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- अकल से जो हम कमाते हैं तो क्या बताएँ आपको कि हम उसे कहाँ खर्च करते हैं?... अकल की कीमत बाजार में ज्यादा मिलनी चाहिए। मिलती भी है। लेकिन उस मिलने के बाद हम करते क्या हैं? न जा...
- अगर एक मन्दिर चाहे तो अपनी आमदनी का बारह लाख रुपया साल भर में खर्च कर सकता है और जाने क्या समाज की सेवा कर सकता है?... गायत्री तपोभूमि का मासिक व्यय दो हजार रुपया मासिक है। इसका अर्थ हुआ चौबीस हजार साल। कहाँ बारह लाख रु...
- अगर मैं हिन्दुस्तान में भी घूमता फिरूँ तो मेरे अन्य सारे काम कैसे होंगे?... वैज्ञानिक अध्यात्मवाद का प्रतिपादन और भी प्रखर बनाने के लिए पाँच साल में मुझे अत्यधिक महत्त्वपूर्ण क...
- अगर ये बुरी इच्छा में ढालने वाली रीति बदल दी जाय और अच्छी दिशा में ढालने वाला प्रयास किया जाय तो आप समझ सकते हैं, जनता के मस्तिष्क को बदलने में, ढालने में कितना बड़ा काम हो सकता है?... गायन को बदल दिया जाए, संगीत को बदल दिया जाए, नारी के चित्र को बदल दिया जाए, मूर्ति को बदल दिया जाए, ...
- अगर सांसारिकता के लिए माँगी गई हैं तो उससे पहले यह जानना जरूरी है कि उस दौलत को हजम कैसे कर सकते हैं?... उसे खर्च कैसे कर सकते हैं? मनुष्य भूल कर सकता है, पर देवता भूल नहीं कर सकते। देवता आपको चीजें नहीं द...
- अपनी बेटी बहू को कहाँ से देगी वह संस्कार?... इसीलिए समय की आवश्यकता को देखते हुए हम संस्कारों के शिक्षण के द्वारा एक गुरुकुल आरम्भ करते हैं—विद्य...
- अब आपके पास कुछ और धन है?... नहीं बेटे, धन के नाम पर एक कानी कौड़ी का लाखवाँ हिस्सा भी हमारे पास नहीं है। आपको तलाशी लेना हो या मर...
- अब तुम पर निर्भर है कि तुम कितना हमारे बनते हो?... पति-पत्नी की तरह, गुरु व शिष्य की आत्मा में भी परस्पर ब्याह होता है, दोनों एक-दूसरे से घुल-मिलकर एक ...
- अब तुमको यह देखना चाहिए कि यह जो तप पूरा हुआ है, इससे क्या कोई प्रभाव उत्पन्न होता है?... इसका शायद विश्वास तुम्हें भी न हो, इसलिए इसमें विश्वास कर लेना चाहिए। इसके लिए पुनरावृत्ति के रूप मे...
- अब पंचायत समितियों में जिस प्रकार झगड़ा होते हैं, हमारे शक्तिपीठों में भी हर जगह चाण्डालपन है, हमें क्या दिखता नहीं?... क्या हमने शक्तिपीठें इसीलिए बनाई थीं, पूजा इसीलिए प्रारम्भ की थी, इसीलिए संगठन बनाया था कि आप लोग अह...
- अबकी बार यह आपसे संकल्प करने के लिए कहते हैं कि आप क्या करेंगे?... अब जो यज्ञ होंगे, उनमें आप लोगों को एकत्रित होकर के सामूहिक रूप से संकल्प लेने की उम्मीद और अपेक्षा ...
- अरे तू चिन्ता मत कर कि गुरुदेव मर गये और अब हमें कौन देखेगा?... बेटा तू चिन्ता मत कर हम तेरे पास स्वयं पहुँच जाएँगे, तेरी निगरानी करेंगे, रक्षा करेंगे, स्वस्थ रखेंग...
- आँखों के लिए क्या कहें?... हर इन्द्रिय के लिए क्या कहें? अनोखा प्राणी है मनुष्य। भगवान् ने इस हाड़-मास के जखीरे में एक ऐसी चेतना...
- आज क्या भाव शक्कर मिलती है, क्या भाव कपड़ा मिलता है?... इन सारी की सारी चीजों का अभाव हो जाएगा। आदमी भोजन के अभाव में मरते-खपते चले जाएँगे। दुनिया में बहुत ...
- आज गर्मी के दिनों में ठण्डक तथा ठण्डक के दिनों में गर्मी न जाने कैसा वातावरण हो गया है?... बीमारियाँ ऐसी पैदा हो गई हैं कि अच्छे से अच्छे डॉक्टर भी परेशान हैं। वे कहते हैं कि अभी तक हमने ऐसा ...
- आज जितनी नहरें हैं उतनी उस जमाने में थीं कहाँ?... आज बिजली का जितना साधन-शक्ति प्राप्त है, उस जमाने में कहाँ थी? आज जितने अच्छे पक्के मकान और दूसरे या...
- आज जितने अच्छे पक्के मकान और दूसरे यातायात के साधन हैं, उस जमाने में कहाँ थे?... लेकिन इस पर भी यह देश सम्पदा का स्वामी था। इस देश के नागरिक देवताओं के शिविर में चले जाते थे। यह भूम...
- आज बिजली का जितना साधन-शक्ति प्राप्त है, उस जमाने में कहाँ थी?... आज जितने अच्छे पक्के मकान और दूसरे यातायात के साधन हैं, उस जमाने में कहाँ थे? लेकिन इस पर भी यह देश ...
- आप अपने को यदि निचोड़ेंगे तो फिर देख लेना आप क्या बन जाते हैं?... हमने अपने आपको निचोड़ा तो देखिये क्या बन गये?अगर आपने अपने आपको निचोड़ दिया तो हमारा एक काम जरूर करना ...
- आप कहेंगे कि महाराज जी तो क्या हम डण्डे लेकर खड़े हो जाएँ?... मित्रो! इससे कुछ नहीं होगा। दूसरे और तरीके हैं। आपने भगीरथ का नाम सुना होगा। एक बार इस धरती पर से पा...
- आप कितने वर्ष तक जिन्दा रहेंगे?... यह तो केवल १५ वर्ष का चक्कर है। सन् २००० से नया उछाल आना शुरू हो जाएगा, मुसीबतें घटने लगेंगी। गायत्र...
- आप कौन हैं?... हम वाल्मीकि ऋषि हैं और वाल्मीकि ऋषि के तरीके से आपके बच्चों को लव-कुश बना सकते हैं। आपकी औरत को तपस्...
- आप कौन हैं?... आप वकील हैं तो अच्छा, करते क्या हैं? सबेरे से शाम तक झूठ बोलते हैं व बुलवाते हैं। फरेब करते हैं व कर...
- आप क्या करना चाहते हैं?... हम भारतीय संस्कृति को मेज पर खड़ा करके यह कहना चाहते हैं कि यह वह संस्कृति है जिसने दुनिया का कायाकल्...
- आप क्यों करेंगे?... बच्चे माँ-बाप की चिन्ता क्यों करेंगे कि पिताजी का यह काम कैसे होगा? वह काम कैसे होगा? पिताजी का कर्ज...
- आप चाहें तो हरिद्वार में भी करा सकते हैं, लेकिन वह स्थान कहाँ है?... कैसे हैं? इसके बारे में हमें कुछ कहना नहीं। लेकिन हमारा जो स्थान है वह बहुत सुन्दर स्थान है। यहाँ जो...
- आप जाइए देख आइए पर यह भी देखिए कि वहाँ संस्कृति है क्या?... संस्कृति किसे कहते हैं? संस्कृति वह जिसे ग्रहण करने के बाद आदमी इनसान बन जाता है। इनसान के बाद महामा...
- आप पूछें-गुरुजी हमारे बीबी-बच्चों का क्या होगा?... बेटे, उनकी जिम्मेदारी हमारी है। यदि वे बीमार रहते हैं तो हम उनकी बीमारियाँ दूर कर देंगे। व्यापार में...
- आप भी तो हमारे बालक हैं?... जिस तरीके से राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न चारों भाइयों को लेकर वशिष्ठ जी आ गये थे, और उनको यह बतलाय...
- आप वकील हैं तो अच्छा, करते क्या हैं?... सबेरे से शाम तक झूठ बोलते हैं व बुलवाते हैं। फरेब करते हैं व करवाते हैं। इसी अकल से पेट भरते हैं। ऐ...
- आप हमारी व्यवस्था बिगाड़ेंगे?... हमने न जाने क्या-क्या विचार किया है और आप अपनी सुविधा के लिए धर्मशाला का लाभ उठाना चाहते हैं? नहीं, ...
- आप हमारी सहायता क्यों नहीं करते?... वह भगवान से लड़ने को आमादा हो जाता है कि आपको हमारी सहायता करनी चाहिए।कामना करने वाले भक्त नहीं हो सक...
- आप हिसाब लगाइए कि इनसे लड़कर हम फतह कैसे पा सकेंगे?... जीत कैसे सकेंगे? तब भगवान ने उससे कहा था कि देखो अर्जुन, इन सबको तो मैंने पहले से ही मारकर रखा है। औ...
- आप हैं कौन?... हमें बतलाइये। भाषण से क्या होगा? आप हमारी बात मानिये। आपको बोलना नहीं आता है तो हम क्या करें? आप पोस...
- आपकी इतनी उमर हो गई?... जिस भाव से आपको आज गेहूँ मिलता है, चावल, घी मिलता है, क्या आपने इससे पहले कभी सुना था? नहीं, कभी नही...
- आपकी बातों को हमने सुन लिया है और कहा है कि बेकार की रामकहानी कहकर हमारा समय क्यों खराब करते हैं?... हमें राम कहानी से क्या मतलब है, आप मतलब की बात कहिये।साथियों! हमारे मौन धारण करने का एक और कारण है। ...
- आपकी बेड़ियों को मैं काटूँगा क्योंकि हमारे बाद इन बच्चों को खिलाने वाला, नर्सिंगहोम चलाने वाला कहाँ से लायेंगे?... यह अस्पताल बन्द हो जाने पर आपके अनुभव के बिना इनका ऑपरेशन कौन करेगा? इनसान को उठाया नहीं जा सका तो ब...
- आपके कारोबार का रथ, आपके व्यापार का रथ?... आपके धन्धे का रथ, आपके शरीर का रथ, आपकी गृहस्थी का रथ-यह सब हम चलायेंगे, इसका हम वायदा करते हैं, लेक...
- आपके पास मानवीय गरिमा नहीं है तो आप बच्चे नहीं तो कौन हैं?... हमें बाहर का भी ख्याल है तथा अपने बच्चों का भी हमें ख्याल है।मित्रो—इसी कारण हमने अपनी शक्ति को दो ह...
- आपके लिए हमने कुछ किया है या नहीं?... इसका सबूत देखना हो तो दृष्टि पसारकर देखिये कि कुछ हुआ है, तो आप पायेंगे कि इसी कारण से यह पचास लाख आ...
- आपको क्या हुआ है आज?... आप तो पहले कभी शराब नहीं पीते थे। फिर यह मस्ती कैसी?’’ बोले—‘‘बेटी ! आज मैं हिन्दुओं के उपनिषद् पढ़कर...
- आपको बोलना नहीं आता है तो हम क्या करें?... आप पोस्टमैन का काम करिये। हम बोलना सिखा देंगे। लड़कियों को सिखा दिया था। महाराज जी हमें भी बोलना सिखा...
- आपको मैं इतिहास इसीलिए बता रहा हूँ कि आप समझें कि दर्शन कितनी जबर्दस्त चीज है?... दर्शन उस चीज का नाम है जो कौमों को बदलकर रख देता है, बिरादरियों को, मुल्कों को, परिस्थितियों को बदल ...
- आपने किताब देखी, पढ़ी पर उसमें क्या देखा?... उसका दर्शन आपकी समझ में आया या नहीं। सही अर्थों में तभी आपने दृष्टि डाली, यह माना जाएगा।दृष्टिकोण वि...
- आपने तो यही किस्से देखे हैं, वे किस्से नहीं देखे हैं कि मिल-जुलकर कैसे रहते हैं?... एक होकर कैसे रहते हैं?चार बातें हो गईं बेटा, अच्छा ध्यान रखना। हमने एक बात तो यह कही है कि आप रीछ-वा...
- आपने देखा, सुना?... आपकी इतनी उमर हो गई? जिस भाव से आपको आज गेहूँ मिलता है, चावल, घी मिलता है, क्या आपने इससे पहले कभी स...
- आमदनी की अपेक्षा खर्च ज्यादा किया तो दर्द कैसे दूर हो जाएगा?... अपव्यय अगर मनुष्य के काबू से बाहर है तो चाहे कितनी ही आमदनी क्यों न बढ़े, हमेशा कर्जदारी की समस्या बन...
- आरण्यक किसे कहते है?... आरण्यक उसे कहते हैं जहाँ लोग वानप्रस्थ लेकर समाज-सेवा के लिए समर्पित हो जाते हैं, उनके निवास स्थान क...
- इतना बड़ा काम व मात्र एक महीना?... हमने इसलिए बड़ा नहीं रखा, क्योंकि हमको कम समय में एक लाख से अधिक सही जीवन जीने वाले आदमी तैयार करने ह...
- इतने ऋषि, इतने महामानव, इतने अवतार किसने पैदा कर दिए?... यह है दर्शन जो आदमी को हिला देता है, ढाल देता है, गला देता है, बदल देता है। हमारी दौलत नहीं, दर्शन श...
- इतने शक्तिपीठ कहाँ से बन गये?... ५० लाख मुट्ठियाँ ५० लाख लोगों का एक घण्टे का समयदान कुछ मायने रखता है।हम अपने ब्राह्मण को फिर जिन्दा...
- इन तीनों के अनुसार यह कौन-सा समय है?... यह वही समय है जिसका हम आपसे जिक्र कर रहे हैं। इस समय के लिए हमें सुरक्षा के लिए व्यवस्था बनानी होगी।...
- इनके काम-धन्धे का क्या इन्तजाम करना पड़ेगा?... यह चिन्ता करना बड़ों का काम है। हम बड़े हैं। आपसे उम्र में भी बड़े हैं, विद्या में भी बड़े हैं, ज्ञान मे...
- इनके रहने के लिए मकान का, इनके ब्याह-शादी का क्या इन्तजाम करना पड़ेगा?... इनके काम-धन्धे का क्या इन्तजाम करना पड़ेगा? यह चिन्ता करना बड़ों का काम है। हम बड़े हैं। आपसे उम्र में ...
- इनको जानने के बाद में, मैं समझ गया मैं कौन हूँ और मुझे क्या करना चाहिए?... यह है आत्मबोध, जो मुझे हुआ, वह हम में से हर व्यक्ति को मिल सकता है। हम में से हर एक आदमी को यह प्रया...
- इनसान के अन्दर क्या है?... वस्तुतः न हाड़ है, न माँस है, न मिट्टी, न पखाना, जो भी कुछ काम की चीज है वह है विचार।विचारों से ही अब...
- इनसान को उठाया नहीं जा सका तो बात कैसे बनेगी?... इसी काम के लिए हम समय लगाना चाहते हैं। सवाल हमारे समय का है, आप तो केवल पूजा के पीछे पड़े हैं। देवी-द...
- इन्होंने फिजाँ बिगाड़ी है?... नहीं इनसे ज्यादा उन धार्मिकों ने, पण्डितों ने, बाबाजियों ने बिगाड़ी है जो उपदेश तो धर्म का देते हैं प...
- इस तरह के लोग आयेंगे तो ठीक है, नहीं तो अपनी नानी को, दादी को, मौसी को, पड़ोसन को लेकर के यहाँ कबाड़खाना इकट्ठा कर देंगे तो यह विश्वविद्यालय नहीं रहेगा?... फिर तो यह धर्मशाला हो जाएगी। साक्षात् नरक हो जाएगा। इसे नरक मत बनाइए आप। जो लायक हों वे यहाँ की ट्रे...
- इस सन्दर्भ में बहुत-से भविष्यवक्ताओं ने बहुत-सी बातें लिखी हैं?... मुसलमानों के धर्मग्रन्थ में लिखा है कि १४ वीं सदी आयेगी तो इस दुनिया में बहुत तबाही आयेगी। इनसान की ...
- इसका मतलब क्या है?... हमारा अस्पताल चलता है, डिस्पेन्सरी चलती है। प्याऊ चलाने से क्या मतलब है? यह आध्यात्मिक बात है। यह सन...
- इसका सबूत देखना हो तो दृष्टि पसारकर देखिये कि कुछ हुआ है, तो आप पायेंगे कि इसी कारण से यह पचास लाख आदमी हमसे जुड़े हैं, अन्यथा इतने आदमी कहाँ से आते?... यह हम कहाँ कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ। ५० लाख आदमी हमारे एक इशारे पर खड़े हो सकते हैं। इतने शक्तिपीठ कह...
- इसके अलावा आप देख रहे हैं कि सामूहिक बलात्कार, मारकाट, चोरी, उठाईगीरी जैसे अपराध कितने बढ़ गये हैं?... बहुओं को जलाया जा रहा है। इस प्रकार के काण्ड आप लोग रोज देखते तथा पढ़ते रहते हैं ऐसा वातावरण आपने पहल...
- इसको क्या कहें?... आपसे क्या अनुरोध है? यह कि हम तो सारी जिन्दगी के लिए चले आये। मरेंगे तो भी हम इधर ही कहीं मरेंगे, ले...
- इसमें तो नुकसान पड़ेगा?... नहीं, मैं आपको यकीन दिलाता हूँ कि नुकसान नहीं पड़ेगा। जिन्होंने भी अपने समय को लोकसेवा में लगाया है, ...
- इसलिए जो भी आप लोग हमारी आवाज सुन रहे हैं, उन सबका काम व उद्देश्य है कि वे सभी अपने-अपने समीपवर्ती गाँवों में जाकर के यह देखें कि एक-एक कुण्ड का हवन कहाँ-कहाँ होना सम्भव है?... यह बात नम्बर एक हो गई।बात नम्बर दो यह है कि आपके पास एक प्रचार मण्डली होनी चाहिए। प्रचार मण्डली का अ...
- इसलिए तो कहते हैं कि फुलझड़ी बहुत अच्छी मालूम पड़ती तो आप दियासलाई लेकर के खत्म क्यों नहीं करते?... हर चीज को आदमी आज जला रहा है। जिन्दगी को जला रहा है, समाज को जला रहा है। देश को जला रहा है, बच्चों क...
- ईसा कौन थे?... दार्शनिक थे। उन्होंने अपने समय को बदलने वाला दर्शन दिया था। दर्शन वह, जो आदमी के अन्तरंग को छूने वाल...
- उनका स्थान कहाँ था?... विष्णु प्रयाग में उन्होंने तप किया था। वहाँ तो हम आपको नहीं ले जा सकते, लेकिन यहाँ पर नारद जी का जो ...
- उनका हुकुम किस पर चलता?... पर उस महिला की लिखी उस किताब ने हर नागरिक के दिल में ऐसी आग पैदा कर दी, ऐसी टीस पैदा कर दी कि आदमी क...
- उन्होंने कहा, तुम्हारे अनुष्ठान पूरे हुए हैं?... मैंने कहा—इस मायने में पूरे हुए कि मैंने जो नियम लिया था, जो व्रत लिया था, उनको बगैर डगमगाये, बिना इ...
- उन्होंने कहा, नहीं, ऐसा है, यह जो शक्ति है, आत्मशक्ति, क्या भौतिक जगत में भी कुछ काम कर सकती है?... क्या इसके द्वारा संसार में भी कुछ प्रभाव डाला जा सकता है? यह शायद तुम्हें यकीन न हो, इसके लिए हम एक ...
- उन्होंने ज्योतिर्विज्ञान, ग्रह-नक्षत्रों के विज्ञान की खोज की थी कि किस तरीके से ग्रह-नक्षत्र घूमते हैं तो पृथ्वी पर क्या असर पड़ता है?... पृथ्वी के निवासियों पर क्या-क्या असर पड़ता है? ये सारी की सारी खोजें आर्यभट्ट ने अपने जमाने में इसी ह...
- उसके मुकाबले फूस की झोपड़ियों का भला क्या मूल्य?... किन्तु सिद्धान्तों के प्रति अडिग श्रद्धानन्द ऊँचे लक्ष्य को लेकर काम करते गए। गंगा में आई बाढ़ भी उनक...
- उसमें क्या कमी हो सकती है?... उसमें क्या करने के लिए क्या कम गुंजाइश नहीं है जो कि मैं आगे की बात सोचूँ। आगे वाली बात सोचना उनका क...
- उसमें यह बताया गया है कि दलील कैसे दी जाती है, बहस कैसे की जाती है?... बहस में यह भी किया जा सकता है और यह भी। उन्होंने दो टॉपिक लिए हैं—एक ईश्वर है, दूसरा ईश्वर नहीं है। ...
- उससे अपनी आवश्यकताओं को पूरा करें जिससे कि नया निर्माण करने के लिए नई विचारधाराओं के निर्माण करने के लिए जा सकें, भले ही वह सहायता के आधार पर ही क्यों न हों?... मुझे इस पूँजी को आमन्त्रित करना पड़ेगा। इसके लिए भी सारी दुनिया को मुझे जगाना है और जगाना ही चाहिए।यह...
- उसे खर्च कैसे कर सकते हैं?... मनुष्य भूल कर सकता है, पर देवता भूल नहीं कर सकते। देवता आपको चीजें नहीं दे सकते जैसा कि मेरा अपना ख्...
- ऋत क्या है?... ऋत उसे कहते हैं, जिसमें कीमती चीजें जुड़ी हुई हैं, साजो—सुरक्षा-शाली-अन्तःप्रेरणा। ऋत जिस किसी के हिस...
- ऋषियों की वजह से हिमालय धन्य हुआ, नहीं तो हिमालय में क्या बात है?... इससे ऊँचे-ऊँचे और भी पहाड़ हैं। सारी दुनिया में पहाड़ों की कोई कमी है क्या? उत्तराखण्ड इसी वजह से प्रख...
- एक लाख गायत्री यज्ञ कहाँ होंगे?... हमारी इच्छा है कि एक लाख अलग-अलग स्थानों पर करें ताकि हर गाँव का वातावरण, हर गाँव की सुरक्षा, हर गाँ...
- एक होकर कैसे रहते हैं?... चार बातें हो गईं बेटा, अच्छा ध्यान रखना। हमने एक बात तो यह कही है कि आप रीछ-वानर के रूप में देवता है...
- ऐसी हालत में हम लगातार सत्संग कैसे कर पाएँगे?... कभी साल-दो साल में एक-आध घण्टे का सत्संग कर लिया तो क्या उससे हमारा उद्देश्य पूरा हो जाएगा? इसलिए अच...
- ऐसे कार्यकर्ताओं को तैयार करना इस विश्वविद्यालय के लिए क्या कठिन होगा?... इन्जीनियर बनाने वाले विश्वविद्यालय अपना काम करते हैं, चिकित्सक डॉक्टर बनाने वाले विश्वविद्यालय अपना ...
- ऐसे में आपको कैसे उठाऊँ?... आपकी बेड़ियों को मैं काटूँगा क्योंकि हमारे बाद इन बच्चों को खिलाने वाला, नर्सिंगहोम चलाने वाला कहाँ स...
- ऐसे में पढ़ा नहीं सकते, तो फिर क्या योजना है?... कुछ नई स्कीम है, जो आज गुरुपूर्णिमा के दिन कहना है और वह यह है कि प्रज्ञा विद्यालय तो चलेगा यहीं, क्...
- ऐसे में भला युद्ध कैसे हो सकता है?... हम मारे जाएँगे। इसलिए वह इसलिए वह बार-बार मना कर रहा था और कह रहा था कि महाराज हमें लड़ाइए मत, इसमें ...
- और उदाहरण सुनेंगे आप?... इटावा जिले का एक अँग्रेज इंस्पेक्टर जिसका नाम था ह्यूम। उसने गाँव-गाँव जाकर आदमी एकत्र किए। हिन्दुस्...
- औरत और बच्चे के लिए जियेंगे?... यह काम तो कोई भी कर सकता है। बुद्ध भगवान के भीतर किसी ने पुकारा और वे छलाँग मारते हुए, उछलते हुए कही...
- कभी साल-दो साल में एक-आध घण्टे का सत्संग कर लिया तो क्या उससे हमारा उद्देश्य पूरा हो जाएगा?... इसलिए अच्छा तरीका यही है कि हम अपने जीवन में नियमित रूप से जैसे अपने कुटुम्बी और मित्रों से बात करते...
- कमाल हो सकता है तो इसके लिए क्या करना पड़ेगा?... इसके लिए मेरे ख्याल से आपको एक ट्रेनिंग लेनी चाहिए, छोटी से छोटी चीजों के लिए ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती...
- कसूर किसका है?... सिर्फ एक ही कमी है, वह है आदमी का दर्शन। वह कमजोर हो गया है।आज आदमी की सभ्यता सिर्फ एक है। उसका नाम ...
- कह नहीं सकता जीवन का समय कितना रह गया हो?... कह नहीं सकता कोई महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम और हो। यह नहीं पूछा कि मुझे आगे क्या करना पड़ेगा? मैं मानता ह...
- कहाँ बारह लाख रुपया सालभर का खर्च एक मन्दिर का, कहाँ चौबीस रुपया?... ऐसे एक मन्दिर की आमदनी से गायत्री तपोभूमि जैसी संस्थाएँ ४८ बनाई जा सकती हैं। यही वह आधार है जो नव नि...
- काहे का रथ?... आपके कारोबार का रथ, आपके व्यापार का रथ? आपके धन्धे का रथ, आपके शरीर का रथ, आपकी गृहस्थी का रथ-यह सब ...
- कितना कष्ट होगा आप नहीं समझते?... आपने तो नेतागिरी देखी। पार्टियों की फजीहत देखी है कि किस तरीके से फूट डाली जाती है और कैसे अलग किया ...
- कितना देवत्व है?... यही खोलकर आपको दिखाना चाहता था। अगर आपको ये चीजें पसन्द हों तो मैं चाहता हूँ कि आप इन चीजों को देखें...
- कितनी करुणा है?... जीवन को पवित्र बनाने की कितनी सम्वेदना है? कितना देवत्व है? यही खोलकर आपको दिखाना चाहता था। अगर आपको ...
- कितने प्यार और मोहब्बत से इसको हमने पाला था और देखो आज यह कहाँ फिर रहा है?... चोरों के यहाँ फिर रहा है, भिखारियों के यहाँ फिर रहा है। कहाँ-कहाँ धक्के खा रहा है। ऐसा आप लोग मत करन...
- किताब में क्या है?... वह तो काला अक्षर भर है। हर चीज की गहराई में प्रवेश में प्रवेश कर जो आनन्द खुशी मिलती है, वह सोचने के...
- किस काम के लिए?... आप इस काम के लिए समय लगाइए जिससे आप लोगों के दिमागों और विचारों को ठीक कर सकें। इनसान के अन्दर क्या ...
- किसमें मिल सकती है, क्यों मिलेगी?... लेकिन ऐसा मालूम होता है कि वह सारी कल्पनाएँ जो तिलस्मी थीं अब साकार होने जा रही हैं और साथ ही बहुत क...
- किसी का क्या हो गया?... लेकिन हमारे ऊपर एक और तरह की मुसीबत आएगी, जिसकी जानकारी आपको देना चाहता हूँ। वह मुसीबत इस तरह की है ...
- किसी के जिन्दगी की समस्या को हल करने का सवाल था तो आपकी अकल, आपकी बुद्धि ने ऐसी मक्कारी की कि क्या कहना?... पैसे से लेकर समय तक हमने केवल समाज के लिए खर्च किया। यह कसा हुआ जीवन हमारा तपस्वी का जीवन है। मन्त्र...
- किसी ने जादू समझा, किसी ने तमाशा समझा, किसी ने राजा-महाराजा का आयोजन समझा, किसी ने चन्दा समझा, किसी ने क्या समझा, किसी ने क्या नहीं?... कह नहीं सकता, लेकिन वास्तविकता यह थी कि वह मेरे गुरुदेव का चमत्कार कहिये अथवा उनकी प्रसन्नता कहिये, ...
- कुम्भ नहाइए बैकुण्ठ को जाइए, यह कौन-सा धर्म है?... ऐसे धर्म को बदलना होगा व विज्ञान द्वारा दिग्भ्रान्त की जा रही पीढ़ी को भी मनीषा को ही मार्गदर्शन देना...
- कुल दो घण्टे स्कूल या कॉलेज में पढ़ाकर आते हैं व कहते हैं कि हम बिजी हैं?... गप्पें हाँकते रहते हैं, और कहते हैं कि हम व्यस्त हैं। यह झूठी बहानेबाज़ी की बातें हैं।आप यह देखें कि...
- कैलाश पर्वत कहाँ है?... यहीं हिमालय पर है। यह स्वर्ग है। हिमालय केवल ऋषियों की ही भूमि नहीं है—देवताओं की भी भूमि है। इसको स...
- कैसे जीवन को ऊँचा उठाया जाता है, समाज की समस्याओं को कैसे हल किया जाता है?... यह आप लोगों को सिखाया जाएगा। दावत है आप सबको। आप सबमें जो विचारशील हों, भावनाशील हों, हमारे इस कार्य...
- कैसे नहीं मानते?... लाओ हम उनके झण्डे को उखाड़ फेंके, फिर देखो क्या होगा? मुसलमान भी प्रतीकों को नहीं मानते हैं क्या? मक्...
- कोई कहता है कि आदमी को पहलवान बनाएँगे, पर इतना सब करने के बाद फिर होगा क्या?... जरा विश्लेषण, पोस्टमार्टम करके देखिए कि इस सबके बावजूद विचारों की, दर्शन की भ्रष्टता यदि बनी रही तो ...
- कौन कराता था उससे यह सब?... करुणा कराती थी। इसी को हम कुण्डलिनी कहते हैं, जो आदमी के भीतर हलचल पैदा कर देती है, रोमांच पैदा कर द...
- कौन जा पहुँचे?... लालबहादुर शास्त्री को लीजिए, जिनके ऊपर देवता का अनुग्रह था। एक ही अनुग्रह की पहचान है—जिम्मेदार और स...
- कौन बरसाता है?... देवत्व जो इस दुनिया में अभी जिन्दा है। देवत्व ही दुनिया में जिन्दा था और जिन्दा ही रहने वाला है। देव...
- कौन सिखाए संस्कृति को?... सरकार कर सकती है? नहीं, सरकार का संस्कृति से, विद्या से कोई ताल्लुक नहीं। सरकार का सभ्यता से, एटीकेट...
- क्या आप दो लोगों के लिए जियेंगे?... औरत और बच्चे के लिए जियेंगे? यह काम तो कोई भी कर सकता है। बुद्ध भगवान के भीतर किसी ने पुकारा और वे छ...
- क्या आपका हृदय पत्थर और लोहे का हो गया है?... नहीं, मेरा ख्याल है कि सब आदमियों का ऐसा नहीं हुआ होगा। ज्यादातर लोगों का तो ऐसा ही हुआ है कि वे घटत...
- क्या आपके अन्दर भावनाएँ नहीं हैं?... क्या आपका हृदय पत्थर और लोहे का हो गया है? नहीं, मेरा ख्याल है कि सब आदमियों का ऐसा नहीं हुआ होगा। ज...
- क्या आपके कोई कर्तव्य नहीं है?... क्या आपके अन्दर भावनाएँ नहीं हैं? क्या आपका हृदय पत्थर और लोहे का हो गया है? नहीं, मेरा ख्याल है कि ...
- क्या इसके द्वारा संसार में भी कुछ प्रभाव डाला जा सकता है?... यह शायद तुम्हें यकीन न हो, इसके लिए हम एक प्रयोग कराते हैं और यह प्रयोग तुम्हारे लिए विशेष उपयोगी हो...
- क्या करता रहा?... यह बताने का विषय नहीं है। पहले बताने की बात थी सो मैंने लोगों को बता दिया था कि मैं गंगोत्री रहा था ...
- क्या करते रहे थे?... हिमालय पर तो बहुत-से लोग रहते हैं। हरिद्वार से हिमालय शुरू हो जाता है, कैलाश तक चला जाता है और कहाँ ...
- क्या करना है हमें?... हमें सूरज को, चन्द्रमा को धरती पर लाना है, जिससे इनसान निहाल हो जाए। आपने वैभव-विलास की जेल में बहुत...
- क्या कहते हैं?... फूल बरसाते हैं। रामायण में कोई पचास जगह किस्से आते हैं, जब देवताओं ने फूल क्या बरसाते हैं, सहयोग बरस...
- क्या निर्धारण करता है?... ‘‘वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः।’’ हम पुरोहित अर्थात् हम ब्राह्मण, हम सन्त, हम ऋषि यह उत्तरदायित्व...
- क्या नुकसान में रहे आप बताइए?... किसी एक का नाम तो बताइए।गाँधीजी ने वकालत की होती तो वकालत में कितना कमा लेते? लेकिन जब उन्होंने अपना...
- क्या मिला है?... आदमी को गुण मिले हैं, देवत्व मिला है। सद्गुणों के आधार पर आदमी को विकास करने का मौका मिला है। गुणों ...
- क्या यह हो सकता है?... हाँ! शर्त एक ही है कि आप प्रकाश की ओर चलें, छाया आपके पीछे-पीछे चलेगी। आप तो छाया के पीछे-पीछे भागते...
- क्या योग मात्र सर्वांगासन होता है, डीप ब्रीदिंग होता है, हाथ-पैर चला लेना होता है, मेडीटेशन होता है?... बन्दूक चलाने वाले, मेस्मेरिज्म करने वाले, चिड़िया मारने वालों में, सबमें मेडीटैशन होता है। मेडीटेशन अ...
- क्या वजह हो सकती है?... यह उस बिरादरी का दर्शन है। जो कुछ हमारे पास है, उससे खुशी की जिन्दगी जिएँगे। उसे देखकर के खाएँगे। मस...
- गुणों से क्या हो जाएगा?... गुणों से ही होता है सब कुछ। भौतिक अथवा आध्यात्मिक जहाँ कहीं भी आदमी को उन्नति मिली है, केवल गुणों के...
- गुत्थियों का हल और समाधान निकालने के लिए क्या कदम बढ़ाए जाने चाहिए और किस तरीके से काम करना चाहिए?... यह सिखाने का प्रबन्ध किया है।एक और आपको अचम्भा होगा। यहाँ बहुत दिनों से जब से यह आश्रम बना है, यहाँ ...
- घटिया है या वजनदार?... तो वे हमें छोटे-छोटे आदमी घटिया आदमी दिखाई पड़ते हैं। हमें वजनदार आदमी दिखाई नहीं पड़ते हैं। वजनदार आद...
- घर-घर धकेल गाड़ी लेकर जाते थे तथा लोगों से कहते थे कि आप खादी पहनिये तो क्या वे खादी बेचते थे?... हाँ बेटे, खादी बेचते थे।आप अपने आप को निचोड़िये। ये हमारा बेटा, यह हमारी पत्नी। देखना यही तुझे ऐसा मा...
- चार धाम कौन-कौन से हैं?... बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री। चार धाम ये ही कहलाते हैं। ये सारे के सारे पवित्रतम स्थान ...
- चारों धाम कौन-कौन से हैं?... रामेश्वर, द्वारिका, बद्रीनाथ और जगन्नाथपुरी। चारों धामों में चार मठ उन्होंने स्थापित किये थे। उनका अ...
- जरा विश्लेषण, पोस्टमार्टम करके देखिए कि इस सबके बावजूद विचारों की, दर्शन की भ्रष्टता यदि बनी रही तो वह करता क्या है?... वह खुद जलता है, दूसरों को जलाता है। दियासलाई अपने आपको जला के खत्म कर देती है, दूसरों को जला देती है...
- जिन लोगों को हम व्याख्यान देते हैं, उसे सूँघकर जब देखते हैं, चखकर के देखते हैं कि आदमी कैसा है?... घटिया है या वजनदार? तो वे हमें छोटे-छोटे आदमी घटिया आदमी दिखाई पड़ते हैं। हमें वजनदार आदमी दिखाई नहीं...
- जिस आदमी के पास कुछ बचता ही नहीं है, वह समाज को क्या देगा?... हमें यह कहना होगा कि अध्यात्मवादी बनने के लिए किफायतसारी बनना होगा, ब्राह्मण बनना होगा। हमने इसका प्...
- जिस तरीके से राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न चारों भाइयों को लेकर वशिष्ठ जी आ गये थे, और उनको यह बतलाया था कि धर्म और राजनीति का, विज्ञान और अध्यात्म का सम्मिश्रण-समन्वय कैसे हो सकता है?... ?आद्यशंकराचार्य का नाम सुना है न आपने। जिन्होंने चारों धाम बनाये थे। चारों धाम कौन-कौन से हैं? रामेश...
- जिस तरीके से लाउडस्पीकर हमारी आवाज को पकड़कर उसे बाहर फैलाने का एक माध्यम है, इसी तरीके से यज्ञ एक माध्यम है, जो हमारी आवाज को पकड़ रहा है, हमारे गुरुदेव की आवाज को पकड़ रहा है, गायत्री माता की आवाज को पकड़कर रहा है तो गुरुजी आजकल तो पैसे की तंगी है, सूखा पड़ गया है, अकाल पड़ गया है, तूफान आ गया है, कैसे होगा यज्ञ?... बेटे, हमने उस हिसाब से इन यज्ञों को रखा ही नहीं है। जो यज्ञ रखे हैं वे ऐसे हैं कि ज्यादा से ज्यादा स...
- जिस पर मनुष्य का भविष्य टिका है, क्या उसके लिए कुछ नहीं कर सकेंगे?... अपने लिये अधिक, समाज के लिए इतना कम। यह कैसे होगा? मेरे गुरु ने दुखियारों की सेवा, समाज की सेवा कम क...
- जिस भाव से आपको आज गेहूँ मिलता है, चावल, घी मिलता है, क्या आपने इससे पहले कभी सुना था?... नहीं, कभी नहीं सुना था। यह महँगाई बढ़ रही है। अभी और बढ़ेगी। मुझे घटने की कोई सूरत नजर नहीं आती। वस्तु...
- जिसमें खेलना-कूदना भी शामिल है, व्यायाम करना भी, हँसी-मजाक भी तथा भयमुक्त होकर जीना भी और क्या करेंगे आप इस विद्यालय में?... हम यहाँ परिवार-निर्माण की शिक्षा आरम्भ करने वाले हैं ताकि कुटुम्ब व्यवस्था ठीक हो सके। व्यक्ति को अच...
- जीत कैसे सकेंगे?... तब भगवान ने उससे कहा था कि देखो अर्जुन, इन सबको तो मैंने पहले से ही मारकर रखा है। और तुम्हारे लिए सि...
- जीतना किससे है और हरना किससे है?... न किसी से हारना है, न किसी से जीतना है। न किसी को मारना है और न कोई पुरुषार्थ करना है। आपको तो जो वि...
- जीभ और माइक दोनों के सम्पर्क से कितनी दूर तक आवाज फैलती है?... हमारा गुरु जीभ है और हम माइक हैं, उनके विचारों को फैलाते हैं। हम चाहते हैं कि आप भी ‘लायक’ हो जाइए। ...
- जीवन को पवित्र बनाने की कितनी सम्वेदना है?... कितना देवत्व है? यही खोलकर आपको दिखाना चाहता था। अगर आपको ये चीजें पसन्द हों तो मैं चाहता हूँ कि आप ...
- जो कुछ भी सम्भव है पुराना और नया अर्थात् पुराने ढंग से कैसे शोध की जाती थी और नये ढंग से कैसे की जाती है?... यह हमने यहाँ बनाने की कोशिश की है।उत्तरकाशी में आरण्यक हैं। आरण्यक किसे कहते है? आरण्यक उसे कहते हैं...
- ज्ञानघट का पैसा खर्च कीजिये तो क्या हम अपनी बीबी को बेच दें?... बच्चे को बेच दें? चुप कंजूस कहीं के ऊपर से कहते हैं हम गरीब हैं। आप गरीब नहीं कंजूस हैं।हर आदमी के ऊ...
- तुम सब अपने आपसे पूछो कि हम तीनों में से क्या हैं?... जीभ चलाने के साथ कठोर परिश्रम करो, अपनी योग्यताएँ बढ़ाओ व निरन्तर प्रगति पथ पर बढ़ते जाओ।दूसरी बात सहका...
- तुम्हारी व्यक्तिगत कठिनाइयाँ कौन हल करेगा?... हमारा पुण्य, हमारा तप करेगा। हमारा पुण्य जो पिछले समय से आया है, वह हर एक के काम आयेगा और किसी के का...
- तो क्या आप सन्त की दुकान बन्द कर देंगे?... नहीं, बन्द नहीं करेंगे, जब तक हम जिन्दा हैं। आगे भी चलता रहेगा।आप लोगों को हमने कई बार कहा है, हजार ...
- तो गुरुजी आपका नुकसान हो जाएगा?... नहीं, बेटा, हमारा क्या नुकसान हो जाएगा? अभी ये लड़के गा रहे थे—‘कोई साथ न दे तो अकेला चल।’ अकेले चल द...
- दिमाग अगर खराब हो जाएगा, अकल अगर खराब हो जाएगी तो शरीर का क्या होगा?... जिस समाज में, जिस देश मेंं, जिस युग में, दिमाग-ब्राह्मण अस्त-व्यस्त हो जाता है, तब उस देश की मुसीबत ...
- दिमाग के बारे में हम क्या कहें?... आँखों के लिए क्या कहें? हर इन्द्रिय के लिए क्या कहें? अनोखा प्राणी है मनुष्य। भगवान् ने इस हाड़-मास क...
- दीखने में छोटा-सा छापाखाना पर हमारा मकसद बड़ा था, उद्देश्य बड़ा था तो परिणाम जो निकलकर सामने आए वे कैसे शानदार थे?... छोटी मशीन में दुनिया को हिला देने वाला, ऊँचे मकसद व उद्देश्यों वाला साहित्य छपता था, जबकि बड़ी-बड़ी मश...
- दूसरी ओर के लोगों में मैं कहाँ गया?... दूसरे विश्व में कहाँ गया? लेकिन यह वर्ग जो मुझे सौंपा गया था, जो क्षेत्र मुझे सौंपा गया था वे सीमित ...
- दूसरे लोग जब गड़बड़ा जाते हैं तो डाकू या उठाईगीर बन जाते हैं और क्या करेंगे?... गुण्डे की सामर्थ्य बस सामान उठाने, मारपीट करने, हत्या करने तक की है किन्तु जब ब्राह्मण बागी हो जाता ...
- दूसरे विश्व में कहाँ गया?... लेकिन यह वर्ग जो मुझे सौंपा गया था, जो क्षेत्र मुझे सौंपा गया था वे सीमित क्षेत्र हैं, क्योंकि शक्ति...
- दूसरों के दुःखों को देखकर यह सोचते हैं कि इसके लिए हम क्या करें?... उस समय मैं रो पड़ता हूँ तथा उसे सहायता किये बिना मेरा मन नहीं मानता है। यह क्रम चलेगा ही। परन्तु एक क...
- देखना है कि हमारी भुजा, आँख, मस्तिष्क बनने के लिए तुम कितना अपने अहं को गला पाते हो?... इसके लिए निरहंकारी बनो। स्वाभिमानी तो होना चाहिए, पर निरहंकारी बनकर। निरहंकारी का प्रथम चिह्न है वाण...
- देवता कैसे होते हैं?... देवता ऐसे होते हैं जो आदमी के ईमान में घुसे रहते हैं और उसके भीतर से एक ऐसी हूक, एक ऐसी उमंग और एक ऐ...
- दो, जो आपको मुश्किल जान पड़ती है कि संसार में से बुराइयाँ कैसे दूर होंगी और अच्छाइयों की वृद्धि कैसे दूर होंगी और अच्छाइयों की वृद्धि कैसे होगी?... इस सम्बन्ध में नोस्ट्राडेमस की राजनीतिक भविष्यवाणी तो हमने बता दी है और अब अपनी स्वयं की भविष्यवाणी ...
- धर्म-गुरुओं की शक्ति कम है क्या?... धर्म-गुरुओं की शक्ति बड़ी है। अभी भी आपने देखा न, थोड़े दिन पहले सर आगा खाँ को तोला गया था। कितने करोड़...
- न केवल समाज की सेवा बल्कि यह भी कि आज की समस्याएँ क्या हैं?... गुत्थियों का हल और समाधान निकालने के लिए क्या कदम बढ़ाए जाने चाहिए और किस तरीके से काम करना चाहिए? यह...
- न जाने इनमें से कौन गाँधी है, नेहरू है, सुभाष बोस है, खुदीराम है?... प्रत्येक के अन्दर की मौलिक क्षमता को निखारने का प्रयास करेंगे। चार घण्टों की सरकारी पढ़ाई व बीस घण्टो...
- नहीं गुरुजी, जब आप जाएँगे तब अपनी कमाई भी अपने संग ले जाएँगे?... बेटे, हम ऐसा नहीं करेंगे। हम आपको देकर जाएँगे। चाहे वह पुण्य की कमाई हो, चाहे वह सांसारिक कमाई हो, च...
- नहीं गुरुजी, हमने तो चन्दा इकट्ठा कर लिया, तो हम क्या करेंगे इसका?... आप आदमी तो बनें पहले। आप आदमी बनना सीखें। आप घटियापन छोड़िये, सुबह से शाम तक काम कीजिये। पात्रता बढ़ाइ...
- नहीं, बेटा, हमारा क्या नुकसान हो जाएगा?... अभी ये लड़के गा रहे थे—‘कोई साथ न दे तो अकेला चल।’ अकेले चल देंगे हम। अकेले वामन ने सारी जमीन नापी थी...
- नागा कैसे होते हैं?... जरा देखकर आऊँ। हमारे कार्यकर्ता साथ चले, बोले हम दुभाषिए का काम करेंगे। उनकी जीप में बैठकर मैं नागाल...
- नारद जी का नाम तो सुना है न आपने?... वे संगीत के द्वारा सारी की सारी भक्ति का प्रचार करते थे और हिन्दुस्तान से ले कर सारे विश्वभर में घूम...
- नेताओं का तो कहना ही क्या?... किसी समय केवल उनकी सम्पत्ति देखी जाए कि उनका प्रभाव कितना है तो प्रत्येक सन्त-महात्मा का, शंकराचार्य...
- नौकरियाँ कहाँ रखी हैं?... सबसे बड़ी बात है कुटुम्ब की संस्था का संचालन। कुटुम्ब एक समाज है, राज्य है, एक दुनिया है, जिसमें से म...
- पर विचार करना पड़ेगा कि, आखिर देवता देते क्या चीज हैं?... देवता वही चीज देते हैं जो उनके पास है। जिसके पास जो चीज होगी, वही तो दे पाएगा। देवता के पास सिर्फ एक...
- पर विचारशील है कहाँ?... समझदारी है कहाँ? अगर समझदारी बढ़ेगी तो आदमी के अन्दर ईमानदारी बढ़ेगी, ईमानदारी बढ़ेगी तो आदमी में जिम्म...
- परिस्थितियाँ खराब आयीं तो क्या, अच्छी आयीं तो क्या मुसीबतें आयीं तो भी कभी मैंने यह ख्याल नहीं किया मेरे अनुष्ठान के कारण से ही यह होता है, भगवान् मेरी इतनी भी सहायता नहीं करते, फिर मैं क्यों अनुष्ठान करूँ?... कभी भी संकट में भी श्रद्धा में कमी नहीं आयी, इस मायने में सफल हो गया। सुख आये, सुविधाएँ आयीं, लेकिन ...
- पार्टियों की फजीहत देखी है कि किस तरीके से फूट डाली जाती है और कैसे अलग किया जाता है?... आपने तो यही किस्से देखे हैं, वे किस्से नहीं देखे हैं कि मिल-जुलकर कैसे रहते हैं? एक होकर कैसे रहते ह...
- पिता को ही यह ध्यान रखना पड़ता है कि अगर हम नहीं रहे या आगे चलकर बच्चे बड़े होंगे तो उनको खिलाने-पिलाने का क्या इन्तजाम करना पड़ेगा?... इनके रहने के लिए मकान का, इनके ब्याह-शादी का क्या इन्तजाम करना पड़ेगा? इनके काम-धन्धे का क्या इन्तजाम...
- पिताजी का कर्ज कैसे चुकेगा?... बच्चों को क्या पता? पिता को ही यह ध्यान रखना पड़ता है कि अगर हम नहीं रहे या आगे चलकर बच्चे बड़े होंगे ...
- पृथ्वी के निवासियों पर क्या-क्या असर पड़ता है?... ये सारी की सारी खोजें आर्यभट्ट ने अपने जमाने में इसी हिमालय में की थी। आप कभी शान्तिकुञ्ज आएँ तो देख...
- प्याऊ चलाने से क्या मतलब है?... यह आध्यात्मिक बात है। यह सन्त की बातें हैं। तो क्या आप सन्त की दुकान बन्द कर देंगे? नहीं, बन्द नहीं ...
- प्रह्लाद के बारे में भी यही है कि नारद की प्रेरणा से उन्होंने अपनी गतिविधियाँ बदल दीं और कितने ही लोग हैं?... भगवान् बुद्ध के बारे में भी यही बात आती है कि आम्रपाली से उन्होंने कहा कि तुम अपना जीवन बदल दो, बदल ...
- फिर क्या करना पड़े?... गुरुजी को ही आपके पास आना पड़े और कहना पड़े कि हमारी मुसीबत दूर कर सकते हो तो कर दीजिए। विवेकानन्द के ...
- फिर क्या चीज देते हैं?... वह चीज देते हैं, जिससे आदमी अपने बलबूते पर खड़ा हो जाता है और चारों ओर से उसको सफलताएँ मिलती हुई चली ...
- फिर यह मस्ती कैसी?... ’’ बोले—‘‘बेटी ! आज मैं हिन्दुओं के उपनिषद् पढ़कर आया हूँ। जमीन पर पैर नहीं पड़ रहे हैं। जीवन का असली ...
- फूल किसे कहते हैं?... सहयोग को कहते हैं। कौन बरसाता है? देवत्व जो इस दुनिया में अभी जिन्दा है। देवत्व ही दुनिया में जिन्दा...
- बच्चे को बेच दें?... चुप कंजूस कहीं के ऊपर से कहते हैं हम गरीब हैं। आप गरीब नहीं कंजूस हैं।हर आदमी के ऊपर हमारा आक्रोश है...
- बच्चे माँ-बाप की चिन्ता क्यों करेंगे कि पिताजी का यह काम कैसे होगा?... वह काम कैसे होगा? पिताजी का कर्ज कैसे चुकेगा? बच्चों को क्या पता? पिता को ही यह ध्यान रखना पड़ता है क...
- बच्चों को क्या पता?... पिता को ही यह ध्यान रखना पड़ता है कि अगर हम नहीं रहे या आगे चलकर बच्चे बड़े होंगे तो उनको खिलाने-पिलान...
- बता नहीं सकते हम कौन हैं?... ये सारी की सारी चीजें वहाँ से हुईं, जो मुझे गुरु ने शक्तिपात के रूप में दी, हिम्मत के रूप में दीं।कु...
- बहक जाएँगे तो हमें दुःख होगा कि हमारा कैसा प्यारा बच्चा था?... कितने प्यार और मोहब्बत से इसको हमने पाला था और देखो आज यह कहाँ फिर रहा है? चोरों के यहाँ फिर रहा है,...
- बाढ़ कब आ जाए, कोई ठिकाना नहीं?... प्रकृति हम सबसे बिल्कुल नाराज हो गई है, इसलिए उसने काम करना बन्द कर दिया है। यह ऐसा भयंकर समय है।ऐसे...
- बिजली पाँच सौ वर्ष पहले कहाँ थी?... हवाई जहाज और पानी के जहाज कहाँ थे? टेलीफोन और टेलीग्राम कहाँ थे पाँच सौ वर्ष पूर्व। आजकल जितनी मशीन ...
- बुद्ध किसे कहते हैं?... बुद्ध विचारशीलता का, भावनाशीलता का प्रतीक है। लोगों को दिशा देने वाले को बुद्ध कहते हैं। कथावाचक, धर...
- बुद्ध के पास?... नहीं, बुद्ध के पास नहीं रहते थे। नालन्दा में रहते थे। तक्षशिला में रहते थे और कुछ हिमालय में रहते थे...
- बुद्ध को क्या कहेंगे?... दार्शनिक-मनीषी। बाबाजी नहीं, मनीषी।मनीषी इनसान की समस्याओं का समाधान देते हैं, व्यक्ति तैयार करते है...
- बेटे, धन के नाम पर हमारे पास कुछ भी नहीं है, लेकिन हाँ एक पूँजी है हमारे पास, यदि वह न होती तो हम इतनी बड़ी बात क्यों कहते?... हमारे पास वह पूँजी है तप की, जिसको हम सामान्य क्लास का कहते हैं। जिससे हम आपकी मुसीबतों में, कठिनाइय...
- ब्रह्म चेतन है और चेतन केवल सम्वेदना हो सकती है और सम्वेदना कैसी होती है?... विवेकशीलता के रूप में और करुणा के रूप में। आदर्श हमारे पास हों और वास्तविक हों तो उनके अन्दर एक ऐसा ...
- ब्राह्मण जीवन किसे कहते हैं?... किफायतसारी जीवन को कहते हैं। ब्राह्मण उसे कहते हैं जो अपना खर्च कम से कम में चला सकता हो तथा अधिक से...
- ब्राह्मणों ने भला किया है, सन्तों ने भला किया है?... ब्राह्मणों की वाणी में, सन्तों की तपस्या में बल होता है। आपको इसी प्रकार कोई मिल जाएगा तो आप नास्तिक...
- भगवान् जाने उसका क्या काम है?... अबकी बार दस वर्ष कार्यक्रम मुझे दिया गया है। कह नहीं सकता जीवन का समय कितना रह गया हो? कह नहीं सकता ...
- भगवान् ने इस हाड़-मास के जखीरे में एक ऐसी चेतना भर दी है जो अनोखी मालूम पड़ती है?... बड़े सौभाग्यशाली हैं हम व आप, जो ऐसा शरीर धारण करने में समर्थ हो सके, सौभाग्यशाली सिद्ध हो सके। भगवान...
- भगवान् हमारा क्या होगा?... यह पूछने पर श्रीकृष्ण ने कहा था कि तेरी जिम्मेदारी हम उठाते हैं, तू युद्ध कर।साथियो ! आज गुरुपूर्णिम...
- भाषण से क्या होगा?... आप हमारी बात मानिये। आपको बोलना नहीं आता है तो हम क्या करें? आप पोस्टमैन का काम करिये। हम बोलना सिखा...
- भूकम्प कब आ जाए, कोई नहीं कह सकता?... बाढ़ कब आ जाए, कोई ठिकाना नहीं? प्रकृति हम सबसे बिल्कुल नाराज हो गई है, इसलिए उसने काम करना बन्द कर द...
- मनीषा कैसी होती है?... मनीषा ऐसी होती है जैसी कि बुद्ध के भीतर से पैदा हुई थी।बुद्ध ने जमाने को देखा था। बड़ा वाहियात जमाना,...
- माँ क्या करती है?... माँ बच्चे के लिए समय-समय पर जरूरत की चीजें बनाकर खिलाती है, उसे छाती का दूध पिलाती है? हजम कर सके, ऐ...
- माँ बच्चे के लिए समय-समय पर जरूरत की चीजें बनाकर खिलाती है, उसे छाती का दूध पिलाती है?... हजम कर सके, ऐसी खुराक बनाकर देती है माँ। मनीषा वह है जो युग की आवश्यकताओं, समय की आवश्यकताओं, इनसान ...
- मान लीजिए कोई ऐसी बीमारी आ जाए, मुसीबत आ जाए या बाढ़ आ जाए या कोई ऐसा उपद्रव खड़ा हो जाए तो हम क्या करेंगे?... इसीलिए हमने कहा था कि अभी हम आपसे अलग नहीं हुए हैं। अभी हम आपसे ज्यों के त्यों जुड़े हुए हैं। हमारी श...
- मास्टरों के पास कहाँ है संस्कृति?... मास्टरों व मजदूरों में आज कोई अन्तर है? मास्टर कहते हैं गुरु को और गुरु वे होते हैं जो शिष्य को अनगढ़...
- मास्टरों व मजदूरों में आज कोई अन्तर है?... मास्टर कहते हैं गुरु को और गुरु वे होते हैं जो शिष्य को अनगढ़ता के अँधेरे से निकालकर सुगढ़ता का प्रकाश...
- मीरा ने गोस्वामी तुलसीदास को एक चिट्ठी लिखी कि इन परिस्थितियों में हम क्या कर सकते हैं?... गोस्वामी जी ने कहा—परिस्थितियाँ तो ऐसी ही रहती हैं। दुनिया में परिस्थितियाँ किसी की नहीं बदलतीं। आदम...
- मुझे अविश्वास की जरूरत क्या है?... उन्होंने कहा, नहीं, ऐसा है, यह जो शक्ति है, आत्मशक्ति, क्या भौतिक जगत में भी कुछ काम कर सकती है? क्य...
- मुझे यकीन हो गया कि संसार में भी इस तत्त्व शक्ति के द्वारा भुगतान किया जा सकता है, इसे गायत्री की शक्ति भी कह सकते हैं?... उपासना की शक्ति भी कह सकते हैं, साधना की शक्ति भी कह हैं, बस वहाँ से इशारा चला मेरा, उसी क्रम से मेर...
- मुसलमान भी प्रतीकों को नहीं मानते हैं क्या?... मक्का-मदीना में प्रतीक ही तो रखा हुआ है जिसका वे चुम्बन लेते हैं। समस्त देवात्मा हिमालय का मन्दिर कह...
- मेरी एक ही इच्छा और एक ही कामना रही है कि वसन्त पर्व के दिन आपको बुलाऊँ और अपने भीतर जो पक्ष है, उस पिटारी को खोलकर दिखाऊँ कि मेरे अन्दर कितना दर्द है?... कितनी करुणा है? जीवन को पवित्र बनाने की कितनी सम्वेदना है? कितना देवत्व है? यही खोलकर आपको दिखाना चाह...
- मेरे पास कुछ है ही नहीं मैं कैसे जाऊँगी?... इसे कहते हैं दर्शन, फिलॉसफी। देखने के अर्थ में नहीं फिलॉसफी के अर्थ में। बाद में खुदाबन्द करीम के यह...
- मेरे संकल्प में रुकावट लगाती हो तो आत्मा और परमात्मा का कहना न मानकर तुम कहाँ जाओगी?... विचार करता रहा, कौन? शंकराचार्य।शंकराचार्य ने फैसला कर लिया कि मम्मी का कहना नहीं मानना है। एक दिन व...
- मैं कहाँ रहा?... क्या करता रहा? यह बताने का विषय नहीं है। पहले बताने की बात थी सो मैंने लोगों को बता दिया था कि मैं ग...
- मैं समझता हूँ कि इन दोनों कार्यक्रमों के बारे में कितना विस्तार हुआ है?... इसका वर्णन करने की यहाँ आवश्यकता नहीं है। वह लोगों को दूसरी जगह से पढ़ना चाहिए और दूसरे तरीकों से माल...
- मैंने २४ वर्ष में जो तपश्चर्या की थी और मुझे जो अंश मिला वह बहुत बड़ा मिला, कारण मैंने अपने को पाक-साफ रखा जिन्होंने अपना निखार नहीं किया है, अपना परिष्कार नहीं किया है, उनको इतनी आशा नहीं करनी चाहिए कि उसका अंश मुझको मिल जाएगा, क्योंकि जिसके पास पात्र जितना होगा उतना ही तो उसे मिलेगा, चाहे वर्षा कितना ही जबरदस्त क्यों न हो बादल की घटाएँ कितनी ही बड़ी क्यों न हों पर पात्र से अधिक कैसे मिलेगा?... इसलिए मैंने जिन लोगों को बुलाया है और जिन्होंने पात्रता का जितना विकास कर लिया है, उतना उनको जरूर मि...
- यज्ञ से किस तरीके से मनुष्य के शारीरिक और मानसिक रोगों का निराकरण होना सम्भव है?... ऐसी बहुत-सी बातों की महत्ता थी तब, लेकिन लोग उस महत्त्वपूर्ण यज्ञ को भूल-भाल गये थे। ऐसे ही हवन कर ल...
- यदि ऐसा न होता तो आप हमसे क्यों जुड़ते?... मैं सोचता हूँ कि आपके भीतर कहीं न कहीं ऋत है। ऋत जो भगवान् का सबसे बड़ा अनुदान है। हमारे व आपके लिए ए...
- यदि ऐसे व्यक्ति युवा वर्ग में से मिल सकें तो फिर बात ही क्या है?... घर में एक ही कमाने वाला है, उसे अभी हम नहीं बुलाते, पर यह जरूर कहते हैं कि साल में वह एक बार नौ दिन ...
- यदि हैवान या शैतान नहीं पर सका तो भगवान् क्यों मरेगा?... इनसान, इनसान को देखकर आकर्षित होता है और भगवान, भगवान को देखकर आकर्षित होता है और श्रेष्ठता को देखकर...
- यद्यपि आज की तुलना में अभावग्रस्त थी, उस जमाने में इसका क्या कारण था?... इसका कारण एक ही था कि उस जमाने के लोग उच्चकोटि का दृष्टिकोण अपनाये हुए थे। उनकी भावनाएँ उच्चस्तर की ...
- यह अकल, यह दलील निरंकुश होने पर न जाने क्या कर सकती है?... मित्रो ! हमें यदि चार सौ करोड़ व्यक्तियों का भाग्य बनाना है, नया युग गढ़ना है तो हमें दलील की माँ को प...
- यह अस्पताल बन्द हो जाने पर आपके अनुभव के बिना इनका ऑपरेशन कौन करेगा?... इनसान को उठाया नहीं जा सका तो बात कैसे बनेगी?इसी काम के लिए हम समय लगाना चाहते हैं। सवाल हमारे समय क...
- यह कहना जरा मुश्किल है क्योंकि रामचन्द्र जी ने रावण को मारा था, तब अकेले उन्होंने मारा हो तो बात कहाँ थी?... उनके साथ में नल-नील थे, जामवन्त थे, हनुमान थे, अंगद थे और कितने ही रीछ-वानर थे। सबने मिलकर मारा था। ...
- यह कहूँगा कि आपकी महानता की वृद्धि के लिए सेवा नहीं करेंगे, तब तक आप उन्नतिशील नहीं बनेंगे?... आपकी आत्मा में सन्तोष और शान्ति का निवास नहीं होगा।आत्मसन्तोष के अलावा समाज का सहयोग व भगवान् का अनु...
- यह किसकी फिलॉसफी है?... नीत्से की। आपको मैं इतिहास इसीलिए बता रहा हूँ कि आप समझें कि दर्शन कितनी जबर्दस्त चीज है? दर्शन उस च...
- यह कैसे होगा?... मेरे गुरु ने दुखियारों की सेवा, समाज की सेवा कम की है, परन्तु उसने सारे विश्व को हिला दिया है। दूसरो...
- यह क्या नहीं कर सकता?... अखण्ड-ज्योति में कोई चार लेख ऐसे छपे हैं कि यह भी प्रयास किये जा रहे हैं कि मनुष्यों के मस्तिष्क को ...
- यह क्या है?... सिद्धान्त है, आदर्श है और वरदान है। इससे कम में न किसी को वरदान मिला है और न इससे ज्यादा में किसी को...
- यह जो युगसन्धि के दिन हैं, इसमें अनेक काम पूरे करने के लिए हमें सौंपे गये हैं और उन सौंपे गए कामों को क्या हम अकेले पूरा कर लेंगे?... यह कहना जरा मुश्किल है क्योंकि रामचन्द्र जी ने रावण को मारा था, तब अकेले उन्होंने मारा हो तो बात कहा...
- यह नहीं पूछा कि मुझे आगे क्या करना पड़ेगा?... मैं मानता हूँ कि जो काम सौंप दिया गया है वह भी क्या कम है। उसमें क्या कमी हो सकती है? उसमें क्या करन...
- यह पढ़ाई किस काम आती है?... नौकरियाँ कहाँ रखी हैं? सबसे बड़ी बात है कुटुम्ब की संस्था का संचालन। कुटुम्ब एक समाज है, राज्य है, एक...
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- यहाँ हम अपने विश्वविद्यालय में, शान्तिकुञ्ज में जीवन जीने की कला सिखाते हैं और यह सिखाते हैं कि आज के गए-बीते जमाने में आप अपनी नाव पार करने के साथ-साथ सैकड़ों आदमियों को बिठाकर पार किस तरह से लगा पाते हैं?... नाव चलाना भी एक कला है। हम आपको नाव दे दें व आपको नदी के किनारे छोड़ दें, कहें कि आप जाइए तो इतने मात...
- यही दिन थे, पचपन वर्ष पहले एक आया?... कौन आया? मेरा सौभाग्य आया। वसन्त पंचमी के दिन हर एक का सौभाग्य आता है, एक उमंग आती है, एक तरंग आती ह...
- युग की मनीषा ध्यान रखती है कि आज के समय की जरूरत क्या है?... पुराने समय का वह ढोल नहीं बजाती। वह युग को समझती है, देश को समझती है और परिस्थितियों के अनुरूप युग क...
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- ये किसकी बात है?... नास्तिकों की, वैज्ञानिकों की, बुद्धिवादों की। इन्होंने फिजाँ बिगाड़ी है? नहीं इनसे ज्यादा उन धार्मिको...
- ये कौन हैं?... अरे भाई, ये मनीषी हैं। मनीषी विचार नहीं, दर्शन देते हैं, दर्शन जीकर दिखाते हैं और अनेक का जीवन बना द...
- ये घड़ियाँ आज से पाँच सौ वर्ष पहले कहाँ थीं?... रेडियो पाँच सौ वर्ष पहले कहाँ था? बिजली पाँच सौ वर्ष पहले कहाँ थी? हवाई जहाज और पानी के जहाज कहाँ थे...
- ये प्रतीक क्यों बना दिये हैं?... प्रतीकों का अपना-अपना महत्त्व है। एकलव्य ने द्रोणाचार्य का प्रतीक बना लिया था। रामचन्द्र जी ने शंकर ...
- ये सारी चीजें कहाँ हैं?... अगर आप देखना चाहें तो यहाँ आकर देख भी सकते हैं। चार धाम कौन-कौन से हैं? बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री...
- रामचन्द्र जी के पिता का नाम वशिष्ठ थोड़े ही था?... दशरथ जी था। आप भी तो हमारे बालक हैं? जिस तरीके से राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न चारों भाइयों को लेकर...
- रामराज्य की स्थापना कैसे की जाए?... ये सारी बातें विश्वमित्र के आश्रम में जाकर सीखी थीं। ऐसी ही एक ट्रेनिंग की व्यवस्था हमने अपने शान्ति...
- रेडियो पाँच सौ वर्ष पहले कहाँ था?... बिजली पाँच सौ वर्ष पहले कहाँ थी? हवाई जहाज और पानी के जहाज कहाँ थे? टेलीफोन और टेलीग्राम कहाँ थे पाँ...
- लंका में जो राक्षस रहते हैं, उनको किस तरीके से समाप्त किया जाए?... रामराज्य की स्थापना कैसे की जाए? ये सारी बातें विश्वमित्र के आश्रम में जाकर सीखी थीं। ऐसी ही एक ट्रे...
- लक्ष्य क्या है?... यह है कि हम अपनी स्वयं की विचारणा को, बुद्धि को और विचारशीलता को ऐसा विकसित करें कि वह जीवन के लक्ष्...
- लाओ हम उनके झण्डे को उखाड़ फेंके, फिर देखो क्या होगा?... मुसलमान भी प्रतीकों को नहीं मानते हैं क्या? मक्का-मदीना में प्रतीक ही तो रखा हुआ है जिसका वे चुम्बन ...
- लेकिन उस मिलने के बाद हम करते क्या हैं?... न जाने कहाँ उसे खर्च कर देते हैं। ऐसे में ईश्वरचन्द्र विद्यासागर हमारे सामने आकर खड़े हो जाते हैं और ...
- लेकिन पागलों की बात आप देखते हैं?... सारी दुनिया में घुमा-फिरा के डेमोक्रेसी आ गई है। यह विचार एक दार्शनिक ने दिया था और उसने सारी दुनिया...
- लेने के लिए जरूरी है कि शक्ति धारण करने के लिए गुंजाइश हो, धारण करने के लिए गुंजाइश न हो तब कैसे हो सकता है?... प्राण-प्रत्यावर्तन शिविरों में सबको तो बुलाया नहीं जाएगा।...
- लोग कहते हैं जहाँ आप गये थे, कहाँ गये थे?... क्या करते रहे थे? हिमालय पर तो बहुत-से लोग रहते हैं। हरिद्वार से हिमालय शुरू हो जाता है, कैलाश तक चल...
- लोगों ने कहा था कि हम गुरुजी की हीरक जयन्ती मनाएँगे तो आप क्या करेंगे हीरक जयन्ती में?... हवन करेंगे, जुलूस निकालेंगे? नहीं जो हम कहें सो कीजिए और हमारा कहना यह है कि एक गाँव पीछे एक यज्ञ हो...
- लोगों पर गुस्सा न करके अपने पर गुस्सा न करूँ तो क्या करूँ?... आपको मालूम है, जब आदमी मरने को होता है तो बहुत-से आदमी मिलने आते हैं। बहुत-सी शक्ति खर्च होती है। को...
- वह काम कैसे होगा?... पिताजी का कर्ज कैसे चुकेगा? बच्चों को क्या पता? पिता को ही यह ध्यान रखना पड़ता है कि अगर हम नहीं रहे ...
- विचार करता रहा, कौन?... शंकराचार्य।शंकराचार्य ने फैसला कर लिया कि मम्मी का कहना नहीं मानना है। एक दिन वह पानी में घुस गया और...
- विचारणा, श्रद्धा, सद्भावना, आदर्श तथा दैत्य कौन?... दैत्य कहते हैं ‘जाइंट’ को, शक्तियों को। दोनों ने परस्पर लड़ाई-झगड़ा करने की अपेक्षा समुद्र मथना आरम्भ ...
- विज्ञान ने आदमी के जीवन को कितना परिवर्तन और सुविधाओं से युक्त, कितना सम्पन्न बना दिया है?... यह विज्ञान आदमी का बहुत कुछ कर सकता है, विनाश भी कर सकता है। यह क्या नहीं कर सकता? अखण्ड-ज्योति में ...
- विद्या से मैं चैन से रहा हूँ, लेकिन उसके पास विद्या होने से भी क्या लाभ हुआ?... उसके पास धन था, विद्या थी, बल था, सब कुछ तो था, लेकिन एक ही बात की कमी थी भावनात्मक स्तर का न होना। ...
- वे कहते हैं कि अभी तक हमने ऐसा देखा भी नहीं, पढ़ा भी नहीं तो हम आपको क्या दवा दें?... कभी बाढ़ आ जाती है तो कभी सूखा पड़ता है। इसके अलावा आप देख रहे हैं कि सामूहिक बलात्कार, मारकाट, चोरी, ...
- वे कहाँ रहते थे?... हिमालय पर। कौन-सी जगह? ऋषिकेश में। ऋषिकेश में वह पुराणों की कथाएँ कहते थे। शौनक जी पूछते थे और सूत ज...
- वे नुकसान में रहे?... क्या नुकसान में रहे आप बताइए? किसी एक का नाम तो बताइए।गाँधीजी ने वकालत की होती तो वकालत में कितना कम...
- वेदियाँ कौन बनाएगा?... हमको तो बनाना नहीं आता। जमीन पर चौरस वेदियाँ बनेंगी और उन्हीं पर हवन होगा। यज्ञशाला का सारा सामान हम...
- वैखरी वाणी कम हो जाएगी, तब पश्यन्ति वाणी, मध्यमा वाणी का उपयोग करेंगे ताकि हम ज्यादा काम कर सकें?... बिना बातचीत किये ही ज्यादा काम कर सकते हैं तथा वातावरण को गर्म कर सकते हैं। बेटे! अरविन्द घोष ने, मह...
- व्यक्ति को क्या से क्या बनाया जा सकता है?... शादी और परिवार का कोई ताल्लुक नहीं है। पेट से बच्चा पैदा होता है, वही परिवार कहलाता है, यह सही नहीं ...
- शकुन्तला का नाम सुना है आपने?... और चक्रवर्ती भरत ! जिसके नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा। शकुन्तला कौन थी? वह कण्व ऋषि की बेटी थी,...
- शकुन्तला कौन थी?... वह कण्व ऋषि की बेटी थी, हाँ बेटी ही कहिए और उसके बच्चे भरत का जन्म, लालन-पालन जो हुआ था यहाँ कोटद्वा...
- शक्तिपात क्या होता है?... शक्तिपात को मामूली तौर पर समझते हैं कि गुरु की आँखों में से, शरीर में से बिजली का करेन्ट आता है और च...
- शिवाजी का इतना भारी धनुष तोड़ा जाए?... लंका में जो राक्षस रहते हैं, उनको किस तरीके से समाप्त किया जाए? रामराज्य की स्थापना कैसे की जाए? ये ...
- संसार में ऐसे भविष्यवक्ता तो बहुत-से हैं जो हाथ देखकर यह बताते हैं कि तेरा विवाह कब हो आएगा, पैसा कब आएगा, कब क्या हो जाएगा?... इसी तरह जन्मपत्री बनाने वाले बहुत-से लोग हैं, किन्तु दुनिया में एक ऐसा व्यक्ति भी हुआ है, जिसने सारे...
- संस्कृति किसे कहते हैं?... संस्कृति वह जिसे ग्रहण करने के बाद आदमी इनसान बन जाता है। इनसान के बाद महामानव फिर भगवान् बन जाता है...
- सप्तऋषियों की भूमि और कहाँ है, बताइये आप?... कहीं नहीं है, मात्र यहीं पर है, जहाँ आज शान्तिकुञ्ज बना हुआ है। गंगा पहले यहीं पर बहती थी। यहाँ की थ...
- सबने कहा क्यों पैसा नष्ट करते हो?... कुल एक हजार का छापाखाना। काम करने वाले तीन आदमी। हाथ से बना कागज।...
- समझदारी है कहाँ?... अगर समझदारी बढ़ेगी तो आदमी के अन्दर ईमानदारी बढ़ेगी, ईमानदारी बढ़ेगी तो आदमी में जिम्मेदारी आयेगी और जि...
- सम्पत्ति से क्या लाभ रहा?... विद्या से मैं चैन से रहा हूँ, लेकिन उसके पास विद्या होने से भी क्या लाभ हुआ? उसके पास धन था, विद्या ...
- सरकार कर सकती है?... नहीं, सरकार का संस्कृति से, विद्या से कोई ताल्लुक नहीं। सरकार का सभ्यता से, एटीकेट से, लिबास-पोशाक स...
- साथ नहीं चलेंगे तो योग्य आदमी कैसे बनेंगे?... आज और कुछ नहीं कहना है, केवल इतना ही कहना है कि जो हमारे बच्चे हैं, जिनको हमने पैदा किया है, पाला है...
- सामान्य भीड़-भाड़ जो मेरी सभाओं में आती है उस स्तर के नहीं, बल्कि गणमान्य व्यक्ति उत्सुकता में आये और यज्ञ सम्पन्न हुआ सहस्त्रों लोगों ने उसको देखा, कितना पैसा खर्च हुआ, कितनी व्यवस्था बनी, लोग हैरत में रह गये कि आखिर कैसे हो गया?... किसी ने जादू समझा, किसी ने तमाशा समझा, किसी ने राजा-महाराजा का आयोजन समझा, किसी ने चन्दा समझा, किसी ...
- सारी दुनिया में पहाड़ों की कोई कमी है क्या?... उत्तराखण्ड इसी वजह से प्रख्यात हुआ है कि इसमें चारों धाम भी बने हैं। पाँच गुप्त काशियाँ भी हैं। पाँच...
- सारे गायत्री परिवार के चौबीस लाख परिवारों के बच्चों को पढ़ाने की हैसियत तो हमारी नहीं है, पर हम एक ‘मॉडल’ खड़ा करना चाहते हैं कि बच्चों का शिक्षण कैसे होना चाहिए?... राम और लक्ष्मण को विश्वामित्र माँगकर लाए थे। हम भी गायत्री परिवार के विशाल परिवार के सदस्यों से उनके...
- सास के पास हैं?... सास तो उससे भी ज्यादा फूहड़ है। अपनी बेटी बहू को कहाँ से देगी वह संस्कार? इसीलिए समय की आवश्यकता को द...
- साहित्य के कितने लोग हैं?... संसार में साहित्यकार की बड़ी शक्ति होती है। प्रेस भी उसमें शामिल हैं, पुस्तक लेखक भी शामिल है, दार्शन...
- साढ़े तीन सौ रुपये की हाथ से चलने वाली मशीन से कोई जमाने को बदलने वाली पत्रिका भी छप सकती है क्या?... सबने कहा क्यों पैसा नष्ट करते हो? कुल एक हजार का छापाखाना। काम करने वाले तीन आदमी। हाथ से बना कागज।...
- सिंहनी कहाँ थी?... वह तो हिप्नोटिज्म से एक सिंहनी खड़ी कर दी थी। शिवाजी का संकल्प दृढ़ था। वे ले आए सिंहनी का दूध व अक्षय...
- सिनेमा कितना काम कर रहा है?... सिनेमा संसार के चौथाई जनता को प्रभावित कर रहा है। एक चौथाई जनता को इच्छानुसार ढाल रहा है बुरा या भला...
- सिर काटना तो मेरे ख्याल से ऋषि के लिए क्या सम्भव रहा होगा?... यह कथन तो अलंकारिक मालूम पड़ता है। दिमाग बदलने के लिए विचार-क्रान्ति की दृष्टि से हम लगभग वही काम कर ...
- सिर काटने से मतलब?... सिर काटना तो मेरे ख्याल से ऋषि के लिए क्या सम्भव रहा होगा? यह कथन तो अलंकारिक मालूम पड़ता है। दिमाग ब...
- सूर्पणखा से कालनेमि ने कहा—तू ब्याह करेगी?... उसने कहा—हाँ। वह बोला—राक्षस तो काले-कलूटे होते हैं, माँस खाते हैं, शराब पीते हैं और गाली देंगे और म...
- सो तुम मुझे स्वर्ग से बुलाकर कैसे धारण करोगे?... तब भगीरथ ने शंकर जी से मदद माँगी। शंकर जी ने अपनी जटाएँ फैला दीं। इस तरह स्वर्ग से जब गंगा आयी थीं त...
- स्वर्ग कहाँ रहेगा?... जहाँ देवता रहेंगे। देवता ही स्वर्ग पैदा करते हैं। इमर्सन ने बहुत सारी किताबें लिखी हैं और प्रत्येक क...
- स्वर्ग में शान्ति का, परमार्थ का जीवन जीने के लिए क्या-क्या तकलीफें आ सकती हैं?... ऐसा हम गायत्री नगर का उद्घाटन करते हैं। चूँकि हमारे गुरु ने यही दिया और उसके लिए वायदा किया कि तेरा ...
- सड़क पर जब आप निकलते हैं तो मालूम नहीं कि आपके साथ पड़ोस में चलने वाला आपके चाकू भोंककर कब आपकी सम्पत्ति छीन लेगा, इसका क्या विश्वास है?... इनसान का चाल-चलन, इनसान का विचार इतना गन्दा-घटिया हो गया है कि यह स्थिति अगर बनी रही तो कोई किसी पर ...
- हनुमान चालीसा पाठ करने वालों ने कितनों का भला किया है?... ब्राह्मणों ने भला किया है, सन्तों ने भला किया है? ब्राह्मणों की वाणी में, सन्तों की तपस्या में बल हो...
- हम एक ऐसी दुनिया बसाना चाहते हैं, ऐसा नगर बसाना चाहते हैं, जिससे दुनिया को दिखा सकें कि भावी जीवन, भावी संसार अगर होगा तो स्वर्ग जैसा कैसे बनाया जा सकेगा?... स्वर्ग में शान्ति का, परमार्थ का जीवन जीने के लिए क्या-क्या तकलीफें आ सकती हैं? ऐसा हम गायत्री नगर क...
- हम क्या करें?... तो उन्होंने एक ही जवाब दिया-बच्चों जीवन भर मैं तिनका बना, विनम्र बना, गला तथा इसलिए इतने बड़े वृक्ष क...
- हम चाहते थे कि धरती पर स्वर्ग बनाने के लिए कोई एक ऐसा मोहल्ला बना दें, एक ऐसा ग्राम बसा दें, जिसमें त्याग करने वाले, सेवा करने वाले लोग आएँ और वहाँ पर सिद्धान्तों के आधार पर जिएँ, हल्की-फुल्की, हँसती-हँसाती शान्ति की जिन्दगी जिएँ, मोहब्बत की जिन्दगी जिएँ और यह दिखा सकें कि लोकोपयोगी जिन्दगी भी जी जा सकती है क्या?... धरती पर इसका एक नमूना बनाने के लिए हमने गायत्री नगर बसाया है। और आपको दावत देते हैं कि आप अपने बच्चे...
- हम जानते हैं, हमारा भगवान जानता है कि आप क्या हैं?... इसलिए हमने इस बार यह कहना शुरू कर दिया है कि आप हमारा समय नष्ट करने के बजाय लिखकर दे जाइये। आप यहाँ ...
- हम में से हर एक आदमी को यह प्रयास करना चाहिए कि हम ये कहें कि हम भूतकाल में क्या थे?... हम भूतकाल में भगवान् के अंश थे। हमको भगवान् ने विशेष कामों से भेजा है। जिन लोगों में मेरे ही तरीके स...
- हम समस्याओं को कैसे मार पाएँगे?... समस्याएँ आदमी के सड़े हुए दिमाग में से पैदा होती हैं, सड़े हुए दिल से पैदा होती हैं। पैसे वाले बड़ी-बड़ी...
- हमने अपने आपको निचोड़ा तो देखिये क्या बन गये?... अगर आपने अपने आपको निचोड़ दिया तो हमारा एक काम जरूर करना और वह यह कि हमारे विचार-हमारी आग को लोगों तक...
- हमने अपने मन को, बुद्धि को तपाया है, पर आपकी बुद्धि तो ऐसी चाण्डाल है, ऐसी पिशाचिनी है कि क्या कहें?... किसी के जिन्दगी की समस्या को हल करने का सवाल था तो आपकी अकल, आपकी बुद्धि ने ऐसी मक्कारी की कि क्या ...
- हमने न जाने क्या-क्या विचार किया है और आप अपनी सुविधा के लिए धर्मशाला का लाभ उठाना चाहते हैं?... नहीं, यह धर्मशाला नहीं है। यह कॉलेज है, विश्वविद्यालय है। कायाकल्प के लिए बनी एक अकादमी है। हमारे सत...
- हमारे बाप-दादा किया करते थे तो हम क्या करें?... इनकारी का नशा इस कदर चढ़ता चला गया कि सारी बातें वाहियात ठहराई जाने लगीं। यज्ञों के नाम पर जानवर काटे...
- हमारे लिए सबसे बड़ी सेवा का कार्य क्या हो सकता है?... ज्ञानयज्ञ से बड़ा काई और दूसरा पुण्य नहीं हो सकता। इसको ब्रह्मदान भी कहा गया है। यह सर्वोत्तम धर्म है...
- हमारे संस्कार हमें कैसे बाँध सकते हैं?... सारा शिकंजा चिन्तन का है। इससे मुक्ति मिलते ही सही अर्थों में आदमी बन्धनमुक्त हो जाता है। हमारी नाभि...
- हमारे सावधान रहने से क्या हो जाएगा?... मान लीजिए कोई ऐसी बीमारी आ जाए, मुसीबत आ जाए या बाढ़ आ जाए या कोई ऐसा उपद्रव खड़ा हो जाए तो हम क्या कर...
- हमें किससे लड़ना है?... सारी कुरीतियों एवं अपराधी वृत्तियों से लड़ना है। हमारे पास बहुत बड़ा हथियार है जैसा कि महर्षि दधीचि तथ...
- हर इन्द्रिय के लिए क्या कहें?... अनोखा प्राणी है मनुष्य। भगवान् ने इस हाड़-मास के जखीरे में एक ऐसी चेतना भर दी है जो अनोखी मालूम पड़ती ...
- हवन करेंगे, जुलूस निकालेंगे?... नहीं जो हम कहें सो कीजिए और हमारा कहना यह है कि एक गाँव पीछे एक यज्ञ हो एक कुण्ड का या पाँच कुण्ड का...
- हवाई जहाज और पानी के जहाज कहाँ थे?... टेलीफोन और टेलीग्राम कहाँ थे पाँच सौ वर्ष पूर्व। आजकल जितनी मशीन दिखाई पड़ती हैं, पाँच सौ वर्ष पूर्व ...
- हिमालय क्या है?... स्वर्ग है। स्वर्गारोहण के लिए जब पाण्डव गये थे तो यहीं गये थे तो यहीं गये थे। स्वर्गारोहण-बद्रीनाथ स...
- हिमालय में न जाने कितने हजार आदमी रहते हैं?... हिमालय में कोई अच्छी भी जगह है और बेकार भी जगह है। हिमालय में जो जन रहते हैं वहाँ झाड़ियाँ हैं, वहाँ ...
- हीरालाल शास्त्री नाम के गाँव के उस छोटे-से अध्यापक ने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया तो वहाँ अब क्या है?... करोड़ों रुपये की इमारत बनी है। लड़कियाँ हवाई जहाज चलाना सीखती हैं, सही अर्थों में आत्मनिर्भर बन नारी क...
- ५००० मन्दिरों की आमदनी और खर्चे का क्या ब्यौरा दिया जाय?... दो मन्दिर एक से ही हैं मथुरा का द्वारकाधीश मन्दिर और वृन्दावन का रंगजी का मन्दिर। दोनों मन्दिर ऐसे ह...
- आखिर समाज है क्या?...? समाज व्यक्तियों का समूह मात्र है। व्यक्ति जैसे होंगे वैसे ही तो समाज बनेगा। समाज कोई अलग चीज नहीं ह...
- आज मनुष्य को जीना कहाँ आता है?...? जीना भी एक कला है। सब आदमी खाते हैं, पीते हैं, सोते हैं और मौत के मुँह में चले जाते हैं, किन्तु जीन...
- आत्मसन्तोष के अलावा समाज का सहयोग व भगवान् का अनुग्रह कैसे मिल सकता है, शानदार जिन्दगी कैसे जीनी चाहिए?...? इसके लिए हमारे यहाँ ट्रेनिंग चलती है। ट्रेनिंग तो पहले भी चलती थी। नौ दिन की, पाँच दिन व एक माह की,...
- आदमी को अन्य प्राणियों की तुलना में क्या-क्या मिला?...? शरीर ऐसा शानदार मिला कि कलाकार ने अपनी सारी की सारी कला एक ही केन्द्र पर खत्म कर दी, ऐसा मालूम पड़ता...
- आदिकाल में दुनिया कैसी रही होगी?...? आरम्भ में शायद वह ऊबड़-खाबड़ रही होगी, जैसी कि चन्द्रमा की खबर लेकर वैज्ञानिक आए हैं। एक इनसान ही रहा...
- आप क्या समझते हैं नीग्रो व नीग्रो की लड़ाई की बात लिंकन कह रहे थे?...? नहीं। नीग्रोज के पास न हथियार थे, न ताकत। उनके पास तो आँसू ही आँसू थे। वे तो रो भर सकते थे। लड़ाई गो...
- आपसे क्या अनुरोध है?...? यह कि हम तो सारी जिन्दगी के लिए चले आये। मरेंगे तो भी हम इधर ही कहीं मरेंगे, लेकिन आपसे हमारी प्रार...
- इनका मुकाबला करने के लिए क्या करना चाहिए?...? श्रेष्ठता के मार्ग पर अगर हमको चलना है, आत्मोत्कर्ष करना है, तो हमारे पास ऐसी शक्ति भी होनी चाहिए ज...
- इसके लिए उनको क्या करना होगा और क्या करना चाहिए?...? इसके लिए मुझे वैज्ञानिकों से मिलना होगा और इस यात्रा के लिए जो कार्यक्रम बना है, उसमें वैज्ञानिकों ...
- ऐसे भयंकर समय में आपके ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं है?...? क्या आपके कोई कर्तव्य नहीं है? क्या आपके अन्दर भावनाएँ नहीं हैं? क्या आपका हृदय पत्थर और लोहे का हो...
- कुण्डलिनी क्या होती है?...? कुण्डलिनी हम करुणा को कहते हैं, विवेकशीलता को कहते हैं। करुणा उसे कहते हैं जिसमें दूसरों के दुःख-दर...
- क्या आप चाहते है?...? आपको देवत्व के स्थान पर तीन चार सौ रुपये की नौकरी दिलवा दें। कोई देवता, सन्त या आशीर्वाद या कोई मन्...
- क्या किताब ने यह क्रान्ति की?...? अरे किताब नहीं, दर्शन। किताब की बात नहीं कहता मैं आपसे। मैं कहता हूँ दर्शन। दर्शन अलग चीज है। विचार...
- क्या हम जिन्दगी भर, अपने बीबी-बच्चों को ही खिलाते रहेंगे?...? जिस पर मनुष्य का भविष्य टिका है, क्या उसके लिए कुछ नहीं कर सकेंगे? अपने लिये अधिक, समाज के लिए इतना...
- गाँधीजी ने वकालत की होती तो वकालत में कितना कमा लेते?...? लेकिन जब उन्होंने अपना समय सेवा में लगा दिया तो आप बताइए, क्या कमी रह गई उनके पास। उन्होंने इस्तेमा...
- चरक ऋषि को आप जानते हैं क्या?...? चरक ऋषि प्राचीनकाल में हुए हैं। उन्होंने दवाओं, प्राकृतिक औषधियों के सम्बन्ध में शोधें की थीं, खोजे...
- जब आती है हूक, जब आती है उमंग तो फिर क्या हो जाता है?...? रोकना मुश्किल हो जाता है और जो आग उठती है, ऐसी तेजी से उठती है कि इन्तजार नहीं करना पड़ता। जब वक्त आ...
- तो क्या करें महाराज जी?...? आप अपने ब्राह्मणत्व को जगा दीजिये, साधु को जगा दीजिये ताकि आप अपनी नाव स्वयं पार कर सकें, अन्यथा हम...
- देवता क्या देते हैं?...? देवता हजम करने की ताकत देते हैं। जो दुनियाबी दौलत या जिन चीजों को आप माँगते हैं जो आपको खुशी का बाय...
- धरती पर स्वर्ग के वातावरण का क्या मतलब है?...? अच्छे वातावरण को स्वर्ग बैकुण्ठ में ही नहीं वरन् जमीन पर भी हो सकता है। जहाँ अच्छे आदमी, शरीफ आदमी,...
- पहले ब्राह्मण बनने का प्रयोग किया कि ब्राह्मणत्व के क्या-क्या चमत्कार हो सकते हैं?...? मैंने उसे अपने जीवन में धारण करके देखा है और पाया है कि इसमें सफलताएँ भी हैं तथा चमत्कार भी हैं। ब्...
- पूजा क्यों करते हैं?...? पूजा का मतलब एक ही है—इनसानी गुणों का विकास, इनसानी कर्म का विकास, इनसानी स्वभाव का विकास। आपने जो ...
- बुद्ध का नाम सुना है न आपने?...? धर्म-चक्र के लिए उनके कितने शिष्य थे, जो आकर समय-समय पर साधनाएँ किया करते थे और उपासनाएँ करते थे। व...
- मनुष्य के आन्तरिक उत्थान, आन्तरिक उत्कर्ष, आत्मिक विकास के लिए करना चाहिए और कैसे करना चाहिए?...? इसका समाधान करने के लिए हमको चार बातें तलाश करनी पड़ती हैं। इन्हीं चार चीजों के आधार पर हमारी आत्मिक...
- मनोकामनाएँ पूरी करना खराब बात नहीं है, पर शर्त एक ही है कि यह किस काम के लिए, किस चीज के लिए माँगी गई हैं?...? अगर सांसारिकता के लिए माँगी गई हैं तो उससे पहले यह जानना जरूरी है कि उस दौलत को हजम कैसे कर सकते है...
- मेरे गुरु के व्याख्यान देने का कार्य बन्द हो गया तो क्या उनकी शक्ति कम हो गई?...? हम नहीं बोल रहे हैं, हमारा गुरु बोल रहा है। आप भी उनकी शक्ति से बोलेंगे। प्रज्ञापुराण जब आप पढ़ेंगे ...
- शक्तिपात कैसे कर दिया?...? शक्तिपात क्या होता है? शक्तिपात को मामूली तौर पर समझते हैं कि गुरु की आँखों में से, शरीर में से बिज...
- साधना किसे कहते हैं आपको मालूम नहीं?...? आप हनुमान जी की पूजा करते हैं, सन्तोषी माता की पूजा करते हैं। यह मन्त्र है, न यन्त्र है, न पूजा है।...
- सुसंस्कारी बनाए, कैसी हो वह शिक्षा?...?...
- हमारी तो इच्छा थी कि स्कूली पाठ्यक्रम भी इस शिक्षा से निकाल देते पर क्या करें?...? मजबूरी है। बच्चे, उनके अभिभावक कहेंगे कि हमें नौकरी के लायक भी नहीं बनने दिया। हम तो उन्हें जीवन जी...
- हिन्दुस्तान की तारीख में जो विशेषता है आदमी के भीतर का भगवान् क्या जिन्दा है, यह किसने पैदा किया?...? दर्शन ने। इतने ऋषि, इतने महामानव, इतने अवतार किसने पैदा कर दिए? यह है दर्शन जो आदमी को हिला देता है...
- हिमालय-मन्दिर क्या है?...? ये प्रतीक क्यों बना दिये हैं? प्रतीकों का अपना-अपना महत्त्व है। एकलव्य ने द्रोणाचार्य का प्रतीक बना...