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- अँग्रेजों ने कहा आपके पास क्या है?... बन्दूक है? जो हम डर के मारे हिन्दुस्तान छोड़ें। गाँधी जी ने जनता से कहा—‘डू ऑर डाई’। सन् 1942 के आन्द...
- अकेले कलेवर में ताकत है?... अकेले कलेवर में, हम जब मरें तो उसको आप उठा ले जाना। गुरु जी! व्याख्यान कहिए—आप कहना उस कलेवर से। यही...
- अकल अगर पैनी न होती तो?... जन्म से ही पागल होता तब? क्या वह मशक्कत या पुरुषार्थ से पास हो सकता था? कदापि नहीं। चाहे वह कितना भी...
- अकलवालों का तो कहना ही क्या है?... सारे अकलवाले जेलखाने में रहते हैं। डकैती, चोरी, जालसाजी, स्मगलिंग आदि सभी में यह माहिर होते हैं। अक...
- अक्षत से क्या मतलब है आपका?... आप पसीना बहाते हैं, समय देते हैं, श्रम करते हैं, संसार में श्रेष्ठ वृत्तियों के सम्वर्द्धन के लिए। नह...
- अगर आप उदार हैं, तो भगवान का दरवाजा आपके लिए उदारतापूर्वक खुला हुआ है और अगर आपने अपना दरवाजा बन्द करके रख लिया है तब?... तब भगवान का दरवाजा भी आपके लिये बन्द हो जाएगा। सन्तों में से प्रत्येक को, भक्तों में से प्रत्येक को ...
- अगर आप किसी दिन एक पाव दूध पियेंगे, दूसरे दिन आधा किलो, तीसरे दिन दो किलो, तो इससे क्या होगा?... आपका पेट गड़बड़ हो जाएगा। इसलिए निश्चित संख्या माला की भी बनाई गई है। इसका मतलब कम से भगवान नाखुश होते...
- अगर आप न निकाले तब?... न छोड़ें तब? जो कुछ भी पल्ले पड़ा है, उसको कृपण के तरीके से, कंजूस के तरीके से दाब के बैठ जाएँ, अपने ह...
- अगर आप यह करने को तैयार हो जाएँगे, फिर देखिये क्या-क्या होता है, कितना मजा आता है?... पहले भगवान की मर्जी तो पूरी कीजिए, फिर देखिए कुछ मिलता है कि नहीं आपको।अभी मैंने सुदामा के बारे में ...
- अगर आपके बच्चे के बाल बड़े हो गये हों—मुण्डन कराना हो, तो आप कहाँ कराएँगे?... कुलदेवी पर कराएँगे। कुलदेवी कहाँ रहती हैं? कुलदेवी वहाँ रहती हैं जैसलमेर में। अच्छा, तो वहीं जाना पड़...
- अगर उसे हम एकत्र कर लें तब ऐसा योग बन जाता है कि हम क्या बतलाएँ?... बन्दूक की नली में फैली हुई बारूद जमा कर लें तो गोली बन जाएगी और कमाल कर दिखाएगी। यह है एकाग्रता। जिस...
- अगर ऐसा न होता तो न जाने अब तक हमारा क्या हो गया होता?... समय-समय पर जो रास्ते उसने बताए हैं, ऐसे शानदार रास्ते बताए हैं कि उन पर हम चलते गए और वह हमारे ऊपर फ...
- अगर कोई देहात में पैदा हुआ होता, खानदान वाले शिक्षा का महत्त्व नहीं जानते; वहाँ स्कूल आदि न होता, तो आदमी कैसे पढ़ सकता था?... अकल अगर पैनी न होती तो? जन्म से ही पागल होता तब? क्या वह मशक्कत या पुरुषार्थ से पास हो सकता था? कदा...
- अगर खाबिंद एक होता तब?... तो हमारी टी.बी. की बीमारी में और मुसीबत के समय में आता, कहता—ये हमारी बीबी है और हमारी धर्मपत्नी है ...
- अगर दुनिया का यही सिद्धान्त रहा कि जो कोई भी बाँस पर चढ़ जाएगा, तो वह सिद्धपुरुष हो जाएगा, तो उस परिस्थिति में सन्तों का, महात्माओं का, त्यागी पुरुषों का क्या होगा?... उस समय ज्ञानी का, विद्वानों का, बड़ा आदमियों का दुनिया में पता नहीं चलेगा। उस जमाने में नट जैसा आदमी,...
- अगर दोनों के दर्शन होंगे, तो हम राम के साथ में किस तरीके से बेईमानी करेंगे?... चालाकी कैसे करेंगे? मक्कारी कैसे करेंगे? चीट कैसे करेंगे? धोखा कैसे करेंगे? आपके साथ में बुरा व्यवहा...
- अगर पेड़ ने फल देना बन्द कर दिया होता तब?... तब फिर नये फल नहीं आते। बीज गलता है, गलने के बाद में फलता है। अगर बीज गलना बन्द कर दे तब? तब फिर फले...
- अगर बीज गलना बन्द कर दे तब?... तब फिर फलेगा नहीं; जितना है, उतना ही रह जाएगा। उन्नति के लिए, विकास करने के लिए और अपने आपको महत्त्व...
- अगर भगवान की एक किरण हमारे पास आ जाती, तो हमारे चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती; हमारे चेहरे पर सन्तोष आ जाता; हमारे चेहरे पर आनन्द दिखायी पड़ता; पर हमने जाना ही नहीं आनन्द किसे कहते हैं; जाना ही नहीं सन्तोष किसे कहते हैं; जाना ही शान्ति किसे कहते हैं; जानता ही नहीं हर्षोल्लास किसे कहते हैं?... हमने कभी नहीं जाना ऐसी खीज में और जलन मेंं हम जलते-जलते इतने बड़े हो गए और अब मोमबत्ती के तरीके से सा...
- अगर भेड़ देना बन्द कर दें तब?... भेड़ की ऊन कटना बन्द हो जाए तब? तब फिर जितनी ऊन भेड़ जन्म के समय पर लाई थी, बस उतनी रहेगी। भगवान् देगा...
- अगर मनुष्य को प्रारम्भ का, अन्त का, बीच का बारी-बारी से सिखा दिया जाए, तो बात बनने वाली कदापि नहीं है?... हम सबको उसी तरह सिखाया गया। हमें केवल पूजा-विधि बतलाई गई। इसके अन्तर्गत यह कहा गया कि अमुक पूजा कर ल...
- अगर यह ख्याल बना रहे कि आज हम जिन्दा हैं, पर कल हमें मरना ही पड़ेगा; आज मरे हैं, पर कल जिन्दा रहना ही पड़ेगा तो यह स्मृति सदा बनी रहती कि हमको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?... हमारे लिए मरघट और घर दोनों एक ही होने चाहिए। समझना चाहिए कि आज का घर कल मरघट होने वाला है और आज का म...
- अगर वहाँ लड़ाई नहीं लड़ी गयी होती तब?... तब कर्ण, दुर्योधन, दुःशासन और शिशुपाल मिल करके जाने कैसा हाहाकार कर देते और लपक करके आदमियों को तहस-...
- अगर हम उस ताकत को किसी अच्छे काम में लगावें, तो न जाने क्या-क्या कर सकते हैं?... अगर इसे सन्तुलित ढंग से प्रयोग करें, तो हम लव-कुश की तरह सन्तान पैदा कर सकते हैं। अपने आप में यह चक्र ...
- अगर हम राम जप को जानते होंगे, तो हमारा जीवन किस तरह का होगा?... प्रत्येक कन्या के प्रति, प्रत्येक लड़की के प्रति हमारी आत्मा में हमारी आँखों में सिया की वृत्ति होगी।...
- अगर हमारा अटूट और अगाध विश्वास नहीं है और हम ख्वाब देखते रहें कि हमारे पास शंकरजी आने वाले हैं और शिवरात्रि को आने वाले हैं और हनुमानजी पूर्णमासी को आने वाले हैं और लक्ष्मीजी दिवाली को आने वाली हैं और श्रीकृष्णजी जन्माष्टमी को आने वाले हैं और रामचन्द्रजी रामनवमी को आयेंगे कि नहीं?... हमें मालूम नहीं, आयेंगे कि नहीं आयेंगे? हम इंतजार नहीं करते, लक्ष्मीजी कब आयेंगी, हमें नहीं मालूम।मि...
- अगले दिन हम वो बताएँगे कि कारण-शरीर में विद्यमान ऋद्धि-सिद्धियों का जखीरा किस तरीके से प्राप्त कर सकते है?... यह तीनों अनुदान आपके लिए बिल्कुल सुरक्षित हैं, शानदार हैं। ऐसे अनुदान हैं, जो आज की स्थिति की तुलना ...
- अग्निकाण्ड हो जाए, छप्पर जलने लगे किसी का तब?... तब आप उसको आपत्तिकाल कहेंगे। अपना जो व्यक्तिगत काम है, उसको ऐसे समय बन्द कर दीजिये। अग्नि को बुझाने ...
- अच्छा अच्छा तो तेरी छोटी मामी ने क्या खिलाया?... छोटी मामी ने साहब, अच्छा खिला दिया। ठीक है। उसने सोचा—ये तो ऐसे ही टाल रहा हूँ, दूसरे मामा के यहाँ च...
- अच्छा आध्यात्मिक दृष्टि से रुका हुआ पड़ा था, तो ऋषियों की आध्यात्मिक तरक्की कैसे हो गई?... ऋषियों के पास तो मकान भी नहीं थे, घर भी नहीं थे, व्यापार भी नहीं थे, नौकरी भी नहीं थी, साधन भी नहीं ...
- अच्छा क्या-क्या खिलाया बता?... बड़े मामा ने क्या खिलाया? बड़ी मामी ने क्या खिलाया? अजी, सब खिला दिया। चल अच्छा रहा। उसके पेट में कूद ...
- अच्छा बताइए, आपकी नाक कैसी?... भवें कैसी हैं? पलकें कैसी हैं? जब आपको बाहर की चीजें ही नहीं दीखतीं, केवल इधर-उधर की चीजें ही दिखाई ...
- अच्छा बताइये, हनुमानजी ने क्या साधना की?... हनुमान जी ने अनुष्ठान किये थे? जप किये थे? तप किये थे? ध्यान-धारणा की थी? सुग्रीव जी ले आये थे, कुछ ...
- अच्छा ये कौन-सा है?... ख। ये कौन-सा है? ङ। ये कौन-सा है? क। ये कौन-सा है? घ। पास हो गई, जाओ। अच्छा, सवा रुपया निकाल ले। सवा...
- अच्छा होता है?... अरे साहब! सुरा पीना बहुत खराब होता है। सुरा बहुत वाहियात होती है। सुरा बहुत बीमारी पैदा करती है। जब ...
- अच्छा, आप सारा काम इसी से करते हैं?... हाँ, भजन हमने इसी से किया है, अनुष्ठान इसी से किया है, जप-तप हमने इसी से किए हैं। आपके सामने व्याख्य...
- अच्छा, तो कितने आदमी जाओगे?... अरे! वो लड़का जाएगा, लड़के की माँ तो जाएगी ही, लड़के का बाप जाएगा और लड़के का भाई तो जाएगा ही। तो हजार र...
- अच्छा, तो कितने में करेगी?... बारह आने में? अच्छा साहब! तो बारह आने में तय हो गया। ९ के बारह आने के हिसाब से पैसे दिये और खूँटी पर...
- अच्छा, तो वहीं जाना पड़ेगा?... हाँ-हाँ, कलकत्ते के मारवाड़ी हैं और मुण्डन कराने कहाँ जाएँगे? हम मुण्डन कराने जाएँगे जैसलमेर। कितना क...
- अच्छा, तो हम आपके कलेवर से काम चला लें?... नहीं, केवल कलेवर से काम नहीं चलेगा। हमारे भीतर एक और चीज काम करती है, जो जीवन्त है, जीवन्त; जो दिखाई...
- अच्छा, देवता को पकड़ने का तरीका क्या है?... देवता को पकड़ने का तरीका बहुत सरल है और सबका कठिन है। क्यों साहब! हम तुमको पकड़ना चाहें तब? क्या पकड़ना...
- अच्छा, पैसे की वजह से कौन-कौन काम रुका हुआ पड़ा है आध्यात्मिक दृष्टि से?... अच्छा आध्यात्मिक दृष्टि से रुका हुआ पड़ा था, तो ऋषियों की आध्यात्मिक तरक्की कैसे हो गई? ऋषियों के पास...
- अथवा उसका नाम?... उसका नाम ‘दैत्य’ है।देव और दैत्य—दो थे प्राचीनकाल में और आज भी हैं। आकृति का फर्क और प्रकृति का फर्क...
- अनुदान किसे कहते हैं?... मित्रो! आदमी का भाग्य एवं आदमी की मेहनत के अलावा जो चीज मिल जाती है, उसका नाम है—‘अनुदान’। अगर आदमी ...
- अनुदान क्या है?... यह महत्त्वपूर्ण चीज है। काँग्रेस के अन्दर जवाहर लाल नेहरू को एक ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता थी, जो कर्तव...
- अनुदान वह पुरुषार्थी थे?... योग्यता थी? कुछ भी नहीं था; परन्तु अनुदान के जरिये महान हो गए।यह ऐय्याशी के लिए, मौज-मस्ती के लिए नह...
- अनेक तरह के देवी-देवता हो सकते हैं?... नहीं अनेक तरह के नहीं हो सकते। एक देवता हो सकता है और एक देवी हो सकती है। ‘‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्...
- अन्नमय कोश क्या है?... नाभि के स्थान पर एक ऐसा जखीरा होता है, जिसके द्वारा पूरी बाडी यानि शरीर को कण्ट्रोल कर सकते हैं। हम ...
- अपना फायदा, नुकसान, जवानी, खाना-पीना सब कुछ याद है, पर मौत जरा भी याद नहीं है?... मौत की बात भी अगर याद रही होती तो हमारे काम करने और सोचने के तरीके कुछ अलग तरह के रहे होते। वे ऐसे न...
- अपनी मर्जी****अपनी मर्जी****अपनी मर्जी****कहाँ तक करेंगे?... हमको ये साधना बताइये? हमको ये बीजमंत्र बताइये? मत पूछिये। हमने ऐसा नहीं पूछा है। साधनाओं के बारे में...
- अपने आप आये थे?... नहीं, अपने आप तो रीछ-बन्दर भी नहीं आये थे; अपने आप तो नल-नील भी नहीं आये थे।...
- अपने आप को साध लेने के माने क्या है?... इसका माने यह है कि अपनी पात्रता को इस लायक बना लेना कि कोई हमको देने के योग्य समझे और हमको दे। पात्र...
- अपने घर पर लगा रखा है और अपमान करते हैं?... तिरस्कार करते हैं? पुलिस पकड़कर ले जाएगी, जेल में डाल देगी। नहीं साहब! हम जलाएँगे जलाकर दिखाइये जरा! ...
- अपने जीवन को भी ठीक कैसे बनाएँगे?... आप इस तरीके से योजनाएँ बनाने में, विचार करने में, विचारों को लगने दीजिए—जब खाली समय हो तब और जब खाली...
- अपने हाथ-पैर को जख्मी कौन करेगा?... सब वापस आ गये। उन्होंने कहा कि इस राजा को शिष्य बना पाना सम्भव नहीं। तभी भगवान बुद्ध का एक शिष्य आया...
- अफ्रीका में निवास करने वाले सबके सब काले रंग के हैं और काला रंग कोई खराब होता है क्या?... काला रंग राक्षसों की निशानी है? नहीं, काला रंग राक्षसों की निशानी नहीं है। केनिया के प्रेसीडेन्ट ने ...
- अब और कुछ बताओ?... तुम्हारा दिवाला निकल गया। पढ़ाई खत्म? अभी और है पढ़ाई हमारे पास। क्या पढ़ाई है? हमारे पास है—गिनती। गिन...
- अब करना आपका काम है कि इन बताई हुई बातों को किस हद तक कार्य में लें और और कहाँ तक चलें?... बस ये ही मोटी-मोटी बातें थीं जो मैंने आपसे कहीं। बस मेरा मन हल्का हो गया। अब आप इन्हें सोचना। मालूम ...
- अब क्या कर रहे हो?... अब तो हम याद कर रहे है। कैसे याद करते हो दिखाना हमको। ऐसे याद करते हैं कि उसी को फिर फेर रहे हैं, फि...
- अब क्या करें?... अब अगली कक्षा की तैयारी यह सब शिक्षण है, बाबा शिक्षण! शिक्षण है जादूगरी नहीं है, ये बाजीगरी नहीं है।...
- अब क्या हो रहा है?... अब तो तैयारी कर रहे हैं। कैसी तैयारी कर रहे हो, जरा दिखाना हमको। ऐसी तैयारी कर रहे हैं कि जो पढ़ा है,...
- अब क्या होगा?... पढ़ाई की छुट्टी हो गई। अब क्या हो रहा है? अब तो तैयारी कर रहे हैं। कैसी तैयारी कर रहे हो, जरा दिखाना ...
- अब जिन्दा है?... बेटे! अब तो मर गई। अब कहाँ है! मर गई वो काली। स्वामी विवेकानन्द को बहुत कमाल दिखाया था! विवेकानन्द क...
- अब रह गए ठाकुर और कौन रह गए?... पण्डित! पण्डित से उन्होंने कहा—पण्डितजी! तुम तो हमारे गुरु हो और तुमसे तो कुछ कहेंगे नहीं। आप तो देव...
- अभी और आपका बचा हुआ समय है, उसके बारे में बताइए?... जब तक हमारा शरीर है, तब तक व्यक्ति के ही नहीं, समाज के निमित्त हमारा रोम-रोम लगेगा—यह हमारा संकल्प ह...
- अभी और जरूरत है?... हाँ बेटे! अभी और जरूरत पड़ गई। क्या जरूरत पड़ गई? ये जरूरत पड़ गई कि भगवान के कामों के लिए अर्थात लोकहि...
- अभी तक हमारी समझ में नहीं आया कि वो भगवान् थे, तो उन्होंने बालि को छिपकर क्यों मारा?... अभी तक हमारे दिमाग की समझ में नहीं आया और अभी तक हमारी अकल ने मंजूर नहीं किया है कि रामचन्द्रजी का ...
- अभी हम किसकी शरण में रह रहे हैं?... अपने देवत्व की शरण में नहीं, अनाचार की शरण में, वासनाओं की शरण में, तृष्णाओं की शरण में, अहंकार की श...
- अमुक बात सिखायी गयी थी, इसके मुकाबले में ये क्या?... तीन बार आचमन कर लो, तीन बार क्या मैं तीन गिलास पानी पी जाऊँ, तीन बार से क्या होगा? मैंने कहा—वाह! ये...
- अरे कहाँ जा रहा है?... अरे महाराज जी! आपका वो चन्द्रमा पीछे पड़ गया और वो जोगिनी दिखायी पड़ रही है और वो दिशाशूल बैठा हुआ है ...
- अरे पत्थर है?... नहीं साहब! ये वो है संगेअसवद। संगेअसवद क्या होता है? पत्थर है। साहब तराशा हुआ पत्थर है। नहीं साहब! य...
- अर्जुन ने कौन-सा बड़ा काम किया?... भीम ने किसका क्या किया? नकुल-सहदेव किस काम में लगे रहे? सबने मिल-जुल कर के सिर्फ एक ही काम किया—भगवा...
- अर्थ का चिन्तन कितने धीमे से होता है?... जप के साथ चिन्तन नहीं हो सकता। गलत कहा है—गलत या तो गलत लिखा है या आपने गलत समझा है। गलत क्या बात है?...
- अलंकारों को समझता नहीं है?... शिक्षण को समझता नहीं है? भावना को समझता नहीं है? प्रेरणा को समझता नहीं है? हिसाब को समझता नहीं है? ब...
- अलग-अलग दो आदमी रहेंगे, तो जैसे धागे अलग बँटे हुए हैं, वो रस्सा कैसे बन सकता है?... हम कभी संगठित नहीं हुए। संगठित होते हैं, तो बस राक्षसी परिवार। उनका संगठन तैयार होता है और वो धावा ब...
- अलादीन का चिराग आपके पास भी है?... मेरे पास भी है। अलादीन का चिराग हमारे घर में, जिसको हमने पचपन साल से प्राणों की बाती की तरह रखा है। ...
- अवतार क्यों ले लिया?... हमारी समझ में जरा भी आपका ये कहना नहीं आया। आपने ऐसा क्यों किया? और आपको क्या जरूरत पड़ गयी जो इतनी स...
- असल में इसको आप साइकलॉजी (मनोविज्ञान) के हिसाब से मेटाफिजिक्स (अध्यात्म विज्ञान) के हिसाब से और न्यूरोलॉजी (स्नायु विज्ञान) के हिसाब से अगर समझने की कोशिश करें तो समझ सकते हैं कि जप के द्वारा क्या फायदा होता है?... ये हमारी चेतना जो है, उसके चार भाग हैं। जो हम पढ़ते हैं, जानते हैं, सीखते हैं, उसके लिए क्या करना होत...
- असल में से क्या है?... ये अलंकार है। ये सारे-के अलंकार हैं और इन अलंकारों के पीछे शिक्षा भरी हुई पड़ी है और देवताओं में चरित...
- असली भगवान जो मैं देखना चाहता था वो कौन-सा था?... वो अर्जुन को दिखाया गया था। अर्जुन को इस मायने में दिखाया गया था कि सारे-का विश्व-ब्रह्माण्ड देख अर्...
- अहसान हुआ न?... बाप का अहसान न हो तब? कपड़ा बाप नहीं पहनाये तब? स्कूल के लिए फीस न दे तब? तब बताइये बच्चा कैसे आगे बढ़...
- आँखें कैसी चमकती हैं?... ऐसे-ऐसे चमकती हैं! और वो झाड़ी हमको ऐसी मालूम पड़ती है कि जैसे हमको खा जायेगी और जिन्दा छोड़ने वाली नही...
- आँखों से अन्धा है?... गूँगा है? लूला है? लँगड़ा है? क्या बात है? अपाहिज है? अपंग है? तो आप बच्चे को देंगे? नहीं, हमने अपनी ...
- आकृतियाँ बदल सकती हैं?... आकृतियाँ तो भगवान् ने जैसी बना दी हैं, माँ के पेट में से जिस दिन से आदमी बना है, बनावट तो वैसी ही रह...
- आखिर किस्सा क्या है?... और उसने कहा—मैं तो सिखाऊँगा ही, मैं तो सिखाऊँगा, सिखाने आया हूँ। रानी मक्खी के पास मक्खियाँ गयीं।वो ...
- आग को तो देख सकते हैं पर गर्मी को कैसे देखेंगे?... हवा को कैसे देखेंगे? भगवान को देखा नहीं जा सकता, अनुभव किया जा सकता है। बस! तू भगवान के खेत में बोना...
- आग में क्या कमाल है?... रेलगाड़ी में, इंजन में जलता है कि नहीं जलता। हाँ साहबा! जलता रहता है। लोहा गलाने की भट्टियों में जलती...
- आज का समय आप देखते हैं?... सन्धि का समय है। एक ओर कौरवों की सेना खड़ी हुई है एक ओर पाण्डवों की सेना खड़ी हुई है। एक ओर विनाश मुँह...
- आज के लेखे-जोखे में हमारा बैलेन्स देने वालों के पक्ष में चला जाता है, तो हम ‘देव’ और हमारा बैलेन्स लेने वालों के पक्ष में चला जाता है, तो हम ‘लेव’ लेव का अर्थ?... अथवा उसका नाम? उसका नाम ‘दैत्य’ है।देव और दैत्य—दो थे प्राचीनकाल में और आज भी हैं। आकृति का फर्क और ...
- आज हमारे पास कुछ नहीं—यह कैसी विडम्बना है?... हे भगवान! हम क्या करें? आप बतलाएँ। उसने सोचा कि हमारे दो दाँतों में सोने की कीलें लगी हुई हैं। उसने ...
- आत्मा को क्या खिलाएँगे?... आत्मा को रोटी थोड़े ही खिला सकते हैं आप? तब आत्मा को, अन्तःकरण को, जिसके आधार पर हम खुराक देते हैं, स...
- आत्मा को रोटी थोड़े ही खिला सकते हैं आप?... तब आत्मा को, अन्तःकरण को, जिसके आधार पर हम खुराक देते हैं, साधन देते हैं, असल में उसी के आधार पर कल्...
- आदमी का विश्वास कितना जबरदस्त है?... आदमी का विश्वास कितना बड़ा है? न जाने क्या-से बना देता है? वो काली को इस बात के लिए मजबूर कर देता है ...
- आदमी का विश्वास कितना बड़ा है?... न जाने क्या-से बना देता है? वो काली को इस बात के लिए मजबूर कर देता है कि उसको रोटी खानी ही चाहिए। रा...
- आदमी का विश्वास खाता था और मीरा के साथ नाचता कौन था?... कृष्ण? कृष्ण नहीं, श्रीकृष्ण को मरे हुए तो पाँच हजार वर्ष हो गये। मरा हुआ आदमी क्या नाच सकता है? तो ...
- आदमी का व्यक्तित्व न हो, तो कैसे काम चलेगा?... बच्चा जो गन्दा होता है, उसे कोई गोदी में लेना नहीं चाहता है। अच्छा सुन्दर बच्चा सब कोई ले लेता है। उस...
- आदमी के लिए काम न जाने कितना है?... परन्तु उनका वजन, व्यक्तित्व है या नहीं—यह लोग देखते हैं। लालबहादुर शास्त्री के अन्दर ये चीजें थीं; व...
- आदमी को कितना चाहिए?... आदमी को जरा-सा चाहिए। भगवान ने उसे इस लायक बनाया है जितना कि जितना कि ढेरों-के ढेरों कमा सकता है, सो...
- आध्यात्मिक जीवन के रहस्य हैं और क्या हैं?... नहीं, मैं तो जैसा हूँ वैसा ही रहूँगा। क्यों? वैसा क्यों रहेंगे? नहीं महाराज जी! भगवान पापियों का भी ...
- आध्यात्मिकता का एक महत्त्वपूर्ण पहलू ये है कि हम जिन्दगी किस तरीके से जिएँ?... और एक महत्त्वपूर्ण हमारी जिन्दगी का ये है कि हम शानदार मौत कैसे मरें? हमारी शानदार मौत कैसे होनी चाह...
- आप अपना नाम तो बताइए?... आप कौन हैं, जो आपको ये जुर्रत और ये हिम्मत होती है कि आप भगवान के ऊपर ये हुक्म चलाएँ कि आप हमारी मनो...
- आप अपनी मर्जी पर भगवान को चलाएँगे?... आपकी मर्जी पर चलेंगे वह? आप कौन हैं? आप अपना नाम तो बताइए? आप कौन हैं, जो आपको ये जुर्रत और ये हिम्म...
- आप अमीर हैं?... अमीर हैं, तो २० गज की चारपाई पर सोकर दिखाइये। अरे महाराज! २० गज की तो हमारे मकान में भी नहीं है। २० ...
- आप इस कार्य में कैसे चले गए?... मुर्दे को जलाने, दुर्घटना में सहायता करने आप कैसे चले गए? आपको हैजा हो जाता, आपको छूत की बीमारी हो ज...
- आप इस सिद्धान्त को समझते नहीं है?... न समझने की वजह से ही आदमी कंजूस बनता जाता है, कृपण बनता जाता है, लोभी बनता जाता है, संकीर्ण बनता जात...
- आप इसकी ताकत नहीं जानते हैं?... समर्थ गुरु रामदास ने शिवाजी को अनुदान देकर महान बना दिया। चन्द्रगुप्त को चाणक्य ने अनुदान देकर महान ...
- आप उन्हें क्या देते हैं?... उन्हें हम आशीर्वाद देते हैं तथा वरदान देते हैं। अनुदान नहीं देते हैं। अनुदान, आशीर्वाद, वरदान—ये अलग...
- आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?... विद्या प्राप्त करना कोई बड़ी बात है क्या? कोई बड़ी बात नहीं। नटवर लाल एक आदमी था। उसने इतना पैसा कमा ल...
- आप ऐसा नहीं कर सकते क्या?... कीजिए। परोपकार के लिए आगे बढ़िये। नकल कीजिए। किसकी? जिससे हजारों का भला होता हो। एक आदमी के दुःख को आ...
- आप कब तक भिखारी रहेंगे?... आप कब तक माँगते रहेंगे? हम पर भगवान् दया कीजिए, दया मत कीजिए! आपके भीतर वो सब कुछ है। कौन-सा वाला? ज...
- आप कब तक माँगते रहेंगे?... हम पर भगवान् दया कीजिए, दया मत कीजिए! आपके भीतर वो सब कुछ है। कौन-सा वाला? जो आपके लिए आवश्यक है। आप...
- आप कहाँ हैं?... अगर आप मिल जाएँ, तो हमारा उद्धार हो जाए और हमारा बेड़ा पार हो जाए। शबरी के तरीके से हमारा उद्धार हो ज...
- आप किसकी बाबत सिखा देते हैं और क्या सिखाते हैं?... देवता हमारे लिए सत्प्रवृत्तियों का नाम है। जब ये विकसित होती हैं, तो कमाल करती हैं। जमीन को फाड़ डालत...
- आप कौन हैं?... आप अपना नाम तो बताइए? आप कौन हैं, जो आपको ये जुर्रत और ये हिम्मत होती है कि आप भगवान के ऊपर ये हुक्म...
- आप कौन-सी पार्टी के है?... पहले आप पार्टी बताइये, तब बात करेंगे आपसे? हम तो साहब गाय-बच्चा वाला पार्टी के हैं। बस, बस हो गया। य...
- आप कौन-सी पार्टी से आए हैं?... पहले आप बताइये? हम तो लाल झण्डे वाले हैं। अह....हा....हा....! लाल झण्डे वही तो है, जो गरीब-अमीर सबको...
- आप क्या कह रहे थे?... आप क्या चाहते हैं? वेश्यावृत्ति भी जारी रखी जाए, चोरी भी जारी रखी जाए और काम भी जारी रखी जाएँ, भजन भ...
- आप क्या कहना चाहते हैं?... मैं यह कहना चाहूँगा, कहना चाहता हूँ कि जो भी कर्मकाण्ड हैं, जो आपने सीखे हैं, जो हमने सिखाए हैं, अभी...
- आप क्या कहें?... गायत्री माता को क्या कहूँ बेटे! इसको माँ कहना। माँ से क्या मतलब है? माँ से ये मतलब है कि ये पूज्य और...
- आप क्या चाहते हैं?... वेश्यावृत्ति भी जारी रखी जाए, चोरी भी जारी रखी जाए और काम भी जारी रखी जाएँ, भजन भी जारी रखा जाए? जार...
- आप क्या फायदा उठा सकते हैं, बताइये जरा?... नहीं साहब! हमको पैसा मिल जाएगा, तो बहुत फायदा होगा। अच्छा पैसा हम दिलाते हैं, पर आप उसे इस्तेमाल करक...
- आप क्या बात करते हैं?... आप हमारी चिट्ठियों को देख लेना, कितनी आती हैं। हमने ईमानदारी के साथ लोगों के कष्टों को दूर कि या है।...
- आप क्यों नहीं हुए?... बात यह है कि हमारा अभी पैक बन्द किया हुआ रखा है; कार्क लगा हुआ है; कार्क खोला नहीं है। कार्क नहीं खो...
- आप क्यों योग्यता सम्पादन करने लगे?... आप ये सब तो भगवान से करा दीजिए। खाना चबाने के लिए भगवान जी से कहिये—आप खाना चबाकर के हमारे मुँह में ...
- आप गुरु का मंत्र कहेंगे तो आप विश्वास बढ़ा देंगे, इसलिए कान में कहते हैं?... राम नाम कहते हैं। राम नाम से पार निकल जाते हैं। एक मौलवी साहब थे। कहीं और रहते थे। मुसलमानों ने कहा—...
- आप घाटे में नहीं रहे?... नहीं, हमने अपना पुण्य-तप लोगों को बाँटते रहे हैं। किसी तरह यह घाटे का सौदा नहीं है।हम तो हमेशा यह बा...
- आप घाटे में रहते होंगे?... आप क्या बात करते हैं? आप हमारी चिट्ठियों को देख लेना, कितनी आती हैं। हमने ईमानदारी के साथ लोगों के क...
- आप जानते नहीं?... विवेकानन्द के मरने के बाद भी ऐसा स्मारक लोगों ने कन्याकुमारी में बनाया। रॉक मेमोरियल। कभी आप देखें, ...
- आप तो कर्मकाण्ड करते रहते हैं और ये विचार तक नहीं करते कि क्यों करते रहते हैं?... वेदान्त का, फिलॉसफी का पहला वाला सूत्र है, क्या सूत्र है? ब्रह्म-जिज्ञासा। पहला काम ये है कि आप जानि...
- आप तो प्रतीकों के पीछे पागल हो गए हैं और आप तो कर्मकाण्ड को न जाने क्या समझ बैठे हैं?... और श्रद्धा जो प्राण थी, उसको आपने ध्यान भी नहीं दिया; उसको आप समझना भी नहीं चाहते; उसको आप सुनना भी ...
- आप तो समझते ही नहीं हैं, मैं क्या करूँ?... आपके लिए? पूजा तक सीमित रहते हैं और पूजा को अभी तक समझ नहीं पाये, जिसका अर्थ होता है—शिक्षण; मस्तिष्...
- आप त्याग नहीं करेंगे, बीज के तरीके से गलेंगे नहीं, तब तक कैसे पा सकते हैं?... त्याग करने के लिए जप करना जरूरी तो है; पर काफी नहीं है। उपासना करना, धूपबत्ती जला देना, आरती उतार दे...
- आप नहीं कमा सकते?... अच्छा, हमसे उधार ले जाइये। हम आपको उधार दे सकते हैं, कर्ज दे सकते हैं। फोकट में नहीं बेटे! फोकट नाम ...
- आप नहीं थे क्या?... कौम से तो ब्राह्मण थे; एक सनाढ्य ब्राह्मण के घर में जन्म हुआ है हमारा; पर कोई भी आदमी जन्म से ब्राह्...
- आप निकाल सकते हैं?... कैसे निकाली ब्रह्माजी ने? निकालने का तरीका तो हमको मालूम नहीं है, आपके पास कोई तरीका हो तो बताइये? ज...
- आप बार-बार उसके यहाँ चक्कर काटते-फिरते हैं और वो भूत और प्रेत वहाँ बैठा हुआ था, बेचारा बीमार पड़ा हुआ था, जो दुःखी पड़ा हुआ था, पिछड़ा हुआ पड़ा था, जाल में पड़ा हुआ था, आप उसके यहाँ क्यों नहीं गये?... शंकर भगवान की निशानी और शंकर भगवान के चिन्ह हमको ये बताते हैं कि भूत और प्रेत हमारे मित्र होने चाहिए...
- आप भगवान को क्यों मर्जी पर चलाएँगे?... भगवान आपकी मर्जी पर क्यों चलने लगे? भगवान के भी कुछ नीति और नियम हैं, कुछ मर्यादा और कायदे हैं।...
- आप भगवान से?... भगवान ने आपको दिया क्या नहीं है? भगवान् ने आपको हर चीज दी हुई है। आपने देखा नहीं है? मालूम नहीं किया...
- आप भी इसी तरीके से करेंगे?... अपनी मर्जी****अपनी मर्जी****अपनी मर्जी****कहाँ तक करेंगे? हमको ये साधना बताइये? हमको ये बीजमंत्र बता...
- आप भी वोट माँगने आए हैं?... हाँ, साहब! वोट माँगने तो हम भी आए हैं। कौन-सी पार्टी से आए हैं? हम तो दीपक वाली पार्टी से आए हैं। बस...
- आप मिट्टी से कितनी बार माँजते हैं हाथ?... देखिये, हम पाखाना हो करके आए हैं, टट्टी होकर के आए हैं। तो क्या कर रहे हैं? माँज रहे हैं। अरे! तो एक...
- आप में से हर आदमी में कबीर के बराबर, रैदास के बराबर, विवेकानन्द के बराबर योग्यता है; पर हम क्या करें?... ये घटियापन तो चैन नहीं लेने देता। खा गया ये घटियापन, आपके पैसे को, आपकी अकल को, आपके श्रम को, हर ची...
- आप ये दावा कर सकते हैं?... हम भी दावा करेंगे। आप जाइए गंगाजी में से पार निकल जाइये और ये मंत्र बोलते जाइए। आप भी पार हो जाएँगे ...
- आप राम हैं—हम कैसे कर सकते हैं?... हमारी एक आँख में राम बना हुआ है। हम प्रत्येक मनुष्य को राम मानते हैं। ऐसी हालत में हम आपके साथ अनीति...
- आप रोज जप क्यों कराते हैं?... बेटे! इसलिए जप कराते हैं कि कोई चीज हमारी खो गई है और हम तलाश करते हैं कि हे भगवान! वह चीज हमारी कहा...
- आप वासना के सुराख, तृष्णा के सुराख, अहंता के सुराख, इसी प्रकार सवारी करेंगे, तो यह नाव डूबेगी कि नहीं, बताइये आप?... यही है भवसागर, जिसमें हम कहते हैं—हे भगवान! भवसागर से निकालिये। हमको बन्धन से मुक्त करिये। मुक्तियाँ...
- आप व्यापार करने जा रहे हैं?... आप व्यापार मत करना, घाटा पड़ जाएगा। क्यों? वो शनिश्चर बैठा हुआ है। कहाँ बैठा हुआ है? वो कमरे में। कौन...
- आप समझते क्यों नहीं है?... मीरा ने यही कर लिया और किस-किस ने किया? बेटे! अब कहाँ तक नाम गिनाऊँगा आपको। किस-किस के नाम गिनाऊँगा?...
- आप समर्पित हो जाइए, शरणागति में आइए, विराजिए, विसर्जन कीजिए, फिर देखिए आप क्या पाते हैं?... आप त्याग नहीं करेंगे, बीज के तरीके से गलेंगे नहीं, तब तक कैसे पा सकते हैं? त्याग करने के लिए जप करना...
- आपका अहंकार क्या करता है?... वो अहंकार ये करता है कि आदमी को संगठित नहीं होने देता। हर आदमी में संगठित होने की शक्ति है। स्वतंत्र...
- आपका उद्देश्य क्या है?... आपका उद्देश्य यह है कि हम भगवान जी का नाम लें, तो क्या हो जाएगा? भगवान जी समझेंगे कि हमारी बड़ी प्रशं...
- आपका उद्देश्य यह है कि हम भगवान जी का नाम लें, तो क्या हो जाएगा?... भगवान जी समझेंगे कि हमारी बड़ी प्रशंसा कर रहा है—बड़ी प्रशंसा कर रहा है। भगवान जी प्रसन्न हो जाएँगे। प...
- आपका कैसा भजन और कैसी भक्ति हो सकती है?... बेटे! न ये भजन है, न ये भक्ति है। ये भजन का ढोंग है। और ये भजन की विडम्बना है, जो हमने और आपने पकड़ र...
- आपका क्या ख्याल है?... आपका बहुत छोटा ख्याल है। जैसी आपकी तबियत, वैसा आपका भगवान, वैसा आपका विधान। आपका उद्देश्य क्या है? आ...
- आपका क्यों कारगर हो गया?... पाण्डव पूछने लगे एकलव्य से। उसने कहा—मिट्टी के साथ में हमारी जुड़ गई है श्रद्धा। सुनते हो कि नहीं श्र...
- आपका देवता कौन?... बस वो जो नवरात्रि चल रही है न? सब जगह जाकर के देखिए आप! वहाँ क्या हो रहा है? चण्डी का पाठ हो रहा है?...
- आपका भी बनने का मन है क्या?... तो लीजिए डाकूपन बन्द कीजिए आज से और आज से सन्त की जिन्दगी व्यतीत कीजिए। डाकू था, तब डाकू था; लेकिन ज...
- आपका ये ख्याल है कि लोगों की सांसारिक दिक्कतें और सांसारिक कठिनाइयाँ होने की वजह से आदमी की जीवात्मा की तरक्की में रुकावट होती है?... क्या रुकावट होती है? मुझे बताइये न? पैसे की वजह से रुकावट होती है।...
- आपका है, तो करके दिखाइये?... पुलिस आ जाएगी और आपकी रिपोर्ट कर देंगे। ये हमारा झण्डा है, राष्ट्रीय झण्डा है। अपने घर पर लगा रखा है...
- आपकी इच्छा क्या हैं?... अरे बाबा! एक कोने में रखो आपकी इच्छा क्या है? हम कहते हैं—अपनी इच्छा को एक कोने में रखिये। भगवान की ...
- आपकी खुशामद की वजह से, आपकी मनोकामना पूरी करने के लिए क्या भगवान अपनी नीति को छोड़े देंगे, नियम को छोड़ देंगे, मर्यादा को छोड़ देंगे, कायदे-कानून को छोड़ देंगे?... क्या अपने आप पर पक्षपात का इल्जाम लगवाएँगे, पक्षपाती होने का कलंक लेंगे? नहीं, भगवान ऐसा कर नहीं पाय...
- आपकी दृष्टि से तो नुकसान में रहनी चाहिए; क्योंकि उसने बिना कीमत के अपनी ऊन दे दी; लेकिन भगवान् की तरफ देखा क्या?... भगवान् उसे बराबर नई ऊन देते चले आते हैं। उसको हर साल तीन इंच ऊन मिल जाती है और अगर मान लीजिए भेड़ बार...
- आपकी बीबी ने कहा कि नहीं, हम अपना खाना अलग पकाएँगे, अपना चौका अलग रखेंगे, तो क्या आप देश का इतना सारा समय खराब करेंगे?... नहीं साहब! हमारी बीबी हमारी रोटी बना के खिलाएगी। नहीं, तुम्हारी बीबी तुम्हारी रोटी बना के नहीं खिलाए...
- आपकी मर्जी पर चलेंगे वह?... आप कौन हैं? आप अपना नाम तो बताइए? आप कौन हैं, जो आपको ये जुर्रत और ये हिम्मत होती है कि आप भगवान के ...
- आपकी शाखा बन्द हो जाएगी?... क्यों? क्यों हमारी शाखा बन्द हो जाएगी? गुरुजी! हमारी मौसी को जुकाम हो जाता है। हमारी मौसी को अच्छा क...
- आपकी शादी हो गई है?... हाँ गुरुजी, शादी हो गई है, बहू कितनी पढ़ी-लिखी है? गुरुजी, बी.ए. पास है तो आपने उसे कितने मूल्य में ख...
- आपकी समझ में नहीं आया?... आपकी समझ में नहीं आता फिर उससे आगे बात मत पूछिये। अक्षरों के उच्चारण सिखाइए, फायदा कराइए, बेटे! अक्ष...
- आपके दीपक में कमाल है?... हाँ बेटे! है।अलादीन का चिराग आपने सुना होगा? अलादीन के चिराग में बड़ा कमाल था। क्यों साहब! ये बात सही...
- आपके पास बाल्टी में पानी है और आप पानी नहीं पिलाना चाहते हैं, तो क्या होगा, जानते हैं?... आपसे नेचर नाराज हो जाएगी। आप बाँटने के लिए आगे नहीं आएँगे, तो आप ख्याल रखना, आपके हाथों से सारी शक्त...
- आपके लिए यह सब करेगी?... नहीं, आपके लिए नहीं करेगी। इस समय युगसंधि की वेला में भगवान् इस दुनिया का ढाँचा बदलने वाले हैं। जो ख...
- आपके साथ में बुरा व्यवहार कैसे करेंगे?... आप राम हैं—हम कैसे कर सकते हैं? हमारी एक आँख में राम बना हुआ है। हम प्रत्येक मनुष्य को राम मानते हैं...
- आपके हुक्म पर हम चलेंगे और आप तो जाने क्या कहते हैं?... ये कहते हैं भगवान से कि आप हमारे हुक्म पर चलिए। अपनी वासनाओं के लिए, अपनी तृष्णाओं के लिए, अपने घटिय...
- आपको कैसे समझाऊँ?... आपने उसे क्या मान लिया, मुझे पता नहींं। ऋषि क्या कहना चाहते थे और न जाने आपकी अकल में क्या बवाल आ ग...
- आपको क्या करना है?... आपको उधर ध्यान ही नहीं देना है। आपको नारी के अन्दर जो महान है, बस उसको देखना है। उपासना यहाँ से प्रा...
- आपको जो ग्रहण करना है, आपको जो खाना है, जो उपयोग करना है, जिसका उपभोग करना है, वो क्या होना चाहिए?... वो मोती के तरीके से होना चाहिए। और जो आपको स्वीकार करना है, वो दूध के तरीके से होना चाहिए। सीप हटाइए...
- आपको तो बस माला जपनी आती है और चिमटा बजाना आता है और आपको उपवास करना आता है और कुछ करना नहीं आता?... और कुछ नहीं आता। उन शिक्षाओं को कैसे हम जीवन में धारण करें और उन प्रेरणाओं से हम ओत-प्रोत कैसे हो जा...
- आपको नहाने में कितना पानी चाहिए?... कितना पानी चाहिए बताइए? हमारे नहाने में दो बाल्टी लग जाता है। आपको मालूम है आप कितने में नहाते हैं? ...
- आपको भविष्य की सम्भावना है?... आपकी कोई भी उपासना, चाहे गायत्री मन्त्र हो, चाहे कोई भी हो, मैं तो एक जनरल बात कहता हूँ। गायत्री मन्...
- आपको मालूम है आप कितने में नहाते हैं?... हमारे में तो दो बाल्टी लग जाता है। गुरु जी! आपसे तो बहुत बड़े हैं। तो कितना बाल्टी चाहिए? भगवान जी तो...
- आपको मालूम है न कि सीताजी का जन्म क्यों हुआ था?... रावण को मारने के लिए जब सीताजी की जरूरत थी, तब ऋषियों ने अपना रक्त एकत्र करके एक घड़े में बन्द किया थ...
- आपको मालूम है?... कथा पढ़ी है? नहीं, नहीं पढ़ी शायद। पाण्डव जो थे, पाँच देवताओं के बेटे थे। कर्ण जो था, वह भी देवता का ब...
- आपको हम क्यों कष्ट देंगे?... आपने हमको सुन्दर जिन्दगी दी और साथ में हमको सारी-की योग्यताएँ दीं। हम अपनी मशक्कत करें, योग्यताएँ बढ़...
- आपको हिरन पकड़ने हों, तो आप यही करना और क्या काम करें?... जंगल में आप चले जाइए। जंगल में आप जाइए और जो भी जानवर पकड़ना हो, आप इसी तरह से पकड़िए। हाथी पकड़ने हों,...
- आपको हैजा हो जाता, आपको छूत की बीमारी हो जाती, तो क्या होता?... आपकी माँ ने कहा कि न जाओ, आपकी बीबी ने कहा कि न जाइये। जब दोनों मना कर रहे थे, तो आप कैसे सहायता करन...
- आपने अपने मन में, अपने स्वभाव में, अपने कर्म में गन्दगियाँ भर रखी हैं तो ऐसे में भगवान क्या करेंगे?... कहाँ जाएँगे? कैसे रहेंगे? भगवान के लिए जगह तो बनाइये न साफ। भगवान के लिए जगह साफ करें। जगह से मतलब क...
- आपने आग में लकड़ी को मिलते हुए देखा है?... लकड़ी की क्या कीमत है! दो कौड़ी की लकड़ी अगर आग के साथ मिला दी जाए, तो थोड़ी-सी देर में लकड़ी गरम होने लग...
- आपने उपासना की है, कर्मकाण्ड किया है, तो इस कर्मकाण्ड के माध्यम से जो आपको अपने जीवन में हेर-फेर करने चाहिए, विचारों में परिवर्तन करने चाहिए, उस परिवर्तन के लिए आप विचारमग्र हों, और विचार करें कि आखिर ये क्यों किया जाए?... आप तो कर्मकाण्ड करते रहते हैं और ये विचार तक नहीं करते कि क्यों करते रहते हैं? वेदान्त का, फिलॉसफी क...
- आपने ऐसा क्यों किया?... श्रीकृष्ण जब कभी मिलेंगे और हमारी बातचीत उनसे होगी, तो हम पहली शिकायत ये करेंगे कि आप तो लोगों के लि...
- आपने कितना पढ़ा है?... हमने दसवीं पास की है, तो हम कैसे लगा सकते हैं? बेटे! इसके लिए आई.सी.एस., पी.सी.एस पास करनी पड़ती है। ...
- आपने गलत चैक कैसे दे दिया?... गलत चैक कैसे दे दिया। मित्रो! जमा करना बहुत जरूरी है। कर्मकाण्ड चैक काटने के बराबर है। कर्मकाण्ड फाउ...
- आपने जप****जप****जप****एक ही बात सीख ली है, दूसरी बात सीखी ही नहीं, सबसे सुगम वाला, बैठे-बैठे लकड़ी के दाने हिलाने वाला, सिर हिलाने वाला, जीभ की नोंक हिलाने वाला—आपने इतनी सस्ती उपासना समझ ली?... इतनी सस्ती उपासना होती है कहीं! इसमें क्या नहीं करना पड़ता है? कष्ट न उठाना पड़ता हो, पुरुषार्थ न करना...
- आपने तो एक ही तरीका सीखा है न?... कौन-सा बस वो एक तो ॐ लोमड़िआय नमः। लोमड़ी ले जाइए और घर पर बैठ जाइए। चन्दन चढ़ाइए, अक्षत चढ़ाइए, रोली चढ़ा...
- आपने देखा नहीं है?... मालूम नहीं किया है? अनदेखी चीज को देख लें। सोई हुई चीज को जगाइए। अपने गए-बीते स्तर को परिष्कृत कीजिए...
- आपने देखा है कि नहीं?... मिट्टियों से धातुएँ जब निकलती हैं, तो कच्ची निकलती हैं। लोहा जब निकलता है, तो जमीन में से खोदने के ब...
- आपने देखा है?... स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। अरे साहब! हमें भी दीजिए। क्यों आपको देंगे? आ...
- आपने देखा होगा कि बादल समुद्र से लेते हैं और वर्षा कर जाते हैं, पर क्या वे खाली हाथ रह जाते हैं?... नहीं, समुद्र उन्हें दुबारा देता है। शरीर का चक्र भी इसी तरह का है। हाथ कमाता है और मुँह को दे देता ह...
- आपने देखी हैं?... बड़ी-बड़ी नहरें निकलती रहीं; लेकिन आपने देखा उसमें? कोई कमी नहीं पड़ी। बिहार में आप जाइए, सोनपुर में आप...
- आपने बीबी को कितने में मोल लिया है?... नहीं साहब, हमने खरीदा नहीं है तो उसे क्या फोकट में पाया? हाँ, साहब यही ‘अनुदान’ कहलाता है। आपने फोकट...
- आपने मौत का कुआँ कभी देखा है?... मौत के कुएँ में मोटरसाइकिल वाले मोटरसाइकिल किस तरीके से घुमाते हैं? बिल्कुल उल्टे हो जाते हैं और बीच...
- आपने ये क्यों किया?... रामचन्द्रजी कभी हमको मिलेंगे, तो हम उनसे ये कहे बिना नहीं मानेंगे, कि आपको धोबी को दण्ड देना चाहिए थ...
- आपने ये गलती क्यों की?... रामचन्द्रजी मिलेंगे, तो हम बता देंगे। शिकायत करेंगे जरूर, कभी मिले हमको तो। आपने ये क्यों किया? रामच...
- आपने राम पंचायतन के चित्र देखें हैं न?... उसमें पाँच तो वो हैं कौन? चार भाई हैं और सीताजी हैं। पाँच नाम से पंचायतन हो जाता है; लेकिन आपने उस ह...
- आपने शान्तिकुञ्ज देखा है?... ब्रह्मवर्चस देखा है? चौबीस सौ शक्तिपीठें देखी हैं। करोड़ों रुपये की बिल्डिंगें हैं यह। इनसे आपको अन्द...
- आपमें से कोई वकील है, कोई डॉक्टर है, कोई इंजीनियर है, कोई प्रोफेसर है, न जाने किससे काम पड़ जाए?... सब कबाड़खाना आप वहाँ जमा कर लेना और भगवान एक है। भगवान एक कैसे हो सकता है? भगवान तो बहुत सारे हैं। बह...
- आपसे क्यों पाएँ?... मित्रो! राम का नाम लेने के लिए जब हमने आपसे कहा है, तो आप राम का नाम लिया कीजिये, भगवान का जप किया क...
- आफत-ही हम क्या कर सकते हैं?... देवताओं में संगठित होना नहीं आया कभी। जो असंगठित रहा, उसकी पिटाई होती रही। ब्रह्माजी ने कहा—देखो बेव...
- आरती काहे की है?... पीतल की है? हाँ महाराज जी! पीतल की है। इसमें क्या रखा है? इसमें रखा है घी और कपूर। इसको काहे से जलात...
- आशीर्वाद सन्त देते हैं?... हाँ, सन्त देते हैं। वास्तव में यह सन्तों का काम है। अगर सन्त न दें, तो उनकी परम्परा समाप्त हो जाएगी। आप...
- आसमान में चली गई?... खिन्न अनुभव करने लगे, असहाय अनुभव करने लगे, अपने को दीन-हीन अनुभव करने लगे। भगवान राम अपनी सीता को प...
- इतना साहित्य लिखने से लेकर इतना बड़ा संगठन खड़ा करने तक और इतनी बड़ी क्रान्ति करने से लेकर इतने आश्रम बनाने तक जो काम शुरू किए हैं वे कैसे हो गए?... बेटा, यह श्रम है श्रम। यह हमारा श्रम है। यदि हमने श्रम से जी चुराया होता तो उसी तरीके से घटिया आदमी ...
- इतनी तो बिल्डिंगें हैं और जो उनमें लोग रहते हैं, उन पर जो रुपया खर्च होता है वह कहाँ से आता है?... जाने कहाँ से आता है कि धन हमारे लिए कम नहीं पड़ता। भगवान की तरफ हम इशारा कर देते हैं और वह सब ज्यों क...
- इतने आदमियों ने फसल उगायी—एक आदमी के लिए रोटी बनाएगी?... तीन सौ आदमियों के लिए नहीं बनाएगी।ये क्या कह रहा थ मैं? मैं सहयोग की बात कर रहा था। समाज इसी पर टिका...
- इन चीजों में चैन कहाँ से आ जाएगा?... चैन तो बेटे! आदर्शों में रहता है, सिद्धान्तों में रहता है। सिद्धान्त भी हमारे पास नहीं आ सके, आदर्श ...
- इन तीनों के भीतर प्रकाश चमकना चाहिए; प्रकाश हमारे तीनों शरीरों के भीतर प्रविष्ट होना चाहिए—इसका क्या अर्थ है?... इसका अर्थ यह है कि प्रकाश जब हमारी नसों में आए, नाड़ियों में आए, शरीर में आए; तो नाभि में होकर आए। ना...
- इन तीनों चीजों को बोने से आपको क्या मिला?... समय का हमने ठीक उपयोग किया, तो उसे हमने पाँच गुना बढ़ा लिया। अभी तक की हमारी जिन्दगी का लेखा-जोखा लें...
- इन दोनों बातों का बैलेन्स अगर हमने मिलाया होता, तो शंकरजी की पूजा और उपासना के पश्चात् जो प्रेरणा हमको मिलनी चाहिए थी, वो मिल सकती है; पर हम क्या कर सकते हैं?... हमने तो बेलपत्र ला-लाकर के चढ़ाये और चन्दन से बेलपत्रों को रँगा और उसके ऊपर डाल दिया और सावन के महीने ...
- इनका भविष्य खराब करने के लिए पैसा जमा करता चला जा रहा है; क्या इनको शराबी बनाएगा?... ऐय्याश बनाएगा? नहीं, महाराज जी! मैं तो पैसा छोड़ करके जाऊँगा, बेटे को देकर जाऊँगा और वह सारी-की जिन्द...
- इनको हम क्या कहेंगे?... देवता कहेंगे। देवता कहना गलत है? देवता कहना सही है। देवता कहने में कोई गलती की बात नहीं है और देवता ...
- इनसे आपको अन्दाज लगेगा कि कितना धन हमने भगवान के खेत में बोया व कितना गुना यह हो गया?... सहस्रकुण्डी यज्ञ, जो हमने मथुरा में किया, से लेकर यहाँ के रोजाना खर्च का आप हिसाब लगाएँ, तो पता चलेग...
- इन्द्रियाँ क्या माँगती हैं?... यह हम सबको मालूम है। एक और आँख भी है जो खुशहाली की बात दिखाती है। शंकर के हर एक भक्त को भी एक तीसरी ...
- इस एक आदमी की कीमत?... उसकी कीमत ढाई सौ रुपया हो सकती है, पाँच सौ रुपया हो सकती है, छह सौ रुपया हो सकती है। इतने आदमियों ने...
- इस जीवन में हमें शान्ति नहीं तो मरने के बाद हमें शान्ति कहाँ मिल सकती है?... अतः हम आज अध्यात्म की वह फिलॉसफी बतलाएँगे, जो हमारे ऋषियों-मुनियों की है। ऋषियों की साधना महान् थी। ...
- इस प्रकार सारा-का ब्यौरा मैंने आपको बताया तो इनमें आपका ट्रान्सफर हो सकता है?... हाँ हो सकता है। तो आप क्या करेंगे? गायत्री माता को ले जाएँगे? नहीं बेटे! मुश्किल है। गायत्री माता को...
- इस भूत के दाँत कितने बड़े हैं?... ऐसे बड़े! आँखें कैसी चमकती हैं? ऐसे-ऐसे चमकती हैं! और वो झाड़ी हमको ऐसी मालूम पड़ती है कि जैसे हमको खा ...
- इस मंत्र को कैसे जपा जाए?... तुलसी माला से या रुद्राक्ष माला से? मित्रो! यह सब चीजें मंत्रों से प्राप्त की जा सकती हैं, अगर व्यक्...
- इस विधि की कोई वजह?... आपने जो फायदा उठाया, व दूसरों से जो फायदा उठाया, वह विधि सिखा दीजिए। विधि, विधि पूछता है? पागल! विधि...
- इस सहायता से क्या नाम है?... इसे ‘वरदान ’ कहते हैं।हम वरदान देते रहेंगे। जो हिम्मती हैं, साहसी हैं, उन्हें हमने छाती से लगाया है ...
- इसका आपको इतिहास और हिस्ट्री बताता हूँ कि ये आखिर हैं कौन चण्डी?... एक बार ऐसा हुआ देवताओं और राक्षसों में बड़ी जोर की लड़ाई होने लगी। राक्षस थे जबरदस्त, उन्होंने देवताओं...
- इसका क्या करूँ गा?... बकरा तो ८० रुपये में बिकता है, हिरन १०० रुपये में बिकेगा, १२५ रुपये में बिकेगा। इसके सींग भी होते है...
- इसका क्या कारण है?... उसका अन्तराल उसे बेचैन कर देता है तथा वह भाग पड़ता है। अपनी करुणा एवं दया लेकर समाज के बीच सेवा करने ...
- इसका क्या नाम है?... बेटे! इसका नाम है—‘अनुदान’। अनुदान किसे कहते हैं? मित्रो! आदमी का भाग्य एवं आदमी की मेहनत के अलावा ज...
- इसका क्या मतलब है?... यही कि साहब उसके साथ शादी हो जाती, तो हमारा जीवन अच्छा होता। नहीं, उसके साथ आपकी शादी नहीं हो सकती, ...
- इसका क्या मतलब है?... फिर जप करने के लिए क्यों कहा आपने? २४००० हजार जप कराने के लिए क्यों कहा? जप में हमको क्यों लगा दिया?...
- इसका जीवन कहाँ से आता है?... सामर्थ्य कहाँ से आती है? मीरा ने वो सामर्थ्य पैदा कर ली। पत्थर के माध्यम से। पत्थर को माध्यम बना लिय...
- इसका दूसरा नाम क्या है?... उपासना। उपासना का एक बहुत छोटा अंग है—भजन। उपासना समग्र फिलॉसफी है। उपासना किसे कहते है? भगवान के नज...
- इसका परिणाम क्या हुआ?... इसका परिणाम ये हुआ कि हमारी निष्ठा, जो एक होनी चाहिए थी, अटूट और अडिग होनी चाहिए थी, वो हमारी निष्ठा...
- इसका प्राण कहाँ है?... ये भी कुछ मालूम है। इसका रक्त कहाँ से आता है? इसका जीवन कहाँ से आता है? सामर्थ्य कहाँ से आती है? मीर...
- इसका फल क्या हुआ?... पाँच साल के भीतर ब्राह्मणत्व इतना विकसित हुआ कि एक और गुरु मेरे घर पन्द्रह साल की आयु में आए। यह मेर...
- इसका मतलब आप क्या समझते हैं?... यह किस कारण से हुआ? यह उसकी मशक्कत एवं उसके पुरुषार्थ से सम्भव हुआ। पुरुषार्थ नहीं करता एवं किताबों ...
- इसका रक्त कहाँ से आता है?... इसका जीवन कहाँ से आता है? सामर्थ्य कहाँ से आती है? मीरा ने वो सामर्थ्य पैदा कर ली। पत्थर के माध्यम स...
- इसकी आवश्यकताएँ क्या हैं?... आपकी इच्छा क्या हैं? अरे बाबा! एक कोने में रखो आपकी इच्छा क्या है? हम कहते हैं—अपनी इच्छा को एक कोने...
- इसकी विधि और कर्मकाण्ड में क्या फर्क है?... क्या कमाल है? उन्होंने विधि और कर्मकाण्ड के बारे में पूछा—स्वामीजी क्या मंत्र है? कान में कह दिया उन...
- इसके द्वारा हम ऐसी शक्ति इकट्ठी कर लेते हैं कि उसका क्या कहना?... मैस्मेरिज्म करने वाले इसी ध्यान-शक्ति के सहारे चमत्कार दिखाते हैं। किसी को सम्मोहित या बेहोश कर देते...
- इसके निवारण के लिए क्या करना चाहिए?... परशुराम जी उत्तरकाशी गए और वहाँ भगवान शिव का तप करने लगे। तप करने के पश्चात् भगवान शंकर ने उन्हें एक...
- इसके पास पैसा था पहले और वो जमीन में रखा था, काम नहीं आ रहा था और जो चीज काम में नहीं आ रही थी, वो किसी और के काम में आ जाए, तो बेकार में ये क्यों चिल्लाता है और क्यों रोता है?... सेठ ने बहुत समझाया हम पैसे वाले थे, इसे हमने कमाया था, व्यापार में कमाया था और हमारा पैसा और कोई क्य...
- इसके बिना अध्यात्म का पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा और दुनिया के सामने हम सिर ऊँचा उठा कर यह नहीं कह सकेंगे कि हम ऐसी शक्ति के उपासक हैं जो अपनी उँगली के इशारे से सारी दुनिया को हिला सकती है तो गलती और चूक कहाँ हो गई?... चूक और गलती वहाँ हो गई जहाँ भगवान शिव और पार्वती का असली स्वरूप हमको समझ में नहीं आया। उसके पीछे जो ...
- इसके लिए किस शक्ति की सहायता लेनी चाहिए?... उन्होंने यह कहा कि भवानी-शंकर की वंदना करनी चाहिए और उनकी सहायता लेनी चाहिए। उनकी शक्ति के बिना इतना...
- इसके लिए क्या करना पड़ेगा?... सौंपना पड़ेगा अपने आपको। उनको बहला-फुसला सकते हैं, ऐसा मत सोचिए; कहना तो आपको ही मानना पड़ेगा। समर्पण ...
- इसके लिए मुर्दे की खोपड़ी को देखा कीजिए, जिसको आप हर बार क्रीम लगाते हैं, पाउडर लगाते हैं और जिसकी शक्ल आप बार-बार शीशे में देखते रहते हैं; उसका असली स्वरूप क्या है?... जरा एक खोपड़ी को देखिये और आपके गले में, आपके हृदय में वो खोपड़ी भी रहनी चाहिए और आपके शरीर के ऊपर मुर...
- इसके लिए साधन?... हाँ, इसके लिए साधन भी मिल सकते हैं। कहाँ से मिलेंगे? उसी स्त्रोत से मिलेंगे। शर्त ये है कि अपने आपको...
- इसको क्या कहेंगे?... आपत्तिकाल। आज का समय ऐसा ही आपत्तिकाल है। इसमें आपत्तिधर्म निबाहने के लिए आप सबको तैयार रहना चाहिए। ...
- इसको हम क्या करें?... खा लीजिए। ये तो मुश्किल है, छह चावल तो हमारी दाढ़ी में चिपके रह जाएँगे। पेट कैसे भरेगा? और गणेश जी का...
- इसमें कौन मुश्किल की बात है?... कसरत मैंने बहुत दिन सीखी। आसन सिखाये गये थे और मुझे प्राणायाम सिखाये गये थे। अमुक बात सिखायी गयी थी,...
- इसमें क्या नहीं करना पड़ता है?... कष्ट न उठाना पड़ता हो, पुरुषार्थ न करना पड़ता हो—साधना भी कहीं ऐसी होती है। साधना इतनी सस्ती होती है? ...
- इसमें क्या भरा हुआ है?... हमको ये सिखाया गया है कि हर ऋषि अपना-अपना थोड़ा-सा रक्त एक जगह इकट्ठा कर लेगा, तो घड़े में से एक ऐसी त...
- इसमें क्या रखा है?... असली बात देख। असलियत देख, जिसमें भगवान प्रसन्न होते हैं। भगवान का नाम एक घण्टे में कितनी बार ले लिया...
- इसमें क्या रखा है?... इसमें रखा है घी और कपूर। इसको काहे से जलाते हैं—दियासलाई से। ये भी मिट्टी है तो आप मिट्टी से कर रहे ...
- इसमें चैन कहाँ से हो सकता है?... मिट्टी में चैन कहाँ से आ जाएगा? पैसे में चैन कहाँ से आ जाएगा? इन चीजों में चैन कहाँ से आ जाएगा? चैन ...
- इसलिए क्या करना चाहिए आपको?... अपनी उपासना का उपक्रम यहाँ से जाते-जाते आप सीखते जाइए। क्या सीखकर जाएँ कि मूर्ति के बिना गाड़ी नहीं च...
- इससे अधिक अच्छा और सौभाग्य हमारे लिए क्या हो सकता है?... तब उन्होंने गायत्री के 24 पुरश्चरणों की विधि बताने के बाद में एक और नई बात बताई—‘बोना और काटना’। उन्...
- इससे तो आप न आते, तो अच्छा होता और आपने जन्म क्यों ले लिया?... अवतार क्यों ले लिया? हमारी समझ में जरा भी आपका ये कहना नहीं आया।...
- इससे दूसरा भगवान से कुछ प्राप्त करने का या भगवान् के नजदीक, भगवान के भक्त होने का सबूत है?... नहीं। अपने आपको सही कर लेना, अपने आप को सँभाल लेना, अपने आप की गलतियों को देख लेना, अपने आपकी गलतियो...
- इसीलिए खड़े रहते हैं कि जो नावें और जहाज समुद्र में होकर निकलते हैं, वो नाव और जहाज उस प्रकाश को देखकर के ये मालूम करें कि यहाँ कोई चट्टान तो नहीं है और समुद्र गहरा तो नहीं है, इसीलिए वो लगे रहते हैं और ये जो भगवान आते हैं, देवी-देवता जो आते हैं, इसीलिए आते हैं कि उनको देखकर के आदमी को ये मालूम पड़े कि किस तरह की जिन्दगी हमको जीनी चाहिए और कैसे हमको रहना चाहिए?... शंकर भगवान का फोटो और चित्र इसीलिए बनाकर के रखा गया है कि हम उसको देखें और उसको समझने की कोशिश करें।...
- इसीलिए हम जप करते रहते हैं तो बाप नहीं मरेगा?... बाप तो मरेगा; क्योंकि ये मरीज हैं। कब तक रह सकते हैं? महामृत्युञ्जय मंत्र से आप कहते हैं, अवश्य अच्छ...
- इसीलिए हम प्रकाश का ध्यान करते हैं; भीतर वाले का ध्यान करते हैं; अपने लक्ष्य का ध्यान करते हैं; जीवन का ध्यान करते हैं; तो गुरुजी आपने इसीलिए सूरज का ध्यान बता दिया?... हाँ बेटे! वह तो हमने प्रतीक बता दिया है। उसकी चमक देखकर अगर आप यह अन्दाजा लगाते हों कि हमारे ध्यान मे...
- इसे क्या कहते हैं?... रिकॉल कोई एक चीज हमारे हाथ से चली गई और हम उसको भूल गए हैं। किसको भूल गए हैं? भगवान को भूल गए हैं—आत...
- इसे क्या कहते हैं?... बेटे! इसे पुरुषार्थ कहते हैं, इसे भाग्य कहते हैं।एक बार घर जाने का समय आ गया। उस समय लोग एक पैसा में...
- उद्धार कैसे हो सकता है?... ऐसे अनेक प्रश्न तुलसीदास जी के मन में उत्पन्न हुए। उनका समाधान भी उसी श्लोक में हुआ जिसका कि मैंने आ...
- उन तीनों चीजों को लेकर के, वे असली थीं कि नकली?... वहम तो नहीं था? शायद वहम था कहीं। दो कौड़ी का शक्की स्टूडेण्ट, जो एल.डी.सी. की नौकरी तलाशने आया था उस...
- उनकी गन्ध को सूँघ करके, दुर्गन्ध को सूँघ करके दूर भाग गये; लेकिन जब-जब उन्होंने अपना रवैया बदल दिया तब?... तब भगवान ने भी अपना रवैया बदल दिया।तुलसीदास का नाम सुना है? जब कामुक थे, कैसे थे? स्त्री जब वहाँ चली...
- उनकी शक्ति के बिना इतना बड़ा रामचरितमानस, जिस पर बिठा करके अनेक मनुष्यों को भवसागर से पार किया जा सकता है, कैसे सम्भव होगा?... उन्होंने भवानी और शंकर की वंदना की। जैसे कि सायंकाल आरती के समय हमने और आप लोगों ने भगवान शंकर और पा...
- उनके दिव्य चक्षु की शक्ति?... नहीं, मित्रो! यह था उनका अनुदान, जो शिष्य को गुरु से मिला था। कभी आपने टाटा नगर देखा है? आप जाकर देख...
- उनको क्या आता है?... उनको विधियाँ आती हैं, कर्मकाण्ड आते हैं।...
- उनको क्या करते हैं?... दुनिया के सारे-के कम्युनिस्ट आते हैं, जो भी उनका तरीका है, पूजा का क्या तरीका होता है? अभिवादन भी हो...
- उनको फूलों की जरूरत क्यों पड़ गई?... भगवान् को जरूरत नहीं पड़ गई। आपको स्मरण दिलाया गया है कि भगवान् की आपकी पूजा तब सार्थक मानी जाएगी, जब...
- उनको मैं कैसे अध्यात्मवादी कहूँ?... अध्यात्मवादी वो नहीं हो सकते, जो जरूरतमन्द हो। अध्यात्मवादी वो होते हैं, जिन्होंने अपनी जरूरत पूरी क...
- उनसे कहा—तुम्हारा दही और मक्खन कहाँ रखा है?... गोपियाँ समझती थीं कि वे भगवान हैं तो सोने-चाँदी के जेवर लाए होंगे, कोई उपहार लाए होंगे, पर वे तो कुछ...
- उन्हें प्राण का आशय क्या है?... प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?मीरा की इच्छा थी कि भगवान को पाएँगे और भगवान का साक्षात्कार ...
- उन्होंने एक टाँग पर खड़े होकर ध्यान लगाया था?... पूजा की थी? नहीं केवल उन्होंने यह किया था और यह कहा था—हम आपके साथ हैं। आपके साथ कन्धे-से लगाकर चलें...
- उन्होंने कहा चारों से—चारों कौन थे?... एक था ब्राह्मण, एक था बनिया, एक था ठाकुर और एक था शूद्र। उन्होंने चारों से पूछा—क्यों भाई! कौन-कौन ल...
- उन्होंने कहा—इस पर कौन चढ़ेगा?... अपने हाथ-पैर को जख्मी कौन करेगा? सब वापस आ गये। उन्होंने कहा कि इस राजा को शिष्य बना पाना सम्भव नहीं...
- उन्होंने कहा—क्या करना चाहिए?... मंत्रों का फायदा उठाना चाहिए। वो एक दिन स्वामीजी के पास गया, उनका राम-नाम का मंत्र लेकर आया, पार चला...
- उन्होंने कहा—फिर आपके किस काम आता वो धन?... उन्होंने कहा—हमारे तो काम नहीं आता था? पर हमने पीछे के लिये कभी जमा करके रखा था। तो फिर क्या हुआ? को...
- उन्होंने कहा—हमारे तो काम नहीं आता था?... पर हमने पीछे के लिये कभी जमा करके रखा था। तो फिर क्या हुआ? कोई चोर ले गया, तो आपका क्या हर्ज है? आपक...
- उन्होंने कायदे का और नैतिकता का नियम क्यों तोड़ा?... वो तो भगवान थे। बालि को बुखार लगा सकते थे और बालि को टी.बी. कर सकते थे और उसको कैंसर का फोड़ा निकाल स...
- उन्होंने छिपकर के क्यों मारा?... वो हमको नापसन्द है और रामचन्द्रजी से कभी मुलाकात हुई तो हम सबसे पहली बात ये बताएँगे कि आप तो मर्यादा...
- उन्होंने पूछा कि यह सिद्धियाँ आपको कैसे मिली?... हमें भी सिखा दीजिए। हमने उनसे कहा कि जितनी भी सिद्धियाँ हमने पाई है, यह हमारे ब्राह्मण बनने की सिद्ध...
- उन्होंने विधि और कर्मकाण्ड के बारे में पूछा—स्वामीजी क्या मंत्र है?... कान में कह दिया उन्होंने—राम नाम है। लोगों ने कहा—आप कान में क्यों कहते हैं? उन्होंने कहा—कान में इस...
- उपासना का तत्त्व और ज्ञान इसी पर चढ़ा हुआ है कि आप भगवान के अनुयायी होते हैं कि नहीं, आप भगवान का अनुशासन मानते हैं कि नहीं, आप भगवान् की इच्छानुसार चलते हैं कि नहीं, आप भगवान के बताये हुए इशारे और संकेत पर अपने कदम बढ़ाते हैं कि नहीं?... एक ही प्रश्न है, बस। आपका वो ख्याल ठीक नहीं है कि हम भगवान को अपनी मन-मर्जी पर चला सकते हैं। आप भगवा...
- उपासना किसे कहते है?... भगवान के नजदीक बैठना। भगवान के नजदीक बैठने का अर्थ होता है, उसकी विशेषताओं को ग्रहण करना, मसलन आग के...
- उपासना के बारे में कहा था न?... भगवान के साथ सम्बन्ध जोड़िए; भगवान का अनुशासन स्वीकार कीजिए; भगवान की सत्ता पर विश्वास कीजिए; कर्मफल ...
- उपासना के लिए क्या करें?... भगवान भी देगा, तो कितना देगा? आपके श्रम के हिसाब से जो मिल सकता है, वो चीज ऐसी है, जो आपके काम की है...
- उपासना भगवान की, साधना आत्मदेव की और आराधना?... आराधना समाज की। आपका समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य है।मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। इसकी उन्नति अकल स...
- उर्मिला, सीता, कौशल्या का व्यक्तित्व कितना महान है?... आज लोग चमत्कार की बात करते रहते हैं। मित्रो! चमत्कार जादू हो सकते हैं। अगर चमत्कार को देखकर आप उस व्...
- उस जमाने में दर्जा चार तक प्राइमरी होते थे?... अब तो पाँचवीं तक होते हैं। वहीं तक हम पढ़े, इसके बाद फिर कभी मौका नहीं मिला। जेल में लोहे के तसले के ...
- उस दिन, जिस दिन आपको यह व्रत रखना हो, उस दिन आपको ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए; धर्मपत्नी आपकी है, तो भी करनी चाहिए और धर्मपत्नी नहीं है तो भी करनी चाहिए; धर्मपत्नी नहीं है, तो कैसे करें?... वास्तव में ब्रह्मचर्य जो खण्डित होता है, आदमी की कल्पनाओं से होता है। शरीर की कोई बात नहीं है। शरीर ...
- उसका आधार, तन्त्र का आधार क्या है?... मनुष्य के शरीर की इलेक्ट्रिसिटी को पैदा करना, इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करना, इलेक्ट्रिसिटी से हमला ...
- उसकी फिलॉसफी क्या है?... भगवान शंकर का रूप गोल बना हुआ है। गोल क्या है—ग्लोब। यह सारा विश्व ही तो भगवान् है। अगर विश्व को इस ...
- उसकी विधि क्या है?... और उसका उद्देश्य क्या है? चलिये मैं एक देवता जिनको मैं सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ। क्यों करता हूँ? उ...
- उसके बाप ने कहा—नहीं, हम भिखारी के साथ में क्यों शादी करें?... लैला ने सोचा—वैसे तो मैं अपनी मर्जी से भी शादी कर लूँ, पर पहले देखूँ तो सही, ऐसा न हो कि वह मुझे अपन...
- उसके लिए क्या करना होगा?... आपको उसके साथ में जुड़ जाना होगा। जुड़ जाने को ही उपासना कहते हैं। किस तरीके से जुड़ें?मैं आपको कुछ थोड़...
- उसको आपको दिखाएँ?... नहीं दिखाएँगे आपको। वह तो निराकार है। गायत्री माता की मूर्ति या चित्र जो भी आपने रखा हो, उसके सामने ...
- उसको ये तेा मालुम नहीं था कि जाने, मैंने किससे लिया था, किसका है, किसको तलाश करूँगा?... आप ही जिसका हो, उसको पहुँचा देना, कह दिया और अपनी जिन्दगी, भगवान बुद्ध के सुपुर्द कर दी और ये कहा—मुझ...
- उसने कहा—वह अँगूठी वाले की दुकान कहाँ है?... यहाँ है, हमारे यहाँ मिलती हैं अँगूठियाँ। तो दस नये पैसे में वो अँगूठी जिसमें सोना लगा हुआ हो और जिसम...
- उसने सोचा—कितने मामा हैं?... सात। और सात मामा न होते, एक मामा होता तब? तो पेट भर जाता। कहते—अरे भाई लड़के! तू रोटी खा करके आया? रो...
- उसमें क्या ऐसी बड़ी-सी बात है?... वो कोई बड़ी-सी बात नहीं है। माँगना हो, तो हाथ जोड़कर माँगिए या झोली में माँगिए या टोपी में माँगिए अथवा...
- उसमें चाबुक क्यों मारता है?... उसमें इलेक्ट्रिसिटी होती है। फिर शरीर की इलेक्ट्रिसिटी का विज्ञान क्या है? ये शरीर की इलेक्ट्रिसिटी ...
- उसमें पाँच तो वो हैं कौन?... चार भाई हैं और सीताजी हैं। पाँच नाम से पंचायतन हो जाता है; लेकिन आपने उस हर चित्र में हनुमान जी को श...
- उसमें से शिवपुराण की एक कथा मुझे याद आई, जिसने हमारी शंका का समाधान कर दिया कि भगवान शंकर सहायता क्यों नहीं करते हमारी?... क्यों नहीं उनकी शक्ति का लाभ मिलता? क्यों उनके चमत्कार हमें दिखाई नहीं पड़ते? जबकि शंकर भगवान के भक्त...
- उससे क्या मिल जाएगा?... उससे आपको पुण्य मिल जाएगा, परमार्थ मिल जाएगा, भगवान की प्रसन्नता मिल जाएगी। इसके लिए साधन? हाँ, इसके...
- उसे आप पूरा कर देंगे?... कैसे कर पायेंगे? ना, सम्भव नहीं है; लेकिन ये ही करना पड़ेगा आपको। आपके पास आपका अपनापन अगर सही है, तो...
- उड़ाने वाले के सुपुर्द न करे, तब?... उसको जमीन पर पड़ा रहना पड़ेगा। अगर आप भी अपने जीवन की डोर और आधार भगवान के हाथ में नहीं छोड़े तब, उसकी ...
- ऊँची कैसे हो गई?... क्योंकि वह उससे गुँथ गई, लिपट गई। आप भी भगवान में गुँथ जाइए, लिपट जाइए, फिर देखिये आपकी ऊँचाई बेल के...
- ऊर्जा भी निकल सकती है?... हाँ, निकल सकती है। शर्त ये है कि आप उसको धोएँ।साधना किसकी? अरे! साधना आपकी अपनी-अपनी। देवता की? देवत...
- ऋषियों के पास तो मकान भी नहीं थे, घर भी नहीं थे, व्यापार भी नहीं थे, नौकरी भी नहीं थी, साधन भी नहीं थे, बैंक बैलेन्स भी नहीं था, फिर उनकी तरक्की हुई कि नहीं?... हाँ, हुई। जितने भी सन्त हुए हैं, ऋषि हुए हैं, वे सब गरीब थे कि नहीं थे? हाँ, गरीब थे। पैसे हमको दिलव...
- एक अपने लिए, एक अन्तःकरण के संशोधन के लिए और एक अपने शरीर को सामर्थ्यवान बनाये रखने के लिए और?... और सविता का ध्यान करेंगे। गायत्री जप के साथ-साथ में सविता आपको बल दे और ज्ञान-बुद्धि दे। अर्घ्यदान क...
- एक आदमी था, उसने सोचा देखना चाहिए, इंक्वारी (निरीक्षण) करना चाहिए, वो कौन-सा मंत्र है?... इसकी विधि और कर्मकाण्ड में क्या फर्क है? क्या कमाल है? उन्होंने विधि और कर्मकाण्ड के बारे में पूछा—स...
- एक कुटुम्ब बनाकर बैठे हैं और उस कुटुम्ब को हम कौन-सी रस्सी से बाँधे बैठे हैं?... प्यार की रस्सी से बाँधे हुए हैं, आत्मीयता की रस्सी से बाँधे हुए हैं, भावना की रस्सी से बाँधे हुए हैं...
- एक कोने में रखो आपकी इच्छा क्या है?... हम कहते हैं—अपनी इच्छा को एक कोने में रखिये। भगवान की इच्छा क्या है? समय की माँग क्या है? प्रज्ञावता...
- एक गति का क्रम बन जाता है, तो फिर क्या हो जाता है?... क्या है पहचान की आपकी गति ठीक बन रही है कि नहीं? क्या पहचान है इसकी कि स्पीड (गति) इतनी होती है, न व...
- एक तो सारी शक्ति को खराब करते हैं और एक आदमी ने क्या कर रखा है?... इस एक आदमी की कीमत? उसकी कीमत ढाई सौ रुपया हो सकती है, पाँच सौ रुपया हो सकती है, छह सौ रुपया हो सकती...
- एक ने पूछा—ये क्या करता है?... गोबर काहे को करता है? तो बोला—डर लगता है। अरे! तो लड़ता काहे को है। डरता है, तो लड़े मत। लड़ता है तो डर...
- एक बार लैला ने उसकी परीक्षा लेनी चाही और जानना चाहा कि मजनूँ कैसा है?... पहले तो उसने ऐसा इन्तजाम कर दिया कि उसको कुछ पैसे मिल जाया करें, दुकानदारों से खाने को मिल जाया करे।...
- एक मजनूँ था, लैला को प्यार करता था और वह चाहता था कि लैला की शादी उससे हो जाए?... लेकिन लैला का बाप तैयार नहीं था। उसके बाप ने कहा—नहीं, हम भिखारी के साथ में क्यों शादी करें? लैला ने...
- एक मामा होता तब?... तो पेट भर जाता। कहते—अरे भाई लड़के! तू रोटी खा करके आया? रोटी खा करके कहाँ से आया, सबेरे का वक्त है। ...
- एक यह विचार करता रहा कि मैंने लॉटरी के तीन टिकट खरीदे हैं, उसमें से तीन-तीन लाख रुपए तो मिल ही जाएँगे; उन रुपयों से क्या-क्या करूँगा?... अमुक काम करूँगा, अमुक बच्चे को, अमुक को दूँगा आदि बे-सिर की सारी की सारी बातें, सारे के सारे ताने-बा...
- एक से कैसे बनेगा?... बहुत-से आप रखिये। बहुत-से आप रखना। अच्छा, जहाँ पूजा की जगह है, वहाँ बहुत-से देवी-देवता रखना। ये फलान...
- एक सोने की बनी, हीरे की नग जड़ी अँगूठी आप दे देंगे क्या?... भइया, यहाँ नहीं बिकती है। तो कहाँ बिकती है? भइया, आगे चले जाओ। यहाँ से तीस-चालीस दुकान के पास से एक ...
- एक हाथ खाली रहा है क्या?... नहीं हाथ के पास फिर दुबारा माँस के रूप में, रक्त के रूप में, हड्डियों के रूप में, स्फूर्ति के रूप मे...
- एक-से पानी से क्या होता है?... कुछ भी नहीं होता। तो साहब! पानी में कमाल कहाँ से आ गया? कमाल की जरूरत थी। आदमी की श्रद्धा। क्यों साह...
- एकलव्य को मिट्टी का खिलौना न मिलता तो?... तो बेटे मुश्किल थी; क्योंकि भावना का सम्वर्द्धन और श्रद्धा का एकत्रीकरण किसी प्रतीक की अपेक्षा करता ह...
- ऐसा क्या हो सकता है?... हाँ, आपका भी हो सकता है, आपके साथ भी हो सकता है, लेकिन अगर आपके जीवन में कृपणता आएगी, तो आप सड़ेंगे। ...
- ऐसी कोई औरत देखी है आपने?... ऐसी वेश्याएँ हो सकती हैं और कोई नहीं और वह भगवान का भक्त कैसा होगा जो अपने दुःखों में डूबा हुआ पड़ा र...
- ऐसी क्या खुराफात करते थे आप?... भगवान थे तो ये क्या मतलब कि ऐसी खुराफातें पैदा करें, जिससे लोगों को गलत रास्ते पर जाने का मौका मिल ज...
- ऐसी बाण-विद्या किसी ने भी नहीं सीखी?... कुत्ते का नुकसान तो भूल गए ये पता लगाने लग गए कि ऐसा विद्वान कौन आ गया है? तलाश करने लग गए तो मालूम ...
- ऐसी बात क्यों कहते हैं?... आपको अपना पुरुषार्थ जाग्रत करना पड़ेगा, भगवान का कहना मानना पड़ेगा।...
- ऐसी हालत में हम आपके साथ अनीति और विश्वासघात कैसे कर सकते हैं?... अगर हम राम जप को जानते होंगे, तो हमारा जीवन किस तरह का होगा? प्रत्येक कन्या के प्रति, प्रत्येक लड़की ...
- ऐसे कैसे काम चलेगा?... नहीं साहब! हम खाएँगे तो नहीं, इसके नाम का जप करेंगे। नाम का जप करेगा और क्या करेगा? डिब्बे को? बेटे!...
- ऐसे कैसे दे देंगे?... तेरे पास उससे लड़ने का माद्दा है कि नहीं। हमारे गुरु ने चौबीस साल तक हमारा इम्तिहान लिया। चौबीस साल त...
- ऐसे हाल में पड़े रहने की अपेक्षा तो माला घुमाना और राम का नाम लेना क्या बुरा है?... लेकिन आप यह मत समझिये कि उपासना का मतलब.... उपासना का मतलब राम-नाम लेना ही नहीं होता, माला घुमाना ही...
- ओवरटाइम लाइए और ज्यादा काम हम क्यों करेंगे?... नहीं, फिर आप काम किए बिना रह नहीं सकेंगे।हमारा भी यही हुआ। श्रद्धा जब उत्पन्न हुई तो हमने यह सोचा कि...
- और आदमी कितने थे?... वो थे चार। चोर ने कहा—चलो इन चारों को पकड़ेंगे; चारों की अकल ठीक करेंगे। उन्होंने कहा चारों से—चारों...
- और आपको क्या जरूरत पड़ गयी जो इतनी सारी स्त्रियाँ रखकर के इतनी सारी औलाद पैदा की?... अपने मिशन वाला कोई जाता है लोगों के पास कि बच्चे कम पैदा करने चाहिए, तो वो कहते हैं—श्रीकृष्ण भगवान ...
- और उन्होंने माला घुमाना सीखा होता और तरह-तरह के मंत्र-तंत्र और यंत्र—ये बनाये होते और अपनी जिन्दगी को अच्छा न किया होता, तो आपका ख्याल है, उनका उद्धार हो गया होता?... अंगुलिमाल था। जब तक डाकू था, तब तक डाकू था और जब भगवान बुद्ध की शरण में आया, तब उसने डाका डालना बन्द...
- और उसका उद्देश्य क्या है?... चलिये मैं एक देवता जिनको मैं सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ। क्यों करता हूँ? उनके पीछे वो विचार जुड़ा हुआ...
- और एक महत्त्वपूर्ण हमारी जिन्दगी का ये है कि हम शानदार मौत कैसे मरें?... हमारी शानदार मौत कैसे होनी चाहिए? और हमारी शानदार जिन्दगी कैसी होनी चाहिए? जिन्दगी खुशहाल कैसे हो और...
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- कच्चे में पानी कैसे रखा जा सकता है?... गुरुदेव! आप तो ज्ञानी विद्वान हैं, ये भी नहीं जानते कच्चे घड़े में पानी रखा जाएगा, तो कच्चा घड़ा स्वयं...
- कटोरी से पी लें?... कटोरी से पी लो। हाथ से पी लें? हाथ से पी लो। सोके पी लें? सोकर पी लो। लेटकर पानी पी लें? हाँ, बीमार ...
- कठपुतली के तरीके से अगर बाजीगर के हाथ में आप जिन्दगी की नाव को सौंप सकते हों, अपने विचार और चिन्तन सौंप सकते हों और अपनी इच्छाएँ एवं आकांक्षाएँ सौंप सकते हों, फिर आप देखिए कैसा मजा आता है?... आप सब उस जनरेटर से सम्बन्धित हो जाइए, जिसके साथ में जुड़ने पर ही बल्ब जलते हैं। पंखे भी तभी चलते हैं,...
- कथा पढ़ी है?... नहीं, नहीं पढ़ी शायद। पाण्डव जो थे, पाँच देवताओं के बेटे थे। कर्ण जो था, वह भी देवता का बेटा था।...
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- कर्मकाण्ड उपयोगी है?... कर्मकाण्ड की भी जरूरत है। प्रतीकों की जरूरत है? प्रतीकों की भी जरूरत है; लेकिन प्रतीक मूल्यवान तब हो...
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- कल परसों हमको मरना पड़ेगा, इस बात को अगर आदमी ने याद रखा होता, तो गुनाहों और पापों के गट्ठर, जो हमारे सिर पर जमा हो गये हैं, क्यों हो जाते?... कल मरना है हमको। बाबा! परसों तो हमको मरना ही है। हमारी लाश और हमारी चिता इंतजार करती है। ये ख्वाब अग...
- कल हमने आपको अनुदानों की एक किश्त के बारे में जानकारी कराई थी, कि प्राणधारा का संचार प्राप्त करने के लिए दैवीय शक्तियाँ आपकी क्या सहायता कर सकती है?... उसके तीन लाभ हैं—एकलाभ है उसका—जीवनी शक्ति, दूसरा लाभ है उसका—साहसिकता, तीसरा लाभ है उसका—प्रतिभा। य...
- कलेवर कमाल करता है?... हाँ, कलेवर की जरूरत है बेटे! कलेवर की तो आप निन्दा करते हैं। बेटे! मैं कहाँ निन्दा करता हूँ कलेवर की...
- कल्याण हमारा कहाँ है?... सुख हमारा कहाँ है? लाभ नहीं, वरन् कल्याण हमारा कहाँ है? कल्याण को देखने की अगर हमारी दृष्टि पैदा हो ...
- कसाई की दुकान भी खोले रहेंगे और बैठे-ठाले जब कभी फुर्सत का वक्त हो गया, तो कभी राम कह दिया, कभी क्या कह दिया, कभी क्या कह दिया?... और सीधे मुक्ति मिलती चली जाएगी? नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। आपने जितनों के नाम गिनाये हैं, जरा उनकी जिन्...
- कसूर किसने किया?... धोबी ने। सजा सीताजी को हो गयी। रामचन्द्रजी मिलेंगे, तो हम शिकायत करेंगे और ये कहेंगे, आपने गैरमुनासि...
- कह भी रहा था ‘‘श्रेयो भोक्तुं भैक्ष्यमपीह लोके’’—मैं तो भिक्षा माँग करके भी खा सकता हूँ, दुकान करके भी खा सकता हूँ, नौकरी करके भी खा सकता हूँ, पेट भर सकता हूँ, फिर मैं क्यों लड़ूँगा?... भगवान ने कहा—यह आपत्तिकाल का धर्म निभाने के लिए अर्जुन को तैयार किया गया और वह भगवान का कहना मान करक...
- कहाँ खण्डन करता हूँ?... आप तो समझते नहीं हैं। आप जप करेंगे, तो ये तो हैं नहीं कि उसमें से श्रद्धा को निकाल देंगे और केवल कर्...
- कहाँ खो गये?... बिल्ली क्या कर रही थी? म्याऊँ-म्याऊँ। क्या कर रही थी? तलाश कर रही थी। हमारे बच्चे कहाँ चले गए? बच्चो...
- कहाँ चली गई है सीता?... कहाँ चली गई है? बेटे! तलाश करते फिरे। कौन? रामचन्द्रजी। हम आपको तलाश करने के लिए, पुकारने के लिए कहत...
- कहाँ चली गई है?... बेटे! तलाश करते फिरे। कौन? रामचन्द्रजी। हम आपको तलाश करने के लिए, पुकारने के लिए कहते हैं। आप अपनी स...
- कहाँ तक बढ़े हैं आप?... हमारे स्कूल में प्राइमरी स्कूल है। उस जमाने में दर्जा चार तक प्राइमरी होते थे? अब तो पाँचवीं तक होते...
- कहाँ देखना है?... हमारा लक्ष्य क्या हो सकता है? राम की सुगन्ध से हम सुगन्धित बनना चाहते हैं, इसलिए हम उसके नजदीक बैठते...
- कहाँ देखा है?... कहाँ देखा है! वहाँ हम और आप साथ-साथ पढ़े थे। हाँ! याद आ गई। आपका नाम तो मोहन लाल है। देखिये, हम कह रह...
- कहाँ बैठा हुआ है?... वो कमरे में। कौन-से कमरे में? वो बैठा हुआ है कमरे की कोठरी के कोने में और जैसे ही व्यापार करेगा—तेरी...
- कहाँ मारा है?... बस, गाड़ी लेकर गए और लाश को लेकर के आ गये और उसको ऐसे ही खुली गाड़ी में बिठा ले गये। लाश भी आ गई, उसे ...
- कहाँ रहते हैं?... विष्णु भगवान कहाँ रहते हैं? कृष्ण को मरे हुए मुद्दतें हो गईं, तो अब किस तरीके से पाएँ कृष्ण को? कृष्...
- कहाँ से आ रहा है?... उनके यहाँ गया था अहा! ये तो अच्छा किया रे! अच्छा क्या-क्या खिलाया बता? बड़े मामा ने क्या खिलाया? बड़ी ...
- कहाँ से मिलेंगे?... उसी स्त्रोत से मिलेंगे। शर्त ये है कि अपने आपको उसके काबिल बना लें; इस लायक बना लें कि भगवान आपको दे...
- कहाँ से लाए हो शेर?... मेले में से लाए हैं। मेले में घूम रहे थे, तो दिखाई पड़ गया, उठा लाए। पत्थरों के बने हुए हैं। अगर ये स...
- कहीं आँखें हैं इसकी, कहीं कान हैं, कहीं क्या है, कहीं क्या है?... विराट् रूप की तस्वीर कभी आपने कहीं देखी होगी। यह सारा संसार विराट् है।...
- कहीं आँखों से दर्शन होते हैं क्या?... हमें देख लो। नहीं साहब! आपको नहीं। हम तो भगवान को देखना चाहते हैं। तो उन्होंने ज्ञान की आँखें दीं और...
- कहीं आपने ऐसे आदमी देखे हैं?... हमने तो कभी नहीं देखे नहीं कि जिसके सींग होते हैं और जो आदमी को मार देता हो। रामलीला में देखे हैं कि...
- कहीं कोई आदमी चीते को देख करके, भेड़िये को देखकर के उसको जिन्दा रहने देगा?... या तो अपनी जान गँवाएगा या उसकी जान ले लेगा, लेकिन सिखा लेने के बाद में वे जान लेने वाले जो जानवर हैं...
- काम करने में क्या करना है?... आप स्नान करके, कपड़े बदलकर, झाड़ू लगा करके, अपने पूजा के सारे सामान को साफ करके बैठिए। सबसे पहला काम श...
- कामदेव जलने की बात क्या है?... जिन लोगों ने साइंस पढ़ी है वे ‘थ्री डायमेंसन’ की बात समझते हैं—लम्बाई, चौड़ाई और गहराई की बात जानते है...
- कामवासना का विचार आया है, तो यह ध्यान रखिये कि हनुमान जी थे, भीष्म पितामह थे, स्वामी दयानन्द थे, शंकराचार्य थे—इन लोगों ने किस तरीके से अपना जीवन जिया; किस तरीके से शक्ति-संग्रह किया?... इस बात का विचार कीजिए। विचारों को विचारों से काट दीजिए। विचारों को रोका नहीं जा सकता। एक तरह के विचा...
- काला रंग राक्षसों की निशानी है?... नहीं, काला रंग राक्षसों की निशानी नहीं है। केनिया के प्रेसीडेन्ट ने अपने देश के निवासियों को, केनिया...
- काली किसकी थी?... रामकृष्ण परमहंस की काली थी। फिर क्या हुआ उस काली का? क्या हुआ! जब रामकृष्ण परमहंस मरे, तो उनके साथ म...
- काली थी क्या?... काली पत्थर थी। पत्थर नहीं थी। वो क्या थी? काली थी रामकृष्ण परमहंस की श्रद्धा, जो पत्थर में पूँजीभूत ...
- काहे का जलाते हैं?... हम तो घी का जलाते हैं। जला लीजिए। तेल का जलाते हैं, तो आप जला लीजिए। कौन मना करता है? फिर तो आप कोई ...
- काहे का है?... ये माँस का है, रक्त का है, हड्डी का है। ये कलेवर है, लिफाफा है। अच्छा, आप सारा काम इसी से करते हैं? ...
- काहे की सफाई करते हैं?... अपने शरीर को स्नान कराते हैं। काहे से स्नान कराते हैं? पानी से धोते हैं और कपड़े साबुन से धोते हैं और...
- काहे में मजा आता है?... डमी (पुतला) के साथ खेलने में। ये क्या लाए हो? शेर। अच्छा! कहाँ से लाए हो शेर? मेले में से लाए हैं। म...
- काहे से घर जाऊँगा?... मंत्र जप के प्रताप से। और योद्धा कैसे बन जाएगा? जप करने से और महात्मा कैसे हो जाते हैं? महात्मा बेटे...
- काहे से स्नान कराते हैं?... पानी से धोते हैं और कपड़े साबुन से धोते हैं और दाँत मंजन से माँजते हैं और कमरा झाड़ू से साफ करते हैं औ...
- काहे-की मूर्ति बनाकर लाएँगे आप?... लोहे की बनाकर लाएँगे। बस, रामचन्द्रजी को कपड़े पहनाएँगे, मुकुट पहनायेंगे, चन्दन लगायेंगे और धूप-बत्ती...
- कितना करना चाहिए?... गायत्री-मन्त्र का जप करना चाहिए; क्योंकि प्रज्ञा की देवी वही है। कितनी माला करनी चाहिए? तीन-तीन तो क...
- कितना किराया लगेगा?... अहा! किराये की बात क्या पूछते हैं? किसी आदमी पर ढाई सौ से कम खर्च नहीं होगा। अच्छा, तो कितने आदमी जा...
- कितना दे सकती हैं?... उतना ही देंगी, जितना कि आपने चना-गुड़ से बचत की थी। रोटी खाने में चवन्नी खर्च होती थी और चना-गुड़ आपने...
- कितना पानी चाहिए बताइए?... हमारे नहाने में दो बाल्टी लग जाता है। आपको मालूम है आप कितने में नहाते हैं? हमारे में तो दो बाल्टी ल...
- कितना बड़ा है?... आप कल्पना नहीं कर सकते हैं। बीस साल निकल जाने दीजिए। जो जिन्दा रहें, जरा देखना गुरुजी किस आदमी का नाम...
- कितना विस्तार इसका हो गया, कितना फैल गया, कितना खुल गया?... कितना विस्तार होता जाता है? आप सुनते रहते है न, हजार कुण्ड के यज्ञीय समाचार आपको मिलते हैं। आपको २४०...
- कितना विस्तार होता जाता है?... आप सुनते रहते है न, हजार कुण्ड के यज्ञीय समाचार आपको मिलते हैं। आपको २४०० शक्तिपीठों की स्थापना की ब...
- कितनी जिन्दगी निकल गई रोते-रोते, झल्लाते-झल्लाते?... अगर भगवान की एक किरण हमारे पास आ जाती, तो हमारे चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती; हमारे चेहरे पर सन्तोष आ ज...
- कितनी महँगी है?... बेटे! बहुत महँगी होगी लोमड़ी की खाल। लोमड़ी की खाल की माँग आती है। लोमड़ी पकड़ ले और लोमड़ी की खाल बेचता ...
- कितनी माला करनी चाहिए?... तीन-तीन तो कम-से करनी चाहिए। ज्यादा कर सकें, तो आप ज्यादा कर लीजिये। तीन क्यों? तीन इसलिए कि आत्म-पर...
- कितने कार्यकर्ता हैं?... यहाँ शान्तिकुञ्ज के स्थायी कार्यकर्ता एवं सामयिक स्वयंसेवक आए हुए हैं। एक समुदाय जो शुरू में आया था ...
- कितने पैसे का लाए हो?... हम तो साहब! चवन्नी का शेर लाए हैं। अ ह ह ह! दिखाइये जरा ये शेर लाए हैं। आप इसी शेर के बारे में कह रह...
- कितने पैसे की है?... दस पैसे की है, दस पैसे की बिकती है। दस पैसे की लेकर चला आया, घर आकर कहने लगा मैं तो सोने की अँगूठी ल...
- कितने फुट की चारपाई पर सोयेगा?... छह फुट की चारपाई पर सोऊँगा। बस, छह फुट पर तो हम भी सोते हैं, गरीब भी सोते हैं। तू क्या सोता है? तू त...
- कितने रुपये लग गये?... नौ में बारह आने के हिसाब से ७ रु० बारह मात्राओं के ६ रु० और ५२ अक्षरों के चवन्नी के हिसाब से १३ रु०।...
- किन्तु अभी भी मेरा विश्वास है कि गायत्री मात्र ब्राह्मण की कामधेनु है और किसी की है क्या?... चोर की है? नहीं, ठग की, उठाईगीर व जालसाज की भी नहीं। साधना करने से पहले ब्राह्मण बनना पड़ता है। कपड़े ...
- किराये की बात क्या पूछते हैं?... किसी आदमी पर ढाई सौ से कम खर्च नहीं होगा। अच्छा, तो कितने आदमी जाओगे? अरे! वो लड़का जाएगा, लड़के की मा...
- किराये में रहूँगा मुझे क्या करना है?... ऐसी उपेक्षा की बात वह कर रहा था। जहाँ से कमाता है, जहाँ मौज करता है, जहाँ रहता है, जहाँ खाता है, वहा...
- किस काम के लिए?... सुदामा जी बड़े गरीब थे और भिखारी थे, नंगे थे, भूखे थे। खबरदार! सुदामा जी की शान में ऐसी बात कही तो मै...
- किस चीज की बत्ती है?... तेल की जला दी तो क्या! मिट्टी के तेल की जला दी तो क्या! और घी की जला दी तो क्या! और मोमबत्ती जला दी ...
- किस तरह के विचार कर रहे हैं?... असम्भव बातों के भी विचार कर रहे हैं। रात को सिनेमा देखा था; फलाँ औरत देखी थी, कैसी अच्छी है! उसकी हम...
- किस तरीके से जुड़ें?... मैं आपको कुछ थोड़े-से उदाहरण बताऊँगा। आपने आग में लकड़ी को मिलते हुए देखा है? लकड़ी की क्या कीमत है! दो...
- किस तरीके से?... जैसे मीरा ने कर लिया था। मीरा के पास क्या था कमाल? मीरा के पास थी—श्रद्धा! श्रद्धा!! श्रद्धा!!! जो उ...
- किस विधि से क्या करना चाहिए?... उनको आता है और कर्मकाण्डों की बात सही न रही होती, तो अब तक प्रत्येक पण्डित करोड़पति हो गया होता। प्रत्...
- किस-किस के नाम गिनाऊँगा?... रामकृष्ण परमहंस के पास भी एक खिलौना था। खिलौना? हाँ, खिलौना। खिलौना कहाँ रखा हुआ है? दक्षिणेश्वर के ...
- किसका जप कराते हैं?... भगवान का जप कराते हैं। क्यों कराते हैं? इसलिए कराते हैं कि आपके हाथ से भगवान चला गया है और आपने भगवा...
- किसका पानी पीना चाहते हैं?... गाय का पी लेंगे। गाय का पैर धोकर पिला देंगे। किसका महात्मा जी का पिएँगे? महात्मा जी का पिला देंगे। क...
- किसका पीना चाहते हैं?... अमुक का पीना चाहते हैं। अच्छा, हम पानी पिला देंगे कुछ भी नहीं होगा। सब पानी एक-सा। एक-से पानी से क्य...
- किसका महात्मा जी का पिएँगे?... महात्मा जी का पिला देंगे। किसका पीना चाहते हैं? अमुक का पीना चाहते हैं। अच्छा, हम पानी पिला देंगे कु...
- किसके प्रतीक हैं?... हमारी भावना के प्रतीक हैं। भगवान के प्रतीक हैं। अगर मूर्ति को आपने समर्थ समझ लिया, मूर्ति को ही सब क...
- किसको भूल गए हैं?... भगवान को भूल गए हैं—आत्मा को भूल गए हैं—अपने आपको भूल गए हैं। हम रिकॉल करते हैं—‘हम कौन हैं? हम क्या...
- किसको वोट देंगे?... रुपया निकालिये जी। जो कोई पैसा देगा, उसी को वोट देंगे। उस दिन तो आप कह रहे थे कि गाय-बच्चा वाले को व...
- किसको वोट मिलेगा?... आप कौन-सी पार्टी से आए हैं? पहले आप बताइये? हम तो लाल झण्डे वाले हैं। अह....हा....हा....! लाल झण्डे ...
- किसने कहा था आपको भगवान को बहका?... स्नान कराएँगे! बहुत स्नान कराएँगे! स्नान कराने के लिए आपको अपना श्रम, पसीना बहाना चाहिए अथवा आपको अप...
- किसने प्राण फूँका?... रामकृष्ण परमहंस ने। वो सिद्ध देवी थी? हाँ, वो सिद्ध देवी थी? काली किसकी थी? रामकृष्ण परमहंस की काली ...
- किसमें होती है?... शक्ति उसमें होती है, जिसको हम कहते हैं—श्रद्धा। हमने श्रद्धा का आरोपण किया है। किसके ऊपर? अखण्ड दीपक...
- किसलिए जप कराते हैं?... जप का जो आपका ख्याल है, वह गलत है। आपका क्या ख्याल है? आपका बहुत छोटा ख्याल है। जैसी आपकी तबियत, वैस...
- किससे क्या बात करनी चाहिए?... किससे नहीं करनी चाहिए? जो हम कह रहे हैं वह दूसरे के लिए फायदेमन्द है या नुकसानदेह है या दूसरे आदमी क...
- किससे नहीं करनी चाहिए?... जो हम कह रहे हैं वह दूसरे के लिए फायदेमन्द है या नुकसानदेह है या दूसरे आदमी का दिल दुखाने वाला है—क्...
- किससे स्नान कराया?... चम्मच से। बस! बहका रहा है भगवान् को। बहकावे का नाम भजन रखा है आपने? किसने कहा था आपको भगवान को बहका?...
- किसी और की कहता हूँ?... आपकी कहता हूँ। आपकी, राम-खुदा वालों की। राम-खुदा वालों की तरह ये गायत्री का मंत्र है, ये महादेव जी क...
- किसी और ने उसे पाला-पोषा, पढ़ाया तब आपको दी न?... आदमी अहसानों से दबा हुआ है। कपड़ा जो आप पहनते हैं, दवाएँ जो इस्तेमाल करते हैं, किताबें जो आप पढ़ते है ...
- किसी और ने दी न?... किसी और ने उसे पाला-पोषा, पढ़ाया तब आपको दी न? आदमी अहसानों से दबा हुआ है। कपड़ा जो आप पहनते हैं, दवाए...
- किसी के साथ में सीता माता आ जाएँ, पार्वती माता खड़ी हों, लक्ष्मी माता खड़ी हों, गायत्री माता खड़ी हों, तो हम सीटी बजायेंगे?... गन्दे गीत गाएँगे? गन्दे इशारे करेंगे? गन्दी आँखों से देखेंगे? आँखें खराब हो जाएँगी। तेरी आँखें फूट ज...
- किसी को क्या बना दिया और किसी को क्या बना दिया?... लोगों को नौकरी पर लगवा दिया। डिप्लोमा प्राप्त करना और विद्या प्राप्त करना भी कोई ज्यादा मुश्किल की ब...
- किसी दूसरे आदमी ने पूछा कि तुम क्या करते हो?... उसने कहा कि हम तो कुछ भी नहीं करते हैं। वास्तव में वह आदमी ठीक है, जो कम-से चारपाई पर बैठकर तो कर ले...
- किसे कहते हैं, आप जानते नहीं है?... प्यार एक ही चीज का नाम है, जिसमें आदमी को दिया जाता है। प्यार का अर्थ देना होता है। जिसको भी हम प्या...
- की नौकरी तलाशने आया था उसे रामकृष्ण परमहंस ने क्या बना दिया?... विवेकानन्द बना दिया।विवेकानन्द कौन थे? मैं क्या बताऊँ आपको कौन थे? विवेकानन्द किसने बना दिया? काली न...
- की बीमारी में और मुसीबत के समय में आता, कहता—ये हमारी बीबी है और हमारी धर्मपत्नी है और अब आपके कितने खाबिंद हैं?... सत्तर! अच्छा तो वो टी.बी. हो गई हमको। अरे देख! वो आते हैं न, क्या नाम है उनका? वो आते हैं न, सफेद पै...
- कुछ लोग कौन होते हैं?... हमको मिलेंगे? आपको भी मिल सकते हैं, नहीं भी मिल सकते हैं। तो क्या यह बँट रहे हैं? नहीं, अनुदान बँटते...
- कुटुम्ब पालने में हमको बाहरी शक्ति लगानी पड़ती है?... कुटुम्ब तो खिलौने हैं। बच्चे हैं ये आपके। इनसे खेलिये। ये खिलौने के लिए हैं कि आपको पालन करना पड़ता ह...
- कुण्डलिनी क्या है?... कुण्डलिनी हमारे नर्वस सिस्टम की इलेक्ट्रिसिटी है। इसको इस्तेमाल करते हैं और जरूरत के वक्त इससे फायदा...
- कुत्ते का नुकसान तो भूल गए ये पता लगाने लग गए कि ऐसा विद्वान कौन आ गया है?... तलाश करने लग गए तो मालूम पड़ा—एकलव्य नाम का एक लड़का, ये बाण-विद्या सीख रहा था। हम भी इससे सीखेंगे।...
- कुनैन से अच्छा हो जाता है, बताता है नहीं कहाँ से कुनैन आयी खाँसी कैसे जाएगी, किसके साथ खायी जाती है?... पानी के साथ खाते हैं, दूध के साथ खाते हैं, कितने ग्रेन की टिकिया खाते हैं। ये भी कुछ मालूम ही नहीं ह...
- कुन्ती के गर्भ से देवता पैदा हुए थे और देवता सिर्फ इसलिये पैदा हुए थे कि भगवान श्रीकृष्ण के काम आएँ और क्या किया बताइये?... धर्मराज ने क्या किया? अर्जुन ने कौन-सा बड़ा काम किया? भीम ने किसका क्या किया? नकुल-सहदेव किस काम में ...
- कुलदेवी कहाँ रहती हैं?... कुलदेवी वहाँ रहती हैं जैसलमेर में। अच्छा, तो वहीं जाना पड़ेगा? हाँ-हाँ, कलकत्ते के मारवाड़ी हैं और मुण...
- कृपा करके स्वीकार कर लीजिए और अगर अपनी शरण में ले लें, तो कौन-सा वाला भगवान?... जो परमात्मा के रूप में संव्याप्त है। आत्मा छोटी होती है। परमात्मा बड़ा होता है। पुरुष ‘जीव’ को कहते ह...
- कृष्ण को मरे हुए मुद्दतें हो गईं, तो अब किस तरीके से पाएँ कृष्ण को?... कृष्ण जी ने न जाने कहाँ जन्म ले लिया होगा! कहाँ रहते हैं? कृष्ण, मालूम नहीं है, तो उन्होंने कहा—कृष्...
- कृष्ण भगवान ने देखा कि जा रहे हैं, तो उनका सहयोग कौन करेगा?... अकेले कैसे क्या कर पाएँगे! देवताओं ने कहा कि भगवान हमको भी चलने की आज्ञा दीजिये। हम भी आपके साथ-साथ ...
- कैसा सुन्दर होता है?... आपका जीवन ऐसा सुन्दर होना चाहिए और भगवान के चरणों पर चढ़ना चाहिए। याचक की सार्थकता इसमें है कि वह भगव...
- कैसी गड़बड़ हो गयी?... तो इस तरीके से क्या है—हरेक से रिश्ता बनाकर के रखो। न जाने कौन किस काम जा जाए? देवता क्या बहुत सारे ...
- कैसे उद्धार हो सकता है?... आपको यह समझना चाहिए और यह समझते हुए उसी आधार पर जप करना चाहिए। ऐसा करेंगे, तो आप मुनासिब काम कर रहे ...
- कैसे उसे देख सकें गे?... आग को तो देख सकते हैं पर गर्मी को कैसे देखेंगे? हवा को कैसे देखेंगे? भगवान को देखा नहीं जा सकता, अनु...
- कैसे कर पायेंगे?... ना, सम्भव नहीं है; लेकिन ये ही करना पड़ेगा आपको। आपके पास आपका अपनापन अगर सही है, तो आप विश्वास रखिये...
- कैसे करना चाहिए?... क्या करना पड़ेगा इसके लिए? इसका नाम प्रज्ञायोग रखा है, हमने क्योंकि इसमें कई चीजें शुमार हैं। इसलिए प...
- कैसे करना पड़ेगा?... चलिये, आप लोग नोट करते जाइये इनको या फिर ध्यान में रखिये; छपा हुआ भी है। प्रज्ञायोग कैसे करना चाहिए?...
- कैसे कहती है सही?... इसीलिए कहती है कि उसमें वो है ही नहीं! असल में से क्या है? ये अलंकार है। ये सारे-के अलंकार हैं और इन...
- कैसे गढ़ लिया?... प्रतीक की जरूरत पड़ गई उसको, प्रतीक की। प्रतीक क्या है? प्रतीक बेटे! एक स्वामी जी आए थे, बाबाजी आए थे...
- कैसे चमत्कार हो जाएँगे?... गायत्री माता की छवि क्या है? जरा उसको दिखाओ, तो देखें। महाराज जी! गायत्री माता हँस पर बैठी हैं। ये ब...
- कैसे निकाली ब्रह्माजी ने?... निकालने का तरीका तो हमको मालूम नहीं है, आपके पास कोई तरीका हो तो बताइये? जेब काटने का तरीका सबको माल...
- कैसे पकड़ लाया करूँ?... ऐसे ही चला जाया कर। सब पकड़ में आ जाएँगे हिरन। कैसे पकड़े जाएँगे? गुरुजी बताइये ऐसा कर। एक माला ले आना...
- कैसे पकड़े जाएँगे?... गुरुजी बताइये ऐसा कर। एक माला ले आना। माला लेकर के पेड़ के नीचे बैठ जा और चाहे तो घूमते रह। क्या करूँ...
- कैसे बदल पायेंगे बनावट को?... पर प्रकृति बदल सकती है। जिस पानी के स्नान करने का गोस्वामी जी ने माहात्म्य बताया है, वास्तव में वह प...
- कैसे मरा-मरा जपूँ?... ऐसे जप कि उसका पहिया ठीक से घूम जाए। पहिये में विराम नहीं आए। विराम आ जाएगा, तो गड़बड़ फैल जाएगी, जैसे...
- कैसे मानें कि समर्पण किया है किसी ने कि नहीं?... अपना सुख बाँटना और दूसरे के दुःखों को बँटाना। किसी के दुःख को आप बँटाते हैं और सुखों को आप लाकर के द...
- कैसे मिलता है?... ये मशीनें काम कर रही हैं। क्या पहचाना? देखिये, इसमें ये लाल बत्ती लप-लप कर रही है। ये कहती है लाल रं...
- कैसे याद कर रहे हो पहाड़े याद?... पाँच एकम पाँच, पाँच दूनी दस, पाँच तिया पन्द्रह, पाँच चौका बीस—बार-बार, बार-बार। हाँ साहब! बार-बार या...
- कैसे लगाया जाता है खाद-पानी?... चलिए मैं आपको दो घटनाएँ अपने जीवन की सुना देता हूँ। सारी तो अधिक हैं, मुश्किल पड़ेगी पर दो घटनाएँ सुन...
- कैसे हैं भवानी-शंकर?... फिर मैं तलाश करने लगा। भवानी कहाँ रहती है? और शंकर कहाँ रहते हैं? भवानी और शंकर का साँप कितना बड़ा है...
- कैसे हो गए वाल्मीकि?... मैं क्या कह सकता हूँ आपको। वाल्मीकि ऐसे हो गए कि तमाम जगह उनको राम नाम दिखाई पड़ने लगा—सियाराममय सब ज...
- कैसे हो गए?... अनुदान था।आप समझिए ऊँचे सिद्धान्तों को। आप तो समझना भी नहीं चाहते। श्रीकृष्ण भगवान और रामचन्द्र जी न...
- कैसे हो गया यह?... ऐसा इसलिए हो गया कि उन्होंने अपने आप को समर्पित कर दिया। नदी, नाला आप जैसा हो जाता है और कहता गंगाजी...
- कैसे हो जाएँगे जरा बताइये?... देखिये अब हम माला घुमाते हैं। क्या घुमाते हैं—च्यवनप्राश आँवलाय नमः, च्यवनप्राश आँवलाय नमः। बेटे! ऐस...
- कैसे हो जाता है?... शृंगी ऋषि का नाम आपने सुना होगा। उनने एक शाप दिया तो, राजा परीक्षित मिट्टी में मिल गया व वरदान दिया,...
- कैसे होगा यह अवतार?... आपको मालूम है न कि सीताजी का जन्म क्यों हुआ था? रावण को मारने के लिए जब सीताजी की जरूरत थी, तब ऋषियो...
- कैसे-कैसे पूजन करेंगे?... दिखाइये।देखिये साहब! च्यवनप्राश-आँवला रखा हुआ है। हाँ, रखा हुआ है। देखिये, हमने अभी इसको छुआ नहीं है...
- कोई अपने आप क्यों आने लगा?... हनुमान जी थे, जिन्होंने कि सारे साधन इकट्ठा करने में, जुटाने में पूरी-पूरी मेहनत की और लंका को परास्...
- कोई और बताओ?... अब और कुछ बताओ? तुम्हारा दिवाला निकल गया। पढ़ाई खत्म? अभी और है पढ़ाई हमारे पास। क्या पढ़ाई है? हमारे प...
- कोई क्या कहता है, कोई क्या कहता है?... असंख्य नाम हमारे हैं और फोटो बनाकर के रखे हैं। आप सामने वाला फोटो खींच लीजिए, हमारा नाक वाला हिस्सा ...
- कोई चोर ले गया, तो आपका क्या हर्ज है?... आपके तो काम वह आ भी नहीं रहा था। हाँ, वह हमारे काम नहीं आ रहा था तो ऐसी चीज, जो आपके काम नहीं आ रही ...
- कोई बौद्धिक मायाजाल है?... न, ऐसी बात नहीं। अगर आपने ऐसा विचार किया है व आप निराश हो गये हैं कि पूजा-पाठ, साधना से कोई लाभ नहीं...
- कोई विचार तो नहीं आता?... नहीं साहब, विचार तो नहीं आता। हमने ये समझाया कि आपने पदार्थ के द्वारा पूजन कर लिया और हाथ-पाँव की चे...
- कोई शरीर समेत यों ही खड़े रह सकता है?... नहीं साहब! पत्थर के थोड़े ही हैं। अरे! पत्थर के नहीं बाबा! वही चमड़ा है, वही आँखें, वही इनके दाँत हैं,...
- कौन खाता था?... काली। कानी नहीं, काली क्या खाएगी, वो तो पत्थर की बनी हुई है। पत्थर कोई खा सकता है रोटी? कौन खाता था?...
- कौन बैठा हुआ है?... देवता? क्या नाम है? बृहस्पति। बृहस्पति! हाय! हाय!! बृहस्पति बैठा हुआ है। ब्याह करेगा। तो मार डालेगा।...
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- कौन बोलता है?... हम बोलते हैं, आप बोलते हैं, हमारी अकल बोलती है, हमारी भावना बोलती है, हमारी विचारणाएँ बोलती हैं। ये...
- कौन मना करता है?... हम भी दीपक जलाएँगे आपके तरीके से तो करामात आ जाएगी? करामात आ जाएगी? काहे का जलाते हैं? हम तो घी का ज...
- कौन मिल जाए?... आपकी जीवात्मा और आपका परमात्मा। न आपके पास जीवात्मा बाकी बची है, न आपके पास परमात्मा बाकी बचा है। वह...
- कौन हावी हो गये?... राक्षस और देवताओं का क्या हुआ? देवता भाग गये। देवता भागकर के यहाँ छिपे, वहाँ छिपे। आखिर में ब्रह्माज...
- कौन होता है दुनिया में सबसे ज्यादा बेवकूफ?... कौन होता है—देवता। अच्छा, देवता को पकड़ने का तरीका क्या है? देवता को पकड़ने का तरीका बहुत सरल है और सब...
- कौन होते हैं देव?... एक और होते हैं देव, जो हमने मंत्रों में स्थापित करके रखे हैं और जिनके फोटो छपवाकर रखे हैं। ये क्या ह...
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- कौन-सी चीज बन सकती है?... मिट्टी। क्यों साहब! मिट्टी कैसे बन सकती है? मिट्टी बन सकती है तब, जब उसमें श्रद्धा का समावेश कर दिया...
- कौन-सी पार्टी के हैं आप?... हम तो उस पार्टी के हैं—झोंपड़ी वाली पार्टी के हैं। अह....हा....हा....! हम भी झोंपड़ी में रहते हैं, आप ...
- कौन-सी पार्टी से आए हैं?... हम तो दीपक वाली पार्टी से आए हैं। बस, बस हो गया। सब जगह अँधेरा छाया हुआ हुआ है। अब दीपक के बिना अँधे...
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- क्या अपने आप पर पक्षपात का इल्जाम लगवाएँगे, पक्षपाती होने का कलंक लेंगे?... नहीं, भगवान ऐसा कर नहीं पायेंगे। आपके मन में यह ख्याल हो कि मिन्नतों और खुशामदों से भगवान को अपने नज...
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- क्या कर रहा था तू?... काम-वासनाओं का सेवन कर रहा था। क्या मिल गया? क्या कमा के लाया? कुछ भी नहीं कमा के लाया गुरुजी! प्रशि...
- क्या कर रही थी?... म्याऊँ-म्याऊँ। क्या कर रही थी? तलाश कर रही थी। हमारे बच्चे कहाँ चले गए? बच्चों ने अपनी माँ की आवाज स...
- क्या कर रहे हो?... अरे! पहाड़े याद कर रहे हो। कैसे याद कर रहे हो पहाड़े याद? पाँच एकम पाँच, पाँच दूनी दस, पाँच तिया पन्द्...
- क्या करते हैं?... जब कोई शेर या हाथी तंग करता है, तो एक हंटर घुमाते हैं, तो क्या होता है? सन्नाटा खिंच जाता है इलेक्ट्...
- क्या करना चाहिए?... इतना सब कुछ कर लेने के बाद जप और ध्यान करना चाहिए। जप किसका करना चाहिए? कितना करना चाहिए? गायत्री-मन...
- क्या करना चाहिए?... उनको आता है और कर्मकाण्डों की बात सही न रही होती, तो अब तक प्रत्येक पण्डित करोड़पति हो गया होता। प्रत्...
- क्या करना चाहिए?... ये जो हैं सकाम उपासनाएँ, वो एक प्रकार की चवन्नियाँ हैं, आकर्षण हैं ताकि लोग इस ओर लगे रह सकें; उनका ...
- क्या करना पड़ेगा इसके लिए?... इसका नाम प्रज्ञायोग रखा है, हमने क्योंकि इसमें कई चीजें शुमार हैं। इसलिए प्रज्ञायोग, योग की साधना हम...
- क्या करना पड़ेगा?... आपको ये करना पड़ेगा कि क्रिया के साथ-साथ में शिक्षाएँ और प्रेरणाएँ आपको समझनी चाहिए और समझनी ही नहीं ...
- क्या करूँ फिर?... माला बैठकर किया कर। ॐ हिरनाय नमः, ॐ हिरनाय नमः तो क्या हो जाएगा? सारे-के हिरन इकट्ठे होकर हाथ जोड़कर ...
- क्या कष्ट हो गया आपको?... उन्होंने कहा—यहाँ हमारा धन रखा था और कोई चुरा ले गया। उन्होंने कहा—फिर आपके किस काम आता वो धन? उन्हो...
- क्या कह रहे होंगे?... ‘‘न त्वहं कामये राज्यं न सौख्यं, न पुनर्भवम। कामये दुःखतप्तानां प्राणिनां आर्तनाशनम्।’’ प्राणियों के...
- क्या कहना है?... आइए, आइए अब आपकी सवारी होनी है और आपको ऊपर सामान ढोना है और आपको गाड़ी में चलाया जाना है। ये कौन कहें...
- क्या कहें और?... बस।...
- क्या काम करें?... आप उपासना के कर्मकाण्डों को उसके साथ जोड़ दें। किसके साथ? प्राण के साथ।प्राण क्या होता है? चिन्तन। चि...
- क्या किया है आपने?... क्रिया-कलाप गिनाऊँ आपको? नहीं क्रिया-कलाप नहीं गिनाऊँगा। क्रियाकलाप गिनाऊँगा तो मुझे वहाँ से चलना पड़...
- क्या कीमत है?... अपने आपको उनके हाथों बेच दीजिए और उन्हें अपने हाथों खरीद लीजिए। स्त्री अपने हाथों अपने को पति को सौं...
- क्या खबर है?... उसकी बीबी ने पूछा। उसने कहा कि हम हार गए हैं। शायद हमारा कोर्टमार्शल हो। बीबी ने कहा—आप हार गए हैं—य...
- क्या गलती हो गयी?... तूने मुझसे पूछना शुरू कर दिया—विद्या सिखा दीजिए—अमुक विद्या सिखा दीजिए—अमुक रहस्य सिखा दीजिए, अमुक क...
- क्या चालाकी रहती है?... ये चालाकी रहती है कि शायद मनोबल से खिंचकर हमारे पास आ जाएँ और भगवान की भक्ति के रास्ते पर लग जाएँ। च...
- क्या चीज है?... ये सब पदार्थ हैं—मैटर हैं, सब जड़ हैं और क्या कर रहा था? काहे से पूजा कर रहा था। गायत्री माता के सामन...
- क्या चीजें बँटती हैं?... जो साधारण हैं। अनुदान की गणना साधारण वस्तु में नहीं, असाधारण में होती है। इन्हें ठोक-बजाकर दिये जाते...
- क्या जप रहा है?... ये ‘मरा-मरा’ जप रहा है। ‘राम-राम’ कैसे? और ‘मरा-मरा’ कैसे? राम-राम में और मरा-मरा में देखिये, जब चक्...
- क्या जमीन निगल गई?... आसमान में चली गई? खिन्न अनुभव करने लगे, असहाय अनुभव करने लगे, अपने को दीन-हीन अनुभव करने लगे। भगवान ...
- क्या जरूरत पड़ गई?... ये जरूरत पड़ गई कि भगवान के कामों के लिए अर्थात लोकहित के लिए, समाज-कल्याण के लिए, जन-जीवन के लिए आपक...
- क्या तरीका हो जाएगा?... उसका तरीका यह हो जाएगा कि हम गलतियाँ नहीं कर सकते।एक था चोर और एक था उसका बेटा। चोर खेत काटने के लिए...
- क्या दवा है भाईसाहब कुनैन कैसी होती है, कितने पैसे की आती है, तैंने खायी है क्या?... नहीं साहब! खाते नहीं हम। अरे बाबा, मुझे मालूम है नहीं, साहब हम खाते नहीं है। कुनैन से अच्छा हो जाता ...
- क्या धन्धा है?... आदमी जो खुशामद करते हैं और चापलूसी करते हैं, भाईसाहब! हम आपका ब्याह करा देंगे, भाईसाहब! हम आपका ये क...
- क्या नाम है?... बृहस्पति। बृहस्पति! हाय! हाय!! बृहस्पति बैठा हुआ है। ब्याह करेगा। तो मार डालेगा। तेरी बेटी को खा जाय...
- क्या पकड़ लाया?... ‘ॐ नमः शहदाय् नमः’ शहद आ गया। नहीं महाराज जी! शहद नहीं आया और मक्खी काटने आई और हिरन मारने आए। नहीं,...
- क्या पकड़ लेते हैं?... हमको तो इसी में मजा आता है। काहे में मजा आता है? डमी (पुतला) के साथ खेलने में। ये क्या लाए हो? शेर। ...
- क्या पकड़ना चाहते थे?... जंगल में से हाथी पकड़ना चाहते थे, बेचेंगे तो हाथी पकड़कर लाइए न? हाथी पकड़ने में तो बड़ा भारी पसीना आता ...
- क्या पाठ याद कराते हैं?... राम-राम, भगवान का नाम, गायत्री मंत्र। गायत्री मंत्र याद हो जाए, तो हमारा उद्धार हो जाए।इतना याद हो ज...
- क्या पूजा-उपासना थी, आप बताइये?... कोई अनुष्ठान, जप, तप, ध्यान, धारणा, समाधि—दैनिक जीवन में कुछ भी नहीं था। भगवान की आज्ञा है, जैसा कि ...
- क्या पढ़ाई है?... हमारे पास है—गिनती। गिनती क्या होती है? गिनती होती हैं ९। तो गिनती थोड़े ही करूँगी अठन्नी में। तो क्य...
- क्या फायदा बेटा बाँटने से?... नहीं महाराज जी! बेटा पैदा कीजिये। नहीं हम नहीं कर सकते। बेटे से कोई फायदा नहीं, बल्कि नुकसान है। ये ...
- क्या बात है?... अपाहिज है? अपंग है? तो आप बच्चे को देंगे? नहीं, हमने अपनी जिन्दगी में दिया ही नहीं। हमारा बाप ढेरों-क...
- क्या बात है?... क्या माँगता है? उसने कहा—माँ! मैं जरा नौकरी माँगने आया, तो क्या माँगता है? माँ मैं भक्ति माँगता हूँ,...
- क्या भेड़ नुकसान में रही?... आपकी दृष्टि से तो नुकसान में रहनी चाहिए; क्योंकि उसने बिना कीमत के अपनी ऊन दे दी; लेकिन भगवान् की तर...
- क्या मंत्र बताएँ?... बता तो दिया आपको गायत्री मंत्र। फिर भी नहीं भरा पेट। नहीं साहब! फिर कुछ और कमाल बताइये? इसके बीजमन्त...
- क्या मतलब था?... हमारा मतलब ये था, सब भार का मतलब ये था कि तीन लड़कियाँ ब्याह लायक हो गई हैं। १५-१५ हजार रुपया चाहिए। ...
- क्या मतलब है आपका?... आप पसीना बहाते हैं, समय देते हैं, श्रम करते हैं, संसार में श्रेष्ठ वृत्तियों के सम्वर्द्धन के लिए। नह...
- क्या माँगता है?... उसने कहा—माँ! मैं जरा नौकरी माँगने आया, तो क्या माँगता है? माँ मैं भक्ति माँगता हूँ, शक्ति माँगता हू...
- क्या मालूम पड़ता था?... क्यों भाईसाहब! आप तो गिरेंगे नहीं, हमको भी बिठा लीजिए। अच्छा, आपको भी बिठा लेते हैं, आइए बैठ जाइये म...
- क्या मिल गया?... क्या कमा के लाया? कुछ भी नहीं कमा के लाया गुरुजी! प्रशिक्षण यों ही गँवाया, तो फिर मूरख काहे के लिए क...
- क्या मिलने वाला है?... वह चीज मिलने वाली है, जिसको हमने गँवा दी। हमने अपना जीवन गँवा दिया; हमने अपने सिद्धान्त गँवा दिये; आ...
- क्या मौन शिक्षण है?... देवताओं की शक्ति को विकसित करने के लिए, गायत्री माता का चमत्कार देखने के लिए आप ये सारे-के शिक्षण ही...
- क्या यह ऋषियों की धोखेबाजी है?... कोई बौद्धिक मायाजाल है? न, ऐसी बात नहीं। अगर आपने ऐसा विचार किया है व आप निराश हो गये हैं कि पूजा-पा...
- क्या याद करें?... मरे तेरे का! महाभारत याद कीजिये। लकार याद कीजिये। मरे! मरे! याद कीजिये याद के बिना कोई बात ही नहीं ब...
- क्या रखा हुआ है?... खिलौना और देवी! देवी नहीं है, खिलौना है। अभी यहीं पड़ी हुई है वह पत्थर की मूर्ति एक कोने में—दक्षिणेश...
- क्या रुकावट होती है?... मुझे बताइये न? पैसे की वजह से रुकावट होती है।...
- क्या वजह थी?... सिर्फ एक ही वजह थी कि ‘राम काज कीने बिना मोहि कहाँ विश्राम’ इसमें उनकी अपनी इच्छा कहाँ थी कि बैकुण्ठ...
- क्या वजह है?... हमारे भीतर संगठन करने का क्रम नहीं है। चोर-चोर इकट्ठे हो सकते हैं, ‘चोर-चोर मौसेरे भाई’ और पण्डित-पण...
- क्या वह मशक्कत या पुरुषार्थ से पास हो सकता था?... कदापि नहीं। चाहे वह कितना भी परिश्रम कर लेता, वह सफल नहीं हो सकता था। उसका भाग्य ठीक नहीं था। भाग्य ...
- क्या वास्तव में वह मुझसे प्यार करता है?... प्यार का मतलब होता है—देना। अगर प्यार का मतलब देनाा, आप नहीं समझते हैं, प्यार का मतलब आप यह समझते है...
- क्या विधि सिखा दें?... आचार्य जी! ऐसी कोई विधि आप सिखा दीजिए। इस विधि की कोई वजह? आपने जो फायदा उठाया, व दूसरों से जो फायदा...
- क्या वे भगवान शंकर हमारी कठिनाइयों का समाधान नहीं कर सकते?... क्या हमारी उन्नति में कोई सहयोग नहीं दे सकते? भगवान को देना चाहिए, हम उनके प्यारे हैं, उपासक हैं। हम...
- क्या शान्ति नहीं देंगे?... हिम्मत नहीं देंगे? क्या आप इतनी भी कृपा नहीं कर सकते? अगर हमने यह प्रार्थना की होती तो मजा आ जाता, फ...
- क्या शिक्षण ग्रहण करें?... बेटे क्या करना पड़ता है? सफाई करनी पड़ती है। बिना सफाई के पूजा नहीं हो सकती है। शरीर को साफ कर पूजा के...
- क्या हमारी उन्नति में कोई सहयोग नहीं दे सकते?... भगवान को देना चाहिए, हम उनके प्यारे हैं, उपासक हैं। हम उनकी पूजा करते हैं, वे बादल के तरीके से हैं। ...
- क्या हर्ज है?... मैं अफ्रीका गया। वहाँ कितने ही नीग्रो को गायत्री मंत्र सिखाना पड़ा, कई दिन सिखाया। एक और सज्जन, जिनके...
- क्या हुआ काली के भीतर?... काली के भीतर प्राण फूँक दिया। किसने प्राण फूँका? रामकृष्ण परमहंस ने। वो सिद्ध देवी थी? हाँ, वो सिद्ध...
- क्या है पहचान की आपकी गति ठीक बन रही है कि नहीं?... क्या पहचान है इसकी कि स्पीड (गति) इतनी होती है, न वह मन्द, न वह तेज की हम पहला अक्षर और अन्तिम अक्षर...
- क्या हो गया?... राक्षसों ने हमको मारा। राक्षस क्यों मार सकते हैं? तुम तो देव हो। तुम्हारे पास तो वेदों का ज्ञान है। ...
- क्या होता है लोगों को?... आपका ये ख्याल है कि लोगों की सांसारिक दिक्कतें और सांसारिक कठिनाइयाँ होने की वजह से आदमी की जीवात्मा...
- क्या होना चाहिए?... इस तरह का होना चाहिए जैसा कि नारद जी ने समझा दिया था डाकू को। अरे बेटे! तू राम का नाम ले और ये क्या ...
- क्या-क्या सौंप दिया भार?... बिना बना मकान पड़ा है, अधूरा है। इसको बनवाना भगवान् तुम्हारे हाथों में है। भगवान तुम्हारे हाथों में स...
- क्यों अच्छा कर दें?... गुरु जी! आपकी शाखा बन्द हो जाएगी? क्यों? क्यों हमारी शाखा बन्द हो जाएगी? गुरुजी! हमारी मौसी को जुकाम...
- क्यों आ जाती है?... उद्धार कैसे हो सकता है? ऐसे अनेक प्रश्न तुलसीदास जी के मन में उत्पन्न हुए। उनका समाधान भी उसी श्लोक ...
- क्यों आपको देंगे?... आप तो तीन साल से क्लास में फेल कर रहे हैं। हम तो क्लास में फर्स्ट होने वालों को देंगे। आपको नहीं दें...
- क्यों उनके चमत्कार हमें दिखाई नहीं पड़ते?... जबकि शंकर भगवान के भक्त जिन्होंने क्या से क्या अनुदान प्राप्त किए हैं, जो भी तप करने के लिए खड़ा हो ग...
- क्यों करता हूँ?... उनके पीछे वो विचार जुड़ा हुआ नहीं है। कौन-सा? जो दूसरे देवी-देवताओं के पीछे जुड़ा होता है।रामचन्द्रजी ...
- क्यों कराते हैं?... इसलिए कराते हैं कि आपके हाथ से भगवान चला गया है और आपने भगवान को गँवा दिया है, भगवान को खो दिया, अपन...
- क्यों खाने गया था जूठन?... इसलिए जूठन खाने गया था कि वो दुनिया को साबित करना चाहता था कि भक्त बड़ा होता है और भगवान छोटा होता है...
- क्यों चिल्लाता है?... हमार मन। हम तो लड़ेंगे। अच्छा, लड़ेगा। वह कर रहा था गोबर। एक ने पूछा—ये क्या करता है? गोबर काहे को करत...
- क्यों नहीं उनकी शक्ति का लाभ मिलता?... क्यों उनके चमत्कार हमें दिखाई नहीं पड़ते? जबकि शंकर भगवान के भक्त जिन्होंने क्या से क्या अनुदान प्राप...
- क्यों मार डालेगी?... देवी का क्या बिगाड़ा है? अरे! तैंने हजामत क्यों नहीं खिलायी? अरे! हजामत नहीं खिलायी, तो बाबा! जलेबी ख...
- क्यों हमारी शाखा बन्द हो जाएगी?... गुरुजी! हमारी मौसी को जुकाम हो जाता है। हमारी मौसी को अच्छा कर दीजिये। बेटे! तेरी मौसी को अच्छा कर द...
- क्यों, क्या बात थी?... अरे साहब! आज बुखार आ गया था, तो हमने कहा जरा शराब पी आवें, देखें तो सही कैसे क्या होता है। बस, जरा श...
- क्यों, क्यों होती है लड़ाई?... लड़ाई होने की वजह? वजह ये है कि अच्छे आदमी कभी संगठित होकर नहीं बैठे। अच्छे आदमियों ने कभी नमाज मिल-ज...
- क्यों, मुन्नीलाल की दुकान कहाँ है?... मालूम नहीं है, हमें नहीं मालूम। लाला मुन्नीलाल की दुकान कहाँ है? वो बैठी है—उधर की दुकान और वो शनिश्...
- क्योंकि इनको सिखा लिया गया है और सिखाये न गये होते तब?... तब ये खूँखार रहते और इनको देखते ही आदमी भाग खड़ा होता अथवा ये आदमी का नुकसान कर देते अथवा ये अपना नुक...
- क्योंकि उन्होंने अपने आप को अच्छा बना लिया?... और उन्होंने माला घुमाना सीखा होता और तरह-तरह के मंत्र-तंत्र और यंत्र—ये बनाये होते और अपनी जिन्दगी क...
- क्रिया क्या होती है?... हलचल। जो भी पदार्थ हैं—जड़ हैं। जड़ में एक चीज पाई जाती है, वो है हलचल। एटम में हलचल पाई जाती है, हवा ...
- क्रिया-कलाप गिनाऊँ आपको?... नहीं क्रिया-कलाप नहीं गिनाऊँगा। क्रियाकलाप गिनाऊँगा तो मुझे वहाँ से चलना पड़ेगा जहाँ से काँग्रेस का व...
- खराब होता है काला रंग?... काला रंग खराब नहीं होता। गोरों और कालों का जो वर्गीकरण किया गया है, वो वास्तव में आलंकारिक रूप है। आ...
- खर्चा भी कम और कुटुम्ब का?... कुटुम्ब पालने में हमको बाहरी शक्ति लगानी पड़ती है? कुटुम्ब तो खिलौने हैं। बच्चे हैं ये आपके। इनसे खेल...
- खिलौना कहाँ रखा हुआ है?... दक्षिणेश्वर के मन्दिर में। क्या रखा हुआ है? खिलौना और देवी! देवी नहीं है, खिलौना है। अभी यहीं पड़ी हु...
- खेत में बीज नहीं बोया जाएगा, तो उगेगा कहाँ से?... आप गेहूँ बोयेंगे, तो गेहूँ उगेगा, चावल बोयेंगे तो चावल उगेगा, जो कुछ भी आपने बोया है, वही उगेगा। लेक...
- खड़े हुए पानी पी लें?... हाँ, खड़े हुए पानी पी लो। नहीं, महाराज जी। मैं तो पालती मारकर बैठूँगा और पानी पीऊँगा। कोई नुकसान नहीं...
- गंगा जहाँ से निकलती थी, गोमुख से, वहाँ से बढ़ी, फिर आगे और बढ़ी और बढ़ी फिर क्या बनी?... बेटे! नहरें निकलती रहीं। आपने देखी हैं? बड़ी-बड़ी नहरें निकलती रहीं; लेकिन आपने देखा उसमें? कोई कमी नह...
- गंगा फलेगी और कौन देगा?... हिमालय। अरे! हिमालय नहीं देगा तो दुनिया देगी। चम्बल ने कहा—हम भी चलेंगे। सरयू ने कहा—हम भी चलेंगे। घ...
- गंगाजी का पानी इलाहाबाद में खर्च हो गया, कानपुर में खर्च हो गया और कहाँ-कहाँ पानी खर्च हो गया?... बनारस में पानी खर्च हो गया, तो गंगा जी क्या कम हो गईं? कम नहीं हो सकतीं। ये लोकहित में प्रवाहित इसके...
- गज की तो एक ही टाँग पकड़ी थी और हमारे टाँगें तो हैं चार और मगर?... मगर हैं छह? छह मगरों ने चार टाँगें पकड़ रखी हैं और एक-एक हमारी पूँछ पकड़ रखी है। एक हमारी सूँड़ पकड़ रख...
- गणेशजी के पास क्यों चला गया?... तू तो हमारा चेला था। तूने हमको क्यों नहीं खिलाया? मित्रो! बड़ी भारी अराजकता फैल जाएगी इस तरह और फिर न...
- गन्दी आँखों से देखेंगे?... आँखें खराब हो जाएँगी। तेरी आँखें फूट जाएँगी। सीताजी के साथ में ऐसे गन्दे ढंग से पेश आते हैं। ये सब क...
- गन्दे इशारे करेंगे?... गन्दी आँखों से देखेंगे? आँखें खराब हो जाएँगी। तेरी आँखें फूट जाएँगी। सीताजी के साथ में ऐसे गन्दे ढंग...
- गन्दे गीत गाएँगे?... गन्दे इशारे करेंगे? गन्दी आँखों से देखेंगे? आँखें खराब हो जाएँगी। तेरी आँखें फूट जाएँगी। सीताजी के स...
- गलत क्या बात है?... इसका अर्थ ये है—कोई आप कृत्य करते हैं। प्रत्येक कृत्य को पीछे पता चलाना पड़ेगा। क्या पता चलाना पड़ेगा ...
- गलती करेंगे, तो नुकसान उठाएँगे और यदि पानी पीने में गलती करें?... नहीं बेटे! पानी पीने में गलती कोई नुकसान नहीं है। गिलास से पी लें? गिलास से पी लो। कटोरी से पी लें? ...
- गलती हमने की है, तो फाँसी किसको लग सकती है?... जाते हैं, इल्जाम बता देते हैं, गिरफ्तार हो जाते हैं, जेलखाने चले जाते हैं और फाँसी लगती है, तो कहते ...
- गाय कौन है?... देव। क्यों? घास खाती है थोड़ी-सी, कम पैसे की घास खाती है और ज्यादा पैसे का दूध देती है। हम क्या कहेंग...
- गाय होती है, घास को चर जाती है न?... हाँ। घास चरके हजम कर लेती है, इसलिए तू क्या करेगा? ब्रह्मचर्य का उद्देश्य केवल वीर्य की रक्षा ही नही...
- गायत्री माता कितनी भारी हो सकती हैं?... गायत्री माता का भार भी ढाई मन हो सकता है। तीन मन क्यों नहीं? तीन मन से तो कम नहीं होगी। नहीं महाराज ...
- गायत्री माता की उपासना प्रारम्भ कर चमत्कार हो जाएँगे?... हाँ बेटे! चमत्कार हो जाएँगे। कैसे चमत्कार हो जाएँगे? गायत्री माता की छवि क्या है? जरा उसको दिखाओ, तो...
- गायत्री माता की छवि क्या है?... जरा उसको दिखाओ, तो देखें। महाराज जी! गायत्री माता हँस पर बैठी हैं। ये बैठी हैं। ठीक है बेटे! उसको जर...
- गायत्री माता के सामने?... हाथ से कर रहा था। काहे के हाथ, देखें। ये तो मिट्टी के हाथ हैं और माँस के हैं। माँस के नहीं, मिट्टी क...
- गायत्री माता को ले जाएँगे?... नहीं बेटे! मुश्किल है। गायत्री माता को साथ में कहीं ले जाना बहुत कठिन पड़ जाएगा और उनमें मुसलमानों मे...
- गायत्री माता को साथ में कहीं ले जाना बहुत कठिन पड़ जाएगा और उनमें मुसलमानों में?... मुसलमानों में गायत्री माता आप ले जाएँगे क्या? बेटे! ये भी बड़ा कठिन पड़ेगा। बड़ा मुश्किल है। आज से सौ व...
- गायत्री माता क्या है?... एक किताब है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता भगवान का एक टेपरिकार्डर है। ये आपके लिए शिक्षण है—मौ...
- गायत्री माता मुझसे भारी हैं क्या या हल्की है?... मुझसे तो भारी हैं। तेरा वजन कितना है? सौ मन है। अच्छा! गायत्री माता कितनी भारी हो सकती हैं? गायत्री ...
- गायत्री माता हँस पर बैठेंगी, तो क्या हो जाएगा?... हँस पर बैठती हैं। तेरे सिर पर बैठती हैं। ये अलंकार हैं, शिक्षण हैं। अलंकारों को समझता नहीं है? शिक्ष...
- गिनती क्या होती है?... गिनती होती हैं ९। तो गिनती थोड़े ही करूँगी अठन्नी में। तो क्या भाव करेगी गिनती? एक रुपये में एक करूँग...
- गिरधर गोपाल को, उन्होंने एक पत्थर को क्यों मान लिया?... पत्थर को देवता मान लिया; पत्थर को भगवान मान लिया; पत्थर को न जाने क्या मान लिया? पत्थर को प्रतीक, प्...
- गिलास से पी लें?... गिलास से पी लो। कटोरी से पी लें? कटोरी से पी लो। हाथ से पी लें? हाथ से पी लो। सोके पी लें? सोकर पी ल...
- गीता का पाठ?... नारायण मंत्र का पाठ? नहीं, कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा—इस समय आपत्ति घर में है। सीता जी आपत्ति में ...
- गुरुजी कितने बड़े है?... जितना बड़ा हमारा काम। आपकी दृष्टि में हमारा समग्र रूप नहीं आ सकता; क्योंकि आपकी आँखें बहुत छोटी हैं। ...
- गुरुजी दोनों को अलग कर दें तब?... अकेले कलेवर में ताकत है? अकेले कलेवर में, हम जब मरें तो उसको आप उठा ले जाना। गुरु जी! व्याख्यान कहिए...
- गोबर काहे को करता है?... तो बोला—डर लगता है। अरे! तो लड़ता काहे को है। डरता है, तो लड़े मत। लड़ता है तो डर मत। पाप भी करता जाता ...
- घास चरके हजम कर लेती है, इसलिए तू क्या करेगा?... ब्रह्मचर्य का उद्देश्य केवल वीर्य की रक्षा ही नहीं है। ब्रह्मचर्य का आगे जा करके जो अर्थ होता है, वह...
- घास पैदा होगी कि नहीं?... घास पैदा नहीं हो सकती। सारी-की जो अध्यात्म की प्रक्रिया है, वह पात्रता का सम्वर्द्धन, आत्म-परिष्कार, ...
- घोड़े को कितना बाल्टी में नहलाएँगे?... घोड़े को तो बेटे! दस बाल्टी में नहलाएँगे। तो भगवान जी को दस बाल्टी से नहला। ये क्या कर रहा था? स्नानं...
- घड़े में खून इकट्ठा करने पर बच्चा निकलता है?... हमें नहीं मालूम है और हमको इस पर बात नहीं करनी। अगर आप शंका-समाधान चाहेंगे, तो हम नाराज होंगे। गुरुज...
- चण्डी का पाठ हो रहा है?... दुर्गा का पाठ हो रहा है—दुर्गा का पाठ। मित्रो! पण्डितों की इस वक्त पाँचों उँगलियाँ घी में होंगी। देव...
- चना-गुड़ चबाने की और खटाई न खाने की कीमत के ऊपर सन्तोषी माता को प्रसन्न करने की हमने इच्छा की और सन्तोषी माता बेचारी क्या दे सकती हैं?... कितना दे सकती हैं? उतना ही देंगी, जितना कि आपने चना-गुड़ से बचत की थी। रोटी खाने में चवन्नी खर्च होती...
- चन्दन क्या सिखाता है?... हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। फूल क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। दीपक क्या सिखाता ह...
- चन्द्रमा कौन-सा वाला?... वो, जिसके ऊपर रशिया वालों के साथ राकेश शर्मा गया था, वो चन्द्रमा? वो चन्द्रमा बहुत बड़ा है और वो पृथ्...
- चर जाना कैसे?... गाय होती है, घास को चर जाती है न? हाँ। घास चरके हजम कर लेती है, इसलिए तू क्या करेगा? ब्रह्मचर्य का उ...
- चरक का जीवन पढ़ा है न?... चरक ने सारी जिन्दगी जड़ी-बूटियों की खोज की और सुश्रुत ने शल्य-क्रिया का आविष्कार किया। नागार्जुन ने क...
- चल तो अच्छा रहा, बैठ जा और बता तेरे घर में सब कैसे हैं?... अच्छा अच्छा तो तेरी छोटी मामी ने क्या खिलाया? छोटी मामी ने साहब, अच्छा खिला दिया। ठीक है। उसने सोचा—...
- चलते हुए हम कहाँ पहुँचे, आप देखते हैं न?... आपके लिये भी यही रास्ता है। आपको समय की माँग है। समय की माँग आपके सामने भी है और वह समय की माँग इस त...
- चला गया, फिर कौन आ गया?... फिर लाल झण्डे वाला आ गया। कहिये साहब! नमस्कार साहब! नमस्कार साहब! नमस्कार साहब! कहिये साहब! किसको वो...
- चाल का ये नियम बनाया जाए, हमारी चाल कितनी होनी चाहिए?... चाल का एक क्रम बना हुआ है, जैसे एक घण्टे में १० माला और ११ माला तो होनी ही चाहिए। इसमें विराम नहीं ह...
- चालाकी कैसे करेंगे?... मक्कारी कैसे करेंगे? चीट कैसे करेंगे? धोखा कैसे करेंगे? आपके साथ में बुरा व्यवहार कैसे करेंगे? आप रा...
- चाहे न भी बनें वे, तो कम-से आपको जितने समय तक उनसे सम्पर्क बनेगा, आप जितने समय तक विचार करेंगे, उतने समय तक आपके लिये वो अच्छे ही रहेंगे, चाहे वो बुरा करते हैं, तो करने दीजिए; लेकिन आप क्यों ऐसा सोचते हैं?... कान अगर आपके पास सही हैं, तो आपको दूसरों के सलाह-मशविरा सुनने का मौका मिलेगा; परामर्श का मौका मिलेगा...
- चिन्तन क्या होता है?... श्रद्धा। श्रद्धा क्या होती है? भावना। इन तीनों को आप जोड़कर चलें, तो छोटे-से कर्मकाण्ड भी आपके लिए कम...
- चीट कैसे करेंगे?... धोखा कैसे करेंगे? आपके साथ में बुरा व्यवहार कैसे करेंगे? आप राम हैं—हम कैसे कर सकते हैं? हमारी एक आँ...
- चूल्हा बनाना हो और चक्की बनानी हो और हमको घर से बाहर जाना हो और हमको मुहूर्त देखना हो, तो हमको किससे पूछना पड़ेगा?... देवता से। सामने वाला चन्द्रमा है कि नहीं और जोगिनी पीठ पीछे हैं कि नहीं? दिशाशूल हमारे आगे है, तो हम...
- चोर की है?... नहीं, ठग की, उठाईगीर व जालसाज की भी नहीं। साधना करने से पहले ब्राह्मण बनना पड़ता है। कपड़े को रँगने से...
- छोटे भाई के यहाँ से आ रहा है?... हाँ तो ठीक है, पर तो खाना-पीना खा ही आया होगा? चल तो अच्छा रहा, बैठ जा और बता तेरे घर में सब कैसे है...
- जंगल में से हाथी पकड़ना चाहते थे, बेचेंगे तो हाथी पकड़कर लाइए न?... हाथी पकड़ने में तो बड़ा भारी पसीना आता है, बहुत मुश्किल पड़ती है। बेटा! हाथी पकड़ना क्या समझते हो सरल है...
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- जन्म और मृत्यु हमारी जिन्दगी के दो शानदार पहिये हैं?... जिन्दगी के बारे में भी हमको हर रोज विचार करना चाहिए और मौत के बारे में भी हमको हर रोज विचार करना चाह...
- जन्म से ही पागल होता तब?... क्या वह मशक्कत या पुरुषार्थ से पास हो सकता था? कदापि नहीं। चाहे वह कितना भी परिश्रम कर लेता, वह सफल ...
- जप करने से और महात्मा कैसे हो जाते हैं?... महात्मा बेटे! हो जाते हैं —— ‘महात्मा गाँधी नमः—महात्मा गाँधी नमः’ से और रुपये वाला? रुपये वाला घनश्...
- जप किये थे?... तप किये थे? ध्यान-धारणा की थी? सुग्रीव जी ले आये थे, कुछ नहीं की थी। बन्दर थे खाली तब। जब भगवान से म...
- जप किसका करना चाहिए?... कितना करना चाहिए? गायत्री-मन्त्र का जप करना चाहिए; क्योंकि प्रज्ञा की देवी वही है। कितनी माला करनी च...
- जप में हमको क्यों लगा दिया?... आप रोज जप क्यों कराते हैं? बेटे! इसलिए जप कराते हैं कि कोई चीज हमारी खो गई है और हम तलाश करते हैं कि...
- जब आपकी मिलिट्री पुल पर से होकर के निकलती है, तो आपके जो सिपाही होते हैं, खटपट-खटपट, लेफ्ट-राइट, लेफ्ट-राइट ऐसे चलाते हैं?... वाह! ऐसे कैसे चल सकते हैं। तो क्या करते हैं? हम ये कहते हैं पैर-से मिला करके चलिये मत। नहीं हम तो ऐस...
- जब आपको बाहर की चीजें ही नहीं दीखतीं, केवल इधर-उधर की चीजें ही दिखाई देती हैं, तो फिर भीतर की कैसे दिखेंगी?... इसीलिए गिरेबान में मुँह डाल करके जब हम भीतर तलाश करते हैं, तो उसका ध्यान कहते हैं। अपने भीतर झाँकने ...
- जब कामुक थे, कैसे थे?... स्त्री जब वहाँ चली गई, पिता के घर, तो वहाँ जा पहुँचे। वह सुना है न किस्सा आपने? मैं क्या सुनाऊँगा आप...
- जब कोई शेर या हाथी तंग करता है, तो एक हंटर घुमाते हैं, तो क्या होता है?... सन्नाटा खिंच जाता है इलेक्ट्रिसिटी के कारण। हंटर तो, हंटर तो बेटे वही हैं जो बाजार में बिकते हैं। उस...
- जब तक इनको ठीक नहीं करेंगे, तब तक किस तरीके से भगवान को प्राप्त करेंगे?... तलवार को जब तक घिसा नहीं जाएगा, तब तक उस पर धार नहीं आयेगी तो बताइये, फिर कैसे चलेगी? बिल्कुल खपच्ची...
- जब तक हमको शंकरजी के, पार्वतीजी के दर्शन नहीं हो जाएँगे, तब तक हम किस तरीके से जाएँगे?... और क्यों जाएँगे? हम तो दर्शन करने आए हैं। तो क्या आप यहाँ रहेंगे? हम तो रहेंगे। हम तो दर्शन करेंगे। ...
- जब दोनों मना कर रहे थे, तो आप कैसे सहायता करने पहुँचे?... हर एक के मना करने, शरीर के नुकसान होने पर आप कैसे चले गए? यह कैसे हो गया? आपके मन ने बेचैन कर दिया। ...
- जब नेहरू मरणासन्न हुए, तो लोगों ने पूछा कि आपके मरने के बाद इस गद्दी पर किसे बैठाया जाए?... तो उन्होंने अपनी उँगली से लालबहादुर शास्त्री की ओर इंगित किया और ये कहा कि यह बहुत ही ईमानदार तथा वज...
- जब पानी निकलेगा, तो आप करवट ले के देखिये और हम आपको एक नल लगाये देते हैं, अच्छा?... नल आपके सिर पर रख देते हैं। आपकी नाक में पानी भर जाएगा आपके कान में पानी भर जाएगा, आप जरा दो मिनट सो...
- जब भेड़ त्याग करने को तैयार नहीं है, तो प्रकृति क्यों त्याग करेगी?... आप इस सिद्धान्त को समझते नहीं है? न समझने की वजह से ही आदमी कंजूस बनता जाता है, कृपण बनता जाता है, ल...
- जब सारा वक्त दूसरे काम में लगा देगा, तो यह कैसे होगा?... आप माली हैं और आपको भगवान के बगीचे के लिए, सेवा करने के लिए भेजा गया है। आप हमेशा ध्यान रखिए कि माली...
- जबकि शंकर भगवान के भक्त जिन्होंने क्या से क्या अनुदान प्राप्त किए हैं, जो भी तप करने के लिए खड़ा हो गया वह न जाने क्या से क्या प्राप्त करता चला गया?... हम और आप जैसे शिव-उपासक उस शक्ति को प्राप्त न कर सकते हों सो ऐसी बात नहीं, पर कहीं न नहीं चूक रह जात...
- जमा न हों तब?... जमा तो आपका 25 रुपया है और आप 2500 रुपए का चैक काट दें, तब वापस हो करके आ जाएगा और वो आपने जिसको बैं...
- जमीन कौन है?... देव। किसान से जो कुछ भी वसूल करती है। अनाज के रूप में, उसे सैकड़ों गुना करके अनाज के ही रूप में वापस ...
- जमीन सुखी हुई हो और जमीन पिए नहीं तो?... घास पैदा होगी कि नहीं? घास पैदा नहीं हो सकती। सारी-की जो अध्यात्म की प्रक्रिया है, वह पात्रता का संव...
- जरा उनका नाम बताइये?... दो-एक का नाम बताइये मुझे? बाल्मीकि, अजामिल, सदन कसाई। अच्छा! तो इसी चक्कर में हैं आप। कसाई की दुकान ...
- जरा एक खोपड़ी को देखिये और आपके गले में, आपके हृदय में वो खोपड़ी भी रहनी चाहिए और आपके शरीर के ऊपर मुर्दे की राख भी रहनी चाहिए और आपको यह ध्यान रहना चाहिए कि हमारा असली निवास कहाँ है?... शंकर भगवान मौत के देव हैं। मौत के देव—जिनको हमने भुला दिया है।...
- जरा देखना कैसे कस-कस के लड़ाई होती है?... मेढ़ाओं की लड़ाई देखी है आपने? जिन्दे मेढ़ों की लड़ाई न देखी हो, तो पण्डितों की लड़ाई देखना। जब ब्याह-शाद...
- जरा बताओ तो सही तुममें से कोई एक आदमी भी ऐसा है?... कैसा? जिसने वास्तविक सुख का, वास्तविक आनन्द का उपभोग किया हो। अरे अभागे लोगो! तुममें से कोई एक आदमी ...
- जरा-सी है और आदमी का खर्चा?... खर्चा भी कम और कुटुम्ब का? कुटुम्ब पालने में हमको बाहरी शक्ति लगानी पड़ती है? कुटुम्ब तो खिलौने हैं। ...
- जल क्या सिखाता है?... जल सिखाता है हमारा श्रम और हमारा पसीना श्रेष्ठ कामों के लिए और श्रेष्ठ वृत्तियों के लिए नियोजित हो। ...
- जानता है किसे कहते हैं भार सौंपना?... भार सौंपना उसे कहते हैं, जब सारी-की क्षमता को, सारी-की जिम्मेदारियों को भगवान के सुपुर्द किया जाता ह...
- जानते हैं आप?... हनुमान जी का किस्सा सुना है न! वे सुग्रीव के यहाँ नौकरी करते थे। बाली के डर के मारे वह छिप गए। दोनों...
- जानवर का बच्चा पैदा होने के बाद में, खरगोश का बच्चा पैदा होते ही घास खाने लगता है और भाग जाता है; लेकिन मनुष्य का बच्चा?... मनुष्य का बच्चा तो कितना बड़ा हो जाता है, फिर भी माँ की देख−भाल के बिना, संरक्षण के बिना, उसका दूध पि...
- जानवरों से पूछा—सीता आपने देखी?... किसी ने जवाब नहीं दिया, तो चिल्ला करके हवा से पूछने लगे—सीता! सीता! कहीं सीता हों तो जवाब दें। कहाँ ...
- जिन्दगी कहाँ है?... जिन्दगी बाहर नहीं, हमारे भीतर है और बुद्धि जिसकी वजह से हम रुपया कमाते हैं, सम्मान कराते हैं, वह बाहर...
- जितने भी सन्त हुए हैं, ऋषि हुए हैं, वे सब गरीब थे कि नहीं थे?... हाँ, गरीब थे। पैसे हमको दिलवा दीजिये, तब हम भक्ति करेंगे, नहीं तो हमको नहीं भक्ति करनी। आप घर जाइये।...
- जिन शंकर जी के चरणों में आप बैठे हुए हैं, उनसे क्या कुछ सीखेंगे नहीं?... पूजा ही करते रहेंगे आप! यह सब चीजें सीखने के लिए ही हैं। भगवान् को कोई खास पूजा की आवश्यकता नहीं पड़त...
- जिन्दगी का फायदा क्या हो सकता है?... जिन्दगी हम कहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं? यह सारी-की बातें हमको गलत मालूम पड़ती हैं और जो चीजें, जो बातें...
- जिन्दगी को हम कहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं?... उस काम में हमको नुकसान दिखाई पड़ता है। जिन्दगी का फायदा क्या हो सकता है? जिन्दगी हम कहाँ इस्तेमाल कर ...
- जिन्दगी खुशहाल कैसे हो और सफल कैसे हो?... इन दोनों बातों का बैलेन्स अगर हमने मिलाया होता, तो शंकरजी की पूजा और उपासना के पश्चात् जो प्रेरणा हम...
- जिन्दगी नहीं है तो?... लाइफ नहीं है तब? आँखें रखी हैं। आप घर ले जाना इसमें से निकाल के। आँखें देखेंगी? आप देख लेना मिट्टी ह...
- जिन्दगी हम कहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं?... यह सारी-की बातें हमको गलत मालूम पड़ती हैं और जो चीजें, जो बातें हमारे लिए केवल नुकसान की हैं, हमारे ह...
- जिस आदमी के भीतर कोई करुणा न हो वह कोई परमात्मा है?... वह कोई भक्त है! नहीं, जिसके हृदय में कोई करुणा नहीं, दया नहीं, सेवा की बुद्धि नहीं; जो उदार नहीं हो ...
- जिसकी वजह से जान प्राण पैदा होता है, उसको भी जानते हो कि नहीं?... वस्तुओं की जरूरत है? वस्तुओं की भी जरूरत है। कर्मकाण्ड उपयोगी है? कर्मकाण्ड की भी जरूरत है। प्रतीकों...
- जिसने अपने जीवन का लेखा-जोखा तैयार किया कि समाज से हमने क्या पाया?... भगवान से हमने क्या पाया? और भगवान को हमने क्या दिया? और समाज को हमने क्या दिया? आज के लेखे-जोखे में ...
- जीभ की आपने करामात देखी है न?... जीभ को विपरीत कीजिए। स्वाद के सम्बन्ध में साधिये, देखिए आपकी दूसरे दिन से सेहत अच्छी होती है कि नहीं...
- जीवात्मा की तो हमने इतनी उपेक्षा की है कि यह विचारी कराहती रहती है और यह पूछती रहती है कि दोस्त हमारा क्या होना है?... बेटे! हमारा क्या होना है? वह पूछते-पूछते वह बूढ़ी हो गई। बुढ़िया पूछती रहती है कि बेटा! हमारा भी कुछ ह...
- जो कुछ कमाया है, इस बेटे को दे जाएँ, नाती को दे जाएँ और पोते को दे जाएँ और पड़ोसी को?... पड़ोसी को डलिया से दाब दीजिए। आग लगा दीजिए। क्यों? पड़ोसी ने क्या बिगाड़ा है? बेटे को क्यों दे दें? बेट...
- जो कुछ भी पल्ले पड़ा है, उसको कृपण के तरीके से, कंजूस के तरीके से दाब के बैठ जाएँ, अपने ही खर्चे के लिए रखे, दूसरी को न बाँटें तब?... तब मुश्किल हो जाएगी, आप ध्यान रखना। भेड़ ने अपनी ऊन दूसरों को देने का निश्चय कर लिया कि है तो हमारे ह...
- जो जिन्दा रहें, जरा देखना गुरुजी किस आदमी का नाम था?... हम आपकी दृष्टि में छोटे हो सकते हैं, लेकिन संसार के लिए हम बहुत बड़े आदमी हैं। जरा अगली वाली हिस्ट्री...
- जो मुसीबत में हैं और कहते हैं कि हमारी मुसीबत में हिस्सा नहीं बँटाएँगे क्या?... तब हम कहते हैं कि आपकी मुसीबत में हम जरूर हिस्सा बँटाएँगे। हमारी भावनाएँ इसी तरह की हैं। भावनाएँ जिस...
- जो रोमन लिपि में लिखते हैं, उसमें ‘त’ नहीं है, फिर क्या है?... ‘ट’ है। उसको ‘टट्-टट्’ कह रहे थे। ‘प्रचोदयात्’ का ‘त्’ हमने हर चन्द कोशिश कर ली; पर ‘त्’ आया ही नहीं...
- जो हम कह रहे हैं वह दूसरे के लिए फायदेमन्द है या नुकसानदेह है या दूसरे आदमी का दिल दुखाने वाला है—क्या है, क्या नहीं है?... हम कुछ नहीं सोचते। जो मुँह में आता है, अल्लम-गल्लम वही हम बकते रहते हैं। यह न बक करके एक-एक शब्द को ...
- जो हम पढ़ते हैं, जानते हैं, सीखते हैं, उसके लिए क्या करना होता है?... चार हिस्सों में ये पढ़ाई बँटी हुई है। पहली वाली पढ़ाई का नाम है लर्निंग। लर्निंग किसे कहते हैं? लर्निं...
- झण्डा तो हमारा है, हम चाहे जो करेंगे?... आपका है, तो करके दिखाइये? पुलिस आ जाएगी और आपकी रिपोर्ट कर देंगे। ये हमारा झण्डा है, राष्ट्रीय झण्डा...
- झूठ नहीं है, तो घड़े में से बच्चा पैदा करके दिखा दीजिए?... पहले तू खून निकाल, फिर हम अभी बच्चा पैदा करके दिखाते हैं। रामायण में तो यही कहानी है। रामायण झूठ नही...
- टाटा की स्टील फैक्टरी में आप गए हैं कभी?... एक तरफ वहाँ लोहे को गलाया जाता है तथा दूसरी तरफ ढलाई होती है। इस तरह फरनेस (भट्टी) का काम होता है। आ...
- ठीक नहीं करेंगे, तो फिर बात कैसे बनेगी?... भगवान को अपने घर में बुलाने का मन है, तो आप सफाई नहीं करेंगे क्या? शादी जब घर में होती है, तो घर की ...
- ठीक है, मर्जी हो तो करना चाहिए आपको; लेकिन आपने जीवन-साधना की है कि नहीं?... महत्त्वपूर्ण बात यह है। उपासना तभी फलती है। आपने उपासना जीवन भर की है; पर साधना के बिना वह बेकार है।...
- डायमण्ड क्या है?... डायमंड और कोयले में कोई खास फर्क नहीं है। एकाध इसके एलीमेंट्स और एकाध इसके भीतर के जो जर्रे है, उनमे...
- तप किये थे?... ध्यान-धारणा की थी? सुग्रीव जी ले आये थे, कुछ नहीं की थी। बन्दर थे खाली तब। जब भगवान से मुलाकात हो गय...
- तप में क्या काम करना चाहिए?... तप का आपको प्रतीक बताता हूँ। थोड़ा-थोड़ा कर लीजिये। उसका सिद्धान्त आपको याद रहना चाहिए। सिद्धान्त आप भ...
- तब आपकी अन्तरात्मा?... प्यासी रह जाएगी, भूखी रह जाएगी। आपकी आत्मा को आनन्द मिलेगा ही नहीं, जो कि एक देने वाले को मिलता है। ...
- तब क्या करेगा?... इसको चावल चढ़ाऊँगा, पुष्प चढ़ाऊँगा—पुष्पं समर्पयामि, नैवेद्यं समर्पयामि, अक्षतानि समर्पयामि, पाद्यं सम...
- तब बताइये बच्चा कैसे आगे बढ़ेगा?... शादी हुई हो आपकी, यह शादी की बीबी कहाँ से आई आपकी? किसी और ने दी न? किसी और ने उसे पाला-पोषा, पढ़ाया ...
- तमाम दिन तो मुश्किल है आपके लिए; तमाम दिन कैसे मौन रहेंगे?... कभी बोलेंगे, कभी चिट्ठी लिखेंगे, कभी हाथ से लिखेंगे, कभी क्या करेंगे! कभी क्या करेंगे? कम-से दो घण्ट...
- तलवार को जब तक घिसा नहीं जाएगा, तब तक उस पर धार नहीं आयेगी तो बताइये, फिर कैसे चलेगी?... बिल्कुल खपच्ची जैसी होगी। किसी को उससे मार देंगे तो उसको जरा-सी चोट कहीं लग जायेगी, दर्द हो जाएगा, ख...
- ताकत कहाँ से आयेगी?... हवाई जहाज तो करोड़ों रुपये का आता है। ये करोड़ों रुपये का हवाई जहाज पैदा करने की शक्ति किसी और में है?...
- ताल क्या चीज है?... क्रमबद्धता। राम के नाम का हम उच्चारण करते हैं, गायत्री मंत्र का जब हम उच्चारण करते हैं शब्द विज्ञान ...
- तालाबों की बात कौन कह रहा है?... साहब! गायत्री माता शायद रहती हों उस तालाब में। ताला में रहने वाले हँस पर बैठती हों। चल! तालाब में बै...
- तिरस्कार करते हैं?... पुलिस पकड़कर ले जाएगी, जेल में डाल देगी। नहीं साहब! हम जलाएँगे जलाकर दिखाइये जरा! हम तो कम्युनिस्टों ...
- तीन चार दिन रहा मेरे पास तो मैंने पूछा बेटा वहाँ कैसा काम चलता है?... गुरुजी, वहाँ बढ़िया आमदनी है। तो हमने कहा बढ़िया आमदनी से वहाँ तुमने जायदाद खरीदी। अजी, नहीं हम तो किस...
- तीन बार आचमन कर लो, तीन बार क्या मैं तीन गिलास पानी पी जाऊँ, तीन बार से क्या होगा?... मैंने कहा—वाह! ये बहुत सस्ता धन्धा हाथ लगा। इतना सस्ता धन्धा हाथ लगा, इतने कम दाम में इतनी चीजें मिल...
- तीन मन क्यों नहीं?... तीन मन से तो कम नहीं होगी। नहीं महाराज जी! तीन मन से कम में क्या होंगी? तीन मन की गायत्री को भला बुल...
- तीन मन से कम में क्या होंगी?... तीन मन की गायत्री को भला बुला और एक हँस को, फिर ट्राई (कोशिश) करते हैं। एक हँस हम रख देते हैं और तीन...
- तीस और तीस कितने होते हैं?... साठ। इतने में मौज करेंगे। एक महीने में भैंस खरीदेंगे और एक महीने में मकान बनवाएँगे और एक महीने में ज...
- तुम कौन हो?... हम तो रामानंदी हैं। रामचन्द्रजी का मन्दिर तो वहाँ है और हम वहाँ जाएँगे, रामचन्द्रजी को पूजेंगे। वो कौ...
- तुम क्यों हार गये?... ब्रह्माजी ने उनकी हार के कारण को तलाश किया और ये पता लगाया कि आखिर क्यों हारे? आखिर थे तो ये देव। दे...
- तुम्हें हमको खिलाने की गुंजाइश नहीं है?... हम पढ़ें, तो नौकरी करें और तुम्हारे यहाँ सब रोटी खाएँगे! जाओ, हमको हमारे माँ-बाप के यहाँ भेज दो। हमें...
- तुलसी माला से या रुद्राक्ष माला से?... मित्रो! यह सब चीजें मंत्रों से प्राप्त की जा सकती हैं, अगर व्यक्ति का उच्च व्यक्तित्व हो। सारे मंत्र...
- तू कहाँ से आ गया?... छोटे भाई के यहाँ से आ रहा है? हाँ तो ठीक है, पर तो खाना-पीना खा ही आया होगा? चल तो अच्छा रहा, बैठ जा...
- तू क्या सोता है?... तू तो अमीर है! क्या अमीर है तू? मित्रो! हर आदमी के लिए मुकर्रर कोटा तय है। उतना ही इस्तेमाल कर सकता ...
- तू चलता कहाँ है?... दर्शन कर जाता। दिशाशूल बैठा हुआ है, काट खायेगा। हाँ महाराजजी, अब नहीं जाऊँगा। जाना मत। वो दिशाशूल बै...
- तू बताना यों मालूम पड़ रहा था?... नहीं, हमको तो यों सीधा मालूम पड़ रहा था। आपने मौत का कुआँ कभी देखा है? मौत के कुएँ में मोटरसाइकिल वाल...
- तू ब्याह कैसे कर सकता है?... बृहस्पति को ब्याह कर लूँ? बृहस्पति को ब्याह कर लेगा, तो बृहस्पति जिन्दा नहीं छोड़ेगा, सबको मार डालेगा...
- तू रोटी खा करके आया?... रोटी खा करके कहाँ से आया, सबेरे का वक्त है। अच्छा तो चल चाय पी। अरे भाई! अपनी मामी के पास जा। अरे! य...
- तूने हमको क्यों नहीं खिलाया?... मित्रो! बड़ी भारी अराजकता फैल जाएगी इस तरह और फिर न जाने क्या-से होता चला जाएगा।...
- तेरा वजन कितना है?... सौ मन है। अच्छा! गायत्री माता कितनी भारी हो सकती हैं? गायत्री माता का भार भी ढाई मन हो सकता है। तीन ...
- तेरे मोहल्ले में कितनी औरतें रहती हैं?... मेरे मोहल्ले में पचास औरतें रहती हैं और कितने आदमी रहते हैं? पचास आदमी रहते हैं और पच्चीस बाल-बच्चे ...
- तेरे २७ रुपये की मजूरी हो गई और ३ रुपये और बचे हैं ये और ले ले और महीने भर का खर्चा?... अरे! तो मैं कहाँ से लाऊँ? अरे! तो तुमने तो मुझे वैसे ही ठगा और मुझसे ऐसे ही मेहनत करा ली, मुझे परेशा...
- तेल की धारा कैसे?... जिसमें छिन्न-भिन्न न होने पावे धारा, खंडित नहीं होने पावे, बिना विराम दिये, बिना रोक-थाम के एक गति स...
- तेल भी बहुत महँगा हो गया है तो किसका जलाएगा?... मुझे ऐसी तरकीब बता दीजिए, जिससे पचास पैसे में मेरा अखण्ड दीपक जलता रहे। बताइये किसी बिजली कम्पनी ने ...
- तैंतीस करोड़ देव कौन?... प्राचीनकाल में भारतवर्ष की जनसंख्या तैंतीस करोड़ थी; आज तो पचास करोड़ है। जनसंख्या बहुत घनी हो गई है। ...
- तैंने हजामत क्यों नहीं खिलायी?... अरे! हजामत नहीं खिलायी, तो बाबा! जलेबी खा ले। इमरती खा ले। नहीं, मैं तो बाल खाऊँगी। बड़ी जोर की देवी ...
- तो आप क्या करना चाहते हैं, च्यवनप्राश और आँवले का?... च्यवनप्राश तथा आँवले का हम दो काम करेंगे, एक तो हम करेंगे इसका जप और एक करेंगे इसका पूजन। कैसे-कैसे ...
- तो आप क्या करेंगे?... गायत्री माता को ले जाएँगे? नहीं बेटे! मुश्किल है। गायत्री माता को साथ में कहीं ले जाना बहुत कठिन पड़ ...
- तो आप क्या करेंगे?... देखिये हमारा जादू और देखिये हमारा चमत्कार। सारे-के फायदे हो जाएँगे च्यवनप्राश आँवले से। कैसे हो जाएँ...
- तो आप बच्चे को देंगे?... नहीं, हमने अपनी जिन्दगी में दिया ही नहीं। हमारा बाप ढेरों-के सम्पत्ति छोड़ कर मरा था। हमने सब बाँट दी।...
- तो आपको कुछ मिला क्या?... यही तो मैं बताना चाहता हूँ कि मुझे मिला है और अगर आप हमारी बात पर विश्वास कर सकते हो तो अपने बारे मे...
- तो उसने पूछा, क्यों क्या बात है, क्यों नहीं सीखना चाहतीं?... उन्होंने कहा—हमारी रानी मक्खी ने यह कहा है कि जिस संगीत को सीख करके और ये मच्छर हमारे दरवाजे पर भीख ...
- तो एक बात ये पूछकर आओ कि वो क्यों कहता है, क्या माँगता है, क्यों हमको सिखाता है, वजह क्या है?... उसकी नीयत पूछकर आओ।...
- तो और किसको दिया था?... हनुमान जी को दिया था। हनुमान जी की ताकत स्वयं की उपार्जित थी? नहीं, स्वयं की उपार्जित नहीं थी। स्वयं...
- तो कहाँ बिकती है?... भइया, आगे चले जाओ। यहाँ से तीस-चालीस दुकान के पास से एक गली मुड़ जाती है, उसी गली में चले जाओ। बिसाती...
- तो कितना बाल्टी चाहिए?... भगवान जी तो बड़े हैं। हाथी नहाते हैं तो सौ बाल्टी लग जाता है। थोड़ा नहलाते हैं, तो १५-२० बाल्टी लग जात...
- तो कितने में करूँ?... तुम बताओ? चार आने में अक्षर, तो छह आने में मात्रा। छह आने दे देंगे। नहीं, छह आने में नहीं करूँगी। अच...
- तो कौन नाचता है?... उसका विश्वास नाचता था। विश्वास नाचता था और श्रद्धा नाचती थी। अगर हम अपनी श्रद्धा और विश्वास का विकास...
- तो क्या आप यहाँ रहेंगे?... हम तो रहेंगे। हम तो दर्शन करेंगे। हम नहीं जाएँगे। चले गये वो लोग। मैं थोड़ा-सा सत्तू ले गया था और नमक...
- तो क्या कर रहे हैं?... माँज रहे हैं। अरे! तो एक बार माँज लीजिये न। नहीं साहब! एक बार नहीं, कई बार माँजेंगे। थोड़ी मिट्टी ले ...
- तो क्या करते हैं?... हम ये कहते हैं पैर-से मिला करके चलिये मत। नहीं हम तो ऐसे ही चलेंगे, जैसे हमको चलना चाहिए। ऐसे नहीं च...
- तो क्या करना पड़ेगा?... यह करना पड़ेगा कि आप अपने आप को सौंप दीजिये, अपने आप को उनके हाथ की कठपुतली बना दीजिये और देखिये भगवा...
- तो क्या कहता है?... कहता है कि मैं तो सब तुम्हारी शहद की मक्खियों को संगीत की विद्यार्थिनी बनाऊँगा और संगीत में एम.ए. कर...
- तो क्या किसी काम में आपकी एकाग्रता होती है?... हर काम में बिखराव है। आप अपने मन को निग्रहीत करना सीखिए। जब जो काम करना हो, तब उसमें इतनी मुस्तैदी स...
- तो क्या पूजा-पाठ का, मन्त्र जप का विधान गलत है?... क्या यह ऋषियों की धोखेबाजी है? कोई बौद्धिक मायाजाल है? न, ऐसी बात नहीं। अगर आपने ऐसा विचार किया है व...
- तो क्या भाव करेगी गिनती?... एक रुपये में एक करूँगी गिनती। अरे भाई! देखो, इतनी महँगाई थोड़े ही है। अच्छा, तो कितने में करेगी? बारह...
- तो क्या भीतर कोई चीज नहीं है?... बेटे! असल में जो कुछ भी चीज है, वह भीतर ही है, बाहर नहीं। बाहर केवल दिखाई पड़ती है पर असल में हर चीज ...
- तो क्या यह बँट रहे हैं?... नहीं, अनुदान बँटते नहीं हैं। क्या चीजें बँटती हैं? जो साधारण हैं। अनुदान की गणना साधारण वस्तु में नह...
- तो क्या यह वरदान सत्र है?... नहीं मित्रो! यह वरदान सत्र नहीं है। वरदान के लिए सत्र की क्या आवश्यकता है? वरदान माँगने तो लोग यहाँ ...
- तो क्या सेवा और पूजा नहीं करनी चाहिए?... वो भी बता देंगे बाबा! उसमें क्या ऐसी बड़ी-सी बात है? वो कोई बड़ी-सी बात नहीं है। माँगना हो, तो हाथ जोड़...
- तो क्या हुई?... नहीं साहब! ये तो वो हैं। ये लोग नहीं हो सकते। ये समाजवादी हैं, ये फलानेवादी हैं, ढिमाकेवादी हैं। इनक...
- तो नुकसान में रहे होंगे?... आप नुकसान की बात करते हैं—कभी आप हमारे गाँव जाइए, गायत्री तपोभूमि मथुरा, अखण्ड ज्योति कार्यालय देखिए...
- तो फिर आप क्या करना चाहते हैं?... हम तो एक काम करेंगे। रामचन्द्रजी की मूर्ति बनाकर लाएँगे। काहे-की मूर्ति बनाकर लाएँगे आप? लोहे की बना...
- तो फिर क्या हुआ?... कोई चोर ले गया, तो आपका क्या हर्ज है? आपके तो काम वह आ भी नहीं रहा था। हाँ, वह हमारे काम नहीं आ रहा ...
- तो फिर ये चिट्ठी से कैसे मिल सकता है?... चिट्ठी से नहीं मिल सकता। चिट्ठी से बेहतर छोटी वाली स्लिप के ऊपर केवल नाम लिख देना और रकम लिख देना ही...
- तो बेचारा सोचता है, ये क्या कर डाला श्रीकृष्ण ने?... श्रीकृष्ण भगवान मिलेंगे, तो हम उनसे लड़ाई किये बिना नहीं मानेंगे और उनसे ये कहेंगे—खैर ये गलती अब हो ...
- तो मैं कहाँ से लाऊँ?... अरे! तो तुमने तो मुझे वैसे ही ठगा और मुझसे ऐसे ही मेहनत करा ली, मुझे परेशान कर दिया और मुझे ऐसे धोखे...
- तो ये तिरंगा झण्डा क्या है?... मूर्ति किस चीज की बनाई है? एक कपड़े की बना ली हमने। हमने प्लास्टिक की बना ली या कागज की बना ली हमने। ...
- तो हम किससे प्रार्थना करें?... अपने आप से कीजिए। हमारे भीतर जो सुपरमैन बैठा हुआ है, देवता बैठा हुआ है, हमारे भीतर जो हमारा सुपर ईगो...
- था ये कि भगवान की विशेष विभूतियों के सम्बन्ध में हमने एक चित्रण करना शुरू कर दिया और उसका एक स्वरूप शुरू कर दिया कि आदमी के जीवन की धाराएँ और आदमी के जीवन की दिशाएँ क्या होनी चाहिए और आदमी के विचार करने का क्रम और आदमी के चिन्तन करने का स्वभाव क्या होना चाहिए?... असल में सारे-के जो आधार बनाया गया है, सारे-के अध्यात्म का जो कलेवर खड़ा किया गया है, जो भी पूजा-पाठ स...
- दरवाजे से बाहर निकलेंगे तो ये देखा है आपने?... और न हो तो आप एक बड़ा वाला एलसेशियन कुत्ता पाल लीजिये और उसको एक जंजीर से बाँधकर रखिये। जब भी कोई मास...
- दस पैसे की लेकर चला आया, घर आकर कहने लगा मैं तो सोने की अँगूठी लाया हूँ, हीरे की अँगूठी लाया हूँ, कितने में लाया है?... दस पैसे में। चल, उल्लू कहीं का! दस पैसे की कहीं अँगूठी आती है।कम दाम का—कम दाम का........ मित्रो! लो...
- दाँत बड़े-बड़े से मतलब?... दाँत बड़े-बड़े से मतलब ये है कि हम पेटू आदमी हैं और खाने वाले आदमी हैं। हमारे दाँत भेड़िये जैसे हैं, हम...
- दिखाई पड़ेगा आपको?... साँय-साँय सब जगह से कुछ सुनाई नहीं पड़ेगा आपको। आपके कान तो खराब हो गये हैं। दुनिया तो जहाँ-की है। आप...
- दिल है ही नहीं तो लगायेगा कहाँ से?......
- दिवाली पर घर की पुताई होती है कि, नहीं होती है?... नहीं पोतेंगे तो लक्ष्मी जी क्या करेंगी गन्दे घर में आकर? वे गन्दे घर में नहीं आतीं। भगवान जो हैं, गन...
- दीपक को पचासों आदमी जलाते रहते हैं, उसके मुखाग्नि से मालूम कीजिए, क्या है दीपक?... दीपक में तो कुछ भी नहीं। फिर कहाँ से आता है प्रकाश? बेटे! वहाँ से आता है, जहाँ पर हम श्रद्धा का समन्...
- दीपक क्या सिखाता है?... हमने कितनी बार आपको बताया। मिठास क्या सिखाता है? और शक्कर क्या सिखाती है? वो हमने कितनी बार बताया और...
- दीर्घजीवी कैसे हो सकते हैं?... इसका ताल्लुक इसी से है।दूसरा है—प्राणमय कोश। मूलाधार चक्र इसका केन्द्र है। इसकी ऐसी विशेषता है कि इस...
- दुनिया के सारे-के कम्युनिस्ट आते हैं, जो भी उनका तरीका है, पूजा का क्या तरीका होता है?... अभिवादन भी हो सकता है, माला चढ़ाना भी हो सकता है, जो भी हो सकता है—मैं नहीं जानता; पर हर आदमी उनके सा...
- दुपहरी के दिनों में कष्ट क्यों उठाते?... यहाँ कोई मिठाई मिलती है क्या आपको? यहाँ पंखे मिलते हैं क्या? यहाँ तो जमीन पर पड़े रहते हैं और बुरे तर...
- दुर्गा का अवतार कैसे हुआ, आपको मालूम है?... सब-के देवता इकट्ठे होकर प्रजापति के पास गये और प्रजापति से कहा—अब ये दैत्य हमसे सँभालने में नहीं आते...
- दुष्ट आचरण फौरन करने लगता है; क्योंकि चिन्तन जिसका भ्रष्ट हो गया, उसको आचरण को दुष्ट बनाने में क्या देर लगनी चाहिए?... विचार आदमी के है ही नहीं। विचार सब अस्त-व्यस्त हो गये। आज सबसे बड़ी आवश्यकता विचार-क्रान्ति की है, जन...
- दूसरा क्या कारण है?... । इसका क्या कारण है? उसका अन्तराल उसे बेचैन कर देता है तथा वह भाग पड़ता है। अपनी करुणा एवं दया लेकर स...
- दूसरी बात यह है कि आपको जो चीज दी जा रही है, उसका आप क्या उपयोग करेंगे?... आपको लड़की मिल जाए और आप ले जाकर उसे वेश्या बना दें, तो लड़की का बाप आएगा, केस करेगा तथा दंगा-फसाद करक...
- दृष्टिकोण में जमीन-आसमान का फर्क पड़ जाता है, उस दिन जिस दिन आदमी को ये मालूम पड़ती है कि मैं कौन हूँ?... जिस दिन मुझे गायत्री का पहला चरण इस रूप में सिखाया गया है कि तू भगवान है—भगवान का बच्चा है, तो मैंने...
- देखा है आपने?... हिन्दुओं को कभी आपने इकट्ठे होते हुए देखा है? तुम कौन हो? हम तो रामानंदी हैं। रामचन्द्रजी का मन्दिर त...
- देखिये, जब हवाईजहाज में बैठकर सफर करते हैं, तो वह चीजें, जिन्हें पाने के लिए आप व्याकुल हो रहे होते हैं, जिनके लिए आप मरे जा रहे होते हैं, कि बिल्कुल वाहियात चीजें हैं, नाचीज चीजें हैं, इनमें रखा क्या है और जो चीजें अब आपको ऐसी मालूम पड़ती हैं, जिनको आप भूल गए हैं और जान नहीं पाते हैं, वह आपको दिखाई पड़ती हैं, उस हिस्से में कब?... जब आपको राम के नाम की मस्ती आती है और राम के नाम का नशा आता है तब। राम के नाम का नशा कभी आया है? नही...
- देव क्यों हारे?... देवों के हारने की एक वजह है, दूसरी कोई वजह नहीं है। देव जब कभी हारेंगे तथा हम और आपकी जब कभी भी पिटा...
- देवता कहना गलत है?... देवता कहना सही है। देवता कहने में कोई गलती की बात नहीं है और देवता कहने में कोई हर्ज की बात नहीं है।...
- देवता किसे कहते हैं?... जो दिया करते हैं। देने वाले का नाम—सेवाभावी। तो आप देने वाले बन जाइये। आप देने वाले बन गए, तो आपका स...
- देवता के माध्यम से आप यह देखिए कि जीवन को परिष्कृत करने का ढंग क्या है?... गायत्री माता क्या है? एक किताब है। गायत्री माता क्या है? गायत्री माता भगवान का एक टेपरिकार्डर है। ये...
- देवता क्या बहुत सारे हैं?... देवता मित्रो! बहुत सारे हैं नहीं। वो बहुत देवता नहीं हो सकते और बहुत सारे देवी-देवता दुनिया में रहे ...
- देवताओं की क्या सामर्थ्य है?... कोई सामर्थ्य नहीं है। सामर्थ्य भावना की है। भावना देवता को गढ़ती है। भावना कौन है? भावना है—देवताओं क...
- देवताओं की मान्यता हमारे भारतवर्ष में कितनी बड़ी है?... देवताओं के बिना हमारा काम ही नहीं चल सकता, देवताओं के बिना गुजारा ही नहीं हो सकता। चूल्हा बनाना हो औ...
- देवताओं की सामर्थ्य समझता है और भावनाओं की सामर्थ्य को नहीं समझता?... देवताओं की क्या सामर्थ्य है? कोई सामर्थ्य नहीं है। सामर्थ्य भावना की है। भावना देवता को गढ़ती है। भाव...
- देवताओं के बिना कोई काम कर सकते हैं?... देवताओं के बिना हमारा कोई काम नहीं हो सकता। आप शादी नहीं कर सकते। हम चल नहीं सकते, फिर नहीं सकते। हम...
- देवी का क्या बिगाड़ा है?... अरे! तैंने हजामत क्यों नहीं खिलायी? अरे! हजामत नहीं खिलायी, तो बाबा! जलेबी खा ले। इमरती खा ले। नहीं,...
- देवी को खिलाएँगे?... क्या खाएगी? हजामत खाएगी? हजामत नहीं खिलाओ, जलेबी खिला दो तो? जलेबी नहीं खाएगी, हजामत खाएगी और हजामत ...
- दैवी अनुग्रह किसे कहते हैं?... आपने रामायण में कई प्रसंग पढ़े होंगे कि जब देवता प्रसन्न होते हैं, तब फूल बरसाते हैं और कुछ नहीं बरसा...
- दो आँखें तो सबके होती हैं, पर शंकर जी की तीन आँखें क्यों बनाई गईं?... शंकर भगवान की यह वह आँख है, जो मनुष्य के ‘विवेक’ की आँख कहलाती है। यह तीसरी आँख आपके भी होती है। उन्...
- दो-एक का नाम बताइये मुझे?... बाल्मीकि, अजामिल, सदन कसाई। अच्छा! तो इसी चक्कर में हैं आप। कसाई की दुकान भी खोले रहेंगे और बैठे-ठाल...
- दो-एक देवी देवता से काम चलेगा?... दो-एक देवी-देवता से कैसे मिट जाएगी भूख हमारी? हमारी नहीं भरेगी। आपने पूजा के लिए कोठरी रखी हुई है। उ...
- दो-एक देवी-देवता से कैसे मिट जाएगी भूख हमारी?... हमारी नहीं भरेगी। आपने पूजा के लिए कोठरी रखी हुई है। उसमें आपने कितने देवी-देवता बना के रखे हैं। एक ...
- द्रौपदी-स्वयंवर में जब वह गया था, तो द्रोणाचार्य ने लोगों से पूछा कि क्या दिखाई पड़ता है?... किसी ने कहा—मछली का टाँग, मछली का पेट; तो आचार्य द्रोण ने कहा—आप मछली का निशाना नहीं वेध सकते, भागिए...
- धन कहाँ है आपके पास?... धन हमने तो कमाया ही नहीं; पर हमारे पूर्व जन्म का कमाया हुआ था, जो हमारे पिताजी छोड़कर मरे थे 2000 बीघ...
- धर्मपत्नी का स्वास्थ्य कैसे अच्छा करेंगे?... अपने जीवन को भी ठीक कैसे बनाएँगे? आप इस तरीके से योजनाएँ बनाने में, विचार करने में, विचारों को लगने ...
- धर्मराज ने क्या किया?... अर्जुन ने कौन-सा बड़ा काम किया? भीम ने किसका क्या किया? नकुल-सहदेव किस काम में लगे रहे? सबने मिल-जुल ...
- धोखा कैसे करेंगे?... आपके साथ में बुरा व्यवहार कैसे करेंगे? आप राम हैं—हम कैसे कर सकते हैं? हमारी एक आँख में राम बना हुआ ...
- ध्यान किसका करना चाहिए?... सविता गायत्री का देवता है। प्रातःकाल के समय पर प्रातःकाल का सूरज आपने देखा है न? गायत्री का सूरज इसे...
- ध्यान किसे कहते हैं?... हमारे मस्तिष्क की जो शक्तियाँ फैलती रहती हैं, उसे एक जगह एकाग्र करना ही ध्यान है। एक छोटे-से शीशे के...
- ध्यान की एकाग्रता में क्या रखा है?... आप चाहे घण्टों बैठें। ध्यान ही नहीं, समग्र जीवन की एकाग्रता। हमने अपने आपको ब्राह्मण बनाने की कोशिश ...
- ध्यान-धारणा की थी?... सुग्रीव जी ले आये थे, कुछ नहीं की थी। बन्दर थे खाली तब। जब भगवान से मुलाकात हो गयी, तो भगवान से जब म...
- न छोड़ें तब?... जो कुछ भी पल्ले पड़ा है, उसको कृपण के तरीके से, कंजूस के तरीके से दाब के बैठ जाएँ, अपने ही खर्चे के ल...
- न जाने कौन किस काम जा जाए?... देवता क्या बहुत सारे हैं? देवता मित्रो! बहुत सारे हैं नहीं। वो बहुत देवता नहीं हो सकते और बहुत सारे ...
- न जाने क्या-से बना देता है?... वो काली को इस बात के लिए मजबूर कर देता है कि उसको रोटी खानी ही चाहिए। रामकृष्ण परमहंस की काली रोटी ख...
- न मालूम कब कौन-सा देवता किस काम आ जाए?... आपमें से कोई वकील है, कोई डॉक्टर है, कोई इंजीनियर है, कोई प्रोफेसर है, न जाने किससे काम पड़ जाए? सब क...
- नई बात यह है कि यह मिशन हमने कितने परिश्रम से बनाया?... कितना विस्तार इसका हो गया, कितना फैल गया, कितना खुल गया? कितना विस्तार होता जाता है? आप सुनते रहते ह...
- नकुल-सहदेव किस काम में लगे रहे?... सबने मिल-जुल कर के सिर्फ एक ही काम किया—भगवान ने गोवर्द्धन उठाया, भगवान के काम आये। ये कैसे सम्भव हु...
- नदी में नहीं चल सकते?... नदी में नहीं चलते, तो आप चले जाइए नदी में, गंगाजी में वो चलते हैं। वहाँ तो सुख गई होंगी। क्यों? बहुत...
- नरक को जाएगी, लेकिन आम्रपाली नरक को गई थी?... नहीं, नरक को नहीं गई थी। भगवान बुद्ध की शरण में आई, तो उसके पास जो कुछ भी था, पैसा था, वह सब उनके सु...
- नल में क्या है?... कुछ भी तो नहीं है; लेकिन टंकी में भरे पानी के साथ में उसने अपना रिश्ता बना लिया, तो जब तक टंकी में प...
- नहा कर जाना उपासना के निमित्त और क्या करें?... मैला कपड़ा, नहीं बेटे! मैला कपड़ा मत पहनना, देख, धुला हुआ कपड़ा पहनकर जाना और क्या करूँ?? देख जहाँ जमीन...
- नहीं पोतेंगे तो लक्ष्मी जी क्या करेंगी गन्दे घर में आकर?... वे गन्दे घर में नहीं आतीं। भगवान जो हैं, गन्दे घर में नहीं आते। आपने अपने मन में, अपने स्वभाव में, अ...
- नहीं साहब, हमने खरीदा नहीं है तो उसे क्या फोकट में पाया?... हाँ, साहब यही ‘अनुदान’ कहलाता है। आपने फोकट में बीबी पाई, कुछ जेवर भी पाये, ग्यारह हजार दहेज में मिल...
- नहीं सुनी है?... आपको ये कहावत सुननी चाहिए कि एक था भांजा और उसके थे माता सात। तो वो पहले वाले बड़े मामा के यहाँ पहुँच...
- नहीं, अपने आप सन्त रह सकते थे और अपनी गीता का प्रचार करते रह सकते थे; पर दूसरा गाँधी, बापू जी ने बनाया था उन्हें और जिसने वामन अवतार के तरीके से अपने डगों से सारे हिन्दुस्तान को नाप डाला और सैकड़ों एकड़ जमीन मिलती चली गई और किसको मिले गाँधी जी के अनुदान?... करमसंद गाँव का एक पटेल मामूली वकालत करता था। उसको सरदार पटेल बना दिया, हिन्दुस्तान का गृहमंत्री बना ...
- नहीं, ऐसे कैसे ले लेंगे?... सारे हाथ-पाँव कई बार माँजेंगे। बार-बार माँजेंगे और ये क्या कर रहे हैं? मंजन। एक बार माँज लीजिये। देख...
- नहीं, जिसके हृदय में कोई करुणा नहीं, दया नहीं, सेवा की बुद्धि नहीं; जो उदार नहीं हो सकता; जिसका मन कोमल नहीं; जो अपने सुख को बाँट के नहीं खा सकता; जो दूसरों के दुःखों को घटा नहीं सकता, वह भक्त कैसे हो जाएगा?... अगर आप दूसरों के दुःखों को घटाएँगे और अपने सुखों को बाँटेंगे, तो उसका तरीका एक ही हो सकता है कि आप ज...
- नहीं, भगवान् के यहाँ कसौटी एक ही है, वह यह कि आप कितने उदार है?... अगर आप उदार हैं, तो भगवान का दरवाजा आपके लिए उदारतापूर्वक खुला हुआ है और अगर आपने अपना दरवाजा बन्द क...
- नहीं, वह भी नहीं है तो भाईसाहब, हम कैसे नियुक्त करा सकते हैं?... इसी प्रकार अनुदान के लिए शर्त है। उसके लिए सुपात्र होना चाहिए। इनसान को आशीर्वाद वरदान, अनुदान सभी द...
- नागार्जुन ने क्या नहीं किया?... व्यास जी ने अठारह पुराण लिखे थे। आप प्रत्येक ऋषि के बारे में देख लीजिए; सब सेवा में थे। एक भी ऋषि ऐस...
- नाम का जप करेगा और क्या करेगा?... डिब्बे को? बेटे! खोल उसे। नहीं साहब! खोलूँगा तो नहीं। तब क्या करेगा? इसको चावल चढ़ाऊँगा, पुष्प चढ़ाऊँग...
- नाम के लेने से, मिठाई-मिठाई जप करने से हमारा मुँह मीठा नहीं हो सकता, तो राम-नाम के जप करने से कैसे हमारा कल्याण हो सकता है?... कैसे उद्धार हो सकता है? आपको यह समझना चाहिए और यह समझते हुए उसी आधार पर जप करना चाहिए। ऐसा करेंगे, त...
- नारायण मंत्र का पाठ?... नहीं, कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा—इस समय आपत्ति घर में है। सीता जी आपत्ति में फँसी हुई है और देश के...
- नारी किसे कहते हैं?... नारी वेश्या को कहते हैं। नारी का दूसरा नाम क्या है—वेश्या। रमणी इसका नाम है, कामिनी इसका नाम है। आपन...
- नारी के अन्दर वो वाहियात बातें, जो अखबारों में और किताबों में पढ़ते हैं वो?... ये बेटे! सब होती हैं। आपको क्या करना है? आपको उधर ध्यान ही नहीं देना है। आपको नारी के अन्दर जो महान ...
- नारी के अन्दर शैतान रहता है?... नारी के अन्दर शैतान भी रहता है। रहता है? बिल्कुल रहता है। क्यों साहब! नारी के अन्दर वो वाहियात बातें...
- नारी के बारे में हमारा क्या ख्याल है?... हमारा ख्याल है नारी होती है वेश्या। नारी किसे कहते हैं? नारी वेश्या को कहते हैं। नारी का दूसरा नाम क...
- नाला नदी में शामिल हो जाता है; जबकि नाला दो कौड़ी का, गन्दा, कीचड़ से भरा हुआ होता है; लेकिन जब वह नदी में शामिल हो गया तब?... तब नाले का पानी नदी की तरह पूजा जाता है। गंगा में गिरे हुए नाले भी गंगाजल कहलाते हैं। कैसे हो गया यह...
- निकालने का तरीका तो हमको मालूम नहीं है, आपके पास कोई तरीका हो तो बताइये?... जेब काटने का तरीका सबको मालूम है। आप कहें, तो आपकी जेब काट लें। ये तो आपकी शक्ति की महिमा है और क्या...
- निष्ठा, श्रद्धा और आस्था किसके प्रति जगाई?... व्यक्ति के ऊपर? व्यक्ति तो माध्यम होते है। हमारे प्रति, गुरुजी के प्रति श्रद्धा है। बेटा, यह तो ठीक ...
- नेवले से लोगों ने पूछा-वह क्या था?... उसने कहा—वह धर्म था, जो करुणा के रूप में आदमी की परीक्षा करने आता है।...
- पंचदेवता कहाँ से आते हैं?... वे आपके भीतर हैं। मिट्टी की परतें जम गयी हैं; उसमें दबे पड़े हैं। उन्हें जगाने की विधा के पहले उन्हें...
- पंचोपचार क्यों करने पड़ते हैं?... पंचोपचार में क्या करना पड़ता है? पंचोपचार में क्या होता है? रोली होती है, जल होता है, अक्षत होते हैं,...
- पंचोपचार में क्या करना पड़ता है?... पंचोपचार में क्या होता है? रोली होती है, जल होता है, अक्षत होते हैं, नैवेद्य होता है और पुष्प होते ह...
- पंचोपचार में क्या होता है?... रोली होती है, जल होता है, अक्षत होते हैं, नैवेद्य होता है और पुष्प होते हैं। ये सब होते हैं? हाँ बेट...
- पक्के घड़े में पानी भरा रहेगा तो पानी के अलावा उसमें क्या आएगा?... मित्रो! यही हुआ। रावण के पास लक्ष्मण जी दुबारा गये। तब उस समय जा करके पैरों की तरफ खड़े हो गये। हाथ ज...
- पक्षियों से पूछा—आपने सीता देखी?... जानवरों से पूछा—सीता आपने देखी? किसी ने जवाब नहीं दिया, तो चिल्ला करके हवा से पूछने लगे—सीता! सीता! ...
- पण्डितजी से पूछना कि पण्डितजी दिमाग में किसी के पानी निकलता हो, तो वो रात को सोयेगा कैसे?... हमें नहीं मालूम सोयेगा कैसे? जब पानी निकलेगा, तो आप करवट ले के देखिये और हम आपको एक नल लगाये देते है...
- पतंग अपनी डोरी को बच्चे के सुपुर्द न करे, तब?... उड़ाने वाले के सुपुर्द न करे, तब? उसको जमीन पर पड़ा रहना पड़ेगा। अगर आप भी अपने जीवन की डोर और आधार भगव...
- पत्थर का क्या पति होगा?... बेचारा! अपने आप पड़ा हुआ है एक कोने में। पति तो रोटी भी खिलाता है, प्यार भी करता है और काम करता है। प...
- पत्थर को देवता मान लिया; पत्थर को भगवान मान लिया; पत्थर को न जाने क्या मान लिया?... पत्थर को प्रतीक, प्रतीक पत्थर को पति मान लिया। पत्थर को माना जा सकता है? पत्थर का पति नहीं हो सकता। ...
- पत्थर को माना जा सकता है?... पत्थर का पति नहीं हो सकता। पत्थर का क्या पति होगा? बेचारा! अपने आप पड़ा हुआ है एक कोने में। पति तो रो...
- पत्थर कोई खा सकता है रोटी?... कौन खाता था? आदमी का विश्वास खाता था और मीरा के साथ नाचता कौन था? कृष्ण? कृष्ण नहीं, श्रीकृष्ण को मर...
- पत्थर क्या कर सकता है?... कुछ भी नहीं कर सकता है।तो साहब! प्रतीकों में कोई सामर्थ्य न हो तो? तो भी प्रतीकों को जिन्दा किया जा ...
- पत्थर न मिलता तो?... तो मुश्किल थी। क्यों? क्योंकि आदमी की श्रद्धा को परिपक्व करने के लिए, श्रद्धा का संवर्धन करने के लिए...
- परब्रह्म की कौन पूजा करेगा?... परब्रह्म की ओर ध्यान भी नहीं हो सकता। परब्रह्म के तो कायदों का पालन हो सकता है। बस, और क्या हो सकता ...
- परमार्थियों के दल कहाँ से आएँगे?... आजकल संसार में है भी नहीं। चलिये, हम आपके साथ चलते हैं। बस, सब लोग आये थे और शंकर जी हनुमान जी के रू...
- परिष्कृत करने की शैली के लिए क्या करना पड़ता था?... यही तो मैं आपको बता रहा था। देवता के माध्यम से आप यह देखिए कि जीवन को परिष्कृत करने का ढंग क्या है? ...
- पलकें कैसी हैं?... जब आपको बाहर की चीजें ही नहीं दीखतीं, केवल इधर-उधर की चीजें ही दिखाई देती हैं, तो फिर भीतर की कैसे द...
- पश्चात् उनके जी में एक और विचार आया कि आखिर भगवान शंकर हैं क्या?... शक्ति कहाँ से आ जाती है? क्यों आ जाती है? उद्धार कैसे हो सकता है? ऐसे अनेक प्रश्न तुलसीदास जी के मन ...
- पहले आप पार्टी बताइये, तब बात करेंगे आपसे?... हम तो साहब गाय-बच्चा वाला पार्टी के हैं। बस, बस हो गया। ये तो हम देख रहे थे कि गौमाता की हम सेवा करत...
- पहले आप बताइये?... हम तो लाल झण्डे वाले हैं। अह....हा....हा....! लाल झण्डे वही तो है, जो गरीब-अमीर सबको बराबर कर देते ह...
- पाँच कर लेगी?... अच्छा, तो ले कर क ख ग घ ङ—पाँच अक्षर तू लिख ले। सवा रुपया लेकर के अपनी पोटली में बाँधकर करूँगी अब। स...
- पाँच चीजें क्या हैं?... वैसे सोलह चीजें भी हैं। जल एक, अक्षत दो, धूप या सुगन्ध तीन, पुष्प चार और मीठा प्रसाद पाँच। वे क्यों?...
- पाँच नाम से पंचायतन हो जाता है; लेकिन आपने उस हर चित्र में हनुमान जी को शामिल देखा होगा?... छठवें हनुमान जी थे। क्यों? क्या वजह थी? सिर्फ एक ही वजह थी कि ‘राम काज कीने बिना मोहि कहाँ विश्राम’ ...
- पाण्डव कौन थे?... आपको मालूम है? कथा पढ़ी है? नहीं, नहीं पढ़ी शायद। पाण्डव जो थे, पाँच देवताओं के बेटे थे। कर्ण जो था, व...
- पानी की जरूरत है?... नहीं बेटे! पानी में कोई दम नहीं होता। पैर धोकर पानी पी जाएँ आप। पी आइए। किसका पानी पीना चाहते हैं? ग...
- पानी निकलता है?... हमें नहीं मालूम निकलता है कि नहीं निकलता और हमसे आप पूछेंगे, तो हम सिवाय चुप होने के कुछ नहीं कहेंगे...
- पानी में कमाल कहाँ से आ गया?... कमाल की जरूरत थी। आदमी की श्रद्धा। क्यों साहब! श्रद्धा को अकेला बना दें।...
- पापियों का उद्धार कर देते हैं?... हाँ, सैकड़ों आदमी थे पापी, उन्होंने राम-नाम लिया और स्वर्ग मिल गया था। पापियों का उद्धार हो गया था। अ...
- पास है तो आपने उसे कितने मूल्य में खरीदा है?... आप बकरी, गाय खरीदते हैं, तो उसका मोल-भाव होता है। आपने बीबी को कितने में मोल लिया है? नहीं साहब, हमन...
- पिण्ड के भीतर क्या-क्या भरा पड़ा है?... पंचतत्व भरे पड़े हैं; पाँच प्राण भरे पड़े हैं। ये ही पाँच देवता है। मनुष्य अगर भीतर के देवता को जगा ले...
- पिताजी आपके मर गए?... नहीं साहब! पिताजी तो मर रहे हैं, हकीम को बुलाकर ला रहे हैं। पण्डित जी आप महामृत्युञ्जय मंत्र का जप कर...
- पीतल की है?... हाँ महाराज जी! पीतल की है। इसमें क्या रखा है? इसमें रखा है घी और कपूर। इसको काहे से जलाते हैं—दियासल...
- पुरुषार्थ किसे कहते हैं?... जो हाथ-पाँव से सम्बन्ध रखता है। दिलचस्पी से काम करने का नाम पुरुषार्थ है। इसके साथ ही भाग्य भी होना ...
- पुरुषार्थ नहीं करता एवं किताबों पर ध्यान नहीं देता, तो पास हो सकता था?... नहीं, वह कभी भी पास नहीं हो सकता था। अगर कोई देहात में पैदा हुआ होता, खानदान वाले शिक्षा का महत्त्व ...
- पुलिसवाले से भी बनाकर रखो, हकीम से भी बनाकर रखो, डॉक्टर से भी बनाकर के रखो, पण्डित से भी बनाकर रखो, न जाने कब काम पड़ जाए?... ये देखना भाई! कैसी गड़बड़ हो गयी? तो इस तरीके से क्या है—हरेक से रिश्ता बनाकर के रखो। न जाने कौन किस क...
- पूजा की थी?... नहीं केवल उन्होंने यह किया था और यह कहा था—हम आपके साथ हैं। आपके साथ कन्धे-से लगाकर चलेंगे।उसी में व...
- पूजा-उपासना थी अर्जुन की?... क्या पूजा-उपासना थी, आप बताइये? कोई अनुष्ठान, जप, तप, ध्यान, धारणा, समाधि—दैनिक जीवन में कुछ भी नहीं...
- पेट कैसे भरेगा?... और गणेश जी का? गणेश जी को ‘अक्षतं समर्पयामि’, गणेश जी को अक्षत चढ़ाता ही जा रहा है। समझता नहीं कि क्य...
- पेट खाली न करें तब?... तब आप खा नहीं सकेंगे। साँस को पहले बाहर निकाल लेते है, तब आपको प्राणवायु का नया सिलसिला मिलता है। अग...
- पेड़ों से पूछा—सीता आपने देखी?... पक्षियों से पूछा—आपने सीता देखी? जानवरों से पूछा—सीता आपने देखी? किसी ने जवाब नहीं दिया, तो चिल्ला क...
- पैदावार नहीं है?... जमीन तो साफ की नहीं आपने। जमीन को साफ किये बिना इसमें कोई चीज पैदा नहीं हो सकती। माली है, कलम लगा-लग...
- पैसे में चैन कहाँ से आ जाएगा?... इन चीजों में चैन कहाँ से आ जाएगा? चैन तो बेटे! आदर्शों में रहता है, सिद्धान्तों में रहता है। सिद्धान...
- पोटली देने के बाद में क्या भगवान ने कुछ नहीं दिया था?... पहले तो भगवान माँगते हुए आते हैं। शबरी के पास भगवान माँगते हुए गयी—अरी! हम बहुत भूखे हैं, खाना खिलाओ...
- प्रज्ञायोग कैसे करना चाहिए?... प्रज्ञायोग का पहला चरण है कि आप चारपाई पर इसे करें; चारपाई पर पड़े हुए। जब सबेरे उठें, तो उठने से पहल...
- प्रज्ञायोग क्या है?... प्रज्ञायोग में ज्ञान, कर्म और भक्ति की, जिनको आप सरस्वती, लक्ष्मी, काली कहते हैं—ये तीनों शक्तियाँ श...
- प्रज्ञावतार की माँग क्या है?... आप कान खोलकर सुनिये और सुनने के बाद पूरी हिम्मत के साथ में और पूरी वफादारी और जिम्मेदारी के साथ में ...
- प्रतिभा किसे कहते हैं?... जिसमें आदमी हावी हो जाता है, दूसरों पर। गाँधी जी सारे समाज पर हावी हो गए थे, बुद्ध सारे के सारे जमान...
- प्रतीक क्या है?... प्रतीक बेटे! एक स्वामी जी आए थे, बाबाजी आए थे। मीरा ने कहा—श्रीकृष्ण भगवान की भक्ति करना चाहती हूँ। ...
- प्रतीक मीरा को नहीं मिलता, पत्थर न मिलता तो?... तो मुश्किल थी। एकलव्य को मिट्टी का खिलौना न मिलता तो? तो बेटे मुश्किल थी; क्योंकि भावना का सम्वर्द्धन...
- प्रतीकों की जरूरत है?... प्रतीकों की भी जरूरत है; लेकिन प्रतीक मूल्यवान तब हो सकते हैं; प्रतीक सामर्थ्यवान तब हो सकते हैं, जब...
- प्रतीकों को आप क्या मानेंगे?... प्रतीकों के बारे में ये मान्यता लेकर जाना ये भगवान् के नुमाइन्दे हैं। ये भगवान् हैं। कौन-से? देवता! ...
- प्रतीकों को क्या मानें?... प्रतीकों को माने आप भगवान् की मूर्ति। आप यहाँ से समझें। प्रतीक का देव-पूजन। पूजन हमारे कर्मकाण्डों म...
- प्रतीकों में कोई कमाल है क्या?... बेटे! प्रतीकों में कमाल नहीं है। उनकी श्रद्धा में कमाल है।एक स्वामी जी थे, वहाँ पर गंगाजी में पानी ब...
- प्रतीकों में कोई सामर्थ्य न हो तो?... तो भी प्रतीकों को जिन्दा किया जा सकता है। किस तरीके से? जैसे मीरा ने कर लिया था। मीरा के पास क्या था...
- प्रसन्न होकर फिर वे क्या करेंगे?... आपसे कहेंगे मनोकामना माँगिए। फिर आप क्या माँगेंगे? पैसा माँगिए, रुपया माँगिए, बेटा माँगिए, औलाद माँग...
- प्राण कहाँ से आता है?... शक्ति कहाँ से आती है? सामर्थ्य कहाँ से आती है? सामर्थ्य आदमी के भीतर से निकलती है। आदमी की जो उच्चस्...
- प्राण किसे कहते हैं?... मीरा की इच्छा थी कि भगवान को पाएँगे और भगवान का साक्षात्कार करेंगे; भगवान को साथ-साथ खिलाएँगे और इस ...
- प्राण को समझते हैं?... प्राण किसे कहते हैं?मीरा की इच्छा थी कि भगवान को पाएँगे और भगवान का साक्षात्कार करेंगे; भगवान को साथ...
- प्राण भी मालूम है?... उन्हें प्राण का आशय क्या है? प्राण को समझते हैं? प्राण किसे कहते हैं?मीरा की इच्छा थी कि भगवान को पा...
- प्रातःकाल के समय पर प्रातःकाल का सूरज आपने देखा है न?... गायत्री का सूरज इसे ही मानना चाहिए। यूनीवर्सल है यह। गायत्री माता का जो आपने चित्र रखा है, वह तो आप ...
- प्रेरणा को समझता नहीं है?... हिसाब को समझता नहीं है? बस, वही ‘राम नाम जपना पराया माल अपना’। यही भजन सुन रखा है बाजीगरों से। बाजीग...
- प्रेरणा क्या है?... शिक्षा क्या है? स्थूल शरीर से आप प्रतीकों का पूजन करेंगे, चावल चढ़ाएँ, हाथ जोड़ें, नमस्कार करें, माला ...
- पड़ोसी ने क्या बिगाड़ा है?... बेटे को क्यों दे दें? बेटा क्या है आपका? आँखों से अन्धा है? गूँगा है? लूला है? लँगड़ा है? क्या बात है...
- फर्क ये है—इसकी समझ में यह आ गया कि मैं हिन्दुस्तान का रहने वाला हूँ और मेरा हिन्दुस्तान से ही काम है और मैं असली में हिन्दुस्तान का निवासी हूँ और यहाँ?... मैं तो थोड़े दिन के लिए रुपया कमाने के लिए आया हूँ, टेम्प्रेरी हूँ, यहाँ से जो कुछ पल्ले पड़े लूट-खसोट...
- फसल के लिए जमीन न हो, तो कैसे काम चलेगा?... आदमी का व्यक्तित्व न हो, तो कैसे काम चलेगा? बच्चा जो गन्दा होता है, उसे कोई गोदी में लेना नहीं चाहता ...
- फाउण्टेन पैन न होता तब फिर रवीन्द्रनाथ टैगोर के लिए गीतांजलि लिखना मुश्किल था और गाँधी जी ‘अर्जुन सेवक’ का सम्पादन करते थे और ‘अनीति के राह पर’ क्या मजेदार किताब लिखी है और गाँधी जी के पास स्याही न होती और फाउण्टेन पैन न होता तब?... तब ये लिखना मुश्किल था। तब कोई आदमी ये कहने लगे कि वो बारह आने का फाउण्टेन पैन खरीदकर लाया और मैं रव...
- फिर अर्जुन से पूछा कि आपको क्या दिखाई पड़ता है?... अर्जुन ने कहा—हमें एक ही चीज दिखाई पड़ती है और वह है—मछली की आँख। तो मारिए निशाना और सफलता का वरण कीज...
- फिर आप इसाइयों में भी जा सकते हैं?... हाँ बेटे। मुझे ऐसा मालूम पड़ता है कि मेरा ट्रांसफर और मेरी तरक्की कहीं ईसाई देशों में न हो जाए। हिन्द...
- फिर आप क्या करेंगे चौकी पर?... गायत्री मन्त्र का उच्चारण धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन। हो गया न आपका पूजन। हाँ साहब! हो गया। चावल चढ़ा ...
- फिर आप क्या माँगेंगे?... पैसा माँगिए, रुपया माँगिए, बेटा माँगिए, औलाद माँगिए, मुकदमा में विजय माँगिए। यही व्याख्या है न आपकी ...
- फिर आप भेजिए?... हम कैसे भेज सकते हैं? आप ले जाइये, यह जाएगा नहीं। नहीं, यह नहीं जा सकता है। सिकन्दर को आया होश। आपको...
- फिर आपका मृत्युञ्जय मंत्र?... हकीमजी कहते हैं पण्डित जी से मृत्युञ्जय मंत्र करायेंगे और पण्डित जी कहते हैं हकीम जी से इलाज करायेंगे।...
- फिर आपको मालूम है कि नहीं कि आँखों के आगे जिन्दगी होनी चाहिए; आँखों के पीछे लाइफ होनी चाहिए; रोशनी होनी चाहिए; रोशनी यदि नहीं है, तो?... जिन्दगी नहीं है तो? लाइफ नहीं है तब? आँखें रखी हैं। आप घर ले जाना इसमें से निकाल के। आँखें देखेंगी? ...
- फिर उन्हें क्या दिखाई पड़ता है?... अपनापन दिखाई पड़ता है, आपकापन दिखाई पड़ता है, दुनिया दिखाई पड़ती है और उस रात-दिन के चिराग के नीचे न जा...
- फिर उन्होंने पीछे मुड़कर ही नहीं देखा कि हमारा भी कुछ है क्या?... जिसको सौंप दिया, उसको सौंप दिया। बेटी जिसकी हो गई, उसकी हो गई। ऐसा थोड़े ही होता है कि सौंपे ही नहीं।...
- फिर और लाओ और बताओ और तुम्हारे पास है?... और बड़ा जबरदस्त है हमारे पास। क्या है? हमारे पास हैं—मात्राएँ। मात्राएँ भी होती हैं? हाँ, मात्राएँ हो...
- फिर कहाँ से आता है प्रकाश?... बेटे! वहाँ से आता है, जहाँ पर हम श्रद्धा का समन्वय करते हैं। मैं आपको यही सिखा रहा था। आप ऐसे करना। ...
- फिर किसका भजन करें?... उसका करें, जो हमारे भीतर परमात्मा के रूप में, पुरुषोत्तम के रूप में, नारायण के रूप में, सुपर ईगो के ...
- फिर कुछ और कमाल बताइये?... इसके बीजमन्त्र बताइये, इसके नौ ओंकार लगाइये। लगाइये, हम कब मना करते हैं? एक पीछे ओंकार लगाइये, एक बी...
- फिर क्या करना चाहिए?... मैं आपसे ये कह रहा हूँ, मैं आपकी श्रद्धा कमजोर नहीं करना चाहता हूँ।...
- फिर क्या करना पड़ेगा?... आपको अपना चिन्तन, चरित्र, दृष्टिकोण और भावना, लक्ष्य सब भगवान के साथ जोड़ देना पड़ेगा। अगर आप यह करने ...
- फिर क्या करने लगे?... पहाड़ उठाने लगे, समुद्र छलाँगने लगे। एक लाख पूत सवा लाख नाती-दो लाख आदमियों से, दैत्यों से, जाइंटों स...
- फिर क्या रखा जाएगा?... आप क्या कहना चाहते हैं? मैं यह कहना चाहूँगा, कहना चाहता हूँ कि जो भी कर्मकाण्ड हैं, जो आपने सीखे हैं...
- फिर क्या हुआ उस काली का?... क्या हुआ! जब रामकृष्ण परमहंस मरे, तो उनके साथ में काली भी मर गई। अब जिन्दा है? बेटे! अब तो मर गई। अब...
- फिर क्या है?... इसमें कलेवर है। कलेवर कमाल करता है? हाँ, कलेवर की जरूरत है बेटे! कलेवर की तो आप निन्दा करते हैं। बेट...
- फिर क्या हो जाएगा?... महात्मा हो जाएगा, सत्पुरुष हो जाएगा, ज्ञानी हो जाएगा, तपस्वी हो जाएगा। अरे! तो तुम्हारी बत्ती जल तो ...
- फिर क्या हो जाता है?... फिर आप अपनी ये जरूरतें पूरी कर लेते हैं। आपकी जरूरतों के लिए कभी किसी के आगे हाथ पसारने की जरूरत नही...
- फिर क्या होता?... फिर कोई और मरता तो भले ही मरता, पण्डित जी के खानदान वाला कोई नहीं मरता, पण्डित जी के रिश्तेदार में एक ...
- फिर जप करने के लिए क्यों कहा आपने?... २४००० हजार जप कराने के लिए क्यों कहा? जप में हमको क्यों लगा दिया? आप रोज जप क्यों कराते हैं? बेटे! इ...
- फिर जाने क्या से क्या हो जाता है?... पतन का मार्ग यहीं से आरम्भ होता है। ग्रैविटी—गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की हर चीज को ऊपर से नीचे की ओर खीं...
- फिर देखिये आपका काम कैसा बढ़िया, कैसा शानदार, कैसा अच्छा खूबसूरत काम हो गया?... इस तरीके से विचारों का संयम-एक, समय का संयम दो, पैसे का संयम तीन और इन्द्रियों का संयम-चार; चार संयम...
- फिर भजन-पूजन कैसे कर सकते हैं?... परब्रह्म की कौन पूजा करेगा? परब्रह्म की ओर ध्यान भी नहीं हो सकता। परब्रह्म के तो कायदों का पालन हो स...
- फिर वहाँ जयपुर होते हुए आयेंगे और वो हजामत किसको खिलाएँगे?... देवी को खिलाएँगे? क्या खाएगी? हजामत खाएगी? हजामत नहीं खिलाओ, जलेबी खिला दो तो? जलेबी नहीं खाएगी, हजा...
- फिर वो कौन है?... जो हमारा विश्वास है। आदमी का विश्वास कितना जबरदस्त है? आदमी का विश्वास कितना बड़ा है? न जाने क्या-से ...
- फिर शरीर की इलेक्ट्रिसिटी का विज्ञान क्या है?... ये शरीर की इलेक्ट्रिसिटी भौतिक, पदार्थपरक शक्ति है, अतः केवल पदार्थपरक कामों में ही काम आती है और कि...
- फिर समाधान किस तरीके से होगा?... समाधान मित्रो! फिर इस तरीके से होगा, गोस्वामी जी ने इस श्लोक में खोलकर के कहा—‘‘श्रद्धा विश्वासरूपिण...
- फिर हम राक्षस कहलाएँगे और हमारे सींग हैं तो?... सींगों से हम नहीं मारते अब; पर ऐसी बहुत-सी चीजें हैं, जिनसे हम मार सकते हैं। सींग क्या मारेगा? बन्दूक...
- फूल क्या सिखाता है?... हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। दीपक क्या सिखाता है? हमने कितनी बार आपको बताया। मिठास क्या सिखाता है?...
- फोकट में मिट्टी तो ले आ कहीं से?... नहीं महाराज जी! सब कोई सन्त महात्मा फोकट में बाँटते हैं। वरदान बाँटते हैं और आशीर्वाद बाँटते हैं। नह...
- फोर्थ डिवीजन आती है, हम गरीब हैं, तो हम क्या करें?... गरीब हैं, तो डिग्री नहीं लीजिए। कमाइए, खाइये, सरकार से क्या मतलब? आपके अन्दर योग्यता है, क्षमता है, ...
- बन्दूक क्या मारेगी?... बन्दूकों के बिना, सींगों के बिना आदमी को तहस-नहस करते हैं। हम चाहें, तो आदमी को मटियामेट कर सकते हैं,...
- बच्चे के एक दिन में कहीं दाढ़ी निकलती है क्या?... इसी तरह पात्रता एवं पवित्रता के विकास के बिना ईश्वर-दर्शन भी सम्भव नहीं। बारूद का सबसे बड़ा जखीरा हमा...
- बच्चों की ब्याह-शादियाँ जंगली अफ्रीकियों में करेंगे क्या?... जो टट्टी जाकर के और टट्टी भी नहीं धोते हैं। उनमें हम तो नहीं रहेंगे। बेटा, वहाँ बहुत रुपया, बहुत कमा...
- बच्चों को कितना शानदार बना दिया?... क्यों? क्योंकि उन्होंने अपने आप को अच्छा बना लिया? और उन्होंने माला घुमाना सीखा होता और तरह-तरह के म...
- बच्चों को कैसे पढ़ाएँगे?... धर्मपत्नी का स्वास्थ्य कैसे अच्छा करेंगे? अपने जीवन को भी ठीक कैसे बनाएँगे? आप इस तरीके से योजनाएँ ब...
- बताइये जरा साहब उनका हुआ है?... बहुत-से पापी लोग थे और वे राम-नाम जपते रहे और राम-नाम जप करके उन सबकी मुक्ति हो गई। जरा उनका नाम बता...
- बताओ क्या राय है तुम्हारी?... दोनों बच्चों ने कहा-पिताजी! आपने हमें पढ़ा दिया है, हमें लायक बना दिया है; अब हमें एक पैसा भी नहीं चा...
- बनारस में पानी खर्च हो गया, तो गंगा जी क्या कम हो गईं?... कम नहीं हो सकतीं। ये लोकहित में प्रवाहित इसके लिए क्या कम पड़ने वाला है? कम किसका पड़ने वाला है? सड़ेगा...
- बन्दर की कहानी सुनी है?... बन्दर का बच्चा था। बाप मना कर रहा था—अरे! ये बड़ी-बड़ी चीजें हैं, इनसे दूर रह। मानता ही नहीं, मानता ही...
- बलि ने कहा—क्या है हमारे पास?... तब उन्होंने कहा था कि तुम्हारे पास जमीन है, उसमें से साढ़े तीन कदम हमको दे दो। नाप लिया भगवान ने और ज...
- बस की टक्कर में कितने आदमियों की टाँगे टूट गयी हैं, कितने घायल हो गए हैं, कितने मर गये हैं?... आप आज दुकान जाना बन्द कर दीजिए। सामान्य कार्य को आप बन्द कर दीजिये और ये जो घायल पड़े हैं, इनको पानी ...
- बस वो जो नवरात्रि चल रही है न?... सब जगह जाकर के देखिए आप! वहाँ क्या हो रहा है? चण्डी का पाठ हो रहा है? दुर्गा का पाठ हो रहा है—दुर्गा...
- बस, और क्या हो सकता है?... परब्रह्म को कुछ नहीं हो सकता है केवल कायदे का पालन हो सकता है और भय रखना पड़ता है कि परब्रह्म की सत्त...
- बस, ठीक यही तरीका व्यक्ति को और जीवात्मा को परमात्मा के साथ मिलाने का है तो क्या करें, नजदीक आ जाएँ?... वही मैं कर रहा हूँ। नजदीक आने का एक तरीका है, वह तरीका है—अपने आपको सौंप देना, अपने आपको होम देना, उ...
- बस, वह क्या करने लगा?... वह गंगाजी में चला, उसने राम नाम की जगह राम-खुदा, राम-खुदा कहने लगा। राम-खुदा कहते वह थोड़ा आगे चला और...
- बहकावे का नाम भजन रखा है आपने?... किसने कहा था आपको भगवान को बहका? स्नान कराएँगे! बहुत स्नान कराएँगे! स्नान कराने के लिए आपको अपना श्र...
- बहुत-से व्यक्ति थे जो सिद्धान्तवाद की राह पर चले और कहाँ से कहाँ जा पहुँचे?... भस्मासुर का पुराना नाम बताऊँ आपको। मारीचि का पुराना नाम बताऊँ आपको। ये सभी योग्य तपस्वी थे। पहले जब ...
- बाँदी ने कहा—डॉक्टरों ने यह कहा है कि लैला की नसों में खून का एक प्याला चढ़ाया जाएगा, आप अपना खून देंगे क्या?... जिससे कि लैला की जिन्दगी बचायी जा सके। मजनूँ फौरन तैयार हो गया। उसने, जो कटोरा बाँदी लेकर आयी थी, खू...
- बाँधने के बाद में फिर क्या हुआ?... फिर वो जो चोर थे, उन्होंने कहा—पण्डितजी! आप तो हमारे गुरु हैं और आप तो पण्डित हैं। बस, जो कुछ हमारे ...
- बाजीगरी और जादूगरी है?... है बेटे! लेकिन ये प्रॉपर चैनल (उचित माध्यम )) से जादूगरी है। इससे कम में जादूगरी नहीं है। फिर क्या क...
- बाद में मैं विचार करता रहा, इसमें और हमारे में फर्क क्या है?... फर्क ये है—इसकी समझ में यह आ गया कि मैं हिन्दुस्तान का रहने वाला हूँ और मेरा हिन्दुस्तान से ही काम ह...
- बाप का अहसान न हो तब?... कपड़ा बाप नहीं पहनाये तब? स्कूल के लिए फीस न दे तब? तब बताइये बच्चा कैसे आगे बढ़ेगा? शादी हुई हो आपकी,...
- बार-बार माँजेंगे और ये क्या कर रहे हैं?... मंजन। एक बार माँज लीजिये। देखिये, एक बार में दाँत साफ नहीं होते, इसलिए हम बार-बार रगड़ेंगे—बार-बार घि...
- बारह आने में?... अच्छा साहब! तो बारह आने में तय हो गया। ९ के बारह आने के हिसाब से पैसे दिये और खूँटी पर टाँग दिये। बस...
- बारह मात्राएँ चबन्नी में थोड़े ही करूँगी तो कितने में करेगी बाबा?... एक रुपया में करूँगी। एक रुपया तो बहुत ज्यादा है। नहीं, ईमानदारी से चलो। तो कितने में करूँ? तुम बताओ?...
- बाहर को विकसित करने का ढंग आपको मालूम है?... कसरत कीजिए, पौष्टिक चीजें खाइये, विटामिन्स खाइये, स्थूल को विकसित कीजिए; परन्तु सूक्ष्म किस तरह से व...
- बिजली से बल्ब को नहीं जोड़ते हैं, तो उसकी कीमत क्या है?... कुल ढाई रुपये, उसे रखे रहिए आप, कोई फायदा नहीं। आप हीटर नहीं हो सकते, आप कूलर नहीं हो सकते, आप बिजली...
- बिनोवा अपने आप उठे थे?... नहीं, अपने आप सन्त रह सकते थे और अपनी गीता का प्रचार करते रह सकते थे; पर दूसरा गाँधी, बापू जी ने बनाय...
- बिल्ली इस घर में गई, उस घर में गई, घर-घर में गई, पुकार करती रही—हमारे बच्चे कहाँ चले गये?... कहाँ खो गये? बिल्ली क्या कर रही थी? म्याऊँ-म्याऊँ। क्या कर रही थी? तलाश कर रही थी। हमारे बच्चे कहाँ ...
- बिल्ली क्या कर रही थी?... म्याऊँ-म्याऊँ। क्या कर रही थी? तलाश कर रही थी। हमारे बच्चे कहाँ चले गए? बच्चों ने अपनी माँ की आवाज स...
- बीबी से प्यार करते हैं?... नहीं ,, बीबी के लिए तो हम जोंक हैं। खून की प्यासी जोंक जिससे चिपकती है, उसका खून पी जाती है। औरत के ...
- बीमारी से क्या आफत आती है?... नहीं साहब! हम बीमार हैं, अच्छा कर दीजिये। क्यों? क्यों अच्छा कर दें? गुरु जी! आपकी शाखा बन्द हो जाएग...
- बृहस्पति को ब्याह कर लूँ?... बृहस्पति को ब्याह कर लेगा, तो बृहस्पति जिन्दा नहीं छोड़ेगा, सबको मार डालेगा। मार डालेगा सारे खानदान क...
- बेचारी को क्या-से कर डाला?... कसूर किसने किया? धोबी ने। सजा सीताजी को हो गयी। रामचन्द्रजी मिलेंगे, तो हम शिकायत करेंगे और ये कहेंग...
- बेटा क्या है आपका?... आँखों से अन्धा है? गूँगा है? लूला है? लँगड़ा है? क्या बात है? अपाहिज है? अपंग है? तो आप बच्चे को देंग...
- बेटा बाँटने की दुकान है हमारी?... क्या फायदा बेटा बाँटने से? नहीं महाराज जी! बेटा पैदा कीजिये। नहीं हम नहीं कर सकते। बेटे से कोई फायदा...
- बेटे को क्यों दे दें?... बेटा क्या है आपका? आँखों से अन्धा है? गूँगा है? लूला है? लँगड़ा है? क्या बात है? अपाहिज है? अपंग है? ...
- बेटे क्या करना पड़ता है?... सफाई करनी पड़ती है। बिना सफाई के पूजा नहीं हो सकती है। शरीर को साफ कर पूजा के निमित्त। नहा कर जाना उप...
- बैंक मैनेजर पढ़ेगा और हँसेगा कि ये किस बच्चे ने लिखा है?... ये उस बच्चे ने लिखा है जिसका बैंक में कोई खाता नहीं है। तो फिर ये चिट्ठी से कैसे मिल सकता है? चिट्ठी...
- ब्रह्मवर्चस देखा है?... चौबीस सौ शक्तिपीठें देखी हैं। करोड़ों रुपये की बिल्डिंगें हैं यह। इनसे आपको अन्दाज लगेगा कि कितना धन ...
- ब्रह्माजी ने उनकी हार के कारण को तलाश किया और ये पता लगाया कि आखिर क्यों हारे?... आखिर थे तो ये देव। देव क्यों हारे? देवों के हारने की एक वजह है, दूसरी कोई वजह नहीं है। देव जब कभी हा...
- ब्रह्माजी ने क्या काम किया?... अपना हाथ निकाला और सबमें से शक्ति खींची। सबमें से शक्ति खींचकर के उन्होंने एक गोला बनाया जादू का। जा...
- ब्राह्मण जब मिलेगा, तो देख लेना, कब मिलेगा?... जब किसी लड़की-लड़के का ब्याह हो रहा होगा, एक पण्डित इधर बैठा होगा और एक पण्डित उधर बैठा होगा। जरा देखन...
- ब्राह्मण देवता हैं?... हाँ, देवता होते थे। देवता कौन? जिन्होंने मुट्ठी भर अनाज खाया; जिन्होंने फटे-पुराने कपड़े पहने; जिन्हो...
- बड़ी मामी ने क्या खिलाया?... अजी, सब खिला दिया। चल अच्छा रहा। उसके पेट में कूद रहे थे चूहे। तीसरे के पास गया, चौथे के पास गया, पा...
- बड़ी-बड़ी नहरें निकलती रहीं; लेकिन आपने देखा उसमें?... कोई कमी नहीं पड़ी। बिहार में आप जाइए, सोनपुर में आप देखिए, गंगा का कितना चौड़ा पाट है। पटना में चले जा...
- बड़े मामा ने क्या खिलाया?... बड़ी मामी ने क्या खिलाया? अजी, सब खिला दिया। चल अच्छा रहा। उसके पेट में कूद रहे थे चूहे। तीसरे के पास...
- भक्त ही बन जाने का सारा खेल है, आपको कैसे कहूँ?... आपको कैसे समझाऊँ? आपने उसे क्या मान लिया, मुझे पता नहींं। ऋषि क्या कहना चाहते थे और न जाने आपकी अकल...
- भक्ति कैसी होती है?... जैसी मजनूँ की थी। मैं मजनूँ की बात कह रहा था न! एक बार लैला ने उसकी परीक्षा लेनी चाही और जानना चाहा ...
- भक्ति है आपके पास?... नहीं है। अगर भक्ति और प्यार रहा होता, तो आपने अपने माँ-बाप की सेवा की होती; बहिन-भाइयों की सेवा की ह...
- भक्तियोग से क्या मतलब होता है?... भक्तियोग का मतलब है—मोहब्बत। जिस तरह से हम व्यायामशाला में अभ्यास करते हैं और उससे अपने शरीर और कलाइ...
- भगवान अहसान भूलें नहीं किसका?... हनुमान का। हनुमान को उसने अपने कुटुम्ब का छठा सदस्य बना लिया। आपने राम पंचायतन के चित्र देखें हैं न?...
- भगवान आपकी मर्जी पर क्यों चलने लगे?... भगवान के भी कुछ नीति और नियम हैं, कुछ मर्यादा और कायदे हैं।...
- भगवान एक कैसे हो सकता है?... भगवान तो बहुत सारे हैं। बहुत देवता जरूर हैं हमारे लिए, इनको हमको जमा करना पड़ेगा।...
- भगवान कहाँ रहते हैं?... विष्णु भगवान कहाँ रहते हैं? कृष्ण को मरे हुए मुद्दतें हो गईं, तो अब किस तरीके से पाएँ कृष्ण को? कृष्...
- भगवान का क्या काम है?... भगवान का एक काम है—उसकी दुनिया को सुसंस्कृत और समुन्नत बनाना; उसकी सभ्यता और संस्कृति को बढ़ाना। सभ्य...
- भगवान का नाम एक घण्टे में कितनी बार ले लिया, माला कितनी बार घुमा ली?... ये भी बता देंगे। आप जाइये, आप घबराइए नहीं। आपके ऊपर ये जल्दी पड़ी हो कि चिड़िया को पकड़ने के लिए बाजरे ...
- भगवान का पेट कितना बड़ा है, आप जानते हैं?... भगवान का पेट बहुत बड़ा है। उसमें समुद्र समा गया है, उसमें आप, हम और सारी सृष्टि समा गई है। उसे आप पूर...
- भगवान किस तरीके से खुश होते हैं, किस तरह से नाखुश होते हैं?... इसकी जानकारी भी नहीं है। भगवान से कैसे प्रार्थना की जाए कि हमको बाण-विद्या सिखा दी जाए। एकलव्य ने एक...
- भगवान किसे कहते हैं?... भगवान कहते हैं—सिद्धान्तों को, आदर्शों को। भगवान व्यक्तियों को नहीं कहते। सबसे बड़ी भूल यहाँ कर डाली ...
- भगवान की इच्छा क्या है?... समय की माँग क्या है? प्रज्ञावतार की माँग क्या है? आप कान खोलकर सुनिये और सुनने के बाद पूरी हिम्मत के...
- भगवान की पूजा करने में?... नहीं, पूजा करने में नहीं। हनुमान के तरीके से सारी जिन्दगी निकाल दी। जिस दिन से हनुमान जी की रामचन्द्...
- भगवान की साधना क्या थी?... उन्होंने पहले उनको ये हुक्म दिया था—सीता जी को ढूँढ़ के लाइये। सीताजी को ढूँढ़ के हनुमान जी ले आये और ...
- भगवान की हम फूलों की जरूरत पूरी कर रहे हैं?... भगवान का पेट कितना बड़ा है, आप जानते हैं? भगवान का पेट बहुत बड़ा है। उसमें समुद्र समा गया है, उसमें आप...
- भगवान को अपने घर में बुलाने का मन है, तो आप सफाई नहीं करेंगे क्या?... शादी जब घर में होती है, तो घर की सफाई आप करते हैं कि नहीं? या घर को ऐसे ही गन्दा पड़ा रहने देते हैं। ...
- भगवान को क्या चापलूसी पसन्द है?... भगवान् कोई रिश्वतखोर है कि आपकी चापलूसी सुनते रहें और आप पर अनुग्रह कर दें? नहीं, भगवान् के यहाँ कसौ...
- भगवान को क्यों लपेट में लेना चाहते हैं?... बेकार में भगवान को भी नरक में डालता है, भगवान को भी लोभ में डालता है, भगवान को भी मोह में डालता है, ...
- भगवान को पुकारना—याद करना, जिसको हमने भुला दिया है; जिसको हम पुकारते हैं—आप आइये और हमारा उद्धार कीजिये—यह ज्ञान वाला भाग हुआ और विज्ञान वाला भाग हुआ?... हम अपने भीतर मन्थन पैदा करते हैं, गति पैदा करते हैं, शक्ति पैदा करते हैं और सेण्ट्रीफ्यूगल फोर्स पैद...
- भगवान क्या होता है?... मनुष्य होता है? कोई मनुष्य नहीं है भगवान। ये क्या है? श्रेष्ठ वृत्तियों के लिए, सत्कर्मों के लिए, सत...
- भगवान जी घोड़े की तरह हैं?... घोड़े के बराबर नहीं हैं। घोड़े से कम है। घोड़े को कितना बाल्टी में नहलाएँगे? घोड़े को तो बेटे! दस बाल्टी...
- भगवान ने आपको दिया क्या नहीं है?... भगवान् ने आपको हर चीज दी हुई है। आपने देखा नहीं है? मालूम नहीं किया है? अनदेखी चीज को देख लें। सोई ह...
- भगवान भी देगा, तो कितना देगा?... आपके श्रम के हिसाब से जो मिल सकता है, वो चीज ऐसी है, जो आपके काम की है और आपके लिए पर्याप्त है। अभी ...
- भगवान शंकर की ऐसी महत्ता और ऐसी शक्ति का वर्णन पुराणों में पाया गया है, पर आज हम देखते हैं कि वह शक्ति कुण्ठित कैसे हो गई?... हम शंकर की पूजा करते हैं, पर समस्याओं से घिरे हुए क्यों हैं? शंकर की शक्ति वरदान हो करके सामने क्यों...
- भगवान से आप माँगते फिरेंगे, क्यों माँगेंगे?... आप भगवान से? भगवान ने आपको दिया क्या नहीं है? भगवान् ने आपको हर चीज दी हुई है। आपने देखा नहीं है? मा...
- भगवान से मोहब्बत करना और भगवान से दिल लगाना हाथ भर का ही कलेजा दिल लगाने के लिए—दिल लगाने के लिए हाथ भर का कलेजा चाहिए और अगर दिल लगाने वाला कलेजा हाथ भर का न हो और कलेजा इतना बड़ा हो मक्खी के सिर के बराबर, क्या दिल लगायेगा?... दिल है ही नहीं तो लगायेगा कहाँ से?...
- भगवान से हमने क्या पाया?... और भगवान को हमने क्या दिया? और समाज को हमने क्या दिया? आज के लेखे-जोखे में हमारा बैलेन्स देने वालों ...
- भगवान हमारी कब सहायता करेंगे?... यह विचार मैं देर तक करता रहा।अठारह पुराणों का अनुवाद मैंने संस्कृत से हिन्दी में किया है।...
- भगवान् उनके लिए क्या सोना-चाँदी लेकर गये थे?... हीरा-मोती लेकर गये थे? कुछ नहीं। भगवान कहीं भी जाते हैं, तो मनुष्य की पात्रता को परखने के लिए जाते ह...
- भगवान् के लिए क्या आफत थी?... उन्होंने छिपकर के क्यों मारा? वो हमको नापसन्द है और रामचन्द्रजी से कभी मुलाकात हुई तो हम सबसे पहली ब...
- भगवान् कोई रिश्वतखोर है कि आपकी चापलूसी सुनते रहें और आप पर अनुग्रह कर दें?... नहीं, भगवान् के यहाँ कसौटी एक ही है, वह यह कि आप कितने उदार है? अगर आप उदार हैं, तो भगवान का दरवाजा ...
- भवानी और शंकर का साँप कितना बड़ा है?... और शंकर का बैल कितना बड़ा है? और साँप कैसे रंग के हैं, काले रंग के हैं कि पीले रंग के हैं? और सिर पर ...
- भवानी कहाँ रहती है?... और शंकर कहाँ रहते हैं? भवानी और शंकर का साँप कितना बड़ा है? और शंकर का बैल कितना बड़ा है? और साँप कैसे...
- भवें कैसी हैं?... पलकें कैसी हैं? जब आपको बाहर की चीजें ही नहीं दीखतीं, केवल इधर-उधर की चीजें ही दिखाई देती हैं, तो फि...
- भस्मासुर का क्या हो गया?... जिसको प्रलोभन सताते हैं, वे भटक जाते हैं और कहीं के मारे कहीं चले जाते हैं।तो श्रद्धा आदमी को टिकाऊ ...
- भाग्य किसे कहते हैं?... जो जीवन से सम्बन्ध रखता है। पुरुषार्थ किसे कहते हैं? जो हाथ-पाँव से सम्बन्ध रखता है। दिलचस्पी से काम...
- भाग्य न हो तो मनुष्य का काम कैसे चलेगा?... फसल के लिए जमीन न हो, तो कैसे काम चलेगा? आदमी का व्यक्तित्व न हो, तो कैसे काम चलेगा? बच्चा जो गन्दा ह...
- भावना को समझता नहीं है?... प्रेरणा को समझता नहीं है? हिसाब को समझता नहीं है? बस, वही ‘राम नाम जपना पराया माल अपना’। यही भजन सुन...
- भावना कौन है?... भावना है—देवताओं की माता। समझता नहीं है कुछ! देवता! देवता!! देवता!!! लिए फिरता है देवताओं को। पूजा-प...
- भीम ने किसका क्या किया?... नकुल-सहदेव किस काम में लगे रहे? सबने मिल-जुल कर के सिर्फ एक ही काम किया—भगवान ने गोवर्द्धन उठाया, भग...
- भूत कौन-सा वाला?... झाड़ी वाला। है वहाँ? नहीं है वहाँ। फिर वो कौन है? जो हमारा विश्वास है। आदमी का विश्वास कितना जबरदस्त ...
- भेड़ की ऊन कटना बन्द हो जाए तब?... तब फिर जितनी ऊन भेड़ जन्म के समय पर लाई थी, बस उतनी रहेगी। भगवान् देगा ही नहीं। जब भेड़ त्याग करने को ...
- मंत्रों से जो चमत्कार हमें बतलाया गया था, वह हमें मिला कहाँ?... मैं यह चाहता हूँ कि आपको इतने साल उपासना करते हो गये, आपने लाभ क्यों नहीं प्राप्त किया? लोग कहते हैं...
- मक्कारी कैसे करेंगे?... चीट कैसे करेंगे? धोखा कैसे करेंगे? आपके साथ में बुरा व्यवहार कैसे करेंगे? आप राम हैं—हम कैसे कर सकते...
- मक्खियाँ गयीं, उन्होंने कहा—हमारी रानी मक्खी ने यह पूछा है कि आप हमको क्यों सिखाने आये हैं?... मच्छर ने कहा कि मैं इसलिए सिखाने आया हूँ, बात यह है कि मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ती है और बहुत भाग-दौड़ ...
- मगर कैसे दिखायेंगे?... ये प्रतीकों के पीछे पागल हो गए हैं। प्राण भरना पड़ेगा। श्रद्धा भरनी पड़ेगी।...
- मगर हैं छह?... छह मगरों ने चार टाँगें पकड़ रखी हैं और एक-एक हमारी पूँछ पकड़ रखी है। एक हमारी सूँड़ पकड़ रखी है। गज तो ...
- मजनूँ ने कहा—मैं क्या दूँ?... बाँदी ने कहा—डॉक्टरों ने यह कहा है कि लैला की नसों में खून का एक प्याला चढ़ाया जाएगा, आप अपना खून दें...
- मनुष्य होता है?... कोई मनुष्य नहीं है भगवान। ये क्या है? श्रेष्ठ वृत्तियों के लिए, सत्कर्मों के लिए, सत् प्रयोजनों के ल...
- मरघट में क्यों रहते हैं?... इसका मतलब कि हमें जिन्दगी के साथ मौत को भी याद रखना पड़ेगा। सब चीजें याद हैं, पर मौत को हम भूल गए। अपन...
- मरने के बाद क्या होता है?... यह हमें पता नहीं है। यह हमारे दिमाग में नहीं आता है कि आप अभी नरक में पड़े हैं और आधे घण्टे, पन्द्रह ...
- मरा हुआ आदमी क्या नाच सकता है?... तो कौन नाचता है? उसका विश्वास नाचता था। विश्वास नाचता था और श्रद्धा नाचती थी। अगर हम अपनी श्रद्धा और...
- महामृत्युञ्जय जप आता है न उनको?... हाँ साहब! पिताजी आपके मर गए? नहीं साहब! पिताजी तो मर रहे हैं, हकीम को बुलाकर ला रहे हैं। पण्डित जी आप...
- महामृत्युञ्जय मंत्र से आप कहते हैं, अवश्य अच्छा कर देंगे, तो फिर आप बाप को अच्छा क्यों नहीं कर पाते?... नहीं साहब! हमारा तो बाप अच्छा नहीं हो सकता। हम तो हकीमजी से इलाज करायेंगे। फिर आपका मृत्युञ्जय मंत्र...
- माँ कहिए इससे क्या करें?... अभ्यास। ये प्राथमिक अभ्यास है। इस प्राथमिक अभ्यास को विकसित करते हैं, फिर सारे-के दृष्टिकोण में इसे ...
- माँ से क्या मतलब है?... माँ से ये मतलब है कि ये पूज्य और पवित्र हैं। पवित्रतम् और पूज्यतम्। कौन हैं? ये नारी। नारी कौन? ये द...
- माँस का भाव क्या हो गया है?... तू क्या किया कर, जंगल में चला जाया कर और हिरन पकड़ लाया कर। इसका क्या करूँ गा? बकरा तो ८० रुपये में ब...
- माँस से जप कर रहा था और क्या कर रहा था?... शीश नवा रहा था। सिर और हाथ क्या है? मिट्टी के हैं और क्या कर रहा था? मुँह में पानी डाल रहा था और आरत...
- माइक बोल रहा है?... नहीं, भाईसाहब! माइक नहीं बोल सकता। कौन बोलता है? हम बोलते हैं, आप बोलते हैं, हमारी अकल बोलती है, हम...
- मात्राएँ भी होती हैं?... हाँ, मात्राएँ होती हैं, कितनी मात्राएँ होती हैं। मात्राएँ होती हैं—बारह। बारह मात्राएँ चबन्नी में थो...
- माध्यम न बनता तो?... तो मुश्किल थी बेटे! पत्थर न मिलता तो? तो मुश्किल थी। क्यों? क्योंकि आदमी की श्रद्धा को परिपक्व करने ...
- माली है, कलम लगा-लगा करके कैसे बढ़िया बगीचे लगा लेता है?... एक-एक पेड़ के ऊपर दस-दस तरीके के फूल आते हैं। एक-एक पेड़ के ऊपर चार-चार तरीके के फल आते हैं। उसकी टहनि...
- मालूम नहीं किया है?... अनदेखी चीज को देख लें। सोई हुई चीज को जगाइए। अपने गए-बीते स्तर को परिष्कृत कीजिए। ये उपासना है। उपास...
- मास्टर साहब ने ४५वाँ मंत्र पढ़ा दिया?... हाँ पढ़ा दिया। अब क्या कर रहे हो? अब तो हम याद कर रहे है। कैसे याद करते हो दिखाना हमको। ऐसे याद करते ...
- मिट्टी का खिलौना?... हाँ, मिट्टी के खिलौने को आप समझते क्या हैं! क्यों? साहब! मिट्टी का खिलौना हम भी बना लें, चाहे किसी क...
- मिट्टी के हैं और क्या कर रहा था?... मुँह में पानी डाल रहा था और आरती उतार रहा था और ये दिखाना जरा! आरती काहे की है? पीतल की है? हाँ महार...
- मिट्टी कैसी होती है?... बेजान होती है, जान नहीं होती कुछ भी। अकल-वक्ल भी नहीं कुछ। उस मिट्टी को उन्होंने जीवन्त बना लिया। म...
- मिट्टी कैसे बन सकती है?... मिट्टी बन सकती है तब, जब उसमें श्रद्धा का समावेश कर दिया जाए। श्रद्धा किसी चीज में समाविष्ट कर दी जा...
- मिट्टी को जीवन्त?... हाँ, मिट्टी को जीवन्त बनाया जा सकता है और वे असली द्रोणाचार्य से भी ज्यादा कारगर साबित हो सकती है। क...
- मिट्टी में चैन कहाँ से आ जाएगा?... पैसे में चैन कहाँ से आ जाएगा? इन चीजों में चैन कहाँ से आ जाएगा? चैन तो बेटे! आदर्शों में रहता है, सि...
- मिठास क्या सिखाता है?... और शक्कर क्या सिखाती है? वो हमने कितनी बार बताया और अक्षत क्या सिखाता है? कितनी बार बताया। जल क्या स...
- मिठास या मीठा?... कोई मीठी चीज भगवान को खिलाते हैं, नमकीन नहीं। इसका अर्थ यह होता है कि आपकी वाणी, आपका व्यवहार ऐसा हो...
- मीरा के पास क्या था कमाल?... मीरा के पास थी—श्रद्धा! श्रद्धा!! श्रद्धा!!! जो उसका प्राण है, अध्यात्म का प्राण है। कर्मकाण्डों के ...
- मीरा को क्या होने लगा?... मीरा के लिए पत्थर का टुकड़ा कमाल करने लगा! असली भगवान के बराबर। असली नहीं, साहब! नकली था, कल्पना थी। ...
- मीरा ने गोस्वामी तुलसीदास जी को एक चिट्ठी लिखी कि आप बतलाएँ कि हम क्या करें?... घर वाले इस प्रकार कह रहे हैं और हमारी अन्तरात्मा दूसरी बात कह रही है। हर आदमी सलाह देता है कि आदर्श ...
- मीरा ने यही कर लिया और किस-किस ने किया?... बेटे! अब कहाँ तक नाम गिनाऊँगा आपको। किस-किस के नाम गिनाऊँगा?रामकृष्ण परमहंस के पास भी एक खिलौना था। ...
- मुक्तियाँ आप चाहते हैं, तो मुक्ति किससे चाहते हैं, बताइये?... ये ही हैं तीन। इन तीन से छुटकारा पाना आपके हाथ में है। भगवान के हाथ में मुक्ति नहीं है। आप प्राप्त क...
- मुझे बताइये न?... पैसे की वजह से रुकावट होती है।...
- मुर्दे को जलाने, दुर्घटना में सहायता करने आप कैसे चले गए?... आपको हैजा हो जाता, आपको छूत की बीमारी हो जाती, तो क्या होता? आपकी माँ ने कहा कि न जाओ, आपकी बीबी ने ...
- मुसलमान ८० करोड़ और इसाई १२० करोड़ हैं इसके अतिरिक्त चीनी एवं कितनी ही अन्य जातियाँ हैं?... इस तरह से दुनिया में कुल ४०० करोड़ की आबादी है। इस प्रकार सारा-का ब्यौरा मैंने आपको बताया तो इनमें आप...
- मुसलमानों में गायत्री माता आप ले जाएँगे क्या?... बेटे! ये भी बड़ा कठिन पड़ेगा। बड़ा मुश्किल है। आज से सौ वर्ष बाद शायद बात बन जाए, पर आज तो उन्हीं के सि...
- मूर्ति किस चीज की बनाई है?... एक कपड़े की बना ली हमने। हमने प्लास्टिक की बना ली या कागज की बना ली हमने। हमने काय की बना ली, तो इससे...
- मृत्यु का देव कौन है?... शंकर। मौत का कभी हमने ख्याल नहीं किया। मित्रो! जिन्दगी के बारे में विचार किया; पर मौत के बारे में कभ...
- मेडिकल फिटनेस का सर्टीफिकेट भी नहीं है?... नहीं, वह भी नहीं है तो भाईसाहब, हम कैसे नियुक्त करा सकते हैं? इसी प्रकार अनुदान के लिए शर्त है। उसके...
- मेरे मोहल्ले में पचास औरतें रहती हैं और कितने आदमी रहते हैं?... पचास आदमी रहते हैं और पच्चीस बाल-बच्चे रहते हैं। ठीक है, सवा सौ आदमी हुए। सवा सौ आदमी—सब आदमी-औरत का...
- मेढ़ाओं की लड़ाई देखी है आपने?... जिन्दे मेढ़ों की लड़ाई न देखी हो, तो पण्डितों की लड़ाई देखना। जब ब्याह-शादी होती है, तो लड़की वाला पण्डि...
- मैं आपको ये बताना चाहूँगा कि आखिर देवताओं का जो स्वरूप बनाया गया है उसका कारण क्या है?... उसकी विधि क्या है? और उसका उद्देश्य क्या है? चलिये मैं एक देवता जिनको मैं सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ...
- मैं कहाँ तक बताऊँ?... शंकरजी की महिमा ही मैं अगर गाता रहा, तो आप ये कह देंगे कि आप तो अपने ही देवता की बात कहते रहते हैं, ...
- मैं कहाँ निन्दा करता हूँ कलेवर की?... मैं पहले बैठा हूँ कलेवर। क्या पहने बैठे हैं। देख! मैं कलेवर पहले बैठा हूँ। काहे का है? ये माँस का है...
- मैं क्या कह रहा था?... मैं यह कह रहा था आपसे इसमें कर्मकाण्डों का बराबर का समन्वय रखा है। आप ये ख्याल रखेंगे, जब हम विदा हो...
- मैं क्या बताऊँ आपको कौन थे?... विवेकानन्द किसने बना दिया? काली ने बना दिया। क्यों साहब! काली थी क्या? काली पत्थर थी। पत्थर नहीं थी।...
- मैं क्या सुनाऊँगा आपको?... इसी तरीके से आम्रपाली का नाम सुना है न आपने? आम्रपाली एक वेश्या थी। वेश्या को तो सब हिकारत की निगाह ...
- मैं खर्च कर लूँगा इसमें क्या लगता है?... चार आने का एक बण्डल आता है धूपबत्ती का, धूपबत्ती को जला दूँगा। चार आने महीने का खर्च है और चार आने त...
- मैं गया मेरा दुकानदार आया और उसने कहा—मैं तुझे बढ़िया चीज देना चाहता हूँ और तेरे व्यक्तित्व को महान बनाना चाहता हूँ, लेकिन इसके लिए कीमत खर्च करने की हिम्मत तुझमें है क्या?... मैंने कहा—हाँ मुझमें हिम्मत है। उसने कहा—हिम्मत वाले आदमी इस रास्ते पर चला करते हैं। ये बहादुरों का ...
- मैं जरा नौकरी माँगने आया, तो क्या माँगता है?... माँ मैं भक्ति माँगता हूँ, शक्ति माँगता हूँ, ज्ञान माँगता हूँ, तो काली जी ने हँसकर कहा—अच्छा, अच्छा, ...
- मैं यह कहना चाहूँगा, कहना चाहता हूँ कि जो भी कर्मकाण्ड हैं, जो आपने सीखे हैं, जो हमने सिखाए हैं, अभी और सिखाएँगे—कर्मकाण्डों का लाभ कब मिलेगा?... इससे कम में नहीं मिलेगा, जब तक उसमें प्राण समन्वित नहीं करेंगे, श्रद्धा का समन्वय न करेंगे, तो बेटे ...
- मैं यह चाहता हूँ कि आपको इतने साल उपासना करते हो गये, आपने लाभ क्यों नहीं प्राप्त किया?... लोग कहते हैं कि मरने के बाद स्वर्ग मिलता है, मुक्ति मिलती है—यह हम नहीं जानते हैं। आपको इस जन्म में ...
- मैंने कहा—मेरा कमाया हुआ कहाँ से हो सकता है?... 14-15 वर्ष का बच्चा कहाँ से धन कमाकर लाएगा। अच्छा पिताजी का दिया हुआ धन है। इस सारे-के धन को भगवान क...
- मैंने पूछा-भगवान का खेत कहाँ है?... तो उन्होंने कहा—सारा समाज भगवान का ही विराट् रूप है। किसी ने भी आज तक भगवान को आँख से नहीं देखा है क...
- मैला कपड़ा मत पहनना, देख, धुला हुआ कपड़ा पहनकर जाना और क्या करूँ?... ? देख जहाँ जमीन पर पूजा करना हो, वहाँ पर झाड़ू लगा देना। नहीं महाराज जी! मैं क्या झाडू लगाऊँगा, ऐसे ह...
- मौत और जिन्दगी रात और दिन के तरीके से खेल है, फिर मरने के लिए डरने से क्या फायदा?... यह नसीहतें हैं जो शंकर भगवान मरघट में रहकर के हमको सिखाते हैं।भगवान शंकर न जाने क्या-क्या सिखाते हैं...
- मौत के कुएँ में मोटरसाइकिल वाले मोटरसाइकिल किस तरीके से घुमाते हैं?... बिल्कुल उल्टे हो जाते हैं और बीच में चलते रहते हैं और घूमते रहते हैं। उनसे पूछिये क्यों साहब! क्या म...
- यदि सिद्धान्तों के प्रति हम आस्थावान न हुए होते तो सम्भव है कि कितनी बार भटक गए होते और कहाँ से कहाँ चले गए होते और हवा का झोंका उड़ाकर हमको कहाँ ले गया होता?... लोभों के झोंके, मोहों के झोंके, नामवरी के झोंके, यश के झोंके, दबाव के झोंके ऐसे हैं कि आदमी को लम्बी...
- यह अनुदान किसे कहते हैं?... किसी समर्थ सत्ता द्वारा कुछ लोगों को दिए जाते हैं। कुछ लोग कौन होते हैं? हमको मिलेंगे? आपको भी मिल स...
- यह कठिन है?... बिल्कुल कठिन नहीं, बहुत सरल है। आपने देखा होगा नल टंकी के साथ में जुड़ जाता है। टंकी में तमाम पानी भर...
- यह करना पड़ेगा कि आप अपने आप को सौंप दीजिये, अपने आप को उनके हाथ की कठपुतली बना दीजिये और देखिये भगवान क्या-से काम करते हैं?... पानी दूध में मिल जाता है और उसकी कीमत दूध के बराबर हो जाती है। एक छोटी-सी बूँद, नाचीज बूँद समुद्र मे...
- यह किस काम के लिए चढ़ाते हैं?... यह समर्पण है। भगवान को, सविता को, सूर्य को समर्पण करते हैं। प्रातःकाल आप जप कर रहे हों, तो आप पूर्व ...
- यह किस कारण से हुआ?... यह उसकी मशक्कत एवं उसके पुरुषार्थ से सम्भव हुआ। पुरुषार्थ नहीं करता एवं किताबों पर ध्यान नहीं देता, ...
- यह किसकी बात करते हैं?... अपने आप की। अगर अपनी सेवा-प्रगति आप स्वयं करने लगें, तो आप मालदार हो सकते हैं। उसने अपनी हिम्मत बढ़ा ...
- यह कैसे हो गया?... भगवान का अनुदान था। तो और किसको दिया था? हनुमान जी को दिया था। हनुमान जी की ताकत स्वयं की उपार्जित थ...
- यह कैसे हो गया?... आपके मन ने बेचैन कर दिया। दूसरे शब्दों में हमारे भगवान ने बेचैन कर दिया। दूसरे शब्दों में हमारे भगवा...
- यह कौन-सा शिविर है?... यह अनुदान शिविर है। आपमें से जो इसमें भारी-भरकम लोग हैं, उनको अनुदान मिलेंगे। उनको इतनी वजनदार चीजें...
- यह क्या कह रहा हूँ?... यह अनुदान की बात कर रहा हूँ। यह अनुदान किसे कहते हैं? किसी समर्थ सत्ता द्वारा कुछ लोगों को दिए जाते ...
- यह क्या चन्द्रगुप्त की ताकत थी?... वह ताकत चाणक्य की थी, जिसने अपने दिव्य अनुदानों से चन्द्रगुप्त को बृहत् भारत का शासक बना दिया। गुरुज...
- यह क्या था?... उनके दिव्य चक्षु की शक्ति? नहीं, मित्रो! यह था उनका अनुदान, जो शिष्य को गुरु से मिला था। कभी आपने टा...
- यह क्या बतला रहा हूँ?... यह साहस एवं हिम्मत की बात बतला रहा हूँ। यह कहानी इसलिये सुनाता हूँ कि हमारी सामर्थ्य लोगों को वरदान ...
- यह क्या बात कर रहे हैं?... यह बात अनुदान की कर रहे हैं। अनुदान क्या है? यह महत्त्वपूर्ण चीज है। काँग्रेस के अन्दर जवाहर लाल नेह...
- यह क्या है?... भगवान् की बिना माँगे की सहायता है। बिना माँगे की अकल, बिना माँगे के इशारे, बिना माँगे का सहयोग फूलों...
- यह क्या है?... यह इनसान का अभ्यास क्रम है, जिसे शरीर-तंत्र पूरी तरह ग्रहण कर लेता है। हमें आप एक बजे सुला दीजिये, ह...
- यह क्या है?... यह प्रयोग पुरुषार्थ है। आपको मालूम नहीं है, तप करने और पुरुषार्थ करने से आदमी भौतिक जीवन में और आध्य...
- यह क्या है?... यह हमारा अन्दर वाला सन्त है; यह हमारा महामानव है, जिसको रहा नहीं जाता है। महामानव उसे कहते हैं, जो स...
- यह क्या हो गया?... यह सिद्धियाँ हो गयीं। सिद्धियों में हम चार चीजें शुमार करते हैं—(1) धन, (2) लोगों का प्यार, (3) बुद्...
- यह क्यों किया?... क्या उसके रिश्तेदार थे? नहीं मित्रो! यह इनसान का नेचर है। इनसान के अन्दर एक इनसान दिल होता है। जिसे ...
- यह तो जानते हैं न?... उन्होंने एक टाँग पर खड़े होकर ध्यान लगाया था? पूजा की थी? नहीं केवल उन्होंने यह किया था और यह कहा था—...
- यह तो भगवान श्री नारद जी ने कहा था—तेरे भगवान पैदा होगा, तो यह कहाँ भगवान हैं?... तो उन्होंने कहा—ले देख! विश्वास कर बचपन में हँसते हुए अपना मुँह खोल के दिखाया—मैं नहीं हूँ भगवान। यह...
- यह देखिए कि हमारी बुद्धि कितनी बड़ी-बड़ी सार्थक योजनाएँ बनाती है, किस दिशा में चलती है?... सारे युग का नव-निर्माण कैसे हो? यह हमारी बुद्धि ने सोचा है व करेगी।चौथी सम्पत्ति—हमारा धन। धन कहाँ ह...
- यह मैं अनुदान की बात कह रहा हूँ, भगवान कृष्ण के अनुदान की और बताऊँ?... अच्छा और बताता हूँ। सुदामा जी को पैसे की आवश्यकता पड़ी। किस काम के लिए? सुदामा जी बड़े गरीब थे और भिखा...
- यह सब कब और कैसे प्राप्त हो सकता है?... जब आप उपासना करते हैं, तब। उपासना करते हैं, तब अपने विशाल को निखार लेते हैं। फिर क्या हो जाता है? फि...
- यह सब क्रिया-कृत्य करते हैं, लेकिन मूलतः शंकर क्या है?... श्रद्धा और विश्वास। ‘याभ्यां बिना न पश्यन्ति’—जिनकी पूजा किए बिना कोई सिद्धपुरुष भी भगवान को प्राप्त...
- यहाँ कोई मिठाई मिलती है क्या आपको?... यहाँ पंखे मिलते हैं क्या? यहाँ तो जमीन पर पड़े रहते हैं और बुरे तरीके से पड़े रहते हैं, रेलगाड़ियों में...
- यहाँ क्यों भेजते हो?... इसलिए भेजते हैं कि सारे भतीजे यहीं रहते हैं, सबके सब यहीं रहते हैं। यहीं मकान बनायेंगे, मरेंगे तो यह...
- यहाँ तो एक ही दिन में दो-दो बार ड्रामा होता है और वह हर बार हमारे सिर कट जाते हैं, ऐसे ही हम रोया करें, चिल्लाया करें तो हमारा क्या बिगड़ जाता है?... मित्रो! दृष्टिकोण में जमीन-आसमान का फर्क पड़ जाता है, उस दिन जिस दिन आदमी को ये मालूम पड़ती है कि मैं ...
- यहाँ पंखे मिलते हैं क्या?... यहाँ तो जमीन पर पड़े रहते हैं और बुरे तरीके से पड़े रहते हैं, रेलगाड़ियों में आते हैं कितने धक्के खा कर...
- यही व्याख्या है न आपकी या और कुछ व्याख्या है?... नहीं, और कुछ व्याख्या नहीं है। बेटे! ये बड़ी घटिया वाली बात है। ये सारे-के सिद्धान्तों का नाश कर देती...
- यही है और कौन-सी बताऊँ?... एक बार मैंने एक अन्य कहानी आपको सुनाई थी। एक शिष्य की कहानी आपको सुनाई थी, जो अपने गुरु के पैर धोकर ...
- यहीं शान्तिकुञ्ज में कितने आदमी काम करते है?... यहाँ २४० के करीब आदमी काम करते हैं। एक कुटुम्ब बनाकर बैठे हैं और उस कुटुम्ब को हम कौन-सी रस्सी से बा...
- याद कर लिया?... देख लो क...क...क। सब घर में ‘क’ लिखा है। अच्छा बाबा! ले ले चवन्नी। चवन्नी दे दी, फिर उसने कहा—तू तो ...
- युग-आत्माओं को युग-प्रहरियों को युग को देखना पड़ेगा, युग की जरूरतें क्या हैं?... इसकी आवश्यकताएँ क्या हैं? आपकी इच्छा क्या हैं? अरे बाबा! एक कोने में रखो आपकी इच्छा क्या है? हम कहते...
- ये अकल का काम है कि हाथ से कैसे सूत काता जाए?... मोटा हो गया, महीन हो गया कि ऊँचा हो गया, कि नीचा हो गया। बुढ़िया बहुत अकल का काम करती है। बुढ़िया हाथ ...
- ये आपके लिए क्या उपद्रव पैदा कर सकते हैं?... । हरेक को स्वावलम्बी बनाइये, आप उन्हें संस्कारवान् बनाइये। जो भी आपके कुटुम्ब में है, अगर आप स्वावलम...
- ये आपने देखे हैं?... हमने नहीं देखे हैं। हमने तो एक बात देखी और देखकर के बड़ी गड़बड़ पैदा हो गई थी। फिर हमने विचार ही बदल दि...
- ये करोड़ों रुपये का हवाई जहाज पैदा करने की शक्ति किसी और में है?... आप उसी तरह की शक्ति पैदा कीजिए। आप इस समय अपनी सारी आकांक्षाओं को और इच्छाओं को सिर्फ इस काम में लगा...
- ये कहाँ से आ गयी?... इसका आपको इतिहास और हिस्ट्री बताता हूँ कि ये आखिर हैं कौन चण्डी? एक बार ऐसा हुआ देवताओं और राक्षसों ...
- ये कहाँ से आ गयीं देवी?... इस देवी की ‘स्कन्दपुराण’ में और ‘मार्कण्डेय पुराण’ में, देवी भागवत् में, जहाँ से भी ये लिया गया है। ...
- ये काहे की ताकत है?... बन्दूक की। बन्दूक की तो नहीं है। बारूद की? नहीं, बारूद की भी नहीं है। ये ताकत काहे की है, जिससे सनसन...
- ये काहे के लिए जप कर रहा है?... घर जाऊँगा। काहे से घर जाऊँगा? मंत्र जप के प्रताप से। और योद्धा कैसे बन जाएगा? जप करने से और महात्मा ...
- ये किसकी आदत है?... ये राजहंस की आदत है। राजहंस की आदत अगर आपको स्वीकार हो, तो फिर आप आगे बढ़िए। अब गायत्री माता पूरी हो ...
- ये कुत्ता मारा गया, मर जाने दीजिए, कोई बात नहीं, कुत्ता नया पाल लेंगे; लेकिन एक बात बताइये—आपने ये बाण विद्या किससे सीखी है?... उसी से हम भी सीखने के इच्छुक हैं, सो उसने मिट्टी के खिलौने की तरफ इशारा किया। ये है हमारा गुरु, इन्ह...
- ये कैसा वाला अज्ञान?... ये कैसा वाला अज्ञान, जिसने हमारी निष्ठाओं को, जिसने हमारी श्रद्धाओं को एक केन्द्र पर इकट्ठा करने की ...
- ये कैसे किया जा सकता है?... भगवान कहाँ रहते हैं? विष्णु भगवान कहाँ रहते हैं? कृष्ण को मरे हुए मुद्दतें हो गईं, तो अब किस तरीके स...
- ये कैसे सम्भव हुआ?... क्योंकि वे देवता थे पहले जमाने में। देवताओं की भावनाएँ उसी तरह की होती हैं। स्वार्थियों की भावनाएँ, ...
- ये कैसे हो सकता है?... आप देवताओं की शान में ऐसी बात कह रहे हैं। देवताओं की शान में हम सही बात कह रहे हैं। देवताओं ने मनुष्...
- ये कौन कहेंगे?... हिरन? आपको हिरन पकड़ने हों, तो आप यही करना और क्या काम करें? जंगल में आप चले जाइए। जंगल में आप जाइए औ...
- ये कौन थे?... ये ब्राह्मण थे। ब्राह्मण देवता थे। ब्राह्मण देवता हैं? हाँ, देवता होते थे। देवता कौन? जिन्होंने मुट्...
- ये कौन दे रही थी?... वरदान, काली दे रही थी? काली नहीं दे रही थी बेटे! रामकृष्ण परमहंस की श्रद्धा दे रही थी, जो पत्थर से ट...
- ये कौन बोल रहा है?... ये माइक बोल रहा है। माइक नहीं बोल रहा, हम बोल रहे हैं। हमारा हलक नहीं बोल रहा, हमारे विचार बोल रहे ह...
- ये कौन लाये थे?... हनुमान जी लाये थे। अपने आप आये थे? नहीं, अपने आप तो रीछ-बन्दर भी नहीं आये थे; अपने आप तो नल-नील भी न...
- ये कौन हैं?... ये तो वो हैं शूद्र। अच्छा! इसकी पिटाई करेंगे। पहल इसी से करेंगे। मार-मार के उसको ठीक कर दिया। तेरे प...
- ये कौन-सा है?... ख। ये कौन-सा है? ङ। ये कौन-सा है? क। ये कौन-सा है? घ। पास हो गई, जाओ। अच्छा, सवा रुपया निकाल ले। सवा...
- ये कौन-सी पूजा है?... ये जड़ पूजा है। जड़ कैसे? जड़ वो है, जिसमें चावल है, फूल है, अक्षत है, नैवेद्य है। ये सब क्या चीज है? य...
- ये कौन-सी शराब है?... कौन-सी लाए? ये लाए साहब ब्राण्डी, क्या लाए व्हिस्की, ये कौन-सी लाए? रम। तो साहब, आपको नशा आता है। नह...
- ये क्या कर रहा था?... स्नानं समर्पयामि। किससे स्नान कराया? चम्मच से। बस! बहका रहा है भगवान् को। बहकावे का नाम भजन रखा है आ...
- ये क्या कर रहे हो साहब?... मास्टर साहब ने ४५वाँ मंत्र पढ़ा दिया? हाँ पढ़ा दिया। अब क्या कर रहे हो? अब तो हम याद कर रहे है। कैसे य...
- ये क्या कह रहा था मैं?... ये भगवान के हाथ की बात कह रहा था और शंख? शंख का अर्थ—नाद और घोषणा। संकल्प और निष्ठाएँ। ये शंख-चक्र ह...
- ये क्या कहलाएगा?... ये आपके शंकरजी के चिन्ह और शंकरजी की निशानियाँ कहलाएँगी और शंकरजी की बात कहलाएँगी। शंकरजी की शिक्षाए...
- ये क्या चक्कर है?... गायत्री माता की मूर्ति हो, तो आप ये पूछिए कि क्या बात है साहब! हमने तो मूर्ति रख दी और दण्ड पेल रहे ...
- ये क्या चीज कह रहा हूँ मैं?... ये वो चीज कह रहा हूँ—जो जहर गले में दबाया हुआ था शंकर जी ने। शंकरजी के गले में मुण्डों की माला पड़ी ह...
- ये क्या तरीका है?... इसके बिना कोई और तरीका नहीं हो सकता। अब क्या होगा? पढ़ाई की छुट्टी हो गई। अब क्या हो रहा है? अब तो तै...
- ये क्या मतलब?... या तो पण्डित जी की बात सही है या हकीम जी की बात सही है। नहीं साहब? दोनों की बात सही है। दोनों अँधेरे ...
- ये क्या लाए हैं साहब?... च्यवनप्राश—आँवला। इसको खाइये, हजम कीजिये ताकि आपको ताकत आ सके और आपकी खाँसी भी ठीक हो सके। नहीं साहब...
- ये क्या लाए हो?... शेर। अच्छा! कहाँ से लाए हो शेर? मेले में से लाए हैं। मेले में घूम रहे थे, तो दिखाई पड़ गया, उठा लाए। ...
- ये क्या है?... ये मित्रो! शंकरजी कहाँ रहते हुए दिखायी पड़ते हैं? मरघट में। शंकरजी के शरीर पर क्या लगा हुआ दिखायी पड़त...
- ये क्या है?... ये आपका मस्तिष्क। मस्तिष्क का शिक्षण कीजिए। किससे? पूजा की चौकी से। क्या शिक्षण ग्रहण करें? बेटे क्य...
- ये क्या है?... ये बेटे! विज्ञान है जप का। हम फैल सकते हैं, हम चौड़े हो सकते हैं, हम बड़े हो सकते हैं, हमारा विस्तार ह...
- ये क्या है?... ये अनुदानों की बात कह रहा था। अनुदानों का जिक्र अक्सर मैं अपने प्रवचनों में करता रहा हूँ। उसमें से ए...
- ये क्या हैं?... देव। ये आपने देखे हैं? हमने नहीं देखे हैं। हमने तो एक बात देखी और देखकर के बड़ी गड़बड़ पैदा हो गई थी। फ...
- ये क्या हो गया?... ये बेटे! उपासना का तन्त्र हो गया। ये अधूरा है, ये जड़ है। ये केवल पदार्थजन्य है। ये काफी नहीं है। इसक...
- ये क्या हो रहा है?... हमारी अकल खराब हो रही है। अकल की खराबी की प्रार्थना के लिए हम भगवान को पुकारते हैं—‘‘धियो यो नः प्र...
- ये क्यों नहीं कहते?... सीधी बात क्यों नहीं कहते? जी साहब! हम भगवान की भक्ति चाहते हैं। भगवान को क्यों लपेट में लेना चाहते ह...
- ये खिलौने के लिए हैं कि आपको पालन करना पड़ता है?... पालन नहीं करना पड़ता। आप थके हुए आते हैं, चाबीदार खिलौनों से जैसे बच्चे खेलते हैं, आप इन बच्चों से वै...
- ये ख्वाब अगर हमको आया होता और हमने अपना घर कहाँ बनाया होता?... मरघट में बनाया होता। हम कहाँ के रहने वाले हैं? मरघट के रहने वाले हैं और हम काम करते हैं तथा ड्रामा क...
- ये ग्यारह विद्यार्थी कौन हैं?... ग्यारह विद्यार्थी वह हैं, जिनको हम दस इन्द्रियाँ कहते हैं और एक कहते हैं—मन।ग्यारह विद्यार्थी बैठे र...
- ये जीवन-निर्माण क्या है?... बेटे! समझता क्यों नहीं है तू? ये जीवन-निर्माण का खेल है सारा। देवताओं को पकड़ने की विद्या नहीं है, दे...
- ये झाड़ी है या भूत है?... झाड़ी बिल्कुल भूत है; क्योंकि हमारी श्रद्धा और विश्वास उसके ऊपर है। इसीलिए वो भूत है और वो जरूर भूत ह...
- ये तीनों क्या हैं?... ये हैं—जमीन, खाद और पानी। भगवान के चरणों में हमने अपने आपको समर्पित किया है व भगवान जितने शक्तिशाली ...
- ये तुमको नहीं करना चाहिए था, तुमने भजन क्यों करना शुरू कर दिया?... रामचन्द्रजी कभी मिलेंगे हमको—हमारी मुलाकात होगी, तो रामचन्द्रजी से कहेंगे जरूर कि आपने ऐसा क्यों किय...
- ये तो आपकी शक्ति की महिमा है और क्या है?... आपका अहंकार क्या करता है? वो अहंकार ये करता है कि आदमी को संगठित नहीं होने देता। हर आदमी में संगठित ...
- ये तो कैसा है?... ये बत्ती आपको बताती है जब भी आप टेप को दुबारा सुनेंगे, तो गुरुजी का भाषण ठीक आ जाएगा और लड़कियों का स...
- ये दैवी कौन हैं?... ये कहाँ से आ गयीं देवी? इस देवी की ‘स्कन्दपुराण’ में और ‘मार्कण्डेय पुराण’ में, देवी भागवत् में, जहा...
- ये पत्थर क्या हैं?... अरे पत्थर है? नहीं साहब! ये वो है संगेअसवद। संगेअसवद क्या होता है? पत्थर है। साहब तराशा हुआ पत्थर है...
- ये बता दीजिए कौन-सी बत्ती लाल रंग की है?... आपको तुरन्त मालूम पड़ेगा। आपके भविष्य में कोई सम्भावना है कि नहीं, सिद्धियाँ मिलनी हैं कि नहीं, चमत्क...
- ये बताइये खून घड़े में हम पैदा कर दें, तो हमारे बच्चा हो जाएगा?... हट! बेवकूफ कहीं का! कहाँ त्याग की बात चल रही है, कहाँ संगठन की बात चल रही है और कहाँ तू पागलपन की बा...
- ये बात सही हो सकती है?... हाँ, मेरे ख्याल से तो सही होगी। अलादीन का चिराग आपके पास भी है? मेरे पास भी है। अलादीन का चिराग हमार...
- ये भगवान के हाथ की बात कह रहा था और शंख?... शंख का अर्थ—नाद और घोषणा। संकल्प और निष्ठाएँ। ये शंख-चक्र हैं।जो आयुध इनके ऊपर लगे हुए हैं, ये सारी-...
- ये भी मिट्टी है तो आप मिट्टी से कर रहे थे?... हाँ बेटे! मिट्टी से आप लोग कर रहे थे ये कर्मकाण्ड। ये सारे कर्मकाण्ड जो आपकी क्रिया है। क्रिया क्या ...
- ये मंत्र बताइये?... क्या मंत्र बताएँ? बता तो दिया आपको गायत्री मंत्र। फिर भी नहीं भरा पेट। नहीं साहब! फिर कुछ और कमाल बत...
- ये लाए साहब ब्राण्डी, क्या लाए व्हिस्की, ये कौन-सी लाए?... रम। तो साहब, आपको नशा आता है। नहीं साहब, हमको अभी तो नशा नहीं आ रहा है। नशा कैसे नहीं आया! रम में तो...
- ये लोकहित में प्रवाहित इसके लिए क्या कम पड़ने वाला है?... कम किसका पड़ने वाला है? सड़ेगा कौन? सड़ेंगे वो स्वार्थी और फलेगा कौन? फलने वाला है परमार्थी। गंगा फलेगी...
- ये शुरू कर दिया और क्या कहूँ आपसे?... रामचन्द्रजी आए थे और जाने क्या-क्या सिखाने आए थे। हमने रामचन्द्रजी को भुला दिया और ‘हरे रामा, हरे कृ...
- ये सब क्या चीज है?... ये सब पदार्थ हैं—मैटर हैं, सब जड़ हैं और क्या कर रहा था? काहे से पूजा कर रहा था। गायत्री माता के सामन...
- ये सब क्या है?... इस तरह की आँखें हमारे पास आएँ, तो राम का नाम हमको फल देता हुआ चला जाए, चमत्कार दिखाता हुआ चला जाए। इ...
- ये सब पदार्थ हैं—मैटर हैं, सब जड़ हैं और क्या कर रहा था?... काहे से पूजा कर रहा था। गायत्री माता के सामने? हाथ से कर रहा था। काहे के हाथ, देखें। ये तो मिट्टी के...
- ये सब होते हैं?... हाँ बेटे! पाँच चीजें होती हैं। बस, कम-से इतना तो कर ले। इतने से ही चमत्कार दिखाई देगा। बस, इन्हीं की...
- ये सारा-का खेल क्या है?... ये आत्म-नियन्त्रण है। सारे-का शिक्षण देवता को गिरफ्तार करने का नहीं है, देवता को फुसलाने का नहीं है।...
- ये हिन्दू हैं कि जाहिल हैं?... न जाने कौन है। देवी-देवताओं का क्या कहना! किसी भी मन्दिर में आप चले जाइये। दो-एक देवी देवता से काम चल...
- रँगने के लिए और रमने के लिए हम बार-बार पुकार करते हैं—हमको कहाँ जाना है?... कहाँ देखना है? हमारा लक्ष्य क्या हो सकता है? राम की सुगन्ध से हम सुगन्धित बनना चाहते हैं, इसलिए हम उ...
- राक्षस और देवताओं का क्या हुआ?... देवता भाग गये। देवता भागकर के यहाँ छिपे, वहाँ छिपे। आखिर में ब्रह्माजी के पास जा पहुँचे और ब्रह्माजी...
- राक्षस कैसे होते हैं?... दो-दो योजन मूँछें ठानी। दो-दो योजन लम्बी उनकी मूँछें थीं। ऐसे जबरदस्त राक्षसों से लड़ने के लिए आमादा ...
- राक्षस क्यों मार सकते हैं?... तुम तो देव हो। तुम्हारे पास तो वेदों का ज्ञान है। तुम तो ऋषि हो। तुम तो बड़े जबर्दस्त हो। तुम्हारे पा...
- रात की झाड़ी—रात में जब हम जंगल में अकेले निकलते हैं, तो झाड़ी कैसी खौफनाक मालूम पड़ती है?... ऐसी मालूम पड़ती है, जैसे कोई भूत बैठा हुआ हो। आहाहा! इस भूत के दाँत कितने बड़े हैं? ऐसे बड़े! आँखें कैस...
- रात को सोते हुए आँख खुल गई तो, न जाने कहाँ के विचार कर रहे हैं?... किस तरह के विचार कर रहे हैं? असम्भव बातों के भी विचार कर रहे हैं। रात को सिनेमा देखा था; फलाँ औरत दे...
- राम का नाम क्या है बेटे?... हमारी जीवात्मा, हमारा अन्तःकरण ग्यारह-ग्यारह विद्यार्थियों को पाठ पढ़ाता है। ये ग्यारह विद्यार्थी कौन...
- राम का नाम क्या है?... राम का नाम एक शराब है, राम का नाम एक नशा है, राम का नाम एक मस्ती है।...
- राम का नाम लेता है तू?... चालाक! बेईमान! सब भार सौंप दिया भगवान तुम्हारे हाथों में। क्या-क्या सौंप दिया भार? बिना बना मकान पड़ा...
- राम के नाम का नशा कभी आया है?... नहीं, बेटे! राम के नाम का नशा कभी नहीं आया है। राम के नाम की मस्ती कभी आई है? राम के नाम की कभी मस्त...
- राम के नाम की मस्ती कभी आई है?... राम के नाम की कभी मस्ती नहीं आई है आपको। राम के नाम की मस्ती आती, तो आपकी आँखों में चमक दिखाई पड़ती, ...
- राम के नाम के महत्त्व के बारे में कितना लिखा है?... रामायण में लिखा है, यहाँ लिखा वहाँ लिखा है; लेकिन साथ-साथ में यह भी लिखा कि इसको जीभ की नोक से उतारन...
- राम क्या है?... राम हमारा लक्ष्य है, राम हमारा मॉडल है। हम पुकारते रहते हैं, हम तलाश करते रहते हैं राम को।एक बार ऐसा...
- राम राम राम राम राम—ये क्या बोल रहा हैं गुरु जी?... बेटा! तू समझ ले। चाहे मरा-मरा समझ ले, चाहे राम-राम समझ ले। ‘म’ से शुरू करेगा तो ‘रा’ पर खत्म करना पड़...
- राम हमारे जीवन में जब आएँगे, तब उसका तरीका क्या हो जाएगा?... रूप क्या हो जाएगा? तरीका देखिये विलक्षण हो जाएगा, असाधारण हो जाएगा। किसका? राम के नाम का। क्या तरीका...
- रामकृष्ण उनके पास स्वयं गए थे?... जिसको दिया है, वो वजनदार आदमी होना चाहिए। अनुदान देने के लिए इन दिनों देवता व्याकुल हो रहे हैं। पहले...
- रामचन्द्रजी कभी मिलेंगे हमको—हमारी मुलाकात होगी, तो रामचन्द्रजी से कहेंगे जरूर कि आपने ऐसा क्यों किया?... श्रीकृष्ण जब कभी मिलेंगे और हमारी बातचीत उनसे होगी, तो हम पहली शिकायत ये करेंगे कि आप तो लोगों के लि...
- रामचन्द्रजी के कैसे अधिकारी हो जाएँगे?... ऐसा नहीं हो सकता—ये नहीं हो सकता। रामचन्द्रजी जिस काम के लिए दुनिया में आए थे, जो सिखाने के लिए आए थ...
- रामायण का पाठ?... गीता का पाठ? नारायण मंत्र का पाठ? नहीं, कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा—इस समय आपत्ति घर में है। सीता ज...
- रामायण में यह कथा आप लोगों ने पढ़ी होगी, पर यह गौर क्यों नहीं किया कि तीसरी आँख क्या है?... कामदेव जलने की बात क्या है? जिन लोगों ने साइंस पढ़ी है वे ‘थ्री डायमेंसन’ की बात समझते हैं—लम्बाई, चौ...
- रिकॉगनिशन किसे कहते हैं?... मान्यताओं को, निष्ठाओं को। निष्ठाएँ ऐसी मजबूत होती चली जाती हैं कि छुड़ाये नहीं छूटतीं। कहिये साहब! स...
- रिटेन्शन किसे कहते हैं, समझना?... जो कुछ भी ज्ञान प्राप्त किया है, उसे मस्तिष्क में धारण कर लेना—यह रिटेन्शन है। शायद ये लम्बा हो जाएग...
- रूप क्या हो जाएगा?... तरीका देखिये विलक्षण हो जाएगा, असाधारण हो जाएगा। किसका? राम के नाम का। क्या तरीका हो जाएगा? उसका तरी...
- रेलगाड़ी चलती हुई देखी है?... ऐसी मालूम पड़ती है कोई गिलहरी रेंग रही हो और जब गाय-बैलों के समूह आते हैं, तो मालूम पड़ते हैं यात्रियो...
- रेलवे में जो गार्ड हैं, ड्राइवर हैं, उन्हें हम पाँच बजे उपासना के लिए कैसे कहें?... उनके लिए जो समय में हो जाए, वही ठीक है। न होने से तो कुछ करना अच्छा है। एक आदमी चारपाई पर भजन कर रहा...
- रोज संकल्प लेते हैं—बीड़ी नहीं पियेंगे, सिगरेट नहीं पियेंगे, फिर क्या बात हो गई?... संकल्प-शक्ति का अभाव। अच्छे कामों के लिए एक इंच आपकी संकल्प-शक्ति काम नहीं देती है। श्रेष्ठ कामों के...
- रोज सवेरे उठकर भगवान् के नाम के साथ में यह विचार किया कीजिए कि हमने किन सिद्धान्तों के लिए समर्पण किया था?... और पहला कदम जब उठाया था तो किन सिद्धान्तों के आधार पर उठाया था? उन सिद्धान्तों को रोज याद कर लिया की...
- लक्ष्य क्या है?... लक्ष्य सिर्फ एक है। वो लक्ष्य ये है कि मनुष्य के विचार और मनुष्य के सोचने की शक्ति और मनुष्य के क्रि...
- लगाइये, हम कब मना करते हैं?... एक पीछे ओंकार लगाइये, एक बीच में ओंकार लगाइये। नहीं साहब! कुछ और ऐसा बताइये, जिसमें कमाल हो जाए। कमा...
- लर्निंग किसे कहते हैं?... लर्निंग बेटे! उसे कहते हैं, जो स्कूलों में पढ़ाई जाती है। स्कूलों की पढ़ाई की सारी-की थ्योरी (सिद्धान्...
- लाइफ नहीं है तब?... आँखें रखी हैं। आप घर ले जाना इसमें से निकाल के। आँखें देखेंगी? आप देख लेना मिट्टी है।...
- लाइये कितने का है?... सौ रुपये का है। अरे साहब! वहाँ मिलता है चालीस रुपये का। अरे! तो चालीस रुपये में बिकता है नगद। उधार म...
- लाठी लेकर चलते थे?... हाँ, लाठी लेकर चलते थे। सूरदास धुले हुए थे, साफ थे। गन्दे जब थे, तब थे। तब, तक भगवान उनके नजदीक आए न...
- लाभ नहीं, वरन् कल्याण हमारा कहाँ है?... कल्याण को देखने की अगर हमारी दृष्टि पैदा हो जाए तो यह कह सकते हैं कि हमने भगवान् शिव के नाम का अर्थ ...
- लालबहादुर ने पूछा कि यह कैसा फार्म है?... यह तो एम.एल.ए. का फार्म है। अरे! इसमें तो ढाई सौ रुपये लगते हैं हमारे पास तो पैसे नहीं हैं। इसके प्र...
- लालबहादुर शास्त्री की कोई हैसियत थी?... नहीं कोई हैसियत नहीं थी। यह क्या दिया गया था—अनुदान। नेहरू जी का अनुदान। उन्होंने हीरालाल शास्त्री, ...
- लाला मुन्नीलाल की दुकान कहाँ है?... वो बैठी है—उधर की दुकान और वो शनिश्चर आकर के दुकान में खट् बैठ गया तराजू के नीचे और जैसे ही मुन्नीला...
- लेकिन वह तो आपत्तिकाल था न?... अगर वहाँ लड़ाई नहीं लड़ी गयी होती तब? तब कर्ण, दुर्योधन, दुःशासन और शिशुपाल मिल करके जाने कैसा हाहाकार...
- लेकिन हम क्या कर सकते हैं?... हम तो हर बार पकड़ लेते हैं पूँछ। क्या पकड़ लेते हैं? हमको तो इसी में मजा आता है। काहे में मजा आता है? ...
- लेटकर पानी पी लें?... हाँ, बीमार हो, तो लेटकर पानी पी लो। खड़े हुए पानी पी लें? हाँ, खड़े हुए पानी पी लो। नहीं, महाराज जी। म...
- लोगों की शक्ति निकल सकती है?... हाँ, आप में से निकाल लूँ आपकी शक्ति, आप कहें तो। आप निकाल सकते हैं? कैसे निकाली ब्रह्माजी ने? निकालन...
- लोगों ने कहा—आप कान में क्यों कहते हैं?... उन्होंने कहा—कान में इसलिए कहते हैं कि सबको मालूम पड़ेगा, तो विश्वास कम हो जाएगा। अरे! ये तो राम नाम ...
- लोभ आप किस काम में करते हैं?... आदमी को कितना चाहिए? आदमी को जरा-सा चाहिए। भगवान ने उसे इस लायक बनाया है जितना कि जितना कि ढेरों-के ...
- लोमड़ी को पकड़ने का तरीका बताइये?... वही तरीका दुनिया में। आपने तो एक ही तरीका सीखा है न? कौन-सा बस वो एक तो ॐ लोमड़िआय नमः। लोमड़ी ले जाइए...
- लोहा गलाने की भट्टियों में जलती रहती है कि नहीं?... उनमें तो और भी ज्यादा कमाल होगा। रेल के इन्जन में तो और भी ज्यादा कमाल होगा। आग में शक्ति नहीं होती।...
- लोहे का क्यों है?... इसलिए है कि हमने अपने शरीर को भगवान के काम में लगा दिया है। हमारा शरीर बहुत ठीक है और अगर आप भी अपने...
- लड़ाई होने की वजह?... वजह ये है कि अच्छे आदमी कभी संगठित होकर नहीं बैठे। अच्छे आदमियों ने कभी नमाज मिल-जुल के नहीं पढ़ी। मु...
- लड़ाई-झगड़े की बात तो भगवान भी कह रहे थे और अर्जुन को बार-बार कहा था कि आप लड़िए—‘‘ततो युद्धाय युज्यस्व’’ लड़ने के लिए दबाव डाला था तो क्या लड़ना भी पुण्य है?... हाँ लड़ना भी पुण्य है। पुण्य को आप सीमाबद्ध मत कीजिए। केवल पानी पिलाने को ही पुण्य मत मानिये; रोटी खि...
- वरदान के लिए सत्र की क्या आवश्यकता है?... वरदान माँगने तो लोग यहाँ चले आते हैं तथा प्राप्त कर लेते हैं। आशीर्वाद का सिलसिला तो जब से हमने होश ...
- वरदान क्या होता है?... उन्नतिशील लोगों को प्रगतिशील लोगों के आगे बढ़ने के लिए यह दिया जाता है। आपने देखा है? स्कूलों द्वारा ...
- वरदान, काली दे रही थी?... काली नहीं दे रही थी बेटे! रामकृष्ण परमहंस की श्रद्धा दे रही थी, जो पत्थर से टकराती थी और टकरा करके फ...
- वस्तुओं की जरूरत है?... वस्तुओं की भी जरूरत है। कर्मकाण्ड उपयोगी है? कर्मकाण्ड की भी जरूरत है। प्रतीकों की जरूरत है? प्रतीको...
- वह कहाँ रहता है?... वह हमारे पेट में रहता है। वह सन्त हमारी अकल में, भावना में रहते हैं। आपको मालूम नहीं है। हमारा जन्म-...
- वह कौन भाई है?... मित्रो! वह हमारा सन्त भाई है। वह कहाँ रहता है? वह हमारे पेट में रहता है। वह सन्त हमारी अकल में, भावना...
- वह कौन-सा यज्ञ था, जो पाण्डवों के यज्ञ से भी बड़ा था?... उन्होंने कहा—एक ब्राह्मण ने एक सप्ताह के बाद में चार रोटियों का अनाज पाया। उससे चार रोटियाँ बनाई। एक...
- वह चीज हमारी कहाँ चली गई है?... बिल्ली के बच्चे गुम हो गए, बिल्ली कहीं चली गई! बच्चों की भी आदत होती है कि कहीं चले जाते हैं, छिपकर ...
- वह जो कार्क है, वह तो जरा-सा है?... लेकिन वह क्रमबद्धता—वह ताल—ताल की शक्ति इतनी जबरदस्त है कि वह काँपने लगता है और थरथराने लगता है। शब्...
- वह सुना है न किस्सा आपने?... मैं क्या सुनाऊँगा आपको?इसी तरीके से आम्रपाली का नाम सुना है न आपने? आम्रपाली एक वेश्या थी। वेश्या को...
- वहम तो नहीं था?... शायद वहम था कहीं। दो कौड़ी का शक्की स्टूडेण्ट, जो एल.डी.सी. की नौकरी तलाशने आया था उसे रामकृष्ण परमहं...
- वहाँ उनको ध्यान आया—सबसे बड़े देव कौन हैं?... महादेव। नाम ही उनका महादेव है। महादेव—महा माने बड़ा और देव माने देवता अर्थात् सबसे बड़ा देवता—महादेव। ...
- वहाँ कौन सुनेगा तेरी?... वहाँ तो इतना हल्ला मच रहा है कि नक्कारखाने में तेरी तूती की आवाज कोई नहीं सुनेगा। तो हम किससे प्रार्...
- वहाँ क्या हो रहा है?... चण्डी का पाठ हो रहा है? दुर्गा का पाठ हो रहा है—दुर्गा का पाठ। मित्रो! पण्डितों की इस वक्त पाँचों उँ...
- वहाँ गोरे जंगलियों में क्या करेंगे?... अफ्रीकन भाषा और नीग्रो लोग हैं। हम नहीं रहेंगे वहाँ। हम फैमिली यहीं लायेंगे। बच्चे यही पढ़ायेंगे। बच्...
- वहाँ तो गायत्री काम नहीं कर सकती?... गायत्री कमाल करती हैं और वहाँ भी उतना ही काम करती हैं, जितना यहाँ और जो प्रोननसिएशन गलत था, सो। हाँ,...
- वहाँ पर आप जाकर के अपने-आपको देखिये, आपकी शक्ल कैसी है और चेहरा कैसा है?... इसके लिए मुर्दे की खोपड़ी को देखा कीजिए, जिसको आप हर बार क्रीम लगाते हैं, पाउडर लगाते हैं और जिसकी शक...
- वहीं तो रहते हैं कैलाश पहाड़ पर और कहाँ रहते हैं?... पहाड़ पर रहते हैं। मैं कई सन्त-महात्माओं के साथ चला गया। बड़ा कठिन रास्ता था। अभी भी बड़ा मुश्किल भरा रा...
- विज्ञान का भाग क्या है?... विज्ञान का बेटे! भाग है शब्दों की शक्ति। शब्द भी है, शक्ति भी है। जिस तरीके से बहुत सारी शक्तियाँ हो...
- विदाई का समय आ गया, कोई अच्छी विधि सिखा दीजिए?... क्या विधि सिखा दें? आचार्य जी! ऐसी कोई विधि आप सिखा दीजिए। इस विधि की कोई वजह? आपने जो फायदा उठाया, ...
- विद्या प्राप्त करना कोई बड़ी बात है क्या?... कोई बड़ी बात नहीं। नटवर लाल एक आदमी था। उसने इतना पैसा कमा लिया—इतना पैसा कमा लिया कि लोग अचम्भे में ...
- विधि, विधि पूछता है?... पागल! विधि नहीं है। फिर क्या चीज है, जिससे कमाल होते हैं और चमत्कार दिखाई पड़ते हैं। उसका नाम है—विधा...
- विराट रूप की बात आपको नहीं मालूम है?... भगवान का विराट रूप। अर्जुन कह रहा था—भगवान का हमको आँखों से दर्शन करना है, तो भगवान बार-बार कहते थे—...
- विराट् की सेवा करने के लिए त्याग और बलिदान करने के लिए, इसको अच्छा, समुन्नत और सभ्य बनाने के लिए जो भी हम प्रयत्न करते हैं, आप यह मानकर चलिए कि भगवान के लिए किया जा रहा है और सिर्फ भगवान की पूजा और सेवा की जाती है तो?... तो क्या सेवा और पूजा नहीं करनी चाहिए? वो भी बता देंगे बाबा! उसमें क्या ऐसी बड़ी-सी बात है? वो कोई बड़ी...
- विराम यदि नहीं होगा, तो फिर क्या हो जाएगा?... एक गति बन जाएगी। गति बन जाती है, तो गति की शक्ति अलग बन जाती है हमारे शरीर में। आपने देखा होगा बच्चे...
- विवेकानन्द किसने बना दिया?... काली ने बना दिया। क्यों साहब! काली थी क्या? काली पत्थर थी। पत्थर नहीं थी। वो क्या थी? काली थी रामकृष...
- विवेकानन्द को क्या दिखाया था?... जमीन से लेकर आसमान तक विराट् स्वरूप। उसने ये प्रत्यक्ष पूछा था विवेकानन्द से—क्यों भाई! क्या बात है?...
- विष्णु भगवान कहाँ रहते हैं?... कृष्ण को मरे हुए मुद्दतें हो गईं, तो अब किस तरीके से पाएँ कृष्ण को? कृष्ण जी ने न जाने कहाँ जन्म ले ...
- वे कहती हैं कि तुम्हारे पास है और जिनको जरूरत है उनको दोगे नहीं?... तो हम कहते हैं कि जरूर देंगे। जो मुसीबत में हैं और कहते हैं कि हमारी मुसीबत में हिस्सा नहीं बँटाएँगे...
- वेदान्त का, फिलॉसफी का पहला वाला सूत्र है, क्या सूत्र है?... ब्रह्म-जिज्ञासा। पहला काम ये है कि आप जानिए। ये क्या चक्कर है? गायत्री माता की मूर्ति हो, तो आप ये प...
- वेश्यावृत्ति भी जारी रखी जाए, चोरी भी जारी रखी जाए और काम भी जारी रखी जाएँ, भजन भी जारी रखा जाए?... जारी रखा जा सकता है; पर उसकी शर्त ये है—राम नाम को लेने के पश्चात् में, फिर आपको वो काम नहीं करने चा...
- वैसा क्यों रहेंगे?... नहीं महाराज जी! भगवान पापियों का भी उद्धार करते हैं। पापियों का उद्धार कर देते हैं? हाँ, सैकड़ों आदमी...
- वो आते हैं न, क्या नाम है उनका?... वो आते हैं न, सफेद पैंटवाले साहब। सफेद पैंट वाले साहब से कहना—वो अस्पताल भी चलाते हैं। हम तो जानते न...
- वो कच्चा था तो क्या हुआ?... कच्चे में पानी नहीं ला सकता। नहीं स्वामी! कच्चे में पानी कैसे रखा जा सकता है? गुरुदेव! आप तो ज्ञानी ...
- वो कौन खाता था?... काली। कानी नहीं, काली क्या खाएगी, वो तो पत्थर की बनी हुई है। पत्थर कोई खा सकता है रोटी? कौन खाता था?...
- वो कौन है?... जो हमारा विश्वास है। आदमी का विश्वास कितना जबरदस्त है? आदमी का विश्वास कितना बड़ा है? न जाने क्या-से ...
- वो कौन हैं?... वो भगवान् हैं। कौन? श्रीकृष्ण भगवान्! हम तो वहाँ जाएँगे और हम तो श्रीकृष्णजी को पूजेंगे। श्रीकृष्ण इ...
- वो क्या थी?... काली थी रामकृष्ण परमहंस की श्रद्धा, जो पत्थर में पूँजीभूत होकर के, पत्थर से टकरा करके, गूँज करके इतन...
- वो क्यों नहीं किया?... कौन-सा? शंकरजी के भीतर जो शिक्षाएँ भरी पड़ी हैं और जो प्रेरणाएँ भरी हैं, वो क्यों नहीं सीखीं आपने? भू...
- वो तीन खड़े रहे, हमें क्या लेना-देना?... शूद्र की पिटाई हो रही है, चलो ठीक है। इसको रस्सी से बाँध दो, ठाकुर साहब! चमार है बाँध दो। उस शुद्र क...
- वो भगवान् सिखाएगा, तो भगवान से किस तरह से सीखा जा सकता है?... भगवान की कोई शक्ल भी नहीं है, भगवान् का कोई स्वरूप भी नहीं है, भगवान् का कोई गाँव भी नहीं है, भगवान्...
- वो याद है?... वो कौन खाता था? काली। कानी नहीं, काली क्या खाएगी, वो तो पत्थर की बनी हुई है। पत्थर कोई खा सकता है रो...
- वो सिद्ध देवी थी?... हाँ, वो सिद्ध देवी थी? काली किसकी थी? रामकृष्ण परमहंस की काली थी। फिर क्या हुआ उस काली का? क्या हुआ!...
- वो हमको नापसन्द है और रामचन्द्रजी से कभी मुलाकात हुई तो हम सबसे पहली बात ये बताएँगे कि आप तो मर्यादाओं की स्थापना करने के लिए आये थे, फिर आपने ये गलती क्यों कर डाली?... आपकी देखा−देखी दूसरे लोग छिपकर के मारने लगेंगे, तो दुनिया में मुसीबत खड़ी हो जाएगी और मर्यादाएँ भंग ह...
- वो हमने कितनी बार बताया और अक्षत क्या सिखाता है?... कितनी बार बताया। जल क्या सिखाता है? जल सिखाता है हमारा श्रम और हमारा पसीना श्रेष्ठ कामों के लिए और श...
- वो, जिसके ऊपर रशिया वालों के साथ राकेश शर्मा गया था, वो चन्द्रमा?... वो चन्द्रमा बहुत बड़ा है और वो पृथ्वी का चौथाई या पाँचवाँ हिस्सा है। बहुत बड़ा है और बहुत भारी है। इतन...
- व्यक्ति के ऊपर?... व्यक्ति तो माध्यम होते है। हमारे प्रति, गुरुजी के प्रति श्रद्धा है। बेटा, यह तो ठीक है, लेकिन वास्तव...
- व्यक्ति पूरा करते हैं, तो इससे क्या हुआ है?... हमारा जहाज तो पेट्रोल से उड़ता है। ठीक है, ड्राइवर कोई उड़ाता थोड़े ही है, मशीन घुमा देता है। ठीक है हम...
- व्यापार आप करेंगे?... व्यापार आप मत करना। शनिश्चर बैठा हुआ है।हमारी प्रत्येक विचारधारा के ऊपर, गतिविधियों के ऊपर देवता हाव...
- शंकर की शक्ति वरदान हो करके सामने क्यों नहीं आती?... शंकर के भक्त होते हुए भी हम किस तरीके से पिछड़ते और पददलित होते चले जा रहे हैं? भगवान हमारी कब सहायता...
- शंकर के भक्त होते हुए भी हम किस तरीके से पिछड़ते और पददलित होते चले जा रहे हैं?... भगवान हमारी कब सहायता करेंगे? यह विचार मैं देर तक करता रहा।अठारह पुराणों का अनुवाद मैंने संस्कृत से ...
- शंकर जी इस शिक्षा को हर शंकर-भक्त को अपनी फिलॉसफी में सम्मिलित करना ही चाहिए कि विषैले लोगों से किस तरीके से ‘डील’ करना चाहिए, किस तरीके से उन्हें गले से लगाना चाहिए और किस तरीके से उनसे फायदा उठाना चाहिए?... शंकर जी के गले पर पड़ी मुण्डों की माला भी यह कह रही है कि जिस चेहरे को हम बीस बार शीशे में देखते हैं,...
- शंकरजी कहाँ रहते हुए दिखायी पड़ते हैं?... मरघट में। शंकरजी के शरीर पर क्या लगा हुआ दिखायी पड़ता है? मुर्दों की राख दिखायी पड़ती है। ये क्या है? ...
- शंकरजी की शिक्षाएँ क्या-क्या कहूँ आपसे?... मैं कहाँ तक बताऊँ?शंकरजी की महिमा ही मैं अगर गाता रहा, तो आप ये कह देंगे कि आप तो अपने ही देवता की ब...
- शंकरजी के भीतर जो शिक्षाएँ भरी पड़ी हैं और जो प्रेरणाएँ भरी हैं, वो क्यों नहीं सीखीं आपने?... भूत और प्रेतों की सेना—भूत और प्रेतों की सेनाएँ बड़े आदमियों की नहीं, मालदार आदमी की नहीं, अमीरों की ...
- शंकरजी के शरीर पर क्या लगा हुआ दिखायी पड़ता है?... मुर्दों की राख दिखायी पड़ती है। ये क्या है? ये है मृत्यु का देव। मृत्यु का देव कौन है? शंकर। मौत का क...
- शंख-चक्र और पद्म ये क्या हैं?... ये विष्णु भगवान के चार आधार हैं। एक हाथ में है चक्र—पहिया घूमना। पहिया घूमना-गतिशील। गतिशीलता—हमारे ...
- शक्ति कहाँ से आ जाती है?... क्यों आ जाती है? उद्धार कैसे हो सकता है? ऐसे अनेक प्रश्न तुलसीदास जी के मन में उत्पन्न हुए। उनका समा...
- शक्ति कहाँ से आती है?... सामर्थ्य कहाँ से आती है? सामर्थ्य आदमी के भीतर से निकलती है। आदमी की जो उच्चस्तरीय वस्तु है, उसका ना...
- शब्द की शक्ति क्या है?... शब्द की शक्ति बताता हूँ। किसी मिलिट्री वाले से पूछना—क्यों साहब! जब आपकी मिलिट्री पुल पर से होकर के ...
- शरीर को ही तो खिला देंगे?... आत्मा को क्या खिलाएँगे? आत्मा को रोटी थोड़े ही खिला सकते हैं आप? तब आत्मा को, अन्तःकरण को, जिसके आधार...
- शरीर क्या माँगता है?... इन्द्रियाँ क्या माँगती हैं? यह हम सबको मालूम है। एक और आँख भी है जो खुशहाली की बात दिखाती है। शंकर क...
- शर्त केवल ये है कि आपका सन्तुलन कायम रहता हो तब सन्तुलन जब कायम रहता हो, तब हम ये कह सकेंगे—आपके सिर के ऊपर चन्द्रमा टँगा हुआ है और?... आपके सिर में, आपके गले में अगर वो ताकत है कि आप चीजों को—दुनिया में कितनी बुराइयाँ भरी पड़ी हैं और दु...
- शहद की मक्खियों ने कहा—क्या बात है?... हमारे बच्चों शम्भू कब्बाल क्यों बनाते हो? लता मंगेशकर तुम्हारी सब लड़कियों को बना दूँगा, कहने लगा मच्...
- शाखा को बन्द कराने का एहसान जताता है हमारे ऊपर और अपने लिए काम कराना हो तब?... चल, मक्कार कहीं का। हमारे ऊपर एहसान जताता है, चालाकी की जालसाजी फैलाता है। हम तेरे सामने तेरी मौसी क...
- शादी जब घर में होती है, तो घर की सफाई आप करते हैं कि नहीं?... या घर को ऐसे ही गन्दा पड़ा रहने देते हैं। मेहमान आयेंगे, रिश्तेदार आयेंगे, मिलने-जुलने वाले आयेंगे, ब...
- शादी हुई हो आपकी, यह शादी की बीबी कहाँ से आई आपकी?... किसी और ने दी न? किसी और ने उसे पाला-पोषा, पढ़ाया तब आपको दी न? आदमी अहसानों से दबा हुआ है। कपड़ा जो आ...
- शिक्षण को समझता नहीं है?... भावना को समझता नहीं है? प्रेरणा को समझता नहीं है? हिसाब को समझता नहीं है? बस, वही ‘राम नाम जपना पराय...
- शिक्षण, चीनी भाषा में आपको मालूम नहीं?... चीनी भाषा में जो अक्षर है, खिलौने के रूप में हैं। जैसे चिड़िया है—‘च’, तो ‘च’ को चिड़िया के रूप में व्...
- श्रद्धा आपके भीतर न होती, तो आप इतना किराया-भाड़ा खर्च करके क्यों आते?... दुपहरी के दिनों में कष्ट क्यों उठाते? यहाँ कोई मिठाई मिलती है क्या आपको? यहाँ पंखे मिलते हैं क्या? य...
- श्रद्धा का भी कुछ मालूम है?... खिलौने लिए फिरते हो। बेवकूफो! केवल खिलौने से कोई बात नहीं बनेगी। शालिग्राम लाए हैं, फलानी चीज लाए है...
- श्रद्धा को भी जानते हो?... श्रद्धा को भी पूछते हो? श्रद्धा का भी कुछ मालूम है?खिलौने लिए फिरते हो। बेवकूफो! केवल खिलौने से कोई ...
- श्रद्धा को भी पूछते हो?... श्रद्धा का भी कुछ मालूम है?खिलौने लिए फिरते हो। बेवकूफो! केवल खिलौने से कोई बात नहीं बनेगी। शालिग्रा...
- श्रद्धा क्या होती है?... भावना। इन तीनों को आप जोड़कर चलें, तो छोटे-से कर्मकाण्ड भी आपके लिए कमाल दे सकता है और ये आपको प्रेरण...
- श्रद्धा भी सुनी है कि नहीं?... कभी श्रद्धा भी देखी है? श्रद्धा को भी जानते हो? श्रद्धा को भी पूछते हो? श्रद्धा का भी कुछ मालूम है?ख...
- श्रद्धा शामिल कर दें, फिर आप देखिये किस तरह से कमाल होता है?... श्रद्धा को शामिल करने के बाद में अगर आपके कर्मकाण्डों में गलती रह जाती है, तो फिर कोई हर्ज की बात नह...
- श्रीकृष्ण जब कभी मिलेंगे और हमारी बातचीत उनसे होगी, तो हम पहली शिकायत ये करेंगे कि आप तो लोगों के लिए एक नियम और एक कायदा बनाने के लिए आये थे और लोगों की व्यवस्था बनाने के लिए आये थे, लोगों को रास्ता बताने के लिए आये थे और आपने ये कौन-सा रास्ता बताया?... और जप आप चले आये, तो आपकी देखा-देखी लोगों ने वो ही रास्ता अख्तियार कर लिया और दुनिया में आपने मुसीबत...
- संगठन की शक्ति कितनी बड़ी हो सकती है?... संगठन की शक्ति बड़ी जबर्दस्त हो सकती है। संगठन की शक्ति, जिसको हम संघ की शक्ति कहते हैं, कामयाब हो गई...
- संगेअसवद क्या होता है?... पत्थर है। साहब तराशा हुआ पत्थर है। नहीं साहब! ये तो पत्थर को बोसा लेना पड़ता है। हम शालिग्राम को बोसा...
- सन्तुलन देंगे नहीं?... क्या शान्ति नहीं देंगे? हिम्मत नहीं देंगे? क्या आप इतनी भी कृपा नहीं कर सकते? अगर हमने यह प्रार्थना क...
- संसार में पात्रता का रिवाज है, तो भगवान के यहाँ क्यों नहीं होगा?... वर्षा हुआ करती है, तो वर्षा में पानी सिर्फ उतना ही मिलता है, जितना कि हमारे पास पात्र हो। आपके पास थ...
- सफाई किए बिना भगवान की भक्ति से, नाम से आपका कोई उद्धार नहीं हो सकता है किसका हुआ है?... बताइये जरा साहब उनका हुआ है? बहुत-से पापी लोग थे और वे राम-नाम जपते रहे और राम-नाम जप करके उन सबकी म...
- सबको उधार दे जाते थे और छह महीने बाद जब आते थे, तब?... तब डण्डे लेकर बरसते थे। ला हमारा रुपया, नहीं तो मार डालेंगे, ये कर डालेंगे। कपड़े उतार ले जाते थे, सब...
- सबसे बेवकूफ कौन होता है?... देवता। बन्दर नहीं। बन्दर तो बहुत चालाक होता है। टोपी लेकर भाग जाता है। कौन होता है दुनिया में सबसे ज...
- सबेरे प्रातःकाल सारे दिन की स्कीम बनाइये कि आज हमको करना क्या है?... और शाम को इसकी समीक्षा कीजिये कि हमने कोई गलती तो नहीं की है और की है तो उसका सुधार कैसे होना चाहिए ...
- सभ्यता किसे कहते है?... सभ्यता कहते हैं—लोगों की चाल-चलन में शालीनता का समावेश और संस्कृति उसे कहा गया है, जिसको उदारता कहते...
- समझता क्यों नहीं है तू?... ये जीवन-निर्माण का खेल है सारा। देवताओं को पकड़ने की विद्या नहीं है, देवताओं को गिरफ्तार करने की विद्...
- समझता नहीं कि क्या चक्कर है?... समझता है कि नहीं? नहीं साहब! मुझे क्यों समझना है। अक्षत चढ़ाऊँगा। भाड़ चढ़ाएगा अक्षत। मित्रो! क्या करना...
- समझता है कि नहीं?... नहीं साहब! मुझे क्यों समझना है। अक्षत चढ़ाऊँगा। भाड़ चढ़ाएगा अक्षत। मित्रो! क्या करना पड़ेगा? आपको ये कर...
- समय की माँग क्या है?... प्रज्ञावतार की माँग क्या है? आप कान खोलकर सुनिये और सुनने के बाद पूरी हिम्मत के साथ में और पूरी वफाद...
- समर्पण का चिन्ह क्या है?... कैसे मानें कि समर्पण किया है किसी ने कि नहीं? अपना सुख बाँटना और दूसरे के दुःखों को बँटाना। किसी के ...
- समाज में सत्प्रवृत्ति कैसे बढ़ाई जाए?... इसी में बुद्धि लगी। इन तीनों चीजों को बोने से आपको क्या मिला? समय का हमने ठीक उपयोग किया, तो उसे हमन...
- सहस्रार कमल क्या है?... यह एक कमल है, जिसमें हजारों पंखुड़ियाँ हैं। मस्तिष्क एक तालाब है, जिसमें यह कमल खिल रहा है। यह ऊपर से...
- साँप की पूजा, हँस की पूजा, मोर की पूजा, कबूतर की पूजा—ये सारी-की सीख लीं आपने और इसके पीछे क्या प्रेरणाएँ भरी पड़ी हैं?... क्या शिक्षा मिलनी चाहिए, उसका ख्वाब भी नहीं आया होगा और आपने देखने की कोशिश भी नहीं की। गहराई में जा...
- साधना इतनी सस्ती होती है?... इतनी कीमती चीजें आप इतने डैमचीप कीमत पर खरीदने की कोशिश करेंगे; मत कीजिएगा। वास्तविकता के नजदीक आइये...
- साधना किसे कहते हैं?... आदतें एक, मान्यताएँ दो और आकांक्षाएँ तीन-इन तीनों को उच्चस्तरीय बनाना पड़ेगा। यही साधना है। जरा ऊँचे ...
- साधना के माने?... साधना के माने यह है कि अपने आप को साध लेना। अपने आप को साध लेने के माने क्या है? इसका माने यह है कि ...
- साधना क्या है?... साधना अपने आपको सँवारना, अपने आपको सँभाल लेना, साध लेना। किसको? अपने आपको। अपने अनगढ़ जीवन को सुगढ़ बन...
- साध्य क्या है?... साध्य है—श्रद्धा और प्रतीक? प्रतीक को बेटे! साधन कहते हैं। आप समझते क्यों नहीं है? मीरा ने यही कर लि...
- साध्य है—श्रद्धा और प्रतीक?... प्रतीक को बेटे! साधन कहते हैं। आप समझते क्यों नहीं है? मीरा ने यही कर लिया और किस-किस ने किया? बेटे!...
- सामने वाला चन्द्रमा है कि नहीं और जोगिनी पीठ पीछे हैं कि नहीं?... दिशाशूल हमारे आगे है, तो हम एक कदम आगे नहीं बढ़ सकते। देखिये न—पण्डितजी! अरे कहाँ जा रहा है? अरे महार...
- सामर्थ्य कहाँ से आती है?... सामर्थ्य आदमी के भीतर से निकलती है। आदमी की जो उच्चस्तरीय वस्तु है, उसका नाम है—श्रद्धा। मीरा को क्य...
- सारी मनुष्य जाति के इतिहास में हम एक कमाल करने जा रहे हैं तो क्या चीज हैं ये?... अनुदान हैं हमारे। हमको बहुत शानदार अनुदान मिले हैं, ऐसे कि सारे इनसान के लिए, इनसानी समाज के लिए, इन...
- सारी-की घटना क्या बताती है?... घड़े में खून इकट्ठा करने पर बच्चा निकलता है? हमें नहीं मालूम है और हमको इस पर बात नहीं करनी। अगर आप श...
- सारे युग का नव-निर्माण कैसे हो?... यह हमारी बुद्धि ने सोचा है व करेगी।चौथी सम्पत्ति—हमारा धन। धन कहाँ है आपके पास? धन हमने तो कमाया ही ...
- साहसिकता हिम्मत को कहते हैं, जिसके सहारे नेपोलियन जैसा दो कौड़ी का आदमी कहाँ से कहाँ जा पहुँचा था?... कोलम्बस जैसा दो कौड़ी का आदमी अमेरिका जा पहुँचा और सारे यूरोपियनों द्वारा अमेरिका पर कब्जा कराने के ल...
- साहित्य जो हमने लिखा है व वेद-पुराण आदि का भाष्य किया है, इससे अन्दाज मत लगाइये कि हम कितने बुद्धिमान हैं?... यह देखिए कि हमारी बुद्धि कितनी बड़ी-बड़ी सार्थक योजनाएँ बनाती है, किस दिशा में चलती है? सारे युग का नव...
- सिपाही जब लड़ने के लिए जाता है, तो सरकार उसके एवं उसके बच्चों के लिए क्या-क्या प्रबन्ध करती है, आपने देखा नहीं है?... कपड़े का, आजीविका का, खाने का प्रबन्ध करती है तथा मरने के बाद पेन्शन की व्यवस्था करती है। सरकार कौन? ...
- सिर और हाथ क्या है?... मिट्टी के हैं और क्या कर रहा था? मुँह में पानी डाल रहा था और आरती उतार रहा था और ये दिखाना जरा! आरती...
- सींग क्या मारेगा?... बन्दूक क्या मारेगी? बन्दूकों के बिना, सींगों के बिना आदमी को तहस-नहस करते हैं। हम चाहें, तो आदमी को मट...
- सीधी बात क्यों नहीं कहते?... जी साहब! हम भगवान की भक्ति चाहते हैं। भगवान को क्यों लपेट में लेना चाहते हैं? बेकार में भगवान को भी ...
- सीप के सम्पर्क के दिन क्या मैं भूल जाऊँगा?... मैं भुला नहीं सका। इस तरह से मैं चाहता हूँ ये चार दिन आपकी जिन्दगी में न भुला देने वाले साबित हों। य...
- सुख हमारा कहाँ है?... लाभ नहीं, वरन् कल्याण हमारा कहाँ है? कल्याण को देखने की अगर हमारी दृष्टि पैदा हो जाए तो यह कह सकते ह...
- सुनते हो कि नहीं श्रद्धा?... श्रद्धा भी सुनी है कि नहीं? कभी श्रद्धा भी देखी है? श्रद्धा को भी जानते हो? श्रद्धा को भी पूछते हो? ...
- सुना नहीं है?... सुना होगा; लेकिन जब-जब उन्होंने अपने चाल-चलन को बदल लिया, काम करने के ढंग और तरीके को बदल लिया, तो स...
- सुना है न आपने?... सुना नहीं है? सुना होगा; लेकिन जब-जब उन्होंने अपने चाल-चलन को बदल लिया, काम करने के ढंग और तरीके को ...
- सुरा पीना कैसा होता है?... अच्छा होता है? अरे साहब! सुरा पीना बहुत खराब होता है। सुरा बहुत वाहियात होती है। सुरा बहुत बीमारी पै...
- सूरदास का तो नाम सुना है आपने?... कैसी गन्दी जिन्दगी थी! उनके पिताजी मरे हुए रखे थे और वे वेश्या के घर में पड़े हुए थे। सुना है न आपने?...
- सेठ ने बहुत समझाया हम पैसे वाले थे, इसे हमने कमाया था, व्यापार में कमाया था और हमारा पैसा और कोई क्यों ले गया?... बेटे! मनुष्य की नासमझी ही उसे हर वक्त परेशान करती रहती है। धन की कमी और साधनों का अभाव परेशानी का का...
- सेवा अगर इनसान न करे तब, तब वह कर्जदार होकर मरेगा और कर्जदार होकर मरेगा तब?... तब जीवन में आपने जो भी पा लिया हो, वह अलग बात है; लेकिन यह सारे-के कर्जे जो आपको इस जीवन में भिन्न-भ...
- सेवा आप नहीं करेंगे तब?... तब आपकी अन्तरात्मा? प्यासी रह जाएगी, भूखी रह जाएगी। आपकी आत्मा को आनन्द मिलेगा ही नहीं, जो कि एक देन...
- सोके पी लें?... सोकर पी लो। लेटकर पानी पी लें? हाँ, बीमार हो, तो लेटकर पानी पी लो। खड़े हुए पानी पी लें? हाँ, खड़े हुए...
- सोचने लगे कि आखिर सीता गई कहाँ?... क्या जमीन निगल गई? आसमान में चली गई? खिन्न अनुभव करने लगे, असहाय अनुभव करने लगे, अपने को दीन-हीन अनु...
- स्कूल के लिए फीस न दे तब?... तब बताइये बच्चा कैसे आगे बढ़ेगा? शादी हुई हो आपकी, यह शादी की बीबी कहाँ से आई आपकी? किसी और ने दी न? ...
- स्वयं का या भगवान का?... बेटे! स्वयं तो क्या और भगवान तो क्या। दोनों एक ही हैं। स्वयं का विकसित रूप ही भगवान है। हमारा विकसित...
- सड़ेंगे वो स्वार्थी और फलेगा कौन?... फलने वाला है परमार्थी। गंगा फलेगी और कौन देगा? हिमालय। अरे! हिमालय नहीं देगा तो दुनिया देगी। चम्बल न...
- हँस का क्या होता है?... अरे महाराज जी! हँस का तो कचूमर निकल जाएगा। गायत्री माता हँस पर बैठेंगी, तो क्या हो जाएगा? हँस पर बैठ...
- हँस कैसा होता है?... राजहंस। राजहंस और परमहंस। परमहंस और राजहंस में परमहंस ज्यादा ऊँचे स्तर के हैं। और सामान्य मनुष्य, जि...
- हजामत नहीं खिलाओ, जलेबी खिला दो तो?... जलेबी नहीं खाएगी, हजामत खाएगी और हजामत नहीं खिलायी, उसको बाल नहीं खिलाये, तो सबको मार डालेगी। किसको ...
- हनुमान जी की ताकत स्वयं की उपार्जित थी?... नहीं, स्वयं की उपार्जित नहीं थी। स्वयं की रही होती, तो उन्होंने सुग्रीव की मदद जरूर की होती। सुग्रीव...
- हनुमान जी ने अनुष्ठान किये थे?... जप किये थे? तप किये थे? ध्यान-धारणा की थी? सुग्रीव जी ले आये थे, कुछ नहीं की थी। बन्दर थे खाली तब। ज...
- हम आपकी क्या पिटाई करेंगे?... हम भी चोर हैं और आप भी चोर हैं। ये कौन हैं? ये बनिया है। ये बहुत मक्कर है। इसने बहुत पैसा बेईमानी का...
- हम आपको कैसे बताएँगे?... दीपक को पचासों आदमी जलाते रहते हैं, उसके मुखाग्नि से मालूम कीजिए, क्या है दीपक? दीपक में तो कुछ भी न...
- हम एक नये अज्ञान में और एक नये जंजाल में उसी तरह भटकते रहेंगे, जैसे कि हमने अनेक पैगम्बर बना दिये, अनेक गुरु बना दिये, अनेक देवता बना दिये और न जाने कौन-कौन बना दिये?......
- हम कलंकी तो नहीं हैं?... कलंकी हैं, तो हम राक्षस हैं और हमारे दाँत बड़े-बड़े हैं। दाँत बड़े-बड़े से मतलब? दाँत बड़े-बड़े से मतलब ये...
- हम कहाँ के रहने वाले हैं?... मरघट के रहने वाले हैं और हम काम करते हैं तथा ड्रामा करते हैं दुनिया में। दुनिया में हम ड्रामा करने क...
- हम किसी से प्यार करते हैं क्या?... नहीं, हम किसी से प्यार नहीं करते। बीबी से प्यार करते हैं? नहीं ,, बीबी के लिए तो हम जोंक हैं। खून की...
- हम कैसे भेज सकते हैं?... आप ले जाइये, यह जाएगा नहीं। नहीं, यह नहीं जा सकता है। सिकन्दर को आया होश। आपको भी अगर होश पहले आ जाए...
- हम कैसे मूरख हैं?... हमने मास्टरी पास कर ली है और तू एक अक्षर भी नहीं जानती है। अच्छा, तू एक अक्षर याद कर ले, तो मैं एक च...
- हम कोई माँगने गये थे?... हम तो आपकी सूरत देखने गये थे और आप दिखा सकते थे, इसमें क्या हर्ज था आपका? आपने ये नहीं देखा कि हम कि...
- हम कोई शंका-समाधान करने गये थे आपसे?... हम कोई माँगने गये थे? हम तो आपकी सूरत देखने गये थे और आप दिखा सकते थे, इसमें क्या हर्ज था आपका? आपने...
- हम कौन लोग हैं?... हम हैं वेश्या। असल में हम वेश्या हैं; क्योंकि हमने असंख्य देवी-देवताओं को पाल कर रखा है और हमारा ये ...
- हम कौन हैं?... ‘मिस मेयो’ की ‘स्लेब ऑफ द गॉड’ किताब के अनुसार हम हैं देवताओं के गुलाम। उसका हिन्दी में अनुवाद छपा ह...
- हम क्या कर सकते हैं?... हमको ग्राह खाये जा रहा है। गज और ग्राह—इस लड़ाई का वृतान्त आता है पुस्तकों में। पुस्तकों में गज और ग्...
- हम क्या करें?... गरीब हैं, तो डिग्री नहीं लीजिए। कमाइए, खाइये, सरकार से क्या मतलब? आपके अन्दर योग्यता है, क्षमता है, ...
- हम क्या करें?... आप बतलाएँ। उसने सोचा कि हमारे दो दाँतों में सोने की कीलें लगी हुई हैं। उसने एक पत्थर उठाया और दोनों ...
- हम क्या कहेंगे उसको?... देव कहेंगे।...
- हम क्या हैं?... हम कोई विचार नहीं कर सकते। हमारी सारी-की बातें इस बात के ऊपर टिकी हुई हैं कि हमारे इतिहास में व्यापा...
- हम क्या हैं?... ’ याद करते हैं—हमारा कोई रिश्तेदार था—हमारा कोई सम्बन्धी था। कौन रिश्तेदार? मालूम नहीं; कोई रिश्तेदा...
- हम तुमको पकड़ना चाहें तब?... क्या पकड़ना चाहते थे? जंगल में से हाथी पकड़ना चाहते थे, बेचेंगे तो हाथी पकड़कर लाइए न? हाथी पकड़ने में त...
- हम तो आपकी सूरत देखने गये थे और आप दिखा सकते थे, इसमें क्या हर्ज था आपका?... आपने ये नहीं देखा कि हम कितनी मुसीबत उठाकर के आए और आपने शक्ल नहीं दिखायी, मिलने से इनकार कर दिया। ह...
- हम पूछते हैं कि तेरे रास्ते बन्द होने का क्या कारण है?... इनसान के रास्ते कभी बन्द नहीं हुए हैं। ब्रूस यूरोप के एक राजा का नाम था, जो तेरह बार लड़ाइयाँ में हार...
- हम प्रकाश लें—ठीक; पर उद्धार हमारा कौन करेगा?... हमारा अन्दर वाला देव करेगा, जिसको हम कहते हैं—आत्मदेव। आत्मदेव सबसे बड़ा देव है। आप उसकी पूजा करना। प...
- हम भजन करेंगे, तो हम क्या करें?... बाबा भजन करेंगे, तो आप करते रहिए भजन। भजन करने वाले ढेरों-के बैठे हैं। चप्पल चुरा ले जाते हैं और दिन...
- हम भी दीपक जलाएँगे आपके तरीके से तो करामात आ जाएगी?... करामात आ जाएगी? काहे का जलाते हैं? हम तो घी का जलाते हैं। जला लीजिए। तेल का जलाते हैं, तो आप जला लीज...
- हम रिकॉल करते हैं—‘हम कौन हैं?... हम क्या हैं?’ याद करते हैं—हमारा कोई रिश्तेदार था—हमारा कोई सम्बन्धी था। कौन रिश्तेदार? मालूम नहीं; ...
- हम शंकर की पूजा करते हैं, पर समस्याओं से घिरे हुए क्यों हैं?... शंकर की शक्ति वरदान हो करके सामने क्यों नहीं आती? शंकर के भक्त होते हुए भी हम किस तरीके से पिछड़ते और...
- हम शक्तिशाली कैसे हो सकते हैं?... दीर्घजीवी कैसे हो सकते हैं? इसका ताल्लुक इसी से है।दूसरा है—प्राणमय कोश। मूलाधार चक्र इसका केन्द्र ह...
- हम शालिग्राम को बोसा ले लें या पानी चढ़ा दें, तो क्या आफत आ गई?... प्रतीकों के बिना कुछ नहीं चल सकता। नहीं साहब! ये जो होते हैं कम्युनिस्ट, ये तो मूर्ति नही मानते। उन्...
- हमको अपना नफा किसमें है, नुकसान किसमें हैं?... यह मालूम हो जाए। न हम अपना नफा समझ पा रहे हैं, न हम अपना नुकसान समझ पा रहे हैं। जिन्दगी के हीरे और म...
- हमको दीपक का रहस्य बता दीजिए?... हम भी दीपक जलाना चाहते हैं। अरे बेटे! हम आपको कैसे बताएँगे? दीपक को पचासों आदमी जलाते रहते हैं, उसके...
- हमको ये बीजमंत्र बताइये?... मत पूछिये। हमने ऐसा नहीं पूछा है। साधनाओं के बारे में हमने कभी अपने बॉस से यह नहीं पूछा—आप हमें ये ब...
- हमको ये साधना बताइये?... हमको ये बीजमंत्र बताइये? मत पूछिये। हमने ऐसा नहीं पूछा है। साधनाओं के बारे में हमने कभी अपने बॉस से ...
- हमको शक्ल दिखा देते, तो क्या खराबी हो जाती?... हम कोई शंका-समाधान करने गये थे आपसे? हम कोई माँगने गये थे? हम तो आपकी सूरत देखने गये थे और आप दिखा स...
- हमको शीशे में अपना मुँह देखना चाहिए कि हमारा मुँह काला तो नहीं?... हम कलंकी तो नहीं हैं? कलंकी हैं, तो हम राक्षस हैं और हमारे दाँत बड़े-बड़े हैं। दाँत बड़े-बड़े से मतलब? द...
- हमने अगर अपने कपड़े को साफ नहीं किया, तो उस कपड़े पर कैसे गुलाबी, पीला रंग चढ़ाएँगे?... आपके भीतर की कीचड़ साफ करनी पड़ेगी। आप सड़ा हुआ दिमाग, कूड़ा भरा हुआ दिमाग लेकर आये थे। हमने यह कोशिश की...
- हमने कहा पहले कि हम ये बात का फैसला कर सकें कि हमको क्या करना चाहिए?... क्या करने के लिये किसी महती शक्ति के साथ में आप सम्बन्ध जोड़िए और कठपुतली के तरीके से उसका कहना मान क...
- हमने दसवीं पास की है, तो हम कैसे लगा सकते हैं?... बेटे! इसके लिए आई.सी.एस., पी.सी.एस पास करनी पड़ती है। मेडिकल फिटनेस का सर्टीफिकेट भी नहीं है? नहीं, व...
- हमारा क्या होना है?... बेटे! हमारा क्या होना है? वह पूछते-पूछते वह बूढ़ी हो गई। बुढ़िया पूछती रहती है कि बेटा! हमारा भी कुछ ह...
- हमारा भी कुछ होना है क्या?... और आप कहते रहते हैं कि अरी बुढ़िया! तू तो मरने वाली है; तेरा तो यही बद्रीनाथ है; तू कहीं मत जा, यहीं ...
- हमारा लक्ष्य क्या हो सकता है?... राम की सुगन्ध से हम सुगन्धित बनना चाहते हैं, इसलिए हम उसके नजदीक बैठते हैं, हम उसके पास बैठते हैं। ग...
- हमारी इन्द्रियों ने कहा, जीभ ने कहा कि जब सब लोग शक्कर, दाल, नमक आदि खाते हैं, तो आप क्यों नहीं खाते?... हमने कहा—हम लोगों के रास्ते पर नहीं चल सकते हैं। लोगों के कहने पर हम चलेंगे, तो वे हमारे जीवन को तबा...
- हमारी बुद्धि ने कभी भो जालसाजी नहीं की, न चोरी की; मात्र यही सोचती रही कि लोक कल्याण कैसे ही सकता है?... समाज में सत्प्रवृत्ति कैसे बढ़ाई जाए? इसी में बुद्धि लगी। इन तीनों चीजों को बोने से आपको क्या मिला? स...
- हमारी शानदार मौत कैसे होनी चाहिए?... और हमारी शानदार जिन्दगी कैसी होनी चाहिए? जिन्दगी खुशहाल कैसे हो और सफल कैसे हो? इन दोनों बातों का बै...
- हमारी सीता तो बहुत अच्छी है और तू क्यों ये इल्जाम लगाता है?... सीता बहुत खराब है और उनको निकाल दो। सीता को इल्जाम भी लगाता था, तो सजा धोबी को मिलनी चाहिए थी। धोबी ...
- हमारे अन्दर खाने का माद्दा और इकट्ठा करने का माद्दा भरा हुआ है, तो हम कौन कहलाएँगे?... फिर हम राक्षस कहलाएँगे और हमारे सींग हैं तो? सींगों से हम नहीं मारते अब; पर ऐसी बहुत-सी चीजें हैं, ज...
- हमारे पास अब रहा क्या है, सिवाय वासनाओं के अलावा और इच्छाओं के अलावा जीवन में क्या बचा है, जरा बतलाइए तो सही?... सिद्धान्त हमारे पास नहीं, आदर्श हमारे पास नहीं, उत्कृष्टता हमारे पास नहीं, सेवा हमारे पास नहीं, संयम...
- हमारे बच्चे कहाँ चले गए?... बच्चों ने अपनी माँ की आवाज सुनी। बच्चे बोलने लगे—म्याऊँ-म्याऊँ। बस, दोनों हो गए खुश और दोनों मिल गए;...
- हमारे बच्चों शम्भू कब्बाल क्यों बनाते हो?... लता मंगेशकर तुम्हारी सब लड़कियों को बना दूँगा, कहने लगा मच्छर। लता मंगेशकर लड़कियों को बनाता है, शम्भू...
- हमारे यहाँ कैसा है?... हमारे यहाँ सिद्धान्तों को, जीवन की प्रेरणा को, जीवन की शिक्षाओं को, जीवन-निर्माण की दिशाधाराओं को इन...
- हमारे सारे जीवन ने नारी को क्या समझा है?... नारी को एक दृष्टि से देखा है, जिसका नाम है—वेश्या। नारी के बारे में हमारा क्या ख्याल है? हमारा ख्याल...
- हमें कौन वोट देगा?... उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री से कहा—आप केवल साइन कर दीजिए। बाकी काम हम कर देंगे। नेहरू जी ने लालबहाद...
- हमें नहीं मालूम सोयेगा कैसे?... जब पानी निकलेगा, तो आप करवट ले के देखिये और हम आपको एक नल लगाये देते हैं, अच्छा? नल आपके सिर पर रख द...
- हमें मालूम नहीं, आयेंगे कि नहीं आयेंगे?... हम इंतजार नहीं करते, लक्ष्मीजी कब आयेंगी, हमें नहीं मालूम।मित्रो! देवताओं की मान्यता हमारे भारतवर्ष ...
- हर एक के मना करने, शरीर के नुकसान होने पर आप कैसे चले गए?... यह कैसे हो गया? आपके मन ने बेचैन कर दिया। दूसरे शब्दों में हमारे भगवान ने बेचैन कर दिया। दूसरे शब्दो...
- हर चीज में?... जल जो जड़ है, उसमें भी हलचल पाई जाती है। समुद्र में ज्वार-भाटे पाये पाये जाते हैं। हलचल तो प्राण में ...
- हवा को कैसे देखेंगे?... भगवान को देखा नहीं जा सकता, अनुभव किया जा सकता है। बस! तू भगवान के खेत में बोना शुरू कर। तेरे पास सम...
- हवाईजहाज पहले यों घूमते हैं, फिर उसके बाद में कैसे घूमते हैं?... हवाईजहाज फिर चौड़े होते जाते हैं। चौड़े हो जाने के बाद में बिल्कुल ऐसे हो जाते हैं। फिर बिल्कुल ऐसे हो...
- हाँ गुरुजी, शादी हो गई है, बहू कितनी पढ़ी-लिखी है?... गुरुजी, बी.ए. पास है तो आपने उसे कितने मूल्य में खरीदा है? आप बकरी, गाय खरीदते हैं, तो उसका मोल-भाव ...
- हाँ तो ठीक है, पर तो खाना-पीना खा ही आया होगा?... चल तो अच्छा रहा, बैठ जा और बता तेरे घर में सब कैसे हैं? अच्छा अच्छा तो तेरी छोटी मामी ने क्या खिलाया...
- हाँ, वह हमारे काम नहीं आ रहा था तो ऐसी चीज, जो आपके काम नहीं आ रही थी, किसी और के काम में जा जाए, तो उसमें आपको क्या शिकायत हो सकती है?... उसने बहुत देर समझाया—चोर ले गया, हमारा सारा पैसा चोर ले गया। जंगलियों के पास कोई पैसे तो थे नहीं, पै...
- हाँ, वो सिद्ध देवी थी?... काली किसकी थी? रामकृष्ण परमहंस की काली थी। फिर क्या हुआ उस काली का? क्या हुआ! जब रामकृष्ण परमहंस मरे...
- हाँ-हाँ, कलकत्ते के मारवाड़ी हैं और मुण्डन कराने कहाँ जाएँगे?... हम मुण्डन कराने जाएँगे जैसलमेर। कितना किराया लगेगा? अहा! किराये की बात क्या पूछते हैं? किसी आदमी पर ...
- हाथ से पी लें?... हाथ से पी लो। सोके पी लें? सोकर पी लो। लेटकर पानी पी लें? हाँ, बीमार हो, तो लेटकर पानी पी लो। खड़े हु...
- हाथी पकड़ना क्या समझते हो सरल है नहीं?... मछली पकड़ने वाले भी सारे दिन बैठे रहते हैं। हाथी पकड़ने वाले भी सारे दिन बैठे रहते हैं। दो-चार मछलियाँ...
- हिन्दुओं को कभी आपने इकट्ठे होते हुए देखा है?... तुम कौन हो? हम तो रामानंदी हैं। रामचन्द्रजी का मन्दिर तो वहाँ है और हम वहाँ जाएँगे, रामचन्द्रजी को पू...
- हिम्मत नहीं देंगे?... क्या आप इतनी भी कृपा नहीं कर सकते? अगर हमने यह प्रार्थना की होती तो मजा आ जाता, फिर हम शान्ति ले करके...
- हिसाब को समझता नहीं है?... बस, वही ‘राम नाम जपना पराया माल अपना’। यही भजन सुन रखा है बाजीगरों से। बाजीगरों की बात छोड़िए। फिर क्...
- हिस्सा क्यों बाँटूँ?... साहब! हम तो कभी-कभी देते हैं। कभी-कभी नहीं देते। अक्षत धन हमने कमाया था और हम कमाते हैं और इसमें से ...
- हीरा-मोती लेकर गये थे?... कुछ नहीं। भगवान कहीं भी जाते हैं, तो मनुष्य की पात्रता को परखने के लिए जाते हैं, उसकी महानता को परखन...
- है तुममें से कोई ऐसा?... न हमने कभी सुख देखा न हमने कभी सुख पाया, न हमने कभी सुख के बारे में सुना, न हमने कभी सुख जाना। जलन, ...
- हो जाते हैं —— ‘महात्मा गाँधी नमः—महात्मा गाँधी नमः’ से और रुपये वाला?... रुपये वाला घनश्यामदास बिरला नमः-घनश्यामदास बिरला नमः। अ ह ह ह! जप करने से सब मिल जाएगा! मूरख-मूरख! ह...
- होली में आपने देखा नहीं है?... बच्चे चारों तरफ जाते हैं और कूड़ा-करकट जमा कर लाते हैं तथा उसमें आग लगा देते हैं। धातुएँ जब पुरानी हो...
- ॐ हिरनाय नमः, ॐ हिरनाय नमः तो क्या हो जाएगा?... सारे-के हिरन इकट्ठे होकर हाथ जोड़कर सामने खड़े हो जाएँगे। कहिए बाबूजी! क्या कहना है? आइए, आइए अब आपकी ...
- २० गज की चारपाई पर कैसे सोयेंगे?... कितने फुट की चारपाई पर सोयेगा? छह फुट की चारपाई पर सोऊँगा। बस, छह फुट पर तो हम भी सोते हैं, गरीब भी ...
- २४००० हजार जप कराने के लिए क्यों कहा?... जप में हमको क्यों लगा दिया? आप रोज जप क्यों कराते हैं? बेटे! इसलिए जप कराते हैं कि कोई चीज हमारी खो ...
- ‘प्रचोदयात्’ ‘द’ का उच्चारण कराइए किसी से?... जो आदमी रोमन जानते हैं, उनसे आप कहिए बोलिए—‘त’। ‘त्’ नहीं बोलेंगे ‘ट’ ही बोलेंगे। सारे-के प्रोननसिएश...
- अक्षत क्या होता है?...? एक अंश, अपनी आजीविका का एक अंश, समय का एक अंश, साधन का एक अंश नियमित रूप से निकालना अंशदान है, हिस्...
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- इसी तरीके से आम्रपाली का नाम सुना है न आपने?...? आम्रपाली एक वेश्या थी। वेश्या को तो सब हिकारत की निगाह से देखते हैं, उसका अपमान करते हैं, उसको बुरी...
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ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्...
- उपासना फलदायी कैसे बने?...?...
- एक गरीब घर की लड़की की किसी मालदार पति से शादी हो जाए, तब वह दूसरे दिन ही उसकी मालकिन हो जाती है, कब?...? जब उसने रिश्ता मिला लिया, तब। बस, मुझे भी यही कहना था। रिश्ता मिलाने में आप जो ख्याल करते हैं कि रि...
- कभी आपने देखा है, जीभ से शब्दों की उत्पत्ति कैसे होती है?...? हमारी जो जुबान है, जिससे हम बोलते हैं, आप ये मत समझना कि जीभ के अक्षर यहाँ से हो जाते हैं। इसके अन्...
- कर्मकाण्डों में गलतियाँ किससे नहीं होतीं?...? कर्मकाण्डों में गलतियाँ तांत्रिक से होती हैं, क्योंकि उसका सारा-का आधार जड़ है। उसका आधार चेतना नहीं...
- क्यों राम नाम लेता है तू?...? राम का नाम लेता है तू? चालाक! बेईमान! सब भार सौंप दिया भगवान तुम्हारे हाथों में। क्या-क्या सौंप दिय...
- गोस्वामी तुलसीदास जी जब रामायण का निर्माण करने लगे तो उनके मन में एक विचार आया कि इतना बड़ा ग्रंथ जिसके जहाज पर बिठा करके संसार के प्राणियों का उद्धार किया जा सकता है, उसे बनाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए?...? इसके लिए किस शक्ति की सहायता लेनी चाहिए? उन्होंने यह कहा कि भवानी-शंकर की वंदना करनी चाहिए और उनकी ...
- ग्वाल-बालों की बात सुनी है न आपने?...? ग्वाल-बाल भगवान के परमप्रिय मित्र थे, उनके सहयोगी थे, सहचर थे, सखा थे, लेकिन ग्वाल−बालों को उन्होंन...
- चलिए, अब इसके बाद क्या करना चाहिए?...? इतना सब कुछ कर लेने के बाद जप और ध्यान करना चाहिए। जप किसका करना चाहिए? कितना करना चाहिए? गायत्री-म...
- जो पतित और पीड़ित—जो आपको पुकारते हैं, आपसे मदद के लिए हाहाकार में इंतजार करते हैं, आप वहाँ क्यों नहीं गये?...? आप उसके यहाँ क्यों जा पहुँचे, जिसके यहाँ आपके मिठाई की दावत खिलायी गयी थी और जिनके यहाँ रोशनी जल रह...
- तुलसीदास का नाम सुना है?...? जब कामुक थे, कैसे थे? स्त्री जब वहाँ चली गई, पिता के घर, तो वहाँ जा पहुँचे। वह सुना है न किस्सा आपन...
- ध्यान का क्या मतलब है?...? ध्यान का मतलब है कि हमारे जीवन के दो पक्ष हैं—एक पक्ष वह है, जो बाहर फैला हुआ पड़ा है। हमारे कानों क...
- ध्यान किसका किया जाता है?...? स्वयं का या भगवान का? बेटे! स्वयं तो क्या और भगवान तो क्या। दोनों एक ही हैं। स्वयं का विकसित रूप ही...
- ध्यान के लिए जो हमने यह बताया कि आप प्रकाश का ध्यान किया कीजिए, तो कहाँ-कहाँ प्रकाश का ध्यान किया करें?...? अभी स्वर्णजयंती साधना वर्ष में हमने आपको तीन जगह ध्यान करने के लिए कहा है। एक आप मस्तिष्क में ध्यान...
- नम्बर दो—वाणी जो हमारी है, इससे हम उच्चारण करते हैं, तो समझ-सोचकर उच्चारण नहीं करते कि हमको क्या कहना है?...? किससे क्या बात करनी चाहिए? किससे नहीं करनी चाहिए? जो हम कह रहे हैं वह दूसरे के लिए फायदेमन्द है या ...
- नारद जी को आप नहीं जानते हैं?...? उनका जीवन सेवामय था। जहाँ-तहाँ, जहाँ-तहाँ चले गए। चरक का जीवन पढ़ा है न? चरक ने सारी जिन्दगी जड़ी-बूट...
- पारस के बारे में सुना है आपने?...? पारस को छूते ही लोहा सोने का हो जाता है। लोहा बदल जाता है। लोहा वैसा ही बना रहे और पारस के कहे आप स...
- प्यार है आपके पास?...? भक्ति है आपके पास? नहीं है। अगर भक्ति और प्यार रहा होता, तो आपने अपने माँ-बाप की सेवा की होती; बहिन...
- प्राण क्या होता है?...? चिन्तन। चिन्तन क्या होता है? श्रद्धा। श्रद्धा क्या होती है? भावना। इन तीनों को आप जोड़कर चलें, तो छो...
- बड़ा आदमी ही नहीं, मजबूत और महापुरुष बनने के लिए मैं क्यों करता विचार?...? मैंने कहा आपका बहुत अनुग्रह—आपकी इस कृपा के लिए अनुग्रही हूँ। उन्होंने कहा—बच्चे कृपा के लिए अनुग्र...
- भगवान को आप क्या समझते हैं कि वे बाँटते फिरते हैं?...? बाँटते तो हैं, पर उससे पहले वे माँगते फिरते हैं। भगवान की इच्छा माँगने की है। भगवान शबरी के दरवाजे ...
- भगवान को प्राप्त करने के लिए अपना मन और अपना जीवन सुधार करने के लिए, साबुन के तरीके से अपने आपको धोना तो चाहिए राम के नाम से; लेकिन राम का नाम लेने भर से भगवान् प्रसन्न क्यों होने लगें?...? भगवान को क्या चापलूसी पसन्द है? भगवान् कोई रिश्वतखोर है कि आपकी चापलूसी सुनते रहें और आप पर अनुग्रह...
- भगवान शंकर का अन्तरंग रूप क्या है?...? उसकी फिलॉसफी क्या है? भगवान शंकर का रूप गोल बना हुआ है। गोल क्या है—ग्लोब। यह सारा विश्व ही तो भगवा...
- भगवान शंकर के स्वरूप का कैसा-कैसा सुन्दर चित्रण मिलता है?...? शिवजी की जटाओं में से गंगा प्रवाहित हो रही है। गंगा का मतलब है—ज्ञान की गंगा। पानी बालों में से प्र...
- भगवान शंकर न जाने क्या-क्या सिखाते हैं?...? उनके शरीर को देखा जाए तो मालूम पड़ेगा कि उस पर भस्म लगी हुई है और गले में मुण्डों की माला पड़ी है। अग...
- मेंढक बिना माँगे गुजारा कर सकता है, मछली बिना माँगे गुजारा कर सकती है, हिरन अपना बिना माँगे गुजारा कर सकता है, मच्छर अपना गुजारा कर सकता है, तो आपके ऊपर कहाँ से आफत आ गई?...? भगवान से आप माँगते फिरेंगे, क्यों माँगेंगे? आप भगवान से? भगवान ने आपको दिया क्या नहीं है? भगवान् ने...
- यह किसकी बात कर रहा था?...? हिम्मतवालों की, शक्तिशाली-ताकतवालों की बात कह रहा था। यह शरीर की ताकत नहीं है। यह तो डाकुओं के पास ...
- यह नहीं करेंगे तो क्या हो जाएगा?...? यदि आपकी श्रद्धा कायम रही तो फिर एक नई चीज पैदा होगी। तो उसमें से अंकुर जरूर पैदा होगा। फिर क्या पै...
- ये किसकी कहानी है?...? ये बेटे! हमारी और तुम्हारी कहानी है। आपको हम बुलाते हैं, पकड़ते हैं चवन्नी के हिसाब से। लो भाई! आ जा...
- ये कौन हैं?...? ‘श्रद्धा विश्वास रूपिणौ’ अर्थात् श्रद्धा का नाम पार्वती और विश्वास का नाम शंकर। श्रद्धा और विश्वास—...
- ये क्या कह रहा थ मैं?...? मैं सहयोग की बात कर रहा था। समाज इसी पर टिका हुआ है। संघ-शक्ति इसका नाम है और आपको तो ये मालूम ही ह...
- ये क्या हुआ?...? अलंकार हुआ। ये अलंकार है। लोगों की शक्ति निकल सकती है? हाँ, आप में से निकाल लूँ आपकी शक्ति, आप कहें...
- ये तीन चीजें अगर आपने उपासना में सम्मिलित कर ली हैं, तो आप देखेंगे कि उसके द्वारा कैसा लाभ एवं चमत्कार आपको मिलता है?...? आपको प्रातःकाल टट्टी जाने, चाय पीने की आदत होती है। यह हो जाने पर आपका जकड़ा हुआ शरीर क्रियाशील हो ज...
- ये देवियाँ, ये देवता किस कदर हमारे ऊपर हावी हो गए हैं, मैं क्या कह सकता हूँ आपसे?...? ये देवी-देवता इस कदर हावी हैं हमारे ऊपर कि इन देवी-देवताओं के बिना हम एक कदम नहीं चल सकते। किसी गाँ...
- ये भला मूर्तिपूजा नहीं हुई?...? तो क्या हुई? नहीं साहब! ये तो वो हैं। ये लोग नहीं हो सकते। ये समाजवादी हैं, ये फलानेवादी हैं, ढिमाक...
- राम के नाम की धुलाई, राम के नाम की सफाई—राम का नाम क्या है?...? साबुन है बेटे! हम रोजाना सफाई करते हैं। काहे की सफाई करते हैं? अपने शरीर को स्नान कराते हैं।...
- लालबहादुर शास्त्री का नाम सुना है आपने?...? लाल बहादुर शास्त्री बिल्कुल छोटे आदमी थे; लेकिन पण्डित नेहरू के साथ में उन्होंने गहरे सम्बन्ध बना ल...
- लैला-मजनूँ की कहानी आपने सुनी है न?...? एक मजनूँ था, लैला को प्यार करता था और वह चाहता था कि लैला की शादी उससे हो जाए? लेकिन लैला का बाप तै...
- विवेकानन्द कौन थे?...? मैं क्या बताऊँ आपको कौन थे? विवेकानन्द किसने बना दिया? काली ने बना दिया। क्यों साहब! काली थी क्या? ...
- शंकर भगवान की सवारी क्या थी?...? बैल। वह बैल पर सवार होते हैं। बैल उसे कहते हैं, जो मेहनतकश होता है, परिश्रमी होता है। जिस आदमी को म...
- स्थूल शरीर में क्या रखा है?...? वह रोटी खाता रहता है, गन्दगी निकालता रहता है। हाड़-माँस के बने इस शरीर को अगर फाड़ दें, तो केवल बदबू ...
- हजारी किसान का नाम आपने सुना है?...? हजारी-किसान ने किसी भूखे को रोटी तो नहीं खिलाई, प्याऊ तो नहीं खोली; लेकिन वह जानते थे कि प्रेरणा से...
- हम क्या बता सकते हैं?...? हम ये बता सकते हैं कि शंकरजी के सिर में से ज्ञान का जो फव्वारा निकलता था, वो ज्ञान की गंगा का था, प...
- हमें वोट कौन देगा?...? हमारी तो किसी से भी जान-पहचान नहीं हैं। हमें कौन वोट देगा? उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री से कहा—आप क...
- ’ ये कहावत आपने सुनी है?...? नहीं सुनी है? आपको ये कहावत सुननी चाहिए कि एक था भांजा और उसके थे माता सात। तो वो पहले वाले बड़े माम...