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इस सन्दर्भ में मैं आपके सामने कुछ आदमियों के नाम रखना चाहता हूँ कि परिवर्तन कैसे होते हैं?...ंकराचार्य को आप जानते हैं न? शंकराचार्य एक मामूली घर के लड़के थे। उनकी माता यह उम्मीद करती थी कि पढ़ाने...
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और किसकी सहायता हुई?...दन का नाम सुना है आपने, कि वह कैसा आदमी था? कसाई का धन्धा करता था, जानवर काटता था, पवित्र शालिग्राम-प...
- अगर आदि शंकराचार्य ने अपने दृष्टिकोण में हेर-फेर नहीं किया होता तो?... तब फिर वही होता, जो उनकी माँ चाहती थीं। वे एक मामूली पण्डित-पुरोहित होते, जन्मपत्रियाँ बनाते-फिरते, ...
- अगर आप अलग होने की कोशिश करेंगे तो आपके सामने नये विचार आयेंगे, नयी समस्याएँ आएँगी, नये दृष्टिकोण आएँगे, नये कार्यक्रम आएँगे कि हमको क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहिए?... शरीर और आत्मा दोनों को अलग-अलग करने की कोशिश करना। दोनों के हितों के लिए क्या करना चाहिए? ऐसा जब आप ...
- अगर आप ऐसा नहीं करते तब?... तब उनके साथ जो उनकी ओर से न्याय मिलना चाहिए था, नहीं मिलता। आप हरेक की खुशामद करेंगे? हरेक की मर्जी ...
- अगर आप तपश्चर्या नहीं कर सकते अर्थात् अपने आप पर संयम नहीं लगा सकते, आप अपने आप को पुरुषार्थी नहीं बना सकते, अपने आप को संघर्षशील नहीं बना सकते, तो फिर आपके लिए सफलताएँ कहाँ से आएँगी?... धन, बल, विद्या, कला वगैरह सम्पदाएँ क्या किसी ने बिना परिश्रम के कमा लीं? बिना पुरुषार्थ के कमाई जा स...
- अगर आप नहीं करेंगे?... तो ढर्रे पर घूमते रहेंगे और ढर्रे पर घूमते हुए कोल्हू के बैल के तरीके से पिलते-पिसते रहेंगे। संघर्ष ...
- अगर आपका अहंकार जल गया, दूसरों को सम्मान देना शुरू कर दिया, तो आप देखना उस सम्मान की प्रतिक्रिया क्या होती है?... आप जितना सम्मान दूसरों को देंगे, उससे असंख्य गुना सम्मान आपके हिस्से में आएगा और फिर आप सम्मान की कम...
- अगर आपने अपने फर्ज और कर्तव्यों को समझ रखा हो तब?... फर्ज का ज्ञान नहीं, कर्तव्य का ज्ञान नहीं, कोल्हू के बैल के तरीके से सारे दिन मरते रहते हैं, दूसरों ...
- अगर आपने दृष्टिकोण सही कर लिया तब?... तब वही नारी आपको देवता की तरह वरदान दिया देगी। शिवाजी को एक नारी ने ही देवता जैसा वरदान दिया था, आपक...
- अगर ऐसी मुसीबत आयेगी, तो हम लड़ेंगे, मुकाबला करेंगे और साहस का परिचय देंगे—यह हिम्मत भी रखिए और उम्मीदें भी अच्छी कीजिए, खराब उम्मीदें आप क्यों करेंगे?... क्या खराब उम्मीद की गारण्टी है कोई? जब खराब भविष्य की गारण्टी नहीं है, फिर आप अच्छे भविष्य की कल्पना...
- अगर कोई उड़ाने वाला न हो तब?... तब पतंग जमीन पर गिरेगी और मटियामेट हो जाएगी। मनुष्य अपने जीवन की पतंग अगर भगवान के हाथों में सुपुर्द...
- अगर न तपाएँ तब?... तब फिर लोहा कच्चा रहेगा, कोई चीज नहीं बन सकेगी। ईंटें आप देखते हैं न! ये ईंटें क्या हैं? मामूली मिट्...
- अगर पेट खराब है, पचता नहीं है, तो मलाई-मिठाई क्या करेगी?... और जहर पैदा कर देगी। मेरा मतलब पात्रता से है।आप ध्यान दीजिए और गौर कीजिए। पात्रता का विकास किये बिना...
- अगर भक्ति को समझ सकते हों, तब फिर ये क्या हो जाएगा?... फिर ये भक्तियोग हो जाएगा। अपने जीवन की वास्तविकता को समझ सकें, तो ये ज्ञानयोग हो जाएगा। जब अपने फर्ज...
- अगर यह धागा न बाँधे कठपुतली तब?... यह कहे-हम तो समर्पित नहीं होते, हम तो इनके अनुशासन को नहीं मानेंगे फिर? फिर कठपुतली का तमाशा देखा जा...
- अगर यह पतंग सुपुर्द न करे तब?... तब फिर जैसा छोटा, घिनौना मनुष्य है, वैसा ही तो रह जाएगा आगे कहाँ बढ़ेगा? आगे उसकी उन्नति की सम्भावना ...
- अगर वह अपने दैत्य बाप के कहने पर चला होता और पुरानी परम्परा पर चला होता, तो सिवाय दैत्य के क्या हो सकता था?... बाप दादे जो काम करते थे, वही काम प्रह्लाद भी करता, परन्तु प्रह्लाद ने अपने आपको बदल दिया। इसी तरह गु...
- अगर वह जुड़ें नहीं तब?... तब पंखा कैसे चले? बल्ब कैसे जले? दूसरे काम कैसे बनें? इसलिए इनका जुड़ जाना आवश्यक है। जुड़े बिना बड़ी श...
- अगर हम उसका सहयोग न करते तब?... रामकृष्ण परमहंस की आज्ञा न मानते विवेकानन्द, तो क्या वे विवेकानन्द बनते? आशीर्वाद लेकर घर बैठ जाते। ...
- अगस्त्य ऋषि में शक्ति कहाँ से आ गई थी?... ये अगस्त्य ऋषि की शक्ति तपश्चर्या की शक्ति है। तपश्चर्या आदमी न करे तब? शक्तिवान हो जाएगा? नहीं, तपश...
- अच्छा, अगस्त्य ऋषि को आप जानते हैं?... अगस्त्य ऋषि ने तीन चुल्लू में समुद्र का पानी पी लिया था। अगस्त्य ऋषि में शक्ति कहाँ से आ गई थी? ये अ...
- अच्छे काम के लिए कोई खर्च नहीं है क्या?... आप फिजूलखर्च जरा भी मत कीजिए और जो कुछ भी आपके पास धन है, उसको लगा दीजिए अच्छे कामों में।हमारा उदाहर...
- अठारह घण्टे हो गये न?... अठारह घण्टे से ज्यादा आप भौतिक जीवन के लिए खर्च मत कीजिए। छह घण्टे नियमित रूप से आप आध्यात्मिक उन्नत...
- अतः अगर आपने इतना मान लिया है कि आपको गुजारे तक ही सीमित रहना है, गुजारा ही आपके लिए सन्तोषजनक है, फिर आपके पास फालतू बचेगा ही नहीं; फिर आप फालतू कमाएँगे ही नहीं; फिर बेईमानी का सवाल कहाँ रहा?... फिर पापों का सवाल कहाँ रहा? धृष्टता सवाल कहाँ रहा? इतना करने के बाद में एक और बड़प्पन की बात हो जाती ...
- अधःपतित क्यों हो जाता है?... भगवान बुद्ध ने एक तो घटना दिखाई और एक उदाहरण दिया। उन्होंने घटना ये दिखाई कि अपने कमण्डलु को पानी मे...
- अनावश्यक वस्तुएँ न खाएँगे, तो कौन-सी हर्ज की बात है?... आवश्यक वस्तुओं को एक महीने रहकर खाएँगे, यह तो बहुत अच्छी बात है।...
- अनुशासित जीवन अगर आप न जिएँ तब?......
- अन्तरात्मा किसे कहते हैं?... अन्तरात्मा कहते हैं—गुण, कर्म और स्वभाव को। इसी विशेषता का नाम परमात्मा है। इसी का ‘सुपर कांशसनेस’ क...
- अपना व्यवहार यदि नहीं बदल सकते, तो समाज के लोगों को आप कैसे बदल सकेंगे?... समाज के लोगों का स्वभाव कैसे बदल जाएगा? आप अपना व्यवहार इस तरीके से करें, जिससे कि उन लोगों के हमले ...
- अपनी इन्द्रियों को मारता क्यों?... फिर तो सब अपना मनमौजी जीवन जिया करते, विलासिता का जीवन जिया करते और साथ-साथ में जप-तप करके, थोड़ा-बहु...
- अपनी मर्जी पूरी करेंगे?... मर्जियों की ओर ध्यान मत दीजिए। औचित्य पर ध्यान दीजिए। उनकी क्या माँग उचित है, उस पर ध्यान दीजिए। क्य...
- अपनी मौत को अगर आप देखें, तो क्या करेंगे?... तो राजा परीक्षित की तरह अपने रवैये को बदल लेंगे और सिकन्दर की तरह वह मौका नहीं आने देंगे, जिसमें आप ...
- अपनी से क्या मतलब?... अपनी से मतलब यह है कि जो हमारे भीतर जन्म-जन्मान्तरों के कुसंस्कार जमे पड़े हैं, उनका परिशोधन करना पड़ेग...
- अपने आपको आप अकेला कहेंगे, तो फिर आपको नये ढंग से विचार करने का मौका मिलेगा कि आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?... दुनिया के दबाव जो अनावश्यक रूप से आपको हैरान करते हैं, उन दबावों को हटाने के लिए यह जरूरी है कि आप ए...
- अपने आपको ही हमारे ऊपर हावी रखेंगे?... हमारी मनोकामना पूरी कर दीजिए। ऐसे कौन आपकी मनोकामना पूरी कर देगा, बताइए? रावण की मनोकामना पूरी करने ...
- अपने आपसे क्या मतलब?... अपने आपसे मतलब है—सुपर चेतना से, जो हमारे भीतर है, जिसके बारे में शुरू में बताया गया है। भीतर के अन्...
- अपने ईमान और भगवान् का कहना मानने वाले नानक का क्या हो गया?... देखा है न आपने कि सारे संसार में कितनी इज्जत उनकी? सिक्ख धर्म में उन्हें भगवान मानते हैं।...
- अपने घर का काम कौन छोड़ता है?... आपके अन्दर वह शराफत मालूम पड़ती है और जिन्दगी मालूम पड़ती रहेगी। आध्यात्मिकता का परिचय मालूम पड़ता है त...
- अपने फटे-टूटे झोंपड़े में रहता रहा, तो क्या?... और इस तरह सादाजीवन उच्चविचार के तरीके से अपना जीवन व्यतीत करता रहा, तो क्या? लेकिन भगवान का प्यार तो...
- अपने बेटे और पोते को ही, सवा लाख पूत, सवा लाख नाती तक ही सीमित रहेंगे?... आप विभीषण जी का अनुकरण नहीं कर सकेंगे क्या? ऐसा कीजिए अब आप—अब विभीषण को अपना इष्ट बनाइए और पहले जो ...
- अपने यहाँ गायत्री परिवार में हजारों-लाखों लोग ऐसे हैं, जो सेवा करने के बड़े इच्छुक हैं, पर क्या करें?... घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियाँ ऐसी हैं कि इनको कुछ दिये बिना, अपने शरीर का निर्वाह किये बिना, कपड़ा दिये...
- अब आप बताइए उसके चाल-चलन को ठीक कैसे करेंगे?... नहीं साहब, हम तो क्षमा माँगेंगे। क्षमा मागेंगे लेकिन वह लड़की अब किसी की घरवाली हो गई और जिसके बेटे भ...
- अब क्या गौ दान देंगे?... लेकिन आप ऐसा कीजिये, हमसे गौ दान ले जाइये, एक कामधेनु ले जाइये। कामधेनु क्या है? कामधेनु आध्यात्मिकत...
- अब तक आपका महत्त्वाकांक्षी जीवन, महत्त्वाकांक्षाओं को तो मैं मना नहीं करता; पर आपका मन वित्तैषणा, पुत्रैषणा और लोकेषणा—इन्हीं में तो रहा है, तो यह महत्त्वाकांक्षा नहीं है?... यह महत्त्वाकांक्षा मत रखिए। आप लोकसेवा की महत्त्वाकांक्षा रखिए, आप आत्मा को प्रसन्न करने की महत्त्वा...
- अब तक आपको वही प्यारा लगा न दैत्य?... लेकिन अब ऐसा मत कीजिए। अब यहाँ से जाते-जाते आप अपने आपको देवता की बिरादरी में शामिल कर लीजिए। देवता ...
- अभ्रक भस्म, लोहा भस्म, सोना भस्म, चाँदी भस्म, मकरध्वज—ये सब क्या चीज हैं?... ये ऐसे भस्म और रसायन हैं कि जिसमें पदार्थों को जलाकर के, गरम करके तपाने के बाद में उनकी शक्ति को उछा...
- अमृत किसे कहते हैं?... आत्मज्ञान को कहते हैं, आदर्शवाद को कहते हैं, उत्कृष्टता को कहते हैं, ईश्वर-विश्वास को कहते हैं। अगर ...
- अर्जुन के बारे में आपने सुना नहीं?... अर्जुन एक तरीके से मछली का कोई हिस्सा देखता था, इसलिए उसका निशाना लगाना सम्भव हो सका। जो दूसरे राजकु...
- अर्जुन को गाण्डीव कहाँ से मिला था?... देवताओं ने दिया था, इन्द्र देवता ने। केवल अर्जुन को ही क्यों दे दिया? सबको क्यों नहीं दिया? क्योंकि ...
- असल में मन कभी इधर घूमता है, कभी उधर घूमता है, कभी किधर घूमता है?... इन सबको रोककर के क्या करेंगे? आप मन को रोकिए। रोकने के बाद में उसको भगवान में लगा दीजिये। यही तो योग...
- आँख से आप कुदृष्टि से देखते रहिए; स्त्रियों को देखते रहिए; बहिन, बेटी और माँ की इज्जत मत कीजिए, धर्मपत्नी को भी रमणी और कामिनी की दृष्टि से देखिए, तो देखिए प्रत्येक औरत आपके लिए डाकिन और नागिन का काम करती है या नहीं और इन्हीं को आप बेटी मान पाएँ तब?... बहिन मान पाएँ तब? माता मान पाएँ तब? सहधर्मिणी मान पाएँ तब? तब! यही महिलाएँ आपके लिए देवी की तरह से स...
- आँखों में चमक से क्या होता है?... आँखों में चमक तो तस्वीरें भी पैदा कर लेती हैं, मूर्तियाँ भी पैदा कर लेती हैं, बीमार आदमी को सजाकर बि...
- आइये अब विचार करें कि यह कैसे सम्भव होगा?... इसके लिए क्या करना पड़ेगा? इन सारे प्रश्नों पर गम्भीरता से हम और आप विचार करें।
आमतौर से कल्प-सा...
- आकृति कैसे बदल सकती है?... आकृति नहीं बदली जा सकती, आपके शरीर की बनावट नहीं बदली जा सकती। आपका स्वभाव बदला जा सकता है। जो बदल स...
- आकृति बदल भी कैसे सकते हैं हम?... आपकी नाक की जैसी बनावट है, अब किसी और तरह की नाक कैसे काट के लगा दें आपके! आपकी लम्बी नाक है, आप क्या...
- आखिर यह दान है क्या?... वास्तव में यह समयदान का ही दूसरा रूप है। समय दान जो आदमी नहीं कर सकते, वह अर्थदान कर सकते हैं। समयदा...
- आखिर यह हुआ कैसे?... भगवान ने कर दिया क्या? नहीं, तो फिर भाग्य ने किया क्या? नहीं, तो फिर किसी आदमी ने किया होगा? नहीं, क...
- आगे उसकी उन्नति की सम्भावना कहाँ है?... आगे उसकी उन्नति के लिए कोई सम्भावना नहीं है और न कोई गुंजाइश है।...
- आचमन तीन बार करते हैं, उसके पीछे क्या संकल्प होता है?... उसके पीछे यह संकल्प होता है कि हमारा मन, वाणी या वचन और कर्म—इन तीनों की शुद्धता के लिए जल पीते हैं ...
- आज आपको इस कूड़े-कचरे में से क्या चीज पल्ले पड़ने वाली है?... कुछ भी तो नहीं है, सिवाय आफत पैदा करने के और दिमाग खराब करने के, पुरानी गप्पबाजियाँ खड़ी करने के, अपन...
- आज क्या फायदा, आज कितना फायदा है, कल को नुकसान हो, तो?... ऐसी ही आमतौर से अदूरदर्शिता हर जगह फैली हुई है।...
- आज खिला देंगे?... आज भी खिला देंगे। कल खिला देंगे? कल भी खिला देंगे। महीने भर खिला देंगे? महीने भर भी खिला देंगे; पर त...
- आत्मा की उन्नति का सवाल कहाँ रहा?... आत्मा की उन्नति कोई खेल-खिलौने थोड़े ही हैं कि आप रामायण पढ़ लेंगे, गीता पढ़ लेंगे, माला घुमा देंगे, गं...
- आदमी का दिमाग खराब हो जाए तब?... तब एक से एक बढ़िया परामर्श देने वाले, एक-से सहायता देने वाले क्या कर सकते हैं? कोई सहायता नहीं कर सकत...
- आदमी होशियार है, समझदार है कि बेअकल है—इसकी पहचान सिर्फ एक है कि वो खर्च कैसे कर सकता है?... कमाने में तो आप कुछ भी कमा लेते हैं? सट्टा मिल जाए तब लाटरी खुल जाए तब जमीन में गड़ा हुआ धन मिल जाए त...
- आधा गिलास क्या कम है?... पहले खाली गिलास था। अब आधा गिलास हो गया। आप यों प्रसन्न क्यों नहीं हो सकते कि आधा गिलास पानी हमारे प...
- आप अपनी मुस्कान बीबी को क्यों नहीं दे सकते?... आप बच्चों को वंश चलाने की आशा करते हैं? आप बच्चों को वंश चलाने योग्य क्यों नहीं बना देते? आप कीजिये।...
- आप अपनी लड़की को लाख-करोड़ रुपये दहेज में कैसे दे पाएँगे?... जो बात आप नहीं कर सकते, उसके लिए आप बेचैन रहते हैं!हमको अपने कुटुम्बियों के लिए करना चाहिए। कुटुम्बि...
- आप अपने आपको भगवान के सुपुर्द कर दें और उनसे पूछे आपको क्या करना चाहिए?... भगवान जो आपको आज्ञा दें, आपकी जीवात्मा आपको जो आज्ञा दे, उसी के हिसाब से चलें और करें। सुपरमैन आपके ...
- आप अपने नजरिये को ठीक कर पाएँ, तो आप देखेंगे आपके पास करने और देखने के लिए और भी बहुत सारी चीजें हैं, जैसे—आपको बुढ़ापा देखने लायक नहीं है क्या?... बुढ़ापा देखना चाहिए, बुढ़ापा देखेंगे, तो आप जवानी को सही तरीके से प्रयोग करना सीख जाएँगे। मौत दिखायी...
- आप अपने पैसे किसी को दे देंगे क्या?... नहीं। बैंक वाले चाहे किसी को रुपये दे देंगे क्या? नहीं; क्योंकि वे रुपया उधार देने से पहले हजार बार ...
- आप अपने बच्चे के लिए इतना खर्च कहाँ से दे पाएँगे?... आप अपनी लड़की को लाख-करोड़ रुपये दहेज में कैसे दे पाएँगे? जो बात आप नहीं कर सकते, उसके लिए आप बेचैन रह...
- आप अभक्ष्य खाते रहिये, तमोगुणी चीजें खाते रहिये, माँस खाते रहिए, दूसरी घिनौनी चीजें खाते रहिए, फिर आप देखिए आपका मन कैसा चंचल हो जाता है?... आप नशेबाज होइए, फिर आप देखिए आपका मन कैसा चंचल हो जाता है? आपको मन स्थिर करना कैसा कठिन पड़ जाएगा! मन...
- आप आगे क्यों नहीं बढ़ते?... आप जब ढूँढ़ेंगे, तो आपको कुछ और चीज मिलेगी। सम्पन्नता की तुलना में विभूतियाँ आपको और ज्यादा शानदार मिल...
- आप इनका मुकाबला न करें, इनको भगाने की कोशिश न करें और इनके साथ चुप बैठे रहें तब?... तब ये सब मिल करके आपका जिन्दा रहना मुश्किल कर देंगे और आप जी नहीं पाएँगे। लड़ना तो पड़ता ही है आपको। त...
- आप इनसानी जिन्दगी की कीमत समझते हैं क्या?... नहीं समझते? समझिये जरा। जो सृष्टि के किसी प्राणी को नहीं मिला है, वह आपको मिला है।...
- आप उनके साथ में समृद्धि मिलाइये न, जो आपसे कही गये-बीते हैं; कितने किफायत से गुजारा करते हैं, कितने मामूली से काम चला लेते हैं?... आप ऐसा कीजिए ‘सादा जीवन उच्च विचार’ के सिद्धान्तों का परिपालन कीजिए। सादगी, सादगी, सादगी....।...
- आप उसकी उन्नति का रास्ता नहीं खोलेंगे?... उसके सम्मान को नहीं बढ़ाएँगे? उसके भविष्य को नहीं बढ़ाएँगे? आप ऐसा कीजिए फिर देखिए आप दानी हो जाते हैं...
- आप उसके लिए क्या कदम उठाएँ?... इसके लिए आप अपने गुण, कर्म, और स्वभाव में शालीनता का समावेश करने के लिए ऐसी गतिविधियाँ क्या अपनायेंग...
- आप उसी की पार्टी में रहे, आपने उसी का कहना माना न?... आप उसी के लिए मरे-खपे न? अब तक आपको वही प्यारा लगा न दैत्य? लेकिन अब ऐसा मत कीजिए। अब यहाँ से जाते-ज...
- आप उसी के लिए मरे-खपे न?... अब तक आपको वही प्यारा लगा न दैत्य? लेकिन अब ऐसा मत कीजिए। अब यहाँ से जाते-जाते आप अपने आपको देवता की...
- आप उसी क्षुद्र महत्त्वाकांक्षा में उलझे रहेंगे क्या?... कौन-सी? लोकेषणा, वित्तैषणा, पुत्रैषणा। नहीं, आप कुछ और बड़ी महत्त्वाकांक्षा को लाइए। आप पुरुष से पुरु...
- आप ऐसा नहीं कर सकते?... पैसे को फिजूलखर्चियों में लगाएँगे, औलाद के लिए जमा करेंगे—आप ऐसी योजना नहीं बना सकते। आप यहाँ से जान...
- आप ऐसा नहीं कर सकते?... दे नहीं सकते? आप मीठे वचन नहीं बोल सकते? आप दूसरों को प्रोत्साहन नहीं दे सकते? आप क्या अच्छे परामर्श...
- आप ऐसी अकल से रिश्ता नहीं जोड़ना चाहते?... अगर जोड़ना चाहते हो, तो कृपा कीजिये और आप यहाँ संयमशील बनिए। पैसे के बारे में संयमशील, समय के बारे मे...
- आप ऐसी कल्पनाएँ क्यों करते हैं?... यह कल्पनाएँ क्यों नहीं करते कि भविष्य हमारा अच्छा-ही है। भविष्य अच्छा-अच्छा करते रहे और न हुआ तब? हो...
- आप ऐसी दूरदर्शिता नहीं दिखा सकते?... आपको ऐसी बुद्धिमानी नहीं आती? आप ऐसी अकल से रिश्ता नहीं जोड़ना चाहते? अगर जोड़ना चाहते हो, तो कृपा की...
- आप ऐसी समझदारी नहीं कर सकते?... आप बीज की तरह नहीं गल सकते? आप बीज की तरह गलेंगे, तो दरख्त की तरह फलेंगे। सुग्रीव ने भी यही किया था।...
- आप कहेंगे कि जानवरों की पार्टी कैसे रही है?... इसके लिए मैं आपके सामने डार्विन की किताबें पेश कर सकता हूँ कि आप बन्दर की सन्तान हैं; बिना उद्देश्य ...
- आप कितनी लम्बी चारपाई पर सोते हैं?... चार फुट वाली पर? अच्छा आप अस्सी फुट वाली चार पाई पर सोकर दिखाइए। नहीं साहब! अस्सी फुट वाला तो मकान भ...
- आप केवल कर्तव्यों पर विचार करें और अधिकारों की उपेक्षा करने लगें, तो मैं ये कहूँगा कि सच्चे अर्थों में आप कायाकल्प के अधिकारी हुए और हमेशा कर्तव्यों को भुलाते रहेंगे और अधिकारों की माँग करते रहोगे, तो क्या कहा जाएगा?... आपसे ये कहा जाएगा, आप घिनौनी, नारकीय मनःस्थिति में पड़े हुए हैं, जिसके फलस्वरूप आदमी को अनेक विपन्नता...
- आप कैसे सौभाग्यशाली हैं?... आपको तो सहारा भी मिल गया।...
- आप क्या अच्छे परामर्श देने की स्थिति में नहीं हैं?... क्या आप मुस्कान नहीं बाँट सकते? क्या आप मुहब्बत नहीं बाँट सकते? ये चीजें कम है क्या? आप देने वाले बन...
- आप क्या करेंगे?... अरे भाई साहब! हमें क्या करना है? हर आदमी गलतियों से भरा पड़ा है। आपकी गलतियों में मुझे जायका लेने का,...
- आप क्या खिला करके करेंगे?... और उल्टा पेट में दर्द हो जाएगा। आप पौष्टिक पदार्थ दीजिए, मलाई-मिठाई दीजिए। अगर पेट खराब है, पचता नही...
- आप क्यों अपने आप को मालदार अनुभव नहीं कर सकते?... क्यों आप सम्पन्न अनुभव नहीं कर सकते? आप गरीबी को छोड़ दीजिये और अमीरी यहाँ से लेकर जाइये, बदल जाइये। ...
- आप क्यों ऐसी कल्पना करते हैं?... वास्तविकता यह थोड़े ही है। आपने कोई सिर्फ कल्पना कर रखी है।...
- आप क्यों नहीं कर सकेंगे?... किफायत से रहिए, कम खर्च में रहिए। ये मत कहिए, जो आदमी खर्चीला जिन्दगी जीते हैं, वह शक्तिशाली हो जाते...
- आप क्यों प्रसन्न नहीं हो सकते?... आप क्यों अपने आप को मालदार अनुभव नहीं कर सकते? क्यों आप सम्पन्न अनुभव नहीं कर सकते? आप गरीबी को छोड़ ...
- आप चावल नहीं दे सकते, तो हम क्यों आपको कुछ देने लगें?... उन्होंने चावल की पोटली को उनके हाथ से छीन लिया और छीनने के बाद में बस वही चावल बढ़ते हुए चले गये और च...
- आप चाहें तो इसका अनुभव करके स्वयं भी देख सकते हैं कि तपस्वी कितने समर्थ होते हैं, कितने शानदार होते हैं?... आपको वैसा ही बनना चाहिए। आज की बात समाप्त।...
- आप चिन्तन को बदलिये, नहीं तो आप यहाँ किसलिए आए हैं?... यहाँ भी नहीं करेंगे, तो क्या करेंगे? केवल मात्र चिन्ह-पूजा करते रहेंगे? टाइमपास करते रहेंगे? नहीं, ट...
- आप जरूरत को क्यों भूल जाते हैं?... खाद की जरूरत नहीं है? पानी की जरूरत नहीं है? उनकी रखवाली की जरूरत नहीं है? उनकी रखवाली न करेंगे, खाद...
- आप जवानी में क्या अच्छाई पाते हैं और बुड्ढे में क्या खराबी पाते हैं?... हमको तो बुढ़ापे में शान मालूम पड़ती है। अपने सफेद बाल हो गए हैं, भारी-भरकम हमारा स्तर हो गया है, समझ क...
- आप जानते नहीं है?... श्रीकृष्ण भगवान भी इन परेशानियों से जूझते रहे। उनका भांजा अभिमन्यु मारा गया और क्या-क्या नहीं हुआ? म...
- आप जानवरों को रोकेंगे नहीं?... कृपा करके रोकिए, नहीं तो फिर यह हो जाएगा कि आप चाहे जितना पानी लगाते रहिए, खाद लगाते रहिए, बीज बोते ...
- आप जिस दिशा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, उसमें सहायता करने वालों की दुनिया में कुछ कमी है क्या?... विवेकानन्द की भी सहायता हुई।
और किसकी सहायता हुई? सदन का नाम सुना है आपने, कि वह कैसा आदमी था? ...
- आप जिस पार्टी के मेम्बर अब तक रहे हैं, वह कौन-सी पार्टी है?... आपको जरा बुरा लगेगा। वह दैैत्यों की और असुरों की पार्टी रही है। अब तक आपकी जानवरों की पार्टी रही है।...
- आप तो बेकार आदमी हो, बार-बार बच्चों की तरह मनोकामना, मनोकामना माँगते रहते हैं?... यहाँ तो आप बड़ों की तरह रवैया अख्यियार कीजिए। बच्चे ही बने रहेंगे जिन्दगी भर बड़े भी होंगे! अगर यहाँ आ...
- आप दूसरों को प्रोत्साहन नहीं दे सकते?... आप क्या अच्छे परामर्श देने की स्थिति में नहीं हैं? क्या आप मुस्कान नहीं बाँट सकते? क्या आप मुहब्बत न...
- आप देंगे नहीं, तो ले कहाँ से लेंगे?... इसलिए पहले आप देने की बात पर विचार कीजिए, परिशोधन की बात सोचिये, पवित्रता की बात सोचिये, अपने व्यक्त...
- आप देखिये, चारों ओर वातावरण कैसा बना हुआ?... जब आप लड़ाई न लड़ें और हिम्मत नहीं दिखाएँ और संघर्ष न करें? तपस्वी न हों तब? तब आप कदम-कदम पर असफल होत...
- आप नशेबाज होइए, फिर आप देखिए आपका मन कैसा चंचल हो जाता है?... आपको मन स्थिर करना कैसा कठिन पड़ जाएगा! मन अपने आपे में नहीं है। ईंधन नीचे डालते हैं तब भगोने के पानी...
- आप पूँजी कहाँ से लाएँगे, बताइए?... श्रम की पूँजी आप कहाँ से लाएँगे? समय की पूँजी आप कहाँ से लाएँगे? साधनों की पूँजी आप आत्मा की उन्नति ...
- आप प्रकृति के मालिक हैं क्या?... बुढ़ापे को जवानी में बदल सकते हैं क्या? ना। मौत को जिन्दगी में बदल सकते हैं क्या? ना! आदमी की सीमा है...
- आप प्रयत्न कीजिए, तो फिर भाग्य ने किया क्या?... नहीं, तो फिर किसी आदमी ने किया होगा? नहीं हम आपकी सहायता करेंगे। मरीज को दवा खानी होती है और परहेज क...
- आप फोटो खींच लीजिए, दोनों एक-से ही मालूम पड़ेंगे तो फिर कौआ, कोयल कैसे हो जाता है?... यहाँ आकृति बदलने की बात नहीं है, प्रकृति बदलने की ओर इशारा है।यह कायाकल्प का वर्णन है। गोस्वामी तुलस...
- आप बच्चों को वंश चलाने की आशा करते हैं?... आप बच्चों को वंश चलाने योग्य क्यों नहीं बना देते? आप कीजिये। आप याचक मत बनिये। देने के लिये बहुत है,...
- आप बच्चों को वंश चलाने योग्य क्यों नहीं बना देते?... आप कीजिये। आप याचक मत बनिये। देने के लिये बहुत है, आपके पास। ऋषियों के पास बहुत था; पैसा नहीं था; पै...
- आप बीज की तरह नहीं गल सकते?... आप बीज की तरह गलेंगे, तो दरख्त की तरह फलेंगे। सुग्रीव ने भी यही किया था। आपका इष्ट सुग्रीव होना चाहि...
- आप बीबी से मुस्कान माँगते हैं?... आप अपनी मुस्कान बीबी को क्यों नहीं दे सकते? आप बच्चों को वंश चलाने की आशा करते हैं? आप बच्चों को वंश...
- आप बैल के नाक में रस्सी नहीं डालें तब?... हाथी के ऊपर अंकुश नहीं लगाएँ तब? तब फिर आप समझ लेना, ये जानवर आपके लिए बड़े खौफनाक साबित होंगे और आपक...
- आप बड़प्पन चुनना चाहते हैं कि महानता?... यह चुनने का समय है। दो कैण्डीडेट खड़े हुए हैं और दोनों आपसे वोट माँगते हैं। एक सम्पन्नता है, जो यह कहत...
- आप भविष्य के बारे में समय-समय पर जो बुरी आशाएँ लगाये बैठे रहते हैं, कहीं ऐसा न हो जाए, वैसा न हो जाए, ऐसा हो गया फिर क्या होगा?... आप ऐसी कल्पनाएँ क्यों करते हैं? यह कल्पनाएँ क्यों नहीं करते कि भविष्य हमारा अच्छा-ही है। भविष्य अच्छ...
- आप मदद करेंगे?... बेशक हम करेंगे; लेकिन उसकी कुछ शर्तें हैं। नम्बर एक अपने भीतर से साहस जगा, उत्साह जगा। अपनी मुसीबतों...
- आप माँगते ही रहेंगे क्या?... भिखारी ही बने रहेंगे क्या? नहीं, आप भिखारी बनने से इनकार कर दीजिए। अब आप यहाँ से दानी बनकर जाइए।...
- आप मीठे वचन नहीं बोल सकते?... आप दूसरों को प्रोत्साहन नहीं दे सकते? आप क्या अच्छे परामर्श देने की स्थिति में नहीं हैं? क्या आप मुस...
- आप मौका नहीं दे सकते?... कृपा कीजिए। उनको मौका दीजिए। हम आपके भीतर प्रवेश कर सकें। कान तक मत सुनिए हमारी आवाज। कान से हम गुरु...
- आप यह इच्छा पूरी कर दीजिए कि मेरा गायत्री का तेरह वर्षों का जप और अनुष्ठान क्यों बेकार चला गया?... तो भैरव ने कहा—तेरे इस सवाल का मतलब हम बता देंगे, चल आँखें बन्द कर। आँखें बन्द कर लीं, फिर उन्होंने ...
- आप यह ख्याल तो रखिए मत कि बुड्ढे से जवान हो जाएँगे, हम बुड्ढे को जवान भी बना देंगे, तो फिर करेंगे क्या आप?... आप जवानी में क्या अच्छाई पाते हैं और बुड्ढे में क्या खराबी पाते हैं? हमको तो बुढ़ापे में शान मालूम पड़...
- आप ये विचार कीजिये कि आपको जो कुछ मिला हुआ है, वह कितना ज्यादा है?... भगवान ने कितना ज्यादा आपको दिया है। जो किसी प्राणी को नहीं मिला है, वह सिर्फ आपको मिला हुआ है। आप इन...
- आप ये सोच के चलिये—आपके पास है क्या?... आपके पास श्रम है, आपके पास जीवन है, आपके पास मनुष्य की काया है, आपके पास जीवन है, आपके पास परिस्थिति...
- आप यों कहेंगे कैसे?... भूतकाल ऐसे मजाक की चीज है? मजा की चीज नहीं है। आप ऐसा मत कीजिए। आप वास्तविकता से इतनी दूर रहेंगे, तो...
- आप रिश्वत क्या देंगे?... फूल की जरूरत पड़ेगी, तो भगवान कहीं भी किसी के बगीचे में घुस जाएँगे और वहाँ से फूल चुनते रहेंगे। सारी ...
- आप रोटी नहीं खिला देंगे?... खिला देंगे बेटे! हम तुझे। आज खिला देंगे? आज भी खिला देंगे। कल खिला देंगे? कल भी खिला देंगे। महीने भर...
- आप लोग पैदल सफर करते हैं, आपके लिए तो यहाँ सवारी भी तैयार खड़ी है, फिर आप लाभ क्यों नहीं उठाते?... शान्तिकुञ्ज के वातावरण को केवल यह आप मत मानिये कि यहाँ दीवारें ही खड़ी हुईं हैं, आप यह मत सोचिये कि य...
- आप लोहा रहे हों, पहले से; आपके पास एक पारस है, जिसको आप छुएँ, तो देख सकते हैं किस तरीके से काया बदलती है?......
- आप विधेयात्मक विचार नहीं कर सकते?... आपको निषेधात्मक विचारों को कटाना नहीं आता? आप विधेयात्मक विचार शुरू कीजिये और खुश से रहना सीखिये।यहा...
- आप विभीषण जी का अनुकरण नहीं कर सकेंगे क्या?... ऐसा कीजिए अब आप—अब विभीषण को अपना इष्ट बनाइए और पहले जो रावण को इष्ट मानते चले आए हैं, उसका त्याग कर...
- आप विवेकशील बनिये और दूरदर्शी बनिये हर मामले में ये सोचिये, इसके परिणाम क्या होंगे?... आप परिणामों पर विचार करेंगे, तो बहुत-सी बुराइयों से बच जाएँगे और आप परिणामों पर विचार करेंगे, तो वह ...
- आप शरीर के लिए और भौतिक जीवन के लिए कितना समय रखेंगे?... चौबीस घण्टे का समय होता है। सात घण्टे आप सोया करें। सात घण्टे एक जवान आदमी के लिए, स्वस्थ आदमी के लि...
- आप शरीर तक अपनी सुविधाओं को क्यों खत्म करते हैं?... आप आगे क्यों नहीं बढ़ते? आप जब ढूँढ़ेंगे, तो आपको कुछ और चीज मिलेगी। सम्पन्नता की तुलना में विभूतियाँ आ...
- आप सांसारिक जीवन की बात जानते हैं न?... सांसारिक जीवन में भी अगर वातावरण न मिले तो बहुत मुश्किलें पैदा हो जाती हैं। खुशबूदार चन्दन मैसूर और ...
- आप स्वयं नम्र रहें, जितने ज्यादा नम्र हो सकते हों, सुशील हो सकते हों, विनयशील हो सकते हों, सज्जन हो सकते हों, बन जाइए, दूसरों पर इस सम्बन्ध में दबाव मत डालिए और सम्मान?... सम्मान आप प्राप्त करना चाहते थे न? मेरी प्रार्थना है, आप यह नियम बदल दीजिए। दूसरों को सम्मान दीजिए। ...
- आप स्वाति की बूँद के बारे में जानते हैं?... स्वाति की बूँद कितनी महान होती है? वह सीप के मुँह में जा पड़ती है, तो मोती पैदा हो जाते हैं। नजदीक न ...
- आप हर समय मुसकराने की कोशिश कीजिए, बनावटी ही मुसकराहट, फिर देखिए आपके स्वभाव में किस तरह परिवर्तन होता है?... मन को हल्का-फुल्का रखें, खिलाड़ी की तरह जिन्दगी जिएँ, नाटक के तरीके से अभिनय तो आप कीजिए; पर इतने ज्य...
- आप हरेक की खुशामद करेंगे?... हरेक की मर्जी को पूरा करेंगे? अपनी मर्जी पूरी करेंगे? मर्जियों की ओर ध्यान मत दीजिए। औचित्य पर ध्यान...
- आप हाथ-पाँव जोड़ते हैं कि नहीं?... हमें क्या मतलब है इससे। जोड़ेंगे तो हम क्या करेंगे? वह तो इसलिये कि हमारी उदारता में कमी न आने पाये, ...
- आप ही बताइए?... जमीन पर तो जरूर सोते थे, मामूली कपड़े तो जरूर पहनते थे; पर कमी थोड़े ही थी! नहीं पहनते थे, यह अलग बात ...
- आप ही बताइये?... नहीं, सब बिगड़ जाएगा। इसलिए आप बाहर की चिन्ताओं को भूल जाइये। न शरीर को बाहर घूमने दीजिए, न मन को बाहर...
- आप ही बताएँ अगर कोई बच्चा माँ के पट में दंगल मचाये और कहे मम्मी मैं तो नौ महीने पेट में नहीं रह सकता, जरा आप छुट्टी दे दो, मैं बाजार में घूमकर आऊँगा, तो आप समझ सकते हैं, बच्चे का क्या हाल होगा और कुम्हार के बर्तन?... बर्तन अगर चुपचाप न बैठे रहें, ये कहें दिन में बाजार में घूमा करेंगे, रात को अवे में आ जाया करेंगे, त...
- आपका अपनी मनःसम्पदा के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपका अपने बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य है? आपको जो धन मिला हुआ है, साधन मिले हुए हैं, उसके प्रति क्य...
- आपका अपने बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपको जो धन मिला हुआ है, साधन मिले हुए हैं, उसके प्रति क्या कर्तव्य है? आपका अपने समाज के प्रति क्या ...
- आपका अपने समाज के प्रति क्या कर्तव्य है?... आप केवल कर्तव्यों पर विचार करें और अधिकारों की उपेक्षा करने लगें, तो मैं ये कहूँगा कि सच्चे अर्थों म...
- आपका ईमान तो वही है?... संस्कार तो वही है?तो ये कह रहा था मैं आपसे, स्वर्गलोक जाने की अपेक्षा अच्छा होता इसी जन्म में आप स्व...
- आपका कहना मानना चाहिए या माँ का?... भगवान ने कहा—हमारा। शंकराचार्य ने निश्चय कर लिया और क्या से क्या बन गये? कितनी शानदार जिन्दगी उनकी व...
- आपका क्या ख्याल है, कोई अपनी जवान लड़की को, जो पढ़ी-लिखी भी है, सुन्दर भी है, किसी आवारा के सुपुर्द कर देगा क्या?... नहीं करेगा; क्योंकि वह तो बेचारा प्यासा फिर रहा है कि कोई अच्छा-सा जमाई मिल जाए, तो हम पैसे भी देंगे...
- आपका धर्मपत्नी के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपका शरीर के प्रति क्या कर्तव्य है? आपका अपनी मनःसम्पदा के प्रति क्या कर्तव्य है? आपका अपने बच्चों क...
- आपका पेट कितना छोटा-सा है?... चार रोटी खाते हैं आप? छह रोटी खाकर दिखलाइए। कपड़ा, कुर्ता आप कितना पहनते हैं? चार गज का? अच्छा आप बाइ...
- आपका शरीर के प्रति क्या कर्तव्य है?... आपका अपनी मनःसम्पदा के प्रति क्या कर्तव्य है? आपका अपने बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य है? आपको जो धन ...
- आपका शरीर दुबला है, तो अब हम कैसे मोटा बना दें?... इसलिए जो चीज सम्भव नहीं है, वह सम्भव कैसे हो सकती है? आकृतियाँ नहीं बदल सकतीं आदमी की, प्रकृति बदल सकत...
- आपकी गलतियों में मुझे जायका लेने का, मजा लेने का, दिल्लगीबाजी करने का और बकवास करने का हमारे पास कहाँ समय है?... हमारे यहाँ तो केवल दुःखी-ही आते हैं। धोबी की दुकान है। हर आदमी मैला कपड़ा ले करके आता है और हम धोते र...
- आपकी जब शादी हुई थी, तब आपको एक अच्छी-खासी धर्मपत्नी मिली थी, वह किसने दी थी?... उस लड़की के माता-पिता ने बड़ी मेहनत से अच्छी सुयोग्य लड़की बना करके पाल-पोष कर सुशिक्षित बनाकर उसे आपके...
- आपकी जरूरतें ही कितनी हैं?... थोड़ी-सी ही तो जरूरतें हैं। आप अपनी पार्टी को बदल दीजिए। आप अपनी जरूरतें आसानी से बदल सकते हैं; लेकिन...
- आपकी जैसी वाणी, आपके जैसा मस्तिष्क, आपकी जैसी जीवन की सुनिश्चितता, आपके जैसा गृहस्थ क्या सारे विश्व भर के किसी और प्राणी को मिला हुआ है?... आप क्यों प्रसन्न नहीं हो सकते? आप क्यों अपने आप को मालदार अनुभव नहीं कर सकते? क्यों आप सम्पन्न अनुभव...
- आपकी यही शिकायत है?... हमारी औरत कहना नहीं मानती। आप बदलते जाइए अपने आपको, फिर मैं देखूँगा कि आपकी औरत बदलती है कि नहीं। आप...
- आपकी लम्बी नाक है, आप क्या चाहते हैं, चौड़ी नाक हो जाए, यह हम कैसे कर सकते हैं?... बताइये? आपके दाँत कैसे हैं? बड़े-बड़े? तो अब हम दाँतों को उखाड़ के नये दाँत कैसे लगा दें? आपका शरीर दुब...
- आपकी सफलता रही होती तब, जब आप दूसरे नानक रहे होते, कबीर रहे होते, रैदास रहे होते, विवेकानन्द रहे होते, गाँधी हो गए होते, तो मैं आपके भूतकाल को शानदार मानता; लेकिन भूतकाल कैसा था?... जानवरों का जैसा होता है; पेट भरते रहते हैं, बच्चे पैदा करते रहते हैं। वह भी तो आपको इतिहास है। पिछले...
- आपके क्या हाथ की बात है?... आप अपने कर्तव्य का पालन कीजिए। हर कुटुम्बी के लिए कर्तव्य का पालन कीजिए। उनको स्वावलम्बी बनाइए। कोई ...
- आपके दाँत कैसे हैं?... बड़े-बड़े? तो अब हम दाँतों को उखाड़ के नये दाँत कैसे लगा दें? आपका शरीर दुबला है, तो अब हम कैसे मोटा बन...
- आपके पास क्या कमी है?... जो है, उस पर सन्तोष व्यक्त कीजिये। आप उनसे प्रसन्न रहिये। आप उन पर गर्व कीजिये और याचना के स्थान पर द...
- आपके पास पैसा फालतू है?... खर्च करेंगे, तो नशे जैसी चीजों पर खर्च करेंगे? नशे जैसी चीजों पर खर्च करेंगे, तब सेहत गँवा देंगे, तब...
- आपके लिए भी यह पूरे तरीके से मुमकिन था; पर आप कर नहीं पाये, क्यों?... दिक्कत क्या थी? पैसा नहीं था? साधन नहीं थे? बेकार बात मत करिए! न पैसे से कोई ताल्लुक है, न साधनों से...
- आपको अनुशासित कैसे होना चाहिए?... आपको संयमी कैसे रहना चाहिए? आपको तपस्वी की तरह जीवन-यापन कैसे करना चाहिए? यह जीवन करने की पद्धति, दि...
- आपको अपनी आँख से कैसा दीखता है?... क्या कहूँ मैं आपसे! आपने अपना मकान बना लिया, लड़कों के लिए धन इकट्ठे कर दिये, लड़के को वकील बना दिया, ...
- आपको अपने आपको तपाने में जो व्यवधान अपने मन को कच्चेपन के रूप में आता है, उसको मानने से इनकार कर देना चाहिए और क्या करना चाहिए?... और ये करना चाहिए कि आपको पीड़ित और पददलित मानवता के लिए, उसके उद्धार का हिमायत करने के लिए कमर कसकर आ...
- आपको अफसर बनना है?... बल्कि सर्विस कमीशन के सामने जाइये और अपनी पात्रता साबित कीजिये; अच्छा डिवीजन लाइये और अच्छे नम्बर ली...
- आपको उस साधु की कथा याद है?... जो एक चोर को यह जवाब देता था—भगवान को देखना कोई कठिन नहीं है, तो एक दिन चोर ने पूछा—स्वामीजी हमें भी...
- आपको ऐसी बुद्धिमानी नहीं आती?... आप ऐसी अकल से रिश्ता नहीं जोड़ना चाहते? अगर जोड़ना चाहते हो, तो कृपा कीजिये और आप यहाँ संयमशील बनिए। ...
- आपको कपड़े धोना अच्छा नहीं लगता?... आइए, हम साथ-साथ धोयेंगे। अच्छा, तुम साबुन लगाती जाओ, मैं धोकर के साफ करता हूँ। हमारी उपासनाएँ जमीन प...
- आपको कहीं दिखाई पड़ते हैं क्या?... मुझे तो कहीं दिखाई नहीं पड़ते। सैरगाह-सैरगाह दिखाई पड़ते हैं। पुरानी ऐतिहासिक घटनाएँ जरूर उनसे जुड़ी हु...
- आपको क्या आफत आ गयी है जो कहते हैं—जवान बना दीजिए?... जवान बनकर क्या दूसरा विवाह करेंगे? क्या सिनेमा में जाने का मन है कि नाचने का मन है? क्यों? जवानी में...
- आपको गाँधी जी के बाबत मालूम है?... बत्तीस वर्ष की उम्र में उन्होंने ब्रह्मचर्य लिया था और अपनी धर्मपत्नी को माता कहने लगे थे। ये ब्रह्म...
- आपको जो करना है, केवल यही करना है कि दूरगामी परिणाम क्या हो?... तब बात बनेगी। इससे कम में बनेगी नहीं। आप यहाँ से जा रहे हैं, तो पारस को छूकर के लोहा सोना हो जात है;...
- आपको जो धन मिला हुआ है, साधन मिले हुए हैं, उसके प्रति क्या कर्तव्य है?... आपका अपने समाज के प्रति क्या कर्तव्य है? आप केवल कर्तव्यों पर विचार करें और अधिकारों की उपेक्षा करने...
- आपको झाडू़-बर्तन करना अच्छा नहीं लगता?... आइए, हम और आप दोनों लगायेंगे आज। आपको कपड़े धोना अच्छा नहीं लगता? आइए, हम साथ-साथ धोयेंगे। अच्छा, तुम...
- आपको तपस्वी की तरह जीवन-यापन कैसे करना चाहिए?... यह जीवन करने की पद्धति, दिनचर्या का प्रावधान ऐसा है—इसको आप ग्रहण कर लेते हैं तो भी आप अपने आपको प्र...
- आपको दिखायी नहीं पड़ती?... कृपा करके हमारी आँख से देखिये, अपनी मौत को देखिये। अपनी मौत को अगर आप देखें, तो क्या करेंगे? तो राजा...
- आपको निषेधात्मक विचारों को कटाना नहीं आता?... आप विधेयात्मक विचार शुरू कीजिये और खुश से रहना सीखिये।यहाँ से आप जाएँ और कभी आपके मन में ये विचार आय...
- आपको प्रसन्नता हो, खुशी के, सफलताओं के मौके आएँ, ठीक हैं, आप अच्छे रहिए; लेकिन जब मुसीबतों के मौके आएँ, तब?... तब भी आप प्रसन्न रहिए, मुसकराते रहिए। मुसीबतें जो-जो आती हैं, वह आपको मजबूत बनाने के लिए आती हैं, आप...
- आपको भीष्म पितामह की बाबत मालूम है?... भीष्म पितामह शय्या पर पड़े रहे, छह महीने बाद तक पड़े रहे और कहा मुझे फुरसत नहीं है। कितने तीरों से घाय...
- आपको मालूम ही नहीं, देवताओं के अनुग्रह में कोई कमी है क्या?... गंगा जब हिमालय से चलीं, तो मन में एक ही बात थी—अब हम यहाँ नहीं रुकेंगे, लोगों की प्यास बुझाएँगे, खेत...
- आपको यह अनुभव करना चाहिए कि आप यहाँ शान्तिकुञ्ज में निवास करते हैं, गायत्री नगर में रहते हैं, यह क्या है?... यह गुरुजी का बर्तन पकाने का अवा है। कुम्हार को आप जानते हैं? कुम्हार कच्चे बर्तन बनाता है, बनाने के ...
- आपको शिकायत है कि नहीं?... आपको बराबर शिकायत है और हमको हजार गुनी शिकायत है। हमको तुझसे हजार गुनी शिकायत है। तैंने अपने समय का ...
- आपको संयमी कैसे रहना चाहिए?... आपको तपस्वी की तरह जीवन-यापन कैसे करना चाहिए? यह जीवन करने की पद्धति, दिनचर्या का प्रावधान ऐसा है—इस...
- आपको समय के बारे में अनुशासित किया गया है न?... जब घण्टी बजती है, तब आपको आने के बारे में कहा गया है न? सुबह जब आपको प्रज्ञापेय मिलता है, तब घण्टी ब...
- आपने उनके ऊपर शहद की मक्खियों के गुच्छे देखे हैं न?... कब आते हैं? जब फूल खिलते हैं। फूल के तरीके से आप अपने जीवन को खिला सकते हों, अपनी पात्रता को दिखा सक...
- आपने उस पिसनहारी का नाम सुना है न?... जिसने पिसाई में से दो पैसे रोज बचा कर के एक ऐसा पक्का कुआँ बनवा दिया था, जिसमें कि पानी अमृत के बराब...
- आपने कभी वैद्यनाथ धाम जाने के बारे में सुना है?... अपने यहाँ यू.पी. (उत्तरप्रदेश) में भी ऐसा रिवाज है कि शिवरात्रि के समय लोग गंगाजी से गंगाजल चढ़ाने के...
- आपने कर्तव्य पूर कर दिया और क्या कर सकते थे आप?... जो कर सकते थे, आपने पूरा कर लिया। आपको सफलता मिल गई। आप पूरे तरीके से सफल अनुभव कीजिये। अगर आप अपने ...
- आपने कितने लोगों का समय खराब किया, दिल दुखाया, कितने आदमियों को आर्थिक हानि पहुँचाई, कितने आदमियों का चाल-चलन खराब किया, इन सारी बातों को एक कागज पर नोट कर लीजिए और आप उसी के समान लाभ ब्याज समेत दे सकते हो, तो क्या कहना?... आपने जो कर्जा लिया है, उसे ब्याज समेत चुकाइए। नुकसान पहुँचाया है, उसे ब्याज समेत चुकाइए और अगर ब्याज...
- आपने गाँधीजी का नाम सुना है?... बुद्ध का नाम सुना है न? विवेकानन्द को जानते हैं न? महापुरुषों में से इन लोगों के नाम नहीं मालूम आपको...
- आपने जो स्वभाव सीखा है, वह सिवाय घिनौने जीवन के और क्या दे सकता है?... पशुओं की जिन्दगी हम जी रहे हैं और चारों तरफ पशुओं से घिरे हुए हैं। आप थोड़े दिनों के लिए इस दायरे से ब...
- आपने दधीचि का नाम सुना है?... मामूली सन्त बाबाजी थे; लेकिन जब उन्होंने अपनी तपश्चर्या से स्वयं को तपा लिया, तो उनकी हड्डियाँ इतनी म...
- आपने दमयन्ती का नाम सुना है?... राजा नल की पत्नी का नाम दमयन्ती था। जंगल में अकेली रह रही थी और बहेलिया उससे छेड़खानी करने लगा। बस, ...
- आपने देखे हैं हरिश्चन्द्र से लेकर के जितने भी आदमी भगवान की भक्ति में आए, कोई मालदार बना है क्या?... मनोकामना पूरी कराई—ऐसा लगा है क्या? आप उलटी-उलटी बातें मत विचार कीजिये, आप उल्टे को उलट दीजिये और सी...
- आपने देखे होंगे?... विदेशों में भी घुमक्कड़ लोग जाते हैं। कोई नैनीताल जाता है, कोई कहीं जाता है, कोई दार्जीलिंग जाता है,...
- आपने परशुराम जी की बावत सुना है?... उनके पास एक ऐसा कुल्हाड़ा था...... कुल्हाड़े को लेकर उन्होंने इक्कीस बार अन्यायी लोगों का सिर काट डाला...
- आपने बाहर को समझा है, चीजों को समझा है, खेती-बाड़ी को समझा है, पैसे को समझा है, दुकान को समझा है, मुहल्ले वालों को समझा है, सन्तान को समझा है, फिर अपने आपको क्यों नहीं समझा?... अगर आप जीवन को और अपने आपको समझ सकते हों, तो इसका नाम ‘ज्ञान योग’ होगा। अगर आपने अपने फर्ज और कर्तव्...
- आपने यहाँ क्या दिया?... मालूम नहीं। वैसे तो ये भी थी, पुराने जमाने की मान्यता, जब लोग धार्मिक अनुष्ठान करते थे, कल्प-साधना क...
- आपने शृंगी ऋषि का नाम सुना है?... शृंगी ऋषि उन महात्मा का नाम है, जिनके आशीर्वाद से, राजा सन्तानहीन थे और उन्होंने वेदमंत्र पढ़े और यज्ञ...
- आपस में न मिलें तब?... तब सीप के लिए सम्भव नहीं है कि वह मोती पैदा कर सके। यही बात भगवान के सम्बन्ध में भी है। भगवान को कल्...
- आमतौर से लोग अकेले ही मंजिल पार करते हैं, अकेले ही चलते हैं; पर आपको तो अकेले चलने के साथ लाठी का सहारा भी है, आप उस सहारे का क्यों नहीं लाभ उठाते?... आप लोग पैदल सफर करते हैं, आपके लिए तो यहाँ सवारी भी तैयार खड़ी है, फिर आप लाभ क्यों नहीं उठाते? शान्त...
- आरण्यक जितने बने हुए थे, वो ढलती अवस्था में अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए निवास करने के लिए आरण्यक बने हुए थे और उन आरण्यकों में क्या होता था?... आरण्यकों में तपस्वी जीवन जीना पड़ता था; निग्रही जीवन, अनुशासित जीवन।...
- आरण्यकों में वानप्रस्थों को भरती करने के बाद में शिक्षण देने की बात भी चलती है; पर सामान्य जीवन कैसे चले?... बताइए आप। सामान्य जीवन में कौन पीछे लगेगा आपके? एक-एक गलती, एक-एक विचारधारा, एक-एक भूल के बारे में क...
- आलस्य और प्रमाद से आप लड़ाई नहीं लड़ेंगे तब?... जिन्दगी को बुहारेंगे नहीं तब? तब आपका शरीर, मन, कपड़ा, घर, ईमान सब गन्दगी से भर जाएँगे। ये क्या है? य...
- आसुरी शक्तियाँ बेकार ही हैरान क्यों करेंगी?... केवल आपके पाप कर्म ही वह आसुरी शक्तियाँ हैं, जो आपको हैरान कर देती हैं और आपको अच्छे कर्म में सफलता ...
- आसुरी शक्तियों से क्या मतलब है?... आसुरी शक्तियों से कोई मतलब नहीं है, आपका किसी से वैर नहीं है, फिर कोई आपको बेकार ही हैरान नहीं कर सक...
- इतना अगर सोच सकते हैं, तो फिर आप देखिये कि क्यों नहीं भगवान की सहायता आपको मिलती?... भगवान की सहायता आपको जरूर मिलेगा। आपको देवता की सहायता भी मिलेगी, आपके मंत्र तब कितने चमत्कारी साबित...
- इतनी कीमत पर सुविधा को इकट्ठा कर लेना कोई समझदारी है?... नहीं, पर विभीषण की समझदारी है। ठीक है—गालियाँ खाता रहा, तो क्या हुआ? अपने फटे-टूटे झोंपड़े में रहता र...
- इतने आदमियों का कत्ल करने के बाद में कितनी आत्माओं ने चीत्कार किया होगा उसकी भरपाई केवल पैसे से कैसे हो सकती है?... वह केवल पैसा ही तो चुका दिया और रूह का क्या हुआ? आम्रपाली ने अपने भावी जीवन को भूतकाल की खाई पाटने क...
- इतने पृथ्वी के जीव-जन्तु हैं, इनमें से कौन पूजा-प्रार्थना करता है, तो क्या भगवान ध्यान नहीं रखते?... तब क्या भगवान नाराज हो जाते हैं क्या? जो आदमी जप करेगा, उसी से प्रसन्न होंगे। जो जप नहीं करेगा, उससे...
- इन दो कामों के अलावा आपने क्या काम कर लिया?... चलिये तीसरा एक और काम भी किया होगा आपने। अपने अहंकार की पूर्ति के लिए, ठाठ-बाट बनाने के लिए, लोगों क...
- इन बातों का क्या मतलब है?... न यह पुराण है न सत्संग है। कथा के पीछे उद्देश्य और लक्ष्य होना चाहिए। प्राचीनकाल में समर्थ गुरु रामद...
- इन सबको रोककर के क्या करेंगे?... आप मन को रोकिए। रोकने के बाद में उसको भगवान में लगा दीजिये। यही तो योगाभ्यास है। तपश्चर्या और योगाभ्...
- इनको बुद्ध-विहार कहिये, आप आरण्यक कह लीजिए—नाम और शब्दों से क्या फर्क पड़ता है?... ऐसे स्थान जहाँ कहीं भी हों, वहाँ आदमी को अपनी आत्मसाधना करनी पड़ती है। तीर्थ वे थोड़े ही हैं कि जहाँ ख...
- इन्हीं में तो आपका जीवन खर्च हो गया और किस काम में खर्च हुआ?... आप कृपा कीजिये, आत्मा को भी मान्यता दीजिये। शरीर ही सब कुछ नहीं है, शरीर की आकांक्षाएँ ही सब कुछ नही...
- इन्हें कहते हैं जरूरतमन्द और तीसरी?... तीसरी एक और चीज है; जिसका नाम है—तृष्णा। तृष्णाओं को भी हम जानते हैं; पर सबको हम समान महत्त्व नहीं द...
- इम्तहान के दिनों में किसको हैरानी नहीं होती?... रही इम्तहान में पास होने की बात, तो सभी सुख से रहते हैं। बच्चे को जन्म देते समय कौन-सी माता को हैरान...
- इम्तहान में पास तो बच्चे ही होते हैं; पढ़ना तो उन्हीं को पड़ता है; स्कूल तो वही जाते हैं; पर आप समझते हैं कि बच्चे स्कूल जाते हैं, तो क्या, अपने ही बलबूते पर पास हो जाते हैं?... माता उनके खाने का इंतजाम करती है; पिता उनकी फीस का इंतजाम करता है; मास्टर उनको पढ़ाने में सहायता करता...
- इष्ट माने—लक्ष्य, हमारा लक्ष्य क्या है?... लक्ष्य का मतलब है—इष्ट। इष्ट आपने कोई तय कर लिया अर्थात् आपका शिव इष्ट है, इसका मतलब हो गया—कल्याण आ...
- इसका नाम कर्मयोग है और भक्ति-भावना?... भक्ति-भावना मुहब्बत को कहते हैं, प्यार भगवान को किया जाता है। उपासना भगवान की, की जाती है। प्रेम भगव...
- इसका नाम क्या है?... इसका नाम कलम लगाना कहिये, सुसंस्कारिता कहिये अथवा माली की साधना पौधे के साथ और आपकी जीवात्मा की साधन...
- इसके अलावा भी कुछ होता है तीर्थ?... नहीं भाईसाहब! यह तो बिल्कुल उपक्रम है। असली बात तो तीर्थ की अलग होती है। उसमें ज्ञानगंगा बहती है, जह...
- इसके लिए आप अपने गुण, कर्म, और स्वभाव में शालीनता का समावेश करने के लिए ऐसी गतिविधियाँ क्या अपनायेंगे, जो आपके संस्कारों के रूप में परिणत सकें?... जप? नहीं, जप से संस्कार नहीं बनते, रामायण पाठ से भी संस्कार थोड़े ही बन जाएँगे। पूजा के साथ-साथ में आ...
- इसके लिए आपको क्या करना चाहिए?... चौबीसों घण्टे आपको ध्यान रखना चाहिए। क्या ध्यान रखना चाहिए? कि हमारा जीवन किस तरीके से ठीक बन सकता ह...
- इसके लिए क्या करना पड़ेगा?... इन सारे प्रश्नों पर गम्भीरता से हम और आप विचार करें।
आमतौर से कल्प-साधना के बारे में यह भ्रम फै...
- इसलिए आप इस डायन को मार भगाइये न?... दुनिया भर का माँगते फिरते हैं—नाक रगड़ते-फिरते हैं—वासनाओं के लिए, तृष्णाओं के लिए, अहंकार के लिए। इस...
- इसलिए आपको शिक्षण करने में फर्क करने की जरूरत नहीं है कि आप किसको कहें, किसको न कहें?... आप सभी से कहिए। हर आदमी इन मामलों में दरिद्र है। हर आदमी को आपके ज्ञान की आवश्यकता है। इसलिए आपको ती...
- इसलिए कि आपने वहाँ रहकर के उपासना की है, साधना की है और उपासना-साधना करने के साथ-साथ में अपनी समस्याओं का समाधान करने के लिए वहाँ के वातावरण का लाभ उठाया है, वहाँ जो ऋषि रहते हैं, उनके परामर्श से रास्ता भी आप तलाश करते हैं और उस रास्ता तलाश करने में एक रास्ता यह भी है कि आपने अब तक जो गलतियाँ की हैं उनका प्रायश्चित कैसे हो?... भरपाई कैसे हो? आप उसके लिए क्या कदम उठाएँ? इसके लिए आप अपने गुण, कर्म, और स्वभाव में शालीनता का समाव...
- इसलिए क्या करना चाहिए?... हमार मुनीम हो के चला जा और ये कहना अपने घर वालों से कि हम गुरुजी के नौकर हैं। हैं तो हम वही; लेकिन व...
- इसलिए जो चीज सम्भव नहीं है, वह सम्भव कैसे हो सकती है?... आकृतियाँ नहीं बदल सकतीं आदमी की, प्रकृति बदल सकती है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने इसी के बारे में रामायण...
- इसीलिए क्या करना चाहिए?... अनीति के विरुद्ध आप अगर तन के नहीं खड़े होंगे, तो अनीति दिनोंदिन बढ़ती चली जाएगी और आपको ही नहीं, बल्क...
- उज्ज्वल कल्पनाएँ आपको करना नहीं आता?... आप विधेयात्मक विचार नहीं कर सकते? आपको निषेधात्मक विचारों को कटाना नहीं आता? आप विधेयात्मक विचार शुर...
- उन तरीकों को अख्तियार कर लीजिए, मालदार भी खूब बहकते हैं, कम बहकते हैं क्या?... गरीबों की जेब कटती है, तो उनकी भी जेब कटती है और गरीबों को उल्लू बनाया जाता है, तो मालदार और भी ज्या...
- उनका भांजा अभिमन्यु मारा गया और क्या-क्या नहीं हुआ?... मथुरा छोड़कर भाग खड़े हुए और वे द्वारिका चले गए। द्वारिका में भी गृह-कलह और सारे परिवार के लोग मारे गए...
- उनकी कुटिया कहाँ थी?... यहीं थी, जहाँ आज शान्तिकुञ्ज है। यह विश्वामित्र का स्थान है।वातावरण का कितना असर पड़ता है, देखा है न ...
- उनकी जिन्दगी कैसी शानदार हो गई?... अगर उन्होंने भीतर वाले हिस्से को, अर्थात दृष्टिकोण को बदला न होता, तो बाहर वाली परिस्थितियाँ बिल्कुल...
- उनकी नकल क्यों करना चाहते हैं?... उनके साथ में अपनी समृद्धि क्यों मिलाना चाहते हैं? आप उनके साथ में समृद्धि मिलाइये न, जो आपसे कही गये...
- उनकी प्रसन्नता न जाने किन चीजों पर टिकी हुई है?... ये न जाने क्या माँग बैठेंगे? न जाने क्या-क्या फरमाइशें उनकी चालू हो जाएँगी? आप उनकी फरमाइशों को पूरा...
- उनकी रखवाली की जरूरत नहीं है?... उनकी रखवाली न करेंगे, खाद-पानी नहीं देंगे, तो पेड़ों से और पौधों से क्या आशा करेंगे? इसी तरीके से जीव...
- उनकी रखवाली न करेंगे, खाद-पानी नहीं देंगे, तो पेड़ों से और पौधों से क्या आशा करेंगे?... इसी तरीके से जीवात्मा का पेड़ और वृक्ष भी अपनी खुराक माँगता है। खुराक क्यों माँगता है? मैंने निवेदन क...
- उनके लिबास कहाँ से आए?... पोशाक कहाँ से आये? शृंगार कहाँ से आये? उन्होंने सिन्दूर से उनको लपेट दिया और सिन्दूर से उन पत्थरों क...
- उनके साथ में अपनी समृद्धि क्यों मिलाना चाहते हैं?... आप उनके साथ में समृद्धि मिलाइये न, जो आपसे कही गये-बीते हैं; कितने किफायत से गुजारा करते हैं, कितने ...
- उनमें केवल देखने के लिए जाते हैं कि बद्रीनाथ कहाँ है, केदारनाथ कहाँ है?... मन्दिरों में रखे हुए खिलौनों को देखने के लिए जाते हैं। देखने की दृष्टि उनमें कहाँ! दर्शन के लिए दृष्...
- उन्हें साइकिल पर लादकर चलिए, तो ज्यादा सुविधा रहेगी और क्या करें?... और आप यह कीजिए, जगह-जगह शिक्षण देने के लिए, अलख जगाने के लिए एक योजना बनाकर ले जाइए। दीवालों पर आदर्...
- उन्होंने कहा—अगर तुम्हारे पास गाय हो और गाय बहुत दूध देने वाली हो; बहुत दूध देने वाली गाय का दूध आप दूहें; लेकिन जिस बर्तन में आप दुहें, उसमें सुराख हों और छेद हों तब?... तब फिर क्या होगा बताओ? शिष्यों ने कहा—महाराज जी! फिर वो दूध चलनी में रुकेगा थोड़े ही। चलनी में जो सुर...
- उन्होंने कहा—यह क्यों डूबेगा?... यह डूबता थोड़े ही है। कमण्डलु डूबने वाला नहीं है। यह तो तैरता रहेगा। भगवान बुद्ध ने दुबारा उसको उठाकर...
- उन्होंने कहा—यहाँ कैसे बताऊँ, इसके लिए तो उपयुक्त वातावरण में चलना पड़ेगा यहाँ ऐसा वातावरण कहाँ है?... यहाँ अयोध्या के जिस वातावरण में आप रहते हैं, वहाँ ऐसी कोई गुंजायश नहीं है, जो बताया जा सके, क्योंकि ...
- उन्होंने कहा—राजकुमार रहना नहीं है और यदि रहना ही होगा, तो भगवान के राजकुमार क्यों नहीं रहेंगे?... बस, भगवान का राजकुमार बनने का फैसला कर लिया उसने। दृढ़निश्चयी की सहायता करने वाले कम हैं क्या? नारद ...
- उन्होंने क्यों नहीं कहा?... नहीं, नारद जी उनसे कह नहीं सकते थे, क्योंकि जो आदमी अपना निश्चय स्वयं करता है, उसी की सहायता दूसरे क...
- उपवास के लिए हम क्यों बुलाते हैं आपको?... उपवास तो आप घर पर भी कर सकते हैं, बहुत-से आदमी करते भी हैं; नवरात्रि पर उपवास करते हैं, दूसरे उपवास ...
- उपासना में क्या करना होता है?... उपासना में नजदीक आते हैं और नजदीक आने के साथ-साथ सबसे पहला काम करना पड़ता है—अपनी सफाई। अपनी सफाई हम ...
- उस कूड़े-कचरे में से क्या चीज पल्ले पड़ती?... आज आपको इस कूड़े-कचरे में से क्या चीज पल्ले पड़ने वाली है? कुछ भी तो नहीं है, सिवाय आफत पैदा करने के औ...
- उसका बच्चा फिर उसको मिल गया होता?... नहीं, एक भी चीज वापस नहीं मिलती, ऐसे ही लुका-छिपा बैठा रहता। आप ऐसा कीजिए, आप यहाँ कल्प-साधना शिविर ...
- उसकी कोई उपयोगिता नहीं है?... अपने आपको ही हमारे ऊपर हावी रखेंगे? हमारी मनोकामना पूरी कर दीजिए। ऐसे कौन आपकी मनोकामना पूरी कर देगा...
- उसकी धर्मपत्नी वापस मिल गई होती?... उसका बच्चा फिर उसको मिल गया होता? नहीं, एक भी चीज वापस नहीं मिलती, ऐसे ही लुका-छिपा बैठा रहता। आप ऐस...
- उसके पश्चात् क्या हुआ?... देखिये उसकी नीयत भगवान भी एक ही चीज देखता है और वह है नीयत। भगवान ने उस मास्टर की नीयत को देखा और उस...
- उसके भविष्य को नहीं बढ़ाएँगे?... आप ऐसा कीजिए फिर देखिए आप दानी हो जाते हैं कि नहीं। आप भिखारी रहेंगे, तो उससे काम-वासना की बात करते ...
- उसके लिए संघर्ष कीजिए और अनुशासन पालने के लिए तैयार हो जाइये, अगर आपको यह दावत स्वीकार हो, तो फिर आप तैयार हो जाइये, हिम्मत कीजिए, फिर देखिए आपका भविष्य कैसे शानदार बनता है?... कायाकल्प से हमारा उद्देश्य समझना चाहिए और अपनी तैयारी के लिए जो मुनासिब हो, वह करने के लिए कमर कसकर ...
- उसके सम्मान को नहीं बढ़ाएँगे?... उसके भविष्य को नहीं बढ़ाएँगे? आप ऐसा कीजिए फिर देखिए आप दानी हो जाते हैं कि नहीं। आप भिखारी रहेंगे, त...
- उसने पूछा—कब दिखा देंगे?... उन्होंने कहा—जब कहो, तभी दिखा देंगे। चोर दूसरे दिन तैयार होकर आ गया सबेरे ही। उसने कहा—हमको दिखाइए भ...
- उसमें क्या करना पड़ता है?... अभ्रक भस्म, लोहा भस्म, सोना भस्म, चाँदी भस्म, मकरध्वज—ये सब क्या चीज हैं? ये ऐसे भस्म और रसायन हैं क...
- उसमें क्या किया?... उनके लिबास कहाँ से आए? पोशाक कहाँ से आये? शृंगार कहाँ से आये? उन्होंने सिन्दूर से उनको लपेट दिया और ...
- उससे अगले वर्ष तीन सौ टन हो जाएगा, क्यों?... क्योंकि खदान चारों ओर से खींचती रहती है, जमा करती रहती है। देवताओं की कृपा के सम्बन्ध में भी ठीक यही ब...
- ऊँट को नकेल नहीं लगाएँ तब?... आप बैल के नाक में रस्सी नहीं डालें तब? हाथी के ऊपर अंकुश नहीं लगाएँ तब? तब फिर आप समझ लेना, ये जानवर...
- एक और भी ब्रह्म है?... अँग्रेजी में इसको सुपरकान्शस (सुपर चेतन) कहते हैं। वेदान्त की भाषा में इसको ‘स्व’ कहा गया है, आत्मा ...
- एक औरत को हैरान किया है न, बेचारी ने आपकी वजह से नौ महीने पेट में वजन रखा, कष्ट उठाया, छाती का दूध पिलाया, फिर आप क्यों कष्ट नहीं उठायेंगे?... आप भी कोल्हू में चलिए, आप भी मुसीबत उठाइए। आपको भी बीस साल की कैद होती है। बीस साल का बच्चा जब तक न ...
- एक काम आपको यह करना पड़ेगा कि आपके भीतर जो भी संचित मल, आवरण और विक्षेप हैं, जो भी विषाणु भरे पड़े हैं, उनकी ओर गौर करना पड़ेगा और गौर ही नहीं, बल्कि निकालना भी पड़ेगा, जद्दोजहद करनी पड़ेगी, लड़ना पड़ेगा कि आपका पिछला जीवन कैसे कुसंस्कारों से भरा पड़ा हुआ है और उन कुसंस्कारों को दूर करने के लिए आपको क्या करना चाहिए और यह कैसे सम्भव है?... प्रायश्चित्त प्रणाली हमारी यही है। इसमें यह बताया जाता है कि आदमी की आध्यात्मिक उन्नति में सबसे बड़ी ...
- एक पहिये की गाड़ी पर चलें तब?... तब आप सर्कस में एक चक्कर तो काट भी सकते हैं; लेकिन आप लम्बा सफर नहीं कर पाएँगे। एक पहिये की गाड़ी किस...
- एक पैर से आप चलें तब?... तब लम्बा सफर पूरा नहीं कर सकेंगे। एक पहिये की गाड़ी पर चलें तब? तब आप सर्कस में एक चक्कर तो काट भी सक...
- एक साधक का रूप और दुःखी देख करके एक महात्मा उधर से निकले, उन्होंने पूछा—भाई क्या बात है?... कैसे दुःखी हो रहा है? कौन है तू? तो वह बोले—हम साधना करने वाले एक व्यक्ति हैं और तेरह वर्ष तक गायत्र...
- एक से एक बढ़िया आहार है और भोजन है; लेकिन आहार और भोजन के होते हुए अगर किसी आदमी का पेट खराब हो जाए तब?... आप क्या खिला करके करेंगे? और उल्टा पेट में दर्द हो जाएगा। आप पौष्टिक पदार्थ दीजिए, मलाई-मिठाई दीजिए।...
- एक-एक गलती, एक-एक विचारधारा, एक-एक भूल के बारे में कौन सुधार करे?... इसलिए ये काम आप को स्वयं ही करना पड़ेगा। आप ही अपने गुरु हैं, आप ही अपने शिक्षक हैं और आप ही अपने साध...
- एकान्त नहीं मिलेगा, तो आप विचार तक नहीं कर पाएँगे कि आपको क्या करना है?... पुरानी चीजों से छुटकारा पाना है, नई चीजों का सेवन करना है। इसके लिए एकान्त बहुत आवश्यक है। यह एकान्त स...
- ऐसा आप नहीं कर पायेंगे क्या?... आप ऐसा ही कीजिए।आप अपना सम्मान चाहते रहें और दूसरों के लिए अपमान का व्यवहार करते रहें, तब आप ऐसा कीज...
- ऐसा हो सकता है क्या?... हाँ, हो सकता है और आपके लिए भी हो सकता है, यकीन रखिये। यकीन दिलाने के लिए ही हमने आपको यहाँ बुलाया ह...
- ऐसी क्या बात है जो सुगन्ध को भी बदल देती है?... वह है वातावरण, जो जलवायु पर टिका हुआ है। नागपुर के सन्तरे और बम्बई के केले के बारे में आप जानते हैं ...
- ऐसी गलत बात क्यों करते हैं?... थोड़ी-सी पूजा से अगर ये सब चीजें मिल गई होतीं, फिर किसी आदमी को अपने जीवन को परिष्कृत करने की जरूरत क...
- ऐसे कौन आपकी मनोकामना पूरी कर देगा, बताइए?... रावण की मनोकामना पूरी करने में कौन समर्थ हो गया? सिकन्दर की मनोकामना कही पूरी हुई? नेपोलियन बोनापोर्...
- और इस तरह सादाजीवन उच्चविचार के तरीके से अपना जीवन व्यतीत करता रहा, तो क्या?... लेकिन भगवान का प्यार तो हुआ और भगवान के प्यारे आदमी अभावग्रस्त नहीं रहते—यह बात और याद रखना। रावण अभ...
- और कब-कब जन्म लिया और यह शक्ल जो मुझे गुरुदेव के रूप में दिखायी पड़ती है, कब-कब मेरे साथ नृत्य करती रही?... बस, इतनी घटना घटित हुई और मेरे जीवन का कायाकल्प हो गया। मैंने उनके चरणों पर मस्तक झुकाया और कहा—‘‘आप...
- और क्या करेंं?... दूसरों को सम्मान देना सीखिये हरेक की इज्जत कीजिये, छोटे बच्चों की इज्जत कीजिये, धर्मपत्नी की इज्जत क...
- और बताइये और कौन-सा काम किया आपने?... इन दो कामों के अलावा आपने क्या काम कर लिया? चलिये तीसरा एक और काम भी किया होगा आपने। अपने अहंकार की ...
- और बुढ़ापे में क्या खराबी है?... आप बुड्ढे को जवान बनाने वाली बात मत सोचिए। आप दूसरी बात सोचिए कि आपका मनःसंस्थान जो बुड्ढों जैसा हो ...
- और लोग इतने इच्छा-मनोकामना करते हैं, उनकी क्यों नहीं पूरी करते?... क्योंकि जलाराम इम्तहान में पास हो गये थे। उन्होंने दो प्रतिज्ञाएँ की थीं कि जलाराम मेहनत-मजदूरी करें...
- औरतें क्या मिट जाएँगी और औरतों के लिए मर्द नहीं रहेंगे क्या?... मर्द रहेंगे; लेकिन उनके बीच जो जहर है, उस जहर को निकाल दीजिए। जहर निकल जाता है, तो साँप कितना सुन्दर...
- औसत भारतीय स्तर पर अपने मुल्क में कितने आदमी रहते हैं?... सत्तर करोड़ आदमी रहते हैं। अतः मुट्ठी भर आदमियों की ओर गौर मत कीजिए।...
- कंकड़, पत्थर वाला खेत हो तब?... सूखा और पत्थर वाला खेत हो तब? तब आप जो कुछ भी बोएँगे जमीन में, सब आपका बीज भी मारा जाएगा और आप फिर न...
- कंजूसी के लिए कौन कहता है आपसे?... अच्छे काम के लिए कोई खर्च नहीं है क्या? आप फिजूलखर्च जरा भी मत कीजिए और जो कुछ भी आपके पास धन है, उस...
- कपड़ा, कुर्ता आप कितना पहनते हैं?... चार गज का? अच्छा आप बाइस गज का कुर्ता पहनकर दिखाइए। आप कितनी लम्बी चारपाई पर सोते हैं? चार फुट वाली प...
- कब आते हैं?... जब फूल खिलते हैं। फूल के तरीके से आप अपने जीवन को खिला सकते हों, अपनी पात्रता को दिखा सकते हों, अपनी...
- कबूतर बीमार पड़ते हैं?... लोमड़ी, खरगोश जो जंगल में उछलते हैं, कभी बीमार पड़ते देखे हैं आपने? कोई नहीं पड़ता। एक ही बेवकूफ जानवर ...
- कमाने में तो आप कुछ भी कमा लेते हैं?... सट्टा मिल जाए तब लाटरी खुल जाए तब जमीन में गड़ा हुआ धन मिल जाए तब, कोई बाप बहुत ज्यादा धन देकर मर जाए...
- कर सकते हैं?... जरूर कर सकते हैं। आप मान्धाता तो नहीं है, लेकिन उसके बनाने में कुछ तो कर ही सकते हैं, इसके निर्माण म...
- कर्ण सोचने लगे—मेरे दरवाजे पर से कोई आदमी अब तक खाली नहीं गया और ये अन्तिम समय कोई आया है, तो इसे लौटा कैसे दूँ?... मेरी शरण बिगड़ती है। अन्तिम समय पर एक साधु आया हुआ है, उसको मना कैसे कर दूँ कि हमारे पास कुछ नहीं है ...
- कर्तव्यों के साथ में बँधे कहाँ हैं आप?... आप यहाँ एक महीने रह करके पुनः विचार कीजिए और अपनी स्थिति को साफ कीजिए। संसार के साथ जो आपके ताल्लुका...
- कल खिला देंगे?... कल भी खिला देंगे। महीने भर खिला देंगे? महीने भर भी खिला देंगे; पर तेरी जिन्दगी इससे नहीं कटेगी—ये ध्...
- कल्प आखिर है क्या?... जिसके लिए हमने आपको यहाँ बुलाया है। कल्प का अर्थ होता है—परिवर्तन। आपको बदलने का हमारा मन है। आप यदि...
- कष्ट कैसे उठा पाते?... हर आदमी तो माल मारने के लिए, भगवान् जी के मन्दिरों में फोकट का प्रसाद पाने के लिए, घूमता रहता है। त्...
- कस्तूरी की जहाँ-तहाँ तलाश करने वाले हिरन को और क्या मिलता है?... सिवाय निराश के, तो आपको क्या मिलेगा? आप छाया के पीछे, माया के पीछे बेतहाशा दौड़ रहे हैं और आपको अब तक...
- कहाँ करता है तू भजन?... एक घण्टा भजन करता हूँ। अभागे! तू एक सेकेण्ड भी भजन नहीं करता।भजन उसको कहते हैं जो सिद्धान्तों को जीव...
- कहाँ बनाये थे?... सारे भारतवर्ष में बुद्धों के विहार, संघाराम, बुद्धों के विहार..........। उन विहारों में शिक्षण-साधना...
- कहाँ है अवा?... इस कोठरी में जिसमें आप रहते हैं अथवा शान्तिकुञ्ज को आप अवा मानिये। इस अवे में आपको कैद कर दिया गया ह...
- कहाँ हैं तीर्थ?... आपको कहीं दिखाई पड़ते हैं क्या? मुझे तो कहीं दिखाई नहीं पड़ते। सैरगाह-सैरगाह दिखाई पड़ते हैं। पुरानी ऐत...
- काम, मेहनत, मजदूरी क्यों नहीं करता?... पात्रता तो भिखारी को भी चाहिए, फिर सामान्य लोगों का तो पात्रता के बिना दुनिया में कुछ नहीं चलता। इसल...
- काम-वासनाओं में अपने आपको उलझाए रहते तब?... भगवान शंकर का अवतार बनने का मौका नहीं मिलता तब? लक्ष्मण जी ने मेघनाद को मारा था। मेघनाद को यह वरदान ...
- कामधेनु क्या है?... कामधेनु आध्यात्मिकता है। आप आध्यात्मिक चिन्तन ले के जाइये, आध्यात्मिक दृष्टिकोण ले के जाइये। अगर आप आ...
- कामनाओं में ही लगे रहेंगे क्या?... आप माँगते ही रहेंगे क्या? भिखारी ही बने रहेंगे क्या? नहीं, आप भिखारी बनने से इनकार कर दीजिए। अब आप य...
- कायाकल्प किसे कहते हैं?... कायाकल्प उसे कहते हैं जिसमें बुड्ढा जवान हो जाता है।मैं ऐसा कायाकल्प करना चाहता हूँ कि आपकी तबियत बद...
- कायाकल्प कैसे होगा?... यही मैं आपको बताने वाला हूँ, पर पहले आपको यह जान ही लेना चाहिए कि कायाकल्प भीतर से होता है। बाहरी शर...
- कि बड़े शानदार मन्दिर बनाना जरूरी है या बना सकते हैं क्या?... समर्थ गुरु रामदास ने महावीर मन्दिर बनवाये थे। कैसे बनवाये? मिट्टी की दीवारों से फूँक के झोंपड़ों के ब...
- कि हमारा जीवन किस तरीके से ठीक बन सकता है?... आपको अपने कर्तव्यों पर ध्यान देना चाहिए। आपको अपने ज्ञान को परिष्कृत करना चाहिए और अपनी भक्ति-भावना ...
- कि हमारा शरीर दूर है उनसे और जिस दिन भगवान के नजदीक जा करके आदमी यह अनुभव कर ले कि हमारा जीवात्मा भगवान का एक अंश है, फिर क्यों मरेगा आदमी?... जीवात्मा कहीं मरता है क्या? शरीर तो कपड़ों की तरह है। रोज बदलते रहते हैं कपड़ों को, इससे कई लाभ हैं—भय...
- कितनी सहायता करेंगे?... ये नहीं कह सकते। आपका प्रारब्ध और हमारा पुण्य—दोनों का समन्वय होकर के जितना सम्भव होगा, उतनी मदद करे...
- कितनों से आपको खीझ पैदा होती है?... कितनों से आपको सहयोग-समर्थन मिलता रहता है। कितनों से आपका लगाव है तो कितनों से आपको नाखुशी है। यहाँ ...
- किस काम में खर्च करेंगे?... बचा हुआ समय जाएगा कहाँ? आत्मा का कल्याण लोकसेवा के ऊपर टिका हुआ है। भगवान का भजन ही वास्तव में लोकसे...
- किस जगह जाएँ?... किसके पास जाएँ? क्या करें वहाँ जा करके? सैरगाहों में क्या करेंगे जा करके?? सैरगाहों में कितने आदमी आ...
- किस बात पर ध्यान दे रहे हैं?... कि आपका मनःसंस्थान ऊँचा हो जाए, आपकी भावनाओं का स्तर ऊँचा हो जाए, आपके जीवन का लक्ष्य ऊँचा हो जाए, ज...
- किसके पास जाएँ?... क्या करें वहाँ जा करके? सैरगाहों में क्या करेंगे जा करके?? सैरगाहों में कितने आदमी आते हैं! आपने देख...
- किसको आप क्या देंगे?... मित्रो को क्या देंगे? दोस्तों को क्या देंगे? धन? नहीं। अपनी भावनाएँ, विचारणाएँ और ऊँचा उछाल देने वाल...
- किसको बदल जाना?... जमाने को? समय को? परिस्थितियों को? नहीं। न जमाना बदल सकता है, न परिस्थितियाँ बदल सकती हैं। सिर्फ आप ...
- कुछ भी तो नहीं है, सिवाय आफत पैदा करने के और दिमाग खराब करने के, पुरानी गप्पबाजियाँ खड़ी करने के, अपना समय और दूसरों का समय बर्बाद करने के अलावा क्या है कथा?... इसलिए कथा भी उन्होंने बनाई और कथा की परम्परा को जिन्दा रखा और ऐसे शानदार ढंग से जिन्दा रखा कि मजा आ ...
- कुण्डलिनी क्या होती है?... आपको जानकारियाँ बच्चों जैसी हैं। बच्चों की जानकारियाँ बहुत छोटी होती हैं, बहुत कमजोर होती हैं।...
- कुत्ते का, बिल्ली का बच्चा हुआ तब?... गधे का बच्चा हुआ तब? क्यों पिलाएगी गाय। गाय का एक ही बच्चा होना चाहिए। आपको सन्त का बच्चा होना चाहिए,...
- कुन्ती के बेटे बनने में आपको शर्म आती है, बताइए?... सीता के बेटे अगर आप बन जाएँ, तो क्या हर्ज है आपको? नहीं, कुछ हर्ज नहीं होगा आपका। आप अगर ऐसी मनःस्थि...
- कुम्हार को आप जानते हैं?... कुम्हार कच्चे बर्तन बनाता है, बनाने के बाद पकाता है। अवे में से खिलौने भी निकलते हैं, तो आप यह मान स...
- केंचुली उतार दी तो, न जाने कहाँ-से जा पहुँचता है?... आप अपने पुराने कुसंस्कारों की केंचुली उतार दीजिए और नये रास्ते पर चलिये। पिंजरे से आप बाहर निकलें, प...
- केंचुली लगा हुआ साँप कहाँ भाग पाता है?... लोग पत्थर फेंकते रहते हैं, पर वह वैसे ही बैठे रहता है। केंचुली उतार दी तो, न जाने कहाँ-से जा पहुँचता...
- केवल अर्जुन को ही क्यों दे दिया?... सबको क्यों नहीं दिया? क्योंकि उन्होंने एक बार इम्तहान लिया था कि इतनी कीमती चीज को एक सख्त और प्रामा...
- केवल एक आदमी हुआ—विवेकानन्द तो क्या रामकृष्ण परमहंस की कृपा एक पर ही थी?... नहीं, असलियत यह नहीं है। उनकी सब पर कृपा बरसती थी, पर उन्होंने अपने को बदला नहीं, जबकि विवेकानन्द ने...
- केवल कर्मकाण्ड तक सीमित रह जाएँगे, तो उद्देश्य कैसे पूरा होगा?... यह कल्प कोई शारीरिक थोड़े ही है। यह क्रियाओं से कैसे पूरा हो जाएगा? यह आन्तरिक कायाकल्प है। इसलिए आपको...
- केवल मात्र चिन्ह-पूजा करते रहेंगे?... टाइमपास करते रहेंगे? नहीं, टाइमपास मत कीजिए, चिन्ह-पूजा मत कीजिए। अपने सारे-के चिन्तन को आमूल-चूल पर...
- कैसा अभ्यस्त ढर्रा?... जो जिन्दगी हम जीते हैं, वो ऐसी जिन्दगी है, हम क्या कहें आपसे! ऐसी जिन्दगी, ढर्रे की जिन्दगी, जिसमें ...
- कैसे दुःखी हो रहा है?... कौन है तू? तो वह बोले—हम साधना करने वाले एक व्यक्ति हैं और तेरह वर्ष तक गायत्री की उपासना करते रहे, ...
- कैसे बदल जाए मन?... आप एक काम कर दें मेरा, तो मैं आपकी सारी जिम्मेदारियाँ उठाने को तैयार हूँ। सब जिम्मेदारियाँ, जो कुछ भ...
- कैसे बन सकती है?... एक ही तरीका है बेटे आप हमारे जिम्मे अपना अहं छोड़ दो, बस! सामान हम आपको सब दे देंगे। आपकी औरत को हम न...
- कैसे बना पाएँगे?... आप अपने बच्चे के लिए इतना खर्च कहाँ से दे पाएँगे? आप अपनी लड़की को लाख-करोड़ रुपये दहेज में कैसे दे पा...
- कैसे मित्र बनें?... आप हमारा सहयोग कीजिए, हम आपका सहयोग करेंगे। अन्धे और पंगे का उदाहरण पेश कीजिए। अन्धे को आँख से दिखाई...
- कैसे सम्भव हुआ?... तपश्चर्या के द्वारा। आपने परशुराम जी की बावत सुना है? उनके पास एक ऐसा कुल्हाड़ा था...... कुल्हाड़े को ...
- कैसे स्वर्ग बनेगा?... हम और आप दो मिलकर के बना सकते हैं। हमारे यहाँ बन रहा है पार्क, दो आदमी बना रहे हैं। एक तो मिस्त्री क...
- कैसे हुआ था जानते हैं?... मथुरा जिले में कोसी नाम की एक जगह है। उसके पास मन्दिर में एक महात्मा रहते थे। तपसी बाबा उनका नाम था। ...
- कैसे हो गया यह सब?... उसने अपने आपको बदल दिया और उसका कायाकल्प हो गया। कायाकल्प कैसे होगा? यही मैं आपको बताने वाला हूँ, पर...
- कैसे हो सकेगा?... जाने कितने जन्मों के संस्कार बेचारी लेकर आई है! ठीक है, आप उसकी सेवा कर सकते हैं। बच्चे हैं, न जाने ...
- कोई ऊँचे स्तर से विचार करेंगे, तो आपके भूतकाल को कैसे प्रोत्साहित करेगा?... आप अपने भविष्य को ऐसा मत बनाइए। भविष्य को आप ऐसा बनाइए कि जब तक रहें, तब तक सन्तोष करते रहें और जब नह...
- कोई तपस्वी बनता क्यों?... कोई निग्रही अपने आप को करता क्यों? अपनी इन्द्रियों को मारता क्यों? फिर तो सब अपना मनमौजी जीवन जिया क...
- कोई निग्रही अपने आप को करता क्यों?... अपनी इन्द्रियों को मारता क्यों? फिर तो सब अपना मनमौजी जीवन जिया करते, विलासिता का जीवन जिया करते और ...
- कोई भी आदमी, जिसने कठिनाइयों का सामना नहीं किया है, सिद्धान्तों के लिए—आदर्शों के लिए कष्ट नहीं सहा है, वह आदमी मजबूत कैसे हो जाएगा?... बिल्कुल कच्चा रहेगा। जब कभी मुसीबत आएगी, तभी भाग खड़ा होगा और अपने संकल्पों-सिद्धान्तों को छोड़ देगा। ...
- कोई रुपयों का बण्डल दिया है क्या?... हमको पोटले भर के दिये हैं क्या? हमको औलादें दी हैं क्या? नहीं, कभी किसी ने नहीं दिया। सन्त, ऋषि और दे...
- कोई संयमी बनता क्यों?... कोई तपस्वी बनता क्यों? कोई निग्रही अपने आप को करता क्यों? अपनी इन्द्रियों को मारता क्यों? फिर तो सब ...
- कोई समय नहीं निकालेगा, श्रम नहीं करेगा और समाज को उन्नतिशील बनाने के नाम पर ढकोसला-ढिंढोरा पीटते रहेंगे, पैसे खर्च करेंगे, आडम्बर बना लेंगे, तो कैसे बनेगा?... निर्माण के लिए तो समय चाहिए न? श्रम चाहिए? आप समय और श्रम का एक हिस्सा उसके लिए लगा दीजिए। बस, ये दो...
- कौन दिखाई पड़ता है, बताइए?... रामचंद्र जी कहीं दिखाई पड़ते हैं? श्रीकृष्ण भगवान कहीं दिखाई पड़ते हैं? हनुमान जी की कहीं आपने शक्ल दे...
- कौन है तू?... तो वह बोले—हम साधना करने वाले एक व्यक्ति हैं और तेरह वर्ष तक गायत्री की उपासना करते रहे, लेकिन उसका ...
- कौन-सी ऐसी वजह है जो आप नहीं कर सकते हैं?... यहाँ जो जप और अनुष्ठान कराया जाता है, क्या आप घर पर नहीं कर सकते थे? जरूर कर सकते थे। जो नियम और मर्...
- क्या आप ऐसी हिम्मत नहीं कर सकते?... आप ऐसी दूरदर्शिता नहीं दिखा सकते? आपको ऐसी बुद्धिमानी नहीं आती? आप ऐसी अकल से रिश्ता नहीं जोड़ना चाह...
- क्या आप मुस्कान नहीं बाँट सकते?... क्या आप मुहब्बत नहीं बाँट सकते? ये चीजें कम है क्या? आप देने वाले बन जाइये। आप सेवा दीजिये, सहानुभूत...
- क्या आप मुहब्बत नहीं बाँट सकते?... ये चीजें कम है क्या? आप देने वाले बन जाइये। आप सेवा दीजिये, सहानुभूति दीजिये, स्नेह दीजिये, फिर देखि...
- क्या कर दिया?... आपके लिए एक वातावरण बनाकर के हमने रख दिया यहाँ शान्तिकुञ्ज में। यहाँ क्यों बुलाया है। यहाँ जो भी क्र...
- क्या करना चाहिए?... इस ओर ध्यान दीजिए। भविष्य के निर्माण की ओर ध्यान दें, यह तो बहुत अच्छी बात है, पर भूतकाल को भुला मत ...
- क्या करना चाहिए?... उनको अपने प्रायश्चित में सम्मिलित कर लीजिए। प्रायश्चित प्रक्रिया पूरी करने का एक तरीका और भी है। जहा...
- क्या करा लिया?... गुरु ने हम पर शक्तिपात किया। शक्तिपात करने का मतलब ये होता है कि उनने हमें एक ऐसी ताकत दी कि अब तक ज...
- क्या करें वहाँ जा करके?... सैरगाहों में क्या करेंगे जा करके?? सैरगाहों में कितने आदमी आते हैं! आपने देखे होंगे? विदेशों में भी ...
- क्या करेंगे उसका?... नहीं, महाराज जी! फिर हम आपको दान कर देंगे। नहीं, बेटे! तू हमको मत कर दान। दान से क्या मतलब है? दान स...
- क्या कहना था?... हमारे गुरु ने एक काम हमसे करा लिया और मजा आ गया। वे भी धन्य हो गये और हम भी धन्य हुए। हम चाहते थे, व...
- क्या कहना मानें आपका?... हमारी पड़ोसी से लड़ाई हो जाती है, आँख से वो अन्धा हो जाये। अच्छा! आपके कहने से देवी जी, पड़ोसी को अन्धा क...
- क्या काम करें?... आप यहाँ से जाने के बाद में तीन काम और जीवन में शामिल कर लीजिये। अब तक तो आपकी जिन्दगी में दो काम शाम...
- क्या काम शामिल करें?... एक काम आपका है—व्यक्ति निर्माण। अपने आपको निर्माण करने की कसम खाकर जाइये—हम अपने स्वभाव को बदल दें, ...
- क्या कोशिश करें?... यही तो एक विकल्प है। एक काम यह कीजिए कि अपना जी खोल करके अपने मन की गाँठ को हल्का कर लीजिए, जैसा कोई...
- क्या क्रिया हमारे लिये उचित है?... क्या विचार अनुचित है? लोग क्या कहते हैं? लोगों की बातें हमने सुनना बन्द कर दिया। लोगों की बातें हम न...
- क्या खराब उम्मीद की गारण्टी है कोई?... जब खराब भविष्य की गारण्टी नहीं है, फिर आप अच्छे भविष्य की कल्पना करने में क्यों संकोच करते हैं? अच्छ...
- क्या खाते हैं वे लोग?... वही दाल-रोटी खाते हैं। फिर क्या बात है कि वे इतने मोटे हो जाते हैं? वे इतने मजबूत कैसे हो जाते हैं औ...
- क्या खिलाये गये?... उनको ऐसे पदार्थ खिलाए गये। क्या खिलाये गये? उनको ऐसे पदार्थ खिलाए गये, जिससे उनको शरीर में नये कोषाण...
- क्या थीं वे दो चीजें?... एक तो उन्होंने मेरी कुण्डलिनी शक्ति जगा दी पहले दिन और दूसरा उन्होंने मेरे ऊपर शक्तिपात कर दिया। गुर...
- क्या दी थी?... शक्तिपात किया था। शक्तिपात किसे कहते हैं? शक्तिपात—बेटे, उसे कहते हैं जिसमें उच्चकोटि के विचारों को ...
- क्या ध्यान रखना चाहिए?... कि हमारा जीवन किस तरीके से ठीक बन सकता है? आपको अपने कर्तव्यों पर ध्यान देना चाहिए। आपको अपने ज्ञान ...
- क्या न भुलाएँ?... ये मत भुलाइए कि आपको अपने सूराखों को बन्द करना है, अपने छिद्रों की रोकथाम करनी है, अपनी मलीनताओं और ...
- क्या बदल दें?... बूढ़े से जवान हो जाएँगे। आपके हाथ की यह बात नहीं है। ये शरीर प्रकृति का बनाया हुआ है और प्रकृति इसकी ...
- क्या बदल दें?... बेटे! बहुत-सी चीजें बदलने को हैं; पर मैं तो एक ही चीज बदलने के लिए कहता हूँ। क्या बदलने के लिए कहता ...
- क्या बनाएँगे आप?... हम अपने लड़के को पी.सी.एस., आई.सी.एस. बनाएँगे। आपके क्या हाथ की बात है? आप अपने कर्तव्य का पालन कीजिए...
- क्या बुरा था, बताइए?... आरम्भ में हैरानी हुई; पर सन्तोष तो रहा; रावण को सुविधा मिली; पर असन्तोष रहा। हर समय उसकी जीवात्मा धिक्क...
- क्या भूलने की कोशिश करें?... एक तो यह भूलने की कोशिश कीजिए कि आप सब लोगों के साथ में गुँथे हुए हैं। कर्तव्यों के साथ गुँथे तो गुँ...
- क्या मिथ्या होते हैं?... अगर आपकी पात्रता, जिसके लिए बहुत जोर दे रहे हैं, जिसके लिए अनुष्ठान करा रहे हैं, वह यदि विकसित नहीं ...
- क्या लाभ हुए?... ज्यादा तो मुझे मालूम नहीं है; पर इतना तो मालवीय जी ने छापा था कि मेरी स्मरण शक्ति ठीक हो गयी है, मेर...
- क्या विचार अनुचित है?... लोग क्या कहते हैं? लोगों की बातें हमने सुनना बन्द कर दिया। लोगों की बातें हम नहीं सुन सकते। लोगों के...
- क्या विचार अनुचित हैं?... क्या क्रिया हमारे लिये उचित है? क्या विचार अनुचित है? लोग क्या कहते हैं? लोगों की बातें हमने सुनना ब...
- क्या विचार हमारे लिये उचित है?... क्या विचार अनुचित हैं? क्या क्रिया हमारे लिये उचित है? क्या विचार अनुचित है? लोग क्या कहते हैं? लोगो...
- क्या सिनेमा में जाने का मन है कि नाचने का मन है?... क्यों? जवानी में क्या है? और बुढ़ापे में क्या खराबी है? आप बुड्ढे को जवान बनाने वाली बात मत सोचिए।...
- क्या हर्ज है, आपको, बताइए?... मदालसा के बेटे आप नहीं बन सकते? कुन्ती के बेटे बनने में आपको शर्म आती है, बताइए? सीता के बेटे अगर आप...
- क्या हुआ था उनका?... उनके तीन कर्म हुए थे। मालवीय जी को सबसे पहले पंचकर्म करने पड़े थे। पंचकर्म किसे कहते हैं? पंचकर्म कहत...
- क्यों अच्छे लड़के के पास जाता है और खुशामदें करता है, पैर पकड़ता है, मिन्नतें भी करता है, ऐसा क्यों होता है?... सिर्फ एक ही वजह है कि दामाद इस लायक हो, उसके अन्दर इतनी पात्रता हो कि उस लड़की का गुजारा कर सके, उस लड़...
- क्यों आप सम्पन्न अनुभव नहीं कर सकते?... आप गरीबी को छोड़ दीजिये और अमीरी यहाँ से लेकर जाइये, बदल जाइये। आप गरीबी की बात छोड़ दीजिये। उस लिस्ट ...
- क्यों करना पड़ेगा?... जब आपने गुनाह किया है, तो उसकी सजा तो आपको ही भुगतनी पड़ेगी। आपने बच्चे पैदा किए हैं न, तब सजा भी भुग...
- क्यों तलाश करता है दामाद को, जब आपके पड़ोस में ही पचास दामाद इसके लिए तैयार हैं कि हम भी आपके जमाई बनेंगे, अपनी लड़की दे दीजिए, फिर क्यों नहीं देता है?... क्यों लड़ने-झगड़ने को तैयार हो जाता है? क्यों अच्छे लड़के के पास जाता है और खुशामदें करता है, पैर पकड़ता...
- क्यों नहीं चल सकता?... उसने अपने आपको सीमाबद्ध कर दिया हैं। एक लेबोरेटरी—प्रयोगशाला में बैठा प्रयोग करता है। और हम! हम अन्ध...
- क्यों निभायेंगे आप?... इसका एक ही कारण है कि हमको सन्त व्यक्तित्व मिला है। सन्त व्यक्तित्व केवल तब तक कायम रहेगा, जब तक कि आद...
- क्यों पीला हो जाता है?... इसलिए हो जाता है कि चारों ओर सूखी हुई घास, फैला हुआ रेत दिखाई पड़ता है। उसको देखते-देखते वह पीले रंग ...
- क्यों पूरी की?... और लोग इतने इच्छा-मनोकामना करते हैं, उनकी क्यों नहीं पूरी करते? क्योंकि जलाराम इम्तहान में पास हो गय...
- क्यों पड़ता है?... अधःपतित क्यों हो जाता है? भगवान बुद्ध ने एक तो घटना दिखाई और एक उदाहरण दिया। उन्होंने घटना ये दिखाई ...
- क्यों मिली थी?... इसलिए मिली थी कि उन्होंने अपनी पात्रता साबित की थी। उनके गुरु ने परीक्षा ली थी, कहा था कि आप जाइए, स...
- क्यों लगाते हैं खून?... इसलिये लगाते हैं कि हमारा खून पैदा करने का सिस्टम कमजोर हो जाता है। कमजोर हो जाने से खून पैदा नहीं ह...
- क्यों लड़ने-झगड़ने को तैयार हो जाता है?... क्यों अच्छे लड़के के पास जाता है और खुशामदें करता है, पैर पकड़ता है, मिन्नतें भी करता है, ऐसा क्यों हो...
- क्यों साहब वही सन्तरे और केले आप यहाँ ले आइये और लगाकर देखिये कि जैसे मीठे वे नागपुर में और बम्बई में होते हैं, यहाँ भी हैं क्या?... नहीं, वैसे मीठे वे आपके यहाँ नहीं हो सकते। कारण एक ही है कि वहाँ के वातावरण की अपनी विशेषता है। बंगा...
- क्योंकि मित्र कीमत चुकाकर कीमत उतार देते हैं और भिखारी, गुरु-चेले?... ये ऐसे ही हैं, चावल दे दिये, माला पहना दी, बस प्रसन्न हो गये। आप ऐसा मत कीजिए। आप मित्र बन जाइए हमार...
- खर्च करेंगे, तो नशे जैसी चीजों पर खर्च करेंगे?... नशे जैसी चीजों पर खर्च करेंगे, तब सेहत गँवा देंगे, तब अपनी अकल गँवा देंगे, तब अपनी औलाद गँवा देंगे, ...
- खाद की जरूरत नहीं है?... पानी की जरूरत नहीं है? उनकी रखवाली की जरूरत नहीं है? उनकी रखवाली न करेंगे, खाद-पानी नहीं देंगे, तो प...
- खान-पान सम्बन्धी जो नियम-बन्धन आपको बताये गये हैं, क्या आप उसे घर पर नहीं कर सकते थे?... क्यों नहीं कर सकते थे। कौन-सी ऐसी वजह है जो आप नहीं कर सकते हैं? यहाँ जो जप और अनुष्ठान कराया जाता ह...
- खामिखाजे को पूरा नहीं करेंगे, तब फिर बात कैसे बनेगी?... इष्टापूर्ति का मतलब क्षतिपूर्ति होता है, जो प्रायश्चित का बहुत महत्त्वपूर्ण अंग होता है। इसलिए कर्ज ...
- खुराक क्यों माँगता है?... मैंने निवेदन किया आपसे। व्यक्ति-निर्माण, परिवार-निर्माण और समाज-निर्माण के लिए आपकी गतिविधियाँ चलनी ...
- खेत को अगर आप जोतेंगे नहीं तो फिर बीज बोएँगे कैसे?... फसल पैदा हो जाएगी? यह खेत की जुताई, राम नाम का जप करना अथवा अन्य किसी तरीके से अपने आपका परिष्कार कर...
- गंगा की महत्ता तो आप जानते हैं न?... गंगा की कितनी बड़ी महत्ता है। गंगा को सारा संसार जाने क्या-क्या मानता है? भौतिक दृष्टि और आध्यात्मिक ...
- गंगा को सारा संसार जाने क्या-क्या मानता है?... भौतिक दृष्टि और आध्यात्मिक दृष्टि से भी। यहाँ गंगा जी प्रवाहित होती हैं। जिस स्थान पर हमने यह शान्ति...
- गड्ढा न होगा तब?... सूरज की कृपा तो हरेक के ऊपर है; लेकिन जिसकी आँखें खराब हो गई हों, उसके लिए क्या कर सकता है सूरज! दुन...
- गधे का बच्चा हुआ तब?... क्यों पिलाएगी गाय। गाय का एक ही बच्चा होना चाहिए। आपको सन्त का बच्चा होना चाहिए, ऋषियों का बच्चा होना...
- गाँधी जी को क्या कमी थी?... आप ही बताइए? जमीन पर तो जरूर सोते थे, मामूली कपड़े तो जरूर पहनते थे; पर कमी थोड़े ही थी! नहीं पहनते थे...
- गाँधीजी जब जिन्दा थे, तब उनके लिए जनता ने क्या नहीं किया?... जनता ने उनके लिए सौ करोड़ रुपया स्मारक में दिया था; जनता ने उनके लिए कितनी बार अपार धन दिया; जनता ने ...
- गायत्री माता के वाहन हँस न?... हँस में क्या बात है, बताइए? हँस में दो विशेषताएँ हैं। एक विशेषता यह है कि दूध और पानी का अलग कर देता...
- गिरधर गोपाल कौन?... पत्थर का एक टुकड़ा। नहीं, मीरा की श्रद्धासिक्त प्रगाढ़ भावना के मिल जाने से ही पत्थर गिरधर गोपाल बन सक...
- गुरु का कार्य?... गुरु चलो, हम न सही; पर हमारे जो गुरु हैं, वह भी इस वातावरण में हैं, जिसमें आप निवास करते हैं। गुरु क...
- गूँगी, बहरी, अन्धी हो तब?... तो कौन शादी करेगा? इसीलिए पात्रता बहुत जरूरी है। कल हमने कहा था न—उस दिन आपसे कहा था, पानी का गड्ढा ...
- घटिया ही कहना पड़ेगा, घटिया क्यों न कहें?......
- घर में क्या हो रहा होगा?... फायदा हो रहा होगा कि नुकसान हो रहा होगा, बेटी का ब्याह हो रहा होगा, बेटे का ब्याह हो रहा होगा, अमुक ...
- घर-घर आप जाएँगे, किसके लिए जाएँगे?... भीख माँगने के लिए? नहीं साहब! भीख तो नहीं, ऐसे ही जाएँगे। आप घर-घर एक उद्देश्य के लिए जाइए, गाँव-गाँ...
- घुमक्कड़ी से क्या फायदा?... यह तो केवल मनोरंजन है। यह मान लीजिए कि कलकत्ता, बम्बई नहीं गए, बद्रीनाथ हो जाए। इसमें बिल्कुल भी फर्...
- चाणक्य ने उसे क्या-से बना दिया?... गाँधी जी परिस्थिति से ऐसे ही थे क्या! उनके पिताजी एक छोटी स्टेट के दीवान थे। वह अपने लड़के को वकील बन...
- चार गज का?... अच्छा आप बाइस गज का कुर्ता पहनकर दिखाइए। आप कितनी लम्बी चारपाई पर सोते हैं? चार फुट वाली पर? अच्छा आप...
- चार फुट वाली पर?... अच्छा आप अस्सी फुट वाली चार पाई पर सोकर दिखाइए। नहीं साहब! अस्सी फुट वाला तो मकान भी नहीं है। कहाँ र...
- चार बच्चे किसने पैदा किए थे?... यज्ञ ने? नहीं, यज्ञ ने नहीं। यज्ञ ने नहीं किए थे। मनःशक्ति ने? अरे भाई! मनःशक्ति से भी नहीं। वो ऋषि ...
- चार रोटी खाते हैं आप?... छह रोटी खाकर दिखलाइए। कपड़ा, कुर्ता आप कितना पहनते हैं? चार गज का? अच्छा आप बाइस गज का कुर्ता पहनकर द...
- चारों पत्थरों को फेंक देने के बाद में जब वहाँ ऊपर टीले पर पहुँचा, तब महात्मा ने भगवान को दिखाने के बजाय चोर से यह पूछा—जब चार पत्थर लेकर आप टीले पर चढ़ रहे थे तब चढ़ना मुश्किल था न?... अरे साहब! बहुत मुश्किल था, हम चढ़ ही नहीं सकते थे। तब उन्होंने कहा—हमारे सिर के ऊपर पत्थर रखे हुए हैं...
- चारों भाई अलग-अलग रहकर गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में शिक्षण प्राप्त करने लगे तो अयोध्या में क्या कमी थी?... अयोध्या में वातावरण नहीं था, जो हिमालय का वातावरण है—संस्कारी वातावरण, जिसमें कि हजारों वर्षों से लो...
- चालीस दिन बाद क्या कराया?... क्या लाभ हुए? ज्यादा तो मुझे मालूम नहीं है; पर इतना तो मालवीय जी ने छापा था कि मेरी स्मरण शक्ति ठीक ...
- चिड़ियाँ कहाँ खुशामद करती हैं?... जानवर कहाँ उनकी पूजा और प्रार्थना करते हैं? इतने पृथ्वी के जीव-जन्तु हैं, इनमें से कौन पूजा-प्रार्थन...
- चूहे आपका सारा अनाज खा के खत्म कर देंगे; फिर पिस्सू और कीटाणु, जो आपके शरीर में घुस जाते हैं और तपेदिक जैसी बीमारियाँ कर देते हैं—इनसे लोहा नहीं लेंगे, तो कैसे बात बनेगी?... फिर आप यहाँ से जब जा ही रहे हैं, फिर आप संघर्षशील भी होकर जाइये, शूरवीर भी होकर जाइये; उदार बनिये, स...
- छाया के पीछे आप भागते रहेंगे, तो आपको हैरानी होगी और अगर आप छाया की ओर से मुँह मोड़ लें तथा प्रकाश की तरफ चलने लगें तब?... तब फिर आप देखेंगे कि छाया आपके पीछे-पीछे चलनी वाली है। आपका चेहरा, जब छाया की तरफ मुँह करके चलते हैं...
- जंगली पेड़ और माली के बगीचे के लगाये हुए पेड़ उनको आपने देखा नहीं है क्या?... कैसे बढ़िया-बढ़िया गुलाब के फूल आते हैं! रंग-बिरंगे फूल आते हैं। ये माली के हाथ की करामात है। क्यों? उ...
- जनसम्पर्क किसके लिए?... धर्मधारणा जाग्रत करने के लिए, विचार-क्रान्ति के लिए, जनमानस का परिष्कार करने के लिए, लोकमानस में आदर...
- जन्म-जन्मान्तरों के संस्कार न जाने आपके कैसे हैं?... आप अपना फर्ज पूरा कीजिए, कर्तव्य पूरा कीजिए। अपना कर्तव्य पूरा करते चले जाएँगे, तो मैं ये कहता हूँ द...
- जप और अनुष्ठान कोई जादुई चमत्कार कैसे दिखा पायेंगे?... नहीं, अध्यात्म जादू-चमत्कार जैसा नहीं है। अध्यात्म तो हम मानसिक पुरुषार्थ को कहते हैं, इसलिए मानसिक ...
- जब आप लड़ाई न लड़ें और हिम्मत नहीं दिखाएँ और संघर्ष न करें?... तपस्वी न हों तब? तब आप कदम-कदम पर असफल होते रहेंगे।तपस्वी का एक अर्थ लड़ने वाला भी होता है, संघर्षशील...
- जब इतने बड़े-बड़े महापुरुष और भगवान के अवतार दुनिया में नहीं रहे, तो और कौन रहेगा?... अगर अमृत कहीं रहा होता तो इन लोगों ने जरूर पी लिया होता; पर अध्यात्म का एक अमृत है जो आपको यहाँ मिल ...
- जब इस बात का फैसला उन्होंने कर लिया, तो रामकृष्ण परमहंस के साथ उनकी संगति हो गई तो क्या रामकृष्ण परमहंस ने उनकी सहायता की?... नहीं ऐसा मत करिए। रामकृष्ण परमहंस के लिए सहायता करना मुमकिन रहा होता, तो हजारों आदमी उनके पास आया कर...
- जब खराब भविष्य की गारण्टी नहीं है, फिर आप अच्छे भविष्य की कल्पना करने में क्यों संकोच करते हैं?... अच्छे भविष्य की कल्पना करने के लिए आप अपने आपको तैयार कीजिए।आप जागरूक रहिए। आप उदार तो रहें; लेकिन भ...
- जब घण्टी बजती है, तब आपको आने के बारे में कहा गया है न?... सुबह जब आपको प्रज्ञापेय मिलता है, तब घण्टी बजती है और आपसे यह आशा की जाती है कि आप समय पर पहुँच जाइए...
- जब घास खाकर के गाय आती है, तो दूध लेकर आती है और यह चाहती है कि बच्चे को पूरा दूध पिला देंगे; लेकिन बच्चा तो उसका होना चाहिए, बच्चा किसी और का हुआ तब?... कुत्ते का, बिल्ली का बच्चा हुआ तब? गधे का बच्चा हुआ तब? क्यों पिलाएगी गाय। गाय का एक ही बच्चा होना च...
- जरूरत पड़ने पर सिर्फ इतना ही पूछते हैं कि किसी सामान की आवश्यकता तो नहीं है, कोई चीज तो नहीं चाहिए?... बस, जिस सामान की जरूरत होती है, लाकर दे देते हैं, बाकी सारे-का समय तीर्थयात्री या कल्प-साधक त्रिवेणी...
- जरूरतमंद किसे कहते हैं?... जरूरतमंद उसे कहते हैं, जिसका किसी वजह से काम रुका हुआ हो। बेचारे की गाड़ी रुक गई है, गाड़ी चल नहीं सकत...
- जरूरी क्या है कि आप दूसरों का दबाव मानें?... जरूरी क्या है कि आप दूसरों का दबाव मानें? जरूरी क्या है कि आप दूसरों के बहकावे में आएँ? जरूरी क्या ह...
- जरूरी क्या है कि आप दूसरों के बहकावे में आएँ?... जरूरी क्या है कि आप दूसरों को प्रसन्न करने की कोशिश करें? अपने ईमान को प्रसन्न कर लीजिए, बहुत है—भगव...
- जरूरी क्या है कि आप दूसरों को प्रसन्न करने की कोशिश करें?... अपने ईमान को प्रसन्न कर लीजिए, बहुत है—भगवान को प्रसन्न कर लीजिए बहुत है। आत्मा और परमात्मा को जो आद...
- जवान बनकर क्या दूसरा विवाह करेंगे?... क्या सिनेमा में जाने का मन है कि नाचने का मन है? क्यों? जवानी में क्या है? और बुढ़ापे में क्या खराबी ...
- जवानी में क्या है?... और बुढ़ापे में क्या खराबी है? आप बुड्ढे को जवान बनाने वाली बात मत सोचिए।...
- जानवर कहाँ उनकी पूजा और प्रार्थना करते हैं?... इतने पृथ्वी के जीव-जन्तु हैं, इनमें से कौन पूजा-प्रार्थना करता है, तो क्या भगवान ध्यान नहीं रखते? तब...
- जिन्दगी एक अच्छे काम में लग जाए, तो कोई नुकसान है क्या?... जब चल पड़ीं, तो हिमालय ने देखा—इतनी शानदार लड़की, इतने शानदार इसके कर्म, इतनी शानदार इसकी भावना कभी नह...
- जिन्दगी को बुहारेंगे नहीं तब?... तब आपका शरीर, मन, कपड़ा, घर, ईमान सब गन्दगी से भर जाएँगे। ये क्या है? ये तपश्चर्या है। बुराइयों के वि...
- जिव्हा के तप के बारे में आपको मालूम है न कि चौबीस साल तक जौ की रोटी और छाछ के ऊपर निकाले हैं और बाकी तप की बातें कैसे बताएँ कि कैसे कहें, किसी ने देखा नहीं?... हम बराबर तप करते रहे और अपने आपको मजबूत बनाते रहे, चौबीस साल तक। गुरुदेव की कृपा रही और लोहा, पारस क...
- जिसकी आँखों का तिल साबुत होगा, वही तो देखेगा?... जिसकी आँखों का तिल साबुत नहीं है, तो कैसे देखेगा! जरा आप ही बताइये। जिसके कानों की झिल्ली खराब हो गई...
- जीवात्मा कहीं मरता है क्या?... शरीर तो कपड़ों की तरह है। रोज बदलते रहते हैं कपड़ों को, इससे कई लाभ हैं—भय से आदमी की निवृत्ति होती है...
- जैसे ही उन्होंने अपना संकल्प प्रकट किया, पहले तो हिमालय ने मना भी किया, आपको नहीं जाना चाहिए, क्या कष्ट है आपको यहाँ?... उन्होंने कहा—नहीं, इसका सवाल नहीं है। हमारी आत्मा नहीं मानती है और यह आत्मा कहती है कि हमको अपने जीव...
- जैसे—आप सुबह पूजा करने बैठते हैं तो क्या करते हैं?... पहले आप पंचकर्म करते हैं, पवित्रीकरण एक, आचमन दो, प्राणायाम तीन, न्यास चार, शिखावंदन पाँच। यही करते ...
- जो आदमी मर गया, जिसका आपने बेईमानी के साथ पैसा हजम कर लिया था, अब कैसे उसका पैसा चुकायेंगे?... नहीं साहब, हम तो उसी को चुकायेंगे, लेकिन कैसे चुकायेंगे? वह तो मर गया। किसी लड़की का चाल-चलन खराब किय...
- जो नियम और मर्यादा पालन करने के लिए यहाँ कहा गया है, वह हमारी पुस्तकें पढ़कर आप घर पर भी कर सकते थे, लेकिन यहाँ क्यों करना पड़ा?... यहाँ का वातावरण ही ऐसा है। इस वातावरण को बनाने के लिए हमने बहुत मेहनत की है। आप वातावरण की कीमत समझि...
- जो प्यार कर सकता है, वो लड़ भी नहीं सकता है क्यों?... वह प्यार में हित-साधन जुड़ा होता है। हित-साधन जिसमें जुड़ा हुआ नहीं है, वह कैसे प्यार हुआ? ये प्यार तो...
- जो फिजूलखर्च हो, उसको बेईमानी करनी पड़ेगी, फालतू पैसा लाएगा कहाँ से?... रिश्वत लेनी पड़ेगी, चोरी करनी पड़ेगी, अमुक काम करना पड़ेगा; लेकिन जो आदमी किफायतशार है, वह आसानी से ईमा...
- जो बाकी तीन-चौथाई आदमी जिस ढंग से गुजारा करते हैं, आप क्यों नहीं कर सकते?... ईश्वरचन्द्र विद्यासागर यही करते थे। उनकी पाँच सौ रुपये की आमदनी थी। पचास रुपये में अपना गुजारा चलाते...
- जो हम नहीं कर सकते, उसके लिये क्यों दबाव डालते हैं?... भगवान मालदार नहीं बनाते; मालदारों को गरीब बना देते हैं। आपने देखे हैं हरिश्चन्द्र से लेकर के जितने भ...
- जोत करके अगर आपने खेत ठीक तरीके से तैयार कर लिया है, तो बुआई में आपको कोई दिक्कत नहीं पड़ेगी, बुआई सरल हो जाएगी, खेत तो जोता हुआ है और अगर जोता हुआ न हो तब?... कंकड़, पत्थर वाला खेत हो तब? सूखा और पत्थर वाला खेत हो तब? तब आप जो कुछ भी बोएँगे जमीन में, सब आपका ब...
- जोड़ेंगे तो हम क्या करेंगे?... वह तो इसलिये कि हमारी उदारता में कमी न आने पाये, इस कारण हम आपकी सहायता करते हैं। हमारे जीवन का यह स...
- ज्ञान में पूजा आती है, पाठ में रामायण पाठ आता है, सत्संग आता है, स्वाध्याय आता है—यह ज्ञान-पक्ष है और कर्म-पक्ष?... कर्म-पक्ष उसे कहते है, जिसमें सेवा का समावेश होता है, परोपकार का समावेश होता है, पुण्य-कर्मों का समा...
- जड़ को कोई चढ़ाता है?... नहीं। फूल को ही चढ़ाते हैं—इसका अर्थ है भगवान के सिर पर अगर आपको विराजना है, भगवान के हृदय से अगर आपक...
- टाइमपास करते रहेंगे?... नहीं, टाइमपास मत कीजिए, चिन्ह-पूजा मत कीजिए। अपने सारे-के चिन्तन को आमूल-चूल परिवर्तन करने की कोशिश ...
- टिकट है कि नहीं?... टिकट तो नहीं है। फिर तो जाइए। अरे! घुस जाने दो। घुस जाने दें। मालिक को पता पड़ गया, तो नौकरी से निकाल...
- टॉनिक सेवन का क्या मतलब है?... टॉनिक-सेवन का मतलब है कि जिन विचारों से जिन विचारों से विचारों का अभाव रहा हो, उन विचारों को फिर से ...
- ठीक इसी प्रकार से कल्पवृक्ष यानि भगवान के नीचे आदमी बैठ जाए तब?... तब उसकी वह कामनाएँ, जिनकी वजह से वह हमेशा हैरान बना रहता है, उन हैरानियों से छुट्टी पा सकता है और आद...
- ठीक बात है—भगवान बुद्ध ने जवाब देते हुए शिष्यों से कहा—इनसान के भीतर सुराख हो जाए, उसमें पानी भरने लगेगा और वो डूब जाएगा और सुराख न हो, तब?... तब न पानी भरेगा और न वह डूबेगा। एक ये उदाहरण भगवान बुद्ध ने अपने शिष्यों को दिया। एक और भी दिया उन्ह...
- ठीक है—गालियाँ खाता रहा, तो क्या हुआ?... अपने फटे-टूटे झोंपड़े में रहता रहा, तो क्या? और इस तरह सादाजीवन उच्चविचार के तरीके से अपना जीवन व्यती...
- तपश्चर्या आदमी न करे तब?... शक्तिवान हो जाएगा? नहीं, तपश्चर्या जो नहीं कर सकता, वो सामर्थ्यवान नहीं हो सकता, शक्तिशाली नहीं हो स...
- तपश्चर्या का अर्थ है—निखार देना और योग का अर्थ?... योग का अर्थ है—किसी के साथ में जोड़ देना, भगवान के साथ जोड़ देना। उपासना इसी का नाम है। हम किसी के साथ...
- तपश्चर्या में कितनी शक्ति भरी पड़ी है?... इसका वर्णन मैंने अभी आपसे किया। आप चाहें तो इसका अनुभव करके स्वयं भी देख सकते हैं कि तपस्वी कितने सम...
- तपस्वी न हो, तब क्या मंत्र सिद्ध हो जाएगा?... मंत्र सिद्ध होने के लिए, भगवान् की उपासना करने के लिए आदमी का तपस्वी जीवन आवश्यक है। शृंगी तपस्वी थे...
- तपस्वी न हों तब?... तब आप कदम-कदम पर असफल होते रहेंगे।तपस्वी का एक अर्थ लड़ने वाला भी होता है, संघर्षशील भी होता है। आपको...
- तब आप अमर लोगों की तरह विचार करेंगे और यह सोचेंगे कि अपने उत्थान के साथ-साथ सारे विश्व का उत्थान करने के लिए क्या करना चाहिए और कैसे बनना चाहिए?... बस, यही है यहाँ की परिस्थितियाँ, जिनसे लाभ उठाना चाहिए। यहाँ के वातावरण का आप लाभ उठाइए। साधना-क्रम ...
- तब आप क्या ख्याल करते हैं, राज्य मिल गया होता?... उसकी धर्मपत्नी वापस मिल गई होती? उसका बच्चा फिर उसको मिल गया होता? नहीं, एक भी चीज वापस नहीं मिलती, ...
- तब आप प्रकृति को नहीं समझते?... प्रकृति आपको खाने नहीं देगी। जमा तो कर लीजिए आप; लेकिन खाने नहीं देगी। तब? तब आप उस चीज को इकट्ठा की...
- तब आप बड़े आदमी कैसे बनेंगे?... ज्यादा सामान होगा, तभी तो बनेंगे न! ज्यादा कपड़े पहनेंगे तभी तो बनेंगे न! तब आप बीस किलो भारी कपड़े पह...
- तब एक से एक बढ़िया परामर्श देने वाले, एक-से सहायता देने वाले क्या कर सकते हैं?... कोई सहायता नहीं कर सकता। किसकी? जिसका दिमाग खराब हो गया है। क्या करेंगे? अपना दिमाग तो सही हो, अपनी ...
- तब क्या चढ़ेगा भगवान के चरणों पर?... पत्ते को कोई चढ़ाता है? जड़ को कोई चढ़ाता है? नहीं। फूल को ही चढ़ाते हैं—इसका अर्थ है भगवान के सिर पर अग...
- तब क्या भगवान नाराज हो जाते हैं क्या?... जो आदमी जप करेगा, उसी से प्रसन्न होंगे। जो जप नहीं करेगा, उससे प्रसन्न नहीं होंगे। नहीं, जप करने का ...
- तब पंखा कैसे चले?... बल्ब कैसे जले? दूसरे काम कैसे बनें? इसलिए इनका जुड़ जाना आवश्यक है। जुड़े बिना बड़ी शक्ति प्राप्त नहीं ...
- तब फिर क्या होगा बताओ?... शिष्यों ने कहा—महाराज जी! फिर वो दूध चलनी में रुकेगा थोड़े ही। चलनी में जो सुराख हैं, उससे तो नीचे जम...
- तब फिर जैसा छोटा, घिनौना मनुष्य है, वैसा ही तो रह जाएगा आगे कहाँ बढ़ेगा?... आगे उसकी उन्नति की सम्भावना कहाँ है? आगे उसकी उन्नति के लिए कोई सम्भावना नहीं है और न कोई गुंजाइश है...
- तब बड़े खिन्न हुए, दुःखी हुए कि हमको सफलता के कोई चिन्ह नजर नहीं आते हैं, तो स्तुति करने का क्या फायदा?... उन्होंने गायत्री अनुष्ठान तेरह वर्षों तक करने के बाद में वृन्दावन त्याग दिया और वृन्दावन त्यागने के ...
- तब यह पूजा-उपासना, इतना कृत्य जो आप करते हैं, किसलिए किया जाता है?... यह वास्तव में अपने मन की धुलाई है, अपने मन की रँगाई है। पहले आप अपने आपको धोकर रखेंगे, तो रँगना सम्भ...
- तब संसार की व्यवस्थाओं को कौन कायम रखेगा?... आप ऐसा मत सोचिए। आपको केवल यह सोचना चाहिए कि यह चित्तभ्रम का एक ढंग है और कुछ नहीं।यहाँ जो कल्पसाधना...
- तीन काम हुए न?... आत्मा को, अपने आप का निर्माण कर लेना—नम्बर एक। अपने परिवार का निर्माण कर लेना—नम्बर दो। अपने समाज को...
- तीर्थ पहले थे?... पहले तो नहीं थे, अब अच्छे व्यक्तियों से तैयार हो गए अथवा प्राचीनकाल में वे तीर्थ बने थे, तो किसी श्र...
- तीर्थयात्रा के लिए कोई आदमी जाने वाला हो, तो उसको यह मालूम तो हो कि तीर्थ कहाँ हैं?... किस जगह जाएँ? किसके पास जाएँ? क्या करें वहाँ जा करके? सैरगाहों में क्या करेंगे जा करके?? सैरगाहों मे...
- तीर्थयात्रा में आपको समय लगाना चाहिए—यह बहुत अच्छी बात है, पर मैं यह पूछता हूँ कि जब तीर्थ नहीं है तो कहाँ जाएँगे?... कहाँ हैं तीर्थ? आपको कहीं दिखाई पड़ते हैं क्या? मुझे तो कहीं दिखाई नहीं पड़ते। सैरगाह-सैरगाह दिखाई पड़त...
- तुम क्या कहते हो नारद?... लेकिन नारद ने अपना आग्रह जारी रखा—नहीं, मेरी मनोकामना पूरी कीजिए, मुझे मालदार बनाइये, मेरी विषय-वासन...
- तू करता है कि नहीं करता?... ये बता! नहीं, महाराज जी, हम तो नहीं करते, तो शाखा वाले ठण्डे हो गए और शाखा वाले गरम हो गए। बेकार की ...
- तैंने अपने मन का एक हिस्सा दिया?... बहकाता है हमको! शाखा ठण्डी हो गई है और वहाँ कोई आता नहीं है.....। बेकार की बातें बकता है और उल्लू हम...
- तैंने अपने समय का एक हिस्सा दिया?... तैंने अपने मन का एक हिस्सा दिया? बहकाता है हमको! शाखा ठण्डी हो गई है और वहाँ कोई आता नहीं है.....। ब...
- तो अब हम दाँतों को उखाड़ के नये दाँत कैसे लगा दें?... आपका शरीर दुबला है, तो अब हम कैसे मोटा बना दें? इसलिए जो चीज सम्भव नहीं है, वह सम्भव कैसे हो सकती है? ...
- तो आप विभीषण नहीं बनना चाहेंगे?... आप विभीषण बन जाइए न।...
- तो कौन शादी करेगा?... इसीलिए पात्रता बहुत जरूरी है। कल हमने कहा था न—उस दिन आपसे कहा था, पानी का गड्ढा होना जरूरी है, बादल...
- तो क्या काम करें?... बस, यही मैं बताने वाला हूँ, तीसरा वाला काम। तीसरा वाला काम भी अगर आप कर लेते हैं, तो समझिये कि आप कल...
- तो फिर भाग्य ने किया क्या?... नहीं, तो फिर किसी आदमी ने किया होगा? नहीं, किसी ने भी नहीं किया। उन्होंने स्वयं अपना कायाकल्प कर लिय...
- त्याग कौन करता है?... भूखा कौन रहता है? अपने घर का काम कौन छोड़ता है? आपके अन्दर वह शराफत मालूम पड़ती है और जिन्दगी मालूम पड़...
- थर्ड डिवीजन वाले को मिलती है क्या?... आप हमारे साथ उदारता कीजिए, दया कीजिए—यह मत कहिए। उदारता का दुनिया में कोई खास व्यवहार नहीं है, दया क...
- थोड़ा-सा आप उत्साह दिखाइए और थोड़ा-सा मनोबल बढ़ाइए फिर देखिये कि आपका यह कल्प-साधना का सत्र कितना शानदार और आपके भविष्य के निर्माण में कितना सहायक सिद्ध होता है?......
- थोड़ी-सी पूजा से अगर ये सब चीजें मिल गई होतीं, फिर किसी आदमी को अपने जीवन को परिष्कृत करने की जरूरत क्या पड़ती?... कोई संयमी बनता क्यों? कोई तपस्वी बनता क्यों? कोई निग्रही अपने आप को करता क्यों? अपनी इन्द्रियों को म...
- थोड़े-से आदमी मालदार हैं, थोड़े-से आदमी सम्पन्न हैं, थोड़े-से आदमी मजा उड़ाते हैं, थोड़े-से आदमी फिजूलखर्च करते हैं, थोड़े-से आदमी ठाठ-बाट से रहते हैं, तो आप उनको क्यों महत्त्व देते हैं?... उनकी नकल क्यों करना चाहते हैं? उनके साथ में अपनी समृद्धि क्यों मिलाना चाहते हैं? आप उनके साथ में समृ...
- दर्शन करने की बुद्धि कहाँ है?... उनमें केवल देखने के लिए जाते हैं कि बद्रीनाथ कहाँ है, केदारनाथ कहाँ है? मन्दिरों में रखे हुए खिलौनों...
- दान से क्या मतलब है?... दान से मतलब ये है कि हमारा कारिन्दा हो के काम कर, जैसे बताएँ, वैसे कर। अपनी रीति-नीति, गतिविधियाँ बद...
- दाल में कुछ न कुछ काला है अन्यथा पण्डित क्यों कहता सावधान?... उन्होंने आँखें बन्द कीं तो सारा माजरा समझ में आ गया। उनके भगवान ने कहा—यह जिन्दगी का मोड़ है—इधर चल य...
- दिक्कत क्या थी?... पैसा नहीं था? साधन नहीं थे? बेकार बात मत करिए! न पैसे से कोई ताल्लुक है, न साधनों से कोई ताल्लुक है,...
- दीपक से क्या अर्थ होता है?... दीपक से आप यह मत सोचिए कि भगवान को कम दिखाई पड़ता है, इसलिए आप रोशनी कर देंगे, तो उनको रास्ता चलने मे...
- दीमक आप जानते हैं, घर में कितना नुकसान करती हैं?... अनाज को खाने वाले घुन, शरीर को खाने वाले विषाणु, फसल को खाने वाले कीड़े, जंगली जानवर, बिच्छू, साँप, ब...
- दुकान में क्या हुआ?... बेटे का क्या हुआ? बेटी का क्या हुआ? भतीजी का क्या हुआ? दुनिया के जंजाल को तो आदमी बुनता रहता है; पर ...
- दुनिया में एक से एक सुहावने दृश्य दिखाई पड़ते हैं; पर एक-से सुहावने दृश्य को देख कौन सकेगा?... जिसकी आँखों का तिल साबुत होगा, वही तो देखेगा? जिसकी आँखों का तिल साबुत नहीं है, तो कैसे देखेगा! जरा ...
- दुर्व्यसनों की कीमत पर क्या-क्या खरीदा जाता है?... ईर्ष्या खरीदी जाती है, बीमारियाँ खरीदी जाती हैं, बेअकली खरीदी जाती है, आक्रोश खरीदा जाता है। सब चीजे...
- दूसरा कहाँ तक बनाएगा?... बचपन में तो होता भी है। गुरुकुलों में ऋषि लोग छोटे बच्चों को महापुरुष बनाने की शिक्षा देते थे। आरण्य...
- दूसरे आपका सम्मान करें, इसमें दबाव डालने के लिए आप क्या कर सकते हैं, बताइए?... नहीं दिया तब? इसलिए पाने का एक ही तरीका है—देना, सम्मान दीजिए और बदले में लीजिए।आप उज्ज्वल भविष्य की...
- दूसरे काम कैसे बनें?... इसलिए इनका जुड़ जाना आवश्यक है। जुड़े बिना बड़ी शक्ति प्राप्त नहीं हो सकती, बड़े काम सम्भव नहीं हो सकते।...
- दूसरे देंगे तो अधिकार मिलेगा, नहीं देंगे, तो कैसे मिलेगा?... आप अधिकार को लौंग मानिए और अपने कर्तव्यों को, जिम्मेदारी को उससे सुगन्धित कीजिए।एक और बात मैं कहता ह...
- दूसरों की आँखों में चकाचौंध पैदा करके आप किस तरीके से बड़े बन पाएँगे?... बड़ा बनना तो अपने व्यक्तित्व की कीमत और व्यक्तित्व के मूल्य बढ़ा देने के ऊपर निर्भर है। आँखों में चमक ...
- दूसरों की सहायता करने के लिए मैं आपसे कब मना करता हूँ?... लेकिन मैं यह कहता हूँ कि आप ऐसा मत कीजिए कि आपकी सद्भावना और उदारता का लोग अनुचित लाभ उठा जाएँ और आप...
- दूसरों की सेवा करने के लिए मैं आपसे कब मना करता हूँ?... दूसरों की सहायता करने के लिए मैं आपसे कब मना करता हूँ? लेकिन मैं यह कहता हूँ कि आप ऐसा मत कीजिए कि आ...
- दृढ़निश्चयी की सहायता करने वाले कम हैं क्या?... नारद जी आ गए और उन्होंने उसकी सहायता की। नारद जी बाकी बच्चों, ध्रुव के भाई-बहिनों के पास क्यों नहीं ...
- दे नहीं सकते?... आप मीठे वचन नहीं बोल सकते? आप दूसरों को प्रोत्साहन नहीं दे सकते? आप क्या अच्छे परामर्श देने की स्थित...
- देखने में कितना अच्छा लगता है?... और जहरीला होता है, तो काट खाता है।अगर आपने नारी के बारे में विकृत विचार बना रखे हैं, तो नारी आपको का...
- देखा है न आपने कि सारे संसार में कितनी इज्जत उनकी?... सिक्ख धर्म में उन्हें भगवान मानते हैं। वे महान् बन गये, पर अगर बाप की मर्जी पर चले होते तो पुराने ढर...
- दैवी-शक्तियों ने किन-किनकी सहायता की, चलिए गवाही पेश करता हूँ?... छह फुट लम्बे-चौड़े सुराख से मैंने गंगाजी को गोमुख से निकलते देखा है। गोमुख में जो धारा पतली दिखाई पड़त...
- दो गंगाएँ जो गायब हो गयी हैं, वह कहाँ गयीं?... वह इसी स्थान पर थीं, जहाँ आज शान्तिकुञ्ज बना हुआ है। एक धारा यहाँ बाहर बहती थी, जिसे बाँध बनाकर रोक ...
- दो दिनों से आप यह सुन रहे हैं कि कल्प क्या है और कल्प के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा आपको?... कल्प के लिए दूसरे भी आपकी सहायता करेंगे; पर यह मानकर चलिए कि कुछ तो आपको भी करना पड़ेगा। आप केवल पूजा...
- दोनों एक साथ जोड़ कैसे होगा?... इसलिए भगवान सिर पर हाथ रख करके जा बैठे। अरे! तुम क्या कहते हो नारद? लेकिन नारद ने अपना आग्रह जारी रख...
- दोनों का सहयोग कितना शानदार है और आपका उज्ज्वल भविष्य करने में इस शिविर का कितना बड़ा योगदान है?... आप यह देख पायेंगे और यह सम्भव है, जैसी कि हम आशा करते थे, आशा दिलाते थे।...
- दोनों के हितों के लिए क्या करना चाहिए?... ऐसा जब आप विचार करेंगे तो आपको दिशा मिलेगी।जब आप यहाँ से जाएँ तो माली होकर जाएँ। मालिकी को यहीं छोड़ ...
- दोनों से घूमने की ही आवश्यकता पूरी होती है, फिर तीर्थयात्रा का पुण्य कैसे मिल सकता?... तीर्थयात्रा के पीछे तो उद्देश्य जुड़ा हुआ है, क्रियाएँ जुड़ी हुई हैं। क्रियाओं का अर्थ यह है कि आपको ध...
- दोस्तों को क्या देंगे?... धन? नहीं। अपनी भावनाएँ, विचारणाएँ और ऊँचा उछाल देने वाली सलाहें। सलाहें क्या कम होती हैं? प्रोत्साहन...
- धन, बल, विद्या, कला वगैरह सम्पदाएँ क्या किसी ने बिना परिश्रम के कमा लीं?... बिना पुरुषार्थ के कमाई जा सकीं? ना, कमाये नहीं जा सकेंगी! कठिन पुरुषार्थ करना पड़ता है उन्नति के लिए।...
- धर्मपत्नी ने यह कहा कि जितना प्यार आप हमसे करते हैं, यदि उतना प्यार आप भगवान से करें, तो क्या-से हो सकता है?... यह बात उनके मन में लग गई और लगने के बाद में उन्होंने अपने आपको बदल दिया। बदला हुआ जीवन तुलसीदास का आ...
- धृष्टता सवाल कहाँ रहा?... इतना करने के बाद में एक और बड़प्पन की बात हो जाती है। फिर आप किफायतसार हो जाते हैं; आप का ढेरों-का सम...
- ध्यान लग जाएगा फिर पाप का दण्ड कहाँ जाएगा?... इसीलिए वह आसुरी शक्तियाँ शुभ-कर्मों में बराबर विघ्न उपस्थित करती रहती है। आसुरी शक्तियों से क्या मतल...
- ध्रुव का नाम सुना है न?... ध्रुव क्या हो गए थे? वो बहुत बड़े भक्त हो गये थे; तीनों लोकों के स्वामी हो गए थे; आकाश में रहते थे; भ...
- ध्रुव क्या हो गए थे?... वो बहुत बड़े भक्त हो गये थे; तीनों लोकों के स्वामी हो गए थे; आकाश में रहते थे; भगवान के प्यारे हो गए ...
- न जाने क्या-क्या फरमाइशें उनकी चालू हो जाएँगी?... आप उनकी फरमाइशों को पूरा करके उनको प्रसन्न रखने की कोशिश करेंगे, तो निराश रहेंगे। फिर न आपको प्रसन्न...
- नजदीक न हों तब?... आपस में न मिलें तब? तब सीप के लिए सम्भव नहीं है कि वह मोती पैदा कर सके। यही बात भगवान के सम्बन्ध में...
- नहीं करेंगे, तो फिर आत्मा की बात कहाँ रही?... आत्मा की उन्नति का सवाल कहाँ रहा? आत्मा की उन्नति कोई खेल-खिलौने थोड़े ही हैं कि आप रामायण पढ़ लेंगे, ...
- नहीं दिया तब?... इसलिए पाने का एक ही तरीका है—देना, सम्मान दीजिए और बदले में लीजिए।आप उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें कीजि...
- नहीं साहब, हम तो उसी को चुकायेंगे, लेकिन कैसे चुकायेंगे?... वह तो मर गया। किसी लड़की का चाल-चलन खराब किया था। अब आप बताइए उसके चाल-चलन को ठीक कैसे करेंगे? नहीं स...
- नहीं, तो फिर किसी आदमी ने किया होगा?... नहीं, किसी ने भी नहीं किया। उन्होंने स्वयं अपना कायाकल्प कर लिया था। सहायता जरूर औरों ने की। सहायता ...
- नहीं, तो फिर भाग्य ने किया क्या?... नहीं, तो फिर किसी आदमी ने किया होगा? नहीं, किसी ने भी नहीं किया। उन्होंने स्वयं अपना कायाकल्प कर लिय...
- नारद जी बाकी बच्चों, ध्रुव के भाई-बहिनों के पास क्यों नहीं गये?... उन्होंने क्यों नहीं कहा? नहीं, नारद जी उनसे कह नहीं सकते थे, क्योंकि जो आदमी अपना निश्चय स्वयं करता ...
- निर्माण के लिए तो समय चाहिए न?... श्रम चाहिए? आप समय और श्रम का एक हिस्सा उसके लिए लगा दीजिए। बस, ये दो काम आप कर लें। एक तो आप मितव्य...
- नेचर को कैसे बदलें?... कभी आप कहते हैं कि बुड्ढे को जवान बना दीजिए, फिर दूसरे दिन कहेंगे कि जवान को बच्चा बना दीजिए, फिर ती...
- नेपोलियन बोनापोर्ट की कहीं पूरी हुई?... हिरण्यकश्यपु ने अपनी मनोकामना पूरी कर पाई? न कर पाई। आप तो बेकार आदमी हो, बार-बार बच्चों की तरह मनोक...
- पंचकर्म किसे कहते हैं?... पंचकर्म कहते हैं—शरीर के संशोधन को इसमें स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन और वस्ति—यह पाँच क्रियाएँ होती ...
- पत्ते को कोई चढ़ाता है?... जड़ को कोई चढ़ाता है? नहीं। फूल को ही चढ़ाते हैं—इसका अर्थ है भगवान के सिर पर अगर आपको विराजना है, भगवा...
- पत्थरों में क्या चमत्कार हो सकता था और क्या होगा?... श्रद्धा ही है जो पत्थर को भी भगवान बना सकती है। एकलव्य की बात सुनी है न आपने। वह भील का एक लड़का था ज...
- पत्रकारों ने पूछा—आप लोगों में क्या बातचीत हुई?... उन्होंने कहा—पैंतालीस मिनट में हमने इतनी ज्यादा बातचीत की, जो कि पैंतालीस महीनों में भी सम्भव नहीं थ...
- पन्द्रह मिनट में क्या हो जाएगा?... इस जन्म में तो आप नर्क की जिन्दगी जी रहे हैं। मरने के बाद स्वर्ग में जाएँगे आप! बिल्कुल नहीं। जैसे अ...
- पराक्रम अगर आप करेंगे, तो किस तरीके से?... आगे बढ़ने के लिए दो कदम बढ़ाने पड़ते हैं। एक कदम के बाद दूसरा, दूसरे के बाद पहला। ऐसे ही आपको अपनी कमजो...
- परामर्शों की कीमत नहीं समझते?... सलाह-मशवरे की कीमत नहीं समझते? आप बहुत कुछ दे सकते हैं, वही दीजिये।यहाँ से जाने के बाद में आप अपनी ख...
- परिवार को माली के तरीके से रखना चाहिए और शरीर को?... आत्मा और शरीर दो हिस्सों में बाँट करके अपने कर्तव्यों का निर्धारण करना चाहिए।...
- परिस्थितियाँ कहाँ बन पाती हैं?... आदमी की स्थिति के अनुरूप। श्रीकृष्ण भगवान सारे जीवन भर पुरुषार्थ करते रहे, पर परिस्थितियाँ कहाँ बनी ...
- पहले उनकी कैसी जिन्दगी थी?... पहले वे घटिया वाली खराब जिन्दगी जी रहे थे। आदमी उससे भयभीत रहता था। हर आदमी का उस पर धिक्कार बरसता थ...
- पहले जिससे लोग नफरत करते थे, उसी को सब प्रणाम करने लगे, मस्तक झुकाने लगे और न जाने क्या-क्या करने लगे?... बाल्मीकि का नाम आपने सुना है न? पहले उनकी कैसी जिन्दगी थी? पहले वे घटिया वाली खराब जिन्दगी जी रहे थे...
- पात्र अगर न होंगे तब?... शादी कोई लड़की करना चाहे किसी अच्छे लड़के से और वह बुड्ढी हो तब? गूँगी, बहरी, अन्धी हो तब? तो कौन शादी...
- पात्रता का इससे क्या मतलब है?... पात्रता का अर्थ होता है—जीवन को परिष्कृत करना। जीवन को परिष्कृत करने के लिए साधना करनी पड़ती है। भगवा...
- पानी की जरूरत नहीं है?... उनकी रखवाली की जरूरत नहीं है? उनकी रखवाली न करेंगे, खाद-पानी नहीं देंगे, तो पेड़ों से और पौधों से क्य...
- पानी यही होता है न, जो आप लोग पीते हैं; लेकिन उसको आग के ऊपर तपा दें तब?... बत फिर स्टीम बन जाती है, भाप बन जाती है। भाप से प्रेशर कुकर चल जाते हैं; भाप से रेलगाड़ियाँ चल जाती ह...
- पाप करने वाले हाथ-पाँव जोड़ेंगे, नाक रगड़ेंगे, पूजा करेंगे, पंचामृत पीयेंगे, तो पाप-मुक्त हो जाएँगे, फिर भगवान की दुनिया में नियम कहाँ रहा, व्यवस्था कहाँ रही?... फिर तो ऐसे ही लोग कर लिया करेंगे। पाप कर लिया करेंगे और बस, प्रार्थना कर लिया करेंगे, पंचकर्म कर लिय...
- पार्वती जी को आप जानते हैं?... पार्वती जी एक साधारण-से राजा की बेटी थीं, हिमाचल राजा की; लेकिन जब उनको तीनों लोकों के स्वामी भगवान ...
- पिछले दिनों आपने क्या किया?... बताइए? एक तो आपने पेट भरा और दूसरे औलाद पैदा की है। औलाद की जिम्मेदारियाँ सिर पर आएँगी ही और आपको वह...
- पिस्सुओं को आप जानते हैं न?... दीमक आप जानते हैं, घर में कितना नुकसान करती हैं? अनाज को खाने वाले घुन, शरीर को खाने वाले विषाणु, फस...
- पुराणों में कथाएँ तो हैं, पर मालूम नहीं वे कहाँ तक ठीक हैं?... आपने च्यवन ऋषि की बात सुनी होगी जो बूढ़े थे और जवान हो गए थे। आपने राजा ययाति की कहानी भी सुनी होगी क...
- पुरानी बात कैसे हो गई?... बैंक से आप कर्जा लाए थे और बैंक का कर्जा बढ़ते-बढ़ते दुगुना हो गया है, अब आप चुकायेंगे कि नहीं, चुकाये...
- पेट और प्रजनन के लिए यही तो काम रहा न?... और बताइये और कौन-सा काम किया आपने? इन दो कामों के अलावा आपने क्या काम कर लिया? चलिये तीसरा एक और काम...
- पेट कैसे चुकायेंगे?... लड़कियों की शादी कैसे होगी? हमारी नौकरी में तरक्की कैसी होगी इत्यादि छोटी चीजों में आप लगे रहते हैं, ...
- पेट भरने को रोटी बराबर मिलती रही और आखिर में जब भगवान का प्यारा हुआ था?... तब जो कमाई रावण ने की थी, बेईमानी, अनीति, चोरी और चालाकी के पश्चात् वह सारी कमाई का हकदार हो गया। कौ...
- पेट्रोल नहीं होगा तो कार चलेगी किससे?... कुण्डलिनी से विवेक आ गया, विचार आ गया, निश्चय करने का हौसला आ गया कि कौन-सी बात उचित है और कौन-सी अन...
- पेड़ न मिले तब?... तब फिर मुश्किल है। अगर आप उतने लम्बे न हों, जितनी कि बेल, बेल फैल तो सकती है जमीन पर; लेकिन ऊँची नही...
- पैसा नहीं था?... साधन नहीं थे? बेकार बात मत करिए! न पैसे से कोई ताल्लुक है, न साधनों से कोई ताल्लुक है, न कठिनाइयों स...
- पैसे का प्रबन्ध कहाँ हो सकता था?... विचारशील बातों में कोई आदमी कहाँ पैसा खर्च करता है? गरीबों को चाहें तो आप बहका दीजिए, मालदार को बहका...
- पैसे की शक्ति समझते हैं, विचारों को क्यों नहीं समझते?... विचार असल में सबसे बड़ी शक्ति है। विचारों का अपव्यय मत होने दीजिए। विचारों को आवारा कुत्ते के तरीके म...
- पोशाक कहाँ से आये?... शृंगार कहाँ से आये? उन्होंने सिन्दूर से उनको लपेट दिया और सिन्दूर से उन पत्थरों को लपेट देने के बाद ...
- प्रह्लाद का नाम जानते हैं न?... अगर वह अपने दैत्य बाप के कहने पर चला होता और पुरानी परम्परा पर चला होता, तो सिवाय दैत्य के क्या हो स...
- प्राचीनकाल में तीर्थ जब अपने वास्तविक स्वरूप में रहे होंगे, तब कितना आनन्द आता होगा?... वहाँ जाने के बाद लोग अपने कलुष और कषायों को धो करके, पुनीत और पवित्र होकर कैसे निकलते होंगे? गंगा के...
- प्राचीनकाल में प्रत्येक बच्चे के लिए यही था और आध्यात्मिक जीवन में?... आध्यात्मिक जीवन में प्रवेश करने वाले को भी यही करना पड़ता था। आरण्यक जितने बने हुए थे, वो ढलती अवस्था...
- प्राणवान न होते तब, आप क्यों आ पाते?... कष्ट कैसे उठा पाते? हर आदमी तो माल मारने के लिए, भगवान् जी के मन्दिरों में फोकट का प्रसाद पाने के लि...
- प्रायश्चित कैसे होगा?... इसके लिए आपको घटनाएँ सुनाता हूँ। आम्रपाली ने सैकड़ों आदमियों की जिन्दगियाँ खराब कीं, कुमार्ग पर चलाया...
- प्रोत्साहन की कीमत नहीं समझते आप?... परामर्शों की कीमत नहीं समझते? सलाह-मशवरे की कीमत नहीं समझते? आप बहुत कुछ दे सकते हैं, वही दीजिये।यहा...
- फसल पैदा हो जाएगी?... यह खेत की जुताई, राम नाम का जप करना अथवा अन्य किसी तरीके से अपने आपका परिष्कार करना सब एक ही है।...
- फायदा हो रहा होगा कि नुकसान हो रहा होगा, बेटी का ब्याह हो रहा होगा, बेटे का ब्याह हो रहा होगा, अमुक बात हो रही होगी, अमुक बीमार पड़ा होगा, इन बातों से आप क्या कर सकते हैं?... या तो आप वहाँ जाइये, विवाह-शादी कीजिए; नहीं जा सकते, तो चिन्ता को छोड़िए। आप एकान्त में भी रह रहे हों...
- फिर आप कहाँ खर्च करेंगे?... किस काम में खर्च करेंगे? बचा हुआ समय जाएगा कहाँ? आत्मा का कल्याण लोकसेवा के ऊपर टिका हुआ है। भगवान क...
- फिर आपकी अस्त-व्यस्तता को अनुशासन में बदल जाना चाहिए और आपकी लक्ष्यहीनता को अब एक दिशा पकड़ लेनी चाहिए कि अब हमारा जीवन किधर जाएगा?... इसी का प्राथमिक अभ्यास कराने के लिए आपको कल्प-साधना शिविर में बुलाया गया है। आप अपनी मनःस्थिति को उस...
- फिर आपको मक्खियाँ निगल जाएँगी; फिर आपको पिस्सू जिन्दा नहीं रहने देंगे; फिर आपको खटमल किस तरीके से चैन लेने देंगे?... सिर में घुसे हुए जुएँ आपको किस तरीके से हैरान नहीं करेंगे? चूहे आपका सारा अनाज खा के खत्म कर देंगे; ...
- फिर कठपुतली का तमाशा देखा जाना कैसे सम्भव है?... भगवान का उद्यान, भगवान के उद्यान में अगर हम रहें, तब फिर उसी के साथ में लिपट कर चलिए, लिपटकर चलेंगे,...
- फिर कायाकल्प में करना क्या पड़ता है?... इसके लिए एक उदाहरण मैं आपको सुनाऊँगा। यह उदाहरण महामना मालवीय जी का है। महामना मालवीय जी ने कायाकल्प...
- फिर क्या आप यहाँ से ऐसा नहीं बदल सकते?... आप बदलिये। आप उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें कीजिये। आप एक अक्सर कल्पना करते रहते हैं, हमारा भविष्य ऐसा ...
- फिर क्या करना चाहिए?... किफायतसार बनिये। किफायतसार अगर बनते हैं, तो आपको नौ सौ निन्यानवे बुराइयों से छुटकारा मिल जाएगा। जितन...
- फिर क्या करें?... जैसा आपने सुना होगा कि इलाहाबाद में कल्प-साधना के शिविर चलते हैं और वह त्रिवेणी के तट पर माघ के महीन...
- फिर क्या किया?... जगत् गुरु शंकराचार्य ने चार तीर्थ बनाये थे, महावीर भगवान के समर्थ गुरु रामदास ने सारे महाराष्ट्र में...
- फिर क्या बात है कि वे इतने मोटे हो जाते हैं?... वे इतने मजबूत कैसे हो जाते हैं और बंगाल वाले कैसे कमजोर रह जाते हैं? यह सब वातावरण का कमाल है।इस सन्...
- फिर क्या हुआ उनका?... वहाँ लोग पूजा करते थे? पूजा ‘भी’ करते थे, पूजा ही नहीं करते थे। आज की खराबी यह है कि हमारे मन्दिरों ...
- फिर क्या हुआ?... वह जंगली जानवरों के तरीके से रहता था। बोलता भी वैसे ही था, चलता भी वैसे ही था। कच्चा माँस खाता था। क...
- फिर पापों का सवाल कहाँ रहा?... धृष्टता सवाल कहाँ रहा? इतना करने के बाद में एक और बड़प्पन की बात हो जाती है। फिर आप किफायतसार हो जाते...
- फिर बताइये आपकी परिस्थितियाँ अनुकूल कैसे हो सकती हैं?... भगवान की परिस्थितियाँ जब अनुकूल नहीं हुईं, तो अगर आप ये सपना देखते हैं कि हमारी मनोकामनाएँ पूरी हो ज...
- फिर माँगने से मिल ही जाएगा, इसका क्या गारण्टी?... गारण्टी भी नहीं है, मिलने की सम्भावना भी नहीं है, फिर आप ऐसी निराशा में क्यों बेवजह पापड़ बेलें। आप ऐस...
- फिर वजह क्या है?... तुझे बता तो दिया। तेरी आँखों में गायत्री का इतना तेजस्, चेहरे में इतना ओजस् और वर्चस् छाया है कि उसक...
- फूल को ही चढ़ाते हैं—इसका अर्थ है भगवान के सिर पर अगर आपको विराजना है, भगवान के हृदय से अगर आपको लगना है, भगवान् के चरणों पर स्थान प्राप्त करना है, तो फिर इसका एक ही तरीका रह गया—कौन-सा?... कि आप फूल की तरह खिलें। भगवान के लिए और क्या-क्या करना पड़ता है? धूप देते हैं, नैवेद्य देते हैं, दीपक...
- फूल जब खिलते हैं, तो आपने देखा होगा कितने सारे भँवरे उन पर आकर बैठ जाते हैं; आपने उनके ऊपर तितलियों को घूमते हुए देखा है न?... आपने उनके ऊपर शहद की मक्खियों के गुच्छे देखे हैं न? कब आते हैं? जब फूल खिलते हैं। फूल के तरीके से आप...
- फूल न हो तब?... तब क्या चढ़ेगा भगवान के चरणों पर? पत्ते को कोई चढ़ाता है? जड़ को कोई चढ़ाता है? नहीं। फूल को ही चढ़ाते है...
- बचा हुआ समय जाएगा कहाँ?... आत्मा का कल्याण लोकसेवा के ऊपर टिका हुआ है। भगवान का भजन ही वास्तव में लोकसेवा के साथ जुड़ा हुआ है। स...
- बच्चे को जन्म देते समय कौन-सी माता को हैरानी नहीं होती?... लेकिन बच्चे को जन्म देने के बाद में तो प्रत्येक माता को प्रसन्न देखा गया है। आप ऐसी समझदारी नहीं कर ...
- बच्चे देखकर कितने खुश होते हैं देखने वालों को कितना अचम्भा होता है?... लेकिन क्या कठपुतली अपने आप नाचती है, नहीं, कठपुतली अपने आप नहीं नाचती; बाजीगर के हाथ में उसके धागे ज...
- बताइये, फिर हम अकेले क्या कर पायेंगे?... जप और अनुष्ठान कोई जादुई चमत्कार कैसे दिखा पायेंगे? नहीं, अध्यात्म जादू-चमत्कार जैसा नहीं है। अध्यात...
- बदला हुआ जीवन तुलसीदास का आप जानते हैं न?... रामायण को बनाने वाले उस तुलसीदास को आप जानते हैं, जिनके बारे में प्रसिद्ध है कि ‘तुलसीदास चन्दन घिसै...
- बदले हुए आदमी की कौन सहायता नहीं करेगा?... आप जिस दिशा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, उसमें सहायता करने वालों की दुनिया में कुछ कमी है क्या? विवेका...
- बन्दर पेट से पैदा हुआ कि नहीं, यह तो मैं नहीं जानता; क्योंकि आदमी की फिर पूँछ कहाँ गई?... बन्दरों की जब पूँछें कायम हैं, तो फिर आदमी की पूँछ कहाँ गई? आदमी की अगर पूँछ नहीं है, तो मुझे यह कहन...
- बन्दरों की जब पूँछें कायम हैं, तो फिर आदमी की पूँछ कहाँ गई?... आदमी की अगर पूँछ नहीं है, तो मुझे यह कहने में शक है कि आदमी बन्दर की औलाद हम लोग रहे हैं कि हमारा जी...
- बन्दूक न हो, तब क्या कारतूस चलेगी?... तपस्वी न हो, तब क्या मंत्र सिद्ध हो जाएगा? मंत्र सिद्ध होने के लिए, भगवान् की उपासना करने के लिए आदम...
- बर्तन अगर चुपचाप न बैठे रहें, ये कहें दिन में बाजार में घूमा करेंगे, रात को अवे में आ जाया करेंगे, तो बर्तन पक जाएँगे?... आप ही बताइये? नहीं, सब बिगड़ जाएगा। इसलिए आप बाहर की चिन्ताओं को भूल जाइये। न शरीर को बाहर घूमने दीजिए...
- बल्ब कैसे जले?... दूसरे काम कैसे बनें? इसलिए इनका जुड़ जाना आवश्यक है। जुड़े बिना बड़ी शक्ति प्राप्त नहीं हो सकती, बड़े का...
- बस उन्होंने अपने भगवान से पूछा—मुझे क्या करना चाहिए?... आपका कहना मानना चाहिए या माँ का? भगवान ने कहा—हमारा। शंकराचार्य ने निश्चय कर लिया और क्या से क्या बन...
- बस, अपनी-अपनी ही बकते रहते हैं, हमारी नहीं सुनेंगे क्या?... हमारी प्रेरणा पर आप ध्यान नहीं देंगे? हम क्या कहना चाहते हैं, उस पर गौर नहीं करेंगे? उसकी कोई उपयोगि...
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- बहिन मान पाएँ तब?... माता मान पाएँ तब? सहधर्मिणी मान पाएँ तब? तब! यही महिलाएँ आपके लिए देवी की तरह से सहायक होंगी। आप चाह...
- बहुत मेहनत करते हैं; पर कर्तव्यपालन?... कर्तव्यपालन अलग चीज है। हमारे फर्ज और हमारी ड्यूटियाँ कहाँ हैं? ड्यूटियाँ और हमारे फर्ज जहाँ कहीं भी...
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- बेटे का क्या हुआ?... बेटी का क्या हुआ? भतीजी का क्या हुआ? दुनिया के जंजाल को तो आदमी बुनता रहता है; पर अपने बारे में कभी ...
- बेटे, महात्मा के कितने वरदान दिला दूँ?... मैं तो तेरे हाथ में मिट्टी का ढेला दे दूँगा, वही तेरे लिए वरदान बन जाएगा। मीरा को गिरिधर गोपाल का एक...
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- बड़ा प्यार है, किससे?... अपने ब्राह्मणत्व से। अपने ब्राह्मणत्व की रक्षा करना चाहते हैं। हम अपने ब्राह्मणत्व को गँवाना नहीं चा...
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- भगवान किसे कहते हैं?... भगवान सद्गुणों के, सत्प्रतीकों के, आदर्शों के एक समुच्चय का नाम है। एक भगवान तो वह है, जो कि सारे वि...
- भगवान के तो कितने ही दीपक जलते हैं, उनका सूरज दिन में देखा है न आपने?... रात को चाँद का दीपक देखा है न? भगवान के यहाँ कोई दीपक की कमी नहीं है। हम भगवान को दीपक नहीं दिखाते ह...
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- भट्टी में नहीं तपाएँ तब?... तब कच्ची धातुएँ पक्की धातु नहीं बन सकतीं। जमीन में से जो लोहा निकलता है, वह मिट्टी मिला हुआ होता है।...
- भतीजी का क्या हुआ?... दुनिया के जंजाल को तो आदमी बुनता रहता है; पर अपने बारे में कभी विचार नहीं करता। हमको उस एकान्त स्थान...
- भय की कल्पनाएँ, आशंका की कल्पनाएँ, चिन्ता की कल्पनाएँ, हैरानी की कल्पनाएँ, बुढ़ापे की कल्पनाएँ, मौत की कल्पनाएँ आप क्यों करते रहते हैं?... उज्ज्वल कल्पनाएँ आपको करना नहीं आता? आप विधेयात्मक विचार नहीं कर सकते? आपको निषेधात्मक विचारों को कट...
- भरपाई कैसे हो?... आप उसके लिए क्या कदम उठाएँ? इसके लिए आप अपने गुण, कर्म, और स्वभाव में शालीनता का समावेश करने के लिए ...
- भला कमजोर जिन्दगी जीना कौन पसन्द करेगा और ऐसी जिन्दगी कौन पसन्द करेगा जो बीमारियों से घिरी हुई हो?... कमजोरी से घिरा हुआ होना—यह प्रकृति के विरुद्ध है। इसको आप और हम हटा सकते हैं। शरीर के बारे में यहीं ...
- भविष्य अच्छा-अच्छा करते रहे और न हुआ तब?... होगा कैसे नहीं? पानी के गिलास में आधा गिलास पानी आपके पास है, आप चाहें, तो यह कहिए कि आधा गिलास कम ह...
- भाईसाहब टिकिट नहीं है आपके पास?... तब ये हॉल आपके लिए नहीं है। ये असेम्बली हॉल है। टिकिट दिखाइए, तब हम आपको जाने देंगे। नहीं साहब! हम त...
- भावी जीवन की आपकी रूपरेखा क्या हो, आप केवल अपने ही लिए ही नहीं जिएँ, उसमें समाज की भी हिस्सेदारी है, लोगों की भी हिस्सेदारी है, भगवान की भी हिस्सेदारी है, आदर्शों की भी हिस्सेदारी है, धर्म और संस्कृति की भी हिस्सेदारी है—उस हिस्सेदारी को आप कैसे निभा पायेंगे?... उसके बारे में शिक्षण, आपका सायंकाल का शिक्षण इस उद्देश्य के लिए है, आप इस उद्देश्य को समझिये। आप घटन...
- भिखारी ही बने रहेंगे क्या?... नहीं, आप भिखारी बनने से इनकार कर दीजिए। अब आप यहाँ से दानी बनकर जाइए। जिन्दगी भर आपने अपेक्षाएँ की है...
- भीख माँगने के लिए?... नहीं साहब! भीख तो नहीं, ऐसे ही जाएँगे। आप घर-घर एक उद्देश्य के लिए जाइए, गाँव-गाँव एक उद्देश्य के लि...
- भूखा कौन रहता है?... अपने घर का काम कौन छोड़ता है? आपके अन्दर वह शराफत मालूम पड़ती है और जिन्दगी मालूम पड़ती रहेगी। आध्यात्म...
- भूत-प्रेत है क्या कोई?... काँपते देखकर उस प्रकाश में बैठे हुए मनुष्य ने आवाज दी—बच्चे डरने की जरूरत नहीं है। तुम किसी विशेष का...
- भूतकाल ऐसे मजाक की चीज है?... मजा की चीज नहीं है। आप ऐसा मत कीजिए। आप वास्तविकता से इतनी दूर रहेंगे, तो फिर वहाँ नहीं पहुँच सकेंगे...
- भूतकाल कैसा रहा है?... आपको अपनी आँख से कैसा दीखता है? क्या कहूँ मैं आपसे! आपने अपना मकान बना लिया, लड़कों के लिए धन इकट्ठे ...
- मक्खियों से अगर आप नहीं लड़े तब?... तो मक्खियाँ आपकी सब चीज को जहरीली कर देंगी और मुसीबत पैदा कर देंगी। मच्छरों को आप भगाने का इन्तजाम न...
- मच्छरों को आप भगाने का इन्तजाम न करें तब?... तब मच्छर आपको काट खाएँगे और सारे शरीर को मलेरिया से ग्रसित कर देंगे। खटमल देखते हैं न! पिस्सुओं को आ...
- मदालसा के बेटे आप नहीं बन सकते?... कुन्ती के बेटे बनने में आपको शर्म आती है, बताइए? सीता के बेटे अगर आप बन जाएँ, तो क्या हर्ज है आपको? ...
- मन आपका बड़ा नहीं है, व्यक्तित्व आपका बड़ा नहीं है, संस्कार आपके बड़े नहीं हैं, तो बड़प्पन कैसे आ जाएगा?... सारी जिन्दगी आपकी इन तीनों कामों में खत्म हो गई है। अब कृपा कीजिए, अपनी जिन्दगी में कुछ नये काम शामि...
- मन लगा के परिश्रम करें तब?... मन लगा के परिश्रम करने और बिना मन के परिश्रम करने में जमीन-आसमान का फर्क है। बिना मन के परिश्रम करने...
- मनःकल्प आप किस तरह करें?... इस तरह कीजिए कि आपका क्षुद्रता का दायरा, महानता के दायरे में बदल जाए। आपका दाया बहुत छोटा है। कूपमण्...
- मनःस्थिति बदलने के बाद, परिस्थिति किस तरह बदल गई?... कायाकल्प यही है। फिर कायाकल्प में करना क्या पड़ता है? इसके लिए एक उदाहरण मैं आपको सुनाऊँगा। यह उदाहरण...
- मनःस्थिति बदले जाने के बाद में परिस्थितियाँ क्यों नहीं बदलेंगी?... पहले जिससे लोग नफरत करते थे, उसी को सब प्रणाम करने लगे, मस्तक झुकाने लगे और न जाने क्या-क्या करने लग...
- मनोकामना पूरी कराई—ऐसा लगा है क्या?... आप उलटी-उलटी बातें मत विचार कीजिये, आप उल्टे को उलट दीजिये और सीधे उठ जाइये। सीधे हो के जाइये। यहाँ ...
- मनोयोग वगैरह आप लगाएँ तब?... मनोयोग लगाएँ, तो आपने देखा है न! मन लगा के परिश्रम करें तब? मन लगा के परिश्रम करने और बिना मन के परि...
- मर गया होगा तब, साँस क्या करेगी?... बहुत अच्छी प्रातःकाल की हवा है; हवा फेफड़ों को मिलनी चाहिए; पर लेगा तो तभी, जब वह जिन्दा हो। जिन्दा न...
- मरते तो वह आदमी हैं, जो शरीर में जिन्दा रहते हैं, जो अपने आपको आत्मा समझते हैं, उनके मरने का सवाल कहाँ?... क्यों? फिर मरने की कोई बात ही नहीं हो सकती, मरना कभी सम्भव नहीं है। मरना केवल उन्हीं के लिए सम्भव है...
- मरते तो सब हैं; पर बीमार कहाँ पड़ते हैं?... कबूतर बीमार पड़ते हैं? लोमड़ी, खरगोश जो जंगल में उछलते हैं, कभी बीमार पड़ते देखे हैं आपने? कोई नहीं पड़त...
- मरने के दिन आ गए; लेकिन यह लोग बूढ़े होकर मरे थे?... आप ऐसी जवानी चाहते हों, तो आपको ऐसा बनाने में हमको कोई दिक्कत नहीं है; लेकिन आप यह ख्याल लेकर आएँगे ...
- महान शक्ति का साथ छू करके कौन नहीं बज जाएगा महान?... आप स्वाति की बूँद के बारे में जानते हैं? स्वाति की बूँद कितनी महान होती है? वह सीप के मुँह में जा पड़...
- महानता को आप नहीं जानते?... आपने गाँधीजी का नाम सुना है? बुद्ध का नाम सुना है न? विवेकानन्द को जानते हैं न? महापुरुषों में से इन...
- महापुरुषों में से इन लोगों के नाम नहीं मालूम आपको?... यह सभी महापुरुष थे, जिन्होंने कि महानता को चुना और महानता में अपनी सफलता को पाया और इन विभूतियों को,...
- महिला संगठन की दृष्टि से उसने न जाने क्या-से कर डाला?... कैसे हो गया यह सब? उसने अपने आपको बदल दिया और उसका कायाकल्प हो गया। कायाकल्प कैसे होगा? यही मैं आपको...
- महीने भर खिला देंगे?... महीने भर भी खिला देंगे; पर तेरी जिन्दगी इससे नहीं कटेगी—ये ध्यान रखना। तेरी जिन्दगी कटेगी तब, जब अपन...
- माता मान पाएँ तब?... सहधर्मिणी मान पाएँ तब? तब! यही महिलाएँ आपके लिए देवी की तरह से सहायक होंगी। आप चाहें स्त्रियों को दे...
- माताजी का बेटा—माताजी का बेटा आप नहीं बन सकते?... क्या हर्ज है, आपको, बताइए? मदालसा के बेटे आप नहीं बन सकते? कुन्ती के बेटे बनने में आपको शर्म आती है,...
- माधवाचार्य ने सन्देह से पूछा कि दर्शन क्यों नहीं दे पायेंगे?... उन्होंने कहा—तेरे चेहरे पर गायत्री की शक्ति और तेजस् के आगे खड़े नहीं हो सकते। इसलिए सामने आने की हमा...
- मालदार बनने की और सम्पन्न बनने की दो ही तो मनोकामनाएँ हैं और क्या मनोकामना है?... एक लोभ की मनोकामना है, एक मोह की मनोकामना है। दोनों के अलावा और कोई तीसरी मनोकामना दुनिया में है ही ...
- मालूम नहीं, भूत की क्या स्थिति है; पर मैं आप से कहता हूँ आप भूत के तरीके से क्यों जिन्दगी जिएँ?... देवता के तरीके से जिएँ। आप का पुराना ढर्रा बेहूदगियों से भरा पड़ा है। आप ऐसा करें, यहाँ से जाने के बा...
- मित्रो को क्या देंगे?... दोस्तों को क्या देंगे? धन? नहीं। अपनी भावनाएँ, विचारणाएँ और ऊँचा उछाल देने वाली सलाहें। सलाहें क्या ...
- मुक्ति काहे से मिलेगी?... मुक्ति तो बेटे! मिली-मिलाई है। इन चारों को तू काट दे, मुक्ति मिल जाएगी, शीघ्र मिल जाएगी। मरने के बाद...
- मुर्गी की दया न हो, तो अण्डा कहाँ से आए?... जन्म लेने से पहले अण्डे के भीतर रहने वाले बच्चे को मेहनत करनी पड़ती है और अपनी ताकत के हिसाब से अण्डे...
- मृगतृष्णा में भटकते हुए हिरनों को और क्या मिलता है?... कस्तूरी की जहाँ-तहाँ तलाश करने वाले हिरन को और क्या मिलता है? सिवाय निराश के, तो आपको क्या मिलेगा? आ...
- मेरी कुण्डलिनी जगी थी और उसने मुझे वहाँ से—छोटे-से देहात में जहाँ घर में खेती-बाड़ी का धन्धा होता था—बाप-दादे पण्डिताई का धन्धा करते थे, बढ़ते हुए मैं कहाँ से कहाँ चला आया?... कुण्डलिनी ने मुझे कहाँ से कहाँ लाकर बिठा दिया। अब मैं उस गाँव का आदमी नहीं हूँ, सारे विश्व का आदमी ह...
- मैं आपको यह समझाने वाला हूँ कि इन तीनों क्रियाओं का क्या उद्देश्य है और ये तीनों क्रियाएँ मनःक्षेत्र का कायाकल्प करने के लिए किस किस तरीके से लागू हो सकती हैं?... दो बातें हो गईं। एक तो हुआ उनका मल-संशोधन, दूसरा हुआ उनका एकान्त सेवन। तीसरा एक और पक्ष वह यह था कि उ...
- मैं कौन हूँ?... और कब-कब जन्म लिया और यह शक्ल जो मुझे गुरुदेव के रूप में दिखायी पड़ती है, कब-कब मेरे साथ नृत्य करती र...
- मैं चाहूँ तो दुनिया का क्या-क्या कर सकता हूँ?... मेरे पास ज्ञान की अगाध शक्तियाँ हैं। बस उन्होंने अपने भगवान से पूछा—मुझे क्या करना चाहिए? आपका कहना ...
- मैं तो डर गया कि क्या बात है?... भूत-प्रेत है क्या कोई? काँपते देखकर उस प्रकाश में बैठे हुए मनुष्य ने आवाज दी—बच्चे डरने की जरूरत नही...
- मैं तो लोगों को कहने का मौका केवल इसलिए दिया करता हूँ कि उनका मन हलका हो जाए, बस और कोई मकसद नहीं है तो क्या आपको मालूम होता है कहने वालों का मन्तव्य?... हाँ, पूरे तरीके से मालूम होता है कि आप क्या कहना चाहते हैं और जो आप कहना चाहते हैं, उसके हिसाब से हम...
- मौत को जिन्दगी में बदल सकते हैं क्या?... ना! आदमी की सीमा है और जिस सीमा से आप बँधे हुए हों, उसी सीमा की बात कीजिए; उसी सीमा का विचार कीजिये,...
- मौत दिखायी नहीं पड़ती आपको?... जरा देखिए तो सही, मौत कितनी खूबसूरत और शानदार है, जो आपको अपनी गोदी में बिठा करके भाग खड़े होने के लि...
- यकीन रखिये मालिक को इतनी हैरानी, इतनी चिन्ता रहती है, जिसका कि कोई ठिकाना नहीं; लेकिन माली?... माली को सारे बगीचे में खूब मेहनत करनी पड़ती है; दिन में भी मेहनत करता है, रात में भी मेहनत करता है और...
- यह आप नहीं कर पाएँगे क्या?... जरूर कर पाएँगे, कोई दिक्कत की बात नहीं है। ऐसी जवानी आपको बड़ी आसानी से मिल सकती है और अध्यात्म आपको ...
- यह कहे-हम तो समर्पित नहीं होते, हम तो इनके अनुशासन को नहीं मानेंगे फिर?... फिर कठपुतली का तमाशा देखा जाना कैसे सम्भव है? भगवान का उद्यान, भगवान के उद्यान में अगर हम रहें, तब फ...
- यह कैसे हुआ?... कायाकल्प हो गया। वह शिवाजी, जो माता के पेट में से पैदा हुआ था, घर-गृहस्थी में गुजारा करता था, उसकी त...
- यह कैसे हो गया?... गिरधर गोपाल के कारण। गिरधर गोपाल कौन? पत्थर का एक टुकड़ा। नहीं, मीरा की श्रद्धासिक्त प्रगाढ़ भावना के ...
- यह कैसे हो सकता है?... अपने आप। अपने आपसे क्या मतलब? अपने आपसे मतलब है—सुपर चेतना से, जो हमारे भीतर है, जिसके बारे में शुरू...
- यह कैसे होगा?... इसमें दो आदमियों के सहयोग की जरूरत पड़ती है, अकेले आप नहीं कर पाएँगे, लेकिन कोई बाहर का आदमी अकेला आप...
- यह क्या है?... यही नैवेद्य है। पूजा में आप चावल चढ़ाते हैं भगवान के ऊपर, जिसका अर्थ होता है—अपनी कमाई का एक हिस्सा भ...
- यह क्या है?... ये तपाने का परिणाम। आयुर्वेद में भस्में बनती हैं। उसमें क्या करना पड़ता है? अभ्रक भस्म, लोहा भस्म, सो...
- यह क्या है?... इमरजेंसी। साँप काट खाये किसी को, मौत सामने खड़ी है; किसी को बन्दूक की गोली लग गई है, आधा घण्टे में उस...
- यह क्रियाओं से कैसे पूरा हो जाएगा?... यह आन्तरिक कायाकल्प है। इसलिए आपको अपनी मनःस्थिति को, चिन्तन को, अपने विचारों को, आस्थाओं को, दृष्टिको...
- यह तीर्थयात्रा क्या होती है?... तीर्थयात्रा कहते हैं—धर्मप्रचार की पदयात्रा को। तीर्थयात्रा का अर्थ है—गाँव-गाँव घूमना, जगह-जगह जाना...
- यह पूरे-का टाइम-टेबल इस बात पर निर्भर रहता है कि आपकी गतिविधियाँ क्या होनी चाहिए?... आपको अनुशासित कैसे होना चाहिए? आपको संयमी कैसे रहना चाहिए? आपको तपस्वी की तरह जीवन-यापन कैसे करना चा...
- यह भी तो सब घटिया और छोटे स्तर के लोग थे; लेकिन जब उन्होंने अपने आप को समझ लिया और अपने आपकी सही दिशाधारा को ठीक पकड़ लिया और उसी रास्ते पर क्रमबद्ध रूप से चलते चले, तो कहाँ-से पहुँच गये?... आपके लिए भी यह पूरे तरीके से मुमकिन था; पर आप कर नहीं पाये, क्यों? दिक्कत क्या थी? पैसा नहीं था? साध...
- यह शक्ति किसमें खर्च होगी?... जो कुछ भी है, उसी में खर्च होगी। प्राप्त करना कोई मुश्किल नहीं है, तप करना कठिन है। गुरुदेव ने मुझे ...
- यहाँ ऐसे लोगों का सान्निध्य आपको मिला है जिसके लिए अगर आप सारे हिन्दुस्तान में घूमें और यह तलाश करें कि ऐसे प्राणवान सान्निध्य कहीं मिलेंगे क्या?... ऐसे प्राणवान सान्निध्य प्राचीनकाल में तो शायद हुए हों, पर आज आपको ऐसा आध्यात्मिकता का सही वातावरण अन...
- यहाँ क्या-क्या काम कराये जाते हैं?... कई चीजें कराई जाती हैं—संयम करा रहे हैं, वास्तविक बात यह है। आपको हमने कितनी बार कहा है कि आप आहार क...
- यहाँ जो जप और अनुष्ठान कराया जाता है, क्या आप घर पर नहीं कर सकते थे?... जरूर कर सकते थे। जो नियम और मर्यादा पालन करने के लिए यहाँ कहा गया है, वह हमारी पुस्तकें पढ़कर आप घर प...
- यहाँ जो भी क्रिया-कृत्य आपसे कराये जा रहे हैं, वह तो आप अपने घर पर नहीं कर सकते थे?... खान-पान सम्बन्धी जो नियम-बन्धन आपको बताये गये हैं, क्या आप उसे घर पर नहीं कर सकते थे? क्यों नहीं कर ...
- यहाँ भी नहीं करेंगे, तो क्या करेंगे?... केवल मात्र चिन्ह-पूजा करते रहेंगे? टाइमपास करते रहेंगे? नहीं, टाइमपास मत कीजिए, चिन्ह-पूजा मत कीजिए।...
- यहाँ से जब जाएँ, तो क्या होते हुए जाएँ?... आपका अन्तराल बदला हुआ हरेक को दिखाई पड़े। जो भी आये, हरेक को बदला दिखाई पड़े। आपकी पत्नी कहे—ये वह आदम...
- यही तो प्रायश्चित है और क्या प्रायश्चित हो सकता है?... इस प्रायश्चित को हमारे यहाँ इष्टापूर्ति कहते हैं, क्षतिपूर्ति भी कहते हैं। आपने जो नुकसान किया है चु...
- ये आपको खाली हाथ जाने देंगे क्या?... नहीं, यह तीनों शक्तियाँ ऐसी हैं, जो बराबर आपकी सहायता करने को आमादा हैं और गाय की तरह सच्चे मन से चा...
- ये ईंटें क्या हैं?... मामूली मिट्टी है, जो पानी में बरसते ही बह जाती है; लेकिन जब उसको तपा देते हैं आग में, तो ईंट कैसी मज...
- ये कल्पना क्यों नहीं करते?... सुनहरे ख्वाब देखना नहीं आता? सुनहरे सपने सजाना नहीं आता? आप सुनहरे सपनों से सजा कीजिये। निराशा के वि...
- ये काम भगवान कर सकते हैं?... मैं सोचता हूँ भगवान भी नहीं कर सकते; क्योंकि भगवान ने कर्म की व्यवस्था ऐसी बना दी कि वह अपने बाप की ...
- ये कैसे बात बनी?... ये तपस्वी की बात कह रहा हूँ मैं। आपने शृंगी ऋषि का नाम सुना है? शृंगी ऋषि उन महात्मा का नाम है, जिनक...
- ये कैसे सम्भव है?... ये इसी तरह सम्भव है। कैसे? जैसे कि संसार के प्रत्येक महापुरुष ने अपने-अपने समय का ठीक से नियमन किया ...
- ये कैसे हुआ?... वे बराबर समय का विभाजन करते रहे, अन्य भाषाओं को सीखते-पढ़ते रहे। अब्राहम लिंकन जब सड़क से निकलते थे, त...
- ये कैसे हो पाया?... वे ब्रह्मचारी थे। ये इन्द्रिय-निग्रह की बात है। स्वामी दयानन्द के विषय में सुना है आपने? एक बार दो स...
- ये कैसे हो सकता है?... ये भी तपश्चर्या से होगा।...
- ये कैसे हो सकता है?... ये फिजूलखर्ची की बात है। पैसा फिजूलखर्ची में खर्च होगा, तो यह सब आफत क्यों न आएँगी, बताइये, इसलिए पै...
- ये कैसे हो सका?... साधना के द्वारा। साधना जैसे जंगली जानवरों की, की जा सकती है। साधना अगर न की जाए तब? आदमी प्राकृतिक र...
- ये कोई आधार थोड़े ही हैं, जिनके आधार पर आप न जाने क्या-क्या सपने देखते रहते हैं?... ये तो वास्तव में माध्यम हैं कि आपके व्यक्तित्व का कैसे विकास हो? व्यक्तित्व का विकास न हुआ इनके माध्...
- ये क्या है?... ये तपश्चर्या है। बुराइयों के विरुद्ध लड़ाई लड़ना तपश्चर्या है, अपने भीतर की बुराइयों से लड़ने की तपश्चर...
- ये क्या है?... श्रम की शक्ति को, समय की शक्ति को आप समझते हैं, मूल्य समझते हों, तो न जाने आप क्या-से कर सकते हैं? म...
- ये चीजें कम है क्या?... आप देने वाले बन जाइये। आप सेवा दीजिये, सहानुभूति दीजिये, स्नेह दीजिये, फिर देखिये आप जो चीज बाँटते ह...
- ये ढकोसले हैं इनके द्वारा आप अपने व्यक्तित्व को विकसित कैसे कर सकेंगे?... फिर क्या करना चाहिए? किफायतसार बनिये। किफायतसार अगर बनते हैं, तो आपको नौ सौ निन्यानवे बुराइयों से छु...
- ये तपश्चर्या से सफल हुआ और आपने कितनों के नाम सुने?... ध्रुव का नाम सुना है न? ध्रुव क्या हो गए थे? वो बहुत बड़े भक्त हो गये थे; तीनों लोकों के स्वामी हो गए...
- ये तो वास्तव में माध्यम हैं कि आपके व्यक्तित्व का कैसे विकास हो?... व्यक्तित्व का विकास न हुआ इनके माध्यम से, तो इनको फिर सिवाय ढकोसले के और क्या कहेंगे? ये ढकोसले हैं ...
- ये न जाने क्या माँग बैठेंगे?... न जाने क्या-क्या फरमाइशें उनकी चालू हो जाएँगी? आप उनकी फरमाइशों को पूरा करके उनको प्रसन्न रखने की को...
- ये मत भुलाइए कि आपको अपने सूराखों को बन्द करना है, अपने छिद्रों की रोकथाम करनी है, अपनी मलीनताओं और अपनी असंयमितताओं के ऊपर हावी होना है तो क्या करें?... मैंने बताया न आपको। चार बात करनी पड़ेगी आपको। तप, जिसका कल जिक्र किया गया था, चार प्रकार के होते हैं।...
- ये संयम है, कौन-सा वाला?... ये इन्द्रिय संयम की बात मैं कह रहा था।अभी मुझे आपसे और कहना है। समय का संयम—समय आपकी सम्पत्ति है। जी...
- ये सम्भव है?... नहीं भाईसाहब! सम्भव नहीं है आप क्यों नहीं मानते? आप मानने की कोशिश कीजिये। आदमी के भीतर से ये शक्ति ...
- ये सामर्थ्य किसकी होती है?... ब्रह्मचर्य की। हनुमान को आप नहीं जानते? हनुमान जी का ब्रह्मचर्य था, जिससे कि वे सामान्य बन्दर से हनु...
- राजकुमारी देखकर मजाक करने लगी, हँसने लगी; ये बन्दर जैसा कौन आ करके बैठा है?... बस, उसको माला तो नहीं पहनाई और दूसरे राजकुमार को माला पहना दी। नारद जी दुःखी हुए, फिर विष्णु भगवान क...
- राजकुमारी ने देखा—कौन बैठा है?... नारद जी का और भी बुरा रूप बना दिया—बन्दर जैसा। राजकुमारी देखकर मजाक करने लगी, हँसने लगी; ये बन्दर जै...
- रात को चाँद का दीपक देखा है न?... भगवान के यहाँ कोई दीपक की कमी नहीं है। हम भगवान को दीपक नहीं दिखाते हैं। दीपक दिखाने का अर्थ केवल अप...
- राधा जी का गोपियों से साथ छूट गया, पाण्डव कैसे परेशान हुए?... आप जानते नहीं है? श्रीकृष्ण भगवान भी इन परेशानियों से जूझते रहे। उनका भांजा अभिमन्यु मारा गया और क्य...
- राम का मतलब?... उद्देश्यों का, सिद्धान्तों को। सिद्धान्तों और आदर्शों का वरण करने वाले आदमी को शुरू-शुरू में जरूर हैरा...
- राम क्या पहले कृपा करेंगे?... नहीं, पहले तो कृपा की ही नहीं भगवान ने। ऐसी भगवान ने ऐसी भगवान में खराबी और चालाकी है कि शुरुआत में ...
- रामकृष्ण परमहंस की आज्ञा न मानते विवेकानन्द, तो क्या वे विवेकानन्द बनते?... आशीर्वाद लेकर घर बैठ जाते। आपको यहाँ से जाने के बाद में बदलना है। हम आपको प्रेरणा देंगे। हमारा आशीर्...
- रामचंद्र जी कहीं दिखाई पड़ते हैं?... श्रीकृष्ण भगवान कहीं दिखाई पड़ते हैं? हनुमान जी की कहीं आपने शक्ल देखी है? जब इतने बड़े-बड़े महापुरुष औ...
- रामचंद्र जी ने भी कुछ किया?... हाँ, बहुत कुछ किया। सुग्रीव को रामचंद्र जी की सहायता न मिली होती तब? तब आप क्या ख्याल करते हैं, राज्...
- रामचन्द्र जी ने कहा—तो फिर कहाँ चलना पड़ेगा?... गुरु वशिष्ठ ने कहा—हमारे नजदीक ही, जहाँ हम रहते हैं। गुरु वशिष्ठ की गुफा हिमालय पर थी। वहीं उन्होंने...
- रामचन्द्र जी ने कहा—तो फिर बताइये इसके लिए क्या किया जाए?... उन्होंने कहा—यहाँ कैसे बताऊँ, इसके लिए तो उपयुक्त वातावरण में चलना पड़ेगा यहाँ ऐसा वातावरण कहाँ है? य...
- रामचन्द्रजी ने पूछा कि इन जेवरों में से सीताजी का कौन-सा है?... उन्होंने बिछुए को तो पहचान लिया, ये सीताजी का बिछुआ है; लेकिन गले के हार को नहीं पहचान सके, कानों के...
- रावण की मनोकामना पूरी करने में कौन समर्थ हो गया?... सिकन्दर की मनोकामना कही पूरी हुई? नेपोलियन बोनापोर्ट की कहीं पूरी हुई? हिरण्यकश्यपु ने अपनी मनोकामना...
- रावण को ही आदर्श मानेंगे?... सोने की लंका का ही ख्वाब देखेंगे? अपने बेटे और पोते को ही, सवा लाख पूत, सवा लाख नाती तक ही सीमित रहे...
- लाखों आदमी अभी भी जाते हैं और प्रायश्चित की विधि पूरी करते हैं, मुंडन-संस्कार कराते हैं, तीर्थ में नहाते हैं, वहाँ जा करके गऊदान करते हैं, ब्राह्मण भोजन कराते हैं—यह सब बातें यह बताती हैं कि तीर्थयात्रा का स्वरूप क्या होना चाहिए था?... तीर्थयात्रा से पाप कटते हैं, अर्थात् पापों का खामियाजा पूरा होता है। कैसे? मैंने बताया न आपको कि जनस...
- लायकी आप किस तरीके से पहचानोगे?... किसी आदमी को हम कैसे जान पाएँ कि अच्छा आदमी है कि नहीं, प्रामाणिक है कि नहीं। एक ही सबूत है कि उसने ...
- लोग क्या कहते हैं?... लोगों की बातें हमने सुनना बन्द कर दिया। लोगों की बातें हम नहीं सुन सकते। लोगों के साथ में हम भलमनसाह...
- लोगों की आँखों में चकाचौंध करने की बात क्यों करते हैं?... आप शरीर तक अपनी सुविधाओं को क्यों खत्म करते हैं? आप आगे क्यों नहीं बढ़ते? आप जब ढूँढ़ेंगे, तो आपको कुछ...
- लोगों को क्यों प्रसन्न रखते हैं?... लोगों की आँखों में चकाचौंध करने की बात क्यों करते हैं? आप शरीर तक अपनी सुविधाओं को क्यों खत्म करते ह...
- लोगों ने यह भी कहा—आप सूख जाएँगे, आप खाली हो जाएँगी; लेकिन गंगा ने कहा—हम दिवालिया हो जाएँ, तो आपको कोई हर्ज है क्या?... जिन्दगी एक अच्छे काम में लग जाए, तो कोई नुकसान है क्या? जब चल पड़ीं, तो हिमालय ने देखा—इतनी शानदार लड़...
- लोमड़ी, खरगोश जो जंगल में उछलते हैं, कभी बीमार पड़ते देखे हैं आपने?... कोई नहीं पड़ता। एक ही बेवकूफ जानवर है, जिसका नाम है—मनुष्य। यही बीमार पड़ता है। क्यों पड़ता है? सिर्फ ए...
- लड़कियाँ कहाँ चली जाएँगी दुनिया से?... औरतें क्या मिट जाएँगी और औरतों के लिए मर्द नहीं रहेंगे क्या? मर्द रहेंगे; लेकिन उनके बीच जो जहर है, ...
- लड़कियों की शादी कैसे होगी?... हमारी नौकरी में तरक्की कैसी होगी इत्यादि छोटी चीजों में आप लगे रहते हैं, लेकिन आप अगर कभी अमर हो गये...
- वनमानुष होते हैं, जंगलों में रहते हैं, देखे हैं न आपने?... न इनको कपड़ा पहनना आता है, न इनकी कोई सभ्यता है, न इनकी कोई बातचीत है। ऐसे किसी तरीके से जैसे बन्दर प...
- वह केवल पैसा ही तो चुका दिया और रूह का क्या हुआ?... आम्रपाली ने अपने भावी जीवन को भूतकाल की खाई पाटने के लिए समर्पित कर दिया। वह सन्त हो गई और स्वामी वि...
- वह चुप रहीं क्या कहतीं?... रामकृष्ण ने कहा—अच्छा पहले बेटा खा लेगा तब माँ खायेगी। उन्होंने ऐसा ही किया। आधा भोजन स्वयं कर लिया ...
- वह वातावरण अयोध्या में कहाँ था?... वहाँ तो राजपाट होता था, लड़ाई-झगड़े होते थे, मुकदमे होते थे, दूसरी बातें होती थीं, पर वहाँ तप का वाताव...
- वहाँ जाने के बाद लोग अपने कलुष और कषायों को धो करके, पुनीत और पवित्र होकर कैसे निकलते होंगे?... गंगा के बारे में तो मुझे ज्यादा मालूम नहीं है कि उसके पानी में नहाने के बाद में आप पुनीत और पवित्र ह...
- वहाँ लोग पूजा करते थे?... पूजा ‘भी’ करते थे, पूजा ही नहीं करते थे। आज की खराबी यह है कि हमारे मन्दिरों में अब केवल पूजा ही होत...
- वाणी पर संयम, वाणी पर अगर आपका संयम नहीं है, चाहे जिससे, चाहे जैसे शब्द बोलते हैं, कड़ुए बोलते हैं—इसका परिणाम क्या हुआ?... इसका परिणाम कभी अच्छा नहीं हो सकता। ‘‘वशीकरण इक मंत्र है, तज दे वचन कठोर।’’ कौआ अपने कड़ुवे वचन से स...
- विचारशील बातों में कोई आदमी कहाँ पैसा खर्च करता है?... गरीबों को चाहें तो आप बहका दीजिए, मालदार को बहकाने के तरीके अलग हैं। उन तरीकों को अख्तियार कर लीजिए,...
- विनोबा 23 भाषाओं के विद्वान थे, कैसे?... कैसे उन्होंने भूदान की यात्राएँ कर लीं—कन्याकुमारी से लेकर रामेश्वरम् तक! ये कैसे हुआ? वे बराबर समय ...
- विभीषण का रास्ता कुछ बुरा था क्या?... क्या बुरा था, बताइए? आरम्भ में हैरानी हुई; पर सन्तोष तो रहा; रावण को सुविधा मिली; पर असन्तोष रहा। हर सम...
- विभीषण को आदर्श नहीं मानेंगे?... रावण को ही आदर्श मानेंगे? सोने की लंका का ही ख्वाब देखेंगे? अपने बेटे और पोते को ही, सवा लाख पूत, सव...
- विभीषण ने क्या खोया बताइए?... विभीषण ने कुछ भी नहीं खोया। पेट भरने को रोटी बराबर मिलती रही और आखिर में जब भगवान का प्यारा हुआ था? ...
- विवेक के हिसाब से हम हर चीज का वर्गीकरण करते हैं और ये देखते हैं कि आप में से कौन आदमी मुसीबत में फँसा हुआ है?... मुसीबत में कराह रहा है, किसकी आँखों में से आँसू आते हैं, कौन आदमी हैरान हो रहा है, उस आदमी को हम प्र...
- विवेकानन्द की बात आपको मालूम है न?... वे एक मामूली-से विद्यार्थी थे। खास प्रतिभावानों में उनकी शुमार नहीं होती थी। घर की परिस्थितियाँ भी ठ...
- विवेकानन्द को जानते हैं न?... महापुरुषों में से इन लोगों के नाम नहीं मालूम आपको? यह सभी महापुरुष थे, जिन्होंने कि महानता को चुना औ...
- विष्णु भगवान के देखे हैं न?... चार हाथ हैं। सहस्त्रशीर्षा पुरुषः—उसके हजारों हाथ हैं और आपको हजारों हाथों से इतना देगा, जिसे आप सँभ...
- वे अगर न हों, तो आप क्यों सोचते हैं सब कुछ आपके इच्छानुकूल हो जाएगा?... आप बदल दीजिए। क्या बदल दें? बूढ़े से जवान हो जाएँगे। आपके हाथ की यह बात नहीं है। ये शरीर प्रकृति का ब...
- वे आपके पास आयेंगे?... नहीं, आपके पास नहीं आयेंगे। बादलों के पास खेत कैसे आ पायेंगे, बताइए? खेतों के पास इतनी सामर्थ्य होती...
- वे इतने मजबूत कैसे हो जाते हैं और बंगाल वाले कैसे कमजोर रह जाते हैं?... यह सब वातावरण का कमाल है।इस सन्दर्भ में एक और भी पुरानी बात याद है। श्रवण कुमार अपने माता-पिता को कन...
- वो जो पहले भरा था आपके अन्दर, कौन रहता था?... चांडाल रहता था पहले। अब उसे तो गुरुजी ने मार डाला। अब आपके शरीर में हम कोई और आ गए हैं। हम भले आदमी ...
- व्यक्तित्व का विकास न हुआ इनके माध्यम से, तो इनको फिर सिवाय ढकोसले के और क्या कहेंगे?... ये ढकोसले हैं इनके द्वारा आप अपने व्यक्तित्व को विकसित कैसे कर सकेंगे? फिर क्या करना चाहिए? किफायतसा...
- शंकराचार्य के बारे में यही कहा जाता है, शंकराचार्य ब्रह्मचारी न होते तब?... शादी-विवाह करके बहुत सारे बच्चे पैदा करते तब? काम-वासनाओं में अपने आपको उलझाए रहते तब? भगवान शंकर का...
- शंकराचार्य को आप जानते हैं न?... शंकराचार्य एक मामूली घर के लड़के थे। उनकी माता यह उम्मीद करती थी कि पढ़ाने के बाद में लड़के की शादी-ब्य...
- शंकराचार्य ने निश्चय कर लिया और क्या से क्या बन गये?... कितनी शानदार जिन्दगी उनकी व्यतीत हुई। बेटे, यह उनकी कुण्डलिनी शक्ति थी, जिसने उनके विवेक को जगा दिया...
- शंकराचार्य फिर क्या हुए?... वे शंकर भगवान के अवतार माने जाते हैं। अगर आदि शंकराचार्य ने अपने दृष्टिकोण में हेर-फेर नहीं किया होत...
- शक्तिपात किसे कहते हैं?... शक्तिपात—बेटे, उसे कहते हैं जिसमें उच्चकोटि के विचारों को कार्यरूप में परिणत करने के लिए जिस ताकत की...
- शक्तिवान हो जाएगा?... नहीं, तपश्चर्या जो नहीं कर सकता, वो सामर्थ्यवान नहीं हो सकता, शक्तिशाली नहीं हो सकता। आपको यहाँ इस क...
- शरीर चला जाए, तो क्या हुआ?... आपका ईमान तो वही है? संस्कार तो वही है?तो ये कह रहा था मैं आपसे, स्वर्गलोक जाने की अपेक्षा अच्छा होत...
- शरीर बुड्ढा होने से क्या फर्क पड़ता है?... कोई फर्क नहीं पड़ता। गाँधीजी जब मरे थे, तब उन्यासी वर्ष के थे। नेहरू जी भी चौहत्तर वर्ष के करीब थे।...
- शादी कोई लड़की करना चाहे किसी अच्छे लड़के से और वह बुड्ढी हो तब?... गूँगी, बहरी, अन्धी हो तब? तो कौन शादी करेगा? इसीलिए पात्रता बहुत जरूरी है। कल हमने कहा था न—उस दिन आ...
- शादी-विवाह करके बहुत सारे बच्चे पैदा करते तब?... काम-वासनाओं में अपने आपको उलझाए रहते तब? भगवान शंकर का अवतार बनने का मौका नहीं मिलता तब? लक्ष्मण जी ...
- शिष्यों से पूछा—यह कमण्डलु डूबेगा कि नहीं?... उन्होंने कहा—यह क्यों डूबेगा? यह डूबता थोड़े ही है। कमण्डलु डूबने वाला नहीं है। यह तो तैरता रहेगा। भग...
- शीशा है, शीशे को अगर आप मैला-कुचैला रख दें, उसमें फिर अपना चेहरा देखना चाहें तो दीखेगा क्या?... नहीं दीखेगा। पानी के भीतर आप चेहरा देखना चाहें, बिम्ब देखना चाहें, तो पानी को साफ होना चाहिए। इसलिए ...
- शृंगार कहाँ से आये?... उन्होंने सिन्दूर से उनको लपेट दिया और सिन्दूर से उन पत्थरों को लपेट देने के बाद में, हनुमान जी की मू...
- श्रम की पूँजी आप कहाँ से लाएँगे?... समय की पूँजी आप कहाँ से लाएँगे? साधनों की पूँजी आप आत्मा की उन्नति के लिए लगा सकते थे, उसको कहाँ से ...
- श्रम की शक्ति को, समय की शक्ति को आप समझते हैं, मूल्य समझते हों, तो न जाने आप क्या-से कर सकते हैं?... मनोयोग वगैरह आप लगाएँ तब? मनोयोग लगाएँ, तो आपने देखा है न! मन लगा के परिश्रम करें तब? मन लगा के परिश...
- श्रीकृष्ण भगवान कहीं दिखाई पड़ते हैं?... हनुमान जी की कहीं आपने शक्ल देखी है? जब इतने बड़े-बड़े महापुरुष और भगवान के अवतार दुनिया में नहीं रहे,...
- संकल्पों से उन्होंने क्या-से कर डाला?... आपको ऐसे संकल्पों को चरितार्थ करने के लिए, उज्ज्वल भविष्य को बनाने के लिए यहाँ पूरा सहारा भी है। आप ...
- सन्त कहीं दिया करते हैं क्या?... हमारे गुरु ने क्या दिया हमको बताइये? कोई रुपयों का बण्डल दिया है क्या? हमको पोटले भर के दिये हैं क्य...
- संस्कार के बिना आदमी स्वभाव का कैसा हो सकता है?... फूहड़ है, अनगढ़ है, बेहूदा है। इसलिए आपको, अपने आपको संस्कारवान स्वयं बनाना चाहिए। कौन बनाएगा? दूसरा क...
- संस्कार तो वही है?... तो ये कह रहा था मैं आपसे, स्वर्गलोक जाने की अपेक्षा अच्छा होता इसी जन्म में आप स्वर्ग बनाने की कोशिश...
- सज्जन का मतलब क्या यह होता है कि कोई आदमी आपकी बहिन-बेटी से छेड़खानी करे और आपके प्रति बुरा सलूक करे तब भी आप सब कुछ देखते-सहते रहें?... यही सोचते रहेंगे कि हमें क्या करना है, भगवान की मर्जी है, ऐसा ही हमारे भाग्य में लिखा है, तब आप ऐसा ...
- सज्जन रहेंगे, तो क्या कायर बनेंगे?... सज्जन का मतलब क्या यह होता है कि कोई आदमी आपकी बहिन-बेटी से छेड़खानी करे और आपके प्रति बुरा सलूक करे...
- सट्टा मिल जाए तब लाटरी खुल जाए तब जमीन में गड़ा हुआ धन मिल जाए तब, कोई बाप बहुत ज्यादा धन देकर मर जाए तब, तो बेवकूफ आदमी भी धनवान बन सकता है; लेकिन समझदारी की परख एक है उसने खर्च कैसे किया?... खर्च करना, बहुत समझदारी का काम है। आप फिजूलखर्ची करेंगे, तो अपने घर और औलाद के लिए ऐसी परम्परा छोड़ ज...
- सदन का नाम सुना है आपने, कि वह कैसा आदमी था?... कसाई का धन्धा करता था, जानवर काटता था, पवित्र शालिग्राम-पत्थर के बदले माँस तौल-तौलकर बेचता था। बेचता...
- सबको क्यों नहीं दिया?... क्योंकि उन्होंने एक बार इम्तहान लिया था कि इतनी कीमती चीज को एक सख्त और प्रामाणिक आदमी को ही दी जाए।...
- समय की पूँजी आप कहाँ से लाएँगे?... साधनों की पूँजी आप आत्मा की उन्नति के लिए लगा सकते थे, उसको कहाँ से लाएँगे? ‘सादा जीवन उच्च विचार’ क...
- समयदान के लिए क्या करना चाहिए?... इस विषय में एक पुरानी परम्परा है, तीर्थयात्रा करनी चाहिए। पापों के लिए तीर्थयात्रा, तीर्थयात्रा, तीर...
- समर्थ गुरु रामदास ने वहाँ से निकलने के बाद क्या किया?... आप कभी भी महाराष्ट्र जाएँ तो वहाँ एक ही सन्त का नाम सर्वत्र पायेंगे—जिसका नाम है—समर्थ गुरु रामदास, ...
- समाज के लोगों का स्वभाव कैसे बदल जाएगा?... आप अपना व्यवहार इस तरीके से करें, जिससे कि उन लोगों के हमले आपके ऊपर कामयाब न हों। आप उनकी सलाह मानि...
- सम्भव नहीं है आप क्यों नहीं मानते?... आप मानने की कोशिश कीजिये। आदमी के भीतर से ये शक्ति का उदय होता है; ये केवल आदमी की तपश्चर्या की वजह ...
- सम्मान आप प्राप्त करना चाहते थे न?... मेरी प्रार्थना है, आप यह नियम बदल दीजिए। दूसरों को सम्मान दीजिए। दूसरों को सम्मान देंगे, तो आप देखें...
- सलाह-मशवरे की कीमत नहीं समझते?... आप बहुत कुछ दे सकते हैं, वही दीजिये।यहाँ से जाने के बाद में आप अपनी खीझ को प्रसन्नता में बदल दीजिये।...
- सलाहें क्या कम होती हैं?... प्रोत्साहन की कीमत नहीं समझते आप? परामर्शों की कीमत नहीं समझते? सलाह-मशवरे की कीमत नहीं समझते? आप बह...
- सहधर्मिणी मान पाएँ तब?... तब! यही महिलाएँ आपके लिए देवी की तरह से सहायक होंगी। आप चाहें स्त्रियों को देवी बना लीजिए, चाहे डाकि...
- सात ऋषि हैं, उनमें से एक विश्वामित्र भी हैं, विश्वामित्र कहाँ रहते थे?... उनकी कुटिया कहाँ थी? यहीं थी, जहाँ आज शान्तिकुञ्ज है। यह विश्वामित्र का स्थान है।वातावरण का कितना अस...
- साधन नहीं थे?... बेकार बात मत करिए! न पैसे से कोई ताल्लुक है, न साधनों से कोई ताल्लुक है, न कठिनाइयों से कोई ताल्लुक ...
- साधना अगर न की जाए तब?... आदमी प्राकृतिक रूप से बड़ा वाहियात है, वनमानुष है। डारविन ने कहा था कि इनसान बन्दर की औलाद है; बन्दर ...
- साधनों की पूँजी आप आत्मा की उन्नति के लिए लगा सकते थे, उसको कहाँ से लाएँगे?... ‘सादा जीवन उच्च विचार’ का मतलब ये है कि ऊँचे विचार की जिन्दगी अगर आपको जीनी है, उत्कृष्ट जीवन आपको ज...
- सामान्य जीवन में कौन पीछे लगेगा आपके?... एक-एक गलती, एक-एक विचारधारा, एक-एक भूल के बारे में कौन सुधार करे? इसलिए ये काम आप को स्वयं ही करना प...
- साहित्य और विज्ञान का कैसे समन्वय हो?... दोनों में बहुत मित्रता थी। दोनों ने यह निश्चय किया कि इस विषय के ऊपर वे खूब खुलकर बातचीत करेंगे, बहु...
- सिकन्दर की मनोकामना कही पूरी हुई?... नेपोलियन बोनापोर्ट की कहीं पूरी हुई? हिरण्यकश्यपु ने अपनी मनोकामना पूरी कर पाई? न कर पाई। आप तो बेका...
- सिर में घुसे हुए जुएँ आपको किस तरीके से हैरान नहीं करेंगे?... चूहे आपका सारा अनाज खा के खत्म कर देंगे; फिर पिस्सू और कीटाणु, जो आपके शरीर में घुस जाते हैं और तपेद...
- सिवाय निराश के, तो आपको क्या मिलेगा?... आप छाया के पीछे, माया के पीछे बेतहाशा दौड़ रहे हैं और आपको अब तक नाउम्मीदी ही रही है; क्योंकि छाया तब...
- सीता के बेटे अगर आप बन जाएँ, तो क्या हर्ज है आपको?... नहीं, कुछ हर्ज नहीं होगा आपका। आप अगर ऐसी मनःस्थिति बना लें, तो आपको अपनी गौरव-गरिमा का भान होगा और ...
- सीताजी और राम वनवास में रहते थे—वह उनकी सहकर्मी थीं और गाँधीजी, कस्तूरबा रहते थे—वह भी सहकर्मी थीं, तो आप ऐसा क्यों नहीं कर सकेंगे?... रामकृष्ण परमहंस और उनकी धर्मपत्नी शारदामणि जी साथ-साथ रहे, सारे जीवनभर रहे; लेकिन कभी उन्होंने एक-दू...
- सुग्रीव को रामचंद्र जी की सहायता न मिली होती तब?... तब आप क्या ख्याल करते हैं, राज्य मिल गया होता? उसकी धर्मपत्नी वापस मिल गई होती? उसका बच्चा फिर उसको ...
- सुनहरे ख्वाब देखना नहीं आता?... सुनहरे सपने सजाना नहीं आता? आप सुनहरे सपनों से सजा कीजिये। निराशा के विचारों, खीझ के विचारों और चिन्...
- सुनहरे सपने सजाना नहीं आता?... आप सुनहरे सपनों से सजा कीजिये। निराशा के विचारों, खीझ के विचारों और चिन्ता के विचारों से अपने आप को ...
- सुराख कर देंगे, तो डूबेगा नहीं?... ठीक बात है—भगवान बुद्ध ने जवाब देते हुए शिष्यों से कहा—इनसान के भीतर सुराख हो जाए, उसमें पानी भरने ल...
- सूखा और पत्थर वाला खेत हो तब?... तब आप जो कुछ भी बोएँगे जमीन में, सब आपका बीज भी मारा जाएगा और आप फिर निराश होते फिरेंगे। दीवार को चि...
- सूरदास कैसे आदमी थे—आप जानते हैं न?... बिल्वमंगल का नाम सुना है न आपने? कैसी घिनौनी और कामुक जिन्दगी थी उसकी। पर जब कायाकल्प हुआ, तो अन्धा ...
- सैरगाहों में क्या करेंगे जा करके?... ? सैरगाहों में कितने आदमी आते हैं! आपने देखे होंगे? विदेशों में भी घुमक्कड़ लोग जाते हैं। कोई नैनीता...
- सोने की लंका का ही ख्वाब देखेंगे?... अपने बेटे और पोते को ही, सवा लाख पूत, सवा लाख नाती तक ही सीमित रहेंगे? आप विभीषण जी का अनुकरण नहीं क...
- स्वर्ग कहाँ था?... स्वर्ग हिमालय के उस इलाके में था जिसको ‘नन्दनवन’ कहते हैं, गोमुख से आगे। स्वर्ग जमीन पर था। सुमेरु प...
- स्वाति की बूँद कितनी महान होती है?... वह सीप के मुँह में जा पड़ती है, तो मोती पैदा हो जाते हैं। नजदीक न हों तब? आपस में न मिलें तब? तब सीप ...
- स्वामी जी ने पूछा—तू गलत-सलत बात क्यों कहता है?... कबीर ने कहा—नहीं आपने मेरे सीने पर पैर रख दिया था और सीढ़ियों पर चढ़ते हुए राम-राम कह दिया था। बस मेरे...
- स्वामी दयानन्द के विषय में सुना है आपने?... एक बार दो साँड़ लड़ रहे थे। स्वामी जी ने उन खूनी साँड़ों को दोनों के सींग पकड़कर इस तरीके से दबोचा और फ...
- हँस में क्या बात है, बताइए?... हँस में दो विशेषताएँ हैं। एक विशेषता यह है कि दूध और पानी का अलग कर देता है, दूसरी विशेषता यह है कि ...
- हजारी किसान का नाम सुना है न आपने?... आपने उस पिसनहारी का नाम सुना है न? जिसने पिसाई में से दो पैसे रोज बचा कर के एक ऐसा पक्का कुआँ बनवा द...
- हनुमान को आप नहीं जानते?... हनुमान जी का ब्रह्मचर्य था, जिससे कि वे सामान्य बन्दर से हनुमान बन सके। शंकराचार्य के बारे में यही क...
- हनुमान जी की कहीं आपने शक्ल देखी है?... जब इतने बड़े-बड़े महापुरुष और भगवान के अवतार दुनिया में नहीं रहे, तो और कौन रहेगा? अगर अमृत कहीं रहा ह...
- हनुमान जी की मूर्तियाँ कैसे बनायीं?... हनुमान जी की मूर्तियाँ उन्होंने गाँव में पड़े हुए पत्थरों के टुकड़ों से स्थानीय कारीगरों के माध्यम से ...
- हम आपको मालदार बनाएँगे, सेठ बनाएँगे—आप बेकार की बातें क्यों कहते हैं?... जो हम नहीं कर सकते, उसके लिये क्यों दबाव डालते हैं? भगवान मालदार नहीं बनाते; मालदारों को गरीब बना दे...
- हम कैसे कर देंगे?... डॉक्टर हैं हम।हम आपकी मदद करेंगे, इलाज करेंगे; हम आपकी भौतिक सेवा करेंगे, सहायता करेंगे। नहीं साहब, ...
- हम क्या कहना चाहते हैं, उस पर गौर नहीं करेंगे?... उसकी कोई उपयोगिता नहीं है? अपने आपको ही हमारे ऊपर हावी रखेंगे? हमारी मनोकामना पूरी कर दीजिए। ऐसे कौन...
- हम तुझे सिखायेंगे कि अच्छा इस्तेमाल कैसे हो सकता है?... मालिकी की वजह से हर चीज का गलत इस्तेमाल करता है। शरीर का तू गलत इस्तेमाल करता है; दिमाग का तू गलत इस...
- हम देखते हैं कि आपकी जरूरत क्या है?... आप जो बात कहने आये थे, मैं समझ गया और समझ करके वर्गीकरण कर लिया; वर्गीकरण करके अपने तप के हिसाब से आ...
- हम सारे संसार में किस तरीके से काम करेंगे?... हम और आप दोनों ही मिलें, तो मजा आ जाए। आप पीछे के लिए क्या छोड़ जाएँगे, मुझे मालूम नहीं। दौलत नहीं छो...
- हमको औलादें दी हैं क्या?... नहीं, कभी किसी ने नहीं दिया। सन्त, ऋषि और देवता जो किसी आदमी को कुछ दे सकते हैं और देना चाहिए, वह केव...
- हमको पोटले भर के दिये हैं क्या?... हमको औलादें दी हैं क्या? नहीं, कभी किसी ने नहीं दिया। सन्त, ऋषि और देवता जो किसी आदमी को कुछ दे सकते ...
- हमारा तप उनके लिये पहले नम्बर पर है; हमारी मदद उनके लिये पहली प्राथमिकता है और दूसरे?... दूसरे हैं—जरूरतमन्द। जरूरतमंद किसे कहते हैं? जरूरतमंद उसे कहते हैं, जिसका किसी वजह से काम रुका हुआ ह...
- हमारा मन था कि आप लोगों को बुलाकर आपकी भी ऐसी ही कुण्डलिनी जगा पाऊँ तो कितना अच्छा?... मालूम नहीं मेरे सौभाग्य में वैसा कुछ सुयोग है कि नहीं जैसा कि मेरे गुरु में था। मेरे गुरु ने एक और च...
- हमारी नौकरी में तरक्की कैसी होगी इत्यादि छोटी चीजों में आप लगे रहते हैं, लेकिन आप अगर कभी अमर हो गये तब?... तब आप अमर लोगों की तरह विचार करेंगे और यह सोचेंगे कि अपने उत्थान के साथ-साथ सारे विश्व का उत्थान करन...
- हमारी प्रेरणा पर आप ध्यान नहीं देंगे?... हम क्या कहना चाहते हैं, उस पर गौर नहीं करेंगे? उसकी कोई उपयोगिता नहीं है? अपने आपको ही हमारे ऊपर हाव...
- हमारे गुरु ने क्या दिया हमको बताइये?... कोई रुपयों का बण्डल दिया है क्या? हमको पोटले भर के दिये हैं क्या? हमको औलादें दी हैं क्या? नहीं, कभी...
- हमारे फर्ज और हमारी ड्यूटियाँ कहाँ हैं?... ड्यूटियाँ और हमारे फर्ज जहाँ कहीं भी हमको बुलाते हैं, वहाँ हमको जाना चाहिए। इसका नाम कर्मयोग है और भ...
- हमें अपनी विकृतियों से लोहा लेने के लिए ताकत चाहिए और किसके लिए शक्ति चाहिए?... श्रेष्ठ काम करने के लिए शक्ति चाहिए। किसी भी श्रेष्ठ काम करने के लिए फैसला कर लेना ही काफी नहीं है। ...
- हमें क्या करना है?... हर आदमी गलतियों से भरा पड़ा है। आपकी गलतियों में मुझे जायका लेने का, मजा लेने का, दिल्लगीबाजी करने का...
- हर आदमी की सेवा करना कतई जरूरी नहीं?... जो श्रेष्ठ है, उसी की सेवा कीजिये। जो सत्प्रवृत्तियाँ हैं, उन्हीं में सहयोग दीजिये। कोई भी चन्दा माँ...
- हर कोई फायदा उठा लेता है?... नहीं, हर कोई लाभ या फायदा नहीं उठा पाता। हर जगह हरियाली बादलों से हो जाती है; लेकिन जो चट्टानें हैं,...
- हरेक की मर्जी को पूरा करेंगे?... अपनी मर्जी पूरी करेंगे? मर्जियों की ओर ध्यान मत दीजिए। औचित्य पर ध्यान दीजिए। उनकी क्या माँग उचित है...
- हवा चलते ही आमतौर से घोंसले उसके, किसके?... कबूतर के, जमीन पर गिरते हैं और बच्चे सब तबाह हो जाते हैं। इसलिए अक्सर देखा गया है, कबूतर किसी पुराने...
- हाँ-में मिलाने से कहीं कुटुम्ब बनते हैं क्या?... एक आँख प्यार की और एक आँख सुधार की अगर आप रखते हैं, तो आप अपने कुटुम्बियों के प्रति कर्तव्यों और उत्...
- हाथी के ऊपर अंकुश नहीं लगाएँ तब?... तब फिर आप समझ लेना, ये जानवर आपके लिए बड़े खौफनाक साबित होंगे और आपको तहस-नहस करेंगे। इसलिए इनको नियं...
- हित-साधन जिसमें जुड़ा हुआ नहीं है, वह कैसे प्यार हुआ?... ये प्यार तो हो नहीं सकता। इसमें हित-साधन जुड़ा हुआ नहीं है। हित-साधन के लिये जरूरी नहीं है कि किसी की...
- हिरण्यकश्यपु ने अपनी मनोकामना पूरी कर पाई?... न कर पाई। आप तो बेकार आदमी हो, बार-बार बच्चों की तरह मनोकामना, मनोकामना माँगते रहते हैं? यहाँ तो आप ...
- होगा कैसे नहीं?... पानी के गिलास में आधा गिलास पानी आपके पास है, आप चाहें, तो यह कहिए कि आधा गिलास कम है और चाहे आप यह ...
- ‘कुण्डलिनी’ किसे कहते हैं?... कुण्डलिनी-विवेकशीलता को कहते हैं—दूरदर्शिता को कहते हैं। विवेकशीलता मेरी उसी दिन जग गयी और मैंने देख...
- ‘तीर्थ’ शब्द याद करके कितना आनन्द आता है, कितनी प्रसन्नता होती है?... प्राचीनकाल में तीर्थ जब अपने वास्तविक स्वरूप में रहे होंगे, तब कितना आनन्द आता होगा? वहाँ जाने के बा...
- अगर आप घोड़े को लगाम नहीं लगाएँ तब?...? ऊँट को नकेल नहीं लगाएँ तब? आप बैल के नाक में रस्सी नहीं डालें तब? हाथी के ऊपर अंकुश नहीं लगाएँ तब? ...
- अब आप समझ गये होंगे कि वातावरण का कितना भारी असर होता है?...? आपको हमने इसलिए यहाँ के वातावरण में बुलाया है, हिमालय के नजदीक बुलाया है। हिमालय यहीं से शुरू होता ...
- आप भगीरथ का नाम जानते हैं?...? भगीरथ एक सामान्य से राजकुमार थे; लेकिन जब उन्होंने तपस्वी जीवन जिया; तब उसके चमत्कारों को देखो! गंग...
- आप समझ गए न, उनकी इच्छा कब और कैसे पूरी हुई?...? आप यह बात नोट कीजिए, आपको पिछले वाले पापों से निजात पाने के लिए कुछ-न करना ही होगा। क्या करना चाहिए...
- आपको बापा जलाराम की बात मालूम है?...? भगवान आये थे और उनको एक झोली दे गये थे। उसमें से अक्षय अन्न के भण्डार निकलते थे। यह वरदान भगवान ने ...
- इसके साथ-साथ क्या करना चाहिए?...? उपासना में क्या करना होता है? उपासना में नजदीक आते हैं और नजदीक आने के साथ-साथ सबसे पहला काम करना प...
- ऐसी शानदार जिन्दगी और किसी की हो सकती है क्या?...? हाँ एक और है वह है शंकराचार्य। उनकी माँ रोज कहती थी कि बेटे तेरा ब्याह करूँगी। शंकराचार्य को एक सपन...
- और क्या करें?...? और यह कीजिए कि इन तीर्थों की देश और विदेशों में स्थापना करने का हमारा बड़ा मन है। आप हमारा हाथ बँटाइ...
- कल्प को कर जाएँ, तब?...? मजा आ जाएगा। क्या काम करें? आप यहाँ से जाने के बाद में तीन काम और जीवन में शामिल कर लीजिये। अब तक त...
- कैसे हो आध्यात्मिक कायाकल्प?...?
गायत्री मंत्र हमारे साथ-साथ—
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य...
- कैसे हो आध्यात्मिक कायाकल्प?...?
३. अनुग्रह के लिए अन्तराल का सुविकसित होना..
४. कायाकल्प का मर्म और दर्शन
५. कल्प साधना और उ...
- खदानें कैसे बनती हैं आप जानते हैं?...? खदानों में कहीं थोड़ा लोहा, कहीं पीतल, कहीं चाँदी होती है; अपने चुम्बकत्व से दूर-दूर तक फैले हुए छोट...
- घिनौना तो मैं क्यों कहूँ?...? पर आप यह मान सकते हैं कि घटिया स्तर का जीवन था।...
- तब क्या काम करें?...? आप ये विचार कीजिये कि आपको जो कुछ मिला हुआ है, वह कितना ज्यादा है? भगवान ने कितना ज्यादा आपको दिया ...
- तो गुरुजी क्या इतने भर से बात पूरी हो जाएगी?...? नहीं बेटे, इतना ही पर्याप्त नहीं। आपको इसके साथ में अपनी श्रद्धा सँजो करके रखनी पड़ेगी। श्रद्धा को आ...
- दूरदर्शी हैं बच्चे?...? नहीं, दूरदर्शी नहीं हैं। जो आदमी दूरदर्शी नहीं है, वह न्यायोचित बात को विचार नहीं कर सकता; अपने सुन...
- नमन हम करते हैं, वन्दन करते हैं, सूर्य नारायण को जल चढ़ाते हैं—इनका क्या मतलब है?...? हम अपने आपको समर्पित करते हैं।...
- प्रायश्चित का यह भी एक तरीका है और क्या काम करें?...? यहाँ के शिविरों में ढपली बजाना सिखाया जाता है। सड़क पर खड़े होकर गाने वालों, स्टेज सिंगरों की एक नई प...
- फिर हम क्या अकेले कर लेंगे?...? नहीं, अकेले तो नहीं कर लेंगे, हम पीठ पर तो हैं, आप सहायता करेंगे, तो हम भी आपकी सहायता करेंगे।...
- बादलों को आप देखते हैं न, बादल कितनी कृपा करते हैं?...? बादलों जितना कौन देवता हो सकता है! बिना कीमत पानी बरसाता है; चाहे कितना भी पानी बरसाता है; समुद्र स...
- बाहर की मदद से आपके जीवन की कोई समस्या हल नहीं हो सकती तो क्या आप मदद नहीं करेंगे?...? बेटे! करेंगे जरूर। ये हमारा कर्तव्य है और हमारा फर्ज है। हमारे यहाँ आप मुफ्त में रोटी खायेंगे, तो आ...
- भगवान क्या है?...? बताइए आप। एक भगवान तो वह है, जो सारे विश्व में छाया हुआ है, सारे नियमों की व्यवस्था बनाता है। वे एक...
- भगवान परशुराम तपस्वी नहीं रहे होते तब?...? तब तो बिल्कुल मामूली जैसे बाबाजी या ब्राह्मण पण्डित रहते। और यहाँ-वहाँ कथा-वार्ता करते रहते। परशुराम...
- भगवान बुद्ध से उनके शिष्यों ने यह पूछा—मनुष्य इतना सशक्त और समर्थ होते हुए भी आखिर गिर क्यों पड़ता है?...? अधःपतित क्यों हो जाता है? भगवान बुद्ध ने एक तो घटना दिखाई और एक उदाहरण दिया। उन्होंने घटना ये दिखाई...
- मान लीजिए आप किसी के कान पकड़ने की गुस्ताख़ी करें तब?...? तब उसके पैर छू करके प्रणाम कर लीजिए। अरे साहब! हमसे गलती हो गई, माफ कर दीजिए, पैर छूते हैं आपके। का...
- मैं आपसे यह कह रहा था कि आप आध्यात्मिक उन्नति के लिए पूजा करते हैं, तो आपको मुबारक, आप उपवास रखते हैं, बहुत अच्छी बात, आप यहाँ अनुष्ठान करते हैं, इससे अच्छी बात क्या हो सकती है?...? लेकिन इसके साथ-साथ यह मत भूलिए कि इनके जो मुनासिब लाभ हैं, वह आपको उस समय तक नहीं मिल सकेंगे जब तक ...
- मैं कहता हूँ अपना वर्तमान जीवन, वर्तमान व्यक्तित्व क्या विकसित किया जा सकता है?...? हाँ हो सकता है।...
- ये दृष्टिकोण अगर आपका बदल जाए तब?...? तब फिर मजा आ जाए! तो आपकी बहुत-सी समस्याओं का हल हो जाए। व्यक्तिगत जीवन में जीवन के दृष्टिकोण को बद...
- शक्तिपात क्या होता है?...? कुण्डलिनी क्या होती है? आपको जानकारियाँ बच्चों जैसी हैं। बच्चों की जानकारियाँ बहुत छोटी होती हैं, ब...
- सारा समाज हमारा खानदान ही है और हमारे भीतर वाले?...? चोर? इनका वर्णन करते हुए तुलसीदास ने कहा है कि हमारे मित्र—हमारे सहायक—हमारे सम्बन्धी जो हमारे भीतर...
- ’’ तब से लाखों वर्ष हो गये गंगा को बहुत हुए; पर कभी कुछ कमी पड़ा क्या?...? कभी कोई कमी नहीं पड़ी। यही तरीके हैं देवताओं के अनुग्रह लेने के। आप भी देवताओं का अनुग्रह प्राप्त कर...