवान् की भक्ति में लगा दिया, क्या उन्होंने उसके ऊपर कुछ एहसान नहीं किया?... बहुत एहसान किया। समाज के ऊपर कुछ एहसान नहीं किया? हाँ उन्होंने समाज के ऊपर बहुत एहसान किया, जिन्होंन...
- जिन लोगों ने राम-नाम लेना शुरू किया था, उससे पहले वे किस तरह की जिन्दगी जी रहे थे?... राम नाम लेने के बाद में, राम का भजन करने के बाद में वे ऋषि हुए थे कि नहीं हुए थे अथवा उसी तरह के घटि...
- जिन लोगों ने स्वराज्य के लिए और उसके पूर्व स्वराज्य के लिए त्याग-बलिदान और कुरबानियाँ दी हैं, क्या आपके पास उनकी तसवीरें हैं?... गणेश जी की तसवीर तो आप कहीं से खरीद सकते हैं, लेकिन ऋषि दधीचि की कोई तसवीर आपके नहीं मिल सकती।
...
- जिन लोगों ने हमारे साथ सहकार किया, जिन लोगों ने हमें अनुदान दिया, जिन लोगों ने हमारी सेवा की, उन लोगों के लिए क्या हमारे कुछ कर्तव्य नहीं हैं?... क्या कोई फर्ज नहीं हैं? क्या उनका बदला नहीं चुकाया जाना चाहिए? क्या उन फर्जों से मुक्ति प्राप्त नह...
- जिनका खून ठंडा हो गया है, उनको मैं क्या कहूँगा?... उनको मैं बूढ़ा आदमी कहूँगा। पच्चीस वर्ष का हो तो क्या, अट्ठाइस वर्ष का हो तो क्या, बत्तीस वर्ष का ...
- जिनका यह ख्याल था कि ब्राह्मणों को खिलाने के बाद हमें स्वर्ग भेज दिया जायेगा, उसका परिणाम क्या हुआ?... मेरी सारी बिरादरी तेजहीन हो गयी, वर्चस्वहीन हो गयी और नष्ट हो गयी, भिखमंगी हो गयी। तुम लोग कायर हो...
- जिनकी इस तरह की ललक और लिप्सा बनी रहती है, फिर वे रामायण पढ़ने वाले हों तो क्या, गीता की कथा पढ़ने वाले हों तो क्या, अमुक कथा कहने वाले हों तो क्या?... इनकी वाणी का कभी कोई असर पड़ने वाला नहीं है, आप देख लेना। इनकी वाणी का कोई असर पड़ने वाला नहीं है, आ...
- जिनके अन्दर संस्कार नहीं हैं उनको हजार बार हम कथा कहते रहें, पोथी पढ़ाते रहें, व्याख्यान देते रहें कुछ बनेगा क्या?... क्या बनेगा। कितने बाबाजी आते हैं सन्त आते हैं कैसी कैसी अच्छी-अच्छी ज्ञान ध्यान की बातें करते हैं, प...
- जिनके गुरु कहाँ हैं?... उनकी प्रेरणा ही तो आती है, उनकी छाया ही तो आती है। उन्होंने सारी जिन्दगी अपने को तपा डाला, गला डाला ...
- जिनके हृदय में कोई प्यार का अंकुर ही नहीं है, जिनके हृदय पाषाण के हैं, उनका क्या करें?... उन्होंने सदैव प्यार का वह झरना बहाया, जिस झरने से लाखों की संख्या में व्यक्ति लाभान्वित होते हुए चले...
- जिनके-जिनके नाम आपने अभी लिए हैं, उनका हवाला दीजिए और यह बताइए कि जो राम-नाम जप करते थे और उनके मंत्र में जो चमत्कार आया था, तो उनकी जिन्दगी का क्रम क्या था?... जिस गणिका का नाम आपने पहले लिया था, उसका उद्धार हो गया था? हाँ साहब! राम-नाम लेने से गणिका का उद्धार...
- जिनमें ये हिम्मत है, जुर्रत है, वे आदमी कौन हैं?... वे आदमी देवता हैं।
मित्रो! देवता कभी बुड्ढे नहीं होते, हमेशा जवान रहते हैं। क्यों साहब! ८० वर...
- जिन्दगी में आपने यह कभी कहा?... आप तो यही कहते रहे कि आपने तो हमको मैट्रिक तक पढ़ा करके बन्द कर दिया, फिर आगे पढ़ाया ही नहीं। यह तो नही...
- जिन्दा हो गया, तो क्या हमारे हाथ की बात है?... बीमार के लिए जो भी काम आप कर सकते हैं, फर्ज समझकर कीजिए। मित्रो! आदमी के फर्जों को आदमी को करना चा...
- जिन्होंने अपने जीवन में अध्यात्म को घुलाया नहीं, अध्यात्म का समावेश नहीं किया, भगवान को केवल पूजा की वेदी तक ही समावेश कर लिया, उनको वह लाभ कैसे मिल सकता है?... आपको खाँसी है। च्यवनप्राश अवलेह की दवा डिब्बे में रखी हुई है। च्यवनप्राश अवलेह की १०८ माला जप करने स...
- जिन्होंने उस समय काम किया है और समय निकल जाने पर फिर अब कोई यह कहे कि हमको ऐसा अवसर मिलेगा क्या?... कुछ नहीं मिलेगा। कुछ हाथ लगने वाला नहीं है, क्योंकि समय निकल गया। उस समय यदि आपकी भावना होती और राष्...
- जिम्मेदारियों का आप क्या करेंगे?... आपकी परिस्थितियाँ बाधित होती हैं, तो आप अपने कर्तव्य पूरे कैसे करेंगे? बेटे! परिस्थितियों से तालमेल ...
- जिस आँगन में हम खेल रहे हैं, जिस माता-पिता से हम जुड़े हैं, जिस सत्ता से, जिस शक्ति से हम जुड़े हैं, उसके प्रति हमारा क्या कोई फर्ज और कर्तव्य भी होता है?... माँ ने पुकारा भी है कि बेटे! तू कहाँ जंजाल में फँस रहा है, हमारे काम नहीं आएगा क्या? हमारे से मतलब य...
- जिस आदमी के चेहरे पर खीज और नाराजगी दिखाई देती हो, ऐसे व्यक्ति को आप क्या कहेंगे?... बेटे! मैं इसे घटिया आदमी कहूँगा; क्योंकि इसके चेहरे पर खीज, नाराजगी, झल्लाहट, नाखुशी, असन्तोष छाया रह...
- जिस आदमी के पास कुछ बचता ही नहीं है, वह समाज को क्या देगा?... हमें यह कहना होगा कि अध्यात्मवादी बनने के लिए किफायतसारी बनना होगा, ब्राह्मण बनना होगा। हमने इसका ...
- जिस आदमी के पास जीवनयापन के साधन हैं, वह काम नहीं करेगा?... नहीं ऐसा नहीं होना चाहिए। बेटे मैं आलस्य का हिमायती भी नहीं हो सकता, लेकिन मैं इस बात का हिमायती हूँ...
- जिस आदमी के पास रहे, क्या वह छोटा आदमी था या बड़ा आदमी था?... उसने क्या पाया था? हाँ मित्रो! हमने बहुत पाया और अपने प्रभाव की दृष्टि से न जाने क्या-क्या पाया? मैं...
- जिस आदमी को जो दण्ड मिलना चाहिए, जो सजा मिलनी चाहिए, आपका क्या यह ख्याल है कि थोड़ा-बहुत पूजा-पाठ करने से दण्डों को कम किया जा सकता है?... आप दुनिया में एक ऐसी नई व्यवस्था कायम कराना चाहते हैं कि किसी आदमी को गलत काम करने की सजा नहीं मिलनी...
- जिस आदमी में इतनी बहादुरी और हिम्मत भरी रहती है, वह कौन होता है?... उसको हम ईश्वर का विश्वासी कहते हैं। ईश्वर विश्वासी उसे कहते हैं जो प्रत्येक व्यक्ति के भीतर, प्र...
- जिस काम के लिए भी किया जा रहा है, क्रियाएँ जो भी की जा रही हैं, उनका उद्देश्य क्या है?... आम लोगों ने क्रियाओं को यह समझ रखा है कि कोई ऐसी बात नहीं है। कुछ लोगों का यह भी ख्याल है कि क्रियाओ...
- जिस गंगा जी में नहा करके आये हैं, उसे कितने पैसे में खरीदा है?... सूरज, जिसकी धूप और रोशनी में आप बैठे हैं, उसे कितने पैसे में खरीदा है? नहीं महाराज जी! मैं तो पैसे...
- जिस गणिका का नाम आपने पहले लिया था, उसका उद्धार हो गया था?... हाँ साहब! राम-नाम लेने से गणिका का उद्धार हो गया था। अच्छा तो आप यह बताइए कि गणिका जो थी, राम-नाम जप...
- जिस गाँव में चार सौ घर हैं तो क्या उस गाँव के प्रत्येक घर से एक-एक व्यक्ति एक-एक घण्टा समय समाज, देश और संस्कृति के लिए नहीं निकाल सकते?... चार सौ घण्टे का मतलब साठ आदमियों की पूरी मेहनत। साठ आदमी एक साथ मिलकर बाग लगाने के लिए, सफाई के लि...
- जिस गायत्री मंत्र की महत्ता को मैं आपको सिखाता हूँ और सारी दुनिया को समझाता हूँ, उसके बारे में अथर्ववेद में क्या समझाया गया है?... उसके बारे में यह बताया गया है—"स्तुता मया वरदा वेदमाता प्रचोदयन्तां पावमानी द्विजानाम् आयुः प्राणं प...
- जिस घर में चौका न हो, रोटी का इंतजाम न हो, आटा न हो, दाल न हो, वह कैसा घर?... उस घर में आदमी जिएँगे कैसे? जिस तरीके से शरीर की भूख होती है, उसी तरीके से मन की भी भूख होती है और आ...
- जिस जगह जाना था, उसका टिकट क्यों नहीं लिया?... नहीं साहब! हमको तो हरिद्वार जाना था। तो भाई साहब! आपने ऋषिकेश का टिकट क्यों लिया? कलकत्ता (कोलकाता) ...
- जिस जमीन पर हम बैठे हुए हैं, वह किसकी है?... हमारी है। नहीं बेटे! यह हमारी नहीं है, यह ब्रह्माजी ने बनाई थी। कब बनाई थी? करोड़ों वर्ष पहले बनाई थ...
- जिस तरीके से आग में डालकर सोना को तपाया जाता है, उसी तरीके से हम सिद्धान्तों की आग में, आदर्शों की आग में अपनी मलीनताओं को तपाना शुरू कर दें, तो हम क्या हो जायेंगे?... तब हम तपा हुआ सोना हो जायेंगे, हम भस्म बन जायेंगे। जिस चीज का नाम ‘तप’ है, जिस चीज का नाम ‘योग’ है...
- जिस तरीके से मनु के कमण्डलु में मछली थी और वह मछली बढ़ती हुई कहाँ तक पहुँच गई?... आपका मिशन भी उसी तरीके से है और यह बढ़ता हुआ चला जा रहा है। इसमें जो कोई भी भागीदार बनेगा, वह श्रेय ...
- जिस तरीके से माँ गंगा बहती चली जाती है, क्या हमारा जीवन ऐसा है?... हम अनेक रूपों में बहते हुए इस तरीके से जनमानस को उठाएँ कि उसके लिए हमारी हजार भुजाएँ हो जाएँ। हजार भ...
- जिस दिन आप अपने भीतर प्यार पैदा करेंगे, उस दिन आपके मन में ऐसी उमंग और एक ऐसी हिलोर उत्पन्न होगी कि हमको कैसे दूसरों की सहायता करनी चाहिए?... कैसे हम दूसरों की मदद करें? जब आप दूसरों की सहायता करने के लिए आमादा होंगे तो आपको अपने में से कटौती...
- जिस दिन आप मुसीबत माँगेंगे, उस दिन क्या हो जायेगा?... आपकी और आपके भगवान की वेल्डिंग हो जायेगी। दोनों की वेल्डिंग हो जायेगी और आपको चिपका दिया जायेगा। आ...
- जिस दिन आपकी पात्रता विकसित हो जाएगी, उस दिन क्या होगा?... दैवी अनुग्रह बरसेंगे।
मित्रो! दैवी अनुग्रह बरसते हैं, माँगे नहीं जाते। ये हवा जो है, ऑक्सीजन ...
- जिस दिन कहीं यह आ गया मैं-मैं-मैं-मैं-मैं क्या होती है?... आपको मालूम होना चाहिए कि गुरुजी ने यह शब्द कभी नहीं कहे। यह शब्द कहे होंगे कि बेटा, तुम्हारे लिए भगव...
- जिस दिन हमारी नीयत में यह भाव आया कि हमारे गुरुदेव की कृपा और अनुग्रह का फायदा सिर्फ हमको मिलना चाहिए और हमारे स्वार्थों की सिद्धि होनी चाहिए और हमें उनके किसी काम नहीं आना चाहिए, तब?... तब मेरा ऐसा ख्याल है की सारी सहायता बन्द हो जाएगी, एक सेकंड में टेलीफोन कट जाएगा और यह कह देगा कि आप ...
- जिस देश में ऐसे जबरदस्त कथावाचक हों, उस देश में हनुमान क्यों नहीं पैदा होने चाहिए?... उस देश में तो रामभक्त पैदा होने ही चाहिए और हनुमान पैदा होने ही चाहिए। जिस देश में गीता के ऐसे जबर...
- जिस देश में समाज को ऊँचा उठाने के लिए, मानव जाति की पीड़ा और पतन को दूर करने के लिए आदमी कुरबानी करने के लिए तैयार न हों, वहाँ किस तरीके से खुशहाली आ सकती है?... मित्रो! हमारे अध्यात्म का क्रम ही गन्दा हो गया। पहले अध्यात्म का क्रम साबुन के तरीके सा था। इसमें स...
- जिस पर मनुष्य का भविष्य टिका है, क्या उसके लिए कुछ नहीं कर सकेंगे?... अपने लिये अधिक, समाज के लिए इतना कम। यह कैसे होगा? मेरे गुरु ने दुखियारों की सेवा, समाज की सेवा कम...
- जिस भगवान के पास शक्ति के भंडार भरे पड़े हैं, जिसके पास प्यार के भंडार भरे पड़े हैं, जिसकी एक मुस्कान से, जिसकी एक हँसी से, जिसकी कृपा के एक कण से सैकड़ों का उद्धार हो गया, उस भगवान में आपका मन क्यों नहीं लगता?... अब समझ में आया कि आपका मन क्यों नहीं लगता? इस उपासना के भीतर और आपकी इस मान्यता के भीतर एक चीज क...
- जिस मुल्क से हम प्यार करते हैं, जिस संस्कृति से हम प्यार करते हैं, उसकी लकड़ी हमारे जलाने के काम आवे?... नहीं बेटे! हमारे शरीर को जलाने के लिए लकड़ी काम आवे, उससे अच्छा है कि ठंडक से सिकुड़ने वाले लोगों के...
- जिस राजा परीक्षित की बात आपसे कह रहा था, उस राजा के पीछे जब तक्षक लग गया तो प्रश्न यह उठा कि अब परीक्षित को क्या करना चाहिए?... उस जमाने के मुताबिक यह तय हुआ कि राजा परीक्षित को भागवत की कथा सुननी चाहिए। इससे उनका उद्धार हो जाएग...
- जिस राहगीर को तैरना नहीं आता वह कैसे पार होगा?... लेकिन जो नाव में सवार हो जाता है, उस नाव का मल्लाह नाव को भी पार लगा देता है और बैठे हुए मुसाफिरों...
- जिस विश्वामित्र ने राजा हरिश्चंद्र को मुनासिब जगह पर लगा दिया, क्या उन्होंने हरिश्चंद्र पर कोई एहसान नहीं किया?... हाँ बहुत एहसान किया। हरिश्चंद्र को बहुत नुकसान उठाना पड़ा सो? उसकी बीबी बिक गयी सो? राज्य बिक गया सो...
- जिस समाज में हम पैदा हुए, जिस देश में हम पैदा हुए, जिस धर्म में हम पैदा हुए, जिस संस्कृति में हम पैदा हुए हैं, जिस समय में हम पैदा हुए हैं, जिस युग में हम पैदा हुए हैं, उसके प्रति भी हमारी कोई जिम्मेदारी है कि नहीं?... नहीं साहब! उसके प्रति हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। बस हमारी मौज करने की जिम्मेदारी है और औलाद की ...
- जिस समाज में हम पैदा हुए हैं, उसकी समस्याओं के समाधान के लिए हम कोई योगदान नहीं देंगे, उसकी उपेक्षा करते रहेंगे?... हमें किसी से क्या काम, की नीति अपनायेंगे। अपने मतलब से मतलब रखेंगे, तो बेटे मुसीबत आयेगी।नहीं साहब...
- जिस सड़क पर चलते हैं, उस सड़क को कितने पैसे में खरीदी है?... जिस गंगा जी में नहा करके आये हैं, उसे कितने पैसे में खरीदा है? सूरज, जिसकी धूप और रोशनी में आप बैठ...
- जिसका आपने शुभारम्भ किया है, क्या उससे जनता में और आपमें जमीन-आसमान जैसा कोई फर्क पड़ गया?... राई की नोंक के बराबर भी फर्क पड़ा। हमने आपको पीले कपड़े पहना दिये, कोई फर्क पड़ गया क्या? नहीं पड़ा।...
- जिसका हम हुकुम मानें, आखिर वो है क्या?... आदमी यह तलाश करना चाहता है।
(क्रमश:)
[परमपूज्य गुरुदेव द्वारा शान्तिकुञ्ज परिसर में १५....
- जिसकी कोई शक्ल नहीं हो सकती, उसको आप क्या चीज खिलाएँगे?... अरे साहब! हम तो चन्दन चढ़ाएँगे, अक्षत चढ़ाएँगे..........। क्या चढ़ाएँगे और कहाँ चढ़ाएँगे? चन्दन चढ़ाने...
- जिसकी पूजा करने के लिए तुम खड़े हो गए हो?... तुलसीदास जी की जीवात्मा ने उनका वर्णन किया है—‘‘भवानी शंकरौ वन्दे श्रद्धा विश्वास रूपिणौ।’’ श्रद्धा ...
- जिसके पास जो चीज नहीं होगी, तो वह क्या देगा?... जो चीज बैंक में मिलती है वह है रुपया और कुछ नहीं मिलता है बैंक में। रुपये के बदले में आपको सब चीज ...
- जिसके अन्दर से श्रद्धा ही गायब हो गई, वह क्या करेगा?... वह तो मशीन है। एक-दो रोज तक अपनी कला दिखाएगा, फिर उसकी पोल खुल जाएगी कि वह व्यक्ति कुछ नहीं करता। कि...
- जिसके कारण आप दुनिया के सारे आनन्द ले रहे हैं?... चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ राजकुमार की तरह रह रहे हैं। यह है भगवान् की अनुकम्पा, भगवान् की...
- जिसके घर में पैसा है, वह हमारी बच्ची को क्या इज्जत देगा?... वह हमारी बच्ची की इज्जत नहीं कर सकता। हमने जिस बच्ची को खून-पसीने से पाला है, वह हमारे कलेजे का टुकड...
- जिसके बारे में हमें कहना पड़ता है और यह जवाब देना पड़ता है कि यज्ञ से क्या फायदा है?... सीधे कहिए न कि हिन्दू धर्म से क्या फायदा है? हिन्दू धर्म में बहुत दिक्कतें हैं। इसमें विवाह-शादी, कन...
- जिसके हाथ-पाँव न हों, भला वह क्या कर सकता है?... वह चल-फिर नहीं सकता है, दौड़ नहीं सकता है। अतः उससे डर नहीं है, लेकिन जिन्दा आदमी का भूत इनसान को प...
- जिसको तलाश करने के लिए आप जा रहे हैं?... उसने कहना नहीं माना। उसने कहा कि मैं तो तीर्थयात्रा के लिए जाऊँगा और वहाँ से शान्ति लेकर के आऊँग...
- जिसको यह मालूम है कि समस्याएँ किस तरीके से पैदा होती हैं और उनके समाधान क्या हैं?... सामान्यतया लोगों को यह मालूम नहीं होता है। प्रायः लोगों का यह ख्याल है कि परिस्थितियों की वजह से सम...
- जिसको हम योग कहते हैं, उपासना कहते हैं, जिसको हम तप कहते हैं, इसका मतलब एक है और वह यह है कि हम अपने आपमें, अपने गिरेबान में मुँह डालें और अपने आपको तलाश करें कि हमारी भूलें कहाँ होती हैं?... हमारी गलतियाँ कहाँ होती हैं? दोष हमारे कहाँ हैं? दुर्गुण हमारे कहाँ हैं? कषाय हमारे कहाँ हैं और कल...
- जिसको हम सन्तोष कहते हैं, कहाँ है?... सुख वह होता है जो हमारे शरीर को मिलता है। शरीर सुख उठाता है। जब जीभ से मीठी चीजें खाते हैं, तो हमक...
- जिसने अपना सारा जीवन खपा दिया है, क्या हम भी उस रास्ते पर चल सकते हैं?... क्या उनके पदचिह्नों पर भी चल सकते हैं? क्या कदम-से-कदम मिलाकर उनके साथ हम भी चल सकते हैं? क्या उनकी ...
- जिसने ईमानदारी और भलमनसाहत पर रह करके रूखी-सूखी रोटियाँ खा करके जीवनयापन किया, क्या हम उनके चरणों में मस्तक झुकाते हैं?... नहीं, हम भूल गये।
अध्यात्म का मूल जीवन में भी उतारें
मित्रो! आध्यात्मिकता का मूल हमारे हाथ से ...
- जिसने कल्पना तक नहीं किया कि दुनिया में स्त्री भी होती है क्या?... ऐसा नाम था ऋषि का। शृंगी ऋषि ऐसे थे, जिनकी वाणी से निकला हुआ मंत्र चमत्कारी होता रहा। एक बार तब चम...
- जिसने कुछ कह दिया, वही आपके समझ में आ गया, फिर आपकी अकल कहाँ गई?... आप किस मतलब की दवा हैं? आपकी अकल में क्या जंग लग गई? नहीं बेटे, जंग नहीं लग गई। आप नई शक्ति लेकर के ...
- जिसने बिना मूल्य के, बिना पारिश्रमिक लिए, बिना परिश्रम कराये अपना क्रम जारी रखा, उसका एहसान न मानें, उसकी पूजा न करें, तो किसकी पूजा करें?... मित्रो! भले ही वह पत्थर हो, लेकिन उन इनसानों से यह पत्थर अच्छा है। उन देवताओं से यह पत्थर अच्छा है...
- जिसने समाज के लिए त्याग और बलिदान किया, उसको हम समझते हैं क्या?... जिसने ईमानदारी और भलमनसाहत पर रह करके रूखी-सूखी रोटियाँ खा करके जीवनयापन किया, क्या हम उनके चरणों मे...
- जिसमें त्याग जुड़ा हुआ न हो, सेवा जुड़ी हुई न हो, लोकहित जुड़ा हुआ न हो, कष्ट सहने की बात जुड़ी हुई न हो, उसमें अध्यात्म कैसे हो सकता है?... नहीं बेटे! इससे कम में अध्यात्म न था और न कभी होगा।पाण्डवों का उदाहरणमित्रो! भगवान् श्रीकृष्ण ने उस ...
- जिसमें हत्या होती हो, उस यज्ञ को क्यों करना चाहिए?... पण्डितों और दूसरे लोगों ने कहा कि यज्ञ करना- कराना तो वेदों में लिखा हुआ है। बुद्ध ने कहा कि तो फिर...
- जिससे परिस्थिति के अनुसार जब आपका मन लगे कि हमें तप कैसे करना चाहिए और किसके लिए करना चाहिए?... यह आप समझ सकें। तप के चार हिस्से हैं—एक हिस्सा वह है, जो हमारी इंद्रियों से सम्बन्ध रखता है। इंद्रियाँ...
- जिसे गुरु कहते आए हो, उसके काम आओगे?... नहीं साहब। हमने तो सब भार सौंप दिया है गुरुदेव आपके चरणों में। अरे बेटे, जिस दिन सब भार सौंप देगा न,...
- जिह्वा का स्नान कही पानी पीकर हो सकता है?... नहीं, असल में हमारा इशारा जिह्वा के प्राण की ओर है, जिसका शोधन करने के लिए अपने आहार और विहार दोनों ...
- जी हाँ, यही कहना है?... हमारी शिकायत, भगवान का जवाब
मित्रो! नारद जी भी यही कहते थे। नारद जी की जब मनोकामना पूरी नहीं...
- जीतता कौन है?... जीतता वह आदमी है जो ठोकर मार कर गेंद को भगा देता है। हमारी संस्कृति की शान मित्रो! जीता कौन, राम ज...
- जीतने की बात है, तो क्या कोई वस्तु मिलेगी?... अरे बेटे ! वस्तु तो नहीं मिलेगी; लेकिन इतिहास के पन्नों पर अमर जरूर हो जाएँगे। वस्तु कोई चीज नहीं हो...
- जीता कौन, राम जीते या भरत, बताइये?... दोनों जीत गये। राम ने कहा- मेरे पिता की आज्ञा और माता की सहमति और भाई की प्रसन्नता के लिए गद्दी मे...
- जीने का यह भी कोई ढंग है?... यह कोई ढंग नहीं है। आध्यात्मिकता का तकादा यही है कि प्रत्येक परिस्थिति के बारे में, गुण के हिसाब से,...
- जीभ का क्या है?... बेटे, जीभ का जो ध्यान है, वह जप है। जप किससे होता है? शब्द से। और शब्द कहाँ से निकलता है? हमारी वाणी...
- जीभ का नाम क्या है?... उसका नाम है—पार्वती। शंकर को प्राप्त करने के लिए पार्वती ने अपनी गुफा में बैठकर तप किया था। आप रामाय...
- जीभ का संशोधन पानी से होता है?... नहीं बेटे, पानी से नहीं होता। पानी से इशारा करते हैं जिह्वा के संशोधन का, इंद्रियों के संशोधन का। जि...
- जीभ किसकी है?... चमड़े की है। अच्छा, इसमें माँस तो नहीं है? हाँ पण्डित जी! माँस तो है ही। थूक तो नहीं है? हाँ है। तो इ...
- जीभ की अगर सफाई नहीं की गई है तो आप भगवान जी को उसी जीभ से मंत्र बोलकर कैसे खिलाएँगे?... हाँ साहब! ये लीजिए, गुरुजी! भोजन कर लीजिए। क्या लाया है? गुरुजी! देखिए, आपके लिए क्या लाया हूँ—रोटी ...
- जीभ के निग्रह का क्या अर्थ है?... जीभ दो कामों में काम आती है—एक बोलने के काम आती है और एक खाने के काम आती है। खाने के सम्बन्ध में आपको ...
- जीभ ने क्या कर दिया?... जीभ ने आपकी सेहत खराब कर दी। सेहत को खराब करने की जिम्मेदारी एक आदमी की है। जिसने आपकी अच्छी-खासी तं...
- जीभ पर क्या करना चाहिए?... जो आप कर रहे हैं, वह सरल और सुगम है, स्थूल है। आप नमक छोड़ देंगे, तो मरेंगे नहीं, आप विश्वास रखिए। गु...
- जीभ में कोई कमाल है?... कोई भी कमाल नहीं है। फिर किसका कमाल है? मित्रो, कमाल वहीं से निकलता है, जिसमें कि वाणी को परिष्कृत क...
- जीभ में क्या आफत है?... जीभ तो मुँह में जरा सी है, हिला दीजिए ना। नहीं साहब! हमारी जीभ नहीं चलती। हाथ भी चल रहा है, पैर भी च...
- जीभ से जो कुछ भी बोला जाएगा, जीभ से जो कुछ भी उच्चारण किया जाएगा, वो सब पाठ में आ जाएगा और पूजा में क्या आएगा?... पूजा में शारीरिक क्रियाएँ एक और वस्तुएँ दो आती हैं। इन दोनों को हम पूजा में शुमार करेंगे। जैसे आप आर...
- जीव-जंतु पेड़-पौधे कैसे पैदा हो जाएँगे?... भगवान् सो नहीं सकता, हवा सो नहीं सकती, गरमी सो नहीं सकती। जो इस तरह की विश्वव्यापी चेतनाएँ हैं, उन...
- जीवन्त कैसे करते हैं?... यही तो आज मैं आपको बता रहा हूँ। आपको हमने उपासना के नाम पर, जो कर्मकाण्ड बताए हैं और जो आपने सीख...
- जीवन्त गायत्री माता की शक्ल मैंने आपको बतायी और यह बताया कि गायत्री का वास्तविक स्वरूप क्या है?... मैं समझता हूँ कि यह स्वरूप आपकी समझ में आ गया होगा। अगर आप गायत्री का वास्तविक लाभ उठाना चाहते हैं...
- जीवट न होती तो उनको हमने क्यों बाँध करके रखा है?... हमने उनको क्यों बुला करके रखा है? सम्बन्ध बनाकर क्यों रखा है?मित्रो! जिस तरीके से माली अच्छे से अच...
- जीवन उद्देश्य क्या होता है?... भगवान के इशारे क्या होते हैं? हमें पता नहीं, हम तो भगवान को अपने इशारे पर चलाना चाहते हैं। क्या भग...
- जीवन का क्रम इतना गन्दा, इतना फूहड़ आपने बना रखा है कि इसमें बीज उगेगा कहाँ से?... मैं आपसे बार-बार कहता हूँ कि आपको किसी और झगड़े में पड़ने की जरूरत नहीं है। नहीं गुरुजी ! कर्मकाण्ड ...
- जीवन का वो अंश क्यों मुझे आपसे कहने की जरूरत पड़ गई?... इसकी आवश्यकता थी, यह समझाने के लिए कि ईमानदारी क्या चीज होती है? इसको अपनाने से व्यक्ति को क्या मिलत...
- जीवन का संशोधन और आत्मसंशोधन कुछ नहीं है क्या?... अपने आप का सुधार कुछ नहीं है क्या? स्वाध्याय की, संयम की क्या जरूरत हो सकती है? अरे साहब! बड़ी मुश्क...
- जीवन का सदुपयोग कैसे करें?...
मित्रो! आज हर आदमी जो काम करता है कल का विचार करके ही तो करता है। आज आप जो काम कर रहे हैं क...
- जीवन कितना महत्त्वपूर्ण है?... यह आपका सबसे बड़ा सौभाग्य है। इस समय जो सौभाग्य आपको मिला हुआ है इस पर कभी आप गौर करें तो आप इस बात प...
- जीवन के अन्तिम चरण से क्या मतलब है?... इससे हमारा मतलब यह है कि भगवान ने ये जो जीवन दिया है, वह कोहिनूर हीरा है। यह दुनिया का सबसे ...
- जीवन के महत्त्व और मूल्य को समझ पाएँ, उसका ठीक तरीके से उपयोग करने में समर्थ हो पाएँ तो हमारे जीवन में मजा आ जाए, तो फिर क्या हो सकता है?... फिर, हम मनुष्य से आगे बढ़कर देव बन सकते हैं। देव? हाँ बेटे! देव। देवता तो वहाँ स्वर्ग में रहते हैं। ...
- जीवन के मोल का यही अन्त?... चार छोकरी- चार छोकरे और एक पण्डित- ९। नौ ग्रह, नौ की दुहाई, नौ तरह की बीमारियाँ। मर जायेगा। अरे अभा...
- जीवन साधना कैसी रही?... मित्रो! सारी जिन्दगी साधना करनी पड़ती है। साधना आधे घण्टे में नहीं होती। आधे घण्टे में तो केवल नशा किया...
- जीवन है आप में?... निष्ठा है आप में? श्रद्धा है आप में? अगर ये नहीं हैं, तो ये बहाने मत बनाइए कि शाखा बन्द हो गई है। क...
- जीवन-संग्राम में लड़िए और अर्जुन के तरीके से आप संकल्प लेकर जिस दिन तैयार हो जाएँगे, आपकी संकल्प शक्ति जिस दिन जागेगी; उस दिन अनुदानों से आपकी झोली भरी हुई मिलेगी, आप समझते क्यों नहीं?... ( क्रमशः अगले अंक में समापन )
परमवन्दनीया माताजी की अमृतवाणी
अनुदान और वरदान
(उत्तरार्द्ध)
वि...
- जीवनमुक्त किसे कहते हैं?... जीवन मुक्त उसे कहते हैं जिसका जीवन बन्धनों से छूट गया, जो पिंजरे में से निकल गया, जो जेलखाने से छूट...
- जीवात्मा की साइंस होती है?... एक फिजिक्स साइंस होती है। एक साइंस वह है जो पदार्थ से, मैटर से ताल्लुक रखती है, जिसे केमिस्ट्री कहते...
- जीवात्मा क्या है?... उसकी महत्ता क्या है? इसको हम जानें, उसमें सन्निहित शक्तियों को पहचानें और विकसित करने का प्रयास कर...
- जीवात्मा बूढ़ी होती है क्या?... जीवात्मा बूढ़ी नहीं होती। व्यक्ति के झुर्री पड़ जाएगी, दाँत उखड़ जाएँगे, बाल सफेद हो जाएँगे, पर जिस ...
- जीवात्मा से और भगवान की किससे उपमा देंगे?... तुकोजीराव से। ऐसी जीवात्मा जिसमें संकल्प हो, साहस हो, जिसमें त्याग हो, शौर्य हो, जिसमें बलिदानी भाव ...
- जुओं के लिए कोई मकान है?... कोई घर-गृहस्थी है? कोई खेती बाड़ी है? कोई भी नहीं है। वे इसी में गुजारा कर लेते हैं। इसी तरह जुएँ के...
- जुताई न हो, तो क्या हर्ज है?... पानी की जरूरत पड़ती है। नहीं साहब। पानी-वानी सब बेकार है। पहले तो आप यह बताइये कि किसान जो फूल लगात...
- जुलाई में पैदा हुईं और जनवरी में एम० ए० हो गईं?... नहीं साहब! माता जी की नहीं हैं। अच्छा ये माता जी की नहीं हैं तो फिर हम आपसे ये पूछते हैं कि लड़कियाँ...
- जुलाहे के पास पैसे थे क्या?... नहीं, पैसे नहीं थे। पढ़ा सकता था? नहीं पढ़ा सकता था, लेकिन कबीर उन्नति करते हुए चले गए।
मित्रो !...
- जूते हमारे यहाँ कहाँ बिकते हैं?... हमारे यहाँ तो किताबें बिकती हैं। नहीं साहब! किताब नहीं, हमें तो नौ नंबर का जूता दे दीजिए। बेटे, जूता...
- जेलखाने में आपको रहना नहीं पड़ा है?... हमको पूरे चार वर्ष जेल में रहना पड़ा। क्या दिक्कत थी? बाहर की जिन्दगी से ज्यादा अच्छी थी—नियमित, व्यव...
- जेलखाने में पड़े हुए लोगों को आपने देखा है ना?... वे एक से बढ़कर एक होशियार आदमी हैं और एक-से-एक समझदार आदमी हैं। कहाँ हैं? वहीं कैदखाने में हैं। जालसा...
- जैन धर्म क्या है?... जैन धर्म को जरा पढ़िए, उसने भगवान का ऐसा सफाया किया है कि उसका नामोनिशान मिटा दिया गया है। उसने कहा ...
- जैसलमेर में क्या हाल हो रहा है?... रेगिस्तान में जहाँ पानी नहीं है, वहाँ आप देख ही रहे हैं। अगर गंगा न आती तब हरिद्वार का भी यही हा...
- जैसा कि मैंने कल आपसे निवेदन किया था कि इस साल बेटे आपको हीरा बनना है हीरा कब बनता है?... जबकि वह कोयले की खदान से बाहर निकलता है और कारीगर के हाथों में पड़ जाता है। कारीगर उसको तराशता है, अ...
- जैसा हँस हमने कल्पना कर रखा है, उसे दूध और पानी कहाँ से मिलेगा?... दूध पानी को वह कैसे अलग कर सकता है। यह तो अलंकार है। यह हँस जो कि गायत्री माता का वाहन है, ऐसा हमको ...
- जैसे अपनी पृथ्वी के ऊपर जो पानी है, वह किससे बना है?... हमारे यहाँ पानी दो गैसों से मिलकर बनता है—ऑक्सीजन और हाइड्रोजन। इन दो गैसों को जब भी हम मिला देते है...
- जैसे आप परिस्थिति के बारे में यह अनुमान लगाए थे कि परिस्थिति हमारे अनुकूल हो जाएगी और नहीं हुई, तब?... तब आप झल्लाते हैं, रोते और खीजते हैं। इसी तरह अगर किसी व्यक्ति ने आपके साथ में एहसान न किया हो, तब? ...
- जैसे कि गाय घास को चर जाती है और चर करके क्या करती है?... हजम कर लेती है और दूध बना करके अपनी नसों में भर लेती है। ब्रह्म को चर जाइये। ब्रह्म की शिक्षाओं को, ...
- जैसे कि हम हिम्मत के साथ कहते हैं कि आप में से भी ऐसे आदमी होते और हम आपको यह सिखाते कि अध्यात्म क्या हो सकता है?... गायत्री क्या हो सकती है? उपासना क्या हो सकती है और उपासना के आधार क्या हो सकते हैं?...
- जैसे बच्चा, बच्चा क्या करता है?... बच्चा स्वयं में असमर्थ होता है, कुछ कमा नहीं सकता। इसलिए कुछ कमा सकने की स्थिति में न होने की वजह से...
- जैसे सूरदास के जीवन में भगवान् आ गया था, मीरा के जीवन में भगवान् आ गया था, वैसे आपके जीवन में क्यों नहीं आया?... क्योंकि भगवान् के चिन्तन को आपने नहीं समझा। उसके स्वरूप को नहीं समझा। हिन्दुस्तान के करोड़ से अधिक इन...
- जैसे ही वे रेल के डिब्बे से निकले, उसने कहा कि इनके लिए इतनी जनता, इनमें इतनी विशेषता क्या है?... आपस में कानाफूसी कर रहे थे। उनमें से एक सज्जन हमारे परिजन थे।
उन्होंने कहा कि इनमें वो विशेषता है...
- जैसे—अभी एक बाढ़ आई थी, जिसमें बाढ़ का पानी एकदम चढ़ गया और हजारों आदमियों को बहाकर और डुबाकर रख गया—कभी आपने सुना है?... नहीं साहब! हमने तो नहीं सुना। अभी जो आंध्र में तूफान आया था, आपको मालूम है? नहीं साहब! हमें तो पता ह...
- जैसे—हम कहते हैं कि कौन बोल रहा है?... गुंबद भी कहता है—कौन बोल रहा है? हम कहते हैं—जो कुछ है, हमारे हवाले कीजिए। गुंबद भी कहता है जो कुछ ह...
- जॉर्ज वाशिंगटन को जानते हैं ना?... गाँधी जी का जीवन इतिहास आपने पढ़ा है ना? बुद्ध का इतिहास पढ़ा है ना? इनकी परिस्थितियों में क्या खास बा...
- जो आदमी खाली हो गए हैं और जो ढोल तरीके से पोले हैं, उनका हम क्या करेंगे?... इनके लिए हम कुछ नहीं करेंगे और न इनसे समाज के लिए, भगवान् के लिए ही कुछ उम्मीद रखेंगे। किसी के ल...
- जो चीज हमको मिल जाती है, उनका उपयोग करना हमको कहाँ आता है?... हम उनको जोड़ना, जमा करना शुरू करते हैं और जोड़ते हुए, जमा करते हुए हमारे ऊपर मुसीबत चढ़ती चली आती है।...
- जो अपना पैसा खराब करते हैं?... समय खराब करते हैं? अकल खराब करते हैं? उनका नाम है—मूर्ख, जो कर्मकाण्डों को ही सब कुछ समझते हैं। साह...
- जो अपने दरवाजे पर आया है, उसको आप क्या खाली हाथ जाने देंगे?... उन्होंने कहा-पार्वती! ये उन भक्तों में से नहीं हैं। इनको चाहे कितना दिया जाए, ये खाली-के-खाली रहेंगे...
- जो असली योगाभ्यास है, उसे क्यों नहीं पूछता?... असली तपश्चर्या क्यों नहीं सीखता, जिसमें तुझको पसीना आयेगा, और जिसमें तेरी ईमानदारी का इम्तिहान लिय...
- जो आदमी चोरी कर सकता है, वह भगवान का भक्त कैसे हो सकता है?... वह भगवान का विश्वासी कैसे हो सकता है? जिस दिन वह भगवान का विश्वासी होगा, उस दिन से उसको पाप करने की ...
- जो आदमी टेक्नीक के लिए अपनी जिन्दगी को तबाह कर डाले, वह उसे कैसे गलत बतायेगा?... पर मैं एक बात कहता हूँ, जिसको आप सुनना नहीं चाहते। आप उस पर गौर क्यों नहीं करना चाहते? और वह यह है क...
- जो आदमी मनुष्य मात्र में भगवान का रूप देख सकता है, क्या वह धोखेबाजी कर सकता है?... क्या वह जालसाजी करेगा? क्या वह विश्वासघात करेगा? बेईमानी करेगा? कैसे करेगा, मुझे बताइये तो सही? पुलि...
- जो आदमी या वर्ग क्षमतासम्पन्न है, अगर वह अपनी सारी कमाई खाता रहेगा तो हम पूछते हैं कि जो पिछड़े हुए हैं, जो दरिद्र हैं, जो अपंग हैं, जो पतित हैं, उनका क्या होगा—उनका हिस्सा कहाँ से आएगा?... संचय करना पाप है
मित्रो! आपको अपने में से कटौती करनी पड़ेगी, चाहे वह सरकारी टैक्स के रूप म...
- जो आदमी साधु-सन्त नहीं है अथवा साधु होकर भी पाप के गर्त में गिरते हुए चले जाते हैं, तो भगवान् क्यों करेंगे मोहब्बत उनसे और क्यों प्यार करेंगे उनसे?... एक सिद्धान्त वाले-उच्च आदर्शों वाले की ओर उन्होंने अपना हाथ बढ़ा दिया और समर्थ गुरु उठकर खड़े हो गए। ...
- जो आदमी हाथी पर सवार होकर जाता है, वह कैसे सन्त हो सकता है?... सन्त को तो पैदल चलना पड़ता है। सन्त को तो मामूली कपड़े पहनकर चलना पड़ता है। सन्त चाँदी की गाड़ी पर कैसे स...
- जो आप कमाते हैं, उसी हिसाब से बजट कैसे बनाया जाय?... यह पूरे-का गणित और अर्थशास्त्र आपको घर के कुटुम्ब के दायरे में रह करके सीखने को मिल सकता है।
...
- जो आप यहाँ कामना लेकर आये हैं, दुःख-दर्द, कठिनाई लेकर आये हैं, उसका क्या हुआ?... मुझे यह कहना पड़ रहा है कि आपकी तो आँखों की सफाई हो गयी। हमने हमेशा कमाया है, परन्तु रात को खाली हाथ...
- जो आपने पढ़ा नहीं है, उसके बारे में मैं आपसे क्या कहूँ?...
मित्रो! भगवान् बुद्ध के भौतिक वाले जीवन से आप क्या समझते हैं? मैं समझता हूँ कि आप हर चीज की सफलता ...
- जो आम कड़ा होता है, वह महँगा बिकता है या पिलपिला और पका हुआ आम महँगा बिकता है?... जो पीला पड़ जाता है, पक जाता है, उसके दाम ज्यादा होते हैं या कच्चे आम के दाम ज्यादा होते हैं? पके आम ...
- जो इतना लंबा सफर करके आप हम लोगों को ज्ञान देने और शिक्षण करने के लिये यहाँ आये?... बड़ा नाजुक सवाल था। इसका जवाब उन्होंने मजाक में, दिल्लगी में नहीं दिया। उन्होंने बड़ा गम्भीर जवाब दिय...
- जो इसको कहा गया था, जो इसको दिया गया था, वह पूरा हुआ कि नहीं हुआ?... आप पता कीजिए। आप पता क्यों नहीं लगाते? आप इनकार कर सकते हैं। हमने लोगों की नास्तिकता को आध्यात्मिकता...
- जो उनके साथ जुड़े थे, उन्होंने किया और शक्ति किनकी थी?... शक्ति बुद्ध की थी। गाँधी जी स्वतंत्रता लेकर के आए थे? नहीं, गाँधी जी लेकर नहीं आए थे; लेकिन गाँधी जी...
- जो और कह रहे हैं, वही बात मैं कहूँ, तो यह क्या बात हुई?... मेरा तो जो विशुद्ध पक्ष है, वह बेटे! भावनात्मक है; वह है—आस्था और वह है—निष्ठा; वह है—श्रद्धा। आपकी ...
- जो कदम आगे उठाया है, उसे पीछे न हटा, लोक-मंगल के लिए हमें यदि कुरबानी देनी हो, तो देंगे ही, उससे कौन डरता है?... देखा जाएगा ठीक है।
गुरुजी पर विश्वास रखें
घरवाले खुशामद करें कि तू मेरा भगवान है, देवता है। द...
- जो कर्मकाण्ड हम कराते हैं, उसे उपासना कहते हैं और साधना किसे कहते हैं?... साधना कहते हैं—बेटे, व्यक्तित्व को विकसित करना। आपका व्यक्तित्व जितना अधिक विकसित होता हुआ चला जाएगा...
- जो कुछ हमने कमाया है बेटे को दे जायें, नाती को दे जायें पोते को दे जायें और पड़ोसी को?... पड़ोसी को आग लगा दीजिये। क्यों पड़ोसी को क्यों नहीं देंगे, बेटे को क्यों देंगे बेटा क्या है आपका ...
- जो कोई पाठ कर रहा होता है?... उसे डायरी में नोट करते रहते हैं। आपने कितना पाठ किया लाला गुलाब चंद्र जी? हनुमान जी का ३२४ पाठ किया।...
- जो खराब आदमी है, उसको हम अच्छा बनाएँगे, सज्जन बनाएँगे, यह क्यों नहीं सोचते आप?... यह आदमी खराब है, इसको हम मार डालेंगे, इसकी हत्या कर डालेंगे, यह क्यों सोचते हैं, यह मत सोचिए। आप अपन...
- जो खुद बना ही नहीं है, वह दूसरों को क्या बनाएगा?... वाल्मीकि के बारे में नहीं सुना है? सीता को छोड़ा गया उन्हीं के आश्रम में। आखिर पहला जीवन उनका कैसा थ...
- जो गुरुजी का कार्य है, इसमें क्यों नहीं लग जाता है?... इसमें तपता क्यों नहीं है, तू निखरता क्यों नहीं है? तू कुन्दन क्यों नहीं बनता है? तू लोहे का क्यों है...
- जो ग्रह लाखों-करोड़ों मील दूर रहते हैं, वे आदमी पर क्या असर डाल सकते हैं?... अगर डालेंगे, तो सारी जमीन, सारी सृष्टि पर डाल सकते हैं। पूरी मनुष्य जाति पर असर डाल सकते हैं। केवल ए...
- जो चीज मैंने देखी नहीं, उसके बारे में मैं कैसे कहूँ?... लेकिन मैंने एक नरक देखा है और एक स्वर्ग देखा है। बाह्य जीवन में मनुष्य की जो वृत्तियाँ ठहरी रहती...
- जो चीज है ही नहीं, तो वह कैसे दे देगा?... जब हनुमान जी का ब्याह हुआ नहीं, उसके बच्चा हुआ ही नहीं, तो बेटा कैसे दे जाएँगे आपको? गुरुजी हम बीमार...
- जो चीजें मेरे बाप-दादों ने और मेरे बुजुर्गों ने और मैंने कमाई, जिस पैसे को लोकमंगल के लिए समाज को देकर मैं कितना लाभ उठा सकता हूँ, वह मैं आपको दे दूँगा?... मैं तो नहीं देता। खानदान वालों ने, साले और रिश्तेदारों ने मुझे धमकी दी। लड़के और लड़कियों के ससुराल ...
- जो जरा−जरा सी दिक्कतों को देखकर अपने बढ़े हुए कदम पीछे हटा लेते हैं, वे कौन हैं?... भगोड़े हैं। और जो पहाड़ों को चकनाचूर कर देते हैं, वे कौन होते हैं? वे दिलेर होते है, हिम्मत वाले होत...
- जो जितना ख्वाहिशमंद है, ‘नीडी’ है, उसको अपनी जरूरतों को पूरा करने और दूसरों को नीचा दिखाने के लिए तैयारियाँ करने के अतिरिक्त फुरसत कहाँ मिलती है?... समूचा जीवन अपनी महत्त्वाकांक्षाओं की पूर्ति में ही खत्म कर डालता है। भगवान के प्रति समर्पण है योग...
- जो झाड़-झंखाड़ अपने अन्दर उगे हैं, मलीनताएँ बसी हैं, कूड़ा-करकट है, तो भगवान बैठेगा कहाँ?... बताइए, बैठने के लिए साफ-सुथरी जगह चाहिए। उससे सम्बन्ध स्थापित करने के लिए नम्र होना चाहिए।...
- जो देवता जितना बड़ा मालदार, वह उतना ही बड़ा भाग्यवान होता है?... भगवान जिसको जितनी दौलत दे, वह उतना ही भाग्यवान होता है। नहीं बेटे! आध्यात्मिक दृष्टि से वह भाग्यवान ...
- जो नया युग आएगा, वह किससे आएगा?... ज्ञान से आएगा, विचारों से आएगा। बन्दूक से नहीं आएगा नया युग। यह बन्दूक से भी बड़ी, सबसे बड़ी तोप है, ज...
- जो नियम और मर्यादा पालन करने के लिए यहाँ कहा गया है, वह हमारी पुस्तकें पढ़कर आप घर पर भी कर सकते थे, लेकिन यहाँ क्यों करना पड़ा?... यहाँ का वातावरण ही ऐसा है। वातावरण को बनाने के लिए बहुत मेहनत की है। आप वातावरण की कीमत समाझिये। वात...
- जो पीला पड़ जाता है, पक जाता है, उसके दाम ज्यादा होते हैं या कच्चे आम के दाम ज्यादा होते हैं?... पके आम के दाम ज्यादा होते हैं न? अब देखो हम कैसे हैं? हम पिलपिले हैं। हमारे गाल पिलपिले हो गए हैं और...
- जो पैदा होता है, वह मर सकता है, क्या वह आदमी भगवान् नहीं हो सकता, इनसान ही रहता है?... भगवान् आपसे यह कहता है कि यदि आपकी उपासना सही हो, तो आप साधारण मनुष्य से भगवान् बन सकते हैं। आप नर...
- जो बात सारे शरीर में समा गई, तो फिर उसका तो कहना ही क्या है?... एकांगी नहीं होती भक्ति
भक्ति जिनके अन्दर आ गई, अरे ! उनका तो कहना ही क्या है? भक्ति अगर एकांगी रह ...
- जो बातें समाज की जानकारी में आ जाती हैं, पकड़ में आ जाती हैं, उन पर तो मुकदमा चल सकता है, लेकिन छिप करके कर लिया, इसमें क्या बात है?... बेटे, उससे कोई बात छिप नहीं सकती। इंसान से आप छिपा सकते हैं, भगवान् से नहीं छिपा सकते।
भक्...
- जो बैल पर बैठे फिरते रहते हैं, वे हैं?... बैल पर तो धोबी भी बैठा फिरता है। फिर तो बैल पर बैठने वाले का नाम शंकर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा—वे ...
- जो बोया ही नहीं है, उसे काट कैसे सकते हैं?... अपने-अपने चिन्तन को, चरित्र को, व्यवहार को, अपने वातावरण को जब ऐसा बनाया नहीं गया है, तो उसे पास कौन...
- जो भक्त होता है, उसकी कामना क्या होती है?... भक्त कहता है—"न त्वहं कामये राज्यं न सौख्यं नापुनर्भवम्। कामये दुःखतप्तानां प्राणिनां आर्त्तिनाशनम्॥...
- जो भगवान चींटी को भोजन दे सकता है, कीट, पतंगों को भोजन दे सकता है, मक्खी-मच्छर को भोजन दे सकता है, तो इंसान को भोजन क्यों नहीं देगा?... इंसान को भोजन तो मिलना ही चाहिए। मनुष्य की मौलिक आवश्यकताएँ बहुत थोड़ी हैं। कोई आप में से ऐसा है कि ज...
- जो भी आता, यही पूछता कि तुम्हारे पिता जी दिखाई नहीं पड़ते?... . लड़का कहता कि हमारे पिता जी का स्वर्गवास हो गया, अब आप ही हमारे पिता जी हैं। आपसे रहम तो नहीं माँग...
- जो भी गंगा नहाने वाला निकले, मजाक करे और कहे कि अरे यहाँ इस बुड्ढे के साथ क्या करेगी?... कौन है यह बुड्ढा? यह बुड्ढा हमारा पति है। तेरा पति है तो इसको धकेल दे गंगा जी में, बुढ़ापे में इसने ...
- जो भी यहाँ आता है, वह यह देखता हुआ चला जाता है और प्रभावित होता हुआ चला जाता है कि आखिर यहाँ ऐसी क्या चीज है?... जिससे हर व्यक्ति चिपकता हुआ चला जाता है। आप इतनी दूर से आए हैं, कहाँ रीवा, कहाँ हरिद्वार। आपको यहाँ ...
- जो मिशन के लिए समर्पित है, वह बच्चा हमको प्राणों से भी ज्यादा प्रिय लगता है और जो मिशन से जुड़ा हुआ नहीं है और गुरुजी और माताजी की आरती उतारे, वह आरती उतार ले, उससे क्या होगा?... उससे आपका कोई व्यक्तिगत लाभ तो हो सकता है और सम्भव है, हो भी जाए, लेकिन हमारी दृष्टि में वह लाभ, लाभ...
- जो यहाँ के क्रियाकलाप हैं, वो कैसे चलते?... यहाँ के जो इतने कार्यकर्ता हैं, कितने भावनाशील कार्यकर्ता हैं। जो अपनी सर्विस छोड़ करके आए हैं। आप उ...
- जो लंका में थे, वे आपको सब मिल जाएँगे, पर इससे क्या होगा?... आप हैरान होंगे।
हम आपस में लड़-मर न जाएँ
और मित्रो क्या होगा? वे परिस्थितियाँ आ जा...
- जो लोग सर्कस देखने जाते हैं, वे यह देखते हैं कि किसको तार के ऊपर चलना आ गया?... झूला झूलना किसको आ गया। जिसको झूला झूलना आ जाता है, उस पर हम ताली बजाते हैं। जिसको झूला झूलना नहीं...
- जो विकृतियाँ फैली हुई हैं, उन विकृतियों के प्रति आपके अन्दर की जो सम्वेदनाएँ हैं, वे सम्वेदनाएँ मर गई हैं, तो भक्त कैसे हो गए?... भक्त के अन्दर तो सम्वेदना होती है, ऐसी जैसी कि शिवाजी की। शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास जी ने सोचा कि ...
- जो विश्वामित्र के पास था, वसिष्ठ के पास था, वही है, परन्तु बटिया आदमी इस मंत्र का क्या करेगा?... घटिया आदमी के लिए मंत्र भी क्या करेगा? इसलिए व्यक्तित्व को परिष्कृत करना आवश्यक है। मंत्र की शक्ति द...
- जो व्यक्ति परिश्रम से घबराते रहे, बड़बड़ाते रहे, जिन्होंने अपना सारा-का-सारा मानसिक सन्तुलन खो दिया, वे जीवन में क्या कुछ प्राप्त कर सकेंगे?... जो वस्तुओं में शान्ति की तलाश करते रहेंगे, वे अपने गिरह की भी शान्ति खो बैठेंगे।मित्रो! अध्यात्म जीवन ...
- जो शक्ति आपको आध्यात्मिक उन्नति के लिए आवश्यक है, वह इससे कितनी खरच होती है?... अच्छा, हम आपको इस तरीके से तो नहीं बता सकते, पर यों बता सकते हैं—आपने किसी मरने वाले को देखा है? हाँ...
- जो सब जगह समाया होगा, उसकी शक्ल कैसे बन जायेगी?... उसकी शक्ल नहीं बन सकती।मित्रो! फिर यह सवाल पैदा हो सकता है कि देवताओं की शक्ल कैसे बनीं? देवता या ...
- जो सर्वव्यापक है, जड़-चेतन में समाया हुआ है, उसको हम इस दृष्टि से कैसे देख पाएँगे?... उसको हम सम्वेदनाओं के रूप में तो समझ लेंगे कि भगवान हमारे अन्दर आ गया। भगवान आ गया, तो परिवर्तन हो ग...
- जो स्कूलों में पढ़ाया जाता है?... नहीं बेटे! स्कूलों वाला नहीं। स्कूल वाले ज्ञान को तो शिक्षा भी कहते हैं और जानकारी भी कहते हैं। यह त...
- जो हमारे आग की चिनगारी को ले जाए?... हम इनके लिए क्या मददगार हो सकते हैं? इनको हम कैसे शान्ति पहुँचा सकते हैं, कैसे इनको सन्तोष पहुँचा सक...
- जो हमें नुकसान पहुँचा रहा है, उसे हम अपने भीतर पैदा न होने दें, तब?... तब बेटे, घृणा, द्वेष, भय, आतंक तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। अगर आपका दृष्टिकोण-जिसका नाम अध्यात्म ह...
- जो हरामखोर बैठे रहते हैं और यह सोचते हैं कि हमारे बेटे कमाते हैं, हमारे पोते कमाते हैं, हमारा बाप कमाकर रख गया है और हमारे पास बहुत आमदनी है, पेंशन हमारे पास है, खेती-बारी हमारे पास है तो हम अब काम क्यों करें?... बेटे! उन पर लानत है।
काम चोरी : एक सामाजिक अपराध
बेटे! तू तो कुछ काम करता है कि नह...
- जो होता है होगा, अब क्या किया जाए?... पर जो लक्ष्य है, उद्देश्य है ऊँचा उठने का, उसे याद रखना चाहिए।
अन्तस में वेदना लाइए
अपने इष्ट के...
- जोड़ देने का क्या मतलब है?... एक में एक मिला दिया—यह हो गया जोड़। जब हम अपने आप को किसी के साथ में मिला दें तो यह योग हो जाएगा। जो...
- जोड़े हुए धन को सब खा जाएँगे, चाहे बेटा हो, चाहे साला हो, चाहे जमाई हो, क्यों नहीं लेगा?... तेरे साथ कुछ भी जाने वाला नहीं है।
सिकन्दर जब मरने लगा, तो उसने कहा दुनियावालो, मेरे हाथ बाहर निक...
- ज्ञान आपने देखा नहीं, प्यार देखा नहीं, गरमी देखी नहीं, ठंड देखी नहीं, तो फिर आप भगवान् को कैसे देखेंगे?... नहीं महाराज जी! भगवान् दिखा दीजिए। पागल कहीं का-भगवान् देखेगा। भगवान् भी कोई देखने की चीज है! भगवा...
- ज्ञान और अकल के साथ-साथ यदि आदमी का कलेजा बढ़ जाए तब?... हृदय बढ़ जाए तब? दृष्टिकोण बढ़ जाए तब? तब फिर मजा आ जाए और अगर हमारा कलेजा-हृदय छोटा होता हुआ चला जा...
- ज्ञान की जरूरत है?... नहीं बेटे, ज्ञान की कोई खास जरूरत नहीं है। दुनिया में ज्ञान वालों ने बड़े काम नहीं किये हैं। दिलेर ...
- ज्ञान कौन सा?... जो स्कूलों में पढ़ाया जाता है? नहीं बेटे! स्कूलों वाला नहीं। स्कूल वाले ज्ञान को तो शिक्षा भी कहते ह...
- ज्ञान न हो तब?... ज्ञानविहीन होने की वजह से चेतन होते हुए भी सब प्राणियों को निचले दर्जे में गिना जाता है। जीवन तो वनस...
- ज्ञान से कुछ काम बनेगा क्या?... ज्ञान से कुछ काम नहीं बन सकता। मुझे तो वह शक्ति इकट्ठी करनी चाहिए, जिसको हम ‘आत्मबल’ कहते हैं। आ...
- ज्ञान हमारे पास में हो, विद्या हमारे पास में हो, अध्ययन हमारे पास में हो और कलम हमारे पास में हो, अध्ययन हमारे पास में हो ओर कलम हमारे पास बढ़िया-से-बढ़िया हो तो आप क्या ख्याल करते हैं कि उससे आप वह सब पूरा कर सकते हैं?... नहीं, पूरा नहीं कर सकते हैं।
इसी तरह अच्छी साइकिल हमारे पास हो तो हम ज्यादा अच्छा सफर कर सकते...
- ज्ञान हो जाए तो क्या?... भक्ति हो जाए तो क्या? विद्या हो जाए तो क्या? उससे कोई खास फायदा नहीं हो सकता है। इसलिए मैं आपसे एक न...
- ज्ञानघट का पैसा खर्च कीजिये तो क्या हम अपनी बीबी को बेच दें?... बच्चे को बेच दें? चुप कंजूस कहीं के ऊपर से कहते हैं हम गरीब हैं। आप गरीब नहीं कंजूस हैं।हर आदमी के...
- ज्ञानयज्ञ कैसे होगा?... इसका भी हमने इतना सरल तरीका बना दिया है कि जिसका कोई ठिकाना नहीं है। इसमें संगीत-एक और व्याख्यान...
- ज्ञानयोग का मकसद यह है कि जिस तरह से हमको ऐसा बढ़िया और बेहतरीन शरीर मिला हुआ है कि हम क्या कह सकते हैं?... देखने में कैसे खूबसूरत दिखता है इसलिए शीशे में हम बार-बार अपना चेहरा देखते हैं। बार-बार अपनी हजामत...
- ज्ञानयोग की फिलॉसफी यही है, कायदा और कानून यही है कि हमको अपने जीवन में किस तरह से कर्म करना चाहिए?... कर्म हमारे लिए किस तरह से फायदेमन्द हो सकते हैं और किस तरह से हानिकारक हो सकते हैं। कर्मयोग की फ...
- ज्ञानयोग क्या है?... ज्ञानयोग यह है कि हम पूर्णता को कैसे प्राप्त कर सकते हैं। कषाय कल्मषों से मुक्ति साथियो! एक और चीज...
- ज्ञानवानों की कहानी आपने पढ़ी है न?... भगवान बुद्ध का नाम सुना है न? भगवान बुद्ध में क्या विशेषता थी? भगवान से उनको क्या वरदान मिला? उनको क...
- ज्ञानी हो गयी?... उसे आत्मसाक्षात्कार हो गया कि नहीं हो गया? कुछ भी नहीं हुआ। एकाउण्टेंट जो बढ़िया वाले हिसाब रखते ...
- ज्यादा के लिए क्या सोचना?... ज्यादा की बात सोचेगा तो चपत पड़ेगी। इंसान रोटी खा सकता है, कपड़े पहन सकता है, बस। दौलत सिकंदर ने जमा...
- ज्वार-भाटा कैसा होता है?... जैसे लहरें उठती हैं। बच्चा समझ गया। उसने अन्दाजा लगा लिया कि शायद ऐसा ही समुद्र होता होगा। समुद्र का...
- जड़ में मैं यह समझा रहा था कि गायत्री उपासना क्या है?... गायत्री-उपासना का क्रियायोग मैं फिर कभी समझाऊँगा कि क्रियायोग तीन बातों पर टिका हुआ है-नामोच्चारण,...
- झंडी गाड़ी को कैसे खींच सकती है?... इंजन को स्टीम खींचती है, ड्राइवर की अकल खींचती है। फिर यह झंडी किस काम आती है? यह झंडी इशारा करती है...
- झगड़ा हो गया?... फिर क्या हुआ? वे ब्राह्मण और ठाकुर थे। ब्राह्मणों को पता चला कि हमारे ब्राह्मण की ठाकुरों ने पिटाई...
- झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई असफल हो गयी कि सफल?... असफल। ऋषि दधीचि असफल हो गये कि सफल? असफल हो गये। बेचारे को अपनी हड्डियाँ तक देनी पड़ीं। ये सभी नुकस...
- झूठ के पाँव कहाँ होते हैं?... झूठ जिन्दा रहता है क्या? झूठ जिन्दा नहीं रहता। झूठ अगर जिन्दा रहता, तो चोर और उचक्के और उठाईगीर अब तक...
- झूठ जिन्दा रहता है क्या?... झूठ जिन्दा नहीं रहता। झूठ अगर जिन्दा रहता, तो चोर और उचक्के और उठाईगीर अब तक करोड़पति हो गए होते। लेक...
- झोली में भीख डालें बेटे की, तो जब बेटा बड़ा हो जाएगा तो?... बुढ़ापे में ऐसा लगाएगा जूते कि आनन्द आ जाएगा और सारी जो कमाई है, वह बुढ़ापे की सारी ले जाएगा। आज के ...
- झोले में क्या निकला था?... झोले में निकली थी डायरी। डायरी में क्या था? उसमें थे लाटरी के नम्बर। इसमें से गुजरात लॉटरी के दो...
- टट्टियाँ हो जाएँ तो क्या?... उल्टियाँ हो जाएँ तो क्या? पर खाने से बाज न आने वाले थे वे। जबान के दो विषय मित्रो हमारी जबान के दो व...
- टाँगों की जरूरत क्या है?... लाठी से हम चढ़ लेंगे। नहीं बेटे, टाँगें होनी चाहिए। तप और त्याग के बिना कैसा अध्यात्म? मित्रो...
- टिकाऊ चीज क्या होती है?... जो चीज भीतर से निकलती है, उसका नाम है—'शान्ति'। शान्ति का ही दूसरा नाम सन्तोष है। शान्ति के बारे में जो ...
- टिटहरी क्या कर रही थी?... समुद्र टिटहरी का अण्डा बहा ले गया था। टिटहरी ने अपनी चोंच में बालू भरकर उसमें डालना शुरू कर दिया। ...
- टिप में क्या देंगे?... लड्डू। चल, धूर्त कहीं का, हनुमान जी को हनुमान जी को लड्डू देना चाहता है। हनुमान जी को लड्डू खिलाये...
- टेंपर किस तरह रखा जाता है?... इसी तरह गरम करके रखा जाता है। ज्यादा गरमी दी, बस, वह टेंपर हो जाता है। लोहा मजबूत हो जाता है और धार ...
- टेंशन किसे कहते हैं?... जिसमें दिमाग में तनाव रहता है, नींद नहीं आती, गरमी रहती है। आपके घर में स्नेह-सहयोग का वातावरण नहीं ...
- टेंशन क्या होता है?... तनाव को कहते हैं। तनाव किसे कहते हैं? तनाव उसे कहते हैं कि जब आदमी यह देखता है कि मैं अकेला हूँ। मेर...
- टेरामाइसिन आपने बनाई है कि आपके बाप ने बनाई है?... नहीं महाराज जी! हमारे बाप ने नहीं बनाई। फिर किसने बनाई है? लाखों आदमियों ने, जिसके ऊपर कितना परीक्षण...
- टॉफी और गुब्बारा लेकर के आप प्रसन्न होना चाहते हैं?... नहीं, बेटे! हमारा कोई विश्वास नहीं है। हमारा विश्वास है कि अब आप समर्थ हैं। दाढ़ी-मूँछ वाले हो गए है...
- टॉफी माँगने के लिए क्यों न आए हों?... लेमन-चूस माँगने के लिए क्यों न आए हों? चुसकी माँगने के लिए क्यों न आए हों? यद्यपि ये सब चीजें बेकार ...
- ठंडी में नहा रहे हैं, तो तमाशबीन कैसे हो सकते हैं?... शंकर जी बोले—चलिए तुम्हें दिखाऊँ।
मित्रो! दोनों ने अपना रूप बदल लिया। पार्वती जी ने बहुत ही सुंद...
- ठंढक में मर जाएँगे?... हाँ, हम मर जाएँगे, लेकिन हमको कैद में रहना मंजूर नहीं है।
बन्धन लाते हैं दुःख
कैद में...
- ठंढक में हवन कराया था या गरमी में कराया था?... गुरुजी! ठंढक में कराया था। अच्छा तो एक फायदा यह हो गया कि जाड़े के मारे जो लोग काँप रहे होंगे, वे हा...
- ठण्डी आग क्या है?... ठण्डी आग है—बच्चों का अन्धाधुन्ध पैदा होना, सेक्स के ऊपर नियंत्रण का अभाव। आदमी बच्चे पैदा करता ही चल...
- ठहरने की अच्छी व्यवस्था यहाँ कहाँ थी?... पानी की व्यवस्था यहाँ कहाँ थी? भोजन की व्यवस्था भी हम ढंग से नहीं कर सके, परन्तु एक चीज हमारे पास ...
- ठाकुर कैसे करेंगे?... कायस्थ कैसे करेंगे? धत्त तेरे की- मैंने कहा कि मेरा किया मेरे लिए ही उल्टा पड़ गया। मैंने किताब क...
- ठीक है, आप विद्वान हैं, तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन आपके साथ में लोकशक्ति है कि नहीं?... आप जनता के पास जाइए, और लोकशक्ति बढ़ाइए। लोकशक्ति को जगाए बिना राम का उद्धार नहीं हो सका, कृष्ण का ...
- ठीक इसी तरीके से किसी महिला से, किसी लड़की से, किसी सम्बन्धी से आप मोहब्बत करते हैं, तो आपको निरन्तर एक ही विचार करना चाहिए कि उसका व्यक्तित्व और स्तर ऊँचा उठाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?... उसको प्रसन्न करने के लिए नहीं। आदमियों को प्रसन्न करने की बात मत सोचिए। आदमी बड़े बदमाश हैं। उनको प...
- ठीक है कि प्रजा के हित का ध्यान रखना चाहिए, प्रजा का कहना मानना चाहिए, लेकिन सीताजी के साथ क्यों अन्याय करना चाहिए?... यह एकांगी जीवन है। एकांगी जीवन में राम ने मर्यादाओं का पालन किया।
पूर्णपुरुष श्रीकृष्ण
...
- ठीक है किसी ने जप कर लिया और किसी ने हवन कर लिया तो इससे हमें क्या मिला?... बात आपकी भी सही है। तो हम आपकी बात का आपके ढंग से भी जवाब देने के लिए तैयार हैं। साहब! क्या जवाब है?...
- ठीक है, आप लोगों को ऐसे ही मुझे बहकाना पड़ता है, क्योंकि आप लोगों को पाँच-छह वर्ष में कैसे बहू लाकर के दे दूँगा?... नहीं साहब! हमारा तो विवाह करा दीजिए, भैया का विवाह हो गया है, हमारा विवाह नहीं हुआ है। बेटे! अभी तू ...
- ठीक है, आपको कौन रोकता है?... आप भी डुबकी मारिए और मोती ले जाइए।
नहीं साहब! हम डुबकी नहीं मारना चाहते। हम दूसरा तरीका अख्तियार...
- ठीक है, बनाना, लेकिन आप क्या काम करते हैं?... प्राइमरी स्कूल के मास्टर हैं। क्या तन्ख्वाह मिलती है? ढाई सौ रुपये महीने मिलती है। अच्छा! लड़की को ...
- ठीक हैं, बच्चे बगल में सोते हों तो क्या और कोई सोता हो तो क्या, परन्तु नींद तो आपको अकेले ही को आएगी न, दो को तो एक साथ नहीं आ सकती?... आप सुबह उठेंगे, तो अकेले उठेंगे न, दो तो एक साथ नहीं उठ सकते? यह आपका एकान्त जीवन है। सायंकाल को सोते...
- ठोकने बजाने वाली प्रक्रिया न जाने क्यों लोगों ने भुला दी?... न जाने, क्यों इसकी आवश्यकता नहीं समझी? न जाने क्यों उपेक्षा करने लगे कि हमारा व्यक्तित्व गन्दा बना र...
- डकैती में फायदा कराना ये कौन हैं?... नास्तिक हैं। नास्तिक कैसे? क्योंकि इन्हें धर्म के ऊपर, ईमान के ऊपर, सिद्धान्तों के ऊपर विश्वास न...
- डकैती से हम फायदा उठा लें?... नहीं, आप नहीं कर सकते, क्योंकि डकैत के भीतर एक गुण होता है और सारे-का फायदा उसी के आधार पर वह उठाता ...
- डण्डे से करेंगे?... डण्डे से नहीं करेंगे, जबान से करेंगे, विचारों से करेंगे।
नशाखोरी से लेकर अन्यान्य जो दुष्प्रवृत्तिय...
- डबलरोटी आपने देखी है ना?... टोस्ट जो होते हैं, खाए जाते हैं। जरा बताना, वो कैसे खाए जाते हैं? डबलरोटी के टोस्ट होते हैं। पहल...
- डाकू और साधारण आदमी में क्या फरक होता है?... दोनों में केवल यही फरक होता है कि एक में बहुत हिम्मत होती है। हिम्मत की कीमत पर एक-दो डाकू ही सारे क...
- डाकू कभी मालदार हुए हैं?... इनको ढेरों रुपयों की आमदनी हुई है, पर ये कभी मालदार नहीं हुए। मालदार होने के लिए कर्मयोगी होने के ...
- डायनामाइट किसे कहते हैं?... बेटे! डायनामाइट उसे कहते हैं, जिससे छोटे-छोटे कारतूस बना दिए जाते हैं और पहाड़ों के नीचे उन्हें लगा ...
- डायमंड की नोक न हो तो?... लोहे की लगा दें तब? तब बेटे! वह मुड़ जाएगी। चट्टान में सूराख हो जाएगा? नहीं बेटे! नहीं होगा। लोहे की...
- डायरी में क्या था?... उसमें थे लाटरी के नम्बर। इसमें से गुजरात लॉटरी के दो लाख तीन हजार छः सौ उन्नीस रुपये, यू.पी. लॉटरी...
- डाह की, ईर्ष्या की, प्रतिशोध की, घृणा की—इन सारी चीजों को आप बनाए रखेंगे तो फिर आप कैसे जिएँगे, बताइए न?... तब फिर आप बाहर से भी पिसेंगे और भीतर से भी पिसेंगे। तो फिर आप मरेंगे कि नहीं? आप ऐसा मत कीजिए।
...
- डिस्टिल्ड वाटर का उपयोग आप जानते हैं?... लाइए डॉक्टर साहब! एक कुनैन मिक्सचर का इंजेक्शन लगाइए। अच्छा पानी लाइए। अरे! इस पानी से थोड़े ही लगेग...
- डिस्टिल्ड वाटर किसे कहते हैं?... बेटे! उसे कहते हैं, जो भाप के द्वारा उड़ाया हुआ है। डिस्टिल्ड वाटर अर्थात वह आदमी, जो भगवान का भक्त ...
- डीशेन कौन था?... डीशेन बेटे! एक दक्षिण की कंपनी है। वह एक पदार्थ ले लेती है और इतना पीसती है कि उसे अत्यन्त सूक्ष्म बन...
- डेढ़ लाख रुपये देंगे, तेरी सन्तान पैदा कराएँगे, तब तेरी चिन्ता दूर होगी, तब तेरा उत्साह बढ़ेगा और तब तू हमारी शाखा चलाएगा?... बेटे ! डेढ़ लाख रुपये में तो हम सौ-सौ रुपये महीने के तेरे जैसे हजार आदमी नौकर रखेंगे और काम करा लेंग...
- डेमॅन कौन-सा होता है?... डेमॅन कहते हैं भगवान को। आपके डेमॅन का क्या नाम है? अपने गुरु को हम डेमॅन कहते हैं। गुरु क्या होता ह...
- डेढ़ घण्टे में हम जितना बोलते हैं, उसे लिखना शुरू करिये, कितना समय लगेगा?... जो हमने बोला है, उसे एक आदमी तीन दिन में लिखेगा। बोलने में व्यास जी फटाफट बोलते चले जाते थे और गणे...
- डॉक्टर कहते हैं कि इसको मिठाई नहीं देनी चाहिए?... इसका पेट खराब हो जाएगा और भी कोई दिक्कत खड़ी हो सकती है, पर यह मानता ही नहीं है। महात्मन्! इसको कोई ...
- डॉक्टर कैसे करेगा?... अच्छा हमारे साथ चल, हम तुझे दिखायेंगे। वह फट से पेट फाड़ डालता है और सड़े-गले भाग को निकाल लेता है। सब...
- डॉक्टर साहब से पूछिए कि ऑक्सीजन का सिलेंडर कितने का मँगाया था?... छह सौ पचास रुपये का। एक आदमी के लिए कब तक एक सिलेंडर चल सकता है? अगर एक आदमी सारे दिन लगाए रखे तो दो...
- डॉक्टरों ने लम्बी फेहरिस्त लाकर मेरे सामने रख दी और कहा कि बताइए इसमें कहाँ है स्टार्च और कहाँ है प्रोटीन, जो आप खाते हैं?... आप बेअकल आदमी हैं, हरएक ने मुझसे बेअकल कहा, लेकिन मेरे गुरु ने कहा कि यही रास्ता सही है। मित्रो ! मै...
- ढकोसला कैसे होता है?... अरे! आपने ढकोसला ही नहीं देखा। ढकोसला देखेंगे, तो आप अचम्भे में रह जाएँगे। भगवान का ढकोसला देखना हो त...
- ढाई रुपये की और ये हीटर कितने रुपये में आता है?... मित्रो! आसमान से लाइट बरसती है, रोशनी बरसती है, ऑक्सीजन बरसती है, जीवन बरसता है, प्राण बरसता है, सौं...
- ढाई सौ ग्राम रुई में से इतना बड़ा लिहाफ कैसे तैयार हो गया?... बेटे, इसको धुना गया था। छोटे से आदमी होकर, ढाई सौ ग्राम के आदमी होकर हमने अपने आपको ढाई किलो ग्राम...
- तनाव किसे कहते हैं?... तनाव उसे कहते हैं कि जब आदमी यह देखता है कि मैं अकेला हूँ। मेरा कोई नहीं और मैं किसी का नहीं हूँ। अप...
- तप करना चाहिए?... हाँ, तप कर सकते हैं। तप कैसे कर सकते हैं। तप करने का मतलब ब्लैकमेलिंग नहीं है। जैसा आप समझते हैं क...
- तप करने से आपका मतलब यही था?... हाँ साहब! यही था। मित्रो! तप करने का यह मतलब नहीं हो सकता। तप करने से मतलब वह मशक्कत है, वह मेहनत ...
- तप करने से क्या हुआ?... तप करने से बेटे! उन्होंने हिन्दुस्तान के सारे वातावरण को इतना गरम कर दिया कि उस गरमी में से ढेरों के ...
- तप करने से भगवान को क्या मिलता है?... इससे भगवान प्रसन्न नहीं हो जाता। केवल होता यह है कि तप करने से हमारी गन्दी आदतें छूटती हैं। बस, जितनी...
- तप कहाँ होता है?... तप के लिए एकान्त चाहिए। पांडिचेरी के अरविंद घोष तप के लिए एकान्त में चले गये। मालूम है न आपको। उनके ...
- तप किया था?... कोई तप नहीं किया था। ध्यान करते थे? कोई ध्यान नहीं करते थे। तो शक्ति कहाँ से आती थी? शक्ति, बेटे! रा...
- तप किस तरीके से करेंगे?... तप उसी तरीके से करेंगे जैसे कि प्रत्येक तपस्वी को करना पड़ा। आपको भी वैसा ही करना चाहिए। मुसीबतों क...
- तप किसको कहते हैं?... तप कहते हैं अपने भीतर एक अन्तर्द्वद्व खड़ा कर और अपने भीतर जद्दोजहद करने के लिए लड़ाई खड़ी कर। अपनी प...
- तप किसे कहते हैं?... बेटे! तप किसी खास बात को नहीं कहते। तप रोकने का नाम है। हमारी शक्तियों की जो बरबादी होती रहती है, उस...
- तप किसे कहते हैं?... बेटे ! तप उसे कहते हैं कि कुछ मुसीबतें तो हमारे भाग्यवश आती हैं, परिस्थितिवश आती हैं। कुछ मुसीबतें ऐ...
- तप किसे कहते हैं?... तप कहते हैं गरम करने को। हमको अपने आप को गरम करना पड़ता है। सुविधा का जीवन, सुख का जीवन, चैन का जीवन...
- तप किसे कहते हैं?... जीवन के संशोधन का नाम है तप, जो कल मैं आपको बता चुका हूँ।
घुला देना अर्थात योग
साथिय...
- तप किसे कहते हैं?... चलिए हमें इसे आपको समझाना चाहिए और यह समझाना चाहिए कि क्रिया, जो शरीर से सम्बन्धित की जाती है, यहाँ ...
- तप की और कहानियाँ सुनाऊँ आपको?... इतिहास में शुरू से लेकर आज तक जितने भी महान कार्य हुए हैं, चाहे वे भौतिक कार्य हों, चाहे आध्यात्मिक ...
- तप की महिमा मैं कहाँ तक बताऊँ?... पुराणों का सारा साहित्य तप की महिमा से भरा पड़ा है। भगीरथ की तपगाथा आपको मालूम है न? नहीं, महाराज जी...
- तप की शक्ति आपको हम देंगे और आप क्या काम करेंगे?... आप लड़ाई लड़ना शुरू करें। लड़ाने-लड़ने के लिए जिस तप और बाहुबल की जरूरत है, उसके लिए हम और आप आपस मे...
- तप के लिए क्या करना पड़ेगा?... तप के बारे में मैं क्रियाओं का जिक्र नहीं करना चाहता हूँ। पानी मत पीजिए, यह चीज मत खाइए, यह चीज खा ल...
- तप क्या चक्कर है?... तप से अपनी वृत्तियों को सुधारने का प्रयास करते हैं। शरीर क्या कहता है? हम तो आराम से सोयेंगे। सरदी-ग...
- तप क्या हो सकता है?... तीन धारायें क्या हो सकती हैं? गायत्री का स्वरूप क्या हो सकता है? यहाँ इतना तो समय नहीं है कि मैं स...
- तप क्या हो सकता है?... तप कई तरह का हो सकता है। मन का तप—एक, इंद्रियों का तप—दो, समय का तप—तीन और चौथा वाला तप है—धन का तप।...
- तप क्या होता है?... संयम क्या होता है? और योगाभ्यास क्या होता है? इनसे आपके शरीर और मन पर अर्थात् बहिरंग और अन्तरंग में...
- तप क्या होता है?... तप उसे कहते हैं—जिसमें कि आदमी कष्ट सहना सीखता है। मुसीबत उठाना सीखता है। भूखा रहना सीखता है। धूप मे...
- तप से क्या मतलब है?... बेटे! हमने शुरू में बताया था कि जब हम अपने बहिरंग को तपाते हैं, तो जैसे पानी को तपाने से भाप बन जाती...
- तप से क्या मतलब होना चाहिए?... योग और तप बड़े कठिन शब्द हैं। दो उद्देश्यों को पूरा करने के लिए, हमको जीवात्मा को संस्कारवान बनाने क...
- तप से क्या हो जाता है?... तप से बेटे, आदमी का व्यक्तित्व परिष्कृत हो जाता है। कैसे परिष्कृत होता है?
आध्यात्मिक जीवन के लिए ...
- तपश्चर्या का क्या पाठ करते थे वे?... उनके हर परिव्राजक पर खान-पान के सम्बन्ध में, रहन-सहन के सम्बन्ध में, कपड़े पहनने के सम्बन्ध में, उपवास करन...
- तपस्वी कौन होते हैं?... वे होते हैं, जो भूखे रहते हैं और जो पानी पी करके ही रह जाते हैं। जो एकादशी का उपवास करते हैं, जो नमक...
- तपस्वी जीवन जीने के लिए आप कितनी तप-तितिक्षा कर सकते हैं?... यह निश्चय आपको करना है। आपको यह निश्चय करना है कि इसका स्वरूप कितना बड़ा, छोटा या मध्यम हो सकता है।...
- तपस्वी से क्या मतलब है?... आदमी को धूप में खड़ा करेंगे? धूप में नहीं खड़ा करेंगे। उसे अपनी हवस और अपनी कामनाओं पर अंकुश लगाना स...
- तपस्वी होने से क्या फायदा हुआ है?... बेटे! तप कहते हैं—गरम करने को। अपने आपको गरम करने का नाम है—तप। गरम करने से हर चीज मजबूत हो जाती ह...
- तपाने से क्या बन जाता है?... पदार्थ को तपाने से मजबूती भी आ जाती है और क्वालिटी भी अच्छी होती है। लोहे का उदाहरण मैंने पहले ही आप...
- तपाने से क्या हो सकता है?... चलिए हकीम जी से पूछिए। क्यों साहब ! यह क्या बना रहे हैं? सीप की भस्म बना रहे हैं। प्रवाल की भस्म बना...
- तपाने से बन सकती है?... हाँ बेटे, बन सकती है। आपको तपस्वी जीवन की शिक्षा दी जाएगी।
‘योगा’ नहीं योग
साथियो! अ...
- तब उनके पास देखने वाले-दर्शन करने वाले हजारों आदमी आते?... विष्णु भगवान् के बारे में मैंने आपको बताया है कि वे कहाँ रहते हैं। वे क्षीरसागर में शेषशैया पर सोय...
- तब आप कितने साल तक जवान रहेंगे?... हम पचास साल तक जवान रहेंगे और कोशिश करेंगे कि पचास औरतें आ जाएँ। हर साल एक नई आ जाए और दूसरी चली जाए...
- तब आप क्या करना?... डरना मत उससे। उसकी गलती नहीं है? आप उसको समझाना कि हम बाबाजी कैसे हैं और हमारे बाबाजी का सम्प्रदाय...
- तब आप क्या कहेंगे?... चलिए मैं आपको व्यावहारिक भाषा बता सकता हूँ। यह तो कठिन शब्द है, इसलिए कई बार आप जंजाल में फँस जाते ह...
- तब आप मेरे जैसा बच्चा कहाँ से लायेंगी?... इसलिए आज से मैं आपका बेटा हूँ। बस, यह उसकी दृष्टि थी। उस तप से प्रसन्न होकर के देवताओं ने उसे गाण्डी...
- तब आप रोये थे कि नहीं?... आपको दुःख हुआ था या नहीं हुआ था? हाँ साहब! बहुत दुःख हुआ था। तो यह बच्चा कौन था? ढाई साल का हमारा बच...
- तब आपकी मरजी है, फिर मैं कैसे शक्तिपात करूँगा?... कुण्डलिनी किसे कहते हैं? बेटे ! कुण्डलिनी विवेकशीलता को कहते हैं, दूरदर्शिता को कहते हैं, आदर्शवादिता ...
- तब आपको क्या करना चाहिए?... मित्रो! गुरु गोलवलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी थे। उनके दिमाग में यह ख्याल था ...
- तब आपको भगवान मिल पाएगा?... भगवान का अनुग्रह आपको मिल जाएगा? मैं सोचता हूँ कि तब भगवान आपको नहीं मिलना चाहिए, क्योंकि आपके अन्दर ...
- तब इस शरीर की कितनी कीमत उठा पाइएगा?... आप इस शरीर को बाजार में ले जाइए और कहिए कि यह आचार्य जी का मरा हुआ शरीर बिकाऊ है, खरीद लीजिए। कोई आद...
- तब उसने अपने ग्यारह साल के बच्चे से कहा कि बेटा, तुझे हमारे ऊपर विश्वास है?... हाँ पिताजी, आप पर मुझे पूरा विश्वास है। तुम हमारी मोहब्बत पर विश्वास करते हो? हाँ पिताजी! हम आपकी मो...
- तब उसने हमको आशीर्वाद नहीं दिया था?... हाँ, दिया था। हमने कहा था कि हमारी कामना यह है कि हम लंका पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं। समुद्र पर ...
- तब कोई लगाता क्या?... सरकार कितना प्रचार करती है, कोई सुनता है क्या? सुनने के लिए यह बहुत जरूरी है, कि जो आदमी इस बात को...
- तब कौन है?... हमारा बैरी है और दुश्मन है। क्यों साहब! दो महीने पहले तो वह आपका जमाई था? हाँ दो महीने पहले था, लेकि...
- तब क्या करना चाहिए?... हमारे शास्त्रों में आदमी के लिए सबसे बड़ा पुरुषार्थ एक ही बताया गया है। वह क्या बताया गया है? वह है...
- तब क्या करना चाहिए?... आप स्वर्ग-सा जीवन जीने के लिए मनोकामना को पीछे हटा लीजिए और यह मत सोचिए कि क्या परिणाम मिलेगा। आप अप...
- तब क्या करना चाहिए?... सारे घर में शोक, माँ रो रही है, दादी रो रही है। क्यों रो रही है? हमारा बच्चा था, मर गया। आप रोयेंगे?...
- तब क्या करना पड़ेगा?... गायत्री की प्रेरणाओं, गायत्री की शिक्षाओं का अनुकरण करना पड़ेगा, अनुसरण करना पड़ेगा। अनुकरण और अनुसर...
- तब क्या करना है?... अब हमको इससे आगे आने वाले समय में अकेला नहीं रहना है। पाँच बच्चे ऐसे पैदा करना है जो बड़े हों। वायु-...
- तब क्या था?... संध्या का समय था। इस तरह वे देहरी में जा विराजे, जो न खुली जगह में थी और न बन्द जगह में थी। उन्होंने ...
- तब क्या होगा?... पारिवारिकता का वातावरण होगा। वह क्या है? आप जो दायरा अभी इस्तेमाल करते हैं, वह बड़े दायरे में करना ह...
- तब क्या होगा?... भगवान् के शाप बाढ़ के रूप में बरसेंगे, तूफान के रूप में बरसेंगे, आँधी के रूप में बरसेंगे और किस रूप म...
- तब क्या होगा?... आपका इंजन गरम हो जायेगा और आपकी गाड़ी जल जायेगी। क्यों? क्योंकि उसमें तेल खत्म हो गया है।
क्या ह...
- तब क्या होता था?... दिवाला नहीं निकलता था, क्योंकि वे उससे आगे वाली समर्थ बैंक में अपना बीमा कराते थे। छोटी बीमा कंपनिया...
- तब जो स्फूर्ति हमारे मन में आती है, उमंग हमारे मन में आती है, उचंग हमारे मन में आती है, उस चीज का नाम क्या है?... उस चीज का नाम ईश्वर विश्वास है। वह उसका प्राण है। वह उसका जीवन है। सिद्धियाँ उसी में हैं, चमत्का...
- तब तक आएँगे?... हाँ! तब तक आएँगे। इसके लिए जो स्वप्न देखा था, वह आज पूरा हुआ। स्वप्न पूरा हुआ, लेकिन संकल्प पूरा नही...
- तब तक क्या वे प्यासे रहेंगे?... उनका तो दम निकल जाएगा। बेटे ! यह मतलब नहीं है, इसका। उनको पानी की जरा-सी भी जरूरत होगी तो जरा-सी आग ...
- तब तूने क्या किया था?... दस साल में तूने अब यहाँ आ करके शक्ल दिखाई है, हृदयहीन कहीं का।
इस पागलपन को तो अलग रखना चाहिए; लेक...
- तब तो आप समझ गए होंगे कि वास्तविकता क्या है?... गीता और रामायण जिसका हम यहाँ से प्रचार करते हैं, उसका हम यहाँ पर विद्यालय बनाने वाले हैं। गीता और रा...
- तब तो आपकी पत्नी ने एम०ए० पास कर लिया होगा?... नहीं साहब, उसे तो घर के कामों से ही समय नहीं मिलता है। तो दिखाइए अपनी घड़ी और बताइए कि कितने बज रहे...
- तब तो आपने अपनी खुशी दूसरों के हाथ में गिरवी रख दी न?... आपकी बीबी हँसी-खुशी से रहेगी और आपकी आज्ञा का पालन करेगी, आपकी मरजी से चलेगी तो आप खुश! और नहीं चली ...
- तब तो तू छोटा-सा होगा?... हाँ, माताजी तब मैं छोटा-सा था। देखा था न कितनी भीड़ थी? मथुरा से लेकर वृन्दावन तक सारी भीड़-ही-भीड़ ...
- तब तो बड़ी मुश्किल आती होगी?... हाँ बेटे! मुश्किल आती है। यह रास्ता शूरवीरों का है, बहादुरों का है, योद्धाओं का है। यह रास्ता कायरों...
- तब देवताओं ने क्या किया?... किसी ने रीछ-वानरों का रूप बनाया, किसी ने कुछ रूप बनाया और धरती पर आ गए। रीछ-वानरों ने फिर, वो काम कि...
- तब न तो किसी को जाति का ध्यान था, न ही ऊँच-नीच का, कि कौन ब्राह्मण है, कौन बनिया है और कौन नाई है?... बड़े हो गये, तो जाति-बिरादरी के हमारे सामाजिक बन्धनों से हमारा जीवन नष्ट-भ्रष्ट हो गया। बचपन में ...
- तब फिर आप झल्लाएँगे कि नहीं झल्लाएँगे?... मत झल्लाइए, कोशिश कीजिए, शायद दूसरों का सहयोग मिल जाए। जिस सीमा तक सहयोग मिल जाए, उस सीमा तक ठीक है ...
- तब फिर आप दयालु कैसे?... किस बात के? भाव-सम्वेदनाएँ भी अपूर्ण हैं, अगर वे क्रियाकाण्डों के साथ समन्वित नहीं है। दोनों का समन्व...
- तब फिर आपका मनोरथ कैसे पूर्ण होगा?... मैं तो बत्तीस साल का हूँ। बत्तीस साल का जब वह हो जाएगा, तब आपको इतनी बड़ी सन्तान मिलेगी। बत्तीस साल स...
- तब फिर यह कहाँ से आ गया?... यह बेटे! कमीशन आ गया। कमीशन किस बात का? कमीशन इस बात का कि हमने एक आदमी का क्लेम बीमा कंपनी से जोड़ ...
- तब बेटे, शर्त है कि आप पकड़ क्या रहे हैं?... लीजिए पकड़ लिया और चिल्लाए—भाई साहब! करेंट आ गया-करेंट आ गया। अरे आप तो ऐसे ही चिल्ला रहे थे, झूठ बो...
- तब भगवान को कितना समय देगा?... साढ़े बारह परसेंट देगा? और साढ़े- छियासी परसेंट तू खा जा। इतना तो देगा कि इतना भी नहीं देगा? हाँ महा...
- तब मैं यह कहूँगा कि यह देवता का मन्दिर है और जब इसमें से प्राण निकल जाएगा तो मैं यह कहूँगा कि ये तो मिट्टी है, इसके लिए क्यों रो रहे हो?... इसे जलाकर अलग करो। इसमें क्या रखा है? ये तो बेकार है. निरर्थक है। इसको गाड़ दो, नदी में बहा दो या इस...
- तब लोगों ने कहा कि आप ही बताइए?... तब उन्होंने कहा कि मेरा सुझाव है कि आप शुकदेव जी को बुला लें। शुकदेव जी कौन हैं? शुकदेव जी व्यास जी ...
- तब वह कितने की रह गयी?... पन्द्रह रुपये की रह गयी। उसमें से पानी के जहाज का किराया देना पड़ा। पैकिंग का पैसा लगा। दुकानवालों ...
- तब वे कौन थे?... जवान आदमी और राजगोपालाचार्य? राजगोपालाचार्य की जब मृत्यु हुई थी, तो वे अस्सी वर्ष को भी पार कर गए ...
- तब शंकर जी के नाम का पीला रंग चढ़ेगा कैसे?... हनुमान जी का लाल- गुलाबी रंग चढ़ेगा कैसे? श्रीकृष्ण भगवान का हरा रंग चढ़ेगा कैसे? उपासना का मर्म वस्...
- तब समझदारों, विद्वानों ने कहा कि फिर यह बताइए कि किस आदमी का भविष्य अच्छा है?... इसका सबूत क्या है?
गुरु द्रोणाचार्य ने एक बात बताई कि राजन्! किस आदमी का भविष्य अच्छा है या ब...
- तब सहायता मिलेगी?... नहीं, मेरा पक्का विश्वास है कि फिर नहीं मिलेगी। आप पर कोई कृपा बरसेगी? मैं यकीन के साथ कहता हूँ कि व...
- तब हम क्या करेंगे?... तब हम सिर्फ यही करेंगे कि जहाँ हमारा स्वार्थ प्रेरित करेगा, जो कोई आदमी जीप में बैठाकर ले जाएगा, ज...
- तब हमको भय है कि जब मछली-मछली को खा सकती है तो आदमी-आदमी को क्यों नहीं खा सकता?... सौ वर्ष बाद अगर यही निष्ठाएँ और मान्यताएँ बनती रहीं तो दुनिया का सफाया होकर रहेगा। हमारा ख्याल है कि...
- तब हमारा कार्य पूरा क्यों नहीं होगा?... उनका कार्य अपने आप पूरा कराएँगे। हो रहा है और होता रहेगा। शानदार जो भी आन्दोलन पूरे होते रहे हैं, उस...
- तब हमारे पास पैसा-दौलत हो जाए तो क्या?... ज्ञान हो जाए तो क्या? भक्ति हो जाए तो क्या? विद्या हो जाए तो क्या? उससे कोई खास फायदा नहीं हो सकता ह...
- तमाशे दीखेंगे, आपके अपने सिनेमा हो रहे हैं क्या?... अगर आपने सिनेमा और तमाशा देखने के लिए उपासना की है तो आपको धिक्कार है। मुझे ये कहना पड़ेगा कि आपने अ...
- तमाशे से क्या हो सकता है?... कुछ नहीं हो सकता। क्रिया किस काम के लिए है? क्रियाओं का मकसद एक है। क्रिया एक शिक्षण है। प्राचीनकाल ...
- तमोगुण किसे कहते हैं?... तमोगुण कहते हैं—जड़ता को। महाराज जी! तमोगुण गुस्से को भी कहते हैं? हाँ, गुस्सा को भी कहते हैं, पर...
- तमोगुण गुस्से को भी कहते हैं?... हाँ, गुस्सा को भी कहते हैं, पर वास्तव में तमोगुण आदमी की जड़ता को कहा गया है। जड़ आदमी को तमोगुणी ...
- तरक्की करनी है, तो पूरी कीजिए न और फिर भगवान के मुकाबले जाइये न?... सन्तों के मुकाबले पहुँचिए न। देवताओं के मुकाबले पहुँचिए न? नहीं साहब! हमारी बेइज्जती हो गयी है औ...
- तलवार कहाँ है?... गीध ने कहा, नहीं सही, पर हमारे पास जान तो है और न्याय के लिए, आदर्श के लिए, धर्म के लिए हम मर तो सकत...
- तलवार का महत्त्व हम क्यों कर कम आँकेंगे?... आपकी तलवार कितनी ही कीमती क्यों न हो, लेकिन उसको पकड़ने के लिए हाथों में, कलाइयों में बल होना चाहिए।...
- तलवार काम करती है?... बेटे! तलवार क्या काम करेगी। काम तो हाथ करता है, कलाई करती है। हाथ भी काम नहीं करता, हिम्मत काम करती ...
- तलवार तेरे पास नहीं, बन्दूक तेरे पास नहीं, तू मेरा मुकाबला कैसे करेगा?... उसने कहा कि मैं तुम्हारा मुकाबला नहीं कर सकता और तुम्हें मार नहीं सकता, जीत नहीं सकता, लेकिन जीत ज...
- तलवार बनाती है?... देवियाँ क्या यही काम करती हैं? तो महाराज जी! फिर शिवाजी को तलवार कैसे मिली थी? बेटे! यह अलंकार है, ज...
- तस्करों का कोई इतिहास है?... नहीं ! तस्करों का कोई इतिहास नहीं है। आप क्या चाहते थे? हम तो तस्कर बनना चाहते थे और देवी का पाठ हम ...
- ताँतिया डाकू यही है?... हाँ, यही है। इसने सैकड़ों डकैतियाँ डाली हैं।
सब लोगों ने कहा—"साहब! यह ताँतिया नहीं है, न जाने क...
- ताँबे के पात्र में पंचपात्र लगा दो तो कैसा हो सकता है?... स्टील का पंचपात्र लगा दो तो कैसा हो सकता है? बेटे! मिट्टी का भी बना ले और अगर तेरे पास कोई पंचपात्र ...
- ताँबे को क्यों जला रहे हैं?... अरे साहब! देखना, जलाने के बाद इसमें कैसे मजा आएगा। इसकी भस्म बनेगी, उससे पौष्टिकता आएगी। अच्छा तो आप...
- ताकतवर और बड़प्पन की जो निशानियाँ मैंने पाईं, इसके जो चिह्न मैंने पाए, वे कहाँ से पाए?... मैं चाहता हूँ कि इन चार दिन के शिविरों में वह आपको सिखाकर के जाऊँ और आप यहाँ सीख करके जाएँ। ये बहुत ...
- ताकि लोग यह समझ सकें कि आखिर हिन्दू-धर्म क्या है और भारतीय संस्कृति एवं भारतीय सभ्यता क्या है?... धर्म क्या है और भारतीय अध्यात्म क्या है, इसको समझने में हम समर्थ हो सकें, लेकिन यह सारा के सारा शि...
- ताला भी नहीं लगाते?... हाँ साहब! साँकल नहीं लगाते, वरन रस्सी लेकर खूटी से बाँध देते हैं और यों ही दरवाजा खुला छोड़ जाते हैं...
- तालाब में डूब गया है?... नहीं साहब! शुक्र भगवान तो डूब गये हैं। कहाँ डूब गये हैं, बताइये तो सही। साहब! पण्डित जी के पत्रा ...
- ताली बजाने वालों में और कौन बैठे हुए हैं?... ये बैठे हैं और वो बैठे हैं। जनता को आप तलाश करेंगे, तो मुश्किल से पचास आदमी आपको नहीं मिलेंगे।...
- ताल्लुक इस बात का है कि आपकी नीयत में क्या है?... आपके ईमान में क्या है? ईमान और नीयत के अलावा गायत्री माता और कुछ नहीं देखतीं। गायत्री ही कामधेनु ह...
- ताश ही तो खेलते थे न?... मन कहाँ गया था? अपने भगवान् के पास गया था। आपने भगवान् की शकल बना दी थी सिनेमा के रूप में, ताश के रू...
- तिलक लगाना, माला जपना, गंगाजी नहाना, सत्यनारायण की कथा कहना आदि, क्या यही दैवी परम्पराएँ हैं?... नहीं, बेटे! ये तो खेल-खिलौने मात्र हैं। जो इसी खेल-खिलौनों में उलझे रहते हैं, उन्हें हम ‘अफीमची’ कहत...
- तीन आँख क्यों?... दो आँखें तो सबके होती हैं। शंकर जी की एक और आँख है, जो विवेक की आँख कहलाती है। एक तीसरी आँख आपकी भ...
- तीन कैसी आँखें होती हैं?... बेटे! शंकर जी की एक आँख ऐसी है कि जब कभी उसे खोल देते हैं और उससे जिस किसी को देखते हैं, वह जल करके ...
- तीन चीजें क्या थीं?... एक का नाम गन्ना, एक का नाम दूध—घी, मावा और एक का नाम अन्न—मैदा, सूजी थी। इन तीनों चीजों को लेकर के म...
- तीन छटाँक चावल तो मैं दोपहर को खा जाता हूँ और शाम को?... तीन छटाँक शाम को भी खा जाता हूँ। तीन और तीन—छः छटाँक खा जाता है। कब? जब संग में दाल भी लेता है, शाक ...
- तीन देवताओं की साधना आपको करनी पड़ेगी?... जिसमें एक का नाम मैंने आपको बताया था—शरीर। जब आप नीरोग होंगे, तो पैसा भी कमा सकते हैं, स्वास्थ्य भी ...
- तीन धारायें क्या हो सकती हैं?... गायत्री का स्वरूप क्या हो सकता है? यहाँ इतना तो समय नहीं है कि मैं सारी की सारी फिलॉसफी और तत्त्वज...
- तीन बन्धन कौन से हैं?... हाथों में हथकड़ी—एक, पैरों में बेड़ी—दो और कमर में रस्सा—तीन। यही तीन बन्धन हैं। कभी आपने कैदियों को ...
- तीन बेटियों के बाद दो बेटा हो जाने को?... आपकी दृष्टि में इसके अतिरिक्त और कोई सौभाग्य होता है क्या? नहीं होता। बेटे! यह सौभाग्य नहीं होता। सौ...
- तीन महीने कितने होते हैं?... बहुत जरा से होते हैं। दिन और रात तुम सबको श्रम करना पड़ेगा। दिन और रात एक करने पड़ेंगे, तब कहीं हम उ...
- तीन महीने जेल जाने पर कोई आदमी ज्यादा दुखी तो नहीं होता?... बेटे! हम तो पौने चार बरस रहे हैं। हमारा तो कुछ खराब नहीं हुआ। हम बहुत अच्छी तरह रहे हैं। साहब! हमको ...
- तीन लाख रुपया जो गवर्नमेण्ट ले जायेगी, वह कितने वर्ष में पूरा हो जायेगा?... उन्होंने कहा कि सात साल में। मैंने कहा कि सात साल में क्या बनता-बिगड़ता है, समझ लेना सात साल कमाया ...
- तीन साल का कितना हो गया?... बहत्तर हजार रुपये हो गया। सन्तान पैदा करने के लिए हमें बहत्तर हजार रुपये दे दीजिए। नहीं महाराज जी! हम...
- तीन साल का तप देकर के तेरे बेटा पैदा कराएँगे तो अड़तालीस हजार रुपये के हिसाब से तीन साल का कितना होता है?... डेढ़ लाख रुपये होता है। डेढ़ लाख रुपये देंगे, तेरी सन्तान पैदा कराएँगे, तब तेरी चिन्ता दूर होगी, तब ते...
- तीन हजार की मूर्ति तो मिली नहीं?... मिलती भी कैसे, मूर्तिकला का जो अभ्यास है, वह अलग है।
मित्रो! यह क्या है? यह एक टेक्निक है। मू...
- तीनों वेदों के मंत्रों को कैसे गाया जाना चाहिए?... उसका ‘म्यूजिक’ क्या हो सकता है? सामवेद में यही सब कुछ है। सामवेद में अपना कोई मंत्र नहीं है। तीनों...
- तीर किसने चलाया?... अर्जुन ने। तो आप भी तीर चलाइए और हम आपके सारथी बनेंगे और आपके रथ को आगे बढ़ाते हुए, चलाते हुए चले जा...
- तीर-कमान किसका बनता है?... बाँस का तीर-कमान धारण करने वाले, मोर-मुकुट पहनने वाले और हाड़-माँस का शरीर धारण करने वाले भगवान को आ...
- तीर-कमान वाले को देखना चाहते हैं?... तीर-कमान किसका बनता है? बाँस का तीर-कमान धारण करने वाले, मोर-मुकुट पहनने वाले और हाड़-माँस का शरीर ध...
- तीस लाख रुपये किसे कहते हैं?... तीस लाख रुपये के तीस हजार प्रति महीने ब्याज होगा। आप जब मुकदमे से छूट जाएँ और बीस लाख जुर्माना चुक...
- तीसरा नेत्र कौन-सा?... विवेक का नेत्र, ज्ञान का नेत्र, देवता का नेत्र, आज से लेकर हजारों वर्षों तक आगे और पीछे की अपनी परिस...
- तीसरा भक्त कौन रह गया?... सन्त ने कहा—उस आदमी का नाम है—नारद। नारद ने क्या बिगाड़ा? नारद ने यह बिगाड़ा कि उसने मनुष्य को बता दिया...
- तीसरा वाला हिस्सा कौन सा है?... वह है—हमारी अन्तरात्मा, अन्त:करण, जिसको हम कई बार 'कारण शरीर' भी कहते हैं। यह हमारा सबसे बारीक वाला, स...
- तीसरी बात क्या रह गयी?... तीसरी बात यह रह गयी कि इनसान के पास जो संपदाएँ हैं, वे एक अमानत के रूप में हैं। भगवान सबको प्यार ...
- तुझसे ये किसने कहा?... मित्रो! अगर मैं ये करना चाहूँ तो सोने-चाँदी के जखीरे खड़ा कर सकता हूँ। जो आशीर्वाद मैं फोकट में देता...
- तुझे कभी जुकाम हो जाये, छींक आ जाय, तो देख लेना, भगवान है कहीं?... कहीं नहीं है, केवल कफ़ है। जुकाम हो जाने पर ढेरों कफ़ निकलता है, वही तुझे मिल जायेगा। नाक में से ...
- तुझे ऐसे ही रहना आता है क्या?... छोड़ इस दीनता को, भिखारीपन को छोड़।
सन्त की सन्तान हैं आप
जो कुछ भी आप कर सकते हैं, करें। आपकी ज...
- तुझे किस बात की फिकर रहती है?... साहब! हमारे ऊपर इनकम टैक्स का मुकदमा चल रहा है और हमारी मौसी को जुकाम होता रहता है, इसलिए हमको चिन्ता...
- तुझे कैसी मूँछ चाहिए थी?... आपकी-सी मूँछ चाहिए थी, जो खींचने पर भी नहीं निकलती है। बेटे! तो अभी तू ठहर जा। अभी तू छह साल का है। ...
- तुझे क्या दिखाई पड़ता है?... ” अर्जुन ने कहा, “हमें केवल मछली की आँख दिखाई पड़ती है।” “अच्छा बताओ, मछली की पलक, मछली का सिर आदि क...
- तुझे क्या हो गया?... गधे ने कहा—महाराज! इस रेगिस्तान में मुझे एक महीने से पानी नहीं मिला। अब प्यास के मारे मेरे प्राण निक...
- तुझे जाना कहाँ है?... ध्यान कर कहाँ से आया और कहाँ जाना है?
ध्यान का अर्थ—लक्ष्य का चिन्तन
मित्रो! ध्यान की...
- तुझे नहीं मालूम कि क्या करना पड़ता है?... कल गवर्नर आ रहा है। सबकी अकल लग रही है कि देखिए कूड़ा हटाइए, सड़क साफ कीजिए, रास्ता बन्द कीजिए। नाली...
- तुझे मालूम नहीं है, अब तक के संकल्प पूरे हुए हैं, तो क्या अब पूरे नहीं होंगे?... बिलकुल होंगे। अब देखना होता है कि नहीं होता है, कुछ तो होंगे।
हम तो चाहते हैं कि आपको भी श्रेय मिल...
- तुझे मालूम नहीं है, गायत्री मंत्र क्या है?... गायत्री मंत्र में तो स्त्री का स्वरूप है। गुरुजी! कहाँ है, स्त्री का स्वरूप? तो क्या है इसमें? इ...
- तुझे सिद्धियाँ दी तो तू हजम कैसे करेगा?... यह बता कि मैं आशीर्वाद दिला हूँ, तो तू हजम कैसे करेगा?
इस जीवन में ही अमृत, पारस, कल्पवृक्ष हैं...
- तुझे हमारी शक्ल दिखायी नहीं पड़ती?... बाल बिखरे हैं, कुर्ता फटा है। ऐसे फटेहाल मजनू होते हैं? उसने कहा कि तब तो हम भी मजनू बनेंगे और दूसरे...
- तुझे, पागल को विवेकानन्द बना दें?... पात्रता का विकास करें
मित्रो! क्या करना पड़ेगा? आपको आध्यात्मिकता के उन सिद्धान्तों को जीवन म...
- तुम उसके पास जाओ और यह पूछो कि हमको भौतिक जीवन में उन्नति कैसे करनी चाहिए?... भौतिक जीवन की उन्नति करने के लिए हमारा आध्यात्मिक स्तर क्या योगदान कर सकता है? यह बहुत बड़ी बात है। ...
- तुम एक बात बता सकते हो?... हाँ, बताइये। तुम्हारे पिता जी क्या काम करते हैं और तुम क्या काम करते हो? क्यों? क्या बात है? तुम्ह...
- तुम ऐसा काम करेगी, तो दुनिया हमको क्या कहेगी?... मित्रो! उसने कहा—तो फिर क्या करना चाहिए? सच्ची बात तो यह है कि मेरा मन तो कहता है कि मैं दू...
- तुम कह रहे थे कि ढाई लाख रुपया कर्ज देना रह गया है, तो अब उस दक्षिणावर्ती शंख ने तो चुका ही दिया होगा?... नहीं साहब! वह नहीं चुकाया। तो फिर ब्याज तो चुका ही दिया होगा? नहीं साहब! ब्याज भी नहीं चुकाया। धत ते...
- तुम कहाँ जा रहे हो?... हम तो कहीं नहीं जा रहे, इस दौड़ती हुई मोटर के साथ जा रहे हैं। ये मोटर कौन है, तुम्हारी मौसी है या रि...
- तुम कैसे भगवान हो और तुम कैसे भाई हो?... मैं अकेली तुम्हारी बहन हूँ। तो उन्होंने यह जवाब दिया—"बहन! कर्मबन्धन से भगवान भी अलग नहीं है।...
- तुम कौन हो?... भगवान। अरे बाबा! यह कया ऊधम मचाते हो? भगवान का धनुष भगवान ने तोड़ा और दूसरा भगवान लड़ाई लड़ता है। य...
- तुम क्यों परेशान हो रहे हो?... तुम भी वरदान माँगो।
उसने कहा—महाराज जी! मैं तो यह माँगता हूँ कि इसको आप सुअरिया बना दो। यह जो मेर...
- तुम जा रही हो तो एक बात बताती जाओ?... आप कौन हैं? हम राजा परीक्षित हैं। अच्छा पूछिए, हम आपकी बात का उत्तर अवश्य देंगे। परीक्षित ने कहा कि ...
- तुम तो यह गंगाजल रामेश्वरम् पर चढ़ाने के लिए ले जा रहे थे, यह क्या किया?... " उन्होंने कहा—"इस समय मेरे लिए यही ठीक है और यही रामेश्वरम् है। मैं वहाँ जल चढ़ाने जरूर जा रहा था, ...
- तुम तो हमारे दोस्त हो?... हैं तो सही। उसने कहा—हमारे घोड़ों को, रथ को चलाओ। भगवान ने कहा—अच्छी बात है भाई! जैसा तेरा मन हो, मर्...
- तुम भजन करते हो?... भगवान् को जानते हो? भगवान् को क्या जानते हो? बेटे, भगवान् को दिया जाता है। भगवान् के आदर्शों को जीवन...
- तुम भी थके हुए हो और मेरी भी तबियत ढीली है, मैं कहाँ से ढूँढ़कर लाऊँ?... तुम खाना खा लो ना। मैं उनको खिला दूँगी। कैसे खलीफा हो? कैसे गुरु हो? बच्चों का मोह दूर नहीं करते...
- तुम यह अख़बार क्यों बेचते हो?... उसने कहा—हम अख़बार इसलिए बेचते हैं कि हमारे पिताजी एक ऊँचे सरकारी अफसर हैं और वे यह कहते हैं कि हमार...
- तुम यहाँ रहते हो और मोती बीन लाते हो, इसकी वजह क्या है?... उसने कहा कि भाईसाहब! इसका एक ही उत्तर है—आप बाहर ही बाहर समुद्र की सतह के ऊपर घूमते रहते हैं और भीतर...
- तुम लोग कितने सदस्य हो?... हम है, हमारी बीबी है और दो बच्चे हैं। बेटे, साढ़े छः सौ रुपये तो बहुत होते हैं। अरे महाराज जी! इतने र...
- तुम लोग मेरी भी मिट्टी पलीद क्यों कर रहे हो?... मेरी जिन्दगी में ही मुझे क्यों बदनाम कर रहे हो? मेरे जाने के बाद मुझे बदनाम करना? अभी तो अपनी सफाई ...
- तुम सब अपने आपसे पूछो कि हम तीनों में से क्या हैं?... जीभ चलाने के साथ कठोर परिश्रम करो, अपनी योग्यताएँ बढ़ाओ व निरन्तर प्रगति पथ पर बढ़ते जाओ।दूसरी बात सह...
- तुम सब क्यों रो रहे हो?... अरे साहब! हममें से एक आदमी गायब हो गया है। कहाँ गायब हो गया? मेले में गायब हो गया? मेले में तुम कि...
- तुम हमारी मोहब्बत पर विश्वास करते हो?... हाँ पिताजी! हम आपकी मोहब्बत पर विश्वास करते हैं। तो तुम बैठो हमारे कन्धे पर। बच्चा कुदककर उसके कन्धे प...
- तुमने क्या भार सौंप दिया है?... अरे सौंपना उसको कहते हैं कि जब सौंप दिया, तो पूरे दिल से सौंप दिया। जो कुछ आपको कराना है, कराइए, अब ...
- तुमने मुझे मजदूर क्यों नहीं बनाया?... जो ये सूखी रोटी खा करके भी हट्टे-कट्टे इतने मजबूत हैं और मैं करोड़पति, अरबपति होते हुए भी अन्न को हज...
- तुमने यह क्यों नहीं किया?... चट्टानों को भी है शिकवा
मित्रो! एक बार बहुत जोर से वर्षा हुई। सब जगह पानी-ही-पानी दिखाई देने...
- तुमने सुख नाम की चीज सुनी तो होगी?... परन्तु किसी ने सुख पाया हो तो मुझे अपना नाम बता दे। कोई है आप में से? नहीं साहब! हम तो सुखी नहीं ह...
- तुममें से कोई आदमी जो यह कह सकता हो कि हमने शान्ति का, चैन का जीवन जिया, आनन्द का जीवन जिया, हँसता हुआ जीवन जिया?... कोई है आपमें से? कोई नहीं है। अरे लोगो! तुमने सुख नाम की चीज सुनी तो होगी? परन्तु किसी ने सुख पाया...
- तुममें क्या खास बात है?... ’’ नहीं साहब! हमारे ऊपर शक्तिपात कर दे। इसलिए उन्होंने कहा कि हम शक्तिपात करने वाला गुरु ढूँढ़ रहे थे...
- तुममें से कोई ऐसा आदमी है जिसने सुख पाया है?... शान्ति पायी हो? नहीं, सब अशान्ति से जलते हुए चले गये। मित्रो! हमारे जीवन के जितने भी क्षेत्र हैं...
- तुम्हारी क्या दुश्मनी है?... साँड़ों ने कुछ नहीं सुना और लड़ना जारी रखा। स्वामी जी ने हाथ को ऊँचा किया और दोनों साँड़ों के बीच मे...
- तुम्हारी खास बात क्या है?... यही कि मैं कितनी किफायतसार हूँ। मैंने दो ही दीनार में पाँच दिन तक काम चलाया और आपको पता भी न...
- तुम्हारी माँ ने क्या सिखाया है?... तुम तो ऐसी हो, वैसी हो—आदि-आदि। सारे दिन क्लेश से समूचे घर को नरक बना डाला। ऐसा बेवकूफ इंसान है।...
- तुम्हारे कपड़े-लत्ते और बोलचाल से मालूम पड़ता है कि तुम्हें किसी सम्पन्न घर का होना चाहिए; क्योंकि इतने कम पैसे में अख़बार बेचते हो, क्या वजह है?... उसने कहा कि स्वामी जी! आप हिन्दुस्तान से आये हैं। हिन्दुस्तान के तरीके और जर्मनी के तरीके अलग-अलग ...
- तुम्हारे पास क्या है?... उसके पास भी चार रुपये थे। रखिये, जो भी तुम्हारे पास है। तुम्हारे पास क्या है? पीतल का लोटा है। सबक...
- तुम्हारे पास भावनाएँ कहाँ से आयेंगी?... तुम्हारे पास भावनाएँ आयेंगी कि दौड़-दौड़कर पैसा आना चाहिए। तेरा मन नहीं लगता। कहाँ भाग जाता है? आज के ...
- तुम्हारे पिता जी क्या काम करते हैं और तुम क्या काम करते हो?... क्यों? क्या बात है? तुम्हारे कपड़े-लत्ते और बोलचाल से मालूम पड़ता है कि तुम्हें किसी सम्पन्न घर का ह...
- तुम्हारे लिए फिजूल का कहाँ है?... तुम ब्राह्मण ही हो, पर कहीं भी चिन्तन गड़बड़ाता हो, तो उस चिन्तन को तुम साफ करना। आगे आने वाले समय में...
- तुम्हारे सामने क्यों हाथ फैलाएँगे?... हम उस भगवान के सामने नहीं फैलाएँगे, जिसने सारे कार्य पूरे किए हैं।
आपको मालूम होना चाहिए कि गुरुजी ...
- तुम्हारे स्वागत में कोई कमी है क्या?... या हमने आपको जो बुलाया है, तो सम्मानपूर्वक नहीं बुलाया? क्या बात है, जरा बताइए तो सही?"
उस ब्राह...
- तुम्हारे हिस्से में अस्सी रुपये आए थे, सो वह क्यों नहीं लिया?... अरे साहब! हमारा तो गुजारा हो जाता है. आपको तंगी पड़ती है, आप ही ले लीजिए। अस्सी रुपये का घी आपके लिए...
- तुम्हें इस जगह पर क्या मजा आता है?... उन्होंने कहा—इस मजे को और इस आनन्द को चखना हर आदमी का काम नहीं है। क्यों? क्योंकि हर आदमी इंद्रियों क...
- तुम्हें क्या मालूम है?... गुरुजी परिजनों को अपने साथ ले जाया करते थे। उसके कन्धे पर हाथ रखकर कहते, चल बेटा, जमुना जी वहाँ बैठें...
- तुम्हें भीख माँगने की आवश्यकता क्यों पड़ गई?... मेहनत-मजदूरी क्यों नहीं करते? भीख तो भगवान से भी मत माँगो, भगवान से माँगो वह शक्ति; ताकि हम सारे संस...
- तुलसी के पत्ते खाने वाले और तलवार घुमाने वाले कहीं सन्त होते हैं क्या?... उन्होंने कहा—नारद। जरा पता तो लगाएँ कि भाई मामला क्या है? यह तो सही है कि इसका आशीर्वाद फलित हो जाता...
- तुलसीदास ने भक्ति की, तो कैसी मजेदार भक्ति की कि बस पीपल के पेड़ पर से, बेल के पेड़ पर से कौन आ गया?... भूत आ गया। उन्होंने कहा कि हमको भगवान् के दर्शन करा दो। उस भूत ने कहा कि भगवान् के तो नहीं करा सकत...
- तुलसीदास का नाम सुना?... जब थे कामुक तो कैसे थे जब उनकी स्त्री चली गयी पिता के घर तो वहाँ जा पहुँचे वह सुना है न किस्सा आपन...
- तुलसीदास जी का उद्धार कैसे हो गया और उनमें क्या खराबी थी?... साहब! आपको मालूम नहीं है, वे बहुत खराब आदमी थे। तुलसीदास जी बडे कामुक थे। उनकी काम-वासना इतनी तीव्र ...
- तुलसीदास जी जो कामी थे, उन्हें यह भी होश नहीं कि कहाँ चले जा रहे हैं?... नाव में बैठकर जा रहे हैं, कि लाश पर बैठकर जा रहे हैं, कि रस्सी को खींचते हुए जा रहे हैं, कि साँप को ...
- तुलसीदास जी निकम्मे आदमी थे, आपने उनके सारे किस्से सुने हैं, लेकिन जब भगवान ने उनको प्यार किया तो क्या-क्या हुआ?... भगवान के प्यार में एक ही विशेषता है कि जैसे पारस लोहे को छुएगा तो उसे सोना बना देगा। तुलसीदास भी सोन...
- तुलसीदास ने क्या काम किया?... तुलसीदास ने जब अपनी दिशाएँ बदल दीं, जब उनकी बीबी ने कहा, नहीं, तुम्हारे लिए ये मुनासिब नहीं है। क्...
- तू अपनी माला को क्या समझता है—मशीनगन?... खटाखट, फटाफट चलाऊँगा और सबको मार डालूँगा। किसको मार डालेगा? हनुमान जी को मार डालूँगा, सन्तोषी माता को...
- तू अपनी स्त्री को क्या कभी एक चम्मच जल से स्नान करा सकता है, फिर गायत्री माता तो बड़ी हैं, उन्हें कैसे करा देगा स्नान?... महाराज जी! ‘स्नानम् समर्पयामि’ कहकर। बेटे! तू असली मकसद को समझता नहीं है, केवल पानी, चम्मच आदि के चक...
- तू इतनी सुंदर युवती है और तू इस कोढ़ी के साथ क्या रहेगी?... तू हमारे साथ चल। हमारे यहाँ गाड़ियाँ हैं। हमारे यहाँ खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था है, कोठी है और न जा...
- तू उस आँख से देख कि मेरा स्वरूप क्या है?... भगवान ने अर्जुन की, विवेक की आँखें खोल दी। अर्जुन ने देखा कि यह सारा ब्रह्माण्ड, सारा विश्व, सारी वस...
- तू कभी इसके बारे में सोचता है क्या?... अरे तूने इतने सारे बच्चे पैदा कर लिए? इसे नासमझी के अतिरिक्त और क्या कहा जाय?भगवान् ने कहा कि मैंने ...
- तू कल वहाँ बैठकर जलेबी खा रहा था, वह कहाँ से आई थी?... अरे! हमारी लैला खिलाती है। हम तो मजनू हैं। मजनू में क्या बात है? तुझे हमारी शक्ल दिखायी नहीं पड़ती? ...
- तू कहाँ जंजाल में फँस रहा है, हमारे काम नहीं आएगा क्या?... हमारे से मतलब यह मत समझना कि माताजी यह कह रही हैं कि बेटे! तू हमारे काम आ और हम थक गए, देख अब हमसे क...
- तू कहाँ तक बचेगा?... मैं तुझे छोड़ेंगी नहीं, जब तक कि मैं तुझे चबा न जाऊँ। मनुष्य का स्वार्थ बहुत बड़ा है। हनुमान कहाँ तै...
- तू कहाँ था?... तू भी खाले। जी मालकिन! आपने अभी बुलाया कहाँ था? हाँ, ठीक है, यहाँ आ जा। बैठ जा, यहाँ आ और खाना ख...
- तू कहाँ से आया है?... तू क्या काम करता है? नाम से तो जानती हूँ लेकिन कई बार चेहरा भूल जाता है। मैंने उससे कहा, हाँ बेटे, ऐ...
- तू काहे को इस झगड़े में पड़ता है?... अपने पेड़ पर बैठा रह और अपने मतलब से मतलब रख। अपने काम से काम रख और अपने नाती-पोतों को खिलाया कर। म...
- तू काहे को घबरा रहा है?... चल आगे आ जा। आगे आ गया। कहाँ चला गया। समर में चल, लड़ाई के मैदान में चल।
पहले कोई जमाना था, जबकि क्...
- तू कितने वर्ष का हो गया?... महाराज जी! चालीस वर्ष का हो गया। लक्ष्मी जी की पूजा करते-करते कितने वर्ष हो गये? हमने चालीस दीवाली...
- तू किस झगड़े में लगा है, तू चलेगा नहीं क्या?... अभी हमें बी० ए० का इम्तहान देना है। आप बार-बार क्यों आ जाते हैं? जब हमारी इच्छा होगी तब आ जाएँगे। नह...
- तू किसको प्रणाम करता है-बनिया को या पण्डित को और किसके पैर छूता है?... लालाजी के या पण्डित जी के? पण्डित जी के क्यों? क्योंकि वह बड़ा होता है। ज्ञान बड़ा होता है और धन कमजोर...
- तू कुन्दन क्यों नहीं बनता है?... तू लोहे का क्यों है? लोहा नहीं बनना चाहिए, आपको सोना बनना चाहिए, आपको हीरा बनना चाहिए, आपको क्वान्टि...
- तू कैसा है?... साहब! मैं तो बड़ा अच्छा हूँ। चुप, दुष्ट कहीं का! तू अच्छा रहा होता तो कितनों को पार कर दिया होता और ...
- तू कौन है?... मैं तो रामेश्वरम् हूँ। तो यहाँ क्यों पड़ा हुआ था? उन्होंने कहा कि मैं सन्त की परीक्षा लेने के लिए पड़ा ...
- तू क्या कर रही है?... आज तो मैं शादी-ब्याह कर रही हूँ। दावत बना रही हूँ। दावत में कितना पैसा खर्च होता है, यह भी नहीं ...
- तू क्या करता है इस मोटर का?... गुरुजी! हमारे बच्चे इससे कॉलेज पढ़ने जाते हैं। हमारी लड़कियाँ पढ़ने जाती हैं। मोटर पहुँचाने जाती है...
- तू क्या कह रहा था?... नहीं साहब! मैं तो मनोकामना की बात कह रहा था। बेटे! मनोकामना की बात तो ठीक है, पर इसका होगा क्या? भगव...
- तू क्या काम करता है?... नाम से तो जानती हूँ लेकिन कई बार चेहरा भूल जाता है। मैंने उससे कहा, हाँ बेटे, ऐसा ही है, तुम बताओ, क...
- तू क्या गुरुजी बन जायेगा?... नहीं, ऐसे गुरुजी नहीं बनेगा। इसके लिए क्या करना पड़ेगा।मित्रो! करना यह पड़ेगा कि आपको स्वयं में, एक ...
- तू क्या चाहता है?... साहब! कर्म के द्वारा जो अच्छे फल मिलने चाहिए, वह हम कर्म की अपेक्षा पूजा और पाठ के उपरांत पाना चाहते...
- तू क्या समझता था?... हम तो यह समझते थे कि ये सब प्रारम्भिक वस्तुएँ हैं और उनसे ही सफलता मिल जाती है। मसलन आपके हाथ में छेन...
- तू क्यों दुःखी होता है?... तेरा भी एक वरदान ड्यू है, तू माँग।
बच्चे ने कहा कि भगवान मेरी तो जैसी माँ थी, वैसी ही बना दो। तो ...
- तू क्यों परेशान हो रहा है?... तू क्यों दुःखी होता है? तेरा भी एक वरदान ड्यू है, तू माँग।
बच्चे ने कहा कि भगवान मेरी तो जैसी माँ...
- तू चाहता तो अपने एकलौते भानजे को बचा नहीं सकता था?... "
कृष्ण ने कहा—"हे बहन! भाई मैं तेरा जरूर हूँ। इसमें कोई शक नहीं है; लेकिन प्रारब्ध जन्म के जो भोग...
- तू छोटा बच्चा, छोटा भाई है और तुझे ही गद्दी पर बैठना चाहिए?... तू गद्दी पर बैठ। भरत कहते थे कि आप बड़े भाई हैं और आप पिता के तुल्य हैं, आपको ही गद्दी पर बैठना चाहि...
- तू जानता है कि 'लिविंग स्टैंडर्ड' किसको कहते हैं?... जीवन यापन करने की पद्धति को 'लिविंग स्टैंडर्ड' कहते हैं। नहीं साहब! 'लिविंग स्टैंडर्ड' बड़े आदमी का ...
- तू जो सन्त-महात्माओं की सेवा करता है, भगवान का भजन करता है, वह किस काम के लिए करता है?... यही वरदान माँगने के लिए, आशीर्वाद पाने और कुछ सिद्धियाँ पाने के लिए करता हूँ। बेटे! ये सिद्धियाँ, ये...
- तू तो कुछ काम करता है कि नहीं करता है?... नहीं साहब! मैं तो नहीं करता।बेटे! काम तो करना चाहिए। समाज के लिए करना चाहिए। अपने लिए करना चाहिए, कि...
- तू तो देवी है, फिर नुकसान क्यों करती है?... ऐसी देवी सारे हिन्दुस्तान में फैल गई हैं। सारे देश में देवी-देवताओं के, भक्ति के और भगवान के नाम पर अ...
- तू तो वह खबर लाया है कि मेरे पेट में न मालूम क्या होने लगा है?... अच्छा होता कि तूने अपना यह मुँह बन्द रखा होता। वह जाएँगे, तो जाएँगे ही। हाँ, हमने यह भी कहा है कि हम...
- तू नास्तिक है न?... हाँ साहब! मैं नास्तिक हूँ। मैं भगवान को नहीं मानता। तब भी बेटे! हम तुझे ऋषि कहेंगे; क्योंकि तेरा जीव...
- तू भगवान को ऐसा समझता है?... नहीं महाराज जी! आप बुला दीजिए। बेटे! हममें तो ताकत है नहीं, तुझमें ताकत है तो बुला ले हनुमान जी को। ...
- तू भी इसके संग का है?... चेला बहुत घबराया। उसको मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना पड़ा। उसने कहा कि मैं कसम खा करके कहता हूँ कि...
- तू भी उसमें से लोटे में भरकर ले जाना और देखना कि यह पानी खराब हो जाएगा क्या?... खराब नहीं हो सकता। अब यह सड़ेगा नहीं। क्यों? क्योंकि अब यह गंगाजी में शामिल हो गया।
सामीप्य ...
- तू भी कुछ देगा क्या?... विद्यार्थी बोला- ‘गुरुदेव! मेरे पास क्या है? मैं क्या दे सकता हूँ।’ लौंग का एक जोड़ा लेकर गुरुदेव क...
- तू मानता क्यों नहीं है?... बेटे, कोई चमत्कार नहीं है। अगर दुनिया में कोई चमत्कार है, तो एक ही है कि आदमी अपनी खोई हुई शक्तियो...
- तू मुझे कुछ देगा क्या?... मैंने तुझे विद्या दे दी, प्यार दे दिया, बल दे दिया। तू भी कुछ देगा क्या?विद्यार्थी बोला- ‘गुरुदेव!...
- तू मुझे प्रसाद नहीं खिलाएगी क्या?... शबरी ने कहा भगवान का प्रसाद भक्त खाया करते हैं। राम ने कहा- नहीं शबरी केवल भगवान का प्रसाद भक्त ही...
- तू मेरा भक्त है?... नहीं है, तू बेकार की बातें करता है। नहीं, मैं आपका भक्त हूँ। तो फिर ला, तेरी सबसे प्यारी चीज कौन सी ...
- तू मेरे पीछे चलना चाहता है कि मुझे अपने पीछे चलाना चाहता है?... हमने कहा कि हम ऐसी गुस्ताखी नहीं कर सकते कि हम जैसे घटिया आदमी आपसे यह कहें कि आप पीछे चलिए और हम जो...
- तू यह बता कि तूने अपने जीवन का परिष्कार कर लिया कि नहीं, तभी बेटे बात बनेगी अन्यथा नहीं?... हमारे गुरु ने हमें बार-बार बुलाया है। बार-बार बुलाने की शृंखला उन्होंने उस समय से प्रारम्भ की जिस समय...
- तू यहाँ का चौकीदार है?... हाँ साहब! चोरी हो गयी। लगता है तू भी चोरों से मिला हुआ है और चोर पकड़कर यहाँ लाया है। नहीं साहब! हम...
- तू लोहे का क्यों है?... लोहा नहीं बनना चाहिए, आपको सोना बनना चाहिए, आपको हीरा बनना चाहिए, आपको क्वान्टिटी नहीं, क्वालिटी बनन...
- तू वही लड़की है?... उसने कहा—हाँ, महाराज जी! मैं वही लड़की हूँ, तो फिर तेरा बच्चा कहाँ है? उसने बच्चे को उनके चरण...
- तू व्यायाम क्यों नहीं सीखता?... अरे उमा की माँ। तू बीमार रहती है, तेरा पेट खराब रहता है। चल मैं तुझे व्यायाम सिखाता हूँ। तू क्यों ...
- तू शरीर है न?... हम पर हुकूमत चलाना चाहता है। अगर शरीर हमारे ऊपर हावी होता है और यह कहता है कि शरीर की मरजी से मन को ...
- तू समझता नहीं है क्या?... महाराज जी मैं बी.ए. करूँगा, एम.ए. करूँगा, नौकरी करूँगा। नहीं बेटे, तू नौकरी करेगा, तो मेरा काम हर्...
- तू समझता है कि टाइम किसे कहते हैं?... समय किसे कहते हैं? अरे अभागे ! तूने तो सारा वक्त बेकारी में, गप्पबाजी में, आवारागर्दी में, निरर्थक क...
- तू समझता है कि श्रीकृष्ण भगवान से सुख मिलेगा?... बेटे, तू भगवान श्रीकृष्ण की जिन्दगी को पढ़ ले। वे जेलखाने में पैदा हुए, फिर पूतना, बकासुर, तृणावर्त...
- तू हमारा यह सिद्धान्त मान ले, हम तेरी बात मान लेंगे कि यह एक कहानी है और यह गलत है कि आदमी के पेट में समुद्र कैसे समा सकता है और जब वह पेशाब करने बैठेगा, तो कितना टाइम लगेगा?... हजारों-लाखों वर्ष लग जायेंगे। कहाँ तक पेशाब करेगा? लेकिन हमारी यह बात सही है कि आदमी का संकल्प इतन...
- तूने अकल कहाँ खरच की, मशक्कत कहाँ की?... तूने समय कहाँ खरच किया, इसका जवाब दे। अगर इसके पास कोई जवाब है, तो भगवान की तरफ से, सिद्धपुरुषों की ...
- तूने अपनी संकीर्णता सौंपी है कि नहीं?... नहीं, यह नहीं सौंपी है। यह सौंप दिया है, जो मुझसे नहीं हो रहा है, वो काम आप करा दीजिए। बेटा! तूने कु...
- तूने पेट में स्नान करा लिया?... नहीं महाराज जी! पेट में तो मल भरा हुआ है, पेशाब भरा हुआ है। अच्छा, तो तू उसको नहीं निकाल सकता है, पर...
- तूने बदल दिया कि नहीं?... हाँ महाराज जी! मैंने तो बदल दिया। बेटे बदल गया, तो हम भी बदल गए।मित्रो! अब हमारा कुटुम्ब जवान हो गय...
- तूने यह क्या रख दिया?... बदबू के मारे मेरी नाक सड़ी जा रही है और मुझे उल्टी होने वाली है। पत्नी ने कहा कि ये वह बैंगन हैं, ज...
- तूने ये दो शब्द कहीं से सुन लिए हैं कि कोई गुरु होता है और कोई चेला होता है, किन्तु इनका मतलब नहीं समझता है कि गुरु-चेला का अर्थ क्या है?... बेटे! गुरु और चेला का मतलब होता है—गाँधी और जवाहरलाल नेहरू जैसा, रामकृष्ण और विवेकानन्द जैसा। महाराज ...
- तूने सारे के सारे ट्रैवलर चेक ऐसे ही खराब कर दिए?... हर दिन नया जन्म, हर रात नई मौत— बेटे! मरने के दिन आपको जिन्दगी का सारा एकाउण्ट देना होगा।...
- तूने सूराख किया?... नहीं साहब! नहीं किया। वे सब बड़े खराब हैं। हाँ बेटे! तेरा कहना बिलकुल सही है। वे सब बड़े खराब हैं, ज...
- तूने, महीने भर हो गया, शंकर जी को न तो कुछ खाना खिलाया, न दवाई दी, फिर तुम्हारी मनोकामना कैसे पूरी करेंगे?... अच्छा महाराज जी! मैं शंकर जी के लिए दवा लेकर आऊँ। ये लीजिए, आक के फूल खा लीजिए और ये धतूरे के फल खा ...
- तूफान आये तो क्या?... न हिलता है, न डुलता है। गिरने की बात ही नहीं उठती।मित्रो! कबूतर भी एक पक्षी है। वह भी घोंसला बनाता ह...
- तेजाब डालने के बाद कहाँ ले जाता है?... घाट पर ले जाता है और क्या करता है? उसे पत्थर पर पछाड़-पछाड़ कर दे मारता है और धो-धो करके उसका सारा क...
- तेजोवलय क्या है?... यह इलेक्ट्रिसिटी है। कैसी इलेक्ट्रिसिटी है? आध्यात्मिक इलेक्ट्रिसिटी है, जिसको हम ओजस् कहते हैं। जिस...
- तेरह में से क्या हुआ?... उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ। उनके ऊपर तीस रुपये का इनाम था कि जो कोई भी ईसामसीह को गि...
- तेरा एक घण्टा कितने दाम का है?... एक रुपया, एक घण्टे की मजदूरी होती है। तीन घण्टे लगाता है। हाँ साहब! नौ दिन लगाता हूँ। चल सत्ताईस रुपये...
- तेरी उपासना का जो परिणाम मिलना चाहिए था, उससे जिस वातावरण का परिशोधन होना चाहिए था, उस वातावरण का परिशोधन हुआ क्या?... जिस उद्देश्य से हमने प्रेरणा दी थी, शक्ति दी थी और दीक्षा दी थी, शिक्षा दी थी। न हमारा उद्देश्य पूरा...
- तेरी कुल्हाड़ी लोहे की है?... " लकड़हारे ने कहा—"आपके लिए तो लोहे की है, पर मेरे पास तो पैसे नहीं हैं। मेरे लिए तो वह सोने-चाँदी स...
- तेरी घंटरिया सुनने के लिए भगवान आयेंगे?... वे तेरे तरीके से ऐसे ही फालतू बैठे रहते हैं? घंटरिया बजा दी और वे आ गये। फिर दुबारा घंटी बजायी। कि...
- तेरी दुकान में कितने हिस्सेदार हैं?... दो हिस्सेदार हैं तो उनको भी मुनाफा देता है कि नहीं। महाराज जी! दिया करूँ? हाँ बेटे! उसे दिया कर। तेर...
- तेरी पूरी करनी चाहिए और तू भगवान् की मनोकामना पूरी नहीं करेगा?... मैं क्यों करूँगा? मैं तो अँगूठा दिखा दूँगा भगवान को।
ढूँढ़ना है इस जमाने में ‘‘आदमी’’ को
...
- तेरी बात क्या है?... बौने आदमी और बच्चों की चिन्ता क्या हो सकती है? बच्चा हरदम कुछ न कुछ माँगता रहता है कि कुछ लाइये। ...
- तेरी बात हम सब जानते हैं कि तू कैसा दानी है?... नाम के लोभी, यश के लोभी अगर किसी अच्छे काम के लिए तेरा देने का मन होता, तो भगवान तेरे पास आ जाता और ...
- तेरी भी तो कन्या होगी?... तेरी भी तो लड़की स्कूल जा रही होगी। वह भी फिर वेश्या है क्या? नहीं साहब! हमारी लड़की तो वेश्या नहीं ...
- तेरी हैसियत क्या है, तेरी औकात क्या है?... तू तो बिल्कुल नाचीज है। फिर यह क्या करती है? उसने कहा- नाचीज मेरा शरीर है। नाचीज मैं पैसे के हिसाब...
- तेरे अन्दर क्या इतनी करुणा है कि दूसरे आदमी, जिनको सहायता की आवश्यकता है, उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तू अपनी विलासिता के मुकाबले में क्या महत्त्व देता है और क्या तरजीह देता है?... अपनी बीबी के लिए पाँच हजार रुपये की हीरे की अंगूठी खरीद करके लाया, ठीक है; पर मैं यह पूछता हूँ कि प...
- तेरे अन्दर वह हिम्मत, वह साहस है कि तू कर पाएगी?... इतना अन्न जुटा पाएगी?’’
उसने कहा—‘‘पितामह! आपकी शक्ति और मेरा पुरुषार्थ और मेरा संकल्प बल, देखिए चम...
- तेरे घर में कैसे हैं?... तेरे बीबी-बच्चे कैसे हैं? बाद में यह नहीं कहें कि माताजी ने पूछा नहीं। हम इसलिए पूछते हैं, ताकि आपका...
- तेरे घर में?... हमारा बाप है, जो पड़ोस में ही काम कर रहा है इसी खेत में। हम दोनों खेती का काम करते हैं। हमें उनके पा...
- तेरे पास आस्थाएँ कहाँ हैं?... तेरे पास विश्वास कहाँ है? अगर तेरा यह खयाल है कि कृत्यों के माध्यम से, घटनाओं के माध्यम से, क्रिया-क...
- तेरे पास कितनी जमीन है?... पचास बीघे जमीन है। कुल पचास बीघे? हाँ महाराज जी! पचास बीघे।बेटे! हमारे यहाँ तो सौ बीघे जमीन होती ह...
- तेरे पास क्या है?... गुरुजी! हमारे पास बत्तियाँ लग रही हैं, बल्ब लग रहे हैं। देख, हमारे पास इतना बड़ा बल्ब है, जो लाखों रु...
- तेरे पास क्या है?... निकाल और हम कहते हैं कि तेरी दौलत कहाँ है? निकाल, दे हमको। भगवान कहता है कि निकाल तेरे पास कहाँ है? ...
- तेरे पास चौकीदार है?... नहीं साहब! नहीं है। बन्दूक है? नहीं साहब! नहीं है, तो बेटे! तेरी जान को खतरा है, क्योंकि सुरक्षा का इ...
- तेरे पास जो अकल है, उसे कहाँ खरच करना है?... अगर यह बात बता देगा, तो मैं तुझे नई अकल दूँगा। नहीं महाराज जी! ज्ञान दीजिए। आपके गुरु ने तो बहुत ज्...
- तेरे पास पैसे कहाँ हैं?... अभी तो दस पैसे माँग रहा था और कह रहा है कि हवाई जहाज में लेकर चलूँगा। यह भविष्य की कल्पनाएँ करने वाल...
- तेरे पास बन्दूक तो है नहीं, फिर गोली कैसे चलाएगा?... इसलिए क्रियायोग के माहात्म्य का खंडन करने पर जब मैं उतारू हो जाता हूँ तो आवेश में आकर कर्मकाण्डों के ...
- तेरे पास विश्वास कहाँ है?... अगर तेरा यह खयाल है कि कृत्यों के माध्यम से, घटनाओं के माध्यम से, क्रिया-कलापों के माध्यम से भगवान क...
- तेरे पास, चिन्तन कहाँ है?... तेरे पास आस्थाएँ कहाँ हैं? तेरे पास विश्वास कहाँ है? अगर तेरा यह खयाल है कि कृत्यों के माध्यम से, घट...
- तेरे पुण्य का कोई अंश जमा है क्या?... उसने कहा भगवान। मैं नहीं जानती। कल्पना में भी मैंने तो जिन्दगी में भी कोई ऐसा पुण्य नहीं किया, जो मैं...
- तेरे बीबी-बच्चे कैसे हैं?... बाद में यह नहीं कहें कि माताजी ने पूछा नहीं। हम इसलिए पूछते हैं, ताकि आपका मन हलका हो जाए। बेटे! उलट...
- तेरे यहाँ क्या है?... चलिए गुरुजी! हम दिखाते हैं। उसकी दो लड़कियाँ जो एम.ए. कर रहीं थीं और लड़के बी.ए. कर रहे थे, खेत मे...
- तेरे यहाँ तो कुछ नहीं है?... महाराज जी! हमारे यहाँ ज्यादा तो नहीं, पर थोड़ा वबाल तो है। बेटे! जब तक पैसे बढ़ेंगे, तेरे ऊपर मुसीबत...
- तेरे राम का नाम लेने से क्या फायदा?... राम का नाम और बदनाम हो जायेगा। कोई यह कहे कि हम तो गुरु जी के चेले हैं और वहाँ शराब पीने और जुआ ...
- तेरे लिए बहुत आशीर्वाद, परन्तु बेटा जब माला करता है, तो उसके साथ-साथ विचारों को भी लाता है कि नहीं?... महाराज जी, विचार तो मेरे भागते रहते हैं। तो बेटा, भगवान की उपासना तेरी अधूरी है। तेरी उपासना का जो प...
- तेरे साथ में कैसा व्यवहार किया जाए?... ’’ उसने कहा—‘‘ऐसा व्यवहार किया जाय, जैसे कि एक राजा को, दूसरे राजा के साथ करना चाहिए।’’ सिकंदर की आँ...
- तेरे हिस्से में है क्या?... अगर आपको अपने हिस्से में लाना है तो वही चीज लानी पड़ेगी, जिसका मैंने निवेदन किया। आपको वह उपासना करन...
- तैने अपनी सभा में सारे के सारे चमार भरती करके रखे हैं?... ये चमार थोड़े ही हैं। ये तो ब्राह्मण हैं, ठाकुर हैं, बनिये हैं। नहीं, सबके सब चमार हैं? क्यों, चमार ...
- तैने कुछ खाया है?... नहीं साहब! नहीं खाया है। तो ले, यहाँ बैठकर खा ले। चार आने-आठ आने का खा लिया। दुकानदार ने उसे नोट कर...
- तैरने के लिए तालाब होना चाहिए ना?... पढ़ने के लिए कोई विद्यालय होना चाहिए ना? कोई भी काम सीखने के लिए, कोई भी काम करने के लिए प्रयोगशाला क...
- तो क्या पिताजी अपने साथ आपका शरीर भी ले गए?... मित्रो, आपने समय की कीमत नहीं पहचानी।एक ड्राइंग मास्टर थे। साठ वर्ष की आयु में वे रिटायर हुए। रिटायर...
- तो क्या भगवान् बुद्ध ने हिन्दुस्तान का-सारे एशिया का बेड़ा गर्क नहीं कर दिया था?... नहीं मित्रो! ऐसा नहीं हो सकता। यह काम पीछे वालों का अनुयायियों का तो हो सकता है, पर भगवान् बुद्ध क...
- तो क्या हम बेवकूफ हैं?... नहीं, हम बेवकूफ नहीं हैं? हम बुद्धिमानों में सभी से ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं। जिस जानदार और बिना जा...
- तो फिर क्या चीज दूँ?... मेरे पास क्या है बताइये? मैं तो साल भर आपके पास पढ़ा हूँ और रोटी भी तो मैंने यहीं से खाई है। कपड़ा भ...
- तो बाहर वाले लोगों को कैसे मालूम पड़ेगा कि आप जिस मिशन को लेकर चले हैं, उस मिशन को पूरा करने में आप समर्थ होंगे कि नहीं?... मिशन को आप समर्थ बना सकते हैं कि नहीं? आपके विचारों की झाँकी आपके व्यवहार से भी होनी चाहिए।...
- तो अनेक तरह के देवी-देवता क्या हैं?... ये बेटे कल्पनाएँ हैं। कल्पना न होती, तो इतने तरह के फर्क कैसे हो जाते? अगर दुनिया में हजारों भगवान ह...
- तो अब आप क्या चाहते हैं?... हमको बड़ी नौकरी मिल जाए। अच्छा तो आप एक काम कर लीजिए-आप बी.ए. कर लीजिए, बी.एड. कर लीजिए। फिर हमारे प...
- तो अब आप क्या चाहते हैं?... वह अपने पति के यहाँ से आपको मनीआर्डर भेजे। अरे गुरुजी! आप क्या बात कहते हैं? हमारी बेटी हमको मनीआर्ड...
- तो अब आप ही बताइए कि बिना ब्याह वालों की हम कैसे मदद कर सकते हैं?... फिर हमने पूछा कि शादी-ब्याह नहीं हुआ तो बाल-बच्चों की ही मदद कीजिए, क्योंकि ये कहता है कि हमारे तीन ...
- तो अब आपको दिखाई नहीं पड़ता?... हाँ गुरुजी! हमें दिखाई नहीं पड़ता। अच्छा तो अभी के फायदे के पीछे आप अपने भविष्य का सत्यानाश करने पर ...
- तो अब इससे लोहा कैसे निकलेगा?... देखिए अब तमाशा दिखाते हैं कि इसमें क्या-क्या होता है। कच्चा लोहा लिया और तुरन्त लेने के बाद उसको भट्ट...
- तो अब कौन से हैं?... जनता पार्टी वाले हैं। ठीक है तो हम भी जनता पार्टी में हैं। आप भी जनता और हम भी जनता। हाँ, ठीक बात है...
- तो अब क्या करना चाहिए?... शमीक ऋषि ने फौरन राजा परीक्षित के पास खबर भेजी कि भाई! एक सप्ताह का समय रह गया है, तुम्हारी जान बचेग...
- तो अब तक हम अशुद्ध थे?... हाँ, अब तक अशुद्ध थे। आज आपकी शुद्धि हुई है और आगे के लिए आपने यह प्रण किया है कि हम जीवनभर उन गलतिय...
- तो अम्मा के पास क्या है?... बेटे, उसके पास प्यार है, दुलार है। तुम्हें छाती से वही लगाए रहेगी, दूध वही पिलाएगी। तू जब गन्दगी कर ल...
- तो अयोध्या में क्या कमी थी?... अयोध्या में वह वातावरण नहीं था जो हिमालय का वातावरण है—संस्कारी वातावरण, जिसमें कि हजारों वर्षों से ...
- तो आखिर पेट कैसे भरा जाए?... उसके लिए आप यहाँ का स्वावलम्बन विद्यालय देख करके जाइए।
यह आपको अपने यहाँ करना है। आप यहाँ ट्रेंड ह...
- तो आठ घण्टे हो गये या नहीं?... हाँ साहब! आठ घण्टे हो गये।मित्रो! एक लाख आदमी हमारा कहना मानते हैं और चौबीसों घण्टे हमारे कार्य में लग...
- तो आप अकले ही रहते हैं?... बेटे! हम अकेले नहीं रहते, हमारे साथ में बहुत से आदमी रहते हैं। कौन-कौन रहते हैं? चलिए मैं आपको उनके ...
- तो आप अपनी दुकानें बन्द रखेंगे और आचार्य जी के साथ में रहेंगे?... हाँ साहब, रहेंगे। उनके खाने-पीने का, किराये-भाड़े का जो खरचा पड़ेगा, सो आप देंगे? हाँ, जिस लायक हमार...
- तो आप उनसे कम हैं क्या?... आप में तो शैलो की छबि देखती हूँ और ये मेरे जो लड़के बैठे हैं, बेटे! आपको मैं सतीश से ज्यादा मानती हू...
- तो आप एक बात बताइए कि वे राम का नाम जपते थे?... हाँ साहब! जपते थे। आप भी जप करेंगे? हाँ साहब! हम भी जप करेंगे। अच्छा तो यह बताइए कि नारद जी से राम-न...
- तो आप कहाँ चले गये थे?... हम तो साहब वहाँ बैठे थे, अख़बार पढ़ रहे थे। अखबार पढ़ने के लिए आये थे या सामाजिक सहायता करने के लिए ...
- तो आप कहाँ तक पढ़े हैं?... हमने साहब मैट्रिक पास किया है और बी. टी. सी. पास की है। इसीलिए हमको २५० रुपये मिलते हैं॥ तो अब आप क...
- तो आप कामवासना के लिए विवाह करते हैं?... तो वेश्या से विवाह कर लीजिए। वेश्यागमन कीजिए न। क्या कोई घरवाली वेश्या है? नहीं साहब! हमारे लिए तो स...
- तो आप किसकी प्रशंसा कर रहे हैं?... जिन लोगों ने पैसा दिया, उनकी? नहीं, भाई साहब! उनकी भी नहीं कर रहा हूँ। तो फिर आप किसकी प्रशंसा कर रह...
- तो आप कुण्डलिनी जागरण भी नहीं सिखाएँगे?... हाँ, बेटे! अभी आपको हम कुण्डलिनी जागरण भी नहीं सिखाएँगे। तो आप क्या करेंगे? अभी हम आपको छोटे ...
- तो आप क्या करेंगे?... अगर वे माँगते हैं, तो भी नहीं और नहीं माँगते हैं, तो भी नहीं। जिस चीज की जरूरत है उसे दीजिए।आपके क...
- तो आप क्या करेंगे?... अभी हम आपको छोटे स्तर का, बच्चों के स्तर का सिखाएँगे। बड़े स्तर का नहीं सिखाएँगे। क्यों? क्योंकि...
- तो आप क्या चाहते हैं?... हीरक जयन्ती जो वर्ष है वसन्त पंचमी से शुरू हुई थी और अगली वसन्त पंचमी फरवरी तक है शायद फरवरी तक हीरक...
- तो आप क्या है?... नियम हैं, मर्यादा हैं, कायदा हैं और कानून हैं। अगर यह बात आप मान लेंगे तो आगे चलेंगे। आप यदि यही मान...
- तो आप छुआछूत मानते हैं?... नहीं बेटे! हम छुआछूत नहीं मानते, पर खाएँगे नहीं। अच्छा, आप नहीं खाते तो अपने गुरुजी को खिलवा दीजिए। ...
- तो आप छैनी की क्या करामात कह रहे थे?... फिर आप हथौड़े की करामात क्या कह रहे थे? हथौड़े ओर छैनी की करामात है जरूर, हम इसे मानते हैं। जितनी भी...
- तो आप डाका डालने आए हैं?... भाई साहब! पैसा ले जाइए। पैसा ले जाएँ, दान दे रहा है हमको? अंगुलिमाल कहता था कि हम कोई पण्डित हैं, जो ...
- तो आप दबाव डालते हैं ना?... ब्लैकमेलिंग करते हैं ना? हमारा काम कर दीजिए नहीं तो हम रोटी नहीं खायेंगे। अच्छा, तो आप यही तप कर र...
- तो आप नटनियों से विवाह करेंगे?... इन्हें घरवाली बनाएँगे न? रंग-रूप को तलाश करेंगे न? आखिर आपको क्या हो गया है? मैं यह पूछता हूँ कि आपक...
- तो आप नहीं खाएँगे?... हाँ बेटे! नहीं खा सकते। नहीं साहब! हमारी तो बड़ी इच्छा थी कि हम आपको भोजन करा दें। बेटे! तेरी इच्छा ...
- तो आप पकौड़ियों को क्या करते हैं?... गऽऽप्-से मुँह में डाल लेते हैं। आपको किससे प्यार है? रेवड़ी से, जलेबी से। जलेबी से आप क्या करते हैं...
- तो आप पूरी कर दीजिए?... बेटे! हमारी सामर्थ्य में नहीं है तो हम कैसे पूरी कर देंगे, लेकिन आप वह अध्यात्म, जो कि चार चीजों से ...
- तो आप बच्चे को दूध नहीं देना चाहते?... हाँ साहब! हम नहीं देना चाहते। बच्चा मर जाए तो हमें इससे क्या लेना-देना। हम कमाते हैं, इसलिए हमीं खाए...
- तो आप बताइए कि आपने नमन क्यों किया?... आप उन्हें बताइए कि पूजन क्यों किया? शुरुआत तो कीजिए, सवाल तो पैदा कीजिए, जिससे कोई आदमी सवाल पूछे और...
- तो आप बताते क्यों नहीं कि मुझे कौन-सा सहायक ढूँढ़ लेना चाहिए?... उन्होंने कहा कि भगवान को एक सहायक के रूप में ढूँढ़ लेना चाहिए। और दूसरा? दूसरा एक इनसान को।...
- तो आप बुढ़ापे में मरेंगे?... बुढ़ापे से हमको बहुत शिकायत है। बुढ़ापे से हमको बहुत नफरत है। बुढ़ापा उसे कहते हैं जिसमें आदमी जिन्दगी...
- तो आप भगवान को क्या कहते हैं?... चलिए मैं भगवान को आदर्शों और उत्कृष्टताओं का समुच्चय कह सकता हूँ।
चिन्तन में जब भगवान आता है,...
- तो आप माँस से माँस को देखना चाहते है?... यही मतलब है न आपका? आप मैटेरियल से मैटेरियल को देखना चाहते हैं। प्रकृति से प्रकृति को देखना चाहते है...
- तो आप मिठाई किससे खरीदेंगे?... नोट लाइए, क्वाइन लाइए। क्वाइन—पैसे का क्या करेंगे? हम तो ऐसे ही खरीदेंगे। नहीं बेटे ! पहले रुपये लेक...
- तो आप में कोई ब्राह्मण भी है क्या?... नहीं साहब! ब्राह्मण तो नहीं है। अच्छा तो कोई बनिया होगा, कोई पोरवाल होगा, अग्रवाल होगा, खंडेलवाल होग...
- तो आप यह चाहते हैं?... हाँ साहब! यही चाहते हैं। आप क्या सोचते हैं और क्या करना चाहते हैं, क्या आप इसी को प्यार कह रहे थे?...
- तो आप व्यास जी के बराबर है?... हाँ बेटे, हम दावा कर सकते हैं कि हम व्यास जी से बड़े हैं। व्यास जी को एक स्टेनोग्राफ़र मिला हुआ था।...
- तो आप सबको गायत्री पढ़ाएँगे?... हाँ बेटे! सबको पढ़ाएँगे। सूरज सबका है, चंद्रमा सबका है, गंगा सबकी है, हवा सबकी है, इसी तरह गायत्री भ...
- तो आप हनुमान जी को क्या देना चाहते हैं?... टिप। टिप में क्या देंगे? लड्डू। चल, धूर्त कहीं का, हनुमान जी को हनुमान जी को लड्डू देना चाहता है। ...
- तो आप हमारी समस्या हल कर देंगे?... नहीं बेटे, आपकी कोई समस्या हल नहीं हो सकती। आपकी समस्या का समाधान बिलकुल हमारे हाथ में नहीं है।...
- तो आप हमें किसलिए बुलाते हैं?... बेटे! हम आपको देने के लिए बुलाते हैं। आप चाहें तो आत्मबल लेकर जा सकते हैं। आप चाहें तो मानवपूर्ण गरि...
- तो आप ही करा दीजिए?... जो पैसा चाहिए हो, वह हम आपको दे देंगे। सामान चाहिए, तो सामान मँगा लीजिए। जो कुछ भी चाहे, आप इंतजाम...
- तो आप ही बता दीजिए कि हम बीमार क्यों पड़ते हैं?... वात, पित्त और कफ़ की वजह से। इन्हें विकारग्रस्त होने से बचा लीजिए, नहीं तो करेंगे और मारेंगे।...
- तो आप ही सारी रबड़ी खाएँगे?... हाँ साहब! और अच्छी चीजें आप ही खाएँगे? और बीबी को? बीबी को भी नहीं देंगे। और माँ को? माँ को भी नहीं ...
- तो आपका कोई बैरी नहीं है?... बेटे, हमारे बहुत से बैरी हैं और बहुत द्रोही हैं और हमें बहुत गालियाँ देते हैं कि इन्होंने स्त्रियों ...
- तो आपका क्या चाहते थे?... महाराज जी! मैं जादूवाला मंत्र चाहता हूँ। कौन सा वाला? ‘‘ॐ ऐं हृीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।’’ इससे ...
- तो आपका क्या मन है?... हमको भी कहीं से ऐसा ही रुद्राक्ष मिल जाता, हम भी प्रधानमंत्री न सही, मुख्यमंत्री तो हो गए होते। एक स...
- तो आपका यही मतलब है?... हाँ साहब! हमारा यही मतलब है कि हम उसका लोक-परलोक बिगाड़ना चाहते हैं। उसके बहन-भाइयों की आँखों में ...
- तो आपका योगाभ्यास कैसा है?... हमें भी सिखा दीजिए। शाम को उसने योगाभ्यास सिखाया। हम टट्टी साफ करते हैं मैला साफ करते हैं और यह मा...
- तो आपकी गऊशाला है कि नहीं?... नहीं साहब ! गऊशाला तो नहीं है।
अनाथालयों का काम कैसा है? बहुत ही अच्छा काम है। बेचारे अनाथ बच...
- तो आपके पिताजी ने बनाई होगी?... नहीं साहब! पिताजी ने तो नहीं बनाई, किसने बनाई?
यह तो ब्रह्मा जी ने बनाई थी। जब समुद्र में काई फै...
- तो आपको किसी के साथ मुहब्बत है?... नहीं साहब! किसी के साथ नहीं है। अच्छा अब आप यह बताइए कि आपने किसी के व्याख्यान सुने हैं कि नहीं? हाँ...
- तो आपको खूब सामान दे जाती है?... हाँ बेटे, पहले देवी कभी-कभी आती थी, पर अब हमें यह खयाल आया कि देवी है भी कि नहीं, सो हमने अपने गुरु ...
- तो आपको रिझाने के लिए कौन-सा काम किया जाता है?... नाच-कूद करते तो हैं। भगवान को रिझाने के लिए नाच-कूद करने की कोई जरूरत नहीं है। आपका नाच-कूद देखने के...
- तो आपने इसको क्यों दिया?... इसलिए दिया जिससे ये हमारी बेटी की सहायता करे। इसकी कमाई के ऊपर हमारी बेटी की जिन्दगी निर्भर है। इससे ...
- तो आपने इसे किसके लिए लगा रखा है?... इससे आपका क्या ताल्लुक है? अजी साहब! यह बहुत खूबसूरत है और देखने में हमें बहुत अच्छा लगता है। अच्छ...
- तो आपने भी बैरियों को मारा है?... हाँ बेटे, हमने अपने सारे बैरी मार दिये, एक भी बैरी जिन्दा नहीं बचा है। हमारे सारे बैरियों का सफाया ह...
- तो आपने हमें क्यों नहीं बताई पंचमुखी गायत्री की उपासना?... इसलिए कि आप इसे नहीं कर सकते हैं। आपको तो एकमुखी गायत्री की उपासना करना ही मुश्किल है। माँ और बे...
- तो इतना कहाँ से आता है?... यह हमारी बैंक से आता है। कौन-सी बैंक? जिस बैंक से हमारा ईमानदारी का एग्रीमेंट है। उसने हमारी शाख बढ़...
- तो इन भगवान् को मैं क्या मानूँ?... उन्होंने कहा कि जो तेरे मन में आये, मान सकती है।मीरा ने कहा कि मेरे ब्याह शादी की जिरह चल रही है। मै...
- तो इसका कोई पुण्य नहीं है?... न बेटे! कोई पुण्य नहीं है। पुण्य कैसे हो सकता है? दृष्टि से हो सकता है। दृष्टि अगर हमारे पास हो, चिं...
- तो इसका क्या अर्थ हो गया?... इसका अर्थ हो गया कि वह हम सबके सामने छाया हुआ है। ‘यह’ मानें सामने वाली चीजें। प्रत्यक्ष, भौतिक चीजो...
- तो इससे ज्यादा देवता का वरदान होता होगा?... नहीं, इससे ज्यादा भी देवता का वरदान नहीं हो सकता। आदमी के भीतर गुणों की, आदमी के भीतर कर्मों की, आदम...
- तो इसे आप करते हैं?... बैटे! हम नहीं करते। कौन करता है? हमारा 'बॉस' करता है, जिसको पा करके हम धन्य हो गए। यह हमारा ...
- तो उनकी क्या कीमत थी?... तीन पैसे। और रामचन्द्र जी की? बारह पैसे। कृष्ण चन्द्र जी की सोलह पैसे। बेटे, वे सब मनुष्य थे। नहीं...
- तो उनके मंत्र किस भाषा में होते हैं?... जापानी भाषा में होते हैं। इसी तरीके से मुसलमान संस्कृत नहीं जानते। मुसलमानी देशों में भी मंत्र होते ...
- तो उनने कहा कि पार्वती ऐसे जंजाल में मत पड़ो; इनके अन्दर भक्ति नहीं है, ये सब क्या कर रहे हैं?... खा-पी नहीं रहे हैं, एक पैर से खड़े हैं गंगा जी के किनारे। लम्बे-चौड़े तिलक लगाए हैं, फिर क्यों ऐसा क...
- तो उनने कहा—ऐसा कैसे हो सकता है?... आप तो मेरे भगवान हैं। आप जानें—आपका काम जाने। मेरा जो कर्तव्य हैं, वह मैंने याद रक्खा।
तो बेटे ...
- तो उन्होंने कहा—कहाँ डालें?... उन्होंने तालाब में डाल दिया। उसने कहा—नहीं, तालाब भी छोटा है, तालाब भी नहीं चाहिए, मुझे तो क्या चाहि...
- तो उन्होंने पूछा- शबरी कहाँ रहती है?... ऋषियों ने कहा- वहाँ रहती है। कहाँ रहती है? वहाँ रहती है। ठोकर खाते- खाते रामचंद्र जी के पाँव में छ...
- तो उपासना में आप क्या करते हैं?... उपासना में हम यह करते हैं कि भगवान की शक्ति हमारी अन्तरात्मा में, हमारे क्वाइल में-लोहे के तार में आक...
- तो उसका विकास कैसे होगा, कभी आपने सोचा है क्या?... हम तो ५०० रुपये महीना भेज देते हैं। हाँ, यह तो ठीक है कि उसने बच्चों को ऐटीकेट सिखा दिया होगा, “थैंक...
- तो उसकी गतिविधियाँ क्या होनी चाहिए?... इसके लिए भगवान बुद्ध के पास एक ही हथियार था—तपस्वियों का हथियार। तपस्वियों का हथियार प्राप्त करके बु...
- तो एक दिन की तनख्वाह कितनी होगी?... गुरुजी! इक्कीस-बाईस रुपये होती है। तो बाईस रुपया महीने के हिसाब से कितना हो गया? महाराज जी! ये तो ...
- तो ऐसा करो, एक नमूना बता दो कि हमारे धंधे में कितना फायदा हो जाएगा?... उसने कहा कि सट्टे में इतना फायदा हो जाएगा। उन्होंने कहा—ब्रह्मचारी जी! हम और आप एक ऐसी फर्म खोल दें ...
- तो कबूतर बोला—एक काम क्यों न किया जाए?... कबूतरी ने कहा—क्या? कबूतर ने कहा कि अपने जीवन की सार्थकता इसी में है कि हमारे खून का एक-एक जर्रा इसक...
- तो कर लिया दर्शन?... हाँ साहब! खूब दर्शन हो गए। भीड़ तो बहुत थी, पर हम पंद्रह मिनट खड़े रहे और अच्छी तरह से दर्शन हो गए। ...
- तो कल क्या करेंगे?... कल हम आपका मेजर ऑपरेशन करेंगे। क्या ऑपरेशन करेंगे? आपके पेट को फाड़ेंगे और देखेंगे कि इसमें जो गोला...
- तो कहाँ जाएँ?... कहीं गुफा में बैठ जाइए। फिर क्या कीजिए? अच्छा तो खाना कहाँ से आएगा? खाना तो समाज से ही आएगा। और पहनन...
- तो कहाँ जायेंगे?... साहब! हम तो शान्ति प्राप्त करने जायेंगे। हम शान्तिकुञ्ज जायेंगे। हाँ बेटे! तू हमारे यहाँ शान्तिकुञ...
- तो कहाँ से हुआ है तेरा विवाह?... किसी और की पैदा की हुई बेटी को साथ लिए फिरता है और ऊपर से ये कहता है कि समाज का कोई ऋण नहीं है। तेरे...
- तो कहाँ है स्वर्ग?... स्वर्ग वहाँ है जहाँ सेवा की भावना मनुष्यों के भीतर रहती है। गायत्री माँ और यज्ञ भगवान हमको स्वर्ग दे...
- तो किस काम के लिए आए थे?... महाराज जी! हम तो मनोकामना पूरी कराने के लिए आए थे। हमने तो यह समझा था कि चलो गुरुजी अनुष्ठान वगैरह क...
- तो किस चीज को हम किस चीज से जोड़ दें?... भौतिक जीवन को हम तप से जोड़ें।
अपने पंचतत्त्वों को हम तप से जोड़ें, ताकि वे परिष्कृत हो जाएँ...
- तो किस पानी से लगाएँगे?... डिस्टिल्ड वाटर से। डिस्टिल्ड वाटर किसे कहते हैं? बेटे! उसे कहते हैं, जो भाप के द्वारा उड़ाया हुआ है।...
- तो किसकी रखू?... चल मैं तुझे ऐसी चीज बता देता हूँ, जो कि मूर्ति भी बने रहे, गिरे भी नहीं और तुझे रखवाली भी नहीं करनी ...
- तो किसकी सेवा करूँ?... कस्मै देवाय हविषा विधेम। बेटे! अपनी सेवा कर और किसकी सेवा करेगा? देवता की सेवा करूँगा। नहीं, देवता क...
- तो किसके लिए आई है?... उसका एक ही मकसद है और वह है प्यार।
साथियो ! इंसान के भीतर चाहे वह मरद हो या औरत, उसके अन्दर एक...
- तो किसको देंगे?... पड़ोस में जो बुढ़िया रहती हैं और जिसकी आँखें अन्धी हो गयी हैं, मोतियाबिंद हो गया है। पचास-पचास रुपये मे...
- तो किसको बुलाया जाय?... व्यास जी के बेटे शुकदेव जी को बुलाया जाय। वही मुझे भागवत कथा सुना देंगे, तो मेरा उद्धार हो जायेगा।...
- तो किससे प्रसन्न होता है?... आपके मन से, हृदय से और भावनाओं से।
चेतना व चिन्तन का मेल हो
मित्रो, आपका जो वास्तविक ...
- तो किससे मिल सकता है?... क्या अध्यात्म से कुछ नहीं मिल सकता? मिल सकता है। बेटे, हमने अपनी इतनी लम्बी जिन्दगी लोगों के लिए...
- तो कुल्ला कर, यह क्या करता है?... हथेली पर जरा सा पानी और उसमें पाँचों उँगलियाँ? इससे क्या हो जाएगा? इससे तो ओष्ठ भी नहीं साफ होंगे। इ...
- तो कैसा है?... महाराज जी! जवान औरत का है। किसका? गायत्री माता का। हाँ बेटे! जिस गायत्री माता की हमने स्थापना की हुई...
- तो कैसे असर पड़ेगा?... नहीं साहब! असर पड़ेगा। नहीं बेटे! तेरा असर नहीं पड़ेगा।
अंकुश का नाम है तप
अगले द...
- तो कैसे थे श्रीकृष्ण भगवान्?... आप ही बताइये? ध्यान कैसे करें? मित्रो! हो सकता है, श्रीकृष्ण भगवान् ऐसे रहे हों- काले से और ऐसा छोटा...
- तो कैसे पिया जा सकता है?... पहले आप गाय पालिए। उसे घास खिलाइए, चारा खिलाइए। तो क्या गाय को चारा भी खिलाना पड़ेगा, दाना भी खिलाना...
- तो कैसे हो जाएगा?... बेटे! उसका एक ही आधार है, और दूसरा कोई नहीं है और उसका नाम है—दृष्टि। अभी मैंने आपको उस आदमी का हवाल...
- तो कौन खा जाता है?... वे सब पंडे-पुजारी खा जाते हैं। हम तो दरवाजे पर भिखारी के रूप में, दरिद्रों के रूप में, कोढ़ियों के र...
- तो कौन जप करता है?... हम ही अकेले करते हैं। तो बेटा, अकेला चना क्या भाड़ फोड़ लेगा! अकेले चने से भाड़ नहीं फूटता। प्रचार क...
- तो कौन हैं आप?... आपकी बिरादरी क्या है?
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कोई मुझसे जब मेरी अच्छी बिरादरी जानना च...
- तो कौन हैं आप?... हम तो रामेश्वरम् हैं। यहाँ कैसे पड़े हैं? हम यह तलाश करने के लिए पड़े हुए थे कि किसी के पास दिल भी ह...
- तो कौन हैं?... बढ़ई हैं। बढ़ई कौन होता है? वो जो लकड़ी का धंधा करता है। ये वही हैं और अब बामन बन गए हैं। लोगों ने म...
- तो कौन हो सकता है?... वह कोई एक और आदमी हो सकता है। अच्छा गुरुजी! वह कौन है? वह बेटे, हम हो सकते हैं। आपकी सम्पत्ति इतनी अ...
- तो क्या हुआ था?... समर्थ गुरु रामदास ने न जाने कहाँ से उस लड़के को पकड़ लिया था। किसको पकड़ लिया था? शिवाजी को। स्व...
- तो क्या आपने गरमी देखी है?... नहीं गरमी भी नहीं देखी है, आग देखी है। आग की बात हम पूछते हैं, गरमी की बात पूछते हैं। नहीं साहब, ग...
- तो क्या मैं शिक्षा विरोधी हूँ?... क्या मैं साक्षरता विरोधी हूँ? नहीं, मैं शिक्षा का विरोधी नहीं हूँ, परन्तु शिक्षा को अपने अन्दर आत्मस...
- तो क्या लड़की खाए जाती है या चिन्ता खाए जाती है, या शादी खाए जाती है?... अरे साहब! लड़की तो बेचारी अपने घर में बैठी रहती है। अभी तो उसका ब्याह हुआ भी नहीं है। मित्रो! ब्य...
- तो क्या 24 ही हो सकते हैं?... गायत्री मंत्र के 24 अक्षर हैं। इसीलिए एक अक्षर को एक भगवान बताया गया। महर्षि दत्तात्रेय, जिनको भगवान...
- तो क्या अनेक तरह के भगवान् नहीं हो सकते?... बेटे! हमें विश्वास नहीं कि अनेक तरह के भगवान् होते हैं। हमारा विश्वास इस बात के ऊपर है कि भगवान् की ...
- तो क्या अब भी देवी में चमत्कार है?... हम जाएँ तो विवेकानन्द के तरीके से देवी हमें भी दिखाई दे सकती हैं? हमको भी आशीर्वाद दे सकती हैं? नहीं ...
- तो क्या आप अपने कपड़े भी उतार देंगे, धोती उतार देंगे और सामान भी बेच देंगे?... यदि ऐसा करते हैं, तो फिर आप भूखों मरेंगे। असली है विश्वास मित्रो! सेंटीमेंट्स पागलपन की निशानियाँ ...
- तो क्या आप आँख से देखते हैं?... हाँ बेटे, आँख से ही देखते हैं और देखते रहते हैं। आप भी ऐसा ध्यान कर सकते हैं।
यदि इस तरह का ध...
- तो क्या आप इनकी बातों को नहीं सुनते?... मैंने कहा कि कभी-कभी तो मन में आ जाता है कि इनकी बात मान लें। तो वे कहते हैं कि हमारी कमेटी और हमारी...
- तो क्या आप पानी नहीं पिलायेंगे?... आपको पिलाना ही होगा। अगर आप पिलायेंगे नहीं, तो आप शंकर जी को कैसे प्यार करेंगे? भगवान दुखी हों और उन...
- तो क्या आप बता सकते हैं कि कितना मीटर है भगवान?... इसके लिए आप क्या करेंगे?
आपके दिमाग और आपके अन्त:करण में एक सलाई डालेंगे और तीन तरीके से आपकी...
- तो क्या आप बरगद के बीज को गाली दे रहे हैं?... नहीं भाई साहब। बरगद के बीज को मैं गाली नहीं दे रहा था। मैं तो यह कह रहा था कि बरगद का बीज कब नकारा...
- तो क्या आप भक्ति योग समझा रहे थे?... हाँ, पर मैं वह भक्ति योग नहीं समझा रहा था, जो भक्ति योग की विकृति है। विकृति? हाँ! विकृति होती है।...
- तो क्या आप शरीर की हवस पूरी कर देंगे?... बेटे! हम नहीं पूरी कर सकते, क्योंकि यह हमारी सामर्थ्य से बाहर है। आदमी की हवस इतनी शैतान है कि इसे क...
- तो क्या आप संस्कृति को खतम कर रहे हैं?... संस्कृति रावण के मुँह में चली जाएगी, तो क्या होगा? बिलकुल यही होगा, जो अभी बताया है। बेटे! अर्थशास्त...
- तो क्या आप सन्त की दुकान बन्द कर देंगे?... नहीं, बन्द नहीं करेंगे, जब तक हम जिन्दा हैं। आगे भी चलता रहेगा।आप लोगों को हमने कई बार कहा है, हजार ...
- तो क्या आप हाड़-माँस की आँखों से दर्शन करने आये थे?... तो माताजी किससे करें? मैं आपके सामने बैठी हूँ। आज मेरा यहाँ दूसरा दिन है। परन्तु मुझे अनुभव हो रहा ह...
- तो क्या आपका इशारा साम्यवाद की ओर है?... हाँ बेटे, पैसे के मामले में लगभग मेरा इशारा यही है कि जो कमायेगा, सो खायेगा। नहीं साहब! हमारे पास बह...
- तो क्या इस बात की जरूरत नहीं है कि हम फिर से इस तरीके से लोगों में तसवीरों के प्रति अभिरुचि पैदा करें, जिसमें शिवाजी की जद्दोजहद और त्याग-बलिदान का स्वरूप परिलक्षित हो?... क्या हम ऐसा नहीं कर सकते कि महर्षि दधीचि जिन्होंने अपनी हड्डियों तक का दान कर दिया था, उनकी तसवीरें ...
- तो क्या इसमें सलाहकारों की जरूरत पड़ेगी?... हाँ बेटे! सलाहकारों की भी जरूरत है। आप हनुमान जी को सलाहकार बना लीजिए। अच्छा भगवान की भक्ति कैसे करन...
- तो क्या इससे कोई फायदा नहीं है?... शरीर का फायदा होता होगा। जिस तरह से मुगदर भाजने के, पहलवानी करने के बहुत से फायदे होते हैं, उसी तरह ...
- तो क्या इसी के लिए मरना-खपना है?... नहीं, ऊँचे लक्ष्य के लिए आप लोगों को पैदा किया गया है, जहाँ तक मेरा अनुमान है। आपका पता नहीं कैसा है...
- तो क्या इसे दान करेंगे?... इसे क्या दान करेंगे आप? आप तो केवल अपनी गरीबी दान कर सकते हैं, अपनी कंगाली दान कर सकते हैं। अपनी ब...
- तो क्या उन्हें जाना चाहिए?... हाँ बेटे, उन्हीं को जाना चाहिए, अन्यथा पीड़ा और पतन का निवारण कैसे होगा? छप्पर जल रहा है, तो जलता ...
- तो क्या उन्हें मारेगा?... नहीं साहब! बाँट करके खाऊँगा। हाँ बेटे, बाँटकर खाना अच्छा है। बाँटकर नहीं खायेगा, तो तुझे हजम नहीं हो...
- तो क्या उसकी मुक्ति हो जाएगी?... आपके खयाल से तो हो भी सकती है, पर मेरे खयाल से नहीं होगी; क्योंकि उसके भीतर कोई चिन्तन नहीं है; कोई द...
- तो क्या ऐसे आदमियों की कमी है?... नहीं, कोई कमी नहीं है। जो रिटायर हो चुके हैं, ऐसे ढेरों आदमी भरे पड़े हैं जिनके घर वाले चाहते हैं क...
- तो क्या कच्चा लोहा स्टेनलेस लोहा हो सकता है?... हाँ हो सकता है। कब, जब लोहे को परिशोधित करते हुए, संशोधित करते हुए चले जाएँ।
सबसे बड़ा योगाभ...
- तो क्या करती है?... जब जाते हैं, तभी लड़ाई शुरू कर देती है। धत् तेरे की, मुँह से लड़ती है कि तेरे साथ मार-पीट भी करती है...
- तो क्या करना चाहिए?... आसुरी मनुष्यों को मार डालना काफी नहीं है, वरन उस वातावरण का परिशोधन करना भी अनिवार्य है। क्या करना च...
- तो क्या करना चाहिए?... टेक्नीक के बारे में मत विचार कीजिए। आप तो सिद्धान्तों के बारे में विचार कीजिए। यह नेशनल हाइवे है, शा...
- तो क्या करना चाहिए?... ईद के त्यौहार में मिठाइयाँ बननी चाहिए, पकौड़ियाँ बननी चाहिए, हलवा बनना चाहिए और पुलाव बनना चा...
- तो क्या करना पड़ेगा?... बेटे, हमको अपने बहिरंग जीवन को परिष्कृत करना पड़ेगा।
मित्रो! बहिरंग जीवन को परिष्कृत करने के...
- तो क्या करना है?... बाप की कमाई, बाप के श्राद्ध-तर्पण में जाएगी। हमने कमाई नहीं, तो हमें इसमें कोई अधिकार नहीं।
गुरुद...
- तो क्या करूँ?... मन को एक काम में लगा दे। किस काम में लगाऊँ? बेटे, हमारे चिन्तन के साथ में भावनाएँ जुड़ी हुई हैं। हवन ...
- तो क्या करें?... बेटे! इस दुनिया से भाग जा और गुफा में चला जा। कौन-सी गुफा में? मैंने बताया तो था, अपने मन की गुफा मे...
- तो क्या करें?... हम कमाते हैं, इसलिए हम अकेले ही खाएँगे—"केवलाघो भवति केवलादी" अर्थात जो आदमी आप ही कमाता है और आप ही...
- तो क्या करें?... उन्हें एक युक्ति समझ में आई।
एक कहीं से जलती तीली लाया, एक ने घास-फूँस इकट्ठा किया और उसको जलाया।...
- तो क्या करें?... घर-गृहस्थी को छोड़ दें। नहीं, बेटे! ये नहीं कहा है कि घर-गृहस्थी को छोड़ दीजिए। घर-गृहस्थी को हमने भ...
- तो क्या करेंगे, फिर लड़ाई-झगड़ा करेंगे?... नहीं, बेटे लड़ाई-झगड़ा करने की कोई जरूरत नहीं है। काहे की जरूरत है? विचारों को विचारों से काटिए, सिद...
- तो क्या करेंगे?... हम यह करेंगे कि क्रिया के माध्यम से परिणाम पाना चाहेंगे। बेटे, यह तो सम्भव नहीं, असम्भव बात है, जो आपन...
- तो क्या करेंगे?... बस, वही सबसे सरल वाला हिस्सा पकड़ लिया है। यह भूल गए कि उपासना चार चरणों वाली होती है। उपासना का संव...
- तो क्या करेंगे?... भगवान से मार-पीट करेंगे? मार पीट तो नहीं करूँगा, पर भगवान को बदनाम कर दूँगा या तो आप हमारा यह काम कर...
- तो क्या करेगा इन बच्चों का?... मारेगा? क्या बनाना चाहता है इन्हें? नहीं साहब! मैं तो गला दूँगा और खराब कर दूँगा। इन्हें खराब मत कर,...
- तो क्या कहूँ?... यों कह कि एक बुड्ढा व्यक्ति मर गया। बुड्ढा कैसे? वह तो लड़का था। नहीं बेटे, वह बुड्ढा था। बुड्ढा आदम...
- तो क्या कहूँ?... देखने आये हैं, यों कहना। तो साहब! गुरुजी! देखने में और दर्शन में क्या फर्क होता है? बेटे, दर्शन में ...
- तो क्या कहेंगे?... जो भी चाहे आप कह सकते हैं, पर इस कमीनेपन को प्यार मत कहना। दुष्टों का प्यार! अच्छा, गुरुजी! इस तरह...
- तो क्या किया उन्होंने?... माल मारा? मकान बनाए? जायदाद बनाई? औरतों के लिए सोने के जेवर बनाए? क्यों साहब! जो देवता जितना बड़ा मा...
- तो क्या केवल हाथों की उलटा-पलटी और जीभ की नोंक की हेरा−फेरी से भगवान प्रसन्न नहीं होता है?... हाँ बेटे, नहीं होता है। तो किससे प्रसन्न होता है? आपके मन से, हृदय से और भावनाओं से।
चेतना व...
- तो क्या खायें?... महाराज जी! मैं तो आपके लिए ऐसी खुराक लाऊँगा जो आपके भी काम आ सके और आपके बैल के भी काम आ सके। इससे...
- तो क्या गाय को चारा भी खिलाना पड़ेगा, दाना भी खिलाना पड़ेगा, पानी भी पिलाना पड़ेगा, रखवाली भी करनी पड़ेगी और गाय को दुहना भी पड़ेगा?... हाँ! नहीं साहब! अगर इतना झगड़ा है तो यह हम नहीं कर सकते। तो बेटे, गाय का दूध नसीब नहीं हो सकता। नहीं...
- तो क्या गोवर्धन उन्होंने स्वयं उठा लिया था?... नहीं, यह भी सम्भव नहीं था। यह सब कार्य उन्होंने ग्वाल-बालों के सहयोग से पूरा किया।जगत की परम्परा को ...
- तो क्या चीज दी है?... एक ही चीज दी है कि उनके अन्तरंग में कोई ऐसी हूक और एक ऐसी उमंग और ऐसी हिम्मत पैदा कर दी होगी, जो आदमी...
- तो क्या तुम्हारी जबान इस लायक है कि उससे जप किया जा सके?... मैंने कहा कि मुझे क्या पता। उन्होंने कहा कि हर बन्दूक से कारतूस नहीं चल सकती। बढ़िया वाली बन्दूक में ...
- तो क्या था?... उनका आत्मबल था, उनकी श्रद्धा थी। उन्होंने कहा—"जिधर आप चलाएँगे, हम उधर ही चलते जाएँगे।" उनके गुरुदेव...
- तो क्या दें—रुपया-पैसा दें?... नहीं, रुपये-पैसे की कोई आवश्यकता नहीं है। भगवान ने बहुत दिया है और देता रहेगा। तुम्हारे सामने क्यों ...
- तो क्या धन का भी पुंज है?... हाँ, धन का भी पुंज है, सामर्थ्य का भी पुंज है और पैसे का पुंज है। जो मालदार आदमी होते हैं, वे अपनी स...
- तो क्या धन से हमारी समस्याएँ सुलझ जायेंगी?... बेटे, धन से समस्याएँ नहीं दूर हो सकतीं। विज्ञान से भी नहीं हो सकती, पैसे से भी नहीं हो सकती। जब आद...
- तो क्या नल-नील में इतनी ताकत थी?... नहीं, भगवान की ताकत थी। अच्छे उद्देश्यों के लिए , अच्छे कामों के लिये भगवान की हमेशा सहायता मिलती रह...
- तो क्या नारी से अलग रहें?... नहीं, मैं अलग रहने का हिमायती नहीं हूँ। कुटुम्ब में आप अलग नहीं रह सकते। माँ से अलग रहिए? बेटे, माँ ...
- तो क्या नेवला इससे सुनहला हो जाएगा?... नहीं होगा। अच्छा तो मैं चार रोटी की जगह छह रोटियाँ रख दूँ अथवा एक किलो आटे की रोटियाँ थाली में रख दू...
- तो क्या पखेरू हार गया और रावण जीत गया?... नहीं बेटे, पखेरू जीत गया। रामचंद्र जी जब आए, तो उन्होंने पखेरू को छाती से लगा लिया, अपने हाथों से उस...
- तो क्या पच्चीसकुण्डीय यज्ञों के माध्यम से पुरश्चरण होगा?... यज्ञ नहीं बेटे! पुरश्चरण। यज्ञ और पुरश्चरण में क्या फरक पड़ता है? बेटे! अब तक जो हमारे यज्ञ थे, वे प...
- तो क्या परशुराम जी अवतार थे?... हाँ बेटे, कह तो रहा हूँ कि परशुराम जी अवतार थे। तो उनकी क्या कीमत थी? तीन पैसे। और रामचन्द्र जी की...
- तो क्या पुण्य मिला?... बेटे! मैं समझता हूँ कि कोई पुण्य नहीं मिला होगा। जो भी आदमी उन्हें देखने के लिए अपना किराया-भाड़ा खर...
- तो क्या पढ़ाने से यह शैतानी दूर हो जायेगी?... नहीं बेटे, पढ़ाने से बढ़ेगी, आज जितना ज्यादा पढ़ा-लिखा आदमी मुझे दिखाई पड़ता है, उसके अन्दर मुझे शैतान औ...
- तो क्या फायदा इस योगा से?... मित्रो! योग शारीरिक नहीं हो सकता। शारीरिक क्रिया एवं योग की दिशा में जरूर मदद कर सकती हैं, यह म...
- तो क्या बड़ों को भी मिलती हैं?... हाँ बड़ों को भी मिलती है। बड़ों को कब मिलती हैं? बड़ों को तब मिलती हैं जब वे मुसीबत में फँसे हुए होत...
- तो क्या बाहर जाकर के जोखिम उठाएँगे?... हाँ, हम जोखिम उठाएँगे। ठंढक में मर जाएँगे? हाँ, हम मर जाएँगे, लेकिन हमको कैद में रहना मंजूर नहीं है।...
- तो क्या बुड्ढे हो गए हैं?... नहीं बेटे, मन से तो बुड्ढे नहीं हुए हैं। मन से तो जब तक जिएँगे, तब तक बुड्ढे होने का कोई सवाल ही नही...
- तो क्या बुद्ध ने बड़े व्याख्यान दिए थे?... हाँ बेटे, बुद्ध ने बड़े व्याख्यान दिए थे, लेकिन व्याख्यान देने के साथ-साथ में उसके नमूने भी पेश किए ग...
- तो क्या बेटे से कथा कहलवायेंगे, बाप से नहीं कहलवायेंगे?... हाँ, बेटे से कहलवायेंगे? क्यों? क्या वजह है? बच्चा तो बच्चा है, बाप तो विद्वान है। क्या कारण है?
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- तो क्या भगवान का कोई स्वरूप नहीं है?... बेटे! भगवान का स्वरूप तो है। साकार और निराकार भगवान के दो स्वरूप हैं, परन्तु ये किसलिए हैं और उनका उद...
- तो क्या भगवान की शक्ल नहीं है?... नहीं, भगवान की शक्ल नहीं हो सकती।
साथियो! जिसकी कोई शक्ल नहीं हो सकती, उसको आप क्या चीज खिलाए...
- तो क्या भगवान ने बिल्वमंगल को तारा?... बिल्कुल तारा, लेकिन तारने से पहले उनको सूरदास बना दिया। तारने से पहले भगवान उनकी जिन्दगी की दिशाएँ बद...
- तो क्या महाराज जी, उसको भी कुछ देना पड़ेगा?... हाँ बेटे, क्योंकि इसमें सारा धन उसी का लगा हुआ है। तू तो केवल उसकी फैक्टरी में काम करता है। तू तो का...
- तो क्या मिलेगा?... खालिस अज्ञान आपके पल्ले पड़ेगा और अज्ञान से आपको- आदमी को सिवाय नुकसान उठाने के कुछ पल्ले नहीं पड़...
- तो क्या मैं बच्चे को मारने वाली हूँ?... नहीं आप तो देवी हैं, आप बच्चे को कैसे मार सकती हैं? बच्चों के सिर के बाल लोग मेरे ऊपर पटक जाते हैं, ...
- तो क्या यह गऊ माता को खिलाना नहीं हुआ?... हमारी आँखें भी गाय हैं। देखिए हम अपनी आँखों को सिनेमा दिखाते हैं। गायों का पालन करते हैं। इंद्रियाँ ...
- तो क्या यह डबल हत्या नहीं हो गई?... मुकदमा नहीं चलेगा? नहीं, क्योंकि यह पत्तों का बादशाह था। पत्तों का बादशाह कैसा होता है, जिसमें न...
- तो क्या यह यहीं तक पूरा हो जाएगा?... अरे नहीं बेटे, यह तो अभी पाँच लाख है, अभी देखता जा आगे कितना होता है। क्यों? अन्त:करण में जो देवता बै...
- तो क्या यह शिकायत गलत है?... बिलकुल सही है। सौ फीसदी सही है। यह बादलों का बड़ा अन्याय व पक्षपात है। ये कहीं हरियाली पैदा करते हैं...
- तो क्या ये सब फ्राड है?... किनका फ्राड है? दवाफरोशों का फ्राड है, जो लोगों को सब्जबाग दिखा करके ये चीजें बेचते रहते हैं और कहते...
- तो क्या राजनीति की कोई सेवा नहीं की हनुमान जी ने?... भला हनुमान जी से बढ़कर राजनीति की सेवा और कौन कर सकता था? रावण को उखाड़ करके विभीषण की स्थापना करन...
- तो क्या रामचंद्र जी ने रावण को मार डाला था?... बेटे, रावण को मारने भर से कोई परास्त नहीं हो सकता था। नये आदमी फिर से पैदा हो सकते थे। युद्धों के नत...
- तो क्या रामचंद्र जी ने रावण को मारा था?... नहीं, निन्यानवे आदमियों ने मिलकर के रावण को मारा था।
निष्कलंक प्रज्ञावतार
इसलिए मित्...
- तो क्या लाये थे हनुमान जी?... नहीं साहब! लाये तो कुछ नहीं थे। और देवी कुछ लायी थी? नहीं साहब! रात में सपने में देवी दिखाई पड़ी। प...
- तो क्या लड़की की शादी में सारा धन खर्च कर देते हैं?... नहीं साहब! नहीं खर्च करते। आप देने वालों में सारा खर्च करते हैं क्या? हमने भी देने वालों में सारा खर...
- तो क्या वह आपके पेट में से पैदा हुआ था?... नहीं साहब! हमारे पेट में से पैदा नहीं हुआ था। फिर उसके मर जाने से आपका क्या नुकसान हुआ? रोज दूध पीता...
- तो क्या वह पहाड़ भी उठा लेगा?... नहीं साहब! पहाड़ तो नहीं उठा सकता। पहाड़ नहीं उठा सकता, तो देख हनुमान जी ने ऊँचे उद्देश्य के लिए पहा...
- तो क्या वह मौका दोबारा आएगा?... बेटे! अब तो हम सत्तर साल के हैं। अब अगर गाँधी जी होते तो हम कहते कि अब आप हमको लेकर चलिए और हमारी भी...
- तो क्या वहाँ खीर खाने जाएँगे?... उसके लिए वहाँ स्वर्ग होता है, हमें यह स्वर्ग चाहिए, जहाँ व्यक्ति हमारा स्वर्ग में निवास करता हो। वह ...
- तो क्या विधि बेकार है?... मैं कब बेकार कहता हूँ।
परहेज, आहार-विहार का महत्त्व
बेटे ! मैंने आपको कब कहा कि दवा ...
- तो क्या वे वेद विरुद्ध थे?... नहीं बेटे, वे वेद विरुद्ध नहीं थे। उन्होंने उस समय जो स्वरूप देखा, सो मना कर दिया। वे क्या थे? बुद...
- तो क्या वे सब हमारे लिए आवश्यक नहीं हैं?... बेटे, आप चार गुणों को ही ग्रहण कर लें और उन चारों को जीवन में उतार लें, तो आपका भला हो सकता है और आप...
- तो क्या वेदों का ज्ञान हमें नहीं मिलेगा?... नहीं बेटे, कोई ज्ञान नहीं मिलेगा, क्योंकि वेदों को तूने पढ़ा तो है नहीं।
(क्रमशः)
(गता...
- तो क्या शंकर भगवान की जटाओं से गंगा नहीं निकलती है?... नहीं बेटे, जटाओं में से कोई गंगा नहीं निकलती और न कोई ऐसे शंकर भगवान होंगे, जिनकी जटाओं में से पान...
- तो क्या शंकर भगवान को जबर्दस्ती तैयार करा लिया कि आपको ब्याह करना पड़ेगा?... नहीं! फिर पार्वती जी ने क्या काम किया था? पार्वती जी ने महादेव जी को मिठाई खिलाई थी? नहीं महाराज ज...
- तो क्या संकल्प और परिश्रम में, विश्वास में भगवान मदद करता है?... हाँ बेटे, भगवान भी मदद करता है। टिटहरी क्या कर रही थी? समुद्र टिटहरी का अण्डा बहा ले गया था। टिटहरी...
- तो क्या सबको टेंशन हो जाएगा?... हाँ। अगर टेंशन न हुआ, तो और बीमारी हो जाएगी। डायबिटीज हो जाएगी। नींद न आने की शिकायत हो जाएगी। पेप...
- तो क्या सबसे आगे बुड्ढा ब्राह्मण आया?... नहीं, ब्राह्मणी आई, उसने कहा कि भगवान हमको दीजिए वरदान।
शंकर जी ने कहा कि ले लो वरदान। क्या चाहिए...
- तो क्या सेना पण्डितों की थी या उपदेशकों की?... नहीं भाई! तपस्वियों की थी। तपस्वियों की सामर्थ्य असीमित होती है। सामर्थ्य की दृष्टि से एक ही व्यक्ति...
- तो क्या हम पढ़ना-लिखना छोड़ दें?... पढ़ाई छोड़ने से हमारे आगे वही हालात पैदा हो जाएँगे, जैसे गाँवों में पहले एक ही आदमी पढ़ा-लिखा होता था...
- तो क्या हम बच जाएँगे?... नहीं बेटे! तब भी नहीं बचेंगे आप। पाण्डव भाग गए थे। कहाँ बचे। लाक्षागृह में जलाए गए। बेचारे कहाँ-कहाँ...
- तो क्या हमने इसीलिए आपको बुलाया है?... क्या नमक, तेल, हल्दी के मामलों की बात, दैनिक घरेलू कार्यों की बात बतलाने हेतु हमने आपको बुलाया है? न...
- तो क्या हमारी कामनायें पूरी हो सकती हैं?... हाँ मित्रो! आपकी कामनायें पूरी हो सकती हैं। लेकिन उसका तरीका यह नहीं है कि जो चीजें आप माँगते हैं, व...
- तो क्या हरी झंडी में गाड़ी चलाने की ताकत है?... नहीं बेटे, इसमें ताकत नहीं है। वह तो केवल इशारा है। क्या इशारा है? यही कि अब आप गाड़ी को चला सकते ह...
- तो क्या हर्ज है?... मान लिया दुःख है। बेटे! कोई दुःख नहीं है, केवल अज्ञान का दुःख है।
सुरसा की तरह है हवस
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- तो क्या हर्ज है?... लाओ, वही लाओ। अरे सब्जी भी नहीं बनी है। सब्जी भी मैंने नहीं रखी, दोपहर ही सब साफ हो गई। अच्छा तो लाओ...
- तो क्या हीरे को कष्ट नहीं होता?... हाँ होता है, लेकिन जैसा कुछ भी कच्चा था हीरा, काट देने और छील बाद में ही तो उसमें चमक आई। कीमत उसी क...
- तो क्या हुआ?... मंगाराम के जो बिस्कुट होते हैं, तो ठंढे होते हैं कि गरम होते हैं। तो क्या हर्ज है? लाओ, वही लाओ। अरे...
- तो क्या है इसमें?... इसमें सविता का मंत्र है। सविता क्या होता है? सविता होता है, पुरुष। पुरुष कैसे होता है? जिसमें सा...
- तो क्या हो गया?... गुरुजी! भैंस का दूध साढ़े चार से साढ़े पाँच किलो नहीं हुआ और गुरुजी! नौकरी में तरक्की भी नहीं हुई। म...
- तो क्या हो जाएँगे?... आचार्य जी हो जाएँगे। यह तो बहुत सस्ता है। इससे अच्छा उपाय और क्या हो सकता है! नकल बनानी है, तो ऐसी न...
- तो क्या हो जाएगा?... केवल मनोरंजन हो जाएगा। इसीलिए हम आपसे यह कह रहे थे कि आप एक काम और कर लें तो मजा आ जाए। अभी आपने...
- तो क्या हो जाएगा?... कायाकल्प हो जाएगा। आपका क्या मतलब है? बेटे! इसका मतलब यह है कि अभी तक हमारी प्रेरणा का केन्द्र बहुत ह...
- तो क्या हो सकता है?... बेटे! वो हो सकता है, जो मैं आपसे निवेदन कर रहा था कि आप पात्रता का विकास करें। पात्रता का विकास ...
- तो क्या होगा?... नेचर आपके उस गिलास में हवा भर देगी। हवा कहाँ पड़ी है? वहाँ पड़ी है, दुकान पर। क्या कह रही थी...
- तो क्या होगा?... वह समधी नाराज हो जाएगा और आइंदा आपके यहाँ नहीं आएगा। जमाई भी नाराज हो जाएगा और फिर दोबारा नहीं आएगा।...
- तो क्या होगा?... तो वह करेंट आपको भी पकड़ लेता है। फिर क्या होगा? भगवान की जो गरमी है, वह आपके भीतर आ जाएगी। अगर भगवा...
- तो क्या होने वाला है?... बेटे! हम और आप आपस में लड़ेंगे और एकदूसरे को मारकर खा जाएँगे। आदमी एकदूसरे को दाँतों से चीर डालेगा। ...
- तो क्या-क्या चीज पूरी होती है?... संकल्प पूरे होते हैं। आदमी ने संकल्प किया है तो वह जरूर पूरा हो करके रहेगा। संकल्प में रुकावट डालन...
- तो क्या-क्या सिखाया?... हमने कहा—साहब! सबसे पहले संडास साफ करना सिखाया, झाड़ लगाना सिखाया और कुछ नहीं सिखाया। तो हम बताते है...
- तो क्यों देवता जी आपके पास क्या ट्रांसफर कराने का कोई डिपार्टमेंट है?... नहीं साहब! हमारे हाथ में नहीं है ट्रांसफर। आप क्या काम करते हैं? हम डीलिंग में नहीं जाते हैं। ट्रांस...
- तो क्यों नहीं दिया?... आपको अपने मस्तिष्क को काम देना पड़ेगा। काम देने का नाम है—ध्यान। ध्यान उस चीज का नाम है, जिसमें कि हम...
- तो गंगा जी आपकी हैं?... गंगा जी हमारी नहीं होती तो हम इसमें नहा कैसे रहे होते। हम इसमें बारह घण्टे खड़े रहेंगे, देखेंगे कि इसम...
- तो गणेश जी ने तुझे छुआ क्या?... नहीं, मुझे छुआ तो नहीं। लक्ष्मी जी ने तुझे छुआ? नहीं तो। किसी भगवान ने छुआ? गायत्री ने छुआ? नहीं, अग...
- तो गुरुजी हमारी कमाई का क्या होगा?... आपकी कमाई बेटे को मिलने वाली है, साले को मिलने वाली है, जमाई को मिलने वाली है। आपने अपनी बीबी को त...
- तो गुरुजी, आप बड़े कंजूस रहे होंगे?... नहीं बेटे, हम कंजूस नहीं हैं। हमसे ज्यादा उदार संसार के पर्दे पर कोई नहीं हो सकता। हमने खूब खरच किया...
- तो गुरुजी, आप भी हमारी कुण्डली जगा देंगे?... हाँ बेटे, हम जगा देंगे। इसके लिए तो हम व्याकुल हैं। जिस तरह गाय के थनों में दूध फटा पड़ता है और वह उ...
- तो जहर कौन पिएगा?... मेरे प्राणों से प्यारी मीरा, श्रद्धा की मूर्ति मीरा जहर क्यों पिएगी?
बेटे, उसके गिरिधर गोपाल ने उ...
- तो ज्ञान का क्या करेंगे?... ज्ञान को कर्मयोग में परिणत कीजिए। ज्ञानयोग की सार्थकता इसी में है। ज्ञान अगर कर्मयोग में परिणत नही...
- तो टिकट दे देगा?... हाँ, दे देगा। इसकी जरूरत है? हाँ, बहुत जरूरत है। अगर आप नहीं कहेंगे तो स्टेशन मास्टर को मालूम कैसे प...
- तो तू इसलिए भगत बन रहा था?... हाँ, महाराज जी! इसीलिए बन रहा था। तो बेटे! भगत का यह तरीका नहीं है। भगत का तरीका यह है कि हम बड़े है...
- तो तू इसीलिए चेला बनता था?... नहीं, महाराज जी! मैं कहता तो था कि आपका चेला हूँ, पर हूँ गुरु! अच्छा, तो तू गुरु है, पर बनता है चेला...
- तो तू भगवान जी की नाक काटेगा?... हाँ गुरुजी! ये तो नाक काटने से ही काबू में आएगा।
शक्लें इनसान की गढ़ी हुईं
मित्रो! क...
- तो तैने हमको देखा नहीं?... हमारा फोटो छपा हुआ है, उसमें देख ले। अब तो हम बूढ़े हो गये हैं, लेकिन उस फोटो में हम जवान हैं। देखना...
- तो दिखा दीजिए?... उन्होंने कहा—बैठ जा, अभी दिखाते हैं। इतनी जल्दी दिखा देंगे? उन्होंने कहा—हाँ। आँखों से दिखा देंगे, त...
- तो दिखाइए अपनी घड़ी और बताइए कि कितने बज रहे हैं?... साहब, इसमें तो साढ़े उनतीस बज रहे हैं। समय देखना आता नहीं और घड़ी लिए फिरते हैं।चौथा एक और महत्त्वपू...
- तो दूर कैसे हुआ?... दूर ऐसे हो गया कि हमारे और भगवान के बीच में एक दीवार खड़ी हो गई। उस दीवार को गिराने के लिए जिस छैनी-...
- तो देख लीजिए, ये वही हैं न?... हाँ, वही हैं। मित्रो! मरे हुए पिता जी के अन्दर एक और विशेषता पाई जाएगी। उनके अन्दर हलचल नहीं होती।...
- तो निशाना नहीं लगाएगा, हवा में बारूद बेकार करता रहेगा?... मित्रो! जब कहीं निशाना लगाते हैं, तब उसको कहते हैं—लक्ष्य। ध्यान के दो हिस्से हैं। एक तो हमारा लक्ष्...
- तो पहले यह बताइए कि भक्त का मतलब क्या होता है?... भक्त किसे कहते हैं? अच्छा, आप भजन करते हैं तो यही बता दीजिए कि
भजन किसे कहते हैं? पहले हम यहीं से श...
- तो पीने की चीज हुई क्या?... नहीं साहब! सिगरेट तो पीनी ही पड़ेगी। ऐसा आदमी बेवकूफ जानवर है, जो पैसे भी खराब करता है और सेहत भी खरा...
- तो पैसा कौन माँग रहा है आपसे?... पैसा देकर आप आदमी का क्या भला करेंगे? आप दूसरों को प्यार दीजिए। लोगों की आत्माएँ किस कदर प्यार के बि...
- तो पैसे के स्थान पर 'चेक' देगा, बैंक ड्राफ्ट भेज देगा?... मित्रो! ध्यान रखना—देवता आपको पैसा नहीं देगा। उसका चेक, ड्राफ्ट महानता है। देवता महानता दिया करते है...
- तो फिर हमारे जो मध्यकाल में ऋषि हुए हैं, उनके बदले की गाली कौन उठाएगा?... गाली हमको खानी चाहिए। इसलिए पीला कपड़ा, आप उतारना मत। जहाँ कहीं भी जाएँ, वहाँ रंग का डिब्बा साथ ल...
- तो फिर अंगद की बात क्यों कहते हैं?... अंगद की बात बेटे मैं इसलिए करता हूँ कि वह सबसे आगे वाली लाइन में खड़े थे। जब राम- रावण युद्ध होने व...
- तो फिर अध्यात्म क्या है?... अध्यात्मबल क्या है? अध्यात्मबल कहाँ से आता है? बेटे! बनने से आता है, ढलने से आता है। बनने से क्या मत...
- तो फिर आप उसका क्या करेंगे?... हम साहब! उसको चबाकर खत्म कर देंगे। उसको खा जायेंगे। आप ऐसा प्यार करेंगे? आप ऐसा प्यार करना चाहते ह...
- तो फिर आप किससे प्यार करना चाहते हैं?... पड़ोस की लड़की से प्यार करना चाहते हैं। तो फिर आप उसका क्या करेंगे? हम साहब! उसको चबाकर खत्म कर देंग...
- तो फिर आप किसकी प्रशंसा कर रहे हैं?... मैं देवता की प्रशंसा कर रहा है।
देवता कैसा होता है? देवता ऐसा होता है, जो आदमी के ईमान में घुसा ...
- तो फिर आप किसलिए माला कराते हैं?... माला इसलिए कराते हैं कि आपकी समझ में आ जाए कि किस तरीके से हम अपनी सारी अकल, सारी शक्ति इस बात में झ...
- तो फिर आप कैसे योगी हैं?... बेटे हम ऐसे योगी हैं कि हमने अपने गुरु को भगवान माना है और उनसे यह कहा है कि आप हुकुम दीजिए और हम आप...
- तो फिर आप कोई धूम-धड़ाका कर लें उससे फिर कोई बात बनेगी क्या?... नहीं, दो-पाँच दिन चर्चा का विषय बना रहेगा, काय का जुलूस निकल रहा था गुरुजी की हीरक जयन्ती का जुलूस न...
- तो फिर आप कौन हैं?... राक्षस हैं, जो खाते ही जाएँगे। नहीं साहब! देंगे नहीं, खाएँगे ही खाएँगे। बेटे! खाएँगे ही नहीं, खिलाना...
- तो फिर आप कौन हो जाएँगे?... मनस्वी हो जाएँगें, सन्त हो जाएँगे और देवता हो जाएँगे। अपने आप से लड़ाई लड़ने, अपने मन पर कंट्रोल करने...
- तो फिर आप क्या कहेंगे?... बेटे, इसे मैं केवल न्यायाधीश कह सकता हूँ।
कायदे-कानून वाला भगवान
गुरुजी! आप भगवान को...
- तो फिर आप क्या काम करेंगे?... एक ही काम है। अगर आप भगवान को प्रसन्न करना चाहते हैं, आत्मा को, मन को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो अ...
- तो फिर आप क्या चीज बीनकर लाये?... देखिए हम यह चीजें बीनकर लाये हैं। इनमें झाग हैं, पत्तियाँ हैं। अच्छा तो फिर मोती आपको नहीं मिले? हाँ...
- तो फिर आप डॉक्टरनी कैसे हो गई?... हम डॉक्टर की पत्नी हैं, इसलिए डॉक्टरनी हो गई। सेठ जी की पत्नी हैं, इसलिए सेठानी हो गई और पण्डित जी की...
- तो फिर आप नाक में से पानी निकालते हैं?... नहीं, बेटे! तो फिर आप कैसे योगी हैं? बेटे हम ऐसे योगी हैं कि हमने अपने गुरु को भगवान माना है और उनसे...
- तो फिर आप मरेंगे कि नहीं?... आप ऐसा मत कीजिए।
आप क्या करें? बुराइयों को बरदाश्त करें? नहीं, यह तो मैं नहीं कहता कि आप बुरा...
- तो फिर आप विधि छिपा रहे होंगे?... नहीं बेटे ! विधि हम नहीं छिपाते हैं। विधि तो हम वही बताते हैं, जो हमने की है, पर उस विधि को करने के ...
- तो फिर आप सच-सच बताइए कि कोई और रास्ता है?... हम तीन महीने के लिए जेल जाने के लिए तैयार हैं। हम चाहे तो छुट्टी ले लेंगे, अपनी खेती का हर्ज कर देंग...
- तो फिर आप हनुमान जी की भक्ति को गाली क्यों दे रहे थे?... गाली इसलिए दे रहा था कि आप तो हनुमान चालीसा का पाठ करने तक सीमित हो गए? आपने यह विचार नहीं किया या न...
- तो फिर आपका नाम प्रधानमंत्री क्यों है?... बेटे, मंत्र का नाम है-विचार और तंत्र का नाम है-कर्म। विचार का नाम है-मंत्र और कर्म का नाम है-तंत्र...
- तो फिर आपको क्या मिलने वाला है?... आप कब स्वर्ग जायेंगे? उन्होंने कहा कि स्वर्ग जाने वालों में मैं आखिरी इन्सान होऊँगा, जबकि सारे के ...
- तो फिर आपने भी उसको गालियाँ दीं कि नहीं?... क्यों? क्योंकि वह तो पागल था। पागल के लिए हम गाली क्यों दें? कोई कुत्ता आपकी टाँग काट खाये, तो क्या ...
- तो फिर आपने हमको जप करना क्यों सिखाया?... हमने आपको जप करना इस उम्मीद के साथ सिखाया था कि आप जप करने के साथ-साथ में जप करने के लिए जो शर्तें ज...
- तो फिर इसकी सेवा करने में क्या बात है?... और उन्होंने उसकी भरपूर सेवा की। यह व्यक्ति के अन्दर की सम्वेदना है। सम्वेदना का पाठ हम आपको पढ़ाना च...
- तो फिर ईर्ष्या?... ईर्ष्या से भी आप जल जाएँगे। प्रतिशोध? प्रतिशोध से भी आप जल जाएँगे। इससे आप सामने वाले का जितना नुकसा...
- तो फिर कल्पवृक्ष से मनोकामनाएँ कैसे पूरी हो सकती हैं?... मनोकामना में बेटे, दृष्टिकोण बदल जाता है। दृष्टिकोण में भौतिक इच्छाएँ जो हैं, हमें खा डालती हैं। क...
- तो फिर कहाँ है?... योग, मित्रो! भावनाओं में है। विचारणाओं में है। भावनाओं का और विचारणाओं का परिष्कार करना वास्तव में, ...
- तो फिर किस तरह से उद्धार होगा?... दुनिया में इसका एक ही तरीका है और एक ही रहेगा कि आदमी अपने व्यक्तित्व और अपने चरित्र के माध्यम से शि...
- तो फिर किस भाषा में होते हैं?... उन्हीं की मुसलमानी भाषा में—अरबी, फारसी में होते हैं।
मंत्र निकलते हैं तपःपूत वाणी से
...
- तो फिर किसकी पूजा करूँ?... रावण की कर, क्योंकि रावण के एक लाख पूत और सवा लाख नाती थे। हनुमान जी की पूजा से क्या लाभ जब उनके यहा...
- तो फिर किसे खुश करना चाहिए?... एक भगवान को खुश करना चाहिए और एक अपनी अन्तरात्मा को खुश करना चाहिए। इन दो के अलावा किसी तीसरे को खुश ...
- तो फिर कुंती का बेटा, देवता का बेटा कौन होता है?... क्या वह जिसके पास मोटरें हों, जिसके पास दौलत हो, जिसके पास मकान हो। नहीं, यह आपकी परिभाषा है। देवताओ...
- तो फिर कैसे होगा योग?... योग कर्मकाण्ड है ही नहीं। कर्मकाण्ड के माध्यम से हम योग की दिशा में अग्रसर होते हैं। बस, यहीं तक बात...
- तो फिर क्या करना चाहिए?... नहीं बेटे! क्या करना चाहिए नहीं, क्या बनना चाहिए। तो आप ही बताइए। उपाय बताया तो था कि बेटे! अपने आप ...
- तो फिर क्या करना चाहिए?... बड़ा गजब हो गया। गायत्री माता तो ध्यान नहीं देतीं और आपने जो बताया था, उससे भी कोई फायदा नहीं होता। ...
- तो फिर क्या करना चाहिए?... इन मुसीबतों से कैसे बचना चाहिए? बचाव का एक ही तरीका है और वह है कि हम अपना दिमागी सन्तुलन कायम रखें...
- तो फिर क्या करना है?... पकी-पकाई खानी है। बनाया किसने है? माताजी ने। बेटे! आपके पिता जो दौलत छोड़े जा रहे हैं, वह तो छोड़े ज...
- तो फिर क्या करें साहब?... सीलोन रेडियो न सुनकर आप शाम को एक घण्टा जप किया कीजिए। इससे आप गंदे फिल्मी गीत सुनने से बच गए और उस स...
- तो फिर क्या करें?... दुष्टों के प्रति द्वेष? नहीं बेटे, द्वेष करके आप ही जल जाएँगे। तो फिर ईर्ष्या? ईर्ष्या से भी आप जल ज...
- तो फिर क्या करेगा बेटे, तप का?... तीन साल के तप में तो हमारे यहाँ सन्तान नहीं होती है, वह हो जाएगी। अच्छा, दो वर्ष का तप और दे दीजिए। य...
- तो फिर क्या करेगा?... चिन्ता करूँगा। बेटे, चिन्ता करेगा तो यहाँ से भी मारा जाएगा और वहाँ से भी मारा जाएगा।
वैराग्य ए...
- तो फिर क्या करेगा?... बस यहीं पर आपका सत्संग सुनूँगा और आपकी रोटी खाया करूँगा। रोटी से पेट भर जायेगा, तो भी खाऊँगा और खा...
- तो फिर क्या किया था?... उनके देवत्व को जगा दिया था। व्यक्तित्व को उछाल दिया था। जब आदमी के ऊपर सिद्धान्तों का गुरूर और सिद्धा...
- तो फिर क्या दे दें?... दो रुपये दे दो। अच्छा दो रुपये ले। भगवान् करे आपका कल्याण हो। सेठ जी बड़े उदार हैं, मुनीम जी बड़े उद...
- तो फिर क्या वजह है?... हम क्या नहीं कर सकते हैं?
आपसे उम्मीदें हैं
अब बुढ़ापे में, इस अवस्था में भी हम कर सकते हैं, तो...
- तो फिर क्या हुआ?... तीन अफसर इकट्ठे हुए और उन तीनों बच्चों की माँ को बुलाया और यह कहा कि आप इन तीन बच्चों को हम तीन बड़...
- तो फिर क्या हैं?... यह हमने गढ़ी है। क्यों गढ़ी हैं? इसलिए गढ़ी है, ताकि उसकी जो फिलॉसफी है, उसको समझने में हमें सरलता ...
- तो फिर क्या होता है?... ब्याह के बाद भी हम उसकी सहायता करते रहते हैं।
मित्रो! आप उन लोगों की भी सहायता कीजिए; जो गए-बीते...
- तो फिर क्या होना चाहते हैं?... अच्छा तो वही रहिए जो आप इस समय हैं। इस समय न आप मरे हुए हैं और न जिन्दा हैं। न आप भौतिकवादी हैं और न ...
- तो फिर क्यों लोगों को धमका देते हैं?... धमका इसलिए देते हैं कि आपको अपने स्वाभिमान का ज्ञान हो और आपको परिस्थिति का ज्ञान हो। मुसीबतों से दू...
- तो फिर गुजारा किस तरह से होता था?... इस तरह से होता था कि जब गाँव का कोई खाते-पीते परिवार का आदमी अच्छा हो गया तो इशारा कर देते थे कि हमा...
- तो फिर गुरु जी की कृपा मिलेगी?... नहीं बेटे! कृपा क्यों नहीं मिल सकती? फिर क्या फायदा करेंगे? बेटे, तू पहले विचार कर ले, कृपा का वायदा...
- तो फिर जुकाम के लिए क्या करेगा?... जुकाम के लिए, बुखार के लिए हम दवाई लाएँगे। क्या लाएगा? वो लाएँगे-आक के फूल और धतूरे के फल। धतूरे के ...
- तो फिर ठीक है, चम्मच से ही क्यों चढ़ाता है?... सावन के महीने में तीन घड़े पानी भर ले और उनकी पेंदी में सुराख करके भगवान् के ऊपर टाँग दे। चौबीस घंट...
- तो फिर तू क्या करेगा?... मैं भी स्वतंत्रतासेनानी का परिचयपत्र दिखाऊँगा और फिर मिनिस्टर भी हो सकता हूँ और एम० एल०ए० का चुनाव भ...
- तो फिर तू क्या देगा?... अरे महाराज जी! हम क्या देंगे, आपको फूलमाला पहना तो दी। मित्रो! यह कोई गुरु-चेले के धंधे हैं? यह भी क...
- तो फिर तू रोया क्यों?... इसलिए रोया कि बेचारे से गलती हो गयी, जिसकी वजह से फाँसी पर चढ़ना पड़ रहा है।मित्रो! अब बताइये कि ईसा...
- तो फिर तू शिव का उपासक कैसे होगा?... मौत के तो वह देवता हैं और आप कहते हैं कि हम मौत को याद नहीं करते। अगर मौत को याद करना आपको आता होग...
- तो फिर पहले क्यों नहीं दिखा दी थी?... पहले इमलिए नहीं दिखा सके थे कि पहले भगवान नहीं थे उनके साथ। भगवान किसके साथ होते हैं? उसके साथ होते ...
- तो फिर बूढ़े आदमी का क्या देखने आया था?... नहीं साहब! आपका दर्शन करने आया हूँ। चल, बड़ा आया दर्शन करने? यों क्यों नहीं कहता कि देखने आया हूँ। तो...
- तो फिर ब्याज तो चुका ही दिया होगा?... नहीं साहब! ब्याज भी नहीं चुकाया। धत तेरे की.....तो फिर तुम उसे बेकार ही ले गए। नहीं गुरुजी! आपका शंख...
- तो फिर मेरा ही फोटो कैसे आ गया?... मेरा तो क्या है, दुर्भाग्य कह लीजिए, जो गलती से या समझदारी से कैमरे के सामने आ गया। इसलिए मेरा नाम आ...
- तो फिर यह बताइये कि जिन लोगों की ब्याह-शादी नहीं हुई है, वे खाना अपने हाथ से पकाते हैं कि नहीं?... हाँ साहब? फिर आपकी बीबी तो खाना पका देती है। घर की चौकीदारी करते है। आपके बच्चे पैदा करती है और गा...
- तो फिर यहीं रहिए न?... हाँ, जहाँ खुशबू आएगी, वहीं रहेंगे। बेटे ! भगवान को खुशबू और बदबू से, फूल और पत्ती से कोई ताल्लुक नही...
- तो फिर ये मनुष्य नहीं होते?... बेटे, भगवान यदि मनुष्य होते होंगे, तो उनका देहान्त हो गया होगा। देहावसान होने के बाद में अब उनकी क...
- तो फिर लक्ष्मण जी का कोई योगदान था?... हाँ साहब! था तो उनका भी योगदान। और हनुमान जी का? हनुमान जी का भी था। सुग्रीव और जामवंत का? सुग्रीव औ...
- तो फिर वह जो सामर्थ्य की बात थी, वह आएगी?... नहीं बेटे! इससे नहीं आएगी। अब आप क्या कर रहे हैं? अब हम पुरश्चरण कर रहे हैं। इसे इस वर्ष से हमने प्र...
- तो फिर हनुमान जी की बात क्यों कर रहे हैं?... अरे भाई! मैं हनुमान जी की बात नहीं कहता, मैं तो अध्यात्म की बात कहता हूँ। अध्यात्म का वह हिस्सा, जिस...
- तो फिर हमको करना क्या पड़ेगा?... बेटे, बहुत बड़ा तो कुछ नहीं करना पड़ेगा। देखो, आप कुछ नहीं करेंगे, तब भी यह परिवर्तन तो होने ही वाला...
- तो फिर हमारी मनोकामना पूरी नहीं हो सकती क्या?... बेटे! तेरी मनोकामना कभी पूरी नहीं हो सकती। महाराज जी! कोई ऐसा शॉर्ट तरीका बता दीजिए, जिससे कि हमारी ...
- तो फिर हमारे पीछे चलेगा ना?... कोशिश यही करूँगा। तो फिर हमारे पीछे चल, हमारे निर्देशों पर चल। प्रकाश के पीछे चल और छाया की ओर से मु...
- तो बच्चा कहाँ है?... अभी बच्चा पैदा नहीं हुआ है, पर उसके लिए कपड़े सिलकर रख लिए हैं। जिसको आप देख करके आए हैं। बच्चा तो प...
- तो बच्चे की बात सही नहीं है?... हाँ, सही है और आपकी बात सही नहीं है? हाँ, आपकी बात और भी सही है। आपकी बात इसलिए सही है कि बेटे, हम अ...
- तो बच्चे को बीमार कर देगी या मार डालेगी?... देवी है या चुड़ैल? इस तरह की चुड़ैलों को देवियाँ बना दिया गया, कुलदेवी बना दिया गया है। और पागल आदमी...
- तो बताइए कैसे चलेगा?... यदि हमारे पास होता, तो हम इतना श्रम कराते। हम नहीं कराते। हम भी आपको खूब अच्छी तरह से पुचकार-पुचकार ...
- तो बताइए न?... साहब! ये हैं—"गणिका, गीध, अजामिल तारे, तारे सदन कसाई।" इन लोगों ने राम का नाम लिया था और उनका उद्धार...
- तो बाईस रुपया महीने के हिसाब से कितना हो गया?... महाराज जी! ये तो कोई दो सौ साठ रुपये हो गए। बस बेटे, तू अकेला हो जा और हर महीने में एक दिन की तनख्...
- तो बाल-बच्चों और सन्त से क्या मतलब है?... महादेव जी के भी तो बाल-बच्चे थे। दो बीबियाँ थी। एक मर गयी तो एक और ब्याह कर लिया। सबके बच्चे थे। घोड़...
- तो बेटे तू क्या करेगा?... जब भगवान ही जना देगा, भगवान ही उद्धार कर देगा, जब सब काम वही कर देगा, तो तू भी किसी मर्ज की दवाई ह...
- तो बेटे, आपने अपना दुःख और कष्ट उसको बेच रखा है?... किसको? बॉस को। वह चाहे तो आपको प्रसन्न करे, चाहे तो आपको नाराज करे। बेटे अपनी खुशी को किसी के हाथ मत...
- तो बेटे, तू इसी को सुख कहता है?... ऐसा सुख तो तब मिल सकता है जब तू मेरा कहना मानेगा। तब तेरी सारी आवश्यकताएँ पूरी हो जायेंगी, मनोकामन...
- तो बेटे, भजन कहाँ हो रहा है?... चिन्तन को लगाने का उद्देश्य यह है कि जिस काम के लिए जो क्रियाएँ कराई जा रही हैं, आप उस इशारे पर आ जाइ...
- तो बेटे; वस्ति क्रिया से भगवान जरूर मिल गया होगा?... नहीं महाराज जी! नहीं मिला। तो क्या फायदा इस योगा से? मित्रो! योग शारीरिक नहीं हो सकता। शारीरिक क्र...
- तो भगवान किसी को भी नहीं मिल सकता है?... हाँ, भगवान किसी को भी नहीं मिल सकता हैं और किसी से भी नहीं मिल सकता है, क्योंकि भगवान गया कहाँ था? म...
- तो भगवान को कैसे देखा जा सकता है?... बेटे! भावनाओं के द्वारा देखा जा सकता है और कोई चीज या तरीका नहीं है। कैसे देखा जा सकता है? बेटे! हम ...
- तो भगवान को गाली दें?... नहीं, मैं गाली नहीं दे सकता, आप गाली दीजिए। तो फिर आप क्या कहेंगे? बेटे, इसे मैं केवल न्यायाधीश कह स...
- तो मथुरा के तीन बड़े अफसरों ने विचार किया कि अब क्या करना चाहिए?... उनके बच्चों का क्या करना चाहिए? उन्होंने कहा कि सच्चाई की इज्जत होनी चाहिए, सच्चाई की कदर होनी च...
- तो महाराज जी केवल विधि से बात नहीं बन सकती?... नहीं, विधि से बात नहीं बन सकती। तो क्या विधि बेकार है? मैं कब बेकार कहता हूँ।
परहेज, आहार-वि...
- तो महाराज जी, आपका बड़ा इन्ट्रेस्ट है?... हाँ बेटे, हमारा बड़ा इन्ट्रेस्ट है। हमने तो बड़े-बड़े साइज के और छोटे-छोटे साइज के चित्र छपा करके रख...
- तो महाराज जी, इतना काम करने के बाद फिर कलैक्टर नहीं हो जाते, कमिश्नर नहीं हो जाते?... नहीं बेटे, उसके साथ में एक और टेस्ट का झगड़ा पड़ा हुआ है। वह यह है कि तेरा वाइवा लिया जाएगा और रिटेन...
- तो महाराज जी, यह क्या चक्कर है?... बेटे, कोई चक्कर नहीं है। दुनिया में भगवान एक ही है। तो अनेक तरह के देवी-देवता क्या हैं? ये बेटे कल्प...
- तो महाराज जी, हम गायत्री माता को बुलाने के लिए रिक्शा लेकर चले जाएँ?... रिक्शे पर बिठाकर ले आएँ, रिक्शे पर तो आ ही जाएँगी। नहीं बेटे, रिक्शे पर भी नहीं आएँगी। गायत्री माता ...
- तो महाराज जी, हमको भी यह लाभ मिल सकता है?... बेटे, यह लाभ तो मैं तुझे दिला सकता है, पर पहले तू अपना कर्तव्य पालन कर और न करे तो ना सही, मैं तो कर...
- तो महाराज जी, हमारे पास घोड़ा है, घोड़े पर ले आएँ?... नहीं बेटे, घोड़े पर भी नहीं आएगी। तो महाराज जी, हम गायत्री माता को बुलाने के लिए रिक्शा लेकर चले जाए...
- तो माँ के प्रति भी नहीं था?... क्यों? क्योंकि कर्तव्य सबसे बड़ा होता है। समाज, राष्ट्र सबसे ज्यादा कर्तव्य था उनके लिए। इनकी माँ कह...
- तो माता जी को कष्ट उठाना पड़ा होगा?... नहीं बेटे! ये तो बिना कष्ट के पैदा हो गईं। मुहब्बत की जंजीरें अगर हमारे पास हों तो सारी दुनिया हमारी...
- तो माताजी किससे करें?... मैं आपके सामने बैठी हूँ। आज मेरा यहाँ दूसरा दिन है। परन्तु मुझे अनुभव हो रहा है—मेरा देवता मेरे पास ...
- तो मेहनत से क्या करेंगे?... आपकी गरदन काटेंगे और आपका पेट चीरेंगे और आपके हाथ की उँगलियाँ काटेंगे। इतना करने के बाद हम आपका पैसा...
- तो मैं आपको एक हीरे की चीज दिखाऊँ क्या?... दिखा जरा, देख तो लूँ क्या है? तो वह लाया। मैंने चुपके से उससे कान में पूछा—क्या है रे ये? देना तो मु...
- तो मैं आपसे क्यों मना करूँगा?... साहब! हमारे बाल-बच्चे हैं। तो बाल-बच्चों और सन्त से क्या मतलब है? महादेव जी के भी तो बाल-बच्चे थे। दो...
- तो मैं क्यों रहूँ यहाँ?... मैंने पूछा—ज्यादा दिन रहने देंगे या नहीं? कहा—जितनी आज्ञा मिलती है, उतने दिन ही रहना है। अब मैं विचा...
- तो मैं जौ की रोटी नहीं खाऊँ?... हाँ, जौ की रोटी मत खा। इससे कुछ पैदा होने वाला नहीं है। महाराज जी! आपने छाछ पिया था, मैं भी छाछ पी...
- तो मैं यह पूछता हूँ कि अगर भगवान आपको एक और बच्चा दे दे, तो आप उसका पालन करेंगे कि नहीं?... इस चौथे बच्चे को आप जिन्दा रखेंगे या मारकर फेंक देंगे? नहीं साहब! उसको भी जिन्दा रखेंगे। हम जो ख...
- तो मैंने कहा कि प्रकाश निराकार कहाँ है?... प्रकाश साकार है। उसकी लम्बाई, चौड़ाई, गोलाई और मोटाई है? शक्ल बन जाने से वह साकार हो गया। निराकार कहा...
- तो यह अध्यात्म नहीं है?... नहीं बेटे, यह अध्यात्म नहीं है। यह तो इसकी लाश, इसका कलेवर है। कलेवर का अध्यात्म कैसा होता है? अध्या...
- तो यह आपको कैसे फल दे रहा है?... बेटे! यह जो फल दे रहा है, उसकी बात समझ। चौबीस साल तक हमने जौ की रोटी और छाछ खाई है। दूसरी चीज हमने न...
- तो यह चक्कर है, यह मामला है?... शंकर जी असली रुद्राक्ष से प्रसन्न हो जाते हैं और नकली से नाराज हो जाते हैं।
सारा खेल भावनाओं...
- तो यह जिम्मेदारी कहाँ है?... आप जिम्मेदारी निभाइए और समझदारी की सूझ-बूझ दीजिए।
नहीं साहब! नासमझ के तरीके से जिधर भेंड़ें चल रही ...
- तो यह बच्चा कौन था?... ढाई साल का हमारा बच्चा था। तो क्या वह आपके पेट में से पैदा हुआ था? नहीं साहब! हमारे पेट में से पैदा ...
- तो यह मामला है?... हाँ बेटे, घटिया लोगों का, छोटे लोगों का, हलके लोगों का यही मामला है। इनके लिए जितनी गाली दी जाए कम ह...
- तो यह लौह भस्म क्या भाव बिकेगी?... साहब! यह तो बीस रुपये तोला बिकेगी। वाह साहब! लीजिए हम आपको चार आने तोला लोहा देते हैं। नहीं साहब! ...
- तो यह सबक हमारे बच्चों को कौन सिखाएगा?... यह माता-पिता का उदाहरण है। बच्चों को सिखाना चाहिए कि अपने बड़ों को प्रणाम करें। उन्हें अग्निहोत्र कर...
- तो यहाँ क्यों पड़ा हुआ था?... उन्होंने कहा कि मैं सन्त की परीक्षा लेने के लिए पड़ा हुआ था कि कोई भगवान का भक्त ऐसा भी निकले जो रामेश...
- तो यही है आपकी निष्ठा?... पैसा दे दें तो गायत्री माता, नहीं दें तो चुड़ैल। यह मूर्खता का काम है। भगवान पर कहीं है आपका विश्वा...
- तो यही है तेरी कुण्डलिनी?... हाँ महाराज जी! यही है कुण्डलिनी। मैं समझता था कि तू शक्ति के प्रत्येक वाक्य की व्याख्या करेगा, पर तू ...
- तो युधिष्ठिर ने कहा कि अरे नेवले, यह तू क्या कर रहा है इधर से उधर?... उसने कहा—देखिए ऐसा है, मैंने सुना था कि यह महान यज्ञ है और इस महायज्ञ में मैं अपना आधा शरीर जो मेरा ...
- तो ये आपके बेटे हुए?... हाँ बेटे! हमारी 'अखण्ड ज्योति' पत्रिका हिन्दी में और दूसरी भाषाओं में निकलती है, उसके मेम्बर एक लाख स...
- तो ये क्या करेंगे?... ये अभागे मरेंगे। क्यों मरेंगे? क्योंकि जिस पैसे से ये अपनी सेहत बना सकते थे, अपनी औरत की सेहत बना ...
- तो ये बता क्या कमाता है?... ५५० रुपये कमाता हूँ तो ऐसा कर कि तू ५५० रुपया तो दे दिया कर जीवात्मा को, भगवान को और शरीर को, शरीर क...
- तो ये हजारों तीर किस तरीके से लगे?... रामचंद्र जी ने बताया कि ये जो हजारों छेद हैं, रावण के पाप हैं, रावण के गुनाह हैं। रावण की कमजोरिया...
- तो रावण महाकाल का उपासक था?... हाँ बेटे! वह महाकाल का उपासक था। महाकाल किसे कहते हैं? टाइमपीस को महाकाल कहते हैं, घड़ी को महाकाल कह...
- तो लोहे की गाड़ी वाले होते होंगे, जो गाड़ी लिए इस गाँव से उस गाँव घूमते-फिरते हैं?... हाँ, ये भी परिव्राजक हैं, पर वो परिव्राजक अलग तरह के थे। भगवान बुद्ध ने सबसे पहला शिक्षण अपने परिव्र...
- तो वह कौन है?... वह एक अलंकार है। भगवान एक सिद्धान्त है। भगवान एक आदर्श है। भगवान एक शक्ति है, जो इन्सान के पास आते...
- तो वह व्यक्ति पूछता कि क्या आप कमा करके हमें पैसा देंगी?... आपके पास क्या कमी है? आप तो करोड़पति हैं और आपसे विवाह हम इसलिए करना चाहते हैं कि आपकी कमाई का पैसा ...
- तो वह हँसने लगा और पूछने लगा कि आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?... वास्तव में बड़ा लम्बा किस्सा है, पर मैंने उनसे कहा कि आप बैठिए तो सही।...
- तो वहाँ क्या करेगा?... बच्चे का मुण्डन कराऊँगा। और कहीं करा ले तो? नहीं महाराज जी, देवी नाराज हो जाती है। क्या कहती है तेरी...
- तो विवेकानन्द को करा दिया?... हाँ विवेकानन्द को करा दिया। चौथा एक और गवाह पेश करके मैं अपनी बात को खत्म करूँगा या फिर आपको उठ जाने...
- तो वे अनुष्ठान नहीं करते थे?... हाँ बेटे! वे अनुष्ठान नहीं करते थे। और प्राणायाम? प्राणायाम भी नहीं करते थे। और समाधि? समाधि भी नहीं...
- तो वे आपका फायदा करते होंगे?... हाँ साहब! जो इनका सम्मान करेगा, जो इन पर चावल चढ़ाएगा, फूल-पत्ती चढ़ाएगा, तो ये प्रसन्न हो जाएँगे और उ...
- तो वे कहाँ से इंजीनियर बन गए?... बेटे! वे राम की कृपा से बन गए। राम की कृपा से नल-नील को हाथ-पाँव चलाने पड़े। हनुमान को छलाँग मारनी प...
- तो शक्ति कहाँ से आती थी?... शक्ति, बेटे! राम की आती थी। वे राम की शक्ति से उछलते थे और राम की शक्ति से लंका पार करते थे। वे कभी ...
- तो शबरी तू ही बता कि हम किस तरीके से रोटी खाएँ और हमको रोटी कौन देगा?... ठीक है, आइए, हम आपको रोटी खिलाएँगे। शबरी भगवान को जूठे बेर खिला रही थी।
आप जिसके साथ जुड़े ह...
- तो सत्संग से गुरुजी?... नहीं, बेटे! सत्संग से भी नहीं, और कलम से? कलम से तो आप बहुत अच्छा लिखते हैं। बेटे, हम अभी और अच्छा ल...
- तो सन्त का हृदय कैसा होता है?... सन्त का हृदय बहुत कोमल होता है।
‘सन्त हृदय नवनीत समाना’ है। सन्त का जो हृदय है, वह मक्खन के समान पि...
- तो सिर कटेंगे?... सिर नहीं कटेंगे। तब क्या होगा? सिर बदल जायेंगे, दिमाग बदल जायेंगे। आदमी की अकल और आदमी का ईमान जिस क...
- तो सुगम क्या है?... व्यभिचार करना बड़ा सुगम है। अच्छा व्यभिचार करना सरल है तो जा पड़ोसी के घर में, फिर देख तेरे सिर के सार...
- तो सुना देने से बिच्छू का दंश, साँप का दंश क्या अच्छा हो जाएगा?... भूत भी भाग जाएगा? बेटे! हम कह नहीं सकते, पर मंत्र तो यही हैं। इनमें चमत्कार नहीं आएगा? शब्दों में शक...
- तो सोने से यों ही बनाइए न?... नहीं साहब! जब तक तपाएँगे नहीं, गलाएँगे नहीं, तब तक सोने से कोई जेवर नहीं बन सकता।
गलाई और ढल...
- तो स्वर्ग का आप क्या करेंगे?... बताइए, उस स्वर्ग में आपको क्या मिलेगा? हिन्दुओं के मुताबिक तो वहाँ खीर की नदियाँ होती हैं और बुरा शब...
- तो हम इनका अपमान करेंगे, तो वे हमारा नुकसान कर देंगे?... हाँ साहब! बिलकुल नुकसान कर देंगे। अच्छा तो आप लोग इनका सम्मान करते हैं? हाँ। तो वे आपका फायदा करते ह...
- तो हम क्या करें?... तो गुरुजी, आप आशीर्वाद दे दीजिए। आशीर्वाद से नहीं बेटा! तप से, एकाग्रता से जीवन में महत्त्वपूर्ण उपल...
- तो हम क्या करें?... आप बड़े अकलमन्द बनते हैं।
पारिवारिकता के आध्यात्मिक सिद्धान्त
मित्रो! पारिवारिकता, जिसमें ...
- तो हम सब कौन हैं?... चोंगे हैं। अपने-अपने ढंग से प्रतिपादित कर देते हैं। बस, बाकी का तो सब इन्हीं का है। इसी शब्द में आप ...
- तो हमसे क्यों कह रहे हैं?... इसलिए कि आप भी ताऊ जी हैं और तरह तरह की बोलियाँ, तरह-तरह के श्लोक, तरह-तरह के मंत्र, तरह तरह की प्रा...
- तो हमारा काम करोगे?... हाँ हुजूर, बताइये, क्या काम करूँ? हमारा मुकदमा चल रहा है, हमको जितवा दो। अच्छा हुजूर, अभी आपका मुक...
- तो हमारा क्या फायदा होगा?... आपने चाहा और हमने खरच कर लिया, फिर हमारे हिस्से में क्या आया? हमारे हिस्से में क्या आया, बेटे! आप दे...
- तो हमारे इतने विवेकानन्द बैठे हैं और इतनी सिस्टर निवेदिता बैठी हैं, तो ये नहीं करेंगे?... ये तो जाने क्या कर सकते हैं? ये बहुत कुछ कर सकते हैं। इनसे बहुत उम्मीद है।...
- तो हमें क्या करना पड़ेगा?... बेटे, एक- एक करके कदम बढ़ाता चल। कैसे? ऐसे कदम बढ़ाता चल, जिसमें कि तेरी हिम्मत सिद्धान्तों के प्रति...
- तो हो गई रामायण?... हाँ साहब! हो गई रामायण। इसको सुनकर वैकुंठ को जाएँगे? नहीं जाएँगे।...
- तो, क्या करना चाहिए?... मैंने उस दिन भी आपको सिखाया था और बताया था कि आध्यात्मिकता की खुराक क्या होनी चाहिए?
आप फिर से ए...
- त्याग और बलिदान से आदमी महामानव बनता है, महापुरुष बनता है, तपस्वी बनता है, ऐतिहासिक पुरुष बनता है और पैसे से?... पैसे बढ़ने से आदमी बनता है धूर्त और ढोंगी। और क्या बनता है? न जाने क्या-क्या बनता है।मित्रो! क्या हुआ...
- त्याग करने के लिए तैयार होगा क्यों?... संयम और सदाचार का जीवन व्यतीत करने के लिए अपने आपसे जद्दोजहद करनी पड़ती है। उसके लिए तैयार होगा क...
- त्याग के नाम पर, बलिदान के नाम पर, सेवा के नाम पर, परोपकार के नाम पर, लोक सेवा के नाम पर, देश के नाम पर, धर्म के नाम पर, समाज के नाम पर, अपने लिए और अपनों की स्वार्थपूर्ति के लिए हर कोई लालायित रहता है और उसी उधेड़बुन में दिन−रात लगा रहता है, किन्तु लोकहित के लिए, जनकल्याण के लिए भला कौन जाना चाहता है?... बादलों के तरीके से अपने को गला डालने के लिए कौन रजामंद होता है? हवा के तरीके से दरवाजे-दरवाजे पर खुश...
- त्याग-बलिदान का नहीं, हमको तो बता दीजिए-मंत्र मंत्र कैसा होता है?... अहा! इसी मंत्र के चक्कर में फिर रहा है धूर्त। अच्छा महाराज जी! बता दीजिए जादू। जादू बता दें तेरा सिर...
- त्यागने योग्य क्या है?... एक त्यागने योग्य देव-दक्षिणा यह है कि आप नशा बन्द कर दीजिए। आप जो भी नशा पीते हों, भाँग पीते हों, श...
- त्रिवेणी बन सकती है?... हाँ। कैसे बन सकती है? जब वे शामिल हो जाएँ तब। और न मिलें तो? तो गंगा अपनी जगह पर ठीक है और यमुना अपन...
- थककर चूर-चूर क्यों नहीं होते?... थकते क्यों नहीं? जरा इसकी भी वजह तो देखूँ। स्वामी रामतीर्थ जापानियों का घरेलू जीवन देखने गये। वहाँ...
- थकते क्यों नहीं?... जरा इसकी भी वजह तो देखूँ। स्वामी रामतीर्थ जापानियों का घरेलू जीवन देखने गये। वहाँ उन्होंने बड़ा मजे...
- थर्मामीटर से क्या बुखार देख रहे हैं?... हाँ बेटे! मैं बुखार देख रहा था कि कितना टेम्प्रेचर आ गया? 99.5 सेण्टीग्रेट आ गया।...
- था तो बड़ा भोला, पर यह कैसे डगमगा गया?... उसको कुछ हो गया, अपने बीबी-बच्चों में कुछ हो गया, हो गया, तो हो गया। है तो हमारा ही, पर बेटे! वे भाव...
- थूक तो नहीं है?... हाँ है। तो इस जीभ को काट दे और फिर प्लास्टिक की जीभ लगा ले। अच्छा महाराज जी! प्लास्टिक की? हाँ बेटे!...
- थोड़ी-सी सीपों के अलावा सभी सीपें इकट्ठी होकर जमा हो गई और शिकायत करने लगी कि आपने हमारे अन्दर मोती क्यों नहीं पैदा किए?... हमारी पुकार को क्यों नहीं सुना? स्वाति की बूँदों ने जवाब दिया कि आप में से जिन सीपियों ने मुँह खोलकर...
- थोड़ा-सा काम करने से क्या फायदा?... मित्रो! हमने तो हमेशा अर्जुन की तरह तीर की नोंक तथा चिड़िया की आँखें ही देखी हैं। हमेशा हमें अपना ल...
- थोड़ी दूर जाकर किसान ने पूछा—खेत का मालिक कहाँ है?... जिसके कारण तूने मुझे भगाया। उसने कहा—देखूँ तो सही, वह कौन है? पेड़ के ऊपर चढ़कर उसने देखा, तो कोई कहीं...
- थोड़ी देन बाद क्या हुआ?... उल्टी हो गयी। अनाज वही था। खीर वही थी। सब्जी वही थी, जो सुरक्षित रखी हुई है। उसको दुबारा खा सकते ह...
- थोड़ी देर में क्या हुआ?... एक आदमी नमाज पढ़ने के लिए आया, जिसके पाँव लकवे में मारे गये थे। वह घिसट-घिसटकर चलता हुआ आ रहा था।...
- थोड़े से में अगर आप बताने में समर्थ न हो सके तो?... और आपने यज्ञ पर व्याख्यान देना शुरू कर दिया तो? तो आपको लोग यह समझेंगे कि ये हवन के और यज्ञ के प्र...
- दंगल में कोई आदमी जाये ही नहीं, तो उसको मैं क्या कहूँगा?... मिलिट्री का प्रशिक्षण किस तरह का होता है, आप जानते हैं क्या? मिलिट्री का प्रशिक्षण किसी आदमी को दि...
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- दंगा क्यों मचा रहा था?... भाई साहब! मैं तो सामने वाली लाइन में था, इसलिए पकड़ में आ गया। सारी की सारी भीड़ खड़ी है। दंगे में सब ल...
- दंगा क्यों होता?... और बलवा क्यों होता? और खजाने पर हमला क्यों बोला गया होता? छोटी सी भूल के कारण राजा अपना खजाना खो...
- दण्डौती क्या होती है?... दण्डौती का अर्थ है—लम्बे लेट जाइए और हाथ से निशान बना दीजिए। फिर दण्डवत् लेट जाइए। यह दण्डौती परिक्रमा क...
- दक्षिण भारत का मुख्यमंत्री कौन है जरा बताइये?... अगर वह मंत्री आए और आपके ऊपर प्रभाव डाले तो क्या कोई प्रभाव पड़ सकता है? नहीं, कोई प्रभाव नहीं पड़ ...
- दगाबाजी हम कैसे करेंगे और विश्वासघात हम कैसे करेंगे?... इन सब बातों से यदि हम अवगत हो जायँ, तो फिर हम अपनी ज़बान से कड़वा कैसे बोलेंगे? अगर हमारे सामने भगव...
- दत्तात्रेय ने फिर कहा कि बताइए ज्ञान कहाँ से मिलेगा?... ब्रह्मा जी ने कहा कि जहाँ कहीं भी आप जाएँ, वहीं आप बारीकी से, गौर से देखना शुरू करना। दिव्यदृष्टि से...
- दयानन्द की फोटो है कि नहीं है?... हम भी मानते हैं।
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- दयानन्द को नहीं मानते?... दयानन्द की फोटो है कि नहीं है? हम भी मानते हैं।
बेटे! हमारे बुजुर्ग मानते हैं, सन्त मानते हैं, नतमस...
- दरद भी किसी के अन्दर होता है क्या?... सम्वेदनाएँ भी किसी के अन्दर हैं क्या? दूसरों से सहानुभूति रखने वाले भी दुनिया में कहीं रहते हैं क्या? ...
- दरार हुई तब?... अगर दरार हुई तो जरा-सा ठोकने पर हमें शक हो जाता है और हम उसे अलग रख देते हैं। अब तो वे रुपये रहे नही...
- दरिद्र आदमी कौन हो सकता है?... दरिद्र आदमी वह हो सकता है, जिसका व्यक्तित्व घटिया हो, और घिनौना आदमी कौन होना चाहिए? जिसका व्यक्तित्...
- दरिद्र आदमी वह हो सकता है, जिसका व्यक्तित्व घटिया हो, और घिनौना आदमी कौन होना चाहिए?... जिसका व्यक्तित्व घटिया हो, वह आदमी। जिस आदमी के चेहरे पर खीज और नाराजगी दिखाई देती हो, ऐसे व्यक्ति क...
- दरिद्रता किसे कहते हैं?... जिसमें हमें काम करने से नफरत है। हर आदमी को काम करने से नफरत है। वह समझता है कि बड़प्पन इस बात में ...
- दरिद्रता की समस्याएँ क्या हैं?... दरिद्रता की कोई समस्या नहीं है। यह वास्तव में हमारे आलस्य और अपव्यय की समस्या है। वस्तुतः दरिद्रता...
- दर्शन करने का मतलब क्या है जानते हैं आप?... गाँधी जी का दर्शन जिन्होंने किया था, उनका नाम था नेहरू। गाँधी जी का दर्शन जिन्होंने किया, उनका नाम थ...
- दर्शन करने गए थे या भाड़ में?... अध्यात्म है साइंस ऑफ सोल
मित्रो! क्या करना पड़ेगा? आपको आध्यात्मिक जीवन में पात्रता का विका...
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- दर्शन किसे कहते हैं?... दर्शन कहते हैं फिलॉसफी को। संस्कृत में दर्शन का अर्थ होता है-फिलॉसफी को समझना। पण्डित नेहरू ने गाँधी ...
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- दस लाख से काम चल जाएगा?... नहीं; दस लाख से काम नहीं चलेगा, क्योंकि इसमें सौ क्वार्टर बनने वाले हैं। जितने भी कार्यकर्ता यहाँ रह...
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- दही नहीं है, तो कैसे जमेगा?... अच्छा तेरे पास दही नहीं है, तो मैं और तरीके बता सकता हूँ। चाँदी की कोई चीज ले और दूध में डाल दे। चाँ...
- दहेज के दानव को कौन जलाएगा?... आप जलाएँगे। यदि आपके अन्दर करुणा है, तो आप शपथ लेंगे कि हम कभी भी दहेज नहीं लेंगे।
आज हमारी बेटिया...
- दाँत खराब हुए कि नहीं हुए?... ज्यादा शक्कर खाने से दाँतों में कीड़े लग जाते हैं और बच्चों के दाँत खराब हो जाते हैं।
आचरण में ...
- दादा गुरु कौन हैं?... दादा गुरु ये आचार्य जी हैं। हमारा गुरु वह मुसलमान जो पहले हमारे यहाँ मुसलतापुर में रहते थे और दादा...
- दान देने के लिए, उदार बनने के लिए और सेवा करने के लिए तो आपके पास सामान चाहिए न?... कुछ तो होना चाहिए न? नहीं साहब! हम सेवा करेंगे। आप किससे सेवा करेंगे? अकल आपके पास है नहीं, शरीर ...
- दानवी सभ्यता, जिसने कि हमारे सारे-के-सारे मानव समाज को बुरे तरीके से जकड़ रखा है, इसको मारने के लिए वो तत्त्व काफी नहीं है, जिनको राजनीति वाले हथियारों के रूप में प्रयोग करना चाहते हैं और हम किस तरीके से प्रयोग करना चाहते हैं?... हम संघर्ष के द्वारा करना चाहते हैं, घेराव के द्वारा करना चाहते हैं, सत्याग्रह के द्वारा लड़ना चाहते ह...
- दाम की क्या पूछते हैं?... हमारे पिताजी और आपके पिताजी तो हमेशा के जान-पहचान वाले थे। दुकान आपकी है, ले जाइये। उस समय आपने सि...
- दायाँ-बायाँ हाथ अगर कोई बनेगा, तो किस बात का बनेगा?... और हम हाथ का क्या करेंगे? बेटे, हम हाथ से काम कराएँगे। इस माने में आप लोग अब हमारे दाएँ-बाएँ हाथ बने...
- दिखा जरा, देख तो लूँ क्या है?... तो वह लाया। मैंने चुपके से उससे कान में पूछा—क्या है रे ये? देना तो मुझे कुछ है नहीं। न दिया है, न ह...
- दिखा, क्या चमत्कार दिखाएगा?... सावन के महीने में तीन पैर की लकड़ी लाया। और क्या लाया? मिट्टी के तीन घड़े लाया और उसमें सुराख कर दिय...
- दिखा, क्या दिखाएगा?... बस, सावन भर शंकर भगवान के ऊपर पानी टपकता रहा और पानी टपकने के बाद उनको जुकाम हो गया। जुकाम के बाद मे...
- दिखाई न देने से क्या आपको कोई नुकसान है?... और दिखाई पड़ें, तो आपको कुछ फायदा है क्या? बताइये, क्या आपको अपना दिल दिखाई पड़ता है? नहीं दिखाई पड़त...
- दिखाई नहीं पड़ते हैं क्या हुआ, शक्ल ही तो दिखाई नहीं पड़ती है लेकिन जो सारा−का−सारा विराट रूप है उनका, क्या वह आपको दिखाई नहीं पड़ता?... आप इसमें झाँककर क्यों नहीं देखते? क्यों नहीं अपनी माँ की छवी में अपने गुरु को देखते? जब आपके सामने ए...
- दिखाई भी पड़ सकते हैं, लेकिन जो आज आपके अन्दर स्फूर्ति भर रहे हैं, क्या मात्र शरीर ही भरेगा?... शरीर तो आगे नहीं रहेगा; लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि हमने जो यह बगीचा लगाया है। इसमें बढ़ोत्तरी होन...
- दिन में भगवान् के आगे दीपक जलाने की क्या जरूरत है?... इसकी जरूरत नहीं है। कौन कहता है कि दीपक जलाइए क्यों हमारा पैसा खर्च कराते हैं? क्यों हमारा घी खर्च...
- दिन में सपने क्यों देखते हैं?... सपनों की दुनिया में ही घूमते रहेंगे, या वास्तविकता को भी समझेंगे?
मित्रो! मुझे ऐसे लोगों के ऊपर ...
- दिमाग के द्वारा क्या सुख मिलता है?... दिमाग में—जिस तरीके से इंद्रियों में खुजली मचती रहती है, उसी तरीके से दिमाग में भी, मन में भी एक...
- दिमाग को हम कब बदलना चाहते हैं?... आप किसी से भी मालूम कर लीजिए, दिमाग तो बड़ा चालाक है। आप जैसा निषेध करने को तैयार हैं, वह इससे भी...
- दिमाग क्या है?... दिमाग बेटे वो है जो हमारी भीतरी और बाहरी जिन्दगी के ऊपर पूरी तरह से कंट्रोल करता है। दिमाग को आपने गर...
- दिमाग पर क्यों?... आप चाहें तो उसे जलन से बचा सकते हैं, जो चौबीसों घण्टे जलता रहता है। रहम अगर हो तो आप अपने घर में जलते...
- दिमाग में आ जाता है, तो वह निकल जाता है, इससे आपको कोई ताल्लुक है?... नहीं है।
इससे एक ही ताल्लुक है कि आप उनसे नसीहत लें। उनसे प्रेरणा लें कि सारे विश्व के लिए उनने अ...
- दिमाग में क्या-क्या बीमारियाँ होती हैं?... मेंटल हास्पिटल में साइकोलॉजी की जिन थोड़ी सी किताबों में मेंटल बीमारियों का जिक्र आया है, हम उसी के...
- दिमागी बीमारियाँ इस कदर फैली पड़ी हैं कि मैं आपसे क्या कहूँ?... मित्रो! आदमी एक तरह से पागल हुआ चला जाता है। बात-बात पर तुनक मिजाज, बात-बात पर गुस्सा जरा-सी बात है।...
- दिया है कि नहीं दिया है?... हाँ बेटे, सिर-माथे पर है। यदि यह अंशदान आप नहीं देते, तो इतनी बड़ी बिल्डिंग कहाँ से बनती? जो यहाँ के...
- दिल्लगीबाजी क्या होती है?... यह होती है, जैसे 'लाठी से थन छूना।' कोई एक दिल्लगीबाज था। उसने गाय का दूध पीने के लिए क्या किया? पोल...
- दिल्ली के चावड़ी बाजार में क्यों नहीं बैठ जाते?... तब उनके पास देखने वाले-दर्शन करने वाले हजारों आदमी आते? विष्णु भगवान् के बारे में मैंने आपको बता...
- दिव्यदृष्टि किसे कहते हैं?... दूर की दृष्टि, श्रेष्ठता की दृष्टि, विवेक की दृष्टि को दिव्यदृष्टि कहते हैं। जिसके सोचने के तरीके,...
- दिशा क्या है?... बेटे, दो दिशाएँ हैं। आप इसमें से जिसको पसन्द करना चाहते हैं, स्वीकार कीजिए। उसके बारे में अपना वोट ड...
- दिशा जो मिल गई?... छोड़ेंगे, करेंगे।बुरे कर्म छोड़ेंगे और अच्छे कर्म करेंगे, इसके लिए मन कच्चा न होने पावे और भूल-भुलैयों...
- दीक्षा का क्या अर्थ है?... दीक्षा का मतलब है—जुड़ जाना। किससे जुड़ जाना? उस महान शक्ति से जुड़ जाना, जो प्रेरणा का स्रोत है। शक...
- दीपक कितने पैसे का होता है?... पाँच पैसे का और तेल एवं बत्ती—एक छदाम की—एक पैसे की। बस, इतनी कीमत का दीपक तमाम रात जलता रहता है और ...
- दीपक क्यों ले आए?... अरे साहब! हम यहाँ अँधेरे में पड़े थे। रास्ता पता नहीं था कि कहाँ, किधर जाएँ, कहाँ पानी पिएँ? हम घुप्...
- दीपक ने कहा—सम्भव तो है, मैं तुझे प्रकाश दे भी सकता हूँ, लेकिन तू धारण किसमें करेगा?... सारे का सारा माँस का बना हुआ टुकड़ा, परों का बना हुआ टुकड़ा, बालों का बना हुआ टुकड़ा—कौन? पतंगा। उसने द...
- दीपक में क्या ताकत हो सकती है?... वह उजाला कर सकता है? नहीं, दीपक जीवात्मा में कोई बल नहीं दे सकता, क्योंकि वह वस्तु है, पदार्थ है, मै...
- दीपक से क्या मतलब है?... दीपक से यह मतलब है कि हमारा दिल स्नेह-प्यार से लबालब भरा हुआ हो। स्नेह क्या है? चिकनाई। तेल, घी को भ...
- दीपावली के दिनों आपने गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले और चौराहे-चौराहे पर तसवीर वालों की दुकानों को देखा नहीं है कि इन तसवीरों में क्या है?... आपको इनमें अस्सी फीसदी तसवीरें वे मालूम पड़ेंगी, जो मनुष्य की वासना को उद्दीप्त करती हैं, जो आदमी के...
- दुकान पर आप सवेरे से शाम तक बैठे रहते हैं, मन लगता है कि नहीं लगता?... अरे साहब कहीं जाना पड़ता है, तो हमारा सब काम हर्ज हो जाता है दुकान में से पैसा मिलता है, आप उसे छोड़...
- दुकान पर से समिधाएँ ले आइए, टाल पर से ले आइए और दुकानदार से पूछना कि आम की है?... अच्छा महाराज जी! आम की समिधा मिल जाएगी। बेटे! जिसकी दे, उसी की ले आना और चीर-फाड़कर हवन कर देना। तो ...
- दुकानदारी में मन लगता है?... हाँ साहब! दुकानदारी में लगता है। सबेरे चाय की दुकान खोलते हैं। साढ़े पाँच बजे वाला पैसेंजर आता है। ...
- दुनिया आपको कैसे देगी?... दुनिया कभी आपने देखी है? मोटर साइकिलें जब भागती हैं, तो उसके पीछे-पीछे पत्ते भागते हैं। आपने देखे है...
- दुनिया कभी आपने देखी है?... मोटर साइकिलें जब भागती हैं, तो उसके पीछे-पीछे पत्ते भागते हैं। आपने देखे हैं कि नहीं देखे? पत्तों को...
- दुनिया की परिस्थितियाँ क्या हैं?... इसका ज्ञान उन्हें होना चाहिए, तभी इनकी अकल खुलेगी। पढ़ाई आँखें खोल सकती है, पर अकल नहीं खोल सकती। ...
- दुनिया की व्यवस्था कैसे कायम रह पाएगी?... बता बेटे! तू क्या कह रहा था? नहीं साहब! मैं तो मनोकामना की बात कह रहा था। बेटे! मनोकामना की बात तो ठ...
- दुनिया की सुख- सुविधाएँ क्या हैं?... दुनिया के लाभ क्या हैं? शरीर के लाभ क्या हैं? मन की खुशी क्या है? यह जो कुछ देखने का माद्दा हम लोग...
- दुनिया के कायदे कैसे रहेंगे, दुनिया के नियम कैसे चलेंगे?... दुनिया की व्यवस्था कैसे कायम रह पाएगी? बता बेटे! तू क्या कह रहा था? नहीं साहब! मैं तो मनोकामना की बा...
- दुनिया के लाभ क्या हैं?... शरीर के लाभ क्या हैं? मन की खुशी क्या है? यह जो कुछ देखने का माद्दा हम लोगों को है कि शरीर क्या मा...
- दुनिया को खूबसूरत बनाना था, दुनिया में शान्ति स्थापित करनी थी, लेकिन लोगों को इससे क्या लेना-देना?... उनका तो जिससे काम पूरा होता हो, वह वही करेंगे।
भगवान बहुत परेशान हो गए। उन्होंने कहा—‘‘इनसे कैसे...
- दुनिया को हम क्या कर सकते हैं?... दुनिया जो कहेगी, सो कहेगी। बस हर आदमी के लिए इतना काफी है कि उसने ईमानदारी के साथ में अपने फर्ज और ड...
- दुनिया जाने कितने लोगों के लिए बनी है और किस उद्देश्य से बनी है और जाने किसने बनाई है?... साहब! हमारा बच्चा जिन्दा रहना चाहिए? भाई साहब! आपका बच्चा जिन्दा रहेगा, तो पड़ोसी के घर में बच्चा पैद...
- दुनिया में आपने किसी जानवर को बीमार होते देखा है?... गाय जंगल में रहती है, पर क्या वह बीमार रहती है? जंगली जानवर—हिरन, खरगोश, हाथी, चीते, गैण्डे कोई बीमा...
- दुनिया में इनसानों के चाल-चलन क्या रहे हैं?... दुनिया में किस तरीके से उतार-चढ़ाव आते रहे हैं? ये बातें वे इतिहास से सीखें।...
- दुनिया में कलाकार कम हैं क्या?... चतुर आदमी दुनिया में कम हैं क्या? क्रियाकुशलों की कमी है क्या? पर वे सब स्वयं के लिए हैं। दूसरों के...
- दुनिया में कहीं ऐसी कोई पढ़ाई होती है क्या?... पढ़ाई के लिए हमेशा लक्ष्य तय करना पड़ता है, इष्ट तय करना पड़ता है। मित्रो! जब कोई सफर करना ...
- दुनिया में किस तरीके से उतार-चढ़ाव आते रहे हैं?... ये बातें वे इतिहास से सीखें। इसी तरह मित्रो! पेड़ कैसे पैदा होते हैं? यह सृष्टि क्या है? राजनीति क्या...
- दुनिया में किसी की भी मनोकामना कभी भी पूरी नहीं हुई तो तेरी कैसे पूरी हो जायेगी?... कल्पना कभी पूरी नहीं होती। तो क्या-क्या चीज पूरी होती है? संकल्प पूरे होते हैं। आदमी ने संकल्प किया...
- दुनिया में कोई सती, साध्वी, बेटी, माँ, बहन कोई है?... नहीं साहब! दुनिया में कोई बहन नहीं होती, कोई बेटी नहीं होती। जितनी भी रेलगाड़ियों में चल रही हैं, जि...
- दुनिया में क्या हो रहा है?... आप सुनते नहीं हैं और पहरेदारों ने कह दिया कि भगवान सो गए हैं। अभी तो लंच टाइम है और भगवान नहीं आने व...
- दुनिया में क्या-क्या चीजें लेकर के आया है?... अगर आपको यह पता होता कि कर्मकाण्ड इतनी चीजें ले करके आ सकता है, तो उपासना का जो माध्यम साधना है, वह ...
- दुनिया में चीजें रहेंगी कैसे?... लेकिन आपको खरच के बारे में हजार बार सोचना चाहिए और लाख बार सोचना चाहिए। आप जो कमाते हैं, आखिर उसको ख...
- दुनिया में जितनी चीजें हैं, अगर हम और आप उसको बाँटकर खायें, तो दुनिया में क्या कोई अभागा मनुष्य रहेगा?... जिनके पास विद्या है, उससे उन लोगों को जो विद्या में पिछड़े हुए हैं, उनको ऊँचा उठाने के लिए अगर हमारी ...
- दुनिया में बहुत दुःख फैला हुआ है, तो आप कुछ करेंगे कि नहीं करेंगे?... हम तो साहब! वह करेंगे जो नारद जी ने बताया है। नारद जी ने क्या बताया है। नारद जी ने बताया है कि विष्ण...
- दुनिया में भूख से बड़ा कौन है?... दुनिया में चोरी हो रही है, डकैती हो रही है, अत्याचार, अनाचार हो रहे हैं। यह सब भूखे आदमी कर रहे ...
- दुनिया में महापुरुष क्या करते हैं?... बेटे! वे रिस्की काम करते हैं। उन्होंने हमेशा जिन्दगी का जुआ खेला है, महापुरुष जुआरी होते हैं। मारे गए...
- दुनिया हमें क्या कहेगी?... दुनिया को हम क्या कर सकते हैं? दुनिया जो कहेगी, सो कहेगी। बस हर आदमी के लिए इतना काफी है कि उसने ईमा...
- दुरुपयोग कैसा करेगा?... जैसा कि भस्मासुर ने किया था। उसने तप किया। तप से शंकर जी प्रसन्न हो गए। उन्होंने कहा—वरदान माँगो। वर...
- दुर्गा का अवतार क्या था?... देवताओं की सामूहिक शक्ति को इकट्ठा करके प्रजापति ब्रह्मा ने दुर्गा का अवतरण कराया था। श्रेष्ठ कामो...
- दुर्गा—अम्बाजी नवरात्र में हमारे सामने सयानी लड़की के रूप में आ जायें, तो क्या हम उन्हें गन्दी आँख से देखेंगे?... इस तरह हम कैसे देख सकते हैं? गायत्री माता अपना रूप लेकर के हँस पर बैठ करके आयें, तो क्या हम उन्हें ग...
- दुर्गुण हमारे कहाँ हैं?... कषाय हमारे कहाँ हैं और कल्मष हमारे कहाँ हैं? मल हमारे कहाँ हैं? आवरण हमारे कहाँ हैं और विक्षेप ह...
- दुर्भाग्यशाली कहेंगे, जो ज्ञान के अथाह सागर के समीप ही बैठा रहा और जरा भी उसने ज्ञान का पान नहीं किया, तो उसके लिए क्या कहेंगे?... बेटे! उसको यही कहेंगे कि यह दुर्भाग्यशाली है। बेचारा है। बेचारा कहेंगे कि दुर्भाग्यशाली कहेंगे या सं...
- दुर्योधन कहाँ है?... पहले आदमी हमलावर होते थे हमलावरों की मारकाट करने के लिए भगवान् को भी हमलावरों के तरीके से अवतार लेने...
- दुर्योधन से लड़े बिना काम चला?... कंस से लड़े बिना कहीं काम चला? लड़ाई मोहब्बत की है, या कैसी है? हिंसा की है या अहिंसा की है? यह मैं ...
- दुष्ट निकल गया तब?... तब उसके लिए भी तैयार रहिए। लड़की को भी पहले से इस बात के लिए आगाह रखिए कि यह भी हो सकता है कि उस घर ...
- दुष्टों के प्रति द्वेष?... नहीं बेटे, द्वेष करके आप ही जल जाएँगे। तो फिर ईर्ष्या? ईर्ष्या से भी आप जल जाएँगे। प्रतिशोध? प्रतिशो...
- दूध की गंगा हो सकती है?... हाँ, हो तो सकती है, पर यह विचारपरक है, बुद्धिपरक है। वह इस तरह की नहीं है, जिसमें स्नान किया जा सक...
- दूध और पानी कहें?... दूध और पानी में कभी खटाई डालें, तो भी फट जाते हैं। हम तो दूध और पानी से भी ज्यादा हैं। एक और एक ग्या...
- दूध की गंगा कैसी होती है?... हमने नहीं देखी है। अगर देखी होती तो फिर ढाई रुपये किलो आपको सपरेटा का दूध नहीं लेना पड़ता फिर मक्खन...
- दूध क्या है?... उसके चेहरे की जवानी है। लड़की दुबली होती चली जाती है। चेहरा मुरझा जाता है। लाल रंग मुरझा जाता है। आँख...
- दूध देने वाले हों, चाहे हल में चलने वाले हों, दोनों का अन्त क्या होगा?... भाई साहब! दोनों का अन्त कसाई के यहाँ होगा। नहीं साहब! खूटे पर बाँधकर खिला दीजिए। नहीं, खूटे पर बाँधकर...
- दूर रहता है?... नहीं बेटे, करोड़ों कि.मी. दूर नहीं रहता। वह हमारे हृदय की धड़कन में रहता है, लपडप के रूप में हमारी स...
- दूर-दूर से आए हैं, तो क्या इनमें कुछ अच्छाई नहीं है?... अच्छाई भी है। आप यदि जुड़ना चाहते हैं, तो जुड़ने की कसौटी एक ही है। भुजाओं की कसौटी एक ही है। हम एक ...
- दूसरा आदमी तुम्हारी सहायता क्यों करेगा?... दूसरा आदमी तुम्हें अपने पास क्यों बैठने देगा? जहाँ कहीं भी किसी का सहयोग माँगने जायेंगे वह तुम्हारे ...
- दूसरा आदमी तुम्हें अपने पास क्यों बैठने देगा?... जहाँ कहीं भी किसी का सहयोग माँगने जायेंगे वह तुम्हारे बारे में यही ख्याल तो करेगा न कि चोर है और उचक...
- दूसरा काम क्या करना पड़ेगा?... दूसरा काम करना पड़ेगा योग। योग क्या होता है? योग कहते हैं बेटे, दो चीजों को मिला देने को। दो और दो क...
- दूसरा पाठ क्या पढ़ाता हूँ?... जब तक मैं यह कहता था कि गायत्री का अधिकार सबको है। सब जप कर सकते हैं। यह बात भी सही है। मित्रो! ...
- दूसरा फायदा क्या है?... दूसरा फायदा ये है कि आपको समाज से श्रद्धा और सहयोग मिलता है। अगर आप अध्यात्मवादी हैं तो मैं वायदा कर...
- दूसरा यह कि हमें क्या कराना है और क्या बनाना है?... इसके सम्बन्ध में स्थूल रूप से आपको कई चीजें दिखाई पड़ती हैं। क्या करना है? सवेरे उठना चाहिए, नहाना चाह...
- दूसरा वाला शरीर जिसको हम सूक्ष्म शरीर कहते हैं, यह है क्या?... यह शरीर आदमी का दिमाग है। यह बहुत बेहतरीन खोपड़ी के भीतर रखा हुआ है। चमड़ी में से खून निकालिए। चमड़ी को...
- दूसरा सपना इतना जबरदस्त आया कि चूहे के तरीके से रोटी के टुकड़े को देखकर मौत के पिंजड़े में जाने को तैयार है?... यह पता नहीं कि जिन्दगी कितनी कीमती है और इसके लिए क्या करना चाहिए? भगवान् आया और उसने समर्थ को आवाज...
- दूसरी आवश्यकताएँ क्या हैं?... अरे साहब! रोटी के बाद हमको तो मालूम नहीं कि हमारी क्या जरूरत है? अच्छा आप सिनेमा वाले के पास जाइये औ...
- दूसरी इंद्रिय हमारी कौन सी है?... वह है काम-वासना वाली इंद्रिय। काम-वासना वाली इंद्रिय के ऊपर अगर नियंत्रण रखना हमारे लिए सम्भव हो सके ...
- दूसरी बात एक और करनी है आपको?... वह क्या करना है? बिना दहेज और बिना जेवर के ब्याह करना है। आप लोगों में से जो अपने को हमारा कहते है...
- दूसरे आदमी जब देखेंगे कि वह आदमी जिस बात पर विश्वास करता है, उसके स्वभाव में यह बात क्यों नहीं आती, उसके व्यवहार में यह बात क्यों नहीं आती?... जो बात वह दूसरों से कहता है, अगर यह बात सही है तो सबसे पहले उसी ने फायदा उठाया होता।...
- दूसरे धर्मों में देवताओं की शक्ल क्यों नहीं है?... मुसलमान धर्म में भगवान की कोई शक्ल नहीं बन सकती। देवता की शक्ल नहीं बन सकती। इस बात से वे नाराज ...
- दूसरे ने भी यही कहा कि तुमने अपने कुत्ते को बाँधकर के क्यों नहीं रखा?... दोनों में टेंशन होने लगी और आपस में मारपीट हो गई। झगड़ा हो गया? फिर क्या हुआ? वे ब्राह्मण और ठाकुर ...
- दूसरे लोगों का कहना क्यों नहीं माना?... इसका एक ही जवाब हो सकता है कि मनुष्य का चरित्र वाणी में से बोलता है। आँखों में से बोलता है, आचरण में...
- दूसरे से कहा कि आप दिखाइये?... हमारे पास तो कुछ भी नहीं है। कम्बल है चलिए रखिये। तुम्हारे पास क्या है? उसके पास भी चार रुपये थे...
- दूसरों का सहयोग नहीं मिला, तो न सही, दूसरे आदमी अच्छे नहीं है तो न सही, आप अच्छे बन जाइये ना?... आप अपना दृष्टिकोण ठीक कर लीजिए ना? आप अपना रवैया ठीक कर लीजिए ना? आप अपने पैरों पर खड़े हो जाइए ना? फ...
- दूसरों की लड़कियों को देख करके हमने भी इसी तरह के भाव रखे होते, तो शिवाजी के तरीके से हम भी क्या से क्या हो गये होते?... गान्धारी की आँखों का तेज
मित्रो! शिवाजी के तरीके से ही अगर आपके भाव रहे होते, तो मैं आपको यकीन दि...
- दूसरों के दुःखों को देखकर यह सोचते हैं कि इसके लिए हम क्या करें?... उस समय मैं रो पड़ता हूँ तथा उसे सहायता किये बिना मेरा मन नहीं मानता है। यह क्रम चलेगा ही। परन्तु एक...
- दूसरों के लिए वे क्या साबित हुए, आप बताइए ना?... जेलखाने में पड़े हुए लोगों को आपने देखा है ना? वे एक से बढ़कर एक होशियार आदमी हैं और एक-से-एक समझदार आ...
- दूसरों के साथ उसने शराफत और भलमनसाहत का व्यवहार किया कि नहीं किया?... आदमी की इज्जत का प्वाइंट यही है और इज्जत की बात यही है, भगवान के सामने अपनी इज्जत साबित करने का प्...
- दूसरों को कष्ट नहीं देंगे, तो हमको चैन कैसे पड़ेगा?... इसलिए आपको कष्ट देकर, आपको बिलखते देखकर, आपको तरसते देख करके हमको खुशी होती है। बेटे, हमारे भीतर का ...
- दूसरों को क्यों नहीं दीं?... भगवान के पाँच बेटे हैं, तो सबको बराबर मिलना चाहिए था। पक्षपात क्यों? मनुष्य को ज्यादा क्यों? गधे को ...
- दूसरों को हमको क्या सिखाना है?... उनको जो भी बात सिखानी है, उसे पहले स्वयं के जीवन में सीखना होगा। हमको दूसरों को रामायण की कहानी क्...
- दूसरों को हमारी सेवा की जरूरत है तो हम क्या कर सकते हैं?... हमारा पैसा, जो अय्याशी में खरच होता चला जा रहा है, जो संग्रह में खरच होता चला जा रहा है, जो निठल्लों...
- दूसरों से सहानुभूति रखने वाले भी दुनिया में कहीं रहते हैं क्या?... हम यह देखने आए थे कि सन्त का लिबास पहने ढेरों आदमी घूमते थे, लेकिन वह आदमी जो करुणा से ओत-प्रोत हो, द...
- दृष्टिकोण क्या होनी चाहिए?... समाज के साथ में अपनी डीलिंग करने के लिए, लोकव्यवहार के लिए, समाज की कुरीतियों का समाधान करने के लिए ...
- दृष्टिकोण बढ़ जाए तब?... तब फिर मजा आ जाए और अगर हमारा कलेजा-हृदय छोटा होता हुआ चला जाए, तब फिर हमारा दिमाग सफाया करेगा और हम...
- दे देंगे, लेकिन इसे रखेगा किसमें?... महाराज जी ! कुरते में ले लूँगा। ठीक है, कुरते में ले-ले घी, लेकिन इससे तेरा कुरता भी खराब हो जाएगा, ...
- देख, हमारी टाँगें बराबर हैं और टाँगें आगे-पीछे होती तो?... शायद हम गिर पड़ते। साइकिल के पहिये तो आगे-पीछे हैं, बेटे! गिरेगा जरूर। लेकिन अगर यह सोच लेगा कि सैकड...
- देखना किससे होता है?... आँखों से होता है। आँखों से आप दिखा दीजिए? क्या दिखा दें? आँखों से गुरुजी को दिखा दीजिए। ले देख ले हम...
- देखना क्या बात है?... आपको तो ९९.५ डिग्री सेल्सियस बुखार है, टेम्परेचर है। इसको आप दवाई देकर ठीक कर सकते हैं। लेकिन दू...
- देखना है कि हमारी भुजा, आँख, मस्तिष्क बनने के लिए तुम कितना अपने अहं को गला पाते हो?... इसके लिए निरहंकारी बनो। स्वाभिमानी तो होना चाहिए, पर निरहंकारी बनकर। निरहंकारी का प्रथम चिह्न है व...
- देखने में और दर्शन में क्या फर्क होता है?... बेटे, दर्शन में और देखने में जमीन-आसमान का फर्क होता है। देखना किससे होता है? आँखों से होता है। आँखो...
- देखने में तो कोई खास बात नहीं है, आपको अमुक काम करने से नमक का क्या ताल्लुक?... और आप शक्कर नहीं खायेंगे, तो क्या बात बन जायेगी। अगर आपने घी खाना बन्द कर दिया, तो कौन सी बड़ी बात ह...
- देखा था न कितनी भीड़ थी?... मथुरा से लेकर वृन्दावन तक सारी भीड़-ही-भीड़ दिखाई पड़ती थी। कितने टेण्ट लगे हुए थे और कितनी व्यवस्था...
- देखिए तो सही, चेला किसे कहते हैं?... हाँ बेटे! दिखा, क्या दिखाएगा? बस, सावन भर शंकर भगवान के ऊपर पानी टपकता रहा और पानी टपकने के बाद उनको...
- देखिए फिर मिलता है कि नहीं मिलता?... एक बच्चा जब अपने बाप से रुपये माँगता है कि पिताजी पाँच रुपये दे दीजिए। बाप कहता है क्यों? किसलिए? बच...
- देखिए साहब, क्या बात है?... आप सिनेमा भी देखते हैं, सिगरेट भी पीते हैं, दिन में छह कप चाय भी पी जाते हैं। आप कौन हैं? आप रिक्शे ...
- देखिए, हमने ऐसा किया था और अब आप क्यों नहीं देते?... मजदूर हमसे लड़ने के लिए खड़ा हो जाता है और कहता है कि देखिए साहब! हम आपके यहाँ चार दिन से काम कर रहे...
- देखिये तो सही, यह बच्चा किसका है?... उन्होंने कहा—यह बच्चा किसका है? किसान ने कहा—यह हमारा ही बच्चा है। उन्होंने कहा—यह कैसे पैदा हो गया?...
- देखिये, क्या कोई अठारह पुराणों का भाष्य कर सकता है?... नहीं, कोई नहीं कर सकता। मित्रो! पुराणों को लिखने में दो आदमी सम्मिलित थे—व्यास जी और गणेश जी। इन्ह...
- देखूँ तो सही कि स्वामी जी का अनशन आजकल कैसा चल रहा है?... हमने उन्हें खाते हुए तो नहीं देखा, पर टट्टी जाते हुए देखा है, एक व्यक्ति ने बताया। इस पर उन्होंने कह...
- देखें तो सही कि इसमें ऐसा क्या है?... यह ऐसा क्यों कर रहा है?
मित्रो! नारद जी भगवान विष्णु के साथ उस भक्त के पास गए और पूछा—क्या बात ह...
- देखें तो सही, हमारे अस्पताल में क्या-क्या तरक्की हुई है?... देखें-हमारे अस्पताल में लोगों को क्या-क्या फायदे हुए हैं? डॉक्टरों से पूछताछ की-जरा रिकार्ड तो दिख...
- देखें परिस्थितियाँ क्या होती हैं?... हमारे सामने कोई परिस्थितियाँ नहीं होतीं। परिस्थितियों का जो गुलाम हो जाता है, वह समय से पहले मर जाता...
- देखें-हमारे अस्पताल में लोगों को क्या-क्या फायदे हुए हैं?... डॉक्टरों से पूछताछ की-जरा रिकार्ड तो दिखाओ। यहाँ कितने आपरेशन हुए? साहब! कोई आपरेशन नहीं हुआ। अच्छ...
- देखो, भड़भूजा भाड़ में जिस तरह से चने डालता है और वे भड़-भड़ करते हैं न?... हाँ साहब! करते हैं। बस तू समझ ले कि ‘भर्ग’ का अर्थ उससे मिलता-जुलता है। यों तो ‘भर्ग’ के कई अर्थ होत...
- देखो—चाकू गरम कर लिया?... हाँ। एण्टीसेप्टिक तैयार कर लिया? हाँ। चीरा लगाने से पहले एनस्थीसिया लगा दिया? क्यों? क्योंकि इसको पी...
- देते हैं और दे रहे हैं, लेकिन क्या यह बताएगा कि क्यों देते हैं?... नहीं महाराज जी! आपको क्या मतलब है?
नहीं बेटे, हमको मतलब है। हम तेरी औकात, तेरा व्यक्तित्व, तेरी ...
- देना किसे कहते हैं, यह जाना है कभी?... अरे कृपणो! देने से आदमी देवता हो जाता है। हर आदमी को भगवान यही सिखाता है कि सेवा की शरण में जाइए, मद...
- देना क्या है?... आप चले जाइए। जैसे अपने पाँव से आए थे, उसी पाँव से चले जाइए। अरे भाई! हम तो इसीलिए आए थे कि आपके यहाँ...
- देना क्या है?... गुरुजी से माँगें ही माँगेंगे या गुरुजी को कुछ चाहिए भी। क्यों साहब? गुरुजी के लिए क्या चाहिए? रुपया-...
- देने के लिए आपके पास क्या चीज नहीं है?... मैंने आपको बताया था कि आपके पास आपका शरीर तो है। आपके पास पैसा नहीं है, अकल नहीं है, चलिए कोई ह...
- देने के लिए कुछ कम है क्या?... आप अपना पसीना दे दीजिए, अपनी मेहनत दे दीजिए। आप लोगों के लिए सहानुभूति दे दीजिए। देने के लिए आपके पा...
- देने वाले सन्त के लिए मैं यह पूछता हूँ कि आप में से कौन देगा?... जब हम नहीं रहेंगे। सब माँगते ही चले जाएँगे, तो देने का जिम्मा कौन लेगा? फिर भगवान के प्रति, अध्यात्म...
- देने वालों की कमी है क्या?... नहीं, देने वालों की कमी नहीं है। सन्तों की कमी है? नहीं, कोई कमी नहीं है। अनुदान देने वाले, सहायता कर...
- देव कैसे होते हैं?... आपको हम अभी बता सकते हैं कि हिन्दू धर्म में दैत्यों की शक्ल क्या है? हिन्दू धर्म क्या है? अलंकारों क...
- देव प्रदत्त सत, रज, तम से युक्त यह देववृक्ष हमारा मस्तिष्क रूपी आतिशी शीशा इतनी शक्तियों को प्रवाहित करता है कि मैं आपसे क्या कहूँ?... हमारा मस्तिष्क सारी शक्तियों, सारी विद्याओं का भाण्डागार है, स्रोत है। इसका एक हिस्सा डार्क एरिय...
- देव या देवता किसे कहते हैं?... जो दिया करते हैं, जिनके मन में एक ही बात आती है कि हमें खर्च करना है। बेटे, भगवान ने आपको जो दिया ...
- देव-पूजन किसे कहते हैं?... बेटे, इस बारे में तो हम बताते रहते हैं कि गायत्री माता का एक फोटो रख लेना। हाँ, वह तो मैंने रख लिया ...
- देवता उठा सकते हैं?... नहीं बेटे, देवता नहीं उठा सकते। कोई किसी तरह नहीं गिरा सकता। आप ही अपने आपको गिराते हैं और आप ही उठा...
- देवता उनकी सहायता करेंगे?... नहीं करेंगे। किनकी? जो देवता को अनैतिक बनाता है, जो देवता को अन्धेरगर्दी का माध्यम बनाता है। नीति और ...
- देवता ऐसे होते हैं, जो फालतू में यह तलाश कर रहे होते हैं कि हमारा पाठ कौन कर रहा है?... जो कोई पाठ कर रहा होता है? उसे डायरी में नोट करते रहते हैं। आपने कितना पाठ किया लाला गुलाब चंद्र जी?...
- देवता और मनुष्य में क्या फरक होता है?... देवता खाते तो रहते हैं, पर पखाना नहीं करते। हनुमान जी को चाहे जितना खाना खिला दो-रोटी खिला दो और दूस...
- देवता कभी तो बुड्ढे होते होंगे?... नहीं बेटे! देवता कभी बुड्ढे नहीं होते। हमेशा जवान रहते हैं तो साहब जब प्रत्येक व्यक्ति की मृत्यु होत...
- देवता कहाँ रहते हैं?... हमें नहीं मालूम। हम एक बार कैलाश पर्वत पर थे तो मरते-मरते बचे थे। देवता कहाँ रहते? पीपल के पेड़ पर र...
- देवता कहाँ रहते हैं?... स्वर्ग में। इस मशीन में जिससे हम बोल रहे हैं, दो तार हैं। एक को ठंडा तार—निगेटिव कहते हैं और दूसरे क...
- देवता कहाँ रहते?... पीपल के पेड़ पर रहते होंगे। अच्छा तो चलिए दिखाइए। नहीं साहब, वहाँ तो देवी रहती है। कहाँ रहती हैं? मह...
- देवता कहाँ से आते हैं?... सूरज की धूप कहाँ से आती है। सूरज की धूप का दाम निकालिए। हमारे यहाँ लाइट जलती है। सौ वाट का बल्व जलता...
- देवता कहाँ से उछलते हैं?... मनुष्य के व्यक्तित्व में से उछलते हैं। जिन पाँच पाण्डवों का जिक्र किया गया है कि कुंती ने पा...
- देवता का दर्शन करा देंगे क्या?... ऋषि ने कहा- बच्चो! कहीं छिप करके बैठ जाओ, शायद तुम्हें कोई मिल जाये। शबरी रात को झाड़ू लगा रही थी...
- देवता का बैरी होता है?... नहीं बेटे! देवता का कोई बैरी नहीं होता। क्यों साहब! उससे तो आप की लड़ाई है और वह तो आपसे बैर करता है...
- देवता किस मायने में आएँगे?... श्रेष्ठ विचारों के रूप में, ऊँचे ख्यालों के रूप में आएँगे।मित्रो! देवता कोई मनुष्य नहीं हैं, जो भाग ...
- देवता किसी के पेट में आ सकते हैं?... नहीं बेटे! देवता हर किसी के पेट में नहीं आ सकते। किसी खास किस्म के आदमी के पेट में ही आते हैं। उ...
- देवता की परख क्या है?... या देवता आप पर अनुग्रह करते हैं या नहीं करते? अनुग्रह की एक ही जान-पहचान है। पण्डित नेहरू जिन दिनों क...
- देवता के अनुग्रह की जान-पहचान क्या है?... देवता की परख क्या है? या देवता आप पर अनुग्रह करते हैं या नहीं करते? अनुग्रह की एक ही जान-पहचान है। प...
- देवता के नाम पर हम एक अलंकारिक प्रतिमा बना करके रखते हैं और यह देखते हैं कि हमें क्या बनना चाहिए?... आप कभी ताजमहल देखने गए हों और आपने वहाँ का म्यूजियम देखा हो, तो शाहजहाँ ने ताजमहल बनाने से पहले न के...
- देवता के मार्ग पर चलना किसे कहते हैं?... इसके लिए ही मैं आपसे निवेदन कर रहा था कि संस्कृति की सीता को वापस लाने के लिए रामचंद्र जी ने अवतार ल...
- देवता कैसा होता है?... देवता का दृष्टिकोण दिव्य हो जाता है। सामान्य मनुष्यों का दृष्टिकोण बड़ा घटिया, बड़ा ओछा, बड़ा छोटा, ब...
- देवता कैसे पैदा किया?... बेटे, देव परम्पराएँ पैदा कीं। देव परम्पराओं का नाम है, देवता। छोटे-से कुटुम्ब ने लोगों के सामने नमूने प...
- देवता कैसे हैं?... कुछ मालूम नहीं है। उनका कुछ पता नहीं है। उनका पता नहीं चलता। हिंदुओं के पास तो देवता अनेकों हो सकते ...
- देवता कैसे होते हैं?... देवता बेटे ! गोरे रंग के होते हैं। साहब ! यूरोप में सब गोरे रंग के रहते हैं, पंजाब में और सीमाप्रांत...
- देवता कैसे होते हैं?... एक और उदाहरण देकर शायद और स्पष्ट कर दूँ।
कौन हैं देवता?
एक बार ब्रह्मा जी के पास देवता और दान...
- देवता कोई अन्धे, अपाहिज, गूँगे, लूले या कोई भूखे-भिखारी थोड़े ही हैं, जो आप उन्हें सामान देंगे, मुर्गी, बकरा देंगे, नारियल देंगे, तो उससे ही उनका काम चलेगा?... वस्तुतः देवताओं की दक्षिणा भावनाओं के साथ जुड़ी होती है। देवता भावनाओं को पसन्द करते हैं, बुराइयों क...
- देवता कोई मनुष्य बन सकता है?... हाँ, देवता कोई आकृति नहीं है, देवता भी एक प्रकृति है। हम और आप जैसे मनुष्यों के बीच में बहुत से देवत...
- देवता कोई माली हैं?... हाँ साहब! देवताओं के यहाँ फूलों की दुकान होती है। देवताओं के यहाँ फूलों के बगीचे लगते हैं। बस, फूलों...
- देवता कौन हो सकता है?... देवता वह होता है, जो देता है, दूसरों को श्रेष्ठ बनाता है। देवता वह नहीं है, जो आप रंग-बिरंगे खिलौने ...
- देवता कौन-कौन से हैं?... देवता का नाम है—हमारे गुण, हमारी हिम्मत। अगर हमारे भीतर हिम्मत हो तो हमारे सामान्य शरीर कितने बड़े, ...
- देवता कौन-सा होता है?... बेटे, बादल समुद्र में से पानी ढो-ढो करके बड़ी मुश्किल से लाते हैं। वे कितनी मुश्किल और कितना कष्ट उठा...
- देवता क्यों आये?... चावल खाने, फूल खाने और घी खाने के लिए नहीं आये, वरन् घी, चावल और फूल के साथ में जुड़ी हुई आपकी जो भाव...
- देवता गिरा सकते हैं?... शनिश्चर गिरा सकते हैं? नहीं बेटे, देवता या शनिश्चर नहीं गिरा सकते हैं? देवता उठा सकते हैं? नहीं बेटे...
- देवता चक्की नहीं, तो कौन है?... जिसने बिना पारिश्रमिक माँगे अपना श्रम जारी रखा। हम उसकी पूजा न करें, तो किसकी पूजा करें। वह पत्थर ...
- देवता ट्रांसफर कराता है?... हाँ साहब! देवता के हाथ में सब कुछ है। तो क्यों देवता जी आपके पास क्या ट्रांसफर कराने का कोई डिपार्टम...
- देवता तुझे क्या देंगे?... नहीं साहब! हमको मालदार बना दीजिए। बेटे! मालदार बनना तेरी अकल के ऊपर है। देवताओं के पास मत जाना, नही...
- देवता दुनिया में किस काम के लिए आते रहे हैं?... वे केवल एक काम के लिए आते हैं—श्रेष्ठ कामों के लिए सहायता करने के लिए। देवता श्रीकृष्ण भगवान के जमान...
- देवता देखे हैं न आपने?... देवता के अन्दर यही गुण होता है। देवता को हम पुकारते हैं कि हे भगवान! हमारी सहायता कीजिए। गणेश जी! हमक...
- देवता न प्रसन्न होते हों क्या हर्ज है?... वैकुण्ठ न मिलता हो तो क्या हर्ज की बात है? उन्होंने गंगाजल उतारा और गधे के मुँह में डाल दिया। गधे ने...
- देवता फूल बरसाते हैं?... हाँ बेटे! लेकिन फूल बरसाने से मतलब है सहयोग करना, सहकार करना, प्रशंसा करना, समर्थन करना और सहायता दे...
- देवता बहुत बिजी थे और घड़ी देख रहे थे कि यज्ञ में कितना टाइम लगेगा?... पाँच दिन का समय लगना चाहिए। गुरुजी! हमको पाँच दिन की फुरसत नहीं है। ब्रह्मा जी आप चलो, विष्णु भगवान ...
- देवता लोग क्या खाते हैं?... अमृत खाते हैं। स्वर्गलोक में क्या रहता है? अमृत रहता है। हम आपको अमृतपान कराएँगे, जो आपने कभी नहीं क...
- देवता लोग-कौन थे?... हिन्दुस्तान के नागरिक। क्या विशेषताएँ थीं इनकी? यही विशेषता थी कि नाक, आँख, कान तो हमारे-आपके तरीके ...
- देवता हर समय कुछ न कुछ देते रहते हैं, लेते नहीं हैं, हम माँगते हैं और वे देते हैं, परन्तु यहाँ यह विचार करना पड़ेगा कि देवता क्या देते हैं?... देवता के पास जो चीजें होंगी वही तो वह देगा। जिसके पास जो चीज नहीं होगी, तो वह क्या देगा? जो चीज बै...
- देवता होना किस तरीके से सम्भव है?... जीवन-साधना बनाती है देवता
मित्रो! देवता होने के लिए थोड़े से प्रयास करने पड़ेंगे और उस प्रया...
- देवता, यह कहाँ होता है?... पर भगवान हमारे ऊपर ही चढ़ता आए, तो यह भी कोई बात हुई। पूरा सम्मान करेंगे, पर जब गलत चलेगा, तो उसे सम...
- देवताओं का यही धंधा है?... देवताओं का यही पेशा है कि लोगों के लिए चीजें तलाश करते फिरें। मनोकामना पूरी करना नहीं है काम देवताओ...
- देवताओं का उद्देश्य क्या हो सकता है?... देवताओं का उद्देश्य एक ही है और वह है—हमारा इष्ट। इष्ट माने लक्ष्य। लक्ष्य माने जैसा बनना है। आखिर ब...
- देवताओं का केवल यही काम है—फूल बरसाना?... यह क्या बात है? क्या वे कौम के माली हैं? इनके यहाँ फूलों की खेती होती है? जहाँ कहीं भी शादी होती है,...
- देवताओं का दर्शन कैसे हो सकता है?... देवताओं की उपासना कैसे हो सकती है? देवताओं के नजदीक जाने से किस तरीके से भगवान का आदान-प्रदान हो सक...
- देवताओं का साक्षात्कार करेंगे?... बेटे! देवता इतने फालतू नहीं हैं कि आपने पुकारा और वे आ गए। आप शंकर भगवान् को बुलाना चाहते हैं न? वे ...
- देवताओं की उपासना कैसे हो सकती है?... देवताओं के नजदीक जाने से किस तरीके से भगवान का आदान-प्रदान हो सकता है? इसके लिए एक छोटा-सा उदाहरण म...
- देवताओं की कृपा हम आपको दिलाएँगे, पर आप उसे रखेंगे कहाँ?... आप रखने वाली चीज का इंतजाम कर लीजिए, बाकी सब चीजें बहुत सरल हैं। जिन चीजों के लिए आप हैरान ह...
- देवताओं की दुर्गति करने पर क्यों उतारू हो गए हैं?... आप माँस खाएँ, ठीक है। अपने साहब को ह्विस्की पिलाइए, मटन-मुर्गा खिलाइए, उससे काम निकालिए। नहीं साहब!...
- देवताओं की हमने कैसी-कैसी दुर्गति की?... इसे देखकर रोना आता है। एक दिन एक देवी बैठे-बैठे रो रही थी। मैंने कहा—देवी! आपको क्या हो गया? आप क्यो...
- देवताओं के नजदीक जाने से किस तरीके से भगवान का आदान-प्रदान हो सकता है?... इसके लिए एक छोटा-सा उदाहरण मैं आपको सुनाना चाहूँगा। एक पण्डित जी थे। उन्हें चार सौ रुपये कहीं से दान-...
- देवताओं के बेटों को कैसा होना चाहिए?... अगर कोई देवता का बेटा है, तो उसके व्यवहार में और जीवन में क्या गुण आना चाहिए? इसे हम पाँचों पांडवों ...
- देवताओं के मुकाबले पहुँचिए न?... नहीं साहब! हमारी बेइज्जती हो गयी है और हमसे छोटे आदमी सब-आर्डिनेट का प्रमोशन हो गया और हमारा नहीं ...
- देवताओं के रूप में आते, तो उनको वाहन लाने पड़ते, अपने हथियार लाने पड़ते, फिर रामचंद्र जी की सेना में भर्ती कैसे होते, यदि देवता बने रहते तो?... अतः देवता नहीं, रीछ-बन्दर बन गए। रीछ-बन्दर बनकर उन्होंने वह काम किया, जो भगवान् का संकल्प था।भगवान् ...
- देवताओं को और कोई काम नहीं है?... जहाँ जाते हैं, वहीं फूल बरसाते रहते हैं। रामायण में आप पढ़ लीजिए, बीसियों जगह फूल बरसे हैं। रामचंद्र...
- देवताओं को कैसा बनना चाहिए, कैसा होना चाहिए?... यह सारी-की बातें हमारी बच्चियाँ व्याख्या के रूप में समझा रहीं थी। हमको और आपको कौन-सा आदर्श पसन्द है?...
- देवत्व का विकास किस तरीके से होता है?... देवत्व का विकास इस मायने में होता है कि आदमी दिल से उदार हो जाता है। उदार होकर आदमी यह सीखता है कि ह...
- देवत्व के उदय से क्या फायदा होगा?... देवत्व के उदय से चार फायदे तुरन्त होते हैं। चार फायदे प्रत्यक्ष होते हैं और जो पाँचवाँ फायदा है, उसके...
- देवत्व के खेत में क्या बोना पड़ेगा?... एक तो बोना पड़ेगा—जल। जल से क्या मतलब है? जल से मतलब है बेटे, —श्रम। श्रम से मतलब है—पसीना। आप पसीना ...
- देवत्व जब आता है, तब क्या होता है?... नागपुर की अदालत में काम करने वाले एक छोटे से वकील थे। मामूली से वकील, जो साइकिल पर बैठ करके रोजाना अ...
- देवदक्षिणा क्या है?... देवदक्षिणा हमारा प्राण है। पुराने जमाने में पण्डित आते थे तो वे बस, बलि चढ़ाते थे। चलिए साहब! बलि चढ़...
- देवमाता कैसे हो गया?... पहले ये ऋषियों के जमाने में केवल सिद्धान्त थीं, ब्रह्मविद्या थीं, तत्त्वज्ञान थीं और फिलॉसफी थीं। फि...
- देवमानव क्यों कहते थे?... वे किसके बने हुए था? वे हाड़-माँस के बने हुए थे। वे क्या खाते थे? यही दाल-रोटी खाते थे। कपड़ा क्या प...
- देवर किसे कहते हैं?... बच्चे किसे कहते हैं? अमुक बात कैसी होती है? मेहमान किसे कहते हैं? अतिथि घर में कैसे आते हैं? पैसे की...
- देवलोक में अर्जुन को क्या-क्या उपहार मिलने चाहिए थे?... इसकी परीक्षा लेने के लिए उन्होंने क्या किया? उन्होंने यह किया कि उपहार पीछे देंगे, पहले देखें कि यह ...
- देवलोक में क्या होता है?... कल्पवृक्ष होता है। कल्पवृक्ष किसे कहते हैं? उसे कहते हैं जिसके नीचे बैठकर हर चीज, हर मनोकामना पूर्...
- देवशक्तियाँ क्या चाहती हैं?... और भगवान क्या चाहते हैं? भगवान जो चाहते हैं, उस काम को करने के लिए हमारी आगे वाली लाइन पर चलने वाल...
- देवसंस्कृति का उदय कैसे हुआ?... वास्तव में अयोध्या में लंका के विरुद्ध मोरचाबन्दी शुरू हो गई थी। कैसे हुई थी? बेटे! वे परम्पराएँ आरम्भ ...
- देवस्य किसे कहते हैं?... देवस्य कहते हैं—दिव्य को और देने वाले को। आदमी के भीतर दो विशेषताएँ होनी चाहिए। भगवान् के भीतर भी दो...
- देवियाँ क्या यही काम करती हैं?... तो महाराज जी! फिर शिवाजी को तलवार कैसे मिली थी? बेटे! यह अलंकार है, जिसका अर्थ है कि वह अक्षयशक्ति, ...
- देवी और गायत्री नाराज हो जाएँगी?... नहीं बेटे, कोई नाराज नहीं होंगी। गुरुजी को माला पहना दें, तो आचार्य जी नाराज हो जाएँगे? नहीं, कोई ना...
- देवी का जवाई है?... चांडाल कहीं का—देवी को हमारी सहायता करनी चाहिए थी! किस बात की देवी सहायता करे? नहीं साहब! हमारी मनोक...
- देवी का मंत्र हम बता देते हैं—बताइए?... ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे.......। अच्छा यह है काली का मंत्र? हाँ बेटे! मंत्र तो ठीक है, लेक...
- देवी किसकी सहायता करती है?... देवी जप करने वाले की सहायता नहीं करती, पाठ करने वाले की सहायता नहीं करती। देवी उनकी सहायता करती है, ...
- देवी की तलवार?... क्या देवी के यहाँ लोहे की फैक्टरी खुली होती है? देवी क्या लोहे का चाकू बनाती है, बन्दूकें बनाती है? त...
- देवी की यह तलवार हमको भी मिल सकती है?... देवी की तलवार? क्या देवी के यहाँ लोहे की फैक्टरी खुली होती है? देवी क्या लोहे का चाकू बनाती है, बन्दू...
- देवी को आपने क्या समझ रखा है?... आपसे मैं पूछता हूँ कि आप लक्ष्मी जी को समझते क्या हैं? वे आपके जैसी फरेबी और आप जैसी जलील हो सकती है...
- देवी क्या लोहे का चाकू बनाती है, बन्दूकें बनाती है?... तलवार बनाती है? देवियाँ क्या यही काम करती हैं? तो महाराज जी! फिर शिवाजी को तलवार कैसे मिली थी? बेटे!...
- देवी जी आपको क्या चाहिए?... धर्मपत्नी से पूछता है कि क्या चाहिए आपको? पड़ोसी से पूछता है कि क्या चाहिए आपको? नौकर से पूछता है कि...
- देवी ने कहा, अच्छा आप हमें बीबी बनाना चाहते हैं?... हाँ, आप हम पर हुकुम चलाना चाहते हैं? हाँ, आप हमें गुलाम बनाना चाहते हैं? देवी ने कहा, हम आपकी नौकरान...
- देवी समझने से क्या हो जायेगा?... तुम्हारी आँखों में शालीनता आयेगी। किस तरह से आयेगी? शिवाजी की तरह से आयेगी। यही देवी तुझे तलवार दे...
- देवी से माँगेंगे, देवता से माँगेंगे?... तो बेटे, मेरा ऐसा ख्याल है कि एक तो वे तुझे कुछ देंगे नहीं और यदि देंगे भी तो ऐसी चीज देंगे जो सड़ी...
- देवी है या चुड़ैल?... इस तरह की चुड़ैलों को देवियाँ बना दिया गया, कुलदेवी बना दिया गया है। और पागल आदमी कलकत्ता (कोलकाता) ...
- देश का उत्तरदायित्व नहीं है?... नहीं साहब! अभी तो बेटी की शादी करनी है, उससे निवृत्त हो जाऊँगा, तब आऊँगा। तब ऐसी चपत लगेगी कि होश ठि...
- देश की दौलत बढ़ेगी तो कैसे?... हमें देश में फैक्ट्री लगानी चाहिए, इसके लिए आप कुछ मदद कर सकते हैं? उन्होंने कहा—हमने सुना है कि योग...
- देश को क्या देना चाहिए?... भगवान जी को क्या देना चाहिए? तब हम आपसे कहते कि आप जवान आदमी हैं। बेटे! हम जवान आदमी हैं और हमेशा अप...
- देशव्यापी या राष्ट्रव्यापी भावना हमारे अन्दर जरा भी उत्पन्न नहीं होती है कि हमको राष्ट्र के भी काम आना है क्या?... राष्ट्र का भी कुछ हमारे ऊपर उत्तरदायित्व है? हमारी कोई जिम्मेदारी है क्या?
जिम्मेदारी निभाइए
बेटे!...
- दैत्य का तरीका क्या होना चाहिए?... चेहरा कलंक की कालिमा से पुता हुआ। जिन्होंने जिन्दगी भर इस तरीके से काम किये हैं, अगर उनके कर्म को नंग...
- दैत्य कैसे होते हैं और देव कैसे होते हैं?... आपको हम अभी बता सकते हैं कि हिन्दू धर्म में दैत्यों की शक्ल क्या है? हिन्दू धर्म क्या है? अलंकारों क...
- दैत्य ने पूछा—"तू क्यों रो रहा है?... " उस लकड़हारे ने कहा—"मेरी कुल्हाड़ी खो गई है।" उसने कहा—"कुल्हाड़ी ऐसी कौन-सी बड़ी चीज है? तेरी कुल...
- दैवी अनुग्रह हो सकते हैं?... हाँ बेटे, दैवी अनुग्रह भी होते हैं। दैवी अनुग्रह भी आदमी को मिलते हैं, परन्तु हरेक को नहीं मिलते। गुर...
- दैवी शक्तियाँ हमला करती हैं?... हाँ, हमला करती हैं। आसुरी शक्तियाँ भी हमला करती हैं और दैवी शक्तियाँ भी हमला करती हैं। किसके ऊपर...
- दैवी सभ्यता के पीछे क्या परिणाम निकल सकते हैं?... ये साबित करने के लिए दशरथ के कुटुम्ब ने, परिवार ने उसी तरह के नमूने पेश करने शुरू कर दिए, जैसे कि लंक...
- दैवीय परम्पराएँ क्या होती हैं?... तिलक लगाना, माला जपना, गंगाजी नहाना, सत्यनारायण की कथा कहना आदि, क्या यही दैवी परम्पराएँ हैं? नहीं, ब...
- दो हजार रुपये मासिक कैसे है?... जैसे मान लीजिए आप अपने घर में पाँच आदमी रहते हैं। आप रहते हैं, आपकी बीबी रहती है, तीन बच्चे रहते ह...
- दो और दो का योग क्या होता है?... चार। इसका क्या मतलब हुआ? बेटे, दो में दो चीजें मिला दी तो चार हो गया। जोड़ का नाम है—योग। जोड़ शब्द ...
- दो कदम क्या हैं?... योग क्या है? योग का अर्थ होता है जोड़ देना। किसको किसके साथ जोड़ देना? जीव को ब्रह्म के साथ जोड़ना, ...
- दो कब पैदा हुए?... आप गलत बात कहते हैं। हम तो अपनी माँ के पेट से अकेले ही पैदा हुए थे। आप अकेले पैदा नहीं हुए है। आप दो...
- दो के साथ ब्याह क्यों कर दिया?... भूल जायेगा तो लड़ाई करेगा और यह कहेगा कि हमारे साथ चल। दूसरा कहेगा कि हमारे घर चल। एक के साथ ...
- दो गंगाएँ जो गायब हो गयी हैं, वह कहाँ गयी?... वह इसी स्थान पर थी जहाँ आज शान्तिकुञ्ज बना हुआ है। एक धारा यहाँ बाहर बहती थी जिसे बाँध बनाकर रोक दिया ...
- दो घण्टे समय नहीं दे सकते?... कलेजा है आप में? हृदय है आप में? हिम्मत है आप में? जीवन है आप में? निष्ठा है आप में? श्रद्धा है आप...
- दो दीनार में आदमी खुश रह सकता है क्या?... हाँ, दो दीनार में आदमी बहुत खुश रह सकता है, अगर आदमी की इच्छाएँ कम हो जायें तब। सन्तोष परम धन मित...
- दो बच्चों को छोड़कर आए थे, हमें कितने बच्चे मिल गए?... बेटे! हमारी अखण्ड ज्योति जो छपती थी, तो मैं समझती हूँ 18,000 थी और युग निर्माण योजना 12,000 थी, सब म...
- दो भक्त तो हो गए, तीसरा भक्त कौन था?... तीसरा भक्त कौन रह गया? सन्त ने कहा—उस आदमी का नाम है—नारद। नारद ने क्या बिगाड़ा? नारद ने यह बिगाड़ा कि ...
- दो मंजिलें क्या हैं?... दो कदम क्या हैं? योग क्या है? योग का अर्थ होता है जोड़ देना। किसको किसके साथ जोड़ देना? जीव को ब्रह्...
- दो महीने पहले तो वह आपका जमाई था?... हाँ दो महीने पहले था, लेकिन उसने तलाक दे दिया है, इसलिए हमारा बैरी है और विरोधी है। अच्छा साहब! क्या...
- दो लकड़ी के पीस थे, न जाने कहाँ से बहते हुए चले आ रहे थे?... गंगा का जल गंगोत्तरी से बहकर कोलकाता तक चला जा रहा है। ऐसा हजारों बार होता है कि लकड़ी का टुकड़ा न ज...
- दो वर्ष पहले जो तन सुंदर और स्वस्थ था, जिसका स्वास्थ्य ऐसा श्रेष्ठ मालूम पड़ता था, शरीर बलिष्ठ मालूम पड़ता था, आखिर इसके अधःपतन का जिम्मेदार कौन था?... जिम्मेदार था वह दाद, जो हमारे कामेन्द्रिय की नोक पर विद्यमान था और जिसको खुजाने से पहले, हमने यह...
- दो विद्यार्थी हैं और मास्टर कितने हैं?... तीन मास्टर हैं। धत् तेरे की ये क्या हुआ? अरे बेटे! विद्यार्थी कहाँ हैं दुनिया में। आध्यात्मिक क्...
- दो साँड़ों की लड़ाई देखी है न आपने?... हाँ गुरुजी! जब दो साँड़ लड़ते हैं तो खेत को, दुकान को बहुत नुकसान पहुँचाते हैं। एक बार तो दो खोमचे व...
- दो सेरे नहीं हैं, तीन पाये नहीं हैं, दो पाटी नहीं हैं, बीच का झाबड़-झोल नहीं है, फिर क्या है इसमें?... उसने थैले में से एक पाया निकालकर दिखा दिया और कहा कि इसे ले जाइए। लोगों ने कहा—धत तेरे की, इसका हम क...
- दो सौ रुपए महीने मिलते थे और मौज करते थे, लेकिन यह कहाँ से आ गई?... दो सौ रुपया तो कपड़े-लत्ते के लिए भी नहीं होगा। नहीं साहब! आप जाइए, चोरी कीजिए, कुछ भी कीजिए, पर पैस...
- दो हजार की आमदनी छोड़कर गया होगा?... तो तेरे लिए। मैट्रिक पास लोगों को मैं जानता हूँ, जो स्टेट बैंक में नौकरी करते हैं और पंद्रह सौ रुपये...
- दो हजार मील पर क्या करोगे?... बच्चे का मुंडन कराने ले जाएँगे। फिर क्या हो जाएगा? देवी पर बाल चढ़ा देंगे। क्या करेगी देवी? बालों को...
- दो हजार रुपये में हमने क्यों जिन्दगी जी?... एक-एक पैसा हमने, यह समझकर रखा कि, यह कितना कीमती है। हम अपने लिए अनावश्यक कामों में, विलासिता में और...
- दो-चार रुपये जुर्माना हो जायेगा, लेकिन अगर सेनापति गड़बड़ी कर दे, तब?... तब सारे—के—सारे राज्य की स्वाधीनता ही संकट में जा पड़ेगी। इसलिए वह अनेक बन्धनों से बँधा हुआ है। घर में...
- दो-तीन दिन तक ऐसी खुशामद की, ऐसी इज्जत की कि क्या कहने?... जब विदा हुए तब तरह-तरह के उपहार दिए, पेंट-सूट दिया, किराये के लिए सौ रुपये दिए। टिकिट लाकर दिया। घर ...
- दोनों कर लेगा तो तेरा क्या बिगड़ेगा?... नहीं महाराज जी! आप दो में से एक का फैसला कर दीजिए, हम वही करेंगे। ठीक है, बेटे ! तो फिर मैं इस बात क...
- दोनों की कीमत की तुलना कहाँ हो सकती है?... देवताओ! तुम मुझे ठगने के लिए आये हो, लेकिन मैं कथा का लाभ आपको नहीं दूँगा। कौन सी कथा? भागवत् की कथा...
- दोनों की जद्दोजहद में किसको सफलता मिली?... मिली फर्ज और कर्तव्य को। आजीवन हमने यही निभाया है।
आचार्य जी की माताजी थीं, जिनको हम ताईजी कहते ह...
- दोनों के एक हो जाने से क्या मतलब है?... दोनों के एक हो जाने से ये मतलब है कि नाला नदी हो जाता है। नदी नाला नहीं हो सकती, नाला नदी हो जाता है...
- दोनों को इतनी परेशानी पैदा करने के बाद अगर आपने थोड़े से पैसे दे दिए, तो क्या फायदा हुआ?... तो महाराज जी! आप दान के लिए मना कर रहे हैं? मना नहीं करता बेटे, मैं तो यह कहता हूँ कि दान देने के तर...
- दोनों को एक होना होगा या तो मैं रहूँगा या रामचंद्र जी रहेंगे?... या तो हनुमान् जी रहेंगे या रामचंद्र जी रहेंगे? मैं तो लेकर के हटूँगा। भला ऐसे कैसे हो सकता है कि म...
- दोनों तरफ चलेंगे तब?... तब हम क्या कह सकते हैं।
दोहरा व्यक्तित्व न हो
बेटे, इस सम्बन्ध में हम कछुए का एक छोट...
- दोनों तुम्हारे कान उखाड़ेंगे और फिर तुम जब चारपाई से उठोगे न, अरे क्या हो गया?... गुरुजी-माताजी आ गए, भूत आ गया। अभी तो आप प्रणाम करते हैं, पाँव छूते हैं और कितने भावविभोर हैं और तब?...
- दोनों में कुछ फर्क है क्या?... नहीं, कोई फर्क नहीं है। गायत्री तपोभूमि, शान्तिकुञ्ज, ब्रह्मवर्चस तथा शक्तिपीठों पर लगे कार्यकर्ता ए...
- दोनों में क्या फरक पड़ा?... कुछ भी फरक नहीं पड़ा। एक प्रत्यक्ष है और एक परोक्ष है। आज भी ठीक उसी प्रकार के संकट मनुष्य के सामने ह...
- दोनों में क्या फरक है?... हिम्मत का है। छोटे-बड़े सभी कामों में जो रिस्की काम होते हैं, उनमें हिम्मत काम करती है। दुनिया में म...
- दोनों में लड़ाई-झगड़ा होने लगा कि असली भगवान् कौन है तथा नकली भगवान कौन है?... आप और हम भी लड़ाई लड़ सकते हैं, क्योंकि आप लोग भी एक अंश भगवान् का धारण किये हुए हैं।...
- दोपहरी में विश्राम कहाँ करेंगे?... पिसनहारी के कुँए पर। पिसनहारी का कुँआ इतनी बड़ी धर्मशाला है, इतनी बड़ी चीज है कि मैं क्या कहा सकता हूँ...
- दोबारा मैंने गले में उँगली डाल करके फिर उलटी करने की कोशिश की कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि हमारे गले में और सन्तरे का रस रह गया हो?... जब मुझे विश्वास हो गया कि उलटी से रस पूरी तरह से निकल गया है, तो मैंने एक दिन का उपवास किया और सोचा ...
- दोष कहाँ हैं?... वे हमारे चिन्तन में होते हैं। बाहर दोष नहीं होते।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय।
जो द...
- दोष हमारे कहाँ हैं?... दुर्गुण हमारे कहाँ हैं? कषाय हमारे कहाँ हैं और कल्मष हमारे कहाँ हैं? मल हमारे कहाँ हैं? आवरण हमारे...
- दोस्ती के बिना आदान-प्रदान की परम्परा कैसे शुरू हो जायेगी?... गुरु-शिष्य के प्रेम के बिना आदान-प्रदान कैसे शुरू हो जायेगा? मैं यह चाहता था कि इस शिविर के अन्त ...
- दोस्ती को मैं खराब कैसे कह सकता हूँ?... प्यार को मैं खराब कैसे कहूँगा? मित्रता को मैं खराब कैसे कहूँगा? मित्रता तो बहुत अच्छी बात है। सहयोग ...
- दौलत खतम हो जाएगी और आपके पास अकल आएगी?... नहीं, अकल भी चली जाएगी। अकल रहेगी? नहीं, निकम्मे आदमियों की अकल भी चली जाती है। निठल्ले आदमियों क...
- दौलत मिल सकती है, सिद्धि मिल सकती है, चमत्कार मिल सकता है?... अगर किसी ने यह बातें आपको बता दिया हो, तो मुझे इसमें सुधार करना है।
मित्रो! क्या सुधार करना है? ...
- दौलत, जिसको आप देवताओं से माँगते हैं, उस दौलत को आपको देने की गलती देवता नहीं कर सकते?... अगर देवता आपको दे भी दें, तो इसका मतलब है कि वे आपकी तबाही पैदा करेंगे। अगर देवता आपको सीधी दौलत दें...
- दौलत, पैसा जब तक पास में नहीं था, तब तक यह मालूम पड़ता था कि जब यह मिलेगा, तो जाने क्या से क्या मिल जायेगा और जाने हम कौन हो जायेंगे?... जब पैसा आ गया तो मालूम पड़ा कि कलह की निशानियाँ लेकर के आ गया। चोर, उठाईगीर, साले और बहनोई, जमाई और भ...
- द्रौपदी से हमेशा युद्ध किया करे?... किससे? भीम से? हमेशा युद्ध किससे किया करे? बीबी से? हमेशा युद्ध किससे किया करे? कुन्ती से? हमेशा किस...
- धक्के क्यों खाएँगे?... इसलिए यह भी एक प्रश्न आपको हल करना पड़ेगा कि जिन बेचारों ने अपना आयोजन करके रखा है-पन्द्रह दिन का औ...
- धत् तेरे की ये क्या हुआ?... अरे बेटे! विद्यार्थी कहाँ हैं दुनिया में। आध्यात्मिक क्षेत्र में तो खासकर विद्यार्थी नहीं हैं। न...
- धत् तेरे की?... और कुछ काम करते हो? नहीं साहब! कुछ काम नहीं, आप देख लीजिए हमारी पोस्ट। लेक्चर झाड़ना, रोटी कमाना। कॉ...
- धन क्या होता है?... धन मित्रो ! उसे कहते हैं, जिसको हम अपना समझ लें कि वह हमारा धन है और वह खुशी देता है। कैसे? मतलब यह ...
- धरती पर स्वर्ग का अवतरण हो सकता है?... हाँ बेटे! हो सकता है और होगा। कैसे होगा? थोड़े से सिद्धान्त हमारे पास हैं। गायत्री मंत्र में बीज रूप ...
- धर्म अगर हमारे पास होता, भक्ति हमारे पास होती तो अविद्या और अशिक्षा क्यों आती?... आपके लिए नहीं कहता, मैं अपने लिए कहता हूँ। आज हमारी संख्या-हम पण्डितों की, सन्तों की, बाबाजियों की स...
- धर्म किसे कहते हैं?... अगर इसे आप जान लें, तो इससे कोई फायदा नहीं है। अध्यात्म क्या है? सारे के सारे उपनिषदों के व्याख्या...
- धर्म की स्थापना के लिए भगवान् ने किसको-किसको पुकारा?... समर्थ गुरु रामदास को पुकारा। उनसे कहा कि अरे! कहाँ चलता है नरक में, चल तेरे लिए दूसरा रास्ता खुला ...
- धर्म जीता और योग जीता और हारा कौन?... 'मैं' हार गया, 'अहं' हार गया। रामचंद्र जी वनवास को चले गए और भरत जी नंदगाँव में जाकर के उसी तरह साधु...
- धर्म जीता और योग जीता और हारा कौन?... 'मैं' हार गया, 'अहं' हार गया। रामचंद्र जी वनवास को चले गए और भरत जी नंदीग्राम में जा करके उसी तरह सा...
- धर्म-अध्यात्म में हम आपको क्या सिखाते हैं?... जरा बताइए।
मित्रो! हम एक चीज यही सिखाते हैं कि आदमी की क्वालिटी कैसे बढ़ाई जाती है? यही अध्यात्म...
- धर्मपत्नी का मिलता है?... नहीं साहब, उसका भी नहीं मिलता। माता जी का मिलता है? नहीं माता जी का भी नहीं मिलता। पिता जी का? पिता ...
- धर्मपत्नी के प्यार का, एक आत्मा का दूसरे आत्मा के साथ समर्पण का, उसके प्यार का अनुभव आदमी परिवार के अतिरिक्त और कहाँ कर सकता है?... आप अपनी पत्नी के बिना यह सब कहाँ से लाएँगे? कहाँ से पाएँगे? कहाँ से सीखेंगे? आप वेश्यालय जाकर वासना ...
- धर्मपत्नी से पूछता है कि क्या चाहिए आपको?... पड़ोसी से पूछता है कि क्या चाहिए आपको? नौकर से पूछता है कि क्या चाहिए आपको? हर आदमी से पूछता है कि क...
- धर्मशाला में जगह है?... हमें जगह दे दीजिए, हम ठहरना चाहते हैं। धर्मशाला वाला सबसे पहले आपसे पूछेगा कि आपका बिस्तर कहाँ ह...
- धर्मशाला में ठहरने की जगह है कि नहीं?... धर्मशाला वाला कहता है कि आपके साथ और कौन-कौन हैं? आपका सामान कहाँ है?अरे भाई! गरमी के दिन हैं, साम...
- धर्मशाला वाला कहता है कि आपके साथ और कौन-कौन हैं?... आपका सामान कहाँ है?अरे भाई! गरमी के दिन हैं, सामान की क्या जरूरत है? अरे साहब! आजकल बड़ी भीड़ है। सा...
- धर्मशाला वाला सबसे पहले आपसे पूछेगा कि आपका बिस्तर कहाँ है?... आपकी अटैची कहाँ है? बेडिंग कहाँ है। नहीं साहब! हमारे पास तो अटैची नहीं है और बेडिंग भी नहीं है। अच...
- धर्मशालाओं में जगह नहीं है?... बसों में जगह नहीं है। गाड़ियों में जगह नहीं है। यह कौन पैदा हो रहा है? कीड़े पैदा हो रहे हैं, जैसे कि ...
- धार्मिकता क्या है?... आस्तिकता क्या है? और जिस मिशन को ले करके हम चले हैं, उसका उद्देश्य क्या है? जहाँ आपको एक ही घण्टा ...
- धुनने से क्या मतलब है?... इसका मतलब है—चरित्र। चरित्र से क्या मतलब है? ब्राह्मणत्व। मित्रो! में वहीं आ गया जहाँ से बात शुर...
- धूप घड़ी कैसे बनायी जाती है?... लकड़ी का एक शंकु और पानी का एक घड़ा लेकर आपको समय बता सकता हूँ। इसी के आधार पर मैंने निशान लगा दिये थे...
- धूपबत्तियों में क्या ताकत हो सकती है?... वह हवा को ठीक कर सकती है? दीपक में क्या ताकत हो सकती है? वह उजाला कर सकता है? नहीं, दीपक जीवात्मा मे...
- धूपबत्ती क्या है?... धूपबत्ती एक कैंडिल का नाम है। एक सींक का नाम है। एक लकड़ी का नाम है। वह जलती रहती है और सुगन्ध फैलात...
- धूल उड़-उड़कर आँखों में जाती है?... हाँ साहब! म्युनिसिपल बोर्ड की जब गाड़ी आती है, तो सारे के सारे धूल-धक्कड़ को दबाती हुई, पानी छिड़कती...
- धूल के कण और धूल के जर्रे हवा के साथ शामिल होने के बाद कहाँ तक चले जाते हैं?... आसमान तक चले जाते हैं। राजा के मुकुट तक चले जाते हैं और मीनार तक चले जाते हैं। यही धूल के कण पहले चल...
- धोबी कैसे हैं?... नहीं साहब! आप तो कहते थे कि हम पण्डित हैं? पण्डित तो हैं, परन्तु जाति से हम धोबी हैं। धोबी कैसे है...
- धोबी क्या करेगा?... इसके ऊपर जो मलिनताएँ चढ़ी हुई हैं, उन मलिनताओं को वह पहले साफ करेगा; पापों को साफ करेगा; अनाचारों को...
- धोयें नहीं और मैले कपड़े पर रंग लगाना चाहें तो रंग कैसे चढ़ेगा?... रंग आयेगा ही नहीं—गलत-सलत हो जायेगा। इसी प्रकार से अगर आप धातुओं को गरम नहीं करेंगे, तो उससे जेवर नह...
- ध्यान कर कहाँ से आया और कहाँ जाना है?... ध्यान का अर्थ—लक्ष्य का चिन्तन
मित्रो! ध्यान की यह प्रक्रिया भगवान को प्रसन्न करने के लिए नही...
- ध्यान करते थे?... कोई ध्यान नहीं करते थे। तो शक्ति कहाँ से आती थी? शक्ति, बेटे! राम की आती थी। वे राम की शक्ति से उछलत...
- ध्यान के लिए कोठरी में बैठ सकते हैं, पर ध्यान से उद्देश्य कहाँ पूरा होगा?... ध्यान से आज तक किसी का कोई उद्देश्य कहाँ पूरा हुआ है? जीवन के विकास से उद्देश्य पूरा हुआ है। जीवन के...
- ध्यान कैसे करेंगे?... अगर ध्यान न कर सके तो क्या हो जाएगा? देख बेटे, तुझे मैं थोड़े से नाम बताता हूँ, जो ध्यान न कर सके, ल...
- ध्यान में आपने क्या देखा?... भगवान को देखा, मुझे नहीं मालूम। नहीं साहब! हमको ध्यान में हनुमान जी दिखते हैं। यह तो अच्छी बात है।...
- ध्यान में हमारा मन भाग जाएगा तो?... तो भागने दीजिए, इससे आपके ध्यान में कोई फरक नहीं पड़ने वाला है। कैसे? चलिए मैं विधि बता देता हूँ। आप...
- ध्यान से आज तक किसी का कोई उद्देश्य कहाँ पूरा हुआ है?... जीवन के विकास से उद्देश्य पूरा हुआ है। जीवन के विकास के लिए सहायता की आवश्यकता होती है और साथियों की...
- ध्यानयोग किसे कहते हैं?... योग को। योग की व्याख्या कीजिए? योग की व्याख्या है—ध्यानयोग। ध्यानयोग के बहुत से तरीके हैं। इनमें से ...
- ध्रुव जी क्या करते थे?... तप करते थे। अच्छा, पार्वती जी ने ब्याह कर लिया। हाँ! शंकर भगवान तो मना करते थे कि हम तो ब्याह नहीं...
- ध्वनि की प्रतिध्वनि होती है न?... जिस तरह हम कुएँ में झाँककर देखते हैं और आवाज लगाते हैं, तो उसमें से आवाज आती है। ऐसी ही प्रतिध्वनि...
- न आपके पास कुछ था और न आपके पास रखा जा सकता है?... आपके मरने के बाद आपकी चीजें, आपके साले की हो जाती हैं, बहनोई की हो जाती हैं, भतीजे की हो जाती ...
- न करें तब?... न करें तब, बेटे सुई में टिटनेस के कीटाणु लगे हो सकते हैं और हमारे खून में जा करके हमें अच्छा करने के...
- न कोई गाय है, न कोई बैल, फिर कैसी गोसेवा?... अरे साहब ! हमारी ये इंद्रियाँ ही गाय हैं। हमारी जो जीभ है, यह गाय है। जीभ को हम मिठाई खिलाते हैं, कॉ...
- न घर है, न कोई साधन?... आप तो राजकुमारी हैं। सुख-सुविधाओं में पली हैं। आपको तो अनेक वर मिल जाएँगे।" आपको पता है कि फिर पार्व...
- न जाने उनको क्या-क्या दिया?... यह एक घटना सुना करके मैं अपनी बात आगे को लेकर चलना चाहूँगा। विवेकानन्द जब अमेरिका से लौटकर हिंदुस्ता...
- न जाने कहाँ से जादू का मैग्नेट खिंचता हुआ चला आता है?... आज गुरुकुल में लाखों-करोड़ों रुपये की सम्पत्ति के मकान खड़े हुए हैं और विश्वविद्यालय खड़ा हुआ है। जिन...
- न जाने कितने लोगों से हमने क्या-क्या लिया?... हमारा यह काम है कि जब हम संसार से जायँ, तो हम सबका कर्ज चुकाते हुए जायँ। कर्ज चुकाने की विद्या का ना...
- न जाने कैसे आ गयी?... मुझे मालूम पड़ता है कि मनुष्य के उन्नति करने का सारा का सारा आधार यही रहा है कि उसने कॉपी करना सीखा...
- न जाने क्या-क्या खेल कराता चला जाता है?... इसने मुझे बहुत परेशान किया है और भगवान को भी। जबकि भगवान जानता है कि अपने प्यारे बच्चे को सुखी बनाने...
- न जाने यह प्रसंग कैसे आ गया?... दिमाग में आ जाता है, तो वह निकल जाता है, इससे आपको कोई ताल्लुक है? नहीं है।
इससे एक ही ताल्लुक है...
- न जाने, क्यों इसकी आवश्यकता नहीं समझी?... न जाने क्यों उपेक्षा करने लगे कि हमारा व्यक्तित्व गन्दा बना रहे, तो बना रहे। हम तो भजन करेंगे और भगव...
- न मालूम आप में से कौन क्या बन सकता है; न मालूम आप में से कौन गाँधी बन सकता है; न मालूम आप में से कौन विनोबा बन सकता है; न मालूम आप में से कौन क्या बन सकते हैं?... लेकिन अपनी संकीर्णताओं को तो आप छोड़िए न।
उनको तो यहीं छोड़ जाइए, आप शान्तिकुञ्ज में ही उनका दमन कर...
- न मालूम आप में से कौन क्या बन सकता है?... आपको कल्पना नहीं है, हमको कल्पना है कि न मालूम, आप से लेकर के आगे आने वाली पीढ़ी से लेकर के न मालूम ...
- न मालूम आपमें से कौन-कौन हस्ती क्या-क्या हो सकता है, पर उसके लायक आपको बनना पड़ेगा?... अपने को धोना पड़ेगा। अपनी धुलाई करनी पड़ेगी, कसाई करनी पड़ेगी, रँगाई करनी पड़ेगी। ऊपर से भी रंगो और ...
- न मालूम किसको क्या मिल जाता है बाप-दादों की कमाई से?... बाप-दादों की कमाई से मिनिस्टरों के लड़के-लड़कियों को ऐसे-ऐसे काम मिल जाते हैं, ऐसे-ऐसे धंधे मिल जा...
- न मालूम क्या होता है?... इसी ने सब चौपट किया है। चौपट इनसान ने नहीं किया है, देवत्व ने नहीं किया है, उसे हैवान ने चौपट किया ह...
- न मालूम क्यों?... यह हमारे जन्मजात संस्कार ही कहना चाहिए कि मूल प्रवृत्ति जो थी, वह सन्त जैसा जीवन जीने की, ऋषि जैसी जि...
- न मिलती हो तो क्या?... अपना कर्तव्य पालन करने का अगर एक लक्ष्य बना लें, तो फिर जिस स्थिति में रहना पड़ रहा है, उसी में हम प्...
- न यह काम करने होते तो फिर मैं एकान्त में क्यों बैठता?... फिर मैं सबसे मिलना-जुलना क्यों बन्द करता? यह जगह-जगह जाने वाली बात और फूलमाला पहनाने वाली बात को मैं...
- न हम दिखाई पड़ते हैं और न ही हमारी आवाज आपके अन्तःकरण में जाती है, तो फिर परिवर्तन कैसे होगा?... माला को लेकर बैठा रहता है। उससे क्या होगा? जा वैकुण्ठ चला जा। वहाँ तेरे स्वागत के लिए खड़े हैं द्वार...
- न हुआ तब?... तब तो आपने अपनी खुशी दूसरों के हाथ में गिरवी रख दी न? आपकी बीबी हँसी-खुशी से रहेगी और आपकी आज्ञा का ...
- नंबरदार के डिब्बे से कुछ निकाला नहीं क्या?... अरे साहब क्या निकालना? ये अपने आदमी हैं और झटका मार दिया। एक छटाँक पहले काट लिया और एक छटाँक यह ...
- नई दिशाएँ पैदा नहीं कर सकते?... मुट्ठी भर निकलने वाली अखण्ड ज्योति क्या गजब ढा रही है, आप देख नहीं रहे हैं?...
- नई पीढ़ियों को देखकर हम सोचते हैं कि यह क्या हो गया है?... अच्छे घरों में पैदा हुए बच्चों को क्या हो गया है? ये खराब आदत के बच्चे कहाँ से आ गए? जब हम गहराई से ...
- नकद धर्म कैसा होता है?... जो ध्यान हम आपको सिखाना चाहते हैं, उसमें तीन सिद्धियाँ हैं। चौथी सिद्धि तो उसका ब्याज है। मूलधन वह ह...
- नकल करने का गुण उसकी ऐसी विशेषता है कि हम कुछ कह नहीं सकते कि यह कहाँ से आ गयी और क्यों आ गयी?... न जाने कैसे आ गयी? मुझे मालूम पड़ता है कि मनुष्य के उन्नति करने का सारा का सारा आधार यही रहा है क...
- नकल बनानी है, तो ऐसी नकल बनाएगा, घटिया वाली नकल?... नहीं! तुझे रुद्राक्ष की माला चाहिए, तो यह ले जा बेटे, मेरी ले जा। नहीं गुरुजी! आपकी नहीं लेंगे, इससे...
- नक्शा अगर हमारे पास नहीं है तो हम किस तरीके से आपको सड़क दिखा पाएँगे?... अथवा आपको टाइम-टेबिल कैसे बताएँगे कि कौन सी रेलगाड़ी कहाँ से कहाँ तक जाएगी? और आपको किस गाड़ी से या ...
- नक्शा कैसे बनेगा?... सारी-की चीजें बना करके एक मॉडल तैयार कर लिया गया। आप दयालबाग के म्यूजियम में जाइए और तलाश करके यह प...
- नट किसी को पहलवान बना सकते हैं?... नट पहलवान नहीं बना सकते। अगर पहलवान बनना हो, तो आपको दूसरे लोग तलाश करने पड़ेंगे। इसके लिए आपको बाब...
- नट जो है, वह जनता का क्या मार्गदर्शन कर सकता है?... नट किसी को पहलवान बना सकते हैं? नट पहलवान नहीं बना सकते। अगर पहलवान बनना हो, तो आपको दूसरे लोग तला...
- नदियाँ कल-कल करती हुई बहती हैं, क्या आप इनका आनन्द नहीं ले सकते?... आपको इनका आनन्द लेना चाहिए और आप को कलाकार होना चाहिए। जिन्दगी जीने की कला को आपको समझना चाहिए। जि...
- नफा हुआ और इतना नफा हुआ कि हम आपसे क्या कहें?... भावनाओं का करें योगदान
बेटे ! जो ये कहते हैं कि हमारे पास बच्चा नहीं है, अरे बेटे ! हमसे ले जाओ। ए...
- नब्ज में क्या देखते हैं?... यह देखते हैं कि दिल में धड़कन कितनी है। धड़कन के अलावा टेम्प्रेचर कितना है। इसके लिए थर्मामीटर लगाते...
- नमः शिवाय से क्या हो जाएगा?... सारे विश्व में तेरा यश हो जाएगा और तू अजर-अमर हो जाएगा। सारी दुनिया का कल्याण हो जाएगा। ऐसा हो जायगा...
- नमः शिवाय-नमः शिवाय और क्या कह रहा है?... श्रीकृष्ण शरणं मम-श्रीकृष्ण शरणं मम। श्रीकृष्ण मेरी शरण में आ जा, इसका मैंने ये अर्थ लगाया। इससे क्य...
- नमक कोई जहर है?... हम तो यही चाहते हैं कि आपकी जीभ जो लप-लप खाती रहती हैं, उस पर काबू करें, उस पर कंट्रोल करें। उसको ...
- नमक नहीं खायेंगे तो कमजोर तो नहीं हो जायेंगे?... कमजोर हो जायेगा, तो पहले बिना नमक का भोजन कर लिया कर, पीछे से नमक खाकर पानी पी लिया कर। अस्वाद व...
- नमक में क्या आफत है?... नमक कोई जहर है? हम तो यही चाहते हैं कि आपकी जीभ जो लप-लप खाती रहती हैं, उस पर काबू करें, उस पर क...
- नमक से क्या हो जाएगा?... बेटे, हम क्या बताएँ क्या हो जाएगा? बना करके देख जरा, नमक से बगावत पैदा होगी। नमक से? हाँ बेटे, नमक स...
- नमन क्या होता है?... बेटे, मस्तक झुकाइए और हाथ जोड़िए, यह हो गया नमन। जप दो मिनट से लेकर पाँच मिनट के भीतर। यदि स्नान आप ...
- नमस्कार होते ही उसने एक बत्ती बुझा दी और बोला हम बेकार में बत्ती क्यों जलाएँ?... जितनी देर तक आप से बातें करनी हैं, उतनी देर में इतने पैसे की बिजली जलेगी। बिजली बन्द करने के बाद आपस ...
- नमूने का गुरु कैसा होना चाहिए?... नमूने का साधु कैसा होना चाहिए? नमूने का ब्राह्मण कैसा होना चाहिए और गुरुजी का शिष्य कैसा होना चा...
- नमूने का ब्राह्मण कैसा होना चाहिए और गुरुजी का शिष्य कैसा होना चाहिए?... ये सारी की सारी जिम्मेदारियाँ हमने अनायास ही नहीं लाद दी हैं-आप पर। आपको बोलना न आता हो, तो कोई शि...
- नमूने का साधु कैसा होना चाहिए?... नमूने का ब्राह्मण कैसा होना चाहिए और गुरुजी का शिष्य कैसा होना चाहिए? ये सारी की सारी जिम्मेदारिया...
- नमूने के लिए अब ऐसे मन्दिर बनाए जा सकते हैं, जिनमें प्रयोगशाला के तरीके से लोग देख पाएँ कि मन्दिरों का सही इस्तेमाल क्या हो सकता है और क्या होना चाहिए?... हमने गायत्री तपोभूमि का मन्दिर लोगों के सामने एक नमूना पेश करने की खातिर बनाया है। यों तो अपने देश ...
- नम्र होते हैं उसके प्रति, सहज ही श्रद्धा करते हैं, तो भगवान उससे भी घटिया है क्या?... भगवान की दोस्ती बड़ी लाभदायक है और ऐसी लाभदायक होती है कि उसका प्रतिफल आपके रूप में दिखाई पड़ता है। ...
- नया कपड़ा पहनने को जरा-सी उमा जब मचलती है तो आपको क्या होता है?... नया कपड़ा पहनने में आपको क्या मुसीबत है। मरने में आपको इस बात का भय है कि जिन्दगी को आपने बुरी तर...
- नया जमाना कौन लाता है?... एक हवा आती है। ठीक है गुरुजी कहते हैं कि एक हवा आती है। नहीं बेटे, अकेले गुरुजी के कहने से कोई फ...
- नया युग लाने के लिए, नये युग के निर्माण के लिए जो समय की जरूरत पड़ेगी, अकल की जरूरत पड़ेगी, पैसे की जरूरत पड़ेगी, वह हम कहाँ से लायेंगे?... हम चन्दा कहाँ से करेंगे? किसके ऊपर दबाव डालेंगे? किसको प्रेस करेंगे? हम प्रयास कहाँ से करेंगे? कौन...
- नया युग लाने के लिए, तो हमें फिर वहीं से आरम्भ करना होगा, जहाँ हमारे ऊपर यह बात लागू होती है कि त्याग और बलिदान का प्रश्न आए, तो हम कहाँ होते हैं?... बगलें झाँकते हैं या आगे बढ़ चढ़कर लग जाते हैं।सबसे पहले स्वयंमित्रो! हमारी संस्कृति में त्याग-बलिदान क...
- नये युग में जाति और वंश की परम्परा में फर्क रहेगा?... नहीं बेटे, फर्क नहीं रहेगा। दोनों को अगले दिनों एक रहना पड़ेगा। बेटे, हम ऐसा जमाना ला रहे हैं। हम नही...
- नर-पिशाच कैसे होते हैं?... नर-पिशाच ऐसे होते हैं, जिनको कि दूसरों के दुःख दरद से कोई वास्ता नहीं होता। खुद का अपना फायदा होता ह...
- नरक किसे कहते हैं?... अभी मैं आपको बताने वाला हूँ कि बन्धन किसे कहते हैं? मुक्ति कहाँ होती है? बेटे! मुक्ति वहाँ होती है—ग्...
- नरसी मेहता ने कौन-सा जप किया था?... बेटे ! तू बड़ा पागल है। हरदम मंत्र-तंत्र पूछता रहता है। यह नहीं पूछता कि नरसी मेहता ने जिन्दगी कैसी ज...
- नल नील की पत्थरों ने क्यों मदद की?... क्योंकि नल- नील का ईमान और उनकी भावनाएँ उच्च कोटि की थीं। वे लोकमंगल की भावना से पुल बना रहे थे। ...
- नल-नील ने कहाँ से इंजीनियरिंग पढ़ी थी?... कहीं से नहीं पढ़ी थी। तो वे कहाँ से इंजीनियर बन गए? बेटे! वे राम की कृपा से बन गए। राम की कृपा से नल...
- नल-नील ने, जामवन्त ने, अर्जुन ने कितनी पूजा एवं तीर्थयात्रा की थी?... पर उन्होंने भगवान् के कन्धे-से-कंधा मिलाकर काम किया था। इस कारण से भगवान् ने भी उनके कार्यों में कं...
- नली लम्बी है ही नहीं तो लम्बे तक कैसे मार कर सकती है?... अतः ध्यान का पहला वाला हिस्सा है—एकाग्रता, जिसको लोगों ने ‘मेडिटेशन’ नाम दिया हुआ है। यह पहला वाला ह...
- नवग्रहों में से कोई ग्रह कभी डूबता है क्या?... एक ग्रह दूसरे की छाया में आ जाते हैं। दिन रात का फर्क पड़ जाता है। कोई तारा दिन में उदय होता है, तो...
- नवरात्र में जब भी आपने अनुष्ठान किए होंगे तो आपमें क्या फरक पड़ा है?... सत्ताईस माला का जप करना पड़ा है। बेटे! सत्ताईस माला तो आप वैसे भी कर सकते हैं। चारपाई पर पड़े-पड़े म...
- नवरात्रि के दिनों में देवी को क्या चढ़ाते हैं?... ‘मैं’ को चढ़ाते हैं और मियाँ जी बकरीद के दिन क्या खाते हैं? उसी को खाते हैं—‘‘’मैं’ —‘‘मैं’’ को खात...
- नहा लेता है तो तू एक बात बता कि तेरी चमड़ी के खोल में क्या-क्या भरा हुआ है?... माँस भरा हुआ पड़ा है। अच्छा, तो तू यह बता कि पूजा की कोठरी में माँस तो नहीं ले जाता? नहीं महाराज जी,...
- नहाने की उनको क्या दिक्कत पड़ेगी?... नदियाँ उनकी बहती हैं। जब कभी स्नान करना पड़े, घंटों नहा सकते हैं। उनको कोई रोकने वाला है क्या? फिर ...
- नहाने की उनको क्या दिक्कत पड़ेगी?... नदियाँ उनकी बहती हैं। जब कभी स्नान करना पड़े, घंटों नहा सकते हैं। उनको कोई रोकने वाला है क्या? फिर भ...
- नहीं होता तो मैं क्या करूँ?... सर्कस में कार्य करने वाली लड़कियों का ध्यान एकाग्र होता है। वे तार के ऊपर चलती हैं। तार के ऊपर चल...
- नहीं आई तब?... बेटे! शान्ति हमारे पास है। अपनी शान्ति में से एक हिस्सा काटकर आपको दे देंगे। आप यकीन कीजिए। बाप अप...
- नहीं आप तो देवी हैं, आप बच्चे को कैसे मार सकती हैं?... बच्चों के सिर के बाल लोग मेरे ऊपर पटक जाते हैं, तो क्या मैं इससे प्रसन्न होऊँगी? और नहीं पटकें तो मै...
- नहीं कैसे ठीक होगी?... आपको च्यवनप्राश अवलेह खाना पड़ेगा।
ब्रह्म को जीवन में धारण करना है ब्रह्मचर्य
ब्रह्म को चरना पड़...
- नहीं गुरुजी, हमने तो चन्दा इकट्ठा कर लिया, तो हम क्या करेंगे इसका?... आप आदमी तो बनें पहले। आप आदमी बनना सीखें। आप घटियापन छोड़िये, सुबह से शाम तक काम कीजिये। पात्रता बढ़...
- नहीं जाता होगा, शास्त्रों में गलत बताया गया होगा?... नहीं ठीक लिखा है। अच्छा, शंकर जी ने कहा—देखो, ये जो नहाने जा रहे हैं, ये तमाशबीन हैं। ये घुमक्कड़ है...
- नहीं तो हम 5-5 पैसे क्यों माँगते फिरते?... आप भी क्रियाओं को महत्त्व देते रहेंगे, तो ख्वाबों की दुनिया में घूमते रहेंगे।...
- नहीं दिखाते, हम कोई तेरे नौकर हैं या तेरे गुलाम हैं?... क्यों तू कौन है? हमें चमत्कार दिखाना होगा, तो अपनी मरजी से दिखाएँगे, हमारा भगवान कहेगा तो दिखाएँगे। ...
- नहीं पकेंगी तो आप वहाँ रहेंगी, कहाँ रहेंगी?... झोंपड़े में रहेंगी और आपकी जिन्दगी खतम हो जाएगी और फिर आपको कूट-पीसकर नया बनाएँगे।
तपाने से ...
- नहीं बेटी, कहने की क्या जरूरत है?... हमको दिखाई पड़ता है कि तुम उन्नीस साल की हो गई हो। हम अपनी जिम्मेदारी कहीं से भी पूरी करेंगे। तुम्हा...
- नहीं बेटे, इससे क्या पुण्य हो सकता है?... ठीक है, तूने हमारी किताब खरीदी। इससे आठ आने हमें मिल गए, तेरी प्रशंसा हो गई। तूने वेदों की पुस्तक मँ...
- नहीं बेटे, तू नौकरी करेगा, तो मेरा काम हर्ज हो जाएगा और हम जिस काम के लिए आए हैं और तू जिस काम के लिए आया है, सो उसका क्या होगा?... नहीं महाराज जी! देखा जाएगा, पहले तो मैं नौकरी करूँगा। नहीं बेटे, ऐसा नहीं हो सकता। एक दिन रामकृष...
- नहीं बेटे, तेरा लड़का अच्छा नहीं बन सकता, क्योंकि उसके भीतर, उसकी जीवात्मा में भाइयों के लिए, बहनों के लिए, माता-पिता के लिए जो प्रेम और सेवा की वृत्ति होनी चाहिए, वह कहाँ से आएगी?... बेटे, हमको ये मालूम पड़ता है कि अगले दिन बहुत बुरे आने वाले हैं। अगले दिनों युद्ध के दौर भी आ सकते ...
- नहीं बेटे, देवता या शनिश्चर नहीं गिरा सकते हैं?... देवता उठा सकते हैं? नहीं बेटे, देवता नहीं उठा सकते। कोई किसी तरह नहीं गिरा सकता। आप ही अपने आपको गिर...
- नहीं बेटे, बड़ी उम्र के हों तो क्या, योगी हों तो क्या, तपस्वी हों तो क्या, ज्ञानी हों तो क्या, महात्मा हों तो क्या?... हँसना आपको भी आना चाहिए, हँसाना आपको भी आना चाहिए। गाँधी जी के नजदीकी मुझे बहुत दिन रहने का मौका म...
- नहीं बेटे, ये वेश्या कैसे हो सकती हैं?... तेरी भी तो कन्या होगी? तेरी भी तो लड़की स्कूल जा रही होगी। वह भी फिर वेश्या है क्या? नहीं साहब! हमार...
- नहीं बेटे, सवाल पूछो कि यह क्या बात है?... साहब, काहे को आप दो मिनट खराब कराते हैं। इसलिए कि बच्चे सवाल करेंगे और आप जवाब देंगे। इससे आप जिज्ञा...
- नहीं महाराज जी, चार-पाँच चावलों से क्या हो जाता है?... बेटे, कुछ भी नहीं होता है।
महाराज जी, तो फिर हम चावल क्यों चढ़ाते हैं? चावल हम इसलिए चढ़ाते ह...
- नहीं मानी, चली गई और कहाँ आफत पैदा कर दी?... वहाँ सम्मान नहीं मिला, तो चुपचाप चली आती, पर वहाँ भी दिमाग खराब करके हवन कुण्ड में जा पड़ी, कुण्ड में ...
- नहीं लिखेगा तो तेरी मनोकामना कैसे पूरी होगी?... मित्रो! मनोकामना पूरी करने के लिए क्या करना पड़ता है? जीवन को शुद्ध करना पड़ता है। मेरे गुरु जब ह...
- नहीं साहब हम व्याख्यान देंगे?... बेटे, व्याख्यान से कोई काम नहीं चलेगा। नहीं साहब! कथा कहेंगे? कथा से बेटे कोई काम नहीं चलेगा। आप...
- नहीं साहब, इसमें तो बहुत रंगदारी है?... नहीं बेटे, इसमें स्वाभाविकता है, शालीनता है। आप महाभारत पढ़ लीजिए, भागवत् पढ़ लीजिए, जिस समय तक उन्ह...
- नहीं साहब, वे तो प्राणायाम ही करते रहते थे?... नहीं बेटे, प्राणायाम भी करते थे। यों मत कह कि प्राणायाम ही करते रहते थे, वरन् यों कह कि वह प्राणायाम...
- नहीं साहब, हम क्या कर सकते हैं?... आप सब कुछ कर सकते हैं। आप मुसीबत में फँसी हुई अपनी देह को निश्चित रूप से बीमारियों से छुट्टी दिला सक...
- नहीं साहब, हम जिस काम से आए थे, जिस मनोकामना को पूरी करने के लिए आए थे, उस मनोकामना का क्या हुआ?... हमको पंद्रह हजार रुपये दे दीजिए। आपका बैंक में एकाउंट है? नहीं साहब! बैंक में तो कोई एकाउंट नहीं है,...
- नहीं साहब, हम तो प्रेक्टिस में इम्तिहान देंगे, थ्योरी में नहीं देंगे, किसका इम्तिहान देना चाहते हैं?... हम तो साहब वाइवा देंगे और थ्योरी के परचे आएँगे तो? थ्योरी, थ्योरी के झगड़े में हम नहीं पड़ते, हम तो ...
- नहीं, उससे लड़ाई-झगड़ा क्या करना है?... झूठ के पाँव कहाँ होते हैं? झूठ जिन्दा रहता है क्या? झूठ जिन्दा नहीं रहता। झूठ अगर जिन्दा रहता, तो चोर...
- नहीं, एक क्यों जलेगा?... साथ-साथ हैं, वे दोनों जलेंगे। यही समर्पण काश बेटे! आप में भी आ जाए, भगवान करे आप में आ ही जाए। यह हम...
- नहीं, खराब बात नहीं है, पर मनोकामना किस काम के लिए माँगी गई है?... सांसारिकता को प्राप्त करने से पहले आप पैसे को कैसे हजम कर सकते हैं? यह ज्ञान होना चाहिए।
मेहनत ...
- नहीं, जब तेरे जिम्मे चौकीदारी थी और तू जगा हुआ था, तो तूने चोरी कैसे हो जाने दी?... नहीं साहब! हम अकेले ही थोड़े हैं, इस घर में तो बाइस आदमी रहते हैं। सबको गिरफ्तार कीजिए। वे तो सो रह...
- नहीं, तो ऐसे सेठ क्या कहने के?... इनकी सम्पत्ति हमें मिल जाए, तो फिर हम दिखा दें कि लोक क्या होता है? परलोक क्या होता है? क्या होता है...
- नहीं, तो फिर इन कौरवों से लड़?... तेरे सारथी हम बनेंगे। कृष्ण ने जब यह आवाज उठाई, तो अर्जुन लड़ने के लिए विवश हो गया। उसको लड़ना पड़ा ...
- नहीं, बताइए, शायद करती रही हो?... नहीं साहब! जिस दिन से उसने राम का नाम लिया, उस दिन से राम का काम करती रही तथा रामभक्त का उत्तरदायित्...
- नहीं, मनुष्य नहीं थे कुंती से पूछो कि कौन थे?... भगवान श्रीकृष्ण जब आए थे तो उन्हें देवताओं की सहकारिता की जरूरत पड़ी थी, तो देवताओं ने जन्म लिया था।...
- नहीं, मार-पीट तो नहीं करती है, तो फिर तू क्यों लांछन लगाता है उस पर?... अपने हाई टेंपरेचर को डाउन कर उसका सहयोग करिए। जरा-सा काम होता है और सारा दिन खट-खट् लगी रहती हैं। एक...
- नहीं, सबके सब चमार हैं?... क्यों, चमार कैसे हुए? चमार ऐसे हुए कि ये सिर्फ चमड़े को देख पाते हैं। चमड़े को जो देख पाता है, चमड़े...
- नहीं, हम कैसे चलें?... माताजी ! मुझे तो जुकाम हो जाता है, हाँ, यह तो आप सही कह रहे हैं। जुकाम तो देखो, इतने हिस्से में होता...
- नहीं, हम क्या दे सकते हैं?... हमारे पास क्या है? हम तो केवल भिखारी हैं।
यह नहीं, बेटे! यह भिखारी शब्द मनुष्यों के लिए शोभा नहीं ...
- नहीं, हम जानवर हैं, हम क्या फरक कर सकते हैं?... तब हमें कोई तमीज नहीं थी। वे कुसंस्कार अभी भी हमारे भीतर विद्यमान हैं।
मित्रो! समाज के बन्धन ...
- नहीं, हम बेवकूफ नहीं हैं?... हम बुद्धिमानों में सभी से ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं। जिस जानदार और बिना जान की किसी चीज ने हमारे ऊपर...
- नहीं, हमको इससे कोई मतलब नहीं, हम तो आप सभी को अपने साथ ले जाना चाहते हैं?... मरने के बाद में हमको जब अय्याशी की जरूरत पड़ेगी, विलासिता की जरूरत पड़ेगी, तब कैसे काम चलेगा? उन्हों...
- नाई कौन होता है?... हजामत बनाने वाला। चाणक्य ने उससे कहा कि हम आपको राजा बनाना चाहते हैं, चक्रवर्ती सम्राट बनाना चाहते ह...
- नाक की हवा में कहाँ है योग?... नाक में तो कफ़ भरा पड़ा है। नहीं साहब! मैं तो नाक से योग करूँगा। बेटे, नाक में योग नहीं है, तो फिर क...
- नाक की हवा में कहाँ है योग?... नाक में तो कफ भरा पड़ा है। नहीं साहब! मैं तो नाक से योग करूँगा। बेटे! नाक में योग नहीं है। तो फिर कह...
- नाक क्या संयम करेगी?... कान का संयम? कुछ भी नहीं है। गाना-वाना सुन लिया, तो बात अलग है। दिमाग की खुराफात है। कान बेचारे का क...
- नाक में से बहुत प्राणायाम करेंगे, तो भी भगवान नहीं मिलेगा?... नहीं बेटे, भगवान नहीं मिलेगा। भगवान कब मिलेगा? कहाँ मिलेगा? भगवान वहाँ मिलेगा, जबकि हम दो इम्तिहान...
- नाक से क्या होता है?... गन्ध लेना, सूँघना, पता लगाना। कुत्ते सूँघकर पता लगाते हैं—चोरी का माल कहाँ गया? सी०आई०डी० के कुत्ते आ...
- नाक से प्राणायाम करने, तिलक लगाने के अलावा भी कुछ करना पड़ा है क्या?... नहीं बेटे, कुछ और भी करना पड़ा है। क्या करना पड़ा है? यही बताने के लिए मैं आपका बुलाता हूँ।
म...
- नाक से हमें क्या करना पड़ता है?... नाक से जब हम साँस अन्दर खींचते हैं तो सामान्य प्राणायाम करना पड़ता है और प्राणायाम में ध्यान करना पड़...
- नाक, कान, आँख और चमड़ी को महत्त्व देने वाले नकली आदमी क्या अध्यात्मवादी हो सकते हैं?... सिद्धान्तवादी हो सकते हैं? आदर्शवादी हो सकते हैं?
अष्टावक्र ऋषि आठ जगह से कुबड़े—टेढ़े थे। एक बार व...
- नागरिक कर्तव्य क्या है?... आजीविका उपार्जन कैसे करना चाहिए? अर्थशास्त्र क्या है? आदि बातें सीख करके हम आजीविका उपार्जन कर सकते...
- नाच देख करके मैं क्या करूँगा?... मेरे पास इतने सारे काम पड़े हैं, उन कामों को समेटूँगा या नाच देखूँगा। अरे साहब! वहाँ तो चौबीसों घंट...
- नाची हो तो बता?... नहीं महाराज जी! फिर तो उसने वेश्यावृत्ति भी नहीं की। सन्त हो गयी, सो हो गयी। पहले उसने किया था, पर ...
- नाचीज थी तो क्या?... उसकी दिलेरी देखिए, उसकी हिम्मत देखिए, उसकी उदारता देखिए, उसका समर्पण देखिए।
उसने कहा कि भगवान रा...
- नाचीज हैं तो क्या?... आपके अन्दर जो देवत्व उदय हो चुका है अब, तब इतनी-सी कमी है कि इसको बार-बार जगाना पड़ेगा और उठाना पड़ेग...
- नाती कितने हैं?... एक-एक आदमी दस-दस आदमियों को अखबार, पत्रिका पढ़ाता है। इन सब को कह दिया है कि अखण्ड ज्योति जहाँ भी जा...
- नादयोग से आपका क्या मतलब है?... कान में घण्टी बजा दीजिए, कोई शंख बजा दीजिए। कोई बच्चे जैसी आवाज आये, बन्दर या चूहे जैसी आवाज आये, फिर...
- नानक जी के पास कौन से चमत्कार थे?... कोई चमत्कार नहीं होते सन्तों के पास। चमत्कार होते हैं तो बस यही होते हैं कि सामान्य मनुष्य लोभ, मोह...
- नानक जी ने कौन-सा मंत्र जपा था?... बेटे! हमको नहीं मालूम। नहीं साहब! कोई तो जपा होगा? बेटे ! तुम तो बेकार की बहस करते हो, तुझसे हम यह क...
- नाम क्या था उस लड़के का?... उसका नाम था भस्मासुर। उसके तप से प्रसन्न होकर भगवान प्रकट हुए। भस्मासुर ने प्रार्थना की भगवान हमको...
- नाम मालूम है?... नाम हमको मालूम नहीं। शक्ल मालूम है? नहीं साहब! शक्ल भी नहीं मालूम, नाम भी नहीं मालूम, रूप भी नहीं मा...
- नाम लिखाइए, कौन-कौन सी थाली लेंगे—वेजीटेरियन या नानवेजीटेरियन?... नानवेजीटेरियन। अच्छा साहब! दोपहर को साढ़े बारह बजे आती है। हाँ, ले आना। बस, वह ले आया एक के ऊपर एक थ...
- नाम लेने से कोई प्रसन्न क्यों हो जाएगा, क्या वजह है?... नहीं साहब! राम नाम लेने से उद्धार हो जाता है। गलत, नाम लेने से किसी का उद्धार नहीं हुआ, न कभी हो सकत...
- नारद जी का उदाहरण तो आपको मालूम होगा?... नारद जी एक बार भगवान जी के पास गए और बोले कि भगवन्! हमारी मनोकामना पूरी कीजिए। भगवान ने कहा—"भक्त और...
- नारद जी ने कहा—आपकी क्या बात बताना है?... उसने कहा—महाराज जी! हमारे बाल-बच्चा नहीं होता है। हमारे कोई सन्तान नहीं है। आप भगवान विष्णु से यह पूछ...
- नारद जी ने कहा—विष्णु भगवान तो झूठ बोलते नहीं और मैंने बहाने बनाए नहीं, तो फिर भगवान की बात गलत कैसे हुई?... उन्होंने कहा—मुझे क्या मालूूम कि यह कैसे हुआ?
उसने कहा—नारद जी! एक सन्त निकल रहे थे, तो मैंने उनक...
- नारद जी ने कहा—सन्त बड़ा होता है कि भगवान बड़े होते हैं?... उन्होंने कहा—कभी-कभी भक्त भी बड़े होते हैं और भगवान छोटे भी होते हैं। वैसे तो भगवान बड़ा होता है, पर क...
- नारद जी ने कहा—‘‘फिर क्या करना चाहिए?... ’’ भगवान ने कहा—‘‘मैं ऐसी जगह तलाश करना चाहता हूँ, जहाँ कि मैं चैन के साथ रह सकूँ। कोई मनुष्य मुझे त...
- नारद जी ने पूछा—यह किसका बच्चा है?... उसने कहा—यह तो हमारा है।
मित्रो! नारद जी से किसान ने पूछा—आप तो कहते थे कि विष्णु भगवान ने कह दि...
- नारद जी से किसान ने पूछा—आप तो कहते थे कि विष्णु भगवान ने कह दिया है कि तीन जन्म तक बच्चा नहीं होगा?... अब तो हमारे बच्चा हो गया है। नारद जी ने कहा—विष्णु भगवान तो झूठ बोलते नहीं और मैंने बहाने बनाए नहीं,...
- नारद ने कहा—हाँ, सन्त के लक्षण देख लिए, अच्छा, तो वह मुझसे बड़ा है कि छोटा?... मुझसे बड़ा है। क्यों? क्योंकि ये दो वृत्तियाँ उसके भीतर हैं। वह असली भक्त है और वह इतना बड़ा भक्त है, ...
- नारद ने क्या बिगाड़ा?... नारद ने यह बिगाड़ा कि उसने मनुष्य को बता दिया कि भगवान मनुष्य के अन्तरंग में बैठा हुआ है। अगर यह नहीं ...
- नाराजगी में फिर रहे हैं न तब?... परिस्थितियों के गुलाम मत होइए। अपनी मन:स्थिति पर केन्द्रित हो जाइए। केन्द्रित हो करके सारे संसार भर मे...
- नारी जाति का इतना गुणगान कर रही हैं और हमें यह क्या कह रही हैं?... त्याग की मूर्ति—नारी
बेटे! आपकी औकात हम जानते हैं, इसलिए आपसे कह रहे हैं। आपकी भी हमें मालूम है, क...
- नारी जीवन की यह करुणाजनक स्थिति अपने ऋषि वंशजों से पूछती है कि क्या सचमुच हमारे पितामह इतने निर्मम रहे होंगे?... कन्या को करुणा और वात्सल्य की स्नेहमूर्ति समझने वाले भारतीय समाज ने समय-समय पर इन घातक कुप्रथाओं का ...
- नारी में सिया और नर में राम को देखने की दिव्य दृष्टि जिस किसी को भगवान देता है, उस आदमी की शक्ति का कोई ठिकाना रहेगा क्या?... हर लड़की में जिसको अपनी बेटी का भाव उमड़ करके आता है, हर सयानी बच्ची जिसको अपनी कन्या मालूम पड़ती है और...
- नालंदा विश्वविद्यालय का खरच कौन उठाता था?... एक ही आदमी उठाता था और उसका नाम था—चाणक्य। चाणक्य तो महाराज जी! बड़ा गरीब था। हाँ बेटे! वह इतना गरीब...
- नाव पार होती है, तो क्या राहगीर जो उस पर बैठा हुआ है, पार नहीं होगा?... जिस राहगीर को तैरना नहीं आता वह कैसे पार होगा? लेकिन जो नाव में सवार हो जाता है, उस नाव का मल्लाह ...
- नाव में बैठकर जा रहे हैं, कि लाश पर बैठकर जा रहे हैं, कि रस्सी को खींचते हुए जा रहे हैं, कि साँप को खींचते हुए जा रहे हैं, उनको यह भी ज्ञान नहीं था, पर एक नारी के, अपनी पत्नी के इतना कहने से कि इस नश्वर शरीर से इतना लगाव?... इतना लगाव भगवान से हो जाए, तो आप चमक जाएँगे, आपकी प्रतिभा चमक जाएगी और आप आने वाले समय में इसी तरह स...
- नाश की ओर जाने से क्या मतलब है?... हर आदमी की ख्वाहिश है कि हमारी सन्तान होनी चाहिए। आज हर आदमी इतनी तेजी से सन्तान पैदा कर रहा है कि म...
- नास्तिक क्या है?... नास्तिक माने—आस्थाओं से इन्कार करने वाला। आस्थाओं से इन्कार माने—विश्व व्यवस्थाओं से इन्कार करने वाल...
- नास्तिक हो जाऊँगा क्या?... छोड़कर भागूँगा क्या? चला जाऊँगा क्या? मैं यही सोचता रहा। फिर एक दिन मेरे भीतर कुछ प्रकाश आया और उसने ...
- नास्तिक होने के बाद में क्या कहेंगे?... चूँकि आप में हिम्मत नहीं है, तो नास्तिकता को किन शब्दों में कहेंगे? आप कहेंगे कि हमको टाइम नहीं मिलत...
- नास्तिकता की वजह से क्या भगवान बुद्ध में कोई कमी आ गई?... नहीं बेटे! कोई कमी नहीं आई और न आ सकती है। भगवान को माने या न माने, किन्तु अगर आस्तिकता के सिद्धान्त अ...
- नास्तिकवाद का अर्थ क्या होता है?... नास्तिकवाद का अर्थ ये होता है कि भगवान के लिए जो परावलम्बन है, उसे काटकर फेंक दिया जाए।...
- नाड़ियों ने देखा कि बाप ने सारा खून हमको दे दिया, क्या उसको वापस नहीं मिलना चाहिए?... नाड़ियों ने कहा—पिताजी! आपका खून हम आपको वापस करती हैं। उन्होंने कहा—नहीं बेटा! हम आपको वापस करते हैं...
- निंदा करेंगे क्या?... नहीं, अब यह गलती नहीं करनी चाहिए।
साथियो! ठीक है, जैसा भी अब तक चला आ रहा है, उसे अब हमें सुध...
- निंदा करेंगे क्या?... नहीं, अब यह गलती नहीं करनी चाहिए।साथियो! ठीक है, जैसा भी अब तक चला आ रहा है, उसे अब हमें सुधार की ...
- निकाल और हम कहते हैं कि तेरी दौलत कहाँ है?... निकाल, दे हमको। भगवान कहता है कि निकाल तेरे पास कहाँ है? हम दोनों अपने-अपने चाकू लिए हुए हैं, तलवार ...
- निरर्थक की बातचीत करने का क्या उद्देश्य होगा?... यह उद्देश्य होगा कि मैं ये था और मैंने ये किया था और मैं वहाँ गया था और मेरा ये हुआ था। मैं पहले य...
- निराई कहाँ से करता है?... किसान पत्तों की काट-छाँट कैसे करता है? रखवाली कैसे करता है? भाई साहब! यह सब बातें हम पीछे बतायेंगे...
- निराई की क्या आवश्यकता है?... बेटे! पौधों के पास खर-पतवार उग आएँगे और सारे खाद-पानी को खा जाएँगे। पौधों को उगने-बढ़ने भी नहीं देंग...
- निराकार कहाँ रहा?... तो वह हँसते और कहते कि भाई! बात यह है कि ध्यान करने के लिए कोई न कोई आकार तो बनाना ही पड़ेगा।
...
- निराश क्यों होंगे?... आप बुज़दिल क्यों होंगे? आप हमारी तरह से उदार होइए। हमारी तरह से पिघलने वालों में से रहिए, हमारी तरह ...
- निराशा कहाँ से आई?... जो चीज, जैसी बनी थी, आपने वैसी कल्पना करना शुरू कर दी। आपने क्रियाओं के बारे में कल्पना करना शुरू कर...
- निर्जला एकादशी को पानी पियेंगे?... नहीं साहब! पानी नहीं पियेंगे। आप पानी क्यों नहीं पीते है, पानी तो घर में है। लीजिए हम लाते हैं पान...
- निर्धारण आपको करना चाहिए कि कौन सा रास्ता सही है और कौन-सा रास्ता गलत है, किस रास्ते पर हमको चलना है?... सही रास्ता तो यही है, जैसा कि मैंने अभी आपसे निवेदन किया है।
बेटे! और कोई रास्ता होता, तो हम जरूर...
- निशाना लगाने की कला ठीक है?... बेटे! अच्छा काम करने की और सफलता पाने की दुनिया में कोई कला नहीं है। सफलता पाने की एक ही कला है कि आ...
- निशाना लगाने से पहले यह बताओ कि तुमको पानी की छाया में मछली का क्या-क्या है भाग दिखाई पड़ता है?... गुरुदेव! हमें तो केवल मछली की आँख दिखाई पड़ती है और कुछ नहीं दिखाई पड़ता। ठीक है बेटे! अपना तीर उठाओ...
- निश्चय न किया होता तब?... तब फिर सम्भव नहीं था। संकल्प कर लेने के बाद तो आदमी की आधी मंजिल पूरी हो जाती है। आपको भी अपने मनोब...
- निश्चित कब किया था भगवान को?... भगवान् का स्वरूप था कब आपके जीवन में? भगवान् का प्रेम था कहाँ आपके पास? केवल कामनाएँ थीं, वासनाएँ थी...
- निश्चित रूप से?... हाँ निश्चित रूप से।
सेहत देवता व हकीम नहीं दे सकते
मित्रो ! सेहत कौन दे सकता है, देव...
- निष्कलंक कौन हो सकता है?... विवेक। नहीं साहब! निष्कलंक तो इनसान होते हैं। नहीं, कोई इनसान निष्कलंक नहीं हुआ करता। रामचंद्र जी? र...
- निष्ठा है आप में?... श्रद्धा है आप में? अगर ये नहीं हैं, तो ये बहाने मत बनाइए कि शाखा बन्द हो गई है। कोई आता नहीं है। सब...
- निष्ठुर आदमी, पत्थर के कलेजे वाला आदमी क्या भगवान का भक्त भी हो सकता है?... भगवान का भक्त ऐसा नहीं हो सकता। भगवान का भक्त जो होगा उसके मन में करुणा तो होनी ही चाहिए, दया तो होन...
- निष्ठुर कहीं का, तू क्या एकादशी का व्रत करेगा?... यह तो बेटे, करुणा से ताल्लुक रखता है।...
- नींद किसको आएगी?... हरेक आदमी को आएगी, जिसका अन्तर्द्वन्द्व बन्द हो जाएगा। जिनके अन्दर के साँड़ लड़ना बन्द कर देंगे। जो एक र...
- नींबू का अचार लाऊँ क्या?... पापड़ तो नहीं चाहिए? इस तरह बहुत तबियत के साथ पूछते रहते हैं और नौकर से कहते हैं कि जो चाहिए सो म...
- नींबू क्या होता है?... मिट्टी। जलेबी क्या होती है? मिट्टी। खाना कौन चाहता है? मिट्टी। ये क्या हैं? ये हमारी भौतिक इच्छाएँ ह...
- नुकसान कितना हुआ?... आठ रुपये और डेढ़ रुपया कुल साढ़े नौ रुपये हो गए। हमारा घी भी गया और आपका नुकसान हो गया सो अलग और...
- नुकसान के अलावा यह और क्या है जरा बताइए तो सही?... लेकिन उसको ख्याल है कि इससे कल हमको अच्छी फसल मिल सकती है और हम अच्छा फायदा उठायेंगे। इसलिए आज की तब...
- नृसिंह कैसे थे?... एक राक्षस था—हिरण्यकश्यपु। उसको यह वरदान प्राप्त था कि कोई आदमी उसे बन्द स्थान में नहीं मार सकता, खुल...
- नृसिंह भगवान कैसे थे?... ऊपर से तो थे—शेर और नीचे से आदमी और भी थे कई—कच्छ, मच्छ थे। चेहरा तो आदमी का था और शरीर कछुए का, जो ...
- नेपोलियन में क्या बात थी?... आदमी था। कैसा आदमी था? क्या फरक था? कुछ भी फरक नहीं था। बेटे, सिर्फ क्वालिटी का फरक था। आपकी क्वालिट...
- नेहरू ने क्यों मदद की?... यू० पी० गवर्नमेंट में एम० एल० ए० का जब चुनाव हो रहा था, तब नेहरू ने लाल बहादुर शास्त्री के सामने एक ...
- नौ दिन तक सत्र किया और अठारह दिन तक गालियाँ पड़ी तो बता, इससे क्या फायदा हुआ?... गुरुजी को चवन्नी की माला पहनाई और ढाई रुपये का बॉलपेन ले गया, क्या फायदा हुआ? बेटे! तू अपनी माला अपन...
- नौ शब्दों में क्या है?... चार शब्दों में भगवान के चार नाम हैं। भगवान के चार नाम ही ऐसे हैं जिनको हम अपने जीवन में धारण कर ले...
- नौकर को खिलाने में और अपने पति को खिलाने में फरक नहीं है क्या?... हाँ फरक है। दो जगह नहीं लगता मन मित्रो! आदमी का मन किसमें लगता है? क्या बतायें साहब! आजकल तो हमारा स...
- नौकर से पूछता है कि क्या चाहिए आपको?... हर आदमी से पूछता है कि क्या चाहिए, हम आपकी सहायता करेंगे और देंगे। यह जवानी है।
साथियो! अभी आ...
- नौकरी कहाँ मिलेगी?... नहीं साहब! कहीं नौकरी मिल जाय, किसी बड़े आदमी की नौकरी मिल जाय और अगर दुकान खोल लेगा तो क्या होगा? ...
- नौकरी के लिए पढ़ा रहे हैं या पढ़ने के लिए?... बेटे, मैं पढ़ने के लिए कह रहा हूँ और तू नौकरी के लिए चिल्लाता है। पढ़ने के लिए स्कूलों में तो क्या, सड़...
- नौकरी क्यों करेगा?... जिस आदमी के हाथों नुस्खा लग गया है कि हमारे पाप तो गंगाजी में डुबकी मारने के बाद दूर हो ही जाना ...
- नौकरी में तरक्की हो जाने को?... लॉटरी में रुपया निकल आने को? तीन बेटियों के बाद दो बेटा हो जाने को? आपकी दृष्टि में इसके अतिरिक्त और...
- न्याय की भावना की बात उदय हो जाए कि हम लोग इनका समर्थन क्यों करें?... इसी बात की कोशिश पण्डावाद ने भी की कि लोग समझदार न होने पाएँ। लोग समझदार हो जाएँगे तो हमारे चंगुल से...
- पंचकोश किस तरीके से जाग्रत हो सकते हैं?... पाँच दूत, पाँच देव, पाँच नौकर, जो आपके भीतर समाये हुए हैं, इनको योग्यतर एवं बलवान् बना करके अपने क...
- पंचोपचार की प्रक्रिया क्या है?... देवपूजन है। देवताओं की स्थापना करने के साथ-साथ आपको देवताओं का पूजन करना चाहिए, जैसा कि हम आपको करा...
- पंचोपचार पूरा कर लें, तो क्या मिल जाएगा?... तब हमें पाँच संपदाएँ मिल जाएँगी। इन पाँचों संपदाओं को हम भगवान के चरणों पर अर्पित करें, ताकि वे पाँच...
- पण्डित जी कहेंगे या आचार्य जी कहेंगे?... ब्रह्मा जी कहेंगे या गुरुजी कहेंगे? नहीं साहब! हम ज़बान से मंत्र बोलते हैं। बेटे, जबान से बोलने वा...
- पण्डित जी के क्यों?... क्योंकि वह बड़ा होता है। ज्ञान बड़ा होता है और धन कमजोर होता है। इसलिए सुख की जो कीमत हो सकती है, शा...
- पण्डित जी सोचने लगे कि अब क्या करना चाहिए?... गाँव में सबके पास गए, सबसे कहा कि सेठ जी ने हमारे रुपये मार लिए हैं। हमारे रुपये दिलवाइए। कोई लिखा-प...
- पण्डित नेहरू का जब अन्त समय आया, तो लोगों ने उनसे सलाह-मशविरा किया और पूछा कि अगर आपको मरना पड़ा, तो आपके स्थान पर किस आदमी को बैठाया जा सकता है?... पण्डित नेहरू ने आँखें बन्द करके सोचकर कहा कि हिन्दुस्तान की वर्तमान परिस्थितियों पर मैं नजर डालता हूँ त...
- पण्डितों की सभा क्यों नहीं बनाते?... महाराज! ये तो पण्डित हैं, ब्राह्मण हैं। नहीं, ये सब चमार हैं। चमार उसे कहते हैं जिसे चमड़े की परख आती ...
- पंद्रह दिन क्या होता रहा?... मरहम लगाया जाता रहा, पट्टी लगाई जाती रही, ड्रेसिंग होती रही। जख्म को अच्छा करने का प्रयत्न किया जाता...
- पंद्रह मिनट बाद वे स्वयं हाथ जोड़कर कहने लगे कि मेरे लायक कोई काम नहीं बताएँगे क्या?... वक्त आने पर बताऊँगा, अभी क्या बताऊँ, आप अपना काम ईमानदारी से कीजिए, यही क्या कम है। आपके ऊपर वही जिम...
- पंद्रह वर्ष के बच्चे को क्या पता चल सकता है?... अपने घर में, पूजा की कोठरी में दौड़ता हुआ आसमान से आ गया था, झपट पड़ा था। गरुड़ पक्षी के बारे मे...
- पंद्रह हजार रुपये बेटा क्या है?... पंद्रह हजार रुपये हमारी सारी जिन्दगी की कीमत है।...
- पके आम के दाम ज्यादा होते हैं न?... अब देखो हम कैसे हैं? हम पिलपिले हैं। हमारे गाल पिलपिले हो गए हैं और आपके अभी कड़े हैं। आप सब बेकार आद...
- पक्षी ऐसा मस्त सोता रहता है कि आँधी आये, तो क्या?... तूफान आये तो क्या? न हिलता है, न डुलता है। गिरने की बात ही नहीं उठती।मित्रो! कबूतर भी एक पक्षी है।...
- पकड़ में कैसे नहीं आएँगे?... हनुमान् को पकड़ में जरूर आना पड़ेगा। हनुमान् जी पकड़ में जरूरत आ गए। हनुमान् जी पकड़ में नहीं आए, हनुम...
- पचास रुपये में कैसे गुजारा करें?... बच्चों को पढ़ाना भी था, मियाँ-बीबी का भी खर्च था। कैसे गुजारा करें? उनका रहन-सहन कुछ अजीब था। उनके ...
- पचास साल जिसके साथ में गुजारे, उसे हम कैसे भुला सकते हैं?... वह नहीं भुलाया जा सकता, लेकिन फिर भी मैं भीतर से इतनी कड़ी और इतनी हिम्मत वाली हूँ कि मैं आँसुओं को ...
- पचास-पचास रुपये में एक-एक बुढ़िया की आँखों का आपरेशन तू करा सकता है?... पाँच हजार रुपये में सौ बुढ़ियाओं की आँख का आपरेशन हो सकता है। नहीं साहब! पाँच हजार रुपये की अँगूठी खर...
- पच्चीस आदमी हवन करने के लिए बैठे हों तो क्या करना चाहिए?... डिसिप्लिन कायम रखना चाहिए और देखना चाहिए कि एक तरीके से सबकी क्रियाएँ हो रही हों। इतने आदमियों पर हा...
- पच्चीस रोटी हम कैसे खा सकते हैं?... हम तो चार रोटी ही खायेंगे। इस तरह आपका कोटा मुकर्रर है। आपने पाँचवी रोटी खाई और पेट में दर्द शुरू ...
- पच्चीस वर्ष का हो तो क्या, अट्ठाइस वर्ष का हो तो क्या, बत्तीस वर्ष का हो तो क्या?... वह बूढ़ा आदमी है और मौत का शिकार है। उसके सामने जिन्दगी का कोई लक्ष्य नहीं है, उसके सामने कोई चमक नह...
- पट्टी बाँध लेने पर उसकी आँखों में इतना तेजस् आ गया कि जब महाभारत युद्ध हुआ और दुर्योधन हारने लगा तो उसने कहा कि क्या करना चाहिए?... दुर्योधन को बताया गया कि तेरी माँ की आँखों में वह तेज भरा हुआ पड़ा है कि अगर वह अपनी आँखों की पट्टी ख...
- पट्टी से क्या मतलब है?... आँखों का जो बिखराव है, उसे बन्द कर दिया। आँखों पर पट्टी बाँध लेने से मतलब कपड़ा लपेट लेना नहीं है। बि...
- पड़ाव कहाँ पड़ेगा?... शान्तिकुञ्ज में। कितने दिन रहेंगे? दस दिन रहेंगे। पड़ाव में खूब मजा आएगा। वहाँ सस्ता भोजन मिलता है। ठह...
- पड़ोस में कोई बच्चा नहीं होता?... अन्य बच्चों से आपका कोई ताल्लुक नहीं होता।
मित्रो! समाज के लोगों से भी आपका ताल्लुक होना चाहिए। ...
- पड़ोसी से तो लड़ाई है हमारी, वो हमें सहायता नहीं देगा और किससे माँगेंगे?... पिताजी से। नहीं पिताजी भी हमसे नाखुश हैं, वो नहीं देंगे। तो भाई से माँग लीजिए। नहीं भाई ने भी मना कर...
- पड़ोसी से पूछता है कि क्या चाहिए आपको?... नौकर से पूछता है कि क्या चाहिए आपको? हर आदमी से पूछता है कि क्या चाहिए, हम आपकी सहायता करेंगे और दें...
- पढ़ा सकता था?... नहीं पढ़ा सकता था, लेकिन कबीर उन्नति करते हुए चले गए।
मित्रो ! कबीर के ऊपर हिन्दुस्तान में कितने...
- पढ़ा-लिखा आदमी पंखे के नीचे बैठकर काम करेगा और कोई फायदा?... बेटे, और कोई फायदा नहीं। गया-गुजरापन, पिछड़ापन पढ़े-लिखे और बिना पढ़े में बिलकुल बराबर है। अगर सच्ची...
- पढ़े-लिखे लोगों में जाइए और उनसे जानिए कि धर्म क्या है?... तो वे यही कहेंगे कि धर्म माने अफीम की गोली, जिसको खाकर के आदमी मदहोश हो जाता है। कर्तव्यों को भूल जा...
- पढ़े-लिखे हैं तो क्या, नहीं पढ़े हैं तो क्या?... पढ़े-लिखे लोगों के लिए स्वाध्याय और सत्संग हो सकता है। बिना पढ़ों के लिए चिन्तन और मनन हो सकता है। बह...
- पतली खाते हैं क्या?... माताजी के हाथ की ऐसी-ऐसी मोटी रोटी खाया कीजिए, आप मोटे हो जायेंगे। वह गुरू आदमी था, हँसी की बात नह...
- पता नहीं, किस धारा में कहाँ चला जाएगा और जमीन सूखी-की रह जाएगी?... जमीन को काटता हुआ चला जाएगा। इसे रोक सकते हैं? हाँ, रोक सकते हैं। अगर आप बाँध बनाने का मतलब समझ गए ह...
- पता ही नहीं चलेगा कि हनुमान जी कहाँ गये?... ऐसे जबरदस्त आदमी थे, जिनको हनुमान जी फतह करते चले गये। अच्छा तो आप हनुमान की प्रशंसा करते हैं? हनुमा...
- पति के बगैर—उसके पास पति न हो, तो उसका दिल कितना दहलता होगा, कैसे अपना वक्त काटती होगी, आप तो नहीं जान सकते?... बेटे! पर शायद कोई महिला होगी, वह समझती होगी कि माताजी ने गुरुजी के बगैर कैसे अपना वक्त काटा होगा? जब...
- पति के बाद फाँसी लगाकर मर जाय तो क्या?... और जहर खा करके मर जाय, तो क्या? जल में डूब मरे, तो क्या? चलेगा? हाँ बेटे, यह रिवाज अच्छा हो तो चलना ...
- पति बनना चाहता है या भक्त बनना चाहता है?... यह क्या कह रहा है गंदे मुँह से। बेटे, देवी हमारी माँ है। माँ हुकुम देती है और बच्चे को उसका पालन करन...
- पत्ते खाने की क्या वजह है?... उन्होंने कहा—पत्ते खाने की एक ही वजह है कि दुनिया में अनाज बहुत है, फिर भी कितने ही बच्चे भूखे बैठे ...
- पत्तों को कोई बुलाता है क्या?... वे अन्धाधुन्ध भागते हुए चले आते हैं। अरे बाबा! तुम कहाँ जा रहे हो? हम तो कहीं नहीं जा रहे, इस दौड़ती ...
- पत्तों को मैं ही खा जाऊँगा तो दुनिया में अन्य लोगों के लिए क्या बाकी रहेगा?... इसलिए मैं तो सूखे पत्ते खाता हूँ, ताकि सबसे बेकार खाली चीज दुनिया वालों के काम न आये। मैं अच्छी चीजो...
- पत्थर की रख लूँ?... नहीं बेटे! अगर टोपी पहनेगा, तो दिक्कत आएगी। तो किसकी रखू? चल मैं तुझे ऐसी चीज बता देता हूँ, जो कि मू...
- पत्थर में चमत्कार है?... नहीं बेटे! पत्थर में कोई चमत्कार नहीं है। फिर मीरा का गिरिधर गोपाल क्या था? मीरा ने अपनी श्रद्धा के ...
- पत्थर में चमत्कार हो सकते हैं?... हाँ, हो सकते हैं। कहाँ से आते हैं चमत्कार? यह मनुष्य की श्रद्धा में से आते हैं। श्रद्धा में से भगव...
- पत्थरों में क्या चमत्कार हो सकता था, और क्या होगा?... श्रद्धा ही है जो पत्थर को भी भगवान बना सकती है। एकलव्य की बात सुनी है न आपने। वह भील का एक लड़का था ...
- पत्नी | पत्नी बड़ी जबरदस्त होती है, पत्नी को क्या समझ रखा है?... वह जब तक दबती रहती है, तब तक दबती रहती है, उसका स्वभाव है, त्याग है, दबना ही चाहिए। चलिए यह तो मैं न...
- पत्नी के साथ उनका व्यवहार?... बेटे! हमारे साथ में उनका व्यवहार कभी पत्नी जैसा रहा ही नहीं। उन्होंने सब बच्चों के सामने भी माताजी क...
- पत्नी कौन है?... हमारी बेटी है। हमारी बेटी के ऊपर आप गुलामों जैसा शासन करेंगे? हम गुलामों जैसा शासन नहीं करने देंगे, ...
- पत्नी ने कहा कि जब ये बैंगन सुगन्ध न प्राप्त कर सके, खुशबू प्राप्त न कर सके और स्वाद न प्राप्त कर सके, तो फिर यह तीर्थयात्रा आपको शान्ति दे पायेंगे क्या?... भगवान् के दर्शन, कर्मकाण्ड आपको शान्ति दे पायेंगे क्या? मल्लाह के हृदय कपाट खुल गये और उसने अपने भ...
- पत्नी ने कहा—मुझे तो मिलेंगे नहीं, कहाँ चले गये हैं?... तुम भी थके हुए हो और मेरी भी तबियत ढीली है, मैं कहाँ से ढूँढ़कर लाऊँ? तुम खाना खा लो ना। मैं उनको...
- पत्रा देखकर बताइए कि हमारे ग्रह कैसे हैं?... ला, पहले पत्रा का पूजन तो कर। अरे पण्डित जी! हम तो खाली हाथ आ गए। बेटा खाली हाथ नहीं आते। देवता के सा...
- पर आप अपने बच्चे तक ही सीमित रहेंगे?... गूलर के भुनगे के तरीके से एक छोटे दायरे तक ही सीमित रहेंगे? घर के भीतर जो रहते हैं, क्या वही बच्चे ह...
- पर इनका सफाया किसने कर दिया?... बेटे! यह सत्यनारायण स्वामी ने कर दिया और महाकाल के मन्दिर ने कर दिया। इन खिलौनों ने कर दिया। इन खिलौन...
- पर इस पानी से क्या होगा?... एक बालटी पानी से तो मैं रोज ही स्नान कर लेता हूँ और आप तो जरा सा जल हथेली पर लेने के लिए कहते हैं। इ...
- पर इसमें कमियाँ कम हैं क्या?... बुराइयाँ कम हैं क्या? एक-से-एक दुष्ट और एक-से-एक बेईमान दुनिया में भरे पड़े हैं। तो फिर क्या करें? द...
- पर इस्तेमाल करना हमको कहाँ आया?... मित्रो! उस स्वर्ग की कल्पना करना व्यर्थ है, जो कि मरने के बाद मिलता है। क्योंकि आपको यदि स्वर्ग भे...
- पर एक चीज भूलें नहीं—गायत्री मंत्र का क्या मतलब होता है?... क्या अर्थ होता है? यह जरूर बतायें। लोगों से यह भी कहें कि केवल अर्थ को सुन लेना ही काफी नहीं है। राम...
- पर ऐसा मित्र हमें कहाँ से मिले?... और कहाँ से मिले? सखा, मित्र के बिना, साथी-सखा के बिना सूना जीवन एकाकी प्रेत और पिशाच की तरह से मरघ...
- पर क्या कभी यह हमारे दिमाग में आया?... कभी नहीं आया। केवल लक्ष्यविहीन कर्मकाण्ड, भावनारहित कर्मकाण्ड करते रहे, जिनके पीछे न कोई मत था न उ...
- पर क्या कर सकते हैं?... पुराने जमाने के, आदिमकाल के सारे के सारे प्राणी, सारे के सारे जानवर नेस्तनाबूद हो गए।
लेकिन मित्रो...
- पर क्या दिया है?... किसी को बेटा दे दिया, किसी का मुकदमा जितवा दिया। किसी की खाँसी दूर कर दी। अरे तो इससे क्या बना, कुछ ...
- पर गाय की इच्छा के बिना, हम गाय के पास भी नहीं जा सकते?... बेटे, आप जानवर होते, तो भी आपने मर्यादा का पालन किया होता, लेकिन आपने अपनी सेहत का सत्यानाश कर लिया।...
- पर जो कन्या है, उसका?... अरे महाराज जी! कन्या को तो पीछे देखा जायेगा। नहीं बेटे, जा पहले कन्या को देख। कन्या को योग्य बना, कन...
- पर देवता रहते कहाँ हैं?... देवता कैसे हैं? कुछ मालूम नहीं है। उनका कुछ पता नहीं है। उनका पता नहीं चलता। हिंदुओं के पास तो देवता...
- पर बताइये कौन-से कानून से कौन-सा पाप रुक गया?... भ्रष्टाचार रुक गया? रिश्वतखोरी रुक गयी? मिलावट रुक गया। बताइये एक भी पाप रुक गया हो तो जबकि सारे क...
- पर यह बताता रहता है कि ये पकड़, यह क्या करता है, मालूम है क्या करता है?... हाथ पकड़ता है-टाँग नहीं पकड़ता है गिराना है तो। पहलवानी करने चला है और टाँग पकड़ना नहीं आता, पहले टाँ...
- पर शायद कोई महिला होगी, वह समझती होगी कि माताजी ने गुरुजी के बगैर कैसे अपना वक्त काटा होगा?... जबकि हम दोनों एक दूसरे की छाया के तरीके से रहते हैं। हमने इतने दिन कैसे काटे होंगे, किन परिस्थितियों...
- पर हम क्या कर सकते हैं?... बालक तो बालक हैं और बुजुर्ग- बुजुर्ग हैं। बुजुर्ग के भीतर शालीनता होती है और जिम्मेदारी होती है। ब...
- पर हम क्या कर सकते हैं?... हमने तो भीषण जगत में पूरा खरच कर दिया, सारा-का-सारा तेल टपक गया। अब दीपक जलता तो है, टिमटिम करता तो ...
- परन्तु अब हर आदमी यह सोचता है कि इस घर से मैं कितना चुरा सकता हूँ और अलग से कितना-क्या बना सकता हूँ?... यह दृष्टिकोण आने से क्या होता चला गया? मित्रो! इसके आने से हमारे घरों का सत्यानाश होता चला गया। हमार...
- परन्तु उनका उपयोग करना हमको कहाँ आता है?... फिर भी उसको हम जोड़ना शुरू कर देते हैं। उसे जोड़ते हुए मुसीबतें हमारे पास आती हैं। बच्चे कहते हैं-मा...
- परन्तु हम क्या करते हैं?... हंगामा शुरू कर देते हैं। दहाड़ें मारते हैं और सारे-के-सारे घरवालों की नाक में दम कर देते हैं। हमें अ...
- परन्तु हमारे हिस्से में कुछ आया क्या?... आप अंदाज लगा लीजिए। आपको भी मिल सकता है।
हम आपको 'आत्मबल' बाँटने को बुलाते हैं
मित्र...
- परम्परा कायम की?... गिलहरी की जरा-सी मिट्टी से क्या हो गया? बालू की नहीं, भावना की बात चल रही है। भावना जरा-सी हो, चाहे ...
- परन्तु कथा किससे सुनी जाय?... भागवत को लिखने वाले कौन हैं? व्यास जी। उन्हें ही बुला लें। व्यास जी ने भागवत लिखी, इसलिए व्यास जी ...
- परन्तु मैं यह कहता हूँ कि जो चीजें आपके पास हैं, उनका इस्तेमाल करना आपको आता है कि नहीं?... जिसको आप सबसे कीमती चीज समझते हैं, आज तक वह बनी ही नहीं। संसार में सबसे कीमती चीज है समय, जिसको आप स...
- परन्तु स्वप्न में गायत्री माता के दीखने से तेरा क्या भला हो जाएगा?... जब तक तू अपने विचारों को नहीं सँभालेगा, तब तक भगवान के भक्त नहीं हो सकते।
गुरुजी जब नहाने के लिए ...
- परम स्वार्थ क्या हुआ?... परमार्थ। परमार्थ वह है जो भगवान के लिए किया जाता है। एक अपने लिए करना और दूसरा भगवान के लिए करना। ...
- परमात्मा किसे कहते हैं?... आत्मा जब परम हो जाती है, शुद्ध हो जाती है, निर्मल हो जाती है, तब उसका नाम परमात्मा हो जाता है। यही...
- परमात्मा क्या होता है?... आत्मा वह है, जो सामान्य मनुष्यों के भीतर एक जीवन के रूप में काम करती है और परमात्मा कहते हैं—सुपरसत्...
- परमार्थ तो मैं क्या कह सकता हूँ?... परमार्थ तो एक ही है। बादल अगर पानी बरसाना बन्द कर दें, तो जमीन पर तबाही आ जाएगी। बादल अपना घुमक्कड़पन...
- परलोक क्या होता है?... क्या होता है बनाना और क्या होता है बिगाड़ना? तू बिगाड़ रहा है, अपने बच्चों को बिगाड़ रहा है, हम सारे...
- परशुराम जी को यह पता होता कि हम भी भगवान हैं और रामचन्द्र जी भी भगवान हैं, तो भगवान भगवान से लड़ाई क्यों करते?... भगवान को भगवान के बारे में जानकारी क्यों नहीं थी कि परशुराम जी भी अवतार लेकर आये हैं और रामचन्द्र ...
- परशुराम जी ने अपने बैरियों को कैसे मारा था?... परशुराम जी ने शंकर जी से कुल्हाड़ा माँग लिया था। बस उससे उन्होंने क्षत्रियों को और बैरियों को मार डाल...
- परसों क्या है?... उनके बालक का नाटक होने वाला है। गणेश जी का जन्मदिन आने वाला है। जल्दी-जल्दी तैयार हो जाओ, काम बहुत ह...
- परहेज न करें और हम दवा खाते रहें तब?... तव दवा बेकार, दवा में पैसा खराब करना होगा। डॉक्टर, वैद्य, आप और दवाएँ सब बेवकूफ सिद्ध होंगे।...
- पराई चीज के लिए रोया जाता है क्या?... दो महीने पहन लिए, अब जेवर दे दे, ठीक है। खलीफा ने कुल्ला कर लिया। पत्नी ने कमरे का दरवाजा खोला, ...
- पराठा खाऊँ कि न खाऊँ?... खाना तो सही बेटे, पर क्या करेगा? तेरी इज्जत और तेरा इंटरव्यू उसके ऊपर टिका हुआ है। मैंने तुझे यहाँ...
- परिणाम आपने देखा नहीं हैं?... गायत्री तपोभूमि की जो इमारत खड़ी है, वह दस लाख की है। वहाँ का जो छापाखाना है-वहाँ का जो प्रेस है, व...
- परिणाम क्या होगा?... आप देख लेना, इसका परिणाम बहुत भयंकर होगा। कलियुग के बारे में पुस्तकों में जो बताया गया है, उसको मै...
- परिणाम क्या हुआ?... परिणाम यह हुआ कि सारे पाकपरस्तों के अन्दर उन्होंने एक ऐसी बगावत का माद्दा पैदा कर दिया, ऐसी लड़ाई पै...
- परिणाम क्या हुआ?... केवल ईसाई धर्म को, भगवान ईसा को जन्म लिए सिर्फ उन्नीस सौ सत्तर वर्ष के करीब हुए हैं। तीन सौ वर्ष तक ...
- परिणाम क्या हुआ?... उसका परिणाम यह हुआ कि हमने दस लाख पन्ने पढ़ लिए, आप कागज पेंसिल लेकर हिसाब लगा लीजिए। हमने उपयोगी वि...
- परिणाम क्या हुआ?... परिणाम आपने देखा नहीं हैं? गायत्री तपोभूमि की जो इमारत खड़ी है, वह दस लाख की है। वहाँ का जो छापाखान...
- परिणाम क्या हुआ?... परिणाम यह हुआ कि जिसको हमने दिया, उस गुरु को हम भगवान कहते हैं। हमने हमेशा एक ही विचार किया है क...
- परिणाम क्या हुआ?... केवल ईसाई धर्म को, भगवान् ईसा को जन्म लिए सिर्फ उन्नीस सौ सत्तर वर्ष के करीब हुए हैं। तीन सौ वर्ष ...
- परिणाम क्या होता है?... गुरु जी उसको तो बड़ा नुकसान हो गया। हाँ बेटे! बड़ा नुकसान हो गया, नाला बेचारा मारा गया। बेचारा किसी ...
- परिवार में आप तो रहेंगे न, माँ-बाप के साथ तो रहेंगे न?... बहन-भाइयों के साथ तो रहेंगे न? बोर्डिंग में तो रहेंगे न? समूह में तो रहेंगे न? कहीं भी रहेंगे, अकेले...
- परिवार में घुल-मिलकर कैसे रहना चाहिए?... यह उन्हें सिखाना चाहिए। आपस में कहा-सुनी हो भी, तो भी बच्चों के सामने वह प्रदर्शन मत करिए। अपने घर क...
- परिवार में जैसा कि मैंने कल कहा था कि परिवार में कौन-कौन होते हैं?... परिवार में अच्छे लोग भी होते हैं और बुरे भी होते हैं, पर जौहरी जो होता है, वह उसकी चमक देखता है।
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- परिव्राजक कौन होते हैं—घुमक्कड़?... नहीं बेटे! तो लोहे की गाड़ी वाले होते होंगे, जो गाड़ी लिए इस गाँव से उस गाँव घूमते-फिरते हैं? हाँ, य...
- परिश्रम कैसे किया जा सकता है?... इसके बावत आप जानें। फिर आपका शरीर ठीक हो जायेगा, स्वास्थ्य ठीक हो जायेगा।कोई एक राजा थे। एक बार वे...
- परिस्थितियाँ माता किस तरह से बना सकती है?... अगर घर में क्षोभ का वातावरण है तो उसका सुधार करना, उसकी व्यवस्था को बनाना पिता का काम है। अगर गर्भवत...
- परेशान क्यों होते हैं?... मित्रो! यही हालत आपकी होगी जब आप कमजोर हो जाएँगे, याद रखिए।...
- परोक्षवाद के ढंग से नहीं, कहानियों के माध्यम से नहीं, वरन् साइन्टिफिक ढंग से- वैज्ञानिक ढंग से, प्रत्यक्षवाद के ढंग से आप इन्हें व्यवहार में किस तरीके से सारी की सारी अपनी पाँचों विभूतियों को कैसे काम में ला सकते हैं और कैसे विकसित कर सकते हैं?... इससे सामान्य जीवन को असामान्य कैसे बना सकते हैं? मनुष्य में देवत्व की झाँकी कैसे कर सकते हैं? व्...
- पर्जन्य का मतलब बादल से नहीं है, तो फिर क्या मतलब है?... पर्जन्य से मतलब है—प्राण। प्राण क्या होता है? प्राण वह तत्त्व है, जो कि पानी के साथ में शामिल होकर ज...
- पसीने से क्या मतलब होता है?... इसका मतलब होता है कि मेहनत कीजिए, समय लगाइए। आप अपना समय और श्रम उन-उन कामों के लिए लगाइए जो कि देवत...
- पहलवान क्या करता है?... तप करता है। किसान क्या करता है? तप करता है। बेटे ! ये सारे के सारे लोग तप करने वाले हैं। और जीवात्मा...
- पहलवान बनाने के लिए हम क्या करें?... गुरु जी! आप अखाड़े में जाया कीजिए, कसरत कीजिए और हमको पहलवान बना दीजिए। ठीक है बेटे! हम अखाड़े म...
- पहलवानी की दवा क्या होती है?... पहलवानी की प्रोटीनॉल, प्रोटिनेक्स, हॉरलिक्स और विटामिन बी कांपलेक्स, विटामिन बी-१२ आदि पच्चीसों दवाइ...
- पहला इलाज क्या है?... अपनी जीभ के ऊपर और अपनी इंद्रियों के ऊपर, आदतों के ऊपर कंट्रोल कीजिए। उन्होंने अपनी आदतों पर कंट्रोल...
- पहला तो यह कि हम आपको पहलवान बनाएँगे, कैसा पहलवान?... बड़ा मोटा-तगड़ा पहलवान कि जिधर आप जाएँ, बस पछाड़ते जाइए, आप कुश्ती में पछाड़ते जाइए। ऐसा पहलवान बनाए...
- पहला शैतान कौन है?... वासना। वासना के गर्त में हम घिरे हुए हैं और आपकी कृपा को लेकर उसको भी इसी नरक में डालना चाहते हैं। द...
- पहला—इसके कर्म कैसे हैं?... सिक्का खरा है या खोटा है, इसके लिए हम सिक्के को अँगूठे से बजाते हैं। उसकी आवाज टनटन है, तो हम रख ल...
- पहली चीज क्या है?... भगवान का विश्वास, जिसको मैं क्या कहता हूँ? ईश्वर की भक्ति कहता हूँ। ईश्वर की भक्ति के दो रूप हैं। ...
- पहली घटना वह है जब उन्होंने सम्पत्ति इकट्ठी की और कहा कि इसका हिसाब होना चाहिए कि कितना धन किस राज्य में कहाँ-कहाँ स्थापित हो?... एक बार जब सुदामा जी द्वारिका राज्य में आए और कृष्ण भगवान् को बताया कि सुदामा नगरी का हमारा गुरुकुल...
- पहली हैं—इंदिरा गाँधी और वे चली गयीं तो मोरार जी देसाई हो गए हैं और मुख्यमंत्री कौन-कौन हैं?... बेटे, मुख्यमंत्रियों के कौन-कौन से नाम बता दूँ तुझे? मुख्यमंत्री तो कई हैं। कौन-कौन से हैं? देख—एक क...
- पहले आप यह बताइए कि आपका वेतन कितना है?... महाराज जी तीन सौ रुपये। अरे! तीन सौ रुपये तो एक हीरोइन अपने सैंट पर खरच कर देती है। आप इसी बल पर...
- पहले आप यह बताइए कि कम्पनियाँ क्या हैं?... दिशा क्या है? बेटे, दो दिशाएँ हैं। आप इसमें से जिसको पसन्द करना चाहते हैं, स्वीकार कीजिए। उसके बारे ...
- पहले आप यह बताइए सारी जिन्दगी हो जाती है माला घुमाते-घुमाते; लेकिन जैसे थे, वैसे ही जैसे-के-तैसे ही बने रहे, तो फिर उस उपासना से क्या लाभ?... तपस्या के दुरुपयोग के परिणाम
रावण कैसा बलशाली था? क्या कहने का, चारों वेदों का ज्ञाता, तेजस्वी, ब...
- पहले आप यहाँ क्यों नहीं आये?... यह इस बात का सबूत है कि आप जाग्रत आत्मा हैं। आदमी बिना काम के तो पेशाब करने भी नहीं जाता और आप ज...
- पहले इसको गलाएँगे, तपाएँगे?... जब तक इसे गलाएँगे-तपाएँगे नहीं, तब तक कोई हथियार नहीं बन सकता। सोना हमारे पास है और उससे हमें कई तरी...
- पहले उसके मन ने कहा कि शक्ति ही नहीं है, हमारे अन्दर तो इतना बड़ा काम कैसे कर लेंगे?... फिर उसकी अन्तरात्मा ने शक्ति को झकझोरा—शक्ति कैसे नहीं है? अभी निकालते हैं और बातों-ही-बातों में वह ...
- पहले कहाँ थे?... वहाँ बरातें विश्राम करती थीं। जन- समुदाय शान्ति पाता था। लोगों ने वहाँ चारों तरफ वृक्ष भी लगवा दिए। ...
- पहले किताब वाले कहाँ थे?... कहीं कोई किताबवाला रहा होगा। पहले जमाने में सारे-के-सारे लोग बिना पढ़े थे।
हम मालदार हैं? हाँ बिल्क...
- पहले कौन सी थी, जिसे उन्होंने फोड़ डाली थीं?... बेटे, पहले बिल्वमंगल की आँखें थीं, जिसे उन्होंने फोड़ डाली थीं। नहीं साहब! नहीं फोड़ना चाहिए था। बेट...
- पहले तो आप अकेले काम चलाते थे?... अरे भाई! पहले काम थोड़ा था, सो चला लेते थे, कोई हर्ज नहीं था, लेकिन अब तो ज्यादा आदमियों की जरूरत है...
- पहले तो आप यह बताइये कि किसान जो फूल लगाता है, वह उसकी कलम कैसे उगाता है?... कलम उगाना हम बता सकते हैं, पर इस बारे में आप जल्दबाजी मत कीजिए। नहीं साहब! आप बताइये कि कलमी आम कै...
- पहले तो इतिहासकार बहुत ढूँढ़ रहे थे कि वे कहाँ पैदा हुए?... कोई कहता कि कपिलवस्तु नेपाल में थी। कोई कहाँ कहता, कोई कहाँ, पता नहीं चल पा रहा था। अब पता चल गया कि...
- पहले नंबर का क्यों?... इसलिए कि वह भगवान् का भक्त हो गया। जब वह भगवान् का भक्त हो गया, तो फिर वह ऐसा मजेदार भक्त हुआ कि उ...
- पहले नहीं आ सकतीं?... हाँ बेटे, पहले नहीं आ सकतीं। पहले सरस्वती की साधना कीजिए, फिर उसके बाद में गायत्री साधना भी हो सकती ...
- पहले मैं अपनी खुराक में, रोटी में यह बचाव रखता हूँ कि कहीं वह पाप की कमाई की तो नहीं है?... हम अभक्ष्य उसे कहते हैं, जो पाप की कमाई से कमाया हुआ है। हराम का कमाया हुआ है। धोखेबाजी से कमाया हुआ...
- पहले यह बताइये?... अन्न का परिष्कृत रूप है मन। आपका अन्न कैसा है? महाराज जी! अन्न में तो मिर्च भी है, मसाले भी हैं। ह...
- पहले यह कौन थी?... पहले इनका नाम था वेदमाता। वेदमाता कौन? चारों वेद जिनसे प्रकाशित हुए थे। जिसके व्याख्यान स्वरूप चारों...
- पहले यह जान लीजिए कि अध्यात्म क्या चीज है?... अध्यात्म के पीछे की बात बाद में जानिए। अध्यात्म है—"साइंस ऑफ सोल?" 'सोल' की साइंस है—अध्यात्म। 'सोल'...
- पहले यह बता कि तू इसे कहाँ खरच करता है और किस काम के लिए माँगता है?... नहीं साहब! हम चाहे जैसे खरच कर सकते हैं। नहीं बेटे, चाहे जैसे नहीं खरच कर सकते। पैसा पात्रता के हिसा...
- पहले यह बताइये कि आपकी जिन्दगी कैसी है?... भगवान की भक्ति आपके जीवन में कैसी है? अपनी जिन्दगी में भगवान की भक्ति उतार कर दिखाइये, फिर हम आपके ...
- पहले लोगों ने उसे पागल कहा, फिर उसका विरोध किया कि पता नहीं कब किसको लेकर के भाग जाये?... मारकर भगाओ इसे। कई लोगों ने कहा कि यह पागल हो गया है। इसका दिमाग खराब हो गया है। इसके पास बच्चियों क...
- पहले वाली गरमी, जो अपने भीतर पैदा करनी चाहिए, वह कैसे पैदा होती है?... रोकने से पैदा होती है, घिसने से पैदा होती है, रगड़ से पैदा होती है। हम अपनी शक्तियों के बिखराव को यद...
- पहले शिक्षा कहाँ थी?... किताब वालों से पूछिये, वे बतायेंगे। पहले किताब वाले कहाँ थे? कहीं कोई किताबवाला रहा होगा। पहले जमाने...
- पहले शिविर में आपके जितने आदमी थे?... दोनों शिविरों को मिलाकर तीन सौ के करीब हो जाते हैं, ये सब के सब तो नहीं जाएँगे, लेकिन आप यकीन रखिए, ...
- पहले हम कहाँ मालदार थे, बताइये जरा?... पहले के लोगों की अपेक्षा अब हमें सम्पन्न कहा जाता है।
मित्रो! अब हम बहुत सम्पन्न आदमी हैं। अकल की...
- पहले हम दाम कैसे बता सकते हैं?... पहले कस लें कि यह लोहे का है या पीतल का है। नहीं साहब! आप तो दाम बता दीजिए, जैसा भी, कुछ है। नहीं ब...
- पहाड़ को खोद करके नहर और वह भी एक अकेला गरीब आदमी, कंगाल आदमी?... नहीं ला सकता।लेकिन एक शक्ति है, जिनका नाम है-विश्वास। आदमी ने अपने विश्वास की शक्ति को कभी पहचाना ...
- पाँच आदमियों के लिए भी बीस लाख कम पड़ते हैं?... बीस लाख में भी कर्ज हो गया है? हमारी जायदाद की नीलामी होने वाली है। क्यों, क्या बात हो गई? सारा पैसा...
- पाँच किलो कितने दाम का आएगा?... इस समय यह ढाई-तीन रुपये किलो है। ५x२.५ = १२.५० रुपये का चावल रोज गणेश जी को खिला। महाराज जी! ऐसा तो ...
- पाँच देवता कहाँ रहते हैं?... बेटे! हमारे भीतर रहते हैं। नहीं साहब! बाहर रहते हैं। आपकी बात भी सही है, लेकिन हमारी बात और ज्या...
- पाँच पांडव कौन थे?... देख, उनमें से एक सूर्य का बेटा था, एक इंद्र का बेटा था, एक पवन का बेटा था, दो अश्विनी कुमार के बेटे ...
- पाँच पाण्डव कौन थे?... देवता थे। किसे मालूम है? किसी को नहीं मालूम है। साहब! ये पाँच बच्चे कौन हैं? अरे साहब! ये कोई बच्चे ...
- पाँच सौ डॉलर?... अच्छा अभी देता हूँ। उसने चेक बुक निकाली और पचास हजार डॉलर का चेक बनाकर उनके हाथ में दे दिया। एक ने द...
- पाँच सौ से कम आदमी कभी भोजन नहीं करते और कितने खरचे हैं?... हम कितने खरचे गिनाएँ। आपके पास पैसे हैं? हाँ, हमारे पास पैसा बहुत है। अभी हम शक्तिपीठें बनाने पर आमा...
- पाँचवीं रोटी आप कैसे खा सकते हैं?... कुदरत आपको एक सीमा तक ही खाने देगी। ज्यादा चीजें आपके पास हैं, तो चाहे वह आपको बेटा हो, चाहे आपका ...
- पांडव कौन थे?... पांडव मनुष्य थे? नहीं, मनुष्य नहीं थे कुंती से पूछो कि कौन थे? भगवान श्रीकृष्ण जब आए थे तो उन्हें दे...
- पांडव मनुष्य थे?... नहीं, मनुष्य नहीं थे कुंती से पूछो कि कौन थे? भगवान श्रीकृष्ण जब आए थे तो उन्हें देवताओं की सहकारिता...
- पांडवों में क्या था?... दैवीय सभ्यता थी। पांडव देवताओं से पैदा हुए थे। मैंने सुना है कि कुंती ने देवताओं का जप-पूजन किया था ...
- पांडिचेरी में क्या करने लगे?... वातावरण को अनुकूल बनाने के लिए उन्होंने तप प्रारम्भ कर दिया। तप करने से क्या हुआ? तप करने से बेटे! उन...
- पागल कहीं का, खाद्य-खाद्य चिल्लाता रहता है कि पानी की बात भी पूछता है?... हवा की बात भी पूछता है?
मित्रो! हवा कैसी है? शीलन की हवा है, नमी की हवा है और आपको मलेरिया जैसी...
- पागल के लिए हम गाली क्यों दें?... कोई कुत्ता आपकी टाँग काट खाये, तो क्या आप भी कुत्ते की टाँग काटेंगे कि नहीं काटेंगे? अरे साहब! हम कु...
- पागल हो गया है क्या?... हमको मंत्र कहाँ आते हैं? तो फिर आपका नाम प्रधानमंत्री क्यों है? बेटे, मंत्र का नाम है-विचार और त...
- पाठ करने वालों के यहाँ इस तरह के फूल की, परिणाम की वर्षा होती है, आप यही समझते थे न?... देवताओं का यही धंधा है? देवताओं का यही पेशा है कि लोगों के लिए चीजें तलाश करते फिरें।...
- पाण्डवों का नाम आपने सुना है न?... वे पाँच भाई थे। अर्जुन धनुर्धर था, उसके साथ-साथ सभी भाई चलते थे। क्या मजाल कि कहीं कोई अलग हो जाए।...
- पात्र था आपके पास?... नहीं साहब! पात्र नहीं था। तब फिर आप किसमें दूध लेंगे। गाय का कसूर है? नहीं, गाय का कसूर नहीं ...
- पादरी ने आश्चर्य से कहा, भगवान से मिलने का समय हो गया है, आपका भगवान कहाँ है, कहीं दिखाई तो नहीं दे रहा है?... क्या आपको दिखाई देता हैं? उन्होंने कहा कि तुम अभागे हो और मैं भाग्यशाली हूँ। मुझे भगवान हर समय दिखाई...
- पादरी ने कहा कि कहीं भगवान है क्या, हमको दिखाओगे क्या?... उन्होंने कहा चलिए, अभी मैं भगवान के समीप ही जा रहा हूँ। मेरा भगवान से मिलने का समय हो गया है। पादरी ...
- पानी कहाँ है?... है तो सही पानी, पर यही कभी बरफ बन जाता है, कभी पीने लायक पानी बन जाता है तो कभी हवा बनकर गायब हो जात...
- पानी का हम क्या करेंगे?... जब लोग नहीं खरीदेंगे, तो हम पानी भरे-भरे आसमान में कहाँ टँगे रहेंगे। हमको देना ही चाहिए।मित्रो! बादल...
- पानी कितना कीमती है?... पत्थर से ज्यादा कीमती है। पानी से आदमी जिन्दा रहता है, पेड़-पौधे जिन्दा रहते हैं। पानी कितना कीमती है...
- पानी की गंगा निकलती है?... हाँ बेटे, ज्ञान की गंगा निकलती है? इसी ज्ञान की गंगा को प्रतीक रूप में पानी की गंगा के रूप में बना...
- पानी की व्यवस्था यहाँ कहाँ थी?... भोजन की व्यवस्था भी हम ढंग से नहीं कर सके, परन्तु एक चीज हमारे पास है और वही हमने आपको देने का प...
- पानी के ऊपर तैरते हुए पत्थर कहीं होते हैं?... कहीं नहीं होते। पानी में डालते ही पत्थर डूब जाता है। पत्थरों के माध्यम से भगवान ने सहायता की थी। ऐसे...
- पानी के बबूलों के तरीके से हिम्मत कहाँ गायब हो जाती है?... समझ ही नहीं आता।
सिद्धान्तों की जीत है सच्ची जीत
मित्रो! आप क्या सोचते हैं? क्या करते हैं? ...
- पानी छिड़कने से क्या हो जाएगा?... यह किस काम के लिए छिड़का गया था, यह हमने बताया नहीं था? हाँ, महाराज जी! पर इस पानी से क्या होगा? एक ...
- पानी नहीं मिलता, तो फिर हम क्या कर सकते थे?... जहाँ पानी नहीं मिलता, वहाँ का क्या हाल हो रहा है? रेगिस्तानों में क्या हाल हो रहा है? जैसलमेर में ...
- पानी बरसता है?... बिलकुल बरसता है, पर जो मुलायम जमीन है, वह फायदा उठा लेती है। वहाँ घास पैदा हो जाती है, और चीजें पै...
- पानी में डूब गया तो?... मेरी टाँग टूट गई तो? जामवंत ने कहा- तुम्हारी टाँग नहीं टूट सकती, क्योंकि अपने लिए नहीं, भगवान के क...
- पानी मेरे सिर में से निकलता है तो नाक में, कान में और मुँह में घुसेगा कि नहीं, फिर मैं मरूँगा कि जिऊँगा?... शंकर भगवान चौबीस घण्टे बैठे रहते हों, तब तो मैं नहीं कहता, लेकिन उनको कभी भी सोने का मौका मिला होगा त...
- पानी से भरा है?... हाँ। समुद्र कैसा होता है? गड्ढे जैसा। और समुद्र में पानी कैसे भरा होता है? ऐसे ही। समुद्र में लहर कै...
- पाने की दृष्टि से आप इस पर ध्यान देना कि भक्ति का स्वरूप आखिर कैसा हो?... गुरुजी-माताजी मिशन हैं
बेटे! गायत्री माता से माँगेंगे ही या कुछ देंगे भी। देना क्या है? गुरुजी से ...
- पाप का निराकरण क्या है?... पाप के निराकरण के लिए बेटे, दुनिया में एक ही काम है—प्रायश्चित। आपने समाज को जो नुकसान पहुँचाया है, ...
- पापा किसे कहते हैं?... मनहूस को। पापा जब घर में घुसेगा तो सब पर हावी होता चला जाएगा। बीबी पर हावी, बच्चों पर हावी, साइकिल प...
- पापड़ तो नहीं चाहिए?... इस तरह बहुत तबियत के साथ पूछते रहते हैं और नौकर से कहते हैं कि जो चाहिए सो माँग लेना, तेरा घ...
- पारिवारिक जिम्मेदारियाँ जितनी हमारे ऊपर हैं, उसके लिए तो बड़े खुशी से और मनोबल से हम सारा दिन उस चक्की में पिसते रहते हैं, लेकिन हम समाज के लिए दो-चार घण्टे भी बचा पाते हैं क्या?... नहीं, हम नहीं बचा पाते। तो यह जिम्मेदारी कहाँ है? आप जिम्मेदारी निभाइए और समझदारी की सूझ-बूझ दीजिए।
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- पार्टनर होने के बाद में क्या हआ?... दुकान में ज्यादा मुनाफा होने लगा। इसे भी छह सौ रुपये महीने की आमदनी होने लगी। दाढ़ी रखाकर वह भी खा-प...
- पार्वती का किस्सा मालूम है न?... उन्होंने भगवान की नाक में दम कर दिया था। शंकर भगवान कहते थे कि और सब तो ठीक है, पर ब्याह-शादी नहीं क...
- पार्वती जी ने क्या किया था?... उन्होंने ‘‘नमः शिवाय’’ के साथ-साथ में तप किया था। तप की बारूद लेकर के ‘‘नमः शिवाय’’ की आग मिला दी जा...
- पार्वती बोलीं—ऐसा करिए इतने बैठे हैं भक्त लोग और तपस्या कर रहे हैं, आप इनको वरदान क्यों नहीं देते?... तो उनने कहा कि पार्वती ऐसे जंजाल में मत पड़ो; इनके अन्दर भक्ति नहीं है, ये सब क्या कर रहे हैं? खा-पी...
- पार्वती से क्या मतलब है?... बेटे, पार्वती ने तप किया था और आपको न मालूम हो और आपको हरिद्वार जाना हो, तो वहाँ एक महादेव हैं—विल्व...
- पार्षद कौन हैं?... नए युग का निर्माण करने के लिए जो पुकार हुई है, समय की पुकार हुई है, उसको सुनने वाली, उसमें शरीक होने...
- पास न किया हो, लेकिन हमने एक-दूसरे के प्रति प्रेम, निष्ठा और वफादारी की शिक्षा दे दी, तो फिर जंगली हों तो क्या, गँवार हों तो क्या, आदिवासी हों तो क्या, भील हों तो क्या, कमजोर हों तो क्या, गरीब हों तो क्या?... उनके झोपड़ों में स्वर्ग स्थापित हो जाएगा। उनके बीच में मोहब्बत और प्रेम, निष्ठा और सदाचार हमने पैदा...
- पिचहत्तर साल की उम्र के बाद में आदमी कहाँ तक जिएगा?... अधिक-से-अधिक पाँच वर्ष और चुस्ती व फुर्ती के साथ। उसके बाद कोई जिएगा, तो बुड्ढा हो जाता है, कमजोर ...
- पिछली जो घटनाएँ हो गईं, तो ठीक है, आपने कुछ अच्छे काम कर लिए, पर बार-बार उनकी प्रशंसा करने की जरूरत क्या है?... अगर किसी ने आपके साथ कोई बुराई कर ली या किसी ने दुःख भुगत लिए तो बार-बार कहने की जरूरत क्या है? भूत ...
- पिछले अनुष्ठानों में हम लोगों से मिलते भी रहे हैं और काम भी करते रहे हैं, पर आगे अब क्या करना है?... आगे हम अकेले पड़ जायेंगे। अकेले से काम नहीं चलेगा। रामचन्द्र जी से अकेले से काम नहीं चला था। इसलिए व...
- पिछले जन्म में?... नहीं बेटे! मेरा सम्पर्क नहीं है। मैं तो इस जीवन की बात कहता हूँ। मैं तो सामाजिक जीवन की बात कहता हूँ।...
- पिण्डदान नहीं मिलेगा, तो क्या हो जायेगा?... नहीं साहब! हम तो बच्चा पैदा करेंगे। मित्रो! क्या करना चाहिए? अगर आपने नहीं किया है तो बन्द कर दीजिए...
- पिता क्या देता है?... पिता बेटे की पढ़ाई के लिए फीस देता है, अपनी कमाई का मकान देता है और तेरी औरत को जेवर बनाकर देता है। ...
- पिता जी का?... पिता जी का भी नहीं मिलता। किसी का मिला सहयोग? नहीं साहब, सब बड़े चालाक हैं और सब दुनिया बेईमान है। ह...
- पिताजी आपको क्या चाहिए?... देवी जी आपको क्या चाहिए? धर्मपत्नी से पूछता है कि क्या चाहिए आपको? पड़ोसी से पूछता है कि क्या चाहिए ...
- पिताजी ने तो नहीं बनाई, किसने बनाई?... यह तो ब्रह्मा जी ने बनाई थी। जब समुद्र में काई फैली हुई थी और काई को समेट-समेट करके उन्होंने यह जमीन...
- पिताजी बूढ़े हो गए हैं, अब क्या कमाने लगे?... तो आप उनकी सहायता कीजिए। और आपकी माताजी? नहीं साहब! वह क्या कमाएँगी, बूढ़ी हो गई हैं। बूढ़ी हो गई है...
- पिप्पलाद ऋषि खाना नहीं बना सकते थे क्या?... उन्होंने कहा—बना सकते थे।
उस पागल सन्त ने नारद जी से कहा—तो क्यों नहीं बनाए? इसलिए नहीं बनाए क्यो...
- पिप्पलादि ऋषि को मिठाइयाँ नहीं मिल सकती थीं क्या?... उन्होंने कहा—मिल सकती थीं। पिप्पलाद ऋषि खाना नहीं बना सकते थे क्या? उन्होंने कहा—बना सकते थे।...
- पिसनहारी का कुँआ इतनी बड़ी धर्मशाला है, इतनी बड़ी चीज है कि मैं क्या कहा सकता हूँ?... श्रम से भी—आप चाहें तो लोकमंगल का बहुत बड़ा काम कर सकते हैं। पैसा आपके पास न हो, तो कोई बात नहीं।&nbs...
- पीछे देगा कौन?... फिर माँगने वाले तो अभी हैं, फिर धर्म को देगा कौन? भगवान देंगे। नहीं, भगवान एक नियम हैं, भगवान एक काय...
- पीछे भगवान फिरता है, किनके?... भक्तों के पीछे पड़ा है, कब? जब उसने गंगाजल जैसा पवित्र और निर्मल अपने को बना लिया है, फिर तो भगवान क...
- पीठ पर सवार होने का क्या परिणाम होगा?... उसका परिणाम यह होगा कि वह खुद तो डूबेगा ही, बचाने वाले को और डुबो देगा। इसीलिए तैरने वाला ध्यान रखता...
- पीड़ा-पतन में जो कराह रहा है और अन्धी आँखें पुकार रही हैं, जो चीत्कार हो रहा है, उसको आप नहीं सुन रहे क्या?... उसको यदि आप नहीं सुन रहे हैं, तो फिर गुरुजी के प्रति आपका क्या समर्पण है? उनका समर्पण है, जो दिन-रात...
- पीड़ायें किस बात की?... कष्ट किस बात का? किसी बात का कष्ट नहीं है। संख्या नहीं गुणवत्ता हो अपना मानक मित्रो! कष्ट बस एक ही...
- पीड़ितों की और पतितों की आप सहायता न करें तब?... तब बेटे! मुश्किल है। तब आपको भगवान मिल पाएगा? भगवान का अनुग्रह आपको मिल जाएगा? मैं सोचता हूँ कि तब भ...
- पीला कपड़ा क्यों पहनाया?... क्यों महाराज जी! अगर हम पीला कपड़ा पहन लें तो क्या वैकुण्ठ को चले जाएँगे? नहीं बेटे! कहीं नहीं जाएगा...
- पीले रंग में आपको शरम लगेगी?... नहीं साहब! हमको कोई शरम नहीं लगेगी। देखो- यह आया पीले कपड़े वाला, यह आया बाबाजी, यह आया भिखारी। देख...
- पीले कपड़े पहन करके जहाँ कहीं भी जाएँगे लोगों को मालूम पड़ेगा कि ये कौन हैं?... ये उस मिशन के आदमी हैं, युग निर्माण योजना के आदमी हैं, गायत्री परिवार के आदमी हैं। युग निर्माण के ...
- पीले कपड़े पहनने से आपने हिम्मत तो नहीं हारी?... लोग यह कहते हैं। लोगों को कहने दीजिए, उनकी जबान है, वो भी चाहें कह सकते हैं। लेकिन गुरु जी ने हमको...
- पीले से क्या मतलब है?... पीले से तो दूसरे रंग और भी अच्छे होते हैं। काली पैंट और हरे टैरीलीन का सूट आपके लिए बनवा दें, तो प...
- पुजारी किसे कहते हैं?... पुजारी उसे कहते हैं, जो स्नान करता है, तिलक लगाता है, माला घुमाता है, चन्दन चढ़ाता है। यह पुजारी है।...
- पुण्य किसे कहते हैं?... पुण्य उसे कहते हैं, जिसमें शुभ कर्मों के लिए, सत्प्रवृत्तियों के लिए जो मदद करने के लिए सहायता मिलती...
- पुण्य कैसे हो सकता है?... दृष्टि से हो सकता है। दृष्टि अगर हमारे पास हो, चिन्तन हमारे पास हो, आस्थाएँ हमारे पास हों, हमारे जप म...
- पुत्रेष्टि यज्ञ कौन सफल करे?...
मित्रो ! गुरु वसिष्ठ ने कहा—राजन्! हमने बच्चे पैदा कर लिए, इसलिए हमारा ओजस और व वर्चस जो कि म...
- पुराणों पर तेरा विश्वास है?... हाँ महाराज जी! थोड़ा-थोड़ा तो है। तो चल मैं थोड़ा-सा इतिहास बताता हूँ।
सन्त एकनाथ की करुणा
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- पुरातत्त्ववेत्ता, जो खंडहरों का इतिहास जानते हैं वे भी मानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा खंडहर कौन सा हो सकता है?... दुनिया पैसे पर जाती है फिर भी लोग इस सबसे प्राचीन और सबसे बड़े खंडहर और इमारत को देखकर आते है। कम्बो...
- पुराने इतिहास और नए इतिहास में क्या फरक पड़ गया?... हम बनाएँगे नया वातावरण
मित्रो! जो हवा थी, वातावरण था, वह ठंढा हो गया और दूसरी तरह की हवा आ...
- पुराने कहानी-किस्सों से क्या फायदा?... आज तो लड़ाई हो नहीं रही है, फिर चिन्ता करने से हमें क्या फायदा है। फिर मैंने पीछे देखा कि गीता में आख...
- पुराने जमाने में आप वकील थे, तो हम क्या कर सकते हैं?... आप वकील थे तो आपने रुपये कमाये होंगे, आपने रोटी खायी होगी।...
- पुरुष कैसे होता है?... जिसमें सारे अक्षरों में पुलिंग का समावेश हो। आपमें से किसी को संस्कृत आती होगी, आप गायत्री मंत्र...
- पुरोहित किसे कहते हैं?... पुरोहित उसे कहते हैं, जो मार्ग दिखाता है, रास्ता दिखाता है, उपदेश करता है और हमको गलत रास्ते से घसीट...
- पुलिस का दरोगा सामने बैठा हो, सामने कलेक्टर बैठा हो, तो क्या जेबकट की हिम्मत पड़ेगी कि वह किसी की जेब काट ले?... कलेक्टर पकड़ लेगा, दरोगा पकड़ लेगा, पुलिस पकड़कर ले जायेगी।
जब कोई नहीं होगा तभी तो आदमी जेब काट सकत...
- पूछ कि वह क्या होती है?... विधि तो हम उसे कहते हैं, जिसको कि हम कर्मकाण्ड कहते हैं। चीजों की इधर-उधर हेरा-फेरी करना, जीभ से अल्ल...
- पूछा गया कि देखिए द्रौपदी का कोई शुभ कर्म है क्या?... शुभ कर्मों का खाता खोलकर जब देखा गया तो एक शुभ कर्म मिल गया। क्या शुभ कर्म मिल गया? शुभ कर्म किसे कह...
- पूजा का महत्त्व, पूजा का मतलब एक ही है, आप समझते क्यों नहीं हैं?... पूजा का मतलब है—इनसानी गुणों का विकास, इनसानी कर्म का विकास, इनसानी स्वभाव का विकास आपने जो समझ रखा ...
- पूजा क्या होती है और पाठ क्या होता है?... बेटे! जबान से जो कुछ भी उच्चारण किया जाता है, उसका नाम पाठ है। मसलन आप जप करते हैं तो वो पाठ हो गया।...
- पूजा-उपासना अगर बेकार की बात होती है, पूजा अगर निरर्थक होती, पूजा अगर दिल्लगीबाजी रही होती, तो मैं क्यों करता?... नहीं मित्रो! मैंने स्वयं पूजा−पाठ किया है, उपासना किया है। मित्रो! मैंने अपने आपको पूजा-उपासना म...
- पूजा-पाठ का क्या मतलब है?... पूजा-पाठ का मतलब केवल यह है कि हमारा ध्यान भगवान की तरफ चला जाए। हमको भगवान के साथ जुड़ना है। भगवान ...
- पूजा-पूजा चिल्लाने की बजाय यह बताइये कि आपके विचार किस तरीके के हैं?... मित्रो! ईश्वर का विश्वासी हर जगह भगवान को हाजिर-नाजिर समझता है। ईश्वर विश्वासी इस बात को समझता है ...
- पूज्यवर ने बतलाया-बेटे धरती क्या बादलों के पास जाती है या बादल स्वयं आते हैं धरती पर?... हमने कहा बादल स्वयं आते हैं एवं धरती पर बरस जाते हैं। बादलों को चलना पड़ता है। बादल स्वयं बरसते रहत...
- पूरा संसार अज्ञानता के अन्धकार में क्यों डूब रहा है?... इसका क्या कारण है? भगवान् चुप क्यों है? भगवान् को सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् कहा जाता है, फिर उसके राज...
- पूरे संसार में अनाचार और भ्रष्टाचार क्यों फैला हुआ है?... पूरा संसार अज्ञानता के अन्धकार में क्यों डूब रहा है? इसका क्या कारण है? भगवान् चुप क्यों है? भगवान्...
- पूर्ण पुरुष क्यों?... क्योंकि उनके जीवन में इन सारी बातों का समन्वय है। जहाँ उन्होंने त्याग की जरूरत समझी है, सेवा की जरूर...
- पूर्ण-पुरुष कैसे हो सकता है?... पूर्ण-पुरुष ऐसे हो सकता है कि वह मर्यादाओं को दोनों तरीके से देखता है। वह उद्देश्य को देखता है, साधन...
- पूर्व की दिशा से जब सूर्य निकलता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा?... किरणें ही तो उठाएँगी। किरणों को ही तो फैलना है। वही तो गर्मी फैलाएँगी। सूर्य की किरणों को हर चीज म...
- पूड़ी, कचौड़ी, लड्डू, रोटी, दाल, चावल आदि कुछ नहीं?... नहीं महाराज जी! यह सब तो होटल में बनते हैं और आप तो जानते हैं कि आजकल के होटलों का कोई भरोसा नहीं ...
- पृथ्वी को नापने वाला क्या कोई मनुष्य वामन हो सकता है?... हाँ हो सकता है। कौन कर सकता है? भावनाएँ कर सकती हैं। भावनाएँ यदि निम्नकोटि की हों तो ये आदमी क...
- पेंट पहनते हैं, तो क्या हुआ?... हैं तो मानव की शक्ल में देवता ही। जिस तरीके से राम ने रीछ-बानरों को देवता माना और अपनी छाती से ल...
- पेंशन भी मिल जायेगी?... नहीं बेटे, अब वह सब नहीं बनेगा। जो समय चला गया, सो अब नहीं आ सकता। मैं क्या कर सकता हूँ? समय गया, ...
- पेट के अलावा भी कोई लक्ष्य है आपका क्या?... पैसे के अलावा भी कुछ विचार कर सकते हैं क्या? पैसे के अलावा भी कुछ हवस है क्या? पैसे के अलावा भी को...
- पेट को जमा नहीं रखना चाहिए?... पेट को सारे शरीर के लिए खर्च कर देना चाहिए। पेट का यह स्वभाव है। अगर पेट जमा करके रखेगा, तो क्या हो ...
- पेट ने क्या काम किया?... पेट से मैंने कहा—‘‘दोस्त! तुझे खूब मजा मिला। दूसरों ने कमाया था, तुम इसको दबाकर रखो, बैंक में जमाकर ...
- पेट ने क्या किया?... पेट को जमा नहीं रखना चाहिए? पेट को सारे शरीर के लिए खर्च कर देना चाहिए। पेट का यह स्वभाव है। अगर पेट...
- पेट ने जो खाना खाया, वह कहाँ चला गया?... खून बना करके हृदय में भेज दिया गया। खून का क्या हुआ? खून को नाड़ियों में भेज दिया गया। नाड़ियों ने हृद...
- पेट पालना क्या कोई बड़ी समस्या है?... मैं तो आपकी तरह सेवा करूँगी और ऐसा महान व्यक्ति, जिसको मैं देवता कहूँ, भगवान कहूँ, उसके चरणों को धोक...
- पेट भरने और औलाद पैदा करने के लिए जिन्दा हैं?... हाँ साहब! पेट भरने और औलाद पैदा करने के अलावा हमारा तीसरा कोई उद्देश्य नहीं है। इसके अतिरिक्त न हमार...
- पेटी पहने रहें तो?... नहीं, पेटी नहीं पहन सकते। पेटी इज्जत है। तो महाराज जी! आपने लँगोटी क्यों दी, पैंट क्यों नहीं दिया, ज...
- पेट्रोल नहीं होगा, तब?... तब आपकी गाड़ी चलेगी नहीं। आप क्या करते हैं? आपकी टंकी में छेद हो गया है। आपका सारा का सारा पेट्रोल नी...
- पेड़ जो आपको बाहर खड़ा दिखाई पड़ता है, कहाँ से आता है?... पेड़ पर फल, फूल, पत्ते कहाँ से आते हैं? अच्छा, पहले बताइए कि पत्ते कहाँ से आते हैं? पत्ते, साहब ! हव...
- पेड़ पर फल, फूल, पत्ते कहाँ से आते हैं?... अच्छा, पहले बताइए कि पत्ते कहाँ से आते हैं? पत्ते, साहब ! हवा में से भागते हुए आ जाते हैं और डाली से...
- पेशाब न करें तब?... साँस नहीं लें तब?...
- पेड़ कैसे पैदा होते हैं?... यह सृष्टि क्या है? राजनीति क्या है? समाज क्या है? नागरिक कर्तव्य क्या है? आजीविका उपार्जन कैसे करना ...
- पैंट कहाँ से आया?... केवल लंगोटी है। तो क्या इसे दान करेंगे? इसे क्या दान करेंगे आप? आप तो केवल अपनी गरीबी दान कर सकत...
- पैदल आना, पैदल जाना, किस सत्ता ने इतना बड़ा काम करा लिया?... उनको विश्वास था और श्रद्धा थी। उस श्रद्धा और विश्वास ने सारा काम करा लिया। सारे भारतवर्ष में 1000 कु...
- पैर छूने के बाद में और माला पहनाने के बाद में और क्या करना पड़ता है?... उनके पेट में से, उनके मुँह में से जाकर खट से टिकट आ जाता है। किसका टिकट आ जाता है? आशीर्वाद का टिक...
- पैर में क्या है?... जो तेरे पैर में है, सो हमारे पैर में है। कोई बड़ी चीज नहीं है, जो कुछ है, सो तेरी श्रद्धा में है। यद...
- पैसा आपके पास है?... हम आपको क्या हवाला दें कि हमारे पास पैसा है कि नहीं है। आप हमारे मकान देख लीजिए। पैसा वाला होता है, ...
- पैसा ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिनकी समझ में नहीं आता कि उसका क्या इस्तेमाल किया जाए?... इस धर्मभीरु जनता को क्या कहा जाए? उनकी धर्मभीरुता को किस तरीके से धिक्कारा जाए? इतना समर्थ धर्मतंत्र...
- पैसा कमाना कठिन है?... शायद ईमानदारी से या बेईमानी से भी यह हो सकता है। हम तो साहब वासना को पूरा करेंगे। कोशिश कीजिए, शायद ...
- पैसा कहाँ है?... मेरे पास साधन कहाँ हैं? भगवान ने कहा कि तू आगे चल और पीछे से मैं रुपया लेकर आया। और मित्रो! सम्राट अ...
- पैसा जिसके पास न हो तो क्या देगा?... अरे बाबा! क्या आपसे मैं पैसे की बात कह रहा हूँ? मैं तो श्रम की बात कह रहा हूँ। समय की बात कह रहा हूँ...
- पैसा दिया होगा?... नहीं, सन्तों ने किसी को पैसा नहीं दिया।
तो बेटा दिया होगा? नहीं, भाई साहब! बेटा भी नहीं दिया। तो ...
- पैसा देकर आप आदमी का क्या भला करेंगे?... आप दूसरों को प्यार दीजिए। लोगों की आत्माएँ किस कदर प्यार के बिना तड़पती रहती हैं। आप दूसरों को सम्मा...
- पैसा नहीं हो, तब?... तो हम कैसे देंगे। बेटे, मैं पैसे की नहीं कहता हूँ। पैसा बड़ी वाहियात चीज है। पैसे जिनके पास जमा हैं...
- पैसा पाने के बाद आदमी क्या करता है?... मौज उड़ाता है। हर आदमी मौज उड़ाने पर उतारू हो गया। खेती बारी करना बन्द कर दिया। काम-धंधे करना बन्द कर ...
- पैसा बढ़ेगा, तो हम क्या कर सकते हैं?... शिक्षा बढ़ेगी, सभ्यता बढ़ेगी, तो हम क्या कर सकते हैं? दौलत बढ़ेगी, तो हम क्या कर सकते हैं। मित्रो! इस...
- पैसा मिल जाता है और कोई बहुत फायदे या धंधा?... और कोई धंधा नहीं है। जिसको आप व्यवसाय कहते हैं वह केवल एक ही फायदा कराता है। हम क्या कराते हैं? हम ब...
- पैसा ले जाएँ, दान दे रहा है हमको?... अंगुलिमाल कहता था कि हम कोई पण्डित हैं, जो हमें दान दे रहा है। हम तो अपनी मेहनत की कमाई खाते हैं। तो ...
- पैसा वाला होता है, तो कैसे मालूम पड़ता है, बताइए?... किसी के यहाँ लड़की या लड़के की शादी के लिए बात करने जाते हैं, तो यह देखते हैं कि अरे! यह लड़की तो ला...
- पैसा है तो इसका क्या करें?... समाज के सामने ढेर लगी समस्याओं का हल किस तरीके से करें, कुछ समझ में नहीं आता। बेअकली की इस अव्यवस्थ...
- पैसे की देख-भाल कैसे रखी जाती है?... घर और सामान की व्यवस्था को किस तरीके से रखा जाना चाहिए—वगैरह-वगैरह। यह सांसारिक ज्ञान महिलाओं को कुट...
- पैसे के अलावा भी कुछ हवस है क्या?... पैसे के अलावा भी कोई लक्ष्य है आपका? बेटे, आपको विचार करना पड़ेगा। अगर आपका लक्ष्य वही है, तो मैं आ...
- पैसे के अलावा भी कुछ विचार कर सकते हैं क्या?... पैसे के अलावा भी कुछ हवस है क्या? पैसे के अलावा भी कोई लक्ष्य है आपका? बेटे, आपको विचार करना पड़े...
- पैसे के अलावा भी कोई लक्ष्य है आपका?... बेटे, आपको विचार करना पड़ेगा। अगर आपका लक्ष्य वही है, तो मैं आपको कीड़े की संज्ञा दूँगा, मकोड़े की सं...
- पैसे के लिए मनसा देवी या मनसा देवी के लिए पैसा?... नहीं साहब। पैसे के लिए मनसा देवी। ठीक है, बेटे! मैं समझता हूँ कि तेरा भजन मनोकामना के लिए, गुरु भी म...
- पैसे को कमाना ही नहीं, वरन् उसको खर्च कैसे करना चाहिए?... हमारे पास जो कुछ है, उसको हमको कैसे खर्च करना है? अब आपको कमाने की उतनी ज्यादा चिन्ता नहीं करनी चाह...
- पैसे थे, तैयारी भी हो गई थी, लेकिन उस साल क्या हो गया?... उस साल सब जगह बड़े जोर का अकाल पड़ गया। मनुष्य भूखे मरने लगे, बच्चे भूखे मरने लगे। पैसे-पैसे के लिए ...
- पैसे ले ले, पर उँगली क्यों काटता है हमारी?... वह कहता, वाह! फोकट में, दान में नहीं लेता हूँ। पहले तेरी उँगली काटूँगा, तो मेरी मेहनत हो जाएगी। ...
- पैसे वाला बड़ा होता है या ज्ञानवान?... बनिया बड़ा होता है या पण्डित? तू किसको प्रणाम करता है-बनिया को या पण्डित को और किसके पैर छूता है? लाला...
- पैसे से क्या बनता-बिगड़ता है?... अनासक्त योगी की तरह जिएँ
मित्रो! अगर आप अपने आपमें दो महत्त्वाकांक्षाएँ दो चीजें बदल पाएँ, त...
- पैसे से सिर्फ क्या होता है?... पसीना मेरी सम्पत्ति है। पसीना बहायेंगे और लोगों की सहायता करेंगे और सेवा करेंगे। मित्रो! बिना पढ़ा...
- पैसों को मैं क्या करूँगा?... पैसे इकट्ठा करने को मैं खड़ा हो जाऊँ तो चोर और चालाक, ठग और बेईमान और बदमाश महल इकट्ठे कर लेते हैं, ...
- प्याऊ चलाने से क्या मतलब है?... यह आध्यात्मिक बात है। यह सन्त की बातें हैं। तो क्या आप सन्त की दुकान बन्द कर देंगे? नहीं, बन्द नही...
- प्यार ऐसा होता है?... प्यार इसी चीज का नाम है? इसी कमीनेपन को आप प्यार कह रहे थे? कमीनेपन को ही प्यार कहते हैं? नहीं साह...
- प्यार इसी चीज का नाम है?... इसी कमीनेपन को आप प्यार कह रहे थे? कमीनेपन को ही प्यार कहते हैं? नहीं साहब! यह तो हमारा प्यार है। ...
- प्यार करने का अभ्यास कैसे किया जाता है?... प्यार कैसे होता है, जरा बताना? प्यार करने का दुनिया में एक ही तरीका है कि जिसको हम मुहब्बत करते हैं,...
- प्यार करने की पहचान ही यह है कि आप उसकी सेवा करना चाहते हैं या नहीं?... प्यार करने वाला अपना अनुदान दूसरों को देता है। प्यार करने वाला स्वयं कष्ट उठाता है तथा दूसरों को स...
- प्यार कहाँ से शुरू होना चाहिए?... प्यार भगवान से शुरू होना चाहिए। भगवान से क्या मतलब है? भगवान कोई व्यक्ति नहीं होता। आप फिर ध्यान र...
- प्यार किससे होता है?... सिद्धान्तों से। इनसानों से नहीं होता प्यार। नहीं साहब! हमें बेटे से प्यार है। नहीं, बेटे से प्यार ...
- प्यार की कोई शक्ल हो सकती है?... कोई शक्ल नहीं हो सकती। क्रोध जब आता है, तो उसकी कोई शक्ल होती है? नहीं होती है। हाँ, क्रोध की वज...
- प्यार की यह कशिश आप पैदा कर सकते हैं?... हाँ, आप पैदा कर सकते हैं। शर्त केवल यह है कि आपका जो प्यार है, वह छोटे से खानदान के बन्धनों में इस ...
- प्यार कैसा होता है?... प्यार ऐसा होता है, जो भगवान से शुरू किया जाता है और इंसान तक फला दिया जाता है। भगवान से प्यार कैसा...
- प्यार कैसे किया जाना चाहिए?... दोनों ही हाथ भगवान के हैं। उसके एक हाथ में दण्ड है और एक हाथ में कमल का फूल है। दोनों हाथ में शंख और...
- प्यार कैसे होता है, जरा बताना?... प्यार करने का दुनिया में एक ही तरीका है कि जिसको हम मुहब्बत करते हैं, उसको कुछ दें। बच्चे को हम प्या...
- प्यार को मैं खराब कैसे कहूँगा?... मित्रता को मैं खराब कैसे कहूँगा? मित्रता तो बहुत अच्छी बात है। सहयोग बहुत अच्छी बात है। लेकिन आज के ...
- प्यार क्या ऐसे किया जाता है, जिसमें कि अपने प्रियतम को दुःख होता हो?... प्यार ऐसे किया जाता है कि उसमें शान्ति मिलती हो, प्रसन्नता मिलती हो, उसका काम पूरा होता हो। उसके लिए ...
- प्यार से प्यारा क्या है?... मेरा बेटा है और कोई प्यारा नहीं है। पैसे तो थे नहीं। पुराने जमाने में पैसे कहाँ होते थे! इसलाम धर्म ...
- प्रकट कहाँ से होती है?... हमारे और आपके मुँह से प्रकट होती हैं और माइक में से फैलती है। प्राण कैसा होना चाहिए? धुला हुआ और प...
- प्रकाश का अर्थ क्या हो सकता है?... आदमी में प्रकाश तो नहीं है। आदमी कोई बत्ती नहीं है, बल्ब नहीं है, जो जलेगा। फिर यज्ञ का अनुसरण करने ...
- प्रकाश किसे कहते हैं?... प्रकाश इसे कहते हैं, जो मैं आपसे निवेदन कर रहा था, जिससे कि मेरी आँखें खुल गईं। अँधेरे में भटकता हुआ...
- प्रकाश किसे कहते हैं?... बेटे! व्यक्ति के आध्यात्मिक जीवन में प्रकाश का जहाँ कहीं भी इस्तेमाल किया गया है, ज्ञान के अर्थ में ...
- प्रकाश देखता है कि चमक देखता है?... चमक से क्या मतलब है? चमक से कोई मतलब नहीं है। अध्यात्म का चमक से कोई ताल्लुक नहीं है। चमक दिखाई ...
- प्रकृति कैसी है?... यह तीन तत्त्वों के ऊपर टिकी हुई है, जिसके नाम हैं-सत, रज, तम। प्रकृति की यह तीन मूल अवस्थायें हैं।...
- प्रज्ञा किसको कहते हैं?... गायत्री को। गायत्री मंत्र, जिसकी हम उपासना करते हैं और जिसका हम विस्तार करते हैं और जिसे हम फैलाना च...
- प्रज्ञा किसे कहते हैं?... निष्ठा किसे कहते हैं। श्रद्धा किसे कहते हैं? गायत्री माता की कृपा क्या होती है? यह तीनों चीजें, ती...
- प्रज्ञावतार किसे कहते हैं?... जिसको निष्कलंक अवतार कहा गया है। कलंक से रहित। कल मैंने आपको बताया था कि दुनिया में एक ही ऋषि है और ...
- प्रज्ञावतार क्या है?... कभी बताऊँगा, पर आज मैं कहता हूँ कि अब गायत्री माता विश्वमाता होने वाली है। भविष्यवाणी तो मैं नहीं कर...
- प्रतिच्छाया क्या है?... बेटे! प्रतिच्छाया से मेरा मतलब यह है कि एक बड़ा-सा शीशा हो और उस शीशे के सामने आप खड़े हो जाइए तथा अ...
- प्रतिध्वनि से क्या मतलब है?... प्रतिध्वनि से मेरा मतलब यह है कि गुंबद के नीचे खड़े होकर जब हम आवाज लगाते हैं तो ज्यों की त्यों आवाज...
- प्रतिभा का जब तक परिष्कार नहीं होगा, तब तक कौन व्यक्ति किसके साथ बैठने वाला है?... कोई क्यों बैठेगा?
सभ्यता और शालीनता आज हमारे यहाँ परिवारों से समाप्त होती जा रही है। हमारे समूचे ...
- प्रतीक पूजन किसे कहते हैं?... प्रतीक पूजन में चावल चढ़ा दिया, अक्षत चढ़ा दिया, जल चढ़ा दिया, प्रतिमा को धूप, दीप नैवेद्य अर्पित क...
- प्रतीक मन्दिर से क्या हो जाएगा?... मन्दिर से सब कुछ हो जाएगा—हवा फैलेगी, वातावरण बनेगा। हम हवा फैलाना चाहते हैं और वातावरण बनाना चाहते ह...
- प्रत्येक आदमी को अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति कैसे रहना चाहिए?... अच्छा समाज बनाने के लिए गुण्डागर्दी तथा अन्य दूसरी बुराइयों के विरुद्ध कैसे खड़े होना चाहिए? यह शिक...
- प्रत्येक क्रिया के पीछे प्रेरणा है, प्रत्येक क्रिया के पीछे मार्गदर्शन है और प्रत्येक क्रिया के पीछे सूक्ष्म प्रक्रिया है, जो हमको सिखाती है कि हमारे जीवन की क्वालिटी कैसी रहनी चाहिए?... क्वालिटी का एक उदाहरण मैं आपको बता सकता हूँ। देवताओं के सामने हम पूजा-पत्री का सामान रखते हैं। क्या-...
- प्रत्येक दफ्तर के बाहर क्या लिखा रहता है?... ‘बिना आज्ञा के प्रवेश निषेध’। ‘नो एडमीशन’—बिना आज्ञा के प्रवेश मत कीजिए। एक शब्द और लिखा रहता है—‘नो...
- प्रत्येक देवता क्या ऐसी ही शक्ल का होता है?... हाँ बेटे, अच्छी शक्ल के देवता होते हैं। आपके शंकर अलग हैं और हमारे शंकर अलग हैं जिनकी अभी हमने व...
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- प्रभावित कौन-सी चीज करती है?... जब हम उसके साथ द्वेष भाव, कटुता से बोलते हैं अथवा उसके बताए मार्ग पर नहीं चलते।
जब रामकृष्ण परमहंस...
- प्रमोशन की कीमत पर सारा काम करना चाहता है, चालाक कहीं का?... मित्रो! आद्य शंकराचार्य को भगंदर का फोड़ा था, फिर भी वे बराबर काम करते रहे। बिनोवा भावे के पेट में ...
- प्रयोगशाला होनी चाहिए ना?... तैरने के लिए तालाब होना चाहिए ना? पढ़ने के लिए कोई विद्यालय होना चाहिए ना? कोई भी काम सीखने के लिए, क...
- प्रलय हो सकती है?... हाँ, प्रलय तो होगी। कैसे होगी? परशुराम जी ने जैसे कुल्हाड़े से बददिमाग लोगों के सिर काट डाले थे, वैसी...
- प्रश्न उठ खड़ा हुआ कि इस यज्ञ का संचालन कौन करे?... उस समय सारे विद्वानों ने एक स्वर से मनु की पुत्री इला को प्रमुख आचार्य घोषित किया। उन्हीं ने इतना बड...
- प्रश्न यह था कि एक समय में क्या दो भगवान् हो सकते हैं?... हाँ हो सकते हैं। दोनों में लड़ाई-झगड़ा होने लगा कि असली भगवान् कौन है तथा नकली भगवान कौन है? आप और ह...
- प्रश्न यह है कि हमारी मौलिक आवश्यकताएँ पूरी होती हैं कि नहीं होती?... हाँ, बेटे, हरेक की मौलिक आवश्यकताएँ पूरी हो जाती हैं। अगर हम मौलिक आवश्यकताओं पर विचार करें कि हमारे...
- प्रह्लाद का किस्सा आपको मालूम है न?... पार्वती का किस्सा मालूम है न? उन्होंने भगवान की नाक में दम कर दिया था। शंकर भगवान कहते थे कि और सब त...
- प्राकृतिक क्या है?... बेल का पत्ता। बेल का पत्ता आप भी खाइये और आपका बैल भी गायेगा। दवाई के लिए आक का फूल खायें और धतूरे...
- प्राची कौन है?... प्राची भारतीय संस्कृति है। भारतीय संस्कृति की किरणें हैं-आप आप हिन्दुस्तान में हो तो क्या, हिन्दुस...
- प्राचीन काल की परम्पराओं में मैं आपको एक से बढ़कर एक बेहतरीन उदाहरण देता हुआ चला जा सकता हूँ, जिससे मालूम पड़े कि आध्यात्मिकता की ताकत क्या है?... मैं आपसे सांसारिक जीवन की, भौतिक जीवन की बात कह रहा हूँ। शान्ति की बात मैं नहीं कह सकता। हनुमान जी को...
- प्राण किसे कहते हैं?... प्राण हिम्मत को कहते हैं। आप में हिम्मत है? बेटे, हमारे अन्दर बहुत हिम्मत है। हमारे अन्दर इतनी हिम्म...
- प्राण कैसा होना चाहिए?... धुला हुआ और परिष्कृत प्राण होगा, तो उससे निकलने वाला मंत्र भी शक्तिशाली होगा, चमत्कारी होगा। मित...
- प्राण क्या होता है?... प्राण वह तत्त्व है, जो कि पानी के साथ में शामिल होकर जब जमीन पर बरसता है तो घास मजबूत होती है, अनाज ...
- प्राण क्या होता है?... बेटे! इसी को प्राण कहते हैं, जिसका नाम है—साहस और हिम्मत। मैंने आपको बताया था कि हमारा प्राणमयकोश ही...
- प्राण-प्रतिष्ठा करने के बाद क्या हो जाता है?... फिर वो मूर्ति जीवन्त हो जाती है। देवताओं के तरीके से उसका भोजन का प्रबन्ध करना पड़ता है, आरती का ...
- प्राणमय कोश का जागरण कैसे किया जाता है?... प्राणमय कोश की विधियाँ क्या हैं? बेटे, मैं सब बता दूँगा। हम ऐसी विधियाँ बता देंगे, जिनसे फायदा हो सक...
- प्राणमय कोश की विधियाँ क्या हैं?... बेटे, मैं सब बता दूँगा। हम ऐसी विधियाँ बता देंगे, जिनसे फायदा हो सकता है। लेकिन ध्यान रखना, केवल कर्...
- प्राणमय कोश क्या होता है?... प्राणमय कोश का साइंटिफिक रीजन मैं फिर बताऊँगा। यह हमारा भीतरी शरीर है। इन शरीरों को कैसे जाग्रत करना...
- प्राणशक्ति का, ऊर्जा का अनुभव नहीं होना चाहिए?... यह अनुभव होना चाहिए, जो गुरुजी को हुआ है। जिनके गुरु कहाँ हैं? उनकी प्रेरणा ही तो आती है, उनकी छाया ...
- प्राणायाम कैसे करना चाहिए?... माला कैसे घुमाना चाहिए? हवन और आरती कैसे करना चाहिए, आदि क्या हैं? ये हैं हलचलें। कर्मकाण्डों मे...
- प्राणायाम क्या है?... एक ध्यान है। प्राणायाम में पाँच तत्त्वों में ध्यान-ही-ध्यान करते रहिए। जब हम साँस भीतर खींचते हैं तो...
- प्राणायाम नहीं किया होगा?... बेटे किया होगा। लेकिन सबसे प्यारे भगवान के भक्त हनुमान जी की उपासना, उनके जीवन की पुस्तक को खोलकर आप...
- प्राणायाम में क्या बात होती है?... प्राणायाम में दो प्रक्रियाएँ होती हैं—एक हम साँस को अन्दर खींचते हैं और दूसरी बाहर फेंकते रहते हैं। ए...
- प्रातःकालीन सूरज से आपका क्या मतलब है?... बेटे, प्रातःकालीन सूरज से हमारा मतलब यह है कि प्रातःकालीन सूरज जिस तरीके से एक नयी उमंगें, नयी हलच...
- प्रेत-पिशाचों में क्या फर्क होता है?... बेटे, एक ही होता है, हर भूत के मन की ये बनावट होती है कि न वह किसी का और न कोई उसका। तो महाराज जी!...
- प्रेम की शिक्षा दी जा सकती है, लेकिन जो आदमी भूखों मर रहा है, उस भूखे मरने वाले को आप ज्ञान की, ध्यान की और त्याग की शिक्षा कैसे दे सकते हैं?... और वैराग्य की शिक्षा कैसे दे सकते हैं?स्वामी विवेकानन्द ने कहा कि हिन्दुस्तान ने अध्यात्म का पहला पा...
- प्रेम दिया है किसी को?... सहायता दी है? श्रद्धा दी है? समाज को कुछ दिया है? दे करके देखिये और यह पाइये कि कितना ज्यादा सन्तोष...
- प्रेम, बाहरी जीवन का प्रेय, जो देखने के समय तत्काल हमको ऐसा मालूम पड़ता है कि शायद यह बड़ा मजेदार है, लेकिन क्या वह सचमुच मजेदार है?... नहीं, मजेदार नहीं है। वह हमको नरक की ओर घसीटकर ले जाने वाला है। हमारे दिमाग में भी एक बात है...
- प्रोफेसर किससे काम करते हैं?... साइंटिस्ट किससे काम करते हैं? व्यापारी किससे काम करते हैं? अकल से वे मालदार हो गये। शरीर से मालदार ...
- पढ़ने की वजह क्या है?... मित्रो! सत्संग की कोई वजह भी तो होनी चाहिए। आप किसके लिए सत्संग करेंगे। नहीं साहब! सत्संग करूँगा। ...
- पढ़ने के लिए कोई विद्यालय होना चाहिए ना?... कोई भी काम सीखने के लिए, कोई भी काम करने के लिए प्रयोगशाला की आवश्यकता पड़ती है। इसके बिना कोई बात सी...
- पढ़ने से और सुनने से क्या हो सकता है?... हमारे और आपके बीच में एक ऐसी कशिश है, जो हमको और आपको जोड़े हुए है। और मैं समझता हूँ कि जब तक हम ...
- पढ़ने से क्या फायदा?... जिसकी आँखें पास की हैं वह कहता है, हाँ- हाँ किताब देखना बेकार है, दिमाग खराब करती है। चलो आज तो ...
- फटे हुए कपड़े पहनकर कैसे जाएँगे?... " इसलिए वे पास वाली एक झाड़ी में जाकर छिप गए और सोचा कि शाम को अँधेरा हो जाएगा, तब हम अपनी कुटिया मे...
- फरक क्या होता है?... फरक यह होता है कि उसके पास शरीर नहीं होता। शरीर न होने की वजह से इच्छाएँ भी होती हैं, कामनाएँ भी होत...
- फर्ज और कर्तव्य पालन करने का अगर आपका मन होगा, मरजी होगी, तब फिर क्या होगा?... फिर आपको मजा आ जाएगा। और क्या होगा? बहुत कुछ हो जाएगा। फिर आपको अपने फर्ज से कोई रोक नहीं सकता। आप अ...
- फल मिला या नहीं?... हम नहीं जानते कि फल क्या मिलेगा या क्या नहीं मिलेगा? बहुत से आदमी दुनिया में ऐसे हुए हैं, जिन्होंन...
- फलाने स्वामी जी ने कौन से वेद का भाषण किया था और उसके बारे में क्या कहा था?... उसका मंत्र क्या होता है? ब्रह्म क्या होता है? जीव क्या होता है? नहीं साहब! हम दिमाग का शिक्षण करें...
- फायदा हो जाएगा?... आपका अब तक का जो रहन-सहन रहा है, अब तक का जो जीवन रहा है, सोचने का तरीका रहा है, उसको ऊपर-नीचे कर दी...
- फार्मूला क्या हो सकता है?... भगवान ने कहा, उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्। अर्थात् अपने
आपको उठाइए, अपने आपको गिराइए मत।
...
- फिजिक्स पढ़ेगा, साइंस पढ़ेगा, कॉमर्स पढ़ेगा, आर्ट्स पढ़ेगा?... नहीं साहब! जो मास्टर पढ़ा देंगे, वही पढ़ूँगा। यह भी कोई तरीका है? यह भी कोई ढंग है? दुनिया में कहीं ऐस...
- फिनायल डालने का यही मतलब है ना?... हाँ साहब! यही मतलब है और बेटे! यह जो सेंट लगाते रहते हैं, यह किसलिए लगाते हैं? इसलिए कि इस शरीर से च...
- फिर अभाव किस बात का है?... पीड़ायें किस बात की? कष्ट किस बात का? किसी बात का कष्ट नहीं है। संख्या नहीं गुणवत्ता हो अपना मानक ...
- फिर आप कौन हो सकते हैं?... फिर आप कौए हो सकते हैं। तो फिर क्या गुरुजी! गायत्री माता हमारे ऊपर सवार होंगी? नहीं आपके ऊपर गायत्...
- फिर ऐसा आदमी कड़ी मेहनत क्यों करेगा?... मजदूरी क्यों करेगा? नौकरी क्यों करेगा? जिस आदमी के हाथों नुस्खा लग गया है कि हमारे पाप तो गंगाजी म...
- फिर क्या हुआ?... शंकर भगवान ने आक के फूल खाये और धतूरे का फल खाया। इससे गले में छाले पड़ गये और उन्हें खूब नशा आने ल...
- फिर क्यों कहता है कि डॉक्टर बनायेगा?... फिर यों कह कि भगवान जो चाहेगा, सो बनायेगा। यह क्या है? कल्पना, जिसके पीछे कोई प्लानिंग नहीं होती, ...
- फिर मैंने उनसे पूछा कि आखिर आपको शिकायत क्या है?... यह सब आपको कैसे हुआ? उनके साथ जो लोग आये थे, उन सबको दूसरी जगह भेज दिया। मैंने कहा कि अब बताइये क्...
- फिर अभाव किस चीज का है?... किसी चीज का अभाव नहीं है। मित्रो! हमारे पड़ोसी हैं, हमारी स्त्री है, बच्चे हैं, हमारे पास चिड़िया घू...
- फिर असलियत क्या है?... असलियत जो है, वह आपको जाननी ही चाहिए। आखिर देवता क्या हैं?
देवता क्या हैं, अन्तत:
देव...
- फिर आइंदा मिलेंगे तो क्या नमस्कार करेंगे?... बीच में नमस्कार नहीं करते, लेकिन राजा साहब का नमक खाते हैं, उनके बताए हुए उत्तरदायित्व को समझते हैं,...
- फिर आदमी को सदाचारी क्यों बनना पड़ता?... फिर आदमी को तपस्वी क्यों बनना पड़ता? फिर आदमी को भक्त क्यों बनना पड़ता? फिर तो आदमी अपनी दुकान करता ...
- फिर आदमी को भक्त क्यों बनना पड़ता?... फिर तो आदमी अपनी दुकान करता रहता। पूजा- पत्री के खेल- खिलौने दिखा करके भगवान के वरदान और आशीर्वाद ...
- फिर आदमी को तपस्वी क्यों बनना पड़ता?... फिर आदमी को भक्त क्यों बनना पड़ता? फिर तो आदमी अपनी दुकान करता रहता। पूजा- पत्री के खेल- खिलौने द...
- फिर आदमी को संयमी क्यों बनना पड़ता?... फिर आदमी को सदाचारी क्यों बनना पड़ता? फिर आदमी को तपस्वी क्यों बनना पड़ता? फिर आदमी को भक्त क्यों ...
- फिर आप उनके मालिक कैसे हुए?... सम्पत्ति जितनी आप खा सकते हैं और जितनी इस्तेमाल कर सकते हैं, उतनी ही तो ले सकते हैं। बाकी जमीन पर ही ...
- फिर आप उसको क्या कहेंगे?... मैं उसे हैवान कह सकता हूँ। हम इनसान को भी हैवान कह सकते हैं। नर-पशु शब्द बहुत पुराना है। नर का शरीर ...
- फिर आप कर पाएँगे?... नहीं, कर पाएँगे। उन सबको तिलांजलि देते हुए चले जाइए।
बेटे! हाथी एक तरफ चलता है न। हाथी चलता है, तो ...
- फिर आप किस तरीके से आत्मसन्तोष पाएँगे?... आत्म आपकी निरन्तर जलती ही रहेगी, क्योंकि आपका लालच इतना बड़ा दुश्मन है, जिसको आप छोड़ नहीं पाएँगे, तो...
- फिर आप किस तरीके से संन्यास की, हमारी भारतीय संस्कृति की परम्पराओं को निभा सकते हैं?... आपका तो यह ख्याल है कि सारी सम्पदा बेटों को देना चाहिए। चार बेटे हैं, चारों को बरबाद दे दिया। प्रा...
- फिर आप किस बात के गुरु हैं?... गुरु हैं तो बेटा हम ज्ञान देंगे, रामायण पढ़ा देंगे, गीता पढ़ा देंगे और दूसरे पाठ पढ़ा देंगे। नहीं सा...
- फिर आप किससे सेवा करेंगे-बताइये न?... सेवा करने के लिए माध्यम चाहिए, शक्ति चाहिए। शक्ति इकट्ठी करने के लिए आपको और हमको क्या करना पड़ेगा?...
- फिर आप क्या करना चाहते हैं?... आप भगवान पर दबाव डालना चाहते हैं। हाँ साहब! हम भगवान पर दबाव डालने के लिए तप कर रहे थे। अच्छा, तो ...
- फिर आप क्या करेंगे, अगर आपके ऊपर फाइलेरिया का अटैक हुआ तो?... साहब! हम अन्न अच्छा खाते हैं। अच्छा अन्न खाते हैं, लेकिन हवा को भी समझते हैं कि नहीं समझते। शीलन भरी...
- फिर आप क्या करेंगे?... आपने तो अपनी स्त्री को घूँघट में रख करके अपाहिज बना दिया। उसे मेहनत नहीं करने दी, परिश्रम नहीं करन...
- फिर आप क्या करेंगे?... करने के लिए हमारी पुरानी पीढ़ियों के लिए एक काम काफी था। कौन सा? धर्मोपदेश। कथा कहना- भागवत् की कथा...
- फिर आप क्या चाहते हैं?... हम चाहते हैं-सुख और शान्ति। अरे बेटे! रामचन्द्र जी के पास सुख कहा था? वे तो दुःख ही दुःख में रहे। ...
- फिर आप क्या दे सकते हैं?... यदि आप पिछड़ी जिन्दगी जी सकते हैं, तो आप नर-पिशाच बन सकते हैं। नर-पिशाच कैसे होते हैं? नर-पिशाच ऐसे ह...
- फिर आप क्यों ऐसी जिन्दगी जिएँगे?... मित्रो! भगवान ने तो आपको राजकुमार बनाया है न। आपको बुद्धि दी है न। आपको वाणी दी है न। आपको हाथ-पाँव ...
- फिर आप क्यों नहीं, पेट भर सकते?... उँगलियाँ ही तो खराब हैं।
नहीं साहब! हम कैसे कर सकेंगे? हमारे पास क्या। अकल है? तो चलिए हम और आप...
- फिर आप ध्यान किसमें लगाएँगे?... आप ध्यान में प्रकाश कैसे पैदा करेंगे? आप बताइए मुझे, आपके अन्दर घी पहुँचता नहीं है, तेल पहुँचता नहीं ...
- फिर आप बच्चों को समय कब देंगे?... इससे अच्छा है बच्चों को आप मार दीजिए। बच्चा कहता है कि हमें पापा का प्यार मिलना चाहिए और पापा है कि ...
- फिर आप बिना बीज बोये किस तरह से फसल पा सकते हैं?... बीज बोये बिना आप किस तरह से बगीचा लगा सकते हैं? बीज की कीमत अपनी जगह पर है, परन्तु दूसरी चीजों क...
- फिर आप भगवान् से बार-बार क्यों माँगते हैं?... आपको इतनी विद्या बुद्धि मिली हुई थी कि आप दुनिया में शान्ति की धारा बहाते, उसको खूबसूरत बनाते, लेकि...
- फिर आप सिनेमा में क्या देखने गये थे?... और आपके कमरे में जो तस्वीरें हैं, कैलेण्डरों में गन्दी लड़कियों के चित्र टँगे हुए हैं, ये क्या है?
...
- फिर आप हथौड़े की करामात क्या कह रहे थे?... हथौड़े ओर छैनी की करामात है जरूर, हम इसे मानते हैं। जितनी भी मूर्तियाँ दुनिया में बनी हैं, वे सारी-क...
- फिर आप हमारी जान लेने के लिए क्यों उतारू हैं?... आपको मालूम नहीं है कि हमारे भीतर भी जान है। अगर आपके कोई बाल नोंचे, तो आपको कितना कष्ट होता है। आप ह...
- फिर आपका मन पूजा-उपासना में कैसे लगेगा?... आप इस दिशा में आगे कैसे बढ़ेंगे? गोली चलाने वाला अगर निशाना न साधे, तो उसका काम कैसे चलेगा? वह कभ...
- फिर आपकी कैसे पूरी हो जाएँगी?... हाँ, एक शर्त पर आपकी कामनाएँ पूरी हो सकती हैं। कैसे? आप कामनाओं का स्तर बदल दीजिए। स्तर कैसे बदला जा...
- फिर आपकी मनोकामना पूरी हो जाए, कोई जरूरी है?... मनोकामना पूरी नहीं हो पाती, इसलिए आदमी आमतौर से दुखी रहते हैं।
इच्छाएँ पीछे रखिए
मित...
- फिर आपकी महत्त्वाकांक्षाएँ कहाँ रह गयीं?... आपका अहं कहाँ रह गया? बेटे, आपकी ये इच्छाएँ कभी पूरी नहीं हो सकतीं।
श्रेष्ठ जीवन जीने की महत...
- फिर आपके बच्चे पूछेंगे कि मम्मी क्या बात है, आप रोज आग काहे को जला देती हो?... मम्मी को बताना पड़ेगा। उसके बहाने से आप उन्हें शिक्षण देंगे। हम भी बच्चों से कहेंगे कि बेटे, तुम अपन...
- फिर आपके मुख से यह निकल कैसे जाता है?... बेटे! आपने गुरुजी के विराट रूप को क्यों नहीं देखा? केवल शक्ल तक ही आप सीमित कैसे रह गए? क्यों नहीं प...
- फिर आपको कहीं न-कहीं कर्जे लेने पड़ेंगे?... फिर आपको रिश्वत लेनी पड़ेगी? कहीं से दूसरों पर दबाव डालना पड़ेगा। कुछ-न जरूर करना पड़ेगा।
अगर नह...
- फिर आपको ज्ञान प्राप्त करने के लिए किसके पास जाना चाहिए?... पुरोहित के पास। पुरोहित के पास कैसे जाना चाहिए, जो भगवान का प्रतिनिधि हो अथवा भगवान का रूप हो अथवा भ...
- फिर आपको रिश्वत लेनी पड़ेगी?... कहीं से दूसरों पर दबाव डालना पड़ेगा। कुछ-न जरूर करना पड़ेगा।
अगर नहीं भी कर सकेंगे और ईमानदारी स...
- फिर आपने किस काम के लिए बुलाया है?... बेटे! मैंने किसी खास मकसद के लिए बुलाया है। चूँकि आपका समय इतना लंबा है—बारह घण्टे, चौबीस घण्टे। इसको ...
- फिर आपने क्या कर दिया?... बेटे, हमने सुई घुमा दी। अब कहाँ मिला दिया? अब विविध भारती पर मिला दिया है और अब इसमें प्रार्थना के ग...
- फिर आपने क्यों कह दिया?... मित्रो! मैंने यह कहा है कि मंत्र का सामान्य अर्थ होता है—विचार शक्ति, जिसे आप विचारशीलता कहते हैं। त...
- फिर आपने क्यों नहीं खाया?... बेटे, हम नहीं खा सकते थे; क्योंकि जिस समाज में, हम रहते हैं; जिस देश में हम रहते हैं; जिस धर्म और सं...
- फिर आपने तो हमारा सर नीचा कर दिया है कि उस शक्ति से, उस समर्थ सत्ता से जुड़े होते हुए भी आप ऐसा नारकीय जीवन जिएँगे?... आप नारकीय जीवन नहीं जिएँगे। आप आगे की पंक्ति में आएँगे; क्योंकि आप उस ऋषि की सन्तान हैं, आप उस सन्त ...
- फिर आपने मजदूर का काम किया की नहीं?... साहब! हमारे बाप-दादे मुनीम का काम करते थे। गाय-भैंस चराते थे, खेती-बाड़ी करते थे। फिर गुरुजी! हमने तो...
- फिर आमदनी का स्रोत, संग्रह का स्रोत क्या है?... जब तक संग्रह नहीं किया जाएगा और जब तक कोई सम्पत्ति नहीं होगी, तो फिर आप क्या कर सकते हैं? किसी को क्य...
- फिर इस पैसे का क्या होगा?... बेटे, अब तो इसके ऊपर टैक्स लग रहे हैं और इस पर मृत्यु टैक्स लग रहे हैं। आगे आने वाले जमाने में क्या ...
- फिर इससे आपको क्या फल मिलने वाला है?... आप भजन करना चाहते हैं तो उसका स्वरूप समझिए। भजन करेंगे और उसका स्वरूप नहीं समझेंगे तो मुश्किल हो जाए...
- फिर उनसे पूछा कि क्या बात है?... उन्होंने कहा कि हमारे साथ एक कांड हो गया है। हमारे घर में इनकम टैक्स ऑफीसर ने छापा मारा था, जिसम...
- फिर उन्होंने इनसान से पूछा कि आपको कितना खाना मिलता है?... उसने कहा कि तीन-चार रोटी मिलता है, एक प्लेट चावल मिलता है। बस, उससे ही हम काम चला लेते हैं। भगवान ने...
- फिर उस शक्ति का उपयोग क्या किया गया?... उपयोग नहीं दुरुपयोग किया। इसका क्या मतलब हुआ? मतलब एक ही हुआ कि वरदान का उपयोग खुदगर्जी के लिए किया ...
- फिर उसका क्या हुआ?... मिर्च सूक्ष्म हो करके फैल गयी, दूर-दूर तक फैल गयी। अगर दूर-दूर तक फैली नहीं होती, तो सबको खाँसी क्यो...
- फिर उसका क्या हुआ?... मित्रो! गिरिधर गोपाल से क्या मतलब है आपका? गिरिधर गोपाल से आपका मतलब अगर पत्थर से था, तो वह पत्थर रा...
- फिर उसकी अन्तरात्मा ने शक्ति को झकझोरा—शक्ति कैसे नहीं है?... अभी निकालते हैं और बातों-ही-बातों में वह नहर निकाल लाया। अकेला जूझा, अकेला कर लाया?
नहीं बेटे, व्...
- फिर उसकी दण्ड की व्यवस्था का क्या होगा?... फिर तो जेल में ताले डल जायेंगे। न्याय की व्यवस्था को बरख्वास्त किया जायेगा। हर आदमी क्षमा माँगता चला...
- फिर उसके कुछ काम आई?... अरे तेरे काम में क्या आया है? कुछ नहीं, वही दो रोटी, एक धोती और कुरता।
अरे, यह तो वैसे भी पैदा हो ...
- फिर उसके मर जाने से आपका क्या नुकसान हुआ?... रोज दूध पीता था और अनाज खाता था। मर गया तो क्या हुआ? अरे गुरुजी! आप यह क्या कहते हैं? हाँ बेटे, मैं ...
- फिर उसने कहा—खलीफा आप बुरा मत मानना?... क्या बात है? मेरा तो मन यह कहता है कि अब मैं गहने दूँ ही नहीं। खलीफा ने कहा—वाह! तू बड़ी बेवक...
- फिर उसे कहाँ उठाये, कहाँ रखें?... मुसीबत आ जायेगी आप इतनी बड़ी चारपाई को इस्तेमाल कर सकते हैं? नहीं कर सकते। हर चीज के इस्तेमाल की एक...
- फिर एक काम कर, तेरे मुँह में यह जो सफेद-सफेद भाग दिखाई दे रहा है, यह क्या है?... ये हड्डियाँ हैं। अरे राम-राम! हड्डी से गायत्री मंत्र? अरे बेटे! यह तो रुद्राक्ष से जपा जाता है, हड्ड...
- फिर एक महीने में कितना दौड़ेगा?... पता कर लीजिए। अरे महाराज जी! इसमें तो बहुत बिंदियाँ हो जाएँगी। हाँ बेटे! फिर भगवान की, ब्रह्म की नाप...
- फिर ऐसा कैसे हो सकता है?... भावनाओं का आदान-प्रदान
बेटे जो सामने होता है, उसका अधिकार अधिक होता है। आप कितने वर्षों से हमसे जु...
- फिर और कौन-सी चीज रह गई?... जिसको कि हम भगवान से प्राप्त करने के लिए लालायित होते हैं। ऐसा हम क्यों करते हैं? हमारा अपना पुरुषार...
- फिर कभी मरने देंगे कि नहीं मरने देंगे?... यह गारण्टी किसी के लिए नहीं है। जो आया है वह तो जाएगा ही। कोई पहले जाएगा, कोई पीछे जाएगा। इसमें हम क...
- फिर कहाँ चला गया था?... बुद्ध भगवान ने उसे हिन्दुस्तान से बाहर काम करने के लिए भेजा था। उसकी प्रतिभा और क्षमता को देखकर उन्हो...
- फिर कहाँ चला गया?... वह अनाज जो मुँह ने खाया था, मुँह ने खाना चबाने के बाद पेट को दे दिया। पेट ने क्या किया? पेट को जमा न...
- फिर कहाँ चले जाते हैं?... फिर ये सब मर जाते हैं। क्यों मर जाते हैं? उन्हें खुराक नहीं मिलती। अगर आप कुत्तों के उन पिल्लों को ख...
- फिर कहाँ जाएँगे?... अरे साहब! जहाँ कहीं रेलगाड़ी ले जाएगी, वहीं चला जाऊँगा। यह भी कोई तरीका है? यह भी कोई ढंग है? बेटे क...
- फिर कहाँ से चुकता होगा?... उनको नीलाम होना पड़ा और गले में कैंसर हो गया। मित्रो! हमारे पास तप की पूँजी न हो और हम आपको आशीर...
- फिर कहाँ से मिला?... मैंने आपसे कहा था न कि देवता एक काम करते हैं। क्या काम करते हैं? फूल बरसाते हैं। नहीं साहब! यह बात स...
- फिर कहाँ है भगवान?... मनुष्य की श्रेष्ठता के रूप में, ऊँचे समाज के रूप में भगवान है। भगवान ने जब अर्जुन को, यशोदा माता को ...
- फिर किसका कमाल है?... मित्रो, कमाल वहीं से निकलता है, जिसमें कि वाणी को परिष्कृत कर दिया गया हो। राजा परीक्षित के सामने यह...
- फिर किसका कसूर?... कसूर सिर्फ उसका, जिसने अपना बर्तन, पात्र नहीं रखा। क्या हो पूजा का उद्देश्य? पात्रता का विकास करना...
- फिर किसका किससे जोड़?... परमात्मा के साथ आत्मा का जोड़। इसको हम योग कहते हैं। आत्मा, परमात्मा के साथ जिस सहारे से, जिस सिद्ध...
- फिर किसकी खाऊँ?... अपनी साइकिल की खा, घड़ी की खा। हाँ साहब! घड़ी की कसम खाता हूँ। मुझे विश्वास नहीं होता कि भगवान क...
- फिर किसकी जीभ लाऊँ?... प्लास्टिक की। अच्छा गुरुजी! प्लास्टिक की जीभ और दाँत लगा लूँगा, तो फिर मैं मंत्र कैसे बोलूँगा। देख ल...
- फिर किसके लिए आते हैं?... अपनी मुसीबतों की बात लेकर के आते हैं, कठिनाइयों की बात लेकर के आते हैं। दुःख-दरद की बात लेकर के आते ...
- फिर किसके लिए है?... जिनका एकाउण्ट है, खाता है, पैसा जमा है, उनके लिए है।
बैंक के एक कैशियर को जो छः हजार शिलिंग मिलता...
- फिर किसने बनाई है?... लाखों आदमियों ने, जिसके ऊपर कितना परीक्षण हुआ और कितनों ने संशोधन किया। कितनों ने उसमें हेर-फेर किया...
- फिर किसमें ताकत है?... मित्रो! भजन में अगर ताकत है तो वह आदमी के ईमान से मिली हुई ताकत है। भजन से बड़ा ईमान है। भजन बड़ा नह...
- फिर किसमें लगाएँ?... आप इस अहंकार को महानता की दिशा में लगाएँ कि हम महान् बनेंगे। आप महान् बनिए। यह विचार कीजिए कि दूसर...
- फिर किससे नाराज होते हैं?... वे इससे नाराज होते हैं कि हमने अपनी पात्रता का विकास नहीं किया। पात्रता का विकास करना, यही पूजा का...
- फिर कुछ दिनों बाद लोगों ने कहा कि यह इंसान नहीं है?... यह भगवान है। इंसान वह आदमी है, जिनकी ख्वाहिशें उनको खाये जाती हैं। इंसान वह है, जो वासनाओं और तृष्णा...
- फिर कैसे देखोगे?... ऐसे देखेंगे—जिसकी जटाएँ हों, जिसके बाल हों। चला जा मन्दिर में, गंगेश्वर महादेव के पास, वहाँ शंकर जी क...
- फिर कैसे फायदा हो सकता है?... उसकी बात सही थी।
विधि से अध्यात्म नहीं समझ में आएगा
मित्रो! यही गलती हमारे आध्यात्मि...
- फिर कैसे बात बनेगी?... " भगवान ने कहा—"नारद जी! हम कुछ नहीं कर सकते, हम मजबूर हैं।" हमने दुनिया बनाई है और दुनिया में कायदे...
- फिर कैसे वृद्धि होती?... फिर वर्षा नहीं हो सकती थी। फिर मुसीबत आ जाती और बादल बदनाम हो जाते और संसार में तबाही आ जाती। इनसा...
- फिर कैसे हो गए?... देवता उन पर प्रसन्न हुए थे और देवताओं ने उन्हें छोटे से बड़ा बना दिया था।
उन दिनों महाराजा काला ...
- फिर कैसे हो सकता है?... बेटे, आध्यात्मिकता का लाभ प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि उसको हम भीतर धारण करें, हृदयंगम करें...
- फिर कोई भी चीज आपकी कैसे हो सकती है?... आपने जो खा लिया, वह भी चीज आपकी नहीं हो सकती।
तृष्णा का संसार
मित्रो! क्या होता है? हमारा ...
- फिर कौन आदमी सुनेगा?... रामायण की कथा हम सुन लेते हैं और जैसे ही आते हैं, पल्ला झाड़ करके आ जाते हैं। भागवत की कथा हम सुनकर...
- फिर कौन उठायेगा?... कच्छप भगवान मुझे अपनी पीठ पर उठायेंगे। वह मछली सारे विश्व में फैल गई। वह असीम शक्ति सारे विश्व में स...
- फिर कौन काम करे?... खाना पकाने वाली जिसके घर में हो, जो रोटी बना जाया करे। चौका-बरतन वाली चौका-बरतन कर जाया करे। बच्चा ख...
- फिर कौन मरेगा?... दानव मरेगा, बेअकली मरेगी। बेअकली के स्थान पर जो नया विश्व बनेगा, जिसका हम गठन करने वाले हैं, इसमें थ...
- फिर कौन से देवता आएँगे?... ऊँचे ख्याल आएँगे, ऊँची भावनाएँ आएँगी। देवता इन्हीं का नाम है। ऊँचे विचारों का नाम देवता है। ऊँचे सिद...
- फिर कौन होते हैं?... ये होते हैं—आदर्श, सिद्धान्त। इन्हीं का नाम हनुमान है, इन्हीं का नाम भगवान है। इन्हीं का नाम गणेश है।...
- फिर कौन-सी ऐसी बात है?... काट, काट हर समय काट के अलावा कुछ नहीं आता, पर उन्होंने कभी किसी की परवाह नहीं की। आनन्द स्वामी आते थ...
- फिर कौन-सी चीज है आपके पास?... आपके पास भगवान का ढकोसला है। ढकोसला कैसे होता है? अरे! आपने ढकोसला ही नहीं देखा। ढकोसला देखेंगे, तो ...
- फिर क्या कर देंगे?... बेटे, हम जादू कर देंगे और चमत्कार कर देंगे। जादू किसे कहते हैं? आपका अभी सिर दर्द हो रहा है और अभी...
- फिर क्या करना चाहिए?... अपना मनोबल ऊँचा करने के लिये आपको कोई संकल्प लेना चाहिए। संकल्प शक्ति का विकास करना चाहिए। संकल्...
- फिर क्या आप शरीर को ही महत्त्व देंगे?... शरीर को महत्त्व नहीं देंगे—उनकी दिव्य चेतना को महत्त्व देंगे, जो हमारी रग-रग में समायी हुई है। जो हम...
- फिर क्या करता है?... किसी पखेरू के ऊपर हमला करता है। उसके पेट में, सारे के सारे गरदन में अपने पंजे घुसेड़ देता है और ...
- फिर क्या करते थे?... तपस्वी थे। उनकी यह तपस्या की शक्ति थी। तप की शक्ति से बेटे, विश्वामित्र ने नई सृष्टि बना दी थी। तप...
- फिर क्या करते हैं?... खुराक में अपनी माँ का ही पेट खाना शुरू कर देते हैं। फिर क्या करते हैं? जब वे पेट में रहते हैं, तो अप...
- फिर क्या करना चाहिए?... अभी मैं भक्तियोग की निशानी बता रहा था कि ‘भक्ति’ शब्द जहाँ से आता है, उसे मोहब्बत कहते हैं। भक्ति ...
- फिर क्या करना चाहिए?... आपको अपने व्यक्तित्व के साथ में उन गुणों को विकसित करना चाहिए, जो पारिवारिकता के साथ जुड़े हुए हैं। ...
- फिर क्या करना पड़ेगा?... आपने अनुष्ठान पूरा कर लिया। अब आप यहाँ से जाने वाले हैं तो जो हमने आपको पाँच उपासनाएँ छोटी-छोटी ...
- फिर क्या करना पड़ेगा?... आपको अपने ऊपर संयम रखना पड़ेगा। अगर आप बाजार में कोका-कोला पिएँगे, तो आपको उलटी आनी चाहिए और आपको यह...
- फिर क्या करना पड़ेगा?... आपको घर-घर जाना पड़ेगा। लोगों में रुचि पैदा करनी पड़ेगी। पिछड़ापन अगर ऐसा रहा होता, जो कहता है कि हम...
- फिर क्या करना पड़ेगा?... आप अपनी मर्जी से कुएँ में गिरिए और डुबकी लगाइये और मुझे खींचकर ले जाइये। मित्रो! काँटा से काँटा निकल...
- फिर क्या करना पड़ेगा?... अब मैंने आपको इसलिए बुलाया है क हमको आपकी आवश्यकता आ पड़ी है। हम तीस साल से कुटुम्ब बनाकर रह रहे थे ...
- फिर क्या करें?... सारी जगह मरघट-सी जिन्दगी दिखाई पड़ती है और सारी दुनिया मरघट-सी दिखाई पड़ती है। इस मरघट में अब हम कहाँ...
- फिर क्या करें?... आपको एक ऐसी बड़ी चीज मिली हुई है जिस नियामत पर आप बराबर गर्व अनुभव कर सकते हैं। वह क्या है? वह है—इंस...
- फिर क्या करेंगे?... बेटे! हम आपको ज्ञान देंगे। कैसा ज्ञान देंगे? ऐसा, जिससे कि आप लोगों को सलाह दे सकने में समर्थ हो सके...
- फिर क्या करेंगे?... हम बिज़नेस करेंगे। दो-तीन वर्ष के भीतर सारे-का-सारा पैसा समाप्त हो जाता है और फिर भूखों मरते हैं। क्...
- फिर क्या करेगा उसका?... टाँगूँगा। कैसे टाँगेगा, उलटा या सीधा? महाराज जी! टाँगूँगा तो सीधा। बेटे, हमारा कहना मान, तो उलटा टाँ...
- फिर क्या करेगा?... फिर मैट्रिक करूँगा, फिर जूनियर हाई स्कूल करूँगा और फिर प्राइमरी स्कूल करूँगा और फिर उसके बाद ए० बी० ...
- फिर क्या करेगा?... नेचर ने जानवर के लिए एक और चीज दी। वह क्या चीज दी? उस चीज का नाम है-वासना॥ नेचर ने जानवर को वासना द...
- फिर क्या करेगा?... अगर नहीं माना तो बेकाबू बैल की तरह इधर-उधर सींग मारता फिरेगा। इसे खूटे से बाँध दे। फिर क्या करेगा? ख...
- फिर क्या करेगी देवी?... बाल खाएगी? बाल तो बेटे ! तू कलकत्ते (कोलकाता) से भी पेटी में बन्द करके भेज सकता था। लो महाराज जी! देव...
- फिर क्या कहूँ?... फिर कहना कि साहब! इसकी जगह प्लास्टिक के दाँत लगा दीजिए। नीचे से ऊपर तक प्लास्टिक के दाँत लगवा ले। और...
- फिर क्या कहें?... हमारा धन, हमारा परिवार, हमारा यश, हमारा वर्चस्- इस तरह व्यक्तिवाद नहीं, समूहवाद को लेकर चलें। मिलज...
- फिर क्या काम करते हैं?... हम पत्थर की मूर्ति को रोज नमस्कार करते हैं। रोज आरती उतारते हैं। रोज कपड़े पहनाते हैं। रोज मिठाई खिल...
- फिर क्या कारण है कि हमको अलग एकान्त में रहना पड़ा?... अगले दिनों संकटों के घटाटोप और अधिक सघन होंगे, इसलिए उन्हें निरस्त करने और उज्ज्वल भविष्य का निर्म...
- फिर क्या किया?... उनका ब्याह हुआ। वह भी एक यज्ञ में हुआ। आपने सुना होगा कि राजा जनक ने धनुष यज्ञ रचाया था। इसमें उनका ...
- फिर क्या किया?... शिकायत। किससे गायत्री माता से। हनुमान चालीसा का पाठ किया। फिर शिकायत किया कि नहीं? हाँ महाराज जी...
- फिर क्या कीजिए?... अच्छा तो खाना कहाँ से आएगा? खाना तो समाज से ही आएगा। और पहनने को? वह भी समाज से आएगा। तो जब सब समाज ...
- फिर क्या चक्कर है शक्कर का?... बेटे ! कुछ नहीं है। क्या है? आपको यह मानकर चलना पड़ेगा कि मिठास जीवन को प्यारी है। अत: आपको भगवान का...
- फिर क्या चक्कर है?... चक्कर कुछ भी नहीं है। हँस क्या होता है? बेटे हँस एक पखेरू होता है। और मनुष्य कौन होता है? मनुष्य र...
- फिर क्या चाहता है?... ‘‘कामये दुःखतप्तानाम् प्राणिनां आर्त्तनाशनम्’’-संसार में जितने भी दुःखी प्राणी हैं, पिछड़े हुए लोग है...
- फिर क्या चीज देते हैं?... वह चीज देते हैं, जिससे आदमी अपने बलबूते पर खड़ा हो जाता है और चारों ओर से सफलताएँ मिलती हुई चली जाती...
- फिर क्या चीज है?... यह तो जालसाजी है। सच्चे प्रेम की कथा मित्रो! इसका एक और मजेदार उदाहरण है, जो मुझे बार-बार याद आ जा...
- फिर क्या चीज है?... यह तो एक टेकनिक है। जैसे आरा चलाकर लकड़ी चीरना। और बहुत दूसरे धंधे हैं। स्कूली पढ़ाई इसमें क्या काम ...
- फिर क्या जरूरी है?... आप बेटे के लिए यह विरासत छोड़कर जाइए, ताकि लोग यह कह सकें, कि यह किसका बच्चा है। उससे आपका सम्मान ब...
- फिर क्या ताल्लुक है?... माला की क्या जरूरत है? बेटे! लोग अपने मन की मलिनता को धोने के लिए माला करते हैं। माला अपने आप की...
- फिर क्या था?... उसका कलेजा चौड़ा था। जिन आदमियों का कलेजा चौड़ा होता है, उनके चिन्तन का तरीका, सोचने का ढंग मक्खी-मच्...
- फिर क्या दे सकते हैं?... मित्रो! हमको अपने आप को, अपनी हस्ती को भगवान को प्रदान करना पड़ेगा। अपनी हस्ती को क्यों? अपनी हस्ती,...
- फिर क्या परिभाषाएँ हैं?... पूजा के प्रतीकों का अर्थ
इसकी परिभाषा यह है कि पूजा के प्रतीक जब हम देवता के सामने रखते हैं, तो...
- फिर क्या फायदा करेंगे?... बेटे, तू पहले विचार कर ले, कृपा का वायदा मैं नहीं कर सकता। मैं तुझे ले चल सकता हूँ, दिखा भी लाऊँगा, ...
- फिर क्या बात हुई?... हमारी बात समाप्त हो गयी। इसलिए कि हम आपके पीछे बराबर लगे रहते हैं। इस शिविर में अपनी बैखरी वाणी से...
- फिर क्या बात है कि आप खाना नहीं खा रहे हैं?... यह क्या है? अपनी इच्छा पूर्वक मुसीबत मोल लेना। आज क्या है? आज तो निर्जला एकादशी है। निर्जला एकादशी...
- फिर क्या बात है कि हिन्दू धर्म में देवताओं की शक्ल कैसे बना दी गयी?... दूसरे धर्मों में देवताओं की शक्ल क्यों नहीं है? मुसलमान धर्म में भगवान की कोई शक्ल नहीं बन सकती। द...
- फिर क्या बात है?... उसकी अपनी खूबसूरती है। आप भी अपनी खूबसूरती पैदा क्यों नहीं करते? आप अपने अन्दर वो विशेषताएँ क्यों...
- फिर क्या बात है?... वास्तविकता क्या है? देववाद का रहस्य समझिए मित्रो! वास्तविकता वह है जो देववाद के पीछे रहस्य छिपा हुआ ...
- फिर क्या माँगना चाहिए और देवता क्या दे सकते हैं?... मित्रो! अगर देवता कभी आपके ऊपर प्रसन्न होंगे, तो केवल गुण देंगे। गुणों से क्या हो जाएगा? जो कुछ भी ह...
- फिर क्या मिल गया?... उसमें एक घटना मिल गई। नारद जी भी खुश हो गए और भगवान जी भी खुश हो गए। भगवान ने कहा कि अब हमारे लिए रा...
- फिर क्या मिला है?... आदमी को सद्गुण मिले हैं, देवत्व मिला है और गुणों के आधार पर आदमी को विकास करने का मौका मिला है।...
- फिर क्या रह जाएगा?... फिर न जाने क्या हो जाएगा? अगर हमारे भीतर से प्राण निकल जाए, तो क्या हो जाएगा? फिर बेटे! हम लाश हो जा...
- फिर क्या विशेषता है शंकर जी में?... बेटे, कुछ भी नहीं है। वह ज्ञान की गंगा है जो शंकर जी की जटाओं से निकलती है, मस्तिष्क से निकलती है।...
- फिर क्या हर्ज होगा?... आपका ज्यादा हर्ज होगा। आप पछताते रहेंगे। जिस तरीके से कांग्रेस के आन्दोलन में जिन-जिन लोगों को तीन मह...
- फिर क्या हुआ?... उन्होंने खोमचे वालों का सामान फैला दिया और मुसाफिरों को धक्के मारे। और क्या हुआ? और गुरुजी! उसने दीव...
- फिर क्या हुआ?... फिर उस जटायु को भगवान राम ने अपने सीने से लगाया और उनके अश्रु उसके ऊपर पड़े और वह भगवान के लोक को चल...
- फिर क्या हुआ?... भगवान ने अवतार लिया था और वह परशुराम जी का अवतार था। परशुराम जी के अवतार ने हाथ में एक कुल्हाड़ा लिय...
- फिर क्या हुआ?... हुआ यों कि थोड़े दिन बाद लोगों ने कहा कि यह इनसान नहीं, भगवान है। इनसान वह आदमी है, जो वासनाओं, इच्छ...
- फिर क्या हुआ?... फिर जो उनकी सीता जी थीं, जब उनको रावण ले जाने वाला था तो उन्होंने कहा कि आप वहाँ जाएँगी, तो बड़ी मुश...
- फिर क्या हुआ?... लोगों ने कहना शुरू कर दिया—"अजब तेरी कुदरत, अजब तेरा खेल। छछूंदर के सिर पर चमेली का तेल।" छछूंदर कौन...
- फिर क्या हुआ?... कोई लड़ाई- झगड़ा हुआ? नहीं, कोई लड़ाई- झगड़ा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लड़ाई- झगड़ा भी नहीं हुआ, तो फि...
- फिर क्या हुआ?... हुआ यह कि जैसे तिब्बत में आप चले जाइये, वहाँ अहिंसा धर्म का पालन करने वाले मिलेंगे। सारा तिब्बत बौ...
- फिर क्या हुआ?... ५६-५७ वर्ष की उम्र में लोगों ने देखा कि फिर उन्होंने कभी भी हुक्के को नहीं छुआ। लोगों ने कहा भी कि...
- फिर क्या हुआ?... वह हवा में फैल गया। हमने घी को जलाया नहीं है, वरन् हमने उसे हवा में फैलाया है। किस तरीके से फैलाया ह...
- फिर क्या हुआ?... उन सबके बिल बने और लैला के पास पहुँचे। यह क्या हुआ? अरे साहब! २००० रुपया खर्च हो गया। लैला को उसका ...
- फिर क्या हुआ?... यह तो सब जानते ही हैं, इसलिए मैं उस गहराई में नहीं जाऊँगी; क्योंकि बात मुझे बहुत कहनी है। उसके पीछे ...
- फिर क्या है?... अध्यात्म एक फिलॉसफी है। अध्यात्म भौतिक नहीं है, वह एक साइंस है। जमीन में से आप अनाज उगाइये। खेती−ब...
- फिर क्या हो गई?... फिर ऐसी ऋषि हुई कि तवारीख में उसका नाम हमेशा बना रहेगा। अंगुलिमाल एक निकम्मा आदमी था, घटिया आदमी था।...
- फिर क्या हो गया?... बीबी आ गई, फिर बच्चे पर बच्चा आ गया। अरे महाराज जी! ये क्या हुआ? ये तो बच्चों की परेशानी आ गई। बेटे ...
- फिर क्या हो गया?... फिर इनका नाम देवमाता हो गया। देवमाता कैसे हो गया? पहले ये ऋषियों के जमाने में केवल सिद्धान्त थीं, ब्...
- फिर क्या हो जाएगा?... कमी की पूर्ति हो जाएगी। अगली बार गलती नहीं होगी, काम बहुत अच्छा हो जाएगा।...
- फिर क्या हो जाएगा?... देवी पर बाल चढ़ा देंगे। क्या करेगी देवी? बालों को खाएगी? नहीं, वह तो रोटी भी नहीं खाती। यदि बाल न चढ...
- फिर क्या हो जायेगा?... आदमी के बराबर खौफनाक जानवर दुनिया के परदे पर कोई नहीं होगा। शेर मारकाट में तो बहुत ताकतवर होता है,...
- फिर क्या हो सकता है?... आप ब्रह्मचारी हो सकते हैं? गृहस्थ होते हुए भी आप ब्रह्मचारी हो सकते हैं।
दूसरा पक्ष यह भी है कि ...
- फिर क्या होगा?... मित्रो, इस दुनिया में मक्खी-मच्छर रहते हैं, तो क्या इनसे दुनिया की कोई शान है। कीड़े-मकोड़े टिड्डी, ...
- फिर क्या होगा?... फिर आप पर सहयोग बरसेगा। ये क्या हो गया? ये सिद्धि नंबर दो है। ये किसकी सिद्धि हो गई। ये बाहर की सिद्...
- फिर क्या होगा?... आपका एम० ए० हो जाएगा और फिर आप हमको एम० ए० बना दीजिए। बेटे! आपको हम एम० ए० कैसे बना दें। नहीं सा...
- फिर क्या होगा?... अर्थशास्त्र के हिसाब से हमने, आपने, हरेक ने स्वीकार कर लिया है कि बुड्ढे बैल को कसाई के यहाँ जाना चा...
- फिर क्या होगा?... आप अपने जीवन में हृदयचक्र को जगाइए जिसको जाग्रत करने के लिए हम आपसे कहते हैं। आप अपनी सहृदयता को जगा...
- फिर क्या होगा?... भगवान की जो गरमी है, वह आपके भीतर आ जाएगी। अगर भगवान की विशेषता न आए तब? तब बेटे, शर्त है कि आप पकड़...
- फिर क्या होता है?... वह पक्षी उसी के—बाज के शरीर का अंग बन जाता है। कैसे? उसका रक्त, उसका माँस बाज के पेट में चला जाए...
- फिर क्या होता चला गया?... भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि हम आपको शक्ति की सप्लाई करेंगे, लेकिन हम लड़ेंगे नहीं, लड़ेंगे आप। ठीक है।...
- फिर क्या होता है?... देखने वालों को बड़ा मजा आता है। अरे साहब! बड़ा मजा आ गया। मित्रो! राजा-रजवाड़ों के जमाने में हाथी-हाथी ...
- फिर क्या होने वाला है?... आदमी अब मरेगा। अब युद्ध होगा। फिर कौन मरेगा? दानव मरेगा, बेअकली मरेगी। बेअकली के स्थान पर जो नया विश...
- फिर क्यों अच्छा नहीं हुआ?... अरे महाराज जी! खाया नहीं। खाया नहीं, तो अच्छा नहीं हो सकता। कोई भी मंत्र ऐसा नहीं है, जिसको आप जबान ...
- फिर जहर कौन पियेगा?... भगवान ने कहा—जहर पीने के लिए मैं मौजूद हूँ। मीरा पानी पियेगी और जहर मैं पियूँगा। जहर भगवान ने पि...
- फिर जहर किसने पिया?... कृष्ण ने। कृष्ण पिएगा जहर? हाँ, कृष्ण ही पिएगा जहर और मीरा क्या पिएगी? मीरा, मीरा अमृत पिएगी। क्यों?...
- फिर जहाँ सब लोग शराब पी रहे होंगे, मुँह से बदबू आ रही होगी, तो मैं क्या करूँगा उस जन्नत में जा करके?... जब हूरें आयेंगी, तो मैं कहूँगा कि तुमने गायत्री का अनुष्ठान किया था या नहीं? वह कहेगी कि आचार्य जी...
- फिर जिन्दगी भर बीमार नहीं होंगे क्या?... बेटे जाते ही पंद्रह दिन पीछे फिर तुझे नयी बीमारी हो जायेगी। संयम तो रखता नहीं मूर्ख कहीं का। सारी ...
- फिर जीता कौन?... धर्म जीता और योग जीता और हारा कौन? 'मैं' हार गया, 'अहं' हार गया। रामचंद्र जी वनवास को चले गए और भरत ...
- फिर जीता कौन?... धर्म जीता और योग जीता और हारा कौन? 'मैं' हार गया, 'अहं' हार गया। रामचंद्र जी वनवास को चले गए और भरत ...
- फिर जेल से आकर के हम मुख्यमंत्री बन जायेंगे?... पेंशन भी मिल जायेगी? नहीं बेटे, अब वह सब नहीं बनेगा। जो समय चला गया, सो अब नहीं आ सकता। मैं क्या...
- फिर जेलखाने में क्या दिक्कत थी?... हम बन्धन में थे। आज हमारा मन है कि बाहर निकलकर अपने भाई साहब से मिलने जाएँगे। नहीं, आप नहीं जा सकते, ...
- फिर जड़ को क्यों नहीं समझते?... जड़ को आप समझना ही नहीं चाहते। पहले देखिये, समझिये कि जड़ क्या होती है?मित्रो! जड़ वह है, जिसे मैं आप...
- फिर तब आप क्या पैदा हो सकते थे?... नहीं, आप पैदा नहीं हो सकते थे, फिर आप जाने कहाँ होते। कहीं हवा में बैठे होते। बाप के पेट में बैठे हो...
- फिर तरक्की होती रहती है, तो क्या हुआ?... 275 रुपये मिलने लगे। मालवीय बनने के लिए कौन-सी चीज, कौन-सी विशेषता पैदा हुई, जो सामान्य लोगों के अंद...
- फिर तो आप कम्युनिस्ट हैं?... कम्युनिस्ट तो नहीं हैं बेटे, पर हम कम्युनिस्टों की आवाज में आवाज लगाकर कह सकते हैं कि यह अवांछनीय अध...
- फिर तो आप नहीं माँगेंगे?... बेटे! फिर मैं सौ करोड़ लेबर के लिए माँगूँगा। तो महाराज जी! आप इसमें कितना समय लगाएँगे? बेटे! सौ करोड...
- फिर तो आप हमको भी मिल सकती हैं?... " मिल तो सकती हूँ, लेकिन जो तरीका इसमें रहने वाले आदमियों ने अख्तियार किया, वही तरीका आपको अख्तियार ...
- फिर तो गायत्री माता पीछे आयेंगी?... हाँ बेटे, गायत्री माता पीछे आयेंगी। पहले नहीं आ सकतीं? हाँ बेटे, पहले नहीं आ सकतीं। पहले सरस्वती की ...
- फिर तो बेटे, पैसा मेरे ऊपर कहाँ से बरसता हुआ चला गया?... अपनी जिन्दगी में मैंने करोड़ों रुपया खरच किया। एक-एक हजार कुण्ड के यज्ञ किए। जब मैं मथुरा से विदा हुआ ...
- फिर तो महाराज जी, मैं खा लूँ?... खा ले बेटे, तेरे चेहरे पर चमक आ जाएगी, तू मोटा हो जाएगा। अच्छा लाइए, एक किलो का डिब्बा है, मैं तो आज...
- फिर तो हमें गंगा नहाना पड़ेगा?... चाहे आप गंगा नहाना और चाहे जितने दान-पुण्य करना, हम तो काबू में आने वाले हैं नहीं।
हम तो पक्के है...
- फिर दरवाजा खटखटाने के लिए राम वहाँ क्यों जाते?... उसने जिस तीसरी आँख को खोला, वह शंकर जी की तीसरी आँख है। जिसका व्याख्यान रामायण के पन्ने- पन्ने म...
- फिर दर्शन का क्या फायदा होता है?... दर्शन किसे कहते हैं? दर्शन कहते हैं फिलॉसफी को। संस्कृत में दर्शन का अर्थ होता है-फिलॉसफी को समझना। ...
- फिर दान क्यों दे रहा था?... ठीक है, कोई आदमी मुसीबत में फँसा हुआ है, तो उस मुसीबत में फँसे आदमी को राहत पहुँचाने के लिए सामयिक स...
- फिर दान से कोई फायदा?... नहीं, दान से कोई फायदा नहीं है।
सच्ची बात तो यह है कि उससे नुकसान बहुत है। देने वाले का नुकस...
- फिर दीपक जलाने की आवश्यकता क्या है?... दीपक जलाने की जरूरत केवल यह है कि हम अपने जीवन में एक तरह की भावना का विकास करें कि भगवान को दीपक प्...
- फिर दीपक जलाने की आवश्यकता क्या है?... दीपक जलाने की जरूरत केवल यह है कि हम अपने जीवन में एक तरह की भावना का विकास करें कि भगवान को दीपक प्...
- फिर दीपक जलाने से क्या मतलब है?... हमको तो दीपक जलाने की जरूरत होती है; क्योंकि दिन में जब अँधेरा हो जाता है और बादल छा जाते हैं और प्र...
- फिर दुनिया भर का बहुरूपियापन क्यों बनाया?... नहीं साहब! कमजोर थे। हनुमान जी कमजोर थे। हाँ बिल्कुल कमजोर थे। भाईसाहब! वह अध्यात्म, जिसकी ओर मैं आप...
- फिर दुनिया में तरह-तरह की शक्लों वाले भगवान कैसे हो गए?... बेटे, मुसलमानों ने अपना दाढ़ी वाला बना लिया है, हमने अपना मोर मुकुट वाला बना लिया है। अमुक ने अपना अ...
- फिर देखिए आपकी बोली कितने की लगेगी?... करोड़ों की, अरबों की लगेगी। उतनी लगेगी, जितनी गाँधी जी के सिर की लगी थी। किसी ने यह कहा था कि गाँधी ...
- फिर देखिए कि आप ऋषि बनते हैं कि नहीं बनते?... फिर देखिए कि आपको भगवान का अनुग्रह प्राप्त होता है कि नहीं? ये सभी चीजें आपको प्राप्त होती चली जाती ...
- फिर देखिए कि आपको भगवान का अनुग्रह प्राप्त होता है कि नहीं?... ये सभी चीजें आपको प्राप्त होती चली जाती हैं। शर्त यही है कि आप अपने आप को, अपने जीवन को, अपनी विचारण...
- फिर देखिए कि उसके बदले में आपको क्या-क्या मिलता है?... दुनिया के महापुरुषों में से एक-एक का जीवन इतिहास उठाकर आप देख लीजिए, हरेक के जीवन में सेवा का समावेश...
- फिर देखिए कि वह गन्दी रहेगी कि साफ होगी?... साफ होगी।
साधना ऐसे जीवन्त होगी
गुरुजी! और क्या बताएँगे? बता तो रहे हैं। बेटे, प्रत्य...
- फिर देखिए फसल कैसी होती है?... वह ऐसी बढ़िया फसल होती है कि बस, भगवान की खेती को रोज-रोज काटो। जो बोया ही नहीं है, उसे काट कैसे सकत...
- फिर देखिए हम क्या व्यवस्था करते हैं?... नारी का जागरण करने के लिए एक भी किताब अभी तक नहीं लिखी जा सकी है, जो महिलाओं में जीवट उत्पन्न कर सके...
- फिर देखिये क्या परिणाम निकलता है?... मित्रो! आपने ईमानदारी को, ईमानदार का दोहन किया है। आपने नकली ईमानदारी से फायदा उठाया है। असली ईमान...
- फिर देवता धनी कैसे हो सकता है?... बेटे! देवता धनी ऐसे होता है, जिसके धन की मैं तुझे फिलॉसफी समझाना चाहता हूँ। धन क्या होता है? धन मित्...
- फिर देवमानव कैसे हुए?... मित्रो! देवमानव इसीलिए हुए कि उनका भीतर वाला हिस्सा, जिसको हम अन्त:करण कहते हैं, बहुत मजबूत और बलवान ...
- फिर दौलत का फायदा कैसे उठा सकते हैं?... मित्रो! यह मैं शक्ति की बात कह रहा था। शक्ति, जिसको हम तपश्चर्या कहते हैं। तप के मार्ग में परेशानी ह...
- फिर न जाने क्या हो जाएगा?... अगर हमारे भीतर से प्राण निकल जाए, तो क्या हो जाएगा? फिर बेटे! हम लाश हो जाएँगे। हमारा नाम क्या हो गय...
- फिर नए जानवर हम कहाँ से पालेंगे?... इनको हम भूसा कहाँ से खिलाएँगे? इनकी एक ही रेमिडी है कि इन बुड्ढे जानवरों को, चाहे वे गाय हों, चाहे व...
- फिर निराशा का क्या काम?... निराश क्यों होंगे? आप बुज़दिल क्यों होंगे? आप हमारी तरह से उदार होइए। हमारी तरह से पिघलने वालों में ...
- फिर निराशा का परिणाम क्या होगा?... निराशा का परिणाम यह होगा कि उस सिद्धान्त के प्रति आपकी आस्था कमजोर हो जाएगी। आस्था कमजोर हो जाने के ब...
- फिर निष्कलंक कौन हो सकता है?... निष्कलंक एक ही हो सकता है और उसका एक ही नाम है—विवेक। ऋतंभरा प्रज्ञा।
अवतार का साथ दीजिए
...
- फिर नुकसान किससे है?... चिन्ता से नुकसान है। चिन्ता क्या बीमारी है? बेटे, चिन्ता एक विकृति का नाम है। निराशा एक विकृति का ...
- फिर पण्डा, पुजारियों से ले करके और दूसरे लोगों तक, जिनके चरित्रों के लिए मैं क्या कहूँगा?... मैं नहीं चाहता कि हमारी जुबान को गन्दा कराइए। धर्मवालों के बारे में, पुजारियों के बारे में, पण्डों के...
- फिर पाप करने वालों की रोकथाम कैसे होगी?... फिर पाप से किसी को डर कैसे लगेगा? मैं चाहता हूँ कि इस गन्दी चीज को, जो अध्यात्म के नाम पर लोगों के दि...
- फिर पाप के फलों का क्या होगा?... फिर पाप करने वालों की रोकथाम कैसे होगी? फिर पाप से किसी को डर कैसे लगेगा? मैं चाहता हूँ कि इस गन्दी च...
- फिर पाप से किसी को डर कैसे लगेगा?... मैं चाहता हूँ कि इस गन्दी चीज को, जो अध्यात्म के नाम पर लोगों के दिमाग में भर गयी है, उसे उखाड़ दिया ज...
- फिर पार्वती जी ने क्या काम किया था?... पार्वती जी ने महादेव जी को मिठाई खिलाई थी? नहीं महाराज जी! मिठाई नहीं खिलाई। तो क्या किया था? तप क...
- फिर पीले रंग से क्या लेना-देना?... दिशाएँ सही हों तो लक्ष्य मिलकर रहेगा फिर क्या हुआ? आपकी दिशाएँ हमने बदल दी, आपका लक्ष्य बदल दिया और ...
- फिर पूजा का उद्देश्य, प्रार्थना का उद्देश्य क्या है?... इसका उद्देश्य खुशामद करना नहीं है। भगवान को चीजों की कमी पड़ती हो, ऐसी भी बात नहीं है। भगवान के पास...
- फिर पढ़ने में क्या हर्ज था?... पढ़ने में कोई हर्ज नहीं था। विनोबा भावे के बाप जिन्दा हैं? नहीं साहब! मर गये; लेकिन विनोबा भावे कई भाष...
- फिर फायदा क्या होगा?... हम उस पुल के लिए रास्ता खोलेंगे, जिस पुल पर से होकर ये रीछ-वानर पार हो सकें और रावण को मार सकें। इसल...
- फिर बच्चा कैसे हो गया?... नारद जी गुस्से में विष्णु भगवान को वहाँ ले गए, जहाँ बच्चा खेल रहा था। देखिये तो सही, यह बच्चा किसका ...
- फिर बच्चे को पाँच रुपये देने से क्यों इनकार कर रहा था?... इसलिए कि वह अपने लिए माँगता है, ऐय्याशी के लिए माँगता है, बेकार की बातों के लिए माँगता है। इसलिए बाप...
- फिर बच्चों को कहाँ से खिलायेंगे?... समझदार लोगों ने उसको सलाह दी कि कम से कम एक प्राणी को न मारने का संकल्प ले ले, तो भी तेरी अहिंसा...
- फिर बताइए कैसे काम चलाएँगे?... समस्याओं को कैसे हल करेंगे? जो चीज आपके काम की थी दिमाग, उसको तो आपने गरम कर डाला, जला डाला। आप चाहे...
- फिर बताइये जेवर किस तरीके से बनेगा?... इसलिए गरम करना आवश्यक है। जो आदमी साधना के बारे में दिलचस्पी रखते हैं या उससे कुछ लाभ उठाना चाहते है...
- फिर बहुत जगह मेरे ट्रांसफर बने हुए पड़े हैं?... मैं बिस्तर उठाने वाला हूँ।
आपको यहाँ बुलाने का उद्देश्य
साथियो! मैं आपको यहाँ क्यों ...
- फिर बाकी का जो समय बचता है, उसका क्या उपयोग करिएगा?... मैं तो आपसे एक निवेदन करती हूँ कि चाहे आप पाँच माला करना, तीन माला करना, तीन न बने तो एक ही करना। एक...
- फिर बाग किस तरीके से बनेगा?... यह काम केवल धर्मतंत्र कर सकता है। असली शक्ति-क्षमता धर्मतंत्र के हाथों में है। राजतंत्र केवल कानून...
- फिर बार-बार क्यों करते हैं?... जैसे पत्थर के ऊपर रस्सी की रगड़ पड़ती है तो निशान पड़ जाता है। यह हमारा पत्थर वाला दिल है, इस पर राम...
- फिर बुड्ढे कहाँ जाएँगे?... फाँसीघर में। तैयार हो जाइए, भइया आते हैं। अब यही होगा। तो क्या आप संस्कृति को खतम कर रहे हैं? संस्कृ...
- फिर बेटे, इससे मेरा क्या हर्ज हो गया?... संघर्ष का नाम जीवन है मित्रो! अगर हम अच्छे विचारों को ग्रहण करना और जीवन में उन्हें आत्मसात् ...
- फिर बेटे, तुम्हारे गुरुजी का नाम भी तो श्रीराम है तो फिर मैं कौन हुई, सीता हुई कि नहीं?... रहने दे, नाम भगवती है तो क्या मतलब, आखिर पत्नी हूँ उनकी। एक मायने में तो मैं कहती हूँ कि सीता से भी ...
- फिर बेटे, बात कैसे बनेगी?... आपको अपनी कमाई का एक हिस्सा भगवान के काम में लगाना ही चाहिए। नहीं साहब! हम तो नहीं लगा सकते, तो फिर ...
- फिर बैरी हमारा क्या बिगाड़ लेगा?... अगर मेरी कजा आयेगी, तो मैं आत्मा हूँ, अपना चोला बदल डालूँगा। मौत हमारा क्या बिगाड़ लेगी? बाहर का बैरी...
- फिर भगवान की, ब्रह्म की नाप-जोख कैसे हो सकती है?... सम्भव नहीं है।
हर इनसान में ईश्वर
मित्रो! अब एक और सूत्र सामने आता है; जिसका नाम है...
- फिर भगवान के लिए उसके पास क्या बचेगा?... कुछ नहीं बचेगा, केवल उसके पास क्रियाकृत्य रह जाता है। इस तरह वह उद्देश्य अधूरा रह जाता है, जो आध...
- फिर भगवान को एक स्थान पर बिठाने और खाना खिलाने की क्या जरूरत पड़ गई?... यह विचारणीय प्रश्न है। भगवान तो बादलों को बरसाते हैं। जरूरत पड़े, तो जहाँ कहीं वर्षा हुआ करे, वहाँ ...
- फिर भगवान को एक स्थान पर बिठाने और खाना खिलाने की क्या जरूरत पड़ गई?... यह विचारणीय प्रश्न है। भगवान तो बादलों को बरसाते हैं। जरूरत पड़े तो जहाँ कहीं वर्षा हुआ करे, वहाँ जा...
- फिर भगवान को स्नान कराने की क्या जरूरत थी?... मित्रो, ! भगवान तो एक विचारणा है, भावना है, एक चेतना है। उनको एक जगह बिठाया जाए, ये कैसे मुमकिन हो स...
- फिर भगवान् को स्नान कराने की क्या जरूरत थी?... मित्रो,! भगवान् तो एक विचारणा है, भावना है, एक चेतना है। उनको एक जगह बिठाया जाए, ये कैसे मुमकिन हो...
- फिर महात्मा गाँधी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कहाँ से मिल गये थे?... समझदार आदमियों को ढूँढ़ने के लिए मित्रो! हमें फिर से निकलना पड़ेगा। इसके लिए तीर्थयात्रा की जो पद्धत...
- फिर माँगने वाले तो अभी हैं, फिर धर्म को देगा कौन?... भगवान देंगे। नहीं, भगवान एक नियम हैं, भगवान एक कायदा हैं। भगवान एक कानून हैं, भगवान एक मर्यादा हैं। ...
- फिर मिलने आता कोई?... नहीं। फिर मैं इतने बड़े कुटुम्ब को सँभाल पाती? नहीं, सँभाल पाती। एक धक्का लगता तो सब तिलमिला जाते। न...
- फिर मीरा का गिरिधर गोपाल क्या था?... मीरा ने अपनी श्रद्धा के हिसाब से, अपनी भावना के हिसाब से पत्थर के भीतर भगवान को आरोपित किया था। उसकी...
- फिर मीरा के बाद गिरिधर गोपाल का क्या हुआ?... मीरा के बाद में गिरिधर गोपाल मर गया।
अरे! राम-राम, यह क्या कह रहे हैं—आप भगवान के बारे में? ...
- फिर मीरा ने पूछा- कि रिश्ते में ये हमारे कौन हैं?... बाबाजी ने कहा कि जो भी तेरा मन हो, मान ले। अच्छा, तो अपना पति मान लूँ? हाँ, मान ले। मीरा ने उन्हें...
- फिर मेरा कैसे हो गया?... यह मेरा नहीं हो सकता। कोई भी चीज, किसी भी तरह से हमारी नहीं है। सारी-की-सारी चीजें दुनिया में जहाँ-क...
- फिर मेरे जैसा तो नहीं मिला ना?... मिलेगा तो बत्तीस साल का हो जाएगा, तब। बत्तीस साल तक आप जीवित रह सकेंगी कि नहीं रह सकेंगी, आपकी मनोका...
- फिर मैं ऐसे स्वर्ग में जाकर क्या करूँगा?... मुझे वहाँ से भागना पड़ेगा और कहना पड़ेगा कि कृपा करके मुझे यहाँ से रिहा कर दीजिए। आप स्वर्ग में क्यो...
- फिर मैं आपको क्या क्या शिक्षाएँ देता?... जाने कितनी शिक्षाएँ मेरे पास पड़ी हुई हैं? लेकिन मैं देखता हूँ कि इन बच्चों के ऊपर जुल्म करना होगा, ...
- फिर मैं इतने बड़े कुटुम्ब को सँभाल पाती?... नहीं, सँभाल पाती। एक धक्का लगता तो सब तिलमिला जाते। नहीं बेटे! उन्होंने मुझे बना दिया है।
इसी तरीके...
- फिर मैं इस बात पर विचार करने लगा कि क्या गीता की किताब मुझे पढ़नी चाहिए थी और लोगों को पढ़ानी या बतानी चाहिए थी?... हम तो क्षत्रिय हैं
क्या बात बतानी चाहिए थी? आप कौन हैं? हम तो साहब! यदुवंशी राजपूत हैं। तो आ...
- फिर मैं उन्हें माताजी के पास ले गया और पूछा कि आप रोटी कैसी खाते हैं?... पतली खाते हैं क्या? माताजी के हाथ की ऐसी-ऐसी मोटी रोटी खाया कीजिए, आप मोटे हो जायेंगे। वह गुरू आदम...
- फिर मैं कहाँ जाऊँगा?... फिर मेरा ट्रांसफर तैयार किया हुआ रखा है। मेरा बिस्तर बँधा हुआ रखा है। मैं कहीं और चला जाऊँगा। आप कहा...
- फिर मैं किससे पूछता हूँ?... फिर मैं उन लोगों से पूछता हूँ, जिन्होंने मेरे दिमाग में, दिल में और मेरे कमरे में अड्डा जमा रखा है। ...
- फिर मैं कैसे मौसमी का रस पियूँगा?... मेरे लिए धिक्कार है। मैंने मौसमी का रस फेंक दिया और यह कहा कि आइन्दा यह गलती मत करना और आइन्दा ऐ...
- फिर मैं क्या करूँगा?... पुलिस वाले के पास जाऊँगा और चुपचाप कह दूँगा कि भाईसाहब! मेरे साथ चलिए। अभी मैं जुआरियों को गिरफ्तार ...
- फिर मैं नौकरी क्यों करूँगा?... क्यों खेती-बारी करूँगा? गाँधी जी की तरह से मेरे ऊपर रुपया ही बरसेगा। फिर चाहे जो करूँगा और चाहे जो ल...
- फिर मैं सबसे मिलना-जुलना क्यों बन्द करता?... यह जगह-जगह जाने वाली बात और फूलमाला पहनाने वाली बात को मैं क्यों बन्द करता। नहीं, उससे मेरा मन भर गय...
- फिर मैंने उस लड़की से पूछा कि यह गायत्री मंत्र कौन बोलता है?... वह बोली—गुरुजी! कांगो एक देश है, जहाँ के सुग्गे बड़े-बड़े होते हैं और वे मनुष्य की आवाज को ठीक तरीके...
- फिर मैंने गौर से देखा कि और क्या-क्या चीजें रखी हुई हैं?... मैंने देखा कि उसके अन्दर सिर्फ तीन चीजें थीं और हलवाई के हाथ का चमत्कार था कि उससे उन्होंने अनेक चीजे...
- फिर मैंने पीछे देखा कि गीता में आखिर नसीहत क्या है?... और पहला वाला श्लोक जब मैंने पढ़ा तो मेरी आँखें खुल गईं। आ हा... यह मामला है। यह चक्कर है। इसमें—
...
- फिर मैंने पूछा कि मुझे क्या करना होगा?... उन्होंने कहा कि तुम्हें मालूम नहीं है कि जो दुकानदार होते हैं, व्यापारी होते हैं, वे क्या काम करते ह...
- फिर मैंने सोचा कि अब क्या करना चाहिए?... फिर किसी ने मुझसे कहा कि पैदल लंबा सफर करना चाहिए। आरोग्य पत्रिका के सम्पादक ने कहा कि आपको इंदौर से ...
- फिर यज्ञ का अनुसरण करने वाले का क्या होना चाहिए?... प्रकाश होना चाहिए। प्रकाश किसे कहते हैं? बेटे! व्यक्ति के आध्यात्मिक जीवन में प्रकाश का जहाँ कहीं भी...
- फिर यह क्या करती है?... उसने कहा- नाचीज मेरा शरीर है। नाचीज मैं पैसे के हिसाब से हूँ। नाचीज मेरा मन नहीं। मेरा मन उतना बड़ा...
- फिर यह क्या है?... तीसरी आँख विवेक की आँख, दूरदर्शिता की आँख, टेलीस्कोप की आँख, जिससे हमको परलोक दिखाई पड़ता है, जिससे ...
- फिर यह झंडी किस काम आती है?... यह झंडी इशारा करती है और दिशा देती है कि अब चलना चाहिए, लाइन क्लियर हो गयी है। टाइम हो गया है और अब...
- फिर यह पूछा गया कि कुत्तों की लड़ाई क्यों हुई?... तब पता चला कि बिल्ली को पकड़ने के लिए कुत्ते आ गये थे, इसलिए यह हुआ। बिल्लियाँ कहाँ से आयीं? क्योंक...
- फिर यह पूजा क्यों कराते हैं?... पूजा का महत्त्व, पूजा का मतलब एक ही है, आप समझते क्यों नहीं हैं? पूजा का मतलब है—इनसानी गुणों का विक...
- फिर यह सवाल पैदा हो सकता है कि देवताओं की शक्ल कैसे बनीं?... देवता या तो मनुष्य होने चाहिए- व्यक्ति होने चाहिए। और यदि वह व्यक्ति है, तो हम और आप जैसे आदमी ह...
- फिर यह हलचल कौन पैदा करता है?... नया जमाना कौन लाता है? एक हवा आती है। ठीक है गुरुजी कहते हैं कि एक हवा आती है। नहीं बेटे, अकेले गु...
- फिर ये परिस्थितियाँ आपके लिए नहीं आ सकती क्या?... आपके लिए भी हो सकती हैं।
हर स्थिति के लिए रहें तैयार
इसलिए मित्रो! आप अच्छी-से-अच्छी...
- फिर ये रहेंगे कहाँ?... निर्मल अन्तःकरण से होगा गंगास्नान
पार्वती जी ने कहा—यह बात गलत है कि सोमवती अमावस्या पर स्नान कर...
- फिर योग किस तरीके से होगा?... योग, मित्रो! कर्मकाण्डों से नहीं होगा। आप इस वहम को निकाल दीजिए कि हम योग कर लेंगे। नाक से पानी पी ज...
- फिर रेलगाड़ी कहाँ से चलेगी?... रेलगाड़ी तो बेटे, अपने व्यक्तिगत आदर्श उपस्थित करने से पैदा होती है। इससे कम में हो ही नहीं सकती। इस ...
- फिर लाख कुण्डीय यज्ञ कैसे होगा?... इसलिए सौ-सौ कुण्डों के हजार कुण्डों में उसके हिस्से बाँट दिये गये, ताकि वह एक ही जगह प्रभाव पैदा ...
- फिर वह कहाँ चली गई?... चाइना चली गई, कोरिया चली गई, मलेशिया चली गई, जापान और वर्मा चली गई, श्रीलंका चली गई, कहीं भी चली...
- फिर वह कैसे जिन्दा हो गया और कैसे चला?... वह इसलिए चला कि शृंगी ऋषि का शाप उस मरे हुए साँप की चमड़ी के भीतर हावी हो गया और तक्षक के माध्यम स...
- फिर वह कौन-सा शंकर है?... जिसकी पूजा करने के लिए तुम खड़े हो गए हो? तुलसीदास जी की जीवात्मा ने उनका वर्णन किया है—‘‘भवानी शंकरौ...
- फिर वह खरच कहाँ होती है?... खरच बेटे! ट्रांसफॉर्मर में होती है, मीटरों में होती है, पंखों में होती है। यह बहुत जगह खरच होती रहती...
- फिर वह रात को कहाँ सोया करता है?... किसी खाई-खड्ड में जाकर पड़ा रहता है और सो जाता है। खाई-खड्ड में साँप-बिच्छू आ जाएँ तो? हाँ, साँप-बिच...
- फिर वे अमीर क्यों नहीं हो गये?... नहीं महाराज जी! मिट्टी से रुपया बन सकता है। नहीं बेटे, नहीं बन सकता। तू मानता क्यों नहीं है? बेटे,...
- फिर वे कहाँ चले गए?... भाईसाहब! शरीर तो उनका बहुत मजबूत था। हाथी जैसे प्राणी बेडौल थे। पर क्या कर सकते हैं? पुराने जमाने के...
- फिर वे क्या करते थे?... बड़ा भारी इलाज करते थे। उनके इलाज का क्या कहना! जो कोई भी आए, उनके इलाज से अच्छे होते चले जाते।
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- फिर शंकर जी के भक्त कहाँ से हुए?... बिच्छू, साँप, भूत-पलीद सभी शंकर जी के परिवारीजन थे और उस परिवार में होने पर भी वे कितने गम्भीर, कितन...
- फिर शब्दों की बनावट और मंत्र की शक्ति तथा मंत्र के उच्चारण का क्या प्रभाव हुआ?... भाई साहब! यह मंत्र के उच्चारण की शक्ति नहीं है, आप समझते क्यों नहीं हैं। कोई भी शब्द अगर ऋषि की वाणी...
- फिर शिकायत किया कि नहीं?... हाँ महाराज जी! शिकायत तो करते हैं। आपने कामना की थी, मंत्र लिखे थे। आपकी मनोकामना पूरी हुई कि नह...
- फिर शिवाजी को तलवार कैसे मिली थी?... बेटे! यह अलंकार है, जिसका अर्थ है कि वह अक्षयशक्ति, जो हम दिन-रात अपनी आँखों से खरच करते रहते हैं, द...
- फिर श्रेष्ठ सन्तति की आशा कैसे की जा सकती है?... ऐसी स्थिति में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलम्बन, सुसंस्कारिता के प्रबल समर्थन द्वारा ही अपंगता के इस कलं...
- फिर सफलता किससे मिलती है?... सफलता एक गुण है, जिसको हम आध्यात्मिक गुण कह सकते हैं। उसी के आधार पर सफलताएँ मिलती हैं, फिर चाहे वह ...
- फिर समय से मुकाबला किससे करना पड़ेगा?... बेटे, एक हवा चल रही है, एक प्रवाह चल रहा है, लोगों की एक मनोवृत्ति चल रही है, आदमी का एक ढर्रा चल ...
- फिर सही क्या है?... बेटे, सही है इसकी साइंस। मिट्टी से रुपया बन सकता है? कैसे बन सकता है? आप मिट्टी लीजिए, मिट्टी से ईंट...
- फिर साइकिल वहाँ से कितने में चली थी?... दस रुपये में चली थी। इस तरह किसी जमाने में जापानी साइकिल दुनिया में छा गयी थी।तब जापान हर चीज में ...
- फिर सारी शिक्षायें, सारी योग्यताएँ हम मनुष्यों को ही क्यों दे दीं?... दूसरों को क्यों नहीं दीं? भगवान के पाँच बेटे हैं, तो सबको बराबर मिलना चाहिए था। पक्षपात क्यों? मनुष्...
- फिर हँस का क्या होगा?... झीनी झीनी रे चदरिया बेटे, गायत्री माता हँस की सवारी पर ही जाती हैं। वह बहुत जोर से भागता है। फिर त...
- फिर हम आपकी मरजी के बिना कैसे घुस सकते हैं?... इस शिविर में हमने आपको, जो शिक्षाएँ दीं, जो आपसे प्रार्थना की, आपने उसे स्वीकार किया या नहीं किया, य...
- फिर हम आपस में ऐसे कैसे कह सकते हैं?... भाईचारे से रहें, तो क्या हर्ज है? भाईचारे से देवताओं की तरह रहना चाहिए, दैत्यों के तरीके से नहीं। दे...
- फिर हम कैसे नहायेंगे?... नहीं बेटे, हमको और आपको तो स्नान करना ही पड़ेगा। हमारे यहाँ स्नान की अत्यधिक आवश्यकता मानी गयी है। आप...
- फिर हम भी किसलिए बैठे हैं?... हमने जो दिया है, सो लेकर जाइए। यह क्या है? यह जेबकटों का धंधा है। यह लॉटरी का धंधा है। देगा राई के ब...
- फिर हम रहे कहाँ?... हम तो मिल गए, उस सिन्धु में जा मिले। नाला सिन्धु में जा मिला, तो वह सिन्धु हो गया। गंगा में मिला, तो...
- फिर हम लोग जायेंगे कहाँ?... इसलिए मेला जाना चाहते हो, तो तुम सब मिलकर यह कसम खाओ कि हम जितने लोग जा रहे हैं, उतने के उतने ही...
- फिर हमको दिखाई कैसे पड़ेगा?... नहीं बेटे! दिखाई देने वाली आँख अलग है। वह चमड़े वाली आँख है, लेकिन जो आँख फोड़ी जानी चाहिए, उसका नाम ह...
- फिर हमारी आपकी मिट्टी पलीद कैसे हो गई?... हर आदमी दुःखी क्यों पाया जाता है? पूरे संसार में अनाचार और भ्रष्टाचार क्यों फैला हुआ है? पूरा संसा...
- फिर हमारी और आपकी कैसे हो सकती है?... आध्यात्मिक विभूति है ‘आप्तकाम’ होना लेकिन मित्रो! अध्यात्म के क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद में मैं...
- फिर हमारी भी मनोकामना पूरी हो जाएँगी?... बेशक, आपकी मनोकामना पूरी हो जाएगी, अगर आप देवता बनने के लिए खड़े हो जाएँ तब। कैसे हो जाएँगी? आप्तकाम...
- फिर हमारे छोटे-से दीपक की क्या कीमत हो सकती है?... फूल सारे विश्व में उन्हीं के उगाए हुए हैं, चन्दन के पेड़ उन्हीं ने उगाए हैं। फूल और चन्दन अगर भगवान् ...
- फिर हमारे छोटे-से दीपक की क्या कीमत हो सकती है?... फूल सारे विश्व में उन्हीं के उगाए हुए हैं, चन्दन के पेड़ उन्हीं ने उगाए हैं। फूल और चन्दन अगर भगवान को...
- फिर हमारे दु:ख-दरदों का क्या होगा?... अभी आप नहीं सुन रही हैं तो फिर पीछे कौन सुनेगा? बेटे! अब भी हम ही सुनते हैं और पीछे भी हम ही सुनेंगे...
- फिर हाथी को बुला लिया और उससे पूछा—आपकी खुराक कितनी है?... उसने कहा—हम तो चार-पाँच मन खाना खा जाते हैं। भगवान ने कहा—मैं आपको चार-पाँच मन खाना दिया करता हूँ? उ...
- फिलॉसफर ने कहा—"अरे अभी क्या है?... भगवान ने मनुष्य की उम्र सौ वर्ष बनाई है। तीस साल अभी तेरे पास हैं। तू मशक्कत से काम कर और पढ़ना शुरू...
- फिल्मस्तानी भाई, बीड़ी वाले भाई और गुरुजी के वानप्रस्थियों में फिर क्या फर्क रह गया है?... माइक, इसकी कोई कीमत नहीं, कहाँ कोई इसे सुनने को आते हैं, कान बन्द कर लेता है। बोल-बोलकर माँगकर चला...
- फुटवियर क्या होता है?... अरे साहब! चप्पलों की दुकान है। आपकी दुकान चलती है? हाँ साहब! कमाते भी उसी से हैं और खाते-खिलाते भी ह...
- फुरसत मिलेगी या नहीं मिलेगी?... हमारे यहाँ यू०पी० के गवर्नर ने डी०एम० के माध्यम से खबर भेजी, सन्देश भेजा कि हमने आपके यहाँ आने का ए...
- फुरसत नहीं है तो झंझट में पड़ने से क्या फायदा?... यह तो फुरसत का काम है। जब फुरसत मिले तो कर लेना चाहिए, जब फुरसत न मिले तो नहीं करना चाहिए। फुरसत...
- फूल और चन्दन अगर भगवान को नहीं मिलते, तो भगवान का क्या हरज था?... मिठाई या खाना-भोग भगवान को नहीं मिलता, तो क्या हरज था? राई के बराबर भी कुछ हरज नहीं था। भगवान को खान...
- फूल और चन्दन अगर भगवान् को नहीं मिलते, तो भगवान का क्या हरज था?... मिठाई या खाना-भोग भगवान् को नहीं मिलता, तो क्या हरज था? राई के बराबर भी कुछ हरज नहीं था। भगवान् ...
- फूल किसे कहते हैं?... सहयोग को कहते हैं। कौन बरसाता है? देवता। देवत्व इस दुनिया में जिन्दा है। देवत्व इस दुनिया में था और ज...
- फूल को हम क्या करते हैं?... उस सुगन्ध वाले फूल को हम पेड़ से तोड़कर भगवान् के चरणों पर समर्पित कर देते हैं और कहते हैं कि हे परम ...
- फूल चढ़ाने से क्या फायदा होता है?... आपके हिसाब से देवता एक ऐसा आदमी है, जिसको हमेशा गन्दगी में रहना पड़ता होगा, जैसे मच्छर, मक्खी गन्दगी म...
- फूल रात में तारों से ऊपर से गिरते हैं और पेड़ पर चिपक जाते हैं और ये फल कहाँ से आते हैं?... फल, गुरुजी ! रात में बादल आते हैं तो बहुत से फल लाते हैं। अच्छा तो फल क्या करते हैं? टप टप टपक पड़ते...
- फूहड़ निकम्मा, अनगढ़, व्यक्तित्व सारे लेकर हम क्या करेंगे?... आपका वजन और लादना होगा।
आप रोज विचार करना कि हमारा लोभ, मोह, अहंकार घटा कि नहीं, हमारी श्रमशी...
- फेंकने से कैसे आ जाएगा?... माँगने से आ जाता है। नहीं बेटे, बिना। माँगे आ जाता है।
चलिए साहब! मैं आपको बता सकता हूँ। अभी की ...
- फेफड़े देखे हैं क्या?... गुर्दे देखे हैं क्या? वे दिन-रात चौबीसों घण्टे आपकी सेवा में लगे रहते हैं। हमको आप इसी तरीके से मानिय...
- फेफड़े आपने देखे हैं क्या?... वह भी नहीं देखे हैं। शीशे में आपने अपने आँख और कान देखे हों तो देखे हों और वह भी प्रत्यक्ष नहीं दे...
- फोन चिड़िया की तरीके से आवाज करता रहता है, मालूम नहीं, कौन बोल रहा है और हमारे कान?... यदि कोई आदमी साथ में खड़ा हो जाय और आवाज दे कि—मोहनलाल जी हैं क्या? हाँ पण्डित रोशनलाल जी ! अभी आया। ...
- फोम के गद्दे थे?... कहीं नहीं थे। बच्चे जमीन पर पड़े रहते थे। बेचारे राजकुमारों को भी जमीन पर पड़े रहना पड़ा, रूखी-सूखी ...
- फौज में भरती होने से क्या फायदा?... अब तो हम बूढ़े हो गये हैं। अब तो जिन्दगी के दिन पूरे करेंगे, नाती, पोतों को खिलाया करेंगे। मित्रो...
- बन्द हो जाएगा?... नहीं बेटे! एक सेकंड के लिए भी उसे छुट्टी नहीं है। चाँद को भी एक सेकंड के लिए छुट्टी नहीं है। धरती को...
- बन्दर को कम क्यों?... लोमड़ी को कम क्यों? ऐसे शरीफ बाप को बेइंसाफी नहीं करनी चाहिए। हर बेटे को बराबर देना चाहिए। हर बेटे को...
- बन्दर ने कहा—हमारे लिए स्कूल क्यों नहीं खोले गए?... मछलियों से लेकर कछुए तक, मेढकों से लेकर बन्दर तक सब खड़े हो गए और भगवान से शिकायत की। भगवान के दरबार ...
- बन्दरों को, साँपों को साध लेते हैं और साध लेने की वजह से वे सब कैसे-कैसे कमाल दिखाते हैं, कैसी कैसी करामात दिखाते हैं?... उनके कमाल और करामात की वजह से बाजीगर अपना गुजारा कर लेते हैं, अपना पेट पाल लेते हैं। मित्रो! अगर रीछ...
- बन्दरों ने समुद्र छलाँगा था?... अच्छा, आदमी कितना वजन उठा सकता है? बीस किलो उठा सकता है। नहीं साहब! चालीस किलो उठा सकता है। नहीं साह...
- बन्दूक किसी के पास हो और बारूद न हो, कारतूस न हो तो क्या काम चलेगा?... हमारे घरों में घरेलू पुस्तकालय होना ही चाहिए। यह बहुत बड़ी सम्पत्ति के बराबर है। किसी घर में जेवर है ...
- बन्दूक तो है, पर चलेगी कहाँ से?... निशाना तब लगेगा, जब बन्दूक में गोली के साथ-साथ में जो शीशे की गोली है, उसमें बारूद भरा होगा। लगती तो ...
- बन्दूक में क्या होता है?... बन्दूक में दो भाग होते हैं। एक का काम यह होता है कि बारूद को और गोली को दोनों चीजों को कारतूस में बन्द...
- बन्धन क्या है?... बन्धन वह है, जिसमें हम और आप जकड़ जाते हैं। कल्पना कीजिए उस पक्षी की, जो पिंजड़े में बन्द किया हुआ है।...
- बन्धनों से मुक्ति क्या है?... बन्धनों से मुक्ति यह है कि जिस तरीके से हमारी विचारणाएँ, भावनाएँ हैं और हमारी क्रियाशीलताएँ हैं, जि...
- बकरी को कपड़ा पहनना आता है?... गधों के शादी-ब्याह क्या होते हैं? नहीं होते। फिर सारी शिक्षायें, सारी योग्यताएँ हम मनुष्यों को ही क्...
- बकवास को भजन कहते हैं?... अक्षरों के उच्चारण को भजन कहते हैं? अक्षरों के उच्चारण को भजन किसने कहा था? भजन में अक्षरों का उच्चा...
- बगला-भगत मालूम है, कैसा होता है?... नदी किनारे पर बैठा रहता है और ध्यान लगाए रहता है। जहाँ मछली पर पड़ी नजर, उसे उसने चोंच में उठाया और ...
- बगलामुखी कैसी होती है?... बगलामुखी ऐसी होती है.....। बगलामुखी का जप कीजिए—"ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।" बस, खट् माल...
- बचपन किसे कहते हैं?... बुढ़ापा किसे कहते हैं? और जवानी किसे कहते हैं? बचपन उसे कहते हैं जिसमें आदमी भविष्य की कल्पना करता र...
- बच्चा कैसे पैदा होगा?... बच्चा बेटे, ऐसे पैदा होगा कि यहाँ उपासना करने के लिए जो व्यक्ति आएँगे, उनके भीतर वह अध्यात्म पैदा कर...
- बच्चा जब बड़ा हो जाता है तब माँ-बाप की त्यौरियाँ बदलती देखी हैं कि नहीं आपने?... वे कहते हैं कि तुझे शरम नहीं आती है, पच्चीस साल का हो गया है, मूँछें निकल आई हैं, कमाई के लायक हो गय...
- बच्चा जब लड़ने के लिए गया तो कंस को, चाणूर को और बकासुर को मार डाला और किस-किस को मारा?... हाथियों को, कालिया को मार डाला, कैसे मार डाला बच्चे ने? बेटे, बच्चे ने नहीं, सत्य ने मार डाला। सत्य ...
- बच्चा नंगा भी फिर सकता है, लेकिन जवान आदमी कैसे नंगा फिरेगा?... जवान आदमी को तो कपड़े पहनने चाहिए। क्यों? क्योंकि वह अपने आपको जिम्मेदार समझता है। अगर आप बौद्धिक दृष...
- बच्चा पेट में आए, उससे पहले ही माता पिता को यह प्रयत्न करना चाहिए कि स्वयं देखें कि उनका स्वयं का स्वभाव कैसा है?... उनके कर्म कैसे हैं? उनके गुण कैसे हैं? उनके विचार कैसे हैं? उनके भाव कैसे हैं? इन सब बातों की तैयारी...
- बच्चा बड़ी उम्र का?... हाँ बड़ी उम्र के भी बच्चे होते हैं। मन:स्थिति की दृष्टि से वे सब आदमी बच्चे हैं जो अपने पुरुषार्थ के...
- बच्चा रोता है न?... बच्चे के पेट में दरद है न? आपके पेट में तो नहीं है। आँखें बच्चे की दुःख रही हैं, आपकी तो नहीं। आप क्...
- बच्चियों के प्रति आपका दृष्टिकोण कैसा हो, माँ-बाप के प्रति तथा संसार में जो इस उम्र के हैं, उनके प्रति आपका दृष्टिकोण क्या हो?... इसका सही रूप से मूल्यांकन करना होगा।
घर को तपोवन, परिवार को प्रयोगशाला बनाइए
अगर आपको ...
- बच्ची का है?... नहीं। बुढ़िया का है? नहीं। बाल सफेद हो गए हैं? नहीं। तो कैसा है? महाराज जी! जवान औरत का है। किसका? ग...
- बच्चे कहते हैं-माँ जी हमको यह चीज दोगी?... वह कहती है-नहीं छोटी बच्ची कहती है-माताजी हमको दोगी? कहती है नहीं। यह तो जमा करके रखा जाएगा। बहुत ...
- बच्चे का पालन ही तो करेंगे ना?... नहीं साहब! हमको पिण्डदान कौन देगा? बेटे, हनुमान जी को पिण्डदान नहीं मिला था। पिण्डदान नहीं मिलेगा,...
- बच्चे किसे कहते हैं?... अमुक बात कैसी होती है? मेहमान किसे कहते हैं? अतिथि घर में कैसे आते हैं? पैसे की देख-भाल कैसे रखी जात...
- बच्चे की बात सही थी या गलत थी?... सही थी। बच्चा कहता है कि हम घी खायेंगे, तो स्वस्थ हो जायेंगे, मोटे हो जायेंगे। तो बच्चे की बात सही न...
- बच्चे के पेट में दरद है न?... आपके पेट में तो नहीं है। आँखें बच्चे की दुःख रही हैं, आपकी तो नहीं। आप क्यों हैरान हो रहे हैं? नहीं ...
- बच्चे के मुँह से फिर प्रश्न उभरा, 'फिर आपने और पापा जी ने ऐसा क्यों नहीं किया?... ' उत्तर में लालाजी ने सुदूर अतीत का स्मरण कराते हुए कहा, 'बेटा, भारतीय नारी में श्रेष्ठता के संस्कार...
- बच्चे को आप मिठाई खिलायेंगे?... नहीं, मत खिलाइएगा। बच्चे को आप हलवा खिलायेंगे? नहीं, मत खिलाइए, बच्चा बीमार पड़ जायेगा। इसके लिए ...
- बच्चे को आप हलवा खिलायेंगे?... नहीं, मत खिलाइए, बच्चा बीमार पड़ जायेगा। इसके लिए बिस्कुट देने की जरूरत है, हल्का भोजन, फलों का जूस...
- बच्चे को बेच दें?... चुप कंजूस कहीं के ऊपर से कहते हैं हम गरीब हैं। आप गरीब नहीं कंजूस हैं।हर आदमी के ऊपर हमारा आक्रोश ...
- बच्चे जब आएँगे और हमसे माँगेंगे कि पिताजी हमको भी मिठाई दे दीजिए, तब हम उन्हें मारेंगे और कहेंगे कि तुम कोई कमाते हो?... हम तो साढ़े छह सौ रुपये महीना कमाते हैं, सो हम खाएँगे। अगर आप ऐसे आदमियों में से हैं, जो अपने छोटों ...
- बच्चे ने पूछा—समुद्र कैसा होता है?... पिताजी ने गड्डा खोदा और उसमें जरा-सा पानी डाल दिया। उन्होंने कहा गड्ढा है? हाँ। पानी से भरा है? हाँ।...
- बच्चों के लिए, उन्हें देने के लिए क्या हो सकता है?... पिताजी गुब्बारा देना, टॉफी देना, लेमनचूस देना। पिताजी चाबी की रेलगाड़ी लाना। हम बरफ की कुल्फी खाएँग...
- बच्चों का मोह दूर नहीं करते हो?... मित्रो! उन्होंने खाना खा लिया। वे खाना खा रहे थे और बीबी पंखा कर रही थीं। खाने के बाद बीबी ...
- बच्चों की परवरिश कैसे करेगा?... मित्रो! इस ख्याल का आदमी हूँ, जो हमेशा से यह कहता रहा हूँ कि कुटुम्ब बढ़ाने से पहले हजार बार सोच विचा...
- बच्चों की शिकायत?... हाँ, बच्चों की शिकायत कि क्या आप देंगे? हाँ बेटे! हम आशीर्वाद देंगे की चालीस लाख आदमी जो यहाँ आए...
- बच्चों की शिक्षा में कितना खरच किया और अभी तेरे पास कितना बचा है?... दो हिस्सों में बाँटकर हम अपनी संपदा का पता लगा सकते हैं। ठीक इसी प्रकार से आत्मिक प्रगति को दो हिस्स...
- बच्चों की सेहत को कैसे सुधारा जा सकता है?... महर्षि कर्वे के आश्रम में जाकर मैंने यह सब सीखा। उन्होंने कहा कि मैं बन्धन का जीवन नहीं जीना चाहता और...
- बच्चों के लिए खरच किया कि नहीं किया?... यह आध्यात्मिकता का सिद्धान्त है कि आप कमायें, तो कमाने पर कोई रोक नहीं। इसके लिए कोई पूछताछ करने वाला...
- बच्चों के लिए हम करेंगे क्या?... वरन् यह भी सोचना चाहिए कि बच्चों को हम क्या और कैसे संस्कार देंगे? बच्चों को जो करना है, जैसा भी उनक...
- बच्चों के संस्कार सबसे ज्यादा जरूरी हैं, अपेक्षा इसके कि उनके लिए, आगे की पीढ़ी-दरपीढ़ी के लिए सोचते रहें और सम्पत्ति इकट्ठा करते रहें और उनके लिए न मालूम क्या-क्या आशाएँ सँजोकर रखें?... यह जरूरी नहीं है। जरूरी हैं उनके संस्कार। इसी पर आप ध्यान दीजिए। जैसा कि अभी मैंने कहा है। आशा है आप...
- बच्चों के साथ आपका व्यवहार कैसा हो?... बड़ों के साथ आपका व्यवहार कैसा हो? बराबर वालों के साथ आपका व्यवहार कैसा हो? मिल-बाँटकर खाने में कैसा ...
- बच्चों के सिर के बाल लोग मेरे ऊपर पटक जाते हैं, तो क्या मैं इससे प्रसन्न होऊँगी?... और नहीं पटकें तो मैं नाराज हो जाऊँगी? आप ही बताइये कि मेरे बारे में यह जो अफवाहें फैलाई हुई हैं, यह ...
- बच्चों को कितना शानदार बना दिया क्यों?... उन्होंने अपने आपको शानदार बना लिया और उन्होंने माला घुमाना सीखा होता और तरह के जंत्र, मंत्र और तंत...
- बच्चों को छोटेपन में सिखाया जाता है?... हाँ बेटे, सिखाया जाता है, उनको पढ़ाया जाता है, संस्कार दिए जाते हैं। कथा-कहानियों के माध्यम से छोटे ...
- बच्चों को माँ का प्यार-मोहब्बत तो थोड़ा मिलता भी है, परन्तु बाप का प्यार-मोहब्बत कहाँ मिलती है?... मित्रो! सभी के अन्दर एक भूख होती है और वह है, प्यार-मोहब्बत की। उसके बिना इंसान की प्रगति नहीं हो सकत...
- बच्चों को हम पढ़ाएँगे क्या?... बच्चों के लिए हम करेंगे क्या? वरन् यह भी सोचना चाहिए कि बच्चों को हम क्या और कैसे संस्कार देंगे? बच्...
- बच्चों को, कुटुम्बियों को रोते हुए छोड़ आए, यह क्या हुआ?... कहते हैं कि जब राम वनवास गए, तो सारी अयोध्या रो रही थी, बिलख रही थी। आप सही मानना, बिलकुल वही स्थिति...
- बच्चों ने पूछा—हमारा बुड्ढा कहाँ है?... बुड्ढा जहन्नुम में चला गया।
अब क्या होना है? यही होना है। आप में से कोई बुड्ढा तो नहीं है? अ...
- बच्चों से अलग माँ-बाप रहेंगे कहीं?... नहीं, कभी भी नहीं रह सकते।
बेटे! आपके, हमारे गुरु और शिष्य के जो बन्धन हैं, जन्म-जन्मान्तरों तक चले...
- बजाजियों का क्या होता है?... जहाँ कहीं भी वे जाते हैं, तो ऑर्डर करते रहते हैं और तरह-तरह की चीजों के लिए, अपने खाने-पीने की चीज...
- बट्रेड रसेल ने ठीक कहा था कि ‘थर्ड वर्ल्ड वार’ के पश्चात् फिर एक और ‘वार’ होगा अर्थात् चौथी लड़ाई भी होगी, लेकिन इस लड़ाई में क्या होगा?... चौथी लड़ाई में आदमी ईंट और पत्थरों का उपयोग करेगा, फिर टैंकों का उपयोग न हो सकेगा। ईंट और पत्थरों का ...
- बड़ा आया भगवान वाला?... नहीं साहब! हम बद्रीनाथ भगवान के यहाँ जाएँगे, तो भगवान जी हमको वैकुण्ठ में ले जाएँगे। आपको पता है कि ...
- बड़ा दानी आया?... मैं तो एक रुपये की सोलह रोटियाँ बाँटूँगा। कहाँ बाँटेगा? वहाँ हर की पौड़ी पर। बड़ा राजा कर्ण बनकर आया...
- बड़ा ही तेजस्वी, देखकर उसने सेना को रुकने का आदेश दिया और युवक से पूछा—"आप कौन हैं?... " उसने कहा—"हमारे माता-पिता जंगल में तप कर रहे हैं और हमने निश्चय किया है कि जब तक हमारे माता-पिता ह...
- बड़े आए सिद्धि वाले?... देवताओं का साक्षात्कार करेंगे? बेटे! देवता इतने फालतू नहीं हैं कि आपने पुकारा और वे आ गए। आप शंकर भग...
- बड़े आदमी आयेंगे कहाँ से?... हमने आपसे कहा है कि भगवान केवल उसी की सहायता करता है जो बड़े कामों के लिए—बड़े उद्देश्यों के लिए अपन...
- बड़े इनसान बनाने के लिए क्या करना पड़ता है?... अगर पेड़ को बड़ा एवं ऊँचा बनाना हो तो क्या करना पड़ेगा? इसके लिए सिर्फ एक काम करना पड़ेगा कि उसकी जड...
- बड़े जोर से आँसू निकल रहे हैं और फिर न जाने क्या हो गया?... आज तो समर्पण करते हैं और कल-परसों न जाने हम क्या करते हैं? यह कौन-सी श्रद्धा है? यह कौन-सा अध्यात्म ...
- बड़े बच्चे से क्यों होनी चाहिए?... छोटे बच्चे को तो नेचर चाहती है कि उसका कोई गार्जियन होना चाहिए। नेचर के दबाव से क्या चिड़िया, क्या म...
- बड़ों को कब मिलती हैं?... बड़ों को तब मिलती हैं जब वे मुसीबत में फँसे हुए होते हैं। जैसे मान लीजिए कि वे दुर्घटनाग्रस्त हो गये...
- बढ़ई कौन होता है?... वो जो लकड़ी का धंधा करता है। ये वही हैं और अब बामन बन गए हैं। लोगों ने मुझसे पूछा—क्यों साहब! आप तो ...
- बता दीजिए कि कब हो जायेंगे?... बेटे, मैं ज्योतिषी नहीं हूँ। आप उस पण्डा के पास जाइये, जो आपका हाथ देखकर बता देगा कि कब तक हो जायें...
- बता दूँ आपको?... नहीं, आप किसी से कहना मत। कहेंगे तो नहीं किसी से? कह देंगे, तो नहीं बताऊँगा। कहना मत। नहीं तो सबको...
- बता मालिक कहाँ है?... ’’ उस लड़के ने कहा—‘‘वह तो भगवान था। वह सबका मालिक है और जर्रे-जर्रे का मालिक है। उसकी हजार आँखें...
- बता सकते हैं आप?... ऋषियों ने कहा—क्या बतायें, कैसे बतायें, तुमने कभी चखा तो है नहीं। कैसे बता दें कि कैसा होता है? बहुत...
- बता, चक्की मरी हुई है या जिन्दा है?... महाराज जी! चक्की तो मरी हुई है। और तू मरा हुआ है कि जिन्दा है? नहीं महाराज जी! अभी तो हम जिन्दा हैं...
- बता, तुझे कहाँ से मिल जाएगी कामिनी और कांचन?... " नारद जी ने कहा कि स्वयंवर में देखा था। एक जवान लड़की थी, उसका विवाह होने वाला था और ब्याह के साथ म...
- बताइए अब हम कैसे काम कर सकते हैं?... आपके काम में हम कैसे सहयोगी बन सकते हैं? हम नहीं बन सकते। और क्या-क्या चाहिए? पहाड़ से भी ऊँचा चाहिए...
- बताइए अबकी बार इस डायरी में क्या है?... उन्होंने कहा—अब की बार भक्तों की वह डायरी है, जिसमें अल्लाह ताला उनका सुमिरन करता है। उन्होंने कहा—इ...
- बताइए आपको चमत्कार पर विश्वास है?... मशक्कत पर विश्वास है? आपको मशक्कत के इसलिए कहा जाएगा तो आपका अध्यात्म गायब हो जाएगा, फिर आप क्या करे...
- बताइए आपने कब की थी भगवान् की उपासना?... गुरुजी! हमने तो कल ही की थी। भगवान् हमारी चौकी पर रखे हुए हैं। बेटे! भगवान् को चौकी पर नहीं, अपन...
- बताइए कि इतना महत्त्वपूर्ण काम जो कि सारे विश्व का लेकर के चले हैं, जो प्रभाव परिवर्तन का लेकर के चले हैं, वह कैसे होगा और जो हम आपसे कराना चाहते हैं, वह कैसे होगा जरा बताना तो सही, जब शरीर ही नहीं रहेगा, तो कैसे होगा?... शरीर की आवश्यकता है। मन की आवश्यकता है। मन से आप हमसे जुड़े हैं। शरीर से आप जुड़े हैं, भावनाओं से आप...
- बताइए क्या करना चाहिए?... गायत्री माता ध्यान ही नहीं देतीं। अब आप ही कुछ और बता देते। अब मैं क्या कहूँ? केवल यही कह सकता हूँ क...
- बताइए क्या करें?... यह करें कि हमारे शरीर में कई छेद हैं, हम आपके एक छेद में उँगली कर देंगे और एक छेद में आप हमारे उँगली...
- बताइए गुरुजी के पास मिलता है?... कोई नहीं मिलता। क्यों? उन्होंने मुझे अपने समतुल्य बना दिया है।
यदि उन्होंने नहीं बनाया होता, तो आज ...
- बताइए न, मनुष्य के अलावा कपड़े कौन पहनता है?... शादी विवाह किसके होते हैं? कुटुम्ब बनाकर के कौन रहता है? दवा दारू का इंतजाम किसके लिए है? बोलना किसक...
- बताइए स्वामी ब्रह्मानंद जी?... आप गणेश जी की मूर्ति ले आइए, हनुमान जी, शंकर जी को ले आइए और उनकी आरती उतारिए। देवी का मंत्र हम बता ...
- बताइए हम क्या करें?... बेकार बैठे रहना भगवान् की दी हुई संपदा का तिरस्कार करना है। उसके नियमों की अवहेलना करना है। आदमी ज...
- बताइए, आप और गुरुजी कब आ रहे हैं?... हाँ बेटे, आपको तारीख और तिथि बता देंगे, थाली लगी हुई रखना। अच्छा तो क्या-क्या पकेगा? बेटा, पकेगा सो ...
- बताइए, आपकी क्या मदद करूँ?... बहुत डरते-डरते कहा कि आप पाँच सौ डॉलर दे दें तो ठीक है। पाँच सौ डॉलर? अच्छा अभी देता हूँ। उसने चेक ब...
- बताइए, आपने क्या-क्या जमा कर रखा है?... सुबह हमने एक किलो घी हवन कर दिया था, वह तो आपके पास डिब्बी में जमा करके रखा होगा? नहीं, देख लीजिए भा...
- बताइए, इसमें क्या बात है?... नहीं साहब! हमारे बच्चा नहीं होता, हम तो दुखी हैं। हमारी मनोकामना पूर्ण हो जाए तो अच्छा है। हमारे बच्...
- बताइए, उस स्वर्ग में आपको क्या मिलेगा?... हिन्दुओं के मुताबिक तो वहाँ खीर की नदियाँ होती हैं और बुरा शब्द तो मैं क्या कहूँ आपसे? रहने दीजिए। म...
- बताइए, जादूगर ने मिट्टी से क्या बनाया?... यह बन गया रुपया। यह क्या है? जादू है। नाक से प्राणायाम कीजिए और भगवान दिखा दीजिए। जादू हो गया बेटे! ...
- बताइए, हम किस तरह से नदी को पार करेंगे?... हम दोनों को यहीं बैठना पड़ेगा। हम दोनों में से कोई नदी नहीं पार कर सकता।" दोनों ने सलाह-मशविरा किया।...
- बताइये आपकी क्या राय है?... हाँ आप कहते हैं, तो ठीक है, पर यहाँ कुछ इंतजाम नहीं हो सका। देखिए कोशिश करते हैं, शायद इंतजाम हो...
- बताइये, क्या आपको अपना दिल दिखाई पड़ता है?... नहीं दिखाई पड़ता। आपने अपने गुर्दे देखे हैं? किसी और के भले ही देखे होंगे, पर अपने नहीं देखे होंगे।...
- बताओ तो सही तुम्हारी दुनिया कैसी है?... नहीं साहब! भूत काट खायेगा।नहीं बेटे, भूत कैसे काट खायेगा? भूत भी तो बेचारा दुखी इंसान है। अपने भाई-भ...
- बताता क्यों नहीं?... अरे साहब! एक रुपये का माल हो गया। सत्ताईस रुपये का तेरा श्रम और एक रुपये का लंगड़-खंगड़ र...
- बत्तीस साल तक आप जीवित रह सकेंगी कि नहीं रह सकेंगी, आपकी मनोकामना पूरी हुई कि नहीं हुई, कौन जानता है?... लेकिन मैं आपकी मनोकामना सेकंडों में पूरी कर देता हूँ। आज से आप मेरी कुंती के बराबर माँ हुईं और मैं आ...
- बत्तीस साल से पहले मेरी जैसी सन्तान कहाँ से मिलेगी?... इतना बड़ा बेटा नहीं मिलेगा, छोटा मिलेगा। फिर मेरे जैसा तो नहीं मिला ना? मिलेगा तो बत्तीस साल का हो ज...
- बदला न चुकाया हो, तब?... सहायता न की, तब? तब फिर आप झल्लाएँगे कि नहीं झल्लाएँगे? मत झल्लाइए, कोशिश कीजिए, शायद दूसरों का सहयो...
- बनने से क्या मतलब है?... बनने से हमारा मतलब है—हमारे चिन्तन का तरीका, हमारे सोचने का तरीका और हमारा दृष्टिकोण। आपके सोचने का त...
- बना सकता हूँ, पर मेरे पास इतना पैसा कहाँ है कि नए जूते बनाने के लिए सामान खरीदकर लाऊँ?... यदि चमड़ा और सामान खरीद सकूँ तो नए जूते भी बना सकता हूँ।
ईमानदारी, जिम्मेदारी और मेहनत
मित...
- बनाने का तरीका न हो तो?... आपको मालूम नहीं है। ऊपर बैठी-बैठी देखती रहती हूँ और सुबह तो जाती नहीं, शाम को जाती है। ऊपर से देखती ...
- बनाने के लिए क्या किया?... किया यह कि अपने आपको और घर के वातावरण को ऐसे ढाँचे में ढाल दिया कि जो बच्चे उसमें विकसित हुए, वे व...
- बनाया किसने है?... माताजी ने। बेटे! आपके पिता जो दौलत छोड़े जा रहे हैं, वह तो छोड़े जा रहे हैं। आपको कमानी है? नहीं, आप...
- बनाया था कि नहीं बनाया था?... बनाया था। गुरु का वरदान मिला? हाँ, गुरु का वरदान भी मिला था, पर शिवाजी को माँ ने बनाया था। अनेकानेक ...
- बनिया बड़ा होता है या पण्डित?... तू किसको प्रणाम करता है-बनिया को या पण्डित को और किसके पैर छूता है? लालाजी के या पण्डित जी के? पण्डित ज...
- बयान झूठा साबित होने पर फिर क्या हो सकता है?... क्या उसके ऊपर मुकदमा चलाया जा सकता है।...
- बरगद का पेड़ क्यों बड़ा हो जाता है?... क्योंकि बेटे! उसकी जड़ें इतनी पैनी हो जाती हैं कि दूर-दूर तक फैलती चली जाती हैं। बरगद की जटाएँ निकलत...
- बरसात में क्या बात है?... बरसात में वातावरण है। इसमें पौधा उगने का वातावरण आता है तो घास की सूखी हुई जड़ें, जो जमीन में होती ह...
- बरसात मेरे सिर पर गिरी?... नहीं, बरसात मेरे सिर पर नहीं गिरी। मैं छाया के नीचे सोया, ठंडक में भी छाया के नीचे सोया। आप ...
- बरात कहाँ ठहरेगी?... पिसनहारी के कुँए पर। दोपहरी में विश्राम कहाँ करेंगे? पिसनहारी के कुँए पर। पिसनहारी का कुँआ इतनी बड़ी ...
- बराती को जब आप किराया-भाड़ा देते हैं तो जब सन्तों को, ऐसे-ऐसे ऋषियों को बुलाया है, देवताओं को बुलाया है तो उनको भी कुछ देंगे कि नहीं देंगे?... नहीं साहब! देने-लेने को तो अँगूठा है हमारे पास। नहीं बेटे! यह कुछ नहीं देना पड़ेगा। क्या देना पड़ता ...
- बराबर क्यों नहीं देता?... मित्रो! इसकी वजह है। भगवान ने मनुष्य के पास जो ज्ञान दिया है, विद्या, बुद्धि और वैभव दिया है, वह एक ...
- बराबर वालों के साथ आपका व्यवहार कैसा हो?... मिल-बाँटकर खाने में कैसा आनन्द आता है, इसको आप समझें।
एक-दूसरे के दुःख और दर्द, सुख और सुवि...
- बलवा कैसे हो गया?... एक एक कमेटी बैठायी गयी और एक आयोग नियुक्त किया गया, जो इस बात की इन्क्वायरी करे कि दंगा होने की वज...
- बलि से क्या मतलब था?... बलि से मतलब था यज्ञ। यज्ञ और बलि दोनों एकदूसरे से जुड़े हुए हैं। बलि के बिना यज्ञ पूरा नहीं हो सकता।...
- बस अपनी एक ही मनोकामना है-रुपये और कुछ नहीं?... नहीं और कुछ नहीं। बस, रुपया मिल जाय, तो हम उससे सब कर लेंगे। बच्चा नहीं हुआ, तो दुबारा ब्याह कर ले...
- बस इसी का नाम विद्या है और अगर किसी को विद्या मिल जाय तब?... तब वह धन्य हो जाता है। विद्या ही अमृत है मित्रो! शास्त्रों में विद्या की महत्ता के बारे में न जाने...
- बस उसने एक ही काम किया कि जीवन के शेष बचे सात दिनों का बेहतरीन इस्तेमाल क्या हो सकता है और इसका अच्छे से अच्छा उपयोग मैं क्या कर सकता हूँ?... यही सोचता रहा।राजा परीक्षित ने भागवत् की कथा सुनना शुरू कर दिया। राम का नाम लेना शुरू कर दिया। पुण...
- बस एक ही प्रार्थना है कि अगर आप देते हों तो?... इस तरह ‘‘धियो यो नः प्रचोदयात्’’ का अर्थ हो गया? यही कि आप हमारी कतई रक्षा न करना। आप हमें अपने बल...
- बस, इतनी कम कीमत में आप क्या-क्या माँगते हैं?... मनोकामनाओं की पोथी माँगते हैं, रुपया माँगते हैं, बेटी-बेटे माँगते हैं, नौकरी में तरक्की माँगते हैं...
- बस, इसी के लिए जन्म लिया था क्या?... इसको तो कीड़े-मकोड़े और पशुयोनि कहते हैं।
बेटे! आप बुरा मत मानना, बुरा आपको लगता है, तो क्षमा करना...
- बस, दो सौ रुपया?... हाँ, दो सौ रुपया। अच्छा, तो मालवीय जी देखिए आप हमारे यहाँ आ जाइये। हम आपको ढाई सौ रुपये महीने दि...
- बस, यही चाहते हैं न और तो कुछ नहीं चाहते?... हाँ साहब! यही चाहते हैं। आपको देवत्व की दृष्टि से अगर हम तीन-चार सौ की नौकरी दिलवा दें, देवता या सन्त...
- बस, राजा महेंद्र प्रताप ने क्या काम किया?... सब जगह खबर भेज दी कि हमारा एक छोकरा हो गया, लड़का हो गया। बस, नफीरी बजने लगी, शहनाई बजने लगी और न...
- बस, हम तेरी तमीज, तेरी औकात, तेरी अकल और तेरी पात्रता इस आधार पर आँकेंगे कि तुझे जो मिलता रहा है, उसे तूने खरच कहाँ किया?... पहले यह बता।
नहीं साहब! आपको इससे क्या मतलब है? हम चाहे जैसे खरच करेंगे। आप तो बस पैसा दिलवाइए। ...
- बहत्तर गुलफाम मिलेंगे, तो मैं उनसे क्या काम कराऊँगा?... वे सब मुझे तंग करेंगे। और जो सत्तर हूरें मिलेंगी, तो बता मैं उनका क्या करूँगा? और शराब की जो नहरें...
- बहन का ब्याह नहीं करेंगे?... आप बड़े हैं तो इसका मतलब यह हो गया कि आपको औरों का भी ध्यान रखना चाहिए। विश्वमाता अपने बड़े बेटों से...
- बहन ने तो उसके अमरूद गिराए थे, वह तो दोषी है, पर मैं दोषी कहाँ हूँ?... " माँ ने उत्तर दिया—"बेटे! तू उसका बड़ा भाई है, तो उसे रोक सकता था; लेकिन तूने अपनी बहन को गलत काम क...
- बहन ने भाई को राखी बाँध दी और भाई ने उपहार में कुछ दे दिया, बस खतम हो गया मामला?... गुरु ने रक्षासूत्र बाँध दिया, शिष्य ने कुछ दे दिया। नहीं, गुरु अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ बाँधता है...
- बहन-भाइयों के साथ तो रहेंगे न?... बोर्डिंग में तो रहेंगे न? समूह में तो रहेंगे न? कहीं भी रहेंगे, अकेले तो नहीं रहेंगे।
आप अकेले भ...
- बहादुरी क्या चीज होती है?... अभी मैंने आपके सामने हनुमान जी का उदाहरण दिया, रीछ-वानरों का दिया और ग्वाल-बालों का दिया। मैंने स्वत...
- बहिरंग जीवन को परिष्कृत करने के लिए क्या करना चाहिए?... दुनिया में एक ही मेथड और एक ही सिद्धान्त है, जो काम आया है और वही व्यक्ति के जीवन के परिष्कार में भी ...
- बहिरंग जीवन में क्या करना पड़ता है?... हमारे जन्म-जन्मान्तरों के कुसंस्कारों को, आदतों को, जो कहाँ से चली आई हैं? अमीबा से चली आई हैं। अमीबा...
- बहिरंग जीवन से क्या मतलब है?... हमारे जीवन का एक स्वरूप वह है, जो दिखाई पड़ता है। वह बहिरंग जीवन है। हमारे जीवन का एक स्वरूप वह है, ...
- बहिरंग से क्या मतलब है?... बहिरंग से मतलब हमारे शरीर से है। सारा फायदा हमारा शरीर उठाता है और जीवात्मा बिलखती रहती है। जो भ...
- बहुत करेंगे दर्शन?... दर्शन की फिलॉसफी समझते नहीं और दर्शन के लिए कहते हैं। दर्शन करने का मतलब क्या है जानते हैं आप? गाँधी...
- बहुत दिन पहले की बात है, हमने बहुत तरह की पुस्तकों में और बहुत तरह के शास्त्रों में पढ़ा था कि मरने के बाद क्या होता है?... कोई कहता है कि मरने के बाद में हम स्वर्गलोक में चले जाते हैं, तो कोई कहता है कि चन्द्रलोक में चले जा...
- बहुत प्यार करते हैं, लेकिन कीमती चीजें?... कीमती चीजें आपको नहीं मिल सकती, क्योंकि आप बच्चे हैं।
मित्रो! बच्चों को कभी कीमती चीजें नहीं ...
- बहुत-सी चीजें आपको दे दी, आपको भाग्यवान बना दिया, पर आपका यह अधूरापन कैसे रह गया?... कमाने की योग्यता के साथ-साथ में आपको ऐसा दिल मिला है, जिसको हम चट्टान का दिल कह सकते हैं, पत्थर का द...
- बहुरूपिया कैसा होता है?... बहुरूपिया ऐसा होता है, जो कभी सिपाही बन जाता है, कभी हनुमान जी बन जाता है, कभी स्त्री बन जाता है तो ...
- बाँटकर खाने का तरीका क्या हो सकता है?... बेटे! बाँटकर खाने का तरीका यज्ञ से ज्यादा शानदार और कोई नहीं हो सकता। कैसे? इस रूप में कि जो कुछ भी ...
- बाँटने से हमें क्या फायदा?... बेटे! बाँटने से अगर आपको यह मालूम पड़ता हो कि यह भी कोई आनन्ददायक चीज है। बाँटने से भी आदमी को सन्तोष ...
- बाँधों में क्या होता है?... पानी का बहाव जिस रास्ते से हो रहा है, उसमें रुकावट डाल देते हैं और उस रुकावट का परिणाम यह होता है कि...
- बाँस का तीर-कमान धारण करने वाले, मोर-मुकुट पहनने वाले और हाड़-माँस का शरीर धारण करने वाले भगवान को आप देखना चाहते हैं?... आप उन्हें किससे देखना चाहते है? आँख से देखना चाहते हैं। आँखें किस चीज की बनी हुई हैं? चमड़े की बनी ह...
- बाईस हजार आहुतियाँ दे दीं, दस हजार आहुतियाँ दे दीं, तो मैं यह पूछता हूँ कि इतनी आहुतियाँ देने के बाद, जो लोग उसमें आहुतियाँ देने के लिए आए थे, आखिर में आहुति देने के पीछे जो फिलॉसफी जुड़ी हुई है कि हमको उसमें किसकी आहुति देनी चाहिए; क्या त्याग करना चाहिए; बलिदान करना चाहिए; सेवा को जीवन का अंग बनाना चाहिए—यह भी सिखाया क्या?... नहीं साहब! यह तो नहीं सिखाया। फिर क्या सिखाया—दे आहुति-दे आहुति.....। बेटे! इससे तेरा क्या फायदा हुआ...
- बाकी कहाँ गए?... मर गए। कोई जाड़े के मारे मर गए, तो कोई भूख के मारे मर गए। उनकी हिफाजत नहीं हो सकी, इसलिए वे मर गए।
...
- बाकी का क्या करते थे?... वह राष्ट्र की सेवा में लगे रहते थे और बगैर किसी स्वार्थ के राष्ट्र की सेवा में लगे रहे, तो वह राष्ट्...
- बाकी देवताओं के बारे में मैं आपको क्या बताऊँ?... दो देवताओं के बारे में मैं ज्यादा बता सकता हूँ, जिन पर मेरा ज्यादा विश्वास है। एक शिव जी के ऊपर और ए...
- बाकी समय क्या करते हैं?... बाकी समय मौन रहते हैं। अधिक से अधिक कितनी देर लोगों से बात कर सकते हैं? लोगों से हम छह घण्टे से ज्याद...
- बाकी समय में क्या करते हैं?... हम मौन रहते हैं। प्रातः भी मौन रहते हैं और रात को भी मौन रहते हैं।
मित्रो! मैं आपसे क्या कह रहा ...
- बाज ऐसा होता है?... हाँ बेटे! बाज ऐसा होता है और ऐसा करता है कि आँधी-तूफान की गति से आता है और गरुड़ की गति से आता ह...
- बाजीगर कौन होता है?... गुरु। कठपुतली कौन होता है? शिष्य। जिस तरीके से कठपुतली अपना समर्पण करती है और कहती है कि जैसा चाहें ...
- बाजीगर कौन होते हैं?... जो क्रिया पर विश्वास करते हैं। हाथ की हेराफेरी करने से ये मिल सकता है और यह करने से यह मिल सकता है। ...
- बाजीगर क्या करते हैं?... वे बालों में से बालू निकाल सकते हैं और पेशाब के दीये जला सकते हैं और मुँह में से बन्दर निकाल सकते हैं...
- बाजीगर क्या दिखाता है?... ऐसे अचम्भे की चीज दिखाता है, जो बच्चों ने पहले नहीं देखी है। उसका नाम है बाजीगरी। आप का मन बाजीगरी च...
- बात बहुत पुरानी हो गई, जब टोकन के रूप में हमने इनको आरम्भ कराया था, तब हमने कहा था कि दस पैसे नित्य देना, लेकिन आज दस पैसे किसे कहते हैं—बताइये?... दस पैसे वाली तीस वर्ष पुरानी बात है। आज तो पैंतीस वर्ष बाद महँगाई कहाँ आ गई? आजकल दस पैसे में क्या आ...
- बात यह थी कि जिनको तू प्यार करता है, जिनको चाहता है, क्या उस चाहत को हमारे सुपुर्द कर सकता है?... बस! ठीक है, तू आज से हमारा भक्त हो गया। इब्राहिम पैगंबर हो गए। हमारी भी यही बात है। हम भी यही बात कह...
- बात सही है?... हाँ सही है। हिन्दुस्तान में ‘‘मय’’ नाम का एक दैत्य था। कौन सा था? जो लंका के रावण के खानदान का था, ...
- बातचीत करें तो किससे करें?... अकेले ही बात कीजिये। जब मन आता है, तो अकेले भी कर लेते हैं। कोई श्लोक याद आ गया, उसे बोल लिया, कोई म...
- बातचीत कैसी करनी चाहिए?... लोगों के सामने कैसे विचार व्यक्त करना चाहिए? लोगों के ऊपर अपने चरित्र की छाप कैसे डालनी चाहिए? लोकसे...
- बातचीत न करने के बाद भी महर्षि रमण और पांडिचेरी के अरविन्द घोष इतने ज्यादा काम करने में समर्थ हो गए, आपको मालूम नहीं है क्या?... बहुत काम करने में समर्थ हो सके। जहाँ कहीं भी आप जाएँ जरूरी नहीं है कि आपको स्वयं ही बोलना चाहिए।...
- बाद में क्या माँगने लगे?... गुण। मनुष्यों के ऊपर सन्त कभी कृपा करते हैं, तो यही कृपा करते हैं। सन्तों ने किसी पर कृपा की होगी, तो ...
- बादल कहाँ से आते हैं?... समुद्र से। समुद्र का दिया हुआ पानी आप पीते हैं, परन्तु समुद्र को शायद ही आपने देखा हो। सूर्य और चन्...
- बादल का कसूर था?... बादल का कोई कसूर नहीं था। फिर किसका कसूर? कसूर सिर्फ उसका, जिसने अपना बर्तन, पात्र नहीं रखा। क्य...
- बादलों के तरीके से अपने को गला डालने के लिए कौन रजामंद होता है?... हवा के तरीके से दरवाजे-दरवाजे पर खुशबू पहुँचाने के लिए कौन तैयार हेाता है? सूरज के तरीके से स्वयं गर...
- बादशाहत मिल सकती है?... हाँ बेटे! मिल सकती है, अगर अपनी अकल ठीक कर ले तब। तेरी अकल जितनी संकीर्ण, जितनी छोटी होगी, उतना ही...
- बाप कहता है क्यों?... किसलिए? बच्चा कहता है कि सिनेमा देखने जाना है। पिताजी कहते हैं कि तू रोज-रोज पाँच रुपये ले जाता है औ...
- बाप को भी यह विश्वास नहीं है कि जिस बेटे को पढ़ाकर के इतना बड़ा कर दिया और जब उसकी छोटी बच्ची ब्याह-शादी लायक होगी, तो बेटा सहायता करेगा कि नहीं?... नहीं बेटे, सहायता की आशा अब नहीं करनी चाहिए। माँ को यह आशा नहीं करनी चाहिए कि मैंने अपने बेटे को पाल...
- बाप कौन है?... सविता—हमारा पिता। एक आँख प्यार की और एक आँख सुधार की। प्यार की आँख गायत्री माता के पास है और सुधार क...
- बाप ने पूछा—कौन है तेरा देवर और जेठ?... उसने अपने दोनों हाथ ऊपर उठाए और कहा कि ये हैं हमारे देवर और जेठ। इनमें से एक हमारा देवर है और एक हमा...
- बाप से भी ज्यादा पराक्रमी बच्चे हो जाएँगे?... क्यों नहीं हो जाएँगे। गुरु का संरक्षण, गुरु की शक्ति, उनकी प्रेरणा जो साथ में है। गुरु हमें साहस बँध...
- बामन एक वंश है, एक जाति है और ब्राह्मण?... ब्राह्मण वंश नहीं हो सकते, जाति नहीं हो सकते। ब्राह्मण एक कर्म है, ब्राह्मण एक स्वभाव है। ब्राह्मण ए...
- बामन कौन होता है?... बामन होता है- पचास एक एक्यावन, पचास दो बामन, पचास तीन तिरपन, पचास चार चौवन। ये बामन अलग होते हैं ज...
- बामन कौन होता है?... बामन एक वंश है, एक जाति है और ब्राह्मण? ब्राह्मण वंश नहीं हो सकते, जाति नहीं हो सकते। ब्राह्मण एक कर...
- बार-बार आप क्यों ध्यान रखने के लिए कहते हैं?... बार-बार इसलिए कहते हैं कि आपने जो बहुत दिनों से सीखा है, मैं चाहता हूँ कि दूसरे स्थान पर आप नई शिक्ष...
- बार-बार जो लोग हमसे पूछते हैं कि आप राजनीति में क्यों नहीं जाते?... उनसे हमारा यही कहना है कि किसी जमाने में हम राजनीति में थे। उस जमाने में राजनीति में बहुत बड़ी जि...
- बारह, पंद्रह, बीस, साठ परसेंट?... अपना कमीशन काटे बिना तो बनिया काम ही नहीं कर सकता। चालाक बनिया होगा तो डाँड़ी मारेगा। सौ ग्राम चीज क...
- बारातियों का काम क्या है?... बाराती लोग सारे दिन फरमाइशें पेश करते रहते हैं और नेताओं का क्या काम होता है? बजाजियों का क्या ह...
- बाराती किसे कहते हैं?... बाराती उसे कहते हैं, जो फरमाइशें करते जाते हैं। साहब! कोका कोला लाइये। छः बजे चाय लाइये। हमको माला...
- बाराती लोग सारे दिन फरमाइशें पेश करते रहते हैं और नेताओं का क्या काम होता है?... बजाजियों का क्या होता है? जहाँ कहीं भी वे जाते हैं, तो ऑर्डर करते रहते हैं और तरह-तरह की चीजों क...
- बारिश हो तो क्या, हवा चले तो क्या, शोर-गुल हो तो क्या?... रास्ता चलते हुए लोग कहते हैं कि देखिए यह घोंसला कितना सुंदर है। यह बया का घोंसला है। बया का घोंसला द...
- बाल खाती है या माल?... अरे महाराज जी ! माल तो यहाँ भी बहुत है। वे तो बाल खाती हैं। धत् तेरे का, बाल खाती है देवी ! मारवाड़ी...
- बाल सफेद हुए होंगे या काले?... सफेद हुए होंगे। अच्छा, एकाध दाँत उखड़ा होगा या नहीं? हाँ साहब! जरूर उखड़ा होगा। अच्छा, कृष्ण भगवान् ...
- बाल सफेद हो गए हैं?... नहीं। तो कैसा है? महाराज जी! जवान औरत का है। किसका? गायत्री माता का। हाँ बेटे! जिस गायत्री माता की ह...
- बालकों को क्या-क्या मिलता है बताइए जरा?... बालकों को रबड़ की गुड़िया मिलती है और क्या मिलता है? गुब्बारा मिलता है? लेमनचूस मिलता है और क्या मिल...
- बालकों को मिलता है?... हाँ बालकों को भी मिलता है। बालकों को क्या-क्या मिलता है बताइए जरा? बालकों को रबड़ की गुड़िया मिलती ह...
- बालकों को रबड़ की गुड़िया मिलती है और क्या मिलता है?... गुब्बारा मिलता है? लेमनचूस मिलता है और क्या मिलता है? टॉफी मिलती है और क्या मिलता है, झुनझुना मिलता ...
- बालों को खाएगी?... नहीं, वह तो रोटी भी नहीं खाती। यदि बाल न चढ़ाएँ तो? तो बच्चे को बीमार कर देगी या मार डालेगी? देवी है...
- बाहर का बैरी बेचारा क्या कर सकता है?... वह बड़ा गरीब है, बड़ा कमजोर है। उसके पास कोई ताकत नहीं है, सिवाय थोड़े से पैसे का नुकसान पहुँचा देने के...
- बाहर के आदमियों के लिए आप यह क्यों देखते हैं कि इनका सहयोग हमको मिला कि नहीं मिला?... दूसरों का सहयोग नहीं मिला, तो न सही, दूसरे आदमी अच्छे नहीं है तो न सही, आप अच्छे बन जाइये ना? आप अपन...
- बाहर के आदमी हमें क्या मार सकते हैं?... इसलिए हम कहीं भी चले जाते हैं और वहाँ चले जाते हैं, जहाँ जंगलों में शेर रहते हैं और बड़े-बड़े जानवर रह...
- बाहर के लोगों की आप क्यों खुशामद करते हैं?... बाहर के आदमियों के लिए आप यह क्यों देखते हैं कि इनका सहयोग हमको मिला कि नहीं मिला? दूसरों का सहयोग ...
- बाहर के सन्तों से हम क्या कहेंगे, बाहर सन्त कहाँ हैं?... उनका नाम लेने से हमारा दिमाग खराब हो जाता है। आप उन बाबाजी से हमें कहने को कहते हैं, जिनने कभी क...
- बाहर वाला क्या जान सकता है कि आपकी परिस्थितियाँ क्या थीं और आप क्या कर सकते थे?... मित्रो! अगर आप दो कामों में समर्थ हो सके, तो मैं आपको योगी कहूँगा और आपको तपस्वी कहूँगा। अगर आप यह...
- बाहर वाली जिन्दगी क्या है?... एक पेड़ है, दरख्त है। उसके ऊपर फल आते हैं, पत्ते आते हैं, फूल आते हैं, कलियाँ आती हैं, लेकिन असल में...
- बाहर शान्ति है कहाँ?... जिसको तलाश करने के लिए आप जा रहे हैं? उसने कहना नहीं माना। उसने कहा कि मैं तो तीर्थयात्रा के लिए ज...
- बिखराव को रोकने के लिए क्या करना पड़ता है?... संयम का इस्तेमाल करना पड़ता है। उसमें एक है—जीभ का संयम। अगर आप जीभ का संयम कर पाएँ तो मैं आपसे कह स...
- बिगाड़ेगा तो सबके लिए बिगाड़ेगा, लेकिन अगर अपने नियम-व्यवस्था बिगाड़ेगा तो मैं आपसे यह पूछता हूँ कि दुनिया जिन्दा रहेगी या मरेगी?... नहीं महाराज जी! हमारी मनोकामना पूरी करा दीजिए। बेटे ! तू पागल है। मित्रो! भक्त के लिए मनोकामना जैसा ...
- बिच्छू कैसे होते हैं?... बेटे, बिच्छू ऐसे होते हैं कि जब वे अपनी माँ के पेट में से जन्म लेते हैं अण्डे के रूप में, तो अण्डे प...
- बिछुआ कौन से पैर में था?... कान में जेवर किस तरह का था? उनकी साड़ी कैसी थी? बॉर्डर कैसा था? बताना तो सही।
मन जंगली हाथी...
- बिजली कहाँ पैदा होती है?... जनरेटरों में होती है। जहाँ बिजलीघर बने हुए हैं, वहाँ बड़े-बड़े विशालकाय जनरेटर चल रहे हैं और वे हजार...
- बिजली का तार लगा हो, परन्तु उसका सम्बन्ध जनरेटर से न हो तो करेण्ट कहाँ से आयेगा?... उसी तरह हमारे अन्दर अहंकार, लोभ, मोह भरा हो, तो वे चीजें हम नहीं पा सकते हैं। जो भगवान् के पास हैं।...
- बिजली की कोई शक्ल है?... नहीं, बेटे, बिजली की कोई शक्ल नहीं है। बिजली जब पंखे में चलती है, तो पंखा घूमता है। बल्ब में चलती ...
- बिजली के बल्ब में प्रकाश कहाँ से पैदा होता है?... यह जलने से पैदा होता है। गरमी से बल्ब जलते रहते हैं और गरमी से दीपक जलते रहते हैं। रोशनी किससे होती ...
- बिना मेहनत के कोई चीज कैसे पायी जा सकती है?... मेहनत-मशक्कत करने के बाद ही सारी चीजों को प्राप्त किया जा सकता है। आपको अपने प्रति कठोर तथा दूसरों...
- बिना तप किए महादेव जी प्रसन्न हो सकते थे?... बिना तप के वे प्रसन्न नहीं हो सकते। पार्वती जी ने क्या किया था? उन्होंने ‘‘नमः शिवाय’’ के साथ-साथ मे...
- बिना नहाये भला ठाकुर जी का काम किस तरीके से चलेगा और नहाये बिना हमारा भी काम कैसे चलेगा?... वस्त्रों की सफाई के बिना, पूजा-पाठ की जगह की सफाई के बिना, कमरे में झाड़ू लगाये बिना तो कोई काम नहीं ...
- बिना पढ़ी गँवार हूँ तो क्या है?... अछूत हूँ तो क्या है? क्या मैं सेवा नहीं कर सकती? बस, शबरी के मन में आया हाँ, मनुष्य की सेवा करना भ...
- बिना बियर के नहीं रह सकते?... नहीं, बिना बियर के दुनिया हमें खा जाएगी।
भूत-प्रेतों की दानवीय संस्कृति होगी हावी
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- बिना माँगे किसी को क्या पता चलेगा कि आपको क्या जरूरत है?... क्या आप जरूरत की बात नहीं कहेंगे? आप जरूरत की बात कहिए। जरूरत की बात कहेंगे तो चीजें मिल जाएँगी? हाँ...
- बिना रस्से के हम घोड़े को कैसे बाँध लेंगे?... लेकिन रस्सा आपके हाथ में है और आप यह कहते फिरें कि घोड़ा आपके हाथ में आ गया। घोड़ा खरीदने के लिए, हजार...
- बिना शर्त की सहायता करेंगे?... नहीं बेटे! बिना शर्त के कोई सहायता नहीं करता। भगवान की भी एक शर्त है। क्या शर्त है? यही कि आप भगवान ...
- बिना स्नान के आप चौके में कैसे घुस आये?... स्नान, सफाई-स्वच्छता हमारे आध्यात्मिक जीवन में प्रवेश करने की पहली वाली शर्त है। मित्रो! पहली वाली श...
- बियर पीने को न मिली तो हम क्या करेंगे स्वर्ग में?... स्वर्ग के बारे में यह बातें असत्य हो सकती हैं, पर आप में से हर आदमी यह सोचता है कि हमको स्वर्ग में न...
- बिलकुल नहीं होती और होती है, तो बेटे आगे-पीछे तो सबका ही होता है, किसका नहीं होता?... किसी का साथ होगा, किसी का साथ नहीं होगा। आपके सामने हम बैठे हैं, कितनी बड़ी जिन्दगी पार कर ली है।
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- बिलकुल पूरी नहीं हुई है और दशरथ की?... दशरथ की भी पूरी नहीं हुई। दशरथ को शाप लगा हुआ था और भगवान राम चाहते, तो बचा सकते थे, लेकिन नहीं। प्र...
- बिलकुल फरक नहीं है, रत्ती भर का फरक नहीं है, तो क्या फरक है?... क्वालिटी का फरक है। यही बात इनसान के बारे में भी लागू होती है।
इनसान में भी क्वालिटी का फरक है। ...
- बिलकुल हम पूरा करेंगे और कौन करेगा?... यह हाथ पूरा करेंगे, जो बैठे हैं। ये करेंगे और इनको करना चाहिए। नहीं साहब! हमने तो पहले ही कर लिया था...
- बिलकुल, हमारा और कोई मतलब ही नहीं था, नहीं तो हम सेंट क्यों लगाते?... हम सुपरलक्स क्यों लगाते? हम तो इसीलिए लगाते थे कि चौबीसों घण्टे यह जो बदबू निकलती रहती है, इसे किसी त...
- बिल्डिंगों का मेन्टीनेन्स क्या हो सकता है?... आप समझते हैं। बहुत खरच होता है।
ओढ़ी हुई शानदार गरीबी
मित्रो ! नालंदा विश्वविद्यालय ...
- बिल्लियाँ कहाँ से आयीं?... क्योंकि छिपकलियाँ आ गयीं थी और उन्होंने ऐसे गड़बड़ किया कि उन्हें पकड़ने के लिए बिल्ली आ गयी। फिर उ...
- बिल्ली क्यों आती?... छिपकलियाँ क्यों आतीं? कुत्ते क्यों आते? दंगा क्यों होता? और बलवा क्यों होता? और खजाने पर हमला क्यो...
- बिल्ली के गले में घंटी कौन बाँधेगा?... नहीं साहब! बिल्ली का मुँह पकड़ने की ताकत हममें नहीं है, हम नहीं पकड़ सकते। बिल्ली का मुँह नहीं पकड़ ...
- बिल्ली जब बच्चा देती है, तो क्या सड़क पर देती है?... नहीं, कोई ऐसा स्थान तलाश करती है, जहाँ कोई आदमी न हो और उसे देखता न हो। ये छिपकर करने वाले काम ह...
- बीच में कोई रोकेगा?... अब ये रुकेंगे नहीं और रोके भी नहीं जा सकते। शृंगी ऋषि के शाप को कोई हटा नहीं सकता।...
- बीज बोये बिना आप किस तरह से बगीचा लगा सकते हैं?... बीज की कीमत अपनी जगह पर है, परन्तु दूसरी चीजों की कीमत उससे कहीं ज्यादा है, जो हमारी उपासना को सार...
- बीज की औकात कितनी होती है?... राई के बराबर होती है और वह जमीन में गल जाता है। गलने के बाद में फिर देखना जमीन की दयालुता, फिर देखना...
- बीजमंत्र लक्ष्मी जी का लगाऊँ या हनुमान जी का लगाऊँ?... बेटे! चाहे जिसका लगा देना, पर यह पाठ तेरहवाँ है। सबसे पहले पहला वाला पाठ पढ़। नहीं साहब! पहला वाला प...
- बीबी अपना फर्ज पूरा नहीं करती, तो हम क्या करें?... नहीं साहब! वह कटु स्वभाव की है और हमारा कहना नहीं मानती। बड़ी ढीठ और उजड्ड है, ठीक है। समझाने की कोश...
- बीबी के मायके खबर पहुँची, तो उन्होंने कहा कि हमारी बेटी को तूने मार डालने के लिए शादी की थी क्या?... आईंदा तूने अगर ऐसी हरकत की तो बहुत दुःख पाओगे और हम अपनी बच्ची को ले जायेंगे। दुनिया भर में क्लेश पै...
- बीबी को क्या तकलीफ हो रही है?... बीबी की साँस चल रही है। क्यों साहब! इनको आपने पहलवानी की दवा नहीं दी। पहलवानी की दवा क्या होती है? प...
- बीबी से पूछते हैं कि बताइए आपकी क्या राय है, बेईमानी से पैसा कमा लें?... कोई हर्ज की बात नहीं है। सारी दुनिया कमाती है। बाल-बच्चों के काम आएगा, मकान बना लेंगे। बीबी हमको इस ...
- बीबी है, बच्चे हैं, क्या उनका उत्तरदायित्व नहीं निभाना है?... अध्यात्मवाद में यह थोड़े ही है कि उत्तरदायित्व से पलायन करें। पलायनवाद नहीं है। यह नहीं है कि यह संस...
- बीबी, जो आपके पास है और सारी जिन्दगी जो आपकी सेवा करती है, कितने पैसे में खरीदकर लाये?... जिस जमीन पर आप रहते हैं। यह जमीन कितने पैसे में खरीदी है? जिस सड़क पर चलते हैं, उस सड़क को कितने पैस...
- बीमा एजेंट के बारे में कुछ जानते हैं आप?... बीमा एजेंट काम करता रहता है। क्या करता रहता है? बीमा करा दिया, बीमा करा दिया.......। क्यों भाई साहब!...
- बीमारियाँ कौन पैदा करता है?... वायरस। नहीं, वायरस नहीं पैदा करता, वरन असंयम पैदा करता है। चंदगीराम तपेदिक के मरीज थे और उनके मरने क...
- बीमारियाँ हमारे पास क्यों आती हैं और कहाँ से आती हैं?... जर्म्स से आती हैं। नहीं बेटे, जर्म्स से नहीं आती।...
- बीमारियों की वजह से हम परेशान हैं क्या?... बीमारियों की वजह से यदि हम परेशान रहे होते, तो जगद्गुरु शंकराचार्य और विनोबा भावे, जिन्होंने लम्बी ब...
- बीमारी क्या है?... हमारे भीतर की गन्दगी की प्रतिक्रिया है। मच्छर-मक्खी क्या हैं? कीड़े क्या हैं? कुछ भी नहीं, गन्दगी की प...
- बीमारी क्यों होती हैं और इसका क्या कारण होना चाहिए?... बीमारियाँ हमारे पास क्यों आती हैं और कहाँ से आती हैं? जर्म्स से आती हैं। नहीं बेटे, जर्म्स से नहीं...
- बीमारी गरीबों के पास क्या करेगी?... मानवीय जीवन का एक ही है लक्ष्य मित्रो! मैं आपसे यह निवेदन कर रहा था कि मनुष्य के देखने के ढंग और विच...
- बीवी-बच्चों को क्या मार डालें?... इन सब बच्चों को हम छोड़ देंगे, तो बाबा जी होंगे। नहीं बच्चों को छोड़ देने वाले बाबाजियों को मैं न बनात...
- बीस दिन न जाने उन्होंने कैसे काट लिए?... जब तक टाँके नहीं कटे, उतने दिन तक फिर कलम वापस हाथ में। जितनी देर तक काम करना है, वह होगा ही। लेखन क...
- बीस लाख में भी कर्ज हो गया है?... हमारी जायदाद की नीलामी होने वाली है। क्यों, क्या बात हो गई? सारा पैसा किसमें खरच हो जाता है? खरच होन...
- बीस साल की गायत्री माता छोटे से हँस पर सवार हो जायेंगी, तो उसका क्या होगा?... बेटे वह पिचक जायेगा, उसका कचूमर निकल जायेगा। बेटे अगर तेरे पुट्ठे के नीचे हम एक हँस लगा दें तो? चल...
- बीसवीं शताब्दी योगा पर कैसे हावी हो गई है, आप वहाँ जाकर देखिए कि शराब पिए धुत पड़े हुए लोग क्या कर रहे हैं?... मेडीटेशन कर रहे हैं। भला मेडीटेशन ऐसा होता है कि आप नशा कीजिए, एकान्त में रहिए, हिप्पी बनकर इकट्ठे ह...
- बीहड़ कैसे होते हैं?... भाई साहब! बीहड़ ऐसे होते हैं, जिनमें झाड़ियाँ होती हैं, खाई-खंड्ड होते हैं। फिर वह रात को कहाँ सोया ...
- बी०ए० पास करना, एम०ए० पास करना, पी-एच०डी० की थीसिस लिखना—इन दोनों में क्या सम्बन्ध है?... बाहर से आप देखिए—कलम के द्वारा ही इम्तिहान दिए जाते हैं और कलम के द्वारा ही पी-एच०डी० के सब काम किए ...
- बुआ, चाची, मौसी?... कौन है ये? नहीं साहब! यह सिनेमा की एक्टर है। तो आपने इसे किसके लिए लगा रखा है? इससे आपका क्या ताल्...
- बुड्ढा आदमी कौन?... क्या वह जिसके बाल सफेद हो गए हैं? सफेद बालों वाला बुड्ढा होता है कहीं, वह जवान होता है। इंग्लैण्ड ...
- बुड्ढा किसे कहते हैं?... बुड्ढा उसे कहते हैं, जो आदमी थक गया हो, हार गया, निराश हो गया, टूट गया, जिसने परिस्थितियों के सामने ...
- बुड्ढा बहुत देर तक सोचता रहा कि तीस लाख किसे कहते हैं?... तीस लाख रुपये की एक रुपये सैकड़े से तीस हजार रुपया महीना ब्याज आयेगा।मैंने उनसे कहा कि आपको बीस लाख...
- बुड्ढे कौन होते हैं?... बुड्ढे वे होते हैं, जो पिछली राम कहानी कहते रहते हैं। क्या बाबा आदम के जमाने की बातें करते रहते हैं?...
- बुड्ढे से क्या मतलब है?... बुड्ढे से मतलब है- जिसकी भुजा आयु के साथ बुड्ढी हो गयी है, शरीर कमजोर हो गया है। अब हम जो काम कर...
- बुड्ढे हो गए?... बुड्ढे हो गए होगे तुम, वह बुड्ढे नहीं हैं बेटे! बुढ़ापा दूर-दूर तक नहीं है। क्यों नहीं है? कितने क्र...
- बुढ़ापा आएगा तो कैसे जवान रहेंगे?... बुढ़ापे में तो आदमी और भी अच्छा हो जाता है। सफेद बाल हो गए तो क्या हो गया? सफेद बाल होना क्या खराब बा...
- बुढ़ापा किसे कहते हैं?... और जवानी किसे कहते हैं? बचपन उसे कहते हैं जिसमें आदमी भविष्य की कल्पना करता रहता है। सोचता रहता है क...
- बुढ़िया का है?... नहीं। बाल सफेद हो गए हैं? नहीं। तो कैसा है? महाराज जी! जवान औरत का है। किसका? गायत्री माता का। हाँ ब...
- बुद्ध का इतिहास पढ़ा है ना?... इनकी परिस्थितियों में क्या खास बात थी, बताइये। कुछ नहीं थी वरन् सामान्य लोगों के बराबर अथवा उससे भी ...
- बुद्ध के पास सम्पत्ति थी?... नहीं थी। फिर आपने यह क्या सम्पत्ति-सम्पत्ति लगा रखी है। सम्पत्ति से आपके जीवन के सुख का कोई ताल्लु...
- बुद्ध के साथ कितने आदमी थे?... अकेले थे। अकेले बुद्ध ने सारी दुनिया की फिजा बदल कर रख दी थी। सात ऋषि आए थे और सातों ऋषियों ने सात द...
- बुद्ध जी मर गए?... नहीं बेटे! विवेकानन्द की मौत हो गई? नहीं, मैं समझता हूँ कि इन्हें जिन्दा होना चाहिए। हनुमान जी की मौत ...
- बुद्ध ने पूछा—क्या बात है, लड़की रोती क्यों है?... उसने कहा—पिताजी मुझे बहुत कष्ट है और बहुत दुःखी हूँ। उन्होंने कहा—बच्ची क्यों रोती है, तू बता तो...
- बुद्ध भगवान् अकेले क्या कर सकते थे?... एक अकेला चना भाड़ को नहीं फोड़ सकता। एक आँधी आती है, एक तूफान आता है, एक हवा आती है। जब आँधी आती ह...
- बुद्धि और मुक्ति क्या चाहिए, उसको मुक्ति चाहिए?... नहीं मुक्ति नहीं, बुद्धि चाहिए। बुद्धि की विशालता चाहिए भक्त को। भक्त को माँ जैसी विशालता चाहिए। भक्...
- बुद्धि मिल जाएगी?... हाँ, बुद्धि मिल जाएगी, लेकिन वह बुद्धि विनाशकारी बुद्धि होगी। वह रचनात्मक दिशा में नहीं चल सकती, क्य...
- बुद्धि से क्या फायदा?... हम तो ऐसे ही ले लेंगे। यहाँ तो अँधेरगरदी चल रही है, जो कोई खुशामद कर लेता है, उसका उल्लू सीधा हो जात...
- बुराइयाँ कम हैं क्या?... एक-से-एक दुष्ट और एक-से-एक बेईमान दुनिया में भरे पड़े हैं। तो फिर क्या करें? दुष्टों के प्रति द्वेष?...
- बुराइयाँ कहाँ हैं?... दोष कहाँ हैं? वे हमारे चिन्तन में होते हैं। बाहर दोष नहीं होते।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिल...
- बुराइयों को बरदाश्त करें?... नहीं, यह तो मैं नहीं कहता कि आप बुराइयों को बरदाश्त करें। आप बुराइयों से संघर्ष कीजिए, लेकिन संघर्ष ...
- बुराइयों को मिटाया या उनसे लड़ा नहीं जायेगा?... हाँ बेटे, बुराइयों से लड़ा जायेगा, लेकिन बुराइयों से लड़ने के भी बहुत से तरीके हैं। बुराइयों से लड़ने...
- बुढ़ापे में किसी को जवान देखा है, फिर हम कैसे जवान रह सकते हैं?... स्वयं भागदौड़ करके कैसे काम कर सकते हैं? इस भाग-दौड़ के लिए हमने नये आदमी तलाश किये हैं और उनको ही ...
- बुढ़ापे में क्या होगा?... क्या हमें कुछ पता है? मरने के बाद क्या होगा? पता ही नहीं। अभी क्या होगा? यह तक तो हमें मालूम नहीं ...
- बुढ़ापे में क्या होगा?... जो कुछ होगा, देखा जाएगा। अरे बेटे! संयम से तो रह। अरे साहब! संयम-वंयम से क्या रहें? अभी ...
- बुढ़ापे में जायेंगे तो कहाँ रहेंगे?... हमारा कुटुम्ब कहाँ रहेगा?
इसलिए विचार करते हैं—कल की सम्भावनाओं के लिए आज की व्यवस्था बनान...
- बूढ़ा आदमी हो तब क्या और जवान आदमी हो तब क्या?... बूढ़े आदमी के काम करने के तरीके अलग हैं और जवान आदमी के तरीके अलग हैं।मित्रो! विनोबा भावे अस्सी वर्ष ...
- बूढ़ा किसे कहते हैं?... बूढ़ा उसे कहते हैं जिसकी उम्मीदें खतम हो गयीं। जो थक गया, जिसने हिम्मत छोड़ दी और जिसके आगे अन्धकार भरा...
- बेअकली कहाँ है?... घर-घर फैली हुई है। गाँव-गाँव फैली हुई है। इसलिए सूरज के तरीके से घर-घर में रोशनी पैदा करने के लिए आप...
- बेईमानी का पैसा क्यों खाएँगे?... चोरी का पैसा क्यों खाएँगे? छिपा हुआ क्यों खाएँगे? आज तक हमने ऐसी कोई चीज नहीं खाई। हमने आपका एक फल भ...
- बेचारा भूल गया, गुमराह हो गया कि उसको क्या करना चाहिए था?... कहाँ चलना चाहिए था? लेकिन उसने एक मंजिल जरूरी पूरी कर ली कि व्यक्ति के अन्दर जो शक्तियाँ भरी पड़ी हैं...
- बेचारी गर्भवती स्त्री किस तरीके से क्या−क्या कर सकती है?... घर के लोगों का स्वभाव अच्छा नहीं है, दूषित है, कलुषित है तो उस स्त्री को कहाँ रखा जाए या घरवालों को ...
- बेचारी विधवा जी करके क्या करेगी?... विधवा को भी मरना चाहिए। पति के बाद फाँसी लगाकर मर जाय तो क्या? और जहर खा करके मर जाय, तो क्या? जल मे...
- बेटा कैसा होना चाहिए?... राहुल की तरह से होना चाहिए। बेटा ऐसा नहीं होना चाहिए कि बाप मरेगा, तो उसकी जायदाद हमको मिलनी चाहिए औ...
- बेटा चाहती हो न?... बस मैं तो बना- बनाया बेटा तैयार हूँ, जिसने तुम्हारे पेट में भी तकलीफ नहीं दी। तुम्हारा दूध भी नह...
- बेटा चाहते हैं, मकान और रुपया-पैसा चाहते हैं, और क्या चाहते हैं?... बस, ये ही चीजें चाहते हैं। मिट्टी चाहते हैं न? हाँ साहब! मिट्टी चाहते हैं।
तीसरी आकांक्षा क्य...
- बेटा होने से क्या फायदा है?... नहीं महाराज जी! बेटा हो जाए, इसलिए हम गायत्री माता का जप करते हैं। तेरी दृष्टि बहुत छोटी है, ओछी दृष...
- बेटी के लिए तैयारी करनी चाहिए, बेटे के लिए तैयारी करनी चाहिए, लेकिन मौत के लिए क्या तैयारी करनी चाहिए?... नहीं बेटे, मौत के लिए सब कुछ करना चाहिए।मित्रो! हमको यह शिक्षण भगवान शंकर के पूजन से मिलता है। हाँ...
- बेटी को क्यों देखा?... सिनेमा में आप क्या देखने गये थे? जब नाच हो रहा था, तो आप तालियाँ किस बात की बजा रहे थे? अगर आपकी बेट...
- बेटी तेरे बाप ले जा रहे हैं तो हम क्या कर सकते हैं?... तू यहाँ रहना चाहे तो जिन्दगी भर रह सकती है। मुहब्बत बाप-बेटी की माँ-बेटी से कम नहीं ज्यादा है। कहाँ स...
- बेटी भी परेशान हो और जमाई भी परेशान हो, तो बात कैसे बने?... राजा द्रुपद इसी फिक्र में थे कि कोई ऐसा लड़का तलाश करें, जिसका भविष्य अच्छा हो। चाहे आज की स्थिति कम...
- बेटी से मैं कैसे अलग रहूँ?... छोटी थी जब पैदा हुई थी और उसे हम गोदी लिए फिरते थे। पापा हमको ये दिखा के लाओ, वो दिखा के लाओ। भला मै...
- बेटी है तो क्या, माँ है तो क्या?... मादा-मादा सब एक सी हैं? नहीं साहब! फरक कीजिए। नहीं, हम जानवर हैं, हम क्या फरक कर सकते हैं? तब हमें क...
- बेटी-बेटा पैदा करने के लिए और दुनिया भर की बेईमानी करने के लिए हमको जिन्दगी दी?... इसके लिए नहीं, वरन किसी खास उद्देश्य और खास मकसद के लिए दी है। अगर आप सवेरे-सवेरे जीवन के स्...
- बेटे अगर ऐसा रहा होता, तो मैं पूछता हूँ कि बाजीगर लोग जो मिट्टी से रुपया बनाकर दिखाते हैं, फिर वे भीख क्यों माँगते हैं?... अगर रुपया निकालना सही था, तो उन्हें मालदार होना चाहिए था। फिर वे अमीर क्यों नहीं हो गये? नहीं महार...
- बेटे अगर तेरे पुट्ठे के नीचे हम एक हँस लगा दें तो?... चल हँस नहीं मिलेगा, तो एक कौआ लगा देंगे, कबूतर लगा देंगे, बत्तख लगा देंगे। और कहेंगे कि आ बेटे, ...
- बेटे आपको डंडे क्यों पड़ेंगे?... हम नहीं पड़ने देंगे, पर नहीं मानेंगे, तो पड़ेगा ही। धमकाती भी हैं, तो धमकाना भी पड़ेगा। इसलिए यह तो ...
- बेटे इस वातावरण में क्या होगा?... "
(क्रमश:)
परिष्कृत अध्यात्म हमारे जीवन में उतरे - ३
विगत दो कड़ियों में पूज्...
- बेटे उसी शर्त पर कर सकते हैं कि तू हमारा पैसा रिफंड करेगा?... हाँ पिता जी! स्वीकार है। उन्होंने उसके लिए भी व्यवस्था कर दी। बड़े बेटे से जो पैसा आया, उसे दूसरे क...
- बेटे और उसमें क्या फरक है?... नहीं साहब! बेटा अलग होता है और वह अलग होता है। क्यों, क्या वजह है? नहीं साहब! बेटा तो हमारा है।...
- बेटे को क्यों मिलना चाहिए?... जवाब दीजिए। समाज को जब आवश्यकता है, तो फिर समाज को क्यों नहीं मिलना चाहिए? नहीं साहब! बेटे को मिलना ...
- बेटे क्या पढ़ेगा?... स्कूल में पढ़ूँगा। अरे बेटे, यह तो बता कि तू पढ़ेगा क्या? फिजिक्स पढ़ेगा, साइंस पढ़ेगा, कॉमर्स पढ़ेगा, आर...
- बेटे तू बता तो सही कि कृष्ण जी अपनी खुशामद करने वाले को, चापलूसी करने वाले को या किसी चमचे को अपना चमचा बनाना चाहते हैं क्या?... असली यही बात है ना? हाँ गुरुजी! हम तो भगवान् का चमचा बनना चाहते हैं। बेटे! चमचे तो उनके होते हैं, कि...
- बेटे ने पिंडदान नहीं किया तब?... तब आपको क्या करना चाहिए?
मित्रो! गुरु गोलवलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी थे...
- बेटे यह कैसे हो सकता है?... ऐसा नहीं हो सकता। इसलिए आपको एक कदम आगे बढ़ाना चाहिए।
देवपूजन का शिक्षण
मित्रो! पाँच च...
- बेटे यह तो कहना-सुनना हुआ, सत्संग कहाँ हुआ?... नहीं साहब! यही तो सत्संग हुआ। नहीं बेटे, यह सत्संग नहीं हुआ।सत्संग उसे कहते हैं जिसमें किसी चीज को ग...
- बेटे यह बैटरी है और यह क्या है?... यह है—बिजली का करेंट। इसका क्या करेंगे? तेरे शरीर में करेंट छुआएँगे। अरे! मर गया-मर गया.......। यह क...
- बेटे लक्ष्मी जी दिखाई पड़ी तो तुझे कुछ रुपया-पत्ता भी दे गईं कि नहीं?... नहीं महाराज जी, दे-दिवा तो कुछ नहीं गईं। बेटे, तूने ख्वाब देख लिया है, अन्यथा यदि लक्ष्मी जी तेरे घर...
- बेटे हम कैसे उखाड़ सकते हैं?... हमको स्वयं ही नहीं आता। यह क्या है? पागलपन है, अज्ञानता है।
देवताओं के वरदान—सत्प्रवृत्तियाँ ...
- बेटे हम कैसे दे सकते हैं?... आपकी मर्जी के बिना सूरज भी आपके कमरे में नहीं घुस सकता। आपकी मर्जी के बिना हवा भी आपके कमरे में नह...
- बेटे हम क्या कर सकते हैं?... महाराज जी! आपने क्रिया-कृत्यों की महत्ता क्यों नहीं बताई? हम यही पूछने आये थे और विधि-विधान पूछने ...
- बेटे हम बताते हैं कि स्वरूप क्या हो सकता है?... गायत्री एक महिला है। कैसी महिला है? ऐसी महिला है जिसकी हुकूमत कितनी हो सकती है, आप जानते हैं? बेटे...
- बेटे, इसके इतने आशीर्वाद हैं कि देवी- देवता हमें क्या दे पायेंगे?... गणेशजी जी, शिवजी, हनुमान् जी क्या दे पायेंगे? जब वे अपनी सेवा करने वाले पुजारियों को नहीं दे पाये,...
- बेटे, तू समझता तो है नहीं कि मंत्र किसे कहते हैं?... मंत्र कहते हैं—विचारों को। तीखे वाले विचार, गहरे वाले विचार, सिद्धान्तवादी विचार, आदर्शवादी विचार,...
- बेटे, अगर तू उसको दे दे तब?... किसको? जो सौ बुढ़िया हैं, उनकी आँखों का आपरेशन कराके, तो उनका अन्धापन दूर हो सकता है और बची हुई जिन्दग...
- बेटे, अगर मैं यह कह दूँ कि तेरे और भी घट जाएँगे तो?... अरे माताजी तब तो हम आज किसी कीमत पर नहीं आते। हम तो आशीर्वाद लेने आए हैं। बेटे, आप सबके लिए भरपूर आश...
- बेटे, इसका परिणाम क्या हुआ?... हमने एक-एक पाई को इस तरीके से खरच किया कि एक पैसा भी हीरे का होता है, मोती का होता है, जवाहरात का हो...
- बेटे, इससे कैसे फायदा मिल सकता है?... अक्षरों को रिपीट कर देंगे और हमको फायदा मिल जायेगा, ऐसा नहीं हो सकता। अक्षरों को रिपीट करना काफी नही...
- बेटे, ऐसा एकाग्र मन, जैसा तू चाहता है, कैसे हो सकता है?... तूने अभी मनोविज्ञान पढ़ा नहीं है, न्यूरोलॉजी पढ़ी नहीं है, इसलिए तू बोलता रहता है कि मन एक बिंदु पर ...
- बेटे, कहाँ से देगी?... उल्टे परेशानी ही पैदा करेगी।
छः महीने का बच्चा था, मर गया। तब क्या करना चाहिए? सारे घर में शोक, ...
- बेटे, कितने दिन खायेगा?... माता जी आपका चौका सबेरे छः बजे से चलता है, उस वक्त से खाया करूँगा। कब तक खायेगा? तब तक खाऊँगा, जब ...
- बेटे, कैसे करा लेगा, बता तो सही, शरीर से क्या काम हो जाता है?... महाराज जी! मैं तो ऐसे ही नहा लेता हूँ। नहा लेता है तो तू एक बात बता कि तेरी चमड़ी के खोल में क्या-क्...
- बेटे, क्या करेंगे तेरे गाँव चलकर?... नहीं गुरुजी, आपको एक बार चलना ही पड़ेगा। अच्छा, मैं चलूँगा।मित्रो! मैंने पूछा कि कितनी दूर तेरा गाँव ...
- बेटे, क्या करना चाहिए?... यह हमारी जलालत दूर होनी चाहिए और यह गलीजत दूर होनी चाहिए और इसको परिष्कृत होना चाहिए। हमको और आपको आ...
- बेटे, क्यों नौकरी करना चाहता है?... इसलिए नौकरी करना चाहता हूँ कि वहाँ पंखे के नीचे बैठा रहूँगा, मेहनत नहीं करनी पड़ेगी और वहाँ बाबू जी...
- बेटे, खाद, पानी की जरूरत तो वहाँ भी पड़ेगी?... नहीं साहब! खाद- पानी की कोई जरूरत नहीं। मित्रो! आदमी का अन्तरंग, आदमी का व्यक्तित्व ऐसा चाहिए कि भग...
- बेटे, गुरुजी अस्सी साल की उम्र में बुड्ढे नहीं हुए, आप लोग कैसे बुड्ढे हो रहे हैं?... मुझे तो बड़ा आश्चर्य होता है कि जिससे आप जुड़े हैं, जिसको अपना गुरु कहते हैं, जिसको अपनी माँ कहते है...
- बेटे, जब तक बच्चा नहीं था, तब तक मालूम पड़ता था कि जब बच्चा आयेगा, तो जाने कौन आयेगा?... जाने रामचन्द्रजी आयेंगे, कृष्णचन्द्रजी आयेंगे, जाने श्रवणकुमार जी आयेंगे, जाने कौन-कौन जी आयेंगे।जब ...
- बेटे, जूता हम कैसे दे सकते हैं?... देवताओं के पास वे चीजें नहीं हैं, जो आप तलाश करते हैं। देवता उन चीजों को दे नहीं सकते, जो आप माँगते ...
- बेटे, तुम्हारा क्या ख्याल है?... गुरुजी! इस बच्चे पर मेरा बड़ा प्यार है। जिस तरह से छोटी वाली ककड़ी को देखकर के देखकर बच्चे के मुँह म...
- बेटे, तू तो गायत्री मंत्र लिए ही फिरता है, देवत्व कहाँ है तेरा?... देवत्व तो है ही नहीं। केवल मंत्र-ही-मंत्र रटने चला है।मित्रो! क्या करना पड़ेगा? मैं चाहता हूँ कि हम...
- बेटे, तू पैसा तो दे देगा, पर मैं कन्ट्रोल कैसे करूँगा?... इसलिए छोटा सा आश्रम बना रहे हैं, फिर उसमें आपको नम्बर से बुलाएँगे। बुलाकर आपको वही समीपता देंगे, ज...
- बेटे, तू बता तो सही कि सत्संग क्यों करेगा?... नहीं साहब! मैं तो सत्संग करूँगा? बेटे, तू पागल आदमी नहीं है, जिसे यह पता ही नहीं है कि सत्संग क्...
- बेटे, तू यह तीन चम्मच से कराता है या तीन बालटी से?... महाराज जी, मैं तो तीन चम्मच से कराता हूँ और कहता हूँ, 'स्नानं समर्पयामि।' अच्छा बता, तीन चम्मच से तू...
- बेटे, तेरी काहे की रामायण और कहाँ की भागवत्?... तू इन्हें बदनाम करता है। गायत्री को भी बदनाम करता है, सन्तोषी माता को भी बदनाम करता है। बेटे, तू बे...
- बेटे, दीपक से कैसे पकड़ सकता हैं तू भगवान को बता तो सही?... दीपक का मकसद, धूपबत्ती का मकसद समझिए, तब भगवान को पकड़ने का प्रयास कीजिए।
स्नान अर्थात् पसीना...
- बेटे, नाक में योग नहीं है, तो फिर कहाँ है?... योग, मित्रो! भावनाओं में है। विचारणा में है। भावनाओं का और विचारणाओं का परिष्कार करना वास्तव में, अस...
- बेटे, नैवेद्य कितने पैसे का लाया था?... गुरुजी, पच्चीस पैसे का लाया। था। इससे दो महीने का काम चल जाता है। दो इलायची दाने रख देता हूँ। बेटे, ...
- बेटे, नौकरी देने से क्या बन सकता है?... इससे आदमी की क्या जरूरत पूरी हो सकती है? कोई खास जरूरत पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि देना है, त...
- बेटे, पाखाने के अलावा, पेशाब के अलावा, थूक के अलावा, हड्डियों के अलावा, माँस के अलावा क्या है इसमें?... कुछ भी तो नहीं है। यह क्या चीज है? बेटे, यही है वह मूल बात, जिसे गहराई से तीसरी आँख से देखा जा स...
- बेटे, पढ़ने के बाद नौकरी करेगा या नहीं?... महाराज जी! नौकरी तो नहीं करूँगा, खेती तो नहीं करूँगा। मैं तो स्कूल में पाँचवें दर्जे में भर्ती हो ...
- बेटे, फिर तू कहाँ रहा धर्मात्मा?... तू तो पापी है, जो अपने बच्चों को मारने जा रहा है। मित्रो! आपको क्या करना चाहिए? आपको चारों ओर से अ...
- बेटे, भगवान जी तुझसे कितने बड़े हैं?... महाराज जी! बहुत बड़े हैं। बड़े हैं तो उनको रोजाना कितना चावल खिलाया करेगा? कम-से पाँच किलो चावल भगवान ...
- बेटे, भगवान में और हम में दीवार का फर्क है, जिससे भगवान हमसे कितनी दूरी पर है?... गुरुजी! भगवान तो लाखों-करोड़ों कि.मी. दूर रहता है? नहीं बेटे, करोड़ों कि.मी. दूर नहीं रहता। वह हमारे...
- बेटे, भविष्य के बारे में कोई गारण्टी नहीं कि क्या होने वाला है?... जवान बनें, वर्तमान की सोचें
मित्रो! जवान आदमी, जिम्मेदार आदमी केवल वर्तमान की बात सोचते हैं।...
- बेटे, मन क्या चीज है?... पहले यह बताइये? अन्न का परिष्कृत रूप है मन। आपका अन्न कैसा है? महाराज जी! अन्न में तो मिर्च भी ह...
- बेटे, मन भागेगा नहीं तो क्या करेगा?... भागना तो उसकी आदत है। उसकी तो बनावट ही ऐसी है, उसकी संरचना ही ऐसी है, उसकी इलैक्ट्रॉनिक संरचना ही ऐस...
- बेटे, मनुष्य जीवन की गरिमा को समझ और यह समझ कि मनुष्य को भगवान् ने इतनी कीमती चीज क्यों दी?... कीड़े-मकोड़ों को, पशु-पक्षियों को क्यों नहीं दी? मित्रो! यह जो फर्क है, इसलिए है कि मनुष्य को जो व...
- बेटे, माँगना नहीं है आध्यात्मिकता में, किसने कहा था आपसे?... नहीं साहब, अध्यात्म में सारी प्रार्थना-ही भरी है। प्रार्थना का मतलब यह नहीं है, जो आपने समझा है कि आ...
- बेटे, मुख्यमंत्रियों के कौन-कौन से नाम बता दूँ तुझे?... मुख्यमंत्री तो कई हैं। कौन-कौन से हैं? देख—एक का नाम है—रामनरेश यादव, एक का नाम है—कर्पूरी ठाकुर और ...
- बेटे, मूर्ति कहाँ गई?... उसका क्या हुआ? तीन हजार की मूर्ति तो मिली नहीं? मिलती भी कैसे, मूर्तिकला का जो अभ्यास है, वह अलग है।...
- बेटे, मेरी तो झोली अनायास ही भर गई, किससे?... जिम्मेदारियों से। इनका हम निर्वाह करेंगे। उन्होंने इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है तो इसलिए कि उसके ला...
- बेटे, मैं कैसे अलग रखूँ?... जब राखी बाँधने आती है, तब मैं कैसे कहूँ कि रहने दे। घर से जब वह विदा होती है और अपने भाई से छाती भरक...
- बेटे, मैं क्या करूँ दस हजार आदमी थे तो?... उससे मेरा कोई सम्बन्ध नहीं है। कुंभ में बारह लाख आदमी आये थे, तो मैं क्या करूँ? आप भीड़ से क्या म...
- बेटे, मैं क्या कह सकता हूँ?... आजकल के जमाने में अध्यात्म केवल मखौल बन कर रह गया है। अध्यात्म केवल दिल्लगी रह गया है। अध्यात्म केवल...
- बेटे, मैं बता दूँगा, मेरा प्राण क्यों खाता है?... नहीं साहब! कोई ऐसी विधि बताइए, कोई ऐसा जादू बताइए, जो शॉर्टकट से सिद्धि दिला सके। बेटे! जादू पीछे पू...
- बेटे, यह किसका रंग है?... यह प्रातःकालीन सूरज का रंग है। प्रातःकालीन सूरज ऐसे ही होता है, जैसा कपड़ा आप पहने हुए हैं।...
- बेटे, यह क्या कह रहा है?... गुरुजी! कोशिश कर रहा हूँ कि आपका स्वास्थ्य अच्छा रहे। मैंने एक घूँट पी लिया। पहला घूँट पीते ही मुझ...
- बेटे, यह क्या तरक्की है?... तरक्की करनी है, तो पूरी कीजिए न और फिर भगवान के मुकाबले जाइये न? सन्तों के मुकाबले पहुँचिए न। दे...
- बेटे, यह तो अपने आप हो जाता है, इसमें कौन सी बड़ी बात है?... नहीं महाराज जी! हमको नाक में से पानी निकालना सिखाइए। भगवान से मिलना सिखाइए। बिलकुल पागल आदमी है। ल...
- बेटे, यह सब मैटेरियल है, जो मैटेरियल या भौतिक चीजें हैं, उनके उपयोग का क्या उद्देश्य होना चाहिए?... साहब! भौतिक से तो भौतिक चीजें ही मिलेंगी। हाँ बेटे चरखा कातने से अठन्नी मिल सकती है। माला घुमाने से ...
- बेटे, यह साहस है, तू समझता नहीं है क्या?... आध्यात्मिकता का आधार—साहसिकता
मित्रो! यही साहस है, जो आगे जाकर के आध्यात्मिक जीवन में प्रवेश हो...
- बेटे, यही तीसरा नेत्र है तो यहीं से सब कुछ चमकता है?... बेटे, यहाँ तो केवल दो गाँठें हैं। एक का नाम है- पिट्यूटरी ग्लैण्ड और दूसरी का नाम है- पीनियल ग्लैण...
- बेटे, लौंग के जोड़े का मैं क्या करूँगा?... यह मेरे किस काम आने वाला है? तो फिर क्या चीज दूँ? मेरे पास क्या है बताइये? मैं तो साल भर आपके पास ...
- बेटे, सबके सब एक दिन इकट्ठा हो गए और फैसला करने लगे कि हम बड़े काम करके दिखाएँगे, ताकि दुनिया समझे कि दैवी सभ्यता क्या हो सकती है और दैवी सभ्यता का अनुकरण करने के लिए जोश और जीवट कैसे उत्पन्न किया जा सकता है?... विश्वामित्र जी ने वहाँ से शुरुआत की और राजा दशरथ से कहा कि आप अपने बच्चे हमारे हवाले कीजिए। उन्होंने...
- बेटे, समझ में नहीं आता, जरा दिखा तो सही, कैसी है?... आटे में लकड़ी का बुरादा मिला हुआ था, सड़े हुए अनाज मिले हुए थे। उसी को पीसकर भिखारियों को रोटी देते ...
- बेटे, समाज के प्रति हम अपने कर्तव्य को बाँट दें, तो कुछ हर्ज है क्या?... नहीं पिताजी। अगर सबको फायदा होता है, तो मुझे एक दिन बिना घी के रोटी खानी पड़े तो क्या? आप बाँट दीजिए।...
- बेटे, सही क्रिया के प्रति मैं निराशा क्यों उत्पन्न करूँगा?... मैंने क्रियाशीलता को जीवन में उतारा है। मैंने माला जपते जपते सन् १९५१ में इतना बड़ा तंत्र खड़ा किया ...
- बेटे, हम अभी भी कुछ काम करने लगें, अपनी कलम की नौकरी करने लगें, तो हमको दो हजार रुपये महीना कोई भी दे सकता है, अगर हम कलम का इस्तेमाल करें तब?... हम क्या लिखते हैं? बेटे, हम गजब का लिखते हैं।
अगर हम कुछ करना चाहें और किसी प्रकाशक के लिए लिखने...
- बेटे, हम क्या करें?... नहीं साहब! भगवान का नाम-जप बता दीजिए। भगवान का नाम लेने से तो हमारा उद्धार हो सकता है और भगवान ह...
- बेटे, हम क्या बताएँ क्या हो जाएगा?... बना करके देख जरा, नमक से बगावत पैदा होगी। नमक से? हाँ बेटे, नमक से। नमक से बगावत की बात न होती तो अं...
- बेटे, हम तो हवा में घूम रहे हैं, हमारे पैर कैसे छू सकते है?... अच्छा साहब! तो गुरुदीक्षा ही दे दीजिए। अरे भाई! हम मरने के लिए बैठे हैं, अब गुरुदीक्षा का समय चला गय...
- बेटे, हम नहीं कह सकते कि जो तेरा तीन साल का प्रमोशन ड्यू है, वह हो जायेगा कि नहीं हो जायेगा?... कितने आदमी बैठे हुए हैं—कोई रिश्वत देने वाला है, कोई आगे बढ़ाने वाला है, कोई यह कहने वाला है, कोई एफि...
- बेटे, हम नहीं जानते कि आपका क्या होगा?... चोरी करके जेलखाने चला जायेगा अथवा वकील होगा। नहीं साहब! वकील होना चाहिए। हाँ बेटे, यह भी हो सकता है ...
- बेटे, हमने तो किसी के भी तीन आँखें नहीं देखी हैं, तो शंकर भगवान की तीन आँखें कैसे आ गयीं?... नहीं महाराज जी! शंकर भगवान की तो जीन आँखें हैं। अच्छा तो तीसरी आँख काम आती है? आपको मालूम नहीं है?...
- बेटे, हवा में गायब हो जाने का अनुभव हमको नहीं है और क्या पेशाब से दिया जलाने का अनुभव आपको नहीं है?... बेटा, वो भी नहीं है। हमको जब दिया जलाना पड़ता है, तो मोमबत्ती जलाते हैं और तेल जलाते हैं। पेशाब से ज...
- बेटो, मैं चंदा नहीं करूँगा और तस्वीर भी नहीं छापूँगा क्योंकि मैं देखता रहता हूँ कि वह कशिश, वह मैग्नेट, मेरा जो शुरू हुआ था, जब मैंने लोभ का त्याग करके प्रारम्भ किया था, आखिर उसमें कोई चुम्बकत्व है कि नहीं है?... मैग्नेट है कि नहीं है? वहाँ भी मैंने ऐसे हिम्मत वाले काम कर डाले थे। वहाँ भी हजार कुण्डीय यज्ञ ह...
- बेल के पत्ते और धतूरे का फल आपके यहाँ होता है कि नहीं?... भगवान शंकर ने कहा कि अच्छा भाई! तू मेरा भक्त है, तो ला और उन्होंने धतूरे का फल खा लिया। उनको नशा...
- बेल को ऊँचा उठना हो तो क्या करना पड़ेगा?... तब उसे किसी पेड़ का सहारा लेना पड़ेगा, तभी वह पेड़ के साथ-साथ उतने ऊँचाई तक जा सकती है, जितना ऊँचा प...
- बेवकूफी किसे कहते हैं?... जैसी कि हमने और आपने अपने-अपने ऊपर अपने आप से ओढ़ ली है। नहीं साहब! माया में किसी ने फँसा दिया है। न...
- बेशक, लेकिन जिस दिन वह भगवान रामचन्द्र जी के चरणों में आया, फिर उसने डकैती डाली या नहीं?... नहीं महाराज जी! उसके बाद में एक भी डकैती नहीं डाली। नहीं भाई! ऐसा करता रहा हो कि दिन में तो माला ज...
- बेशकीमती चीजें पाने के लिए, अच्छी चीजें पाने के लिए, इज्जत पाने के लिए आपको क्या करना चाहिए?... आपको जँवाई बनना चाहिए। किनका जँवाई बनना चाहिए? भगवान् जी और किसका? साईं बाबा का और किसका आचार्य जी क...
- बैंक का सारा रुपया खा जायेगा, तब?... अमानत थी नहीं, फिर कैसे खा जाता। पकड़ा जायेगा। आदमी के पास जो ज्ञान है, जो विद्या है, बुद्धि है, वह स...
- बैंक में जमा नहीं किया?... बैंक में हमारा विश्वास नहीं है। बैंक से ज्यादा ईमानदार आदमी हमको अपने बच्चे मालूम पड़ते हैं, बेटे-पो...
- बैकवर्ड कौन हैं?... बैकवर्ड है तू। नीयत के हिसाब से और चरित्र के हिसाब से पिछड़ा हुआ आदमी, गिरा हुआ आदमी, घटिया आदमी और ...
- बैठ जा, यहाँ आ और खाना खा ले, तो नौकर को ऐसे खाना खिलाया जाता है और मालिक को?... जब अपना पति आता है, तब पंखा झलते हैं, हाथ धुलाते हैं और पैर धुलाते हैं। खाना खिलाते समय बार-बार ...
- बैरी कौन मालूम पड़ता है?... कोई नहीं, बैरी केवल हमारी अपने मन की वृत्तियाँ हैं। हम यह मान सकते हैं कि कोई शारीरिक रूप से बीमार ह...
- बैल कितने का आता है?... बैल तो एक हजार रुपये का आता है और हाथी? हाथी गुरुजी! छः हजार का आता है और घोड़ा? अच्छे घोड़े तो बहुत द...
- बैल तो एक हजार रुपये का आता है और हाथी?... हाथी गुरुजी! छः हजार का आता है और घोड़ा? अच्छे घोड़े तो बहुत दाम के आते हैं और बेटा कितने दाम का आता ह...
- बॉर्डर कैसा था?... बताना तो सही।
मन जंगली हाथी है, उसे बाँधिए
आप मान लीजिए, अगर यही सवाल अगले इम्ति...
- बोए किसने हैं?... स्वयं खुद ने बोए हैं तो निराकरण भी स्वयं ही करना होगा। मनःस्थिति बदलने से परिस्थितियाँ बदल जाएँगी। इ...
- बोर्डिंग में तो रहेंगे न?... समूह में तो रहेंगे न? कहीं भी रहेंगे, अकेले तो नहीं रहेंगे।
आप अकेले भी जहाँ कहीं रहते हैं, वह आ...
- बोल दे देंगे?... नहीं। हनुमान जी के पास जा और हनुमान जी से कहो कि हे हनुमान जी! हमारे बच्चा पैदा कर दो, हमारी शादी कर...
- बोलकर सिखा दो और बता दो कि पहले क्या कहोगे?... ऐसा मत कहना कि हम कुछ और कहने आए हैं और तुम अपना नमक-मिर्च लगाकर कहने लगो। हम जो बात कहना चाहते है...
- बोलना किसको आता है?... किताबें कौन पढ़ सकता है? वगैरह आपको इतनी सुविधाएँ मिली हुई हैं आप कभी एकान्त में बैठकर के विचार करें ...
- बोलने में वाणी की कितनी शक्ति खर्च हो जाती है, आपको मालूम है?... नहीं बोलने में कितनी शक्ति खर्च होती है, यह आपको पता ही नहीं है।
मित्रो! आपने देखा होगा कि मरते ...
- बोले हमें क्या मालूम किसका है?... होगा किसी का, हमें क्या मतलब? हम तो हर गाने को अध्यात्म से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा—मेरे पैरों में घ...
- बोले—हमारा तो बोनस, प्रोविडेंट फंड मिला करके 80,000 रुपया मिल जाएगा और पेंशन?... पेंशन भी चार-पाँच सौ रुपये की मिल जाएगी।
बेटा! अच्छी बात है। यह क्या है? बेटे! यह तुक्का है। एक ...
- बोलो क्या करेगा वह तुम्हारा गुलाब ले करके?... भगवान को गुलाब समर्पित करने का मतलब उसकी किसी जरूरत को पूरा करना नहीं है, बल्कि अपने मन के ऊपर एक छा...
- बौने आदमी और बच्चों की चिन्ता क्या हो सकती है?... बच्चा हरदम कुछ न कुछ माँगता रहता है कि कुछ लाइये। क्या माँगता है? कोई अच्छी चीज माँगता है। पिताजी!...
- ब्याज क्या होता है?... बेटे, ब्याज वह धन होता है, जो आपके जमापूँजी पर आठ-दस प्रतिशत के हिसाब से अतिरिक्त रूप में मिलता है। ...
- ब्याह तो करना चाहिए लेकिन ब्याह किससे किया जाता है?... इसका नाम है—धर्मपत्नी। ब्याह रमणी से नहीं किया जाता। अगर आपने किसी रमणी से ब्याह किया है, कामिनी से ...
- ब्याह-शादी में ठहरने वाले लोग कौन हैं?... भूखे हैं? भिखारी हैं? दरिद्र हैं? दुखी हैं? कंगाल हैं? कोढ़ी हैं? नहीं साहब! ये तो नहीं हैं तो फिर क...
- ब्रह्म किसे कहते हैं?... ब्रह्म उसे कहते हैं जो सारे-के-सारे विश्व का नियंत्रण कर रहा है। सारे-के-सारे कानून बना दिए हैं और ऑ...
- ब्रह्म क्या होता है?... जीव क्या होता है? नहीं साहब! हम दिमाग का शिक्षण करेंगे। मित्रो! यह दिमाग की कोई शक्ति नहीं है। यह ...
- ब्रह्मलोक को भी खुराक चाहिए?... हाँ बेटे! ब्रह्मलोक को भी खुराक चाहिए। खुराक कहाँ से मिलती है? उसी की बात मैं कह रहा था। दीपक की लौ ...
- ब्रह्मवर्चस कैसा है?... वह ब्रह्मवर्चस जिसकी स्थापना कराने के लिए हम आपको ले जाते हैं, पूरा कराने के लिए आपको ले जाते हैं।...
- ब्रह्मवर्चस एक, ब्रह्मवर्चस में कितने आदमी काम करते हैं?... वे क्या हैं? आठ-दस तो वे हैं, जो पोस्ट ग्रेजुएट हैं, पी. एच.डी. हैं, मेडिकल के एम. बी. बी. एस. हैं, ...
- ब्रह्मवर्चस में शोधकर्ता कौन है?... शोधकर्ता बेटे! कई हैं, जिनमें एक अमुक है, एक अमुक है.....॥ कितने आदमी हैं? बहुत सारे हैं। कोई म...
- ब्रह्मवर्चस् के माध्यम से हम आपको यह सब बतलाने वाले हैं कि पंचकोशी साधना क्या होती है?... इसका पंचमुखी गायत्री से क्या सम्बन्ध होता है?हमारे मन के भीतर चमत्कारी शक्तियाँ भरी पड़ी हैं। मन के अ...
- ब्रह्मा जी कहेंगे या गुरुजी कहेंगे?... नहीं साहब! हम ज़बान से मंत्र बोलते हैं। बेटे, जबान से बोलने वाले मंत्र की कोई कीमत नहीं है। जबान...
- ब्रह्माण्ड क्या है?... बेटे, यही है ब्रह्मलोक, जिसे हम सहस्रार चक्र कहते हैं। इसी में क्षीरसागर है। इसी में कैलाश पर्वत है।...
- ब्रह्मानन्द कैसा होता है?... भगवान् के भजन में कैसा आनन्द आता है। इसका उदाहरण वेदों में मिलता है। लोगों ने कहा कि भगवान् के यहाँ ...
- ब्राह्मण के अलावा?... ब्राह्मण के अलावा किसी की भी नहीं है। ब्राह्मण के अलावा इस पर अधिकार तो सबको है, पर इसका अनुग्रह न...
- ब्राह्मण आप किसे कहते हैं?... ब्राह्मण मैं आप सबको कहता हूँ। क्यों कहते हैं? इसलिए कहता हूँ कि सिद्धान्त के लिए, आदर्शों के लिए, आद...
- ब्राह्मण कहाँ से लायें?... हम ज्ञानी कहाँ से लायें? पण्डित कहाँ से लायें? वे व्यक्ति जिनके भीतर आध्यात्मिकता का प्रकाश आ गया ह...
- ब्राह्मण की क्यों बनाई?... इसलिए बनाई कि पुराने जमाने के राजपूत ब्राह्मणों से मारपीट नहीं करते थे। उनके सामने हाथ जोड़ते थे, मार...
- ब्राह्मण के चरण धोएगा भगवान?... हाँ, ब्राह्मण के चरण धोएगा भगवान। महाभारत में एक कथा आती है। एक बार ऐसा हुआ कि विष्णु भगवान शेषशैय्य...
- ब्राह्मण कैसे होते हैं?... ब्राह्मण ऐसे होते हैं, जैसे ईश्वर चन्द्र विद्यासागर। ईश्वरचन्द्र विद्यासागर को पाँच सौ रुपये महीने...
- ब्राह्मण कौन है?... जो किफायतसारी जीवन जीता हो। अगर आप ब्राह्मण हैं, तो हम आपके खर्चे की व्यवस्था कर सकते हैं। आप आगे ...
- ब्राह्मण कौन होता है?... ब्राह्मण उसे कहते हैं जो अपने व्यक्तिगत जीवन के लिए खरच करने के सम्बन्ध में किफायत बरतता है। ब्राह्मण ...
- ब्राह्मण क्यों बन गए?... जब भगवान् को जानते थे कि वे भगवान् हैं, तो फिर ढोंग काहे को बनाया? चले जाते और कहते कि हम हनुमान हैं...
- ब्राह्मण जीवन किसे कहते हैं?... किफायतसारी जीवन को कहते हैं। ब्राह्मण उसे कहते हैं जो अपना खर्च कम से कम में चला सकता हो तथा अधिक ...
- ब्राह्मण जीवन क्यों है?... गायत्री की शक्ति किसके ऊपर उतर कर आती है? ब्राह्मण के ऊपर आती है। ब्राह्मण कौन होता है? ब्राह्मण उसे...
- ब्राह्मण हैं कि राक्षस हैं?... उनके मुँह में ग्रास कैसे चला जाता है कि माँ तो रो रही है और वे खा रहे हैं, वे मिष्टान्न खा रहे हैं, ...
- ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया, कायस्थ कौन हैं?... आपको मालूम नहीं, हमको मालूम है। आपको कैसे मालूम पड़ा? हमको तो कबीर ने बताया और उनकी बात पर हमको विश्...
- ब्राह्मणत्व किसे कहते हैं?... जिसके हृदय में करुणा है, दया है, जो दूसरों के दुःखों को, कष्टों को देख करके पसीज जाता है। अपने देश...
- ब्राह्मणत्व की क्या मान्यतायें हैं?... ब्राह्मणत्व की दो मान्यतायें हैं—एक तो आदमी को चरित्र की दृष्टि से पवित्र और शुद्ध होना चाहिए। म...
- ब्राह्मणों ने भला किया है, सन्तों ने भला किया है?... ब्राह्मणों की वाणी में, सन्तों की तपस्या में बल होता है। आपको इसी प्रकार कोई मिल जाएगा तो आप नास्त...
- ब्रुश से क्या बनता है?... तस्वीरें बनती हैं, पेंटिंग बनती हैं। अच्छा चलिए, हम आपको एक ब्रुश जैसा भी आप चाहे, मँगा सकते हैं और ...
- ब्लैकबोर्ड हमारे पास नहीं होंगे, खड़िया हमारे पास नहीं होगी तो हम आपको गणित कैसे सिखा पाएँगे?... जरा आप बताइए तो सही। नक्शा अगर हमारे पास नहीं है तो हम किस तरीके से आपको सड़क दिखा पाएँगे? अथवा आपको...
- ब्लैकमेलिंग करते हैं ना?... हमारा काम कर दीजिए नहीं तो हम रोटी नहीं खायेंगे। अच्छा, तो आप यही तप कर रहे थे? तप करने का आपका यह...
- बड़ा आया मनोकामना वाला?... भगवान् की मनोकामना तुझे पूरी करनी चाहिए कि तेरी भगवान को करनी चाहिए? नहीं साहब! भगवान् को मेरी मनोका...
- बड़ा जबरदस्त था?... गान्धारी ने आँखों में पट्टी बाँध ली थी। क्यों बाँध ली थी? बुड्ढे आदमी के साथ हमारा ब्याह हुआ है ...
- बड़ी परेशानी में बैठे हुए थे और विचार कर रहे थे कि पैसा कहाँ से आयेगा?... पैसा कहीं से नहीं आयेगा। पैसा हमारे हाथों से निकलता है और अकल में से निकलता है। नहीं साहब! पैसा...
- बड़े हैं तो उनको रोजाना कितना चावल खिलाया करेगा?... कम-से पाँच किलो चावल भगवान जी को रोज खिलाया कर। गणेश जी को पूजता है, तो कम-से पाँच किलो लड्डू खिला। ...
- बड़ों के साथ आपका व्यवहार कैसा हो?... बराबर वालों के साथ आपका व्यवहार कैसा हो? मिल-बाँटकर खाने में कैसा आनन्द आता है, इसको आप समझें।
...
- भक्त इतना मजबूत होता है?... हाँ, भक्त . इतना ही मजबूत होता है, जो भगवान के ऊपर दबाव डालता है। भक्त कहता है कि हमारा 'ड्यू' है, आ...
- भक्त ऐसे हो सकते हैं?... ये ही वैकुंठ में जाएँगे क्या? भोलेनाथ! आपने तो मेरी भी दुर्गति करा दी। यह आपने क्या किया? उन्होंने क...
- भक्त ऐसे होते हैं?... नहीं, भक्त ऐसे नहीं होते।
बगदाद की जमीला
मित्रो! भक्त वजनदार होते हैं, भारी-भरकम होत...
- भक्त कहता है कि हमारा 'ड्यू' है, आप हमारी सहायता क्यों नहीं करते?... और वह देवता से, भगवान से लड़ने के लिए आमादा हो जाता है। वह कहता है कि क्या वजह है कि आप हमारी सहायता...
- भक्त काहे का जो चाहेगा?... भक्ति किस बात की, जिसमें चाहा जाता है? चाहना और भक्ति का कोई ताल्लुक नहीं है। साहब! हम तो प्यार ...
- भक्त की यह कसौटी है कि उसका अन्तःकरण कैसा है?... मलिनताओं से भरा हुआ है अथवा उसका एक सन्त जैसा हृदय है। तो सन्त का हृदय कैसा होता है? सन्त का हृदय बह...
- भक्त के भीतर मनोकामना बैठ गई तो फिर भक्ति कैसे आ जाएगी?... भक्ति आएगी तो मनोकामना नहीं रहेगी और मनोकामना आ जाएगी तो भक्ति नहीं रह सकती।
नारद मोह
...
- भक्त शब्द में क्या हो सकता है?... भक्त शब्द के साथ में एक और जिम्मेदारी जुड़ी हुई है। उसमें भगवान की इच्छाएँ पूरी करने की बात जुड़ी रह...
- भक्ति और मनोकामना भक्त की जिन्दगी में एक साथ कैसे हो सकती हैं?... भक्त के भीतर मनोकामना बैठ गई तो फिर भक्ति कैसे आ जाएगी? भक्ति आएगी तो मनोकामना नहीं रहेगी और मनोकामन...
- भक्ति किस बात की, जिसमें चाहा जाता है?... चाहना और भक्ति का कोई ताल्लुक नहीं है। साहब! हम तो प्यार करते हैं। आप किसको प्यार करते हैं? साहब! ...
- भक्ति किसे कहते हैं?... भक्ति मोहब्बत को कहते हैं। अब मैंने ‘भक्ति’ का नाम लेना बन्द कर दिया है। क्यों? क्योंकि भक्ति अब ...
- भक्ति के चमत्कार कभी आपने सुने हैं?... आपने भक्ति के चमत्कार देखे हैं? न तो आपने देखे हैं और न आपने सुने हैं। आपने तो सिर्फ कहानियाँ सुनी ह...
- भक्ति के लिए आपको अपने जीवन में किन सिद्धान्तों का समावेश करना चाहिए?... गायत्री के अक्षरों में- उनकी स्वयं की संरचना में ये सारी की सारी शिक्षायें भरी हुई हैं। इनका आप अप...
- भक्ति को आप ऐसा ही प्यार कहना चाहते हैं?... आप भगवान का ईमान खराब करेंगे, ताकि सृष्टि की व्यवस्था के लिए उसने जो मर्यादा, नियम, कायदे और कानून...
- भक्ति को बदनाम क्यों किया?... भक्ति को बदनाम करना मुझे नापसन्द है।
आप पूजा करें, अपने आप को पुजारी कहें, मुझे स्वीकार है। हम पु...
- भक्ति हो जाए तो क्या?... विद्या हो जाए तो क्या? उससे कोई खास फायदा नहीं हो सकता है। इसलिए मैं आपसे एक निवेदन कर रहा था कि हमक...
- भक्तों की श्रेणी मैं आपको कहाँ तक गिनाऊँ?... उनको कहाँ तक गिनाऊँ, जिन्होंने तप भी किया है और वरदान भी पाया है। फिर सब स्वाहा हो गए। जिसमें रावण भ...
- भक्तों के पीछे पड़ा है, कब?... जब उसने गंगाजल जैसा पवित्र और निर्मल अपने को बना लिया है, फिर तो भगवान को आना ही पड़ेगा। भगवान की क्...
- भगत सिंह मरेगा?... नहीं, कभी नहीं मरेगा। कौन मरेगा? तू मरेगा, लेकिन भगतसिंह नहीं मर सकता। उसने समय को पहचान करके उस...
- भगवान की पूजा करने के लिए मैं किससे मना करता हूँ?... पूजा करने से मेरा कोई विरोध नहीं है। पूजा का मैं समर्थक हूँ और पूजा की मैं शिक्षा देने वाला हूँ। ल...
- भगवान की प्रसन्नता के लिए, भगवान पर एहसान जताने के लिए, भगवान के कर्ज-ऋण चुकाने के लिए क्या हम कुछ कर सकते हैं?... क्या कर सकते हैं। एक काम कर सकते हैं कि भगवान की इस खूबसूरत दुनिया को सुन्दर बनाने के लिए, समुन्नत...
- भगवान के आदमी हैं आप?... हाँ साहब! हम भगवान के आदमी हैं और आप संसार के आदमी हैं। कभी ‘हरिजन’ शब्द बहुत अच्छा था। हरिजन शब्द...
- भगवान आपका कौन है?... भगवान आपका ‘ख्वाहमख्वाह’ है। उसके लिए आपका मन कैसे लग सकता है? आपका मन नहीं लग सकता।इसलिए मित्रो! ...
- भगवान आपके घर में सेवा-सहायता करने के लिए आते हैं कि नहीं?... ऐसी है साधना, जिसको मैंने किया। मैं चाहता हूँ कि आपमें से हरेक आदमी को उसी तरीके से साधना करनी चाहिए...
- भगवान इन्हें तार देते हैं?... बिलकुल तार देते हैं। कैसे? तार देने का एक ही तरीका है कि आदमी चौंक पड़ता है और अपनी जिन्दगी की दिशाएँ...
- भगवान उसे कहते हैं, जो हुक्म चलाता है, जो निर्देश देता है और भक्त उसे कहते हैं, जो भगवान के आदेशों को, आदर्शों को स्वीकार करने के लिए अपना कदम आगे बढ़ाता है और तू क्या करता है?... महाराज जी! हम तो मनोकामना पूरी करा लेना चाहते थे। मनोकामना पूरी कराने की मंशा लेकर के तू गलती करता ह...
- भगवान ऐसा है?... हाँ भगवान ऐसा है।इसलिए अगर दो बातें आपके ध्यान में बनी रहें कि भगवान हर एक के भीतर जमा हुआ है, इसल...
- भगवान कहता है कि निकाल तेरे पास कहाँ है?... हम दोनों अपने-अपने चाकू लिए हुए हैं, तलवार लिए हुए हैं, छुरे लिए हुए बैठे हैं। कब किसका सिर काट डाले...
- भगवान कहाँ मिलेगा?... बेटे कहीं नहीं मिलेगा! तो भगवान किसी को भी नहीं मिल सकता है? हाँ, भगवान किसी को भी नहीं मिल सकता हैं...
- भगवान कहाँ रहता है?... भगवान के पास हम किस तरीके से जाएँगे? भगवान में किस तरीके से लय होंगे? भगवान व्यापक है और भगवान विभु ...
- भगवान कहाँ सो गया?... उन्होंने भगवान विष्णु के सीने पर लात मारी। विष्णु भगवान उठे और उनके पावों को धोया। कहा—गुरुदेव! आपके...
- भगवान कहाँ है, बताइए जरा?... साहब! भगवान वहाँ मन्दिर में बैठा हुआ है। बेटे! मन्दिर में एक खिलौना रखा है। यह छोटा-सा हिस्सा ही है, स...
- भगवान कहाँ है?... वह रखा तो है चौकी पर और उसी के पास बैठने को उपासना कहते हैं। नहीं बेटे ! वह भगवान स्थूल है, जो हमारी...
- भगवान कहीं ऐसा होता है?... भगवान ऐसा होता है, भगवान वैसा होता है। जो भी हो, यह भगवान नहीं हो सकता। कौए ने क्या किया? कौए ने सोच...
- भगवान का अनुग्रह आपको मिल जाएगा?... मैं सोचता हूँ कि तब भगवान आपको नहीं मिलना चाहिए, क्योंकि आपके अन्दर न करुणा है, न आपके भीतर सदाशयता ह...
- भगवान का अनुग्रह प्राप्त करने के अधिकारी हम कैसे हो सकते हैं?... मित्रो, ये सारे-के-सारे घटनाक्रम हमारे सामने हैं। आज तक के मेरे जीवन के घटनाक्रम आपके सामने हैं। प्र...
- भगवान का क्या काम होता है?... भगवान का काम यह होता है कि उनने अपनी इस खूबसूरत दुनिया को बनाया और यह उम्मीद की कि हमारा कोई बड़ा बे...
- भगवान का ढकोसला देखना हो तो आप जाइए और देखिए, कैसे-कैसे ढकोसले होते हैं?... एक दिन भगवान जी शबरी से बात कर रहे थे। शबरी जी! हम बहुत भूखे हैं और हमको आप खाना खिला दीजिए? शबरी ने...
- भगवान का नाम?... हाँ, भगवान का नाम भी लेना चाहिए, पर भगवान का नाम चौबीस घण्टे नहीं लिया जाता। एक घण्टे लो, दो घण्टे लो, ...
- भगवान का भजन करने का मन आपका कहाँ है?... मन हो तो न, भगवान के भजन में लगे। आपके पास जब मन ही नहीं है, तो भगवान के भजन में कैसे लगेगा। मन तो...
- भगवान का मन क्या है?... भगवान का मन यह कि वे माँगते हैं। जो कोई भी सामने आता है, हर एक से माँगते हैं। किसको दें किसको नहीं द...
- भगवान का विश्वास, जिसको मैं क्या कहता हूँ?... ईश्वर की भक्ति कहता हूँ। ईश्वर की भक्ति के दो रूप हैं। पहला वाला रूप यह है जो कि पूजा और पाठ के ...
- भगवान का स्मरण भक्त नहीं करता, पर कब करता है?... जब वह भगवान का स्वरूप हो जात है, ‘लाली मेरे लाल की जित देखूँ तित लाल। लाली देखन मैं चली, मैं भी हो ग...
- भगवान का स्वरूप कैसा होना चाहिए?... इस बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको यह जानना होगा कि भगवान सत्, चित् और आनन्द है। प्रकृति...
- भगवान किस तरीके से दिखाए जाएँगे?... उन्होंने कहा—‘‘दिव्यं ददामि ते चक्षुः पश्य मे योगमैश्वरम्।’’ मैं तुम्हारे लिए, दूसरी आँखें दूँगा। नय...
- भगवान किस रूप में काम करता है?... आदर्शों के रूप में। सुप्रीम सत्ता हमारे भीतर किस तरह से काम करती है? आदर्शों के रूप में, आस्थाओं के ...
- भगवान किसके साथ होते हैं?... उसके साथ होते हैं जो बड़े कामों के लिए समर्पित हो जाते हैं। बड़े कामों के लिए अब हम आप से अलग हो रहे...
- भगवान किसे कहते हैं?... आदमी के भीतर एक ऐसी प्रेरणा है, जो आदमी को उठा देती है, वही भगवान है। जो व्यापक भगवान है, उसको तो बे...
- भगवान किसे कहते हैं?... बेटे, उच्चस्तरीय मनुष्यों का नाम भगवान है। एक- एक कला के अवतार हम और आप सब हैं, परन्तु भगवान के अव...
- भगवान की इनसान से क्या अभिलाषा है?... भगवान की यह अभिलाषा है कि उसकी सुंदर दुनिया को ज्यादा समुन्नत और ज्यादा शानदार बनाने के लिए उसका बड़...
- भगवान की और बिना भगवान की परख हम कैसे करेंगे?... मुसलमान कहते हैं कि हम कैसे मानें कि वे भगवान थे कि नहीं थे? ईसाई भी नहीं मानते कि रामचन्द्र जी ...
- भगवान की कीमत हम चुका सकते हैं?... हाँ, आप! भगवान की कीमत चुका सकते हैं। आपके पास इतना धन है कि आप चाहें तो भगवान को मजे में खरीद सकते ...
- भगवान की कृपा जिसके साथ हो, जिसके साथ भगवान जुड़ा हुआ हो, उसके अन्दर कषाय-कल्मष रह सकते हैं क्या?... नहीं, रह सकते।
यदि उपासना करनी है, भगवान से जुड़ना है, भगवान की जो सम्पत्तियाँ हैं, उनके अधिकारी ...
- भगवान की क्या मजाल जो नहीं आएगा, भगवान को आना पड़ेगा?... मीरा के दरवाजे पर स्वयं भगवान कृष्ण आए थे। आपके पास आएँगे? बेटे! शक है कि आएँगे कि नहीं आएँगे, पर मी...
- भगवान की नाक काट रहा था और ये क्या कर रहा था?... भगवान की गरदन को ऐसे-ऐसे कर रहा था। मैंने कहा—अरे बाबा! ये तो भगवान हैं और तू भगवान की गरदन को घिस र...
- भगवान की पहचान क्या है?... खाना सब दिन खाओ और टट्टी न करो। एक महात्मा जी आए, जिन्होंने गोरक्षा आन्दोलन के बारे में अनशन शुरू कर ...
- भगवान की भक्ति आपके जीवन में कैसी है?... अपनी जिन्दगी में भगवान की भक्ति उतार कर दिखाइये, फिर हम आपके पीछे पीछे चलेंगे। गाँधी जी ने अपनी जिं...
- भगवान की भक्ति किसे कहते हैं?... लोग समझ ही नहीं सकेंगे। व्यक्तित्व और चरित्र का विकास-उत्थान करने के लिए कोई रास्ता खुल ही नहीं सकेग...
- भगवान की मदद क्या हो सकती है?... भगवान कोई व्यक्ति नहीं है, जिसको आप खाना खिलाएँगे, पानी पिलाएँगे, कपड़ा पहनाएँगे। आपके कपड़े की भगवा...
- भगवान की सहायता किसको मिली?... जिनके पास कलेजा और हृदय है। आपके पास हृदय है कहीं? जरा अपनी छाती पर हाथ रखकर देखें।...
- भगवान की सिद्धि किसे कहते हैं?... जिसे हम दैवी अनुग्रह कहते हैं। हाँ, दैवी अनुग्रह भी आते हैं। दैवी अनुग्रह हो सकते हैं? हाँ बेटे, दैव...
- भगवान की सृष्टि का जो क्रम है उस व्यवस्था को आप गलत करना चाहते थे?... हाँ साहब! यही चाहता था कि कम से कम हमारे लिए भगवान अपने कायदे-कानून, नियम-व्यवस्था सब बिगाड़ दे।...
- भगवान के उद्देश्यों और आदर्शों पर नहीं चलते हैं, तो क्या हुआ?... अगर कोई यह कहने लगा तो मैं उसे गलतफहमी में पड़ा हुआ आदमी कहने लगूँगा।मित्रो! आप लोग हरेक से कहना कि...
- भगवान के इशारे क्या होते हैं?... हमें पता नहीं, हम तो भगवान को अपने इशारे पर चलाना चाहते हैं। क्या भगवान हमारा नौकर है? साथियो! भगवान...
- भगवान के दरबार में सब अपनी-अपनी अर्जियाँ ले करके खड़े थे कि बाप ने उनके साथ बेइंसाफी क्यों की?... और एक जीव के साथ पक्षपात किया, और उस जीव का नाम है—इनसान।...
- भगवान के पास हम किस तरीके से जाएँगे?... भगवान में किस तरीके से लय होंगे? भगवान व्यापक है और भगवान विभु है। सबमें समाया हुआ है। उसका दृष्टिको...
- भगवान के बेटे के सामने समस्याएँ क्यों?... साधारणतः आदमी बीमार पड़ जाता है क्यों? जंगलों में घूमने वाले जानवर क्यों बीमार नहीं पड़ते? आदमी और आ...
- भगवान के माहात्म्य गलत हैं?... नहीं, बिलकुल सही हैं। भगवान हमेशा आते रहे हैं। उन्होंने कौरवों की सभा में चीर-हरण के समय द्रौपदी की ...
- भगवान के रास्ते पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को हम देखते हैं और यह मालूम करने की कोशिश करते हैं कि आखिर भगवान के भक्तों को माला घुमाने के सिवाय भी कुछ काम करना पड़ा है क्या?... नाक से प्राणायाम करने, तिलक लगाने के अलावा भी कुछ करना पड़ा है क्या? नहीं बेटे, कुछ और भी करना पड़ा ...
- भगवान के साथ योग करने से पहले क्या करना चाहिए?... इससे पहले योग करना मैं सिखाऊँगा। किसके साथ योग किया जाता है? यह बताने से पहले मुझे यह समझाना होगा कि...
- भगवान के साथ योग साधने के लिए भगवान के साथ क्या करना पड़ेगा?... बेटे, मिलना पड़ेगा, घुलना पड़ेगा। जब दोनों आपस में मिल जाते हैं, घुल जाते हैं, तो दोनों की स्थिति और...
- भगवान कैसा हो सकता है और भगवान को कैसा होना चाहिए?... इसका एक मूर्तिमान नमूना बना करके भगवान ने अपना साकार नमूना छोड़ा है और वह है—इंसान।
इंसान के भीतर ...
- भगवान कैसा होना चाहिए?... इसके लिए मैनें दो शब्दों का इस्तेमाल किया है और वो शब्द मुझे बहुत प्यारे हैं। कौन-कौन से वो शब्द हैं...
- भगवान कैसे मिल गया होता?... ईसामसीह से एक आदमी ने पूछा—‘‘आपने भगवान को देखा है?’’ उन्होंने कहा—हाँ, हमने देखा है। आप हमको दिखा स...
- भगवान कैसे हैं?... भगवान कैसे हो सकते हैं? भगवान दिखाई तो नहीं पड़ते। भगवान को हम कहाँ ढूँढ़ने जाएँ! भगवान को हम किस तर...
- भगवान कैसे हो सकते हैं?... भगवान दिखाई तो नहीं पड़ते। भगवान को हम कहाँ ढूँढ़ने जाएँ! भगवान को हम किस तरीके से देख पाएँ? भगवान क...
- भगवान को हमारी शरण में आना चाहिए?... नहीं बेटे, भगवान को आपकी शरण में नहीं आना चाहिए, वरन् आपको भगवान की शरण में जाना चाहिए। आप मानिए भ...
- भगवान को इतनी जगह की क्या जरूरत है?... भगवान को चाहो तो एक कोने में बिठा दो, तो भी वे मौज करेंगे। भगवान को इतने बड़े भव्य निर्माण से क्या ल...
- भगवान को इतने बड़े भव्य निर्माण से क्या लेना-देना?... उनके लिए तो इतना बड़ा आसमान विद्यमान है।...
- भगवान को क्या अर्थ मालूम?... जो हम कह देंगे, सोई समझ जाएगा। नहीं बेटे! भगवान बहुत अकलमंद आदमी का नाम है। जो आप जीभ से कहते हैं, ...
- भगवान को क्या खरीदा जा सकता है?... हाँ, भगवान को खरीदा जा सकता है, यदि भक्त में वे भावनाएँ हों, वे निष्ठाएँ हों और वह श्रद्धा का बीज हो...
- भगवान को क्या पसन्द है?... उसके सारे के सारे कायदे- कानून एक बात पर टिके हुए हैं और उसका नाम है- न्याय। खुशामद पर टिके हुए नह...
- भगवान को जब देखा नहीं, तो हम उससे बात कैसे कर सकते हैं?... इसलिए हमने अपनी श्रद्धा का एक केन्द्रबिंदु बना रखा है और वो है—हमारा 'बॉस,' अपना 'मास्टर'। जब पत्थर क...
- भगवान को जब हम माता के भाव से मानते हैं तो क्या देते हैं भगवान हमको?... स्नेह देते हैं, हमको करुणा देते हैं, हमको दयालुता देते हैं और हमको श्रद्धा देते हैं।
निराकार...
- भगवान को दिया जाता है कि लिया जाता है?... नहीं साहब! भगवान जी के पास जाऊँगा और लेकर आऊँगा। क्या लेकर आएगा? साड़ी लेकर आऊँगा, धोती लेकर आऊँगा, ...
- भगवान को पाने के लिए क्या करना चाहिए?... कुछ नहीं करना चाहिए। तप करना चाहिए? हाँ, तप कर सकते हैं। तप कैसे कर सकते हैं। तप करने का मतलब ब्लै...
- भगवान को फल खिलाती है या छिलके खिलाती है?... भगवान ने कहा- विदुर जी! आप हमारे और अपनी धर्मपत्नी के बीच में न बोलें। यहाँ मोहब्बत खायी जा रही है...
- भगवान को भौतिक बनाने से क्या मतलब है?... भौतिक से मतलब यह है कि एक इनसान एक आदमी जैसा होता है, भगवान का स्वरूप भी एक आदमी जैसा बना दिया गया। ...
- भगवान को हम किस तरीके से देख पाएँ?... भगवान को देखने की मनुष्य की इस इच्छा का समाधान ऋग्वेद के इस पहले वाले मंत्र में किया गया है। जब हम भ...
- भगवान को हमने देखा नहीं है और कभी-कभी मन कच्चा हो जाता है कि भगवान न हुआ तो?... भगवान को जब देखा नहीं, तो हम उससे बात कैसे कर सकते हैं? इसलिए हमने अपनी श्रद्धा का एक केन्द्रबिंदु बन...
- भगवान कौन सा बनिया है?... देख बेटे! भगवान-पोरवाल, पालीवाल, खंडेलवाल, अग्रवाल, जायसवाल, इन्हीं में से है। है तो बनिया और व्यापा...
- भगवान कौन सी जाति का है, मालूम है आपको?... ये कौन हैं? ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया, कायस्थ कौन हैं? आपको मालूम नहीं, हमको मालूम है। आपको कैसे मालूम ...
- भगवान क्या इनसान के रूप में आएँगे?... नहीं, इनसान के रूप में नहीं, मच्छर के रूप में आएँगे, क्योंकि यह जीव, यह प्राणी जिस स्तर का है, उसी स...
- भगवान क्या करेंगे फूल का?... चन्दन-सी सुगन्धि एवं प्रकाशवान जीवन
मित्रो ! भगवान जी को चन्दन हम इसलिए लगाते हैं कि हमारी जिंद...
- भगवान क्या चाहते हैं?... सिर्फ एक ही चीज चाहते हैं कि उस भगवान की दुनिया को सुंदर और समुन्नत बनाने के लिए, खुशबूदार बनाने क...
- भगवान क्या चीज है?... भगवान को मैं दो हिस्सों में बाँट देता हूँ। एक है—ब्रह्म। ब्रह्म किसे कहते हैं? ब्रह्म उसे कहते हैं ज...
- भगवान क्या है?... ‘‘रसो वै सः।’’ भगवान प्यार है। प्यार कैसा होता है? प्यार ऐसा होता है, जो भगवान से शुरू किया जाता ह...
- भगवान क्या है?... भगवान मित्रो! प्रतिध्वनि है और प्रतिच्छाया है। भगवान और कुछ नहीं है, वह प्रतिध्वनि और प्रतिच्छाया है...
- भगवान क्या है?... भगवान, मित्रो! प्रतिध्वनि है और प्रतिच्छाया है। भगवान और कुछ नहीं है, वह प्रतिध्वनि और प्रतिच्छाया ह...
- भगवान क्या है?... भगवान एक करेंट है। तो क्या होगा? तो वह करेंट आपको भी पकड़ लेता है। फिर क्या होगा? भगवान की जो गरमी ह...
- भगवान क्या हो सकता है?... भगवान क्या होना चाहिए? भगवान का स्वरूप कैसा होना चाहिए? इस बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आप...
- भगवान क्या होना चाहिए?... भगवान का स्वरूप कैसा होना चाहिए? इस बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको यह जानना होगा कि भगव...
- भगवान क्यों पूरी करेंगे आपकी मनोकामना?... आप कौन हैं? जरा आप शीशे में मुँह देख करके आइए। किसके लिए पूरी कराना चाहते हैं? हवस पूरी करने के लिए,...
- भगवान क्यों मरेगा और इनसान क्यों मरेगा?... इनसान-इनसान को देखकर आकर्षित होता है और भगवान-भगवान को देख करके आकर्षित होता है। श्रेष्ठता को देख कर...
- भगवान जहाँ रहते हैं, वहाँ आपकी अगरबत्ती का धुआँ कैसे पहुँच सकता है?... वहाँ तो केवल आपकी जिन्दगी की महक ही पहुँच सकती है।
इसी तरह दीपक जलाने का मतलब मैंने कई बार आप...
- भगवान जी कहीं इंग्लैण्ड में भी स्नान करते हैं क्या?... वहाँ, जहाँ उत्तरी ध्रुव में तो-‘‘कै नहाबै पंचमाई। कै नहाबै दाई-माई।’’ वहाँ तो केवल जन्म के समय या मृ...
- भगवान जी के यहाँ देने के लिए जाते हैं कि लेने के लिए जाते हैं?... नहीं साहब! लाऊँगा। नहीं बेटे! लाने के लिए हम भगवान जी के पास नहीं जाते। लाने के लिए अपनी कलाइयों के ...
- भगवान जी कैसे पार लगा देंगे?... वे पार लगा देंगे। जब युधिष्ठिर सहित पाँचों, पाण्डव हिमालय पर गलने के लिए गए, तो उनमें से चार तो गल ग...
- भगवान जी को क्या देना चाहिए?... तब हम आपसे कहते कि आप जवान आदमी हैं। बेटे! हम जवान आदमी हैं और हमेशा अपने गुरु से पूछते रहते हैं कि ...
- भगवान जी तो बहुत बड़े हैं?... हाँ महाराज जी! हमसे तो चौगुने, सौगुने बड़े हो सकते हैं। फिर उन्हें तो पीछे नहलाना, पहले तू एक चम्मच ...
- भगवान जी ने पता लगाया कि जब हाईकोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा, तब क्या होगा?......
- भगवान जो चाहते हैं, उस काम को करने के लिए हमारी आगे वाली लाइन पर चलने वाले मार्गदर्शक हमको कहाँ लेकर चलना चाहते हैं?... वहाँ हमको चलना चाहिए कि नहीं, यह आपको विचार करना पड़ेगा अगर आपके पास ईमान हो तो, भगवान हो तो। अगर...
- भगवान झूठा है कि सच्चा है?... भगवान सच्चा है। और कैसा है? कैसा देखा है आपने? भगवान को हमने प्रतिच्छाया के रूप में और प्रतिध्वनि के...
- भगवान तक हमारी कौन सी बात पहुँच सकती है?... वह केवल विचारणात्मक हो सकती है, भावनात्मक हो सकती है। इस सिद्धान्त को आप जान लीजिए। योग माने भग...
- भगवान था, स्वामी था, सेवक था, सच-सच बता दीजिए?... यह था मीरा का बेटा। उसने अपनी श्रद्धा के आधार पर उसे पैदा किया था। पत्थर के टुकड़े में मीरा ने एक पर...
- भगवान दया कैसे करता है?... मरघट में जाइए, श्मशान में जाइए। अस्पताल में जाइए न आप, बीमारों को देखिए न आप। भगवान दयालु हैं, भक्तव...
- भगवान ने इतनी बड़ी अमानत जो हमको दी है, उसका क्या होगा?... शरीर के रूप में, मस्तिष्क के रूप में भगवान ने तो दिया-ही-दिया है। फिर और कौन-सी चीज रह गई? जिसको कि ...
- भगवान ने कहा कि मैंने इंसान को जो चीजें दी हैं, क्या उसके लिए हैं?... उसको जो वर्चस दिया गया है, जो सम्पदाएँ दी हैं, वे खास मतलब के लिए दी हैं और वह मतलब है—इस सारे संसार...
- भगवान ने कहा—"भक्त और मनोकामना?... यह संगति कैसे आ गई नारद? दुनिया में दो ही मनोकामनाएँ हैं—एक कामिनी, दूसरी कांचन। तीसरी और कोई मनोकाम...
- भगवान ने कहा—अब बताइए कि मेरा पक्षपात किसके साथ है?... मनुष्य ने कहा—हाथी के साथ। हाथी ने कहा-मनुष्य के साथ। बहस होती रही।
विश्वमानवता के लिए मिलता है ...
- भगवान ने कहा—इन आँखों से तू दर्शन कैसे करेगा?... अर्जुन ने कहा—इन आँखों से ही करना चाहता हूँ। भगवान ने सिर हिलाया और कहा—ऐसा नहीं हो सकता? चमड़े वाली ...
- भगवान ने कहा—क्यों नहीं जरूरत है?... समाज के लिए—देश के लिए क्यों नहीं जरूरत है। दुनिया में जो तहस-नहस मचा हुआ है, विष फैला हुआ है, उसके ...
- भगवान ने कहा—मुझे ऐसे नहीं खिलाया जाता, तो कैसे खिलाया जाता है?... उन्होंने कहा—मुझे हृदय में खिलाया जाता है, मुझे मस्तिष्क में खिलाया जाता है, मुझे भावना में खिलाया ज...
- भगवान ने कहा—मैं आपको चार-पाँच मन खाना दिया करता हूँ?... उसने कहा—हाँ आप हमें चार-पाँच मन खाना रोज देते हैं।
भगवान ने जिरह में कहा कि आप बताइए, मैंने कभी...
- भगवान ने कहा—‘‘अच्छा तो बताइए, वह जगह कहाँ है?... ’’ नारद जी भगवान के कान के पास मुँह ले गए और चुपके से कहा—‘‘किसी को बताना मत।’’ उन्होंने कहा—‘‘वह जग...
- भगवान ने जब हमको इतना बड़ा शरीर दे दिया है, जिस पर करोड़ों रुपये की सम्पत्ति निछावर की जा सकती है तो हमको क्या चाहिए?... कुछ नहीं चाहिए!
दया माँगें, करुणा माँगें
भगवान हमको चाहिए, तो एक चीज चाहिए, वह चाहिए करुणा, वह च...
- भगवान ने मनुष्य से क्या उम्मीदें की हैं?... मित्रो, ! भगवान तो हृदय में, घट-घट में समाया हुआ है और वह मनुष्य के द्वारा अच्छी वृत्तियों को पूरा क...
- भगवान ने सिर हिलाया और कहा—ऐसा नहीं हो सकता?... चमड़े वाली आँख से, चमड़े की चीजें दिखाई जा सकती हैं। पंचतत्त्वों से बनी चीजें दिखाई जा सकती हैं। खिलौन...
- भगवान पर अगर हमारा विश्वास हो, तो हमको डरने की क्या जरूरत है?... रोटी के लिए बेईमानी करने की क्या जरूरत है?
ऊँचे उद्देश्यों के लिए है मनुष्य का जीवन
मित्रो! मन...
- भगवान पर कहीं है आपका विश्वास?... कहीं नहीं है। स्वार्थ पर टिकी भक्ति नहीं मित्रो! आप तो जायका चाहते फिरते रहते हैं। यहाँ से चाटने को ...
- भगवान बनाया गया?... हाँ, भगवान बनाया गया है। एक भगवान तो वो है, जो सारी दुनिया में छाया हुआ है और उस भगवान को हम नहीं सम...
- भगवान बुद्ध का नाम सुना है न?... भगवान बुद्ध में क्या विशेषता थी? भगवान से उनको क्या वरदान मिला? उनको क्या विशेष संपदा मिली? आप उनके ...
- भगवान बुद्ध में क्या विशेषता थी?... भगवान से उनको क्या वरदान मिला? उनको क्या विशेष संपदा मिली? आप उनके जीवन को पढ़िये। जिस बोधिवृक्ष पेड़ ...
- भगवान बोले—बेटा तुझे क्या चाहिए?... उसने कहा—आप बस यही वरदान दीजिए कि जैसी मेरी माँ पहले थी, वैसी ही हो जाए। अच्छा चल! और जल छिड़क दिया,...
- भगवान मनुष्य की सहायता नहीं करता है क्या?... हाँ, करता है। भगवान ने सहायता की थी एक छोटे से नाचीज जानवर की। एक हाथी जोर से एक बार चिल्लाया। उ...
- भगवान मर गए?... 'नहीं', भगवान नहीं मरे। उनकी शकल नहीं दिखाई पड़ती, इसलिए आप समझते हैं कि वे मर गए। मरने का शकल से को...
- भगवान मालिक है या आप मालिक हैं?... नहीं, आप मालिक हैं और भगवान नौकर है, क्योंकि आपने उसको मिठाई खिला दी है। अतः आपको उसकी कीमत भगवान ...
- भगवान में कहाँ से मिलेगा?... शरीर तो जड़ है। जड़ पेड़ में मिल जाएगी। जड़ का संशोधन आप करते हुए चले जाइए। मान लीजिए कि आपने आँखों ...
- भगवान में किस तरीके से लय होंगे?... भगवान व्यापक है और भगवान विभु है। सबमें समाया हुआ है। उसका दृष्टिकोण बड़ा विशाल है। स्वयं के लिए कुछ...
- भगवान में किस तरीके से लय होना होगा?... भगवान कहाँ रहता है? भगवान के पास हम किस तरीके से जाएँगे? भगवान में किस तरीके से लय होंगे? भगवान व्या...
- भगवान यह भी जानता है, इनको कैसे जलाया जाना चाहिए और यह भी जानता है कि इनको अनुदान कैसे दिया जाना चाहिए?... प्यार कैसे किया जाना चाहिए? दोनों ही हाथ भगवान के हैं। उसके एक हाथ में दण्ड है और एक हाथ में कमल का ...
- भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण, जिनको हमारी असंख्य जनता श्रद्धापूर्वक प्रणाम करती है, क्या उनका आप विरोध करेंगे?... निंदा करेंगे क्या? नहीं, अब यह गलती नहीं करनी चाहिए।
साथियो! ठीक है, जैसा भी अब तक चला आ रहा ...
- भगवान राम के पुजारी कौन थे?... हनुमान जी थे। अतः कुछ इस तरह का पुजारी हो, तो कुछ बात भी बने। इसी तरह के पुजारी समर्थ गुरु रामदास ने...
- भगवान राम के समय में क्या भगवान राम ने अकेले काम किया था?... नहीं, बेटे! अकेले ने काम नहीं किया था। उनके साथ रीछ और वानर थे। रीछ और वानर कौन थे? वे देवता थे और उ...
- भगवान राम कौन थे?... भगवान राम का सारा जीवन यज्ञ के लिए व्यतीत हो गया। यज्ञ से ही वे पैदा हुए और यज्ञ में ही समा गए। कैसे...
- भगवान श्रीकृष्ण ने पूछा कि क्या बात है?... उसने कहा कि यह यज्ञ उतना शानदार नहीं है। उन्होंने कहा कि कैसा शानदार? नेवले ने बताया कि एक यज्ञ ऐसा ...
- भगवान से आपको क्या मतलब है?... नहीं साहब! हम तो भगवान जी से माँगेंगे, सिद्धपुरुष से माँगेंगे। हाँ, सिद्धपुरुष और महात्मा भी दे सकते...
- भगवान से उनको क्या वरदान मिला?... उनको क्या विशेष संपदा मिली? आप उनके जीवन को पढ़िये। जिस बोधिवृक्ष पेड़ के नीचे उन्होंने तप किया था, वह...
- भगवान से उसने कहा आपने मुझे इतना बड़ा काम सौंपा, मैं किस तरीके से काम करूँगा?... मेरे पास रुपया-पैसा कहाँ हैं और मेरे पास साधन कहाँ हैं? भगवान ने कहा—चल आगे-आगे और मैं आया रुपया ले ...
- भगवान से कम है तो फिर बुद्ध को भगवान क्यों कहा है?... राम को भगवान क्यों कहते हैं? कृष्ण को भगवान क्यों कहते हैं?
बेटे! इसलिए कहते हैं कि अपने स्वार्थ ...
- भगवान से क्या मतलब है?... भगवान कोई व्यक्ति नहीं होता। आप फिर ध्यान रखिये कि भगवान कोई व्यक्ति नहीं है। नहीं साहब! महादेव ...
- भगवान से पाना क्या?... बेटे! हमारी अकल, हमारी काया, हमारा धन और हमारी बुद्धि, सब कुछ भगवान के सुपुर्द है। यह क्या है? यह य...
- भगवान से प्यार कैसा होता है?... भगवान क्या है? पहले यह मालूम कीजिए। भगवान है-आदर्श, भगवान है-सिद्धान्त। आदमी के जीवन में जब भगवान ...
- भगवान से भक्ति कैसे करें?... सिद्धान्तों से भक्ति करेंगे, आदर्शों से भक्ति करेंगे, तो आप देखेंगे कि आपके कलेजे में से, आपके भीत...
- भगवान से मनुष्य ने कहा कि हम गरीबी में पैदा होंगे, तो विकास कैसे करेंगे?... हमारी उन्नति का द्वार रुका हुआ पड़ा है। हमारी उन्नति कैसे होगी? मैं तो गरीब हूँ पेट पालना मेरे लिए म...
- भगवान से मार-पीट करेंगे?... मार पीट तो नहीं करूँगा, पर भगवान को बदनाम कर दूँगा या तो आप हमारा यह काम कर दीजिए, नहीं तो हम आपकी प...
- भगवान से माला का क्या ताल्लुक हो सकता है?... तो फिर आप किसलिए माला कराते हैं? माला इसलिए कराते हैं कि आपकी समझ में आ जाए कि किस तरीके से हम अपनी ...
- भगवान से साझेदारी कैसे होगी, बताइए?... साझेदारी के बारे में घर वालों ने और दूसरों ने मुझे जो बात बता रखी थी, वह तो एक मजाक जैसी मालूम पड़ी,...
- भगवान से हमको अकल और बुद्धि क्यों नहीं मिली?... बन्दर ने कहा—हमारे लिए स्कूल क्यों नहीं खोले गए? मछलियों से लेकर कछुए तक, मेढकों से लेकर बन्दर तक सब ख...
- भगवान से हमारा कोई सम्बन्ध है?... बिल्कुल नहीं है। भगवान से अगर कोई सम्बन्ध रहा होता तो आपके जीवन की धाराएँ बदल गई होती। तुलसीदास जी निक...
- भगवान हमसे दूर कहाँ गया था?... नाक में से होकर वायु के साथ-साथ हमारी अन्तरात्मा में भगवान प्रवेश करता रहता है। हृदय की धड़कन के साथ ...
- भगवान हमसे दूर गये कब थे?... वह हम सबके हृदय में बैठे हुए हैं।...
- भगवान् की उपासना क्या होती है?... भगवान् के समीप जा बैठना। भगवान् के समीप जा बैठना किसे कहते हैं? जैसा भगवान् होता है, उसी तरह से जब...
- भगवान् अपने लिए क्या चाहता है?... क्या खाता है? वह केवल दूसरों के लिए जिन्दा रहता है, आपको यह सोचना चाहिए तथा अपना जीवनक्रम बदलने का...
- भगवान् आदर्श की, सिद्धान्तों की, नैतिकता की, मर्यादा की बातें बताकर चला जाता है, लेकिन हम और आप यह सब सुनते हैं क्या?... हमारे लिए तो भगवान् की पूजा करने के लिए ये खेल-खिलौने ही काफी हैं, जो हमने और आपने पकड़ रखे हैं। हम...
- भगवान् कहाँ है?... और भगवान् को किस तरीके से प्राप्त किया जाये? हमको इसके बारे में थोड़ी गहराई तक जाना पड़ेगा, जैसे क...
- भगवान् का सहारा लेने के बाद हमारे पास क्या कमी रहेगी?... हमें उनका प्यार-अनुदान प्राप्त करके अपना आध्यात्मिक विकास करने का प्रयास करना चाहिए। भगवान् के पास...
- भगवान् का नाम क्या है?... हमें नहीं मालूम; लेकिन भगवान् का रूप और भगवान् के स्वरूप की जानकारी करने के लिए हमको भगवान् का नाम र...
- भगवान् का पेट कितना बड़ा है आप जानते हैं?... भगवान् का पेट बहुत बड़ा है। उसमें समुद्र समा गया है उसमें जमीन समा गई है आसमान समा गया है उसको आप ...
- भगवान् का प्रेम था कहाँ आपके पास?... केवल कामनाएँ थीं, वासनाएँ थीं, तृष्णाएँ थीं, जिन्हें आप भगवान् मान रहे थे और उन्हीं के चरणों में फूल...
- भगवान् का स्वरूप था कब आपके जीवन में?... भगवान् का प्रेम था कहाँ आपके पास? केवल कामनाएँ थीं, वासनाएँ थीं, तृष्णाएँ थीं, जिन्हें आप भगवान् मान...
- भगवान् की उपासना आप करें और भगवान् की विशेषताओं को, भगवान् के गुणों को और भगवान् की धाराओं को अपने भीतर आप धारण न करें, यह कैसे हो सकता है?... आप उनमें मिल जाइए या अपने में उन्हें मिला लीजिए। उपासना इसी का नाम है। इससे कम में कोई उपासना नहीं...
- भगवान् की प्रसन्नता एक बात पर टिकी हुई है कि आपका कर्म क्या है?... कैसा है? भजन पर नहीं, कर्म पर भगवान् की प्रसन्नता टिकी हुई है। अगर आप यह सब समझ लें, तो आस्तिकता का ...
- भगवान् की मनोकामना तुझे पूरी करनी चाहिए कि तेरी भगवान को करनी चाहिए?... नहीं साहब! भगवान् को मेरी मनोकामना पूरी करनी चाहिए। बदमाश कहीं का। तेरी पूरी करनी चाहिए और तू भगवान्...
- भगवान् कृष्ण ने महाभारत यानी ग्रेटर इंडिया का कार्य क्या स्वयं अकेले किया था?... नहीं यह सम्भव नहीं था। तो क्या गोवर्धन उन्होंने स्वयं उठा लिया था? नहीं, यह भी सम्भव नहीं था। यह सब ...
- भगवान् के दर्शन, कर्मकाण्ड आपको शान्ति दे पायेंगे क्या?... मल्लाह के हृदय कपाट खुल गये और उसने अपने भीतर भगवान् को तलाश करना शुरू कर दिया और उसको शान्ति मि...
- भगवान् के बेटों को भला कौन जकड़ सकता है?... बन्धनों में जकड़ने के लिए उसका अपना ही अज्ञान, अपनी ही बेवकूफी, अपने ही कुसंस्कार हैं। जिसने आपको ...
- भगवान् के भक्त इतने कंजूस एवं कायर?... यह देखकर तो हमें आश्चर्य होता है। आपको इतना कृपण नहीं होना चाहिए। आप दूसरों पर दोष लगाते हैं कि ...
- भगवान् के शाप बाढ़ के रूप में बरसेंगे, तूफान के रूप में बरसेंगे, आँधी के रूप में बरसेंगे और किस रूप में बरसेंगे?... आग के रूप में बरसेंगे, शोले के रूप में बरसेंगे, बुखार के रूप में बरसेंगे, मलेरिया के रूप में बरसेंगे...
- भगवान् के समीप जा बैठना किसे कहते हैं?... जैसा भगवान् होता है, उसी तरह से जब हम बन जाते हैं, तो उसको हम उपासना कहते हैं। आग जल रही होती है। ...
- भगवान् कैसा है?... मुझे नहीं मालूम, लेकिन भगवान् का ध्यान जरूरी है। लेकिन भगवान् का ध्यान करने के लिए, भगवान् से सम्बन्...
- भगवान् को इतनी जगह की क्या जरूरत है?... भगवान् को चाहो, तो एक कोने में बिठा दो, तो भी वे मौज करेंगे। भगवान् को इतने बड़े भव्य निर्माण से क्...
- भगवान् को क्या जानते हो?... बेटे, भगवान् को दिया जाता है। भगवान् के आदर्शों को जीवन में धारण किया जाता है। भगवान् को अपने हुकुम ...
- भगवान् को जानते हो?... भगवान् को क्या जानते हो? बेटे, भगवान् को दिया जाता है। भगवान् के आदर्शों को जीवन में धारण किया जाता ...
- भगवान् को सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् कहा जाता है, फिर उसके राजकुमार इनसान में इस बात की कमी कैसे सही गई?... क्या बात हुई कि इनसान ने भगवान् के दिए हुए गुणों को एकदम भुला दिया!स्रष्टा ने सृष्टि का जो प्रत्ये...
- भगवान् चुप क्यों है?... भगवान् को सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् कहा जाता है, फिर उसके राजकुमार इनसान में इस बात की कमी कैसे सही गई?...
- भगवान् जहाँ कहीं भी अपना अंश देता है, विभूति देता है, उसके अन्दर चमक होती है, लगन होती है, उसके अन्दर तड़प होती है और मुरदे?... मुरदे हमारे और आपके जैसे होते हैं। साँस लिया करते हैं। भगवान् की जब पूजा करते हैं, तो भी ऐसे-ऐसे स...
- भगवान् जी और किसका?... साईं बाबा का और किसका आचार्य जी का। हरेक का जँवाई बनना चाहिए। चल बदमाश कहीं का, दरिद्र और भिखमंगे पह...
- भगवान् तेरी मर्जी पर चलेगा?... नहीं साहब! भगवान् को हमारी मनोकामना पूरी करनी चाहिए। खबरदार! आइन्दा ये शब्द कहा तो। बड़ा आया मनोकामना...
- भगवान् ने कहा- ‘‘अब क्या करना चाहिए?... पहाड़ पर वे छोड़ने वाले नहीं, जमीन पर वे छोड़ने वाले नहीं। समुद्र में भागकर आये तो भी इनसे पिण्ड नहीं...
- भगवान् ने उसे क्या सलाह दी?... लेकिन हमें हमेशा युद्ध करना है। किससे? अपने आप से, अपने आपे के साथ युद्ध करना है। अपना कर्तव्य पूरा ...
- भगवान् ने कहा- ‘फिर क्या करोगे?... ’ हम तो महाराज जी! बस आपका आशीर्वाद माँगेंगे और अपना फायदा करायेंगे आपसे। क्षुद्र और क्षुद्रतम हम ...
- भगवान् बुद्ध का जन्मस्थान था तिब्बत जहाँ से पैदा होने के बाद बुद्धावतार न जाने कहाँ से कहाँ चला गया?... चीन में न जाने क्या से क्या हो गया? कभी चीन में बौद्ध धर्म इतना फैला हुआ था कि हिन्दुस्तान से भी अ...
- भगवान् बुद्ध के भौतिक वाले जीवन से आप क्या समझते हैं?... मैं समझता हूँ कि आप हर चीज की सफलता की निशानी एक मानते होंगे कि धन के अलावा और कुछ नहीं है। हाँ साहब...
- भगवान् बुद्ध मर गये?... नहीं, वे नहीं मरे। वे अमर हो गये। कैसे व्यक्ति अमर होते हैं? ऐसे व्यक्ति जिनके अन्दर शालीनता पैदा ह...
- भगवान् राम और भगवान् श्रीकृष्ण, जिनको हमारी असंख्य जनता श्रद्धापूर्वक प्रणाम करती है, क्या उनका आप विरोध करेंगे?... निंदा करेंगे क्या? नहीं, अब यह गलती नहीं करनी चाहिए।साथियो! ठीक है, जैसा भी अब तक चला आ रहा है, उस...
- भगवान् राम के पुजारी कौन थे?... हनुमान जी थे। अतः कुछ इस तरह का पुजारी हो, तो कुछ बात भी बने। इसी तरह के पुजारी समर्थ गुरु रामदास ...
- भगवान् लाठी पकड़कर चलते थे?... हाँ लाठी पकड़कर चलते थे। सूरदास धुले हुये थे साफ थे गंदे थे तब थे। तब तक भगवान् उनके नजदीक आये हों...
- भगवान् से हमने पूछा कि आप स्नान कर लेंगे?... उन्होंने कहा कि आप फिकर मत कीजिए। हमारे यहाँ तो फव्वारे लगे हुए हैं, शॉवर लगे हुए हैं। हम बादलों का ...
- भगाना था तो छह वर्ष की जेल में क्यों चले गए थे?... उन्हें बर्मा की जेल में रंगून भेज दिया गया था, तब क्यों नहीं छुड़ा लिया था अपने को? बेटे! ये अकेले न...
- भगीरथ की तपगाथा आपको मालूम है न?... नहीं, महाराज जी ! कुछ कमाई की बात बताइए। बेटे! भगीरथ ने तप करना शुरू किया। तप का परिणाम यह हुआ कि उन...
- भगीरथ यह दौलत कहाँ से कमाकर लाए थे?... उनने एक ही काम किया था, जिसका नाम था—तप। भगीरथ ने तप करने से यह कमाई की थी। बेटे! मैं क्या-क्या बताऊ...
- भजन करता है या ढोंग करता है?... बेटे, यह भक्ति नहीं हो सकती।...
- भजन करने से आपका क्या मतलब है?... भजन करने से मतलब यह है कि यहाँ से हमारा अन्तर्मुखी जीवन प्रारम्भ होता है।
आत्मकल्याण के चिन्तन का ...
- भजन करने से कोई कुछ मिलता है?... भजन करने वाले की नीयत क्या है, यह भगवान् जानना चाहता है। आप पैसा कमाने के लिए, औलाद प्राप्त करने...
- भजन किस बात का है?... कुछ भी नहीं है। हमें तो कुछ भी नहीं मालूम पड़ता है। आपने अगर भजन किया होता तो आपके भीतर से कोई हेर-फ...
- भजन किसे कहते हैं?... बेहद कम कीमत की चीज को, जिसमें न आपको पसीना बहाना पड़ता है, न हथौड़ा चलाना पड़ता है, न हल चलाना पड़त...
- भजन के नाम पर, ध्यान लगा करके और जप करके हम क्या-क्या नहीं करते?... एक बार रामचन्द्र जी ने लक्ष्मण जी से कहा कि-हे लक्ष्मण! इस बगुला को देखो। कितना ध्यानमग्न है। धीरे...
- भजन के अलावा और कुछ नहीं है क्या?... जीवन का संशोधन और आत्मसंशोधन कुछ नहीं है क्या? अपने आप का सुधार कुछ नहीं है क्या? स्वाध्याय की, संयम...
- भजन क्या होता है?... भजन वह होता है, जिसमें सारे कर्तव्य, सारे फर्ज और सारे उत्तरदायित्व को लात मार दी जाती है और घनन् ...
- भजन नहीं किया तो क्या?... लेकिन दुनिया को अच्छा बनाने के लिए, दूसरों के कष्टों को कम करने के लिए, अपना जीवन अच्छा और नेक बनाने...
- भजन नहीं है?... रहने दे भजन को। केवल शरीर को लेकर खड़ा हो जा, फिर मैं बता दूँगा कि शरीर के माध्यम से लौकिक शक्तियाँ ...
- भजन से क्या मिलता है?... यह कौन बोल रहा है? बेटे, नास्तिक बोल रहा है। नास्तिक में यह हिम्मत नहीं है। आपको डर मालूम पडता है कि...
- भयंकर किसे कहते हैं?... जल्लाद को। जल्लाद किसे कहते हैं? जल्लाद उसे कहते हैं जो मारे हंटरों के चमड़ी उघाड़ डालता है। ऐसा भी ...
- भला हनुमान जी से बढ़कर राजनीति की सेवा और कौन कर सकता था?... रावण को उखाड़ करके विभीषण की स्थापना करने की भूमिका किसने निभाई? हनुमान ने, नल-नील, अंगद और जामवन्त...
- भला आप क्या कर सकते हैं?... देखिए अर्जुन सहित पाँचों पाण्डव संगठित हैं। वे मालिक हैं और आप नौकर हैं। आपका और उनका क्या मुकाबला? ...
- भला आप सन्त नहीं हैं तो क्या, महात्मा नहीं हैं तो क्या?... आपकी खुराक सम्बन्धी आदत ऐसी बढ़िया होनी चाहिए कि जहाँ कहीं भी आप जाएँ, वहाँ हर आदमी आपको बर्दाश्त क...
- भला इससे अच्छी जगह और क्या हो सकती है?... इसलिए चन्द्रमा पर जाने के लिए हमने अपना नाम रिजर्व करा लिया था, अपनी सीट रिजर्व करा ली थी कि मरने के...
- भला ऐसी कोई भक्ति होती है?... तुलसीदास ने भक्ति की, तो कैसी मजेदार भक्ति की कि बस पीपल के पेड़ पर से, बेल के पेड़ पर से कौन आ गय...
- भला ऐसे कैसे हो सकता है कि मैं हनुमान् चालीसा पढ़ूँगा और हनुमान् जी भाग जाएँ और पकड़ में नहीं आएँ?... पकड़ में कैसे नहीं आएँगे? हनुमान् को पकड़ में जरूर आना पड़ेगा। हनुमान् जी पकड़ में जरूरत आ गए। हनुमान्...
- भला मैं इसे कैसे फेंक दूँ?... नहीं साहब! अपनी बहन को अलग रखिए? बेटे, मैं कैसे अलग रखूँ? जब राखी बाँधने आती है, तब मैं कैसे कहूँ कि...
- भला मैं बादशाह कैसे बन सकता हूँ?... मैं तो गाँव का आदमी हूँ, बकरी चराता हूँ और छोटा हूँ। उन्होंने कहा—मैं तुझे बादशाह बनाऊँगा। बस उन...
- भला यह भी कोई बात है?... अरे भाई! हम अच्छे कपड़े पहनेंगे, तो औरों को क्या पहनाएँगे? यह क्या बात है? यह गरीबी है, जिसमें आद...
- भवबन्धनों में बहुत सारे सामाजिक, वैयक्तिक और दूसरी तरह की आदतों के जो बन्धन बँधे हुए हैं, उसको तोड़ सकने में वह समर्थ हो सके, स्वाधीनता का मतलब तो यही हुआ ना?... मुक्ति इसी को तो कहते हैं।
मनुष्य की स्वाधीनता
मित्रो! जीवन मुक्ति के लिए हम जो ...
- भविष्य की क्यों अनावश्यक कल्पनाएँ आप करेंगे?... योजनाएँ बना लीजिए, इसमें कोई हर्ज नहीं, लेकिन 'महत्त्वाकांक्षा' बात अलग है, योजना की बात अलग है। आपक...
- भविष्य को याद नहीं करेंगे, मौत को याद नहीं करेंगे, मौत की तैयारी नहीं करेंगे?... नहीं साहब! बेटी के लिए तैयारी करनी चाहिए, बेटे के लिए तैयारी करनी चाहिए, लेकिन मौत के लिए क्या तैय...
- भविष्य क्या तेरे हाथ में है?... बेटे, भविष्य के बारे में कोई गारण्टी नहीं कि क्या होने वाला है?
जवान बनें, वर्तमान की सोचें ...
- भविष्य में बालक के स्वास्थ्य की गारण्टी इस बात के ऊपर टिकी हुई है कि गर्भावस्था में माता ने क्या खाया?... माता ने क्या पहना? किस वातावरण में रही और उसकी मनःस्थिति किस तरह की रही? इस तरह की व्यवस्था बनाना पि...
- भस्म किसे कहते हैं?... बेटे लोहे को जलाते हैं। इसको हम तपाते हैं। ताप देने के बाद में जब भस्म बन जाती है, तो वह बड़ी कीमती...
- भाई का शेयर, हिस्सा नहीं देगा क्या?... नहीं महाराज जी! सारा मैं ही खा जाऊँगा। नहीं, उसको भी दे, दोनों खाओ, ईमानदारी की, न्याय की बात है।
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- भाई यह तो बताओ कि आपके हाथ में यह क्या चीज लगी है?... उन्होंने कहा—देखो, यह वह डायरी लगी है कि जो कोई समाजसेवा करता है, भगवान का जो सुमिरन करता है, उसकी ह...
- भाई हैं, तो क्या हुआ?... मामा हैं तो क्या हुआ? कोई भी क्यों न हों, जब गलत काम करते हैं, तो हमारे कोई नहीं, सब विरोधी हैं। भ...
- भाईचारे से रहें, तो क्या हर्ज है?... भाईचारे से देवताओं की तरह रहना चाहिए, दैत्यों के तरीके से नहीं। देवता कैसे होते हैं? एक और उदाहरण दे...
- भाग करके वह कहाँ चला जाता है?... कहीं तालाब तलाश करता है और उसी में डूब जाता है। उसी में उसकी मृत्यु हो जाती है। इसी तरह आज हमारी न...
- भाग-दौड़ का ही तो इम्तहान है और किस बात का इम्तहान है?... जब पटरियों पर अरबी घोड़े भागते हैं तो इन्हीं का तो इम्तहान होता है और इसमें है ही क्या? भागने का ही ...
- भागते हो कि नहीं, आपस में ही लड़ोगे, क्या बात है?... तुम्हारी क्या दुश्मनी है? साँड़ों ने कुछ नहीं सुना और लड़ना जारी रखा। स्वामी जी ने हाथ को ऊँचा किया ...
- भागवत किससे सुनी जा सकती है?... भागवत उसके मुँह से सुनी जा सकती है, जिसकी वाणी में से मंत्र की शक्ति निकलती हो। नहीं साहब! कोई भी सु...
- भागवत को लिखने वाले कौन हैं?... व्यास जी। उन्हें ही बुला लें। व्यास जी ने भागवत लिखी, इसलिए व्यास जी सुना देंगे तो काम चल जायेगा। ...
- भागवत् कहने वाला व्यक्ति जीवित कहाँ है?... वह मरा हुआ है। मरे हुए आदमी की कथा क्या हो सकती है? नारद जी ने वाल्मीकि को उपदेश दिया कि बेटा डाका ड...
- भागवत् को कहा जाय और सुना जाय, लेकिन इस कहने- सुनने से क्या मिलेगा?... बेटे- कहने सुनने से कोई बैकुण्ठ को नहीं जाता। इसे जीवन में उतारना पड़ता है। बक- बक, कहना, सुनना, ...
- भाप की ताकत बहुत बड़ी है, लेकिन जब वह फैलती है, तो उसकी ताकत क्या हो सकती है?... कुछ नहीं। बारूद को जब हम इकट्ठा कर देते हैं, बारूद की ताकत कितनी बड़ी हो जाती है कि वह बन्दूक की ग...
- भाप जब एकाग्र हो जाती है, तो क्या हो जाता है?... तब प्रेशर कुकर मिनटों के भीतर उसी भाप से खाना पका देता है। उसी भाप से रेल के इंजन चालू हो जाते हैं...
- भारी मिट्टी लोहा कैसे हो जाती है?... स्टील कैसे हो जाती है? बेटे! उसको गरम करना पड़ता है, शोधन करना पड़ता है। इसकी मिट्टी अलग निकाल देते ...
- भावना का विकास हम कैसे कर सकते हैं और कैसे उसका फायदा उठा सकते हैं?... भावनाओं का कैसे विस्तार कर सकते हैं? हमारी फीलिंग्स और हमारी सम्वेदनाएँ कैसे हमारे काम आ सकती हैं...
- भावना किसे कहते हैं?... भावना उस उमंग को कहते हैं, जो क्रिया बिना चैन नहीं लेती, किए बिना चैन नहीं लेने देती। वे कल्पनाएँ जो...
- भावना के बराबर और कोई शक्ति हो सकती है क्या?... बेटे, कोई नहीं हो सकती। बिजली? बिजली भी नहीं हो सकती। ऐटम? एटम भी नहीं हो सकता। मनोभावना को तू स...
- भावना नहीं है?... मरने दे भावना को। भजन नहीं है? रहने दे भजन को। केवल शरीर को लेकर खड़ा हो जा, फिर मैं बता दूँगा कि शर...
- भावनाओं का कैसे विस्तार कर सकते हैं?... हमारी फीलिंग्स और हमारी सम्वेदनाएँ कैसे हमारे काम आ सकती हैं? कैसे हमारे भीतर आग जला सकती हैं और जि...
- भावावेश क्या होते हैं?... भावावेश वे होते हैं जो उमंगों के रूप में, उद्वेगों के रूप में, सनकों के रूप में तरह-तरह से हावी हो...
- भावी जीवन की गतिविधियाँ क्या हों?... भावी जीवन की प्लानिंग क्या हो? जिस तरीके से पंचवर्षीय योजनाएँ बनती हैं, आप अपनी बची हुई जिन्दगी के लि...
- भावी जीवन की प्लानिंग क्या हो?... जिस तरीके से पंचवर्षीय योजनाएँ बनती हैं, आप अपनी बची हुई जिन्दगी के लिए पंचवर्षीय योजना या बाकी जिंदग...
- भावुकता हमें बुज़दिली सिखाती है, भावुकता हमें कायरता सिखाती है और भावना?... भावना हमें यह सिखाती है कि अपने इष्ट के प्रति जो हमारा समर्पण है, उसके लिए हमें क्या करना चाहिए।...
- भाषण से क्या होगा?... आप हमारी बात मानिये। आपको बोलना नहीं आता है तो हम क्या करें? आप पोस्टमैन का काम करिये। हम बोलना सि...
- भाड़ में जब चने भुनते हैं, तो भर्र- भर्र की आवाज होती है न?... हाँ साहब! होती है। बस समझ लीजिए कि ‘भर्गो’ का अर्थ यही है। अरे महाराज जी! इसका तो संस्कृत में अर्थ...
- भिक्षायापन कौन करता है?... भीख माँगने वाला गरीब होता है ना? कमजोर होता है ना? सन्त वेष धारण करने के पश्चात् हर आदमी को भिक्षा ...
- भिक्षु और भिक्षुक का फर्क तो आप जानते हैं?... भिक्षु और भिक्षुक में जमीन आसमान का फर्क है। भिक्षु अलग होते हैं, जो संसार में शान्ति स्थापित करने ...
- भीख माँगने वाला गरीब होता है ना?... कमजोर होता है ना? सन्त वेष धारण करने के पश्चात् हर आदमी को भिक्षा माँगने के लिए जाना पड़ता था, ताकि ...
- भीख माँगने से किसी को क्या मिला है?... भीख माँगने से भाई साहब! न किसी को कुछ मिला है और न भविष्य में मिल सकता है।
कैसा होता है देवताओं...
- भीख माँगी और कहाँ से इकट्ठा कर लिया?... भीख माँगी जाती है। भीख माँगने से किसी को क्या मिला है? भीख माँगने से भाई साहब! न किसी को कुछ मिला है...
- भीतर की जीवात्मा ने कहा—कौन हैं भवानी-शंकर?... जो बैल पर बैठे फिरते रहते हैं, वे हैं? बैल पर तो धोबी भी बैठा फिरता है। फिर तो बैल पर बैठने वाले का ...
- भीतर वाला हिस्सा क्या है?... बाहर वाली जिन्दगी क्या है? एक पेड़ है, दरख्त है। उसके ऊपर फल आते हैं, पत्ते आते हैं, फूल आते हैं, कलि...
- भीतर' से आप क्या समझते हैं?... जमीन के भीतर क्या छिपा हुआ है? बाहर तो मिट्टी है, पर जरा-सा खोद दें तो मिलेगा—पानी। और जरा गहरा खोदे...
- भीम ने कहा—"माँ, हम पाँच में से एक कम हो जाएगा, तो क्या?... आपके पास, आपके चार बच्चे तो रहेंगे ही।" यह संस्कार किसने दिए थे? यह संस्कार कुन्ती ने दिए थे। कुन्ती...
- भूखा आदमी किसको दान दे सकता है?... किसकी सहायता कर सकता है? किसी सेवा कर सकता है? किसका भला कर सकता है?इसलिए मित्रो! पहला गुण, आध्यात्म...
- भूगोल क्या है?... इतिहास क्या है? दुनिया में इनसानों के चाल-चलन क्या रहे हैं? दुनिया में किस तरीके से उतार-चढ़ाव आते रह...
- भूत अच्छा, कैसा भूत?... अब वह लड़का सिर हिलाने लगा। खामखाह की बातों को जब हम बढ़ावा देते हैं, तो लोगों की नजरों में गिर जाते...
- भूत कैसा होता है?... जिसकी इच्छाएँ वस्तुओं और पदार्थों के साथ जुड़ी हुई हैं।
मित्रो! हमारा शरीर मिट्टी का बना हुआ ...
- भूत को क्या करना होता है?... सारा दिमाग इसी की पूर्ति करने के ताने-बाने बुनने में खरच हो जाता है। बीबी को मर्द तलाश करना पड़ता है...
- भूत तो पकड़ सकते हैं?... नहीं पकड़ सकते। हनुमान् जी को पकड़ लेंगे? नहीं, हनुमान् जी भी पकड़ में नहीं आएँगे और रामचंद्र जी तो, ...
- भूत भी भाग जाएगा?... बेटे! हम कह नहीं सकते, पर मंत्र तो यही हैं। इनमें चमत्कार नहीं आएगा? शब्दों में शक्ति नहीं होती, पर ...
- भूत से आप अनुभव तो इकट्ठा कर सकते हैं, लेकिन चिन्ता भविष्य की कीजिए कि हमको करना क्या है?... अगर यह सोचते रहेंगे तो मजा आ जाएगा।
जवान आदमी बनिए
बुड्ढे आदमी भूतकाल का वर्णन करते ...
- भूमिका क्यों बनाते हो?... ये हैं हमारे सलाहकार, हमारे हितैषी
मित्रो! तब वहाँ हमें पाँच मिनट मिलते थे। और यहाँ? गाँधी ज...
- भेड़ों से पूछा—जैसे हमारे बच्चे बाल बना लेते हैं, आप भी बना लेंगी क्या?... भेड़ों ने कहा—नहीं हम नहीं बना पाएँगे। उनको अकल नहीं है। आपमें अकल है। आपने शरीर की बाबत ध्यान रखा ...
- भैंसे का पेट कितना बड़ा है?... गधे का पेट कितना बड़ा है? घोड़े का पेट कितना बड़ा है? परन्तु आदमी का पेट कितना छोटा है। जरा सा है। उसक...
- भैरव जी का मुँह ऐसा क्यों है?... अरे साहब! इनका मुँह तो ऐसा ही है। अच्छा ये देवी जी जीभ क्यों निकालती हैं? ये तो काट खाएँगी। अरे साहब...
- भोगी से भिन्न प्रकार का स्तर जो है, वह क्या है?... उसका नाम योगी है।
योगी भगवान के लिए समर्पित होता है और भोगी भगवान को अपने लिए समर्पित कराना चाहत...
- भौतिक जीवन की उन्नति करने के लिए हमारा आध्यात्मिक स्तर क्या योगदान कर सकता है?... यह बहुत बड़ी बात है। लोग-बाग भौतिक जीवन में उन्नति करने के लिए दूसरी चीजों का सहारा लिया करते हैं।...
- भौतिक विशेषताओं के बारे में जो मैं जानता हूँ, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि भौतिक विशेषताएँ यदि आदमी की बढ़ती हुई चली जायें, तो उससे बर्बादी के अलावा और क्या हासिल हो सकता है?... मैं कई बार अमेरिका का उदाहरण दिया करता हूँ। बढ़ती हुई भौतिकता के कारण वहाँ के लोगों ने अपनी दिमागी ...
- भ्रम में पड़े हुए आदमियों के प्रति, पागलों के प्रति हमारा दृष्टिकोण क्या होता है?... पागल था, गाली दे रहा था। कहाँ था? सड़क पर खड़ा हुआ गाली दे रहा था। आपको भी गाली दी थी? हाँ साहब! हमको ...
- भ्रष्ट और दुष्ट अध्यात्म को लेकर हम चलते हैं और फिर यह उम्मीद करते हैं कि इसके फलस्वरूप हमें वे लाभ मिलने चाहिए, वे चमत्कार मिलने चाहिए और वे सीढ़ियाँ मिलनी चाहिए, वे वरदान मिलने चाहिए?... हर जगह है अध्यात्म की लाश
साथियो! यह कैसे हो सकता है? नास्तिकता का यह बहुत बुरा तरीका है और...
- भ्रष्टाचार रुक गया?... रिश्वतखोरी रुक गयी? मिलावट रुक गया। बताइये एक भी पाप रुक गया हो तो जबकि सारे के सारे कानून बने हुए...
- मंघाराम आपको गरम खाना खिलाता है क्या?... आप जो ये बिस्कुट खाते हैं वह छह महीने पुराना है, जिसे आप बड़े चाव से खा जाते हैं और बीबी को आप कहते ...
- मंजूर हो जायेगा?... बेटे, हम कह नहीं सकते, शायद हो भी सकता है। गवर्नमेन्ट के यहाँ लोन के लिए दरख्वास्त दीजिए। साथियों ...
- मंत्र किसे कहते हैं?... ऋषि की वाणी से निकला हुआ वचन मंत्र होता है। मंत्र की बनावट के ऊपर मत जाइए। नहीं साहब! मंत्र तो उसे क...
- मंत्र की शक्ति के बारे में हमने न जाने क्या-से लिखा है?... गुरुजी! आप तो खंडन करते हैं। हम इसलिए खंडन करते हैं कि आप बेकाम की बातें क्यों मान बैठते हैं? अगर आप...
- मंत्र की शक्ति से?... हाँ बेटे, मंत्र की शक्ति से सब कुछ सम्भव है। लेकिन मंत्र की शक्ति अनुभव की शक्ति नहीं है अक्षरों ...
- मंत्र जपना और कर्मकाण्ड नहीं आता तो क्या?... अनुष्ठान करना नहीं आता तो क्या? शबरी तेरी भक्ति, तेरे सिद्धान्त और तेरे उद्देश्य ऐसे हैं जो कि एक ...
- मंत्र जपने से देवता मिल सकते हैं, स्वर्ग मिल सकता है, तो फिर गुरुजी का आशीर्वाद क्यों नहीं मिल सकता?... जीभ से सब चीजें मिल सकती हैं। हाँ, महाराज जी! जीभ की नोंक हिलाइए फिर देखिए, क्या करामात आती है। ...
- मंत्र में और शब्दों में क्या फरक होता है?... केवल एक ही फरक पड़ता है कि मंत्र को उच्चारित करने के लिए साधक की वाणी, साधक का व्यक्तित्व, साधक का च...
- मंत्र लेकर क्या करूँ?... जप किया कर ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय। नमः शिवाय से क्या हो जाएगा? सारे विश्व में तेरा यश हो जाएगा और ...
- मंत्र सफल हुए थे?... हाँ बेटे! उनकी जीभ से बोले गए मंत्र सफल हुए थे।
मंत्रों में सामर्थ्य आती है तप से
...
- मंत्र से फिर क्या फायदा होगा?... मंत्र से बस, इतना ही फायदा होगा कि आप उतने समय तक खराब काम करने से रुके रहेंगे, बुरे काम नहीं करेंगे...
- मंत्रों के चमत्कार कहाँ से आते हैं?... मंत्रों के चमत्कार आदमी के भीतर से आते हैं। पेड़ जो आपको बाहर खड़ा दिखाई पड़ता है, कहाँ से आता है? प...
- मंथरा की कैसी मिट्टी पलीद हुई?... आपने पढ़ा होगा। इसी तरह तपस्वी कुंभकरण ब्रह्माजी से यह वरदान माँगने को था कि मैं साल भर में एक दिन ...
- मन्दिर बनाकर ताला लगा देंगे, तो कैसे काम चलेगा?... इसलिए एक कार्यकर्ता निवास अवश्य बनाना होगा। दूसरा एक हॉल बना दिया जाए, जिसमें हवन, सत्संग के कार्य...
- मन्दिर में कोई सिगरेट पीता है?... मन्दिर में कोई सिगरेट मत पीना। साहब! हमको सिगरेट पीने की आदत है। आदत है, तो बेटे! मन्दिर के बाहर पीना।...
- मन्दिर में नौकर से काम चलेगा क्या?... आप समझते नहीं हैं। क्या ये बच्चे आपके नौकरों के या आया के पेट में से पैदा हुए हैं, जो आपके बच्चों को...
- मंशा देवी पर क्या किया?... मंशा देवी से अपनी मनोकामना पूरी कराने के लिए प्रार्थना की। आपकी क्या माँग थी? साहब! पंद्रह पैसे की ए...
- मकान आप किसलिए बनाते हैं?... आज तो आप धर्मशाला में भी रह सकते थे। होटल में भी रह सकते थे, परन्तु यही तो विचार करते हैं कि कल हम र...
- मकान किसने बनाया?... हमारी मशक्कत ने। कारखाने कौन बनाता है? हमारी मशक्कत बनाती है। मशक्कत से क्या मतलब है? शरीर से। श्रम ...
- मकान था क्या?... नहीं था। कपड़ा था क्या? नहीं था। नंग-धड़ंग मरघट में पड़े रहते थे। उनके अपने घर में तो लक्ष्मी है नही...
- मगर यह क्या कह रहे हैं?... उनको आबाद, इनको बरबाद? शिष्यों की शंका का समाधान उन्होंने किया और यह कहा—"देखो! जो गन्दगी है, वह ढकक...
- मच्छर और बन्दर कौन होते हैं?... बन्दर और मच्छर वो होते हैं, जिनके सामने दो मकसद हैं। उन दो मकसदों से हम पहचान सकते हैं कि ये जानवर है...
- मच्छर-मक्खी क्या हैं?... कीड़े क्या हैं? कुछ भी नहीं, गन्दगी की प्रतिक्रिया हैं। अगर गन्दगी बनी रहेगी तो मच्छर जरूर पैदा होंगे।...
- मजदूरी क्यों करेगा?... नौकरी क्यों करेगा? जिस आदमी के हाथों नुस्खा लग गया है कि हमारे पाप तो गंगाजी में डुबकी मारने के बा...
- मजा नहीं, इनका उपयोग कैसे हो सकता है?... जब यह बात आपकी और हमारी समझ में आ जायेगी, तो मित्रो! शरीर के प्रति हमारा फर्ज और हमारा धर्म पूरा ह...
- मतलब क्यों नहीं समझा?... मतलब समझना चाहिए था। मतलब समझने के बाद में जप करना चाहिए था। लेकिन हम मतलब छोड़कर बाह्य रूप को पक...
- मथुरा, वृन्दावन में क्या हो गया?... हजारों ऐसे मन्दिर पड़े हुए हैं, जिन पर यह बोर्ड लगे हुए हैं—‘‘रिपेयर बाइ म्युनिसपल बोर्ड’’, जिसमें क...
- मन कहाँ गया था?... अपने भगवान् के पास गया था। आपने भगवान् की शकल बना दी थी सिनेमा के रूप में, ताश के रूप में, चौपड़ के र...
- मन कहाँ लगता है?... क्यों साहब! दुकानदारी में मन लगता है? हाँ साहब! दुकानदारी में लगता है। सबेरे चाय की दुकान खोलते है...
- मन का संयम करना बताइये?... बेटे, मन का संयम करने के लिए मालिकी छोड़ माली बन जा। मालिकी छोड़ देगा तो तेरी सारी की सारी क्रियाओ...
- मन की खुशी क्या है?... यह जो कुछ देखने का माद्दा हम लोगों को है कि शरीर क्या माँगता है। इन्द्रियाँ क्या माँगती हैं- हमको ...
- मन के अन्दर की क्षुद्रता ने कहा—नहीं गधे का क्या है?... यह तो एक नीच प्राणी है। भगवान को गंगाजल चढ़ाइये। अन्दर के देवता ने कहा—नहीं ऐसा नहीं हो सकता। हमारे ...
- मन कैसे जा सकता है?... मन हमारा है कि हम मन के हैं? मन के साथ में लड़ते-लड़ते मन को पीट-पीटकर इस लायक बना दिया है कि हम जहा...
- मन कैसे लगाएँ?... बेटे, मैं यही तो समझा रहा था। प्रत्येक क्रिया के साथ क्या संकेत जुड़े हुए हैं, क्या शिक्षण भरा हुआ ह...
- मन को एकाग्र करके फिर क्या करना पड़ता है?... उसे किसी दिशा में बढ़ा देना पड़ता है, जिससे कि हमको अभीष्ट परिणाम प्राप्त हो सके। ध्यानयोग का एक तरी...
- मन को साधने की विधा बता दीजिए?... बेटे, मन को साधने की एक ही विधा है कि अपने अन्न को संशोधित कीजिए, अपने आहार को संशोधित कीजिए। आहार...
- मन क्या है?... घोड़ा है। अगर इसकी लगाम आपके हाथ में है, तो जिधर चाहेंगे, वह उधर ही चलेगा और बिना लगाम का जहाँ मन हो...
- मन तो आपका गुलाम हो गया है, गिरवी रखा हुआ है, लगेगा कैसे?... लगेगा किसके पास? आपका भगवान कौन है? कोई आपका रिश्तेदार है भगवान? साला है? भगवान आपका कोई नहीं है। ...
- मन भागेगा नहीं तो क्या करेगा?... नहीं साहब! मन भागना नहीं चाहिए। बेटे, मन भागेगा नहीं तो क्या करेगा? भागना तो उसकी आदत है। उसकी तो बन...
- मन में ऐसा विचार कई बार आता है कि व्यापक शक्तियों की शक्ल क्यों कर बनाई गयी?... शक्लें बनाने के बारे में जब प्रश्न सामने आता है, तो उसका एक ही उत्तर आता है कि हिन्दू धर्म कलाकारो...
- मन लगाने से क्या मतलब है?... मन लगाने से मतलब यह है कि मन भागना नहीं चाहिए और उपासना में लगना चाहिए। महाराज जी, यही तो हमको शिकाय...
- मन लगाया तो मन नहीं लगा?... शरीर कहीं लगा और मन कहीं लगा। दोनों को आपने एक साथ मिला दिया होता, तो वे जीवन में चमत्कार दिखाते। आप...
- मन लगेगा भी कैसे?... आपने कभी मस्तिष्क को काम दिया था? नहीं, मस्तिष्क को तो कोई काम नहीं दिया। हाथों को काम दिया है। पैरो...
- मन से बालक कहाँ जाएगा?... मन से तो बालक अपनी माँ की गोद में खेलेगा, अपनी माँ के आँगन में खेलेगा और अपनी माँ के हृदय में रहेगा।...
- मन हमारा है कि हम मन के हैं?... मन के साथ में लड़ते-लड़ते मन को पीट-पीटकर इस लायक बना दिया है कि हम जहाँ चाहते हैं, वहीं मन लगता है,...
- मनसा देवी के पास किस काम के लिए गये थे?... ठीक है आप अपनी मंसा पूरी कराने के लिए मनसा देवी के पास गये थे। हर आदमी अपनी मनोकामनाएँ लेकर के साईंब...
- मनसा देवी से क्या माँगने गए थे?... पैसा। धत् तेरे की। पैसे के लिए मनसा देवी या मनसा देवी के लिए पैसा? नहीं साहब। पैसे के लिए मनसा देवी।...
- मनहूस कैसा होता है?... जैसे—पापा। पापा किसे कहते हैं? मनहूस को। पापा जब घर में घुसेगा तो सब पर हावी होता चला जाएगा। बीबी पर...
- मना नहीं करता बेटे, मैं तो यह कहता हूँ कि दान देने के तरीके क्या होने चाहिए?... दान वह होना चाहिए, जिससे दूसरे आदमी के व्यक्तित्व का विकास होता हो। पैसा भी देना चाहते हैं, तो भी आप...
- मनीआर्डर थे नहीं, बैंक थी नहीं, चेकबुक थी नहीं, फिर कौन भेजे और कहाँ से भेजे?... सब वहीं से इंतजाम होता था। भगवान् बुद्ध उनके अध्यापकों को एक, विद्यार्थियों का दो, न केवल रहने का, व...
- मनु अस्वस्थ हो गए, तो प्रश्न उठ खड़ा हुआ कि अब इस यज्ञ का संचालन कौन करे?... उस समय सारे विद्वानों ने एक स्वर से मनु की पुत्री इला को प्रमुख आचार्य घोषित किया। उन्हीं ने इतना बड...
- मनुष्य की चेतना, जिसको हम विचारणा कह सकते हैं, किस आदमी का विचार करने का क्रम कैसा है?... बस, असल में वही उसका स्वरूप है। आदमी लंबाई-चौड़ाई के हिसाब से छोटा नहीं होता, वरन जिस आदमी के मानसिक...
- मनुष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता क्या है?... ज्ञान। ज्ञान न हो तब? ज्ञानविहीन होने की वजह से चेतन होते हुए भी सब प्राणियों को निचले दर्जे में गिन...
- मनुष्य की हड्डी कैसे हो सकती है?... यह कौन बताएगा? यह बात डॉक्टर अपनी प्रयोगशाला में बताएगा। इसी तरह हम अपनी, प्रयोगशाला में ले जाकर कह ...
- मनुष्य के गौरव-गरिमा में कोई कमी आ गई?... नहीं, कोई कमी नहीं आई। उन्होंने वह आधार हटा दिया तो भी भगवान को मानने से इनकार कर दिया तो भी कोई कमी...
- मनुष्य के जीवन में बढ़कर और क्या हो सकता है?... आप दूसरे प्राणियों पर नजर डालिए न। कोई नंगा फिर रहा हैं, किसी के खाने का ठिकाना नहीं हैं, कोई कहीं ह...
- मनुष्य को कौन-कौन विचलित करता है?... मोह और लोभ करता है। लोभ से वे हजारों-लाखों कोस, करोड़ों कोस दूर हैं। उनमें कोई भी किसी भी अक्स में ल...
- मनुष्य को ज्यादा क्यों?... गधे को कम क्यों? बन्दर को कम क्यों? लोमड़ी को कम क्यों? ऐसे शरीफ बाप को बेइंसाफी नहीं करनी चाहिए। हर ब...
- मनुष्य को मार डालना भी कोई बड़ी बात है?... देवता अजातशत्रु होते हैं। मैं चाहता हूँ कि आपको देवता बना दूँ तो मेरा शिविर पूरा हो जाए और हमारा आपक...
- मनुष्य क्या है?... इसका विश्लेषण करने पर पता चलता है कि आदमी की जैसी मान्यताएँ, जैसा विश्वास, जैसी श्रद्धा होती है,...
- मनुष्य जब भगवान से जुड़ जाता है, तो क्या हो जाता है?... वह भगवान हो जाता है। आदमी अगर सही माने में भगवान से जुड़ा है, तो भगवान से कम कैसे हो सकता है? चलिए उ...
- मनुष्य डर गए थे कि कहीं राक्षस हमें मार डालेंगे तो हम क्या करेंगे?... राक्षस हमारी जमीन छीन लेंगे तो हम क्या करेंगे? राक्षस हमसे अगर यह कहेंगे कि आप अपनी चाल बदल लीजिए तो...
- मनुष्य में देवत्व की झाँकी कैसे कर सकते हैं?... व्यक्ति को श्रेष्ठ मनुष्य कैसे बना सकते हैं? यह सारी की सारी ब्रह्मविद्या की शिक्षा, ब्रह्मतेज की ...
- मनुष्यों का कैसे होता है?... मनुष्यों के साथ हमारा वास्ता होना चाहिए और वास्ते के लिए मनुष्यों के साथ हमको सेवा और सद्भावना का व्...
- मनुष्यों के सींग होते हैं कभी?... हमने तो देखे नहीं हैं? यह क्या है? खाली अलंकार है। दैत्य का तरीका क्या होना चाहिए? चेहरा कलंक की काल...
- मनुहार करेंगे, उपहार पाएँगे, यही ख्याल है न आपका?... अच्छा बताइए कि बादलों में पानी किसने पैदा किया? नहीं साहब, मनुहार करेंगे, उपहार पाएँगे, साष्टांग दण्ड...
- मनुहार किसे कहते हैं?... खुशामद को कहते हैं। खुशामद भी एक सिद्धान्त है। बिना माँगे किसी को क्या पता चलेगा कि आपको क्या जरूरत ह...
- मनोकामना की बात तो ठीक है, पर इसका होगा क्या?... भगवान अपनी सारी की सारी सृष्टि को एक कायदे के आधार पर, कानून के आधार पर, नियम के आधार पर चला रहा है।...
- मनोकामना पूरी करना खराब बात है क्या?... नहीं, खराब बात नहीं है, पर मनोकामना किस काम के लिए माँगी गई है? सांसारिकता को प्राप्त करने से पहले आ...
- मनोकामना पूरी करने के लिए क्या करना पड़ता है?... जीवन को शुद्ध करना पड़ता है। मेरे गुरु जब हमारे पास आये, तो उन्होंने मुझे यही बताया। मालवीय जी ने म...
- मनोकामना पूरी हुई?... बिलकुल पूरी नहीं हुई है और दशरथ की? दशरथ की भी पूरी नहीं हुई। दशरथ को शाप लगा हुआ था और भगवान राम चा...
- मनोमय कोश किसे कहते हैं?... यह हमारा मन है, मस्तिष्क है। यह इस बात पर टिका है कि हमारा मन कैसा है? भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में ...
- मम्मी की अकल को कैसे ठिकाने लगाया जाए?... शंकराचार्य जी ने कहा कि हम तो पानी में जा बैठे और कहा—"अरे मगर खा गया! मगर खा गया!!" तो मम्मी रोने ल...
- मर गया तो क्या हुआ?... अरे गुरुजी! आप यह क्या कहते हैं? हाँ बेटे, मैं गलत कह रहा था।
मित्रो! दूसरों का दुःख, दूसरों का ...
- मर गया है, तो रोते रहो, रोने से आ जाएगा?... नहीं आएगा।
अपने विवेक से काम लीजिए। विवेक से आप काम लेंगे, तो आपकी जिन्दगी कटती हुई चली जाएगी और व...
- मर जाएँगी क्या?... यह दौलत हमको नहीं मिलेगी क्या? बेटी! तुमको भी मिलेगी। बस, हृदय ने नाड़ियों को दिया और नसों में अपना ख...
- मर जाते हैं?... उन्हें खुराक नहीं मिलती। अगर आप कुत्तों के उन पिल्लों को खुराक का इंतजाम कर दें, सबके लिए रोटी, दूध ...
- मरघट में आप जाइए और भगवान की पोल खोलते जाइए-ये कौन मर गया?... जवान आदमी मर गया। उसकी माँ बिलख रही है, उसके बच्चे बिलख रहे हैं, औरत बिलख रही है। यह कैसे हो गया? यह...
- मरता है तो क्या?... शहीद होता है। अच्छे कार्य के लिए हमें अपनी जान भी देनी पड़े, तब भी हम देंगे। व्यक्ति हमें हाड़-माँस ...
- मरद औरत को खाएगा और औरत मरद को खाएगी, क्या यही अर्थ है विवाह का?... गाँधी जी ने एक किताब लिखी है, ‘संयम की राह पर’। उसमें लिखा है कि स्त्री और पुरुष बहन-भाई की तरह भी...
- मरने का तो वक्त आ गया, नब्बे साल की उम्र होने को आई, अब क्या चाहिए?... उसने कहा कि मुझे तो टिपटॉप यौवन चाहिए, जिससे मैं सोलह-अठारह साल की लड़की लगूँ। अच्छा ठीक है ले जा। ज...
- मरने की क्या चल रही है?... अभी हमने इतने कार्यकर्ता बुलाए हैं और जो 500 कार्यकर्ता हमारे यहाँ रहते हैं, इनको भावना कौन देगा...
- मरने के बाद क्या होगा?... पता ही नहीं। अभी क्या होगा? यह तक तो हमें मालूम नहीं है, फिर भविष्य का क्या पता? कुछ पता नहीं।...
- मरने के बाद क्या होगा?... बुढ़ापे में क्या होगा? जो कुछ होगा, देखा जाएगा। अरे बेटे! संयम से तो रह। अरे साहब! संयम-व...
- मरने के बाद क्या होता है और मरने के बाद में कहाँ जाना पड़ेगा?... मैं कुछ कह नहीं सकता। बहुत दिन पहले की बात है, हमने बहुत तरह की पुस्तकों में और बहुत तरह के शास्त्रो...
- मरने के बाद में हमको जब अय्याशी की जरूरत पड़ेगी, विलासिता की जरूरत पड़ेगी, तब कैसे काम चलेगा?... उन्होंने अपने नौकरों को, जो कि उनके खानदान में काम करते थे, दो-दो हजार नौकर थे। जब इतनी औरतें जा रही...
- मरने के बाद में, मेरे चले जाने के बाद—थोड़ा इंतजार कीजिए कि वह आदमी, जिसका कि हम व्याख्यान सुनने के लिए गए थे और जिस आदमी के पास शान्तितकुञ्ज में रहे थे, क्या इतना छोटा आदमी था?... क्या बड़ा आदमी था? उससे आपने क्या पाया था? हाँ, हमने बहुत कुछ पाया था, न जाने आपने प्रभाव की दृष्टि ...
- मरने के बाद स्वर्ग मिलेगा या नहीं?... यह हम नहीं जानते, लेकिन इसी जीवन में स्वर्ग स्थापित कर सकते हैं, आध्यात्मिक साधना के मार्ग पर चलते...
- मरने के लिए क्या करना पड़ता है?... मरने के लिए तो कुछ भी नहीं करना पड़ता। छत के ऊपर चढ़कर चले जाओ और गिरो, देखो अभी खेल खत्म। गंगाजी मे...
- मरने से क्या मतलब होता है?... मरने से मतलब यह है कि हम सफल न हो सके। हमारा अनुष्ठान असफल चला गया। अगर अनुष्ठान असफल चला गया तो आपक...
- मरम्मत न की जाय और पुराने कपड़े फेंक दिये जायँ, टूटे हुए बर्तन फेंक दिये जायँ, तो बात कैसे बन सकती है?... नहीं बन सकती। मरम्मत करनी पड़ती है।
पुराने की मरम्मत : नया बनाना
मित्रो! वैसे ही ...
- मरा हुआ इनसान भी?... हाँ, मरा हुआ इनसान भी आग बन जाता है; क्योंकि यह आग की, हमारे पुरोहित की विशेषता है कि वह दूसरों को भ...
- मरी हुई है और आपके नाक में से हवा निकलती है, तो आप जिन्दा हैं कि मरे हुए हैं?... साहब हम तो जिन्दा हैं। रोटी खाते हैं और टट्टी करते हैं।अच्छा देख, आटा पीसने की चक्की होती है। उसमें...
- मरे हुए से क्या मतलब है?... इनमें जान नहीं है। अगर इनमें आप जान पैदा कर सकें तो मजा आ जाए। जान से क्या मतलब है? जान से मेरा ...
- मरे हुए आदमी की कथा क्या हो सकती है?... नारद जी ने वाल्मीकि को उपदेश दिया कि बेटा डाका डालना बुरी बात है। चोरी करना बुरी बात है। सन्त हो जा। ...
- मरे हुए कैसे होते हैं?... जैसे हम और आप हैं। नहीं साहब! गुरुजी आप मरे हुए हो सकते हैं, हम तो जिन्दा में से हैं। हम कैसे मान...
- मरे हुए व्यक्तियों को तो देखा है कि मरने के बाद उन्हें जला दिया गया, पर जिन्दा बेटों को, जिन्दा बेटियों को, जिन्दा पोतियों को, जिन्दा पोतों को जलते हुए क्या किसी ने देखा है?... नहीं, महाराज जी! अगर ऐसा दृश्य हम देखेंगे तो हमारा कलेजा फट जाएगा। हाँ बेटे, परन्तु एक का कलेजा फटा ह...
- मरे हुए से आप क्या फायदा उठा सकेंगे?... अच्छा क्या आप एक बात बता सकते हैं कि मूर्तियाँ, जो मन्दिरों में स्थापित रहती हैं और जो दुकानों पर...
- मर्द यह चाहेगा कि हम बीबी का खून कैसे पी सकते हैं और इसकी सारी की सारी हड्डियाँ और मास कैसे निचोड़ सकते हैं?... भाई-भाई से चाहेगा कि भाई की मौत कब होगी, ताकि इसके हिस्से की जमीन हमारे हिस्से में आ जाय और इसकी ब...
- मल हमारे कहाँ हैं?... आवरण हमारे कहाँ हैं और विक्षेप हमारे कहाँ हैं। आदर्शों की आग में तपने का नाम है अध्यात्म इसलिए मित...
- मलेरिया इससे अच्छा हो गया?... नहीं साहब! अच्छा तो नहीं हुआ। क्यों अच्छा नहीं हुआ? कल तो हमने आपको बता दिया था और आप भी कह रहे थे ...
- मल्लाह की ताकत से क्या मतलब है?... मैं 'ब्रह्मवर्चस्' की बात कह रहा हूँ। आपका क्या ख्याल है? आप बताना कि हम जहाँ भी गए हैं, वहाँ कितने ...
- मशक्कत पर विश्वास है?... आपको मशक्कत के इसलिए कहा जाएगा तो आपका अध्यात्म गायब हो जाएगा, फिर आप क्या करेंगे? साईं बाबा की पूजा...
- मशक्कत से क्या मतलब है?... शरीर से। श्रम से खेती-बाड़ी होती है। श्रम से मकान बनते हैं। श्रम से कारखाने चलते हैं। यह कौन करता है?...
- मसलन आपकी धर्मपत्नी हैं ना?... स्वास्थ्य उनका अच्छा है ना? तो उन्हें सारे दिन, खाना बनाने में क्यों लगाए रखें खाना आप सब मिलकर थोड़े...
- मसलन आपकी बीबी गलती करती है, तो करे, आपके माँ-बाप गलती करते हैं, तो करें, लेकिन आप क्यों गलती करते हैं?... आपको तो अपना फर्ज पूरा करना है।
माँ-बाप के प्रति जो आपकी जिम्मेदारियाँ हैं, वह फर्ज पूरे कर...
- मसलन शेर जब भूखा होगा तो उठेगा और भूखा न हो तब?... हमने शेरों के इलाके में देखा है, सब शेर चुपचाप पड़े रहते हैं। गधे उनके पास में घास चरते रहते हैं। भा...
- मसलन, आपकी जो इच्छाएँ हैं, अगर वह पूरी हो जायें, तो आप क्या ख्याल करते हैं?... गुरुजी! हमको बहुत खुशी होगी।चलिए आपको वही खुशी महत्त्वाकांक्षा के पूरी हुए बिना भी मिल सकती है, अगर ...
- मसलन—आपने शराब पी, किसी को नीचा दिखाने में खरच किया, तो यह क्या हुआ?... यह अनर्थ कहलाया। एक कहलाता है व्यर्थ। समय का एक हिस्सा आपने गप्पें हाँकने में खरच कर दिया। यह क्या ह...
- मस्तिष्क से भी गंगा निकलती है?... पानी की गंगा निकलती है? हाँ बेटे, ज्ञान की गंगा निकलती है? इसी ज्ञान की गंगा को प्रतीक रूप में पान...
- महँगा और सस्ता होने की वजह से किस चीज का भाव कहाँ पहुँच जाए?... मालदार, अमीर और सस्ता हो सकता है। मैं तो सिर्फ यह पूछना चाहता हूँ कि आपने खरच कहाँ किया? पैसे के संब...
- महज शरीर से काम कर दिया, बेगार भुगत दी तो बात कैसे बने?... आप अपनी कार्यपद्धति में से आलस्य और प्रमाद को हटा देना। आप जिम्मेदारी, वफादारी और स्फूर्ति को शामिल ...
- महमूद गजनवी ने कहा—अच्छा, यही ख्याल है न आपका?... हाँ साहब! यही ख्याल है। बैठ जाइए, हम तो सचाई के नजदीक जाना चाहते हैं। हम यह जोखिम उठाने को तैयार हैं...
- महराज जी, अक्षत से क्या फायदा है?... बेटे, अक्षत से आपके विचार से यह फायदा है कि गणेश जी को कोई खाना दे जाता है, कोई नहीं देता। तो जो वह ...
- महाकाल कहाँ है?... महाकाल का मन्दिर वहाँ उज्जैन में बना हुआ है। रावण का आराध्य वही था। अच्छा! तो रावण महाकाल का उपासक था...
- महाकाल किसे कहते हैं?... टाइमपीस को महाकाल कहते हैं, घड़ी को महाकाल कहते हैं। तू समझता है कि टाइम किसे कहते हैं? समय किसे कहत...
- महाकाल क्या चाहता है?... युग क्या चाहता है? देवशक्तियाँ क्या चाहती हैं? और भगवान क्या चाहते हैं? भगवान जो चाहते हैं, उस काम...
- महात्मा हो गयी?... ज्ञानी हो गयी? उसे आत्मसाक्षात्कार हो गया कि नहीं हो गया? कुछ भी नहीं हुआ। एकाउण्टेंट जो बढ़िया व...
- महादेव भाई को फुरसत मिली तो उन्होंने मुझे देखा और पूछा—क्या बात है, कैसे खड़े हो?... मैंने कहा—मैं कुछ कहना चाहता था, पर हिम्मत नहीं पड़ती है। उन्होंने कहा—आ जाओ और जो कहना है कहो। मैंन...
- महापुरश्चरण किस काम के लिए?... महापुरश्चरण करने का उद्देश्य इस वातावरण को, एन्वायरनमेंट को परिष्कृत करना है। हवा, वातावरण अनुकूल न ...
- महापुरुषों के नाम सुने नहीं आपने?... आप उन महापुरुषों की हिस्ट्री तलाश कीजिए, जनता ने जिनको निहाल कर दिया है। माँगने पर? माँगने पर नहीं, ...
- महामना मालवीय जी की ख्याति को कौन नहीं जानता?... हिन्दू विश्वविद्यालय उन्होंने बनाया था और जब विदेश गए थे तो भारत सरकार ने जिन लोगों को बुलाया था, उनम...
- महाराज जी आप ये क्या कहते हैं?... बेटे, ये तो साथा-साथ होगा, क्योंकि जो आदमी आराम की जिन्दगी, चैन की जिन्दगी, मानसिक चिन्ता रहित जिन्दगी...
- महाराज जी मैं क्या दूँगा?... नहीं बेटे, तप यों नहीं देंगे। हम तो ईमानदारों की साझेदारी करेंगे, बेईमानों की नहीं। भगवान से तू माँग...
- महाराज जी, ऐसा हँस कौन-सा होता है?... कोई नहीं होता, बेटे, हम और आप हो सकते हैं।
दोस्तो! हँस एक अलंकार है। जैसा हँस हमने कल्पना कर ...
- महाराज जी, ऐसा हो सकता है?... हाँ बेटे, ऐसा हो सकता है, इसीलिए शक्ति को प्राप्त करने से पहले पवित्रता-संशोधन की जरूरत है। संशोधन आ...
- महाराज जी, फिर तो हम बार-बार दीपक जलाने में पैसा क्यों खरच करें?... क्यों बार-बार दीपक जलाएँ? बेटे, उसका भी एक कारण है। एक ऐसा बेवकूफ आदमी है, जो आँखों से अन्धा है, जिसक...
- महाराज जी, हँस तो बेकार होता है, किसी और सवारी पर नहीं आ सकती?... घोड़ा कहें तो घोड़ा ला दूँ, हाथी कहें तो हाथी ला दूँ? घोड़े-हाथी पर तो वे कतई नहीं बैठती। वे तो हँस ...
- महाराणा प्रताप को क्या कमी थी?... उनके पास सभी चीजें थीं। वे अच्छे खाते-पीते व्यक्ति थे, पर जब उनके भीतर स्वराज्य की भावना जाग्रत ...
- महीने भर के लिए मिर्च बन्द कर दें, फिर दुबारा मिर्च खाएँ, तो आपके मुँह में इतनी लार आएगी, इतना कष्ट होगा कि लगेगा कि हमको क्या चीज खिला दी गयी?... जहर खिला दिया गया।
अन्न का स्वाद ही नहीं, संस्कार भी देखें
मित्रो! यह मामूली सी बात है। कौ...
- महीने भर में कितना खर्च करते हैं?... आपके व्यक्तिगत खर्च और आवश्यकताएँ बहुत कम हैं।
साथियो! आप फिजूलखर्चियों में उड़ा डालें तो इस...
- महीने भर में कितने का हो गया?... ४ से लेकर आठ आने का चक्कर है। कोई खास बात नहीं है तो महाराज जी! इससे कौन प्रसन्न हो जाएगा? बेटे, सब ...
- माँ अपने बच्चे को गुरुकुल में पढ़ाने के लिए भेज देती है, तो क्या माँ बच्चे की दुश्मन होती है?... धन कमाने के लिए कोई परदेश चला जाता है और परदेश में दो पैसे कमाकर अपने बच्चे को मनीआर्डर से भेजता...
- माँ आपकी सेवा करने लायक नहीं रही, बुढ़िया हो गई, तो आप उसकी सेवा नहीं करेंगे?... खूब सेवा कीजिए। मित्रो! न तो इनसानों की कीजिए, न गए-बीतों की कीजिए, न बुजुर्गों की कीजिए और न भगवान ...
- माँ ऐसी नहीं होती कि उसका दुलार किसी के लिए विशेष होता हो और किसी के लिए नहीं होता हो, फिर वह माँ ही कैसी है?... ठीक है, जो नजदीक आते रहते हैं, बार-बार जिनको बुलाते रहते हैं, कार्य के लिए तो बेटा, बुलाया ही जाएगा,...
- माँ का क्या होगा?... कसाईखाने जाएगी। बाप भी कसाईखाने जाएगा। बेटे! अगले दिनों यही होगा, अगर हम संस्कृति को खतम करते हैं, त...
- माँ का प्यार नहीं है?... चिड़िया का अण्डा जिन्दा रह सकता था, पर हम बिना माँ के जिन्दा नहीं रह सकते थे। अगर माँ ने पेट में से नि...
- माँ की उपासना कोई और क्यों नहीं करेगा?... माँ के लिए, भगवान के लिए, तो बेटे और बेटी बराबर होते हैं। उसमें कोई जाति-बिरादरी नहीं होती। यह मनुष्...
- माँ के पास कौन-कौन-सा बच्चा बैठ सकता है?... उनको तो बाहर जाना ही पड़ेगा और जाना ही चाहिए।
आपके दुःख, कष्ट और कठिनाइयों के बारे में हमने भले ह...
- माँ के साथ में क्रियाकलाप कैसा हो?... माँ की गोदी में खेलना, माँ के सीने से लिपट जाना, माँ का सिर पर हाथ फिराना, माँ की छाती से दूध पीना, ...
- माँ को मैं कैसे अलग कर दूँ?... नहीं साहब! बेटी से अलग रहिए। बेटी से मैं कैसे अलग रहूँ? छोटी थी जब पैदा हुई थी और उसे हम गोदी लिए फि...
- माँ ने उसके लिए खाना पका दिया, कपड़े साफ कर दिए, उसे स्नान करा दिया, परन्तु बाप का क्या कोई कर्तव्य नहीं है?... उसे भी सोचना होगा। माँ ने शरीर का उद्देश्य पूरा कर दिया, लेकिन आपने उसे प्यार दिया? नहीं साहब। हमने ...
- माँ ने क्या नहीं दिया?... किसी का २५ सीसी. खून इंजेक्शन द्वारा लगवाते हैं, तो उसके लिए हमको ढेरों पैसे देने पड़ते हैं? डॉक्टर भ...
- माँ ने शरीर का उद्देश्य पूरा कर दिया, लेकिन आपने उसे प्यार दिया?... नहीं साहब। हमने उसे नैनीताल में भर्ती करा दिया। उसके लिए ट्यूशन आने-जाने के लिए साइकिल आदि की व्यवस्...
- माँ बनाती है और जब माँ—नारी की दशा ऐसी ही बनी रही और वो भावनात्मक दृष्टि से ऊँची नहीं उठी, तो फिर कौन बनाएगा?... शिक्षा की दृष्टि से ऊँची उठ जाए, तो उठ जाए। केवल शिक्षा किस काम में आती है? नौकरी के काम आती है, सर्...
- माँ से अलग रहिए?... बेटे, माँ से मैं अलग कैसे रहूँ। उसने मुझे अपने पेट में पैदा किया। छाती से लगा करके रखा और कई वर्षों ...
- माँ से अलग होने के बाद में कितना नुकसान उठाया?... हमने बहुत नुकसान उठाया। पिछले दिनों में न जाने कौन आया, जिसने हम माँ-बेटे को अलग कर दिया। माँ अलग इध...
- माँ से बिछड़ करके बच्चा कहाँ जाएगा?... कहीं नहीं जाएगा। आप शरीरों से तो जाना, पर मन से मत जाना। मन से तो यहीं आपकी माँ का आँगन है, इसी माँ ...
- माँ हर समय आँचल की छाया करती रहती है, हर समय अपने प्राणों से लगाए रहती है किसको?... अपने बेटे को। किस बेटे को?
जिसने कि अपने जीवन को निछावर कर दिया, उस बेटे को अपनी छाती से लगाया है ...
- माँ-बाप किसे कहते हैं?... माँ-बाप उसे कहते हैं, जब तक कि लड़का नाबालिग रहता है और जब तक वह जिसके सहारे रहता है, उसका नाम होता ...
- माँ-बाप बच्चों को प्यार करते हैं?... बहुत प्यार करते हैं, लेकिन कीमती चीजें? कीमती चीजें आपको नहीं मिल सकती, क्योंकि आप बच्चे हैं।
...
- माँ-बेटे साथ-साथ नहीं रहेंगे, तो किसके साथ रहेंगे?... बाप-बेटी भाई-बहिन साथ-साथ नहीं रहेंगी। बेटी बाप की गोदी में नहीं जाएगी, क्योंकि वह स्त्री है और ये...
- माँगता हो तो आप क्या कहेंगे उसको?... चाहे बड़ी उम्र का भी हो जाए तो भी क्या कहेंगे? तो मैं उसको बच्चा कहूँगा। बच्चा बड़ी उम्र का? हाँ बड़...
- माँगने वाला बड़ा होगा?... नहीं, माँगने वाला बड़ा नहीं हो सकता। नहीं साहब! हम माँग कर लाये हैं। अच्छा, तो फिर आपने उसका क्या क...
- माँगने से कहीं कुछ मिलता है क्या?... नहीं महाराज जी! हम प्रार्थना से माँगेंगे, हाथ जोड़ करके माँगेंगे, इससे माँगेंगे, उससे माँगेंगे। बेट...
- माँगने से किसको क्या मिला है?... नहीं साहब! हम- प्रार्थना करेंगे, पूजा करेंगे, श्रवण करेंगे, मनोकामना माँगेंगे। बेटे, माँगने से दस ...
- माँगने से किसको क्या मिला है?... नहीं साहब! भगवान से माँगते हैं। बेटे, माँगने से क्या होता है। माँगने से कुछ नहीं होता। माँगने से क...
- माँगिए क्या माँगते हैं?... लेकिन फिर आप यह शिकायत मत करना कि हमको तो अभी और कमी रह गयी और अभाव रह गया।मैं समझता हूँ कि आपकी कमी...
- माँस काटने की जब हिम्मत न पड़ी तो क्या कर दिया?... दही में लाल रंग का सिंदूर मिला दिया। यह क्या हो गया? यह माँस बन गया। दही में लाल रंग का सिंदूर मिला ...
- माँस माने वही माँस, जो खाने के काम आता है?... हाँ, वही माँस है। माँस काटने की जब हिम्मत न पड़ी तो क्या कर दिया? दही में लाल रंग का सिंदूर मिला दिय...
- मांधाता किसका शिष्य बना था?... शंकराचार्य का और भगवान बुद्ध का शिष्य बना था अशोक और हर्षवर्द्धन। आप ऐसे शिष्य बनिए, नहीं महाराज जी!...
- मांधाता ने कहा कि आप दिग्विजय के लिए विश्व में जा रहे हैं?... उन्होंने कहा कि हाँ, जा रहा हूँ। तो आप यह मेरी सेना ले जाइए, मेरा रथ ले जाइए। आपसे शास्त्रार्थ में ज...
- माता की सन्तान एक और पिता की सन्तान का एक ही नाम है; क्योंकि दोनों सम्मिलित हो गए न, तो फिर सन्तान सम्मिलित कैसे नहीं होगी?... मित्रो! हम अपने आप को जब भगवान के सुपुर्द कर देते हैं, तो क्या हो जाता है? स्वभावतः भगवान अपने आप को...
- माता कैसी है?... गायत्री माता का फोटो कैसा है? जरा बताना तो सही। बच्ची का है? नहीं। बुढ़िया का है? नहीं। बाल सफेद हो ...
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- माता ने क्या पहना?... किस वातावरण में रही और उसकी मनःस्थिति किस तरह की रही? इस तरह की व्यवस्था बनाना पिता का काम है।
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- माताजी आप यह क्या कह रही हैं?... विश्वामित्र जब तक क्षत्रिय थे, तब तक नहीं मिलीं। जब वह सन्त और ब्राह्मण हो गए, तब गायत्री माता को वे...
- माताजी, कैसे नहीं किया?... किया तो है हमने। हम अंशदान देते हैं। दिया है कि नहीं दिया है? हाँ बेटे, सिर-माथे पर है। यदि यह अंशदा...
- मादा-मादा सब एक सी हैं?... नहीं साहब! फरक कीजिए। नहीं, हम जानवर हैं, हम क्या फरक कर सकते हैं? तब हमें कोई तमीज नहीं थी। वे कुसं...
- मान लीजिए अगर आप बीमार हो जाएँ, तो आपका समय बचेगा कि नहीं?... आप यह समझें कि आप चार घण्टे नित्य बीमार हो जाते हैं। आप कहेंगे कि गुरुजी हम किस काम के लिए समय दें,...
- मान लिया बेटे, पर यह बता कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने जिस दिन से भगवान का पल्ला पकड़ा, उस दिन के बाद भी क्या उन्होंने कभी मक्कारी की?... नहीं महाराज जी! नहीं की। अंगुलिमाल डाकू बड़ा हत्यारा था। लेकिन यह बता कि बुद्ध भगवान की शरण में आने...
- मान लीजिए अगर वह सस्ती हो गयी, तो आपको नुकसान उठाना पड़ता है ना?... निष्काम कर्म कैसे करें
अब आप बताइए कि यह आपके हाथ की बात है क्या? नहीं, यह आपके हाथ की बा...
- मान लीजिए कि आपने बच्चों को पढ़ाया-लिखाया भी ठीक तरह से, हर तरह से कोशिश भी की, लेकिन जैसा आप चाहते हैं, वैसा वे नहीं बन सके, तब क्या आप अपना दिमागी बैलेन्स खराब करेंगे?... गाँधी जी का बड़ा लड़का था—हीरालाल गाँधी।...
- मान लीजिए गवर्नमेण्ट बीस लाख रुपये ले भी जाय, तो भी तीस लाख का सामान तो बच ही जायेगा न?... बुड्ढा बहुत देर तक सोचता रहा कि तीस लाख किसे कहते हैं? तीस लाख रुपये की एक रुपये सैकड़े से तीस हज...
- मान लीजिए हमको परायी सम्पत्ति मिल भी जाए, तो वह सम्पत्ति कितने दिन की होगी?... मैं समझती हूँ कि वह थोड़े दिन में चली जाएगी। जो अपनी उपार्जित सम्पत्ति होती है, वह टिकाऊ होती है। उसम...
- मान लीजिए, आप साठ आदमी हैं और उनमें से चालीस व्यक्ति ऐसे हैं, जिन्हें कहाँ जाना है?... शाखाओं में जाना है, तो चालीसों के हाथ में शंख थमा दिया जाएगा और शंख बजाते हुए जब आप शहर के बाजार ...
- मान लो कल को मेरी माँ को ऐसा रोग हो जाता है, तो क्या मैं अपनी माँ की सेवा नहीं करूँगा?... तो फिर इसकी सेवा करने में क्या बात है? और उन्होंने उसकी भरपूर सेवा की। यह व्यक्ति के अन्दर की सम्वेद...
- मानसिक ब्रह्मचर्य किसे कहते हैं?... बेटे! मानसिक ब्रह्मचर्य उसे कहते हैं, जब नारी, नर के बारे में और नर, नारी के बारे में अच्छे विचार कर...
- मामा हैं तो क्या हुआ?... कोई भी क्यों न हों, जब गलत काम करते हैं, तो हमारे कोई नहीं, सब विरोधी हैं। भगवान् ने यह शिक्षण अपन...
- माया किसे कहते हैं?... बेवकूफी को। बेवकूफी किसे कहते हैं? जैसी कि हमने और आपने अपने-अपने ऊपर अपने आप से ओढ़ ली है। नहीं साह...
- मारा नहीं उस बाबाजी को?... नहीं साहब! अच्छा अब की बार आए तो उसके कान पकड़ लेना और कहना कि गलत बात बता रहा है। मित्रो! क्या बतान...
- मारे गए तो?... मारे भी जा सकते हैं। वे किस तरीके से रिस्क उठाते हैं? रिस्क उठाने में एक चीज की जरूरत है, जिसका नाम ...
- मार्जन स्नान क्या होता है?... आप अपने शरीर पर छींटे लगा लीजिए। इससे क्या हो जाएगा? इससे आपको कुंभ के दिन गंगाजी में स्नान का पुण्य...
- माल-मजा उड़ाते हुए, लालची और लोभी रहते हुए आप चाहें कि राम नाम सार्थक हो जाएगा?... नहीं कभी सार्थक नहीं होगा। हमारे गुरु ने, हमारे महापुरुषों ने हमें यही सिखाया है कि जो आदमी महान...
- मालदार आदमी बन जायँ, दुनिया में पैसे वाले आदमी, मालदार आदमी किस तरीके से बने हैं, बताना?... बेटे, दुनिया में मालदार बनने का एक ही तरीका है कि उन्होंने अपने काम करने की शैली का परिष्कार किया ...
- मालवीय जी के मरने के बाद वहाँ के कार्यकर्ताओं ने इस कदर लूटमार मचा दी कि उसका क्या कहना?... अपना स्वार्थ सीधा करने के लिए उन्होंने उस संस्था का न जाने क्या-क्या कर डाला। अगर वह आश्रम जिन्दा होत...
- माला किस चीज की लूँ?... बेटे! माला किसी भी लकड़ी की ले ले। बेटे! यह पाठ पहला नहीं है। यह ग्यारहवाँ है। महाराज जी! बीजमंत्र ल...
- माला किससे घुमाते हैं, हाथ से घुमाते हैं, माला किसकी होती है?... लकड़ी की बनी होती है। क्या-क्या चीजें होती हैं, जो हाथ से घुमाई जाती हैं? बेटे, यह सब मैटेरियल है, ज...
- माला की क्या जरूरत है?... बेटे! लोग अपने मन की मलिनता को धोने के लिए माला करते हैं। माला अपने आप की धुलाई के लिए है, अ...
- माला कैसे घुमाना चाहिए?... हवन और आरती कैसे करना चाहिए, आदि क्या हैं? ये हैं हलचलें। कर्मकाण्डों में प्राण आ जाए— नाम और रूप क्...
- माला घुमाने से आपका क्या भला होगा?... कुछ भला नहीं होगा, वह तो आपने ढाई घण्टे पूरे किए हैं। आपने हृदय से माला को नहीं फेरा।
कर का मनका छो...
- माला में कितनी मशक्कत करनी पड़ती है?... माला चलाने में तो कुछ भी मेहनत नहीं करनी पड़ती। अँगुलियों से लकड़ी का एक-एक टुकड़ा घुमाते रहते हैं। ब...
- माला में क्या होता है?... नमः शिवाय-नमः शिवाय और क्या कह रहा है? श्रीकृष्ण शरणं मम-श्रीकृष्ण शरणं मम। श्रीकृष्ण मेरी शरण में आ...
- माला से क्या काम चलेगा शरीर का?... बेटे! माला चबा लिया कर और पहन लिया कर। अच्छा, महाराज जी! रात को ठंढ लगे तब? ठंढ लगे तो ओढ़ लिया कर म...
- माला हमारे पास है, तो हम जीवन को परिष्कृत क्यों करेंगे?... जब हम देवी की पूजा कर ही लेते हैं, तो हमको आध्यात्मिकता के विकास की जरूरत क्या है? मनोकामना अपने आप ...
- मालामाल होने पर क्या होता है?... आदमी हरामखोर और कामचोर हो जाता है। सारे आदमी हरामखोर और कामचोर हो गये। बस बैठे रहे। किसी ने टेलीवि...
- मालूम नहीं कि अपने आप को बदल देने के लिए आपने तैयारी की कि नहीं की?... अगर आपने अपने आप को बदल दिया होगा तो मेरा शक्तिपात करने का मकसद जरूर पूरा हो जाएगा, लेकिन अगर आप बदल...
- मालूम नहीं कि आपने मेरी सहायता स्वीकार की कि नहीं?... मालूम नहीं कि अपने आप को बदल देने के लिए आपने तैयारी की कि नहीं की?...
- मालूम नहीं कौन है?... अनैतिकता को भगाओ, पाप को भगाओ, परन्तु भगाएगा कौन? दुनिया ने पाप को भगाया, पर वही चोर वाली बात सामने ह...
- मालूम नहीं मेरा सिखाना और समझाना आपके काम आया कि नहीं?... आपके पत्थर जैसे दिल के ऊपर पानी की बूँदें गिरीं कि नहीं? अगर आपके ऊपर इन बातों का कोई असर नहीं हुआ ह...
- मालूम नहीं हम और आप जो, आज यहाँ बैठे हुए हैं, हम लोगों का कल क्या होगा?... किसी को पता नहीं। इसलिए हमको समझदार राजा के तरीके से अपना जीवनयापन करना चाहिए। मित्रो! यह बा...
- मालूम नहीं, आप सोते रहे अथवा आप जाग्रत रहे?... जाग्रत रहे होंगे, तो आपने अनुभव किया होगा; लेकिन यदि आप सोते ही रहे होंगे, तो मालूम नहीं कितना अनुदा...
- मालूम पड़ता है कि जाने कहाँ से माँस आ गया?... यह कहाँ से आता है? हवा में से आता है। क्या हवा की जरूरत नहीं है? केवल अन्न की जरूरत है? अन्न ही अन्न...
- मिट्टी के जखीरे की क्या कीमत है?... एक पैसे की भी कीमत नहीं है। उसके भीतर दो जर्रे भरे पड़े हैं, जो अपने आप में कीमती है। उन जर्रों के भी...
- मिट्टी के द्रोणाचार्य, जिसे एकलव्य ने बनाया था, अभी तक जिन्दा हैं?... नहीं बेटे, वह मिट्टी तो कहीं पड़ी होगी, लेकिन उसमें कोई चमत्कार नहीं होते? नहीं बेटे, वह पहले भी मि...
- मिट्टी को तू कहाँ रख सकता है?... इसे जला दे, हम और तुम दोनों चलेंगे। नहीं साहब! आप पिताजी को बेकार जलाने की बात कहते हैं, उन्हें गाली...
- मिट्टी खराब होती है?... मिट्टी खराब नहीं होती, पर बेटे, लोहे के साथ में मिट्टी है और लोहे को बेहतरीन बनाना है, तो हमें मिट्ट...
- मिट्टी चाहते हैं न?... हाँ साहब! मिट्टी चाहते हैं।
तीसरी आकांक्षा क्या है? अहं। एक आदमी का अहं, मेरा बड़प्पन, मेरा य...
- मिट्टी से रुपया बन सकता है?... कैसे बन सकता है? आप मिट्टी लीजिए, मिट्टी से ईंटें बनाइये और ईंटें बना करके बाजार में बेच दीजिए और पै...
- मिठाई कैसे बाँटी जाएगी?... कोई माता अपने लाल को कैसे निहारेगी? अपने लाल को पाकर कैसे धन्य होगी? एक का आनन्द-दूसरे का शोक, एक...
- मिठाई या खाना-भोग भगवान् को नहीं मिलता, तो क्या हरज था?... राई के बराबर भी कुछ हरज नहीं था। भगवान् को खाने-पीने की और पहनने-ओढ़ने की वास्तव में कतई जरूरत नहीं...
- मिठाई या खाना-भोग भगवान को नहीं मिलता, तो क्या हरज था?... राई के बराबर भी कुछ हरज नहीं था। भगवान को खाने-पीने की और पहनने ओढ़ने की वास्तव में कतई जरूरत नहीं ह...
- मिठास होगी तो क्या होगा?... सारे-के-सारे व्यक्ति तुम्हारी सराहना करेंगे। दो तरह की मिठास होती है, एक तो प्रकृतिप्रदत्त-स्वभावगत ...
- मित्रता को मैं खराब कैसे कहूँगा?... मित्रता तो बहुत अच्छी बात है। सहयोग बहुत अच्छी बात है। लेकिन आज के जमाने में, जिसमें आदमी के लिए हैर...
- मित्रो, यह क्या बात है?... हमारी जान-पहचान किससे है? हमारी जान-पहचान भगवान् से है। जान पहचान का चमत्कार आदमी की पहचान बड़े आदम...
- मित्रो, हमारा जीवन किस काम के लिए खर्च हो गया?... केवल मुट्ठी भर पत्थरों के लिए! हमने कभी भी सोचा नहीं कि हमें किस प्रकार जीना चाहिए। तो गुरुजी हमार...
- मिथ्या किसके लिए हैं?... आप सबके लिए मिथ्या हैं। आपको यह एक चीज भी नहीं देंगी। आपका एक घण्टे का समय खराब करा लेंगी गायत्री म...
- मिनी वसन्त पर्व क्यों है?... वसन्त पर्व तो अभी एक महीना पहले ही व्यतीत हुआ है, फिर यह कैसा मिनी वसन्त पर्व है? हाँ बेटे! यह मिनी ...
- मियाँ-बीबी भी दो आदमी होते हैं, उनमें भी कोई शामिल होता है?... नहीं। न दो मियाँ होते हैं न दो बीबियाँ होती हैं। एक मियाँ एक बीबी होती है।इसलिये आपसे एकाकी अपील है,...
- मिर्च क्या होती है?... मिट्टी। नींबू क्या होता है? मिट्टी। जलेबी क्या होती है? मिट्टी। खाना कौन चाहता है? मिट्टी। ये क्या ह...
- मिर्च तो यहाँ थी, फिर सबको खाँसी क्यों आ गयी?... क्योंकि मिर्च वायुमण्डल में फैल गयी। मिर्च जली नहीं। फिर उसका क्या हुआ? मिर्च सूक्ष्म हो करके फैल गयी...
- मिल-बाँटकर खाने का मजा देखा है आपने?... इक्कड़....., जो अकेला ही खाता रहता है, पाप खाता रहता है। अकेला ही संचय करता रहता है, वह आदमी पाप संच...
- मिलाने के लिए क्या करना चाहिए?... भगवान के साथ योग करने से पहले क्या करना चाहिए? इससे पहले योग करना मैं सिखाऊँगा। किसके साथ योग किया ज...
- मिलिट्री का प्रशिक्षण किस तरह का होता है, आप जानते हैं क्या?... मिलिट्री का प्रशिक्षण किसी आदमी को दिया जाय और वह यह कहे कि हम तो यहीं पर, इसी स्थान पर रहेंगे और ...
- मिल्क इंजेक्शन क्या होता है?... दूध की छोटी-छोटी ट्यूब आती हैं। आप इन्हें केमिस्ट के यहाँ से खरीद सकते हैं और डॉक्टर के पास जाकर उसस...
- मिशन को आप समर्थ बना सकते हैं कि नहीं?... आपके विचारों की झाँकी आपके व्यवहार से भी होनी चाहिए। व्यवहार आपका इस तरह का न होगा, तो मित्र लोगों...
- मिस्त्र के पिरामिड किस तरीके से बने?... चाइना की दीवार किस तरीके से बनी? ये सारे-के-सारे किस्से आप सुनेंगे, तो आपकी आँखों में से खून टपक पड़...
- मीरा ने कहा कि भगवान् मिलेगा?... महात्मा जी ने कहा कि हाँ, मिल जायेगा। तो हमको भी दर्शन करा दीजिए। बाबा जी ने अपने झोले में से पत्थ...
- मीरा की सखियों ने कहा कि यह बता कि तैने कृष्ण को कैसे खरीदा है?... क्या कहीं से मोल खरीदा है?
उन्होंने कहा—"मैंने मोल खरीदा है।" "किससे खरीदा है?" उन्होंने कहा—"मैंन...
- मुँह ने खा करके अपने पास जमा रखा?... नहीं, जमा नहीं रखा। फिर कहाँ चला गया? वह अनाज जो मुँह ने खाया था, मुँह ने खाना चबाने के बाद पेट को द...
- मुँह फाड़ने पर यशोदा ने क्या देखा?... भगवान का असली स्वरूप देखा। सारा विश्वब्रह्माण्ड उनके मुखारविन्द में था। सारे जीव-जन्तु, पशु-पक्षी, क...
- मुँह में गन्दी चीज तो नहीं रखता?... नहीं महाराज जी, नहीं रखता। ऐसा तो नहीं होता कि तेरे मुँह में माँस-वास भरा रहता हो और तू जप करता रहता...
- मुँह से जब भजन करता है तो पहले तू कुल्ला कर लेता है न?... हाँ महाराज जी, कुल्ला कर लेता हूँ। मुँह में गन्दी चीज तो नहीं रखता? नहीं महाराज जी, नहीं रखता। ऐसा तो...
- मुकदमा नहीं चलेगा?... नहीं, क्योंकि यह पत्तों का बादशाह था। पत्तों का बादशाह कैसा होता है, जिसमें नाम और रूप तो है, पर...
- मुकदमा लग जाए तब, बीमारी हो जाए तब?... तब आपको दुःखी होना ही चाहिए। मैं पारिवारिकता की ऐसी वृत्ति को विकसित होते देखना चाहता था। मैं यह देख...
- मुकुट क्या पहनाएँगे?... यह आपकी भूल है। इसे सुधारना आवश्यक है।पूजा-उपासना के समय, भक्ति के समय आपने कोई मूर्ति या चित्र रखा ...
- मुक्ति उसी क्षण मिल सकती है, क्योंकि वह हमसे दूर गयी कहाँ थी?... भगवान तो सदा हमारे साथ हैं मित्रो! भगवान हमसे दूर कहाँ गया था? नाक में से होकर वायु के साथ-साथ हमारी...
- मुक्ति कहाँ होती है?... बेटे! मुक्ति वहाँ होती है—ग्यारह-उन्नीस मील लम्बी दूरी पर। और स्वर्ग कहाँ है? स्वर्ग कहाँ है, बाइस हज...
- मुक्ति किसे कहते हैं, आप बता सकते हैं?... आप तो मुक्ति की कीमत ही नहीं समझते। अगर आपने इसकी कीमत समझी होती, अगर आपने कुछ मेहनत-मशक्कत की होती,...
- मुक्ति के लिए भी प्रयास तो हम तब करें, जब यहाँ रहना हो और सिद्धियाँ?... सिद्धियों के लिए उसी को कोशिश करनी चाहिए जिसके पास यह न हों। हमारे पास सिद्धियाँ भी हैं और हम मुक्...
- मुख्य बात—असल बात यह है कि तेरी औरत किस भाव से खाना पकाती है और किस दृष्टि से तेरी सेवा करती है?... सारे-का-सारा चमत्कार, सारे-का-सारा जादू यहाँ है। अगर वह मजबूरी से खाना पकाती है, पेट के लिए खाना पका...
- मुख्य विचारक, प्रधान विचारक कौन हैं?... मोरार जी देसाई और मुख्यमंत्री कौन? कर्पूरी ठाकुर। महाराज जी! उनको तो मंत्र की कोई जानकारी नहीं है? ह...
- मुखड़ा में कैसे?... आप केवल आँख में ध्यान कीजिए। आँख में से उसके बीच जो पुतली काले तिल की तरह है, उसमें ध्यान करना शुरू ...
- मुझसे अगर कोई ये कहे कि चोर बुरा होता है या भिखारी?... तो मैं दोनों का मुकाबला करते हुए चोर को कम सजा दूँगा और भिखारी को ज्यादा सजा दूँगा; क्योंकि भिखारी न...
- मुझसे क्यों माँगेंगे?... नहीं साहब! हम आपके घर में लक्ष्मी जी का पूजन कराएँगे, जो आपको मालामाल बना देगी तो फिर आप अपने ही घर ...
- मुझसे जो लड़का या लड़की पैदा हुई और वह मेरे जैसी न हुई या फूहड़ पैदा हुई तब?... और फिर वह कितने साल का हो जायेगा, तब मेरे बराबर होगा? मैं तो बत्तीस साल का हूँ। आपको बत्तीस साल ...
- मुझसे यह मत पूछ, वरन यह पूछ कि जप करने वाले को किस तरह का जीवन जीना पड़ता है?... किस तरह का जीवन जीना चाहिए।
दुराचार को रोकिए
मित्रो! हमारी दूसरी वाली इंद्रिय काबू...
- मुझे क्या करना चाहिए?... बेटे अब हम बुड्ढे हो गए हैं और तू कमाने लगा है। तुझे साढ़े छह सौ रुपये मिलते हैं। देख, हम ये फटा हु...
- मुझे इन बातों से कोई लेना-देना नहीं है कि आपका लिबास और पोशाक कैसी है?... मैं तो आपके ईमान की बाबत कह रहा था। सन्त एक ईमान है। सन्त एक चरित्र है। सन्त एक दृष्टि है। सन्त एक परंपर...
- मुझे इससे क्या करना है?... मुझे मेरा भगवान, मेरा ईमान, भगवान से जुड़कर मेरा ईमान रह जाता है, यह हमारा भगवान और हमें क्या आवश्यक...
- मुझे और दस साल मिल जाते, तो हम दोनों न जाने क्या से क्या कर देते?... किन्तु यह सब हमारी सूक्ष्मसत्ता द्वारा ही होगा।
बेटे ! मात्र तीन साल पहले की बात बता रही हूँ आपको...
- मुझे क्या पता कब तक हो जाएगा?... मित्रो! क्या करना पड़ेगा कि जब परम्पराएँ इस तरह की दिखाई पड़ती हों, तब आप विश्वास करना कि अब रामराज्य आ...
- मुझे खाना कौन खिलाएगा?... मुझे प्यार कौन देगा? मुझे सँभालेगा कौन? उन्होंने कहा—एक वरदान तू भी माँग ले। उसने कहा—मेरी माँ जैसी ...
- मुझे तो आप एक ही वरदान दीजिए कि मैं जहाँ-जहाँ जन्म लूँ, हमेशा कष्ट का जीवन जियूँ, गरीबी का, छोटा और असुविधाओं का जीवन जियूँ, ताकि मैं दूसरे लोगों की कठिनाइयों के बारे में समझ सकूँ और मुझे यह ज्ञान और भान बना रहे कि दुनिया में गरीबी कैसी होती है?... कष्ट, दुःख और असुविधाएँ कैसी होती हैं? उन असुविधाओं को, उनकी पीड़ाओं को बँटाने के लिए मैं एक कदम आग...
- मुझे तो कुछ मालूम नहीं, खरचा कितना हुआ और कितना होगा?... क्या आपको नहीं मालूम?
बेटा! मुझे एक ही बात मालूम है कि जिसके साथ हम जुड़े हुए हैं, हमको पूरा विश्...
- मुझे तो मेरी वही लोहे की कुल्हाड़ी चाहिए?... उसे मैं प्राणों से प्यारी चीज की तरह रखता था, जो कि मेरी जीविका चलाती थी। उसी से मुझे सन्तोष और शान्...
- मुझे प्यार कौन देगा?... मुझे सँभालेगा कौन? उन्होंने कहा—एक वरदान तू भी माँग ले। उसने कहा—मेरी माँ जैसी थी, वैसी ही आप बना दी...
- मुझे मालूम है कि कितना आपने श्रम किया है?... आपके हाथों में छाले पड़े हैं, मुझे मालूम है।
आपका कष्ट हमारा कष्ट
बेटे ! मेरे मन में छाले पड़े...
- मुझे मेरा भगवान, मेरा ईमान, भगवान से जुड़कर मेरा ईमान रह जाता है, यह हमारा भगवान और हमें क्या आवश्यकता है?... जब सन् 1971 में गायत्री तपोभूमि से हम चले, तो हम एक नया पैसा लेकर नहीं चले। भगवान हमारा साक्षी है, क...
- मुझे यह मालूम पड़ा कि इसका प्राण कहाँ है?... इसका न्यूक्लियस कहाँ है? गायत्री का केन्द्र कहाँ है? केन्द्र को मैंने सारे में तलाश किया। जो जर्रा होत...
- मुझे यह मालूम पड़ा कि इसका प्राण कहाँ है?... इसका न्यूक्लियस कहाँ है? गायत्री का केन्द्र कहाँ है? केन्द्र को मैंने सारे में तलाश किया। जो जर्रा होत...
- मुझे शरम आती है कि मैं तो बुड्ढा हूँ और यह मेरे सामने 16-17 साल की रहेगी, तो इसे देखकर बाकी दूसरे लोगों की
क्या मनोभूमि बनेगी?... शंकर जी ने कहा—अच्छा, लो और उन्होंने उसे सुअरिया बना दिया। अन्ततोगत्वा जो बच्चा था, वह रोने लगा कि अर...
- मुझे सँभालेगा कौन?... उन्होंने कहा—एक वरदान तू भी माँग ले। उसने कहा—मेरी माँ जैसी थी, वैसी ही आप बना दीजिए। उन्होंने जल छि...
- मुट्ठी भर निकलने वाली अखण्ड ज्योति क्या गजब ढा रही है, आप देख नहीं रहे हैं?... इस तरह की अखण्ड ज्योतियाँ अगर सब भाषाओं में निकलने लगें और जगह-जगह निकलने लगें, तो गायत्री तपोभूमि ए...
- मुर्गा आप और कौन?... आप अपने से शुरू कीजिए। गुरुजी! यह कैसे शुरू करना पड़ेगा, मुझे तो अभ्यास भी नहीं है। हाँ बेटे, आपको ...
- मुर्गा न हो तो?... तो भी बेटे, सबेरा तो होगा ही। मैं चाहता था कि आप का नाम लोगों की जबान पर हो कि सबेरे के लिए मुर्गा...
- मुर्गा बनने के लिए क्या करना पड़ेगा?... बेटे, एक काम करना पड़ेगा और वह है- दिलेरी। दिलेरी के अलावा और किसी भी बात की जरूरत नहीं है आपको। ज्...
- मुलायमी क्यों नहीं अपने भीतर पैदा करते?... साथियो! समाधान अपनी जगह पर सही है। भगवान अपनी जगह पर सही है और भक्त अपनी जगह पर सही है। हमने आपका जप...
- मुश्किल समस्यायें क्या हैं?... एक समस्या यह है कि वातावरण में जहर भरता जा रहा है। हवा में जहर, पानी में जहर, मिट्टी में जहर—सभी जगह...
- मुसलमान कहते हैं कि हम कैसे मानें कि वे भगवान थे कि नहीं थे?... ईसाई भी नहीं मानते कि रामचन्द्र जी भगवान थे। हम भी कैसे मानेंगे? हम तभी मानेंगे जब उनको उत्कर्षों ...
- मुसलमानों में कितनी संध्याएँ हैं?... मुसलमानों में पाँच संध्याएँ हैं। उनके यहाँ पाँचों वक्त की नमाज है। हमारे यहाँ भी त्रिकाल संध्या ...
- मुसीबत आ जायेगी आप इतनी बड़ी चारपाई को इस्तेमाल कर सकते हैं?... नहीं कर सकते। हर चीज के इस्तेमाल की एक सीमा मुकर्रर है। मित्रो! सिकन्दर यही भूल गया। उसने कहा कि ह...
- मुसीबतें किसके पास नहीं आतीं, बताना जरा?... आपमें से किसी के पास मुसीबतें आईं? हाँ, महाराज जी! हमारे व्यापार में बहुत घाटा हो गया। आपमें से इन म...
- मुसीबतों का मुकाबला नहीं कर सकता?... बेटे! जीतता वह है, जो सिद्धान्तों पर चलता है और सिद्धान्तों को जीता है और जो सिद्धान्तों से हार गया, वह...
- मुहल्ले वाले क्या कहेंगे कि देखो माला घुमाता है?... पानी के बबूलों के तरीके से हिम्मत कहाँ गायब हो जाती है? समझ ही नहीं आता।
सिद्धान्तों की जीत है स...
- मूँछ आने से क्या फर्क हो गया?... स्त्रियाँ मूँछें लगा लें तब? तब फिर वे मरद हो जाएँगी और पुरुष मूँछ हटा लें, तो वे औरत हो जाएँगे।...
- मूर्ति कितने रुपये की होती है?... बहुत कीमती होती है। हमने जयपुर से एक मूर्ति मँगाई है, वह तीन हजार रुपये में आई है। इसमें कितने रुपये...
- मूर्ति-पूजा करते हैं, तो कौन-सा बुरा काम करते हैं?... बता पहले? और तुम जो कर रहे हो, किसी को तुम नहीं मानते? दयानन्द को नहीं मानते? दयानन्द की फोटो है कि ...
- मूर्तियाँ किससे बनती हैं?... छैनी-हथौड़े से बनती हैं। अच्छा, एक पत्थर का टुकड़ा हम आपको देंगे ओर छैनी-हथौड़ा भी देंगे। आप एक मूर्...
- मूर्तियों के चमत्कार?... हाँ, मूर्तियों के भी चमत्कार होते हैं। श्रद्धा हो तो, उसके समीप जाने से हमको निश्चित रूप से शान्त...
- मूल्य लेंगे उसका?... हमको नहीं चाहिए उसकी कीमत, चाहे वह अरबों−खरबों रुपये की ही क्यों न हों।
अन्तरंग से गुरु को स्...
- मृत्यु हो जाए तब?... मुकदमा लग जाए तब, बीमारी हो जाए तब? तब आपको दुःखी होना ही चाहिए। मैं पारिवारिकता की ऐसी वृत्ति को वि...
- मेरा काम मंत्री बनाना है या गायत्री का प्रचार करना है?... नहीं आचार्य जी! आप कह दीजिए कि मैं मंत्री हो जाऊँ, फिर मैं देख लूँगा। अरे बाबा! मैं कैसे कह दूँ! मैं...
- मेरा ध्यान भगवान करते हैं?... मेरा नाम भगवान लेते हैं?उन्होंने कहा-हाँ, आपके नाम का जप भगवान करते हैं।...
- मेरा नाम भगवान लेते हैं?... उन्होंने कहा-हाँ, आपके नाम का जप भगवान करते हैं। क्यों, किसलिए करते हैं? आपने राम का नाम नहीं लिया त...
- मेरा बेटा, तेरा बेटा, न जाने क्या लगा रखा है?... यह हमारा खिचड़ीपन है, जिसमें कि हम चंद आदमियों को अपना मान बैठे हैं कि ये मेरे हैं और कुछ चीजों को, ...
- मेरा लड़का अलग है, जो देखते रहे, ऐसा कैसे हो गया?... "
तो भगवान श्रीकृष्ण ने कहा—"बहन, भगवान तो जरूर हूँ और कुछ करना चाहता तो कर भी सकता था; लेकिन कर्...
- मेरा सिर दर्द बन्द हो जायेगा?... नहीं बेटे, सिरदर्द बन्द नहीं हो सकता। फिर क्या कर देंगे? बेटे, हम जादू कर देंगे और चमत्कार कर देंगे...
- मेरा हृदय इतना दृढ़ है और इतना कोमल है कि अपने बच्चों के दुःख को देखकर के मन विह्वल हो जाता है कि यह कष्ट हमारे ऊपर क्यों नहीं आया?... हमने क्यों नहीं सहा?
जिस तरीके से शंकर जी ने विष पिया था जनहित के लिए, इसी तरह हम भी अपने परिवारी...
- मेरी आँखों में दरद हो रहा है, तो गुरुदेव क्या आज्ञा है?... दूध चाहिए सिंहनी का, तू दूध लाएगा सिंहनी का। उन्होंने कहा—संकल्प मेरा है और शक्ति गुरुदेव आपकी है, म...
- मेरी उपासना का यही सार है कि हमारा अन्त:करण भगवान के अन्त:करण से किस तरीके से लिपट सकता है?... मैं कैसे उपासना करता हूँ? अभी जो मैंने बताया बेटे ! यही गायत्री मंत्र की मेरी उपासना है। नहीं साहब! ...
- मेरी जबाँ पर यह सब न जाने कैसे आ गया?... ऐसे ही आ गया होगा। सम्भव है जो भगवान को मंजूर है, वह पहले से ही हो जाता है। वह पहले से ही कहलवा देता...
- मेरी जमीन है, तो क्या यह आपने बनाई थी?... नहीं, हमने तो नहीं बनाई। तो आपके पिताजी ने बनाई होगी? नहीं साहब! पिताजी ने तो नहीं बनाई, किसने बनाई?...
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- मेरे गुरु ने मुझे जो दूसरा शिक्षण दिया, वह क्या था?... जब मैं पन्द्रह वर्ष की उम्र का था, तब वे आये और उन्होंने मुझसे यह कहा कि तुम्हें किससे जप करना पड़े...
- मेरे गुरु ने मुझे बताया कि देख मानव जीवन कितना कीमती है, क्या तू इसे समझ पाया है?... मैंने कहा, हाँ, यह बेशकीमती है। इससे बढ़िया और कोई दौलत प्राणी के लिए नहीं हो सकती, जितना इनसानी जीव...
- मेरे जाने के बाद मुझे बदनाम करना?... अभी तो अपनी सफाई पेश करने के लिए मैं जिन्दा हूँ। अभी मुझे क्यों तंग करते हो।...
- मेरे जीवन का भी ऐसा ही कुछ सौभाग्य है, जो आप देखते रहते हैं कि कितना काम हमारे पास है, कितनी समस्याओं से मैं घिरा रहता हूँ, लेकिन चिन्ता?... चिन्ता मुझसे हजारों मील दूर पड़ी रहती है और नींद भी मुझे उसी कदर आती है जैसे महात्मा गाँधी को आती थी।...
- मेरे पाँवों में सूजन आ जाती है और मुझे बड़ा कष्ट होता है और न जाने क्या-क्या हो रहा है?... बस, मैं मरती नहीं हूँ और मेरे सब काम हो जाते हैं। गौतम बुद्ध ने कहा—बच्ची! हम तुझे आशीर्वाद ...
- मेरे पास और विचार होता, तो मैं आपसे छिपाता क्यों?... लाखों पाठक मेरा इंतजार करते रहते हैं कि पहली तारीख तक गुरुजी ने क्या कहा होगा? जो कुछ भी मैं सोच प...
- मेरे पास क्या है बताइये?... मैं तो साल भर आपके पास पढ़ा हूँ और रोटी भी तो मैंने यहीं से खाई है। कपड़ा भी तो आपने ही पहनाया है। अ...
- मेरे पास क्या है?... मैं क्या दे सकता हूँ।’ लौंग का एक जोड़ा लेकर गुरुदेव के पास गया और बोला कि गुरुदेव! दक्षिणा में बस ...
- मेरे पास दौलत कहाँ है, मेरे पास साधन कहाँ है, मेरे पास पलंग कहाँ है, फिर मैं तुम्हें कैसे कहूँ कि तुम मेरे साथ साथ रहो?... मेरी जीवनसंगिनी बन करके रहो? मुझे तुम्हारा प्रस्ताव नामंजूर है, क्योंकि मैं तुम्हारी सुविधा के लिए क...
- मेरे पास प्रोसीजर है और जब मैं मरूँगा तो कहीं-न-कहीं लिख करके जाऊँगा कि अमुक कोश को जगाने के लिए क्या करना होता है?... उपासना करने की विधियाँ क्या हैं? यह सब मैं बताकर जाऊँगा। इस जमाने के लिहाज से उपासना किस तरीके से की...
- मेरे पास फीस कहाँ से आई है?... अरे बाबा! हम दाखिल करते हैं। अगर चुनाव हुआ तो हमारी तो किसी से भी जान-पहचान नहीं है। कोई बात नहीं, आ...
- मेरे पास रुपया कहाँ हैं?... पैसा कहाँ है? मेरे पास साधन कहाँ हैं? भगवान ने कहा कि तू आगे चल और पीछे से मैं रुपया लेकर आया। और मि...
- मेरे पास रुपया-पैसा कहाँ हैं और मेरे पास साधन कहाँ हैं?... भगवान ने कहा—चल आगे-आगे और मैं आया रुपया ले करके और मित्रो! वे आए, सम्राट अशोक आए। उन्होंने कहा—आप ह...
- मेरे पास सम्पत्ति नहीं है, तो क्या हुआ?... पसीने की सम्पत्ति क्या कम है। पैसा नहीं है तो भाड़ में जाय। पैसे से सिर्फ क्या होता है? पसीना मेरी स...
- मेरे पास साधन कहाँ हैं?... भगवान ने कहा कि तू आगे चल और पीछे से मैं रुपया लेकर आया। और मित्रो! सम्राट अशोक आया। उसने कहा कि आप ...
- मेरे प्राणों से प्यारी मीरा, श्रद्धा की मूर्ति मीरा जहर क्यों पिएगी?... बेटे, उसके गिरिधर गोपाल ने उसके जीवन में रंग ला दिया। अपने कृष्ण के लिए वह मारी-मारी फिरी और कृष्ण ज...
- मेरे लिए जो चमत्कार दिखाता है, वह कौन है?... वह है बेटे, हमारा भगवान। क्या नाम है उसका? ईश्वर, परमात्मा। परमात्मा किसे कहते हैं? आत्मा जब परम...
- मेरे लिए मोटर क्यों ले आया?... हम तो बैलगाड़ी में चले जायेंगे। हम तो किसान आदमी हैं। गरीब आदमी हैं। नहीं गुरुजी! आप मोटर से ही चल...
- मेले में गायब हो गया?... मेले में तुम कितने आदमी गये थे? दस आदमी। अब कितने हो? नौ। नौ आदमी किस तरह से हो, गिनकर बताओ। उन्हो...
- मेले में तुम कितने आदमी गये थे?... दस आदमी। अब कितने हो? नौ। नौ आदमी किस तरह से हो, गिनकर बताओ। उन्होंने बारी-बारी से एक, दो, तीन.......
- मेले में हम कैसे खो गए?... अपना नाम कैसे भुला बैठे? अपना रास्ता कहाँ भूल गए? अभी न तो यह पता है कि हम कहाँ से आए हैं और कहाँ जा...
- मेहनत-मजदूरी क्यों नहीं करते?... भीख तो भगवान से भी मत माँगो, भगवान से माँगो वह शक्ति; ताकि हम सारे संसार में अच्छी परम्पराएँ डालते ह...
- मेहमान किसे कहते हैं?... अतिथि घर में कैसे आते हैं? पैसे की देख-भाल कैसे रखी जाती है? घर और सामान की व्यवस्था को किस तरीके से...
- मेहमान को ठहराना तो पड़ता है, उसे कैसे भगा दें?... लेकिन जब घर से बाहर जाते हैं, तो लड़कियों से कह जाते हैं, लड़कों से कह जाते हैं, औरत से कह जाते हैं कि...
- मैं क्या करूँ उसके लिए?... कृत्यों में भर लें प्राण— मित्रो! आप सब लोग जो यहाँ आए हुए हैं, यहाँ से जाने के बाद में कृपा करके ये...
- मैं उसको रास्ता बताऊँगा, उसको उसके कर्तव्य बताऊँगा और उसको यह बताऊँगा कि मनुष्य का जीवन कितना महान है और मनुष्य के जीवन से क्या किया जा सकता है?... भगवान् जो कार्य स्वयं करता है, उसको मानव भी स्वयं कर सकता है, मैं जा करके ऐसा शिक्षण मनुष्य को द...
- मैं तो सत्संग करूँगा?... बेटे, तू पागल आदमी नहीं है, जिसे यह पता ही नहीं है कि सत्संग क्यों किया जाता है। मित्रो! सत्संग कर...
- मैं तो फोकट में लाऊँगा, तो फिर तेरी भक्ति कैसी हो सकती है?... यह भक्ति नहीं है। फिर क्या चीज है? यह तो जालसाजी है। सच्चे प्रेम की कथा मित्रो! इसका एक और मजेदार ...
- मैं अपनी जिन्दगी में वक्ता हो जाऊँगा?... जरूर हो जाएगा, मैं यह आशीर्वाद देता हूँ।
बेटे! अपने मन को नियंत्रित करना और झिझक हटाना सीख ले...
- मैं अपनी सारी दौलत आपको देकर के जाऊँगा?... मैं इसे रखकर क्या करूँगा।मित्रो! हम व्यक्तिगत जीवन में भी किफायत कर सकते हैं। पैसा तो ऐसी चीज है क...
- मैं आप किसी को गाली तो नहीं देती, यह मत कहना कि अरे माताजी यह क्या कह रही हैं?... ब्राह्मण हैं, तो ब्राह्मण हम भी बैठे हैं। हम अपनी कौम के लिए कह रहे हैं। हम अपने लिए कह रहे हैं।
ब...
- मैं आप से पूछता हूँ कि एक सौ पच्चीस वर्ष की उम्र के व्यक्ति के चेहरे पर झुरीं आई होंगी कि नहीं?... हाँ, महाराज जी! जरूर आई होंगी। बाल सफेद हुए होंगे या काले? सफेद हुए होंगे। अच्छा, एकाध दाँत उखड़ा हो...
- मैं आपके दर्द को बन्द कर दूँगा, पर क्या इससे शान्ति आ जाएगी?... कोई शान्ति नहीं आयेगी। आपका घुटने का दर्द बन्द हो जाएगा, तो कान में दर्द शुरू हो जायेगा। फिर कहेंगे कि...
- मैं आपको और इतिहास बताऊँ?... कितनी बार बता चुका हूँ। चाणक्य और चंद्रगुप्त का किस्सा मैंने एक बार आपको बताया था। एक बार रामकृष्ण प...
- मैं आपको और किसकी बताऊँ?... तक्षशिला विश्वविद्यालय की बात बताऊँ। वह और भी बड़ा था। वहाँ से सारे के सारे एशिया में भगवान् बुद्ध ने...
- मैं आपको जगह बता दूँ, तो आप पहुँचेंगे?... नहीं पहुँचेंगे। पहुँचना भी मत, अगर वहाँ पहुँच जायेंगे, तो भगवान् जी बहुत नाराज होंगे। जहाँ भगवान् ...
- मैं आपको तप के बारे में बता रहा था कि तप किसे कहते हैं?... तप बेटे, उसे कहते हैं जिसमें हमारे बहिरंग जीवन की पुरानी वाली आदतों को दबाव डालकर बदल देते हैं और कह...
- मैं आपको प्राण और शरीर का अन्तर समझाने की कोशिश करता रहता हूँ और यह बताता हूँ कि शरीर का क्या मूल्य हो सकता है और प्राणों का क्या मूल्य हो सकता है?... और दोनों की कीमत में कितना फरक किया जा सकता है? हमारा शरीर काम का तो है, लेकिन अगर यह मर जाए, इसमें ...
- मैं आपको बताता हूँ कि खौफनाक परिस्थितियाँ कैसी आ रही हैं?... खतरे कैसे आ रहे हैं? पर मैं आपको आश्वासन देना चाहता हूँ कि आदमी के भीतर जो सुपीरियारिटी है, आदमी क...
- मैं आपको भक्ति के सिद्धान्तों को समझा रहा था और यह कह रहा था कि अगर आपके पास भक्ति आयेगी, तो आप सिद्धान्तों से प्यार करेंगे और जब आप सिद्धान्तों से प्यार करेंगे तब?... तब आप निहाल हो जायेंगे। फिर आप समझिये कि आपका नाम सिद्धान्त से प्यार करने वाले सन्तों की परम्परा म...
- मैं आपको महापुरुषों की कहानियाँ सुना रहा हूँ, दृष्टांत दे रहा हूँ?... नहीं, मैं यह बता रहा हूँ कि जिन व्यक्तियों ने जीवन में महानतम काम किये, तो उसी तरह से भगवान के प्यार...
- मैं आपको यह क्या समझा रहा था?... भक्ति के सिद्धान्त समझा रहा था। भक्ति की निशानी बता रहा था। भक्ति एक दृढ़ता है, भक्ति एक फिलॉसफी ...
- मैं आपको यहाँ क्यों बुलाता हूँ?... मैं आपको यहाँ सम्मेलनों के लिए, उद्घाटनों के लिए नहीं बुलाता हूँ। समारोहों में भाग लेने के लिए आपको ...
- मैं आपसे एक ही वरदान माँगती हूँ कि मुझे कष्टसाध्य जीवन दें, गरीब लोगों वाला जीवन जिऊँ ताकि मैं जान सकूँ कि गरीबी क्या होती है?... कठिनाइयाँ क्या होती हैं? उनके कष्ट क्या होते हैं? यह सब मैं समझ सकूँ, ताकि उनकी सहायता कर सकूँ।मित...
- मैं आपसे क्या कह रहा था?... यह बात कह रहा था कि आप वाणी का तप प्रारम्भ कीजिए। वाणी के तप के बाद में दूसरी चीजें प्रारम्भ होती हैं।...
- मैं आपसे क्या कह रहा था?... मैं आपको योगी बना रहा था और यह कह रहा था कि आप अपनी व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षा को कम कर दीजिए और यह क...
- मैं आपसे यह कह रहा था?... मैं आपको योगी बना रहा था और यह कह रहा था कि आप अपनी व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षा को कम कर दीजिए और यह क...
- मैं आपसे यह कह रही थी कि आप हमारे हाथ बन जाइए, कौन-सा हाथ बनेंगे?... बेटे! दाहिना हाथ बन जाए, तो बड़ी अच्छी बात है, पर चल तू, बायाँ हाथ बना रहे, तब भी हमें कोई एतराज नही...
- मैं इनसे ब्याह कर लूँ तो?... बाबा ने कहा कि कर लो। फिर तो वह तुम्हारा पति हो जायेगा तेरा भगवान्। बस मीरा का पति हो गया भगवान्। ...
- मैं इस गाँव के लिए कुछ करना चाहता हूँ?... मित्रो! भगवान के भक्त के ऊपर सारे समाज का एहसान होता है, माँ-बाप का एहसान होता है। जो ऐसा सोचता है, ...
- मैं इस बात की तलाश करूँगा कि जहाँ भी आप गये थे, वहाँ हिलने-मिलने का, व्यवहार करने का आपका क्रम क्या रहा?... अगर आप यह छाप छोड़कर आये कि हम शान्तिकुञ्ज से आये हैं। वहाँ जो विचारधारा दी जाती है, जो प्रेरणाएँ द...
- मैं उन सारे नामों को बताऊँ?... सारे नाम एक से बढ़कर एक हैं। लेकिन आज लोगों के अन्दर चालाकी भरी हुई है। वे चालाकी से नेता हो जाते ह...
- मैं उनको समझदार कहूँ?... कैसे समझदार कहूँ? मैं तो उन्हें नासमझ कहूँगा। आपकी दुनिया नासमझ है और आध्यात्मिकता का उद्देश्य आदमी ...
- मैं उनको समझदार कहूँ?... कैसे समझदार कहूँ? मैं तो उन्हें नासमझदार ही कहूँगा। आपकी दुनिया नासमझ है और आध्यात्मिकता का उद्देश्य...
- मैं एक और भी किस्सा आपको बता सकता हूँ?... आपको कोई और विधि-विधान न आते हों, तो कोई बात नहीं। आप केवल अन्नमय कोश की उपासना कर लें, तो आप देवता ...
- मैं एक बात आपसे पछता हैं कि आपके भीतर भी कुछ है क्या?... आपके भीतर बहुत शानदार चीज है। सही बात यह है कि जो कुछ बाहर दिखाई पड़ता है, वह तो उसकी छाया मात्र है,...
- मैं ऐसी घटिया जिन्दगी जीने को क्यों तैयार होता?... उसने अपने हाथ ताबूत से बाहर निकालने को कहा और बोला कि लोगों से कहना कि सिकंदर बड़ा होशियार था और बड़...
- मैं कहाँ जंगल में तुझे ढूँढ़ती फिरूँ?... मैंने जब 24-24 लक्ष के अनुष्ठान किए थे, तब लड़कियाँ रखी थीं। वे मेरे पास रही हैं, उन्हें पढ़ाया-लिखा...
- मैं कहाँ से लाऊँ, मेरे पास कुछ है नहीं?... "
उस दैत्य ने लकड़हारे को सोने-चाँदी की कुल्हाड़ी दी, ले कुल्हाड़ी। लकड़हारे ने कहा—"महाराज! मेर...
- मैं किसकी प्रशंसा कर रहा हूँ?... भक्ति की? भक्ति की बाद में, सबसे पहले प्रतिभा की, समझदारी की। प्रतिभा की बात मैं कह रहा हूँ। प्रति...
- मैं किसकी बात कर रहा था?... अहिल्याबाई की बात कह रहा था। नहीं अहिल्याबाई की नहीं, मैं जाग्रत और जीवन्त आत्मा की बात कर रहा था। जा...
- मैं किसके-किसके किस्से सुनाऊँ?... आपको औरंगजेब का किस्सा बताऊँ, आपको शाहजहाँ का किस्सा बताऊँ। कितने सारे मुसलमान खानदानों के किस्से बत...
- मैं किसलिए बुलाता हूँ?... मैं इसलिए बुलाता हूँ कि अपनी जिन्दगी का सार और निचोड़ आपके सामने सुपुर्द करने में सफल हो सकूँ। मेरी प...
- मैं किसे समझाऊँ, क्यों समझाऊँ और क्या समझाऊँ?... लेकिन मैंने आपको निमंत्रणपत्र इसीलिए भिजवाए थे कि शायद आप अच्छे आदमी और बेहतरीन आदमी ले आएँगे, लेकिन...
- मैं कैसे उपासना करता हूँ?... अभी जो मैंने बताया बेटे ! यही गायत्री मंत्र की मेरी उपासना है। नहीं साहब! आप कोई और मंत्र कहते होंगे...
- मैं कैसे कह सकता हूँ कि यह भक्ति है?... घिनौनी भक्ति-विडंबना भरा स्वरूप
मित्रो! भक्ति का स्वरूप पिछले दिनों बहुत ही घिनौना होता हुआ ...
- मैं कैसे कहूँ, कैसे समझाऊँ?... लेने का सुख तो आपने पाया है, लेकिन देने का भी सुख कभी आपने पाया है क्या? किसी को कुछ दिया भी है कभ...
- मैं कैसे मालिक हूँ?... अरे बेटे! तू जा, गंगा जी में पानी पी और भरकर ले आ, कोई तुझे रोके तो मुझसे कहना। अगर तू अपने को गंगा ...
- मैं कोई डॉक्टर हूँ क्या?... पहले बच्चा नहीं होता था, तो बच्चा हो गया। फिर कहेंगे कि साहब! हमारी बेटी विधवा हो गयी। उसका कुछ इंतज...
- मैं क्या कर सकता हूँ?... जब लड़की का सवाल होता है, तो हर आदमी दहेज विरोधी हो जाता है और जब लड़के का सवाल आता है, तो आदमी ऐसा पि...
- मैं क्या कर सकता हूँ?... सारी दुनिया में मुसीबतें हैं। सारी दुनिया में कष्ट हैं। संसार में सुख-दुःख तो चलते रहते हैं।...
- मैं क्या कह रहा था आपसे?... यह कह रहा था कि काम करने की शैली-जिसको हम कर्मयोग कहते हैं। कर्मयोग उस समय होता है, जिस समय आदमी अ...
- मैं क्या कह रहा था?... यह कह रहा था कि अगर आप अपने जीवन में भजन का मूल्य समझते हों, भगवान का मूल्य समझते हों और यह समझते हो...
- मैं क्या कह रहा था?... यह कह रहा था कि रामचंद्र जी और श्रीकृष्ण भगवान, दोनों के दोनों इसी यज्ञीय प्रक्रिया को अपनाकर चले? स...
- मैं क्या कह रहा था?... ईश्वर का विश्वास आदमी की निष्ठा पर टिका हुआ है। ईश्वर का विश्वास निष्ठा से ताल्लुक रखता है, आदमी क...
- मैं क्या कह रहा था?... मैं यह कह रहा था कि इंसान की सत्ता में तीन लिफाफे हैं। उसके तीन कलेवर हैं। आपने देखा नहीं कि बीमा कर...
- मैं क्या कह रहा था?... मैं यह कह रहा था कि परस्पर शोधन करते-करते सामान्य चीजें, घटिया चीजें भी बढ़िया चीजें बन जाती हैं। इस...
- मैं क्या कह रहा था?... यह कह रहा था कि आदमी का व्यक्तित्व मिट्टी में मिले लोहे के तरीके से है। उसमें या उसके भीतर बहुत से क...
- मैं क्या कह रहा हूँ?... धन के संयम, अर्थसंयम की बात कह रहा हूँ। पैसे तो हम बहुत कमाएँ, लेकिन अपने लिए कम से कम खरच करें तो ह...
- मैं क्या कह रहा हूँ?... मैं वाणी के साथ चरित्र की बात कह रहा था। वाणी के साथ में उदात्त जीवन की बात कह रहा हूँ। उदात्त जीव...
- मैं क्या कह रहा हूँ?... मैं यह कहा कि आप कर्मकाण्ड का, अपनी क्रिया का महत्त्व नहीं समझते। आप ईमानदारी का महत्त्व नहीं समझत...
- मैं क्या कह रहा हूँ?... आत्मसाधना की बात कह रहा हूँ। आप तो परिवार शिविर लगा रहे थे? हाँ भाई साहब! परिवार शिविर से मेरा मतलब ...
- मैं क्या कह रहा हूँ?... मैं यहाँ से कह रहा हूँ, जहाँ से तपश्चर्या प्रारम्भ होती है। भौतिक तपश्चर्या भी इसी में शामिल है। तपस्...
- मैं क्या कह रहा हूँ?... बेटे, मैं तप की महत्ता और माहात्म्य बता रहा हूँ। आदमी को आध्यात्मिक जीवन में उन्नति करने के लिए तपस्...
- मैं क्या कह सकता हूँ?... आदर्श तो आपके लिए एक बहाना है, एक मनोरंजन है। आदर्श तो आपके लिए मखौल है। लोग आदर्श के बारे में अक्...
- मैं क्या कह सकता हूँ?... मुझे बड़ा क्लेश-होता है। हमारे यहाँ गायत्री तपोभूमि में एक स्वामी जी थे। नाम तो उनका मैं नहीं लेना ...
- मैं क्या कहता हूँ?... मैं हृदय वालों की बात कहता हैं, कलेजे वालों की बात कहता हैं, सहृदय लोगों की बात कहता हूँ। क्रौंच पक्...
- मैं क्या कहने वाला था?... ऋषियों की उसी वाणी को दुबारा दोहराने वाला था, जिसमें यह कहा गया था कि आत्मा वा रे ज्ञातव्य ध्यातव्य ...
- मैं क्या कहूँ आपसे?... मेरे मुँह से गालियाँ निकलती हैं। इसलिए क्या करना चाहिए? यह भक्ति, जिसका अर्थ है-परावलम्बन। यह मनुष...
- मैं क्या कहूँ?... आपने तो सारी की-सारी क्षमताएँ, शक्तियाँ सब निचोड़ करके फेंक दिया। नीचे वाला नल खोल देता है और ऊपर वा...
- मैं क्या पिशाचिनी हूँ?... आप बताइये? मैंने कहा कि आप तो देवी हैं, आपकी शकल देवी जैसी है।...
- मैं क्या बात कह रहा हूँ?... वातावरण को अनुकूल बनाने के लिए जो काम हम करने वाले हैं, उसके लिए हम और आप प्रयत्न तो करेंगे ही, परिश...
- मैं क्या-क्या बताऊँ कि तप करने से क्या-क्या मिलता है?... सारे-का इतिहास तप के माहात्म्य से भरा पड़ा है। शुरू से आखिर तक तप-ही भरा पड़ा है।
मित्रो! तप से ...
- मैं क्यों अपनी सेवा का मूल्य लूँ?... मैं जंगल में से कंद, मूल, फल बीन सकती हूँ और अपना पेट भर सकती हूँ, फिर आपके सामने क्यों हाथ पसारूँ...
- मैं क्यों उन्हें स्वावलम्बी बनाऊँगा?... गाँधी जी ने कहा था कि अगर आपको कुछ देना है, तो महँगी खादी खरीदिए; ताकि श्रमिक आपसे फायदा तो उठा ले, ...
- मैं क्यों करूँगा?... मैं तो अँगूठा दिखा दूँगा भगवान को।
ढूँढ़ना है इस जमाने में ‘‘आदमी’’ को
मित्रो! आज...
- मैं क्यों चालाकी की बात बताऊँ?... मैंने तो आपको पहले ही बता दिया। आप चलना शुरू कर दें। कोई बच्चे थोड़े ही हैं, जो मैं आपको बहकाता फिरू...
- मैं क्यों बाजी मारने में इतनी पीछे रह जाऊँ?... मैं भी उस बाजी को जल्दी मारूँ।
अभी ऐसा नहीं है, उन्होंने कहा—फिर अपने कुछ बालकों को बुलाकर के उन्...
- मैं घर वालों का कहना मानूँ या न मानूँ?... मेरे घर वाले हैं तो बड़े-बूढ़े, हैं तो बुजुर्ग, पर बहुत तंग करते हैं। इनका कहना मानना चाहिए या नहीं ...
- मैं चपरासीगीरी कैसे कर सकता हूँ?... मैं तो पीसीएस होऊँगा। ख्वाब देख रहा है बेवकूफ। भविष्य क्या तेरे हाथ में है? बेटे, भविष्य के बारे में...
- मैं चाहता था कि आप यहाँ से जायँ, तो क्रिया-कृत्य तलाश करने के बजाय, बार-बार क्रिया-कृत्यों के बारे में पूछ-ताछ करने के बजाय ये बातें पूछें कि अध्यात्मवादी होने के नाते आपको अपने जीवन में क्या हेर-फेर करने पड़ेंगे?... मैं चाहता हूँ कि यहाँ से जाते ही आपके जीवन में कुछ हेर-फेर करने की शुरुआत दिखाई पड़े। आपके भीतर कुछ...
- मैं चाहता था कि पन्द्रह रुपये की मूर्ति पच्चीस रुपये में क्यों नहीं बिके?... लेकिन अब पन्द्रह से चौदह में बिकेगी, तेरह में बिकेगी, बारह में बिकेगी। तूने समझा कि अब इस काम में ...
- मैं चौंक पड़ा और मैंने उनके चरणों को पकड़कर कहा—बताइए, मुझे क्या करना चाहिए?... उन्होंने कहा—एक ही काम करना चाहिए और वह यह है कि जिन्दगी की कीमत समझनी चाहिए। जिन्दगी का ठीक इस्तेमाल ...
- मैं जंगल में से कंद, मूल, फल बीन सकती हूँ और अपना पेट भर सकती हूँ, फिर आपके सामने क्यों हाथ पसारूँ और क्यों सेवा की कीमत माँगूँ?... बस वह अपनी कुटिया में चली गयी और रोज झाड़ू लगाती रही। भगवान राम वनवास में सीता जी को तलाश करते हु...
- मैं जब गुजरात गयी तो क्या देखा—यज्ञशाला में गायत्री माता आयी हुई हैं, कैसे आयीं गायत्री माता?... जो कोई स्त्री और पुरुष आता, उसकी पीठ को लाल कर दिया जाता। बेटे, ये जाहिलों का अध्यात्म है। ये इनसानि...
- मैं जानता हूँ कि आपके पास अकल बहुत ज्यादा है, परन्तु क्या आप हिम्मत कर सकते हैं?... हम तो चाहते हैं कि आपकी अकल कम हो जाए, आपकी महत्त्वाकाँक्षाएँ कम हो जाएँ तथा आपकी भावना एवं अन्तर...
- मैं जानता हैं कि आप एक कटोरी पानी, एक गिलास पानी, एक लोटा पानी पी सकते हैं, पर एक कटोरी पानी गरम करने के बाद में पानी की क्या हालत होती है, आप जानते हैं?... वह किसी को जला भी सकता है। स्टोव फट जाए तब, प्रेशरकुकर फट जाए तब क्या हो सकता है? लखनऊ में एक मिनिस्...
- मैं तो आपका सेवक हूँ, मैं क्यों बैठूँगा?... दोनों में खूब बहस हुई। फिर जीता कौन? धर्म जीता और योग जीता और हारा कौन? 'मैं' हार गया, 'अहं' हार गया...
- मैं तो आपकी पत्नी हूँ, तो आप ऐसा क्यों कहते हैं?... नहीं, अपनी सेवा आप करनी चाहिए। अपने अन्दर इतना भरोसा है।
हम करें समर्पण
बेटे! उन्होंने मुझे अपने...
- मैं तो छोटे से गाँव का एक अकेला छोकरा, इतने बड़े काम को कैसे कर सकता हूँ?... समर्थ गुरु रामदास ने कहा, "मैंने पहले से ही उसकी व्यवस्था सात सौ गाँवों में महावीर मन्दिर के रूप में ...
- मैं तो पानी भी नहीं पी सकूँगा, कैसे काम चलेगा?... किसकी शरण में आप हमें भेजते हैं? उन्होंने कहा कि हमारी जीभ लेकर के चले जाओ। उन्होंने अपनी जीभ काटक...
- मैं तो भगवान् हूँ, तू जानती है क्या?... कुंती ने कहा-मैं जानती हूँ कि आप भगवान् हैं। मैं आपसे एक ही वरदान माँगती हूँ कि मुझे कष्टसाध्य जीव...
- मैं तो यह कह रहा था कि बरगद का बीज कब नकारा होता है?... जब आपके पास जमीन नहीं है, तब और जब सिंचाई नहीं है, खाद का इन्तजाम नहीं है, तब। बिना जमीन की सहायता...
- मैं तो वृक्ष की तरह से बड़ा हो जाऊँगा?... हाँ बेटे, जरूर हो जाएगा, लेकिन गलना तो पड़ेगा। नहीं, मैं गलना तो नहीं चाहता। जो कुछ भी हो, मैं तो मा...
- मैं तो सिर्फ यह पूछना चाहता हूँ कि आपने खरच कहाँ किया?... पैसे के सम्बन्ध में खरच सोच समझकर करना। यह तप है। ईश्वरचंद्र विद्यासागर को 500 रुपया महीना मिलता था। उ...
- मैं दूसरे के यहाँ भोजन नहीं करता?... आप राजा हैं तो क्या? मैं यह मानता हूँ कि आप युधिष्ठिर हैं; लेकिन है तो यह पराया धन ही न? मेरी कमाई क...
- मैं देखता हूँ कि वह मैग्नेट और वह कशिश लोगों के भीतर है कि नहीं?... प्रभाव डालने की क्षमता है कि नहीं? और लोगों को हिला देने वाली और लोगों का पैसा जेब में से निकाल दे...
- मैं नहीं जानता कि आप कैसे बद्रीनारायण का दर्शन करके आए हैं?... आपने अपनी जबान पर काबू रखना सीखा नहीं, दूसरों का जी दुखाते रहे। दूसरों से कटुवचन बोलते रहे। दूसरों क...
- मैं नहीं जानता कि आप क्या हैं?... ऐसी स्थिति में यही कहा जा सकता है कि न आप हिन्दू हैं, न आप मुसलमान हैं, न आप पशु हैं, न आप पक्षी हैं...
- मैं पिता की गद्दी पर कैसे बैठ सकता हूँ?... भरत राम के पाँव की खड़ाऊँ ले आये। खड़ाऊँ को गद्दी पर रख दिया। बस, चौदह वर्ष तक उसी तरीके से, उसी व...
- मैं पूछता हूँ कि तेरे पास धर्म, संस्कृति कहाँ है?... तू कभी इसके बारे में सोचता है क्या? अरे तूने इतने सारे बच्चे पैदा कर लिए? इसे नासमझी के अतिरिक्त औ...
- मैं पूछता हूँ कि आप किस तरह से विचार करते हैं?... आपके चिन्तन का तरीका क्या है? आपने सोचने का ढंग क्या बना रखा है? आपके विचार करने की शैली क्या है, बता...
- मैं पूछता हूँ कि क्या वहाँ ऐसी कोई माँ है, जो उसे छाती से लगाकर प्यार दे सके?... आपने देहरादून के विद्यालय में इन लावारिस बच्चों को, इन अनाथ बच्चों को क्यों भरती करा दिया? आपने उसे ...
- मैं पूछता हूँ तू क्या करता है?... मिशन-नया युग-नया मानव का भविष्य मित्रो! जब एक आदमी लड़ने के लिए खड़ा हो जाए, तो क्या कर सकता है, यह बा...
- मैं पूछती हूँ, क्यों नहीं होता?... पहले आप यह बताइए सारी जिन्दगी हो जाती है माला घुमाते-घुमाते; लेकिन जैसे थे, वैसे ही जैसे-के-तैसे ही ...
- मैं पैसे की निंदा कर रहा हूँ?... नहीं, मैं निंदा नहीं कर रहा हूँ। मैं तो यह कहता हूँ कि जो बाहर वाली चीजें हैं जिनके बारे में हम और आ...
- मैं फिजिक्स की क्या बताऊँ?... यह फिजिक्स वहाँ काम करती है और यहाँ एटम काम करता है। अगर आप यहाँ से पृथ्वी के एटमों को काटते हुए चले...
- मैं बुखार देख रहा था कि कितना टेम्प्रेचर आ गया?... 99.5 सेण्टीग्रेट आ गया। तो क्या आप बता सकते हैं कि कितना मीटर है भगवान? इसके लिए आप क्या करेंगे?
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- मैं भी आपको दिखा पाता कि आप कौन हैं?... आप एक सामान्य आदमी नहीं हैं, वरन् असामान्य आदमी हैं। मैं चाहता था कि इस युगपरिवर्तन की संधिवेला मे...
- मैं भूखा मरा?... नहीं, मैं कभी भूखा नहीं मरा। मुझे दोनों वक्त रोटी मिली। क्या मैं नंगा रह गया? नहीं, मैं किसी दिन...
- मैं यह कह रहा था कि तप की शक्ति कहाँ से आती है?... आप यह विचार कीजिए। आप अक्षर-अक्षर चिल्लाते हैं, मंत्र-मंत्र चिल्लाते हैं और कहते हैं कि यह मंत्र जपे...
- मैं यह किसकी प्रशंसा कर रहा हूँ?... बाबा साहब की। नहीं, बाबा साहब की नहीं कर रहा हूँ। तो आप किसकी प्रशंसा कर रहे हैं? जिन लोगों ने पैसा ...
- मैं यह क्यों कहूँ?... मेरे तो आप बच्चे हैं। आप हमारे कुटुम्बी हैं, तो आपकी बेइज्जती करने का हमारा मन नहीं है। हमारा मन तो ...
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- मैं यह पूछता हूँ कि आपको क्या हुआ?... मित्रो! परिवार एक शालीनता की निशानी है। सफलता की निशानी है। सज्जनता की निशानी और दूरदर्शिता की निशान...
- मैं यह पूछता हूँ कि क्या इसे दाम्पत्य जीवन कहते हैं?... क्या इसे स्नेह कहते हैं? क्या इसे सहकारिता कहते हैं? अरे मक्कारो! यह तो मालिक तथा जानवरों का व्यवहार...
- मैं यह मानता हूँ कि आप युधिष्ठिर हैं; लेकिन है तो यह पराया धन ही न?... मेरी कमाई का उपार्जित धन तो नहीं है। उपार्जित धन नहीं है, तो मैं किस प्रकार इसको खा सकता हूँ? इसलिए ...
- मैं यों रोता हूँ कि मेरी मम्मी तो सुअरिया बन गई, अब मेरा लालन-पालन कैसे होगा?... मुझे खाना कौन खिलाएगा? मुझे प्यार कौन देगा? मुझे सँभालेगा कौन? उन्होंने कहा—एक वरदान तू भी माँग ले। ...
- मैं रोज यज्ञ करूँ?... हाँ, रोज नियमित रूप से कर। कैसे करूँ?
छोटा-सा यज्ञीय प्रयोग
बेटे, यह काम तो महिलाएँ ...
- मैं वह आदमी हूँ कि किसी की सेवा करने के लिए खड़ा हो जाऊँ और अपने मन से आशीर्वाद देने लगूँ, तो न जाने क्या-से-क्या हो जाय?... घटना सुनाऊँ? नहीं, मैं नहीं सुनाता हूँ, पर एकाध घटना आपकी जानकारी के लिए बता ही देता हूँ। दो वर्ष पह...
- मैं वही लड़की हूँ, तो फिर तेरा बच्चा कहाँ है?... उसने बच्चे को उनके चरणों में रखा और बोली—यही मेरा बच्चा है। तीन साल का बच्चा था। बहुत अच्छा, ...
- मैं विश्वास करता हूँ कि किसी भी शक्ति के अवतार के लिए इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है?... व्यक्ति के भीतर, परिवार के भीतर और समाज के भीतर हम प्रज्ञावतार का विस्तार करने जा रहे हैं।
...
- मैं व्याख्यान करने वाला है क्या?... नहीं। अब व्याख्यान पर से मेरी श्रद्धा कम हो गई है। अब मैं व्याख्यानों पर यकीन नहीं करता। क्यों? क्यो...
- मैं श्रीकृष्ण भगवान का जप करूँगा?... कर ले बेटे, तेरी मर्जी है, कर ले। तू समझता है कि श्रीकृष्ण भगवान से सुख मिलेगा? बेटे, तू भगवान श्र...
- मैं सजा भुगतूँगा तो आप मेरे साथ सजा भुगतेंगे क्या?... घर वालों ने कहा कि हम नहीं भुगतेंगे आपके साथ, आप ही जाइए। हमको तो चाहिए आपसे पैसा। जो आपका फर्ज और क...
- मैं समझता था कि तू शक्ति के प्रत्येक वाक्य की व्याख्या करेगा, पर तू क्या व्याख्या करेगा?... तू तो शरीराध्यास में डूबा हुआ है, इसलिए शरीर के अलावा तेरी कुण्डलिनी कहीं नहीं जा सकती।
चाहिए...
- मैं सारी जिन्दगी भर उसे काम में लाता रहा और काम में लाने का परिणाम यह है कि मैं एक छोटा सा इनसान, नगण्य सा इनसान लोगों की निगाह में क्या हो गया?... मैं बताना नहीं चाहता। मरने के बाद, मेरे चले जाने के बाद विचार कीजिए कि वह आदमी जिसका कि हम व्याख्यान...
- मैं हार गया तो?... अरे हार कैसे जाएगा। जब हम तेरे साथ हैं, फिर हारने की तो कोई बात नहीं है। जीतने की बात है, तो क्या को...
- मैं-मैं कौन चिल्लाता है?... मेरापन, स्वार्थ। मैं-मैं के साथ में सारी वासनाएँ जुड़ी हुई हैं, तृष्णाएँ जुड़ी हुई हैं, अनीति जुड़ी ...
- मैंने कहा, क्या आएँगे आपके यहाँ, पाँच कुण्डीय यज्ञ ही तो करते हैं?... नहीं, गुरुजी! अबकी बार बड़ी जोर से करेंगे। कैसे करेंगे? सौ कुण्ड का यज्ञ करेंगे। मित्रो! यज्ञ करने ...
- मैंने अपने गुरुदेव से कहा कि तो फिर आप ही बताइए कि मुझे क्या करना पड़ेगा?... उन्होंने कहा कि भगवान को अपनी जिन्दगी की तिजारत में हिस्सेदार बना लीजिए। मैंने भगवान को अपनी जिन्दगी क...
- मैंने अपने भक्तों में से किस-किस की मनोकामना पूरी की है?... एक भी ऐसे आदमी का नाम बता दीजिए कि जिसकी मैंने मनोकामना पूरी की है? मैंने हर एक आदमी की मनोकामना को ...
- मैंने आप से कहा था कि हमारे मुँह का जो छेद है, यह क्या है?... यह हमारी कब्र है। कब्र किसे कहते हैं? कब्र बेटे, गड्ढे को कहते हैं, जिसमें आदमी को दफन किया जाता है।...
- मैंने आपको यह बताया था कि आध्यात्मिकता के मार्ग में आगे बढ़ते हुए आपको क्या करना पड़ेगा?... इसके लिए दो बातें मैं आपको बता चुका हूँ। सांसारिक जीवन के लिए भी दो बातें बता चुका हूँ कि अगर आपको म...
- मैंने आपको ये दो-तीन उदाहरण किसलिए दिए?... एक ही बात पर दिए कि श्रद्धा हमारी गुंबज की आवाज की तरह होती है। गुंबज में जब हम आवाज लगाते हैं, तो ल...
- मैंने उनसे निवेदन किया कि आगे आने वाले समय में आपको क्या-क्या करना चाहिए?... उस बात को तो मैं नहीं बता रही हूँ, पर उनसे मैंने आधा घण्टे कहा कि आपको आगे आने वाले समय में क्या करन...
- मैंने उनसे पूछा कि यह क्या बात है?... आपके यहाँ तो कोई घूँघट नहीं मारता, फिर यह क्या बात है। उन्होंने कहा कि हमारे यहाँ घूँघट तो नहीं मा...
- मैंने उनसे सहानुभूति जताई और कहा आपके पास क्या-क्या समान है तथा कितनी सम्पत्ति व जायदाद है?... वह कागज-पेन्सिल लेकर बैठ गये और नोट करने लगे। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री व उसमें लगी मशीनों तथा ...
- मैंने उस दिन एक उदाहरण बताया था कि भगवान बुद्ध के समय में एक महिला आई और उस महिला ने यह कहा कि भगवान मैं क्या करूँ?... मेरा बच्चा गुड़ खाने से बाज नहीं आता।
उन्होंने कहा कि बेटी! अभी तो नहीं एक सप्ताह बाद आना, तब मैं आ...
- मैंने उस दिन भी आपको सिखाया था और बताया था कि आध्यात्मिकता की खुराक क्या होनी चाहिए?... आप फिर से एक बात ध्यान रखिए। क्यों? क्यों ध्यान रखें? बार-बार आप क्यों ध्यान रखने के लिए कहते हैं? ब...
- मैंने उस रोज कई बच्चों से कहा था, जब टोलियों की गोष्ठी ले रही थी कि देखिए, आपने मक्के का दाना देखा है न?... हाँ। अच्छा, उसको जब हम मिट्टी में बो देते हैं तो कितने रूप में पैदा होता है? वह सैकड़ों दानों के रूप...
- मैंने उस लड़की से पूछा कि इतने मधुर स्वर में कौन बोल रहा है?... वह बोली—‘पॉली’ बोल रहा है। ‘पॉली’ कौन है? पॉली हमारा तोता है। कहाँ है? जरा हमको दिखाना? उसने दिखाय...
- मैंने उससे कहा, हाँ बेटे, ऐसा ही है, तुम बताओ, क्या कहना चाहते हो?... उन्होंने कहा कि देखिए, यह चेहरा आज दिखाई पड़ रहा है, यह गुरुजी का और आपका दिया हुआ कैसे हो सकता है! ...
- मैंने कब पूछा आपसे कि आप बनिया हैं कि शूद्र हैं कि राजपूत, कौन हैं आप?... आप इन्सान हैं और भगवान के भक्त हैं और गायत्री के उपासक हैं। इतना परिचय मेरे लिए काफी है।
मित्...
- मैंने कभी यह चिन्ता की ही नहीं कि क्या कह रहे हैं?... रात है तो रात है, दिन है तो दिन है। कोई सुझाव देना है, सुझाव दिया होगा। कभी दिमाग गरम हो गया होगा, त...
- मैंने कमाया है, तो बाँटकर क्यों खाऊँ?... नहीं बेटे! अपनी बीबी को बाँट, बच्चे को बाँट, अपनी माँ को बाँट, अपनी बहन को बाँट, अपने भाई को बाँट। य...
- मैंने कहा एक महीने में कितना बचा रहता है?... पच्चीस हजार। मैंने कहा पच्चीस हजार रुपया एक महीना में बच जाता है, तो साल भर में कितना हो जाएगा? उन...
- मैंने कहा कि अब बताइये क्या कारण था?... उन्होंने कहा कि कारण तो बहुत छोटा-सा था और बड़ा भी था। मैंने कहा- आखिर हुआ क्या? उन्होंने कहा कि हु...
- मैंने कहा कि क्या बात करना चाहते हो?... वह बोला कि आप तो मुझे नहीं जानते, लेकिन मैं आपको जानता हूँ। मैंने कहा कि बताइए न, आप क्या जानते हैं,...
- मैंने कहा कि क्यों मकान बना लूँ?... मित्रो! जब इतने ट्रस्ट बने हुए हैं, धर्मशालाएँ बनी हुई हैं।...
- मैंने कहा कि तीस लाख रुपये की जो तीस हजार रुपये महीने ब्याज आती है, उसमें से पाँच हजार रुपया महीना खर्च का निकाल लिया जाय, तो कितना बच जाया करेगा?... उन्होंने कहा कि तब तो हमारा पच्चीस हजार रुपया बच जाया करेगा और साल भर में तीन लाख हो जाया करेगा। म...
- मैंने कहा कि बताइए न, आप क्या जानते हैं, तो क्या बात है?... यह स्त्री आपकी शिष्या है। मैंने कहा—होगी, बहुत सी स्त्रियाँ मेरी शिष्या हैं, दीक्षा लेती हैं और चली ...
- मैंने कहा कि यदि आपको इन्कम टैक्स देना पड़े, पेनाल्टी देनी पड़े, सजा भुगतनी पड़े, तो आपको कितना नुकसान भुगतना पड़ेगा?... उन्होंने कहा कि दस लाख रुपया, जो हमने तीन चार वर्षों से चुरा रखा था- एक तो वह और लगभग दूनी पेनॉल...
- मैंने कहा कि यह कैसा भजन?... यह कैसा गंगा स्नान? ये महात्मा इस गंगाजी में रोज स्नान करते हैं, परन्तु इनका क्रोध समाप्त न हो पाया ...
- मैंने कहा कि यह कैसी किताब है?... रामायण में मैंने पढ़ा कि भाई ने भाई के लिए अपना जीवन कुर्बान कर डाला। उसने कहा कि मैं वनवास में रहूँग...
- मैंने कहा न कि शबरी और मीरा कहाँ तक पढ़ी थीं?... कबीर कहाँ तक पढ़े थे? रैदास कहाँ तक पढ़े थे? कहीं तक नहीं पढ़े थे, फिर भी उन्होंने भगवान का काम किया...
- मैंने कहा पच्चीस हजार रुपया एक महीना में बच जाता है, तो साल भर में कितना हो जाएगा?... उनने कहा तीन लाख रुपये। अगर आप इतना रुपया सात-आठ साल तक बचायें, तो कितना रुपया हो जाएगा? उनने कह...
- मैंने कहा, पहले क्यों नहीं बुलाया था आपने?... मुझे चौबीस साल हो गए, जब तो मैं जवान ही था। उन्होंने कहा, तब तक तू संशोधित नहीं हो सका था। मैंने देख...
- मैंने कहा- आखिर हुआ क्या?... उन्होंने कहा कि हुआ यह कि इन्कमटैक्स ऑफीसर ने छापा मारा। हमारे पास दो बही-खाते थे। मुनीम नाराज हो ...
- मैंने कहा—अभी तो यूपी गवर्नमेण्ट के नहीं निपटे हैं, तो अभी आपके कहाँ से कर दें?... अभी 1000 का तो हमने कह दिया है, जो कि अभी यहाँ से चलेगा। यह दिसम्बर से शुरू होगा। हमने कहा है कि 800...
- मैंने कहा—कहाँ दूँ, किसको दूँ?... तो उनने कहा—भगवान की खेती में बो दे। अपने पास जो कुछ भी था हमने सब भगवान की खेती में बो दिया और जो क...
- मैंने कहा—कहो क्या बात करना चाहते हो?... उसने कहा कि आपको तो मालूम नहीं, आप मुझे नहीं जानते। मैं आपको जानता हूँ। मैंने कहा—बताइये न फिर, आप ज...
- मैंने कहा—बताइये न फिर, आप जानते हैं तो?... मेरी पत्नी आपकी शिष्या है। मैंने कहा—होंगी। बहुत से लोग हैं, आते हैं, हाथ जोड़कर बैठ जाते हैं। कोई प...
- मैंने कहा—बेटे, मैं क्या करूँ?... अच्छा भगवान से प्रार्थना करूँगा। प्रार्थना का क्या असर हुआ, यह तो भगवान जाने, लेकिन साल भर बाद उनके ...
- मैंने कहा—मैंने कब देखा?... उन्होंने कहा कि बात-बात में मैं इंदिरा गाँधी से और काबरा से यह वायदा करके आया था कि मैं रानी सिंधिया...
- मैंने कहा—रोटी नहीं, तो यह और क्या रखा है?... उन्होंने कहा—आप समझते तो हैं नहीं। हम कहते हैं कि आप आज रोटी खाएँ। मैंने कहा—रोटी से आपका क्या मतलब ...
- मैंने कहा—रोटी से आपका क्या मतलब है?... यह रोटी ही रखी है आपके सामने। मिठाई रखी हैं, पूड़ी-कचौड़ी रखी हैं। आपका क्या मतलब है? नहीं केवल रोटी ख...
- मैंने किस तरीके से भगवान की भक्ति की?... मैंने भजन किया कि नहीं, अनुष्ठान किया कि नहीं, जप किया कि नहीं, प्राणायाम किया कि नहीं—ये नहीं मालूम...
- मैंने किसके पीले हाथ कर दिए?... आप लोगों के पीले हाथ किये हैं। कपड़े मैंने पहना दिये हैं, पीले हाथ कर दिये हैं, अब आपकी जिम्मेदारी ...
- मैंने किससे कहा कि आपको अपने कुटुम्ब वालों के प्रति अपने कर्तव्यों और फर्जों को पूरा नहीं करना चाहिए?... मैंने किसी से नहीं कहा और न किसी से कहना। जिस दिन से मैंने धार्मिक क्षेत्र में प्रवेश किया है, उस ...
- मैंने क्या-क्या कहा था?... मैंने यह कहा था कि सारा समय आपका और आपकी बीबी का परिवार पालने, खाना बनाने का, बच्चा पैदा करने का, के...
- मैंने चुपके से उससे कान में पूछा—क्या है रे ये?... देना तो मुझे कुछ है नहीं। न दिया है, न हमने लिया है। न हम देंगे, न लेंगे। हमें हीरा-पन्नों से क्या क...
- मैंने जरा हँसकर यह भी कह दिया तो फिर आप ये अन्दाजा लगाते होंगे कि माताजी जैसे हो जाएँगे?... जीवात्मा मजबूत बनाएँगे
मैंने कहा बेटे! फिर तू शरीर की बात ले आया, अरे शरीर नहीं आत्मा की दृष्टि से...
- मैंने जोर से डाँट लगाई और कहा—दस सालों में तूने यहाँ आ करके शक्ल दिखाई है, पहले यह बता कि अब तक मिशन का क्या कार्य किया?... तब तुझे दिखाई पड़ते थे और अब दिखाई नहीं पड़ते हैं। तब तूने क्या किया था? दस साल में तूने अब यहाँ आ क...
- मैंने पूछा कि कितनी दूर तेरा गाँव है?... बताया कि छः मील। वह मोटर ले आया। मैंने कहा-बेटे! मेरे लिए मोटर क्यों ले आया? हम तो बैलगाड़ी में चल...
- मैंने पूछा कि क्या आप पतली रोटी खाते हैं?... आप माताजी के हाथ की रोटी खाइए, मोटे हो जाएँगे। उस रात उसे पूरी नींद आयी। लोगों ने कहा-क्या आप इन...
- मैंने पूछा कि तूने गाड़ी के पैसे दिये कि नहीं?... नहीं साहब! पैसे थोड़े ही देने हैं। यह तो अपनी मोटर है। अच्छा! तू क्या करता है इस मोटर का? गुरुजी! ह...
- मैंने पूछा बाद में क्या मिलेगा?... बोले—हमारा तो बोनस, प्रोविडेंट फंड मिला करके 80,000 रुपया मिल जाएगा और पेंशन? पेंशन भी चार-पाँच सौ र...
- मैंने पूछा-अच्छा बताइये, आपके असली और नकली बहीखाते में वास्तव में कितने खर्च का अन्तर है?... उन्होंने कहा-दस लाख रुपये करीब का अन्तर है। फिर पूछा-अगर आपको इनकम टैक्स देना पड़े, तब कितना नुकसान ...
- मैंने पूछा—ज्यादा दिन रहने देंगे या नहीं?... कहा—जितनी आज्ञा मिलती है, उतने दिन ही रहना है। अब मैं विचार करने लगा कि मेरे घरवाले मुझे यह कहेंगे क...
- मैंने फिर अपने उसी फरिश्ते से दूसरा सवाल किया कि जब आपने मुझे जगा ही दिया है और यह बता दिया है कि जिन्दगी का ठीक उपयोग करना चाहिए तो आप ही बताइए कि मुझे अब क्या करना होगा?... उन्होंने मुझे दूसरी शिक्षा दी कि दुनिया में एक ही समझदारी है कि अकेला आदमी लम्बी मंजिल नहीं पार कर सक...
- मैंने भी जो पूर्वजन्म में बालि को मारा था, वह तीर अभी सुरक्षित रखा है और मेरे भी पैर में सेप्टिक होगा और मैं भी मारा जाऊँगा, तो फिर तेरे बेटे को कैसे बचाता?... "
बेटे! यह बात अलग है कि जिनके प्रारब्ध जन्म ऐसे ही जटिल हैं, जो नहीं हट सकते, लेकिन कैसी भी आपकी...
- मैंने मंत्रविज्ञान पर कितना लिखा है?... मंत्रशास्त्र के बारे में हमारे बराबर तो किसी ने लिखा भी नहीं होगा। आप हमारा मंत्रविज्ञान पढ़िये। आपने...
- मैंने समझ लिया कि आपका रास्ता कौन सा है?... अभी आप किसका नाम ले रहे थे? नाम तो हम रामचंद्र जी का ले रहे थे। मेरी समझ से आपने गलती कर दी। आपको रा...
- मैग्नेट है कि नहीं है?... वहाँ भी मैंने ऐसे हिम्मत वाले काम कर डाले थे। वहाँ भी हजार कुण्डीय यज्ञ हुआ था। लोगों ने मुझसे पूछ...
- मैट्रिक पास वालों को क्या मिलना चाहिए?... तीन सौ रुपये से पंद्रह सौ रुपये। बेटे! यह तुक्का है। महँगा और सस्ता होने की वजह से किस चीज का भाव कह...
- मैप—नक्शा हमारे पास है नहीं, टाइम टेबिल है नहीं, फिर इसके बिना हम कैसे समझा पाएँगे?... कष्टकारी गलतफहमियाँ
लेकिन अगर आपका दिमाग खराब हो और हम एक नक्शा आपके हवाले कर दें, एक टाइम ...
- मैला कमंडल कैसा है?... जैसा तू है—भीतर से भी मैला और बाहर से भी मैला। पहले इसे धो करके ला, ताकि तुझे कोई वरदान तो दे, आशीर्...
- मैस्मेरिज्म क्या है?... एक काला गोला लेते हैं और उसके मध्य सफेद बिंदु पर यह ध्यान करते हैं कि हम इस बिंदु के बीच में धँसते च...
- मॉडल किसका था?... ताजमहल का। आप दयालबाग जाइए। आपका आगरा कभी जाना हुआ तो आप दयालबाग जाना। वहाँ स्वामी जी महाराज की समाध...
- मोटर और वह भी किसान की?... तेरे पास कितनी जमीन है? पचास बीघे जमीन है। कुल पचास बीघे? हाँ महाराज जी! पचास बीघे।बेटे! हमारे यहा...
- मोटरगाड़ी में इतना पैसा क्यों खरच करते हो?... गरीब आदमी हो। उन्होंने कहा कि हम गरीब थोड़े ही हैं। यह गाड़ी हमारी है। हमारी बच्चियाँ बी०ए०, एम०ए० म...
- मोती यहाँ मिल सकते हैं, मोती वहाँ मिल सकते हैं?... मछलियाँ तैर रही थीं, सोचा शायद यही मोती का गुच्छा होगा। समुद्र में झाग निकला। वहाँ भी हाथ मारा कि शा...
- मोरार जी देसाई और मुख्यमंत्री कौन?... कर्पूरी ठाकुर। महाराज जी! उनको तो मंत्र की कोई जानकारी नहीं है? हाँ बेटे, कोई जानकारी नहीं है। फिर आ...
- मोह का दबाव आने पर आप सही साबित होते हैं कि नहीं?... सिद्धान्तों के प्रति, जिनकी आप हर वक्त दुहाई देते रहते हैं, उनका रक्षण करने के लिए लोभ का दबाव, मोह क...
- मोह क्या होता है?... मोह उसे कहते हैं जिसमें कि हमको दो-चार मनुष्यों ने अपना गुलाम बनाकर रखा है। हम खरीदे हुए गुलाम हैं...
- मोहब्बत करना किससे सीखें?... सिद्धान्तों से सीखें और सिद्धान्तों से मोहब्बत करने के बाद में व्यायामशाला में, अखाड़े में अपने हाथ प...
- मोहब्बत किसे कहते हैं?... मोहब्बत कहते हैं-देने को। अगर आप किसी को प्यार करते हैं, तो उसे दें। किससे प्यार करते हैं? किसी को...
- मौज-मजा करने में क्या आनन्द हो सकता है?... शरीर की इंद्रियों को आनन्द हो सकता है, पर हमारी अन्तरात्मा को जो आनन्द हो सकता है, वह दुखियारों की, पीड...
- मौत और जिन्दगी को शानदार बनाने के लिए दिन भर हमारा कैसे व्यतीत हो?... हमारा समय, श्रम और धन किस अच्छे तरीके से व्यतीत हो सकता है, आप ये विचार कर लिया करें। इस तरह प्र...
- मौत से डरने से क्या फायदा?... हमें मौत की तैयारी क्यों नहीं करनी चाहिए? शंकर भगवान के मरघट में रहने और अपने शरीर पर भस्म लगाने क...
- मौत हमारा क्या बिगाड़ लेगी?... बाहर का बैरी बेचारा क्या कर सकता है? वह बड़ा गरीब है, बड़ा कमजोर है। उसके पास कोई ताकत नहीं है, सिवाय ...
- मौन कैसे करते हैं?... बेटे! हमें एक साल तक मौनी रहना पड़ता है। बातचीत करें तो किससे करें? अकेले ही बात कीजिये। जब मन आता है...
- मौन से क्या फायदा होगा?... बेटे! आपको मालूम नहीं है कि बोलने में आदमी की कितनी शक्ति खरच होती है? जो शक्ति आपको आध्यात्मिक उन्न...
- मौसी और मौसा के पास रहती हैं क्या?... नहीं, फिर वे मौसी-मौसा के पास भी नहीं रहतीं। साले के पास भी नहीं रहतीं। फिर उसे साले-का ले जाता ...
- यज्ञ और पुरश्चरण में क्या फरक पड़ता है?... बेटे! अब तक जो हमारे यज्ञ थे, वे प्रशिक्षण और प्रचार, दो उद्देश्यों के लिए होते थे। लोगों को भारतीय ...
- यज्ञ का यह कौन सा पक्ष है?... ज्ञान पक्ष। ज्ञान पक्ष का विस्तार अगर आप कर पाएँ तो नया व्यक्ति बनाने में, मनुष्य के अन्दर देवत्व जग...
- यज्ञ का रूप कैसा घिनौना हो गया था?... आपको मालूम नहीं है, तब मनुष्यों को मारकर होम दिया जाता था और घोड़ों और गौओं तक को होम दिया जाता था। ...
- यज्ञ का, अग्निहोत्र का विज्ञान पक्ष क्या है?... बेटे! यज्ञ का विज्ञान पक्ष यह है कि हम इस संसार में गन्दगी फैला रहे हैं। आप इस संसार को मान लीजिए कि ...
- यज्ञ की क्या विशेषता है?... अग्निमीले पुरोहितं। अग्नि जो हमारा पुरोहित है, जो हमारा मार्गदर्शक है, वह हमें क्या सिखाता है? बोलता...
- यज्ञ कौन करती है?... बेटे, हमारे मुँह में बैठी हुई पार्वती करती है। जीभ का नाम क्या है? उसका नाम है—पार्वती। शंकर को प्रा...
- यज्ञ नहीं है?... यज्ञ माने होता है —सैक्रीफाइस। यज्ञ होता है—कुर्बानी के लिए, बलिदान के लिए, सेवा के लिए। इंसान कहाँ ...
- यज्ञ साथ में कैसे पैदा हुआ?... आपकी माँ के पेट में एक बूँद आ गयी कहीं से। माँ अपने शरीर की जवानी का रस, हड्डियाँ, खून, माँस—सब उस छ...
- यज्ञाग्नि को क्या कहा गया है?... क्या नाम दिया गया है? उसका नाम दिया गया है पुरोहित। पुरोहित किसे कहते हैं? पुरोहित उसे कहते हैं, जो ...
- यदि यही बात जबान से कहते, तो फिर कौन सुनने वाला है?... चाहे जितनी जोर से चिल्ला- चिल्लाकर कहिए कि गाड़ी चलाइये या गाड़ी रोकिए, पर कोई सुनने वाला नहीं है। ल...
- यदि आदमी की नीयत खराब हो जाए, तो उससे भयंकर भला कौन हो सकता है?... ये सारी-की-सारी चीजें एक साथ मिल क्या गयी हैं, विश्व-मानवता के सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। ...
- यदि आपको उदात्त बनना हो और मानवता के सिद्धान्तों से ओत-प्रोत होना हो तो गायत्री से बढ़िया इष्ट और क्या हो सकता है?... बेटे! देवियाँ, देवियाँ नहीं हैं। ये भगवान की एक-एक कला हैं, एक-एक विशेषता हैं। अगर आपको सारी विशेषता...
- यदि इस उत्तर से अपनी शक्ति को जगाएँ, तो शक्ति की कोई कमी है क्या?... कोई कमी नहीं है।
आपके अन्दर भी शक्ति की कोई कमी है क्या? नहीं। हमको दिखाई पड़ता है कि आपके अन्दर भ...
- यदि ईमान और भगवान हो, तो आपको जानना पड़ेगा कि आप क्या हैं?... समय क्या है? एक और बात आपको जाननी पड़ेगी कि आपके ऊपर जिम्मेदारियाँ क्या हैं? आपको अपनी जिम्मेदारियो...
- यदि उसमें आपका भाग्य नहीं है, मनोकामना तो किसी की कहाँ तक पूरी होती है?... मनोकामना तो किसी की भी पूरी नहीं होती। रावण की भी पूरी नहीं हुई। मनोकामना पूरी हुई? बिलकुल पूरी नहीं...
- यदि ऐसा कर लिया तो मुबारक, शादी नहीं भी की, तो क्या बनता-बिगड़ता है?... परिवार में आप तो रहेंगे न, माँ-बाप के साथ तो रहेंगे न? बहन-भाइयों के साथ तो रहेंगे न? बोर्डिंग में त...
- यदि कोई आदमी साथ में खड़ा हो जाय और आवाज दे कि—मोहनलाल जी हैं क्या?... हाँ पण्डित रोशनलाल जी ! अभी आया। बस, खट् से कान बता देता है। आवाज देने वाले को नहीं देखा, पर कान में ...
- यदि चिन्तन सुधर जाए तब?... तब फिर यह स्वर्ग हो जाएगा कि नहीं हो जाएगा। आज तो हमारे परिवार में भी स्वर्ग नहीं है।
हमने यह बीड़...
- यदि जरूरी होता, तो भगवान् शंकर और पार्वती जी कैलाश पर्वत पर मानसरोवर, जो यहाँ से बहुत दूर है, तप करने क्यों जाते?... दिल्ली के चावड़ी बाजार में क्यों नहीं बैठ जाते? तब उनके पास देखने वाले-दर्शन करने वाले हजारों आदमी ...
- यदि जीभ को काट डाले तो फिर मेरी बीमारियाँ बन्द हो जायेंगी?... नहीं बेटे, जीभ को नहीं फाड़ना पड़ेगा, वरन् और गहराई में चलना पड़ेगा। कहाँ? असंयम पर, जहाँ से रोग पैदा...
- यदि ठंढे लोहे को गरम लोहे से मिला दें, तो वह कब तक मिल जाएगा?... कल ढाई बजे तक दोनों मिल जाएँगे। ढाई बजे आए और देखकर बोले अरे महाराज जी! यह तो ठंढा रखा हुआ है। आपस म...
- यदि दृढ़ता के साथ संकल्प का पालन किया जाए तब?... संकल्प का पालन, यदि दृढ़ता के साथ नहीं किया गया, तो आज कुछ कह गए, कल समाप्त। एक व्यक्ति रोज मेरे पास...
- यदि न गए होते, तो क्या हो जाते?... बिलकुल नहीं होते भगवान राम।
समर्पण से बने भगवान
भगवान बनने की विद्या किसने दी? विश्वामित्र ने बनाय...
- यदि नौकरी देते तब?... बेटे, नौकरी देने से क्या बन सकता है? इससे आदमी की क्या जरूरत पूरी हो सकती है? कोई खास जरूरत पूरी नही...
- यदि बाल न चढ़ाएँ तो?... तो बच्चे को बीमार कर देगी या मार डालेगी? देवी है या चुड़ैल? इस तरह की चुड़ैलों को देवियाँ बना दिया ग...
- यदि भगवान नहीं आया होता जीवन में तो तुलसीदास कैसे सक्षम होते, आप भक्तों का उद्धार करने में?... सन्त कबीर बिलकुल पढ़े-लिखे नहीं थे, परन्तु जब गुरु की कृपा उनके ऊपर आई तो वह निहाल हो गये। वे हिन्दू ...
- यदि यह अंशदान आप नहीं देते, तो इतनी बड़ी बिल्डिंग कहाँ से बनती?... जो यहाँ के क्रियाकलाप हैं, वो कैसे चलते? यहाँ के जो इतने कार्यकर्ता हैं, कितने भावनाशील कार्यकर्ता ह...
- यदि यह नहीं बदले, तो अक्षर पढ़ लिए, तो क्या हुआ?... अक्षर पढ़ने से कुछ नहीं होता। नौकरी मिल जाएगी। गुण, कर्म और स्वभाव में यदि आपने परिवर्तन कर लिया है,...
- यदि वही दबी और पिछड़ी स्थिति में बनी रही तो एकांगी प्रगति कैसे सम्भव हो सकती है?... मैंने गुरुदेव को आश्वासन दिया था कि आपके बच्चों को छाती से लगाकर रखूँगी, प्राणों से भी बढ़कर प्यार क...
- यदि विवेकानन्द ने अपने लिए माँगा होता तो उनको क्या मिलता?... नौकरी मिलती या कोई बड़े व्यापारी बन जाते, फिर उससे क्या बनता। आज हम विवेकानन्द का नाम लेते-लेते थकते...
- यदि वे गलतियाँ आगे बढ़ती हुई चली गईं, तो फिर यह प्रायश्चित का पर्व क्या रहा?... यह प्रायश्चित का पर्व है।
चिन्तन-मनन का पर्व
यह चिन्तन और मनन का पर्व है और दोषों को धोने का यह पर...
- यदि वे भूले न होते, तो उनने अपने जीवन लक्ष्य को याद रखा होता और यह स्मरण रखा होता कि भगवान् ने इंसान को दुनिया में किसलिए भेजा है?... उसके ऊपर क्या जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं? भगवान् ने मनुष्य से क्या उम्मीदें की हैं।मित्रो! भगवान् तो ...
- यदि वे भूले न होते, तो उनने अपने जीवन लक्ष्य को याद रखा होता और यह स्मरण रखा होता कि भगवान ने इंसान को दुनिया में किसलिए भेजा है?... उसके ऊपर क्या जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं? भगवान ने मनुष्य से क्या उम्मीदें की हैं?
मित्रो, ! भगव...
- यदि सारे कुटुम्बियों को, छोटे बच्चों को, छोड़कर जो समर्थ व्यक्ति हैं, उन्हें किसी तरीके से किसी न किसी काम में लगाए रखने की बात को यदि आप विचार कर लें, तो आपको कुटुम्ब पालन में क्या दिक्कत पड़ सकती है?... कुटुम्ब का परिपालन आपको भारी क्यों पड़ना चाहिए? आपको पेट भरने में दिक्कत क्यों होनी चाहिए?
म...
- यदि सारे-के-सारे लोग इस तरह से होंगे, तो काम कैसे चलेगा?... इन उलटी अकल वाले लोगों का नवनिर्माण करना होगा। उन्हें दिशा देनी होगी। उनके विचार ठीक करने होंगे। इ...
- यदि हम अन्धे हो जाएँ तब?... तब बेटे! हाथ पकड़कर दूसरा ले जाएगा।
आप देख पाएँगे? बिलकुल देख नहीं पाएँगे। कान, कान यदि सुनना बन्द ...
- यदि हम आदमी को पुरुषार्थवान बना दें और कम्युनिस्ट बना दें, तो?... आपने देखा नहीं, थोड़े दिन पहले जो लोग पाकिस्तान से आये थे, अपनी सारी-की चीजों को गवाँ कर आये थे। वे...
- यदि हम उनको चिपकाकर रखेंगे, तो किसी के घर ढोलक कैसे बजेगी?... मिठाई कैसे बाँटी जाएगी? कोई माता अपने लाल को कैसे निहारेगी? अपने लाल को पाकर कैसे धन्य होगी? एक का...
- यदि हम उस धर्म के मूल स्वरूप को लेकर हर गाँव में चले जाएँ तो क्या हम लोग देश की समस्या को हल नहीं कर सकते?... जब अकेले एक स्वामी केशवानन्द साढ़े तीन सौ गाँवों की अशिक्षा की समस्या को हल कर सकते थे तो हमारी सं...
- यदि हम सबका दृष्टिकोण बदल जाय, तो क्या-से-क्या हो सकता हैं?... बेलनगंज, जो कि आगरा शहर का एक मोहल्ला है, वहाँ के एक सम्पन्न व्यक्ति को पन्द्रह दिन से नींद आनी ...
- यदि हमारा विचार करने का तरीका या क्रम सही हो जाय, तो?... देखने के लिए जो हमारी आँखें हैं, इन आँखों का लेन्स यदि बदल दिया जाय और उस लेन्स से हम केवल वह चीजे...
- यदि है तो आप अपने बेटे को, बेटी को, भाई को क्यों पढ़ाते हैं?... आपने बीबी को ही क्यों मना कर दिया? उसको क्यों नहीं आगे बढ़ाया? क्या यही दृष्टिकोण है, आपके दाम्पत्य ...
- यमुना क्या है?... यमुना यह है कि हमारे अपने आन्तरिक जीवन का परिष्कार। आपको लोगों को यह बताना चाहिए कि भारतीय अध्यात...
- यह कौन सा हथियार है?... आपने इसके साथ- साथ जो पीले कपड़े पहना है और मैंने जिसके लिए उम्मीद रखी है और जिस काम की आपको दीक्षा...
- यह प्रतिनिधि कैसा होगा?... हमारा नमूना होगा और हमारे आचार्य कैसे होने चाहिए? उनका रहन-सहन उनकी बोल-चाल उनका व्यवहार, उनका आचर...
- यह योग कैसे हो सकता है?... यह तो शरीर की क्रिया है? भगवान शरीर नहीं है, शक्ति नहीं है, जप नहीं है। भगवान चेतन है और हमारी जीव...
- यह अकल हम कहाँ से लाए?... यह हमारे गुरु की कृपा थी। अठारह पुराणों के भाष्य हमने किए? नहीं बेटे! हमने नहीं किए। हमारी अकल ...
- यह अचिंत्य चिन्तन क्या है?... यह एक दिमागी बीमारी है, दिमाग खराब होने की बीमारी है। नेचर ने वातावरण के दूषित होने की वजह से इनसान ...
- यह अध्यात्म जब हमको मिला, तो हमें क्या करना पड़ा?... हमने इस तरीके से विचार करना शुरू कर दिया कि हमारे जितने भी बैरी थे, उन सबको हमने मार डाला। कैसे मारा...
- यह अन्नक्षेत्र किनका फला हुआ है?... उनका फला हुआ है, जिनके पास सम्पन्नता भी है और दया भी है। आज मनुष्य जाति को ऐसे ही आदमियों की जरूरत है...
- यह अपने आपमें इतनी बड़ी खुशी की बात है, यह अपने आप में इतनी घमंड की बात है, इतने बड़े गौरव की बात है कि हमें उसके मुकाबले में सफलता मिलती हो तो क्या?... न मिलती हो तो क्या? अपना कर्तव्य पालन करने का अगर एक लक्ष्य बना लें, तो फिर जिस स्थिति में रहना पड़ र...
- यह अमृत क्यों था?... यह अत्यन्त सूक्ष्म था। वह पिप्पली को सूक्ष्म बनाते थे। मित्रो! मैं यह कहता हूँ कि किसी तरीके से यदि ल...
- यह अस्पताल किनने बनवाया है?... उनने बनवाया है, जिनमें दया भी है और सामर्थ्य भी है। सम्पन्नता और दया दोनों जिनके भीतर हैं, अस्पताल उन...
- यह अस्पताल बन्द हो जाने पर आपके अनुभव के बिना इनका ऑपरेशन कौन करेगा?... इनसान को उठाया नहीं जा सका तो बात कैसे बनेगी?इसी काम के लिए हम समय लगाना चाहते हैं। सवाल हमारे समय क...
- यह आग ठंढी होती है या गरम होती है?... ठंढ-गरम कुछ नहीं, बस, आग होती है और ऐसे ही भागती फिरती है।
मित्रो! यह क्या वबाल है? वहाँ की ...
- यह आज नहीं, वरन् आज से तीस साल पहले बतला दिया था कि हमारे क्रियाकलाप क्या हैं तथा हमारी भावी योजना क्या है?... समाज निर्माण कैसे होगा? इस सन्दर्भ में उन दिनों, एक युगनिर्माण सत्संकल्प के रूप में घोषणापत्र बनाया...
- यह आदमी पैसा लेना चाहता है या और न जाने क्या चाहता है?... मित्रो! हमें अपने प्यार पर विश्वास है, यही नहीं हम एवं आप पर विश्वास है, यही नहीं हम एवं आप न जाने...
- यह आनन्द कहाँ है?... भगवान् में है। अगर आप भगवान् के साथ आत्मीयता जोड़ लें, तो आपको भगवान् की भक्ति का आनन्द मिल जाएगा। ह...
- यह आनन्दित प्रसाद कहाँ से आया था?... आँख खोली तो अन्तर्मन ने कहा कि यह है भावना का प्रवाह, जिसके द्वारा मैंने अपने भगवान् को पाया।
...
- यह आप क्या करते हैं?... देखिये आप सवाल लेकर आ गये। हाँ भाई साहब! हम आपको बहुत प्यार करते हैं। हम आपकी बीबी- बच्चों की रक्ष...
- यह आपका बेटा कैसे हो सकता है?... पानी के बहाव में लकड़ी के गट्ठे आपस में इकट्ठे हो जाते हैं और थोड़ी देर तक वे मिलते हैं, फिर बहकर दू...
- यह आपकी कौन लगती है?... बुआ, चाची, मौसी? कौन है ये? नहीं साहब! यह सिनेमा की एक्टर है। तो आपने इसे किसके लिए लगा रखा है? इस...
- यह आपके प्रारब्ध की बात है कि दूसरे लोगों की सहायता या बिना सहायता के आप क्या कर सकते हैं?... किसी कार्य का क्या फल मिलता है, आपके हाथ में यह कुछ नहीं है। लेकिन एक बात पूरी तरह से आपके हाथ म...
- यह आपको पसन्द नहीं है, तो फिर क्यों घर बसा लिया?... आपने बच्चों को कसाईखाने में रख दिया है। आप कुटुँब बसाते हैं, तो उसे कसाईखाने में मत रखिए, उसे भूखा म...
- यह आपने क्या किया?... उन्होंने कहा कि पार्वती अभी देखती चलो। यह पृथ्वी अभी ऐसी विहीन नहीं हो गई है कि इसमें सब ऐसे ही होते...
- यह इतना बड़ा काम करेगा कौन?... भगवान करेंगे। बेटे! हमने आपको यह पहले ही बता दिया है कि भगवान नहीं करते। इनसानों की सहायता करना भगवा...
- यह इतनी बड़ी भूल है कि मैं नहीं जानता कि इससे भी बड़ी भूल और कोई हो सकती है?... आपने जीवन को याद रखा और मौत को भुला दिया। हमारी प्रगति की गाड़ी जीवन और मौत के दोनों पहियों पर चलती...
- यह इतने बड़े काण्ड और कमाल कैसे कर सकता है?... " ताँतिया डाकू ने कहा—"हजूर! अगर थोड़ी देर के लिए मुझे हुक्म दे दें और मेरी हथकड़ी खोल दें, तो मैं अ...
- यह इनसान है कोई?... अगर आपका बेटा आपको गाली देता है, आपकी पिटाई करता है, आपके साथ में बदसलूकी करता है, तो कोई बड़ी बात न...
- यह इस बात पर टिका है कि हमारा मन कैसा है?... भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में सीधा भी रहता है और उलटा भी रहता है। दोनों ही परिस्थितियों में हम अपने आ...
- यह इस बात पर निर्भर है कि हम जीवन को किस तरह से जीते हैं?... कर्म करने की कुशलता ही योग है। कर्मयोग का यह मंत्र मुझे 15 वर्ष की उम्र में गाँधी जी से मिला।...
- यह इस युग की महती सेवा है कि आदमी को क्रमबद्ध रूप से सामाजिक, नैतिक, बौद्धिक, आर्थिक, पारिवारिक एवं राष्ट्रीय समस्याओं के बारे में सच्चिन्तन करना कैसे सिखाया जाए?... यह प्रयास अन्यत्र नहीं शुरू हुआ था, आज अपनी संस्था के द्वारा शुरू हुआ है। इसके द्वारा कितना साहित्य ...
- यह उदाहरण है उदारता का, परमार्थपरायणता का, जो कोई भी अपना सकता है?... जो सहृदय होता है, ब्राह्मण होता है, उसी पर यह लागू होता है।
जो ब्राह्मण का जीवन जीता होगा, वही ऐस...
- यह उनका कौन था?... भगवान था, स्वामी था, सेवक था, सच-सच बता दीजिए? यह था मीरा का बेटा। उसने अपनी श्रद्धा के आधार पर उसे ...
- यह ऋषियों की वाणी है और यह वो अध्यात्म है, जिसमें भगवान ने कहा है कि यदि इंसानों से आप ऊँचा उठना चाहते हैं, आगे बढ़ना चाहते हैं, खुशी होना चाहते हैं, समृद्ध होना चाहते हैं, सम्पन्न होना चाहते हैं, तो उसके लिए क्या तरीका हो सकता है?... फार्मूला क्या हो सकता है? भगवान ने कहा, उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्। अर्थात् अपने
आपको उठा...
- यह एन्युॲल कमीशन क्या है?... एन्युॲल कमीशन उसे कहते हैं कि आपको चार सौ रुपये का प्रीमियम देना पड़ता होगा तो कंपनी को सोलह रुपये च...
- यह ऐसा क्यों कर रहा है?... मित्रो! नारद जी भगवान विष्णु के साथ उस भक्त के पास गए और पूछा—क्या बात है भाई! सूखे पत्ते क्यों खा र...
- यह ऐसा क्यों करता है?... यह इसलिए करता है कि डूबने वाला इतना थका हुआ होता है कि जो कोई पार लगाने वाला होगा, यदि उसे मौका मिल ...
- यह कट कैसे गई?... यह लगाई क्यों नहीं गई? इसका ऑपरेशन कैसे नहीं हुआ? कोई कुशल डॉक्टर नहीं मिला, या तो हममें कमी है या आ...
- यह कदम हमने कहाँ से सीखा?... यह कदम हमने अपने एक पड़ोसी देश से सीखा। वह कौन सा देश है? वह हिन्दुस्तान की सीमा से लगा हुआ बर्मा द...
- यह कपड़े आप क्यों सी रही हैं?... तो कहतीं कि किसी के यहाँ बच्चा होगा, तो उसके काम आ जायेगा। किसके बच्चा होने वाला है? भगवान जाने कि...
- यह कफ़ कहाँ से आया?... " उनको गुस्सा आया और चिलम को ले जाकर के मारा पत्थर पर और हुक्का एक कोने में रखा रहा। उन्हें इतनी नफर...
- यह कब की बात है?... बहुत पुराने जमाने की। आज से हजार-दो हजार वर्ष पहले बलि के नाम पर जानवर मारे-काटे जाते थे, जिसका कि भ...
- यह कब फायदा देंगी?... यह तब फायदा देंगी, जब आप हमारे साथ घुलेंगे-मिलेंगे अगर आप दूर-दूर रहेंगे, तो बात कैसे बनेगी? दूर र...
- यह कया ऊधम मचाते हो?... भगवान का धनुष भगवान ने तोड़ा और दूसरा भगवान लड़ाई लड़ता है। यह क्या बात है? बेटे, इस सम्बन्ध में आप अपन...
- यह करना चाहिए कि अपनी दुकान में हम दो आदमी हैं- लाला चुन्नूलाल, लाला मुन्नूलाल एण्ड संस कौन सी है हमारी दुकान?... यह शरीर ही हमारी दुकान है। इसमें दो आदमी काम करते हैं। इसमें दो आदमियों का हिस्सा है- एक हमारा शरी...
- यह कल तो होने वाली हैं ना?... कल का कोई ख्याल ही नहीं है।
मित्रो! जिसको कल का ख्याल नहीं आता, उसको शराब पीने में कोई एतरा...
- यह कल्पना किसके मन में उठेगी?... देवता के मन में उठेगी और जिस समय देवता का संकल्प जगेगा, तो उसे रोकने वाला कोई नहीं होगा। उसे कोई रोक...
- यह कल्पना है या वास्तविकता है?... इतिहासकार कहते हैं कि जब मीरा के लिए जहर का प्याला भेजा गया, तो गिरधर गोपाल ने कहा- भाई साहब, जह...
- यह कल्पना है?... हाँ, ये कल्पना है, सिद्धान्तों की, आदर्शों की। यह आदर्श है। कौन-सा आदर्श? जिसमें हम जवान औरत को जिस भ...
- यह कशिश और चुम्बकत्व कहाँ से आया?... यही कशिश और चुम्बकत्व आपको यहाँ से ले करके जाना है। गुरुजी हवन कराने की विधि को जानते हैं और गुरुज...
- यह कह देंगे, तो क्या हो जाएगा?... आप रात्रि को जब सोया करें और मौत को जब याद किया करें, तो साथ में दो बातें और भी याद कर लिया करें कि ...
- यह कह रहा था कि आदमी के भीतर प्रभाव डालने की क्षमता और कशिश पैदा करने की और लोगों को प्रभावित करने का बल कहाँ से आता है?... जरा बताइये? लोग इसे कहाँ से ग्रहण करते हैं? इस बात को आप जितनी जल्दी समझ जायँ, उतना ही अच्छा है। ल...
- यह कह रहा था कि रामचंद्र जी और श्रीकृष्ण भगवान, दोनों के दोनों इसी यज्ञीय प्रक्रिया को अपनाकर चले?... सीता जी की अग्नि परीक्षा और अग्नि में से पैदा होने की बात मैंने आपसे कह दी। महाभारत में भी द्रौपदी क...
- यह कहता है कि हम इनकी मदद कैसे करें, किस तरीके से हम इनकी मदद करें?... बेटे! आपके प्रारब्ध तो नहीं पलटे जा सकते। यह कहना तो हमारी मूर्खता होगी कि हम आपके प्रारब्धों को पलट...
- यह कहाँ लिखा हुआ है?... किस पुस्तक में है? इसके लिए आप हमारे गुरु श्रीनाथ चाण्डाल के पास जाइये। आपके गुरु कहाँ रहते हैं? ब...
- यह कहाँ से आ गया?... बीज से आ गया। कौन-सा वाला बीज? वही, जो हमने गायत्री तपोभूमि की स्थापना करते समय बोया था। आप यहाँ स...
- यह कहाँ से आए?... इसलिए मन्दिरों में इतनी गुंजाइश रखी जाती थी कि कभी दस-पाँच आदमी बाहर से आ जाएँ, तो उनके भी ठहराने और ...
- यह कहाँ से आए?... इसलिए मन्दिरों में इतनी गुंजाइश रखी जाती थी कि कभी दस-पाँच आदमी बाहर से आ जाएँ, तो उनके भी ठहराने औ...
- यह कहाँ से आता है?... बाहर से नहीं, भीतर से आता है। बाहर से मतलब देवताओं से नहीं आता। आप समझते क्यों नहीं? इसी का नाम अध्य...
- यह कहाँ से आता है?... हवा में से आता है। क्या हवा की जरूरत नहीं है? केवल अन्न की जरूरत है? अन्न ही अन्न बकते चल जाते हैं औ...
- यह कहाँ से आया था?... बेटे! मैं तुझे नहीं बताऊँगा कि कहाँ से आया। कहीं से आया था? लेकिन इनसान का दिया हुआ नहीं था। कहाँ से...
- यह कहाँ से आयेगा?... यह जन साधारण के जीवन में से निकल करके आयेगा। यह एक आदमी का काम नहीं है। यह बिड़ला सेठ का काम नहीं ...
- यह कहाँ से कमाई जा सकती है?... इसके लिए एक हिस्सा बलवान व मजबूत होना चाहिए, शक्तिवान होना चाहिए। यह कौन-सा वाला हिस्सा है? जिसको हम...
- यह कहाँ से प्यारा लगता है?... स्त्री में क्या बात है, बताना जरा? इसमें माँस है, हड्डियाँ हैं, खून है। और क्या है? साहब कुछ भी नह...
- यह कागज किसलिए है?... यह एम० एल० ए० के चुनाव का कागज है। 250 रुपये फीस दाखिल करनी पड़ेगी। मेरे पास फीस कहाँ से आई है? अरे ...
- यह काम कौन शुरू करेगा?... यह काम शुरू करेगा- मुर्गा। मुर्गा कौन? मुर्गा आप और कौन? आप अपने से शुरू कीजिए। गुरुजी! यह कैसे शु...
- यह कि आपको जो बेशकीमती जिन्दगी मिली थी उसे आपने कहाँ खर्च कर डाली?... किन-किन कामों में खर्च कर डाली। आप अभी से इसका जवाब तैयार कीजिए।
जीवन को गवाएँ नहीं, उपय...
- यह कि हमारा मिशन क्या है और आध्यात्मिकता क्या है?... धार्मिकता क्या है? आस्तिकता क्या है? और जिस मिशन को ले करके हम चले हैं, उसका उद्देश्य क्या है? जहा...
- यह कितना खाना खाता है?... हाईकोर्ट ने ऊँट से गवाही में पूछा—आप कितना खाना खाते हैं? ऊँट ने कहा—मैं छ: मन खाना खा जाता हूँ। भगव...
- यह कितना दूध देती है?... छह किलो दूध देती है। सुबह छह किलो और शाम को छह किलो। तो लाइए सब दूध दे दीजिए। लीजिए साहब! दूध ...
- यह कितनी बेहूदा अकल और कितनी फूहड़ अकल है, जो अपनी जिन्दगी का फैसला नहीं कर सकते कि जिन्दगी किस काम के लिए है और मुझे क्या करना चाहिए?... जो लोग हमें मिले हुए थे, उनके साथ हमने ऐसा-ऐसा व्यवहार किया था कि जैसे कि वे हमारे दुश्मन हों। अगर...
- यह कितने पैसे का हो गया?... १-२ पैसे का है। महीने भर में कितने का हो गया? ४ से लेकर आठ आने का चक्कर है। कोई खास बात नहीं है तो म...
- यह कितने पैसे का हो सकता है?... दस पैसे का हो सकता है।
मात्र ढक्कन है काया
मित्रो! मैं इस शरीर की व्याख्या कर रहा ...
- यह किनकी जिम्मेदारी है?... इसको कौन पूरा करेगा? बेटे! आपके साथ हम हैं, हम पूरा करेंगे और आप पूरा करेंगे। आप लोग जो बैठे हैं, जि...
- यह किनके भाग्य में बदा हुआ है?... यह बेटे! वेश्याओं के भाग्य में बदा हुआ है। अय्याशों के भाग्य में बदा है। सेठों के भाग्य में बदा हुआ ...
- यह किनके लिए है?... उन्होंने कहा-यह उन लोगों के लिए है, जिन्होंने सेवाएँ की हैं। उन्होंने कहा कि सेवा करने वाले लोग यहाँ...
- यह किस उद्देश्य से रखा गया है?... इसकी तीन धारायें प्रख्यात हैं। सृष्टि के प्रारम्भ में भगवान् का जो स्वरूप प्रकट हुआ था, उसे हम सत्...
- यह किस काम के लिए छिड़का गया था, यह हमने बताया नहीं था?... हाँ, महाराज जी! पर इस पानी से क्या होगा? एक बालटी पानी से तो मैं रोज ही स्नान कर लेता हूँ और आप तो ज...
- यह किस तरीके से जिन्दा है?... जरा बताइये तो सही। यह यज्ञ के आधार पर जिन्दा है। यज्ञ न हो तो आप जी नहीं सकते, आप मर जायेंगे। कैसे? ह...
- यह किस तरीके से पैदा हुआ?... यह यज्ञ के द्वारा पैदा हुआ, जिसको हम हवनकुण्डों के द्वारा याद कराते हैं कि यज्ञ इंसान का फर्ज है। यज...
- यह किस तरीके से भ्रष्ट है?... यह इस तरीके से भ्रष्ट है कि इसने यह समर्थन किया है कि आपको अनैतिक काम करने का कोई दण्ड नहीं मिल सकता ...
- यह किस वातावरण में बनाया गया है?... इन सब बातों का अगर ध्यान नहीं रखेंगे तो आप जैसा अन्न खाएँगे, वैसा ही मन बनेगा। आपका जैसा अन्न है, उस...
- यह किसका उपासक था?... महाकाल का था। महाकाल कहाँ है? महाकाल का मन्दिर वहाँ उज्जैन में बना हुआ है। रावण का आराध्य वही था। अच्...
- यह किसका कमाल था?... यह अकल का कमाल था। अगर उनके पास अकल नहीं होती तब? तब वे जूता, चप्पल चुरा सकते थे, जेब काट सकते थे ...
- यह किसका खर्च था?... नालन्दा विश्वविद्यालय का था।
मित्रो! मैं आपको और किसकी बताऊँ? तक्षशिला विश्वविद्यालय की बात बताऊँ। ...
- यह किसका चमत्कार था?... बेटे! यह शरीर का चमत्कार है, जिसको हम देवताओं की भूमि कहते हैं, देवताओं का मन्दिर कहते हैं। देवताओं...
- यह किसका तरीका है?... आग का तरीका है। आग सेकंडों में किसी को भी अपने समान बना लेती है। लकड़ी को अपने समान बना लेती है। सड़...
- यह किसका दिया हुआ है?... हमारा दिया हुआ नहीं है, हमारे 'बॉस' का दिया हुआ है। ब्रह्मवर्चस में शोधकर्ता कौन है? शोधकर्ता बे...
- यह किसका फोटो है?... यह अमुक सिने कलाकार का फोटो है। यह आपकी कौन लगती है? बुआ, चाची, मौसी? कौन है ये? नहीं साहब! यह सिन...
- यह किसकी करामात थी?... झोला पुस्तकालय की, चल पुस्तकालय की और वकील साहब की। नहीं साहब! नौकर रखेंगे, कोई मिलता ही नहीं और वह ...
- यह किसकी कहानी है?... आपकी कहानी है। आप कौन हैं? आप तो बेअकल जाट हैं, जो एक पाये की चारपाई लिए फिरते हैं। चारपाई माने माला...
- यह किसकी नसीहत है?... यह हमारे पुरोहित की नसीहत है, यज्ञ भगवान की नसीहत है। यह तीसरी वाली शिक्षा है।
सबको अपने जै...
- यह किसकी हड्डी है?... ये तो साहब कुत्ते की हड्डी है। नहीं साहब! ये मनुष्य की हड्डी है। मनुष्य की हड्डी कैसे हो सकती है? यह...
- यह किसके लिए है और खाली क्यों पड़ा है और इसमें कोई क्यों नहीं आता?... उन्होंने कहा—यह सन्तों के लिए बनाया था, पर सन्त इसमें नहीं आते। हजरत ने पूछा—क्यों? सन्त क्यों नहीं आते...
- यह किसके लिए है?... यह भले आदमियों के लिए है, शरीफों के लिए है, सज्जनों के लिए है। भावनाशीलों के लिए है, शरीफों के ल...
- यह किसने बनाया था?... यह मदालसा ने अपने बच्चों को बनाया।
माँ का कर्तव्य
माँ का कर्तव्य है कि बच्चे को सही दिशा दे ...
- यह किसने मार डाला?... भगवान ने। भगवान को आप गाली देंगे। आप अस्पताल होकर आइए और देखिए कि भगवान कितना दयालु है। वहाँ कितने आ...
- यह किसी काम आ सकती है?... किसी काम नहीं आने वाली। वे चालाक आदमी हैं, इसलिए हमने सन्तों को नमस्कार कर लिया। हमने उनके बहुत चक्...
- यह कीमती है?... नहीं, कीमती नहीं है, कम कीमत का है। अगर आप इसे बेचना चाहें, तब? किराये पर उठाना चाहे तब? तब इसके बहु...
- यह कैसा गंगा स्नान?... ये महात्मा इस गंगाजी में रोज स्नान करते हैं, परन्तु इनका क्रोध समाप्त न हो पाया और न इनका लोभ समाप्त...
- यह कैसा भक्त है?... जरा मैं भी तो उस भक्त को देखूँ, जो भगवान से बड़ा है। भगवान से बड़े वाले भक्त को मैं देखना चाहता हूँ, ज...
- यह कैसा भगवान है?... उन्होंने कहा—हमारी तपस्या बेकार हो गयी। कौशल्या ने कहा—भगवान तो गन्दगी नहीं करते। भगवान तमाम दिन खाना...
- यह कैसा लोहा है?... साहब! यही लोहा है। अरे बाबा! यह कैसा लोहा है, यह तो कुछ और ही है। नहीं बाबा! यही लोहा है मिट्टी मिला...
- यह कैसा होता है?... रुपया लगा दीजिए और खूब पैसा आता है। खूब माल कमाते हैं। फिर क्या करेंगे? हम बिज़नेस करेंगे। दो-तीन वर...
- यह कैसी बुशर्ट है?... साहब! यह मिट्टी की बुशर्ट है। आप इसे किसलिए पहनते हैं? ठंडक न लग जाय, गर्मी न लग जाय। देखिए आप शर्ट ...
- यह कैसी बेअकली है?... पन्द्रह दिन पहले कैसी अच्छी बात कह रहा था, मिठाई खिलाता था, सिनेमा दिखाता था। अब कहता है कि खाना पका...
- यह कैसी मुसीबत है और कैसी कठिनाई है और कैसी दिक्कत है?... सबसे बड़ी कठिनाई, सबसे बड़ी दिक्कत और सबसे बड़ी मुसीबत इस बात की है कि हम अपनी टीमवालों को ही नहीं सम...
- यह कैसी विडम्बना है?... [क्रमशः अगले अंक में समापन ]
परमवन्दनीया माताजी की अमृतवाणी
ज्योति कभी बुझेगी नहीं
( उत्तरार्द्ध...
- यह कैसे आपने सन्देश भेजे?... हमने पहले जन्मों के ऊपर आपके दृष्टि डाली कौन संस्कारवान है, कौन संस्कारवान नहीं है। जिनके अन्दर संस्...
- यह कैसे कर ली?... कैसे भी नहीं कर ली। एकाग्रता और एक दिशा। दूसरी तरफ न हमारा मन चला, न हमारा जी चला, न भटकाव आया। न ...
- यह कैसे मिली?... यह उनके व्यवहार, परिश्रम तथा सात्विक आचार-व्यवहार के कारण मिली और वे प्रगति पथ पर आगे बढ़ सके। उन्हो...
- यह कैसे हुआ?... रावण को इतने तीर किसने मारे? इतने छेद किसने कर दिए? इतने सुराख इसमें कैसे हो गए? किस तरीके से इन स...
- यह कैसे हो सकता है?... बेटे, बताता हूँ। हाँ महाराज जी! वह मंत्र बता दीजिए? कौन से मंत्र बता दूँ तुझे? महाराज जी! ऐसा मंत्...
- यह कैसे हो गया?... गिरधर गोपाल के कारण। गिरधर गोपाल कौन? पत्थर का टुकड़ा। नहीं, मीरा की श्रद्धासिक्त प्रगाढ़ भावना के म...
- यह कैसे हो गया?... बेटे, जादू से। जादू से कैसे हो गया? हमको भी सिखा दीजिए। बेटे, जिस जादू से दुनिया में बड़े-बड़े काम हुए...
- यह कैसे हो गया?... यह किसने मार डाला? भगवान ने। भगवान को आप गाली देंगे। आप अस्पताल होकर आइए और देखिए कि भगवान कितना दया...
- यह कैसे हो गया?... आदमी के भीतर शैतान घुस गया। तो क्या पढ़ाने से यह शैतानी दूर हो जायेगी? नहीं बेटे, पढ़ाने से बढ़ेगी, आज ...
- यह कैसे हो गया?... बेटे, उसने श्रद्धा में से पैदा किया था और मरने के बाद वह उसी के साथ विलीन हो गया। रामकृष्ण परमहं...
- यह कैसे हो गया?... इसलिए हो गया कि उन्होंने माँ का दूध पिया था। जिनको माँ का दूध नहीं मिलता है, वे कमजोर होते हैं। आपको...
- यह कैसे हो सकता है?... (क्रमशः समापन अगले अंक में)
अध्यात्म का मर्म समझने हेतु बालिग बनिए - ४
(समापन किस्त)
...
- यह कैसे हो सकता है?... मुझे विश्वास नहीं हुआ। मैंने देखा कि चक्रवृद्धि ब्याज के हिसाब से दस प्रतिशत जो आजकल ब्याज मिलता है,...
- यह कैसे हो सकता है?... नास्तिकता का यह बहुत बुरा तरीका है और बहुत गन्दा तरीका है, जो आपने अख्तियार कर रखा है। यह नास्तिकता क...
- यह कैसे हो सकता है?... अरे बेटे, यही होगा। यदि पतिव्रत धर्म जियेगा तो पत्नीव्रत धर्म भी जिन्दा रहेगा। अगर एक आदमी दस रखैलें...
- यह कैसे हो सकता है?... यह एक ही तरीके से हो सकता है कि आपके पास अध्यात्म हो। अध्यात्म का अर्थ क्या है? अध्यात्म का अर्थ ह...
- यह कैसे हो सकता है?... बेटे! अब तो आप समर्थ हो गए। अब तो आप दाढ़ी-मूँछ वाले हो गए, बड़े हो गए, तो जिम्मेदारी सँभालिए न हमार...
- यह कैसे होगा?... मेरे गुरु ने दुखियारों की सेवा, समाज की सेवा कम की है, परन्तु उसने सारे विश्व को हिला दिया है। दूस...
- यह कैसे होगा?... शुरुआत आप कीजिए। बेटे, हमें अपने-अपने घरों में से आस्तिकता का विस्तार करने की प्रक्रिया अभी इसी वसन्त...
- यह कैसे होगी?... उसी का तो यह आन्दोलन है। कौन सा? देवदक्षिणा वाला। यह हर आदमी के भीतर से, जो दुष्वृत्तियाँ हैं, उनको क...
- यह कोई तरीका है?... जनश्रद्धा का दुरुपयोग न हो मित्रो! हम अपने ढंग से भगवान् को बेकार आदमी जैसा बनाते हैं। अगर भगवान् सो...
- यह कोई गुरु-चेले के धंधे हैं?... यह भी कोई भगवान की भक्ति है! यह तो केवल मखौल है। दिल्लगीबाजी है और मक्कारी है। आप जिसको भक्ति कहते ह...
- यह कोई चमत्कार है क्या?... नहीं है। अरे साहब! कोई तमाशा दिखाइये, कोई अजूबा दिखाइये। जब आप अजूबा दिखा देंगे, तब हम चमत्कार मानें...
- यह कोई जिन्दगी है?... यह तो नरक है।
आप से कोई क्या शिक्षा पाएँगे? आपको जो कोई देखेगा, वह कहेगा—आ! हा! हा, यही हैं गायत्र...
- यह कोई ठहरने के तरीके हैं?... यह कोई रहने के तरीके हैं? आदमी गुणों के आधार पर विकसित हुआ है। महापुरुषों में से हरेक का इतिहास आप द...
- यह कोई तरीका है?... जनश्रद्धा का दुरुपयोग न हो
मित्रो! हम अपने ढंग से भगवान को बेकार आदमी जैसा बनाते हैं। अगर भग...
- यह कोई रहने के तरीके हैं?... आदमी गुणों के आधार पर विकसित हुआ है। महापुरुषों में से हरेक का इतिहास आप देखिए। जो छोटे-छोटे खानदानो...
- यह कोई सड़क है क्या?... आप खेत में घोड़ा घुमाते हैं, इसका क्या मतलब है? महाराज ने कहा, हमने शिकार मारा था, जो घायल होकर यहाँ...
- यह कौन आ गया?... मनहूस आ गया। मनहूस कैसा होता है? जैसे—पापा। पापा किसे कहते हैं? मनहूस को। पापा जब घर में घुसेगा तो स...
- यह कौन आता है, कौन झाड़ू लगाता है?... अछूत गुरु भक्त ऋषि ने कहा- जो मनुष्य की सेवा करना जानता है, उसका नाम देवता होना चाहिए। उसका नाम भग...
- यह कौन आदमी है?... यह इक्कड़ आदमी है। इक्कड़ आदमी समाज के लिए बड़े नुकसानदायक होते हैं। इक्कड़ बड़े खौफनाक होते हैं। इक...
- यह कौन उलटी कर रहा है?... बेटे, इसके अन्दर मशीन बैठी हुई है, जो ऑटोमेटिक सिस्टम से हमारा सारा काम चलाती है। हम जुलाब की गोली खा...
- यह कौन कर रहा है?... यह कौन-सी शक्ति कर रही है?
बेटे! वही शक्ति करा रही है, जिसका कि गुरुजी ने संकल्प लिया है। जो कदम उ...
- यह कौन करता है?... राजनीति? नहीं साहब राजनीति तो नहीं करती, हमारे बेटे ही बागी और उत्पाती हो गए हैं, कहना ही नहीं मानते...
- यह कौन करता है?... यह आदमी का शरीर करता है। शरीर कीमती है? बेशक शरीर बहुत कीमती है।
मित्रो! स्थूल शरीर के बाद हमारा ए...
- यह कौन करती है?... जीभ करती है।
मित्रो! अब आप क्या कर सकते हैं? आप सेहत की एक तरीके से सहायता कर सकते हैं। देवपर...
- यह कौन करेगा?... संकल्प तो हमारा है। हम पूरा करेंगे? बिलकुल हम पूरा करेंगे और कौन करेगा? यह हाथ पूरा करेंगे, जो बैठे ...
- यह कौन कह रहा है?... यह जीभ कहती रहती है और मेरा हाथ लेख लिखता हुआ चला जाता है। इतना बारीक और इतना अध्ययन से भरा हुआ लेख ...
- यह कौन कहता है?... यज्ञ कहता है। फिर हम यह पूछते हैं कि सवेरे से सैकड़ों आदमी आपको हवन कर रहे थे, कोई मिठाई खिला रहा था...
- यह कौन कहता है?... यह कहते हैं लोग। लोग किसे कहते हैं? घटिया लोगों को ‘लोग’ कहते हैं, कमीने लोगों को ‘लोग’ कहते हैं...
- यह कौन कहता है?... भगवान कहता है। किससे कहता है? उस माँगने वाले से कहता है। माँगने वाले में जद्दोजहद बराबर बनी रहती है ...
- यह कौन कहता है?... भगवान कहता है। किससे कहता है? उस माँगने वाले से कहता है। माँगने वाले में जद्दोजहद बराबर बनी रहती है ...
- यह कौन कहता है?... सन्त लोग कहते हैं। सन्तों का यह फर्ज है, क्योंकि सन्त की सेवा, सन्त की गरिमा तभी जिन्दा रह सकती है, जब वह...
- यह कौन पैदा हो रहा है?... कीड़े पैदा हो रहे हैं, जैसे कि मच्छर पैदा होते हैं, मक्खियाँ पैदा होती हैं।
आदमी की बेअकली ...
- यह कौन बताएगा?... यह बात डॉक्टर अपनी प्रयोगशाला में बताएगा। इसी तरह हम अपनी, प्रयोगशाला में ले जाकर कह सकते हैं कि अभी...
- यह कौन बन गया?... बेटे, यह सन्त बन गया। यह वामन भगवान बन गया, जिसने अपने चरणों से पृथ्वी को नाम लिया। पृथ्वी को नापने...
- यह कौन बन रहा है?... रावण बन रहा है। पागल वहाँ भी इकट्ठे हो जायेंगे। पागलों की बात मैं नहीं कहता, मैं तो समझदार लोगों ...
- यह कौन बोल रहा है?... बेटे, नास्तिक बोल रहा है। नास्तिक में यह हिम्मत नहीं है। आपको डर मालूम पडता है कि भगवान हुआ तब? तब व...
- यह कौन बोलता है?... नास्तिक बोलता है। जब आप भीतर से यह कहते हैं कि हमारा मन भजन में नहीं लगता। भजन से क्या मिलता है? यह ...
- यह कौन भेजता था?... हर्षवर्धन। हर्षवर्धन अरब देशों का राजा था। उसने अपनी सारी दौलत बुद्ध भगवान् को सौंप दी थी।
मित्रो!...
- यह कौन सा तरीका आ गया?... मित्रो! ये ऐसे गंदे तरीके हैं, जिनने अध्यात्म के मूल उद्देश्य का सफाया कर दिया। यह ऐसा गन्दा तरीका है...
- यह कौन सा देवता है?... यज्ञो वै विष्णुः। निश्चयपूर्वक, विश्वासपूर्वक पट्ठा ठोंक करके, छाती ठोंक करके हम कह सकते हैं कि यज्ञ...
- यह कौन सा भूत है?... वह भूत बेटे, तेरी जीभ है। तेरी जीभ काबू में आ गयी, तो फिर समझना की तेरा मन साफ हो गया। जीभ काबू में ...
- यह कौन सा मौका है?... युग बदल रहा है और आपके लिए युग बदलने की भूमिका दिखाने का मौका है। आप दोबारा मौका देंगे? बेटे! यह दोब...
- यह कौन सा है?... यह शरीर के बाहर का है। इसका शरीर से कोई ताल्लुक नहीं है, मिठाई से कोई ताल्लुक नहीं है। इसका सिनेमा द...
- यह कौन सी आफत आ गयी?... बेटे, यह आफत तो आनी ही थी। जब तक वह दूर थी, तब तक वह बड़ी सुहावनी थी और बड़ी अच्छी मालूम पड़ती थी और आक...
- यह कौन सी दवाई दे दी?... भाई साहब! कुछ नहीं है। यह दूसरी कम्पनी की उसी फार्म्यूले की बनी हुई दवा है। किसी ने यह नाम धर लिया, ...
- यह कौन सी पुस्तक थी?... बेटे, यह सबसे पहली पुस्तक थी, जो मैंने छापी थी। छापने के तीन महीने बाद उसका छापना बन्द हो गया। क्या...
- यह कौन सी बीमारी है?... यह बड़ी सड़ी हुई बीमारी है, बड़ी वाहियात और बड़ी गन्दी बीमारी है। हर आदमी इस बात के लिए व्याकुल हो रहा ...
- यह कौन सी मुसीबत आ गयी?... अजी! जरा देखिये तो सही अगले वर्ष इतने बच्चे पैदा करना शुरू करती हूँ, तब आपको दाल, आटे का भाव मालूम प...
- यह कौन सुनता है?... कान सुनते हैं। कानों में भी एक जायका होता है और आँखों में भी एक जायका होता है। आँख और कान का जायका...
- यह कौन से भगत हैं?... यह भगत हैं आप, शंकर भगवान की हजामत बनाने वाले, जालसाज। भक्ति का मखौल न बने मित्रो! क्या करना चाहिए...
- यह कौन है आपकी?... आप इसे प्यार नहीं दे सकते? अरे इस प्रकार की मशीनें, विदेशों में रबर की औरतें मिलती हैं। आप उसी को खर...
- यह कौन है जो हमारे भीतर बैठा हुआ है?... हमारे भीतर यह एक पिशाच बैठा हुआ है और एक पशु बैठा हुआ है। इन पशु और पिशाच में से पशु अनैतिक नहीं होत...
- यह कौन है?... क्या बेटे ऐसे ही होते हैं? नहीं, ऐसे नहीं होते बेटे। श्रवणकुमार के तरीके से बेटे होते हैं और राहुल क...
- यह कौन है?... मनहूस है, राक्षस है जो हँसना-हँसाना नहीं जानता।
मित्रो! अगर आपके भीतर कदाचित् अध्यात्म आ गया ...
- यह कौन है?... आदमी है या भूत-पलीत? मित्रो! आदमी क्या होता चला जाता है? आदमी भूत-पलीत होता चला जाता है। आदमी को जान...
- यह कौन है?... यह वह बुढ़िया है, जो चाहती है कि मेरे पोते की शादी मेरे सामने हो। साहब! मेरे पोते की शादी जल्दी करा द...
- यह कौन है?... यह हमारी बहन है। हमारी बहन अट्ठाइस साल की है। अच्छा यह हमारी माँ है, जो आपसे बड़ी है।
मित्रो! मैं...
- यह कौन है?... यह हिम्मतवाला है—डकैत। आप अपने घर की रखवाली नहीं कर सकते और डकैत आपके घर पर दनदनाता हुआ चढ़ जाता है ...
- यह कौन है?... यह गुरु और वह चेला तो—'पानी पीजे छान के, गुरु कीजे जान के।'
जो उदाहरण पेश किए हैं, वह जो मुझे जिन...
- यह कौन-सा अध्यात्म है?... यह कोई अध्यात्म नहीं है। अध्यात्म वह होता है, जिससे व्यक्ति को प्रेरणा मिलती है। उस प्रेरणा को पाकर ...
- यह कौन-सा कार्य है?... यही साधना है॥
आराधना—समाज सेवा है। ये तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। बेटा, अब हमको उपासना तो नि...
- यह कौन-सा तप है?... तप वह है, जो कि व्यक्ति को बनना सिखाता है। अँगुलिमाल गए थे भगवान बुद्ध के पास। किसके लिए गए थे? लूट-...
- यह कौन-सा भगवान है?... बेटे ! मैं इसी के बारे में कह रहा था। परमात्मा इसी का नाम है और हमारे व्यक्तिगत जीवन में कोई लाभ-हान...
- यह कौन-सा महीना है?... जनवरी। अगले महीने फरवरी में दस-दस रुपये के हिसाब से एक लाख आदमियों के दस लाख रुपये जमा हो जाएँगे। आप...
- यह कौन-सा रिश्ता है?... बेटे! यह हमारे खून के रिश्ते नहीं हैं। आप हमारे कोई भाई-भतीजे नहीं होते। हमारे रक्त के रिश्ते भी ...
- यह कौन-सा वाला हिस्सा है?... जिसको हम बुद्धि कहते हैं, विवेक कहते हैं, अकल नहीं। अकल का सम्बन्ध शरीर और संसार से है। आपने बी०ए० क...
- यह कौन-सी उपासना है?... यह कौन-सा तप है?
तप वह है, जो कि व्यक्ति को बनना सिखाता है। अँगुलिमाल गए थे भगवान बुद्ध के पास। क...
- यह कौन-सी कथा है?... यह पुराणों की कथा है। आपको पुराणों की कथा पर विश्वास है कि नहीं? चलिए मुसलिम धर्म की एक कथा और बता द...
- यह कौन-सी ताकत थी?... यह वह ताकत थी, जिसका मैं अभी आपसे जिक्र कर रहा हूँ। वह है—आदमी के भीतर वाला हिस्सा। आप चाहें तो उसको...
- यह कौन-सी शक्ति कर रही है?... बेटे! वही शक्ति करा रही है, जिसका कि गुरुजी ने संकल्प लिया है। जो कदम उठाया, वह हर पल प्रेरणा देती र...
- यह कौन-सी श्रद्धा है?... यह कौन-सा अध्यात्म है? यह कोई अध्यात्म नहीं है। अध्यात्म वह होता है, जिससे व्यक्ति को प्रेरणा मिलती ...
- यह क्या है?... ‘शार्ट साइट’ की बीमारी है। बेटे, हमारे समाज में लोगों को ऐसी ही बीमारी है। क्या बीमारी है? हमको आज...
- यह क्या है?... अनाज का पिसान—आटा।इस तरह ये तीन चीजें हैं, चौथी कोई चीज नहीं है। तीन चीजों के द्वारा हलवाई की कला,...
- यह क्या कमाल दिखाएगा?... दिखाइए।
बस, जिस तरह से मौत के कुएँ में मोटर साइकिल, चलती चली जाती है, ऐसे ही वह भागता हुआ चला गय...
- यह क्या कर रही है?... भगवान को फल खिलाती है या छिलके खिलाती है? भगवान ने कहा- विदुर जी! आप हमारे और अपनी धर्मपत्नी के बी...
- यह क्या कर रही हैं?... बिगाड़ेंगी क्या? बच्चे के लिए, तो आखिर माँ ही ऐसी दयालु है, जो कि जो दोष-दुर्गुण होते हैं, उन्हें भी...
- यह क्या कर रहे हैं आप?... लाठी से गाय का दूध पी रहे हैं। नहीं साहब! लाठी से छूकर दूध नहीं पिया जा सकता। तो कैसे पिया जा सकता ह...
- यह क्या कर रहे हैं आप?... बेटे! हम हाथ माँज रहे हैं, रगड़ रहे हैं। बरतन को बार-बार माँजते हैं। जप मानें रिपीट करना। फिर बार-बा...
- यह क्या कर रहे हैं साहब?... बेटे! हम रेचक प्राणायाम कर रहे हैं और यह दूसरा? पूरक प्राणायाम कर रहे हैं। यह क्या है? साँस खींचने क...
- यह क्या कर रहे हैं?... बेटे! गरम कर रहे हैं। गुरुजी! गरम मत कीजिए, ठंढे में ही मिला दीजिए। नहीं बेटे! ठंढे में नहीं मिल सकत...
- यह क्या कर रहे हो?... अरे अभागो! यह क्या कर रहे हो? आध्यात्मिकता के सिद्धान्तों का सत्यानाश कर रहे हो। कर्मकाण्ड कराने के प...
- यह क्या करती है?... समुद्र में बालू- मिट्टी डालती है। भगवान ने पूछा- अरी गिलहरी तू तो बहुत कमजोर है। तेरी हैसियत क्या ...
- यह क्या करती है?... उन्होंने कहा कि यह अपने बालों में मिट्टी भरकर ले जाती है और समुद्र में पटक देती है। क्यों? इसलिए क...
- यह क्या कह रहा है?... साहब! यह कह रहा हूँ कि क्रिया कीजिए और चमत्कार पैदा कीजिए। क्रिया से चमत्कार कैसे पैदा होगा? नहीं, स...
- यह क्या कह रहे हैं?... बेटे! हकीम जी नब्ज देखते हैं। नब्ज में क्या देखते हैं? यह देखते हैं कि दिल में धड़कन कितनी है। धड़कन...
- यह क्या कहलाता है?... तप। हमारी जो पुरानी अभ्यस्त आदतें हैं, उन आदतों के विरुद्ध लोहा लेना, लड़ाई करना, उन्हें इनकार करना—...
- यह क्या कहलाती है?... यह कहलाती है—तपस्या। तपने का नाम है तपस्या मित्रो! हकीम लोग भस्में बनाते हैं हकीम जी! क्या बना...
- यह क्या कहलायेगा?... यह कहलायेगा- टिप। तो आप हनुमान जी को क्या देना चाहते हैं? टिप। टिप में क्या देंगे? लड्डू। चल, धूर्...
- यह क्या कहलायेगा?... यह वह कहलायेगा जिसको हम धर्म कहते हैं। हर जगह-जहाँ कहीं भी आप जायें, जहाँ कहीं भी आपको आधा घण्टा बो...
- यह क्या किया आपने?... बेटे, भगवान ऐसा नहीं कर सकता। आदमी इसका उत्तरदायी स्वयं है। अपने आपको पुरष्कृत करने की विधा का नाम...
- यह क्या किया?... भाई साहब! यह आग का संस्कार है। आग के संस्कार से हर चीज की सफाई होती है।
[क्रमश:]
व्यक्तित्...
- यह क्या खिला रही है—जहर?... नहीं, जहर नहीं खिला रही थी, मैं तो चारों धाम की यात्रा का फल खिला रही थी। चारों धाम की यात्रा का फल ...
- यह क्या गजब हो रहा है?... मनोकामनाएँ पूरी की जा रही हैं। हमारे बच्चों की कैसी तबाही आने वाली है? हे भगवन् ! अब क्या होने वाला ...
- यह क्या चक्कर है महाराज जी?... बेटे, चक्कर यह है कि मन को सीमाबद्ध करने के लिए उसे इतने बड़े दायरे में घुमाना पड़ेगा। कभी कमल को दे...
- यह क्या चक्कर है?... ये सब क्या गड़बड़ हो गया है? अर्जुन बेचारा तो कह रहा था कि हम तो चाय की कैन्टीन चलाएँगे और गुजारा कर...
- यह क्या चक्कर है?... बेटे! संस्कृत में उड़द के लिए 'माष' शब्द आता है। 'माष' में 'मा' पूरा है और 'ष' में पेट चीरा हुआ है। ...
- यह क्या चीज है?... त्याग और बलिदान है। इसको हम भूल नहीं सकते। क्यों विश्वामित्र ने हरिश्चंद्र को ही दोस्त बनाया? इससे क...
- यह क्या चीज है?... यह बेटे! शिक्षा है, दिशा है, धारा है और एक फिलॉसफी है जिन्दगी की।
शिक्षण एवं दिशाधारा
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- यह क्या चीज है?... बेटे! यह हमारी अन्तरात्मा का, अन्त:करण का गुण है। आपका अन्त:करण अगर विकसित हो जाए तो आपमें से हर आदमी उ...
- यह क्या चीज है?... यह यज्ञीय परम्परा की बात है। यह लाइलाज बीमारियों के भी काम आ सकती है। पहले भी आती थी और फिर से आगे भी...
- यह क्या चीज है?... यह चरण नम्बर एक है ज्ञान का और चरण नम्बर-दो? आपके भीतर से जब ज्ञान की धारा उदय होगी, तो दो चीजें आ...
- यह क्या चीज है?... बेटे, यही है वह मूल बात, जिसे गहराई से तीसरी आँख से देखा जा सकता है। हमारी इस आँख में माइक्रोस्कोप...
- यह क्या चीज है?... कुछ नहीं, शक्तियों के अपव्यय को रोक देना है। "योगः चित्तवृत्तिनिरोधः।" अर्थात चित्तवृत्तियों को रोक ...
- यह क्या चीज है?... यह एक ऐसा सिस्टम, ऐसी व्यवस्था है, जिसके अन्दर जड़ और चेतन सब जुड़े हैं।
यह कौन है? यह सारी-क...
- यह क्या चीज होती है?... यह एकाग्रता की शक्ति है, जो हिप्नोटिज्म के नाम से, आँखों के प्रभाव के नाम से, प्रतिभा के नाम से जिस ...
- यह क्या तरीका है?... यह ऐसा तरीका है, जिसको हम सहकारिता का तरीका कह सकते हैं और आध्यात्मिक उन्नति के क्षेत्र में शॉर्टकट ...
- यह क्या था?... यह वनवासकाल था। और अब क्या हो गया? अब बेटे! संस्कृति की सीता रावण के मुँह में चली गई, जहाँ बेचारी की...
- यह क्या था?... हमने अपने आपको नाले के तरीके से मिला दिया है। किसमें? गंगा में। कौन सी गंगा? भगवान में। हमारे पा...
- यह क्या था?... बेटे! यह तप की शक्ति थी। दधीचि की? दधीचि की नहीं, तप करने से उनकी अस्थियाँ शक्तिशाली हो गई थीं।
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- यह क्या था?... उन्होंने ऐसे संस्कार बना रखे थे कि हमारा जीवन ईमानदारी का है, इसको देखिए और जो बेईमानी का जीवन है, उ...
- यह क्या धंधा खोल लिया है?... अरे यार, यह भगवान का धंधा है, तू भी खोल, फिर देख। जरा यह पुस्तक पढ़ तो सही, तब पता चलेगा, क्या है? इ...
- यह क्या निकालकर लाए?... काला बिच्छू। अरे महाराज जी! यह तो काट खाएगा। हाँ बेटे! तभी तो तेरी कुण्डलिनी जगेगी। अरे साहब! मर गया-...
- यह क्या पहन रहे हैं?... साहब! यह स्वेटर पहन रहे हैं। स्वेटर मिट्टी का भी हो सकता है? नहीं, साहब! स्वेटर तो ऊन का होता है, ऊन...
- यह क्या बन गया?... इसमें इतना दूध और इतनी चीनी मिला करके क्या बना दिया? पेड़ा बना दिया। चाहे पेड़ा हो, चाहे जलेबी हो, स...
- यह क्या बना दिया?... साँप बना दिया। उसके हाथ? हाथ की जरूरत नहीं है। पैर? पैर की जरूरत नहीं है। कान? कान की जरूरत नहीं है।...
- यह क्या बना रहे हैं?... सीप की भस्म बना रहे हैं। प्रवाल की भस्म बना रहे हैं, वंग की भस्म बना रहे हैं। आप लोहे को क्यों जला र...
- यह क्या बनाकर रखा है?... चड्ढी और कुरता। यह क्या बनाकर रखा है? उसके मुँह से लार निकलेगी तो गले में बाँधने का। तो बच्चा कहाँ ह...
- यह क्या बात थी?... यह थी कीर्ति, जो व्यक्तित्व की चमक से पैदा होती है। यह धर्म-प्रचारकों का व्यक्तित्व ही है, जिन्होंने...
- यह क्या बात हुई?... उपासना हुई, नजदीक बैठना हुआ। नजदीक बैठना, यानी चिपक जाना अर्थात् समर्पण कर देना। चिपकने की यह विद्...
- यह क्या बात है, इतनी भीड़ क्यों जमा है?... शंकर जी ने कहा—आज सोमवती अमावस्या है। इस सोमवती अमावस्या के स्नान से क्या फायदा है? शंकर जी बोले—जो ...
- यह क्या बात है, ऐसे क्यों भागते चले आते हैं?... बेटे! उनको वास्तव में कुछ मिलता है, इसमें दो राय नहीं हैं। हाँ, जिसका भाग्य बिलकुल ही ठप्प हो जाए या...
- यह क्या बात है?... कैसे चल सकते हैं? सवारी से? नहीं, सवारी नहीं है। उनके पास बन्धन नहीं है, हमारे पास बन्धन है। देवताओं क...
- यह क्या बात है?... क्या वे कौम के माली हैं? इनके यहाँ फूलों की खेती होती है? जहाँ कहीं भी शादी होती है, अच्छा काम होता ...
- यह क्या बात है?... बेटे, इस सम्बन्ध में आप अपना दिमाग साफ कीजिए। अगर आप अपना दिमाग साफ नहीं करेंगे, तो गायत्री मंत्र का...
- यह क्या बात है?... यह गरीबी है, जिसमें आदमी कमाता तो है, पर स्वयं खाने का जायका लेने की अपेक्षा खिलाने के जायके को ...
- यह क्या बात है?... अकल है और क्या है। आप सुनते तो हैं नहीं। अकल है नहीं। नहीं साहब! हमें अकल से कोई वास्ता नहीं है। ...
- यह क्या बात है?... यह है—ताकत की कीमत, ज्ञान की कीमत। बेटे, तू समझता नहीं है। आजकल एक मजदूर को 4 रुपये, एक को 7 रुपये द...
- यह क्या बात है?... बेटे, यह आपका दण्ड है कि आपने शरीर के साथ में जो सलूक करना चाहिए था, इसकी शक्तियों को जिस हिसाब से, ज...
- यह क्या बात हो गई?... क्या ऋषियों ने झूठ बोला? नहीं बेटे! ऋषियों ने झूठ नहीं बोला। प्राचीनकाल में जो वर्षा होती थी, उसके स...
- यह क्या मामला है?... 'अहं' है, जिसके मारे तना जा रहा है, ऐंठा जा रहा है, मरा जा रहा है, सड़ा ही जा रहा है, घुला ही जा रहा...
- यह क्या मामला है?... शक्कर खाते-खाते महादेव जी के दाँतों में कैविटी हुई कि नहीं? दाँत खराब हुए कि नहीं हुए? ज्यादा शक्कर ...
- यह क्या लिए हुए है?... यह भावना, आदर्श, उत्कृष्टता, पवित्रता, प्रखरता आदि लिए हुए है। गायत्री माता में क्या है? आदर्श है।...
- यह क्या ले आए?... बेटे यह बैटरी है और यह क्या है? यह है—बिजली का करेंट। इसका क्या करेंगे? तेरे शरीर में करेंट छुआएँगे।...
- यह क्या वबाल है?... वहाँ की फिजिक्स अलग है और पृथ्वी की फिजिक्स अलग है। आप तो भगवान के बात बताइए? कैसे बताऊँ भगवान की बा...
- यह क्या शिक्षा देता है?... छह नसीहतें देता है, जिन्हें यदि आप जीवन में उतार लें तो आपका बेड़ा पार हो सकता है। ये नसीहतें क्या ह...
- यह क्या हुआ?... यह पीपल का पेड़ हो गया, जिसकी बाबत गीताकार ने कहा है—ऊर्ध्वमूलमधः शाखमश्वत्थं--- ॥ गीता-१५/१ अर्थात ...
- यह क्या हुआ?... यह अनर्थ कहलाया। पैसे को आपने ऐसे गलत कामों में खरच किया। मसलन—आपने शराब पी, किसी को नीचा दिखाने में...
- यह क्या हुआ?... अनाज की विकृति हो गयी। आखिर भगवान है क्या? मित्रो! यह भक्ति नहीं है, जिसको लोगों ने भक्ति बना रखा है...
- यह क्या हुआ?... कर्मयोग। काम करने में और कर्मयोग में यही फर्क होता है जो काम केवल शरीर से किया जाता है, थकान समझ...
- यह क्या हुआ?... यह हमारी मालदारी है। पहले शिक्षा कहाँ थी? किताब वालों से पूछिये, वे बतायेंगे। पहले किताब वाले कहाँ थ...
- यह क्या हुआ?... मिर्च तो यहाँ थी, फिर सबको खाँसी क्यों आ गयी? क्योंकि मिर्च वायुमण्डल में फैल गयी। मिर्च जली नहीं। फि...
- यह क्या हुआ?... अरे साहब! २००० रुपया खर्च हो गया। लैला को उसका बाप २५ रुपया महीने जेब खर्च दिया करता था। १०-१५ रुपय...
- यह क्या हुआ?... हम तो कुछ ऐसी बात सुनना चाहते थे जैसे कि स्वर्ग की बात, कुछ कहानियाँ, कुछ किस्से आदि। बेटे! कहानी-कि...
- यह क्या हुआ?... यह हुई वेश्यावृत्ति। ये वेश्यावृत्ति होती है कि यहाँ से भी कुछ मिल जाए, वहाँ से भी कुछ मिल जाए, इससे...
- यह क्या है?... यह है हमारा प्यार, मोहब्बत, जो हमने उन्हें दी है तथा उनसे हमने पायी है। गाँधी जी ने भी दिया था ए...
- यह क्या है?... यह बहुत छोटा-सा तरीका है। इससे कोई संस्कृति नष्ट नहीं हो सकती, परम्पराएँ नष्ट नहीं हो सकतीं। व्यक्ति ...
- यह क्या है?... पागलपन है, अज्ञानता है।
देवताओं के वरदान—सत्प्रवृत्तियाँ
मित्रो! देवता दैवी शक्तियों स...
- यह क्या है?... यह एक टेक्निक है। मूर्तिकला छेनी-हथौड़े की सहायता से विकसित तो की जाती है, पर इसके पीछे अभ्यास होता ...
- यह क्या है?... एकाग्रता की शक्ति है। जब यही शक्ति बाहरी जीवन में प्रयुक्त होती है तो टेलीस्कोप की तरह से देखने में ...
- यह क्या है?... यज्ञ की परम्परा। परम्परा को हम जिन्दा रखना चाहते हैं। यज्ञ को हम इसके लिए नहीं छोड़ना चाहते कि शाखा चंद...
- यह क्या है?... यह योगी का तरीका है। योगी माँगते नहीं हैं। योग में माँगने की गुंजाइश नहीं है, देने की गुंजाइश है। अत...
- यह क्या है?... यह आपका स्वार्थ है अर्थात आपकी सच्ची स्वार्थ सिद्धि इसी में है। आपका प्रमोशन इसी में है। आपकी पदोन्न...
- यह क्या है?... यह हमारे देखने का एक तरीका है, सोचने का एक ढंग है। यह हमारी एक दृष्टि है, जिसको हम स्वर्ग कहते हैं। ...
- यह क्या है?... बेटे! यह दूसरी वाली शिक्षा है। यह है कि जो आग है, यज्ञाग्नि है, जिसकी हम पूजा करते हैं, फायर वर्शिप ...
- यह क्या है?... समय को व्यर्थ गँवा रहे हैं। पैसे को व्यर्थ गँवा रहे हैं, जिससे किसी को न कोई नुकसान हो रहा है, न फाय...
- यह क्या है?... ये हड्डियाँ हैं। अरे राम-राम! हड्डी से गायत्री मंत्र? अरे बेटे! यह तो रुद्राक्ष से जपा जाता है, हड्ड...
- यह क्या है?... ‘ॐ भूर्भुवः स्वः’ की शिक्षा, जिसे मैंने आपसे निवेदन किया। इसी का नाम है—आस्तिकता।
आध्यात्म...
- यह क्या है?... यह है मनोमय कोश की साधना, एकाग्रता की साधना। यह मनोमय कोश देवता है।...
- यह क्या है?... शंकर है, शिव है। और शालिग्राम क्या हैं? शालिग्राम भी वही हैं। शालिग्राम की मान्यता अगर हमारे जीवन ...
- यह क्या है?... हमारे तीन हिस्से हैं और हमारे यह हिस्से बेहतरीन किस्म के होने चाहिए। उनमें से एक हिस्सा हमारा स्थू...
- यह क्या है?... यह सम्पदा कहाँ से आती है? यह सम्पदा मनुष्य के शरीर में भरी पड़ी है और भीतर दबी पड़ी है। यदि हम आदमी ...
- यह क्या है?... यह लोभ और मोह है, जो मैंने अपने छोटे से खानदान में से खींचा और छोटे से खानदान में से निकाला। मेरा ...
- यह क्या है?... आदमी का ‘अहम्’ है। ‘अहम्’ जितना ज्यादा सीमाबद्ध होता है और बढ़ा-चढ़ा होता है, आदमी उतना ही अधिक स्वा...
- यह क्या है?... यह वह बात है जिसको आप चमत्कार कहते हैं। यह भौतिक जीवन का चमत्कार है। आध्यात्मिकता के चमत्कारों की तो...
- यह क्या है?... एक सेकेण्ड का चमत्कार है। बदल डालें अपनी महत्त्वाकांक्षाएँ मित्रो! हमारी भौतिक महत्त्वाकांक्षाओं का ...
- यह क्या है?... यह वह चीज है जो यज्ञ के ऊपर टिकी हुई है। रामायण यज्ञ की व्याख्या में लिखी गयी है। रामचन्द्र जी कहाँ ...
- यह क्या है?... कुटुम्ब, इसमें आप बहुत बड़े-बड़े काम कर सकते हैं। आप अपने आपको लोक व्यवहार के बारे में जानकार बना सकते...
- यह क्या है?... यह सब उसके स्वभाव के हिस्से बन जाते हैं।
मित्रो! यह सब आपके स्वभाव के हिस्से ऐसे बनने चाहिए...
- यह क्या है?... यह बेटे, वाणी का तप है। वाणी का तप खाने में संयम बरतने को ही नहीं कहते, कम बोलने को ही नहीं कहते, वर...
- यह क्या है?... खाली अलंकार है। दैत्य का तरीका क्या होना चाहिए? चेहरा कलंक की कालिमा से पुता हुआ। जिन्होंने जिन्दगी भ...
- यह क्या है?... बेटे! यह भी आदमी का एक योगाभ्यास है और यह भी तपश्चर्या है। सहृदयता का होना, हृदयवान का होना।...
- यह क्या है?... यह हमारी कब्र है। कब्र किसे कहते हैं? कब्र बेटे, गड्ढे को कहते हैं, जिसमें आदमी को दफन किया जाता है।...
- यह क्या है?... यह हाथों की हेरा-फेरी है, वस्तुओं की उलटा-पलटी है। पैसों की उलटा-पलटी है। इस हेरा-फेरी का नाम लोगों ...
- यह क्या है?... संकल्प है। मित्रो! यह योग का संकल्प है। जोड़ देने का संकल्प है। बबूले ने संकल्प किया कि अब हम अपना छ...
- यह क्या है?... लकवा है। एक और भी लकवा होता है बेटे! जो दिखाई नहीं देता। उसका नाम है—आलस्य।
आलस्य अर्थात मानसिक शि...
- यह क्या है?... यह सभ्यता है। सभ्यता—जिसमें एक व्यक्ति को चरित्रनिष्ठ और समाजनिष्ठ होना चाहिए। श्रेष्ठ और शालीन होना...
- यह क्या है?... यह प्रायश्चित है।
मित्रो! पुण्य का संपादन यह है कि दुनिया में आपने जितनी भी गड़बड़ फैलाई है,...
- यह क्या है?... यह सिर्फ एक घण्टे अध्ययन का चमत्कार है और इसके साथ में जुड़ा हुआ मनोयोग, इसके साथ में दिलचस्पी, इसके ...
- यह क्या है?... संकल्प की शक्ति है। मन में जो संकल्प आया, जो प्रेरणा उनके मन में आई, बस, वो कर गुजरे। फिर उन्होंने क...
- यह क्या है?... यह सुधार की आँखें हैं, सँभालने की आँखें हैं। पढ़ाने की आँखें हैं और शिक्षण की आँखें हैं, संस्कार देन...
- यह क्या है?... बेटे ! जरा बताना?
यह उस व्यथा का, श्रद्धा का, करुणा का और सम्वेदना का बीज है, जो आपको यहाँ तक ले ...
- यह क्या है?... यह अन्दर की सम्वेदना है और भावनाएँ हैं। सेवा की भावना है। गुरुजी ने भी यही किया था। एक हरिजन महिला थ...
- यह क्या है?... जिसके कारण आप दुनिया के सारे आनन्द ले रहे हैं? चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ राजकुमार की तर...
- यह क्या हैं?... यह अवतार की प्रक्रिया है। देवदक्षिणा के माध्यम से अवतार की प्रक्रिया एवं आस्था का सम्वर्द्धन तथा अनाच...
- यह क्या हो रहा है?... वेल्डिंग हो रही है। वेल्डिंग में लोहा गरम हो करके आपस मे इतना चिपक जाता है कि उसे हाथ से अलग नहीं ...
- यह क्या हो गया है?... हमारे दिमाग में यह बुखार के रूप में आता है। इस बुखार की कोई दवाई है क्या आपके पास? शारीरिक बुखार की ...
- यह क्या हो गया?... यह है हमारा ‘बोया एवं काटा’ का सिद्धान्त। यह है हमारी आराधना-समाज के लिए, भगवान् के लिए।मित्रो, हम...
- यह क्या हो गया?... बेटे, सड़न पैदा हो गई।
अध्यात्म का विस्तार करने की दृष्टि से छोटा-सा आश्रम, मन्दिर जिसके उद्घा...
- यह क्या हो गया?... यह गायत्री उपासना है, जिसके आधार पर हम जवान औरतों को, दूसरी स्त्रियों को यह समझकर चलते हैं कि यह हमा...
- यह क्या हो गया?... पाँच सी०सी० दूध इतना होता है—एक-दो चम्मच के बराबर। पता चला कि दो चम्मच दूध आपके पेट में सूक्ष्म रूप ...
- यह क्या हो गया?... शब्दों का गुच्छा हो गया। यह जरूरी नहीं कि संस्कृत में ही शब्द बोले जाएँ, मंत्र बोले जाएँ। अन्य देशों...
- यह क्या हो गया?... इनकी मौत हो गयी। कैसे? राजा हरिश्चन्द्र ड्रामा चल रहा था, तभी उनके बेटे की मौत हो गयी। सब रोने लगे औ...
- यह क्या हो गया?... हमारा अध्यात्म नास्तिकवादी हो गया, जिस पर हम और आप विश्वास करने लगे। यह नास्तिकवादी अध्यात्म है, जिस...
- यह क्या हो गया?... जब संस्कृति की सीता चली गई और वापस नहीं आई तो हरेक को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। किसके लिए? बेटा नील...
- यह क्या हो गया?... ज्ञान हो गया। ज्ञानयोग क्या है? ज्ञानयोग यह है कि हम पूर्णता को कैसे प्राप्त कर सकते हैं। कषाय क...
- यह क्या हो गया?... यह हो गया शंकर जी के सिर पर स्थित चन्द्रमा और गंगा की प्रेरणा और शिक्षा। तीसरा नेत्र अच्छा साहब! अ...
- यह क्या हो गया?... हमने अपनापन समेट लिया। जायका खत्म हो गया। यह हमारापन था-अपनापन था, जिसको हम भावनाएँ कहते हैं, संव...
- यह क्या हो गया?... यह आ गयी बाढ़ और आ गया भूकंप, जिससे सब मटियामेट हो गया। अब ईश्वर नाम की कोई चीज नहीं बची। ईश्वर स्त...
- यह क्या हो गया?... हमने जो रामकथा लिखी थी, उस वक्त इसका तो हमें ख्वाब भी न था और हमने सपने में भी न सोचा था और देखा थ...
- यह क्या हो गया?... जादू हो गया। हम आपको एक और जादू बता सकते है। हाँ साहब! बताइये? अच्छा, देख! पच्चीस पैसे का एक हनु...
- यह क्या हो गया?... पहले वही हमारा जमाई था, लेकिन अब हमने उसे पराया मान लिया। पराया मान लेने से अपने सारे सम्बन्धी पराये...
- यह क्या हो गया?... दिमागी बीमारी है। दिमागी बीमारियाँ इस कदर फैली पड़ी हैं कि मैं आपसे क्या कहूँ?मित्रो! आदमी एक तरह से ...
- यह क्या हो गया?... मैंने तो इसलिए किताब छापी थी, ताकि लोग उसकी वास्तविक फिलॉसफी समझ सकें। लेकिन यह क्या? सब उल्टा हो गय...
- यह क्या हो गया?... राम और भरत की कथा हम पढ़ते हैं, सुनते हैं। राम और भरत का चित्रकूट में मिलन हम पढ़ते हैं। छाती-से मिल...
- यह क्या हो गया?... राम और भरत की कथा हम पढ़ते हैं, सुनते हैं। राम और भरत का चित्रकूट में मिलन हम पढ़ते हैं। छाती-से मिल...
- यह क्या हो गया?... तो भगवान बोले—अरे बेटा! तू भी वरदान माँग ले। तू क्यों परेशान हो रहा है? तू क्यों दुःखी होता है? तेरा...
- यह क्या हो रहा है?... उन्होंने विचार किया कि मेरा भक्त पाप के इस पंक में डूबेगा तो हजार जन्म में भी मुझ तक नहीं पहुँच सकेग...
- यह क्या हो रहा है?... अरे महाराज जी! देखिए तो सही, चेला किसे कहते हैं? हाँ बेटे! दिखा, क्या दिखाएगा? बस, सावन भर शंकर भगवा...
- यह क्या हो रहा है?... बेटे! शक्तिपात हो रहा है। इसी को तू शक्तिपात कह रहा था ना? अरे बेवकूफ! शक्तिपात जीवात्मा में होता है...
- यह क्या हो रहा है?... क्या हो रहा है—अरे ! हमारे पास जो धरोहर थी, शक्ति थी, वह सब कुछ दे करके हम जा रहे हैं। हमारे पास जो ...
- यह क्या हो रहा है?... यह मैं योग की व्याख्या कर रहा हूँ। आप जिस उद्देश्य के लिए, जिस उद्देश्य को पूरा करने के लिए यहाँ आए ...
- यह क्या होने जा रहा है?... यह संयुक्त प्रणाली का सत्यानाश होने जा रहा है। आज सामाजिक सहयोग-सहकार का वातावरण समाप्त होता जा रह...
- यह क्यों करता रहा?... मौत तो होनी ही है। उसको जब मौत याद आई, तो वह बार-बार यही बोला, मरते वक्त मेरे दोनों हाथ ताबूत से बाह...
- यह क्यों किया करते हैं, आपने पिताजी से पूछा कि नहीं?... गुरुजी ! हमने तो नहीं पूछा। उन्होंने कह दिया, सो हमने कर दिया। नहीं बेटे, सवाल पूछो कि यह क्या बात ह...
- यह क्यों नहीं करते हैं आप?... आपकी सन्तान नहीं है तो क्या हुआ, भाई के तो हैं। उनका पालन आप क्यों नहीं करते हैं? आपका वंश डूबता है, ...
- यह खुदगर्जी कैसे आई?... एक सती का उदाहरण देती हूँ। सती का कौन होता है? सती का वह होता है कि जिस दिन से अपने पति के घर में आत...
- यह खुशहाली किस तरीके से आ गयी?... यह सारा का सारा देश बौद्ध है। एक ही देश दुनिया में है जो विशुद्ध रूप से बौद्ध है। आपको दुनिया की त...
- यह गोली कौन सी है?... बेटे, यह अफीम की है। शान्ति के लिए तू गाँजा भी ले ले, शराब भी पी ले, इससे शान्ति मिल जायेगी। नही...
- यह घटना हमें क्या सिखाती है?... यह हमें सिखाती है कि इनसान संकल्प तो करके देखे, निश्चय तो करके देखे, विश्वास तो करके देखे फिर हमसे...
- यह घड़ी कितने रुपये की है?... अरे साहब! यह तो साढ़े नवासी रुपये की है। इसमें कितने बजे हुए हैं? अभी देखती हूँ। इसमें तो साढ़े बत्तीस...
- यह चक्कर क्या है?... मैं बहुत देर तक देखता रहा, लेकिन समझ में नहीं आया। फिर मैंने उस लड़की से पूछा कि यह गायत्री मंत्र कौ...
- यह चमत्कार है कोई?... कोई चमत्कार नहीं है। यह हाथों का खेल है, चाहे बालू निकाल दो और चाहे लौंग निकाल दो। क्या हुआ लौंग निक...
- यह चरण नम्बर एक है ज्ञान का और चरण नम्बर-दो?... आपके भीतर से जब ज्ञान की धारा उदय होगी, तो दो चीजें आपके सामने खड़ी हो जायेंगी। रोटी भी जरूरी है,...
- यह चूना कितने दाम का हो सकता है?... यह तीन आने का हो सकता है। हड्डियों में लोहा कितना है? इसमें से एक बड़ी कील बनाने लायक लोहा मिल सकता ...
- यह जमीन का स्वर्ग है, जिसका नाम गृहस्थ है, अगर बनाने वाला हो तो?... परन्तु अगर आपने औरत को बना दिया बाघिन तथा बच्चों को बना दिया डकैत, माँ को शाप देने वाली चुड़ैल तथा भा...
- यह जमीन कितने पैसे में खरीदी है?... जिस सड़क पर चलते हैं, उस सड़क को कितने पैसे में खरीदी है? जिस गंगा जी में नहा करके आये हैं, उसे कितन...
- यह जवान औरत आई है, कहीं कोई गड़बड़ न फैला दे, तो आप तो ब्याह कर रहे थे?... हाँ, हम ब्याह कर रहे थे, लेकिन हमसे गलती हो गई। अब हम क्या कर सकते हैं? आपके पास शक्ति का अभाव है। आ...
- यह जादू कहाँ से आया?... उनकी आँखों में था।
मित्रो! उनकी आँखों में जादू कहाँ से आ गया? यह उनके संयम की वृत्तियाँ थीं। असं...
- यह जानकारी अगर आपको हो जाय, तो क्या कोई फायदा आपको मिल सकता है?... च्यवनप्राश का एक डिब्बा आप ले आयें और ऊपर रख दें। उसकी पूजा कर लें, आरती उतार लें, तो उस च्यवनप्रा...
- यह जिन्दगी क्या है?... यह जिन्दगी एक यज्ञ है। छोटे से छोटे एवं बड़े से बड़े यज्ञों, हवनों में हम यज्ञ की परिक्रमा लगाते हैं। य...
- यह जिम्मेदारी किसकी है?... यह जिम्मेदारी नर की है, नारी की नहीं। नारी को यदि ऊँचा उठाया जाए, तो जिस तरीके से आप काम करते हैं, व...
- यह जो आप तलवार घुमाते हैं, वह किसलिए घुमाते हैं?... उससे क्या फायदा है? उन्होंने कहा—मैं तलवार चलाने का अभ्यास कर रहा हूँ। क्यों अभ्यास कर रहे हैं? इसलि...
- यह जो एक मशाल हाथ में ली हुई है, वह किसका हाथ है?... हमारे भगवान का हाथ है, महाकाल का हाथ है। उसके पीछे छोटे-छोटे रीछ और वानर हम और आप खड़े हुए हैं। ज्ञा...
- यह जो तू कह रहा है, इसको कार्यान्वित कैसे किया जाएगा, यह भी तुझे मालूम है?... नहीं साहब! हमें क्या मालूम है। हमने तो जीभ से कह दिया। एक पण्डित जी ने बता दिया था कि यह-यह कहते रहना...
- यह जो दूर पर पहाड़ दिखाई देता है न?... हाँ महाराज जी! बेटे! उस पहाड़ की चोटी पर भगवान दिखाई पड़ेगा। चलिए, मैं तो तैयार हूँ। चोर तैयार हो गय...
- यह जो पुरश्चरण हो रहा है, उससे क्या फायदा होगा?... पुरश्चरण से कई फायदे होंगे। एक फायदा तो अभी हमने आपको बताया है कि इससे वातावरण का संशोधन होगा। एक फा...
- यह जो सेंट लगाते रहते हैं, यह किसलिए लगाते हैं?... इसलिए कि इस शरीर से चौबीस घण्टे जो बदबू निकलती रहती है, उस बदबू का किसी को पता न चले और यह बदबू खुशबू...
- यह ज्ञान आपने सीखा है कि नहीं सीखा?... आप जो कमाकर लाए थे, उसमें से अपनी बीबी के लिए खरच किया कि नहीं? आपने माँ के लिए खरच किया कि नहीं किय...
- यह टेक्नीक है, आप सुनते क्यों नहीं हैं?... यह टेक्नीक है। हाँ साहब! टेक्नीक ही काम आती है। डाक्टर टेक्नीक ही काम लेते हैं। क्या टेक्नीक काम लेत...
- यह डकैती या चोरी नहीं है, तो क्या है?... उठाईगीरी नहीं है, तो क्या है?
मित्रो! हम कुटुम्ब में रह करके, परिवार में रह करके ही सीखते हैं कि ...
- यह डिब्बी कितने पैसे की है?... दस आने की है। अँगूठी कितने रुपये की है? साढ़े छह सौ रुपये की है। डिब्बी को देखकर आप यह ख्याल करते है...
- यह तक तो हमें मालूम नहीं है, फिर भविष्य का क्या पता?... कुछ पता नहीं। आज- कल तनिक- तनिक से सुख के लिए लोग अपना भविष्य किस बुरी तरीके से बरबाद करते जा रहे ...
- यह तब फायदा देंगी, जब आप हमारे साथ घुलेंगे-मिलेंगे अगर आप दूर-दूर रहेंगे, तो बात कैसे बनेगी?... दूर रहने से काम नहीं बनेगा, आपको हमारे पास आना पड़ेगा। पास आने का केवल यही मतलब नहीं है कि आप शान्त...
- यह ताकत उनमें कहाँ से आई?... संयम से। आपको भी जरूरत है संयम की। आप सभी संयम की दवाई खाइए। यह दवाई शंकराचार्य, भीष्म पितामह, हनु...
- यह ताकत कहाँ से आई?... यह बेटे! कलाइयों की ताकत है, हिम्मत की ताकत है और यह हमारे आत्मबल की ताकत है। यह जो ताकत है, इसको हम...
- यह ताकत कहाँ से आती है?... कहीं से आए, चाहे घी खा करके आए, चाहे व्यायाम करके आए, कहीं से आए, कहीं न कहीं से इकट्ठी करनी पड़ती ह...
- यह तो अपने ध्यान की सुविधा के लिए, पूजा की सुविधा के लिए गढ़ी हैं?... नहीं, गायत्री के पाँच मुँह हैं। नहीं भाई साहब! बिलकुल नहीं हैं। तो फिर क्या हैं? यह हमने गढ़ी है।...
- यह तो आप कर सकते हैं?... बस मनोकामना पूरी हो गयी। सिकन्दर चुपचाप बैठ गया और थोड़ी देर बाद वहाँ से चला गया। विशेष उद्देश्य से ब...
- यह तो आपकी स्वार्थ सिद्धि है, लेकिन भगवान की?... भगवान से इसका कोई ताल्लुक नहीं है। आप इसे पा लेंगे तो ठीक है। यह आपकी खुशी होगी, लेकिन भगवान का एक क...
- यह तो बच्चा आ गया, भगवान कहाँ आया?... यह तो खाना माँगता है, लेकिन भगवान तो दुनिया को खिलाता था। यह तो जब पेट में भूख लगती है, तो हाय-हाय म...
- यह तो बहुत ठीक है, हम क्यों स्कूल जाने लगें?... क्यों किताब खरीदेंगे? क्यों मास्टर के पास जाएँगे? क्यों 6 घण्टे जगेंगे? सरस्वती देवी का मंत्र जपेंगे ...
- यह तो बहुत दिन चल जाता होगा?... हाँ महाराज जी, इसके अलावा और कमी हो तो मुझसे कहिए।
उपासना में मन को लगाइए
हाँ बेटे, ...
- यह तो बड़े शर्म की बात है और उनके सामने नाक नीची करने से क्या फायदा?... यहीं रहना चाहिए। भगवान् जी बेट द्वारिका में रहने लगे। पशोपेश में भगवान् मित्रो! लोगों को जब यह पता...
- यह तो शरीर की क्रिया है?... भगवान शरीर नहीं है, शक्ति नहीं है, जप नहीं है। भगवान चेतन है और हमारी जीवात्मा चेतन है। चेतना को च...
- यह तो स्वयं ही समझना होगा कि हमें क्या करना चाहिए, क्या खाना चाहिए और कैसे रहना चाहिए?... अगर यह बातें समझ में आ जाएँगी तब हमारे स्वास्थ्य की समस्या का समाधान हो जाएगा।...
- यह दर्शन क्या है?... इसका नाम है—आस्तिकता। आस्तिकता का क्या अर्थ होता है? आस्तिकता से क्या मतलब है? दुनिया में आस्तिकता क...
- यह दृष्टिकोण ही जो है, तो बदल जाय, तो हमारे जीवन में तुरन्त न जाने क्या से क्या हो जाय?... आगरा के सेठजी आगरा में बेलनगंज नामक एक मोहल्ला है। वहाँ एक बहुत बड़े सम्पन्न व्यक्ति थे, जिन्हें पं...
- यह देव भावना और देवबुद्धि अगर आपके भीतर पैदा हो जाय, तो आपको क्या करना चाहिए और क्या करना पड़ेगा?... आपको देवताओं की कंपनी में भर्ती होना पड़ेगा। अगर आप देवताओं की कंपनी में भर्ती हो जायें, ...
- यह दौलत की लाभ-हानियाँ हैं और कठिनाइयाँ?... कठिनाइयों में जहाँ मुसीबतें उठानी पड़ती हैं, असंख्य दिक्कतें आती हैं, वहीं मनुष्य को अपनी भट्टी म...
- यह दौलत हमको नहीं मिलेगी क्या?... बेटी! तुमको भी मिलेगी। बस, हृदय ने नाड़ियों को दिया और नसों में अपना खून फैलता चला गया। नाड़ियों ने दे...
- यह न जाने कैसा है?... सारे के सारे क्रियाकलाप न जाने कहाँ-कहाँ से प्रवाहित होते रहते हैं। अनर्गल विचारधाराएँ प्रवाहित होती...
- यह न बोलते हुए भी कितनी शिक्षाएँ देता है, आप जानते हैं क्या?... अग्नि का सिर ऊँचा है, आप अग्नि-सा मजबूत बनिए। अपना सिर नीचे नहीं, ऊपर करो। आपका सिर हमेशा आसमान की त...
- यह नहीं कि वे कौन-सा मंत्र जपते थे, वरन यह देखिए कि शुरू से अन्त तक का उनका जीवन कैसा रहा?... जीवन साधना कैसी रही? मित्रो! सारी जिन्दगी साधना करनी पड़ती है। साधना आधे घण्टे में नहीं होती। आधे घण्टे...
- यह नाच कुछ पसन्द आया?... कपड़े पहनने वाली से अब मन नहीं भरता। कपड़े पहनने वाले नाच अब घटिया जान पड़ते हैं और बेकार मालूम पड़त...
- यह नारी वर्ष है तो आपने पहले से क्यों नहीं कहा?... पहले से इसलिए नहीं कहा कि जब जिस समय जो आभास होता है, जो प्रेरणा मिलती है, जो संकेत मिलता है, उससे ए...
- यह नास्तिकता कहाँ से आ गई?... निराशा कहाँ से आई? जो चीज, जैसी बनी थी, आपने वैसी कल्पना करना शुरू कर दी। आपने क्रियाओं के बारे में ...
- यह न्यूनतम है, लेकिन भावनाएँ फैलाने के लिए, शिक्षण देने के लिए ये सिंबल भी काफी हैं, ताकि जब आपके बच्चे पूछे कि पिताजी, ये हम क्यों करते हैं?... तो आप बताइए कि आपने नमन क्यों किया? आप उन्हें बताइए कि पूजन क्यों किया? शुरुआत तो कीजिए, सवाल तो पैद...
- यह पक्षपात ऊँट के साथ किया है या मनुष्य के साथ?... हाईकोर्ट ने कहा—ठीक है, आपने ऊँट का साथ दिया और मनुष्य को खास हिदायत दी। फिर हाथी को बुला लिया और उस...
- यह पता नहीं कि जिन्दगी कितनी कीमती है और इसके लिए क्या करना चाहिए?... भगवान् आया और उसने समर्थ को आवाज दी-बुलाया भगवान् हमारे और आपके पास भी रोज आता है। रोज सन्देश देता ...
- यह पता लगाया गया कि उसका लाभ मजदूरों को क्या मिला?... मालूम पड़ा कि मजदूरों की बस्तियों में जो शिकायतें पहले थीं, वे पहले से दोगुनी हो गईं। खून-खराबा पहले...
- यह परीक्षा कैसे हो सकती है?... बेटे! कठिनाइयों से होती है, और कैसे होती है? नहीं साहब! आप इम्तिहान ले लीजिए। आप सवाल पूछ लीजिए, हम ...
- यह पानी के बुलबुले की तरह से काम करना क्या कोई शान की बात है?... अगर चलना है, तो फिर चलना ही है, रुकना नहीं। यही शान की बात होगी। हमारे गुरु ने हमारी शान रखी, हम आ...
- यह पूछकर के आना कि तूने खाना खाने के लिए नौकर रखा है कि नहीं रखा है?... बेटी खाना खाएगी, तो मुँह चलाएगी। इससे तेरे दाँत घिस जाएँगे। इसलिए नौकरानी रख ले। वह तेरे बदले का खान...
- यह पूजन किस काम का?...
मित्रो! एक बार हमने एक भगवान् जी से पूछा कि आपका क्या ख्याल है? दुनिया वालों का तो ऐसा ख्याल ...
- यह पैसा कहाँ से आया?... हम आपसे कह सकते हैं कि जिन लोगों को फायदा हुआ था, उन लोगों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुबान दी थी...
- यह प्यार कितना बढ़ा, आपने देखा नहीं?... लड़कियाँ जब यहाँ से विदा होती हैं, तो फूट-फूटकर रोती हैं और पाँच-पाँच दिन, सात-सात दिन तक हमको तंग ...
- यह प्रभाव व्याख्यानों का था?... नहीं, त्याग के लिए गाँधी जी का स्वयं को प्रस्तुत करने का था। बिना कोई व्याख्यान दिए, बिना कोई कथा कह...
- यह प्रयत्न उन्होंने किसके माध्यम से किया था?... प्रचारकों के द्वारा। उनके पास प्रचारकों की सेना रहती थी। तो क्या सेना पण्डितों की थी या उपदेशकों की? ...
- यह फरक क्यों है?... कौशल्या ने कहा—टट्टी तो नहीं जाता। टट्टी जाता हुआ भगवान नहीं हो सकता। भगवान राम ने सन्देह दूर करने के...
- यह बच्चा क्यों रो रहा है?... चुप करा लो। बेटे, यह भूखा है। भूखा है तो इसको दूध पिलाओ। उसने कहा कि बेटे, आज का दूध जो था वह तुम्हा...
- यह बता कि मैं आशीर्वाद दिला हूँ, तो तू हजम कैसे करेगा?... इस जीवन में ही अमृत, पारस, कल्पवृक्ष हैं।
पहले यह सबूत दे दे कि तू हजम कर सकता है, फिर मैं तुझे...
- यह बताइए इस दिन आप क्या-क्या संकल्प लेते हैं?... आगे आने वाले समय में क्या करते हैं? हनुमान जी ने सीता माता को लाने का शक्ति भर प्रयास किया था। जब भग...
- यह बताइए कि कोई-सा जामन न लाऊँ, तो दूध जमेगा क्या?... बेटे! तू तो जामन के ही पीछे पड़ गया है। दूध का इंतजाम है नहीं, दोहनी तेरे पास है नहीं, जमावन है नहीं...
- यह बताइए कि मैं कैसे जमाई तलाश करूँ?... कैसे अपनी लड़की का ब्याह करूँ? द्रोणाचार्य ने कहा कि इसके लिए कोई परीक्षा रखनी पड़ेगी, जिससे यह पता ...
- यह बताइये कि आपने क्या काम किया?... मैं काम के हिसाब से गिनूँगा। नहीं साहब! वर्षों से लम्बाई गिनिए। नहीं मैं वर्षों से लम्बाई नहीं गिनता...
- यह बताइये कि कितना पैसा था?... उनका एकाउण्ट है कि नहीं? बेटे, बहीखाता तो है नहीं, जो मैं बता दूँ कि कितना पैसा था। एलोरा की गुफाओं ...
- यह बहादुरी जब गुरुगोविंद सिंह पैदा करने वाले थे, तब उन्होंने लोगों से पूछा कि इसका कौन-सा तरीका हो सकता है?... लोगों में बहादुरी कैसे भरी जा सकती है? अगर यह उपदेश से हो जाए कि उससे सब लोग सूली पर चढ़ जाएँ, सब मार...
- यह बहुत खराब बात है?... हाँ खराब बात है। इससे उसको सजा हो जाती है, जेल हो जाती है, फाँसी हो जाती है, निंदा, बदनामी हो जाती ह...
- यह बात अगर बताएँगे नहीं, तो आपके समर्थक कहाँ से आएँगे?... आपको सहयोग कहाँ से मिलेगा? आप स्मारिका कहाँ से छापेंगे। इसलिए स्मारिका आप जरूर छापें।इसके अलावा और...
- यह बात अलग है कि हम आपकी मदद कर पाए कि नहीं कर पाए?... यह तो आपका प्रारब्ध होगा, प्रारब्ध भोग होगा। जब अभिमन्यु मारा गया, तो सुभद्रा रोती हुई आई और उसने कृ...
- यह बात आप कहाँ कहेंगे?... वहाँ कहेंगे जहाँ आपको एक घण्टे का प्रवचन करने का मौका मिलेगा। जहाँ कहीं भी आपको थोड़ा मौका मिले, वह...
- यह बात कैसे हो सकती है?... हताशा का कारण— मित्रो! ये हुआ कैसे? असल में चक्कर क्या है? जिस भगवान के पास शक्ति के भंडार भरे प...
- यह बात जब आपकी समझ में आ जाय, तब चाहे आप भजन करना, चाहे पूजा करना, चाहे अनुष्ठान करना, चाहे जप करना, ध्यान करना, चाहे हमको मिठाई खिलाना, चाहे आप लड्डू बाँटना, आपको जो मन आवे, सो करना, पर पहले जान लें कि आखिर गायत्री है क्या?... यह एक ताकत है, सम्वेदना है मित्रो! गायत्री क्या है? एक भाव सम्वेदना है। संसार में दो शक्तियाँ हैं। एक ...
- यह बात तुझे कैसे मालूम पड़ी?... योगिनी हूँ, तू समझता क्या है? बाबा जी बैठे रहे। जब वह अपने पति की सेवा करके आई, तो भिक्षा दिया। उन...
- यह बात ध्यान में रखकर चलना पड़ेगा कि आपको बनना क्या है और बनाना क्या है?... करना क्या है और कराना क्या है? इन दोनों प्रश्नों के उत्तर में एक ही जवाब है कि हमको अपनी दृष्टि का प...
- यह बात मैं क्यों कह रहा हूँ?... इसलिए कह रहा हूँ कि आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ। आप कहेंगे कि हमको इन बातों से क्या फायदा, आप तो ह...
- यह बात सही है?... हाँ बेटे! यदि उददेश्य ऊँचा हो, तब सही है, अन्यथा उद्देश्य घटिया हो, तब मैं नहीं कह सकता। उद्देश्य ऊँ...
- यह बात हम भूल जाते हैं कि उनके लिए क्या बात मुनासिब थी?... जितना मुनासिब था, उससे ज्यादा देने की कोशिश करते हैं। उनका बचाव करते हैं। उनके लिए वह काम करते हैं, ...
- यह बीमारियाँ कहाँ से शुरू हुईं, आप बता सकते हैं?... हाँ साहब! पेट में से पैदा होती हैं। अगर पेट को फाड़ डाले या ठीक कर दें तो? नहीं बेटे! यदि फाड़ना ही ...
- यह बेअकल जमाना न जाने कहाँ जायेगा?... आ रही है दुनिया की तबाही
मित्रो! मुझे मालूम पड़ता है कि इस जमाने में विनाश प्रत्यक्ष तो नह...
- यह बेटा आपका है?... आपका नहीं हो सकता। आपका यह बेटा हजारों जन्मों से न जाने किसका-किसका बेटा होता हुआ चला आ रहा है और उस...
- यह ब्राह्मण की कामधेनु है?... बिल्कुल बेटे, यह ब्राह्मण की है। ब्राह्मण के अलावा? ब्राह्मण के अलावा किसी की भी नहीं है। ब्राह्मण...
- यह भगवान कैसे होगा?... जिसके अन्दर द्वेष नहीं है, घृणा नहीं है, चिन्ताएँ नहीं हैं। काम नहीं है, क्रोध नहीं है, लोभ नहीं है, ...
- यह भगवान क्या है?... यह तो हमारा बनाया हुआ है। आप विश्वास रखिए, यह सभी भगवान हमारे गढ़े हुए हैं। अगर ये भगवान हमारे बनाए ...
- यह भविष्य की कल्पनाएँ करने वाले कौन हैं?... बालक, जिन्हें जब देखो तब शेखचिल्ली के तरीके से कहते और सोचते रहते हैं कि बड़ा हो जाऊँगा, तो यह बनूँगा...
- यह भी कोई तरीका है?... यह भी कोई ढंग है? बेटे क्या पढ़ेगा? स्कूल में पढ़ूँगा। अरे बेटे, यह तो बता कि तू पढ़ेगा क्या? फिजिक्स प...
- यह भी कोई कुण्डलिनी जागरण है?... वह अपने कर्तव्य को ठीक तरह से पूरा करने के लिए शाम तक डटा रहा। शाम को उसने कहा कि स्वामी जी। मैं त...
- यह भी कोई जीवन है क्या?... नहीं, यह कोई जीवन नहीं है। यह बहुत ही घटिया और पशुओं जैसा नारकीय जीवन है।
मानवीय चेतना-विचार...
- यह भी कोई ढंग है?... बेटे क्या पढ़ेगा? स्कूल में पढ़ूँगा। अरे बेटे, यह तो बता कि तू पढ़ेगा क्या? फिजिक्स पढ़ेगा, साइंस पढ़ेगा,...
- यह भी कोई तरीका है?... यह भी कोई ढंग है? दुनिया में कहीं ऐसी कोई पढ़ाई होती है क्या? पढ़ाई के लिए हमेशा लक्ष्य तय करना पड़ता ह...
- यह भी कोई बात है?... मुझे बहुत बेतुका और बेहूदा लगा। लेकिन जब मैंने बहुत बारीकी से गौर करना शुरू किया, तब मुझे यह माल...
- यह भी कोई भक्ति हो सकती है?... भक्ति का मखौल मत बनाइये। भक्ति के साथ दिल्लगीबाजी मत कीजिए। भगवान के साथ दिल्लगीबाजी करना मुनासिब ...
- यह भ्रान्ति क्यों है?... अध्यात्म क्षेत्र में यह कैसे घुस पड़ी, और इस भ्रान्ति ने कितना ज्यादा नुकसान पहुँचाया, आपको मैं कुछ क...
- यह मकान आपका है?... नहीं, यह आपका नहीं हो सकता। यह तो तहस-नहस होने वाला है। सौ-दो सौ वर्ष बाद यह नष्ट हो जाएगा। अभी तो स...
- यह मदद है कि नहीं, बताइए?... यह मदद ही है।
गुरु हर तरह से मदद करता है
परोक्ष रूप से मदद किसने की? बेटे गुरुजी ने ...
- यह मनुष्य के लिए लाभदायक है?... नहीं, घोर हानिकारक है। यह आदमी के मनोबल को गिराती है। यह आदमी के व्यक्तित्व को गिराती है। यह आदम...
- यह मेरे किस काम आने वाला है?... तो फिर क्या चीज दूँ? मेरे पास क्या है बताइये? मैं तो साल भर आपके पास पढ़ा हूँ और रोटी भी तो मैंने...
- यह मैं आपकी विधियों को देख करके, मनःस्थिति को देख करके बताता हूँ कि आपका मन किस तरह का है और किस काम में एकाग्र किया जा सकता है?... कौन से आपके रुचि के विषय हैं और किस रुचि के विषय में उसे लगाया जा सकता है? चलिए, मैं उदाहरण देकर स...
- यह मैं आपसे किसकी बात कह रहा हूँ?... ताऊ जी की बात कह रहा हूँ। तो हमसे क्यों कह रहे हैं? इसलिए कि आप भी ताऊ जी हैं और तरह तरह की बोलियाँ,...
- यह मैं किस आदमी की बात कर रहा हूँ?... इसका नाम है- विनोबा। यह कौन बन गया? बेटे, यह सन्त बन गया। यह वामन भगवान बन गया, जिसने अपने चरणों से...
- यह मैग्नेट कहाँ से पाया?... वहाँ से पाया, जिसके लिए हमने अपना जीवन समर्पित किया है। जहाँ के लिए हमारे बॉस ने हमको शिक्षण दिया है...
- यह मोजा कितने दिनों का धुला हुआ है?... यह तो छह महीने से धुला नहीं है। छह महीने से इसे पहने हुए हैं। धोती भी धुली हुई नहीं है। अत: धुली हुई...
- यह राज हँस की खासियत है?... हाँ बेटे, यह राजहंस की खासियत है। परन्तु महाराज जी। सामान्य हँस तो कीड़े खाते हैं, पर वह कौन सा हँस...
- यह लगाई क्यों नहीं गई?... इसका ऑपरेशन कैसे नहीं हुआ? कोई कुशल डॉक्टर नहीं मिला, या तो हममें कमी है या आपमें कमी है।
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- यह लिपि क्या है?... क्या समझते हैं कि आपने इसे स्कूल में पढ़ लिया है? नहीं, यह लाखों वर्षों में करोड़ों मनुष्यों की मशक्...
- यह वह कहानी है, जो कि प्रत्येक मुरदे में जान डालने वाली है कि एक नन्हीं-सी बालिका इतना साहस कर सकती है और हम नहीं कर सकते हैं?... आखिर क्यों नहीं कर सकते हैं?
हमारी कमजोरी—संकीर्णता
क्या कमजोरी है? एक ही कमजोरी है और वो है संकीर...
- यह विद्या का कमाल था, शिक्षा का कमाल था और अकल होनी चाहिए?... हाँ, अकल का मैं बहुत हिमायती हूँ और अकल को बढ़ाने की कोशिश करता हूँ। हर आदमी की अकल बढ़नी चाहिए, ...
- यह शिक्षण कौन करता है?... यह करता है सविता, जो रोशनी और गर्मी दोनों का प्रतीक है। सविता के गुण, सविता के कर्म, सविता के स्वभाव...
- यह शिक्षा आप किससे देंगे?... जीभ से देंगे। जीभ तो बेटे! माँस की है और माँस की जीभ माँस को प्रभावित कर सकती हो तो मैं नहीं कह सकता...
- यह शिक्षा हम आपको किसमें देते हैं?... हम आपको गायत्री के पहले वाले चरण में देते हैं। गायत्री का पहला वाला चरण, पहला वाला शिक्षण, पहली वाली...
- यह शुरुआत है, प्रशिक्षण है?... जैसे पट्टी के ऊपर ए.बी.सी.डी. और 'क' माने कबूतर और 'ख' माने खरगोश सीखा जाता है, इसी तरीके से आध्यात्...
- यह संकीर्णता कैसे आई?... यह खुदगर्जी कैसे आई?
एक सती का उदाहरण देती हूँ। सती का कौन होता है? सती का वह होता है कि जिस दिन ...
- यह संगति कैसे आ गई नारद?... दुनिया में दो ही मनोकामनाएँ हैं—एक कामिनी, दूसरी कांचन। तीसरी और कोई मनोकामना है ही नहीं। बता, तुझे ...
- यह संपदा हमारी कैसे हो सकती है?... मालिक नहीं, माली बनें मित्रो! आप जहाँ कहीं भी रहें, जहाँ कहीं भी जायँ, मालिक बनकर नहीं, माली बनकर ...
- यह सम्भव है?... हाँ बेटे! यह सम्भव है। स्वामी दयानंद से लेकर शंकराचार्य तक और हनुमान जी से लेकर भीष्म पितामह तक असंख्...
- यह सम्भव है?... हाँ, यह सम्भव है। कब सम्भव है? यह तब सम्भव है जब आप वाणी का संयम प्रारम्भ करेंगे।
मित्रो! वाणी के तप...
- यह संस्कार और सामर्थ्य किसने दिए?... ये भावनाएँ, ये संस्कार और ये सिद्धान्त, साहस कहाँ से आए? वे सब माँ से ही आए।
माँ ने ही इस ढंग से...
- यह संस्कार किसने दिए थे?... यह माँ ने दिए थे। शकुन्तला ने भरत को बनाया था और उसी के नाम से हमारे राष्ट्र का नाम भारतवर्ष पड़ा। भ...
- यह संस्कार कौन सिखाएगा?... माताएँ देंगी। प्रणाम करने का, सही ढंग से बोलने का, सत्य बोलने का और दूसरों के साथ में अच्छा व्यवहार ...
- यह संस्था कितनी शानदार है और यह कितने महत्त्वपूर्ण कार्य कर चुकी है और आगे क्या-क्या कार्य करने वाली है?... यह बात अगर बताएँगे नहीं, तो आपके समर्थक कहाँ से आएँगे? आपको सहयोग कहाँ से मिलेगा? आप स्मारिका कहाँ...
- यह सच है?... हाँ यह बिल्कुल सच है कि आदमी अपनी जीभ की नोंक से अपनी कब्र खोदता है। आपने जो खाया है, जरा उसकी लिस्ट...
- यह सत्य है कि अगर किसी के घर में घुसें या किसी का सामान आदि चुरा लें, तो आपको कोई रोक भी सकता है, कानून के हवाले कर सकता है, परन्तु आप अगर अच्छा काम करेंगे, तो आपको कौन रोक सकता है?... आप जिससे भी मोहब्बत करेंगे, उसके लिए हमेशा सेवा के लिए तैयार रहेंगे।मित्रो! प्यार का वास्तविक स्वरूप...
- यह सब आपको कैसे हुआ?... उनके साथ जो लोग आये थे, उन सबको दूसरी जगह भेज दिया। मैंने कहा कि अब बताइये क्या कारण था? उन्होंन...
- यह सब कब मिलेगा?... जब देवता के अन्दर प्राण-प्रतिष्ठा हो जाएगी और अगर प्राण-प्रतिष्ठा न हो तब? तब बेटे! कुछ नहीं हो स...
- यह सब कहाँ से आ गया?... उन्होंने पैसा कहाँ से इकट्ठा कर लिया? भीख माँगी और कहाँ से इकट्ठा कर लिया? भीख माँगी जाती है। भीख मा...
- यह सब कहाँ से आ रहा था?... यह उस गुरु की कृपा है और उसका अनुदान है। वह चाहे तो सब कुछ बना सकता है। वह किसी की भी झोली खाली नहीं...
- यह सब कहाँ से आता है?... बेटे, हमारा गुरु दो बातें कह गया था। एक तो यह कि लोगों के सामने हाथ मत पसारना। अभी तक तो हमारी शरम...
- यह सब कैसे हो गया?... अदूरदर्शिता के कारण। अगर उस बच्चे में दूरदर्शिता रही होती, तो उसने ऐसे कदम न उठाए होते। तब उसने समझद...
- यह सब भूखे आदमी कर रहे हैं?... नहीं भूखे आदमी नहीं कर सकते। भूखे आदमी मजदूरी कर सकते हैं। भूखे आदमी ज्यादा से ज्यादा भीख माँग सकत...
- यह सब स्वावलम्बन हुआ ना?... स्वावलम्बन की दृष्टि से यदि आप घर के कई लोगों को इस लायक बना दें और उनसे भी कुछ काम करने की बात कहें...
- यह सम्पदा कहाँ से आती है?... यह सम्पदा मनुष्य के शरीर में भरी पड़ी है और भीतर दबी पड़ी है। यदि हम आदमी को पुरुषार्थवान बना दें और...
- यह सारी-की-सारी बातें जो हम कहते हैं, ठीक उन्हीं की प्रतिध्वनि इस अन्तरिक्ष में से होकर के हमारे पास चली आती हैं और हमसे ये पूछती हैं कि लाइए, आपके पास पैसा कहाँ है?... हमको दीजिए। आपके पास शरीर-श्रम कहाँ है? हमको दीजिए। आपके पास नौकरी में तरक्की कहाँ है? नहीं साहब! हम...
- यह सृष्टि क्या है?... राजनीति क्या है? समाज क्या है? नागरिक कर्तव्य क्या है? आजीविका उपार्जन कैसे करना चाहिए? अर्थशास्त्र...
- यह हँस क्या है?... हँस बेटे एक छोटा सा पक्षी होता है और गायत्री माता उस पर सवारी करती हैं और सवारी करके चाबुक ले के क...
- यह हनुमान क्या है?... यह है गायत्री चरण-पीठों की स्थापना। ये चरणपीठें बन रही हैं और आपको बनानी चाहिए। आपकी जहाँ भी गायत्...
- यह हनुमान जी ने कब कहा?... जब वे सुग्रीव के नौकर थे तब। लेकिन जब हनुमान जी सुग्रीव के नौकर नहीं रहे, भगवान के नौकर हो गये तब?...
- यह हम नहीं जानते, लेकिन यह क्या चीज है?... बता सकते हैं। यह आदमी की वृत्ति है। कौन-सी वृत्ति? इनसानियत की वृत्ति॥ इनसान को अगर भगवान कुछ देते ...
- यह हमको सुअर के तरीके से उसी तरह से घसीटते हुए जाने कहाँ ले जाती हैं और जाने हमारा क्या करेंगी?... जाने हमारा पेट फाड़ेंगी, जाने हमारा बाल उखाड़ेंगी, जाने हमें भूनकर खा जायेगी। जल्लादों के तरीके से, ...
- यह हमने कहाँ से सीखा?... हमने उनके व्यक्तिगत जीवन से सीखा और साधना के क्षेत्र में आगे बढ़े। हमने आगे ही कदम बढ़ाया। हमने कहा ...
- यह हमने क्या किया?... हमने अपनी तबाही को न्योत-न्योतकर बुलाया। बेटे, यह बात मैं शरीर की बाबत कहता है, अन्नमय कोश की बाबत क...
- यह हमने पहले ही आपको बता दिया था कि गायत्री की पूजा करें, गायत्री का जप करें, गायत्री का अनुष्ठान करें, लेकिन सबसे अहम् सवाल यह है कि सबसे पहला वाला सवाल हमसे यह पूछना चाहिए कि आखिर गायत्री है क्या?... यह बात जब आपकी समझ में आ जाय, तब चाहे आप भजन करना, चाहे पूजा करना, चाहे अनुष्ठान करना, चाहे जप करन...
- यह हमारा कहना मानती है कि नहीं और हमारे कहने पर चलती है कि नहीं और हमारी काम-वासना पूरी करती है कि नहीं और अमुक काम करती है कि नहीं करती?... इसकी अपेक्षा आप स्वयं को देखें कि हम उसके तईं अपना फर्ज पूरा करते हैं कि नहीं करते हैं?
हम...
- यह हमारा कोई लक्ष्य था?... नहीं, यह नहीं था। हमारा इससे बड़ा लक्ष्य था। हमने नया जमाना लाने का, कुरीतियों को समाप्त करने का तथा...
- यह हमारी बीवी हैं, क्यों कहते हैं?... यह क्यों नहीं करते कि यह भगवान् की बेटी हैं। यह कह देंगे, तो क्या हो जाएगा?
आप रात्रि को जब स...
- यह हमारे हाथ की बात है, लेकिन परिस्थितियाँ हमारे हाथ में कहाँ हैं?... जैसा हम चाहते हैं, वैसा ही मिल जायेगा, यह हमारे हाथ की बात नहीं है। मान लीजिए कि आप दुकानदार हैं, व्...
- यह हिंदुओं की है?... अरे! हिंदुओं की ही नहीं, यह तो सारे विश्व की है।
मित्रो! एक बार जामिया मिलिया का उद्घाटन करने के...
- यह हिम्मत किसने दी?... यह हिम्मत माँ ने दी।
माँ ने जंगल में रहते हुए भी दोनों बच्चों को गढ़ा और ऐसे श्रेष्ठ साहसपूर्ण स...
- यह हिस्सा ऐसा है कि अगर यह ताकतवर हो, बलवान हो, मजबूत हो तो हमें क्या मिल सकता है?... इससे दो चीजें मिल सकती हैं। इनमें से एक चीज मिल सकती है—'स्वर्ग' और दूसरी चीज मिल सकती है—'मुक्ति'। ...
- यह हीरक जयंती क्या बात है?... जब आदमी पचहत्तर वर्ष का हो जाता है, तो यह जयंती मनाई जाती है। सौ साल में शताब्दी मनाई जाती है। अब ...
- यह है क्या?... कुछ भी नहीं है। आपके जैसे कर्म हैं, कर्म के हिसाब से भक्तवत्सल भी हैं और कर्म के हिसाब से वे जल्लाद ...
- यह हो सकता है?... हाँ बेटे, हो सकता है। मंत्र की शक्ति से? हाँ बेटे, मंत्र की शक्ति से सब कुछ सम्भव है। लेकिन मंत्र क...
- यहाँ से जो कुछ विचार ले करके आप जायेंगे कि यह कैसे पूर्ण हो सकता है?... हम अपने वचन से पीछे नहीं हटेंगे। कैसे— रघुकुल रीति सदा चलि आई। प्राण जाए पर पचन न जाई॥ पन्द...
- यहाँ अनाचार कहाँ है?... यहाँ गलतियाँ कहाँ हैं? कहीं नहीं हैं। हमारे भीतर जो कमजोरियाँ हैं, वही लौट-लौटकर दीवार पर आकर खड़ी ...
- यहाँ आकर के भगवान क्या करेगा, यहाँ आकर के देवी क्या करेगी, यहाँ आकर के आध्यात्मिकता क्या करेगी?... ईश्वरचंद्र विद्यासागर को पाँच सौ रुपये तनख्वाह मिलती थी। उन्होंने अपने घरवालों से कहा कि आप लोगों को...
- यहाँ आपको धर्म- मंच के माध्यम से किस तरीके से लोक निर्माण करना पड़ेगा?... सारे के सारे शिक्षण दिये जाते हैं। आपकी वाणी को खोला जाना है, जो आपका मुख्य हथियार होगा। जहाँ कहीं...
- यहाँ इतना तो समय नहीं है कि मैं सारी की सारी फिलॉसफी और तत्त्वज्ञान आपको अभी समझाऊँ, जिससे आप यह समझ पायें कि ऋषियों ने गायत्री को इतना महत्त्व क्यों दिया और उसके कलेवर का विस्तार करते-करते तीनों वेद क्यों बना दिये?... ‘त्रैगुण्यां विषयः वेद विस्तारः’। नहीं साहब! तीन नहीं, चार वेद हैं। बेटे, वेद तीन ही हैं। सामवेद...
- यहाँ ऐसा वातावरण कहाँ है?... यहाँ अयोध्या के जिस वातावरण में आप रहते हैं, वहाँ ऐसी कोई गुंजायश नहीं है, जो बताया जा सके। क्योंकि ...
- यहाँ ऐसे लोगों का सान्निध्य आपको मिला है जिसके लिए अगर आप सारे हिन्दुस्तान में घूमें और यह तलाश करें कि ऐसे प्राणवान सान्निध्य कहीं मिलेंगे क्या?... ऐसे प्राणवान सान्निध्य प्राचीनकाल में तो शायद हुए हों, पर आज आपको ऐसा आध्यात्मिकता का सही वातावरण अन...
- यहाँ कितने आपरेशन हुए?... साहब! कोई आपरेशन नहीं हुआ। अच्छा कितने एक्सरे हुए? कोई नहीं हुआ। कितने इंजेक्शन लगे? एक भी नहीं लग...
- यहाँ किसलिए लाये हैं?... अब आपको नंगा करेंगे। इससे क्या मतलब है आपका? अब हम आपके शरीर का वह हिस्सा देखेंगे, जो आपको नहीं दि...
- यहाँ कैसे पड़े हैं?... हम यह तलाश करने के लिए पड़े हुए थे कि किसी के पास दिल भी है क्या? हृदय भी है क्या? हृदय मीन्स करुणा।...
- यहाँ कोई आता ही नहीं है?... कोई नहीं आता? गाँव वाले बड़े जाहिल हैं। दवा लेने भी नहीं आते। गाँव वालों को बुलाया। पूछताछ की। क्यो...
- यहाँ कोई लड़ाई हो रही है क्या?... जहाँ लड़ाई होगी, वहाँ करेंगे। लड़ाई में क्या करेंगे, पहले शरीर को उसके लिए तैयार तो कर। हमको अपनी प्...
- यहाँ क्या करेंगे?... जहाँ हमारी जरूरत होगी, वहाँ चले जाएँगे। सिस्टर निवेदिता हिन्दुस्तान आ गईं, एनीबेसेंट हिन्दुस्तान मे...
- यहाँ क्यों नहीं हो रहा है?... घर क्यों लगता है?
इसलिए लगता है कि व्यक्तिगत जीवन नहीं है, यह परोपकार वाला जीवन है। वह स्वार्थ है...
- यहाँ क्यों बुलाया है आपको?... वातावरण का लाभ उठाने के लिए बुलाया है। यहाँ जो भी क्रिया-कृत्य आपसे कराये जा रहे हैं वह तो आप अपने घ...
- यहाँ गलतियाँ कहाँ हैं?... कहीं नहीं हैं। हमारे भीतर जो कमजोरियाँ हैं, वही लौट-लौटकर दीवार पर आकर खड़ी हो जाती हैं उसके रूप मे...
- यहाँ जगह कहाँ से आयी?... बिलकुल जगह नहीं है। आप वहाँ जाइये।
शक-सन्देह सभी जगह
आप किसी भी धर्मशाला में जाइ...
- यहाँ जो जप और अनुष्ठान कराया जाता है, क्या आप घर पर नहीं कर सकते थे?... जरूर कर सकते थे। जो नियम और मर्यादा पालन करने के लिए यहाँ कहा गया है, वह हमारी पुस्तकें पढ़कर आप घर ...
- यहाँ तक जो किस्सा था, मैंने सुना दिया है कि सच्चाई से प्यार करने वाला लोगों की दृष्टि में गरीब, किन्तु इज्जतदार आदमी कैसे होता है?... आप तो भक्ति करते हैं। घंटी लिए बैठे रहते हैं और टुनन्-टुनन् करते हुए घंटरिया हिलाते रहते हैं। अर...
- यहाँ न भवानी दिख रही है और न शंकर, फिर किसकी वंदना कर रहे हैं?... उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वासरूपी भवानी-शंकर हैं, उनकी मैं वंदना करता हूँ। बेटे, यह उनकी श्रद्ध...
- यहाँ पाप कहाँ है?... यहाँ अनाचार कहाँ है? यहाँ गलतियाँ कहाँ हैं? कहीं नहीं हैं। हमारे भीतर जो कमजोरियाँ हैं, वही लौट-लौ...
- यहाँ भगवान् ने आपका इम्तहान लेने, आपकी परीक्षा लेने के उद्देश्य से भेजा है कि आप इस बगीचे को प्यार-मोहब्बत दे सकते हैं या नहीं?... आपकी बीबी नौवीं दरजा तक पढ़कर आई थी, आपने उसे आगे पढ़ाया या नहीं? केवल यह कह दिया कि हम तो गरम खाना ...
- यहाँ भीड़-भाड़ बनी रहे, हल्ला-गुल्ला मचता रहे, ताकि लोग समझें कि इनके कितने अधिक चेले-चपाटे हैं?... आपका यही ख्याल है न? नहीं साहब! हमारा यह ख्याल नहीं है। मित्रो ! मेरी जिन्दगी के दिन इतने नजदीक आते च...
- यहाँ लोहे का काम होता है?... हाँ साहब! यहाँ कच्चा लोहा पकाया जाता है। अच्छा, तो लाइए, कच्चा लोहा दिखाइए। कच्चे लोहे में मिट्टी मि...
- यहाँ, कहाँ रखा है गरम पानी?... इसलिए सैकड़ों तरह के तप हैं। कभी रोटी मिली, कभी नहीं मिली। कभी कच्चा खा लिया, कभी पक्का खा लिया।
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- यही अध्यात्म है?... इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं है। नहीं, साहब! अध्यात्म का तो मतलब कुछ और होता है। क्या मतलब होता है? बता...
- यही करती थी न?... खैर आप अब दाढ़ी-मूँछ वाले हो गए हो, तो हमें वैसा कुछ नहीं करना है। हमारी बात अलग है। हम नहीं रहेंगे,...
- यही करते हैं न?... और सुख में जब सब ठीक होता है, तब न कोई मैया याद आती है और न कोई बाप याद आता है और न भगवान याद आता है...
- यही कारण था कि हम हजार वर्षों तक गुलाम हो करके रहे, इसकी वजह क्या थी?... पंद्रह सौ मुसलमान हिन्दुस्तान में आए और एक हजार वर्ष तक बुरी तरह से हमारे ऊपर हुकूमत करते रहे। कैसे-क...
- यही चाहते थे न आप?... मक्कार कहीं के, बेटे को गलत रास्ते पर चलने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।...
- यही चाहते हैं न आप?... आप चाहते हैं कि आपका लड़का सिविल इंजीनियर हो जाए, ताकि वैगन के वैगन सीमेंट तथा लोहा खा जाए तथा एक वर...
- यही तो अर्थ होता है न इस कथा का?... हाँ साहब! यही है। उन्होंने कह दी और हमने सुन ली। बस जीभ ने कही और कान ने सुन ली। सत्यनारायण की कथा...
- यही तो आपको बताया गया है न?... हाँ साहब ! अगर सारी दुनिया पागल है तो मैं भी पागल हूँ। हाँ बेटे, यह दुनिया सब पागल है। यह भगवान को अ...
- यही तो है—गंगास्नान और क्या है?... गंगा में पानी है। गंगा और यमुना के पानी में कोई फरक नहीं है। अच्छा यह बात है तो मुझे आप कहने दीजिए। ...
- यही था न?... बेटे, मैं एक और बात यह कह रही हूँ कि पूर्व में आपकी जो भावनाएँ थीं, वही विद्यमान रहनी चाहिए। जब हम उ...
- यही पूछना चाहते हैं न आप?... चलिए, हम आपकी भाषा में ही बोलते हैं कि गुरु ने हमारा दिवाला निकाल दिया है। पैसे की दृष्टि से खाली कर...
- यही बताते हैं न?... हाँ महाराज जी! यह तो बड़ी सरल विधि है। हमको एक सेकंड में आ गई थी। बेटे! यह एक सेकंड में सरल तो है, ल...
- यही मत पूछ कि कहाँ से आएँगे?... इनको हम पैदा करेंगे? गुरुजी रानी मक्खी हैं, वे इतनी सन्तान पैदा कर देते हैं कि पूछो ही मत।
भरोसा औ...
- यही मतलब है न आपका?... आप मैटेरियल से मैटेरियल को देखना चाहते हैं। प्रकृति से प्रकृति को देखना चाहते हैं। फिर तो आपको भौतिक...
- यही मतलब है न तेरा?... लेकिन पदार्थ का क्या मूल्य हो सकता है, क्या महत्त्व हो सकता है? पदार्थ को तो घर में चूहे भी खा जाते ...
- यही लिखा है न आपने?... नहीं साहब! अब ट्रैक्टर खरीदने से क्या फायदा! अब तो हम उसी पैसे से ब्याह-शादी करेंगे और तमाशा करेंगे।...
- यही व्यावहारिक शिक्षण करने के लिए आपको पंद्रह दिनों के लिए हम भेज रहे हैं, ताकि आप यह जान सकें कि आपको जनसम्पर्क कैसे करना चाहिए?... बातचीत कैसी करनी चाहिए? लोगों के सामने कैसे विचार व्यक्त करना चाहिए? लोगों के ऊपर अपने चरित्र की छाप...
- यही शब्द तो आप कहते हैं?... क्या कभी आपने यह शब्द भी कहे हैं कि आप चौबीसों घण्टे काम में लगी रहती हो, बीमार हो जाती हो, बुखार हो ...
- यही शेर और यही चीते और यही हाथी और यही कुत्ते सरकस वाली कंपनी के जो सौ आदमी काम करते हैं सभी को खुराक देते हैं कपड़ा देते हैं, रोटी देते हैं पेंशन देते हैं प्राविडेण्ट फंड देते हैं सबके लिये इंतजाम करते हैं यही जानवर क्यों?... इसलिये कि सिखा लिये गये हैं। सिखाये न गये होते तब तब यह खूँखार रहते इनको देखकर ही आदमी भाग खड़ा हो...
- यही सब लिखा था ना?... हाँ, साहब! लिखा था। आपने इसको बहकाया-फुसलाया था कि नहीं? हाँ, साहब! बहकाया फुसलाया था। बात तो आप...
- यही सिद्धि है?... हाँ बेटे, इसको मैं सिद्धि कहता हूँ। अगर कोई मुझसे पूछे कि सिद्धि किसे कहते हैं? बाजीगरी को? बेटे, बा...
- यही है तेरा अध्यात्म?... बाजीगर कहीं का, बाजीगरी सीखने आया है। क्या सिखाएँ? बाजीगरी सिखाइए, मिट्टी में फूँक मारिए और पैसा मँग...
- यही है हमारे लोगों को जवाब, जो हमारे इतने बड़े संगठन और कार्यक्रमों की स्थिति को देखकर बराबर कहते रहते हैं कि आप अपने आदमी चुनाव में खड़े क्यों नहीं करते?... आप राजनीति में क्यों नहीं आते? हम बार-बार यही कहते रहते हैं कि राजनीति का क्षेत्र बहुत छोटा, बहुत ...
- यही हैं गुरुजी के शिष्य?... नहीं बेटे! हमको यह कलंक मत लगवाना। हम आपसे निवेदन करते हैं कि सम्पूर्ण संसार में जो विभीषिका के बादल...
- यही होता है ना?... हाँ, यही होता है। आप किसकी बात कह रहे थे? चिड़िया की, बाज की? नहीं बेटे! मैं तो सिद्ध पुरुषो...
- या ऐसे ही मेहरबानी चाहते हैं?... तो शान्ति आपको मिल जाएगी। क्यों साहब! नहीं आई तब? बेटे! शान्ति हमारे पास है। अपनी शान्ति में से एक ...
- या जिन्दा छोड़ेगा?... महाराज जी! आपको जिन्दा कैसे छोड़ दूँगा। जिन्दा छोड़ देने के लिए मैंने क्या यह भक्ति की है? अब तो आपकी ...
- या डुबकी लगाने वाला काम खत्म हो जायेगा?... क्या मोती तलाश करने वाली प्रक्रिया को हम समाप्त करेंगे? नहीं, समाप्त नहीं करेंगे।...
- या तो हनुमान् जी रहेंगे या रामचंद्र जी रहेंगे?... मैं तो लेकर के हटूँगा। भला ऐसे कैसे हो सकता है कि मैं हनुमान् चालीसा पढ़ूँगा और हनुमान् जी भाग जाएँ...
- या देवता आप पर अनुग्रह करते हैं या नहीं करते?... अनुग्रह की एक ही जान-पहचान है। पण्डित नेहरू जिन दिनों कांग्रेस के वालंटियर कोर के कप्तान थे, उन्होंने...
- या मुक्ति के लिए कुछ कर रहे हैं?... आपका क्या यही ख्याल है कि सिद्धियाँ और ऋद्धियाँ पाने के लिए हम तप कर रहे हैं? नहीं बेटे, यह तो हमन...
- या यही करने चले थे?... इसका परिणाम क्या होगा? कभी सोचा है कि यह दुनिया कैसे जिएगी? दुनिया के कायदे कैसे रहेंगे, दुनिया के न...
- या यों ही फालतू बैठे रहते हैं?... नहीं साहब! हम पूजा और सेवा दोनों करते हैं। हाँ भाई साहब! सेवा और पूजा का जोड़ा है। एक से ही गाड़ी नह...
- या हमने आपको जो बुलाया है, तो सम्मानपूर्वक नहीं बुलाया?... क्या बात है, जरा बताइए तो सही?"
उस ब्राह्मण ने एक बात कही—"आप हैं राजा और मैं हूँ ब्राह्मण। अगर ...
- युग क्या चाहता है?... देवशक्तियाँ क्या चाहती हैं? और भगवान क्या चाहते हैं? भगवान जो चाहते हैं, उस काम को करने के लिए हमा...
- युग निर्माण कब हो जाएगा?... क्यों तू क्या करना चाहता है? मुझे क्या पता कब तक हो जाएगा? मित्रो! क्या करना पड़ेगा कि जब परम्पराएँ इस...
- युग निर्माण के आदमी कौन?... जो सन्तों की परम्परा को जिन्दा रखने के लिए कमर बाँधकर खड़े हो गये, जो ब्राह्मण की परम्परा को जिन्दा ...
- युग बदल जाएगा?... जरूर बदल जाएगा। हमारे बिना भी बदल जाएगा? मैं आपको यकीन दिलाता हूँ कि आपके बिना भी बिलकुल बदल जाएगा। ...
- युगऋषि कहते हैं कि मनुष्य, अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ है, सृष्टि के नियंता की भूमिका में अपने को पाता है, क्यों?... इसका कारण यह है कि मनुष्य ज्ञानार्जन कर सकता है। ज्ञानार्जन के भी दो पहलू हैं—हमारी सामाजिक उन्नति ...
- युधिष्ठिर ने क्या कहा?... युधिष्ठिर ने कहा कि भगवन्! अभी हमारी समझ में नहीं आया है। अभी हम इस लायक नहीं बने कि आपके इस प्रश्न ...
- युवराज कौन होता है?... युवराज वो होता है, जो बाप का हाथ बँटाता है और बाप के कामों को अपने कन्धे पर उठाता है, युवराज उसी को क...
- यूपी गवर्नमेण्ट ने, केन्द्रीय गवर्नमेण्ट ने गुरुजी से यह कहा था कि आपने स्वतंत्रता संग्राम में कितना काम किया है?... आपने तो अपने इलाके में किसानों की सारी की सारी जो लगान थी, माफ करा दी थी, आपने इतना काम किया है।
आ...
- यूरोप में सब गोरे रंग के रहते हैं, पंजाब में और सीमाप्रांत में भी सब गोरे रंग के रहते हैं तो क्या ये सब देवता हैं?... नहीं बेटे! गोरी शकल से मेरा मतलब नहीं है। मेरा मतलब यह है कि जिनके विचार, जिनका व्यवहार, जिनके आचरण,...
- ये कौन कह रहा था?... सिनेमा वाला कह रहा था॥ उपासना नीरस, उबाऊ क्यों?— मित्रो! हमारे नाच में एक चीज का अभाव है, जिसको हम ...
- ये आ कैसे गए?... आपको मालूम है, कैसे आ गए? ये बेटे! अपने आप नहीं आए हैं। सही मानना, एक भी अपने आप नहीं आया। ये खींच-ख...
- ये आँसू कहाँ से आते हैं?... बेटे! ये आँसू वाल्मीकि की आँखों के आँसू हैं और ये क्रौंच पक्षी की आँखों के आँसू हैं, जो वाल्मीकि के ...
- ये आदमी कौन है?... आप गरीब हैं, सस्ता कपड़ा पहने हैं कोई हर्ज नहीं। आपका कपड़ा फट गया हो, तो भी कोई बात नहीं। साबुन आप ...
- ये आपका कोई लगता है?... हमारा कोई नहीं है। फिर क्या बात है? उसकी अपनी खूबसूरती है। आप भी अपनी खूबसूरती पैदा क्यों नहीं क...
- ये आपके कौन हैं?... ये हमारे जमाई हैं। जमाई को आप क्या देंगे? जमाई को मिठाई खिलायेंगे, चाय पिलायेंगे, काफी पिलायेंगे ...
- ये उदाहरण इस बात के प्रमाण हैं कि पारिवारिक जीवन में पुरुष और नारी दोनों की समानता होते हुए भी मुख्य भूमिका किसकी है?... यह तय करना हो तो ध्यान स्त्री पर अपने-आप केन्द्रित हो जाता है, क्योंकि अन्तरंग व्यवस्था से लेकर पारिवा...
- ये उदाहरण इस बात के प्रमाण हैं कि पारिवारिक जीवन में पुरुष और नारी, दोनों की समानता होते हुए भी मुख्य भूमिका किसकी है?... यह तय करना हो, तो ध्यान स्त्री पर अपने आप केन्द्रित हो जाता है; क्योंकि अन्तरंग व्यवस्था से लेकर पार...
- ये कदम क्या हैं?... इसमें चौबीस लाख घरों में, चौबीस लाख कुटुम्बों में एक-एक कुण्ड का छोटा-सा यज्ञ होगा। उसको पुरुष भ...
- ये कब पैदा हुईं?... ये बेटे! अभी जुलाई में पैदा हुई थीं। जुलाई में पैदा हुईं और जनवरी में एम० ए० हो गईं? नहीं साहब! माता...
- ये करेंगे तो आफत आ जाएगी और ये कैसे होगा?... इसका जो भय है, वास्तव में वही दिक्कत का कारण है। अगर आप आध्यात्मिक जीवन पर चलें, पंचशील का जीवन जिएँ...
- ये कर्मकाण्ड मैंने किए हैं, तो क्या कर्मकाण्डों के माध्यम से मुझे यहाँ तक पहुँचने का रास्ता मिल गया है?... उन्हें पाने का मौका मिल गया है? नहीं केवल छोटे से रास्ते से और केवल कुछ प्रयोग करने के तरीके से—जैसे...
- ये कहाँ से पैदा हुए?... ये मंत्रों से पैदा हुए। उसे किसने बोला था? शृंगी ऋषि ने बोला था।मित्रो! आहार-विहार के सम्बन्ध में ...
- ये कहाँ से लाए?... बेटा ! एक घण्टे रोज के हिसाब से इसका हमने संयम किया है। यह समय के संयम का प्रतिफल है।
काल और ...
- ये कहाँ से लाए?... " बच्चों ने कहा—"अपने माता-पिता के लिए लाए हैं। जब हम बड़े हो जाएँगे, तो आपको इन्हीं बरतनों में खाना...
- ये कहाँ हैं आपके?... इनमें से तो कोई कायस्थ है, कोई बनिया है। अरे बेटे! इसलिए कि इन्हें हम अपना मानते हैं, ये हमारे और हम...
- ये कामनाएँ कभी पूरी नहीं हो सकती?... हाँ बेटे! ये कभी पूरी नहीं हो सकतीं। जितनी तेरी कामनाएँ पूरी होती चली जाएँगी, उतनी ही उसी हिसाब से त...
- ये कितने के हैं?... चार सौ के हैं, पर अब सही हीरा बनने के लिए तैयार हो जाइए। फिर देखिए आपकी बोली कितने की लगेगी? करोड़ों...
- ये कितने घण्टे रहती है?... पाँच घण्टे। इसके बाद जो उन्नीस घण्टे रह जाते हैं, उसमें मेरे पास ऐसे-ऐसे लोग रहते हैं कि कभी आप किवाड़...
- ये कितने दाम की है?... गुरु जी ! ये तो ढाई पैसे की मालूम पड़ती है। इसमें सारा सामान अर्थात धूपबत्ती भी शामिल है, अक...
- ये किसका है?... एक अदृश्य सत्ता है, जिसके ऊपर हमारा भरोसा और विश्वास है। जिसने अब तक नैया पार लगाई है, वही लगा रही ह...
- ये किसकी किताब है?... बेटे ये लड़ाई की किताब है, झगड़े की किताब है, मार-काट की किताब है, हत्याखोरी की किताब है, खून बहाने ...
- ये किसकी मूर्ति बनाकर लाए?... भैरव जी की बनाकर लाए। भैरव जी का मुँह ऐसा क्यों है? अरे साहब! इनका मुँह तो ऐसा ही है। अच्छा ये देवी ...
- ये किसकी हिम्मत, किसकी दिलेरी थी किसकी बहादुरी थी?... उसकी थी, जो डाकू था और खूँखार था। जीवन्त बनाम मुरदे मित्रो! भगवान् जहाँ कहीं भी अपना अंश देता है, विभ...
- ये किसने कहा है?... गीताकार ने कहा है, उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्। अपने आपको उठाओ, अपने आपको गिराओ मत। अपने आप...
- ये किससे कर सकते हैं?... यह सिद्धियों की बात कह रहे हैं, समझदारों की बात कह रहे हैं कि हमारे भीतर जितनी विशेषताएँ हैं, उन्हें...
- ये कैबरे हाउस क्या होते हैं?... पहले औरतें वैसे नाचा करती थीं। अब उस साधारण नाच से आदमी का मनोरंजन नहीं होता, इसलिए उसे कैबरे डांस क...
- ये कैसी लक्ष्मी जी हैं?... ये तो बिरला के बराबर भी धनवान नहीं बना सकीं और टाटा के बराबर भी नहीं और मफतलाल के बराबर भी नहीं बना ...
- ये कैसी लक्ष्मी जी हैं?... बेटे! जैसी तैने माँगी थी, वैसी लक्ष्मी जी मैंने दे दी। नहीं साहब! हमको असली लक्ष्मी दीजिए और हमको बि...
- ये कैसी शिक्षा है?... यदि भगवान नहीं आया होता जीवन में तो तुलसीदास कैसे सक्षम होते, आप भक्तों का उद्धार करने में?
सन्त क...
- ये कैसे हो सकता है?... इसका सिद्धान्त कौन-सा है? ये मेथड कौन-सा है? अच्छा तो आप ऐसा कीजिए कि स्कूल में भरती हो जाइए। बी०...
- ये कैसे हो गए थे?... उन्होंने कौन-सा मंत्र जपा था? बगलामुखी का जपा था। बगलामुखी कैसी होती है? बगलामुखी ऐसी होती है.....। ...
- ये कैसे हो गया?... इतने लम्बे जीवन का आप हिसाब लगा लीजिए। मैं आपको हिसाब लगाकर बता सकता हूँ कि आदमी इतने लम्बे जीवन में प...
- ये कैसे हो सकता है?... बेटे, यह तेरे आँखों का राक्षस, आँखों का शैतान, आँखों का पशु और आँखों का पिशाच तेरे दिल दिमाग में छाय...
- ये कैसे हो सकता है?... इसके लिए छोटा-सा तरीका हमने बताया है और वह ज्ञानरथ है। झोला पुस्तकालय पहले वाला था। आप जाइए, सम्पर्क ...
- ये कैसे हो सकता है?... अच्छा तो आप ये किया कीजिए कि आप की भूख ठीक है और खुराक भी अच्छी है। हाँ! बिलकुल ठीक है। आप खाना ...
- ये कोई भगत हैं?... डाकू हैं। आप जहाँ कहीं भी जाइये, हर जगह आदमी को इतना स्वार्थी पायेंगे, जिसके लिए न कोई देवी बाकी रह ...
- ये कौन आ गये?... ये वो हैं जो गायत्री मन्दिर में अनुष्ठान कर रहे थे। ये स्वर्ग क्यों आ गये? इन्होंने स्वर्ग को भी नर...
- ये कौन कर रहा है?... भगवान कर रहा है। तो भगवान को गाली दें? नहीं, मैं गाली नहीं दे सकता, आप गाली दीजिए। तो फिर आप क्या कह...
- ये कौन कहता था?... डार्विन से लेकर फ्रॉयड तक ने यही बातें कहीं।
इनसानी जीवन तबाह हो जाएगा
मित्रो! अभी...
- ये कौन कहता है?... ये हमारी माँ कहती है। और बीबी कहती है कि आप रिश्वत लिया करें और हमारे लिए सोने की अँगूठी बनवा दें। ह...
- ये कौन जा रहे हैं?... हिप्पी साहब जा रहे हैं? क्या मामला है? आप ऐसे क्यों रहते हैं? इसलिए कि सब हमारी शक्ल देखें और कहें क...
- ये कौन थे?... सहायक थे, जो अवतार के सहायक के रूप में आये थे। गाँधी अकेले आये थे? अकेले नहीं आये थे। उनके साथ टीम आ...
- ये कौन बोल रहा है?... बेटे! ये भगवान बोल रहा है। जिन शब्दों में, जिस नीयत के साथ इस गुंबद में हम जो कुछ बोलते हैं वह लौटकर...
- ये कौन ले जाता है?... ये तीन चुडैलें जोर से पकड़ लेती हैं—एक हथकड़ी के रूप में, एक बेड़ी के रूप में और एक कमर के रस्से के ...
- ये कौन लोग थे?... इनको जवान आदमी कहते हैं। आज जब कम उम्र के व्यक्ति जरा-जरा बात पर निराशा की बात करते हैं, निराशा की ब...
- ये कौन से क्लास में पढ़ रहे हैं?... साइकोलॉजी में एम० ए० कर रहे हैं। साइकोलॉजी में कितने विद्यार्थी हैं? साहब ! दो विद्यार्थी हैं और...
- ये कौन से मन्दिर, भिन्न-भिन्न देवियों के मन्दिर गिर पड़ें तो आपको नाराजगी है?... नहीं बेटे, मुझे बहुत खुशी है। मनसा देवी, जो आपकी मनसाओं को, आपकी इच्छाओं को बिना कीमत चुकाए देना चाह...
- ये कौन से रस्से हैं, जिनने हमें बाँध रखा है?... हमारी एक जंजीर लोभ की है। हमारे जीवन की जरूरत बहुत थोड़ी है। जरा सा सामान चाहिए। उसमें हमारा मजे में...
- ये कौन है?... इसका नाम है जीभ। हकीम लुकमान सही कहते थे कि आदमी अपने मरने के लिए और दफन होने के लिए जो कब्र खोदता ह...
- ये कौन हैं?... ये भगवान् हैं। जब कभी एक ठिकाने पर ये हवा पैदा होती है, जिन आदर्शों को पैदा करने के लिए यह आँधी-...
- ये कौन हैं?... आ हा हा हा..... ये आए साहब। महन्त जी, ओ हो हो हो ..... अब इनको सुनो। अच्छा, तुम्हारी सुनो या गुरुजी क...
- ये कौन हैं?... धूर्त हैं, जो जनता को मूर्ख बनाते हैं।
मित्रो! क्या होता रहता है कि जनता का धन अनावश्यक कार्य...
- ये कौन हैं?... ठग हैं, जालसाज हैं। आपको हम गुरु बना लेंगे। आपने हमको गुरु बना दिया। हमें गुरु बना लेंगे तो आपका...
- ये कौन हैं?... ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया, कायस्थ कौन हैं? आपको मालूम नहीं, हमको मालूम है। आपको कैसे मालूम पड़ा? हमको त...
- ये कौन हैं?... ये हैं अकलमंद। कोई व्यापारी है, कोई दुकानदार है। ये सब अकलमंद हैं। मैं अकलमंदों की बात नहीं कहता।...
- ये कौन हैं?... भूत। ये कौन हैं? प्रेत। ये कौन हैं? डाकू। ये कौन हैं? हत्यारे। सब नीरस, सारी की सारी दुनिया नीरस—न म...
- ये कौन हैं?... चौबीस घण्टे समर्पित व्यक्ति हैं। इस तरह हजारों आदमी सात-आठ घण्टे की नौकरी कर रहे हैं। गुरुजी! लोग आपका...
- ये कौन हैं?... पार्वती जी बोलीं—ये हमारे पति हैं और कोढ़ी हो गए हैं। कोढ़ी होने की वजह से गंगास्नान के लिए इन्हें ह...
- ये कौन हैं?... दिशाशूल और योगिनी। जहाँ कहीं भी आप जाएँगे, ये दो साथ में जाएँगे। दिशाशूल कहाँ है—सामने और योगिनी—बाए...
- ये कौन हैं?... जिनके इतने टेलीग्राम रोज आ जाते हैं। उन्होंने मुझे तंजानिया में रोक लिया। दारेस्लाम पर मैंने देखा कि...
- ये कौन हैं?... बच्चे। अध्यात्म क्षेत्र में फरमाइश करने वाले ये कौन हैं? बिलकुल बच्चे हैं, बालक हैं। इनको इसी बात ...
- ये कौन-सी किताब ले आये गुरुजी?... आप तो पहले शान्ति की किताब ले आए थे, पर अब तो आप अशान्ति की किताब लाए हैं। शान्तिकुञ्ज में अशान्ति की क...
- ये कौन-सी खुशियाँ हैं?... ये चीजें मिलने की वजह से खुशियाँ होती हैं। ये खुशियाँ होती तो हैं, पर थोड़ी देर के लिए ही ठहरती हैं,...
- ये कौन-सी सभ्यता थी?... ये दैवीय सभ्यता थी, जिसने राक्षसों को परास्त किया। तो क्या रामचंद्र जी ने रावण को मार डाला था? बेटे,...
- ये क्या कर रहे हैं?... हम भगवान् से प्रार्थना करते हैं कि हे भगवान्! अगर इस संसार से कोई वर्ग नष्ट होना हो, तो सबसे पहले ...
- ये क्या पूजते हैं?... पीपल। ये क्या पूजते हैं? घूरा। बेवकूफ वे लोग हैं, नहीं, हम लोग उनसे ज्यादा बुद्धिमान हैं। महत्त्वप...
- ये क्या कर रहे हैं आप?... गुड्डे-गुड़ियों का खेल खेल रहे हैं। तो क्या इसी में से मिलेंगे चमत्कार? नहीं बेटे, इसमें से चमत्कार...
- ये क्या करते थे?... दोनों एक दूसरे को काटने की कोशिश करते थे और दूध छीनने को प्रयत्न करते थे। कछुआ भी ऐसे ही था। उसका एक...
- ये क्या किया आपने?... उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था। कंजूस व्यक्ति कहने लगा कि मैं अपने जीवन भर प्रयोगशाला बनाने का सपना...
- ये क्या चाहते हैं?... बेटे, हम धर्म को फिर से जीवन्त रखने के लिए एक प्रयत्न करने वाले हैं।
समर्थ गुरु रामदास से शिवाजी ...
- ये क्या चीज है?... ये बेटे! स्वाध्याय के प्रति तन्मयता है। ये क्या है? सरस्वती की पूजा है तो क्या आप सरस्वती के पुत्र ह...
- ये क्या चीज हैं?... यह क्या चक्कर है महाराज जी? बेटे, चक्कर यह है कि मन को सीमाबद्ध करने के लिए उसे इतने बड़े दायरे में ...
- ये क्या चीज हैं?... ये तो गुरुजी! सोने की तगड़ी है और क्या है? सोने का हार है। किसके लिए हैं? आपकी बहू के लिए हैं। त...
- ये क्या चीजें थीं?... गुण और पहले क्या माँगने आया था? दौलत। बाद में क्या माँगने लगे? गुण। मनुष्यों के ऊपर सन्त कभी कृपा करत...
- ये क्या पूजते हैं?... पत्थर। ये क्या पूजते हैं? पीपल। ये क्या पूजते हैं? घूरा। बेवकूफ वे लोग हैं, नहीं, हम लोग उनसे ज्...
- ये क्या बात है कि घसीटता भी लाता है और कोहनी भी मारता है?... यह ऐसा क्यों करता है? यह इसलिए करता है कि डूबने वाला इतना थका हुआ होता है कि जो कोई पार लगाने वाला ह...
- ये क्या बात है?... यही कि दैवी शक्तियाँ सहायता करती हैं। दैवी शक्तियों के नुमाइन्दे की हैसियत से मैं आप में से हरेक...
- ये क्या बात हो गई?... ये तो बिलकुल उलटा हो गया। हाँ बेटे हमारा ही क्या उलटा हो गया, तेरा भी उलटा हो गया। जब तू गोदी में ...
- ये क्या बीमारी है?... विनोबा क्या बला होता है? उसने पूछा-क्योंजी! विनोबा का आपने नाम सुना है? नहीं सुना। आप जानते हैं बिन...
- ये क्या हुआ?... ये तो बच्चों की परेशानी आ गई। बेटे तू तो यही कह रहा था न कि ब्याह होने से सुख मिलता है। ले ले, सुख क...
- ये क्या है?... सरस्वती की पूजा है तो क्या आप सरस्वती के पुत्र हैं? हाँ हम सरस्वती के पुत्र हैं, क्योंकि हमने स्वाध्...
- ये क्या है?... मैजिक है। कौन-सा? जो आप करते हैं। आपको जो सिखाया गया है, वो मैजिक सिखाया गया है, जादू सिखाया गया है,...
- ये क्या हैं?... देवता हैं। इनका नाम क्या है? इनका नाम है—हनुमान जी। हनुमान जी ऐसे होते हैं? हाँ बेटे! ऐसे होते हैं। ...
- ये क्या हैं?... ये बेटे ! कलेवर हैं। वास्तव में जो उपासना मैं करता रहा हूँ, वह ऐसी है जिसमें हमारा अन्त:करण भगवान के ...
- ये क्या हैं?... बेटे! प्रसन्नता जो होती है, उसको मुस्कान कहते हैं, खुशी कहते हैं, शान्ति कहते हैं, निश्चिंतता कहते है...
- ये क्या हैं?... बेटे, जैसे हम खड़े हुए हैं, उसी तरह हमारे पीछे एक भूत रहता है। गुरुजी! कैसा भूत रहता है? बेटे, अभी ...
- ये क्या हैं?... ये सिद्धान्त और आदर्श हैं। ये वरदान हैं। इनसे कम वरदान किसी को नहीं मिले और इनसे ज्यादा भी किसी को नह...
- ये क्या हो गया?... सभ्यता की शुरुआत हो गई। ये कौन-सी सभ्यता थी? ये दैवीय सभ्यता थी, जिसने राक्षसों को परास्त किया। तो क...
- ये क्या हो गया?... ये सिद्धि नंबर दो है। ये किसकी सिद्धि हो गई। ये बाहर की सिद्धि हुई। ईश्वर, जीव और प्रकृति तीन होते ह...
- ये क्या हो गया?... बेटे! कर्म करना हमारे हाथ में है, फेल या पास होना हम नहीं जानते। भविष्य का अध्ययन करना छोड़ दीजिए। भ...
- ये क्या होता है?... ये मैं किसकी कहानियाँ सुना रहा हूँ? मुरदे की। जिन्दा आदमियों की भी कह रहा हूँ। आपके जिम्मे मैं एक क...
- ये क्रियाएँ हैं और जनता में क्या कराना चाहिए?... जनता में हवन कराने चाहिए, सम्मेलन कराने चाहिए, त्यौहार-संस्कार कराने चाहिए।
क्रिया व विचार द...
- ये खराब आदत के बच्चे कहाँ से आ गए?... जब हम गहराई से देखते हैं तो पाते हैं कि यह दो महायुद्धों की वजह से जो वातावरण खराब हुआ था, उसका असर ...
- ये खाई कैसे जाएँगी?... अब यह भी समझ लीजिए। बताइए साहब! आपको पैदल चलना होगा और पैदल चलते-चलते जब आपके माथे पर पसीना निकलने ल...
- ये छप्पन लाख बाबाजी हराम की रोटी खा-खाकर कैसे मोटे हो गये हैं?... ये फोकट का माँगते हैं रोज और नम्बर दो वाला पैसा, ब्लैक वाला पैसा खा-खाकर कैसे मुस्टन्डे हो गये ह...
- ये जाहिल यह नहीं समझते हैं कि आखिर हम क्या कर रहे हैं?... औरतों के स्वास्थ्य को खराब कर रहे हैं। अपने ऊपर आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ा रहे हैं। बच्चों का ...
- ये जो सारी अकल बरसती है, वो आसमान से बरसकर हमारे दिमाग में घुस जाती है और पैसा कहाँ से बरसता है?... पैसा बेटे, आसमान से बरसता है और हमारी तिजोरी में घुस जाता है। इससे हम कहते हैं कि ठहरिए अभी तिजोरी ब...
- ये जो हमारे पूर्वजों की मूर्तियाँ यहाँ रखी हुई हैं, क्या उनकी शक्लें ऐसी ही थीं?... " पिता ने कहा—"हाँ बेटे! ऐसी ही थीं।" "क्या उनकी कलाइयाँ ऐसी मोटी थीं?" उसने कहा—"हाँ बेटे! ऐसी ही थ...
- ये ठीक हैं, लेकिन?... लेकिन तो हम भूल जाते हैं। एक किसान की जमीन में बहुत सारी फसल होती है और दूसरे की में फसल नहीं होती। ...
- ये ताऊ जी कौन थे और क्या बोलते थे?... वे कुत्ते की बोली बोलते थे, बिल्ली की बोली बोलते थे, गधे की बोली बोलते थे, घोड़े की बोली बोलते थे, भ...
- ये तीन यूनीवर्सल उपासनाएँ कौन-सी हैं?... एक है—'जप'। जप सारे यूनीवर्स में चलता है। आप मुसलमानों में जाइए, ईसाइयों में जाइए, बौद्धों म...
- ये तूने क्या बनाया?... हमारा कागज भी बरबाद कर दिया और रंग भी खराब कर दिया और ऐसे ही लकीरें बना लाया। नहीं बेटे, लकीर नहीं ब...
- ये तो कर्मकाण्डों का, विधि-विधानों का सवाल है?... है तो सही बेटे! कर्मकाण्डों का, विधि-विधानों का सारा का सारा ढाँचा या स्वरूप आपको सावधान रखने, सतर्कत...
- ये तो कितनों रुपयों की हो जाएगी?... आपके पास इतने रुपये कहाँ हैं। देख बेटे, मेरे पास छह हजार रुपये हैं। इतने से नहीं बनेगी, तो छह लाख ...
- ये तो जाने क्या कर सकते हैं?... ये बहुत कुछ कर सकते हैं। इनसे बहुत उम्मीद है।...
- ये तो नहीं चाहते कि हमारे पड़ोसी से हमें सहायता मिले?... नहीं ये नहीं चाहते वो क्या सहायता देगा। पड़ोसी से तो लड़ाई है हमारी, वो हमें सहायता नहीं देगा और किस...
- ये दस हजार कहाँ से आ गए, किसकी आवाज पर निकल पड़े?... बेटे, आप आवाज सुन करके ही आए हैं। शायद हमको कोई पुकारता-बुलाता है और यह कहता है कि यह सही समय आया है...
- ये दीपक यज्ञ होंगे, दीपक यज्ञ कैसी?... दीपक यज्ञ इस तरीके से कि आप एक थाली लें और पाँच जगह पाँच-पाँच धूपबत्तियाँ लगा लें। पाँच खंडों में ...
- ये दुष्ट काहे का राम-नाम लेंगे?... किसी राम का नाम नहीं लेंगे। जहाँ कहीं भी जाएँगे, इसी चक्कर में जाएँगे। कहाँ गए थे? साहब! मंशा देवी प...
- ये देखो, यह किसका शिष्य है?... यह उनका शिष्य है। धिक्कार है इसके लिए। ऐसे महान व्यक्तित्व के साथ जुड़ा व्यक्ति तब भी नीचे-का-नीचे र...
- ये देवता कौन से हैं?... ऐसे देवताओं का नाम, पता भी नहीं मालूम है। उनका स्थान भी मालूम नहीं है।...
- ये देवता हैं?... देवताओं ने अवतार लेकर के हमारा रूप बना लिया है और हमारे आँगन में खेल रहे हैं। और वे भगवान् के काम के...
- ये देवी के मन्दिरों में बैठे हैं?... ये सिर काटने के लिए और माल मारने के लिए बैठे हैं। अरे! ये कोई भगत हैं? डाकू हैं। आप जहाँ कहीं भी जाइ...
- ये दो राहें क्या हैं?... दो मंजिलें क्या हैं? दो कदम क्या हैं? योग क्या है? योग का अर्थ होता है जोड़ देना। किसको किसके साथ जो...
- ये दो हो गए रुकावट डालने वाले और तीसरा भगवान भी रुकावट डालता है, क्योंकि भगवान भी ऐसा भला आदमी कहाँ है?... वह भी यह देखता है कि पहले इस व्यक्ति का इम्तहान ले लो, ठोक-बजा लो।
टके की हाँडी हम खरीदते हैं, त...
- ये नसीहतें क्या हैं?... यज्ञाग्नि की, अग्नि की एक नसीहत यह है कि वह सदा प्रकाशवान बनी रहती है। कभी भी इसका प्रकाश बन्द नहीं ह...
- ये पाँच चीजें क्या हैं?... जल—एक, गंगाजल—दो, शक्कर—तीन, तुलसी का पत्ता—चार, चन्दन—पाँच। यह पंचामृत हो गया। कितने पैसे का? छदाम क...
- ये पाँच जुएँ क्या होते हैं?... ये पाँच बच्चे हैं। जुएँ और बच्चे की बात एक ही होती है—बिल्कुल एक ही बात। बच्चे हमारा बहिरंग जीवन है।...
- ये पाँच देवता कौन हो सकते हैं?... ये हैं आपके पंचकोश। पहला है—अन्नमय कोश। अन्नमय कोश के बारे में मैं कल भी आपको समझा चुका हूँ। अगर आप ...
- ये पाँच बच्चे कौन हैं?... अरे साहब! ये कोई बच्चे नहीं हैं। ये देवता हैं? देवताओं ने अवतार लेकर के हमारा रूप बना लिया है और हमा...
- ये बच्चे जब भीगते हुए आए हैं, यहाँ ऊपर तक आए हैं, तो मुझे जाने में क्या बात है?... मैं जरूर जाऊँगी। बेटे! आपको यहाँ पर जरूर दिक्कतें हुई हैं। भोजन के समय दिक्कतें हुई हैं, आपके ठहरने ...
- ये बहिरंग क्रियाकलाप अगर आपने धारण कर लिए हों और अन्तरंग योग एवं अन्तरंग तप आपके पास न आया हो, तो उसको मैं क्या कह सकता हूँ?... उसको मैं बहुरूपिया कहूँगा।...
- ये बात सही है, आवश्यक है?... नहीं बेटे! जरूरी नहीं है कि इन वजहों से ही आपका मस्तिष्क जलता रहता है। ये चीजें कतई जरूरी नहीं हैं। ...
- ये बिल्डिंग बन रही हैं, किससे बन रही हैं?... उन्हीं से बन रही है। लेकिन बेटे, वह सब कुछ नहीं होता। सब कुछ क्या होता है? वह होती है आपकी निष्ठा, आ...
- ये बीमारी, वो बीमारी—कितने साल से हैं?... पाँच साल से हैं। बवासीर इतने साल से, डायबिटीज इतने साल से, हार्ट की बीमारी इतने साल से है। अच्छा तो ...
- ये बेकार की बातें करने से क्या फायदा?... बातें करनी हैं तो काम की करो, नपी-तुली बातें करो, ताकि मेरा समय भी न खराब हो और तुम्हारा भी समय खराब...
- ये भावनाएँ किसने दी थी?... ये संस्कार किसने दिए थे? ये दिए थे उनकी माँ ने और पिता ने। दोनों ने लक्ष्मण को संस्कार दिए थे।
ब...
- ये भावनाएँ, ये संस्कार और ये सिद्धान्त, साहस कहाँ से आए?... वे सब माँ से ही आए।
माँ ने ही इस ढंग से लालन-पालन किया और शिक्षण भी माँ ने ही दिया। जीजाबाई ने श...
- ये भी कोई बात है क्या?... यह तो शरीर की सेवा हुई।
बच्चों के शरीर की सेवा ही काफी नहीं है, मन की सेवा आवश्यक है। मन की ख...
- ये भी भजन होता है कहीं?... हाँ साहब! सारे दिन यही भजन करता रहा, जिसकी वजह से बगीचा नष्ट हो गया। राजा ने कहा—"अच्छा इसको निकाल द...
- ये मंत्र और वो मंत्र, ये विधि-विधान कीजिए, लेकिन जाने क्यों यह भूल जाते हैं कि इन मंत्रों को, इन बाणों को जिस धनुष पर रखकर चलाया जाने वाला है, वह है कि नहीं?... कारतूस को जिस बन्दूक में रखकर चलाया जाने वाला है वह है कि नहीं है? बन्दूक की जरूरत को, महत्त्व को जो न...
- ये मेथड कौन-सा है?... अच्छा तो आप ऐसा कीजिए कि स्कूल में भरती हो जाइए। बी० ए० पास कर लीजिए, एम० ए० पास कर लीजिए। रोज छ...
- ये मैं किसकी कहानियाँ सुना रहा हूँ?... मुरदे की। जिन्दा आदमियों की भी कह रहा हूँ। आपके जिम्मे मैं एक काम सुपुर्द कर रहा हूँ कि जहाँ भी आ...
- ये मोटर कौन है, तुम्हारी मौसी है या रिश्तेदार?... कोई नहीं है। जब ये मोटर भागती है तो इसकी कशिश हमें खींचती है। रेत के कण, धूल, पत्ते इसके पीछे-पीछे भ...
- ये रीछ-बन्दर कौन थे?... वे देवता थे। इन देवताओं ने कहा? कि भगवान्! हम आपके साथ चलेंगे। उन्होंने अपना देवता का स्वरूप छोड़कर...
- ये लड़कियाँ क्यों करेंगी?... इन लड़कियों को क्या समझ रखा है? आपसे कहीं ज्यादा हैं? देख लो, अब राजीव गाँधी ने कल की घोषणा में कहा ...
- ये लोग कौन आ गये?... ये भक्त आ गये, गायत्री स्तवन करने वाले आ गये। यहाँ लोग मन्दिर के पीछे शौचालय की दीवारों पर पेशाब कर...
- ये लोग कौन कहलाते हैं?... ये लोग देवता कहलाते हैं। स्वर्ग में भी यही लोग रहते हैं और जमीन पर भी यही लोग रहते हैं। देने वाले का...
- ये शिकायतें सही हैं?... हाँ, शिकायतें तो बिलकुल सही हैं, लेकिन जवाब उससे भी ज्यादा सही हैं। आपने अपने अन्दर मुलायमियत क्यों प...
- ये शोध करेंगे?... नहीं बेटे! जो शोध नए विश्व को मिलने वाली है, वह पहले से ही बनी-बनाई तैयार रखी है। ये लोग तो उसको...
- ये संपदाएँ क्या हैं?... यह हमारा 'मैं' का एक छोटा-सा दायरा हमने हवा का भर दिया और वह बबूला अलग हो गया। किससे? पानी से अलग हो...
- ये संस्कार किसने दिए थे?... ये दिए थे उनकी माँ ने और पिता ने। दोनों ने लक्ष्मण को संस्कार दिए थे।
बुद्ध का पुत्र राहुल था। य...
- ये सब कैसे करता हूँ?... बेटे! मेरा समय बँधा हुआ है। नहीं महाराज जी! मैं तो जब मरजी होगी, मिलने के लिए आकर बैठ जाऊँगा। नहीं ब...
- ये सब कैसे स्वर्ग जाएँगे?... उन्होंने कहा—शंकर जी! आप मुझसे मजाक कर रहे हैं। ये सब स्वर्ग जाएँगे, तो इतने सब कहाँ समाएँगे? उन्हों...
- ये सब कैसे हुआ?... ये सब लड़कों के अपव्यय के कारण हुआ। लड़कों ने किसी अच्छे कार्य में उस धन को नहीं लगाया, जिससे उनका...
- ये सब कौन और क्या हैं?... ये भक्ति का स्वरूप हैं और दूसरा वह है जिसका मन शुद्ध, जिसके अन्दर दया, करुणा और सम्वेदना होती है, फिर ...
- ये सब क्या गड़बड़ हो गया है?... अर्जुन बेचारा तो कह रहा था कि हम तो चाय की कैन्टीन चलाएँगे और गुजारा करेंगे और चना-चिरवा बेचेंगे और ...
- ये सब चीजें क्या आप अकेले कर सकते हैं?... सबका सहकार चाहिए। आपको अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए एक सहकारी क्षेत्र चुनना पड़ेगा। उसे चुनने के बा...
- ये सब तेरे पीछे जो कुटुम्ब है, उसको खिलायेगा नहीं?... नहीं महाराज जी। तो क्या उन्हें मारेगा? नहीं साहब! बाँट करके खाऊँगा। हाँ बेटे, बाँटकर खाना अच्छा है। ...
- ये सब स्वर्ग जाएँगे, तो इतने सब कहाँ समाएँगे?... उन्होंने कहा—तुम्हें विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा—हाँ साहब! मुझे तो विश्वास नहीं है। लाखों व्यक्ति ...
- ये सब स्वर्ग जाएँगे?... उन्होंने कहा—हाँ। पार्वती! कहते तो ऐसा ही हैं कि ये सब स्वर्ग जाएँगे। ये सब कैसे स्वर्ग जाएँगे? उन्ह...
- ये सारा का सारा जो संचालन होगा, वो किससे होगा?... पैसे से ही होगा न। गाड़ियाँ किससे आएँगी?
बेटे! गाड़ियाँ और खरीदनी हैं। हमने जयपुर गाड़ियाँ भेज दी...
- ये सारे के सारे लोग कौन हैं?... ये कौन हैं? भूत। ये कौन हैं? प्रेत। ये कौन हैं? डाकू। ये कौन हैं? हत्यारे। सब नीरस, सारी की सारी दुन...
- ये सारे राजा मुझे मार डालेंगे कि एक अछूत राजगद्दी पर कैसे बैठ गया?... उस जमाने में सवर्ण गद्दी पर बैठ सकते थे, राजपूत बैठ सकते थे, पर अछूत नहीं बैठ सकते थे। आज तो कोई रुक...
- ये सिद्धान्त किनके हैं?... गुरुजी के हैं। वाणी अपनी अलग-अलग है। हमने अलग तरीके से कह दिया। कार्यकर्ता हमारे अलग तरीके से कहते ह...
- ये सिद्धियाँ और चमत्कार शरीर के हैं, तो इन्हें भगवान देगा?... हाँ बेटे, भगवान देगा, लेकिन भगवान का पूजन केवल वस्तुओं से नहीं हो सकता? गुणों और कर्मों के द्वारा हो...
- ये सुना दिया करें?... हाँ, भाई साहब! सुना दिया करिए। तो सुना देने से बिच्छू का दंश, साँप का दंश क्या अच्छा हो जाएगा? भूत भ...
- ये सुरसा कोई कम होने वाली है क्या?... आखिर में क्या करना पड़ा? ‘‘अति लघु रूप पवनसुत कीन्हा’’ बहुत छोटा सा रूप बना लिया-‘‘मसक समान रूप कपिधर...
- ये स्थिति किसकी कह रहा हूँ मैं?... बच्चों की कह रहा हूँ। उन व्यक्तियों की कह रहा हूँ जो अनुग्रह के ऊपर और मनुहार के ऊपर जिन्दा रहना चाहत...
- ये स्वर्ग क्यों आ गये?... इन्होंने स्वर्ग को भी नरक बना दिया। हम और आप जैसे मनुष्य यदि स्वर्ग लोक में भेजे जायँ, तो थोड़े दिन...
- ये हमारी कैसी मिट्टी पलीद कर रहे हैं?... शंकर जी बोले—देख लीजिए, आप ही कह रही थीं कि ये गंगा जी नहाने आए हैं। ये कोई गंगा नहाने नहीं आए, वरन ...
- ये हमारे दृष्टिकोण को परिष्कृत करते हैं और हमारे क्रिया-कलाप के बाबत दिशाएँ देते हैं, प्रेरणाएँ देते हैं कि हमारे जीवन का क्रिया-कलाप क्या होना चाहिए?... और हमारे सोचने का तरीका क्या होना चाहिए? ये सारे के सारे क्रिया-कलाप हमको इस दिशा पर ले जाते हैं, ता...
- ये हवाएँ क्या काम करती हैं?... ये हवाएँ यह काम करती हैं कि असंख्य मनुष्य उपकार में लगे दिखाई पड़ते हैं। गाँधी एक हवा थी, बुद्ध एक ...
- ये हाहाकार और चीत्कारें कानों में नहीं आ रही हैं?... उन्होंने उसके पौरुष को ललकारा और यह कहा कि जनखे! घर में बैठेगा? नहीं, तो फिर इन कौरवों से लड़? तेरे ...
- ये ही वैकुंठ में जाएँगे क्या?... भोलेनाथ! आपने तो मेरी भी दुर्गति करा दी। यह आपने क्या किया? उन्होंने कहा कि पार्वती अभी देखती चलो। य...
- ये हुआ कैसे?... असल में चक्कर क्या है? जिस भगवान के पास शक्ति के भंडार भरे पड़े हैं, जिसके पास प्यार के भंडार भर...
- योग क्या है?... योग—बेटे! दो चीजों को मिला देने को कहते हैं। योग मीन्स जोड़ना। जोड़ माने योग। फिर किसका किससे जोड़? प...
- योग और तप में क्या अन्तर है?... योग और तप की हम व्यावहारिक जीवन में व्याख्या करने लगें, तो हम इसे सभ्यता और संस्कृति कह सकते हैं। अब...
- योग का तरीका क्या हो सकता है?... वह तरीका एक ही हो सकता है—तप। वेल्डिंग किस तरीके से की जाती है, आपमें से कोई इसका जानकार तो जरूर होग...
- योग का पहला क्रियाकलाप क्या है?... गन्दगी की सफाई कर देना और गन्दगी को दूर करना। आप केवल शरीर की सफाई कर लेंगे, तो काम नहीं चलेगा। आपने न...
- योग किसको कहते हैं?... समर्पण को कहते हैं। उस योग को सिखाने के लिए हमने स्वर्ण जयंती साधना वर्ष में 'सोऽहम्' की उपासना के ऊ...
- योग किसे कहते हैं और तप किसे कहते हैं?... चलिए हमें इसे आपको समझाना चाहिए और यह समझाना चाहिए कि क्रिया, जो शरीर से सम्बन्धित की जाती है, यहाँ ...
- योग किसे कहते हैं?... बेटे! योग क्रियाओं का नाम नहीं है। इसे मैं तुझे समझाऊँगा, बार-बार समझाऊँगा और हजार बार समझाऊँगा। ये ...
- योग किसे कहते हैं?... बेटे! घुला देने को योग कहते हैं। घुला देना किसे कहते हैं? घुला देना यह है कि आदमी अपनी हस्ती को भगवा...
- योग की व्याख्या कीजिए?... योग की व्याख्या है—ध्यानयोग। ध्यानयोग के बहुत से तरीके हैं। इनमें से थोड़े-थोड़े तरीके हम आपको सिखात...
- योग के नाम पर और क्या करता है?... गुरुजी! योग के नाम पर एक स्वामी जी ने बताया था कि कपड़े की रस्सी खा जाया कर, उसे पेट में ले जाया कर...
- योग क्या है?... योग का अर्थ होता है जोड़ देना। किसको किसके साथ जोड़ देना? जीव को ब्रह्म के साथ जोड़ना, क्षुद्रता को ...
- योग क्या हो सकता है?... योग तो गुरुजी! उसे कहते हैं—नेति, धैति, वस्ति आदि को। अच्छा बेटे, यह तो बताओ कि योग का अर्थ है— भग...
- योग क्या होता है?... मूलतः भावनात्मक होता है। भावनात्मक योग को पूरा करने के लिए हम आपको खेल-खिलौने भी कई बार खिलाते हैं। ...
- योग क्या होता है?... बेटे! घुला देना, मिला देने का नाम योग है। जब हम किसी के साथ किसी को घुला देते हैं तो योग हो जाता है।...
- योग क्या होता है?... योग कहते हैं बेटे, दो चीजों को मिला देने को। दो और दो का योग क्या होता है? चार। इसका क्या मतलब हुआ? ...
- योग में क्या आता है?... ध्यान आता है। ध्यान की असंख्य प्रक्रियाएँ आती हैं। ध्यान की असंख्य प्रक्रियाओं में से प्रत्येक को हम...
- योगा कर रहे हैं?... अरे बाबा! इस योग में यह क्या हुआ? वह योग तो शरीर का हुआ। शरीर को उल्टा कर रहा है। इससे क्या फायदा ...
- योगाभ्यास करती हैं?... हाँ मेरा योगाभ्यास यह है कि मैं समझती हूँ कि मेरा जो काम पड़ा हुआ है, उसे मैं अपना उत्तरदायित्व समझ...
- योगिनी हूँ, तू समझता क्या है?... बाबा जी बैठे रहे। जब वह अपने पति की सेवा करके आई, तो भिक्षा दिया। उन्होंने भिक्षा तो ले ली, पर ए...
- रंग से क्या मतलब हैं?... भगवान का नाम नहीं भी सही, चलिए मैं तो अब यह भी कहता हूँ। तो भी आपका धुला हुआ कपड़ा इतना शानदार, इतन...
- रंग-रूप को तलाश करेंगे न?... आखिर आपको क्या हो गया है? मैं यह पूछता हूँ कि आपको क्या हुआ?
मित्रो! परिवार एक शालीनता की निशानी...
- रक्त आपको दूध के रूप में पिला दिया हो, उसके एहसान का क्या ठिकाना?... काश! कभी आपने उस माँ को एहसान की दृष्टि से देखा होता, तो आपको मालूम होता कि देवता और कहीं नहीं हैं...
- रक्त कैसा होता है?... शरीर विज्ञान किसे कहते हैं? किडनी कैसी होती है? शरीर के अंग-प्रत्यंग जानने के लिए, उनके क्रिया-कलाप ...
- रखवाली कैसे करता है?... भाई साहब! यह सब बातें हम पीछे बतायेंगे, पहले हमको यह बताने दीजिए कि किसान को और माली को जमीन की जर...
- रखवाली का इंतजाम किया?... नहीं साहब! रखवाली का तो इंतजाम नहीं किया है। तो मैं बताए देता हूँ कि जब फल आएँगे तो उन पर चिड़ियाँ आ...
- रमणी का वह अंग, जिसको कि नहीं देखना चाहिए, उसको दिखाने वाला चित्रकार अगर आज का कलाकार है, तो हम नहीं जानते कि फिर घटिया व्यक्ति किसे कहेंगे?... कलाकार साधक बनें, मार्गदर्शक बनें
यही बात गायकों-वादकों और अभिनय करने वालों के बारे में भी ल...
- रस कौन है?... हमारी जीवात्मा है, जो रस से भरी पड़ी है। आनन्द के अलावा इसमें और कुछ है ही नहीं। अच्छा महाराज जी! आ...
- रस क्या है?... भगवान है। रस कौन है? हमारी जीवात्मा है, जो रस से भरी पड़ी है। आनन्द के अलावा इसमें और कुछ है ही न...
- रसिया वाले वहम में हैं?... नहीं हैं। चाइना वाले वहम में हैं? नहीं हैं। जर्मनी वाले वहम में हैं? वो भी नहीं हैं। दूसरे वाले भी व...
- रहने दे, गुरुजी तो साथ रहते हैं, ऐसा कैसे समझता है?... वास्तव में हैं भी। वास्तव में हम समझते हैं कि हम गुरुजी से जुड़े हैं, पर आपको कुछ त्याग करना पड़ेगा।...
- राई की नोंक के बराबर क्या है?... राई की नोंक के बराबर यह है कि यह एक शिक्षण है और पहाड़ के बराबर इसलिए है कि इन शिक्षणों को आप स्वीका...
- राक्षस कितना बड़ा था?... समझ लीजिए छत के बराबर रहा होगा। और भीम? छोटा सा ही था। भीम लड़ने के लिए चला गया। महाभारत की कथा के अन...
- राक्षस कितने जबरदस्त हैं?... इनसे लोहा कौन लेगा? संस्कृति की सीता को वापस लाने का काम कठिन मालूम पड़ता है। अब वह कहाँ चली गई? वह ...
- राक्षस की कोई आकृति नहीं होती?... नहीं बेटे! आकृति कोई नहीं है, प्रकृति होती है। राक्षस वैसे ही होने सम्भव हैं, जैसे आप और हम।
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- राक्षस कैसा होता है?... राक्षस ऐसा होता है, जैसे कि समधी होता है। समधी कैसा होता है? समधी ऐसा होता है, जो दहेज के बिना शादी-...
- राक्षस कैसे होते हैं?... जिनके दाँत बड़े-बड़े होते हैं। हमारे पिताजी के दाँत बड़े-बड़े हैं तो क्या वे राक्षस हैं? नहीं बेटे! ...
- राक्षस हमसे अगर यह कहेंगे कि आप अपनी चाल बदल लीजिए तो हम क्या करेंगे?... इसलिए मनुष्यों की चालाकी को देखकर देवताओं ने यह समझा कि यदि हम मनुष्यों के शरीर में प्रवेश कर जाएँ त...
- राक्षस हमारा क्या करेगा?... राक्षस माने, हमारी परिस्थितियाँ, जिनमें हम उलझते हुए चले जाते हैं मकड़ी की तरह। मकड़ी जो होती है वह ...
- राक्षस हमारी जमीन छीन लेंगे तो हम क्या करेंगे?... राक्षस हमसे अगर यह कहेंगे कि आप अपनी चाल बदल लीजिए तो हम क्या करेंगे? इसलिए मनुष्यों की चालाकी को दे...
- राक्षसों की शक्ल कैसी होती है?... काली होती है। क्यों साहब दक्षिण भारत के लोग तो काले होते हैं, फिर ये सब राक्षस हैं? नहीं बेटे! ये रा...
- राजनीति क्या है?... समाज क्या है? नागरिक कर्तव्य क्या है? आजीविका उपार्जन कैसे करना चाहिए? अर्थशास्त्र क्या है? आदि बात...
- राजसत्ता का सुख, वैभव, मजा और लोभ-प्रलोभन क्या है?... इससे उन्होंने अपने आपको सदैव दूर ही रखा। तो क्या राजनीति की कोई सेवा नहीं की हनुमान जी ने? भला ह...
- राजसत्ता की शक्ति कितनी बड़ी है और वह क्या कर सकती है?... इसे देखना हो तो जर्मनी में पिछले दिनों हिटलर की शासन सत्ता को देख सकते हैं। उसने सारी की सारी शिक्...
- राजहंस कैसे होते हैं?... राजहंस पर कहीं भी काला निशान नहीं होता। जो हँस तालाबों में पाये जाते हैं, उन पर निशान होते हैं। उन...
- राजहंस खाते क्या हैं?... बेटे वे मोती खाते हैं, कीड़े नहीं खाते। क्यों साहब! यह राज हँस की खासियत है? हाँ बेटे, यह राजहंस की...
- राजा कर्ण के बारे में सुना है?... राजा कर्ण रोज सवा मन सोने का दान करते थे और मैं आपसे कहता हूँ कि विचारशील व्यक्ति सवा मन ज्ञान का दा...
- राजा जनक के संवाद में एक प्रसंग आता है कि एक व्यक्ति ने उनसे पूछा कि सबसे बड़ा सन्त कौन है?... उन्होंने कहा कि रैक्यमुनि। रैक्य कौन है? एक गाड़ीवान है, जो बैलगाड़ी चलाकर अपना गुजारा करता है। हमने उ...
- राजा ने उसको बहुत सारा धन दिया और कहा—"तू तो साधारण किसान है न?... " उसने कहा—"हाँ, मैं किसान हूँ।" उन्होंने कहा—"तेरी पूर्ति नहीं हो पाती होगी, सो यह धन ले जा?" रैक्य...
- राजा ने कहा-गुरुजी आप यहाँ कैसे, आप तो हमारे गुरु हैं?... आइये इस बग्घी में बैठ जाइये। लालाजी यह सब देख रहे थे। उन्होंने आरती उतारी, सवारी आगे बढ़ गयी। थोड़ी ...
- राजा ने कहा—यह कैसे सम्भव है?... उन्होंने कहा—यह बात इसलिए सम्भव है कि हममें से हर आदमी खूब मेहनत करता है। बीमारियाँ आती हैं औ...
- राजा ने सोचा—हँस और हँसिनी जो बात कर रहे हैं, मेरा और इसका मुकाबला कहाँ?... राजा ने उसको बहुत सारा धन दिया और कहा—"तू तो साधारण किसान है न?" उसने कहा—"हाँ, मैं किसान हूँ।" उन्ह...
- राजा परीक्षित विचार करने लगे कि कथा व्यास जी से कहलवाएँ या किसी और से?... उन्होंने कहा कि व्यास जी से नहीं, शुकदेव जी से कथा कहलवाऊँगा? शुकदेव जी कौन है? व्यास जी के बेटे हैं...
- राजा परीक्षित विचार करने लगे कि मनुष्य के जीवन का उपयोग करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?... विचार करने पर एक ही बात समझ में आई कि मनुष्य का मन, मनुष्य की अन्तरात्मा इतनी महान और इतनी विशाल है क...
- राजा साहब ने उन्हें पास बिठा लिया और कहा—आप अच्छे तो हैं?... कोई कष्ट हो तो बताना। दोनों बात कर रहे थे और सेठ जी की हवा खराब हो रही थी। उस जमाने में राजा साहब क...
- राजा हर्षवर्धन अफगानिस्तान के थे और अरब देशों तक उनका राज्य था और कहाँ-कहाँ था?... इंडोनेशिया तक आप चले जाइए। बर्मा से लेकर के जावा तक चले जाइए।
पुरानी स्थिति देखते चले जाइए। पुरा...
- राज्य बिक गया सो?... हमने छीला है, तराशा है आपको
मित्रो ! इसमें कोई हर्ज की बात नहीं है। हीरा, जो कच्चा आता है, ...
- रात के बाद जब दिन आ सकता है, तो खराब और गंदे जमाने के बाद अच्छा समय क्यों नहीं आयेगा?... यह तर्क, यह दलील हमको कहती है। भविष्य की आशाएँ हमको कहती हैं, प्रकृति का चक्र हमको बताता है। हर चि...
- रात को जिसको बढ़िया वाली गहरी नींद आती है और जिसको यह पता रहता है कि कल रोटी हमें अवश्य मिलने वाली है, तो फिर कल की चिन्ता करने की क्या जरूरत है?... हमको परेशान रहने की क्या जरूरत है और हमको निराश रहने की क्या जरूरत है। यह सारी की सारी व्यवस्थाएँ ...
- रात को ठंढ लगे तब?... ठंढ लगे तो ओढ़ लिया कर माला को। नहीं, भगवान तो माला खाकर चुप रह जाते हैं। अच्छा भगवान के हिस्से में ...
- रात को डैडी नहीं आये थे?... हाँ बेटे आये थे और सबेरे ऑफिस चले गये। समय सबके पास रहता है। गप्पें हाँकने के लिए समय है, सिनेमा देख...
- रात भर कौन बैठेगा आपके पास, दो-दो घण्टे सिर कौन फोड़ेगा?... आप उनके पास किस तरीके से रहेंगे? वे अपना काम छोड़ करके आपके पास कैसे आएँगे? इसलिए एक ही तरीका है सत्...
- रात में भगवान् को दिखाई न पड़े, बात कुछ समझ में आती है; लेकिन क्या दिन में भी दिखाई नहीं पड़ता?... दिन में भगवान् के आगे दीपक जलाने की क्या जरूरत है? इसकी जरूरत नहीं है। कौन कहता है कि दीपक जलाइए ...
- राबिया ने कहा, पानी पर ही क्यों?... पानी को तो मछली, मेढक गंदे करते रहते हैं। राबिया ने अपना मुसल्ला उठाया और हवा में फेंक दिया। मुसल्...
- राम अकेले अगर रावण को मार सकते, तो उन्होंने वहीं से क्यों नहीं मार दिया?... नहीं साहब, अकेले राम नहीं मार सकते थे। हाँ, बेटे, अकेले नहीं मार सकते थे। उन्हें रीछों की सेना लेन...
- राम और कृष्ण दोनों के दोनों, जिनका चरित्र हम आपको पढ़ाने वाले हैं, जिनकी शिक्षाएँ हम आपको देने वाले हैं और जिनके हम अनुयायी बनाने वाले हैं और आपको जिनका अनुचर बनाने वाले हैं, वे कौन हो सकते हैं?... वे बहादुर हो सकते हैं। क्षत्रिय से मतलब हमारा जाति-बिरादरी से नहीं हैं। जाति-बिरादरी का मैं कायल नही...
- राम का नाम और राम का काम—दोनों का क्या सम्बन्ध है?... देखें—
सहज राम को नाम है, कठिन राम को काम।
करत राम को काम जो, पड़त राम से काम॥
राम का क...
- राम का नाम लेना क्या मुश्किल है?... जब हम सबेरे गार्डन में घूमने जाते हैं, तो सबेरे ही राम नाम का कीर्तन शुरू हो जाता है। रेडियो का बटन ...
- राम का नाम सिद्ध होता है कि नहीं होता?... हनुमान का नाम सिद्ध होता है कि नहीं होता। चरित्रनिष्ठा और व्यक्तित्व परिष्कार का दें शिक्षण आपने त...
- राम की भावना होगी, तो राम के साथ कैसे व्यवहार किया जाय?... राम हमारे घर पर आएँ, तो राम की पूजा किस तरीके से करें? कैसे व्यवहार करें? उसके लिए आपको विचार करना ह...
- राम के नाम का तो तोते भी उच्चारण कर लेते हैं, पर उससे उनका कल्याण होता है क्या?... तोतेरटन का नाम नहीं है ईश्वरविश्वास मित्रो! तोते को मैंने ऐसा सुन्दर गायत्री मंत्र बोलते हुए देखा है...
- राम के नाम से कहीं किसी का पाप दूर हुआ है?... पाप दूर करने के बाद में राम का नाम लिया जाय, तो वह सार्थक हो जायेगा। असली सिद्धान्त यही है, जो मैं...
- राम को भगवान क्यों कहते हैं?... कृष्ण को भगवान क्यों कहते हैं?
बेटे! इसलिए कहते हैं कि अपने स्वार्थ को त्याग करके वे परमार्थ में ...
- राम नाम लेने के बाद में, राम का भजन करने के बाद में वे ऋषि हुए थे कि नहीं हुए थे अथवा उसी तरह के घटिया आदमी बने हुए थे?... जिनके-जिनके नाम आपने अभी लिए हैं, उनका हवाला दीजिए और यह बताइए कि जो राम-नाम जप करते थे और उनके मंत्...
- राम हमारे घर पर आएँ, तो राम की पूजा किस तरीके से करें?... कैसे व्यवहार करें? उसके लिए आपको विचार करना होगा। रामराज की दुकान पर गरमागरम मलाईदार दूध मिलता है। ब...
- राम हैं, तो क्या वे राम जिनका मैं भजन करती हूँ?... उत्तर मिला हाँ, हम वही राम हैं जिनका आप भजन करती हैं।तो आज आप यहाँ मेरे दरवाजे पर कैसे आ गये? राम ...
- राम-नाम लेने से मुक्ति हो सकती है?... मुक्ति हो भी सकती है और नहीं भी हो सकती है तथा राम-नाम लेने से नरक में भी जा सकते हैं। कैसे? जैसे कि...
- राम-राम से हमारा क्या हो जाता है?... राम का नाम सरल है पर राम का काम कठिन है। वाल्मीकि ने कहा कि मैं राम का कठिन काम भी करूँगा और राम का ...
- राम-राम, यह क्या कह रहे हैं—आप भगवान के बारे में?... सच कहता हूँ। उसने कहा कि हमारी मीरा मरेगी, तो हमको भी मरना चाहिए। आपने पतिव्रता स्त्रियों के बारे मे...
- रामकृष्ण परमहंस की आँखों ने वहाँ से देखा और कहा कि स्वयं के लिए, अपने लिए, विलासिता के लिए मेरी शक्ति से लोगों को प्रभावित और चमत्कृत करेगा?... उसके द्वारा जो लोगों में श्रद्धा उत्पन्न होगी, तो तू उससे अपने लिए लाभ उठाएगा? अच्छा, ठहर, अभी तुझे ...
- रामकृष्ण परमहंस के पास पैसा था?... ईसामसीह के पास पैसा था? किसके पास पैसा था? पैसा डाकुओं के पास है, चोरों के पास है, नेताओं के पास ह...
- रामकृष्ण परमहंस विवेकानन्द के पास गये थे?... वे कहते थे कि तू क्या करेगा-नौकरी करेगा? अरे हमारा काम हर्ज हो रहा है और तू नौकरी के फेर में पड़ा...
- रामचंद्र जी अवतार थे?... हाँ, अवतार थे। अवतार कोई अकेला आता है? कोई अवतार कभी अकेला नहीं आता। निन्यानवे आदमी साथ में आते हैं ...
- रामचंद्र जी की कितनी कलायें थीं?... बारह थीं। कलायें कितनी होती हैं। बेटे, पहले जमाने में एक रुपये के चौंसठ पैसे होते थे, तो चौंसठ कला...
- रामचंद्र जी जब आए थे, तब?... तब वे अकेले नहीं आए थे। निन्यानवे आदमी साथ में आए थे। रामचंद्र जी अवतार थे? हाँ, अवतार थे। अवतार कोई...
- रामचंद्र जी ने कहा कि राजगद्दी क्या होती है?... इससे तो वनवास बेहतरीन है। इनसान को क्या चाहिए? पैसा चाहिए, विलासिता चाहिए, नौकरी में तरक्की चाहिए, प...
- रामचंद्र जी पर, दो बार ऐसी मुसीबत क्यों आई?... कौशल्या ने कहा कि स्वयंभू मनु और शतरूपा रानी के रूप में हमने लम्बे समय तक तप किया था और कहा था कि भगव...
- रामचंद्र जी महाराज को आप ऐसा दूध देंगे?... नहीं, आप ऐसा दूध नहीं दे सकते। जब आपको सारे विश्व में भगवान दिखाई पड़ेगा, जब आपको सारे समय भगवान दिखा...
- रामचंद्र जी हमारे पास आएँगे?... आपके पास नहीं आएँगे। क्यों नहीं आएँगे? इसलिए नहीं आएँगे कि तुलसीदास जी ने राम के नाम को ग्रहण करने क...
- रामचन्द्र जी कहाँ से पैदा हुए?... यज्ञ से पैदा हुए। लक्ष्मण यज्ञ से पैदा हुए, भरत-शत्रुघ्न यज्ञ से पैदा हुए। जिन लोगों के जीवन यज्ञ से...
- रामचन्द्र जी का बुढ़ापे वाला कोई फोटो खरीदकर तो लाना?... नहीं साहब! उनके फोटो तो बिना मूँछ के हैं जो अठारह साल के मालूम पड़ते हैं। अच्छा तो श्रीकृष्ण भगवान का...
- रामचन्द्र जी की औरत कहाँ चली गई?... जंगल में चली गई और वहीं बच्चों का जन्म हुआ। मित्रो! आखिर में बूढ़े होने के बाद में रामचन्द्र जी क...
- रामचन्द्र जी के कहाँ हैं इतने मन्दिर?... रामचन्द्र जी के मन्दिर में तो भोग कैसा भी लगे, किन्तु हनुमान जी को लड्डू का भोग लगता है। उनके खानदान ...
- रामचन्द्र जी के पास सुख कहा था?... वे तो दुःख ही दुःख में रहे। अच्छा, तो महाराज जी! मैं श्रीकृष्ण भगवान का जप करूँगा? कर ले बेटे, त...
- रामचन्द्र जी ने कहा—तो फिर बताइये इसके लिए क्या किया जाय?... उन्होंने कहा—यहाँ कैसे बताऊँ, इसके लिए तो उपयुक्त वातावरण में चलना पड़ेगा। यहाँ ऐसा वातावरण कहाँ है?...
- रामबादशाह कैसे थे?... लंगोटी लगाने वाले बादशाह थे। क्या लंगोटी लगाने वाले भी बादशाह होते हैं? हाँ होते हैं।...
- रामराज्य किसने स्थापित किया था?... छप्पर फाड़ करके रामराज्य गिरा था या पोटली में बाँध करके देवता रख गए थे। गुरुजी रामराज्य कौन-सी तारीख ...
- रामायण की जीवात्मा वहाँ है, जबकि हम रामचंद्र जी के उपदेश का परिपालन और रामचंद्र जी की भक्ति किस तरीके से की जा सकती है?... इसके लिए हनुमान जैसे कदम उठाने के लिए, भरत जैसे कदम उठाने के लिए और अंगद जैसे कदम उठाने के लिए ह...
- रामायण पर व्याख्यान देने वालों का क्या कहना?... जहाँ कहीं भी हम जाते हैं अचम्भे से दंग रह जाते हैं। और तो और छोटी-छोटी छोकरियाँ अब ऐसे बोलने में ...
- रामायण में और क्या है?... रामायण को अगर आपने गौर से नहीं पढ़ा है और आपने रामायण का केवल पाठ करना सीखा है, तो काम चलने वाला नह...
- रामायण में क्या लिखा है, गीता में क्या लिखा है, भागवत् में क्या लिखा है?... इन सबके सार के रूप में हमारे गुरुजी ने तीन चीजें निकाल कर रखी हैं। आपने हलवाई की दुकान देखी है? हल...
- रामायण में यही कहा गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा सुखी आदमी कौन है?... सबसे ज्यादा सुखी आदमी वह है, जिसको डरना नहीं है—‘‘सकल करम करि थकेउ गोसाईं। भये न सुखी अभय की नाईं॥...
- रामायण सुना दीजिए?... हम रामायण सुना देंगे। क्या थी रामायण की कथा? सुनिए—रामचंद्र जी थे और उनके तीन भाई थे। एक बाप था, जिस...
- रामेश्वरम् ने कहा कि मैंने देखा कि मेरी मुसीबत देख करके कोई सन्त पिघलता है क्या?... घड़े के घड़े जल भरे हुए काँवड़ लेकर लोग रामेश्वरम् के लिए चले जा रहे हैं और अपने स्वर्ग प्राप्ति एवं मु...
- रावण कितना जबरदस्त है?... राक्षस कितने जबरदस्त हैं? इनसे लोहा कौन लेगा? संस्कृति की सीता को वापस लाने का काम कठिन मालूम पड़ता ...
- रावण की इस सभ्यता और संस्कृति में देवसंस्कृति के पक्षधरों को यह विचार करना पड़ा कि इसका प्रतिरोध कैसे किया जाएगा?... इसकी रोकथाम कैसे की जाएगी? सन्तुलन कैसे बिठाया जाएगा? भगवान् ने भी यह प्रतिज्ञा कर रखी थी कि हम धर्म ...
- रावण के कितने थे?... एक लाख पूत-सवा लाख नाती और देख हमारे तो एक लाख पूत ही हैं। इस तरह अखण्ड ज्योति के ग्राहक ही ग्राहक ह...
- रावण को इतने तीर किसने मारे?... इतने छेद किसने कर दिए? इतने सुराख इसमें कैसे हो गए? किस तरीके से इन सूराखों से खून बह रहा है। आप...
- रावण को उखाड़ करके विभीषण की स्थापना करने की भूमिका किसने निभाई?... हनुमान ने, नल-नील, अंगद और जामवन्त ने निभाई। यदि वे इस बात का झगड़ा करते कि हमको मिनिस्टर बना दीजिय...
- रावण ने कहा कि पक्षी तू पागल हो गया है क्या?... तलवार तेरे पास नहीं, बन्दूक तेरे पास नहीं, तू मेरा मुकाबला कैसे करेगा? उसने कहा कि मैं तुम्हारा मुक...
- रावण ने कहा, आपके पास ताकत कहाँ है?... तलवार कहाँ है? गीध ने कहा, नहीं सही, पर हमारे पास जान तो है और न्याय के लिए, आदर्श के लिए, धर्म के ल...
- रावण भिखारी क्यों बना?... रावण के दरवाजे पर तो अनेक भिखारी पड़े रहते थे। उसे क्यों बनना पड़ा और यह भी इधर- उधर देखकर के, कि ...
- रावण मारा गया, कुंभकरण मारा गया, खर-दूषण मारे गए, मेघनाद मारा गया?... उसके खानदान वाले मारे गए? हाँ गुरुदेव! लेकिन तुझे एक बात का ध्यान नहीं है कि सारे के सारे वातावरण मे...
- रावण से मैं लड़ नहीं सकता हूँ तो क्या?... अनीति के विरुद्ध संघर्ष तो कर ही सकता हूँ। वह अपने घोसले में से निकला और रावण से लड़ने लगा।...
- रावण से लड़े बिना काम चला?... दुर्योधन से लड़े बिना काम चला? कंस से लड़े बिना कहीं काम चला? लड़ाई मोहब्बत की है, या कैसी है? हिंस...
- राष्ट्र का भी कुछ हमारे ऊपर उत्तरदायित्व है?... हमारी कोई जिम्मेदारी है क्या?
जिम्मेदारी निभाइए
बेटे! हमने तीन बातों का आह्वान किया और यह कहा कि म...
- रास्ता खोज लिया न?... उस पर जो मर्यादा लगी हुई थी कि झूठ नहीं बोलना चाहिए, आपने अपनी अकलमन्दी से उसे खतम कर दिया। आपकी अक...
- रास्ता पता नहीं था कि कहाँ, किधर जाएँ, कहाँ पानी पिएँ?... हम घुप्प अँधेरे में पड़े थे। आपने दीपक जला दिया, बहुत मेहरबानी आपकी। अब आप दीपक जलाने का वरदान लीजिए...
- रास्ता सही रखेंगे, पर जप कैसे करेंगे?... भाई साहब! ऐसी गलती मत कीजिए। जहाँ जाना चाहते हैं, उधर की ओर मुँह कीजिए, उधर की ओर ही देखिए। उसी का त...
- रास्ते में क्या हुआ?... एक गधा रास्ते में पड़ा पैर पीट रहा था।
सन्त तुकाराम ने पूछा—गधे। तुझे क्या हो गया? गधे ने कहा—महारा...
- रिक्शे में चले जाइये?... नहीं साहब! हम तो मोटर में सफर करेंगे।गुरुजी! हमने पैसा कमा लिया है। तो किसको देंगे? पड़ोस में जो बुढ़ि...
- रिटायर्ड होंगे तब?... तब हम दूना काम करेंगे। पहले हमें कमाने की फिक्र थी, इसलिए रोटी कमानी पड़ती थी। अब तो रोटी के लिए पें...
- रिश्तेदारी करने के बाद मनुष्य क्या पा सकता है?... बेटे, मैं कुछ कह नहीं सकता। उदाहरण मैंने बीसियों बार छापे हैं। रामकृष्ण परमहंस और विवेकानन्द का किस्...
- रिश्तेदारों को क्यों मिलना चाहिए?... जवाब दीजिए। नहीं साहब! बेटे को मिलना चाहिए। बेटे को क्यों मिलना चाहिए? जवाब दीजिए। समाज को जब आवश्यक...
- रिश्वतखोरी रुक गयी?... मिलावट रुक गया। बताइये एक भी पाप रुक गया हो तो जबकि सारे के सारे कानून बने हुए हैं। कानून इनसान के...
- रिश्वतखोरों, जमाखोरों और भ्रष्टाचारियों को आप जानते हैं ना?... वे कौन हैं? ये सब वे आदमी हैं जो आज की सुख-सुविधाओं को ध्यान देते हैं और यह भूल जाते हैं कि हमारा भव...
- रीछ और वानर कौन थे?... वे देवता थे और उन्होंने यह संकल्प लिया था कि भगवान राम के काम में हम हाथ बँटाएँगे, हम हिस्सा बँटाएँग...
- रुद्र किसे कहते हैं?... भयंकर को रुद्र कहते हैं। भयंकर किसे कहते हैं? जल्लाद को। जल्लाद किसे कहते हैं? जल्लाद उसे कहते हैं...
- रुद्र कैसे होते हैं?... जो हण्टर मारते हैं और खाल उखाड़ डालते हैं। अरे, ये भक्तवत्सल हैं कि जल्लाद हैं? आपने देखा नहीं है। श्...
- रुद्राक्ष की जपते हैं, चन्दन की लकड़ी की, तुलसी की माला से जपते हैं?... हमने किसी की नहीं जपी है। हमने एक ही माला जपी है और वह यह कि अपनी जिन्दगी को इस कदर धोया है धोबी की ...
- रुद्राक्ष की माला से क्या भगवान को मुहब्बत हो सकती है?... हाँ साहब! भगवान जी तो ऐसे हैं, जो रुद्राक्ष की माला देखकर के फूलकर के कुप्पा हो जाते हैं। अच्छा, ऐसी...
- रेडियो किस नंबर पर लगा हुआ है?... कहाँ से बोल रहा है? साहब! सीलोन से बोल रहा है। महाराज जी! सीलोन वाला तो बड़े गंदे गाने सुनाता है। हा...
- रेपिटिशन क्या है?... जैसे हम मिट्टी लेते हैं और हाथ धोते हैं। अरे साहब! यह क्या कर रहे हैं आप? बेटे! हम हाथ माँज रहे हैं,...
- रेल की चाबी फोकट में आती है?... हट, फोकट में नहीं, साढ़े तीन रुपये में लाए हैं। बच्चा समझता था कि ये फोकट का है। तू भी तो पागल है। स...
- रैक्य कौन है?... एक गाड़ीवान है, जो बैलगाड़ी चलाकर अपना गुजारा करता है। हमने उसे ब्रह्मज्ञानी के रूप में पाया। गाड़ी चला...
- रैदास कहाँ तक पढ़े थे?... कहीं तक नहीं पढ़े थे, फिर भी उन्होंने भगवान का काम किया कि नहीं? वे भगवान से जुड़े थे, इसीलिए सराहे ...
- रो पड़ा कि अब जब यह जिन्दगी खत्म होगी, तब मुझे कहाँ जाना पड़ेगा?... किन योनियों में जाना पड़ेगा, न जाने कहाँ-कहाँ जाना पड़ेगा? कितना कष्ट उठाना पड़ेगा। यह मैंने मौत के ...
- रोकथाम नहीं करेगा?... नहीं महाराज जी! रोकथाम नहीं करूँगा। रोकथाम कर बेटे, रोकथाम करेगा, तो तेरे लिए काम आयेगा। तेरी आँखो...
- रोज अपने आपसे सवाल पूछना कि अपने लोभ और मोह के लिए कोई अनावश्यक शक्तियाँ तो खर्च नहीं होतीं?... सत्संग के लिए आपकी शक्तियाँ खर्च होती हों, तो मैं आपको आशीर्वाद देता हूँ और आपको इजाजत देता हूँ कि...
- रोज कितने ऑपरेशन हो जाते हैं?... डॉक्टर ने कहा—हमारे यहाँ तो कोई ऑपरेशन नहीं होता, कोई मरीज नहीं आता। राजा डॉक्टर पर झल्लाये और ब...
- रोज या महीने भर बाद?... अरे महीने भर बाद, साल भर बाद नहीं—रोज। महाराज जी! शाखा की ओर से करने को कह रहे हैं या अपने घर की ओर ...
- रोजाना कितने का खर्च आएगा?... अरे बेटे! इसमें क्या रखा है? चम्मच से पानी डाल दिया कर, ४-६ चावल के दाने डाल दिया कर, एक धूपबत्ती ज...
- रोटी के बाद हमको तो मालूम नहीं कि हमारी क्या जरूरत है?... अच्छा आप सिनेमा वाले के पास जाइये और यह पूछकर आइए कि क्यों भाई साहब! आप बता दीजिए कि हमारी जरूरतें क...
- रोटी के लिए बेईमानी करने की क्या जरूरत है?... ऊँचे उद्देश्यों के लिए है मनुष्य का जीवन
मित्रो! मनुष्य को यदि यह विश्वास रहा होता कि जब हम माँ क...
- रोटी खा लेते हैं, कपड़ा पहन लेते हैं, यही क्या कम है?... ज्यादा के लिए क्या सोचना? ज्यादा की बात सोचेगा तो चपत पड़ेगी। इंसान रोटी खा सकता है, कपड़े पहन सकता ...
- रोटी तो देर-सबेर मिल ही जाती है, फिर आपके यहाँ क्यों खाएँगे?... अच्छा जब न हो तो आप हमारे यहाँ खाइए। आपकी बड़ी कृपा है, आपने पूछ लिया यही क्या कम है। आप खा लीजिए। आ...
- रोटी भगवान् ने आपको नहीं दी है?... आप इज्जत वाले हैं, स्वाभिमानी हैं। आपसे कोई कहे खाना खा लें, हाँ साहब खाना खाकर आ रहे हैं। नहीं साहब...
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- रोम-रोम में व्याप्त हो रही है, न मालूम पैरों में पहिए लगा देती है कि न जाने क्या कर देती है?... जाने हृदय में क्या रख देती है कि रात-दिन मालूम नहीं पड़ता है कि रात और दिन यह कहाँ निकल गया और किधर ...
- रोयेगी, तो मैं तुझे धमकाऊँगा कि तू ऐसे क्यों रोती है?... दूसरे की चीज के लिए रोती है। पराई चीज के लिए रोया जाता है क्या? दो महीने पहन लिए, अब जेवर दे दे,...
- रोली, जिसे हम रोज मस्तक में लगाते हैं और इन्हीं भावनाओं में बहते हुए चले जाते हैं और हमारी उपासना न जाने क्या से क्या हमें दे जाती है?... मित्रो! जब मैं पूजा पाठ करता हूँ, तो इतना हलका फील करता हूँ कि आप जानते नहीं। भावनाओं के प्रवाह, भ...
- रोशनी किससे होती है?... जलने से होती है। जलने का अर्थ क्या हो गया? 'तपाना' हो गया। बेटे! ये सारी की सारी चीजें इस बात को सिख...
- रोशनी कैसे पैदा करते हैं?... जैसे प्रकाश-स्तंभ बीच समुद्र में जलते रहते हैं और जल करके निकलने वाले राहगीरों को, चलने वाली नावों क...
- लंगूर कैसा होता है?... कैसे बनाया? उन्होंने लंगूर ऐसे बनाया कि उस बच्चे के शरीर पर शीरा पोत दिया। शीरा जानते हैं, किससे बनत...
- लंगूर को क्या हुआ?... उसे उठाकर ले गए और पंखा झलने लगे। लंगूर बेहोश हो गया। अब क्या करें, उसे पानी पिलाया, फिर भी होश में ...
- लंबाई बताने लगें, तो पागल हो जाओगे कैसे?... एक सेकेण्ड में एक लाख छियासी हजार मील यानि कि तीन लाख किलोमीटर प्रकाश भागता है। अब हिसाब लगा लीजिए। ...
- लम्बे पैर कर लें, लम्बी टाँग कर लें, इधर बैठ जाएँ, उधर घूम लें तो?... नहीं भाई साहब! आप ऐसा नहीं कर सकते हैं। जरा कसिए तो सही अपने शरीर को। कड़क तो कीजिए। जरा दबाव तो डाल...
- लम्बे वाले प्लान के लिए क्या करना पड़ेगा?... जलता हुआ दीपक जहाँ भी जाएगा, वहाँ प्रकाश पैदा करेगा। जिसके पास व्यक्तित्व है, ऐसा व्यक्तित्व सम्पन्न ...
- लकवा कैसा होता है?... शरीर में लकवा हो जाता है, तो हाथ ऐंठ जाते हैं, पैर काम करना कम कर देते हैं। क्या हो गया? लकवा हो गया...
- लकीर के फकीर बने ही रहेंगे?... नहीं, ऐसा तो होता ही था, ऐसा ही करना चाहिए। नहीं, ऐसा नहीं करना चाहिए।
प्रगतिशील विचार रखें
हम प...
- लकीर पीटने से किसी को क्या मिला है?... कुछ नहीं। लकीर पीटने के हिसाब से घर का कोई काम करते रहें, तो बेटे! क्या मिलने वाला है? कुछ सफलता नही...
- लक्ष्मण का क्या हुआ?... सारे-का-सारे खानदान किस तरीके से बदलता हुआ चला गया। नसीहत दीजिए, उपदेश कीजिए, दूसरों को आप कुछ मत कह...
- लक्ष्मण जी गए रावण के पास और कहने लगे कि हम आपसे राजनीति पढ़ना चाहते हैं और जीवन के विकास करने की कला को हम आपसे सीखना चाहते हैं?... रावण चुप हो गया, कोई जवाब नहीं दिया। लक्ष्मण जी वापस रामचंद्र जी के पास आए और कहने लगे कि रावण तो बड...
- लक्ष्मण जी ने पूछा—तो अब क्या करना चाहिए?... उन्होंने कहा—थोड़ा सा समय बाकी है—लक्ष्मण! तुम उसके पास जाओ और यह पूछो कि हमको भौतिक जीवन में उन्नति...
- लक्ष्मण ने राम से कहा आप यह क्या कर रहे हैं?... उस अछूत कन्या के हाथ से बेर खा रहे हैं। राम ने कहा—मैं तो भक्त की भावनाएँ खा रहा हूँ। उसकी भक्ति के ...
- लक्ष्मी जी की पूजा करते-करते कितने वर्ष हो गये?... हमने चालीस दीवाली पूजी हैं। अच्छा, तो रुपया आया तेरे पास? नहीं महाराज जी! हम तो गरीब के गरीब ही रह...
- लक्ष्मी जी कहाँ रहती हैं?... लक्ष्मी जी आदमी की कलाइयों में रहती हैं, भुजाओं में रहती हैं। आदमी के परिश्रम में रहती हैं, आदमी क...
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- लक्ष्मी जी किसकी बनी है?... दोनों तरफ हाथी बैठे हैं और बीच में लक्ष्मी जी बैठी हैं। दोनों हाथी लक्ष्मी जी के ऊपर पानी चढ़ा रहे ह...
- लक्ष्मी जी किसकी बनी हैं?... दोनों तरफ हाथी बैठे हैं और बीच में लक्ष्मी जी बैठी हैं। दोनों हाथी लक्ष्मी जी के ऊपर पानी चढ़ा रहे ह...
- लक्ष्मी जी ने तुझे छुआ?... नहीं तो। किसी भगवान ने छुआ? गायत्री ने छुआ? नहीं, अगर छुआ होता तो बेटा तू सोना हो जाता, पारस हो जाता...
- लक्ष्मी जी से आपका यही मतलब है न?... हाँ साहब! यही मतलब है। आपकी परिभाषा यही है कि बिना परिश्रम किये, बिना योग्यता के जो धन मिल जाता है...
- लक्ष्मी जी से क्या मतलब है?... लक्ष्मी जी से मतलब है-जुआ। लक्ष्मी जी से मतलब है-सट्टा। लक्ष्मी जी का मतलब है-लॉटरी। लक्ष्मी जी का...
- लक्ष्मीनारायण जी का आप तो जप करते हैं, फिर भी उन्होंने एक पैसे का भी फायदा नहीं दिया?... पुजारी क्यों है खाली हाथ?
मित्रो! आपको यह बात समझ में क्यों नहीं आती कि जो पुजारी मन्दिर में ...
- लक्ष्य आप किसे कहते हैं?... इष्ट या लक्ष्य उसको कहते हैं कि हमको बनना क्या है? हमें क्या बनना चाहिए? इसके लिए हमने कई तरह के ठप्...
- लक्ष्य की प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए?... और किस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए? देवपूजन प्रत्येक आध्यात्मिक उपासना का दूसरा वाला चरण है। हमने बहुत ...
- लक्ष्य कैसे पूरा हो सकता है?... लक्ष्य को पूरा कौन करता है? आत्मा को भगवान की शक्तियाँ कहाँ से मिलती हैं? आत्मा क्या होती है? इस पर ...
- लक्ष्य को कैसे पूरा करेगी?... यह तो अपने आप को ही सफाया कर देगी। इसलिए जीवन को परिष्कृत करना आवश्यक है। हमारे जीवन में कौन-कौन से ...
- लक्ष्य को पूरा कौन करता है?... आत्मा को भगवान की शक्तियाँ कहाँ से मिलती हैं? आत्मा क्या होती है? इस पर विचार करना चाहिए। हमारी चेतन...
- लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमको किस प्रकार की गतिविधियाँ अपनानी चाहिए?... लेकिन पीछे क्या कर दिया गया कि देवता, जो इष्ट के रूप में बनाए गए थे, उनके साथ में हमने सांसारिक मनुष...
- लक्ष्य क्या है?... जो भी आपका लक्ष्य है, जो कुछ भी आपको बनना है, उसके लिए एक- एक शक्लें बना दी गयीं हैं। आपको पराक्रम...
- लक्ष्य विशेष का मतलब यह है कि बन्दूक कहाँ चलाई जाएगी और कहाँ मारी जाएगी?... इसका निशाना कहाँ लगेगा? कोई निशाना भी तो होना चाहिए। नहीं साहब! निशाने की क्या आवश्यकता, हम तो यों ह...
- लक्ष्य विशेष से क्या मतलब है?... लक्ष्य विशेष का मतलब यह है कि बन्दूक कहाँ चलाई जाएगी और कहाँ मारी जाएगी? इसका निशाना कहाँ लगेगा? कोई ...
- लक्ष्य से क्या मतलब है?... लक्ष्य से यह मतलब है कि आपको जाना कहाँ है और बनना क्या है? आपके सामने कोई नक्शा तो होना...
- लखपत बाबू ने कहा जिन्होंने ये किताबें लिखी हैं, वे हमारे गुरुजी हैं, उनको बुला दें तो?... हाँ साहब, बुला दीजिए। तो आप अपनी दुकानें बन्द रखेंगे और आचार्य जी के साथ में रहेंगे? हाँ साहब, रहेंगे...
- लगभग दस लाख इसमें भी लगा है और यह गायत्री नगर, जो अभी बनने वाला है, इसमें गुरुजी, कितना पड़ेगा?... बेटे, इसमें तो बहुत ज्यादा लगेगा। दस लाख से काम चल जाएगा? नहीं; दस लाख से काम नहीं चलेगा, क्योंकि इस...
- लगेगा किसके पास?... आपका भगवान कौन है? कोई आपका रिश्तेदार है भगवान? साला है? भगवान आपका कोई नहीं है। भगवान तो आपके ल...
- लच्छेदार बात करने वालों और लम्बी-चौड़ी गप्पें हाँकनेवालों, रामायण की कहानियाँ कहने वालों और भागवत् की कहानियाँ कहने वालों और सतयुग की कहानियाँ कहने वालों की कमी है क्या?... बरसात के मेढकों के तरीके से इसकी बाढ़ सी आ गयी है। आज सन्तों की, सत्संगियों की और बाबा जी की कथाओं क...
- लड़कियों को काहे की आवश्यकता है?... इनको आवश्यकता है भावनाओं की और श्रद्धा की। इनको भावनात्मक दृष्टि से आप ऊँचा उठाइए। आगे बढ़ने का अवसर...
- लम्बे-चौड़े तिलक लगाए हैं, फिर क्यों ऐसा कर रहे हैं?... उनने कहा—यदि थोड़ी भी भक्ति इनमें रही होती, तो इनका जीवन पवित्र गंगा की तरह निर्मल रहा होता। इनमें भ...
- लहरें उठती हैं?... हाँ! ज्वार-भाटा कैसा होता है? जैसे लहरें उठती हैं। बच्चा समझ गया। उसने अन्दाजा लगा लिया कि शायद ऐसा ...
- लाखों की संख्या में कहूँ या करोड़ की संख्या में कह दूँ तो क्या अतिशयोक्ति है?... जितने यज्ञ हुए हैं, उनमें ज्यादातर मैंने सुना है कि दो-दो लाख की उपस्थिति हुई है, तो ये कितने हो गए?...
- लाखों पाठक मेरा इंतजार करते रहते हैं कि पहली तारीख तक गुरुजी ने क्या कहा होगा?... जो कुछ भी मैं सोच पाता हूँ, नयी बात जान पाता हूँ, तुरन्त निकाल देता हूँ और खाली हो जाता हूँ। व्याख्...
- लाखों वर्षों में जब मनुष्य जाति के भाग्य का फैसला न हो सका तो क्या अगले सौ वर्षों में होगा?... तब या तो दुनिया मर जाएगी या जिन्दा रहेगी या फिर पूरी तरह से हमारा सफाया हो जाएगा या फिर सौ वर्ष के बा...
- लात खाकर के भगवान तिलमिलाकर उठ बैठे और उन्होंने कहा—आप कहाँ से पधारे हो?... उन्होंने कहा—हम ब्राह्मण हैं और हम उद्बोधन करते हैं। भगवान कहाँ सो गया? उन्होंने भगवान विष्णु के सीन...
- लाभ कहाँ है?... कल्याण को देखने की दृष्टि अगर हमारी पैदा हो जाए, तो हम यह कह सकते हैं कि हमने शिव भगवान के नाम का ...
- लाभ क्या होंगे?...
मित्रो! यह जो पुरश्चरण हो रहा है, उससे क्या फायदा होगा? पुरश्चरण से कई फायदे होंगे। एक फायदा ...
- लाभ से क्या मतलब है?... लाभ से मतलब है पैसा और दूसरा मतलब है—हमारी ताकत। तीसरा है—हमारी शोहरत। पैसा एक, ताकत दो और शोहरत-सम्...
- लाल झंडी में क्या ताकत होती है?... बेटे, हम कोई बात नहीं कहते। वह एक इशारा है-लाल रंग का इशारा, हरे रंग का इशारा। &nb...
- लाल मिर्च को जला देने से क्या हो गयी?... वह सर्वत्र सूक्ष्म रूप में फैल गयी। सामाजिक सुव्यवस्था की पद्धति है यज्ञ मित्रो! घी का हवन करने पर क...
- लाल-लाल आँखें लेकर आ जाता है और लड़ने के लिए उतारू हो जाता है और आप भी चाहें तो भगवान से लड़ने के लिए उतारू हो सकते हैं कि आप हमारी इस जिन्दगी के कौन होते हैं?... हमारी मेहनत का फल आप क्यों नहीं देते? आप भगवान से लड़ सकते हैं। लेकिन आप ज्यों ही दीन होते हैं, गिड़...
- लालाजी के या पण्डित जी के?... पण्डित जी के क्यों? क्योंकि वह बड़ा होता है। ज्ञान बड़ा होता है और धन कमजोर होता है। इसलिए सुख की जो ...
- लाशों को ढो-ढोकर हम कहाँ डालेंगे?... सड़े हुए बदबूदार आदमियों को हम कहाँ कन्धे पर लिए फिरेंगे? मित्रो! इनको हम बैकुंठ का रास्ता कैसे दिखा...
- लिंग से क्या मतलब है?... नर और नारी से है। नर और नारी दोनों की समता होगी। हम जो विश्वक्रान्ति करने वाले हैं और जो विश्वमाता का...
- लिक्विड नौसादर से छींक आती होगी?... नहीं बेटे! छींक नहीं आती। उनके कन्सन्ट्रेशन ही ऐसे होते हैं, जो नुकसान नहीं करते हैं। मित्रो! दु...
- लिखने के लिए बैठे तो उन्होंने कहा कि इतना महान कार्य करने से पूर्व हमको भगवान की प्रार्थना करनी चाहिए?... कौन से भगवान की प्रार्थना करनी चाहिए? शंकर-पार्वती याद आ गए। उन्होंने कहा—मैं शंकर-पार्वती का ध्यान ...
- लिखी हैं तो कोई आपका स्टेनो है?... नहीं बेटे! हमारा कोई स्टेनो नहीं है। कोई पी० ए० है आपका? नहीं, कोई पी० ए० नहीं है। आप ही लिखते हैं? ...
- लिफाफा कैसा होता है?... लिफाफा ऐसा होता है बेटे कि जब बच्चा पैदा होने वाला होता है तो उसकी माँ कई चीजें बनाकर रख लेती है। यह...
- लीजिए हम लाते हैं पानी, आप पियेंगे कि नहीं?... नहीं साहब! नहीं पियेंगे! क्यों? क्योंकि आज निर्जला एकादशी है। बेटे! इससे क्या मतलब है आपका? इच्छ...
- लुटेरों को नहीं मिलता, कसाइयों को नहीं मिलता, तो हमें क्या मिलेगा?... कर्म फल के बारे में जिस आदमी को अविश्वास है, वह नास्तिक है। जिस आदमी को यह विश्वास नहीं है कि कोई ...
- ले खा, कैसे खाएगी?... कैसे पकड़ेगी? मित्रो ! मनुष्य की तृष्णाओं का कोई अन्त नहीं हो सकता। उनको कोई पूरा नहीं कर सकता और मैं...
- ले जाओ, लेकिन आप लेंगे किसमें?... पात्र कहाँ है। हाथ में लेंगे। ठीक है, हाथ में ले लीजिए। क्या हुआ? उँगलियों के बीच के सूराख में स...
- लेंगे-ही-लेंगे, तो अगले जन्म में तू कौन बनेगा?... अगले जन्म में रहने दे, मैं कुछ नहीं कहती कि क्या बनेगा? पर अगले जन्म में तुम गधे बनो और हम तुम्हें च...
- लेकिन जब हम जीवन को एक सुलझे हुए एवं सही दृष्टिकोण से देखना शुरू करते हैं, तो मालूम पड़ता है कि हमारे बराबर सुखी, समृद्ध और समुन्नत और कौन है?... कहाँ है सुख? मित्रो! जब हम अपने से पिछड़े एवं गुजरे हुए लोगों की ओर आँख उठाकर देखते हैं, तो मालूम ह...
- लेकिन यह किसकी करती है?... यह ब्राह्मण की मनोकामना पूरी करती है। मैंने यह छापा था, लेकिन जब मैं लोगों से यह कहने लगा कि इसमें...
- लेकिन अगर कोई इसे देगा तो मैले कमंडल में कैसे देगा?... मैला कमंडल कैसा है? जैसा तू है—भीतर से भी मैला और बाहर से भी मैला। पहले इसे धो करके ला, ताकि तुझे को...
- लेकिन अगर कोई गलत बात मानने के लिए कही जाती है तब?... तब पिता का कहना प्रधान नहीं है। तब कहना चाहिए कि मैं गलत बात नहीं मानूँगा। गलत बात कहता है और पिता...
- लेकिन अगर बिना विश्वास के साथ भजन हो, तो उसका क्या मूल्य रह जाता है?... महाराज जी! विश्वास क्या होता है और भजन क्या होता है? बेटे, दोनों में जमीन आसमान का फरक है। जमीन-आसमा...
- लेकिन अच्छी सेहत पानी है तो कौन दे सकता है?... आप दे सकते हैं, आपके अलावा और कोई नहीं दे सकता। आपके अलावा कोई मरीज नहीं है और न आपके अलावा दुनिया क...
- लेकिन अब जो मिलते हैं एकाध आदमी, अधिकाँश तो मर गये, दो- चार आदमी ही रह गये हैं जब कभी वे मिलते हैं?... तो हम पूछते हैं कि क्यों भाई साहब! आप तो कहते थे कि करम पकड़ करके रोयेगा, दुःख पायेगा, भूखों मरेग...
- लेकिन आप बताइये कि किसी पक्षी पर, जिस बेचारे का वजन नहीं के बराबर है, उसके ऊपर आदमी कैसे बैठ पायेगा?... बैठना मुश्किल है; क्योंकि उसकी लम्बाई-चौड़ाई इतनी नहीं है। उसकी पीठ भी छोटी-सी है। ऐसी स्थिति में इ...
- लेकिन आम्रपाली नरक को गई थी क्या?... नहीं नरक को नहीं गयी थी। भगवान् बुद्ध की शरण में आयी तो उनके पास जो कुछ था पैसा था सब भगवान् को सु...
- लेकिन इतना पैसा कमाने के बाद भी, इतना यश पाने के बाद भी, इतने लोगों को अपना गुलाम बनाने के बाद भी वह छोकरी इतनी हैरान रही कि ऐसी जिन्दगी हम कैसे व्यतीत कर सकते हैं?... इस तरह की जिन्दगी हम नहीं जी सकते हैं। ऐसी जिन्दगी जीना अब हमारे लिए मुश्किल है। उसने नींद की गोलि...
- लेकिन इस अकल का, इस दौलत का हम क्या करें, इस ताकत का हम क्या करें, इस औलाद का हम क्या करें?... जिसके ऊपर समझदारी का अंकुश नहीं है। समझदारी का नियंत्रण नहीं है। समझदारी का नियंत्रण न होने से आग मे...
- लेकिन इसके लिए भी तैयार रहिए कि आपने जिस लड़की की शादी की है, लड़का नकारा निकल गया तब?... चोर निकल गया तब? दुष्ट निकल गया तब? तब उसके लिए भी तैयार रहिए। लड़की को भी पहले से इस बात के लिए आगा...
- लेकिन एक दिन मैंने भगवान जी से पूछा कि इंसान से आपकी भी तो कुछ आवश्यकताएँ नहीं हैं?... उन्होंने कहा कि ‘हाँ। इन्सान से हमारी भी कुछ माँगें हैं।’ क्या माँगें हैं? उन्होंने कहा-‘जिस दिन आ...
- लेकिन कल की बात?... कल का तो पता नहीं नहीं। बुढ़ापे में क्या होगा? क्या हमें कुछ पता है? मरने के बाद क्या होगा? पता ह...
- लेकिन क्या आप समझते हैं कि धर्म और अध्यात्म के निष्ठावान लोग नहीं हैं?... हैं, पर हम उनको तलाश नहीं कर पाते। उनको हमारी बात नहीं मालूम है। मेले में जो बच्चा खो जाता है, वह ...
- लेकिन क्या किया जाय?... लोगों ने पिछले दिनों हमको गलत बातें बता दीं, गलत नियम सिखा दिये कि पूजा- उपासना के खेल जैसे कर्मका...
- लेकिन क्या तेरा कलेजा इतना कठोर है कि जहाँ करुणा की आवश्यकता है, दया की आवश्यकता है, पीड़ा-पतन निवारण की आवश्यकता है और जहाँ देश और सारा का सारा मानव समाज कराह रहा है, उसके लिए तू खर्च नहीं कर सकता?... दृष्टिकोण के परिष्कार से बनते हैं आप्तकाम मित्रो! अगर आपके जीवन में भक्ति आयेगी, तो पैसा ठहर नहीं सक...
- लेकिन क्या यह हमारी असली पहचान है?... नहीं, हमारी यह असली पहचान नहीं है। हमारी असली पहचान वह है, जिसमें हम जादूगर नहीं है, बाजीगर नहीं ह...
- लेकिन क्या ये चलेगा?... चल तो सकता है, पर वहाँ तक शोभा नहीं देता, जहाँ तक आदमी स्वयं में समर्थ हो। जैसे बच्चा, बच्चा क्या कर...
- लेकिन क्या हो गया?... चाइना से बौद्ध धर्म का सफाया हो गया। वहाँ अब कोई धर्म नहीं है-न हिन्दू धर्म है, न मुसलमान धर्म है,...
- लेकिन गुरु ने हमको कितना दिया है?... गायत्री तपोभूमि बनाने के लिए हमारे गुरु ने हुक्म दिया था, तो हमने कहा—अच्छा गायत्री तपोभूमि हम बना...
- लेकिन चीन में किसके मन्दिर हैं?... वे सब बुद्ध के मन्दिर हैं। बुद्ध की यह समर्थता बेटे, इमारतों के हिसाब से बता रहा हूँ और किसी हिसाब स...
- लेकिन जब उस दुकानदार के यहाँ से गये तब?... तब हमें उससे क्या मतलब, चले जाने दो। वास्तव में सम्पत्ति कुछ नहीं है। जिसको हम अपना मान लेते है, वही...
- लेकिन जब हनुमान जी सुग्रीव के नौकर नहीं रहे, भगवान के नौकर हो गये तब?... समुद्र छलांगने के लिए सभी बैठे थे। जामवंत ने हनुमान से कहा- समुद्र की छलांग लगाओ। उन्होंने कहा मैं...
- लेकिन जब हम वही अखण्ड पाठ करने वालों और अखण्ड रामायण पढ़ने वालों के जीवनों को देखते हैं कि क्या उनके भीतर वह माद्दा है, जो अध्यात्मवादी के भीतर होना चाहिए?... क्या इनके जीवन के क्रियाकलाप वह हैं, जो अध्यात्मवादी के होने चाहिए? हमको बड़ी निराशा होती है जब यह ...
- लेकिन जिनसे जो शिक्षा मिल सकती है, उसे बच्चों से मैं क्यों न कहूँ?... अपने बच्चों से अपने दिल की बात क्यों न कहूँ? कहना चाहिए। हमने जो जीवन जिया, हमने उनके जीवन से जो सीख...
- लेकिन जिसका अपना ही पेट खाली है, वह आदमी दूसरों को क्या खिला सकता है?... ‘‘बुभुक्षितः किम् न करोति पापम्।’’ अर्थात भूखा आदमी क्या पाप नहीं कर सकता? भूखा आदमी किसको दान दे ...
- लेकिन जिसने भगवान से डरना अंगीकार कर लिया, फिर उसको डराने वाला कौन है?... अगर हमारे भीतर चोर नहीं है, तो फिर हमको कौन डरा सकता है? कोई नहीं डरा सकता।हम ईमानदारी से जीवनयापन...
- लेकिन टेक्नीक तो आपको क्या आयेगी?... टेक्नीक तो बाबाजियों को आती है। पण्डितों को आती है। आपको तो सही रूप से श्लोक बोलना भी नहीं आता। यह पं...
- लेकिन तू कैसा है?... साहब! मैं तो बड़ा अच्छा हूँ। चुप, दुष्ट कहीं का! तू अच्छा रहा होता तो कितनों को पार कर दिया होता और ...
- लेकिन दूसरी ओर राहु के बारे में, केतु के बारे में, शनिश्चर के बारे में, मंगल के बारे में आपको डरने की जरूरत क्यों पड़ी?... कल हमारा बैरी हमको मार डालेगा। अरे भाई! बैरी मारेगा तो हमारे पास ही तो आयेगा, तब हम देख लेंगे। जो ...
- लेकिन नेकी वाले का सम्मान होता है क्या?... नहीं, आज धनवालों का सम्मान होता है। आज सत्तावालों का सम्मान होता है।...
- लेकिन पदार्थ का क्या मूल्य हो सकता है, क्या महत्त्व हो सकता है?... पदार्थ को तो घर में चूहे भी खा जाते हैं। हाँ महाराज जी। चार रोटी का अनाज तो रोज चूहे खा जाते हैं। तो...
- लेकिन फाल्स करेन्सी को कौन क्या कहे?... छप्पन लाख इन्सान इस हिन्दुस्तान में भगवान् के नाम की धूनी रमाये हुए मारे-मारे फिरते हैं। यहाँ से वहा...
- लेकिन फिर भी हमने आपको वानप्रस्थ का बाना पहनाकर इसलिए बुलाया है कि आपको यह महसूस होना चाहिए और यह अनुभव होना चाहिए और आपको विश्वास होना चाहिए कि अगर कभी कोई आदमी अपना कल्याण करने में समर्थ हो सका है, तो उसके व्यक्तिगत जीवन का स्वरूप वह होना चाहिए, जिसका अपने आरम्भ किया है?... शुभारम्भ किया है। जिसका आपने शुभारम्भ किया है, क्या उससे जनता में और आपमें जमीन-आसमान जैसा कोई फर्क ...
- लेकिन बाद में क्या हुआ?... फिर कुछ ऐसा हुआ कि बुद्ध भगवान से बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने के बाद में अंगुलिमाल डाकू सन्त हो गया, ऋष...
- लेकिन बीमारियों का क्या हो जाएगा?... बीमारियाँ अच्छी नहीं हो सकतीं। बीमारियाँ सौ गुनी ज्यादा होंगी, हजार गुना ज्यादा होंगी। वे तब तक अच...
- लेकिन बड़ी भारी मुश्किल यह है कि ऐसे आदमी कहाँ से लायें?... यह देखकर हमारी आँखों में आँसू आ जाते हैं। तो क्या ऐसे आदमियों की कमी है? नहीं, कोई कमी नहीं है। जो...
- लेकिन भगवान् की पुकार हम और आप कब सुनते हैं?... भगवान् आदर्श की, सिद्धान्तों की, नैतिकता की, मर्यादा की बातें बताकर चला जाता है, लेकिन हम और आप यह ...
- लेकिन यह क्या?... सब उल्टा हो गया।
गायत्री ही कामधेनु है
मैं जो कुछ कहना चाहता था, ठीक उसका उल्टा हो गया। फि...
- लेकिन ये महापुरुष कैसे हो गये?... ये थी उनकी भावनाएँ और उद्देश्य। भावनाएँ छोटे से छोटे आदमी को उछालती हुई जाने कहाँ से कहाँ ले पहु...
- लेकिन साथ-साथ में आप इसके लिए भी तैयार रहिए कि ठीक इसके उलटा हो जाए, तब क्या होगा?... तब हम उसके लिए भी तैयार हैं। आप अपनी लड़की की शादी अच्छे-से-अच्छे घर में कीजिए। अच्छा घर भी ढूँढ़िए ...
- लेकिन सिनेमा तो तुझे दीख जाएगा न?... हाँ साहब! दीख तो जाएगा, पर मैं सवा दो रुपये में नहीं बैठूँगा। बारह रुपये में ही बैठूँगा।
मित...
- लेकिन सुगन्ध न निकली तब?... गालियाँ दीं तब? चन्दन कहता है कि ऐसा होना बड़ा कठिन है। मैं कैसे गालियाँ दूँगा। गालियाँ मेरे पेट म...
- लेकिन हम क्या कर सकते हैं?... मित्रो! हमारे पास धन नहीं है और हम कोई काम शुरू नहीं कर सकते। ऐसा उद्योग चालू करने के लायक हमारे पास...
- लेक्चरर की क्या कीमत रह सकती है?... अनुशासन जरूरी
बेटे! हम यहाँ जो प्रशिक्षण करते हैं। जो क्रिया कृत्य कराना चाहते हैं, उसमें अन...
- लेने का सुख तो आपने पाया है, लेकिन देने का भी सुख कभी आपने पाया है क्या?... किसी को कुछ दिया भी है कभी? प्रेम दिया है किसी को? सहायता दी है? श्रद्धा दी है? समाज को कुछ दिया ह...
- लेमन-चूस माँगने के लिए क्यों न आए हों?... चुसकी माँगने के लिए क्यों न आए हों? यद्यपि ये सब चीजें बेकार और वाहियात हैं, जिनको आप माँगने आए हैं।...
- लेमनचूस मिलता है और क्या मिलता है?... टॉफी मिलती है और क्या मिलता है, झुनझुना मिलता है। नहीं साहब! बड़ी चीज बताइए। बेटे! बड़ी चीजें नहीं म...
- लैला बीमार है तो हम कैसे जियेंगे?... उसने कहा कि अगर लैला को जिन्दा रखना चाहते हो, तो बैठ जाओ। हाँ, जिन्दा रखना चाहते हैं, तो एक तरीका है,...
- लॉटरी क्या है?... यही कि हमको अपनी जेब में से एक रुपया खर्च करना चाहिए और तीन लाख प्राप्त करना चाहिए। कितने ही लोग ह...
- लॉटरी में रुपया निकल आने को?... तीन बेटियों के बाद दो बेटा हो जाने को? आपकी दृष्टि में इसके अतिरिक्त और कोई सौभाग्य होता है क्या? नह...
- लोक-कल्याण का काम करोगे क्या?... नहीं। अपनी संकीर्णता को त्यागोगे क्या? नहीं, अपनी संकीर्णता को तो हम नहीं त्यागेंगे गुरुजी। तो बेटा!...
- लोक-शिक्षण कैसे हो सकता है?... चरित्र से। वाणी हो, चाहे न हो, आप गूंगे हों, तो कोई हर्ज की बात नहीं। पांडिचेरी के अरविंद घोष गूंगे ...
- लोकमंगल के लिए, दूसरों को रास्ता बताने के लिए, दूसरों को राहत देने के लिए, दूसरों को प्यार देने के लिए, दूसरों को ऊँचा उठाने के लिए, दूसरों को सलाह मशविरा देने के लिए, दूसरों के जले हुए घावों पर मरहम पट्टी लगाने के लिए आप ऐसा नहीं कर सकते हैं क्या?... आपको करना चाहिए।
मित्रो! अगर आप अपनी दो महत्त्वाकांक्षाएँ बदल दें, तो मजा आ जाए। एक तो आप अपन...
- लोकमंगल के लिए, समाज हित के लिए हमने क्या किया?... छोटे दीपक के तरीके से आप जलिए। दूसरों के लिए प्रकाश पैदा कीजिए। नहीं साहब! हम तो बहुत छोटे आदमी हैं।...
- लोकरुचि नहीं जगाई जा सकती तो साहित्य की क्या कीमत, लाइब्रेरी की क्या कीमत?... कुछ कीमत नहीं है। वह कूड़े के बराबर है। पुस्तकें छापकर रखते चले जाइए, या कोई आदमी खरीद लाए और एक लाइ...
- लोकसेवियों के बिना सत्प्रवृत्ति का विकास कैसे हो सकता है?... इसलिए पहले हर गाँव में कितने ही लोकसेवी रहते थे और एक-दूसरे के गाँव में परिभ्रमण करते रहते थे। परि...
- लोकसेवियों के बिना सत्प्रवृत्तियों का विकास कैसे हो सकता है?... इसलिए पहले हर गाँव में कितने ही लोकसेवी रहते थे और एक-दूसरे के गाँव में परिभ्रमण करते रहते थे। परिभ्...
- लोकसेवी काम करे और खाने का प्रबन्ध न हो सके, तो काम कैसे चलेगा?... इसी तरह यदि खाने का प्रबन्ध और गुजारे की व्यवस्था किसी को वेतन के रूप में लोग दें, तो लेने वाले का ...
- लोकसेवी काम करे और खाने का प्रबन्ध न हो सके, तो काम कैसे चलेगा?... इसी तरह यदि खाने का प्रबन्ध और गुजारे की व्यवस्था किसी को वेतन के रूप में लोग दें, तो लेने वाले का भी...
- लोकसेवी की दिनचर्या किस तरह की होनी चाहिए?... अगर हम आपको बाहर न भेजें, तो यहाँ कैसे सिखा सकते हैं? यहाँ लोकसेवी थोड़े ही रहते हैं ! यहाँ तो हमीं ...
- लोकसेवी को किस तरीके से अपना आहार-विहार बनाना चाहिए?... लोकसेवी को किस तरीके से अपनी मर्यादा का पालन करना चाहिए? लोकसेवी की दिनचर्या किस तरह की होनी चाहिए? ...
- लोकसेवी को किस तरीके से अपनी मर्यादा का पालन करना चाहिए?... लोकसेवी की दिनचर्या किस तरह की होनी चाहिए? अगर हम आपको बाहर न भेजें, तो यहाँ कैसे सिखा सकते हैं? यहा...
- लोकसेवी को किस तरीके से बोलना चाहिए?... लोकसेवी को किस तरीके से अपना आहार-विहार बनाना चाहिए? लोकसेवी को किस तरीके से अपनी मर्यादा का पालन कर...
- लोकसेवी को कैसा होना चाहिए?...
इसलिए क्या करना पड़ेगा? यही व्यावहारिक शिक्षण करने के लिए आपको पंद्रह दिनों के लिए हम भेज रहे...
- लोग आते हैं और दूध ले जाते हैं; क्योंकि यहाँ ईमानदारी का विज्ञापन हो रहा है-न?... ईमानदारी का विज्ञापन करके अपने आपको ईमानदार साबित करते हैं और लोग ले जाते हैं और आप मालदार बन जाते...
- लोग आपका हुकुम मानते हैं और आपका बेटा?... बेटे, जरा पानी ले आना। अरे आप से पानी भी नहीं लिया जाता। हम तो स्कूल जा रहे हैं और आप पानी पी लेना। ...
- लोग इसे कहाँ से ग्रहण करते हैं?... इस बात को आप जितनी जल्दी समझ जायँ, उतना ही अच्छा है। लोग केवल आदमी के चरित्र को देखते हैं। लोग केव...
- लोग उनके नाम पर भी धंधा करने लग जायँ तो क्या कहा जा सकता है?... तुम लोग मेरी भी मिट्टी पलीद क्यों कर रहे हो? मेरी जिन्दगी में ही मुझे क्यों बदनाम कर रहे हो? मेरे ज...
- लोग कहते हैं कि दीपयज्ञ से क्या फायदा?... उससे क्या मिलेगा? क्योंकि हमारी मान्यता तो वैसी ही बनी है। अरे बेटा! तू उस मान्यता को छोड़, भावना और...
- लोग कहेंगे कि तेरा गुरु भी चालाक होगा, चल बता, कहाँ है तेरा गुरु?... उसको भी गिरफ्तार करके लायेंगे। जिस तरह से हम हैं, उसके कारण भगवान् भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा। जैस...
- लोग किस रास्ते पर चल रहे हैं, उनके चलने के ढंग को आपको अलग खड़े हो करके देखना चाहिए कि मुनासिब रास्ता क्या है?... लोग गलती करें तो आप क्या कर सकते हैं? लोग तो गलतियाँ करेंगे ही क्योंकि यह गलतियों का जमाना है। आप प...
- लोग क्या कहेंगे?... लोगों की आप सेवा कीजिए, लोगों की आप सहायता कीजिए, मदद कीजिए और दुनिया में उस तरीके से रहिए, जैसे कैद...
- लोग क्यों आने चाहिए?... और क्यों पैसा खराब करना चाहिए? इनको किस काम के लिए पैसा खराब करना चाहिए? छह तारीख को आप नहाएँगे, त...
- लोग गलती करें तो आप क्या कर सकते हैं?... लोग तो गलतियाँ करेंगे ही क्योंकि यह गलतियों का जमाना है। आप पानी के बहाव में तिनके की तरीके से बहते...
- लोग गुरुजी के बारे में बताएँगे, तो बातें केवल कहानियाँ हैं, किंवदंतियाँ हैं क्या?... मैं चाहता था कि मैं चला जाता तो मेरे पीछे ऐसे आदमी बाकी रहे होते, जो यह कहते कि नहीं साहब! ये किंवदं...
- लोग बड़े आश्चर्यचकित हुए कि कहीं राजा के भी बच्चे होते हैं?... उन्होंने एक थाली में रखी चादर हटाई और लोगों को दिखाया कि यही हमारा बच्चा है, जिसका नाम आदरणीय मालवीय...
- लोग यह भूल गए थे कि अध्यात्म क्या हो सकता है और भगवान की सिद्धियाँ कैसे हो सकती हैं?... हमने अपनी जिन्दगी में लोगों को समझाया भी है, सिखाया भी है, पुस्तकें भी लिखी हैं, लेकिन सबसे बड़ी पुस्...
- लोग हमको चलता-फिरता इन्साइक्लोपीडिया कहते हैं और आप पैसे का हिसाब देखेंगे?... एक आश्रम पहले से बना चुके हैं और एक आश्रम यह बना रहे हैं। एक आश्रम और बनाएँगे। आपके पास अपना मकान है...
- लोग हमसे क्या कहेंगे?... और किस बात के लिए हमसे समय माँगते हैं। कोई न भगवान के लिए माँगता है, न देश के लिए माँगता है, न ध...
- लोग हमसे यह उम्मीद करते हैं कि हम दुनिया की आर्थिक समस्या को कैसे सुधार पायेंगे?... लोगों को मालदार कैसे बना पायेंगे? और लोगों की आर्थिक व्यवस्था कैसे बना पायेंगे। मित्रो! हम आर्थिक ...
- लोगों का यह ख्याल है कि सवा रुपये का प्रसाद बाँटने से आपका गुजारा हो जाता है और आप प्रसाद खा करके प्रसन्न हो जाते हैं?... ’ भगवान जी ने कहा-‘लोगों से आप कह देना कि यह सब बेकार है। प्रसाद बाँटने से या न बाँटने से हमें कोई...
- लोगों की कमी कहाँ है?... गाँधी जी ने एक नारा लगाया था और लोगों को बुलाया था। इसी हिन्दुस्तान में से लाखों आदमी—जिसमें कि हम...
- लोगों की मरजी पर चलेंगे, कितनी तरह की मरजियाँ हैं?... औरत आपसे कुछ चाहती है, बेटे आपसे कुछ और चाहते हैं, कोई क्या चाहता है, कोई क्या? ये जो चाहना हैं, उनम...
- लोगों के ऊपर अपने चरित्र की छाप कैसे डालनी चाहिए?... लोकसेवी को किस तरीके से बोलना चाहिए? लोकसेवी को किस तरीके से अपना आहार-विहार बनाना चाहिए? लोकसेवी को...
- लोगों के सामने कैसे विचार व्यक्त करना चाहिए?... लोगों के ऊपर अपने चरित्र की छाप कैसे डालनी चाहिए? लोकसेवी को किस तरीके से बोलना चाहिए? लोकसेवी को कि...
- लोगों के स्वास्थ्य-सम्वर्द्धन के लिए भी पैसे की जरूरत है?... हाँ, बहुत पैसे की जरूरत है। खासतौर से मनुष्यों के विचारों को ढालने और बदलने का काम हँसी-खेल नहीं है।...
- लोगों को क्या दे रहें हैं?... हमारे पास जमा भी है कि नहीं? जमा था नहीं, देते हुए चले गये। फिर कहाँ से चुकता होगा? उनको नीलाम ह...
- लोगों को मालदार कैसे बना पायेंगे?... और लोगों की आर्थिक व्यवस्था कैसे बना पायेंगे। मित्रो! हम आर्थिक व्यवस्था की बात तो नहीं करते, परन्...
- लोगों को विश्वास नहीं होता कि क्या कोई आदमी इस जमाने में वेदों का भाष्य कर सकता है?... हम आपको यकीन दिलाते हैं। देखिये, क्या कोई अठारह पुराणों का भाष्य कर सकता है? नहीं, कोई नहीं कर सकत...
- लोगों को हम किस तरीके से तैयार करेंगे?... वह बात आप किस तरीके से कहेंगे? वह बात कहाँ से आरम्भ होनी चाहिए? जिस जनता को आप शिक्षण करने चले हैं,...
- लोगों ने कहा कि आपके अध्यापक और आपके नौकर को दो सौ रुपये महीने मिलते हैं और आप शिक्षा समिति के मालिक, संचालक, संस्थापक हैं और इतनी कम तनख्वाह लेते हैं—क्या बात है?... उन्होंने कहा कि आदमी को खरच करने के लिए इतना ही काफी है। अध्यापकों को दो सौ रुपये मिलते हैं और मुझे ...
- लोगों ने कहा कि आपके बच्चे नहीं हैं अतः आपको दूसरी शादी करनी चाहिए या फिर कोई बच्चा गोद ले लेना चाहिए, नहीं तो वंश कैसे चलेगा?... उन्होंने कहा कि ऐसा सम्भव नहीं है। हमें देश, संस्कृति की सेवा करनी है। असंख्य ऐसे बच्चे हैं जिनकी पढ़...
- लोगों ने कहा कि कहाँ है चारपाई और उसका कितना दाम है?... दाम भी बहुत कम बता दिया। कह दिया कि दो रुपये की चारपाई है। दो रुपये की चारपाई है, दो रुपये की चारपाई...
- लोगों ने कहा कि भगवान् के यहाँ आत्मा और परमात्मा जब मिलता है, तो कैसा आनन्द आता है?... बता सकते हैं आप? ऋषियों ने कहा—क्या बतायें, कैसे बतायें, तुमने कभी चखा तो है नहीं। कैसे बता दें कि क...
- लोगों ने कहा क्यों भाई साहब क्या बात है, कैसे गोबर करते हैं?... तो उसने कहा डर लगता है। जब आपका उत्साह आता है उमंग आती है कभी कोई लेख पढ़ लेते हैं, हमारे सम्पर्क में...
- लोगों ने कहा, यह कैसे हो सकता हैं?... यह सब चीजें तो यहीं की थीं और यही पड़ी रह जाएँगी। आप तो बेकार ही कहते हैं कि यह हमारे साथ जाएगा। आपक...
- लोगों ने कहा-क्या आप इनसे जप वगैरह कराएँगे?... मैंने कहा-नहीं उसके जाने के बाद घर वालों की चिट्ठियाँ आयीं की न जाने आपने कौन-सा मंत्र फूँक दिया ह...
- लोगों ने कहा—क्या करना चाहते हैं?... उन्होंने कहा—मैं नौकरी से इस्तीफा दूँगा और आपके गाँव में रहना चाहूँगा। इस गाँव की बच्चियों को शिक्षि...
- लोगों ने कहा—दीपावली की रात, कार्तिक का महीना, क्या किया जाए?... मिट्टी के दीपक उठे। जरा-सी रूई और जरा-सा तेल लेकर दीपक जलने लगे। सब जगह अँधेरा छाया हुआ था। दीपकों न...
- लोगों ने जाना है कि जब सन्त का बाना ओढ़ लेता है, तो क्या कहता है और जब रामायण पढ़ता है तो कैसे-कैसे उपदेश दिया करता है और जब मकान पर आ जाता है, घर पर आ जाता है, तो उसके क्रियाकलाप क्या होते हैं?... लोगों ने जान लिया है और समझ लिया है कि लेक्चर झाड़ना एक धंधा बन गया है। उसमें कोई दम नहीं और कोई ...
- लोगों ने पूछा कि क्या बात है?... उसने कहा कि अगर यह समझ मरने से पहले आ गयी होती, तो हमने अपनी जिन्दगी का तरीका बदल दिया होता। फिर हम...
- लोगों ने पूछा कि आपने इतनी देर तक बार-बार किसलिए देखा?... शिवाजी ने कहा कि हमने इनको इसलिए देर तक देखा कि काश! इतनी खूबसूरत अगर हमारी माँ होती तो हम भी इतने ख...
- लोगों ने पूछा, क्या वजह है?... वह आदमी क्यों नहीं जिन्दा हुआ? जानने पर यह मालूम हुआ कि वह आदमी अपना मुँह जमीन में गाड़े हुए था और प...
- लोगों ने पूछा-यह पागलपन क्यों करते हो?... तुम्हारे पास तो खाने का इंतजाम भी नहीं है और तुम्हारे पास तीन-चार बच्चे भी हैं। उनके पालन-पोषण का ...
- लोगों ने पूछा—"अब आप हजयात्रा पर कैसे जाएँगी?... " उसने कहा—"अब हम कैसे जा सकते हैं। हज के लिए किराया फिर कहाँ से लाएँगे? अब हमारे लिए हज जाना मुश्कि...
- लोगों ने पूछा—"एक पैसे के लिए आप क्यों समय खराब करते हैं?... हम आपको दूसरा पैसा दे देंगे। आप चलिए, यहाँ समय खराब होता है।...
- लोगों ने मुझसे पूछा कि इसमें कितना रुपया खर्च होगा?... इसमें तो इक्कीस-बाइस लाख रुपया खर्च होगा। लोगों ने कहा कि गुरुजी! हजार कुण्डीय यज्ञ तो बड़ा जबरदस्त...
- लोगों पर गुस्सा न करके अपने पर गुस्सा न करूँ तो क्या करूँ?... आपको मालूम है, जब आदमी मरने को होता है तो बहुत-से आदमी मिलने आते हैं। बहुत-सी शक्ति खर्च होती है। ...
- लोगों में बहादुरी कैसे भरी जा सकती है?... अगर यह उपदेश से हो जाए कि उससे सब लोग सूली पर चढ़ जाएँ, सब मारे जाएँ और हम सुरक्षित बैठे रहेंगे, ऐसा ...
- लोगों से कहा—‘‘तुम्हारे जीवन का लक्ष्य तुम्हें याद है?... ’’ उन्होंने कहा—‘‘हमें नहीं मालूम कि हमारा क्या लक्ष्य है?’’ उन्होंने कहा—‘‘मैंने इतना परिश्रम किसलि...
- लोभ का दबाव आने पर आप सही साबित होते हैं कि नहीं?... मोह का दबाव आने पर आप सही साबित होते हैं कि नहीं? सिद्धान्तों के प्रति, जिनकी आप हर वक्त दुहाई देते र...
- लोभ क्या है?... लोभ को बेटे! नरक कहते हैं और मोह को बन्धन कहते हैं। लोभ सामान का होता है, वस्तुओं का होता है, पैसे का...
- लोभी होकर के आप भजन करेंगे, तो बात कैसे बनेगी?... लोभ की वजह से ही सारी दुनिया में अनाचार फैला हुआ है। इसकी वजह क्या है, बताइये? भूख की वजह से लोग न...
- लोमड़ी को कम क्यों?... ऐसे शरीफ बाप को बेइंसाफी नहीं करनी चाहिए। हर बेटे को बराबर देना चाहिए। हर बेटे को बराबर बाँटना चाहिए...
- लोहे की लगा दें तब?... तब बेटे! वह मुड़ जाएगी। चट्टान में सूराख हो जाएगा? नहीं बेटे! नहीं होगा। लोहे की नोक मुड़ जाएगी, मार...
- लोहे को पारस पत्थर के साथ छुआ देते हैं, तो क्या हो जाता है?... उसका नाम सोना हो जाता है। इस तरह के बहुत उदाहरण हैं।
भगवान से जुड़ने का नाम योग
मि...
- लोहे में और चाँदी में फरक नहीं होता है?... नहीं साहब! लोहा काला रहता है। नहीं साहब ! काला नहीं होता सफेद होता है। लोहा मैला होता है, जंग लग जात...
- लोहे से कैसे बनाएँगे?... पहले इसको गलाएँगे, तपाएँगे? जब तक इसे गलाएँगे-तपाएँगे नहीं, तब तक कोई हथियार नहीं बन सकता। सोना हमार...
- लड़कियों की जिन्दगियाँ कौन खराब करते हैं?... दोस्त। दोस्त से ज्यादा दुश्मन आज के जमाने में शायद ही कोई हो सकता है। अच्छा हो कि आप किसी से दोस्ती ...
- लड़कियों को आगे बढ़ाने वाला मुझसे ज्यादा कौन हो सकता है?... कौन है जो मुझसे ज्यादा प्रोत्साहन करेगा? लेकिन आप आँखें नीचे रखिए। आँख से आँख मिलाकर लड़कियों की तर...
- लड़के और लड़कियाँ ऐसे कदम उठाते हैं कि उनको यह ज्ञान ही नहीं होता कि क्या करना है और क्या नहीं करना है?... इसलिए लोग उसे गलत ठहराते हैं और कहते हैं गधा है। जब समझ आए तभी से शुरू होती है जिन्दगी मित्रो! जिन्दग...
- लड़कों का तो कहना ही क्या?... लड़कों में तो शायद ही कोई ऐसा बचा होगा, जिसने मैट्रिक पास न कर लिया हो, बी0ए0 पास न कर लिया हो। अ...
- लड़ाई मोहब्बत की है, या कैसी है?... हिंसा की है या अहिंसा की है? यह मैं इस बखत बात नहीं कह रहा हूँ।...
- वंश-परम्परा की रक्षा कैसे होती है?... पण्डित जी से पूछा, तो वे बोले, बस जौ का पिंड बना लो और उस पर धूप-दीप फूल लगा दो और ‘तर्पयामि’ करके पि...
- वक्त आएगा तब बनाएँगे?... नहीं साहब! हमें तो अभी बना दीजिए। चलो अभी बना देते हैं। बस, चार आने की मूँछें लगा दी, जा तू हो गया ज...
- वक्त आने दीजिए, आप देखेंगे कि कौन-सा सूरज है, जो आपके कमरे में आ सकता है?... आपकी मरजी के बिना आपके कमरे में कोई सूरज नहीं आ सकता। आप अपने दरवाजे बन्द कर लीजिए, फिर आप देखेंगे कि...
- वजह क्या है?... इसे जानने के लिए जरा गहराई में जाना चाहिए। हम इतनी मेहनत करें और फिर यह हमको तंग करे। आखिर इसकी क्...
- वजह क्या है?... आपका कोई लक्ष्य थोड़े ही है। मन हमेशा एक काम में लगता है, जो जीवन का लक्ष्य है।...
- वरदान और आशीर्वाद पाने के पश्चात रावण को कुछ मिला?... नहीं, वह घाटे में रहा और उसका नुकसान ही हुआ।
किसी को बुखार आता है, किसी की मृत्यु होती है, पर...
- वरदान की क्या प्रतिक्रिया हो सकती है, आप समझते हैं?... क्या आप बता सकते हैं? वरदान की प्रतिक्रिया वही होती है, जो होनी चाहिए। जिन लोगों ने वरदान माँगे थे, ...
- वरन् यह भी सोचना चाहिए कि बच्चों को हम क्या और कैसे संस्कार देंगे?... बच्चों को जो करना है, जैसा भी उनको बनना है, वह सारी तैयारियाँ बालक पेट में नौ महीने के भीतर पचास फीस...
- वर्तमान कानूनों में और क्या काम होगा?... बेटे, वर्तमान कानूनों में यह सुधार हो जायेगा कि दोनों के लिए एक से कानून बन जायेंगे। अगर घूँघट स्त्र...
- वर्षा नहीं हुई और आपका खेत सूख गया तब?... तब आपको हैरान होना पड़ेगा। इस हैरानी से आपको अपना बचाव करना पड़ेगा और इसके लिए एक ही तरीका है कि हम इच...
- वर्षा होगी तो अच्छी फसल हो सकती है और नहीं होगी तो?... वर्षा नहीं भी हो सकती है। फसल होगी तो खुशी और नहीं होगी तो नाखुशी। मित्रो! अगर आप खुशी और नाखुशी क...
- वसन्त से क्या मतलब है?... बेटे, वसन्त से मेरा मतलब उस समय से है, जिसके अन्दर उमंगें, पत्तियों के अन्दर उमंगें, वृक्षों के अन्दर ...
- वसन्त पर्व तो अभी एक महीना पहले ही व्यतीत हुआ है, फिर यह कैसा मिनी वसन्त पर्व है?... हाँ बेटे! यह मिनी वसन्त पर्व है। जो हमारे परिजन छूटे हुए थे। जिनको कि हम दायाँ-बायाँ हाथ कहते हैं। क...
- वस्ति क्रिया क्या होती है?... टट्टी के रास्ते पानी पी जाते हैं और फिर उसी रास्ते से पानी निकाल देते हैं। इसको वस्ति कहते हैं। तो...
- वस्तुओं और क्रियाओं दोनों को जब मिला देते हैं तो यह क्या हो जाता है?... तो यह पूजा हो जाती है।
मित्रो! पूजा और पाठ आरम्भिक विद्यार्थी को हम यही सिखाते हैं। खड़िया और ...
- वस्तुओं में शान्ति नहीं है?... वस्तुओं में कोई शान्ति नहीं है। पदार्थों में कोई शान्ति नहीं है। शान्ति वहाँ नहीं है मित्रो! सुख- सु...
- वह कौन सा देश है?... वह हिन्दुस्तान की सीमा से लगा हुआ बर्मा देश है। बर्मा के बाद में एक और देश में चले जाइये जो बर्मा ...
- वह अखण्ड दीपक कितना बड़ा हो गया?... वह पचपन साल पुराना हो गया है। उस दीपक को हमने कितना घी पिलाया है? बेटे! हम कुछ कह नहीं सकते। एक-एक स...
- वह अनावश्यक धन, हराम का धन जब उन लोगों के पास आया तो उन्होंने क्या-क्या किया?... आप नहीं जानते, मैं जानता हूँ। पण्डा-पुजारियों महन्तों और मठाधीशों की हकीकत मुझे मालूम है, आपको नहीं ...
- वह अनावश्यक धन, हराम का धन जब उन लोगों के पास आया तो उन्होंने क्या-क्या किया?... आप नहीं जानते, मैं जानता हूँ। पण्डा-पुजारियों, महन्तों और मठाधीशों की हकीकत मुझे मालूम है, आपको नहीं म...
- वह अन्न उनके पेट में जाना चाहिए, मैं अकेला ही खा करके क्या करूँगा?... नारद जी ने पूछा—दुनिया में शाक-भाजी बहुत है, वो क्यों नहीं खाते, पत्ते क्यों खाते हो? उन्होंने कहा—म...
- वह अपनी तारीफ करती रहती है, अपने मायकेवालों की तारीफ करती रहती हैं और ससुरालवालों की?... अजी तुम मालदार हो तो क्या? हमारा बाप गरीब थोड़े ही है। जब कहेगी, तब अपने बाप की प्रशंसा की बात कह...
- वह अभी भी जिन्दा है कि नहीं?... अभी आप मुझे अपने आपका इम्तहान लेने दीजिए। मैंने किसी से नहीं माँगा। उस हजार कुण्डीय यज्ञ में चालीस...
- वह आग के रूप में जल जाता है और चिता?... चिता में मरा हुआ इनसान भी आग के रूप में जलने लगता है। क्यों साहब! मरा हुआ इनसान भी? हाँ, मरा हुआ इनस...
- वह आत्मबल कहाँ से आता है?... आत्मबल जुर्रत का नाम है। आत्मबल साहस का नाम है। आत्मबल मैग्नेट का नाम है, जिसमें कि आदमी अपने लोभ ...
- वह आदमी क्यों नहीं जिन्दा हुआ?... जानने पर यह मालूम हुआ कि वह आदमी अपना मुँह जमीन में गाड़े हुए था और पीठ ऊपर किए हुआ था। लोगों ने ...
- वह आपको अपने भीतर कभी तलाश ही नहीं करेगा कि आप कहाँ बैठे हैं?... ’’ आप मजा कीजिए, आपको कोई तंग नहीं करेगा। नारद जी की बात भगवान के समझ में आ गयी। वे चुपचाप चले गए और...
- वह इतनी दबाई और सताई गई है कि बस, आपसे क्या कहें?... नारी के उत्थान के लिए समर्पित गुरुदेव
बेटे! ऐसे ही गुरुजी का तो मुझसे भी ज्यादा है। उन्होंने एक पु...
- वह ईश्वर हमारा है?... हाँ बेटे, हर आदमी एक अलग ईश्वर है। मसलन, मीरा का एक अलग ईश्वर था। उसने अपने ईश्वर को पाल-पोसकर बड़ा ...
- वह उजाला कर सकता है?... नहीं, दीपक जीवात्मा में कोई बल नहीं दे सकता, क्योंकि वह वस्तु है, पदार्थ है, मैटर है, जड़ है। जड़ ची...
- वह उद्देश्य कैसे पूरा होगा?... जिसके लिए हमने आपको वानप्रस्थ बना करके बुलाया और अब हम आपको आगे भेजने वाले हैं। इसके लिए हमें वह क...
- वह कब अधूरा और अपंग है?... जब तक उसका हमारे भावना क्षेत्र पर प्रभाव न पड़े और उसका संशोधन न हो। भाव सम्वेदनाओं की जाग्रति न हो, ...
- वह कब फूट जाएगा, यह किसको पता है?... इन्सान का यह शरीर एक गुब्बारा है। इसमें से हवा कब निकल जाएगी, इसको कौन जानता है? यह कोई आश्चर्य नहीं...
- वह कभी शराब पीता था, कभी मुसलमान बनता था, कभी क्या करता था?... गाँधी जी ने अगर यह ख्याल किया होता कि हमारा बेटा हमसे बेकाबू हो गया है और हम बेटे को सुधार नहीं सके,...
- वह करुणा, जिसमें राम-भरत के मिलाप से लेकर के न जाने क्या-क्या हम देखते हैं?... रामायण पढ़ते पढ़ते बीच-बीच में, आँखों में आँसू आ जाते हैं। ये आँसू कहाँ से आते हैं? बेटे! ये आँसू वा...
- वह कहती है-नहीं छोटी बच्ची कहती है-माताजी हमको दोगी?... कहती है नहीं। यह तो जमा करके रखा जाएगा। बहुत मुनाफ़ा कमाया जाएगा। हमें वह कहानी याद आती है कि मधुम...
- वह कहाँ जाएगा?... माँ को, पिता को छोड़कर कोई बच्चा नहीं जाना चाहता; लेकिन कर्तव्य के लिए और रोजी-रोटी के लिए और जिस उद...
- वह कहाँ से आती है?... मैं कल आपको दूसरी बात कह रहा था। अन्न की बात कह रहा था कि अन्न से हमारा शरीर चलता है। अन्न से हमारा ...
- वह कहाँ से आयेगा?... वह कॉपी करने के माद्दे से आयेगा। मनुष्य के अन्दर एक विशेषता भरी पड़ी है। वह दूसरे आदमियों की नकल करन...
- वह कहेगा कि क्या मामला है?... तुम्हारे हिस्से में अस्सी रुपये आए थे, सो वह क्यों नहीं लिया? अरे साहब! हमारा तो गुजारा हो जाता है. ...
- वह कहेगी कि हमको पढ़ना कहाँ आता है?... हमको पढ़ना कहाँ सिखाया गया, हमको गायत्री का अनुष्ठान कहाँ सिखाया गया? हम तो नाचने-गाने वाली निकम्मी...
- वह कामना, मनोकामना पूरी करता है, तो हर साल विद्यार्थी आत्महत्या कर लेते हैं, वो कहाँ जाएँगे?... आपको इन बेकार की बातों से दूर रहना चाहिए। भगवान दयालु नहीं हो सकते। भगवान निर्दयी भी नहीं हो सकते। ...
- वह कितनी बार गायत्री मंत्र बोलता होगा?... बेटे! वह सौ बार या एक सौ आठ बार तो बोलता ही होगा। तो क्या उसकी मुक्ति हो जाएगी? आपके खयाल से तो हो भ...
- वह किससे करेंगे?... डण्डे से करेंगे? डण्डे से नहीं करेंगे, जबान से करेंगे, विचारों से करेंगे।
नशाखोरी से लेकर अन्यान्य ...
- वह कुछ कर सकेगा?... नहीं, कुछ नहीं कर सकेगा।
आज युग की माँग है—संगठित होना। जिसके लिए आपसे समय-समय पर कहा जाता है कि ...
- वह कैसा सुंदर दृश्य देखता है?... कैसी सुहावनी छवि का लाभ उठाता है, आप भी ठीक वैसी छवि का लाभ उठा सकते हैं, अगर आप जीवनमुक्त होने की...
- वह कैसा है?... वह हमारे लिए बनाया गया है और हमारे अन्त:करण में निवास करता है। एक ईश्वर वह है, जो हमारे व्यक्तिगत जीव...
- वह कैसे जिन्दा हो जाता?... फिर वह कैसे जिन्दा हो गया और कैसे चला? वह इसलिए चला कि शृंगी ऋषि का शाप उस मरे हुए साँप की चमड़ी के...
- वह कौन सा है?... आज अवांछनीयताएँ घर- घर में और मन- मन में समा गयी हैं। इनके विरुद्ध लोहा लेना और संघर्ष करना भी आ...
- वह कौन सी चौपाई है?... वह है—
‘‘सीयाराम मय सब जग जानी।...
- वह कौन सी परत है?... उसे अध्यात्म कहते हैं। आध्यात्मिकता की एक परत और बच गयी है, जिसकी आपको जानकारी भी नहीं हो पाती और जि...
- वह कौन सी वाली परत है?... वह हमारी आध्यात्मिकता की परत है। यह तीसरी वाली परत है। मैंने पहले एक उदाहरण दिया था और कहा था कि लकड़...
- वह कौन सी हैं?... जिसे मैं अभी आपको बता रहा था। वह बैकवर्ड लोगों की हैं। समझदार लोगों की गायत्री माता वह नहीं हैं। समझ...
- वह कौन सी हैं?... वह हमारी दिमागी बीमारियाँ हैं। लोग थोड़ी सी बीमारियों की बावत जानते हैं। दिमाग में क्या-क्या बीमारि...
- वह कौन है जो हमको चारों ओर से कँपाता है, जो चारों ओर से भयभीत करता है, जो चारों ओर से सन्त्रस्त करता है, हताश करता है?... मित्रो! वह और कोई नहीं है, वरन् अपने भीतर की कमजोरियाँ हैं। यह दुनिया तो बड़ी खूबसूरत है और बड़ी श...
- वह कौन है?... जमाखोर। जमाखोर और कामचोर, दोनों ही आध्यात्मिक दृष्टि से गालियाँ हैं। भौतिक दृष्टि से गालियाँ कोई भी ...
- वह कौन है?... वह बेटे, हम हो सकते हैं। आपकी सम्पत्ति इतनी अधिक है? हाँ बेटे, हमारी सम्पत्ति बहुत बड़ी है। क्या सम्प...
- वह कौन है?... वह एक माता है, जिसको ऋषियों की भाषा में गायत्री माता कहा गया है। दार्शनिकों की भाषा में ऋतंभरा प्रज्...
- वह कौन-सा पक्ष है, जिससे भगवान प्रसन्न होते हैं?... भगवान उससे प्रसन्न होते हैं, जिससे उनका काम होता है। भगवान का क्या काम होता है? भगवान का काम यह होता...
- वह कौन-सा हिस्सा?... वह आखिरी वाला हिस्सा। कौन-सा वाला? जिस दिन आदमी को मौत आती है। मौत को मैंने देखा। एक बार देखा, दो बा...
- वह कौन-सी साइंस है?... उसका नाम है—"साइंस ऑफ सोल।" पदार्थ की साइंस अलग है, मैटर की साइंस अलग है, परन्तु 'सोल' मैटर नहीं है। ...
- वह कौन-से काम हैं?... पहला काम-जो भारतीय मूल के निवासी हैं, उन सबका सम्मेलन अपने-अपने क्षेत्र में जरूर से करना है। ‘युग ...
- वह क्या बताया गया है?... वह है-बन्धनों से मुक्ति’। बन्धनों से अगर मुक्ति मिल जाए, तो आदमी कितना सुखी हो सकता है! मुक्ति का अर...
- वह क्या करता है?... उसकी समझ में ही नहीं आता कि उसको करना क्या है? पैसों के सदुपयोग का इसका जरा भी भान नहीं है। पागलों...
- वह क्या करना है?... बिना दहेज और बिना जेवर के ब्याह करना है। आप लोगों में से जो अपने को हमारा कहते हैं, गायत्री परिवार...
- वह क्या चीज दी?... उस चीज का नाम है-वासना॥ नेचर ने जानवर को वासना दे दी।
वासना का स्थान कहाँ है? वासना का स्थान दि...
- वह क्या चीज है?... वह है बेटे, सन्तानों की संख्या। सन्तानों की संख्या जिस तेजी से बढ़ती जा रही है, गुणन प्रक्रिया के हिस...
- वह क्या चीज है?... वह है—देवत्व के गुण। देवत्व के गुण अगर आपको मिलेंगे, तब आप जो सफलता चाहते हैं, उससे हजारों-लाखों गुन...
- वह क्या चीज है?... वह है—अपने आप को जानना, तैरना। अपने आप को नदी की धारा में से पार करना। कैसी भी नदी हो, मल्लाह अपने आ...
- वह क्या था?... वह एक दृष्टि थी, जो उस आदमी के भीतर काम करती थी। वह दृष्टि यह काम करती थी कि मैं अपने पेट पर पट्टी ब...
- वह क्या है?... आप जो दायरा अभी इस्तेमाल करते हैं, वह बड़े दायरे में करना होगा। आपको आठ सौ पचास रुपया मिलता है, इससे...
- वह क्या है?... बेटे, इसका मंतव्य यह है कि भगवान के चिन्तन का कोई लक्ष्य होना चाहिए। इसका नाम है—इष्ट। इष्टदेव का ध्य...
- वह क्या है?... दूरदृष्टि, दूर की देखने की आदत। आज क्या फायदा है, इसको हमें कल के फायदे के ऊपर कुर्बान कर देना चाह...
- वह क्या है?... ‘भर्गो’ कहते हैं- भून डालने को। भाड़ में जब चने भुनते हैं, तो भर्र- भर्र की आवाज होती है न? हाँ साह...
- वह क्या है?... वह कार्यक्रम यह है कि चौबीस लाख यज्ञ घर-घर में करने का नया संकल्प हैं। पहले सामूहिक यज्ञ हुए थे,...
- वह क्या है?... वह है—इंसानी जिन्दगी। आदमी का जन्म इतना बड़ा सौभाग्य है कि आप इसकी कल्पना नहीं कर सकते।
मित्र...
- वह क्या है?... वह है—जनेऊ। जनेऊ क्या चीज है? जनेऊ एक रस्सा है। किस बात का रस्सा है। आदमी को नीति का अनुशासन, मर्याद...
- वह क्या हो सकता है?... वह है—आत्मशोधन की प्रक्रिया। आत्मशोधन-प्रक्रिया के कौन-कौन से अंग हैं? आप उसके बिना जप नहीं कर सकते;...
- वह क्यों खराब हो जाती है?... क्योंकि कच्ची ईंट ने गरम होने से, तपने से इनकार कर दिया और पकी ईंट ने कहा कि हम तपेंगे और हम मुसीबत ...
- वह गवर्नमेंट के कामों की हिफाजत के लिए होती है, लेकिन उन्हीं बन्दूकों को लेकर पुलिस का कप्तान डकैती डालने लगे, चोरी करने लगे और उससे पैसे कमाने लगे तब?... तब वह गिरफ्तार हो जायेगा। पुलिस उसे पकड़ ले जायेगी।
मित्रो! भगवान ने हमको जो बुद्धि दी है, वैभव दि...
- वह चलेगा कि उसका चिप्पा हो जायेगा?... तेरे वजन से बिल्कुल चिप्पा हो जायेगा। अच्छा महाराज जी! गायत्री माता का वजन कितना है? बेटे जितना ...
- वह जगह कहाँ होनी चाहिए?... जहाँ हमें पहुँच जाना है, जहाँ तुम्हें पहुँचना है, उसे मैं देवताओं का सिंबल कहता हूँ। मेरी लड़कियाँ कल...
- वह जबरदस्त डाकू, कैसा जबरदस्त सन्त बना कि भगवान रामचंद्र जी को अपनी पत्नी को वनवास भेजना था?... पेट में दो बच्चे थे और उनको हिफाजत की जरूरत थी, जो उन बच्चों को संस्कारवान बनाए और धर्मपत्नी की इज्ज...
- वह जरूरत क्या है?... यज्ञीय प्रक्रिया द्वारा सारे के सारे वातावरण को, जिसमें राक्षसपन और असुरता सूक्ष्मरूप से छाई हुई है,...
- वह जागीरदार गया और तलाश करता रहा कि हकीम जी कहाँ हैं?... इस जंगल से उस जंगल में सारे दिन ढूँढ़ता फिरा। बाद में हकीम जी रास्ते में मिले। हकीम साहब! हम तो आप स...
- वह जेलखाने में रहता है, पाताल में रहता है, लोहे की तिजोरी में रहता है—कहाँ रहता है?... यह हमको नहीं मालूम है, पर यह तक्षक को पता लगाना चाहिए और उसके बचाव की जो सारी की सारी दीवार है, उसको...
- वह टॉर्चवाली विद्युत हमको कब मिल सकती है?... जब हमको अपनी इंद्रियों पर और अपने विचारों पर काबू करना आ जायेगा। टॉर्च की वह रोशनी हमको तब मिल स...
- वह तलवार भी यही तलवार थी, जो हमारी और आपकी आँखों में रहती है, लेकिन उनके भीतर क्या चीज थी, जो तलवार का काम करती थी?... तलवार काम करती है? बेटे! तलवार क्या काम करेगी। काम तो हाथ करता है, कलाई करती है। हाथ भी काम नहीं करत...
- वह दुनिया कैसी हो?... जिसमें तेरे मित्र, तेरे भाई, तेरे कुटुम्बी, तेरे सलाहकार, मंत्री बिलकुल अलग रहते हों। यह दुनिया इन लो...
- वह देवता कौन था?... अन्नमय कोश था।
उन्होंने जीभ की उपासना की और जबान की उपासना की, जिसकी वजह से उनको दीर्घ जीवन मिला...
- वह नसीहत कहाँ से आई?... किससे आई? वह माता-पिता से आई। कौशल्या ने राम के अन्दर दी और कैकेयी ने भरत के अन्दर। हालाँकि बाद में ...
- वह नौ गुण कौन-कौन से थे?... सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह, शुचिता, शान्ति, आस्तिकता एवं तितिक्षा जैसे नौ गुण बताए ग...
- वह पिण्डदान देगा?... बेटे, वह आपको पिण्डदान नहीं देगा। आपका पिण्डदान? बेटे आपकी जेब में जो कुछ भी होगा वह और सब कुछ छीन...
- वह पूछती है कि कहाँ से लाये हो?... डकैती डालकर के लाया हूँ। कहाँ डकैती डाली? अयोध्या में डाली। लेकिन जब बाहर वाला पूछता है, तब इनकार कर...
- वह प्रयोग क्या है?... वह है—पुत्रेष्ठि यज्ञ। तो आप ही करा दीजिए? जो पैसा चाहिए हो, वह हम आपको दे देंगे। सामान चाहिए, त...
- वह बाँसुरी कैसी है?... वासनाओं से खाली। तरह-तरह के विकारों से जब शिष्य खाली हो जाता है, तब गुरु उसमें तरह-तरह के राग निकालत...
- वह बात आप किस तरीके से कहेंगे?... वह बात कहाँ से आरम्भ होनी चाहिए? जिस जनता को आप शिक्षण करने चले हैं, उस जनता का सबसे निकटवर्ती, सबस...
- वह बात कहाँ से आरम्भ होनी चाहिए?... जिस जनता को आप शिक्षण करने चले हैं, उस जनता का सबसे निकटवर्ती, सबसे समीपवर्ती आदमी और आपका सबसे अध...
- वह बार-बार कहता रहा कि आप क्यों कष्ट उठाते हैं?... हमें इनकी क्या जरूरत है, रहने दीजिए। हम तो आपके बच्चे हैं। नहीं साहब! ये सब तो आपको लेकर जाना पड़ेगा...
- वह बुड्ढा कहाँ गया?... उसका ट्रांसफर कर दिया गया है और अब वह दूसरे कैंप में चला गया है। बच्चों ने पूछा—हमारा बुड्ढा कहाँ है...
- वह बेचारा समझ नहीं सका कि पिताजी का क्या इशारा है?... पिताजी का यह इशारा था कि एक भाई लड़ाई के मैदान में मारा गया, तुझे भी वही करना चाहिए था। वह इशारा समझ ...
- वह बोलती नहीं है, तो क्या हुआ?... बोलने के लिए हम और आप काफी हैं। मैं कहूँगा कि वे बकवासी लोग हैं, जबान के फूहड़ लोग हैं, आप उनको उपदेश...
- वह ब्रह्मवादिनी थी और भी कितनी ही कन्याएँ हुई हैं?... घोषा, लोपामुद्रा आदि कहाँ तक गिनाएँ? ढेर सारी कन्याएँ एक-से-एक बढ़िया और संस्कारी हुई हैं। उन्हें उन...
- वह भगवान का विश्वासी कैसे हो सकता है?... जिस दिन वह भगवान का विश्वासी होगा, उस दिन से उसको पाप करने की हिम्मत नहीं होगी। हाथ-पाँव काँप जायेंग...
- वह भगवान जो आपको निरन्तर अपने ध्यान में बिठाये रखता है, उस विराट भगवान को आप अपने पास कैसे बिठायेंगे?... मित्रो! एक बार फिर हमने भगवान जी से पूछा कि भगवान जी! आप क्या करते हैं? उन्होंने कहा कि महाराज ...
- वह भटक तो गया, गुमराह तो हो गया, कि उसे कहाँ चलना चाहिए था?... लेकिन उसने एक मन्नत जरूर पूरी की कि व्यक्ति के भीतर जो शक्तियों दबी पड़ी हैं, उन सारी शक्तियों को जग...
- वह भी खून में जाने के बाद फायदा किया कि नहीं?... नहीं हुआ तो वह भी मल के साथ बाहर निकल गया।
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मित्...
- वह भी गाली देता है और आप भी गाली देंगे, तो बात कैसे बनेगी?... आप गाली मत देना। कुत्ते ने आपकी टाँग को काट खाया, तो क्या आप भी कुत्ते की टाँग काटेंगे या नहीं काटें...
- वह भी फिर वेश्या है क्या?... नहीं साहब! हमारी लड़की तो वेश्या नहीं है। बाकी सब वेश्या हैं। ये कैसे हो सकता है? बेटे, यह तेरे आँखो...
- वह भी बता देंगे बाबा उसमें क्या बड़ी से बात है?... वह कोई बड़ी सी बात नहीं है। माँगना हो तो हाथ जोड़कर माँगे कि झोली में माँगे कि टोपी में माँगे कि क...
- वह मंत्र बता दीजिए?... कौन से मंत्र बता दूँ तुझे? महाराज जी! ऐसा मंत्र बता दीजिए, जिससे बीमारी अच्छी हो जाये। बेटे, तू ...
- वह मकान जो बीस लाख रुपये में बेचा जायेगा और रुपया हमको दिया जायेगा, क्या यह आगे भी काम देगा?... हर आदमी को शक हो गया था।
झूठी करेन्सी ने बिगाड़ी अर्थव्यवस्था
मित्रो! पैसा यूँ ...
- वह माँ-बाप से आता है?... हम खुशबूदार परिवार बसाना चाहते हैं मित्रो, आज परिवार संस्था का नाश हो गया है। आज कहीं भी हमें परिवार...
- वह मानता ही नहीं था, बार-बार कहता था कि अपना दर्शन करा दीजिए, तो भगवान ने कहा—इन चमड़े की आँखों से मेरा दर्शन कहाँ से होता है?... मैं तुझे ज्ञान के चक्षुओं से करा दूँगा, तो करा दीजिए और उन्होंने अपना विराट रूप दिखाया अर्थात मानव स...
- वह मानव जाति है और मानव जाति की सेवा मानव नहीं करेगा, तो आ करके कौन करेगा, आप लोग नहीं करेंगे, तो कौन करेगा?... आपको करना चाहिए, यह बीड़ा आपको उठाना चाहिए, यह शपथ आपको लेनी चाहिए। यह संकल्प आपको करना चाहिए, जिसके...
- वह रावण ने अपनी जबान और कुव्वत के द्वारा कैसे कमा ली?... ये विधियाँ हम सीखकर तो आएँ। लक्ष्मण जी गए और वे सब बातें सुनकर के वापस आए। मित्रो! दुनिया की दौलत, स...
- वह व्यक्तिगत होता है न?... अत: जो व्यक्तिगत हो गया, उसमें वह सुख कहाँ है, वह शान्ति कहाँ है? उसमें वह उपलब्धि कहाँ है? आध्यात्मि...
- वह शारीरिक दृष्टि से तगड़ा है, तो क्या और दुबला पतला है तो क्या?... इससे कोई फरक नहीं पड़ता। बात आदर्शों और सिद्धान्तों को जीवन में समाविष्ट करने की है। आदमी की हिम्मत औ...
- वह समझता ही नहीं कि अपने बच्चों का भविष्य कैसे खराब करने जा रहा है?... पागल आदमी दुनिया का सफाया करेगा और मार डालेगा। बेटे, औलाद पैदा करने की हवस अगर इसी प्रकार से जारी ...
- वह समझता है कि मनुष्य रूप में भगवान हमारे दरवाजे पर आये हैं, तो क्या हम भगवान को पानी नहीं पिलायेंगे?... आपके दरवाजे पर शंकर जी आएँ और रामचंद्र जी आएँ और आपसे कहें कि भाई साहब! हम प्यासे हैं, पानी पिला दीज...
- वह समय कब आएगा?... अभी तो मैं शरम के मारे मरी जाती हूँ। जहाँ लोग मुझसे पार्वती माँ कहते हैं और आपसे पिता कहते हैं। लेकि...
- वह समय की पुकार जो स्वतंत्रता आन्दोलन में थी, जिन्होंने कार्य किया था, उनको तो आज कितनी पेंशन मिल रही है?... चार सौ तो प्रान्त की मिल रही है और छह सौ केन्द्र सरकार की मिल रही है, एक हजार मिल रही है और फर्स्ट क...
- वह सिद्धि कौन-सी है?... वह सिद्धि भगवान की सिद्धि है, तीसरी सिद्धि है। भगवान की सिद्धि किसे कहते हैं? जिसे हम दैवी अनुग्रह क...
- वह सिद्धि क्या हो सकती है?... वह है-अल्पछन्दता। आप्तकाम-एक, अजातशत्रु-दो और अल्पछन्दता-तीन। अल्पछन्दता किसे कहते हैं? सम्पत्तियों ...
- वह सीख गया न?... रास्ता खोज लिया न? उस पर जो मर्यादा लगी हुई थी कि झूठ नहीं बोलना चाहिए, आपने अपनी अकलमन्दी से उसे ख...
- वह सोचता है कि अपने दिमाग के द्वारा हम इनका मजा कैसे उठा सकते हैं?... मजा नहीं, इनका उपयोग कैसे हो सकता है? जब यह बात आपकी और हमारी समझ में आ जायेगी, तो मित्रो! शरीर के...
- वह स्वर्ग की गंगा कौन सी थी?... भाई साहब! वह दूध की गंगा है और यह पानी की गंगा है। पानी की गंगा अलग है और दूध की गंगा अलग है। दूध ...
- वह हँसने लगा और बोला—आपको मालूम नहीं है कि मैं कौन हूँ?... आप कौन हैं? हम नाई हैं और वर्तमान राज परम्परा के हिसाब से अछूत राजगद्दी पर नहीं बैठ सकता। ये सारे राज...
- वह हम सबको पकड़ लेगी और रोयेगी, तो हम सब क्या करेंगे?... सभी जुलाहे बैठकर रोने लगे कि हममें से एक मर गया। हममें से एक कहीं चला गया। अरे! उसे कोई भी ढूँढ़क...
- वह हमारे पास रहेगा कि नहीं?... नहीं बेटे, जब तक तू हमारे कब्जे में है, तब तक तो रहेगा, उसके बाद वह नहीं रहेगा। जब तक हमारा असर रह...
- वह हवा को ठीक कर सकती है?... दीपक में क्या ताकत हो सकती है? वह उजाला कर सकता है? नहीं, दीपक जीवात्मा में कोई बल नहीं दे सकता, क्य...
- वह है कहाँ?... सब पलायन कर गई आपमें से। यहाँ मैं आपका समय तो ज्यादा नहीं लूँगी, पर मैं एक बात आपसे कह रही थी कि साह...
- वहाँ आपसे एक ही सवाल पूछा जाना है कि आपको जो जिन्दगी मिली थी, उसका आपने क्या किया?... इस जिन्दगी से आपको क्या करना था? जिन्दगी से आपको यह काम करना चाहिए था कि अपूर्णता को पूर्णता में प...
- वहाँ का पैसा देखा है आपने?... आप 'फॉरेनर' को ध्यान से देखना, वे बिलकुल खाली और खोखले हो गए हैं।
मित्रो ! इस दुनिया में सबसे...
- वहाँ क्या बात है?... वहाँ ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होती है और यहाँ ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है। गीलापन ज्यादा होता है। त...
- वहाँ क्या हो रहा है?... बेटे! सारे का सारा अमेरिका, जिसमें से अस्सी फीसदी नागरिकों की बात मैं कहता हूँ, टेंशन में बेतरह दुखी...
- वहाँ जाकर आप क्या काम करेंगे?... बहिरंग रूप से हमने आपको बहुत सारे काम सौंपे हैं। उन बहिरंग कार्यों में आपको कितनी सफलता मिली और कि...
- वहाँ जाने काफी मिलती होगी कि नहीं?... आमलेट मिलती होगी की नहीं? अगर ये चीजें नहीं मिलती होंगी, तो बताइये हम क्या करेंगे? बियर पीने को न मि...
- वहाँ जो आदमी छोटे से खानदान में थे, उन्होंने कहा कि हम अपने नमूने पेश करेंगे लोगों के सामने कि दैवी सभ्यता कैसी हो सकती है और हम इस सभ्यता का विकास क्यों करना चाहते हैं?... दैवी सभ्यता के पीछे क्या परिणाम निकल सकते हैं? ये साबित करने के लिए दशरथ के कुटुम्ब ने, परिवार ने उसी...
- वहाँ तो न जाने हम क्या कर सकते हैं?... हम क्या नहीं कर सकते।
अभी बिहार में जो गवर्नमेण्ट आई है, उसने कहा है कि हम आपके यहाँ नैतिक शिक्षण ...
- वहाँ पता नहीं क्या खूबी है?... वहाँ जाकर के स्त्री-पुरुष यों कहते हैं—"नन्दलाल"। "नन्द जी का लाला सोवे कि जागे"। तो पीछे से वो 'जाग...
- वहाँ बारह रुपये में क्या बात है और यहाँ सवा दो रुपये में क्या बात है?... अरे साहब! वहाँ सब आदमी देखेंगे, तो कहेंगे कि कोई साहब बैठा हुआ है। कोई बड़ा आदमी बैठा हुआ है और यहाँ...
- वहाँ मैं क्या काम करता हूँ?... तप करता हूँ। कौन सा तप करता हूँ। कैसे करता हूँ? ऐसा खाद्य लेता हूँ जिसमें किसी व्यक्ति का संस्कार नह...
- वहाँ रात के अँधियारे में बत्ती तो जलती होगी?... नहीं साहब! बिजली नहीं जलती, घोर अँधेरा छाया रहता है। सुनसान जंगल के अँधेरे में ठोकर भी लग सकती है। ल...
- वही "ह्रीं श्रीं क्लीं चामुण्डयै बिच्चैः" बेटे, इससे तो बहुत रुपया आया होगा?... हाँ गुरुजी ! हमने जप किया था। अच्छा तो अभी और झक मार और 'चामुण्डयै बिच्चैः' जपता रह। दुष्ट लूट का मा...
- वही अपनी सम्पत्ति हो जाती है, लेकिन यह भी सच कहाँ है?... जिस जमीन पर हम बैठे हुए हैं, वह किसकी है? हमारी है। नहीं बेटे! यह हमारी नहीं है, यह ब्रह्माजी ने बना...
- वही अब बन रही है, बनाई जा रही है, परन्तु इस बारे में हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हम जिस युग परिवर्तन की बात कर रहे हैं, जिस समाज को बदलने की प्रतिज्ञा लेकर चले हैं, हम जिस नए समाज के निर्माण की बात करते हैं, उस सन्दर्भ में हमें विचार करना होगा कि युग निर्माण क्या है?... मित्रो! युग निर्माण का अर्थ होता है-नए समाज का निर्माण करना। समाज क्या है? समाज व्यक्तियों का समूह...
- वही भीड़ फिर हमारे पीछे लगी चली आई है और यहाँ से चले जाएँ तो?... तो फिर यह पीछे चली जाएगी। जहाँ कहीं हम जाएँगे, वहीं चली जाएगी। क्यों चली जाएगी? क्योंकि हमारा मन और ...
- वही लड़कियाँ यहाँ बैठी रहेंगी, तो नयी कहाँ से आयेंगी?... हमारे पास इतनी जगह कहाँ हैं? इसलिए हम उनको विदा कर देते हैं।मित्रो! जब उनकी विदाई होती है, तो उनकी...
- वही लड़की क्यों कर लेगी?... इतने आदमी बैठे हुए हैं, उनसे आप क्यों नहीं कहते? शील और मर्यादा बनी रहे गुरुजी! आप तो लड़कियों को ब...
- वाणी का आशीर्वाद काम का हो सकता है?... हाँ बेटे! वाणी का दिया हुआ आशीर्वाद काम का हो सकता है। वाणी से दिया हुआ शाप भी काम का हो सकता है। वा...
- वाणी के द्वारा?... वाणी के द्वारा सम्भव रहा होता, तो बेटे रेडियो स्टेशन जिनके पास हैं, उनको वाणी के द्वारा व्याख्यान करन...
- वाणी क्या है?... वाणी सरस्वती है। बाकी देवी-देवता कहाँ रहते हैं, यह मैं फिर कभी बताऊँगा, आज तो मैं आपको यह बताता हूँ ...
- वाणी भी क्या नहीं कर सकती है?... यह पैसे से भी ज्यादा लाभदायक होती है। ऋषियों के पास वाणी थी। ज्ञान भी हो सकता है, तप भी हो सकता है...
- वाणी से खराब शब्द कैसे बोलेंगे?... मित्रो! हमारे ये तीनों तरह के मौन चलते रहते हैं। कौन-कौन से? खानेवाला, बोलने वाला, वाणी को चुप रखने ...
- वानप्रस्थी बन करके आप समाज में जाना, लोगों के पास जाना और उन्हें उनके कर्तव्यों को सिखाना, फर्जों को सिखाना, लोगों को उनके नागरिक अधिकार समझाना और यह बताना कि भला आदमी शरीफ आदमी कैसा होना चाहिए?... प्रत्येक आदमी को अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति कैसे रहना चाहिए? अच्छा समाज बनाने के लिए गु...
- वानर और रीछ किससे प्रेरित हुए?... अयोध्या वालों से प्रेरित हुए। उनसे प्रेरित होकर उन्होंने कहा कि देव सेना में हम भी भरती होते हैं और ...
- वानरों ने, रीछों ने ये कहा, अगर मनुष्य दैवीय सभ्यता को जीवन में ढाल सकते हैं, तो हमको भी ऐसा जीवन ढालने में क्या आपत्ति हो सकती है और हम भी ऐसा जीवन ढालने में क्यों पीछे रहेंगे?... रीछ-वानर अपनी जान हथेली पर रखकर तैयार हो गए।देवता कौन?दैवीय सभ्यता क्या होती है? क्या वह मिठाई खाती ...
- वायुभूत होने के बाद क्या होता है?... इसमें सब आदमी हिस्सेदार हो जाते हैं। हरेक आदमी हिस्सेदार हो जाता है। इन चीजों को जब हम हवन द्वारा हव...
- वाल्मीकि के बारे में नहीं सुना है?... सीता को छोड़ा गया उन्हीं के आश्रम में। आखिर पहला जीवन उनका कैसा था और जब वे राम से जुड़ गए, तो वही ज...
- वाल्मीकि ने अपनी पत्नी से कहा—सारी जिन्दगी मैंने आपके लिए लगा दी, क्या मेरे पापकर्म में आप साथी होंगी?... पत्नी ने कहा—हमें नहीं मालूम आपने क्या किया है। आप पाप कमाते हैं या पुण्य कमाते हैं। आप हमारी उदरपूर...
- वाल्मीकि ने भी तो यही किया था?... हाँ साहब! किया था। और किसने-किसने किया था? जहाँ तक मैंने जिन-जिन लोगों के नाम सुने हैं, उनमें से प्र...
- वासनाएँ क्या हो सकती हैं?... मित्रो! वासनाएँ कुछ भी नहीं हैं एक क्षण की, सेकण्डों की चीजें हैं, जो झकझोर देती हैं। एक चीज जो अभी ...
- वास्तव में कानून बनाकर तथा पुलिस की संख्या बढ़ाकर अपराध को क्या घटाया जा सकता है?... मित्रो, यह कदापि कम नहीं किया जा सकता है, चाहे हम कितनी भी पुलिस या मिलिट्री लगा लें। वकील, पुलि...
- वास्तव में इस दुनिया में सुख है ही नहीं तो फिर आपको सुख कहाँ से मिलेगा?... मैंने एक दिन आपको बताया था कि इंतजार करने में जो खुजली सी मचती है, बस, उसी का नाम सुख है। जिस समय वे...
- वास्तव में दरिद्र कौन है और दरिद्रता कहाँ रहती है?... दरिद्रता बेटे हमारे दिमाग में रहती है। दरिद्रता किसे कहते हैं? जिसमें हमें काम करने से नफरत है। हर...
- वास्तविक अध्यात्म फिर क्या है?...
मित्रो! आध्यात्मिकता का उद्देश्य था, आदमी उठा देना, चिन्तन को सही कर देना, आदमी के दृष्टिकोण क...
- वास्तविक चमत्कार तो यह है कि आदमी के हृदय में भगवान् पैदा किया जा सकता है या नहीं?... जो आदमी पापी और पतित की जिन्दगी जी रहा है, भीरु और परावलम्बी जिन्दगी जी रहा है, यदि वह अब स्वावलम्बी ...
- वास्तविकता क्या है?... देववाद का रहस्य समझिए मित्रो! वास्तविकता वह है जो देववाद के पीछे रहस्य छिपा हुआ है। देववाद के पीछे ...
- वास्तविकता यह जाननी चाहिए कि यह जहर किसने बोया?... यह जहर उस आदमी ने बोया, जिसको हम समझदार कहते हैं और अकलमंद कहते हैं, मोहम्मद अली जिन्ना कहते है...
- विकृतियाँ कहाँ से पैदा होती हैं?... हमारे शरीर के बाद दूसरी चीज है-हमारा दिमाग, जो बीमारियों से घिरा हुआ है। हमारा एक और दूसरा शरीर भी...
- विचार करने के तरीके हमको आये होते कि विचार कैसे करना चाहिए?... समस्याओं के बारे में समाधान करने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? आपने हजामत बनाने वाले की दुकान पर क...
- विचार करने लगा कि मैं क्या करूँ?... इस बच्ची को कैसे छुड़ा हूँ? इस बच्ची की सहायता कैसे करूँ? यह सोचकर जटायु तड़प उठा। उसने कहा—मैं शायद...
- विचार करने लगे कि अब किधर चलें?... खाना न मिले तो कोई हर्ज नहीं, पर पानी तो मिलना ही चाहिए। पानी की तलाश करते करते एक ऐसी जगह पहुँच गए,...
- विचार कीजिए, बीस लाख रुपया किसे कहते हैं?... बीस लाख देना पड़ा, तो आपको मुश्किल हो जायेगी, मैंने सहानुभूति प्रकट की।फिर मैंने कहा कि अच्छा एक बा...
- विचार क्या करना है?... ये है शंकर का मॉडल, जिसे हमने अपना इष्ट बनाया है। मित्रो! बाकी देवताओं के बारे में मैं आ...
- विचार ही हैं आदमी के पीछे और है क्या?... नहीं तो माँस और हड्डियाँ हैं। उसके भीतर जो प्राण कर्म करता है, विचार कार्य करते हैं। विचारों का विस्...
- विचारणा में ताकत होती है, इसका इतिहास आपने पढ़ा नहीं?... विचारणा में, भावना में ताकत का उदाहरण कल मैं सुना चुका हूँ, पर अभी और सुना देता हूँ। हाँ साहब! सुन...
- विचारणाओं, भाव- सम्वेदनाओं में क्या कोई ताकत होती है?... हाँ विचारणा में ताकत होती है। विचारणा में ताकत होती है, इसका इतिहास आपने पढ़ा नहीं? विचारणा में, भा...
- विचारों की क्रान्ति आपको नहीं मालूम है?... आपको नहीं मालूम है, तो मैं समझा देती हूँ।
विचारों की क्रान्ति वह है कि जहाँ कहीं भी हम जा रहे हैं, ...
- विचारों की क्रान्ति कैसी है?... विचारों की क्रान्ति आपको नहीं मालूम है? आपको नहीं मालूम है, तो मैं समझा देती हूँ।
विचारों की क्रान्...
- विचारों को बन्द कर दीजिए?... नहीं, विचार बन्द नहीं हो सकते। विचारों को दिशा दीजिए, धारा दीजिए। बस, यही ध्यान है।
सोऽहम्, ए...
- विजय किसकी हुई?... ईमानदारी की विजय हुई। सन्तोष कहाँ प्राप्त हुआ? ईमानदारी में हुआ।
शान्ति कहाँ मिली? ईमानदारी में ...
- विज्ञान की प्रगति को क्या आप देख नहीं रहे हैं?... ऐसी-ऐसी चीजें बनती हुई चली जा रही हैं। एक्स-किरणें, एटम बम जैसी चीजें पुरानी हो गई, दकियानूसी हो गई ...
- विज्ञान है न, अकल है न?... बेटे! यह किस काम की। किसी काम की नहीं है यह अकल। अब हम आपसे क्या कहें इस अकल के बारे में; लेकिन यदि ...
- विटामिन बी-काम्प्लेक्स खाते थे?... फिर क्या करते थे? तपस्वी थे। उनकी यह तपस्या की शक्ति थी। तप की शक्ति से बेटे, विश्वामित्र ने नई सृ...
- विटामिन बी कांप्लेक्स क्या है?... यह कुछ भी नहीं है, गेहूँ का छिलका है। छिलकों को पानी में भिगोकर जो मसाला निकल जाता है, उसी को बना ले...
- विदाई में और तो हम क्या कहें?... आप बहुत प्यारे बच्चे हैं, आपको हम शरीरों से विदाई दे रहे हैं, मन से नहीं। बेटे! मन से बालक कहाँ जाएग...
- विद्या का मतलब यह है कि आप अपने विचारों का इस्तेमाल किस तरीके से करें?... आप अपने शरीर का इस्तेमाल किस तरीके से करें? परिस्थितियों का उपयोग किस तरीके से करें? अपने पास जो सा...
- विद्या के भंडार दिए हैं, लेकिन उससे पहले यह पूछा था कि इस ज्ञान का तू क्या करेगा?... जब उन्होंने इस बात का विश्वास कर लिया कि जिस काम में खरच करेगा, तो ज्ञान के भंडार उँड़ेल दिए।
मित...
- विद्या के लिए आपको किसने रोका था?... मित्रो! एक सज्जन कह रहे थे कि जब हम ढाई साल के थे, तब हमारे पिताजी की मृत्यु हो गई और जब हम तीन बरस ...
- विद्या को आपने ऐसा कैसे समझ लिया?... आपके मस्तिष्क की, आपके हृदय की ऊँचाई बढ़नी चाहिए और सेवा के लिए हमारे अन्दर करुणा और सम्वेदना पैदा ह...
- विद्या से क्या मतलब है?... विद्या का मतलब यह है कि आप अपने विचारों का इस्तेमाल किस तरीके से करें? आप अपने शरीर का इस्तेमाल किस...
- विद्या हो जाए तो क्या?... उससे कोई खास फायदा नहीं हो सकता है। इसलिए मैं आपसे एक निवेदन कर रहा था कि हमको बड़ी फैक्ट्रियाँ नहीं...
- विद्यार्थी को आपने देखा है न?... विद्यार्थी किस तरीके से किताब पढ़ने में लगा रहता है, रात को जागता रहता है, फीस भी दाखिल करता है। स्कू...
- विद्यार्थी क्या करता है?... तप करता है। पहलवान क्या करता है? तप करता है। किसान क्या करता है? तप करता है। बेटे ! ये सारे के सारे ...
- विद्वान कौन हो सकता है?... विद्वान वह हो सकता है, जो जीवन की समस्त समस्याओं के बारे में जानकारी रखता है। मनुष्य जीवन की समस्याओ...
- विद्वान थे, किताब पढ़े थे?... नहीं पढ़े थे वहाँ तक जहाँ तक हम लोग पढ़े हैं। क्या वे लोग इतने ही ज्ञानी थे, जितने कि हम लोग विद्वान...
- विधि बता दीजिए?... बता तो रहे हैं और कैसी विधि बता दें। कोई ऐसी नयी विधि बता दीजिए जो जादू जैसी हो। बेटे, हम जादू नही...
- विनोबा का आपने नाम सुना है?... नहीं सुना। आप जानते हैं बिनोवा को? नहीं हम तो नहीं जानते। आपको मालूम है? नहीं, हमें तो नहीं मालूम। ...
- विनोबा क्या बला होता है?... उसने पूछा-क्योंजी! विनोबा का आपने नाम सुना है? नहीं सुना। आप जानते हैं बिनोवा को? नहीं हम तो नहीं जा...
- विनोबा ने अकेले काम किया भूदान का?... नहीं, अकेले नहीं किया। उनके बहुत सारे सर्वोदयी कार्यकर्ता उनके साथ-साथ काम करते थे। उन सबने मिलकर के...
- विनोबा पर कितनी जमीन आ गई थी?... करोड़ों एकड़ जमीन भूदान में आ गई थी। मैं क्या कहूँ बेटे, कोई इतनी जमीन खरीदता, तो दिवाला निकल जाता। ...
- विनोबा भावे और जवाहरलाल नेहरू में क्या मुकाबला है?... एक छोटे, गरीब घर में कंगाल घर में पैदा हुए। न इनके पास साइकिल है, न इनके पास मोटर है, न इनके पास और ...
- विनोबा भावे के बाप जिन्दा हैं?... नहीं साहब! मर गये; लेकिन विनोबा भावे कई भाषाओं के विद्वान हैं। अभी भी अस्सी-पचासी साल की उम्र में चा...
- विभीषण का योगदान नहीं होता तो यह पता ही नहीं चलता कि रावण का मकान कहाँ है, लंका कहाँ है और वहाँ तक जाने का रास्ता कहाँ है?... तो क्या रामचंद्र जी ने रावण को मारा था? नहीं, निन्यानवे आदमियों ने मिलकर के रावण को मारा था।
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- विभीषण यदि राम से न जुड़ा होता, तो कौन होता?... तो जैसा रावण राक्षस था, वह भी राक्षस होता; लेकिन जुड़ने पर भगवान राम ने स्वयं उसका राजतिलक किया। क्य...
- विवाह का दिन है, आज तो प्रसन्न हैं?... अरे साहब! विवाह क्या हुआ, आफत आ गई। बीबी आ गई, बाल-बच्चे हो गए। अब तो कोई खुशी नहीं है, उस दिन तो कि...
- विवेक क्या है और अविवेक क्या है?... इसका निर्धारण तो आपको ही करना पड़ेगा। आप अपने रास्ते पर दूसरों को चलाइए, पर आप तो स्वयं शिकार हो गए ...
- विवेक से आप काम लेंगे, तो आपकी जिन्दगी कटती हुई चली जाएगी और विवेक से आपने काम नहीं लिया, तो आप ऐसे हैरान हो जाएँगे कि बस, मैं आपसे क्या कहूँ?... आप विक्षिप्त हो जाएँगे। बेटे! मैं यहाँ समुद्र की बात कह रही थी और टिटिहरी की बात कह रही थी। तो जब टि...
- विवेकशीलता कहाँ है, बुद्धिशीलता कहाँ हैं, दिशाएँ कहाँ हैं, प्रकाश कहाँ है?... हमें भी नहीं मालूम है कि सही लोग कहाँ हैं? लोगों की कमी कहाँ है? गाँधी जी ने एक नारा लगाया था और ...
- विवेकशीलता के आधार पर क्या बात सोची जानी चाहिए और क्या नहीं सोची जानी चाहिए?... क्या किया जाना चाहिए और क्या नहीं किया जाना चाहिए, कौन सी दिशा गलत है और कौन सही है? इसका शिक्षण किय...
- विवेकानन्द की मौत हो गई?... नहीं, मैं समझता हूँ कि इन्हें जिन्दा होना चाहिए। हनुमान जी की मौत हो गई? नहीं बेटे! शरीर से तो सबको म...
- विवेकानन्द ढूँढ़ने गए थे?... नहीं, रामकृष्ण ढूँढ़ने गए थे। नहीं साहब! हमारा बाप मर गया, नौकरी लगवा दीजिए, इसके लिए अथवा सिद्ध...
- विवेकानन्द इतने शानदार थे कि मैं क्या कहूँ आपसे?... बेलूर मठ ही नहीं, विवेकानन्द के बनाये हुए रामकृष्ण मिशन के संस्थान जितने हिन्दुस्तान में हैं, उससे च...
- विवेकानन्द की मृत्यु हो गई?... नहीं बेटे! उनकी मृत्यु नहीं हुई। उनकी सारी किताबें रखी हुई हैं। आप उनसे सलाह ले सकते हैं, प्रकाश ले ...
- विवेकानन्द जी के पास कौन सा चमत्कार था?... नानक जी के पास कौन से चमत्कार थे? कोई चमत्कार नहीं होते सन्तों के पास। चमत्कार होते हैं तो बस यही ह...
- विवेकानन्द ने शून्यवाद पर जो बोलना शुरू किया, तो सब हैरान रह गए कि इसके अन्दर से कौन बोल रहा है?... उन्होंने कहा—मैं नहीं बोल रहा हूँ। मेरे अन्दर से मेरा गुरु बोल रहा है। मेरा वह प्रेरणा स्त्रोत बोल र...
- विवेकानन्द से काली पूछने लगीं—"क्या माँगने आया है?... " विवेकानन्द काँप गए। उन्होंने कहा—"माँ, मैं नौकरी माँगने नहीं आया।'' तो फिर क्या माँगने आया? माँ, म...
- विशेष जीवात्मा क्यों हैं?... विशेष जीवात्मा इसलिए हैं कि जब रामचंद्र जी अवतार लेकर के धरती पर आए तो देवताओं ने कहा—"अकेला चना भाड...
- विशेष प्रभाव और विशेष चमक क्या है?... वह है जिनको हम विभूतियाँ कहते हैं। कुछ संपदाएँ होती हैं, कुछ विभूतियाँ होती हैं। संपदाएँ क्या होती...
- विश्वामित्र कहाँ रहते थे?... उनकी कुटिया कहाँ थी? यहीं थी, जहाँ आज शान्तिकुञ्ज है। यह विश्वामित्र का स्थान है।
वातावरण का कितन...
- विश्वामित्र कौन थे?... ब्रह्मर्षि और राजर्षि- दोनों का मिला हुआ जोड़ा था। बेटे, प्राचीनकाल में ब्राह्मणों को ही दोनों का...
- विश्वामित्र कौन हैं?... विश्वामित्र वे हैं, जिन्होंने गायत्री के ऊपर पी-एच०डी० की है, डी०लिट की है। वे एक ऋषि हैं। प्रत्येक ...
- विश्वामित्र ने राजा हरिश्चंद्र से कहा, तू हमारा मित्र है, दोस्त है?... उनने कहा, हाँ। तो फिर हमारे साथ-साथ चल, हमारे काम आ। राजा हरिश्चंद्र ने कहा, हम आपके साथ-साथ चलेंगे ...
- विश्वास के साथ भजन हो तो?... तो मुबारक। लेकिन अगर बिना विश्वास के साथ भजन हो, तो उसका क्या मूल्य रह जाता है? महाराज जी! विश्वास क...
- विश्वास क्या होता है और भजन क्या होता है?... बेटे, दोनों में जमीन आसमान का फरक है। जमीन-आसमान का फरक ऐसे आदमी में होना सम्भव है, जो भजन तो बहुत सा...
- विश्वास न हो तो?... विश्वास न हो तो आदमी को किसी लम्बे-चौड़े फायदे की आशा नहीं करनी चाहिए। विश्वास फलदायक होता है। आप...
- वृन्दावन से लेकर जयपुर और न जाने कहाँ-कहाँ मीरा फिरी और सूरदास?... कहते हैं कि सूरदास अन्धे हो गए थे, तो कृष्ण उनकी लाठी लेकर के चलते थे। हमारी, आपकी लाठी लेकर के चलें...
- वे अध्यात्म के लिए कहाँ आये हैं?... वे पूजा-उपासना को, अध्यात्म को कहाँ जानते हैं? वे तो हरिद्वार का तमाशा देखने और ऋषिकेश का तमाशा ...
- वे अपना काम छोड़ करके आपके पास कैसे आएँगे?... इसलिए एक ही तरीका है सत्संग का और वो सत्संग बहुत ही शानदार चीज है। उसका आसान तरीका है—स्वाध्याय। आप ...
- वे आदमी कौन हैं?... छोटी सी किताब में से फरिश्ते ने नाम सुनाने शुरू किये। उसमें हजरत उमर का नाम लिखा हुआ था। क्या मेरी इ...
- वे आदमी, जो कमाते तो बहुत हैं, लेकिन सारे का सारा खरचा अपने लिए कर डालते हैं, उनको मैं और क्या कह सकता हूँ?... उनको चोर कहिए। नहीं बेटे! मैं चोर तो नहीं कह सकता, पर एक शब्द उनके लिए कह सकता हूँ कि ऐसे आदमी पत्थर...
- वे आपके जैसी फरेबी और आप जैसी जलील हो सकती हैं क्या?... आप नारियल चढ़ाएँगे और उनकी जेब काटकर लाएँगे। आप जैसे बेवकूफों से जेब कटा लेंगी लक्ष्मी जी? क्या लक्ष...
- वे इसलिए नास्तिक हैं कि उनको यह विश्वास नहीं होता कि कोई भगवान भी हैं क्या?... उनको यह विश्वास नहीं होता कि पूजा-उपासना कोई फल दे सकती है क्या? अगर कोई उनको विश्वास दिला दे और...
- वे एक बहुत बड़े वकील थे, बहुत बड़े बैरिस्टर थे, लेकिन अकल ने क्या काम किया?... अकल ने यह काम किया कि हिन्दुस्तान का बँटवारा हो गया। अगर उनकी अकल ने यह काम किया होता कि हिन्दू और म...
- वे ऐसा किसलिए खाते हैं?... इसलिए कि वे जबान के जायके पर काबू करके खाते हैं। जबान के जायके का अभ्यास आपको यहाँ नहीं हो सका, तो...
- वे कदम क्या हैं?... लेफ्ट और राइट हैं।
लेफ्ट और राइट के तरीके से करते हुए, सिपाही से लेकर के सामान्य नागरिक तक वह हर...
- वे कब बुड्ढे हुए थे?... उनकी लड़ाई कब हुई थी? यह कहानी आप सुन लीजिए, कोई भी सुना सकता है, पर भागवत नहीं सुनी जा सकती। भागवत ...
- वे कभी व्यायामशाला में गए थे?... नहीं बेटे! कहीं किन्हीं व्यायामशालाओं में नहीं गए थे। उनको इंजीनियरिंग आती थी? कहीं नहीं आती थी। नल-...
- वे कहते थे कि तू क्या करेगा-नौकरी करेगा?... अरे हमारा काम हर्ज हो रहा है और तू नौकरी के फेर में पड़ा है। हम लोगों को मुक्त करने आये हैं। हमारा ...
- वे कहते हैं कि आध्यात्मिकता का अर्थ इस आधार पर निकल करके आता है कि हम अपने दृष्टिकोण को परिवर्तित कर पाने में सक्षम हो पाए अथवा नहीं?... वे कहते हैं कि आध्यात्मिकता सही अर्थों में तभी आ पाती है, जब व्यक्ति सामाजिक उत्थान, लोक कल्याण और द...
- वे कहाँ पैदा हुए?... वे मथुरा में पैदा हुए, फिर गोकुल में बसे, वहाँ गाय चराई। उज्जैन में पढ़ाई-लिखाई की। दिल्ली में-कुरु...
- वे कहाँ बैठे रहते हैं?... वहाँ तो कलम-दवात रखी रहती है। हाँ बेटे ! कलम-दवात तो रखी रहती है, पर वे मेरे दिमाग में बैठे रहते हैं...
- वे कहाँ से आ गए?... मैंने देखा कि मैं तो महात्मा गाँधी हो गया। मैंने महात्मा गाँधी को देखा था। जब वे इंग्लैंड में राउंड ...
- वे कहाँ से आती हैं?... कहीं से नहीं आती, हमारे पड़ोसियों से आती हैं। हमारे घरवालों से आती हैं। हमारे मित्रों से आती हैं और ...
- वे कितने बड़े होते हैं?... घोड़े के बराबर, हाथी के बराबर? नहीं वे बहुत छोटे होते है। ये छोटे-छोटे जर्म्स हमको इतना हैरान कर सक...
- वे कितने कला के थे?... तीन कला के थे। रामचंद्र जी की कितनी कलायें थीं? बारह थीं। कलायें कितनी होती हैं। बेटे, पहले जमाने ...
- वे किस तरीके से रिस्क उठाते हैं?... रिस्क उठाने में एक चीज की जरूरत है, जिसका नाम है—दिलेरी और हिम्मत। दिलेरी और हिम्मत बढ़ाने का एक तरी...
- वे किस तरीके से लाएँगे?... व्यक्ति के रूप में अवतरित होकर? नहीं बेटे! भगवान जब कभी अवतार रूप में आते हैं तो व्यक्ति के रूप में ...
- वे किसके बने हुए था?... वे हाड़-माँस के बने हुए थे। वे क्या खाते थे? यही दाल-रोटी खाते थे। कपड़ा क्या पहनते थे? यही सूत के, ...
- वे किसी का लड्डू और चूरमा खाने के लिए भूखे कहाँ थे?... लेकिन महावीर स्थान, जो जगह-जगह सारे महाराष्ट्र में समर्थ गुरु रामदास के द्वारा बनाए गए, उसका एक ही...
- वे किसी का लड्डू और चूरमा खाने के लिए भूखे कहाँ थे?... लेकिन महावीर स्थान, जो जगह-जगह सारे महाराष्ट्र में समर्थ गुरु रामदास के द्वारा बनाए गए, उसका एक ही उ...
- वे कीमती लोग कहाँ होंगे?... हिन्दुस्तान में से कीमती लोग खत्म हो गये हों, ऐसी बात नहीं है। विचारशीलता अभी भी है और कहीं न कहीं...
- वे कैसे बनाते हैं?... अभ्रक भस्म कैसे बनाते हैं? गटापार्चा, जो छदाम भर का होता है, दो पैसे का होता है, उसको हम जलाते हैं औ...
- वे कैसे लम्बे-लम्बे बाल बनाते हैं और बाल खड़े रखते हैं?... आप क्या करना चाहते हैं? हम भी बाल खड़े रखेंगे? तो क्या हो जाएँगे? आचार्य जी हो जाएँगे। यह तो बहुत सस...
- वे कैसे होंगे?... श्रवण कुमार जैसे होंगे, जो माता-पिता को काँवड़ में बिठाकर के कन्धे पर लेकर तीर्थयात्रा कराने ले गए थ...
- वे कौन थे?... जवान आदमी और राजगोपालाचार्य? राजगोपालाचार्य की जब मृत्यु हुई थी, तो वे अस्सी वर्ष को भी पार कर गए ...
- वे कौन थे?... वे शंकर भगवान थे। हिन्दुस्तान में भी कोई इस तरह का शंकर भगवान हुआ है? एक दिन हम आपको बाबा साहब आप्टे ...
- वे कौन थे?... श्रेष्ठ काम के लिए जिसमें मुसीबत दिखाई पड़ती हो, जिसमें घाटा दिखाई पड़ता हो, जिसमें नुकसान दिखाई प...
- वे कौन थे?... वे लोग 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को लेकर के गए कि हमारे पास जो भगवान ने दिया है, उसे हम बाँटें। ज...
- वे कौन से आविष्कार थे, जो उन्होंने किए थे?... वे थे उनके चीवरधारी भिक्षु, परिव्राजक। परिव्राजक कौन होते हैं—घुमक्कड़? नहीं बेटे! तो लोहे की गाड़ी ...
- वे कौन से पहलू छिपे हुए पड़े हैं?... उनमें से एक है देवदक्षिणा। देवदक्षिणा क्या है? देवदक्षिणा हमारा प्राण है। पुराने जमाने में पण्डित आते...
- वे कौन हैं जिन्होंने हमको खरीद करके रखा है?... वे हमारे खानदान वाले लोग हैं और हमारी औलाद वाले लोग हैं। जिनके इशारे पर हमको चलना है, जिनके हम खरी...
- वे कौन हैं?... ये सब वे आदमी हैं जो आज की सुख-सुविधाओं को ध्यान देते हैं और यह भूल जाते हैं कि हमारा भविष्य क्या हो...
- वे कौन हैं?... बेटे, वे दैत्य हैं। किसी के प्राण निकल रहे हैं, किसी बकरे का सिर काटा जा रहा है, बकरी का सिर काटा ज...
- वे कौन हैं?... ये तपस्वी लोग हैं।
यह तपस्या का बहिर्मुखी क्रियाकलाप के बारे में बताया था कि योग का बहिरंग क...
- वे कौन- कौन से उद्देश्य हैं?... शंकर भगवान की शक्ल आपने देखी होगी। उस शक्ल के हर हिस्से के पीछे आपको कुछ उद्देश्य दिखाई पड़ेंगे। कु...
- वे कौन-कौन व्यक्ति थे?... बेटे, उनमें से एक का नाम रावण था। रावण ने बहुत तप किए थे और तप करने की वजह से शंकर जी को प्रसन्न कर ...
- वे कौन-कौन सी तीन धाराएँ हैं?... बेटे! ये तीनों धाराएँ वो हैं, जो हमारी चेतना से ताल्लुक रखती हैं। इनमें से एक हमारे कर्म से सम्बन्ध रख...
- वे कौन-कौन से बन्धन हैं?... उनमें से एक का नाम है-लोभ एक का नाम है-मोह और एक का नाम है-अहंकार ये तीन हमारे शत्रु हैं। गीता के ...
- वे क्या खाते थे?... विटामिन बी-काम्प्लेक्स खाते थे? फिर क्या करते थे? तपस्वी थे। उनकी यह तपस्या की शक्ति थी। तप की श...
- वे क्या खाते थे?... यही दाल-रोटी खाते थे। कपड़ा क्या पहनते थे? यही सूत के, ऊन के कपड़े पहनते थे। फिर देवमानव कैसे हुए?
...
- वे क्या चलाते थे?... मोटर? नहीं बेटे, उस समय मोटर कहाँ थी। घोड़े थे। घोड़ों की लीद उठाते थे। धत् तेरे की! इससे तो गुरुजी ...
- वे क्या थे?... बुद्ध ऐसे क्रान्तिकारी थे, ऐसे संघर्षशील योद्धा थे कि उन्होंने जहाँ कहीं भी अवांछनीयता देखी, हमला ...
- वे क्या मानव थे?... नहीं, वे सभी देवता थे।मित्रो! श्रीकृष्ण भगवान ने सारा काम अकेले नहीं किया था। गोवर्धन उठाने से लेक...
- वे क्या हैं?... आठ-दस तो वे हैं, जो पोस्ट ग्रेजुएट हैं, पी. एच.डी. हैं, मेडिकल के एम. बी. बी. एस. हैं, एम. एस. हैं, ...
- वे क्या हैं?... ‘सवितुः, वरेण्यं, भर्गो, देवस्य’—बस यही चार नाम हैं इसमें। इन चार नामों में क्या है? चार शिक्षाएँ है...
- वे टाँगें क्या हैं?... वे कदम क्या हैं? लेफ्ट और राइट हैं।
लेफ्ट और राइट के तरीके से करते हुए, सिपाही से लेकर के सामान्...
- वे तरीके क्या हैं?... जिससे कि आप में से हरेक आदमी वही फायदे उठा सकता है, जो फायदे हमने उठाए। हमने भरपूर इज्जत पाई है और ज...
- वे तेरे तरीके से ऐसे ही फालतू बैठे रहते हैं?... घंटरिया बजा दी और वे आ गये। फिर दुबारा घंटी बजायी। किसको बुला रहे हैं? हनुमान जी को बुला रहे हैं। ...
- वे दुनिया में किस काम के लिए अवतार लेते रहे हैं?... देवता दुनिया में किस काम के लिए आते रहे हैं? वे केवल एक काम के लिए आते हैं—श्रेष्ठ कामों के लिए सहाय...
- वे दो पाँव कौन से हैं?... अपूर्णता से पूर्णता को प्राप्त करने के लिए जीवभाव को समाप्त करके, ब्रह्मभाव तक जा पहुँचने के लिए कौन...
- वे नहीं मिलते तो उनके कहने के मुताबिक यह अन्धविश्वास सही है?... और जो विश्वासी हैं वे कहते हैं कि ऋषियों को, शास्त्रकारों को, आप्त पुरुषों को जिन्होंने अध्यात्म के ...
- वे नाराज हुए और कहने लगे कि आप लोग क्या करते रहे?... आप लोगों ने इंजेक्शन क्यों नहीं लगाये? क्या करें साहब? यहाँ कोई आता ही नहीं है? कोई नहीं आता? गाँव...
- वे पूजा-उपासना को, अध्यात्म को कहाँ जानते हैं?... वे तो हरिद्वार का तमाशा देखने और ऋषिकेश का तमाशा देखने के लिए बेकार में आ जाते हैं और ऊपर से कहते ...
- वे बहादुर थे, लेकिन थोड़े दिनों बाद क्या हुआ?... कुछ लोगों ने- कैसे लोगों ने? जैसे हम और आप लोगों ने बुद्ध की ऐसी मिट्टी पलीद की कि भगवान करे कोई ऐ...
- वे बहुत दुखी हुए और बोले—"अब तो सवेरा हो गया, ऐसे में नंगे घर कैसे जाएँगे?... फटे हुए कपड़े पहनकर कैसे जाएँगे?" इसलिए वे पास वाली एक झाड़ी में जाकर छिप गए और सोचा कि शाम को अँधेर...
- वे बेचारे क्या कर पाते?... कुछ नहीं कर सकते थे। आदिमकाल में बड़े-बड़े सरीसृप, हाथी और बड़े-बड़े गज थे। बहुत तो अस्सी-अस्सी फीट तक ऊ...
- वे मरघट में क्यों रहते हैं?... इसका मतलब है कि हमको जिन्दगी और मौत- दोनों को जोड़कर रखना पड़ेगा। जिन्दगी के साथ में मौत को भी याद र...
- वे यह देखते हैं कि लोगों की माँग क्या है?... जमाने की माँग क्या है? जमाना जो चीज माँगता है, हम वह बराबर देते हुए चले जाते हैं। जमाना बीड़ी माँगता...
- वे राक्षस नहीं हो सकते तो फिर बड़े दाँत वालों को और काले चेहरे वालों को आपने कैसे राक्षस बता दिया?... राक्षस सींग वाले होते हैं। सींग तो साहब गाय के होते हैं, तो गाय हो गई—राक्षस? अरे महाराज जी! आप क्या...
- वे राजा के बेटे थे?... नहीं राजा के बेटे नहीं थे। बिल्कुल जागीरदार की छोटी स्थिति के आदमी थे।
आध्यात्मिक शक्ति का भौतिक ...
- वे रूखी रोटी खाते रहें और हम सन्तरे का रस पिएँ, यह कैसे हो सकता है?... बेटे, उलटी हो गई।...
- वे विचार करने लगे कि अब क्या करना चाहिए?... यहाँ से एक नया अध्याय प्रारम्भ होता है और पहला अध्याय समाप्त होता है। किसका? शृंगी ऋषि का। मंत्र कि...
- वे व्यक्ति जिनके भीतर आध्यात्मिकता का प्रकाश आ गया है, वो व्यक्ति हम कहाँ से लायें?... हमें बड़ी कठिनाई होती है कि हम ऐसे व्यक्ति कहाँ से लायें जो अपनी जिन्दगी का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा ल...
- वे सत्य की आड़ लेते हैं?... हाँ बेटे। वे सत्य की आड़ लेते हैं। उदाहरण के लिए दूध बेचने वाले की दुकान पर लिखा होता है—‘‘हमारी दुका...
- वे सब आपका तमाशा देखने के लिए आते हैं और यह देखने के लिए आते हैं कि आपको कुछ कहने की तमीज है कि नहीं और कुछ कहने की अकल है कि नहीं?... कहने का आपने अभ्यास किया है कि नहीं और आप कह पाते हैं कि नहीं? सर्कस वाले जो आदमी होते हैं, वे सीख...
- वे सब आपको नहीं मिले?... नहीं, हमको नहीं मिले। तो कौन खा जाता है? वे सब पंडे-पुजारी खा जाते हैं। हम तो दरवाजे पर भिखारी के रू...
- वे सभी कहते थे कि आप बेवकूफी का कदम उठा रहे हैं, लेकिन 'बेवकूफी का कदम' उठाने वालों ने समय को देखा, जाना और जानने के बाद में क्या-से-क्या हो गए, आपने देखा?... एक छोटा-सा वकील वल्लभभाई पटेल क्या-से-क्या बन गया? हिन्दुस्तान का गृहमंत्री। छोटा-सा मौलाना अबुल कलाम...
- वे समझते थे कि गरीबी किसे कहते हैं?... कंगाली किसे कहते हैं? इसलिए गरीबी और कंगाली में जी रहे बच्चों की सहायता के लिए उन्होंने निश्चय किया ...
- वे सिद्धपुरुष थे कि नहीं थे?... हाँ साहब! वे अपने जमाने के सिद्धपुरुष थे। नहीं साहब! तमाशा दिखाइये। क्या तमाशा दिखायें? गाँधी जी को ...
- वे सिर पर हाथ रखकर बैठे होंगे और कह रहे होंगे कि मैं किस तरीके से छलाँग लगाऊँ?... समुद्र तो बड़ा लम्बा है। सीता की खबर मैं किस तरीके से लगाऊँ? जिस तरीके से जामवंत ने कहा- ‘‘हनुमान! ...
- वे स्वयं ही बन जाते तो?... नहीं।
सन्त कभी स्वयं नहीं बनता। सन्त तो दूसरों को बनाता है। स्वयं परदे के पीछे काम करता है। परदे ...
- वे हमारे सामने नहीं बनेंगे, तो कब बनेंगे?... इनको बनना चाहिए। बेटे! गुरुजी कई बार अपने भाषण में कड़क बात कह देते हैं। शायद आपने सुना भी होगा।
...
- वेजीटेरियन और नानवेजीटेरियन में क्या फर्क होता है?... लीजिए, यह खा लीजिए। बेटे! उसी चम्मच से वह मुरगे का माँस बना रहा है और उसी से सब्जी। इससे क्या फायदा ...
- वेट जानने में क्या करना पड़ता है?... उनके गले में माला पहनानी पड़ती है और क्या करना पड़ता है? पैर छूने पड़ते हैं। पैर छूने के बाद में और म...
- वेट तौलने की मशीन से क्या मतलब है?... बेटे, पैर छुइये और आशीर्वाद ले जाइये। माला चढ़ाइए और आशीर्वाद ले जाइये। आपकी दृष्टि से तो हमारी कीमत ...
- वेटर कौन होता है?... वेटर उसे कहते हैं जो होटलों में चाय लाता रहता है। ऐ वेटर! हाँ साहब! क्या लाना है? कॉफी लाओ। अच्छ...
- वेतन कितना हो सकता है?... गुजारा क्या हो सकता है? बिल्डिंगों का मेन्टीनेन्स क्या हो सकता है? आप समझते हैं। बहुत खरच होता है।
...
- वेदांत क्या है?... वेदांत का अर्थ है—नास्तिकवाद। नास्तिकवाद का अर्थ क्या होता है? नास्तिकवाद का अर्थ ये होता है कि भगवा...
- वेदान्त क्या है?... वेदान्त में भी उस भगवान् के धुर्रे उधेड़ दिये हैं। कौन सा वाला? जो पूजा लेता है और निहाल कर देता है। ...
- वेल्डिंग कर देने से क्या मतलब है?... इसका मतलब है कि उसे तपा दिया गया है? तपा देने से क्या मतलब है? तपा देने से वही मतलब है, जो हम आपको...
- वेश्या किसे कहते हैं?... उसे कहते हैं कि जब शरीर में ताकत न हो और पैसे में दम न हो तो दो लात देगी और भगा देगी।
बेटे! य...
- वेश्या कैसी हो जाएगी?... सारी जिन्दगी जिसकी सेवा की थी, ठोकर मार देगी तुमको।
क्यों ठोकर मार देगी? क्योंकि पत्नी में और वेश...
- वेस्टन वॉच कंपनी की घड़ी के लिए लोग खड़े रहते हैं कि इस कंपनी की घड़ी कब आएगी?... साहब! कोटा थोड़ा है। इस महीने तो नहीं, अगले महीने के लिए। आपका आर्डर नोट कर लेते हैं। आप अगले महीने ...
- वैकुण्ठ न मिलता हो तो क्या हर्ज की बात है?... उन्होंने गंगाजल उतारा और गधे के मुँह में डाल दिया। गधे ने लम्बी साँस खींची और कहा कि एक घड़ा पानी और ...
- वैखरी वाणी कम हो जाएगी, तब पश्यन्ति वाणी, मध्यमा वाणी का उपयोग करेंगे ताकि हम ज्यादा काम कर सकें?... बिना बातचीत किये ही ज्यादा काम कर सकते हैं तथा वातावरण को गर्म कर सकते हैं। बेटे! अरविन्द घोष ने, ...
- वैज्ञानिक, दार्शनिक क्या करते हैं?... शास्त्रकार, कलाकार क्या करते हैं? वे एक काम करते हैं—अपने विचारों की शक्ति का निग्रह करते हैं और एक ...
- वैराग्य क्या होता है?... बेटे! वैराग्य यह होता है कि जिन चीजों में मन के भागने की बहुत आदत है, उन आदतों से उसको विरक्त कर दिय...
- वैसा जीवन कहाँ आया है?... हम चाहते हैं कि हम इनसान का जीवन जिएँ, ऋषि एवं सन्तों का जीवन जिएँ, मानवता का जीवन जिएँ तथा देश एवं...
- वैसे तो घर में ऑफिस से आते हैं, तो जरा-सा करके ऐसा मुरझा जाते हैं कि जाने क्या हो गया हो?... यहाँ क्यों नहीं हो रहा है? घर क्यों लगता है?
इसलिए लगता है कि व्यक्तिगत जीवन नहीं है, यह परोपकार ...
- वो कौन आदमी था?... जवान आदमी था।और विनोबा कौन हैं मित्रो! जवान आदमी। और गाँधी जी अस्सी वर्ष के करीब पहुँच गए थे। वो क...
- वो कौन थे?... जवान आदमी। जवाहरलाल नेहरू चौहत्तर-पिचहत्तर वर्ष के थे, जब उनकी मृत्यु हुई। तब वे कौन थे? जवान आदमी...
- वो क्या करते थे?... गुरुजी! वे दोनों ऐसे लड़े कि बेचारी गेहूँ की फसल और धान की फसल को चौपट करके धर दिया। लड़ते-लड़ते वे ...
- वो क्या चीज थी, जो आँखों से नहीं देखी?... उन्होंने कहा कि आपने हमारे
आहार-विहार, संयम और ब्रह्मचर्य के बारे में गौर नहीं किया। हम अपने आहार-व...
- वो क्या है?... प्रकाश का ध्यान। प्रकाश का ध्यान यूनीवर्सल है, इसमें सब एक मत हैं। ईसाइयों में इसे 'लेटेंट गॉड' ...
- वो क्या हो गया है?... आपकी उपासना के अन्दर वो प्राण नहीं है, जीवन नहीं है, केवल कृत्य है। इसके अन्दर प्राण न रहने की वजह...
- वो तो बहुत दूर रहते हैं, बहुत दूर रहने से क्या मतलब है?... उनकी प्रेरणा तो विद्यमान है, उनका प्रकाश तो विद्यमान है, उनकी शिक्षाएँ तो विद्यमान हैं, उनके ग्रंथ त...
- वो तो सब कुछ ठीक है आपका, लेकिन जप-पूजन किस काम के लिए किया जाता है, वह काम आपने क्यों नहीं किया?... तो आपको रिझाने के लिए कौन-सा काम किया जाता है? नाच-कूद करते तो हैं। भगवान को रिझाने के लिए नाच-कूद क...
- वो हमारी शक्ति, वो हमारी माँ कहाँ बैठेगी?... मैं तो उस बेटे के यहाँ बैठूँगी। जो कहे हाँ माँ, आपके लिए हमारा दरवाजा खुला है। जो समर्पित हो और कहे ...
- वोट देने का यदि हमारा यही क्रम रहा तो मैं यह पूछता हूँ कि फिर हमको अच्छी गवर्नमेण्ट सरकार कैसे मिल सकती है?... अच्छी सरकार कभी नहीं मिल सकती।...
- वोटरों को समझाना पड़ेगा कि उनको अपना प्रतिनिधि किन्हें चुनना चाहिए?... उनको वोट किन सिद्धान्तों के लिए देना चाहिए? जात-बिरादरी के नाम पर नहीं, मेल-मुलाकात के नाम पर नहीं, क...
- व्यक्ति के रूप में अवतरित होकर?... नहीं बेटे! भगवान जब कभी अवतार रूप में आते हैं तो व्यक्ति के रूप में नहीं आते। वे हवाओं के रूप में आत...
- व्यक्ति को कैसा होना चाहिए?... व्यक्तिगत जीवन का परिष्कार कैसे होना चाहिए। यह हम रामायण के द्वारा लोगों को सिखा देंगे, यह हमें पूरा...
- व्यक्ति को श्रेष्ठ मनुष्य कैसे बना सकते हैं?... यह सारी की सारी ब्रह्मविद्या की शिक्षा, ब्रह्मतेज की शिक्षा आपको ब्रह्मवर्चस के माध्यम से देंगे। क...
- व्यक्ति महात्मा बन जाता है, व्यक्ति धर्मात्मा बन जाता है और परमात्मा बन जाता है-पेट्रोल के तरीके से, रेक्टीफाइड स्प्रिट के तरीके से, इसी तरह आप जो बारूद देखते हैं, वह क्या चीज है?... वह जला हुआ कोयला है।
जितनी भी बारूद बनती है, वह कोयले से बनती है। कोयले में फॉस्फोरस जैसी कुछ ची...
- व्यक्तित्व का विकास कैसे हो?... आइए जरा विचार करें। इसके लिए कोई-न-कोई काम करने के लिए जगह होनी चाहिए ना? प्रयोगशाला होनी चाहिए ना? ...
- व्यक्तित्व को कैसे विकसित किया जाए?... उसे सद्गुणों से, सत्प्रवृत्तियों से कैसे सम्पन्न किया जार? सबसे बड़ा प्रश्न यही है, जिसका अगर कोई आदम...
- व्यवहार आपका इस तरह का न होगा, तो मित्र लोगों को यह पता लगाने में, अंदाज लगाने में मुश्किल हो जाएगा कि आपके विचार क्या हैं और सिद्धान्त क्या हैं?... जो विचार और सिद्धान्त आपको दिए गए थे, वो आपने अपने जीवन में धारण कर लिए हैं कि नहीं किए हैं। आपको ...
- व्याख्यान देने के लिए अब मेरे पास क्या बचा है?... बेटे, व्याख्यान देने के लिए अब कुछ नहीं है मेरे पास। व्याख्यान निरर्थक है? बिलकुल निरर्थक है। इसमे...
- व्याख्यान आ जाएगा?... बेटे! साइकिल चलाना आता होगा तो आ जाएगा। कैसे? साइकिल चलाने में डर लगता है। गिर पड़ेंगे तो, डर पक्का ...
- व्याख्यान करना सीख जाऊँगा?... हाँ, सीख जाएगा, बस झिझक निकाल दे। यहाँ व्याख्यान देना सीख कर गंगा जी के किनारे चला जाया कर। वहाँ पत्...
- व्याख्यान करने वालों में तलाश करना कि जब कोई नेता आता है, तो सुनने वाले कौन होते हैं?... आप एक-एक की पहचान करना कि जो व्याख्यान सुनने आये हैं, इसमें जनता वाले कितने थे और स्कूल वाले कित...
- व्याख्यान कौन सा है?... मेरी समझ में जो कुछ भी आता है, पहली तारीख तक अपने सारे विचार मक्खन से घी निकालने के तरीके से ‘‘अखण...
- व्याख्यान निरर्थक है?... बिलकुल निरर्थक है। इसमें जो कुछ भी था, आपसे मैं कह चुका हूँ। यह सब उन्हीं की पुनरावृत्तियाँ हैं। ‘...
- व्याख्यान में भी कुछ होता है क्या?... कुछ भी नहीं है। बस तेरा दिमाग अपसेट हो जाता है। तेरी जिन्दगी फैली हुई है, बन्दर की तरह मचक-मचक करता है...
- व्याख्यान सुनाने वालों के प्रति आपका कोई मोह इकट्ठा हुआ कि नहीं?... नहीं साहब! हम तो ताली बजाकर आ गए कि वह बहुत अच्छा बोलता है, लेकिन उससे हमें कोई प्यार मुहब्बत नहीं ह...
- व्यापारी किससे काम करते हैं?... अकल से वे मालदार हो गये। शरीर से मालदार हो गए क्या? नहीं, शरीर से मशक्कत कीजिए, तो कोई पन्द्रह रुपय...
- व्यापारी से पूछ कितना परसेंट लेते हो?... बारह, पंद्रह, बीस, साठ परसेंट? अपना कमीशन काटे बिना तो बनिया काम ही नहीं कर सकता। चालाक बनिया होगा त...
- व्यायाम भी करते थे?... हाँ, व्यायाम की भी हमको आवश्यकता है, कसरत की भी हमको जरूरत है, हम तो सारे दिन व्यायाम करेंगे? नहीं, ...
- व्यायाम में यह फायदा है कि व्यायाम के जरिए से हमारी कलाइयाँ, हमारी माँसपेशियाँ और हमारा नर्वस सिस्टम मजबूत हो जाता है और तप से क्या फायदा है?... तप अपने आप में कोई महत्त्वपूर्ण चीज नहीं है।
मित्रो! तप उस चीज का नाम है, जो हमारे कुसंस्कार...
- व्रत नहीं लिया होता तब?... निश्चय न किया होता तब? तब फिर सम्भव नहीं था। संकल्प कर लेने के बाद तो आदमी की आधी मंजिल पूरी हो जात...
- शंकर की मूर्ति खिलौना है?... हाँ, खिलौना है। ऐसा कोई शंकर नहीं है, जैसा कि हमने बना करके रखा है। हमने खिलौने में बहुत सारी वृत्ति...
- शंकर जी ने पूछा कि तुम्हारी मनोकामना क्या है?... उसने कहा—भगवन्! हमें बीस साल की खूबसूरत युवती बना दीजिए। शंकर जी ने ‘तथास्तु’ कहकर जल छिड़क दिया। बस,...
- शंकर जी आपके काम आते हैं?... आप रोज जल चढ़ाते हैं, पर वे आपके काम नहीं आते। क्या वजह है? मैं भगवान से शिकायत करूँगा कि ये सब मोम्ब...
- शंकर जी की कर लूँ साधना?... नहीं बेटे! शंकर जी के पास तो भूत-पलीत, साँप, पार्वती जी, कार्तिकेय जी, गणेश जी और उनका शेर, बैल, उनक...
- शंकर जी की नींद खुली, तो देखा कि जो भक्त रोज पानी चढ़ाने आता था, वह कहाँ गया?... महाराज जी! वह तो आपकी झोली ले करके गायब हो गया। हम और आप उन्हीं में से हैं। शबरी की सेवा मित्रो! ह...
- शंकर जी के पास धन था क्या?... मकान था क्या? नहीं था। कपड़ा था क्या? नहीं था। नंग-धड़ंग मरघट में पड़े रहते थे। उनके अपने घर में तो ...
- शंकर जी ने कहा—अच्छी तरह सोच लो?... उसने कहा—महाराज जी! मैंने सोच-विचार कर ही वर माँगा है। तथास्तु कहते हुए शंकर जी ने जल छिड़का और वह ना...
- शंकर जी ने कहा—तुम क्यों रोते हो?... तुम भी वरदान माँग लो, बच्चे ने कहा—भगवन्! यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं, तो मेरी माँ को पहले जैसी बना द...
- शंकर जी ने कहा—भाई, तुम क्यों नाराज हो रह हो?... तुम भी माँग लो। उसने कहा कि मैं यह माँगता हूँ कि बुढ़िया सुअरिया बन जाए। उन्होंने कहा कि सुअरिया बन ...
- शंकर जी में और क्या खास बात है?... बेटे, बीसियों बातें हैं। शंकरजी मरघट में निवास करते हैं। अच्छा, और क्या करते हैं? मरघट की भस्म शरी...
- शंकर भगवान का गोल- मटोल पिंड इसलिए बनाया गया है ताकि हम यह समझ सकें कि यह सारे का सारा विश्व- ब्रह्माण्ड जो गोल- मटोल है, यह पृथ्वी जो गोल- मटोल है, यह जगत जो गोल- मटोल है, यह क्या है?... शंकर है, शिव है। और शालिग्राम क्या हैं? शालिग्राम भी वही हैं। शालिग्राम की मान्यता अगर हमारे जीवन ...
- शंकर भगवान के रास्ते पर चलने के लिए आपने क्या कीमत चुकायी?... आप तो माँगते फिरते हैं। भगवान ये दो, यह मनोकामना पूर्ण करो, वह मनोकामना पूर्ण करो। शिवरात्रि के दि...
- शंकर भगवान के सिर पर चंद्रमा टिका हुआ है, इसका क्या मतलब है?... चंद्रमा का अर्थ है—शान्ति, सन्तुलन। हमारे मस्तिष्क में शान्ति और सन्तुलन का स्वरूप रहना चाहिए। शंकर भगवा...
- शंकर भगवान क्या हैं?... शंकर भगवान की जो शक्ल बनाई गयी है, उसके पीछे कुछ उद्देश्य नियत कर दिये गये हैं। उसके माध्यम से आदम...
- शंकर भगवान क्या हैं?... एक ठप्पा। ठप्पा किसे कहते हैं? ठप्पा कहते हैं साँचे को। जैसा ठप्पा होगा वैसी आकृति बनेगी। गीली म...
- शंकर भगवान क्या हो सकते हैं?... शंकर भगवान श्रेष्ठ गुणों का समुच्चय और समन्वय हैं। शंकर जी का उदाहरण मैं आपको समझाना चाहूँगा। शंकर ज...
- शंकर भगवान ने कहा कि यह घपला करता है भगत, हमको तू मारकर ही रहेगा क्या?... या जिन्दा छोड़ेगा? महाराज जी! आपको जिन्दा कैसे छोड़ दूँगा। जिन्दा छोड़ देने के लिए मैंने क्या यह भक्ति क...
- शंकर भगवान मेरी मनोकामना पूरी नहीं करेंगे?... बेटे ! तूने, महीने भर हो गया, शंकर जी को न तो कुछ खाना खिलाया, न दवाई दी, फिर तुम्हारी मनोकामना कैसे...
- शंकराचार्य कहाँ पैदा हुए थे?... केरल में पैदा हुए थे। परन्तु वे सारे हिन्दुस्तान में घूमते फिरे। उनकी प्रेरणा से दक्षिण भारत के लोग ...
- शंकराचार्य के इतिहास को देखिए कि उनने जिन्दगी भर क्या किया?... ऋषियों में से प्रत्येक का इतिहास देखिए। नागार्जुन का इतिहास देखिए। चाणक्य का इतिहास सुनाइए, चरक का इ...
- शंकराचार्य में क्या विशेषता थी, आप बताइये?... समर्थ गुरु रामदास में क्या विशेषता थी, बताइये? कबीर की क्या परिस्थितियाँ थीं, बताइये? कबीर को कौन कं...
- शकुन्तला का प्यार पीकर भरत की आत्मा क्या से क्या हो गई?... आपने माँ का प्यार नहीं पिया क्या? नहीं साहब! हमारी माँ नहीं है, परन्तु एक आदमी कह रहा था कि आपकी माँ ...
- शक्कर की सात गोली और सात वरदान—आपकी मान्यता तो यही है न?... मित्रो! हनुमान जी के पास दीपक जलाइए और वरदान पाइए। क्यों साहब! क्या माँगना है? दीपक क्यों ले आए? अरे...
- शक्कर खाते-खाते महादेव जी के दाँतों में कैविटी हुई कि नहीं?... दाँत खराब हुए कि नहीं हुए? ज्यादा शक्कर खाने से दाँतों में कीड़े लग जाते हैं और बच्चों के दाँत खराब ...
- शक्कर चढ़ाने का मकसद और मिठाई चढ़ाने का मतलब क्या है?... मिठाई चढ़ाने का मतलब यह है कि भगवान को मीठा प्रिय है। इसका मतलब यह नहीं है कि भगवान को खटाई नापसन्द ...
- शक्ति इकट्ठी करने के लिए आपको और हमको क्या करना पड़ेगा?... हमको कर्मयोग का आश्रय लेना पड़ेगा। कर्मयोग किसे कहते हैं? कर्मयोग उसे कहते हैं, जिससे सम्पत्ति पैदा ...
- शक्ति कब आती है?... शक्ति तब आती है, जब हम उठने को तैयार होते हैं—हम यदि उठने को, आगे बढ़ने को तैयार नहीं होते और गिरने ...
- शक्ति कहाँ से आती है?... बेटे! वहीं से आती है, जहाँ हमारा शक्ति का जखीरा है, भंडार है। हम क्या करते हैं? हम उसमें से खरच करते...
- शक्ति किसकी रही?... गाँधी जी की? नहीं, गाँधी जी की नहीं, जनता की रही। हुकूमत की शक्ति जब-जब होगी जनता की होगी। किन्तु ...
- शक्ति की धारायें कहाँ से आयेंगी?... और शक्ति की धारायें हमें कहाँ लाना चाहिए?साथियो! इसमें कुछ काम आपका है और कुछ काम हमारा है। कुछ आप...
- शक्ति कौन हैं?... पार्वती हैं। पार्वती से क्या मतलब है? बेटे, पार्वती ने तप किया था और आपको न मालूम हो और आपको हरिद्वा...
- शक्ति है कि नहीं?... बिलकुल शक्ति है। शक्ति कब आती है? शक्ति तब आती है, जब हम उठने को तैयार होते हैं—हम यदि उठने को, आगे ...
- शक्ल भी नहीं मालूम, नाम भी नहीं मालूम, रूप भी नहीं मालूम, फिर आपने राजा साहब को नमस्कार किया?... हाँ, जब हमको नौकर रखा था, तब नमस्कार किया था। फिर आइंदा मिलेंगे तो क्या नमस्कार करेंगे? बीच में नमस्...
- शक्ल मालूम है?... नहीं साहब! शक्ल भी नहीं मालूम, नाम भी नहीं मालूम, रूप भी नहीं मालूम, फिर आपने राजा साहब को नमस्कार क...
- शत्रु तो नुकसान कर सकते हैं और मारकाट सकते हैं?... बेटे! मारकाट तो बुखार भी कर सकता है। नहीं साहब! वह तो आपको मार डालेगा। अरे बेटे! वह तो बड़ा आदमी है।...
- शनिश्चर गिरा सकते हैं?... नहीं बेटे, देवता या शनिश्चर नहीं गिरा सकते हैं? देवता उठा सकते हैं? नहीं बेटे, देवता नहीं उठा सकते। ...
- शबरी ने कहा- आप कौन है?... उन्होंने कहा, मैं तो राम हूँ। राम हैं, तो क्या वे राम जिनका मैं भजन करती हूँ? उत्तर मिला हाँ, हम व...
- शबरी ने देखा, तो सोचा ये मेरे बच्चे नहीं हैं तो क्या, दूसरों के बच्चे हैं तो क्या?... पढ़ने वाले बच्चे हैं। नहाने जाते हैं, इनके लिए मैं कुछ सेवा तो कर ही सकती हूँ। बिना पढ़ी गँवार हूँ त...
- शब्दों का गुच्छा कैसे होता है?... ऐसे होता है जैसे ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। यह क्या हो गया? शब्दों का गुच्छा हो गया। यह जरू...
- शब्दों में कितनी ताकत है?... बेटे! बस, इतनी ताकत है कि हम उसे टेप कर लाए और हम उस सुग्गे का नाम ले रहे हैं। और कोई ताकत है? और को...
- शराब कोई पीने की चीज है?... मैं पूछता हूँ कि तम्बाकू कोई खाने-पीने की चीज है। पीजिए मत, तम्बाकू को घोलकर पी जाइये। हजम कर लीजिए ...
- शराबियों को आप जानते हैं ना?... आलसियों को आप जानते हैं ना? रिश्वतखोरों, जमाखोरों और भ्रष्टाचारियों को आप जानते हैं ना? वे कौन हैं? ...
- शराबी इस समय के मजे को देखता है और यह देखता है कि इस समय हमको कैसा जायका आ रहा है?... कैसा आनन्द आ रहा है? वह इस बात को भूल जाता है कि कल हमारा लीवर खराब होने वाला है, दिमाग खराब होने वा...
- शरीर किससे बना है?... पंचतत्त्वों से बना है अर्थात जड़ पदार्थों से बना हुआ है। हमारे भीतर एक और भी सत्ता काम करती है, जिसक...
- शरीर की बीमारियों को ठीक करना कितना मुश्किल होता है, आप डॉक्टरों से पूछिए न?... क्यों साहब! यह बड़ा कमजोर आदमी है, इसको मोटा बना दीजिए। कोशिश करेंगे साहब! दवाइयाँ खिलाएँगे, टॉनिक ख...
- शरीर की साधना से हम आपको कैसे अच्छा कर दें?...
युग-साधना में भागीदारी की दावत
महाराज जी! हमने ग्यारह हजार का जप कर लिया। तो बेटे! हम क्य...
- शरीर कीमती है?... बेशक शरीर बहुत कीमती है।
मित्रो! स्थूल शरीर के बाद हमारा एक और शरीर है, जिसको हम ‘सूक्ष्म शरीर’ कह...
- शरीर के अंग-प्रत्यंग जानने के लिए, उनके क्रिया-कलाप क्या हैं?... जानने के लिए पाँच साल लगाने पड़ते हैं। साहब! ऑपरेशन सिखा दीजिए, ऑपरेशन बड़ा सरल है। एक ब्लेड वाला चाकू...
- शरीर के लाभ क्या हैं?... मन की खुशी क्या है? यह जो कुछ देखने का माद्दा हम लोगों को है कि शरीर क्या माँगता है। इन्द्रियाँ ...
- शरीर को क्या देना चाहिए?... शरीर बेचारा मुसीबत में फँसा हुआ है, रोज-रोज बीमार पड़ जाता है, रोज-रोज कमजोर हो जाता है, इसे कुछ देन...
- शरीर को ढके बिना किसका काम चला है?... किसी का भी नहीं चला है। खाए बिना न आपका काम चला है और न उनका काम चला है। शरीर-निर्वाह की क्रियाएँ तो...
- शरीर को ढके बिना किसका काम चला है?... किसी का भी नहीं चला है। खाए बिना न आपका काम चलता है और न उनका काम चला है।
शरीर-निर्वाह की क्रिया...
- शरीर क्या कहता है?... हम तो आराम से सोयेंगे। सरदी-गरमी बरदाश्त नहीं करेंगे। ठंढक बरदाश्त नहीं करेंगे। अच्छा, तेरी हुकूमत ह...
- शरीर तो साफ हो गया न, तो ज्यादा-से-ज्यादा क्या होगा?... शरीर की बीमारियाँ नहीं होंगी। ठीक है, आप अच्छी तरह से रहेंगे। आपको बुखार नहीं होगा। बात समाप्त हो गई...
- शरीर में जब तक थे, तो तुम कब मिलते थे बताना जरा?... कौन मिलता था रोज-रोज? कोई नहीं मिलता था। दूर से दर्शन हो जाते थे। तीन साल से तो दूर से भी उनके दर्शन...
- शरीर में हड्डियाँ कितनी हैं?... ये इतनी हैं कि इनके भस्मीभूत होने पर इससे दस फीट चौड़ी और सात फीट लम्बी रिक्त दीवार को पोता जा सके। य...
- शरीर विज्ञान किसे कहते हैं?... किडनी कैसी होती है? शरीर के अंग-प्रत्यंग जानने के लिए, उनके क्रिया-कलाप क्या हैं? जानने के लिए पाँच ...
- शरीर से और क्या बनेगा?... साहब! ताकतवर बन जाऊँगा, और गुण्डा बन जाऊँगा। अच्छा बन जा। गुण्डा बन जाऊँगा, तो जा दो को गाली देना, त...
- शरीर से मालदार हो गए क्या?... नहीं, शरीर से मशक्कत कीजिए, तो कोई पन्द्रह रुपये रोज के हिसाब से मजदूरी देगा। नहीं साहब! हमारी फैक्ट...
- शरीर से वहाँ रहना; ताकि आपको कर्तव्य का बोध हो कि हमारा क्या कर्तव्य है, हमारा क्या फर्ज है?... जिस आँगन में हम खेल रहे हैं, जिस माता-पिता से हम जुड़े हैं, जिस सत्ता से, जिस शक्ति से हम जुड़े हैं,...
- शरीरों का नजदीक बैठना कैसा होता है?... मन्दिर में पत्थर का एक खिलौना रखा हुआ है और हमारा पत्थर का शरीर उस पत्थर के नजदीक जा बैठे। आप तो यही ...
- शर्ते क्या हैं?... वही हैं, जो अभी हम आपसे कहने वाले थे। वे हैं आदान-प्रदान की, कठपुतली और बाजीगर की। बाँसुरी और बजाने ...
- शर्म की बात नहीं, आप वानप्रस्थ के कपड़े को अपनी बेइज्जती मत समझना, हम पीला वाला कपड़ा पहनकर जाएँगे, तो लोग हमें भिखारी समझेंगे और हम बाबाजी समझे जाएँगे, जबकि हम तो नम्बरदार हैं, हम तो जमींदार हैं और देखो हम बाबाजी कहाँ हैं?... ठीक है हम इस पीले कपड़े की इज्जत बनायेंगे। जैसे कि लोगों ने बिगाड़ी, हम बनाएँगे इज्जत। किसकी बनायेंग...
- शहद को सँभलकर खाया होता, तो मक्खियाँ क्यों आतीं?... बिल्ली क्यों आती? छिपकलियाँ क्यों आतीं? कुत्ते क्यों आते? दंगा क्यों होता? और बलवा क्यों होता? औ...
- शहर में पाँच कुण्डीय यज्ञ में 250 आदमी इकट्ठे नहीं होते, लेकिन वहाँ इतने लोग कैसे आ गये?... मित्रो! सुखाड़िया राजस्थान के मुख्यमंत्री थे। उनको पता चला कि आचार्य जी हमारे यहाँ आये हुए हैं। कानो...
- शहीद किसे कहते हैं?... अपने पास जो कुछ भी चीजें हैं, उन्हें वह जलाता हुआ चला जाता है, खाली होता हुआ चला जाता है। गोली का शि...
- शान्ति से तेरा क्या मतलब है?... शान्ति से मेरा मतलब चैन से है। नहीं, बेटे! चैन की जिन्दगी नहीं हो सकती। संघर्ष करने के बाद, अशान्ति को ...
- शाखाओं में जाना है, तो चालीसों के हाथ में शंख थमा दिया जाएगा और शंख बजाते हुए जब आप शहर के बाजार में निकलेंगे, तो देखना ताँगे वाले खड़े हो जाएँगे, रिक्शे वाले भी खड़े हो जाएँगे और कहेंगे कि अरे देखो तो सही, ये कौन आ गया?... चालीस शंख बजाते हुए और पीले कपड़े पहने हुए, झण्डा लिए हुए और एक नए बाबाजी के रूप में, एक नये क्रान्त...
- शादियाँ किसे कहते हैं?... कपड़ा किसे कहते हैं? सारी दुनिया के जंगली लोगों में उन्होंने सभ्यता सिखायी। न केवल एशिया में, बल्कि स...
- शादी करना चाहता है?... हाँ। शादी तो हम जरूर कर लेंगे, परन्तु एक काम कर, जरा नाच दिखा दे। मुझे नाच बहुत पसन्द है। भस्मासुर के ...
- शादी किसे कहते हैं?... मौसम को शादी कहते हैं। एक साल एक बीबी से शादी की, अगले साल उसे भगा दिया। दूसरे साल दूसरी शादी कर ली।...
- शादी क्यों नहीं की?... " सावित्री ने कहा ! उसने कहा—"हमने अपने माता-पिता की सेवा का संकल्प लिया है। सो मन, वचन और कर्म से उ...
- शादी न करें तब?... ठीक है अपनी जीविका कमा सकती हैं, लेकिन उनको सांसारिक ज्ञान के सम्बन्ध में, अपना अनुभव विकसित करने के स...
- शादी विवाह किसके होते हैं?... कुटुम्ब बनाकर के कौन रहता है? दवा दारू का इंतजाम किसके लिए है? बोलना किसको आता है? किताबें कौन पढ़ सक...
- शादी-ब्याह करने से पहले वे यह सोचते हैं कि ऐसी स्थिति में हमारे बच्चे कहाँ जाएँगे?... जापान जरा-सा देश है, जहाँ आगे फैलने की जगह नहीं है, पीछे हटने की जगह नहीं है। चारों ओर समुद्र फैला ह...
- शादी-ब्याह का मतलब?... प्रकृति हमको दण्ड देती है और हम से बच्चे पैदा कराना शुरू कर देती है, हर साल ढेरों के ढेरों पिल्ले पैद...
- शान्ति और सन्तोष कैस मिलता है?... बेटे सन्तोष, भजन से नहीं मिलता है, श्रेष्ठ काम करने से मिलता है। आदर्शों को जीवन में ढालने से मिलता...
- शान्ति कहाँ से आयेगी?... नहीं साहब! गायत्री माता से चैन आ जायेगा? अरे। गायत्री माता से कैसे चैन आ जायेगा? बेटे, यह तेरा चैन, ...
- शान्ति को प्राप्त करने के लिए हमें क्या करना पड़ेगा?... हमको सूर्य की उपासना करनी पड़ेगी। राम और लक्ष्मण की उपासना करनी पड़ेगी। ज्ञान और कर्म की उपासना करनी...
- शान्ति पायी हो?... नहीं, सब अशान्ति से जलते हुए चले गये। मित्रो! हमारे जीवन के जितने भी क्षेत्र हैं, वे एक से बढ़कर एक...
- शाम तक न जाने कितनों के पास वह पैसा जाता है?... पैसा घूमता रहता है। चीजें घूमती रहती हैं, लेकिन हम हैं, जो यह ख्याल और यह तमन्ना बनाये बैठे रहते...
- शायद ही कोई अपने प्रति कसाई करने में सक्षम होगा कि अपने प्रति इतना कड़ा अनुशासन कि बस मैं आपसे क्या कहूँ?... वे सबके प्रति बहुत उदार हैं। मैं आपसे कह नहीं सकती कि कितने उदार हैं, पर अपने प्रति बहुत कड़े हैं। ...
- शारीरिक बल किसे कहते हैं?... देह की ताकत को भी कहते हैं और दिमाग की ताकत को भी कहते हैं। अपने दिमाग को सक्षम बनाना, योग्यता बढ़ान...
- शास्त्रकार, कलाकार क्या करते हैं?... वे एक काम करते हैं—अपने विचारों की शक्ति का निग्रह करते हैं और एक खास काम पर लगाते हैं।...
- शास्त्रों में लिखा है, तो शास्त्रों को क्यों नहीं मानेंगे?... "तस्मात् शास्त्रम् प्रमाणम्"। तेरे लिए शास्त्र प्रमाण है, ऋषि ने लिख दिया, आप्तपुरुष ने लिख दिया। मह...
- शाहजहाँ के ताजमहल की तुलना में आज यदि मुझसे पूछा जाए कि ज्यादा दिलेर कौन-सा था और जनता की श्रद्धा किसके ऊपर टपकती है?... तो मैं समझता हूँ कि शाहजहाँ की तुलना में हजारी किसान था, जिसके ऊपर हमारी आँखों में से आँसू और श्रद्ध...
- शिक्षा का मतलब क्या है?... शिक्षा का मतलब यह है कि उनको लोकाचार आये। उनको यह मालूम पड़े कि संसार की बनावट क्या है? भूगोल क्या है...
- शिक्षा के क्षेत्र में थोड़ी प्रगति देखने को मिली तो अवश्य, पर उसी अनुपात से दहेज की माँग बढ़ जाने की समस्या ने उनके भविष्य पर जबरदस्त प्रश्नचिह्न लगा दिया कि बच्चियों को ऊँची शिक्षा दिलाई जाए अथवा नहीं?... भारतीय समाज की प्रगति में यह प्रश्न अहं महत्त्व रखता है। उसे सुलझाया न गया तो परिवार नारकीय यंत्रणाओ...
- शिक्षा के लिए पैसा कहाँ से आएगा?... इनको खेलने के लिए रेल कहाँ से आएगी? हमको तो बस काम-वासना से प्यार है। हम तो चौरासी बच्चे पैदा कर...
- शिक्षा के साथ-साथ में क्या करें?... अपने हर कुटुम्बी को स्वावलम्बी बनाइए। किसी को परावलम्बी मत बनने दीजिए। आप अपनी पत्नी को स्वावलम्बी बन...
- शिक्षा तो है, पर विद्या नहीं है, फिर क्या फायदा?... शिक्षा, रोजी और रोटी से ताल्लुक रखती है। विद्या का हमारे समूचे मानव जीवन से ताल्लुक है। जो मैंने पहल...
- शिक्षा बढ़ेगी, सभ्यता बढ़ेगी, तो हम क्या कर सकते हैं?... दौलत बढ़ेगी, तो हम क्या कर सकते हैं। मित्रो! इससे आदमी के ऊपर मुसीबतें ही आएँगी। हम और आप जिस जमाने...
- शिखा क्या है?... शिखा के पीछे तीन चीजें छिपी पड़ी हैं। हिन्दू समाज में शिखा की शिक्षाएँ तीन बताई जाती हैं। इसके पीछे त...
- शिखावंदन क्या है?... इसके पीछे एक और बात छिपी हुई है। क्या छिपी हुई है? इसके पीछे भगवान की मूर्ति छिपी हुई है। शंकर जी की...
- शिव पसन्द है, तो आप यह मानकर चलिए कि शिव भगवान कैसे हैं?... वे गंगा के रूप में उत्कृष्ट विचारधारा को प्रवाहित करते हैं। आप विचार कीजिए कि हमारे शिव के, सिर के ...
- शिवलिंग की स्थापना कराए और आकर के हमको आशीर्वाद दे, तब क्या रावण नहीं आया था?... मित्रो! लक्ष्मण ने कहा—हाँ, रावण तो आया था। तब उसने हमको आशीर्वाद नहीं दिया था? हाँ, दिया था। हमने क...
- शिवलिंग में और विष्णु में यानि शालिग्राम में क्या फर्क है?... ‘‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति’’—दोनों एक हैं। दुनिया का मालिक एक है। इस दुनिया का संचालक एक है। अनेक...
- शिवाजी की घटना आपको मालूम है न?... सैनिकों ने एक मुस्लिम लड़की को पकड़कर उनके समक्ष प्रस्तुत किया था, जिसे देखकर उन्होंने कहा कि काश! मेर...
- शिवाजी के नाम से जो संग्राम चला, उसके असली संचालक कौन थे?... समर्थ गुरु रामदास। समर्थ गुरु रामदास का इतिहास-भगवान् का इतिहास है। आपका इतिहास? औरों का इतिहास-बं...
- शिवाजी के बारे में आपको मालूम है?... छोटा सा, नन्हा-सा लड़का मराठा, उसको किस तरीके से समर्थ गुरु ने छत्रपति शिवाजी बना दिया। उसकी परीक्षा...
- शिवाजी कौन थे?... शिवाजी वह व्यक्ति थे, जिन्होंने हिन्दुस्तान को आजाद कराने की तवारीख में पहला कदम उठाया और समर्थ ग...
- शिवाजी ने कहा कि मेरे पास वैसी साधन-सामग्री कहाँ है?... मैं तो छोटे से गाँव का एक अकेला छोकरा, इतने बड़े काम को कैसे कर सकता हूँ? समर्थ गुरु रामदास ने कहा, ...
- शिवाजी ने कहा कि मेरे पास वैसी साधन-सामग्री कहाँ है?... मैं तो छोटे से गाँव का एक अकेला छोकरा, इतने बड़े काम को कैसे कर सकता हूँ। समर्थ गुरु रामदास ने कहा,...
- शिष्यों ने पूछा-आपको इतनी गहरी नींद आने की क्या वजह है?... यमदूत हैं चिन्ताएँ उन्होंने कहा कि हम निश्चिन्त होकर के सोते हैं। चिन्ताओं का भार, चिन्ताओं का वजन आ...
- शीरा जानते हैं, किससे बनता है?... गुड़ में से निकलता है। बच्चों ने आपस में रुई चिपका दी और वह बन गया लंगूर। उसके एक पूँछ लगा दी और वह ...
- शीर्ष कौन सा है?... ॐ भूर्भुवः स्वः। इसका क्या अर्थ है? क्या फिलॉसफी है? आप हर एक को समझाना और अपने जीवन में भी उतारना। ...
- शीलन भरी हवा है, तो?... नेपाल की तराई में शीलन भरी हवा चलती हैं, इसलिए तराई में जितने भी लोग रहते हैं, उनमें गले की शिकायत प...
- शुकदेव जी कौन है?... व्यास जी के बेटे हैं। तो क्या बेटे से कथा कहलवायेंगे, बाप से नहीं कहलवायेंगे? हाँ, बेटे से कहलवायेंग...
- शुकदेव जी कौन हैं?... शुकदेव जी व्यास जी के बालक हैं, जिनकी उमर चौबीस-पच्चीस साल है। चौबीस साल के बच्चे को बुला लें और नब्...
- शुकदेव जी ही क्यों?...
तो फिर किसी और विद्वान को बुलाइए। लोगों ने औरों के नाम बताए, पर राजा परीक्षित मना करते रहे। त...
- शुभ कर्म किसे कहते हैं?... बेटे! शुभ कर्म दो हैं और कोई तीसरा शुभ कर्म नहीं है। एक शुभ कर्म है—अपने कुसंस्कारों को धोना, यह भी ...
- शृंगी ऋषि ने पूछा—"आप लोग कौन हैं?... '' "हम भी विद्यार्थी हैं।" शृंगी ऋषि ने जब उनसे यह पूछा कि हम तो अट्ठाईस वर्ष के हो गए और हमारी दाढ़...
- शेर को मारकर रख लेते हैं, फिर उसकी पूँछ को पकड़कर ले आते हैं, परन्तु उनकी ताकत का क्या कहना?... जहाँ कहीं भी खेलकूद प्रतियोगिता होती वे वहाँ से छह-सात स्वर्ण पदक तक जीतकर ले आते। ऐसी परिस्थिति में...
- शैली से क्या है?... हमारे सिद्धान्त और भावनाएँ तो एक ही हैं।
हमने कहा—तो गुरुजी ने कहा और गुरुजी ने कहा—तो हमने कहा, ब...
- शॉर्टकट क्या हो सकता है?... शॉर्टकट बेटे! ऐसा होता है कि कई बार अन्धे और पंगे की अपनी-अपनी आवश्यकताएँ पूरी हो जाती हैं। जैसे, एक ...
- शौर्य है कि नहीं है?... मुँह फाड़- फाड़ करके ही- ही करेंगी और गलत तरीके से उलटे- सीधे कपड़े पहन कर बैठेंगी। ऐसा किया, तो बेटे...
- श्मशान घाट में जाइये, अस्पतालों में जाइये, दुर्घटना स्थलों पर जाइये, अन्धों को देखकर आइये कि भगवान् भक्त वत्सल हैं कि जल्लाद हैं?... तो महाराज जी! यह है क्या? कुछ भी नहीं है। आपके जैसे कर्म हैं, कर्म के हिसाब से भक्तवत्सल भी हैं और क...
- श्रद्धा किसे कहते हैं?... गायत्री माता की कृपा क्या होती है? यह तीनों चीजें, तीनों सम्पदायें उस कीमत पर दी जाती हैं, जिन्हें...
- श्रद्धा दी है?... समाज को कुछ दिया है? दे करके देखिये और यह पाइये कि कितना ज्यादा सन्तोष मिलता है मनुष्य को। आदमी अगर...
- श्रद्धा पैदा कर सकती है?... हाँ श्रद्धा गुरु पैदा कर सकती है। गुरु द्रोणाचार्य कौन था? द्रोणाचार्य था- एकलव्य का बेटा, उसने इस...
- श्रद्धा है आप में?... अगर ये नहीं हैं, तो ये बहाने मत बनाइए कि शाखा बन्द हो गई है। कोई आता नहीं है। सबमें लड़ाई हो गई है...
- श्रम को हमने किसके लिए खर्च किया है?... बेटे, सारे का सारा श्रम इस शरीर के लिए खर्च कर दिया। समय हमारे पास था। हमारी एक-एक साँस हीरे से बन...
- श्रवणकुमार के तरीके से बेटे होते हैं और राहुल के तरीके से बेटे होते हैं और बेटियाँ कैसी होती हैं?... बेटियाँ संघमित्रा के तरीके से होती हैं। संघमित्रा सम्राट् अशोक की बेटी थी। उसने कहा, पिताजी आपने संन...
- श्रीकृष्ण जी भगवान हैं?... हाँ श्रीकृष्ण जी कोई एक इनसान ही तो हैं। ऐसी शक्ल वाले तो लाखों-करोड़ों आदमी होंगे। हाँ महाराज जी! ह...
- श्रीकृष्ण भगवान अकेले आये थे?... नहीं बेटे, अकेले नहीं आये थे। उनके साथ बहुत सारे आदमी आये थे। कौन-कौन आये थे? पाँच देवताओं ने पा...
- श्रीकृष्ण भगवान का हरा रंग चढ़ेगा कैसे?... उपासना का मर्म वस्तुतः उपासना वहाँ से प्रारम्भ होती है, जहाँ से हम अपने भीतर अन्तरमुखी हों और ये देख...
- श्रीकृष्ण भगवान काले रंग के थे या गोरे रंग के?... बेटे! हमने तो देखे नहीं। तो साहब! छापेखाने से जो छपे हुए आते हैं, वे ऐसे ही भगवान थे? ये भगवान तो गो...
- श्रीकृष्ण भगवान को भी कलंक लगा?... हाँ, उनको भी कलंक लग गया था। इनसानों में से सबको कलंक लगा है। फिर निष्कलंक कौन हो सकता है? निष्कलंक ...
- श्रीकृष्ण भगवान निष्कलंक थे?... मालूम नहीं है। स्यमंतक मणि की चोरी लग गई थी उन्हें। श्रीकृष्ण भगवान को भी कलंक लगा? हाँ, उनको भी कलं...
- श्रीकृष्ण भगवान् ने सोलह सौ रानियाँ की थीं, तो हम तीन कर लें तो क्या गलत है?... बेकार की बातें मत करें, अपने विचारों को ठीक रखें। हमारी नयी रामायण में है, प्रेरणा-मार्गदर्शन हमने...
- श्रीकृष्ण भगवान् ऐसे ही सुन्दर थे?... नहीं बेटे, ऐसे नहीं थे। तो कैसे थे श्रीकृष्ण भगवान्? आप ही बताइये? ध्यान कैसे करें? मित्रो! हो सकत...
- शृंगी ऋषि को बहुत गुस्सा आया कि हमारे पिता के साथ में ऐसा मखौल किसने किया है?... वे क्रोधित हो गए, गुस्से के मारे आँखें लाल हो गईं। गुस्से में ही उन्होंने हाथ में जल लिया और यह कहा ...
- श्रेय मिलेगा तो धन नहीं मिलेगा और धन मिलेगा तो श्रेय नहीं मिलेगा, आप दोनों बात कैसे कहते हैं?... मित्रो! मैं दोनों बात इसलिए कहता हूँ कि जहाँ आदमी को श्रेय मिलेगा, वहाँ आदमी को वैभव नहीं मिलेगा। तो...
- संकल्प को अगर आप जीवन में से निकाल दें, फिर क्या काम बनेगा?... आपको ध्यान होगा? राणा प्रताप ने यह निश्चय किया था कि वह थाली में भोजन नहीं करेंगे, जब तक अपनी आज...
- संकल्प बल न हो तब?... हिम्मत न हो तब? फिर आदमी बेपेंदे लोटे की तरह से इधर-उधर भटकता रहता है। मनोबल बढ़ाने के लिये कोई न क...
- संकल्प शक्ति किसे कहते हैं?... संकल्प शक्ति उसे कहते हैं, जिसमें कि यह फैसला कर लिया जाता है कि यह तो करना ही है। यह तो हर हालत म...
- संकल्पवान नहीं होता तब?... ऐसे ही व्याख्यान करता फिरता तब? हरे पेड़ लगाइये, हरियाली उगाइये। हरे पेड़ लगाइये, हरियाली उगाइये तब?...
- संख्या पूरी हो जाने के बाद में कोई परिणाम सामने आ सकते थे?... नहीं, क्योंकि यदि जीभ को नियंत्रित न किया होता तो शायद परिणाम न आते। जीभ में चमत्कार होते हैं। जीभ स...
- संघमित्रा जो थी, उसने कहा, पिताजी क्या करना पड़ेगा?... बेटी, हमारे रास्ते पर चलना पड़ेगा। सम्राट् अशोक की बेटी संघमित्रा निकल पड़ी और उसने जितने बुद्ध ने विह...
- सन्त अगर मुर्दा पड़ा रहे, सन्त अगर सोता रहे, तो हम क्या कर पायेंगे?... आप में सन्त की प्रवृत्ति जागनी ही चाहिए। आपके भीतर एक और भी चीज है, जिसे हम ब्राह्मण कहते हैं। ब्...
- सन्त इसीलिए गरीब पाए जाते हैं?... भाई साहब! सन्त गरीब नहीं होते, कंगाल नहीं होते, वे उदार होते हैं। वे खाते नहीं हैं, खिला देते हैं। आप...
- सन्त किसे कहते हैं?... जिसने अपने लोभ एवं मोह को समाप्त कर दिया है। आप देखेंगे कि इस गायत्री परिवार के लोगों में से कितने...
- सन्त किसे कहते हैं?... परोपकारी को कहते हैं, लोकहित में लगे हुए आदमियों को कहते हैं। समाज के लिए विसर्जित और समर्पित लोगों ...
- सन्त किसे कहते हैं?... सन्त ब्राह्मण से भी ज्यादा किफायत से रहता है। ब्राह्मण तो फिर भी कपड़े पहन लेता है, लेकिन सन्त इस मामल...
- सन्त को कैसा होना चाहिए?... तुलसीदास जी कहते हैं—‘‘सन्त हृदय नवनीत समाना’’। सन्त का हृदय मक्खन के समान तो होना ही चाहिए। मक्खन के ...
- सन्त क्यों नहीं आते?... सन्त दुनिया में हैं नहीं क्या? सन्त हैं तो सही, पर कोई आने को तैयार नहीं होता। क्यों? सन्त कहते हैं—
...
- सन्त चाँदी की गाड़ी पर कैसे सवारी कर सकता है?... आपको यहाँ से जाने के बाद अपना पुराना बड़प्पन छोड़ देना चाहिए और पुराने बड़प्पन की बात भूल जानी चाहिए।...
- सन्त तो हम नहीं हैं, पर सन्त परम्परा के विद्यार्थियों से जाना है कि सन्त किसे कहते हैं और सन्त कैसा होना चाहिए?... सन्त को दूसरों पर दया करनी चाहिए और यदि वह दूसरों की सहायता करने में समर्थ है तो उसे करनी चाहिए। यह ह...
- सन्त दुनिया में हैं नहीं क्या?... सन्त हैं तो सही, पर कोई आने को तैयार नहीं होता। क्यों? सन्त कहते हैं—
न त्वहं कामये राज्यम्
न...
- सन्त में क्या रखा है?... सन्त बनाने की सनक तो विनोबा की माँ के ऊपर सवार हुई थी, जिसने अपने तीनों बेटों को ब्रह्मज्ञानी बना दिय...
- सन्त लोग गरीब क्यों रहते हैं?... बेटे! गरीबी उनकी शान है। गरीबी का गौरव और महत्त्व बढ़ाने के लिए, अपरिग्रह का गौरव बढ़ाने के लिए और स...
- सन्तान अपने गुण, कर्म, स्वभाव से कैसी हो, शरीर से कैसी हो, यह इस बात पर निर्भर करता है कि जन्मदाता माता और पिता की मनःस्थिति कैसी है?... माता अर्थात् जमीन। जमीन जिस तरह की होगी, पौधों का उसी तरह से बढ़ना और फलना−फूलना सम्भव होगा। पिता अर्...
- सन्तान कैसी होगी और क्या होगी?... इसका नमूना देखना हो तो पिता को देखना चाहिए कि पिता के गुण, कर्म और स्वभाव, उसका जीवन लक्ष्य क्या है?...
- सन्तान पैदा कर देंगे?... हाँ, तेरी इच्छा है, कामना है, तो हम पैदा कर देंगे। और कोई कामना-तीसरी कामना, चौथी कामना हो, तो बता...
- सन्तानें कब पैदा होती हैं?... जब हमारे जीवात्मा और परमात्मा दोनों एक में शामिल हो जाते हैं।
[क्रमशः समापन अगले अंक में]
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- सन्तुलन कैसे बिठाया जाएगा?... भगवान् ने भी यह प्रतिज्ञा कर रखी थी कि हम धर्म की स्थापना के लिए और अधर्म के विनाश के लिए वचनबद्ध है...
- सन्तों की कमी है?... नहीं, कोई कमी नहीं है। अनुदान देने वाले, सहायता करने वाले बेटे! बहुत हैं, पर लेने वाले नहीं हैं। नही...
- सन्तों के पास जाइये और तलाश कीजिए कि उनका बहिरंग जीवन क्या है?... आपको उनका जीवन भिखारियों जैसा मालूम पड़ेगा। वे यहाँ से पैसा माँगते हैं, वहाँ से पैसा माँगते हैं। यह...
- सन्तोष किसको रहेगा?... सन्तोष सिर्फ एक आदमी को रहेगा, जिसने अपने जीवन का क्रम ऐसा बना लिया है कि जिससे उसके अन्दर अन्तर्द्वन्द...
- सन्तोष किसे कहते हैं?... बेटे, सन्तोष उसे कहते हैं जिसके कारण आदमी मस्ती में झूमता रहता है, खुशी से झूमता रहता है। आदमी की परे...
- सन्तोष कैसे आयेगा?... आदमी आज इस बुरी तरह से जल रहा है, जैसे कि मैंने सुना है कि राजा सगर के साठ हजार बेटों को कपिल मुनि श...
- सन्तोषी माता क्या होती है?... सन्तोषी माता वो देवी होती है, जो कोठरी में बैठी रहती है। नहीं बेटे, वह नहीं होती। सन्तोषी माता उसे कहत...
- सम्पत्ति चाहते थे तो आपको यह नहीं मालूम है कि सम्पत्ति किसे दी जाती है?... आप मिठाई खरीदना चाहते हैं ना? तो आप मिठाई किससे खरीदेंगे? नोट लाइए, क्वाइन लाइए। क्वाइन—पैसे का क्या...
- सम्पत्ति ही चाहते थे न?... हाँ ! सम्पत्ति चाहते थे तो आपको यह नहीं मालूम है कि सम्पत्ति किसे दी जाती है? आप मिठाई खरीदना चाहते है...
- संपदाएँ क्या होती हैं और विभूतियाँ क्या होती हैं?... संपदा उसे कहते हैं जो कि बाप-दादों की हैं। वे उसे छोड़कर चले जाते हैं और हम उस कमाई को बैठकर खाया क...
- सम्बन्ध किस तरीके से बनाए जायँ?... यह बात आगे वाली शुरू होती है, आगे मालूम होती है। विषय बड़ा लंबा है और मैं इसे छोटी-छोटी कथाओं के माध्...
- संयम का प्रारम्भ कहाँ से करना पड़ेगा?... अपनी जबान के ऊपर काबू करना पड़ेगा। हथौड़ी से, कैंची से और प्लास से उस जीभ को मरोड़ देना पड़ेगा। जीभ बह...
- संयम किसे कहते हैं?... संयम उसे कहते हैं, जो हमारे जीवन के बिखराव हैं, जिनकी वजह से हमने सब खो दिया, सब गँवा दिया। अगर हम अ...
- संयम क्या होता है?... और योगाभ्यास क्या होता है? इनसे आपके शरीर और मन पर अर्थात् बहिरंग और अन्तरंग में जो पाप और दुष्प्रव...
- संयम से क्या मतलब है?... बेटे ! संयम से मतलब यह है कि हमारी सारी शक्तियाँ बिखराव में नष्ट होती जाती हैं। अगर हम बिखराव को बन्द...
- संयम-वंयम से क्या रहें?... अभी तो मौज-मस्ती के दिन हैं। बुढ़ापे में ही तो मुसीबत आएगी। आँखों में मोतियाबिंद बुढ़ापे में ही तो हो...
- सम्वेदनाएँ भी किसी के अन्दर हैं क्या?... दूसरों से सहानुभूति रखने वाले भी दुनिया में कहीं रहते हैं क्या? हम यह देखने आए थे कि सन्त का लिबास पह...
- संसार का क्या भला किया?... भक्त का कल्याण उसके आत्मिक विकास के रूप में होगा। विकास के दो रूप हैं—(१) श्रद्धा का विकास (२) निष्ठ...
- संस्कार और भावनाएँ, आस्था और श्रद्धा?... ये तो आप पैदा नहीं कर पा रहे हैं। नौकरी-नौकरी कहने से। अरे, नौकरी थोड़ी मिल जाएगी, उसमें गुजारा हो ज...
- संस्कार कहाँ से आता है?... वह माँ-बाप से आता है? हम खुशबूदार परिवार बसाना चाहते हैं मित्रो, आज परिवार संस्था का नाश हो गया है...
- संस्कारी हैं तो क्या और कुसंस्कारी हैं तो क्या?... कुसंस्कारी हैं तो इनके संस्कार बनाएँगे। इनको फोकट की और हराम की कमाई से जीवनयापन करने वाला व्यक्ति न...
- संस्कृत नहीं आती तो क्या, श्लोक पढ़ना नहीं आता, तो क्या?... मंत्र जपना और कर्मकाण्ड नहीं आता तो क्या? अनुष्ठान करना नहीं आता तो क्या? शबरी तेरी भक्ति, तेरे सि...
- संस्कृत में भजन शब्द जिससे बना है, पहले इसे देखिए कि इसका क्या अर्थ है?... पहले इसके माने बताइए, तब आगे चलिए। भज सेवायाम्—अर्थात भज् धातु सेवा शब्द से भजन बना है। सेवा करना, प...
- संस्कृति किसे कहते हैं?... संस्कृति कहते हैं—विचार करने की शैली को, चिन्तन को, भावना को और दृष्टिकोण को। जब हमारा दृष्टिकोण परिष...
- संस्कृति की सीता को वापस लाने के लिए अब हम क्या कर सकते हैं?... हमारी और आपकी जैसी भी हैसियत होगी, कोशिश करेंगे। अच्छे कामों के लिए जब आदमी कमर बाँधकर खड़े हो जाते ...
- संस्कृति क्या होती है?... संस्कृति कहते हैं—कल्चर को। कल्चर क्या होता है? कल्चर कहते हैं—हमारी विचारणाएँ, हमारी आस्थाएँ, हमारी...
- संस्कृति रावण के मुँह में चली जाएगी, तो क्या होगा?... बिलकुल यही होगा, जो अभी बताया है। बेटे! अर्थशास्त्र हमको यही सिखाता है। इकोनॉमिक्स हमें यही सिखाती ह...
- सच बताइए कि क्या मामला है?... आप तो बहुत होशियार आदमी हैं। अरे साहब! देखिए हमने अपनी जवानी काट डाली। हमने शादी-ब्याह भी नहीं किया।...
- सच-सच बताना, इसी का नाम अनुष्ठान है ना-देवताओं से ट्राई करना?... क्या ट्राई करना? हमारा ट्रांसफर करा दीजिए। हमने वहाँ कहा-स्युपरिन्टेंडेंट से। उसने क्या कहा? उसने कह...
- सच्चा अध्यात्म क्या कहता है?...
इसलिए मित्रो। जो आपने रंग-बिरंगे, चित्र-विचित्र खिलौने बनाकर रखे हैं और उन रंग-बिरंगे खिलौनों...
- सड़क पर कौन जाती है?... गंगाजी पर कौन नहा रही है? सब वेश्या। अरे साहब! दुनिया में कोई सती, साध्वी, बेटी, माँ, बहन कोई है? नह...
- सती का कौन होता है?... सती का वह होता है कि जिस दिन से अपने पति के घर में आती है। वह हर परिस्थिति में उसका साथ देती हुई चली...
- सत्संग किस तरीके से करें?... सत्संग तो मिलना मुश्किल है, पर अपने घर वालों को नसीहत देने का, शिक्षा देने का, कथा कहने का क्रम जारी...
- सत्संग से भी नहीं, और कलम से?... कलम से तो आप बहुत अच्छा लिखते हैं। बेटे, हम अभी और अच्छा लिखेंगे, पर अगर आपका ये ख्याल है कि कलम से ...
- सत्संगों के लिए कितने भवन बने हुए हैं?... जहाँ प्रवचनों की कोई कमी नहीं है। एक के बाद एक कथा होती चली जाती है। रामायण की कथा होती चली जाती...
- सदाचार के आप खाली विचार करें, तो कैसे बने?... आप उनके विचारों की एक बड़ी सामर्थ्य बनाइये। एक सेना बना लीजिये। जो भी बुरे विचार आयें उनको काटने के...
- सदाचारी का सम्मान करते हैं क्या?... जिसने समाज के लिए त्याग और बलिदान किया, उसको हम समझते हैं क्या? जिसने ईमानदारी और भलमनसाहत पर रह करक...
- सद्गुणों से, सत्प्रवृत्तियों से कैसे सम्पन्न किया जाय?... सबसे बड़ा यही एक प्रश्न है, जिसका अगर कोई आदमी समाधान कर लेता है, तो समझ लीजिए कि उसने भविष्य को उज्ज...
- सन्तोष कहाँ प्राप्त हुआ?... ईमानदारी में हुआ।
शान्ति कहाँ मिली? ईमानदारी में मिली, भले से वह जौ की रोटी क्यों न हो, सत्तू की...
- सपनों की दुनिया में ही घूमते रहेंगे, या वास्तविकता को भी समझेंगे?... मित्रो! मुझे ऐसे लोगों के ऊपर गुस्सा आता है, जो वास्तविकता से लाखों मील दूर हैं। महा अज्ञान के जंजाल...
- सफल हो जाएँगे?... नहीं, कभी सफल नहीं होंगे। उपासना में मन लग गया? अभी तक तो नहीं लगा। आगे लगेगा? आगे को मैं आपको आ...
- सफलता शिष्य को जरूर मिलती है, इसमें दो राय नहीं है, लेकिन मिलती कब है?... जब शिष्य बाँसुरी के तरीके से बिलकुल खाली हो जाता है। आपने बाँस की बाँसुरी देखी होगी। वह बाँसुरी कैसी...
- सफलता-असफलता से क्या बनता-बिगड़ता है?... सफलता-असफलता की कोई कीमत नहीं। आप ने सही काम किया; नहीं किया, आपके लिए इतना ही काफी है। यह न देखें...
- सफाई टैक्स आवश्यक है?... हाँ भाई साहब! सफाई टैक्स आवश्यक है। यदि सफाई टैक्स आप नहीं देते तो चुंगी वाला आपको गिरफ्तार करेगा, स...
- सफाई हो गई तो क्या?... कोई फरक नहीं पड़ने वाला है। वे नाराज भी नहीं हो सकते, क्योंकि उनके अन्दर प्राण-प्रतिष्ठा नहीं हुई...
- सफेद बाल वाले को बुड्ढा कहते हैं, तो क्या आप भेड़ के बच्चे को बुड्ढा कहेंगे?... भेड़ का बच्चा सफेद बाल का होता है। आपके बाल भी सफेद हैं, तो आपको भेड़ का बच्चा मानना चाहिए और बुड्ढा न...
- सफेद बाल हो गए तो क्या हो गया?... सफेद बाल होना क्या खराब बात है? सफेद बाल होना तो बहुत अच्छी बात है। अच्छा बताओ लड़कियों, तुम्हारे लिए...
- सफेद बाल होना क्या खराब बात है?... सफेद बाल होना तो बहुत अच्छी बात है। अच्छा बताओ लड़कियों, तुम्हारे लिए दूल्हा ढूँढ़ें तो सफेद वाला ढूँढ़...
- सब कुछ क्या होता है?... वह होती है आपकी निष्ठा, आपकी श्रद्धा, आपका परिपक्वपन।
गुरुजी के पास पैसा था क्या? नहीं बेटे, ...
- सब कुछ शरीर को ही खिलाने-पिलाने के लिए करेंगे क्या?... ऐसा क्यों करेंगे? आत्मा का कोई औचित्य नहीं है क्या? आत्मा की कोई इज्जत नहीं है क्या? आत्मा का कोई मू...
- सब कैसे हुआ था?... बता दीजिए, हम भी करना चाहते हैं। ऐसी विधि हमको भी बता दीजिए। हाँ बेटे, ला तुझे भी बता देते हैं कि क्...
- सब गंगा नहाने जाएँगे, तो कैसे काम चलेगा?... ये सब स्वर्ग जाएँगे? उन्होंने कहा—हाँ। पार्वती! कहते तो ऐसा ही हैं कि ये सब स्वर्ग जाएँगे। ये सब कैस...
- सब छोड़कर के आए और उन्होंने पीछे मुड़कर यह नहीं देखा कि गायत्री तपोभूमि कैसी है?... इसका विस्तार हुआ या क्या हुआ?
जब देशभर में दो हजार शक्तिपीठें बनीं। उनके उद्घाटन के लिए सन् 1980-...
- सब देवता चले और यहाँ पर कितने दिन बैठे?... पाँच दिन बैठे। खिलाओगे क्या? चावल, रोली, धूप, दीप और शक्कर की गोली।चले जाओ हमारे पास फालतू वक्त नहीं...
- सब बैठे हुए हैं, सारा घर बैठा हुआ है और देखिए बहू आती है और कैसे पकौड़ी बनाती है, कैसे पकौड़ी बनाकर खिलाती है?... आप पीले कपड़े पहन करके और अपने पीले हाथ करा करके अपनी ससुराल चले जाना। वहाँ इस तरह से काम करके आना,...
- सब माँगते ही चले जाएँगे, तो देने का जिम्मा कौन लेगा?... फिर भगवान के प्रति, अध्यात्म के प्रति अनास्था का क्रम चालू हो जाएगा। इसलिए मैं आपसे चाहता था कि आप ग...
- सब लोग तो खाते हैं?... सब लोगों की नकल हम नहीं कर सकते। सब लोगों में और साधक में फरक होता है। साधक, साधक होता है। तपस्वी, त...
- सब व्यक्ति मथुरा नहीं आ सकते, तो क्या करना चाहिए?... अब फैलाना चाहिए, तो उन्होंने शक्तिपीठों का निर्माण कराया। कितनी शक्तिपीठें हैं? मैं समझती हूँ कि 400...
- सबके अन्दर एक ही खून, एक ही माँस, एक ही मज्जा पैदा हुआ है, फिर एकदूसरे भाई को, एकदूसरे भाई से अलग क्यों किया जा रहा है?... उसमें एक ही कारण छिपा हुआ मालूम पड़ता है और वह है—हमारे दिमागों की विकृति। हमारे दिमागों का विकृत चि...
- सबके इष्ट होते हैं न?... हाँ साहब! क्या अर्थ होता है—इष्ट का? इष्ट किसे कहते हैं? हिन्दी में बताइए आप। बेटे, इष्ट कहते हैं—लक...
- सबके ऊपर आप हुकूमत चलाना चाहते हैं?... सबके मालिक बनते हैं। आप सबके बॉस हैं, आप सबके भगवान हैं? आपने दूसरे आदमियों को खरीद रखा है? ऐसा मत क...
- सबको आवाज लगाने वाला कौन है?... सबसे पहले शंख बजाने वाला कौन है? सबसे बड़ा पण्डित कौन है? सबसे बड़ा मुल्ला कौन है? मुर्गा। आप चाहें त...
- सबको छींक क्यों आती?... लाल मिर्च को जला देने से क्या हो गयी? वह सर्वत्र सूक्ष्म रूप में फैल गयी। सामाजिक सुव्यवस्था की पद्ध...
- सबको टेंशन हो जाएगा?... शायद सबको हो जाए। अमेरिका में तो छाप भी दिया गया है कि सिगरेट पीजिए, टेंशन बुलाइए। सिगरेट पीजिए,...
- सबको मिलाकर मैं समझती हूँ कि बहुत जनसंख्या हो गई और कौन से हो गए?... वे बेटे और बेटियाँ हो गए। कौन से बेटे-बेटी हो गए। वे हो गए, जो हमने भावनाओं से और सिद्धान्तों से सँज...
- सबने खुशियाँ मनाईं, लेकिन बहुतों ने ये शिकायत की कि हमारे अन्दर मोती क्यों नहीं पैदा हुए?... थोड़ी-सी सीपों के अलावा सभी सीपें इकट्ठी होकर जमा हो गई और शिकायत करने लगी कि आपने हमारे अन्दर मोती क...
- सबमें समाया हुआ है, तो हम क्या करें?... बेटे, आपका काम यह है कि उसके बारे में आस्तिकता के जो सिद्धान्त हैं, उनको आप स्वीकार कर लें। क्या स...
- सबसे ऊँची सफलता क्या है?... आप इन्सान से भगवान बनें, नर से नारायण बनें, पुरुष से पुरुषोत्तम बनें। लघु से महान बनें। यह आपकी सब...
- सबसे ज्यादा गलती कहाँ है?... एक जगह है और वह यह कि आदमी के सोचने का तरीका बड़ा गलत और बड़ा भ्रष्ट हो गया है। बाकी जो मुसीबतें ह...
- सबसे पहले आप यह बताइए कि आप करेंगे क्या?... हम जबान की बात, भी नहीं मानते। पहले आप सबूत दीजिए कि आपका व्यक्तित्व इस लायक है कि आप कोई कीमती चीजे...
- सबसे पहले मैंने यह किफायत करने की कोशिश की, कि देखूँ मेरी मौलिक आवश्यकताएँ क्या हैं?... गहराई से निरीक्षण करने पर पता चला कि मेरी जो खास आवश्यकताएँ हैं और जो शरीर को जिन्दा रखने के लिए जरू...
- सबसे पहले शंख बजाने वाला कौन है?... सबसे बड़ा पण्डित कौन है? सबसे बड़ा मुल्ला कौन है? मुर्गा। आप चाहें तो मुर्गा हो सकते हैं। मात्र दि...
- सबसे बड़ा दानी कौन होता है?... सेठ। नहीं, सेठ दानी नहीं हो सकता। सेठ जो चीजें देता है, वो टिकाऊ नहीं हैं। वो ठहरती नहीं हैं। अनाज ख...
- सबसे बड़ा पण्डित कौन है?... सबसे बड़ा मुल्ला कौन है? मुर्गा। आप चाहें तो मुर्गा हो सकते हैं। मात्र दिलेरी चाहिए तो महाराज...
- सबसे बड़ा मुल्ला कौन है?... मुर्गा। आप चाहें तो मुर्गा हो सकते हैं। मात्र दिलेरी चाहिए तो महाराज जी! मुर्गा बनने के लिए क्...
- सबसे बड़ी कठिनाई, सबसे बड़ी दिक्कत और सबसे बड़ी मुसीबत इस बात की है कि हम अपनी टीमवालों को ही नहीं समझा सके, तो बाहर वालों को कैसे समझाएँगे?... मनोकामना पूर्ति की मशीन नहीं हैं गुरुदेव साथियो! अभी तक लोग हमें मैजेशियन-जादूगर समझते हैं। सन्तोषी म...
- सबसे बढ़िया प्रेम करना कौन जानता है?... लकड़बग्घा जानता है। जब उसे कोई छोटा वाला बच्चा दिखाई पड़ता है, तो वह उस पर टूट पड़ता है और उसे गड़प क...
- सबेरा हो गया, तो मैंने कहा कि कुछ और इलाज कराना है क्या?... कुछ और जप-तप कराना है क्या? उन्होंने कहा कि जो जप-तप कराना था, वह तो हो गया। मैंने कहा कि घर जाकर ...
- सबेरे उठते तो हैं, पर क्या करें?... भजन में मन बिलकुल नहीं लगता। बेटे! दो जगह मन नहीं लग सकता, लेकिन एक जगह मन लग जायेगा। जहाँ कहीं ...
- सब्र करते हैं कि नहीं करते?... हम तो कर लेंगे, पर तू नहीं कर पाएगा। तू उस पिता का विश्वास और उस पिता का अनुदान, उस पिता की करुणा और...
- सभी के नाम बताने से क्या फायदा है?... बस, इतना जान लीजिए कि उस समय एक से एक बढ़िया और जबरदस्त आदमी आए थे। उन्होंने न केवल हिन्दुस्तान, वरन ...
- सभी से दोस्ती निभायें?... नहीं, सबसे दोस्ती नहीं निभायें। इसमें जो वरेण्य हैं, उनको हम अपना बना लेंगे और जो वरेण्य नहीं है, ...
- सभ्यता और संस्कृति दोनों को मिला दें, तो आप यह मान सकते हैं कि योग से क्या मतलब होना चाहिए?... तप से क्या मतलब होना चाहिए? योग और तप बड़े कठिन शब्द हैं। दो उद्देश्यों को पूरा करने के लिए, हमको जी...
- समझ में आ जाएगा?... बिलकुल आ जाएगा। कहते हैं—नहीं साहब! हम तो इतनों के पास जाते हैं और कोई मानता ही नहीं है। अच्छा नहीं ...
- समझ में नहीं आ रहा था कि मैं किसको दूँ, किसको न दूँ?... माँगने वाले तो हजारों आते हैं, लेकिन जहाँ आवश्यकता है, ऐसा कोई स्थान या व्यक्ति नहीं मिला। सुदामा ...
- समझदार इतना कि सारे-के-सारे काम करता है, पैसा कमाता है, व्यापार करता है, धंधा करता है और बड़ा आदमी बन जाता है और बेवकूफ, अज्ञानी इतना कि इसको इस बात का ज्ञान नहीं है कि उसका स्वरूप क्या है?... उसको किसलिए पैदा किया गया है? और क्या करना चाहिए? अगर यह ज्ञान मनुष्य के भीतर से जाग्रत हो जाए, तो आ...
- समझदार लोगों की गायत्री माता कैसी हैं?... ऐसी हैं जो हमारे ज्ञानक्षेत्र में बौद्धिक क्रान्ति के रूप में आती हैं। जो हमारे व्यावहारिक जीवन में,...
- समझदार, जिम्मेदार आदमी के तरीके से विवाह कीजिए और अगर आपको कुत्ते-कुतिया की तरह खेल खेलना है, तो खेलिए, फिर उसे विवाह क्यों कहते हैं?... जिम्मेदारी की सामर्थ्य हो तो ही करें विवाह
मित्रो! मैं तो विवाह के बारे में हमेशा से यही कहता र...
- समझो कि भक्त की परिभाषा क्या होनी चाहिए?... करुणा, दया, सेवा, अपने को ऊँचा उठाना और दूसरों को ऊँचा उठाना है। यह भक्त की परिभाषा है। आपने कभी किय...
- समता जो आयेगी तो कैसे आयेगी?... जाति के साथ ही लिंग की समता आयेगी। लिंग से क्या मतलब है? नर और नारी से है। नर और नारी दोनों की समता ...
- समधी कैसा होता है?... समधी ऐसा होता है, जो दहेज के बिना शादी-ब्याह नहीं कर सकता। इसका क्या नाम है? इसका नाम है—चाण्डाल। इस...
- समय का उपयोग कैसे करेंगे?... आप इस तरीके से बटवारा बनाकर ले जाएँ और यहाँ से जाकर के ईमानदार आदमी की तरीके से जीवन जियें। बिगाड़ा...
- समय का संयम किसे कहते हैं?... बेटे! हमने एक घण्टा रोज स्वाध्याय के लिए सुनिश्चित कर रखा है। विनोबा भावे तेईस भाषाओं के विद्वान थे। ...
- समय किसे कहते हैं?... अरे अभागे ! तूने तो सारा वक्त बेकारी में, गप्पबाजी में, आवारागर्दी में, निरर्थक कामों में खरच कर डाल...
- समय के साथ ईमानदारी, पैसे के साथ ईमानदारी, वह भी कैसी ईमानदारी?... अपने लिए खरच कम करना। समाज से पाया जरूर, लेकिन वह समाज का ही है, वह अपना नहीं है। जिस दिन उसको खाया ...
- समय को अगर आप बाँधकर, व्यवस्था बनाकर रखें तो समय न जाने क्या-से-क्या करता हुआ चला जाता है?... बेटे! मैंने साहित्य की रचना की, सेवा कर ली, पूजा-भजन भी कर लिया, लोगों से मिल भी लिया, संगठन खड़ा कर...
- समय क्या है?... एक और बात आपको जाननी पड़ेगी कि आपके ऊपर जिम्मेदारियाँ क्या हैं? आपको अपनी जिम्मेदारियों को अनुभव कर...
- समय खराब करते हैं?... अकल खराब करते हैं? उनका नाम है—मूर्ख, जो कर्मकाण्डों को ही सब कुछ समझते हैं। साहब! फलाने स्वामी जी ...
- समय तो लगेगा ना?... हाँ महाराज जी! टाइम तो लगेगा। अच्छा तो सौ करोड़ पेंट के लिए और सौ करोड़ लेबर के लिए जमा कर। तो महारा...
- समर्थ क्यों हो गए?... क्योंकि इसमें हमारी भावनाएँ थीं। इसमें हमारी आस्था थी और हमको चाह थी कि हम लोक-मंगल के लिए कोई कड़ी ...
- समर्थ गुरु रामदास के पास पैसा था?... रामकृष्ण परमहंस के पास पैसा था? ईसामसीह के पास पैसा था? किसके पास पैसा था? पैसा डाकुओं के पास है, ...
- समर्थ गुरु रामदास के पास जा करके शिवाजी जाने क्या-से हो गये?... रामकृष्ण परमहंस के पास जाकर विवेकानन्द जाने क्या-से हो गये? गाँधी जी के पास जाकर राजेन्द्र बाबू, ज...
- समर्थ गुरु रामदास जी की शादी होने लगी तो उन्होंने कहा कि हमको अपनी जिन्दगी अच्छे कामों के लिए व्यतीत करनी है, पर यह सलाह कौन देगा?... सारे-के सलाहकार एक ओर, मौसा-मौसी, नाना-नानी, दादा-दादी सब एक कोने पर खड़े रहे। समर्थ गुरु रामदास ने ...
- समर्थ गुरु रामदास ने कहा अपनी जिन्दगी से मुझे कुछ महत्त्वपूर्ण काम करना है, तो यह परिवार रोज सँभालूँगा या समाज को, देश को सँभालूँगा?... " बस, समर्थ गुरु रामदास को ख्याल आ गया और वे छलाँग मारकर ये गए, वो गए। पकड़ना .....पकड़ना। वे खेतों ...
- समर्थ गुरु रामदास बहुत गरीब थे?... हाँ गरीब थे। अमीर थे? हाँ, इतना अमीर कि कोई ठिकाना नहीं। जंगल में रहने वाले, कुटिया में रहने वाल...
- समर्थ गुरु रामदास में क्या विशेषता थी, बताइये?... कबीर की क्या परिस्थितियाँ थीं, बताइये? कबीर को कौन कन्धे पर उठाकर ले गया था? मनःस्थिति में विकसित कर...
- समर्थ हैं तो क्या, असमर्थ हैं तो क्या?... संयुक्तता का मतलब ही यह होता है कि उस पर हरेक का हिस्सा है, हरेक का हक है। उस पर आप हरेक का हक स्वीक...
- समर्पण था, तो अर्जुन से भी ज्यादा बन गया और शिवाजी?... छत्रपति शिवाजी हो गए। क्यों हो गए? अरे! इसलिए हो गए कि उनका समर्पण था। उन्होंने कहा—जैसा आप बनाना चा...
- समष्टिगत कंगाली की चर्चा करते हुए गुरुवर ने बताया कि सीमित राशि में विश्वयुद्ध के दिनों से लेकर १९७१ तक, उनने कैसे घर चलाया?... आज का आम आदमी वैसा जीवन क्यों नहीं जी पा रहा। पूर्व के सन्दर्भ संक्षेप के बाद अब आगे पढ़ें।
...
- समस्याओं के बारे में समाधान करने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए?... आपने हजामत बनाने वाले की दुकान पर कभी देखा होगा, उसके ऊपर एक बोर्ड टँगा रहता है। उस पर एक वाक्य लि...
- समस्याओं को कैसे हल करेंगे?... जो चीज आपके काम की थी दिमाग, उसको तो आपने गरम कर डाला, जला डाला। आप चाहें तो अपने दिमाग पर रहम कर सक...
- समाज किसे कहते हैं?... शादियाँ किसे कहते हैं? कपड़ा किसे कहते हैं? सारी दुनिया के जंगली लोगों में उन्होंने सभ्यता सिखायी। न ...
- समाज की गुत्थियों को हल कैसे करना है और व्यक्ति की नैतिक कठिनाइयों का समाधान कैसे करना है?... वे सारी-की-सारी शिक्षाओं को देने के लिए कुंभ में चले आते थे।परन्तु अब देखा ना आपने, क्या-क्या हो रह...
- समाज की मर्यादा, समाज के कानून ऐसे हैं, जो हमारे बाल नोंच सकते हैं?... वे हमको मजबूर कर सकते हैं कि आपको कायदे में रहना चाहिए। इसलिए दबाव से तो हम डरते हैं, लेकिन हमारे भी...
- समाज के ऊपर कुछ एहसान नहीं किया?... हाँ उन्होंने समाज के ऊपर बहुत एहसान किया, जिन्होंने दूसरों को एक जगह लगा दिया। चाणक्य ने चंद्रगुप्त ...
- समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य और फर्ज है क्या?... नहीं साहब! जो हमने कमाया था, चार बेटों में बराबर बाँट दिया। और पड़ोसियों को? और मोहल्ले वालों को?...
- समाज के बन्धन तो ऐसे हैं, जो हमको हर चीज के लिए छूट नहीं दे सकते?... समाज की मर्यादा, समाज के कानून ऐसे हैं, जो हमारे बाल नोंच सकते हैं? वे हमको मजबूर कर सकते हैं कि आपक...
- समाज के लिए कैसे संकट पैदा करने जा रहा है?... वह समझता ही नहीं कि अपने बच्चों का भविष्य कैसे खराब करने जा रहा है? पागल आदमी दुनिया का सफाया करेग...
- समाज के लिए क्या आफत पैदा करने जा रहा है?... अपनी औरत का स्वास्थ्य कैसे खराब करने जा रहा है? अपनी आर्थिक कमाई का सफाया करने जा रहा है? समाज क...
- समाज के साथ किस तरीके से तालमेल बिठा पायेगा?... अपनी अकल का उपयोग किस तरीके से कर पायेगा? इन सब जानकारियों के लिए शिक्षा तो आवश्यक है, लेकिन शिक्षा ...
- समाज को कुछ दिया है?... दे करके देखिये और यह पाइये कि कितना ज्यादा सन्तोष मिलता है मनुष्य को। आदमी अगर यह सन्तोष प्राप्त कर ...
- समाज को क्या देना चाहिए?... देश को क्या देना चाहिए? भगवान जी को क्या देना चाहिए? तब हम आपसे कहते कि आप जवान आदमी हैं। बेटे! हम ज...
- समाज को जब आवश्यकता है, तो फिर समाज को क्यों नहीं मिलना चाहिए?... नहीं साहब! बेटे को मिलना चाहिए। यह बेटे, गलत बात है।
इसीलिए मित्रो! क्या होने वाला है? पहले...
- समाज क्या है?... समाज व्यक्तियों का समूह मात्र है। लोगों का समुदाय इकट्ठा होकर ही समाज बनता है। उसके प्रत्येक घटक क...
- समाज क्या है?... नागरिक कर्तव्य क्या है? आजीविका उपार्जन कैसे करना चाहिए? अर्थशास्त्र क्या है? आदि बातें सीख करके हम...
- समाज ने बनाकर दिया है न?... नहीं साहब! पैसे देकर लिया है। अच्छा, तो आप पैसा देकर के सब चीज लाये हैं? अच्छा, आपने जो माँ खरीदी ...
- समाधान किस तरीके से हो सकता है?... समाधान होने का तो सिर्फ एक ही तरीका है जो रामायण में है और सुरसा के बहाने से समझाने की कोशिश की गयी ...
- समीपता का अनुभव नहीं होना चाहिए?... प्राणशक्ति का, ऊर्जा का अनुभव नहीं होना चाहिए? यह अनुभव होना चाहिए, जो गुरुजी को हुआ है। जिनके गुरु ...
- समुद्र आपके नजदीक है क्या?... समुद्र जाने कितनी दूर है आपसे, फिर भी वह बराबर आपका ख्याल रखता है। आप जो पानी पीते हैं, स्नान कर...
- समुद्र का छोटे गड्ढे से क्या मुकाबला?... कोई मुकाबला नहीं; लेकिन अन्दाज से बता दिया।
ब्रह्मानन्द किस-किस तरीके से हो सकता है? इसका ए...
- समुद्र के बाहर क्या रखा है?... समुद्र के नजदीक बाहर वाले हिस्से में नमक फैला रहता है। आप कभी समुद्र के किनारे जाना, वहाँ आपको खाली ...
- समुद्र कैसा होता है?... गड्ढे जैसा। और समुद्र में पानी कैसे भरा होता है? ऐसे ही। समुद्र में लहर कैसे आती है। पिता ने छोटी सी...
- समुद्र छलांगने का एक और रामराज्य की स्थापना का दो काम किसने किये, भगवान् राम ने?... नहीं, भगवान् राम ने नहीं किये थे। उनके साथ में हनुमान् थे, अंगद थे, रीछ थे, वानर थे उनने मिलकर के का...
- समुद्र मन्थन में अनेक रत्न निकलते हुए चले गए, पर विष का क्या हो?... विश्व के कल्याण के लिए उन्होंने उस विष को स्वयं धारण किया। कहाँ वह हिम्मत, साहस है, क्या? नहीं, साहब...
- समुद्र में से सूरज निकल सकता है?... बेटे, तू बेकार में पुराणों के अलंकारों पर बहस करता है। बहस करने की बात नहीं है, पुराणों में जो अ...
- समुद्र में हम छः हजार शाखाओं में ही बात करते रहेंगे, तो बात किस तरीके से बनेगी?... आपको दो-दो व्यक्तियों के जोड़े के रूप में तीर्थयात्रा करने के के लिए भेजने वाले हैं। इसकी थोड़ी सी र...
- समूचे सौरमण्डल में सूर्य केन्द्र में रहता है, परन्तु एटम को कभी देखा है?... एटम में बहुत ताकत होती है। समूचे सौरमण्डल में सूर्य केन्द्र में रहता है, परन्तु एटम के अन्दर ऐसा भ...
- समूह में तो रहेंगे न?... कहीं भी रहेंगे, अकेले तो नहीं रहेंगे।
आप अकेले भी जहाँ कहीं रहते हैं, वह आपका कुटुम्ब ही है। परिव...
- सम्पन्न बुद्ध ने क्या काम किया?... मैं सोचता हूँ कि इतनी बड़ी क्रान्ति और किसी आदमी ने नहीं की। जिस समय में बुद्ध ने विचार-क्रान्ति की ...
- सम्पूर्ण विश्व के लिए जो उन्होंने बीड़ा उठाया है, सफल होंगे?... हाँ, सफल होने चाहिए।
हम दावा करते हैं कि विश्व को बदलने के लिए हमने जो बीड़ा उठाया है, जी-जान से म...
- सम्मान किया है या हमको अछूत बता दिया है?... हरिजन शब्द आज खराब हो गया है। ‘भक्ति’ शब्द भी मैं अब नहीं कहता, क्योंकि ‘भक्ति’ शब्द अब बदनाम हो ग...
- सरकार का आज तक नहीं लिया है, अब सरकार की पेंशन लेंगे?... हमारे हाथ-पाँव कहाँ चले गए। हमने राष्ट्र के लिए काम किया है, न कि पेंशन के लिए किया है। पेंशन के लिए...
- सरकार का क्या फायदा है?... बच्चे मारे-मारे घूमते हैं। हैरान होते हैं।
आपको मालूम नहीं है कि वे कूपमंडूक के तरीके से, एक...
- सरकार कितना प्रचार करती है, कोई सुनता है क्या?... सुनने के लिए यह बहुत जरूरी है, कि जो आदमी इस बात को कहने के लिये आया है, संकल्पवान हो। संकल्पवान ...
- सरकार क्या देगी हमको?... हम देंगे, आप क्यों देंगे? मैंने कहा ऐसी प्रखर बुद्धि के व्यक्ति देंगे। हम संस्कारवान और परिष्कृत व्य...
- सरकार से कुछ मिलता रहता है, उससे न जाने क्या करते रहते हैं, मालूम नहीं, क्या करते रहते हैं, क्यों?... " क्योंकि उसने केवल शरीर देखा था और उसने उनकी फिलॉसफी को नहीं देखा था। गाँधी जी की फिलॉसफी को नहीं द...
- सरस्वती का प्रतीक कला के मंच क्या गजब ढा रहे हैं, आपको दिखाई नहीं पड़ता?... हिन्दुस्तान में जितनी संख्या में सारे अख़बार प्रकाशित होते हैं, हिन्दी से लेकर अँग्रेजी तक सब भाषाओं क...
- सरस्वती की पूजा है तो क्या आप सरस्वती के पुत्र हैं?... हाँ हम सरस्वती के पुत्र हैं, क्योंकि हमने स्वाध्याय से प्रेम किया है। स्वाध्याय के प्रेम में दिलचस्प...
- सरस्वती सिद्ध होती है कि नहीं होती है?... राम का नाम सिद्ध होता है कि नहीं होता? हनुमान का नाम सिद्ध होता है कि नहीं होता। चरित्रनिष्ठा और व...
- सर्कस में तार पर चलने वाली लड़की को आ गयी, तो क्या वह योगी हो गयी?... महात्मा हो गयी? ज्ञानी हो गयी? उसे आत्मसाक्षात्कार हो गया कि नहीं हो गया? कुछ भी नहीं हुआ। एकाउण...
- सर्दी की कोई शक्ल हो सकती है?... नहीं, सर्दी की कोई शक्ल नहीं हो सकती। प्यार की कोई शक्ल हो सकती है? कोई शक्ल नहीं हो सकती। क्रोध...
- सलाह देने लायक आपकी अकल कैसे विकसित की जा सकती है?... कौन सी परिस्थितियों में क्या सलाह दी जा सकती है और किस तरह से दी जा सकती है? यह सारा का सारा शिक्षण ...
- सवा रुपये का छाछ आप अपने बच्चों को नहीं पिला सकते?... नहीं, साहब! हम पान खायेंगे। आप कैसे पान खा सकते हैं?बेटे, क्या करना पड़ेगा? आपको किफायतसारी बनना पड़ेग...
- सवा लाख का अनुष्ठान क्या है?... प्रार्थना है। हमने सुना है कि पी० सी० एस० और आई० ए० एस० की नौकरी प्राप्त करने के लिए पाँच रुपए का फा...
- सवा लाख के अनुष्ठान से ही लक्ष्मी मिल जाती है?... गलत है बेटे। सवा लाख का अनुष्ठान क्या है? प्रार्थना है। हमने सुना है कि पी० सी० एस० और आई० ए० एस० की...
- सवाल इस बात का है कि आपका तौल और आपका वजन इस लायक है या नहीं है?... आप दो पैसे के ऊपर अपना ईमान खराब करते हैं, तो हम कैसे मानेंगे कि आप ऐसे चरित्रवान आदमी हैं, जो नया...
- सवाल यह है कि कब तक सहायता करेंगे हमेशा, जिन्दगी भर?... नहीं बेटे, जिन्दगी भर नहीं कर सकते।
अच्छा तो कब तक करेंगे? सिर्फ उस समय तक करेंगे, जब तक अपने ...
- सविता क्या देता है?... सविता बेटे, सारा सामान देता है। क्या-क्या सामान देता है? पिता क्या देता है? पिता बेटे की पढ़ाई के लि...
- सविता क्या है?... यज्ञ। और सावित्री? गायत्री का नाम है। इनका जप और ध्यान। माँ का अथवा सविता देवता का ध्यान कर लीजिए। इ...
- सविता क्या होता है?... सविता होता है, पुरुष। पुरुष कैसे होता है? जिसमें सारे अक्षरों में पुलिंग का समावेश हो। आपमें से ...
- सहयोग कहाँ से मिलेगा?... बेटे, हमको पहले मिली है इज्जत, फिर हमको मिली सहायता। सहायता नहीं मिलती, तो हम कहाँ से यह सब काम चला ...
- सहायक कौन-सा है?... उसका नाम है—तप।
मित्रो! तप क्या चक्कर है? तप से अपनी वृत्तियों को सुधारने का प्रयास करते हैं। शरीर...
- सहायता दी है?... श्रद्धा दी है? समाज को कुछ दिया है? दे करके देखिये और यह पाइये कि कितना ज्यादा सन्तोष मिलता है मन...
- सहायता देने के लिए हमको क्या करना पड़ता है?... हमको तप की पूँजी इकट्ठी करनी पड़ती है। इकट्ठी न करें तो हम कोई सहायता नहीं कर सकते। गुरुजी! आप जबान...
- सहायता न की, तब?... तब फिर आप झल्लाएँगे कि नहीं झल्लाएँगे? मत झल्लाइए, कोशिश कीजिए, शायद दूसरों का सहयोग मिल जाए। जिस सी...
- सहायता नहीं मिलती, तो हम कहाँ से यह सब काम चला रहे हैं, बताइए?... हमारे कितने जीवनदानी मुट्ठी में हैं। ब्रह्मवर्चस एक, ब्रह्मवर्चस में कितने आदमी काम करते हैं? वे क्य...
- सही ख्याल क्या है?... देवता एक मैग्नेट के दबाव से लोगों की सहायता करने के लिए और वरदान देने के लिए मजबूर होते हैं। हमारे द...
- सही तरीका क्या हो सकता है?... कल हमने आपको बताया था—‘श्रद्धा’ एक और दूसरा हम आपको बताते हैं—प्रज्ञा और निष्ठा अर्थात् श्रेष्ठ जी...
- सही श्लोक बोले गये या गलत बोले गये?... इसके कहने की शैली बोलने का तरीका कैसा था? यह कौन सुनता है? कान सुनते हैं। कानों में भी एक जायका हो...
- सही-सही बताना कि जो हम करते हैं, क्या वही आप भी करते हैं या कोई और तरीके की दण्ड-बैठक करते हैं?... " पहलवान ने उनको देखा, मुआयना किया और कहा—'जैसा आप करते हैं, वैसा ही हम करते हैं, कोई फरक नहीं है।...
- साँकल क्यों नहीं लगाते हो?... ताला भी नहीं लगाते? हाँ साहब! साँकल नहीं लगाते, वरन रस्सी लेकर खूटी से बाँध देते हैं और यों ही दरवाज...
- साँड़ कहाँ होते हैं?... साँड़ हमारे भीतर रहते हैं। साँड़ कौन होते हैं? एक तो वे जिन्हें अवांछनीयता कहते हैं, अनैतिकता कहते ह...
- साँड़ कौन होते हैं?... एक तो वे जिन्हें अवांछनीयता कहते हैं, अनैतिकता कहते हैं। बेटे, हमारे भीतर एक नैतिक पक्ष है और एक अनै...
- साँप की आँख कैसी है?... बस बहुत सी चीजें देखने को मिल गयीं और आपका मन एक सीमाबद्ध हो गया। इसके बाद आप मन को उस केन्द्र से हट...
- साँप की पूँछ कैसी है?... साँप की आँख कैसी है? बस बहुत सी चीजें देखने को मिल गयीं और आपका मन एक सीमाबद्ध हो गया। इसके बाद आप म...
- साँप को मोर खा जाये तो?... कौन किसको खा जाय, कहा नहीं जा सकता। शंकर जी पूरे का पूरा सर्कस लेकर चलते हैं और उनकी साज-संभाल भी कर...
- साँप चला था?... नहीं, साँप नहीं चला था। वह तो बहुत दिन पहले ही मर गया था। वह कैसे जिन्दा हो जाता? फिर वह कैसे जिन्दा ह...
- साँप में शक्ति थी?... नहीं भाई साहब! वह उनकी शक्ति थी, जिनकी वाणी ने मरे हुए साँप के ऊपर हावी होकर उसे जिन्दा कर दिया था। व...
- साँपों के हवन से क्या मतलब था?... जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया था। क्या इरादा था? उनका इरादा था कि संसार में जो अवांछनीय तत्त्व हैं, उनको ह...
- साँस नहीं लें तब?......
- सांसारिक जीव क्या चाहते हैं?... सांसारिक जीव पैसा चाहते हैं। पैसा आपके पास है? हम आपको क्या हवाला दें कि हमारे पास पैसा है कि नहीं ह...
- सांसारिक जीवन के लिए भी दो बातें बता चुका हूँ कि अगर आपको मालदार बनना हो, तो क्या करना पड़ेगा?... आपको अपना श्रम और अपनी बुद्धि को पैना करना पड़ेगा। अगर इन्हें पैना करेंगे, तो आप सांसारिक जीवन में, ...
- सांसारिक सफलता की नसीहत किसने दी?... बेटे! तब मैं 13-14 वर्ष का रहा होऊँगा। उन दिनों सन् 1921 में आरम्भ हुआ स्वराज्य आन्दोलन बड़े जोरों से ...
- सांसारिकता को प्राप्त करने से पहले आप पैसे को कैसे हजम कर सकते हैं?... यह ज्ञान होना चाहिए।
मेहनत की कमाई
स्वामी सत्यदेव परिव्राजक एक बार जर्मनी गए॥ वहाँ सड़क प...
- साइंटिस्ट किससे काम करते हैं?... व्यापारी किससे काम करते हैं? अकल से वे मालदार हो गये। शरीर से मालदार हो गए क्या? नहीं, शरीर से मशक्...
- साइकिल चलानी आती है तुझे?... हाँ महाराज जी! कभी आती है, कभी भूल जाते हैं। नहीं बेटे! साइकिल चलाना सीख ले। साइकिल चलाने में जिन दो...
- साइकोलॉजी में कितने विद्यार्थी हैं?... साहब ! दो विद्यार्थी हैं और मास्टर कितने हैं? तीन मास्टर हैं। धत् तेरे की ये क्या हुआ? अरे बेटे!...
- साइक्लोन किसे कहते हैं?... चक्रवात को। चक्रवात किसे कहते हैं? बेटे! गरमी के दिनों में गाँवों में धूल का अन्धड़ आता है और गोल-गोल...
- साकार और निराकार भगवान के दो स्वरूप हैं, परन्तु ये किसलिए हैं और उनका उद्देश्य क्या है?... साकार मूर्तियाँ बनाई तो गई हैं, पर हैं नहीं साकार। साकार से हमको अन्दाजा लगाना पड़ता है कि चेतनात्मक ...
- साठ आदमी एक साथ मिलकर बाग लगाने के लिए, सफाई के लिए, स्कूल चलाने के लिए खड़े हो जाएँ तो फिर आप देखिये कि साल भर में क्या हो सकता है?... जनता की इस शक्ति को हमें जगाना पड़ेगा। जनता के पास कर्तव्यों का उद्बोधन करने के लिए हमको जाना पड़ेगा...
- साठ माल की उम्र में क्या कर रहा है?... गुरुजी ! हमारे तो साढ़े सात नंबर का चश्मा चढ़ गया है और वह खो गया है। तो अब आपको दिखाई नहीं पड़ता? ह...
- सातवें दिन के बाद आठवाँ दिन कहाँ हैं?... इसलिए आप भी राजा परीक्षित के तरीके से विचार कर सकते हैं कि हमारी बची हुई जिन्दगी, जो मौत के दिनों के ...
- सातों ऋषि क्या करते रहे?... तप करते थे। ध्रुव जी क्या करते थे? तप करते थे। अच्छा, पार्वती जी ने ब्याह कर लिया। हाँ! शंकर भगवान...
- साथ रहते तो क्या हर्ज था?... तब यह हर्ज था कि शक्ति बिखर जाती। पहले भी ऐसा हुआ है। कई व्यक्तियों को इसी तरीके से करना पड़ा है। पा...
- साधन कहाँ से आयेंगे?... एक छोकरा भागता हुआ चला आया। उसने कहा-पिताजी! मेरा सारा का सारा धन आपके चरणों पर न्यौछावर है।...
- साधन-सामग्री के बिना उनको क्या सिखाया जाए, क्या पढ़ाया जाए, क्या सुनाया जाए?... इस तरीके से उस साधन-सामग्री को घर की एक संपदा के रूप में, एक तिजोरी के रूप में, एक जेवर के रूप में, ...
- साधना आप किसकी करते हैं?... कभी पत्थर की करते हैं, कभी खिलौने की करते हैं। कभी मूर्ति की करते हैं, कभी प्रेत की करते हैं। कभ...
- साधना किस की?... गणेश जी की। नहीं बेटे! गणेश जी को तो तरीका मालूम है कि उनको क्या करना और कैसे रहना चाहिए? उनके पास त...
- साधना किसकी करनी पड़ेगी?... बेटे! अपने जीवन की साधना करनी पड़ेगी। शंकर जी की कर लूँ साधना? नहीं बेटे! शंकर जी के पास तो भूत-पलीत...
- साधना किसकी की जाती है?... साधना श्रेष्ठ की की जाती है। शरीर की हम साधना करते हैं, तो हम पहलवान हो जाते हैं। मन की साधना करते ह...
- साधना किसे कहते हैं?... बेटे! अनगढ़ को सुगढ़ बनाने का नाम साधना है। मसलन ये जमीन जिस पर हम और आप निवास करते हैं। आज से लाखों...
- साधना किसे कहते हैं?... आप तो साधना भजन को कहते हैं। आप तो हर चीज को भजन कहते हैं। आपने जाने यह क्या अर्थ कर लिया है और जाने...
- साधना किसे कहते हैं?... साधना बेटे, अपने को सँभालने का नाम है। साधना करने का मतलब है—अपने आप को सँभालना। साधना किसकी की जाती...
- साधना कैसे की जाती है?... यही तो मैं निवेदन कर रहा था। साधना के लिए जो आदमी समर्थ है, चाहे कलियुग हो, चाहे पुराना जमाना हो, आप...
- साधना बताने में तो बहुत टाइम लग जाएगा?... नहीं बेटे ये तो मिनटों की बात है। आपरेशन में क्या देर लगती है ! दवा खिलाने में क्या देर लगती है ! इं...
- साधना से सिद्धि पाने का क्या रहस्य है?... इस रहस्य को न जानने के कारण ही प्रायः लोग खाली हाथ रह जाते हैं। मित्रो, साधना की सिद्धि होना निश...
- साधारण के लिए नहीं, उसको क्यों कहेगा?... क्योंकि उसका भगवान, उसका ईमान, उसके साथ है और सारे विश्व में चेतना को वह देखता है।
गुरुजी ने देख...
- साधारण माँ की बात कह रही थी और चेतना को धारण करने वाली उस शक्ति का तो कहना ही क्या?... जिस किसी ने मन से, श्रद्धा से पुकारा होगा तो सम्भव है, उसके दुःख-कष्ट जो उसको पीड़ा पहुँचा रहे थे, उ...
- साधारणतः आदमी बीमार पड़ जाता है क्यों?... जंगलों में घूमने वाले जानवर क्यों बीमार नहीं पड़ते? आदमी और आदमी की बन्दगी में रहने वाले जानवर क्यों ...
- साफ करने से क्या मिलेगा?... साफ करने से यह मालूम पड़ेगा, समझ में आएगा कि ये इस लायक हैं कि इनके यहाँ जाया जा सकता है। अगर हम दरव...
- साबुन हम बार-बार लगाते हैं, क्या मतलब है?... बेटे ! यह रेपिटिशन हो रहा है। हम बार-बार कपड़े धोते हैं। अरे ऐसे धोया कीजिए कि कपड़े पर पानी डाल दिय...
- सामने परिस्थितियाँ दिखाई नहीं दे रही हैं?... ये हाहाकार और चीत्कारें कानों में नहीं आ रही हैं? उन्होंने उसके पौरुष को ललकारा और यह कहा कि जनखे! घ...
- सामर्थ्य कहाँ रहती है?... बेटे! कहीं नहीं रहती है। दुनिया में वह एक ही जगह रहती है और कहीं सामर्थ्य नहीं है। उस सामर्थ्य को प्...
- सामाजिक जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करने के लिए मनुष्य की नीतियाँ क्या होनी चाहिए?... दृष्टिकोण क्या होनी चाहिए? समाज के साथ में अपनी डीलिंग करने के लिए, लोकव्यवहार के लिए, समाज की कुरीत...
- सामाजिकता का ज्ञान नहीं रहा होगा और अपनी जिम्मेदारियों का ज्ञान नहीं रहा होगा, अपनी गौरव-गरिमा और गुण, कर्म, स्वभाव की विशेषताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं रही होगी, तब?... तब जैसे कि विकासवादी वैज्ञानिक डार्विन साहब कहते थे कि—‘‘मनुष्य बन्दर की औलाद है।’’ तब वास्तव में बन्द...
- सायंकाल की संध्या और प्रातःकाल की संध्या में क्या करें?... क्या करना चाहिए, क्या विचार करना चाहिए? आपको इन दोनों समयों में आत्मबोध और तत्त्वबोध की साधना करनी च...
- सारा आप ही खा जाएँगे क्या?... वह बोला—नहीं, यह तो मेरे लिए ही है। नहीं साहब! हमारे लिए भी है। उन्होंने झट अपनी झोली में से एक दाना...
- सारा जनमानस, सारे विश्व का मानव संप्रदाय विनाश के जिस कगार पर खड़ा हुआ है, जो अग्नि में धधक रहा है, सुलग रहा है, झुलस रहा है, उस पर पानी कौन डालेगा?... उसको शीतलता कौन देगा? बेटे, शीतलता देने की बारी जो आती है, वह आपके साहित्य की और आपकी है।...
- सारा दिमाग उसमें लगा रहता है फिर भगवान का भजन कब करते हैं?... हाँ साहब! सबेरे उठते तो हैं, पर क्या करें? भजन में मन बिलकुल नहीं लगता। बेटे! दो जगह मन नहीं लग ...
- सारा पैसा किसमें खरच हो जाता है?... खरच होने का एक ही तरीका था और उसका नाम था ढकोसला। आदमी इतना बड़ा और ढकोसला कितना बड़ा? यह क्या है? '...
- सारा विश्व इस इंतजार में बैठा हुआ है कि नई फिजा, नई दिशा, नई रोशनी, नया जमाना, नया युग और नई व्यवस्थाएँ लाने के लिए, मार्गदर्शन करने वाला कौन आदमी है, जो दुनिया को नया रास्ता दिखाएगा?... मित्रो! अब हमारी उन आदमियों में से गणना की जाती है। अभी आपने मार्च की अखण्ड ज्योति में से एंडरसन की ...
- सारा विश्व ब्रह्माण्ड जो फैला हुआ है यह वास्तव में भगवान् का विराट रूप है कही आँखें हैं उसकी, कहीं कान है, कहीं क्या है, कहीं क्या है?... विराट रूप की तस्वीर कभी आपने देखी होगी यह सारा संसार विराट है। इस विराट की सेवा करने के लिये इस वि...
- सारी की सारी रामायण इसी बात पर लिखी हुई है कि एक गृहस्थ को आदर्श गृहस्थ कैसे बनाया जा सकता है?... राम ने भरत जी के लिए त्याग किया और भरत ने राम जी के लिए त्याग किया। कौशल्या ने कहा कि पिता की आज्ञा ...
- सारी जिन्दगी दुखियारों के लिए, पीड़ितों और पतितों के लिए निछावर कर देने वाले बाबा साहब आप्टे को आप क्या कहेंगे?... आप चाहें तो शंकर भगवान कह सकते हैं। नहीं साहब! शंकर भगवान तो वहाँ रहते हैं। बेटे! वे कहीं नहीं रहते,...
- सारी जिन्दगी भर की हमारी कमाई क्या है?... बेटे! हमारी कमाई इतनी कीमती है, जिसको हम किसी को देना नहीं चाहते। इसे हम अपनी छाती से लगाकर रखते हैं...
- सारी जिन्दगी में उनने क्या-क्या किया?... शंकराचार्य के इतिहास को देखिए कि उनने जिन्दगी भर क्या किया? ऋषियों में से प्रत्येक का इतिहास देखिए। न...
- सारी दुनिया को हरा बनाने के लिए कितना रुपया चाहिए?... फिलहाल बेटे! तू मुझको सौ करोड़ रुपये दे दे, जिससे हम पेंट मँगा लें और सारी सड़कों और दीवारों की रंगा...
- सारी दुनिया में एक ही तरह का भगवान् हो सकता है, अनेक तरह का कैसे हो सकता है?... तो क्या अनेक तरह के भगवान् नहीं हो सकते? बेटे! हमें विश्वास नहीं कि अनेक तरह के भगवान् होते हैं। हमा...
- सारी सफाई के बावजूद हुआ क्या?... शरीर तो साफ हो गया न, तो ज्यादा-से-ज्यादा क्या होगा? शरीर की बीमारियाँ नहीं होंगी। ठीक है, आप अच्छी ...
- सारे का सारा माँस का बना हुआ टुकड़ा, परों का बना हुआ टुकड़ा, बालों का बना हुआ टुकड़ा—कौन?... पतंगा। उसने दीपक से कहा—देख मैं अपने को तुझे समर्पित करता हूँ और पतंगा उसकी ओर बढ़ता हुआ चला गया। लोग...
- सारे के सारे राक्षसों का विनाश एवं लंका का दहन करने के लिए सीता जी की जिम्मेदारी है और उधर महाभारत में किसकी जिम्मेदारी है?... द्रौपदी की जिम्मेदारी है। दोनों महिलाएँ यज्ञ में से उत्पन्न हुई हैं। वे यज्ञ की अनुकृतियाँ थीं। यज्ञ...
- सारे दिन इधर-उधर बैठ गए, ढीले-पोले मन से, बेगार भुगतने की तरह काम करने के बाद उसका कोई परिणाम निकलता है क्या?... नहीं। आप आलस्य-प्रमाद को यहाँ छोड़कर जाना और मेहनतकश परिश्रमशील और कर्मयोगी बनकर जाना तो बहुत अच्छा ...
- सारे दिन रामायण पाठ, गीता पाठ, भागवत् पाठ, सत्संग पाठ, ये पाठ, वो पाठ करेंगे?... नहीं बेटे, यह सब बन्द करें। जो कुछ करना है, उसे धारण करें, ध्यान करें। हृदयंगम करें। व्यवहार में ...
- सारे मंगल ग्रह में नौसादर ही है?... हाँ बेटे! अमोनिया में कुल्ला करते हैं, अमोनिया में नहाते हैं। तो महाराज जी! अमोनिया में नहानेवाला जि...
- सारे विश्व का क्या स्वरूप होने वाला है?... भविष्यवाणी कीजिये। भविष्य बताइये? बेटे, हम यूटोपिया के लेखक तो नहीं हैं कि भविष्य बताते फिरें पर चलि...
- सारे विश्व के कल्याण के अतिरिक्त चिन्तन में उनको कुछ भी नजर नहीं आता कि घर-परिवार कहाँ है?... यह सारा विश्व हमारा परिवार है। विश्व मानव यही हमारा परिवार है, यही हमारा घर है, यही हमारा भाई है, यह...
- सारे संसार में इतने बड़े क्षेत्र में फैले हुए भगवान को आप कपड़ा कैसे पहनाएँगे?... नहीं साहब! हम भगवान को खाना खिलाएँगे, भोग लगाएँगे। खबरदार! अगर आपने बेकार की बातें की तो? अरे साहब! ...
- सारे हिन्दुस्तान में चक्कर काटते हैं, कब?... अब काटते हैं। जिन्होंने उस समय काम किया है और समय निकल जाने पर फिर अब कोई यह कहे कि हमको ऐसा अवसर मि...
- सारे-का-सारा समय लोग बाँधे बैठे रहते थे, फिर भी उनका समय कैसे बच जाता था, आपका क्यों नहीं बचता?... आप भी बचा सकते हैं। आप उसमें से टाइम निकाल लीजिए।
युग की यही पुकार
बेटे! आप तो हमारे लिए इनसे ...
- सावित्री किसे कहते हैं?... यह बेटे! गायत्री का नाम है और सत्यवान माने चरित्रवान। अगर आदमी चरित्रवान है तो गायत्री माता उसकी स्व...
- सास क्या होती है?... देवर किसे कहते हैं? बच्चे किसे कहते हैं? अमुक बात कैसी होती है? मेहमान किसे कहते हैं? अतिथि घर में क...
- साहब एक रुपये में रोटी कैसे मिलेगी?... आप तो जानते ही हैं कि आजकल तीन रुपये में थाली मिलती है। एक रुपये में पेट नहीं भरेगा। अच्छा मुनीम जी ...
- साहब क्या खाकर आए?... पेड़े खाकर आए, लड्डू खाकर आए, अच्छा ठीक और एक खुशी वो होती है कि आप सिनेमा देखकर आए। ये कौन-सी खुशिय...
- साहब ये क्या फर्क है?... सेठ जी वही हैं, लड़के वही हैं। दोनों बाहर के थे, पर दोनों में फर्क था। क्या फर्क था? ये लड़का जो पीछ...
- साहब, शरीर ही है, जो मिट्टी-पानी का बनता है, तो आप मिट्टी-पानी के रामचंद्र जी को देखना चाहते हो?... हाँ साहब, मिट्टी-पानी के रामचंद्र जी को देखना चाहते हैं।...
- साहित्यकार एवं वैज्ञानिकों में क्या विशेषता होती है?... कुछ भी नहीं। बस ये विचारों को एकत्र करते हैं-मन की शक्ति से। सर्कस में काम करने वाली लड़कियों में ब...
- साढ़े बारह परसेंट देगा?... और साढ़े- छियासी परसेंट तू खा जा। इतना तो देगा कि इतना भी नहीं देगा? हाँ महाराज जी। इतना तो दे दूँग...
- सिंगापुर में चले गये और वहाँ के जंगली लोगों को यह सिखाया कि हुकूमत किसे कहते हैं?... शासन किसे कहते हैं? समाज किसे कहते हैं? शादियाँ किसे कहते हैं? कपड़ा किसे कहते हैं? सारी दुनिया के जं...
- सिंहनी का दूध लेने के लिए जब शिवाजी गए, तो सिंहनी ने कहा—मैं तुझे खा जाऊँ तब?... उन्होंने कहा आप में कोई ताकत नहीं है, जो आप खा सकती हो। क्यों? इसलिए कि मेरे गुरुजी साथ चल रहे हैं। ...
- सिगरेट के बण्डल खाली करते रहते हैं, आपको शरम नहीं आती?... आपको ख्याल नहीं आया कि हमारी बहन के घर में कैसी मुसीबतें हैं। उसके गुजारे का कोई साधन नहीं है। आपने ...
- सिद्ध पुरुष क्या करते हैं?... ऐसा झपट्टा मारते हैं और झपट्टा मारने के बाद इस तरीके से कैद कर लेते हैं कि व्यक्ति निकल नहीं सकत...
- सिद्धान्त के बिना क्या टिकाऊपन होता है?... उनके यहाँ छह महीने के बाद नई बीबी, नया पति होता रहता है। उन्होंने कुटुँब-परिवार का सर्वनाश कर दिया ह...
- सिद्धान्तों के प्रति, जिनकी आप हर वक्त दुहाई देते रहते हैं, उनका रक्षण करने के लिए लोभ का दबाव, मोह का दबाव आप मानते हैं कि नहीं?... इनसान के बाहर वाले हिस्से पर पड़ने वाले दबाव तो कई हो सकते हैं, लेकिन भीतर वाले हिस्से पर बस दो ही द...
- सिद्धान्तवादी हो सकते हैं?... आदर्शवादी हो सकते हैं?
अष्टावक्र ऋषि आठ जगह से कुबड़े—टेढ़े थे। एक बार वे राजा जनक की सभा में गये। ...
- सिद्धियाँ कितनी होती हैं?... यह आठ होती हैं, लेकिन ये अष्ट सिद्धियाँ और नौ ऋद्धियाँ मेरी समझ में नहीं आतीं। मेरी समझ में तो तीन स...
- सिद्धियाँ तो मिलेंगी आपको, लेकिन कितने की मिलेंगी?... जितने कीमत की आपकी धूपबत्ती है। जितने कीमत की आपकी सड़ी सुपारी है। जितने कीमत का आपका अक्षत है। ...
- सिद्धियों की उनमें कमी आ गई?... नहीं। चमत्कार में कोई कमी आ गई? नहीं आई। मनुष्य के गौरव-गरिमा में कोई कमी आ गई? नहीं, कोई कमी नहीं आ...
- सिद्धियों की बाबत आपको जानकारी है?... नहीं, आप तो सिद्धियों को बाजीगरी समझते हैं और बाजीगरों को सिद्धपुरुष समझते हैं।
बाजीगरी नहीं हैं ...
- सिपाही हुक्म दे और कप्तान चले तब?... तब बेटे! मिलिट्री का सर्वनाश हो जाएगा, सत्यानाश हो जाएगा। सारे के सारे सिपाहियों में से कोई क्या कहे...
- सिर में से कितने जुएँ निकले?... पाँच। ये पाँच जुएँ क्या होते हैं? ये पाँच बच्चे हैं। जुएँ और बच्चे की बात एक ही होती है—बिल्कुल एक ह...
- सिर में से गंगाजी निकल सकती हैं?... बेटे, मेरे ख्याल से तो नहीं निकल सकती, क्योंकि किसी के सिर में से गंगा जी निकलेंगी, पानी बहेगा, तो...
- सिर्फ एक ही चीज चाहते हैं कि उस भगवान की दुनिया को सुंदर और समुन्नत बनाने के लिए, खुशबूदार बनाने के लिए आप क्या कुछ कर सकते हैं?... साहब! हम क्या कर सकते हैं? इस दुनिया को सुन्दर बनाने के लिए आप बहुत कुछ कर सकते हैं। आपके पास पैसा...
- सिस्टर निवेदिता, एनीबेसेंट कहाँ पैदा हुई?... योरोप में पैदा हुईं। उन्होंने देखा कि हिन्दुस्तान में महिलाओं की स्थिति गिरी हुई है। महिलाओं की जो ...
- सींग तो साहब गाय के होते हैं, तो गाय हो गई—राक्षस?... अरे महाराज जी! आप क्या उलटी-पुलटी बात कह रहे हैं। हाँ बेटे! मैं उलटी बात कहकर यह समझा रहा हूँ कि यह ...
- सीता की खबर मैं किस तरीके से लगाऊँ?... जिस तरीके से जामवंत ने कहा- ‘‘हनुमान! आपको अपने बल का ज्ञान नहीं है। आप छलाँग तो लगाइए।’’ उसी तरीक...
- सीता क्या थी?... ऋषियों की सामूहिकता का प्रतीक थी। दुर्गा का अवतार क्या था? देवताओं की सामूहिक शक्ति को इकट्ठा करके...
- सीता जी हमारे सामने आएँ तो क्या हम गन्दी आँखों से उन्हें देखेंगे?... हाय! हम अपनी माँ को गन्दी आँख से कैसे देख सकते हैं? दुर्गा—अम्बाजी नवरात्र में हमारे सामने सयानी लड़की...
- सीता राक्षसों के मुँह में से कैसे निकलेगी?... चारों ओर समुद्र घिरा हुआ है। उस समुद्र को कौन पार करेगा? रावण कितना जबरदस्त है? राक्षस कितने जबरदस्त...
- सीता वापस आ जाएगी?... हाँ, सीता वापस आ जाएगी। युग बदल जाएगा? जरूर बदल जाएगा। हमारे बिना भी बदल जाएगा? मैं आपको यकीन दिलाता...
- सीधे कहिए न कि हिन्दू धर्म से क्या फायदा है?... हिन्दू धर्म में बहुत दिक्कतें हैं। इसमें विवाह-शादी, कन्यादान, लगन, जन्मपत्री, पण्डित-पुरोहित की जरूर...
- सुई में कितनी ताकत है?... सुई में तो बेटे जरा भी ताकत नहीं है, पर परहेज में बहुत है।
अच्छा, अब आप क्या पढ़ा रहे हैं। अब...
- सुई लगा दी?... हाँ। ऑपरेशन आधे घण्टे का काम था, परन्तु विधि को जानने के लिए, पाँच साल लगाए थे।
मित्रो! भगवान का स...
- सुकरात असफल थे कि सफल?... असफल। भगतसिंह असफल हो गये कि सफल? असफल। झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई असफल हो गयी कि सफल? असफल। ऋषि ...
- सुख किसको मिलता है?... शरीर को मिलता है। बस शरीर को मौज मिलती रहती है। हमारी वासना पूरी होती रहती है, तृष्णा पूरी होती ...
- सुख बड़ा होता है या शान्ति?... पैसे वाला बड़ा होता है या ज्ञानवान? बनिया बड़ा होता है या पण्डित? तू किसको प्रणाम करता है-बनिया को या...
- सुख- सुविधाओं में शान्ति है?... नहीं, सुख- सुविधाओं में कोई शान्ति नहीं है। सुख- सुविधाओं में शान्ति रही होती, तो रावण ने शान्ति प...
- सुग्रीव और जामवंत का?... सुग्रीव और जामवंत का भी योगदान था। और विभीषण का? विभीषण का भी था। विभीषण का योगदान नहीं होता तो यह प...
- सुदामा गरीब थे?... हाँ। चाणक्य गरीब थे? हाँ। दुनिया के सारे के सारे महापुरुष गरीब थे। सबेरे मैं आपसे नानक की बात कह रहा...
- सुदामा जी ने भक्ति की थी तो श्रीकृष्ण भगवान के पास कौन-सा चावल लेकर के गए थे?... महाराज जी आप बता दीजिए कि कितना ले जाऊँ तो मैं भी ले जाऊँ। बेटे! तू बासमती का डेढ़ किलो चावल लेकर श्...
- सुधार करने वालों को यह दुनिया चैन से बैठने देगी?... नहीं बैठने देगी।
शहादत : भगवान की अनन्त कृपा का परिणाम
तीसरा वाला वरदान भगवान किसी ...
- सुनने से क्या मिलेगा?... धारण करें। धारण करने से मतलब है- हृदयंगम करें, व्यवहार में उतारें। अध्यात्म के जितने भी सिद्धान्...
- सुना तो आपने न जाने क्या-क्या है?... पर इस सुनने से कुछ फायदा नहीं है। समझने से फायदा तब है, जैसे कि उनकी औरत ने अध्यात्म को समझा ...
- सुप्रीम सत्ता हमारे भीतर किस तरह से काम करती है?... आदर्शों के रूप में, आस्थाओं के रूप में, श्रद्धाओं के रूप में हमारे भीतर काम करती है।
आपके भी...
- सुबह हमने एक किलो घी हवन कर दिया था, वह तो आपके पास डिब्बी में जमा करके रखा होगा?... नहीं, देख लीजिए भाई साहब! हमारे पास कुछ नहीं है। आप तलाशी ले लीजिए। नहीं साहब! आपके पास बैंक में जमा...
- सुभाषचन्द्र बोस कहाँ तक पढ़े थे?... जहाँ तक आप पढ़े हैं, वहीं तक सुभाषचन्द्र बोस पढ़े थे। आय.सी.एस. होने जा रहे थे। पर सब छोड़ दिया। क्यो...
- सुरक्षा अधिकारी के पास हजारों हथियार और एटम बम, बन्दूकें और मशीन गनें आदि रहती हैं, तो क्या वह अपने लिए होती हैं?... नहीं, सारे जिले की सुरक्षा के लिए होती हैं। सारे जिले की व्यवस्था के लिए होती हैं।...
- सुरक्षा का इंतजाम है?... नहीं, सुरक्षा का इंतजाम नहीं है, तो बेटे, मैं कहूँगा कि यह तो बहुत बड़ी बला है। अजी साहब! डेढ़ लाख क...
- सुरसा ने कहा—तू कितना मुँह बढ़ा सकता है हनुमान?... मेरा मुँह बहुत बड़ा है। यह रामायण का प्रसंग है। सुरसा की कहानी को लोग जानते हैं। हनुमान के लंका जाते...
- सुविधा मिल जाये, तो चैन मिल जायेगा?... नहीं, न शान्ति मिल सकती और न चैन मिल सकता है। रावण बहुत ताकतवर था, बहुत बलवान था और उसकी कलाइयों म...
- सूक्ष्म जीवन में पंचकोशों की उपासना आप किस तरीके से कर सकते हैं?... इस बारे में आपको थोड़ी-सी जानकारी मैंने कई दिन से दी है। आपको अन्नमयकोश की उपासना, प्राणमयकोश की उपा...
- सूक्ष्म शरीर से क्या मतलब है?... सूक्ष्म शरीर से मेरा मतलब है—ज्ञान वाला शरीर, विचारों वाला शरीर। यह बहुत कीमती है। इसकी बकत-कीमत ज्य...
- सूक्ष्मीकरण की तपश्चर्या किसके लिए की?... अरे बेटे, सारे संसार के लिए की, अपने लिए नहीं की। अपने लिए हमें क्या आवश्यकता है। अपने लिए क्यों करे...
- सूखे पत्ते क्यों खा रहे हो?... पत्ते खाने की क्या वजह है? उन्होंने कहा—पत्ते खाने की एक ही वजह है कि दुनिया में अनाज बहुत है, फिर भ...
- सूत बुनने से हो सकते हैं?... हाँ बेटे! सूत बुनने से हो सकते हैं। देख-सूत बुनने की खड्डियाँ हमारे यहाँ लगी हुई हैं। तू यहाँ से खड्...
- सूरज कहाँ चला गया?... वहाँ चला गया, जहाँ अन्धकार ने उसको बुलाया था। जहाँ अँधेरा छुपा हुआ था। वहाँ से वह हटता हुआ चला गया ...
- सूरज कितना लंबा है?... चार सौ मील लंबा है। नहीं बेटे, वह करोड़ मील लंबा है। फिर पृथ्वी पर बैठा हुआ कोई मनुष्य या देवता—मसलन ...
- सूरज कितने हॉर्स पावर का है?... कितने कैंडिल का आप समझते हैं सूरज को? वह आपके मकान पर जलता है। आप हीटर जलाते हैं, कितनी बिजली जल जात...
- सूरज की गरमी हमें यहाँ तपा देती है और अगर वही गरमी हनुमान के गाल में जाएगी, तो उनका गाल जलेगा या रह जाएगा?... ‘‘सहस्र योजन जा पर भानू।’’ बस, हनुमान जी की चमचागिरी करेंगे और मनोकामना पूरी कराएँगे, पागल कहीं के।...
- सूरज के तरीके से स्वयं गरम रहने के लिए और दूसरों को रोशनी पहुँचाने के लिए कौन तैयार होता है?... चन्द्रमा के तरीके से चाँदनी बिखेरने के लिए कौन तैयार होता है? कोई नहीं तैयार होता है। आज के जमाने मे...
- सूरज क्या बोलेगा?... तो फिर सूरज हमारा है। अच्छा तो आपका सूरज है। हाँ बेटे, सूरज हमारा है। कितने दाम का है? लाखों-करोड़ों ...
- सूरज बदनाम हो जाएगा?... नहीं, सूरज बदनाम नहीं हो सकता। सूरज बदनाम होगा तो अपने कामों से बदनाम होगा, किसी के करने से बदना...
- सूरज मैला हो जाएगा?... सूरज बदनाम हो जाएगा? नहीं, सूरज बदनाम नहीं हो सकता। सूरज बदनाम होगा तो अपने कामों से बदनाम होगा, क...
- सूरज, जिसकी धूप और रोशनी में आप बैठे हैं, उसे कितने पैसे में खरीदा है?... नहीं महाराज जी! मैं तो पैसे से लाया हूँ। पैसा देकर खरीदता है, बड़ा आया पैसे वाला। समाज संस्कृति के ...
- सूरदास का नाम तो सुना है आपने बिल्व मंगल थे कैसी गन्दगी जिन्दगी थी उनकी उनके पिताजी मरे हुये रखे थे और वह वैश्या के घर में पड़े हुये थे सुना है आपने नहीं सुना?... सुना होगा लेकिन जब उन्होंने अपने चाल चलन को बदल दिया दिया, काम करने के ढंग और तरीके को बदल दिया तो...
- सूर्य आपके नजदीक है क्या?... फिर भी आप धूप में बैठे हैं और वह आपके कपड़े सुखा जाता है। चन्द्रमा आपके नजदीक है क्या? हजारों मील द...
- सूर्य और चन्द्रमा की शक्ल तो आपने देखी है, पर उसके नजदीक गये हैं क्या?... उसके पास तक पहुँचे हैं कभी? नहीं पहुँचे हैं। वह आपसे बहुत दूर है। जब सब चीजें आप से बहुत दूर हैं, ...
- सूर्य नारायण को जो पानी हम चढ़ाते हैं तो क्या वह हमारी आत्मा को बल दे सकता है?... नहीं बेटे, सूर्य नारायण को चढ़ाया हुआ पानी उस जमीन को तो गीली कर सकता है, जहाँ पर आपने पानी फैला दिय...
- सूर्य सतत चलता रहता है, एक दिन के लिए भी बन्द हो जाए, तो फिर क्या होगा?... समझती हूँ कि सूर्य यदि अपनी दीप्तिमान आभा खो दे, बुझ जाए, तो सारे प्राणिमात्र मर जाएँ। जड़ और चेतन म...
- सूर्य से क्या मतलब है?... सूर्य से दो मतलब है। क्या? रोशनी- एक, गर्मी- दो। भगवान का यह वह नाम है जो हमको रोशनी वाला बनने के ...
- सूर्य, चन्द्र जब एक ही हो सकते हैं, तो भगवान् दो कैसे हो सकते हैं?... मन्दिर में रखे हुए भगवान् जड़ हैं, हम इसके द्वारा अपनी भावना को जाग्रत करते हैं। इसमें कोई चमत्कार ...
- सूर्य, चन्द्रमा और समुद्र के नजदीक क्या कभी गये हैं आप?... वे आप से करोड़ों मील दूर हैं, फिर भी अपनी शक्ति से आपको कितना फायदा पहुँचाते हैं। हम और आप भी पास-पा...
- से मिलता रहा है, उसको तूने खरच कहाँ किया?... बस, हम तेरी तमीज, तेरी औकात, तेरी अकल और तेरी पात्रता इस आधार पर आँकेंगे कि तुझे जो मिलता रहा है, उ...
- सेंट लगाकर वह इसलिए गई थी कि सारे घर को, कमरों को सुगन्धित बनाकर आऊँगी, पर वह क्या करती गई?... उसने छु-छू की आवाज करना शुरू कर दिया और सारे का सारा कमरा गन्दा कर दिया। फिर क्या हुआ? लोगों ने कहना ...
- सेंटपॉल कौन थे?... सेंटपॉल ईसा से तीन सौ वर्ष बाद पैदा हुए थे। उन्होंने सारी की सारी क्रिश्चिनिटी को नए ढंग से ...
- सेठ जी ने कहा, आइए, खैरियत तो हैं?... बहुत दिन में आना हुआ। आइए, बैठिए साहब! सेठ जी ने अपना काम बन्द कर दिया और नौकर से बोले, तू अख़बार ला,...
- सेठ जी ने पूछा कि यह क्या कर रही हो?... अरे साहब! इससे आपको क्या मतलब है? हम इसको वैकुंठ ले जाने वाले हैं और इसे मुक्ति दिलाने वाले हैं। हम ...
- सेठ ने बहाना बनाया, कैसे रुपये?... मेरे पास तुम्हारे कोई रुपये-पैसे नहीं हैं। गरीब ब्राह्मण बहुत दुखी हुआ। यह बात राजा तक पहुँची तो राज...
- सेना कहाँ गई?... " उन्होंने कहा कि सेना मारी गई। रानी ने कहा, "जोधपुर का महाराज ऐसा बेहूदा नहीं हो सकता। आप हमारे पति...
- सेवा की वृत्ति आपके मन में है क्या?... आप पुराने किस्से बताकर हमारे ऊपर रौबदारी क्यों करना चाहते हैं? आप तो हमें इस समय की बात बताइये क...
- सेवा के लिए हम मन कहाँ से लायेंगे और ऐसे कैसे करेंगे?... यह हमसे नहीं हो सकता और हम नहीं करेंगे। भगवान् ने कहा- ‘फिर क्या करोगे?’ हम तो महाराज जी! बस आपक...
- सेवा कैसे नहीं हुई?... आप नर-रत्नों का उत्पादन घर की खदानों में कर सकते हैं। अगर आप अपने घर का वातावरण संस्कारी बना लें और ...
- सेशेल्स स्थान कहाँ है?... सेशेल्स एक फ्रांसीसी टापू है। जब हम वहाँ से दारेसलाम से करांची की ओर अरेबियन सागर से होकर चलते हैं, ...
- सेहत कौन दे सकता है, देवता?... देवता नहीं दे सकता। हकीम जी? हकीम जी भी नहीं दे सकते। क्यों साहब! हकीम जी के पास तो बहुत अच्छी-अच्छी...
- सैंडो जैसे ही म्यूजियम से घर आया, पिता से पूछा—मुझे बताइए कि मैं कैसे पहलवान, बलवान बन सकता हूँ?... बचपन से बीमार, दमा, जुकाम, खाँसी से परेशान, लीवर जिसका बढ़ा हुआ, पर जब उसके पिता ने उसे खान-पान का न...
- सैंडो म्यूजियम से आया और पिता से बोला—"बताइए, मैं कैसे पहलवान बन जाऊँ?... " उसके पिता ने बताया—बेटे ! अपने खान-पान में यह नियंत्रण करना चाहिए और अपने आहार-विहार में यह नियंत्...
- सैनिक प्रेस में जब काम करते थे, तो जो उनसे बड़े थे, वे सबसे यही कहते थे कि कहिए साहब, मैं बाजार जा रहा हूँ, कोई आपका काम है क्या?... उनने कहा, हमारी बीबी के बच्चा होने वाला है। अच्छा दाई का प्रबन्ध करता हूँ और कोई बात? हमारे पास चारपा...
- सो मन, वचन और कर्म से उनकी सेवा करेंगे या अपनी गृहस्थी सँभालेंगे?... " सावित्री ने मन में दृढ़ निश्चय किया कि शादी तो इसी से करनी है। वापस आकर पिता को सब बताया। नारद जी ...
- सो सार रूप में मैं आपको बताता हूँ कि मैंने क्या पढ़ा?... क्या सुना? और क्या सीखा?
मित्रो! मनुष्य का जीवन, मनुष्य की जिन्दगी तीन बातों पर टिकी हुई है। एक—हम...
- सोई हुई चीज को ठीक करने के लिए क्या बाहरी शक्ति काम कर सकती है?... नहीं कर सकती। हमारे भीतर कोई चीज प्रवेश नहीं कर सकती।
हमारे भीतर एक ही चीज प्रवेश कर सकती है ...
- सोचता क्या है?... उसकी आकांक्षा क्या है? उद्देश्य क्या है? अगर आप इस तरीके से कर पाए, तो आप धन्य हाे जाएँगे। मैं धन्य ...
- सोचा कि समुद्र को पार करके लोग मेरे पास कैसे आएँगे?... मैं यहाँ आराम से बैठा रहूँगा। गुस्से से भरा हुआ भगवान द्वारिका चला गया।
लोगों ने नावें बनाईं, जह...
- सोचा पास की बात है, जरा देखकर आऊँ और पता लगाकर आऊँ कि क्या काम चल रहा है?... देखूँ तो सही कि स्वामी जी का अनशन आजकल कैसा चल रहा है? हमने उन्हें खाते हुए तो नहीं देखा, पर टट्टी ज...
- सोने का नहीं होता, असली मृग होता तो क्यों मारा जाता?... लेकिन वह मारा गया।मित्रो! यह कालनेमि इसी तरीके से किया करता है। बच्चों को चुरा ले जाने वाला कालनेमि ...
- सोने की तगड़ी है और क्या है?... सोने का हार है। किसके लिए हैं? आपकी बहू के लिए हैं। तो गुरुजी! हमको दे दीजिए। आपको नहीं दे सकते।...
- सोमवार को उपवास किया करूँ या मंगल को?... वह तेरी मरजी है। सोमवार को करले तो अच्छा है, मंगलवार को करले तो अच्छा है। हर व्यक्ति यही पूछता रहता ...
- सोल का हम डेवलपमेंट कैसे कर सकते हैं, सोल को परिष्कृत कैसे कर सकते हैं?... सोल को हम शानदार कैसे बना सकते हैं, जिससे बाहर की चीजें खिंचती हुई चली जाएँ।
मित्रो! हमारा अप...
- सोलह रुपये साल के हिसाब से यदि हमने पाँच सौ आदमी का बीमा करा दिया तब?... तब सोलह पंजे अस्सी अर्थात आठ हजार रुपया महीना हो गया।
आपके फायदे की बात
क्यों साहब! ...
- सोशलिस्ट में चली गई तो क्या?... इंदिरा कांग्रेस में चली गई तो क्या? और पुरानी कांग्रेस में चली गई तो क्या? वही लोग हैं। वही सब छाए ह...
- सौ आदमी आ जाएँगे तो मैं कहाँ से लाऊँगा प्रसाद?... और पानी मिला दे, ये कभी खतम नहीं होने वाला। महाराज जी, थोड़ा-थोड़ा दूँगा तो लोग नाराज होंगे। तो बड़ा...
- सौ बेड का अस्पताल किसे कहते है?... बेटे, यह सौ बेड का अस्पताल है। सौ बेड का चल जाये, तो बहुत हैं। इससे ज्यादा का नहीं। नहीं महाराज जी...
- सौ बेड के अस्पताल में कितने डॉक्टर चाहिए?... कितनी नर्सें चाहिए? कितनी दवाइयाँ चाहिए और कितना खर्च चाहिए? आपको मालूम है क्या? कितने कमरे चाहिए,...
- सौ वाट का बल्व जलता है, यह कितनी बिजली कंज्यूम करता है?... अपने मीटर को देख लें। हमारे यहाँ जो बिल आता है, हजार रुपये से ज्यादा का आता है। हमारे यहाँ हजार-डेढ़...
- सौ-सौ कुण्डीय यज्ञ किये और कितने-कितने कुण्डीय यज्ञ हवन कराये हैं?... सबका-जिन्दगी भर का हिसाब लगा लीजिए, तो करोड़ों रुपयों से ज्यादा का जा पहुँचेगा। हमारे कहने से, हमार...
- सौभाग्य किसे कहते हैं?... नौकरी में तरक्की हो जाने को? लॉटरी में रुपया निकल आने को? तीन बेटियों के बाद दो बेटा हो जाने को? आपक...
- स्कूल में वह गणित, भूगोल पढ़ सकता है, लेकिन स्कूल में वह चरित्र कैसे पड़ेगा?... घर के लोग जिस स्वभाव के होंगे, जिस नीयत के होंगे, जिस क्रियाकलाप के होंगे, बच्चा ठीक वैसा ही बन जाएग...
- स्कूल में से लड़का कहाँ गया?... भाग गया। बस, मजा आ जाए। अगर मुझे भी यह सिद्धि आ जाए तो मैं जहाँ कहीं भी जाऊँ तो फूलमाला ही मेरे गले ...
- स्कूली पढ़ाई इसमें क्या काम आती है?... बेटे, भौतिक जानकारियाँ मिलती हैं, जैसे—इतिहास, भूगोल, फिजिक्स आदि पढ़ाए जाते हैं। बॉटनी पढ़ाई जाती ह...
- स्टील का पंचपात्र लगा दो तो कैसा हो सकता है?... बेटे! मिट्टी का भी बना ले और अगर तेरे पास कोई पंचपात्र न हो तो हथेली में पानी रखकर पी लिया कर, उससे ...
- स्टील कैसे हो जाती है?... बेटे! उसको गरम करना पड़ता है, शोधन करना पड़ता है। इसकी मिट्टी अलग निकाल देते हैं, जला देते हैं। आप ब...
- स्टेज पर बैठकर बोलने में क्या आफत आ गई आपको?... नहीं साहब! स्टेज पर बैठकर बोलना नहीं आता। दो बातें हो जाती हैं, इसलिए बोलना नहीं आता। हम सिखा देंगे।...
- स्टेनलेस स्टील कैसी होती है?... बेटे, ऐसी होती है, चाँदी जैसी। लोहे में और चाँदी में फरक नहीं होता है? नहीं साहब! लोहा काला रहता है।...
- स्टोव फट जाए तब, प्रेशरकुकर फट जाए तब क्या हो सकता है?... लखनऊ में एक मिनिस्टर के यहाँ पूरी कोठी जल गई। कैसे हुआ? पानी गरम करने का गीजर, उसका बटन ऑन करके घूमन...
- स्त्रियाँ मूँछें लगा लें तब?... तब फिर वे मरद हो जाएँगी और पुरुष मूँछ हटा लें, तो वे औरत हो जाएँगे। अरे महाराज जी आप ये क्या कहते ...
- स्त्रियों को अधिकार क्यों नहीं है?... हमारा पिता अन्धा हो गया था। बेटे, हिन्दू का शरीर यज्ञ भगवान की गोदी में सौंपा जाता है। उसे और कोई नही...
- स्त्री और पुरुष में क्या फर्क होता है?... स्त्रियों को मूँछें नहीं आतीं और मरद को मूँछें आती हैं। मूँछ आने से क्या फर्क हो गया? स्त्रियाँ ...
- स्त्रीलिंग है या पुलिंग है?... फिर क्या बात है? हिन्दू समाज की परम्परा के अनुसार इसे माता और पिता की भावना के लिए देवी का और देवत...
- स्थूलशरीर में कोई चीज दिखाई पड़े तो शक्तिपात और दिखाई नहीं पड़े तो कोई शक्तिपात नहीं, आपकी यही मान्यता है न?... हाँ साहब! यही बात है।
मिथ्या भ्रान्तियाँ
ठीक है, जिस दिन आपको शक्तिपात कराना हो तो मे...
- स्नेह क्या है?... चिकनाई। तेल, घी को भी स्नेह कहते हैं और प्यार को भी स्नेह कहते हैं। स्नेह से हमारा दीपक, हमारा मिट्ट...
- स्पार्क किसे कहते हैं?... स्पार्क कहते हैं—आदर्शों को। आदमी के व्यक्तिगत जीवन में आदर्श, आदर्शों की हूक, आदर्शों की उमंग, आदर्...
- स्मारिका से क्या होगा?... स्मारिका से विज्ञापन मिलते हैं, जिससे विज्ञापन देने वालों का लाभ होता है। स्मारिका के माध्यम से हर...
- स्वतंत्रता के लिए कितना काम किया?... अरे नारी न जाने क्या कर सकती है? वह तो ऐसे सन्त पैदा कर सकती है, ऋषि पैदा कर सकती है, अपने कुटुम्ब औ...
- स्वतंत्रतासेनानी कैसा होता है?... बेटे! स्वतंत्रतासेनानी बड़ा जबरदस्त होता है। कैसे? ऐसे, जो तीन महीने जेल रह आया, वह स्वतंत्रतासेनानी...
- स्वप्न में क्या देखा?... गुरुदेव! आपको स्वप्न तो कभी दिखाई नहीं पड़ते हैं। वे जिस करवट सोते थे। उसी करवट उठते थे, कोई चक्कर न...
- स्वप्न में दीख जाएँगी तो क्या हो जाएगा तेरा?... एक और लड़का आया, उसने कहा—साहब! पहले तो दिखाई पड़ता था। वह, अब मुझे नहीं दिखाई पड़ता। मैंने जोर से ड...
- स्वयं के लिए कुछ चाहता है कि नहीं?... हमसे और आपसे भगवान क्या चाह सकता है और हम और आप भगवान को क्या दे सकते हैं? हम तो एक जर्रा हैं, कण है...
- स्वयं मुसीबत मोल लेने को, हम क्यों मुसीबत उठाएँ?... ताकि हमारी मुसीबत से जो चीज बच सकती है, उसको किसी अच्छे काम में लगा दें। आपने एकादशी का उपवास किया, ...
- स्वराज्य आन्दोलन कहाँ से शुरू हुआ?... अपने आप से शुरू हुआ। आपत्तिकाल की समस्या का हल केवल अपने आप से ही सम्भव है। ऐसा साहस भरा कार्य वे ...
- स्वरूप क्या है?... दूसरी संध्या सायंकाल को जब आप सोया करें तो उसके अन्तिम चरण का उच्चारण किया करें। जीवन के अन्तिम चर...
- स्वरूप से क्या मतलब है?... स्वरूप से हमारा मतलब है- भावशक्ति। वह भावशक्ति, जिसकी आपको पूजा करनी है, उपासना करनी है, जिसका समर...
- स्वर्ग कहाँ था?... स्वर्ग हिमालय के उस इलाके में था जिसको 'नन्दनवन' कहते हैं। गोमुख से आगे। स्वर्ग जमीन पर था। सुमेरु प...
- स्वर्ग कहाँ है?... स्वर्ग की लम्बाई, चौड़ाई कितनी है? हमको नहीं मालूम। हमको तो जिन्दगी की जानकारी है, जमीन की जानकारी...
- स्वर्ग का क्या करेंगे?... बेटे! हमारा स्वर्ग इसी पृथ्वी पर है और यहीं है—हमारे दृष्टिकोण में, हमारे चिन्तन में। हम जहाँ कहीं भ...
- स्वर्ग किसे कहते हैं?... स्वर्ग उसे कह सकते हैं, जिसमें आदमी को असीम सन्तोष मिलता रहता है। सन्तोष वहाँ मिलता रहता है, जहाँ मो...
- स्वर्ग की कामना हमको क्यों करनी पड़ती है?... स्वर्ग की कामना करने की हमको जरूरत नहीं है। भगवा बुद्ध से एक बार लोगों ने पूछा-भगवान! क्या आप स्वर्ग...
- स्वर्ग की लम्बाई, चौड़ाई कितनी है?... हमको नहीं मालूम। हमको तो जिन्दगी की जानकारी है, जमीन की जानकारी है। हमको जमीन की जिम्मेदारी जाननी...
- स्वर्ग के बारे में मैंने तलाश किया कि आखिर किसके लिए बनाया गया है?... स्वर्ग में कौन जा सकता है? तलाश करते-करते बहुत से प्रमाणों को ढूँढ़-ढाँढ़ करके यह निष्कर्ष निकाला कि...
- स्वर्ग कैसा होता है, आपको मालूम है?... नहीं मालूम है, इसलिए मैं आपसे क्या कहूँ। मुक्ति किसे कहते हैं, आप बता सकते हैं? आप तो मुक्ति की कीमत...
- स्वर्ग कैसा होता है?... हवाई जहाज जैसा होता है। साहब! स्वर्ग और हवाई जहाज में तो फर्क होता है। फर्क तो होता होगा, मैं यह नही...
- स्वर्ग को जाने के लिए जरूरी क्या है?... एक बार ऐसा हुआ कि हजरत इब्राहिम जन्नत में गये, तो फरिश्तों ने कहा-आइये आपको जन्नत दिखाऊँ। फरिश्ता उन...
- स्वर्ग बनाये जाते हैं?... बने बनाये कहीं नहीं हैं। बना बनाया स्वर्ग है कि नहीं, मुझे नहीं मालूम। कहीं है क्या? लोग रॉकेट से चा...
- स्वर्ग में कौन जा सकता है?... तलाश करते-करते बहुत से प्रमाणों को ढूँढ़-ढाँढ़ करके यह निष्कर्ष निकाला कि अगर स्वर्ग कहीं जीवन में ह...
- स्वर्ग में जाने वाले हैं?... " तब उन्होंने कहा—"नहीं, ऐसी बात नहीं है। हम स्वर्ग और मुक्ति में नहीं जा सकते; क्योंकि जब तक संसार ...
- स्वर्गलोक में कौन-सी चीज की कमी है कि देवता जिस चीज को प्राप्त करना चाहें, तो क्यों नहीं प्राप्त कर सकते?... देवता कोई अन्धे, अपाहिज, गूँगे, लूले या कोई भूखे-भिखारी थोड़े ही हैं, जो आप उन्हें सामान देंगे, मुर्...
- स्वर्गलोक में क्या रहता है?... अमृत रहता है। हम आपको अमृतपान कराएँगे, जो आपने कभी नहीं किया है। अच्छा, कराइए। बस, चारों धाम यात्रा ...
- स्वस्थ बच्चा कैसे पैदा करेगी?... अगर वह शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ बच्चा पैदा भी कर दे तो वह बच्चा मानसिक सृष्टि से स्वस्थ नहीं हो सकता...
- स्वाति की बूँदों का ब्यौरा सुना है क्या?... कि स्वाति की बूँदें सीप में पड़ जाती हैं मोती बन जाती हैं बाँस में पड़ती है वंशलोचन बन जाती हैं। केल...
- स्वाध्याय का मतलब क्या होता है?... स्वाध्याय से मतलब आमतौर से लोग धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने से निकालते हैं, पर वास्तविक मतलब यह नहीं है...
- स्वाध्याय की, संयम की क्या जरूरत हो सकती है?... अरे साहब! बड़ी मुश्किल आ जाएगी। हम अपने मन के ऊपर, विचारों के ऊपर कैसे नियंत्रण कर पाएँगे, कैसे संयम...
- स्वामी जी की समझ में आ गया कि इसकी वजह क्या है?... मेरे पास बस ज्ञान है। मुझे रामायण कहना आता है बस। ज्ञान से कुछ काम बनेगा क्या? ज्ञान से कुछ काम ...
- स्वामी जी क्या बता रहे थे?... बताइये। स्वामी जी यह कह रहे थे कि आदमी चाहे जैसा भी हो, दुष्ट हो, पापी हो, दुराचारी हो, चाहे जैसा ...
- स्वामी जी ने लोटा तो जमीन पर रखा और साँड़ों से बोले—बड़े बेवकूफ हो, क्यों लड़ाई करते हो?... भागते हो कि नहीं, आपस में ही लड़ोगे, क्या बात है? तुम्हारी क्या दुश्मनी है? साँड़ों ने कुछ नहीं सुना...
- स्वामी दयानंद के बारे में क्या बताऊँ आपको?... आप सब जानते हैं। एक दिन दो साँड़ लड़ते हुए, टक्कर मारते हुए कहीं से आए। स्वामी दयानंद कान पर जनेऊ चढ...
- स्वामी दयानंद जी को इतने जबरदस्त आदमी क्यों मिले?... क्योंकि वे स्वयं अपने भीतर आत्मबल का संबल लिए हुए थे। हम और आप जैसे होते, तो हमारे पास कोई कुत्ता ...
- स्वामी रामतीर्थ ने कहा कि देखूँ तो सही, यह मालदारी कहाँ से आ गयी?... कौन सी भगवान की कृपा हो गयी? हमारे हिन्दुस्तान वालों पर नहीं हुई और जापानियों पर हो गयी? क्या वजह ...
- स्वार्थ का भी समन्वय है?... हाँ, बेटे! स्वार्थ का भी समन्वय है। यह मत समझना कि इसमें परमार्थ है। परमार्थ तो है ही। परमार्थ की दृ...
- स्वार्थ सिद्धि का क्या अर्थ है?... आप अपने आत्मा से देवात्मा बन जाएँ, देवात्मा से परमात्मा बन जाएँ, ऋषि बन जाएँ, तपस्वी बन जाएँ और ऐतिह...
- स्वास्थ्य उनका अच्छा है ना?... तो उन्हें सारे दिन, खाना बनाने में क्यों लगाए रखें खाना आप सब मिलकर थोड़े समय में पका सकते हैं। बाकी ...
- स्वास्थ्य की दृष्टि से, संगठन की दृष्टि से, साधना की दृष्टि से मैंने यह कैसे कर लिया?... मित्रो! काम से, श्रम से मुझे इतना ज्यादा प्यार है, काम करते समय मुझे इतनी खुशी होती है, काम करने स...
- स्वास्थ्य के लिए ढेरों पैसा चाहिए, फिर आपको लक्जरी के लिए यह पैसा कहाँ से आ जाता है?... आप कोका-कोला कहाँ से पी लेते हैं? सवा रुपये का छाछ आप अपने बच्चों को नहीं पिला सकते? नहीं, साहब! ह...
- स्वास्थ्य कौन खराब करता है?... वायरस। नहीं बेटे! वायरस नहीं। वायरस तो बहुत छोटा होता है और आदमी बहुत बड़ा होता है। वायरस को तो आदमी...
- स्वेटर मिट्टी का भी हो सकता है?... नहीं, साहब! स्वेटर तो ऊन का होता है, ऊनी कपड़े का होता है। आपका कहना सही है, पर हमारा कहना आप से ज्य...
- सड़क पर मजमा लगाते थे?... कान में से बन्दर निकालते थे? बेकार की बातें मत कहिए। वे सिद्धपुरुष थे कि नहीं थे? हाँ साहब! वे अपने ज...
- सड़े हुए बदबूदार आदमियों को हम कहाँ कन्धे पर लिए फिरेंगे?... मित्रो! इनको हम बैकुंठ का रास्ता कैसे दिखा देंगे? इनको हम स्वर्ग की कहानी कैसे कह देंगे? भगवान् ...
- हँस कितना बड़ा होता है?... छोटा सा होता है। और गायत्री माता कितनी बड़ी होती हैं? गायत्री माता बेटे बीस साल की हैं। गुरुजी! बीस...
- हँस किसे कहते हैं?... हँस के ऊपर गायत्री माता सवारी करती है, यह बात शायद आपकी समझ में न आये क्योंकि इनसान के बराबर जिनका ...
- हँस कैसे होते हैं?... वे हर समय नीर और क्षीर का विवेक करते रहते हैं। आप दूध और पानी मिलाकर रखिए। वे दूध- दूध पी जायेंग...
- हँस क्या खाता है?... मोती खाता है, कीड़े नहीं खाता है। अर्थात् जो चीजें मुनासिब हैं, सही हैं, वह उन्हीं को अपनी जिन्दगी में...
- हँस क्या होता है?... बेटे हँस एक पखेरू होता है। और मनुष्य कौन होता है? मनुष्य राजहंस होता है, परमहंस होता है। परमहंस उस...
- हँस से आपका क्या मतलब है?... बेटे, हँस से हमारा मतलब यह है कि गायत्री महामंत्र जिसके ऊपर सवार हो अथवा गायत्री माता जिसके ऊपर ...
- हँस से क्या मतलब है?... हँस से मतलब है वह व्यक्ति, जो धुला हुआ हो। जिसने अपने कपड़ों को धोकर साफ-सुथरा बनाया हो। हँस से मतलब...
- हँस-हँसिनी कहने लगे कि इस जमाने का सबसे बड़ा ब्रह्मज्ञानी कौन हो सकता है?... उसने किसी एक ऋषि का नाम लिया। उसने कहा कि इस जमाने का सबसे बड़ा ऋषि गाड़ी वाला रैक्य है। राजा को चैन...
- हज के लिए किराया फिर कहाँ से लाएँगे?... अब हमारे लिए हज जाना मुश्किल है।" यह कौन कह रहा है? बगदाद की जमीला कह रही है।
हज कबूल हुआ
...
- हजम कर लीजिए न?... नहीं साहब! उसे पीने से उल्टी हो जायेगी, मुँह और नाक में से निकल जायेगी। तो पीने की चीज हुई क्या? नही...
- हजरत इब्राहिम ने कहा—जो हमारा हक है, उसके अलावा हम क्यों खाएँगे?... बेईमानी का पैसा क्यों खाएँगे? चोरी का पैसा क्यों खाएँगे? छिपा हुआ क्यों खाएँगे? आज तक हमने ऐसी कोई च...
- हजरत इब्राहिम ने कहा—हमें क्या पता कि कौन से फल मीठे हैं और कौन से खट्टे हैं?... जमीन पर जो फल गिर जाते हैं, वे मीठे होते हैं।
मित्रो! हजरत इब्राहिम ने कहा—जो हमारा हक है, उसके ...
- हजरत ने पूछा—क्यों?... सन्त क्यों नहीं आते? सन्त दुनिया में हैं नहीं क्या? सन्त हैं तो सही, पर कोई आने को तैयार नहीं होता। क्य...
- हजार का कैसा रहेगा?... नहीं बेटे, मैं हजार को कन्ट्रोल नहीं कर सकता। इसलिए बना कर क्या करूँगा?महाराज जी! आप इमारत बनवा ली...
- हजार कुण्डीय यज्ञ तो बड़ा जबरदस्त होगा, आपने पैसे का इंतजाम किया क्या?... बेटे, देखता हूँ, करूँगा, जो भी करना होगा, कर लूँगा। मैंने बोया और मैंने काटा लेकिन मित्रो! अभी मै...
- हजार फन वाला क्या है?... सहस्रार चक्र है। एनाटॉमी के हिसाब से भी यह साबित होता है और आध्यात्मिक सिद्धान्त से भी सिद्ध होता है...
- हजार यज्ञ किसे कहते हैं?... अभी बस और सुनते जाइए।...
- हजारी किसान पढ़ा-लिखा नहीं था?... हाँ बेटे ! पढ़ा-लिखा नहीं था। अमीर था? नहीं था। विद्वान था? नहीं, विद्वान भी नहीं था। ज्ञानी था? भक्...
- हजारों, लाखों वर्ष हो गये, कितनी सभ्यताएँ आयीं?... कितनी समुद्र की लहरें आयीं, कितने तूफान आये, कितनी आँधियाँ आयीं। हमारे देश और हमारी संस्कृति पर कि...
- हड्डियों में लोहा कितना है?... इसमें से एक बड़ी कील बनाने लायक लोहा मिल सकता है। यह कितने पैसे का हो सकता है? दस पैसे का हो सकता है...
- हड्डी में से खून निकलता है क्या?... नहीं, वह तो लकड़ी के बराबर है और सूखी पड़ी है। उसमें से क्या खून निकलने वाला है? खून तो हमारे भीतर...
- हड्डी से गायत्री मंत्र?... अरे बेटे! यह तो रुद्राक्ष से जपा जाता है, हड्डी से नहीं। इन्हें उखाड़ दे। डॉक्टर के पास जाना और यह क...
- हथेली पर जरा सा पानी और उसमें पाँचों उँगलियाँ?... इससे क्या हो जाएगा? इससे तो ओष्ठ भी नहीं साफ होंगे। इससे तो अच्छा है कि ओष्ठ पर क्रीम लगा ले, वेसलीन...
- हथौड़ा तो चलाया कीजिए?... नहीं साहब! हम तो माला चलाते हैं। माला में कितनी मशक्कत करनी पड़ती है? माला चलाने में तो कुछ भी मेहन...
- हनुमान जी का लाल- गुलाबी रंग चढ़ेगा कैसे?... श्रीकृष्ण भगवान का हरा रंग चढ़ेगा कैसे? उपासना का मर्म वस्तुतः उपासना वहाँ से प्रारम्भ होती है, जहाँ स...
- हनुमान अपने आप को नहीं जानते थे कि वे कौन हैं?... हनुमान जी को जब सुग्रीव ने यह पता लगाने के लिए भेजा कि राम-लक्ष्मण कौन हैं, तो वे अपना वेष बदलकर ब्र...
- हनुमान कहाँ तैयार थे?... उनकी जान बचने वाली कहाँ थी? हनुमान को जान बचाने का एक ही तरीका था—छोटा बनना। अन्त में उनको समझ आई। अं...
- हनुमान की प्रशंसा मैं क्यों करूँगा?... क्या मैं हनुमान जी का कोई कमीशन एजेंट हूँ? तो फिर हनुमान जी की बात क्यों कर रहे हैं? अरे भाई! मैं हन...
- हनुमान क्या हैं?... बेटे, वह एक मॉडल हैं, एक उद्देश्य हैं, एक लक्ष्य हैं और एक इष्ट हैं। इष्ट माने लक्ष्य, लक्ष्य माने...
- हनुमान चालीसा का पाठ कैसे किया था?... बेटे! तू बड़ा पागल और जाहिल आदमी है। जाहिल और पागल मैं इसलिए कहता हूँ कि तू केवल कर्मकाण्डों की बावत ...
- हनुमान चालीसा पाठ करने वालों ने कितनों का भला किया है?... ब्राह्मणों ने भला किया है, सन्तों ने भला किया है? ब्राह्मणों की वाणी में, सन्तों की तपस्या में बल ...
- हनुमान जी ऐसे होते हैं?... हाँ बेटे! ऐसे होते हैं। और कितनी विशेषताएँ हमारे अन्दर हैं। इनमें से एक-एक गुण, एक-एक कर्म, एक-एक आदत...
- हनुमान जी की मौत हो गई?... नहीं बेटे! शरीर से तो सबको मरना ही पड़ा था, पर मैं समझता हूँ कि हनुमान जी की मौत नहीं हो सकती। मेरा ...
- हनुमान जी के पास हम कैसे जायें?... हनुमान जी के दर्शन हो जायँ, तो उनसे कहेंगे कि आप हमें रामचंद्र जी से मिला दीजिए। वे हनुमान जी को मिल...
- हनुमान जी के बारे में आपका क्या ख्याल है?... आप तो बेकार की बात करते हैं। हनुमान जी होते, तो हमको क्यों नहीं दिखाई पड़ते? आप हिंदुओं तक ही सीमित ...
- हनुमान जी को जब सुग्रीव ने यह पता लगाने के लिए भेजा कि राम-लक्ष्मण कौन हैं, तो वे अपना वेष बदलकर ब्राह्मण का रूप बनाकर गए थे और नमस्कार करके उनसे पूछने लगे कि आप कौन हैं?... लेकिन राम उन्हें जानते थे, इसीलिए पता लगाते-लगाते, हनुमान जी को तलाश करते, अंगद को तलाश करते वे ऋष्य...
- हनुमान जी को दौलत मिली कि नहीं मिली?... रामचन्द्र जी के कितने मन्दिर हैं, जरा हिसाब लगाइये। मैं समझता हूँ कि हिन्दुस्तान में रामचन्द्र जी के...
- हनुमान जी को स्वर्ग मिला होगा?... आपका स्वर्ग से कुछ वास्ता है क्या? आप तो ताकत की बात पूछते हैं, दौलत की बात पूछते हैं। हनुमान जी को ...
- हनुमान जी को, सीता जी ने मणिमाला दी और वे चबा-चबाकर फेंकने लगे, तो सीता जी ने पूछा—हमने इतनी कीमती माला आपको दी है, आप इसको क्यों फेंकते हैं?... हनुमान जी ने कहा—हमारे हृदय में भगवान विराजमान हैं। अरे! हृदय में भगवान कैसे विराजमान हो सकते हैं? ह...
- हनुमान जी तो मर गए थे?... नहीं बेटे! जिस तरीके से मैं मरने की व्याख्या करता हूँ, उस हिसाब से वे जिन्दा हैं।
[क्रमश:-अगल...
- हनुमान जी नहीं बने?... नहीं साहब हनुमान जी नहीं बन सकते। तो आप छैनी की क्या करामात कह रहे थे? फिर आप हथौड़े की करामात क्या ...
- हनुमान जी ने कहा—अच्छा हम हनुमान जी हैं, तो क्या बात है?... हमको कैसे पकड़ लिया? इसलिए पकड़ लिया कि आप रामचंद्र जी से मुलाकात करा दीजिए। बस, उसके बाद में रामचंद्र...
- हनुमान जी ने क्या किया?... हाथ जोड़कर नमस्कार किया। किनको? राजपूत को। ये भी कोई ब्राह्मण है, जिसे एटीकेट का पता ही नहीं है। कैसे...
- हनुमान जी होते, तो हमको क्यों नहीं दिखाई पड़ते?... आप हिंदुओं तक ही सीमित क्यों रह जाते? हमारे यहाँ क्यों नहीं आते? सब बेकार की बकवास है।
मित्रो! ई...
- हनुमान जी, रामचंद्र जी के पास बैठे और हर समय रामचंद्र जी से एक ही बात मालूम करते रहे कि आप हुक्म दीजिए, मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ?... उनका इम्तिहान लेने के लिए कड़े-से और असम्भव-से काम भगवान ने हनुमान जी को सौंपे। एक बार हुक्म दिया, तो...
- हनुमान ने कितनी उपासना की थी, कितनी कुण्डलिनियाँ जगायी थीं?... यह हम नहीं कह सकते हैं, परन्तु उन्होंने भगवान् का काम किया था। नल-नील ने, जामवन्त ने, अर्जुन ने कि...
- हनुमान् जी का मन्दिर क्यों बनायेगा?... हनुमान जी का मन्दिर इसलिए बनायेगा कि इस जमाने में हनुमान् जी की मठिया बना देंगे आठ सौ रुपये की, तो उस...
- हनुमान् जी को पकड़ लेंगे?... नहीं, हनुमान् जी भी पकड़ में नहीं आएँगे और रामचंद्र जी तो, भला कैसे पकड़ में आ सकते हैं? वे भी नहीं ...
- हम क्यों आपरेशन करायें?... जब हम बीमार ही नहीं पड़ते, तो आपरेशन कराने की जरूरत ही क्या है?राजा बहुत नाराज हुए। उसने कहा कि आप ...
- हम अच्छे कपड़े पहनेंगे, तो औरों को क्या पहनाएँगे?... यह क्या बात है? यह गरीबी है, जिसमें आदमी कमाता तो है, पर स्वयं खाने का जायका लेने की अपेक्षा खिलान...
- हम अनुष्ठान करेंगे और एक बहुत ऊँचा मंच बनाएँगे और कल से ही आशीर्वाद देना शुरू करेंगे और क्या करेंगे?... जो कोई भी इस कुंभ मेले में आया हो और जो कोई हमारी वाणी सुन रहा हो, उन सबकी आमदनी दूनी हो जाए...
- हम अपनी प्रामाणिकता को खो दें क्या?... वे बराबर उस भीड़ में खोजते रहे और खोज करके ही निकाला। वह राष्ट्रपिता थे न। गुरुजी कौन हैं?
बेटे! ...
- हम अपनी भुजाओं को किसलिए स्पर्श करते हैं?... हम इसलिए स्पर्श करते हैं कि हमारी भुजाएँ हमेशा परिश्रमी बनी रहें। श्रमशील बनी रहें; कर्तव्यपरायण ब...
- हम अपनी माँ को गन्दी आँख से कैसे देख सकते हैं?... दुर्गा—अम्बाजी नवरात्र में हमारे सामने सयानी लड़की के रूप में आ जायें, तो क्या हम उन्हें गन्दी आँख से ...
- हम अपने आप को जब भगवान के सुपुर्द कर देते हैं, तो क्या हो जाता है?... स्वभावतः भगवान अपने आप को सुपुर्द कर देता है। हम दोनों एकदूसरे के सुपुर्द हो जाते हैं और हमारे जीवन ...
- हम अपने कुटुम्ब को कुछ और मजबूत बनाना चाहते हैं, सक्षम बनाना चाहते हैं, लेकिन हम क्या कर सकते हैं?... आप चाहें, तो झोला पुस्तकालय के माध्यम से, चल पुस्तकालय के माध्यम से इसे अकेले ही चला सकते हैं। तीर...
- हम अपने जवान कुटुम्ब से क्या कराना चाहते थे और क्या करा सकते हैं?... क्या सम्भावना है? हाँ, सौ फीसदी सम्भावना है। महाराज जी! आप तो ऐसे ही सपने देखते हैं। हाँ बेटे, हमने ...
- हम अपने मन के ऊपर, विचारों के ऊपर कैसे नियंत्रण कर पाएँगे, कैसे संयम कर पाएँगे?... यह तो बहुत कठिन है। तो क्या करेंगे? बस, वही सबसे सरल वाला हिस्सा पकड़ लिया है। यह भूल गए कि उपासना च...
- हम अपने लिए अनावश्यक कामों में, विलासिता में और दूसरी फजूलखरची में खरच कर दें, उसकी अपेक्षा यह पैसा कहाँ खरच हो सकता है?... इसका क्या उपयोग हो सकता है? उसको प्राथमिकता दें। हमारी अकल ने यह अध्यात्म हमारे ऊपर लाद दिया।
...
- हम अपरिग्रही हैं तो क्या करते हैं?... हम तो साहब! बैठे रहते हैं। हमारे पास कुछ है नहीं। नहीं बेटे! अपरिग्रह का अर्थ यह नहीं है, अपरिग्रह क...
- हम अब तक क्या कर चुके हैं?... इस सभी के लिए भगवान् की क्या प्रेरणा जुड़ी हुई है? इसके लिए स्मारिका छापनी चाहिए। स्मारिका से क्या ...
- हम आज की सुख- सुविधाओं के लिए, आज की ऐय्याशी के लिए हम अपने भविष्य को, अपने बुढ़ापे को कैसे कमजोर बना रहे हैं?... इससे आगे का रास्ता हमें सूझ ही नहीं पड़ता, मौत दिखाई नहीं पड़ती, परलोक दिखाई नहीं पड़ता। भविष्य दिखाई...
- हम आप से अलग कहाँ हैं?... बच्चों से अलग माँ-बाप रहेंगे कहीं? नहीं, कभी भी नहीं रह सकते।
बेटे! आपके, हमारे गुरु और शिष्य के जो...
- हम आपकी मदद कैसे करें?... बेटे, आपके पास जो हमारी रिसर्च है, जिसको आपने माना है, जो आप हमारी पत्रिकाएँ पढ़ते हैं, उनको आप पाँ...
- हम आपकी मनोकामना पूर्ण करने में समर्थ कहाँ हुए?... आपकी कठिनाइयों को दूर करने में, आपको वरदान और आशीर्वाद देने में कहाँ समर्थ हो सके? आपकी दिक्कतें ज...
- हम आपकी लकड़ी पकड़ लेंगे और आप लोग हमारे पीछे-पीछे चलिये न, क्यों हमारे कन्धे पर सवार होते हैं?... श्रवण के माता-पिता अचम्भे में रह गये। कन्धे पर बैठकर चलने से उनका तो मतलब यह था कि हमारा लड़का सारे सं...
- हम आपकी सेहत अच्छी बना देंगे, पर आप सेहत का करेंगे क्या?... यह तो बता दीजिए। आपको तो उपयोग करना आता नहीं। हमें जो चीजें मिली हुई, उनको किस तरीके से ठीक से उपयोग...
- हम आपके घर में लक्ष्मी जी का पूजन कराएँगे, जो आपको मालामाल बना देगी तो फिर आप अपने ही घर में लक्ष्मी पूजन क्यों नहीं कर लेते और स्वयं मालामाल बन जाते?... ग्यारह रुपये क्यों माँगते हैं?
यह जादूगरी नहीं है
मित्रो ! यह मालूम होता है कि हमारी...
- हम आपके जिम्मे क्या सौंपते हैं?... हम आपसे संकल्प कराते हैं और संकल्प कराने के बाद में यह इम्तहान लेते हैं कि आपने भाग-दौड़ कितनी की। आ...
- हम आपके पास क्यों आएँगे?... उतने समय में तो मेहनत-मजदूरी करके रोटी खा लेंगे।
मित्रो! सत्संग के लिए आप अपने यहाँ मत बुलाइ...
- हम आपको कितना कस देंगे?... जितना कि हमको कस दिया गया है। आपके टाइम के बारे में हम कस देंगे। ऐसा नहीं हो सकता कि आप आठ बजे घूम...
- हम आपको कैसे बताएँ?... आपके दुःख-दरद और पीड़ा में किस कदर हम आपके ऊपर छाए रहते हैं, यह हमारी अन्तरात्मा ही जानती है। यह बात...
- हम आपको क्या चीज देंगे?... यहाँ सामान्यतः मोटे रूप से शिक्षण चलता रहेगा। हमारे दो प्रवचन होते रहेंगे। उनकी कोई कीमत है? आपने ...
- हम आपको पैसा देंगे, तो आप क्या करेंगे?... इस्तेमाल तो आप करेंगे नहीं। हम आपकी सेहत अच्छी बना देंगे, पर आप सेहत का करेंगे क्या? यह तो बता दीजिए...
- हम आपको यह कहते हैं कि ये हमारे बच्चे हैं, ये हमारे अनुयायी हैं, ये हमारे शिष्य हैं, तो क्या कहना है कि अधिकारी हैं?... इतना ही अधिकार आपका बनता है कि जो कुछ भी गुरुजी-माताजी का है और जो कुछ भी गायत्री माता का है, वह सब ...
- हम आपसे वायदा करते हैं कि आप सच्चे हैं, तो आपकी इज्जत होगी और नहीं हैं या आधे सच्चे और आधे झूठे हैं, तो आपकी इज्जत कौन कर सकता है?... बच्चे पढ़ लिखकर बड़े बने मित्रो! तो फिर क्या हुआ? तीन अफसर इकट्ठे हुए और उन तीनों बच्चों की माँ को बुल...
- हम आपसे वायदा किए जा रहे हैं कि बिलकुल नहीं मरेंगे, आप देख लेना कि कैसे दिखाई पड़ेंगे?... जब आपका शरीर नहीं रहेगा, तो आप कहाँ दिखाई पड़ेंगे? अरे बेटे! यह मत कहना।
अरविन्द के आश्रम में अभी ...
- हम आशीर्वाद तो दे भी दें, पर तू उस आशीर्वाद को रखेगा कहाँ पर?... उसे रखने के लिए तेरे पास जगह भी है या नहीं? नहीं, महाराज जी! घी दे दीजिए। अच्छा, बेटे! दे देंगे, लेक...
- हम इतने आदमी की व्यवस्था कैसे करेंगे?... दस पैसा तो शुरुआत है। अगर सम्भव हो तो, आप एक दिन का वेतन दीजिए। अगर बेकार की चीजें हैं, तो उन्हे...
- हम इनके लिए क्या मददगार हो सकते हैं?... इनको हम कैसे शान्ति पहुँचा सकते हैं, कैसे इनको सन्तोष पहुँचा सकते हैं? किस तरीके से हम इनके काम में ...
- हम इस योनि में कैसे जाएँगे?... आपने अच्छा कर्म नहीं किया, तो आपको घुसना ही होगा।मित्रो! आपको अपनी मूर्खता पर विचार करना चाहिए। आप ब...
- हम इसलिए खंडन करते हैं कि आप बेकाम की बातें क्यों मान बैठते हैं?... अगर आप बेकार की बातों को मानते रहेंगे, तो हम उसका खंडन करेंगे और हम आपसे नाराज होंगे। अगर ज्यादा गुस...
- हम इसी से अंदाज लगा सकते हैं कि भगवान् बड़े रूप में कैसा होगा?... जैसे इनसान है, भगवान् भी वैसा ही होगा। ऐसे ही हम अनुमान लगा सकते हैं कि समुद्र कैसा होगा? जैसा कि ...
- हम ईमानदार बनेंगे, चरित्रवान बनेंगे, लोकसेवी बनेंगे, सैनिक बनेंगे, इसमें क्या रुकावट है?... बताना जरा? नहीं साहब! एक मकान बनायेंगे। तो जाइये, बीमा कंपनी में दरख्वास्त दीजिए कि हमारा बीमा है ...
- हम उन गुरुजी के बच्चे हैं, कौन से?... वे जिन्होंने तपश्चर्या की थी, उनके ये बच्चे हैं। उन्होंने जो तपश्चर्या की है, वह कोई लाखों में एक कर...
- हम उन लोगों में से हैं, जो यह जानते हैं कि मनुष्य के जीवन में राजनीति का क्या स्थान है?... राजनीति और आदमी अब जुड़ गया है। तिब्बत के दलाई लामा को राजनीति के कारण तिब्बत छोड़कर भाग जाना पड़ा।...
- हम उनके प्रति प्रार्थना तो क्या कर सकते हैं?... क्योंकि सारा-का-सारा वरदान भी वही देते हैं, आशीर्वाद भी वही देते हैं; लेकिन हमारे मन में यह भावनाएँ ...
- हम उसकी गोदी में ही बैठेंगे, उसकी गोदी में बैठने से उनको क्या फायदा हुआ?... भगवान की गोदी में बैठे तो आज तब उनका नाम चला आ रहा है। कहते हैं ध्रुवतारा आकाश में चमकता है। ध्रुवता...
- हम उसकी चीजें बिगाड़ते रहे, तोड़ते रहे पर क्या मजाल कभी उसे गुस्सा आ जाय?... हर वक्त वह हमें मोहब्बत करती रही। एक ओर हमारे द्वारा परेशान किया जाना और दूसरी ओर मोहब्बत किया जाना,...
- हम उसकी तलाश करते हैं कि उसे कौन ले गया?... हम कहाँ भूल गए? कहाँ भटक गए? मेले में हम कैसे खो गए? अपना नाम कैसे भुला बैठे? अपना रास्ता कहाँ भूल ग...
- हम एक चीज यही सिखाते हैं कि आदमी की क्वालिटी कैसे बढ़ाई जाती है?... यही अध्यात्म है? इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं है। नहीं, साहब! अध्यात्म का तो मतलब कुछ और होता है। क्या ...
- हम एक व्यक्ति हैं?... नहीं हैं। हम कोई व्यक्ति नहीं हैं। हम एक सिद्धान्त हैं, आदर्श हैं, हम एक दिशा हैं, हम एक प्रेरणा हैं।...
- हम ऐसा नहीं कर सकते, तो फिर बीबी को क्यों मारा?... सबके ऊपर आप हुकूमत चलाना चाहते हैं? सबके मालिक बनते हैं। आप सबके बॉस हैं, आप सबके भगवान हैं? आपने दू...
- हम और आप कर सकते हैं क्या?... नहीं कर सकते। ऐसा कोई दिलेर आदमी ही कर सकता है। उसने दिलेरी के साथ और तन्मयता के साथ ऐसी मजबूत भक्...
- हम और आप कहाँ हैं?... घोर तमोगुण में पड़े हुए हैं। तमोगुण किसे कहते हैं? तमोगुण कहते हैं—जड़ता को। महाराज जी! तमोगुण गुस्स...
- हम और आप क्या करते हैं?... गुरु−शिष्य का खेल खेलते हैं। कैसे खेलते हैं? तू मेरा गुरु बन जा और मैं तेरा चेला बन जाऊँगा। नहीं...
- हम और आप जिस मुहब्बत की जंजीर में बँधे हैं, आप उसकी समीक्षा क्यों नहीं करते?... हम एक बहुत ही मधुर जंजीर में बँधे हुए हैं और यह प्यार एवं मुहब्बत की जंजीर है। यह हमारे और आपके जन्म...
- हम और आप पकड़ सकते हैं क्या?... हम और आप नहीं पकड़ सकते। भूत तो पकड़ सकते हैं? नहीं पकड़ सकते। हनुमान् जी को पकड़ लेंगे? नहीं, हनुमा...
- हम और आप भी कोई भगवान् के भक्त हैं?... नहीं, साहब हम तो भगवान् की शरण चाहते हैं। खाक चाहता है अभागा कहीं का। बस भक्ति के नाम पर चन्दन चढ़ात...
- हम और आप भी घुमा-फिराकर वही दो बातें रखते हैं, तीसरी कोई बात है ही नहीं तो आप रखेंगे कहाँ से?... नारद जी ने कहा कि वहाँ स्वयंवर होने वाला है और उस लड़की से हम विवाह करने वाले हैं। हमको दहेज का पैसा...
- हम और आप वकील हों, तो मुबारक, लेकिन आपको नहीं मालूम कि पेट खराब क्यों हो गया?... और पेट को खराब होने से बचाने के लिए क्या तरीका होना चाहिए। क्या आपके पास इसके लिए कोई स्कूल है? दव...
- हम कब कहते हैं कि आप ब्राह्मण नहीं हैं?... और आप बनिये हैं? आप बनिये हैं तो इसका क्या मतलब हुआ? इसका मतलब है—छोटे। खबरदार! आइन्दा यह बात कही। आ...
- हम कभी भी न नहीं करेंगे कि हमारे ऊपर ये चोटें क्यों की गईं?... हमको रूई की तरह से क्यों धुना गया? इसमें हमारी अच्छाइयाँ हैं। हमको रूई की तरह से धुना जाएगा, तो हम फ...
- हम कम्युनिस्ट हैं?... हम कौन हैं?
माला के साथ सेवा
हम तो आपको इस बात का एहसास करा देना चाहते हैं कि माला च...
- हम कहाँ तक खड़े रह सकते हैं?... बीबी से लेकर साले तक और जमाई से लेकर बेटे तक, हर आदमी इस बात में एक राय है कि हमको सम्पत्ति कमानी चाह...
- हम कहाँ नहीं हैं?... बिलकुल हैं। आगे भी ऐसा ही शान्तिकुञ्ज आप पाएँगे, जो कि इस समय अब है; बल्कि इससे भी ज्यादा ही होगा। य...
- हम कहाँ भूल गए?... कहाँ भटक गए? मेले में हम कैसे खो गए? अपना नाम कैसे भुला बैठे? अपना रास्ता कहाँ भूल गए? अभी न तो यह प...
- हम कहें सिद्धि ही सही, पर कौन-सी सिद्धि है?... जिससे इनसान में कोई परिवर्तन नहीं हुआ, उसके हृदय का परिवर्तन नहीं हुआ। यह कौन-सी उपासना है? यह कौन-स...
- हम कितने घण्टे सोते हैं?... चार घण्टे सोते हैं। चार घण्टे में हमको इतनी गहरी नींद आती है कि चाहे जमीन फट जाए या आसमान टूट जाए, हमे...
- हम किनके पास नहीं गए?... हम पैसे वालों के पास नहीं गए और आपको क्यों जाना चाहिए? मित्रो ! किसी पैसे वाले के पास हम इसलिए नहीं ...
- हम किस तरीके से पैदा करते हैं?... मानवीय सिद्धान्त और आदर्श, जो हमारे भीतर भगवान के रूप में काम करते हैं। भगवान किस रूप में काम करता है...
- हम किस-किस की सहायता करेंगे?... अगर हम सहायता करेंगे, कर्मों की व्यवस्था करना हमारे लिए कठिन हो जाएगा। हम किसी द्रौपदी की कोई सहायता...
- हम किसका स्नान कराते हैं?... तीन का स्नान कराते हैं, जो हमारे भीतर निवास करते हैं। कौन-कौन निवास करता है? शरीर नहीं, चमड़ी नहीं। ...
- हम किसी आदमी की वकत और किसी आदमी का मूल्य या मूल्यांकन कर सकते हैं तो केवल इस आधार पर कर सकते हैं कि इसके विचार करने के तरीके क्या हैं?... इसका मकसद क्या है? इसका लक्ष्य क्या है? इसके अलावा कोई चीज नहीं है।
जीवन को धन्य बना लो रे ...
- हम किसी के भाग्य के विधाता हैं, भगवान हैं?... नहीं बेटे! भगवान तो जड़ और चेतन में, सारे में समाया हुआ है। हम वह बात कैसे कह सकते हैं? लेकिन शायद ए...
- हम कुछ भी नहीं कर सके—क्यों?... क्योंकि आदमी के विचार करने का स्तर गिरा हुआ है, घटिया है, जिसने हमें मुद्दतों तक गुलाम रखा। हम अभी भ...
- हम कैसे आगे बढ़ेंगे?... यही तो मैं अभी कह रही थी कि श्रद्धा के बल पर और लोकमानस के सहयोग के रूप में आप आगे आइए।
आप देखिए ...
- हम कैसे कर सकेंगे?... हमारे पास क्या। अकल है? तो चलिए हम और आप मिल करके कुछ काम करते हैं। हम मिल करके कुछ ऐसा काम करेंगे,...
- हम कैसे चलते हैं?... एक राष्ट्र, एक भाषा और एक संस्कृति। दुनिया में संस्कृति रहनी है तो एक ही रहनी चाहिए। चाहे वह हिन्दू ...
- हम कैसे जाएँ?... हमें तो कुछ नहीं मिला। शंकर जी ने कहा—तुम्हारे एक-एक वरदान हमारे पास थे, सो तुमने ले लिए। अब तुम अपन...
- हम कैसे जाएँगे?... देखिए हम तो व्यापारी हैं। हम तो ऑफिसर हैं। हम तो गाड़ी में चलते हैं, तो पैदल कैसे घूमेंगे? हाँ बेटा!...
- हम कैसे पकड़े रह सकते हैं?... आपकी सेहत इस जीभ ने खराब की। आप जीभ पर कंट्रोल कीजिए और जीभ से कहिए कि हम आपका हुक्म, आपका कहना नहीं...
- हम कैसे प्रकाश पैदा करें?... आप अपने भीतर प्रकाश पैदा कीजिए, तभी दूसरों को प्रकाश दे पाएँगे। दुनिया में हम आध्यात्मिकता फैलाएँ, य...
- हम कैसे माने?... मैं आपके सामने एक ऐसे गवाह को पेश कर सकता हूँ, जिसकी बाबत आप इनक्वायरी बिठा दें। एक कमेटी बिठाएँ और ...
- हम कैसे मिल सकते हैं?... रामचंद्र जी से मुलाकात के लिए गोस्वामी जी को हनुमान जी की और हनुमान जी से पहले भूत की जरूरत पड़ी। हम...
- हम कैसे शुरुआत कर सकते हैं?... महिलाएँ इस मामले में बहुत योगदान दे सकती हैं। गायत्री माता भी मातृशक्ति ही हैं। महिलाओं ने धर्म की र...
- हम कोई नास्तिक हैं?... हम कम्युनिस्ट हैं? हम कौन हैं?
माला के साथ सेवा
हम तो आपको इस बात का एहसास करा देना ...
- हम कोई भिखारी हैं?... नहीं बेटा! हम भिखारी नहीं हैं, जो आपके सामने पल्ला फैलाएँगे। भगवान के सामने फैलाएँगे, जिसने सारा-का-...
- हम कौन सी दृष्टि का विकास करें?... उस दृष्टि का विकास करें जो बिल्वमंगल ने सूरदास बनकर नयी दृष्टि का विकास किया था। जब नयी दृष्टि का ...
- हम कौन हैं?... हम मुरदा आदमी हैं। हम मर गए हैं। हमारे अन्दर कोई जीवट नहीं है, कोई जिन्दगी नहीं है। हमारे अन्दर कोई ल...
- हम कौन हैं?... राजेश खन्ना हैं, जो दर्शन करने को आए हैं। बेकार की बातें करता है। यही समझता है कि हम देखेंगे और देख ...
- हम कौन हैं?...
माला के साथ सेवा
हम तो आपको इस बात का एहसास करा देना चाहते हैं कि माला चाहे जैसी चमत्कारी ...
- हम कौन हैं?... अग्नि हैं। अग्नि कहती है कि आपको भी प्रकाशवान बनना चाहिए—एक। अग्नि की दूसरी नसीहत यह है कि हमारा जो ...
- हम क्या चाह कर सकते हैं?... रोटी, हमको मिल जाती है। कपड़ा हमको मिल जाता है। मित्रो! रोटी आपको मिल जाती है—बस, कपड़ा आपको मिल जात...
- हम क्या आशा रखेंगे?... बेटे! पत्नी को ऊँचा उठाइए, उसका मनोबल बढ़ाइए, उसकी सेहत का ध्यान रखिए और उसको आगे बढ़ाइए। सबसे यही क...
- हम क्या कर सकते थे?... हमारे हाथ में कोढ़ हो गया। घरवालों को, खानदान वालों को, उनके बच्चों को निंदित करने की अपेक्षा, जिनका...
- हम क्या कर सकते हैं ग्यारह हजार से?... आपने अपने चिन्तन का परिष्कार किया कि नहीं? नहीं, वह तो नहीं किया। और भावनाएँ? भावनाएँ भी नहीं हुईं। क...
- हम क्या कर सकते हैं?... हमने तो पूरी मशक्कत से अपनी खेती में काम किया। बस, इसके आगे, अपने कर्तव्यों तक सीमित हो जाएँ। क्या ह...
- हम क्या कर सकते हैं?... उसको प्रसन्न करने के लिए नहीं। आदमियों को प्रसन्न करने की बात मत सोचिए। आदमी बड़े बदमाश हैं। उनको प...
- हम क्या कर सकते हैं?... बेटे, हमने तो आपको चेला इसलिए बनाया था कि आप दो, पाँच रुपये दे जाया करेंगे। गुरुजी! हमने तो आपको गुर...
- हम क्या कर सकते हैं?... आपको भी बेटे! बिलकुल वैसा ही होना पड़ेगा। आपके अन्दर भी वही अग्नि की ज्वाला जलती हुई दिखाई पड़ेगी और...
- हम क्या करते हैं?... हम उसमें से खरच करते हैं, पर उनकी मरजी के मुताबिक खरच करते हैं। अपनी मरजी से नहीं खरच करते। अपनी मरज...
- हम क्या कराते हैं?... हम बेटे, ये धंधा जो पैसे वाला है, ये तो गौण है, बाहर वाला है। इसके अलावा हम तीन फायदे करा सकते हैं। ...
- हम क्या करें?... तो उन्होंने एक ही जवाब दिया-बच्चों जीवन भर मैं तिनका बना, विनम्र बना, गला तथा इसलिए इतने बड़े वृक्ष...
- हम क्या कह रहे थे?... बचत योजना के अन्तर्गत अल्पबचत जमा कराने की स्कीम आपको बता रहे थे। किसकी? बैंकों की। क्यों साहब! इसमें...
- हम क्या कह सकते हैं?... उन्होंने तो अपने ऊपर बन्धन लगा लिया। मिल भी सकते हैं, किसी को बुला भी सकते हैं। ऐसा भी नहीं है, चाहे...
- हम क्या काम करें?... अत्रि ऋषि को हम बुलाते हैं और खट-खट हमको सवाल-जबाब मिलते हुए चले जाते हैं, क्योंकि वे हमारे घनिष्ठ म...
- हम क्या दे पाएँगे उसको?... हम उसको कुछ नहीं दे सकते। फिर क्या दे सकते हैं? मित्रो! हमको अपने आप को, अपनी हस्ती को भगवान को प्रद...
- हम क्या नहीं कर सकते हैं?... आपसे उम्मीदें हैं
अब बुढ़ापे में, इस अवस्था में भी हम कर सकते हैं, तो आप नौजवान हो, क्यों नहीं क...
- हम क्या बनना चाहते हैं?... हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है? आखिर हम क्या बनेंगे? अगर हम यह तय कर लें, तो मित्रो! हमारे भीतर देवता ...
- हम क्या लिखते हैं?... बेटे, हम गजब का लिखते हैं।
अगर हम कुछ करना चाहें और किसी प्रकाशक के लिए लिखने लगे, तो दो हजार रु...
- हम क्या वरदान माँगते?... जब हम भगवान के ही हो गए तो हमारे माँगने का सवाल ही कहाँ रहा? इसलिए हमने कोई वरदान नहीं माँगा, कोई इच...
- हम क्या हैं?... बाँसुरी की तरह से छूँछ हैं। कुछ और है आपके पास? नहीं बेटे! हम खालिस ब्राह्मण हैं। खालिस ब्राह्मण क्य...
- हम क्या हैं?... हम शरीर हैं। हम जीवात्मा हैं? नहीं साहब! हमको नहीं मालूम कि हम जीवात्मा हैं कि और कुछ हैं। हम तो य...
- हम क्यों आपसे श्रम कराते?... नहीं, हमें आपको फौलाद का बनाना है। आप लोगों को इस तरीके का बनाना है कि जैसे वसिष्ठ जी ने राम-लक्ष्मण...
- हम क्यों देंगे?... आपका फर्ज और कर्तव्य है हमारे लिए, लाइए। उन्होंने कहा कि मैं नरक में जाऊँगा तो आप लोग चलेंगे क्या? म...
- हम खाली हाथ तो नहीं आते हैं?... रुपया कमा करके तो हम ही लाते हैं। बेटे, आप रुपये से अनाज खरीद करके लाते हैं, यह हम समझते हैं। पानी फ...
- हम गायत्री के उपासक हैं, तो गायत्री नाराज होंगी या प्रसन्न होंगी?... बेटे, गायत्री का नाम देवी है और देवी का ही नाम गायत्री है। नहीं साहब! देवी और गायत्री नाराज हो जाएँग...
- हम गिरे हुए तो नहीं हैं?... हमारे द्वारा किसी को दुःख तो नहीं हो रहा है? इस प्रकार के विचार अपने भीतर पनपाने के लिए हमें अपने ...
- हम गुरुजी को बुलाकर लाएँ, तो आप उनके लिए कुछ खरच करेंगे क्या?... उनको बुलाएँ, तो आप अपना कुछ समय हर्ज करेंगे क्या? हाँ साहब! खरच करेंगे। मित्रो! उन्होंने तीन-चार...
- हम ग्यारह हजार जप कर लें?... कर ले बेटे! ग्यारह हजार कर ले तो भी कोई हर्ज नहीं है, बाईस हजार जप कर ले तो भी कोई हर्ज नहीं है—ढाई ...
- हम घाटे में नहीं गए, वरन नफे में आ गए, क्योंकि हमें बहुत दिनों से मालूम है कि भगवान के कायदे-कानून क्या हैं?... भगवान अपने आप को बेचता रहा है और ये कहता रहा है कि जिसकी मरजी हो, हमको खरीदकर ले जा सकता है और अपनी ...
- हम घूरे की पूजा नहीं करेंगे, तो किसकी करेंगे?... घूरा बेजान है। बेजान है तो रहे, चक्की बेजान है, तो रहे, लेकिन हम तो बेजान नहीं हैं। हममें तो जान ह...
- हम चन्दा कहाँ से करेंगे?... किसके ऊपर दबाव डालेंगे? किसको प्रेस करेंगे? हम प्रयास कहाँ से करेंगे? कौन देगा और कब तक देगा? बे...
- हम चार घण्टे क्यों सोएँ?... हम तो आराम से सोएँगे। नहीं, आराम से मत सोइए।
आपको अपने शरीर के ऊपर दबाव डालने के लिए तप करान...
- हम चालाकी कैसे करेंगे?... हम बुरे काम कैसे करेंगे? दगाबाजी हम कैसे करेंगे और विश्वासघात हम कैसे करेंगे?इन सब बातों से यदि हम...
- हम छोटे हों तो क्या?... छोटी सी चिन्गारी हैं तो क्या? छोटे से सितारे के समान हैं तो क्या? हमारा यह प्रकाश विश्व को रास्त...
- हम जरूर सहायता करेंगे आपकी, लेकिन कब तक?... सवाल यह है कि कब तक सहायता करेंगे हमेशा, जिन्दगी भर? नहीं बेटे, जिन्दगी भर नहीं कर सकते।
अच्छा ...
- हम जवान आदमी हैं और हमेशा अपने गुरु से पूछते रहते हैं कि आप हुक्म दीजिए हम क्या दे सकते हैं?... हमारे पास जो कुछ भी बाप-दादों की कमाई थी, वह सब हमने उनके सुपुर्द कर दी। फिर हमने कहा कि हमारे पास अ...
- हम जवान हैं तो क्या, हट्टे-कट्टे हैं तो क्या, गाय के साथ रहते हैं तो क्या?... पर गाय की इच्छा के बिना, हम गाय के पास भी नहीं जा सकते?
बेटे, आप जानवर होते, तो भी आपने मर्यादा ...
- हम जहाँ कहीं भी रहेंगे, सबको अपने समान बना करके रहेंगे, चाहे कोई भी क्यों न हो?... यह शिक्षा यज्ञ की है।मित्रो! यज्ञीय शिक्षण आपको बताता है कि अग्नि आपका पुरोहित है, गुरु है। अग्नि का...
- हम जाएँ तो विवेकानन्द के तरीके से देवी हमें भी दिखाई दे सकती हैं?... हमको भी आशीर्वाद दे सकती हैं? नहीं बेटे! आपको कोई आशीर्वाद नहीं दे सकती। क्यों? क्योंकि वह जो देवी थ...
- हम जानते हैं कि मंसादेवी पर कौन-कौन आदमी जाते हैं?... हमको उनके फोटो मालूम हैं कि जो मंसादेवी के पहाड़ पर चढ़ करके सवा रुपये का प्रसाद चढ़ाने के लिए जाते ह...
- हम जानते हैं कि हम क्या हैं?... भगवान का विश्वासी केवल इस तरह का हो सकता है, जैसे कि इंसान को होना चाहिए। इतना उदार, परोपकारी, लोकसे...
- हम जिस जमाने में रह रहे हैं, उसमें आदमी न जाने क्या होने जा रहा है?... अगर आदमी इसी तरीके से बना रहा, तो उसका परिणाम क्या होगा? अभी जितनी ज्यादा मुसीबतें आई हैं, आगे उसस...
- हम जीवात्मा हैं?... नहीं साहब! हमको नहीं मालूम कि हम जीवात्मा हैं कि और कुछ हैं। हम तो यही जानते हैं कि हम जीवात्मा ...
- हम जो काम करने चले हैं, उसमें हम ये चाहते हैं कि भावना से जुड़ा हुआ, श्रद्धा से जुड़ा हुआ, प्रेम से जुड़ा हुआ, मोहब्बत से जुड़ा हुआ, निष्ठा से जुड़ा हुआ और अपनी अन्तःप्रेरणा से जुड़ा हुआ पैसा आए, चाहे वह कानी कौड़ी ही क्यों न हो?... चाहे हम पच्चीस आदमी ही क्यों न बुलाएँ, पचास आदमी ही क्यों न बुलाएँ? चाहे हम जिन्दगी भर में थोड़ा ही क...
- हम जो शोध संस्थान चलाते हैं, वह क्या है?... यह हमारा वो हीटर है, जिस पर टोस्ट बनाते हैं और उस पर मक्खन लगाकर आपको गरमागरम खिलाना है। आप बना ...
- हम ज्ञानवान का सम्मान करते हैं क्या?... सदाचारी का सम्मान करते हैं क्या? जिसने समाज के लिए त्याग और बलिदान किया, उसको हम समझते हैं क्या? जिस...
- हम ज्ञानी कहाँ से लायें?... पण्डित कहाँ से लायें? वे व्यक्ति जिनके भीतर आध्यात्मिकता का प्रकाश आ गया है, वो व्यक्ति हम कहाँ से ...
- हम डुबकी क्यों मारते?... फिर तो आपको मोती नहीं मिल सकता।
अध्यात्म की गहराई में उतरें
मित्रो! अध्यात्म की गहराई में ...
- हम तलाश करने गए थे?... हम बिलकुल नहीं गए थे। हमको तो बिलकुल पता ही नहीं चला था। पंद्रह वर्ष के बच्चे को क्या पता चल सकत...
- हम तुझे कैसे लगे?... अशोक कुमार जैसे? नहीं महाराज जी! आप अशोक कुमार तो नहीं हैं। तो फिर बूढ़े आदमी का क्या देखने आया था? ...
- हम तेरी औकात, तेरा व्यक्तित्व, तेरी तमीज, तेरा ज्ञान और तेरी पात्रता को इस बात से नहीं जान सकते कि तूने क्या कमाया है?... लेकिन तूने खरच कैसे किया, यह सीधी बात बताओ। तेरे पास जो अकल है, उसे कहाँ खरच करना है? अगर यह बात बत...
- हम तेरे साथ हैं और अब नहीं, जन्म-जन्मान्तरों तक साथ हैं, देखें तेरा क्या बिगड़ता है?... मैं समझती हूँ कि भूखा तो रहा नहीं होगा और वह रहने वाला भी नहीं है। वह एक ही नहीं है। मैं तो आप सबके ...
- हम तो अच्छे रहेंगे, किन्तु किसी को अच्छा नहीं बनाएँगे?... नहीं बेटे! औरों को भी अच्छा बनाना चाहिए जैसे कि चन्दन बनाता है।
मित्रो! मैं आपको यही समझा रहा ...
- हम तो अपनी जेब में जमीन को नहीं रखेंगे, तो क्या करेंगे?... यह मेरी जमीन है। मेरी जमीन है, तो क्या यह आपने बनाई थी? नहीं, हमने तो नहीं बनाई। तो आपके पिताजी ने ब...
- हम तो इतनी धन-दौलत छोड़कर जाएँगे कि हमारी औलादें बैठकर खाएँगी, तो आपकी औलादें कैसी हैं?... अन्धी हैं, बहरी हैं, गूंगी हैं, अपाहिज हैं, जो बैठकर खाएँगी। आप ऐसी गलती मत करना। इन्हें स्वावलम्बी बन...
- हम तो ऐसा ही करेंगे?... नाक में से पानी पी लिया करेंगे और मुँह में से निकाल दिया करेंगे। बेटे, यह तो अपने आप हो जाता है, इ...
- हम तो गाड़ी में चलते हैं, तो पैदल कैसे घूमेंगे?... हाँ बेटा! आपको पैदल ही घूमना पड़ेगा। यह वैसा ही समय है, जैसा कि भगवान बुद्ध के समय में धर्मचक्र प्रव...
- हम तो जमा करके रखेंगे, हम नहीं देंगे, तो क्या हो जाएगा?... जमीन मर जाएगी, गीली हो जाएगी, कीचड़ हो जाएगा, दलदल हो जाएगा और वहाँ कोई पौधा पैदा नहीं होगा। सब जमीन ...
- हम तो तेरे गुरु हैं, हम कैसे दबाएँगे?... अच्छा तो आप ऐसा कीजिए कि हमारी धोती धोकर लाइए। बेटे ! हम तेरे गुरु हैं हमारी धोती तू धोकर ला। वाह गु...
- हम तो परीक्षा लेने आए थे कि क्या ऐसे भी व्यक्ति होने सम्भव हैं?... अब हमें विश्वास हो गया कि ये जो मंत्र बोलेंगे, वे फलित होंगे। मित्रो! उसे आप क्यों नहीं समझते? अक्षर...
- हम तो लक्ष्मी जी के पास वरदान लेने जाएँगे?... सब लोग लक्ष्मी जी के पास वरदान लेने चले गए। लक्ष्मी जी ने अपने वायदे के मुताबिक़ हर आदमी को वरदान दे...
- हम तो सफेद कपड़ा पहने बैठे हैं, पर विचारों की दृष्टि से हम बड़े कमीने हैं, गंदे हैं और आस्थाओं की दृष्टि से?... आस्थाएँ, श्रद्धा-श्रेष्ठता के ऊपर हमारा विश्वास जगाती हैं। हम चोंगा पहने बैठे हैं।...
- हम तो सबेरे से उठते हैं और सिवाय बदमाशी, बेईमानी के दूसरा काम नहीं करते और आपके विचार?... हमारे विचारों में तो इतना गन्दापन, इतना कमीनापन, इतनी जलालत भरी पड़ी है कि अगर आप हमारे विचारों को दे...
- हम तो साहब वाइवा देंगे और थ्योरी के परचे आएँगे तो?... थ्योरी, थ्योरी के झगड़े में हम नहीं पड़ते, हम तो आपको सुना सकते हैं। हम फिजिक्स जानते हैं। देखिए ये ...
- हम दर्शन क्यों करा दें?... हमारे गुरुजी का दर्शन करके तेरा कोई फायदा नहीं हो सकता। कैसे नहीं होगा? बेटे! वो जिन्दगी कहाँ है़ व...
- हम देंगे, आप क्यों देंगे?... मैंने कहा ऐसी प्रखर बुद्धि के व्यक्ति देंगे। हम संस्कारवान और परिष्कृत व्यक्ति देंगे, जो जिधर जाएँ, ...
- हम देखते हैं कि आप क्या चीज माँगते हैं?... चलिए आपकी मनोकामना एक चीज पाने की है। अच्छा हम दे देंगे। दूसरी चीज आप चाहते हैं, चलिए उसे भी दे देंग...
- हम देखेंगे कि कौन राक्षस आता है, कौन-सा विघ्न आता है?... आप यज्ञ करिए अर्थात जो आपकी तपश्चर्या है, आप तप करिए और जो रचनात्मक कार्य हम कर सकते हैं, सो हम करें...
- हम नहीं जानते कि फल क्या मिलेगा या क्या नहीं मिलेगा?... बहुत से आदमी दुनिया में ऐसे हुए हैं, जिन्होंने बेहद अच्छे-अच्छे काम किए हैं, लेकिन ईसामसीह को फाँस...
- हम नहीं जानते हैं कि असली भगवान् कौन है तथा नकली भगवान् कौन है?... लोकोपयोगी प्रेरणा देते हैं-धार्मिक दृष्टान्त मित्रो, पिछले दिनों हमने जन्माष्टमी के अवसर पर आपको बतल...
- हम नहीं माँगते, तो कौन माँगता है?... हमारी औरत माँगती है। अच्छा, औरत की इतनी हिम्मत हो गई है? औरत कभी नहीं माँग सकती। नर में जरा-सी ताकत ...
- हम नहीं रहेंगे, तो फिर क्या करेंगे?... फिर बनेंगे बेटे भूत |
बेटे! अभी तो हमारी आवाज सुनने के लिए बड़े लालायित होते हो। अरे साहब! हम तो ...
- हम पण्डित और साधु ने क्या नहीं किया?... हमारी बात मत पूछिये, औरों की बात पूछिये। हम जानते हैं कि हम क्या हैं? भगवान का विश्वासी केवल इस तरह ...
- हम पढ़े-लिखे नहीं हैं?... कोई जरूरी नहीं है। मैंने कहा न कि शबरी और मीरा कहाँ तक पढ़ी थीं? कबीर कहाँ तक पढ़े थे? रैदास कहाँ तक...
- हम पर भी वे हमला करेंगे?... आप पर हमला नहीं करेंगे। क्यों? क्योंकि उनकी जिस तरह की खुराक की जरूरत है, आप उस तरह की खुराक नही...
- हम पहले लोगों से कुछ माँगते हैं कि आपके पास क्या है निकालिए?... तब हम आपको देने के लिए तैयार हैं। जो भी आपके पास हो, पहले हमारे हवाले कीजिए, फिर हम विचार करेंगे कि ...
- हम पहाड़ कैसे उखाड़ेंगे?... हमारी अँगुली के ऊपर एक पत्थर आ गया, तो अँगुली का चूरा कर देगा। हनुमान जी चले गए और पहाड़ उठाकर ले आए।...
- हम पाकिस्तान से आए हैं, तो आप हमारा गुजारा कीजिए?... हम तो शरणार्थी हैं। ठीक है आप शरणार्थी हैं, तो हम थोड़े दिन आपकी सहायता करेंगे। इंसान को इंसान की सह...
- हम पुस्तकें पढ़ते हैं?... क्यों पढ़ते हैं आप? साहब! हम तो फिजिक्स पढ़ते हैं। बेटे, फिजिक्स इतना बड़ा विषय है कि आप जैसे तीन सौ ...
- हम पूछते हैं कि उसमें जो अवगुण हैं, वह खाने वाले में आएँगे कि नहीं?... आज सामाजिक मान्यता के बारे में, खान-पान के बारे में, पड़ोसी के बारे में हर व्यक्ति की उलटी अकल हो ग...
- हम पूरा करेंगे?... बिलकुल हम पूरा करेंगे और कौन करेगा? यह हाथ पूरा करेंगे, जो बैठे हैं। ये करेंगे और इनको करना चाहिए। न...
- हम पैसे वालों के पास नहीं गए और आपको क्यों जाना चाहिए?... मित्रो ! किसी पैसे वाले के पास हम इसलिए नहीं गए कि हम जिस मिशन को शुरू करने वाले थे, उसकी नींव में ह...
- हम प्रयास कहाँ से करेंगे?... कौन देगा और कब तक देगा? बेटे, यह माँगने से नहीं मिलेगा। स्वेच्छा से जो अनुदान उत्पन्न होंगे, नया य...
- हम फायदा नहीं उठायेंगे?... उन्होंने कहा नहीं, कोई आदमी फायदा नहीं उठा सकता। यही दुनिया का कायदा है। भगवान ने हर आदमी के लिए ए...
- हम बताना चाहते हैं कि आध्यात्मिक शक्तियों को जगाने के लिए क्या किया जा सकता है?... जिस बिल्डिंग को आप देखकर आए हैं, बेटे, वह मात्र बिल्डिंग नहीं है। यह लैबोरेटरी-प्रयोगशाला है। क्या ह...
- हम बहुत भूखे हैं और हमको आप खाना खिला दीजिए?... शबरी ने कहा—"हमारे पास तो बेर हैं। हम आपको बेर खिला सकते हैं।" लाइए बेर ही खिला दीजिए। कोई हमको खाना...
- हम बाहर के ब्राह्मण से क्या बात करेंगे?... बाहर के सन्तों से हम क्या कहेंगे, बाहर सन्त कहाँ हैं? उनका नाम लेने से हमारा दिमाग खराब हो जाता है। ...
- हम बुरे काम कैसे करेंगे?... दगाबाजी हम कैसे करेंगे और विश्वासघात हम कैसे करेंगे?इन सब बातों से यदि हम अवगत हो जायँ, तो फिर हम ...
- हम बेईमानी किस तरीके से करेंगे?... हम चालाकी कैसे करेंगे? हम बुरे काम कैसे करेंगे? दगाबाजी हम कैसे करेंगे और विश्वासघात हम कैसे करे...
- हम बैल कहाँ से लायेंगे?... आजकल बीस रुपये रोज पर बैल आते हैं। क्या भाव हो गया? चार रुपये किलो तो आजकल दूध आता है। एक रुपये मे...
- हम ब्याह करेंगे?... अच्छा साहब! आप ब्याह कर लीजिए, कोई हर्ज नहीं, परन्तु यदि आपकी सामर्थ्य चली जाए, बुढ़ापे में सब बाल झड...
- हम बढ़िया हैं या आप बढ़िया हैं?... हम खूबसूरत हैं या आप खूबसूरत हैं। जो आम कड़ा होता है, वह महँगा बिकता है या पिलपिला और पका हुआ आम महँग...
- हम भगवान को थोड़ा-सा प्रसाद चढ़ाना चाहते हैं, धूपबत्ती चढ़ाना चाहते हैं, नाम लेना चाहते हैं और क्या करना चाहते हैं?... बस, यही करना चाहते हैं, नाम लेना चाहते हैं। हमारे पण्डित जी ने बताया था कि नाम लिया करो और क्या करेंग...
- हम भिखारी हैं क्या?... भिखारियों का हम नहीं खाएँगे। भिखारियों का खाएँगे, तो हमारे ऊपर भी वही असर पड़ेगा, जो उनमें है। हम भि...
- हम भी कैसे मानेंगे?... हम तभी मानेंगे जब उनको उत्कर्षों की कसौटी पर कसते हुए चले जायेंगे। जटायु के बलिदान से लें प्रेर...
- हम भी बच्चों से कहेंगे कि बेटे, तुम अपनी मम्मी से पूछते हो या नहीं कि यह आग किसलिए जलाती हो?... तुम्हारे पिताजी ने यह कहा था कि हाथ जोड़कर नमन किया करो और चन्दन चढ़ाया करो। यह क्यों किया करते हैं, ...
- हम भी बाल खड़े रखेंगे?... तो क्या हो जाएँगे? आचार्य जी हो जाएँगे। यह तो बहुत सस्ता है। इससे अच्छा उपाय और क्या हो सकता है! नकल...
- हम भी स्कूल खोल सकते हैं?... नहीं बेटे! तू नहीं खोल सकता। क्यों? तेरा कलेजा मक्खी-मच्छर जैसा है। चंदा आएगा तो पहले तू उससे अपना उ...
- हम भी हनुमान बनना चाहते हैं?... बेटे! अब तू नहीं बन सकता, क्योंकि जब रावण का जमाना था, रामचंद्र जी का जमाना था, उस जमाने में तू हनुम...
- हम माला को गाली देंगे?... हम कोई नास्तिक हैं? हम कम्युनिस्ट हैं? हम कौन हैं?
माला के साथ सेवा
हम तो आपको इस बा...
- हम में और तुलसीदास जी में क्या अन्तर है?... एक अन्तर है। नाक, आँख, कान, दाँत और हाथ-पाँव सब बराबर हैं, पर एक चीज जो उनके अन्दर थी, वह हमारे अं...
- हम यह क्या कह रहे हैं?... इसकी तुलना किससे कर रहे हैं? इसकी तुलना बच्चा मर जाने पर शिकायतें पैदा करना शुरू कर रहे हैं। बच्चा म...
- हम यह तलाश करने के लिए पड़े हुए थे कि किसी के पास दिल भी है क्या?... हृदय भी है क्या? हृदय मीन्स करुणा। करुणा भी किसी के अन्दर है क्या? दरद भी किसी के अन्दर होता है क्या? ...
- हम यह तो नहीं कहते कि आप आरती उतारना, लेकिन इनके सम्मान की इतनी सुरक्षा होनी चाहिए कि कहाँ हम इनके साथ में कैसे सलूक करें?... नम्रता का करें, जाहिलता का करें, तो जाहिलता का मत करिए, नम्रता का करिए। सब्जी में नमक ज्यादा पड़ गया...
- हम यह देखना चाहते हैं कि आप जब यहाँ आए थे और उस समय आपकी जो भावना थी, उसमें कहीं कच्चापन तो नहीं आ रहा है?... आप कहीं उसी स्थिति में लौट जाने का मन तो नहीं बना रहे हैं? कहीं आपके अन्दर यह विचार तो नहीं उठ रहे है...
- हम यह नहीं जानते हैं कि आपका बच्चा साहब बनेगा या धूर्त?... बनता है, तो बन जाए, लेकिन इतना अवश्य है कि वह इंसान नहीं बन सकता।
मित्रो! इंसान बनने के लिए, ...
- हम यह पूछते हैं कि बकरा खाने के बाद कोई बकरे की औलाद कहलाएगा या नहीं?... यह तो हमें बतलाना। हम पूछते हैं कि उसमें जो अवगुण हैं, वह खाने वाले में आएँगे कि नहीं? आज सामाजिक ...
- हम यानी हमारे मिशन का विस्तार कैसे हो?... जन-चेतना को कैसे जगाया जाए?हमने जुलूस आदि के लिए लोगों को मना कर दिया। इस धूम-धड़ाका से कोई लाभ नहीं ...
- हम ये किसकी बात कह रहे हैं?... बेटे, इसी को पिशाच कहते हैं। पाश्चात्य देशों में यही होता है।मित्रो! इसका परिणाम क्या होगा? इसका प...
- हम राजकुमार हैं तो क्या हुआ?... राजापन हमारा अयोध्या में है और गुरु के दरबार में हम शिष्य हैं, हम छोटे हैं। न हम धनी हैं, न निर्धन ह...
- हम रामायण पढ़ लें, तो उससे हमारी मुसीबतें दूर हो जायेंगी?... पढ़ लीजिए, लेकिन रामचन्द्र जी की जैसी मिट्टी पलीद हुई थी, भगवान करे किसी की भी ऐसी मिट्टी पलीद न ...
- हम रेचक प्राणायाम कर रहे हैं और यह दूसरा?... पूरक प्राणायाम कर रहे हैं। यह क्या है? साँस खींचने की प्रक्रिया और बाहर निकालने की प्रक्रिया है। साँ...
- हम लड़के इनके पास कैसे भेज सकते हैं?... जब हमारे ही लड़के नहीं हैं, तो हम इनकी कैसे मदद करें, अगर हम अपने लड़के पैदा कर लेते तो आपके भी कर द...
- हम लोग जिस सामाजिक व्यवस्था में रह रहे हैं, वैयक्तिक जीवन में रह रहे हैं, उसमें टेंशन के सिवा और क्या चीज हाथ आ सकती है?... असन्तोष के अलावा, विक्षोभ के अलावा, रोष के अलावा क्या पल्ले पड़ने वाला है? क्रोध के अलावा क्या पल्ले प...
- हम वह चीजें खाते हैं कि कल हमारा पेट खराब हो जाए तो क्या?... दावत खाने जाते हैं तो खाते ही चले जाते हैं। अरे बाबा पेट में दरद हो जाएगा। अरे साहब! कल दरद होगा तो ...
- हम वह बात कैसे कह सकते हैं?... लेकिन शायद एक सच्चे इनसान जरूर हैं, हम लाखों-करोड़ों के पिता और माता हैं।
आप माँ के हृदय की पीड़ा ...
- हम वायदा करते हैं कि आपको सिद्धियाँ मिलेंगी, लेकिन बात वहीं आ गई कि, तू इन्हें हजम कैसे करेगा?... हम सिद्धियाँ देंगे, लेकिन तू हजम नहीं कर सकता। बच्चे को हम सोहन हलुआ खिला दें, बादाम का हलुआ खिला दे...
- हम विश्व को बदलने की हिम्मत रखते हैं, होगा कि नहीं, हमें नहीं मालूम?... पर हिम्मत तो रखते हैं और जब हम हिम्मत रखते हैं, तो बगैर किसी की परवाह किए कुछ-न-कुछ कर ही डालेंगे।
...
- हम व्यक्ति निर्माण के साथ परिवार निर्माण में युगशक्ति गायत्री का प्रवेश कराने वाले हैं और क्या होने वाला है?... अब बेटे, एक और क्षेत्र में प्रवेश होने वाला है। कौन से वाले में होने वाला है? सारे विश्व में, जिसमें...
- हम शंकर जी का पाठ करें तब?... नहीं बेटे ! शंकर जी नहीं मानेंगे, तुझे तो मारकर भगा देंगे। उनके गले में साँप बैठा है। जब तू जाएगा बस...
- हम सब जानते हैं कि वे कैसे हैं?... इनकी गवाही सहवासी आपको बतायेंगे। मित्रो! भजन करना धूर्त और मक्कार के लिए भी सम्भव है। यदि आपके पास...
- हम सभी मनुष्य क्या इस तरह इस्तेमाल करते हैं क्या?... नहीं, वह सारी की सारी अमानत हम अपने लिए खर्च करते चले जा रहे हैं। अपने लिए और अपनी औलाद के बाद क्या ...
- हम समझ गये कि आपका क्या मतलब है?... मित्रो! क्या बात है? जो आदमी मशक्कत करने वाले हैं, परिश्रम करने वाले हैं, उनको हम घृणा करते हैं। आ...
- हम समझ लेंगे की यह राक्षसी योनि का है, भले से मानव हो तो क्या?... उसके अन्दर जो भी हो तो क्या? लेकिन है वह राक्षस योनि में ही। यहाँ आ गया, पर उसमें कोई परिवर्तन नहीं ...
- हम समय निकाल सकते हैं, तो ये समय क्यों नहीं निकाल सकती हैं?... यह समय निकाल सकती हैं। दो से पाँच बजे तक का जो तीन घण्टे का टाइम होता है, ये घर-घर जाकर के यह कार्य ...
- हम सविता का शुरू में ध्यान करें?... नहीं बेटे, शुरू में मत करना, पहले माता का ध्यान करना, बाद में सविता का ध्यान करना। सविता क्या देता ह...
- हम सिनेमा में बैठेंगे, कहाँ बैठेंगे?... हम तो बालकनी में बैठेंगे, गैलरी में बैठेंगे। अरे बेटे! यहाँ बैठ जाएगा तो क्या हर्ज है, यहाँ भी दिखाई...
- हम सुपरलक्स क्यों लगाते?... हम तो इसीलिए लगाते थे कि चौबीसों घण्टे यह जो बदबू निकलती रहती है, इसे किसी तरह से दबाएँ तो सही, और लो...
- हम से आप ले सकते हैं, पर साथ में शर्त यही है कि आप की पात्रता कितनी है?... आप अपनी पात्रता का विकास करना। आपकी कोई कष्ट-कठिनाई होगी, बेटे! अभी हम जिन्दा हैं। अभी कहीं नहीं जा ...
- हम स्वर्ग-मुक्ति पाएँगे?... नहीं, हमको नहीं चाहिए स्वर्ग-मुक्ति। जब तक हमारा एक भी प्राणी नरक में रहता है, तब तक हमें स्वर्ग की ...
- हम सड़े हुए मनुष्यों और मरे हुए मनुष्यों की मनोकामना पूर्ण करने की जिम्मेदारी कैसे उठा लेंगे?... हमारे लिए यह बिलकुल असम्भव था, नामुमकिन था। हमारा एक ही ख्याल था कि आप लोग जिन्दा आदमी हैं। अगर आप व...
- हम हँसते-खेलते रहें और गन्दी बातें करते रहें तो इस पर क्या असर पड़ने वाला है?... यह समझना माता-पिता की बहुत भारी भूल है। वास्तव में छोटा बच्चा इतना अधिक जानकार होता है, जितना बड़ा आ...
- हमको अपने बीबी-बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य करना चाहिए?... बीबी आपकी काली है तो मुबारक, खराब है तो अच्छी बात; लेकिन आपको अपना फर्ज पूरा करना है। हम किसी की प...
- हमको भय है कि अब न जाने क्या होने वाला है और न जाने क्या हो जायेगा?... मैंने गहरी साँस ली और कहा कि आप मेरे पास बैठ जाइये। अब हम थोड़ी देर विचार कर लें। ऐसे हुआ उनका इलाज...
- हमको मंत्र कहाँ आते हैं?... तो फिर आपका नाम प्रधानमंत्री क्यों है? बेटे, मंत्र का नाम है-विचार और तंत्र का नाम है-कर्म। विचार ...
- हमको अकल क्यों नहीं दी गयी?... अन्य विशेषताएँ क्यों नहीं दी गयीं? भगवान से हमको अकल और बुद्धि क्यों नहीं मिली? बन्दर ने कहा—हमारे ल...
- हमको अपने जीवन का विकास करते-करते कहाँ जा पहुँचना है?... वह जगह कहाँ होनी चाहिए? जहाँ हमें पहुँच जाना है, जहाँ तुम्हें पहुँचना है, उसे मैं देवताओं का सिंबल ...
- हमको आखिर करना क्या है और बनना क्या है?... कराना क्या है और बनाना क्या है?
मित्रो! आप सिर्फ यह ध्यान रखिए कि हमको मनुष्य का चिन्तन, मनुष्...
- हमको आपके लिए क्या करना चाहिए?... आपको ऊँचा उठाने के लिए क्या हम मददगार बन सकते हैं? हाँ, बन सकते हैं। पर हमको हर क्षण अपने आपसे यह ...
- हमको आशीर्वाद देकर आप विवेकानन्द बना सकते हैं?... बेटे, हम आपको बना सकते हैं। इसके लिए हम व्याकुल भी हैं और लालायित भी, लेकिन पहले तू कीमत तो चुका। ...
- हमको इतना सुंदर शरीर मिला है, उसका प्रयोग करना, उपयोग करना आता है क्या?... नहीं। हमको इतना अच्छा स्वास्थ्य मिला हुआ है, उसका हमने सही उपयोग किया नहीं, फिर हम किस मुँह से ईश्...
- हमको और आपको कौन-सा आदर्श पसन्द है?... शिव पसन्द है, तो आप यह मानकर चलिए कि शिव भगवान कैसे हैं? वे गंगा के रूप में उत्कृष्ट विचारधारा को प्...
- हमको और आपको क्या करना चाहिए?... हमको और आपको दूसरी वाली महत्त्वाकाँक्षाओं का स्तर बदल देना चाहिए और कायाकल्प कर देना चाहिए। आत्म परि...
- हमको और आपको चुभती है क्या?... नहीं चुभती। हमारी औरतें सौ गालियाँ देती रहती हैं। और फिर हम ऐसे ही हाथ-मुँह धोकर के आ बैठते हैं।...
- हमको किफ़ायती जीवनयापन करना चाहिए, अगर हम तपस्वी जीवन जीना चाहते हैं तब?... किफ़ायती का जीवन, आदर्श जीवन, सादा जीवन-उच्च विचार वाला जीवन हमें जीना चाहिए। उच्च विचारों की स्थापन...
- हमको किसकी उपासना करनी पड़ेगी?... हमको प्रकाश की उपासना करनी पड़ेगी, पहली वाली शिक्षा हमको यही मिलती है, क्योंकि हमारा पुरोहित, हमारा ...
- हमको किसी से माँगने की, किसी के आगे हाथ पसारने की जरूरत क्या है?... हमको भगवान ने हाथ दिए हैं, कलाइयाँ दी हैं। हम जमीन में लात मारेंगे और पानी निकाल लेंगे। अपनी कलाइयों...
- हमको कैसे पकड़ लिया?... इसलिए पकड़ लिया कि आप रामचंद्र जी से मुलाकात करा दीजिए। बस, उसके बाद में रामचंद्र जी आए और तिलक लगाया...
- हमको क्या करना पड़ता है?... बेटे, हमको एक काम करना पड़ता है। जब बादल बरसते हैं, तो पानी जमा करने के लिए हमको गड्ढा बनाना पड़ता...
- हमको क्या करना पड़ेगा?... गहराई में प्रवेश करना पड़ेगा। हमको यह तलाश करना पड़ेगा कि आखिर विभिन्न समस्याओं की वजह से इन्सान इतन...
- हमको क्या दिक्कत आ जाती है और क्या परेशानी आ जाती है और उसका क्या हल हो सकता है?... बहुत-सी बातों के लिए आपस में जैसे दो मित्र बैठकर बात कर लेते हैं, वैसे ही हम दोनों कर लेते हैं। तो म...
- हमको क्या दिया है?... यही पूछना चाहते हैं न आप? चलिए, हम आपकी भाषा में ही बोलते हैं कि गुरु ने हमारा दिवाला निकाल दिया है।...
- हमको क्या सलाह देती हो?... हम खलीफा हैं और तुम हमारी बीबी हो। तुम ऐसा काम करेगी, तो दुनिया हमको क्या कहेगी? मित्रो! उसन...
- हमको जितना लाभ मिलता है, उसका हमको सदुपयोग करना आता है क्या?... नहीं, हमको धन का सदुपयोग करना आता नहीं। हमको इतना सुंदर शरीर मिला है, उसका प्रयोग करना, उपयोग कर...
- हमको जीभ का तप क्यों करना पड़ता है?... क्योंकि हमको काम करना पड़ता है, वचन बोलने पड़ते हैं। प्रवचन देने पड़ते हैं, आशीर्वाद देने पड़ते हैं। इसल...
- हमको जो सबसे महत्त्वपूर्ण काम मानकर चलना है, वह यह कि हमारा व्यक्तित्व किस प्रकार का हो?... न केवल हमारे विचारों का वरन, हमारे क्रिया-कलापों का भी। आपके मन में कोई चीज है, आप मन से बहुत अच्छ...
- हमको तो इतनी अकल ही नहीं है, हम क्या करेंगे?... भेड़ों से पूछा—जैसे हमारे बच्चे बाल बना लेते हैं, आप भी बना लेंगी क्या? भेड़ों ने कहा—नहीं हम नहीं बना...
- हमको तो दिखाई नहीं पड़ता, हम कैसे पार हो सकते हैं?... हम तो डूबेंगे।" पंगे ने कहा—"भाई साहब! कठिनाई हमारी भी यही है कि हमारी टाँगे नहीं हैं। बताइए, हम किस...
- हमको तो मालूम नहीं है कि मन की परीक्षा क्या हो सकती है?... उन्होंने एक मछली का इंतजाम किया, जो एक चक्र के ऊपर घूमती थी, जैसे कि पंखा घूमता है। उस पर उन्होंने य...
- हमको तो यह बताइए कि आपने दैवीय सभ्यता के लिए कितना त्याग किया है?... कितना बलिदान किया है? कितनी सेवा की है? नहीं साहब! हमने तो ग्यारह कापियाँ लिखी हैं। अच्छा, ग्यारह का...
- हमको दूसरों को रामायण की कहानी क्या सिखानी है?... वह तो सबको मालूम है कि एक रामचन्द्र जी थे। उनकी पत्नी को रावण चुरा ले गया था। रामचन्द्र जी को गु...
- हमको पाँच साल के लिए राज्य मिला है और पाँच साल बाद हमको और कहीं जाना पड़ेगा, कहीं और रहना पड़ेगा, उसने सोचा कि कहाँ जाना पड़ेगा और कहाँ रहना पड़ेगा?... जरा देख करके तो आयें। पहले दिन जब गद्दी मिली, तो वह नदी किनारे गया और नाव-जहाज पर सवार हुआ और उस...
- हमको पिण्डदान कौन देगा?... बेटे, हनुमान जी को पिण्डदान नहीं मिला था। पिण्डदान नहीं मिलेगा, तो क्या हो जायेगा? नहीं साहब! हम त...
- हमको पेंशन नहीं मिलती, तब भी तो हम खाते हैं कि नहीं खाते, तो आपका दिया हुआ खाएँगे?... हमने कभी किसी का नहीं खाया है, तो आपका क्यों खाएँ, हम नहीं खाएँगे।
बेटे! आज आखिरी दिन आप जा रहे है...
- हमको पढ़ना कहाँ सिखाया गया, हमको गायत्री का अनुष्ठान कहाँ सिखाया गया?... हम तो नाचने-गाने वाली निकम्मी और बेकार औरतें हैं। क्या इसी का नाम है स्वर्ग? मित्रो! हिन्दुओं के स...
- हमको भगवान में कोई रस आता है?... भगवान से हमारा कोई सम्बन्ध है? बिल्कुल नहीं है। भगवान से अगर कोई सम्बन्ध रहा होता तो आपके जीवन की धाराएँ...
- हमको भी आशीर्वाद दे सकती हैं?... नहीं बेटे! आपको कोई आशीर्वाद नहीं दे सकती। क्यों? क्योंकि वह जो देवी थी, जो रामकृष्ण परमहंस ने पैदा ...
- हमको भी हजार रुपये मिलेंगे?... हाँ साहब! आपको भी देंगे। मुनीम जी! आप कौन हैं? राजा कर्ण हैं। लीजिए, आप तो हजार के स्थान पर दो हजार ...
- हमको मकान बनाना आता है और न जाने हमको क्या-क्या आता है?... हम धनाढ्य बनना चाहते हैं, जमाखोर बनना चाहते हैं, परिग्रही बनना चाहते हैं। यह गलत तरीका है। यह मधुमक्...
- हमको मालूम था कि आप क्या कहने आये हैं?... आप यह कहने आये हैं कि गुरुजी! हमारी आर्थिक समस्या हल कर दीजिए। बेटे, हम जरूर कर देंगे, क्योंकि हम ...
- हमको यह तलाश करना पड़ेगा कि आखिर विभिन्न समस्याओं की वजह से इन्सान इतना दुःखी क्यों पाया जाता है?... एक बार तो भर्तृहरि जी लोगों से पूछने लगे कि—‘अरे मूर्खों! अभागे लोगो! तुममें से कोई एक ऐसा आदमी है...
- हमको यह तलाश करना चाहिए कि हम वे ऋषि कहाँ से लायें?... ब्राह्मण कहाँ से लायें? हम ज्ञानी कहाँ से लायें? पण्डित कहाँ से लायें? वे व्यक्ति जिनके भीतर आध्यात...
- हमको रूई की तरह से क्यों धुना गया?... इसमें हमारी अच्छाइयाँ हैं। हमको रूई की तरह से धुना जाएगा, तो हम फूल जाएँगे। रूई की कोई ताकत नहीं होत...
- हमको समाज की व्यवस्थाओं को सही रखने के लिए जिस चीज की आवश्यकता है, उस काम को क्यों नहीं करना चाहिए?... इससे हमारे सम्बन्धियों को नुकसान पहुँचता है, तो पहुँचे, हम क्या कर सकते हैं। इसलिए गीताकार ने कर्म को ...
- हमको हजार बार धिक्कारेगा और यह कहेगा कि ये बुद्धिजीवी थे, ये ज्ञानवान थे, ये सन्त थे, ये ऋषि थे?... हमने देख लिया इनका मिशन और देख लिए इनके ये बेटे, यह मत कहलवाना। हमको मरना मंजूर है; लेकिन कलंक का यह...
- हमने पूछा कि क्या यह अन्य लोगों की नहीं है?... उन्होंने कहा कि नहीं, ब्राह्मण जन्म से नहीं, कर्म से होता है। जो ईमानदार, नेक, शरीफ है तथा जो समाज...
- हमने अपने आपको निचोड़ा तो देखिये क्या बन गये?... अगर आपने अपने आपको निचोड़ दिया तो हमारा एक काम जरूर करना और वह यह कि हमारे विचार-हमारी आग को लोगों ...
- हमने अपने मन को, बुद्धि को तपाया है, पर आपकी बुद्धि तो ऐसी चाण्डाल है, ऐसी पिशाचिनी है कि क्या कहें?... किसी के जिन्दगी की समस्या को हल करने का सवाल था तो आपकी अकल, आपकी बुद्धि ने ऐसी मक्कारी की कि क्य...
- हमने आपको तीन यूनीवर्सल उपासनाएँ बताई थीं?... ये तीन यूनीवर्सल उपासनाएँ कौन-सी हैं? एक है—'जप'। जप सारे यूनीवर्स में चलता है। आप मुसलमानों में...
- हमने आपको पीले कपड़े पहना दिये, कोई फर्क पड़ गया क्या?... नहीं पड़ा। पीले से क्या मतलब है? पीले से तो दूसरे रंग और भी अच्छे होते हैं। काली पैंट और हरे टैरी...
- हमने आपको बसन्ती चोला इसलिए पहनाया कि आपको यह ध्यान बना रहे कि आप क्या करने जा रहे हैं?... और क्या करने का उद्देश्य आपके कन्धे पर इस कपड़े के रंग के हिसाब से लाद दिया गया है। बेटे, यह किसका र...
- हमने आपसे क्या कहा है?... हमने आपसे यह कहा था कि उसको माँ कहिए। इस तरीके से आप उन्हें माँ कहिए, जिस तरीके से शिवाजी के सामने ए...
- हमने इज्जत पाई है और हमने क्या पाया है?... सांसारिक जीव क्या चाहते हैं? सांसारिक जीव पैसा चाहते हैं। पैसा आपके पास है? हम आपको क्या हवाला दें क...
- हमने इतने दिन कैसे काटे होंगे, किन परिस्थितियों में काटे होंगे?... लेकिन हम उनके लिए कुरबान हैं, हम उनके लिए समर्पित हैं, तो वे जो कदम उठाएँगे, वह हम भी उठाएँगे। कोई द...
- हमने उनको क्यों बुला करके रखा है?... सम्बन्ध बनाकर क्यों रखा है?मित्रो! जिस तरीके से माली अच्छे से अच्छे फूलों को चुन लेता है, हमने भी अप...
- हमने एक वर्ष में क्या-क्या भूलें की हैं और हमारे अन्दर क्या-क्या कमियाँ थीं?... हमारे अन्दर क्या दोष और दुर्गुण थे? उनको हम न दोहराएँ।
यह प्रायश्चित का पर्व है, जिसका कि आज आपको प...
- हमने कई बार पूछा कि स्वामी जी आप इन पैसों का क्या करते हैं?... हर साल आपको हजारों रुपये की आमदनी होती है, आप उसका क्या करते हैं? बता दीजिए। वे कहते थे कि पैसे फँ...
- हमने कमाया और जमा कर लिया तो क्या बात हो गई?... भाई साहब! हमने मान लिया कि आपने बेईमानी से नहीं कमाया है, मेहनत से कमाया है, लेकिन मैं कहता हूँ कि भ...
- हमने कमाया है तो क्या हमको नहीं मिलेगा?... हम फायदा नहीं उठायेंगे? उन्होंने कहा नहीं, कोई आदमी फायदा नहीं उठा सकता। यही दुनिया का कायदा है। भ...
- हमने कमाया है?... तो क्या करें? हम कमाते हैं, इसलिए हम अकेले ही खाएँगे—"केवलाघो भवति केवलादी" अर्थात जो आदमी आप ही कमा...
- हमने कहा कि गायत्री मंत्र की दीक्षा तो हम पहले से लिए हुए हैं, फिर दोबारा देने का क्या अर्थ है?... उन्होंने कहा कि आपके पहले गुरु ने यह कहा था कि यह ब्राह्मणों की गायत्री है। अब हम यह बतलाते हैं कि...
- हमने कहा कि आप हमें जेल भिजवाएँगे क्या?... उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि मालिक का सारा कामकाज अपने जिम्मे ले लो, तो मालिक आप पर निर्भर हो ...
- हमने कहा कि इसमें से बीस लाख निकाल दिया जाए तो कितना रुपया बचेगा?... उनने कहा-तीस लाख।मैंने कहा-मेरे पास तीस पैसे भी नहीं हैं, फिर भी देखिये-अगर गवर्नमेन्ट आपके बीस ला...
- हमने कहा कि कहाँ एक हजार रुपये और कहाँ एक लाख रुपये?... साहब! आप कागज और पेन्सिल लेकर बैठ जाइये। हम दस प्रतिशत ब्याज देते हैं और ब्याज पर ब्याज-चक्रवृद्धि...
- हमने कहा कि कहाँ बोया जाए?... उन्होंने कहा कि भगवान् के खेत में। हमने पूछा कि भगवान् कहाँ है और उनका खेत कहाँ है? उन्होंने हमें ...
- हमने कहा—इस जेवर का हमें क्या करना?... हमको रोटी खानी है। कपड़ा पहनना है। इसके लिए कोई घाटा नहीं है। भगवान ने हाथ-पाँव दिए हैं और भगवान ने ...
- हमने कहा—क्या किया है?... उन्होंने कहा, हम तो मारवाड़ियों की कुल देवी हैं। हमारा नाम खोरयाणी माता है। लोगों ने हमारे बारे में अ...
- हमने क्या अपने जीवन को प्यार किया?... नहीं, हमने अपने जीवन को प्यार नहीं किया। हमें भगवान का कितना बहुमूल्य अनुदान मिला था, जिसका हमें उ...
- हमने क्या बताया था?... हमने यह बताया था कि आप गायत्री की माता के रूप में पूजा किया कीजिए। माता कैसी है? गायत्री माता का फोट...
- हमने क्यों कमाया?... सिकंदर ने
अपने दोनों हाथ ताबूत से बाहर निकाल दिए। वह इसलिए निकलवा दिए कि देखने वाले यह देखें कि सिक...
- हमने क्यों नहीं सहा?... जिस तरीके से शंकर जी ने विष पिया था जनहित के लिए, इसी तरह हम भी अपने परिवारीजनों के लिए, जिसको हम अप...
- हमने चौबीस दिन का अनुष्ठान किया था, अब क्या करें?... अरे, हमारा अनुष्ठान मर गया। मरने से क्या मतलब होता है? मरने से मतलब यह है कि हम सफल न हो सके। हमारा ...
- हमने जरा-सी जमीन खरीदी है, डेढ़ लाख लग गया और उन्होंने कितनी जमीन खरीदी?... करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी विनोबा ने, भूदान यज्ञ में सहयोग दिया था। आपको सहयोग मिलता है? किसी का नह...
- हमने जीवन भर में करोड़ों रुपये कमाये, वह सब यहीं रह जायेगा?... हाँ साहब! बिल्कुल यहीं रखा रहेगा। सिकन्दर फूट- फूट कर खूब रोया। लोगों ने पूछा कि क्या बात है? उसने...
- हमने जो घी हवन कर दिया, वह कहाँ गया?... घी कहीं जलता नहीं है।दुनिया में कोई चीज नष्ट नहीं होती है। आपको साइंस का थोड़ा ज्ञान होना चाहिए। दुनि...
- हमने जो चाहा था, वह मिला कि नहीं मिला?... मिलना, न मिलना आपके हाथ की बात नहीं है। यह परिस्थितियों और प्रारब्ध की बात है। यह आपके प्रारब्ध की...
- हमने तीन बातों का आह्वान किया और यह कहा कि मनुष्य में देवत्व का उदय किस तरीके से होगा?... जो प्रलोभन से दूर होंगे। दूसरी है—जिम्मेदारी। गुरुजी ने हमेशा कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी म...
- हमने तो दुकान खोल रखी है?... किसकी दुकान खोल रखी है? ‘शर्मा फुटवियर’ की। फुटवियर क्या होता है? अरे साहब! चप्पलों की दुकान है। आपक...
- हमने तो देखे नहीं हैं?... यह क्या है? खाली अलंकार है। दैत्य का तरीका क्या होना चाहिए? चेहरा कलंक की कालिमा से पुता हुआ। जिन्हो...
- हमने तो पहले ही कर लिया था, तो अब कैसे करें?... बेटे, समय की पुकार है, करना ही पड़ेगा और आपको करना ही चाहिए। आपको समय नहीं दिखाई पड़ रहा है। आप उसको...
- हमने देखा कि आपके यहाँ तो प्रेमभाव है, सहकारिता है, उदारता है, सेवा है, फिर हम कैसे आपको छोड़ेंगी?... बस, लक्ष्मी जी आ गईं और गरीबी चली गई।
दृष्टिकोण का परिष्कार : प्रशिक्षण का मर्म
मित्...
- हमने पूछा कि भगवान् कहाँ है और उनका खेत कहाँ है?... उन्होंने हमें इशारा करके बतलाया कि यह सारा विश्व ही भगवान् का खेत है। यह भगवान् विराट् है। इसे ही ...
- हमने बहुत पाया और अपने प्रभाव की दृष्टि से न जाने क्या-क्या पाया?... मैं वह आदमी हूँ कि किसी की सेवा करने के लिए खड़ा हो जाऊँ और अपने मन से आशीर्वाद देने लगूँ, तो न जाने...
- हमने भगवान के यहाँ खाते में देखा था और यह पूछा था कि आपके यहाँ भजन का कोई एकाउण्ट है?... उन्होंने कहा कि नहीं, यहाँ भजन का कोई एकाउण्ट नहीं है। हमारे यहाँ शराफत का एकाउण्ट है और आपने जि...
- हमने विचार किया कि हमें इस जयंती वर्ष में क्या करना चाहिए?... हम यानी हमारे मिशन का विस्तार कैसे हो? जन-चेतना को कैसे जगाया जाए?हमने जुलूस आदि के लिए लोगों को म...
- हमने शंकर जी की पूजा की, हनुमान जी की पूजा की, गणेश जी की पूजा की और न जाने क्या-क्या चाहा?... लेकिन कोई कामना पूरी न हो सकी। हम एक को छोड़कर के दूसरे पर गए। दूसरे को छोड़कर के तीसरे पर गए। क्या ...
- हमने शुरू में बताया था कि जब हम अपने बहिरंग को तपाते हैं, तो जैसे पानी को तपाने से भाप बन जाती है, उसी तरीके से आदमी का बहिरंग व्यक्तित्व जब तप के द्वारा तपाया जाता है, तो उस तपस्वी के क्या कहने?... दधीचि तपस्वी थे। इन्द्रलोक में हाहाकार मचा हुआ था। उन्हें एक ऐसा हथियार चाहिए था, जिससे वृत्तासुर को...
- हमने सुना है कि भगवान बुद्ध जब मरने को हुए, तब लोगों ने उनसे पूछा—"क्या आप मुक्ति में जाने वाले हैं?... स्वर्ग में जाने वाले हैं?" तब उन्होंने कहा—"नहीं, ऐसी बात नहीं है। हम स्वर्ग और मुक्ति में नहीं जा स...
- हमने सोचा कि इस एकान्त में, सुनसान में हम कैसे रह सकते हैं?... सुनसान में आदमी नहीं रह सकता है। हमने वहाँ भी अन्य प्राणियों का कुटुँब बना लिया। कुटुँब के बिना मनुष...
- हमसे और आपसे भगवान क्या चाह सकता है और हम और आप भगवान को क्या दे सकते हैं?... हम तो एक जर्रा हैं, कण हैं और वह तो ब्रह्माण्ड के बराबर विस्तृत है। हम क्या दे पाएँगे उसको? हम उसको ...
- हमसे किसी को विरोध हो, तो बना रहे, हम किसी के लिए क्या करें?... हम उसको कैसे समझाएँ और हमें जो करना है, करेंगे।
गुरुजी ने एक पुस्तक लिखी थी—‘‘स्त्रियों का गायत्री ...
- हमसे क्या अपेक्षा है?... हमसे जो अपेक्षा है, इस लायक हम बने कि नहीं बने?
यदि आप बन गए, तो सही अर्थों में आप गायत्री माता क...
- हमसे जो अपेक्षा है, इस लायक हम बने कि नहीं बने?... यदि आप बन गए, तो सही अर्थों में आप गायत्री माता के बेटे हैं। गुरुजी के आप शिष्य हैं और माताजी के आप ...
- हमारा वरदान आपके क्या काम आया?... क्या आप वरदान की वजह से आये हैं? वरदान की वजह से आप नहीं आये। क्यों आते हैं आप? आप हमारे प्यार की ...
- हमारा असली शिक्षण क्या है?... हमारा असली शिक्षण वहाँ से शुरू होता है, जब हमारे चौबीस अनुष्ठान पूरे हुए थे। ठीक है लोग जौ की रोटी...
- हमारा इलाज कराइए, कहने की क्या जरूरत है?... हमको पहले से ही मालूम था कि आप बीमार हैं। आपकी हम सेवा करेंगे। जो आदमी समझदार होते हैं, वे कहे बिना ...
- हमारा कहना तो तूने माना नहीं और स्वयं भीम-अर्जुन बना नहीं, फिर तेरा कहना मानकर तेरा बेटा भीम-अर्जुन कैसे हो जायेगा?... बेकार की बातें बकता है। मित्रो! क्या करना पड़ेगा? नई-नई चीजें माँगने की अपेक्षा, नई-नई ख्वाहिशें, नई-...
- हमारा कितना काम हर्ज होता है?... तू समझता नहीं है क्या? महाराज जी मैं बी.ए. करूँगा, एम.ए. करूँगा, नौकरी करूँगा। नहीं बेटे, तू नौकरी...
- हमारा कुछ लाभ हो जाता है क्या?... हाँ, हमारा एक लाभ हो जाता है और वह यह कि इससे हमें ख्याल आता है कि धूप बत्ती के तरीके से और कंडी क...
- हमारा कुटुम्ब कहाँ रहेगा?... इसलिए विचार करते हैं—कल की सम्भावनाओं के लिए आज की व्यवस्था बनाना हर एक समझदार आदमी का काम है। आप एक ...
- हमारा कौन सा भगवान्?... कैसा भगवान्? आपके जीवन का लक्ष्य पैसा था और वह भाग-भाग कर उसी पैसे में लगा था। आप सिनेमा ही तो देखते...
- हमारा चिन्तन किधर चलना चाहिए?... चिन्तन को कहाँ लगाना चाहिए? अस्त-व्यस्त चिन्तन की रोक-थाम हमें कैसे करनी चाहिए? चिन्तन का परिष्कार हमको...
- हमारा चिन्तन क्या होना चाहिए?... हमारी आस्था क्या होनी चाहिए? इन सारी समस्याओं के समाधान हम उस खिलौने के माध्यम के द्वारा तलाश कर सकत...
- हमारा जीवन कहाँ चलना है?... हमें क्या बनना है? कहाँ जाना है? अपने लक्ष्य के सम्बन्ध में जिस समय आप एक ही विषय पर विचार कर रहे होंग...
- हमारा जीवन क्या है?... यह सोचें। हम जनसेवा के लिए व्रत लें। जिस तरीके से माँ गंगा बहती चली जाती है, क्या हमारा जीवन ऐसा है?...
- हमारा जो मन है, उसे अगर यहाँ-वहाँ जाना हो तो हमें राम-नाम के जंजाल में नहीं फँसना चाहिए?... किसका जप करना चाहिए? मेरे ख्याल से आपको रावण का जप करना चाहिए—रावणाय नमः, कुंभकरणाय नमः, मेघनादाय नम...
- हमारा तालाब सूख जाएगा, तो फिर क्या होगा?... हमारी उन्नति का आधार समाप्त हो गया है। हमारे पास ज्ञान है, परन्तु हमारे मस्तिष्क का चिन्तन खराब है...
- हमारा थैला कहाँ गया?... इसमें से डायरी कौन ले गया? अच्छा भगत जी ले गये। यह कौन से भगत हैं? यह भगत हैं आप, शंकर भगवान की ...
- हमारा दिमाग कहाँ खराब हुआ है?... हमारा तो ईमान खराब हुआ है। हम आज भी आदमी के ईमान को बदलना चाहते हैं। दिमाग को हम कब बदलना चाहते है...
- हमारा दिल टूट रहा है-ऐसा हम महसूस कर रहे हैं, परन्तु क्या हम आपको छोड़ देंगे?... यह कभी नहीं हो सकता। भूत जो होता है, वह जिसे चाहता है, उसके पीछे लगा रहता है। हम भी आपके पीछे-पीछे...
- हमारा नमूना होगा और हमारे आचार्य कैसे होने चाहिए?... उनका रहन-सहन उनकी बोल-चाल उनका व्यवहार, उनका आचरण, उनका उठना-बैठना उनका खान-पान बिलकुल ऐसा होना ...
- हमारा नाम क्या हो गया?... लाश। फिर मनुष्य भी—मनुष्य नहीं रह जाता। अगर मनुष्य के भीतर से प्राण निकल गया, तो फिर वह मनुष्य कैसे ...
- हमारा परिवार किस तरह से जुड़ा है, आप देखते नहीं?... माताजी आपकी माताजी हैं। वे अगर आपकी माताजी हैं, तो हम भी आपके पिताजी हैं। आपने इस परिवार में यह नहीं...
- हमारा पेट कैसे भरेगा?... बेटे! तेरा पेट भर जाएगा। मैं तुझे यकीन दिलाता हूँ कि तेरा पेट भर जाएगा। जब चींटी का पेट भर सकता है, ...
- हमारा प्रभाव है?... नहीं। आपके पूर्व जन्मों के संस्कारों की महत्ता।शेर ने एक बच्चे को जो भेड़ों के झुण्ड में घूमता रहता ...
- हमारा बच्चा जिन्दा रहना चाहिए?... भाई साहब! आपका बच्चा जिन्दा रहेगा, तो पड़ोसी के घर में बच्चा पैदा नहीं हो सकता। नहीं साहब! हमारे घर म...
- हमारा बच्चा बीमार होगा, तो हम किस तरीके से देखेंगे?... बच्चा गलती करेगा, तो हम कैसे देखते रहेंगे। आप में से कोई भी आदमी दुःख में होगा, परेशानी में होगा, कष...
- हमारा बाप मर गया, नौकरी लगवा दीजिए, इसके लिए अथवा सिद्धि के लिए गए थे?... बिलकुल नहीं गए थे। उन्होंने ढूँढ़ लिया था और हमारा गुरु? हम तलाश करने गए थे? हम बिलकुल नहीं गए थ...
- हमारा बेटा तो कहना नहीं मानता, फिर दुनियाँ क्यों और कैसे मानेगी?... दुनिया हमें क्या कहेगी? दुनिया को हम क्या कर सकते हैं? दुनिया जो कहेगी, सो कहेगी। बस हर आदमी के लिए ...
- हमारा बैरी ज्यादा से ज्यादा क्या कर सकता है?... मार ही तो सकता है। अगर हार्ट फेल हो जाये, तो भी मरना ही होता है। बीसियों आदमियों का हार्ट फेल हुआ है...
- हमारा भी चक्रवेधन हो जाएगा?... नहीं, आपका नहीं हो सकता। तो फिर आप विधि छिपा रहे होंगे? नहीं बेटे ! विधि हम नहीं छिपाते हैं। विधि तो...
- हमारा मन और हमारी उपासना कैसे समर्थ हो सकती है?... बेटे, हमने आपको जप करने की जो विधि बताई थी, पूजा करने की विधि बताई थी, उसमें खाद और पानी लगाया ज...
- हमारा मन कहीं और रहता है, तन कहीं और रहता है, यह भी कोई भक्ति है?... भक्ति तो वह है, जिसमें आराध्य से भक्त कहता है कि जो भी देना है दीजिए, हमारे पापों का निष्कासन कीजिए,...
- हमारा मन क्या है?... अरे भाई! खाद्य पदार्थ है और क्या है मन। हमें क्या करना चाहिए? वाणी को परिष्कृत करने के लिए हमारा आहा...
- हमारा मन डाँवाडोल हो जाता है और कई बार यह विचार करने लगते हैं कि हमारी पूजा सार्थक है अथवा नहीं?... अगर हमारी पूजा सार्थक रही होती, तो हम दूसरों की अपेक्षा अर्थात् जो नास्तिक हैं, उनसे कुछ ज्यादा अच...
- हमारा लक्ष्य क्या है, हमारा उद्देश्य क्या है?... हमारे संकल्प क्या हैं, हम करना क्या चाहते हैं? यह अपनी एक दिशा और धारा बनाने वाली बात है।
सा...
- हमारा लक्ष्य क्या है?... इसके लिए हमने अपने-अपने इष्टदेव मुकर्रर किए हुए हैं। एक दिन मैंने ताजमहल का हवाला दिया था, जहाँ मॉडल...
- हमारा लक्ष्य क्या होना चाहिए?... लक्ष्य की प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए? और किस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए? देवपूजन प्रत्येक आध्यात...
- हमारा लक्ष्य, हमारा उद्देश्य क्या होना चाहिए?... हमारे क्रियाकलाप क्या होना चाहिए? हमारी गतिविधियाँ क्या होनी चाहिए? हमारा चिन्तन क्या होना चाहिए? हमा...
- हमारा शरीर एक यज्ञ है, हाथों ने कमाया, पर क्या हाथ ने खाया?... नहीं, हाथ ने नहीं खाया। किसने खाया? मुँह ने खाया। मुँह ने खा करके अपने पास जमा रखा? नहीं, जमा नहीं र...
- हमारा शरीर काम का तो है, लेकिन अगर यह मर जाए, इसमें से प्राण निकल जाए तब?... क्या कीजिएगा इस शरीर को? तब इस शरीर की कितनी कीमत उठा पाइएगा? आप इस शरीर को बाजार में ले जाइए और कहि...
- हमारा शरीर कैसे पैदा हुआ?... यह शरीर माँ के त्याग का परिणाम है। माँ ने हमें अपने पेट में नौ महीने तक रखा। अपना खून, माँस, हड्डिया...
- हमारा सूक्ष्म शरीर कितना कीमती है?... बहुत कीमती है। क्यों? क्योंकि दुनिया में जो कुछ भी बेहतरीन चीजें हैं, वे सब दिमाग की पैदावार हैं।
...
- हमारा ही बच्चा है, यह आप क्यों कहते हैं?... यह क्यों नहीं सोचते और कहते कि भगवान का बच्चा है। यह हमारी बीवी हैं, क्यों कहते हैं? यह क्यों नहीं क...
- हमारी अकल इतनी बड़ी है कि मैं नहीं समझता कि मनुष्य से श्रेष्ठ इस दुनिया में कोई चीज हो सकती हैं?... आदमी की अकल कमाल की है। इसने जमीन को स्वर्ग बनाकर रख दिया। जब आदमी पैदा नहीं हुआ था, तो यह जमीन ऊ...
- हमारी अकल काम आये, हमारी बुद्धि काम आये, हमारा ज्ञान काम आये, हमारा पुरुषार्थ काम आये, तो दुनिया में क्या कोई भूखा रह सकता है?... नहीं, तब कोई भी आदमी भूखा नहीं रह सकता।
मित्रो! यह मनुष्यों की स्वार्थपरता, कृपणता और संकीर्णता ह...
- हमारी आँखें, हमारा चेहरा, हमारी वाणी, हमारी स्मरण शक्ति, हमारा प्रभाव— यह सारी-की चीजें कौन खा जाता है?... आप जानते हैं? हाँ, एक दाद खा जाता है और वह दाद है—हमारी कामेन्द्रिय के ऊपर खुजली मचानेवाला। उसने...
- हमारी आत्मा को आनन्द कैसे मिल सकता है?... आत्मा को आनन्द मिलने के लिए जिस रास्ते पर चलना पड़ता है, उस रास्ते को श्रेय कहते हैं और जिसमें शरीर...
- हमारी आत्मा को बल नहीं दे सकता और क्या सूर्य नारायण तक वह जल पहुँच सकता है?... नहीं पहुँच सकता। देख लीजिए आपका चढ़ाया हुआ जल जमीन पर पड़ा हुआ है, सूर्यनारायण तो लाखों मील दूर हैं।...
- हमारी आत्मा में से देवता क्यों निकलना चाहिए?... यज्ञ हमको यही शिक्षण देता है। यह बड़ी महत्त्वपूर्ण फिलॉसफी थी यज्ञ की, जो हिन्दुओं ने पूरे विश्व के ल...
- हमारी आवश्यकताएँ क्या हैं?... " माँ ने जवाब दिया—"बेटे! आवश्यकताएँ कम-से-कम में पूरी हो सकती हैं और इच्छाएँ किसी से भी पूरी नहीं ह...
- हमारी आस्था क्या होनी चाहिए?... इन सारी समस्याओं के समाधान हम उस खिलौने के माध्यम के द्वारा तलाश कर सकते हैं, जो शंकर के रूप में बना...
- हमारी आस्थाओं में क्या-क्या गलतियाँ भरी पड़ी हैं?... उनको आप तलाश कीजिए और उनको बुहारिए, झाड़ू लगाइये। कूड़े को फेंक करके आइए। ‘‘म...
- हमारी आस्थाओं में क्या-क्या गलतियाँ हैं?... हमारी आस्थाओं में क्या-क्या गलतियाँ भरी पड़ी हैं? उनको आप तलाश कीजिए और उनको बुहारिए, झाड़ू लगाइये। क...
- हमारी उन्नति कैसे होगी?... मैं तो गरीब हूँ पेट पालना मेरे लिए मुश्किल है। मेरे लिए उन्नति के द्वार रुके हुए हैं।
मनुष्य की...
- हमारी और हमारे समय की कीमत तुझे मालूम है कि क्या है?... हमारा समय बड़ा कीमती है।
कोई शिकवा नहीं, कोई शिकायत नहीं
तू हमको कितने रुपये का नौकर...
- हमारी कोई जिम्मेदारी है क्या?... जिम्मेदारी निभाइए
बेटे! हमने तीन बातों का आह्वान किया और यह कहा कि मनुष्य में देवत्व का उदय किस तरी...
- हमारी क्रियाओं में क्या-क्या गलतियाँ हैं?... हमारी आस्थाओं में क्या-क्या गलतियाँ हैं? हमारी आस्थाओं में क्या-क्या गलतियाँ भरी पड़ी हैं? उनको आप तल...
- हमारी गतिविधियाँ क्या होनी चाहिए?... हमारा चिन्तन क्या होना चाहिए? हमारी आस्था क्या होनी चाहिए? इन सारी समस्याओं के समाधान हम उस खिलौने के...
- हमारी गतिविधियाँ चलती ही रहनी चाहिए, ऐसा नहीं हो कि कार्यक्रम हो गए, अब हमको क्या करना है?... छोटे-छोटे कार्यक्रम कर लेते हैं, बड़े कर लेते हैं, पर अब क्या करना है? यह नहीं होना चाहिए, निरन्तर क...
- हमारी चेतना मजबूत, हमारा बहिरंग मजबूत, हमारा अन्तरंग मजबूत हो, इसके लिए हमको क्या करना चाहिए?... साधना करनी चाहिए, उपासना करनी चाहिए। उपासना के लिए मैं ब्रह्मवर्चस बना रहा हूँ और कोशिश करूँगा कि आप...
- हमारी चेतना, हमारा चिन्तन, हमारी भावना जब भगवान की चेतना के साथ, भगवान की भावना के साथ बैठती है और लिपट जाती है, तब क्या होता है?... वह हमारी उपासना होती है। इस उपासना में शक्ति आती है, आनन्द आता है, रस आता है। उपासना में अनुभूति होती...
- हमारी जान-पहचान किससे है?... हमारी जान-पहचान भगवान् से है। जान पहचान का चमत्कार आदमी की पहचान बड़े आदमी से होने पर काम बन जाता है।...
- हमारी जिन्दगी में क्या परिवर्तन होना चाहिए और हमें अपना क्या विकास करना चाहिए?... अगर फूल चढ़ा दिया, तो उसके गुण हमको ध्यान रखने चाहिए कि हमें अपनी जिन्दगी में क्या करना है? हमें क्या...
- हमारी जीभ क्या है?... यह पार्वती हैं। उसको आपने यदि तप करने के लिए रजामंद कर लिया, फिर आप विश्वास रखिए कि आपकी जीभ का ब्या...
- हमारी टाँग भी काम नहीं करती, हमारी अकल भी काम नहीं करती तो इस मैप से हम क्या काम कर सकते हैं?... आप हमारा बेकार में समय खराब करते हैं। ठीक है बेटे! जब अकल तुम्हारे पास नहीं है, पैसा तुम्हारे पास न...
- हमारी तरकीबें और हमारे ढंग, हमारी नीति और हमारे उद्देश्य, घटिया वाले उद्देश्य और घटिया वाले मनुष्य, घटिया वाले व्यक्ति—क्या भगवान से प्यार पाने के अधिकारी बन सकते हैं?... नहीं बन सकते हैं। दृष्टिकोण बदलें तो बदलेगा जीवन मित्रो! हमको अपने दृष्टिकोणों को परिष्कृत करना पड़ेग...
- हमारी तरफ तो ऐसा होता है, आपकी तरफ क्या होता है?... मालूम नहीं। चेचक का टीका लगाने वाला आया और बच्चे भागे। सारा स्कूल खाली हो गया। अरे साहब! बुखार आ गया...
- हमारी तो औरत है, हमारी तो चाची है, हमारी तो नानी है, अपने स्वार्थों को छोड़कर के हम कैसे जा सकते हैं?... नहीं, परमार्थ के लिए स्वार्थों को त्यागना पड़ता है।
स्वार्थ को त्याग दें
जिसने स्वार्थ को त्याग दि...
- हमारी दावत में कोई कमी है क्या?... तुम्हारे स्वागत में कोई कमी है क्या? या हमने आपको जो बुलाया है, तो सम्मानपूर्वक नहीं बुलाया? क्या बा...
- हमारी पुकार को क्यों नहीं सुना?... स्वाति की बूँदों ने जवाब दिया कि आप में से जिन सीपियों ने मुँह खोलकर रखा था और जिन सीपों में मोती पै...
- हमारी प्रेमिका कौन है, जिसे देखे बिना हमें चैन नहीं पड़ता?... वह है हमारी घड़ी, जो हर समय हमारी मेज पर रखी रहती है। आपके पास भी है घड़ी? हाँ साहब! हमारे पास और हम...
- हमारी फीलिंग्स और हमारी सम्वेदनाएँ कैसे हमारे काम आ सकती हैं?... कैसे हमारे भीतर आग जला सकती हैं और जिस किसी के ऊपर हम उन्हें बिखेर दें, तो वह कैसे निहाल हो सकता ह...
- हमारी बहू भी सास-ससुर की सेवा करती है और हमको खाना खिलाती है तो उतना ही पुण्य हमको भी मिल जाएगा क्या, जितना कि आप जो महाभारत का किस्सा सुना रहे थे?... नहीं बेटे! तेरी बहू को नहीं मिलेगा। क्यों महाराज जी! उसमें क्या बात है? और उसमें क्या बात थी? वह भी ...
- हमारी बीबी बीमार तो नहीं है?... हमारे बाप का क्या हो रहा होगा? काम तो यहाँ करते हैं, लेकिन चिन्तन घर का बना रहता है।
मित्रो! आ...
- हमारी बेटी के ऊपर आप गुलामों जैसा शासन करेंगे?... हम गुलामों जैसा शासन नहीं करने देंगे, किसी को भी नहीं करने देंगे, वे गुलाम नहीं हैं, वे हमारी बेटी ह...
- हमारी बेटी रानी बन सकती है, आप यह क्या कह रहे हैं?... मैं सपना देख रहा हूँ या कोई दृश्य। नहीं, आप सपना नहीं देख रहे हैं। हम इंदौर के महाराज हैं और आपसे प्...
- हमारी भक्ति कब परिपूर्ण होती है?... हमें अपने आराध्य के प्रति, अपने इष्ट के प्रति उतना ही विश्वास, उतनी ही श्रद्धा, उतना ही समर्पण चाहिए...
- हमारी भी तस्वीर बेहतरीन है, लेकिन यदि हमने दुनिया की खराब तस्वीर देखना शुरू किया और अपना कैमरा गलत जगह पर लगा दिया, तब हमको क्या चीज मिलने वाली है?... गलत तस्वीर मिलने वाली है। आप उसी कैमरे से उसी मनुष्य की फोटो खींचिये, उसमें केवल उसका सिर आयेगा ...
- हमारी भी तस्वीर बेहतरीन है, लेकिन यदि हमने दुनिया की खराब वाली तस्वीर देखना शुरू किया, अपना कैमरा कहीं गलत जगह पर फोकस कर दिया, तब हमको क्या चीजें मिलने वाली हैं?... तब सबसे ऊपर की शक्ल या सिर आएगा या फिर पैर आएगा और यदि उसी आदमी को बैठाकर फोटो खींचेंगे, तो मालूम ...
- हमारी भुजाएँ इतनी लम्बी हैं कि हम हर कार्य कर लेते हैं और अभी हमारा कमाने वाला बैठा है, सो हजारों को खिला देगा, आप हमें क्या खिलाएँगे?... समय की पुकार मान लें
हमको अपने लिए नहीं चाहिए; लेकिन मिशन के लिए माँगने में हमें कोई शरम नहीं आती,...
- हमारी मेहनत का फल आप क्यों नहीं देते?... आप भगवान से लड़ सकते हैं। लेकिन आप ज्यों ही दीन होते हैं, गिड़गिड़ाते हैं, नाक रगड़ते है, तो यह आपकी क...
- हमारी यह इज्जत, जो मन के भीतर शालीनता से आए, इसको मैं क्या कहता हूँ?... इसको मैं आत्मपरिष्कार कहता हूँ। आत्मसम्मान कहता हूँ। मैं अहंकार के खिलाफ हूँ, लेकिन आत्मसम्मान के लि...
- हमारी यह कैसी फूहड़ व्याख्या है?... इन व्याख्याओं का मतलब कुछ भी नहीं है। जिस स्तर के हम लोग हैं, ठीक उसी स्तर की व्याख्या हम लोगों ने...
- हमारी यह दृष्टि विकसित हो तो जो कर्मकाण्ड हम आपको सिखाते हैं और जिन कर्मकाण्डों का हम विस्तार करना चाहते हैं?... आप यह कसौटी तैयार रखना कि हमने जो कर्मकाण्ड कराए थे, वे केवल क्रिया मात्र रह गए।...
- हमारी लड़की की शादी कैसे होगी?... लड़का होगा तो नहीं साहब! ऐसा है हमारी बुआ यों कहती थीं कि हमारा जो फलाना लड़का था, उसकी शादी में तो ...
- हमारी वाणी जबरदस्त क्यों?...
मित्रो ! वाणी में बहुत शक्ति होती है। जिस वाणी को हम सरस्वती कहते हैं, उसमें शक्ति होती है।...
- हमारी विचारणाएँ कैसी होनी चाहिए और हमारा दिमाग कैसा होना चाहिए?... जैसा कि शंकर जी का है। शंकर जी के मस्तिष्क में से गंगा की धाराएँ प्रवाहित होती हैं। हमारी लड़कियाँ आप...
- हमारी शाखा कैसे ठंढी हो गई?... अरे साहब! हमको बड़ी फिकर रहती है, चिन्ता रहती है कि आपकी शाखा ठंढी हो गई। तो बेटे! तुझे किस बात की फि...
- हमारी, आपकी लाठी लेकर के चलेंगे?... बिलकुल भी नहीं चलेंगे, चाहे सारी जिन्दगी तपस्या करते रहिए। क्यों? क्योंकि हमने मन नहीं धोया। न हमने ...
- हमारे पास कॉपी भी नहीं है, किस पर लिखें?... अच्छा-चल, यह भी ले जा। साढ़े चार सौ रुपये वे उनको दे देते, बच्चों के लिए खर्च कर देते। कौन? ईश्वरचं...
- हमारे अधिकांश बच्चे जो तबाह होते हैं, बर्बाद होते हैं, वे कैसे होते हैं, आप बता सकते हैं?... जो यह सारी की सारी आवारागर्दी का कसूर है, उसका एकमात्र कारण है—दोस्त। लड़कियों की जिन्दगियाँ कौन खराब...
- हमारे अन्दर की सम्वेदना घुलती हुई चली जाती है, पता नहीं, हम तब कौन हो जाते हैं?... भगवान ने नृत्य करवाया और कहा सिर पर हाथ रख और तू नाच, जब नाच पूरा हो जाएगा, तो शादी हो जाएगी। सिर पर...
- हमारे अन्दर क्या दोष और दुर्गुण थे?... उनको हम न दोहराएँ।
यह प्रायश्चित का पर्व है, जिसका कि आज आपको पूजन कराया गया है। आपको दस स्नान कराए...
- हमारे अन्दर क्षमता है कि इतना वजन लेकर चल सकें, परन्तु बेटे, इससे बनता क्या है?... क्या आपको सन्तोष हो जाएगा?मित्रो, इस शिविर में आप को बुलाने के पीछे हमारा विशेष उद्देश्य सन्निहित था।...
- हमारे अन्दर जो भी परतें हैं, इनका तो आप अन्दाजा लगाइए कि क्या-क्या परतें हो सकती हैं?... इसमें तो हम अनेक परतें निकाल सकते हैं। आलस्य है, प्रमाद है, असंयम है, कुविचार हैं। गिनाने लगें तो ढे...
- हमारे इष्ट हैं—हनुमान और आपका इष्ट क्या है?... देवी। आपका इष्ट क्या है? रामचंद्र जी। आपका इष्ट क्या है? गणेश जी। सबके इष्ट होते हैं न? हाँ साहब! क्...
- हमारे ऊपर हमले होंगे कि नहीं होंगे?... हमारे ऊपर भी हमले होंगे। हमारे काम का मतलब है-हमारा मिशन, गायत्री परिवार मिशन, इस पर भी हमले होंगे...
- हमारे और भगवान के बीच में दीवार क्या है?... हमारा 'मैं' हमारा 'अहं'। हमारा 'अहं' जो है, एक ही चीज है। अहं किस तरह से प्रकट होता है? अहं का विस्त...
- हमारे क्रिया-कलाप और हमारे वस्त्र-दोनों का तालमेल मिला करके जब हम कार्यक्षेत्र में चलने के लिए तैयार होंगे, तो फिर क्यों हम उन परम्पराओं को जाग्रत करने में-जीवित करने में समर्थ न होंगे?... जिसको ऋषियों ने हजारों और लाखों के खून से सींचकर के बनाया था, उसको जिन्दा रखा था। पैसे की पारदर्शि...
- हमारे क्रियाकलाप क्या होना चाहिए?... हमारी गतिविधियाँ क्या होनी चाहिए? हमारा चिन्तन क्या होना चाहिए? हमारी आस्था क्या होनी चाहिए?...
- हमारे गुरु ने भी हमसे माँगा था और जब हमने दिया तो उसके बदले में क्या पाया?... उनने कहा—जो तुम्हारे पास है—वह दे। मैंने कहा—कहाँ दूँ, किसको दूँ? तो उनने कहा—भगवान की खेती में बो द...
- हमारे गुरु मर गए?... नहीं बेटे! मरे नहीं, वे तो जिन्दा हैं। गुरु जी! वो तो बहुत दूर रहते हैं, बहुत दूर रहने से क्या मतलब ह...
- हमारे घर में गायत्री विद्यमान है, फिर क्या कमी है?... बेटे, हम ऐसे ही प्रेम- मोहब्बत की दुनिया को आता हुआ देखते हैं। और उसके लिए तैयारी करने में हमको को...
- हमारे घरों में चोर, डकैत, जुआरी, शराबी जन्म लेंगे और मैं आपसे क्या कहूँ?... राक्षस जन्म लेंगे। आप देख लेना, राक्षस हो रहे हैं। क्यों हो रहे हैं? इसलिए हो रहे हैं कि जो माता- पि...
- हमारे चरणों का जल?... हाँ। आज हमें तो बहुत जोर का बुखार है। जब चेला चला गया, तब उन्होंने अपने पैरों को धोया और उसे पी लि...
- हमारे जन्म-जन्मान्तरों के कुसंस्कारों को, आदतों को, जो कहाँ से चली आई हैं?... अमीबा से चली आई हैं। अमीबा छोटे वाले कीड़े थे, तब से लेकर के संस्कारों की छाप हमारे ऊपर पड़ी हुई चली...
- हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है?... आखिर हम क्या बनेंगे? अगर हम यह तय कर लें, तो मित्रो! हमारे भीतर देवता की हस्ती पैदा हो सकती है। देवत...
- हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है?... लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमको किस प्रकार की गतिविधियाँ अपनानी चाहिए? लेकिन पीछे क्या कर दिया गय...
- हमारे जीवन में कौन-कौन से कुसंस्कार हैं?... पहला कुसंस्कार—कामवासना
एक कुसंस्कार यह है कि जब हम कुत्ते थे, तो हमको कोई तमीज नहीं थी कि...
- हमारे दिमाग की लहरें और हमारे दिमाग की धारायें किधर बहनी चाहिए और किधर नहीं बहनी चाहिए?... अभी हमारे दिमाग की धारा ऐसे गलत तरीके से बहती है कि हमारे खेतों का सफाया करती चली जाती है।...
- हमारे दिमाग में चिन्ता छाई रहती है, आपको मालूम है?... नहीं, कोई जानकारी नहीं है। हमारे भीतर ईर्ष्या और डाह की आग जलती रहती है। क्या आपने उसे देखा है? इसे ...
- हमारे दिल के दरद का कर्ज, हो सके तो इसको चुकाना, न हो सके, आप असमर्थ हैं, तो कहाँ से चुकाएँगे?... लेकिन हमारा कोई भी बच्चा असमर्थ नहीं है। सब समर्थ हैं।
जिस चीज का हमने आह्वान किया है, उसके लिए हर...
- हमारे द्वारा किसी को दुःख तो नहीं हो रहा है?... इस प्रकार के विचार अपने भीतर पनपाने के लिए हमें अपने अन्नमय शरीर को ठीक करना होगा। इसमें अन्न तथा ...
- हमारे पण्डित जी ने बताया था कि नाम लिया करो और क्या करेंगे?... हाथ से फेरा-फेरी करेंगे, चावल रखेंगे, रोली रखेंगे, दक्षिणा रखेंगे, प्राणायाम करेंगे, न्यास करेंगे, म...
- हमारे पड़ोस के आदमी दुखी फिरते हैं तो फिरें, हम क्या कर सकते हैं?... दूसरों को हमारी सेवा की जरूरत है तो हम क्या कर सकते हैं? हमारा पैसा, जो अय्याशी में खरच होता चला जा ...
- हमारे पास जमा भी है कि नहीं?... जमा था नहीं, देते हुए चले गये। फिर कहाँ से चुकता होगा? उनको नीलाम होना पड़ा और गले में कैंसर हो गया...
- हमारे पास इतनी जगह कहाँ हैं?... इसलिए हम उनको विदा कर देते हैं।मित्रो! जब उनकी विदाई होती है, तो उनकी आँखों में किस तरीके से आँसू नि...
- हमारे पास और क्या है?... यह जो शक्तिपीठें बन रही हैं, जैसी आपके यहाँ बन रही है। यह तो छोटी शक्तिपीठ है। मैं सोचता हूँ कि शायद...
- हमारे पास और क्या-क्या था?... हमारे पास क्रिया-कौशल था। हमारे पास प्रभाव डालने की शक्ति थी। हमारे पास मैग्नेट था, जिसे ओज कहते ह...
- हमारे पास किसी चीज की कमी है क्या?... हमारे मन की एक एक धारा ऐसी निकलती है कि हमको हँसी में बदल देती है; लेकिन हमको हर वक्त रूठे रहने का...
- हमारे पास किसी बात की क्या कमी है?... उसने चक्की से अनाज पीसना शुरू किया।
उस जमाने में मंदी थी। दो आने, तीन आने की मजदूरी कर लेती थी। ...
- हमारे पास क्या रखा है?... हमने जो त्याग, तपश्चर्याएँ, उपासनाएँ की हैं, ऐसे ढेरों आदमियों के नाम बता सकता हूँ, जिन्होंने इस त...
- हमारे पास क्या है?... हम तो केवल भिखारी हैं।
यह नहीं, बेटे! यह भिखारी शब्द मनुष्यों के लिए शोभा नहीं देता है। सन्तपन तो ...
- हमारे पास जो कुछ है, उसको हमको कैसे खर्च करना है?... अब आपको कमाने की उतनी ज्यादा चिन्ता नहीं करनी चाहिए। अब आपको यह चिन्ता करनी है कि हमको खर्च कम कैसे ...
- हमारे पास जो बचत हो जाती है, उस बचत से हम क्या-क्या काम कर सकते हैं?... पैसे की बचत से हम इतना ज्यादा काम कर सकते हैं कि अपने कुटुम्बियों को और बच्चों को शिक्षित और संस्कारव...
- हमारे पास ताकत कहाँ से आती है?......
- हमारे पास तो कुछ भी नहीं है, हम सूख जाएँगी क्या?... मर जाएँगी क्या? यह दौलत हमको नहीं मिलेगी क्या? बेटी! तुमको भी मिलेगी। बस, हृदय ने नाड़ियों को दिया और...
- हमारे पास पेंशन आती है, तो हम क्या करेंगे?... साहब! हम एक मोटर खरीद लेंगे। नहीं भाई साहब! रिक्शे में चले जाइये? नहीं साहब! हम तो मोटर में सफर करें...
- हमारे पास बोलने वाली यह मशीन है और न जाने क्या-क्या चीजें हैं?... ये आपकी कमाई हुई नहीं हैं और मशीन की भी कमाई हुई नहीं हैं।अगर हमारे पास यह मशीन नहीं होती, तो अपनी आ...
- हमारे पास विद्या है तो हम इसका क्या करें?... पैसा है तो इसका क्या करें? समाज के सामने ढेर लगी समस्याओं का हल किस तरीके से करें, कुछ समझ में नहीं ...
- हमारे पिताजी के दाँत बड़े-बड़े हैं तो क्या वे राक्षस हैं?... नहीं बेटे! वे राक्षस नहीं हो सकते तो फिर बड़े दाँत वालों को और काले चेहरे वालों को आपने कैसे राक्षस ...
- हमारे पूर्वज क्या जानते थे?... वे जानते थे कि एक हमारी माँ है, जिसको हम देवमाता कहते हैं, वेदमाता कहते हैं, विश्वमाता कहते हैं। तीन...
- हमारे फर्ज क्या हैं?... हमें क्या करना चाहिए? मानसिक वृत्तियों की ताकत इतनी जबरदस्त होती है कि उसने मौत-से मुकाबला किया और म...
- हमारे बच्चों की कैसी तबाही आने वाली है?... हे भगवन् ! अब क्या होने वाला है? मनोकामना पूरी करना खराब बात है क्या? नहीं, खराब बात नहीं है, पर मनो...
- हमारे बाप का क्या हो रहा होगा?... काम तो यहाँ करते हैं, लेकिन चिन्तन घर का बना रहता है।
मित्रो! आप इस दुनिया में काम तो कीजिए, ल...
- हमारे बारे में भी क्या यही बात है, हर आदमी चाहेगा कि हम किसके घर जाएँ?... जो पहले हाथ उठाएगा, उसी के यहाँ जाएँगे। अरे साहब! पहला नंबर हमारा है, पर उसके यहाँ भी चलिए। आप लोगों...
- हमारे बाल अच्छे हैं या तुम्हारे बाल अच्छे हैं?... काले बाल अच्छे हैं।मित्रो! हमारे बाल सफेद हो गए हैं। हम बढ़िया हैं या आप बढ़िया हैं? हम खूबसूरत हैं या...
- हमारे बिना भी बदल जाएगा?... मैं आपको यकीन दिलाता हूँ कि आपके बिना भी बिलकुल बदल जाएगा। फिर क्या हर्ज होगा? आपका ज्यादा हर्ज होगा...
- हमारे मिशन को देखिए और हमारे बच्चों को देखिए कि हमारे बच्चे कैसे शानदार हैं?... यह हमारा नमूना है। ऐसा न हो कि कोई आए और हमारे मुँह पर थूककर जाए कि अरे देखो कैसे बनाए? धत् तेरे की—...
- हमारे यहाँ एक फकीर को क्या सम्मान मिल सकता है?... कलकत्ता की सड़कों पर जब उनका जुलूस निकल रहा था, तो हाईकोर्ट के जज और दूसरे वकीलों ने कहा कि घोड़ों को ...
- हमारे यहाँ क्यों नहीं आते?... सब बेकार की बकवास है।
मित्रो! ईसाई से हमने यह पूछा कि हनुमान जी के बारे में आपका क्या ख्याल है? ...
- हमारे यहाँ सामान की कोई खरीद-फरोख्त होती है क्या?... कुछ भी नहीं है। एक ही रिश्ता है कि आपकी जीवात्मा को ऊँचा उठाने के लिए हम हर तरह की कोशिश करते हैं, ज...
- हमारे राष्ट्र की नींव जब इन्हीं बच्चों पर आधारित है, तो जब नींव ही नहीं सँभाली गई, तो ईंटें कहाँ रहेंगी?... ऐसा कमजोर मकान तो गिर जाएगा, ढह जाएगा और बिखर जाएगा। आवश्यकता इस बात की है कि माता और पिता दोनों बच्...
- हमारे लिए किस काम आया?... हमने क्यों कमाया? सिकंदर ने
अपने दोनों हाथ ताबूत से बाहर निकाल दिए। वह इसलिए निकलवा दिए कि देखने वा...
- हमारे लिए क्या आज्ञा है?... आप हमें धर्म का मार्ग बताइये। हमको खुशहाली का मार्ग बताइये। हमारे सन्तान नहीं होती। बेटी, बेटे दि...
- हमारे लिए क्या काम है?... बेटे, अगर देखेंगे तो इतना काम है कि बस, आप थक जाएँगे, पर काम पूरा नहीं होगा। कौन-कौन-सा काम गिनाएँ? ...
- हमारे लिए यह सम्भव नहीं है कि जैसा हम चाहते हैं, वैसी ही परिस्थितियाँ कल मिलेंगी कि नहीं, कौन जाने?... आपने एक खेत बोया है। कौन जानता है कि वर्षा होगी कि नहीं होगी। वर्षा नहीं हुई और आपका खेत सूख गया तब?...
- हमारे लिए सबसे बड़ी कठिनाई यह है कि अन्धाधुन्ध बढ़ते इन बरसाती मेढकों के बीच न हमको यह मालूम है और न लोगों को यह मालूम है कि असलियत कहाँ है और नकलीपन कहाँ है?... विवेकशीलता कहाँ है, बुद्धिशीलता कहाँ हैं, दिशाएँ कहाँ हैं, प्रकाश कहाँ है? हमें भी नहीं मालूम है...
- हमारे शंकर जी की बात बताइए?... तो बेटे, शंकर जी की बात सुन। एक बार सोमवती अमावस्या के दिन हजारों-लाखों आदमी गंगास्नान कर रहे थे। पा...
- हमारे शरीर में जो छोटे-छोटे जीवाणु हैं, वे किस तरीके से पैदा होते रहते हैं और किस तरीके से मरते रहते हैं?... इस छोटे से जीवाणु के भीतर जो एक न्यूक्लियस काम करता है, वह सूरज के बराबर शक्तिशाली है। बेटे! हम इसकी...
- हमारे संकल्प क्या हैं, हम करना क्या चाहते हैं?... यह अपनी एक दिशा और धारा बनाने वाली बात है।
साक्षी है इतिहास
बेटे, इससे आगे यह करना प...
- हमारे सम्बन्धी हैं, पर ऐसे आदमी जो माँगते हैं, उनके यहाँ हम क्यों जाएँगे?... हम भिखारी हैं क्या? भिखारियों का हम नहीं खाएँगे। भिखारियों का खाएँगे, तो हमारे ऊपर भी वही असर पड़ेगा...
- हमारे साथ-साथ चलना?... हाँ साहब! आप आगे-आगे चलिये और हम आपके पीछे-पीछे चलेंगे। अकेले छाया टस से मस होने वाली नहीं है। आप आग...
- हमारे हिन्दुस्तान वालों पर नहीं हुई और जापानियों पर हो गयी?... क्या वजह है? उन्होंने फैक्टरियों में जाकर देखा कि प्रत्येक फैक्टरी में दो राक्षसों में कुश्ती हो र...
- हमें अपनी ही जीवात्मा की माननी है कि क्या सही है, क्या उचित है, क्या अनुचित है?... मीरा जब कृष्ण से जुड़ गई, तो उसको एक ही धुन सवार थी। क्या था कि मैं अपने आराध्य का कैसे गुणगान करूँ ...
- हमें काम से क्या लेना-देना?... तब बेटे हमारी तुम्हारी कुट्टी हो जाएगी, निभेगी नहीं।
सफलता के सूत्र
मित्रो। आपको लोभ...
- हमें कुछ और काम तो समझ में नहीं आता, इसलिए हम अख़बार बेचते रहते हैं और इससे जो पैसा हमको मिल जाता है, उससे हम समझते हैं कि सारे दिन धूप में खड़े होने के बाद अख़बार कैसे बेचे जाते हैं और चार पैसे कैसे कमाए जाते हैं?... इसलिए इसको खरच करना हम ठीक तरीके से जानते हैं।" सत्यदेव परिव्राजक ने कहा कि हिन्दुस्तान में तो आदमी ऐ...
- हमें क्या करना चाहिए?... वाणी को परिष्कृत करने के लिए हमारा आहार ऐसा होना चाहिए, जिसमें पूरी तरीके से सात्त्विकता का समावेश ह...
- हमें क्या करना चाहिए?... जो काम है, उसमें हमें इतना ज्यादा तन्मय हो जाना चाहिए, इतना ज्यादा खो जाना चाहिए कि वह काम हमारे म...
- हमें क्या करना चाहिए?... मानसिक वृत्तियों की ताकत इतनी जबरदस्त होती है कि उसने मौत-से मुकाबला किया और मौत के देवता को भी मजबू...
- हमें क्या करना है?... यह बिना बोलने वाला फूल अपनी मूकवाणी से सिखाता है।
मित्रो! दीपक से क्या मतलब है? दीपक से यह मतलब ...
- हमें क्या बनना चाहिए?... इसके लिए हमने कई तरह के ठप्पे-साँचे बना करके रखे थे कि हमको यह बनना है। दयालबाग, आगरा में एक विशालका...
- हमें क्या बनना है?... कहाँ जाना है? अपने लक्ष्य के सम्बन्ध में जिस समय आप एक ही विषय पर विचार कर रहे होंगे, आपका चिन्तन-मनन त...
- हमें क्या मतलब, हम कहाँ उनको सुधारते हैं?... लेकिन आपके ऊपर हम इतनी मेहनत करते हैं कि बेटे हम जी-तोड़ मेहनत करते हैं।
कोई भी बच्चा हमारा बिलक...
- हमें गाँधी जी से सीधे कौन मिलने देगा?... उन्होंने कहा कि हम आपकी मुलाकात का इंतजाम किए देते हैं। कल आप गाँधी जी के साथ टहलने चले जाएँगे। गाँध...
- हमें तो आप अभी की बात बताइये कि इस समय आपकी मनःस्थिति क्या मनुष्य सेवा के लिए तत्पर है?... सेवा की वृत्ति आपके मन में है क्या? आप पुराने किस्से बताकर हमारे ऊपर रौबदारी क्यों करना चाहते हैं?...
- हमें देश में फैक्ट्री लगानी चाहिए, इसके लिए आप कुछ मदद कर सकते हैं?... उन्होंने कहा—हमने सुना है कि योगी में ऐसे चमत्कार होते हैं, जो सब कुछ जानते हैं। जरूरत होने पर ज्ञान...
- हमें नहीं मालूम है कि आपकी परिस्थितियाँ क्या हैं?... आपके पारिवारिक उत्तरदायित्व क्या हैं? और आपकी जिम्मेदारियाँ क्या हैं? उनको हम छुड़ाना नहीं चाहते और...
- हमें निर्णय करने दीजिए कि आपके कर्म क्या हैं?... कर्म की वजह से हम आपके स्थूलशरीर के बारे में यह फैसला करेंगे कि आपका स्तर क्या है? और आपकी वकत क्या ...
- हमें परलोक से क्या मतलब है?... अच्छे काम से क्या मतलब है? जीवन उद्देश्य क्या होता है? भगवान के इशारे क्या होते हैं? हमें पता नहीं...
- हमें बीमार करोगे क्या?... यहाँ तो हम नहीं रह सकते। अवागढ़ महाराज ने तुरन्त दूसरा इंतजाम किया। उनके लिए नए कमोड मँगवाए और नई जगह...
- हमें ब्याह करने की क्या जरूरत है?... हमारे पास किसी बात की क्या कमी है? उसने चक्की से अनाज पीसना शुरू किया।
उस जमाने में मंदी थी। दो ...
- हमें भी नहीं मालूम है कि सही लोग कहाँ हैं?... लोगों की कमी कहाँ है? गाँधी जी ने एक नारा लगाया था और लोगों को बुलाया था। इसी हिन्दुस्तान में से ल...
- हमें भी भगवान किसी के बदले में कोई ऐसी बीमारी देता है, तो हम सहर्ष उसको स्वीकार करेंगे; लेकिन हम विश्वास के साथ कहते हैं कि जो भी आपके कष्ट-कठिनाई और पीड़ा है?... हर सम्भव यह प्रयास करेंगे कि आप उस दलदल में से निकलें। मान लीजिए, यदि किसी तरीके से आप नहीं निकल पाए...
- हमें भी ले चलेगा?... बाबा! आपको नहीं ले चलूँगा। मैं तो अपनी बहिन को ले जाऊँगा। उसे मिठाई खिलाऊँगा, लड्डू खिलाऊँगा अरे बेट...
- हमें भी विवेकानन्द बना दीजिए?... हाँ, बेटे! वायदा करता हूँ कि मैं किसी को विवेकानन्द बना दूँ, पर पहले तू चेला तो बन। नहीं, महाराज जी! ...
- हमें भेजने की आवश्यकता क्या है?... किसी और को भेज दीजिए, जो उन लोगों की भाषा को समझ सकता हो। उन्होंने हमें किराए की जबान दे दी और कहा क...
- हमें मालूम नहीं, तो फिर आप हमारा मरना कैसे बता सकते हैं?... उन्होंने भविष्य बताने वाले सब पण्डित वापस कर दिए। तब समझदारों, विद्वानों ने कहा कि फिर यह बताइए कि कि...
- हमें मौत की तैयारी क्यों नहीं करनी चाहिए?... शंकर भगवान के मरघट में रहने और अपने शरीर पर भस्म लगाने की नसीहतें हमको यही सिखाती हैं।शंकर भगवान क...
- हमें वनवास नहीं मिला तो क्या हुआ?... हमें भी वनवास जाना चाहिए और भाई की सहायता करनी चाहिए। सीता जी ने कहा था कि मैं अपने पति के साथ वनवास...
- हमें वह कहावत याद है, कौन-सी?... एक कहानी है—एक कबूतर और कबूतरी का जोड़ा पेड़ की डाल पर बैठा ऊपर से देख रहा था और एक याचक बहेलिया आया...
- हमें संखिया खिलाकर मार डालेंगे क्या?... नहीं, हमने संखिया को संशोधित किया हुआ है। कुचला को संशोधित किया हुआ है। किसलिए करते हैं? कुचला को इस...
- हमें हरिजन क्यों कहते हैं आप?... हरिजन तो उन्हें कहते हैं, अछूतों को। अरे बेटे! हरिजन माने जो भगवान का आदमी मालूम पड़ता हो। नहीं साहब...
- हमें हीरा-पन्नों से क्या करना?... पर वह विनोद की बात थी, जो थी सस्तेपन की। उसने मुझे एक हार दिखाया, बड़ा जड़ाऊ और देखने में बहुत बढ़िय...
- हमेशा कहा करते थे, अरे मौत का क्या डर है?... कोई डर नहीं है, मैं तो अपने आप बुला रहा हूँ; क्योंकि मुझे तो इस ब्रह्माण्ड में समा जाना है। अभी तो म...
- हमेशा किससे लड़ा करे?... भगवान् ने उसे क्या सलाह दी? लेकिन हमें हमेशा युद्ध करना है। किससे? अपने आप से, अपने आपे के साथ युद्ध...
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- हर आदमी को आप स्वावलम्बन क्यों नहीं सिखा सकते?... अगर आप इस तरीके से स्वावलम्बन सिखाएँ तब? तब आपके ऊपर से वे बातें खतम हो जाती हैं। अभी तो आपको परिवार...
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- हर आदमी दुःखी क्यों पाया जाता है?... पूरे संसार में अनाचार और भ्रष्टाचार क्यों फैला हुआ है? पूरा संसार अज्ञानता के अन्धकार में क्यों डूब...
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- हर एक को इस माध्यम से आसानी से मालूम पड़ेगा कि यह सँस्था क्या है?... इस मिशन का उद्देश्य क्या है? यह संस्था कितनी शानदार है और यह कितने महत्त्वपूर्ण कार्य कर चुकी है...
- हर जगह आपको यज्ञ करने का और यज्ञ कराने का मौका मिलेगा और आपके व्याख्यान करने पर जनता आपसे पूछेगी कि किसलिए आप हवन करा रहे हैं?... हवन से क्या फायदा हो सकता है? ज्ञान पक्ष के नाम पर ये बातें, जो मैं आपसे निवेदन कर रहा हूँ, आप लोगों...
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ईमानदारी कहती है कि नहीं, जो कुछ भी है, उसका उपार्जन हमने नहीं...
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मित्रो ! इसमें क...
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- हरेक ने कहा कि आपको ब्याह कर लेना चाहिए?... क्यों? इसलिए कि आपको सन्तान नहीं हुई। किस काम के लिए? इस काम के लिए कि जो कुछ भी आपके पास कमाई है...
- हलचलें किसे कहते हैं?... आचमन कैसे करना चाहिए? प्राणायाम कैसे करना चाहिए? माला कैसे घुमाना चाहिए? हवन और आरती कैसे करना च...
- हलवाई की दुकान में कितनी सारी मिठाइयाँ और कितने सारे पकवान रखे रहते हैं?... ढेरों रखे रहते हैं। उनमें से एक का नाम जलेबी होता है, एक का नाम इमरती होता है, एक का नाम बालूशाही ...
- हवन और आरती कैसे करना चाहिए, आदि क्या हैं?... ये हैं हलचलें। कर्मकाण्डों में प्राण आ जाए— नाम और रूप क्या है? नाम और रूप वो है—गायत्री माता का रूप...
- हवन और किस काम आ सकता है?... बेटे! हवन और भी कई काम आ सकता है। शारीरिक-मानसिक रोगों के निवारण में भी काम आ सकता है। जब मैं गहराई ...
- हवन करने वालों की, हवन-व्यवस्था करने वालों की, पण्डित जी, पुरोहित जी की हरेक की नीयत खराब है तो उस अग्नि जलाने का, सुगन्धि फैलाने का, जलाने का फायदा मनुष्यों के मनों में, हृदयों में, अन्त:करण में मिलेगा क्या?... मेरा विश्वास है कि शायद न मिल सकेगा। खेल-तमाशा तो हो गया, विडंबना तो बन गई। वातावरण नहीं बन सकता।...
- हवन से क्या फायदा हो सकता है?... ज्ञान पक्ष के नाम पर ये बातें, जो मैं आपसे निवेदन कर रहा हूँ, आप लोगों को बता सकते हैं। अब यज्ञ का ए...
- हवन से बादल आते हैं?... बेटे! यह बात सही नहीं है। हवन से अगर बादल आते होते तो हमने बहुत से बादलों को बुला लिया होता और बहुत ...
- हवस पूरी करने के लिए, ख्वाहिशें पूरी करने के लिए, तृष्णा को पूरी करने के लिए?... हाँ साहब! हम तो ऐसा ही कराना चाहते हैं।
मित्रो! भगवान ने भक्तों के योगक्षेम का जिम्मा लिया हुआ ह...
- हवा कहाँ पड़ी है?... वहाँ पड़ी है, दुकान पर। क्या कह रही थी? यह कह रही थी कि आप गिलास खाली कीजिए, हम हवा ले करके आएँग...
- हवा की बात भी पूछता है?... मित्रो! हवा कैसी है? शीलन की हवा है, नमी की हवा है और आपको मलेरिया जैसी शिकायत है। आप कहाँ रहते हैं?...
- हवा के तरीके से दरवाजे-दरवाजे पर खुशबू पहुँचाने के लिए कौन तैयार हेाता है?... सूरज के तरीके से स्वयं गरम रहने के लिए और दूसरों को रोशनी पहुँचाने के लिए कौन तैयार होता है? चन्द्रम...
- हवा के सन्देश को लेकर कौन आया?... सन्देश लेकर के यहाँ भगवान् बुद्ध आए थे। तो क्या भगवान् बुद्ध ने हिन्दुस्तान का-सारे एशिया का बेड़ा गर...
- हवा कैसी है?... शीलन की हवा है, नमी की हवा है और आपको मलेरिया जैसी शिकायत है। आप कहाँ रहते हैं? साहब! हम उड़ीसा में र...
- हवा में गायब हो जाने का?... बेटे, हवा में गायब हो जाने का अनुभव हमको नहीं है और क्या पेशाब से दिया जलाने का अनुभव आपको नहीं है? ...
- हवाएँ कैसे चलेंगी?... जीव-जंतु पेड़-पौधे कैसे पैदा हो जाएँगे? भगवान् सो नहीं सकता, हवा सो नहीं सकती, गरमी सो नहीं सकती। ज...
- हा, यही हैं गायत्री परिवार वाले देखो-देखो इनके घर में क्या हो रहा है?... यही हैं गुरुजी के शिष्य? नहीं बेटे! हमको यह कलंक मत लगवाना। हम आपसे निवेदन करते हैं कि सम्पूर्ण संसा...
- हाँ आप सबने सुनी है, लेकिन आपने क्या वह अमृत पिया है?... नहीं, आपने अमृत नहीं पिया। क्यों? क्या वह पुस्तक कोई और थी? नहीं, पुस्तक तो वही है। कथा भी बिलकुल वह...
- हाँ जमा है, तो हमारा जमा कर लेते?... नहीं बेटे! कोई चोर छीन ले जाएगा, इसलिए हम पैसे अपने पास नहीं रखते। क्यों साहब! बैंक में जमा नहीं किय...
- हाँ तो आप क्या चाहते हैं?... बेशकीमती चीजें पाने के लिए, अच्छी चीजें पाने के लिए, इज्जत पाने के लिए आपको क्या करना चाहिए? आपको जँ...
- हाँ बेटे यह दुर्भाग्य नहीं, तो और क्या है?... आलस्य आदमी का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। आलस्य से बढ़कर दुर्भाग्य इस दुनिया के पर्दे पर और कोई हो नहीं ...
- हाँ बेटे, उन्हीं को जाना चाहिए, अन्यथा पीड़ा और पतन का निवारण कैसे होगा?... छप्पर जल रहा है, तो जलता हुआ छप्पर किस तरह से आपके पास आयेगा कि आप हमारे ऊपर पानी डाल दीजिए। आपको ...
- हाँ बेटे, ज्ञान की गंगा निकलती है?... इसी ज्ञान की गंगा को प्रतीक रूप में पानी की गंगा के रूप में बना दिया गया है। अगर हमको शिवजी को प्र...
- हाँ बेटे, पर वह शेषशैय्या कैसी है?... हजार फनवाली है। हजार फन वाला क्या है? सहस्रार चक्र है। एनाटॉमी के हिसाब से भी यह साबित होता है और आध...
- हाँ बेटे, भगवान देगा, लेकिन भगवान का पूजन केवल वस्तुओं से नहीं हो सकता?... गुणों और कर्मों के द्वारा होता है। भगवान का पूजन जो हमारे शरीर में कर्मरूप में रहता है, उसका पूजन हम...
- हाँ बेटे, ला तुझे भी बता देते हैं कि क्या विधि है?... बस एक तो तू माला ले ले और एक मंत्र। मंत्र लेकर क्या करूँ? जप किया कर ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय। नमः श...
- हाँ बेटे, हम दर्शन तो आपको करा देंगे, लेकिन उससे क्या फायदा होगा?... जैसे ही दर्शन करेंगे, वैसे ही वे पैसा दे देंगे। चल बेहूदा कहीं का, इसीलिए तू दर्शन करेगा। देख मैं कु...
- हाँ हुजूर, बताइये, क्या काम करूँ?... हमारा मुकदमा चल रहा है, हमको जितवा दो। अच्छा हुजूर, अभी आपका मुकदमा जितवाता हूँ। भगवान मालिक है या...
- हाँ, अब नहीं आयेंगे?... हाँ। तो फिर अस्सी बीघे जमीन की लिखा-पढ़ी कर जाइये, हमको और अपने घर वालों को, खानदान वालों को दे जाइ...
- हाँ, आप हम पर हुकुम चलाना चाहते हैं?... हाँ, आप हमें गुलाम बनाना चाहते हैं? देवी ने कहा, हम आपकी नौकरानी बन सकती हैं और गुलामी भी कर सकती है...
- हाँ, आप हमें गुलाम बनाना चाहते हैं?... देवी ने कहा, हम आपकी नौकरानी बन सकती हैं और गुलामी भी कर सकती हैं, पर हमने एक प्रतिज्ञा कर रखी है। आ...
- हाँ, आपको एक बात सुनाऊँ?... उन्होंने कहा—हाँ सुनाओ। बीबी ने कहा—ऐसा था कि दो महीने पहले, मैं पड़ोसी के यहाँ से, हाथों के ...
- हाँ, कृष्ण ही पिएगा जहर और मीरा क्या पिएगी?... मीरा, मीरा अमृत पिएगी। क्यों? क्योंकि उसकी श्रद्धा जो थी न भगवान के प्रति।
भगवान के प्रति जिस दिन...
- हाँ, पहले देख तो लो कि सत्संग भवन में कौन बैठा है?... ये बैठे हैं ऐसे बुजुर्ग, जिनको कहीं कोई जगह नहीं है। न घर में जगह है, न पड़ोस में। हमउम्र कोई रहा नह...
- हाँ, फिर क्या करें?... आप अपने तीन साल का तप हमको दे दीजिए। तो फिर क्या करेगा बेटे, तप का? तीन साल के तप में तो हमारे यहाँ ...
- हाँ, फोकट में मिलते हैं आशीर्वाद?... इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है, शक्ति खरच करनी पड़ती है, तू समझता नहीं है।
हमारे बॉस' से...
- हाँ, बच्चों की शिकायत कि क्या आप देंगे?... हाँ बेटे! हम आशीर्वाद देंगे की चालीस लाख आदमी जो यहाँ आए हुए हैं, उन सबको एक-एक बेटा हो जाए। यदि...
- हाँ, बेटे से कहलवायेंगे?... क्यों? क्या वजह है? बच्चा तो बच्चा है, बाप तो विद्वान है। क्या कारण है?
राजा परीक्षित ने कहा कि ए...
- हाँ, भगवान किसी को भी नहीं मिल सकता हैं और किसी से भी नहीं मिल सकता है, क्योंकि भगवान गया कहाँ था?... मित्रो! वह केवल हमारे विचार करने के तरीके, सोचने के तरीके और दृष्टिकोण के परिष्कार के पश्चात अपनी अन...
- हाँ, भाषा क्या होती है?... शिक्षित होगा, तो परमार्जित भाषा में बोलेगा और ज्यादा शिक्षित नहीं है, तो श्लोक लगाकर नहीं बोलेगा। को...
- हाँ, मुझे बनाया गया है, इसमें कोई शक नहीं है, बनाया है, तो मेरे दो कदम आगे उठते हैं और न बनाया होता तो?... तो मैं भी साधारण जैसी रही होती।
बेटा! मेरा भी समर्पण है कि मेरे खून की एक-एक बूँद इस मिशन के लिए, ...
- हाँ, यह तो ठीक है कि उसने बच्चों को ऐटीकेट सिखा दिया होगा, “थैंक्यू वेरी मच" सिखा दिया होगा, परन्तु इससे क्या होता है?... इससे क्या वह संस्कारवान् बन जाएगा? इससे क्या उसे प्यार-मोहब्बत मिल जाएगी? नहीं साहब! यह तो हम नहीं क...
- हाँ, व्यायाम की भी हमको आवश्यकता है, कसरत की भी हमको जरूरत है, हम तो सारे दिन व्यायाम करेंगे?... नहीं, सारे दिन व्यायाम नहीं किया जा सकता। क्या करना पड़ेगा? भगवान के क्रिया-कलापों में हस्तक्षेप करन...
- हाँ, सब गंगा नहाने जा रहे हैं?... अजी साहब! क्या मजाक कर रहे हैं? सब गंगा नहाने जाएँगे, तो कैसे काम चलेगा? ये सब स्वर्ग जाएँगे? उन्हों...
- हाँ, हम वास्तव में ऐसा कर रहे हैं?... तो आप मेरे लायक कोई सेवा बताइए। और आप जानते हैं, उसने क्या किया?
(क्रमशः)
(समापन किश्त अगले अंक...
- हाईकोर्ट ने ऊँट से गवाही में पूछा—आप कितना खाना खाते हैं?... ऊँट ने कहा—मैं छ: मन खाना खा जाता हूँ। भगवान ने पूछा—मैंने मनुष्य के साथ पक्षपात किया होता, तो तुम्ह...
- हाथ चलते रहते हैं, लेकिन क्या बन्द रहता है?... आदमी की आवाज बन्द रहती है। बोलना पहले से ही बन्द हो जाता है। आँखें काम करती रहती हैं। आँखों में से पान...
- हाथ न होता तो?... तो नहीं कर सकते थे। आप हमारे सहयोगी हैं। साथी हैं मित्र हैं सबने मिलजुलकर एक बड़ा काम किया है। एकाकी...
- हाथ ने कमाया न?... किसने खाया? मुँह ने खाया। हाथ ने खाया? नहीं हाथ ने नहीं खाया। कौन खा गया? मुँह खा गया। नहीं मुँह ने ...
- हाथ ने खाया?... नहीं हाथ ने नहीं खाया। कौन खा गया? मुँह खा गया। नहीं मुँह ने नहीं खाया। मुँह ने सिर्फ चबाया और चबा क...
- हाथ में माला लगी रहती है और दिमाग न जाने कहाँ घूमता रहता है?... न जाने किधर को जाता है। इधर तो गुरुजी की बात को भी यों कहते हैं कि अरे गुरुजी की बात तो पत्थर की लकी...
- हाथ सह लेते हैं?... हाथ का आह्वान आपके लिए किया गया है।
यदि आप में सामर्थ्य हो और सम्भव हो, तो बेटे आप हमारे हाथ बनन...
- हाथ-पाँव से किससे मतलब है?... आपसे है। मेरा मतलब आप उन दस हजार आदमियों में से हो जायें जिनको मैं यह कहूँ कि शक्तिपीठ बनाना मेरा बे...
- हाथ-पैर का क्या काम होता है?... हाथ कहलाने का ही नहीं होता, कुछ काम करने का भी होता है। दायाँ-बायाँ हाथ अगर कोई बनेगा, तो किस बात का...
- हाथियों को, कालिया को मार डाला, कैसे मार डाला बच्चे ने?... बेटे, बच्चे ने नहीं, सत्य ने मार डाला। सत्य के पास हजार हाथियों के बराबर बल होता है। इसीलिए मुष्टिका...
- हाय यह क्या हुआ?... इसका ऐसा हो गया। हाय करके रह जाएँगे कि उसकी मदद करेंगे।
जहाँ कहीं भी हमको पीड़ा और पतन मिलेगा, उस ...
- हिन्दुस्तान के एक आदमी का, एक और किस्सा सुनाऊँ?... राजस्थान का 22-23 साल का एक छोकरा, संस्कृत में मध्यमा तक पढ़ा हुआ, एक स्कूल में अध्यापक था। चार साल ...
- हिन्दुस्तान में भी कोई इस तरह का शंकर भगवान हुआ है?... एक दिन हम आपको बाबा साहब आप्टे का नाम सुना रहे थे और कह रहे थे कि कोढ़ियों की सेवा करने के लिए, दुखि...
- हिन्दुस्तान वालों ने कह दिया, चल, हम अपने पिता का सर देंगे?... मूल्य लेंगे उसका? हमको नहीं चाहिए उसकी कीमत, चाहे वह अरबों−खरबों रुपये की ही क्यों न हों।
अं...
- हिन्दू समाज में से ही क्यों?... क्योंकि प्रत्येक महत्त्वपूर्ण कार्य, जो संसार में प्रारम्भ किए गए हैं और विश्व का उत्थान करने की योजन...
- हिंसा की है या अहिंसा की है?... यह मैं इस बखत बात नहीं कह रहा हूँ।...
- हिन्दी जानने वाला मैं विदेशी भाषा में कैसे बोलूँगा?... मैं तो पानी भी नहीं पी सकूँगा, कैसे काम चलेगा? किसकी शरण में आप हमें भेजते हैं? उन्होंने कहा कि हम...
- हिन्दुओं के मुताबिक तो वहाँ खीर की नदियाँ होती हैं और बुरा शब्द तो मैं क्या कहूँ आपसे?... रहने दीजिए। मैं माँ हूँ, आप बच्चे हैं। मुसलमानों के जन्नत में हूर और गुलाम मिलेंगे। वहाँ शराब की नदि...
- हिन्दुस्तान में इस तरह के और कितने बाबा जी हैं?... छप्पन लाख हैं। इसमें से दो-पाँच बाबा जी यहाँ रह जायें और हम लोगों को बीच काम करना शुरू कर दें, तो ...
- हिन्दुस्तान में ज्ञान और धर्म का प्रचार हो गया?... जो इतना लंबा सफर करके आप हम लोगों को ज्ञान देने और शिक्षण करने के लिये यहाँ आये? बड़ा नाजुक सवाल था...
- हिन्दुस्तान में कौन रहते हैं?... देवमानव रहते हैं, देवता रहते हैं। वे देवताओं का दर्शन करने आते थे और उनको जगद्गुरु कहते थे। वे कहते ...
- हिन्दुस्तान में संस्थाओं का क्या कहना?... इससे लोगों को बेकार का भ्रम और बेकार की उलझनें पैदा होती हुई चली जाती हैं।...
- हिन्दू धर्म क्या है?... अलंकारों के माध्यम से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण समस्याओं को सुलझाने का यह एक बेहतरीन तरीका है। कबीर की एक...
- हिन्दू यज्ञ में से पैदा हुआ और जायेगा कहाँ?... यह अपने पिता यज्ञ पिता की गोद में समा जायेगा।मित्रो! यज्ञ में आहुतियाँ दी जाती हैं। अन्तिम संस्कार के...
- हिप्नोटिज्म क्या है?... मैस्मेरिज्म क्या है? एक काला गोला लेते हैं और उसके मध्य सफेद बिंदु पर यह ध्यान करते हैं कि हम इस बिं...
- हिप्पी जो हमारे भीतर बैठा हुआ है, यह कौन है?... यह जानवर है, जिसके ऊपर सिद्धान्त लागू नहीं हो सकते। जो कायदे को नहीं मानता। जो मर्यादा और बन्धनों से इ...
- हिप्पी साहब जा रहे हैं?... क्या मामला है? आप ऐसे क्यों रहते हैं? इसलिए कि सब हमारी शक्ल देखें और कहें कि देखिए, इनकी शक्ल कैसी ...
- हिमालय चले जायेंगे, तो आपको क्या दिक्कत आयेगी?... हमारे गुरुजी भी तो हिमालय में रहते हैं और हिमालय में रहते हुए भी हमारी बहुत सेवा करते हैं। हम कहीं...
- हिम्मत है आप में?... जीवन है आप में? निष्ठा है आप में? श्रद्धा है आप में? अगर ये नहीं हैं, तो ये बहाने मत बनाइए कि शाखा...
- हिम्मत किसे कहते हैं?... हिम्मत से मेरा मतलब उस दिलेरी से नहीं है, जो डाकुओं में पाई जाती है, लुटेरों में पाई जाती है, ठगों...
- हिम्मत न हो तब?... फिर आदमी बेपेंदे लोटे की तरह से इधर-उधर भटकता रहता है। मनोबल बढ़ाने के लिये कोई न कोई संकल्प जीवन म...
- हिल-मिलकर खाते हैं ना?... कुटुम्ब न हो तब? तब मुश्किल है। हिल-मिलकर खाने का यह आध्यात्मिक साम्यवाद आप अपने घर से शुरू कर सकते ...
- हिसाब देने के लिए कि जिन्दगी जैसी कीमती चीज आप लेकर गए थे और उसके बदले में क्या खरीद करके लाए?... साहब ! ये खरीद कर लाए, चाय खरीद कर लाए, पतंग खरीद कर लाए। अरे अभागे! जिन्दगी के बदले तुझे क्या खर...
- हिसाब लगाइए, धोबी रखिए, तो धोबी कितने में आएगा और फिर एक चौकीदार रखिए, चौकीदार कितने में आएगा?... सरकारी चौकीदार कितने में होते हैं, बेटे! दस हजार तक पाते हैं? और इस बेचारी को चौकीदार, धोबी, माली सब...
- हीरे और कोयले में क्या फरक पड़ता है?... कुछ फरक नहीं पड़ता। आप दोनों को लेबोरेट्री में भेज दीजिए और पता कीजिए कि कोयले में क्या फरक है और ही...
- हुंडियों के रूप में क्या कहना जैसे जलाराम बापा की कहें, क्या गुरुजी की, अपनी कहें, किस-किसकी कहें?... आज एक लड़का आया, बोला कि क्या कमाल हो रहा है?
मैंने कहा देखता जा। क्या हो रहा है? यह सारी की सारी...
- हुआ क्या है?... भारत भूमि पर पहले से ही यह प्रकाश फैल रहा है। मानो किसी ने पहले से ही स्कीम बनाकर रख दी हो। जब ऊ...
- हृदय किसे कहते हैं?... रक्त कैसा होता है? शरीर विज्ञान किसे कहते हैं? किडनी कैसी होती है? शरीर के अंग-प्रत्यंग जानने के लिए...
- हृदय ने कहा—चल, हमको मारने आया है-क्या?... हम तेरी बात को नहीं मान सकते। हृदय का जो रक्त था, उसके लिए नन्हीं-नन्हीं नस-नाड़ियाँ मुँह फाड़े बैठी थ...
- हृदय बढ़ जाए तब?... दृष्टिकोण बढ़ जाए तब? तब फिर मजा आ जाए और अगर हमारा कलेजा-हृदय छोटा होता हुआ चला जाए, तब फिर हमारा द...
- हृदय भी है क्या?... हृदय मीन्स करुणा। करुणा भी किसी के अन्दर है क्या? दरद भी किसी के अन्दर होता है क्या? सम्वेदनाएँ भी किसी...
- हृदय में भगवान कैसे विराजमान हो सकते हैं?... हनुमान जी ने अपना कलेजा हृदय चीर करके दिखाया और कहा—देखिए हमारे हृदय में बैठे हुए हैं। आप भी हनुमान ...
- हृदय है आप में?... हिम्मत है आप में? जीवन है आप में? निष्ठा है आप में? श्रद्धा है आप में? अगर ये नहीं हैं, तो ये बह...
- हृदयंगम करने से क्या मतलब है?... हृदयंगम करने का जो अर्थ होता है वह है कि ब्रह्म को चर जाओ। चर जाओ? हाँ बेटे, जो ब्रह्म को चर जाता ...
- है तो बनिया और व्यापार कैसे करता है?... बेटे! व्यापार बिना कमीशन के हो नहीं सकता। व्यापारी से पूछ कितना परसेंट लेते हो? बारह, पंद्रह, बीस, स...
- है तो हमारी, लेकिन कैसे है?... इसलिए कि हम मानते हैं कि ये हमारी है। जिसके ऊपर हम अपनी मान्यता डाल देते हैं, वह हमारी हो जाती है। अ...
- हो गया जन्मदिन | क्यों मोमबत्ती जलाई है, क्यों बुझाई है?... ऐसा क्यों किया? क्यों तो आपने जलाई है और फिर अशुभ कार्य क्यों किया है? आपने पाश्चात्य सभ्यता ले ली न...
- हो गया स्नान?... हाँ साहब! हो गया। अगर आप भी ऐसा ही स्नान करते हैं, ऐसा ही पवित्रीकरण करते हैं, पवित्रीकरण का ऐसा ही ...
- हो जाने दीजिए, हमें इससे क्या मतलब?... अरे साहब! आपने इसे बनवाया था और हरेक को दिखाते थे कि देखो हमारा मकान कितना अच्छा है और अब कहते ह...
- हो जायें, नौकरी मिल जाये और हम बड़े विद्वान हो जायें, तो हम दुनिया में शान्ति पा सकते हैं?... यह नामुमकिन है। विद्वान पर खोखला व्यक्ति साथियो! रावण बहुत विद्वान था। ज्यादा पढ़ा हुआ था। उसके पास क...
- हो भी कैसे सकता है?... जिस देश में समाज को ऊँचा उठाने के लिए, मानव जाति की पीड़ा और पतन को दूर करने के लिए आदमी कुरबानी कर...
- हो सकता होगा, तो हो भी सकता है और नहीं हो सकता है, तो इसमें क्या बात है?... आप उसके लिए मुकाबले को तैयार हो जाइए। यह आपकी कसौटी है।
बेटे! हर भक्त की कसौटी होती आई है, आपकी नह...
- हो सकती है?... हाँ हो सकती है। यह सम्भव है? हाँ, यह सम्भव है। कब सम्भव है? यह तब सम्भव है जब आप वाणी का संयम प्रारम्भ कर...
- होंगी, लाखों शिष्य हैं, कोई कहाँ, कोई कहाँ?... बोला कि मेरी धर्मपत्नी आपकी शिष्या है। मैंने कहा होगी। उसने ही मुझे भेजा है, आपसे काम की बात कहनी है...
- होगा किसी का, हमें क्या मतलब?... हम तो हर गाने को अध्यात्म से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा—मेरे पैरों में घुँघुरू बँधा दे, फिर मेरी चाल द...
- होगा तो कब होगा?... वह नारद जी के सामने हाथ जोड़ने लगा और कहने लगा कि मैं तो वैसे ही छोटी बुद्धि का आदमी हूँ। आप तो बड़ी ब...
- होटल में भी रह सकते थे, परन्तु यही तो विचार करते हैं कि कल हम रहेंगे तो कहाँ रहेंगे?... बुढ़ापे में जायेंगे तो कहाँ रहेंगे? हमारा कुटुम्ब कहाँ रहेगा?
इसलिए विचार करते हैं—कल की स...
- २००० रुपये कहाँ से आएँगे?... अब तो जेवर बेचकर रुपये चुकाने पड़ेंगे। लेकिन आइंदा के लिए जो सही में मजनू है, वही काबू में रहा आए और ...
- २५०० किताबें भी लिखी हैं?... हाँ बेटे! लिखी हैं तो कोई आपका स्टेनो है? नहीं बेटे! हमारा कोई स्टेनो नहीं है। कोई पी० ए० है आपका? न...
- ६६ वर्ष की हमारी जिन्दगी के ६६ वर्ष के पन्नों को पढ़कर देखिए कि क्या अध्यात्म मनुष्य के जीवन को सामर्थ्यवान बना सकता है?... क्या आदमी को क्षमता सम्पन्न बना सकता है? क्या आदमी अपनी मुसीबतों को दूर कर सकता है? क्या वह अपनी म...
- ८० वर्ष के हो जाएँ तो भी जवान?... गाँधी जी ८० वर्ष के हो गए थे और ये कहते थे कि मैं तो १२० वर्ष जिऊँगा। ४० वर्ष वे और जीना चाहते थे। व...
- ९९ मन क्यों देते हैं?... अरे बाबा! हमारे बाल-बच्चे भी तो हैं। दुकान का किराया भी तो देते हैं। फिर हम भी किसलिए बैठे हैं? हमने...
- ‘इण्डियन एक्सप्रेस’ के सम्पादक का नाम बताइये?... गुरुजी! हमें नहीं मालूम। ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’, ‘नवभारत टाइम्स’ छपता है। उसके सम्पादक का नाम बताइये...
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- ‘क्व काचः’, ‘क्व मणिर्महान्’—मणि की कीमत कहाँ और काँच की कीमत कहाँ?... दोनों की कीमत की तुलना कहाँ हो सकती है? देवताओ! तुम मुझे ठगने के लिए आये हो, लेकिन मैं कथा का लाभ आप...
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- ‘भर्गो’ क्या है?... संस्कृत के हिसाब से ‘भर्गो’ शब्द के बहुत से अर्थ होते हैं, पर मैं आपको एक छोटा सा अर्थ बता सकता ...
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- ‘वरेण्यं’ किसे कहते हैं?... ‘वरेण्यं’ कहते हैं चुनाव को, वरण करने को। दो में से एक को चुन लिया। इस दुनिया में सब चीजें मिली- ज...
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- ‘वह’ से क्या मतलब है?... ‘यह’ और ‘वह’ दो शब्द हैं। ‘यह’ जो है- प्रत्यक्ष है और ‘वह’ जो है- परोक्ष है। परोक्ष माने मरणोत्तर ...
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- ‘‘कामये दुःखतप्तानाम् प्राणिनां आर्त्तनाशनम्’’-संसार में जितने भी दुःखी प्राणी हैं, पिछड़े हुए लोग हैं, उन्हें ऊँचा उठाने, आगे बढ़ाने के लिए, सेवा करने की जो वृत्ति है, वह स्वर्ग नहीं है क्या?... हाँ, वह स्वर्ग है। अगर हमारी यह भावना रही होती, यह मनोवृत्ति रही होती, तो हमको स्वर्ग मिल गया होता औ...
- ‘‘वर्क इज वर्शिप’’ अर्थात् काम कब पूजा बनता है?... जब उसको तबियत से किया जाय, यह मानकर किया जाय कि हम अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए काम कर...
- ‘‘ॐ भूर्भुवः स्वः’’- इन शब्दों को आप समझ लें, तो क्या होगा?... तो आपको ब्रह्मज्ञान हो जायेगा। यह क्या है? यह ब्रह्मविद्या है। ‘ॐ भूर्भुवः स्वः’ ब्रह्मविद्या है। ...
- " "किससे खरीदा है?...? " उन्होंने कहा—"मैंने लिया प्रेम तराजू तोल।" अरे, मैंने तो प्रेम की तराजू में कृष्ण को तोल लिया और ...
- " "क्या उनकी कलाइयाँ ऐसी मोटी थीं?...? " उसने कहा—"हाँ बेटे! ऐसी ही थीं।" "क्या हमारे बुजुर्गों के गले और गरदन इसी तरह मोटे थे?" उसने कहा—...
- " "क्या उनकी पेशानी और सीने ऐसे ही थे?...? " उसने कहा—"हाँ, हमारे बुजुर्गों की पेशानी (मस्तक) और सीने ऐसे ही जबरदस्त थे।" वे जैसे थे, वैसे ही ...
- " "क्या दुर्घटना हो गई?...? " "एक बहुत बड़ा व्यक्तित्व दुनिया में आया और चला गया। बेचारा भूल गया, गुमराह हो गया कि उसको क्या कर...
- " "क्या हमारे बुजुर्गों के गले और गरदन इसी तरह मोटे थे?...? " उसने कहा—"हाँ बेटे! ऐसे ही थे।" "क्या उनकी पेशानी और सीने ऐसे ही थे?" उसने कहा—"हाँ, हमारे बुजुर्...
- " "हमको कब तक ठहरना पड़ेगा मम्मी?...? " "जब तक कि आपके कपड़े नहीं धोए जाएँगे, जब तक कि आपका शरीर नहीं धोया जाएगा। जब तक धो नहीं लेंगे, तब...
- " अरे सागर में रह करके भी—समुद्र में रह करके भी मछली प्यासी है तो उस मछली को क्या कहेंगे?...? दुर्भाग्यशाली कहेंगे, जो ज्ञान के अथाह सागर के समीप ही बैठा रहा और जरा भी उसने ज्ञान का पान नहीं कि...
- " अरे, मैंने तो प्रेम की तराजू में कृष्ण को तोल लिया और यह तेरा कौन है?...? यह मेरा सब कुछ है। कौन? कृष्ण मेरा सब कुछ है। उस कृष्ण के लिए मारी-मारी फिरी थी। कहाँ आपका राजस्थान...
- " अर्जुन ने कहा—"मैं रास्ता भूल गया तब?...? " तब उन्होंने कहा—'मैं तेरे घोड़े चलाऊँगा।" भगवान आगे-आगे रथ चलाते हुए चले गए और अर्जुन गाण्डीव से ...
- " अर्जुन ने कहा—'मैं थक गया तब?...? " श्रीकृष्ण ने कहा—"मैं तुझे थकने नहीं दूँगा।" अर्जुन ने कहा—"मैं रास्ता भूल गया तब?" तब उन्होंने क...
- " अर्जुन ने कहा—मैं थक गया तब?...? " श्रीकृष्ण ने कहा—"मैं तुझे थकने नहीं दूँगा।" "मैं रास्ता भूल गया तब" तब उन्होंने कहा—"मैं तेरे घो...
- " आपको पता है कि फिर पार्वती जी ने क्या कहा?...? उन्होंने कहा—
जन्म कोटि लगि रगर हमारी।
बरई संभुन त रहउँ कुआरी॥
एक जन्...
- " उन्होंने कहा कि आपने पहले नहीं सोचा था?...? उन्होंने कहा कि पहले जो गलती हमने की है, वह गलती तुम्हें नहीं करनी चाहिए। तो यह सबक हमारे बच्चों को...
- " उन्होंने कहा कि फिर हम क्यों पहलवान नहीं बन सके और आप कैसे पहलवान बन गए?...? मात्र कसरत नहीं, कुछ और विशेष
पहलवान ने कहा कि आपने जो चीज आँखों से देख ली, उसे तो नकल कर ल...
- " उन्होंने कहा—"आपके लिए इस एक पैसे की कीमत कुछ नहीं है, लेकिन जिस आदमी ने अपना पेट काट करके इस जिम्मेदारी से मुझे दिया था, कि मेरे पैसे का सही इस्तेमाल होगा, उसको अब मैं क्या जवाब दूँगा?...? आप यह बताइए कि जिसने यह समझकर दिया था कि गाँधी इस पैसे का ठीक से इस्तेमाल करेगा और मैं ठीक इस्तेमाल...
- " उन्होंने कहा—"तुम लाओगे?...? " हाँ, माँ! तुम्हारा जितना फर्ज और कर्तव्य अपने पति के लिए है और आप भी मेरी माँ हैं, तो ये भी मेरे ...
- " उन्होंने कहा—"तेरी पूर्ति नहीं हो पाती होगी, सो यह धन ले जा?...? " रैक्य ने कहा—"महाराज जी! मुबारक हो आपके दान को। मेरे लिए तो मेरी झोंपड़ी और मेरे जो खेत हैं, वही ...
- " उन्होंने कहा—"बेटे, हम क्या कर सकते हैं?...? तुम्हारे हिस्से में ढाई रुपया आता है, उससे तुम खाना-पीना-पढ़ना, जो चाहो कर सकते हो।" ढाई रुपया महीन...
- " उसने कहा—"आपने तब क्यों नहीं कहा—"जब मैं पहले आया था?...? " उन्होंने कहा "देख! मैं आज आशीर्वाद देने में समर्थ हूँ; क्योंकि मैंने एक सप्ताह से गुड़ नहीं खाया।...
- " उसने कहा—"कुल्हाड़ी ऐसी कौन-सी बड़ी चीज है?...? तेरी कुल्हाड़ी लोहे की है?" लकड़हारे ने कहा—"आपके लिए तो लोहे की है, पर मेरे पास तो पैसे नहीं हैं। ...
- " उसने कहा—"मालूम नहीं, यह क्या करते रहते हैं?...? कुछ सूत-सा कातते रहते हैं, ऐसा मालूम पड़ता है। सरकार से कुछ मिलता रहता है, उससे न जाने क्या करते रह...
- " उसने जो पुस्तक लिखी, उससे समस्त अमेरिका में जो आग फैली, तो उससे तहलका मच गया कि गोरे और काले का भेद कैसे रह सकता है?...? और जिस दिन स्वाधीनता मिली, तो उसको टेबल पर खड़ा कर दिया कि यही वो नाटी-सी औरत है। जिसने कि मिट्टी म...
- " कमाल दिखाइए, क्या दिखा सकते हैं?...? लोगों ने देखा कि चारों तरफ जेलखाना है। इतनी बड़ी ऊँची दीवार है। चारों तरफ बन्दूकवाले सिपाही खड़े हैं...
- " किसी तरीके से आप चालाकी और जालसाजी से दूसरों का सम्मान पा भी लें, सहयोग पा भी लें तो वह कब तक टिकेगा?...? वह ठहर नहीं सकता, खतम हो जाएगा।
चालाकियों में और सब बात अच्छी है, पर यह खराबी भी है कि वे देर त...
- " कुत्ते तो स्वर्ग में नहीं जाते, केवल आप ही चल सकते हैं?...? कुत्ता नहीं जाएगा, तो हम भी नहीं जा सकते। आप अपना विमान वापस ले जाइए। विमान वापस चला गया। दोबारा जब...
- " क्या ऐसा होना सम्भव है?...? हाँ, ऐसा सम्भव है। आदमी अपने श्रेष्ठ गुण, श्रेष्ठ विचार, श्रेष्ठ आचरण लेकर के जहाँ कहीं भी रहेगा, वह...
- " क्या माँगने आया?...? माँ मैं शक्ति माँगने आया, भक्ति माँगने आया, शान्ति माँगने आया। देवी खिल-खिलाकर हँसी और उसको आशीर्वाद...
- " छछूंदर कौन?...? हम और आप जहाँ कहीं भी जाएँगे, छछूदरपन फैलाएँगे और उसके ऊपर गन्दी छाप छोड़कर आएँगे।...
- " तब फिलॉसफर ने उससे पूछा—"कितनी उम्र है तेरी?...? " उसने कहा—"सत्तर साल।" बस, सत्तर साल का ही है तू? हाँ साहब! फिलॉसफर ने कहा—"अरे अभी क्या है? भगवान...
- " तो उन्होंने कहा—"क्या आपको मेरे ऊपर विश्वास नहीं है?...? इस उपासिका के लिए, इस पुजारिन के लिए जो भी मेरा आराध्य मुझे देगा, भर-भर झोली उसे लूँगी और उस याद को...
- " तो फिर हम किससे अच्छे हो गए?...? आप अच्छे हो गए अपने पसीने से। पसीना बहाने के लिए आपको चलना पड़ा और चलने से आपकी सेहत अच्छी हो गई। प...
- " बच्चे के मुँह से फिर प्रश्न उभरा—"फिर आपने और पापा जी ने व्रत क्यों नहीं किया?...? " उत्तर में लाला जी ने सुदूर, अतीत का स्मरण कराते हुए कहा "बेटा! हर भारतीय नारी में श्रेष्ठता के सं...
- " बस, सत्तर साल का ही है तू?...? हाँ साहब! फिलॉसफर ने कहा—"अरे अभी क्या है? भगवान ने मनुष्य की उम्र सौ वर्ष बनाई है। तीस साल अभी तेर...
- " यह कौन कह रहा है?...? बगदाद की जमीला कह रही है।
हज कबूल हुआ
खुदाबन्द करीम के यहाँ मीटिंग बैठी। हर साल खुदा...
- " यह संस्कार किसने दिए थे?...? यह संस्कार कुन्ती ने दिए थे। कुन्ती ने पाँचों पुत्रों को श्रेष्ठ संस्कार दिए थे। तीन बच्चे कुन्ती क...
- " वह बोला—"हम इस सन्त को क्या दे सकते हैं?...? " उसकी माँ बोली—"बेटा! यह मत कहना कि घर में कुछ नहीं है। मेरे पास अभी कुछ है।" घर में एक काशीफल रखा...
- " शृंगी ऋषि ने जब उनसे यह पूछा कि हम तो अट्ठाईस वर्ष के हो गए और हमारी दाढ़ी-मूँछें आ गईं, फिर आप लोगों की दाढ़ी-मूँछें क्यों नहीं आईं?...? उन्होंने कहा कि हम जिस गुरुकुल में पढ़ते हैं, वहाँ बहुत ठंढक पड़ती है। इस वजह से वहाँ मूँछें बहुत ब...
- ' ये सब क्या है?...? स्त्रीलिंग है या पुलिंग है? फिर क्या बात है? हिन्दू समाज की परम्परा के अनुसार इसे माता और पिता की...
- ' अच्छा बता, तीन चम्मच से तू कैसे नहा लेगा?...? इस चम्मच से या तो तू नहा ले या अपने बच्चे को नहला ले। जब तेरा बच्चा नहा लेगा, तब हम जानेंगे कि भगवा...
- ' अच्छा बेटे, तो यह बता कि जब कुल्ला करता है तो कितना पानी खरच कर देता है?...? महाराज जी, एक लोटा तो खरच हो ही जाता है, हाथ-मुँह धोने और कुल्ला करने में। अच्छा तो अब तू ही बता कि...
- ' अर्थात पीसने वाले के हाथ में मेहँदी का रंग आ जाता है, कोयले की दलाली करने वाले के हाथ काले हो जाते हैं और सुगन्ध की दुकान खोलने वाले के कपड़े खुशबूदार हो जाते हैं, तो आपको क्यों नहीं फायदा मिलेगा?...? फायदा होगा। क्या फायदा होगा यह बात इस समय हम नहीं बताते।...
- ' क्या मतलब है?...? हम अपना श्रम, अपना पसीना लगाएँगे भगवान के लिए, श्रेष्ठ कामों के लिए। समाज, लोक-मंगल, विराट ब्रह्म क...
- ' फिर हनुमान जी हो पाते?...? नहीं, फिर हनुमान-हनुमान नहीं हो पाते। अच्छा साहब! भीष्म पितामह जी! जरा आप बताइए, यह क्या चक्कर है? ...
- ' बेकार की बात मत कर, किसे करा रहा है स्नान?...? स्नान की जो वृत्ति, जो भावना है, उसके पीछे रहस्य छिपा है कि हम पहले स्वयं अपनी सफाई करेंगे, अन्तरंग ...
- ' माँ कभी आँचल से हटाती है क्या?...? वह कभी नहीं हटाती। उसकी तो आँचल की छाया हर समय बनी रहती है। उसके तो वरदहस्त ऐसे बने रहते हैं कि बस,...
- ' ये किसके लिए कह रहा है?...? अपने लिए। तो अपने लिए मत कह, क्योंकि ईश्वर का अंश जो जीव है, वह तो जगा हुआ होता है—'उत्तिष्...
- '' तो फिर क्या माँगने आया?...? माँ, मैं भक्ति माँगने आया, शक्ति और शान्ति माँगने आया। ये क्या चीजें थीं? गुण और पहले क्या माँगने आय...
- अगर आप देवताओं की कंपनी में भर्ती हो जायें, तो आपको क्या करना चाहिए?...? आपकी रीति-नीति में क्या फर्क आना चाहिए? यह हम आपको पंचोपचार की प्रक्रिया के माध्यम से समझाते हैं। प...
- अगर इतनी अकल हमने अपने व्यक्तित्व विकास के लिए, अपने आत्मोत्थान के लिए खर्च कर दी होती, तो विवेकानन्द हो सकते थे, समर्थ गुरु रामदास हो सकते थे, कबीर हो सकते थे और जाने क्या हो सकते थे?...? लेकिन जब से ये अभागे हमारे घर में पैदा हुए, तब से हमारी हड्डियाँ और रक्त, माँस और हमारा ईमान, लोक औ...
- अच्छा और क्या है शंकर जी के सिर पर?...? चन्द्रमा है, जो शंकर भगवान के सिर पर टँगा हुआ है। चन्द्रमा के बारे में आपका क्या ख्याल है? चन्द्र...
- अच्छा बेटे, जरा यह तो बता कि यह सब तेरा सामान कितने दाम का हुआ?...? चौबीस हजार पाठ कितने दाम का है? अजी साहब! तीन घण्टे रोज लगाता हूँ। तेरा एक घण्टा कितने दाम का है? एक ...
- अच्छा बेटे, यह बता कि कुछ काम भी करेगा या नहीं करेगा?...? माता जी! काम पर तो नहीं जाऊँगा। तो फिर क्या करेगा? बस यहीं पर आपका सत्संग सुनूँगा और आपकी रोटी खा...
- अच्छा, आप बताइए कि जो चीज आपको मिलेगी, उसको आप रखेंगे कहाँ?...? अच्छा बताइए हम आपको घी दे देंगे। आइए साहब! मेरे पास घी रखा हुआ है। गरमागरम बहुत ताजा घी है। ...
- अपनी आकांक्षाओं के बारे में ऐसा कहने वाला आदमी कौन हो सकता है?...? ऐसा आदमी वही हो सकता है, जिसके पास कल्पवृक्ष हो। पुराणों में वर्णन है कि स्वर्ग में एक कल्पवृक्ष ना...
- अपनी मरजी से चलाएँगे भगवान को?...?
ठीक है, आप यह सब करेंगे, लेकिन इन सबके बदले में आप चाहते क्या हैं? यही चाहते हैं न कि इन सबक...
- अब पछताय होत क्या?...? राजा जो था, वह बहुत दुःखी हुआ और बेचारा बैठकर रोने लगा। क्या हुआ? उन्होंने कहा कि राजा के सारे खज...
- अब सूरज किधर चलेंगे?...? अब दिल्ली जाना है तो वह कौन-सी दिशा में है? अच्छा दक्षिण दिशा में है। उधर तो बृहस्पति जी दिशाशूल ले...
- अभी आप क्या कह रहे थे?...? मैं भक्तियोग की बात कह रहा था और कल यह समझा रहा था कि भक्तियोग का सार और रहस्य यह है कि हम मोहब्ब...
- अवतार का उदय कितने मनुष्यों के भीतर हुआ और उन्होंने कितनों का कायाकल्प कर दिया?...? एक उदाहरण बताता हूँ आपको-समर्थ गुरु रामदास का। समर्थ गुरु रामदास शादी के लिए तैयार खड़े थे। पण्डित ...
- असली बात क्या है?...? असली बात यह है कि आपकी जीवात्मा के अन्दर हमें वह तेज भरना है, जिसको ‘ब्रह्मवर्चस’ कहते हैं। ब्रह्म...
- असली भक्त कौन?...?
एक दफे शिव और पार्वती गंगा स्नान के लिए जा रहे थे तो शंकर जी ने कहा—पार्वती! आज क्या है? आज सोमवत...
- आखिर भगवान है क्या?...? मित्रो! यह भक्ति नहीं है, जिसको लोगों ने भक्ति बना रखा है। इससे हिन्दुस्तान का बहुत नुकसान हुआ है...
- आखिर में जब उनसे नहीं रहा गया, तो उन्होंने कहा कि अगर मैं अपनी जिन्दगी में इतना महत्त्वपूर्ण कार्य कर सकता हूँ और हजारों मनुष्यों की शारीरिक और मानसिक स्थिति को अच्छा बना सकता हूँ, तो मेरे जो आठ घण्टे ज्यादा अच्छे और ज्यादा कीमती हैं, उसे मुझे पेट पालने के लिए क्यों खर्च करना चाहिए?...? अन्ना साहब ने इस्तीफा दे दिया। लोगों ने पूछा-यह पागलपन क्यों करते हो? तुम्हारे पास तो खाने का इंत...
- आज की भक्ति?...? मित्रो! फिर क्या करना चाहिए? अभी मैं भक्तियोग की निशानी बता रहा था कि ‘भक्ति’ शब्द जहाँ से आता है...
- आज सब जगह जिस तरीके से दुष्टताएँ चारों और फैलती चली जा रही हैं, उनको शिक्षा देकर के और अखण्ड कीर्तन करके, रामायण की कथा सुना करके आप ठीक करना चाहते हैं?...? अच्छा करना चाहते हैं? तो वहाँ चले जाइये जहाँ आपके खेत में जंगली सुअर आ जाते हैं। आप वहाँ खड़े हो ज...
- आध्यात्मिक क्षेत्र में सिद्धि पाने के लिए अनेक लोग प्रयास करते हैं, पर उन्हें सिद्धि क्यों नहीं मिलती है?...? साधना से सिद्धि पाने का क्या रहस्य है? इस रहस्य को न जानने के कारण ही प्रायः लोग खाली हाथ रह जाते...
- आध्यात्मिक शिक्षण क्या है?...?
गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ—
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य...
- आध्यात्मिक शिक्षण क्या है?...?...
- आध्यात्मिकता से क्या मतलब है?...? आध्यात्मिकता जीवन जीने की शैली है, सोचने का तरीका है, दृष्टिकोण है। आपने तो इसे काम करने का एक ढंग ...
- आप कहेंगे कि बुराइयों से कैसे लड़ा जाएगा, उनको कैसे खत्म किया जायेगा?...? बुराइयों से लड़ने के बहुत से तरीके हैं। उनमें से एक तरीका यह है कि उस पर लांछन लगा करके तथा मारप...
- आप क्या चाहते हैं?...? हम क्या चाहते हैं। आपसे क्या चाहेंगे? हमारे बच्चे हैं, जो हम करें वह आप कीजिये। जुलाहे का बेटा जुला...
- आप बहुत समझदार आदमी हैं?...? आप अगर समझदार नहीं होते, तो इस जमाने में जब सारी दुनिया मरने की तैयारी में बैठी है, उस समय आप लोभ...
- आप भगवान् के भक्त हैं, प्रज्ञापुत्र हैं, फिर आपकी हिम्मत इतनी कम कैसे है?...? आप चाहें तो किसी के पास हाथ पसारने की आवश्यकता नहीं है। आप तो एक बीघा जमीन बेचकर इस काम को कर स...
- आप लोग यह ख्याल कर सकते हैं कि इसका क्या कारण हो सकता है?...? आमतौर से कारण ऐसे ही होते हैं। कोई आदमी डर जाते हैं, भयभीत हो जाते हैं, शर्म के मारे बोलना बन्द ...
- आपका इष्ट क्या है?...? लक्ष्य क्या है? आपका इष्टदेव कौन है? हमारे इष्टदेव तो हनुमानजी हैं। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब ...
- आपका इष्टदेव कौन है?...? हमारे इष्टदेव तो हनुमानजी हैं। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब यह है कि हमारा लक्ष्य है- ऐसे आदमी बन...
- आपका क्या मतलब है?...? कान में घण्टी बजा दीजिए, कोई शंख बजा दीजिए। कोई बच्चे जैसी आवाज आये, बन्दर या चूहे जैसी आवाज आये, फि...
- आपके कुटुम्बियों को किसकी जरूरत है?...? आपके कुटुम्बियों को तीन चीजों की जरूरत है। पहली जरूरत है शिक्षा। आपके कुटुम्बियों को शिक्षित होना च...
- आपके यहाँ ऐसी कितनी ही घटनाएँ हैं कि जो आदमी कल तक दो कौड़ी के थे, आज देखो उनके यहाँ क्या हाल हो रहे हैं?...? कैसे-कैसे बँगले बने हुए हैं? कैसी-कैसी मोटरें आ रही हैं। करोड़ों रुपया कहाँ से इकट्ठा हो रहा है? आ...
- आपको इसमें क्या करना होगा?...? हमने आपको दो काम बतलाए हैं। आपको हमने एक बात यह कही है कि सूर्योदय के समय एक माला गायत्री महामंत्...
- आपने क्या किया?...? बेटे, हमने तप किया है और तप करके पाया है और तू हिस्सा माँगता है। चल तुझे भी दे देंगे। यह क्या है? छ...
- आपने भी ऐसी मनोवृत्ति देखी होगी?...? हाँ साहब! देखी है। इन पण्डितों को मैं क्या कहूँ। इनके लिए कौन सा शब्द ढूँढ़कर लाऊँ। ऐसा शब्द कहीं मिल...
- आपसे हमारा सम्पर्क कब से है?...? आपसे हमारा बहुत पुराने सम्पर्क हैं, जन्म-जन्मान्तरों के भी सम्पर्क हैं। क्योंकि जब हमने तलाश किया, त...
- इन सब बातों से यदि हम अवगत हो जायँ, तो फिर हम अपनी ज़बान से कड़वा कैसे बोलेंगे?...? अगर हमारे सामने भगवान आकर खड़े हो जायँ, हनुमान अगर हमारे सामने आकर खड़े जो जायँ, तो क्या हम कड़वे वच...
- इनमें क्या करना होगा?...? ये दीपक यज्ञ होंगे, दीपक यज्ञ कैसी? दीपक यज्ञ इस तरीके से कि आप एक थाली लें और पाँच जगह पाँच-पाँच...
- इनसान कैसे बनता है देवता?...?
देवता? हाँ बेटे, देवता बन जाता है। आदमी का वजन, आदमी की तौल, आदमी का मूल्य बढ़ जाता है। लोग आदमी...
- इनसानियत के बिना कैसे इनसान?...?
मित्रो! आदमी इतना छोटा, इतना घटिया, इतना कमीना, इतना बेवकूफ, इतना क्षुद्र हो गया है कि यदि इसे...
- इन्हें प्राणवान कैसे बनाएँ?...? प्रातःकाल की संध्या और सायंकाल की संध्या का मैं आपको एक और तरीका बता सकता हूँ, जो है तो सरल, ले...
- इस पैसे का हम क्या करेंगे?...? इन पैसों को हम इमारत बनाने में, हवन कराने में नहीं खर्च करेंगे। यह ज्ञानघट का पैसा विशुद्ध रूप से...
- इस शिविर में हमने आपको इसीलिए बुलाया था और बार-बार पूछा था कि क्या ऐसा करना सम्भव है?...? मैं जानता हूँ कि आपके पास अकल बहुत ज्यादा है, परन्तु क्या आप हिम्मत कर सकते हैं? हम तो चाहते हैं...
- इसकी जिम्मेदारी किसकी है?...? भारतवर्ष की। इसकी जिम्मेदारी फिर से भारतवर्ष ने सँभाली है। पौर्वात्य संस्कृति ने सँभाली है और उस ...
- इसके लिए आपको क्या करना पड़ेगा?...? आप क्या करेंगे? आपको सादा जीवन और उच्च विचार के सिद्धान्तों को स्वीकार करना पड़ेगा। ऊँचे विचार सिर्...
- इसके लिए क्या करना पड़ेगा?...? आपको अपने कुटुम्ब के सम्बन्ध में, बच्चों के सम्बन्ध में अपने दृष्टिकोण बदलने पड़ेंगे। बच्चों की सं...
- इसलिए मित्रो क्या हो गया?...? लोगों में पण्डितों के प्रति, सन्तों के प्रति, साधुओं के प्रति, हरेक के प्रति अवज्ञा का भाव उत्पन्न ...
- इसी तरह क्या कृष्ण भगवान् महाभारत युद्ध अकेले नहीं लड़ सकते थे?...? अगर अकेले लड़ सकते, तो पांडवों की खुशामत क्यों करते? पांडव बार-बार यही कहते रहे कि हमें यह लड़ाई ...
- उपभोग किसे कहते हैं?...? उपभोग उसे कहते हैं जिसमें कि जो भी चीज कमाई जाती है वह अपने लिए, अपने शरीर के लिए, अपनी खुशी के लिए...
- उपासना का मूल क्या?...? गायत्री क्या है? गायत्री वास्तव में ज्ञान की गंगा है। गायत्री फिलॉसफी है। गायत्री क्रिया है। क्रि...
- उपासना किसे कहते हैं?...? उपासना किसे कहते हैं? मित्रो! इसे मैं आपको समझाना चाहता हूँ। उपासना का अर्थ होता है-नजदीक बैठना, स...
- उपासना नीरस, उबाऊ क्यों?...? — मित्रो! हमारे नाच में एक चीज का अभाव है, जिसको हम कहते हैं—घुँघरू। घुँघरू बँध जाए तो समाँ बँध...
- उसमें से कौन होता है?...? किसमें? व्याख्यान करने वालों में। व्याख्यान करने वालों में तलाश करना कि जब कोई नेता आता है, तो सु...
- उससे कैसे हमारी पीढ़ियाँ कमजोर व अपंग होने वाली हैं?...? कितनी महामारियों, बीमारियों का दौर आने वाला है? इस विकिरण की वजह से-वायु प्रदूषण की वजह से, जो आज...
- ऋषि क्या करते थे?...? क्या वे माला घुमाते थे? नहीं बेटे, वे माला नहीं घुमाते थे, वरन् वे सारे दिन समाज की सेवा किया करत...
- एक दूसरी और चीज है-लोक-सम्मान लोकसम्मान आप नहीं पा सकेंगे?...? क्यों? क्योंकि आपकी सारी शक्ति, सारा प्यार इन थोड़े-से आदमियों में केन्द्रित हो गया है। आप अपनी औरत...
- एक बार भगवान् बुद्ध से पूछा गया कि आपको तो मरने के बाद स्वर्ग मिलेगा?...? उन्होंने कहा-नहीं मैं तो स्वर्ग जाने का अधिकारी तब होऊँगा, जब हर व्यक्ति स्वर्ग जाने का अधिकारी...
- ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए?...? आपको अगर ऊँचा उठना है, तो अपने भीतर से एक नई हिम्मत इकट्ठी करनी चाहिए। क्या हिम्मत करें? यह हिम्...
- ऐसे कैसे बुद्धिजीवी?...?
हम बुद्धिजीवी हैं? हम कठोर हैं, हम पाषाण हैं। पाषाण, जिसके ऊपर कोई असर नहीं पड़ता। आपके ऊपर असर प...
- और उनका अगला छन्द है- सुखों का साथ हमें मत देना अगर आप दिया करते हों, तो आप हमारे दुखों को मिटाना मत, अगर आप मिटाया करते हों तो?...? रवीन्द्रनाथ टैगोर की कविता की अन्तिम पंक्ति में कहा गया है- अगर आप वास्तव में ही दिया करते हैं, क्...
- और कौन-सी उपासना यूनीवर्सल है?...? दूसरी यूनीवर्सल उपासना 'ध्यान' है। सांप्रदायिक उपासनाओं में तो तरह-तरह की शक्लें पाई जाती हैं, ...
- और कौन-सी है, यूनीवर्सल उपासना?...? बेटे! एक और यूनीवर्सल उपासना पद्धति है, जिसका नाम है—'सोऽहम् साधना'। इसमें स्वरों की उपासना आ ज...
- और क्या किया करें?...? बेटे! एक काम आप और कर सकते हैं। आपने दो चीजें भुला दी हैं, बाकी सब चीजें याद हैं। जिनसे आपको नु...
- और क्या था हमारे पास?...? हमारे पास थी भावना-सम्वेदना यह भी हमने अपने कुटुम्बियों के लिए, बेटे-बेटी के लिए नहीं लगाई। हमने अ...
- और बहिरंग जीवन में?...? बहिरंग जीवन में भी यही बात है। बहिरंग जीवन में आप अनाचार को छूट दे दीजिए, उसे रोकिए मत, सुधारिए म...
- कड़ुवापन क्या है?...? कडुवापन आदमी का घमण्ड है, कड़ुवापन आदमी का अहंकार है। अपने अहंकार के अलावा कडुवापन कुछ है ही नहीं...
- कब आती है शक्ति?...?
उनके साथ परोक्ष था और उनकी श्रद्धा थी, उनकी निष्ठा थी। उसने इतनी शक्ति उनके अन्दर भर दी कि मैं तो...
- कर्म व्यवस्था से खिलवाड़?...?
मित्रो ! गुरु वह होता है, जो सिखाता है और शिष्य उसे कहते हैं, जो सीखता है। भगवान उसे कहते है...
- कहाँ गया वह सही अध्यात्म?...?
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- कहाँ है सुख?...? मित्रो! जब हम अपने से पिछड़े एवं गुजरे हुए लोगों की ओर आँख उठाकर देखते हैं, तो मालूम होता है कि हम...
- कहाँ है हिन्दुस्तान का अध्यात्म?...? लेकिन हमारा अन्तरंग जीवन भिखारी जैसा है। जहाँ कहीं भी गये, हाथ पसारते हुए गये। लक्ष्मी जी के पास ग...
- कहाँ हैं सच्चे आदमी?...? मित्रो! हमें उनकी बहुत तलाश है, पर वे हमको नहीं मिलते। सोमवती अमावस्या पर जाते हैं, वहाँ एक भी आद...
- कान व बाँहों को जल का स्पर्श क्यों?...?
अगली क्रिया है—कर्णयोर्मे श्रोत्रमस्तु। कान हमारे ऐसे होने चाहिए, जो रेडियोएक्टिविटी के तरीक...
- किनका स्नान कराएँ?...?
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- किस काम के लिए बुलाया?...? तीन बातें मुझे आपसे कहनी थी और बड़ी संजीदगी के साथ कहनी थी। मैं सोचता था कि काश! आप उन तीन बातों क...
- किसलिए यहाँ बुलाया?...?
देवियो, भाइयो! आज हमारा साधना सत्र समाप्त हो रहा है। आइए जरा समीक्षा करें कि हमें यहाँ किस उ...
- किसे कहते हैं मंत्र?...? मित्रो! आप विचार करते रहते हैं और प्लानिंग करते रहते हैं कि बड़े हो जायेंगे, तो हम अपने लड़के को...
- किसे कहते हैं सत्संग?...? मित्रो! हमने आध्यात्मिकता के सिद्धान्तों को केवल कहने और सुनने तक ही सीमित नहीं समझा है, जैसे कि आम...
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जो आगे हाथ फैलाता है और बड़ा सिद्धान्तवादी बनता है। कहता है कि साहब! हम नहीं माँगते। हम नहीं माँग...
- कैसा हो व्यवहार?...? आप अध्यात्म के सिद्धान्त को अपनाएँ या न अपनाएँ, परन्तु इस दुनिया में जो लोग रहते हैं, उनके साथ मी...
- कैसा हो हमारी चेतना का स्तर?...? मित्रो! आपको यह मानकर ही चलना पड़ेगा कि इनके पीछे केवल संकेत और इशारे हैं। यह संकेत और इशारे बताते...
- कैसी व्यवस्था होगी?...? ऐसी व्यवस्था होगी कि कोई आदमी छोटा बड़ा नहीं होगा। गुरुजी जो छोटा बच्चा होगा वह बड़े के बराबर हो ...
- कैसी है मेरी उपासना?...?
मित्रो! उपासना की थोड़ी वाली प्रक्रिया, उपासना का थोड़ा वाला ध्यान मैंने आपको बताया है। यह स...
- कैसी है यह प्रगति?...? साथियो! आदमी से आज हमको डर लगता है। यदि यह तरक्की इसी हिसाब से होती रही, इसी हिसाब से सिद्धान्...
- कैसी हो भक्ति?...?
भक्ति का मूल्य यह है कि भक्त का मन कैसा होना चाहिए? समर्पित होना चाहिए। जिस तरीके से नाला नदी में...
- कैसे बेकार चले जाएँगे?...? देखिए-एक बार ऐसा हुआ कि पार्वती जी और शंकर जी आकाश मार्ग से बैल पर बैठकर चले जा रहे थे। शंकर जी का ...
- कैसे करें कायाकल्प?...?
(कल्पसत्र के दौरान १९८२ में दिया गया उद्बोधन)गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ— ...
- कैसे करें कायाकल्प?...?...
- कैसे प्राणवान बने साधना?...? गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ—
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्...
- कैसे प्राणवान बने साधना?...?...
- कैसे बनें सन्त?...? कैसे बनें आध्यात्मिक? मित्रो! क्या हम सन्त नहीं हो सकते? हाँ, हम सन्त हो सकते हैं। हम ज्ञानी हो सकते ...
- कैसे मिलते हैं भगवान?...?
मित्रो! एक बार काकभुशुण्डि जी को भी भगवान मिले थे। उनको शंकर जी ने बताया कि रामचंद्र जी का अवत...
- कैसे मिलेंगे भगवान?...? गायत्री मंत्र का जप करने के बाद में आपको भगवान के साक्षात्कार हो जायेंगे? मैं नहीं जानता कि हो...
- कैसे विकसित हो आदर्श परिवार?...? गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ—
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्र...
- कैसे होगा समन्वय, विज्ञान और अध्यात्म का?...?...
- कौन सा अध्यात्म?...? जिसमें देवी-देवताओं को पागल और अहमक समझा जाता है। अहमक और पागलों से उल्लू सीधा करने के लिए तरह-तर...
- कौन सी दिशाएँ हैं?...? बेटे, एक उत्थान की दिशा है और एक पतन की दिशा है। एक को हम देव कहते हैं और एक को दैत्य कहते हैं।...
- कौन से सूरदास की?...? उस सूरदास की, जो प्रतिभावान् था। मैं किसकी प्रशंसा कर रहा हूँ? भक्ति की? भक्ति की बाद में, सबसे प...
- कौन है आस्तिक, कौन है ईश्वरविश्वासी?...?
मित्रो! हम अपनी आँखों का तेजस् खो बैठे हैं। यदि वह तेजस् हम न खो बैठते, तो हम आस्तिक कहलाते और ...
- कौन है क्षत्रिय?...?
ब्राह्मण वह होता है, जो सारे संसार को देता है और क्षत्रिय? क्षत्रिय क्या करता है? अनाचार-अत्याचार...
- कौन है दैत्य?...? मित्रो! यह अलंकार है। काले रंग से कोई मतलब नहीं है और सफेद रंग से कोई मतलब नहीं है। जिनके दाँत बड़े...
- कौन है भोगी, कौन है योगी?...?
मित्रो! आपको न केवल भावनाओं की दृष्टि से, बल्कि क्रियाओं की दृष्टि से भी असल में योगी होना चाह...
- कौन है योगी, कौन है तपस्वी?...? मित्रो! आप यहाँ से जाने के पश्चात् योगी बनकर रहना और तपस्वी बनकर रहना। योगी और तपस्वी की परिभाषाए...
- कौन है सन्त?...?
मित्रो! चार सौ करोड़ इनसान में से जब सब मुक्ति को चले जाएँगे, तब सबसे पीछे वाले इनसान हम होंगे, ...
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एक बार ब्रह्मा जी के पास देवता और दानव दोनों ही गए, दोनों बोले—पितामह ! आप यह बताइए, इनको प्यार ...
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लोमष ऋषि बाहर आए और देखा कि बाहर गुरु वसिष्ठ और राजा दशरथ खड़े ह...
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- क्या मतलब है?...? शरीर से। श्रम से खेती-बाड़ी होती है। श्रम से मकान बनते हैं। श्रम से कारखाने चलते हैं। यह कौन करता है...
- क्या यही अध्यात्म है?...? हाँ बेटे, यही अध्यात्म है और यही धर्म है। यही भगवान की भक्ति है। हमको और आपको भगवान की यही भक्ति ...
- क्या यही है हिन्दुस्तान का अध्यात्म?...? मित्रो! हमको बड़ी घृणा होती है और बड़ी नफरत होती है कि क्या हिन्दुस्तान ऐसे लोगों से ही भरा हुआ पड़ा...
- क्या व्यक्ति के रूप में भी भगवान् का अवतार होता है?...? चलिए अब मैं आपकी बात का भी समर्थन करने को तैयार हूँ कि व्यक्ति के रूप में अवतार होता है। साकार रू...
- क्या हम जिन्दगी भर, अपने बीबी-बच्चों को ही खिलाते रहेंगे?...? जिस पर मनुष्य का भविष्य टिका है, क्या उसके लिए कुछ नहीं कर सकेंगे? अपने लिये अधिक, समाज के लिए ...
- क्या है अध्यात्मवादी दृष्टिकोण?...? नम्बर दो वाला दृष्टिकोण-अध्यात्मवादी दृष्टिकोण है, जो कहता है कि अगर हम अपनी भीतर वाली स्थिति को सु...
- क्या है आध्यात्मिक महत्त्वाकांक्षा?...? लेकिन मित्रो! एक महत्त्वाकांक्षा ऐसी है जिसको पूरा करने का हक हमको है और हम उसे पूरा कर सकते हैं। व...
- क्या है आध्यात्मिक साम्यवाद?...? मनुष्यो! तुम समाज को दो, समाज तुमको देगा। समाज को उन्नतिशील बनाओ, समाज तुम्हें उन्नतिशील बनायेगा। र...
- क्या है आध्यात्मिकता?...?
देवियो, भाइयो! आज की दुनिया नासमझों की है। कैसे? जो आदमी नामवरी के लिए, तारीफ के लिए, राजसत्...
- क्या है तप?...? क्या है तितिक्षा?
मित्रो! तेल से मेरा क्या मतलब है, आप समझते नहीं हैं। इससे मेरा मतलब है कि आप...
- क्या है तपस्या?...?
क्या तपस्या इसी को कहते हैं? तपस्या वह दीपक है, वह अग्नि है, जिस प्रकार अग्नि के पास बैठने से गर...
- क्या है प्रेम?...? मित्रो! प्रेम दूसरी चीज का नाम है। प्रेम उस चीज का नाम है जिसमें कि आदमी दूसरों को खिलाने के ल...
- क्या है बढ़ती ख्वाहिशों का समाधान?...? मित्रो! समाधान किस तरीके से हो सकता है? समाधान होने का तो सिर्फ एक ही तरीका है जो रामायण में है और ...
- क्या है भगवान का असली स्वरूप?...?
लेकिन मित्रो! भगवान का असली स्वरूप वह है, जो मैंने आपको निवेदन किया। राम और कृष्ण—दोनों ने अपन...
- क्या है मनुष्य जीवन का लक्ष्य?...?
मित्रो! मनुष्य ने कहा—नहीं। क्यों? उन्होंने कहा—दो आकर्षण ऐसे जबरदस्त हैं, जो हमको टस से मस नह...
- क्या है यज्ञ की विचारधारा?...? मित्रो! यज्ञ के द्वारा हम यह साबित करते हैं और बताते हैं कि हम लोग स्वार्थी नहीं हैं। आपको इस हवन स...
- क्या है श्रद्धा?...?
कहीं-न-कहीं कमी है बेटे! सम्भव है, हममें कोई कमी हो। हममें नहीं है, तो आपकी आस्थाओं में कमी है, आ...
- क्या है सारी समस्याओं का कारण?...? मित्रो! हमको क्या करना पड़ेगा? गहराई में प्रवेश करना पड़ेगा।...
- क्या है सुख?...? नहीं साहब! सुख उसे कहते हैं जो आराम से बैठा रहता है। उसे कोई काम नहीं करना पड़ता। उसके पास कोई ...
- क्या है सृष्टि का क्रम?...? मित्रो! सृष्टि का क्रम किस तरीके से चलता है, जरा गौर कीजिए और देखिए कि दुनिया किस तरीके से चल रही ह...
- क्या है हमारा असली शिक्षण?...? मित्रो! हमारा असली शिक्षण क्या है? हमारा असली शिक्षण वहाँ से शुरू होता है, जब हमारे चौबीस अनुष्ठा...
- क्या है हमारा असली स्वरूप?...? हमारा असली स्वरूप वह है जिसके द्वारा हम इंसान में इन्सानियत पैदा करना चाहते हैं। इंसान में हम देव...
- क्या है हमारी वसीयत?...? मित्रो! उस गाँव में हमारे घर वालों ने कहा, खानदान वालों ने कहा कि यह जमीन हमें दे जाइये। हमने ...
- क्या हो पूजा का उद्देश्य?...? पात्रता का विकास करना, यही भक्ति का मूलभूत उद्देश्य है। भगवान के सब प्यारे हैं। प्रार्थना करें तो...
- क्या-क्या तीन चीजें हैं?...? मित्रो! एक चीज है—दूध। दूध से खोवा-मावा बन जाता है, रबड़ी बन जाती है, घी बन जाता है, मक्खन बन जाता...
- गवर्नमेण्ट बनाने की जिम्मेदारी किसकी है?...? आपकी और हमारी। पाँच वर्ष बाद हमको यह अधिकार मिलता है कि हम किस तरीके से हुकूमत बदल सकते हैं और कै...
- गायत्री उपासना की सफलता के आधारभूत तथ्य — उपासना सफल कैसे हो?...?...
- गायत्री क्या है?...? गायत्री वास्तव में ज्ञान की गंगा है। गायत्री फिलॉसफी है। गायत्री क्रिया है। क्रिया की जान-पहचान आ...
- गायत्री या सावित्री झूठवान को माला पहनाएँगी?...? नहीं भाई साहब। आप झूठवान हैं, हम आपको माला नहीं पहनाएँगे। आप हमारे साथ चलिए और हमारी सहायता कीजिए...
- गिद्ध गिलहरी बन सकते हैं?...?
साथियो! मैं जानता हूँ कि आपके पास ताकत बहुत कम है और आप कह सकते हैं कि हमारे पास इतनी सामर्थ...
- चोर कभी मालदार हुए हैं?...? चोर कभी मालदार नहीं हो सकते। डाकू कभी मालदार हुए हैं? इनको ढेरों रुपयों की आमदनी हुई है, पर ये कभ...
- जिन लोगों की इस तरह की उच्चकोटि की विचारधारा हो, क्या वे स्वर्ग में नहीं रहते?...? स्वर्ग बनाये जाते हैं? बने बनाये कहीं नहीं हैं। बना बनाया स्वर्ग है कि नहीं, मुझे नहीं मालूम। कहीं ...
- जीवन कैसे सँवारें?...? गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ— ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प...
- ज्ञानयोग किसे कहेंगे?...? मित्रो! ज्ञानयोग का मकसद यह है कि जिस तरह से हमको ऐसा बढ़िया और बेहतरीन शरीर मिला हुआ है कि हम ...
- तप एकान्त में ही क्यों?...? आपने बिल्ली देखी है। बिल्ली जब बच्चा देती है, तो क्या सड़क पर देती है? नहीं, कोई ऐसा स्थान तलाश कर...
- तप और त्याग के बिना कैसा अध्यात्म?...? मित्रो! आध्यात्मिक लाभ पाने के लिए पूजा और पाठ काफी नहीं है। उसके लिए तप और योग होना चाहिए। यो...
- तब उसमें क्या बात थी?...? उसमें था हर्षमय-आनन्दमय जीवन, उसमें कन्हैया ने चाहा कि छोटे-छोटे बच्चे हों, साथ-साथ घुल-मिल कर हँस...
- ताकत का केन्द्र कहाँ?...? हम आपको कई बार कथा सुनाते रहे हैं। एक बार अपनी अफ्रीका यात्रा की मसाईयों का हमने किस्सा सुनाया था...
- तीर्थ स्नान से मिलेगी मन की शान्ति?...? मित्रो! एक बार ऐसा हुआ- एक था मल्लाह। बहुत दुःखी बैठा हुआ था और कह रहा था कि मेरे मन में बड़ी अशां...
- तीसरी आँख क्या है?...? दिव्यदृष्टि है। यह वह आँख है जो भीतर तक गहराई में प्रवेश कर यह देख सकती है कि वास्तविकता क्या है।...
- तो आज आप यहाँ मेरे दरवाजे पर कैसे आ गये?...? राम ने कहा- भक्त भगवान के दरवाजे पर नहीं गया है। भगवान को ही भक्त के दरवाजे पर जाना पड़ा है। शबरी ...
- तो आपको क्या करना है?...? आपको तो लोगों को सिखाने के लिए जाना है। आपको तो तभी बोलना है, जब बहुत मुसीबत आ जाए, बहुत जरूरी हो...
- तो क्या ईश्वर विश्वास सेंटीमेंट है?...? ईश्वर विश्वास सेंटीमेंट्स नहीं है। सेंटीमेंट्स कहीं आदमी को ऊँचा उठाने में सहायक हो सकते हैं, पर ...
- तो क्या करना चाहिए?...? यही तो मैं आपसे निवेदन कर रहा हूँ कि क्या करना चाहिए। आपको तीन बन्धनों से छुटकारा पा लेना चाहिए। आ...
- तो क्या करें महाराज जी?...? आप अपने ब्राह्मणत्व को जगा दीजिये, साधु को जगा दीजिये ताकि आप अपनी नाव स्वयं पार कर सकें, अन्यथा ...
- तो क्या मन्दिर सिर्फ इसी काम के लिए हैं?...? क्या इन परिस्थितियों को बदला नहीं जाना चाहिए? हाँ, अगर हमको समाज में ढोंग, अनाचार और अज्ञान फैलान...
- तो क्या हम भी इन्हीं में से हैं?...? नहीं, हम इनमें से कोई भी नहीं हैं। जिन लोगों ने हमको नजदीक से देखा है, उनको स्पष्ट मालूम है कि उन...
- तो क्या है?...? बेटे, आपसे मैं यह निवेदन कर रहा था कि गायत्री मंत्र का उद्देश्य, गायत्री मंत्र का शिक्षण यही है क...
- तो फिर भगवान् को कैसे देखा जा सकता है?...? इस पर भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा-दिव्यं ददामि ते चक्षुः’’ अर्थात् मैं तुझे दिव्य आँखें दूँगा, विवेक ...
- दण्ड नहीं दिया जाना चाहिए क्या?...? मित्रो! आगे बढ़ने के लिए जीवन की नीति आपकी स्पष्ट होनी चाहिए। अगर स्पष्ट नहीं होगी, तो आप भ्रम में...
- दृष्टिकोण हमारा क्या है?...? मित्रो! विशेषताओं से भरा हुआ हर मानव, बुराइयों से भरा हुआ हर मानव हमारे देखने के लेंस के ऊपर, हमा...
- देवता और दैत्य विचार करने लगे कि लक्ष्मी जी को कहाँ से पायें?...? ब्रह्मा जी ने कहा—मूर्खो! इंतजार करने से कहाँ मिलेगा? जाओ, समुद्र में पहुँचो और दोनों साथ-साथ म...
- देवता कहाँ रहते हैं?...? स्वर्ग में रहते हैं। स्वर्ग कैसा होता है? हवाई जहाज जैसा होता है। साहब! स्वर्ग और हवाई जहाज में तो ...
- देवता कौन होते हैं?...? जिनके अन्दर से बेटे, विकृतियाँ उत्पन्न नहीं होतीं। जो गन्दगी नहीं करते, बदबू नहीं फैलाते। वे जहाँ कही...
- देवताओं के बेटे कौन?...? मित्रो! क्या करना पड़ेगा? दैवीय सभ्यता यह नहीं है। दैवीय सभ्यता वह है, जिसमें त्याग और बलिदान की बात...
- देवत्व क्या है?...? मित्रो! देवत्व का विकास कर सकना हमारे लिए विज्ञानमय कोश में सम्भव है। हम यह कोशिश करेंगे कि आपके अ...
- देवों की क्या विशेषताएँ होती हैं?...? वही जो अभी-अभी मैंने आपके सामने निवेदन किया था कि उनकी विचारणाएँ देवतुल्य थीं, दैवी गुणों से परिपूर...
- दैवीय सभ्यता क्या होती है?...? क्या वह मिठाई खाती है, महल बनाती है? नहीं बेटे, ऐसी नहीं होती है-दैवीय सभ्यता। दैवीय सभ्यता ऐसी होत...
- धर्मतंत्र की गरिमा एवं महत्ता - (हम राजनीति में क्यों नहीं जाते?...? )
गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ—
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस...
- धर्मतंत्र की गरिमा एवं महत्ता — (हम राजनीति में क्यों नहीं जाते?...? ) Apr 1996
(046): कैसे होगा समन्वय, विज्ञान और अध्यात्म का?...
- ध्यान कैसे करें?...? मित्रो! हो सकता है, श्रीकृष्ण भगवान् ऐसे रहे हों- काले से और ऐसा छोटा सा मुँह, छोटी- छोटी आँखें। ...
- ध्यान क्यों करें?...? कैसे करें? परमपूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी
जून, १९७७ में गायत्री तीर्थ शान्तिकुञ्ज में दिया उद्बोध...
- ध्यान क्यों करें?...? कैसे करें?...
- ध्यान बन्द करने से क्या होगा?...?
साथियो! आप लोग कहते हैं कि सन्त का मिलना मुश्किल है, गुरु का मिलना मुश्किल है, भगवान का मिलना...
- नमूने का उपदेशक कैसा होना चाहिए?...? नमूने का गुरु कैसा होना चाहिए? नमूने का साधु कैसा होना चाहिए? नमूने का ब्राह्मण कैसा होना चाहिए औ...
- नहीं बेटे, भूत कैसे काट खायेगा?...? भूत भी तो बेचारा दुखी इंसान है। अपने भाई-भतीजों को, अपने माँ-बाप को छोड़ करके वह अकेला चला आया। वह भ...
- नागरिक कर्तव्यों, जिम्मेदारियों को समझाना, प्रत्येक नागरिक को उसके अधिकारों का बोध कराना, दूसरों के कष्ट-कठिनाइयों में भागीदार बनाना और उन्हें राष्ट्रीय दायित्वों को समझाने की जिम्मेदारी किसकी है?...? साथियो,यह धर्म की जिम्मेदारी है, यह हमारी जिम्मेदारी है और आपकी जिम्मेदारी है कि हम हर आदमी को वह...
- नाम और रूप क्या है?...? नाम और रूप वो है—गायत्री माता का रूप है। अनुष्ठान नाम है, जप नाम-रूप है और हलचल क्रिया-कृत्य है...
- न्यायाधीश ने पूछा, क्या नाम है तेरा?...? उसने कहा, में। क्या तूने गलत काम किया है? में। न्यायाधीश कोई भी बात पूछते तो वह कहता, में। वकील न...
- पंचोपचार में क्या-क्या है?...? अरे भाई! वही है— ‘‘पाद्यं समर्पयामि, अर्घ्यं समर्पयामि, धूपं, दीपं, नैवेद्यं समर्पयामि।’’ यही सब चढ़...
- परन्तु अब देखा ना आपने, क्या-क्या हो रहा है?...? कहीं रास हो रहा है, कहीं क्या हो रहा है? जनता को आकर्षित करने के लिए, जैसे कठपुतली वाले तमाशा करन...
- पहले ब्राह्मण बनने का प्रयोग किया कि ब्राह्मणत्व के क्या-क्या चमत्कार हो सकते हैं?...? मैंने उसे अपने जीवन में धारण करके देखा है और पाया है कि इसमें सफलताएँ भी हैं तथा चमत्कार भी हैं। ...
- पहले मैं यह बताना चाहता हूँ कि क्या अध्यात्म भौतिक जीवन में किसी तरह से लाभदायक बन सकता है?...? क्या इससे हमारा कुछ लाभ होगा। लाभ से क्या मतलब है? लाभ से मतलब है पैसा और दूसरा मतलब है—हमारी ताकत।...
- पात्रता है कि नहीं?...?
मित्रो! आपका अनुष्ठान देखने के लिए गायत्री माता को फुरसत नहीं है। उनके पास जरा-सा भी समय नही...
- पुजारी क्यों है खाली हाथ?...?
मित्रो! आपको यह बात समझ में क्यों नहीं आती कि जो पुजारी मन्दिर में बारह घण्टे और सोलह घण्टे पूज...
- फिर कैसे दूर हो सकते हैं?...? मित्रो! दैत्यों को मारने के लिए देवता का पैदा होना आवश्यक है। दैत्य को दैत्य भी मार सकता है। दो राक...
- फिर क्या करना पड़ेगा?...? मित्रो! आध्यात्मिकता में दोनों ही नीतियों का पूरा- पूरा समन्वय है। यह नहीं कि सबके साथ सहायता कीज...
- फिर क्या किया?...? उनकी आँखों में उस आदमी की वकअत और वजन दोनों बढ़ गए। अरे पगले! तू सुनता है कि नहीं सुनता? वकअत औ...
- फिर क्या हुआ?...? स्वामी जी की समझ में आ गया कि इसकी वजह क्या है? मेरे पास बस ज्ञान है। मुझे रामायण कहना आता है बस।...
- फिर क्या हुआ?...? आपकी दिशाएँ हमने बदल दी, आपका लक्ष्य बदल दिया और जीवन का स्वरूप बदल दिया है। अगर आपने इस बात को अ...
- फिर मैंने कहा कि अच्छा एक बात तो बताइये कि आपके पास क्या-क्या सामान है?...? आपकी कितनी सम्पत्ति और कितनी जायदाद है? मैं कागज-पेंसिल लेकर बैठ गया और पूछा कि आप अपनी फैक्ट्र...
- फिर यह फर्क कैसे पड़ा?...? मैं बताता हूँ-आपको जैसे बड़े लोग, सम्पन्न लोग अपव्यय के कारण गरीब हो जाते हैं, उनकी जागीरें नीलाम ह...
- फिर साकार क्यों?...? मित्रो! कई बार तो अचंभा होता है और मालूम पड़ता है कि फिलॉसफी की दृष्टि से कहीं हिन्दू धर्म पिछड़ा ह...
- बन्धन से बँधा हुआ व्यक्ति कैसा होता है?...? जेलखाने के कैदी के बारे में आप जानते हैं न, वह चारों ओर से जकड़ा हुआ होता है। हाथ जिसके बँधे हुए ह...
- बद्रीनाथ किसे कहते हैं?...? बद्री माने बेर, बेर माने बद्री। बेरों का जंगल था वहाँ, जहाँ आज बद्रीनाथ है। वे वहीं चले गए थे और ...
- बुद्ध विचार करने लगे कि वैदिक हिंसा और सारे विश्व में संव्याप्त पाप का मुकाबला करने के लिए खड़ा होऊँगा, तो मेरे पास साधन कहाँ हैं?...? साधन कहाँ से आयेंगे? एक छोकरा भागता हुआ चला आया। उसने कहा-पिताजी! मेरा सारा का सारा धन आपके चरण...
- बेटा चाहिए, तो देखिए कि बेटा कितने दाम का आता है?...? गुरुजी! बेटा तो बहुत दाम का आता है। बैल कितने का आता है? बैल तो एक हजार रुपये का आता है और हाथी? हा...
- बेटे, आपको क्या करना पड़ेगा?...? बँटवारा करना पड़ेगा। आप बँटवारा कर दीजिए और कह दीजिए कि अब तक जो बेइंसाफी चली, वह चली, आगे से नहीं...
- बेटे, क्या करना पड़ेगा?...? आपको किफायतसारी बनना पड़ेगा। ‘‘सादा जीवन, उच्च विचार’’ की परम्पराएँ पैदा कीजिए। मैं यही योगाभ्यास ...
- बेटे, यह क्या हो रहा है?...? बेइन्साफी तेरे भीतर हो रही है। कैसे? जिन्दगी का जो कुछ भी फायदा है, हमारा बहिरंग उठाता है। बहिरंग ...
- बेटे, हम कहाँ जा रहे हैं और न जाने क्या हो रहा है?...? हम जिस जमाने में रह रहे हैं, उसमें आदमी न जाने क्या होने जा रहा है? अगर आदमी इसी तरीके से बना रहा...
- ब्रह्मवर्चस कैसे जगाती है गायत्री?...?...
- भगवान को बच्चा समझते हो?...?
मित्रो! आप क्या समझते हैं कि शंकर जी इतने बेअकल और इतने नासमझ हैं कि चन्दन की माला से तो खुश...
- भगवान कौन सा दो काम करता है?...? अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना। धर्म की स्थापना आवश्यक है। कथा कहना आवश्यक है। अखण्ड कीर्तन और ज...
- भगवान देख रहा था, यह यकीन और यह विश्वास हमारे भीतर आये जो कि लोगों को मालूम नहीं है कि हम क्या कर रहे हैं?...? पड़ोसी को मालूम नहीं है, समाज को मालूम नहीं है, तो क्या हुआ, भगवान को मालूम है। वह तो सब कुछ देख र...
- भगवान् का प्यार कैसा होता है?...? भगवान् के प्यार के तीन तरीके हैं-पहला भगवान् जिसे प्यार करते हैं, उसे ‘सन्त’ बना देते हैं। सन्त यान...
- भगवान् को जवाब क्या देंगे?...? मित्रो! हमने शानदार जिन्दगी जी है तथा प्रसन्नता के साथ विदा होने को बैठे हैं कि हम भगवान् को सही ...
- भगवान् राम ने समुद्र को पाटने एवं रावण पर विजय प्राप्त करने का कार्य क्या अकेला ही किया था?...? नहीं उसे, उन्होंने हनुमान, अंगद, नल-नील आदि वानर एवं भालुओं के सहयोग से पूरा किया था। भगवान् कृष्...
- भगवान् श्रीकृष्ण की लीलाएँ क्या हैं?...? कृष्ण भगवान् जेलखाने में पैदा हुए, जो चारों तरफ से बन्द था, जिसमें उनके माता-पिता बन्द थे। जंजीरों ...
- भस्मासुर कैसे भस्म हुआ?...? एक लड़का था। उसने देखा कि शंकर भगवान की उपासना करते हुए लोगों ने बहुत लाभ और उन्नति कर ली। उसका मन...
- मन की साधना कैसे करें?...? देवियो, भाइयो! मैंने आपको शरीर की साधना के दो माध्यम बताए हैं- आहार और विहार। वैसे ही मन की साध...
- माला या मशीनगन?...?
हे भगवान! चल हमको दर्शन दे। हाँ, लीजिए साहब! कीजिए दर्शन। तू भगवान को ऐसा समझता है? नहीं महा...
- मित्रो आप हिन्दुस्तान के व्यक्ति यहाँ अफ्रीका में किस काम के लिए आए थे?...? जवाब दीजिए। आपको इन्हीं उद्देश्यों के लिए यहाँ आना चाहिए था। आपको यहाँ के लोगों को सभ्यता और शिक्षा...
- मित्रो, उन्होंने क्या काम किया कि सारे शहर को हमारा साहित्य पढ़ा दिया और हर एक व्यक्ति से ये कहा, हमारे गुरुजी जिनका कि आपने साहित्य पढ़ा है, क्या आपको पसन्द है?...? सबने एक स्वर से कहा कि अरे भाई! पढ़ा ही क्या, हम तो पगला गए हैं, उनके विचारों को पढ़कर। हम गुरुजी क...
- मित्रो, क्या करना पड़ेगा?...? आपको वहाँ जाने के बाद में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में, एक मार्गदर्शक के रूप में आपको रहना पड़ेगा।...
- मित्रो, चाणक्य की बात आपको नहीं मालूम?...? चाणक्य ने निश्चय कर लिया था, बाल बिखेर दिये थे कि जब तक नंद-वंश का नाश नहीं कर दूँगा, तब तक चोटी ...
- मित्रो, ब्राह्मण किसे कहते हैं?...? यह कोई जाति नहीं, वरन् मानव समुदाय का वह वर्ग है, जो केवल अपने लिए ही नहीं, देश समाज और संस्कृति ...
- मित्रो, यह हम क्या कह रहे थे?...? यह बतला रहे थे कि आप भी अगर इस दुनिया के राजा, जिसका नाम भगवान् है अगर अपना सम्बन्ध उससे जोड़ लें ...
- मित्रो, लड़ाई लड़े बिना कैसे काम चलेगा?...? रावण से लड़े बिना काम चला? दुर्योधन से लड़े बिना काम चला? कंस से लड़े बिना कहीं काम चला? लड़ाई मोहब्ब...
- मित्रो, शीरी फरिहाद की बात सुनी होगी आपने?...? फरिहाद को यह कहा गया था अगर वह शीरी से शादी करना चाहता है, तो यहाँ से ३२ मील लम्बी दूरी को काटकर ...
- मुसीबतों के दिन क्या ऐसे ही बने रहेंगे?...? क्या विनाश की तबाही इसी तरीके से ही होती रहेगी? क्या इस सुन्दर दुनिया की बरबादी इसी तरह से होती र...
- मृत व्यक्ति काम क्यों नहीं कर सकते?...? क्योंकि इनके अन्दर से एक चीज गायब हो गई है और उस चीज का नाम है—चेतना, जिसको चित् शक्ति कहते हैं।...
- मृतकों से क्या अपेक्षा?...? मित्रो! सारे-के-सारे ये वो लोग हैं, जो मर गए हैं, जो सड़ गए हैं। लोभ के अलावा, लालच के अलावा, ख्वा...
- मेरे गुरु के व्याख्यान देने का कार्य बन्द हो गया तो क्या उनकी शक्ति कम हो गई?...? हम नहीं बोल रहे हैं, हमारा गुरु बोल रहा है। आप भी उनकी शक्ति से बोलेंगे। प्रज्ञापुराण जब आप पढ़ेंग...
- मैंने कहा कि अगर गवर्नमेन्ट आपका बीस लाख रुपये ले ले, तो आपका क्या हर्ज होगा?...? आप सोच लीजिएगा कि सात-आठ साल तक आपने कमाया ही नहीं। वह मुस्कराने लगा। फिर मैंने उसे माताजी के पास...
- यज्ञ की शिक्षाओं को मैं आपको क्या बताऊँ?...? इसके प्रभाव से शरीर का स्वास्थ्य अच्छा होता है, बेशक अच्छा होता है। अभी वह समय आयेगा कि यह दुनिया क...
- यदि प्रत्येक प्राणी के भीतर राम और प्रत्येक प्राणी के भीतर सिया की यह वृत्ति हमारी आँखों में आ जाये, तो फिर क्या हम किसी आदमी के साथ में दुःख का व्यवहार करेंगे?...? किसी आदमी का शोषण करेंगे? क्या किसी आदमी के साथ में ठगबाजी करेंगे? क्या हम किसी के साथ में चालाकी...
- यदि हनुमान जी ने भगवान् के लिए नमस्कार किया, तो ढोंग किसलिए किया?...? ब्राह्मण क्यों बन गए? जब भगवान् को जानते थे कि वे भगवान् हैं, तो फिर ढोंग काहे को बनाया? चले जाते औ...
- यह कैसा पागलपन?...?
आप क्या कह रहे थे भगवान से? भगवान से मैं यह कह रहा था कि हमारे कर्मों के फल को आप हटाइए और ह...
- यह क्या कर दिया?...? मित्रो! यह जादू, यह चुम्बकत्व और यह मैग्नेट वहाँ से शुरू हो गया। परिणाम क्या हुआ? परिणाम आपने देख...
- यह क्या किया बुद्ध ने?...? बेटे, बुद्ध ने यही किया। दैवीय सभ्यता का प्रसार इसी से हुआ है। तो क्या बुद्ध ने बड़े व्याख्यान दिए थ...
- यह क्या है?...? यह है-सेंटीमेंट्स। तो क्या ईश्वर विश्वास सेंटीमेंट है? ईश्वर विश्वास सेंटीमेंट्स नहीं है। सेंटीमेंट...
- यह न देखें कि मिला क्या?...? साथियो! कर्मयोग में भगवान् ने यह बताया है कि आप यह मत देखिए कि उसमें फायदा हुआ कि नहीं? हमने जो च...
- यह शिक्षण किसका है?...? हमारे पुरोहित का। हमारा पुरोहित कमाता तो बहुत है, पर जमा नहीं करता; जबकि हम जमा करने में होशियार है...
- ये कैसे इष्टदेव हैं?...? बेटे, ये हमारे इष्टदेव इसलिए हैं कि ये सारे-के विश्व के प्रतीक हैं, ग्लोब की तरीके से नमूने हैं और ...
- ये कैसे हो जाएँगी?...? मित्रो! आदमी की जो घटिया वृत्तियाँ हैं, वे न केवल आदमी के शरीर को, वरन् उसके ईमान को और अन्तःकरण क...
- ये कौन हैं?...? ये सिद्धान्तवादी हँस हैं, जो एक- एक पाई के ऊपर ईमान बनाकर रखते हैं। एक- एक पैसे के ऊपर मरते- फिरत...
- ये क्या था?...? ये दैवीय सभ्यता है बेटे और कुछ नहीं है। गिलहरी कौन थी? मुझे गिलहरी का जिक्र करने की जरूरत नहीं है। ...
- ये क्या है?...? ये बेटे सब तमाशे हैं, खेल-खिलौने हैं। ये सब बहुत दिनों पहले थे। हमारी दुकान बड़ी हो गई है और अब मै...
- ये क्या होता है?...? बेटे! ये दैवी सभ्यता की शुरुआत होती है। यह न तो व्याख्यान से हुई, न कथा से हुई और न सत्संग से हुई। ...
- ये भूत आपको कहाँ मिलेंगे?...? मित्रो! आप पाश्चात्य देशों में चले जाइए। वहाँ आपको प्रेत मिलेंगे, पिशाच मिलेंगे। कैसे? जो अशान्त-ह...
- ये सब चीजें भगवान् को मन्दिरों के माध्यम से जो भगवान् के निमित्त चढ़ाई जाती हैं, उनके पीछे सिर्फ एक ही उद्देश्य छिपा था कि लोकसेवी को, जो एक तरीके से भगवान् के प्रतिनिधि कहे जा सकते हैं, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत स्वार्थों की तिलाञ्जलि दी और अपनी व्यक्तिगत सुविधाओं को ताक पर रख दिया, जिन्होंने केवल लोकमंगल का ही ध्यान रखा, केवल भगवान् के सन्देशों का ही ध्यान रखा, भगवान् का प्रतिनिधि न कहें तो क्या कहें?...? भगवान् के प्रतिनिधियों को जीवनयापन करने के लिए निवास से लेकर भोजन, वस्त्र तक और दूसरी चीजों के खर...
- रामराज्य कैसे आया?...? मित्रो! रामराज्य का बीज अयोध्या में बोया गया और वह भी एक छोटे-से खानदान में। कैसे बो दिया गया? बेटे...
- रामायण की जीवात्मा कहाँ है?...? रामायण की जीवात्मा वहाँ है, जबकि हम रामचंद्र जी के उपदेश का परिपालन और रामचंद्र जी की भक्ति किस त...
- लंका की आसुरी सभ्यता उस जमाने में सब जगह आतंक फैला रही थी और सारा विश्व, सारे देश त्राहि-त्राहि कर रहे थे कि अब क्या होने वाला है?...? हर आदमी अनीति के मार्ग पर चलने का शिक्षण प्राप्त कर रहा था और अनाचार के लिए कदम बढ़ाता हुआ चला जा रह...
- लक्ष्य से यह मतलब है कि आपको जाना कहाँ है और बनना क्या है?...? आपके सामने कोई नक्शा तो होना चाहिए। कहाँ जा रहे हैं साहब? ऋषिकेश। कितनी दूर है? १२ मील दूर है। कितन...
- लक्ष्य-उद्देश्य ऊँचे हैं कि नहीं?...?
मित्रो! देवी किसकी सहायता करती है? देवी जप करने वाले की सहायता नहीं करती, पाठ करने वाले की स...
- लेकिन जो मुश्किल का काम है, कठिनाई का काम है, कष्ट का काम है, त्याग का काम है, बलिदान का काम है, वह कौन करेगा?...?...
- लेकिन क्या कहा जाए?...? इसे मैं धर्मभीरुता कहता हूँ, धर्मभावना नहीं कहता। अपने देश में सिर्फ धर्मभीरुता है, धर्मभावना नही...
- लेकिन जब बुद्ध के जीवन में अध्यात्म आ गया तब?...? अध्यात्म की ताकतवाला वह हिस्सा बताता हूँ, जिसको आप भौतिक कहते हैं। दूसरे हिस्से का तो मैं आपसे जिक्...
- लोग हमसे बार-बार यही पूछते हैं कि आप राजनीति में क्यों नहीं जाते?...? मित्रो! हम राजनीति से अलग नहीं है, किन्तु हमारी राजनीति वह राजनीति नहीं है जो सत्ता हथियाने वाल...
- लोगों ने क्या किया?...? उन्होंने एक छोटा वाला हिस्सा, कमजोर वाला हिस्सा ले लिया, उसे लिख लिया, जिसके भीतर हम अपनी कमजोरिय...
- लोभ क्या है और इसे किस तरीके से तोड़ा जाए?...? लोभ कहते हैं-अनावश्यक संग्रह को। लोभ यही है कि आदमी को गुजारे के लिए मुट्ठी भर चीजों की जरूरत है।...
- वरदान या अभिशाप?...?
मित्रो! दौलत, जिसको आप देवताओं से माँगते हैं, उस दौलत को आपको देने की गलती देवता नहीं कर सकते?...
- वह उद्देश्य कैसे पूरा होगा?...? मित्रो! वह उद्देश्य ऐसे पूरा होगा कि जो कषाय और कल्मष मनुष्यों के ऊपर हावी हो गये हैं और चढ़ गये ह...
- वास्तविक चेला कौन?...?
नहीं महाराज जी! मैं तो आपका चेला हूँ। आपसे इसलिए गुरुदीक्षा ली थी कि आपकी कृपा हो जाएगी। कहा...
- विधि क्यों पूछते हैं?...?
यहाँ कितने लोग आते रहते हैं और बार-बार यही पूछते रहते हैं कि विधि बताइए। किसकी विधि बताएँ? ग...
- विश्वामित्र को जरूरत पड़ी थी तो उन्होंने दशरथ जी के बच्चे थोड़े समय के लिए माँगे थे कि भाई थोड़े समय के लिए दे दो हमें क्यों?...? क्योंकि हमें यज्ञ की रक्षा करनी है। कितने दिन में कर दोगे वापिस अरे यही कोई साल छै महीने में आ जा...
- वे कौन-से काम हैं, जो आपको करने पड़ेंगे?...? आपको यह करना पड़ेगा कि जहाँ कहीं भी आप जाएँ, जिस शाखा में भी आप जाएँ, एक छाप इस तरह की छोड़कर आएँ क...
- वे बकरी का मुँह बाँध देते हैं, जिससे वह चिल्लाती नहीं है, तो हत्या कैसे हुई?...? एक काम और वे करते हैं कि उसके गले में फाँसी लगाकर टाँग देते हैं और उसे मार डालते हैं। इससे उसको ख...
- शंकर भगवान के गले पर मुण्डों की माला क्या सिखाती है?...? अभी हम जिस चेहरे को शीशे में बीस बार देखते हैं। इधर से निकलते हैं तब शीशा, उधर से निकलते हैं तब श...
- शंकराचार्य ने अपनी माँ को समझाया, परन्तु माँ की समझ में कहाँ और क्यों आने वाला था?...? उसकी समझ में तो यही आता था कि मुझे पोता चाहिए, पोती चाहिए, कोठी चाहिए। मित्रो! इन सब ख्वाबों को ल...
- शालिग्राम किसे कहते हैं?...? अरे बेटे, नाम का फर्क है। शिवलिंग में और विष्णु में यानि शालिग्राम में क्या फर्क है? ‘‘एकं सद्विप्र...
- शिवजी की गंगा?...? तो महाराज जी! फिर क्या विशेषता है शंकर जी में? बेटे, कुछ भी नहीं है। वह ज्ञान की गंगा है जो शंकर ...
- शिष्य हैं कहाँ अब?...? — मित्रो! देवताओं की कृपा हम आपको दिलाएँगे, पर आप उसे रखेंगे कहाँ? आप रखने वाली चीज का इंतजाम क...
- शोहरत के बाद और कौन सी बात है जो हमने अपनी कमाई का हिस्सा दूसरों में बाँटा है?...? आप चाहें तो तलाश कर लीजिए। कुछ दिन तक आप हमारे साथ-साथ रहिए और यह देख लीजिए कि गुरुजी के पास मिलने ...
- श्रीकृष्ण भगवान् ने महाभारत, ग्रेटर इण्डिया विशाल भारत बनाने के लिये जो कोशिश की थी, महान् भारत यह जो पहले लड़ाई लड़ी गयी थी या पीछे और भी जो काम हुये थे भगवान् ने कर लिये थे?...? नहीं। गोवर्धन अकेले उठा लिया था? नहीं, सम्भव नहीं था। इसलिये उन्होंने जगत की परम्पराओं को जारी रखने...
- षड् रिपुओं से कैसे बचें?...?
लेकिन मित्रो! हमारी तो छह टाँगें पकड़ रखी हैं। दो टाँगें, अगले दो हाथ, एक नाक, एक मुँह, सब पकड़कर...
- संकल्प किसे कहते हैं?...? संकल्प उसे कहते हैं जिसमें कि आदमी कीमत चुकाने के लिए तैयार हो जाता है। कीमत चुकाइए, परिणाम पाइये।...
- संकल्पवान कौन होता है?...? संकल्पवान का अर्थ फिर एक बार समझ लीजिये।...
- संजीवनी विद्या बनाम जीवन जीने की कला — संजीवनी विद्या क्यों व किसके लिए?...? Nov 1991 वां68
(005): युगशोधन हेतु मनीषा को आमंत्रण (23 Nov 1979 प्रवचन) Jan 1992 वां68
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- सन्त से क्या मतलब है?...? सन्त का मतलब है, पुरुषार्थी, त्यागी और तपस्वी। आपके भीतर तो दो ही चीजें जगी हुई हैं। कौन-कौन-सी ची...
- सच क्या है?...? जैसा आपने देखा है, सुना है, उसको ही कह देने का नाम सच नहीं है। सच उस चीज का भी नाम है, जिसके साथ ...
- सच्चा अध्यात्म आखिर है क्या?...?...
- समझदारी जहाँ कहीं भी होगी, न जाने क्या-से-क्या करती चली जाएगी?...? समझदार आदमी आर्थिक क्षेत्र में चला जाएगा, तो वो मोनार्क पैदा हो जाएगा और हेनरी फोर्ड पैदा हो जा...
- समझें कि आखिर गायत्री है क्या?...? मित्रो! आपको हम गायत्री उपासना का महत्त्व बता रहे थे और यह कह रहे थे कि गायत्री उपासना आपको करनी ...
- समर्पण किया आपने?...?
बेटे! अध्यात्म जगत् की हर चीज श्रद्धा के बल पर, भक्ति के बल पर ही खरीदी जाती है। पैसों से नहीं खर...
- समर्पण के बिना भक्ति कैसी?...?
अभी मैंने बताया था कि भक्त का समर्पण होना चाहिए, समर्पण यदि नहीं है, तो फिर वह भक्ति कैसी है? और ...
- समाज निर्माण कैसे होगा?...? इस सन्दर्भ में उन दिनों, एक युगनिर्माण सत्संकल्प के रूप में घोषणापत्र बनाया गया था, जिसमें यह बात ...
- साइंस किसकी पैदावार है?...? दिमाग की पैदावार है। साहित्य दिमाग की पैदावार है। संगीत दिमाग की पैदावार है। दुनिया में जो कुछ भी आ...
- साथियो, आपको जो बुद्धि मिली है उसका आपने सही इस्तेमाल किया?...? नहीं। फिर आप भगवान् से बार-बार क्यों माँगते हैं? आपको इतनी विद्या बुद्धि मिली हुई थी कि आप दुनिया...
- साथियो, हृदय-हृदय पर शासन किसका होता है?...? हृदय-हृदय पर शासन धर्मर्तंत्र का था, है और रहेगा। भौतिक वस्तुओं पर शासन सरकार का रहेगा और सरकार क...
- साधना किसकी की जाए?...? भगवान् की? अरे भगवान् को न तो किसी साधना की बात सुनने का समय है और न ही उसे साधा जा सकता है। वस्त...
- साधना किसे कहते हैं आपको मालूम नहीं?...? आप हनुमान जी की पूजा करते हैं, सन्तोषी माता की पूजा करते हैं। यह मन्त्र है, न यन्त्र है, न पूजा ह...
- साधना के पश्चात् आराधना की बात बताता हूँ आपको कि आराधना क्या है और किसकी की जानी चाहिए?...? आराधना कहते हैं-समाजसेवा को, जन कल्याण को। सेवाधर्म वह नकद धर्म है, जो हाथोंहाथ फल देता है। इसमें...
- सिकंदर ने फकीर से पूछा-कहिए आपकी आवश्यकताएँ क्या हैं?...? उसने कहा कि सबेरे का वक्त है, ठंडक पड़ रही है और हम चाहते हैं कि हमारी ठंडक दूर हो जाय और हमको गर्मी...
- सींग किसके होते हैं?...? मनुष्यों के सींग होते हैं कभी? हमने तो देखे नहीं हैं? यह क्या है? खाली अलंकार है। दैत्य का तरीका क्...
- सुगन्ध फैलाने में भगवान् को क्या कोई लाभ हो जाता है?...? हमारा कुछ लाभ हो जाता है क्या? हाँ, हमारा एक लाभ हो जाता है और वह यह कि इससे हमें ख्याल आता है कि...
- सुसंस्कारी बनाए, कैसी हो वह शिक्षा?...? — गायत्री विद्यापीठ का शुभारम्भ, 1 जून 1980 Mar 1992 वां68
(008): नवरात्रि साधना का तत्त्वदर्शन Ap...
- सेवा हम किसकी कर सकते हैं?...? मित्रो! इस दुनिया में व्यक्ति उसकी ही सेवा कर सकता है, जिससे वास्तव में उसकी मोहब्बत है। अतः आप अ...
- स्वर्ग का जीवन कैसे?...?
मित्रो! क्या करना चाहिए? आपको एक काम करना पड़ेगा। क्या? इस दुनिया में सबसे बड़ी दिक्कत यह पड...
- हजरत उमर ने कहा-‘क्या दुनिया में ऐसे भी आदमी हैं, खुदा जिनकी इबादत किया करता है?...? ’ फरिश्ते ने कहा-हाँ, दुनिया में ऐसे भी आदमी हैं, खुदा जिनकी इबादत किया करता है। भगवान जिनकी पूजा क...
- हनुमान जी जिनका कि आज जन्मदिन है, क्या वे मिनिस्टर नहीं बन सकते थे?...? हाँ, वे भगवान राम की हुकूमत में मिनिस्टर बन सकते थे, उनके मंत्री बन सकते थे, लेकिन वे मिनिस्टर ...
- हम ईमानदारी से जीवनयापन करते हैं, फिर हमारे ऊपर कोई कैसे अँगुली उठा सकता है?...? अँगुली उठायेगा तो धूल उसी के ऊपर गिरेगी। जहाँ जख्म होगा, वहाँ मक्खी बैठेगी, कीड़े पड़ेंगे। जहाँ जख्...
- हम मालदार हैं?...? हाँ बिल्कुल मालदार हैं। अब हमारे पास बहुत साधन है। आज से दस वर्ष पहले अगर हम आपके पास आते तो मुश्कि...
- हमसे तो यह पूछिये कि असली धर्म क्या है?...? बेटे, असली धर्म उस चीज का नाम है, जो मनुष्य की जिम्मेदारी को प्रभावित करता है और कर्तव्य का ज्ञान...
- हमारा लक्ष्य, हमारा मॉडल, हमारा मस्तिष्क कैसा होना चाहिए?...? जैसा कि शंकर जी का सन्तुलित दिमाग-सन्तुलित मस्तिष्क है। हमारी विचारणाएँ कैसी होनी चाहिए और हमारा दिमा...
- हमारी स्वयं की गायत्री उपासना कैसे फली?...?...
- हमें बनना क्या है?...?
साथियो! नक्शे कागज पर बनाए जाते हैं और मॉडल मिट्टी के अथवा दूसरी चीज के बनाए जाते हैं। मॉडल ...
- हाँ, सही है और आपकी बात सही नहीं है?...? हाँ, आपकी बात और भी सही है। आपकी बात इसलिए सही है कि बेटे, हम अपनी सारी की सारी कमाई को अकेले खाने ...
- ’ कहिए तो हम किसी आदमी से धूपबत्ती का एक बण्डल पार्सल से भिजवा दें?...? भगवान जी ने कहा-‘गुरु जी! आप लोगों से कह देना कि हमें धूपबत्तियों की कतई जरूरत नहीं है।...
- ’ इसका क्या अर्थ है?...? इसका अर्थ केवल एक है कि हम एक ऐसे ढाँचे में ढलना चाहते हैं जो मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जा सके। अपने...
- ’ इसका क्या मतलब है?...? ‘अक्षत’ का अर्थ है कि हम जो अनाज कमाते हैं। पहले सब लोग अनाज कमाते थे। आज तो रुपये भी मिलते हैं। हम...
- ’ क्या माँगें हैं?...? उन्होंने कहा-‘जिस दिन आपको पैदा किया था, तो बस एक काम के लिए पैदा किया था कि आप उसकी खूबसूरत दुनि...
- ’ तो मैं छोटी सी गिलहरी हूँ, तो क्या हुआ?...? मैं भी अपने बालों में मिट्टी भरकर ले जाती हूँ और समुद्र में डाल देती हूँ, ताकि समुद्र पटता हुआ ऊँ...
- ’ प्रधानमंत्री कौन थी?...? इंदिरा गाँधी। फिर आए मोरार जी देसाई। अच्छा ये हिन्दुस्तान के सबसे बड़े प्रधान हैं। प्रधान हैं, तो ये...
- ’ बस क्या था?...? उन छोकरियों ने भी बुद्ध का प्रकाश ग्रहण किया और भिक्षु हो गयीं। ढाई लाख के करीब उन्होंने नौजवानों...
- ’ मैं क्या कह रहा हूँ?...? आध्यात्मिकता के बल के बारे में कह रहा हूँ। स्वामी विवेकानन्द आध्यात्मिकता के बल को लेकर गये थे और स...
- ’ यह ब्राह्मण के लिए योग्य है, फिर बाकी लोग कैसे कर सकते हैं?...? ठाकुर कैसे करेंगे? कायस्थ कैसे करेंगे? धत्त तेरे की- मैंने कहा कि मेरा किया मेरे लिए ही उल्टा पड़ ...
- ’ योग किसे कहते हैं?...? योग कहते हैं—परमात्मा से जुड़ने को। आज का ‘योगा’ अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग होता है। अगर योगा देखना ह...
- ’’ उसने कहा—‘‘क्यों क्या हुआ?...? ’’ ‘‘अरे देखो! खेत का मालिक आ गया। जल्दी भागो।’’ बस वे दोनों भाग गये। चोर ने बेटे से पूछा—‘‘लड़के!...
- ’’ अर्थात भूखा आदमी क्या पाप नहीं कर सकता?...? भूखा आदमी किसको दान दे सकता है? किसकी सहायता कर सकता है? किसी सेवा कर सकता है? किसका भला कर सकता ...
- ’’ इनका क्या मतलब है?...? बेटे, जल नम्रता का प्रतीक है, सज्जनता का प्रतीक है, शीतलता का प्रतीक है। सरलता का प्रतीक है, सहजता ...
- ’’ इसका मतलब क्या है?...? यह जिह्वा को पवित्र करती है। इसका वर्णन ब्राह्मणत्व के लिए आया है। सावित्री और सत्यवान की कथा म...
- ’’ इससे क्या हो जायेगा?...? तेरा दिमाग खराब हो जायेगा। पागल कहीं का, बेकार की बातें करता है। बेटे, कर्म की, पुरुषार्थ की बाते...
- ’’ उन्होंने कहा—‘‘मैंने इतना परिश्रम किसलिए किया था, तुमको मालूम है?...? ’’ उसने कहा—‘‘हमें नहीं मालूम है।’’ भगवान ने बताया कि तुम्हारा बहुमूल्य जीवन मैंने अनेक जीवों के सा...
- ’’ उन्होंने कहा—‘‘हमें नहीं मालूम कि हमारा क्या लक्ष्य है?...? ’’ उन्होंने कहा—‘‘मैंने इतना परिश्रम किसलिए किया था, तुमको मालूम है?’’ उसने कहा—‘‘हमें नहीं मालूम ह...
- ’’ उसने कहा—‘‘जा-जा, हमको क्या सिखाता है?...? ऐसा नहीं हो सकता। जो जमा करेगा, सो मरेगा।’’ इसलिए पेट ने क्या काम किया कि उसे हजम किया और उसमें कुछ...
- ’’ किससे स्नान करा रहे हैं?...? एक चमची—जल से। अरे भाई! पहले तो तू स्वयं एक चमची जल से नहा करके आ जरा, तब भगवान जी को स्नान कराना।...
- ’’ क्या भगवान् का अनुग्रह मेरे ऊपर न होगा?...? सुकरात ने कहा- ‘अच्छा तुम कल आना और मेरी एक सेवा करना, फिर मैं तुम्हें उसका मार्गदर्शन करूँगा।’ ...
- ’’ खीरा का मंजीरा बन सकता है और कद्दू काटकर मृदंग बन सकता है?...? यह कबीर की उलटबाँसी है। हिन्दू धर्म का रहस्यवाद मित्रो! कबीर ने यह कोशिश की है किसी भी तरीके से र...
- ’’ तो क्या इसी को एटीकेट कहते हैं?...? हाँ इसी को कहते हैं। हमने चार सौ रुपये महीने पर बोर्डिंग स्कूल में अपने बच्चे को दाखिल करा दिया ह...
- ’’ तो फिर किस बात की जरूरत है?...? उन्होंने कहा कि महाराज जी! आप तो बतायें कि हमको खाँसी आ जाती है। हमको बुखार आ जाता है। आप हमारा ब...
- ’’ पहले मुझे शंकर भगवान का वरदान तो दिलवा दीजिए, हनुमान जी का वरदान तो दिलवा दीजिए, साईं बाबा का वरदान तो दिलवा दीजिए, आचार्य जी का वरदान तो दिलवा दीजिए, फिर देखिए कि मैं क्या करके दिखाता हूँ?...? फिर मेरा चमत्कार देख लेना। फिर मैं सारे मोहल्ले वालो में से किसी को जिन्दा नहीं छोड़ूँगा और मैं ...
- ’’ फिर क्या हुआ?...? कोई लड़ाई- झगड़ा हुआ? नहीं, कोई लड़ाई- झगड़ा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लड़ाई- झगड़ा भी नहीं हुआ, तो फ...
- ’’ ब्राह्मण शब्द क्यों काट दिया?...? इसलिए कि गलतफहमी पैदा हो गयी थी। ‘ब्राह्मण’ का अर्थ मैं कुछ और समझता था और उसे लोगों को समझाना चाहत...
- ’’ भगवान ने कहा—‘‘अब कहाँ चलना चाहिए?...? ’’ भगवान आसमान में चले गए, दूसरी जगह चले गए, तीसरी जगह चले गए, लेकिन मनुष्यों ने पीछा नहीं छोड़ा। वे...
- ’’ मनुष्य क्या है?...? मनुष्य भगवान् की नकल है। हम इसी से अंदाज लगा सकते हैं कि भगवान् बड़े रूप में कैसा होगा? जैसे इनसान...
- ” “अच्छा बताओ, मछली की पलक, मछली का सिर आदि कुछ दिखाई पड़ता है?...? ” उसने कहा, “नहीं, केवल आँख की पुतली दिखाई पड़ती है।” राजा ने हुक्म दिया कि बस यही लड़का निशाना साध...