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- अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप - मित्रो! फूल क्या है? और चन्दन क्या है? चन्दन, फूल और दीपक—ये
- यदि हो जाए ईश्वर के साथ साझेदारी - है? जाग्रत आत्माएँ, जीवन्त आत्माएँ क्या हैं? जब गुलाब का फूल खिलता है, तब उसके ऊपर भौरे आते हैं, तितलियाँ आती
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। फूल क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। दीपक क्या सिखाता है?
- चेतना का परिष्कार—अध्यात्म - करना है? हमें क्या करना है? यह बिना बोलने वाला फूल अपनी मूकवाणी से सिखाता है।
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - क्या है? हमने कई बार आपको बता दिया है। चन्दन क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। फूल क्या
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। फूल क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। दीपक क्या
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - चन्दन क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। फूल क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। दीपक
- कैसे प्राणवान बने साधना? - घेंघा रोग क्या होता है? इसमें गला फूलकर मोटा हो जाता है। मालूम
- भक्ति सम्बन्धी भ्रान्तियाँ एवं उसका सच्चा विज्ञान - भगवान जी! क्या मामला है? अरे साहब! बहुत दिनों से फूल सूँघने को नहीं मिले थे, सो आ गए, यहाँ फूलों
- यदि हो जाए ईश्वर के साथ साझेदारी - बच्चा नहीं है तो क्या है? जाग्रत आत्माएँ, जीवन्त आत्माएँ क्या हैं? जब गुलाब का फूल खिलता है, तब उसके ऊपर
- आपत्तिकाल का अध्यात्म - दिखाई नहीं देता कि क्या हो रहा है? गूलर के फूल के बीच में बन्द रहने वाले भिनुगे को कुछ पता
- चेतना का परिष्कार—अध्यात्म - हमें अपनी जिन्दगी में क्या करना है? हमें क्या करना है? यह बिना बोलने वाला फूल अपनी मूकवाणी से सिखाता है।
- आप अपने आपको पहचान - हमारे छोटे से दीपक की क्या कीमत हो सकती है? फूल सारे विश्व में उन्हीं के उगाए हुए हैं, चन्दन के
- गुरु दक्षिणा चुकाएँ-समयदान करें - समयदान करें - तो हमारी एक इच्छा रह गयी है। क्या रह गई है? फूल-माला हमने ढेरों मन पहन लिए हैं। अब हमें जेवर
- चेतना का परिष्कार—अध्यात्म - चाहिए कि हमें अपनी जिन्दगी में क्या करना है? हमें क्या करना है? यह बिना बोलने वाला फूल अपनी मूकवाणी से
- यदि हो जाए ईश्वर के साथ साझेदारी - तू बच्चा ही तो है, बच्चा नहीं है तो क्या है? जाग्रत आत्माएँ, जीवन्त आत्माएँ क्या हैं? जब गुलाब का फूल
- आपत्तिकाल का अध्यात्म - है जो आपको दिखाई नहीं देता कि क्या हो रहा है? गूलर के फूल के बीच में बन्द रहने वाले भिनुगे
- धर्मतंत्र का परिष्कार अत्यन्त अनिवार्य - फिर हमारे छोटे-से दीपक की क्या कीमत हो सकती है? फूल सारे विश्व में उन्हीं के उगाए हुए हैं, चन्दन के
- आप अपने आपको पहचान - फिर हमारे छोटे से दीपक की क्या कीमत हो सकती है? फूल सारे विश्व में उन्हीं के उगाए हुए हैं, चन्दन
- धर्मतंत्र का परिष्कार अत्यन्त अनिवार्य - है। फिर हमारे छोटे-से दीपक की क्या कीमत हो सकती है? फूल सारे विश्व में उन्हीं के उगाए हुए हैं, चन्दन
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - हमने कई बार आपको बता दिया है। चन्दन क्या सिखाता है? हमने कितनी बार सिखा दिया आपको। फूल क्या सिखाता है?
- पारस को छूकर सोना बनने का तरीका - क्या चढ़ेगा भगवान के चरणों पर? पत्ते को कोई चढ़ाता है? जड़ को कोई चढ़ाता है? नहीं। फूल को ही चढ़ाते
- ओजस्वी, तेजस्वी एवं मनस्वी व्यक्तित्वों का निर्माण - पीछे मैंने समझा कि फूल बरसाने से क्या मतलब है? फूल बरसाने से मतलब होता है—दैवी-शक्तियाँ, श्रेष्ठ मनुष्य और आदर्श मनुष्य
- संस्कृति की सीता को लौटाकर लाने का ठीक यही समय - का केवल यही काम है—फूल बरसाना? यह क्या बात है? क्या वे कौम के माली हैं? इनके यहाँ फूलों की खेती
- संस्कृति की सीता को वापस लाएँ - का केवल यही काम है-फूल बरसाना? यह क्या बात है? क्या वे कौम के माली हैं? इनके यहाँ फूलों की खेती
- चेतना का परिष्कार—अध्यात्म - ध्यान रखने चाहिए कि हमें अपनी जिन्दगी में क्या करना है? हमें क्या करना है? यह बिना बोलने वाला फूल अपनी
- विधा को समझें, विधि में न उलझें - फूल है, अक्षत है, नैवेद्य है। ये सब क्या चीज है? ये सब पदार्थ हैं—मैटर हैं, सब जड़ हैं और क्या
- गायत्री की पंचकोशी साधना - चावल यहाँ रख दीजिए, फूल यहाँ रख दीजिए। यह क्या है? यह हाथों की हेरा-फेरी है, वस्तुओं की उलटा-पलटी है। पैसों
- ओजस्वी, तेजस्वी एवं मनस्वी व्यक्तित्वों का निर्माण - हैं। पीछे मैंने समझा कि फूल बरसाने से क्या मतलब है? फूल बरसाने से मतलब होता है—दैवी-शक्तियाँ, श्रेष्ठ मनुष्य और आदर्श
- आपत्तिकाल का अध्यात्म - आँखों का फर्क है जो आपको दिखाई नहीं देता कि क्या हो रहा है? गूलर के फूल के बीच में बन्द
- अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप - क्या अर्थ होता है और फूल का क्या अर्थ होता है? इसको आपको जानना चाहिए। दीपक का अर्थ है—ज्ञान। आपकी जो
- मनुष्य में देवत्व का उदय - और राम मिले, तब फूल बरसाए। क्यों साहब! क्या मामला है? देवता कोई माली हैं? हाँ साहब! देवताओं के यहाँ फूलों
- गुरु दक्षिणा चुकाएँ-समयदान करें - समयदान करें - मनाना चाहते हैं, तो हमारी एक इच्छा रह गयी है। क्या रह गई है? फूल-माला हमने ढेरों मन पहन लिए हैं।
- संस्कृति की सीता को लौटाकर लाने का ठीक यही समय - देवताओं का केवल यही काम है—फूल बरसाना? यह क्या बात है? क्या वे कौम के माली हैं? इनके यहाँ फूलों की
- संस्कृति की सीता को वापस लाएँ - देवताओं का केवल यही काम है-फूल बरसाना? यह क्या बात है? क्या वे कौम के माली हैं? इनके यहाँ फूलों की
- गायत्री की पंचकोशी साधना - ली। चावल यहाँ रख दीजिए, फूल यहाँ रख दीजिए। यह क्या है? यह हाथों की हेरा-फेरी है, वस्तुओं की उलटा-पलटी है।
- बोया-काटा का अकाट्य सिद्धान्त - काटा का अकाट्य सिद्धान्त - अमुक पर फूल बरसाए तमुक पर फूल बरसाए। यह क्या है? भगवान की बिना माँगे की सहायता है। बिना माँगे को
- भगवान के साथ साझेदारी घाटे का सौदा नहीं - अमुक पर फूल बरसाए, तमुक पर फूल बरसाए। यह क्या है? भगवान् की बिना माँगे की सहायता है। बिना माँगे की