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भक्ति सम्बन्धी भ्रान्तियाँ एवं उसका सच्चा विज्ञान
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मन ठहर सकता है?
नहीं। मन रुकेगा नहीं। मन मीरा का
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - सर्जरी-अङ्ग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएँ भूतकाल में कहाँ थीं? कहा जा
सकता
है कि विज्ञान ने पौराणिक विश्वकर्मा को कहीं पीछे छोड़
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - है। विकास विस्तार तो हर भले-बुरे उपक्रम पर लागू हो
सकता
है। इन अर्थों में आज की प्रगतिशीलता की दावेदारी को
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - असंख्यों बवण्डर क्यों और कैसे घसीटती, बटोरती चली जा रही
है?
मन
ुष्य जाति आज जिस दिशा में चल पड़ी है, उससे
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - उसे धीमी गति से सर्वभक्षी आत्महत्या का नाम दिया जा
सकता
है। बढ़ता हुआ तापमान यदि ध्रुवों की बरफ पिघला दे
वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य—एक विनम्र प्रयास-समाधान
- समाधान - थल निवासियों के लिए डूब मरने का संकट उत्पन्न कर
सकता
है। वनों का कटना, रेगिस्तान का द्रुतगामी विस्तार, भूमि की