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ध्यान क्यों करें? कैसे करें?
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ध्यान क्यों करें?
कैसे करें?
ध्यान क्यों करें? कैसे करें?
- परमपूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी
ध्यान क्यों करें?
कैसे करें? -२ (गतांक से आगे)
अखण्ड ज्योति पत्रिका से संकलित पूज्य गुरुदेव के प्रवचन
- बढ़े — मातृवाणी Oct 2002 (099):
ध्यान क्यों करें?
कैसे करें? Nov 2002 (100): आत्मा की भूख : उपासना — मातृवाणी
अखण्ड ज्योति पत्रिका से संकलित पूज्य गुरुदेव के प्रवचन
- और आगे बढ़े — मातृवाणी Oct 2002 (099):
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कैसे करें? Nov 2002 (100): आत्मा की भूख : उपासना
अखण्ड ज्योति पत्रिका से संकलित पूज्य गुरुदेव के प्रवचन
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कैसे करें? Nov 2002 (100): आत्मा की भूख :
अखण्ड ज्योति पत्रिका से संकलित पूज्य गुरुदेव के प्रवचन
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ध्यान क्यों करें?
कैसे करें? Nov 2002 (100): आत्मा की भूख
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - कि यह तथाकथित प्रगति, अपने साथ दुर्गति के असंख्यों बवण्डर
क्यों
और कैसे घसीटती, बटोरती चली जा रही है? मनुष्य जाति
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - जैसे दोष, व्यवहार तथा चिन्तन को धुआँधार विकृतियों से भरते
क्यों
चले जा रहे हैं? निकट भविष्य के सम्बन्ध में मूर्द्धन्य
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - आश्चर्य इस बात का है कि आखिर यह सब हो
क्यों
रहा है एवं कैसे हो रहा है? इसे कौन करा
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - और गहराई तक समाविष्ट किया जाए। यहाँ यह बात भी
ध्यान
रखने योग्य है कि मन:क्षेत्र एवं बुद्धि संस्थान भी स्वतन्त्र
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - प्रातः
ध्यान
में - सविता देवता— दिव्य प्रेरणा स्रोत, दिव्य चेतना स्रोत